Adultery KAMINA CHUDDAKAD - NEW VERSION .... - Page 11 - SexBaba
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Adultery KAMINA CHUDDAKAD - NEW VERSION ....

और तुम पद लिख भी नहीं रहे हो जो की पड़े के लिए या नौकरी के लिए तुम रुकना पड़ता हो.. और इस वजह से तुमने शादी नहीं की… इस लिए मैंने कहा तह…

ऐसा क्या

चहरे पर नखरा दिखते हुई आरती कहती है..

हाँ जी

अब की नहीं की तो नहीं की.. अब आप क्या इस वजह से मेरे जान लोगे क्या…

तब नवाज़ को समजने के स्वर मई आरती उसे कहते है





मैं भला तुम्हारे जान क्यों लगे नवाज़… मई तो सिर्फ वजह पूछ रही थी.. अगर शादी नहीं की तो क्यों नहीं की..

फिर स्माइल करते हुई कहते है





वैसे तुम्हारे जान लेने होंगे तो मैं नहीं लुंगी .. तुम्हारे नीता लगे .. और वो दूसरी लड़की क्या नाम है

वंदना

हां वंदना लेगी

तब दोनों हँसाने लगते है

वैसे शादी क्यों नहीं की

वैसे कोई ढंग की लड़की नहीं मिली

ढंग की लड़की..

हाँ मेमसाब

वैसे अब तो मिल गए न

इस बार नवाज़ सोच मई पद गया… ये किस लड़की की बात कर रही है या खुद की बात कर रही है.. ऐसा नवाज़ सोचने लगा..

नवाज़ सोच मई पद गया है ये जानकर आरती उठ खड़े हो गयी और उसके चेहरे को देखने लग जाती है..





कुछ देर सोचने के बाद नवाज़ कहता है…

कोनसी लड़की मेमसाब

तब आरती हस्ते हुई कहती है

नीता.. और वंदना ..

तब नवाज़ कुछ नहीं बोलता है

नवाज़ के आँखों मैं देखते हुई आरती कहते है

वैसे कैसे लड़की चाहिए तुम शादी के लिए… बीवी के रूप मई… आप लोग क्या बोलते हो..

ऐसा बोलके आरती सोचते है तब नवाज़ कहता है

बेगम

बेगम… . हाँ आप लोंगो मई बीवी को बेगम कहते है

हाँ मेमसाब

तब वो पलट जाती है

तो कैसे बेगम चाहिए तुम को

आप जैसे

तब आरती गर्दन घुमा के नवाज़ की और देखते है ..





आरती नवाज़ की तरफ देखते हुई स्माइल करती है

वैसे ये होने से रहा

वो तो मैं जनता हु मेमसाब

तुम नीता hi मिलेंगे.. या वंदना .. कोई आरती नहीं..

अब दोनों कुछ देर तक शांत रहते है..

मेमसाब फिर आप hi कुछ देर के लिए मेरे नीता बन जाओ न..

तब आरती थोड़ा नाराज़गी दिखते हुई कहते है..





देखो मर नवाज़.. आज जो भी मैंने तुमसे हस्ते हुई बाते की.. या मेरे करीब तुम आने दिया.. वो मैंने एक अच्छे नाते के तौर पर किया.. मतलब नीता के साथ मेरे अचे रिलेशन है .. मालकिन और माइड के नहीं तो फ्रेंड के रिलेशन है.. इस नाते फ्रेंड्स का बॉयफ्रेंड के नाते मैंने तुमसे अच्छे बात की थोड़ा बहुत तुम आपने करीब आने दिया.. इस वजह से तुमको ये बिलकुल नहीं लग्न चाहिए की इस सब मई मेरे रजामंदी है.. मई कभी नीता नहीं बन सकती तुम्हारे जिंदगी मई.. नीता के जगह मई नहीं ले सकते.. नीता एक अच्छी औरत है.. उसे ऐसा धोका मत दो..

यार मेमसाब तुम तो मुझे इमोशनल कर रही हो

तब हसकर आरती कहती है..

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ये इमोशनल नहीं हकीकत है..

ठीक है तुम मेरे जिंदगी मई नीता नहीं बन सकते और न hi नीता के जगह ले सकते हो पर मैंने ये मज़ाक मई कहा था . इसको ज्यादा सीरियस मत लो

और हँसाने लगा

अब पहली बार आरती को नवाज़ ने तू कहा था उसके मू पर और आरती ने भी कुछ नहीं कहा था उसको.. उसने सिर्फ उसकी और देखा ..





आरती के चेहरे पर कोई रिएक्शन नहीं थी .. शांत था उसका चेहरा ..

तब नवाज़ को लगा मामला बिगड़ जाने से अच्छा है यहाँ से कल्टी हो जाते है ... आज के लिए ये बहुत हुआ तब नवाज़ ने कहा

आप ने बहुत बढ़िया पराठा खिलाया ..उसके लिए बहुत बहुत धन्यवाद जी ..

तब आरती स्माइल करते हुई उसे देखती है..





आशा करता हु रोज खाने को मिलेगा

हां मिलेगा

आरती ने इतना hi कहा

तब नवाज़ ने कहा

अब मई चलता हु

आरती ने हम्म्म्म इतना hi कहा .. अब नवाज़ वह से चला जाता है .. आरती उसको जाते हुई देख रही थी





और उसके साथ जो कुछ अब यहाँ हुआ था उसके बारे मई सोच रही थी ..
 
नवाज़ के किचन से जाने के बाद कमरे में सिर्फ शांति चाही हुई थी .. आरती वह खड़े होक सोच रही थी की उसने जो नवाज़ के साथ बात की वो सही थी या गलत ..फिर आरती किचन मई hi कुछ देर बैठी रही .. फिर आपने बैडरूम मई चली गयी .. कुछ देर उसने आराम किया .. मतलब बीएड पाई लेती रही .. पर बार बार उसके दिमाख मई नवाज़ hi आ रहा था .. और उसकी बाते याद आ रही थी ..

फिर वो उठ के मिरर के सामने खड़े होक खुद को hi देखने लगी ..





तब आरती के कानो में नवाज़ ने बोलै हुआ वो सेंटेंस सुनाये दिया ..

तुम मेरे जिंदगी मई नीता नहीं बन सकते और न hi नीता के जगह ले सकते हो..

कमीना साला .. मई उसकी मालकिन हु और मुझे तू कह रहा है .. आप नहीं कह सकता क्या .. मई कुछ नहीं बोल रही हु ..इसका मतलब ये तो नहीं है की वो कुछ भी बोलेगा ..

फिर वो बहार आयी और टीवी देखने लगी .. अब थोड़े देर टीवी देखने के बाद उसे टीवी देखना बोर हो रहा था तब उसके दिमाग मई फिर से नवाज़ आ जाता है तब वो सोफे पाई सर रख सोचने लगती है..





फिर रात को खाना खाया .. आपने ससुर को भी खाना परोस दिया .. आपने ससुर के लिए दूध का गिलास वही टेबल पाई रखा रखा .. और आपने मम्मी का कॉल आया तो उनसे बाते करते हुई आपने बैडरूम मई चली गयी .. कुछ देर बाद बात ख़तम होने के बाद आपने बीएड पाई लेट गयी ..





पर उसे नींद नहीं आ रही थी .. वो बस करवाते बदलते रही ..

उसके मैं में डर था.. उसने नवाज़ को जो कहा था वो उसको सुनाई देने लगा .. वो सोचने लगी .. मेरे ऐसे कहने के बाद नवाज़ गुस्सा तो नहीं हुआ होगा न .. इसलिए तो वो तुरंत वह से चला गया .. कहीं मैंने सब ख़राब तोह नहीं कर दिया? कहीं अब वो मुझसे नफरत तोह नहीं करेंगे? कही वो अब मुझसे बात तो नहीं करेगा न ??

ऐसा वो सोचने लगी ..





यह सब सोचते हुई थोड़े देर बाद उसे नींद आ गयी .. सुबह 8 बजे वो उठ गयी .. आज वो लेट उठ गयी थी .. क्यों उसे भी नहीं पता तह .. उतने के बाद वो बर्ष करते हुई बंगलो मई घूमने की उसे आदत थी .. स्पेशलय पिछले साइड .. पर आज

पीछे जाने की हिम्मत वो नहीं जूता प् रही थी. पहली बार अपने hi घर में घूमने को उसे डर लग रहा था. पर तैयार तो होना था क्यों की उसे पता था अभी उसके ससुर बहार से आएंगे तब उनको नाश्ता बनके देना पड़ता था क्यों की नीता लेत आती थी .. इसलिए वो ब्रश करके तैयार होने लगी . तैयार होक किचन मई जेक नाश्ता बनाने लगी ..

अब आरती किचन में thi.tabhi वह उसका ससुर आ जाता है ..

उठ गयी ?

तब पलट के कहती है

हां पापा जी

आज लेट उठी .. तभेत तो ठीक है न ..

हां पापा जी

रात को नींद तो आयी ठीक से? आँखे लाल लग रही हैं इसलिए पूछा

हाँ पापा जी ... बस थोड़ी थकान thi.sardard था थोड़ा ..

तभी नवाज़ वह आ जाता है .. आते hi नवाज़ ने आरती की तरफ देखा पर आरती ने नवाज़ के तरफ देखा तक नहीं.





उसका चेहरा बिलकुल ब्लेंक था — न गुस्सा, न प्यार, न शर्म.

आ जाओ नवाज़ .. नाश्ता कर लो

जी

बैठ जाओ

जी

कहते हुई नवाज़ दिंनिंग टेबल मई बैठ गया .. अब आरती उन्दोनो को चाय लेकर आयी .आरती ने शेठ जी को कप दिया .. जब नवाज़ को कप देने के बारी आयी तो आरती ने कप उसके हाथ मई नहीं दिया बल्कि उसके सामने दिंनिंग टेबल पाई रखा .. तब थक !! से आवाज़ आयी .. आवाज़ थोड़ी तेज़ थी .. नवाज़ ने नोटिस किया पर उसने कुछ नहीं कहा .. सिर्फ आरती को देखा .. इस बार आरती ने नवाज़ को देखा ..





उसके चहरे पर गुस्सा था .. नवाज़ को समाज नहीं आया की वो गुस्सा क्यों है .. आरती पलट के पीछे चली गयी ..अब वो दोनों चाय पि रहे थे. और आरती उन्दोनो के तरफ पीठ करके चुपचाप से नाश्ता बना रही थी ..





नवाज़ उसे hi देख रहा था..
 
उसके चहरे पर गुस्सा था .. नवाज़ को समाज नहीं आया की वो गुस्सा क्यों है .. आरती पलट के पीछे चली गयी ..अब वो दोनों चाय पि रहे थे. और आरती उन्दोनो के तरफ पीठ करके चुपचाप से नाश्ता बना रही थी ..

नवाज़ उसे hi देख रहा tha..Tab शेठजी कहते है

आरती बीटा .. अब सरदर्द कैसा है

अब ठीक है पापा

आरती ने बिना उनकी तरफ देखे ठन्डे स्वर में जवाब दिया

तब शेठजी कहते है

रात मई सरदर्द था तो तुम नींद नहीं आयी होगी तो अब जेक आराम करो. नास्ता नीता आने के बाद बना लेगी

नहीं पापा मई बना लुंगी

अच्छा ठीक है

तब नवाज़ कहता है

कुछ नहीं शेठ जी .. रात को सर दर्द था. .. शयद अभी नहीं है .. इसलिए मेमसाब नाश्ता बना लेगी .. वैसे मुझे बहुत जोर से भूक लगी है

तब शेठजी कहते है

हां नवाज़ मुझे भी भूख लगी है

तब आरती गुस्से से उसकी और गर्दन घुमा के देखती है ..





तब नवाज़ चाय का कप उठता है और आरती की और देखते हुई चाय पिने लगता है .. तब आरती फिर से घूम के आपने काम करने लगती है .. एक घुट पिने के बाद नवाज़ कहता है

शेठ जी आज मेमसाब के चाय मई वो मज़ा नहीं है

तब शेठजी कहते है

क्यों रे क्या हो गया .. चाय अच्छी नहीं बने है क्या

तब फिर से आरती पलट के नवाज़ की और देखते है





तब आरती की और देखते हुई नवाज़ कहता है

आज न शेठजी.. मेमसाब के चाय मई वो स्वाद नहीं है ..

तब नवाज़ को वो आँखे दिखती है





आरती ने आँखे दिखते hi नवाज़ कहता है

शयद साखहार काम डाली है

तब आरती कमीना साला ऐसा पुटपुटटी है .. जो नवाज़ ने सुना तह .. और फिर आरती शक्खर का छोटा सा डिब्बा लेके नवाज़ के पास जाती है और गुस्से से उसको देखते हुई उसके कप मई 3-4 चम्मच शक्खर डालती है





ारी बस हो गया .. कितना शक्खर डालोगे बीटा

शेठजी ने ऐसा कहा तब आरती कहती है

उसको मेरे चाय फीकी लग रही है न पापा जी

मैंने फिक्की नहीं .. स्वाद काम लग रहा है ऐसा बोलै

अब साखर से स्वाद आएगा न

हां आ जायेगा

तब शेठजी कहते है

इतने सक्खर से तो उसको जल्दी hi तुम डायबिटिक का पेशेंट बना डौगी

तब उसकी और देखते हुई कहते है





बन जाये तो अच्छा hi है पापा

अब हलकी सी स्माइल थी उसके चहरे पर

तब शेठजी हस्ते है

अच्छा है डायबिटिक हो जायेगा तो इसका नॉन वेग बंद हो जायेगा .. ये बहुत नॉन वेग खता है

तब उसकी और देखते है

फिर तो इसकी पसंदीदा चीज़ हमारे यहाँ मिलेंगे नहीं

तब नवाज़ कहता है

मेमसाब हम आपने पसंद बदलते रहते है

उसके कहने का मतलब आरती अच्छे से समाज जाती है .. उसकी और थेड़ी नज़र करके देखकर कहती है ..धीरे से ..





कमीना

और आगे बाद जाती है पर उसे कहती कुछ नहीं है

फिर वह ज्यादा कुछ नहीं हुआ .. उन्दोनो को आरती ने नाश्ता दिया .. उन्दोनो ने नास्ता किया.. नाश्ता ख़तम करने के बाद नवाज़ वह से उठा और आरती की और देखते हुई जरा जोर से कहता है था की आरती सुन ले .. इस वक़्त आरती उसकी और पिट करके कड़ी थी ..





मैं चलता हूँ.

आरती समाज गयी की उसने जोर से क्यों कहा पर वो न पलटी और नहीं गर्दन घुमा के नवाज़ की और देखा .. नवाज़ उम्मीद कर रहा था की वो उसके जोर से कहने से पलट जाएगी या पलट के देखेगी तो पर उसने ऐसा कुछ नहीं किया ... फिर वो दूर के पास गया एक बार पलट के आरती को देखा .. वो अभी भी उसकी और पिट करके कड़ी थी





और फिर से जरा जोर से कहा

औ क्या मालिक

तब शेठजी ने कहा

हां

पर आरती ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी .. तब नवाज़ वह से चला गया .. बहार हाल मई कुछ देर रुका पर आरती बहार नहीं आयी .. और न hi उसकी आवाज़ आयी ..सिर्फ बर्तन धोने की आवाज़ आती रही.

वैसे उसदिन दिनभर कुछ ख़ास नहीं हुआ .. आरती दिनभर बहार नहीं आयी .. आपने बैडरूम मई hi थी .. इस वजह से नवाज़ को बोर हो रहा तह .. शेठजी जो कुछ काम के बारे मई बता रहे थे वो उसके दिमाग में नहीं जा रहा था... क्यूंकि उसका पूरा ध्यान आरती पर था ..

पर शाम 5:00 बजे कुछ ख़ास हुआ ..
 
श्याम के 5 बजे का टाइम था .. दोपहर मई खाना खाने के बाद आरती सो गयी थी .. अब उसकी नींद पूरी हो चुखी थी पर वो अभी भी बीएड मई लेती थी .. और तभी उसे नवाज़ की याद आयी .. तब वो नवाज़ के बारे मई सोचने lagi..lete लेते hi ..





कमीने को मैंने आज खाना hi नहीं दिया ..सुबह नाश्ता करके हो गया है तब से वापिस hi नहीं आया है .. क्या मई सोने के बाद नीता ने उसे खाना दिया होगा क्या .. या पापा जी ने उसे बहार भेजा होगा क्या .. जाने दो मुझे क्या करना है .. उसकी मुझे क्यों चिंता होनी चाहिए..

ऐसा कह के वो उठ के बैठ गयी .. तभी वो आपने आप से कहती है ..

क्या नीता ने उसे खाना दिया होगा या दिनभर वो आज भूका hi होगा .. जाने दो मुझे क्या करना है .. वैसे भी वो उसका hi आशिक़ है ..मेरा थोड़ा hi है .. उसको hi उसकी चिंता होनी चाहिए..

तब हलकी सी स्माइल आरती के चेहरे पर आ जाती है





क्या आरती वो उसका hi तो आशिक़ है ..तेरा कैसे आशिक़ हो सकता है ..वो नौकर और तू मालकिन

वैसे नीता के वजह से hi तो हम दोनों की पाचन हुई .. हां ये बात तो है hi ..

फिर कुछ सोच के कहती है

नहीं नहीं नीता के वजह से नहीं पापा जी के वजह से .. पापा जी ने उसको खेत से घर बुलाया था .. ये बात अलग है की नीता उसे पहले से जानती थी पर घर पर पापा जी ने उसे बुलाया था

फिर स्माइल करते हुई कहते है

कही पापा जी उसे घर पाई बुलाके आपने पेअर पर कुरदे तो नहीं मार ली ..

फिर हसते हुई कहती है

पगली कुछ भी मत बोल .. ऐसा कुछ नहीं होगा ..

फिर कुछ देर सोच के कहती है

घर पाई तो नवाज़ को पापा जी ने बुलाया था पर किचन मई तो उसको नीता hi लेके आयी थी उसदिन..

ऐसा कह के मिरर के सामने कड़ी हो जाती है





और आपने आप को देखने लगती है

वो एकदम से किचन मई आ गया था.. मेरे पिट उसके तरफ थी.. वो एकदम से नहीं आया था .. उस कामचोर ने उसे लाया tha…Kya कह रही थी शेठ जी ने भेजा hai..aur कहा है के चाय नास्ता करके आपने काम सुरु करो.. और उस वजह से वो नीता के साथ आया था .. उसका वो पहला दिन tha…maine उसे पहली बार देखा था और शयद उसने भी मुझे पहली बार देखा था. .. जितना मई जानती हु उस हिसाब से..

तभी उसका मोबाइल बज उठता है.. कॉल उसके हस्बैंड अरविन्द का था .. उसके हस्बैंड मई उसने न उसे hi कहा न hello कहा न hi उसके बारे कुछ पूछा .. सिर्फ इतना बताया की कल कुछ गेस्ट आने वाले है.. उनके खाने का अच्छे से तैयारी करो और उस कामचोर को अच्छे से बोल देना.. कोई गड़बड़ नहीं होनी चाहिए..

तब आरती उसे कहते है

पर अरविन्द होटल से hi अच्छा वाला खाना मंगाते है

नहीं उनको घर का खाना खाना है.. देशी वाला.. अगर वो कुश हो गए तो बड़ा आर्डर मिलेगा

ठीक है.. मई कर लुंगी..

ऐसा आरती कहते है और फ़ोन रख देती है.. अब उसने आपने पति को बोल तो दिया पर क्या खाने को बांये कल के लिए वही वो सोचने लगी.. और सोचते हुई किचन मई आयी और किचन मई सामान देखने लगी.. जब उसने देखा की किचन मई का लगभग सारा राशन ख़तम हो चूका है.. और कल के लिए जो जरुरी सामान चाहिए वो नहीं है.. तब वो कहते है

राशन लाना जरुरी hai..aab मई क्या करू

ये आरती सोच रही थी की तभी हॉल का दरवाजा खुलने की आवाज़ आती hai..aur हॉल की लाइट लग जाती है.. ये देख के आरती कहती है..

लगता है महारानी आ गए.. तभी बहार से आवाज आता है

दीदी आप कहा हो

किचन मई

तब नीता किचन मई आती है..

कैसे हो दीदी आप

ठीक हु..

नीता का चेहरा खिला हुआ तह

तू तो बहुत कुश लग रही है

हम्म्म्म

नवाज़ की वजह से

तब नीता शर्मा जाते है

दीदी आप भी न..

ऐसा कह के शरमाते हुई कहती है

दीदी मई ऊपर के कमरे की साफ़ सफाई करू

हाँ..

ठीक है मई जाती हु

तब आरती को कुछ याद आता है तब वो जाहत से बोलती है..

तुम थोड़ा यहीं पर तेहरो

क्यों दीदी

मुझे मार्किट से कुछ सामान मंगवाना हैं......

कोनसा सामान

बताती hu..rukh जरा..

और आरती झट से अंदर आपने बैडरूम मई जाती हैं और पेन एंड नोटबुक लती है.. और कुछ सामान का लिस्ट बनाए लगती है.. कुछ सामान के बारे मई नीता को पुचहति है.. किचन मई क्या क्या है और क्या क्या नहीं.. और फिर वो लिस्ट नीता को थमा देती हैं ......

कार के ड्राइवर को ये किराना की लिस्ट दे दे और सामान लेन को बोल..

नीता मुस्कुराते हुए कहती है

हाँ दीदी

और बहार निकल जाती hain.....wo हॉल मई पहुँच चुकी थी.. तब कुछ सोचकर उसके पीछे पीछे आरती आती है.. और कहते है

वो लाएगा क्या अच्छे से

पता नहीं दीदी लास्ट टाइम तो गड़बड़ की थी

हाँ इसलिए तो पूछ रही हु

कुछ कह नहीं सकते.. आप क्यों नहीं जाते उसके साथ दीदी

मैं नहीं हो रहा है

क्यों

एक तो ये बारिश का मौसम और मेरा सर भी फटा जा रहा है पहले se..aab मई क्या करू

मई जाऊ क्या दीदी

नहीं baba..tere को बैजू या उस ड्राइवर को एक hi बात है..

क्या एक बात है दीदी उस दिन भेजा था

तब सब गड़बड़ की थी

वो गलती से हो गया था

और अब तो ज्यादा गड़बड़ हो सकते है..

अब क्यों.. दीदी..

तेरा पूरा ध्यान इधर hi रहेगा तेरे आशिक़ के पास..

तब नीता थोड़े स्माइल करते है..

तो आप hi जाओ aab..dusara रास्ता नहीं है..

हाँ वैसा hi करना पड़ेगा.. एक काम कर तू उस कार ड्राइवर को बुला के ला.. वो लड़ साहब कहा है वो देख ले पहले.. हमेशा घूमता रहता है..

नीता हस्ती है.. और उसको डुडाने जाती है.. उसे वो कहा भी नहीं मिलता.. 15 मिनट्स के बाद नीता आती है..

लाड साहब नहीं है बहार कही..

अच्छे से देखा क्या..

देखा कही भी नहीं है… नवाज़ को पूछा तो वो भी बोल रहा है बहुत वक़्त से उसे उसने देखा नहीं है

तेरे को तो तेरे आशिके को मिलाने कोई न कोई बहाना चाहिए

दीदी आप भी न.. मई काम से गए थी… उसके पास

हाँ पता है कोनसे काम से गए थे और कोनसा काम करके वापिस आ गए

नहीं किया काम कोई

अच्छा.. अब मुझसे झूठ बोलेगे..

पक्का नहीं

अच्छा.. वैसे जब से आया है वो तब से एक बार भी नहीं किया

तब नीता शर्मा के नीचे गर्दन करके न मई गर्दन हिलाते है..

झूठे

सच्ची दीदी

फिर अभी क्यों गए थी

याद आ रही थी

तो अभी भी उसने कुछ नहीं किया

सिर्फ चुम्मी

देखो देखो कितना शर्मा रही है..

दीदी आप भी न

तू तेरा प्रेम पुराण रहने दे पहले उसकी कार बहार थी क्या वो देखा क्या

नवाज़ के पास कार कब है दीदी

तब आरती आपने सर पाई हाथ से मार के लेते है





हे भगवान!!! ये नीता तो पूरी पागल हो गए है उस नवाज़ के प्यार मई..

मई तेरे आशिक़ नवाज़ की बात नहीं कर रही हु .. मई हमरे ड्राइवर गंगूराम की बात कर रही हु.. उसकी कार कहा है वो देख के आ… मेरी माँ!!!

हाँ दीदी

दीदी की बच्ची

तब नीता बहार जेक देख के आते है.. 10 मिनट बाद..

दीदी कार भी नहीं है

अब ये कार लेके कहा चला गया..

तब आरती गंगूराम को कॉल लगाने लगे तो उसका कॉल नहीं लग रहा था..

अब ये कहा मर गया.. फ़ोन भी नहीं लग रहा है ..

नीता एक बात बता

थोड़े छीलते हुई ..





ये ड्राइवर पीटा है क्या

दीदी आप भी क्या बात पूछ रही हो.. पानी तो हर कोई पीटा है..

तब आरती और ज्यादा गुस्सा हो जाती है..

कमीने अब मेरा दीमक मत खा तू.. तेरे बत्तीसी तोड़ दंगे मई..

अब मैंने क्या किया दीदी

तू है न तेरे आशिक़ के प्यार से पहले बहार आ और उसके बारे मई सोचना बंद कर

मई नहीं सोच रही हु उसके बारे मई

तो मेरे माँ मुझे इतना बता अगर कोई पीने की बात करता है तब पानी के पीने की बात होते है या दारू पीने की

सॉरी सॉरी दीदी गलती से मिस्टेक हो गए.. वो पीटा है दारू..

पक्का न

पक्का

मई ड्राइवर की बात कर रही हु.. तेरे आशिक़ की नहीं

तब नखरा करते हुई वो कहते है

मेरा नवाज़ नहीं पिता दीदी.. वो बहुत शरीफ है

शरीफ की बच्ची पहले पता कर वो पक्कड़ ड्राइवर और उसकी कार कहा है

मई अब कहा पता करू

तब गुस्से से कहती है





कही भी कर.. मुझे वो ड्राइवर अभी चाहिए.. मुझे किरणे का माल लाना है..

दीदी कल ले न आज hi इतने जल्दी क्या है

किचन मई कुछ भी नहीं.. अभी नहीं लाया तो रात मई खाना नहीं बना पाउंगी ..फिर अरविन्द और पापा जी मुज पर गुस्सा होंगे..

ारे बापरे..

और इनका कॉल आया था

छोटे साहब का क्या

हाँ .. कल कुछ गेस्ट आने वाले है.. उनके लिए भी खाना बनाना है .. और मुझे कहा है उनोने..

क्या

चहरे पर स्माइल लेट हुई कहती है

उस कामचोर को अच्छे से समजा

तब डरते हुई नीता कहती है

मई जाती हु और उसको दंड के लेट हु

जा

फिर वो थोड़े आगे जाती है और पीछे पलट के आती है

मई नवाज़ को लेके जाऊ

आरती गुस्से से

किसी के शादी को जाना है क्या

नहीं

फिर जा

कुछ अदा एक जानता वो उसे ढूंढ लेते है पर वो और उसकी कार नहीं मिलते तब वो वापिस किचन मई आ जाती है

नहीं मिला शयद

हाँ दीदी

तूने कहा डुंडा होगा तू तो आपने आशिक़ के साथ गुलछर्रे उदा रही होंगे

कसम से दीदी मई आप के मन करने के बाद उसके पास भी नहीं गए..

पक्का

माँ कसम

तो अब कैसे जाये मार्किट

ऑटो से

अब यहाँ ऑटो कैसे बुलाएँगे.. आस पास तो कोई ऑटो वाला नहीं है

अगर आप गुस्सा नहीं होंगे तो एक सलाह दू

दे

नवाज़ को कह के ऑटो वाले को बुला ला सकते है..

ऑटो स्टैंड तो बहुत दूर है.. वो कैसे जायेगा

तब नीता जोश मई फैट से बोली

उसके पास बाइक है.. उसपे वो जायेगा

तब आरती आशर्य से नीता की और देखते हुई कहते है

बाइक है उसके पास.. हमरे नौकर के पास

हाँ दीदी.. आप मेरे नवाज़ को काम मत ाको

नहीं मेरे माँ!! तेरे नवाज़ को काम नहीं ाकुंगी.. पर तू एक काम कर पहले पापा जी के रूम मई जा.. अब श्याम के 6 बज गए है.. उनकी नींद भी हो गए होंगे.. चाय और पानी भी लेके जाओ और उनको पूछो ड्राइवर को उनोने कहा भेजा है क्या

नीता जाती है शेठ जी के रूम मई और शेठ जी को सब स्टोरी बता देते है.. तब शेठजी किचन मई आ जाते है..

आरती बीटा ड्राइवर और कार को सुबह hi शहर भेजा है शोरूम मई .. कार का काम करना था ..

क्या..

हम्म

अब क्या करे पापा

ये नीता बोल रही है वैसे नवाज़ को भेज के ऑटो मंगाते है.. और ऑटो मई जेक मई लेके आ जाता हु राशन.. आज hi लाना है तो और कोई ऑप्शन नहीं है..

नहीं नहीं आप नहीं मई लेके आ जाती हु..

तुम अकेले इस वक़्त अब श्याम हो चुकी है और बारिश भी आएंगे

इसलिए तो आप को नहीं भेजना चाहती.. इसको भी साथ मई लेके जाउंगी.. ऑटो मई कोई प्रॉब्लम नहीं होगा..

हम्म्म.. नीता तू जा नवाज़ को बुला ला ..
 
अब क्या करे पापा

ये नीता बोल रही है वैसे नवाज़ को भेज के ऑटो मंगाते है.. और ऑटो मई जेक मई लेके आ जाता हु राशन.. आज hi लाना है तो और कोई ऑप्शन नहीं है..

नहीं नहीं आप नहीं मई लेके आ जाती हु..

तुम अकेले इस वक़्त अब श्याम हो चुकी है और बारिश भी आएंगे

इसलिए तो आप को नहीं भेजना चाहती.. इसको भी साथ मई लेके जाउंगी.. ऑटो मई कोई प्रॉब्लम नहीं होगा..

हम्म्म.. नीता तू जा नवाज़ को बुला ला ..

शेठ जी के ऐसे कहने के बाद नीता कुश होक बहार जेक नवाज़ को बुलाती है.. शेठ जी उसे ऑटो ढूडने को बोलते है .. नवाज़ बहार जाता है और ऑटो ढूडने लगता है पर नवाज़ को कही ऑटो नहीं मिलता .. आधे घंटे बाद वो वापिस आ जाता है और शेठजी को बोलता है बहार कोई ऑटो नहीं मिल रहा है

शेठजी - कैसे नहीं मिल रहा है ऑटो .. अच्छे से देखा क्या तुमने

देखा शेठजी

ये बात आरती सुन लेती है.. ये सब सुनकर आरती परेशान हो जाती है ..





तब वो नवाज़ और शेठजी के पास पहुँच जाती है

अब क्या करे पापा

वही मई सोच रहा हु ..

फिर नवाज़ को देखते हुई शेठजी कहते है

पर नवाज़ ऑटो एक भी नहीं है गाँव मई ऐसे कैसे

नवाज़ - शयद मेले की वजह से.. सब ऑटो उधर hi गए होंगे.. उधर ज्यादा संवरी मिलेंगे न उनको इस वजह से सब उधर भाग गए होंगे ..

स - हाँ हो सकता है.. पर अब करे क्या

नवाज़ - क्या करना है

तब नीता नवाज़ को सब बता देती है.. फिर कुछ देर के लिए सब शांत रहते hai..kuch समय बाद शेठजी कहते है

स- बीटा मेरा तो दिमाख hi नहीं चल रहा है.. नवाज़ तुम कोई आईडिया बताओ

नवाज़ - कार से मई लेके जा सकता हु

तब नवाज़ की और देखते हुई थोड़ी नाराज़गी दिखते हुई आरती कहती है





कार होती तो ऑटो से क्यों जाते

मुझे लगा मेमसाब ड्राइवर नहीं है इस वजह से

तब शेठजी कहते है

वो जाने दो अब रास्ता निकालो

तब नवाज़ डरते हुई कहता है

अगर आप को और मेमसाब को प्रॉब्लम नहीं है तो..

तब आरती नवाज़ को घर के देखने लगाती है..





नवाज़ भी उसे देखता है.. आरती नवाज़ की और देखते हुई उसे कहती है

तो क्या

मई आपने बाइक पाई ले जा सकता हु.. अगर आप लोगो को प्रॉब्लम नहीं है तो..

ये उसने शेठजी के सामने कहा था.. इसलिए वो डरते हुई कहता है .. शेठजी के सामने इतनी बड़ी डेरिंग पहली बार की थी नवाज़ ने ..

तब आरती गुस्से से नवाज़ को देखने लगी





और धीरे से बोली

मुझे लगा hi था तुम यही बोलोगे..

ये किसने नहीं सुना था इतने धीरे से आरती ने कहा था .. तब शेठजी आरती को देख के कहते है..

आरती बीटा अब लग रहा है दूसरा कोई ऑप्शन नहीं है.. या तुम नवाज़ के साथ जाओ.. अच्छा लड़का है तुम अच्छे से लेके जायेगा या इस नीता को इसके साथ भेज दो.. सामान की लिस्ट इससे दे दो.. ये सामान लाएगी..

तब नीता कुश होक कहते है

हाँ शेठजी मई लौंगे

तब नाराज़ होते हुई आरती नीता के तरफ देखते है





दीदी मई अच्छे से लाऊंगी.. लास्ट टाइम जैसे गलती नहीं करुँगी

ये सब सुन के नवाज़ नाराज़ हो जाता है.. इसको कैसे भी करके आरती को लेके जाना था आपने बाइक पाई मार्किट mai..isliye तो उसने जूथ बोलै था.. वो भी शेठजी ko..wo जनता था अगर उसका जूथ पकड़ा गया तो शेठजी की दांत पड़ेगी या मार भी .. ऑटो होते हुई भी उसने ऑटो नहीं है ये बोलै था..

अब आरती नीता को देखके कहते है





उसका चेहरा थोड़ा उतरा हुआ था

अगर की तो

नहीं करुँगी दीदी

अगर गलती की और उस वजह से मामला बिगाड़ा.. कुछ गलत सामान लाया या अच्छी क्वालिटी का नहीं लाया और उस वजह से कल का उनलोगो का लंच बिगड़ गया तो उसको कोण जिम्मेदार होगा

तब शेठजी कहते है

ये कामचोर जिम्मेदार होंगे

पर ये तो डाँटेगे मुझे.. तब ये कामचोर तो भाग जायेगे..

स - ऐसा कर सकती है ये

तब नाराज़ होते हुई नीता कहते है

तो आप चली जाओ नवाज़ के साथ.. मई नहीं jaungi..aap hi जाओ.. छोटे मालिक की दांत मई नहीं खा सकते .. वो बहुत गुस्सा हो जाते है

तब नवाज़ की तरफ अजीब से तरीके से देखते हुई आरती कहते है..





अब उसके सिवई कोई ऑप्शन है क्या मेरे पास

आरती ऐसे किसी अजनबी के साथ बाइक पाई आज तक नहीं गयी thi..aaj पहली बार जा रही thi..Nawaz 4 तह मर्द था जिसके बाइक पाई वो जा रही थी.. बाकि तीन लोग उसके घर के hi थे.. उसके पापा, भाई एंड हस्बैंड .. पर पहला मर्द था नवाज़ जिसके साथ आरती का कुछ रिलेशन नहीं था.. आरती क्यों रेडी हुई वो खुद नहीं जानती थी.. शयद सिचुएशन के वजह से वो रेडी हुई थी..

ये सुनकर नवाज़ कुश हो जाता है ..

नवाज़ - कब चलना है

तब आरती ना चाहते हुई मुस्कुरा पड़ती है..





और कहते है

अभी.. मई तैयार होक आती हु.. तुम बहार कही मत जाओ

ऐसा कहते हुई आरती अंदर जाने लगती hai.…aarti दो कदम आगे निकलती है की पीछे मुद कर नवाज़ की और देखती है जो इस वक़्त आर्ट की गांड को घर कर देख रहा था..





इस वजह से आरती थोड़ा असहज महसूस करती है और आपने आप से कहते है..

क्या करू मई.. इस के साथ जाऊ या nahi..raste भर मुझे ऐसे hi देखने लगा तो मई क्या करू.. पर नहीं गयी तो अरविन्द जी को क्या बोलू.. क्यों नयी गयी तो क्या बोलू.. ये बताया तो ये कमीना पापा और उनके सामने अच्छा बनाने का नाटक करेगा अब मई क्या करू.. मुझे तो जाना hi होगा और फिर वो निचे गार्डन करती हुयी आगे चली जाती है…

कुछ 15-20 मिनट के बाद बहार आती है..

चलो

आरती अच्छे से तैयार हुई थी.. उसने आज अपनी फवौरीते पिंक साडी पहनी थी विथ स्लीवलेस ब्लाउज.. और जिसमे वो बहोत प्यारी लग रही थी.. ..





जैसे hi आरती ने चलो कहा वैसे hi नवाज़ आरती को देखने लगा.. उसकी नज़र डायरेक्ट उसके ब्लाउज पर गयी जिसमे उसके 34 साइज क बूब्स बहोत टाइट दिख रहे the..Sleeveless ब्लाउज की वजह से और उसने साड़ी का पल्लू थोड़ा निचे किया हुआ था इस वजह से उसके क्लेलवागे के दर्शन नवाज़ को पहली बार हुई थे ..





आरती ने जैसे हे नवाज़ की तरफ देखा तो नवाज़ ने नज़र हटा ली लेकिन 1 सेकंड के लिए आरती ने नवाज़ को मम्मी ताड़ते हुए देख लिया था पर उसको लगा ऐसे हे नज़र चली गयी होगी.. वो मुस्कुराई और बड़े अड्डा के साथ उसको कहने लगी..





नहीं जाना है क्या मेरे साथ..

हां हां जाना है

तो फिर चलो .. नहीं तो लेत हो जायेगा..

ऐसा कहते हुई नवाज़ की तरफ देखते हुई आपने बाल संवारने लगी..





तब एक बार फिर से उसने एआरटी को देखा.. इस बार आरती ने भी उसे देखा .. नवाज़ इस बार उसे गौर से देखने laga..iss बार वो बिना नज़र झुकाये उसको देखने लगा.. उसको देख के मैं मई कहने लगा..

आरती मेमसाब सच में एक पारी लग रही है इस खूबसूरत साड़ी me..iss साडी मई उसकी प्यारी सी गहरी नाभि साफ़ साफ़ दिख रही है..

उसके 34 साइज के मम्मी और ज़ादा उभर रहे थे.. नवाज़ ने बड़ी मुश्किल से आपने आप को कण्ट्रोल किया और फिर नवाज़ बहार जाने लगा.. आरती भी उसके साथ बहार जाती है… नवाज़ ने बाइक स्टार्ट की और आरती बैठ gai..par वो नवाज़ से दुरी बना कर बैठती है जैसा की नवाज़ ने सोचा था.. पीछे वाले हैंडल को पकड़ ke..ek बार वो पीछे मुद कर आरती को देखता है.. नवाज़ खुश हो गया आपने पीछे इतनी सुन्दर अप्सरा बैठी है ये देखकर.. मतलब आरती को देखकर .. उन्दोनो के बीच का वो 2 इंच का गैप... आज नवाज़ को 2 किलोमीटर जैसा लग रहा था.

नवाज़ ने बाइक स्टार्ट की और अब वो दोनों मार्किट के लिए रावण हो गए.. आरती के हाथ मई बैग थी और उसमे पर्स था.. रास्ते में हवा तेज़ thi...us वजह से आरती के बॉल हवा से ुध रहे थे .. नवाज़ ने रियरव्यू मिरर में आरती को देखने की कोशिश की पर वो दूसरी तरफ देख रही थी.

अब नवाज़ ने jaan-boojh कर बाइक की स्पीड थोड़ी बधाई और फिर हल्का सा ब्रेक लगाया. तब आरती का शरीर आगे आया और उसका चेस्ट नवाज़ के पीठ से takraya.aarti ने तुरंत खुद को संभाला और वापस पीछे हो गयी .पर उस एक सेकंड के टच ने उन दोनों को करंट मार दिया था.

नवाज़ ने गाँव के बहार का रास्ता लिया था .. गाँव मई का रास्ता नहीं लिया था . जैसे बाइक गाँव के बहार वाली सुनसान सड़क पर आयी तब आरती कहती है

यह रास्ता शहर का नहीं है .. कहाँ ले जा रहे हो मुझे ..

तब नवाज़ कहता है

ये रास्ता भी शहर को hi जाता है .. गाँव के बहार से .. डरिये मत मई आप को कहा दूसरे जगह नहीं लेके जाऊंगा ..

इस पर आरती कुछ नहीं बोलती ..

गाँव मई से जाते तो लोग कुछ भी बोल सकते है ..

इस पर भी आरती कुछ नहीं बोलती पर मैं मई कहती है ..

बात तो सच है इसकी ..

दोनों तोड़ी hi दूर निकले थे की मौसम पूरी तरह से बिगड़ने लगा .. वो दोनों थोड़े आगे गए की जोर दर भारिश सुरु हो गयी और नवाज़ ने बाइक एक होटल के पास रोक दी .. वो होटल मतलब चाय की टपरे थी छोटी से.. और अन्दर एक छोटा सा झोपड़ा tha..par क्यों की बारिश की बुँदे बड़ी थी इसलिए दोनों भीग चुके थे.. ज्यादा नहीं थोड़ा भीगे थे..

अंदर आइये मेमसाब झोपडी मई.. वह बारिश लग सकती है..

ऐसा नवाज़ ने कहने के बाद आरती झोपडी मई चली gayi..wo उस छोटे से झोपड़ी मई खड़े थे .. आरती आपने बालो मई जो थोड़ा पानी लगा था वो साफ़ करने लगी..





तब उसके बदन को देखते हुई नवाज़ कहता है

गर्मियों के मौसम को झेलने के बाद बारिश का मौसम कुछ ज्यादा hi सुहाना लगता है न मेमसाब.

आरती मुस्कुरा दी पर उसने कुछ नहीं कहा

मेमसाब कुदरत का अनोखा करिश्मा है

नवाज़ ने ये कहा तब आरती आपने पल्लू पर लगा पानी छिड़का रही थी थोड़े गर्दन निचे करके और थोड़ा जुख के.. नवाज़ के ऐसे कहने के बाद जूक जूक hi गर्दन उप्पर उठाते हुई नवाज़ को देखने लगी





तब आरती की और देखते हुई नवाज़ कहता है

मेमसाब कुदरत का अनोखा करिश्मा है .. 1 साल में कुदरत अपने कई रंग दिखाती hai..kabhi आसमान से बर्फ बन कर तो कभी आसमानी आग बन कर .. कभी झड़ते पत्तों का खेल तो कभी आग और पानी का mel..kabhi बारिश बरसाती है तो कही बिजली कदकाठी hai..kahin आग बरसाती है.. तो कही पानी . कितना बताऊ कुदरत के बारे में. इंसान भी इसी कुदरत की तरह है कभी भी कुछ भी कर देता hai..kabhi प्यार तो कभी तकरार ..कभी झगड़ा तो कभी भंगड़ा. औरत का मन भी ऐसा hi hai..wo कब बदल जाए कुछ कहा नहीं जा सकता. ..

नवाज़ के ऐसे कहने से आरती के चहरे पर स्माइल आ जाती है.. आपने बालो को उसने पहले hi खुल्ला छोरा था भीगने के बाद सकने के लिए.. अब नखरे से बाल को पीछे डालते है तब वह से कुछ बाल इसके चेहते पर आ जाते है..





बॉल हटते हुई वो कहते है

अब इसमे औरत कहा आ गयी बीसह मैं..

औरत तो बीच मई आ hi जायेगे.. वो तो कुदरत का अजीब नौमना है..

तब हस्ते हुई कहते है





अजीब नमूना??

अजीब नूमना नहीं तो क्या कहे मेमसाब..

क्यों ऐसा क्या करती है औरते जिसे तुम नमूना कह रहे हो.. सॉरी सॉरी अजीब नमूना..

बड़े अड्डा के साथ ऐसा कहते है

मेमसाब ये कुदरत मतलब ये इंसानी दुनिया औरत की वजह से बनती है और औरत की वजह से बिगड़ते है..

तब हस्ते हुई कहते है..





अच्छा जी.. दुनिया औरत की वजह से बानी है ये मई जानती हु पर बिगड़ते है ये मैं नहीं जानती

क्या बात कर रही हो मेमसाब आप.. हर घर मई जगदे औरत की वजह से होते है

तब हस्ते हुई कहते है

औरत लगाती है क्या जगदे

नहीं तो क्या सास बहु के जगदे से hi तो घर टूटना शुरू हो जाता है.. माँ से बेटे को अलग करने का पाप औरत तो करती है

नवाज़ तुम्हारे फंदे अजीब है..

इसमे अजीब क्या है मेमसाब

एक दो जगह हुआ तो तुम साडी दुनिया के बर्बादी को औरत को जिम्मेदार ठहरा रहे हो

एक तो जगह नहीं हर घर मई बटवारा जो होता है वो औरते तो hi करते है

तब आँख बंद करते हुई उप्पर आसमान की और देखते हुई कहते है





हे भगवान् इस लड़के का क्या करू मई

भगवान् क्या करेगा बिचारा .. वो भी तो औरतो से परेशां है

तब हस्ते हुई कहते है





अच्छा

और इतिहास मई जितने भी युद्ध हुई वो औरतो की वजह से तो हुई है

तब आरती जोर से हँसाने लगी





फिर भी तुम औरते के पीछे पड़ते हो

वो अलग बात है

वो कैसे अलग बात है.. औरत बर्बादी का कारन है.. औरत बर्नाडी का रास्ता है.. और तुम एक नहीं तो एक से ज्यादा औरत के पीछे पड़े हो

किसने कहा आपसे ये

किसी ने भी कहा होगा पर सच है न

नहीं नहीं जूथ है ये..

क्या जूथ है तुम औरत के पीछे पड़े हो या एक से ज्यादा औरत के पीछे पड़े हो.. क्या जूथ है

तब मू दूसरी तरफ करते हुई कहता है

दोनों

अच्छा.. तो तुम नीता के पीछे नहीं हो

नहीं नहीं बिलकुल नहीं

तब आरती हँसाने लगी

तो क्या नीता तुम्हारे पीछे थी

हाँ

हस्ते हुई आरती कहती है





मतलब औरतो के पीछे तुम नहीं पड़ते.. औरते तुम्हारे पीछे पड़ती है

हाँ सही कहा आप ने

तुम क्या मैं मूर्क लगते हु क्या

नहीं

मुझे क्या समाज नहीं आता क्या

नहीं मेमसाब पर आप को ये किसने कहा

किसी ने भी कहा हो

नीता ने कहा

कोई भी हो..

तब दोनों कुछ देर शांत रहे ..

कुछ देर बाद आरती कहते है

मतलब दुनिया मई तुम अब तक किसी औरत के पीछे नहीं पड़े

नहीं कभी नहीं

पक्का

100% मेमसाब आप विश्वास करो.. मई जिंदगी मई कभी जूथ नहीं बोलता.. मई कभी किसी औरत के पीछे नहीं पड़ा अब तक ..

अच्छा

तभी दूर से एक औरत भाग के आती.. और नवाज़ के पास जेक कहते है.. जरा जोर से..

ारे नवाज़ तुम कहा हो इतने दिनों से.. कभी मिलते नहीं हो.. न कॉल करते हो.. पहले तो मेरे पीछे कितने पड़े थे.. दिन मई दस बार कॉल करते थे.. अब तो लगभग मुझे भूल hi गए हो… मुझसे जो चाहिए था तो वो मिल गया तो भूल गए मुझे.. पहले तो दिन रात मेरे पीछे पड़े रहते थे.. 2 महीना तक मेरा पीछा किया था तुमने याद है न.. मई घास डालती नहीं थी तभी भी मेरे पीछे पड़े रहे.. ओह्ह माय गॉड!!! तुम मर्द लोग भी न कितने स्वर्ती होते हो.. तो सेल्फिश न!!! दिसगेसटिंग..

एक्चुअली आरती नवाज़ से थोड़ा दूर कड़ी टी तो शायद इस औरत ने उसे देखा नहीं था.. या देखा भी होगा तो उसे ये पता नहीं होगा या उसने नहीं सोचा की नवाज़ इस औरत के साथ यहाँ खड़ा है.. और नवाज़ उसे इतने दिनों के बाद दिखा तो जल्दबाज़ी मई उसने आज बाजु मई देखा नहीं.. जब उस औरत ने इतना कुछ कहा तब नवाज़ आरती को देखने लगा.. उस का छरहरा पूरा उतरा हुआ तह और आरती का चेहरा पूरा खिल उठा था वो स्माइल कर रही थी





और हलकी सी हसी भी थी उसके चेहरर पर.. जब नवाज़ दूसरी तरफ देख रहा है ये वो ोारत देखती है तो वो घूम जाती है.. और पीछे घूम के देखती है तो वो आरती को देखती है .. आरती को देखकर कहते है..

क्या तुम्हारे साथ है क्या वो

वो धीरे से बोलती है.. नवाज़ कुछ जवाब नहीं देता सिर्फ आरती को देके जा रहा था..

बोलो न वो तुम्हारे साथ है क्या

नवाज़ कुछ सोच के बोलनेवाला था की उस औरत का हस्बैंड जो बहार खड़ा था.. जो बाइक स्टैंड पाई लगाके आने मई उसे टाइम लगा.. उसने कहा..

कीर्ति इधर आओ

तब वो औरत नवाज़ को देखते हुई कहते है

क्या???

पर नवाज़ तो कुछ बोल नहीं रहा था सिर्फ आरती की और देखे जा रहा था.. उस औरत ने नवाज़ को 2-3 बार क्या क्या कहा.. नवाज़ ने कुछ नहीं कहा तब आरती ने इशारे से नवाज़ को कहा..





उसकी तरफ देखो.. फिर भी वो कुछ नहीं बोलै .. जब उसके हस्बैंड ने 2-3 बार उसे आवाज़ दी तो वो गुस्से मई बोली

डिसगस्टिंग..

और वो वह से चली गयी.. उसके जाते hi आरती हसने लगी.. और हस्ते हुई कहते है.. बड़े अदा के sath..acting करते हुई..





100% मेमसाब आप विश्वास करो.. मई जिंदगी मई कभी जूथ नहीं बोलता .. मई कभी किसी औरत के पीछे नहीं पड़ा अब तक .. साडी औरते मेरे पीछे पड़ती है..

फिर नवाज़ की और देखते हुई कहते hai..acting करते हुई..





ओह्ह माय गॉड!!! तुम मर्द लोग भी न कितने स्वर्ती होते हो..

उस लड़की जैसा आवाज़ करते हुई कहते है..

ारे नवाज़ तुम कहा हो इतने दिनों से.. कभी मिलते नहीं हो.. न कॉल करते हो.. पहले तो मेरे पीछे कितने पड़े थे.. दिन मई दस बार कॉल करते थे.. अब तो लगभग मुझे भूल hi गए हो…

फिर नवाज़ की और देखते हुई कहते है..

भूल गए मुझे.. पहले तो दिन रात मेरे पीछे पड़े रहते थे.. 2 महीना तक मेरा पीछा किया था तुमने याद है न.. मई घास डालती नहीं थी तभी भी मेरे पीछे पड़े रहे.. ओह्ह माय गॉड!!! तुम मर्द लोग भी न कितने स्वर्ती होते हो.. तो सेल्फिश न!!! दिसगेसटिंग..

और हँसाने लगी..
 
ओह्ह माय गॉड!!! तुम मर्द लोग भी न कितने स्वर्ती होते हो..

उस लड़की जैसा आवाज़ करते हुई कहते है..

ारे नवाज़ तुम कहा हो इतने दिनों से.. कभी मिलते नहीं हो.. न कॉल करते हो.. पहले तो मेरे पीछे कितने पड़े थे.. दिन मई दस बार कॉल करते थे.. अब तो लगभग मुझे भूल hi गए हो…

फिर नवाज़ की और देखते हुई कहते है..

भूल गए मुझे.. पहले तो दिन रात मेरे पीछे पड़े रहते थे.. 2 महीना तक मेरा पीछा किया था तुमने याद है न.. मई घास डालती नहीं थी तभी भी मेरे पीछे पड़े रहे.. ओह्ह माय गॉड!!! तुम मर्द लोग भी न कितने स्वर्ती होते हो.. तो सेल्फिश न!!! दिसगेसटिंग..

और हँसाने लगी..





नवाज़ को लगा मेमसाब बहुत ज्यादा मज़ाक कर रही है.. बहुत ज्यादा है रही है.. टॉपिक चेंज करना होगा..

मेमसाब यहाँ चाय बहुत अच्छी मिलते है आप पिओगे मेरा तो मैं कर रहा है चाय पिने का

हाँ पिङ्गे न

हसना रुकके कहती है तब नवाज़ चाय लेता है उस चायवाले से और एक चाय आरती को देता है और एक खुद पिने लगता है ..

तब आरती कहती है

वैसे ये कोण थी

कीर्ति

आपने गाँव की

नहीं बाजु वाले गाँव की मतलब शहर की जहा हम जा रहे है मार्किट मई राशन लेन

अच्छा . .

तब नवाज़ सोचता है मेमसाब को कुश करना पड़ेगा

मेमसाब आप के काम की एक चीज़ बताऊ

हाँ बोलो

यहाँ कपडे के मार्किट मई एक नयी दुकान खुली है.. वह गजब की सादिया मिलती है ..

तब नवाज़ की तरफ देखते हुई कहते है





मई जितना समजते थी उससे ज्यादा स्मार्ट हो तुम

तब नवाज़ हस्ते हुई कहता है

मैंने स्मार्ट वाला कोनसा काम कर दिया है

तुम अच्छे से पता है शॉपिंग लेडीज लोंगो का वीक पॉइंट है और साडी लेना उससे ज्यादा वीक पॉइंट है.. तुम पता है साडी खरीदने की बात मई कभी ताल hi नहीं सकती

तब नवाज़ मैं मई कहता है.. लोमड़ी बहुत चालू है.. हस्ते हुई नवाज़ कहता है

तो चले शॉपिंग के लिए

अब मई मन थोड़ी hi कर सकती हु और वैसे भी अब बारिश रुख गयी है

फिर नवाज़ अपनी बाइक शॉपिंग के लिए कपड़ो के मार्किट के तरफ लेते है .. रस्ते मई उसे 2-3 जगह खली ऑटो दिख जाते है जो कस्टमर के लिए वेट कर रहे थे.. उन देखकर आरती नवाज़ को कहते है..

मई तो तुम सिर्फ चालू समजती थी पर मुझे पता नहीं था चालू के साथ तुम झूठ भी बोलते हो

तब एक ऑटो वाले की तरफ आरती देख लेती है तो नवाज़ समाज जाता है

मेमसाब ये तो इस गान के ऑटोवाले है.. मैंने तो आपने गाँव के ऑटोवाले देखे थे.. और हमारा भरोसा करो मई जूथ कैसे बोल सकता हु

तब आरती हसते हुई कहते है





अब भी वही डायलाग बोल रहे हो.. जो तुम्हारे माशूका ने तुम्हारा पोपट किया

तब नवाज़ थोड़ा बुरा मू करते हुई कहता है

उसको भी उसी समय आना था

ये आरती ने सुना तब उसने कहा

भगवान् के घर देर..

मेमसाब आप मेरे टांग ज्यादा मूत खींचो

फिर जूथ क्यों कहा

मुझे क्या पता था वो उसी वक़्त वह आएंगे और आप के सामने हमारा पूरा कच्चा चिट्टा खोल देंगे..

दुनिया बहुत छोटी है नवाज़ .. कोण कब कहा मिल जाये किसको पता नहीं

तभी वो औरत आपने कार से नवाज़ को ओवरटेक करने लगाती है .. ओवरटेक करते टाइम विंडो से सर बहार निकल कर कॉल करने का इशारा करते है





तब आरती कहती है

देखो तुम्हारे माशूका कॉल करो कह रही है

उसको रहने दो मेमसाब

मई तो रहने दूंगी पर वो रहने देगी क्या

हां

तुम उसे मिलाने का मान नहीं करता क्या

करता है न

तो मिल लो न

आप हो न

ऐसे कह रहे हो जिसे ये पहले लड़की है तुम्हारी माशूका जो मई जानती हु .. तुम्हारे दो माशूका तो मई आलरेडी जानती हु .. अब ये तीसरी है .. अब और कितनी है भगवन hi जाने

नहीं अब और कोई नहीं

क्या पता

तब वो दक्कन आ जाता है.. इस वजह से नवाज़ अपनी बाइक रोक देता है.. जैसे hi वो बाइक से निचे उतर जाती है तब आरती नवाज़ को देख के कहते है

अगर तुम उसे मिलाना है या मिलाने को जाना है तो तुम जा सकता हो तब तक मई शॉपिंग कर लुंगी

वैसे hi एक औरत आरती को कहते है..

Hello आरती

Hi दीदी

तब वो औरत नवाज़ की तरफ देखते हुई कहते है

अच्छा तो ... तुम्हारे '' वो '' है ये ??? "

उस औरत ने शरारत से आँख नाचते हुए कहा.. ये सुन के नवाज़ चौंक जाता है और आरती भी.. दोनों एक दुसते को देखने लगे..





तब वो औरत कहती है..

अब भी एक दूसरे को देख रहे हो.. एक hi घर मई रहते हो अब क्या एक दूसरे के आँखों मई बस जाओगे

फिर आरती उस औरत की तरफ देखते हुई कहती है

नहीं नहीं दीदी

क्या नहीं नहीं ..

हम हस्बैंड वाइफ नहीं है

तो कोण वो.. अच्छा मई सामजी.. लव मैरिज है तुम्हारा.. इसलिए

तब आरती शर्मा जाती है





और कहती है

क्या दीदी आप भी …

अच्छा अच्छा जाने दे ... शादी कर ली और बताया भी nhi...kya करते है तुम्हारे वो ....और यहाँ क्यों ??? अच्छा शॉपिंग के लिए क्या

हाँ

मतलब शादी की है

नहीं दी शादी

वो आगे कुछ बोलती उससे पहले की उसे कोई आवाज़ देता है

चलो na..Hame लेत हो रहा है

आ रही हु

ऐसा कह के आरती को कहते है

आरती मई निकलती हु

ऐसा कह के वो औरत वह से चली जाती है.. उसके जाते hi नवाज़ कहता है..

हमारा इतना नसीब कहा

ऐसा नवाज़ कहते hi आरती शर्मा जाती है





और फिर नवाज़ के पिट को प्यार से चपत लगते हुई नखरे से कहती है..

नवाज़..

तब नवाज़ कहता है..

आपने सही कहा मेमसाब

तब नवाज़ की तरफ देखते हुई कहते है

क्या

तब नवाज़ आरती की नक्कल करते हुई कहता है

दुनिया बहुत छोटी है नवाज़ .. कोण कब कहा मिल जाये किसको पता नहीं ..

नवाज़ के ऐसे कहने से आरती उसको मरने लगी तब नवाज़ भागते हुई दुकान के अंदर भाग गया..
 
अंदर आते hi दोनों रुख गए.. तब नवाज़ कहता है

वैसे मेमसाब कोण थी ये हसीना

तब नखरे से चहरे पर गुस्सा लेट हुई आरती कहती है..





नवज़ज़्ज़ज़्ज़ ....

सॉरी सॉरी कोण थी ये मोहरतम्मा

दीदी

आप की बहन है

वैसे बहन नहीं है पर हम दीदी कहते है.. कॉलेज मई हमसे सीनियर थी.. हमे बहुत हेल्प करती थी..

अच्छा

वैसे इनका नाम भी कीर्ति है

और आरती हँसाने लगी.. तब नवाज़ भी हँसाने लगा..

वैसे कॉलेज से याद आया मेमसाब.. आप के पीछे कॉलेज मई तो बहुत सरे लड़के रहते होंगे

तब नखरे से नवाज़ को मरने लगी

मतलब आप के दोस्त बहुत से होंगे न कॉलेज मई .. क्या बोलते है वो.. फ्रेंड्स तो आप के बहुत होंगे न

हाँ थे न बहुत सरे

मई भी यही सोच रहा था इतनी ब्यूटीफुल लड़की के दोस्त तो बहुत सरे होंगे

फ़्लर्ट कर रहे हो मुझसे

नहीं तो

फिर ये क्या इतनी ब्यूटीफुल लड़की के

अब कॉलेज मई आप लड़की hi होंगे न.. आज के जैसे आंटी तो नहीं होंगे न

तब गुस्से से उसको मुक्का मरने का एक्टिंग करते हुई उसके शोल्डर को मरते है





तुम क्या मई आंटी लगती हु

सॉरी सॉरी भाभी

तब बुरा सा मू करते हुई कहते है





तुम क्या मई भाभी लगते हु क्या

अब शादीशुदा औरत को भाभी तो कहते है न .. वैसे आप हमारे छोटे मालिक की बीवी हो तो हमारे लिए भाभी hi हुई न..

तब उसकी और देखते हुई कहते है





ऐसा क्या

उसके अपनी और ऐसे देखने से नवाज़ मैं मई कहता है..

ऐसा न देखो हमे मेमसाब नहीं तो हमें प्यार हो जायेगा आपसे

तब वो काउंटर पर पहुंचे तब वह का सेल्स बॉय कहता है

आइये साहब.. आइये भाभी जी.

तब नवाज़ की और देखते हुई स्माइल करती है..

तब नवाज़ इस सेल्स बॉय को कहता है

आप के भाभी जी को अच्छे से साड़ी दिखा दो

तब नवाज़ को अड्डा के साथ देखते है





आप के भाभी जैसे साड़ी भी मस्त होनी चाहिए

तब आरती नवाज़ को एक हाथ से मरते है

हाँ साहब दिखा देता हु

नवाज़ में सोच रही थी क्यों न तुम्हारे माशूका के लिए भी एक साड़ी ले लू.

आप की मर्जी… बूत थोड़ा जल्दी करना भाभी जी…

तब नखरे से कहते है उसे देख के





अब भाभी जी कहना बंद करोगे या नहीं

ठीक है भाभी जी..

तब गुस्से से कहती है

फिर से

सॉरी.. मेमसाब.. सच कह रहा हु मेमसाब जरा जल्दी करना

जल्दी क्यों.

कुछ नहीं उधर के शॉप बंद हो गए तो बिना राशन जाना होगा इसलिए बोल रहा था.

अच्छा ऐसे बात है

मुस्कुराते हुए दूसरी और देखती है.

और साहब की दांत अलग से

तुम्हारे साहब मुझसे बहुत प्यार करते है.. वो कभी नहीं डाँटते मुझे

फिर कर लो शॉपिंग आप की मर्ज़ी से..

वो तो कर hi लुंगी

तब उसकी नज़र एक साड़ी पर पड़ते है

नवाज़ वो देखो वो साडी कितनी सुन्दर है... चलो न. वह देखते है. शायद कोई नई कलेक्शन हो.

अच्छा चलो… भाभी जी

अब बहुत मरूंगी अगर भाभी जी फिर से कहा तो

दोनों दुकान के 1सत फ्लोर पर चले जाये है.

वह पहुंचे के बाद वह जो लड़का था उसको कहते है

अरे भैया. ..वो साड़ी dikhana…please.

सेल्स बॉय- जी मम.

ा- मई ये तरय कर सकती हु न

तब नवाज़ कहता है

हाँ मेमसाब.. आपने hi दुकान समज लो

तब नाराज़ होते हुई

तुम चुप रहोगे जरा

तब वो सेल्स बॉय कहता है

हाँ मैडम.. आप तरय कर लो.. वह ट्रायल रूम है

थैंक यू

तब नवाज़ कहता है

अंदर कैमरा तो नहीं भितया न

तब वो लड़का कहता है

नहीं नहीं सर हम रेपुटेड लोग hai..aise गंदे हरकत हम नहीं करते

तब आरती स्माइल करती है..

तो ठीक है.. मेमसाब आप तरय कर लो

अच्छा साहब

ऐसा आरती कहकर ट्रायल रूम मई जाती है स्माइल करते hui..kuch देर बाद वो ट्रेल रूम से बहार आती है..

कितनी प्राइस है इसकी

10000

न - इतनी ज्यादा

हाँ.. क्वालिटी देखो

तब आरती की तरफ देखता है.. साडी आरती के हाथ मई थी..

क्वालिटी तो अच्छी लग रहे है

हाँ साहब माल जैसा रेट waisa..maal देखो आप ..

वही देख रहा हु.. आरती का ध्यान इन् दोनों की तरफ नहीं था..

तब आरती कहती है

आप मुझे बस कुछ सादिया और दिखा दीजिये.

सेल्स बॉय कुछ सादिया और दिखता है .. वो सरिया देख कर वो कहती है...

वाओ नवाज़ लुक कितनी अच्छा कलेक्शन नज़र आ रहा है... इनके पास..

हाँ

अब आरती उनमें से कुछ सरिया पसंद करके तरय करती जाती है. अब बिना ट्रायल रूम जाये वो वही खड़े खड़े साड़ी अपने कंधे पर लगा कर देख लेती है… आरती इसी तरह की कुछ सरीयों में से 2-3 साड़ी पसंद क्र लेती hai....aur नवाज़ को कहते है

नवाज़ यहाँ की शॉपिंग हो गयी है मेरे.. अब चलते है..

ऐसा कह के सेलेक्ट की हुई साडी फिरसे एक बार देखने लगी..

मेमसाब

हम्म बोलो .

बिना नवाज़ की और देखते हुई बोलती है

कुछ ड्रेस नहीं लेने है क्या आप को

हेहीहेहे धीरे से हँसते और मुस्कुराते हुई नवाज़ की और देखते है .





थैंक्स

ड्रेस की याद दिलाने के लिए

नहीं

फिर

तुम्हारे वजह से इतनी अच्छी साड़ी मिली मुझे

दोनों एक दूसरे की आँखों में देखने लगते है प्यार से और दोनों हंस देते है.

अच्छी चॉइस है तुम्हारे

धन्यवाद

ड्रेस के बारे मई क्या ख्याल है

मैं ततो कर रहा है पर

मैं ककर रहा है तो ले लो

उधर लेत हो जायेगा न

मैं कर रहा है तो करने का

ऐसा क्या

हाँ

तो चलो

किधर

तब नवाज़ की और आपने गर्दन घूमते हुई देखते है..





दूसरी शॉप पर. मुझे कुछ लेना है…

ड्रेस

हाँ

और दोनों हँसते हुए दुकान से बहार आते है और पार्किंग की और चले जाते है.
 
तो चलो

किधर

तब नवाज़ की और आपने गर्दन घूमते हुई देखते है..

दूसरी शॉप par...mujhe कुछ लेना है…

ड्रेस

हाँ

और दोनों हँसते हुए दुकान से बहार आते है और पार्किंग की और चले जाते है… तब नवाज़ कहता है

वैसे मेमसाब ये जो कीर्ति थी

हां उसका क्या

वो आप की दीदी नहीं है न

नहीं है पर मई उन दीदी मानते हु ..

ऐसा कह के नवाज़ की और देखते है





तुम्हारे इरादे क्या है

इरादे कुछ नहीं है .. नाम भी शामे है तो मई सोच रहा हु इसको भी माशूका बनाया जा सकता है

तब नखरे से आरती कहती है

तुम सुधरने वाले नहीं हो न .. कोई अच्छी औरत दिखहि की उसके पीछे पड़े रहते हो

इसमे बुराई क्या है

बुराई नहीं है पर याद रखना वो मेरे दीदी है

सच वाली तो है नहीं न

पर मई मानती हु न

पर माल भी बहुत मस्त है

ऐसा आरती को आँख मरते हुई नवाज़ कहता है तब नखरे से उसके गाल पाई धीरे से चपत लगाती है





अब ये चपत जो नवाज़ के गाल पाई पड़ी थी वो उसको आँख मरी थी उसके लिए थी या उसके दीदी को माल कहा था उसके लिए थी ये नवाज़ को नहीं पता था ..फिर वो

पार्किंग मई आकर जैसे hi बाइक के पास आती है तब नवाज़ कहता है

वो कहा इसी शहर मई रहती है

तब आरती कहती है

सोचना भी मत

आप नहीं बताओगे तो क्या मुझे पता नहीं लगेगा क्या

तब आरती सोचने लगती है





क्या दीदी इसको सच मई पसंद आ गयी है क्या

तब नवाज़ कहता है

ज्यादा सोचो मत आपने कहा है तो मई उनके बारे मई मई कुछ नहीं सोचूंगा .. बाइक पाई बैठ जाओ ..

तब आरती बाइक पाई बैठती है वैसे hi उसका कॉल बजता है.. उसके ससुर का कॉल था..

hello ..

hello… आरती बीटा

hello पापा जी

उसने पापाजी कहते hi नवाज़ उसकी और देखने laga..aur आरती उसके और.. और इशारे से कहते है..

पापाजी का कॉल है





है आरती बीटा तुम्हारी शॉपिंग हुयी..

हां हो gayi...kyon पापा जी

नवाज़ से नज़ारे चुराते हुई कहते है.. तब नवाज़ उसके तरफ देखता है

यहाँ बारिश आयने का आसार लग रहा है..

यहाँ पाई नहीं है अबतक

वह भी आ सकता है..

हाँ हो सकता.. इसलिए जल्दी आ जाओ

ठीक है पापाजी

ऐसा कह के कॉल कट करती है तब नवाज़ उसको देखने लगता है..

ऐसा क्या देख रहे हो

मुझे आप कह रही थी मई झूठा हु.. और खुद भी तो झूट बोल रही हो और वो भी शेठजी को

तब गाड़ी से उतरते हुई कहते है .. दूसरी और नज़ारे करके.. जरा अड्डा दिखते हुई..





तुम्हारे वजह से

मेरे वजह से क्यों . इस मई मेरे क्या गलती है

क्यों की तुमने साडी का जिक्र किया और मेरा मैं किया साडी लेने का..

मैंने तो ऐसे hi कहा.. पर शॉपिंग तो आप को करनी थी..

हाँ पर जिम्मेदार तुम थे..

मई

हाँ और तुम्हारे और नीता के साथ रहने से शयद मई भी झूठ बोलने लगी हु

और हँसाने लगी





अच्छा …. आप बैठ जाइये थक गयी होगी

भला मई क्यों थकूँगी

शॉपिंग कर के

इतने से शॉपिंग से कोई थकता है क्या नवाज़

मतलब आप को भी शॉपिंग की बीमारी है

तब हस्ते हुई कहते है

आप को भी मतलब और किस को है

कीर्ति

तब हस्ते हुई आरती कहते है

तो कीर्ति को तुम शॉपिंग करवाते थे

पूछो मत आप .. घंटो शॉपिंग करती थी.. थकती hi नहीं थी..

हाँ.. औरतो का ये बड़ा प्रॉब्लम है

आरती ऐसा कहते है और नवाज़ की और देखने लगी





तब नवाज़ भी उसको देखने लगा..

मुझे लग रहा है तुम्हारा इरडा मुझे भिगोने का है

नहीं तो मेमसाब

फिर चलो किराना स्टोर.. राशन लेके वापस चलते है नहीं तो मई पक्का भीग जाउंगी

मेरे होते हुई मई आप को कैसे भीगने दूंगा

बाते ममत बनाओ.. बारिश आने के बाद कोई कुछ नहीं कर सकता.. तो अब चलो..

इस पर नवाज़ कुछ नहीं बोलै.. आरती उसके बाइक पाई बैठे.. पहले से थोड़ा काम फैसला रखते hui..kirana स्टोर मई वो गए.. राशन भर के वापिस जाने लगे.. रस्ते मई नवाज़ कहता है

मेमसाब आज कल साहब का काम बाद गया है तो वो आप को ज्यादा टाइम दे नहीं पते होंगे

हम्म्म..

उनको टाइम हे नहीं मिलता होंगे इसलिए वो ज़ादा कॉल नहीं कर पते होंगे.

नहीं वो मुझसे बात करने का टाइम निकल लेते है

हाँ निकलना hi चाहिए ..इतनी सुन्दर बीवी से कौन दूर रह paye..mai तो होता तो काम पाई जाता हे नहीं

तब उसके शोल्डर को मरते हुई कहती है

चुप करो बदमाश

वैसे मेमसाब साब जाने के बाद आप घर मई अकेले hi रह जाते है न

नहीं न तुम्हारे माशूका है.. पापाजी है

नीता काम मई रहते है.. शेठजी बहार घूमते रहते है.. तो अकेले hi हो जाते हो आप

हाँ कभी कभी

अकेले होने से तो बोर होते होंगे आप

बोर नहीं होती मई.. घर का काम करती हु और बाकि टाइम टीवी भी देखती हु.. और बीच बीच मई तुम्हारे साब फ़ोन करते रहते है..

आप भी करते होंगे उन फ़ोन

हाँ

ज्यादा क्कों करता है

तुम्हारे साब

आप नहीं करती

नहीं

क्यों

तुम क्या पुलिस वाले हो क्या.. सवाल पाई सवाल पूछ रहे हो

बताइये न मेमसाब

नहीं वही ज्यादा करते है

वही तो पूछ रहा हु क्यों

क्यों की उन काम मई डिस्टर्बुराँस पसंद नहीं है

हां वो भी है.. टीवी भी देखते होंगी आप ..

हाँ देखते हु

सांस बहु वाले सीरियल

हस्ते हुई आरती कहते है

हाँ तुम पसंद नहीं है क्या

औरत चोर के किसी को पसंद नहीं आते वो

तब आरती हस्ती है

हाँ वो तो है.. टाइमपास के लिए देखना पड़ेगा

नहीं तो आप बोर हो जाउंगी

हम्म

आप टेंशन न लो.. आपको बोर नहीं होने दूंगा मई अब आगे से

मई क्यों टेंशन लुंगी..

तब तक उनका गाँव आ गया.. इस गाँव मई और आरती के घर के बिच ज़ादा फैसला नहीं था सो वो दोनों घर पहुंच Gaye..ghar पहुंचते hi आरती ने नवाज़ को चाय के लिए पूछा.. तब नवाज़ ने हां kaha..phir आरती और नवाज़ किचन के अंदर चले गए.. आरती ने चाय बनाई दोनों ने चाय पि.. तब नवाज़ बोलै

मेमसाब भूक लगी है कुछ बना हुआ है या नहीं

तब आरती बोली .. उसको देखते हुई.. वो चेयर पाई बैठी थी और चाय पि रही थी..





अब तो कुछ बना हुआ नहीं है पर तुम क्या खाना है बोल दो मई बना दूंगी..

तब नवाज़ बोलै

यहाँ गाँव मई कोई अच्छा होटल भी नहीं है नहीं तो वह से मंगाते

मेरे होते हुई होटल्स से मांगने की क्या जरुरत.. मई होटल्स से अच्छा बनाउंगी

हाँ मई जनता हु आप होटल्स से अच्छा बनाते हो पर मेरा मान जो चीज़ खाने का मैं कर रहा है वो चीज़ आप नहीं बना सकते

तब उसकी और देखते हुई कहती है..





ऐसे कोनसी चीज़ है जो मई नहीं बना सकती

चिकेन..

ची गंदे..

इसलिए तो कहा

इस घर मई जो चीज़ बनती है वो बता दो..

अब मुझे क्या पता मेमसाब आप के घर मई कोनसी चीज़ बनती है.. मई तो नया हु न

तो मई मेरे मनपसंद चीज़ तुम पिलाते हु..

अच्छा अच्छा पिलाव

हाँ रुको

पीने वाले चीज़ है क्या

हाँ

पर मुझे तो भूक लगी है और आप खिलने की जगह पिलाने की बात कर रही हो

वो भी मिलेगा पर पहले पि के तो देखो..

ठीक है मेमसाब जैसा आप कहो..





हह

कार
 
ऐसे कोनसी चीज़ है जो मई नहीं बना सकती

चिकेन..

ची गंदे..

तब बुरा मू करके उसको देखते है..





इसलिए तो कहा

इस घर मई जो चीज़ बनती है वो बता दो..

अब मुझे क्या पता मेमसाब आप के घर मई कोनसी चीज़ बनती है.. मई तो नया हु न यहाँ

तो मई मेरे मनपसंद चीज़ तुम पिलाते हु..

अच्छा अच्छा पिलाव

हाँ रुको

पिने वाले चीज़ है क्या

हाँ

पर मुझे तो भूक लगी है और आप खिलने की जगह पिलाने की बात कर रही हो

वो भी मिलेगा पर पहले पि के तो देखो..

ठीक है मेमसाब जैसा आप कहो

कुछ देर बाद आरती स्वीट्स मिल्कशेक और कई मिक्स चीज़े खाने को लायी..

उसे देखते hi नवाज़ कहता है

वा मेमसाब आप ने तो दिल खुश कर दिया..

तब खुश होक आरती कहते है

इसीलिए तो बोलै था मेरे होते हुई तुम होटल की क्या जरुरत है

हाँ आप ने सही कहा था.. मई hi बुद्धू होटल की तलाश मई था

ऐसे कहते हुई आरती के हाथ से प्लेट लेते हुई नवाज़ उन चीज़ो पर टूट पड़ा…

आगे जब भी कुछ खाने का मैं करे तो मेरे तरफ आ जाना बेझिजक..

तब नवाज़ आरती को प्यासे नज़रों से देखता है

सच्ची मेमसाब

और नवाज़ ने जल्दी से लपकर उसका हाथ पकड़ लिया …





आप कितनी अच्छी है मेमसाब

तब उसके हाट से आपण हाट चुराते हुई कहती है

ज्यादा स्मार्ट बनाने की ज़र्रोरत नहीं है ....मेरे कहने का मतलब है काम करने के बाद जब भी तुम थक गए.. ठक्कन की वजह से या ज्यादा काम करने की वजह से अगर तुम भूख लगी तो बेजजक तुम मेरे पास आ सकते हो.. खाना खाने.. बाकि कुछ दीमक मई मत lana..i ऍम नॉट neeta..mai एक नौकर के नाते और मेरे माइड और मेरे सहेले के आशिक़ के नाते तुम नास्ता और खाना खिलाऊंगी..

और मिल्कशेक

वो भी पिलाऊंगी

तब गुस्से से उसकी और देखते हुई कहती है

मुझे कोई शौक नहीं है किसी की खातिर दरी करने की ....मुझे लगा तुम भूक लगाने के बाद होटल मई खाना कहते हो तो मैंने ये सोचा तुम यहाँ hi खाना या नास्ता कर लोगे.. तुम्हारी नीता को भी अच्छा लगेगा..

" are..are..re...memsaab मई तो यही कह रहा था न .. मतलब यही चाहा रहा था.. बहार के खाने से घर का खाना कभी भी अच्छा होता है न मेमसाब जी "

फिर हाट क्यों पकड़ा

जरा गुस्सा और नाराज़गी दिखते हुई कहती है..

वो जरा जल्दबाजी मई हुआ

आगे से ऐसा कुछ किआ तो होटल मई जेक hi खाना.. मेरे किचन मई आने की जरुरत नहीं है

अब तक उसके चहरे पर जो मुस्करात थी वो अब चली गयी थी और उसकी जगह गुस्सा और नाराज़गी ने ली थी..

नवाज़ ने बड़े मुश्किल से बात को संभालते हुई हस्ते हुए कहा.

"वहहहा क्या मस्त जूस है मेमसाब ये ..... "

नवाज़ ने एक सिप लेते हुई कहा

आरती ने कनखियों से उसे देखा .....

" कोई जरूरत नहीं है झूठी तारीफ करने की "

आरती के चेहरे पर अभी भी गुस्सा और नाराज़गी thi...lekin ये रूठना वो रूठना था जबकि रूठने वाले को पता होता है की सामने वाला उसे मनाएगा जरूर ...और हुआ भी ऐसा hi .....

नहीं मेमसाब … सच में जूस बहुत बढ़िया बना है .... बहुत .अच्छा है

तब उसकी और देखते है

मेमसाब सच बताऊ

बताओ

उसको देखते हुई कहती है





सच मई ये जूस..

उसको बीच मई काटते हुई कहती है

उसे मिल्कशेक कहते है

हाँ हाँ ये मिल्कशेक बहुत hi अच्छा बना है.. पर मुझे नहीं लगा था की आप इतना अच्छा जूस..

मिल्कशेक

हाँ मिल्कशेक बनती होंगे

तब नाराज़गी दिखते हुई कहती है

वो भला क्यों

मुझे लगा था की मेमसाब आप घर के काम नहीं करती .. आप इतने बड़े घर की मालकिन हो तो..

मुझे खाना बनाने नहीं आता hoga..Aisa hi न

हां मेमसाब

हाँ मेमसाब के बच्चे.. तुम्हारे माशूका से अच्छा खाना बनती हु मई…

सॉरी ..

नवाज़ ने विश्वास भरी नज़रो से उसकी आँखों में देखते हुए कहा …

बाकि का खाना कैसा है

एक नंबर मेमसाब ..
 
सच मई ये जूस..

उसको बीच मई काटते हुई कहती है

उसे मिल्कशेक कहते है

हाँ हाँ ये मिल्कशेक बहुत hi अच्छा बना है.. पर मुझे नहीं लगा था की आप इतना अच्छा जूस..

मिल्कशेक

हाँ मिल्कशेक बनती होंगे

तब नाराज़गी दिखते हुई कहती है

वो भला क्यों

मुझे लगा था की मेमसाब आप घर के काम नहीं करती .. आप इतने बड़े घर की मालकिन हो तो..

मुझे खाना बनाने नहीं आता hoga..Aisa hi न

हां मेमसाब

हाँ मेमसाब के बच्चे.. तुम्हारे माशूका से अच्छा खाना बनती हु मई…

सॉरी ..

नवाज़ ने विश्वास भरी नज़रो से उसकी आँखों में देखते हुए कहा …

बाकि का कैसा है

एक नंबर मेमसाब ..

तभी आरती का फ़ोन 📱 रिंग हुआ.. आरती ने फ़ोन चेक किया तो मम्मी नाम फ़्लैश हो रहा था स्क्रीन par.tab आरती कॉल उठा लेती है

Hello मम्मी

Hello बेटी कैसी हो तुम??

मैं बहुत अच्छी हूँ मम्मी ..

फिर नवाज़ को देखते हुई कहते है..





आपने मुझे इतनी अच्छी फॅमिली मई जो दिया है.

फिर मोबाइल में देखते है .. मतलब आपने मम्मी की और

आरती दिंनिंग टेबल के साइड मई कड़ी थी ..उसने शोल्डर कट ब्लाउज पहना था और उसका पल्लू जो था वो दूसरी और था .. इस वजह से उसकी नंगा हाथ और साइड से बूब्स के बिच पड़ते दरार साफ़ तौर पर नजर आ रहा थे.. जिसे नवाज़ बड़े गौर से देख रहा था और मन hi मन अपने आने वाले कल के लिए बहुत खुश हो रहा था..

तब आरती की मम्मी कहती है

ये सब तुम डेसेर्वे करती हो बीटा, तुम हो hi इतनी प्यारी की कोई भी तुम्हे अपने घर की बहु बनाना चाहेगा .. तुम लाखों में एक हो आरती बेटी और है तुम कभी भी खुद को अकेला मत समझना

तब नवाज़ की और देखते हुई कहते है





मई भला क्यों खुद को अकेले samjungi..muje हेल्प करने के लिए इतने सरे लोग है यहाँ ..

हां मुझे पता है तुम हेल्प करने के लिए अरविन्द और तेरे ससुर जी है .. पर तुम कोई भी प्रॉब्लम हो याद रखना मैं हमेशा तुम्हारे लिए कड़ी रहूंगी .

हाँ मम्मी.. ी क्नोव ..

कहके कुछ सोचने लगी .. तब उसकी मम्मी कहते है

कहा खो गए आरती...

अरे मम्मी कही नहीं ..

कह के पलट के किचन सिंक के पास जेक खड़े हो गयी .. नवाज़ की तरफ पिट करके..

जब आरती नवाज़ के पास से जा रही थी तब नवाज़ बैठे बैठे आरती को जाते हुई उसके गांड को देख रहा था ..





जो चलने से कभी इधर तो कभी उधर हो रही थी . अब नवाज़ के सामने आरती कड़ी थी उसकी और पिट करके..





उसकी नंगी पिट और कमर देख के नवाज़ मैं मई कहता है

अह्ह्ह्हह क्या सेक्सी कमर है इस साली की और पिट भी कितनी गोर गोर है .. और गांड क्या दिख रही थी जब ये चल रही थी तब .. अरविन्द साहब की तो बस लाटरी निकल गयी है

फिर चहरे पर अपनी हरामी स्माइल लेट हुई कहता है

मेरे भी .. जब साहब यहाँ नहीं रहेंगे .. वैसे साहब कहा घर मई रहते है तब मेमसाब अकेले रहती है .. नीता और ये बुद्धा रहते है उन्दोनो का कुछ न कुछ करना पड़ेगा ..और यहाँ ज्यादा दिन रुकने का प्लान भी करना पड़ेगा .. मेमसाब अकेले रहेगी तो मई आसानी से उन पता लूंगा और जब पटेगी न तब तो रगड़ रगड़ के छोडूंगा ..

तब उसके मम्मी फिर से कहती है

क्या सोचने लगी फिर से आरती

कुछ नहीं मम्मी

तो फिर से शांत क्यों हो गयी

बस ये सोच रही थी की मेरे बिना आप अकेले रह पति होगी क्या .

अब क्या कर सकती हु .. रहना पड़ेगा ..

तब नवाज़ कहता है

मई चालू क्या मेमसाब

तब नवाज़ की और देखते हुई कहते है





हां

तब नवाज़ उठ जाता है और जाने लगता है तब पलट के अंदर आके मतलब आरती के थोड़े करीब आके कहता है

मेरा खाना तो रह गया

तब आरती कहती है .. पलट के नवाज़ को देखते हुई..





वो तो मई भूल hi गयी ..तुम खाने को देना था ..मैंने तो सिर्फ …

तब उसकी मम्मी कहते है

दामाद जी है क्या

तब आरती कुछ कहते उससे पहले नवाज़ कहता है

माताजी हमारा इतना कहा नसीब जो आपका दामाद बने

तब आरती नवाज़ के पास आके

नखरे से नवाज़ को मरती है





और अपनी माँ को कहती है

नहीं माँ

फिर क्या शेठ जी है क्या

नहीं

फिर कोन्स है

तब स्माइल करते हुई नवाज़ को देखते हुई कहते है





नवाज़ है

कोण नवाज़

हमारे यहाँ काम करता है

मतलब तुम्हारा नौकर

हां मम्मी

नौकर तुम्हारे रूम मई क्या कर रहा है

रूम मई नहीं मई अब किचन मई हु

नौकर को किचन मई आने नहीं देना चाहिए

तब आरती कहती है

अच्छा लड़का है





और शर्मा के नीचे देखने लगती है ..

कितना भी अच्छा क्यों न हो .. किचन में नहीं आना देना चाहिए..

कोई प्रॉब्लम नहीं करेगा वो आप के बेटे को

ठीक है अब वो क्या कर रहा है वह

उसको खाने को देना है

इस वक़्त खाना .. कोनसे टाइम का ..

दोपहर मई नहीं दिया था

अच्छा .. वो नीता कहा है .. उसको देने को बोलो न

वो कहा मर गयी है पता नहीं मम्मी

ठीक है फिर दे दो उसको खाना .. हम बाद मई बात करते है

ठीक है मम्मी पर हम बात कर सकते है

ठीक है

तब वो नवाज़ की और देखते हुई कहते है ..
 
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