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- Dec 5, 2013
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तब आरती को नवाज़ के मू से पानी और टोबैको आता हुआ दिखता है .. सूखा हुआ था .. होंठ के नीचे .. तब आपने साड़ी का पल्लू लेके उसके चेहरे पर का सूखा हुआ पानी और टोबैको साफ़ करती है
कितने टोबैको कहते हो नवाज़ .. नींद मई भी तुम्हारे मू से टोबैको बहार आ रही है
तभी नवाज़ आरती की और करवट लेता है और उसके पेट से होते हुई कमर पर हाट दाल देता है और कहता है
आह्ह्ह्हह ाजाआ वन्दनंनआ रांदड़
नवाज़ ने जैसे hi उसके कमर मई हाट डाला वैसे hi आरती के तन बदन में एक अजीब सा रोमांच उठने लगता हैं जिससे उसकी दिल की धड़कने बढ़ने लगती hain.........uske तनबदन मई आग लगते है और ऑटोमेटिकली उसकी आँखे बांध हो जाती है .. और वो सिसक उठाती है..
अह्ह्ह्हह नवज़ज़ज़ क्या कर रहे हो
आह्ह्ह्हह वंदना रांड कहा मर गयी थी .. इतने दिनों से .. मिलाने क्यों नहीं आती .. तेरे को छोड़ने का बहुत मैं है
तब आरती कहती है
मई तुम्हारी वंदना नहीं हु
तुहि है मेरे वंदना .. मुझे पता है .. ज्यादा नखरे मत कर ..
ऐसा बोल के उसके कमर को अपनी बाँहों में जकड लेता हैं..
आह्ह्ह्हह
करके आरती सिसक जाती है

आरती का दिल फिर से जोर से धड़कने लगता है .....
जैसे hi आरती आहा कहते है वैसे hi नवाज़ उसको देखने लगता है .. आरती की आँखे बंद थी .. नवाज़ उसके सेक्सी कमर को देखता है ..
क्या कमर है रांड की
और इधर आरती का दिमाग कह रहा था की वो आपने कमर से फ़ौरन नवाज़ का हाट हटा दे और वो इस वक़्त नवाज़ के पास से फ़ौरन उठ jaye................use अपने पास भी न आने de..........magar दिल शायद कुछ और hi कह रहा था............... न जाने क्यों पर उसका दिल ऐसे hi नवाज़ के पास बैठे रहने को कह रहा था .. पर क्यों ..
जब से नवाज़ आरती को चिपक हुआ है तब से आरती को ऐसा लगता है की नवाज़ के बदन से एक अजीब तरह की स्मेल उठने लगी हैं .... और ये स्मेल आरती को बेचैन कर रही thi..........tab आरती एक नज़र नवाज़ के तरफ देखती है .. तब नवाज़ झट से आँख बंद कर लेता है .. और इधर आरती सोचते है ..
नवाज़ का जिस्म एक दम गन्दा दिख रहा है .. सर पाई कितना तेल लगाया हुआ है इसने .. इसके दांत पीले पीले है .. शयद पान और टब्बक की वजह से .. ऊपर से इसके मुह से हमेशा तम्बाकू और बीड़ी की अजीब सी बदबू आती है ...........ऊपर से लगता है की वो ठीक से नाहटा भी नहीं hain............kul मिला जुलकर नवाज़ सर से लेकर पवन तक सिर्फ और सिर्फ गन्दा है ......और दूसरे तरफ मई ..कितनी साफ़ सुंदरी रहती हु… मेरे बॉडी पर गन्दगी का एक नामोनिशान तक नहीं है ......... मेरा बदन किसी संगमरमर की तरह सूंदर है .. हमेशा मेरे बदन से परफ्यूम की खुसबू आती है …फिर भी मई इस गंदे आदमी से अत्त्रक्ट हो रही हु ..
तभी नवाज़ आरती के कमर के दोनों साइड हाट दाल के आरती से चिपक जाता है .

और उसके कमर को आपने और खींचता है .. और उसके नवल पर आपने मू रखता है.. तब आरती आह्ह्ह्हह करके तड़प उठी ..

ऊके जिसमे में एक अजीब सी सेंसेशन hui......jisse उसका रोम रोम खड़ा हो गया .......टांगों के बीच उसकी छूट में गीलापन होने लगा .........जैसे तैसे उसने आपने साँसों की को नार्मल किया और झट से वह से उठ गयी और पीछे होक विंडो को सत् के कड़ी हो गयी
विंडो से सात के वो अपने सांसों को नार्मल कर रही थी मगर उसकी सांसें पूरी तरह से बेकाबू होते जा रहे थी ......उसे तो यकीन hi नहीं हो रहा था की उसके साथ नवाज़ ने ये सब कर दिया और वो भी नींद मई .. वो बस अब नवाज़ की और देखे जा रही थी.. और कुछ सोच रही थी.
ये सच मई सोया हुआ है या सोने का नाटक कर रहा है ..
ये उसके दिमाख मई आते hi उस का दिल फिर से ज़ोरों से धड़कने लगता हैं .. यही सोचते हुई वो आपने आप से कहती है
क्या मई उसके पास जेक उसको उतके देखु क्या वो सच मई सो रहा है या जग रहा है ..
तभी उसके दिमाख मई जो अगला विचार आया उस वजह से वो डर गयी ..
कही उसने फिर से मुझे दबोच लिया तो..
No वे ..मई नहीं जाउंगी अब उसके पास ..
ऐसा कहते हुई आरती बड़े गौर से नवाज़ की और देख रही thi..aur जो वो सोच रही थी उस वजह से उसे बेचैनी होरही थी.... बेचैनी की वजह से वो अपने हाथ की उंगलिया मसल रही थी ...
आरती अब सोच रही थी .....मगर कुछ कर नहीं रही थी........ मतलब वह से जा hi नहीं रही थी .. तब वो आपने आप को कहती है
यहाँ से मुझे अब जाना होगा .. बहुत टाइम हुआ यहाँ को आके ..
जैसे वो जाने के लिए मुड़ी आपने आप को मिरर मई देखते है तब उसके बाल भिकारी हुई थे .. शयद रूम साफ़ करने की वजह से .. इसलिए वो आपने बाल सही करने के लिए बाउ निकलती है .. और आपने बाल फिर से बंदने लगती है..

नवाज़ की नज़र जब उसपर पड़ी तो वो उसे देखता रहता है .. वो बड़े गौर से उसे देख रहा tha.....wahi आरती बाल बन्दते हुई धीरे से मुस्कुरा देती है ...... क्यों की उसके कमर को नवाज़ ने कैसे पकड़ा वो नज़ारा उसके आँखों के सामने आ जाता है .. ये मंज़र आँखों के सामने आते hi आरती एक बार फिर अपनी आँखे बंद करती है .. और एक लुम्बी सी सांस लेती हैं .. उसपर एक अजीब सा नशा च रहा था ..... एक अजीब सा खुमार उसके अंडर उमड़ रहा tha............jo आरती को पागल करता जा रहा था ....... फिर आरती आपने साड़ी ठीक करने लगी

तब नवाज़ की नज़र आरती के नवल पर गयी ..वो अपनी साड़ी वह पाई अच्छे से फिट कर रही थी.. नवाज़ आरती के नवल को बड़े hi गौर से देख रहा था..... वो आरती के नवल को खा जाने वाली नजरोसे देख रहा था ..........
आरती फिर आपने साड़ी ठीक करके बिना नवाज़ को देख के सीधा अपने कमरे की तरफ निकल पड़ती हैं जैसे hi वो नवाज़ के रूम से बहार पड़ती है वैसे hi नवाज़ बीएड पाई उठ के बैठ जाता है..
अब आरती गर्दन से होते हुई आपने रूम मई जा रही थी.. नवाज़ आरती की थिरकती हुई गांड को खा जाने वाली नजरोंसे से बस देख रहा था.. और तब तक उसे ऐसे hi देखता रहा जब तक आरती उसकी नज़रो से ओझल नहीं हो जाती .. इस समय आरती ने एक बार भी पलट के देखा नहीं ..
कितने टोबैको कहते हो नवाज़ .. नींद मई भी तुम्हारे मू से टोबैको बहार आ रही है
तभी नवाज़ आरती की और करवट लेता है और उसके पेट से होते हुई कमर पर हाट दाल देता है और कहता है
आह्ह्ह्हह ाजाआ वन्दनंनआ रांदड़
नवाज़ ने जैसे hi उसके कमर मई हाट डाला वैसे hi आरती के तन बदन में एक अजीब सा रोमांच उठने लगता हैं जिससे उसकी दिल की धड़कने बढ़ने लगती hain.........uske तनबदन मई आग लगते है और ऑटोमेटिकली उसकी आँखे बांध हो जाती है .. और वो सिसक उठाती है..
अह्ह्ह्हह नवज़ज़ज़ क्या कर रहे हो
आह्ह्ह्हह वंदना रांड कहा मर गयी थी .. इतने दिनों से .. मिलाने क्यों नहीं आती .. तेरे को छोड़ने का बहुत मैं है
तब आरती कहती है
मई तुम्हारी वंदना नहीं हु
तुहि है मेरे वंदना .. मुझे पता है .. ज्यादा नखरे मत कर ..
ऐसा बोल के उसके कमर को अपनी बाँहों में जकड लेता हैं..
आह्ह्ह्हह
करके आरती सिसक जाती है

आरती का दिल फिर से जोर से धड़कने लगता है .....
जैसे hi आरती आहा कहते है वैसे hi नवाज़ उसको देखने लगता है .. आरती की आँखे बंद थी .. नवाज़ उसके सेक्सी कमर को देखता है ..
क्या कमर है रांड की
और इधर आरती का दिमाग कह रहा था की वो आपने कमर से फ़ौरन नवाज़ का हाट हटा दे और वो इस वक़्त नवाज़ के पास से फ़ौरन उठ jaye................use अपने पास भी न आने de..........magar दिल शायद कुछ और hi कह रहा था............... न जाने क्यों पर उसका दिल ऐसे hi नवाज़ के पास बैठे रहने को कह रहा था .. पर क्यों ..
जब से नवाज़ आरती को चिपक हुआ है तब से आरती को ऐसा लगता है की नवाज़ के बदन से एक अजीब तरह की स्मेल उठने लगी हैं .... और ये स्मेल आरती को बेचैन कर रही thi..........tab आरती एक नज़र नवाज़ के तरफ देखती है .. तब नवाज़ झट से आँख बंद कर लेता है .. और इधर आरती सोचते है ..
नवाज़ का जिस्म एक दम गन्दा दिख रहा है .. सर पाई कितना तेल लगाया हुआ है इसने .. इसके दांत पीले पीले है .. शयद पान और टब्बक की वजह से .. ऊपर से इसके मुह से हमेशा तम्बाकू और बीड़ी की अजीब सी बदबू आती है ...........ऊपर से लगता है की वो ठीक से नाहटा भी नहीं hain............kul मिला जुलकर नवाज़ सर से लेकर पवन तक सिर्फ और सिर्फ गन्दा है ......और दूसरे तरफ मई ..कितनी साफ़ सुंदरी रहती हु… मेरे बॉडी पर गन्दगी का एक नामोनिशान तक नहीं है ......... मेरा बदन किसी संगमरमर की तरह सूंदर है .. हमेशा मेरे बदन से परफ्यूम की खुसबू आती है …फिर भी मई इस गंदे आदमी से अत्त्रक्ट हो रही हु ..
तभी नवाज़ आरती के कमर के दोनों साइड हाट दाल के आरती से चिपक जाता है .

और उसके कमर को आपने और खींचता है .. और उसके नवल पर आपने मू रखता है.. तब आरती आह्ह्ह्हह करके तड़प उठी ..

ऊके जिसमे में एक अजीब सी सेंसेशन hui......jisse उसका रोम रोम खड़ा हो गया .......टांगों के बीच उसकी छूट में गीलापन होने लगा .........जैसे तैसे उसने आपने साँसों की को नार्मल किया और झट से वह से उठ गयी और पीछे होक विंडो को सत् के कड़ी हो गयी
विंडो से सात के वो अपने सांसों को नार्मल कर रही थी मगर उसकी सांसें पूरी तरह से बेकाबू होते जा रहे थी ......उसे तो यकीन hi नहीं हो रहा था की उसके साथ नवाज़ ने ये सब कर दिया और वो भी नींद मई .. वो बस अब नवाज़ की और देखे जा रही थी.. और कुछ सोच रही थी.
ये सच मई सोया हुआ है या सोने का नाटक कर रहा है ..
ये उसके दिमाख मई आते hi उस का दिल फिर से ज़ोरों से धड़कने लगता हैं .. यही सोचते हुई वो आपने आप से कहती है
क्या मई उसके पास जेक उसको उतके देखु क्या वो सच मई सो रहा है या जग रहा है ..
तभी उसके दिमाख मई जो अगला विचार आया उस वजह से वो डर गयी ..
कही उसने फिर से मुझे दबोच लिया तो..
No वे ..मई नहीं जाउंगी अब उसके पास ..
ऐसा कहते हुई आरती बड़े गौर से नवाज़ की और देख रही thi..aur जो वो सोच रही थी उस वजह से उसे बेचैनी होरही थी.... बेचैनी की वजह से वो अपने हाथ की उंगलिया मसल रही थी ...
आरती अब सोच रही थी .....मगर कुछ कर नहीं रही थी........ मतलब वह से जा hi नहीं रही थी .. तब वो आपने आप को कहती है
यहाँ से मुझे अब जाना होगा .. बहुत टाइम हुआ यहाँ को आके ..
जैसे वो जाने के लिए मुड़ी आपने आप को मिरर मई देखते है तब उसके बाल भिकारी हुई थे .. शयद रूम साफ़ करने की वजह से .. इसलिए वो आपने बाल सही करने के लिए बाउ निकलती है .. और आपने बाल फिर से बंदने लगती है..

नवाज़ की नज़र जब उसपर पड़ी तो वो उसे देखता रहता है .. वो बड़े गौर से उसे देख रहा tha.....wahi आरती बाल बन्दते हुई धीरे से मुस्कुरा देती है ...... क्यों की उसके कमर को नवाज़ ने कैसे पकड़ा वो नज़ारा उसके आँखों के सामने आ जाता है .. ये मंज़र आँखों के सामने आते hi आरती एक बार फिर अपनी आँखे बंद करती है .. और एक लुम्बी सी सांस लेती हैं .. उसपर एक अजीब सा नशा च रहा था ..... एक अजीब सा खुमार उसके अंडर उमड़ रहा tha............jo आरती को पागल करता जा रहा था ....... फिर आरती आपने साड़ी ठीक करने लगी

तब नवाज़ की नज़र आरती के नवल पर गयी ..वो अपनी साड़ी वह पाई अच्छे से फिट कर रही थी.. नवाज़ आरती के नवल को बड़े hi गौर से देख रहा था..... वो आरती के नवल को खा जाने वाली नजरोसे देख रहा था ..........
आरती फिर आपने साड़ी ठीक करके बिना नवाज़ को देख के सीधा अपने कमरे की तरफ निकल पड़ती हैं जैसे hi वो नवाज़ के रूम से बहार पड़ती है वैसे hi नवाज़ बीएड पाई उठ के बैठ जाता है..
अब आरती गर्दन से होते हुई आपने रूम मई जा रही थी.. नवाज़ आरती की थिरकती हुई गांड को खा जाने वाली नजरोंसे से बस देख रहा था.. और तब तक उसे ऐसे hi देखता रहा जब तक आरती उसकी नज़रो से ओझल नहीं हो जाती .. इस समय आरती ने एक बार भी पलट के देखा नहीं ..












