अब क्या करे पापा
ये नीता बोल रही है वैसे नवाज़ को भेज के ऑटो मंगाते है.. और ऑटो मई जेक मई लेके आ जाता हु राशन.. आज hi लाना है तो और कोई ऑप्शन नहीं है..
नहीं नहीं आप नहीं मई लेके आ जाती हु..
तुम अकेले इस वक़्त अब श्याम हो चुकी है और बारिश भी आएंगे
इसलिए तो आप को नहीं भेजना चाहती.. इसको भी साथ मई लेके जाउंगी.. ऑटो मई कोई प्रॉब्लम नहीं होगा..
हम्म्म.. नीता तू जा नवाज़ को बुला ला ..
शेठ जी के ऐसे कहने के बाद नीता कुश होक बहार जेक नवाज़ को बुलाती है.. शेठ जी उसे ऑटो ढूडने को बोलते है .. नवाज़ बहार जाता है और ऑटो ढूडने लगता है पर नवाज़ को कही ऑटो नहीं मिलता .. आधे घंटे बाद वो वापिस आ जाता है और शेठजी को बोलता है बहार कोई ऑटो नहीं मिल रहा है
शेठजी - कैसे नहीं मिल रहा है ऑटो .. अच्छे से देखा क्या तुमने
देखा शेठजी
ये बात आरती सुन लेती है.. ये सब सुनकर आरती परेशान हो जाती है ..

तब वो नवाज़ और शेठजी के पास पहुँच जाती है
अब क्या करे पापा
वही मई सोच रहा हु ..
फिर नवाज़ को देखते हुई शेठजी कहते है
पर नवाज़ ऑटो एक भी नहीं है गाँव मई ऐसे कैसे
नवाज़ - शयद मेले की वजह से.. सब ऑटो उधर hi गए होंगे.. उधर ज्यादा संवरी मिलेंगे न उनको इस वजह से सब उधर भाग गए होंगे ..
स - हाँ हो सकता है.. पर अब करे क्या
नवाज़ - क्या करना है
तब नीता नवाज़ को सब बता देती है.. फिर कुछ देर के लिए सब शांत रहते hai..kuch समय बाद शेठजी कहते है
स- बीटा मेरा तो दिमाख hi नहीं चल रहा है.. नवाज़ तुम कोई आईडिया बताओ
नवाज़ - कार से मई लेके जा सकता हु
तब नवाज़ की और देखते हुई थोड़ी नाराज़गी दिखते हुई आरती कहती है

कार होती तो ऑटो से क्यों जाते
मुझे लगा मेमसाब ड्राइवर नहीं है इस वजह से
तब शेठजी कहते है
वो जाने दो अब रास्ता निकालो
तब नवाज़ डरते हुई कहता है
अगर आप को और मेमसाब को प्रॉब्लम नहीं है तो..
तब आरती नवाज़ को घर के देखने लगाती है..

नवाज़ भी उसे देखता है.. आरती नवाज़ की और देखते हुई उसे कहती है
तो क्या
मई आपने बाइक पाई ले जा सकता हु.. अगर आप लोगो को प्रॉब्लम नहीं है तो..
ये उसने शेठजी के सामने कहा था.. इसलिए वो डरते हुई कहता है .. शेठजी के सामने इतनी बड़ी डेरिंग पहली बार की थी नवाज़ ने ..
तब आरती गुस्से से नवाज़ को देखने लगी

और धीरे से बोली
मुझे लगा hi था तुम यही बोलोगे..
ये किसने नहीं सुना था इतने धीरे से आरती ने कहा था .. तब शेठजी आरती को देख के कहते है..
आरती बीटा अब लग रहा है दूसरा कोई ऑप्शन नहीं है.. या तुम नवाज़ के साथ जाओ.. अच्छा लड़का है तुम अच्छे से लेके जायेगा या इस नीता को इसके साथ भेज दो.. सामान की लिस्ट इससे दे दो.. ये सामान लाएगी..
तब नीता कुश होक कहते है
हाँ शेठजी मई लौंगे
तब नाराज़ होते हुई आरती नीता के तरफ देखते है

दीदी मई अच्छे से लाऊंगी.. लास्ट टाइम जैसे गलती नहीं करुँगी
ये सब सुन के नवाज़ नाराज़ हो जाता है.. इसको कैसे भी करके आरती को लेके जाना था आपने बाइक पाई मार्किट mai..isliye तो उसने जूथ बोलै था.. वो भी शेठजी ko..wo जनता था अगर उसका जूथ पकड़ा गया तो शेठजी की दांत पड़ेगी या मार भी .. ऑटो होते हुई भी उसने ऑटो नहीं है ये बोलै था..
अब आरती नीता को देखके कहते है

उसका चेहरा थोड़ा उतरा हुआ था
अगर की तो
नहीं करुँगी दीदी
अगर गलती की और उस वजह से मामला बिगाड़ा.. कुछ गलत सामान लाया या अच्छी क्वालिटी का नहीं लाया और उस वजह से कल का उनलोगो का लंच बिगड़ गया तो उसको कोण जिम्मेदार होगा
तब शेठजी कहते है
ये कामचोर जिम्मेदार होंगे
पर ये तो डाँटेगे मुझे.. तब ये कामचोर तो भाग जायेगे..
स - ऐसा कर सकती है ये
तब नाराज़ होते हुई नीता कहते है
तो आप चली जाओ नवाज़ के साथ.. मई नहीं jaungi..aap hi जाओ.. छोटे मालिक की दांत मई नहीं खा सकते .. वो बहुत गुस्सा हो जाते है
तब नवाज़ की तरफ अजीब से तरीके से देखते हुई आरती कहते है..

अब उसके सिवई कोई ऑप्शन है क्या मेरे पास
आरती ऐसे किसी अजनबी के साथ बाइक पाई आज तक नहीं गयी thi..aaj पहली बार जा रही thi..Nawaz 4 तह मर्द था जिसके बाइक पाई वो जा रही थी.. बाकि तीन लोग उसके घर के hi थे.. उसके पापा, भाई एंड हस्बैंड .. पर पहला मर्द था नवाज़ जिसके साथ आरती का कुछ रिलेशन नहीं था.. आरती क्यों रेडी हुई वो खुद नहीं जानती थी.. शयद सिचुएशन के वजह से वो रेडी हुई थी..
ये सुनकर नवाज़ कुश हो जाता है ..
नवाज़ - कब चलना है
तब आरती ना चाहते हुई मुस्कुरा पड़ती है..

और कहते है
अभी.. मई तैयार होक आती हु.. तुम बहार कही मत जाओ
ऐसा कहते हुई आरती अंदर जाने लगती hai.…aarti दो कदम आगे निकलती है की पीछे मुद कर नवाज़ की और देखती है जो इस वक़्त आर्ट की गांड को घर कर देख रहा था..

इस वजह से आरती थोड़ा असहज महसूस करती है और आपने आप से कहते है..
क्या करू मई.. इस के साथ जाऊ या nahi..raste भर मुझे ऐसे hi देखने लगा तो मई क्या करू.. पर नहीं गयी तो अरविन्द जी को क्या बोलू.. क्यों नयी गयी तो क्या बोलू.. ये बताया तो ये कमीना पापा और उनके सामने अच्छा बनाने का नाटक करेगा अब मई क्या करू.. मुझे तो जाना hi होगा और फिर वो निचे गार्डन करती हुयी आगे चली जाती है…
कुछ 15-20 मिनट के बाद बहार आती है..
चलो
आरती अच्छे से तैयार हुई थी.. उसने आज अपनी फवौरीते पिंक साडी पहनी थी विथ स्लीवलेस ब्लाउज.. और जिसमे वो बहोत प्यारी लग रही थी.. ..

जैसे hi आरती ने चलो कहा वैसे hi नवाज़ आरती को देखने लगा.. उसकी नज़र डायरेक्ट उसके ब्लाउज पर गयी जिसमे उसके 34 साइज क बूब्स बहोत टाइट दिख रहे the..Sleeveless ब्लाउज की वजह से और उसने साड़ी का पल्लू थोड़ा निचे किया हुआ था इस वजह से उसके क्लेलवागे के दर्शन नवाज़ को पहली बार हुई थे ..

आरती ने जैसे हे नवाज़ की तरफ देखा तो नवाज़ ने नज़र हटा ली लेकिन 1 सेकंड के लिए आरती ने नवाज़ को मम्मी ताड़ते हुए देख लिया था पर उसको लगा ऐसे हे नज़र चली गयी होगी.. वो मुस्कुराई और बड़े अड्डा के साथ उसको कहने लगी..

नहीं जाना है क्या मेरे साथ..
हां हां जाना है
तो फिर चलो .. नहीं तो लेत हो जायेगा..
ऐसा कहते हुई नवाज़ की तरफ देखते हुई आपने बाल संवारने लगी..

तब एक बार फिर से उसने एआरटी को देखा.. इस बार आरती ने भी उसे देखा .. नवाज़ इस बार उसे गौर से देखने laga..iss बार वो बिना नज़र झुकाये उसको देखने लगा.. उसको देख के मैं मई कहने लगा..
आरती मेमसाब सच में एक पारी लग रही है इस खूबसूरत साड़ी me..iss साडी मई उसकी प्यारी सी गहरी नाभि साफ़ साफ़ दिख रही है..
उसके 34 साइज के मम्मी और ज़ादा उभर रहे थे.. नवाज़ ने बड़ी मुश्किल से आपने आप को कण्ट्रोल किया और फिर नवाज़ बहार जाने लगा.. आरती भी उसके साथ बहार जाती है… नवाज़ ने बाइक स्टार्ट की और आरती बैठ gai..par वो नवाज़ से दुरी बना कर बैठती है जैसा की नवाज़ ने सोचा था.. पीछे वाले हैंडल को पकड़ ke..ek बार वो पीछे मुद कर आरती को देखता है.. नवाज़ खुश हो गया आपने पीछे इतनी सुन्दर अप्सरा बैठी है ये देखकर.. मतलब आरती को देखकर .. उन्दोनो के बीच का वो 2 इंच का गैप... आज नवाज़ को 2 किलोमीटर जैसा लग रहा था.
नवाज़ ने बाइक स्टार्ट की और अब वो दोनों मार्किट के लिए रावण हो गए.. आरती के हाथ मई बैग थी और उसमे पर्स था.. रास्ते में हवा तेज़ thi...us वजह से आरती के बॉल हवा से ुध रहे थे .. नवाज़ ने रियरव्यू मिरर में आरती को देखने की कोशिश की पर वो दूसरी तरफ देख रही थी.
अब नवाज़ ने jaan-boojh कर बाइक की स्पीड थोड़ी बधाई और फिर हल्का सा ब्रेक लगाया. तब आरती का शरीर आगे आया और उसका चेस्ट नवाज़ के पीठ से takraya.aarti ने तुरंत खुद को संभाला और वापस पीछे हो गयी .पर उस एक सेकंड के टच ने उन दोनों को करंट मार दिया था.
नवाज़ ने गाँव के बहार का रास्ता लिया था .. गाँव मई का रास्ता नहीं लिया था . जैसे बाइक गाँव के बहार वाली सुनसान सड़क पर आयी तब आरती कहती है
यह रास्ता शहर का नहीं है .. कहाँ ले जा रहे हो मुझे ..
तब नवाज़ कहता है
ये रास्ता भी शहर को hi जाता है .. गाँव के बहार से .. डरिये मत मई आप को कहा दूसरे जगह नहीं लेके जाऊंगा ..
इस पर आरती कुछ नहीं बोलती ..
गाँव मई से जाते तो लोग कुछ भी बोल सकते है ..
इस पर भी आरती कुछ नहीं बोलती पर मैं मई कहती है ..
बात तो सच है इसकी ..
दोनों तोड़ी hi दूर निकले थे की मौसम पूरी तरह से बिगड़ने लगा .. वो दोनों थोड़े आगे गए की जोर दर भारिश सुरु हो गयी और नवाज़ ने बाइक एक होटल के पास रोक दी .. वो होटल मतलब चाय की टपरे थी छोटी से.. और अन्दर एक छोटा सा झोपड़ा tha..par क्यों की बारिश की बुँदे बड़ी थी इसलिए दोनों भीग चुके थे.. ज्यादा नहीं थोड़ा भीगे थे..
अंदर आइये मेमसाब झोपडी मई.. वह बारिश लग सकती है..
ऐसा नवाज़ ने कहने के बाद आरती झोपडी मई चली gayi..wo उस छोटे से झोपड़ी मई खड़े थे .. आरती आपने बालो मई जो थोड़ा पानी लगा था वो साफ़ करने लगी..

तब उसके बदन को देखते हुई नवाज़ कहता है
गर्मियों के मौसम को झेलने के बाद बारिश का मौसम कुछ ज्यादा hi सुहाना लगता है न मेमसाब.
आरती मुस्कुरा दी पर उसने कुछ नहीं कहा
मेमसाब कुदरत का अनोखा करिश्मा है
नवाज़ ने ये कहा तब आरती आपने पल्लू पर लगा पानी छिड़का रही थी थोड़े गर्दन निचे करके और थोड़ा जुख के.. नवाज़ के ऐसे कहने के बाद जूक जूक hi गर्दन उप्पर उठाते हुई नवाज़ को देखने लगी

तब आरती की और देखते हुई नवाज़ कहता है
मेमसाब कुदरत का अनोखा करिश्मा है .. 1 साल में कुदरत अपने कई रंग दिखाती hai..kabhi आसमान से बर्फ बन कर तो कभी आसमानी आग बन कर .. कभी झड़ते पत्तों का खेल तो कभी आग और पानी का mel..kabhi बारिश बरसाती है तो कही बिजली कदकाठी hai..kahin आग बरसाती है.. तो कही पानी . कितना बताऊ कुदरत के बारे में. इंसान भी इसी कुदरत की तरह है कभी भी कुछ भी कर देता hai..kabhi प्यार तो कभी तकरार ..कभी झगड़ा तो कभी भंगड़ा. औरत का मन भी ऐसा hi hai..wo कब बदल जाए कुछ कहा नहीं जा सकता. ..
नवाज़ के ऐसे कहने से आरती के चहरे पर स्माइल आ जाती है.. आपने बालो को उसने पहले hi खुल्ला छोरा था भीगने के बाद सकने के लिए.. अब नखरे से बाल को पीछे डालते है तब वह से कुछ बाल इसके चेहते पर आ जाते है..

बॉल हटते हुई वो कहते है
अब इसमे औरत कहा आ गयी बीसह मैं..
औरत तो बीच मई आ hi जायेगे.. वो तो कुदरत का अजीब नौमना है..
तब हस्ते हुई कहते है

अजीब नमूना??
अजीब नूमना नहीं तो क्या कहे मेमसाब..
क्यों ऐसा क्या करती है औरते जिसे तुम नमूना कह रहे हो.. सॉरी सॉरी अजीब नमूना..
बड़े अड्डा के साथ ऐसा कहते है
मेमसाब ये कुदरत मतलब ये इंसानी दुनिया औरत की वजह से बनती है और औरत की वजह से बिगड़ते है..
तब हस्ते हुई कहते है..

अच्छा जी.. दुनिया औरत की वजह से बानी है ये मई जानती हु पर बिगड़ते है ये मैं नहीं जानती
क्या बात कर रही हो मेमसाब आप.. हर घर मई जगदे औरत की वजह से होते है
तब हस्ते हुई कहते है
औरत लगाती है क्या जगदे
नहीं तो क्या सास बहु के जगदे से hi तो घर टूटना शुरू हो जाता है.. माँ से बेटे को अलग करने का पाप औरत तो करती है
नवाज़ तुम्हारे फंदे अजीब है..
इसमे अजीब क्या है मेमसाब
एक दो जगह हुआ तो तुम साडी दुनिया के बर्बादी को औरत को जिम्मेदार ठहरा रहे हो
एक तो जगह नहीं हर घर मई बटवारा जो होता है वो औरते तो hi करते है
तब आँख बंद करते हुई उप्पर आसमान की और देखते हुई कहते है

हे भगवान् इस लड़के का क्या करू मई
भगवान् क्या करेगा बिचारा .. वो भी तो औरतो से परेशां है
तब हस्ते हुई कहते है

अच्छा
और इतिहास मई जितने भी युद्ध हुई वो औरतो की वजह से तो हुई है
तब आरती जोर से हँसाने लगी

फिर भी तुम औरते के पीछे पड़ते हो
वो अलग बात है
वो कैसे अलग बात है.. औरत बर्बादी का कारन है.. औरत बर्नाडी का रास्ता है.. और तुम एक नहीं तो एक से ज्यादा औरत के पीछे पड़े हो
किसने कहा आपसे ये
किसी ने भी कहा होगा पर सच है न
नहीं नहीं जूथ है ये..
क्या जूथ है तुम औरत के पीछे पड़े हो या एक से ज्यादा औरत के पीछे पड़े हो.. क्या जूथ है
तब मू दूसरी तरफ करते हुई कहता है
दोनों
अच्छा.. तो तुम नीता के पीछे नहीं हो
नहीं नहीं बिलकुल नहीं
तब आरती हँसाने लगी
तो क्या नीता तुम्हारे पीछे थी
हाँ
हस्ते हुई आरती कहती है

मतलब औरतो के पीछे तुम नहीं पड़ते.. औरते तुम्हारे पीछे पड़ती है
हाँ सही कहा आप ने
तुम क्या मैं मूर्क लगते हु क्या
नहीं
मुझे क्या समाज नहीं आता क्या
नहीं मेमसाब पर आप को ये किसने कहा
किसी ने भी कहा हो
नीता ने कहा
कोई भी हो..
तब दोनों कुछ देर शांत रहे ..
कुछ देर बाद आरती कहते है
मतलब दुनिया मई तुम अब तक किसी औरत के पीछे नहीं पड़े
नहीं कभी नहीं
पक्का
100% मेमसाब आप विश्वास करो.. मई जिंदगी मई कभी जूथ नहीं बोलता.. मई कभी किसी औरत के पीछे नहीं पड़ा अब तक ..
अच्छा
तभी दूर से एक औरत भाग के आती.. और नवाज़ के पास जेक कहते है.. जरा जोर से..
ारे नवाज़ तुम कहा हो इतने दिनों से.. कभी मिलते नहीं हो.. न कॉल करते हो.. पहले तो मेरे पीछे कितने पड़े थे.. दिन मई दस बार कॉल करते थे.. अब तो लगभग मुझे भूल hi गए हो… मुझसे जो चाहिए था तो वो मिल गया तो भूल गए मुझे.. पहले तो दिन रात मेरे पीछे पड़े रहते थे.. 2 महीना तक मेरा पीछा किया था तुमने याद है न.. मई घास डालती नहीं थी तभी भी मेरे पीछे पड़े रहे.. ओह्ह माय गॉड!!! तुम मर्द लोग भी न कितने स्वर्ती होते हो.. तो सेल्फिश न!!! दिसगेसटिंग..
एक्चुअली आरती नवाज़ से थोड़ा दूर कड़ी टी तो शायद इस औरत ने उसे देखा नहीं था.. या देखा भी होगा तो उसे ये पता नहीं होगा या उसने नहीं सोचा की नवाज़ इस औरत के साथ यहाँ खड़ा है.. और नवाज़ उसे इतने दिनों के बाद दिखा तो जल्दबाज़ी मई उसने आज बाजु मई देखा नहीं.. जब उस औरत ने इतना कुछ कहा तब नवाज़ आरती को देखने लगा.. उस का छरहरा पूरा उतरा हुआ तह और आरती का चेहरा पूरा खिल उठा था वो स्माइल कर रही थी

और हलकी सी हसी भी थी उसके चेहरर पर.. जब नवाज़ दूसरी तरफ देख रहा है ये वो ोारत देखती है तो वो घूम जाती है.. और पीछे घूम के देखती है तो वो आरती को देखती है .. आरती को देखकर कहते है..
क्या तुम्हारे साथ है क्या वो
वो धीरे से बोलती है.. नवाज़ कुछ जवाब नहीं देता सिर्फ आरती को देके जा रहा था..
बोलो न वो तुम्हारे साथ है क्या
नवाज़ कुछ सोच के बोलनेवाला था की उस औरत का हस्बैंड जो बहार खड़ा था.. जो बाइक स्टैंड पाई लगाके आने मई उसे टाइम लगा.. उसने कहा..
कीर्ति इधर आओ
तब वो औरत नवाज़ को देखते हुई कहते है
क्या???
पर नवाज़ तो कुछ बोल नहीं रहा था सिर्फ आरती की और देखे जा रहा था.. उस औरत ने नवाज़ को 2-3 बार क्या क्या कहा.. नवाज़ ने कुछ नहीं कहा तब आरती ने इशारे से नवाज़ को कहा..

उसकी तरफ देखो.. फिर भी वो कुछ नहीं बोलै .. जब उसके हस्बैंड ने 2-3 बार उसे आवाज़ दी तो वो गुस्से मई बोली
डिसगस्टिंग..
और वो वह से चली गयी.. उसके जाते hi आरती हसने लगी.. और हस्ते हुई कहते है.. बड़े अदा के sath..acting करते हुई..

100% मेमसाब आप विश्वास करो.. मई जिंदगी मई कभी जूथ नहीं बोलता .. मई कभी किसी औरत के पीछे नहीं पड़ा अब तक .. साडी औरते मेरे पीछे पड़ती है..
फिर नवाज़ की और देखते हुई कहते hai..acting करते हुई..

ओह्ह माय गॉड!!! तुम मर्द लोग भी न कितने स्वर्ती होते हो..
उस लड़की जैसा आवाज़ करते हुई कहते है..
ारे नवाज़ तुम कहा हो इतने दिनों से.. कभी मिलते नहीं हो.. न कॉल करते हो.. पहले तो मेरे पीछे कितने पड़े थे.. दिन मई दस बार कॉल करते थे.. अब तो लगभग मुझे भूल hi गए हो…
फिर नवाज़ की और देखते हुई कहते है..
भूल गए मुझे.. पहले तो दिन रात मेरे पीछे पड़े रहते थे.. 2 महीना तक मेरा पीछा किया था तुमने याद है न.. मई घास डालती नहीं थी तभी भी मेरे पीछे पड़े रहे.. ओह्ह माय गॉड!!! तुम मर्द लोग भी न कितने स्वर्ती होते हो.. तो सेल्फिश न!!! दिसगेसटिंग..
और हँसाने लगी..