उप्पर नवाज़ नींद की आगोश में था .. काम की वजह से वो थक गया था ..वो वही नीता के बगल मई सो गया था .. जब आरती नीचे फ्रेश होने गयी थी तब नीता आयी थी .. फीवर की वजह से थोड़ी थक गयी थी .. इसलिए वो जल्दी सो गयी ..
नवाज़ और नीता दोनों एक दूसरे की बाहो में, मदमस्त, बेखबर, गहरी नींद में अभी तक सो रहे the.Itne में आरती आती है वह .. जहा नवाज़ सोया था वह .. उस दूर पाई ..
आरती अब सजी धजी उप्पर आ जाती है .. आपने यार के पास ..नवाज़ के पास ..

थोड़े देर पहले जो गुस्सा उसको नवाज़ पाई आ रहा था वो गुस्सा उसको अब नहीं आ रहा था .. वो अब बहुत खुश थी . आरती की ख़ुशी उसके चेहरे से झलक रही थी… ..इस साडी मई आरती एक हसीं पारी जैसे लग रही थी ……. आरती के मोठे भारी गोल गोल बूब्स उसके ब्लाउज मैं बहुत hi ज्यादा कैसे हुई थे …..देखने पर ऐसा लग रहा था जैसे की अभी वो ब्लाउज फाड़कर बहार आ जायेंगे …. दूध सा गोरा सफ़ेद चमकदार बदन आरती को और भी ज्यादा खूबसूरत बना रहा था ……. ……. अगर अब किसी ने उसको देखा होता तो कोई भी उसका दीवाना बन सकता था …...पर उसे तो अपना दीवाना बस नवाज़ को hi बनाना था.. उसे किसी और से कोई मतलब नहीं था अब ………
अब वो स्टेप चार के उप्पर आयी थी .. उसने सोचा मई पहले उप्पर जाने के बाद दूर पाई खड़े होक पहले देखूंगी मेरा राजा क्या कर रहा है .. चुप के देखूंगी .. मेरा ये रूप उसे डायरेक्टली नहीं दिखाउंगी.. धीरे धीरे ये यौवन उसे दिखाउंगी .. उसे थोड़े तरसाऊँगी .. थोड़े तड़पाऊंगी ..आखिर मैंने रूप श्रृंगार उसके लिए तो किया hai..to उसको दीदार दूंगी... पर धीरे धीरे ..
ऐसा सब सोचकर वो दूर के पीछे खड़े हो गए और धीरे से आपने चेहरा आगे किया और अंदर देखने लगी ..

जैसे hi दूर से आपने चेहरा उसने आगे किया थो उसे नवाज़ सोया हुआ दिखा .. वो भी नीता के साथ .. नवाज़ नीता से चिपक कर सोया हुआ था …… नीता नवाज़ की भाव मैं दबी हुई थी ……. उन्दोनो को देखकर आरती को बहुत गुस्सा आया ..और वो गुस्से से उसको देखने लगी..

गुस्से से वो बड़बड़ाने लगी
ये कामिनी कब आयी .. मुझे तो पता hi नहीं चला .. और ये कमीना साला .. मेरे को कह रहा था मई आरती तुम्हारे बगैर किसी के पास नहीं जाऊंगा और साला यहाँ मेरे जाते hi मेरे नौकरानी से चिपक के सो रहा है .. क्या करू मई इस कमीने का अब
कुछ देर वो ऐसे hi उसे गुस्से से देखने लगी ..फिर नवाज़ का चेहरा देखकर .. उसके चहरे पर की मासूमियत देखकर उसका दिल पिगल गया ..उसका गुस्सा काम हो गया .. उसके चहरे पर स्माइल आ गयी ..

उसको देखकर वो कहते है..
सोया हुआ है आरती वो .. इस ने थोड़ा न कुछ किया होगा ..शयद वो नहीं नीता hi उसको आके चिपक गयी होगी .. उसमे उसकी क्या गलती है .. वो बिचारा तो थकान की वजह से सो गया है .. कितना काम करता है नवाज़ .. और पापा जी भी कितना काम करवाते है नवाज़ से ..बिचारे ने अकेले इतने वेटेड बॉक्स निचे ले गए ..दूसरा कोई होता तो अकेला कहा से निचे ले जा पता ..कहता और एक बाँदा चाहिए और फिर दोनों मिलकर बॉक्स निचे ले जा पते ..और कितना टाइम लगा पते ..क्या पता ..और यहाँ मेरे नवाज़ ने अकेले और कितने फ़ास्ट बॉक्स निचे ले गए ..और पापा जी कहते है ..नवाज़ अब तुम उतना काम नहीं करते .. क्या पापा जी आप भी न कुछ भी कहते हो .. वैसे नवाज़ आप के बारे मई जो कहता है वो सच hi है ..आप बूढ़े हो गए है ..और बुद्धा आदमी कुछ भी कहता रहता है ..
और ये नीता भी मेरे नवाज़ को चिपक के कैसे सो गए .. इस को शर्म भीराम है या नहीं .. मेरे नवाज़ को चिपक के मुझसे नवाज़ को छीनना चाहती है क्या .. पर मई ऐसा होने नहीं दूंगी ..नवाज़ मेरा है और सिर्फ मेरा है.. और अब नवाज़ बदल गया है ..उसने कहा है अब मई तुम्हारे सिवाय किसी के पास नहीं जाऊंगा .. और नवाज़ मुझे जूथ नहीं बोलता .. अब मेरे नवाज़ को तुम मत बिगड़ना ..मेरे नवाज़ से इस नीता कुटिया को दूर करना पड़ेगा ..
ऐसा कह के वो उन्दोनो के पास जेक नीता को नवाज़ से दूर धकेल देती है ..
फिर नवाज़ के पास बैठ जाती है .. और कहती है ..
नवाज़ के बहो मई ये नीता अच्छी नहीं लगाती .. मई hi अच्छी लगाती हु ..
फिर शर्माकर कहते है ..

तू भी न aarti..kuch भी कहते है.. नौकरानी कैसे नवाज़ के बहो मई अच्छी लगेंगे .. मालकिन hi अच्छी लगेंगे ..
फिर वो उसके गाल पाई हाट रखती है .. और नवाज़ के चहरे को बहुत hi नज़ाकत से देखते हुई कहते है ..
कितना मासूम चेहरा है मेरे नवाज़ का .. कितना भोला लगता है नवाज़ मेरा ..
फिर हसते हुई कहते है ..
पर है क्या भोला ..
अपनी गर्दन ना मई हिलाकर कहते है
नहीं बिलकुल नहीं ..
ऐसा कह के उसके गाल को चूमती है ..
ये कहा का भोला .. अब तक कितने लेडीज के साथ इस कमीने ने सम्बन्ध बनाये हुई है .. मुझे पता hi नहीं .. शयद इस कमीने को खुद को तो पता होगा क्या . क्या मज़ा मिलता होगा इसे.. अलग अलग लेडीज के साथ सम्बन्ध बनाने मई ..मुझे तो 4 के बारे मई पता है .. नहीं 6 के बारे मई .. और अब मई ..
तब शरमाते हुई आरती कहते है ..

आरती तू भी न .. लगता है इसके साथ रहकर तू भी इसके जैसे गन्दी बनती जा रही है .. साथ का असर .. और क्या ..
ऐसा कह के फिर से उसके गाल को एक बार चूमती है ..
वो कुछ भी हो पर मेरा मैं करता है हमेशा इसके आसपास राहु .. मुझे पता है की ये लेडीज के साथ दोस्ती क्यों बढ़ाता है .. मज़े करने के लिए.. फिर भी मेरा दिल इस पाई आ गया है .
फिर चहरे पर स्माइल लेट हुई कहते है
अब आ गया है तो क्या करे . ये कैसा भी होगा तो इसके साथ रहना hi पड़ेगा ..और इसको झेलना पड़ेगा hi न आरती.. और मई जानती हु इसने कहा है की मई बदल जाऊंगा पर मुझे पता है इसे बदलना आसान नहीं है पर मई इससे बदल के रहूंगी .
फिर नवाज़ के गाल को धीरे से मरते है
पर कमीने के नसीब बहुत अच्छा है ..जहा जाता है वह उसको मज़े मरने को कोई न कोई मिल hi जाती है..
और आँख बंद करते हुई कहते है..

जैसे अब मई इससे मिली ..
और शरमाते हुई कहते है
आरती तू भी न ..कुछ
भी कहते है और कुछ भी सोचते है ...
फिर कहते है..
हमें तो आज शहर जाना था .. इस मेरे राजा का .. कमीने का बर्थडे सेलिब्रेशन

करने को और इसकी पार्टी बिच मई आ गयी .. कोई न .. आज नहीं तो कल .. पर इसने सुबह से कुछ खाया नहीं .. आरती खाया नहीं या तूने खिलाया नहीं .. मैंने दिया hi नहीं .. अब देना चाहा रही हु पर ये सो रहा है .. इसको जगाना पड़ेगा.. इसको फ्रेश होना भी बाकि है ..
फिर नीता के तरफ देखते हुई कहते है
ये महारानी तोह बेसुध होक सो रही है .. इसके उतने से ..
तभी नीता पलट कर फिर से नवाज़ से चिपक गयी .
तब आरती कहते है.. जरा नखरे से ..
ये तो मेरे राजा के पीछे hi पड़ी है .. ये तो नवाज़ को ठीक से सोने भी नहीं दे रही है..
नवाज़ से नीता को दूर करते हुई कहते है..
इस महारानी की नींद खुलने से पहले नवाज़ को यहाँ से इस रूम से ले जाना होगा . नहीं तो ये उठ गयी तो इसको साथ मई निचे ले जाना पड़ेगा या इसकी तबियत ठीक नहीं हुई तो इसको डॉक्टर के पास ले जाना होगा .. खेमका इसका झांझड़ ..
नहीं नहीं इस महारानी के उतने से पहले मई नवाज़ को यहाँ से ले जाउंगी..
ऐसा कह के नवाज़ को आवाज़ लगाने लगी .. पर नवाज़ गहरी नींद मई था ..तब उसके शोल्डर को पकड़ कर उसे हिलने लगी खत ...
"नवाज़ !! सो रहे हो क्या अभी तक? चलिए... उठिये... आप को पार्टी करने नहीं जाना है क्या .. आपने दोस्तों के साथ.. फिर कल हमें बहार जाना है .. ...शहर .. तुम्हारा बर्थडे सेलिब्रेशन के लिए "
अब वो आपने बाल बंदति है ..

और फिर नवाज़ को हिलाकर जगाने लगी……2-4 बार और ज़ोर से उसको हिलने के बाद नवाज़ की नींद खुलती है ..नवाज़ ने अपनी आखे मलते हुए अपनी आखे खोली …...पर जैसे hi नवाज़ ने अपनी आखे खोली वैसे hi उसे अपने सामने बैठी हुई आरती दिखाई दी…...

जो आखे नींद की बजे से नहीं खुल रही थी …….. वो आरती को देखते hi खुल गयी……. आरती लग hi इतनी सूंदर रही thi…….ki नवाज़ का मुँह भी खुला का खुला रह गया था…... आरती की खूबसूरती देख कर
…
अभी तक सो रहे हो kya??kitane देर तक सोते रहते हो ..
हनन वह! थकन की वजह से नींद आ गयी ..
अच्छा ठीक है
कहते हुई आरती बीएड से उठ जाती है और खुद के कपडे ठीक करती hai....aur मिरर के सामने कड़ी हो जाती hai..aur बाल संवारने का नाटक करती है..
उतना नहीं है क्या तुम ..
नवाज़ कुछ नहीं बोलता .. सिर्फ उसको देखते रहता है ..
जाओ जाकर नाहा lo...jana नहीं है क्या
कहा
कहा का क्या मतलब है.. सुबह से मेरे पीछे पड़े थे और अब कह रहे हो कहा जाना है
जरा नखरे से कहते है
मतलब तुम आने को रेडी हो
मई क्यों औ .. तुम्हारे दोस्त के पार्टी मई
मुझे लगा
क्या लगा
वो तुम बोल रही थी न शहर जेक मेरा बर्थडे सेलिब्रेशन करते है
मई या तुम बोल रहे थे
मई hi बोल रहा था
ऐसा बोलो न फिर .. मेरे नाम पाई बिल क्यों फाड़ रहे हो
तुम मुझपर गुस्सा हो .. तो शयद नहीं आओगे ऐसा लगा
कैसे नहीं आउंगी भला .. मैंने तुम्हे आने का प्रॉमिस जो किया था .. मेरे वचन hi मेरा शाशन है ..
और हँसाने लगी ..
मुझे समजा नहीं आता की तुम मुझे प्यार करते हो या गुस्सा हो
तब हसते हुई कहती है
मई ऐसे hi हु .. औरत समजने को मुश्किल है..
वो तो है .. फिर हम शहर जा रहे है न
आज नहीं कल
कल क्यों
भूल गए आज तुम को पार्टी जाना है
शहर नहीं जाना था तो उठाया क्यों
क्यों की मेरे भोले राजा ..जल्दी उठोगे तो जल्दी पार्टी आओगे और जल्दी सो जाओगे और हम कल जल्दी से सिटी जायेंगे
तब नवाज़ उसके कमर मई हाट दाल के पकड़ के आपने बहो मई भर लेता है..
ाजी चोरो जी ..
ऐसा कह के उसके बहो से निकल के उसके हाथ को पकड़ के बाथरूम मई धकेल देती है ..
अब तुम नाहा लो .. मई तुम्हारे लिए टॉवल और कपडे लती हु ..नीचे से
तुम नहलाओगे नहीं क्या
मई क्या तुम्हारे बेगम हु क्या ..जो बार बार तुम नहलाओ ..
तब उसके हाट को पकड़ के नवाज़ आरती को अपनी और खिंच लेता है ..तब आरती उसके छथि को चिपक जाती है .. और उसको पकड़ लेते है..
जब आरती को समाज आता है की ये फिर से सुरु हो जायेगा तब वो उसके बहो से जाने लगी तब नवाज़ उसके शोल्डर को पकड़ लेता है..

तब आरती परेशां होक कहते है
चोरो न जी
तो बन जाओ न .. मेरी बेगम..
आप भी न नवाज़ ..
नवाज़ को उसने पहली बार आप कहा था
क्या आप भी न बेगम साहिबा
तब शरमाते हुई कहते है
मई नहीं हु आप की बेगम
तो बन जाओ न
ऐसा बोल के उसको किश करने के लिए आपने मू उसके होंटो के पास ले गया ..

आरती के होंटो को टच होते hi वो पीछे हैट के बहार भाग जाती है .. उनका किश नहीं हुआ था पर होंटो का होंटो से टच हुआ था ..
दूर पाई खड़े होक बड़े अड्डा के साथ कहते है

चुपचाप नाहा लो .. वो भी जल्दी
जी बेगम साहिबा
नहीं तो तुम्हारे महारानी उठ जाएगी.. अगर वो उठ गयी तो मई नहीं आनेवाली तुम्हारे साथ तुम्हारा बर्थडे डे सेलिब्रेशन करने को .. फिर आपने महारानी के साथ करना आपने बर्थडे सेलिब्रेशन..
वो भी सही है..
समाज गए ..
हाँ बेगम साहिबा.. पर बेगम साहिबा एक बात पूछनी थी ..
क्या जी .. पूछिए ..
शहर जेक बर्थडे सेलिब्रेशन कहा करना है .. किसी बड़े होटल मई या कही और
आप उसकी टेंशन न लो जी .. तुम्हारी बेगम साहिबा है न ..वो कर लेगी सारा प्रबंध
फिर भी हमें थोड़ा आईडिया हो जाता बेगम साहिबा तो
आप को क्या करना है उससे .. मई अच्छे से आप का बर्थडे सेलिब्रेशन करुँगी ..
कही कोई होटल पाई करना है क्या
नहीं जी ..
मुझे वैसे कोई आप के लायक वाला बड़ा होटल पता नहीं है इसलिए टेंशन हो रहा है
टेंशन न लो आप .. हमरे नानन्द है न ..
कोण
कंचन दीदी
वो डॉक्टर साहिबा .. शेठजी की छोटे बेटी
हाँ .. आप को पता है क्या उसके बारे मई
नहीं सिर्फ नाम सुना है
उनोने किया है सारा प्रबंध
फिर वो भी होगी
हाँ .. पर उनका टेंशन न लो .. वो कुछ नहीं कहेगे घर पाई .. पापा जी या अरविन्द जी को .. सब सीक्रेट रहेगा
फिर अच्छा है
अआप नाहा लो ..मई आती हु निचे से ..
ठीक है.. आते टाइम कुछ खाने को लाओ हमें .. जोर की भूख लगी है ..
क्या खाएंगे आप .. क्या बनाऊ आप के लिए
जो हमारे बेगम साहिबा को पसंद हो वो
ठीक है
ऐसा कह के आरती निचे चली जाती है