Adultery KAMINA CHUDDAKAD - NEW VERSION .... - Page 10 - SexBaba
  • From this section you can read all the hindi sex stories in hindi font. These are collected from the various sources which make your cock rock hard in the night. All are having the collections of like maa beta, devar bhabhi, indian aunty, college girl. All these are the amazing chudai stories for you guys in these forum.

    If You are unable to access the site then try to access the site via VPN Try these are vpn App Click Here

Adultery KAMINA CHUDDAKAD - NEW VERSION ....

काफी देर तक आरती ऐसे hi खुद से सवाल जवाब करती रही. .. सोचते रहे.. सोफे पाई बैठ कर..

वो फिर कहने लगे.. इन् दोनों को जाकर बहुत टाइम हुआ है अब.. ऐसा कहते हुई वो घडी की और देखने लगे.. इन् लोगो को भूक नहीं लगे होंगे क्या..

फिर वो कहने लगे..

उस कमीने को भूख नहीं लगे होंगे.. पर नीता को तो भूख लगे होंगे न.. उस कमीने के भूख मई अच्छे से जानते हु.. पर आरती वो तो लव बर्ड है.. तू तो जानती है न लव बर्ड को प्यार मई भूख प्यास कुछ नहीं लगती.. तू hi जेक उनको बुलाना चाहिए.. पर ऐसा बुलाना ठीक रहेगा क्या..

इधर एक का चलना न चलना एक बराबर था. क्यों की एक मई भी उसे पसीना आ रहा था.. नवाज़ और नीता के बारे मई सोच कर..

फिर वो खुद को कहने लगे..

मुझे जाना hi चाहिए.. पर……. कही वो रूम मई या बहार अकेला hi हुआ तो ? और वह नीता नहीं हुई थो.. और मुझे अकेला पाकर कही उसने मेरे साथ कुछ गन्दा काम करना चाहा तो..

नहीं….. नहीं .. नीता होंगे वह.. वो कहा जायेगे.. वो उसे इतने जल्दी अकेले नहीं छोड़ेगे ..आरती ने अपने आप hi सवाल किया और अपने आप hi उसका जवाब दे दिया. पर फिर भी एक बार कन्फर्म कर लेना ठीक है. पर कही उसने ये सब हरकत दोबारा शुरू कर दी तो ?

नहीं नहीं वो शयद नहीं करेगा.. मुझे लगता है वो लोग भहर नहीं होंगे.. रूम मई hi होंगे ..

आखिर कर वो कुछ सोचकर हॉल से निकली और वो दोनों जहा थे उस रूम की और चल पड़े ..जिस रूम मई सफाये करने थी उस रूम के मैं दूर पर आरती पहुँच गए.. कुछ देर वही ruki..aur सोचने लगे..

आगे जाऊ या नहीं.. या आवाज दू.. आख़िरकार आरती से रहा नहीं गया और उसने बोहोत hi धीरे से थोड़ा सा दरवाजा खोला और सर निकल कर इधर उधर देखा .. उसने चारो तरफ देख लिया और उसे विश्वास हो गया की वो कही भी नहीं है. .. तब उसने पूरा दरवाजा खोल दिया और सामने के कमरे की तरफ चलने लगे .

सामने 3 रूम थे.. पहले उसने लेफ्ट वाली रूम देखे.. वह कोई नहीं था.. फिर राइट वाली रूम देखे.. वह भी कोई नहीं था.. फिर वो सेंट्रल वाली रूम की तरफ देखने लगे.. वो रूम का दूर अन्दर से बांध था..

वो रूम देख कर वो खुद को कहते है..

लगता है वो दोनों इस कमरे मई होंगे क्यों की इस कमरे का दरवाजा बंद है..

फिर वो उस कमरे के पास जाती है.. फिर कुछ सोचकर वो कहती है. .

Samyuktha-Menon-Movies-List.jpg


इस का मतलब वो इस कमरे में hi है… और… माय गोड़.. कुछ गन्दा काम कर रहे है..

रूम के दूर पर जाकर वो बहुत नज़दीक जाकर खड़े हो जाती है..

आअह्ह्ह्ह…. इसको भी चुसो न… एक hi चुकी को कितनी देर तक चुसोगे .. uuiiii….maaaa….

बहार खड़े आरती ये सुनकर काँप गए.. उसकी इस कामुकता से भरी लस्करी को sunkar…wo समाज गए थी की अन्दर जरूर कुछ और हो रहा hai..wo सोचने लगे.. क्या मई देखु उनको ये सब करते हुई..

अंदर से आ रही आवाजे आरती को बैचैन करने लगी.. उन आवाजों को सुन कर आरती के दोनों पेअर कपङे lage..aarti को समझ नहीं आरहा था की यहाँ पर रुक कर ये सब सुनु या आवाज लगा कर उनको रोकू.. या फिर बिना कुछ कहे अपने कमरे में वापस जाऊ.. एक अजीब सी बेचैन कर देने वाली इस्थिति ने आरती को घेर लिया था.. कुछ भी समझना उसके लिए बोहोत मुश्किल होता जा रहा था..

आरती अभी अपनी hi सोच में डूबी थी की अंदर से आ रही आवाज ने उसका ध्यान तोड़ दिया..

नीता तेरी मेमसाब एक डैम मस्त माल है.. अरविन्द साहब तो जैम कर मजे लेते होंगे..?

नवाज़ ने नीता से पूछा..

आईई…. धीरे धीरे दबाओ न .. दर्द होता है..

हाँ ये बात तो है.. मेमसाब बोहोत सूंदर है.. एक दो बार मैंने उनके कमरे की सफाई करते हुए जब उनके बीएड की चादर देखि तो समझ गयी थी की रात को साहब ने मेमसाब की जैम कर चुदाई की है.. पूरी की पूरी चादर पर लैंड छूट के पानी के निशाँ थे.. और कई बार तो सफाई करते हुए मुझे वो रबर के गुब्बारे क्या बोलते है उन्हें कंडोम भी मिले थे.. बड़ा gil-gila सा होता है..

तूने कभी देखा है उनको चुदाई करते हुए ?

नहीं ऐसा मौका कभी नहीं मिला.. हाँ पर जब साहब की छूती होती है तो साहिब मेमसाब को एक दूसरे से lipat’te हुए जरूर देखा है..

अच्छा तुझे क्या लगता है साहब मेमसाब की छूट hi मरते होंगे या गांड भी..?

हे भगवान् ये क्या हो रहा है.. ये लड़का मेरे बारे में सब पूछता जा रहा है.. और ये हरामखोर नीता भी उसे मजे ले कर सब कुछ बताये जा रही है..
 
उन दोनों की बाते सुन कर आरती का गुस्सा आ रहा tha..wo सोचने लगे.. क्या मई देखु उनको ये सब करते हुई.. या नहीं.. या ये रिस्की होगा..

फिर वो खुद को कहते है..

एक काम करती हु.. अरविन्द को दिखने के लिए की ये लड़का कितना गन्दा है और हमारे बारे में कितनी गन्दी गन्दी बाते कर रहा है.. मोब में इसकी वीडियो बना लेती हु और मंस बना कर अरविन्द को सेंड कर देती हु.. तब पता चलेगा इसको.. लेकिन उस से पहले ये तो देख लून की ये दोनों दिखाई किस जगह से दे रहे है..

यही सोच कर आरती इधर उधर जगह देखने लगी ताकि अंदर का जो कुछ चल रहा है दिख जाये.. इधर उधर देखते हुए वो एक डैम खिड़की के पास आ गयी.. जो किस्मत से खुली हुई थी.. उसने खिड़की का दरवाजा हल्का सा खोल कर अंदर झाँक कर देखा तो उसकी आँखे फटी की फटी रह गयी..

अन्दर नीता एक डैम नंगी बिस्तर पर लेती हुई थी.. और नवाज़ उसके ऊपर चढ़ कर उसके एक उरोज को अपने मुंह में ले कर चूस रहा था और दूसरे को अपने एक हाथ से दबा रहा tha..uska एक हाथ नीचे की तरफ नीता की योनि के ऊपर था.

नीता की उम्र करीब 27-28 साल के aas-paas होगी.. उसकी हिघ्त करीब 5’6”.. रंग हल्का सांवला था..

बिस्तर पर लेती नीता को नंगा देख कर कुछ पल के लिए तो आरती के निगाहें नीता के नंगे जिस्म पर जैम gayi..pehli बार आरती ने किसी औरत को एक डैम नंगा देखा था.. उसके दोनों उरोज बिलकुल आरती जैसे hi बड़े बड़े थे.. जिनके साथ इस वक़्त नवाज़ खेल रहा था.. नवाज़ के खेलने से उसके दोनों उरोज एक डैम तन कर हिमालय पर्वत की तरह खड़े हो गए थे.. उसके निप्पल जो ब्राउन कलर के जिनका साइज लगभग 1कम के बराबर होगा.. पेंसिल की नोक के जैसे एक डैम शख्त हो गए थे..

पता नहीं पर मेमसाब अपनी गांड में शायद hi साहब का लैंड लेती हो..

नीता ने नवाज़ की बात का जवाब देते हुए कहा..

ये लड़का एक डैम पागल हो गया है.. अनल सेक्स भी कोई करने की चीज है..

आरती ने मन hi मन में सोचा..

आअह्ह्ह……. नवाज़ … मार डालोगे क्या.. आराम से करो.. मेमसाब कही इधर न आ जाये…

अरे वो किचन मई काम कर रही होंगे .. उसके चक्कर में तू अपने मजे क्यों ख़राब कर रही है.. .

अब नवाज़ उसके उरोज को छोड़ कर थोड़ा सा नीचे को खिसक गया और उसकी दोनों टांगो के बीच में आ कर बैठ गया.. वो उसके जिस्म पर खिसकता हुआ नीचे की तरफ गया था जिस कारन आरती को उसका लुंड नहीं दिखाई दिया.. उसका मुंह खिड़की की तरफ hi था.. आरती इस बात का पूरा ध्यान रख रही थी की कही वो उसे देख न ले.. पर अब आरती को उसका लुंड देखने का बड़ा मन कर रहा था.. क्युकी नीता ने जैसा आवाज करते हुए कहा था की नवाज़ तुम्हारा तो बोहोत बड़ा है, इस लिए वो देखना चाहती थी की उसका लैंड कितना बड़ा है.. लैंड शब्द उसके दिमाग मई नीता की बात सुन सुन कर आया था.. पर उन दोनों के मुंह से land-choot sun-sun कर आरती को मजा आने लगा था.. क्यों की उसके हस्बैंड के साथ सेक्स करते हुई ऐसे वर्ड वो लोग कभी उसे नहीं करते थे..

वो उसकी टांगो के बीच में आकर उसकी दोनों टांगो को उसके घुटनो से मोड़ कर उसके मुंह की तरफ कर दिया.. और उसकी छूट को देखने लग गया.. थोड़ी देर देखने के बाद उसने अपने एक हाथ को उसकी छूट के ऊपर ले कर फिरना शुरू कर दिया.. नीता अपनी छूट पर नवाज़ का हाथ महसूस करते hi बुरी तरह से मचल उठी.. और जोर जोर से सिसकारियां मुंह से निकलने लगी..

Ssssssshhhhhh…….uuuummmm………..aaaaahhhhhh……………

उसकी निकलने वाली तेज तेज साँसों की आवाज आरती को साफ़ सुनाई दे रही थी.. अंदर का उन दोनों का सन देख कर और उनकी बाते सुन कर उसकी खुद की हालत बिगड़ते जा रही थी.. उसका पूरा गाला सूखा जा रहा था.. और दोनों पेअर बुरी तरह से kanp-kapa रहे थे.. उसे अपने दोनों पैरो के बीच बोहोत कमजोरी महसूस होने लगी थी.. इतनी उत्तेजना तो उसने आज तक अरविन्द के साथ सेक्स करते हुए नहीं हुई थी जितनी अंदर का सन देख कर हो गयी थी..

इसी उत्तेजना के कारन उसके छूट ने कब रिसना शुरू कर दिया उसे पता hi नहीं चला.. पानी छोड़ते हुए उसने अपनी दोनों आँखे बंद कर ली थी और खिड़की के दूर को कास कर पकड़ लिया था..

उसके छूट से बेहटा हुआ पानी धीरे धीरे करके बेहटा हुआ उसकी झांघो तक आ gaya..Uske छूट से निकले पानी के कारन जो उसकी जांघो पर लगा हुआ था, उसे बड़ा अजीब सा फील हो रहा था.. वो पानी छूट जाने से थोड़ा लड़खड़ा गयी जिस कारन खिड़की का दरवाजा बंद हो गया..

खिड़की का दरवाजा बंद होने की आवाज से आरती ने अपने आप को संभाला और फुर्ती के साथ खिड़की से दूर हो गयी.. खिड़की से हैट कर कुछ देर बाद जब उसने दोबारा खिड़की के अंदर झाँक कर देखा तो नवाज़ ने उसकी दोनों टाँगे हवा में उठा राखी थी और उसकी छूट पर अपना मुंह लगा रखा था…

Naawwaaazzz…sshhhhh…. Aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhh…….. और जोर सीईईई… और जोर सीईईई छतो खा जूऊऊ िसेसीईई … ये तुम्हारी है…. चबा दू…. रुकना मत्तत्ततत्तत…

नवाज़ बिलकुल डोगग्य स्टाइल में चाट रहा था जैसे डोगग्य चाटता hai…(aarti ने घर के बहार ek-do बार kutte-kutiya को देखा था .. ये देखकर उसे इसकी याद आ गए..)

ठीक वैसे hi नीता की छूट को चाट रहा था.. और नीता भी पूरी मस्ती के साथ अपने दोनों हाथो से उसके सर को पकड़ कर अपनी छूट पर दबाये चले जा रही थी.. नवाज़ को इस तरह देख कर आरती को जरा भी नहीं लगा की उसने उसे देख लिया होगा.. खिड़की आवाज se..kyuki जिस तरह से नीता के साथ लगा हुआ था उसे देख कर तो लग रहा था की उसने दरवाजे की तरफ ध्यान hi नहीं दिया..

फिर उसने नंगी नीता को खड़ा किया.. और आपने से सत्ता लिया और उसके नैक को किश करने लगा और उसकी गांड दबाने लगा..





आरती बड़े तलीन होकर उन दोनों को देख रही थी..
 
आरती बड़े तलीन होकर उन दोनों को देख रही थी..

नवाज़ को नीता की छूट चाटता हुआ देख कर आरती ने खुद से कहा ….

छी कितना गन्दा आदमी है … वह भी कोई मुंह लगाने की जगह है ?

थोड़ी देर मई नीता की सिसकारियां भरी आवाजे और भी तेजी के साथ आणि शुरू हो गयी, और उसका पूरा बदन अकड़ना शुरू हो गया.. उसने नवाज़ का सर पकड़ कर अपनी योनि पर कास कर दबा लिया और जोर जोर से नणायव्वाज़्ज़्ज़्ज़ मैंनं gayyyyyyyyyyiiiiiii करते हुए शांत हो गयी..

नवाज़ जब उसकी दोनों टांगो के बीच में से उठ कर खड़ा हुआ और आरती की नजर उसके लुंड पर गयी तो उसका मुंह खुला का खुला रह गया.. वो बड़े आँखे कर के नवाज़ का लुंड देखने लगे..

नवाज़ का लुंड , लिंग नहीं लैंड या लौड़ा वर्ड hi एक डैम सही है.. करीब 8” के aas-paas का था.. उसका तना हुआ लुंड देख कर वो हैरत में पद गयी की क्या सच में लुंड इतना बड़ा और मोटा भी हो सकता है, जैसा इस नवाज़ का है..

उसने अपने दोनों हाथ नीता के दोनों उरोज पर जमा diye..aur कहने लगा..





नीता एक बात कहु मेमसाब की बस एक बार मिल जाये कसम से मजा आ जाये..

कह कर उसने जोर जोर से उसके दोनों उरोजों को मसलना शुरू कर दिया..

नवाज़ .. धीरे बोलो कही मेमसाब तुम्हारे बात न सुन ले..

नीता ने लेट कर मस्ती भरे अंदाज में नवाज़ के बालो में हाथ फिरते हुए कहा..

अरे सुन लेने दे उन्हें भी तो पता चले की कोई है जो उनकी छूट के दीदार का बेसब्री से इन्तजार कर रहा है..

कहते हुए उसने बैठे बैठे hi अपने एक हाथ में अपना लुंड ले लिया और लुंड की खाल को जैसे hi पीछे किया उसका रेड कलर का सूपड़ा सामने आ गया.. वो अपने लुंड पर इस तरह से हाथ फिर रहा था जैसे उसने आरती को देख लिया हो और उसे hi अपना लुंड दिखा रहा हो..

नवाज़ ने आरती के बारे मई ऐसा कहा पर उसपर उसे ज्यादा गुस्सा नहीं आया.. सिर्फ वो नखरा दिखते हुई कहते है..

कमीना साला..

और उसे देखने लगे..

थोड़ी देर और उसने उसके उरोजों को मसला और नीता को बैठा दिया और अपने लुंड को उसके मुंह की तरफ ले जाने लगा..

आरती ये देख कर खुद को कहने लगे

मुझे तो विश्वास hi नहीं हो रहा था की नीता उसके लुंड को अपने मुंह में ले रही है..

खिड़की पर खड़े हुए वो सब देख रही थी

फिर से वो कहते है

मुझे समझ में नहीं आ रहा है की ये दोनों इतनी गन्दी तरह से सेक्स कैसे कर रहे है..

नीता की पीठ आरती के आँखों के आगे आ जाने के कारन अब उसे केवल नवाज़ का फेस hi दिखाई पद रहा था.. थोड़ी देर नीता ने उसके लुंड को अपने मुंह में लेकर चूसा और फिर वापस सीधे हो कर लेट गयी.. नवाज़ अब दोबारा उसकी टांगो के बीच में आ गया और उसकी दोनों टांगो को उसकी छाती से मोड़ कर उसने अपने लुंड को हाथ में लेकर हिलाया..

आरती ये देखकर खुद को कहने लगे

ये इस तरह से हरकत कर रहा है जैसे की मुझे जानबूझ कर दिखा रहा हो..

अपने लुंड को हिलाते हुए उसने अपने लुंड को नीता की छूट पर रख दिया..

उसने जैसे hi अपने लुंड को नीता की छूट पर रखा आरती का दिल फुल स्पीड के साथ धड़कने लग गया.. उसके दिमाग में यही ख्याल आ रहा था की क्या नीता इस लुंड को अपनी छूट के उस छोटे से छेद में ले पायेगी ? क्या ये लुंड सच में छूट के अंदर जायेगा.. और हर बार उसका दिमाग उसे न में आंसर देता..

नवाज़ ने अपने लुंड को छूट पर टिकाया और सीधे अपनी नजर सामने नीता पर टिकाये ..

ऐसे क्या देख रहे ho..Dal दू क्या

दाल दो .. पर अपनी नीता समाज कर .. मेमसाब समाज कर मत डालो ..

ऐसे कहते hi दोनों हँसाने लगे ..अनडू की ये बात सुनकर आरती की हालत ख़राब हो गयी.. एक पल के लिए उसे लगा सच मई नवाज़ नीता को नहीं उसे hi छोड़ रहा है ... ....उसका मन बुरी तरह से दर की चपेट में आ गया.. समझ में नहीं आ रहा था की क्या करू क्या नहीं.. अभी वो कुछ और सोचती इस से पहली hi नीता की दर्द भरी आवाज ने उसका ध्यान तोड़ दिया..

Aaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhhh……………. Marrrrrrrrrrrrrrrrrrr…… gayiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii…….. बहार nikaloooooooo…..Main मर gayiiiiiiiiiiiiiii….

नीता के छूट मई जोरसे नवाज़ ने लुंड पेल दिया..





नीता दर्द से बुरी तरह तड़प रही थी उसने बिस्तर की चादर अपने दोनों हाथो से कास कर पकड़ राखी थी और अपनी आँखे बंद कर ली thi..neeta की आवाज से आरती आपने खयालो से बहार आ गयी.. वो खुद से कहने लगी.. मई ये क्या सोच रही हु..

आरती की नजर जब नीता से हैट कर वापिस नवाज़ पर गयी तो वो उसे जोर जोर से छोड़ने लगा था .. अपनी आँखे बंद कर के .. ये देखते हुई आरती खुद से कहने लगी ..

ये कमीना तो नीता से खूब मज़े ले रहा है और मई इस के बारे मई सोच रही हु ..

तभी नवाज़ थोड़ा पीछे की तरफ हुआ और वापस एक धक्का लगा दिया.. नीता फिर दर्द से कराह उठी.. वो धक्के नीता की छूट में लगा रहा था पर शयद दर्द आरती को हो रहा था.. उसे भी पता नहीं उस वक़्त क्या हो गया था जो वो वह से नहीं हटी थी.. थोड़ी hi देर में नीता की चींखे काम हो गयी और वो मजे से सिसकारियां निकलने लग गयी..

नीता के मुंह से चीखे और उसकी सिसकारियां सुन कर उसके छूट ने न चाहते हुए भी फिर से रिसना शुरू कर दिया था.. उससे अब और बर्दाश्त नहीं हो रहा था.. वो वह से हैट कर अपने कमरे में आ गयी और अपने कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया…

और अपने बिस्तर पर चारो खाने चीत हो कर लेट गयी. ...





और अपनी आँखे बंद कर ली.. उसका दिल बोहोत जोरो से धड़क रहा tha..uske पूरा माथे पर पसीना आ गया था.. और उसकी छूट पूरी तरह से गीली हो कर बराबर रिसाव कर रही थी..

ये आरती की जिंदगी में पहली बार हुआ था की उसने किसी को इस तरह से देखा था.. उसके हस्बैंड ने कई बार मोबाइल पर ब्लू फिल्म चलाये थी पर उन फिल्म को देखने का आरती का जरा भी मन नहीं होता था इन्फेक्ट उसे ब्लू फिल्म या पोर्न स्टोरी बोहोत गन्दी लगती थी..

आज जो कुछ भी उसने अपने घर में अपनी आँखों के सामने देखा उसे देख कर तो उसकी हालत बोहोत ख़राब हो गयी थी.. दोनों टांगो के बीच छूट रास की chip-chipahat उसे उत्तेजित किये जा रही थी..

थोड़ी hi देर में आरती ने अपनी आँखे खोली और उसकी नजर जब सामने लगे ड्रेसिंग टेबल पर लगे मिरर पर गयी तो.. कमरे के अंदर तुबे लाइट की सफ़ेद रौशनी पूरी तरह से फैली हुई थी और लाल रंग की साड़ी में उसका रूप अगर कोई देखता तो ऐसा लगता की जैसे गुलाब का फूल खिला हुआ हो..

उस समय आरती के दिमाग में नवाज़ के कहे शब्द गूँज रहे थे की आरती मेमसाब क्या माल है क्या दिखती है वो, यही सब सोच कर आरती अब अपने बीएड से उठ कर मिरर के सामने जा कर कड़ी हो गयी और खुद को शीशे में निहारने लग गयी.. उसने शीशे के आगे खड़े हो कर अपना हाथ अपने कंधे पे रखा और अपनी साड़ी का पल्लू सरका दिया..





दूसरे hi पल शीशे में खुद को देख कर उसकी आँखे अपने आप शर्म से झुक गयी..

आज पहली बार उसने शीशे में खुद को इस नजर से देखा था.. वो शीशे में खुद को निहारने लग गयी.. इस नजर से तो उसने अपने आप को तब भी नहीं देखा था जब अरविन्द ने उसे शीशे के आगे तैयार होते हुए कई बार कहा की एआरटी आज तो तुम बोहोत hi क़यामत लग रही हो.. लाल रंग का ब्लाउज और उस में कैद उसके दोनों उरोज और उसके नीचे उसकी गोर रंग की नाभि, उन्हें देख कर आरती के होंठो पर अपने आप hi मुस्कराहट आ गयी..

उसने एक बार फिर से शीशे में अपने दोनों उरोज को देखा.. उसके दोनों उरोज ऐसे लग रहे थे जैसे दो हिमालय पर्वत गर्व के साथ अपना सर उठाये खड़े हुए हो.. अपने उरोज देखते hi नीता के दोनों नंगे उरोज उसकी आँखों के आगे आ गए और वो अपने उरोज की तुलना नीता के उरोजों से करने लगी, जिसमे उसने खुद को hi विनर पाया..

तब वो खुद से कहने लगे..

इसलिए साला मेरे पीछे पड़ा है..

यही सोचकर आरती बीएड पर लेट गए..





और अपनी आँखे बंद कर दिए... बीएड पर लेते हुए उसके दिमाग में कई सारे सवाल चल रहे थे. एक तरफ तो उसे बोहोत आनंद की प्राप्ति का एहसास हो रहा था और दूसरा उसे अपने आप पर गुस्सा भी आ रहा था की वो ये सब क्या और क्यों कर रही hai...kyon उसने ये सब देखा.. वो सोचने lage..Kya वो भी उस गंवार नवाज़ के जैसी गन्दी हो गयी है . ? क्यों मैंने ये सब किया... ऐसा आरती सोचने लगे..
 
यही सोचकर आरती बीएड पर लेट gaye..aur अपनी आँखे बंद कर दिए... बीएड पर लेते हुए उसके दिमाग में कई सारे सवाल चल रहे थे. एक तरफ तो उसे बोहोत आनंद की प्राप्ति का एहसास हो रहा था और दूसरे तरफ उसे अपने आप पर गुस्सा भी आ रहा था की वो ये सब क्या और क्यों कर रही hai...kyon उसने ये सब देखा.. वो सोचने lage..Kya वो भी उस गंवार नवाज़ के जैसी गन्दी हो गयी है . ? क्यों मैंने ये सब किया... ऐसा आरती सोचने लगे..

थोड़ी देर बाद उसने आँख खोली ..उसे खुद पर अब बहुत गुस्सा आ रहा था.. और साथ मई उस नवाज़ पर भी. वो मन hi मन उसको कोसने लग गयी. वो कहने lage..Uski हिम्मत कैसे हुई की मेरे घर में ये सब उलटी सीढ़ी हरकत करने की. यही सब सोचते हुए वो उठ खड़े हुई.. जल्दी जल्दी से अपने कपडे ठीक किये .. उसका गाला पूरा सुख गया था और उसे पानी की प्यास लगी थी .. वो अपने कमरे से निकल कर किचन में पानी पीने के लिए चल दी. किचन में आ कर उसने पानी पिया. पानी पीने के बाद उसके दिमाग में पता नहीं कहा से ये ख्याल आ गया की उस कमरे में एक बार और देखना चाहिए की वो दोनों क्या कर रही है. उनोने खाना खाया या नहीं.. फिर उसके मन ने अपने आप hi जवाब दिया की नहीं उसे उस तरफ नहीं जाना चाहिए. क्यों नहीं जाना चाहिए मैं व्यस्क हु शादी शुदा हु. अगर मैंने ये सब देख भी लिया तो कोई पाप तो नहीं कर दिया. उसके दिमाग मई अपने hi आप सवाल जवाब पैदा होने लग गए.

उसका मन नहीं मान रहा था ये जाने बिना की क्या वो अब भी अपने कमरे में वो कर रहे है या उसने बंद कर दिया. .. या यहाँ आके खाना खा लिया.. यही सोच कर उसने खाना चेक किया तो खाना वैसे hi था.. तब वो कहने लगे.. खाना तो वैसे hi है.. फिर वो कुछ सोच कर दबे कदमो के साथ किचन से निकल कर उस कमरे की तरफ वापस चल दी. उस कमरे के नजदीक आते हुए उसके जहाँ में बार बार नवाज़ का मोटा लम्बा लुंड दिखाई देने लगा.

वो सोचने लगी

क्या लिंग इतना लम्बा भी हो सकता है.? और नीता ने उसके पुरे लिंग को अपनी योनि के अंदर ले लिया.

यही सब उसके दिमाग में बार बार चल रहा था. फिर वो खुद से कहने लगे..

की मैं ये सब क्या बेकार की बात सोच रही हु. और चाहे कुछ भी हो जाये मैं अब इस नवाज़ को एक पल के लिए भी यहाँ नहीं रहने दूंगी.

थोड़ी hi देर में वो वापस उस मैं दूर के नजदीक आ गयी . वो दूर खोल के अंदर वाले रूम मई जाने वाली थी की उसे अंदर वाला दरवाजा खुलने की आवाज सुनाई दी. उसका पूरा बदन एक अनजाने दर से थरथरा गया. वो जल्दी से वह से हटी और वापस किचन की तरफ चल दी.

वो जल्दी जल्दी अपने कदम भड़ाते हुए किचन के अंदर आ गयी. कुछ काम करने लगे ..

क्या काम करने लगे ..अब वो .. काम तो थोड़े देर पहले उसने ख़तम किया हुआ था .. अब क्या करने वाली थी वो..

दरअसल वो सोचने लगे .. खाना बनके बहुत टाइम हो गया है .. अब खाना तो ठंडा हो गया होगा .. क्यों न एक बार सब्ज़ी को गरम किया जय ..

हाँ यही सही है .. ठंडी सब्ज़ी खाने मई अच्छी भी नहीं लगती .. मई इससे गरम कर देते हु..

ऐसे वो खुद से कहते है .. किचन मई इस वक़्त कोई नहीं था इसलिए उसकी बात कोई सुन नहीं रहा था .. पर वो खुद से खहने लगी .. ऐसे hi कुछ देर वो किचन मई रही पर वो दोनों खाना खाने नहीं आये.. तब कुछ

10 - 15 मिनट के बाद आरती उस कमरे के तरफ जाने लगती है.. जहा नीता और नवाज़ थे .. तब उस टाइम नीता और नवाज किश कर रहे थे एक रूम है….. आरती उस रूम की तरफ जाते वक़्त एक विंडो से ये देखती है

tenor.gif


एक्चुअली ये दोनों इस वक़्त बहार वाले रूम मई थे .. उसके विंडो से बहार वाला आदमी अन्दर का देख सकता था... ऐसा hi hua..bahar खड़े होक उनका किश आरती ने देखा.. तभी उन्दोनो की नज़र आरती पर गयी ... तब नीता झट से दूर हो gayi..aur बहार चली गयी... तब आरती उस रूम मई चली गयी..

आरती नब्ज़ को देख कर कहती है





आरती - शर्ट क्यों उतरा

नवाज- यहाँ बहोत हॉट माहौल बना हुआ है न इस लिए

आरती - उस टाइम तो शर्ट बॉडी पर hi था न

नवाज - कोनसे टाइम

आरती- 10 मिनट पाहिले

नब्ज- कब

आरती शरमाते हुई निचे नजर करते हुई कहते है

298f84af781b6fc74fbfaa9a4d0f8400.jpg


आरती - मुझे नहीं पता. .

नवाज़ - मई जब नीता को किश कर रहा था तब

नीता - हाँ

नवाज - और क्या कर रहा था

ार्र्टी कुछ नहीं बोलती है

नवाज - तब रूम मई हॉट माहौल नहीं था ......

और थोड़ा आरती की तरफ चलते हुई उसके पास आ जाता है..

नवाज - आप रूम मई आ जाने से माहौल हॉट हो गया है

आरती और ज्यादा शर्र्मा जाती है और नीचे के तरफ hi देखते रहती है..





नवाज - और मैडम आप क्या देख रहे थे विंडो से

आरती - कुछ नहीं

नवाज- कुछ नहीं देखा क्या ( आरती के और नज़दीक आते हुए)

आरती - सिर्फ किश देखा ( शरमाते हुई)

नवाज- सिर्फ किश ............... और कुछ नहीं देखा क्या ..

आरती - तुम नीता के पीठ पर हाथ घुमा रहे थे

नवाज - और कुछ नहीं देखा क्या

आरती - और कुछ नहीं

नवाज - मई नीता की गांड दबा रहा था वो नहीं देखा क्या

आरती- और ज्यादा शरमाते हुई आपने दोनों हातो से फेस को डाक लेते है

और थोड़ी देर रूम मई शांति छायी रही.. फिर गर्दन ऊपर उतके उसके तरफ देखते हुई आरती कहती है...





आरती- तुम शर्म नहीं आती की आपने मालकिन से ऐसे गंदे बात करते हुई. .

नवाज - शर्म किस बात की ….

जो ये बात कर रहे हो इस बात की

तो तुम शर्म आते है

हाँ.. और तुम तुम पर आ गए..

सॉरी सॉरी गलती से मू से निकल गया...

नवाज़ समाज जाता है.. अभी तक ये लाइन पाई नहीं आयी है.. और फिर वो कहता है..

शर्म आते है तो नीता को किस करते हुई मुझे क्यों देख रहे थे आप

इसपर आरती कुछ नहीं कहती

नवाज - और अगर मालकिन इतने हॉट , सेक्सी एंड फटका आइटम हो तो शर्म छोड़ने पड़ेगी और मालकिन को देखना hi पड़ेगा न.

इससे आरती और ज्यादा शर्मा जाती है और आपने दोनों हाट चहरे पर रखते हुई रूम से बहार जाने के लिए घूम जाती है. . और धीरे धीरे चलते हुई दूर पहुँच जाती है.. जाते वक़्त एक बार पलट कर नवाज़ को देखते है.. आपने सेक्सी ादाओ से..





उसे उम्मीद थी की नवाज़ उसे रोक लेगा या क्यों जा रहे हो ऐसा पूछेगा.. पर नवाज़ भी शातिर खिलाडी था.. वो आरती को थोड़ा तड़पना चाहता था.. वो कुछ नहीं बोलता है.. वो देखना चाहता था की खुद से आरती रुकेंगे क्या या नहीं.. जब नवाज़ ने कुछ नहीं कहा तब आरती दूर पाई पहुँच gayi...aur तिरछी नज़र से नवाज़ को देखने लगी...





नवाज़ ने कोई रिस्पांस नहीं दिया तो वो दूर से बहार चली गयी.. तब उसे नीता सामने दिख गयी.. तब वो उसे कहती है.. जरा जोर से.. ताकि नवाज़ भी सुन ले..

आज खाना खाने का मूड भी है तुम लोगो का या सिर्फ प्यार से hi पेट भर गया है तुम लोंगो का

नीता इस बात पर शर्मा जाती hai..aur फिर कहते है

हाँ खाना खाना है न दीदी..

पर कब.. सुबह से मैंने दो बार खाना गरम किया हुआ है..

आती हु मई नवाज़ को लेके दीदी

अभी अकेले तो तू कुछ करेंगे नहीं.. हर काम के लिए तुजे नवाज़ hi चाहिए न ..

तब शर्माकर नीता कहती है

आप भी न दीदी.. सुबह से उसने भी कुछ नहीं खाया है इसलिए मैंने कहा

तुजे तो खाया होगा

दीदी आप भी न.. और आपने भी कहा न

मैंने क्या कहा

नवाज़ को पूछो बोलके

नीता के ऐसे कहने से आरती थोड़ा दर जाती है.. वो सोचते मैंने ऐसे कब कहा इससे.. नवाज़ दूर से इन् दोनों को देख रहा था और आरती अपनी तिरजी नज़र से ये देख लेती है .. जब वो देखती है नवाज़ इधर hi देख रहा है तब वो मैं मई कहती है..

tenor.gif


ओह्ह्ह गॉड.. ये कमीना तो इधर hi देख रहा है.. ये मैंने क्या कह दिया.. अब ये और अट्टैकिवे हो जायेगा .. इसलिए उसे और ज्यादा दर लग रहा था.. फिर वो सोचने लगती है.. मैंने कब कहा ये .. शयद ये नीता की बच्ची जूथ बोल रही है

मैंने कब कहा.. कालमुई .. नवाज़ को पूछो बोलके..

वो आपने नहीं कहा की तुम लोंगो को खाना खाना है या नहीं.. अब हम लोगो मई दोनों भी आ गए न

ऐसा क्या ??? बड़ी चालक है तू तो..

तब तक नवाज़ दूर पाई आ जाता है ..और दूर के साइड वाल पर हाथ रखकर बड़े स्टाइल से एआरटी को देखने लगता है.. तब उसके और देखते हुई आरती कहती है..





देखो आ जाओ जल्दी..

फिर नीता की और देखते हुई कहती है..

आ जाओ तुम्हारे प्यारे नवाज़ को लेके नहीं तो खाना फिर से ठंडा हो जायेगा.. इससबार मैं फिर से गरम करने वाली नहीं हु.. समजे..

जी दीदी जी आते हु

नवाज़ भी उसको देखते हुई कहता है बड़े धीरे से..

आता हु..

फिर आरती वह से जाने लगते है.. तब नीता नवाज़ को कहती है..

नवाज़ चलो जल्दी से ये काम ख़तम करके खाना खाने जाते है.. खाने को आज बहुत देर हुई है..

नीता के ऐसे कहने से आरती पलट जाती है.. और इन् दोनी की तरफ देखने लगती है..





नवाज़ से बट्टे तो नीता कर रही थी पर उसका ध्यान आरती पर था.. दोनों एक दूसरे को hi देख रहे थे..

और नीता नवाज़ को अन्दर काम करने को चल बोल रही थी.. आपने साडी ठीक करते हुई... इस वजह से उसका ध्यान नवाज़ पाई नहीं था.. वो कहा देख रहा है उसे नहीं पता था ..

आरती नवाज़ की तरफ देखते हुई आपने नज़र निचे भी होने नहीं दे रही थी.. लगातार उसे hi देखे जा रही थी...





जिस तरीके से आरती नवाज़ को देख रही थी उस वजह से नवाज़ को लगता है इससे थोड़े देर और यहाँ रुकके लेते है.. अब ये खुल रही है.. उसको रुकने के लिए क्या आईडिया सोचु ये नवाज़ सोचने लगता है.. तभी नवाज़ को एक आईडिया सुजाता है.. और वो झट से बोल पड़ता है...
 
जिस तरीके से आरती नवाज़ को देख रही थी उस वजह से नवाज़ को लगता है इससे थोड़े देर और यहाँ रुकके लेते है.. अब ये खुल रही है.. उसको रुकने के लिए क्या आईडिया सोचु ये नवाज़ सोचने लगता है.. तभी नवाज़ को एक आईडिया सुजाता है.. और वो झट से बोल पड़ता है...

आरती जी.. क्या आप हेल्प करोगे...

इस बार उसने मेमसाब नहीं बोलै था.. नीता के होते हुई भी ..

तब नीता गर्दन ऊपर कर के पलट जाती है और आरती वह कड़ी है ये देख लेती है.. नीता इधर देख रही है ये जान कर आरती घूम जाती है.. आरती की पिट अब उन्दोनो की तरफ थी...





तब नीता नवाज़ को कहती है..

मेमसाब से कैसे हेल्प नवाज़..

अब नवाज़ आगे कुछ बोले इस से पहले दूर से आवाज आता है..

बहु.. तुम यहाँ हो.. मई कब से तुम ढूंढ रहा हु ..

ये आवाज़ सुनते hi तीनो उस आवाज़ की तरफ देखते है.. दूर से आने वाले आपने ससुर को देख कर आरती अपनी साडी ठीक करती है और शेठजी जैसे hi नज़दीक आते है तब आरती उन कहती है

वो नवाज़ और नीता ने क्या काम किया है वो देखने आयी थी ..

अच्छा अच्छा ..

ऐसा शेठजी ने कहा तब नवाज़ की नज़र पहले आरती पाई गयी और फिर शेठजी को देख के मैं मई कहता है

सेल को भी अभी आना था क्या

वो मैं में शेठजी को गालिया दे रहा था .. तब आरती नवाज़ को देखते है





उसको देख के मैं मई कहते है

ये पापा जी को ऐसा क्यों देख रहा है

तब शेठजी बोले..

बहु तुम चलो मेरे साथ.. कुछ फाइल्स चाहिए मुझे.. अरविन्द का कॉल आया था.. उसको ऑफिस भेजने है ड्राइवर के हाथ..

ठीक है पापाजी चलिए..

ऐसा नवाज़ को देखते हुई वो कहते है और फिर वो आपने ससुर के साथ जाने लगते है .. आरती अपनी गांड मटकते हुए जाने लगी.. नवाज़ उसे hi देखने लगा..





आरती की गांड पैर से नवाज़ की नज़र हैट hi नहीं रही थी .. .. और मैं मई कहने लगा..

क्या गांड है साली की..

वो आरती को जाते हुए बस देखता hi Raha..aur अपने आगे की प्लान क बारे में सोचने लगा तो वही आरती चलते चलते सोचने लगी..

आज मैंने नवाज़ से कुछ ज्यादा hi बात कर्ली… और फिर कूद को कहने लगी.. जो मुझे करनी नहीं चाहिए thi…usne कही गलत मतलब निकल लिया तो ..

पर उसे अब समाज मई नहीं आरहा था की नवाज़ की बाते सुन के वो बिना जवाब दिए क्यों नहीं रह पाती .. और यही सोच उसके दिमाग को चुबती रही ..फिर वो डीडे करती है अब मई नवाज़ के बात का जवाब नहीं दूंगी.. फिर वो खुद से कहती है

क्या ये मुझे देख रहा होगा क्या

यही सोचते हुई चलते चलते पलट के देखते है





तो नवाज़ उसे hi देख रहा था .. उसे आपने और देखते हुई पकड़ वो कहती है

कमीना साला

ये कहते हुई देखकर नवाज़ स्माइल करता है.. उसने सुना तो नहीं था पर उसे आईडिया हो गयी थी की आरती ने उसे गली दी थी ..

अन्दर आने के बाद आरती ने आपने ससुर को जो फाइल चाहिए थी वो वार्डरॉब से निकल के देदे.. और फिर वार्डरॉब ठीक करने लगी.. शेठ जी ने वो फाइल ड्राइवर को दे दे और बहार हाल मई बैठ गए ..

ससुर बैडरूम से बहार जाते hi उसने बैडरूम अन्दर से लॉक किया और अपनी साडी निकल फेकि और निघ्त्य पहन कर फ्रेश hui..tab तक बहार हाल मई नवाज़ और नीता आ जाते है..
 
ससुर बैडरूम से बहार जाते hi उसने बैडरूम अन्दर से लॉक किया और अपनी साडी निकल फेकि और निघ्त्य पहन कर फ्रेश हुई.. और किचन में चली गयी .. तब तक बहार हाल मई नवाज़ और नीता आ जाते है...

नीता शेठजी से कुछ बाते करने लगी तब तक नवाज़ किचन में चला गया .. किचन मई आरती पराठा तवे पाई बना रही थी ..





आरती पराठा बनाते हुई देखते हुई नवाज़ कहता है

आपने तो कहा था न की आप और सब्जी और रोटी गरम नहीं करोगी

तब पलट कर दरवाजे की तरफ देखते हुई आरती स्माइल करती है





आ गए तुम

आपने बुलाया और हम चले आये

गाना गाने के अंदाज़ मई नवाज़ कहता है बालो मई हाट घूमते हुई

तब आरती ने भी गाना गाने के अंदाज़ मई कहा

हमने नहीं बुलाया तह

तब नवाज़ कहता है

फिर भी हम चले आये

ऐसा गण गेट हुई कहता है तब दोनों हँसाने लगे .. हसते हुई वो आरती के पास खड़ा हो गया ... वो पराठा बना रही थी..

वैसे आपने कहा था न

वो आगे कुछ बोले उससे पहले hi आरती नवाज़ की और देखते हुई कहती है





हां कहा था

फिर भी आप गरम कर रही हो

करना पड़ता है ..

करना पड़ता है

नवाज़ रिपीट किया तब आरती कहती है

मैंने सोचा तुम और तुम्हारी माशूका हमरे घर के लिए इतना सारा काम कर रहे हो तो मई इतना तो कर सकते हु न

बहुत खूब मेमसाब

फिर वो नवाज़ की तरफ देखते हुई कहते है

बी थे वे मई खाना गरम नहीं कर रही हु बल्कि तुम्हारे लिए ...

फिर थोड़ी शर्माके कहते है .. निचे गर्दन करते हुई





ी मैं तुम्हारे लिए और तुम्हारे नीता के लिए पराठा बना रही हु ..

ये तो बहुत hi बढ़िया है मेमसाब

ऐसा बोल के वो तवे पर के पराठे का एक टुकड़ा तोड़ के आपने मो मई डालता है

तब आरती कहती है

गरम है .. मू जल जायेगा

हमें गरम चीज़े खाने की आदत है

तब आरती एक प्लेट लेके उसमे पराठा डालती है और फ्रीज मई का घी लेके उस पराठे पाई डालती है और नवाज़ को देते है ..

जब वो प्लेट नवाज़ को दे रही थी तब उसकी ऊँगली गलती से नवाज़ के हाथ से टच हो गयी. तब नवाज़ ने उसे देखा .. आरती ने भी उसे देखा





आरती ने हाथ पीछे नहीं खींचा. आरती ने नवाज़ की तरफ देखा .. कुछ पल के लिए.. उसकी नज़र मई शर्म थी..

गरम है... संभल के.

सिर्फ इतना कहा और पीछे हो गयी ...उसने प्लेट नवाज़ को ऐसे दी थी जैसे नवाज़ कोई अपना बहुत अपना हो… न

जाने क्यों वो प्लेट देते हुई भी कहीं और खो गयी थी . फिर नवाज़ प्लेट लेके दिंनिंग टेबल मई बैठ कर पराठा खाने लगता है ..

पराठा का एक निवाला मू मई डालते hi नवाज़ कहता है

वाह्ह्ह लाजवाब !! ये पराठा थो आपसे hi बढ़कर है

तब आरती उसकी और देखते है





मेरे से hi बढ़कर मतलब

मतलब आप से स्वेट है

तब आरती कहती है

स्कूल और कॉलेज मई तो गए नहीं तो इतने अच्छे बाते करना कहा से सिख गए

आप जैसे खूबसूरत मोहतरमा ने सीखा दिया

अच्छा जी

हाँ जी मेमसाब

फिर आरती को देखते हुई कहता है

दही और आचार मेल सकता है क्या

मिल जायेगा न .. तुम जो मनोजोगे वो मिल जायेगा

जो मानूंगा वो मिलेगा

ी मैं पराठा खाने के बारे मई

वही बोल रहा था

हां बोलो क्या चाहिए

दही और अच्छर

घी पसंद नहीं है क्या

पसंद है न

फिर दही अचार

तीनो के साथ खाने मई अलग hi मज़ा है मैडम जी

अच्छा जी देते हु मई

ऐसा बोल के आरती उठ के दही और अचार फ्रीज़ से निकल के उसको देने के लिए उसके पास जेक जुख के दही और अचार देने लगती hai..dene के लिए जब जुख़ाति है तब उसका गाउन थोड़ा जुख जाता है . इस वजह से मम्मी का क्लीवेज उसे निघ्त्य से दिखता है





तब वो देख के नवाज़ कहता है

लाजवाब !!

तब आरती सीधा होक कहते है

अभी तक न दही खाया या अचार ..और लाजवाब कह रहे हो

आपने बनाया है तो लाजवाब होगा hi न मेमसाब

तब स्माइल करते हुई आरती कहती है

कोई मस्का मरना तुमसे सीखे

मस्का नहीं सच कह रहा हु

अच्छा जी

और सच क्या है

इस मैक्सी में आप किसी अप्सरा से काम नहीं दिख रही हो ...
 
तब वो देख के नवाज़ कहता है

लाजवाब !!

तब आरती सीधा होक कहते है

अभी तक न दही खाया या अचार ..और लाजवाब कह रहे हो

आपने बनाया है तो लाजवाब होगा hi न मेमसाब

तब स्माइल करते हुई आरती कहती है

कोई मस्का मरना तुमसे सीखे

मस्का नहीं सच कह रहा हु

अच्छा जी

और सच क्या है

इस मैक्सी में आप किसी अप्सरा से काम नहीं दिख रही हो

अपनी tàarif सुनकर आरती ने थोड़े देर पहले जो सोचा था की वो तुरंत जवाब नहीं देगी उसपर ब्रेक लग गया और वो गर्दन घुमा कर के उसकी और देकते हुई बोली





मई नीता नहीं हु .. और ये मैक्सी नहीं है.. निघ्त्य है..

आरती के इस बात पर नवाज़ बिना कुछ बोले hi आरती को देखने लगा.. आरती ने मई नीता नहीं हु ऐसा कहा था पर उसके चेहरे पे कही न कही एक हसी थी .. जो वो नवाज़ से छुपाना छह रही थी… पर नवाज़ ने वो हसी अछि तरह नोटिस कर ली थी.. उसके पीछे का वो मतलब निकलने लगा.. उसकी हसी देखकर नवाज़ को लगा की वो मंज़िल के बहुत करीब है .. वो आपने आप से कहने लगा.. बस उसे अब सिर्फ ऐसा बेहवे करना चाहिए जैसे वो सच में hi आरती से प्यार करता hai…aur इसी प्यार के चलते hi वो उससे जिस्मानी रिश्ता जोड़ना चाहता है … उसके अन्दर कोई हवस नहीं है..

हलाकि उसे हर दिन चुदाई का शौक था. ..और पिछले कुछ दिनों से तो वो बिलकुल भी इस काम से दूर hi था … खेत मई था इस वजह से वो किसी की चुदाई नहीं कर पा रहा था.. पर यहाँ आने के बाद उसने नीता और वंदना को छोड़ा था.. पर नीता और आरती मई बहुत फरक था.. वो जनता था की अगर उसने आरती को पता लिया तो उसकी जिंदगी सवार जायेगे.. उसके छोड़ छोड़ के अपनी रांड बनाएगा .. और आरती के जरिये बहुत सारा पैसा भी कमा लेगा.. वो जनता था की इन् लोगो के पास पैसे के कोई कमी नहीं है… पर इस के लिए बहुत धीरे से जाना होगा.. और इसके लिए वो बिलकुल hi तैयार था …

वो जनता था आरती को पाने के लिए कुछ टाइम लगेगा पर पैट जरूर जायेंगे .. तबतक के लिए नीता है hi न.. और वंदना भी है hi .. वो सोचता है … पैट जाने के बाद पुरे 3 महीने से दबी हुयी हवस आरती की छूट में hi उतर दूंगा…

आरती के रिस्पांस से वो ये सोचने laga...tabhi आरती कहते है..
 
वो जनता था आरती को पाने के लिए कुछ टाइम लगेगा पर पैट जरूर जायेंगे .. तबतक के लिए नीता है hi न.. और वंदना भी है hi .. वो सोचता है … पैट जाने के बाद पुरे 3 महीने से दबी हुयी हवस आरती की छूट में hi उतर दूंगा…

आरती के रिस्पांस से वो ये सोचने laga...tabhi आरती कहते है..

हो गया मुझे dekhana..Tu नीता से कुछ भी कर मुझे प्रॉब्लम नहीं है. . पर मुझे ऐसा देखोगे तो मुझसे बर्दाश्त नहीं होगा..

आरती के ऐसे कहने से नवाज़ दर जाता है.. और निचे जुख के चुप चाप से पराठा खाने लगता है..

आरती उसके सामने कड़ी थी पर नवाज़ निचे जुख के चुप चाप से खाना खा रहा था .. आरती नवाज़ को देखे जा रही थी और पर नवाज़ उसे नहीं देख रहा था ..

आरती को उम्मीद नहीं थी की नवाज़ को थोड़ा बोलने से वो उसकी तरफ देखेगा भी नहीं.. उसे उम्मीद नहीं थी की नवाज़ उसके सामने बैठा हो और उसके तरफ न देखे. कही न कही नवाज़ का ये बर्ताव उसे अच्छा नहीं लग रहा था पर उस पर वो कुछ कर नहीं पा रही थी.. वो उसे कह तोह नहीं सकती की मेरे तरफ देखो.. उसके इस बर्ताव से उसकी तरफ गुस्से से आरती देख रही थी..





हरामी... मेरे तरफ देख भी नहीं रहा है...

इस बार वो थोड़े जोर से बोले तब नवाज़ ने उसकी बात सुनकर जब उसकी तरफ देखा तो आरती उसे hi देख रही थी... गुस्से से .. उसके खूबसूरत चूचियों को hi अब नवाज़ देखने लगा.





और मान मई कहने लगा...

ऊऊफफफफफ क्या मस्त जवानी है इसकी.. ये मेरी जान लेकर रहेगी एक दिन.. क्या करू जब भी देखता हु हर बार पहले से ज्यादा खूबसूरत पहले से ज्यादा सेक्सी नज़र आती है .. अअअअअ हहहहह हहहह आ...

आरती क्या करू तेरा मई..

आरती ने नवाज़ को अपनी और देखते हुए देखा तो गुस्से में बोली.. धीरे से ..

हे भगवान् ये लड़का तो पूरा बेशरम हो गया है कैसे मेरी चुकी को घर रहा है आठ ...जब भी मई इस के बारे में सोचती हु पता नहीं मुझे क्या हो जाता है..

और आँखे बंद कर के दूसरी और मू कर लेती है अड्डा के साथ..





तब उसके निघ्त्य के लेस्स एक साइड से थोड़े निचे हो जाती है.. .. वो देखकर नवाज़ कहता है..

साला ये आज मुझे मार hi डालेंगे..

फिर भी खुद को कण्ट्रोल करते हुई नवाज़ बोलै..

प्यास लगी है.. पानी मिलेगा क्या

तब आरती कहती है..

हाँ मिलेगा न ..
 
फिर भी खुद को कण्ट्रोल करते हुई नवाज़ बोलै..

प्यास लगी है.. पानी मिलेगा क्या

तब आरती कहती है..

हाँ मिलेगा न

ऐसे कहते हुई आरती पानी लेके नवाज़ के तरफ सीधा चल पड़ती हैं ........ नवा जब ये समाज जाता है की आरती उसके hi तरफ आ रही है तब नवाज़ आरती को hi देखने लगता है..





जब आरती ये देख लेते है की उसे hi देख रहा है तब एक अजीब सा दुर्र आरती के जिस्म में दौड़ जाता है.. ये ऐसा क्यों मुझे देख रहा है ऐसा सोचकर आरती के चेहरे पर हैरानी के बदल साफ़ नज़र आने लगे the.....uska कलेजा ज़ोरों से धड़क उठता है ... ऐसा पहली बार हुआ था आरती के साथ........ एक अजीब सा दुर्र उसकी आँखों में साफ़ नज़र आने लगा था........

अब पानी लेके आरती नवाज़ के पास आ जाती है और उसके सामने कड़ी हो जाती है..

दोनों एक दूसरे की तरफ देखते हुई कुछ देर तक यु hi खामोश खड़े रहते हैं .. आरती एक तुक नवाज़ के चेहरे की तरफ देखे जा रही thi.......fir कुछ सोचकर

आरती गहरी सांस लेते हुई पानी का गिलास टेबल पाई रखते है ....... और वही खड़े रहती है .. उसके सामने ..





अब फिर से आरती शांत कड़ी रहते है .. और नवाज़ बैठा हुआ था ..नवाज़ कुछ नहीं कर रहा था …. या कुछ नहीं कह रहा था .. सिर्फ आरती को देके जा रहा था .. या यूँ कहिये के आरती के बूब्स को घर रहा था .. जैसे hi वो देखती है तब अपनी नज़र दूसरी और कर लेती है.. पर नवाज़ को कुछ नहीं कहती है.. पता नहीं क्यों अब नवाज़ के ऐसे आपने बूब्स को घूरने पर भी आरती को अब गुस्सा नहीं आ रहा tha…aarti कुछ नहीं कर रही है ये जानकर नवाज़ की हिम्मत बाद जाती है..

ारे आप कड़ी क्यों है .. बैठ जाएणा

ऐसा कह के बाजु वाले चेयर पर हाट रखता है .. जैसे उसे बता रहा हो की यहाँ बैठ जाओ

तब आरती अपना चेहरा उसकी तरफ करके एक तुक उसके चेहरे को बड़े गौर से देखने लगती हैं....... मनो वो ये जानना चाहती हो की ऐसा नवाज़ ने क्यों कहा .. वो एक तुक नवाज़ की आँखों में देखने लगती हैं .. आरती कुछ नहीं बोल प् रही थी बस नवाज़ के तरफ देखने लगती हैं ...

वहीँ नवाज़ एक पल के लिए भी अपनी आँखें उसके चहरे से नहीं हटाता है ......... दो तीन मिनट तक आरती नवाज़ के चेहरे को ऐसी hi घूरती रहती हैं .. थोड़े देर बाद आरती हौले से मुस्कुरा पड़ती हैं. . और नवाज़ ने उसे जहा बैठने को बोलै था वह बैठ जाती है और बड़े अड्डा के साथ उसको देखने लगाती है..





आरती की का चेहरा उसकी और hi था ..

तब नवाज़ उसको देख के कहता है

आप को नहीं खाना है क्या

तब स्माइल करते हुई आरती कहती है

नहीं

क्यों

भूख नहीं है

तब नवाज़ पराठे का एक निवाला लेके आरती के मू के पास ले जाता है तब वो आपने चेहरा दूसरी और घुमा लेती है और नज़र थोड़े निचे की और जुका लेती है .. शर्म की लाली अब उसके चेहरे पर साफ़ नज़र आने लगी थी.......

मेमसाब आप बहुत hi खूबसूरत हो..

0a058f5bdfae28978941c340dce7252c.gif


आरती गर्दन घुमाकर नवाज़ की तरफ देखते hai..Uske चहरे पर थोड़े अड्डा और थोड़ा गुस्सा था.. गुस्सा थोड़ा ज्यादा hi था..

क्या कहा तुमने..

कुछ नहीं मेमसाब..

कुछ नहीं कहा तुमने..

नहीं कहा न.. आप बहुत खूबसूरत हो ऐसे कहा..

अच्छा जी मई अब आपको अभी खूबसूरत लग रही हु..

आरती ने पहली बार नवाज़ को आप कहा था..

लगने का क्या है आप खूबसूरत hi हो

उसके हाँ मई हाँ मिलते है आरती.. और नीचे गर्दन करके आरती कहती है

da4e69233bb790dd21eebe58d322cf57.jpg


नीता भी तो खूबसूरत है न

ये कहते हुई आरती के चहरे पर शर्म थी..

पर आप इतने नहीं

और ये आपको कब पता चला

जब आप को देखा तब

और कह रहे हो अभी

तभी कह देता तो आप मुझसे गुस्सा हो जाती न मेमसाब

तब आरती उसके हाँ मई हाँ मिलते है..

ba0fe6e10d0c7ae4dfa2f7c17ada9536.gif


और कहते है

हाँ ये बात तो तुमने सही कही पर तुम क्या लगता है.. क्या मई अब गुस्सा नहीं हँगे

आरती फिर से तुम पाई आ गई

नहीं हँगे आप गुस्सा मुझपर

वो भला क्यों

अगर गुस्सा करती तो इतने प्यार से बाते नहीं करते न

मई क्या तुमसे प्यार से बाते कर रही हु क्या

नवाज़ पान चबाते हुए हौले से बोल पड़ता हैं

हाँ

नहीं.. मई कोई प्यार से बाते नहीं कर रही हु

गुस्सा भी तो नहीं कर रहे हो न

प्यार से बाते करना गुना है क्या

गुना नहीं बहुत अच्छी बात है.. आप जितने खूबसूरत हो उतने hi आप का दिल खूबसूरत है..

आरती न चाहते हुए भी नवाज़ की बात को सुनकर हौले से मुस्कुरा पड़ती हैं......

813ec5e0f98d0870e8054e81924795c9.jpg


नवाज़ का ऐसे टैरिफ करना अब उसे भी ाचा लग रहा था........

अच्छा जी.. तो मेरा दिल कितना अच्छा है ये भी आप को पता चला..

फिर से नवाज़ को आप कहने लगी..

हाँ जी मेमसाब जी

वो कैसे

उतना मई जान सकता हु

वो भला कैसे

ये एक स्किल है

तो आप के पास स्किल है.. लोंगो का दिल जान ने का..

आप ऐसा कह सकती हो

वो कैसे सीखा आप ने

एक्सपीरियंस से

कैसा एक्सपीरियंस

लोंगो से मिलाने का.. उनसे बात करने का..

नवाज़ की तरफ देखते हुई वो कहते है.. ..

Mounika-Devi-2.jpg


लोंगो से या लेडीज लोंगो से

लोंगो मई लेडीज भी आती है न मेमसाब

हाँ .. हाँ.. नवाज़.. आती है... पर आप के लोंगो मई तो सिर्फ लेडीज hi आती है..

उसके तरफ देखते हुई कहते है..

6e5e350a57b200d707158f4bdd8e2355.png


उसके लुक मई सेक्स अपील थी..

बात वैसे नहीं है मेमसाब

बात ऐसे hi है

मई क्या सिर्फ लेडीज लोंगो से hi बात करता हु क्या

हाँ.. मुझे तो ऐसे hi लग रहा है..

आप को जूथ लग रहा है

वो भला कैसे

मई मर्द लोंगो से भी बात करता हु .. आप के ससुर जी से भी तो मई बात करता हु

वो आप के मालिक है इसलिए आप उनसे बात करते होंगे..

आप से बातों मई कोई नहीं जीत सकता..

तुमसे भी

मतलब

तुमने ऐसे hi चिकने चोपड़े बाते करके नीता को पटाया होगा..

ऐसे का क्या मतलब है मेमसाब..

जैसे अब मुझसे कर रहे हो..

मई तो कुछ नहीं कर रहा हु

कर रहे हो

नहीं कर रहा हु

तो क्या मई अकेले hi बात कर रही हु

ऐसे मैंने कब कहा

लेकिन कुछ भी हो जय तुम्हारे चॉइस अच्छी है

be571135a495c3120a179b9a982084e5.gif


बहार की तरफ इशारा करते हुई आरती कहती है.. नीता के तरफ इशारा करते हुई कहते है..

आप अच्छी हो इसलिए तो मेरे चॉइस अच्छे है

तब आपने सर पर हाथ मरते हुई वो कहते है..

41f4535dd44910be2e1c3b45d2680963.gif


ारे बाबा मई मेरे बात नहीं नीता की बात कर रही हु

दोनों एक hi बात है न

तब आरती उसके तरफ देखने लगती है..

920be0a86be51c2f35a4c82462bb98e6.jpg


और कहने लगती है..

दोनों की एक hi बात कैसे होंगे..

मालकिन और माइड.. एक hi तो है न

ये बात सुनकर आरती के होंटो पर मुस्कान फेल गए ……

तब आरती हसने लगती है.

e8082d88d173863b64c0aa3d47fe6753.jpg


आरती - मालकिन और माइड एक hi नहीं है ..

तब नवाज़ उसके करीब आता हैं ...... अब नवाज़ और आरती के बीच करीब 5 इंच का फासला tha.........Nawaz उसके आँखों मई देखने लगता है..





आरती भी उसे hi देखने लगते है पर कहते कुछ नहीं है..





हह
 
वो दोनों वैसे hi कुछ देर तक खामोश रहती हैं .. नवाज़ वैसे hi आरती को देखते हुई न जाने क्या क्या सोचता रहता हैं और उधर आरती नवाज़ को देखते रहते है .........आरती की सीना उसकी तरफ hi था .. निघ्त्य के उप्पर पल्लू नहीं था इस वजह से उसके गाला और आम की क्लीवेज उसे अच्छे से दिखने लगा .. और जब नवाज़ की नज़र आरती के आम पर जाती हैं वो टकटकी लगाए बस आरती के आम को घूरता रहता hain........ek अलग सा josh.......excitement धीरे धीरे उसके अंदर बढ़ता जा रहा tha.........uska जी तो कर रहा था की वो अपना हाथ बढाकर फ़ौरन आरती के बदन के हर हिस्से को छु le........magar उसके अंदर आरती का दुर्र भी तो था ..... वो इस बीच कभी दिमाग से तो कभी अपने लुंड से सोच रहा tha......aur इस वक़्त के गहरी ख़ामोशी में उसका दिमाग पल पल कमज़ोर पड़ता जा रहा था और लुंड हावी होता ज़्यादा नज़र आ रहा tha.........wo इसी असमाजश में डूबा हुआ था की वो अब क्या kare......kya न करे......

अब नवाज़ और आरती के बीच बस दो इंच का फासला मात्रा रह गया था..... नवाज़ का दिल इस वक़्त ज़ोरों से धड़क रहा था वहीँ वो अब आरती के जिस्म को चूना चाहता tha......uske चूचियों को अपने हाथों में लेकर मसलना चाहता tha.........ehsaas करना चाहता था .. .........अपने कठोर हाथों से मसलना चाहता था.. .......ये सब सोचकर उसका लुंड तेज़ी से अपना आकर बदल रहा tha........wahin उसकी सांसें भी तेज़्ज़ हो चली थी.........

नवाज़ ये सोच रहा था तब आरती कहते है.. . स्माइल करते हुई..





आरती - वैसे तुम्हार घर में कौन कौन hain.......mera matalb.....tumhari बीवी .... बाचे .....

आरती ने ये पूछा तो नवाज़ सोचने लगा.. मेरे घर की इसको क्या पड़े है.. वैसे आरती जानती थी की उसका नीता के साथ चक्कर है.. मतलब उसकी शादी नहीं हुई होंगे… फिर भी नवाज़ के बारे ज्यादा जानने के क्यूरोसिटी के वजह से उसने नवाज़ को पूछा .. और नवाज़ की तरफ देखने लगे.. अपनी गर्दन टेडी करके.. नवाज़ क्या कहता है ये सोचकर..





नवाज़ - मेमसाब मैं यहीं पास के बस्ती में रहता हूँ ..आपने अम्मी अब्बू के साथ…

आरती नवाज़ की तरफ देखती है.. और आपने चेहरे पर सवालिए भहव दिखते हुई कहते है..





और बीवी

शादी hi नहीं हुई है तो बीवी कहा से आएंगे… मेमसाब ..

आपने चहरे पर रहत के भाव दिखते हुई आरती कहती है..

cb4b3cecdcf54a0967b111cc62466fc2.jpg


मतलब तुमरे शादी नहीं हुई है

हाँ मेमसाब

तब्बी आरती नवाज़ की आँखों मई आँखे दाल के कहती है..

465a5feccc0dc7d62a76358aca0340a1.jpg


क्यों नहीं शादी की तुमने अब तक

अब इस क्यों का क्या जवाब दू मेमसाब.. नहीं की तो नहीं की..

ारे बुद्धू मेरे कहने का मतलब था की तुम्हारे मई तो जल्दी शादी हो जाते है न..

हाँ वो बात तो है

और तुम पद लिख भी नहीं रहे हो जो की पड़े के लिए या नौकरी के लिए तुम रुकना पड़ता हो.. और इस वजह से तुमने शादी नहीं की… इस लिए मैंने कहा तह…

ऐसा क्या

चहरे पर नखरा दिखते हुई आरती कहती है..





हाँ जी
 
Back
Top