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- Dec 5, 2013
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हार्ट28 मई
नवाब आज सुबह से सेहर के 5 चाकर लगा चूका था घर में इस टाइम अकलेला मर्द था जो सभ काम संभल रहा था . िश समय उसके घर में चार चार औरते प्रेग्नेंट थी और सबका टाइम आगे पहिचे था .
4 प्रेग्नेंट लेडीज ...
1) सारू ( हीरो मदर एंड नवाब यंगर बरोथेर राज सिंह वाइफ)
2) जग्गू (Nawab's वाइफ)
3) चंदा (नवाब एल्डर सिस्टर )
4) वीरो (नवाब यंगर सिस्टर )
नवाब अभी हवेली में टहलता हुआ इधर से उधर घूम रहा था और सोच रहा था की साड़ी जिम्मेदारी मेरे ऊपर छोड़कर पिताजी और बड़े भैया को चिंता होनी चाइये की घर में चार औरत पेट से हैं में सब कैसे सम्भालूंगा...... और दोनों छोटे भाइयो को उनकी पढ़ाई इस अलग कर यहाँ कैसे बुलायों राज का इंजीनियरिंग का लास्ट ईयर है और संजय अपने बड़े भैया राम के पास छुट्टी मन्ना रहा है. तभी उसको भर कार की आवाज सुनी दी तो अपने खेलो से बहार आया .
नौकर दौर कर आया छोटे मालिक चौदर्य माधव सिंह आये हैं . नवाब झट से बहार निकला और दौर कर चौदरीशभ के चरण चूहा फिर रति देवी और उसके बाद डॉ अंजू के .
चौदर्य माधव बोले नवाब जारी से सारा सामन निकलवा कर घर में रखवा दो . 2ंद कार में अंजू का डॉक्टरी सामान है उसको अंजू से फूचकर सेट करवा देना और बाकी गाडी का सामान भीमा बहतक में रखवा देगा .
जैसे आप कहे चौदर्य शभ फिर वो दोनों बैठक में बेथ गए और डॉ अंजू और रति देवी हवेली के अंदर चली गयी . नवाब ने 2 नुकुर को काम समझा दिया. और तभी भीमा भी भटक में आकर उनके साथ बेथ गया . थोड़ी दिएर चाय नास्ते इस फारिग हो गए.
चौदर्य माधव बोले ," रति और अंजू को बुलवा दो फिर बात करते हैं". नवाब एक नौकर को बोल कर दोनों को बुलवा लिया.
उसके बाद पांचो उठकर उनके बैठक के पास बने ऑफिस नुमा बारे रूम में पहुंचे और दरवाजा बंद कर सोफे पैर बेथ गए . चौदर्य माधव सिंह सबको देख बोले," अभी में जो बात करूंगा मेरी बात ध्यान से सुन्ना और कोई मुझको भींच में न तुके , समझ गए ". सब बोले जी.
" देखो नवाब मुझे पता है सारू , जग्गू , चंदा और वीरो की डिलीवरी कभी हो सकती है तो अंजू उनको संभल लेगी . ये अपना हॉस्पिटल छोड़कर सिर्फ उन चारो के लिए आई है और इसने अपनी कुछ नर्सेज और एक लेडी डॉक्टर भी बुला ली है .इसके काम में कोई भी देखल न दे ये तुम्हारी जिम्मेदारी है . ठीक . अब अगली बात भीमा अपने 40 आदमी के साथ यहीं तुम्हारी साथ हवेली और तुम सबकी सिक्योरिटी करेगा . तीसरी और सबसे खास बात तुम सबकी बॉस या मुखिया होगी रति , इसका फैसला आखिरी होगा ये तुम तीनो को किस भी प्रकार के मदद करेगी जब जरूरत होगी . में काशी जा रहा हूँ वह से 2 जून को लौटूंगा. समझ गए मेरी बात सब " . उसके बाद रूम में ख़ामोशी चा गयी.
नवाब पहले चारो को देखा फिर चौदर्य माधव से पुछा ," क्या हम पैर हमला होने वाला है" .
चौदर्य bola,"ho भी सकता है िश घर की चार चार औरत माँ बनने वाली है . अभी घर का कोई वारिस पैदा नहीं हुआ और हो सकता है चार वररिस एक साथ हो गए तो दुश्मन को िश से ाचा मौका नहीं मिलेगा ".
नवाब अपने मैं में बोलै वारिस तो जरूर पैदा होगा पैर एक और वह सबकुछ ठीक कर देगा पैर अभी उसको पैदा होना है, हुम्ला पहले होगया तो . फिर नवाब बोलै ,"जैसा आप कहें चौदर्य शभ . में भी अपने आदमी बुला लेता हूँ ".
चौदर्य माधव सिंह विदा लेकर Kaashi(Varanasi)Chala गया बाबा भोलेनाथ के दरसन करने .
इधर सारू अपनी माँ और मौसी (डॉ अंजू) को देख कर बहुत खुश हुई . गीता जो अभी 3 साल की होने वाली थी अपनी बड़ी भें के बिस्तर पैर उसके साथ लेती थी और सारू उसको प्यार से साला रही थी .
रति बोली ,"सारू कैसी है मेरी लाडो और तभियात कैसी है , थोड़ी कमज़ोर लग रही है."
सारू ," माँ सब ठीक है और पेट पैर हाथ फिरते बोली तेरे लाडले ने तंग कर रखा बस लात मरता है." सब हुस्स पड़े . गीता बेथ कर सारू के पेट पैर हाथ रख," लात मरता है मेरी जीजी को जब भर आएगा तब तेरे को बाटूंगी ". सब उसके देख कर मुस्करा रहे थे. डॉ अंजू ने पहले सारू को चेक , फिर उसकी जेठानी को और फिर दोनों नांद को .उसका स्टाफ भी आ गया और उसकी जूनियर डॉक्टर भी.
डॉ अंजू ने दो बड़े रूम्स जो आपस में अटैच्ड थे उनको अपना O.T. बनाया फिर सारू और जग्गू को एक रूम में और चंदा और वीरो को दूसरे रूम में ताकि सबको आसानी से मैनेज किया जा सके.
रति देवी पूरी हवेली का निरक्षण कर नवाब और भीमा को इंस्ट्रक्शंस दी . फिर विमला को इंस्ट्रक्शंस दी उसको क्या करना है . उसके बाद विमला को साथ ले अपने लिए जो रूम चुना था वहां आगयी .
उसने अपना एक बैग निकला और सारा सामान टेबल पैर रख दी . विमला फटी हुयी आंखों और डर से कभी टेबल की तरफ देखती कभी रति की तरफ . इतने में देवी ( सारू की सास) कमरे में आयी उसकी हालत भी विमला जैसी थी पैर दोनों चुप थी.
रति पहले दोनों रिवाल्वर फिर शॉटगन चेक की फिर गोली और कारतूस भी . फिर उसने दो बड़े साइज के खंज़र चेक किये .
तभी गीता माँ... माँ... माँ... चिलाती हुई रूम में आगयी , रति में झट चादर उठा और टेबल ढक दी फिर अपना ैरबाग उठा उसको बेडशीट पैर रखा दिया. इतने में गीता उसके पास आयी बोली माँ दूदू पीना है . रति उसको उठाकर बीएड पैर बैठी और ब्लाउज खोल निप्पल उसके मुँह में लगा दिया और साड़ी के पल्लू से उसको धक् कर दूध पिलाने लगी. तभी उसकी नज़र देवी और विमला को अपनी तरफ देखती हुई पड़ी . वह दोनों को बिस्टेर पैर बैठने का बोली .
विमला रति से ,"माजी आप अभी भी उसको अभी तक फीडिंग करवाती हैं अब तो बड़ी होगयी है" .
रति ,"बड़ी तो हो गयी है पैर दिन में 1या 2 बार जर्रोर इसको मेरा दूध चाइये बड़ी जिद्दी है क्या करून . तुम नहीं फीड करती अपनी बच्ची को ". विमला ," उसने तो 1 बार्स में hi छोड़ दिया , वैसे माजा आएगा maaji(DEVI) एक बीएड पैर माँ और बेटी दोनों अपने अपने बच्चे को दूध पिलायेंगी" है है है है..
रति ," तो क्या हुआ में अपनी बेटी की संतान को भी दूध पिलदूँगी उसमे क्या बड़ी बात है " hi hi hi.
देवी जो कुछ देर चुप थी बोली , " रति ने सही कहा माँ को अपने बच्चे को ज्यादा से ज्यादा टाइम दूध पिलाना चाइये . तुम लोगो को एक बात बचन मैंने राज (सारू हस्बैंड) को 6 साल दूध पिलाया है" और हसने लगी .
विमला थोड़ा चीड़ कर ," माजी तभी राज इतना सूंदर और गोरा है जैसा दूध का बनना हो पैर आपको अपने दो बड़े बेटे को भी थोड़ा दूध पीला देती तो कुछ तो उनका कलर सुधर जाता."
देवी, " अरे पागल में खुद काली हूँ तो मेरे तीनो बड़े बाचे सवाल हैं और तेरे ससुर गूरे हैं तो तीनो छोटे बच्चे गूरे हैं . अक्सर हमारे पुरे परिवार को साथ देख लोगो को विश्वास ने होता हम एक hi परिवार से हैं. तुझे पता है मेरे राज जैसा सूंदर लड़का पूरे देश में न होगा ये बात देती हूँ ". उसने बात बहुत गर्व से खाई और वह कुछ हद तक ठीक भी थी.
विमला," हाँ ये तो है पैर राज से भी सूंदर अपनी सारू है माजी , इतनी सूंदर और गुणवान कोई न होगी ". देवी हत्थे से उखड गयी और जोर से बोली ," सारू भी सूंदर है पैर मेरे बेटे के सामने नहीं टिकठी , मेरा बीटा जैसा खूबसूरत कोई नहीं है इस पूरे देश में समझी और ज्यादा सारू की चुमची मत बन ".
रति को बात बिगड़ती देखि तो बोली," भेजी एक बात तो में भी मानती हूँ सारू बहुत सूंदर है................ पैर जब मैंने राज सिंह को पहेली बार देखा तो लगा इतना हैंडसम इतना दिलकश कोई लड़का हो सकता है क्या दुनिया में..... . बस उसको देख के लगा मेरी बेटी बहुत कुश किस्मत होगी जो राज सिंह उसको पति के रूप में मिलजाए". देवी बहुत खुश हुई अपने बेटे राज की तारीफ रति से सुनकर.
तभी विमला ने बात दूसरी और मूड दी और बोली," आप दोनों सही हो राज और सारू दोनों बहुत सूंदर हैं लेकिन एक और है जो इनसे ज्यादा सूंदर होगा ये दोनों उसके सामने कुछ नहीं होगा ". रति और देवी एक साथ गुस्से से "क्यों".
विमला ," सारू और राज का बीटा जो आने वाला हैं hi hi hi hi.."
रति बहुत खुश हुई विमला की बात पैर देवी "बोली लड़की भी तो हो सख्ती है जो की बहुत खूबसूरत होगी.."
विमला," नहीं माजी सारू का बीटा hi होगा और मुझको मम्मी बोलेगा और बाकी तीन लड़की होंगी ये मैंने सपने में देखा था ".
देवी बोली ," मैंने भी सपने में देखा था की नवाब का बीटा होगा जो उसकी गॉड में था और बाकि तीनो बेटी को सारू, चंदा और वीरो खिला रहे थे. "
दोनों ने रति की तरफ देखा तो वह बोली ,"देखो आप दोनों ने देखा ,1 लड़का और 3 लड़की, है न जो पैदा हुए . पैर सारे अपने बाचे हैं अपना खून ,और जो बीटा होगा हम सभ भी तो उसकी कुछ लगेगगी चाइये माँ या दादी , वह सबका दुलारा होगा . क्यों???"
दोनों रति की बात से सहमत थे फिर रति ," विमला रात को तुम और माजी एक रूम में बाचो के पास सोना , तुमको गन चलनी आती है ??" विमला ने मुंडी न में हिला दी . रति गीता को बीएड पैर लिटा दी जो सगाई थी फिर टेबल से उठा एक रिवाल्वर उसके दिखा कर समझा दी और बोली सिर्फ जरुरत पड़े तो सिर्फ गोली मरने की धमकी देना .
देवी और विमला को नवाब ने पहले hi हमले से लेकर भीमा और रति के बारे में बात दिए और उनको रति की बात फॉलो करने की इंस्ट्रक्शंस दी थी.
*********
उसके बाद 2दिन गुज़र गए सब कुछ ठीक था 30 जून की सुबह खुसखबरी लेकर आयी .
चंदा ने सुभे 7 बजे एक लड़की को जनम दिया
वीरो ने दिन के11 बजे एक लड़की को जनम दिया
रात के 10:30 बजे थे तभी बहार से गोली बर्री की आवाज आने लगी , भीमा ने हवेली के भर मोर्चा संभाला और नवाब को हवेली के अंदर भेजा 2 साथी के साथ . रति ने अपनी शॉटगन और रिवाल्वर लेकर दोनों रूम के सामने मोर्चा संभाला . विमला ,सारे बाचे और देवी के साथ ,बाजू वाले रूम का दूर लॉक कर बंद किये गन हाथ में लिए कड़ी थी .
जैसे जैसे टाइम बीत रहा था फायरिंग की आवाज बढ़ती जा रही थी . तभी करीब 11 बजे सारू और जग्गू को एक साथ पैन स्टार्ट होगया एक को अंजू ने दुसरे को दूसरी डॉक्टर हैंडल कर रही थी. फायरिंग अभी भी चालू थी करीब 11:30 पैर
जग्गू ने एक बेटी को जनम दिया .
तभी हवेली की टेरेस पैर फायरिंग की आवाज सुन नवाब अपने साथी लेकर ऊपर मोर्चा संभाला और करीब 6 आदमी मार गिराए उसने 2no साथी को ऊपर टेरेस पैर कवर करने का बोल कर नीचे आँगन में पोजीशन ले लिया . थोड़ी देर बाद धूल भरी आंधी सुरु होगयी उसके 5 मं बाद जोर की बिजली चमकी और बारिश सुरु हो गयी . रति और नवाब अपनी पोजीशन अभी भी समभाले हुए थे. बारिस के साथ कभी एक दो फायर कभी बिजली की कड़कड़हट की आवाज आती. इधर सारू अपनी माँ रति को पुकारती हुयी चिल्ला रही थी . तभी एक बुम्म बिष्फोट की आवाज आयी एकदम पुरे आस्मां से लेकर धरती तक एक तेज रौशनी फेल गयी सबकुछ दिकणा बांड हो गया इतनी चूणद थी .
तभी सारू जोर से छिलाई महीईईईई
और .......बेहोश हो गयी.
तभी एक बच्चे के रोने की आवाज आई और रति की आँखों से असून टपक पड़े और बोली महीईई मेरा महीईईई . तभी साड़ी सफ़ेद रौशनी सीधा सारू के रूम में एक नवजात शिशु के अंदर समाती चली गयी . बहार मौसम एकदम शांत था बाचा भी नहीं रो रहा था तभी रात के 12 बजे का घंटा बाजा सबकुछ पहले जैसा हो गया . डॉ अंजू देखि सारू ने एक बेटे को जनम दिया है और बेहोश है उसने अपना काम सुरु कर दिया और 15 मं बाद उसको सारो के पास लायी जो बेहोश थी . उसने सारू का गाउन साइड कर बच्चे का मोह उसके निप्पल से लग दिया जैसे बच्चे ने दूध पिया सारू होश में आते हुए
मेरा माहि....... मेरा माहि..... बोल रही थी और उसके हाथ अपने बेटे को टच हुआ और वह जैसे प्यार और सुख की अनुभूति में डूब गयी . रति सारू के मुँह से "मेरा माहि". सुनी उसको होश आया की वह कहाँ है. वह फौरन रूम में घुसी तो देखा सारू बड़े प्यार से अपने बेटे को दूध पीला रही है . वह आगे बढ़ी सारू का माथा चूमा फिर अपनी जान से प्यारे माहि का सर चूमा और बोली """मेरा प्यारा माहि आ गया""".
डॉ अंजू बोली अब फायरिंग के आवाज़ नहीं आ रही . रति पहात से भर पहोची तो देखा नवाब कपडे झाड़ते हुए आँगन के एक तरफ देख रहा है वह आगे बढ़ी और उस से पहुँचा क्या हुआ , तू ठीक है .
तभी डॉ अंजू विमला को लेकर भर आयी, इतने में भीमा भी हवेली के आँगन में आकर बोलै सब ठीक है . नवाब बोलै यहाँ सब ठीक है बहार सब ठीक है . भीमा बोलै सिक्योरिटी अफसर आगयी है.
भीमा बोलै यहाँ भी 3 आदमी बिजली से झुलुस गए बहार भी कई दुश्मन बिजली उनके ऊपर गिरने से मर गए.
नवाब बोलै ,"डॉक्टर वह दोनों कैसी हैं अब". डॉ अंजू बोली ,"बही मिटहि खिला तू बाप , ताऊ और मामा बना है".
विमला बोली," नवाब हमारे का वररिस आ गया हमारा खानदान का चिराग" .
फिर सभ सारू के रूम में जाते हैं तो देकते एक छोटा सा बाचा जिसका चेरा
किसी तेज़ से चमक सा रहा है , वह बिलकुल गोरा अपने माँ बाप की तरह और उसके चेरे को देख कर खुसी हो रही है.
जब सब बारी बारी उसको चूम कर हैट गए तो रति आगे बढ़ी और प्यार से उसको अपने दोनों हाथ से उठाकर उसके माथे को चूमा फिर उसके गाल को और अपने सीने से लगा की हलके हलके रू रही थी . फिर उसने उसके कान में कुछ वर्ड्स बोले और उसके सर पैर हाथ रख आँख बांड कर मान में बोली और उसको चुम कर सारू को दे दिया .
( कान में कुछ बोलकर उसने माहि की सकती बाँध दी और सर पैर हाथ रख उसने उसका तेज़ काम कर दिया. कोई भी िश बात को नोटिस नहीं कर सका)
रात के एक बाज गया नवाब पहले अपनी बेटी से मिल सबको आराम का बोल बहार बैठक में भीमा के पास चला गया.
बैठक में सिक्योरिटी अफसर वाले दो अफसर और कुछ गाओं के लोग बैठकर बात कर थे.
सबने नवाब से परिवार का पहोचा उसने बताया सब ठीक है और आज उसके घर में तीन लक्ष्मी जैसी बेटियां और उनके खंडन का कुलदीपक पैदा हुआ है .
सबने उसको मुबारकबाद दी और अटैक पैर बात हुयी. सिक्योरिटी अफसर अफसर बोलो नवाब साहब अब तक सिर्फ हम डेड बॉडी हे उठा रहे हैं या तो गोली लगी हुयी या जैसे बिजली से झुलसी हुयी hi . आपको और इसको, भीमा की तरफ इशारा करके , सिक्योरिटी अफसर स्टेशन चलना पड़ेगा. अभी नवाब कुछ बोलता.
बैठक के घर वाले गेट की तरफ से आवाज आई "कोई कहीं सिक्योरिटी अफसर स्टेशन नहीं जायेगा अफसर". "जी आप क्यों " सिक्योरिटी अफसर अफसर पहुँचा . रति देवी ने गेट की फीचे से नवाब को आवाज दे के बुलवाया उसको कुछ समझाया और अंदर चली गयी.
बैठक में सिक्योरिटी ओफ्फिसरवाले और गॉंवाले सोचने लगे ये क्यों थी , नवाब अंदर आकर सिक्योरिटी अफसर वालो को कुछ कान में बोलै और वह दोनों उसके साथ बैठक के साइड वाले रूम में चले गए और दरवाजा अंदर से बंद हो गया.
दोनों अफसर अंदर पहोचे तो देखा कोई औरत कुर्सी पैर उनकी तरफ पीठ किये बैठी , वह दोनों आगे बढ़कर टेबल के सामने कुर्सी पैर बेथ गए नवाब टेबल के साइड खड़ा था .
उस लेडी ने रिवॉल्विंग चेयर घूमा कर उनकी तरफ फेस किया दोनों कुर्सी से उछले जैसा उनकी गांड के नीचे किसी ने सुटली बम फूड दिया हो . दोनों खड़े होकर बोले मैडम आप यहाँ .
रति बिलकुल सपाट लहज़े में boli,"ye मेरी बेटी की ससुराल है , अभी 2 घंटे पहले उसने एक बेटे को जानम दिया और मेरी तीन और बेटियों ने तीन बाचिओं को जनम दिया है जब यहां गोअन में बहार के गुंडे और डाइट आकर हमारी हवेली पैर हमला किये ."
फिर वह टेबल के ड्रावर से अपनी गन निकल चेयर से कड़ी हुयी उनकी तरफ उनके सामन्य जाकर रुकी और धराड़ की चीखी ," जब ये सब यहाँ हो रहा था तुम्हारा सिक्योरिटी अफसर स्टेशन जो 5 कम दूर है तुम अपनी माँ छुड़वा रहे थे ,रणदीव की औलाद जब तुम्हारे एरिया में बहार के 100-150 लोग हथियार के साथ हमला कर रहें है और तुम गांड बेच कर सू रहो हो और 3 घंटे बाद क्या जमादार का काम करने आये हो लाश ेख्ता करके ... बोलो कुट्टू की पिल्लो ....."
दोनों सर झुक्का कर खड़े थे , रति बोली सुबह तक का वक़्त है तुम्हारे पास उसको कहीं से भी ढूंढो जिसने ये सब किया है समझ में आयी और परसो पिताजी आ रहे हैं फिर तुम भी जानते हो की उनके 3 घंटे पहले पैदा हुए वारिस पैर हुम्ला हुआ तो तुम्हारा क्या हज़ार होगा.
तभी नौकरानी चाय टेबल पैर राखी रति उनको बोली जो मदद चाइये नवाब या भीमा को बोल देना , चाइये पियो और काम पैर लग जायो . दोनों यस मैडम बोल चुप हो गए.
रति देवी अंदर घर में चली गयी . अफसर चाय पीकर भर चले गए . भीमा और नवाब अपने आदमी को हिदायत दी और सिक्योरिटी अफसर अपने काम में लग gayi.raat को सिक्योरिटी अफसर वाले फेरा दे रहे थे .
अगले दिन दस बजे सिक्योरिटी अफसर हरी सिंह के तो की रखेल( बणिये की बेटी) के दो बेटे को पकड़ के रति देवी के सामने पेश करदिया , रति ने दोनों को भीमा की कब्जे कर उसको सब समझा दिया क्या करना है.
सिक्योरिटी अफसर को रति ने डकैती देखा कर सेल्फ डिफेंस में मारे गए देखने को खा .अगले दिन पेपर में 121 डकैत की खबर छपी 40 गोलीबारी में और 81 बिजली गिरने se(lightning) मारे गए और कोई आम आदमी को नुकशान नहीं हुआ .
रति नेवसपपेर पढ़ती सोच रही थी अभी पैदा हुआ तब इतना बड़ा काण्ड हो गया राम जाने क्या क्या करवाएगा ये लड़का. मेरा माहि.......
हार्ट हार्ट हार्ट
नवाब आज सुबह से सेहर के 5 चाकर लगा चूका था घर में इस टाइम अकलेला मर्द था जो सभ काम संभल रहा था . िश समय उसके घर में चार चार औरते प्रेग्नेंट थी और सबका टाइम आगे पहिचे था .
4 प्रेग्नेंट लेडीज ...
1) सारू ( हीरो मदर एंड नवाब यंगर बरोथेर राज सिंह वाइफ)
2) जग्गू (Nawab's वाइफ)
3) चंदा (नवाब एल्डर सिस्टर )
4) वीरो (नवाब यंगर सिस्टर )
नवाब अभी हवेली में टहलता हुआ इधर से उधर घूम रहा था और सोच रहा था की साड़ी जिम्मेदारी मेरे ऊपर छोड़कर पिताजी और बड़े भैया को चिंता होनी चाइये की घर में चार औरत पेट से हैं में सब कैसे सम्भालूंगा...... और दोनों छोटे भाइयो को उनकी पढ़ाई इस अलग कर यहाँ कैसे बुलायों राज का इंजीनियरिंग का लास्ट ईयर है और संजय अपने बड़े भैया राम के पास छुट्टी मन्ना रहा है. तभी उसको भर कार की आवाज सुनी दी तो अपने खेलो से बहार आया .
नौकर दौर कर आया छोटे मालिक चौदर्य माधव सिंह आये हैं . नवाब झट से बहार निकला और दौर कर चौदरीशभ के चरण चूहा फिर रति देवी और उसके बाद डॉ अंजू के .
चौदर्य माधव बोले नवाब जारी से सारा सामन निकलवा कर घर में रखवा दो . 2ंद कार में अंजू का डॉक्टरी सामान है उसको अंजू से फूचकर सेट करवा देना और बाकी गाडी का सामान भीमा बहतक में रखवा देगा .
जैसे आप कहे चौदर्य शभ फिर वो दोनों बैठक में बेथ गए और डॉ अंजू और रति देवी हवेली के अंदर चली गयी . नवाब ने 2 नुकुर को काम समझा दिया. और तभी भीमा भी भटक में आकर उनके साथ बेथ गया . थोड़ी दिएर चाय नास्ते इस फारिग हो गए.
चौदर्य माधव बोले ," रति और अंजू को बुलवा दो फिर बात करते हैं". नवाब एक नौकर को बोल कर दोनों को बुलवा लिया.
उसके बाद पांचो उठकर उनके बैठक के पास बने ऑफिस नुमा बारे रूम में पहुंचे और दरवाजा बंद कर सोफे पैर बेथ गए . चौदर्य माधव सिंह सबको देख बोले," अभी में जो बात करूंगा मेरी बात ध्यान से सुन्ना और कोई मुझको भींच में न तुके , समझ गए ". सब बोले जी.
" देखो नवाब मुझे पता है सारू , जग्गू , चंदा और वीरो की डिलीवरी कभी हो सकती है तो अंजू उनको संभल लेगी . ये अपना हॉस्पिटल छोड़कर सिर्फ उन चारो के लिए आई है और इसने अपनी कुछ नर्सेज और एक लेडी डॉक्टर भी बुला ली है .इसके काम में कोई भी देखल न दे ये तुम्हारी जिम्मेदारी है . ठीक . अब अगली बात भीमा अपने 40 आदमी के साथ यहीं तुम्हारी साथ हवेली और तुम सबकी सिक्योरिटी करेगा . तीसरी और सबसे खास बात तुम सबकी बॉस या मुखिया होगी रति , इसका फैसला आखिरी होगा ये तुम तीनो को किस भी प्रकार के मदद करेगी जब जरूरत होगी . में काशी जा रहा हूँ वह से 2 जून को लौटूंगा. समझ गए मेरी बात सब " . उसके बाद रूम में ख़ामोशी चा गयी.
नवाब पहले चारो को देखा फिर चौदर्य माधव से पुछा ," क्या हम पैर हमला होने वाला है" .
चौदर्य bola,"ho भी सकता है िश घर की चार चार औरत माँ बनने वाली है . अभी घर का कोई वारिस पैदा नहीं हुआ और हो सकता है चार वररिस एक साथ हो गए तो दुश्मन को िश से ाचा मौका नहीं मिलेगा ".
नवाब अपने मैं में बोलै वारिस तो जरूर पैदा होगा पैर एक और वह सबकुछ ठीक कर देगा पैर अभी उसको पैदा होना है, हुम्ला पहले होगया तो . फिर नवाब बोलै ,"जैसा आप कहें चौदर्य शभ . में भी अपने आदमी बुला लेता हूँ ".
चौदर्य माधव सिंह विदा लेकर Kaashi(Varanasi)Chala गया बाबा भोलेनाथ के दरसन करने .
इधर सारू अपनी माँ और मौसी (डॉ अंजू) को देख कर बहुत खुश हुई . गीता जो अभी 3 साल की होने वाली थी अपनी बड़ी भें के बिस्तर पैर उसके साथ लेती थी और सारू उसको प्यार से साला रही थी .
रति बोली ,"सारू कैसी है मेरी लाडो और तभियात कैसी है , थोड़ी कमज़ोर लग रही है."
सारू ," माँ सब ठीक है और पेट पैर हाथ फिरते बोली तेरे लाडले ने तंग कर रखा बस लात मरता है." सब हुस्स पड़े . गीता बेथ कर सारू के पेट पैर हाथ रख," लात मरता है मेरी जीजी को जब भर आएगा तब तेरे को बाटूंगी ". सब उसके देख कर मुस्करा रहे थे. डॉ अंजू ने पहले सारू को चेक , फिर उसकी जेठानी को और फिर दोनों नांद को .उसका स्टाफ भी आ गया और उसकी जूनियर डॉक्टर भी.
डॉ अंजू ने दो बड़े रूम्स जो आपस में अटैच्ड थे उनको अपना O.T. बनाया फिर सारू और जग्गू को एक रूम में और चंदा और वीरो को दूसरे रूम में ताकि सबको आसानी से मैनेज किया जा सके.
रति देवी पूरी हवेली का निरक्षण कर नवाब और भीमा को इंस्ट्रक्शंस दी . फिर विमला को इंस्ट्रक्शंस दी उसको क्या करना है . उसके बाद विमला को साथ ले अपने लिए जो रूम चुना था वहां आगयी .
उसने अपना एक बैग निकला और सारा सामान टेबल पैर रख दी . विमला फटी हुयी आंखों और डर से कभी टेबल की तरफ देखती कभी रति की तरफ . इतने में देवी ( सारू की सास) कमरे में आयी उसकी हालत भी विमला जैसी थी पैर दोनों चुप थी.
रति पहले दोनों रिवाल्वर फिर शॉटगन चेक की फिर गोली और कारतूस भी . फिर उसने दो बड़े साइज के खंज़र चेक किये .
तभी गीता माँ... माँ... माँ... चिलाती हुई रूम में आगयी , रति में झट चादर उठा और टेबल ढक दी फिर अपना ैरबाग उठा उसको बेडशीट पैर रखा दिया. इतने में गीता उसके पास आयी बोली माँ दूदू पीना है . रति उसको उठाकर बीएड पैर बैठी और ब्लाउज खोल निप्पल उसके मुँह में लगा दिया और साड़ी के पल्लू से उसको धक् कर दूध पिलाने लगी. तभी उसकी नज़र देवी और विमला को अपनी तरफ देखती हुई पड़ी . वह दोनों को बिस्टेर पैर बैठने का बोली .
विमला रति से ,"माजी आप अभी भी उसको अभी तक फीडिंग करवाती हैं अब तो बड़ी होगयी है" .
रति ,"बड़ी तो हो गयी है पैर दिन में 1या 2 बार जर्रोर इसको मेरा दूध चाइये बड़ी जिद्दी है क्या करून . तुम नहीं फीड करती अपनी बच्ची को ". विमला ," उसने तो 1 बार्स में hi छोड़ दिया , वैसे माजा आएगा maaji(DEVI) एक बीएड पैर माँ और बेटी दोनों अपने अपने बच्चे को दूध पिलायेंगी" है है है है..
रति ," तो क्या हुआ में अपनी बेटी की संतान को भी दूध पिलदूँगी उसमे क्या बड़ी बात है " hi hi hi.
देवी जो कुछ देर चुप थी बोली , " रति ने सही कहा माँ को अपने बच्चे को ज्यादा से ज्यादा टाइम दूध पिलाना चाइये . तुम लोगो को एक बात बचन मैंने राज (सारू हस्बैंड) को 6 साल दूध पिलाया है" और हसने लगी .
विमला थोड़ा चीड़ कर ," माजी तभी राज इतना सूंदर और गोरा है जैसा दूध का बनना हो पैर आपको अपने दो बड़े बेटे को भी थोड़ा दूध पीला देती तो कुछ तो उनका कलर सुधर जाता."
देवी, " अरे पागल में खुद काली हूँ तो मेरे तीनो बड़े बाचे सवाल हैं और तेरे ससुर गूरे हैं तो तीनो छोटे बच्चे गूरे हैं . अक्सर हमारे पुरे परिवार को साथ देख लोगो को विश्वास ने होता हम एक hi परिवार से हैं. तुझे पता है मेरे राज जैसा सूंदर लड़का पूरे देश में न होगा ये बात देती हूँ ". उसने बात बहुत गर्व से खाई और वह कुछ हद तक ठीक भी थी.
विमला," हाँ ये तो है पैर राज से भी सूंदर अपनी सारू है माजी , इतनी सूंदर और गुणवान कोई न होगी ". देवी हत्थे से उखड गयी और जोर से बोली ," सारू भी सूंदर है पैर मेरे बेटे के सामने नहीं टिकठी , मेरा बीटा जैसा खूबसूरत कोई नहीं है इस पूरे देश में समझी और ज्यादा सारू की चुमची मत बन ".
रति को बात बिगड़ती देखि तो बोली," भेजी एक बात तो में भी मानती हूँ सारू बहुत सूंदर है................ पैर जब मैंने राज सिंह को पहेली बार देखा तो लगा इतना हैंडसम इतना दिलकश कोई लड़का हो सकता है क्या दुनिया में..... . बस उसको देख के लगा मेरी बेटी बहुत कुश किस्मत होगी जो राज सिंह उसको पति के रूप में मिलजाए". देवी बहुत खुश हुई अपने बेटे राज की तारीफ रति से सुनकर.
तभी विमला ने बात दूसरी और मूड दी और बोली," आप दोनों सही हो राज और सारू दोनों बहुत सूंदर हैं लेकिन एक और है जो इनसे ज्यादा सूंदर होगा ये दोनों उसके सामने कुछ नहीं होगा ". रति और देवी एक साथ गुस्से से "क्यों".
विमला ," सारू और राज का बीटा जो आने वाला हैं hi hi hi hi.."
रति बहुत खुश हुई विमला की बात पैर देवी "बोली लड़की भी तो हो सख्ती है जो की बहुत खूबसूरत होगी.."
विमला," नहीं माजी सारू का बीटा hi होगा और मुझको मम्मी बोलेगा और बाकी तीन लड़की होंगी ये मैंने सपने में देखा था ".
देवी बोली ," मैंने भी सपने में देखा था की नवाब का बीटा होगा जो उसकी गॉड में था और बाकि तीनो बेटी को सारू, चंदा और वीरो खिला रहे थे. "
दोनों ने रति की तरफ देखा तो वह बोली ,"देखो आप दोनों ने देखा ,1 लड़का और 3 लड़की, है न जो पैदा हुए . पैर सारे अपने बाचे हैं अपना खून ,और जो बीटा होगा हम सभ भी तो उसकी कुछ लगेगगी चाइये माँ या दादी , वह सबका दुलारा होगा . क्यों???"
दोनों रति की बात से सहमत थे फिर रति ," विमला रात को तुम और माजी एक रूम में बाचो के पास सोना , तुमको गन चलनी आती है ??" विमला ने मुंडी न में हिला दी . रति गीता को बीएड पैर लिटा दी जो सगाई थी फिर टेबल से उठा एक रिवाल्वर उसके दिखा कर समझा दी और बोली सिर्फ जरुरत पड़े तो सिर्फ गोली मरने की धमकी देना .
देवी और विमला को नवाब ने पहले hi हमले से लेकर भीमा और रति के बारे में बात दिए और उनको रति की बात फॉलो करने की इंस्ट्रक्शंस दी थी.
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उसके बाद 2दिन गुज़र गए सब कुछ ठीक था 30 जून की सुबह खुसखबरी लेकर आयी .
चंदा ने सुभे 7 बजे एक लड़की को जनम दिया
वीरो ने दिन के11 बजे एक लड़की को जनम दिया
रात के 10:30 बजे थे तभी बहार से गोली बर्री की आवाज आने लगी , भीमा ने हवेली के भर मोर्चा संभाला और नवाब को हवेली के अंदर भेजा 2 साथी के साथ . रति ने अपनी शॉटगन और रिवाल्वर लेकर दोनों रूम के सामने मोर्चा संभाला . विमला ,सारे बाचे और देवी के साथ ,बाजू वाले रूम का दूर लॉक कर बंद किये गन हाथ में लिए कड़ी थी .
जैसे जैसे टाइम बीत रहा था फायरिंग की आवाज बढ़ती जा रही थी . तभी करीब 11 बजे सारू और जग्गू को एक साथ पैन स्टार्ट होगया एक को अंजू ने दुसरे को दूसरी डॉक्टर हैंडल कर रही थी. फायरिंग अभी भी चालू थी करीब 11:30 पैर
जग्गू ने एक बेटी को जनम दिया .
तभी हवेली की टेरेस पैर फायरिंग की आवाज सुन नवाब अपने साथी लेकर ऊपर मोर्चा संभाला और करीब 6 आदमी मार गिराए उसने 2no साथी को ऊपर टेरेस पैर कवर करने का बोल कर नीचे आँगन में पोजीशन ले लिया . थोड़ी देर बाद धूल भरी आंधी सुरु होगयी उसके 5 मं बाद जोर की बिजली चमकी और बारिश सुरु हो गयी . रति और नवाब अपनी पोजीशन अभी भी समभाले हुए थे. बारिस के साथ कभी एक दो फायर कभी बिजली की कड़कड़हट की आवाज आती. इधर सारू अपनी माँ रति को पुकारती हुयी चिल्ला रही थी . तभी एक बुम्म बिष्फोट की आवाज आयी एकदम पुरे आस्मां से लेकर धरती तक एक तेज रौशनी फेल गयी सबकुछ दिकणा बांड हो गया इतनी चूणद थी .
तभी सारू जोर से छिलाई महीईईईई
और .......बेहोश हो गयी.
तभी एक बच्चे के रोने की आवाज आई और रति की आँखों से असून टपक पड़े और बोली महीईई मेरा महीईईई . तभी साड़ी सफ़ेद रौशनी सीधा सारू के रूम में एक नवजात शिशु के अंदर समाती चली गयी . बहार मौसम एकदम शांत था बाचा भी नहीं रो रहा था तभी रात के 12 बजे का घंटा बाजा सबकुछ पहले जैसा हो गया . डॉ अंजू देखि सारू ने एक बेटे को जनम दिया है और बेहोश है उसने अपना काम सुरु कर दिया और 15 मं बाद उसको सारो के पास लायी जो बेहोश थी . उसने सारू का गाउन साइड कर बच्चे का मोह उसके निप्पल से लग दिया जैसे बच्चे ने दूध पिया सारू होश में आते हुए
मेरा माहि....... मेरा माहि..... बोल रही थी और उसके हाथ अपने बेटे को टच हुआ और वह जैसे प्यार और सुख की अनुभूति में डूब गयी . रति सारू के मुँह से "मेरा माहि". सुनी उसको होश आया की वह कहाँ है. वह फौरन रूम में घुसी तो देखा सारू बड़े प्यार से अपने बेटे को दूध पीला रही है . वह आगे बढ़ी सारू का माथा चूमा फिर अपनी जान से प्यारे माहि का सर चूमा और बोली """मेरा प्यारा माहि आ गया""".
डॉ अंजू बोली अब फायरिंग के आवाज़ नहीं आ रही . रति पहात से भर पहोची तो देखा नवाब कपडे झाड़ते हुए आँगन के एक तरफ देख रहा है वह आगे बढ़ी और उस से पहुँचा क्या हुआ , तू ठीक है .
तभी डॉ अंजू विमला को लेकर भर आयी, इतने में भीमा भी हवेली के आँगन में आकर बोलै सब ठीक है . नवाब बोलै यहाँ सब ठीक है बहार सब ठीक है . भीमा बोलै सिक्योरिटी अफसर आगयी है.
भीमा बोलै यहाँ भी 3 आदमी बिजली से झुलुस गए बहार भी कई दुश्मन बिजली उनके ऊपर गिरने से मर गए.
नवाब बोलै ,"डॉक्टर वह दोनों कैसी हैं अब". डॉ अंजू बोली ,"बही मिटहि खिला तू बाप , ताऊ और मामा बना है".
विमला बोली," नवाब हमारे का वररिस आ गया हमारा खानदान का चिराग" .
फिर सभ सारू के रूम में जाते हैं तो देकते एक छोटा सा बाचा जिसका चेरा
किसी तेज़ से चमक सा रहा है , वह बिलकुल गोरा अपने माँ बाप की तरह और उसके चेरे को देख कर खुसी हो रही है.
जब सब बारी बारी उसको चूम कर हैट गए तो रति आगे बढ़ी और प्यार से उसको अपने दोनों हाथ से उठाकर उसके माथे को चूमा फिर उसके गाल को और अपने सीने से लगा की हलके हलके रू रही थी . फिर उसने उसके कान में कुछ वर्ड्स बोले और उसके सर पैर हाथ रख आँख बांड कर मान में बोली और उसको चुम कर सारू को दे दिया .
( कान में कुछ बोलकर उसने माहि की सकती बाँध दी और सर पैर हाथ रख उसने उसका तेज़ काम कर दिया. कोई भी िश बात को नोटिस नहीं कर सका)
रात के एक बाज गया नवाब पहले अपनी बेटी से मिल सबको आराम का बोल बहार बैठक में भीमा के पास चला गया.
बैठक में सिक्योरिटी अफसर वाले दो अफसर और कुछ गाओं के लोग बैठकर बात कर थे.
सबने नवाब से परिवार का पहोचा उसने बताया सब ठीक है और आज उसके घर में तीन लक्ष्मी जैसी बेटियां और उनके खंडन का कुलदीपक पैदा हुआ है .
सबने उसको मुबारकबाद दी और अटैक पैर बात हुयी. सिक्योरिटी अफसर अफसर बोलो नवाब साहब अब तक सिर्फ हम डेड बॉडी हे उठा रहे हैं या तो गोली लगी हुयी या जैसे बिजली से झुलसी हुयी hi . आपको और इसको, भीमा की तरफ इशारा करके , सिक्योरिटी अफसर स्टेशन चलना पड़ेगा. अभी नवाब कुछ बोलता.
बैठक के घर वाले गेट की तरफ से आवाज आई "कोई कहीं सिक्योरिटी अफसर स्टेशन नहीं जायेगा अफसर". "जी आप क्यों " सिक्योरिटी अफसर अफसर पहुँचा . रति देवी ने गेट की फीचे से नवाब को आवाज दे के बुलवाया उसको कुछ समझाया और अंदर चली गयी.
बैठक में सिक्योरिटी ओफ्फिसरवाले और गॉंवाले सोचने लगे ये क्यों थी , नवाब अंदर आकर सिक्योरिटी अफसर वालो को कुछ कान में बोलै और वह दोनों उसके साथ बैठक के साइड वाले रूम में चले गए और दरवाजा अंदर से बंद हो गया.
दोनों अफसर अंदर पहोचे तो देखा कोई औरत कुर्सी पैर उनकी तरफ पीठ किये बैठी , वह दोनों आगे बढ़कर टेबल के सामने कुर्सी पैर बेथ गए नवाब टेबल के साइड खड़ा था .
उस लेडी ने रिवॉल्विंग चेयर घूमा कर उनकी तरफ फेस किया दोनों कुर्सी से उछले जैसा उनकी गांड के नीचे किसी ने सुटली बम फूड दिया हो . दोनों खड़े होकर बोले मैडम आप यहाँ .
रति बिलकुल सपाट लहज़े में boli,"ye मेरी बेटी की ससुराल है , अभी 2 घंटे पहले उसने एक बेटे को जानम दिया और मेरी तीन और बेटियों ने तीन बाचिओं को जनम दिया है जब यहां गोअन में बहार के गुंडे और डाइट आकर हमारी हवेली पैर हमला किये ."
फिर वह टेबल के ड्रावर से अपनी गन निकल चेयर से कड़ी हुयी उनकी तरफ उनके सामन्य जाकर रुकी और धराड़ की चीखी ," जब ये सब यहाँ हो रहा था तुम्हारा सिक्योरिटी अफसर स्टेशन जो 5 कम दूर है तुम अपनी माँ छुड़वा रहे थे ,रणदीव की औलाद जब तुम्हारे एरिया में बहार के 100-150 लोग हथियार के साथ हमला कर रहें है और तुम गांड बेच कर सू रहो हो और 3 घंटे बाद क्या जमादार का काम करने आये हो लाश ेख्ता करके ... बोलो कुट्टू की पिल्लो ....."
दोनों सर झुक्का कर खड़े थे , रति बोली सुबह तक का वक़्त है तुम्हारे पास उसको कहीं से भी ढूंढो जिसने ये सब किया है समझ में आयी और परसो पिताजी आ रहे हैं फिर तुम भी जानते हो की उनके 3 घंटे पहले पैदा हुए वारिस पैर हुम्ला हुआ तो तुम्हारा क्या हज़ार होगा.
तभी नौकरानी चाय टेबल पैर राखी रति उनको बोली जो मदद चाइये नवाब या भीमा को बोल देना , चाइये पियो और काम पैर लग जायो . दोनों यस मैडम बोल चुप हो गए.
रति देवी अंदर घर में चली गयी . अफसर चाय पीकर भर चले गए . भीमा और नवाब अपने आदमी को हिदायत दी और सिक्योरिटी अफसर अपने काम में लग gayi.raat को सिक्योरिटी अफसर वाले फेरा दे रहे थे .
अगले दिन दस बजे सिक्योरिटी अफसर हरी सिंह के तो की रखेल( बणिये की बेटी) के दो बेटे को पकड़ के रति देवी के सामने पेश करदिया , रति ने दोनों को भीमा की कब्जे कर उसको सब समझा दिया क्या करना है.
सिक्योरिटी अफसर को रति ने डकैती देखा कर सेल्फ डिफेंस में मारे गए देखने को खा .अगले दिन पेपर में 121 डकैत की खबर छपी 40 गोलीबारी में और 81 बिजली गिरने se(lightning) मारे गए और कोई आम आदमी को नुकशान नहीं हुआ .
रति नेवसपपेर पढ़ती सोच रही थी अभी पैदा हुआ तब इतना बड़ा काण्ड हो गया राम जाने क्या क्या करवाएगा ये लड़का. मेरा माहि.......
हार्ट हार्ट हार्ट