Angrakshak Parivar Ka .........MAHI - Page 27 - SexBaba
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Angrakshak Parivar Ka .........MAHI

अपडेट 35

Part - 9 (राजवंश)

आर्यन ने पुष्प को फ़ोन मिलाया तो पहली रिंग में उठा के बोली," कहाँ हो आप..... कुंवरजी , सब सू गए हैं जल्दी से ऊपर आ जायो तीसरी मंजिल पे में जीने पे मिलूंगी आपको ".

राजमहल के तीसरे फ्लोर पे सबसे कोने के 2 कक्ष में राजा जबर सिंह की रानियों का लेडीज पार्टी के बाद डेरा था , जबर सिंह आज रात वैसे भी नहीं आएगा यह तीनो को गायत था .

एक कक्ष में बड़ी रानी यानि कावेरी थी और दूसरे में जवाला और पुष्प ..... पुष्प को भी पता था कावेरी अकेले में आर्यन से संसर्ग करेगी जबकि जवाला उसके सामने भी मिलान कर लेगी .

पुष्प सबसे छोटी थी जोह आर्यन को भी बहोत पसंद आयी और दोनों जानते की कल का मिलान पहला जरूर था पर आखिरी नहीं. पुष्प भी अपने नए प्रेम साथी के प्यार में डूबने लगी थी , सुबह से उसको आर्यन चाहिए था कुछ वक़त अकेले में साथ बिताये पर उसको देखकर hi दिल को समझा लेती. आज आधी रात के बाद hi आर्यन आ पायेगा तोह उसने भी सब तयारी कर ली थी.

पहले में फिर जवाला दीदी और लास्ट में कावेरी दीदी ...... आर्यन से फ़ोन पे बात कर वह जवाला को उठा दी ," आर्यन आ रहा है आप दुसरे कक्ष में जाओ दीदी के पास" .

जवाला ," में यहीं चुप के देख लुंगी तुमको कोई डिसट्रब भी नहीं होगा ".

पुष्प ," अरे दीदी आप दोनों उससे अभी ढंग से मिली भी नहीं हो फिर वह आप दोनों के सामने झिझक भी सकता है . आप ऐसा करो में दोनों कक्ष के बिच का दूर लॉक नहीं करुँगी मौका देखकर आप चुपके से आ जाना और हाँ बड़ी दीदी तो अकेले में करेगी पहले hi बोल चुकी हैं .

जवाला भी मैं मार के दुसरे कक्ष में चली गयी और पुष्प आर्यन को बुलाने ...... मगर जवाला उत्सुकतावश बिच का दूर बस भिड़ा के वापस कक्ष की अलमारी में चुप गयी ताकि आर्यन का हथियार और चुदाई देख सके .

इधर 15 मं पहले एक बड़ा सा बूरा (सक) चाय ( 2ंद no की दानव कन्या) पुष्प के कक्ष की एक अलमारी में रख गयी की सुबह ले जाएगी . पुष्प ने पुछा तो बतया की उसको सिल्फकारी का सेवक है तो मूर्ति बनाने का भरी सामान है कल सुबह सुबह छत्त पे मूर्ति बानगी ......

पुष्प कुछ जिगसॉ से ," पर चाय यह बहोत भरी भरकम लग रहा कहीं किसी इंसान तो नहीं शिकार कर लायी ?"..... कल रात तीनो भेने पुष्प के सामने उसकी ख़ास दासी बिंदु को खा गयी थी ज़िंदा .

चाय ने खुद बुरे का मोह खोला देख लो बस कच्चा सामान है और सच्च में बुरे के अंदर मूर्ति बनने का सामान था , अलमारी में रखकर बोली पूरी अलमारी बंद नहीं होगी ऐसे hi रहने दो. वह चली गयी पर पुष्प को पता न चला िश दानव कन्या की चाल ..... बुरे में जबर सिंह बंद था और चाय के जादू से पुष्प को मूर्ति बनने का सामान दिखा , मगर हाथ प्यार और मोह मंतर से बंधे थे तो सांस ले सकता मगर पढ़ भी न सकता था, ना hi हिलडुल सकता था , ऊपर से बुरे का मोह खोल उसका सर बहार था कक्ष का बिस्तर बिलकुल सामने .

अभी अभी उसने अपनी दोनों छोटी रानी पुष्प और जवाला की बात सुनी तो उसके तरपान तक हिल गए...... (अपने से मैं में बात करता हुआ ) ...... यह पुष्प िंह दोनों के साथ मिलकर यानी आर्यन से छुड़वाने वाली हैं ...... यह क्या घोर अनर्थ कर रही है? साली ुष डाइयाँ चाय ने यह जांभोज के किया है ? कही तीनो औरतें और आर्यन पे जादू तो नहीं कर दिया , नहीं नहीं आर्यन पे जादू कहाँ असर करेगा ?

तभी मैं में चाय की हसी की आवाज सुनाई दी ," जबर सिंह , आज अपनी तीनो रानियों का रान्दीपना देख की कैसे आर्यन की बाँहों में व्यभिचार करेंगी , हाँ मैंने चरों को चुपके से कामोत्तेजित शरबत पीला दिया है देखना चरों बस हवसी की तरह तेरी आँखों के सामने एक दुसरे को नोचेंगे और तू कुछ नहीं कर पायेगा ...... है है है है ...... बहोत शौक है न कुवारी लड़किया खरीद के छोड़ने का और तेरा नया होने वाला जीजा, आर्यन, को भी पता नहीं चलेगा यह मैंने किया है ...... है है है है ...... मेरा जादू कोई नहीं तोड़ सकता , आँख खोल के देखना कहीं बेहोश मत हो जाना ....... है है है है "....... बहोत डरवाना अथश था िश डाइयाँ का जबर सिंह को बस आर्यन पे विश्वास था की वह बहोत सरीफ है मेरी छोटी भें लीला hi उसके पीछे पड़ी है फिर भी कुछ गलत नहीं किया , पुष्प फ़िदा हो गयी है आखिर इतना हैंडसम है पर आर्यन गलत नहीं करेगा तभी तो कल रात भर बुआ ( मिरदुला) के कक्ष में सूता रहा जबकि बिंदु कुछ और hi बता रही थी , यह सूचना चाय ने आज सुबह उसके एक आदमी का रूप बदल के दी थी .

आर्यन िश डाइयाँ को जरूर दानन्द देगा ऊपर से पिताजी ( रघुभार सिंह ) को भी आज रात hi राजगुरुजी के साथ वापस आश्रम जाना था ....... मगर उसकी आंखें फटी की फटी रह गयी जब देखा की पुष्प एक ghaghra-choli में अपनी टांगें आर्यन की कमर में लपेटी उसकी गॉड में झूलती उसको चूमती हुयी कक्ष में अंदर आये .

आर्यन के हाथ जबर सिंह की सबसे जवान बीबी पुष्प के दोनों खुल्हो को घागरे के ऊपर से मसल रहा थे उसके होंठो को चूमते हुए," पुछःह पुछठ चुम्म्म चुम्म मुहह्ह्ह्ह मुह्हह्ह पुछःह पुछठ ारयणणणणणण सीईइईसीईई हम्मम्मम्मम्म ....... "

यह सिसकियाँ जबर सिंह के कान में पिघले लोहे की तरह अंदर जाकर दिल की बेचैनी बढ़ा दी ...... उसको वह hi सुनाई देने वाला था जोह चाय उसको सुनना चाहती थी .

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मीणा को आर्यन ने बतया की वह तीनो रानियों को छोड़ेगा जबर सिंह के सामने तब मीणा भी हामी भरी फिर पार्टी में चाय को समझा दिया की अपनी पावर उसे करना जबर सिंह को ऐसा लगे तुम बदला ले रही हो उसके जवान लड़कियों को खरीदने का और वह चरों तुम्हारे वशीभूत होकर रंगरलियां मन रहे हैं इसे दो काम होंगे जबर सिंह को सजा भी मिलेगी अणि और सारू मम्मी पे बुरी नियत डालने की और उसकी बीवियां भी प्रेग्नेंट हो जाएँगी अनजाने में .

चाय ," मीणा क्या में उन चरों पे जादू करूँ ?"

मीणा हसकर ," किसी पे मत करना आर्यन पकड़ लेगा, हाँ उन्ह तीनो रानियों की झिझक ख़तम कर देना और उनकी छुपी hi चाहत आज ुष बिस्टेर पे बेशर्म होकर दिखाई दे ".

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इधर जोश से पुष्प उसके लबों को चूमते हुए बोली ," में बहोत तड़प रही आर्यन जल्दी से मुझे प्यार करो बड़ी मुश्किल से मौका मिला है हमको फिर तुमको 2 सरप्राइज भी दूंगी"...... आर्यन भी जानता था की अपनी दोनों बड़ी सौतन की बात कर रही पुष्प भाभी .

आर्यन ने गॉड में लिए hi कक्ष का दूर लॉक किया और बिस्टेर पे बैठकर अपनी गोदी में छड़ी पुष्प भाभी को bola,"Kahin कोई आ न जाये यहाँ आपको ढूंढता , फिर जबर सिंह जी या गए तो ".( जबकि उसको बुरे में बंद जबर सिंह नज़र आ गया था , चाय ने सही इलाज किया है इसका साला ठरकी )

पुष्प ने अपनी चोली के ऊपर उसका हाथ रखकर अपनी सीढ़ी चूची थमा के बोली," कोई नहीं आएगा और राणा सा तो किसी रंडी के अंदर बेसुध पड़े होंगे , तुम बेफिक्र रहो आर्यन बस आज मुझे बुरी तरह से रूंध डालो, प्लीज तुम कल चले जाओगे मुझे कई दिन तक तुम्हारी याद रेहनी चाहिए ".

आर्यन ने उसकी दोनों चूचियां कसकर दबा दबा के किश करते हुए उसकी चोली उतर के घागरे का नाडा भी ढीला कर दिया, अंदर न ब्रा थी न पेंटी .....

आर्यन से अलग होकर फर्श पे कड़ी बिलकुल नंगी कामुक बदन वाली पुष्प भाभी ुष्पर अपने हुस्न की बिजली गिरा रही थी.

अपना घाघरा प्यारों से दुर्र छिटक कर आर्यन के नजदीक जा उसके सर को पकड़ के अपनी चूची पे उसका मोह भिड़ा के बोली ," अच्छे से चूसो मेरे छाती को बहोत अकड़ी रहती है ...... siiiiiiiiiiiiii जोर जोरसे दबा के इनको ढीला कर दो ...... हैंण्ण्ण्णन ऐसे hi ...... मुझे अपने बच्चे की माँ दे आर्यन मुझे तेरा बीज अंदर चाहिए ".

आर्यन उसकी गांड मसलते और छूट में ऊँगली पेलता बस चूचियों को hi चूसे जा रहा था और पुष्प तो आज ज्यादा hi चिल्ला रही थी बेशर्मी के साथ ताकि उसकी सौतन को भी पता चले असली मर्द होता क्या है .....

उनकी मस्ती देखकर जहाँ उसकी दो सौतन की छूट पिण्या गयी थी झीरी से देखकर और वहीँ बेबस उसका पति जबर सिंह तोह अपनी छोटी बीवी की खुले आम आर्यन को उकसाने और अपनी छुडास भुजने के लिए पगलाई लग रही थी ......

जबर सिंह भी जानता था पुष्प एक शोला है बिस्टेर में जिसको वह भी नहीं संभल पता ...... मैं hi मैं दुआ कर रहा था आर्यन बीटा कुछ कर यह तीनो तुझे दलदल में फसा देंगी ुष चुडिअल चाय के कारन . अरे करमजली यह तुम्हारे बेटे की उम्र का है, दीप्ति का होने वाला पति इश्को पापी क्यों बना रही हो भगवन भी तुमको माफ़ नहीं करेगा .

कावेरी को 5 मं hi हुए तो दुसरे कक्ष से बिच वाले दूर से हल्का सा खोल के झांकते हुए वहीँ जवाला तो शुरू से अलमारी में चुप्पी हलकी सी जिहृ बना के अपनी छूट रगड़ रही थी सिर्फ पेटीकोट और ब्लाउज में चड्डी के अंदर से, आर्यन और पुष्प की मस्तियाँ देखकर ...... दोनों से रुका नहीं जा रहा था पर आगे जोह होने वाला था वह तोह कटाई hi नहीं रुकने न देने वाला था ......

चूची पिलाते हुए पुष्प ने आर्यन की t-shirt और बनियान निकल दी बाकी भी उसकी मस्कुलर बॉडी और हॅंडसमेनेस्स देखकर चकित थी बिलकुल देवताओं सा सरीर कितना हस्तपुस्त गोरा चिट्टा है पर अभी शॉक के साथ बेहोश होने की बारी थी .......

निच्चे झुकार आर्यन के सीने पे किश करती पुष्प बोली ," मेरा गिफ्ट तो बहार निकालो "...... और लोअर के मोठे उभर को ऊपर से सेहला दी .....

आर्यन भी शर्माता हुआ ," आप खुद hi निकाल लो मुझे शर्म आ रही है "...... एक हाथ से लुंड को लोअर के ऊपर से दबा के ," ऐसे शरमाते रहे तो अपना सरप्राइज कैसे संभल पयोगे , आर्यन आज तुम मुझे लवर नहीं बल्कि एक प्यासी रंडी की तरह पेलो ताकि मेरे पति को भी पता चले मुझ में भी एक रंडी रहती है जिसको वह कभी जगा नहीं पाया ".

आर्यन का लोअर उतरा फिर उसको खड़ा करके खुद घुटनो पे बैठकर चरों और का जायजा लेकर समझ गयी साली दोनों आ hi गयी हैं मेरे आर्यन को देखने.... त्यार हो जायो चैनलों बेहोश हो जायेगी , आज तुम्हारी छूट hi फड़वा दूंगी आर्यन से .......

अंडरवियर में बने तम्बू से आर्यन का हथियार जबरदस्त बड़ा लग रहा था पर अंडरवियर जैसे hi पुष्प ने निच्चे सरक्या तोह सफ़ेद तगड़ा एनाकोंडा, एक फट लम्बा 5 इंच मोटा , निचे होते अंडरवियर से सर उठा के स्प्रिंग की तरह उछलता हवा में लहरा तो पुष्प भी डर गयी उईईईईई माआआआआ यह तो कल से ज्यादा भयानक लग रहा है .......

इधर 2 आवाजें हुयी , कड़ी कड़ी दोनों सौतने शॉक से इम्बैलेंस हो फर्श पे गिरी एक अलमारी से दूसरी साइड वाले रूम के दूर से अह्हह्ह्ह्ह , ारीई मायआ ......

जबर सिंह के चेहरे का रंग hi ुध गया , यह क्या बाला है इतना बड़ा गोरा लौड़ा बिलक्यूल अंग्रेजों जैसा ......यह आर्यन इंसान है या घोडा ..... बाप रे कोई भी हज़ारों बार चूड़ी रंडी भी मर जाएगी छूट में लेकर ....... सबके इमेजिनेशन और मिथ hi थोड़ डाली "तोपची" के विकराल दर्शन ने ...... जबर सिंह तो डर से पसीने पसीने हो गया ...... ऐसा लगा मेरी बीवियों की छूट नहीं मेरी गांड मरने वाली है .

दोनों रानियों को देखकर नाटक करते हुए आर्यन ने झट से अपना अंडरवियर और लोअर ऊपर कर लिया ...... पुष्प भी अपनी दोनों सौतन को देख हैरान थी इनको भी सबर नहीं है हो गया बेडा गरक .

कावेरी सँभालते हुए कड़ी हुयी जोह एक सूंदर घाघरा चोली में थी पूरी make-up किये तैयार ," यह क्या पाप कर रहे हो तुम लोग और तू जवाला ुष अलमारी में चुप के क्या देख रही थी ,इनको रोकी भी नहीं ".

जवाला भी संभल गयी थी और कड़ी हो गयी मगर प्रचंड लुंड को देखकर शॉक अभी भी था क्या वह इतना बड़ा था यह पुष्प कैसे अंदर ले ली , नहीं नहीं साली झूट बोली मुझसे मगर जिस तरह से आर्यन का हथियार बहार निकला उससे लगा तो था वह उसको ले चुकी है ....... हे राम आज पहात जानी है हम तीनो की कहीं कल मूचि बुलाना पड़ेगा अपनी फटी छूट सिलवाने के लिए .

पुष्प अपना मैं कड़ा करके आर्यन के खड़े लुंड के उभर पे हाथ फेर के बोली," बड़ी दीदी, छोटी दीदी , आप दुसरे कक्ष में जाओ मुझे बस अब बाँझ स्तब्ध को अपने नाम से हटना है और आर्यन मेरी मदद कर रहा है ...... में कल आप लोगों से बात करुँगी बड़ी मुश्किल से में इश्को राजी करके लायी हूँ".

आर्यन भी ड्रामा करता हुआ ," देखिये गलती हो गयी और पुष्प भाभी आप भी माफ़ कर दो में चला जाता हूँ "..... और पलट के अपनी t-shirt और बनियान उठा लिया तो जवाला भी ताश में आ गयी ," नहीं नहीं तुम कहीं नहीं जाओगे , आर्यन मुझे भी बाँझ स्तब्ध के कलंक को मिटाना है "...... वह आर्यन के पास जा उसके कमर में हाथ दाल के पीछे से लिपट गयी.

तब कावेरी ने भी बिच वाला दरवाजा बांध करके कहा ," हम सब ये कलंक मिटायेंगे चाहिए यह पाप hi क्यों न हो और ुष गांडू जबर की गांड में मिर्ची भी लगनी चाहिए की झंटू बजरू औरत की गंदगी में पड़ा था और हम तीनो को हमारा छोटा नन्दोई माँ भी बना गया ".

पुष्प कड़ी होकर ," फिर कपडे तो उतरो जीजी तभी नन्दोई की सेवा कर पाएंगे "....... hi hi hi hi hi ...... एक गए और समझौता करती तीनो को आर्यन आज रात हर हाल में अंदर चाहिए था क्योंकि पोल तो तीनो की आर्यन के सामने खुल hi चुकी थी की तीनो राजी हैं तो जिसने की शर्म उसके फूटे करम .

आर्यन भी कातिल मुस्कान दिए हुआ कहा," आपके पति मुझे जान से मार देंगे बड़ी मुश्किल से मैंने दीप्ति को पाया है बात खुली तो में कहीं का नहीं रहूँगा".

जवाला जोह आर्यन से चिपकी हुयी थी अपना हाथ लोअर से अंडरवियर में दाल आर्यन का मोटा लौड़ा हाथ में थाम ली थी ......

पुष्प ने आर्यन की नंगी पीठ पे हाथ फेर के कहा ," देखो आर्यन हम सब तुम्हारी बड़ी भाभियाँ है रिश्ते से फिर हम किस बहार के आदमी के पास नहीं आयी हैं , बच्चे के लिए तुमसे मिलान इशलिये कर रहे क्योंकि तुम्हारे बच्चे महिमा और राहुल बहोत सुन्दर है और फिर क्या तुमको अच्छा लगेगा तुम्हारी भाभी को सब बाँझ कहें ...... तुमको हमारे पति का डर है तो सुनो कल सबके सामने हम तीनो को बाँझ कहकर बेइज्जत किया, खून के आंसूं रूए हम तीनो फिर हम ने तुमको चुना . तुम कल चले जाओगे यह बात यही ख़तम हो जाएगी मगर सायद हम अपने को पूरी औरत दुनिया के सामने साबित कर पाएंगी खासकर अपने नपुंसक पति को ".

जवाला आर्यन की कमर पे अपना चेहरा रगड़ती उसकी पीठ पे रगड़ती लुंड को हिलती चूम भी रही थी की उसका जोश काम न हो ," आर्यन तुम बहोत सूंदर हो मैंने तुम्हारे जैसा मर्द नहीं देखा, आज तक मैंने अपने पति के अल्वा किसी मर्द को हाथ नहीं लगया पर आज कुछ तो मजबूरी होगी हम तीनो अपना पतिव्रता धरम तोड़कर तुम्हारे सामने बेशर्मी से बच्चों की भीख मांग रही है ".

आर्यन ने पलट के प्यार से तीनो के बारी बारी गाल चूमे ," ठीक है भाभी जी में आपके सर किसी के आगे शर्मसार नहीं होने दूंगा पर आप हाथ तो निकाल लो अंडरवियर में वैसे hi जगह काम है"...... है है है है ......

कावेरी और पुष्प भी जवाला का हाथ आर्यन के लोअर के अंदर देखि तो हसने लगी , कावेरी ने एक धप्प मारा उसकी कमर पे ," आर्यन मेरी िश सौतन भें जवाला में सबसे ज्यादा गर्मी है इश्के नाम की तरह , हमारे पति को भी अपनी तंगिओं में दबाये पड़ी रहती है , चल उसको अपने हिसाब से करने दे ".

आर्यन हसकर ," ठीक है फिर आप डीडे करो एक साथ या अलग अलग प्यार करना है ".

जवाला झट से ," एक साथ आर्यन हम चरों एक साथ प्यार करेंगे , भगवन ऐसा मौका फिर कभी दे न दे क्यों पुष्प ?"

आर्यन ने सबसे पहले जवाला को उठा लिया फिर बीएड पे लिटा के उसको चूमते हुए उसका ब्लाउज , पेटीकोट , ब्रा , पेंटी निकाल के नंगा कर दिया फिर कावेरी की तरफ बढ़कर उसको गॉड में उठाया बीएड पे बैठे बैठे hi तोह वह भी उसकी ताकत का लोहा मान गयी , 80 कग के करीब होगी सब कुछ बड़ा बड़ा , किश करते उसके पूरे सवाल चेहरे को चाट के उसकी बड़ी बड़ी गांड और चूची मसल मसल के लाल कर दी नंगा करते हुए ..... उसके कान में बोलै ," भाभी आपकी गांड भी मारनी पड़ेगी क्या मस्त है लगता है खूब म्हणत हुयी है "......

कावेरी आर्यन के गाल चूमते हुए ," तेरा मुसल पहाड़ देगा मेरी पर बीज मेरे आगे hi डालना "......

आर्यन तो इतना खुश हुआ की पूरा सरीर चूम डाला कावेरी का , बिलकुल उसकी दादी देवी की कॉपी होगी ...... तरबूज के साइज की गांड और कच्चे नारियल के साइज की बड़ी बड़ी चूची मसल गदरा पेट भरी कमर ..... थोड़ा कलर सावला था पर आर्यन तेरा कलर ब्लाइंड .

आर्यन भी अपना डेजर्ट कावेरी को आखिरी में खाना चाहता था तो कान में बोलै," आपको लास्ट में प्यार करूँगा ताकि बहोत डिअर तक करूँ "...... यह दोनों आपस में भिड़े थे उधर आर्यन के लोअर और अंडरवियर उतर के उसको नंगा कर दोनों छोटी रानियां उसके प्रचंड लुंड और बड़े अमरूद जैसे तटों से खेल रही थी......

जबर सिंह तो आज अपनी तीनो बीवियों की गालियां और आर्यन को इमोशनली राजी कर लेने पे गहरे शॉक में था , अगर ठीक होता साली तीनो को काट के कुत्ते को खिला देता ...... मजबूरी ने क्या से क्या बना दिया ..... अभी सिर्फ 2:30 बजा था और उसकी तीनो रानियों ने आर्यन को सीधा बीएड पे लिटा दिया था दोनों छोटी बारी बारी उसका लुंड चूस के मजा कर रही थी वहीँ कावेरी को आर्यन अपने मोह में बिठा के उसकी चूचियां दबा दबा के छूट चूस रहा था ......

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राजा जबर सिंह की 3 नंगी रानियां .....

1) रानी कावेरी ...... आगे 44 यरस, सवाली और हटती कटती , फिग 40- 36- 42 , हट 5' 9" , नेचर की दबंग पर केयरिंग .

2) रानी जौला ...... आगे 37 यरस , सबसे गोरी , जबरदस्त फिग 38-30-38 , हट 5'6" फट , चुलबुली और मजाकिया ......

3) रानी पुष्प ..... आगे 32 यरस , सूंदर , फिगर 36- 30- 38 , हट 6 '1" फट , सबसे लम्बी और बिंदास नेचर वाली .......

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आज तोह तीन अलग अलग उम्र की और अलग अलग जिस्म की औरतें आर्यन के साथ बिस्टेर पे थी , उसको भी अंदाज़ा नहीं था की तीनो सरीफ रानियां इतना कामुक और खुला मजा भी ले सकती है . तीनो की छूट खुसी के आंसूं बहा रही थी वहीँ पति खून के आंसूं बहा रहा था पर साला था बहोत बड़ा ठरकी , बीवियों को इतना बड़ा लौड़ा चूसता देख खुद का लुंड भी खड़ा हो गया पर खुला होता कमसे काम मुठ hi मार लेता ...... एक तरफ उसके मैं में जिगशा थी यह तीनो इश्को अंदर नहीं ले पाएंगी और उसको घिन आ रही थी आर्यन कैसे कावेरी की काली छूट और गांड चाट रहा है चींईईई साला में बगैर थूके hi छूट छोड़ता आया हूँ यह आर्यन को िश कालवी में क्यों इतना इंटरेस्ट आ रहा है .

आज सच्च में तीनो रानियों को अपना असली राजा मिल गया था जोह तीनो को एक hi बिस्टेर पे प्यार करने वाला था मगर यह भी आर्यन का सात्मिना नहीं जानती थी लेडीज पार्टी में आयी साड़ी औरशन लड़कियों को अकेला hi संभल लेता यह तो सिर्फ तीन घरलू औरतें थी .

जोहरी hi हीरों की कदर और कीमत जानता है , कावेरी अपनी गांड भी मरवा ली कितनी बार जबर सिंह से पर उसको काम hi अच्छी लगती कलर की वजह से पर बहोत प्यार करने वाली चीज़ है आर्यन पहली बार में पहचान गया ...... जितना खुश कावेरी को करोगे उल्टा डबल खुश करेगी ...... जवाला बहोत कामुक थी उसको सेहलना रगड़ना और लम्बी चुदाई बड़े लुंड से पसंद थी पर कभी मिला hi नहीं ...... पुष्प को सेक्स बस अपने पति से hi पता चला पर वह सच्च में प्यार करने देने वाली औरत थी . आर्यन उसको इशलिये पसंद करता था बहोत अच्छी नेचर की प्यारी भाभी थी .

कावेरी के 2 बार झड़ने के बाद पूरा छूट रास चाट के पि गया फिर जवाला को लिटा के उसकी छूट चूसने लगा चूची मसल मसल के तो मस्ती में सिसकारी लेती वह भी 3 मं में झाड़ गयी , अपना लुंड कावेरी के हाथ में दिया तो बहोत hi अच्छी तरह से दिल लगा चूस के गिला कर दी तबतक आर्यन ने पुष्प के छूट चूस के उसके झाड़ा और सारा रास पानी पि गया.

जवाला जोह उसके सीने पे झुकी उसको चूमे जा रही थी आर्यन को बोली ," आर्यन अब मुझसे रुका नहीं जा रहा है कुछ करो न ".

आर्यन भी मुस्करा के उसको बाँहों में लेकर पलट के निच्चे किया और चूमते हुए बोलै ," हाँ में भी देखूं आपका प्यार जोह राजा शभ आप की टांगों में पड़े रहते हैं "..... hi hi hi hi hi .....

घुटनो पे बैठकर पुष्प से एक तकिया लिया जवाला की गांड के निच्चे लगा के उसकी दोनों चूची को मसल के अपना लौड़े का सूपड़ा उसकी छूट पे रगड़ा ..... जवाला ," सीईईई अह्ह्ह्हह ारयणणणणणण ..... पहले क्रीम लगा लो नहीं तोह में झेल नहीं पाऊँगी ".

पुष्प भी बीएड से उतर के क्रीम निकली ड्रावर से तो आर्यन बोलै ,"रख दो जरुरत होगी तो लगा लूंगा पर भाभी आपको माँ बनना है तो दर्द झेलना पड़ेगा , यह क्रीम स्पर्म या एग को डिस्ट्रॉय कर सकती है वैसे भी आप पूरी गीली हो और अंदर से बहोत चिकनी बस हिम्मत दिखाना ".

पुष्प को अपने पास बिठा के उसके लिप्स चूम के बोलै ," आप मेरे पास hi बैठो और कावेरी भाभी आप इनका सर और चूची सेहलते रहना दर्द में यह भागने की कोशिश करेंगी बस आप उनको शांत करना "......

जवाला हसकर ," तुम मुझे बच्ची समझ रहे हो क्या , डालो में भी देखूं कितना डैम है ...... उईईईईई माआआआआ मरररररर gayiiiiiiiiii ...... "...... उसकी बात बिच में रह गयी पर कावेरी ने उसका मोह hi अपने हाथ से बंद कर दिया ......

आर्यन का 5 इंच मोटा टोपा छूट पहला के अंदर घुस चूका था ...... दोनों हाथो से जवाला की कमर थामे आर्यन बोलै ," पुष्प भाभी इनकी छूट सेहलो अब दर्द ज्यादा होगा "..... और कमर से ताकत लगा फिर 3 प्रचंड झटकों में पूरा लुंड गहरी तक थोक के जवाला के ऊपर लेट के उसकी चूची दबाता गाल चूमने लगा," बस हो गया ...... "

आँखों में आंसूं की धार और पेट की कंपकपी बता रही थी बहोत दर्द हुआ," मारररररररर दियाआ...... मेरी छुट्ट्ट्ट पहाड़ड़ड़ड़ड़ड़ड़ डीइइइइइइ ...... निकालललललललल बहरररररररर मररररररर जौंगीीी ...... ".

आर्यन उसके लिप्स गाल चूम के आंसूं चाट चाट के साँवन्तना दिया फिर ढेरी देहरी कमर हिला के हलके हलके धक्के मारने लगा पर सुबकियां अभी भी आ रही थी ..... दोनों सौतन उसका सर सेहला के बता रही थी अब दर्द नहीं होगा पूरा चला गया...... जहाँ कावेरी को पता था की दर्द तो होना hi है वहीँ पुष्प तो कल रात hi ुष दर्द से गुजर चुकी थी ......

5 मं सेहलने चूमने और साँवन्तना ने जवाला के दर्द में कमी लायी और अब वह भी अपनी बाहिएँ और टांगें आर्यन पे लपेट के किश का जवाब देती छुड़वा रही थी ...... जल्दी hi आर्यन की म्हणत रंग लायी तो चिक्तियन हुयी झड़ी , अब खुद आर्यन को चूम चूम के और तेज़ और तेज़ बोल रही थी पर 5 मं बाद फिर झाड़ के पष्ट हो गयी तो आर्यन ने लुंड बहार निकाला तो छूट का खून और पानी लगा था ......

जवाला का पेटीकोट कावेरी से लेकर लुंड पहुंच के जवाला का पेट चूमा ," अभी थोड़ा रेस्ट करो फिर आपको जोरसे पेलुँगा पुछःह पुछठ ".

जवाला उसके सर पे मार के ," बहोत जोरसे डालता है मुझे लगा मरी में पर मजा भी आया , ऐसा लगा आजतक में किसी गांडू लुंड से hi छुड़वा रही थी यह असल लुंड है बहोत शक्तिशाली , आज से तू hi मेरा मर्द है कभी कभी मुझे छोड़ते रहना".

आर्यन ने पुष्प को अपने निच्चे लिया उसकी छूट चूस के लुंड को 3 बार के झटकों में पेल दिया पूरा अंदर ...... दर्द से वह भी चिल्लाई पर जल्दी संभल गयी फिर एक बार झड़ी तो आर्यन उसको अपने ऊपर लिटा के निच्चे से धक्के मारते छोड़ने लगा ....... कावेरी को अपनी तरह झुका के उसकी चूची पीने लगा और एक हाथ से उसकी छूट और गांड सेहलने लगा ......

जवाला साइड में लेती अपनी दोनों सौतन की मस्ती लेती फिर से गरम हो रही थी पर दर्द की तीस अभी भी थी छूट में ...... जब एक बार ओरे पुष्प झाड़ गयी तो लुंड बहार निकाल के साइड में लेती जवाला को पुष्प के ऊपर लिटा दिया .......

आर्यन ," चिंता मत करो 3-3 मं बारी बारी से पेलुँगा फिर दोनों के अंदर विरए डालूंगा बस तैयार हो जायो थोड़ा घेरे धक्के मरूंगा ...... कावेरी भाभी आप अपनी चूची मुझे पिलाती रहो "......

अब जवाला को पहले आधा लुंड दाल के छोड़ा उसके झड़ते hi फिर पुष्प की छूट को पिस्टन की तरह ठोकने लगा , उसके ऊपर लेती जवाला भी आगे पीछे हिल रही थी झटकों की वजह से ...... फिर 3 मं बाद जवाला की छूट की धजिअं उड़ाते हुए कावेरी की चूचियां चूस चूस के लाल कर दिया ....... फिर 2 मं 3-3 बार लुंड से गहरी पेले करके पहले जवाला की छूट में 6 पिचकारी मारी विरए की फिर पुष्प की छूट में बची हुयी ...... दोनों तरपत हो गयी ...... एक घंटे की चुदाई ने दोनों को थका दिया था ......

कावेरी के कान में कुछ बोलै और उसका गाल चूम के उसके चूतड़ थप थापा दिया .

नंगी बीएड से उतर के वह बाथरूम में चली गयी , फिर दोनों के आजु बाजू लेटकर बारी बारी चूमा ...... पुष्प ने पुछा ," बड़ी दीदी को प्यार नहीं किया वह कहीं नाराज नहीं हो गयी ".

आर्यन का सीना सेहलती जवाला बोली," नहीं नाराज नहीं खुश हैं वह ...... आर्यन तुम उनको अकेले प्यार करोगे न तभी हम दोनों की फाड़ डाली बेदर्दी से पेल के ".

आर्यन हसकर ," अरे मैंने ढेरी hi किया फिर अभी बड़ी भाभी को देखना सुबह तुम दोनों उनके चरण छु रही होगी वह बहोत सहनशील औरत है, बुरा न मन्ना मुझे वह बहोत अच्छी लगी थोड़ी दबंग है पर बहोत केयरिंग".

जवाला ने आर्यन के निप्पल को चाट के कहा ," नहीं मुझे तो अच्छा लगा तुम ने मुझे पहले प्यार किया , पुष्प को भी किया अब दीदी को अच्छे से प्यार करो हमको भी पता है वह अच्छी हैं ".

आर्यन बोलै थोड़ा तुम्हारी योनि की सिखाई कर देते हैं और दोनों को अपनी गॉड में एक एक बाँहों में उठा लिया ...... दोनों खिलखिला के हसने लगी वहीँ जबर सिंह अपनी तीनो बीवियों की मस्ती देखकर बस हैरान परेशां .

बाथरूम में एक बाथटब नुमा हौज सी थी जिसमे गरम पानी भर रखा था कावेरी ने , आर्यन की गॉड में एक एक साइड दो छोटे बच्चे जैसी दोनों सौतों के देखकर हसने लगी ....... आर्यन ने ुष हौज में उनको उतरा फिर खुद भी अंदर बैठकर दोनों को अपनी साइड बिठा लिया .

कावेरी को भी अंदर बुलाया तो तीनो के सामने बेथ गयी पर आर्यन ने अपना हाथ उसकी तरफ करके अपनी तरफ बुला उसकी पीठ अपने सीने से लगा के गॉड में बिठा लिया ...... कावेरी दिल से बहोत खुश थी आर्यन ने उसको अभी तक उसको नहीं छोड़ा था पर हर समय अपने से लगाए रखा .

कावेरी जानती थी उसकी दोनों छोटी सौतन जवान हैं बहोत खूबसूरत भी किसी को भी पसंद आएँगी , में तो जैसे गोश्त की चलती फिरती दूकान पर उसका फिगर उसकी उम्र की औरशन के हिसाब से था पर सब बड़ा बड़ा ....... देवी और ठकुरियन रूपा तो इससे भी ज्यादा मसल और तगड़ी थी जबकि लीला जवान थी ऊपर से एक्ससरीके और फिटनेस का ध्यान रखती थी पर वह सबसे लम्बी चौड़ी होगी . हाइट में लीला के बराबर जाने hi थी .

जवाला और पुष्प की छूट में गरम पानी की सिकाई से करता आर्यन अपने हाथो से सेहला रहा था ...... कावेरी के गाल और कान चूम लेता .

जवाला सीईईई अह्ह्ह्हह करती बोली ,"वैसे आर्यन हम तीनो को तुम्हारे साथ ऐसे अपने असली पति को पाने का अहसास हो रहा है काश हम भी दीप्ति और उसकी 5 बहेनो (सौतन कहना उसने ठीक न समझा) जैसे लकी होते और तुम हमारे पति होते ".

आर्यन ने अपना चेहरा जवाला की तरफ करके उसका गाल चूम लिया तो उसने आर्यन के होंठ चूस डाले अपनी बहन उसकी गर्दन पे लपेट के ..... मुह्हह्ह्ह्हह चुम्म्म्म मुहह्ह्ह्ह ......

आर्यन ने जब उसकी क्लीट दो ऊँगली से दबा दी किश तोड़कर सीईइईसीईई अह्ह्ह्हह ारयणणणणणण रुक्खक्क जाआआ ...... " आप तीनो मेरे साथ हो और आपस में भी एक दुसरे के लिए रेस्पेक्ट और प्यार भी बराबर है , आज आप मुझे अपना पति hi समझो बस हमारा रिश्ता हमको दुर्र रखेगा पर दिल नहीं . आप तीनो मेरी प्यारी प्यारी भाभियाँ जब चाहेगी एक पति के रूप में आपको प्यार करने आ जाऊंगा पर कब वादा नहीं कर सकता ?"

पुष्प कुछ सोचकर ," आर्यन में अब से सिर्फ तुम्हारी हूँ मेरा पति भी अब मुझे छु नहीं पायेगा "......

आर्यन ने उसको भी किश किया और बोलै," फिर अपने गर्भ में रहने वाले बच्चे के लिए क्या कहोगी , देखो आप सब रानियों भी हो अपने राज्य की ...... बच्चे वहां की राजगादी के वररिस हो इशलिये अपने पति को शाख भी नहीं होने देना , वह राजा है और पावर ुशी के पास है ".

कावेरी तो अपनी hi सपनो की दुनिया में थी बस उसको आर्यन का इंतज़ार था जबकि कमर में लगता उसका आधा अकड़ा लुंड उसको बेसब्री कर रहा था .......

जब दोनों को बारी बारी चूम के आर्यन बोलै ," आप थोड़ा अपनी सिकाई करो में बड़ी भाभी को रूम में पहुंचा देता हूँ ".

दोनों ने जल्दी से उसकी बाहिएँ पकड़ ली तुम हमारे पास hi रहो , कावेरी भी आर्यन का गाल चूम के बोली ," तुम दोनों का ख्याल रखो में बैडरूम में हूँ ".

वह कड़ी हुयी तो उसकी मोती झांघो और तरबूज जैसी गांड गीली देखकर आर्यन के मोह में पानी आ गया पर अब उसको िंह दोनों छोटी रानियों को पहले सिलटना था और यह कावेरी भी चाहा रही थी की आर्यन जब उसको प्यार करे तो दोनों डिसट्रब न करें...... उसके जाते hi आर्यन दोनों को बारी बारी किश करते छूट सेहला के साफ़ भी किया और दोनों को एक बार अपनी उंगलिओं का जादू दिखा के झाड़ भी दिया.

फिर दोनों को नेहला के उनको टॉवल में लपेट के अपनी गॉड में उठा के बैडरूम में लाया तो कावेरी वहां न थी , दोनों को बीएड पे लिटाकर एक ब्लैंकेट दाल के धकार दोनों के माथे को चूमा तो पुष्प और जवाला ने जोह उसको बोलै तब कुछ सोचकर बोलै कोशिश करता हूँ अब दोनों आराम करो . दोनों बड़ी सौतन की चुदाई देखना चाहती थी .

आर्यन बगल वाले रूम में बिच के दरवाजे से पहुंचा पर बांध नहीं किया, बेडलैम्प की रौशनी में उसको कावेरी एक ब्लैंकेट में दिखी लेती हुयी जोह उसको देखकर मुस्कारने लगी पर उसके सवाल गाल पे छोटे छोटे पड़ते डिंपल आर्यन को उसकी सुंदरता और सादगी बयान कर रहे थे . रंग रूप भगवन देता है तो उसके साथ दिल भी देता अच्छा या बुरा और आर्यन को यह बड़ी रानी कावेरी दिल से लेकर रंग रूप में भी सबसे अच्छी लगी .

आर्यन ने सोच लिया था की कोई माँ बने न बने यह औरत माँ बनने के लिए hi जानामि है भले hi 44 साल की हो पर भगवन इश्को माँ जरूर बनना कितनी अच्छी है .

आर्यन भी खुश होता हुआ बीएड पे पास जाकर अपनी कमर से टॉवल उतर के अपने पूरे नंगे बदन और तोपची के दर्शन करवा उसके साथ ब्लैंकेट में घुस गया तो सेक् भर में दोनों एक दुसरे को बिछड़े प्रेमी की तरह किश करने लगे , दोनों के हाथ एक दुसरे के जिस्म पे फिसल रहे थे चूमते हुए , ब्लैंकेट कब का बिस्टेर से निच्चे पहुंच गया दोनों के बीएड पे करवट लेकर एक दुसरे के ऊपर चढ़ते हुए ....... कभी आर्यन ऊपर तो कभी कावेरी , पुछःह पुछठ चुम्म्म चुम्म मुहह्ह्ह्ह मुह्हह्ह के साथ कावेरी की चूड़ियों और घुंघरू वाली पायल की आवाजें आ रही थी जोह दुसरे रूम में तीनो को बेचैन कर रही थी ......

दोनों छोटी रानियां सोच रही थी दीदी आर्यन क्या कर रहे हैं वहीँ सबसे बुरी पोजीशन तो जबर सिंह की थी ...... वह जिस अलमारी में था उसको िश कक्ष का बीएड तो पूरा दीखता hi था और तिरछे एंगल से Aryan-Kaveri वाला दुसरे कक्ष का बिस्टेर भी .

जबर सिंह ज्यादा हैरान था की यह आर्यन सच्च में िंह हरामजादी रानियों के जाल में फस गया है , पुष्प और जवाला को छोड़कर कोई कावेरी जैसी मोती काली भैंस पे थूके भी न पर आज उसकी सच्च में कावेरी गांड फाड़ने वाली थी अपने जलवे दिखा के .

जल्दी hi आर्यन कावेरी की चूची पीते हुए वह बोल hi पड़ी ," आर्यन तू चाहे पहले पीछे से कर ले अब मुझसे रुका नहीं जा रहा , एक घंटे से ज्यादा नंगी होकर बस चूस्वा और चटवा hi रही हूँ , कितना चाटेगा अब तू अंदर आ जा अपनी भाभी के ".

आर्यन ने उसकी चूची से मोह हटा के उसके लबों को चूमने लगा अपना प्रचंड लुंड उसकी छूट की फांकों पर रगड़ते हुए दोनों बड़े बड़े स्तन भानपू की तरह दबा दबा कर .....

उसके लबों को आजाद किया और थोड़ी को चूसते हुए बोलै ," पहली शरत आज से में आपको भाभी माँ बोलूंगा और आप मुझे अपना बीटा बोलै करेंगी ".

कावेरी भी हसकर ," ुष में क्या बड़ी बात है तू मुझे माँ भी बोल ले और बीटा तोह है hi तू मेरा जब दीप्ति मेरी बेटी जैसी है , आर्यन मुझे सच्च बता कोई तोह है मेरी जैसी जोह तेरी ज़िंदगी में पहले भी है क्योंकि तेरी आँखों में मेरे लिए इतनी तड़प ऐसे नहीं आ सकती ".

आर्यन भी मुस्करा के उसका गाल चाटने लगा और कान में बोलै ," जब वह आएगी न तो आपको उसके साथ प्यार करूँगा बस और कुछ मत पूछना वह भी आप की तरह बहोत प्यारी है देखना आपको बहोत पसंद करेगी "...... पुछःह पुछठ .. ....

कावेरी भी हसने लगी .... " hi hi hi hi ..... बहोत चालू है तू तोह पर सच्ची मुझे सच्चा प्यार हुआ बुढ़ापा में ...... hi hi hi hi hi ...... "

आर्यन ," अरे आप कहाँ सा भुड्डी हो गयी , सब औरतें आपके सामने कुछ नहीं बस प्रैक्टिस नहीं की हो और मड़इन में पहली बार आयी हो , चिंता मत करो कितना भी दर्द दूँ सेह लेना आपको मजा आएगा फिर ऐसी मालिश करूँगा आपकी दर्द के बाद भी बोलोगी बस मेरे अंदर रह ".

बातें करते हुए भी दोनों एक दुसरे के सरीर सेहला रहे थे खासकर एक दुसरे के उत्तेजित अंगों को . कावेरी ने भी आर्यन को मौका न देकर दोनों के बीच हाथ दाल उसका मूसलचंद पकड़ के टोपा अपनी छूट के फांकों के बिच अदा के उसके गाल चूम के बोली ," दिखा म्हणत अपनी भाभी माँ को बीटा अब तू अंदर समां जा ".

जबर सिंह का आधा व्यू अब दोनों छोटी रानियों ने ब्लॉक कर दिया था जोह दुसरे कक्ष के बीएड के पास खड़ा होकर देख रही थी आखिर इतनी डिअर से क्या कर रहे हैं ...... अपनी बेचैनी ख़तम करने दोनों लंगडते हुयी भी यहाँ आ पहुंची .

आर्यन ने दोनों हाथ कावेरी की बगल से निकाल के उसके सर को पकड़ लिए और प्यारों ने पोजीशन टाइट पकड़ी ,उसके लबों को अपने लबों से सील कर एक तख्तवार धक्का मारा और तीन चौथी लुंड कावेरी की छूट फाड़ता अंदर जा घुसा सब नोट बोलता खोलता ..... ुहम्म्म्म ुहममममम ...... की आवाज के साथ अपनी लातें और हाथ चलती आंसूं निकलती उसकी पीठ और झंघों पे कास ली पर आर्यन ने हिलने भी न दिया , लुंड फिर से कुछ इंच बहार खींचा और थप्प्प्प्प की आवाज के साथ उसके अंडकोष घंटे के तरह उसकी गुदा द्वार पे बजे फिर चिपक गए......

पूरा लुंड थोक दिया 2 भीषण धक्कों में , छूट भार और अंदर से झक्मी सी हो गयी , आँखों की किनारों से बहते आंसूं अब कान और बालों को भी गीला कर रही थे पर आर्यन को दया न आयी क्योंकि वह जानता था अब भाभी पूरा ले ली है बस गरम करनी है पेलते पेलते ......

पुष्प और जवाला भी आर्यन की बेहरमी देखकर डर गयी की कैसे दीदी को कॅशे की तरह पेला है , छूट पहात गयी होगी ..... मगर आर्यन फिर लुंड आधा बहार खींच के उसके लबों को चूमता धक्के पे धक्के मारता अपने तोपची की जगह बनता जा रहा था ..... थप्प्प्प थप्प्प्प पहछहः पहछहः थप्प्प्प थप्प्प्प .......

जब लगा कावेरी की सांस उखड़ी हुयी है तोह उसके लिप्स छोड़कर अब पूरे चेहरे को चूमता हुआ बोल रहा था ," बस हो गया भाभी माँ अब दर्द नहीं होगा , आप तो बिलकुल कुंवारी लौंडिया हो इतनी टाइट छूट लेकर कैसे घूम रही हो पुछःह पुछःह पहुछठ ....... ".

कावेरी रूट हुए उसकी पीट पे मुक्के मारी ," हरामी मादरचोद मेरी छूट चीयर दी तू ने ,...... अह्ह्ह्हह्हह माआआआ ....... में झेल लेती अगर आराम आराम से करता न ...... मारररररर hi दे इतना दर्द दिया है ...... अब तोह रुक जाआ या मार के hi अलग होगा ?"

आर्यन उसको लुंड पेलते पेलते हुए भी ," आज आपको कुंवारी होने का अहसास करना था वैसे भी बहोत मलाईदार है आपकी मुनिया , इश्को तोह में रोज पेलुँगा ..... पूछह पुछःह ..... मेरी रानी माँ मेरी भाभी माँ ..... अभी देखो कभी दर्द नहीं होगा ".......

रोटी हुए भी वह चूमने लगी आर्यन को तो आर्यन भी अब बगल से हाथ निकल दोनों चूचियां दबा के लौड़ा छूट में पेलने लगा और अब मुस्करती दर्द सेहती भी कावेरी उसको चूम चूम के उकसाती और जोरसे पेल मुझे दर्द देकर पूरा थोक थोक के छोड़ ...... अह्हह्ह्ह्ह ारयणणणणणण मर्द है रे तू ...... हॉँण्णन ऐसे hi मेरी परवा न कर ...."

कावेरी की दोनों सौतन भी 5 मं में अपनी बड़ी दीदी का बदला अंदाज़ देखकर यह तो बहोत बड़ी चुदकड़ है पर अभी तो दोनों ने ट्रेलर hi देखा था ....... एक बार झाड़ के आर्यन को जकड ली फिर उसको चूम के बोली ," अब मुझे ऊपर आने दे फिर तेरी बारी ...... और तुम दोनों को देखना है तोह दुर्र से बैठकर देखो मुझे बिच में कोई नहीं चाहिए ".

जवाला हस्ते हुए बीएड के दूसरी साइड सिहरने पे बैठकर बोली," दीदी आप सच्च में दुमदार औरत हो 2 मं में सब दर्द झेल गयी , पुष्प तू भी आजा यहीं बेथ मेरे पास ऐसा मौका कहाँ मिलेगा अपनी हिटलर दीदी को मजा लेते देख ...... hi hi hi hi ".

पुष्प भी उसकी तरफ जाकर बैठकर बोली ," आर्यन बस दीदी का ध्यान रखना, उनको अभी बहोत दर्द हुआ है ".

लेकिन अपनी टांगें और बाहिएँ आर्यन पे लपेटे पूरी ताकत लगा लुंड छूट की घेरे में लिए पलट के ऊपर आ गयी आर्यन की मदद से ," जब तक मेरे अंदर बीज नहीं जाए, आर्यन मेरे बेटे ,तबतक लौड़ा मेरी छूट से बहार नहीं आना चाहिए फिर तेरा मनंपसंद इनाम दूंगी चाहिए मर्डर जॉन "..........

आर्यन के अल्वा कोई नहीं समझा पर कावेरी की बॉडी को प्यार से सहलाता उसको लुंड पे उछलने में मदद करता उसकी छूट का मजा लेना लगा , 7-8 मं बाद वह गुर्राती आगे झुकार आर्यन की गर्दन दोनों हाथ से दबोच ऊपर निच्चे अपनी तरबूज जैसी गांड जेट की स्पीड से ऊपर निच्चे चलती झड़ी , इतनी तेज़ आवाज थी सायद पूरे राजमहल में सुन्नी हो पर (चाय का जादू था) कुछ भी िंह दो कक्षों से बहार न जाने दे .

कावेरी की दोनों सौतन और पति की गांड hi खुसक हो गयी की आर्यन से छुड़वा रही थी कावेरी या उसको छोड़ दी , 3ऋ बार खड़ा हुआ जबर सिंह का 5 इंची का लुंड अपनी पटरानी का हिंसक रूप देखकर डर hi गया जोह करीब 30 फट की दुरी पे बेबस था .

आर्यन के सीने पे लेती कावेरी उसको चूमे जा रही थी और आर्यन की गर्दन में नाख़ून के निशान थे जो उसकी पकड़ बता रहे थे पर आर्यन ने दो जोरदार थप्पड़ चटाक चटक ...... मारे कावेरी की हथनी के साइज की गांड पे ...... कावेरी भी चीखी ," अह्हह्ह्ह्ह हरामीईईई मार मत ..... अह्ह्ह्हह्हह ".

पर आर्यन तो अभी शुरू हुआ था अब वह उठकर बेथ घूम के अपने लुंड को कावेरी की छूट में डाले डाले hi बिस्टेर से निचे उतर के खड़े खड़े hi उसको छोड़ने लगा अब कावेरी चिक्ति , आर्यन हुंकारता पर यह सिलसिला करीब 10 मं बाद hi 2 बार कावेरी के झड़ने पर रुका .......

आर्यन ने अब फर्श पे लिअत के उसको लुंड पे बैठे बैठे hi घुमा के उसकी पीठ अपने सीने से लगा और दोनों चूची थाम अपनी कमर जमीन से 30 डिग्री तक उठा के निच्चे से दबा दबा के धक्के मारने लगा ...... चिक्तियन हुए एक दुसरे को गाली गलोच करते हुए कावेरी ने अपने हाथ निच्चे फर्श पे टिक्का आर्यन को पूरे स्ट्रोक्स मारने में मदत करती ......

फिर से झड़ी तो आर्यन उसके दोनों चूतड़ थाम फिर से खड़ा और बीएड पे उल्टा लिटा उसके ऊपर चढ़कर बहोत ताकत से स्ट्रोक मारने लगे दोनों चूची थामे , कावेरी ने आर्यन का सर पकड़ उसका मोह अपनी गर्दन और कान पे लगा रखा था .......

अब उसने आर्यन को चलेंगे करते हुए कहा ," भर दे बीज मेरे शेर , मेरे बेटे , मेरे बालम यह रानी कावेरी तेरी गुलाम हुयी , नंगी करके गले में पत्ता दाल के भी घूमेगा तब भी तुझे कोई नहीं टोकेगा ....... अपनी भाभी माँ को माँ बना दे मेरे बच्चे ...... पुछःह पुछठ " .......

जाने क्या जादू था िश औरत में आर्यन भी बाकी तीनो को उसके हाथ में कटपुतली hi लगा ...... एक नहीं दो नहीं पूरी 12 पिचकारी मारा सीधा बच्चेदानी में और आँख बांध करके मैं में बोलै ," गुरूजी िश देवी जैसी औरत को माँ जरूर बनने का आशीर्वाद देना ".

दोनों सौतन की छूट भी दर्द के बाद रास टपका रही थी पर 5 मं बाद कावेरी थोड़ी सम्भली और जोरसे बोली," जाओ दोनों मेरे बेटे के लिए कुछ कहने का इंतज़ाम करो , बस दोनों से ठिठोली करवा लो "...... दोनों चली गयी और फ्रीज़ से केक , फ्रूट्स , जूस और पानी लेकर आयी तोह दोनों बाथरूम में थे .......

कावेरी ने दर्द के बाद भी आर्यन को बहार भेजा और बोली में 10 मं में आयी तू इतने खा - पि ...... आर्यन ने कहा "आप रहने दो थक गयी हो भाभी माँ".

आर्यन के गाल पे किश करके ," तू ने दिल जीता है मेरा तेरा तोफा तो देना hi पड़ेगा , जा मुझे रेडी होने दे ".

आर्यन बहार आया तो दोनों छोटी रानियों ने उसको अपने हाथों से खिलाया पर चुदाई की कोई बात नहीं की फिर 15 मं बाद कावेरी आयी ," जाओ दोनों सू जायो सब डिअर से उठी तो साख होगा ".

दोनों का मैं तो आर्यन की बाँहों में सोने का था पर बड़ी दीदी की बात न काट सकीय ...... फिर 10 मं में दोनों नंगे हुए , अपनी तबलये जैसी बड़ी गांड को पूरा अंदर तक चिकना करके आयी थी एक अनल जेली से फिर तोह आर्यन ने 30 मं जोह गांड मारी उसकी रुला रुला के बगल के कक्ष में भी तीन लोग डर गए की आर्यन कावेरी का जंगली बने चीख पुकार और गाली सुनके ..... पर जैसे परवा hi न थी दोनों चुदकड़ खिलाड़िओं को .

कावेरी ने टक्कर तोह खूब दी पर आर्यन की टक्कट और प्रचंड तोपची ने हरा hi दिया , आखिर में आर्यन उसको उठा के बाथरूम ले गया दोनों को अंग अंग अच्छे से साफ़ कर दिया फिर 15 मं खूब प्यार से हलके हलके धक्के के साथ उसको सेहलते पुचकारते चूमते hi छूट मारी और दूसरी बार बीज भर दिया कावेरी की छूट में ......

कावेरी तो जैसे दिलोजान लौटा दी थी आर्यन पर , क्या किस्मत है मेरी असली मर्द मिला उम्र के िश पड़ाव पर आकर . लेकिन आर्यन ने उसको फिर से प्यार करते रहने को पुछा तोह बोली ," हर जगह तेरा छप्प की मोहर लग गयी है और भगवन ने चाहा तोह तेरा खून भी मेरी कूख से पैदा होगा ".

जहाँ सुबह तक अपनी आँखों के सामने आर्यन के घोड़े जैसे लुंड पे अपनी तीनो रानियों का रान्दीपना देखा ...... जबर सिंह को िश काण्ड ने पूरी तरह तोड़ दिया ....... कभी रूट रहा बस अपनी बेबसी पे आखिर सजा hi ऐसी मिली ..... ुष कामिनी डाइयाँ चाय के चक्कर में ? आर्यन भी किन घटिया औरशन के बिच फँस गया . गीता- दीप्ति को पता चला तोह िंह के साथ आर्यन की भी खैर नहीं ?

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आर्यन जब कावेरी की अच्छी मालिश करके उसको बीएड पे सुला के कक्ष से बहार निकला तोह 5 :30 बजे सुबह के चाय कड़ी मुस्करा रही तो आर्यन भी हसकर बोलै," कोई देख लेता तोह तब ?"

चाय ने आर्यन के गले में बाहिएँ दाल के ," महार्यं हम गलत कार्य भी मैं लगा के करते हैं और हम तीनो बहेनो का इनाम कब मिलेगा ".

आर्यन हसकर उसकी कमर में हाथ दाल के अपने से चिपका के बोलै ," दीप्ति से पूछ लो में मन नहीं करूँगा ".

चाय चिढ़कर ," वह कभी हाँ नहीं करेगी पर एक हमको भी मिल गयी है जोह हमारी मदद करेगी बस अब तुम मत मुकरना , समझे "...... और उसका गाल चूम के कक्ष में चली गयी अपना काम पूरा करने .

आर्यन सर झटक के पक्का मीणा होगी अब यह दिन आ गए में रक्षाशनी को छोड़ू मगर तीनो के बदन की खुसबू मुझे बेचैन कर देती है , चलो इनको बाद में देखूंगा पहले लीला से मिल लेता हूँ गयम में .

आर्यन जब मिरदुला के कक्ष में पहुंचा तोह वो सू रही थी आर्यन अपना ट्रेक सुईठे और शूज पहनकर गयम पहुंचा तोह साया उसको दूर पे मिल गयी और उसने बतया की सूरज सिंह का इंतज़ाम कर दिया है वह तो डरपोक निकला .

आर्यन उसको हसकर कहा ," चलो फिर त्यार रहो कई नए शिकार आ रहे हैं आज , बस उसको मत मार देना उसकी मौत किसी और के हाथ लिखी है ".

तभी वहां माया और चाय भी आ गयी माया ने बतया की राजा त्रिभुवन सिंह आराम से उठेगा उसको रात में hi बिजी करवा दिया था .

साया मुस्करा के बोली," महार्यं अगर तुम कहो तो िंह दोनों राजाओं का भी हमे तोफा दे सकते हो ? ....... hi hi hi hi ..... "

आर्यन मुस्करा के ," अभी नहीं क्योंकि गुलामो की जरुरत राजगद्दी को ज्यादा है, चलो जाने की तयारी करो तुमको दिल्ली में शिकार पर भेजता हूँ पर एक रात में बस 10 शिकार ".

तीनो को आँखों में चमक थी रात में बस जबर सिंह के सिर्फ 3 आदमी hi शिकार कर पायी ...... चाय ने बता दिया जबर सिंह का पक्का इंतज़ाम करके आयी है .

जबर सिंह की तोह पहले hi फटी पड़ी थी बेचारा को अभी अभी उसके आएसी वाले कक्ष में चाय फिर से अपना दानव रूप दिखा के धमका आयी थी ," अगर तेरी जुबान खुली तोह तेरे पूरे परिवार में पानी देने वाला न मिलेगा और उन्ह चरों को तो पता भी नहीं रात में कितनी रंगरलियां उन्हों ने मनाई है ........ तू जिन्दा सिर्फ राजकुमारी दीप्ति के कारन है जिस दिन मोह खोलने या किसी को भी बताने की सोचा भी ुशी समय में सामने होंगी" ......

इतना बोल के चाय के हाथ से एक सांप की तरह जीव निकला करीब 2 फट लम्बा पर था लीच की तरह बिलकुल काला ...... देखते hi देखते वह डर से चीखते हुए जबर सिंह की गर्दन से लिपट गया और चाय का हाथ उसकी तरह होने पे एक ताबीज में बदल गया ...... "यह हमेशा तेरे गले में रहेगा जबतक तू अच्छा बना रहेगा यह ऐसे hi रहेगा , वार्ना कहाँ से तेरे अंदर घुसेगा कहाँ निकलगे यह तू सोचने के लिए जीवित नहीं होगा "...... डर के मारे बेहोश हो गया और चाय यहाँ सब कुछ बता दी .....

आर्यन भी खुश होता हुआ ," तुम तीनो तो कमाल हो यार , हमेशा यहीं हमारे साथ रहो मजा आएगा ".

पीछे से गीता ने आर्यन को कमर में गुहत मारा ," सुधर जा लड़कियां देखनी नहीं लार टपकनी शुरू "......

आर्यन पलटा तोह गीता के साथ मीणा , लीला , दीप्ति और सारू भी थी सब ट्रेक सुईठे में ...... आर्यन पहले अपनी चंदा रानी को गले लगा के गाल पे गुड मॉर्निंग किश किया फिर सबको बारी बारी ....... फिर सब निकल गए राजमहल के प्रांगण से होते उद्यान और स्टेडियम तक मॉर्निंग वाक पे .

फिर सब उन्ह पशु पक्षिओं को बाकी सब कर्मचारी के साथ भोजन भी खिलाये और आर्यन , दीप्ति ने तोह उनकी भासा में बातें भी की जोह दोनों अच्छी तरह कर लेते थे .......

सब खुश थे खासकर दीप्ति कल उसको आर्यन ने स्पेशल प्यार किया और आज अपने साथ भी ले जा रहा था ....... पर दीप्ति को कहाँ पता था उसको प्यार करके आर्यन उसकी सब मोह बोली मम्मीयों को छोड़ दिया रात भर में और अब कितना भोला बनकर सबसे हसी मजाक कर रहा है .

मीणा तोह डबल खुश थी उसको लीला और मंदाकनी ( लीला की बड़ी भें) का अफ़सोस था की आर्यन इनको भी लपेट लेता तो अच्छा होता ...... चलो कोई नहीं लीला तो त्यार hi है िश मंदाकनी को चारा डालना पड़ेगा वैसे आज सही मौका है ुष का पति भी आ रहा है ......

सुचित्रा तो ठीक लाइन पे जा रही है िश रूबी ( सुचित्रा की बेटी ) से में बात करती हूँ बहोत दिन से आर्यन को वर्जिन लड़की नहीं मिली ऊपर से दिल्ली में दो आलरेडी बेचैन हैं तोपची से सील तुड़वाने के लिए ......

मीणा को उसके कैलकुलेशन करने देते हैं देखते हैं गयम में लीला के साथ क्या गुल खिला रहे हैं आर्यन भेषभ , उसकी साड़ी भाभियों की रात छूट पहाड़ के और एक की गांड भी इनको चैन न मिला क्या ??????

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Geeta-Deepti

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अपडेट 35 (लास्ट part)

Part - 10 (राजवंश)

लीला सबसे छुपा के आर्यन को आने का इशारा करके चली गयी तोह थोड़ी डिअर बाद ऐसे hi दुसरे साइड टहलता हुआ बिना किसी को बतया निकल गया गयम .......

गीता थोड़ी डिअर बाद यह आर्यन किधर गया ?

चाय ,वह ुष साइड गया है .

मीणा अपनी सोच से बहार आयी और बोली," आर्यन, रौशनी से मिलने गया होगा, हम लोग आज वापस दिल्ली जा भी रहे हैं न .

सारू ," चलो हम भी चलते हैं वापस राजमहल में और दीप्ति वैसे वहां सब मिल जायेगा पर तुम राजकुमारी हो तो अपने हिसाब से पैकिंग कर लेना ".

दीप्ति ," नहीं मम्मीजी में गीता दीदी की तरह रहूंगी no स्पेशल पैकिंग और न hi कोई रॉयल ड्रेस ".

गीता हसकर ," क्या बात मम्मीजी !!!!!! है है है है....... अब तू मेरी दीदी को भी पता रही है वैसे यह सास काम माँ जैसी मटेरियल ज्यादा हैं तो इतना मक्खन भी न लगा ....... हाँ बाकी कई मम्मियां है आर्यन की जोह बहोत कड़क भी हैं उनके प्यार छूकर और सर धक् के नजरे नीची करके बात करना".

सारू ने गीता का कान पकड़ा और दांती ," सुधर जा समझी , दीप्ति अभी तुम इश्कि दोस्त बनकर चल रही हो और शादी की बात परिवार तक hi पता है. और कोई भी इश्के जैसी खड़ूस नहीं है बस बेफिक्र रहो, सबसे लगभग तुम मिल भी चुकी हो जयपुर और यहाँ, हाँ गोअन में कुछ रिस्तेदार जरूर होंगे पर वह सब भी बहोत मिलनसार हैं ".

मीणा ने गीता की साइड ली ," सारू मम्मी आप किसकी बताओ में आ रही हो वहां गीता दीदी के होते हुए क्या कोई टोक भी सकता है दीप्ति को ...... यह दोनों हंसकाल के साथ पक्की वाली सगी भेने हैं ".

गीता ने दीप्ति को अपने से लगा कर ," हाँ तोह मेरी सगी हंसकाल, छोटी भें नहीं हो सकती क्या जबकि आर्यन की तो तीन तीन जुड़वाँ भेने हैं, दीप्ति तुझे पूरा गोअन घूमेंगी बाइक पे देखना अपना भी वाटत है , जहाँ किसी ने चुचपाद की तोह हाथ प्यार तोड़कर लंगड़ा लूला बना देंगे ".

दीप्ति भी गीता के गले लगे मुस्करा रही थी तब सारू ने कहा ," इश्क कुछ नहीं हो सकता , अरे अब तू उन्ह सबकी केयरटेकर है ...... महापंचयत के गाओं वालों की तुझे देखभाल और मदद करनी न की jutt-patram . सच्चा मालिक वह hi कहलाता है जोह अपने लोगों को बराबर कर माने न की गुलाम ".

पर गीता तो थी hi चंडी देवी उसको कहाँ ऐसी बात समझ में आती थी , न बात न मुलाकात उसको बस mukka-laat hi सही मर्ज दीखता था हर समस्या का. रतिदेवी उसकी माँ भी इशलिये गीता से डर्टी थी जब देखो हुक्का पानी लेकर पीट देती है किसी को भी और रही सही कसार आर्यन पूरी कर देता था यह कहकर की गीता कभी गलत नहीं कर सकती बस उसकी सोच सीढ़ी है ...... आर्यन की बहेनो को भी गीता कोई ख़ास पसंद नहीं थी पर उनका भाई hi बावला था िश चंडी देवी के प्रेम में . लेकिन यह गीता hi थी जिसका गुस्सा और डर आर्यन की साड़ी बीवियों और औरशन को थाम के रखेगी .

ऐसी hi आपस में हसी मजाक करती सब राजमहल में पहुंचे और अपने कक्ष में फ्रेश होकर सुबह की चाय पे मिलने का प्लान लिए .

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आर्यन अभी गयम में लीला को एक्सरसाइज करवा रहा था ..... आधे घंटे पसीना बहाने के बाद दोनों hi कुछ डिअर किश किये और आर्यन ने उससे राजनीत सिंह के बारे में पहुँचा तोह आर्यन को एक दो बातें hi नयी पता चली जोह उसको पता नहीं थी ....... आर्यन को मंदाकनी और उसके बच्चों के बारे में भी काफी कुछ पता चला ...... लीला को दिल्ली आने का नौटा देकर आर्यन ने सूरज सिंह के इंतज़ाम का बता दिया .

राजा राजनीत सिंह की गवर्नमेंट में खूब चलती थी और आर्यन िश नाम वाले साक्ष से जरूर मिलना चाहता था जिसके इन्फ्लुएंस में आकर कम और हम भी आर्यन को अलवर आने से रोकना चाहते थे.

लेकिन न वह स्वयंवर में आया और न hi दिव्या तलवार वापस लाने के बाद पर कल आर्यन को साया ने बतया की जबर सिंह और ठाकुर सूरज सिंह किसी राजनीत सिंह की बात कर रहे थे जोह लीला की बड़ी भें का पति है.

आर्यन तोह राजनीत की जनम कुंडली पहले hi निकाल चूका था अलवर आने से पहले पर सारे दुश्मन तोह एक तरह से टेंन hi बोल गए थे या उसका सामना करने से डर रहे थे . रणजीत सिंह ख़ज़ाने और दिव्या तलवार आने तक इंतज़ार कर रहा था , अपने ससुर से भी पत्नी अलग होने के बाद रघुभार सिंह से उसकी बनती नहीं थी पर उसका साला जबर सिंह भी उसकी पावर और पहुंच का इस्तेमाल करता था .

राजा राजनीत सिंह , बहादुर और सिद्धों का ज्ञाता था ...... दीप्ति जब किसी 'माहि' नाम के साक्ष की तस्वीर बनाने लगी और सपनो में उसको hi दिव्या तलवार का वारिस बताने लगी तोह रणजीत सिंह भी अपने गुरु से मिला तो उसको गायत हुआ की यह सच्च hi है की यह लड़की hi दिव्या तलवार तक पहुंचने के चब्बी है पर वह एक दिव्या कन्या है उसको कोई छु नहीं सकता जोह छु पाया वह hi दिव्या तलवार और ख़ज़ाने का मालिक होगा.

रणजीत सिंह ने पुछा की वह दिव्या तलवार और खज़ाना कैसे पा सकेगा तोह उसके गुरु ने कहा आशम्भव hi समझो अगर ुष लड़की को छु सके तो हो सकता है तुम दोनों पा सको मगर चित्र किसी और का बना रही है तोह प्रेम भी उसी से होगा . एक hi युक्ति है दीप्ति का पवित्र कवच उसके प्रेमी के साथ विवाह के बाद मिलान से टूट जाये तब उसको और उसके प्रेमी को हराया जा सकता है .

रणजीत सिंह खुश होकर गुरूजी ऐसा hi होगा तब गुरु ने सुझाया की तुमको अपनी पत्नी क्या सब स्त्रीओं को बिना चुहये कई वर्षों तपस्या करके काली शक्ति के लिए कामाकश्चि देवी से वरदान पाना होगा तभी तुम सफल होंगे पर मेरी मानो तोह भूल जाओ वॉश तुम अपनी जान और सर्वस झोकीम में दाल रहे हो जबकि भविष्य के गर्त में क्या छुपा है वह कोई नहीं जानता .

राजा राजनीत सिंह कहाँ अपने गुरु की सलाह मानता जब लालच ने अँधा कर दिया हो , रानी मंदाकनी और अपने बीटा बेटी को भी अपने से दुर्र कर दिया ...... रानी जमुना की भाभी रणजीत सिंह की भें थी और विवाह से पहले दोनों प्रेमी भी थे पर विवाह अलग अलग hi हुए . (इशलिये रानी जमुना ने रणजीत सिंह के लिए वारं किया था चुदाई के बाद )

रानी जमुना का प्रेम तो अभी भी वैसा hi था पर रणजीत सिंह सब भुला चूका था कई साल पहले . अपने राजा के सारे कर्त्तव्य निभाता वह काली शक्तियों का उपासक भी हो गया और कई सालों में देवी का वरदान भी पा लिया की वह दीप्ति के शील भांग होने पे उसको अपने वश में कर लेगा साथ hi उसके पति को भी ताकि दिव्या तलवार और खज़ाना पा सके मगर उसको दीप्ति या कोई भी राजपूत कुंवारी लड़की भी मार सकती है यदि उसने वरदान को पहले कुंवारी दीप्ति पे इश्तेमाल किया हो तोह ...... रणजीत सिंह पहले सब पक्का करने के बाद hi अपना वार करने वाला था .

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राजगुरुजी और रघुभार सिंह भी इशलिये राजमहल से कल शाम निकल गए थे की रणजीत सिंह की मौत hi खींच लायी है तोह हम भी कहाँ रोक पाएंगे.

रघुभार सिंह भी काली शक्तियां अर्जित किया था पर उसको समझ में आ गया की वह कभी दिव्या तलवार नहीं पा सकेगा...... मगर उसको खुसी थी की वह राजपूताना में hi रहेगी फिर दिव्या ख़ज़ाने की रक्षा तोह सवयं प्रभा ( विशाखा ) नाम की पतलोक की शक्तिशाली नागिन कर hi जोह आर्यन की छोटी चचेरी भें है .

राजा त्रिभुवन के पास आज सुबह 8 बजे संदेसा आया की राजा रणजीत सिंह आ रहे हैं , वह भी हैरान था इतने सालो बाद अचानक रणजीत सिंह यहाँ अलवर में क्यों आ रहे हैं? न स्वयंवर पर आये न किसी कौंसिल मीटिंग में आये कहीं दिव्या तलवार और ख़ज़ाने के लिए तोह नहीं ?..... हे भगवन ये तो अनर्थ हो जायेगा मुझे मिरदुला रानी माँ से बात करनी पड़ेगी.

त्रिभुवन सिंह ने जबर सिंह को फ़ोन करके बतया तो डरा हुआ जबर सिंह भी बोलै ," हाँ मुझे भी अभी पता चला पर उसकी नियत तो ठीक नहीं लगती तुम ने क्या सोचा है ?" ...... त्रिभुवन ने कहा में रानी माँ से बात करता हूँ राजगुरुजी और रघुभार मामाजी भी यहाँ नहीं है पर वह दामाद हैं हमारे खानदान के स्वागत तो करना पड़ेगा .

कॉल कट होने पे जबर सिंह अपना पसीना पहुंचता हुआ सोचने लगा यह पक्का मरेगा पर इश्के पास भी बहोत साड़ी ागायत शक्तियां हैं आर्यन को हरा पायेगा क्या ? ..... नहीं Deepti-Aryan को हरा पाना मुश्किल है ...... फिर यह आर्यन को हरा दे तोह मुझे भी खुसी होगी कमीने ने ुष डाइयाँ चाय के वशीभूत होकर मेरी रानियों की इज्जत तार तार कर दी और वह तीनो इतनी बड़ी रंडियां हैं पक्का पहले मेरी पीठ पीछे चुदवाती होंगी ...... आह्ह्ह्हह्ह्ह्हह ..... तभी गले में चाय का ताबीज़ कसने लगा तोह गले पे हाथ लगा के खांसने लगा मगर जब पकड़ ढीली हुयी तोह सोचा अब उन्ह चरों के बारे में नहीं सोचना न ुष रात का जीकर किसी से क्या अपने आप से करूँगा . जान रही तोह बदले के कई मौके मिलेंगे. आर्यन को माफ़ कर भी दूँ पर तीनो रानियों ने बहोत गलत किया मेरे साथ.....

जबर सिंह भी कभी नहीं चाहता था की दिव्या तलवार और ख़ज़ाने को रणजीत सिंह पा ले इससे अच्छा राजकुमारी दीप्ति के पास रहे , में बाद में भी हासिल कर सकता हूँ फिर आर्यन तोह यहाँ रहने वाला नहीं और दीप्ति भी उसके पास hi रहेगी . फिलहाल तो Deepti-Aryan का hi साथ देना चाहिए ...... कहते हैं नीच नीचता तो त्याग भी दे मगर मक्कारी नहीं .

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सुबह 7 बजे , आर्यन सीधा मिरदुला के कक्ष में गया फ्रेश होकर अपना सिर्फ शॉर्ट्स डाला और टॉपलेस hi सूती हुयी अपनी मैया के बगल में लेटकर आराम से उसका नाईट गाउन के ऊपर के बटन खोला और अपना मोह उसकी गोरी मोती चूची से भिड़ा के दूध पीने लगा.

गयम में बड़ी मुश्किल से लीला का दूध पीने से रोका था अपने आप को, उसके बड़े बड़े थानों जैसी चूचियों को हिलते हुए ललचा के देखते हुए भी. लीला की बेटी, रौशनी, कल से फिर अपनी माँ का दूध पीने लगी थी उसका हक़ बना रहना चाहिए ......

आर्यन तभी जल्दी जल्दी अपनी मैया मिरदुला के पास पहुंचा दूध पीने...... अणि ने सही कमजोरी जोड़ी थी आर्यन की मिरदुला के लिए पिछले जनम के मात्र प्रेम के साथ उसको 40 बर्ष की महिला का रूप देकर पर दूध आते रहे जोह सबसे पहले आर्यन की बेटी महिमा पी चुकी थी अब बाप अपनी किस्त वसूल रहा था . मगर दिल्ली जाकर वहां उसकी बेटी महिमा भी उससे कम्पटीशन करने वाली थी मिरदुला के लिए . महिमा की हर चाल ढाल , डॉट रंग रूप एक डैम नन्हे माहि जैसा hi था तोह उसको कोण रोक लेता ऊपर से लड़की थी तोह सबकी जान बसने लगी थी िश छोटी बच्ची के नटखटपन में .

मिरदुला के हाथ भी नींद में hi आर्यन के बालों में चलने लगे ," पी ले मेरे महीईई तेरी मैया तुझे कबसे ढून्ढ रही थी "........ आधे घंटे बाद जब मिरदुला की आँख खुली तो सपना नहीं हकीकत में आर्यन उसकी चूचियां खाली करके सो चूका था तोह मुस्करा के अपने लाल का गाल चूमि और बोली," आज अच्छा दिन जायेगा सबसे पहले मैंने उठकर अपने लाल का सुबह सुबह सूंदर मुहक्दा जोह देख लिया "...... तोड़ा लाड और पुचकार के वह उसको सूने hi दी जग्य नहीं .

अपने कपडे ठीक करती बिस्तर से उठी और आर्यन के ऊपर चादर दाल दी , उसको भी अंदाज़ा था कल रात भर गायब था यानी राजवंश बढ़ा रहा होगा. फ्रेश होकर वह त्यार हुयी तोह दासी से उसने पूजा के बाद चाय नास्ता रेडी रखने को कहा क्योंकि उसको कौंसिल मीटिंग में जाना था दीप्ति और त्रिभुवन के साथ जोह उसने बुलाई थी. जबर को भी सुचना भेजी थी 11 बजे त्यार मिले मीटिंग में. सिर्फ 5 सीनियर मेंबर्स hi आ रहे थे पपरवर्क्स और इम्पोर्टेन्ट डिसिशन फाइनल करने के लिए पर अनाउंसमेंट नेक्स्ट मंथ होनी थी जब बड़ी मीटिंग जयपुर में होगी .

आर्यन की आँख 11 बजे खुली तोह कोई उसका लुंड चूस रहा था चेहरा देखकर हँसा ," क्या इतना पसंद आ गया की फिर से इश्कि याद आ गयी लगता है मैं नहीं भरा आपका ".

एक बार और टोपा चूम के रानी जवाला, 2ंद रानी जबर सिंह की , जल्दी से उसके ऊपर लेटकर चूमा छाती करने लगी ...... " पुछःह पुछठ ारयणणणणणण , अभी भी दर्द है पर में जल्दी दिल्ली आउंगी अपनी नानन्द मंदाकनी से मिलने प्लीज मेरे लिए टाइम निकल लेना एहि बोलने आयी थी ".

आर्यन हसकर ," बस फ़ोन करके आना में भी दिल्ली में होना चहियूं न , या फिर में गाओं हुआ तोह आपको बुला लूंगा वहां फार्महाउस पर रुक जाना ".

जवाला खुश होती ," तुम बहोत अच्छे हो आर्यन वर्ण मर्द तो रात गयी बात गयी पर विश्वास करते हैं , तुम चिंता न करो जब बहोत याद आएगी तब आउंगी या पीरियड्स फिर से हुए तोह आउंगी ".

आर्यन से बात करके चली गयी तोह दासी ने आकर बतया की महारानी सा जरूरी काम से गयी हैं 1 बजे तक आएँगी. रानी संगीता को फ़ोन मिलकर जल्दी से कक्ष में बुलाकर उसको न नौकर अनसुना करता उसको नंगा करके बाथरूम में ले गया और नहाते हुए फिर बीएड पे आढ़ती घंटे छोड़कर उसकी गगरी एक बार और भर दी अपने बीज से ...... संगीता को भी मजा आया पर उसको अपनी सौतेली सास मिरदुला का डर था कहीं आ गयी तोह क्या जवाब देगी भले hi उसे मालूम है.

( *दोस्तों कई लोगों की रिक्वेस्ट पे मैंने यह सेक्स सन कट कर दिया )

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आर्यन त्यार होकर जब सारू के कक्ष में पहुंचा तोह मीणा के साथ मंदाकनी भी थी , उसने गीता का पुछा तो बोली दीप्ति के साथ गयी है मिरदुला माजी ले गयी हैं. तभी एक दासी ने बतया की महाराज ने सबको बुलाया है राजदरबार में ......

मीणा ने मंदाकनी की तरफ इशारा कर दिया था तो आर्यन भी उससे बात करता उनके बच्चों के बारे में जान्ने लगा तोह उसने बतया की बीटा रजत सिंह 19 साल का था और बेटी सुनैना सिंह 18 साल की थी दोनों hi 2 साल से ऑस्ट्रेलिया में पढ़ते हैं वह दिल्ली में रहती है वहां उसकी अपनी कोठी है . साल में एक बार छुट्टिओं में आते हैं और एक बार मंदाकनी भी चली जाती है उनसे मिलने.

आर्यन भी पूरे आदर से बात करते हुए जब राजदरबार में पहुंचा तोह Geeta-Deepti , मिरदुला , त्रिभुवन सिंह और जबर सिंह भी वहां था और बाकी मंत्री भी .

आर्यन को दीप्ति के साथ hi बिठाया गया तब त्रिभुवन सिंह बोले मंदाकनी को देखकर ," आर्यन बीटा, राजा रणजीत सिंह हमारे जीजा यानी मंदाकनी भें के पति आ रहे हैं तोह सब उनके स्वागत के लिए hi एकत्रित हैं ".

मंदाकनी का चेहरा उतर गया पर आर्यन ने भी अनदेखा सा जाता के कहा ," यह तो अच्छी बात है हम सब भी उनसे मिल पाएंगे ".

त्रिभुवन सिंह ," बस बीटा उनकी किसी बात का बुरा मत मानना वह राजा होने के साथ साथ सिद्ध पुरुष भी हैं ".

तभी वहां एक सैनिक ने आकर बतया की राजा रणजीत सिंह पधार रहे हैं उनकी शाही सवारी राजमहल के मुख द्वार से प्रवेश कर चुकी है .

5 मं बाद राजा रणजीत सिंह अपने दाल बल के साथ पहुंचे पर मंदाकनी के साथ दीप्ति और गीता भी राजदरबार से चली गयी . गीता को बहोत अजीब लगा की कैसा राजा है जोह अपनी रानी और बच्चो को दुर्र कर दिया .

मंदाकनी hi क्या कोई भी रणजीत सिंह से मिलना नहीं चाहता था पर वह खुद आया था तो रिस्तेदारी के साथ राजा का सम्मान रखना hi था परम्पा अनुसार .

हाइट करीब 6 फट के साथ रोबीला , चेहरा बड़ी बड़ी मूछें, उम्र का भी काम प्रभाव था अच्छी सेहत के साथ क्योंकि उम्र में रणजीत सिंह दोनों राजाओं से बड़ा था करीब 50 साल के लगभग पर उनसे 5 साल छोटा लगता था सायद इतने साल एक hi लक्ष के साथ अपने को मजबूत और बाकी सब रजवाड़े सौकों से दुर्र रखा था तपस्या करके.

दोनों राजाओं ने उसका स्वागत किया और रणजीत सिंह ने भी अपनी ख़ुशी जाहिर की फिर त्रिभुवन सिंह को दीप्ति के विवाह पक्का होने के लिए बधाई दी और अपने न आ पाने की चमा मांगी .

त्रिभुवन सिंह ने जब आर्यन की तरफ देखकर कहा ," कुंवरजी इधर आये , िंहसे मिलये यह हैं राजा रणजीत सिंह हमारे बहनोई लगते हैं और राजा शभ यह है आर्यन पूरा नाम महार्यं सिंह , रति देवी के बिज़नेस एम्पायर का मालिक और अपने तीनो खानदान का इकलौता वारिस जोह जल्दी hi महापंचयत का मालिक बनेगा, यह पूजनीय चौदर्य माधव सिंह का भी वररिस है. मीट से इंजीनियरिंग टॉप की है , कई अपनी कंपनी अपने दम पे खोली है और अपनी छोटी भें अनीता सिंह को खुद एक कंपनी दी है जिसका न अनीसा है अभी नया वेंचर लांच किया है स्टेट गवर्नमेंट के साथ ".

( राजा त्रिभुवन सिंह से आर्यन का इंट्रोडक्शन इतना बड़ा और प्रशंसा से दिया की बाकी सब भी हैरान थे , जबकि आर्यन भी सोचने लगा क्या में यह सब हूँ )

आर्यन पे निघा पड़ते hi स्तब्ध hi रह गया रणजीत सिंह , सच्च में यह लड़का तोह अद्भुत है ...... ऐसा नौजवान , लम्बा चौड़ा डील दोल , गोरा चिट्टा चेहरा, नीली आंखें ,ऊँचा माथा और लेहरोव्दार लम्बे काले बाल , एक साधरण से सफ़ेद कुरता और डार्क ब्लू फेडेड जीन्स में सच्च में देव पुरुष लग रहा था .

ऐसा नहीं था की आर्यन से तगड़े या लम्बे मर्द न देखो हो रणजीत सिंह ने पर चेहरे पे अलग hi मुस्कान और तेज़ देखकर बस उसको hi देखने का मैं करता .

आर्यन ने हाथ जोड़कर नमस्ते किया तोह उन्होंने भी हाथ मिलाया ...... " वाह त्रिभुवन मान गए तुमको क्या हीरा जैसा वर ढूंढा है तुम ने , स्वयंवर जीतकर तोह आर्यन तुम साबित भी कर चुके हो की तुम सबसे योगे और बहादुर भी हो".

त्रिभुवन फिर सारू और मीणा से भी मिलवाया की यह आर्यन की मम्मी और सिस्टर है. सारू को देखकर रणजीत सिंह भी मुस्करा दिया की जब माँ hi अभी इतनी सूंदर युवती की तरह दिखती है तो बीटा तो सुन्दर होगा hi फिर भी पूछ लिया ," तुम्हारे फादर नहीं आये क्या आर्यन ?"

आर्यन ने जवाब दिया ," जी वह ुक में हैं, उनकी कंपनी का प्रोजेक्ट कम्पलीट होते hi इंडिया आएंगे , आप बैठिये यात्रा करके थक गए होंगे ".

रणजीत सिंह ," आर्यन हम इतनी दुर्र से आये हैं तोह सबसे पहले राजपूताना की शान को देखना चाहते हैं जिसके लिए हम सब राजकुमारी दीप्ति के लिए चिंतित थे पर जब दोनों कार्य हो गए हैं तोह एक झलक तो हम भी देखना चाहेंगे क्यों त्रिभुवन तुमको कोई इतराज ?"

रणजीत सिंह की खुली मनसा सुनकर आर्यन और मीणा भी मुस्करा दिए वहां त्रिभुवन और जबर सिंह बगले झख्ने लगे ......

रणजीत सिंह ," अरे भाई हम तोह बस देखने आये हैं ऐसा तो नहीं सोच रहे की हम लूट ले जाएंगे ...... है है है है है ....... वैसे हमारी सबसे छोटी साली साइबा राजकुमारी दीप्ति नहीं दिख रही ?"

" वह भी आ जाएगी और मंदाकनी भी, रणजीत पहले जल पान गेहरान करो"...... आवाज का तेज़ और ुष तरफ निघा पड़ते hi वह भी चौंक गया की क्या सच्च में महारानी मिरदुला जीवट है और सही सलामत ..... " हैरान हो गए या हमको जिन्दा देखकर दुःख हुआ ?".

रणजीत सिंह भी हाथ जोड़ता महारानी मिरदुला की तरफ जाकर आशीर्वाद लेने झुका तोह उसका कटकच सुनकर लज्जित hi हो गया ," आशीर्वाद हम तुमको देते जरूर अगर तुम्हारे करम भी वैसे hi होते मगर हमारी बेटी मंदाकनी ने जोह झेला उसका प्राश्चित तुम नहीं कर पाओगे ...... आर्यन तुम भी राजनीत की जिगशा जरूर शांत कर देना "....... इतना बोल के वह चली गयी सारू और मीणा को साथ लेकर .

रणजीत सिंह जितनी अकड़ और अधिकार से आया था वह एक मं में मिरदुला ने झाड़ दिया जिशपार सब मैं hi मैं खुश थे , तब आर्यन ने चुप्पी तोड़ी," राजा शभ आपको दिव्या तलवार और ख़ज़ाने की रक्षक से मिलवाता हूँ"..... और राजकुमारी साया को आवाज दी.

उसके पास आते hi तीनो राजाओं की सिटी पित्ती गम हो गयी दोनों को तोह पता है पर रणजीत सिंह भी समझ गया यह कोई आम स्त्री नहीं है बल्कि दानव कन्या है पर यहाँ कैसे ?यह क्या राज है ?

आर्यन ," राजा शभ यह तीन भेने अपने राज्य की राजकुमारी हैं और हमारे साथ यहाँ आयी हैं अब दीप्ति की सहेलियां हैं वह है दूसरी राजकुमारी चाय और तीसरी सबसे छोटी राजकुमारी माया ...... साया हम सब वहां जाना चाहते हैं ".

साया ," जी चलिए , चाय तुम दीप्ति और बाकी को भी बुला लाओ सब साथ hi देख लेंगे "...... फिर जल आहार के साथ सब रानियां और बाकी लड़कियां भी दीप्ति के साथ आ गयी सिर्फ जमुना और मंदाकनी के अल्वा.

लेकिन जब साया सबको स्टेडियम के अंदर बने एक विशाल कक्ष में ले गयी जोह सब प्लांड था सिर्फ तीनो राजाओं को छोड़कर जहाँ खज़ाना और तलवार दोनों थी ...... जबर सिंह के तोह मोह में दो लड्डू फोटे पर रणजीत सिंह हस्ता हुआ ," तुम दानव कन्या हो न, हम सबको मुर्ख समझ रही हो क्या ?"

त्रिभुवन सिंह तो समझ गया था आर्यन ने कुछ नयी चाल चली है िश जबर सिंह और रणजीत सिंह को तलवार और ख़ज़ाने से दुर्र रखने की पर आर्यन को तोह बस उसको गुस्सा दिलाना था ताकि रणजीत गलती कर दे.

आर्यन मुस्करा के ," अगर असली दिखा दिया तोह कुछ लोग जीवट नहीं बचेंगे क्यों राजा शभ ?"..... जबर सिंह की ओरे देखकर बोलै ...... उसको भी याद आया दिव्या तलवार देखकर उसकी क्या हालत हुयी थी .

जबर सिंह ," हाँ राजा शभ आर्यन बीटा ठीक बोल रहा है दिव्या तलवार और खज़ाना असाधारण हैं उनको साक्षात् न देखे तो अच्छा है जबकि ऐसे hi हैं ..... " अपने मैं में मुझे नकली तलवार और खज़ाना दिखा रहे पक्का िंह तीनो डाइयाँ ने किया है ऐसा.

रणजीत सिंह हसकर ," अच्छा जबर तुम हमको मामूली समझ रहे हो में भी देखूं असली किनता असाधारण है या यह दोनों तुम सबको भी मूरुख बना रहे है ?"

त्रिभुवन सिंह कुछ बोलना चाहता था पर रणजीत सिंह ने आर्यन और दीप्ति पर फिर से वयंग कैसा ," तुम दोनों अपनों को भी धोका दे रहे हो नहीं तोह साबित करो ".

गीता ने रुका न गया ," अबे तू पगलेट है क्या? जब आर्यन और बाकी भी कह रहे तेरे बास्की नहीं है तोह चुप चाप खिसक ले , साले इतना hi गांड में गुदा था तोह तो तब क्या अपनी माँ छुड़वा रहा था जब दिव्या तलवार और खज़ाना यहाँ न था अब आया है राजा बनकर साले अपनी बीवी बच्चों का ध्यान रख नहीं सकता बड़ा सुरमा बना फिर रहा है ".

दीप्ति ने गुस्से में ताश गीता का हाथ पकड़ लिया तोह रणजीत सिंह भी दीप्ति की ज़ेरॉक्स कॉपी वाली लड़की देखकर खूब हँसा जोह उसको गालियां दे रही थी ," क्या साली साहिबा इसे घटिया मजाक नहीं मिला करने को अपनी जैसी लड़की मेरे सामने लाकर, तू अपनी मालिकिन और मालिक की तरह चुप रहा लड़की नहीं तो बोलने लायक नहीं रहेगी".

बस गीता अब कहाँ रूकती गुस्सा तो सभी को आया पर डिअर हो चुकी फुर्ती से दौड़ लगा एक थप्पड़ जड़ दी रणजीत सिंह के गाल पे और दे घूंसे और लात सब हैरान hi थे पर रोके कोण क्योंकि दीप्ति को भी पता था गीता ऐसी बेजिटि तो बर्दास्त करने से रही .

सबने आर्यन की तरफ देखा तोह मुस्करा रहा गीता को रणजीत सिंह को पीटता देखकर . रणजीत सिंह तोह संभल hi नहीं पा रहा था उसने मंतर भी पढ़े पर गीता पे तोह असर न हो रहा था .

दीप्ति का उपहास और आर्यन का अपमान पे , गीता ने मार मार के अधमरा कर दिया तब आर्यन ने उसको रोका ," रुक जा चंदा रानी , मेहमानो को ऐसे नहीं मारते ".

गीता ," छोड़ दे आर्यन मुझे , तुम सब कायर हो क्या ऐसे hi यह मंदाकनी दीदी को बेदखल कर दिया कुत्ते को तभी मार मार के हाथ प्यार तोड़ देने चाहिए थे ..... अह्हह्ह्ह्ह थूऊऊऊ गांडू कहीं का ".

गीता का चंडी अवतार जहाँ बाकी दोनों राजाओं की हवा खुसक कर गया वहीँ औरशन को गीता कहीं से गलत नहीं लगी पर मिरदुला भी खुश हुयी की गीता कैसी भी मोह पहात सही मगर Deepti-Aryan के लिए कुछ गलत नहीं सुनेगी .

दीप्ति ने कहा ," कुंवरजी आपको हमारी दीदी गीता से माफ़ी मांगी चाहिए आप हमको कुछ भी कह सकते हैं आप बड़े हैं पर दीदी हमारा सम्मान हैं उनके लिए कोई अप्सब्द बर्दास्त नहीं करेंगे ".

रणजीत सिंह अपने आप को संभल के बैठा लिया जमीन पे फिर आँख बांध करके एक शील्ड अपने चरों ओरे बना के दीप्ति को वश में करने वाले देवी के वरदान का मंतर पढ़ा तोह एक प्रकाश पुंज ने दीप्ति को घेर लिया. दीप्ति ने भी आंखें बंद कर हाथ जोड़कर सर झुकाया तो प्रकाश पुंज भी विलुपत हो गया और रणजीत सिंह की शक्ति बेअसर साबित हुयी .

रणजीत सिंह अब घबरा के बोलै ," तुम कुंवारी हो दीप्ति जबकि शादी होने के बाद hi तुम ुष तलवार और ख़ज़ाने को ला सकती थी".

दीप्ति हैरान होकर," यह आपको कैसे पता कुंवरजी ...... "

जमुना अब मंदाकनी के साथ वहां पहुंच गयी, जोह रणजीत सिंह की वजह से नहीं आयी थी पर बहार से सब चिप के देख रही थी .

जमुना जोरसे बोली ," क्योंकि यह पापी इंसान तुमको वश में करके आर्यन को बंदी बना दिव्या तलवार ,खज़ाना के साथ तुमको भी पाना चाहता था ".

गीता फिर से आर्यन की पकड़ से छोटकर रणजीत सिंह को पीट पीट कर बेहाल कर दी और उसकी गर्दन अपने प्यार से निच्चे जमीन पे दबा के राखी ..... आज रानी जमुना ने अपने प्रेमी की बाजए अपनी बेटी और दामाद का साथ दिया और साड़ी कहानी बता दी रणजीत सिंह की .

मंदाकनी भी घिरना से ,"आज सही सजा देने वाले सामने खड़े है राणा सा, डर के मूट मत देना ".

दीप्ति ने गीता को रणजीत सिंह को छोड़ देने को कहा और बोली ,"फिर लगा लो ताकत और अपना वरदान भी इस्तेमाल कर लो , देखें कितनी शक्ति पा लिया तुम्हारे जैसा पापी ने ...... अभी भी वक़्त है मंदाकनी दीदी से माफ़ी मांग लो तुमको जीवनदान मिल जायेगा "

रणजीत सिंह भी हसकर ," में तुम्हारी चाल समझ गया , िंह लोगों को बेवकूफ बना के नकली तलवार और खज़ाना बता रही हो जबकि खुद कुंवारी हो, माना में छु नहीं सकता पर यहाँ सबको मार सकता हूँ ".

गीता गुस्से में फिर से उसको दो किक जड़ दी तोह दीप्ति ने बोलै ," दीदी इश्कि लड़ाई मुझसे है आप भी तमाशा देखो, बड़ी दीदी (मंदाकनी ) माफ़ कर देना पर ताकत के मध् में चूर यह अँधा हो चूका है ".

रट हुए गुस्से से मंदाकनी ने सर हिला के जैसे आज्ञा दे दी हो जोह करना है कर चाहिए मार दाल .......

रणजीत सिंह समझ नहीं पा रहा था यह दीप्ति की हंसकाल गीता नाम की लड़की उसको दो बार पीट पीट के धुल कैसे छठा दी है उसकी कोई भी शक्ति या वार भी काम नहीं करता और ऐसा लगता कोई जमीन में खींच रहा हो .

गीता के पास धरती की पावर थी अभी तक उसने इस्तेमाल hi कहाँ की थी पर चंडी देवी अकेली hi काफी थी िश कुशल योद्धा और सिद्ध पुरुष रणजीत सिंह को हारने के लिए .

रणजीत सिंह फिर से अपने को ठीक किया और अब हवा में उसका सरीर 10 फट जमीन से उठा एक सहितान के रूप में बदल लिया जोह दिखने में एक क्रूर बेहसि सा दिख रहा था पर दीप्ति अभी भी शांत थी .......

आर्यन को कायर कहता वह दीप्ति पे वार करने लगा लेकिन वह उससे खेल रही थी.... यह 5 शक्तियां धारी , पूरे पतलोक का भर्मण कर चुकी , दानव संहार करने वाली ,विशाखा से टकराने वाली दीप्ति अभी भी शांत थी .

रणजीत सिंह भी कहाँ जानता था की दीप्ति भी दिव्या तलवार का अंश hi है मगर विनाश काले विपरीत भुधि . आर्यन जहाँ दिव्या तलवार का मालिक है वहीँ दीप्ति "सहायक" का अंश ,इसका सिर्फ बड़े गुरूजी को गायत था मगर आज एक और लालची मौत की भेंट चढ़ने के लिए उतावला था.

अपने वार पे वार करने के बाद कोई भी असर न देखकर रणजीत सिंह ने फिर अपनी काली शक्तियां के वार किये पर दीप्ति तो जैसे तस से मास न हुयी उसके प्रहारों से .......

दीप्ति चेतवानी देती बोली ," अभी भी वकत है मेरी बड़ी दीदी से प्यार पकड़ के माफ़ी मांग ले ".

अबकी बार रणजीत ने वार किया तो दीप्ति ने आँख बांध करके ुष्पर वायु शक्ति का वार किया जिसका एक hi प्रहार रणजीत सिंह को धरती पे पटक दिया ........ अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह .....

दीप्ति ," ज्यादा उड़ना अच्छी बात नहीं , पहले मिटटी चाट के देखो तुम ुष्पर कदम रखने के भी काबिल हो या नहीं ".

रणजीत सिंह के प्यार जमीन में दंश गए जोह बहार नहीं आये उसके खूब जोर और अपनी शक्ति इस्तेमाल कर के भी ......

आर्यन ," रणजीत सिंह , क्यों एक शक्ति पाने के लिए अपना सबकुछ खो देना चाहते हो जबकि तुम भी नहीं जानते की सहायक को देखते hi तुम्हारे प्राण निकल जायेंगे ...... माफ़ी मांग लो मंदाकनी जी से हम भी भूल जायेंगे कभी ऐसा कुछ हुआ था ".

रणजीत सिंह सबसे ज्यादा गुस्सा तोह आर्यन पे था इतनी सूंदर लड़की को छोड़ देता तो बाजी मेरे हाथ में होती पर Deepti-Aryan- गीता के बिच ुष रात गन्धर्व विवाह के बाद बस ोरलय मजा हुआ बाकी गीता की शादी के बाद और वही तीनो का एक दुसरे के लिए प्रेम आज अनजान रूप में काम भी किया , रणजीत सिंह अपना वरदान जाय कर चूका था .

रणजीत सिंह गुस्से से ," तू तोह नीरा hi डरपोक है स्वयंवर भी चल से जीता था न जोह औरशन और लड़कियों के पीछे चिप रहा है साले नापूण......... " (नपुंसक का ___ सक__ वह बोल hi नहीं पाया )

Katchhhhhhhhhhh ...... उसका सरीर के टुकड़े टुकड़े हो गए और बात बिच में hi रह गयी ....... दीप्ति गीता ने अपनी धरती और वायु की शक्ति विपरीत दिशा में लगायी एक हवा में उसको खींची दूसरी जमीन में जिसने उसका धड़ , हाथ पेअर और सर अलग कर दिए .

दीप्ति गुस्से से ," मेरे माहि को गाली देने की तेरी हिम्मत कैसे हुयी ....... "

गीता ,"हराम का जाना ....... मेरे आर्यन कोई गाली नहीं दे सकता मेरे सामने".

दर्दनाक आठ था , जबर सिंह के साथ कई और भी दोनों लड़कियों की शक्तियां देखकर हिल गए ...... सच्च में यह बहोत शक्तिशाली हैं पर जबर सिंह को अभी कहाँ पता था िंह दोनों को भी प्रभा ने भी नाग्शक्ति में बाँध दिया था फिर वह कितनी शक्तिशाली होगी .

आर्यन की बात सुनकर सब हैरान hi हुए ," चल भें मीणा भूक लग रही है कुछ खाते हैं "...... और दोनों सच्च में hi चले गए .

गीता और दीप्ति ने मंदाकनी से माफ़ी मांगी पर उसने गले लगा के कहा," तुम दोनों सच्ची राजपूत वीरबाला हो और वह पापी लालची था , मुझे दुःख नहीं है बस अगर सबके सामने नहीं रोयेंगी तो सब मुझे hi कुलटा बोलेंगे , जाओ आर्यन को लंच करवा में भी कुछ डिअर में आती हूँ ".

सिर्फ जबर सिंह और मंदाकनी बस वहां थे तब उसने कहा ," भैया , इश्को एक्सीडेंट दिखा दो वापसी के रस्ते में बम ब्लास्ट दिखा कर और मेरे बेटे का राजभिषेक होना चाहिए सिर्फ 2 हफ्ते में. अब आप कोई चाल मत चलना क्योंकि साथ तो उनका आपने भी दिया होगा ".

जबर सिंह भी गइयाते हुए ," नहीं मंदाकनी तुम ऐसा कैसे सोच सकती हो, तुम मेरी सगी भें हो बस रणजीत सिंह के आगे मेरी क्या चलती फिर तुम्हारी हमेशा मदद की है मैंने ".

मंदाकनी ," में अपने bete-beti का हक़ हर हाल में चाहती हूँ यह आखिरी मदद करिये अपनी भें की क्योंकि राजगद्दी के लिए कई उमीदवार एहि बात रखेंगे की मैंने खुद राजमहल छोड़ दिया और उपाधियाँ भी".

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मीणा अब आर्यन की पीठ पे लड़ी वापस राजमहल जा रही थी, उसने पुछा ," तुम भी तो मार सकते थे ुष रणजीत सिंह को जोह तुमको नपुंसक कह रहा था , कोई नहीं उसकी बीवी hi अब अपने बाँहों तुमको अंदर लेकर उसको बटेगी की मेरा भाई मर्द नहीं सुपरमार्द है ..... hi hi hi hi hi hi ".

आर्यन हसकर ," तू फिर शुरू हो गयी , देख में रणजीत सिंह को मार देता तोह बात जरूर बहार भी गयी तो गलत प्रभाव होगा मगर Deepti-Geeta सही साबित होंगी फिर राजपूताना लड़की अपनी इज्जत और सुहाग के लिए जान दे सकती है तोह ले भी सकती है ....... में यहाँ दीप्ति को पाने आया था मार काट करने नहीं मगर फिर भी कितनो के खून बह गए दीप्ति, सहायक और ख़ज़ाने के लिए और आगे भी भेंगे ".

मीणा ने आर्यन के कान पे जीभ फिरै," हाँ तू तोह सबकी लुगाइओं में hi बिजी अच्छा लगता है मुझको hi hi hi hi hi ...... वैसे कोनसी रानी सबसे ज्यादा पसंद आयी ?"

आर्यन हसकर ," तू बता तू मुझसे बेहतर जानती हूँ ".

मीणा ," hi hi hi hi ...... बहोत चालू है तू एक का नाम तो बोल देता की मुझे यह रानी अच्छी नहीं लगी सबकी सब पसंद किये बैठा है वैसे मुझे पहले hi लगा था सब तेरी फवौरीते लुगाई जैसी हैं ".

आर्यन ," क्या मतलब ? में समझा नहीं ".

मीणा ," अच्छा अच्छा मेरे मोह से सुनेगा चल बताती हूँ मैंने hi सब शीशे में उतरी थी ...... रानी संगीता कुछ वीरा मम्मी (छोटी बुआ) जैसी है प्यारी ,केयरिंग और रानी जमुना बिलकुल डॉ अंजू जैसी तेज़ तर्रार और शांत...... कावेरी तो अपनी दादी जैसी है पर यह दबंग टाइप है , जवाला तेरी कविता मामी जैसी बिस्टेर में आग hi है और पुष्प तोह मंजू मौसी जैसी है पर बिंदास है और इंटेलीजेंट भी क्यों सही कहा न ".

आर्यन ," है है है है ...... तू न बहोत चालू चीज़ है , सब खुद सोचती है और फिर मेरे दिमाग़ में डालती है फिर में भी वहीँ सोचने लगता हूँ. मीणा डार्लिंग यह तोह में hi जानते हैं तू क्या चीज़ हो ".

मीणा भी मुस्करा के अपनी नाक रगड़ी उसकी गर्दन पे ," में तोह वही तेरी प्यारी सी भें हूँ जोह हमेशा तेरे साथ है".

आर्यन भी हसकर ," बस ऐसी hi रहना है हमेशा मेरे साथ और तू अब मुझसे दुर्र नहीं रहेगी समझी , न कोई तेरी कसम वसं चलेगी ..... यार तुझे देखने के लिए तराश जाता हूँ ".

मीणा ," ठीक है जैसे तू बोले भाई पर में भी बहोत डिमांडिंग हूँ अपनी बातें मानवती रहूंगी ".

दोनों अपनी कोड लैंग्वेज में बात कर रहे थे कोई सुनता भी तोह समझ नहीं पता .

आर्यन और मीणा अपनी पैकिंग किये और सबने साथ में लंच किया जैसे कुछ हुआ hi न ........ आर्यन ने त्रिभुवन सिंह को समझा दिया की दिव्या तलवार और ख़ज़ाने के लिए अभी कई और दुश्मन भी बनेगे फिर भी पाना चाहेंगे पर अब आपको भी पता है ुष तक पहुंचा सबकी मौत hi साबित होगा तो बेफिक्र रहिये उनकी रखवाली की जरुरत नहीं है और उसकी झूटी छवि तो राजकुमारी चाय ने बना hi दी है .

आर्यन से अकेले में 5 रानियां अलग अलग सबसे छुपकर गले मिलकर रोई भी की वह उसका अहसान कभी नहीं भूलेंगी और थोड़ी सी जगह अपने दिल में भी उनके लिए रखे .

राजगुरुजी , रघुभार सिंह के याग और मिरदुला के आशीर्वाद से राजवंश बढ़ने की नीव राखी जा चुकी थी ,अब समय hi नाये करेगा नयी आने वाली पीढ़ी का.

मंदाकनी और लीला भी वापस जा रही थी और जबर सिंह भी कड़वे अनुभव के साथ अपने तीनो रानियों के साथ कल अपने राज्य जाने का फैसला किया . जबर सिंह की भी वही हालत थी "लौट के बुद्धू घर को आये ".

अणि का एयरोप्लेन आर्यन , सारू, मीणा और गीता के साथ महारानी मिरदुला और राजकुमारी दीप्ति के अल्वा तीन दानव कन्या राजकुमारी Chaya-Saya-Maya को अलवर के रनवे से लेकर ुध गया दिल्ली की तरफ .

बहोत सारे सबके तोह्फाये और सम्मान देकर राजा त्रिभुवन सिंह ने अपनी दोनों रानियों के साथ भीगी आँखों से विदा किया आखिर उनकी बेटी राजकुमारी दीप्ति पहली बार अपने होने वाले पति आर्यन के साथ उसके घर जा रही थी . सबकी आँखों में खुसी के आंसूं थे जोह इतने दिन और समय आर्यन और उसके परिवार के साथ बिताये थे .

रौशनी ने आर्यन से वादा लिया की उससे मिलने आएगा तो उसने बोलै की में जल्दी hi सरप्राइज दूंगा तुमसे मिलकर .

दिव्या तलवार और खज़ाना अपनी जगह अब सुरक्षित थे अलवर के राजमहल में और राज्य को नए भावी महारानी और महाराज भी मिल गए थे . महारानी मिरदुला का वापस आना िश खुसी में चारचांद तोह लगया पर कितनो को अपनी जान गावनि पड़ी यह भी सच्च था .

मीणा ने पहली hi सही कहा था दीप्ति के लिए कितना खून भेजा यह अलवर की धरती हमेशा याद रखेगी .

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नई चरक्टेर्स ......

राजा रणजीत सिंह , आगे 50 यरस ( नाउ डेड)

रानी मंदाकनी आगे 37 साल है

ुष का एक19 साल का बीटा रजत सिंह और एक 18 साल की बेटी है सुनैना सिंह .

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स्पेशल नोट ........

दीप्ति , दिव्या तलवार और ख़ज़ाने की स्टोरी का यह part यहीं ख़तम हुआ अब स्टोरी वहीँ आर्यन की फॅमिली के साथ hi चलेगी. दोस्तों अपडेट 33, 34, & 35 के सारे पार्ट्स पढ़कर कैसा लगा आपका रिएक्शन जरूर चाहूंगा . यह उपदटेस सुपरनैचरल पावर्स , एक्शन , मिस्ट्री ,मिथ और एडवेंचर वाले थे . अब पावर्स का आपको पता है किसके पास कोनसी है पर आम जीवन में इनकी जरुरत पड़ने वाली नहीं है .

अपडेट 35 एन्ड हेरे .

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अपडेट 36

Part-1

3:30 पं, दिल्ली एयरपोर्ट के प्राइवेट लाउन्ज के डोमेस्टिक हैंगर पर जैसे hi एयरोप्लेन से उतर के आर्यन आगे बड़ा तोह रति जोह एक डिज़ाइनर साड़ी में थी रोटी हुयी उसकी तरफ भागी और गले लग गयी ..... आर्यन उसको गॉड में उठा लिया और चुप्प करने लगा तोह बस उसका चेहरा चूमती हर तरफ से टटोल के देख रही थी

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रतिदेवी

बाकी सबके लिए आम बात थी पर मिरदुला और दीप्ति के लिए सच्च में हिरदय विदारक दृश्य था की सिर्फ 2-3 दिन hi तोह आर्यन दुर्र था पर रति ऐसे चूम रही थी जैसे बरसो बाद देखि हो , उनकी आँख भी नाम हो गयी तब दोनों को अहसास हुआ की वह माँ बेटी तो लगभग 21 साल hi एक दुसरे से दुर्र थी दीप्ति के जनम के बाद .

आर्यन ने भी यह बात नोट की थी की मिरदुला और दीप्ति maa-beti की तरह बात करती हैं पर विशेष जुड़ाव न हुआ था सायद काम समय के कारन मगर वह जानता था की उसकी इतनी साड़ी मम्मियां और माँ का उसके लिए प्यार िंह दोनों के अंदर जमे हुए माँ को भी पिघला देंगी जोह िंह दोनों को आपस में जोड़ देगा इशलिये वह भी मान गया जब दोनों उसके साथ आने का बोली.

सारू ने दोनों का ध्यान भांग किया ," आप दोनों चलो हमारे साथ िंह दोनों माँ बेटे को अब कोई दूसरा दिखाई नहीं देगा बस दोनों गीले सिखवे दूर करेंगे".

गीता ," दीदी कभी कभी मुझे साख होता है यह तेरी कोख से जन्मा है या हमारी माँ की ? दोनों maa-bete किसी पे ध्यान hi नहीं देते देखो जबकि साथ में एक महारानीजी और राजकुमारी भी हैं ".

आर्यन ने बड़ी मुश्किल से अपनी कसम देकर रति को थोड़ी देर में चुप करवाया तोह देखा बाकी कार जा चुकी हैं सिर्फ 4 कार कड़ी हैं एक रति की बाकी 3 सिक्योरिटी गार्ड्स की.

आर्यन ऐसे hi अपनी गॉड में रति को लिए उसकी कार के ड्राइवर को बोलै तू पिछली कार में आ हमको उनसे पहले पहुंचना है फार्महाउस कमसे काम माँ उनका स्वागत तो कर पाए अब रति को भी अहसास हुआ की आर्यन को देखकर वह सब भूल गयी .

आर्यन ड्राइविंग सीट पे बैठा और शॉर्टेस्ट रूट से जाने का फैसला किया, रति उसकी गॉड में hi थी और तेजी से कार बढ़ा दिया एक्सेलेटर पे पाऊँ दबा के ......

रति अब आर्यन की गॉड में बैठी उसका गाल सेहला रही थी ," नाराज हो गया क्या ? में उनको रिसीव नहीं कर पायी सॉरी बस अपने को रोक नहीं पायी "......

आर्यन ने उसके गाल पे किश किया ," तू भी न माँ में कभी तुझसे नाराज हो सकता हूँ क्या बस वह पहली बार आयी हैं और हम दोनों उनको इग्नोर कर दिए कोई न , उनसे पहले पहुंच के ारता तू hi करिये और बोल दियो की में एयरपोर्ट अपने बेटे को लेने गयी थी और मेहमानो का असली स्वागत अपने घर पे hi करती हूँ ".

रति भी खुश होती हुए गॉड में घुटने के बल कड़ी होकर उसके लिप्स चूम ली . आर्यन हसकर ," आराम से बेथ जा पहले फार्महाउस पहुंचे दे फिर खूब प्यार करियो ".

रति भी खुश होती हुयी उसके सीने में मोह छुपकर खूब चूमि ली सच्च में वह बहोत खुश थी. उसका बीटा उसके पास है उसको बस एहि hi चाहिए बाकी उसको किसी चीज़ में खुसी कहाँ मिलती थी.

( पर आज रति ने जान के किया था ताकि मिरदुला उसके आर्यन के पास न फटके)

पर आज दो लोग और दुखी थे रति के वेवहार से उसकी दो बेटियां सारू और गीता ..... की माँ काम से काम मेहमानो से तो मिल लेती , हमसे भी गले मिल लेती नहीं सिर्फ आर्यन को देखकर सब कुछ भूल जाती है आज यह भी भूल गयी की हम दोनों भी उसकी बेटियां हैं .

मीणा ने गीता दीप्ति को एक कार में ,खुद सारू और मिरदुला के साथ बैठी . दीप्ति और मिरदुला के बॉडीगार्ड भी अलवर से आ चुके थे और वह उनकी कारों के पीछे थे .

दीप्ति कार में थोड़ा इमोशनल होकर ," रति माँ जी आर्यन को बहोत प्यार करती है न दीदी कैसे रू रही थी मुझे भी रूना आ रहा था ".

गीता भी अब संभल गयी थी तो दीप्ति को बोली ," आजा तुझे में चुप करवाती हूँ hi hi hi hi ".

दीप्ति भी झूटी स्माइल देती बोली ," में तोह बस अपनी दोनों मम्मीयों के साथ खुश रहती थी फिर अभी कुछ दिन पहले पता चला की मेरी जनम देने वाली सगी माँ ज़िंदा है तोह अब क्या करूँ , खुसी भी हुयी पर अब भी झिझक सी होती है फिर वह महारानी भी हैं , मेरे पापा भी उनको रानी माँ कहते हैं यानी दादी भी लगी ".

गीता," अरे तू दुफर है , आर्यन से सीख वह तेरी नयी माँ को भी पता लिया और वह भी उसको खूब प्यार करती है ऐसा hi मेरी माँ रति के साथ भी है तू क्यों झिझकती है तेरी सगी माँ है जाकर हक़ जतय कर नहीं तोह भूल जा वह आर्यन से hi चिपटी रहेगी वह बहोत बड़ा चूचिचोर है ".

दीप्ति ," दीदी यह आप माहि को चूचिचोर क्यों बोलती रहती हो ?"

गीता हसकर ," चल फिर सुन्न अपनी प्रीतम की कहानी ..... "....... गीता ने आर्यन से पैदा होने से लेकर अब तक के कितनी औरत को मम्मी बोलकर चूची से दूध पी आता था बता दिया ....... " तुझे पता है में जब भी आर्यन को देखती की मेरी माँ का दूध पी रहा है में झट से खुद दूसरी चूची से दूध पीकर अपना हक़ जमा लेती , वह मेरी माँ पहले है बाद में आर्यन की है ".

दीप्ति भी आर्यन के बचपन की नादानी वाले किस्से सुनकर हैरान थी तब जोह गीता बोली उसको सुनकर दीप्ति के भी रोये खड़े हो गए ," तुझे पता है अपने सब बच्चों की माँ के पीछे ये सेक्स के लिए नहीं बल्कि दूध पीने के लिए पास जाता है इश्को भी मिल जाये और महिमा न अब इश्के नक़्शे कदम पे है , तुझे आर्यन के बचपन के फोटो दिखूंगी तब विश्वास करेगी और तुझे हमेशा उसको अपने पीछे रखना है तोह पहले माँ बन फिर देख चूचीधार आर्यन को तेरे पीछे पीछे लार टपकाये घूमेगा दूध पीने के लिए ...... है है है है है".

खुद माँ बनकर यानी माहि के बच्चे की माँ बनकर उसको दूध पिलाना hi सुनकर रोंगटे खड़े हो गयी दीप्ति की पर चिढ़ते हुए बोली ," क्या दीदी आप हमेशा मुझे तंग करती हो ".

गीता ने दीप्ति को गले लगा के उसका गाल चूमा ," एक hi तोह प्यारी सी हंसकाल छोटी भें है मेरी उसको नहीं छेड़ूँ तोह आर्यन को छेड़ूँ "...... है है है है है ......

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मीणा ने आर्यन की दोनों अलग अलग जनम की सगी माओं की तरफ कार में देखा तोह थोड़ी उदास दिखी .....

मीणा ," के ों मम्मी ( सारू) आपको पता है नानी माँ कितना प्यार करती हैं आर्यन को ...... मिरदुला माजी बस िंह दोनों माँ बेटे के बिच कोई नहीं आ सकता आप ने भी देखा की मुझे भी भूल गया जबकि मेरे बिना खाना भी नहीं खाता ".

सारू समझ गयी और उसका सर सेहला के बोली ," इधर आ तू hi मेरी अच्छी बेटी है जोह मेरा और माजी ( मिरदुला ) का ख्याल रक्ति है जा अब में आर्यन को बोल दूंगी की मेरी बस एक hi बेटी है मीणा ".

मिरदुला भी झूटी हसकर ," ठीक कहा सारू तू ने , यह मीणा सच्च में सबसे अच्छी है वार्ना वहां कोई हमको रइवे करता नज़र नहीं आया , जबकि में खुद भी पहले प्लेन उदा लेती थी जब महारानी थी ".

मीणा अब मिरदुला के गले लगा के बोली," चिंता न करो माजी आपका दूध पीने जल्दी hi आ जायेगा बस इतना समझो वह hi उसकी असली माँ है िश जनम में"..... सारू और मिरदुला दोनों मुस्करा दी.

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फार्महाउस में एंटर करते hi पूरे मैं गेट से लेकर अंदर पोर्च तक फूलों की सजावट और रस्ते में खड़े रेड कारपेट पर फूले बरसते लड़के लड़कियां ...... पूरा फार्महाउस hi सज्य हुआ था महारानी मिरदुला और राजकुमारी दीप्ति के स्वागत में .....

दिन में hi लेद लाइट्स जगमगत करती और साझ दाझ से खड़े एक एक साक्ष को देखकर अब दीप्ति और मिरदुला भी अपनी कारों में ॉश्चारिये चकित थी ..... पर उनको क्या पता था आज करोड़ों रुपया पानी की तरह भय था सिर्फ अपनी नयी होने वाली बहु के लिए लिए रति देवी ने .

आखिर उसके बेटे आर्यन ने राजकुमारी दीप्ति का स्वयंवर hi नहीं सबका दिल भी जीत लिया था अलवर में . फिर राजकुमारी दीप्ति अब राजपूताना की सबसे स्ट्रांग शख्सियत बन गयी थी अलवर के अल्वा प्रतापगढ़ की राजगादी भी वह hi संभालेगी और राजपूताना कौंसिल की चेयरपर्सन भी बनेगी. रति के बेटे आर्यन की पगड़ी में एक कोहिनूर हीरा की तरह दीप्ति को रति देवी देख रही थी . आज उसकी ताकत और शखिसयत 4 गुनी बढ़ गयी थी . बिजनेसमैन की नज़र से अब पूरा राजकुमारी दीप्ति का स्टेट अपना hi लगने लगा था रति को .

दीप्ति और मिरदुला अपनी राजशाही पोषक में पहले से hi थी फिर नीला की टीम और बिना की टीम ने दीप्ति और मिरदुला को कार से उतरने न दिया ...... उनके गार्ड्स , दासी भी वहां अब उनकी कार के पास थे जोह अलवर से पहले hi बी रोड आ चुके थे ...... नीला के साथ सुचित्रा सिंह और उसकी बेटी रूबी सिंह भी बी रोड दिल्ली पहुंचे थे .

जैसे hi मिरदुला ने पहले कदम रखा तोह एक फूले जड़ित बिछोना उसके कदम के सामने रखना गया फिर तोह हर कदम पे ऐसे hi छोटे छोटे 2×2 फट के फूलों जड़ित सूंदर बिछोने बिछते रहे और उनकी दासी एक शाही छतरी लिए उनके पीछे और बाकी 2 दासी लहंगे को संभालती चल रही थी .......

द्वार पे पहुंच के जब रति को देखि तोह हैरान रह गयी यह इतनी जल्दी कैसे गेटउप चेंज कर ली और एक डिज़ाइनर लेहंगा चोली में कितनी सुन्दर लग रही थी 56 साल की होने के भी बावजूद , यह बिना का कमाल था की 10 मं रति को महारानी मिरदुला के सामने कड़ी कर दी पर रति सच्च में आज बहोत खूबसूरत लग रही थी जिसको देखकर आर्यन का लुंड भी गीला हो रहा था पर कब तक रोकता जाकर अपनी माँ रति का गाल चूम के बोलै ," माँ तुझसे सुन्दर कोई हो नहीं सकती िश दुनिया में , ी लव यू माँ ".

रति हसकर अपनी ओढ़नी सही करती ," अच्छा अच्छा ठीक है अब ारता भी करना ".

आर्यन भी हसकर बोलै ," यह हैं मेरी मैया मेरी दूसरी सबसे अच्छी माँ "..... और आगे बढ़कर पटरे पे कड़ी अपनी मैया मिरदुला का गाल चूम लिया .....

तभी पीछे से गीता बोली ," यह मेरी माँ है और यह दीप्ति की माँ हैं , कमीने तू अपनी सगी माँ को ढून्ढ वह भी यहीं कड़ी है ".

बस गीता ने गलती कर दी जोह आर्यन ने बोलै फिर क्या सच्च में आज रति को दुश्मन नज़र आयी ..... ?

आर्यन भी हसकर," जा अपनी माँ पास के पास और दीप्ति तुम भी जायो और मेरी मम्मी मुझे कभी नहीं बोलोगी की में उसके पास आऊं पर सच्च है की मुझे मम्मी प्यार देने के लिए बुला लेती है इशलिये वह मेरी सबसे प्यारी मम्मीयियय है ...... सारू पीछे हैट रही थी पर आर्यन उसको पकड़ hi लाया आगे आकर बोलै ," मैंने सही कहा न माँ (रति) ?"

रति ने पहले सारू को गले लगा के कहा माफ़ कर दे फिर गीता को भी खींच ली और उसको गले लगा के पूरा चेहरा चूमि ," मेरी बच्ची , मेरी चाँद , मेरी शेरनी"......

तभी अणि की आवाज आयी ," भारत मिलाप हो गया हो तोह िश खानदान के 3 दामाद भी आकर सवागत के लिए खड़े हैं उधर ".

अणि को बिज़नेस वुमन सूट में देखकर सब चौंके hi पर उसके हाथ का इशारा चॉपर से उतर इधर आते राज सिंह, संजय सिंह और देवेंदर सिंह को देखकर सब हैरान थे .....

आर्यन तेजी से दौड़ता अपने डैड राज सिंह के गले लगा ," व्हाट ा सरप्राइज डैडी ी can't बिलीव आईटी , मुझे एक फ़ोन कर देते में लेने आता "...... राज सिंह की भी आँखों में आज आसूं आ गए सायद वह अपने को दोषी महसूस कर रहा था .....

आर्यन ने फुर्ती से अपने डैड राज सिंह की अपने पीठ पे बिठा के बोलै ," कसके के पकड़ो डैड अब आप वहीँ कदम रखेंगे एंड it's माय रिक्वेस्ट ..... नमस्ते चाचाजी नमस्ते मौसाजी आप भी आइये आपको महारानी मिरदुला जी से मिलवाता हूँ जोह मेरी मैया भी हैं ".

तीनो 15 घंटे की फ्लाइट में आर्यन के खिलाफ क्या क्या रणनीति बना के आये थे एक सेक् में धवस्त, यह 7 फट का आर्यन आज भी उतना मस्तमौला था जितना 2 साल का बच्चा था ऐसे hi डैडी डैडी करते अपने बाप राज सिंह की गॉड चढ़ जाता था पर जिस तरह संजय सिंह अपने चाचाजी से और फिर देवेंद्र सिंह से गले मिला ऐसा लगा जैसे कभी वह नाराज hi नहीं है किसी से ......

यह सच्च था दोनों उसको अपने सेज बीटा जैसे hi मानते थे पर समय ने ऐसे मोड़ पे लकार खड़ा किया की वह बीटा hi दुश्मन हो गया पर खतरनाक दुश्मन जिसको देखकर न खाते निगला जाता था न उगले .

जब सबके सामने उसने राज सिंह को उतरा तोह कई साड़ी औरशन भी उसकी पर्सनालिटी देखकर चकित hi रह गयी और आर्यन हाइट में लम्बा था पर राज सिंह भी 6'3" फट का होकर भी अभी भी हैंडसम और यंग लगता था , आज फिर कई लोगों की छूट फड़फड़ा दी खासकर रति की भी आज भी उतना hi सुन्दर है उसका दामाद .

रति हमेशा राज की तरफ आकर्षित तोह हुयी पर आर्यन के लिए और आज भी वह इतना hi बड़ा हट और रंग रूप में था जितना जब आर्यन था उसके 18 बर्थडे वाले दिन जब रति ने आर्यन की वीरगिनती तोड़ी थी .

(* रीडर्स आप कंफ्यूज न हो रति बस राज को देखकर आर्यन की फंतासी करती थी की बड़ा होकर माहि ऐसा होगा पर वह अपने बाप का भी बाप निकला हर तरह से , रति के मैं में कभी भी राज के लिए कोई गलत भावना न थी और न आज है बस उसको देखकर हमेशा अपने माहि की इमेज देखती थी )

सारू चुपके से वहां से खिसक ली थी उसका दिल बहोत जोरसे धधक रहा था, आज उसका पति राज उसका पहली नज़र का प्यार उसके सामने खड़ा था और वहीँ जिसको अब सब कुछ मान लिया अपना सागा बीटा आर्यन जोह पिछले जनम में उसका पति था. ज़िंदगी आज किस दोराहे पे ला कड़ी की है उसे .

आर्यन जल्दी से डैड को उतर के बोलै ," डैडी बस साथ रहो और मिरदुला को बतया की मेरे डैडी है अभी लंदन से आये हैं ताकि आपका स्वागत कर सकें".

एक बार मिरदुला भी हैरान थी राज से आर्यन की सकल और रंग रूप जोह मिलता था पर खुद को संभल के बोली ," माहि क्या में पटरे पे कड़ी रहूं प्यार भी दर्द कर रहे हैं ".....

आर्यन आगे बढ़ा और महारानी मिरदुला को गॉड में उठा के बोलै ," माँ जल्दी से ारता कर मेरी मैया का , दीप्ति को पूरा दिन कड़ी रखियो कोई चिंता नहीं ".....hi hi hi hi ...... सब हसने लगे आर्यन की चाहुलबाजी पे.

आर्यन की गॉड में चढ़े चढ़े रति ने मिरदुला का ारता करके रोली चावल लगा माथे के लगा के कहा," आइये महारानी मिरदुला जी आप आज से मेरे बेटे की भी माँ हुयी आपका मेरे परिवार और घर में हार्दिक सवागत है ".

आर्यन ने मिरदुला को उतरा तोह रति को कान में बोली ," जीती रह पट्टू ( पटरानी) "...... जोह रति को भी समझ में नहीं आया की पट्टू क्यों कहा .

जब दीप्ति की वारि आयी तोह गीता ने बोलै ," इश्क ारता में करुँगी सब पीछे हो जायो और बिना जितनी आतिशबाजी है और बम है अभी फूटने चाहिए समझी".

रति ने आर्यन की तरफ देखा तोह उसने िष्कारा किया ok गीता को करने दे एहि बात रति को बुरी लगती थी की आर्यन रोकेगा तोह गीता रुक जाएगी पर यह कभी नहीं रोकता जब भी जरुरी है . बात यह थी कुवारी लड़की ारता नहीं करती मेहमानो का, घर की बहु या सास hi करती है .

पर गीता ने बड़ी शालीनता से अपनी बड़ी भाभी कविता को बुलाकर आर्यन को दीप्ति के साथ खड़ा करके ारता करवाया और तिलक लगा के बोली," आर्यन आज से पहले मैंने तुझसे कुछ नहीं माँगा आज मांगती हूँ दीप्ति मेरी छोटी भें है मगर इश्को कुछ कोई गलत बोलै तोह में गर्दन काट दूंगी चाहिए मेरी माँ रति देवी क्यों न हो ".

आर्यन आगे बढ़कर गीता को गले लगा लिया," तेरी छोटी भें दीप्ति को कोई गलत बोले तो मेरी गर्दन काट दियो ठीक है , जा अब सब अर्रंगेमेन्ट्स देख नहीं तोह डांस नहीं करूँगा तेरे साथ ".

तभी ऊपर से बबल बैलून बरसत हुआ और आर्यन के गले लगी दीप्ति और गीता के ऊपर फूल गिरते हुए लाज़र इफ़ेक्ट के साथ सब फूल फ़ेंक भी रहे थे ..... भूममममम बदअम्म्मम्म पटाखे फूटने लगे और आतिशबाजी होने लगी जोह 10 मं तक होती रहई .

जब सबने अंदर कदम रखा तोह एक तेज़ मधुर बच्चे के आवाज आयी "डैडी डैडी ...... " सबने देखा एक छोटी सी पारी जैसी सजी बच्ची दौड़ आयी और उसकी माँ बबिता पीछे पीछे .....

आर्यन ने भी आगे बढ़कर घुटने के बल बैठकर अपने गले लगा लिया चूमते हुए पर 10 सेक् बाद hi राहुल भी दौड़ के आया और दादा दादा कहते हुए आर्यन के गले आ लगा ......

जहाँ राज सिंह यह राज जानता था वहीँ संजय सिंह और देवेंदर सिंह चौड़े हो गए ...... आर्यन भी खूब गुल खिलाये बैठा है .

लेकिन तभी आर्यन के साइड में मिरदुला दिखाई दी तोह महिमा बोली ," डैडी में अभी आती हूँ " ...... फिर मिरदुला के प्यारों को पकड़ ली ," रानी माँ मेरे खिलोने देखने चलो, जल्दी चलो "....... आर्यन समझ गया सारा उबाल मैंने लाया मैया के दूध में पर ले गयी महिमा. मिरदुला ने महिमा को गॉड में उठा के खूब चूमा .

पर तीनो मर्दों की आँखों में आंसूं hi ला दिए िश नन्ही बच्ची ने, वही माहि वैसी hi आवाज सबकुछ शामे तो शामे और राज सिंह तोह डबल रू कर ुष बच्चे को गले लगाने के चक्कर में था ..... फोटो, पिक्स , वीडियो भी हो असली जैसा लग सकता है पर अपनी आँख का देखा hi सच्ची अनुभूति होता है .

दीप्ति को उसको होने वाली 5 सौतन ने ले लिया अपने साथ और रति ने मिरदुला को सबसे मिलवाया . वैसे स्वयंवर में मिली थी कईओं से पर आज अलग hi कॉन्फिडेंस और रुतबा दिख रहा था महारानी मिरदुला का .

डॉ अंजू ने तीनो दामाद का ारता किया और अपने साथ ले गयी दिंनिंग एरिया में, आज शाम को पार्टी राखी थी रति ने और काफी विप लोग उसके बिज़नेस और पोलिटिकल सर्किल के भी आ रहे थे .

आर्यन अपने beta-beti राहुल और महिमा के साथ लगा था खेलने में , बच्चे अब आर्यन को मिस भी करने लगे थे उसके दुर्र होने पे , दोनों को गोदी टांगें अपनी सब मम्मीयों और बहेनो से मिला अपनी लवर्स से भी .

निर्मला चची और छोटी भें प्रभा चंडीगढ़ चले गए आज सुबह hi क्योंकि संजय चाचाजी भी आ रहे थे दिल्ली ....... डॉ अंजू ने बिना से तीनो दामादो को लंच के बाद उनके गेस्ट रूम दिखने और फ्रेश होने को कहा की अभी रेस्ट करो शाम में पार्टी भी है .

पता नहीं आज क्यों किसी भी घर की औरत को तीनो दामाद फूटी आँख नहीं सुहा रहे थे जबकि राज सिंह सबके प्रिये थे पर अणि भी काम न थी लंदन का बार वाला काण्ड , हवालात फिर वापस इंडिया बुलाने का डिटेल में बता दी थी आज सुबह ब्रेकफास्ट करते हुए .

रति ने सबको बोलै ," जैसा प्लान किया है दीप्ति और उसकी माँ के लिए वैसे hi तयारी करो आने दो िंह तीनो को चप्पल से मार मार के इनकी आशिकी का भूत उतरती हूँ , विदेशों में भी खंडन की इज्जत डुबोने में लगे हैं . बताओ दो इतने बड़े इंजीनियर हैं और 1 सिक्योरिटी अफसर में ैप है पर अकाल गधो में एक पैसे की नहीं . अच्छा किया अणि तुम ने उनको यहाँ बुला लिया आने दे आर्यन को वही सुधेरगा इनको ".

आर्यन बच्चों के साथ थोड़ी डिअर खेल के दोनों को उनकी माँ को सौंप के अणि को ढोंढा तोह मीणा ने बतया की वह अपने रूम में है, आर्यन ने साथ चलने को कहा तोह मीणा ने मन किया अभी वह दीप्ति के साथ है .

आर्यन जब 2ंद फ्लोर पे उसके रूम के दूर पे पहुंचा तोह अणि के दो बॉडी गार्ड्स खड़े थे तब आर्यन बोलै की उनको बिल्डिंग के बहार होना चाहिए आज सिर्फ घरवाले और गेस्ट्स हैं यहाँ . अंदर गया तोह अणि के ऑफिस की टीम और उसकी सेक्रेटरी कुछ डिसकस कर रहे थे . सबने खड़े होकर आर्यन को विश किया और अणि का पुछा तोह सेक्रेटरी ने बतया मैडम रेडी हो रही हैं .

अणि के बैडरूम में पहुंचा तोह खली था तोह उसको लग गया की नाहा रही है वह उसके बीएड पे लेट गए और अपने फ़ोन से गाओं फ़ोन मिलाया और अपने ताऊजी से बात किया फिर अपने नानाजी से भी की दोनों शाम तक दिल्ली पहुंच जायो पार्टी है और जरूरी बात भी करनी है और हाँ डैडी , चाचाजी और मौसाजी भी आये हुए हैं लंदन से .

अणि बदन और सर पे टॉवल लपेटे बाथरूम से बहार आयी तोह आर्यन को बीएड पे लेता देखकर मुस्कारने लगी ," क्या बात है भाई आज मेरे रूम में जरूर कोई काम होगा ".

आर्यन बीएड पे बैठकर उसको ऊपर से निच्चे तक देखा सच्च मुछ एक पारी सी सूंदर थी उसकी छोटी भें पर जल्दी hi उसकी आँखों में देखकर ," चल कपडे पहन ले फिर बात करते हैं ".

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अनीता सिंह ( अणि )

अणि मुस्करा के आँख मारी ," बातों के लिए जबान और कान काफी है फिर कपड़ों की क्या जरुरत "...... hi hi hi hi .....

आर्यन भी हसकर खड़ा होकर उसका माथा चूमा ," पहले तोह अपने िंह ऑफिस के चमचो को भगा और वह तेरे रूम के बहार जोह बैल डॉग ( गार्ड्स ) खड़े हैं उनको बिल्डिंग से बहार रख यहाँ कोई गार्ड्स अल्लोवेद नहीं है समझी चाहे कोई भी हो ".

अणि ने एक छोटी सी शॉर्ट्स और सीलवे लेस्स टॉप डाला बिना अंडर गारमेंट्स के जबकि आर्यन फिर से पीठ घुमाकर फ़ोन पे बिना को 2-3 मैसेज किया ....... आर्यन के पास आकर उसके गाल पे किश करके अणि बोली ," में अभी ऑफिस निकल रही थी इशलिये गार्ड्स भी ले आयी कोई डिसट्रब न करे don't वोर्री थे अरे प्रोफेशनल , अंग्रेज हैं आँख उठा के भी किसी की तरफ नहीं देखेंगे ".

अणि बैडरूम से बहार गयी और 2 मं में hi वापस आ गयी आर्यन बीएड के सिहरने से तक लगये बैठा था तोह चलती हुयी आयी उसके ऊपर कोड गयी फिर आर्यन की गॉड में चढ़ के उसके गाल पे किश करके उसके सीने से सर लगा के लिपट गयी .

उसका बिहेवियर बिलकुल ऐसा था जैसे टीनएज लड़की कोई बड़ी गलती करके अपने बड़े भाई की बाँहों में सुरक्षित महसूस कर रही हो ..... आर्यन भी समझ गया यह नहीं सुधर सकती .

अपने हाथ से अणि की पीठ और सर सेहलता हुए बोलै," अब बता यह सब ड्रामा क्यों किया और सच्च बोलना ".

अणि भी आँख बांध करके मुस्कारते हुए," भाई अब आप मुझसे प्यार नहीं करते न मुझे बहोत लोनली फील होता है , जस्ट हुग में टाइट लिखे योर स्वीट बेबी ".

आर्यन गुस्सा तोह बहोत था पर एहि बात थी की अणि को कभी दांत नहीं पता था उसकी लाड़ली बेबी डॉल थी और उसको तोह लाख गलती भी माफ़ हैं , प्यार से उसको अपनी बाँहों में जकड के उसका सर चूमा ," ी लव माय बेबी डॉल माय स्वीट प्रिंसेस ".

अणि बच्चों सी आवाज निकाल के ," भाई ी वांट तो स्लीप इन योर आर्म्स ".

आर्यन का सेलफोन रिंग हुआ तोह उसने कॉल कट करके साइलेंट मोड में दाल मैसेज किया , लेटर .....

सीधा लेटकर अपने सीने पे अपनी लाड़ली भें को थपकी देकर सुलाने लगा , अणि भी मुस्करती हुयी मैं में हसी " हाँ हाँ !!!!! फंसा !!!!!! ...... hi hi hi hi माय स्वीट बीआरओ ".

10 मं में hi वह नींद में चली गयी और आर्यन भी ...... करीब एक घंटे बाद जब आर्यन की आँख खुली तोह अपने ऊपर अणि को प्यार से सूता पाया तोह मुस्करा के मैं में सोचा ," इतनी इनोसेंट दिखती है सूट हुए जैसे पूरी दुनिया की खुसी िश के चेहरे पे है बस ऐसे hi हमेशा खुश रहना मेरी रानी भें ".

बड़े प्यार से अणि को साइड में बीएड पे लिटा के उसका माथा चूम के ब्लैंकेट उसको ुधा के चेहरे आये बाल उसके कान के पीछे कर गाल पे किश कर वह फ़ोन लेकर बहार निकल गया . नींद में hi अणि की मुस्कान बढ़ गयी थी अभी भी सपनो में अपने प्यारे भाई की बाँहों में सोई थी.

अणि जरूर राज सिंह और सारू की बेटी थी पर अणि की पेरेंटहुड को आर्यन उसका बड़ा भाई कम्पलीट करता था जोह उसके लिए अभी भी छोटी से बच्ची थी. मगर आर्यन को जल्दी hi समझना होगी की यह अब बच्ची नहीं है बल्कि पूर्ण अवतार है महारानी विजयलक्ष्मी का जोह सर्व शक्तिशाली है .

कहाँ तोह आर्यन आज अणि को खूब डांटने आया था कहाँ अपनी बेबी डॉल को सुला के hi गुस्सा दूर हो गया , सायद वह कभी अणि पे गुस्सा हो नहीं सकता था .......

मीणा भी जानती थी जायेगा शेर बनकर दहाड़ता हुआ मगर अपनी छोटी भें अणि को देखकर बिलकुल बेफिक्र मस्तमौला हाथी की तरह वापस आएगा .

मीणा, आर्यन की जुड़वाँ भें थी यानि दो जिस्म एक जान पर अणि और बाकी छोटी भेने उसकी बेबी डॉल जैसी सिस्टर थी इशलिये सब आर्यन की लाड़ली थी ,चाहिए माँ बाप की बात इग्नोर कर दे मगर उनका बड़ा भाई उनके लिए प्रोटेक्टर छुम फादर फिगर था बस सब उसको hi प्यार करती थी .

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आर्यन ने कॉल मिलाया की कहाँ हो ? तोह जवाब सुनकर बोलै अभी 5 मं में आया. फिर बिना को कॉल करके अपने रूम में बुलाया तोह 2 मं में बिना आ गयी और दूर लॉक करके एक बिछड़े प्रेमिका की तरफ ुष्पर टूट पड़ी चूमाचाटी करते हुए , किश करने के बाद खुद hi हसने लगी ," आर्यन मुझे न फिर से प्यार हो गया है बस बावली बानी तेरे hi बारे में सोचती रहती हूँ ".

आर्यन ने भी उसको किश करके कहा ," देख आ गया हूँ और तू मेरे साथ hi रहेगी पर यह अणि ने क्या स्यापा किया है यार उसको दांत भी नहीं पाया मगर वह बुरी नहीं है बस चुलबुली है ".

बिना भी अब सीरियस होकर ," देख बुरा मत मान न पर अब गुटबाजी होने लगी है ,एक तरह रति मैडम है दूसरी तरफ अणि मैडम पर एक ग्रुप और है जोह मीणा का सुप्पोर्टर है ...... रति मैडम भी गुस्से में hi रहती हैं और अपनी अणि मैडम तो मस्त मौला हैं सबसे हसी मजाक पर वार सटीक होता है उनका हर बार. मैंने hi तुम्हारे कांटेक्ट उसे करके तीनो को लंदन से बरी करवा के यहाँ इंडिया डिपोर्ट करवाया है पर तेरा चाचा है पूरा हरामी अब बिलकुल इनोसेंट बन रहा है जबकि रैयता उसने hi पेहलाया है".

आर्यन ने बिना की गांड उसकी स्कर्ट्स के ऊपर से मसली बस तेल लगा के अपना पिछवाड़ा त्यार रख जल्दी hi हवा भरूंगा पहले िंह दो हरामजादो को देख लूँ साले मेरे डैडी को भी गन्दी दलदल में दाल रहे हैं ".

आर्यन बिना को समझा के सीधा रति के सुईठे में पहुंचा तोह वहां सारू बैडरूम में बस बीएड पे गम शूम लेती थी , आर्यन को देखकर वह बीएड से किसी 18 साल की लौंडिया की तरह उठकर उसकी तरफ भागकर लिपट गयी तोह आर्यन ने भी उसको गॉड में उठाकर किश करने लगा , दोनों रुक hi नहीं रहे थे जैसे कबके बिछड़े प्रेमी आज मिले हो ......

सारू सुबकते हुए ," ार्यानंन्न पूछह पुछहःछःह...... मुझे दुर्र ले चल यहाँ से में नहीं रह पाऊँगी ...... चुम्म्म्म चुम्म्म्म ...... ुंहःहःहःह ुंहःहःहःहःह ".

आर्यन ने रति के सुईठे का मैं दूर अंदर से पहले बंद कर दिया था और अब बैडरूम का दूर सारू को गॉड में लिए लिए ....... आज वह मंजू माँ वाली गलती नहीं कर सकता था रति और सारू उसको बहोत प्यार करती हो पर एक दुसरे को ऐसे नंगी आर्यन की बाँहों में देखकर बर्दास्त नहीं कर सकती मगर सारू तोह जैसे कुछ सोच के hi बैठी थी उसने अपनी लोटस शील्ड लगा दी तोह आर्यन भी समझ गया की मम्मी को उसका प्यार hi खुश कर सकता है ....... दोनों जल्दी से नंगे होकर चूमाचाटी करते हुए अपनी बेचैनी बयां करवा रहे थे .

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सारू अब गरम होकर झट से आगे बढ़ आर्यन का लुंड पकड़ के उसके टोपी पे किश की और फिर मोह में लेकर चूसने लगी ," सलरपपपपपपप सलरपपपपपपप पुछःह पहुछठ ...... बहोत टेस्टी है मेरा माहि का तोपची ...... पुछःह पहुछठ ".....

आर्यन भी खुश होते हुए सारू के मोह में अपने लुंड की चूसै महसूस कर अपनी दोनों घुटने उसके सर के आजु बाजू में कर अपना लुंड उसके मोह में दाल के उसकी जांघो और पिंडली को मसलते हुए चूमने चूसने लगा 69 पोजीशन में सारू के ऊपर आकर.....

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सारू भी जोरसे से दबा दबा के लुंड चूस चाट रही थी जोह पूरी औकात में खड़ा होकर उसका मोह दुखने लगा ..... अब वह 8 इंच तक मोह के अंदर चूस चाट के अपनी चुदाई के लिए रेडी कर रही थी ...... दोनों बड़ी मुश्किल से एक दुसरे से दुर्र थे अलवर में मीणा के कहने पर अब तोह जैसे कोई रोकने वाला hi न था दोनों को .

खुश सेकंड बाद आर्यन अपना लुंड और ज्यादा अंदर करने लगा उसके मोह में अपनी कमर हिला के सारू के मोह से बस ,''गोआ गोआ गोआ गायआ गऊओऊ गऊओऊ गोऊ गोआ गाए गोआ गाए गाए गोऊ गोऊ गायआ गाए गोऊ गोऊ गोऊ''.......... आवाजें आ रही थी .....

आर्यन ने जब 10 इंच तक मोह में दाल के रुका तोह सारू की आँखों से आंसूं आये गए और नाक फड़फड़ा रही थी..... मोह के किनारे से गालों पे थूक रिष रहा था ......

सारू ने झटपटा के उसके चूतड़ का मॉस नोच डाला ..... आर्यन भी इशारा समझ लुंड बहार खींच लिया , सारू ,"ाः हां है है है हां हां हां हां''....... घेरि सांस लेकर डबडबी आँखों से बोली ,''मुझे मार देना चाहता है क्या इतना बड़ा पूरा नहीं जा सकता मेरे मोह में ?''

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आर्यन ने अपना मोह उसकी जांघो से हटा के कहा ,''नहीं मेरी डार्लिंग मम्मी ,मैं तुझे प्रैक्टिस करा रहा हूँ तुम तोह मेरी डार्लिंग हो तुमसे अच्छा कोई चूस नहीं सकता ".

सारू भी स्माइल देती हुयी उसके गीले लुंड को हिलती उसके ांडों को सेहला रही थी ," मीणा से भी अच्छा ..... हुण्णं ".

आर्यन ने सारू की छूट के लिप्स पे जीभ फिरै ," हाँ मीणा से भी अच्छा चूसती हो "....... सलरपपपपपपप सलरपपपपपपप......... " कितनी टेस्टी छूट है बिलकुल रसमलाई सी चासनी निकलती है "..... पुछःह पहुछठ.....

सारू भी खुश होती हुयी फिर से आर्यन के लुंड मोह में ले चूसने लगी अपनी छूट चतवते हुए ....... " अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह सीईइईसीईई ऐसे hi चूस मेरी छूट "...... सलरपपपपपपप सलरपपपपपपप ....

आर्यन भी 2 ऊँगली उसकी में छूट पेलते हुए क्लीट को चूस के बोलै ," अह्हह्ह्ह्ह सीईइईसीईई अह्हह्ह्ज्जज्ज ऐसे hi मम्मी यू अरे थे बेस्ट ".

सारू मस्ती में चिल्ला पड़ी ," पुछःह पहुछठ अह्ह्ह्हह ारयणणणणणण हरामीईईई कुटैय्यिययी काट मत ...... सीईइईसीईई और जोरसे ऊँगली कर अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह ".

आर्यन ने उसकी छूट पे थूक के साथ तीसरी ऊँगली भी अंदर दाल चिकनी करने लगा और लुंड थोड़ा उसके मोह में ज्यादा अंदर तक दबा के रास्ता बनने लगा अपने लुंड के लिए ......

सारू भी जोश में गर्यी ," दाल के पहाड़ दाल मेरी छूट में अब नहीं रुक सकती अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह siiiiiiiiiiiiii मुह्हह्हह्ह्ह्ह ....."

आर्यन उसकी छूट को थूक से भर के सारू के ऊपर से उतर मिशनरी पोजीशन बना उसकी दोनों टांगो के बिच बैठा और झुकार उसकी छूट पे थूक दिया और अंदर के लिप्स पे रगड़ दिया फिर अपने लुंड भी रगड़ा ...... सारू के चूसने से उसका पूरा लुंड और ाँद भी गीले थे ......सारू के ऊपर झुक के उसके लबों को चूमा और दो तकिया उठा सारू के चूतड़ उठा के निचे लगा दिया ......

आर्यन ने 5-6 बार लुंड का टोपा उसके छूट के चीरे पे ऊपर निचे फेरा , सारू ने अपने मोह पे हाथ लगा अपना थूक ीखता कर अपनी छूट पे माला और थोड़ा सा आर्यन के टोपी और लुंड पकड़ छूट के छेद पे लगा दिया अपनी एक एड़ी आर्यन के चूतड़ पे मारी देती है " जल्दी दाल मेरी यह प्यास भुजा दे "......

आर्यन मुस्करा के उसके ऊपर झुका और लुंड को छूट के छेद पे फिट करके उसके लिप्स चूस के लिप्स को सील कर एक जोरदार झटका मारा तोह उसको 5 इंच मोटा टोपा किसी बॉल की तरह उसकी छूट को चौड़ा कर आधे से ज्यादा अंदर घुस गया ...... सारू की आंखें फटी रह गयी पैर आर्यन ने एक और जोर का झटका मारा तोह टोपा समेत 7 इंच तक छूट को चीरता अंदर घुस गया ......फिर पूरे दो धक्कों में जड़ तक पेल के रुका , सारू भी दर्द सहते हुए पूरा सांड है जब भी अंदर आता है छूट पहाड़ देता है .......

सारू बस,'' mmmmmmmmmmmm........ aaaaaaaaahhhhhhhhhhhh ......... ममममममममम.......... आआआह्ह्ह्ह स्स्स्सस्स्स्स मममममम'............ मममममममम अअअअअअसहहहह आआअह्हह्ह्ह्ह मममममम स्स्स्सस्स्स्स''.........

आर्यन ने लुंड टोपी तक बहार खींचा और बहोत पावरफुल धक्का मारा और एक बार में hi गतच की आवाज करता उसका लुंड छूट फाड़ता हुआ सारू की बच्चेदानी के अंदर घुस गया ..... सारू की आंखें बंद हो गयी मस्ती और दर्द से पर लिप्स पे किश करती आर्यन की पीठ पे हाथ फिरा फिरा के उसको उत्तेजित करती छुड़वाने लगी .

सारू कुछ डिअर बाद किश तोड़कर हलके सा करहरी ," अह्हह्ह्ह्ह सीईइईसीईई अह्ह्ह्हह ारयणणणणणण आराम से बहोत बड़ा है ...... अंदर तक चीयर दिया मुझे ...... सीईईई अह्ह्ह्हह ऐसे hi मेरे लाल..... ऐसे hi ".......

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आर्यन भी अब हलके हलके देखों से उसकी छूट की कुत्ते अपने मुसल लुंड से करने लगा ...... उसके दोनों हाथों ने दोनों चूचियों को मसलते हुए लुंड छूट में पेलते हुए उसके गालों को जीभ से चाटने लगा .....

सारू बिना किसी शर्म हाय के उसकी आँखों में देखकर सिसकी ले रति के बीएड पे छुड़वा रही थी ...... दर्द तोह जैसे गायब hi हो गया था पैर मजए का पारा उसके सरीर में चढ़ने लगा ...... यही बीएड था जब मंजू भी छुड़वाई थी रति के सामने .

आर्यन भी उसको चूमते हुए आधा लुंड तक बहार निकाल के डरा पेलता , सारू की मस्त टाइट छूट भी पानी से गीली हो चिकनाई छोड़ने लगी जिससे लुंड अब आसानी से उसकी छूट के अंदर जाता .....

आर्यन मस्ती में सारू की आँखों में देखकर बोलै ,"आअह्ह्ह्ह आअह्ह्ह्ह हह हाह सच में तू सबसे अच्छी है मेरी रानी मम्मी तू बस मेरी है मेरी सबसे प्यारी लुगाई "...... आर्यन भी नहीं चाहता की उसके डैडी उसकी मम्मी को हाथ भी लगये पर सब सारू के हाथ में था किसको चुनेगी किसके साथ रहेगी या दोनों की बनकर रहेगी ? यह तोह वक़त hi बातयेगा.

अणि ने जल्दी hi दोनों माँ बेटे को सपनो की दुनिया से जमीन पे ला दिया था राज सिंह को इंडिया बुला के . जितनी जल्दी दोनों को मिलवाया उतनी जल्दी hi दूर करने का बीज भी बू दिया इशलिये आर्यन बहोत गुस्सा था अणि से..... लेकिन अभी दो काण्ड और अणि के आर्यन के आगे आने बाकी थे .

आर्यन सारू के मोह में जीभ दाल उसकी जीभ से खेलने लगा ......लुंड के देखों की रफ़्तार तेज़ करते हुए बोलै ,''आठ हह कितनी टाइट तुम्हारी यह छूट है ..... ाः आठ हाह मस्त चिकनी है तेरी "..... पुछःह phuchhhh......room में बस चुदाई की पठाएछ पठाएछ फ़ह्हाछह पहहहहाआछह की आवाजें गूंज रही थी और साथ में एक दुसरे को वीलडली चूमने की ,"ममममममम ममममम मममममम कछ्छछ्म्म्म्म छ्ह्ममममम ममममममम''............

आर्यन के तेज़ धक्कों से सारू के दोनों हाथ उसकी कमर और पीठ पे फिसल रहे थे और टाँगे उसकी झांघो पे कास जाती और ढीली हो जाती बारी बारी .....

सारू भी पूरी मस्ती में उसके लिप्स चूमती सिसाय रही थी :''ममममममममम मममममममम क्छमममम छमममम ममममम''.............. और चुदाई की आवाज उसको और मदहोश कर रही थी ''थप थप थप थप पहच पहच पहच पहच पहच पहच पहच''......

उसने आर्यन की गर्दन पे हाथों का घेरा बना जोरसे से सिसक पड़ी ," अह्हह्ह्ह्ह हम्मम्मम्मम्म siiiiiiiiiiiiii ारयणणणणण जोरसे और तेज़ मेरा निकलने वाला है ....... अह्ह्ह्ह मेरे लाल ऐसे hi जोरसे और तेज़्ज़ज़ ..... में गयी ..... में गईइइइइइइ अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह maaaaaaaaaaa "..... और उसकी छूट जवाब दे गयी वह तेज़ झटके खा के झड़ने लगी ......

सारू थोड़ी निढाल पद गयी पैर आर्यन उसको चूमते हुए बिच बिच उसकी चूची चूसते हुए छोड़ना नहीं रोका 2-3 मिनट्स में सारू फिर गरम गयी ...... फैसला कर चूका था ऐसी मस्त छूट पाकर अब िश छूट पे अपना कब्ज़ा हमेशा बरक़रार रखेगा ......

सारू उसका पूरा चेहरा चाट के जोरसे जोरसे छोड़ने को बोल रही थी ....... अपनी छूट लुंड की तरफ धकेल के ज्यादा जोश से आर्यन के लिप्स चूस रही थी ,"ममममममममम मममममम ममममममममम छमममम चम्म्म्म च्ममममम mmmmmmmmmm''..... जब उसकी सांस उखड़ी तोह किश तोड़ कर घेरि सांस लेकर किसी घोड़ी की तरह hi चुड़ते हुए हिन् हिना रही थी ," आआअह्ह्ह्हह आआअह्ह्ह्हह आआआअह्ह्ह्हह आआआहहहहह मममममममम ममममममम आआआआहहहहह आअह्ह्ह ममममममममम मममममम आआअह्ह्ह्हह'.............. अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह और जोरसे से चूड अपनी मम्मी को और जोरसे अपनी लुगाई की छूट पहाड़ दे "...... आधे घंटे में 5 बार झाड़ चुकी थी सारू पर आज जैसे जोश काम hi नहीं हो रहा था न hi आर्यन को पोजीशन चेंज करने दे रही थी .

आर्यन भी अपनी स्पीड तेज़ कर ," क्या मक्खन छूट है तेरी अब तेरा पति कभी तेरी छूट नहीं सूंघ पायेगा साले की गांड मार दूंगा अगर मेरी मम्मी को छुए भी ..... अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह मेरी रानी तू सिर्फ मेरी है सिर्फ मेरी "...... पुछःह पहुछठ चुम्म्म्म चुम्म्म्म......

सारू भी हसकर ," अह्हह्ह्ह्ह सीईइईसीईई हाँ में सिर्फ तेरी हूँ ..... तू hi मेरा राजे है मेरा माहि मेरा आर्यन और मेरा सीक्रेट पति भी , में फिर से झड़ने वाली हूँ .... हैंण्ण्ण्न मेरिइइइइइइइ माआआआ मररररररररर gayiiiiiiiiii मेरिइइइइइइइ छुट्ट्ट्ट फड़ड़ड़ड़ड़ दियाआआ रे ...... और छोड़ड़ड़ड़ड़ "......

सारू ने एक हाथ से आर्यन की चौड़ी पीठ पे कास लिया और दूसरा उसकी गांड पे ताकि धक्के बहोत घेरे पे महसूस हों और आर्यन के लेफ्ट कान में जीभ दाल चूसी और उसका कान चाटने लगी ," अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह मेरे बालम बहार दे मेरी छूट अपने अमिरित से भर दे ारयणणणणणण .....अह्ह्ह्हह में गयी ".

आर्यन भी जोरसे से 10-12 जोरदार झटका लगा के सारू की छूट में झड़ने लगा पिचकारी मार के ....... अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह ुर्घह्ह्ह्हह्ह्ब ऐसी मजेदार छूट कहीं नहीं होगी दुनिया में ...... हम्मम्मम्मम्म ....... में भी गया ".....

दोनों बुरी तरफ हाफ रहे थे 5 मं बाद नार्मल हुए और फ्रेश होकर फिर से एक दुसरे के बाँहों में डीपली सेन्सुअली किसिंग करने लगे ...... दूसरी बार फिर दोनों को गरम होने टाइम न लगा .....

आर्यन बीएड पे लेता था और सारू उसका खड़ा शकत लुंड अपनी छूट के पानी से गीला करती छेद से लगा निच्चे बैठती चली गयी ...... आर्यन ने भी अबकी बार पहले उसको अपने मैं की करनी दी , वह जानता था की मम्मी का दर्द और गुस्सा उसका लुंड उतर देगा जैसे वह चुदाई करनी चाहिए ......

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10-12 मं में 2 बार तन्न बोलकर सारू ने आर्यन को बागडोर सँभालने की बात कहै तोह बहोत प्यार से हलके हलके डीप स्ट्रोक से उसको 30 मं छोड़ के जब झाड़ा तोह सारू अपने बदन पे आर्यन को लिए कास ली और मैं में फैसला कर लिया ," आज से यह सरीर और आत्मा सिर्फ मेरे बेटे माहि का है राज तुमको मुझे अलग करने की सजा भुगतना पड़ेगी , हाँ में भी तुमको आजाद करती हूँ ".

सारू ने जब विरए की आखिरी बूँद भी अपनी योनि में ले ली तोह आर्यन के बालों में ऊँगली फिरा के बोली ," अब उठ तेरे डैडी मेरा इंतज़ार कर रहे होंगे ?" ......

सारू भी ठान ली थी आर्यन को भी उसकी कदर होनी चाहिए न की सिर्फ उसकी मम्मी है और जिसको लुगाई समझ के कभी भी रगड़ ले , नहीं सारू तेरा गरूर है तेरे दिल की रानी है तेरी पूरी अर्धांगी है यह अहसास मुझे हर दिन हो जब में तेरे बीएड पे नंगी तेरे निच्चे हों .

आर्यन ने चेहरा उठकर सारू की आँखों में देखा तो मुस्करा के बोली," मेरा पति भी है यह भूल गया क्या मुझे उसके पास जाना होगा ?"

आर्यन जितना खुश था सारू की बात सुनकर जैसे दुखी hi हो गया और बात दिल पे लगी वह बस झूटी स्माइल देता अपना लुंड सारू की छूट से ऐसे खींचा पुकककककककक की आवाज आयी ..... जैसे गलती हो गयी हो .

सारू भी आर्यन की मनोदशा समझ रही थी पर अभी सही समय था की चेक तोह करे उष्ण अपना सबकुछ अपने बेटे पे लुटा दिया...... क्या वह सिर्फ पिछले जनम वाले रिश्ते निभा रहा है या बस मेरा hi लगाव है उसके लिए इशलिये मुझे खुसी दे रहा है .

बहोत घुमावदार फैसला था सारू का वह आर्यन का प्यार आजमाने निकली थी पर लंका तोह बाप या बेटे में से किसी एक की लगने वाली hi थी या लग चुकी थी ?

आर्यन बीएड से निच्चे उतर सारू को बिना अपने दर्द के एक्सप्रेशन दिए गॉड में उठा लिया ," चलो पहले नेहला देता हूँ आपको तब अच्छे से स्वर्ण भी जाना ".

10 मं में नाहा धोकर सारू की पूरी बॉडी पहुंच के उसको दो टॉवल में लपेट दिया एक सर पे बालों में और दुसरे बदन पे फिर गॉड में उठा के उसको बीएड पे लिटा के बोलै ," आप कुछ डिअर आराम करो उसके बाद रेडी होना ".

सारू ने सिर्फ कमर पे टॉवल लपेटे अपने बेटे को निहारते हुए कहा," तू मन कर देगा तो में तेरे डैडी के पास नहीं जाउंगी ".

आर्यन मुस्करा के सारू का गाल चूमा झुककर ," उनको आपकी ज्यादा जरुरत है वैसे भी दो गिद्ध साथ hi लाये हैं ".

सारू ने भी आर्यन का हाथ चूमकर कहा ," ी लव यू आर्यन मुझे इतना प्यार देने के लिए ".

आर्यन पलट के अपने कपडे पहनता आँखों के किनारे से आंसूं पहुंच के बोलै," ी ऑलवेज लव यू माँ मुझे सबसे ज्यादा प्यार देने के लिए ".

अगर आर्यन की यह सिथिति किसी भी औरत या लड़की ने फार्महाउस में देखि होती तो भूचाल hi आ जाता मगर सारू की शील्ड ने सब छुपा दिया था पर बेचैनी उसकी प्रेमिका के दिल की भी बढ़ गयी की कुछ अच्छा क्यों नहीं लग रहा है.

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आर्यन अपनी रति माँ के सुईठे से निकला तोह तो बिना बहोत बेचैनी से घूम रही थी , उसको देखते hi बोली ," आर्यन प्रॉब्लम हो गयी है तेरे डैडी और चाचाजी को गीता मैडम ने बहोत जलील किया और मौसाजी को सबके सामने मारा ....... "

आर्यन भी भोंचका रह गया ," मुझे फ़ोन करती , ऐसा कैसे हो गया ?"

बिना सर झुका के ," तेरा और सारू मैडम का फ़ोन आउट ऑफ़ रीच आ रहा था उधर रति मैडम टेंशन में है बस महारानी मिरदुला और राजकुमारी दीप्ति को नहीं पता चला दोनों को विप सुईठे में ठराया है ".

आर्यन कुछ सोचकर ," अभी सब कहाँ हैं ?"...... बिना ने कहा," सब डॉ अंजू मैडम के सुईठे में हैं जल्दी चल ".

आर्यन जब बिना के साथ एंटर किया तोह रति अपने सर पे हाथ रखे बैठी थी चेयर पे टेबल से तक लगये और डॉ अंजू उसको कुछ समझा रही थी वहीँ एक साइड सोफे पे गीता और मीणा बैठे थे बाकी कोई नहीं था .

आर्यन को देखकर गीता जोह मुरझाई हुयी सी बैठी थी वह एक डैम खड़े होकर आर्यन के तरफ आकर उसके गले लग गयी और डरते हुए बोली ," तू मुझे छोड़कर तोह नहीं जायेगा न , प्लीज माफ़ कर दे गलती हो गयी ".

आर्यन को देखकर रति और डॉ अंजू भी कड़ी हो गयी और मीणा भी अब मुस्करा दी चलो आ तोह गया ......

आर्यन ने गीता को पीछे करके उसका चेहरा अपने दोनों हाथो पे पकड़ के माथा चूमा ," सही किया तू ने पीट दिया नहीं तोह में जान से मार देता ुष भड़वे देवेंद्र सिंह को , मर्डर तोह नहीं जायेगा न ".

गीता भी सबकुछ भूल के गदगद होती आर्यन पे चललाह लगा दी और बिना किसी की पर्व किया उसको किश करने लगी ........ डॉ अंजू के चेहरे पे स्माइल थी तोह मीणा और बिना के भी पर रति फिर से टेंशन में थी क्या करूँ िश लड़की का इतना गुस्सा भरा रहता है िश्मे और यह आर्यन इश्को डांटे के बाजए सेह देता है ?

किश करते हुए गीता किसी जूक की तरह चिपकी थी आर्यन से उसकी कमर पे टांगें और कंधे पे बाहिएँ लपेटे हुए ........ तभी मीणा की हसने की आवाज आयी तोह बिना भी मुस्करती बहार चली गयी और डॉ अंजू ने अपनी बड़ी भें की तरफ हस्ते देखा की अब यह गुस्से में आ गयी है .

किश तोड़कर गीता बोली ," अह्हह्ह्ह्ह ारयणणणणणण मुझे प्यार कर न चल अपने रूम में ले चल ...... अब रुका नहीं जा रहा "...... गीता को बस यह hi नहीं पता होता था की वह कहाँ क्या बात बोल रही बस उसको प्यार है तोह है करना है तोह करना है .

रति ने पास आकर उसकी कमर पे मारा," उतर निचे और तू आर्यन यह चंडी देवी पागल है और तू इश्को सेह दे कर सब रिश्तेदारी खराब करवा देगा अब तोह मेरा बोलना भी बेकार है "..... और मुड़कर फिर से चेयर पे सर पे हाथ रखकर बेथ गयी.

डॉ अंजू भी अब मीणा के पास जाकर सोफे पे बैठकर उसके कान में बोली," अब आगे क्या?"

मीणा फुसफुसा के ," अब माँ भी वही करेगी जोह बेटी ने किया , दोनों के साथ आर्यन हो तोह डरते कहाँ हैं बस हक़ लेते है अपना ुष पे ".

आर्यन आगे बढ़कर गीता को टेबल पे बैठा के उसका गाल चूम के आँख मारा फिर घुटने के बल बैठकर रति के दोनों हाथ पकड़ के उसका पूरा चेहरा चूमने लगा ," मेरी प्यारी माँ ..... पूछह पुछःह ..... ी लव यू माँ ..... तुझे बोलै न गुस्सा मत किया कर..... तू जोह बोलेगी वही होगा ....... पुछःह पुछठ ...... "

रति भी अपने को रोक नहीं पायी और आर्यन को गले लगा के शिकायत करती चूमने लगी ," तू मुझे हमेशा मन लेता है , पुछठ पुछःह मेरा लाल ..... बस िश पागल लड़की को बोल दे अपना गुस्सा कण्ट्रोल में रखा करे ....... पुछःह पुछठ ...... ी लव यू तू मेरा Mahiiiiiiiiii "......

डॉ अंजू भी आंखें फाड़े मीणा को देख रही थी तब मीणा ने उनके कान में कहा ," यह दोनों माँ बेटी एक साथ आर्यन को प्यार करेंगी जल्दी hi शरत लगा लो ".

डॉ अंजू हैरानी से एक्सप्रेशन दी ," no वे ........ चांस hi नहीं "..... पर मीणा मुंडी हिलती रहे ..... हाँ में .

आर्यन ," मीणा कुछ खाने को मगवा बिना से और कोई डिसट्रब न करे ".

डॉ अंजू ," आर्यन तुझे पता है िश गीता ने तेरे डैडी के साथ तेरे चाचाजी और मौसाजी को बेइज्जत करके फिर देवेंद्र सिंह को पीटकर फार्महाउस से निकाल दिया ".

आर्यन भी हसकर गीता का गाल चूमा," don't वोर्री मम्मीजी वह ज्यादा दुर्र नहीं गए होंगे थोड़ी डिअर में उठवा के बुला लूंगा आप बेफिक्र रहो ".

गीता जोर जोरसे धाड़ मार के हसने लगी , अभी आर्यन की एक जांघ पे गीता और दूसरी पे रति बैठी थी और वह भी मुस्कारने लगी....

डॉ अंजू चिढ़कर ," चल मीणा हम चलते हैं िंह तीनो माँ बेटे को लिए जैसे हम कुछ है hi नहीं ".

मीणा भी हसकर ," आये मम्मीजी आप भी खूब ड्रामा करती हो आप तोह डैडी जी को भी पिटवा देती सिर्फ गरिमा की वजह से ".

अब तोह सब हसने लगे ," रति मैडम आप सबके लिए रिफ्रेशमेंट "..... यह बिना थी जोह सबके लिए खाने पीने का खुद लायी थी जैसे पता हो .

आर्यन कुटिल स्माइल देते हुए ," कहाँ तक ुढे कबूतर बिना ?"

बिना हसकर ," बस होटल में रुकवा दिया है ".......

गीता चिढ़कर ," भगा सालो को यहाँ से कुत्ते की दम है मेरी तीनो दीदी की लाइफ ख़राब कर दी ".

आर्यन कुछ सीरियसली बोलै ," चंदा रानी एक बात जान ले हर कोई औरत तेरी तरह नहीं होती झाँसी की रानी , वह तेरी तीनो दीदी के पति हैं फिर अगर उनके आपस के रिश्ते में कुछ सही गलत है वह सुलजः लेंगे या न सुलझाए हम कोण होते हैं टोकने वाले ...... सायद मुझसे भी गलती हुयी है की मुझे बिच में नहीं पड़ना चाहिए था आखिर पति कैसा भी हो बीवी अपने मंगलसुतृ पहनकर अपना प्यार तोह पर्दिष्ट करती hi है , फिर तेरी तीनो दीदी अपने मंगलसुतृ की रक्षा खुद करेंगी तो बेटर होगा ".

गीता को छोड़कर बाकी तीनो को भी अंदाज़ा हुआ की आर्यन कुछ छुपा रहा है पर मीणा समझ गयी कुछ तोह सारू मम्मी और आर्यन के बिच बात हुयी है ...... मगर अभी समय ठीक नहीं था बात करने का ......

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आर्यन का गाओं ......

गाओं में नवाब ने बोलै अंदर हवेली में जाकर सीमा को ," बेटी अभी थोड़ी डिअर पहले तेरे आर्यन भैया का फ़ोन आया था हम सबको दिल्ली बुलाया है जा अपनी माँ को बोल त्यार हो जाये हम आधे घंटे में निकल रहे हैं आज राजकुमारी दीप्ति भी उसके साथ पहुंची है अपनी माँ के साथ पूरा दिल्ली सहर होगा वहां अच्छे से त्यार हो जाओ और हाँ 3-4 दिन रुकने का मैं हो तोह वहीँ रुक जाना पैकिंग भी कर लो ".

रसोई में काम करती दिल्ली जाने के बात सुनकर अपने पति के मोह से सुनकर जग्गू की भी छूट पिण्या गयी थी आर्यन अलवर से वापस आते hi उसको बुलवाया लिया ...... वहीँ दोनों भेने Seema-Reena तोह हिरणी की तरह उछाल कूदने लगी भाई के पास जा रहे हैं.

नवाब सिंह ने बैठक में जाकर मुंशी को सारा काम समझया और भीमा को कॉल लगया की दिल्ली कब निकल रहा है पर वह तोह अभी कुलदीप की माँ की छूट छोड़कर सुस्ता रहा था , सही माल भूड़ापे में दी थी आर्यन ने ऊपर से सेहर की औरत बहोत साफ़ सफाई वाली थी , वही हाल नवाब सिंह का था हर तीसरी दिन दाढ़ी hi नहीं बगल और निच्चे की झांट साफ़ रखता था. कुलदीप की भें से गुपचुप शादी करके बहोत खुश था , सही औरत मिली थी उसको अब न कोई रंडी का चक्कर था न जग्गू से कोई सिखवा .

अपनी दोनों बेटियों को भी प्रोत्साहित करता और खुश रहता था, आर्यन ने उसकी जिंदगी सवार दी थी बस वह नयी सीक्रेट बीवी को सेहर जाकर hi छोड़ पता था चाहे दिन में 2 बार जाना पड़े मगर यह ाचा मौका था दोनों बेटी और जग्गू को एक हफ्ते दिल्ली छोड़ ायूँगा और नयी बीवी के साथ हवेली में ग्रह प्रवेश करा के एक हफ्ते हनीमून मानूंगा .

भीमा ने बतया की उसको कोई फ़ोन नहीं आया आर्यन का वह गाओं की हवेली की जिम्मेदारी छोड़कर नहीं जायेगा ...... नवाब सिंह भड़क गया ," अबे तू मेरा यार है या दुश्मन , देख भाभीजी को भी साथ ले ले और उसको भी दिल्ली छोड़ देना फिर कोण रोकेगा"...... और अपनी प्लानिंग बताई तोह भीमा भी सोचा नवाब सिंह सही कह रहा है ......

नवाब सिंह ने भीमा से बात करके आर्यन को फ़ोन न मिलकर बिना को फ़ोन मिला दिया की भीमा काका भी उसके साथ आ रहे हैं तब बिना ने कुछ सोचते हुए कहा फिर ऐसा करना आप उनको पार्टी में मत लाना मगर यहाँ से 2 कम की दुरी पे दूसरा फार्महाउस है वहां रुकवा देना , बात यह है ताऊजी की पॉलिटिशंस से लेकर बिजनेसमैन और विप लोग आएंगे भीमा काका का आना गलत इमेज डालेगा रति मैडम और आर्यन की .

नवाब भी समझ गया की बिना , रति की सेक्रेटरी , भी ठीक कह रही है वहां वाइट कर वालों में ससुरा हम दोनों गाओं वालों का क्या काम पर ठीक है मुझे तो हज़ारी लगनी पड़ेगी फिर खुश सोचकर बोलै ," क्या हम उन्दोनो ( कुलदीप की माँ और भें ) को भी ला सकते हैं , तू समझ रही है न बेटी ".

बिना भी हसकर ," बिलकुल ताऊजी , मगर दूसरी कार में पूरी सिक्योरिटी के साथ आप आओगे , हथियार लाइसेंस वाले hi रखना अगर चाहो तोह नए शिकार भी यहाँ अर्रंगे करवा दूंगी ".

नवाब सिंह को वह सन याद आ गया जब चौदर्य माधव सिंह के फार्महाउस पे बिना की चूची अपनी गॉड में बिठा के आर्यन पेग पीते उसके और भीमा के सामने सेहला रहा था शर्ट के ऊपर से , उसका रंडियों के लिए इशारा समझ के नवाब सिंह भी झेप गया ," नहीं बेटी हम दोनों बस उनके साथ hi खुश हैं अब कोई गलत काम नहीं करेंगे ".

बिना भी हसकर ," रिलैक्स ताऊजी , मुझे पता है मेरी नज़र रहती है उन्ह दोनों पे आप बेफिक्र रहिये मगर समय से आ जाओ ".

नवाब सिंह ने जब भीमा को कॉल सब बात बताई तोह वह भी खुश हो गया दोनों अपने अपने गाओं से निकल रिश्ते में मिलकर दिल्ली पहुंचने का प्रोग्राम बना लिया और एक कार में अपनी नयी नयी लुगाइओं को कुछ गार्ड्स के साथ दिल्ली के लिए रवाना कर दिए .

भीमा ने अपनी छोटी बेटी सरला को कॉल मिलाया और दिल्ली में पार्टी का बतया तोह सरला ने बतया की वह निकल चुकी है अपने पति रमेश के साथ और अभी गाओं में किसी को कुछ न बताये क्योंकि जल्दी hi राजकुमारी दीप्ति गाओं की हवेली आएँगी तब सबको मिलवाया जायेगा .

उधर राजवीर सिंह , आर्यन के नानजी आने को त्यार न थे पर जब आर्यन ने कहा अणि आज रात तोक्या , जापान जा रही है तोह जाहत से मान गए उनकी लाड़ली नातिन थी उसके लिए तोह नरक भी चले जाए राजवीर सिंह .

आशुतोष सिंह , बड़े मामाजी को राजवीर ने बोलै तोह बेमानन से त्यार हो गया पर उसको भी पता था उसका न जाना उसके भविष्य के लिए बुरा था ...... फिर अपनी बीवी बच्चों को भी देख लेगा .

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वीरा ( छोटी बुआ) का गाओं........

लेकिन जहाँ सब जगह इनविटेशन सुबह hi दिया जा चूका था वहीँ वीरा , आर्यन की छोटी बुआ ,ने अपनी तीसरी बेटी सरोज को 2 दिन पहले मार मार के रेल बना दी थी ...... हुए यह की उसने सरोज को आर्यन की सिक्योरिटी अफसर सिक्योरिटी वाले इंस्पेक्टर राजपूत के साथ चूमा छाती करते दोनों को अपने खेत में पकड़ लिया.

वीरा का पारा hi चढ़ गया बेटी को तोह बाद में पीती पहले जुटती निकल के ुष इंस्पेक्टर राजपूत को मारी , बेचारा शर्म से हाथ जोड़कर माफ़ी मांगता सरोज के लिए अपने प्यार का वास्ता देकर मार खाता रहा .

वीरा ने धमकी दे दी ," अगर आज के बाद नज़र आया तोह मेरा बीटा आर्यन तेरी साड़ी नेसल ख़तम कर देगा "...... फिर अपनी बेटी का हाथ पकड़ के बड़े प्यार से घर लायी और जोह लेथ से कमरे में बंद करके उसकी धुनाई की पूरा सरीर सुजा दिया मार मार के और कमरे में बंद कर दी जिससे किसको न पता चला ......

अपने पति जैचन्देर को बताई तोह उसको भी गुस्सा आया बेटी की करतूत सुनकर पर कुछ सोचकर उसने कहा बिचारि जवानी में hi विधवा हो गयी है अगर ब्याह करे दे तोह के बुराई है ...... सरोज की सास भी जोह वही रहती थी उसने बतया उसको पता है उसने hi हामी भरी थी तभी वह उससे मिलने गयी थी .

वीरा बहोत साफ़ नियम कानून वाली थी जाती बिरदारी राग राग में बस्ती थी पर उसके बेटे आर्यन के लिए कोई नियम नहीं पर बाकी सबके लिए रहेगा ......

इंस्प राजपूत ने जाकर अपने सीनियर सप विक्रम सिंह को सब कहानी कह सुनाई की सीने पे गोली खा लेगा पर आर्यन की भें सरोज से सच्चा प्यार करता है ....... एक बार को सप विक्रम सिंह की भी गांड पहात गयी िश बेवकूफ को कोई और लड़की नहीं मिली , ड्यूटी पे आर्यन की भें hi पता लिया ...... इश्के पूरा वंश उजाड़ देगी रति देवी , पर एक ाश उसको आर्यन से भी थी की वह समजाहदार है फिर खुद भी तोह एक अन्तर्जाती विवाह गीता से कर रहा है पर उसका तर्क hi उसको हरा रहा था वह पैसे और पावर वाला है और कहाँ यह मामूली सिक्योरिटी अफसर इंस्पेक्टर.

इधर दोनों बुआ के गाओं के घर से गाड़ियां निकली दिल्ली के लिए और वीरा भी अपनी िश बेटी सरोज को साथ ले ली , इश्कि करतूतें रति देवी को बताने की ठान ली साथ ले जाते हुए इश्से पहले बात आगे बिगड़ जाये ......

वहीँ सप विक्रम के साथ आज िग शभ भी अपनी अपनी फॅमिली के साथ दिल्ली जा रहे थे पार्टी में ...... पता नहीं कुछ सोचकर इंस्प राजपूत को भी साथ ले लिया सप विक्रम ने .

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8 पं .......

आज फार्महाउस को एक महल की तरह सज्य गया था ...... पूरा एरिया के 5 कम रेडियस में चप्पे चप्पे पे सिक्योरिटी अफसर थी ...... आर्यन की सिक्योरिटी पैरेलल काम कर रही थी .......

आर्यन त्यार होकर रति और डॉ अंजू के साथ सबका स्वागत कर hi रहा था तभी सप विक्रम की फॅमिली और इंस्प राजपूत भी पहुंचे , बड़े गरम जोशी से सबका सवागत किया तोह सप विक्रम ने आर्यन ने बस # मं अकेले में प्राइवेट बात करने को कहा ......

आर्यन भी उनको सीरियस देखकर कैसे मन करता उनका बहोत रेस्पेक्ट करता था और एक तरफ गार्डन में सप ने राजपूत और उसकी बड़ी भें सरोज का किस्सा बता दिया फिर उसकी वीरा मम्मी ने कैसे मारा है दोनों को यह भी .....

आर्यन भी गुस्से में राजपूत का कालर पकड़ा hi था तभी पीछे से वीरा की आवाज आयी ," जान से मार दे आर्यन िंह दोनों को...... मैंने ऐसी कुलटा को जनम दिया यहाँ मार के गाड़ दे हमारे खानदान पे कालिख पूत दी इसी कलंकनी ने ".

आर्यन ने पलट के देखा तोह उसकी वीरा मम्मी ने उसकी बड़ी भें सरोज दीदी को घास में धक्का दिया और जुटती निकाल के एक hi कंधे में मार पायी थी की आर्यन ने लपक के झट से अपनी मम्मी की कलाई पकड़ ली और जुटती दूर फ़ेंक के बोलै ," तू पागल हो गयी है क्या मम्मी , मेरी दीदी को क्यों मार रही है....... पक्का यह हरामजादा भड़काया होगा इश्को "...... और वीरा को गले लगा लिया फिर उसका माथा चूमकर उसके आंसूं पहुंचा," तू टेंशन मत ले इश्को यहीं मार के गाड़ दूंगा , और यह सप अंकल भी कुछ नहीं बोलेंगे क्यों अंकल ?" ....... और उनको आँख मार दिया.

सप विक्रम भी खूब जोरसे गुस्से से नाटक करते हुए आर्यन का इशारा समझ गए थे ," मार दे बीटा इसके जैसे दगाबाज़ 10 ऑफिसर्स भी कुर्बान जोह ड्यूटी करते हुए किसी की भें बेटियों पे नज़र रखे ".

दोनों प्रेमी रू रहे थे दुनिया और समाज उनके प्यार को गाली देकर इज्जत तार तार कर रहा था , जाती धरम भी हमेशा एक गलत चोला ुधा देते हैं ऐसे सच्चे प्यार को .

इंस्प राजपूत जमीन में लिअत आर्यन के प्यार पकड़ लिया रोटी हुए ," आर्यन सर आपका नमक खाया है गर्दन काट दो उफ़ नहीं करूँगा , आपकी बेहेन गंगा की तरह पवित्र है बस मुझसे गलती हुयी पहली बार प्यार कर बैठा ...... उसको माफ़ कार्डो जोह सजा देनी है मुझे दो "...... और रूट हुए गिड़गिड़ा रहा था .....

आर्यन ," कमीने में कैसे मान लूँ तेरा प्यार सच्चा है , सप अंकल पहले इश्से अपने जूते चटवा लो कहीं आपका डिपार्टमेंट भी न बेच खाया हो ".

सप विक्रम भी गुस्से से एक लात उसके पेट में मारे ," हरामखोर , अपनी जीभ से मेरा जूता साफ़ कर तभी सरोज जिन्दा बचेगी नहीं तोह दोनों को यहीं गाड़ देंगे ".

उधर आर्यन अपनी बड़ी दीदी सरोज को उठा लिया और गले लगा के बोलै," चुप हो जा मेरी भें , सच्च बोल यह लड़का तुझे पसंद है तुझे मेरी कसम ".

बस अपने एकलौते भाई की बाँहों में बस रूट हुए गर्दन हिला दी , फिर आर्यन पलट के बोलै ," सप शभ अपने मुर्गे को सम्भालो अगर मेरी दीदी की आँख में आसूं भी आये तोह चीयर पहाड़ दूंगा यह समझा देना , चल मम्मी पहले नहीं बता सकती थी ". आर्यन उनको अंदर ले गया ......

वीरा को अभी भी समझ में आया पर सरोज समझ गयी उसकी गॉड में छड़ी हुयी सुबकते हुए की उसका भाई उसके साथ है ..... वीरा ," तू उसको मरेगा या में मरुँ?"

आर्यन चलते हुए वीरा को अपने से लगा लिया ," वह अपना जमाई बनेगा अच्छा लड़का है ..... है है है है ..... आदमी hi कह ले 30 साल उम्र हो रही है उसकी एक लड़की भी टच नहीं की आज तक , सरोज दीदी को खुश रखेगा और कोनसी बिरदारी की बात करेगी तू , आज जुटती उठा दी मेरी प्यारी दीदी पे माफ़ करता हूँ वार्ना आगे तू मेरी मम्मी नहीं में तेरा बीटा नहीं ...... मेरी कोई भी भें गलती करे जुटते मुझे मारो नहीं तोह तू भी जानती एक मीणा के लिए सिर्फ कुछ लोग मारे थे अपनी किसी भी भें के आंसूं के लिए दुनिया hi उजाड़ के रख दूंगा" .

आर्यन की गॉड में सरोज को देखकर सब हैरान थे वहीँ बूथ की तरह वीरा को आते देखा ...... आर्यन उसको किचन में ले जाकर एक स्लैप पे बिठा के खुद अपने हाथो से पहले पानी पिलाया फिर उसको प्लेट में डालकर खाना खिलाया , सच्च में खाते खाते आंसूं भी आते वह पहुंच के खिला देता .

सरोज रूट हुए ," भाई मैंने बोलै था की तुझे बताने दे पर उसने रोक दिया ".

आर्यन हसकर ," वैसे अच्छा आदमी है पर है थोड़ा फत्तू , अपनी ऊँगली पे नाचने.... . मुझे पता था की तू भी पसंद करती है बस इतना कुछ हो गया की मम्मी ने भी पकड़ लिया ...... "

सरोज खाना खाते सहम गयी तोह आर्यन की पीठ पे धप्प पड़ा ," अपनी भें की याद है अपनी मम्मी को भूल गया , बचपन में तुझे पढ़ी बिठा के पूरा गाओं घूमती थी मेरी तोह कोई इज्जत hi नहीं रही एहि दिन देखना था अपनी hi लड़की गिअर बिरदारी में ब्याह दी जाये "...... और रोने लगी .

आर्यन ने वीरा को भी ुशी स्लैप पे बिठा के आंसूं पहुंच के कहा," जाती बिरदारी में देख लूंगा बस तू मेरी मम्मी है तोह यह भी मेरी भें है ...... चीन लूँ इश्के सपने, भविष्य सिर्फ तेरे ख़ुशी लिए ऐसा पाप मत करवा अब मुझसे ..... क्या कमी है ुष राजपूत में, तू भी तोह थी जब सिक्योरिटी अफसर स्टेशन में ुष सप को तू थप्पड़ मारी थी यह राजपूत hi था सबको धमकी दिया की टच का सोचा भी तो काट दूंगा ...... फिर दीदी को प्यार करने वाला दुबारा मिला है इनकी सास खुद चाहती है की उससे शादी कर ले वह सास होकर बेटी मान ली और इश्कि नयी जिंदगी सोच सकती तू माँ होकर भी नहीं ..... "

बस बिफर के सरोज के गले लग गयी वीरा और आर्यन ने दोनों को हुग करके खूब चूमा और बोलै ," बस ुष बेवकूफ को मत बताना , साले के खूब मजे लेंगे".

सरोज शर्मा के ," भाई अब साला तू है ".....

आर्यन जोरसे बोलै ," क्यों बोलै? क्यों बोलै? आज तक किस्मे हिम्मत है की मुझे साला बोले क्यों मम्मी ?"..... है है है है .....

वीरा ने आर्यन का गाल चूमा ," वह सब ठीक है पर गाओं में क्या मोह दिखूंगी ?"

आर्यन कुछ सोचकर ," सरोज दीदी की शादी गीता करेगी महापंचयत में बस तू आशीर्वाद देने के लिए त्यार रह कन्यादान खुद इश्कि सास कर देगी "...... सायद यह आर्यन का दूरगामी प्रचार था की विधवा लड़की भी पूरे सामन के साथ विवाह कर सकती है सब रीति रिवाज के साथ .

बिना ने किचन आकर आर्यन के कान में कुछ कहा तोह दोनों को बाद में मिलने का बोलकर, बहार की तरफ लपका .....

वीरा ," बिना कोण आया जोह आर्यन ऐसे भगा ".

बिना मुस्करा के ," आर्यन सर के गुरु आये हैं फिर कैसे रुकते यहाँ ".

वीरा भी बड़बड़ाती हुयी ," ऐसा कोनसा गुरु आ गया जोह बात hi अधूरी छोड़कर के चला गया ".

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दोस्तों अब स्टोरी आर्यन की फॅमिली के इर्दगिर्द hi घूमेगी और चरक्टेर्स उनका का hi जीकर होगा जोह प्रेजेंट में इम्पोर्टेन्ट है .

आज का अपडेट पढ़कर कमेंट करके बताये क्या आर्यन वैसे hi वापस लौटा है या कुछ रह गया अलवर में ........ यानी यह पुराने अपडेट जैसा था या कुछ कमी है .

स्टे हेअल्थी , बे सेफ एंड टेक केयर ऑफ़ योर फॅमिली . थैंक यू.
 
नेक्स्ट अपडेट आज पोस्ट कर दूंगा ....

कीप रीडिंग एंड पोस्टिंग योर व्यूज एंड कमैंट्स ों थे स्टोरी.

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अपडेट 36

Part - 2

संजय सिंह और देवेंदर सिंह का एक hi रूम था तब संजय ने कहा ," आप ने देखा भाई शैब में िश राजकुमारी दीप्ति की बात में कर रहा था पर यह उसकी माँ अचानक जिन्दा कैसे हो गयी ".

देवेंद्र सिंह ," तुझे पता है में अभी तक पचता रहा हूँ तेरा साथ में लंदन गया hi क्यों ? तुझे राज भेषभ का लगता है वह आर्यन या किसी के भी खिलाफ तेरा साथ देंगे भूल जा सिक्योरिटी अफसर वाला हूँ वह है नहीं ुष टाइप के , तू भी उनके जैसा है हंसकाल जैसे भी लगते हो पर एक चीज़ का फरक है वह नेचुरल हैं और तू कमीना लगता है ".

संजय हस्ते हुए ," हाँ आपकी तरह हर जगह लार नहीं टपकाई जबकि आर्यन तो हम से भी दो कदम आगे है देखा ुष छोटी बच्ची महिमा को कोई साख है आपको ".

देवेंद्र सिंह भी खो गया ुष लम्हे में ," सच्च में बिलकुल छोटा माहि लगती है शामे तो शामे मेरी तोह आँख भी भर आयी थी उसको देखकर लेकिन निर्मला भाभीजी के विषय में तेरी बात में कभी मानने को त्यार नहीं हूँ तू बहोत बड़ी गलती कर रहा है संजय ..... सारू दीदी और निर्मला दीदी बिलकुल गंगा जउँना जैसी पवित्र हैं , मंजू के साथ मैंने जुल्म किये हैं मानता हूँ वह सहारा ढून्ढ भी ली होगी ....... और तू आर्यन के लिए इतनी बातें बता के लाया पर कोई और होता पक्का जुटते से मरता ".

संजय हस्ते हुए ," डॉ सलोनी को देखा अभी भी गडरारी हुयी लगती है , पता नहीं मुझ में क्या कमी है मेरा अपने भाई से बड़ा लुंड है ..... में तोह शादी भी करने को त्यार था पता नहीं कहाँ से मेरे बापू ( हरी सिंह ) को वह बिर्गेडेर की बेटी निर्मला पसंद की ".

देवेंद्र सिंह ," मेरी मान यहाँ से निकल , ुक से बड़ी मुश्किल से निकले हैं राज भाई की वजह से ..... साला मुझे आज तक नहीं पता था अणि बेतिया अनीसा कंपनी की मालकिन है वार्ना नौकरी तोह चली गयी थी इज्जत के साथ ".

संजय सिंह ," मुझे पक्का लगता है निर्मला भाग गयी होगी ुष खड़ूस अपने बाप आर्मी बिरगेदर के पास प्रभा भी नहीं दिखी ...... वैसे ुष चंडी देवी की हंसकाल राजकुमारी की माँ मुझे आसान टारगेट लग रही है क्या बोलतो hi शिकार किया जाए ".

देवेंद्र सिंह का सच्च में दम घुट रहा था यहाँ और सबसे बड़ा डर ुषको आर्यन का था, नेहा को अंदजा नहीं हुआ होगा पर उसके खबरि हर जगह पहले हैं फिर अब आर्यन उससे शादी के लिए रेडी भी हो गया है .

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आर्यन के सामने मर मालिक और उनकी पत्नी खड़े थे , सबसे पहले अपनी रिश्ते की नानी के प्यार छुए तोह उन्होंने गले लगा के उसका माथा चूम के बोली," भूल hi गया न अपनी भूदि नानी को , अमेरिका से आकर एक बार भी मिलने नहीं आया ".

आर्यन उनके दोनों हाथ पकड़ के अपने गले लगा के बोलै ," माफ़ कर दे नानी जबसे आया बस उलझा रहा अब यहीं हूँ दिल्ली में डेली मॉर्निंग टिया आपके साथ".

मर मालिक ," आये भाई हमारी तोह कोई कदर hi नहीं बेकार hi आया ?"

आर्यन उनकी तरफ देखकर ," क्यों हो आप में आपको नहीं जानता , चलो नानी आपको सबसे मिलवाता हूँ , आज आप पहले से ज्यादा हॉट लग रही हो "......

अपर्णा चौदर्य , आगे 52 यरस , मर मालिक की वाइफ जोह रति की भाभी लगती थी सच में खुसी खुसी मालिक को तहेंगा दिखा के चली गयी ...... रति के साथ डॉ अंजू भी हसने लगी मालिक की ओरे देखकर जोह सीरियस होकर बोलै ," इशलिये नहीं आ रहा था में यहाँ , देखा बीवी ( रति को गाओं की भासा में बड़ी भें बोलै ) कैसे ले उदा मेरी लुगाई ने ".

(मर मालिक , इंटेलिजेंस चीफ ...... रतिदेवी के ममेरा भाई है . आर्यन इनको अपना गुरु मानता है और अणि भी . लेकिन अणि को देखकर hi इनकी गांड पहात जाती है . )

डॉ अंजू ," क्या भैया तुम भी माँ बेटे के बिच ना hi पदों एहि हाल दीदी ( रति) का भी है ...... आपसे मिलकर अच्छा लगा, चलो देखें क्या गुल खिला रहे दोनों नानी- नाती ".

रति भी हसने लगी तोह मालिक भी हस्ते हुए ," लास्ट स्टेज है पर आज अलग hi रौनक है अपर्णा के चेहरे पे सच्च में अपनी ख़ुशी नहीं बता सकता ".

डॉ अंजू ने एक हाथ और दूसरा रति ने पकड़ के दिलासा दिया ," आर्यन को बता दो वह उसको ठीक कर देगा ".....

रति ," देख छोटे तू अणि या मीणा से बात कर दोनों कुछ स्पेशल ट्रीटमेंट कर पाएंगी मुझे लगता है ".

मर मालिक ," कैंसर की लाइलाज फाइनल स्टेज पे है आज भी आर्यन की कसम देकर लाया हूँ वह hi कुछ करेगा जबसे महारानी मिरदुला के जिन्दा होने की खबर सुनी है"

आसूं hi आ गए िश भारत देश की सबसे बड़े सीक्रेट एजेंसी की चीफ की आँख में , आखिर है तोह इंसान hi और बीमारी ला इलाज ...... डॉ अंजू ने उनको सौतन देते हुए कहा ," भैया, में सिर्फ एक महीने की मेहमान थी पर आर्यन ने आकर मुझे ठीक किया जोह मेडिकल साइंस नहीं कर सकीय, वह पहचान जायेगा मुझे सही सलामत देखकर hi विश्वास कर लो".

तभी एक बड़े ***** सेंट्रल मिनिस्टर उनकी तरफ आये फिर मिलने की फॉर्मलिटीज हुयी और सब बिजी हो गए ...... यह विप सेक्शन था 4तह फ्लोर पे , सिर्फ गिने चुने लोग hi यहाँ गाथेरेद थे ......

आर्यन और गीता के साथ राज सिंह और सारू , रति देवी के साथ डॉ अंजू के अल्वा सिर्फ मैं मेहमान महारानी मिरदुला और राजकुमारी दीप्ति hi थे जिनको सबसे मिलवा जा रहा था पर पार्टी की रौनक तोह मिस अनीता सिंह (अणि) थी अनीसा कंपनी की मालकिन और आर्यन की छोटी सिस्टर .

अणि के साथ उसकी अँगरेज़ सेक्रेटरी और 2 अँगरेज़ बॉडीगार्ड मुस्तैदी से सब ओरे निगाह डालते अपनी मैडम को प्रोटेक्ट करते सबसे मिलने दे रहे थे ...... वाह रे सिस्टम इवन मिनिस्टर्स का भी सिर्फ प् यहाँ अल्लोवेद था पर अंग्रेज़ों के सामने बिसात hi क्या हमेशा रॉयल विप होते हैं फिर अणि के पास ब्रिटिश सिटीजनशिप भी थी .

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अनीता सिंह ( अणि )

राज सिंह को अणि की वजह से वापस होटल से पार्टी में आना hi पड़ा और अब फुल्ली सुइटेड बूइटेड सारू की कमर में हाथ डाले सबसे मिल भी रहा था मेहमान नावजी करते हुए ........ सारू ने एक डार्क ब्लू गाउन और राज सिंह ने डार्क नेवी ब्लू टुक्सेडो. परफेक्ट कपल सबकी निगाह दोनों पे थी और आर्यन - अनीता को देखकर लगता सच्च में माँ बाप इतनी सूंदर हैं तोह दोनों बच्चे कैसे उनसे काम होंगे. जहाँ आर्यन डबल हैंडसम था राज से वहीँ अनीता डबल ब्यूटीफुल थी सारू से .

रतिदेवी और डॉ अंजू भी अपनी उम्र के हिसाब से यंग और ब्यूटीफुल लग रही थी. दोनों कामयाब बिज़नेस वीमेन थी, हर कोई इसी गाथेरिंग में जानता hi था.

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रतिदेवी

महारानी मिरदुला को देखकर पुराने लोग के साथ नए नेता भी सम्मान प्रकट कर रहे थे , राजकुमारी दीप्ति का इंट्रोडक्शन भी बहोत खाश था सबके लिए आखिर खबर फेल hi जाती है , नयी पावरफुल महारानी जोह बनने वाली है गिफ्ट्स से लेकर ऑफर्स का अम्बर था उसके सामने .

महारानी मिरदुला जहाँ सुंदरता की देवी लग रही थी वहीँ राजकुमारी दीप्ति तोह थी नेचुरल ब्यूटी उसकी सौंदर्य जैसे सब पर जादू सा बिखेर रहा था .

रतिदेवी आज फूली न समां रही थी, उसका रुतबा और पावर के सामने मिनिस्टर्स से लेकर बिजनेसमैन भी सर झुका रहे थे ...... आर्यन का वापस आना रतिदेवी के बिज़नेस एम्पायर को और स्ट्रांग कर दिया ...... रिवल्स भी हार एक्सेप्ट कर लिए की कोण टक्कर लेगा जब आर्यन और अनीता दोनों रति के नाती- नातिन इतने पावरफुल और रेसोर्स्फुल हैं . ऊपर से एक पूरे स्टेट की मालकिन जल्दी hi रति के खानदान की बहु बनेगी.

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राजकुमारी दीप्ति सिंह

गीता भी आज डिज़ाइनर बैकलेस गाउन और सिंगल डायमंड सेट में डस्की ब्यूटी क्वीन लग रही थी आर्यन के साथ.

गीता दीप्ति के बिच आर्यन खड़ा था सब उससे जल रहे थे दो कलर की शामे ब्यूटी क्वींस िश डैशिंग हुनक की झूली में थी और दोनों hi बीवियां बनेगी यह वास्तिविकता कुछ वफादारों को hi पता थी .

फोटो सेशन और सबसे मिलने के बाद आर्यन वहां से निकल के अपनी फॅमिली वालों के सेक्शन में चला गया गीता के साथ जोह 5तह फ्लोर पे अर्रंगे किया गया था ...... वहां रिश्तेदारों के साथ कुछ विप्स लोगों की फॅमिली वाले भी थे जिनको ुष बोरिंग विप गाथेरिंग में इंटरेस्ट न था ...... यहाँ म्यूजिक , डांस के साथ क्लब गेम्स का भी अर्रंगेमेन्ट्स था . ड्रिंक्स से लेकर डिनर और डेसेर्ट्स के 500 से ज्यादा आइटम्स थे . यह होती hi इंडियन पार्टी जिश्मे सबका दिल लगता है . यहाँ की सिक्योरिटी नीला के हाथ में थी तोह बाकी पूरी सिक्योरिटी बिना देख रही थी .

यहाँ भी करीब 300 लोगों की गाथेरिंग होगी और ज्यादातर तोह रिस्तेदार hi थे , आर्यन की नज़र राजपूत - सरोज पे पड़ी तोह उनकी टेबल पे जाकर दोनों के गले लग के बधाई दिया और गीता को पूरी बात बतया था तोह उसने कहा की सरोज की शादी में करवोंगी ...... इंस्प राजपूत बस गीता के सामने हाथ जोड़कर सर झुका दिया ," मैडम आपके लिए यह सर कटा दूंगा ".

गीता भी हस्ते हुए ," चिंता मत कर , तेरा सर में खुद काट दूंगी जोह मेरी भांजी सरोज ( गीता रिश्ते में बड़ी थी ) की आँख में आंसूं भी आये "...... गीता का अपना स्टाइल था आल थे बेस्ट की जगह .....

वीरा बुआ भी अब चमक रही थी तोह आर्यन ने उसका माथा चूम के कान में कहा ," आज रात तेरी लूंगा त्यार रहना"......

वीरा ने उसकी कमर में चपत लगाई और देहरी से बोली," गाओं आ वहां अकेले में मिलूंगी , पूरी एक रात तेरी ...... यहाँ सब हैं समझ जा मेरे लाल "...... आर्यन ने भी मुस्करा के हामी भरी क्योंकि बस पार्टी ख़तम होने की डिअर है उसको भी पता था आज मौका मिलते hi कोई उसको अकेले नहीं रहने दी..... एक तरफ उसके बच्चों की माओं की आँखों में चमक थी आर्यन पक्का आएगा हमारे पास वहीँ जग्गू तेजी के आने से विमला तेजी की ाश भी बढ़ गयी की आर्यन पक्का जग्गू की चूची पीने जरूर आएगा.

वीरा बुआ ," जा दीदी से मिल ले वह बेचैन है उसको पकड़ लियो आज"...... चंदा बुआ भी अच्छे से अपने बेटे से मिली पर चुदाई के लिए मन कर दी गाओं में आ के मिल कभी नहीं रोकूंगी ......

आर्यन की बहेनो ने घेर लिया उसको फिर Seema-Reena ने भी अपनी बात मनवा के पहले उसके साथ डांस किया फिर सबने खाना खाया ...... डॉली- नेहा नाराज लगी तोह उनको प्यार से समझा दिया की कल अर्ली मॉर्निंग यहीं टेरेस पे semi-nude करेंगे . दोनों खुश हो गयी.

आर्यन दो लोगों को बहोत डिअर से धोंड रहा था पर दिखे नहीं...... नवाब सिंह भी , ठाकुर और ठकुरियन के साथ बैठा पार्टी देखकर खुश था . ठाकुर पूरी फॅमिली को लेकर आया था ठकुरियन रूपा के कहने पे . सरला और रमेश भी सहर के टूर तरीके में ढल रहे थे.

आर्यन के 10-12 फ्रेंड्स भी आये थे और तीनो गाओं से रति , नवाब और राजवीर के कुनबे के भी 50 लोग आये हुए थे .

दीप्ति और अणि भी इधर hi आकर सबके साथ एन्जॉय कर रही थी ....... राजकुमारी दीप्ति को देखकर सब रिस्तेदार और सुभचिन्तक खुस थे , आखिर उनके चश्मे चिराग ने एक कोहिनूर जोह जीत लिया था स्वयंवर में और खानदान की इज्जत और सम्मान में चारचांद लगा दिए .

तभी बिना का कॉल आया आर्यन को ,"जल्दी आ जायो सर यह दोनों कुत्ते hi रहेंगे ".

आर्यन भी उठकर चलने लगा तोह रीना ने जैसे कसम hi दे डाली वह कहीं नहीं जायेगा , मीणा ने भी समझाया पर नहीं मानी तब आर्यन ने कान में बोलै," अभी जाने दे , जल्दी hi लवर वाला प्यार सीखूंगा तुझे "...... इतनी खुश हुयी और प्रॉमिस लेकर जाने दी ......

बिना के पास पहुंचा ग्राउंड फ्लोर से गार्डन की बैक साइड तोह डॉ सलोनी मम्मी अभी भी डर से कांप रही थी रूट हुए और घास पे पर संजय सिंह और देवेंदर सिंह पड़े थे हाथ बंधे हुए जैसे पीटकर बंधा हो ......

आर्यन को देखकर hi डॉ सलोनी रूट हुए उससे लिपट गयी और आर्यन की आँखों में खून उतर आया पक्का कुछ गलत हुआ है , वह कुछ पूछता बिना बोली," आर्यन सर, डिअर हो जाती अगर में न आती यह मैडम के साथ जबरदस्ती करने वाले थे ".

आर्यन पलटा उन्ह दोनों की तरफ गुस्से से तभी मीणा ने आकर उसको रोका ," नहीं भाई इनको सजा अपनी सलोनी मम्मी को देने दे और डैडी जी को भी मैंने बुला लिया है वह hi देखे ऐसे घटिया लोगों को ".

लेकिन मीणा ने 3 और लोगों को बुला लिया था , रतिदेवी , डॉ अंजू और अपने पापा चौदर्य नवाब सिंह को जोह पार्टी से वापस जाने hi लगा था ...... आखिर नवाब सिंह दोनों को बड़ा भाई था, राज और संजय भी डरते थे उससे पर आज बहोत गलत होने वाला था ...... मगर देवेंद्र सिंह बेकार में फिर से फस गया संजय चाचाजी की वजह से .

आर्यन ने अभी देवेंद्र सिंह के हाथ खोल के कालर पकड़ा hi था की रति और डॉ अंजू भी घबरा गए पूरी पार्टी छोड़कर यहाँ निच्चे िश कोने में क्या हो रहा है पर आर्यन के हाथ में देवेंद्र सिंह ला कालर देखकर समझ गए यह मार देगा ......

दोनों ने अपनी कसम देकर देवेंद्र सिंह को अलग करवाया जोह बोल रहा था मैंने कुछ नहीं किया यह संजय का प्लान था वह hi डॉ सलोनी के साथ अपनी पुराणी हवस मिटने आया था उसको यहाँ लाकर ...... मगर किसी को उसकी बात पे विश्वास नहीं था क्योंकि संजय सिंह पाला बदल के बोल रहा था की िशने hi मुझे नामर्द बोल के सलोनी को यहाँ बुलवाया था ......

नवाब सिंह और राज सिंह भी एक साथ वहां पहुंचे तोह उनको भी विश्वास नहीं हुआ इतनी बड़ी पार्टी चल रही है यह ऐसा काण्ड करने की हिम्मत कैसे हुयी ......

आर्यन को राज सिंह ने भी रोका," देखो आर्यन बीटा पहले सच्च जाना जरूरी है , एक गलत कदम सबको पछतवाये का मौका भी नहीं देगा . देखो सब घर के लोग हैं तोह थोड़ा धिआर से काम ले ".

आर्यन गुस्से से ," इशलिये में नहीं चाहता था आप तीनो यहाँ आओ , यह दोनों गन्दी नाली के कीड़े हैं और आपको भी डैडी ुष दलदल में खींच रहे हैं, याद रखना संजय चाचाजी आप ज़िंदा सिर्फ मेरी निर्मला मम्मी की वजह से हैं ....... जिस दिन वह मुझे नहीं रोकी तब किसी भी बिल में चुप जाना वहीँ से निकाल के छाती पहाड़ यह दिल जंगली कुत्तों को खिलूँगा "....... यह धमकी उसने संजय के सीने के लेफ्ट साइड ऊँगली रख के बोली .

4 औरशन ने आर्यन से लिपट के और राज के साथ नवाब सिंह ने बड़ी मुश्किल से आर्यन को रोका था वार्ना मार hi डालता दोनों को ....... मीणा ने आर्यन की पीठ सेहला के उसको शांत किया और बोली ," अपनी सलोनी मम्मी को संभल और चल यहाँ से ".

आज आर्यन से दो गलती हुयी उसको ऐसा लग रहा था पर तभी उसका फ़ोन बजा तोह अटेंड करके बोलै, " आया नानी ...... डॉ सलोनी का हाथ पकड़ा और मीणा को इशारा कर अपने साथ ले गया ".

रति ने वहां पड़ी टेबल के पास कुर्सी पे बैठकर बोलै ," बिना एक लाइन में बता क्या हुआ यहाँ जोह आर्यन इतना गुस्सा हुआ और संजय को मारने की धमकी दिया क्या करने वाले थे यह सलोनी बेटी के साथ ".

बिना थोड़ा झिझकते हुए ," मैडम ,..... वह ..... सॉरी पर संजय सर डॉ सलोनी मैडम की इज्जत तार तार करना चाहा रहे थे नशे में..... मैंने इतना hi देखा और देवेंदर सर सब अपनी आँखों से देखते हुए उनको उकसा रहे थे...... मैंने आकर देखते hi दोनों को पकड़ के मारा और बाँध के आर्यन और मीणा मैडम को फ़ोन किया था ...... उसके बाद आप भी आ गए ".

रति देवी के साथ बाकी सब भी हैरान रह गए की संजय सिंह , डॉ सलोनी की इज्जत लूटने वाला था ...... चौदर्य खंडन में आज तक ऐसा नहीं हुआ , किसी को विश्वास नहीं हुआ ......

नवाब सिंह गुस्से से बिना को बोलै," तू पागल तोह नहीं है लड़की , क्या अनाप सनाप बोल रही है मेरे छोटे भाई के बारे में ...... माजी देखो कितना घटिया इल्जाम लगा रही है मेरे भाई पे ...... अभी बुलाओ सलोनी को अगर िशने ऐसा किया तोह खुद अपने हाथ से इश्क गाला काट दूंगा मगर अगर यह बेहूदा मजाक है तोह तेरा क्या होगा लड़की तू सोच भी नहीं सकती , आज तू ने चौदर्य हरी सिंह के खून पे इल्जाम लगया है ...... . है तोह भी माफ़ी नहीं मिलेगी ".

राज सिंह कुछ बोलता उससे पहले रति खड़े होकर चिल्लाई ," एक डैम चुप रह नवाब ..... एक डैम चुप ...... "..... तभी रति का फ़ोन बजा गुस्से से नंबर देखकर उसने अटेंड किया और उसकी टोन hi बदल गयी ," जस्ट ा सेकंड सर ी विल बे तेरे "......

रतिदेवी कॉल कट करके ," राज तुम यहाँ का देखो बाद में बात करती हूँ , अंजू जल्दी चल मिनिस्टर सर जा रहे हैं. देख लियो नवाब अगर यह सच्च हुआ तो इनकी लाशें भी नहीं मिलेगी ".

डॉ अंजू के साथ रति , बिना को भी साथ ले गयी अब राज सिंह के साथ नवाब सिंह hi था वहां और दो मुजरिम ...... राज सिंह ने दोनों को खड़ा किया और बोलै," सच्च क्या है बता दो हो सकता है में माफ़ भी करा दूँ अगर झूट बोलै तोह में और बड़े बहिया भी कुछ नहीं कर पाएंगे ".

संजय सिंह ने रूट हुए ," भैया हमको फसाया जा रहा है, सलोनी यहाँ खुद हमारे साथ आयी थी बस मैंने उसको गले लगया था और उसने चिल्लाना शुरू कर दिया जबकि मैंने माफ़ी भी मांगी थी यह बिना ने भी देखा था ...... पर उसने बिना को बोलै मैंने उसकी इज्जत लूट रहा था और देवेंदर सिंह भी यहीं खड़ा था इससे पूछ लो ".

नवाब सिंह ने गुस्से में देवेंद्र का कालर पकड़ के बोलै ," देख सिक्योरिटी अफसर वाला होगा तू अपने घर में , मेरे खंडन की इज्जत की बात है सच्च बता यह संजय सही बोल रहा है नहीं तोह अपनी हवेली में इश्कि लाश के साथ तेरी भी गाड़ दूंगा, वहीँ जमीन के निच्चे गिनती करना कितनी मैंने पहले गाडी हैं ".

देवेंद्र सिंह भी हाथ जोड़ दिया ," बड़े बहिया मैंने कुछ नहीं किया और सलोनी इश्के साथ आयी थी में दूर hi खड़ा था फिर दोनों गले लगे उसके बाद बिना ने जोह देखा वह आपके सामने है ".

राज सिंह भी समझ गया कुछ तोह दोनों छुपा रहे है पर दोनों जिन्दा है और आर्यन की धमकी से अभी भी वह डरा हुआ था ........ नवाब सिंह को तोह दोनों की बात पे hi विश्वास नहीं था पर अगर ऐसा हुआ है तोह एक छोटे भाई को पक्का खो देगा ...... आर्यन ने उसके बाप को ( अपने दादाजी हरी सिंह) मीणा और देवी के लिए मार दिया था किसी को आजतक पता न चला और संजय सिंह ने डायरेक्ट डॉ सलोनी की इज्जत पे हाथ डाला.

नवाब सिंह कुछ सोचकर ," राज ऐसा कर अपनी साली सलोनी को यहाँ बुला बिना आर्यन को पता चला , में उसके मोह से सच्च सुन्ना चाहता हूँ. आर्यन को मत िश्मे शामिल करो , आज उसके और रति माजी के लिए कितना बड़ा दिन है भेनचोद अपने लँडूर hi बर्बादी पे लगे हैं ....... हरामखोरो कच्चों में आग लग रही थी तो मुझे बताते सालो घर की औरत पे नज़र बिगाड़ने की क्या जरुरत थी बहार से 100 रांड ला देता ".

राज सिंह भी अपने बड़े भाई को डील्स देने लगा फिर सबको फार्महाउस के ग्राउंड फ्लोर के बार एरिया में ले गया और वहां वेट्रेस को बोलै ," सबके लिए ड्रिंक्स और किसी मेल वेटर्स को भेजो "...... सच्च में वह कोई चांस नहीं लेना चाहता था ......

राज सिंह का कितना अच्छा टाइम जा रहा था विप गाथेरिंग में सब उसको और सारू को कोंग्रटुलतिओन्स दे रहे थे साथ में मोस्ट परफेक्ट पेअर भी , सारू भी खुश थी ...... उसकी बेटी अणि बिलकुल पारी की तरह सजी हुयी किसी रॉयल प्रिंसेस की तरह सबसे मिल रही थी ...... आर्यन के साथ गीता भी कितनी खुश थी आखिर उसने गीता को अपने से पहले की उसकी बदतमीजी के लिए माफ़ भी कर दिया था और राजकुमारी दीप्ति और महारानी मिरदुला तोह अपने सामने सबको झुकने पे मजबूर कर रही थी अपनी सुंदरता और सहलीनता से .

राज सिंह के अपने परिवार को वापस पाने के सारे अरमान तोड़ डाले अपने छोटे भाई एंड िश चुटिया देवेंद्र सिंह ने ...... अगर संजय ने ऐसा किया है तोह कोई उसको भी माफ़ नहीं करेगा.

नवाब ने पेग पीने की बजाये गुस्से से कहा ," इन्हे hi पीला सालों को दर्द काम होगा आज में हंटर भी नहीं लाया तू सलोनी बेतिया को बुला ".

नवाब सिंह उम्र में बड़ा था पर सारू और निर्मला को भी बीत्या hi बुलाता था ...... बहार वह कितने भी गलत काण्ड करे पर घर की हर औरत की इज्जत और सम्मान उसके लिए गुरूर था बस बीवी जग्गू से कभी न बानी पर मारा भी उसके झूट पे था...... तभी रति भी नवाब को बीटा जैसा प्यार देती थी , थोड़ा मूरख है पर परिवार जोड़ने वाला है .

आखिर कार डॉ सलोनी , अपनी साली को राज सिंह ने फ़ोन किया तोह उसने उठा लिया तब राज सिंह ने कोने में जाकर बात की और वापस आकर बोलै ," भैया वह नहीं आएगी पर मैंने उससे मिल आता हूँ, अगर सच्च निकला तोह भैया काटेंगे और में तुम दोनों को जमीन में गाडूंगा".

नवाब सिंह को भी लगा यहाँ चार मर्द के सामने कोई भी औरत कैसे अपनी जबरदस्ती की बात बतएगी और फिर राज उसका जीजा है यह पता लगा लेगा ..... राज के जाते hi दो वेट्रेस ड्रिंक्स और स्नैक्स लायी तोह नवाब सिंह का भी मैं दोल गया बहनचोद इतने छोटे कपडे में गांड हिला हिला और मोटे मोटे चूचे दिखा के शराब पिलांगी तोह नशे में में hi इनके ऊपर चढ़ जाऊंगा ......

नवाब सिंह बोलै ," ोये संजू ( संजय ) िंह लौंडिया को बोल यहाँ से बहार जाए पेग में बना दूंगा "...... और अपनी बीड़ी निकल के पीने लगा तभी उसका फ़ोन बजा तोह उधर से अटेंड करके जोरसे बोलै ," भेनचोद या माँ चूड़ी पड़ी है तुझे अपनी पड़ी है "......

थोड़ी साइड में जाकर भीमा को सारा किस्सा बता दिया तब भीमा ने कहा," देख नवाब तू भी जनता है सलोनी बीत्या कैसी है , 6 महीने बाद कैद से बहार आयी और अभी भी ढंग से ठीक नहीं हुयी है , डॉ कुलदीप को पक्का मार दिया गया होगा और खुद सोच वह तेरे झंटू भाई संजय से छुड़वाने जाएगी क्या ?...... साफ़ है संजय और देवेंदर झूट बोल के फँस चुके हैं मौत उनके सर पे नाच रही है बस तू वहां से निकल ले और राज को दुर्र रहने को बोल..... मेरी बात ध्यान से सुन्न आर्यन अगर एक कदम तुम सब के कहने पे पीछे हटा है तोह बस अपने शिकार को और दर्दनाक मौत देने के लिए ".

नवाब के तोह तरपान hi हिल गए भीमा की बात सुनकर और बात उसकी कहीं गलत नहीं थी भेनचोद में hi सीधा नहीं सोच पाया , हे प्रभु रक्षा करो कैसे िंह दोनों को बच्चों , निर्मला बेटी और मेरी छोटी सी बच्ची प्रभा को क्या जवाब दूंगा उसका पति और डैडी कहाँ हैं .

भीमा से नवाब ने पुछा ," यार तू तोह आर्यन का गुलाम है बस किस तरह बचवा दे मेरे छोटे भाई ने...... जिंदगी भर तेरे चरण टेल सोऊंगा ...... कर दे अहसान मेरे भाई , बाप खो चूका हूँ , अपना बड़ा भाई भी बस रह देकर बस यह दो छोटे भाई hi हैं मेरे धोरे , अपनी आँखों से इन्हे मरते नहीं देख सकता ".

सायद भीमा भी समझ गया था अपने दोस्त की वठा पर मुश्किल था वहां से दोनों को जिन्दा निकलना ," रुक में 2 आदमी भेजता हूँ बस बेहोश करके दोनों को बुरी में दाल के फार्महाउस के पीछे दाल दिए वह उठा लेंगे ".

नवाब सिंह ने अपने आंसूं पहुंचे और जाकर दोनों को लेकर निकल गया फार्महाउस की ुष बॉउंड्री की तरफ जहाँ भीमा ने बोलै था , सच्च में ऐसे hi शातिर गुंडा नहीं था भीमा..... उम्र हो गयी थी पर सेंध तोह राजा के महल में आज भी दिन दहाड़े लगा दे ......

नकाबपोश वेश में भीमा खुद आया था अपने 2 आदमीओ के साथ ...... नवाब सिंह एक्सपर्ट था hi दोनों की गुड्डी पे सही जगह हाथ का चोप वार करके बेहोश किया और दोनों को उन्ह आदमीओ ने बाँध के बुरी में दाल के उठा लिया .

नवाब सिंह नकाब पॉश को बोलै," भीमा , तेरा अहसान नहीं भूलूंगा कभी ".....

नकाब पॉश ," में भी काका , टकककककक".

यह रघु गुंडा था भीमा का छोटे बीटा, और आर्यन का गुलाम जिसके नाम से hi सिक्योरिटी अफसर से लेकर नेता संत्री सब कांप जाते थे ...... नवाब सिंह को भी बेहोश करके दोनों बुरे लेकर निकल गया , उधर भीमा पिछले एक घंटे से नवाब और अपने आदमीओ को कॉल मिला मिला के थक गया, अब उसको भी डर लगने लगा किसको कॉल करे या न करे क्योंकि कुछ तोह बुरा हो चूका है .

नवाब सिंह को होश आया तोह राज सिंह और बिना को सामने देखकर चौंका फिर याद करके इधर उधर देखा और सर पे हाथ मार के बोलै ," मुझसे गलती हो गयी , रघु दोनों को उठा के ले गया, राज अब दोनों को आर्यन मार देगा ".

राज सिंह ," भैया उससे पहले में दोनों को मार दूंगा , साड़ी रिकॉर्ड फोटागे देखकर आया हूँ बिना के साथ....... हमने hi आस्तीन में सांप पाल रखे थे , सलोनी पे इतनी गन्दी नज़र बेचारी अभी तोह ठीक भी न हो पायी थी , बिना तू भी मेरी छोटी भें जैसी है आज से.... तू ने सलोनी की नहीं सारू की इज्जत बचाई है ".

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डॉ सलोनी जोह अब डॉ अंजू के पास बैठी थी अपने सेलफोन पे कॉल देखकर पहले तोह गुस्सा हुयी फिर सोची जीजाजी की क्या गलती है और कॉल अटेंड करके बात करती साइड में जाकर अपना गुस्सा दिखाई फिर राज की बात मानकर बोली ," जीजू मेरे रूम में मिलो, में किसी और के सामने नहीं बोल पाऊँगी".

राज सिंह भी जब रूम में पहुंचा तोह रूट हुए अपने जीजू की बाँहों में लिपट गयी और रूट हुए सब बता दी ..... कुछ भी हो सलोनी उसको प्यार करती थी पर अपने छोटे भाई की गन्दी नज़र और व्यवहार से गुस्से से जाने लगा तोह सलोनी ने अपनी कसम देकर बोलै आप मत कुछ करो आर्यन और बड़ी माँ ( रति ) देख लेंगी.

दोनों अलग हुए और राज सिंह ने माफ़ी मांगी पर डॉ सलोनी भी रूट हुए बोली," जीजू मेरे पप्पोन की सजा तोह मुझे मिलनी hi थी "......

राज सिंह भी भीफर hi गया जब सारू से शादी हुयी थी तोह मंजू उसकी गोल मटोल तुनक मिजाज साली थी और सलोनी , चुलबुली , शरारती साली...... बाद में दिल से दोनों को प्यार hi नहीं दिया बल्कि दोनों उसकी बेटियों की माँ भी बानी ...... सलोनी ने दुरी बना ली थी पर छेद चाँद , ऊपर ऊपर से मस्ती कर लेता था राज, पर एक बार आर्यन ने सलोनी को अपने डैडी को ब्लोजॉब देते देख लिया ....... सलोनी भी रूट हुए बाद में अपने बेटे आर्यन को गरिमा और नेहा का सच्च बता दी पर आर्यन ने कभी कोई शिकायत नहीं की .

राज सिंह ने सलोनी को पुचकारते हुए कहा ," न तुम्हारी कोई गलती नहीं है सायद मैंने भी कभी तुम्हारे दुःख नहीं देखे पर पहले कुलदीप ने ऐसा किया और अब संजय ने तोह हद hi पार कर दी , तू रू मत तुझे इन्साफ जरूर मिलेगा".

राज सिंह ने आर्यन को नहीं बल्कि अपनी बेटी अणि को कॉल किया तोह उसने कहा वह 5 मं बाद आती है ...... सलोनी भी राज सिंह के सीने से लगी उसके चेहरे को देखकर बोली ," जीजू , प्लीज किश में ...... ी वांट तो फॉरगेट थिस गिल्ट "....... सायद अभी भी अपने बदन पे संजय के हाथों की चुभन महसूस हो रही थी जिसको सिर्फ राज hi साफ़ कर सकता है अपना प्यार देकर.

राज सिंह था भी थोड़ा इमोशनल आदमी hi फिर दोनों के लैब्स चिपक गए और एक प्यारी भरी किश गहरे चुम्बन में बदल गयी , दोनों सब कुछ भूल के एक दुसरे को चूम के अपनी दीवानगी बता रहे थे ...... वर्षों पुराण प्यार फिर से नयी कपोल सी खिलता चला गया . सलोनी की पीठ सहलाता दोनों हाथ उसके नितम्बों को दबोच लिए इधर सलोनी के नाखून राज की शर्ट पीठ से फाड़ने को त्यार थे ......

दूर पे नॉक से दोनों के जोश को ब्रेक लगा वार्ना कुछ पलों में नंगे होकर एक दुसरे में समां जाते ...... सलोनी अलग होकर बाथरूम की तरफ भागी और राज सिंह ने अपना हुलिया ठीक किया और दूर खोल के बोलै ," अणि एक प्रॉब्लम हो गयी है ".

अणि तोह पहले से hi सब जानती थी तोह मुस्करा के अपने डैडी का हाथ पकड़ के बोली ," मुम्मा से फिर लड़ाई हुयी क्या ?"

राज ने फिर जोह हुआ वह बता दिया तब अणि ने भी गुस्सा दिखते हुए कहा ," डैड आप अपने भाई की नज़र का चमसा हटा के देखो यह अगर मम्मी के साथ होता तोह तब भी आप मुझसे या भाई से पूछते क्या करूँ ?"...... बेटी ने ऐना hi दिखा दिया अपने बाप को और राज सिंह भी उसको थैंक्स बोलकर जाने लगा तभी सलोनी बाथरूम से बहार आयी तो अभी ठीक लग रही थी ......

राज भी एक नज़र सलोनी को देखकर बोलै," अणि अपनी मौसी का ध्यान रखना मुझे पता है क्या करना है ".

अणि भी आगे बढ़कर सलोनी से गले लग के बोली," मौसी ,आप को खुद सजा देनी चाहिए थी चप्पल मार मार के दोनों के नशे का भूत उतर देती ".

सलोनी दुखी सवार में ," में कुछ सोच hi नहीं पायी फिर मुझे लगा संजय सायद कुलदीप के बारे में कुछ बात करना चाहता है मगर वह तो 20 साल पीछे के गड़े मुर्दे उखड के मुझे पकड़ लिया बस डर गयी थी अणि ".

अणि ने प्यार से सलोनी का सर सेहला के कहा," don't वोर्री डैड देख लेंगे उन दोनों को नहीं तोह भाई तो माफ़ करने से रहा , वह सब बर्दास्त कर सकता है पर किसी औरत लड़की की बेजिटि कभी नहीं ...... आप बस भूलने की कोशिश करो और अगर दोनों सामने पद जाएँ तोह मार मार अच्छा सबक सीखना ".

सलोनी भी अब नार्मल होकर अणि का हाथ पकड़ के चूम ली ," तू मेरी बहोत समझदार बेटी है ".

अणि ," वह तो में हूँ hi तभी तो सब मुझे प्यार करते हैं , चलो आप मेरे साथ अकेले सोचती रहोगी ".

आर्यन के पास बिना ने कान में कहा," दोनों कबूतर कैद में हैं पारर कटवा दूँ क्या ?"

आर्यन ," अभी गायब hi रहने दे कुछ दिन, सालों में इतनी हिम्मत आयी कहाँ से ?"

तभी आर्यन को मर मालिक ने आवाज दी तोह उनके पास चला गया , वह उसको अकेले में बात करना चाहते थे ...... आर्यन भी बिना को फ़ोन का इशारा करके उनके साथ फार्महाउस के अपने रूम में ले गया ...... दोनों के बिच 10 मं बात हुयी फिर मालिक ने कहा ," वैसे तेरी नानी यहीं रुकने वाली है आज रात ध्यान रखना उसकी तबियत ठीक नहीं रहती ".

आर्यन ने उनका हाथ दबा के कहा ," कल से आपकी तबियत मेरी नानी ख़राब कर देंगी , तभी में कहूं मुझे एक बार भी घर क्यों नहीं बुलाया ".......

मालिक अपने शागिर्द को जानते थे फिर जिस तरह मिरदुला को आर्यन ने फिर से जिन्दा कर दिया और डॉ अंजू ने भी अपने अंदर से जहर ख़तम करने की बात की पक्का आर्यन कर सकता है , जड़ी बत्ती के ज्ञान का उनको उसका इंटरेस्ट और ट्रीटमेंट करना पता था पर जानलेवा बीमारी ख़तम कर सकता है यह बड़ी बात होगी .

आर्यन से गले मिलकर वह अपनी वाइफ को यहीं छोड़कर चले गए जबकि रति ने रुकने को कहा तोह स्पस्ट सा जवाब, मेरी वजह से यहाँ परेशानी होगी .......

रात के 10:30 बजे अब बस परिवार और रिस्तेदार hi बचे थे और रति ने आर्यन से बात करने को कहा तो उसने कहा ," तू अपने सुईठे में जा आराम कर".

डॉ अंजू ने आर्यन की तरफ देखा तोह उसने अपने दिल पे हाथ रख के इशारा कर दिया की निश्चिन्त हो जाये , डॉ अंजू को भी आर्यन पे hi भरोसा था . सारू ने 2-3 बार आर्यन से बात करने की कोशिश की पर उसने इग्नोर कर दिया ......

राज सिंह के साथ नवाब सिंह भी भीमा के पास दुसरे फार्महाउस पहुंचा तोह भीमा को नवाब ने बतया की रघु दिल्ली में hi है और मुझे भी बेहोश कर दोनों को उठा ले गया .

भीमा का भी सारा नशा उतर गया," बहनचोद उसको पता कैसे चला की में तेरी मदद कर रहा हूँ , भूल जा अब दोनों जिन्दा मिलने से रहे ".

राज सिंह भी डर गया ," काका क्या बोल रहे हो, यह काम अगर किसी और ने किया हो फिर भैया बेहोश हो गए इन्होने तोह रघु की सकल भी नहीं देखि हो सकता ुष जैसी आवाज निकाल के आपको सुण्या गया हो की वह रघु है फिर इतनी सिक्योरिटी में तोह मुकीम नहीं ".

नवाब सिंह गुस्से से ," मुझे एक पेग पीला और राज तू आर्यन को फ़ोन मिला पक्का उससे कुछ नहीं चिप सकता ".

राज सिंह ," भैया अगर आर्यन ने ऐसा किया है तोह पक्का मुकर जायेगा ".

नवाब ने गुस्से से राज को घूरा तोह वह भी आर्यन को कॉल मिला hi दिया मजबूरी में और अपने बड़े भैया की बात कही तब आर्यन ने कहा ," में अभी पता लगता हूँ आप मुझे पहले hi बता देते तोह दोनों मिल भी जाते , आप चिंता न करो में बिना को िश काम पे लगता हूँ ".

राज ने फ़ोन कट करके नवाब सिंह को बतया तो वह भीमा की तरफ देखा जिसके चेहरे से लग रहा था अब कुछ नहीं हो सकता . नवाब सिंह कुछ सोचकर ," राज तू फार्महाउस जा और बच्चों के साथ रह जैसे hi कुछ पता चले मुझे खबर करना ".

भीमा ने भी राज को जाने को कहा तोह वह भी वापस चला गया पर शर्म तोह उसको भी आ रही थी बात खुलेगी तोह क्या इज्जत रह जाएगी........

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औरशन में सिर्फ रति , डॉ अंजू और बिना के अल्वा अणि और मीणा जानते थे ...... बात दबा दी गयी थी , अब सब बारी बारी आर्यन के साथ डांस और कभी ग्रुप बना के भी डांस कर रहे थे .......

राज सिंह वापस आया तोह रति ने उसको अपने पास बुला लिया जहाँ डॉ अंजू भी बैठी थी तब रति ने राज से पुछा ," वहां लंदन में बार में क्या हुआ था राज सच्च सच्च बता , तेरा मुझे पता है की तू ने कुछ नहीं किया होगा पर वह दोनों एक नंबर की घिस्सू आदमी है . सोच लो अभी गीता को पता नहीं है सलोनी बेटी के साथ क्या होने वाला था वार्ना आर्यन को तो में एक बार को रोक भी सकती हूँ पर वह चंडी देवी काट के फ़ेंक देगी. देख तोह तू शाम को भी लिया था".

राज भी शर्मिंदा से होता बता दिया की बार में गए संजय और देवेंदर ने आर्यन की बुराई करते ज्यादा पि ली थी मुझे भी ुष समय आर्यन पर गुस्सा था पर बाद में देवेंदर भी संजय पे ुष औरत को छेड़ने का इलज़ाम लगया था पर काम तोह वो भी नहीं है. अणि की वजह से जेल जाने से बचे और उसने अपनी कसम देकर हम तीनो को यहाँ बुलवा लिया".

डॉ अंजू अब पहली बार गुस्से से बोली ," राज तुम समझदार हो बात अभी भी साफ़ नहीं हुयी है , सलोनी तो बस उनको खिलौना लगी आसान टारगेट पर यह दोनों लंदन ऐसे hi पहुंच गए में नहीं मानती ...... देवेंद्र की हिम्मत नहीं है की आर्यन के सामने या उसके किसी करीबी पे बुरी नज़र डाले फिर आर्यन को तुमको किस बात का गुस्सा है वह गलत नहीं बर्दास्त कर सकता तोह नहीं करेगा यह तुम अच्छी तरह जानते हो . वह उम्र में सबसे छोटा होकर अपने खानदान को ीखता रखने की कोशिश कर रहा है और तुम दूसरी पीढ़ी वाले मर्दों को हो क्या गया ?"

रति ने डॉ अंजू का हाथ दब्या की सारू आ रही है पर आज डॉ अंजू भी चुप नहीं रहना चाहती थी , सारू भी आकर बेथ गयी क्योंकि आर्यन उसको इग्नोर कर रहा था पर यहाँ तोह कुछ और hi कथा पुराण चालू थी ......

डॉ अंजू ," पहले देवेंद्र सिंह ने मंजू की जिंदगी बर्बाद कर दी , फिर कुलदीप मेरा अपना दामाद जिसको हमेशा बीटा hi समझा फिर तुम अब संजय ...... उधर आशुतोष और वहां अमेरिका में सतीश फिर गाओं में नवाब ....... सोच क्या रखा है तुम सब मर्दों ने ? सुकर है की हमारे पास आर्यन तोह है वार्ना तुम तोह हम सब औरशन और लड़कियों को आपस में नोच कोष्ट के बेच भी डालते ".

रति ने डॉ अंजू के कंधे पे हाथ रखकर ," बस अंजू अब चुप हो जा , में जबतक हूँ मेरी किसी बेटी बहु को नीची निगाह से नहीं देखना पड़ेगा....... ".

सारू ने शर्मिंदा से बैठे राज और गुस्से में डॉ अंजू को देखा फिर बातें सुनकर अपनी माँ को इशारे से पुछा तोह पालक झपक के बाद में बता दूंगी का इशारा कर दी .

राजवीर सिंह को आता देख सारू बोल्ज ," लो बापू भी आ गए , 11 बज गए अभी तक जाग कैसे रहे हैं ".

राज सिंह खड़े होकर उनको बैठने के लिए कुर्सी दिया तोह बोले ," मैंने तोह एक नींद भी ले ली अब सोचा की अणि को प्लेन में बिठा के hi सोऊंगा ...... वैसे आशुतोष आज खुश लग रहा है , घर पे तोह चुप hi रहता है पर आर्यन को इश्कि जिम्मेदारी देकर सही काम किया मैंने क्यों रति ?"

रति भी हामी भरी ," हाँ बात आपकी सही है , जिम्मेदारी अभी भी नहीं समझता पर बिना बता रही थी आर्यन ने सारे नुत बोल्ट कास दिए हैं तोह डर से hi सही काम जिम्मेदारी से करेगा ".

राजवीर सिंह ," राज मैंने जोह लंदन की बात सुनी वह सच्च है क्या ?"

अब तोह चरों चौंक गए और सारू hi ऐसी थी जिसको अभी भी नहीं पता था लंदन में क्या हुआ था ......

राज सिंह भी झेपते हुए ," जी चौदर्य शभ ( अपने ससुर को ) बस वहां हम तीनो ने ड्रिंक्स की हुयी थी पर हरकत किसी और ने की फस हम तीनो hi गए ".

रति ," आपको किसने बतया लंदन का ?"

राजवीर सिंह हसकर ," जिसने इनको आजाद करवा के अपने देश में बुलाया उसने.... वार्ना तुम सब में से कोण मुझे कुछ बताता है बस आज भी आ गया उसके लिए तुम लोगों की पार्टी ख़राब करने ".

डॉ अंजू ने कटाछ किया ," हाँ जीजा जी आपको सारू बुला सकती है या अणि बेतिया वार्ना बाकी किसकी संतो हो आप ".

राजवीर सिंह भी मुस्करा के ," िश बार तू गलत है अंजू मुझे आर्यन ने बुलाया और यह भी बतया की अणि जापान जा रही है आज रात को बस ुष बच्ची का मोह खींच लाया ".

डॉ अंजू भी मजाक में ," हाँ दीदी से तो विमोह hi करे बैठो हो ".

राजवीर सिंह ," अच्छा अब इश्को कोनसा मोह दूँ , इतने सारे बच्चे उनके भी बच्चे हो गए ...... इतनी बड़ी वपरी बन गयी और आर्यन भी इश्कि मदद करता है बिज़नेस में अब और क्या चाहिए इसे ".

डॉ अंजू ," क्यों पति नहीं चाहिए क्या ?"

राजवीर सिंह भी है दिया ," तुम दोनों बहेनो को अच्छे से जानता हूँ में , पति तुमको चाहिए hi कब बस तुम दोनों और तुम्हारा राजकुमार आर्यन फिर अब तोह देखो उसके लिए राजकुमारी भी ले आये दोनों कैसे तीनो नाच रहे हैं "...... उसने स्टेज की तरफ इशारा किया .

आर्यन - दीप्ति - गीता , तीनो एक फ़ास्ट डांस सांग पे ताल मिलकर नाच रहे थे . सबके चेहरे पे ख़ुशी आ गयी सच्च में इनको देखने वाला hi जलेगा पर जैसे यह तीनो तोह एक दुसरे के पूरक थे ......

राज सिंह ," गीता का बस फेयर वर्शन hi लगती है दीप्ति वैसे गीता राजी कैसे हो गयी फिर इतने बड़े रजवाड़े परिवार की लड़की है ?"

राजवीर सिंह हसकर ," यहाँ तुम हार गए भरखुरदर , आर्यन जैसे लड़के को कोण मन कर देगा . स्वयंवर जीत के लाया है , दिलेर है और चालक भी शिकारी का भी शिकार कर देता है उसको मरते दम तक न पता चले . अणि बता रही थी की एक दिव्या तलवार जोह हज़रों साल पुराणी है उसके साथ बेसुमार खज़ाना भी ढून्ढ लाया िश राजकुमारी की जान बचने के लिए . सच्चा अवतार है महार्यं का ".....और सबने हाथ जोड़ लिए अपने पुरखे के नाम पे .

राज सिंह ने सारू की तरफ देखा तोह उसने भी कहा ," हाँ सच्च है यह पर अब लड़कियों की संख्या भी बढ़ गयी शादी के लिए ".

राज सिंह ," मतलब िंह दोनों के अल्वा भी कोई तीसरी है ".

राजवीर सिंह ," है है है है ...... िश राजकुमारी का खुद छठा नंबर है तुम तीसरी पूछ रहे हो , त्यार रहो देखना तुमसे खुश किस्मत कोई नहीं होगा जब यह सब बहु बनकर तुम्हारी सेवा करेंगी ".

राज सिंह को लग रहा था वह बहोत पीछे hi रह गया अपने परिवार से तब सारू ने कहा ," नेहा को हाँ कर दी है आर्यन ने , मीणा और डॉली के अल्वा जाने हॉल भी बस इंतज़ार कर रही है गीता की शादी का ".

राज सिंह ," और कोई भी बची है क्या , मीणा के लिए बड़े भैया मान गए क्या और डॉली बिच में कहाँ से आ गयी".

राजवीर सिंह ," यह क्या बात हुयी भाई , तुम्हारी भतीजी मीणा कर सकती है शादी और हमारी इकलौती पोती डॉली क्यों नहीं ....... बात बड़ी है राज और समय का पहिया फिर घूम गया है , आर्यन की बीवियों की शंका और बढ़ेगी . बापू सही बोलते थे वैसे मैंने समझाया लड़कियों को मगर प्यार hi उनको खींच ले जा रहा सारे रिश्ते नाते भुला के".

राज सिंह थोड़ा सीरियस होकर ," आप समझ नहीं रहे हो चौदर्य शभ , सबको जवाब क्या देंगे ?"

राजवीर सिंह ," में भी यही सोच रहा था मगर िश राजकुमारी ने मेरी सोच hi बदल दी और सबको देखो, साड़ी लड़कियों ने राजकुमारी को पहले चुना फिर आर्यन ने हाँ की ....... क्यों रति आज तुम्हारी अकड़ मैंने पहले hi देख ली थी ".

रति भी सीरियस होकर ," वहां बात hi ऐसी हो गयी की चैलेंज hi कर दिया था दीप्ति के लिए हमको तोह आर्यन को आगे करना hi था , फिर यह लड़की हमारे खानदान की सिर्फ बहु नहीं बल्कि शान hi बनेगी. दो राज्य यानी राजगद्दी की अकेली महारानी और पूरे स्टेट के रजवाड़ों की कौंसिल की चेयरपर्सन. इश्से शादी करके आर्यन सीधा महाराज hi कहलायेगा. आज सब लोग मेरे सामने सर झुकाने सिर्फ Deepti-Aryan की वजह से आये थे फिर कोण नहीं चाहेगा की उसका बीटा राजा बने सब लोग अदब से झुके उसके सामने ".

राजवीर सिंह ," अच्छा एक को भूल गयी अनीता सिंह नाम है उसका , लोग उसके कारन भी झुकेंगे ".

रति ," वह सब तोह ठीक है पर िश अपनी लाड़ली को कपडे पहने सिखायो , यह इंडिया है लंदन नहीं ".

राजवीर सिंह ," अच्छा क्या बुराई है , वह कोई अंगप्रर्दसन नहीं करती बल्कि अपनी सुंदरता के हिसाब से पहनती है फिर भूलो मत वह आर्यन जितनी न सही पर उससे काम भी नहीं है ...... पूरी हवेली के चरों तरफ समशान घाट बना दिया था अकेली लड़की ने , भीमा भी उसका वह खतरनाक रूप देखकर थार थार कांप रहा था. वैसे चलती फिरती कयामत है यह लड़की बस लड़का इश्कि टक्कर का ढूंढना पड़ेगा ".

रति ," वह भी मिल जायेगा पर राजी होगी क्या ?

राजवीर ," वह समझदार है उसकी पसंद का हुआ तोह जरूर हाँ करेगी , वह नटखट है पर खुद देखो कितनी आसानी से बिज़नेस संभल रही है ".

डॉ अंजू ," अणि सच्च में दीदी का यंग रूप लगती है क्यों जीजाजी ?"

राजवीर ," मुझे hi फांस्वा दे , यह दोनों एक जैसी हैं बस अणि इश्कि तरह गुस्सैल नहीं है तभी कामयाब है उसकी कोई कमजोरी नहीं जबकि रति यह सब आर्यन के लिए कर रही है ".

डॉ अंजू हसकर ," वैसे दीदी अब आप भी अणि की तरह कपडे पहने hi लगो ".

सारू भी हसकर ," माँ तोह हर कपडे सूंदर लगती है ".

तभी आर्यन वहां आया और रति को गॉड में उठा के पढ़ी पे बिठा के ले लिया स्टेज पे और उसके साथ भी डांस किया जोह सबको अच्छा लगा , रति अच्छी डांसर थी और आर्यन उसके साथ रदम में डांस किया .

राजवीर सिंह ," रति की हर ख़ुशी hi आर्यन से जुडी है , वह उसको आश्मान की बुलंदिओं पे देखना चाहती है और देखना सारू ऐसा वह जरूर करेगी ".

सारू भी हसकर ," हाँ बापू आज आर्यन जहाँ है वह माँ और अंजू मौसी की म्हणत hi है ".

राजवीर सिंह ," न न म्हणत मत बोल अंजू तो दिमाग़ है रति का तभी बापू ने अपनी दूसरी बेटी खुद चुनी ".

डॉ अंजू ," नहीं जीजाजी , बापू तोह मेरे भगवन हैं पर दीदी ने दिन रात एक किया है फिर गीता छोटी थी पर खूब देखभाल भी करि एक अच्छी माँ की तरह".

राज सिंह ने अलग hi सवाल कर दिया," वैसे गीता संभल पायेगी महापंचयत की जिम्मेदारी कितनी गुस्से वाली है ?"

राजवीर सिंह ," क्यों नहीं संभल पायेगी , तुम ने देखा नहीं है उसका रॉब. अबकी बार गाओं जाकर देखना . महापंचयत वालों के लिए यह गीता देवी है , फिर गुस्सा तोह रति की दें हैं खूब सर चढ़या है इसको . लेकिन में खुश हूँ गीता के लिए की आर्यन जैसा लड़का मिला, वह खुश रहेगी उसको साथ फिर शादी के बाद पति का प्यार और बच्चे बदल देता है व्यवहार ".

सारू ," गीता थोड़ी मोहफट जरूर है पर गलत उसको बर्दास्त नहीं इशलिये आर्यन से भी भीड़ जाती है पर आर्यन सबसे बेहतर उसको समझता है ".

अणि की नज़र अपने नानाजी पे पड़ी तोह जल्दी से आकर उसके गले लगी तब उनको भी लगा सच्च में बहोत छोटी ड्रेस फेनी है ," नानू आप उठ गए अरे में चली जाती ".

राजवीर सिंह हसकर ,"जब आया हूँ तोह तुझे प्लेन में बिठा के hi जाऊंगा फिर नींद काम hi आती है ".

सारू ," अणि कितने दिन में वापस आएगी, में अकेली बोर हो जाउंगी ".

अणि मुस्करा के ," माँ आपको बस भाई hi दीखता है और अब वह यहीं है जल्दी hi आ जाउंगी पर 3-4 दिन तोह लगेंगे hi , इतने अपनी होने वाली बहुओं से सेवा करवायो फिर अब राजकुमारी जी हैं तोह महारानी वाली फीलिंग लो ....... hi hi hi hi ".

राज सिंह ने केयर दिखते हुए कहा ," में चालू तुम्हारे साथ बीटा ".

अणि ," Don't वोर्री डैड ी विल मैनेज फिर मेरी पूरी टीम जा रही है सिक्योरिटी भी कोई प्रॉब्लम नहीं होगी , अन्य्वयस थैंक्स में कुछ कम्फर्टेबले पहनकर आती हूँ फिर निकलूंगी एयरपोर्ट के लिए ".

सबके गले मिलकर अपने रूम में चली गयी ....... सारू ने अपनी आँखों से आंसूं पहुंच के कहा ," बच्चे कितने जल्दी बड़े हो गए ".

राज सिंह ," अच्छा है न दोनों अपनी लाइफ के फैसले लेते हैं और सक्सेसफुल हैं ".

तभी आर्यन आया पर िशबार सारू को ले गया डांस के लिए तोह उसके चेहरे पे रौनक आ गयी , दोनों ने 2 गांव पे डांस किया तोह डॉ अंजू बोली," यह सारू इतनी डिअर से अपनी बारी का इंतज़ार कर रही थी अब देखो खुश है ".

राज सिंह ," सारू बोलती नहीं है पर आर्यन को बहोत प्यार करती है , अणि उसकी जिद्दी बेटी है हमेशा साथ रही हमारे पर आर्यन को मिस करती थी और अपने को दोषी मानती थी ".

राजवीर सिंह ," सारू , हमेशा अपनी चाहत दबा लेती है दुसरे की देख के पर हाँ आर्यन भी उसको बेहतर समझता है ....... राज तुम भी जाकर अपनी पार्टी एन्जॉय करो बस में िंह सबसे दुर्र हूँ तोह बेजिझक ड्रिंक करो पर उतनी की अपनी मर्यादा याद रखनी ठीक हो ".

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अपडेट 36

Part - 3

सारू के मैं में बेचैनी हो रही थी रात का 2 बज रहे थे पर नींद आज कोशों दुर्र थी ....... राज सिंह, उसके बाजु सोया हुआ था मतलब उसने अपनी पावर उसे कर उसको सुला दिया था .

अब धुविद्या यह थी की उसने आर्यन को थोड़ा तैसे करने का सोचा , उसके बेटे को भी झटका जरूर लगा पर वह संभल गया. आर्यन को दुःख था की उसकी मम्मी उसके प्यार को सिर्फ जिस्म तक hi समझती है जबकि जिस्म सेकेंडरी है किसी भी सच्चे प्यार करने वालों के लिए. वह अब कटरा रहा था फिर अपने डैडी को कोई साख की वजह नहीं देना चाहता था . लास्ट में एक बार सारू के साथ डांस करके सबको जाता भी दिया की अपनी मम्मी से बहोत प्यार करता है मगर मीणा की आँखों से यह चुप न सका.

मीणा भी समझदारी मान के िश टॉपिक से दुर्र hi रहना चाहती थी , दोनों को प्रेम अचानक से पनपा फिर तड़प , बेचैनी और अब कुछ तोह हुआ है पर मुश्किल भी खुद hi हल करो .

सारू उठकर अपने रूम से निकल मीणा के रूम में पहुंची तोह डॉली और नेहा भी उसके साथ सू रही थी फिर नेक्स्ट 2-3 रूम में देखि पर आर्यन न मिला जहाँ उसको लगा हो सकता है .

उसको लगा कहीं अपने बच्चों की माँ के पास तोह नहीं गया फिर कविता को उसका अंदाज़ा था पर आशुतोष ( बड़ा मां ) आया है तोह नहीं गया होगा पर तभी 3 फ्लोर पे उसको किसी के पायल के घुंघरू की आवाज आयी .......

सारू जब ऊपर पहुंची तोह गैलरी में लास्ट रूम बंद होने की आवाज आयी ...... वह जब वहां पहुंची तोह हलके से दूर की नॉब घुमाई तोह लॉक खुला था ...... हल्का से खोल के उसको 3 औरशन की सिसकियाँ सुनाई दी .......

सारू पीछे होकर पर तभी उसको," शह्ह्ह्हह्ह्ह्ह आर्यन आराम से डालना ......."

सारू के सरीर के सारे रोये खड़े हो गए यह आवाज उसकी जेठानी विमला की थी पर 2-3 मं में उसको अंदाज़ा हो गया अंदर कोण कोण है ...... पर तभी चीख सुनी फिर बस ुम्हह ुंहःहःहः की आवाज जैसे किसी ने मोह दबा दिया हो किसी औरत का चिक्तियन हुए .

सारू ढेरी से दूर खोल के पहले अंदर आके मिला दी की कोई आवाज बहार न जाए फिर थोड़ा आगे बढ़कर एक परदे को साइड से अंदर झांकी िश 8 फट लम्बी 5फट की एंट्री गैलरी जैसे हिस्से में जहाँ लेफ्ट में बाथरूम का दूर था और राइट में अलमीरा ....... सम्मन एक कर्टेन था उसके बाद पूरा बैडरूम जोह विमला का था.

सामने का नजारा देखकर उसके रोंगटे खड़े हो गए नज़ारा hi ऐसा था ?????

तीनो औरशन को आवाज से पहचान लिया था सारू ने विमला और जग्गू दीदी के साथ उसकी कविता भाभी बिलकुल नंगी थी ........

आर्यन एक मोती गांड वाली को कुटिया पोज़ बनकर अपना लुंड उसकी गांड में उतर के पहाड़ दिया था , दोनों ने ुष औरत के हाथ दबा रखे थे और एक उसकी पीठ सेहला रही थी ....... आर्यन का लुंड सटासट आधा गांड में अंदर भर हो रहा था और वह औरत बस गुणणणणण गुणणणण कर रही आर्यन के पीछे से उसकी छोटी पकड़ के मोह दबाने से .......

थप्प्प्प्प थप्प्प्प्प की आवाज और कविता जग्गू को बारी बारी आर्यन को चूमते देखकर सारू समझ गयी विमला दीदी की गांड पहाड़ दी है आर्यन ने .

सारू 1 मं और चुप चाप देखकर रूम से बहार निकली और अपनी शील्ड ों कर दी , आर्यन को भी पता चल गया मम्मी यहीं है पर कुछ सोचकर अब और जोरसे से विमला की 20 मं गांड पेल के झाड़ा ........

पिछले डेढ़ घंटे में तीनो की छूट बजा चूका था और विमला की गांड भी, मारनी तो कविता की थी पर उसने कल अपने पति आशुतोष के जाने के बाद मारने को कहा .

आर्यन भी फ्रेश होकर शील्ड हटाकर सीधा रति के सुईठे में गया और वहीँ उसकी बाँहों में सू गया , सारू उसका इंतज़ार करती रही पर वह तोह मजे से रति की एक चूची चूसता सू गया .......

सुबह 5 बजे उसका मोबाइल रिंग हुआ तोह आंखें खोल के नंबर देखकर उठ गया और कॉल कट कर दिया, रति के गाल पे किश करके फ्रेश हुआ और सीधा टेरेस पे पहुंचा 5तह फ्लोर पे. अभी अंधेरा hi था पर दोनों लड़कियां उसको हुग करके गुड मॉर्निंग किश की .

आर्यन ने नेहा और डॉली को गले लगा के कहा ," अब रेडी हो जाओ नए एक्सपीरियंस के लिए , पहले अपने यह ट्रेक सुईठे निकल के स्पोर्ट्स अंडरवियर में आ जाओ ...... हम सेमि नुदे या बाद में टॉपलेस योग करेंगे पर कोई किसिंग नहीं कोई ओरल टच नहीं बस थोड़ा रोब्बिंग चलेगा ".

डॉली मोह बना के ," फिर क्या मज़ा आएगा भाई ?"

आर्यन हसकर ," आये मेरा स्वीट बच्चा पहले करके देख , बस पोजीशन ऐसी होगी की दो लोग पूरी बॉडी जोड़कर आसान करेंगे अगर आसान मुद्रा हुयी तोह तीनो भी क्यों कैसे रहेगा ?"

नेहा अपनी आईज में स्पार्कलिंग दिखा के ," लुक्स अवेसमे बीआरओ , डॉली अगर मजा न आये तोह बाद में भाई तुमको मस्ती भी करा देगा ".

डॉली भी त्यार हो गयी ," ठीक है पर मस्ती में जरूर लुंगी ".

तीनो उन्देर्गर्मेन्ट्स में थे पर डॉली बोली," भाई आपका चेस्ट मुझे अच्छा लगता है यह बनियान निकल दो" ....... नेहा ने भी कहा ," मलेस तोह टॉपलेस hi योग करते हैं ".

आर्यन ने बनियान साइड रखा और एक बड़ा मैट बिछा के पहले डॉली को अपने आगे खड़ा करके 5 मं 2-3 आसान करवाए तो बोर होने लगी तब आर्यन ने कहा 5 मं तू अकेली कर मैंने नेहा के साथ 2-3 पोज़ करके दिखता हूँ .......

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नेहा डेली प्रैक्टिस और एथलेटिक बॉडी वाली थी दोनों 10 मं में कई अलग अलग पोज़ करके आसान किये तोह वह भी हांप रह गयी .......

फिर आर्यन ने डॉली के साथ कमर के निच्चे का हिस्से जोड़कर आसान करवाए और हर आसान पे एक किश करता तोह उसका जोश और मजा बढ़ने लगा ...... नेहा मुस्करती हुयी अपने आसान कर रही थी .

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ऐसे hi दोनों को फिर कुछ इंटिमेट आसान करवाए तोह दोनों बहोत खुश हुयी ..... अब ुझला होने लगे था पर डॉली तोह डॉली थी उसको लास्ट में 5 मं डीप किश करने की मानी तोह आर्यन ने नेहा को भी किश किया .

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डॉली ," भाई िश्मे भी अलग मज़ा आया और नेहा दी आप ठीक hi कहती थी हर चीज़ सेक्स से नहीं बल्कि अपने लवर के साथ क्वालिटी टाइम बिताने से भी अच्छा लगता है ".

तीनो निचे आये तोह दोनों लड़कियां अपने रूम में गयी और आर्यन सबसे निच्चे क्योंकि 6 बजे नानाजी जाने वाले थे बड़े मामा के साथ .

मगर वहां तोह ठाकुर बलदेव सिंह के साथ भीमा भी आया हुआ था .

आर्यन आगे बढ़कर अपने नानाजी के बाद सब बड़ों के प्यार छुए और राज सिंह को गुड मॉर्निंग बोल के गले लगा.

राजवीर सिंह ," आर्यन अभी रति नहीं उठी क्या ? उसको बोलो मुझे गाओं भी जाना है अभी कुछ जरूरी बात भी करनी है वार्ना डिअर हो जाएगी आशुतोष को भी अपना काम धंधा देखना है ".

आर्यन अपने नानजी के पास बैठकर बोलै," आप कहीं नहीं जा रहे और मामाजी भी आज रुक जायेंगे . माँ को अभी सूने दिज्ये वैसे भी वह कल डिअर रात तक hi सू नहीं पायी थी ".

राजवीर सिंह ," पर बीटा वहां भी तोह सब देखना पड़ेगा न ".

आर्यन अपने नानाजी के गले लगकर ," बस अब कोई बहाना नहीं सुनोगे आप रुक रहे हो, प्लीज नानाजी अब तोह आप रिटायरमेंट पे हो फिर भी मेरे लिए टाइम नहीं आपको ".

राजवीर हसकर ," अच्छा में फ्री hi सही पर तुझे टाइम कहाँ मिलता है फिर तुझे अपनी सास महारानी जी को भी टाइम देना पड़ेगा न ".

आर्यन ," ठीक है बस आज का दिन रुक जाओ कल नहीं रोकूंगा ".

राजवीर," चल फिर गार्डन में hi घुमते हैं, तुम सब चाय पियो हम थोड़ी डिअर में आते हैं ".

दोनों के बहार जाते hi ठाकुर बलदेव सिंह बोले ," आर्यन को देखकर लगता है की काश हम भी उसकी तरह जवान होते तोह एक खुलती की बाजी लड़ पाते...... पर अब उम्र के िश पड़ाव पे बस हड्डी hi बिखर जाएँगी , क्यों भीमा ?"...... है है है है ........

भीमा भी हसकर ," ठाकुर शभ अच्छा है न अपने दिनों में हम कुछ कुश्तियां जीत तोह पाए नहीं तोह बस हर दंगल में मोह लटकाये hi लौटना पड़ता आर्यन से हार के "....... है है है है ......

नवाब और राज अभी भी टेंशन में थे संजय के लिए पर अभी तक कोई खबर नहीं थी ऊपर से आर्यन से पूछने की हिम्मत नहीं थी वार्ना गुस्से में कुछ अनिष्ट न कर दे संजय के साथ और मुकर भी जाए .

आशुतोष कल अपनी बीवी बच्चों से मिल कर खुश था , डॉली अपने पापा से खूब लाड ली और उसका बीटा राहुल भी पापा पापा करता उसकी गॉड में खेला . कविता भी पूरे सम्मान से अपने पति से मिली पर आशुतोष भी जनता था उन्ह मिया बीवी के बिच की गहरी खाई अब कभी पैट नहीं पायेगी. राहुल उसके साथ hi सोया था और कविता ने मॉर्निंग की चाय देकर उसको उठाया भी .

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रति तोह सपनो की दुनिया में आर्यन के बाजु सिंघासन पे बैठी अपनी गॉड में अपने बेटे को खिला रही थी और सबको निर्देश भी दे रही थी एक राजदरबार में. आर्यन की सब बीवियां और उसकी सास मिरदुला भी निच्चे दुसरे छोटे आसान पे बैठी थी और रति का ाहौदा सबसे ख़ास था ........ तभी एक कुरूर चेहरा देखकर उसकी आँख खुल गयी ?????

कितना अच्छा सपना था पर वह डरवाना सा आदमी कोण था , कोई भी हो ऐसा दिन जरूर आये जब में आर्यन की रानी बनु और सब मेरे से निच्चे हो ....... मगर सपना नहीं हकीकत hi देखि थी रति ने पर अधूरी पिछले जनम की , सायद समय नजदीक आ रहा था की पिछले घटनाक्रम दुबारा पुर्नवृति करे ?

रति उठी तोह टाइम देखा ," अरे 7 से ऊपर हो गए और किसी ने मुझे उठाया भी नहीं ....... यह आर्यन सुबह सुबह कहाँ गया ".

कड़ी हुयी तोह प्यार के जोड़ का दर्द आर्यन के साथ बिताये रात के पल याद दिला गया," मुय , पूरा घोडा है अंदर तक सुजा देता है ..... "

रात में सबसे पहले रति को एक बार प्यार करके सुला दिया फिर अपनी मम्मी जग्गू के पास पहुंचा तोह विमला के साथ कविता भी वहीँ मिली थी ..... सबकी चुदाई करके जब गांड मरने की बारी आयी तोह कविता , बबिता के पास से लुब्रिकेशन जेली लायी थी जिसके पायल की आवाज सारू को सुनाई दी थी जिसके पीछे वह वहां पहुंच गयी और पहली बार ऐसा नज़ारा देखकर उसको पिछले जनम की यादें ताज़ा हो गयी .

आर्यन की आवाज आयी ," माँ माँ कहाँ हो देखो कोण आया है ?"

रति अभी सीलवेलेस सेक्सी सी निघ्त्य में ऐसे hi बहार गयी तोह मोह पे हाथ रखे वापस भागी सामने वाले साक्ष को देखकर और बाथरूम में जा घुसी .

राजवीर भी अपनी बीवी रति को ऐसे देखकर चक्र गया पर आर्यन हसने लगा तो राजवीर भी झेंप के ," यह क्या सबसे ऐसे hi मिलती है ?"

आर्यन अपने नाना से ," आये नानू आप तोह बस माँ को हमेशा घूंघट में hi रखो , अरे वह अपने सुईठे में है कोई उसकी परमिशन के बिना नहीं आ सकता , रुको बुला के लाता हूँ ".

राति की सांस धोकनी की तरह चल रही थी , राजवीर उसका पति था वह तो सब उसकी जवानी से देखा hi था पर आज इतने साल बाद और ऊपर से आर्यन के सामने ...... तभी आर्यन की आवाज आयी ," माँ फ्रेश होकर जल्दी आ नानू बुला रहे हैं ".

आर्यन बहार आकर ," नानाजी में भी नाहा लेता हूँ फिर नाश्ता भी साथ करेंगे , आप नेवसपपेर पढ़ो अभी आया ".

आर्यन अंदर गया तोह राजवीर भी चौंक गया ," की यह दोनों इतने बेशर्म हो गए की मुझे बहार बिठा के अंदर एक साथ नहाएंगे ....... परमात्मा अब एहि दिन बच्चे थे देखने को ".

पर 1 मं बाद आर्यन वापस आया अपने कपडे लेकर और ड्राइंग हॉल वाले बाथरूम में चला गया तब राजवीर को कुछ चैन की सांस आयी ," सुबह सुबह में भी क्या ानप सनाप सोचने लगा . रति की उम्र हो गयी है फिर आर्यन की भी शादी होने वाली है . मगर रति को देखकर लगा अभी भी वैसे hi जवान है ....... राम राम राम ...... में नहीं बेथ सकता यहाँ यह माँ बेटे मेरा सन्यास भी भ्रस्ट करा देंगे "........ और उठकर सुईठे के बहार चला गया .

मीणा ने नानाजी को देखा तो नमस्ते करती गले लग गयी तोह राजवीर ने भी ढेर आशीर्वाद दिया मीणा को आखिर आर्यन की जुड़वाँ भें थी दोनों बचपन से hi राजवीर के बहोत क्लोज थे.

मीणा फिर से वापस सुईठे में ले आयी तोह राजवीर अब बेहतर था , आर्यन रेडी होकर बहार आया तोह रति भी एक डिज़ाइनर साड़ी में बिलकुल रेडी थी ......

राजवीर सिंह से नजरे चुरा के मीणा को रति बोली," मीणा कुछ चाय वगेरा माँगा ले ".

मीणा भी गुड मॉर्निंग किश करके रति के गले लगी फिर इंटरके से चाय के लिए बोल दी तब आर्यन बोलै ," माँ , यह सब सोच रहे है चाचाजी और मौसाजी को मैंने गायब करवाया है , नानू को भी विश्वास नहीं मेरी बात पे ".

रति अब थोड़ा गुस्सा दिखा के बोली," तुम सबको बस मेरा बीटा hi दुश्मन नज़र आता है पर गीदड़ की खाल में छुपे अपने सुअर नहीं....... उन्ह दोनों को मैंने उठवा है बोल देना जिससे बोलना हो , मेरी बेटी पे बुरी नज़र डालने वाले को जिन्दा तो छोड़ नहीं सकती ".

आर्यन भी राजवीर सिंह के साथ हैरान रह गया , उसको लगा बिना ने उसके लिए दोनों को रघु से उठवाया होगा पर माँ ने कैसे यह कर दिया पर अगले रति के वर्ड्स उसको होश में लाये ......

रति ," यह सब तुम्हारी बेटी अणि का किया धरा है अपने दामाद की तारीफ सुन ली तोह जुटते मार मार के यहाँ से उसको भी भगा डोज ....... वह दोनों मेरे छोटी भें अंजू की बेटी बेचारी सलोनी की इज्जत पे हाथ डाले , कुलदीप का मुझे पता न चला वार्ना में सबसे पहले उसे hi मारती...... मेरे घर की लड़की या बहु अगर किसी के आगे टांगें खोलेगी तो अपनी मर्जी से चाहिए घर का मर्द हो या बहार का ".

राजवीर सिंह खड़े होकर ," काम से काम अपनी जुबान तो ठीक कर रति यह दोनों बच्चे भी हैं यहाँ और सजा सिर्फ मौत की नहीं होती जेल से लेकर कई दानन्द दिए जा सकते हैं . फिर दोनों की बीवियां हैं बच्चे हैं , ऐसे hi किसी की मांग का सिन्दूर उजाड़ दो ".

रति भी गुस्से से फुंकारी ," आर्यन तू मीणा के साथ बहार जा ".

आर्यन ," पर माँ तेरा बप वैसे hi बढ़ जाता है , गुस्सा मत कर और नानाजी मेरी माँ कभी गलत नहीं करेगी आप भी शांत हो जायो ".

आर्यन ने हाथ पकड़ के रति को अपने पास बिठा के खुद उसका सर अपनी गॉड में रखकर उसको चुप करवा के उसके प्यार को सोफे पे रख दिए ...... राजवीर भी शांत पद गया .

मीणा थोड़ा सीरियस होकर बोली ," वैसे नानाजी ऐसी हरकत के लिए माफ़ी आगे किसी बड़ी घटना के लिए संकेत होती है क्योंकि इश्से मुजरिम का होंसला hi बढ़ेगा बस फर्क इतना है की मुजरिम अपना खून है और सायद सलोनी मौसी परै ".

राजवीर सिंह भी मीणा की बात सुनकर थोड़ा शर्मिंदा hi हुआ , सलोनी को वह भी अपनी बेटी सारू की तरह hi मानता था और रति भी कभी बर्दास्त नहीं करेगी की सलोनी के साथ कुछ बुरा हुआ .

रतिदेवी ," आज बापू ( चौदर्य माधव सिंह) होते तो किसी को पता भी नहीं चलता की दोनों को जमीन खा गयी या पातळ निगल गया , तुझे तो याद hi होगा न राजवीर दोनों Maa-beti के लिए क्या किया था बापू ने आज वही इतहास धैर्य गया वह भी मेरी चौखट पे ".

रति हमेशा अकेले में hi अपने पति को उसके नाम से पुकारती थी पर आर्यन और मीणा उसके अपने थे तोह कोई झिझक भी नहीं हुयी पर अब राजवीर भी डर रहा था तोह आर्यन को देख के बोलै ," अब तू hi समझा बीटा और किसी की तोह यह सुनेगी नहीं , में क्या सब एहि सोच रहे हैं की दोनों को तू ने रघु से गायब करवाया ".

आर्यन जोह अपनी माँ का सर दबा रहा था बोलै ," नानाजी में भी एहि समझ रहा था बिना ने मेरी वजह से उठवाया है पर कुछ तोह उन्ह दोनों को इंतज़ाम करना पड़ेगा फिर औरशन और लड़कियां हमारे खानदान में ज्यादा हैं . यह तीनो लंदन में क्या गुल खिला के आयें हैं वह तो आपको पता चल hi गया होगा पर घर की इज्जत पे हाथ डालना माफ़ी के काबिल नहीं है ....... ठीक है आप hi सजा सुनो दे पर अगले गलत कदम के लिए उनकी मौत का हार भी मुझे पकड़ा देना ".

रति उठकर बैठी ," परररर ारयणणणणणण ..... "

आर्यन ने उसके मोह पे अपनी ऊँगली रख दी ," बस माँ मेरी यह बात मान ले , नानाजी की भी इज्जत की बात है उनके ऊपर भी ताऊजी और डैडी ने प्रेशर डाला होगा ".

रति कड़ी होकर ," कर अपने मैं की और अब तोह तुझे बस अपना नाना hi दिखेगा में या अंजू तो कुछ लगते hi नहीं "..... गुस्से से बड़बड़ाती अपने बैडरूम में चली गयी तोह मीणा भी उसके पीछे हो ली .

आर्यन जब अपने नानाजी को देखा तोह वो भी मुस्करा दिए ," इशलिये में बोलता हूँ यह और अणि एक जैसी हैं जिद्दी और गुस्से वाली , तेरे पे भी नाराज हो गयी ".

आर्यन भी मुस्करा दिया ," आप देखो क्या करना है पर आपको hi जवाब देना पड़ेगा अंजू मम्मीजी को, माँ पक्का मेरी क्लास लगवा देगी ".

राजवीर सिंह भी उसके हाथ पे हाथ रखकर ," बीटा िंह औरशन और लड़कियों को तू hi संभल सकता है सब तुझपर विश्वास रखती है अपने लाड प्यार के कारन इशलिये हक़ भी जताती हैं , सलोनी और अंजू को में समझा दूंगा पर मंजू और निर्मला बेटी से तू बात करना तुझे दोनों बीटा मानती हैं तो समझ जाएँगी ".

राजवीर सिंह निच्चे मर्दों में चल दिया और आर्यन अपनी रूठी माँ को मानाने .

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रति ने आज पहले अपनी कोठी जिसकी फिनिशिंग चल रही थी वहां आर्यन के साथ जा देखकर कुछ डिअर ऑफिस अटेंड करने का प्लान बांया था .......

( रति अपने मैं में ) पर आर्यन सुबह सुबह उसके पति को सुईठे में लाकर सब चौपट कर दिया और अब उन्ह दोनों कुत्तों को माफ़ करने की बात कर रहा है , अपनी खुद की भें की बात आयी तोह पूरा गाओं उजाड़ दिया . मेरी और मेरी भें की बेटियों की कोई इज्जत hi नहीं पहले बाप ने लूटी अब खुद उनके साथ सूता है और अब सलोनी के चक्कर में होगा वह बेचारी दुखी भी होगी उसकी गॉड में लेट जायेगा और वह भी इश्कि बाँहों में होगी...... नहीं मर आर्यन यह नहीं होगा , सलोनी को तू टच भी नहीं करेगा में अभी अंजू को बुलाती हूँ वह hi नापेगी इश्को ......

रति के मैं की कुंठा कुछ ओरे hi तरफ मुद गयी थी ....... इसे कहते है करे कोई भरे कोई . मीणा को भी आर्यन की बात पसंद नहीं आयी थी की वह क्यों पैरवी कर रहा है उन्ह घिनौने आदमीओ की .

आर्यन बैडरूम में आया तो दोनों मोह पहला ली थी तभी बेल्ल रिंग हुयी तोह माइड टिया और स्नैक्स लेकर आयी थी ..... आर्यन ने उससे ट्रे लेकर विदा किया तो डॉ अंजू भी आ गयी तोह आर्यन भी समझ गया की माँ भी न कभी नहीं समझेगी .......

डॉ अंजू को गुड मॉर्निंग किश किया तोह उसने बतया की आज उसकी नानी अपर्णा के टेस्ट करने पड़ेंगे तोह आर्यन ने कहा आप परेशां न हो पहले में अपना चेक उप करूँगा पर यह माँ जब फ्री करे तब उनको देखूं , वैसे भी शांत मैं से वह काम होगा .

डॉ अंजू बोली ," तू सब काम छोड़ और जाकर वह कर जिसके लिए अपर्णा को रोका है , दीदी को में समझा लुंगी ...... ले मेरे सुईठे ( रीता वाला सुईठे) की चाभी लॉक कर लेना कोई डिसट्रब नहीं करेगा ".

आर्यन भी खुश होता हुआ (मैं में) पहले यहाँ से भागो नहीं तोह उन्ह दोनों के साथ मम्मीजी भी राशन पानी लेकर मुझपे चढ़ जाएगी. " मुंमईजी मुझे 2 घंटे भी लग सकते हैं आप हॉस्पिटल चली जाना वहीँ लेकर पहुंचूंगा नानी को ".

आर्यन ट्रे पकड़ा सरपट दौड़ लिया चब्बी लेकर और अपने सेलफोन से कॉल डाइवर्ट का बटन दबा मीणा के सेल की तरफ ट्रांसफर कर दिया ...... बिना को कॉल करके बोलै," कोई पूछे तो बोलना में 1 घंटे बाद मिलूंगा".... और उसको काम बता के अपने रूम में गया.

वहां अपना एक छोटा बैग फिर दुसरे बैग में जरूरी चीजिएं दाल के मर मालिक की वाइफ , अपर्णा नानी के पास पहुंचा .

वह बीएड पे तक लगाए कोई मागज़ीने पढ़ रही थी और बिलकुल गंजी थी यानी विग उतर राखी थी ...... आर्यन खूब हँसा तोह चीड़ गयी पर जल्दी hi पास जाकर उनका तकला चूमा ," वैसे आप दोनों तरफ से चाँद हो गयी हो नानी सर से भी और चेहरा तोह है hi आपका चाँद ..... hi hi hi hi hi ".

अपर्णा चिढ़कर ," है ले तू भी सब के लिए मजाक hi बन गयी में तोह , कितने अच्छे लम्बे रेशमी बाल थे मेरे सब औरशन की हाय लगी होगी ".

आर्यन उनके पास बैठकर ," आप पीएचडी प्यश्कोलोग्य से हो और दिल्ली की यूनिवर्सिटी में फाकालित्य भी ...... किसी की नज़र नहीं लगी बस आपकी बॉडी की अच्छी सेल्स पे बुरी सेल्स ने हमला किया है , सबको बहार का रास्ता दिखेंगे और फिर आपके 6 महीने में नए जैसे मखमली बाल होंगे ".

आर्यन का हाथ पकड़ के अपर्णा ने कहा," बीटा में हस्ते हुए ज़िंदगी से जाना चाहती हूँ पर अपने पति और बच्चों के चेहरों की सिकन दर्द दे जाती है , कैंसर है मुझे और डॉक्टर भी हाथ खड़ा कर दिए हैं ".

आर्यन ," नानी आप बहोत स्ट्रांग हैं फिजिकली नहीं मेंटली और एहि आपकी डिजीज को ख़तम करेगा ...... आपको पता है जानवरों और पक्षिओं के अल्वा हर जीव में , पड़े पौधों में भी कर्क रोग ( कैंसर) हो सकता है. जोह जानवर जंगल में होते हैं वह अपना इलाज़ देसी खुराक से खुद सही कर लेते हैं जबकि पालतू या हम सविलीज़ेड ह्यूमन ने नए तरीके इलाज़ के साथ नयी बीमारी के भी खोज लिए ".

अपर्णा ," तुम कह रहे हो की सब बिमारियों का इलाज़ है और हम hi उनका इलाज़ नहीं जानते या गलत तरीके से इलाज़ करते हैं ".

आर्यन ," नहीं हम बीमारी के इलाज़ के लिए कुछ हानिकारक युक्ति भी ुष बीमारी के लिए प्रयोग कर लेते हैं जोह काम हानिकारक साइड इफेक्ट्स या बीमारी दे जाती है . चलो आज में अपने देसी इलाज़ के साथ आपके रेगुलर check-up के साथ जोड़कर िश कर्क रोग को नष्ट करने की कोशिश करता हूँ ...... कल जोह मैंने रात को आपको एक खड़ा दिया था कैसा था ?"

अपर्णा ," युककककक उसको पीकर लगा की जैसे उससे कड़वा स्वाद किसी का नहीं हो सकता".

आर्यन ," गुड , रात में नींद कैसी आयी और अब कैसा लग रहा है जरा सोचकर के बाटना ".

अपर्णा ने रीलीज़ेड किया टास्ते में तोह कड़वा था पर उसको रात में दर्द नहीं हुआ नींद भी अच्छी आयी, सुबह उठी तोह फ्रेश फील हुआ और मैं भी शांत है तभी तोह मागज़ीने पढ़ रही थी .

आर्यन जाकर इतने दूर अंदर से लॉक किया फिर कार्पेट हटा के एक डिस्पोजल कवर शीट फ्लोर पे बिछा के अपने बड़े बैग से जरूरी सामान निकल के साइड में अर्रंगे कर दिया. अपर्णा उसको hi गौर से देख रही थी फिर अपने कपडे उतर के एक अलमारी में रखा और सिर्फ अंडरवियर में hi बाथरूम में जाकर एक बाल्टी में पानी भरकर लाया .

अपर्णा हसकर ," अब तू नहाने वाला है क्या यहीं रूम में ?"...... hi hi hi hi ..... एक्चुअली आर्यन की सूंदर बॉडी देखकर वह मंतर मुग्ध सी हो गयी थी , कितना सूंदर और बलिष्ट है ऊपर से हसमुख चेहरा और नीली आंखें . सरीर में झुरझुरी से छूट गयी पर अभी तोह सरप्राइज होने की बारी थी .

आर्यन ," आपको भी कपडे उतारने पड़ेंगे तभी इलाज़ शुरू होगा, कुछ जड़ी बूटी के साथ केमिकल भी मिलाने पड़ेंगे तोह कपडे ख़राब होकर गलत रिएक्शन स्किन से करेंगे ".

अपर्णा झिझकते हुए ," नहीं नहीं यह क्या बोल रहा है में कैसे ".......

आर्यन बोलै ," इतने हॉस्पिटल घूमकर इतने अनजान लोगों के सामने नंगी होकर इलाज़ करवा चुकी हो पर अपने बेटे से शर्म आ रही है इसी गंजी औरत को , don't वोर्री यू अरे इन एक्सपर्ट हैंड ...... बिना मर्जी गलत टच नहीं करूँगा ".

अपर्णा न न करती रही , उसका गाउन उतर के उसकी ब्रा भी उतर दी फिर पेंटी भी उतर के उसको निचे शीट पे लिटा दिया ..... " बस अपने ट्रीटमेंट का सोचा अभी बहोत दर्द भी होगा , पर ठीक पक्का हो जाओगी".

अपर्णा शरमाते हुए ," नहीं हुयी तोह इज्जत तो वैसे भी चली गयी तेरे सामने".

आर्यन ," इज्जत दिल से होती है किसी व्यक्ति की और तन्न बिज्जत बुरे दिलवाले या सोच के लोग hi कर सकते हैं ...... आप मेरी हमेशा प्यारी नानी थी और रहेंगी ".

आर्यन ने फिर एक बाउल में तीन चार डिब्बे खोल के ुश्मे जड़ी बूटी दाल के एक गोंड की तरह बैगनी रंग का सा कुछ डाला फिर छोटे मुसल से कूट के पीसने लगा ...... फिर 2 डिब्बे से एक एक गोली निकला और अपर्णा को खिला दिया ......

अब उसका भी कटहल बढ़ता जा रहा था की क्या क्या पिश रहा है और ऊपर से इतना सीरियस उसने आर्यन को कभी नहीं देखा.

बाउल में कुछ बांड पानी मिला के अब घोटने लगा ....... 5 मं अच्छे से घोट के एक कपडे को गीला करके पहले अपर्णा का पूरा पेट पहुंचा फिर उलटी करके साइड की कमर और बैक .......

सीधा लिटा के खड़ा होकर अपना छोटा सा बैग खोल के एक शीशी निकला और ुष में से 2 ड्राप ब्राउन क्रिस्टल टाइप जेल लिक्विड पीला के बोलै ," यह एक छपकली का मॉल मूत्र है बहोत जेह्रीला है देखना ऐसा लगेगा की जलते कोयले की आग आपके पेट पे लग रही है दर्द बढ़ेगा ....... पर में अभी लेप लगूंगा तोह थोड़ी ठंडक मिलेगी बस चीखना मत ...... "

अपर्णा ख़ूऊओ ख़ूऊओ ..... क्या छिपकली का मॉल , चींईईईई तू पागल हो गया है इलाज़ के नाम पे कुछ भी..... खिला दिया ......

आर्यन उसकी बात अनसुनी करके अब अपनी ऊँगली से ुष हलके बैगनी रंग के पेस्ट को लगाने लगा , किसी चित्रकार की तरह आगे पेट पे लेप लगा लेने के बाद पलट के पीछे लगाने लगा पर अजीब लेप था स्किन से टच होते hi सोख्ता चला गया ......

आर्यन ने पानी की बाल्टी में से गीले कपडे से पानी टपकना शुरू किया और वह फूलने लगा , इधर अब अपर्णा भी दर्द से हाय हाय करने लगी पर आर्यन नहीं रुका और पानी बूँद बूँद ुष लेप पे गिरता रहा और वह दर्द से अब दहाड़े मार के रोने लगी हाथ पेअर पटक रही थी पर आर्यन को पता था अभी बेहोश भी हो जाएगी ......

वही हुआ अपर्णा के बेहोश होने के बाद भी आधे घंटे वह पानी की बूँद बूँद डालता रहा. लेप की जगह पूरे कमर पे बैगनी कलर का प्लास्टर सा था पर पानी सोखकर फूलता .......

आर्यन ने अब वह प्लास्टर सा हाथ से फाड़ा तोह फटता चला गया पर पेट अभी भी गरम था ...... पहले अपर्णा को उठाया और उसको बाथरूम में लेजाकर लेता दिया फिर सारा टॉम जहां समेत के अच्छे से रखा . एक वास्ते कवर में सब वास्ते भरकर एक गट्टे के बॉक्स में पैक कर दिया ....... बाथरूम में अच्छे से पहले अपर्णा को साफ़ किया फिर खुद भी साफ़ हुआ .......

बीएड पे कपडे पहना के खुद भी पहना और सुईठे से बहार निकल गया ...... अपने रूम में पहुंचा और सब सम्मान वापस अपनी जगह पे रख के कल रात वाले काढ़े वाली एक जड़ी बूटी एक छोटी शीशी में भर ली .

निच्चे किचन में पहुंचा और काढ़ा त्यार करने लगा तब बड़ी मामी बोली," नाश्ता तोह कर ले सब इंतज़ार कर रहे हैं ".

आर्यन ," अभी नहीं कवी डार्लिंग बाद में अभी नानी का काढ़ा त्यार करके उनको पीला दूँ ".

पिछले गेट से ऊपर चला गया वार्ना सब दिंनिंग एरिया में hi थे , बीएड पे बिठा के अपर्णा का मोह खोल के उसको गरम गरम काढ़ा स्पून से पीला दिया 10 मं में और उसके दोनों हाथ बीएड से बाँध दिए ताकि उठकर पानी न पिए , अभी भी वह बेहोश थी .

आर्यन सुईठे से बहार निकल के रति के सुईठे में पहुंचा तोह डॉ अंजू गुस्से से उसको देखि वह चब्बी देकर बोलै," अगर यहाँ किसी को मेरे ऊपर विश्वास नहीं तोह मत चलो साथ निच्चे ब्रेकफास्ट करने , मुझे तोह जाना पड़ेगा आखिर मेहमानो के प्रति भी हमारा फ़र्ज़ है और अपनी समस्या हम बाद में भी सलहज सकते हैं ".

रति चिढ़कर ," देखा अंजू , अब ताने भी हम पे मारेगा ".

मीणा कुछ सोचकर ," नानी माँ ब्रेकफास्ट के बाद आप इश्कि क्लास लगा लेना हमको निच्चे चलना चाहिए ".

आर्यन मुस्करा दिया क्योंकि मीणा के ऐसा कहने से रति और डॉ अंजू भी ढीली पद गयी क्योंकि अब तक मीणा भी उनके साथ थी .......

तीनो निचे पहुंचे जहाँ रॉयल फॅमिली के लिए ब्रेकफास्ट खुद कविता मामी ने त्यार करवाया था ...... कुछ ने टेंशन में कुछ नहीं मस्ती में और कुछ लोगों ने खूब हसकर नाश्ता किया ...... पुरे 40 डिशेस थे ......

ब्रेकफास्ट के बाद आर्यन ने कहा के वह माँ के साथ आज ऑफिस जायेगा एक मीटिंग है आफ्टरनून लंच तक आ जायेगा . पहले ऊपर जाकर बिना को समझाया की अपर्णा नानी को पानी मत पीने देना और यह शीशी काढ़े वाले इनके बैग में रख दे . में जल्दी hi आऊंगा तब डिटेल में बात होगी .

राजवीर सिंह की रघु से बात करवा के वह रति के साथ पहले कोठी देखने के लिए निकला तोह डॉ अंजू और मीणा भी साथ हो ली ....... आर्यन समझ गया बाला ताली नहीं और बढ़ गयी है , तीनो खूब प्लानिंग से उसकी मारेंगी ........ उधर सारू भी आज सुबह से गम शूम और मोह पहले थी पर शो नहीं कर रही थी .......

दोनों ठकुरियन रूपा और सुचित्रा भी आर्यन से नाराज थी की उनको टाइम नहीं दे रहा है ....... इधर लड़कियां अपने भाई के साथ घूमने का प्लान बांयी थी और महारानी मिरदुला के साथ दीप्ति गीता भी आर्यन के साथ टाइम स्पेंड करना चाहती थी .

बात वही थी एक हैं अनार यहाँ [img=22x0] है बीमार यहाँ यह दिल किस किसको दूँ ????

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दिन के 11 बजे ......

तीन सुव दिल्ली बॉर्डर क्रॉस करके अब दुसरे प्रदेश पे एंटर कर चुकी थी और राजवीर सिंह ने ठाकुर बलदेव सिंह को भी साथ ले लिया था. पुराण यार्न था hi और एक दुसरे के लिए सम्मान भरपूर . ठाकुर बलदेव सिंह , रतिदेवी को अपनी चौदरीअन या मालकिन hi समझता था और राजवीर सिंह उसका कुश्ती का यार था ऊपर से बाद में रति से शादी हुयी तोह दोस्ती और रेस्पेक्ट भी मजबूत रहा .

अपनी अपनी जिंदगी और परिवार में दोनों वषट थे , ठाकुर बलदेव सिंह हमेशा रंगीन मिजाज था और अभी तक सब शौक रखता था पर राजवीर सिंह बच्चों की शादी के बाद आधात्म से जुड़ गया और सन्यासी बनकर अपने सादे जीवन में वषट था .

पिछली कार में नवाब सिंह ने राज सिंह के साथ आशुतोष सिंह को भी ले लिया और भीमा तोह था थी उसके साथ जोह पिछली सीट पे नवाब के साथ 2-2 पेग दिन के 10 बजे hi खींच गया था .

पीछे एक सुव में सिक्योरिटी गार्ड्स आर्यन ने भेजे थे उनके साथ , जबकि बाकी दोनों सुव में भी 2-2 गनमैन बैठे थे.

दिल्ली से एक घंटे सफर करने के बाद गाड़ियां एक नहर की पटरी हो ली और एक क़स्बा क्रॉस करके एक बांध कारखाने के अंदर पहुंची तोह गन लिए 4 आदमी उनकी तरफ hi आ रहे थे पर राजवीर सिंह को देखकर उनका सरदार दौड़ता हुआ आया और उनके चरण पद गया .

राजवीर सिंह ने उसको आशीर्वाद देते हुए खड़ा किया और बोले ," मुझे मिलना है उन्ह दोनों से बस ठाकुर मेरे साथ रहेगा ".

भीमा कुछ बोलने को हुआ तोह राजवीर ने हाथ उठा के रोक दिया ," नहीं भीमा काका आज तुम भी इनके साथ रुको और रघु इनकी अच्छी खातिरदारी करवाओ वैसे भी सुबह सुबह मूड में हैं ".

रघु ने अपने आदमीओ को इशारा कर दिया जोह चरों को एक धुल और जले से लगे मचिनार्य वाले हॉल से ले जाकर एक शीशे के दूर के अंदर ले गया जोह लगता था फैक्ट्री का ऑफिस था ...... बड़ी सी टेबल के चरों ओरे 6 चेयर्स पे बिठा के अपने साथी के साथ बहार गया और 2 मं बाद इंग्लिश दारू की 2 बोतल के साथ बर्फ सोडा और कुछ चखना भी ला के सजा दिया .

राज सिंह ने मन कर दिया पर आशुतोष को भीमा ने राजी कर लिया..... इधर उधर की बातें करते हुए नवाब सिंह ने पुछा ," भीमा तुझे भी चौदर्य शभ ने साथ नहीं लिया ?"

भीमा ," सब तेरी वजह से हुआ , राजवीर को पता है की में तुझे जरूर बता दूंगा की क्या बात हुयी "...... है है है है ......

नवाब सिंह ने आशुतोष को भी फार्महाउस पे बता दिया था की कल क्या हुआ तोह वो भी गुस्सा हुआ की सलोनी दीदी तोह इतनी अच्छी नेचर की है और डॉक्टर भी है तब दोनों जीजा संजय और देवेंदर ने ऐसा किया .

कारखाने के अंदर जाकर एक कंटेनर में घुसकर , रघु उनको 3 फ्लोर अंडरग्राउंड में ले गया . धुल की मोती परत और जले बता रहे थे बरसों से यहाँ कोई नहीं आया था .

राजवीर ," रघु बीटा तू कब दिल्ली आया ? यह कहाँ रखा है उन्ह दोनों को ? "

रघु ," चौदर्य शभ , यह खुफ़िआ जगह है बस रखनी पड़ती है बड़े लोगों की सेवा के लिए ...... "

ठाकुर बलदेव सिंह तोह रघु को देखकर hi डरा हुआ था ऊपर से अकेला hi राजवीर उसको ले आया. पहले एक दो बार दोनों के आदमीओ का सामना तो हुआ था पर डायरेक्ट मुठभेड़ नहीं हुयी थी . ठाकुर को साथ देख रघु भी कामिनी स्माइल दिया, आज राजवीर सिंह साथ था नहीं तोह पहले िश ठाकुर की खबर जरूर लेता रघु .

लोहे की पुराणी सी लिफ्ट से निच्चे पहुंचे तोह गोदाम टाइप हॉल सा था बस एक जगह hi जहाँ बल्ब जल रहा था वहां 4 आदमी निच्चे चटाई बिछाये जुआ खेल रहे थे ..... रघु के पीछे 2 आदमीओ को देखकर एक डैम पत्ते फ़ेंक के उनकी तरफ लपके .......

रघु अपनी कड़क आवाज में ," ोये पिल्लू जाकर लाइट जला और 2 कुर्सी लेकर आ मालिक आये हैं .. .. .. "

आर्डर मिलते hi लाइट जाली तोह यह काफी बड़ा हॉल था , एक कोने में बोरिया के छत्ते थे , कुछ लोहे की जुंग खायी मचिनेस भी पड़ी थी और एक तरफ लकड़ी की पत्तियां भी राखी थी डेंजर के सिग्न चप्पी हुयी.

दो आदमी कुर्सी लेकर आये और पिल्लू जोह सबसे बछड़ा और गन्दी सकल का था वह सामने आकर खड़ा हुआ तो रघु ने इशारा किया तोह बोरिये के स्टैक्स के पीछे से दो बोरिया लेकर आया और सामने पटक दी ......

रघु ," तुम जाओ पत्ते खेलो में देख लूंगा ".

चरों वापस वहीँ चले गए पर ऐसे hi खड़े थे ........ राजवीर सिंह एक कुर्सी पे बैठकर ठाकुर को भी बैठने को बोलै पर घभराहट से चेहरा पूरे पसीने से भीग गया िश पहलवानी ठाकुर बलदेव सिंह का .

बुरे के मोह खोल दोनों को जमीन पे पटक दिया अंदर से दुर्गन्ध सी आयी , संजय और देवेंदर की हालत बहोत पतली थी खूब धुनाई हुयी थी और दोनों हुग मूट भी दिए थे कपड़ों में ......

राजवीर सिंह ने अपने नाक पे रोमल लगते हुए उन्ह रूट हुए हाथ पेअर बंधे और मोह टेप से बंद की तरफ इशारा किया तो रघु ने टेप हटा दिया .........

बच्चो लो मौसाजी ....... बचाओ ससुरजी ..... यह मार डालेंगे ...... रघु ने दोनों को एक एक लात जमाई और टेप से मोह बंद करके चिल्ला के धमकी दिया ," अब के कोई सा बोलै तोह भेजा उदा दूंगा , बस सुनो मालिक क्या पूछ रहे और सच्च सच्च बता दो वार्ना ...... "

राजवीर सिंह ने पुछा ," क्यों किया ?"

और रघु के टेप हटते hi रट्टू टूटे की तरह 15 मं में सब बक दिए जिसको सुनकर तीनो hi हिल गए ....... राजवीर ने रघु को इशारा किया तोह टेप फिर से लगा दिया .....

राजवीर सिंह घंभीर आवाज में ," हम तीनो ने कुछ नहीं सुना , मेरी बात ध्यान रखना आर्यन और उसकी माँ तक यह बात गयी तोह समझ लेना हम तीनो का भी टाइम अब दुनिया से ख़तम हो गया है ".

राजवीर खड़ा होकर चल दिया तोह ठाकुर बलदेव तो इसी की टाक में था कब यहाँ से निकले और दम दबा के भाग ले , इश्से अच्छी तोह हमारी ठाकुर गिरी है यह रघु तोह बहोत पहुंची चीज़ है और आर्यन के साथ चौदरीअन का गुलाम है .

राजवीर सिंह ने अलग अकेले में रघु के कान में कुछ कहा फिर रति से फ़ोन मिलकर 5 मं बात की और तीनो ऊपर ुशी शीशे वाले रूम में पहुंचे तोह सब खड़े हो गए .......

राजवीर सिंह ने कहा ," राज मेरे साथ वापस चलो और तुम सब ठाकुर बलदेव के साथ आ जाना उन्ह दोनों को लेकर कोई जल्दी नहीं ".

राज को बगैर कुछ मौका दिए राजवीर सिंह सीधा दिल्ली निकल गया. राज ," चौदर्य शभ कुछ पता चला दोनों कैसे हैं ?"

राजवीर ने गहरी सांस लेकर कहा ," अब तुम वापस लंदन जाओ राज और अपना प्रोजेक्ट कम्पलीट करके हमेशा के लिए यहीं वापस आ जाओ बस यह समझ लो उन्ह दोनों से तुम अब कभी नहीं मिलोगे ".

राज कुछ बोलने लगा तोह राजवीर सिंह ने कहा ," तुम अपने काम पे ध्यान दो और आकर अपने परिवार को देखो यहाँ नवाब देख लेगा उसको क्या फैसला करना है , वह तुम्हारा बड़ा भाई है कभी गलत नहीं करेगा. मेरा विश्वास करो कभी में तुमको गलत सलाह दे सकता हूँ ?"

राज सिंह भी मजबूर सा हो गया अब क्या बोले पर राजवीर ने सीधा अणि को कॉल मिलाया और उसकी राजी ख़ुशी पूछ के उसको अभी पहली फ्लाइट में लंदन की 2 टिकट बुक करने को कहा तोह फिर चौंक गया . उसके बाद सारू को कॉल करके सीधे एयरपोर्ट राज का लगेज भेजने को कहा .

राज सिंह की कुछ समझ में hi नहीं आया उसके ससुर क्यों उसको लंदन भेज रहे हैं तब उसको अणि का कॉल आया ," डैडी आपकी कंपनी से 4 कॉल आ चुके हैं आपका फ़ोन नहीं लग रहा होगा क्योंकि मैंने कॉल डाइवर्ट करवा राखी थी , it's ान इमरजेंसी आप जल्दी निकालिये अबकी बार कॉल डायरेक्ट आएगा ".

2 मं बाद सच्च में राज सिंह के सेल पे दे दाना दान एक के बाद एक कॉल कंपनी से आते चले गए ........ सच्च में वहां उसकी टीम को निकलने की बात हो रही थी उसने सीनियर्स से बात करके सिर्फ 24हरष का समय मांग लिया .......

एयरपोर्ट पे राज के लिए भी सरप्राइज था क्योंकि डॉ सलोनी उसके साथ अपना लगेज लिए भी कड़ी थी और गरिमा भी उसको एयरपोर्ट ड्राप करने आयी थी नेहा के साथ ........ राज सिंह भी अपनी दोनों बेटियों को सी ऑफ करके नाम आँखों से खुश था ....... राजवीर सिंह अपने दोनों नातिन के साथ वापस लौट गए फार्महाउस .

राज सिंह को कुछ समझ में hi नहीं आ रहा था पर डॉ सलोनी ने अपने जीजू को कहा की वह लंदन से अमेरिका जाएगी मंजू दीदी के पास. दोनों 4पं की फ्लाइट में बिज़नेस क्लास सीट पे बेथ के बेल्ट लगा लिए .

सलोनी भी बहोत कुछ जानती थी जोह फार्महाउस में हुआ था पर आज वह भी कुश थी, कुलदीप के जाने के बाद फिर से उसके हैंडसम जीजू का हाथ पकडे वह लंदन जा रही थी और भेजने वाली थी उसकी अपनी बेटी गरिमा .

राज ने सलोनी को बोलै की कब की फ्लाइट है न्यूयोर्क की तोह बोली ," वहीँ लंदन जाकर बुकिंग कर लुंगी ".

राज की उंगलियन सलोनी के उंगलिओं में काश गयी ," कुछ दिन नहीं रुक सकती मेरे साथ...... प्लीज सलोनी में बहोत अकेले हो गया हूँ"...... यह बात इमोशनल होकर उसने कही .

सलोनी भी अपनी तड़प छुपाती शर्मा के बोली ," क्या जवाब दूंगी में सब फ़ोन करके पूछेंगे तोह ".

राज तोह खुसी के मारे बिज़नेस क्लास की सीट पे उसकी तरफ झुकार उसके लबों को hi चूम लिया ," बोल देंगे तुम्हारी तबियत ख़राब है इशलिये कुछ दिन बाद जायेगी".

सलोनी भी अपने जीजू छुम लवर को चूम ली ," ी लव यू राज ी लव यू ....... "...... और उसका सीट की तरफ का हाथ अपने सीने पे दोनों हाथों में भींच के अपना सर उसके कंधे पर रख ली ........

" प्यार हुआ िकररअर हुआ फिर प्यार से क्यों डरता है दिल ......... "

आज दो पुराने प्रेमी फिर से मिलकर जुड़ गए पर नए नए Aryan-Saroo के बिच अनचह्यो दुरी बढ़ती जा रही थी ......

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## दोस्तों िश अपडेट में मैंने 2 सेक्स सन एस्केप किये हैं , एक रति का और दूसरा फोर्समे वाला ...... होप यू लिखे आईटी की स्टोरी की स्पीड बढ़ा दी है .
 
अपडेट 36

Part - 4

आर्यन हॉस्पिटल होता हुआ करीब 1 बजे फार्महाउस वापस लौटा तोह लंच की तयारी चल रही थी . गरिमा ने आते hi आर्यन को बोलै की मम्मी ( सलोनी) उसको बुला रही है .

एक बार मीणा की तरफ देखा तो उसने कहा की मुझे सारू मम्मी से कुछ काम है एक घंटे बाद लंच पर मिलती हूँ ....... रति और डॉ अंजू अब अपर्णा नानी के साथ थी जोह बीएड पे लेती काफी कुछ सोच रही थी की आर्यन ने उसका ऐसा क्या ट्रीटमेंट किया की अब बिलकुल ठीक लग रही है चलो रिपोर्ट भी कल तक आ जाएगी .

आर्यन जब गरिमा के साथ 2ंद फ्लोर पे डॉ सलोनी के रूम में पहुंचा तो वह काफी सीरियस लग रही थी जैसे रूई हो. आर्यन आगे उसके बीएड के पास पहुंचा तो सलोनी उठकर आर्यन से लिपट के रोने लगी , गरिमा ने दूर बंद कर दिया था .

आर्यन ने सलोनी को पुचकारते हुए कहा," मम्मी क्या हुआ don't वोर्री में हूँ न बातो मुझे "...... वह गरिमा के आगे कल वाले काण्ड की बात नहीं करना चाहता था .

गरिमा भी आर्यन के पीछे से लिपट के रोने लगी तो अब वह भी डरने लगा की ऐसा क्या हुआ पर दोनों को अपने गले लगा लिया और बोलै ," मेरी मम्मी और बेबी की आँखों में आसूं किस वजह से मुझे जान्ने का हक़ भी नहीं क्या ? गरिमा तू बोल क्या बात है ".

गरिमा सुबकते हुए ," आप मेरे रियल भाई हो न मुझे आज hi पता चला ...... ी लव यू भाई ".

सलोनी रूट हुए ," बड़ी माँ ( रति ) ने सलोनी और नेहा को उनके असली बाप का सच्च बता दिया तब से बस अपनी hi बेटी से नज़र नहीं मिला पा रही हूँ ".

आर्यन का अब माथा ठनका ओह्ह्ह्हह्ह्ह्ह तो माँ िश लिए आज इतना अकड़ के गुस्सा दिखा रही थी , कोई नहीं खुद hi पछ्तायेगी जब पूरी सच्चाई पता चलेगी ......

आर्यन सीरियस होकर ," िश्मे रोने की क्या बात है गरिमा बेबी , सलोनी मम्मी के हम दोनों बीटा बेटी हैं ....... सारू मम्मी के हम बीटा बेटी हैं और राज डैडी के भी बीटा बेटी हैं बस कुलदीप डैडी hi हमको अपना बीटा बेटी नहीं समझ पाए ....... तुझे खुसी नहीं हुयी अपने नए डैडी के बारे में जानकार ".

सलोनी तोह आर्यन के सीने से और चिपट गयी थी सुबकते हुए पर गरिमा ने आर्यन की आँखों में रूट हुए देखा तो उसके आँखों से आसूं पहुंच के बोलै ," क्या तुझे या मुझे फर्क पड़ेगा की हम दोनों के माँ बाप कोण है ? मुझे तोह इतना पता है मेरी एक छोटी सी नन्ही से बेबी डॉल जिसका नाम गरिमा इतने सालों बाद अब बड़ी हो गयी है पर है मेरी उतनी hi प्यारी भें क्यों ?"

गरिमा भी सर हिलाते हुए ," हाँ भाई में आपकी hi बेबी डॉल हूँ , मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता "......

आर्यन के गले लग गयी तोह प्यार से मीठी मीठी बात करके उसने डॉ सलोनी और अपने डैडी राज की प्यार की स्टोरी थोड़ा मसाला और जज्बात को जोड़कर सुनाई जिसको सुनकर एक बार को सलोनी भी हैरान थी की मैंने टूट के इतनी सिध्दयत से अपने राज जीजू को प्यार किया था क्या ?

आर्यन और अणि की एहि विशेषता था की कितना hi कड़वा सच्च क्यों न हो पर अपने जुबान की मिठास और प्यारी बातों से सामने वाले को रीलीज़ करा दे की िश नज़र से देखो कुछ गलत नहीं .

गरिमा भी अपने भाई का पूरा चेहरा चूमि तो सलोनी भी अपने बेटे का कहाँ छोड़ती , आज उसकी नज़र में सही दूध का क़र्ज़ अदा किया जब बेटी के सामने उसको राज खुल गया ....... 15 मं में hi बाजी पलट गयी और रति का डर सच्च होने लगा था की सलोनी को भी पता लिया था आर्यन ने ......

आर्यन के ऊपर गरिमा लेती थी और सलोनी लेफ्ट साइड में उसके हाथ के ऊपर सर रखे करवट लेकर ....... आर्यन ने फिर मंजू माँ की कहानी सुनाई तो गरिमा बिच में रोक दी और नेहा को कॉल करके बुलाई , नेहा को अंदजा था पर अब वह भी आकर दूसरी तरफ लेटकर स्टोरी सुनी जिसमे अपने डैडी राज को एक सूंदर राजकुमार की तरह पेश किया फिर सारू , मंजू और सलोनी को तीन सूंदर सूंदर राजकुमारी भेने जोह पहली नज़र में hi उसके प्यार में पद गयी .

राजकुमार हिम्मत न जूता पाया की तीनो राजकुमारी को बराबर प्यार दे पाए पर प्यार के साथ समय बीतने पे 4 बच्चों का जनम हुआ , सबसे बड़ा लड़का फिर 3 अलग अलग राजकुमारिओं ने तीन नन्ही नन्ही प्यारी राजकुमारिओं को जनम दिया ....... सबसे बड़ी का नाम नेहा रखा गया , दूसरी का अनीता ( अणि) और सबसे छोटी का गरिमा . बस समाज के लिए दोनों छोटी राजकुमारिओं ने अलग अलग खानदान में विवाह किया पर प्यार आज भी उनका उतना hi पावन है और तीनो नन्ही राजकुमारी उतनी hi पवित्र प्यार की धरोहर .

तीनो की आँखों में आंसूं आ गए लव स्टोरी सुनकर पर आर्यन ने कहा ,"बस कुछ राज अपने प्यार के लिए छुपा के रखते हैं और हम भी ऐसा hi करेंगे ".

गरिमा ," भाई में भी अब डैडी hi बोलै करुँगी "......

आर्यन ," यह परमिशन तो मम्मी hi दे सकती हैं , चलो लंच करते हैं मेरी भेने और मम्मियां इतनी कमजोर नहीं की कोई उनके अस्तित्व और करैक्टर पे गलत ऊँगली उठा दे तो चुप बैठी रहे. प्यार करना कोई जुर्म तोह नहीं क्यों नेहा ? क्यों बेबी डॉल ? "

लड़कियां भी अपने भाई पे मर्डर मिटी थीं एक तोह शादी भी पक्की कर ली थी और दूसरी को यह अच्छा मौका मिला की मम्मी (सलोनी) को अपने असली डैडी (राज) से फिर मिलवा देगी तो अपने प्यार (आर्यन) को प्यार का ीझरार आसानी से कर पाएगी नेहा दीदी की तरह ....

इसी दौरान रति को राजवीर का फ़ोन आया तोह 5 मं बात करके वह भी शॉक में थी पर लंच के बाद आर्यन के साथ बात करने का सोची .......

सभी मर्द गायब थे लंच के समय बस आर्यन ने सबके साथ स्पेशल मेहमानो के लिए त्यार लंच किया और अब बैठक रति के निच्चे ग्राउंड फ्लोर के ऑफिस मीटिंग रूम में थी ....... जहाँ आर्यन को डॉ अंजू , रति ने मीणा के साथ घेर लिया था बस इनके अल्वा बिना hi वहां थी जिसको आर्यन ने रोक लिया था.

(बिना का तीनो को पता था की आर्यन की परछाई बनकर रहती है इससे कुछ नहीं चिपटा होगा )

डॉ अंजू," आर्यन माना में बापू की सगी बेटी नहीं पर मैंने उतना hi प्यार पाया और दिया है िश खानदान को फिर सलोनी के गुनेगार को माफ़ी दी जा रही तुम्हारी वजह से ".

रति ने और तंज़ कास दिया ," हाँ उनको माफ़ करवा देगा और सलोनी की ज़िंदगी को सवारने के लिए उसको अपना लेगा पर धयान रख सब मेरी तरह नहीं होते. अंजू कभी नहीं चाहेगी की हमारी सलोनी बेटी दूसरी मंजू बने ".

आर्यन ने मीणा की तरफ देखा तो मीणा बोली," बात तोह नानी माँ की भी ठीक है भाई, अब सलोनी मौसी hi खुद तुझ में अपना फ्यूचर देख सकती हैं या देख रही हो ".

रति ," इशलिये में सलोनी को कुछ दिन तेरी दादी के पास भेज रही हूँ अमेरिका वहां रीता भी है तोह कोई दिक्कत नहीं होगी ".

आर्यन ," ठीक है में साथ ले जाऊंगा जब जाने को लेने जाऊंगा अब खुश और मुंमईजी अगर नानाजी कुछ हक़ से मुझे या आपको कुछ आदेश दे तो आप मन कर डौगी उन्ह जैसे सच्चे इंसान को ?" ...... डॉ अंजू भी चुप रह गयी की यह बात तो ठीक है राजवीर सिंह को कोण मन कर सकता है वह कभी गलत बोलता hi नहीं.

मीणा ," अबकी बार नानाजी भी गलत हैं भाई, तेरे मौसाजी देवेंद्र सिंह कितने भले आदमी हैं सब जानते हैं और हमारे चाचाजी के बारे में निर्मला चाचीजी बता सकती हैं पर अपने पति की आने की खबर मिलते hi वह यहाँ से पीछा छूटा के अपने मायके भाग गयीं प्रभा को लेकर कल सुबह ".

आर्यन ," मीणा मेरी कल फ़ोन पे बात हुयी निर्मला मम्मी से और प्रभा से भी वहां नानाजी की भी प्रोस्टेट की सर्जरी हुयी थी 1 वीक पहले तोह जल्दी आ जाएँगी. रही चाचाजी की बात गलती नहीं उन्होंने पाप करने की कोशिश की जान मुझ कर पर माफ़ी मैंने भी नहीं दी है बस मुझे हर बार रोक दिया गया, कल तू ने और दोनों माँ ने फिर आज नानाजी ने . अब क्या करूँ ,अगर मेरी कोई गलती है तो सजा भी बता दो ".

रति ने सही मौका ताड़ लिया ," राजवीर का फ़ोन आया था राज वापस लंदन जा रहा है और सलोनी अमेरिका जाएगी टिकट अणि बुक करवा देगी. मुझे अब कोई और बहस नहीं चाहिए यह मेरा आखिरी फैसला है. अभी मैंने गीता को नहीं बतया है तोह समझ लो खैर hi है वार्ना दूसरों के जीजा ( राजा रणजीत सिंह) मारने में उसको मजा आया होगा तो अपने दोनों जीजा के तो सर काट के चंडी देवी तांडव hi करेगी ".

आर्यन के साथ अब बाकी सब भी है दिए तब बिना ने माहौल को हल्का करने के कहा," फिर गलती मेरी hi है मुझे गीता मैडम को कॉल करना चाहिए था सबसे पहले "...... hi hi hi hi hi ......

आर्यन हसकर ," नहीं उसको इन्वॉल्व मत करो , काम से काम चंदा रानी अब मेहमान नवाजी तोह करना सीख गयी है "...... अब बाकी भी मुस्करा दिए .

आर्यन ," पर सलोनी मम्मी का अकेले जाना ठीक नहीं है , किसी को जाना पड़ेगा उनके साथ ".

मीणा ने बात राखी ," में अणि को फ़ोन करती हूँ दो टिकट लंदन के कर दे , वहां तक राज डैडी के साथ और आगे की फ्लाइट वहीँ से पकड़ लेंगी क्यों नानी ".

डॉ अंजू भी कुछ सोचकर," पर सलोनी को कोण मानेगा अगर उसने मन किया जाने से".

मीणा ," और कोण मानिएगा , एक उनका बीटा आर्यन और दूसरी उनकी बेटी गरिमा ..... देखा नहीं दोनों कितनी खुश थी आर्यन के साथ खाने खाते हुए ".

डॉ अंजू ," क्या बोल रही थी गरिमा और सलोनी आर्यन , दीदी ने उनको सच्च बता दिया था मीणा के कहने पे और नेहा को भी ".

आर्यन एक कुटिल मुस्कान देकर तीनो को देखा ," जब आप से होता नहीं है तो क्यों रायता पहला देते हो , उनको मैंने समझा दिया है ...... कुछ कड़वे सच्च सूखे घाव की तरह होते हैं उनको कुरेद के क्यों हरा करते हो . वैसे भी मंजू माँ और सलोनी मम्मी ने कुछ गलत नहीं किया , प्यार hi तो हुआ किसी से वह भी सच्चा पर जब वह छुपा रही थी तो क्यों बहार निकला . खैर सुकर मनो की दोनों आप दोनों की तरह नहीं सोचती नहीं तो आप दोनों रिटायरमेंट में होती और वह दोनों आपकी जगह ".

रति थोड़ा गुस्से से ," हम को उन्ह दोनों की तरह एक तराजू में टोल दिया , अगर पहले पता चल जाता तोह चप्पल मार मार के दोनों के प्यार का भूत उतर देती ".

आर्यन ," इशलिये नहीं बतया तेरे को दोनों ने की तू कभी नहीं समझ पायेगी फिर भी दिल दरिया है दोनों को अपने को hi गलत मानती है किसी और को नहीं. डैडी को अणि यहाँ बुलाती है और अब तू और नानाजी वापस भेज रहें हैं कोई मम्मी ( सारू) को भी पूछ लो की वह भी वापस जाना चाहती है की नहीं ?"

मीणा ने तुरंत कहा ," सारू मम्मी कहीं नहीं जा रही हैं मेरी उनसे बात हुयी है "...... सबने मीणा की तरफ देखा तो बोली ," वह अणि की साथ hi जाएँगी और अभी अणि और नेहा की वेकेशन बाकी है".

आर्यन एक दम से बोलै ," नेहा कहीं नहीं जाएगी , उसका ट्रांसफर में दिल्ली करा रहा हूँ . वह यहीं से इंटर्नशिप करके आगे पग करेगी एंट्रेंस देकर उसको ऑन्कोलॉजिस्ट बनना है . शादी के बाद उसको मेरे साथ रहना है उसने बता दिया है ".

रति थोड़ा चिढ़कर ," फिर तोह तेरी सब बीवियों ने बता दिया होगा की किसको क्या करना है ?"

आर्यन हसकर ," हाँ सबने बता दिया है सिर्फ तुम दोनों नकचढ़ी बहेनो ने छोड़कर की कोण मेरा कितना खून चूसेगी ...... गीता गाओं की महापंचयत की देखभाल करेगी यहीं दिल्ली रहते हुए , मेरे साथ वीकेंड में गाओं जाय करेगी. जाने यहीं दिल्ली में एडमिशन लेकर अपनी रिसर्च पे काम करेगी . डॉली अभी मोना की 6 मोनथस असिस्टेंट रहेगी फिर आगे देखते हैं किसकी सेक्रेटरी बनेगी . दीप्ति को अपने ब फाइनल का एग्जाम देकर यहीं दिल्ली में रहना है मेरे साथ . समय समय पे वह अपने राजकुमारी वाले कर्तव्य भी निभाती रहेगी ".

डॉ अंजू हसकर ," क्या बात है पूरी प्लानिंग कर राखी है पर मीणा का क्या ?"

आर्यन ने आँख मार के ," हम दोनों बस दिन रात बैडरूम में प्यार करेंगे हर साल एक बच्चा पैदा करेंगे शादी के बाद बस यही प्लान है ".

तीनो चौंक गयी पर आर्यन और बिना हसने लगे ....... मीणा चिढ़कर ," कुछ भी भाई देख तोह ले सब हैं यहाँ ".

आर्यन ," घूम ले तू भी आजाद पंछी बनकर शादी के बाद मेरी चलेगी ..... hi hi hi hi "...... रति की भी झांट झुसला दी थी जोह थी hi नहीं कल hi साफा चाट की थी आर्यन के आने से पहले ......

डॉ अंजू ," अब जा बीटा पहले सलोनी को मन और उन्ह दोनों को अगली बार माफ़ मत करना ".

आर्यन ," में नहीं मैंने वाला वह समझेंगी में उनको भगा रहा हूँ, में गरिमा और नेहा को बोलता हूँ वह मन लेगी पर डैडी के साथ मत भेजो वह रस्ते में hi पता लेंगे वह कभी अमेरिका नहीं पहुंचेगी ".

आर्यन वहां से बहार निकला बिना के साथ और गरिमा, नेहा को सब समझा दिया की डैडी के साथ सलोनी मम्मी को जाने दें अमेरिका घूम आएँगी तोह उनको भी अच्छा लगेगा . गरिमा को सही मौका मिल गया .

डॉ अंजू भी आर्यन की बात पे चिंतित होकर रति की तरफ देखि तोह उसने कहा ," देख अंजू , सलोनी समझदार है वह ऐसा राज के साथ न करेगी पर आर्यन से पक्का चिपक जाएगी तब मुझे मत बोलना. में आर्यन को अपनी तीनो बेटियों के लिए रोक नहीं पायी पर तू रोक सकती है ".

मीणा ," छोटी नानी , सलोनी मौसी को खुद तय करने दो तो बेहतर होगा और वैसे भी कुलदीप मौसाजी के जाने के बाद एक मजबूत कन्धा तो वह भी ढूंढ रही होंगी. चाचाजी भी हो सकते थे पर सायद वह हवस पहले दिखा दिए जबकि सलोनी मम्मी को सेक्स नहीं केयर की जरुरत है , औरत तो मर्द का विश्वास पाकर तन्न सौंप hi देती है. आर्यन बेस्ट चॉइस है उनको लिए पर सारू मम्मी को भी यह पसंद नहीं आएगा . मंजू मौसी की बात अलग है वह पहले से hi आर्यन से मेल मिलाप करती आयी हैं ".

डॉ अंजू ," मैंने कल से सारू को थोड़ा उदास देखा बस दिखा रही की वह खुश है ".

मीणा ," वह भी नानी माँ की स्टेज में हैं , आर्यन उनको पूरा भी चाहिए और दुसरे कोई अस्स पास भी नहीं . मगर अणि ने गलत पैसा फेंका है, सारू मम्मी बहोत स्ट्रांग हैं वह िश तूफ़ान को भी पार कर जाएगी जबकि फैसला तोह बहोत साल पहले hi कर चुकी थी ".

रति थोड़ा मायूस होकर ," आर्यन को सबकी परवा रहती है बस मेरी नहीं , सब उसके सेज है बस एक में hi उसको दुश्मन लगती हूँ ".

डॉ अंजू ," दीदी अब तुम मत शुरू हो जाओ, आर्यन किसके पास है कल से सबको पता है , िश मीणा से भी पूछ लो किसी और से तो ढंग से मिला भी नहीं अभी तक , मुझसे भी ज्यादा बात नहीं हो पायी ".

मीणा हसकर रति के पास जाकर उसको गले लगाकर ," नानी माँ आप तोह उसकी पटरानी हो सबसे ख़ास सबसे प्यारी , वह सबको भूल सकता है आपको नहीं. आप भी उसको परेशां मत करो नहीं तोह पक्का कहीं भागेगा और उसके कदरदानों की कोई कमी नहीं है. मिरदुला माजी और सारू मम्मी भी आर्यन के लिए तड़प रही हैं ".

रति थोड़ा इत्र के ," हुण्णं बड़ा तड़प रही हैं , जब गीता कल उन्ह दोनों हरामखोरो का बंद बजा रही थी यह दोनों maa-bete मेरे hi सुईठे में लगे थे ...... रिकॉर्डिंग देखि है मैंने ".

डॉ अंजू ," अच्छा फिर रात भर कोण लगा था आर्यन की बाँहों में ...... है है है है..... दीदी छिड़ना बंद कर दो और सारू, गीता से तोह बिलकुल नहीं , दोनों की नाक हो आप बस जलन उन्हें भी होगी आपसे क्योंकि आर्यन को कुछ आपके आगे दीखता hi नहीं ".

मीणा ," वैसे नानी खुश खबरि कब सुना रही हो , सबसे पहले अणि को बाटना जल जाएगी ..... hi hi hi hi hi..... ".

रति अपने पेट पे हाथ फिरा के ," मुझे लगता है काम हो गया है पर टेस्ट नहीं करुँगी क्योंकि मुझे खुद महसूस करना है ".

मीणा मैं में ," तभी तोह इतना नकचडापन आ रहा है , जल्दी hi सब याद आ गया तो सबके सर पे प्यार रखकर चला करेगी यह महार्यं की *पट्टू ( पटरानी ) रतिदेवी ".

*पट्टू = इसी नाम से सब महार्यं की औरतें उसकी पटरानी रतिदेवी को पिछले जनम में बुलाती थी .

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आर्यन ने मिरदुला और दीप्ति को इवनिंग में दिल्ली घूमा ने का प्रोग्राम बांया , अपनी फॅमिली मेंबर्स को भी बोल दिया की जिसको चलना है साथ चले.

अपर्णा नानी से मिला और बिना के साथ उनको समझया की िश काहदे को पीना है और कुछ दिन बाद एक बार फिर वही ट्रीटमेंट करूँगा तोह देखना खून बनना डबल स्पीड से शुरू हो जायेगा.

अपर्णा भी अच्छा महसूस कर रही थी और आर्यन की केयर के साथ असुरनके ने उसको भी कविके कर दिया वह अपने घर जाना चाहती थी पर आर्यन ने उसको एक रात और रोक लिया की कल मर मालिक आकर ले जायेंगे.

आर्यन जब बिना के साथ अपने सिक्योरिटी डिपार्टमेंट के ऑफिस में पहुंचा तो उसकी स्पेशल टीम वहीँ उसका इंतज़ार कर रही थी ....... एक घंटे लम्बी मीटिंग चली और आखिरी में डीडे हुआ की बिना अब सिर्फ रतिदेवी की सेक्रेटरी रहेगी और उसकी सिक्योरिटी देखेगी . नीला अब डॉ अंजू की बॉडीगार्ड और असिस्टेंट रहेगी . आर्यन की स्पेशल टीम दिल्ली में hi उसकी फॅमिली के सिक्योरिटी संभालेगी . आर्यन को जरुरत होगी तोह उनकी हेल्प लेगा .

मीटिंग के बाद अब बिना और आर्यन hi ऑफिस रूम में थे तो बिना ने नाराजगी दिखाई की वह उसको अपने से दुर्र कर रहा है तो आर्यन ने समझाया ," एक बार माँ की जगह मीणा को कंपनी सँभालने दे तब तुझे फ्री कर दूंगा. देख यार तू भी जानती है की माँ कितनी जिद्दी है और अब तोह बस जैसे गुस्सा उसकी नाक पे hi रहता है. तेरे अलावा मुझे किसी पे विश्वास नहीं है ".

बिना भी सीरियस होकर ," मुझे पता यह सब तू ुष अपनी चंदा रानी की वजह से कर रहा है क्योंकि वह मुझे तेरे साथ देखकर चिढ़ती है तभी तो अलवर में भी सिर्फ नीला को रोक लिया मुझे यहाँ भेज दिया ".

आर्यन हसने लगा तो बिना छिड़ने लगी पर उसको उठा के अपनी गॉड में बिठा लिया और उसको किश करके बोलै," बिना डार्लिंग, अब तू भी ऐसा सोचेगी तो कैसे चलेगा. तू तोह मेरी प्यारी डार्लिंग है, मैंने वादा किया है और निभंगा भी बस सबके सामने हक़ देना मुश्किल होगा ".

बिना ने आर्यन के लबों को चूसने शुरू कर दिया और किश अब स्मूचिंग में बदल गयी. आर्यन भी बिना की तड़प देखकर बोलै ," बस 3 महीने दे फिर तेरी मांग में सिन्दूर भरकर तुझे ढेर सारे खिलोने दूंगा जोह तुझे बिजी रखेंगे माँ माँ कहकर ...... पुछःह पुछठ ...... चुम्म्म्म चुम्म्म्म ...... ".

बिना भी तड़प रही थी बहोत दिन हो गए थे आर्यन से छुड़वाए हुए..... आर्यन की गॉड से कड़ी होकर निच्चे बैठकर उसकी पेण्ट खोल के अपना पसंदीदा खिलौना निकल के बोली," मुझे बस एक बच्चा चाहिए आर्यन बिकुल महिमा जैसा , पूरी जिंदगी तेरे परिवार की गुलाम रहूंगी ....... "

लुंड को मुठियाते हुए जीभ निकल के चाट ली , आर्यन भी उसकी बगल में हाथ दाल के ऑफिस से लगे वाशरूम में लेजाकर एक घंटे तक बिना को दोनों तरफ से बजा के संतुस्ट किया ........ आज रफ़ की जगह पशनातेली लव मेकिंग सेशन ने बिना के सारे गीले सिखवे दूर कर दिए . आर्यन भी जानता था की बिना के लिए यह चुदाई एनर्जी बूस्टर की तरह काम करेगी .

फ्रेश होकर ऑफिस से निकल के आर्यन फार्महाउस चला गया और बिना कंपनी के ऑफिस जहाँ रति भी अभी पहुंची थी मोना और डॉली के साथ. इवनिंग में एक मीटिंग बुलाई थी रति ने एक नए प्रोजेक्ट के सिलसिले में . डॉली पढाई काम करती हो पर मोना के साथ दिल लगा के ट्रेनिंग कर रही थी .

मोना अब रति और रीता मामी दोनों को असिस्ट करती थी वहीँ उसका प्रमोशन भी जल्दी होने वाला था ....... बस आर्यन के लिए तड़प रही थी पर पहले से गीता और जाने के बाद अब राजकुमारी दीप्ति भी शादी करेगी तो सोच ली बस एक बार hi आर्यन सर प्यार दे दें ुशी में खुस रह लुंगी ....... आर्यन की अपनी सिस्टर्स से भी शादी होगी यह उसको नहीं पता था .

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रति ने ऑफिस जाने से पहले सबको साफ़ बोल दिया था की मिरदुला और दीप्ति के साथ घूमने बस आर्यन गीता hi जायेंगे. वह रजवाड़े हैं, मुझे शादी तक कोई खानदान वाला उनके सामने ूचि हरकत करता नहीं चाहिए. यह शादी हमारे खानदान की इज्जत पे बात है. सबको बुरा तो लगा खासकर लड़कियों को पर रति के सामने छू भी नहीं कर सकती और गीता ने भी अपनी माँ की बात न काटना hi ठीक समझा.

आर्यन जब मिरदुला के विप सुईठे में पहुंचा तो देखा उसकी नन्ही पारी महिमा ने अपना कब्ज़ा जमा हुआ है उसकी मैया की गॉड में तो मुस्करा के दूर बंद करके वह भी उसकी गॉड में सर रख लिया ....... महिमा दूध पीकर सू गयी थी तो उसको साइड में लिटा के अपने प्यारे बेटे के मोह में एक चूची लगा दी ....... जोह थोड़ा बहोत दूध बचा उसको आर्यन पी गया .

मिरदुला प्यार से उसके सर में हाथ फेरते हुए ," अब फुरसत हुयी तुझे , अपनी मैया को तो भूल hi गया माहि "......

आर्यन ने निप्पल पे हलके से काटा तोह सीईईईई ....... दोनों बाप बेटी एक जैसे हो काटोगे जरूर .......

आर्यन हसकर उठ बैठा और मिरदुला का पूरा चेहरा चूम डाला ," मेरी प्यारी मैया पुछःह पुछठ ...... तू बहोत प्यारी है ...... पुछःह पुछठ ...... मेरी नारीयी मैया ....... "

मिरदुला हस्ते हुए ," अच्छा अच्छा अब रुक जा मुझे फिरसे साज सिंगार करना पड़ेगा , बता कहाँ ले जा रहा मुझे घूमने ?"

आर्यन ," ऐसा करते हैं आज माँ के मॉल चलते हैं, कुछ शॉपिंग कर लेना और चाहो तो डिनर भी कर लेंगे ".

मिरदुला ," तू साथ होगा तोह सब अच्छा hi लगेगा मुझे तोह , दीप्ति से पूछ ले वह क्या कहती है ".

आर्यन ने गीता को कॉल करके प्लान बतया तोह उसने रति का फरमान भी सुना दिया. अब क्या करे तो कुछ सोचकर बोलै ," ऐसा कर सबको बोल दे डिनर करके रेडी रहें आज सबको डिस्क ले चलते हैं में अभी बिना को कॉल कर बुक करवा देता हूँ ".

मिरदुला को रेडी होने का बोलकर उसने महिमा को गॉड में उठा लिया तो सूट हुए डैडी बोलकर उसके गले लगी सूने लगी ........ महिमा स्पर्श पहचान लेती थी अपने डैडी का ......

बबिता के रूम में पहुंचा तोह खाली था फिर निच्चे पहुंचा तोह सारा परिवार की औरशन लड़कियां वहां जमा थी ...... आर्यन को देखकर सब लड़कियों के चेहरे उदास थे . दीप्ति भी आर्यन से कुछ कहना चाहती थी पर सबकी वजह से चुप रही .

आर्यन ," गीता, दीप्ति जाओ दोनों रेडी हो जाओ हम बहार जा रहे हैं और मैया को भी साथ ले आना पार्किंग में ".

दोनों चली गयी तोह आर्यन बोलै ," किसके पास पार्टी के लिए ड्रेस नहीं है ?"

सब चुप रहे तो मीणा मुस्करा के बोली," किसी के पास नहीं है , क्यों कहीं पार्टी है क्या ?"

आर्यन ," इशलिये तो पूछ रहा हूँ की सब शॉपिंग करेंगे और फिर डिनर उसके बाद मस्ती करने जायेंगे ".

रीना दुखी होकर ," भाई , नानी माँ गुस्सा होंगी उन्हों ने साफ़ मन किया है आप चरों के साथ जाने से ".

आर्यन हसने लगा और महिमा को बबिता की गॉड में देकर , रीना को उसकी चेयर से खड़ा किया और खुद बैठकर अपनी गॉड में बिठा लिया फिर उसके गाल पे चुटकी काटा ," मेरी भोली भेना , माँ ने कहा है साथ नहीं जाना पर अलग अलग जा सकते हैं फिर इत्तिफ़ाक़ से एक hi जगह पहुंचे , इत्तिफ़ाक़ से एक hi जगह शॉपिंग , इत्तिफ़ाक़ से एक hi रेस्टोरेंट में डिनर , इत्तिफ़ाक़ से फिर एक hi डिस्क में डांस भी ...... क्या बोलती है "......

रीना की आँखों की चमक आर्यन की पूरी बात होते होते बढ़ गयी और वही हाल बाकियों का भी था ...... रीना के साथ सीमा और गरिमा भी चिपक गयी आर्यन से और किसी करने लगी .

मीणा ," ए hello , इश्कि प्लानिंग में इतने इत्तिफ़ाक़ कहीं हमको महंगे न पड़े ?"

आर्यन ने कहा ," सस्ता हम कुछ लेते hi नहीं क्यों सीमा- रीना और गरिमा सबको रेडी करो , सबको मतलब सबको बस माँ को नहीं पता चलना चाहिए बाकी में देख लूंगा ".

विमला ताज़ी थोड़ा सीरियस होकर ," पर बीटा रति दीदी की बात भी सही है , वह रजवाड़े हैं हम साधारण लोगों के साथ उनको अच्छा न लगे ".

आर्यन मुस्करा के ," क्या मम्मी आपको मैया या दीप्ति को देखकर लगता है वह मंद करेंगी और जहाँ मुझे लगेगा की हमको अवॉयड करना है में खुद भी नहीं जाऊंगा , दीप्ति हमारे खानदान से रिश्ता जोड़कर हमारे साथ रहेगी हमारे जैसा hi खागी हम जैसा hi पहनेगी ...... राजकुमारी और महारानी वह अपने घर में हैं ".

जग्गू ," आर्यन वह बहोत बड़े खानदान से हैं फिर हमारी मेहमान भी हैं ".

आर्यन ," नहीं मम्मी , मेहमान वह सिर्फ रतिदेवी मैडम की हैं . मेरे साथ वह मेरी मैया और दीप्ति भी चंदा रानी की दोस्त बनकर आयी है चाहे तो मीणा से पूछ लो , मम्मी ( सारू) और गीता को भी पता है ".

गीता तो थी नहीं तो सब ने सारू की तरफ देखा जोह कुछ सोच रही थी पर मीणा के हिलने पे वही बात मीणा ने पूछी तो आर्यन को एक नज़र देखकर बोली ," हाँ आर्यन सही कह रहा है ".

अब सबको रेडी होकर मॉल पहुंचे का कहकर वह सारू के पास जाकर बोलै ," मम्मी एक कप कॉफ़ी पीला दो ".

बबिता बोली ," में बना दूँ आर्यन ?"

आर्यन ," नहीं तुम रेडी हो जाकर और महिमा को भी रेडी करो , में मम्मी के रूम में hi जा रहा हूँ ".

आर्यन के जाते hi मीणा ने सारू के कान में कहा ," पूरी अकड़ दिखना आपको बहोत सत्ता रहा है ".

सारू भी अब मुस्कान लिए किचन में जाकर आर्यन के लिए कॉफ़ी बनकर अपने रूम में पहुंची तो फ़ोन पे डॉली से बात किया और उसको सब समझा दिया.

कॉफ़ी आर्यन की तरफ बढ़ा दी तोह उसने हाथ में लेकर टेबल पे रख दी और कॉल कट करके बोलै ," आप नहीं गयी लंदन ?"

सारू ने एक एएब्रो उचका के कहा ," जाना चाहिए था क्या ? तू बोले तोह चली जाती हूँ ".

आर्यन ने भी यह आंसर एक्सपेक्ट नहीं किया था तो चुप hi रहा और सोफे पे बैठकर कॉफ़ी पीते हुए बोलै," बहोत अच्छी कॉफ़ी है , आप नहीं पि रही ".

सारू ," बस मैं नहीं था ".

आर्यन ने कप से प्लेट में कॉफ़ी डालकर सारू की तरफ बधाई तोह उसके दुसरे हाथ से प्लेट की जगह कप ले ली जिसमे आधी कॉफ़ी थी और आर्यन की बगल में बैठकर पीने लगी तोह वह भी मुस्करा दिया ......

सारू हमेशा एक कप hi कॉफ़ी लाती और आर्यन आधी प्लेट में देता तोह उसके झूठे कप से hi पीती, आर्यन भी मम्मी को देखकर समझ गया था की वह उसकी hi रहना चाहती थी , सवाल बहोत थे पर आर्यन पूछकर उनका मूड ख़राब करना नहीं चाहता था .

आर्यन," कल आप बहोत खूबसूरत लग रही थी ".

सारू कॉफ़ी पीती हुयी ," बता चुके हो कल रात ".

आर्यन ," बार बार आपको hi देखने का दिल कर रहा था पर बाकी सब की वजह से देख नहीं पा रहा था ".

सारू ," तुझे कबसे किसी की परवा होने लगी जबकि मुझसे बहोत खूबसूरत तो तेरी माँ और मैया दिख रही थी तभी तो उनके आगे पीछे मंडरा रहा था ".

आर्यन मुस्करा के सारू की नंगी कमर पे हाथ रखकर अपना हाथ उसकी कमर से लपेट के आगे साड़ी और ब्लाउज के बिच पेट पे रख दिया ," हाँ वह भी खूबसूरत लग रही थी पर आपसे सुन्दर िश दुनिया में कोई नहीं हो सकती , मेरी सबसे अच्छी मम्मी डार्लिंग हैं और मुझे वह hi अच्छी लगी ".

सारू का भी बदन कांप गया आर्यन की उंगलियन अपने नंगे पेट पे साड़ी के निच्चे महसूस करते हुए . अपने को मजबूत दिखती वह बस कॉफ़ी ख़तम करती मैं hi मैं खुस थी , आखिर उसका बीटा उसके जिगर का टुकड़ा उसके पास था .

आर्यन ने भी आखिरी घूँट भर के कॉफ़ी ख़तम करता प्लेट को टेबल पे रखकर सारू का गाल चूम के बोलै," आप रेडी हो जाओ में सुबह सुबह आपके रूम में आऊँगा दूध पीने "..... सारू के कान की lol को एक बार जीभ से चाट के बहार निकल गया .

सारू भी सब कुछ भुला के खुश होती बनने स्वर्ण लगी , कितने बुरे बुरे विचार कल से मैं में आये गए की आर्यन को खो दी अब वह उसकी तरफ देखा भी नहीं आखिर उसके पास कहाँ औरशन और लड़कियों की कमी है एक से बढ़कर एक हैं .

राज सिंह तो उसके मैं से लंदन में लड़ाई करते hi उतर गया था पर राज का टॉन्ट सच्च हो गया था की तू भी कल अपने बेटे की गॉड में चढ़ जाएगी अपनी माँ की तरह . सारू अपनी माँ रति को दी गाली और अपने चारैतिर पे राज की बदजुबान बर्दास्त न कर सकीय , सालों से दबी बेवफाई के जज्बात उबाल के भार आये और मार दिया थप्पड़ अपने पति परमेश्वर के गाल पे ....... सारू ने इंडिया आकर माफ़ी मांग ली थी राज से पर अब एक और पुरुष ने उसके जीवन में दस्तक दे दी थी.

वह कोई अनजान नहीं था बल्कि उसका अपना सागा बीटा आर्यन था पर पहली बार एक स्त्री की तरह उसको देखने लगी , हर तरह से परिपूर्ण तभी तोह उसकी माँ और सास भी आर्यन पे फ़िदा थी . न रोक पायी और आर्यन के साथ अपने मातृत्व प्रेम में प्रेमी के अक्ष को मिला के नया hi रिश्ता बना ली जोह सिर्फ जिस्म से hi नहीं बल्कि रूह से भी हज़रों साल पुराण था ....... सबकुछ अच्छा hi जा रहा था , सारू के जीवन में फिर नया प्यार नयी बहार आ गयी . अब आश्मान उसके प्यारों के निच्चे था मगर पता hi किसने धक्का दिया की सपनो की दुनिया से वह जमीन पे आकर गिरी ....... कल उसके सामने एक तरफ पति था दूसरी तरफ नया प्रेमी करे तो क्या करे ....... सबसे पहले आर्यन की मोहर प्यार करके अपने सब अंगों पे रति के बैडरूम में लगवा ली की अब पति ऊपर से सिर्फ कपडे उतर पायेगा पर उसकी आत्मा को छु नहीं पायेगा .

आर्यन को टेस्ट करने के चक्कर में राज के पास जाने की बात की तो उसका बीटा भी दुखी होकर उसको नहीं रोका पर परीक्षा तो पास करनी hi थी ...... आर्यन का डिसिशन की सारू को अपने फैसले लेने का पूरा हक़ है वह मेरी गुलाम नहीं है मेरी प्रेमिका है मेरी मम्मी है . वहीँ राज सिंह की झिझक और सारू को छूटे हुए गिलटी फील करना hi बता दिया की वह अपनी hi नजरों में गिरा हुआ है . पार्टी में सारू पूरे टाइम राज के साथ थी पर मैं सिर्फ आर्यन के पास .

एक अजीब सी फीलिंग थी , पति पास में है उसको खुश होना चाहिए फिर आर्यन भी उसको इग्नोर कर रहा है पर बावरा मैं कब अपने मालिक की सुनता है वही हाल सारू का था ....... डांस करते हुए आर्यन के साथ सबको देखकर जलन हुयी पर राज ने भी एक बार नहीं बोलै चलो हम भी डांस करते हैं सायद आर्यन को जला पाती देख ऐसे hi मुझे भी जलन होती है जब मुझे इग्नोर करके तू सबके साथ डांस करता है .

राज के साथ दो इंसिडेंट भी हुए एक अपने छोटे भाई और साडू की सलोनी के साथ जबरदस्ती का काण्ड हुआ फिर सलोनी को अकेले में उसके रूम में किश करना . पर सबसे बड़ी बात उसको सलोनी को किश करके बहोत अच्छा लगा वह आगे भी बढ़ता पर उसकी बेटी अणि पहुंच गयी .

सारू को जब लास्ट में आर्यन अपने साथ ले गया डांस करने , वह 7-8 मं आज पूरी शाम के सबसे हसीं पल थे और ऐसा लगा सबको जाता रही है की " देखो वह आज्ञा...... देखो वह आज्ञा" ...... रात में वह आर्यन का इंतज़ार करती रही , राज ने एक बार भी रूम में होते हुए न उसको चूमने की न उसको बाँहों में भरने की कोशिश की .

सायद सारू के इतने दिन फ़ोन पे बात न करना अब राज में भी हिचक दाल दिया था . फिर सारू बेहवे नार्मल कर रही थी पर राज पति था उसका , 22 साल से दोनों पति पत्नी थे ...... एक दुसरे को देख के hi फीलिंग समझ जाते थे फिर राज को भी अहसास था की जिस वजह से यहाँ अकस्मात् hi आया है अणि के बुलाने पे वह सारू क्या उसकी माँ रति को भी पसंद नहीं आया.

राज सिंह ुशी दिन अपनी बीवी को हार गया जिस दिन बोलै ," तू भी अपने बेटे का बिस्टेर गरम करने जा रही है अपनी भें और माँ की तरह ".

सारू ने अपनी शक्ति से राज को गहरी नींद में पहुंचा दिया ताकि उसके सूने के बाद वह टच न करे ...... 2 बजे तक बेचैनी जवाब दे गयी पर अपनी जेठानी के रूम का दृश्य देखकर हिल गयी , उसका बीटा उसका प्रेमी तीन तीन औरशन से लिप्त है और में यहाँ तड़प रही हूँ .

गुस्सा , दर्द , नफरत तीनो जितनी तेजी से मैं में उठे उतनी तेजी से ख़तम भी हो गए तड़प , चाहत और प्रेमानंद में की मुझे पूरा कर सबको अलग कर मुझसे प्यार कर आर्यन सिर्फ मुझसे ...... अपनी शील्ड भी लगा के अपने रूम में आयी , सुबह के 4 बज गए फिर 5 भी पर ुष निर्मोही को कहाँ सारू की याद आयी , आसूं जैसे उसके साथी थी और आर्यन से दुरी का गम hi अहसास बनकर रह गया .

सारू को अपनी गलती पे फाचटवा था की आर्यन के प्यार को तोलने चली थी यहाँ खुद hi टूट के बिखर रही है कैसे उसको समझाए की निर्दयी एक बार प्यार से देख ले मुझे बस ुशी नज़र को दिल में समां के जिन्दा रह लुंगी .

आर्यन की अपने पिछले जनम कोई यादास्त न थी पर सारू के पास एक एक बीत्या पल झेन में बसा था , आर्यन ने पिछले जनम उसको युद्ध के मैदान में hi नहीं सिर्फ जीता था बल्कि उसका दिल भी जीत लिया था और एहि वजह थी सारू के लिए अब आर्यन उसका प्रेमी उसका पति उसका मालिक भी था बेटे होने के साथ साथ . एहि फीलिंग बहोत गहरी थी जिसने राज सिंह के प्यार को भी दर किनारे कर दिया .

पूरा दिन उसका बस गम के बादलों जैसा धुंधुंदला था पर कठिन अहसास ऐसा जोह किसी जवान होती लड़की को होता है की उसका प्रेमी उससे बिछड़ गया ......

"तुझे याद न मेरी आयी किसी से अब क्या कहना.......

दिल रोया की आँख भर आयी किसी से अब क्या कहना .......

किसी से अब क्या कहना ...... "

मीणा ने सारू की तड़प महसूस की और आर्यन की भी पर वह भी न्यूट्रल बन गयी क्योंकि रूह दोनों की पुराणी थी बस जिस्म नए थे नए रिश्तों के साथ तोह खुद hi मार्ग ढूंढ लेंगे एक दुसरे के लिए.

सारू अपने रूम में रेडी हो रही थी तोह मीणा पहुंचकर पीछे से झप्पी पा ली ," क्या मम्मी बस खुली आँखों से hi सपने देखती रहोगी या चलना भी है".

सारू के चेहरे की लाली और शर्म सब ब्यान कर दी कितनी खुश है तो मीणा ने चुटकी लेते हुए कहा ," मुझे भी ऐसी कॉफ़ी बनाना सीखा दो जिससे अपने प्रेमी को पल्लू में बाँध के रखूं "..... और आँख मार दी ......

सारू भी हसकर मीणा का माथा चूम के बोली ," कॉफ़ी की जरुरत हम जैसे इंसानो को होती है , हमारी राजकुमारी मीनालोचनि ( मीणा) िंह सबसे ऊपर है ".

मीणा भी हस्ते हुए ," भाई अब रुक नहीं पायेगा आपको देखकर , थोड़ा उसको कण्ट्रोल करने को कहना कहीं वही सुरु न हो जाए ".

सारू ने जैसे सब कुछ पा लिया अब उसका कोई सवाल अब खुद से न था तोह राज से क्या होता की मुझसे बगैर मिले hi लंदन चला गया और सलोनी का साथ जाना उसको अच्छा hi लगा.

सायद पति पत्नी अपने रिश्ता भुला के गलत ट्रैन में सवार हो गए थे पर क्या यह ट्रैन उनको मंजिल तक पहुंचा पायेगी या फिर एक सफर की तरह कुछ घंटो की यादें hi रह जाएँगी यह तो वक़्त hi बटेगा ..... ???

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राजवीर और राज के पुराने कारखाने से जाते hi भीमा ने पुछा ," ठाकुर शभ कुछ बात बानी की नहीं ?"

रघु जोह मुस्करा रहा था वहां से जाते हुए बोलै ," आप लोगों की डिलीवरी पैक करवाता हूँ तब तक कुछ चाहिए तो इसे ( अपने आदमी की तरफ ऊँगली किया ) बता देना ".

ठाकुर बलदेव सिंह अपना चेहरा रूमाल से पहुंच के सीधा बोतल से 3-4 नीट दारु के घूँट मार के कुर्सी पे बेथ गया ...... भीमा ने तंदूरी चिकन की प्लेट उसकी तरफ बढ़ा दी .

नवाब सिंह पहुँचना चाहता था पर उसके हाथ को भीमा ने दबा दिया ...... तब आशुतोष ने हिम्मत करके पुछा ," क्या हुआ वहां ठाकुर शभ ?"

ठाकुर बलदेव सिंह ने गुस्से से आशुतोष को देखा तो वह भी सेहम गया. ठाकुर बलदेव सिंह उसके कंधे पर हाथ रखकर बोलै," दारु पी और जोह सवाल करने है अपने बाप से करना, राजवीर मुझसे छोटा है पर रिश्ते में बड़ा और तू उसकी नालायक औलाद . िश झंटू को लेकर कोण आया है अपने साथ ".

अब तो नवाब सिंह की भी खुश्क गयी की और आशुतोष के तो पसीने छूटने लगे, पर भीमा ने एक बड़ा पेग बना के मुस्कारते हुए ठाकुर बलदेव की तरफ बढ़ा दिया ," ठाकुर शभ अपना जाम पियो आशुतोष अपना hi बच्चा है . नवाब तुम दोनों बहार जाकर गाडी देखो हमको वापस भी जाना है ".

दोनों दम दबा के खिसक लिए भीमा का इशारा समझ के . ठाकुर बलदेव सिंह एक बड़ा घूँट भरके पुछा," यह रघु तेरी भी नहीं सुनता क्या भीमा ?"

भीमा चिकन की हड्डी तक चबा चबा के खा रहा था ," हम दोनों बस रति बेतिया के गुलाम हैं , बाप बेटे तोह कई सालों पहले hi नहीं रहे . में अब गीता मालकिन का गुलाम हूँ और रघु की जिम्मेदारी आर्यन की है या यह कह लो उन्ह Maa-beta का गुलाम है ".

ठाकुर बलदेव सिंह थोड़ा गुस्सा होकर ," तोह मादरचोद मेरी यहाँ माँ छुड़वाने लाये थे क्या ...... यहाँ से जल्दी निकल नहीं तो उन्ह दोनों का तो पता नहीं पर मेरी कबर जरूर रघु खोद देगा ".

भीमा भी हसकर ," क्यों ठाकुर शभ आपने भी ऊँगली करि होगी तभी ऐसा कह रहे हो ".

ठाकुर बलदेव ," वह सब छोड़ और बहार चल एक चिलम भी सुलगा "....... दोनों बहार कारों के बस खड़े होकर चिलम सुलगने लगे .

एक सुव में चरों और 2 जीप रघु ने अपनी भेजी थी दोनों पार्सल के साथ . थोड़ी डिअर में रघु ने आर्यन से कॉल पे बात की फिर रति देवी से भी और अपने आदमीओ के साथ आड़े से निकल गया गाओं की तरफ .

आर्यन की दूसरी हवेली में अब उसके बीवी बच्चे और बड़ी भें hi थी क्योंकि उसकी माँ तो दिल्ली आयी हुयी थी भीमा के साथ .

आर्यन की हिदायत थी की भाभी बच्चों से मिल सकता है बस किसी को पता नहीं चलना चाहिए , वैसे भी उसको बेधकाल करवा दिया था भीमा से .

रति ने कल आर्यन के दिल्ली पहुंचे से पहले hi बिना को बोल के रघु को बुला लिया था की बॉर्डर उसके कहने पे hi क्रॉस करे . रति को देवेंद्र सिंह को तो उठवाना hi था पर काण्ड संजय सिंह ने सलोनी पे हाथ दाल के कर दिया .

रघु तो सही टाइम पे देवेंद्र सिंह को उठाने आया था पर भीमा के आदमीओ को देखकर सब उगलवा लिया की किसको उठाने आये हो . दोनों की रघु को देखकर hi फटी पड़ी थी सब बक दिए , बिना को कॉल करके बतया तो उसने दोनों को उठाने के लिए बोल दिया . रघु ने नवाब सिंह को भी बेहोश करके दोनों को उठा के अपने अड्डे पे ले गया .

बिना ने रति को बतया तोह रति ने रघु को कॉल करके बोलै सालों की हड्डी पसली मार मार के तोड़ दे पर अभी मरने मत देना . बिना ने आर्यन को भी बता दिया की कबूतर पकड़ लिए.

कल रात भीमा ने नवाब सिंह को दुसरे फार्महाउस पे समझाया राज को पार्टी में वापस भेज कर की सुबह सुबह राजवीर सिंह के प्यार पकड़ ले संजय को उन्ह Maa-bete से वही hi बचा सकता है.

रात में दोनों ने अपनी अपनी नयी बीवियों को खूब छोड़ा और सुबह सुबह राजवीर सिंह के पास पहुंच गए और सब बता दिया . राजवीर भी गुस्सा हुआ की इतनी नीच हरकत करने के बाद कोण उनको जिन्दा छोड़ेगा .

नवाब सिंह ने राजवीर के प्यार पकड़ लिए की वह अपना बाप और बड़ा भाई तो खो hi चूका है बस ले देकर दो छोटे भाई hi हैं. राजवीर भी उसकी बात समझ के पहले आर्यन फिर रति से बात किया तो वह भड़क गयी आर्यन के राजी होने पे .

राजवीर भी जानता था एक मौका तो जरूर देना चाहिए आखिर बेटी की ससुराल की बात थी. रति का क्या है संजय को मार सारू और दोनों बच्चों के खिलाफ hi पूरे हरी सिंह के परिवार को कर देगी ...... कोई रति के डर से न कुछ बोले पर संजय उनके परिवार का छोटा बीटा hi है . राज एक बार को बोल दे की मार के सही किया पर उसका छोटा सागा भाई है संजय . अपने कपूत भी मौत के बाद सपूत सा अहसास करवा के दिल को दर्द hi देते हैं .

कारखाने में दोनों मुजरिमो ने जोह बका उसको सुनकर राजवीर भी एक बार को डर गया .......

देवेंद्र सिंह ने रूट हुए कहा ," ससुरजी मैंने कुछ नहीं किया बस िश कमीने संजय की बातों में आकर मैंने अपनी hi बेटी नेहा पे बुरी नियत डाली क्योंकि वह मंजू और राज भेषभ की बेटी है , मंजू से बदलना लेना चाहा पर मैंने नेहा को टच भी नहीं किया ...... यह संजय मुझे बड़का के साउथ अफ्रीका बुलाया और वहां िशने बतया की निर्मला भाभी प्रेग्नेंट हैं और वह आर्यन के बच्चे की माँ बनने वाली है . मुझे अभी भी विश्वास नहीं है मगर आर्यन के लताड़ने और मंजू पे गुस्सा के कारन राज भेषभ को भी अपने प्लान में मिलाने चले गए लंदन ...... वह भी दुखी थे और उन्होंने बतया की मंजू के आर्यन से समभंद हैं और सारू भाभी भी लड़कर चली गयी और आर्यन ने उनको जान से मारने की धमकी दी है...... राज भेषभ को भी िशने अपने प्लान में शामिल कर आर्यन को सबके सामने जलील कर उसको परिवार और प्रॉपर्टी से दुर्र करवाना था...... राज भेषभ मान तो गए पर यहाँ आते hi अपने बीवी बच्चों को देखकर अलग हो गए और बोले मुझे कुछ नहीं करना...... यह संजय किलास गया था और सलोनी या ुष महारानी मिरदुला के चक्कर में था , महारानी तो हाथ आयी नहीं पर सलोनी को यह फुसला लिया ........ बस एहि मेरी गलती है मैंने कुछ न करते हुए भी इश्क साथ दिया ....... "

अब संजय सिंह ने मोह खोला क्योंकि उसको पता था आर्यन नहीं आया है इनके साथ तो अब भी बच सकता है...... राजवीर सिंह उसको बचा लेगा तब उसने पहले डॉ कुलदीप की पूरी स्टोरी फिर गीता के चाचा मामा की स्टोरी और पूरे सद्यांतर की कहानी सुना दी .......

संजय सिंह ," मौसाजी , मैंने भी पाप किया है पर में यह सब इशलिये कर रहा हूँ की क्योंकि आर्यन और उसकी माँ रतिदेवी ने मेरे बाप को ऐसे सदयतारन में फसा के मारा है की हम कभी उनकी सकल नहीं देख पाएंगे. आपके लाडले धेवते आर्यन ने तोह बहार क्या घर की औरतें भी नहीं छोड़ी , कईओं के साथ उसके जिस्मानी रिश्ते हैं...... हम दोनों की बीवियों का आपको पता है आपकी दोनों बहु तो बच्चे भी उसके लेकर घूम रहीं हैं. अब अपनी मौसी गीता , ुष अमेरिकन लड़की जाने हॉल और अब यह राजकुमारी दीप्ति से शादी करेगा , उसके चरित्र का पता तो अब आपको भी चल गया होगा ....... राज भैया भी बोल रहे थे की आर्यन किसी का सागा नहीं वह किसी भी मर्द की औरत को चीन लेगा और कोई उसका झांट नहीं उखाड़ सकता..... अब भी लगता है मैंने गलत किया तो बेशक मार दिज्ये पर निर्मला से भी पूछो उसने मेरे साथ क्यों विश्वासघात किया".

राजवीर सिंह अंदर तक हिल गया था और एहि हाल ठाकुर बलदेव सिंह का और रघु का था ....... डॉ कुलदीप की स्टोरी में जहाँ उनको हिला के रख दिया वहीँ हरी सिंह की उसकी रखेल के साथ दर्दनाक मौत का सुनकर जैसे सदमे में थे.......

Maa-bete ( रति- आर्यन) ने कोई रेहम नहीं किया वहीँ हवेली पे दो खतरनाक हमले जैसे आर्यन ने आसानी से मिटा दिए और उसके तीन बच्चों के साथ होने वाली बीवियां कहानी को झूट नहीं तेरा रही थी .

राजवीर सिंह ने इशलिये रघु और ठाकुर बलदेव को धमकी दी थी की यह बात यहीं दफ़न है .

राजवीर सोचता हुआ बहार निकलते hi सबसे पहले राज सिंह को सेफ करना चाहता था िंह Maa-bete से , मार के उसकी बेटी सारू की मांग ुझाद देंगे अगर इतना सब आसानी से कर रहे हैं...... राज को क्या जरुरत थी िंह बेवकूफों का साथ देने की .

राजवीर सिंह ने अणि से कहकर राज को लंदन भेजवा दिया पर रति को पूरा सच्च नहीं बतया जबकि रघु के फ़ोन से डायरेक्ट सब बातें रिकॉर्ड होकर रति तक पहुंच चुकी थी....... उसने सलोनी को भी अमेरिका भेजा राज के साथ लंदन होते हुए . इश्से तीन काम होंगे , पहला सलोनी अब आर्यन से दुर्र हो जाएगी अगर राज के साथ भी रही तो सारू hi अपने पति को देखेगी दूसरा अंजू को फिर से आर्यन के साथ सेट कर देती हूँ सलोनी बहोत बड़ा रोड़ा बनेगी , अंजू को आर्यन से छुड़वाने में मेरा hi फायदा है. जल्दी hi मुझे और मेरे बच्चे को अंजू की जरुरत पड़ेगी और सलोनी अगर आर्यन के साथ समभंद बनाई तो अंजू दुर्र दुर्र भागेगी आर्यन से जबकि अंजू हर हाल में मुझे अपनी ढाल के रूप में चाहिए. तीसरा आर्यन को पता चलना चाहिए की कोण उसकी जिंदगी में रहेगी कोण नहीं यह में डीडे करुँगी न की गीता. वह बहार वालों के लिए मालकिन होगी मगर में आर्यन की सबसे ख़ास बीवी हूँ और सबसे ख़ास ओहदा मेरा hi रहेगा.

अणि की बच्ची आने दे मेरे दोनों शेरनीओ को मुंबई से अबकी बार सीढ़ी लड़ाई लड़ना उन्ह झाँटु जैसे तीन बन्दर लाकर बड़ी दयावान बानी घूम रही है . देखियो तेरी टोक्यो में भी डील क्या ऑफिस भी नहीं खुलने दूंगी में ?

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2 दिन पहले .......

रति अब आर पार की लड़ाई पे उतर आयी थी अपने सब पत्ते बैलेंस करते हुए. वह पहले भी कई बार माँ बन चुकी थी और उसके अंदर की फीलिंग बता रही थी की वह प्रेग्नेंट है बस टेस्ट नहीं कर रही थी.

वहीँ 2 दिन पहले जब महारानी विजयलक्ष्मी ( अणि अपने महारानी के रूप में ) पुराने जंगल में बड़े गुरूजी ( विशाल पेड़) और निशांक गुरूजी के सामने ुष बड़े गुप्त कक्ष में इधर उधर टहल के कुछ सोच रही थी.

बड़े गुरूजी ," महारानी अब तो तुमको खुश होना चाहिए महार्यं के पास दिव्या तलवार है और प्रभा के शक्तिशाली बनने से आर्यन को hi आसानी होगी आगे चलकर ".

महारानी विजयलक्ष्मी ," चमा चाहूंगी गुरूजी पर रति मेरे लिए बड़ा काँटा बनती जा रही है और मुश्किल यह है में उसको मार भी नहीं सकती. उसका प्रेग्नेंट होना हमारे लक्ष्य में बढ़ा दाल देगा , आपकी आज्ञा हो तो में कुछ ...... "

बड़े गुरूजी ने हाथ उठा के उसको आगे बोलने से रोक दिया ...... " महारानी , तुम समय से नहीं खेल सकती बस तुम्हारा लक्ष्य hi समय निर्धारित करेगा और रति की वजह से hi महार्यं डरा जन्मा है यह मत भूल जाओ. रति का वरदान hi आर्यन के जीवन की दिशा तय करेगा . या अब तुम प्रभा या आर्यन से भी जलने लगी हो क्योंकि वह भी अब शक्तिशाली हैं ......" और मुस्कारने लगे .

महारानी विजयलक्ष्मी भी कुटिल मुस्कान लिए अपने सिंघासन पे बैठकर बोली ," गुरूजी , में सिर्फ एक मकसद के लिए जीवट हूँ और किसी का शक्तिशाली होना मुझे फरक नहीं डालेगा. प्रभा अच्छी प्रतिद्वंदी है बस रति के चक्कर में खुद को भी नुक्सान न पहुंचा ले ".

बड़े गुरूजी ," आर्यन के बारे में क्या कहना है वह दिव्या तलवार का इस्तेमाल करेगा कभी तुम्हारे खिलाफ ".

महारानी विजयलक्ष्मी भी यह सच्च जानती थी की दिव्या तलवार धारण किये आर्यन को वह भी नहीं हरा सकती पर कुछ सोचकर बोली ," उसकी नौबत hi नहीं आएगी , में जल्दी hi आर्यन को अपना प्रेम दूंगी मगर निशांक तुम क्यों रति के सामने आशय से पद जाते हो ?"

निशांक गुरूजी भी हाथ जोड़कर बोलै," क्या कहूं महारानी जी , रति जरूर साधरण औरत है पर उसका जेहन बहोत मजबूत है और दिमाग़ की तेज़. फिर पुराणी सच्ची शिव भकत है , देखा नहीं वह ढेरी ढेरी वहीँ बढ़ती जा रही आर्यन को साथ लेकर जहाँ पिछले जनम में सब हुआ था . वरदान उसने सुरक्षित रखा है, कुछ तोह है उसके मैं में की तब इस्तेमाल करुँगी ".

महारानी विजयलक्ष्मी ," बस तुम अपनी बेबसी बयां करते रहो और उधर किसी दिन यह वरदान न मांग ले िश धरती पे सिर्फ वह और आर्यन hi रहे "...... यह बात गुस्से से कहै .

बड़े गुरूजी ," शांत हो जाओ महारानी , तुम को खुश होना चाहिए जल्दी hi हज़रों वर्षों से जिसका हमको इंतज़ार था वह सब पूरा होगा देख लेना जितने ढेर और कुशलता से आर्यन आगे बढ़ रहा है . रति अगर वह वरदान मांगी तो उसको आर्यन की बीवियों को भी साथ माँगना पड़ेगा और उसकी बहेनो को भी तो तुम भी हमेशा उसको साथ रहोगी".

महारानी भी मुस्करा के मैं में बोली," आर्यन के साथ में हमेशा hi रहूंगी गुरूजी बस यह रति वाला काँटा उसके जीवन से दुर्र हो , प्रभा भी जल्दी hi आर्यन से मिलान करके रति को झटका तो जबरदस्त hi देगी मगर अब मिरदुला सही समय पे सबक सिखाएगी रति को ".

तीनो ने कुछ ठाठों पे विचार किया तो महारानी विजयलक्ष्मी ( अणि) ने भी सही समय के लिए खुद को शांत करना ठीक समझा पर अब वह आर्यन को अपनी तरफ आकर्षित करने वाली थी.

प्रभा तो पतलोक की हसीं नागिन थी hi और विशाखा उसकी भें जोह उससे जुड़ चुकी थी वह आर्यन पे पूरी आकर्षित थी पर अणि तो पूरे भरमांड की सबसे सूंदर युवती थी , आर्यन कैसे बचेगा दोनों के हुसैन और प्रेम के जादू से ....... एक और चचेरी भें थी दूसरी सगी भें ????

मगर सबसे पहले तो अपनी मम्मी निर्मला जी से मिलना था जोह अपने पति को hi बोल के साउथ अफ्रीका से आ गयी की मेरे गर्भ में मेरे प्यारे बेटे आर्यन का खून दौड़ रहा है ...... जोह उखाड़ना है उखाड़ ले ?????

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दोस्तों यह अपडेट कैसा लगा अपने विचार जरूर प्रकट करें .....

अपना और अपने परिवार का ध्यान रखें.
 
अपडेट 36

Part-5

सबको शॉपिंग करवा के आर्यन ने पूरा मॉल घुमाया फिर डिनर के बाद लड़कियों और कुछ लेडीज ने डिस्क के हिसाब से ड्रेस चेंज की. आर्यन के साथ Seema-Reena के साथ गरिमा भी उसकी कार में बैठी .

दिल्ली गुर्गों बॉर्डर पे सीथ यह नया और लाउड डिस्क पब था , बिना उनको वहीँ बिल्डिंग के बहार मिल गयी ...... ओनर तक भगा भगा आया रति और आर्यन का नाम सुनकर साथ में अलवर की महारानी और राजकुमारी भी आ रही हैं उनकी मेहमान बनकर .

ओनर तोह बाकी सबकी नोइंट्री के लिए बोलै पर बिना ने कहा हमको बस एक पूरा कार्नर चाहिए बाकी लोगों को एन्जॉय करने दो और हाँ हमारी सिक्योरिटी वाले भी साथ होंगे किसी ने बदतमीजी की तोह दिशकाओऊ ...... ओनर का भी गाला सूख गया , विप लोग ऊपर से पब की रेपुटेशन का सवाल था ...... काम से काम 40 एक्सपर्ट बाउंसर्स लगा दिए थे .

एक एक करके लड़कियां और औरशन आर्यन के परिवार की उतरती गयी और उनके आगे 7 फट का विदेशी सांड जैसा ववे फाइटर जैसा एक मं यह तोह देसी लौंडा है पर इश्कि आंखें नीली हैं...... अरे बाप रे एक से बढ़कर एक बहनचोद 6 फट के आस पास और उससे पार की इतनी हॉट हॉट लड़कियां और औरतें.

उनके साथ सिक्योरिटी देखकर और पब की सिक्योरिटी ने जाता दिया की बहोत बड़ी ास्मि लगता है यह छोरा तोह ...... लड़कियां जहाँ आर्यन पे फिदा होने लगी और लड़के िश हुनक से दर्रे हुए थे ..... वही हाल बाउंसर का भी था यह तोह भीमकाय है और कपड़ों के बहार से hi जबरदस्त बॉडी का आभास हो जाता है .

आर्यन को ऐसा रिएक्शंस की आदत थी वहीँ Geeta-Deepti को शामे तो शामे लाठर पेण्ट और टॉप में देख के हैरान की 6 फट से लम्बी यह दोनों जुड़वाँ भें अप्सरा hi हैं , एक काली दूसरी गोरी दोनों अलग अलग मज़ा देंगी .....

गीता बड़ी खुश थी , साला आज लगता है हाथ साफ़ करने का मौका मिलेगा लौंडे तो लौंड़िआबाजी पक्का करेंगे मगर गीता की वजह से आर्यन ने पहले hi बिना को समझा दिया था लौडों लापदों को दुर्र रखियो नहीं फिर मस्ती की बंद चंदा रानी बजा देगी .

करीब 12:30 बजे रात में 2 घंटे डिस्क में बिताने के बाद सब फार्महाउस की तरफ निकले ....... सबसे ज्यादा तोह लड़कियां खुश थी वहीँ गाओं की आर्यन की मम्मीयों और बहेनो के लिए एक अलग hi रोमांचकारी अनुभव था ......

1 बजे तक फार्महाउस पे पहुंच गए, Seema-Reena ने जिद्द पकड़ ली की वह दोनों भाई के साथ सोयेंगी ...... सारू को इशारा कर दिया की सुबह आएगा पर गीता ने बोलै "जाओ दोनों अपने भाई के रूम में hi सू जाओ . मुझे सब लौडिया और औरत 6 बजे गार्डन में चाहिए सबके ऊपर चर्बी चढ़ती जा रही है..... सब एक्सरसाइज , रनिंग या वाक करेंगी" .

आर्यन अपने रूम में पहुंचा और चेंज करके भार निकला रति से मिलने पर Seema-Reena जैसे ठान ली थी आज भाई को कहीं नहीं जाने देंगी ..... आर्यन भी दोनों नटखट बहेनो को अपनी बाँहों में भर के सू गया .....

सुबह 4:30 बजे फ्रेश होकर सारू के रूम में पहुंचा तो मीणा और सारू को साथ देखकर खुश होता पहले मीणा के गाल पे किश किया फिर सारू की तरफ जाकर उसके पीछे से चिपक के लेट गया.

सारू भी नींद में आर्यन की तरफ घूम के उसको बाँहों में भर ली , अब आर्यन भी सोचा मम्मी को परेशां नहीं करते में भी सू जाता हूँ . 5:30 बजे मीणा ने आर्यन की बाँहों में सारू मम्मी को देखा तो मुस्करा के उठ के आर्यन का गाल चूमि और उसके बालों में उंगलियन फिरा के बोली," उठ जा भाई ".

आर्यन भी मुस्करा के गुड मॉर्निंग किश करके सारू को भी उठा दिया और अपने रूम में पहुंचा दोनों बहेनो को रेडी होकर गीता का नया आदेश सुना दिया तो दोनों उठकर अपने रूम में भागी .

आर्यन रनिंग करता फार्महाउस से बहार निकल गया और 2 कम दुर्र अपने दुसरे फार्महाउस पहुंचा जहाँ कल रात सब मर्द रुके थे ....... राजवीर वहीँ गार्डन में योग करता दिख गया तो आर्यन भी अपने नानाजी को सुप्रभात बोलकर उनके साथ आधे घंटे योग किया .

फिर टहलते हुए राजवीर ने आर्यन से कुछ जरूरी बातें की और अब परिवार के साथ बिज़नेस की जिम्मेदारी भी सँभालने को कहा . राजवीर ने कल कारखाने वाली कोई बात नहीं करि आर्यन से .

ठाकुर बलदेव सिंह के साथ भीमा भी उधर hi आ गए ......

रात बिना से कहकर 4-5 आइटम्स का इंतज़ाम करवा दिया था पार्टी के लिए ....... राजवीर तो अपने टाइम 8 बजे hi सू गया पर बाकी मर्दों की पार्टी दिएर रात तक चली ......

आशुतोष मामाजी को भी एक नयी आइटम मिली तो रात में खूब मस्ती लिया , ठाकुर बलदेव सिंह तो रशिया आदमी था hi . भीमा और नवाब अपनी नयी बीवियों में hi खुश थे .....

ठाकुर बलदेव सिंह को अब आर्यन को देखकर संसय होने लगा की उसके घर की औरशन भी आर्यन के साथ समभंद में न जाएँ पर अभी ठकुरियन रूपा से बात करने का सही टाइम नहीं था. उसको अपनी बेटी की चिंता थी की आर्यन के चक्कर में उसकी शादी न टूट जाये . मगर उसको भी अंदजा नहीं था आर्यन बाकियों के नहीं सिर्फ हथनी के साइज की ठकुरियन पे hi फ़िदा हो गया जोह अब 15 कग वजन घटा ली थी आर्यन के ट्रीटमेंट और एक्सरसाइजेज के साथ स्पेशल आयल से मैसेज करते हुए .

ठकुरियन सुचित्रा , दीप्ति की बड़ी भें भी आर्यन के लिए तड़प रही थी वहीँ रूबी बस लड़कियों में घुल मिल तो रही थी पर आर्यन की नज़र पड़ते hi डर जाती.

आर्यन दोनों बड़ों के प्यार चुकार उनको नाश्ते का इनविटेशन देकर सीधा अपने फार्महाउस पहुंचा तो हैरान hi रह गया ....... भेनचोद इतनी लेडीज हैं क्या फार्महाउस में िश वक़त .

गार्डन में गीता सबको एक्सरसाइज करवा रही थी वहीँ महिमा , राहुल और आदित्य भी लगे थे ...... महिमा की नज़र आर्यन पे पड़ी तो उछलती कूदती डैडी डैडी करती उसकी तरफ भागी वहीँ राहुल और आदित्य भी दादा दादा करते ......

गीता ने सबको आर्यन की तरफ देखता पाया तोह चिल्ला के बोली ," अटेंशन , अब 3 सेट करो नहीं तोह बतख ( डक) बना दूंगी ..... के ों स्टार्ट नाउ ".

आर्यन भी मुस्कारते गीता को थम्ब्स उप दिखता बिल्डिंग के अंदर चला गया बच्चों को अपनी पीठ और कंधे पे बिठा के ...... तीनो को किचन की स्लैब पे बिठा के उनका दूध खुद बना के दिया.

फिर सबके लिए जूस , और 3 काढ़े त्यार किया ...... 20 मं बाद सब लेडीज और माइड के साथ सिक्योरिटी लेडीज को गीता ने फ्री किया ...... "आज से िश फार्महाउस पे सब औरशन और लड़कियां आधे घंटे एक साथ एक्सरसाइज , योग या वाक करेंगी डेली ये नियम है जबतक कोई बीमार नहीं है . बिना आज से तेरी जिम्मेदारी और तू भी यहाँ नहीं है तो मेक सूरे कोई नेक्स्ट डे तेरी तरह यह रूटीन फॉलो करे ".

रीना ," गीता मौसी आपने भाई को नहीं बुलाया ?"

गीता हसकर ," फिर तुम सब उसको hi देखती रहोगी , वह एक्सरसाइज बहोत विगोरोस करता है और हमसे अलग ...... वीक में एक दिन नयी एक्सरसाइज सीखने आर्यन को भी बुलाया करेंगे . जोह अपने घर में जाये वह भी यह रूटीन फॉलो करो देखना बॉडी चुस्त रहेगा और फिटनेस कॉन्फिडेंस देगी ".

सब दिंनिंग एरिया में पानी के लिए पहुंचे तोह आर्यन बड़ी से ट्रे में जइसेस और पानी के गिलास लाकर रखा तो सब खुश हुए ....... पर बबिता और कविता ने कहा उसको काम करने की क्या जरुरत थी हम कर लेते .......

आर्यन हस्ता हुआ बस किचन में गया और तीनो बच्चों के साथ बहार आया, तीनो को उनकी माँ को देकर बोलै ," अगर ऐसे hi एक्सरसाइजेज करोगो तोह डेली जूस मेरे हाथो का पीने मिलेगा ".

आर्यन ने ठकुरियन रूपा के पास जाकर कहा की ," माजी यह आपका काढ़ा , अभी 10 मं बाद गयम में मिलो आपका वट भी नापना है और मस्सगे भी कर दूंगा ".

फिर दो काढ़े लेकर डॉ अंजू के सुईठे में पहुंचा तो अभी फ्रेश होकर अपर्णा नानी बीएड पे लेती थी ...... आर्यन ने मॉर्निंग विश के साथ आज का नेवसपपेर और काढ़े की ट्रे राखी तो मुस्करती हुयी खुद hi कड़वा होने के बावजूद पि ली...... आर्यन ने उनका तकला चूमा क्योंकि विग हटा राखी थी...... " वैरी गुड मेरी अच्छी नानी हो आप , हाउ इस योर मॉर्निंग ".

अपर्णा भी हसकर आर्यन का हाथ पकड़ के चूम ली ," जब मेरा बीटा इतनी म्हणत कर रहा है की में ठीक हो सकूँ तो मेरा भी फ़र्ज़ है उसका साथ दूँ. गुड मॉर्निंग स्पेशल है की सबसे पहले तुझसे मिली वैसे अंजू दीदी कहाँ है ?"

आर्यन ने उनको गीता के नए आर्डर का बतया तो हसने लगी ," वैसे सही लड़की से शादी करेगा तुझे हंटर पे कण्ट्रोल रखेगी ....... वैसे यह राजकुमारी भी उसके जैसी है यानि दो दो बीवियां , वह मेरा बीटा की डबल लाटरी निकल पड़ी ".

डॉ अंजू भी हसकर ," भाभी डबल नहीं कई और लाटरी भी निकली हैं एक अमेरिकन भी है ....... जल्दी hi आएगी सबसे सूंदर है जाने हॉल नाम है , देखना आपको लगेगा किसी पारी से मिली हो ".

आर्यन भी मुस्करा के ," नानी पहले अपना तकला छुपा लो अभी अमेरिका सबसे वीडियो कॉल पे बात करते हैं ".......

आधे घंटे अमेरिका वीडियो कॉल पे सब आर्यन से शिकायत करती रहे की कब लेने आएगा तब नेक्स्ट वीक का बोल के सबको चुप करवाया ....... जाने हॉल और उसकी माँ मारिए हॉल की हिंदी सुनकर अपर्णा भी हेंप रह गयी और सच्च में पारी hi थी दोनों माँ बेटियां .

मर मालिक आज 8 बजे अपर्णा को ले जाने वाले थे , आर्यन अपने रूम से उनके लिए दो काढ़े की जड़ीबूटी और एक आयल तीन अलग अलग बोतल में लाकर दिया और उनको एडवाइस दिया कैसे कैसे फॉलो करना है .

मर मालिक भी अपनी बीवी की सूरत और कॉन्फिडेंस देकर हैरान थे की आर्यन ने क्या जादू कर दिया है पर अपने एक्सप्रेशन छुपा के रति और डॉ अंजू के साथ ब्रेकफास्ट करके निकल गए .

अपर्णा ने कार में सब बतया और यह भी की अब उसके अंदर कोई फीलिंग hi नहीं है की वह बीमार है . मर मालिक ने कहा तभी तो तुमको आर्यन के पास ले गया था जैसे उसने कहा है वैसा hi करो बस यह बात हम दोनों के अल्वा कोई नहीं जानता यह याद रखना . बस बोल देना की किसी गुरूजी ने खुद तुमको ट्रीटमेंट दिया जड़ीबूटी का फिर कभी दिखे नहीं .

अपर्णा ,"पर िश्मे छुपाने की क्या बात है मेरे बेटे आर्यन ने मुझे ठीक किया सबको बाटूंगी" .

मर मालिक ," पहले डॉ अंजू को आर्यन ने ठीक किया क्या उसने तुमको बतया , महारानी मिरदुला जोह 21 साल के लगभग अचेत थी उनको आर्यन ने ठीक किया उनका किसी ने बतया नहीं न इशलिये बोल रहा हूँ . रति बीवी (बड़ी भें) ने रिक्वेस्ट की है किसी को न बचन. फिर तुम्हारा बीटा आर्यन स्पेशल है सब उसके पीछे पद जायेंगे , तुम को बहोत प्यार करता है मैंने तो उसको ट्रीटमेंट के लिए भी नहीं कहा था देखो खुद hi तुम्हारी सेवा में लग गया ".

"वह है hi मेरा प्यारा बीटा , बोलै रोज सुबह मिलने आया करेगा मुझसे "..... अपर्णा भी बहोत खुश थी , मरीज कई बार अपनों की केयर करने से जल्दी ठीक हो जाता है बाजए हॉस्पिटल में .

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दो दिन आर्यन के ऑफिस में मीणा के साथ जाने और मीटिंग्स से लेकर नए पुराने प्रोजेक्ट को समझने में निकल गए. एक रात सारू के साथ और दूसरी रति के साथ गुजारी . सारू के साथ सोया उसको किश भी किया पर न वह आगे बढ़ी न आर्यन सायद एक झिझक अभी भी बाकी थी . रति ने रात में एक बार प्यार किया और अपने बेटे की बाँहों में सू गयी.

लगभग सब गाओं लौट गए थे , भीमा की बीवी और नवाब सिंह की फॅमिली यहीं कुछ दिन दिल्ली रुके और आर्यन के साथ hi गाओं जाने वाले थे .

सीमा- रीमा को दिल्ली बहोत पसंद आ रहा था और जग्गू अपने बेटे आर्यन के पास खुस थी , महिमा की तरह आर्यन भी मौका मिलते hi अपनी मम्मी और मैया का दूध पीने जरूर पहुंच जाता था . कविता और बबिता भी अपने बच्चों के साथ खुश थी और दोनों डेली रति की कोठी का काम देख रही थी दिन में एक बार साइट पे जाकर . कविता मामी को आर्यन ने कोठी की मालकिन बांया था क्योंकि वह रति की बड़ी बहु थी और परिवार की अच्छी देखभाल कर सकती थी.

बबिता कोई कॉलेज ज्वाइन करना चाहती थी अस ा टीचर पर रीता मामी ने उसको मन कर दिया की वह इंडिया आएगी तो बबिता उसके साथ hi उसको असिस्ट करेगी कंपनी में. बबिता इंटेलीजेंट थी hi और रीता भी एक विश्वास पात्र अपने साथ चाहती थी बस थोड़ा सा गाइडेंस hi बबिता को कॉर्पोरेट वर्ल्ड में सुमार कर देगा.

डॉ अंजू अब वीक में 1 या 2 दिन पुराने सिटी जाकर अपना हॉस्पिटल्स भी मैनेज कर रही थी और दिल्ली के 2 हॉस्पिटल भी संभल रही थी ...... आर्यन ने डॉ अंजू को बोल रखा था की वह रात तक दिल्ली वापस hi आ जाये गाओं या सिटी में सिर्फ किसी परिवार वाले के साथ hi रात में रुके.

3 दिन बाद सुबह सुबह आर्यन को कॉल आयी तोह जैसे उसके चेहरे पे मुस्कान आ गयी , अभी रति उसके बाँहों में थी तो उसका गाल किश करके बोलै ," ी लव यू बेबी "......

रति भी कुनमाना के ," ी लव यू तू ".

नेहा अब गरिमा को उसकी मेडिकल की पढाई में हेल्प करती थी. ठकुरियन रूपा और सरला दीदी की पार्टी ऑफिस में ट्रेनिंग और इलेक्शन के लिए स्ट्रेटेजी , प्लानिंग की नॉलेज में इजहफा हो रहा था . दोनों की आगे अलग थी पर दोनों तेज़ दिमाग़ थी और नया कुछ करने का जज्बा उनकी लाइफ और करियर को सही डायरेक्शन में ला दिया था आर्यन की हेल्प से .

Geeta-Deepti दोनों महापंचयत के लिए नए नए प्लान बना रही थी की कैसे लोगों और चेत्रे का विकास किया जाये.....

आर्यन ने सबको बिजी कर दिया था , सारू को डॉ अंजू ने अपने 2-3 NGO's की जिम्मेदारी दे दी थी जिनको वो बखूबी अपनी एडवाइस और लंदन का एक्सपीरियंस शेयर करती .

महारानी मिरदुला भी दिल्ली में कई मीटिंग की राजा त्रिभुवन की तरफ से और पुराने रिलेशन्स भी स्ट्रांग कर रही थी. आज उसको राजा रणजीत सिंह के क्रियाकर्म में जाना था तोह दीप्ति के साथ गीता और मंदाकनी ( लेना ) की बड़ी भें अपने दोनों बच्चों के साथ जा रही थी .

आर्यन को मिरदुला ने इश्से दुर्र hi रखा पर क्या यह उसकी गलती थी यह तो वहीँ जाकर पता चलेगा . दीप्ति ने आर्यन को चलने को कहा तो उसने बोलै की कल लेने आऊंगा बस मैया को मत बाटना .

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सुबह 9 ऍम......

इधर एक हेलीकाप्टर उदा फार्महाउस से एयरपोर्ट के लिए और उधर 5 मं बाद दूसरा लैंड किया, तोह आर्यन भी वहीँ मीणा के साथ वेट करता मिला और जब ुष सुन्दर रूप वाली अप्सरा ने कदम रखा तो आर्यन तेजी से उसकी तरफ लपका , राजशी वेशभूसा में रानी लीलावती गजब की सूंदर लग रही थी .......

आर्यन उसके पास जाकर उसकी गॉड से अपना सरप्राइज लेकर उसको चूमने लगा ," मेरा प्यारी बार्बी डॉल रौशनी ..... मुह्हह्ह मेरा बच्चा ी मिस यू ".......

आर्यन से मिलकर खिलखती एक सूंदर सिल्वर गोल्डन फ्रॉक में रौशनी नन्ही पारी लग रही थी ...... लीला भी आर्यन का अपनी बेटी के लिए प्यार देखकर इमोशनल होने लगी पर मीणा ने आगे बढ़कर उसको गले लगा लिया ......

सब अंदर चल दिए , लीला के बोडीगार्ड्स और 2 दासियाँ भी साथ आये थे ....... अंदर आकर आर्यन ने सबसे रौशनी को मिलवा और महिमा और राहुल को देखकर तो वह खुश हो गयी.

आर्यन ," माहि बीटा, राहुल बीटा यह है आपकी बड़ी दीदी इनका नाम रौशनी है, नमस्ते करो दीदी को "...... दोनों ने इतनी प्यारी दीदी को देखा तो महिमा ने आगे बढ़कर उसको पकड़ के बोलै ," मेरा दीदी मेरा सूंदर दीदी है ...... ी लव यू दीदी "....... और उछाल के रौशनी को किश की तो सब हैरान थे की इतनी से बच्ची ऐसे उछाल लेती है ...... राहुल भी रौशनी से लिपट गया ," मेरा भी दीदी मेरा भी दीदी ...... ी लव यू दीदी "......

रौशनी तो थी hi बहोत समझदार और तेज़ अपने दोनों नए भाई भें को बारी बारी किश करके ी लव यू तू बोली और दोनों का एक एक हाथ पकड़ के बोली ," चलो तुम दोनों को तुम्हारे गिफ्ट्स और टॉयज देती हूँ में अपने भाई भें के लिए लेकर आयी हूँ "........

अपनी गवर्नेस से बैग खुलवा के , पहले दोनों को टॉयज दी फिर दोनों को ड्रेस भी ...... महिमा बैग में झांक कर ," दीदी और भी टॉयज हैं अंदर वह वसु और अदि को देना ".

रौशनी ," यह उन्ह दोनों के hi हैं, कहाँ हैं वह ".

आर्यन ," बीटा वह भी जल्दी आएंगे तब आप देना अभी अपनी मम्मी के पास गए हुए हैं ".

महिमा ," डैडी में दीदी को अपनी कार दिखूं "...... आर्यन ने नोद किया ," यह बेबी जाओ ".

रौशनी कुछ सोचकर आर्यन के गले लगकर ," माहि में भी आपको डैडी बोलूं".

आर्यन ने रौशनी को गले से कसकर ," यस में आपका डैडी हूँ यू कॉल में मेरा प्यारा बच्चा "...... रौशनी ने आर्यन के गाल पे किश किया और बोली ," थैंक्स डैडी ी लव यू ".

महिमा और राहुल का हाथ पकड़ उनके साथ उनके रूम में चली गयी . कविता ," बहोत प्यारी बच्ची है कितने साल की है रानी साहिबा ?"

लीला अपने आंसूं पहुंचते हुए ," हे आप मुझे रानी शैब्या नहीं लीला बुलाया कीजिए , में अपनी दोस्त मीणा के घर आयी हूँ तो कोई फॉर्मलिटीज नहीं ".

मीणा ने सबसे मिलवाया जोह अभी यहाँ थे , रति आज जल्दी hi ऑफिस चली गयी थी.

थोड़ी डिअर में सबने ब्रेकफास्ट किया और आर्यन ने तीनो बच्चों को अपने हाथ से खिलाया मीणा को भी ...... लीला के 3-4 दिन बड़ी बेचैनी में कटे थे , वह कल hi अपने जीजा राजा रणजीत सिंह के राज्य हो आयी अपनी आखिरी विदाई देने क्योंकि आज अंतिमसंस्कार में नहीं जाना था. आर्यन से वादा जोह किया था दिल्ली मिलने का .

ब्रेकफास्ट के बाद आर्यन अपने साथ लीला को लेकर हेलीकाप्टर से सीधा अपने गाओं के पास पीली कोठी की तरफ निकल गया ...... हेलीकाप्टर में सिर्फ िंह दोनों के अल्वा एक पायलट hi था .

लीला ने हेलीकाप्टर के उड़ते hi आर्यन की खोली भर ली और उसके गले लग सुबकने लगी ," में तुमसे अलग नहीं रह पाऊँगी आर्यन , प्लीज मुझे अपने दिल में भी थोड़ी जगह दे दो ...... ी लव यू आर्यन ी लव यू ...... पुछःह पुछठ ".

लीला की तड़प उसके साचे प्यार का अहसास आर्यन को दिल तक महसूस हो रहा था. लीला तो अपना सब राजपाठ छोड़ आर्यन की दासी बनकर रहने का प्लान बना के आयी थी पर आर्यन ने कुछ बड़ा hi सोच रखा था लीला के लिए पर उसको पहले अपने प्यार से रुबा रु करवाना पड़ेगा .

आर्यन ने भी लीला के दोनों गालों को सेहलते हुए उसके आंसूं अपने जीभ से चाट डाले ," ी लव यू तू लीला डार्लिंग , आज रोने का नहीं प्यार करने का दिन है ...... इधर आ जाओ मेरी बाँहों में अभी एक घंटा लगेगा हमको अपनी मंजिल तक पहुंचने में "....... आर्यन की गॉड में बैठकर लीला चूमाचाटी करने लगी तोह पायलट भी मुस्करा दिया , उसने अपनी मैडम रति देवी को भी आर्यन की गॉड में बैठे चूमाचाटी करते देखा है यह उसके लिए मामूली बात थी .

आर्यन से अपने बीते 4 दिन का पूरा लेखा झोका कह सुनाई की ठाकुर सूरज सिंह अभी हॉस्पिटल में है और वह डरा हुआ भी है जिसको डॉक्टर्स ने पैनिक अटैक बतया है ...... रणजीत सिंह के यहाँ माहौल टेंस है , उसके खंडन वाले आसानी से मंदाकनी दीदी को एक्सेप्ट नहीं करेंगे और न उनके बच्चे के क्लेम को . कुछ लोग उसकी मौत का इलज़ाम भी दीदी पे लगा रहे हैं.

आर्यन ," चिंता न करो जान , कल हम दोनों चलकर साँपों के पहन खुचल आएंगे आज Deepti-Geeta ढूंढ hi लेंगी , मंदाकनी दीदी और उनके बच्चों को पूरा हक़ मिलेगा ".......

हेलीकाप्टर से उतर के अब जाकर लेना ने होश संभाला ...... पिछले एक घंटे में जैसे वह आर्यन की बाँहों में सकूं से सू गयी थी . पिछले कई रातों की नींद पूरी डिसट्रब hi थी . हर पल मैं करता की बस आर्यन के पास पहुंच जाओं . उसकी बेटी रौशनी हर एक दिन उसको गिना देती की इतने दिन बाद में माहि से मिलूंगी .

लेना का अपनी बेटी से बांड बढ़ गया था , अब वह खुद उसकी अपने हाथो से देखभाल करती तो रौशनी की बातें उसको hi चौंका देती . रौशनी ने बता दिया अब वह माहि के बातये कॉलेज में दिल्ली में एडमिशन लेगी और वहीँ उसके पास पड़ेगी .

आर्यन ने भी लीला को अपने साथ दिल्ली शिफ्ट होने को कहा तो उसने भी सोचा की 2 दिन तो दिल्ली में बिता hi सकती है पर आर्यन का पूरा प्लान अब त्यार था और उसको लेना को राजी करना था .

लेना ने आर्यन का हाथ पकडे हुए कहा," यह कहाँ आ गए हम आर्यन ?"

आर्यन मुस्करा के ," यही उड़ते उड़ते तुमको अपनी ख़ास जगह ले आया ".

थोड़ी दुरी पे काकी और उसकी बेटी विद्या दीदी जिसको आर्यन दीदी बोलता था खड़े थे ...... एक ड्राइवर कार लिए खड़ा था ...... दोनों ने लीला को गुलदस्ते दिया जोह पीली कोठी में hi उगाये फूलों का बना था .

आर्यन ने काकी के प्यार छुए तो उसने गले लगाकर आशीष दिया , दीदी के गले मिलकर उनका हाल चाल पूछ के बोलै," यह हैं राजकुमारी दीप्ति की बड़ी भें रानी लीलावती ...... और लेना यह हैं िश पीली कोठी की मालकिन मेरी काकी और यह मेरी दीदी इनकी छोटी बेटी ".

लीला ने हाथ जोड़कर प्यार चुहने चाहिए तो काकी ने रोक के कहा," पाप मत चाडवो महारानी शैब्या , आर्यन बीटा तो नौकर को मालकिन बोल रहा है. में रतिदेवी की नौकरानी हूँ और यह मेरी बेटी विद्या िश जगह की देखभाल करते हैं ".

लीला भी आर्यन को देखकर मुस्करा के बोली," आर्यन की काकी तो मेरी भी काकी हो आप , प्यार चुहकर में आपके ऐषीर्वाद से वंचित नहीं होनी चाहती "...... और िश 6 फट 3 इंच की लम्भी चौड़ी रानी ने झुकार प्यार छुए तो बस सर पे हाथ रखकर आशीर्वाद दी ," सदा सुहागवती रहो और दूदो नहो पुतो फलों ".

लीला हसकर ," में विधवा हो काकी एक बेटी है 3 साल उसको hi आशीर्वाद दे दो".

काकी भी उसका हाथ पकड़ के बोली," अब नहीं लगती तुम विधवा जब आर्यन आपके साथ है , मेरा आशीर्वाद हमेशा ऐसा hi मिलेगा हाँ वह क्या कहते हैं सेक्रेटरी पति बन जायेगा आपका आर्यन ".

दीदी हस्ते हुए ," अम्मा वह सीक्रेट होता है ...... रानी शैब्या अम्मा की बात का बुरा न मन्ना ".

लीला हसकर ," यह आर्यन की कारस्तानी होगी अब आप दोनों से कहाँ कुछ छिपने वाला है क्यों आर्यन ?"

आर्यन ने लीला की कमर में हाथ दाल अपने से चिपका के कहा ," लीला डार्लिंग थे बोथ अरे फॅमिली एंड नेवर स्पेल ा सिंगल वर्ड अबाउट यू तो एनीवन ".

लीला भी मुस्करा दी और दीदी ने उसका वैनिटी बैग ले लिया और कार में सब बैठकर पीली कोठी पे पहुंचे जोह 2 कम दुर्र थी हेलिपैड से ........

पुराणी बिल्डिंग और उसकी रख रखवात देखकर लीला भी इम्प्रेस हुयी , छोटी बिल्डिंग थी उसके लिए पर मैनेजर और स्टाफ ने उसका पूरा स्वागत किया फिर उसकी हिस्ट्री भी समझने लगे ......

हल्का नाश्ता भी किसी शाही भोज की तरह था पर आर्यन उसके साथ बस मुस्कारते रहा हर जगह ...... लीला भी इम्प्रेस थी की आर्यन भी रॉयल ब्लड है और उसके ग्रेट नानाजी चौदर्य माधव सिंह बहोत बड़े जमींदार थे और उनके पुरखे राजा . फिर अब तोह रतिदेवी एक पूरे बिज़नेस एम्पायर की मालकिन थी और आर्यन सबका अकेला वारिस .

हल्का फुल्का खाकर लीला ने फ्रेश होने को कहा तोह दीदी उसको आर्यन के रूम में ले गयी ...... आर्यन ने मैनेजर और काकी से बात कर सारे स्टाफ को छुट्टी दे दी.

काकी के साथ अपने ऑफिस रूम में बैठकर काकी ने आर्यन को बतया की सब अरेंजमेंट कर दिया है ...... काकी को अपनी गॉड में बिठा के पुछा," क्या बात है तू आज मुझसे दुर्र दुर्र क्यों है ?"

काकी भी मुस्करा दी ," सब ठीक है वैसे तगड़ा हाथ मारा है , असली टक्कर की लड़की लेकर आया है ....... बस उसके साथ टाइम बिता ".

आर्यन ," वह तो में बिताने वाला हूँ पर तू क्यों मुरझा सी गयी है "...... और काकी की बड़ी बड़ी चूची दोनों हाथों से मसल दी ...... अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह siiiiiiiiii आर्यन ाराममममम से ...... बस तू बहोत दिन से आया hi नहीं ....... और अपनी फुटबॉल के साइज के चूतड़ उसकी गॉड में बैठी उसके लुंड पे रगड़ने लगी.....

आर्यन भी उसका ब्लाउज और ब्रा खोल के चूची मसलते हुए पीने लगा ...... काकी भी ऐसे hi निचे बेथ के उसकी पेण्ट खोल के बोली ," थोड़ा चुसवा दे अपना मुसल ुशी में खुश हो जाउंगी ...... पुछःह पुछठ ....... सलरपपपपपपप सलरपपपपपपप ..... मुह्हह्ह्ह्हह "......

यह बेचारी काकी की कदर बस आर्यन ने hi की थी वह भी रति के कहने पे की इसका मोह बंद रहेगा ....... आर्यन भी जानता था की दिल की बहोत अच्छी औरत है और पूरी वफादार ...... 5 मं लुंड चूस के अपनी छूट अपने हाथ से मसल के पानी छोड़कर कड़ी होई और अपने साड़ी के पल्लू से लुंड से अपना थूक साफ़ करके बोली," जा धू ले बाथरूम में वह रानी है उसको साफ़ चीज़ hi पसंद होगी ".

आर्यन हस्ता हुआ काकी के गाल चूमा और दोनों लटकी चूची भानपू की तरह दबा के बाथरूम चला गया ...... दीदी पिछले 5 मं से सब दूर के पीछे छिपकर देख रही थी .

काकी ," अंदर आ जा , आज उसको टाइम नहीं मिलेगा फिर किसी दिन फुरसत से तू उसको खुश कर देना ".

दीदी भी अंदर आते हुए ," कोई बात नहीं अम्मा में बस निगरानी रख रही थी".

काकी ," आज सबर कर ले बेटी वह औरत बहोत बड़े राज्य की रानी है हम उसके सामने चींटी भी नहीं किसी दिन पक्का आर्यन से में खुद तुझे खुस करवा दूंगी ".

गरम तो दीदी भी आज सुबह से hi थी पर अपनी माँ को आर्यन का मूसलचंद चूसते देखकर तड़प से गयी ..... पिछली बार रति और आर्यन की चुदाई देखि थी वह सन आजतक नहीं भूल पायी.

आर्यन बाथरूम से बहार आया तो दीदी जाकर उससे लिपट गयी ," भाई मुझे भी किसी दिन प्यार देना में भी तड़प रही हूँ "...... आर्यन ने काकी की तरफ देखकर उसको बहार जाने का इशारा किया और दीदी को गॉड में उठकर खड़े खड़े उसको चूमने लगा और जब 5 मं की पैशनेट किसिंग में दीदी झाड़ गयी तोह उसको टेबल पे बिठा के बोलै," आज मौका नहीं है मुझे वापस जाना होगा तू चिंता मत कर दीदी एक पूरी रात िश पीली कोठी में नंगी घुमा घुमा के लूंगा "......

दीदी भी पहले शरमाई फिर आर्यन का गाल चूम के बोली ," में इंतज़ार करुँगी तेरा भाई बस एक रात काफी है ".

आर्यन ने ड्रावर से चाभी निकाल तिजोरी खोली और उसमे में 3 लिफाफे बांये रूपये के और बंद करके दीदी के साथ बहार आया तोह सोफे पे काकी बैठी थी तोह आर्यन उसके बगल में बैठकर उसको तीन लिफाफे दिए जिसको देखकर माँ बेटी भी समझ गयी . काकी ने पुछा तीसरा किसको तोह आर्यन बोलै मैनेजर को देना यह बोलकर की गीता मैडम बहोत खुश हैं उसके काम से .

दोनों मुस्करा दिए , अपने को दुरुस्त करके जब दीदी भी आ गयी तब आर्यन बोलै," जाकर देख क्या कर रही हैं महारानी शैब्या "......

स्टैर्स से नीचे उतरती लीला बोली ," रेडी हैं अब जहाँ ले चलो राजकुमार जी , काकी यह बहोत चालू है मुझे भी नहीं पता था यह भी राजकुमार hi है यहाँ का ".

काकी ," हम सबका तो एक hi प्यारा राजकुमार है यह और सबका दुलारा बीटा, महापंचयत में देखना बेटी सब इश्को कितना प्यार करते हैं बस नज़र न लगे मेरे बच्चे को "...... और आँख से काजल का टिका लगा दी आर्यन के कान के पीछे ......

आर्यन बस एक शॉर्ट्स और t-shirt में गॉगल्स लगाई लीला को देखकर मंतर मुग्ध था तब काकी के कान में बोलै तो कड़ी होकर लीला के भी कान के पीछे टिक्का लगा के बोली ," नज़र तो मेरी रानी बेतिया को भी किसी का न लगे..... आर्यन जा अच्छे से घुमा के ला और कार लेकर जाना अभी गर्मी होगी ...... आराम से घूमो बहोत बड़ी जगह है में अभी फ़ोन करके साड़ी सिक्योरिटी बस गेट पे रखती हूँ ".......

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लीला

आर्यन ने बिना किसी की परवा किये आगे बढ़कर लीला के लिप्स पे किश करके कहा ," यू अरे लुकिंग वैरी ब्यूटीफुल डार्लिंग ".

लीला भी शर्मा गयी , जबकि दोनों आर्यन की नौकरानी hi थी पर अहसहजता तो होती hi है ...... लीला की कमर में हाथ दाल आर्यन ने कहा ," काकी हम दोनों पीली कोठी घुमते हैं "......

दोनों लवर्स एक दुसरे की बाँहों में चलते हुए पीछे स्विमिंग पूल से होते हुए छोटे दरवाजे से बागों में निकल गए .

दीदी ," अम्मा यह रानी तो सबसे ज्यादा आर्यन भैया के टक्कर की है और कितनी सूंदर है ".

काकी ," बेटी यह भी बकरी की तरह मिंयागि और घडिया की तरह रंकेंगी जब मेरा बीटा आर्यन इश्कि सवारी करेगा "...... अपनी माँ का इशारा समझ के दीदी भी मुस्करा दी .

लीला भी आर्यन की कमर में हाथ डाले एक प्रेमिका की तरह सर कंधे से लगाए बाग़ और हरियाली का मजा लेती िश अच्छी जगह का पूरा आनंद ले रही थी ...... बाग़ पार करके वह घास के मैदान को पार करके जब तालाब के किनारे पहुंचे तो लीला भी इतने सारे कमल के फूल देखकर खुश होती हुयी बोली ," ब्यूटीफुल यार , इतने सारे अलग अलग तरह के लोटस मैंने थाईलैंड में देखे थे ...... यह उनसे भी ज्यादा सुन्दर है ".

आर्यन ने आगे बढ़कर अपने जुटे उतर के तालाब से एक बड़ा सा कमल ला फूल तोड़कर बहार आया और घुटनो के बल बैठकर कमल आगे करके बोलै ," फॉर मोस्ट ब्यूटीफुल क्वीन ऑफ़ थिस वर्ल्ड ".

लीला ने मुस्करा के कमल हाथ में लेकर ," पर्पस कर रहे हो तो मैंने अभी हाँ नहीं कहा है बस तुम्हारा दिल रखने के लिए लोटस ले लेती हूँ "...... और उसकी पंखुड़ी को चूम ली .....

आर्यन ने आँख मार के कहा ," खास हम भी फूल होते तो आपको गुलाबी लबों का स्पर्श पाकर जीवन खिलखलार के जी लेते ".......

बड़ी ऐडा से घूमती हुयी लीला अपनी भरीपूरी गांड को मटकती आगे बढ़ गयी ," बड़ा आया लबों का स्पर्श पाने वाला , यह मोह और मसूर की दाल ".

लीला बहोत खुश हुयी आर्यन के स्टाइल पे पर नखरा तो िश राजकन्या का जैसे जनम सिद्ध अधिकार था ...... आर्यन भी उसके पीछे हो लिया और बराबर में चलते हुए बोलै ," यह तालाब वाली जगह मेरी मम्मी की फेवरेट जगह है ".

लीला हसकर ," कोनसी मम्मी का फेवरेट है , तुम्हारी तो इतनी साड़ी मम्मी और माँ हैं मीणा में बतया था मुझे ".

आर्यन ," हाँ बहोत साड़ी हैं सब मुझे माँ सा प्यार देती हैं , में सारू मम्मी की बात कर रहा था ....... वह यहाँ आती हैं तो बहोत समय बिताती हैं ".

लीला ने दुर्र एक बड़े बरगद के पेड़ की तरफ इशारा किया ," चलो वहां चलते हैं चाव में धुप भी तेज़ है पर झील के पानी से आती ठंडी हवा वहां ाची लगेगी ".

आर्यन भी उसकी बात पर सर हिलता हुआ हामी भर दिया , दोनों िश बरगद के पेड़ की चाव में निच्चे बेथ गए जहाँ घास थी ....... लीला फूल की डंडी अपनी उंगलिओं से गोल गोल घूमती ुष कमल के फूल को बिच बिच में सूंघ भी लेती .

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लीला ," फिर तुम मुझे यहाँ क्यों लाये पहले फूल देकर पर्पस करते हो फिर बताते हो यह तुम्हारी माँ की फेवरेट जगह है कहीं मुझे भी मम्मी कहने की तो नहीं सोच रहे हो ...... है है है है है ...... "

आर्यन भी मुस्करा के ," नहीं मम्मी क्यों कहूंगा मेरी बेटी तुमको मम्मी कहेगी और मुझे डैडी ...... hi hi hi hi ".

लीला इत्र कर ," बड़ा आया मम्मी बनाने वाला , मुझे ऐसी वैसी मत समझो तुम्हारे जैसे मजनू मैंने एक थप्पड़ में सही कर दिए हैं "......

आर्यन ," अच्छा फिर तो दुर्र रहना चाहिए तुमसे वैसे में रौशनी बेबी की बात कर रहा था वह मुझे डैडी कहने लगी है ".

लीला ," अच्छा फिर डैडी उसके रहो मेरा पति बनने के कोशिश क्यों कर रहे हो?"

आर्यन ने आगे बढ़कर लीला के कमर में हाथ दाल के अपनी और खींच के सीने से लगा के उसकी हैरानी से बड़ी होती आँखों में देखकर कहा ," हम तो तेरी गुलामी करने के लिए बेताब हैं डार्लिंग और आशिके बनकर तेरे हुसैन में डूब जाना चाहते हैं ".

अचानक आर्यन के बदले तेवर और उसकी नीली आँखों में डूबती लीला भी अपनी एक बहन गले में दूसरी हाथ में फूल लिए उसके कंधे पे रखकर बोली ," आर्यन हमारा रिश्ता गलत है और में गलती करने के लिए आयी हूँ पर तुम्हारे आगे पूरी लाइफ है . सिर्फ मेरी वजह से अपने लाइफ को क्यों बर्बाद करना चाहते हो. मेरे पास यह जिस्म है चाहे तो भोग लो पर यह गलती आगे जाकर पछतावे में बदल जाएगी ".

आर्यन ने लीला के हिलते गुलाबी लबों को चूम लिया ," चुप बिलकुल चुप, तुझे डरने की जरुरत नहीं है समझी मोती "..... उसकी कमर से हाथ खिसका के लेफ्ट चूतड़ को जोरसे मसल दिया ...... " तू िश खिले कमल की तरह है जिसको मेरी hi तालाब में खिलना है और मुझे hi तुझे छूने और तोड़ने का हक़ है ...... लीला प्यार हर मुश्किल को भी आसान बना देता है और अपने पुराने जीवन को भूल के आगे बढ़ ....... राजा धर्मवीर सिंह मर्डर चूका है और अब सिर्फ तेरे पास महार्यं सिंह है जिसको तू प्यार करती है और जिंदगी भर प्यार करेगी और मेरे बच्चे भी पैदा करेगी समझी ".

लीला बस आर्यन की आँखों में देखती रहे जाने क्या जादू था उसकी आँखों और आर्यन ने बिना उसको कुछ बोलने दिए बारी बारी से दोनों लिपग्लॉस लगे होंठ चूसे फिर अपनी जीभ उसके मुँह में थैली तो लीला ने दोनों हाथ उसकी गर्दन पे लपेट के अपनी जीभ भी उसकी से भिड़ा के चूसने लगी ....... आर्यन के दोनों हाथ उसकी झागों से लेकर नितम्बों को मसलते उसकी कमर से सर तक उसका पिछले हिस्सा सेहला रहे थे ....... चिंगारी की जरुरत थी और लीला के दिल में लगा दी थी आर्यन ने .

अब आर्यन घुटनो के बल बैठा था और लीला उसकी गॉड में छड़ी दोनों पैरों को उसकी कमर पे लपेटी अपनी जीभ आर्यन को चुस्वाति अपनी विशाल वक्षस्थल आर्यन के पत्थर जैसे सीने पे रगड़ती दोनों हाथों की उंगलियन से उसके लम्बे बालों को खींचती 2 मं में अपनी योनि कपड़ों के ऊपर से रगड़ाती झाड़ गयी .....

सांस फूलने लगी तब आर्यन ने उसकी जीभ छोड़ी तो दोनों के लैब अलग हुए तो थूक की लार का तार सा बन उनके लबों को अलग होने से नाकाम कोशिश कर रहा था ....... एक बार और उसके लबों को चूस के आर्यन ने कहा ," लीला तू मेरी क्या बन गयी है में अल्फाज में ब्यान नहीं कर सकता ...... बस अब तू मेरी है और कोई बिच में आया तो चीयर दूंगा , मुझे मेरी लीला और बेटी रौशनी हमेशा साथ चाहिए ".

अपने चरमोत्कर्ष के बाद खुद को संभालती लीला लगातार उसकी नीली आँखों में देखती हर लबस की सच्ची महसूस करती हुयी बोली ," दुनिया और तेरी होने वाली बीवियों क्या ? मेरे रानी होने के साथ ुष राजगद्दी क्या ? तेरे बच्चे को हरामी की उपाधियाँ देने वालों क्या ? "

आर्यन ने पीछे घास पे पीठ के बल लीला को अपने ऊपर लेकर लेटकर कहा ," पहले दूध पीला फिर मेरा दिमाग़ काम करेगा , तेरे सारे सवाल का जवाब होगा मेरे पास ".

लीला भी उसके ऊपर लुढ़कती चली गयी पर उसकी झांघो के निच्चे हाथ दाल उसको अपने पेट पे बिठा के उसके टॉप को ऊपर कर के हाथ पीछे लेजाकर उसकी डिज़ाइनर ब्रा खोल के दोनों बड़े बड़े कबूतर आजाद कर एक के चूचे पे मोह लगा दूध पीने लगा ...... लीला भी जैसे कठपुतली hi बानी रह गयी की यह इंसान चीज़ क्या है . कोई और होता तोह उसको 10 बार छोड़ चूका होता जबसे मिला है जबकि छूट लिए में त्यार hi तो हूँ मगर न जाने किस पल के इंतज़ार में है .

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दूध पिलाती तो फिर से गीली हो गयी , यह तो रौशनी से भी अच्छी तरह दूध पी रहा है , "अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह आर्यन काट मत ..... पी ले सारा ...... "

चूचिचोर ने एक और माँ एक बच्चे की चीन ली , अब मर्द नहीं अपना छोटे से बच्चे की तरह दुलार करती लीला की दोनों 4-4 किलो की चूची बिलकुल खाली करके hi आर्यन हटा और उसकी ब्रा के कप में चूची फिट करता ब्रा का हुक लगा के उसका टॉप निच्चे करके उसको गॉड में लिए खड़ा हुआ और बरगद के पेड़ से तालाब के पास लेजाकर निच्चे उतर के बोलै ," फ्रेश हो लो में पीठ करके खड़ा हूँ ".

लीला भी बस मुस्करा hi पायी पर आर्यन की पीठ अपनी तरफ देखकर नज़र चरों और मारी तो दुर्र दुर्र तक झील का पानी िश तरफ घास का मैदान फिर घने पेड़ों वाला बाग़ था ......

निच्चे अपना शॉर्ट्स और गीली पेंटी करके बैठी तो नयी जगह की वजह से मूट नहीं पा रही थी तभी सीएएएएएएए की आवाज सुनी पलट के देखि तो आर्यन वैसे hi पीठ दिखये खड़ा उसको मूतने के लिए हेल्प कर रहा था और मूट भी सीटी मारता जोरसे से निकला ...... लीला भी गंगना उठी की आर्यन की मोह की सीटी उसको मूतने पे मजबूर कर दी ...... मूतने के बाद तालाब के पास जाकर अपनी छूट धूई और पेंटी निकल के शॉर्ट्स फेन ली .

आर्यन के पास आयी तो कमर में हाथ दाल के धूलि हुयी पेंटी उसके हाथ से लेकर अपने हाथ में लेकर बोलै ," मेरे पास रहने दो , चलो तुमको पूरा एरिया घूमता हूँ पीली कोठी का कार में चलोगी या घोड़े पे "......

लीला भी अब नार्मल होकर आर्यन से लिपट के बोली," तेरी गॉड में "...... धुप में उसका गोरा चेहरा लाल हो गया था .....

आर्यन ने कमर में हाथ दाल उसको 1 सेक् में अपनी पीठ पे चढ़ा लिया ...... लीला भी हड़बड़ा के आर्यन की गर्दन और कमर पे हाथ कास लिया ..... " गिरा मत दियो तू मेरे टार्जन "...... hi hi hi hi hi....

आर्यन भी मस्त मौला वाली चाल में जब लीला को लेकर पीली कोठी की बिल्डिंग के सामने हमर के पास पहुंचा तो लीला झट से उतर के गाडी चहती बोली "यह तो अमेरिकन मॉडल है" ......

आर्यन भी हसकर ," चंदा रानी की है फुल्ली आर्म्ड विथ कॉम्बैट अपग्रेड , बम ब्लास्ट एंड बुलेट प्रूफ. सॅटॅलाइट से कही भी खोजी जा सकती है बस बजूका और बुलेट्स नहीं लगवाई हैं ".

लीला उत्साहित होती ," मेरे पास भी है पर इम्पोर्टेड मॉडल है यह देखने में वैसी hi है पर जोह जानकार होगा एक सेक् में पहचान लेगा ...... गीता की जान को इतना खतरा है क्या ? पर वह बिंदास घूमती है ".

आर्यन गाडी का गेट खोलकर खुद अंदर ड्राइविंग सीट पे बैठा तो लीला ने दोनों एएब्रोस तान के कहा ," ी विल ड्राइव "..... आर्यन हसकर ," सूरे बेबी बूत वे हैवे तो एडजस्ट ".....

लीला भी हस्ती हुयी ," नॉटी ..... तू बहोत चालू है पहली नज़र में कितना इनोसेंट लगा था ..... बेबी में नहीं रौशनी है तुम्हारी "......

इतराते हुए आर्यन की गॉड में अपनी गांड टिकाती उसने स्टीयरिंग संभाला और स्पीड पडेल पे गियर दाल के प्रेस किया ...... आर्यन ," तू रौशनी से भी छोटी नकचढ़ी बेबी है 2 साल की ".

हमर का मॉडिफाइड वर्शन ड्राइव करते हुए hi लीला समझ गयी की गीता स्पेशल है और पीली कोठी के आस पास के खेत खलियान और बाग़ घूमते हुए आर्यन ने गीता के बारे में सब बतया.

लीला भी रतिदेवी से काफी इम्प्रेस हुयी की किसी दुसरे की बेटी को भी अपनी सगी बेटी जैसा प्यार hi नहीं अधिकार भी दिया अब उसकी जगह गीता hi मालकिन होगी ...... आर्यन ने अपने प्यार गीता के लिए बतया फिर सब बाकी बहेनो का भी जिनसे शादी करेगा तो लीला भी बोली काश हमारे यहाँ भी एक तेरा जैसी सोच वाला होता.

दीप्ति लकी है और फिर यू मेड फॉर एच इतर .

एक सूरजमुखी के खेत की पगडण्डी पे हमर रोक कर गेट खोल के लीला उतर के बोली ," हमारे यहाँ इतनी हरियाली नहीं है पर कितने सूंदर फूल hi फूल हैं ".

आर्यन भी साथ उतर के ुष बड़े से खेत में लीला के साथ घूमा ...... दोनों वापस आये तो आर्यन ने पुछा बियर चलेगी ..... लीला दौड़े गई ..... hi hi hi ....

अब आर्यन ड्राइव करता उसको अपनी गॉड में बीतए बियर पिता उसकी प्यारी बातें सुन्न रहा था की कैसे उसको धर्मवीर से प्यार हुआ फिर शादी उसके बाद रौशनी का जनम ...... प्लेन क्रैश में उसके पति की मौत फिर राजगादी संभालना और अपने देवर ठाकुर सूरज सिंह को साथ मिला के रखना .

लास्ट में अपनी बियर ख़तम करती वह आर्यन का गाल चूम के बोल दी ," या तोह तुम नपुंसक हो जोह मुझे लगता नहीं बिकॉज़ ी फेल्ट यू हार्ड सू मान्य टाइम्स या में तुम्हारे लेवल की नहीं जबकि मुझे संतुस्ट क्यों करते हो ?"

आर्यन मुस्करा के ," उससे पहले तुमको कॉन्ट्रैक्ट सिग्न करना होगा फिर आगे की बात करूँगा "......

लीला का भी दिमाग़ घूम गया साला सुबह से दोपहर हो गयी अब शाम भी न सेक्स का नाम ले रहा न मुझसे दुर्र है आखिर चाहता क्या है छोड़ना है तो छोड़ नहीं तो तू अकेला मर्द नहीं है . अब कॉन्ट्रैक्ट की बात कर रहा है .

आर्यन ," मुझे रौशनी अस ा अपनी लीगल अडॉप्टेड बेटी चाहिए दूसरा तुम मेरे लिए ंप इलेक्शन लड़ेगी ताकि 140 दिन तुम्हारे दिल्ली पार्लियामेंट में बीटीएन ताकि रात में मेरे साथ हो कमसे काम 20 रात साल में ...... हाँ तुमको 8 मोनथस में प्रेग्नेंट होना है क्योंकि इलेक्शन में तुम अपने पहले पेट पे हाथ रखकर कैंपेन करोगी यह सब को बताते हुए की तुमने आर्टिफीसियल इनसेमिनेशन से दूसरा बच्चा लिया है अपने पति के स्पर्म से जोह पहले से पेसेर्वे था बॉम्बे हॉस्पिटल की लैब में स्टोर था ...... मेरे सब बच्चे , रौशनी की तरह रॉयल अधिकार का उसे करेंगे पर राजगादी पे मेरी रौशनी बेटी hi बैठेगी".

मोह फाड़े देखती hi रह गयी रानी लीलावती की जोह उसने सुना आर्यन के मोह से सब सच्च था या उसका भ्रम. लीला घूम के आर्यन का कालर पकड़ के बोली ," तुम अपने को समझ क्या रहे हो जोह बोल डोज वही होगा , जो तू हेलल यू अरे सिक ...... कुछ भी बक रहे हो ".

आर्यन ने लीला का गाल चूमा ," एक मं आँख बंद करके सोच मेरी हर बात पे क्या गलत प्लान किया है मैंने , हर तरफ से तू और रौशनी मेरे नजदीक रहोगी फिर राजपूताना कौंसिल की चेयरपर्सन दीप्ति है मेरा सपोर्ट हमेशा होगा.

रही बच्चों की बात तो ऑप्शनल भी बना सकती है , मेडिसिन्स से लेकर एबॉर्शन भी होता है पर में तुझसे एक बच्चा जरूर चाहता हूँ जोह सिर्फ हम दोनों के प्यार की निशानी हो ".

लीला चुप होकर ," पहले मुझे बियर दे और अब कुछ मत बोलना , में कितनी खुसी से तेरे पास आयी और तू ने टेंशन में hi दाल दिया ".

आर्यन ने उसको अपनी गॉड से उठाकर बराबर वाली सीट पे बिठा के एक बियर निकल के उसको दी और खुद ली ," चलो डार्लिंग पीली कोठी चलते हैं अब 2:30 बज रहा है गर्मी भी पीक पे है और तुम्हारे रॉय चीक्स पहले से रेड हो रखें हैं "...... hi hi hi hi hi .....

बियर पीती लीला फिर से आकर आर्यन की गॉड में बैठकर बोली ," यहाँ तुम्हारी गॉड में में अच्छी तरह सोचती हूँ". आर्यन ने उसके सर पे किश करके कहा ,"अस यू लिखे डार्लिंग ".

लीला ने भी सोच लिया बाकी फैसले बाद में पहले आर्यन को एक मौका तो जरूर दूंगी फिर रौशनी भी इश्को डैडी की तरह प्यार करती है ...... मगर खुले से बैडरूम बेटर रहेगा कल को मुझे कोई एक गलती वाला पन्गा नहीं चाहिए .

रूम में आर्यन ने लीला को अपनी बाँहों में कास लिया और उसके होंठो को चूसने लगा ..... लीला भी बहुत डिअर से इंतज़ार कर रही थी ,वह भी अपने आप को रोक न पायी और आर्यन को वापस किश करते हुए अपना जोश दिखा रही थी की वह कितनी पयासी है .........''चममम च्ममममम चममम हां हां चम्म्म्म चम्म्म्म उम्मम्मम उम्मम्मम''......... वह अपने दोनों बाँहों को उसकी गर्दन पर और हाथ उसके सर पर रखे आर्यन को और जोर से अपनी मोह की तरफ खींच रही thi.........''ummmm उम्म्म्म च्ममममम चम्म्म्म चममम''...........

आर्यन ने अपने दोनों हाथो के पंजे को शॉर्ट्स में कासी उसकी भारी गांड पर रखा और बुरी तरह से उसके दोनों चूतड़ दबाने लगा .........''च्ममममम उम्मम्मम्म च्ममममम उम्मम्मम चम्म्म्म च्ममममम''............

लीला को आर्यन का मोटा तगड़ा औजार अपनी जांघो और छूट पर महसूस हो रहा था की कितना कड़क और पत्थर जैसा हो गया है..... आर्यन ने अपना एक हाथ लीला के टॉप में घुसा दिया और उसकी नंगी कमर और चिकनी स्किन को महसूस कर रहा था और ब्रा की स्ट्रिप से लेकर उसकी शॉर्ट्स तक पूरी कमर सेहला रहा था और उसके मोह में अपनी जीभ दाल उसको किश कर रहा था .....

आर्यन धीरे धीरे अपना कड़क विशाल लौड़ा लीला की जांघो और छूट पर रगड़ता और कपड़ो के ऊपर से hi बिच बिच में ढाका मरता ..... दोनों की साँसे भारी हो गयी थी ..... फिर आर्यन ने उसके टॉप को ऊपर उठाया तो लीला ने किश तोड़कर अपने नयी प्रेमी आर्यन की आंखों में देखर कर बोली ," दरवाज़ा तो बांध कर दे वर्ण कोई आ जायेगा ''........... आर्यन ने उसका टॉप निकल फेंका और दूर की तरफ बढ़ गया .....

दरवाजा बस बांध करके बगैर लॉक किये आर्यन लीला के पीछे जाकर चिपक गया ...... लीला उसके होंठ से अपनी गर्दन पे गरम गरम चुम्बन से है पड़ी ,''आआअह्ह्ह्हह hahahahahahaha''...aur मदहोशी में बोली ,'' क्या बात है बड़ा जोश आ रहा है जैसे मुझे खा hi जायेगा ''...........

आर्यन ने उसकी गर्दन पर चूमा और उसके कान को हलके से काटा , लीला के मुँह से जबरदस्त सिसकारी निकली ,''उम्मम्मम्मम्म...... siiiiiiiiiiiiii ..... अह्हह्ह्ह्ह ारयणणणणणण सीईइईसीईई ..... "

आर्यन ने उसके गाल चूमते हुए कहा ," तुमको तो हर पल चूमे चूसने के बाद खाने का मैं करता है''....... और आर्यन अब पीछे से अपना लुंड के उभर से उसकी गांड पर धक्के मारा और उसके कान को फिर से चुबलान्ने लगा .....

लीला बेशर्मी से हसने लगी ,''हाहाहाःहाहा'' और आर्यन ने फिर उसके कान में अपनी जीभ घुसा दी तो वह ाहिएँ भरने लगी ,''उम्मम्मम आआह्ह्ह्ह''..........

आर्यन बोलै ,''और तू तोह ऐसे बोल रही है जैसे खुद मेरा लिए तू बिलकुल बेचैन नहीं है ''............ बिना आर्यन को और जोश चढ़ती हुयी हलके से हसी और बोली :''मुझे तेरे ज़रुरत नहीं है मेरे कुत्ते जा अपनी माँगतेरों के पास ''.......

आर्यन पीछे से उसकी गांड पर लुंड रगड़ता रहा और लीला भी अपने भारी चूतड़ों को पीछे धकिया देती ...... आर्यन ने अपनी एक ऊँगली लीला के लिप्स पे रागादि के उसके मोह में घुसाई ...........''साली ज़रुरत नहीं तुझे तोह यहाँ क्या कर रही है छिनाल ''............

लीला बेशर्म की तरह हस्ते हुए ,''hahahaha,meri मर्जी जहाँ दिल करे वहां जाउंगी और अभी मेरा मैं इस कमरे में रहने का है ''.........

Aryan,''saali रांड कहीं ki,tera नामर्द देवर नहीं हूँ मैं जो ड्रामा कर रही है, यार हूँ तेरा मेरी लुगाई बनाकर रखूँगा और ढेर सारे बच्चे तेरे से निकलूंगा ''...........

लीला को पता था मर्द को कैसे जोश चढ़ना है और टॉन्ट मारते हुए बोली ,''और मैं भी तेरी बीवी नहीं हूँ और न hi तेरी रखीअल हूँ जो सब बातें मानु, मैं तेरी मालकिन हूँ तू मेरे कुत्ता "........ और वह चुप्प हो गयी कहीं आर्यन बुरा न मान जाये...... पर उसको कहाँ पता था आज सुपर मर्द से पाला पड़ा है , छूकर , चूम चूम के hi चूड़ी हुयी औरत तक को भी छोड़ते छोड़ते रुला डालता है

आर्यन उसकी गांड में धक्के मारते हुए अपना एक हाथ से उसकी एक चूची जोर से दबाई ब्रा के कप के उप्पेर से और पुछा ,''चुप क्यों हो गयी रंडी साली बोल न जो बोलने जा रही थी,...... बोल क्या लगती है तू मेरी , मेरे होने वाले बाचों की माँ या बस मेरी छुटमारानी रांड hi बनेगी ''.

लीला ने गर्दन घुमा के आर्यन की आँखों में देखा और हस्ते हुयी बोली," रांड हूँ, रखैल हूँ तेरी .... मेरी छूट के जानत के पिस्सू ...... आज मेरी ऐसी चुदाई कर में चुड़ते चुड़ते मर जायें ''............

लीला अपनी बातों से खुद उत्तेजित होकर छूट से रास टपका रही hi थी ..... इतना गंदे वर्ड्स कभी उसे hi नहीं किये पर आज सिचुएशन को किसी भी तरह से डोमिनेंट करना चाहती थी ..... आर्यन ुष्पर फ़िदा है यह उसको पता है पर आज के बाद मेरा गुलाम भी होगा .

आर्यन bola:''kutiya तू एक रंडी है ..... एक रखैल का काम क्या होता है भूल गयी क्या चल छूट दिखा अपनी कहीं दो साल में कीड़े तो नहीं पद गए हो?'' ......

लीला अपना हाथ पीछे लेजाकर आर्यन का लुंड पंत के उप्पेर से पकड़ी और दबाई ,'' एक रखैल का काम है की वो अपने यार का बिस्तर गरम करे उसके जिस्म ,उसके लुंड की प्यास बुझाये , बिना शर्म के अपने यार के लौड़े को खुश करे hi hi hi hi ...... बस बड़ा hi लेकर घूम रहा है की काम का भी है वार्ना मेरी छोटी भें की ज़िंदगी भी झंड कर देगा तू झंटू इंसान "............दोनों बहुत जोश में थे और घेरि सांसे ले रहे थे एक दुसरे को निचा दिखते हुए .....

लीला ने आर्यन को उकसाते हुए कहा,'' नामर्दो की तरह सिर्फ बक बक hi करेंगे या मर्दो की तरह कुछ करेंगे भी''....

आर्यन हँसा ,''हाहाहाहा बहोत बेशरम हो गयी है साली तुझे शर्म नहीं आती रंडी लुंड मांगते हुए लुंडखोर कुटिया ''............

आर्यन ने उसके गाल पर काटा तो लीला ने उसका लुंड पूरी लम्बाई में पंत के ऊपर से सहलाया ,'' मुझे रंडी, लुंडखोर कुटिया तू hi बना रह है तुझ से पहले लुंड होता क्या है वह भी किसी को अपने मोह से नहीं बोली अब तोह पक्का अपनी छूट में फिट करके रख सकती हूँ''.

आर्यन को पूरे जोश से किश करने लगी .......,"उम् आआह्ह्ह्हह च्ममममम चम्म्म्म उम्मम्मम''.........

आर्यन भी उसकी किश का जवाब दे रहा था और लीला की लाइट महरूम डिज़ाइनर ब्रा का हुक खोल उसको निकलने लगा तो लीला ने ब्रा निकलने में मदद की अब वह उप्पेर से बिलकुल टॉपलेस नंगी थी .......

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उसने सहारा के लिए आगे बीएड पर हाथ रखे ....... आर्यन ने अपनी जुबान उसकी पीठ और कंधो पर फेरते हुए हलके हलके बाईट के साथ किश कर रहा था ...... लीला की पूरा सरीर माधोसी में कांप रहा था ......

आर्यन की जीभ और होंठ अपना जादू उसकी पूरी पीठ और कमर पर दिखा रहे थे ...... लीला,'' उम्मम्मम आआअह्हह्ह्ह्ह सीईई ारयणणणणणण .......''

आर्यन अपने घुटनो पर निचे बैठा और उसकी शॉर्ट्स के उप्पेर से उसकी 38 साइज से बड़ी गांड को कसकर अपने दोनों हाथो से दबाया और उसकी कमर पर अपने दांतो से हलके से काटा ..... लीला ,''उम्मम्मम्म शह्ह्ह्ह ारयणणणणणण ी लव यू ...... काट मत्तत्तत कुट्टीयीय ''................

आर्यन ने लीला के दोनों चूतड़ों को हाथ से दबके पहला दिया और अपना मुँह उसके गांड की दररर में घुसेड़ अपनी नाक से उसकी छूट और गांड की खुसबो सूंघने लगा .....

आर्यन ने लीला के शॉर्ट्स का हुक खोल के निकल दिया और अब वह ब्लैक पेंटी और हाई हील्स में कड़ी थी...... उसकी छूती से पेंटी में उसकी खरबूजे के साइज के नितम्बों अदा से मत्स्कति , कातिलाना लग रही थी और आधे चिकने चूतड़ बिलकुल नंगे थे ..... उसके मसल और गोलमटोल चुत्तड़ देख आर्यन कुत्ते तरह चाटने लगा .....

लीला ने मदहोश होते हुए गर्दन घुमाई और बोली ," सीईईई अह्ह्ह्हह ......... क्या कुत्ते की तरह चाट रहा है? आगे कुछ आता भी है या नहीं " ........... hi hi hi hi hi .

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आर्यन ने मोह हटा के कसके चपत उसके एक चूतड़ पर मारी ..... चटकककककक ......

लीला चिल्लाई ," आउच आआह्ह्ह्ह सीईईई हरामीईईई ''..... एहि फरक है आशिके और पति में खुलकर गालियां बक सकते हो और आर्यन तो उसको 1सत स्टेज पार करा के 2ंद स्टेज तक चेक करना चाहता था......

लीला स्पेशल थी ुश्मे अपनी दादी जैसा जंगलीपन , कविता मामी जैसी हॉटनेस , रीता मामी जैसी डोमिनेटिंग और जग्गू मम्मी जैसी करेनेस्स थी ऊपर से दूध देती बड़ी थांन वाली उसकी चूचियां सबको फ़ैल कर दी ...... यह औरत नहीं कामदेवी है इसकी अर्चना अपने बिस्तर पे आर्यन रोज करे अगर मुकीम हो. आर्यन की पारखी नज़र में यह औरत अपने पिक्स में hi दिल में उतर गयी थी जब दीप्ति की खोज में किडनेपिंग वाले दिन जयपुर के होटल में ठकुरियन सुचित्रा के साथ दीप्ति के फब अकाउंट खंगला था ..... बस चुपचाप िश लड़की को खोजै तो किस्मत मेहरबान और गधा पहलवान hi साबित हुयी ...... रौशनी से मिलकर अपनी रानी बनने की इच्छा बलवती hi नहीं दृढ हो गयी . रौशनी जैसी बेटी तो हज़ार जनम लेकर hi पैदा होगी ऊपर से लीला की सगी बेटी सूने पे सुहागा .

आर्यन ने अपनी जीभ का जादू दिखा के कहा ,''अपनी रानी कुटिया की मलाईदार गांड देख रहा हूँ मस्त है तू रानी हर तरफ से ''......... और अपना मोह उसकी गांड की दरार में घुसेड़ दिया और दोनों चुत्तड़ को कसकर दबाया .....

लेना ,''उम्मम्मम्मम... अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह.. आआआह्ह्ह्हह्ह''.

आर्यन के मुँह को अपनी गांड में घुसे हुए लीला ने अपने दोनों हाथ पीछे लेजाकर उसके सर अपनी गांड में दबा के अपनी चूतड़ हिलने लगी ...... अब उसको बहुत जोश चढ़ गया था वह सीसियते हुयी बोली ,"सूंघ कुत्ते अपनी कुटिया की छूट और गांड सूंघ , आज तेरे मुँह पे मूट दूंगी ".

आज लीला पगला गयी थी वह तोह सुबह से hi गीली हो रही थी पहले तालाब फिर गाडी में hi बहोत गरम हो गयी थी

आर्यन ,''हाँ कुटिया ,तेरी गांड सूँघूँगा और बाद में अपना लुंड दाल कर छोड़ के पहाड़ भी दूंगा बस रोटी मत रहना ".........

लीला की पेंटी उतरी फिर दोनों हील्स भी अब डायमंड नेकलेस और एअरटोप्स में मादरजात नंगी थी .... उसने अपने हाथो से बिना के चूतड़ फेल दिए और अपनी जीभ उसकी गांड के छेद से लेकर उसकी छूट तक फेरी ......''आउच आअह्ह्ह्हह सीईईई aahhhhh......ummmmmaaaahhh''............

लीला की छूट से टपकता रास उसकी सुडोल और मसल जांघो तक आ गया तो सहेड की तरह जीभ लैप लपा के चाटने लगा और उसके श्रुत की तरफ जा पहुंचा .....

आर्यन ने उसकी कमर झुका के पहले जांघो का रास छठा फिर उसकी छूट का सारा रास पीने लगा और अपनी जीभ उसकी छूट के छेद में घुसेड़ दी और उसके चूतड़ पर थपड मरता हुए कसकर दबोच लिया ......

लीला की तो हालत ख़राब हो गयी वह चीखी ," आह्ह्ह्हह सीईईई ार्यानंन्न मेंननं हवा में उड्डड्ड राहीईई होऊणन्न ...... उईईईईई माआआ कात्तत्त मत्तत्तत ...... जोरररररर से चाहात...... खायआ जायआ ोुछहहहह ".....

आर्यन ने 2 मं बाद उसकी गांड के छेद को जीभ से गिला करने लगा .....

लीला ,"आआआअह्हह्ह्ह्हह सूअर कहाँ मोह लगा दिया ...... उम्मम्मम चाट ऐसे हीईईई अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह ''...............

आर्यन अपनी जीभ उसके छूट के दाने से लेकर गांड के छेद तक फिरता और लीला की टांगें काम्पटी हुई 5 मं में hi झाड़ गयी ...... आर्यन फिर उसकी कमर और पीठ से किश करता हुआ गर्दन पर रुका ....

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आर्यन ने लीला को अपनी तरफ टर्न किया और दोनों एक दुसरे की आंखों में देख रहे थे ...... आर्यन के होंठो और थोड़ी (चीन) पर अपनी hi छूट का रास लगा था जो उसके प्रेमी के चाहत की गवाही दे रहा था.....

आर्यन ने झुककर अपने होंठ लीला के होंठ पर रखे और उसको छूट के अमृत का रसपान करा रहा था , लीला भी सब कुछ भुला के अपनी जीभ इस्तेमाल कर लापर लापर अपनी hi छूट के जूस का मजा ले रही थी .....

उसने आर्यन की शर्ट के अंदर हाथ डाला और उसके जिस्म से खेलने लगी ..... फिर दोनों ने आर्यन की शर्ट उतरी और फिर बनियान ......अब बिना आर्यन के चेस्ट और गर्दन पर किश कर रही थी तो आर्यन उसकी गांड दबाता या कमर और पीठ सेहला रहा था ......

लीला ने उसके लिप्स , चीन , गर्दन और चेस्ट पर किश की और उसके मस्कुलर चेस्ट को चूसती ..... फिर दोनों निप्पल को चूसी और जीभ फिरती बारी बारी ......

बिना ने आर्यन के पेट फिर नाभि पर किश करती हुयी फर्श पर घुटने के बल बैठी और ऊपर उसकी आँखों में देखकर कर मुस्कराई ...... उसने एक हाथ से उसके लुंड को पेण्ट के ऊपर से सहलाया जैसे कह रही हो चितना मत कर में आ गयी तेरी प्यासी लुंडखोर कुटिया और दुसरे हाथ से आर्यन की बेल्ट और पंत का बटन और चैन खोली ...... फिर दोनों हाथो से उसकी पेण्ट और अंडरवियर दोनों उतरी तो लुंड सीधा खड़ा उसके माथे से लेकर नाक तक टक्कर मारा वह पीछे हुयी और कभी आर्यन के लुंड को और उसके चेहरे को देखती .....

आंखें फटी की फटी रह गयी यह क्या है , सारा जोश hi जवाब दे गया ..... उसके पति का लुंड भी 8 इंच लम्बा था , 10 इंच का डिलडो भी वह इस्तेमाल कर रही थी आर्यन के लुंड का अंदाज़ा लगा के पर यह तो किसी दानव या जानवर का hi लुंड था साइज और विकारलता में ...... मगर इतना गोरा और लाल कश्मीरी सेब जैसा टोपा ...... इश्को कोई औरत अंदर ले hi नहीं सकती पर आर्यन के 3 बच्चे भी हैं उन्ह औरशन ने कैसा लिया .

लीला को कोई बता दे की उसकी 5 भाभी इसको अंदर लेकर रोटी हुयी भी खुश हुयी..... रानी होकर भी पहली बार डर लगा की यह अंदर नहीं लिया जा सकता ......

आर्यन हँसा तोह वह भी डरते हुए हसी और आर्यन ने पेण्ट और अंडरवियर पूरे उतर कर साइड में रख दिए ..... अब लीला के दोनों हाथों में लुंड पकड़ा के उसका सर मोठे टोपी की तरह किया तो बोल पड़ी ," सीई अह्ह्ह्हह्हह आर्यन बड़ा गरम और कड़क है .... इतना बड़ा पहले नहीं लिया अब मेरी छूट की खैर नहीं , यह अंदर नहीं जा पायेगा "......

आर्यन हसकर ," तू तो बड़ी रानी है सिर्फ एक लुंड से डर गयी दिखा अपना दम ख़म नहीं तो फिर में अपनी तरह से तेरी छूट पहाडुंगा रंडी चल मोह कल और चूस के दिखा की तू इश्के लायक भी है या रस्ते की सस्ती हस्ती ...... चटाक ...... मोह खोल छिनाल...... "...... चटक ......

दो थप्पड़ गाल पे पड़ते hi बहार से दूर के कर्टेन से झांकती काकी और विद्या के चेहरे पे भी खुसी लौट आयी की अब फटी इश्कि छूट हमारे आर्यन को गालियां दे रही थी , कुटिया रानी होगी अपने घर की यहाँ सब आर्यन की गुलाम है पर वह सबको महारानी की तरह hi रखता है .......

दूर लॉक नहीं किया था पर पर्दा कर दिया था क्योंकि दीदी का पता नहीं पर काकी चुदाई देकर hi ठंडी हो जाएगी.....

अपना अपमान सुन के लीला ने आँख में आये आसूं की परवा किये हुए आर्यन के गुस्से से ाँद और लुंड मरोड़ के कहा," आज तेरा लुंड को अपना गुलाम बना के रखूंगी , बड़ा घमंड है न हरामखोर आज इसकी साड़ी अकड़ निकाल दूंगी ".

एक हाथ में थूक जमा कर उसके लुंड को गिला करने लगी ...... 2-3 बार डायरेक्ट थूकि और थूक को पुरे लुंड पर मलने लगी ...... आर्यन ने भी अपना मोह गोल किया और लुंड पर थूक गिराया तो उसको भी लुंड पर मॉल दी ...... लुंड उप्पेर से नीचे हिलने लगी .... फिर आर्यन की आँखों में देख चूसने लगी ...... ,"सलरपपपपपपप सलरपपपपपपप , बहोत मीठा और प्यारा लुंड है काला टिक्का लगवा कर ईशपर अपनी काकी से ...... hi hi hi hi hi"......

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करीब 4-5 इंच तक लुंड जा रहा था उसके मोह में तोह किनारे से थूक भी निचे जा रहा था ..... आर्यन ने अपने एक हाथ से उसके सर के बाल पकडे िखथे कर के और दुसरे से गर्दन , लीला समझ गयी साला मर देगा अपने मुसल से पर वह रेडी थी आर्यन के वार के लिए .....

आर्यन ने अपना लुंड और अंदर मोह में धकेला और आगे पीछे करने लगा ...... लीला ने अपना मोह और खोल दिया और एक हाथ आर्यन की नितम्ब पर और दुसरे से उसको सांड के साइज के तत्तो को जोर जोरसे गए के थान की तरह निचोड़े लगी .....

आर्यन चिनगाढा ," रंडी साली ..... आह्ह्ह्ह ऐसे hi मोह खोल ..... सीईइईसीईई अहहहहजज "..... और ढके मारने लगा और अब उसका करीब 8 इंच लुंड उसके मुँह में जाता ...... उसका मोह पूरा चौक हो गया और मोह से सिर्फ ,"गाए गाए गोआ गोआ गुप्प गोऊ गोऊ''...... आवाजें आए रही थी ....

लीला कभी उसके चूतड़ पर मरती कभी उसके ाँद जोर से दबती पर आर्यन पर असर नहीं हो रहा था ...... आर्यन ने एक बार पूरा लुंड निकला तो लीला के थूक और असून निकल रहे थे ..... पर 5 सेक्. बाद आर्यन ने फिर लुंड घुसेड़ दिया और गोऊ गाए की आवाजें आने लगी और आर्यन ने जोर का झटका लगा लुंड उसके हलक के पार 3 धक्कों में पहोचा दिया और वहीँ रूक गया 10 सेक् उसकी नाक बांध करके कहीं दांत से चबा न डाले ...... लीला की तोह जान पर बन आयी ..... उसने दोनों हाथ से उसको पहिचे धकेल ने लगी पर नहीं कर पायी ......

आर्यन चिल्ला के बोलै ," कुटिया और मोह खोल ..... अह्ह्ह्ह तेरे गले ने मेरा टोपा फँस गया है .... अह्ह्ह्हह सीईई मजा आ रहा है अपनी जीभ घुमा दांत लगाई तो गर्दन काट दूंगा रंडी ".

लीला की आँखों से आंसूं और नाक से फुर फुर के आवाज आ रही थी ...... लीला कुछ सूझ hi नहीं रहा था ...... पर उसने एक आखिरी आईडिया उसे किया .....

लीला ने आर्यन के तटों को दोनों हाथो से जोर से भींच दिया ..... अगले hi पल चटकककककक एक थपड उसके गाल पर पड़ा और फिर आर्यन ने उसका सर पकड़ लुंड जोर के धक्के के साथ उसके मोह के और अंदर घुसेड़ दिया अब सारा लगभग एक इंची से ज्यादा बड़ा और 5 इंची के करीब मोटा पूरा लुंड उसके मोह और हलक के पार उसकी आहार नाली तक टच कर गया और आर्यन तोह जैसे स्वर्ग में पहोच गया क्योंकि आगे के 5 इंची हिस्से पर लीला के गले की स्मूथ मुस्कले जैसे चारो ओरे लुंड से लिपटी कभी कॉन्ट्रैक्ट करती कभी रिलैक्स( यानी कभी टाइट होती कभी ढीली ) .....

लीला की तोह सांस hi बंद हो गयी उसको चक्कर आने लगा तो आखिरी बार फिर से आर्यन के ाँद जोर से दबाई तोह आर्यन दर्द होने पर सपनो की दुनिया से बहार आया और झट से लुंड निकला और एक थप्पड़ लीला के गाल पर दिया ," उखड़े गई क्या रांड ...... "

थप्पड़ पड़ते hi मोह आजाद हुआ और गहरी गहरी सांस लेने लगी...... खासते जा रही थी और अब फ्लोर पर उसकी आँखों के आंसूं , नाक से पानी और मोह से लार गिर रहा था .....

आर्यन ने लीला की हालत देखि तोह निचे बेथ उसकी पीठ सेहला रहा था .....2 मं बाद जब ठीक हुयी तो आर्यन की तरफ मुड़ी और उसको मुस्कारते देख .....

ुष्पर झपटी और आर्यन को पीटने लगी तो हसकर पित्त रहा ...... आर्यन हस्ता रहा पर उसने उसको मारने दिया जी भर के .....

लीला ," मादरचोद आज तुझे कोई नहीं बचा सकता .... कुत्ते आज तुझे जान से मार दूंगी ..... साले आज तेरा लुंड उखड के कुत्तों के आगे दाल दूंगी "...... और अब लीला जैसे hi आर्यन के लुंड को पकड़ने वाली थी आर्यन उसको उठा कर अपनी गॉड में लेकर बोलै ,"बोल कुटिया क्या करून तेरे साथ, लुंड चूसना सीखा रहा था ..... मोह में ले नहीं पायी छूट में कैसे लेगी "..........

लीला बस चुप hi हो गयी , आर्यन उसको सस्ती हस्ती की तरह बात कर रहा था ...... लीला के लिए पहला कोई मर्द उसको डोमिनाते कर रहा था जबकि अभी तक उसकी परीक्षा hi चल रही थी .

आर्यन बिस्टेर पर चढ़ उसको निच्चे दबोच कर उसके ऊपर झुक के उसके बाल पकड़ के खींचता है ...... लीला ''आआह्ह्ह्ह''........ पर गुस्सा होकर आर्यन को घूरती है .....

आर्यन उसका जबड़ा दबाता है ,"बोल randi,besharam बन कर बोल क्या कर दूँ तेरे साथ अगर चुप रही तोह कभी कुछ नहीं करूंगा सोच ले ".......... और आर्यन हसने लगता है

लीला अब और आगे अपना हाथ बढ़ा कर आर्यन का लुंड पकड़कर सहलाती है ,"मेरी चुदाई कर मेरे गुलाम मेरे कुत्ते नहीं तोह काट के अपनी छूट में हमेशा के लिए रख लुंगी "......

आर्यन हस्ता है और जुख के उसके होंठो से अपने होंठ जोड़ देता है और उसकी 38दद के साइज की चूची दबाते हुए किश करने लगता है ...... दोनों अब बहुत जबरदस्त जोश से किश कर रहे थे ...... अब दोनों कुत्ते कुत्तिया की तरह एक दुसरे को नोच खसोट रहे थे पर प्यार से बेरहमी से नहीं .....

आर्यन उसकी चूचियों पर टूट पड़ा और 5 मं. में उसकी दोनों चूचिया बुरी तरह चूसकर फिर से बने दूध से खाली कर दिया ..... लीला लगातार उसका लुंड हिलाये जा रही थी और उसके सर के बालो में उंगलिओं फिरा रही थी ....." यस बेबी सूचक मुम्मा मिल्क ".....

लीला को अब अलग hi मज़ा आ रहा था डोमिनाते करते हुए और कभी कभी अस ा साल्वे ट्रीटमेंट पे...... वह पुराणी अपने पति की यादों को मिटटी नयी यादें बनती खुश हो रही थी .....

"कमीने ने आज मेरा गाला पहाड़ hi दिया था अब देखो कैसे छोटे मासूम बच्चे की तरह मेरी चूची के पीछे पड़ा है साला चूचिचोर ..... मीणा ने बतया था की गीता ने सही नाम रखा है इसका साला चूचीधार या चूचिचोर .... बगैर चोदे hi दूध निकल लिया है .....ये मेरी छूट भी बस गंगा जउँना बहे जा रही है ..... हरामी अब पहाड़ भी दे "...... मैं में विचार आते हुए भी बोल नहीं पा रही थी रानी लीलावती जोह आर्यन की बाँहों में रंडी लीलावती बनकर मजे और दर्द ले रही थी ....... आज मार भी सुहानी लगी थी आर्यन के हाथों की ......

आर्यन उठकर बैठा और अपना मोह गोल कर उसकी छूट पर थूका ..... लीला ने उसके लुंड से अपनी छूट पर रगड़ कर थूक पहला दिया .....

आर्यन की आँखों में देखकर बोली ," आराम से डालना 2 साल हो गए हैं "......

आर्यन ने हाँ में गर्दन हिलायी और पोजीशन सेट की..... और छूट पर लुंड लगा लीला के ऊपर लेट गया और उसके होंठो को अपने होंठ से बांड कर एक ढाका मारा थो उसका लाल सूपड़ा अंदर घुस गया .....

लीला थोड़ी झटपटी पर आर्यन ने दोनों हाथो से उसकी चूची और निप्पल मसाले और फिर एक झटका मारा ...... लीला ,"'आआआअह्ह्हह्हं उम्मम्मम''..........

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आर्यन ने फिर अपने को एडजस्ट किया लुंड 9 इंच तक अंदर था पर दर्द कर रहा था ...... आर्यन ने अब देर न करते हुए 2 और धक्को में पूरा लुंड अंदर कर दिया अब लीला की गांड के छेद पर आर्यन के तटों के थपेड़ लग रही थी .....

लीला थोड़ी डिअर कसमसी पर फिर आर्यन शुरू हो गया हलके हलके धक्के लगता .....

लीला ने किश तोड़ी ,"आआअह्हह्ह्ह्ह आआआहहहहह आआआआअह्ह्ह्हह्ज उम्मम्मम उम्मम्मम्मम्मम आआअह्ह्ह्हह्ह्ह्हह आआअह्ह्ह्हह मरररररर डेगाआ ाजजज टूउऊउउउ अह्ह्ह्हह्हह सीईइईसीईई ''.............

आर्यन भी स्पीड पकड़ते हुए ''हाह हाह हह हहह मस्त छूट है तेरी रानी आज पहाड़ hi दूंगा ..... पुछःह पहुछठ ''...........

लीला भी अब दर्द को झेलती अपनी गांड उठा रही थी और आर्यन की ताल से ताल मिला रही थी ..... आर्यन के जोरदार पहर अपनी छूट पर सेह रही थी और उसकी गांड और आर्यन की जांघ तबला बाजा रही hi ,''थप्प्प्प्प थप्प्प्प्प थपप्पपपपप थप्प्प्प्प ''....... और छूट और लुंड से ,"पहछहः पहछहः पहछहः पहचहहहह ''.....की आवाज पूरे रूम में गूंज रही थी ........

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माँ बेटी की छूट भी आर्यन और लीला की जबरदस्त चुदाई देखकर पानी बहा रही थी , काकी भी समझ गयी एहि लड़की आर्यन के लिए hi बानी है , इतनी जल्दी गांड उठा उठा के छुड़वा रही है .......

लीला की छूट से उसका रास झाग बनकर उसकी गांड और बिस्तर पर गिर रहा था ..... लीला की छूट आज बहुत पानी छोड़ रही थी सायद अनएक्सपेक्टेड चुदाई और आर्यन का बेहरमी वाला प्यार जिसकी वह दीवानी होती जा रही थी .....

लीला जोश में कभी आर्यन को चूमती कभी उसके सर से लेकर कमर तक उसकी पीठ सहालती ,"उफ्फ्फ्फफ्फ्फ्फ़ आआआआअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह उम्मम्मम्मम्म उम्मम्मम्मम आआह्ह्हह्ह्ह्ह aaahhhhhhh''.......aaaaaaaahhhhhhh और जोर से छोड़ मेरी जान मेरे मालिक मेरे बच्चों के डैडी फ़क में फ़ास्ट एससससस aaaahh''............,''aaahhhhh जोर से छोड़''.......... रूम में सिर्फ बस चुदाई की आवाजें आ रही थी ,''चर्रर्र चर्रर्र charrrrr''...''phach पहच phach'',....''thap थप थप''........

बिना की सिसकियों ने पूरी पीली कोठी hi गूंजा दी ,''आआआआहहहहह आआआआहहहहह आआआहहहहहहह आअह्ह्ह्ह आअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह उम्मम्मम्म''...............

अब पोजीशन बदल बदल के लीला के झड़ते hi आर्यन कभी ऊपर लेकर कभी साइड लिटा के कभी पीछे से छोड़ता गया ...... दोनों ने आखिरी में बहुत सुपरएक्सप्रेस वाली चुदाई कर डाली .......

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तब डेढ़ घंटे बाद आर्यन खाली हुआ , छूट में जैसे पूरा गिलास भरके जूस उड़ेल दिया हो ...... पिछले कुछ दिन से सिर्फ 2 बार रति को hi छोड़ा था ...... पूरा इख्ठा माल आज लीला को मिला ..... अनगिनत बार लीला झड़ी और बेसुध सी लेती थी ......

आर्यन जब लुंड बहार खिंच के बगल में लेता तो काकी से रुका न गया और बेटी के कान में समझे तो विद्या डर गयी पर काकी हाथ पकड़ के आराम से रूम में आयी और बिस्टेर के पास बैठकर , अपनी उंगलिओं से लीला की छूट से आर्यन का रिश्ता विरए इख्ठा करती चाटने लगी .....

आर्यन के रास से साणे लुंड को विद्या दीदी चूसने लगी तो आर्यन ने कहा ," दीदी अच्छे से साफ़ कर "...... विद्या खुस होती उसके ाँद तक का रास चाटने लगी .....

आर्यन की आवाज सुनकर लीला ने आँख खोली फिर पहले विद्या और अपनी छूट पे ऊँगली से माल ीखता करती काकी को देखि तो मुस्करा के काकी की गर्दन पे अपनी टांग लपेट के बोली ," कुटिया काकी डायरेक्ट चाट के साफ़ कर , उसके बाद तुम माँ बेटी को मौत देकर जाउंगी ...... तुम रंडियों की हिम्मत कैसे हुयी अंदर आने की ?"

आर्यन भी लीला का गुस्सा देखकर डर गया कहीं लीला सच्च में उसकी काकी दीदी को मरवा न दे ...... ?

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दिल्ली , आफ्टरनून 2पं

फार्महाउस में दोपहर में जब रति पहुंची तोह सब एक जगह हॉल में ेखते थे तो वह भी वहीँ पहुंची जहाँ एक सूंदर से बच्ची ,रौशनी, अपने दोनों नए भाई भें ( महिमा और राहुल) की hi नहीं कुछ माइड को भी पढ़ा रही थी ...... दोनों को अबकड के साथ एक्साम्प्ले और हैंड सिग्न से सीखा रही थी .

रति ने सारू की तरफ देखा तो मुस्करा के बोली ," आर्यन की नयी बेटी है ".....

रति के चेहरे के बदलते भाव पढ़कर सारू ने कहा ," परेशां न हो अभी एक हफ्ते पहले मिली है , दीप्ति के मामा की बेटी रानी लीलावती की इकलौती बेटी है ...... आर्यन से बहोत प्यार करने लगी है ".

रति को देखकर रौशनी उठकर उसके पास पहुंच के बोली ," गुड आफ्टरनून नानी माँ हाउ वास् योर ऑफिस ?"

रति भी निच्चे झुकार उसको गॉड में उठा ली ," एवरीथिंग फाइन बीटा , what's योर नाम एंड हाउ यू क्नोव में आलरेडी ?"

रौशनी ," माहि मुझे बार्बी डॉल बुलाता है आप रौशनी बुला सकती हैं उसने सबके बारे में बतया है , यू अरे ब्यूटीफुल नानी ".....

निच्चे महिमा और राहुल ने रति की साड़ी पकड़ के कहा," दादी में भी ....दादी में भी "......

रति ने निच्चे बैठकर तीनो को गले लगाकर किश किया और बोली ," आज आने दो इनके बाप को हमको भी पता चले कितने बच्चे हैं उसके ?"

डॉ अंजू ," हाँ दीदी जोह पेट में लिए घूम रही हैं उनको भी अभी बुलवा लेना ?"......

रति चिढ़कर ," it's नॉट फनी , मेरा बीटा ऐसा वैसा नहीं है..... मुझे बता कर हर काम करता है ...... चलो बच्चों आइसक्रीम खाते हैं पार्टी टाइम ".

सारू के साथ डॉ अंजू भी हसने लगी , कोई बुराई तो करे आर्यन की रति के सामने मुँह न तोड़ देगी ......

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