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दूसरा डॉक्टर बोलै आज तेरे बाद तेरे कसमसीन बेटी का माज़ा लेगये , अंजू हाथ जोर के सबके सामने बोली मेरी इज़्ज़त लूट लो मेरी बेटी को छोड़ दो में किसी को नहीं बोलूंगी , पैर ड्राइवर बोलै सिरजी ये तो चूड़ी हुयी है इसकी बेटी कवारी है और उसकी छूट हम छोडेगये तो जवान रहगये इसको छोड़ कर मार डेंग्ये और इसकी बेटी को आपने कैद में रख आपने लुंड की धार पानी करते रहगये . तभी तीसरा डॉक्टर बोलै यार इसको छोड़लेते हैं इसकी बेटी कोर चोरो . तभी अंजू धरड़कर चिल्लाई अगर मुझको और मेरी बेटी को तुम्ह में सो कोई टच भी किया तो तुमसब का खंडन और एक एक रिस्तेदार जमीन से 6 फ़ीट निचे दफ़न होगा . आज hi चौदर्य माधव सिंह ने सबके सामने मुझे अपनी दूसरी बेटी बोले और नयी कार और िश कुत्ते ड्राइवर को नयी वर्दी दी. अंजू की बात सुन जहां रूम में कुछ दिएर ख़ामोशी चा गयी . सब डॉ जानते थे की 3 दिन पहले अंजू को डॉ विकास ने चौदर्य शभ के आर्डर पैर भेजा था. पुरे प्रदेश में चौदर्य माधव सिंह के नाम का सिक्का चलता था .
ड्राइवर को सारा प्लान फ़ैल होता दिखा तो बोलै सर अभी इसकी बेटी को लेकर आयोग न तो अप्प सब के लुंड पैर कुटिया की तरह कूद रही होगी फिर हम सब मिलकर इसकी बेटी का माज़ा लेंगे सर . तीनो डॉक्टर्स सोच में पढ़ गए. एक तरफ गदराये बदन की अंजू और कहाँ जवानी में कदम राखी वाली सलोनी सिर्फ ****** साल की. सबके मोह में पानी आने लगा .तभी अंजू बोली अगर मेरे पिताजी को पता चला तो एक एक बूटी कुत्ते के सामने पड़ी होगी और तुम्हारे खंडन की हर नेसल रंडी के खोते पैर मिलेगी . चारू के जिस्म में झुरझुरी दौर गयी डर की एक बार . ड्राइवर सबसे ज्यादा कमीना था उसे लगा अगर ये फिर धमकी देती रही तो सारा प्लान ये डॉक्टर्स की गांड फटने से चौपट हो जायेगा . ड्राइवर चीख कर बोलै रंडी लगा अपने बाप को आवाज आज साले चौदर्य की सगी बेटी को भी हम छोड़ देते और आगे बढ़कर जैसे hi डॉ अंजू के मोह पैर थप्पड़ मरने वाला था . अंजू चिल्लाई पीताजिजिजीजजिजी......
phatakkkkkkkkkk धमधुममममममम ...........................ड्राइवर थप्पड़ मरता इतने में धड़ाम के साथ दरवाजा टूट ज़मीन पैर था और 5 सेकंड बाद विंडो टूटकर रूम के अंदर गिरे बाकि जो दूर और विंडो के पास थे डाब hi जाते बाल बाल बचे . रूम में धूल गुबार फाल गया कुछ 10 सेकंड बाद सबकी निघा टूटे हुए दरवाजे पैर खड़े चौदर्य माधव सिंह और उनके फीचे खड़े भीमा नाम के गुंडे पैर पड़ी ( भीमा की मदद बहुत बार चौदर्य ने की थी, भीमा उनको अपना बघवान मंटा था) चारू को साप सुंग गया और भीमा को उनके साथ देख कर मरने की रही सही कसार भी पूरी होगयी .
डॉ अंजू दौर कर पिताजी पिताजी आप आगये जा कर चौदर्य माधव सिंह के सिनने से लिपटकर रू पड़ी पैर जल्दी hi बोली पिताजी सलोनी मेरी बेटी इनके कब्ज़े में हैं .उसको भी बचा लीजिए पिताजी वह मेरी जान है ... तभी पीछे से आवाज आयी मम्मी मम्मी ....अंजू अपनी बेटी से लिप्त गयी . और उसको खूब चूमि . बीटा तुझे चोट तो नहीं लगी . सलोनी बोली में नानाजी के साथ अपनी बहुत बड़ी कार में थी. नानाजी बहुत ाचे हैं और मुझको और आपको अपने साथ hi रखेंगे . चौदर्य बोले भीमा अब क्या करना है तुम जानते हो. चौदर्य शभ डॉ अंजू और सलोनी के साथ अपनी हवेली आ गए. सलोनी सारू से जल्दी गुहलमिल गयी . डॉ अंजू ने चौदर्य को साड़ी बात बताई . पैर पिताजी आप उस टाइम न आते तो पता नहीं कमीने इंसान क्या करते मेरे और मेरी बेटी के साथ. चौदर्य बोलै बीटा मुझे तुम्हारी नर्स ने जब तुम यहाँ से गयी तो उन तीनो के बारे में बाट्या की वह बड़े कमीने है उनकी गन्दी नज़र तुम पैर है. में भीमा का अपने साथ उनको वार्निंग देने ले गया था और उसने अपने आदमी भेज कर उनका प्लान का पता लगा लिया, पहले सलोनी को अपने पास उसकी आया के साथ अपने पास सेफ किया बाद में तुम्हे ढूंढा और टाइम पैर उनको पकड़ लिया. अब तुम आराम से कुछ दिन यहीं रहो और आगे का प्लान बानो के क्या करना है . में छाता हूँ की तुम्हारे लिए एक हॉस्पिटल खोलूँगा अपने सिटी में और तुम उसकी मालकिन होगी क्या कहती हो .अंजू बोली पिताजी जैसा आप कहें . तुमको शायद पता नहीं तुम्हारे दादा मेरी पिताजी के ाचे मित्र थे और फिर मैंने तुम्हारे बारे में सबकुछ पाटा किया.
ड्राइवर को सारा प्लान फ़ैल होता दिखा तो बोलै सर अभी इसकी बेटी को लेकर आयोग न तो अप्प सब के लुंड पैर कुटिया की तरह कूद रही होगी फिर हम सब मिलकर इसकी बेटी का माज़ा लेंगे सर . तीनो डॉक्टर्स सोच में पढ़ गए. एक तरफ गदराये बदन की अंजू और कहाँ जवानी में कदम राखी वाली सलोनी सिर्फ ****** साल की. सबके मोह में पानी आने लगा .तभी अंजू बोली अगर मेरे पिताजी को पता चला तो एक एक बूटी कुत्ते के सामने पड़ी होगी और तुम्हारे खंडन की हर नेसल रंडी के खोते पैर मिलेगी . चारू के जिस्म में झुरझुरी दौर गयी डर की एक बार . ड्राइवर सबसे ज्यादा कमीना था उसे लगा अगर ये फिर धमकी देती रही तो सारा प्लान ये डॉक्टर्स की गांड फटने से चौपट हो जायेगा . ड्राइवर चीख कर बोलै रंडी लगा अपने बाप को आवाज आज साले चौदर्य की सगी बेटी को भी हम छोड़ देते और आगे बढ़कर जैसे hi डॉ अंजू के मोह पैर थप्पड़ मरने वाला था . अंजू चिल्लाई पीताजिजिजीजजिजी......
phatakkkkkkkkkk धमधुममममममम ...........................ड्राइवर थप्पड़ मरता इतने में धड़ाम के साथ दरवाजा टूट ज़मीन पैर था और 5 सेकंड बाद विंडो टूटकर रूम के अंदर गिरे बाकि जो दूर और विंडो के पास थे डाब hi जाते बाल बाल बचे . रूम में धूल गुबार फाल गया कुछ 10 सेकंड बाद सबकी निघा टूटे हुए दरवाजे पैर खड़े चौदर्य माधव सिंह और उनके फीचे खड़े भीमा नाम के गुंडे पैर पड़ी ( भीमा की मदद बहुत बार चौदर्य ने की थी, भीमा उनको अपना बघवान मंटा था) चारू को साप सुंग गया और भीमा को उनके साथ देख कर मरने की रही सही कसार भी पूरी होगयी .
डॉ अंजू दौर कर पिताजी पिताजी आप आगये जा कर चौदर्य माधव सिंह के सिनने से लिपटकर रू पड़ी पैर जल्दी hi बोली पिताजी सलोनी मेरी बेटी इनके कब्ज़े में हैं .उसको भी बचा लीजिए पिताजी वह मेरी जान है ... तभी पीछे से आवाज आयी मम्मी मम्मी ....अंजू अपनी बेटी से लिप्त गयी . और उसको खूब चूमि . बीटा तुझे चोट तो नहीं लगी . सलोनी बोली में नानाजी के साथ अपनी बहुत बड़ी कार में थी. नानाजी बहुत ाचे हैं और मुझको और आपको अपने साथ hi रखेंगे . चौदर्य बोले भीमा अब क्या करना है तुम जानते हो. चौदर्य शभ डॉ अंजू और सलोनी के साथ अपनी हवेली आ गए. सलोनी सारू से जल्दी गुहलमिल गयी . डॉ अंजू ने चौदर्य को साड़ी बात बताई . पैर पिताजी आप उस टाइम न आते तो पता नहीं कमीने इंसान क्या करते मेरे और मेरी बेटी के साथ. चौदर्य बोलै बीटा मुझे तुम्हारी नर्स ने जब तुम यहाँ से गयी तो उन तीनो के बारे में बाट्या की वह बड़े कमीने है उनकी गन्दी नज़र तुम पैर है. में भीमा का अपने साथ उनको वार्निंग देने ले गया था और उसने अपने आदमी भेज कर उनका प्लान का पता लगा लिया, पहले सलोनी को अपने पास उसकी आया के साथ अपने पास सेफ किया बाद में तुम्हे ढूंढा और टाइम पैर उनको पकड़ लिया. अब तुम आराम से कुछ दिन यहीं रहो और आगे का प्लान बानो के क्या करना है . में छाता हूँ की तुम्हारे लिए एक हॉस्पिटल खोलूँगा अपने सिटी में और तुम उसकी मालकिन होगी क्या कहती हो .अंजू बोली पिताजी जैसा आप कहें . तुमको शायद पता नहीं तुम्हारे दादा मेरी पिताजी के ाचे मित्र थे और फिर मैंने तुम्हारे बारे में सबकुछ पाटा किया.