Adultery KAMINA CHUDDAKAD - NEW VERSION .... - Page 27 - SexBaba
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Adultery KAMINA CHUDDAKAD - NEW VERSION ....

नीचे आने का इरादा है केक कट करने के लिए .. या वही बैठे रहने का इरादा है ..

तब नवाज़ कहता है..

आता हु न रानी .. तू बुलाये और हम न आये ऐसा हो सकता है क्या

ऐसा बोल के आरती के पास चला जाता है.. तब आरती बाल सँवारने लगी ..





और इधर नवाज़ उसके सामने खड़े होक एक तक उसे घूरने लगा..... आरती भी नवाज़ को देखे जा रही tha...nawaz उसकी आखो में झांक कर ये समझने की कोसिस में लगा था की उसके मंद में चल क्या रहा है....

नवाज उसे ऊपर से नीचे तक देखता हुआ सुखद आनंद की अनुभूति में डूबता जा रहा tha.....nawaz ने जो उसके ब्लाउज के बटन खोले थे अब तक खुले hi थे ..

नवाज़ के ऐसे देखने से आरती शर्माने लगी और उसने नजरे झुका ली....

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आरती (शरमाते हुए)- ऐसे क्या देख रहे हो.. पहले बार देख रहे हो क्या

उसके आँखों मई देखते हुई वो बोल पड़ा

तुजे जब भी देखता हु तो पहले से ज्यादा खूबसूरत दिखती है

ऐसा कहते हुई नवाज़ ने फिर जोश मई आ गया.. और आरती आगे कुछ कहे उससे पहले नवाज़ आरती के करीब आया और आरती से लिपट gaye..aur अपनी छथि आरती के मम्मी को रगड़ने लगा ..

तब आरती उसे पीछे धकेल देती है

ये ये चोरो मुझे .. बर्थडे का केक नहीं कट करना है क्या

आज मेरा बर्थडे नहीं है

तब स्माइल करते हुई कहती है

जूथ मत बोलो .. मई जानती हु आज hi तुम्हारा बर्थडे है

ारे रानी सच कह रहा हु .. मुझे सच मई पता नहीं है की आज मई पैदा हुआ हु या नहीं ..

ऐसे कैसे .. आप के अब्बू अम्मी को तो पता होगा न .. वो क्यों झूठ बोलेंगे ..

अब उनको hi पता नहीं है तो वो मुझे क्या बोलेंगे .. मेरे अम्मी को मेरे अब्बू ने कब छोड़ा और मई कब पैदा हुआ उनको याद hi नहीं है

कितना गन्दा बोलते हो आप .. और वो भी आपने अम्मी को लेके .. अब्बू को लेके

. तब उसके कमर पाई नवाज़ हाथ रखता है ..

अब इसमे गन्दा क्या .. चुदाई hi से बच्चा पैदा होता है

उसके ऐसे कहने से और कमर पर हाट रखने से स्माइल करती है

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और सिसकती है

आआअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह

वो जाने दे बर्थडे का पता नहीं पर आज हम आपने प्यार का पहला दिन तो सेलिब्रेट कर सकते है न ..

तब आरती शरमाते हुई कहती है





हां

फिर चल सात मई केक कट करते है

चलिए

पर पहले धनवाद किश 💋 दे दे

तब आरती कहती है

किस बात का धनवाद

मेरे बर्थडे के लिए केक लाया .. नया बीएड ... और इतना सारा इंतेज़ाम किया उसके लिए

मुझे आप की बात समाज नहीं आती .. कहते हो आज मेरा बर्थडे नहीं है और फिर धनवाद कह रहे हो

ऐसा hi हु मई रानी .. सॉरी बेगम

बेगम कहते hi आरती शर्मा गयी





ऐसा कहते हुई उसके सर के पीछे हाथ डालते हुई उसका चेहरा निचे करके उसको किश करने लगता है..

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वो चुम्बन इतना गहरा और नशे से भरा था की आरती आपने होश खो बैठी....

वो आरती के नाज़ुक हूंतो का शहद पि रहा था और आरती भी पीछे नहीं thi..wo पुरे ताकत से नवाज़ के हूंतो को चूस रही थी.. उसे आपने रास पीला रही thi..aur उसका निकल रही थी.. उन्दोनो का चुम्बन इतना गहरा और नशे से भरा था की आरती आपने होश खो बैठी थी .... वो किश करते हुई आपने नोके वाली चठिया नवाज़ के सीने पर रगड़ रही थी..

तभी नवाज़ ने उसके एक आम पर हाथ रख के उसके आम को दबा दिया .. ..तभी hi आरती ने उसका हाथ को पकड़ लिया और उसके वही हाथ को वही hi रोक दिया ..और किश तोड़ते है तब दोनों की नज़ारे मिली

नहीं नवाज़.. ये मत करो

क्यों

आरती जानती थी की उसके क्यों का वो जवाब नहीं दे पाएंगे

फिर नवाज़ ने उसके आम को दबाने कोशिश की

मन क्यों कर रही हो

नवाज़ के ऐसे कहने से आरती का चेहरा तमतमा गया.. आरती को पता था की जब भी नवाज़ शुरू करेगा तब उसे रोकना मुश्किल हो जायेगा.. और खुद को भी .. फिर भी वो बोली..

अभी कुछ देर पहले तो आप ने किया ..यही बैडरूम मई..

फिर कुछ देर रुख के आरती कहती है..

चलिए केक कट करते है .. बाकि का काम बाद मई करते है

और स्माइल करते है

चल रानी .. जल्दी से केक कट करके .. आपने असली वाला काम करते है .. इस नए बीएड पाई ..

तब शर्मा के आरती कहती है ..

बेशरम

इसमे क्या बेशर्मी.. इतना अच्छा बीएड मेरे बेगम ने मेरे लिए लाया है तो उसका सदुपयोग करना पड़ेगा hi न

इतना बीएड पसंद आया क्या

बीएड भी और बीएड वाली भी

पहलीवाली के साथ भी ऐसा hi बीएड होगा ..और बेड़वाली भी होगी न

नहीं वह न बीएड अच्छा था और न बेड़वाली .. इसलिए वह मज़ा नहीं आता था.. अब असली मज़ा आएगा
 
इसमे क्या बेशर्मी.. इतना अच्छा बीएड मेरे बेगम ने मेरे लिए लाया है तो उसका सदुपयोग करना पड़ेगा hi न

इतना बीएड पसंद आया क्या

बीएड भी और बीएड वाली भी

पहलीवाली के साथ भी ऐसा hi बीएड होगा ..और बेड़वाली भी होगी न

नहीं वह न बीएड अच्छा था और न बेड़वाली .. इसलिए वह मज़ा नहीं आता था.. अब असली मज़ा आएगा. ..

तब आरती नवाज़ के हाट मई चाकू देता है केक कट करने को और हैप्पी बर्थडे का सांग मोबाइल मई लगा देते है.. फिर दोनों मिल के केक कट करते है.. फिर आरती उसको केक खिलाती है और कहते है

हैप्पी बर्थडे जीई
 
इसमे क्या बेशर्मी.. इतना अच्छा बीएड मेरे बेगम ने मेरे लिए लाया है तो उसका सदुपयोग करना पड़ेगा hi न

इतना बीएड पसंद आया क्या

बीएड भी और बीएड वाली भी

पहलीवाली के साथ भी ऐसा hi बीएड होगा ..और बेड़वाली भी होगी न

नहीं वह न बीएड अच्छा था और न बेड़वाली .. इसलिए वह मज़ा नहीं आता था.. अब असली मज़ा आएगा. ..

तब आरती नवाज़ के हाट मई चाकू देता है केक कट करने को और हैप्पी बर्थडे का सांग मोबाइल मई लगा देते है.. फिर दोनों मिल के केक कट करते है.. फिर आरती उसको केक खिलाती है और कहते है

हैप्पी बर्थडे जीई

धनवाद बेगम साहिबा

ऐसा कहते हुई नवाज़ ने उसके चहरे को पकड़ा और उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए .. और उसे चूमने लगा ..

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उम्म्म्मममममममममममम

Lomde..kya मीठा अहसास आता है … तेरे को चूमते हुई..

बदमाश!!

ऐसा कहते हुई आरती उसके सर को मरती है..

लौंडे और मई ..

हां तू लौंडे hi है

फिर से उसे लौंडे बोल ने से वो और ज्यादा शर्मा गए.. और शरमाते हुई उसने कहा..





मई कोई लौंडे वंदी नहीं हु .. मई सिर्फ आरती अग्रवाल हु .. और मेरे नवाज़ की बेगम हु ..

मेरे लोमड़ी बेगम

ऐसा कहते हुई नवाज़ ने उसे जोरों से चूसने लगा .. .. नवाज़ ने लोमड़ी बेगम कहा उस वजह से जोश मई आके आरती भी अपने पुरे ताकत से नवाज़ को चूसने लगे…

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आरती अब बहुत जोश मई आ गए थे.. उसने खुद hi नवाज़ के हाथ को पकड़ा और धीरे धीरे ऊपर करते हुई उसे आपने छथि पर रख कर जोर से दबा दिया.. नवाज़ को ऐसा लगा जैसे उसका हाथ मखमली गद्दे के उप्पर रख दिया ho..aur फिर उसने उसके चुचुकों को पकड़ कर जोर से मसल diya..waise hi आरती चिल्ला उठी ..

आआआआअह्हह्ह्ह्हह….. यययययययी ..... Uuuuuuuuuuuuuuuuuu……. ffffffffffffffffff …. धीरे करो ...... नवाज़्ज़ज़्ज़ज़…. अहह दर्द होता है....

आवाज इतने तेज थे के इस वक़्त कोई मैं दूर पाई खड़ा होता तो आवाज उसे भी सुनाये दे जाते..

तब नवाज़ ने उन्हें धीरे-2 अपने उँगलियों से दबाना सुरु किया ... और साथ ही उसके होंठों का रास भी पीना जारी रखा. और अचानक उसे आरती के गांड का ख्याल aaya...uske दोनों हाथ एकदम से उसके मस्त पिछवाड़े पर पहुँच गए और वो उन्हें बुरी तरह से मसलने लगा... वह मसलवाने मई तो आरती को अब कोई प्रॉब्लम नहीं थी …

वो अपने मम्मी नवाज़ के छाती मई चुबती हुई आपने गांड नवाज़ से मसलनवाने लगे .. .. आज उसे बहुत मजा आ रहा था... ...और आरती भी पुरे शिद्दत के साथ एन्जॉय कर रही थी

अचानक आरती को अहसास हुआ की नवाज़ ने उसके साडी और पेटीकोट के नीचे से उसके गांड पाई हाथ रख दिया है ..

एक्चुअली उसका जो हाट उसके गांड पर था उसे उसने थोड़ा उप्पर किया और साड़ी कहा से बन्दते है वह से हाट डालने की वो कोशिश कर रहा था.. वह से अंदर हाट डालना मुश्किल था पर फिर भी उसने हाट थोड़ा अंदर डाला ..

उसके नंगे स्किन पर नवाज़ का हाथ के स्पर्श से वो अन्दर तक कपकँपा गए .. और उसने आपने किश की स्पीड बड़ा दी ..

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इस लाजवाब किश और उसके गांड की मालिश से निकल रही तरंगे दोनों के शरीर को ज़नज़ाना रही थी..

ओह नवाज़ ........ कहाँ थे....... पहले क्यों नहीं आये ...... ahah.......love यू ........ ी लव यू ....... मेरे नवाजजजजजज…. Raajjjjjjaaaa…..ummmmamamamamam...... आह्ह्ह्हह…

जोश मई आकर नवाज़ ने आपने शर्ट को उतर के फेक diya..aur वो आरती को फिर से किश करने लगता है .. और वो अब उसके ब्लाउज के उप्पर से उसके निप्पल को दबाने लगा..

तब उसे झट से पीछे धकेल के कहती है

धत्त!!! बेशरम!!! पागल हो गए हो क्या ..

पागल नहीं लोमड़ी अब मुझसे बर्दास्त नहीं हो रहा है

तब पीछे टेबल पाई बैठ के बड़ी अड्डा के साथ कहते hai..usi टेबल पाई केक था ..





अच्छा जी .. फिर आप क्या करने का इरादा है फिर ...आपने बेगम के साथ..

मेरा बर्थडे यादगार करने का इरादा है रानी ..

आप का बर्थडे यादगार करने के लिए इस बेगम को क्या करना पड़ेगा..

कुछ नहीं अपनी शोहर की बात माननी पड़ेगी ..

तभी उसके हूंतो को नवाज़ आपने मू मई लेता है ..और उसे चूसने लगता है ..

तब किश तोड़ते हुई कहते है

अगर शोहर कुछ भी करने को बोले तो

करने का

तब शरमाते हुई कहते है





और शोहर कुछ भी करे आपने बेगम के साथ तो

करने देने का

ऐसा बोल के उसके एक मम्मी को ब्लाउज के नीचे से हाट डालके आपने हाथ मई लेके उसे जरा जोर से दबाता है …

Oucccccccccccccccccccccchhhhhhh… जरा dhireeeeeeeeeeeeeeee ….

क्या मस्त मम्मी है बेगम साहिबा तुम्हारे

ऐसा बोल के उसको किश करने लगा तब वो उसके और आपने होंटो के बीच हाट रख के कहती है

बार बार वही करने से बोर नहीं होते क्या ..

तब उसे आपने और खींचते हुई कहता है ..

तेरे इतने मस्त होंटो से कोई पागल hi बोर होगा .. तेरे पति जैसा ..

नवाज़ ने ऐसा कहते hi आरती उसके सर को धीरे से मरती है ..

आपने मालिक को पागल कह रहे हो ..उसके वजह से तुजे ये सब मिल रहा है …तूने तो उसको धनवाद बोलना चाहिए .. और तू उन पागल बोल रहा है ..

थैंक youuuuuuuuuuuuuu… मेरे पागल malikkkkkkkkkkkkkkkkk …

और जोर से उसे मम्मी को दबाता है

Aaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhaaaaaa…

करके उसके सर को जरा जोर से मरती है आरती ..

फिर से पागलललललल…

नवाज़ अब फिर से उसके होंटो पाई होंठ रख के उसको किश करने लगा .. इस बार आरती ने विरोध नहीं किया ..आरती के नंगे मम्मी को .. ब्लाउज के अंदर उसका हाट डालने की वजह से .. बड़े प्यार से दबाने laga..uske हूंतो को चूसते हुई .. जैसे जैसे वो उसके मम्मी को दबा रहा था, आरती की आँखे उप्पर की तरफ होती चली गए.. जैसे कोई मिर्गे का दौरा पद रहा ho..Par वो कोई दौरा नहीं पद रहा था, अत्त्याधुक उत्तेजना की वजह से उसके अन्दर से उसके अन्दर एक जोरदार ऑर्गैनिस्म का निर्माण हो चूका था…

वो अब किश तोड़ता है और उसके ब्लाउज के उप्पर से hi उसके एक निप्पल्स को दबाने लगा.. और जैसे जैसे नवाज़ उसके निप्पल्स को दबा रहा था वो हवा सीधा उसके ऑर्गैज़म मई आकर उसे और ज्यादा पहला रही थी..

अब नवाज़ आरती के मस्त हुई दूसरे निप्पल्स को मू मई लेता है ..और जैसे hi नवाज़ ने उसके निप्पल को मू मई लेकर चूसा.. वैसे hi आरती जोश मई आके बड़बड़ाने लगे ..

Aaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaaaaaaa…nnaawwwaaaaaa zzzzzzzzz..uuuuummmmmmhhhhaaa….

नवाज़ उसके गुलाभी निप्पल्स को चूस रहा था.. ब्लाउज और ब्रा के उप्पर से .. आपने मू मई लेकर … फिर वो उन चबा रहा था.. और दूसरे हाथ से उसके दूसरे मम्मी की मालिश करते हुई उन दबा रहा था ..

मेरे एक बात सुनोगे

Aaaaaaaaaaaaahhhhh…..hhhhhh…

aaaaaaaaannnnnnnnnn……

नवाज़ ने अब उसका ब्लाउज धीरे-2 ऊपर करना शुरू कर दिया ... निचे के 2 बटन पहले hi निकल चुके थे इस वजह से .. वो उसके निप्पल को देखना चाहता था.... और उन्हें चूसना भी ..

हां बोलो

मई मेरा ये बर्थडे यादगार करना चाहा रहा था

नवाज़ ने आपने दांव खेलना सुरु किया

तब आरती को मस्ती सूजी ..

आप तो कह रहे थे आज आप का बर्थडे hi नहीं है

मई सीरियसली बात कर रहा हु रानी

यस .. ी अंडरस्टैंड.. मई भी यही चाहती हु ..

फिर आज हम एक हो जय क्या

तब अनजान बनाने का नाटक करते हुई कहते है





मेरे राजा हम कब के एक हो गए है ..

तब जरा चीड़ के नवाज़ कहता है..

मई चुदाई की बात कर रहा हु .. मई तुम छोड़ना चाहता हु आज रात ..

धात !!! गंदे कही के ..

ऐसा बोल के वो शर्मा जाती है





ऐसा कोई बोलता है क्या ..

अब हम बेगम और शोहर बन गए है ..तो हमारे बीच मई क्या गन्दा और क्या शर्म

मूत भूलिए मई आपकी बेगम अभी तक नहीं बानी हु

वही तो कह रहा हु तुजे आज रात मई अपनी बेगम बना देता हु

उतना हो गया तो बेगम बन जाती है क्या

नहीं तो क्या

आप को है न कुछ भी पता नहीं है .. और चले मुझे अपनी बेगम बनाने ..
 
अब हम बेगम और शोहर बन गए है ..तो हमारे बीच मई क्या गन्दा और क्या शर्म

मूत भूलिए मई आपकी बेगम अभी तक नहीं बानी हु

वही तो कह रहा हु तुजे आज रात मई अपनी बेगम बना देता हु

उतना हो गया तो बेगम बन जाती है क्या

नहीं तो क्या

आप को है न कुछ भी पता नहीं है .. और चले मुझे अपनी बेगम बनाने

तो कैसे बनाते हैं बेगम

तब आरती कहती है शर्मा के

मुझे नहीं पता

बता न रांड

तब गुस्से से नवाज़ को देखते हुई कहते है





मुझे अपनी बेगम बनाने चले हो या रांड

फिर कुछ देर रुख के कहती है

या कॉल गर्ल

अब तू मेरे बेगम बनाने को रेडी नहीं है तो

तब उसे गुस्से से देखते हुई कहते है





उसके चहरे पर गुस्सा काम और नखरा ज्यादा था

मैंने कब मन किया ..

तू रेडी है फिर

मन नहीं किया मतलब क्या होता

फिर बेगम कैसे बनाते है ये तरीका भी नहीं बता रही है

बेगम कैसे बनाते है आप को पता होना चाहिए मुझे नहीं .. आप के मई hi बेगम बनाते है .. हमारे मई पत्नी बनाते है..

जरा गुस्से से वो कहती है तब नवाज़ कहता है

हां ये भी सही बात है तेरे

फिर क्या अगर मई नहीं बताउंगी तो क्या आप मुझे कॉल गर्ल या रंडी बनाओगे क्या जी

अब बेगम बनाने का तरीका मुझे पता नहीं है और तू बता नहीं रही है तो तुजे कुछ न कुछ बनाना पड़ेगा न

फिर क्या रांड एंड कॉल गर्ल ..और कुछ बचा होगा तो वो भी बना दो

तब नवाज़ उसके होंटो को किश करते हुई कहता है

अगर मेरे बेगम तुम बन जाओगे तो मई तुम क्यों रंडी या रखैल या कॉल गर्ल बनाऊंगा या बोलूंगा

अब यही बचा था .. रखैल

और रोने लगी ..

इस दुनिया के जितने भी गंदे वर्ड्स है . चीप वर्ड है सब बोलो मेरे लिए . .. मेरे कोई इज़्ज़त है hi नहीं ..

ऐसे कैसे इज़्ज़त नहीं है रानी

इज़्ज़त होती तो आप ऐसे कहते क्या मुझे .. मैंने कभी आप से ये उम्मीद नहीं की थी .. नवाज़ तुमसे

तब नवाज़ कहता है

वो मेरे आंसू अपनी उंगलियों से पौंछते रहे .. मोहब्बत का दरिया हम उनकी आँखों मई खोजते रहे ..

प्यार मई आंसू भी मोती की तरह कीमती होते hai...shart बस ये है की उन्हें पूछबे वाला आपने होना चाहिए..

तेरे ाणुओंको मई अपनी हथेलियों पर आजा लेता हु,

तेरा हर गम मई बड़ी सादगी से आपने बना लेता है ..

इश्क़ मई आंसू पीना भी एक इबादत है , बस पोछने वाला हाथ तेरे चाहत का होना चाहिए

तुम्हारी एक मुस्कान के लिए हम सब कुछ सब लेंगे , तुम कहो तो तुम्हारे हिस्से के आंसू भी हम पि लेंगे

ऐसा कहते हुई उसके आंसू जो उसके चहरे पर आये हुई थे उन चाटने लगा

तब स्माइल करते हुई आरती कहती है

ऐसे गंदे हरकत मेरे साथ मत करो

ये कहा गन्दी हरकत है ये तो मेरे प्यारी बेगम की मोती है

ऐसा बोल के उसके आंसू चहरे के जिस हिस्से पाई से बाह रहे थे वह आपने मू लगा के उसको आपने मू मई लेके थोड़ा खींचता है ..

अह्ह्ह्ह ..कमीने ..

रुलाते भी हो .. और मानते भी हो

यही तो प्यार है रानी

ऐसा बोल के ब्लाउज के बटन निकलने लगा .. बचे हुई 3 बटन.. पर उससे निकल नहीं रहे तब जरा जोर से निकलने की कोशिश करने लगा ..

तब जरा नखरे से आरती कहती है

तोड़ेगे क्या

ये बोल के खुद hi आपने ब्लाउज के बटन निकलने लगी ..

शरमाते हुई..

मैंने आपने पति के लिए भी कभी ब्लाउज खोला भी नहीं होगा

प्यार मई सब करना पड़ता है रानी ..

तब वो स्माइल करते हैं

वैसे उस लल्लू ने कभी तुजे मनाया भी नहीं होगा जब तू रूत गए होगी तब

कभी नहीं

फिर अब हम हमारा अगला वाला काम सुरु करे

कोनसा वाला

ऐसा बोल के शर्माने लगी

तेरे शर्म से तो लग रहा है तू जान hi गयी है

अभी नहीं

क्यों

बाकि का सब कर लेंगे पर वो नहीं

पर क्यों .. हम प्यार करते है न

हां

तू करती है न मुझसे प्यार रानी

नवाज़ आरती को जरा इमोशनल ब्लैकमेल करने की कोशिश कर रहा था

हाँ बाबा पर बात थोड़े अलग है

बोलो… क्या अलग है ..

मई चाहती हु हमारा पहला सेक्स यादगार हो

मई भी तो यही चाहता हु रानी .. और आज के दिन से बेहतर दिन कोनसा होगा रानी .. जब तू ये तेरा मदमस्त बदन मेरे हवाले कर .. मेरे बर्थडे का तोफा बोल के ..

मेरे नवाब साहब

ऐसा बोल के उसको किश करने लगी ..

ये मेरा मदमस्त बदन आज से तुम्हारा hi है .. ये आरती पूरी की पूरी आज तुम्हारी hi है पर आज नहीं

पर क्यों .. आज क्यों नहीं .. क्या तू मेरा आज का बर्थडे यादगार नहीं बनाना चाहते क्या

चाहती हु .. मेरे राजा .. मई क्यों नहीं चाहूंगी ..

फिर मेरे साथ दे आज की रात .. मई ये दिन मेरे साथ तेरे जिंदगी के लिए यादगार hi बना दूंगा

पर यहाँ नहीं और आज नहीं

तो कहा और कब

जहा हमें कोई डिस्टर्ब करने वाला नहीं हो.. रातभर सिर्फ मई और मेरा नवाज़ राजा साथ हो

आज भी तो रात भर यहाँ कोई नहीं है डिस्टर्ब करने .. तेरा पति भी नहीं है..

ससुर जी भी तो नहीं है .. वो रात मई पानी पिने उठाते है और वाशरूम जाने भी ..

पर हम तो यहाँ है उन कैसे पता चलेगा

पर मई मेरे बैडरूम मई नहीं रहूंगी तो तुम्हारे शेठ जी को पता चल जायेगा मई बैडरूम मई नहीं हु

दूर अंदर से लॉक होगा तो उन कैसे पता चलेगा

मई कोई डिस्टर्ब नहीं चाहती ...

वो यहाँ कैसे पॉसिबल है .. तेरा पति रहेगा यहाँ रात मई तेरे साथ या तेरा ससुर .. फिर हम एक कब होंगे

हम तभी एक होंगे जब अरविन्द और पापा नहीं होंगे

इस जनम मई तो ये पॉसिबल नहीं है

पॉसिबल है .. 10 दिन बाद वो दिल्ली जाने वाले है कुछ दिनों के लिए ..

तुजे अकेले चोर के

नहीं मई मायके जाने वाली थी

फिर अब

नहीं जाउंगी राजा तुम्हारे लिए

तुजे अकेले छोड़ेंगे

नहीं चिरेगे पर मई इतनी बड़ी हवेली खली नौकरो के भरोसे कैसे चोरे बोल दूंगी ..

मान जायेंगे क्या वो तुम अकेले चोर के

नयी वो सुलभ चची .. को बुला लुंगी ..

कोण वो जिसे सुनाये नहीं देता वो

हां .....दिखाए भी काम देता है

इसलिए तुजे मई लोमड़ी कहता हु ..वाकये तू दिखने मई जीतनी खूबसूरत है दिमाख भी उतना hi चलता है तुम्हारा ..

मेरे तारीफ बहुत हो गए.. अब चुपचाप मुझे केक किला दो..
 
तब नवाज़ बड़ा वाला केक उठा के आरती के मू मई घुसने लगता है.. तब आरती आह्हः आठ करने लगी .. क्यों की उसके मू मई केक था .. नवाज़ उसे hi देखने लगा .. जब केक खाना हुआ तो आरती कहती है..

मुझे क्या आपने जैसा जानवर समज के रखे हो क्या ..जो इतना बड़ा केक मेरे मू मई थुश दिया

हां

नहीं हु मई आप के जैसे जानवर

तब आरती की और देखते हुई नवाज़ पूरा केक आपने हाट मई लेता है तब आरती जान गयी नवाज़ क्या करने वाला है ..

No no नवाज़ ..ये मत करो प्ल्ज़

पर नवाज़ नहीं सुनाता तब आरती भागने लगी तब नवाज़ उसके पीछे भागने लगा और उसको पकड़ के उसके मू पाई केक लगता है

ये ठीक नहीं है ये सब …

ये बोलते हुई वो आपने गर्दन घूमने लगे ..दूसरे और तब उसके गर्दन को केक लगाने लगा ..

तब आरती no बोलो नवज़ज़्ज़ज़ पलज़्ज़

ऐसा कह के भागने लगी

जवाब में नवाज़ ने उसे इतना कहकर अपनी तरफ और खिंचा और अपने से लगा लिया ... एक पल के लिए वो दर गए और अगले hi पल उसका दर भाग गया जब आरती के गर्दन को बताशा चूमने लगा ...

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नवाज़ के गीले होंठो को महसूस करके आरती तो पागल सी हो गयी...... उसके मू से तेज हुई सांस के कारन उसके छथि जोर से उप्पर नीचे होने लगे .. .. जोर-2 से सां लेने की वजह से मू के रास्ते आहे बाहर आने लगे...

तब नवाज़ उसे पलट देता है तब आरती नवाज़ को अपने हाथो से जकड लेती है . नवाज़ को उसके चुभते हुए मम्मी अपने पेट के थोड़ा ऊपर महसूस हुए.... वो अब उसे फिर से किश करने लगा

तेरे होंठ एकदम मुलायंदर है .. ... कोमल है .. नाज़ुक है .. और साथ मई बताशा मीठे है ..

ऐसा कह रहा है जैसे पहले बार मुझे चुम रहा है..

पहले बार नहीं पर अभी कुछ अलग hi मज़ा आ रहा है..

नखरा करते हुई उसके गले मई हाथ डालते हुई आरती कहते है..

क्या अलग मज़ा आ रहा है.

मुझे नक आज से पहले किसी के होंठ चूमते हुई इतना मज़ा नहीं आया

और किस किस को चूमता है..

नीता को चूमा था…

सिर्फ नीता

और भी थी.. पर उसके और तेरे होंठों के मिठास मई काफी अंतर है ..

नखरा करते हुई आरती कहते है ..

वो भला कैसे ..

पता नहीं ..पर तेरा जवाब नहीं.. लौंडे..
 
फिर एक गहरी सांस लेकर उसने आपने हूंठ आरती के शरबती हूंतो पर रख दिए और उसे जोर जोर से चूमने लगा

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वो चुम्बन इतना गहरा और नशे से भरा था की आरती आपने होश खो baithi..Nawaz ने आरती के हूंतो को चूस चूका था पर आरती के साथ यादगार सेक्स करने की बात आरती के मू से सुनकर उसे बहुत ज्यादा जोश आ चूका था ..वो आरती के नाज़ुक हूंतो का शहद पि रहा था और आरती भी पीछे नहीं thi..wo पुरे ताकत से नवाज़ के हूंतो को चूस रही थी.. उसे आपने रास पीला रही thi..aur उसका निकल रही thi..aisa करते हुई वो बड़े बेहरमी से आपने नोके वाली चठिया नवाज़ के सीने पर रगड़ रही थी.. उनमे हो रही खुजली को वो उसके छोड़े साइन से घिस कर मीठा रही थी ..

कुछ देर किश करने के बाद आरती किश तोड़ देती है.. और नवाज़ की और देखते हुई कहते है..

मई अब चालू ..

क्यों

हो गया बर्थडे न ..

अच्छा अब हो गया बर्थडे... ऐसा खली खली बर्थडे..

क्या खली खली बर्थडे.. इतना कुछ किया है..

अच्छा जी .. क्या किया .. कुछ भी नहीं किया .. मुझे तो और करना है ..

मुझे और कुछ नहीं करना है

ऐसा बोल के जाने के लिए जैसे hi आरती पलटी तब कहा जा रही हो बोल के नवाज़ ा उसके खुले बाल दबोच के पीछे की तरफ जुकता है

ोूछहः.. ये क्या कर रहे हो

वैसे hi नवाज़ ने उसे आपने बहो मई खिंच लिया .. वैसे hi आरती का चेहरा दमक उठा.. नवाज़ ने फिर उसके एक आम को जोर से दबा दिया..

ारे धीरे न बाबा

धीरज तो नहीं है न मुज मई

और फिर उसके गले को बेतहाशा चूमने लगा..

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फिर उसके गालो par..phir माथे और आँखों पर.. गर्दन घुमा के ..

जाने दो न मुझे .. मेरा पति कही आ न जय..

अब रात मई कहा से आएगा ..

कभी कभी रात मई आ जाता है.. वो आ गया और मई बैडरूम मई उसे नहीं दिखी तो उसे हार्ट अटैक न आ जय..

अच्छा है मर गया तो हमारे मज़े है

तब उसके सर पाई हलके हातो से मरते हुई कहती है

चुप बैठो .. तुम्हारे मज़े के चक्कर मई मेरे भोले भले पति को क्यों मरवा रहे हो

मई भला उस लल्लू को मरवाउंगा . मई तो खुद उसके सेक्सी बीवी पर मर रहा हु और उस लल्लू की सेक्सी बीवी .. मेरे डार्लिंग आरती रानी मुझे मज़ा दे रही है..

तुम्हारे डार्लिंग आरती रानी सिर्फ तुम्हारे डार्लिंग आरती रानी नहीं है.. किसी की बीवी है और किसी की बहु भी है..

उसका मुझे क्या

तुम नहीं तो मुझे है न मेरे राजा.. मेरा पति रात मई घर आ गया या मेरे ससुर रात को उठ गए तो

नहीं आएगा वो लल्लू .. वो अब किसी मॉडल के बहो मई पड़ा होगा दिल्ली मई किसी आलीशान होटल मई सब

पागल मेरा पति ऐसा नहीं है

हां तू सच कह रही है

और बी थे वे मई तुम मज़े नहीं दे रहे हो

तो

मेरा राजा मुझे मजा दे रहा है..

तो और मज़े देने दे न

आरती कुछ नहीं बोली तब नवाज़ फिर से कहता है

तो करने देंगे न
 
नहीं आएगा वो लल्लू .. वो अब किसी मॉडल के बहो मई पड़ा होगा दिल्ली मई किसी आलीशान होटल मई सब

पागल मेरा पति ऐसा नहीं है

हां तू सच कह रही है

और बी थे वे मई तुम मज़े नहीं दे रहे हो

तो

मेरा राजा मुझे मजा दे रहा है..

तो और मज़े देने दे न

आरती कुछ नहीं बोली तब नवाज़ फिर से कहता है

तो करने देंगे न

थोड़ा साबरा करो मेरे राजा

साबरा तो नहीं है न .. करने दे न

नहीं न मेरे राजा.. तुम जानते हो न की मैं आपने बीच का पहला सेक्स यादगार बनाना चाहती हु..

वो यादगार कैसे बनेगा

बताती हु टाइम आने पर

और वो टाइम कब आएगा

आएगा मेरे राजा आएगा टाइम

पहला सेक्स तुम यादगार बनाना चाहती हो पर उससे पहले बाकि सब तो हम कर सकतें है na..wo करने मई क्या पॉब्लम है

नवाज़ वो सब हम आप पार्टी से आये तब से कर रहे है .. और करने मई भी कोई पॉब्लम नहीं है पर वो सब करते करते हमारा कण्ट्रोल hi नहीं रहता न.. इसलिए अभी थोड़ा दूर hi रहते है..

उसकी फ़िक्र तुम न करो.. जब नौबत वह तक आएंगे तो मई खुद hi मन कर दूंगा .. मई भी तुम्हारे साथ आपने पहला सेक्स यादगार बनाना चाहता हु.. हस्बैंड वाइफ के जैसा..

इसलिए तो कह रही हु.. थोड़ा साबरा करो..

तभी नवाज़ आरती की कमर में हाथ डालकर उसे अपनी और पलट देता hai...aise करते hi आरती नवाज़ से आगे से एकदम चिपक जाती है..

ोुछःह... धीरे na..mere राजा

उसके बड़े चुके नवाज़ की छाती से डाब जाते hain....aab दोनों के चेहरे बेहद करीब the...sans लेने जितनी जगा भी नहीं thi...dono के होंठ आमने सामने the...dono को एकदूसरे की गरम सांसे अपने चेहरे पर महसूस होरही थी.... आरती अपना होश खो बैठी thi...is तरह का अहसास उसके पति ने अभी आजतक नहीं करवाया tha...jo नवाज़ उसे करवा रहा था...

वो अब आरती के गले को चूमने लगता hai...oh उसके गार्डन पर चूमने लगता hai..aur वह का केक चाटने लगता है ..जिससे आरती मदहोश होने लगती है...

अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह्ह्ह्ह अह्हह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह्हह...

उसकी सिसकारियां निकलने लगती हैं.. ... . नवाज़ अपना गन्दा मन आरती के गोरी गार्डन पर फेर रहा tha...cake चाट के खा रहा था .. उसके गर्दन पर का और चहरे पर का भी ..

उसका बदबूदार मन आरती के खुशबूदार गले को चुम रहा tha....lekin इनसब से अनजान आरती मदहोशी के आलम में thi...chumte हुए नवाज़ आरती के कान के पास आ जाता hai..aur वह चूमता है..

आआअह्ह्ह्हहए... ये क्या कर रहे हो ...अह्हह्ह्ह्ह उम्म्म्मममहहहहहह अह्हह्ह्ज्जज्ज ह्ह्ह्हह्ह्ह्ह अह्हह्ह्ह्ह...

आरती को इस तरह नवाज़ का उसके जिस्म को चूमना एक अजीब सा मज़ा दिला रहा tha...uski सिसकारी निकल रही thi....wo फिर से उसके कान के पास जाकर धीरे से बोलता है..

चुदाई सुरु करे क्या

आरती नवाज़ की बात सुनकर थोड़ा शर्मा जाती है लेकिन कुछ नहीं bolti....nawaz अब आरती के गले को चूमते हुए निचे आने लगता hai...oh आरती के ब्लाउज के ऊपर अपना मन रखता है और उसके एक चुके को मन से चूसने लगता है कपडे के ऊपर se....aur दूसरे चुके को पकड़ कर मसलने लगता है...

आअह्ह्ह्हह्हआ..

अब तुझे मैं थोड़े देर पहले से भी ज़्यादा मज़े दूंगा...

ये सुनकर आरती को अजीब सा अहसास होता hai...jaise ओह खुश होगयी हो नवाज़ की बात se......nawaz आरती के कान को एक बार चूमता है....

अह्ह्ह्हह..

अब नवाज़ उसको बीएड पर लिटा देता है ..और ब्लाउज के ऊपर से नवाज़ आरती के निप्पल्स चूसने लगता hai...jisse आरती को अजब सा मज़ा ारः tha....dusre चुके पर भी वैसे hi करता है.... आरती को अपनी सांसों पर काबू पाना मुश्किल होरहा tha....thodi देर ऐसे hi करने के बाद नवाज़ अब थोड़ा निचे आकर आरती के पेट को चूमने लगता hai...nawaz के काळा खुरदुरे होंठो का अहसास अपने गोरी पतली पेट पर होने से आरती सिसकारियां करने लगती है...

अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह उम्म्म्म अह्हह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह.

आरती अब अपना आप खो रही thi...oh एक नौकर से सडके होरही thi....is नौकर की हरकतें उसे पागल कर रही thi...chuche को चूसते हुए ओह ब्लाउज के ऊपर से उसके निप्पल पकड़ता है मन में और थोड़ा काटता है... आरती दर्द में सिसक पड़ती है..

अह्हह्ह्ह्ह क्याआ कररर रही हो...

नवाज़ आरती की तरफ देख कर स्माइल करता है..... आरती ने अपनी ऑंखें बंद कर रखीं थी...

नवाज़ को पता था के आरती गरम होरही hai...nawaz आरती की नाभि को भी चूमे जारहा tha....aarti ऑंखें बंद किये हुए नवाज़ की हरकतों को अब मज़ा उठाने लगी thi....usne कभी सोचा नहीं था के ओह कभी अपने पति के अलावा किसी और पराये मर्द के साथ यूँ मज़े kregi...oh भी एक काळा बदसूरत नौकर के साथ!!! और वो भी आपने सर्वेंट क्वार्टर मई..

आरती के गोरी कमर चूमते हुए अब वो और निचे चला जाता है और साड़ी के ऊपर से उस की छूट को किश करता hai...aise करने से वो एकबार के लिए उछाल पड़ती hai....wo आंख खोलकर निचे देखती hai....nawaz उसकी छूट को साड़ी के ऊपर से चुम रहा tha...ye देख कर आरती शर्मा जाती hai....lekin उसी एक तरफ अजीब भी लग रहा था के कैसे ओह नवाज़ जैसे गंदे आदमी के साथ ये सब करसकती hai...apne हैंडसम पति के होते हुए भी. लेकिन नवाज़ आरती को कुछ भी सोचने का मौक़ा नहीं दे रहा tha...aarti की ऑंखें अचानक बड़ी होजाती है जब नवाज़ उस की छूट को साड़ी के ऊपर से अपने मन से पकड़ लेता है...

अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह नंनंव्वाज़्ज़ज़्ज़ज़....

आरती अपना गोरा हाथ नवाज़ को रोकने के लिए उसके सर पर रखती है और हटाने की कोशिश करता hai...nawaz आरती की छूट में लेकर साड़ी के ऊपर से मन से मसलने लगता hai....jaise ओह कोई चिविंगम चबा रहा ho...aarti को अजीब सा मज़ा ारः tha...ye बिलकुल नया था उसके liye...aarti की ऑंखें नवाज़ के ऐसा करने से बंद होने लगती hain....uske हाथ अब नवाज़ को रोकने के बजाये उसके सर को सहलाने लगते हैं...
 
अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह नंनंव्वाज़्ज़ज़्ज़ज़....

आरती अपना गोरा हाथ नवाज़ को रोकने के लिए उसके सर पर रखती है और हटाने की कोशिश करता hai...nawaz आरती की छूट में लेकर साड़ी के ऊपर से मन से मसलने लगता hai....jaise ओह कोई चिविंगम चबा रहा ho...aarti को अजीब सा मज़ा ारः tha...ye बिलकुल नया था उसके liye...aarti की ऑंखें नवाज़ के ऐसा करने से बंद होने लगती hain....uske हाथ अब नवाज़ को रोकने के बजाये उसके सर को सहलाने लगते हैं...

तभी बहार गेट पर कार की आवाज़ आती है ..

तब वो नवाज़ को कहती है..

कार और इस वक़्त ... कोण हो सकता है

तब नवाज़ उसके छूट से हटाता hai...ab नवाज़ खड़े होकर आरती के खूबसूरत चेहरे को देखने लगता hai...aarti के चेहरे पर एक प्लेअसुरे का अहसास था जो नवाज़ भली भाटी जनता tha...usko देखते हुई नवाज़ कहता है..

लल्लू तो नहीं होगा न

अरविन्द तो दिल्ली गए थे.. वो तो 2 -3 दिन आने वाले नहीं थे .. अब कैसे आये और वो भी अचानक

तभी उसे बहार से उसके पति की आवाज़ आने लगती है.. .. अरविन्द कार के ड्राइवर को कह रहा था

गेट कैसे ओपन है

तब ड्राइवर कहता है

मुझे क्या पता होगा साहब

वो एक प्राइवेट टैक्सी का ड्राइवर था .. अरविन्द की कार ख़राब थी तो उसने प्राइवेट कार लायी थी किराये पर ..

तब आरती उठ के विंडो से देखते हुई नवाज़ से कहती है

ये कब आये..

ये आरती को भी आजकल क्या हो गया है पता नहीं ..उसका सही से ध्यान hi नहीं है

तब आरती गुस्से से नवाज़ को देखते हुई कहते हैं





देखो आप के वजह से मुझे दांत रहे है ..

अब मैंने क्या किया

मुझे उतके ले आये .. नहीं तो मई गेट बंद करती न

तब उसके चहरे को दोनों हाथो मई पकड़ के नवाज़ आरती को चूमने लगता है..

तब किश तोड़ते हुई आरती कहते हैं

यहाँ मेरे पति बहार आये है और आप को मुझे किश करने की पड़ी है.. टेंशन से मई मरी जा रही हु.. आप को कुछ टेंशन नहीं आता kya..darr नहीं लगता क्या

अब मई क्यों दारू उस लल्लू से ..

वो लल्लू मेरा हस्बैंड है .. भूल गए क्या ..

मई तो रेडी हु तुजे अपनी बेगम बनाने को .. तू hi नहीं बोल रही है

तब हसते हुई शरमाते हुई कहते hain..uske और देखते हुई..





आप को न कुछ भी करके मुझे बेगम बनाना है ..

तू नहीं बनाना चाहते क्या

हां बनाना चाहते हु पर पहले इस का सलूशन करो

क्या सलूशन करू ..उसके अंदर जाने के बाद तू जा अंदर

ऐसा बोल के आरती को किश करने लगा .. आरती किश तोड़ते है उसे कहते है..

उनके अंदर जाने के बाद मई अंदर जाऊ .. ऐसा hi न जी

हां डार्लिंग

डार्लिंग के बच्चे .. अगर वो लल्लू डायरेक्ट बैडरूम मई गया .. और मई बैडरूम मई नहीं दिखी तो कितना बवाल हो जायेगा ..

हां वो तो सोचा hi नहीं

क्यों सोचोगे आप .. अब सब मेरे पाई hi आएगा ..और घर का दूर भी ओपन है .. वो देखेगा तो उसको पक्का यकीं होगा उसकी

बीवी घर के अंदर नहीं है

नवाज़ कुछ नहीं बोलता सिर्फ उससे घर रहा था..

अब मई कैसे अंदर जाउंगी

मई उतके लेके जाऊ क्या ..

तब आरती शरमाते हुई कहते है





आप नहीं सुदरोगे
 
आप नहीं सुदरोगे..

ऐसा कहते हुई वो आपने हुलिया ठीक थक करने लगी.. उसके चहरे और गर्दन पर लगा हुआ केक साफ़ करनी लगी .. आपने ब्लाउज के बटन लगाने लगी

तब नवाज़ उसे बड़े गौर से देखने लगा . तब आरती उसके ऐसे देखने की वजह से उसे देखते हुई कहती है..





क्या??? ऐसा क्या देख रहे हो..

नवाज़ कहता है..

मुझे इंग्लिश कब सिखाओगे

तब आरती हस्ती है..





मेरा पति बहार पाई खड़ा है और वो कभी घर के अंदर जा सकता है .. मई सोच रही हु मई कैसे अंदर जाऊ .. और आप को इस सिचुएशन मई मुझसे इंग्लिश सीखने है..

बता न कब सिखाएंगे

फिर से स्माइल करते हुई कहते है





कभी भी मेरे राजा

अभी यहाँ

ऐसा कहते हुई उसके चहरे को आपने हाथो मई लेके किश करते हुई कहता है

सिखाओ न इंग्लिश मुझे

क्या सीखना है मेरे राजा को

उसके छूट को साड़ी के उप्पर से दबोच लेता है

अह्ह्हआआ मम्मी..

छूट को क्या बोलते है

पपपपपपपूउउउस्ससिययय

जब नवाज़ ने उसके छूट को खिंचा तो उसके मू से सिर्फ इतना hi निकला..

लुंड को

पेनिस

उसके एक आम को जोर से दबाते हुई पूछता है

आम को

आअह्ह्ह्हह्हआ... बबबबबबूबाअसस्सस..

गांड पाई हाथ डालके उसको दबाते हुई..

इसको

आरती स्माइल करते हुई कहते है





आस्स्स्स

उसका चेहरा आपने हाथ मई लेके किश करते हुई कहता है

मई तेरे रांड हु

ी ऍम योर व्होरे

उसको किश करते हुई कहता है

मुझे जोर जोर से छोड़ो

फ़क में फास्टर.. फ़क में हर्डर

नवाज़ आरती को देख कर अपनी कामिनी स्माइल करता है.

हर्डर या फास्टर

जिसे देख आरती मुस्कुराती है.......

एक hi है

अलग अलग शब्द है.. एक कैसे

नवाज़ आरती की स्माइल देख कर खुश होजाता है .. तब आरती झट से अपने गुलाभी हूंठ नवाज़ के काळा गंदे होंठ पर लगा देते hai...aur उसको किश करते हुई कहते है

एक hi है बाबा
 
ऐसा कह के वो फिर से नवाज़ को किश करने lage..dono के तरसते होंठ आपस में भीड़ रहे थे... अब इस वक़्त आरती नवाज़ को डोमिनाते कर रही थी.. ..ओह अब अलग hi मूड में thi...kuch था जिससे ओह गरम होगयी thi...nawaz भी पीछे नहीं था वो आरती के गुलाबी होंठो बड़े बेदर्दी से चूसने लगता है..

फिर वो अब आरती का एक गोरा हाथ पकड़ कर अपने बड़े लुंड पर रख देता है पंत के ऊपर से....

पकड़ ले न मेरा लोढ़ा...

और ऐसा कहते हुई आरती के चुके ब्लाउज के ऊपर से धीरे धीरे दबाने लगता hai...aarti फिर से गरम होने लगती hai......uski ऑंखें बंद होचुकी थी चुके दबाने से...

क्या करना है

मदहोशी की हालत मई आरती पूछते है

लुंड को मसल मेरी जान...

उधर बहार अरविन्द अभी अभी गेट के पास खड़ा था .. वो ड्राइवर तो उसे चोर के चला गया था ..पर उसे लॉक की चाभी hi नहीं मिल रही थी..

अरविन्द - आरती कीज़ कहा राखी है तुमने

तब इधर आरती कहती है

नहीं कर सकते मई ये गन्दा काम ..मैंने कभी आपने हस्बैंड के साथ भी नहीं किया

उस लल्लू के लिए नहीं किया तो क्या मेरे साथ भी नहीं करेंगे

ऐसे नहीं है राजा

फिर कर न

बहुत गन्दा होता है ये

कुछ गन्दा नहीं होता रानी प्यार मई

तब बहार से अरविन्द कहता है

Aarti..kees कहा है मिल नहीं रही है.. कॉल करू क्या

ऐसा बोल के अरविन्द आरती को कॉल करता है तब बेल्ल बजाते hi आरती साइलेंट करती है

देखो मेरा हस्बैंड मुझे बुला रहा है

मत उठा ..पहले ये कर

प्ल्ज़ नहीं न

मेरे बर्थडे पर ये कर के मुझे बर्थडे गिफ्ट नहीं देगी क्या

तब कुछ सोच कर कहते है

कितना टाइम लगेगा

5 मिनट

मसल न मेरे जान

नवाज़ की बात सुनते hi आरती उसका लुंड मसलने लगती है अपने गोर कोमल हाथो se...uske हाथ में नवाज़ का पूरा लुंड नहीं ारः tha.....nawaz आरती के चुके बड़े hi सेडक्टिव तरीके से दबा रहा था जिसमें आरती को भी मज़ा aye...aarti उसका लुंड अब अचे से मसल रही थी...

आरती नवाज़ की तरफ देख रही थी तब नवाज़ आपने पंत की ज़िप खोल कर आपने लुंड बहार निकल कर उसे आरती के हाथ मई पकड़ा देता है तब उसे हिलाते हुई कहते है

कैसा लग रहा है मेरे राजा

बहुत मस्त

उसके लुंड को जोर से हिलाते हुई कहते है

और जोर से करू क्या

नवाज़ - आअह्ह्ह्हह्हआ... ऐसे hi रायणनंददद...... मस्त कर रहे है

नवाज़ उसके बाल को पकड़ के आपने आँखे बंद करते हुई अपनी कमर आगे पीछे कर रहा था..

उस का लुंड जोर से हिलाते हुई कहते है

मेरे राजा.... ये क्या करवा रहे हो मुझसे

तब नवाज़ उसके निप्पल को जोर से हाथ मई लेके खींचता है तब उसके सर मई आरती मरती है

तब उसके लुंड को जोर से हिलाते है तब नवाज़ कहता है

मेरे बेगम बनाने की प्रतिके करवा रहा हु

ऐसे

हां रानी

बोलके उसको किश करने लगता है ..

कैसे बनोगे बेगम

मौलवी बुलाके

गाँव का hi होगा क्या मौलवी

हां

वो तो मुझे जनता hi होगा

हां रानी शयद

आरती विंडो से पीछे गर्दन मई देखते हुई अब जोर से हिलने लगते है

फिर तो गाँव मई बवाल hi होगा न .. अग्रवाल खंडन की बहु नवाज़ की बेगम बनाने जा रही है बोल के

नवाज़ - अह्ह्ह्हह हआ.. फिर कैसीई...

उसके लुंड को हिलाते हुई कहते है

आअह्ह्ह्हह्हआ आप देख लो ... आप को मुझे बेगम बनाना है

तू बता न लोमड़ी

बहार गाँव का मौलवी बुलाना पड़ेगा ..जो न मुझे जनता हो और न hi अग्रवाल खंडन को

ऐसा hi करते है

नवाज़ - आअह्ह्ह्हह्हआ हो गया

ऐसा कहके उसके चहरे पर आपने पानी चोर देता है..

छी गंदे कही के.. मेरे पूरे फेस पाई और साड़ी पाई दाल दिया.. अभी इतने रात मई मुझे नहाना पड़ेगा..

कर ले फिर .. चाहे तो साथ मई करते है

नहीं नहीं तुम तुरंत बहार जाओ

मई क्या करू बहार जेक

आपने लल्लू को सम्बल लो तब तक मई भाग के अंदर जाती हु

हां वैसे hi करते है
 
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