Adultery KAMINA CHUDDAKAD - NEW VERSION .... - Page 25 - SexBaba
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Adultery KAMINA CHUDDAKAD - NEW VERSION ....

वैसे एक बात बोलू..... आरती .. तू साड़ी में बेहद हसीं लगती हैं ...... तू हमेशा साड़ी hi पहना कर ............

अच्छा . .. तू जनता नहीं मई हमेशा साड़ी hi पहनती हु ..साड़ी के अलावा तूने मुझे किसी दूसरे ड्रेस मई देखा है क्या

हाँ देखा है न . .. निघ्त्य मई

वो रात मई पहनती हु

मैंने तो सुबह देखा था

बुद्धू रात मई पहनी निघ्त्य सुबह hi रहेगी न

हाँ वो तो है पर तू साडी से अच्छे निघ्त्य मई दिख रही थी

मुझे तुम्हारा कुछ समाज नहीं आता .. अभी कह रहे थे साडी मई मैं अच्छे दिखते हु और अब कह रहे हो निघ्त्य मई

तब नवाज़ हँसाने लगा

वो तो मई ऐसे hi बोल रहा tha..waise तू साड़ी मई hi अच्छी लगती है

ये नवाज़ धीरे से बोल पड़ा वहीँ आरती टकटकी लगाए नवाज़ के चेहरे को बस निहारती रही ...... कुछ देर निहारने के बाद आरती कहती है ..

नवाज़ .....मुझे तुमसे कुछ बात करनी हैं ....

हाँ कहो न

नवाज़ ने तुरंत कहा

वैसे.... मैं तुम्हे कैसी लगती हूँ ..... सच सच बताना......

ये सुन के तो जैसे नवाज़ की चंडी हो गयी .... अब वो ये बात बहुत ाचे से समझ चूका था की आरती धीरे धीरे उसके मुट्ठी में आ रही हैं .....

तू बहुत खूबसूरत हैं … तेरे आगे तो हीरोइन भी फीकी पढ़ जाती हैं ..... कसम से .....

शायद उसे जो सुनना था नवाज़ ने उसे वैसा hi जवाब दिया था .........

ऐसा खहने के बाद नवाज़ एक नज़र आरती के चहरे की तरफ डालता हैं तब आरती उसे hi देख रही थी ..उसके चेहरे पर स्माइल थी ..





वो नवाज़ को देख रही थी पर उसने नवाज़ को कुछ नहीं कहा .... कहती भी क्या ..... जो उसे नवाज़ से सुनना था नवाज़ ने उसे वही कहा था ..

तब नवाज़ फिर से कहता है .........

एक बात बोलू आरती ..... तू जब हंसती हैं तो और hi ज़्यादा हसीं लगती हैं ...... कसम से........
 
शायद उसे जो सुनना था नवाज़ ने उसे वैसा hi जवाब दिया था ....

ऐसा खहने के बाद नवाज़ एक नज़र आरती के चहरे की तरफ डालता हैं तब आरती उसे hi देख रही थी ..उसके चेहरे पर स्माइल थी .. वो नवाज़ को देख रही थी पर उसने नवाज़ को कुछ नहीं कहा .... कहती भी क्या ..... जो उसे नवाज़ से सुनना था नवाज़ ने उसे कहा था ..

तब नवाज़ फिर से कहता है .........

एक बात बोलू आरती ..... तू जब हंसती हैं तो और hi ज़्यादा हसीं लगती हैं ...... कसम से........

नवाज़ के ऐसे कहने से आरती शर्मा जाती है ..





शर्माकर वो नीचे की तरफ देखते हुई कुछ देर तक खामोश सी कड़ी रहती हैं .. बिना कुछ बोले ..... बिना नवाज़ की तरफ देखे ...... अभी भी उसका कलेजा ज़ोरों से धड़क रहा था ..... मगर क्यों ..... शायद उसे इस सवाल का जवाब नहीं मालूम tha..phir वो आपने आप को संभालते हुई उसकी तरफ देखते हुई कहती है ..

ज्यादा मस्का लगाने का तरय मत करो और वो बॉक्स नीचे उतराओ... हरिया कभी भी आ सकता है

आने दो

क्या आने दो ..उसके आने के बाद बॉक्स नीचे उतरोगे क्या

ऐसा hi कुछ सोचा था

सोचा मत करो ज्यादा ..पहले काम करो ..

ऐसा कह के उसका हाट पकड़ के बॉक्स जहा थे वह ले जाते है

रुको....

अब क्या हुवा..

शर्ट निकल देता हु

मेरे सामने हमेशा सलमान खान क्यों बनाते हो

जरा नखरे से कहते है ..





मई क्या तुम सलमान खान लगता हु

नहीं मेरे बुद्धू नौकर 😞

तो

सलमान खान जैसे हमेशा शर्ट निकल के खड़े होते हो .. वैसे तुम हमेशा शर्ट निकल के मेरे सामने क्यों खड़े होते हो

तू इतनी हॉट है न की तेरे हॉटनेस से मुझे गर्मी होती है

ऐसे hi बोल के hi सबको पटटे होंगे न

तुम क्या लगता है

भला मुझे कैसे पता होगा

तू किसको पता होगा

वो मई क्या जणू ..

नखरा करते हुई कहते है ..

शायद तुम्हारे नीता को पता होगा या वंदना को पता होगा .. या कोई और होगी तो उसको पता होगा ..

और हँसाने लगी ..





हँसाने की बात नहीं है ..

तो क्या बात है ..

तुम क्या लगता है मई हर किसी को ये बात कहता हु

हाँ

नहीं ऐसा नहीं है

तुम तो ऐसे कह रहे हो जैसे तुम्हारे गाड़ी मेरे पाई आके रुके है

हाँ

जूथ मत कहो मुझे पाने के लिए

जूथ नहीं बिलकुल सच कह रहा हु

झूठे एक नंबर का जूथ है ये

तो सच क्या है

सच जानना चाहते हो

हाँ

और मेरे मू से

हाँ

बुरा तो नहीं लगेगा तुम मैंने कुछ ऐसा वैसे कहा तो

उसके आँखों मई देखते हुई कहती है





बिलकुल नहीं .. भला तुम्हारी बात का मई बुरा क्यों मानूंगा और आज से पहले कभी मन है क्या ..

ऐसा कह के उसके क्लोज जाता है .. आरती उसको देखते हुई आपने बाल बंदने का नाटक कर रही थी ..





तब नवाज़ उसके मू के पास आपने मू ले जाता है .. तब आरती पलट जाती है .. और थोड़ा आगे हो जाती है ..

मैंने सुना है की तुम हर बार कोई नहीं लड़की या औरत चाहिए..

मुंडका मिलते hi मेरी बेइज़्ज़ती करनेको तैयार..

तब आरती हस्ती है

मैंने सुना है

बिलकुल गलत सुना है

और फिर नवाज़ एक बार आरती की गांड की तरफ देखता है फिर अपने पंत मई तने हुई अपने लौड़े को मसल देता है … पंत के उप्पर से और धीरे से आरती के पीछे हल्का सा सात कर खड़ा होजाता है..

नवाज़ का आपने पीछे इतने चिपक के ऐसे खड़े होने से आरती को थोड़ा अजीब लगता हैं लेकिन वो उसे कुछ नहीं bolti...aisa नहीं था के उसे बुरा लगा था लेकिन थोड़ा अजीब ज़रूर लगा था ...

आरती पीछे घूमने की कोशिश करने का सोचती है लेकिन तभी उसे लगता है मेरे पीछे घूम के देखने का कही ये गलत मतलब न निकल दे . .. पर फिर भी वो गर्दन घुमा के उसे देखती है ..





उसके चहरे पर स्माइल थी . उसके इतने करीब होक भी आरती जब पलट कर स्माइल देते हुई नवाज़ को देखते है तब नवाज़ जान चूका था की चिड़िया उसके जाल में फंस गयी हैं ..... अब उसे कैसे उसका शिकार करना हैं ये नवाज़ से बेहतर और कौन जान सकता था...............

अगर कल को तुम मुझे भी पा लोगे तो मुझे भी इस्तेमाल करके अपने से दूर फेंक डोज............. क्यों मैंने सही कहा ना ......

अगर तू ऐसा कुछ सोचती हैं तो मैं तेरे को कसम देता हूँ की मैं आज के बाद कभी किसी औरत के तरफ दुबारा पलटकर भी नहीं देखूंगा .... सिवाए तेरे

नवाज़ अपनी बात पूरी कॉन्फिडेंस से बोल पड़ता हैं तब आरती कहते है ..

थोड़ा बाजु को हैट के .. नवाज़ की और देखते हुई . उसके चहरे पर स्माइल थी ..





नीता को भी

हाँ

एक hi घर मई रह के उसको कैसे अवॉयड करोगे ..

कर लूंगा

ऐसा कह के आरती की और आने लगा .. तब वो पीछे को हैट गयी.. पीछे अब दिवार थी .. तब वो दिवार से सात के कड़ी हो गयी..

तेरे लिए अवॉयड कर लूंगा

मैंने क्यों नहीं कैसे पूछा

तब कहता है

मैं कर लूंगा .. तू क्यों चिंता कर रहे है ..

नवाज़ अब उसके सामने लगभग उसको टच होकर खड़ा था…

जी पर मुझे जानना है मेरे लिए तुम नीता को कैसे अवॉयड करोगे जबकि हम दोनों एक hi घर मई रहते है..

आरती ने पहले बार उसको जी कहा था .. इस से पहले वो जी सिर्फ उसके हस्बैंड अरविन्द को कहती थी . वो थोड़ा धीरे बोलती hai....usko मादक अड्डा से देखते हुई ..





आरती के इतने करीब होने पर नवाज़ से कण्ट्रोल नहीं हो रहा tha...wo आरती के बदन से आने वाली महक को सुंघाने लगता है .... आरती को देखते हुई नवाज़ उसके जिस्म का शेप देख रहा था ....और वो क्या देख रहा है ये आरती अच्छे से जानती थी .. इतनी जवान शादीशुदा ाव्रत को अपने करीब कोई भी अपना आप खो देगा लेकिन नवाज़ जनता था एक गलती और पूरा काम बिगड़ जायेगा…

फिर भी वो डेरिंग करते हुई आरती का हाट उसको देखते हुई आपने हाथ मई लेता hai..aaj के इस घटना से और बातचीत से नवाज़ के लिए आरती के दिल के सरे दरवाज़े खुल गए थे वहीँ आरती की सोच अब पूरी तरह से बदल चुकी थी........... नवाज़ को लेके ..

नवाज़ ने आरती से बात करते हुई जान बूझकर आरती के हाथों को आपने हाथो मई लिया था .. वो आरती की रिएक्शन जानना चाहता था .. ताकि वो आगे बड़े या रुके उसका उसे पता चले ..

वहीँ नवाज़ के हाथों का स्पर्श आरती के बदन में धीरे धीरे गर्मी भरता जा रहा था ..... वो बड़े गौर से नवाज़ के काळा हाथों को देख रही थी .......... और उसके स्पर्श से उसके बदन मई उठ रही गर्मी और रोमांच महसूस भी कर रही थी .....

तब नवाज़ कहता है

वैसे तू क्या जानना चाहती हो

तुम नहीं जानते क्या

नहीं तो

अच्छा जी

हाँ जी

मुझे क्या बोतल मई उतरने की कोशिश कर रहे हो क्या

जरुरत है क्या

ऐसा कह के उसके एक गाल को हाट लगता है

आह्हः नवाज़ नूवो





कह के शरमाते हुई आरती दूसरी और चेहरा कर लेते है..
 
तब उसका फ़ोन बजता है ..

तब झट से आरती पीछे हैट जाती है

लगता है पापा जी का कॉल है

तुजे कैसे पता शेठजी का फ़ोन है

उनके लिए सेपरेट रिंगटोन लगाए है

बहुत स्मार्ट है तू

तब नवाज़ उसके पार्स मई से मोबाइल निकालके आरती के कान मई लगता है .. आरती नवाज़ को देखते हुई स्माइल करते हुई आपने ससुर से बात करने लगते है ..





जब तक बात चल रही थी तब तक नवाज़ कुछ नहीं करता .. जैसे hi उनकी बात ख़तम होती है की नीचे से आवाज़ आता है ..

नवाज़ ... नवाज़...

ये आवाज़ आते hi आरती दरवाज़े की और देखने लगती है ..

कोई तो आया है ..

तब नवाज़ दूर की और देखने लगता hai..tab कोई

स्टेप्स चढ़ाते हुई उप्पर आता है

नवाज़ नवाज़

दूत हटो मुझसे कोई तो आया है घर मई ..

ऐसा कह के नवाज़ को बाजु कर के आरती पीछे हैट जाती है और अपनी साड़ी ठीक करने लगी..

मालकिन मालकिन.. आरती मेमसाब..

कोण है हम दोनों को बुला रहा है

हरिया होगा

क्या हरिया ?? मतलब वो हरिया उप्पर आएगा ..

हाँ

अब आरती आपने साड़ी ठीक करने लगी .. और नवाज़ वैसे बीएड पाई जेक लेट गया फिर से .. ..

फिर आरती आपने बाल ठीक करती है तब उसको याद आया हेयर पिन नहीं है और वो हेयर पिन ढूडने बीएड के पास जाती है तब वो नवाज़ को देखते है ..नवाज़ अब बीएड पाई लेता हुआ था .. शर्ट के बटन खुले hi थे .. उसको देखकर आरती कहते है..

वो उप्पर आ रहा hai..thik से बैठो और शर्त के बटन लगाओ ..

क्यों

वो हरिया उप्पर आएगा और तुम ऐसे नंगा बैठा देखेगा तो क्या सोचेगा

मई क्या नंगा बैठा हु क्या

ी मैं खुले शर्ट मई तुम ऐसा बैठा हुआ देखा तो क्या समजेगा वो

क्या समजेगा मतलब..

मतलब मेरे और तुम्हारे बारे मई क्या समजेगा और तुम ऐसा बैठा हुआ देखा तो हमारे बारे मई कुछ भी सोच सकता है...

अच्छा ..सोचने दे उस बूढ़े को जो सोचना है वो ..

मेरे बारे मई गलत सोचेगा ..मेरे इज़्ज़त चली जायेगे

तो तुम बटन लगाओ ..

तुम भी न नवाज़

ऐसा बोल के बीएड पाई जुख के बटन लगाने लगी तब नवाज़ उसके गाल किश करता है ..आरती झट से शर्ट के बटन लगाती है और झट से पीछे हैट जाती है .. तभी हरिया उप्पर आ जाता है.. उसी कमरे है .. हरिया को देखते hi आरती और पीछे पीछे हैट जाती है ..हरिया की पहले नज़र नवाज़ पाई जाती है .. आरती को उसने ठीक से देखा नहीं .. नवाज़ को बीएड पाई लेता देख हरिया नवाज़ को कहता है ..

ारे नवाज़ जरा शर्म कर मालकिन के सामने ऐसा बीएड पाई सोया हुआ है

मालकिन तो अपनी hi है .. वो किसी को कुछ नहीं कहेगे

मालकिन अपनी hi है ऐसा जब नवाज़ बोलता है तब आरती उसको देखती है पलटकर..





अब तक उसकी पिट नवाज़ की तरफ थी ..और कुछ काम करने का नाटक कर रही थी ताकि हरिया को लगे मालकिन कुछ काम कर रही है और उसपर हरिया का शक न जाये .

आरती नवाज़ की तरफ देखते हुई उसे इशारा करते हुई कहते है..

कुछ भी बोलते हो क्या ..

और वो कुछ नहीं कहेगे तो क्या तू उनके सामने कुछ भी करेगा क्या .. बेशर्मो की तरह

तब आरती कहती है नवाज़ की तरफ देख के ..





हरिया तुम भी किस को कह रहे हो .. इस बेशरम आदमी को कुछ फरक पड़ने वाला है क्या

बात तो सही है मेमसाब आप की .. वैसे नवाज़ नीता कहा है.. तुम्हारे साथ नीता नहीं दिख रही है

तब आरती कहती है

हरिया तुम भी इन् दोनों का पता है क्या

आप भी क्या बात कर रही हो मेमसाब .. भला मुझे कैसे पता नहीं होगा .. इनका तो सरे गाँव को पता है ..

मतलब मुझे hi लेट पता चला

आप घर मई रहते हो न तो गाँव मई क्या चल रहा है वो आप को पता नहीं रहता है

हाँ तुम सही कह रहे हो .. मुझे भी लग रहा है गाँव मई घूमना होंगे तो मुझे भी पता चलेगा कहा क्या हो रहा है

हाँ सही कहा आप ने मेमसाब .. आप को गाँव मई घूमना चाहिए और मई तो कहता हु कभी कबर खेत मई भी आ जाना चाहिए

आरती - हाँ पापा जी भी मुझसे यही कहते है

तभी नवाज़ कहता है आरती के तरफ देखते हुई

सही कहते है बड़े मालिक मेमसाब.. आप को गाँव मई घूमना चाहिए और खेत मई भी जाना चाहिए.. चाहिए तो मई आप को घुमा सकता हु .. मेरे गद्दे पाई ..

हरिया - तेरे गद्दे पाई मेमसाब क्यों घूमेंगे .. उनके पास अपनी कार है

नवाज़ - हाँ कार से घूम सकते है memsaab..mai तो भूल hi गया ..

आरती - हरिया तुम कार चलने आती है

हरिया - नहीं मेमसाब.. वैसे आप के पास ड्राइवर है न

आरती - है पर वो तो तुम्हारे छोटे मालिक के साथ जाता है न

तब हरिया कहता है

वैसे मेमसाब ये नवाज़ भी अच्छा कार ड्राइव कर सकता है

तब नवाज़ आरती की तरफ देखते हुई धीरे से कहता है

मेरे सिवाय आरती तुम दूसरा कोई रास्ता नहीं है.. जहा जाओगे वह हमें पाओगे ..

तब आरती नवाज़ को घर के देखने लगते है





नवाज़ - अपुन ने तो अच्छे अचे कार की ड्राइविंग की है

हरिया - हाँ नवाज़ तुम तो उस्ताद आदमी हो

तब आरती कहती है जरा गुस्से से

अब हरिया आपने उस्ताद से मिल के ये बॉक्स निचे उतर दो

मई

ऐसे आश्रय से आरती को देखते हुई हरिया कहता है

नहीं तो क्या मई

हरिया - आप नहीं ये नवाज़ उतर लेंगे न

वो अकेला उप्पर से बॉक्स निचे कैसे उतर पायेगा

नीता को बुला सकता है वो

वो बीमार है

क्या हुआ उसको

फीवर है .. इसलिए घर पाई सो रही है

हरिया - फिर ये अकेले कैसे निकलेगा

इसलिए मई कह रही हु तुम दोनों मिल के उठा लो

हरिया - नहीं मेमसाब मुझे मालिक ने दूसरा काम दिया है.. मई तो सिर्फ देखने आया था की नवाज़ ने बॉक्स निचे उतरे है या नहीं

थोड़े देर रुकोगे तो तुम्हारा क्या जायेगे

जरा गुस्से से आरती कहते है

रुकने का मई रुख सकता हु पर मालिक ने दिया हुआ काम बहुत इम्पोर्टेन्ट है ..और ये छोटे बॉक्स नवाज़ आराम से अकेला उतर सकता है .. इस से बड़ी बड़ी बोरिया नवाज़ अकेला उतर सकता है ..ये बॉक्स क्या चीज़ है

आरती कुछ बोलते इससे पहले hi बड़े मालिक वह आ जाते है

ारे हरिया तुम अब तक यहाँ क्या कर रहे हो

मई जा रहा था पर मालकिन कह रही थी नवाज़ के साथ मिलकर ये बॉक्स निकल लो

नहीं बहु उसको दूसरा काम दिया है वो ज्यादा जरुरी है .. हरिया तुम जाओ ..

तब हरिया वह से जाने लगा

तब नवाज़ के तरफ देखते हुई कहते है





पर पापा ये बॉक्स नवाज़ अकेले कैसे निकलेगा

नवाज़ के लिए थोड़े चिंता थी उसके मैं मई .. ये सुन के नवाज़ खुश होता है.. मैं मई कहता है..

इसको मेरे चिंता है .. गुस्से का तो ये नाटक कर रही थी..

शेठ जी - मुझे लगा नीता अब तक ठीक हो गए होंगे

नहीं उसे ज्यादा बुकर है पापा जी

फिर अब

वही मई सोच रही हु

पापा - बॉक्स निचे उतरने के बाद नवाज़ अकेले ले जा सकता है न

नवाज़ - जी मालिक

बहु सिर्फ बॉक्स निचे उतरने मई इसके हेल्प करो

जी पापा जी

ठीक है बीटा

तब आरती की और देखते हुई नवाज़ कहता है

चलिए मेमसाब बॉक्स उतरते है

तब गुस्से से आरती नवाज़ को देखती है

पापा जी मई आपको खाना दू

नहीं मई ले लूंगा .. तुम जरा जल्दी बॉक्स नवाज़ से निचे उतरो लो

निचे चेहरा करते हुई कहते है





जी पापाजी

उसका चेहरा उतरा
 
बहु सिर्फ बॉक्स निचे उतरने मई इसके हेल्प करो

जी पापा जी

ठीक है बीटा

तब आरती की और देखते हुई नवाज़ कहता है

चलिए मेमसाब बॉक्स उतरते है

तब गुस्से से आरती नवाज़ को देखती है

पापा जी मई आपको खाना दू

नहीं मई ले लूंगा .. तुम जरा जल्दी बॉक्स नवाज़ से निचे उतरो लो

निचे चेहरा करते हुई कहते है

जी पापाजी

उसका चेहरा उतरा हुआ था

अब शेठजी निचे गए थे .. अब वह सिर्फ आरती और नवाज़ बचे तेह .. इस वजह से आरती अब और ज्यादा बेचैन होने लगी....

इधर नवाज़ खुश था .. वो भला होता भी क्यों नहीं . वो बिना किसी दर के आरती के इतने नज़दीक आया था .. ..उसे लगा वो अब और उसके क्लोज आ सकता है … यही सोच के साथ वो थोड़ा आरती के नज़दीक आता है.. नवाज़ के नज़दीक आने से आरती के दिल की धड़कने बाद रही थी…

आपने पास नवाज़ आ रहा है ये देख के आरती थोड़ा बाजु खिसक के कड़ी हो जाती है .. नवाज़ और उसके पास जाता hai..aur उसका हाथ पकड़कर उसके शोल्डर को किश करने लगा .





तब आरती थोड़ा बाजु होती hai..nawaz फिर से उसके पास आता है ..नवाज़ आरती के एक हाथ को पदक कर उस के आँखों में देखने लगता है…

चोरो मेरे हाथ .. और चुपचाप बॉक्स निचे उतरो

उतर लूंगा न रानी .. इतने भी क्या जल्दी है ..

तब नवाज़ से दूर जेक नखरे से कहते है

कर लेना जब करना होगा तब .. फिर मुझे मत कहना . मई जा रहे हु निचे

और जाने लगी.. तब नवाज़ उसका हाथ पकड़ लेता है ..

उसका हाथ पकड़ लेता और आरती की खींच के आपने से सत्ता लेता है ..

चोरो मुझे

निचे गए तो शेठजी को क्या कहोगे

क्या कहूंगी .. कहूँगी नवाज़ उतर रहा है बॉक्स

जूथ बोलोगे

तुजे क्या करना है मई आपने ससुर से जूथ बोलू या नहीं

उनोने कहा वो अकेले नहीं उतर पायेगा ऐसा थोड़े देर तू कह रहे थी

वही तो प्रॉब्लम है ..ये नहीं कह सकते न ..

तो रुख जा

मेरे मज़बूरी का फायदा मत ुतो

कहा फायदा उठा रहा हु

फायदा नहीं उतर रहे हो तो क्या कर रहे हो

अब कहा सही से फायदा उठाया है

इतना कह के उसको घूमता है ..और उस को पकड़ कर आपने बदन को चिपकता है .. अभी आरती के बॉल नवाज़ की छाती को लग जाते है..

मई कुछ कह नहीं रही हु इसका मतलब मई कुछ कर नहीं सकती ऐसा मत समजना

इतना कह के आरती पूरा ज़ोर लगाके नवाज़ के बहो में से निकलने की कोशिश करने लगी ..वैसे तो आरती की उम्र नवाज़ से ज्यादा थी.. वो थी 24 की और नवाज़ था 21 का .. पर नवाज़ के ताकत के आगे आरती की ताकत कुछ काम नहीं कर रही thi..wo जोर से नवाज़ का शर्ट का कालर पकड़ के हिलने लगी .. फिर आरती ने नवाज़ के गाल पे दो करारे थप्पड़ मरे .. तब आरती का मंगलसूत्र नवाज़ के शर्ट के पहले बटन अटक गया .. आरती निकलने की कोशिश करने लगी पर निकल नहीं रहा तब ज़ोर से झटका मारा .. तब उसके ब्लाउज के उप्पर वाला बटन टूट गया और उस की ब्रा थोड़ी बहार आ गयी. तब आरती जोर्का झटका मार्के उसके बहो मई से हैट गयी.. ..

अब आरती नवाज़ के सामने कड़ी thi....uska पल्लू अब निचे गिर गया था... साडी भी थोड़ी लूसे हो गयी थी ...कमर के पास थोड़ा निचे टाक साडी सरक गयी थी... आरती के बाल सरे बिखर गए थे .. आरती एकदम गुस्से से लाल हो गयी थी ..और उसे ध्यान नहीं था की उसका पल्लू गिर गया है और सारी लूसे हो गयी hai...wo गुस्से मई बोली

क्या हुआ है तुझे.. पागल तो नहीं हो गया है तू ... करना क्या चाहता है तू… मई मालकिन हु तेरी.. हरमखोर .. लोग तेरे बारे मई सही hi कहते है ..

क्या कहते है ..

गुटर के नाली का काला कीड़ा है तू ..

कोण कहता है

कोई भी कहता हो . तूने मुझसे ज़बरदस्ती की है .. आपने मालकिन से . ..रुक मैं naa..abhi पापाजी को बोलती हु

ऐसा कह के आवाज़ देने लगी तभी निचे से आवाज़ आता है ..

बेटे नवाज़ ने बॉक्स निचे उतरे क्या

तभी झट से उसको चोर के बाजु हो गया .. शेठजी का आवाज़ आते नवाज़ की गांड फैट रही थी और उसे दार भी लग रहा thaa...wo सोचने लगा कही बुद्धा उप्पर आ गया और इस साली सनकारी रैंड ने बुरा मन के सब कुछ आपने ससुर को बताया तो ये बुद्धा मुझे जान से मार hi डालेगा .. साला मैंने ये क्या कर दिया .. मैंने ऐसे क्यों किया .लेकिन क्या करू .. साली की जवानी ने मुझे पागल कर दिया था .. अब मई क्या करू ..

ऐसा सोच के बॉक्स उतरने लगा ..और आरती को हाट जोर के कहता है..

हां कह ..मेरे माँ

तब आरती उसको गुस्से से देखने लगी ..





आरती को गुस्सा कण्ट्रोल नहीं हो रहा tha..wo कुछ नहीं कह रहे थी ..सिर्फ गुस्से से नवाज़ को देखे जा रही थी.. नवाज़ बॉक्स उतरने लगा ..तब फिर से निचे से शेठजी आवाज़ देते है ..

बेटे नवाज़ ने बॉक्स उतरे क्या ..

तब गुस्से मई आरती कहते है ..

हाँ पापा जी

और नवाज़ को कहती है ..

पापा जी उप्पर आने से पहले बॉक्स उतर दे ..नहीं तो तेरे खैर नहीं

उतर लूंगा ..पर तू आपने हुलिया ठीक कर ले वर्ण उनको शक हो जायेगा ..

तब आरती घूम के एक जो छोटा सा मिरर था उसमे आपने हुलिया ठीक करती है .. और घूम जाती है ..

आपने ब्लाउज का बटन टुटा है ..

वो छुपा लुंगी ..

तभी शेठ जी वह आ जाते है
 
अब शेठ जी वह आ चुके the..tab न चाहते हुई भी आरती नवाज़ के पास चली जाती है और बॉक्स निकलने मई उसे हेल्प करती है ..शेठजी वह आने के बाद नवाज़ डर गया था ..उसे लगा था इतना सब हो गया तो आरती शेठ जी को कुछ न कुछ बतायेजी ..पूरा नहीं पर थोड़ा बहुत ..उसे पता था वो पूरा नहीं बतायेगे .. थोड़ा उसके बारे मई या उसकी कम्प्लेन करेंगे पर ऐसा कुछ नहीं हुआ ..नवाज़ को दूसरा डर था इसने नहीं बताया तो शेठजी को इस का हुलिया देख के शक होगा पर आरती ने ऐसा कोई शक होने नहीं दिया और शेठजी से इधर उधर की बाते करने लगी ..तब नवाज़ रिलैक्स हो गया और आरती के तरफ देखने लगा तब आरती इशारा करके कहती है ..





मरूंगी अब ..चुपचाप होक बॉक्स उतरो ..तुम देख रहे हो ये पापा को पता चला तो लेने के देने पद जायेंगे … तब नवाज़ पुरे बॉक्स निचे उतर लेता है ..

शेठ जी बॉक्स हो गए

अब इससे निचे रखवा दो

हां टिक है... रखवा दूंगा .. पर शेठजी ये बॉक्स उठके देने padnge...koyi है क्या…

अब यहाँ कोण होगा ..मेरे और आरती के अलावा .. तुजसे अकेले से नहीं हो पाहेंगा क्या

नहीं ..बहोत वजन है इसका .. उतके देने के बाद निचे अकेले ले जाऊंगा ..

क्या तू भी न नवाज़ खाके मोटा होगया है ..पहले जैसा अब काम नहीं कर पा रहा है

तब नवाज़ आरती के तरफ देखकर कहता है

नहीं शेठजी ऐसे बात नहीं है ..मई कितना काम करता हु आप मालकिन से पूछ लीजियेगा

तब आरती नवाज़ को गुस्से से देखने लगी ..





तब शेठजी आरती से पूछते है

क्या कह रहा है बेटी ये सच है क्या

तब जरा डरते हुई हड़बड़ी मई आरती कहती

Haaa..hhaaa… पापा .. काम करता है ये

नवाज़ आरती के मू से ये बात सुनके खुश हो जाता है

लगता है तूने अपनी मालकिन को भी आपने झांसे मई लिया है

तब दोनों शेठजी को देखने लगे

तेरे बातो मई ये भी आ गए शायद

नहीं नहीं पापा जी ऐसे बात नहीं है .. ये सच मई काम का बाँदा है

वो तो मई जनता हु बेटी पर तू इसकी बातो मई मत आना ये बहुत चालू चीज़ है मीठे मीठी बाते करके आपने काम निकलवाना इससे बहुत अच्छे से आता है ..बहुत स्मार्ट है ये

नवाज़ की तरफ देखते हुई कहती है





जी ध्यान रखूंगी आगे से पापा जी

बेटी शयद ये बॉक्स हमें hi इसको उतके देने पड़ेंगे

पापा जी मई उतके दे दंगे आप रहने दो

तुजसे अकेले से होगा क्या बेटी

कर लुंगी

मालकिन हो सिर्फ हलके हातो से उतना है ..पूरा वजन तो मई hi उठा लूंगा

ऐसा है तो अच्छा है

अब नवाज़ निचे बैठ के बॉक्स उतने लगा .. तब दूसरे साइड से आरती बॉक्स उतने के नीचे जुख के बॉक्स के उप्पर साइड को पकड़ती है

तब नवाज़ कहता है

मेमसाब बॉक्स को नीचे से पकड़ो ..उप्पर से कैसे पकड़ paoge..lagata है मेमसाब को काम करने की आदत नहीं है

तब शेठजी कहते है

बीटा निचे से पकड़ो जैसे नवाज़ कह रहा है

हाँ पापा जी ..पकड़ रहे हु

तब आरती निचे जुख के बुरा सा मू करके नवाज़ को देखते हुई धीरे से बोली ..





ठीक तरीके से बता नहीं सकते क्या ..तने मरने की क्या जरुरत है

इस वक़्त शेठजी उन्दोनो से दूर खड़े होक लेंतें पर क्या क्या है ये देख रहे थे उस वजह से उसका ध्यान इन् दोनों पर नहीं था नहीं इनकी बातो पर .. वैसे भी ये दोनों धीरे से बात कर रहे थे

तना कहा मार रहा हु जान ..सीधे सीधे hi तो बता रहा हु

जान मत बोलो पापाजी के सामने ..उनोने सुन लिया तो

बूढ़े का ध्यान हमारे तरफ नहीं है

शर्म नहीं आती पापा जी को बुद्धा कहते हुई

बूढ़े को बुद्धा तो कहेंगे न

अब बॉक्स आरती ने उठके उसके कंधे पर रख दिया था..

मेमसाब आप इस बॉक्स को पीछे से पकड़ सकते हो क्या ..सिर्फ हाट रखना है

तब उसके पीछे जेक आरती कड़ी हो जाती है

हां बीटा सिर्फ हाट लगा दो ..ताकि बॉक्स पीछे न जुक जाये .. बोतल है उसमे नहीं तो गिरके बोतल टूटने का डर होता है

जी पापा जी

वो बॉक्स को हाट लगते है

लगता है मुझे आपने नौकर बनाने का तुम्हारा इरादा है

नौकर नहीं रानी बनाने का इरादा है

तब आरती के चहरे पर हलकी सी स्माइल आती है





कमीना कही का

ऐसा वो मैं मई कहते है ..
 
वो बॉक्स को हाट लगते है

लगता है मुझे अपनी नौकर बनाने का तुम्हारा इरादा है

नौकर नहीं रानी बनाने का इरादा है

तब आरती के चहरे पर हलकी सी स्माइल आती है

कमीना कही का

ऐसा वो मैं मई कहते है

अब नवाज़ वो बॉक्स आराम आराम से नीचे लेके जा रहा था.. अब तीसरा बॉक्स वो नीचे ले जा रहे थे .तब वो आरती को बोलै…

अभी तू पीछे नहीं साइड हो… ये ज्यादा भरी है इसका वेट 50 कग के आसपास है.....

ठीक है ..

कह के आरती बाजु से बॉक्स पकड़ती है .थोड़ा वो आगे आ गए थे मतलब अदा स्टेप्स उतर चुके थे .. तभी नवाज़ की नज़र गलत जगा पड़ी.... उसके नज़र उसके मम्मी पाई गए .. उसका ब्लाउज पसीने से गिला हो गया था … और साड़ी का पल्लू भी थोड़ा बाजु हो गया था.. वो नवाज़ देख रहा था तभी आरती वो देख लेते है..

ज्यादा इधर मत देखो नहीं तो गिर जाओगे ..

नहीं गिरूंगा .

ऐसा बोल के उसके मम्मी को देखने लगा ..वो देखने के चक्कर में नवाज़ का हाथ बॉक्स से निकल गया तह और तब वो बॉक्स साइड मई होक गिराने वाला था तभी आरती वो बॉक्स को पकड़ने लगी ताकि न गिरे पर उस बॉक्स को संभालने के चक्कर मई आरती का बैलेंस बिगड़ गया और वो गिराने लगी तब नवाज़ ने उसको संभल लिया..

लेकिन उसका एक हाथ उसकी छाती पे और दूसरे कमर पे था.. और बॉक्स को आरती ने पकड़ा था.. कैसे तो करके दोनों ने बॉक्स सम्बल लिया ..

मैंने कहा था न गिरोगे

मई नहीं तू गिर गयी

तेरे वजह से गिर गयी मई

फिर दोनों ने मिल के पुरे बॉक्स निचे रखवा दिए ..

फिर आरती बाथरूम में जाकी फ्रेश होने लगी .. और नवाज़ उप्पर वाले कमरे मई जेक आराम करने का उसने सोचा .. इसलिए वो उप्पर गया .. तब शेठजी वह hi थे ..

होगया क्या

हां शेठजी

ठीक है तू थोड़ा आराम कर .. मई निचे जाता हु

फिर नवाज़ आराम करने लगा..
 
आरती बैडरूम मई थी.. वो नवाज़ के साथ उसका बर्थडे सेलिब्रेशन करने को जाने के बारे मई सोच रही थी .. उसको टेंशन था पापा जी को क्या बोले .. वो क्यों जा रहे है .. कहा जा रही है इसका क्या बोले ..

तब उसके नानन्द कंचन का कॉल आता है ..

कॉल देखते hi आरती का चेहरा खिल उठता है ..





वो सोचते है कंचन के पास कोई न कोई रास्ता होगा यही सोचते हुई वो कॉल उठाती है

बोलिये मेरे नानन्द रानी

हम क्या बोले मेरे प्यारी से स्वेट bhabhi..bolane वाली बात तो आप के पास hi है

तब आरती हस्ते हुई कहते है

भला मेरे पास ऐसे कोनसे बात है दीदी

तो क्या मेरे पास है भाभी

मई सामजी नहीं

भाभी आप नादाँ बनाने की एक्टिंग न hi करो

अच्छा अच्छा नहीं करते

बोलो कहा तक आयी तयारी

कोनसे तयारी दीदी

फिर वही .. आप के प्यारे से नौकर का बर्थडे सेलिब्रेशन की तयारी भाभी..

वो क्या

हाँ वही भाभी.. मई यहाँ मरी जा रही हु आप से मिलाने और ..

और क्या नानन्द रानी ..

कंचन बात दबा देते है ..

और कुछ नहीं भाभी.. आप बात को मत टालो .. आप सही सही से बताओ

तब बड़ी अड्डा के साथ कहते है





एक्चुअली दीदी मई तो उसके साथ नहीं आना चाहती थी पर वो बहुत फाॅर्स कर रहा है

अच्छा जी

जरा अड्डा के साथ कंचन कहती है

क्या बोल के फाॅर्स कर रहा है आपका नवाज़

कह रहा था नीता नहीं है

तो आप नीता की जगा ले लो

तब जरा गुस्सा दिखते हुई आरती कहते है

वो भला ऐसे कैसे कह सकता है

कह तो सकता है आपका नवाज़

दीदी बी थे वे मेरा नहीं है

ी मैं आप का नौकर

हाँ ऐसा कहो न फिर

वो क्या कह रहा था

आप मेरे साथ शहर आ जाओ

तो चली जाओ न

कैसे जाऊ .. लोग क्या कहेंगे

कुछ तो लोग कहेंगे. ..

लोगों का काम है कहना

छोडो बेकार की बातों में .. कहीं बीत न जाए रैना .. कुछ तो लोग कहेंगे.. लोंगो का काम है कहना ..

पापा जी को क्या कहे .. क्यों जा रहे हो कहा जा रहे हो पूछा तो ..

उसका टेंशन आप न लो .. मई पापा को बता दूंगी मुझे शॉपिंग जाना है और भाभी की चॉइस अच्छे है .. तो पापा कुछ नहीं कहेंगे ..और कुछ इशू नहीं होगा

अच्छा

अब आप आ रहे हो न .. अब कोई नखरा वखारा नहीं ..

तब आरती कहते है





मई कहा करती हु कोई नखरा दीदी ..

ये बड़ी अड्डा के साथ कहते है मई कहा करती हु कोई नखरा ..

चलो जल्दी आओ ..हमें शॉपिंग करनी है ..बर्थडे सेलिब्रेशन करना है ..

वो कहा करेंगे ..

मेरे फ्रेंड का फ्लैट है don't वोर्री भाभी

ठीक है आती हु ..पर एक प्रॉब्लम है

अब क्या प्रॉब्लम है

आज नहीं आ सकते

व्हाट ??

हां आज नहीं आ सकते

अब ये क्या नया नाटक है आप दोनों का

कोई नाटक नहीं है.. एक्चुअली नवाज़ आज पार्टी देनेवाला उसके फ्रेंड को

कल भी तो दे सकता है

हां दे सकता है पर क्या है न उसने पहले hi उसके दोस्तों को प्रॉमिस किया है और दूसरी बात आज वो बहुत थक भी गया है

ऐसा क्या काम करवा लिया जो वो इतना थक गया

मैंने नहीं पापा जी ने वो बहुत सरे बॉक्स उस से अकेले से लेन्टाइन से उतरवा दिए और सेकंड फ्लोर से ग्राउंड फ्लोर मई भी लाये उसने अकेले इसलिए

अच्छा .. लग रहा है भाभी आप को उसको बहुत चिंता है

होगी hi न didi..wo बिचारा अकेला कितना काम करता है

हां भाभी आप की बात सही है

कंचन के बात से वो कुश हो जाती है

भाभी हम कोई फिल्म देखने चले?."

आरती ने भी बोहोत दिनों से कोई मूवी नहीं देखि थी. तो उससे भी लगा की कोई फिल्म देखनी चाहिए. लेकिन तभी उससे नवाज़ का ख्याल आया.

सोचूंगी.. वैसे आईडिया बुरा नहीं है ..

सोचना क्या है... हम चलेंगे बास..

मूवी देखना है तो बहुत टाइम जायेगा.. आप के भैय्या को पूछना पड़ेगा न

भाभी आप हर बात अपने पति से पोच्के करती हो क्या ?

हाँ .. वो मेरे पति है

आपने ननद के साथ फिल्म देखने में भी

नहीं आप है तो पूछना नहीं पड़ेगा पर बताना तो पड़ेगा

बताने की क्या जरुरत है .. इस मई क्या प्रॉब्लम होगी भैया को ?

वो जानती थी भैया को वो पूछेंगे तो भैया बहुत सरे सवाल पूछेंगे ..

बहुत टाइम लगेगा और मुझे आने मई लेट होगा न इसलिए बताना पड़ेगा

भाभी .. आप करो अपने पति से बात. मैं जाती हूँ… .. और हाँ भाभी... मूवी का प्लान बना लेना .. कैंसिल मत करना ..

आप को नहीं लगता दीदी आप बोहोत बोलती हो

बोलती तो हु भाभी.. अब आप और आप का प्यारा सा नौकर जल्दी आओ ..

हाँ आती हु ..

भाभी एक बात पूछनी भूल गयी

तब स्माइल करते हुई आरती कहते है





अब क्या बचा है

वैसे आप लोग कैसे आने वाले है

तब शरमाते हुई आरती कहते है





उसकी बाइक है

वाओ !!! भाभी आप आपने नौकर के साथ उसके बाइक पाई आ रही हो

हाँ ..अब दूसरा कोई ऑप्शन नहीं है

क्यों .. कार नहीं है क्या

ख़राब हुई है

भाभी एक बात पुछु

आप कभी भैय्या के साथ बाइक पाई कही गए हो क्या

नहीं .. क्यों ..

भैय्या के साथ नहीं गए और नौकर के साथ जा रहे हो

आप कहते हो तो नहीं जाती

नहीं नहीं मई ऐसा नहीं कह रही हु ..

तो

कुछ नहीं आप आ जाओ उसके साथ उसके बाइक पाई

आ तो जाउंगी पर डर लग रहा है

डर और किस बात का

गाँव मई से नौकर के साथ उसी के बाइक पाई जाना

हाँ भाभी तो ावक्वार्ड है ..

हम्म्म

पहले कभी नहीं गयी होगी न .. उसके साथ बाइक पाई ..

हम्म्म

थोड़ा डिफिकल्ट होगा

नहीं नहीं पहले एक बार गयी थी

क्या ..कब और कहा .. आपने मुझे नहीं बताया

वो थोड़ा इमरजेंसी मई जाना पड़ा था .. यही नज़दीक..

ऐसे भी क्या इमरजेंसी थी ..

तब चहरे पर स्माइल लेट हुई कहते है





आप के भैय्या के कोई ऑफिस के गेस्ट आनेवाले थे उनके लिए खाना बनाना था .. उसके लिए कुछ चीज़े लेन थे और आप के भैय्या कह रहे थे नीता को मत भेजो .. तुम खुद जेक लेके आओ .. और कार ड्राइवर गायब था ..

अच्छा इतना क्लैरिफिकेशन.. फिर किस बात का डर..

उस टाइम हम इवनिंग गए थे .. अंधेरा था . कोई देखनेवाला नहीं था .. अब दिन है ..सब रस्ते मई बैठे होंगे

हाँ ये बात तो है ..

फिर क्या सोचा है

कुछ नहीं

पीछे वाले रस्ते से जाओ ..वह कोई नहीं रहता

रास्ता ख़राब होगा वो

हाँ ख़राब होगा .. पर इससे से तो आपके ड्राइवर के मज़े होंगे

और कंचन हँसाने लगी

मतलब

आप पीछे बैठे होगी .. और रास्ता ख़राब होगा तो गाड़ी खड़ा मई से जाते हुई आपका मज़ा आपका नौकर लेगा

तब आरती शरमाते हुई कहते है





आप भी न दीदी

वैसे भाभी आप क्या पहनने वाली हो

साड़ी पहनने का सोच रही हु

फिर उसको ज्यादा मज़ा नहीं मिलेगा

आप भी न .. वैसे साड़ी hi ठीक रहेंगे न .

अब ये आप पाई निर्भय है भाभी.. अगर आप हॉट लगाना चाहती हो तो साड़ी पहन लो और आप आपने नौकर को मज़ा देना चाहती हो तो ड्रेस पहन लो ..

और हँसाने लगी ..

आप से कुछ पूछना hi बेकार है

तब कंचन कहती है

मेरे मनो तो साड़ी पहन लो . बहुत खूबसूरत दिखोगे aap..aur आपका नौकर आप पाई लट्टू हो जायेगा ..

आप भी न

रखती हु भाभी

कहके कंचन कॉल कट करते है.. कंचन से बात कर के आरती कुश थी .. अब वो खुद को कहते है ..

अब मई नवाज़ के पास जाती हु और उसे कहते हु कल हम सिटी जायेंगे उसका बर्थडे सेलिब्रेट करने को ..

ये कहते हुई वो शर्मा जाती है..





और वो भी उसके बाइक पाई....

फिर कुछ देर शांत रह के कहते है..

दीदी भी न. कुछ भी कहते है. ..नवाज़ भला मेरे मज़े क्यों लेगा ..और वो भी बाइक पाई ..

कुछ देर शांत रहने के बाद कहते है

दीदी आप गलत हो ..वो मेरे साथ कुछ मज़े नहीं लेंगे .. लास्ट टाइम कहा मज़े लिए थे ..

और शांत हो जाती है और नवाज़ के बारे मई सोचने लगी . और सोचते हुई कहते है ..

ऊह्ह्ह्ह गॉड ये क्या हो रहा है मेरे साथ ..ऐसा पहले तो कभी नहीं हुआ मेरे साथ .. ऊफ्फ पता नहीं आज का दिन कैसा जायेगा .. पहले नाहा लेती hu..phir सोचूंगी की क्या करना है आज..

यही सब सोचते हुए बाथरूम की तरफ बढ़ गयी.. फिर से उसे नवाज़ का नंगा बदन याद आ गया ..

साला हमेशा मेरे आँखों के सामने चाय रहता है .. पैर अभी उसके बारे मई नहीं सोचूंगी नहीं तो मुझे लेट हो जायेगा..

ये कहते हुई वो चुप चाप नहाने चली गयी और जल्दी से फ्रेश हो कर वो उप्पर वाले कमरे मई जाती है..
 
उप्पर नवाज़ नींद की आगोश में था .. काम की वजह से वो थक गया था ..वो वही नीता के बगल मई सो गया था .. जब आरती नीचे फ्रेश होने गयी थी तब नीता आयी थी .. फीवर की वजह से थोड़ी थक गयी थी .. इसलिए वो जल्दी सो गयी ..

नवाज़ और नीता दोनों एक दूसरे की बाहो में, मदमस्त, बेखबर, गहरी नींद में अभी तक सो रहे the.Itne में आरती आती है वह .. जहा नवाज़ सोया था वह .. उस दूर पाई ..

आरती अब सजी धजी उप्पर आ जाती है .. आपने यार के पास ..नवाज़ के पास ..





थोड़े देर पहले जो गुस्सा उसको नवाज़ पाई आ रहा था वो गुस्सा उसको अब नहीं आ रहा था .. वो अब बहुत खुश थी . आरती की ख़ुशी उसके चेहरे से झलक रही थी… ..इस साडी मई आरती एक हसीं पारी जैसे लग रही थी ……. आरती के मोठे भारी गोल गोल बूब्स उसके ब्लाउज मैं बहुत hi ज्यादा कैसे हुई थे …..देखने पर ऐसा लग रहा था जैसे की अभी वो ब्लाउज फाड़कर बहार आ जायेंगे …. दूध सा गोरा सफ़ेद चमकदार बदन आरती को और भी ज्यादा खूबसूरत बना रहा था ……. ……. अगर अब किसी ने उसको देखा होता तो कोई भी उसका दीवाना बन सकता था …...पर उसे तो अपना दीवाना बस नवाज़ को hi बनाना था.. उसे किसी और से कोई मतलब नहीं था अब ………

अब वो स्टेप चार के उप्पर आयी थी .. उसने सोचा मई पहले उप्पर जाने के बाद दूर पाई खड़े होक पहले देखूंगी मेरा राजा क्या कर रहा है .. चुप के देखूंगी .. मेरा ये रूप उसे डायरेक्टली नहीं दिखाउंगी.. धीरे धीरे ये यौवन उसे दिखाउंगी .. उसे थोड़े तरसाऊँगी .. थोड़े तड़पाऊंगी ..आखिर मैंने रूप श्रृंगार उसके लिए तो किया hai..to उसको दीदार दूंगी... पर धीरे धीरे ..

ऐसा सब सोचकर वो दूर के पीछे खड़े हो गए और धीरे से आपने चेहरा आगे किया और अंदर देखने लगी ..





जैसे hi दूर से आपने चेहरा उसने आगे किया थो उसे नवाज़ सोया हुआ दिखा .. वो भी नीता के साथ .. नवाज़ नीता से चिपक कर सोया हुआ था …… नीता नवाज़ की भाव मैं दबी हुई थी ……. उन्दोनो को देखकर आरती को बहुत गुस्सा आया ..और वो गुस्से से उसको देखने लगी..





गुस्से से वो बड़बड़ाने लगी

ये कामिनी कब आयी .. मुझे तो पता hi नहीं चला .. और ये कमीना साला .. मेरे को कह रहा था मई आरती तुम्हारे बगैर किसी के पास नहीं जाऊंगा और साला यहाँ मेरे जाते hi मेरे नौकरानी से चिपक के सो रहा है .. क्या करू मई इस कमीने का अब

कुछ देर वो ऐसे hi उसे गुस्से से देखने लगी ..फिर नवाज़ का चेहरा देखकर .. उसके चहरे पर की मासूमियत देखकर उसका दिल पिगल गया ..उसका गुस्सा काम हो गया .. उसके चहरे पर स्माइल आ गयी ..





उसको देखकर वो कहते है..

सोया हुआ है आरती वो .. इस ने थोड़ा न कुछ किया होगा ..शयद वो नहीं नीता hi उसको आके चिपक गयी होगी .. उसमे उसकी क्या गलती है .. वो बिचारा तो थकान की वजह से सो गया है .. कितना काम करता है नवाज़ .. और पापा जी भी कितना काम करवाते है नवाज़ से ..बिचारे ने अकेले इतने वेटेड बॉक्स निचे ले गए ..दूसरा कोई होता तो अकेला कहा से निचे ले जा पता ..कहता और एक बाँदा चाहिए और फिर दोनों मिलकर बॉक्स निचे ले जा पते ..और कितना टाइम लगा पते ..क्या पता ..और यहाँ मेरे नवाज़ ने अकेले और कितने फ़ास्ट बॉक्स निचे ले गए ..और पापा जी कहते है ..नवाज़ अब तुम उतना काम नहीं करते .. क्या पापा जी आप भी न कुछ भी कहते हो .. वैसे नवाज़ आप के बारे मई जो कहता है वो सच hi है ..आप बूढ़े हो गए है ..और बुद्धा आदमी कुछ भी कहता रहता है ..

और ये नीता भी मेरे नवाज़ को चिपक के कैसे सो गए .. इस को शर्म भीराम है या नहीं .. मेरे नवाज़ को चिपक के मुझसे नवाज़ को छीनना चाहती है क्या .. पर मई ऐसा होने नहीं दूंगी ..नवाज़ मेरा है और सिर्फ मेरा है.. और अब नवाज़ बदल गया है ..उसने कहा है अब मई तुम्हारे सिवाय किसी के पास नहीं जाऊंगा .. और नवाज़ मुझे जूथ नहीं बोलता .. अब मेरे नवाज़ को तुम मत बिगड़ना ..मेरे नवाज़ से इस नीता कुटिया को दूर करना पड़ेगा ..

ऐसा कह के वो उन्दोनो के पास जेक नीता को नवाज़ से दूर धकेल देती है ..

फिर नवाज़ के पास बैठ जाती है .. और कहती है ..

नवाज़ के बहो मई ये नीता अच्छी नहीं लगाती .. मई hi अच्छी लगाती हु ..

फिर शर्माकर कहते है ..





तू भी न aarti..kuch भी कहते है.. नौकरानी कैसे नवाज़ के बहो मई अच्छी लगेंगे .. मालकिन hi अच्छी लगेंगे ..

फिर वो उसके गाल पाई हाट रखती है .. और नवाज़ के चहरे को बहुत hi नज़ाकत से देखते हुई कहते है ..

कितना मासूम चेहरा है मेरे नवाज़ का .. कितना भोला लगता है नवाज़ मेरा ..

फिर हसते हुई कहते है ..

पर है क्या भोला ..

अपनी गर्दन ना मई हिलाकर कहते है

नहीं बिलकुल नहीं ..

ऐसा कह के उसके गाल को चूमती है ..

ये कहा का भोला .. अब तक कितने लेडीज के साथ इस कमीने ने सम्बन्ध बनाये हुई है .. मुझे पता hi नहीं .. शयद इस कमीने को खुद को तो पता होगा क्या . क्या मज़ा मिलता होगा इसे.. अलग अलग लेडीज के साथ सम्बन्ध बनाने मई ..मुझे तो 4 के बारे मई पता है .. नहीं 6 के बारे मई .. और अब मई ..

तब शरमाते हुई आरती कहते है ..





आरती तू भी न .. लगता है इसके साथ रहकर तू भी इसके जैसे गन्दी बनती जा रही है .. साथ का असर .. और क्या ..

ऐसा कह के फिर से उसके गाल को एक बार चूमती है ..

वो कुछ भी हो पर मेरा मैं करता है हमेशा इसके आसपास राहु .. मुझे पता है की ये लेडीज के साथ दोस्ती क्यों बढ़ाता है .. मज़े करने के लिए.. फिर भी मेरा दिल इस पाई आ गया है .

फिर चहरे पर स्माइल लेट हुई कहते है

अब आ गया है तो क्या करे . ये कैसा भी होगा तो इसके साथ रहना hi पड़ेगा ..और इसको झेलना पड़ेगा hi न आरती.. और मई जानती हु इसने कहा है की मई बदल जाऊंगा पर मुझे पता है इसे बदलना आसान नहीं है पर मई इससे बदल के रहूंगी .

फिर नवाज़ के गाल को धीरे से मरते है

पर कमीने के नसीब बहुत अच्छा है ..जहा जाता है वह उसको मज़े मरने को कोई न कोई मिल hi जाती है..

और आँख बंद करते हुई कहते है..





जैसे अब मई इससे मिली ..

और शरमाते हुई कहते है

आरती तू भी न ..कुछ

भी कहते है और कुछ भी सोचते है ...

फिर कहते है..

हमें तो आज शहर जाना था .. इस मेरे राजा का .. कमीने का बर्थडे सेलिब्रेशन 🎉 🎊 करने को और इसकी पार्टी बिच मई आ गयी .. कोई न .. आज नहीं तो कल .. पर इसने सुबह से कुछ खाया नहीं .. आरती खाया नहीं या तूने खिलाया नहीं .. मैंने दिया hi नहीं .. अब देना चाहा रही हु पर ये सो रहा है .. इसको जगाना पड़ेगा.. इसको फ्रेश होना भी बाकि है ..

फिर नीता के तरफ देखते हुई कहते है

ये महारानी तोह बेसुध होक सो रही है .. इसके उतने से ..

तभी नीता पलट कर फिर से नवाज़ से चिपक गयी .

तब आरती कहते है.. जरा नखरे से ..

ये तो मेरे राजा के पीछे hi पड़ी है .. ये तो नवाज़ को ठीक से सोने भी नहीं दे रही है..

नवाज़ से नीता को दूर करते हुई कहते है..

इस महारानी की नींद खुलने से पहले नवाज़ को यहाँ से इस रूम से ले जाना होगा . नहीं तो ये उठ गयी तो इसको साथ मई निचे ले जाना पड़ेगा या इसकी तबियत ठीक नहीं हुई तो इसको डॉक्टर के पास ले जाना होगा .. खेमका इसका झांझड़ ..

नहीं नहीं इस महारानी के उतने से पहले मई नवाज़ को यहाँ से ले जाउंगी..

ऐसा कह के नवाज़ को आवाज़ लगाने लगी .. पर नवाज़ गहरी नींद मई था ..तब उसके शोल्डर को पकड़ कर उसे हिलने लगी खत ...

"नवाज़ !! सो रहे हो क्या अभी तक? चलिए... उठिये... आप को पार्टी करने नहीं जाना है क्या .. आपने दोस्तों के साथ.. फिर कल हमें बहार जाना है .. ...शहर .. तुम्हारा बर्थडे सेलिब्रेशन के लिए "

अब वो आपने बाल बंदति है ..





और फिर नवाज़ को हिलाकर जगाने लगी……2-4 बार और ज़ोर से उसको हिलने के बाद नवाज़ की नींद खुलती है ..नवाज़ ने अपनी आखे मलते हुए अपनी आखे खोली …...पर जैसे hi नवाज़ ने अपनी आखे खोली वैसे hi उसे अपने सामने बैठी हुई आरती दिखाई दी…...





जो आखे नींद की बजे से नहीं खुल रही थी …….. वो आरती को देखते hi खुल गयी……. आरती लग hi इतनी सूंदर रही thi…….ki नवाज़ का मुँह भी खुला का खुला रह गया था…... आरती की खूबसूरती देख कर



अभी तक सो रहे हो kya??kitane देर तक सोते रहते हो ..

हनन वह! थकन की वजह से नींद आ गयी ..

अच्छा ठीक है

कहते हुई आरती बीएड से उठ जाती है और खुद के कपडे ठीक करती hai....aur मिरर के सामने कड़ी हो जाती hai..aur बाल संवारने का नाटक करती है..

उतना नहीं है क्या तुम ..

नवाज़ कुछ नहीं बोलता .. सिर्फ उसको देखते रहता है ..

जाओ जाकर नाहा lo...jana नहीं है क्या

कहा

कहा का क्या मतलब है.. सुबह से मेरे पीछे पड़े थे और अब कह रहे हो कहा जाना है

जरा नखरे से कहते है

मतलब तुम आने को रेडी हो

मई क्यों औ .. तुम्हारे दोस्त के पार्टी मई

मुझे लगा

क्या लगा

वो तुम बोल रही थी न शहर जेक मेरा बर्थडे सेलिब्रेशन करते है

मई या तुम बोल रहे थे

मई hi बोल रहा था

ऐसा बोलो न फिर .. मेरे नाम पाई बिल क्यों फाड़ रहे हो

तुम मुझपर गुस्सा हो .. तो शयद नहीं आओगे ऐसा लगा

कैसे नहीं आउंगी भला .. मैंने तुम्हे आने का प्रॉमिस जो किया था .. मेरे वचन hi मेरा शाशन है ..

और हँसाने लगी ..

मुझे समजा नहीं आता की तुम मुझे प्यार करते हो या गुस्सा हो

तब हसते हुई कहती है

मई ऐसे hi हु .. औरत समजने को मुश्किल है..

वो तो है .. फिर हम शहर जा रहे है न

आज नहीं कल

कल क्यों

भूल गए आज तुम को पार्टी जाना है

शहर नहीं जाना था तो उठाया क्यों

क्यों की मेरे भोले राजा ..जल्दी उठोगे तो जल्दी पार्टी आओगे और जल्दी सो जाओगे और हम कल जल्दी से सिटी जायेंगे

तब नवाज़ उसके कमर मई हाट दाल के पकड़ के आपने बहो मई भर लेता है..

ाजी चोरो जी ..

ऐसा कह के उसके बहो से निकल के उसके हाथ को पकड़ के बाथरूम मई धकेल देती है ..

अब तुम नाहा लो .. मई तुम्हारे लिए टॉवल और कपडे लती हु ..नीचे से

तुम नहलाओगे नहीं क्या

मई क्या तुम्हारे बेगम हु क्या ..जो बार बार तुम नहलाओ ..

तब उसके हाट को पकड़ के नवाज़ आरती को अपनी और खिंच लेता है ..तब आरती उसके छथि को चिपक जाती है .. और उसको पकड़ लेते है..

image.gif


जब आरती को समाज आता है की ये फिर से सुरु हो जायेगा तब वो उसके बहो से जाने लगी तब नवाज़ उसके शोल्डर को पकड़ लेता है..



तब आरती परेशां होक कहते है

चोरो न जी

तो बन जाओ न .. मेरी बेगम..

आप भी न नवाज़ ..

नवाज़ को उसने पहली बार आप कहा था

क्या आप भी न बेगम साहिबा

तब शरमाते हुई कहते है

मई नहीं हु आप की बेगम

तो बन जाओ न

ऐसा बोल के उसको किश करने के लिए आपने मू उसके होंटो के पास ले गया ..





आरती के होंटो को टच होते hi वो पीछे हैट के बहार भाग जाती है .. उनका किश नहीं हुआ था पर होंटो का होंटो से टच हुआ था ..

दूर पाई खड़े होक बड़े अड्डा के साथ कहते है





चुपचाप नाहा लो .. वो भी जल्दी

जी बेगम साहिबा

नहीं तो तुम्हारे महारानी उठ जाएगी.. अगर वो उठ गयी तो मई नहीं आनेवाली तुम्हारे साथ तुम्हारा बर्थडे डे सेलिब्रेशन करने को .. फिर आपने महारानी के साथ करना आपने बर्थडे सेलिब्रेशन..

वो भी सही है..

समाज गए ..

हाँ बेगम साहिबा.. पर बेगम साहिबा एक बात पूछनी थी ..

क्या जी .. पूछिए ..

शहर जेक बर्थडे सेलिब्रेशन कहा करना है .. किसी बड़े होटल मई या कही और

आप उसकी टेंशन न लो जी .. तुम्हारी बेगम साहिबा है न ..वो कर लेगी सारा प्रबंध

फिर भी हमें थोड़ा आईडिया हो जाता बेगम साहिबा तो

आप को क्या करना है उससे .. मई अच्छे से आप का बर्थडे सेलिब्रेशन करुँगी ..

कही कोई होटल पाई करना है क्या

नहीं जी ..

मुझे वैसे कोई आप के लायक वाला बड़ा होटल पता नहीं है इसलिए टेंशन हो रहा है

टेंशन न लो आप .. हमरे नानन्द है न ..

कोण

कंचन दीदी

वो डॉक्टर साहिबा .. शेठजी की छोटे बेटी

हाँ .. आप को पता है क्या उसके बारे मई

नहीं सिर्फ नाम सुना है

उनोने किया है सारा प्रबंध

फिर वो भी होगी

हाँ .. पर उनका टेंशन न लो .. वो कुछ नहीं कहेगे घर पाई .. पापा जी या अरविन्द जी को .. सब सीक्रेट रहेगा

फिर अच्छा है

अआप नाहा लो ..मई आती हु निचे से ..

ठीक है.. आते टाइम कुछ खाने को लाओ हमें .. जोर की भूख लगी है ..

क्या खाएंगे आप .. क्या बनाऊ आप के लिए

जो हमारे बेगम साहिबा को पसंद हो वो

ठीक है

ऐसा कह के आरती निचे चली जाती है
 
अब नवाज़ उप्पर कमरे मई नाहा रहा था वो भी दूर ओपन रख कर .. नीचे आरती गयी आपने बैडरूम मई और नवाज़ के कपडे सेलेक्ट करती है ..ुंदरपनत और बनियान भी लेती है .. उसके हस्बैंड ने नए लाये थे आपने लिए ..वही लेते है ..

अपने हाथों में नवाज़ के लिए कपडे लेके … जिसे वो हाथ में लिए हुई हवा में झूला रही थी ..वो उप्पर वाले कमरे मई चली जाते है . .. .. नवाज़ बाथरूम मई था .. उसे कहती है..

कपडे बहार रखे है.. टॉवल भी .. पहन के निचे आ जाओ .. मई तुम्हारे लिए खाना बनती हु ..

और निचे चली जाती है.. थोड़े देर बाद नवाज़ निचे चला जाता है.. किचन में.. आरती किचन मई कुछ बना रही thi...aab आरती नवाज़ के सामने कड़ी थी.......





आरती ने इस वक़्त एक साडी पहनी हुई थी विथ स्लीवलेस ब्लाउज .. जिससे उसकी पिट पूरी तरह से ओपन उसके सामने थी ....... ब्लाउज की वजह से उसकी गुर्दें भी ओपन थी.. साडी का पल्लू उसके खंड पर था .. उसकी गर्दन और गोरी गोरी पिट इस वक़्त बेहद hi ाखर्षक लग रही थी … गार्डन और पिट का गोरा कलर और उसपर पसीने की चाँद बूंदे ............. और साड़ी में कासी उसकी गांड जो की पूरे गोल आकर में .... तानी हुई .....सुडोल रूप में ..... नवाज़ जैसे मर्द के लुंड में आग लगा देने के लिए बस काफी थी ...

उसके पास जेक उसको पीछे से चिपक जाता है





ये चोरो मुझे ..

ऐसा बोल के नवाज़ को पीछे धकेल देती है

नवाज़ फिर से उसे पकड़ने वाला था की शेठ जी हाल मई आके कहते है

जी पापा जी आयी

तब एक प्लेट मई नवाज़ को खाना परोस के दिंनिंग टेबल पाई रख के कहती है

खा लो

और स्माइल करते हुई बहार चली जाती है.. और आपने ससुर से बात करने लगी .. अब नवाज़ किचन में बैठ कर नाश्ता कर रहा था और बहार आरती को देखे जा रहा था .. अब वो जहा बैठा था वह से वो बड़ी आसानी से आरती को देख सकता था........

वही आपने ससुर से बात करते हुई आरती की उसपर नज़र गयी वो बड़े गौर से नवाज़ की तरफ देखने lagi..........aab वो आपने ससुर को पूछ रहे थे वो उन बताते हुई वो बीच बीच में नवाज़ को देख रही थी.........

नवाज़ एक नंबर का खिलाड़ी आदमी था..... अब जैसे हे आरती उसके तरफ देखती नवाज़ तुरंत अपनी नज़र आरती से हटा लेता .... जिससे आरती को ऐसा लगाने लगा की नवाज़ उसकी तरफ देख नहीं रहा है ........जिससे आरती अंदर hi अंदर चिढ सी गयी.......... इस वजह से वो बार बार किचन की और देख रही thi..wo बार बार किचन मई देख रही थी इस वजह से शेठ जी कहते है..

किचन मई कोण है क्या बेटी

तब जरा शरमाते हुई निचे देखते हुई कहते है

नवाज़ है खाना खा रहा है

अरे बताना था न

ऐसा बोल के शेठ जी किचन मई चले जाते है

तब शेठ जी कहते है

बेटी इसको गरम गरम रोटी तो दो

तब आरती कहती है

हां

और उसे रोटी आरती देती है

ये लो गरम गरम रोटी जल्दी से खाओ

आरती को लगा ये जल्दी से खाके यहाँ से चले जाये नहीं तो ये मुझे देखेगा और पापा को पता चल गया तो बहुत बड़ी प्रॉब्लम होगी ..

अपनी मालकिन की बात मानते हुए नवाज़ चुपचाप खाना खाने laga..nawaz को भी लग रहा था यहाँ से जल्दी से निकल जाना hi ठीक रहेगा .. नहीं तो इसको देखने के चक्कर मई शेठ जी ने देखा तो बड़ी प्रॉब्लम होगी ..

.. अभी वो खाना जल्द जल्द ख़तम करने के चक्कर मई जल्दी जल्दी खा रहा था की शेठ जी ने कहा..

कहा भाग के जाना है क्या तुजे

नहीं नहीं

इतने जल्दी जल्दी क्यों खा रहा है

तब आरती और नवाज़ दोनों शेठ जी को देखने लगे..

नहीं नहीं कही नहीं जाना है

तो धीरे धीरे खाओ

जी शेठ जी

आपने ससुर की बात सुनकर आरती के चहरे पर स्माइल आ गयी .. आरती एक नज़र नवाज़ के चेहरे की ओरे देखने लगती हैं ..
 
इतने जल्दी जल्दी क्यों खा रहा है

तब आरती और नवाज़ दोनों शेठ जी को देखने लगे..

नहीं नहीं कही नहीं जाना है

तो धीरे धीरे खाओ

जी शेठ जी

आपने ससुर की बात सुनकर आरती के चहरे पर स्माइल आ गयी .. आरती एक नज़र नवाज़ के चेहरे की ओरे देखने लगती हैं ..फिर कुछ देर बाद खाना ख़तम होने के बाद नवाज़ वह से चला गया तह ..और आरती आपने कमरे मई .. ससुर आपने कमरे मई ..

अब श्याम हो गयी थी .. आपने कमरे मई बैठ कर आरती सोचते है ..

आज नवाज़ का बर्थडे hai..wo अभी पार्टी को जा रहा है ..मई उसे बोलना भूल hi गयी .. जल्दी वापिस आओ ताकि हम बर्थडे सेलिब्रेशन करे .. सिटी तो हम आज नहीं जा रहे है तो यहाँ hi केक कट करते है..

यही सोच कर वो बहार आ जाती है.. और नवाज़ के रूम मई चली जाती है.. रूम मई कोई नहीं था ..

मतलब ये चला गया .. कितने जल्दी है इसे पिने की

ऐसा बोल के वो रूम को देखने लगी .. रूम बहुत गन्दा हो गया था ..

कितना गन्दा है .. इसके माशूका से ठीक करवाते हु ..

ऐसा बोल के उप्पर वाले रूम मई आ गयी .. रूम मई बसुबह होक नीता बिस्तर पैर चैन की नींद ले रही थी.. आरती बिना आवाज़ किये उसे देखते हुए मैं में सोचने लगी ..

देखो कितनी मासूम लग रही है सोते हुए ..

फिर उठो महारानी ..

पर नीता उठी नहीं तो वो उसको हिलके उठा देती है .. उतने के बाद आरती उसको नीचे ले जाती है.. उसकी इधर उधर की बाते करके बहार लेके जाती है.. नीता को न समज मई आये ऐसे .. फिर नवाज़ के रूम मई ले जेक उससे रूम साफ़ करवा देती है.. फिर कुछ देर बाद नीता को घर. भेज देती है.. फिर एक केक का प्रबंध कर देता है..

केक किचन में रख के नवाज़ के रूम मई का छोत एंड बीएड चेंज करती है.. और फिर खुद को रेडी करने लगती है..

इधर देर रत तक नवाज़ की पार्टी चलती रही और उधर घर पाई आरती उसकी राह देखते रही उसे लगा नवाज़ अब आएगा .. बाद मई आएगा .. उसने एक बार सोचा ड्राइवर को बुला के उसको ढूडने जाऊ पर फिर सोचा .. ड्राइवर ने पूछा तो क्या बोलू मई उसे ..

यही सोच कर वो प्लान तक देती hai..aarti को नींद नहीं आ रही थी..... वो चाहा रही थी की नवाज़ जल्दी आ जाये तो मई उसके बर्थडे का केक कट कर लू .....आज आरती नवाज़ के ज़िन्दगी का सबसे बड़ा दिन बनाने की कोशिश मई थी … पर वो आ नहीं रहा था..

कुछ रात के 12 - 12:30 बजे दूर पाई बाइक का आवाज़ आता है
 
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