Adultery KAMINA CHUDDAKAD - NEW VERSION .... - Page 12 - SexBaba
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Adultery KAMINA CHUDDAKAD - NEW VERSION ....

आरती जब आपने मम्मी को कह रही थी तब नवाज़ तिरछी नज़र से आरती की बॉडी को स्कैन कर रहा था.... आरती को आज क्या हुआ था पता नहीं .. शयद वो जानती नहीं थी जिसे वो इतनी इज़्ज़त दे रही थी और आपने माँ को कह रही थी की वो अच्छा लड़का है वो एक भूका भेड़िया है..

तब वो नवाज़ की और देखते हुई कहते है.. एक हाट मई मोबाइल और दूसरे हाथ से बाल के साथ खेलते हुई ..





क्या खाओगे

तब नवाज़ उसकी और देखते हुई कहता है

मैं तो कर रहा है ..

इतना कह कर रुख जाता है.. एक्चुअली वो बोलने वाला था तुम खाने का मैं कर रहा है पर वो सोचता जल्दबाजी हो जायेगे इसलिए वो रुख जाता है और फिर कहता है .. आरती को देखते हुई..

जो आप खिलाओगेतब वो आपने मम्मी को कहती है

पापा कहा है … आजकल बेटी की याद नहीं होती क्या

ऐसा बोल के रैक मई का कुकिंग आयल की एक छोटे बोतल थी वो हाथ मई लेते है .. और मोबाइल आपने कान और शोल्डर मई दबा कर उस बोतल का कैप निकलने लगते है पर उसे नहीं निकल रहा था तब नवाज़ उसके सामने जेक खड़ा हो जाता है और उसे कहता है..

मुझे दीजिये मई निकल लूंगा

नहीं मई निकल लुंगी

तब नवाज़ कहता है

नहीं मेमसाब ये बोतल दो मुझे

ऐसा कहते हुई आरती के हाट से वो बोतल लेता है ..बोतल लेते वक़्त नवाज़ जान भुजकर आरती के नरम और गोर हाथ को छू लेता है .. जिसके अहसास से आरती के जवान शरीर में बिजली गुज़रती है.. उसके बॉडी मई एक अजीब सी तरंग का निर्माण होता है.... नवाज़ के कठोर हटो का अहसास उसे अजीब से फीलिंग दे देता है ..

फिर नवाज़ वो कैप निकल लेता है .. आरती को देखते हुई

तब आरती उसकी और देखते हुई स्माइल करते हुई कहते है





थैंक्यू 🙏

तब नवाज़ कहता है

मेंशन नॉट

तब नवाज़ के सर को हलके से मरते हुई कहते है.. मोबाइल थोड़ा दूर ले जेक ..

मेंशन नॉट नहीं कहते

तब नवाज़ कहता है

क्या कहते है

थैंक यू कहते है

तब नवाज़ कहता है

थैंक यू जी ..

तब आरती कहती है..

चिनेसे खाओगे ..

हां क्यों नहीं ..

फिर आरती घूम जाती है और आपने मम्मी को कहती है ..

मम्मी मई बाद मई कॉल करती हु

ऐसा कह के कॉल कट करके मोबाइल बाजु मई रख देते है है... कुकिंग आयल की बड़ा जार उतने के लिए निचे जुख जाती है क्यों की उस बोतल मई का तेल ख़तम हो गया था ..जब वो झुक जाती है तो उसकी गांड और उभर जाती है...

जिसे देख नवाज़ गरम सा हो जाता hai...wo अपना लौड़ा पंत के ऊपर से मसलता है. नवाज़ इतने नज़दीक से पहली बार आरती की गांड देख रहा था .. उस की नज़र फिरसे आरती की गांड को स्कैन करने में लग जाती hai.....use देख के मैं मई कहता है

स्स्स्सस्स्स्स क्या कातिलाना गांड है इस कीई .. मेरा लौड़ा तो शांत होने का नाम नहीं ले रहा hai....agar ये मेरे हाथ लगी तो मेरे लौड़ा इस बड़ी गांड के छेद का भोसड़ा बना देगा सससससस.....

तब तक आरती वापस कड़ी होजाती है... और घूम कर नवाज़ को कहते है..

फ्रीज़ मई नूडल्स का पैकेट है .. वो ले लो ..

हाँ कहके नवाज़ फ्रीज मई का नूडल्स का पैकेट लेने के लिए फ्रीज ओपन करता है तब तक आरती तेल के जार से बोतल मई तेल डालने लगती है पता नहीं कैसे उसके हाट से जार निचे गिर जाता है और सारा तेल निचे गिर जाता है वैसे hi नवाज़ पलट जाता hai..Palat कर नवाज़ कहता है

अरे मेमसाब ये क्या कर दिया

तभू आरती कहती है

ओह्ह्ह्ह गोड्ढ..

ऐसा बोल के वो कैन उतने के लिए निचे जुकाते हुई आपने पेअर उठा के दूसरी जगह पाई जैसे hi रखती है वैसे hi उसका पेअर फिसल जाता है और वो मम्मीयी कह के जोर से छीलते है .. आरती गिर न जाये इसलिए उसकी और जैसे hi नवाज़ भागने वाला था और उसका गिराने से पहले हाट पकड़ने के मकसद से थोड़ा नवाज़ आगे होता है और जैसे hi वो पेअर उठा के थोड़ा आगे पेअर डालता है वैसे hi नवाज़ भी फिसल जाता है और आरती के उप्पर गिर जाता है ..

तब आरती के मू से आह्ह्ह्हह निकल जाता है ..

ुतो मेरे उप्पर से ..तुम तो चांस hi चाहिए..





ऐसा वो नवाज़ के तरफ देखते हुई चहरे पर स्माइल लेट हुई कहती है

मुझे कोई चांस नहीं चाहिए मेमसाब ..मुझे चांस देने को बहुत साडी है ..

पता है तीनो तीनो को पीला हुई हो

पता है तो क्यों कहा

फिर मेरे उप्पर क्यों गिरे

आप को बचने के लिए ...मुझे लगा आप का पेअर फिसल गया तब आप गिर न जाये इसलिए लिए आप का हाट पकड़ लू .. इसलिए थोड़ा आगे हुआ ..तब तक आप निचे गिर गयी थी और फिर मेरा भी पेअर फिसल गया ..

अब बहुत हो गयी तुम्हारी राम कहानी .. उठो मेरे उप्पर से

ऐसा कह के वो उतना लगी ..वो जरा उठी इसलिए नवाज़ आधे से ज्यादा उठा था की आरती का पेअर फिर से फिसल गया .. बचने के लिए वो नवाज़ का हाट पकड़ लेती है इस वजह से इस बार नवाज़ पूरी तरीके से उस पर गिर गया..

वैसे hi आरती ोुउउउउछह कहते है .... पहले तो नवाज़ साइड पाई गिरा था पर अब पूरा उसके उप्पर गिर गया था ..अब सिचुएशन ये थी की आरती जैसे खूबसूरत औरत ज़मीन पर पीठ के बल गृ हुई थी और नवाज़ जैसा कला बदसूरत लड़का उसके उप्पर गिरा हुआ था .. . नवाज़ का पूरा जिस्म आरती

से चिपक हुआ था …

जैसे hi नवाज़ आरती के उप्पर गिरा था वैसे hi उसकी आँखे बंद हो गयी थी ..नवाज़ उसके खूबसूरत चेहरे और आँखों में देखे जा रहा था .... अब आरती धीरे से अपनी आखें खोलती है और अपने ऊपर घिरे हुई नवाज़ को देखने लगाती है ..





उसको देखते हुई आरती ने नवाज़ से कहा.

सॉरी 😐 मुझे लगा तुम जांभोज कर गिरे ..

और शर्मा के कहती है..

और मुज पर चांस मार रहे हो

अब आया यकीं

हां आया यकीं .. मैं hi गलत थी .. मैंने गलत समजा और खामखा तुम पर गुसा कर लिया.. एक्चुअली ये एक हादसा था ..न इसमे तुम्हारी गलती थी न मेरे ..

कोई बात नहीं .. आप को आप की गलती समाज आ गयी .. इतना hi काफी है मेरे लिए

एक्चुअली नवाज़ को अब ये अहसास होता है के उसका लौड़ा अब करवट ले रहा है अगर जोश में आकर कुछ गलत कर दिया तो लफड़ा होसकता है .. इसलिए वह अब धीरे से आरती के ऊपर से उठ जाता है .. आरती भी खुदको सँभालते हुई उठ जाती है.... पर पूरी नहीं आधी hi ..

वो आधे उठी थी और पूरा उतने वाली थी की फिर से उसका पेअर फिसलने वाला था की नवाज़ ने ारे धीरे मेमसाब इतना बोलकर आरती के कमर मई हाट डालकर उसको अपने पास खिंच लिया ताकि वो गिरे न और आरती को आपने से चिपका लिया ..





आहहहा नवाज़ इतना बोलकर वो अपनी आंखे बंद कर लेती है....

अब इसको नवाज़ का लक कहिये या आरती का बदलूक पर पहली बार दोनों एकदुआरे से चिपक गए ..

जैसे hi वो नवाज़ से चिपक जाती है वैसे hi उसके नरम नरम मस्त मम्मी नवाज़ के छथि मई धस जाते है ..और इस अहसास से आरती की आँखे बंद हो जाती है .. आरती के उप्पर जब नवाज़ था तब से उसका लौड़ा आलरेडी

सख्त हो चूका था और अब आरती के उसके एकदम चिपकने से बिलकुल खड़ा होचुका था और आरती की थेइ को लग रहा था ..

अब नवाज़ के काळा खुरदुरे

हाथ आर्ट के गोर मुलायम कमर पर the..nawaz ने जैसे hi उसके कोमल कमर पर हाट घूमने लगा वैसे hi मैं मई कहता है ..

वह रे चिनेसे नूडल्स तू इतना मस्त हो सकता है ये जिंदगी मई पहली बार समाज आया .. तुजे कितनी बार खाया पर आज पहली बार इतना मस्त लगा रे तू .. तुजे कैसे धन्यवाद करू समाज नहीं आ रहा है

ऐसा मैं मई कहते हुई नवाज़ आरती की गोरी कमर अपने हाथ से और ज़्यादा कसता है…





तब आरती के मन से ahhhh….ye हलकी सिसकारी निकलती है.... उसकी ऑंखें अभी भी बंद थी.... अब जब नवाज़ ने उसके कमर से उसे आपने और दबाया तब आरती ने आपने सर ऑटोमेटिकली नवाज़ के शोल्डर पर रख दिया
 
ऐसा मैं मई कहते हुई नवाज़ आरती की गोरी कमर अपने हाथ से और ज़्यादा कसता है…





तब आरती के मन से ahhhh….ye हलकी सिसकारी निकलती है.... उसकी ऑंखें अभी भी बंद थी.... अब जब नवाज़ ने उसके कमर से उसे आपने और दबाया तब आरती ने आपने सर ऑटोमेटिकली नवाज़ के शोल्डर पर रख diya..udhr नवाज़ ने आरती की पतली गोरी कमर को अचे से जड़के हुई था…

वैसे आज पहली बार नवाज़ को आरती को चुने को मिला था.. और वो भी इतने अच्छे तरीके से .. इतने बड़े घर की एकलौती बहु इस वक़्त नवाज़ के बहो मई थी ..खेत में काम करने वाले एक गरीब बदसूरत नौकर को इतनी जवान खूबसूरत शादीशुदा ाव्रत के इतना नज़दीक आने का मौका कहाँ से मिलता.... चुने का भी नहीं बहो मई लेने का मौका मिला था .. और इधर आरती को ये ख्याल नहीं था के वो आपने नौकरानी के आशिक़ से अपना जवान गरम जिस्म चिपकाये हुई कड़ी है..

उसने नवाज़ के शोल्डर मई आपने सर रख diya..pahle hi नवाज़ आरती से आ रही खुशबु को अपने अंदर ले रहा tha....aur जैसे hi उसने सर नवाज़ के शोल्डर पर रखा वैसे hi नवाज़ को लगा आरती ने सरेंडर कर दिया .. इस वजह से वो जोश मई आ गया .. उसने जोश मई आके उसके कमर को जोर से आपने अंदर दबा देता है उस वजह से उसके मम्मी जोर से नवाज़ के छथि के अंदर डाब जाते है ..

तब आरती के मन से फिर से एक बार सिसकारी निकलती है

अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह...

नवाज़ के ऐसा करने से उसके

पुरे जिस्म में एक झटका सा लगता hai...kamp उठता है उसका पूरा जिस्म... अब तक नवाज़ ने न जाने किस तरह से खुद को कण्ट्रोल किये हुई .. इतना हॉट माल अपनी बाँहों में होने के बाद भी नवाज़ ने कुछ नहीं किया था .. पर अब उसको बर्दास्त नहीं हो रहा था .. इसलिए उसने ये हरकत की ... उसको लगा अगर वो थोड़ा आगे बाद तो ये जवान शादीशुदा ाव्रत उसके निचे आ सकती है ...

पर इधर अब आरती को अहसास होने लगता है के वो किस हालत में hai…aarti ने ऑंखें अभी भी बंद किये हुई थे .. किचन मई अब सन्नाटा सा चाय हुआ था.. अब उसे अहसास होता है के नवाज़ के बड़े खुरदुरे हाथ उसकी गोर मुलायम कमर पर hain...aur वो नवाज़ के बहो मई है . . उसको वो चिपक कर कड़ी

है…

आरती को अब अहसास होता है के ये सब ठीक नहीं है .. इसलिए वो झट से पीछे होती है और नवाज़

भी उसे चोरर देता hai…aarti नवाज़ स से नज़र नहीं मिला प् रही thi....use बोहत शर्म आ रही थी .. इसलिए नवाज़ को बिना देखे वो वह से चली गयी ..जाते हुई आरती की गांड को देख के नवाज़ अपना लौड़ा पंत के ऊपर से मसलता है ...

कब तक बचेगी मुझसे आरती रानी .. तेरी बदन का नशा मेरे लौड़े को लग गया hai....ab तो ये शांत होने से raha....ab तो तेरी गुलाबी छूट या तेरे गांड के छेद में जाकर hi शांत होगा.....

और फिर उसके बदसूरत चेहरे पर एक घिनौनी हसी आ जाती hai…udar आरती सीधा किचन से अपने बैडरूम मई चली जाती है और दरवाज़ा बंद करके सीधा दरवाजे को सात के कड़ी हो जाती hai...wo जोर जोर से साँस लेने लगती hai....jaise किसी चुंगुल से बहार निकली ho..waise भी वो अभी अभी एक शैतान के चुंगुल से निकली लेकिन कब तक बची रहेगी पता nahi...wo अपनी सांसों पर अभी भी काबू पाने की कोशिश कर रही थी....

क्या था ये ...मैं कैसे इतना लापरवाह हो सकती hun....mana के मैं गिराने वाली थी लेकिन यूँ नवाज़ से चिपकना.... वो नीता का प्यार है और मई उससे चिपक गयी ..

ये सब सोच के आरती की धड़कन तेज़ हो जाती है....





सिर्फ नवाज़ के चुने से मुझे ऐसा क्यों हो रहा hai….usne ये सब गलती से किया या मुझे बचने के लिए किया या जानबूझकर किया … नहीं नहीं नवाज़ ऐसा लड़का नहीं है .. मैंने अभी अभी तो माँ को कहा ..और मई अब ये क्या सोच रही हु .. उसने मुझे गिराने से बचने के लिए hi पकड़ा और आपने से सत्ता diya.par नवाज़ ने जैसे hi मेरे कमर पाई हाट रखते hi.. हाथ लगाने से ऐसे क्यों हुआ मुझे .. मैंने ओपपोसे क्यों नहीं किया .. मुझे आपने खुद के जिस्म के रिएक्शन पर यकीन नहीं हो रहा है .... मई ऑटोमेटिकली उसकी और क्यों चली गयी .. और तो और उसके शोल्डर पर मैंने आपने सर रख लिया .. जैसे की वो मेरा हस्बैंड हो ..

फिर स्माइल करते है और फिर वो जाकर बीएड पर लेट जाती hai....tabhi उसे अपनी पंतय में चिपचिपापन महसूस होता है और वो हैरान हो जाती है के कैसे आखिर बिना कुछ किये उसकी छूट गीली हो गयी .... आरती असमंजस में थी ....वो अपना हाथ साड़ी के ऊपर से पंतय पर लेजाती hai....uski पंतय चिपकी हुई थी छूट से चिपचिपाजात की वजा se...aart को बोहत शर्म आरही thi....uske साथ

आजतक ऐसा कभी नहीं हुआ tha....usne ऐसा एक्सपीरियंस कभी नहीं किया था.

वह बीएड से उठ कर वाशरूम चली जाती है और फ्रेश होने लगती है...

फिर कहते है ..

ये सब इस आयल की वजह से हुआ .. न वो मेरे हर से गिरता ..और न hi मई फिसल जाती .. फिर मिरर में देखते हुई वो अपनी साडी उतर देते है .. फिर आपने कमर को देखती है .. उसे अपनी कमर पर नवाज़ के कठोर बड़े हाथों का अहसास यद् अत है.... जैसे hi कमर पर नवाज़ का हाट कमर पर आया तब कैसे उसके जिस्म में झटका सा लगा था.... वो उसे याद करती है .. आरती अब खुद की हालत को समझ नहीं प् रही थी के आखिर उसके साथ ऐसा हो

क्यों रहा है ...

फिर वो बाथरूम से बहार आयी और बीएड पर वैसे hi बैठ गयी .. बिना साड़ी के .. सिर्फ पेटीकोट और ब्लाउज पाई .. लेकिन उसके दिमाग में बार बार वही ख्याल आ रहा था जब वो नवाज़ के बहो मई थी और नवाज़ ने उसकी कमर को पकड़ के आपने और आरती को दबा दिया और उसके मम्मी नवाज़ के छथि मई डाब गए .. ....यही सब सोचते हुई वो कब गहरी नींद में चली गयी उसे पता hi नहीं चला...

अगली सुबह विंडो से आती हुवली सूरज की किरण से उसकी आंख खुलती hai...wo अपने ऑंखें मलते हुई बैठ जाती है बीएड में और टाइम देखती hai....fir बीएड से उतर

कर फ्रेश होने जैसे hi मिरर मई जाने लगाती है तब उसे याद आता है की रात मई उसने साड़ी पहनी hi नहीं .. फिर खुद को hi कहती है

इस नवाज़ के चक्कर मई बिना साड़ी के मई सो गयी .. ओह्ह्ह गोड़ .. ये लड़का मुझे पागल कर देगा .. अच्छा हुआ अरविन्द नहीं थे ..नहीं तो वो क्या बोलते .. क्या इज़्ज़त रह जाती मेरे ..
 
अगली सुबह विंडो से आती हुई सूरज की किरण से उसकी आंख खुलती hai...wo अपने ऑंखें मलते हुई बैठ जाती है बीएड में और टाइम देखती है....





फिर बीएड से उतारकर फ्रेश होने जैसे hi जाने लगाती है तब जैसे hi वो मिरर के सामने आती है तब उसे दिखा जाता है की रात मई उसने साड़ी पहनी hi नहीं ..





फिर खुद को hi कहती है

इस नवाज़ के चक्कर मई बिना साड़ी के मई सो गयी .. ओह्ह्ह गोड़ .. ये लड़का मुझे पागल कर देगा .. अच्छा हुआ अरविन्द नहीं थे ..नहीं तो वो क्या बोलते .. क्या इज़्ज़त रह जाती मेरे ..

ऐसा कह के वाशरूम मई चली जाती hai...naha धोके फ्रेश होने के बाद वो बहार आकर मिरर में देख कर खुद को तैयार करती है थोड़ा तभी उसके मोबाइल पर कॉल अत hai..call उसके हस्बैंड का था .. थोड़े देर हस्बैंड से बात करने के बाद वो कॉल एन्ड करती है ..

उधर जब सुबह सुबह नवाज़ किचन मई आया था तब उसने सोचा था सुबह सुबह आरती को मिला जय .. कल का episode अगर आगे बढ़ाने का चांस मिला तो आगे बढ़ाएंगे.. यही सोचकर नवाज़ किचन मई आता है ... जैसे hi नवाज़ किचन मई आता है तब नवाज़ के किचन मई आते hi नीता नीता को साबरा नहीं हुआ और उसने नवाज़ को गले से लगा लिया.

कल से नवाज़ नीता को मिला नहीं था ... और वंदना को भी कल रात को नहीं मिला था .. और कल नवाज़ को आरती ने बहुत गरम किया था.. इस वजह से जब नीता उसके गले लग गए थे तब वो बहुत कुश हो गया ..

इधर कॉल कट होने के बाद नवाज़ के साथ कल जो कुछ हुआ उसके बारे मई आरती सोचने लगी ..





नवाज़ के बारे मई सोचते हुई अब आरती अपनी गर्दन पीछे कर के बीएड पर लेट जाती है ...और आपने आँखे बंद करते है..





और फिर सोचते हुई आरती खुद से कहने लगे.

मुझे यकीन करना मुश्किल हो रहा है की मेरे साथ मेरे hi घर में उसने ये सब कुछ किया और तो और मैं भी उसकी हरकत से अपने आप पर काबू नहीं रख पायी. वो फिर नवाज़ को गाली देती जा रही थी.

कमीना.. हरामी साला..

उसके आँखों मई लगभग आंसू आ गए थे..

वो फिर कहने लगे..

मुझे बोहोत बुरा लग रहा है की अरविन्द की बीवी होने के बाद भी मैंने अपने शरीर को उसे छूने दिया.

फिर वो सोकहने लगे..





और फिर ये सब सोचते हुई उसका बदन बुरी तरह से thar-thar काँप रहा था. उसे अभी भी अपने कमर पर नवाज़ के हाथ महसूस हो रहे थे .. फिर उसने खुद को कण्ट्रोल करते हुई कहा ...

बहुत टाइम हुआ है आज मुझे उतने मई और फ्रेश होने मई .. पापा जी अब आते hi होंगे उनके लिए नास्ता रेडी करना होगा ... नीता तो इतनी जल्दी कभी आती नहीं .. नाश्ता तो मुझे hi बनाना पड़ता है ...

फिर स्माइल करते हुई कहते है..





वो भी आ जायेगा .. उसके लिए तो भी नाश्ता बनाना पड़ेगा न ..

हां बनाना पड़ेगा

पर क्या बनाऊ .. उसको क्या पसंद है मुझे तो पता hi नहीं .. नीता को पता है .. पर वो तो यहाँ है hi नहीं

काफी देर तक आरती ऐसे hi खुद से सवाल जवाब करती रही. .. सोचते रहे.. बीएड पाई बैठ कर..

वो फिर कहने लगे..

पापा के आने का टाइम हुआ है ..

ऐसा कहते हुई वो मोबाइल मई टाइम देखने लगे..

पापा को भूक लगे होंगे ..

ऐसा कह के वो उठ के बीएड से निचे उतर किचन की और जाने लगी ...
 
काफी देर तक आरती ऐसे hi खुद से सवाल जवाब करती रही. .. सोचते रहे.. बीएड पाई बैठ कर..

वो फिर कहने लगे..

पापा के आने का टाइम हुआ है ..

ऐसा कहते हुई वो मोबाइल मई टाइम देखने लगे..

पापा को भूक लगे होंगे ..

ऐसा कह के वो उठ के बीएड से निचे उतर किचन की और जाने लगी ... आपने बैडरूम के दूर पाई वो पहुँच गयी थी तब वो कुछ सोचकर वापिस आपने बैडरूम मई आके मिरर के सामने कड़ी होक अपनी साडी ठीक कर लेती है ..





और आख़िरकार बैडरूम से निकली और वो किचन की और चल पड़े ... अब आरती किचन के तरफ जाने लगती है.. जहा नीता और नवाज़ इस टाइम नीता और नवाज किश कर रहे थे ….. आरती जैसे hi किचन के दूर पर पहुंचते है तब वो सामने देखते है की नीता और नवाज़ किश 💋 कर रहे है ..





उन्दोनो को किश करते हुई देखकर आरती को बहुत बड़ा झटका लगा .. उसे इसकी बिलकुल hi उम्मीद नहीं थी ..और वो भी इतने सुबह सुबह और वो भी किचन मई .. वो तो सोच रही थी नवाज़ को कोई अच्छा सा नाश्ता बना देती हु और ये किश देखते hi आरती कहती है

कमीना साला .. ये इधर नीता के साथ मज़े कर रहा है और उधर मई उसके बारे मई सोच रही थी .. और परेशां हो रही थी की इसे भूक लगी होगी बोल के ..

आरती किचन के दूर पर खड़े थी और अंदर नीता और नवाज़ किश कर रहे थे..

तभी नीता कहती है

मेरे मम्मी भी दबाओ न .. मम्मी भी चुसो न… मेरे होंठ hi कितनी देर तक चुसोगे..

तब नवाज़ उसके मम्मी को जोर से दबाता है

आह्ह्ह्हह्ह्ह्ह ... uuiiii….maaaa….

बहार खड़े आरती नीता की इस कामुकता से भरी लस्करी को सुनकर काँप गए..

और उन्दोनो को देखने लगी..





उनका किश देख कर आरती बैचैन होने लगी.. उन्दोनो को देख कर आरती के दोनों पेअर कपङे लगे..

वो दोनों को देखने तो लगी पर आरती को समझ नहीं आ रहा था की यहाँ पर रुक कर ये सब देखे या इन् दोनों को रोके.. या फिर बिना कुछ कहे अपने कमरे में वापस जाये.. एक अजीब सी बेचैन कर देने वाली इस्थिति ने आरती को घेर लिया था.. कुछ भी समझना उसके लिए बोहोत मुश्किल होता जा रहा था..

आरती अभी अपनी hi सोच में डूबी थी की नवाज़ के आवाज़ ने उसके सोच को तोड़ दिया..

नीता तेरी मेमसाब एक डैम मस्त माल है.. अरविन्द साहब तो जैम कर मजे लेते होंगे..?

नवाज़ ने नीता से पूछा..

एआइइइइ…. धीरे धीरे दबाओ न .. दर्द होता है..

ऐसा कहते हुई नीता आगे कहते है

हाँ ये बात तो है.. मेमसाब बोहोत सूंदर है..

उन दोनों की बाते सुन कर आरती को गुस्सा आ रहा था ..

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हे भगवान् ये क्या हो रहा है.. ये लड़का मेरे बारे में क्या पूछ रहा है .. ओह्ह्ह गोड़

कह के बहार की तरफ होक वाल से सात के कड़ी हो गयी..

तूने कभी देखा है उनको चुदाई करते हुई ?

नहीं ऐसा मौका कभी नहीं मिला.. हाँ पर जब साहब की छूती होती है तो साहब मेमसाब को एक दूसरे से lipat’te हुए जरूर देखा है..

अच्छा तुझे क्या लगता है साहब मेमसाब की छूट hi मरते होंगे या गांड भी..?

सब पूछता जा रहा है.. और ये हरामखोर नीता भी उसे मजे ले कर सब कुछ बताये जा रही है..

उन दोनों की बाते सुन कर आरती का गुस्सा बढ़ता hi जा रहा tha..tab वो आँख बंद करते है तब कल का सीन उसके आँखों के सामने आ जाता है.. जब वो नवाज़ के बहो मई थी ..





वो सीन उसके आँखों के सामने आते hi आरती भागते हुई आपने बैडरूम मई चली गयी ..
 
उन दोनों की बाते सुन कर आरती का गुस्सा बढ़ता hi जा रहा tha..tab वो आँख बंद करते है तब कल का सीन उसके आँखों के सामने आ जाता है.. जब वो नवाज़ के बहो मई थी ..





वो सीन उसके आँखों के सामने आते hi आरती भागते हुई आपने बैडरूम मई चली गयी ..और बीएड धड़ से मू पाई गिर गयी ..

ओह्ह गॉड 😮 ये मई क्या देख रही हु ... ये सीन मेरे आँखों के सामने कैसे आ गया .. क्या मई ये सब सोच रही हु .. no वे ..मई ये सब कैसे सोच सकती हु ..नहीं वो नीता का आशिक़ है ..और मई ...

फिर सोच के कहते है

No मई अरविन्द को धोका नहीं दे सकती ...ओह्ह गॉड ये मुझे क्या होते जा रहा है..

और फिर से आँख बंद करती है ...और जैसे hi वो आँखे बंद करती है तब उसके सामने दूसरा एक सीन आने लगा ..

नवाज़ मुस्कुराता हुआ धीरे से आरती की चहरे के और करीब आपने चेहरा लेट हुई उसकी आँखों में देखता हुई शरारती अंदाज़ में धीरे से बोल पड़ता हैं.......

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मई तो ऐसे hi पूछ रहा था अगर मैं प्लान दूंगा तो मुझे क्या मिलेगा

वहीँ आरती शर्म से अब तक अपनी नज़रें नीची की तरफ झुकाये खड़े थी .....वो बहुत ाचे से नवाज़ के शंब्दो का मतलब समझ रही थी ...... वो आपने चेहरा अब उप्पर करती है और नवाज़ की आँखों मई देखते है...

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और मैं मई कहते है. .... ये साला तो और आगे hi आ रहा है.. नवाज़ के आँखों मई देखते हुई कहते है.. बड़ा अड्डा के साथ..

अच्छा जी.. तुमने ऐसे hi कहा..

हाँ मेमसाब. .

ऐसे कहते हुई उसके गाल को आपने एक हाथ के उंगली से टच करता है..

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और आपने फेस उसके हूंतो के करीब लता है.. आरती मैं मई सोचते है.. इस कमीने ने तो मेरे गाल को हाथ लगाया.... और चेहरा इतने करीब लाया है जैसे ये अब मुझे किश करने के मूड मई हो ... कर भी सकता है सेल का कुछ भरोसा नहीं .. इसको अब रोकना पड़ेगा .. नहीं तो मेरे खैर नहीं .. मई ओपपोसे नहीं कर रहे हु इसलिए ये आगे आगे बाद रहा है...

तुम्हारे इस कहने के पीछे कोई मकसद नहीं था. .

ऐसा कहते हुई नवाज़ की उंगली आपने गाल से धीरे से हटा देती है..

नहीं मेमसाब..

सच्ची

हाँ मेमसाब .. मेरा क्या मकसद हो सकता है. . मेरे जैसे एक गरीब का भला ..

ऐसे कहते हुई आपने हूंठ आरती के हूंतो के बहुत करीब लता हैं. .. दोनों हाथ आरती के साइड पाई किचन प्लेटफार्म पर उसने रखे हुई थे ...

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उसके हूंठ आपने हूंतो के कितने करीब आये है ये जानकर आरती डर जाते है... और मैं मई कहते है ...

ोोोू गॉड!! इसने तो अब किश लेने के लिए आपने फेस मेरे हूंतो के करीब लाया है .. मई अब क्या karu..ye अब मेरा किश लेकर रहेगा .. ये ठीक नहीं है .. अरविन्द को मई ऐसा धोखा नहीं दे सकती .. मई अरविन्द के साथ ऐसे बेवफाई नहीं कर सकते .. ..

ऐसा सोच के उसके छथि पर आपने दोनों हाथ रख के उसे पीछे पुश करती है और बाजु हो जाती है.. और कहते है..

मई तुम्हारे जैसे गरीब को अच्छे से जानती हु और उसके मकसद को पचन्ति भी हु..

ऐसा क्या मेमसाब

ये कह कर वो फिर से आरती के नज़दीक चला गया ..….

हाँ

तो क्या मकसद होता है मेरे जैसे गरीब का

जो तुम भी जानते हो

मई तो कुछ नहीं जनता मेमसाब . . मई तो एक भोला भला गरीब इंसान हु. . जो आप जैसे अमीरो के यहाँ छोटा मोटा काम करके आपने गुजरा कर रहा हु

आरती इस पर मुस्कुराने लगती है..

और. .

और क्या मेमसाब

तब नवाज़ ने अपना एक हाथ आरती के बाजु मई किचन के प्लेटफार्म पर टिकाया .. और थोड़ा जुक गया ..

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अब उसका फेस आरती के फेस के और करीब आ चूका tha..wo चुप चाप से खड़ा हो गया ... आपने फेस उसके फेस के करीब लेकर...( जब की आरती किचन प्लेटफार्म को सत् के खड़े थी) ...
 
और क्या मेमसाब

तब नवाज़ ने अपना एक हाथ आरती के बाजु मई किचन के प्लेटफार्म पर टिकाया .. और थोड़ा जुक गया ..

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अब उसका फेस आरती के फेस के और करीब आ चूका tha..wo चुप चाप से खड़ा हो गया ... आपने फेस उसके फेस के करीब लेकर...( जब की आरती किचन प्लेटफार्म को सत् के खड़े थी) ...

नवाज़ के नथुनु से बहार आ रही गरम सांसो को महसूस करके आरती के बदन मई अब वासना के खुमारी चने लगी थी …..अब तक आरती के मान मैं नवाज़ के लये ऐसा वैसा विचार नहीं आया था ….. पर नवाज़ ऐसा विचार करने के लिए आरती को मज़बूर कर रहा था..

तब नवाज़ फिर से कहता है

और क्या मेमसाब

तब आरती कहती है

और कुछ नहीं ...

आपने और कहा न इसलिए पूछा ..

नवाज़ उसके आँखों मई देखते हुई कहता है .. नवाज़ के ऐसे करने के बाद आरती मैं मई सोचते है..

कमीना मेरे कितने करीब आया है .. पर इसको दुर्र हटाने को या दुर्र हैट जा ऐसा कहने को मैं नहीं कर रहा है.. मेरी नज़ारे एक पल के लिए भी नवाज़ से हटाए नहीं हुत्त रही थी....... जो भी है जैसा भी hai.......magar कुछ तो बात है इस कमीने में........... जो मैं चाह कर भी उसे कुछ बोल नहीं पा रही हु .....एक अजीब सी डोर मुझे बार बार उसकी तरफ खींच रही है ...... और ये कमीना इससे अच्छे से जान गया है.. इस लिए तो ये कमीना है.. और इसका ये अच्छे से फायदा उठा रहा है.. कितना करीब आ गया है मेरे.. जैसे मेरा हस्बैंड hi हो.. 420 साला.. पहले अपनी ऐसे चिकनी चोपड़े शब्दों से नीता को फसाया अब मुझे फ़साने की कोशिश कर रहा है.. देखते हु आगे और क्या क्या करता है मेरे साथ..

तब नवाज़ कहता है

बताइये न मेमसाब

तब आरती कहती hai..uski आँखों मई देखते हुई..





और उस आमिर घर के भोलीभाली लड़की और औरत को आपने जाल मई फंसना ..

आरती ने उसकी आँखों मई आँखे ढलते हुई ये कहा

मई ऐसा हु क्या मेमसाब

मुझे क्या पता

तो आपने ऐसे क्यों कहा .. पता नहीं है तो ..

मैंने तुम्हारे बारे मई नहीं कहा .. तुम्हारे जैसे भोले भले गरीबो के बारे मई कहा

ऐसा क्या

हाँ जी

आरती के ऐसे कहते hi नवाज़ के मान मैं पता नहीं क्या आया….. वो थोड़ा आगे बड़ा और आपने एक हाथ आरती के कमर के पीछे डालके उसके कमर को पकड़ लेता है .. और एक झटका देखे उसको वो आपने बहो मई लेता है..





नवाज़ के ऐसे करने से आरती एक दम से चौंक जाती है …..

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नवाज़ नवाज़ के इस हमले से आरती घबरा जाते है.. उसे इसकी उम्मीद नहीं थी.. उसकी घबराहट नवाज़ ताड़ गया था …… घबराहट की वजह से उसे आपने कमर पर का नवाज़ का हाथ हटाने की सुजा नहीं.. पर नवाज़ को लगा आरती कोई विरोद नहीं कर रही है.. इसलिए वो आरती से और चिपक जाता है.. तब आरती ने झट से उसके कमर पर का नवाज़ का हाथ निकल दिया ... तब नवाज़ उसके छीन के नीचे अपने दो उंगलियां रख कर उसके फेस को उप्पर उठा लेता है .. और आपने फेस उसके फेस के बहुत करीब लता है..

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नवाज़ के ऐसे गले लगाने से या कहे उसके चिपकने की वजह से आरती के जिस्म में गर्मी बढ़ने लगी थी और इधर नवाज़ तो आरती मई समां जाना चाहता था.. आरती के मस्त बदन को चिपक जाने का असर नवाज़ के हथियार पैर हुआ और उस ने आरती की छूट के पास ठुमका मारा जिसका एहसास होते hi आरती के सरीर में झुरझुरी सी मच गयी..
 
नवाज़ के ऐसे गले लगाने से या कहे उसके चिपकने की वजह से आरती के जिस्म में गर्मी बढ़ने लगी थी और इधर नवाज़ तो आरती मई समां जाना चाहता था.. आरती के मस्त बदन को चिपक जाने का असर नवाज़ के हथियार पैर हुआ और उस ने आरती की छूट के पास ठुमका मारा जिसका एहसास होते hi आरती के सरीर में झुरझुरी सी मच गयी..

नवाज़ ने उसको एक हाट से बहो मई लिया था





और दूसरे हाट से उसकी गांड दबाने लगा ..

अह्हह्ह्ह्ह no नवज़ज़ज़





तब उसके चहरे पर किश करने लगा..

चल हैट बदमाश!!

तब उसकी गांड दबाने लगा और उसके मम्मी भी.. तब आरती के मुँह से ोुछः और आआह्ह्ह्ह की आवाज निकली .. अब नवाज़ आपने होंठ आरती के होंटो के पास ले जाता hai..aur उसके होंटो को आपने होंटो मई नवाज़ ने ले लिया..





और उसके होंटो को चूसने लगा .. वैसे hi आरती आँख खोल देते है और बीएड पर hi लेते लेते hi सर ऊपर उठा लेती है ..

ओह्ह्ह गॉड ये सपना है या ऐसा कुछ हुआ था कल .. हुआ था तो मुझे कैसे याद नहीं .. no ये सपना तह ..

फिर कुछ सोच के कहती है





सपना और दिन का और वो भी जागते हुई.. और वो भी सुबह सुबह .. कहते है सुबह का सपना सच होता है ..

तब शर्मा के सामने देखते हुई कहते है...





नहीं.. नहीं .. ये सपना सच नहीं होना चाहिए..

काफी देर तक आरती ऐसे hi खुद से सवाल जवाब करती रही. .. सोचते रहे.. बीएड पर लेते लेते hi ..वो फिर कहने लगे..

इन् दोनों के पास से आकर बहुत टाइम हुआ है अब..

ऐसा कहते हुई वो घडी की और देखने लगे.. इन् लोगो को भूक नहीं लगे होंगे क्या..

फिर वो कहने लगे..

उस कमीने को भूख नहीं लगे होंगे.. पर नीता को तो भूख लगे होंगे न.. उस कमीने के भूख मई अच्छे से जानते हु.. पर आरती वो तो लव बर्ड है.. तू तो जानती है न लव बर्ड को प्यार मई भूख प्यास कुछ नहीं लगती.. पर मुझे तो लगी है भूख .. आरती तुजे अब किचन मई जाना चाहिए.. पर ऐसा वह जाना ठीक रहेगा क्या..

उसके बैडरूम मई अभी एक च रहा था पर एक का चलना न चलना एक बराबर था. क्यों की एक मई भी उसे पसीना आ रहा था.. नवाज़ और नीता के बारे मई सोच कर..

फिर वो खुद को कहने लगे..

मुझे जाना hi चाहिए.. पर……. कही वो रूम मई या बहार अकेला hi हुआ तो ? और वह नीता नहीं हुई तो.. और मुझे अकेला पाकर कही उसने मेरे साथ कुछ गन्दा काम करना चाहा तो..

नहीं….. नहीं .. नीता होंगे वह.. वो कहा जायेगे.. वो उसे इतने जल्दी अकेले नहीं छोड़ेगा ..

आरती ने अपने आप hi सवाल किया और अपने आप hi उसका जवाब दे दिया. पर फिर भी एक बार कन्फर्म कर लेना ठीक है. पर मई किचन मई गयी और दुबारा वह वही चल रहा होगा तो .. ?

नहीं नहीं उनका अब ख़तम हो गया होगा ..

ऐसा कह के वो शर्मा गयी ..





मुझे लगता है वो लोग भहर नहीं होंगे.. किचन मई hi होंगे ..

आखिर कर वो कुछ सोचकर बैडरूम से निकली और वो दोनों जहा थे मतलब किचन की और चल पड़े .. किचन से थोड़े दुरी पर आरती पहुँच गए.. कुछ देर वही ruki..aur सोचने लगे.
 
मुझे लगता है वो लोग भहर नहीं होंगे.. किचन मई hi होंगे ..

आखिर कर वो कुछ सोचकर बैडरूम से निकली और वो दोनों जहा थे मतलब किचन की और चल पड़े .. किचन से थोड़े दुरी पर आरती पहुँच गए.. कुछ देर वही ruki..aur सोचने लगे.

आगे जाऊ या नहीं.. या आवाज दू..

आख़िरकार आरती से रहा नहीं गया और वो बोहोत hi धीरे से थोड़ा सा आगे हुई .. किचन का दरवाजा थोड़ा सा खोला और सर निकल कर इधर उधर देखा .. उसने चारो तरफ देख लिया पर उसे वह कोई नहीं देखा .. उसे विश्वास हो गया की वो दोनों किचन मई कही भी नहीं है. .. तब उसने पूरा दरवाजा खोल दिया और किचन के अंदर वो दाखिल हुई ..वह दोनों नहीं थे तब उसे लगा कहा गए ये दोनों ..

कुछ देर वो वही कड़ी रही और सोचने लगी .. कहा गए होंगे ये दोनों

तब उसे लगा शयद उनके कमरे मई चले गए होंगे क्या ..

हां शयद

खुद hi जवाब दिया

और फिर कहती है

जाने दो मुझे क्या करना है ..

ऐसा कह के वो नीता ने नाश्ता बनाया है क्या देखती है पर वह कोई नाश्ता बनाया हुआ दिखाई नहीं दिया ..

तब स्माइल करते हुई कहते है





कहा से बनायेगे .. नवाज़ बनाने देंगे तो ..

ऐसा वो शरमाते हुई कहते है





फिर स्माइल करते हुई फिर से कहते है





मुझे पक्का यकीं है जब से यहाँ आया है तब से इस कमीने ने कुछ काम नहीं किया होगा.. आपने मीठे मीठे बाटे करके नीता के साथ मज़े किये होंगे.. और इधर पापा जी कल कह रहे है उसने क्या काम किया है वो देख लो और उसे काम बता दो.. अब मुझे पता है ये कमीना कुछ काम नहीं करेगा तो उसको काम बताके क्या फायदा..

ऐसा बोल के आरती किचन मई नाश्ता बनाने लगी .. आपने लिए और आपने ससुर के लिए.. .. उसके बाद आरती सोचते सोचते नाश्ता खाने लगी .. नास्ता खाने के बाद वो विंडो के पास आती है और बहार को देखते है . पर उसे बहार कोई नहीं दिखता ..

तब वो कहते है

क्या करू मई.... नहीं नहीं वह जाना ठीक नहीं है .. उस दिन देखा ता अब नहीं ..
 
..ऐसा बोल के आरती किचन मई नाश्ता बनाने लगी .. आपने लिए और आपने ससुर के लिए.. .. उसके बाद आरती सोचते सोचते नाश्ता खाने लगी .. नास्ता खाने के बाद वो विंडो के पास आती है और बहार को देखते है . पर उसे बहार कोई नहीं दिखता ..

तब वो कहते है

क्या करू मई.... नहीं नहीं वह जाना ठीक नहीं है .. उस दिन देखा था अब नहीं ..

ऐसा कह के आरती फिर से आपने बीएड रूम मई आयी . .. और आपने बीएड पर पिट के बल लेटती है ..और लेते लेते छत की और देखते हुई सोकहने लगाती है..





क्या ये सही है जो मई कर रही हु.. जो मई सोच रही हु ..वो दोनों आशिक़ है .. नीता नवाज़ से बहुत प्यार करती है.. और वो कमीना ..

वो कमीना कहा से प्यार करेगा ..

ये कहते हुई आरती के चेहरे पर मुस्कान फेल गए……





फिर वो सोचती है..

इस के पास 2 लड़किया है.. और मेरे पीछे पड़ा है.. उन्दोनो जैसे गंदे हरकत क्या मेरे साथ करेगा क्या?? नहीं नहीं.. ऐसा नहीं कर सकता .. फिर वो खुद को hi कहते है.. ये कमीना कुछ भी हरकत करने की हिम्मत रखता है..

और फिर मुस्कराते हुए बोलने लगी ..

कुछ भी कहो ये मास्टर आदमी है ये.. पहले नीता.. बाद मई ये वंदना.. और अब मेरे पीछे पड़ा है.. और नसीब भी सेल का देखो न.. एक से मस्त दूसरी है.. दोनों को तो पता चूका है.. और तीसरी??? नहीं नहीं तीसरी नहीं पटेगे.. मई कैसे.. आरती तू कैसे पटेगे.. तू कुछ भी सोच रही है.. तू भी न आरती..

फिर वो बीएड मई से उठ गयी .. उसने आपने आप को मेक उप किया और फिर अच्छी वाली साडी पहन ली.. और फिर सोचने लगी..

क्या सच मई मई नवाज़ से पैट जयुंगी क्या??

फिर बीएड पर बैठ गयी.. और सोचने लगी..

नहीं नहीं ..ऐसे कैसे .. कॉलेज मई और कॉलोनी मई कितने सरे लड़को ने तरय किया .. पर मई किसी से पति नहीं .. और यहाँ एक नौकर से और वो भी इतने काम समय मई .. मतलब.. ी मैं उसको आके ऐसे कितने दिन हुई है .और वैसे भी वो और कितने दिन यहाँ रहनेवाला है .. 2 -3 दिन मई वो यहाँ से चला जायेगा ..

तो आरती तुजे क्या लगता है क्या वो तुजे इन् 2 -3 दिन मई पता पायेगा

नहीं .. कभी नहीं .. मुझे नहीं लगता.. मतलब उसे यहाँ आके 3-4 दिन हो गए है.. मतलब मई 3-4 दिनों मई उससे पैट नहीं पायी तो बजी के 2-3 दिनों मई कैसे पैट पाउंगी .

फिर कुछ सोच के कहते है

वैसे नीता को इसने कितने दिनों मई पटाया होगा ?? मुझे क्या पता.. उसको पटाने मई उसे कितना टाइम लगा होगा .. क्या पता .. नीता ने भी नहीं बताया और उस कमीने भी नहीं बताया .. मैंने पूछ फिर भी नहीं बताया ..

अब वो दोनों उस रूम मई क्या कर रहे होंगे.. मई जेक देखु क्या?? नहीं नहीं.. ऐसा करना ठीक नहीं होगा.. मैंने चुपके से देखा और वो नवाज़ ने देखा तो वो मेरे पीछे पड़ेगा ..

फिर स्माइल करते हुई कहती है..





उसको तो ऐसा मौका chahiye..aur मई ऐसा मौका उसको हरगिज़ नहीं दंगे ..

फिर कहते है

नवाज़ को तो सुबह जल्दी भूख लगाती है .. पर उस कालमुई ने उसे खाना दिया होगा क्या

तब स्माइल करते हुई कहती है..





धत्त्त!!! मई भी न नवाज़ की कितने केयर कर रही हु .. उसकी माशूका है न वो कार लेगी न उसकी केयर !!! मई भला क्यों करुँगी उसकी केयर ..

ऐसा कह के आरती शर्मा जाती है..
 
धत्त्त!!! मई भी न नवाज़ की कितने केयर कर रही हु .. उसकी माशूका है न वो कार लेगी न उसकी केयर !!! मई भला क्यों करुँगी उसकी केयर ..

ऐसा कह के आरती शर्मा जाती है.. यही सब सोचकर आरती बीएड पर लेट gaye..aur अपनी आँखे बंद कर दिए...

क्या मई सही कर रही हु या नहीं ? एक गैर मर्द .. जो हमारे घर का नौकर है.. उसके दो दो लड़की के साथ अफेयर.. मुझे मालूम होते हुई भी मई कुछ नहीं कर रही हु.. मेरे हस्बैंड और ससुर को नहीं बता रही हु.. एक लड़की को अपनी गिरफरैंड बोल रहा है.

बीएड पर लेते हुए उसके दिमाग में ऐसे कई सारे सवाल चल रहे थे. एक तरफ तो उसे बोहोत आनंद की प्राप्ति का एहसास हो रहा था और दूसरा उसे अपने आप पर गुस्सा भी आ रहा था की वो ये सब क्या और क्यों कर रही hai...kyon उसने ये सब देखा.. वो सोचने lage..Kya वो भी उस गंवार नवाज़ के जैसी गन्दी हो गयी है . ? क्यों मैंने ये सब किया... ऐसा आरती सोचने लगे..

सोचते सोचते hi उसे नींद आ गयी ..इस वक़्त आरती किचन मई थी .. थोड़े देर बाद नवाज़ किचन मई आता है.. इस वक़्त किचन में नीता नहीं थी .. आरती को अकेले देखते hi नवाज़ खुश हो जाता है.... आरती की पिट नवाज़ की तरफ थी ..





अब उसको देखते हुई उसकी तरफ आने लगता है.. जैसे hi आरती ने देखा की नवाज़ उसकी और आ रहा है आरती डर गयी और मैं मई कहती है..

मर्डर गयी.. कमीना मेरे तरफ क्यों आ रहा है .. मेरे नज़दीक आएगा तो ये कुछ न कुछ गन्दी हरकत करेगा..

हुआ भी वही .. आरती ने जैसे hi नवाज़ को देखा ...

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वैसे hi आरती की आंको में आंके दाल के देखते हुई एक हाथ से बेस्ट करके ( उसके बूब्स की तरफ इशारा करते हुई) दिखता है..

आरती ये देख कर दांग रह जाती है और पलट जाती है ....और गुस्से से कहते है..

कमीना साला

और मन मई सोचते है इसका मेरे माइड नीता के साथ अफेयर है.. वो ये जनता है की मई जानती hu..aur दूसरी तरफ ये कमीना मुझसे फ़्लर्ट कर रहा है ...... ये

किस क़िस्म का इंसान है ..

जैसे hi नवाज़ आरती के पास आया तो उसने उसे अपनी बहो मई लिया. .

क्यों डर रही हो मेमसाब

ऐसा कहके उसे अपनी और खिंच लेता है.. और उसके गाल को किश करने लगता है..

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फिर उस को जैसे hi उसने अपनी बहो मई लिया वैसे hi नवाज़ ने आरती के कांपते होंठ पाई आपने होंटो रख दिए और उसे जोर जोर से चूसने लगा ..





तब आरती ने नवाज़ को आपने से झट से दूर kiya..aur वो पीछे हैट गए..

दूर हैट जा बत्तमीज..

क्या हो गया रानी..

ऐसा कह के नवाज़ फिर से उसके करीब आता है..

मेरे करीब मत आओ

पर क्यों

ये पाप है
 
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