- Joined
- Dec 5, 2013
- Messages
- 31,768
नीचे आने का इरादा है केक कट करने के लिए .. या वही बैठे रहने का इरादा है ..
तब नवाज़ कहता है..
आता हु न रानी .. तू बुलाये और हम न आये ऐसा हो सकता है क्या
ऐसा बोल के आरती के पास चला जाता है.. तब आरती बाल सँवारने लगी ..

और इधर नवाज़ उसके सामने खड़े होक एक तक उसे घूरने लगा..... आरती भी नवाज़ को देखे जा रही tha...nawaz उसकी आखो में झांक कर ये समझने की कोसिस में लगा था की उसके मंद में चल क्या रहा है....
नवाज उसे ऊपर से नीचे तक देखता हुआ सुखद आनंद की अनुभूति में डूबता जा रहा tha.....nawaz ने जो उसके ब्लाउज के बटन खोले थे अब तक खुले hi थे ..
नवाज़ के ऐसे देखने से आरती शर्माने लगी और उसने नजरे झुका ली....
आरती (शरमाते हुए)- ऐसे क्या देख रहे हो.. पहले बार देख रहे हो क्या
उसके आँखों मई देखते हुई वो बोल पड़ा
तुजे जब भी देखता हु तो पहले से ज्यादा खूबसूरत दिखती है
ऐसा कहते हुई नवाज़ ने फिर जोश मई आ गया.. और आरती आगे कुछ कहे उससे पहले नवाज़ आरती के करीब आया और आरती से लिपट gaye..aur अपनी छथि आरती के मम्मी को रगड़ने लगा ..
तब आरती उसे पीछे धकेल देती है
ये ये चोरो मुझे .. बर्थडे का केक नहीं कट करना है क्या
आज मेरा बर्थडे नहीं है
तब स्माइल करते हुई कहती है
जूथ मत बोलो .. मई जानती हु आज hi तुम्हारा बर्थडे है
ारे रानी सच कह रहा हु .. मुझे सच मई पता नहीं है की आज मई पैदा हुआ हु या नहीं ..
ऐसे कैसे .. आप के अब्बू अम्मी को तो पता होगा न .. वो क्यों झूठ बोलेंगे ..
अब उनको hi पता नहीं है तो वो मुझे क्या बोलेंगे .. मेरे अम्मी को मेरे अब्बू ने कब छोड़ा और मई कब पैदा हुआ उनको याद hi नहीं है
कितना गन्दा बोलते हो आप .. और वो भी आपने अम्मी को लेके .. अब्बू को लेके
. तब उसके कमर पाई नवाज़ हाथ रखता है ..
अब इसमे गन्दा क्या .. चुदाई hi से बच्चा पैदा होता है
उसके ऐसे कहने से और कमर पर हाट रखने से स्माइल करती है
और सिसकती है
आआअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह
वो जाने दे बर्थडे का पता नहीं पर आज हम आपने प्यार का पहला दिन तो सेलिब्रेट कर सकते है न ..
तब आरती शरमाते हुई कहती है

हां
फिर चल सात मई केक कट करते है
चलिए
पर पहले धनवाद किश
दे दे
तब आरती कहती है
किस बात का धनवाद
मेरे बर्थडे के लिए केक लाया .. नया बीएड ... और इतना सारा इंतेज़ाम किया उसके लिए
मुझे आप की बात समाज नहीं आती .. कहते हो आज मेरा बर्थडे नहीं है और फिर धनवाद कह रहे हो
ऐसा hi हु मई रानी .. सॉरी बेगम
बेगम कहते hi आरती शर्मा गयी

ऐसा कहते हुई उसके सर के पीछे हाथ डालते हुई उसका चेहरा निचे करके उसको किश करने लगता है..
वो चुम्बन इतना गहरा और नशे से भरा था की आरती आपने होश खो बैठी....
वो आरती के नाज़ुक हूंतो का शहद पि रहा था और आरती भी पीछे नहीं thi..wo पुरे ताकत से नवाज़ के हूंतो को चूस रही थी.. उसे आपने रास पीला रही thi..aur उसका निकल रही थी.. उन्दोनो का चुम्बन इतना गहरा और नशे से भरा था की आरती आपने होश खो बैठी थी .... वो किश करते हुई आपने नोके वाली चठिया नवाज़ के सीने पर रगड़ रही थी..
तभी नवाज़ ने उसके एक आम पर हाथ रख के उसके आम को दबा दिया .. ..तभी hi आरती ने उसका हाथ को पकड़ लिया और उसके वही हाथ को वही hi रोक दिया ..और किश तोड़ते है तब दोनों की नज़ारे मिली
नहीं नवाज़.. ये मत करो
क्यों
आरती जानती थी की उसके क्यों का वो जवाब नहीं दे पाएंगे
फिर नवाज़ ने उसके आम को दबाने कोशिश की
मन क्यों कर रही हो
नवाज़ के ऐसे कहने से आरती का चेहरा तमतमा गया.. आरती को पता था की जब भी नवाज़ शुरू करेगा तब उसे रोकना मुश्किल हो जायेगा.. और खुद को भी .. फिर भी वो बोली..
अभी कुछ देर पहले तो आप ने किया ..यही बैडरूम मई..
फिर कुछ देर रुख के आरती कहती है..
चलिए केक कट करते है .. बाकि का काम बाद मई करते है
और स्माइल करते है
चल रानी .. जल्दी से केक कट करके .. आपने असली वाला काम करते है .. इस नए बीएड पाई ..
तब शर्मा के आरती कहती है ..
बेशरम
इसमे क्या बेशर्मी.. इतना अच्छा बीएड मेरे बेगम ने मेरे लिए लाया है तो उसका सदुपयोग करना पड़ेगा hi न
इतना बीएड पसंद आया क्या
बीएड भी और बीएड वाली भी
पहलीवाली के साथ भी ऐसा hi बीएड होगा ..और बेड़वाली भी होगी न
नहीं वह न बीएड अच्छा था और न बेड़वाली .. इसलिए वह मज़ा नहीं आता था.. अब असली मज़ा आएगा
तब नवाज़ कहता है..
आता हु न रानी .. तू बुलाये और हम न आये ऐसा हो सकता है क्या
ऐसा बोल के आरती के पास चला जाता है.. तब आरती बाल सँवारने लगी ..

और इधर नवाज़ उसके सामने खड़े होक एक तक उसे घूरने लगा..... आरती भी नवाज़ को देखे जा रही tha...nawaz उसकी आखो में झांक कर ये समझने की कोसिस में लगा था की उसके मंद में चल क्या रहा है....
नवाज उसे ऊपर से नीचे तक देखता हुआ सुखद आनंद की अनुभूति में डूबता जा रहा tha.....nawaz ने जो उसके ब्लाउज के बटन खोले थे अब तक खुले hi थे ..
नवाज़ के ऐसे देखने से आरती शर्माने लगी और उसने नजरे झुका ली....
आरती (शरमाते हुए)- ऐसे क्या देख रहे हो.. पहले बार देख रहे हो क्या
उसके आँखों मई देखते हुई वो बोल पड़ा
तुजे जब भी देखता हु तो पहले से ज्यादा खूबसूरत दिखती है
ऐसा कहते हुई नवाज़ ने फिर जोश मई आ गया.. और आरती आगे कुछ कहे उससे पहले नवाज़ आरती के करीब आया और आरती से लिपट gaye..aur अपनी छथि आरती के मम्मी को रगड़ने लगा ..
तब आरती उसे पीछे धकेल देती है
ये ये चोरो मुझे .. बर्थडे का केक नहीं कट करना है क्या
आज मेरा बर्थडे नहीं है
तब स्माइल करते हुई कहती है
जूथ मत बोलो .. मई जानती हु आज hi तुम्हारा बर्थडे है
ारे रानी सच कह रहा हु .. मुझे सच मई पता नहीं है की आज मई पैदा हुआ हु या नहीं ..
ऐसे कैसे .. आप के अब्बू अम्मी को तो पता होगा न .. वो क्यों झूठ बोलेंगे ..
अब उनको hi पता नहीं है तो वो मुझे क्या बोलेंगे .. मेरे अम्मी को मेरे अब्बू ने कब छोड़ा और मई कब पैदा हुआ उनको याद hi नहीं है
कितना गन्दा बोलते हो आप .. और वो भी आपने अम्मी को लेके .. अब्बू को लेके
. तब उसके कमर पाई नवाज़ हाथ रखता है ..
अब इसमे गन्दा क्या .. चुदाई hi से बच्चा पैदा होता है
उसके ऐसे कहने से और कमर पर हाट रखने से स्माइल करती है
और सिसकती है
आआअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह
वो जाने दे बर्थडे का पता नहीं पर आज हम आपने प्यार का पहला दिन तो सेलिब्रेट कर सकते है न ..
तब आरती शरमाते हुई कहती है

हां
फिर चल सात मई केक कट करते है
चलिए
पर पहले धनवाद किश
तब आरती कहती है
किस बात का धनवाद
मेरे बर्थडे के लिए केक लाया .. नया बीएड ... और इतना सारा इंतेज़ाम किया उसके लिए
मुझे आप की बात समाज नहीं आती .. कहते हो आज मेरा बर्थडे नहीं है और फिर धनवाद कह रहे हो
ऐसा hi हु मई रानी .. सॉरी बेगम
बेगम कहते hi आरती शर्मा गयी

ऐसा कहते हुई उसके सर के पीछे हाथ डालते हुई उसका चेहरा निचे करके उसको किश करने लगता है..
वो चुम्बन इतना गहरा और नशे से भरा था की आरती आपने होश खो बैठी....
वो आरती के नाज़ुक हूंतो का शहद पि रहा था और आरती भी पीछे नहीं thi..wo पुरे ताकत से नवाज़ के हूंतो को चूस रही थी.. उसे आपने रास पीला रही thi..aur उसका निकल रही थी.. उन्दोनो का चुम्बन इतना गहरा और नशे से भरा था की आरती आपने होश खो बैठी थी .... वो किश करते हुई आपने नोके वाली चठिया नवाज़ के सीने पर रगड़ रही थी..
तभी नवाज़ ने उसके एक आम पर हाथ रख के उसके आम को दबा दिया .. ..तभी hi आरती ने उसका हाथ को पकड़ लिया और उसके वही हाथ को वही hi रोक दिया ..और किश तोड़ते है तब दोनों की नज़ारे मिली
नहीं नवाज़.. ये मत करो
क्यों
आरती जानती थी की उसके क्यों का वो जवाब नहीं दे पाएंगे
फिर नवाज़ ने उसके आम को दबाने कोशिश की
मन क्यों कर रही हो
नवाज़ के ऐसे कहने से आरती का चेहरा तमतमा गया.. आरती को पता था की जब भी नवाज़ शुरू करेगा तब उसे रोकना मुश्किल हो जायेगा.. और खुद को भी .. फिर भी वो बोली..
अभी कुछ देर पहले तो आप ने किया ..यही बैडरूम मई..
फिर कुछ देर रुख के आरती कहती है..
चलिए केक कट करते है .. बाकि का काम बाद मई करते है
और स्माइल करते है
चल रानी .. जल्दी से केक कट करके .. आपने असली वाला काम करते है .. इस नए बीएड पाई ..
तब शर्मा के आरती कहती है ..
बेशरम
इसमे क्या बेशर्मी.. इतना अच्छा बीएड मेरे बेगम ने मेरे लिए लाया है तो उसका सदुपयोग करना पड़ेगा hi न
इतना बीएड पसंद आया क्या
बीएड भी और बीएड वाली भी
पहलीवाली के साथ भी ऐसा hi बीएड होगा ..और बेड़वाली भी होगी न
नहीं वह न बीएड अच्छा था और न बेड़वाली .. इसलिए वह मज़ा नहीं आता था.. अब असली मज़ा आएगा













