Angrakshak Parivar Ka .........MAHI - Page 28 - SexBaba
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Angrakshak Parivar Ka .........MAHI

अपडेट 36

Part - 6(ा) ( राजगद्दी )

अब तक.........

आर्यन के रास से साणे लुंड को विद्या दीदी चूसने लगी तो आर्यन ने कहा ," दीदी अच्छे से साफ़ कर "...... विद्या खुस होती उसके ाँद तक का रास चाटने लगी .....

आर्यन की आवाज सुनकर लीला ने आँख खोली फिर पहले विद्या और अपनी छूट पे ऊँगली से माल ीखता करती काकी को देखि तो मुस्करा के काकी की गर्दन पे अपनी टांग लपेट के बोली ," कुटिया काकी डायरेक्ट चाट के साफ़ कर , उसके बाद तुम माँ बेटी को मौत देकर जाउंगी ...... तुम रंडियों की हिम्मत कैसे हुयी अंदर आने की ?"

आर्यन भी लीला का गुस्सा देखकर डर गया कहीं लीला सच्च में उसकी काकी दीदी को मरवा न दे ...... ?????

अब आगे......

काकी ने अपनी जीभ से लीला की छूट और झागों से सारा विरए और छूट रास चाट लिया ...... आर्यन ने लीला की तरफ टर्न करके उसका गाल चूम लिया तो लीला भी अपने लबों को उसके लबों से जोड़कर किश करने लगी .......

काकी ने विद्या को हटा के खुद आर्यन का लुंड और ाँद चूस के बिलकुल साफ़ कर दिया . फिर विद्या को बोली ," जा बाथरूम में रानी जी के गरम पानी भर दे बाथटब में और इम्पोर्टेड सोप भी दाल देना उनको सिकाई से आराम मिलेगा ".

विद्या उठकर बाथरूम गयी और काकी निच्चे चली गयी और 5 मं बाद आयी तो लीला अब आर्यन के ऊपर लेती उसको चूमे जा रही थी ......

काकी ," बीटा अब रानी जी को आराम करने दे , में मालिश करके इनका दर्द दूर कर देती हूँ ".

लीला ने काकी की तरफ देखा फिर आर्यन को जिस ने उसको हाँ कहा तो साइड होकर बीएड पे बैठी तो अह्ह्ह्हह्हह माआआआ निकल गया ," बहोत बुरी तरह से किया तू ने आर्यन दर्द भी ज्यादा दिया ".

आर्यन बस मुस्करा दिया तब काकी ने 10 मं एक स्पेशल तेल से पहले पेट, कमर और गांड की मालिश के बाद उसके हाथों और झांघो की भी कड़क मालिश की ...... लीला देख रही थी यह बुढ़िया बहोत एक्सपीरियंस है और मेरी धमकी का भी डर नहीं हुआ .

लीला अपनी कड़क आवाज में ," अब अच्छा लग रहा हक़ काकी , तुझे डर नहीं लगा अंदर आने में ? मेरी पिस्तौल या खंजर हाथ में होता तो मर जाती तू और तेरी बेटी ".

काकी बस मुस्करा के अब उसकी छूट की फांकों की मालिश करती हुयी बोली," रानी शैब्या हम तो नौकर हैं आपके गुलाम, हमारे मरने से कुछ फर्क पड़ेगा क्या. फिर गुलाम अपने मालिक के हाथ मरे तो उसका सोभागः hi होता है ".

लीला भी हस्ती हुयी ," आर्यन यह काकी अपने टाइम की बहोत बड़ी रंडी होगी और पक्की चापलूस है , चल माफ़ किया तुझे बस होंठ सिल्वा ले अपने और अपनी बेटी की".

आर्यन भी मुस्करा के ," लीला डार्लिंग हर राज की कीमत होती है फिर काकी की मालिश का इनाम भी मिलना चाहिए ".

लीला ," रानी हु यार में, सब अच्छे से समझती हूँ , काकी तेरा इनाम मिल जायेगा अब अपनी बेटी को लेकर जा मुझे अपने नए यार के साथ रहने दे ".

आर्यन ," काकी जूस और कुछ खाने को भिजवा दो ".

आर्यन अब बीएड से उतर के लीला को अभी बाँहों में उठा के चूमता हुआ बाथरूम ले गया वहां दोनों फ्रेश होकर फिर से बाथटब में एक दुसरे से लिपटे चुदाई किये ...... बस चूमते सेहलते दोनों हलके हलके कमर हिलाते िश पल का आनंद ले रहे थे .

लीला को आर्यन ने अपने घर की औरशन और अपने बच्चों के साथ उनकी माओ की स्टोरी भी बताई ...... लीला भी अब एक तरह से मैं बना ली थी की आर्यन जोह कह रहा है वह मुमकिन है पर आखिर में पूछ hi ली ," चल में तेरी बात मान भी लूँ, अगर दीप्ति ने कभी मुझे hi िश रिश्ते के लिए ऊँगली दिखाई तो ?"

आर्यन उसकी भारी चूतड़ सहलाता हुआ बोलै ," दीप्ति को ऐतराज नहीं होना चाहिए और उसको तुम्हारे मेरे रिलेशन का पता होगा , यह बात भी कहाँ छुपेगी तुम मेरे साथ अकेली गयी थी किसी मीटिंग में ...... लीला, तुम रानी हो एक रियासत की कोई तुम्हारी तरफ ऊँगली नहीं उठाएगा फिर तुम्हे अपनी पसंद का मर्द चुनने से कोण रोक लेगा ".

लीला अपनी कमर हिलती उसके लुंड को अपनी छूट में कसने लगी ," हूंणंन्न ारयणणणणणण मैंने आज तक दो मर्द hi चुने हैं दोनों एक से बढ़कर एक हैं. मेरा पहला प्यार की निशानी रौशनी है और अब मुझे तुमसे भी निशानी चाहिए hi hi hi hi hi ....... बहोत गन्दा है तू वहां ऊँगली मत कर मुझे पता है तू पहले दिन से मेरी चूची और गांड के पीछे पड़ा है ......... शह्ह्ह्हह्ह मेरे लिए तू मेरा सीक्रेट पति रहेगा और रौशनी अबसे तेरी बेटी है खुश ........ पुछःह पुछठ ".

एक घंटे की मस्ती ने लीला को बिलकुल थका दिया ....... आर्यन की चाप उसके सरीर पे नहीं दिल पे भी गहरी लगी थी .

कुछ डिअर बाद अब जूस और स्नैक्स खाकर बीएड में दोनों नंगे ब्लैंकेट में लेते थे ...... आर्यन के कंधे पे सर राखी उसके सीने पे हाथ फिरती लीला ने कहा ," आर्यन मैंने अपना सब कुछ तुझे सौंप दिया है और आगे की जिंदगी तेरे साथ hi देखती हूँ. मुझे महीने में एक दिन भी देगा तोह काफी होगा अपने प्यार की बाँहों में सकूँ पाने के लिए ".

आर्यन उसकी कमर सेहलता बोलै," लीला तुम मेरे लिए बहोत स्पेशल हो , सायद तुमको देखकर की प्यार करने के लिए तड़प रहा था फिर रौशनी जैसी बेटी देखकर तय भी कर लिया की तुम मेरी जरूर बनोगी. देखो सायद भगवन भी एहि चाहता है हम साथ रहे. अपनी बेटी को ज्यादा से ज्यादा टाइम दो देखना तुम खुद hi इतनी खुश रहने लगोगी की सब तुमसे जलेंगे ".

लीला ने अपनी झांग आर्यन के लुंड पे रगड़ के कहा ," रौशनी को पूरा प्यार दूंगी पर उसके नए पापा को भी उसकी मुम्मा को प्यार देना चाहिए न, आर्यन दर्द तोह बहोत है पर एक बार और अंदर आ जाओ मेरे...... सायद ऐसा मौका जल्दी नहीं मिलेगा ".

3 घंटे में 2 बार छोड़ने के बाद भी लीला एक बार और आर्यन से छोड़ना चाहती थी पर उसने शरत राखी ," मुझे रफ़ चुदाई पसंद है, आधे टाइम तुम डोमिनेट करना आधे टाइम में ".......

सही औरत पे हाथ डाला था आर्यन ने, यह साइज hi नहीं स्टैमिना में भी सबसे बड़ी थी , आर्यन की दादी , देवी की उम्र ज्यादा थी पर देवी का जवान वर्शन hi कह लो लीला को ...... बिस्टेर में दोनों का मर्द नंगा हो तो साले को खाली पीली आराम तो करने देने से रही.

अबकी बार लीला ने अपना हिंसक रूप दिखा के आर्यन को थप्पड़ मारते हुए उसके लुंड की सवारी की , उसके निप्पल तक काट डाली ...... सीने पे जगह जगह दांतों के निशान भी पद गए ...... मगर यह औरत लीला अब 3 स्टेज तक आ चुकी थी , आर्यन को अंदजा था यह 5तह स्टेज भी झेल लेगी हिंसक , डोमिनेटिंग सेक्स के दौरान .......

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अब तो रूम का दूर भी खुला था पर लीला में जैसे माता आ गयी हो चिल्ला चिल्ला के गालियां बक्ति आर्यन को उकसाती हुयी 20 मं में 3 बार झाड़ के पास्ट हुयी तो आर्यन ने उसको बीएड पे पेट के बल लिटा के बालों को हाथ में लगाम की तरह थाम के पीछे से उसकी छूट में लुंड पेलते हुए पूरी ताकत से उसका ढोल बजा डाला , आधे घंटे सिर्फ चीखिआ hi सुनाई दी लीला की जिसकी गवाह पीली कोठी बानी .

काकी और विद्या अपने काम में लगे रहे , दोनों ने 16 डिशेस वाली स्पेशल थाली रेडी कर दी थी ....... चीखिआ सुनकर दोनों हस्ती और आर्यन के गुणगान.

7 बजे जब दोनों निच्चे आये रेडी होकर तो लीला थकी थकी जरूर थी पर चेहरे की लाली अलग hi स्टोरी बयां कर रही थी ......

आर्यन और लीला ने खाना खाते हुए दिल से दोनों माँ बेटी की तारीफ की .

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लीला

चलते हुए काकी को अपने गले का कीमती हार देती हुयी बोली ," इनाम है रख ले "....... एक चेक विद्या को दी ......" यह तेरे और बच्चों के लिए , अगली बार मौका मिले तो आर्यन को अंदर लेकर hi यहाँ से जाने देना ....... ाचा लगा मुझे यहाँ आकर मेरा सबसे अच्छा दिन था फिर आऊँगी काकी ".

दोनों को हेलिपैड पे छोड़ने आयी और आर्यन के गले लगकर जल्दी आने का बोल के माँ बेटी ने विदा किया .

पीली कोठी पहुंचकर दोनों ने फिर से ुष हार को देखा तो काकी खुश होती हुयी बोली," असली महारानी है इतना कीमती हार देते हुए एक बार भी नहीं जिझकि ".

विद्या ,"हाँ बहोत सूंदर है माँ , मुझे भी 2 लाख का चेक देकर गयी, सच में लीला जी बहोत अच्छी हैं फिर आर्यन भैया ने भी 1-1 लाख कॅश दिया है लिफाफे में ".

काकी मुस्करा के ," सब आर्यन का कमाल है , यह सब रानी महारानी उसके लुंड की गुलाम हो जाती हैं , िश लड़की में डैम है आर्यन कभी उसके अपने से दुर्र नहीं होने देगा और मेरे हार को देखना बंद कर यह तुझे नहीं मिलेगा "...... और एक बॉक्स अपनी अलमारी से निकाल के हार को अंदर रखकर लॉक कर दी .......

विद्या थोड़ी मायूस हुयी तो काकी हसकर उसके सर पे हाथ फेरी ...... "अभी तू जवान है आर्यन की शादी होगी तो उसकी बीवियां और रानी, महारानी आती रहेंगी यहाँ, मेरी तरह मोह सील के दिल से खिदमत करना ऐसा एक हार क्या दौलत में खेलेगी बस औकात याद रहे हम गुलाम है उनके लिए जान भी दे देनी है पर वफादारी नहीं छोड़नी ".

काकी की बात विद्या भी समझ गयी आखिर उसकी माँ आज क्यों रतिदेवी और आर्यन की ख़ास है , में भी ऐसी hi बनकर दिखूंगी ...... पीली कोठी की नयी केयरटेकर के रूप में विद्या की दावेदारी सबसे मजबूत थी ..... काकी उसको अपने जैसे hi त्रिनेड कर रही थी .

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आर्यन का जनम वाला गाओं ......

दिल्ली में नवाब सिंह ने अपने छोटे भाई संजय की हालत देखि तो दुःख हुआ पर सलोनी की इज्जत पे हाथ डाला सोचकर hi गुस्से में अपनी जुटती निकल के खूब पीटा ...... संजय भी बस "भैया माफ़ कर दो".... "भैया माफ़ कर दो".... करता रहा .

ुष रात पार्टी की दुसरे फार्महाउस पे, 5 आइटम्स ने सबका मैं बहलाया जाम पिलाते हुए ...... 2 आइटम्स ठाकुर बलदेव सिंह ने हत्या ली तो एक आशुतोष को भी मिल गयी ..... भीमा ने नवाब से पूछकर दोनों भी ठाकुर के पास भेज दी . दोनों अपनी नयी बीवियों को hi पेल के खुश थे .

सुबह आर्यन सबको फार्महाउस पे ब्रेकफास्ट के लिए बुलाया. नाश्ते के बाद वहीँ से विदा लेकर , ठाकुर बलदेव सिंह अपने परिवार के साथ गाओं निकल गया बस ठकुरियन रूपा यहाँ पार्टी ऑफिस में बिजी थी . राजवीर सिंह ने रति से अकेले में बात की और काफी खरी खोटी सुनकर आशुतोष के साथ गाओं निकल गया .

कविता मामी और डॉली ने आशुतोष को जल्दी मिलने आने को कहा . आशुतोष भी खुश था की उसके बीवी बच्चे अच्छी लाइफ जी रहे हैं और उससे भी नाराज नहीं हैं . कल सेहर की हाई क्लास रांड छोड़के खुस था की आर्यन या परिवार वाले उससे भेद भाव तो नहीं कर रहे बस आर्यन ने पाबन्दी लगा दी है.

नवाब सिंह और भीमा को जिम्मेदारी राजवीर सिंह ने दी अब िंह दोनों का क्या करना है तुम देखो अगली बार मुझे बिच मत लाना , जिन्दा रखना हो दुर्र बहोत दुर्र रखो परिवार और उन्ह Maa-bete से .

नवाब सिंह भी अपनी हवेली गाओं पहुंचा , संजय और देवेंदर को अपने सेहर के मकाम में कैद रखवा दिया 5-6 आदमीओ की पहरेदारी पे रख के ..... हवेली में कुलदीप की भें को ले आया और 3-4 दिन उसके मजे से कटे थे ..... नौकर नौकरानी की क्या मजाल की मोह खोल दें पर यह पक्का लग गया की िश औरत से मालिक ने शादी कर ली है जोह पूरे सिंगार करे एजी ोहजी करती है .

कुलदीप की भें भी अब खुश थी उसकी पिछली उलझी और दगाबैजी वाली ज़िंदगी से निकल अब उसका एक पति है नवाब , देखने में इतना अच्छा नहीं है पर दिल का बहोत साफ़ है और उसको दुःख था की नवाब में नसबंदी करवा राखी है तो बच्चे नहीं होंगे पर बिस्टेर पूरा संतुस्ट कर देता है. प्यार में तो उसके अँधा हो चूका था नवाब सिंह और बन थान के रहता है.

नवाब सिंह ने दिन में एक बार जाकर दोनों को गईए के डंडे से पेलता और फिर हवेली लौट आता ...... भीमा ने नवाब को तरीका समझाया था 3-4 दिन बिलकुल उनकी कुछ सुन्ना hi मत , मार डेली पड़े जब भी चूतड़ नुहोडें दर्द गांड तक होना चाहिए .

ठाकुर बलदेव सिंह ने भी नवाब को समझाया ," अपने परिवार को सुरकषित रखना चाहता है तो िंह संपो के दांत तोड़ के hi जाने देना ,तू समझदार है कड़वे कदम hi परिवार को मजबूत करेगा ...... दोनों की बीवियां बुलाकर जलील कर, यह सेहरी लोग हैं जल्दी टूट जायेंगे ".

दोनों को टाइम से खाना भी मिल रहा था पर नवाब सिंह आकर पीट जाता डंडे से तो दिल से आंसूं निकलते संजय के की भैया भी आर्यन की hi सुनते हैं.

आज नवाब सिंह ने कहा," 2 दिन बाद निर्मला बेटी आ रही है आर्यन के साथ तब तेरी अच्छी खबर लूंगा ...... "

संजय ने रूट हुए कहा ," सब उन्दोनो का hi तो किया हुआ है , दोनों माँ बेटे बन सबकी आँखों में धुल झोंक रहे हैं. निर्मला के पेट में आर्यन का पाप पल रहा है ...... आएंगे तो पूछ लेना ".....

नवाब सिंह के प्यारों से जमीन किशक गयी यह संजय क्या अनापसनाप बक रहा है , फिर गुस्सा होकर खूब मारा , संजय ने सब सुना दिया रूट हुए भी पर नवाब ने बिलकुल विश्वास नहीं किया . अगर ऐसा है भी तो मेरे बेटे आर्यन के नसीब में पहले से hi लिखा हुआ है , एहि बात तो मेरे जेल वाले गुरूजी भी कहते थे. उसको बस आर्यन और निर्मला का इंतज़ार था .

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चंडीगढ़ ........

तीनो दानव कन्या के दिन आज कल प्रभा के साथ चंडीगढ़ में बीत रहे थे....

मीणा ने तुरंत hi तीनो बहेनो को दिल्ली में अपने चाचाजी संजय सिंह को देखा तो चाचीजी निर्मला की चिंता हुयी , प्रभा किसी भी सिचुएशन में हैंडल कर लेगी अगर हमला हुआ पर वह एक्सपोज़ न हो और दानव कन्या बड़ी आसानी से शिकार कर पायेगी .

ुष रात मेहमानो की विप पार्टी से पहले hi तीनो एक कार में सिक्योरिटी के साथ चंडीगढ़ निकल गयी. आर्यन को भी यह ठीक लगा वहां चंडीगढ़ में अपने नानाजी के घर प्रभा ने सब को अपनी फ्रेंड्स कहकर मिलवाया जोह इंडिया घूमने आयी हैं.

प्रभा अब चूँकि नागलोक की राजकुमारी थी यह तीनो साया, चाय और माया भी दानव राजकुमारी थी चरों की अच्छी पत्नी लगी .

निर्मला भी अपने पिताजी को देखकर खुश थी पर अपने बेटे आर्यन से दुर्र. आर्यन को फ़ोन में समझा चुकी थी में जल्दी hi तेरे पास आऊँगी और अब इंडिया में hi रहूंगी .

प्रभा ढेरी ढेरी अपने अतीत और आज में ताल मेल बिठा रही थी पर एक बेचैनी अपने बड़े भाई आर्यन के लिए हमेशा रहती ...... सपने भी उसके hi देख रही थी पर क्या सब उसके प्यार को समझ पाएंगे? ...... और अपनी मम्मी के बारे में जानकार तो अब जल्दी hi भाई से अपने विचार शेयर करने की ठान ली थी .

अणि ने उसको समझा दिया था की आर्यन उसको अपना लेगा पर उसको गीता और मीणा को मन्ना होगा मगर नानी रति कभी नहीं मानेगी . तब प्रभा ने कहा ," में नानी माँ को मन लुंगी वह मेरी बात जरूर मानेगी "...... रति भी नाराज थी अपनी लाड़ली प्रभा से की जबसे आयी बस कुछ डिअर उसके पास रही वार्ना अणि के साथ सारा वक़त बीत्या.

निर्मला ने अपना रिलेशन आर्यन से सबसे छुपा के रखा था पर आर्यन की होने वाली शक्तिशाली बीवियां और सारू भी अब जान गयी थी निर्मला की कूख में आर्यन का बच्चा है ........ प्रभा पहले नाराज भी होती पर अब वह आर्यन और अपना सच्च भी जानती थी तो उसको अपनी मम्मी ले लिए खुसी हुयी और पापा संजय सिंह पे भी गुस्सा आया .

निर्मला ने शरत रख दी थी नवाब सिंह के सामने फ़ोन पे की वह आर्यन और रति माजी के साथ hi गाओं आएगी संजय से मिलने. आर्यन भी परसों उसको लेने चंडीगढ़ जाने वाला था .

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इधर 8:30 बजे हेलीकाप्टर दिल्ली फार्महाउस पे उतरा तो आर्यन और लीला को बिना ने रइवे किया ....... बिना ने आर्यन को कहा ," एक जरूरी बात करनी है रति मैडम ने आते hi मिलने को कहा है आपको ".

आर्यन भी उसको सीरियस देखकर हामी भरा और जब हॉल में पहुंचा तो रौशनी और महिमा वहीँ कुछ खेल रहे थे सारू और बबिता भी वहीँ बैठी बातें कर रही थी .

आर्यन अपनी दोनों बेटियों से मिला फिर राहुल का पुछा तो पता चला की अभी सू रहा है ........ सारू के गाल पे किश किया और उसका हाल चल पुछा .

बबिता को एक कॉफ़ी के लिए बोलै और पुछा मीणा कहाँ है ?

सारू ने जवाब दिया ," वह ऑफिस से अभी डॉली के साथ निकली है तुझे माँ ने बुलाया है अपने सुईठे में हैं ".

आर्यन बिना के साथ चल दिया और लीला को फ्रेश होने को बोलै दिया ....... रति अपने बीएड पे गाउन में बैठी लैपटॉप पे ऑफिस का काम देख रही थी.

आर्यन उसके बगल में बैठा और सर उसकी गॉड में रखकर लेट गया ........ रति भी खुश होती उसका माथा चूमि ," मेरा बच्चा थक गया पीली कोठी घुमते घुमते ".

आर्यन ने सर हिला के अपना फेस उसके पेट की तरफ टर्न करके उसके गाउन की बेल्ट खोल के उसके नाभि में जीभ दाल के चाट लिया ....... " हुन्न अभी भी कसार बाकी है".

आर्यन के सर पे प्यार से चपत लगाई तो आर्यन उसकी ब्रा ऊपर कर एक चूची पीने लगा ," ृक्क न बीटा , जरूरी बात करनी है "...... आर्यन ने मोह हटा के इतना कहा बाद में और फिर लग गया ......

रति भी मुस्करा के अपना चस्मा हटा के लैपटॉप बांध करके बीएड से तक लगा ली और उसके बालों में हाथ फिरने लगी ....... 10 मं बाद बबिता और बिना आयी तो आर्यन का मोह हटा के बोली," चल अपनी कॉफ़ी पी चूची बाद में पी लेना ".

दोनों ने मुस्करा के रति को देखा जोह ब्रा ठीक कर अपना गाउन सही करती बेल्ट लगा ली...... तीन कप कॉफ़ी देखकर आर्यन ने बिना से एक कप बहार से सेल्फ से मंगवा के 4 कप में डाली तो रति ने कॉफ़ी पीते हुए पुछा ," लीला से क्या चक्कर है तेरा में नहीं पूछूँगी पर एक hi परिवार की दो लड़कियां मुश्किल करेंगी आगे चलकर ....... प्यार करना है खूब प्यार कर में नहीं रोकूंगी पर शादी की बात मत करना ".

आर्यन हसकर ," बच्चे तो उसके अपना सकता हूँ न, मेरा मतलब था रौशनी अब मुझे डैडी बोलती है कितनी प्यारी है न ?"

रति आँख दिखा के ," रौशनी के चक्कर में उसकी माँ को भी पता लिया ठीक है पर दीप्ति का हक़ में नहीं देने वाली लीला को अभी बता रही हूँ ".

आर्यन मुस्करा के ," उसको वह हक़ नहीं चाहिए बात यह है सुचित्रा मामी और लीला को नेक्स्ट ंप इलेक्शन वहां राजस्थान से लाडवा रहा हूँ , लीला से ुशी सिलसिले में बात हुयी है . तू एक बार मिल उससे तुझे पसंद आएगी , अच्छी लड़की है बस उसके पति की डेथ हो गयी . उसने पहले hi क्लियर कर दिया की हमारे रिश्ते का कोई भविष्य नहीं है पर कभी कभी उसको प्यार दूँ रौशनी के फादर वाला बस इतना hi ".

रति टॉन्ट मारती हुयी ," देख ले बबिता अपने पति को तेरे सामने बेशर्मो की तरह किसी और औरत का गुणगान कर रहा है ".

बबिता भी मुस्करा के ," यह तो आप डीडे करेंगी न कोण आर्यन के साथ रहेगा. फिर मुझे तो महिमा के रूप में पूरा अधिकार मिल गया है ".

रति ने उसके सर पे हाथ फेर के कहा," यह मेरी सबसे अच्छी बहु है , रीता को आने दे में मंदिर में आर्यन से तुम दोनों की मांग में सिन्दूर और गले में मंगलसुतृ डलवा दूंगी ...... रीता ने बतया था की एक दुसरे कंट्री के पेपर्स से तू लीगली उसकी तरह आर्यन की बीवी होगी पर नाम अलग होंगे ".

बबिता भी खुश होती रति के गले लग गयी," माजी आप ने मेरे लिए इतना सोचा में कभी जान देकर भी अहसान नहीं चूका पाऊँगी ".

रति गुस्सा दिखती हुयी ," पागलों वाली बात करेगी तो थप्पड़ लगा दूंगी , महिमा को माँ का प्यार कोण देगा ...... जान लगा के उसको पाल , ुश्मे आर्यन के साथ हमारे खानदान की जान बस्ती है . मेरी छोटी माहि परिवार में खुशियां भर देती है अपनी नटखट बातों से ".

"डैडी डैडी "....... महिमा की तेज़ पुकारने की आवाज आयी तो , सारू और लीला के साथ रौशनी भी थी ...... रति ," शेतें का नाम लो देखो आ गयी मेरी बच्ची "...... है है है है है

आर्यन खड़ा होकर बैडरूम से बहार आकर महिमा को गॉड में उठा लिया और प्यार करने लगे ," मेरा बच्चा मेरा बेबी क्या बात भूक लगी है क्या ?"

महिमा ," डैडी ..... रौशनी दीदी भी आपको डैडी बोलेगी , आप ने उसको प्यार नहीं किया ".

आर्यन ने रौशनी की तरफ देखा तो मोह पे हाथ रखकर हसने लगी. आर्यन उसको भी गॉड में उठा लिया ," शैतानी हो रही है क्यों रौशनी ...... में तुम्हारा भी डैडी हूँ ".

दोनों ने आर्यन के गालों पे किसी की ," ी लव यू डैडी "......

रौशनी ," यू अरे बेस्ट डैडी इन थे वर्ल्ड".....

महिमा," यू अरे बेस्ट डैडी इन थे वर्ल्ड "......

"अरे मेरा बच्चा मेरी दोनों प्रिंसेस इस बेस्ट इन थे वर्ल्ड ...... " ....... आर्यन के कान में रौशनी ने कुछ कहा तो आर्यन ने हाँ में गर्दन हिलायी फिर दोनों को लेकर निकल गया सुईठे के बहार.

रति बहार आयी तो लीला को देखकर hi इम्प्रेस हो गयी क्या पर्सनालिटी है िश लड़की की आर्यन क्यों न फ़िदा होता ? लीला आगे बढ़कर प्यार छूने लगी तो रति ने उसको रोक के गले लगा के कहा ," रानी शैब्या हमारे यहाँ लड़कियां प्यार नहीं छूती ".

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लीला

लीला ," आप मुझे बेटी मान रही हैं तो नाम hi लीजिए लीला मुझे अच्छा लगेगा".

रति उसको सोफे पे बैठने का बोली," सॉरी आज बिजी थी तो मुलाकात लेट हुयी , तुम भी बिजी होगी ".

लीला शर्मा के ," हाँ आर्यन मुझे एक परपोसल के सिलसिले में ले गया था मीटिंग के लिए ".

रति ," फिर डीडे किया कुछ , वैसे रानी हो तो सोच समझ के डिसिशन लेना. इमोशंस और रिलेशन्स कभी काम के बिच नहीं आने चाहिए ".

लीला ," आप बड़ी हैं और इतनी बड़ी बिज़नेस टाइकून में आपकी एडवाइस जरूर चाहूंगी ".

रति ," बिना, हमारी बेटी के लिए कुछ ड्रिंक्स और डिनर का अरेंजमेंट करो, में भी ड्रेस चेंज करके आती हूँ".

सारू से और बबिता से बात करती लीला को भी अपनापन लग रहा था. लीला भी समझ रही थी आर्यन की फॅमिली ने सिलेंटली उसको और उसकी बेटी को एक्सेप्ट कर लिया है.

सब निच्चे दिंनिंग एरिया में पहुंचे तो सब लड़कियां भी तीनो बच्चों के साथ आर्यन को घेर के हसी मजाक कर रहे थे......

डिनर करते हुए रति , डॉ अंजू से लीला का काफी टॉपिक्स पे डिस्कशन हुआ और बिज़नेस के साथ ंप के इलेक्शन की बात पे भी . रति ने ड्रिंक नहीं किया पर डॉ अंजू और सारू ने लीला के साथ एक एक गिलास स्पेशल इम्पोर्टेड वाइन पि. आर्यन ने मन कर दिया की बच्चे हैं अभी मेरे साथ .

रति ने लीला को आर्यन का परपोसल एक्सेप्ट करने का कहा और दिल्ली में रहेगी तो यहाँ हमारे साथ रहना अगर बुरा न लगे तो .

आर्यन तीनो बच्चों के साथ मीणा को भी अपनी प्लेट में खिला रहा था ...... महिमा तो सबको बारी बारी जाकर बाईट खिलाती ...... रौशनी भी अपने नए डैडी और फ्रेंड माहि के साथ बहोत खुश थी.

आर्यन ने बबिता से कल सारू के साथ जाकर रौशनी के लिए इंटरनेशनल कॉलेज में एडमिशन की बात की तोह बबिता ने मिडटर्म की बात कही मुश्किल है . पर रति ने कहा में बात करुँगी मैनेजमेंट से .

आर्यन ने रौशनी को गले लगा के कहा ," माँ मेरी बार्बी डॉल को सिफारिश की जरूरत नहीं पड़ेगी , वह खुद इश्के पीछे पड़ेंगे एडमिशन लेने के लिए".

डिनर के बाद सब लोग कुछ देर गार्डन में घूमे . लीला को विप सुईठे में रुक्या गया था मगर रौशनी अभी आर्यन के साथ रहना चाहती थी . आर्यन ने कहा जब सू जाएगी तो तुम्हारे पास पहुंचा दूंगा .

तीनो बच्चों को अपने साथ बीएड पे लिटा के स्टोरी सुण्या थपथपाते हुए तो थोड़ी डिअर में सू गए ...... रौशनी को लेजाकर लीला के सुईठे में सुलाया दिया . कविता और बबिता दोनों को पहले hi ले गयी थी .

लीला अभी नहाकर अपने बॉडी पे मोसिटुरे क्रीम लगा रही थी , आर्यन ने पीछे से गले लगकर उसका गाल चूम के कहा ," गुड नाईट सू जाओ सुबह मंदाकनी दीदी के यहाँ निकलंगे ".

लीला ने घूम के 5 मं आर्यन को किश करके हुग किया ," आर्यन ी म सू हैप्पी फॉर आल थे जॉय एंड स्पार्क्स यू ब्रिंग इन माय लाइफ अगेन...... ी लव यू आर्यन ी लव यू ".

आर्यन ने उसका सर चूम के बोलै ," ी लव तू मोती , बस इमोशनल मत हुआ कर ".

लीला भी अभी मुस्कारने लगी ," इतनी भी मोती नहीं हूँ में बस हट की वजह से सबा बड़ा बड़ा है ".

आर्यन ने उसका कान चूमा ," मुझे सब बड़ा बड़ा hi अच्छा लगता है , सू जाओ यहाँ मेरा रहना सबके सामने भेद खोल देगा ".

लीला भी उसको गुड नाईट बोलकर ," जल्दी hi में यहाँ एक प्रॉपर्टी खरीदने वाली हूँ फिर तुम मेरे साथ रात में भी रुक सकते हो ".

आर्यन भी उसको गुड नाईट बोलकर अपनी बेटी रौशनी का माथा चूमा और वहां से निकल के रति के सुईठे में पहुंचा तो बिना भी बैठी थी और मीणा रति के बीएड पे उसके साथ लेती थी.

रति ने कहा ," गीता का पता है की नहीं वहां भी Geeta-Deepti ने 700 से ज्यादा दुश्मन मार दिए और अब सिक्योरिटी अफसर ने सब कुछ अपने कब्जे में ले लिया है , मुझे तो डर लग रहा है आर्यन पर तुझे तो बिलकुल चिंता hi नहीं ...... वैसे हर समय चंदा रानी करता है , फिर हमारा उनके रजवाड़े मामलों में टांग अदना जरूरी है क्या ?"

आर्यन भी रति की तरफ खिश्कार बीएड पे लेट उसको अपने ऊपर लिटा लिया और मीणा का गाल चूम के उसका सर अपने कंधे पे लगा लिया ...... " बिना डार्लिंग आराम कर ले या यहीं सू जा हमारे पास ".

बिना ," मैंने कल की तयारी कर दी, मैडम वैसे वहां अपनी स्पेशल टीम वाले हैं उनके साथ है और नीला भी एक टीम लेकर पहले से वहां है ...... एक खरोंच नहीं आएगी किसी को फिर दीप्ति मैडम को आपने भी स्वयंवर में देखा था एक hi वार तलवार का कितना सटीक था ".

रति ," मुझे दीप्ति की नहीं गीता की चिंता रहती है उसका गुस्सा उससे कुछ भी करवा देगा ".

मीणा ," don't वोर्री नानी माँ , गीता दीदी को दीप्ति कण्ट्रोल कर सकती है. वह दोनों अब सगी बहेनो से बढ़कर हैं ".

बिना गुड नाईट बोल के चली गयी. रति ने आर्यन के गाल को सेहलते हुए कहा," मुझे कितना प्यार करता है ?"

आर्यन जाहत से बोलै ," जितना िश पूरे जहां में न समां सके , हुआ क्या है ?"..... उसके हाथ को चूम के उसकी आँखों में देखने लगा.

रति ने मीणा को इशारा किया तो उसने रति का फ़ोन पकड़ा दिया उसको जिसको ओपन कर रति ने रिकॉर्डिंग चला दी पहले देवेंद्र सिंह मौसाजी का कबूल नामा और फिर चाचाजी संजय सिंह का खुलसा सुनकर आर्यन बस चुप hi रहा तो रति ने उसके गाल चूम लिया और ऊपर होकर ," सच्च सच्च बता निर्मला क्या तेरे बच्चे की माँ बनने वाली है ?"

आर्यन बस एक फीकी मुस्कान सी देकर बोलै ," हाँ मम्मी को मन नहीं कर पाया पर चाचाजी को किसने बतया ?"

रति ने गुस्सा दिखा के आर्यन के गाल पे काटा ," है मत तेरा नाना राजवीर अगले दिन कितना लड़कर और भला बुरा बोल के गया है मुझे, तुझे कुछ फर्क पड़ता है क्या ".

आर्यन ," जैसे तू ने तो कुछ बोलै hi नहीं होगा , बात अभी भी वही है उनको कैसे पता ....... अब समझ में आ रहा है मम्मी ( निर्मला) क्यों दूर दूर भाग रही है मुझसे ".

रति ," नवाब का फ़ोन आया था निर्मला को भेजने के लिए फिर मंजू को भी बुला रहा था ....... उसको भी पता होगा सब और रघु के साथ देवेंदर भी जानता होगा. एक काम कर रघु को बोल के दोनों को कहीं गढ़वा दे , नवाब और भीमा को में चुप करवा दूंगी बस ुष ठाकुर बलदेव को उसकी हवेली में hi सुला दे हमेशा के लिए ....... बात खुलनी नहीं चाहिए ".

आर्यन ने रति के सर पे हाथ रखकर अपने सीने से लगा के बोलै ," सू जा मैंने देख लूंगा , सबूत नाम की चीज़ भी होती है ....... डीएनए टेस्ट करवा के भी चाचा प्रूफ नहीं करवा पायेगा. बाकी सब बातें भी उसके मैं का भीम है साबित कर दूंगा . ठाकुर कुछ नहीं बोलेगा रूपा माजी मुझे बीटा मानती है . भीमा काका और नवाब पापा कुछ भी नहीं बोलेंगे उनकी गोटी मेरे हाथ में है ".

रति ," देख ले मुझे कोई ऊँगली नहीं चाहिए उठी हुयी मेरे खानदान पर ".

आर्यन ," नहीं उठेगी , प्रॉमिस अब सू जा ".

रति ," मुझे सुला मत, बबिता के पास चले जाना माँ है तेरी बेटी की फिर लीला को खुश देखकर बबिता बोली नहीं पर तुझे चाहत की नज़र लिए देख रही थी ".

मीणा ," आज कल जाता कहाँ है किसी के पास? आज डॉली, नेहा भी शिकायत कर रही थी की भाई के पास टाइम hi नहीं है. सारू मम्मी बोलती नहीं है पर दिल उनका भी बेचैन रहता है ".

आर्यन घेरि सांस लेकर ," कल मुझे दीप्ति की हेल्प के लिए जाना पड़ेगा वहां और परसों गाओं जाऊंगा निर्मल मम्मी को चंडीगढ़ से लाकर फिर सबको टाइम भी दिया करूँगा. बस नानजी चाहते हैं में बिज़नेस संभल लूँ परिवार की देख रेख करते हुए ".

" भाई तू ने ाचा नहीं किया पापा को ुष कुलदीप की भें को देकर , अब हवेली में भी पहुंच गयी है "...... मीणा ने शिकायत की तोह आर्यन हसकर बोलै," तुम दोनों ने बहोत अच्छा किया सलोनी मम्मी को डैडी के साथ भेजकर , देखना पछ्ताओगई वह मंजू माँ और मेरी मम्मी ( सारू) नहीं हैं, अपनी शर्तों पे जीने वाली लेडी हैं . डैडी उनका प्यार जरूर हैं पर वह मजबूत सहारा दे नहीं पाएंगे पहले मैंने भी उनको डैडी के पास भेजने का सोचा था ".

रति ," बस एक बात याद रख सलोनी को दूर रख , मेरी भें अंजू भी अब ठीक और फिट है उसको प्यार नहीं देगा क्या ?"

मीणा ," भाई , सलोनी मौसी खुद गयी है भले hi हमने उनको फाॅर्स किया हो पर डिसिशन उनका था ".

आर्यन ने रति को साइड लिटा के गाल चूमा फिर मीणा का और गूडनिघत बोलकर चलते हुए कहा ," जैसे मेरी मंजू माँ को फाॅर्स किया था अमेरिका जाने के लिए ".

दूर लॉक होने पे रति बोली," तू देख ले मीणा क्या करूँ िश लड़के का सबकी फ़िक्र में बस दोष हमको hi देगा ".

मीणा हसकर ," क्या करें नानी हम सब लालची हैं और आर्यन को कोई लालच नहीं बस किसी का प्यार पाकर hi खुश हो जाता है. वैसे आपकी दो लाड़ली और आर्यन से शादी के चक्कर में, एक की तोह हर हाल में करनी होगी क्योंकि उसको कोई मर्द झेल नहीं पायेगा ".

रति ," कोण गरिमा या प्रभा अब यह दोनों hi बची हैं ".......

मीणा मुस्करा के ," दोनों बस इंतज़ार में हैं आपसे पक्का बात करेंगी हाँ कर देना, अणि ने दोनों को आपके खिलाफ कर रखा होगा ".

रति थोड़ा चिढ़कर ," बस अब अणि hi तो बची है उसको हाँ क्यों नहीं बोलता आर्यन ?"

मीणा सीरियस होकर ," अणि जिस दिन आर्यन को अपना बनने का सोच ली कोई भी उसको रोक नहीं पायेगा , वह कितनी जिद्दी है आपसे बेहतर कोण जानता है. वहां टोक्यो में अपना और उसका नुक्सान मत करवा नहीं तो भरी पड़ेगा ".

रति ," कुछ हारना hi होता है जीतने के लिए , चल सू जा में तेरे साथ hi ऑफिस चलूंगी कल ,गुड नाईट ".

दोनों अपनी सोच में डोबी नींद की वादियों में चली गयी .......

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आर्यन ने बबिता के रूम में जाकर महिमा को गोदी लेकर दुसरे रूम में कविता मामी के पास छोड़ दिया तो कविता भी उसको अगूंठा दिखा के थम्ब्स उप बोली .......

बबिता नींद में नहीं थी पर दिखा रही थी की सू रही है , अच्छा अब मेरी याद आयी सारा गुस्सा निकलूंगी ...... आर्यन बीएड पे लेटकर बबिता की बगल में हाथ दाल के अपने ऊपर लिटा के बोलै," मेरी रानी इतनी जल्दी सू गयी , अब नाराज न हो प्यार करने आया हूँ ऐसे सूने नहीं दूंगा" और बबिता के गुलगुली करने लगा तो हसकर ," hi hi hi hi ...... "मत करो न आर्यन hi hi hi hi ...... अच्छा अच्छा जाग गयी ".

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बबिता

आर्यन दोनों हाथों को उसके गाल पे रखकर उसके सूंदर चेहरे और आँखों में देखने लगा ...... यह वही बबिता थी गीता की इंग्लिश लेक्चरर जिसको पहली बार देख के उसकी खूबसूरती में खो गया था ....... बबिता भी पहली नज़र में आर्यन पे दिल हार गयी थी , दोनों ुशी रात एक भी हो गए और इनके प्यार ने जोह फूल महिमा के रूप में खिलाया वह सबकी जान बन गयी ....... बबिता को अपनी पति के साथ नरक जैसी ज़िंदगी से छुटकारा मिला और अब आर्यन की फॅमिली की ख़ास बहु बन गयी थी . सबको पता था की आर्यन और बबिता के नाज़ायज़ संभंदों से महिमा पैदा हुयी है पर रति और देवी ने िश रिश्ते को जायज़ बना दिया की बबिता भी हमारे खानदान की बहु है और आर्यन की होने वाली बीवियों के लिए अब महिमा hi बड़ी होकर आर्यन की जगह लेगी. आर्यन के और बच्चे भी उससे मिलते जुलते थे पर महिमा जैसे सब बड़ों चोटों को रिवाइंड करके आर्यन के बचपन की रियल रील दिखा रही थी .

नन्ही सी महिमा बातों में बड़ों बड़ों को फ़ैल कर दे , इतनी मीठी मीठी बातें करके औरशन का दूध पी लेती थी या चूची पी आती ....... हर कोई उसको लाड लड़ता , समझदार थी कुवारी लड़कियों को नहीं बोलती थी चूची पिलाने को .

मीणा ने िश सवाल पे गीता को बतया था की आर्यन कहता है की औरत के सरीर से एक अलग सुघन्ड आती है जिसकी चूची में दूध हो या आने वाला हो. कुवारी लड़की की चूची चूसने में सेक्स के टाइम उत्तेजना बढ़ती है पर माँ वाली फीलिंग नहीं आती ".

महिमा थी ट्रू कॉपी आर्यन की और तेज़ इतनी की सबको चकित कर देती थी , मीणा और अणि तो पहली hi मुलाकात में समझ गयी की िश बच्ची के पास सुपरनैचरल पावर्स हैं , एक अदृश्य शील्ड उसको कवर रखती है पर यह बड़े गुरूजी की वजह से था .

(दोस्तों यह राज आर्यन के 21सत जनमदिन पे खुलेगा. बस इतना जान लीजिए की सिर्फ महिमा hi उसके साथ एक लम्बे सफर पे जाएगी , कोई इंसान नहीं जा सकता . Baap-Beti जायेंगे एक अधूरा कार्य पूरा करने )

बबिता भी अपने को रोक नहीं पायी और आर्यन के पूरे चेहरे को चुम्बन से भर दी ......" पुछःह पुछःह ारयणणणणणण सीईइईसीईई मुहह्ह्ह्ह मुह्हह्ह ...... मुझे क्यों तड़पते हो "

आर्यन भी उसकी निघ्त्य के ऊपर से पुष्ट नितम्बों को दोनों हाथो से मसल के किश में साथ देने लगा ," में भी तो तड़पता हूँ तेरे लिए डार्लिंग , बस काम के कारन तुझसे दुर्र रहना पड़ता है. अब तेरे साथ hi रहूँगा पुछःह पुछठ बहोत मीठी हो गयी है , थोड़ा दूध पीला न "....... आर्यन उसके गुलाबी गाल चाटने लगा ......

बबिता भी इत्र के ऐडा सी बिखरती आर्यन का गाल चूम के उसके पेट पे सीढ़ी बैठी और निघ्त्य निकल के दुर्र पहनकी ," आपकी बेटी दूध रहने दे तब न पिळुन , हमेशा मौका मिलते hi 2-3 घंटे में आ जाती है और पूरा खाली करके दुसरे की चूची में दूध ढून्ढ लेती है उसका पेट hi भरता "......

आर्यन ने उसकी गोरी गोरी बड़ी बड़ी चूचियों को थमा जोह ब्रा न पहने से निर्वस्त्र थी बस एक डार्क ब्लू कलर की पेंटी hi उसके पूरे बदन पे थी ...... अपनी ज्वेलरी उतर के साइड टेबल पे राखी और आर्यन की t-shirt खींची जोह उसने निकल दी फिर लोअर भी ......

बबिता अब दोनों हाथो को आर्यन का सर थाम के दोनों चूची बारी बारी पिलाई तो सच्च में खाली थी , बेटी आधे घंटे पहले खाली कर दी थी और सू गयी .

बबिता भी कई दिन से जिस्म के अंदर आग रोके बैठी थी तो आर्यन के अंडरवियर उतर के अपनी पेंटी साइड कर 69 पोजीशन में आकर उसका 2 मं लुंड चूस के अपनी छूट चुसवा के एक बार पानी निकलवाई .

फिर आर्यन को बोली," बस अब रुका नहीं जायेगा मुझे दिल खोल के प्यार चाहिए आज मेरी साड़ी आग बुझा दो महिमा के डैडी तुम्हारी बीवी बहोत प्यासी है ".

आर्यन ने बगैर डिअर किये 3 तगड़े धक्कों में उसकी छूट की गहरी नाप के दे दबा डाब छोड़ने लगा , दर्द होने पे भी जैसे उसकी जिस्म की आग बाहरी थी ...... हम्मम्मम्मम्म ufffffffffffff देहरीईई करती बबिता थोड़ी डिअर में hi संभल गयी और निच्चे से गांड उठा के छुड़वाने लगी ......

आर्यन ने 10 मं बाद पोजीशन चेंज कर पहले उसको अपने ऊपर फिर पीछे से स्पून पोजीशन में छोड़ा तब जाकर 40 मं बाद झाड़ा ........ दूसरी बार फिर से 20 मं का ब्रेक लेकर 1 घंटे से ज्यादा छोड़ा बबिता को और उसकी बाँहों में सू गया .......

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सुबह 4:30 बजे उठा और महिमा को कविता मामी के रूम से बबिता के पास सुला के अपनी जनम देने वाली मम्मी सारू के पास जाकर खुद hi उसका गाउन खोल के चूची पीटा फिर सू गया .

सारू भी अपने बच्चे को पास चूची पीटा देखकर खूब खुस हुयी , प्यार से उसके बालों में उंगलियन फिर के अपने आँचल में सुला ली ....... रुकावट की एक दिवार आर्यन ने तोड़ दी थी जोह उसके डैडी राज सिंह के इंडिया आने पे maa-bete जोह प्रेमी बन चुके थे के बिच आ गयी थी .

आर्यन ने सोच लिया था आज रात मम्मी को स्पेशल प्यार करूँगा ..... अब मुझे सिर्फ उनकी इच्छा का भी धयान रखना है . में हमेशा उनको अपनी रहने के लिए फाॅर्स नहीं कर सकता मुझसे पहले डैडी की वह बीवी हैं. जबकि सारू की सोच थी की राज सिंह से पहले माहि का हक़ पिछले जनम से है और उसका hi आगे भी रहेगा . यह तो अब वक़त तय करेगा.

आर्यन ुष रात बबिता को दो बार छोड़कर सोया था सारू के पास ....... बबिता भी खुश थी की रति माजी ने आर्यन को भेजा होगा .

सुबह आर्यन डिअर तक सोया और उसके बेटियों रौशनी और महिमा के उठाने पे उठा ....... लेडीज की एक्सरसाइजेज करवाने की आज , बिना की ड्यूटी थी.

दो औरशन की चल बदली बदली हुयी थी तो बिना ने उनको साइड बैठा दिया , बबिता और लीला ...... लीला भी जॉगिंग करने आयी थी पर जालिम ने कितनी गहराई तक उसको छेद डाला है अब दर्द से पता चल रहा था ...... समझने वाली औरशन और लड़कियां भी समझ गयी आर्यन का बड़ा खूंटा ( तोपची) खुदाई किया है दोनों की .

अपने बच्चों और सबके साथ ब्रेकफास्ट करके आर्यन और लीला एयरपोर्ट के लिए निकल गए .

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इंट्रोडक्शन .......

राजा रणजीत सिंह , आगे 50 यरस ( नाउ डेड)...... विजयगढ़ रियासत का राजा था .

रानी मंदाकनी आगे 37 साल है , रणजीत सिंह की पत्नी और दीप्ति की ममेरी बड़ी भें . लीला की सगी बड़ी भें .

रजत सिंह , आगे 19 यरस , मंदाकनी का बीटा .

सुनैना सिंह , आगे 18यरस, मंदाकनी की बेटी .

दोनों beta-beti को रोड पे बम ब्लास्ट में मारे गए उनके पिता राजा रणजीत सिंह की खबर देकर रानी मंदाकनी ने इंडिया बुलवा लिया अंतिमसंस्कार के लिए ऑस्ट्रेलिया से . पोस्टमॉर्टेम और साड़ी फॉर्मलिटीज में इतने दिन लगा गए थे .

राजा रणजीत सिंह के रिस्तेदार ......

1) प्रताप सिंह , आगे 47 यरस , रणजीत सिंह का छोटा भाई .

लाजवंती , आगे 43 यरस , प्रताप सिंह की बीवी .

कौशल सिंह , आगे 22 यरस , प्रताप सिंह का बड़ा बीटा. एक नंबर का घमंडी और मोह फैट .

वैभव सिंह , आगे 20 यरस , प्रताप सिंह का छोटा बीटा .

2) विनीता सिंह , आगे 42 साल , रणजीत सिंह की एकलौती भें

रोशन सिंह , आगे 45 यरस , विनीता का पति और एक नंबर का धूर्त इंसान.

जयंत सिंह , आगे 21 साल , विनीता का बीटा .

जूही सिंह, आगे 19 साल , विनीता की बेटी.

और भी कई रिस्तेदार थे जोह राजगादी के लिए इंदिरेक्ट्ली पीछे रहकर 2 प्रमुख दावेदार से मिल गए थे ....... एक तरफ रणजीत सिंह का छोटा भाई अपने को विजयगढ़ की राजगादी का उत्तराधिकारी घोसित करके ुष्पर बेथ गया था अपने भाई की मौत के बाद .

वहीँ रणजीत सिंह का जीजा रोशन सिंह जोह राजा का बिज़नेस और इन्वेस्टमेंट संभालता था वह ऐड गया था की राजगद्दी पे उसकी बीवी बच्चों का हक़ है .

रानी मंदाकनी पूरी प्लानिंग के साथ 5 दिन रणजीत की मौत के बाद पहुंची जिस दिन राजा रणजीत सिंह का अंतिमसंस्कार होना था .......

महारानी मिरदुला , राजकुमारी दीप्ति , गीता भी उसके साथ एयरपोर्ट पे लैंड की जोह 25 कम दुर्र था राजमहल से ....... अपनी सिक्योरिटी के साथ महारानी मिरदुला आयी थी और राजा त्रिभुवन सिंह के साथ राजा जबर सिंह भी उसको रइवे करने आये थे जोह 2 दिन से यहाँ देते थे .

आर्यन की स्पेशल टीम 1 दिन पहले hi यहाँ पहुंच चुकी थी और नीला 2 दिन पहले से साड़ी जानकारी जूता ली थी , उसके साथ 10 लोगों सिक्योरिटी टीम गुप्त रूप से काम कर रही थी .

सबसे मिलकर महारानी मिरदुला जब राजमहल पहुंची तो प्रताप सिंह और उसकी पत्नी ने राजमहल के द्वार पे आकर उनका स्वागत किया ....... पर रानी मंदाकनी को साथ देखकर गुस्से का घूँट पी गए , वहीँ विनीता सिंह ने भी अपने पति रोशन सिंह के साथ उनका स्वागत किया .

राजदरबार में शोक वपत था और कल राजा रणजीत सिंह के अंतिमसंस्कार की शाही सम्मान के साथ करने की बात उठी तब महारानी मिरदुला ने तेज़ आवाज में कहा ," बाप को बेटे के द्वारा दी गयी मुखाग्नि hi उसके लिए सबसे गर्व की बात होती है आत्मा की पूर्ण शांति के लिए.

राजा रणजीत सिंह के बेटे बेटी यहाँ मेरे साथ आये हैं और में क्या हर कोई एहि चाहेगा रजत सिंह hi अंतिमसंस्कार करे . मैं मौतव , दुवेश और आपसी टकराव में हमको अपने धरम करम नहीं भूलने चाहिए . क्यों प्रताप और विनीता ?"

कौशल सिंह खड़ा होकर ," राजा प्रताप सिंह कहिये महारानी जी और रजत क्या कोई और भी मेरे पिताजी की अल्वा अंतिमसंस्कार किया तो खून की नदिया प्रजा भ देगी ".

त्रिभुवन सिंह खड़ा होकर गुस्से से बोलै ," कौशल , जुबान को लगाम दे भूल मत किसकी सामने बोल रहा है , यहीं सर कलम कर दूंगा अगर महारानी जी के सामने एक लवज भी और बोलै ".

राजा जबर सिंह ," प्रताप सिंह , राजगद्दी पे बैठकर तू क्या अपने बेटे को समझा रहा वह भी सोच ले. तेरा अभी तक किसी ने राजभिषेक नहीं किया है पर शोक का समय है तो छोटे भाई होने के नाते तुझे राजगद्दी पे बैठकर सब निर्णय तब तक लेने है जब तक अंतिम संस्कार नहीं हो जाता . वर्ण हम यहाँ से उठकर चले गए तो अंतिम संस्कार भी अपने ढंग से करेंगे और राजगद्दी पे भी मैं मर्जी से सही उत्तराधिकारी को बिठा देंगे यह भी तू जानता है ".

प्रताप सिंह भी ठंडा पद गया , तीनो की अनदेखी पूरे परिवार की मौत के रूप में बदल जाएगी , तुरंत हाथ जोड़कर बोलै ," में अपने बेटे की तरफ से चमा मांगता हूँ , कोई भी कार्य आपकी सलाह की बिना नहीं होगा महारानी जी ".

लाजवंती ने अपने बेटे कौशल के लिए चमा मांगी और उससे सर झुकवा के माफ़ी भी मंगवाई , कौशल भी बेमानन से अपने माँ बाप की बात मान के सबसे माफ़ी मांग के वहां से चला गया .

विनीता सिंह ने कहा ," महारानी जी , भाई सा ने पहले hi अपनी बीवी बच्चों को अलग कर दिया और प्रजा में कुछ लोग भैया की अकस्मात् मौत के लिए मंदाकनी का नाम ले रहे हैं , कहीं यह फैसला गलत न साबित हो . मेरे bete-beti जयंत और जूही को bhai-sa अपने सबसे अजीज मानते थे . में क्या सब चाहते हूँ उनका अंतिमसंस्कार जयंत करे .

लाजवंती ," ऐसी बात है तो वैभव को तो जेठ श्री ने खुद सशत्र विद्या सिखाई थी और सबसे ज्यादा स्नेह भी करते थे ".

विनीता ," भाभी सा , जयंत बड़ा है उम्र में ुसस्स मगर भाई सा दोनों को पसंद करते थे फिर कौशल हमेशा उनको नाराज करता था अपनी ूचि हरकतों से ".

Bhabhi-nanad में थान गयी थी , सबसे ज्यादा मजे गीता ले रही थी पर उसको आर्यन और रति ने समझा के भेजा था की तू कुछ मत करना सब महारानी मिरदुला को करने देना. सब देखना की राजनीती और सद्यांतर क्या होता है परिवार के टकराव पे .

मिरदुला ने दोनों को चुप करवा के कहा ," अगर तुम दोनों की कल मिर्त्यु हो जाये तो अंतिम संस्कार अपने देवर के बेटे से करवाई लिखकर दो में भी तुम्हारी बात सुनोगी "...... दोनों चुप हो गयी .....

मिरदुला ," प्रताप, तुम अपने बड़े भाई से बहोत प्रेम करते थे सोचो आज जोह सिथति है अगर वही तुम्हारे साथ होती , बीवी बच्चे नाराज सही पर क्या नहीं चाहते की मरने पे मुखाग्नि बीटा दे और चूड़ियां बीवी की टूटी न की करिये की बुलाई गयी रुदाली की जोह रूकर विलाप तो कर सकती है क्या आत्मा को शांति पहुंचा पायेगी . विनीता तुम ने अपनी भाभी मंदाकनी पे इलज़ाम भी लगा दिया , क्या तुम्हारा भाई इतना कमजोर था कोई भी उसको मार दे. वह शूरवीर था पक्का कोई साज़िश या अपने खानदान या रिस्तेदार का िश्मे हाथ भी हो सकता है तभी बम लगा के हत्या की गयी है, बहार वाले की इतनी हिम्मत नहीं ...... रजत सिंह जोह राजा रणजीत सिंह का अपना खून है उसको हक़ है अपने पिता के अंतिम संस्कार करने का और मंदाकनी को हक़ है उसके लिए विलाप करने का चाहे दोनों pati-patni साथ नहीं थे पर दोनों ने आजतक तलाक़ नहीं लिया न hi दुसरे मर्द या औरत को चूहा है . अब भी मेरी बात गलत है तो बोलो की मैंने गलत सलाह दी है ".

राजा जबर सिंह ," महारानी सा ने बिलकुल सही कहा है , प्रताप आगे सब काम विधिवत करवाने की तुम्हारी जिम्मेदारी है सब रीती रिवाज से अपने बड़े भाई को विधा करो. इतना था तुम्हारा भी फ़र्ज़ बनता है अपने बड़े भाई के लिए ".

प्रताप सिंह भी मान गया और बाकी सबको मन्ना hi पड़ा ...... अपने पिता के मृत सरीर को सफ़ेद कपडे में लिपटे देख दोनों भें भाई खूब रूए साथ में मिरदुला के परिवार वाले भी .

दीप्ति की आँखों में आंसूं देखकर गीता ने उसके कान में कहा ," िश भड़वे के लिए ईशपर मूतना सही रहेगा और तू तेषु भ रही है "...... दीप्ति को हसी आयी तो खांसते हुए रोने का नाटक की जब सब उसकी तरफ देखे .

उधर प्लानिंग और सद्यांतर को पूरी अमली जामा पहनया जा रहा था ...... मंदाकनी को अपने बच्चों की सबसे ज्यादा फ़िक्र थी , विरोध का उसको भी पता था पर जैसे सब अपने होकर भी थे लेकिन आर्यन नहीं आया था. पिताजी रघुभार सिंह तो कभी यहाँ नहीं आएंगे .

आर्यन के लिए दीप्ति को बोली तो उसने कहा माँ ने नहीं आने दिया उनको वह आना चाहते थे . मिरदुला को भी पूछी की उसको बुला लो वह सबको देख लेगा. मिरदुला ने मन किया यहाँ हम काम है क्या? कोई कुछ नहीं करेगा जबतक में हूँ . बस शाम की तयारी करो अंतिमसंस्कार रजत hi करेगा और राजगद्दी पे भी में अपने नाती को hi बेठुंगी पर एक वादा तुमको भी देना होगा की तुम और तुम्हारे बच्चे हमेशा Aryan-Deepti के वफादार होंगे.

मंदाकनी भी अपनी बुआ मिरदुला को बस वादा hi कर पायी वह उसकी हर बात मैंने को त्यार है . आर्यन कल आएगा यह बात दीप्ति ने सबसे छुपाई थी, वैसे भी आर्यन की टीम और नीला की टीम यही थी जोह अपना काम कर रही थी.

Deepti-Geeta चाहती तो एक मं में सब विरोधी को मार के रजत को राजा बना देती अपनी शक्ति उसे करके पर यहाँ बुद्धि और विवेक की बात थी . बाहुबल तो दोनों लड़कियों में सब मर्दों से ज्यादा hi था .

शाम को अंतिमसंस्कार करके रणजीत सिंह को उसके पुरखों के पास भेज दिया था Deepti-Geeta ने मिर्त्यु देकर और उसके बेटे रजत ने मुखाग्नि देकर.

राजा की मौत में दूर तोपों के गोले बरसाए गए और शमशान घात में गोलियां चाली गयी आश्मान में ......

रजत जोह अब अपने मामा श्री जबर सिंह के पास खड़ा था ुष्पर फायर हुआ तोह नीला ने कोड़कर दोनों को निच्चे गिरा के ,सीधे ुष गोली चलने वाले की खोपड़ी खोल दी ...... देखते hi देखते , नीला की टीम ने शेर की खाल पहने गीदड़ पे फायर खोल दी .....

मगर अब कौशल सिंह के साथ रोशन सिंह के आदमी भी रजत को टारगेट कर रहे थे ...... दीप्ति ने राजमहल की छत्त पे खड़े खड़े hi जहाँ जयंत के साथ नीला की टीम और अपने लोगों को भी अदृश्य शील्ड में कवर कर दिया ......

वहीँ गीता , राजमहल की सबसे ऊँची वाली छत्त की मुंडेर से लॉन्ग रेंज वाली स्नाइपर से 3 कम की दूरी पे भी कुशलता से एक के बाद एक दुश्मन की खोपड़ी उदा रही थी ...... राजमहल के बहार से गोलियों की आवाज सुन्न , आर्यन की टीम ने मिरदुला के साथ मंदाकनी , सुनैना को सुरक्षित किया वहीँ गीता छत्त से डायरेक्ट दुश्मन को मार रही थी वहीँ दीप्ति का फोकस जयंत और बाकी अपने को बचाना था ......

2 स्निपर्स ने राजमहल की छत्त से इतनी दुर्र किसी को निशाना लगते देखा , दोनों राजमहल की और भागे और नजदीक पहुंच के गीता पे फायर किया तो गीता ने कुटिल मुस्कान के साथ आँख मारी और गोलियां वापस मोड़ दी अपनी पावर से दोनों की खोपड़ी खुल गयी ......

100 से ज्यादा लोग तो अकेले गीता ने उदा दिए थे समसाम घात में जब तक सब भाग पाते पर जयंत को लेकर नीला अपनी टीम के साथ निकल चुकी थी राजमहल के बहार अपने ठिकाने पे वहीँ त्रिभुवन और जबर सिंह के बोडीगार्ड्स उनको सुरकषित करके राजमहल के बहार निकाल के ले गए .....

शाम के बाद अब अँधेरा घिरने लगा था और दोनों भेने निच्चे आकर अपनी ड्रेस बदल के योद्धा की ड्रेस फेन चुकी थी और राजमहल के मुख दवार पे तलवार और गन्स लिए कड़ी थी .....

बाकी सब राजमहल में सुरकषित थे आर्यन की टीम की प्रोटेक्शन में ...... मिरदुला को भी अब डर लग रहा था की आर्यन को क्यों नहीं लायी , यह लड़कियां काम नहीं है पर मर्द तो नहीं है न , मेरा माहि एक एक की गर्दन काट के पूरे राजमहल में टांग देता .

जिन्ह दोनों लड़कियों से पूरा पतलोक भी डर गया था वह दोनों वीरंगा आज कॉम्बैट स्टाइल में लड़ने वाली थी ...... कौशल सिंह के साथ उसका भाई वैभव सिंह और विनीता का बीटा जयंत सिंह भी 500 से ज्यादा सैनिक लिए राजमहल के बहार दोनों बहेनो Deepti-Geeta को देखे तो एक बार को डरे पर फिर सोचे यह दोनों अकेली क्या कर लेंगी.

राजगद्दी और सेट की लालच आदमी को अँधा hi कर देती है , रणजीत सिंह कुत्ते की मौत मारा गया जबकि वह बहोत शक्तिशाली था पर यह तीनो तो जैसे उसका वंश hi उजड़वाने आ गए थे .....

गीता को दीप्ति ने बोलै ," दीदी िंह तीनो को मत मारना बाद में देख लेंगे पहले इनके किरये के टट्टुओं को सबक सीखतये हैं यह सैनिक तो है नहीं क्योंकि नीला ने सेनापति को अपने साथ मिला लिया है ".

दोनों बहेनो ने एक दुसरे से हीफी किया और खोल दी बंदूकों का मुँह और गोलियां बरसाने लगी , उधर से भी फायरिंग और उनको घेरा गया पर गोली तो टच नहीं कर पा रही थी दोनों को और ऊपर से उनकी गोली माथे के बिच या दिल के पहाड़ के भार होती ......

50-60 दुश्मन ढेर करने के बाद अब दोनों ने दोनों हाथों में तलवार खींच ली , एक ने लेफ्ट और दूसरी ने राइट दिशा पकड़ ली , किसी का धाड़ काटा तो दुसरे का सर , तीसरे की टांग ...... खून की होली खेली जा रही थी और राजमहल का प्रांगण काटी लाशों से भरता जा रहा था ......

गोलियों का असर नहीं तलवार या भाले भी तन्न की आवाज से टूट जाते िंह लड़कियों को छूने से पहले ...... यह लड़कियां नहीं कोई मायावी सुंदरी बनकर िसानो को मौत देने आयी है खतरनाक मौत ......

दीप्ति भागते हुए का पीछा करती दक्षिण दिशा की गलियां में दौड़ती मारती काट टी आगे बढ़ रही थी वहीँ गीता तो तीनो भाइयों के पीछे पड़ी थी जोह दम दबा के अपनी गाड़ियां भी छोड़ के भाग रहे थे ...... गीता ने पीछे करते हुए उनके आदमी जोह उनको प्रोटेक्ट कर रहे थे सब मार दिए ......

यह पश्चिम का हिस्सा था जोह बहार मुख द्वार तक जाता था , एक चौराहे पे पहुंच के तीनो को गीता ने लालकर "नपुंसकों की औलादोन्ननननन..... किस सूअर से छुड़वा के तुम छक्के पैदा किये तुम्हारी माँ ने ....... अह्ह्ह्ह थूऊऊऊ है तुम्हारे राजपूत होने पे ...... "

तीनो का गुस्सा से पारा चढ़ गया था गीता की तरफ पालते तो और खतरनाक लग रही थी पूरी खून में नहायी तो कौशल और वैभव ने एक साथ हमला किया ...... "कुटिया तू गयी आज ...... "

गीता ने चंडी देवी वाली हसी दी ," है है है है है ....... तुम्हारे लिए मेरे हाथ hi काफी हैं"....... और तलवारें फ़ेंक दी ......

तीनो ने अब जोश में ुष्पर तलवार से वार किये बारी बारी पर गीता वार बचा के एक मुक्का या किक जड़ देती थोबड़े पे ...... सबसे पहले कौशल का तलवार वाला हाथ पकड़ के तोड़ दी " मारररररररर दियाआ ...... बचोओओओओ िश कुटियाआआआ ....... "

आगे न बोल पाया ...... गीता ने उसकी तलवार से hi ,उसकी गर्दन अपने घुटनो में दबा के मोह से उसकी जीभ निकाल के काट के सड़क पे फ़ेंक दी ," मादरचोद बहोत गालियां देता है , अब दे ". ....... और अपने हाथ से उसका एक कान उखाड़ के एक किक उसके मोह पे जड़ दी ....... घरों में बंद बस जानता सबको उसकी चीख hi सुनी.....

जयंत और वैभव भागे डर से तो गीता ने तलवार फ़ेंक के जयंत की टांग की दिशा में फेंकी तो उलटी टांग घुटने के निच्चे काट गयी और औंधे मोह सड़क पे गिरा चिक्तियन हुए ...... वहीँ 100 मीटर की दुरी पे पीछे करके विकभव को ुच्कल के एक लात मारी तो सड़क पे गिरा और दे ग़ुस्से और दे लात ...... उसके बालों से पकड़ के खींच के लायी तो घसीटे हुए और जयंत को देखकर दादी ," कुटिया के जाने , वही रुक जा नहीं तो दूसरी टांग भी काट दूंगी ".

वैभव का मोह दबा के बोली ," गाली देगा बोल गाली देगा ?"......वह डरता हाथ जोड़ता रू दिया पर गीता कहाँ रूकती उसने बड़ी निर्दयता से उसके दोनों कान काट काट के उसका सीधा हाथ और टांग तोड़ दी ....... भीषण चीखिआ गूंजती रहे वह कहाँ रुकने वाली थी ...... लास्ट शिकार जयंत के भी कान और जुबान काट के बोली " अब किसी को गाली देना का सोच भी पयोगे अह्ह्ह थूऊऊऊ ...... मादरचोदों जाओ ऐश करो कल तुम सबको नाचना भी है रजत सिंह का राजभिषेक भी होगा यह उसकी मौसी गीता देवी का वादा है ...... बता देना अपने माँ बाप को जिन्दा छोड़ रही हूँ अगली बार तुम्हारी मौत और उनका हज़ार भी तुम्हारे जैसा होगा ".

दीप्ति भी वहां पहुंची तो तीनो की हालत देखकर ," दीदी मर्डर न जाएँ तीनो".

गीता अपना मोह पहुंचते हुए तलवार उठती बोली," हरामखोर मूर्ति चमड़ी के हैं इनकी खाल के जुटे ाचे बनेगे , चल उतारते हैं ".

दीप्ति हसकर ," अच्छा चलो , आपको माँ बुला रही है ".......

दोनों भेने हाथ पकड़े आराम से राजमहल के द्वार पे पहुंची तो सिक्योरिटी अफसर की गाड़ियां कड़ी थी तोह उनको खून में नाहया देखकर सब दर गए और बंदूकें तान दी पर मिरदुला और त्रिभुवन दोनों की तरफ लपके ......

जबर सिंह ," सप शभ वह राजकुमारी दीप्ति है और वह उसकी हंसकाल बड़ी भें जैसी रतिदेवी की बेटी गीता देवी है इनकी hi बात कर रहे थे "......

सप ने भी सिक्योरिटी अफसर वालों को बन्दूक निच्चे करने को कहा गीता हताश हुयी सालों आज िंह वर्दी वालों की भी सब घूस खूरी निकाल देती ...... दोनों को मिरदुला ने गले लगा के खूब पुचकारा की कहीं लगी तो नहीं , तुम ठीक हो ......

त्रिभुवन सिंह भी चिंता करते हुए पुछा तो दीप्ति ने कहा ," हम ठीक हैं , कुछ बाघी लोगों ने हमला कर दिया वहीँ तीनो राजकुमारों के पीछे भी बाघी पड़े हैं ुष तरफ भागे हैं ".

त्रिभुवन सिंह ," अच्छा बेटी जाओ साफ़ होकर कपडे बदल लो अब सिक्योरिटी अफसर और कानून अपना काम देखेगा ...... माँ सा आप भी अब अंदर जाकर आराम करो. रजत को नीला बेटी ने अपने साथ सेफ रखा है ".

दोनों भेने अपनी माँ मिरदुला के साथ मुस्करती अंदर चली गयी ...... मिरदुला की अब दो नहीं तीन बेटियां थी जिसमे यह दोनों हंसकाल तो उसकी शेरनिया hi बन गयी थी ......

विजयगढ़ को 700 से ज्यादा आदमीओ की बलि देनी पड़ी , क्या अभी भी िश रियासत की धरती की प्यास नहीं बुझी थी या आर्यन भी आकर इश्को खून से सींचने वाला था ??????

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दोस्तों यह बहोत बड़ा अपडेट बन गया तो 2 part A&B में बाँट दिया है ...... अपने रिव्यु और कमैंट्स जरूर पोस्ट करें नेक्स्ट part में आर्यन भी विजयगढ़ पहुंच रहा है .

खुश रहिये अपना और अपने परिवार का ख्याल रखिये .
 
अपडेट 36 (लास्ट part)

Part - 6 (बी) (राजगद्दी)

आर्यन को दिल्ली एयरपोर्ट पे एडवोकेट्स की टीम ने बिना के साथ ज्वाइन किया तो लीला भी हैरान हुयी की यह तो सुप्रीम कोर्ट के लॉयर मर मखीजा हैं ....... आर्यन ने लीला का इंट्रोडक्शन करवाया तो उन्होंने उसका अभिवादन किया.

62 साल , सफेदी की पूरी चमकार लिए मर मखीजा सफ़ेद फ्रेंच कट में बहोत घाग और फरहात वकील था. यह रणजीत सिंह का लीगल अद्विसेर भी था और इश्के साथ मर नारयण जोह रति का मैं लीगल अद्विसेर था.

25 करोड़ में मर मखीजा को मर नारयण ने त्यार किया था उसमे भी 5 करोड़ एडवांस जा चूका था .

आर्यन पूरी तयारी के साथ विजयगढ़ जा रहा था ....... चार्टर्ड प्लेन में मर नारयण अब आर्यन के साथ बैठा था और लीला के पास बिना बैठी थी .

मर नारयण ," बहोत मक्कार आदमी है यह आर्यन बीटा , अभी भी इतने पैसे मांग के इश्क पेट नहीं भरेगा ".

आर्यन मुस्करा के ," कोई नहीं वकील अंकल , जुलाब पिलाने से सारा पेट साफ़ हो जायेगा. अभी इश्कि शरत मैंने में फायदा है, आप बस हर लीगल डाक्यूमेंट्स धयान से नज़र मार्के देखना. कोई भी पॉइंट नहीं छूटना चाहिए जोह मैंने बोलै है ".

मर नारयण ," गीता की ांतिकिपटोरी बैल मैंने कल ले ली थी. वहां कल बहोत बड़ा पन्गा हुआ है बिना बता रही थी ".

आर्यन कुटिल हसी के साथ ," इशलिये तो बैल का बोलै था चंदा रानी कहाँ किसी की सुनेगी अगर गुस्सा आ जाये तोह ".

मर नारयण भी हस्ते हुए ," बीटा उसको शादी के बाद तो कण्ट्रोल कर लोगे न या डेली एडवांस बैल लेनी पड़ेगी "...... है है है है ...... अब बारी थी आर्यन के झेंपे की सच्च hi वकील से बहस में नहीं जीता जा सकता .

लीला ने बिना से पुछा ," इतने सारे काले कोट को क्यों ले जा रहा है आर्यन विजयगढ़ , वहां वैसे hi माहौल बहोत गरम है दीदी से सुबह बात हुयी . उन्ह दोनों लड़कियों ने इतने आदमी अकेले मार गिराए ताजुब की बात है ".

बिना ने लीला के कान में ढेरी से कहा," राजा रणजीत सिंह की पुराणी विल निकलवाई है आर्यन ने इशलिये सब वकीलों को ले जा रहा है . गीता और दीप्ति मैडम तो राजपूत वीरबाला हैं, दोनों 1000 पे भरी पड़ेंगी ".

लीला ," देखो क्या होता है , कैसे भी करके राजगादी हाथ से नहीं जानी चाहिए विजयगढ़ की ...... "

बिना मैं में ," कल पूरे दिन तो आर्यन से छुड़वा रही थी अब िश को राजगादी की पड़ी है. खुद की राजगादी हाथ से निकलने वाली थी अगर आर्यन बिच में न पड़ता "...... औरशन की जलन कभी नहीं ख़तम हो सकती .

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सुबह फार्महाउस पे रति ने आर्यन से वादा लिया आज शाम तक गीता को साथ लेकर यहाँ दिल्ली पहुंच जाए .

रति को बाद में मीणा ने समझा दिया था की आर्यन ठीक कर रहा है . राजपूताना कौंसिल के साथ अपने परिवार वाले और रिश्तेदारों की रियासत पर दीप्ति की पकड़ मजबूत रेहनी चाहिए. दीप्ति के साथ आर्यन और गीता का डर सबको रहने चाहिए. फिर आपको तो फायदा hi है अब तो कई नए प्रोजेक्ट्स भी उठाने वाली हो दीप्ति की वजह से.

रति भी मुस्करा के ," मीणा बेटी , अपना बीटा दे रही हूँ उनको तो कुछ तो रेतुर्न भी लुंगी. फिर सब तुम बच्चों के लिए hi तो कर रही हूँ ".

मीणा भी (मैं में सोची ) ," नानी माँ तू अपनी पावर बढ़ा रही हो और ुष अणि के लिए यह सिर्फ खेल है. वह महारानी के फुल रूप में आ गयी न तो कोई उसके सामने टिक नहीं पायेगा ".

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विजयगढ़.......

जबर सिंह ने सप को समझा दिया की यह साफ़ सफाई करवा दे, आगे नए राजा पैर उसके ऊपर आशीर्वाद रहेगा . सप को भी ऊपर से आदेश थे की राजा जबर सिंह और राजा त्रिभुवन सिंह की हर बात माने .

गीता और दीप्ति ने नहाकर कपडे बदलकर नीला को फ़ोन किया तो उसने कहा की सेनापति और सारे मंत्री रजत सिंह की मदद करेंगे राजगद्दी पे बैठने में पर प्रताप सिंह और रोशन सिंह का कुछ करना होगा ......

दीप्ति ," दोनों गायब हैं ढून्ढ के निकालो , उनकी बीवियां और रिस्तेदार की औरतें यहीं राजमहल से बहार नहीं निकलने दी हैं हमने ....... हमारी कैद में है यह सन्देश भिजवा और जोह सैनिक चिप गए थे उनको सेनापति के साथ यहाँ राजमहल भेजो. ुष सेनापति और प्रदम मंत्री के परिवार वालों को अपनी कैद में hi रखना. कल किसी भी हाल में पूरी प्रजा के सामने रजत की ताजपोशी होनी चाहिए ".

नीला ," जी राजकुमारी जी मैंने साड़ी सेटिंग कर राखी है पर आप वहां सुरकषित तो रहेंगी न ?"

दीप्ति ने गीता की तरफ देखा तो चंडी देवी ने जवाब दिया ," नीला , तू चिंता मत कर वैसे भी हराम खुरों का और इनके किरये के टट्टुओं का इलाज कर दिया है हमने. तू ने अच्छी प्लानिंग और काम किया है, शाबाश बस ऐसे hi करती जा ".

नीला को समझा दिया था की क्या करना है और उसने लोकल थाने में राजकुमार रजत सिंह पे जनम लेवा हुम्ला और रानी मंदाकनी , राजकुमारी सुनैना का किडनैप और मुंडेर की प्लानिंग की सारे राज परिवार पे नामजद रिपोर्ट लिखवाई .

सप भी थोड़ी डिअर बाद थाने पहुंचा तोह नीला ने अपना परिचय देते हुए दिल्ली, बिना से फ़ोन पे बात करवाई जहाँ सेंट्रल होम मिनिस्ट्री का इन्फ्लुएंस देकर फिर दर्ज हुयी और खबर फैला दी गयी सब राजपरिवार वालों ने सरेंडर नहीं किया तो गोली मार देंगे जोह सुबह तक थाने में हाज़िरी नहीं लगया .

मीडिया और लोकल जनता को िश तख्तापलट की साज़िश से दुर्र रखा गया ......

रात में मिरदुला ने बड़ी बेचैनी में गीता और दीप्ति को अपने पास hi सुलाया . दोनों को चैन की नींद आयी पर मिरदुला बेचैन थी और आर्यन ने भी उसको फ़ोन नहीं किया , न खुद आर्यन को कुछ बता पायी.

मंदाकनी और सुनैना ने भी डर डर के रात गुजारी पर दीप्ति के बताने और फ़ोन पे बात कर के रजत से दोनों को कुछ रहत मिली . मंदाकनी ने अपनी छोटी भें दीप्ति को बार बार थैंक यू कहा.

नया सवेरा विजयगढ़ का नया भविष्य भी लेकर आया ...... राजमहल में चप्पे चप्पे पे सिक्योरिटी अफसर और सैनिक टेनान्ट थे.

7 बजे सिक्योरिटी अफसर की सिक्योरिटी में नीला अपनी टीम के साथ रजत सिंह को लेकर राजमहल पहुंची तोह मंदाकनी और सुनैना रूट हुए उससे लिपट गयी .....

सब अंदर राजदरबार में आये तोह मंदाकनी को राजगद्दी पे मिरदुला ने बैठने को कहा , राजकुमार और राजकुमारी के आसान पे रजत और सुनैना को बिठाया गया ...... सब मंत्री और सेनापति मौजूद थे तब मिरदुला ने प्रस्ताव रखा," आज hi राजकुमार का राजभिषेक होना चाहिए. कल अंतिमसंस्कार के बाद जोह बगावत और हमला हुआ उसके बाद देरी नहीं होनी चाहिए रानी मंदाकनी ".

मंदाकनी ने प्रधान मंत्री से कहा," राजकुमार के राजभिषेक के लिए राजपुरोहित को बुलाया जाये और सुबह गाढ़ी पता करो ".

प्रधान मंत्री ने राजपुरोहित को आगे बुलाकर राजकुमार की जनम कुंडली के हिसाब से सुबह समय क्या रहेगा तो 15 मं तक अपना पत्र देखने के बाद बतया तो सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक का सुबह महूरत होता है .

मंदाकनी ने सब तयारी करने और रियासत के सुभचिन्तक को खबर करने का आदेश दिया ...... राजा त्रिभुवन सिंह और जबर सिंह ने सब राजदरबारी को पहले hi समझा दिया था की रजत सिंह hi सही उमीदवार है राजगादी का. वह राजा रणजीत सिंह का सागा बीटा है फिर खुद राजा ने कभी सम्बन्ध नहीं तोड़े बस अपने बीवी बच्चे दुर्र रखे . खुद अलवर आये हमसे मिलने तभी तो उनके रिश्तेदारों ने पहले उनको बम ब्लास्ट में मारा फिर कल राजकुमार को मारने की कोशिश की . खुद सोचो कल राजदरबार में क्या रानी , राजकुमार या राजकुमारी ने कोशिश की वह यहाँ राजगद्दी के लिए आये हैं ...... नहीं न . उन्होंने सिर्फ अपने पिता के अंतिम संस्कार करने की इच्छा और अधिकार माँगा . अगर अब भी राजकुमार चला गया तोह सोच लो रियासत का क्या होगा. जोह राजगादी के लिए राजा और उसके बाचों के खून के प्यासे हो गए वह क्या राजपाठ ,क्या जानता, क्या राजदरबारी की कदर करेंगे.

सेनापति और प्रधानमंत्री ने भी सबको समझा दिया की अब रानी सा मंदाकनी hi हमारी रानी हैं और उनके बच्चे राजकुमार और राजकुमारी .

उधर 3-3 लड़के राजपरिवार के हॉस्पिटल में एडमिट थे जोह बुरी तरह घायल थे गीता के कहर से और जीजा और साले की चाल उलटी पद गयी सब कौशल की जल्दबाजी के कारन ...... औरतें राजमहल में कैद कर ली गयी और किरये के गुंडे भी काम न आये .

प्रधानमंत्री ने दोनों को फ़ोन करके सिक्योरिटी अफसर में F.I.R का बतया की पूरा परिवार नामजद है और सिक्योरिटी अफसर भी अब उनकी मुठी में है , सरेंडर कर दो आपकी तरह हमारे परविवार भी उनके कब्जे में हैं. इशलिये हम भी कुछ नहीं कर सकते .

प्रताप सिंह और रोशन सिंह अपने एडवोकेट्स और सिक्योरिटी के साथ थाने पहुंचे तो राजद्रोह और कई धाराओं में उनको गिरफ्तार कर लिया गया . पर रिपोर्ट उनकी तरफ से भी की गयी तो राजा जबर सिंह के परिवार वालों के खिलाफ लिखने से सप ने मन कर दिया .

रोशन सिंह ," ुष खुनी लड़की के नाम तो लिखो जिसने हमारे बच्चो की ऐसी हालत की है , उसके जिन्दा नहीं छोड़ेंगे ".

सप भी समझते हुए ," प्रताप जी थोड़ा ठन्डे दिमाग़ से सोच के फिर लिखवाओ और लिखते hi मुझे ऊपर फ़ोन करना पड़ेगा. वह लड़की राजकुमारी दीप्ति की हंसकाल , इंडिया की बिज़नेस टाइकून मैडम रतिदेवी की बेटी गीता देवी है. पूरी मीडिया से लेकर रति देवी कल hi कम और हम के साथ िश थाने में होगी. मेरी वर्दी जाएगी और तुम्हारी रहे सही जिंदगी भी. राजकुमारी दीप्ति आगे कौंसिल की चेयरपर्सन और महारानी बनेगी . राजगद्दी तोह भूल hi जायो अपने परिवार की सोचो ".

कहते हैं "विनाश काले विपरीत भुधि " सिक्योरिटी अफसर अफसर की सलाह भी दोनों को कहाँ सही लगती ....... गीता के खिलाफ फिर दर्ज हुयी तोह सप ने ऊपर फ़ोन किया जिसके लिए कहा गया कल तक अरेस्ट मत करना .

दोनों जीजा साले को थाने में hi रखा गया रात भर , औरशन को अरेस्ट करने सिक्योरिटी अफसर गयी सुबह तो मिरदुला ने मन कर दिया की औरतें सिक्योरिटी अफसर स्टेशन नहीं जाएँगी ....... गीता के अरेस्ट करने की खबर आयी तो राजा त्रिभुवन ने स्टेट होम मिनिस्ट्री में बात की तोह कारवाही रुकवा दी गयी .

औरशन को फ्री किया गया तो लाजवंती और विनीता ने मंदाकनी को गन्दी गन्दी गालियां दी तो गीता ने पिस्तौल दिखा के कहा ," एक और गाली दी तो तुम्हारे बेटों से बुरा हाल करुँगी ...... निकालो यहाँ से रांडवो की लुगाई ".

मिरदुला ने दांत डपट के दोनों को चुप करवा के गीता को भी शांत किया .

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आर्यन जब 10 बजे विजयगढ़ के राजदरबार में पहुंचा तोह तीखी भेष हो रही थी .....

आर्यन को देखकर जहाँ गीता और दीप्ति ख़ुशी से उछाल के उसकी तरफ लपके वहीँ सब विपक्षी भी हैरान थे यह कोण है इतना लम्बा चौड़ा हैंडसम नौजवान डार्क ब्लू सूट में पर जल्दी hi सबकी जिगशा ख़तम हो गयी.

गीता ने सबके सामने उसकी बाँहों में लिपट के उसका गाल चूम डाला वहीँ दीप्ति भी अपने को रोक न सकीय और आर्यन के दुसरे साइड से चिपक गयी .

आर्यन बस मुस्करा के गीता का माथा चूमा ," कैसी है चंदा रानी , लेट तो नहीं हुआ न ?"

दीप्ति ," माहि , आपकी इतनी डिअर क्यों लगी ? यह गीता दीदी को गिरफ्तार करने आये हैं?"

आर्यन ने दीप्ति का माथा चूम के उसका गले पे किश किया तो शर्मा गयी सब लोग िंह तीनो को hi देख रहे थे .....

आर्यन ," सॉरी डार्लिंग , थोड़ा लेट हो गया. चलो काम की बात कर लें ".

आर्यन का नाम सुनकर सब समजह गए यही राजकुमारी दीप्ति का मंगेतर है. औरशन और लड़कियां जहाँ जलन से दोनों बहेनो को देखने लगी . वहीँ आर्यन दोनों को साथ लेकर महारानी मिरदुला के प्यार चुहया तो वह भी इमोशनल होती आर्यन के गले लगी ," अच्छा हुआ तू आ गया माहि, में अकेली पद गयी थी "......

आर्यन उसका भी गाल चूम के बोलै," में तो पहले hi बोलै था की मुझे साथ ले चल पर तू मेरी कहाँ बात मानती है मैया ...... चल चुप हो जा में सब ठीक कर दूंगा ".

लीला अपनी बड़ी भें मंदाकनी और अपने भेंजे भेजी से मिली ......

आर्यन ने आगे बढ़कर राजा त्रिभुवन के प्यार चूहे पर कमाल तब हुआ राजा जबर सिंह के प्यार चुहकर बोलै," आप दोनों ने ाचा काम किया जोह यहाँ हैं".

जबर सिंह अब भी डर तो रहा था पर आर्यन का आदर भाव देकर बोलै ," यह िग बहोत ुध रहा है और लाजवंती का छोटा भाई है तो गीता के खिलाफ स्पेशल अरेस्ट वारंट लेकर आया है ".

राजा त्रिभुवन ," ऐसा कैसे हम अपनी बेटी को गिरफ्तार होने दें यह हमारे खानदान की इज्जत पे बात है बीटा. तुम hi कुछ करो ".

आर्यन ने ुष िग को फिर सप की तरफ देखा तो दोनों उसको hi देख रहे थे .....

आर्यन ने बिना की तरफ इशारा किया तो अधिवक्ता मर नारयण ने आगे बढ़कर ांतिकिपटोरी बैल की कॉपी गीता के नाम की दी तोह बारी बारी पढ़ कर दोनों पसीना पसीना हो गए ....... गीता की जान को खतरा दिखा के आत्मरक्षा में लिसेंसेस आर्म्स रखने और उसे करने के लीगल डाक्यूमेंट्स भी साथ थे .

आर्यन ने आगे बढ़कर कहा ," मेरे नाम महार्यं सिंह हैं और वह जोह राजकुमार रजत सिंह हैं मेरी मंगेतर राजकुमारी दीप्ति सिंह के भांजे लगते हैं. आप उनके परिवार के लोगों को अरेस्ट करने की बजाये सेल्फ डिफेन्स में मेरी गीता देवी को अरेस्ट करने की सोचे भी कैसे . इशलिये की वह रजवाड़े फॅमिली से नहीं है . इतना hi डैम है तो एक भी राजपरिवार वाले को अरेस्ट करके दिखाओ अभी यहीं सर कटा पड़ा होगा और तुम्हारे परिवार को कोई सदस्य जिन्दा भी नहीं बचेगा ".

आर्यन," तोह िग शभ आप अपनी भें और बहनोई के लिए यहाँ आये हैं , राजपूत हैं और रजवाड़ों के कानून और उनकी पहुंच भी जानते होंगे , 2 मं भी गीता को हवालात में नहीं रख पयोगे पर इतना वादा करता हूँ ऐसा हुआ तो आपकी सिक्योरिटी अफसर फाॅर्स में किसी को जिन्दा भी नहीं देख पयोगे. दीप्ति और में कानून की बहोत इज्जत करते हैं इशलिये अभी चुप हैं फिर निर्दोष सिक्योरिटी अफसर वालों की क्या गलती है . अपने ओहदे का इस्तेमाल सही जगह करो तो एक भी चोरी , बंग या खून न हो . चहुँ तो 2 मं में वर्दी भी उतरवा दूँ और राजगद्दी के लालच में तख्तापलट करने की साजिश में भी शामिल होने के झूठे सबूत भी दे दूंगा. अपनी भें और जीजा को समझाओ की ुष राजगद्दी पे सिर्फ महँ राजा रणजीत सिंह के बेटे को बैठने का हक़ है और यह उनकी आखिरी इच्छा थी...... वकील शभ अपना काम कीजिए ".

मर मखीजा अपनी सफ़ेद फ्रेंच कट पे हाथ फेरता आगे बढ़ा अपने दो असिस्टेंट के साथ ....... उसने प्रताप सिंह और कौशल सिंह को कुछ बतया तो दोनों हैरान थे ......

तब आर्यन बोलै ," अरे वकील शभ हम सबको भी अपनी बात बतिये यहाँ वैसे hi इतनी टेंशन है और यहाँ के लोग कहीं आज सिक्योरिटी ओफ्फिसरवालों को मौत के घात न उतर दें ....... बहार सेनापति ने अपने 1000 से हथियार बंद सैनिको से पूरा राजमहल घिरवा लिया है ".

आर्यन की बात सुनकर तोह अब सिक्योरिटी अफसर वालों के साथ रानी मंदाकनी के ससुराल वालों की भी हवा ख़राब हो गयी .......

सप ," देखिये आर्यन सर आप कानून को हाथ में मत लीजिए , सिक्योरिटी अफसर वाले बस अपने ड्यूटी कर रहे हैं ".

आर्यन गुस्से से दादा ," तोह यह सूअर की औलाद तेरा िग अपनी भें छुड़वाने यहाँ आया है क्या मुझसे ?....... सालो तुम्हारी हिम्मत कैसे हुयी की मेरी चंदा रानी को अरेस्ट कर लोगे और में तुमको पुचकार के बात करूँगा . अगर िशने 1000 आदमी भी मारे हैं तो भी कोई गुन्हा नहीं किया क्योंकि यह कभी किसी निर्दोष को नहीं मार सकती ....... "...... आर्यन की इतनी तेज आवाज से सबकी खुसक hi कर डाली , जोह उसको जानते थे वह भी डर गए आज कोई नहीं बचेगा ......

िग गुस्से में आकर बोलै ," अरेस्ट थिस फिल्थी बस्ता........ "....... पूरा सेन्टेन्स hi नहीं बोल पाया और गीता ने एक सेकंड में आगे बढ़ के िग को गर्दन से उठा के जमीन पे पटक के गर्दन पे घुटना रखकर अपनी पिस्तौल उसकी खोपड़ी पे तान दी ," अगर एक भी गाली दी मेरे आर्यन को तो तेरी पहले जुबान काटूंगी फिर गर्दन ".

सिक्योरिटी अफसर वालों ने बन्दूक गीता की तरह तानी तो आर्यन और दीप्ति भी उसके सामने खड़े होकर पिस्तौल तान दिए और नीला के साथी के साथ आर्यन की स्पेशल टीम से लेकर सेनापति के सैनिक भी, आर्यन सिक्योरिटी अफसर वालों को घूर के ," मारने का शौक है तो अपनी बीवी बच्चों को बता के hi आये होंगे , सबको मारवा के िश हिजड़े के साथ देने पे क्यों उनको सजा दिलवाना चाहते हो सप शभ ".

तुम 300 सिक्योरिटी अफसर वाले लाये हो और हमारे काम से काम 2000 हज़ार आदमी होंगे, किसी को पता भी नहीं चलेगा कभी सिक्योरिटी अफसर वाले यहाँ आये थे ....... वैसे ट्रेलर तो कल देख hi चुके होंगे ".

सप और बाकी सिक्योरिटी अफसर वालो की भी गांड पहात गयी थी और थार थार कांप रहे थे क्योंकि आखिर थे तो सरकारी मुलाज़िम hi, तब आर्यन बोलै ," एक सौदा कर लो , िग या सारे सिक्योरिटी अफसर वाले यह तो वैसे hi अपनी माँ छुड़वा के मरेगा "....... आर्यन की गालियां अब सिक्योरिटी अफसर वालों पे भी असर कर रही थी की यह पक्का मार देगा सबको. सिक्योरिटी अफसर वाले गालियां सुनने के आदि नहीं होते पर कोई दबंग उनको देकर धमकाने लगे तो पहात भी जल्दी जाती है . सिक्योरिटी अफसर वालों की गाली गलोच वैसे hi मशहूर है ...... आर्यन अब उनके hi दिमाग़ से खेल रहा था गाली देते हुए वह भी उनके सुपर बॉस िग को. िग के पर्सनल सिक्योरिटी सिक्योरिटी अफसर वाले भी पीछे हैट चुके थे .

सप को भी अब संदेह न था की यह गीता कोई मामूली लड़की नहीं पक्का त्रिनेड कमांडो है ....... िंह लोगों से पन्गा सबकी जान गवा के hi ख़तम होगा. इनका कोई कुछ बिगाड़ नहीं पायेगा .

राजा त्रिभुवन सिंह ," सप तुम समझदार हो अपने आदमीओ की सोचो , यह तुम भी जानते हो यह िग सिक्योरिटी अफसर , सिर्फ अपनी भें लाजवंती की बुलाने पे बदला लेने आया है ...... आर्यन के बारे में तुम को मैंने कल भी बतया था अभी भी वक़्त है. हम सब तो एक परिवार के हैं पर तुम क्यों इतने परिवारों को अनाथ करवा रहे हो ".

सप भी डरते हुए बोलै ," मुझे कोई खून खराबा नहीं चाहिए . सब सिक्योरिटी अफसर वाले अपने हथियार निचे कर लो. आर्यन सर आप भी अपने हथियार निच्चे कर लो ".

आर्यन ने सहमति में गर्दन हिलायी तब सबने हथियार निच्चे किये तो आर्यन बोलै," छोड़ दे इश्को चंदा रानी यह हमारी मार के लायक नहीं है. िग तुझे बड़ा सौक है न तेरा जीजा प्रताप सिंह राजगादी पे बैठे , वकील शभ आप क्या सबके मरने के बाद वसीयत सुनोगे या खुद hi राजगद्दी पे बैठने का मैं बना लियो हो . याद रखना जितना खून बहा के राजगद्दी मिलती है उतना hi खून तुमसे वसूल करती है, इतिहास गवाह है ".

मर मखीजा जोह डरा हुआ था आगे आकर बोलै ," में राजा रणजीत सिंह का पुराण लीगल अद्विसेर हूँ दिल्ली से और उन्होंने यह विल मुझसे आज से 17 साल पहले इसी राजमहल में बनवाई थी और प्रताप सिंह जी भी यह जानते हैं".

सप और िग के साथ सब को राजा की विल में अब जान्ने का इंटरेस्ट था , आर्यन ने गीता को पीछे किया तो बिना ने दो सिक्योरिटी अफसर गार्ड के साथ िग को एक कोने में बैठा दिया अपनी गन हाथ में ताने हुए . नीला की टीम राजकुमार रजत सिंह को घेरे सेफ रख रही थी .......

आर्यन थोड़ा तेज़ आवाज में बोलै ," सब आराम से बैठकर सुनो और जिसको राजगद्दी का लालच है वह भी सुन्न लो की आपके महाराज ने क्या वसीयत बनाई है ".

मर मखीजा अपना चस्मा लगा के अपने असिस्टेंट से फाइल लेकर लगतार आधे घंटे पढता गया और मिरदुला के परिवार वालों के साथ सब राजदरबारी और मंत्री के चेहरे पे मुस्कान लौट आयी....... सिक्योरिटी अफसर वाले भी अब थोड़ा रिलैक्स थे पर बेजिटि hi इतनी हुयी थी और उनके सबसे बड़े अफसर पे हाथ भी उठाया गया था .

वसीयत के हिसाब से राजा रणजीत सिंह की मिर्त्यु के बाद उनका बीटा राजकुमार रजत सिंह राजगद्दी पे बैठेगा और अगर उसको कुछ हो जाता है तो राजकुमारी सुनैना उतराधिकारी होगी राजगद्दी की . अपने सेज भाई बहेनो और उनके बच्चों को राजपरिवार के साथ रहने और कुछ प्रॉपर्टी के साथ रॉयल्टी भी ज़िंदगी भर मिलेगी.

आर्यन ," वकील शभ आपको यह वसीयत पहले hi आकर सबको बता देनी चाहिए थी कितना खून खरबा हुआ और सिक्योरिटी अफसर वालों की भी जान पे बन आयी अपने hi एक खुदगर्ज अफसर की वजह से ...... नीला जरा होम मिनिस्ट्री से िग शभ के डिस्मिस्सल की कॉपी दिखा दो सप शभ को की इनको छुट्टी पे भेजा जा रहा है है".

अब बारी थी सिक्योरिटी अफसर वालों के चौंक ने की तोह नीला ने फैक्स किया हुआ डिस्मिस्सल लेटर पकड़ा दिया ......

आर्यन मुस्करा के ," अब तो यह सिक्योरिटी अफसर अफसर भी नहीं रहए तो गोली मार दूँ या आप िश गंदगी के ढेर को ले जाओगे ".

सप भी बात समझते है ," आर्यन सर , में फिर कहूंगा कानून अपने हाथ में मत लीजिए . सिक्योरिटी अफसर डिपार्टमेंट अपना काम करेगा ".

आर्यन ने भी सहमति दी और िग को लेकर चले गए राजदरबार से और साथ में राज परिवार के सब आदमी और औरशन को भी गिरफ्तार करके ....... सब आर्यन की भूरी भूरी प्रशंसा कर रहे थे बिना एक गोली चले सब सुलझा दिया ......

दोपहर दो बजे तक राजगुरुजी और रघुभार सिंह भी विजयगढ़ पहुंच गए क्योंकि आर्यन ने बुलवाया था ...... छोटे से फंक्शन में विधिवत और लीगली भी नए राजा "रजत सिंह" की ताजपोशी हुयी और राजगादी पे बिठाया गया.

करीब 5 हज़ार लोग िश समारोह का हिस्सा बने, विजयगढ़ की शान्ति के लिए आर्यन ने एडवोकेट्स की टीम से राज परिवार वालों के खिलाफ स्ट्रांग केस बनने को कहा और काम से 7 साल से पहले कोई भी जेल से बहार न आये . अगर रजत चाहे तो लेडीज को 2 महीने बाद रिहा करवा दे.

आर्यन ने 5 बजे वापस जाने की इजाजत मांगी तो मंदाकनी ने आर्यन को रोकना चाहा पर उसने अपनी विवशता बता के दुबारा जल्दी आने को कहा ......

आर्यन ने गीता को त्यार होने को कहा तो दीप्ति की तरफ देखकर बोली ," दीप्ति भी हमारे साथ जाएगी ".

आर्यन ," नहीं दीप्ति को उसकी मम्मी याद कर रही है राजा शभ से बात हुयी है. कल वह अलवर जाएगी उनके साथ . मैया अभी 3-4 दिन यहीं रहेंगी ".

दीप्ति इतना सुनकर अपना चेहरा निच्चे किये अपने कक्ष में चली गयी और उसके पीछे गीता भी ...... राजा त्रिभुवन बोले ," अगर उसका मैं है तो ले जायो आर्यन में समझा दूंगा रानी सा को ".

आर्यन ," नहीं राजा शभ , उसको 3-4 दिन अलवर में रहने दो अपनी मम्मी के पास फिर जब में गाओं में होंगे तो आप सब एक बार मेरे गाओं आये रिश्ता पक्का करने के लिए यह माँ ने कहा है वह फ़ोन करेंगी . दीप्ति को मुझसे और गीता से भी दुर्र रहने की आदत डालनी होगी . वह इतने ऊँचे पढ़ को कैसे संभालेगी ? फिर में और गीता भी आगे अपने कामो में बिजी होंगे . हमारे कर्त्तव्य पहले हैं रिश्ते बाद में . दीप्ति मेरी बीवी होने से पहले अलवर की राजकुमारी है उसको यह हमेशा याद रखना होगा ".

राजा त्रिभुवन सिंह ," बीटा हम सब खुस हैं की तुम हमारे कुंवरजी हो. आज तुम ने मंदाकनी भें पे भी बहोत बड़ा अहसान किया है . एक बार को लगा की हम सब का प्लान चौपट हो गया , सिक्योरिटी अफसर को शामिल hi नहीं करना था ".

आर्यन हसकर ," चंदा रानी को गिरफ्तार करके ले जाते तो वहीँ सबको जान से मारती , आप ने कल देख hi लिया होगा ...... इशलिये में और माँ उसको अकेले भी छोड़ते उसका गुस्सा बहोत खतरनाक है . आज भी ुष िग को मार hi देती ".

जबर सिंह ," यह वसीयत कहाँ से लेकर आ गए ? तुमको पता था क्या आर्यन ?"

आर्यन ," राजा शभ आप फल खाइये , मैंने दीप्ति को पहले बता दिया था की में कल आऊंगा ....... वसीयत तो हर राजा बनवाता है तो वकील hi पकड़ना था. हाँ गीता की बैल जान के लिया क्योंकि आप तेरे एक परिवार वाले वह hi बची जिशपार कारवाही होती , आप रॉयल ब्लड हो कोण टच करेगा आपको ".

रानी मिरदुला ," ऐसा मत बोल माहि बीटा , गीता हम सबके लिए दीप्ति जैसी hi है. ऐसे कैसे गिरफ्तार होने देते ".

आर्यन मुस्करा के ," मैया , गीता हमारे खानदान का गरूर है , थोड़ा गुस्से वाली है बस दिल से hi सोचती है इशलिये थोड़ा डर लगता है उसके लिए. में दीप्ति से मिल लेता हूँ फिर दिल्ली भी वापस पहुंचना है".

आर्यन जब कक्ष में पहुंचा तो दीप्ति को गीता के गले लगे देखा तब उसको देखकर गीता बोली ," क्या दिक्कत है जोह दीप्ति हमारे साथ नहीं जा सकती ?"

आर्यन ," वह हमारे साथ न जाकर 3-4 दिन बाद अपने परिवार के साथ गाओं की हवेली आएगी रिश्ता पक्का करने इशलिये में बोल रहा था . दोनों रानी मम्मी भी इश्को बहोत याद करती हैं".

दीप्ति अब गीता से अलग होकर आर्यन के गले लग गयी ," में कैसे रह पाऊँगी आप दोनों के बिना , मेरा मैं नहीं लगेगा ".

आर्यन ," कुछ hi दिन की बात है जान फिर हमेशा हमारे साथ hi रहने वाली हो , इशलिये जितनी ऐश करनी है कर लो. फिर जिंदगी भर वही पति और साडू सौतन के साथ hi रहना पड़ेगा ..... है है है है ".

गीता ने उसकी गर्दन पीछे से पकड़कर बीएड पे गिरा लिया और दोनों आर्यन को मारने लगी ...... हमको सौतन कैसे बोलै ...... साडू किसको बोलै ..... आर्यन भी दोनों को गुलगुली करके अपनी बहो में भर के किश करने लगा ...... बारी बारी किश करते तीनो खुश थे तभी किसी ने नॉक किया ," दूर तो बांध कर लिया करो ".

लीला की आवाज सुनकर दीप्ति तो झट से बेथ गयी , गीता वैसे hi आर्यन की बाँहों में रहे..... मंदाकनी और सुनैना को देखकर आर्यन भी बेथ गया तब गीता अलग हुयी .

आर्यन ," आये न , आप सब यहाँ ?"

मंदाकनी ने आगे बढ़कर आर्यन का हाथ पकड़ा ," तुम्हारा रिहं में कभी नहीं चूका पाऊँगी आर्यन, आज तुम ने मेरा और मेरे बच्चों का हक़ दिलवाया".

आर्यन ने उनको बीएड पे बिठा के कहा ," क्या दीदी ऐसा क्यों बोल रही हो , जोह आपका था वह हमेशा आपका hi रहेगा. वैसे मैंने कुछ ख़ास नहीं किया पर Deepti-Geeta ने आपकी पूरी मदद की है".

तभी राजकुमार रजत भी वहां पहुंचा तो उसने और सुनैना ने आर्यन के प्यार छूने चाहिए तो आर्यन ने दोनों को गले लगा के कहा ," अरे तुमसे 2-3 साल hi बड़ा हूँ , तोह फ्रेंड्स का रिश्ता या बड़े भाई वाला ठीक है ".

सुनैना हस्ते हुए ," हम आपको मौसाजी कहें या भैया ..... hi hi hi hi "

आर्यन ," अरे यह लड़की बोलती है , मुझे तो गूंगी लगी बस घूरती रही सभी को "..... है है है है ......

आर्यन ," बड़ा भाई hi समझो मुझे बुद्धि अपनी मौसी दीप्ति को बोल के बनो".

मंदाकनी ," आर्यन अगर रुक जाते तो अच्छा होता ".

रजत ," हाँ भैया आप से ज्यादा बात भी नहीं हुयी अभी तक रुक जाइये ".

आर्यन ," अगली बार पक्का रुकूंगा और अपनी पढाई पे अभी कंसन्ट्रेट करो दोनों . ट्रांसफर लेकर यहीं इंडिया के इंस्टिट्यूट में एडमिशन ले लो . अच्छा राजा वही होता है जोह खुद एडुकेटेड हो और अपनी सोच खुली रखे ".

सब से मिलकर , आर्यन अपने साथ गीता को लेकर दिल्ली निकल गया. लीला भी उनके साथ थी क्योंकि उसकी बेटी रौशनी अभी दिल्ली में hi थी .

मिरदुला और दीप्ति के लिए सबसे कठिन समय था ऐसा लगा दोनों का दिल hi दोनों से दुर्र चला गया .

गीता प्लेन में आर्यन के काँधने पे सर रखे बैठी थी . उसका भी जैसा मैं दीप्ति के साथ वहीँ रह गया हो. दोनों लड़कियों की बॉन्डिंग इतनी अच्छी हो गयी थी पर पहले जाने अब दीप्ति का दुर्र होना गीता को दुखी कर दिया . हालाँकि आर्यन उसके पास था पर कुछ तो अधूरापन था उसकी लाइफ में जोह पहले कभी नहीं फील हुआ.

लीला भी आर्यन की तरफ देखकर मुस्करा रही थी पर बिना के साथ बैठकर बातें कर रही थी ....... एडवोकेट्स की टीम राजभिषेक के बाद hi चली गयी थी उनको लीगल डाक्यूमेंट्स पे hi आज hi सिग्न करवाने थे कोर्ट्स से .

दिल्ली एयरपोर्ट पे लैंड करके सब फार्महाउस पहुंचे तो मिरदुला और दीप्ति को साथ न देखकर डॉ अंजू ने पुछा तो आर्यन से सबको डिनर पे बता दिया की क्या क्या हुआ .

रौशनी का एडमिशन हो गया था स्पेशल एग्जाम के बाद , उसको हर क्लास में कुछ समय बिताने के बाद सब टीचर्स की राये थी की वह इसी साल 5तह क्लास तक पास करे और नेक्स्ट ईयर 3 क्लास .

गिफ्टेड (वैरी एडवांस्ड) I.Q. के कारन इंटरनेशनल कॉलेज के मैनेजमेंट ने उसको स्पेशल परेफरेंस दिया और फीस भी माफ़ की बात राखी . बबिता और सारू ने कहा की वह रौशनी की फीस किसी दुसरे पुअर स्टूडेंट की फीस के रूप में देंगे. कल लीला को कॉलेज वालों ने बुलाया था तो लीला ने डिनर करते हुए आर्यन की तरफ देखा जोह अपनी गॉड में रौशनी को बिठा के और महिमा ,राहुल को टेबल पे बिठा के अपनी प्लेट से खुद अपने हाथ से डिनर करा रहा था . आर्यन ने उसको हाँ में इशारा कर दिया .

मीणा ने भी देखा तो मुस्करा रही थी पर गीता आज रति के साथ चुपचाप डिनर कर रही थी . सबको अंदजा था दीप्ति के दुर्र होने की वजह से ऐसे बेहवे कर रही है .

डिनर के बाद आर्यन और रति ने ऑफिस रूम में ऑफिस के काम के बारे में डिस्कशन किया . बिना और मीणा वहीँ सोफे पे बैठे कुछ प्लानिंग कर रही थी .

आधे घंटे डिस्कशन और प्लानिंग के बाद रति बोली ," वैसे कमाल है गीता को भी किसी से लगाव हो सकता है पहली बार देखा. वर्ण वह किसी के जाने पे कभी दुखी नहीं हुयी आजतक . इवन तू भी अमेरिका गया था तब भी नार्मल थी ".

मीणा मुस्करा के ," प्यार नानी माँ , प्यार हो गया है आर्यन की चंदा रानी को , उसके अंदर भी दिल है पर बर्फ की मोती परैत थी अब वह पिघल रही है ...... hi hi hi hi...... देखो आर्यन भी उदास है ".

आर्यन की तरह रति ने चिंता से देखा तो हसने लगा ," यह छेद रही है तुमको माँ , में तो बस तुझसे दूर जाकर दुखी होता हूँ "...... और रति के गले लगकर उसका गाल चूम लिया .

रति भी अपने लाडले से गले लगकर ," में भी दुखी हो जाती हूँ बीटा तेरे बिना, बस मेरे पास रहा कर ".......

मीणा हसकर ," प्यार नानी माँ प्यार ".

बिना ," मैडम पूरे रस्ते गीता मैडम चुप थी , मैंने भी उनको वैसे नहीं देखा ".

अब रति को भी चिंता होने लगी आखिर उसकी लाड़ली बेटी थी तो कड़ी होकर बोली ," में देखती हूँ क्या हुआ मेरी बच्ची को ".

रति के जाते hi आर्यन ने बिना को पुछा की काम हुआ . बिना मुस्करा दी तो मीणा बोली ,"भाई में चालू साथ ".

आर्यन कुछ सोचकर ,"ठीक है चल , बिना तू भी रेडी हो जा बस हम चरों चल रहे हैं में गीता से मिलकर आता हूँ ".

आर्यन जब गीता के रूम में पहुंचा तो खली था तोह सीधा रति के सुईठे में पहुंचा तो देखा गीता बीएड पे रति की गॉड में सर रखकर लेती है ...... रति बालों में उसके हाथ फेर रही है .

रति ने बहोत लाड से गीता को पाल पॉश के बड़ा किया था , अपने चरों बच्चों को डांटा मारा भी होगा पर गीता को तो एक खरोंच नहीं लगने दी कभी बस गीता के जिद्दी और गुस्से वाली आदत भी रति के लाड की वजह से थी . कैसे अपनी बेटी को परेशां देख पाती और वह भी गम शूम.

उसके रूम से अपने सुईठे में लाकर उसका गॉड में सर रखकर बालों में हाथ फेर के पूछकर रही थी . अभी कुछ पूछती की आर्यन आ गया और गीता की बगल में लेटकर रति की गॉड में सर रखकर बोलै ," माँ दूध पीला न ".

रति ने आंखें दिखाई और गीता ने गर्दन घुमा के आर्यन को घुर्रा पर था पक्का बेशर्म तो रति की ड्रेस का बटन खोलने लगा ..... गीता ने झट से उसको धक्का देकर बोलै ," निकल यहाँ से यह मेरी माँ है कोई गई भैंस नहीं बड़ा आया दूध पीने ...... जा तू अपनी मम्मियों और बीवियों का दूध पी. माँ तू भी इश्को नहीं रोकती क्या ?"

आर्यन खड़े होकर कपडे ठीक करता ," जाओ दोनों भाड़ में में जा रहा हूँ मम्मी के पास अब नहीं आऊंगा दूध पीने "...... और गुस्से में प्यार पटकता चला गया .

उसके जोरसे सुईठे का दूर बंद करने की आवाज पे रति और गीता दोनों हसने लगे . यह तो उसकी बचपन की आदत थी , गीता ने धक्के मार के गाली देकर हज़रों बार भाग्य होगा पर आर्यन था पक्का बेशर्म मौका मिलते hi फिर से रति की चूची पी जाता था .

गीता फिर से रति की गॉड में लेटकर ," देखना पक्का आएगा रात में चूची पीने ".....

रत भी बालों में ऊँगली फेरती," तू यहीं है तो नहीं आएगा ".

गीता ," रेहन दे तू भी माँ , में सब जानती हु तू कोनसी काम है वह आएगा तो मेरी तरफ पीठ करके उसको दूध पीला देती जब में सू जाती थी ".

रति भी मुस्करा के ," क्या करूँ वह भी तो मेरा बीटा hi है ...... अच्छा बता क्या बात है बिना बता रही थी प्लेन में भी तू उदास थी ".

गीता ," बस दीप्ति को ऐसा अकेले छोड़कर आना अच्छा नहीं लगा और आर्यन को तो जैसे फरक hi नहीं पड़ा हो ".

रति ," वह मर्द है तो दुःख उजागर नहीं करेगा हाँ दुःख उसको भी हुआ होगा दीप्ति के दुर्र होने से ".

गीता ," नहीं माँ तू नहीं समझती पहले जाने मुझे अच्छी लगी उसको अमेरिका भगा दिया अब दीप्ति अच्छी लगी उसको भी दुर्र कर दिया . आने दो किसी नयी को मार मार के सारे बदले निकलूंगी आर्यन से ".

रति ," अच्छा तू मारेगी , हर बार नयी लड़की की तरफदारी करती है की यह भी आर्यन की बीवी बनेगी . तुझे पता है मुझे लगा दीप्ति को तू खुद भगा देगी पर नहीं उसको अपनी जुड़वाँ भें बना ली सौतन के साथ ".

गीता ," दीप्ति अच्छी है और मासूम भी फिर उसकी जिंदगी आर्यन से जुडी थी तो कैसे मन करती और अब तू भी तो उसके गन गान करती है ".

रति चिढ़कर ," अच्छा अच्छा चल अब सू जा , कल इतने आदमी मार के थक गयी होगी ".

गीता हस्ती हुयी ," हाँ हाँ मुझे सुला के ुष चूचिचोर को चूचियों पिलायो".

रति भी हसकर ," उससे जैड़ा तोह उसकी बेटी महिमा चालू हो गयी है आज सुबह और डिनर पे लीला की चूचियां देखकर उससे लिपट रही थी ...... दिन में एक बार तो मेरी भी चूस जाती है ".

गीता अपना कालर कड़ी करके ," मेरी दोस्त बबिता की बेटी है , पक्का खून है आर्यन का ...... कितनी खूबसूरत बनेगी बड़ी होकर यह लड़की. बिलकुल अपने जैसा बानगी अपनी बेटी महिमा को ".

रति ," शादी के बाद अपने बच्चे hi बिगाड़ लियो सबके बिगाड़ने जरूरी हैं ".

गीता ," शादी के बाद तो खूब सारे बच्चे लुंगी आर्यन से , एक से बढ़कर एक सबको खूंखार और खतरनाक बनाओगी".

रति भी उसकी बातों का मजा लेती अपने गले से लगा के सू गयी ...... गीता जिद्दी गुससीएल जरूर थी पर रति की जान बस्ती थी ुश्मे.

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आर्यन वहां से निकल के अपने रूम में पहुंचा तो Seema-Reena दोनों उसके बीएड पे बैठी थी इंतज़ार में . आर्यन ने दोनों को मीठी गोली दी की गाओं में स्पेशल प्यार करना सिखाऊंगा .

मगर रीना तो थी hi चालाक उसका पता था उसका भाई अभी उनको टाला रहा है तो छोटी किसित ले लेते हैं अभी मन नहीं करेगा . आर्यन अभी अपनी शर्ट और बनियान उतर के टॉवल लिया hi था की रीना बोली ," भाई बस 10 मं हमारी बात सुन लो फिर चले जाना हम रोकेंगे नहीं ".

आर्यन ," अच्छा मुझे रेडी तो होने दो तब बात करते हैं ".

रीना बीएड से उतर के आर्यन का हाथ पकड़ के बोली ," बस 10 मं हमारे साथ बैठो तो सही ".

आर्यन को बीएड पे बिठा के बोली," खिशको अंदर मुझे भी बैठना है "...... आर्यन अंदर हुआ तो उसके ऊपर निक्कर t-shirt में बैठकर बोली ," भाई आराम से लेट जाओ फिर देखो आपको ज्यादा टाइम भी नहीं लगेगा".

आर्यन ने उसके गाल पे चुटकी काट के लेट गया ," यह छोटी सी चुहिया जैसी लड़की कुतर कुतर बहोत करने लगी है ".

रीना भी मुस्करती हुयी आर्यन के ऊपर लेटकर ," hi hi hi hi ..... भाई अभी तक मैंने आपके कपडे कहाँ कुतरे हैं ...... भाई बस एक किश करने दो जिससे मुझे आराम से नींद आ जाएगी ".

आर्यन ने सीमा की तरफ देखा तो वह बस मंद मंद मुस्करा रही थी . सीमा भी मैं hi मैं अपनी छोटी भें को दाद दे रही थी . आर्यन ने सीमा को गुल गुली की ," तुझे बड़ी हसी आ रही है तुझे किश नहीं चाहिए क्या ?"

सीमा हस्ते हुए ," अह्ह्ह्हह भाई है है है है है ..... मत करो न मैंने तो कुछ कहा भी नहीं ...... hi hi hi hi. "

रीना ," भाई यह बहोत चालू है मुझे हर जगह आगे कर देती है. आज आपके रूम में यह बोल के लायी की दोनों स्पेशल प्यार करेंगे भाई को पर आपको हमारे लिए टाइम hi नहीं सायद हम सूंदर नहीं है न मीणा दीदी की तरह "...... बात मजाक से सुरु साद टोन में ख़तम की .

आर्यन ने उसके गाल चूम के कहा," मेरी तरफ देख , मेरी सब भेने सूंदर हैं और तुम दोनों तो सबसे ज्यादा सूंदर. कभी ऐसा सोचना भी मत की में तुमसे काम प्यार करता हूँ ".

रीना उसकी नीली आँखों में देखकर ," तो में किश कर लूँ न भाई "..... आर्यन भी उसकी नौटाकणी देखकर ," अगर सीमा भी करेगी तभी करूँगा "...... और सीमा की तरफ देखा .

सीमा ने अपना चेहरा आर्यन के कंधे में छुपा लिया शर्मा से तो रीना बोली," यह तो सपनो में भी आपका नाम लेकर किश करती रहती है ".

आर्यन ने डिअर न करते हुए रीना के दोनों गालों को चूमा फिर उसकी आँखों को लास्ट में उसके लिप्स को 5 सेक् किश किया . तो रीना खुश होती हुयी ,"भाई अब मेरी बारी ".

दोनों अपने ीफोने और लैपटॉप पे बहोत कुछ सीख गयी थी ...... रीना ने दोनों गाल चूम के आर्यन की आँखों में देखकर उसके गुलाबी होंठों को पहले चूमा फिर निछले होंठ को धीरे डिग्री चूसना शुरू किया ...... अब आर्यन भी हैरान था की यह लड़की कितनी माहिर पैन से उसके लबों को चूस रही है . फिर ऊपर वाले होंठो को चूस के अपनी जीभ से दोनों होंठो को गीला आर्यन को पशनातेली स्मूच करने लगी .

पुछःह पुछठ चुम्म्म चुम्म मुहह्ह्ह्ह मुह्हह्ह पुछःह पुछठ ...... भाई मजा आ रहा है ......

आर्यन ने उसका सर पकड़ लिया और अपने मोह में धकेलती उसकी जीभ को चूसना शुरू किया तो रीना की ठूस मुसम्मी साइज की चाटिया उसके नंगे सीने पे दबने लगी आर्यन की पकड़ मजबूत होने पे ....... उसकी जीभ को छोड़ के अब अपनी जीभ उसके मोह में चरों तरफ घुमाई तो रीना की हालत ख़राब हो गयी ...... जोश तो चढ़ा hi था तो थार थार करती झाड़ गयी आर्यन को सिर्फ 4-5 मं किश करके ....... ुंहःहःहःह bhaiiiiiiiiiii एहहहहहहबह क्याआआआ हुआआआआ ...... अब उसका सरीर बेदम सा हो गया था ......

आर्यन उसको सेहलता अपने से चिपका लिए," it's ok बेबी , ऐसा हो जाता है जस्ट फील आईटी. बस घेरि सांस ले हाँ ऐसे hi. चल जा फ्रेश हो जा ".

आर्यन उसको गॉड में बच्चे की तरह उठा के बाथरूम में छोड़ आया फिर बहार आकर अपने टॉवल से अपना गीला पेट पहुंचा तो सीमा जोह पिछले 7-8मं में देखा था वह लाइव पोर्न मूवी जैसा hi था बस किसिंग सन उसको भी गीला कर दिया था .

आर्यन उसकी तरफ देखकर ," तुझे भी किश चाहिए "...... बिचारि बोल hi नहीं पायी और सर झुका ली .

आर्यन उसकी शर्म जानके उसके पास बैठकर बोलै ," इधर आ मेरे पास " ...... और उसको अपनी गॉड में बिठा के उसका गाल चूम के बोलै ," अभी तुम दोनों कच्ची हो , जितना में सिखाता हूँ उतना hi सीखो फिर जोह सब तुम दोनों करना चाहती हो वह तो जिंदगी पड़ी है करने के लिए. अपनी पढाई पे फोकस रखो और बाकी सब मुझपर छोड़ दो ".

सीमा की थोड़ी पकड़ के आर्यन ने उसका चेहरा ऊपर किया और बोलै," वैसे रीना ज्यादा सूंदर है , तू इतना शर्माती क्यों है ?".......

सीमा एक डैम से ," में उसकी तरह बेशर्म नहीं हूँ भाई "....... फिर चुप हो गयी .

आर्यन ने उसका माथा चूमा ," वह भी बेशर्म नहीं है बेबी बस उसमे उत्सुकता ज्यादा है . उसको हर चीज़ में क्यों क्या कैसे जानना है ".

सीमा ने नज़र उठा के आर्यन को देखा तो मुस्करा के उसने सीमा के होंठो से अपने होंठो से किश किया ...... अह्हह्ह्ह्ह भईईई ...... आर्यन ने उसके दोनों लबों को बारी बारी चूसा तो सीमा ने अपनी बाहें लपेट ली उसकी गर्दन पे . आर्यन ने उसकी कमर और पीठ सेहलते हुए अपने चिपका के डीप स्मूचिंग की तो सीमा पूरा उसका साथ दी ...... वहीँ फ्रेश होकर एक टॉवल लपेट के रीना अपनी बड़ी भें सीमा को भाई की गॉड में छड़ी किश करता देखि तो मुस्करा रही थी .

दीदी भी बहोत चालू है मेरी म्हणत का फायदा उठा लेती है ....... 5 मं सीमा भी न झेल पायी और झाड़ गयी ...... आज दोनों को पहला चरम सुख मिला सिर्फ किश करते हुए. मीणा की दोनों छोटी भें लकी थी उनको पहला लवर hi आर्यन के रूप में मिल गया था .

सीमा को बाथरूम भेजा तो रीना उसको जीभ चिड़ा के बोली ," नकलची बंदिरया ".......

आर्यन ने रीना को बोलै ," ऐसे नहीं बोलते बीटा वह बड़ी दीदी है और तुम तो मेरी अच्छी बेबी है न "....... रीना भी खुश होती हुयी ," सॉरी भाई अब नहीं बोलूंगी एंड थैंक्स आप बहोत अच्छे हो ".

आर्यन ," हाँ तेरा 10 मं का काम हो गया न "....... पर अगला जवाब सुनकर आर्यन भी हैरान रह गया .......

रीना ," भाई आप बोलो तो आपको माउथ से रिलीज़ कर दूँ सूचक करके "......

आर्यन भी अपने को संभल के बोलै ," इधर आ , बड़ा में हूँ और में डीडे करूँगा क्या करना है क्या नहीं और इंटरनेट काम देखा कर. देख बीटा में भाई भी हूँ तेरा तो थोड़ा समय लगेगा न एक दुसरे के सामने कम्फर्टेबले होने में ".

रीना ," ok भाई जोह आप बोलोगे वही करेंगे ...... दीदी जल्दी आओ भाई को रेडी होना है ".

आर्यन फिर फ्रेश हुआ और बाथ लेकर अपनी ड्रेस अंदर hi पहन लिया ...... दोनों का खिला चेहरा बता रहा था दोनों अब बहोत खुश हैं .

आर्यन ने दोनों को बीएड पे लिटा के ब्लैंकेट ुधा के माथा चूम के गुड नाईट बोलै और एक बैग में अपना जरुरी सम्मान लेकर निकल गया बेसमेंट पार्किंग की तरफ .

रीना ," देखा भाई कितना अच्छा है मेरी बात नहीं टालता ".

सीमा ," वह हमसे प्यार करता है तभी किसी बात का बुरा नहीं मानता बस इतना याद रखना यह बात किसी को पता नहीं चलनी चाहिए दीदी ( मीणा) को भी नहीं. भाई हमको सब खुशियां देगा ".

रीना इत्र के ," में तो जीकर भी न करूँ अपने आप से. मुझे तो हर जनम में ऐसा भाई चाहिए ".

सीमा ," पागल हर जनम में ऐसा हस्बैंड चाहिए मांगते हैं ".

रीना ," हुण्णं हस्बैंड तू मांग में तो ऐसा भाई hi मांगूंगी जोह मुझे हस्बैंड का भी प्यार दे ...... भाई केयर भी कितनी करता है हस्बैंड तो बस पेलम पिलाई करके सू जाता है पापा की तरह ".

सीमा ," हाँ यह तू सही बोली , यार सपनो में हूँ में तो अभी तक ".

रीना ," फिर मुझे भी सपने में रहने दे कल बात करेंगे ".......

दोनों बहेनो ने शुरुवात कर दी थी और जाने कहाँ जा के रुकेंगी , मीणा भी सोचने लगी यह दोनों मेरी छोटी भेने कहीं रूबी और प्रभा से पहले न छुड़वा लें जितनी आग िंह दोनों में भरी है .

मीणा ऐसी पहली भें होगी जिसने खुसी खुसी अपनी मम्मी जग्गू छुड़वा दी आर्यन से और आगे छोटी भेने भी छुड़वाने को रेडी थी जबकि खुद की विर्जिनिटी किस ख़ास दिन के लिए संभल राखी थी .....????

एन्ड ऑफ़ अपडेट 36

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दिल्ली से 100 कम दुर्र नेशनल हाईवे पे 170-180 की स्पीड पैर एक कॉस्टली रेंज रोवर कार आर्यन दौड़ा ले जा रहा था जैसे किसी से मिलने की जल्दी हो . रात के करीब 2:30 बजे थे, आर्यन ड्राइविंग सीट पे बैठा था और मीणा उसकी बगल वाली सीट पे बैठी उसकी गॉड में झुकी जीन्स और अंडरवियर खोल के बड़े मजे से 'तोपची' को चूस रही थी वहीँ पिछली सीट पे सारू और बिना गहरी नींद सू रही थी ....... कार में गाना बज रहा था ...... आर्यन ड्राइव करते हुए सबसे ज्यादा मजा ले रहा था गाना सुनते हुए

कुण्डी मत खड़काओ राजा

सीधा अंदर आओ राजा..

ो.. तनिक धीरे धीरे राजा

ो तनिक धीरे धीरे राजा..

राजा राजा... धीरे धीरे राजा राजा

धीरे धीरे.. धीरे.. धीरे..

ा बिट स्लो, ा बिट स्लो माय डिअर,

ा लिटिल स्लो, ा लिटिल स्लो..

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अपडेट 37

Part - 1

रति के होटल में पार्टी और डांस करके करीब 1 बजे रात को चरों चंडीगढ़ के लिए निकल गए बी रोड . आर्यन ने सिक्योरिटी वालों को साथ नहीं .

सारू और बिना थके हुए थे तोह आधे hi घंटे बाद सो गए. मीणा अपने जुड़वाँ भाई आर्यन के कंधे पे सर रखे बैठी थी ....... लाइट म्यूजिक में दोनों खुसर फुसर करते अपने सीक्रेट लैंग्वेज में बात कर रहे थे .

मीणा ने आर्यन की झांघो पे हाथ फिरा के कहा ," Seema-Reena भी तेरे को पाना चाहती हैं , उनका कब नंबर लगा रहा है ".

आर्यन भी है दिया ," अभी नहीं उनका फोकस हटने लगेगा स्टडी से , वैसे तुझे बुरा नहीं लगा ".

मीणा ने अब हाथ का जादू दिखा के उसके जीन्स के ऊपर से लुंड को हथेली से आते की तरह मीसना शुरू किया ," क्यों मेरी छोटी बहनो को अच्छा लवर नहीं मिलना चाहिए फिर तुझसे अच्छा तो में भी नहीं ढून्ढ सकती. दोनों जवान है और उनके आग लगने लगी है बदन में तो जल्दी भुजा दे बाकी में देख लुंगी ".

आर्यन ने सामने से निघा हटा के मीणा की काली बड़ी बड़ी कजरारी आँखों में एक पल देखा तो समझ गया वह सच्च बोल रही है मजाक नहीं कर रही पर आर्यन ने कहा ," में उन दोनों को प्यार दे दूंगा पर मुझे तेरा प्यार नहीं मिलता ".

मीणा ने मुस्करा के कहा ," अच्छा अभी देती हूँ प्यार क्यों परेशां है मेरे भाई. लगता है तोपची को बहोत समय से कोई प्यार नहीं किया "....... आर्यन का गाल चूम के अपनी सीटबेल्ट खोल के पीछे देखि दोनों ऊंघ रही थी सीट पे आँख बांध किये ......

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मीणा

मीणा अपनी सीट पे घुंटनो के बल बेथ के आर्यन की जीन्स की बेल्ट खोल के फिर अंडरवियर निच्चे कर एनाकोंडा का सर सेहला के गर्दन थाम ली ......

'तोपची' भी अपनी असली मालकिन के हाथ में जैसे अकड़ और खुसी में झूमने लगा . मीणा का तो जैसे पैदासी हक़ था अपने भाई के लुंड पे फिर उसने hi पाल पॉश के अपने बच्चे की तरह बड़ा होता अपनी आँखों से देखा था . मीणा के आगे तोपची भी सर झुकता था क्योंकि वह भी पक्का वफादार था अपनी मालकिन..... (मीणा 20 मं में hi आर्यन को लुंड सेहला और चूस के झाड़ देती )

मीणा ने आर्यन की गॉड में झुकार पहले लाल मोठे कश्मीरी सेब जैसे टोपे को चूमा फिर हाईवे पे कार में आती हलकी रौशनी में जीभ से चाटने लगी ..... पुछःह पुछःह सलरपपपपपपप सलरपपपपपपप ......

आर्यन भी मजे के घोड़े पे सवार था थोड़ी डिअर तो गाडी हवाओ से बातें करती रही फिर 10 मं बाद अब ढेरी ढेरी स्पीड काम होते होते 40-50 पे आ गयी और उसकी आंखें भी भोझिल होने लगी. अब और नहीं एहि सोचकर हाईवे की जगह उसने एक कच्ची सड़क सी देख के उधर कार ले ली और 50 मीटर अंदर आकर कड़ी करदी लाइट सब ऑफ बस एक और सांग चल रहे थे .......

मीणा ने अपना जड्डू दिखते हुए जब हार्ड सकिंग की जीभ फिरते हुए तो भलभला के झाड़ने लगा ुर्घह्ह्ह्हह्ह हम्म्म्म्मम्म हैंण्ण्ण्ण्ण्न ...... मीणा का सर दबा के रखा पर वह भी मजए से एक एक कटरा चूस के हटी तो सारू की आवाज आयी ," अगर तुम दोनों का कार्यक्रम ख़तम हो गया हो तो चलें मुझे फ्रेश भी होना है ".

आर्यन सकपक्का के अपना अंडरवियर और जीन्स बंद करके कार बैक करके हाईवे पे फिर दौड़ने लगा. मीणा ने बैकविएव मिरर में देखकर अपनी चीन से वीर्ये की कुछ बूंदें अपनी ऊँगली पे लेकर चूस ली ," बहोत टेस्टी है , मेरा तो पेट भर गया "....... hi hi hi hi hi .......

सारू जहाँ पीछे बैठी भी गीली हो गयी थी पिछले 5 मं से भाई भें की मस्ती देखकर वहीँ बिना बस आंखें बंद किये सब ड्रामा देख रही थी हलकी सी खुली पलकों से .

होटल में सारू तो डांस करते हुए वाइन पीकर आर्यन के साथ चिपक के hi मदहोश होने लगी थी पर जब आर्यन ने पर्पस किया की होटल के सुईठे में चलते हैं तो सारू ने कहा की अभी उसको वक़त चाहिए में खुद बता दूंगी .

आर्यन भी अपनी मम्मी को परेशां नहीं करना चाहता था , वह चाहता तो सारू को जल्दी सडके कर लेता पर मम्मी तुम खुद जलेगी िश प्रेम अगन में तब सारे हिसाब लूंगा तुझसे मुझे अपने से दुर्र रखने के लिए .

बिना तो डांस करते हुए आर्यन को बोली चल ऑफिस में पेल देना मुझे पर उसने मन किया की मुझे जल्दबाजी में नहीं तेरे साथ पूरा प्यार करके मजा आता है . मीणा ने लास्ट में डांस करते अपने भाई की हालत देखि तो समझ गयी लगता है सुबह से कोई इश्को खाना नहीं खिलाई पर सारू मम्मी को तो इश्क अभी फायदा उठा लेना था..... सही कहा है किसी ने .....

" रूठे रब को मन्ना आसान है ......

रूठे यार को मन्ना मुश्किल ...... "

मगर गजब hi प्यार था दोनों माँ बेटे का न सारू नाराज थी न आर्यन खफा था पर पहल करके दोनों पीछे हैट जाते थे की दुसरे की भावना को ठेस न पहुंचे .......

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लंदन.....

कुछ दिन पहले लंदन एयरपोर्ट से उतर के राज सिंह और डॉ सलोनी दोनों एक दुसरे के लिए जवान प्रेमी की तरह तड़प रहे थे ...... अपनी प्यार भरी पुराणी यादें ताजा करते पूरा सफर तय किया कभी कभी एक दुसरे को चूम भी लेते थे .

राज सिंह ने यहाँ समझदारी दिखाई की सलोनी के साथ दिल्ली में हुयी घंटा की वजह से अभी जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए. उसका पति डॉ कुलदीप धोकेबाज़ निकला और अब मेरे छोटे भाई संजय ने ऐसी हरकत की है. में सलोनी को पूरा ध्यान रखूँगा अगर नहीं चाहेगी तो जिस्मानी रिश्ते नहीं बनूँगा .

डॉ सलोनी भी अपने राज जीजू की केयर और अपनापन महसूस कर सब कुछ पुराण भूलना चाहती थी ....... ैरहोस्टेस्सेस से लेकर बिज़नेस क्लास में पैसेंजर्स लेडीज भी राज की चर्मनेस और हॅंडसमेनेस्स से इम्प्रेस होकर उसको निहारती तो सलोनी भी अपना सर उसके कंधे पे रखकर जाता देती की यह मेरा है .

एयरपोर्ट से कार में बैठकर राज सिंह रास्ते में उसको लंदन की फेमस जगह के बारे में बता रहा था ....... घर पहुंचकर यह बंगलो सलोनी को बहोत पसंद आया . राज ने मंजू वाला रूम सलोनी को दे दिया.

दोनों फ्रेश हुए कुछ रिफ्रेशमेंट लेकर राज ने उसको आराम करने को कहा और खुद ऑफिस चला गया ...... 3 दिन ऐसे hi राज के ऑफिस के काम और प्रोजेक्ट पे hi निकल गए . वह होशिहार और मेहनती था तो मैनेजमेंट से लेकर अपनी टीम सबको मन के अपने प्रोजेक्ट को आखिरी जामा पहने में बिजी था .

संडे को उसने सलोनी को लंदन घुमाया और अच्छे रेस्टोरेंट में डिनर किया तो सलोनी ने अमेरिका जाने की बात की तो राज भी उदास हो गया पर सलोनी पे दबाब बना के उसको रोकना नहीं चाहता था .

टिकट बुक करने की कहकर जब फ्रेश होकर सलोनी आयी तो अपने जीजू राज को अपने रूम में सोच में डूबा देखकर उसके पास बैठी .

सलोनी ," क्या हुआ जीजू आपको अच्छा नहीं लगा में अमेरिका जा रही हूँ इशलिये दुखी हो ? "

राज ने सलोनी की तरफ देखकर कहा," जब तुम ने जाने का मैं बना लिया है तो में किस हक़ से रोक लूँ "...... यह बात उसने उदास होकर कहै .

राज को वही बात याद गयी थी की कैसे उसने सारू और मंजू के साथ गलत किया था फिर सारू और उसकी माँ रति को बदचलन , आर्यन की रांड इंदिरेक्ट्ली कह डाला था ...... आज उसको सारू को खो देना hi याद आ रहा था की सलोनी ने अपनी बात छेद दी .

सलोनी ने अपनी बाँहों राज की कमर पे लपेट के उसके सीने पे सर रखकर कहा ," आप को मैंने सबसे ज्यादा हक़ दिया है बस अब सारू दीदी के कारन में आगे नहीं बढ़ना चाहती ".

राज भी उसकी पीठ सेहला के बोलै ," हम दोनों के प्यार के बिच सारू कभी नहीं थी सलोनी , लेकिन सच्च यह भी है की में और सारू पति पत्नी हैं. सारू ने सच्च जानकर भी हमारा रिश्ता एक्सेप्ट किया लेकिन कहीं न कहीं में भी उसका अपराधी hi हूँ. तुम पैकिंग करो में भी टिकट बुक करता हूँ ".

सलोनी ने राज को दुखी देखकर उसके चेहरे को अपने चेहरे की तरफ घुमा के उसके होंठो पे किश कर लिया ...... लंदन आने के बाद पहला किश था दोनों का और अब वह किश से स्मूचिंग फिर रोब्बिंग के बाद क्लोथ्स शेडिंग के साथ सकिंग से होता पशनातेली फूकिंग में बदल गया .......

राज का लम्बा लुंड अब सलोनी की छूट में लगे सारे पुराने जले जैसे साफ़ करता मुसल की तरह ओखली रुपी योनि की कुत्ते कर रहा था ....... राज की सबसे प्यारी साली थी डॉ सलोनी और बिस्टेर पे अपने जीजू को अपने हिसाब से कण्ट्रोल करती सेक्स किया करती थी 18 साल पहले ...... आज भी किसिंग और फूकिंग ने दोनों के जवानी के दिन याद करा दिए , सारू प्रेग्नेंट थी अणि के टाइम और उसकी तबियत ख़राब रहती थी तो कम्पलीट बीएड रेस्ट पे थी .

सलोनी और राज का प्यार का गुल खिला ुष लगभग एक महीने के दौरान और गरिमा के रूप में सूंदर बेटी का जनम हुआ 9 महीने बाद ....... उसके बाद ओरल कई बार किया सलोनी ने राज को संतुस्ट करने के लिए पर चुदाई नहीं की .

अब कुलदीप भी नहीं है और वह यह समझ गयी थी की जिन्दा भी नहीं होगा . बड़ी माँ रति और उसका बीटा आर्यन कभी माफ़ hi नहीं कर सकते जोह डॉ कुलदीप ने किया ....... डॉ अंजू को मरने की कगार पे पहुंचा दिया और उसको कितने महीने कैद में रखा सिर्फ दौलत और बदले के लिए . कुलदीप कभी नाइजीरिया नहीं पहुंचा होगा बल्कि यमलोक जरूर पहुंच गया होगा और उसका सरीर 6फट जमीन में गलने लगा होगा .....????

उसकी और मम्मी की इज्जत लूटने का प्रयास करने वालों को लगभग 23 साल पहले उसके मोह बोले नानाजी चौदर्य माधव सिंह ने भीमा की मदद से मार के गढ़वा दिया था फिर डॉ कुलदीप तो जान से सबको ढेरी ढेरी मारने का प्लान अंजाम दे रहा था .

संडे नाईट से मंडे सुबह हुयी तब तक 3 बार राज और सलोनी चुदाई कर चुके थे ...... दोनों की खुसी चरम पे थी , प्यार तो दोनों में था hi और अब सब परिवार वालों से दुर्र तो जैसे कोई रोकने टोकने वाला नहीं था .

शाम को अपनी मम्मी डॉ अंजू को कॉल करके बता दिया की वह यहीं लंदन में रुकेगी राज जीजू के पास , उनका प्रोजेक्ट का वर्कलोड ज्यादा है तो उनको खाने पीना का ध्यान रखेगी. गरिमा भी खुश थी और राज को तो हमेशा डैडी hi बोलती थी पर अब तो फ़ोन पे डेली डैडी यह डैडी वह हर लाइन में 2-3 बार डैडी बोलती .

डॉ अंजू को आर्यन की बात याद आ गयी की गलती कर रहे हो वह कभी अमेरिका जा hi नहीं पायेगी...... मगर एक हफ्ता पूरा होने तक सलोनी और राज अब अलग नहीं होना चाहते थे . राज ने सारू का कभी वापस न आने का सच्च बता दिया और यह भी की दिल्ली में एक रात रहा अपनी बीवी को बिस्टेर पे साथ रहकर छूने की हिम्मत नहीं हुयी .

सलोनी ने भी बतया की गरिमा और नेहा का सच्च कई लोगों को पता चल गया तो राज डरा की आर्यन को भी पता है तब सलोनी ने जोह बात कही उसने राज को भी हिला दिया .......

सलोनी ," राज आपको पता है आर्यन बेटे ने जब मुझे बच्या था तो मेरे से पुछा था की मुझे आपके पास भेज दे पर मैंने सारू दीदी की वजह से मन कर दिया . मेरा बीटा मेरी इच्छा समझता है तभी मैंने यहाँ आपके साथ आने का पुछा तो बस झट से हाँ बोल दिया क्योंकि वह समझ गया था की में आपके साथ खुश रहूंगी . गरिमा और नेहा भी मुझे खुसी खुसी एयरपोर्ट छोड़ने आये . आप ने गलती तो की है पर उसको सुधारा जा सकता था मगर जिस तरह आप सबसे भाग रहे हो तो ऐसा लगता है आप दुर्र रहना चाहते हो. आर्यन की चिंता मत कीजिए वह कच्चे नारियल जैसा है बहार से कठोर पत्थर जैसा पर अंदर से बहोत सॉफ्ट सबसे प्यार करने वाला. आपको भी माफ़ कर दिया होगा बस बोलेगा नहीं. उसको कई साल से पता है आपके और मेरे रिलेशनशिप का पर किसी को नहीं बतया और मुझे बोलै था कुछ दिन पहले की मेरी बेटी को हक़ है जान्ने का की उसका असली डैडी कोण है ".

राज के तो पसीने छूटने लगे यानी रतिदेवी , डॉ अंजू के अल्वा मीणा और माँ ( देवी ) भी जानती होगी मेरा सच्च. राज डरपोक नहीं था पर थोड़ा शर्मीला जरूर था , अब कैसे फेस करेगा सबको की उसने सारू को धोका क्यों दिया .

(मगर अब िश आर्यन के भोले बाप को कोण समझाए की जिनको पता है वह यह भी जानती हैं की दोनों के एक एक बेटी हुयी राज से वार्ना सायद संतान सुख hi नहीं होता दोनों की ज़िंदगी में )

सलोनी ने राज को समझाया की वह हर परस्थिति में उसके साथ है पर अब वह भी सलोनी के साथ कहीं दूर नयी दुनिया बसना चाहता था जहाँ कोई न हो .

सलोनी भी अकेली थी और राज भी अकेला , दोनों ने सबको चौंकाने वाला फैसला ले लिया जोह 2 हफ्ते बाद सिर्फ आर्यन और गरिमा को सबसे पहले पता चला ...... राज और सलोनी ने शादी कर ली थी और किसी दूसरी कंट्री में सेटल होने चले गए .

सारू की प्रेम कहानी शुरू होकर रुक गयी आर्यन के साथ वहीँ उसके पति राज सिंह ने तो अपनी साली के साथ ग्रस्ति भी शुरू कर दी थी. एक गिल्ट दोनों के अंदर था की परिवार वालों को धोका दिया है .

आर्यन और अणि चाहते तो 1 दिन में ढून्ढ के उनको यहाँ सबके सामने ला देते पर मीणा और सारू ने रोक दिया ...... क्यों?????

(यह 2 हफ्ते बात पता चलेगा)

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सुबह 4 बजे चंडीगढ़ के सेक्टर ×××× बंगलो no 7 में रेटड ब्रिगेडियर जसवंत सिंह नाम प्लेट के अंदर कार दाखिल हुयी तो साया, चाय और माया तीनो ने उनका स्वागत किया ...... तभी एक लड़की अपने नाईट कुरता पाजामे में दौड़ के आकर आर्यन के गले लगी ," भाई कितनी डिअर लगा दी आने में ..... और गले लगकर रोने लगी ".

चाय ने मीणा के गले लगाकर कहा ," यह प्रभा तो बड़ी चालू है गीता नहीं आयी तो भाई से चिपक गयी वार्ना बोल रही थी में उनके सामने कैसे मिलूंगी ".

मीणा मुस्करा के ," अभी तो असली ड्रामा शुरू होना बाकी है जल्दी अंदर चलो नहीं तो पडोसी उठ जायेंगे ".

आर्यन ने अपनी प्यारी छोटी भें को गॉड में उठा लिया तो उसके बदन की खुसबू उसकी नाक में घुसी तो मदहोशी से हिल गया ...... "अरे बाप रे यह इसके अंदर इतनी नशीली से गांध कैसे आ रही है ..... "

( अब नाग कन्या है तो अपने प्रेमी को देखकर फेरोमोन्स तो छोड़ेगी hi )

अपने को संभल के आर्यन ने अपनी भें प्रभा को पुचकार के आंसूं साफ़ किया और खूब चूमा , प्रभा भी खिलखती हुयी अपने भाई की किसी लेती हुयी बोली ," भाई चढ़ु दिला न ".

आर्यन हस्ता उसे पीठ पे लाड लिया तो गले में हाथ दाल के उसकी पीठ पे बंदरिया के बच्चे की तरह चिपट गयी. यह उसकी बचपन की आदत थी अपने भाई से चदु लेना .

बंगलो के ड्राइंग हॉल को पार किया hi था की निर्मला भूउउउउउउ हूउउउउउउ करती दौड़ के आर्यन से चिपट के उसकी कोली भर ली ...... पूरा बांग्ला hi उसके कृदं आवाज से गूंज गया , ब्रिगेडियर शभ की भी आँख खुल गयी और बेटी के रोने की आवाज यानि आर्यन आया है .

घडी में टाइम देखा तो सुबह के 4 बजे हैं , अभी एक घंटा और सू लेता हूँ वैसे भी अब आर्यन से उसकी माँ रति भी नहीं मिल सकती जब तक निर्मला अपने बेटे के साथ है ,में कहाँ से मिलूंगा ......

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इंट्रोडक्शन .......

रत ब्रिगेडियर जसवंत सिंह ..... आगे 60 यरस . बहोत hi सुलझे हुए आदमी , रौबीले और डिस्कॉपलीनेड पर्सन .

गायत्री सिंह ( एक्सपीरेड ) , निर्मला की माँ ,5 साल पहले हार्ट अटैक से डेथ हो गयी .

निर्मला सिंह , आगे 37 यरस , आर्यन की एकलौती चाचीजी जिसको मम्मी hi बुलाता है .

संजय सिंह , आगे 40 यरस , आर्यन के चाचाजी . सीनियर एग्जीक्यूटिव इंजीनियर एक मंच में साउथ अफ्रीका में .

प्रभा , आगे 18 यरस , निर्मला की इकलौती बेटी, आर्यन की सबसे छोटी कजिन भें .

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सारू और निर्मला लगभग एक hi आगे की हैं पर सारू की शादी जल्दी हुयी थी . निर्मला सबसे ज्यादा एडुकेटेड और समझदार बहु है हरी सिंह की .

आर्यन से बहोत प्यार करती है अपने बेटे की तरह , आर्यन को एजुकेशन में और मेंटली स्ट्रांग बनाने में गाइडेंस रीता मामी और निर्मला चाचीजी ने hi दिया है . रीता मामी जहाँ आर्यन की हमेशा फ्रेंड थी वहीँ निर्मला चची उसकी बेस्ट टीचर के रोले में.

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निर्मला सिंह

निर्मला की ज्यादा किसी से पट्टी नहीं थी पर सारू और आर्यन उसके बहोत क्लोज थे. राज सिंह उसके जेठजी तो जैसे बड़े भैया की तरह . संजय सिंह देखने में स्मार्ट और हैंडसम था अपने भाई राज सिंह की तरह पर चालू और मक्कारी भी ुष में थी . राज सिंह को सब उसके शर्मीले पैन और सॉफ्ट नेचर के लिए पसंद करते थे वहीँ संजय का कायीपन जल्दी भांप के उससे दुर्र रहना पसंद करते थे .

निर्मला को कभी संजय दबा hi नहीं पाया जोह वो चाहता था की बीवी है सर पे मत चढ़ , निर्मला तेरी फौजी अफसर की बेटी वह भला कहाँ किसी से डरने वाली थी.

अपने पति के ायाशबाजी भी जानती थी पर सायद दोनों की शादी के बाद इतनी न बानी. एक बेटी जरूर हुयी प्रभा जोह निर्मला की तरह सूंदर थी और नटखट भी अणि के जैसी.

निर्मला के लिए आर्यन बीटा hi था तो दूसरा बच्चा भी करने से मन कर दिया . संजय सिंह कई बार अपने फौजी ससुर की दांत भी खा चूका था निर्मला की शिकायत पर .

निर्मला ने ढाई साल पहले एक बार गाओं में अपनी बड़ी जितनी विमला ( सबसे बड़ी जेठानी ) को आर्यन के साथ संसर्ग करते देख लिया तो बाद में आर्यन की क्लास लगा दी की यह क्या अनर्थ कर रहा है ...... आर्यन ने सब सच्च सच्च बता दिया पर उसको अपनी सास देवी और दूसरी जेठानी जग्गू के सम्बन्ध का भी अपने बेटे से रिलेशन का पता चला तो समझ गयी आर्यन की सुंदरता और उनके लिए प्यार का फायदा उठा रही हैं तीनो .

वहीँ से एक बगावत सी उठी की उसको संजय के खिलाफ एक बदला तो लेना hi था की तू ने बहोत औरशन से समभंद रखे हैं न , में भी सिर्फ एक मर्द से रखूंगी जिससे सबसे ज्यादा प्यार करती हूँ, बीटा है तो क्या, प्यार मुझसे बहोत करता है .

निर्मला तब आर्यन से पहली बार सबसे चुप के रात में हवेली के अपने रूम में प्यार की और सच्च में उसको आर्यन के साथ प्यार इतना भय की फिर जब भी 4-5 बार और मौका लगा तो आर्यन से दिल खोल के छुड़वाई . निर्मला साड़ी बहुओं में सबसे लम्बी , मॉडर्न थी फिर अपने कॉलेज टाइम में एथलिट थी , अपने ुष ज़माने की सेहर की औरत और उसने आर्यन को काम कला में नए गुर्जर भी शिकाये ......

संजय सिंह बीएड में निर्मला को जमकर छोड़ता था पर उसका ऐटिटूड hi चुदाई के टाइम पे बस अपनी मर्दानगी दिखने का होता था ....... औरत लिंग से hi नहीं दिल से पूरी संतुस्ती चाहती है जोह काम hi को मिलता है .

पिछले साल निर्मला जब इंडिया आयी तो कविता के बेटे राहुल को देखकर और फिर रीता के बेटे वसु को लाइव वीडियो कॉल पे देख के hi समझ गयी की आर्यन की दोनों मामी ने उससे बीटा ले लिया , दोनों बच्चे बिलकुल उसके जैसे दीखते थे ...... जब 2 महीने पहले रीता और जाने के साथ आर्यन साउथ अफ्रीका ट्रिप पे गया था अपने चाचा चची और छोटी भें प्रभा से मिलने तो निर्मला ने 4-5 रात आर्यन से खूब छुड़वा के अपनी खवाइश भी पूरी कर ली की में भी एक बच्चा अपने लवर छुम बेटे का लुंगी और उसको विश्वास था बीटा hi होगा .

आज तक मीणा को भी आर्यन - निर्मला के रिलेशनशिप का पता नहीं था पर अब पावर्स वाली लड़कियों के साथ रति और सारू भी जानती थी की निर्मला प्रेग्नेंट है आर्यन का बच्चा उसकी कोख में है . दोनों को जलन हुयी निर्मला से पर क्या कर सकते हैं दोनों खुद ुशी नाव में सवार थी .

18 साल पहले जब गरिमा का जनम हॉस्पिटल में हुआ तो उसको कई दिन हॉस्पिटल में रखना पड़ा क्योंकि जॉन्डिस की वजह से बेबी प्रभा का सरीर कमजोर था और किसी को उम्मीद नहीं थी की यह बच्ची बचेगी .......

आर्यन तो निर्मला का दुसरे दिन hi हॉस्पिटल में दूध पी लिया था और अपनी नयी छोटी भें को शीशे से देखकर कहता ," जल्दी ठीक हो जा छोटी बेबी फिर खिलोने से खेलेंगे ".......

प्रभु का चमत्कार hi था की प्रभा रिकवर hi नहीं कर गयी एक मंथ में बल्कि 6 महीने में तो बहोत hi स्वस्थ और सूंदर बेबी लगती थी ....... सब उसको बहोत प्यार करते थे पर खासकर रति ने भोलेनाथ की डेली प्राथना की िश बच्ची की जान बचेगी तो चरों धाम में माथा टेकेगी और अपनी मन्नत पूरी भी की . रति और प्रभा का बड़े होते हुए स्पेशल प्यार वाला बांड बन गया नानी धेवती में .

सब आज तक निर्मला और संजय को बोलते थे की प्रभा को जीवनदान दिलवाया hi उसकी नानी रति ने है ....... निर्मला हमेशा छुट्टी में प्रभा को रति से जरूर मिलवाने ले जाती और प्रभा भी अपनी नानी और बड़े भाई आर्यन अवं बड़ी बहेनो पे हुकुम चलती यह चाहिए वह खेलूंगी वहां जाउंगी.

अब वही प्रभा पोल वॉल्ट खेलती थी और लम्भी पतली छरहरी बदन वाली .... कई बार निर्मला चिड़ा भी देती की उसको "पीलिया की मरीज" को देखो क्या इत्र रही है.

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प्रभा सिंह

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आर्यन ने अपनी मम्मी निर्मला को गॉड में लेकर खूब चूमा और प्यार से उसको अपने से लगा के उसके बैडरूम में ले गया तो प्रभा जल्दी से आर्यन की पीठ से उतर के बीएड पे लेट गयी तो आर्यन भी बीएड पे अपनी मम्मी को लिटा के उसके पास बैठकर उससे अपनी मीठी मीठी बातों से भेलने लगा .....

निर्मला अब चुप होकर अपने बेटे की गॉड में सर रखकर लेती थी वहीँ प्रभा भी दूसरी साइड से अपने भाई की गॉड में सर रखकर ...... आर्यन दोनों के सर और गाल सेहलता उनसे उनके राजी ख़ुशी की खबर लेने लगा . फिर झूटी नाराजगी भी दिखाई की वह दिल्ली से बगैर उससे मिले यहाँ चले आये .

मीणा और सारू एक रूम में आराम करने लगे वहीँ बिना भी एक रूम में फ्रेश होने चली गयी ....... तीनो दानव कन्या के लिए यह दूसरा सन था एयरपोर्ट पे रति के रोने धोने के बाद .

तीनो को एक बात समझ में नहीं आयी की जब दोनों औरतें इतनी बुरी तरह रूई तो दोनों के दिल में अपने बेटे से मिलने के आंसूं थे जबकि दोनों से उसके शारीरिक संभाड़ों के अल्वा अब पेट में ुशी बेटे का बच्चा भी पल रहा है ...... अलग अलग तीन तीन अहसास और भवनें एक hi पुरुष के लिए होना आशम्भव hi तो है किसी औरत के लिए .

4-5 रात से तीनो असा पास के 3-4 स्टेट में 150 से ऊपर रात में शिकार कर लिए थे पर सबूत नहीं चोदे एक भी किसी को शक भी हो ....... उनको अब आर्यन से एक बार मिलान का इंतज़ार था फिर अपने लोक लौट जाएँगी कुछ दिन के लिए . मगर मीणा ने कहा ,"जल्दी hi मौका मिलेगा बस देख लो अलग अलग या एक साथ ...... ?"

साया ने कहा ," एक hi रात यानी बारी बारी क्या वह झेल लेगा हम लोगों को वैसे उसकी स्त्रीयां स्पेशल होती हैं तभी उसको झेल लेती हैं. आम लड़की या स्त्री उसको पूरा नहीं ले पायेगी ...... "

तब मीणा के कहा ," आर्यन से जुडी रिश्ते में हर औरत या लड़की का अपना महत्व है िश जीवन में. रही तुम्हारी तीनो की बात वह अपनी पे आ गया तो तुम्हारे लोक में स्त्री काम पद जाएगी अपनी माँ रानी हेमा का आशीर्वाद भूल गयी हो क्या . उसके अंदर 6 आत्मा हैं और अभी उसका एक रूप hi सबसे संसर्ग कर रहा है.

सोचो Dimple-Payal दीदी वाली शक्ति का रूप पूरी तरह जाग गया तो मदमस्त जानवर का हिंसक रूप रखकर चुदाई करेगा तो अपनी पार्टनर को मार के खा भी सकता है. *Dimple-Payal दीदी का पहला मिलान hi बहोत भयानक स्तिथि तक पहुंच गया था ".

( *डिटेल्स के लिए Dimple-Payal के साथ मुंबई में मिलान और पावर वाला अपडेट पढ़े )

चाय ," फिर तो हम तीनो को साथ रहना होगा और अपने दानव रूप में ".

माया ," में आर्यन से प्रेम करती हूँ बिना यग्न करे में नहीं मिलान करुँगी".

मीणा ," फिर तो एक hi इलाज़ है तुम तीनो उसको पतलोक ले जाना वहां समय चाकर रुक के 2-3 दिन उसके साथ रहना मगर माया तुम धरतीलोक पे हमेशा रह नहीं पयोगी ".

माया ," में एक बार मिलान करके भी खुश रह लुंगी , अब तक मैंने अपनी वासना मिटै है प्रेमभाग नहीं किया ".

साया ," मीणा ने ठीक hi कहा हम ऐसा hi करेंगे , कभी भी जरुरत हो मीणा भें एक बार याद कर लेना , तुम सबके लिए प्राण भी नौछावर कर देंगे ".

मीणा ," आर्यन से मिलान करके तो तुमको हमारे जन्मदिन पे आना hi पड़ेगा. वैसे तुम्हारी मुश्किल आसान प्रभा कर देगी . जल्दी hi वह आर्यन को अपने असली माँ बाप से आशीर्वाद दिलवाने ले जाएगी और मिलान भी वहीँ करेगी नाग कन्या के रूप में ".

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5 बजे तक आराम करके सब उठ गए थे और आर्यन अब ब्रिगेडियर के रूम में अकेला उनके प्यार छूकर एक चेयर पे बैठा उनका हाल चाल पूछ रहा था ...... ब्रिगेडियर जसवंत सिंह भी आर्यन की पूरी खबर रखते थे और सच्च में उनको गर्व होता था अपने धेवते सम्मान बेटे को देखकर बस एक hi दुःख था आर्यन को आर्मी ज्वाइन करनी चाहिए थी ......

आधे घंटे बात करके आर्यन ने वापस जाने का एलान किया की उसकी दिल्ली में जरूरी मीटिंग है फिर दोपहर को अपने गाओं भी जाना है माँ के साथ .....

ब्रिगेडियर शभ ने कहा ," इश्क मतलब निर्मला के लिए hi आये हो. वैसे भी रिटायर्ड लोगों को कोण भाव देता है ".

आर्यन भी मुस्करा के ," में सबसे पहले आप से मिलता पर आप सू रहे होंगे इशलिये डिस्टर्ब नहीं किया . हाउ अरे फीलिंग नाउ सर ? अरे यू अबले तो फ्लाई और ी अर्रंगे ओने एम्बुलेंस ?"

ब्रिगेडियर मुस्करा के मूछों पे ताव देते हुए ," आर्यन में आर्मी से रिटायर्ड हूँ पर उनसे अलग नहीं हूँ, में उनसे दुर्र नहीं रह सकता. छोटी सी सर्जरी थी वह भी बेस्ट मेडिकल टीम ने सक्सेस्स्फुल्ली ऑपरेट की . निर्मला का तुम को पता है , यहाँ 4-5 दिन थी पर याद तुझे hi करती थी. उसका ध्यान रखना और अपने नालायक चाचा को बोलना मुझसे बात करे नहीं तो वही आकर शूट कर दूंगा ".

तभी एक नर्स और 2 अटेंडेंट आये और आर्यन को बोले ," सर की ड्रेसिंग करनी है फ्रेश होने के बाद , आप बहार वेट करिये प्लीज ".

ब्रिगेडियर ," Ok हैप्पी जर्नी आर्यन , में जल्दी hi दिल्ली आऊंगा और निर्मला का ध्यान रखना ..... ईश्वर तुम्हारी रक्षा करेंगे "..... आर्यन प्यार छूकर बहार आया तो सब रेडी होकर उसका hi वेट कर रहे थे ..... थोड़ी डिअर बाद सब ब्रिगेडियर शभ से विदाई लेकर बहार आ गए .

आर्यन एयरपोर्ट की तरफ निकला निर्मला चाचीजी के साथ बाकी सब बी रोड मस्ती करते हुए वापस जाना चाहते थे. आर्यन ने मीणा और सारू को अपने साथ चलने को बोलै लेकिन दोनों ने इंकार किया की बिना के साथ hi बी कार जायेंगे तू अपनी मम्मी ( निर्मला ) के साथ जा .

आर्यन भी अब पचता रहा था की क्यों उसने लीला से वादा किया पर अपनी बेटी रौशनी के लिए कुछ भी करेगा. तीनो दानव कन्या साथ थी और मीणा के साथ बिना भी तो सारू सेफ थी पर निर्मला की हालत देखकर आर्यन बहोत चकित था की उसकी इतनी मेंटली स्ट्रांग मम्मी ऐसे कैसे किसी बच्चे की तरह बेहवे कर रही है ......

आर्यन के साथ एक चार्टेड प्लेन से चंडीगढ़ से दिल्ली पहुंच गयी निर्मला . फार्महाउस पे जब आर्यन और निर्मला पहुंचे तो रति के साथ गीता भी हुक्का पानी लेकर ुष्पर चढ़ गयी की प्रभा कहाँ हैं ?

निर्मला ने खुद अपने बेटे को डिफेंड किया और सब बतया तो कोण उसकी बात काट पता पर रति ने नाराजगी दिखते हुए कहा ," तुझे अपना बीटा मिल गया निर्मला इशलिये मेरी बच्ची को साथ नहीं लायी ".

निर्मला ," बड़ी माँ वह भी तोह आपकी तरह नखरे बाज है बोली बी रोड जाउंगी और 2 घंटे में पहुंच जाएगी ..... जब तक अणि थी आप भी उसको रोक नहीं पायी. आप ने उन दोनों लड़कियों को बिगाड़ रखा है ..... एक मेरा अच्छा बीटा है जिसको सब सुना देते हैं ".

आर्यन भी िश 6 फट से ज्यादा लम्बी निर्मला सिंह के कंधे पे चेहरा रखकर बोलै," मम्मी मुझे सब परेशां करते हैं और गीता को जीभ चिड़ा दिया ".

निर्मला भी अपने लाल के सर पे हाथ फेर के उसका गाल चूम के बोली," मेरे इकलौते बेटे को कोई परेशां नहीं करेगा बड़ी माँ , यह सब लड़कियां और औरतें मेरे बच्चे को फुसला लेती हैं ...... चल बीटा साड़ी रात जगा रहा है तू आराम कर , गीता चल आर्यन का बीएड बना नहीं तो अपने बेटे के लिए दूसरी लड़की ढून्ढ लुंगी ".

गीता किसी की बात नहीं सुनती थी पर निर्मला के आगे यह भी नार्मल बन जाती थी यानी उसकी बात कभी नहीं काट सकती थी रिएक्ट करने की वजह से ......

निर्मला सिंह और रीता चौदर्य दो ऐसी बहु थी रति के तीनो खानदान में जोह उसके साथ हमेशा से थी ..... दोनों हाइली एडुकेटेड, इंटेलीजेंट और क्वालिफाइड थी अपनी सोच में मास्टर . रति इशलिये कभी इनको नाराज hi नहीं की बल्कि उसे की अपने लिए. फिर अब तोह ज्यादा जरुरत थी उसको अपने क्लोज प्यार करने वालों से लेकर वफादारों की .

गीता को अपने रूम का बीएड सेट करते देखकर आर्यन मुस्करा रहा था और वह कुढ़ रही थी ...... निर्मला बाथरूम में घुसी तो किसी शेरनी की तरह गीता भड़कती हुयी आर्यन पे झपटी .......

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गीता

गीता से ज्यादा फुर्ती आर्यन ने दिखाई उसको हवा में उठा के बाँहों में लिए दिवार से लगा के किश करने लगा पुछःह पुछठ चुम्म्म चुम्म...... गीता कसमति झटपटी रह गयी और 2 मं में खुद पूरे जोश से उसको चूमने लगी .....

आर्यन भी अपनी चंदा रानी को गॉड में लिए भर गैलरी में लाकर बगल वाले रूम में ले गया जोह खाली था ...... गीता एक शॉर्ट्स और सीलवे लेस्स टीशर्ट पहने थी . ढेरी ढेरी दोनों के कपडे उतारते चले गए एक दुसरे को चूमते चाट ते हुए ......

दोनों के अंदर जोश इतना ज्यादा था की अब फर्श पे hi आर्यन निचे उसकी योनि को लापर लापर एक भूके कुत्ते की तरह चाट रहा था रास पीते हुए सुदपपपपपप सुदपपपपप सलरपपपपपपप सलरपपपपपपप......

गीता भी अपनी दोनों झांघो को कभी भींचती कभी ढीला छोड़ती उसके विकराल तोपची को दोनों मुठी में कास के लम्बा लम्बा अपनी जीभ से चटकारा मार मार चूस रही थी ......

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सुबह सुबह दोनों प्रेमी सब कुछ भूल के अपने प्यार में डूबे एक दुसरे को सन्तानुसत करके hi 20 मं बाद अलग हुए ...... दोनों की सकल देखने लायक थी फिर जोरसे हसे और गीले चेहरे को चाट के साफ़ किया .....

गीता अब आर्यन के सीने से लगी उसके ऊपर लेट के शिकायत के टोन में बोली," मुझे ऐसे hi रोज प्यार क्यों नहीं करता ?"

आर्यन ने गीता के सॉलिड नितम्बों को दबोच रखा था उनको मसलते हुए उसका माथा चूम के बोलै," तुझे फुरसत कब होती है , जब देखो दीप्ति या माँ के पास hi रहती है ".....

गीता मुस्करा के ," जलन hi hi hi ..... जलन हुयी न तुझे भी मुझे भी होती है जब दुसरे के साथ लगा रहता है. बच्चू एक बार शादी होने दे तेरा घोडा मेरे अस्तबल में hi घास खाया करेगा "...... और ढीले पड़े उसके लिंग को अपनी झांघो में कैद कर ली .......

आर्यन हसकर ," शादी के बाद तोह हर तरफ से तेरी लूंगा तू रोक भी नहीं पायेगी".

आर्यन का हाथ अपने चूतड़ों की खायी से निकलती हुयी बोली," बीटा मेरी गांड पे नज़र भी डाली तो तेरी नशबंदी नहीं करुँगी हैंडपंप hi उखाड़ दूंगी ".

आर्यन ने अब पलट के उसको अपने निचे लिए और ठूस तने हुए स्तन पे जीभ फिरा के बोलै ," तुझे देनी तो पड़ेगी hi आखिर दुनिया की सबसे प्यारी जगह मुझे सीआर करके देखना है ".......

छोटे से तने निप्पल को अपनी जीभ से छेड़ता फिर चूसने लगा तो गीता ने आंखें बंद करके उसके सर के बालों में ऊँगली फिरती सिसक पड़ी ," मेरी मुनिया से hi काम चला अपनी बाकी लुगाइओं की लेना पीछे से ....... अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह...... siiiiiiiiiiiiii ...... इतनी जोरसे मत दबा ....... हॉँण्णन बस ऐसे hi चूस ....... "

दोनों चूचियां चूस चाट के सवाल पैन को छोड़ हलकी गुलाबी रंगत में ला दिया आर्यन ने ....... गीता भी फिर से झाड़ के उसको अलग करके बोली," अब और मत कर सबकुछ निचोड़ डाला तू ने याद नहीं कितनी बार पानी निकला ".

आर्यन भी गीता को किश करता गॉड में उठा के बाथरूम ले गया, दोनों अच्छे से रगड़ रगड़ के नहाये ...... बहोत दिन बाद आज दोनों बिलकुल अकेले मिया बीवी की तरह बेहवे कर रहे थे पर रोले रिवर्स थे . गीता थी लेडी डॉन hi उसको डोमिनाते करने में मजा आता था पर सरीर लड़की का था तो हार भी उसकी hi होती थी .

दोनों अपने कपडे पहनकर बहार आये तो निर्मला भी त्यार होकर निच्चे जा चुकी थी. वहां ब्रेकफास्ट टेबल पे पहुंचे तो दोनों को साथ और गीले बालों को देखकर अधिकतर समझ गए सुबह सुबह दोनों खूब मोह मीठा किये हैं.

तीनो बच्चे अपने डैडी की तरफ हो लिए और आर्यन तो उन जैसा hi बन जाता था, तीनो को अपने साथ ब्रेकफास्ट करा के बोलै ," में रौशनी के कॉलेज जा रहा हूँ एडमिशन करवाने . लीलाजी आप रेडी हैं पैकिंग हो गयी ".

लीला भी मुस्करा के ," सब तयारी हो गयी है कुंवरजी बस कॉलेज से एयरपोर्ट के लिए निकल जायेंगे ".

रति ," लीला बेटी एक दो दिन और रुक जाती तो दोनों छोटे बच्चे भी अपनी दीदी रौशनी के साथ खुश रहते ".

लीला ," थैंक्स फॉर एवरीथिंग माजी पर वहां रियासत से भी फ़ोन आ रहे हैं , में जल्दी hi आउंगी फिर रौशनी का एडमिशन हो गया तो दिल्ली में hi रहने वाली हूँ कमसे काम वीक में 2-3 दिन ".

रति ," रौशनी की चिंता मत करो अब वह हमारी भी बेटी है महिमा की तरह पर एक बात याद रखना तुम एक या 2 प्रॉपर्टी खरीद लो लेकिन रौशनी हम सबके साथ रहकर hi कॉलेज करेगी , क्यों रौशनी बीटा ?"

रौशनी खुश होती रति के पास जा उसके गले लगकर ," थैंक्स दादी माँ में आपके और अपने महिमा राहुल के साथ hi रहूंगी ...... ी लव यू दादी "..... रति के गाल पे किश की तोह वह भी नन्ही पोती को दुलार करने लगी .

रौशनी की इंटेलिजेंस और उसके हर छोटी छोटी बात को बड़ी अच्छी तरह से करना सबको उसकी आगे झुटला देता , फिर हट में वह अपनी उम्र के बच्चों से भी डेढ़ गुना लम्बी थी. सबको दुःख हुआ की रौशनी जा रही है पर रौशनी तो सबसे ऐसे खुश होकर मिली की में जल्दी वापस आउंगी .

निर्मला को भी रौशनी स्पेशल लगी की कितनी तेज़ और सेंसिबल बच्ची है सिर्फ 3 साल की होकर 10-12 साल के बच्चे जितनी समझदारी .

आज दोनों माँ बेटी जैसे प्रिंसेस ड्रेस में थी , लीला लाइट ब्लू ड्रेस में तो रौशनी लाइट ब्लू फ्रॉक में ...... आर्यन के साथ िश लिमोजीन कार में दोनों इंटरनेशनल कॉलेज जा रहे थे , आर्यन और लीला की सिक्योरिटी साथ थी ......

कॉलेज में प्रिंसिपल और स्टाफ से मिलकर सब पेपर वर्क फॉर्मलिटीज की गयी ...... गौरडिअन में आर्यन ने अपना नाम लिखा पर लीला चाहती की पिता की जगह भी नाम लिखे मगर आर्यन ने आँखों से इशारा किया की बाद में बात करेंगे.

एक घंटे बाद अब एयरपोर्ट की तरफ निकल गए तो लीला ने आर्यन के कान में कहा की अभी 2 घंटे से ज्यादा हैं फ्लाइट में तो कुछ टाइम अकेला स्पेंड करना चाहती है . आर्यन भी मुस्करा के बोलै," मैंने पहले hi अर्रंगेमेन्ट्स कर रखा है don't वोर्री ".

रौशनी जोह आर्यन की गॉड में बैठी अपने नए कॉलेज के बारे में बता रही थी लीला ने उसकी तरफ इशारा किया तो आर्यन ने बस मुस्करा के निच्चे झुकार रौशनी का गाल चूम लिया ," माय स्वीट बार्बी डॉल "......

रौशनी भी हस्ती हुयी ," माय स्वीट डैडी , ी विल मिस यू "......

आर्यन भी ," ी विल आल्सो मिस यू बूत रेतुर्न बैक सून ".

रौशनी ," मुम्मा आल्सो मिस यू डैडी , हैं न मुम्मा ?"

लीला भी मुस्करा दी ," यस वे बोथ मिस आर्यन एंड हिज फॅमिली मेंबर्स ".

रौशनी ," no मुम्मा नाउ थे अरे आवर फॅमिली मेंबर्स ".

एयरपोर्ट के पास होटल में कार से उतर के रति के स्पेशल विप सुईठे में तीनो पहोंचो तो बिना भी वहीँ आ गयी .....

लीला अब शर्मा रही थी बिना से पर आर्यन ने रौशनी को बिना के साथ भेज दिया गिफ्ट लेने के लिए.

आर्यन ने दूर लॉक करके लीला को देखा तो वह शर्मा के बोली ," बिना को क्यों बुलाया वह क्या सोचेगी ?"

आर्यन ने उसकी कमर में हाथ दाल के अपने से चिपका लिया और उसकी आँखों में देखकर बोलै ," यह सोचेगी की रौशनी के मम्मी डैडी प्यार करने वाले हैं".

आर्यन ने उसको किश करने के लिए आगे चेहरा बाध्य तो उसके लिप्स पे ऊँगली रखकर लीला बोली ," अभी तुम उसके डैडी कहाँ बने हो बस गौरडिअन हो ?"

आर्यन ने उसकी फिंगर को hi चूम के कहा ," फिर चलो रौशनी की मम्मी को नहीं अपनी लीला डार्लिंग को hi प्यार कर लेते हैं ".

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लीला

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लीला भी खिलखा के है दी ...... दोनों नंगे होते हुए एक दुसरे के अंदर समां गए.

लीला को पूरा विकराल सकत मुसल अपनी योनि के आखिरी हिस्से तक लेने में फिर से मुश्किल हुयी पर जल्दी hi अपनी भारी भरकम पिछवाड़ा अब आर्यन के हर प्रहार को झेलते हुए उठती िश कामक्रीड़ा में पूरा साथ दे रही थी.....

दोनों hi हट्टे काटते थे शरीर से और एक दुसरे को पूरी टक्कर देते थे. लीला तो बानी hi जैसे आर्यन के लिए हो पूर्ण विकसित मादा, अपने अल्फ़ा नर को पूरा सुख देने वाली .

थप्प्प्प थप्प्प्प पहछहः पहछहः की आवाजें के बिच लीला की मस्ती वाली सिसकियाँ और आर्यन के ताकतवर धक्कों के साथ गुरहाट दोनों के जिस्म को hi नहीं अंतर्मनन को भी जोश के साथ सकूं देती .

100 कग से ज्यादा का आर्यन अब 90 किलो की लीला को रहुंडते हुए चोदे जा रहा था जोह उसको uksa-uksa के पूरा अपने अंदर आसानी से समां ले रही थी ......

15 मं बाद लीला के दो बार चरम सुख पा लेने पे आर्यन ने अपना लुंड उसकी छूट से निकल पुककक की आवाज के साथ ढेर सारा योनि रास उसके खुले छेद से बहार टपकने लगा .

घेरि सांसें लेती जब आर्यन के योनि रास से चमकते गूरे लुंड और फूले शाइन करते सुपडे पे पड़ी तो मैं मैं उसकी मर्दानगी की कायल हो गयी . यह एक क्या मेरी जैसी 7-8 औरशन को भी निपटा देगा तब जाके झाड़ेगा .

अब आर्यन बीएड पे पीठ के बल लेट गया तो लीला भी उसकी तरफ राइट साइड तकिये पे खोनी के बल उसके फेस के पास होकर उलटे हाथ से उसका विशाल भीगा लुंड हिलाते हुए अपनी सांसें दुरुस्त करती अपनी बड़ी बड़ी चूची उसके मोह पे रागादि तो आर्यन ने उसके राइट चूची के निप्पल को चूसते हुए दूध पीने लगा ......

बड़ा hi कामुक दृश्य था , लीला की दोनों चूचियां लुंड मुठियाने से आर्यन के चेहरे पे सोफ़्त्ल्य रगड़ती हिल रही थी अपने प्रेमी को दूध पिलाते हुए ...... आर्यन के मोह में सिर्फ उसका निप्पल hi था जबकि पूरा चेहरा बड़ी बड़ी चूचियों से ढाका हुआ था .....

आर्यन के उल्टा हाथ उसकी कमर की निचे पहले उसके पिछवाड़े पे फेर के उसकी झंघों के बिच अपनी 2 उंगलियन छूट में आगे पीछे करता जोह ताज़ा रास से सं गयी .......

अपनी चूची पीछे करके जब निप्पल अलग हुआ आर्यन के मोह से तो झुकार अपने मोह से थूक आर्यन के मोह में टपका दी जिसको वह पि लिया और फिर से दूसरी चूची का निप्पल उसके लिप्स से लगा के उसको दूध पीला रही थी .

लीला मस्ती में डूबी उसके टोपे को अपने नाख़ून से खरचति ," अह्ह्ह्हह्हह सीईईई ारयणणणणणण बीटीईई थमममममम ...... यस डार्लिंग फिंगर में फ़ास्ट ..... उईईईईई माआआआआ जोरसे से करो ...... तेरी तो उंगलियन hi किसी मर्द के लुंड से लम्बी और मोती हैं "

आर्यन भी चूची पीटा अब दुसरे हाथ से चूची दबा के छूट में तीजो से तीन तीन उंगलियन घुमा घुमा के अंदर बहार कर रहा था ......

लीला से अब रुका नहीं जा रहा था चूची पिलाती अब अपनी दोनों टांगों को पहला के आर्यन के पेट पर छड़ी तो आर्यन ने छूट से उंगलियन बहार निकल ली .....

लीला ने अपने मोह से थूक लेकर हाथों पे उसके लुंड के मोठे बड़े टोपी पे चिपडा और लुंड को छूट के छेद पे लगा के ढेरी ढेरी निच्चे बैठकर अंदर ले ली ...... आधा लुंड लेने के बाद सीईइईसीईई हम्मम्मम्मम्म hassssssssss ahhhhhhhhhhh करती कमर हिलने लगी ...... मोटो सूपड़ा उसकी छूट को चले की तरह गोल कर दिया और एक रिम की तरह छूट ने लुंड को कास लिया था .

लीला भी आर्यन के लुंड का लोहा मानती की इश्से जोह चुद गयी वह किसी से छोड़ने लायक नहीं रहेगी न उसको कोई मज़ा आएगा ...... अब िश मॉटे लम्बे खूटे के बिना में भी नहीं रह सकती .

और हिम्मत जुटती अपनी कमर निच्चे दबती छूट की गहरी तक ज्यादा से ज्यादा लुंड लेने की कोशिश करती ....... पोजीशन थोड़ी ावक्वार्ड होने लगी तो आर्यन की मोह से चूची निकल अब ढंग से उसके लुंड पर ऊपर निच्चे होने लगी ...... आर्यन के सीने पे हाथ रखकर कमर को जुम्बिश देती जैसे घोड़े की सवारी कर रही हो. दोनों की नजरों में एक दुसरे के लिए प्यार और आकर्सन की अधिकता झलक रही थी .

आर्यन ने उसकी दोनों बड़ी बड़ी चूची को अपने हाथो में थाम के अपनी कमर से 2 तगड़े झटके मारे तो लीला भी हुंकार भर्ती उसके फेस पे झुक के उसको चूमने लगी .....

आर्यन ने चूची से हाथ हटा के उसके बम्पर चूतड़ों को मसलते हुए लुंड छूट में निच्चे से ठोकने लगा ..... थप्प्प्प थप्प्प्प थप्प्प्प थप्प्प्प .....

लीला अभी तक राइडिंग पोजीशन में छूट में पूरा लुंड तक नहीं ले पायी थी 2 इंच अभी बहार hi था तो आर्यन ने उसके चूतड़ पे चटाक चटक करके थप्पड़ मारे और लीला की छूट में रहा सहा बच्चा लुंड भी पहुंचा के उसको कसके बाँहों में भरके पेलने लगा ......

थप्पड़ से उसकी आंको में आंसूं आ गए तो आर्यन ने उनको चाट लिया," क्या हुआ मोटी दर्द हो रहा है तो बहार निकल लूँ , मस्त छूट है तेरी बिलकुल टाइट घेरा कुया की तरह अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह ुर्घह्ह्ह्हह्ह्ब बहोत जबरदस्त लड़की है तू लीला जैसे छोड़ने के लिए hi बानी है ...... पुछःह पुछठ चुम्म्म चुम्म ...... तू यही रह मेरे पास तुझे रोज छोड़ना है मुझे मेरी जानेमन ".

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लीला भी अपनी कमर को तेजी से हिलती तो उसके चूतड़ निच्चे आर्यन की झंघों और तत्तो से टकराते ठप्प्प ठप्प्प फट्ट्ट्ट फट्ट्ट्ट की आवाज करते ......

आर्यन के गाल पे दो थप्पड़ जड़ दी फिर उसको घूरती ुशी गाल को चाटने लगी ..... " बहोत जालिम मर्द है तू आर्यन ...... अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह मरररररररर भी जौंण तुझे अंदर लिए कोई गमममम नहीं ..... कुत्ते तू कहाँ था इतने दिननननन . हरामी मेरी बेटी का बाप बनना है तो पहले माँ को प्यार कर मुझे अपनी लुगाई का दर्जा दे. में तेरी रंडी नहीं तेरी बीवी बनकर बच्चे पैदा करुँगी ...... अह्हह्ह्ह्ह माररररर सौर मेरे चूतड़ से आज खून निकल देगा देख कितनी लाल कर दी मेरी गांड थप्पड़ मार मार के .... अह्ह्ह्हह्हह ारयणणणणणण सीईइईसीईई उईईईईई माआआआआ मेंनननन गईइइइइइ "

एक चटक थप्पड़ पड़ते hi गांड पे लीला झाड़ के छूट का फॉर खोल दी ..... आर्यन ने बगैर समय गवाए अपने घुटनो पे बैठकर hi एक हाथ से कमर दुसरे से चूतड़ थामे अपनी गॉड में लिए उसको चूमते चूमते ढेरी देहरी छोड़ने लगा ..... 2 मं में लीला फिर गरम होकर अपनी टांगें आर्यन की कमर में कसके और बाहिएँ उसकी गर्दन पे लपेट वीलडली किश करती हुयी लुंड को अपने बच्चेदानी के भी अंदर तक महसूस करती .

आर्यन उसके दोनों चूतड़ थामे उसको अपने लुंड पे झूला झूला रहा था ..... लीला को परफेक्ट मर्द मिला था आर्यन के रूप में , जोह डोमिनाते भी करता था और अपनी पार्टनर को डोमिनाते होने का मौका भी देता था .

फिर से पोजीशन चेंज कर लीला को कुटिया बना पीछे से लुंड थोक रहा था. इतने बड़े चूतड़ होने के बाद भी उसका सूपड़ा घरभासा पे ठोकर मारता और दोनों नितम्ब अब जेली की तरह शेक करते ...... थापा थप थापा थप .....
 
तो बे कॉन्टिनोएड....

फिर से पोजीशन चेंज कर लीला को कुटिया बना पीछे से लुंड थोक रहा था. इतने बड़े चूतड़ होने के बाद भी उसका सूपड़ा घरभासा पे ठोकर मारता और दोनों नितम्ब अब जेली की तरह शेक करते ...... थापा थप थापा थप .....

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लीला उसको और जोरसे से पेलने के लिए गालियां भी देती कभी इंग्लिश में कभी हिंदी में कभी लोकल दिलेक्ट भी उसे करती.

आर्यन भी उसको दबा दबा के चोदे जा रहा था ......

एक बार और झंडने के बाद फिर उसको करवट से लिटा के पीछे से दोनों चूची थामे पेलने लगा , अब हर 5 मं में पोजीशन चेंज करता लीला की रेल बना दिया. दोनों ताकतवर थे शरीर से भी और सात्मिना भी कहीं अधिक था दोनों का.

आज तो दोनों रुक hi नहीं रहे थे एक घंटे की नॉन स्टॉप भीषण चुदाई के बाद आर्यन ने अपना विरए उसकी छूट में भर दिया ...... एक के बाद एक करीब 12 पिचकारी हर बार गरम सी सिकाई उसके बच्चेदानी की करके रुकी .

लीला के ऊपर चढ़ा आर्यन एक दुसरे को सेहला के जैसे आत्मिक सुख पा लिए , जिस्म hi नहीं दिल और आत्मा भी जैसे एक हो गए थे दोनों .

दोनों 5 मं तक एक दुसरे को चूमते हुए सांसें दुरस्त करके रुके. छूट से लुंड निकल के आर्यन साइड में लेट गया तो लीला अब आर्यन से चिपटी उसके गाल को सेहलती हुयी बोली," जानती हूँ अपनी छोटी भें दीप्ति को धोका दे रही हूँ पर अब में भी तुझसे दुर्र नहीं रह सकती. ज़िंदगी में जितनी सांसें है सब तेरे नाम लिख दी हैं. तू हमेशा मेरे लिए मेरे पति से बढ़कर रहेगा पर िश रिश्ते को बस बंद रूम में hi नाम देना है . रौशनी के लिए में किसी की ऊँगली अपनी तरफ उठी नहीं देख सकती बस हमारा प्यार इतने तक सीमित रखना आर्यन ".

आर्यन उसकी खुली झुल्फों में हाथ फिरता हुआ ," दीप्ति से शादी के बाद में अपना नाम रौशनी के गौरडिअन से फादर का करवा दूंगा. तब किसी को पता भी चला तो छोटा मौसा भी फादर का रिश्ता निभा सकता है सबके लिए. लीला डार्लिंग तुझे कोई कुछ नहीं सवाल करेगा मेरे तेरे रिश्ते के बारे में और हाँ दीप्ति भी कुछ नहीं कहेगी . तुम मेरी हो और हमेशा रहोगी. रौशनी मेरी बेटी है उसका यह डैडी अपनी बच्ची को हमेशा खुशियां hi देगा यह मेरा वादा है. मेरी फॅमिली में तू एक ख़ास मेंबर हमेशा रहोगी और सब तुमको पसंद करते हैं बस गीता की किसी बात का बुरा मत मन्ना वह कभी कभी ज्यादा बोल देती है पर दिल से अच्छी है ".

लीला खुश होती हुयी हसने लगी ," हाँ देखा मैंने तुम्हारी शेरनी जैसी बीवी को यार तू उसको संभल पायेगा आग है वह लड़की और गुस्सा सच्च में चंडी देवी की तरह ".

आर्यन हसकर ," वह मेरा पहला प्यार है बस मुझे इतना पता है और वह कभी गलत नहीं करेगी . वैसे वह शेरनी है तो तू भी काम बड़ी हथनी hi है "...... है है है है है .....

लीला भी गुस्सा दिखती ," दररर हैट कुत्ते साले मुझे हथनी बोलै अब ाइयो दूध पीने तब बाटूंगी ".

ऐसे hi एक दुसरे को छेड़ते हुए दोनों फ्रेश होकर रेडी हुए थोड़ी डिअर बाद निच्चे पहुंचे तो रौशनी भी लीला के साथ ढेर साड़ी शॉपिंग करके वापस आ गयी थी ...... रस्ते में रौशनी ने इमोशनल होकर अपने डैडी आर्यन से कई प्रॉमिस भी लिए और बोली ," डैडी में जल्दी आउंगी और आपके पास hi रहूंगी क्यों मुम्मा ?"

लीला ने भी अपनी बेटी को प्यार से हाँ बोलै , उसको भी लगा की अब रौशनी यहाँ ज्यादा सेफ रहेगी और केयर करने वाले भी कितने है . दोनों माँ बेटी कार में hi आर्यन के गाल चूम के बहार निकली तो दोनों की आंखें नाम थी .

आर्यन ने दोनों को हुग करके कहा ," खुसी खुसी जाओ और जल्दी hi वापस आना , ी लव यू बोथ एंड स्पेशलय माय प्रिंसेस बार्बी डॉल ".

लीला अपने नए लवर से बिछड़ने के लिए दुखी थी और रौशनी अपने डैडी से लेकिन आर्यन का समिलिंग फेस और वेव करता हाथ उनके लिए सबसे सुनहरी याद थी की इसी के लिए वापस आना है .

दोनों को एयरपोर्ट ड्राप कर आर्यन ऑफिस निकल गया बिना के साथ. रस्ते में आर्यन थोड़ा चुप था तो बिना ने उसको छेड़ा ," माँ की वजह से इतना दुखी है या रौशनी अब अपनी बेटी hi लगने लगी है?"

आर्यन एक फीकी स्माइल से बोलै ,"जब हमारा बेबी होगा न तब िश सवाल का जवाब तुझे खुद मिल जायेगा बिना डार्लिंग . बस मेरी जिंदगी ऐसी है की में सबके साथ चाहकर भी नहीं रह पता. देखना दोनों जल्दी hi आएँगी ".

बिना ," मुझे भी ुष सवाल का जवाब जल्दी ढूंढना पड़ेगा ? है है है है ...... वैसे म्हणत करनी पड़ेगी तुझे कबसे क्लास शुरू करेगा मेरी ?"

आर्यन उसकी नाक दबा के ," अभी टाइम है, तू गाओं की तयारी कर ली ?"

बिना ," हाँ सब रेडी है मुझे तो मैडम के साथ आना पड़ेगा वापस आज hi ".

आर्यन ," में भी 2 दिन में आ जाऊंगा मुझे महापंचयत वाले गाओं भी जाना है कल वहीँ से निकल जाऊंगा ".

अपने सिक्योरिटी ऑफिस में आर्यन ने नीला से कॉल करके विजयगढ़ की सिचुएशन पूछी और एक नयी टीम आज hi भेजने को बिना को कहा जोह सिर्फ मंदाकनी और सुनैना की सिक्योरिटी भी देखेगी. नीला को परसो वापस आने को कहा और उसकी टीम वहीँ नए राजा रजत सिंह की सिक्योरिटी देखेगी .

आर्यन की स्पेशल टीम आज वापिस लौट रही थी क्योंकि आर्यन गाओं जा रहा था तो बाकी की फॅमिली भी यहीं थी .

ऑफिस से निकल के सीधा फार्महाउस पहुंचा तो लंच करके सब रेडी हो गए ...... रति के साथ बिना , जग्गू , निर्मला, सारू और काकी ( भीमा की वाइफ ) एक हेलीकाप्टर में थी.

आर्यन के साथ मीणा और Seema-Reena जा रही थी दुसरे हेलीकाप्टर में.

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गाओं ......

सुबह को नवाब सिंह आज अपनी नयी बीवी को भी सेहर छोड़ दिया क्योंकि जग्गू और बेटियां आ रही थी ...... कल रात तो उसको चुदाई में डबल मजा आया क्योंकि दोनों मिया बीवी शराब पीकर खूब चुदाई किये अपनी आखिरी रात हनीमून की मानते हुए .

नवाब जब अपने सीक्रेट मक्कन पे पहुंचा तो मैं गेट के साथ दरवाजा भी खुला था. उसने अंदर पहुंच के देखा तो उसके एक आदमी फर्श पे पड़ा था उसके माथे पे गोली का सुराख़ था ......

नवाब सिंह एक डैम सतर्क हो गया और बहार आकर अपने साथ आये गार्ड्स को भी सतर्क करता बोलै ," अंदर टिल्लू ( आदमी का नाम) की लाश पड़ी है किसी ने सीढ़ी भेजे में गोली मारी है. तुम ऐसा करो 3 आदमी पीछे से मक्कन में घुसो में और तुम दोनों सामने से घुसेंगे अपने हथियार चेक कर लो ".

दोनों तरफ से जब सब अंदर पहुंचे तो 6 के 6 आदमीओ को गोली मारी गयी थी जिनकी लाशें मक्कन के दुसरे कमरों से मिली और बेसमेंट में से संजय सिंह और देवेंदर सिंह गायब थे ......

नवाब सिंह का भी दिमाग़ घूम गया की किस्मे इतनी हिम्मत हो गयी की मेरे आदमीओ को दिन दहाड़े मार के दोनों को उठा के ले गए . सरीर से बेहटा खून से अंदाज़ा हुआ करीब 1 घंटे पहले hi मारा गया है .

दोनों की रसियन काटी हुयी वहीँ पड़ी थी और मोह पे बंधे कपडे भी यानी उनको कोई तो उठा के या बचा के ले गया है ......

नवाब सिंह ने अपने आदमीओ को सतर्क करके सब लाशें ऐसे hi रहने देने का कहा और बहार से माकन को बंद कर के ताला लगा के अपने गाओं से एक दर्जन हथियार बंद आदमी जोह बुलाया था उनके साथ निकल गया गाओं के लिए .

उसको अपने ऊपर भी हमला होने का डर था. भीमा को कॉल करके मक्कन पे hi सब बता दिया था . वह भी आनन फानन में वहां से हवेली आने वाला था .

नवाब सिंह की टेंशन और ज्यादा बढ़ गयी थी की सब दिल्ली से आ रहे हैं. आर्यन को तो वह समझा भी लेगा लेकिन रतिदेवी को क्या जवाब देगा ???? अब तो राजवीर सिंह मौसाजी भी नहीं है .

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नेक्स्ट अपडेट 9:30 तक .....

कीप रीडिंग एंड पोस्टिंग योर व्यूज एंड कमैंट्स ों थे स्टोरी.

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अपडेट 37

Part-2

अब तक......

नवाब सिंह ने अपने आदमीओ को सतर्क करके सब लाशें ऐसे hi रहने देने का कहा और बहार से माकन को बंद कर के ताला लगा के अपने गाओं से एक दर्जन हथियार बंद आदमी जोह बुलाया था उनके साथ निकल गया गाओं के लिए .

उसको अपने ऊपर भी हमला होने का डर था. भीमा को कॉल करके मक्कन पे hi सब बता दिया था . वह भी आनन फानन में वहां से हवेली आने वाला था .

नवाब सिंह की टेंशन और ज्यादा बढ़ गयी थी की सब दिल्ली से आ रहे हैं. आर्यन को तो वह समझा भी लेगा लेकिन रतिदेवी को क्या जवाब देगा ???? अब तो राजवीर सिंह मौसाजी भी नहीं है .

अब आगे ......

नवाब सिंह गाओं में हवेली पहुंचकर भीमा का इंतज़ार करने लगा. वैसे hi सुबह सुबह 40 आदमीओ की सिक्योरिटी टीम दिल्ली से आयी हुयी थी रति की सिक्योरिटी के लिए हवेली, वहीँ इंस्पेक्टर राजपूत आर्यन की सिक्योरिटी अफसर सिक्योरिटी लेकर पहुंच चूका था गाओं.

अब तो राजपूत भी जीजा बनने वाला था आर्यन का तो बहोत ज्यादा खुश था सरोज से शादी तय होने पर ...... आते hi नवाब सिंह के पेअर चूहा तो उसने भी आशीर्वाद देते हुए उसको बिठा लिया.

थोड़ी डिअर बाद भीमा भी पहुंच गया तो नवाब सिंह की जान में जान आयी पर सवाल वही था यह किसने किया और रति माजी को क्या जवाब दूंगा ?

भीमा ने उससे अकेले में बात की फिर कुछ सोचकर बोलै ," सबको गोली मारी गयी है और कोई हाथापाई भी नहीं हुयी है , पक्का यह संजय और देवेंदर का काम होगा. दोनों हथियार चलने में एक्सपर्ट हैं, एक सिक्योरिटी अफसर अफसर है और दूसरा बड़ा इंजीनियर होने के साथ अच्छा निशानेबाज भी है . पक्का हमको बेवकूफ बना के ऐसा सन क्रिएट किया होगा तुझे लगे की कोई उनको किडनैप किया है ".

तभी हेलिकोप्तेर्स की आवाज आयी तो सब कॉलेज के ग्राउंड में पहुंचे ...... वहां पहले से 6 कार कड़ी थी , 4 सिक्योरिटी वालों की , एक रति की और हमर जोह पीली कोठी से यहाँ मंगवा ली थी आर्यन ने . बिना ने सब पुख्ता अर्रंगेमेन्ट्स किये थे .

भीड़ भी िखितहि होने लगी और सबको अंदाज़ा भी हो गया पक्का रतिदेवीजी आयी होगी या फिर आर्यन ...... कुछ hi डिअर में हज़म लग गया , रति को देखकर नवाब सिंह जाकर प्यार चूहा तो उसने भी मुस्करा के आशीर्वाद दिया तो बेचारा झेंप गया ..... सारू और निर्मला ने सर धक् के उसके प्यार चूहे फिर आर्यन ने .

उसके बाद तीनो बेटियां अपने बाप के गले मिली. सब कार की तरफ बढे तो लोगों ने रतिदेवी की जय के नारे लगाने शुरू कर दिए . रति ने भी हाथ जोड़कर सबको नमस्ते किया फिर अपना हाथ हिला के अभिवादन भी स्वीकार किया .

आर्यन को कुनबे के लड़कों ने घेर लिया तो सबको गले मिलकर हवेली चलने को कहा.

कारों का काफिला हवेली में रुका तो वह भी कुनबे और गाओं वालों से भर गयी थी ...... नवाब सिंह की कुनबे की चची ने सबका ारता किया. हवेली में जश्न का माहौल बन गया ......

एक नज़र रतिदेवीजी पे सब डालना चाहते थे. आर्यन वररिस जरूर था पर मालकिन तो रतिदेवी hi थी सबके लिए..... जिसने इतना बड़ा बिज़नेस एम्पायर खुद खड़ा किया. आर्यन सब बड़े बुजुर्ग के प्यार चुकार अंदर पहुंचा तो रिस्तेदारी वाली औरशन ने उसको गले लगा के खूब आशीष दिया , कुछ लड़कियां और भाभी तो चुम्मी लेने से भी न चुकी .

चाय नास्ते का इंतज़ाम था और साथ में मीठे में कलाकंद और काला जाम था सरबत भी दिया जा रहा था .

रति बैठक में बड़े बुजुर्गों की बातें सुनी आधे घंटे बैठकर , कुछ ने मदद मांगी और कुछ ने अपनी परेशानी भी बताई तो नवाब को सबकी मदद करने को कहा ...... बिना से चेकबुक लेकर उसने 25 लाख का चेक भी दिया गाओं वालों की मदद के लिए नवाब को जिनको आर्थिक सहयता की जरुरत थी .

अंदर जब पहुंची तो औरशन ने घेर लिया. रति ने चाय नाश्ता करके आराम करने का कहा तो मीणा उसको आर्यन और अपने रूम में ले गयी. सारू , निर्मला और जग्गू को तो सब औरशन ने गप्पों में लगा लिया . Seema-Reena अपनी सहेलियों को दिल्ली से की शॉपिंग और गिफ्ट्स दिखा रही थी .

बिना को भीमा और नवाब सिंह ने सबकुछ बता दिया तो भीमा के साथ वह ुष मक्कन का सारा मुयाना करके वापिस आ गयी एक घंटे में .

आते hi रति को पूरी बात बताई तो वह गुस्से से नवाब सिंह को देखि तो उसका डर से पसीना निकलने लगा .

रति ने बिना को भार भेजा और भीमा को अंदर भेजने को कहा.

रति भड़क के नवाब को बोली ," तू मुझे यहाँ गाओं बुलाकर नौटंकी कर रहा है. तुझे पता है में सारा काम और मीटिंग छोड़कर आयी हूँ ऊपर से यहाँ आने के लिए मेरा लाखो खरचा होता है सिक्योरिटी की वजह से. इशलिये तू अपने मौसाजी ( राजवीर सिंह) की खुसमान्ड करके यहाँ लाया था उन्ह दोनों को की आजाद कर देगा मेरे आने से पहले. अब मुझे क्यों बता रहा है जा पकड़ उन्ह दोनों को. मेरे या आर्यन के आस पास भी पहुंचे तो सीधा यमलोक पहुंचेंगे और तेरे पास आये तो तेरा भी ऊपर का टिकट काटेंगे ".

नवाब सिंह को समझ में न आते देख रति के प्यार पकड़ने लगा तो जोरसे बोली ," दुर्र एक डैम दुर्र रह यह ड्रामा बंद कर , तू जा बस ुष अपनी नयी लुगाई के hi तलवे चाट ".

दरवाजे पे नॉक हुआ तो रति ने बोलै ," खुला है अंदर आ जाओ काका ".

भीमा तेज था वह आर्यन को पकड़ लाया अपने साथ तो रति भी थोड़ा शांत होने लगी अपने बेटे को देखकर. आर्यन ने नवाब सिंह को जमीन पे हाथ जोड़े बैठे देखा और रति की गुस्से से तेज़ सांस चलती हुयी .

दूर लॉक करके पहले अपने बड़े पापा को खड़ा किया ," क्या हुआ बड़े पापा आप हाथ क्यों जोड़ रहे हो ?"

नवाब सिंह कुछ बोलता की रति बिच में बोली ," यह क्या बोलेगा , वह दोनों हरामखोर भगा दिए िशने अब बोल रहा है वह भाग गए ".

नवाब सिंह मिम्यते हुए ," नहीं माजी आप गलत समझ रही हो , में तो खुद दोनों को खूब पीटा और आज उन्ह दोनों का फैसला करने के लिए hi बुलाया था आप तीनो को चाहे भीमा से पूछ लो ".

आर्यन ने जग से गिलास में पानी दाल के नवाब को दिया ," आप पानी पियो और पहले बेथ जाओ "...... एक चेयर पे बिठा के खुद रति के पास बीएड पे बैठकर उसको अपने हाथ से पानी पिलाया .

आर्यन अब रति का सर सेहला के ," इतना गुस्सा क्यों करती है माँ जब वह दोनों तेरी गाली के काबिल भी नहीं. बड़े पापा कभी उनकी साइड नहीं लेंगे फिर भाग कर और अपने hi 6 आदमी मार के एक hi बात साबित होती है की वह गलती पे गलती कर रहे हैं. अच्छा हुआ भाग गए हम सबकी टेंशन hi ख़तम ".

रति भी अब शांत होकर बोली ," पर वह कुत्ते की दम हैं पलट के वार करेंगे".

आर्यन ने टॉन्ट मारा ," हाँ तू हम तीनो मर्दों को अपनी चूड़ियां दे दे हम फेन के घूमेंगे. कुछ गलत भी सोच के यहाँ आये तो सीधा सीने में गोली उतरूंगा ..... हाँ अगर हाथ जोड़कर तुझसे माफ़ी मांगी और तू ने माफ़ कर दिया तो hi माफ़ी मिलेगी क्यों बड़े पापा ?"

नवाब की भी हिम्मत बंद गयी अपने बेटे को साथ देखकर ," आर्यन बिलकुल ठीक कह रहा है माजी , आने दो सालों को में खुद पीतल भर दूंगा उनके सरीर में. कमीने 6 परिवार का सहारा चीन लिए उनकी क्या गलती थी वह मेरे कहने पे रखवाली कर रहे थे ".

रति भी तंज़ कस्ते हुयी बोली ," अच्छा तू तो बिलकुल दूध का धुला है न नवाब . तू 24 साल पहले जेल जिस लड़की की वजह से गया था न उसके कारन आज तक तेरा परिवार और मेरा परिवार खामियाजा भुगत रहा है ".

नवाब भी शर्म से बगले झख्ने लगा तो रति बोली ," अपने बेटे से नयी बीवी मांग सकता है और पुराने काण्ड तेरे सुनने में hi अब शर्म आ रही है . तेरी हिम्मत कैसे हुयी उसको िश हवेली में लाने की ".

अब भीमा को भी समझ में आया रति को उन्ह दो चूतियों के भागने का नहीं नवाब की रांड का हवेली आना पसंद नहीं आया ...... मैंने समझाया था मगर यह सुने तब न .

आर्यन ने रति का हाथ दबा के कहा ," मैंने hi बड़े पापा को इजाजत दी थी , उनकी गलती नहीं है अब वह नहीं आएगी हवेली. अब तोह गुस्सा थूक दे न माँ ".

रति संजीदा होकर बोली ," देख आर्यन तुम तीनो को रंडीबाजी करनी है तो घर के बहार करो यहाँ नहीं चलेगी न कभी चली है. और भीमा काका, अभी काकी यहीं है तुम को भी बुढ़ापे में चिचोड़े सूझ रहे हैं . घर की औरशन से उनका आत्मसम्मान तो मत छीनो की पड़ोस की औरत भी ताना मार दे की तेरा खसम घर में hi रांड लाने लगा है".

आर्यन भी अब चुप पद गया तो भीमा hi बोलै ," गलती हो गयी बेटी आइंदा शिकायत का मौका नहीं मिलेगा में भी माफ़ी मांगता हूँ ".

रति कुछ सोचकर ," निर्मला पे क्या लाचीन लगा के गया है नवाब तेरा लायक छोटा भाई ?"

नवाब सिंह बस कभी आर्यन और रति को देखता रहा पर बोलै कुछ नहीं तो रति ने आर्यन को बोलै तू जरा बहार जा अपने काका के साथ मुझे नवाब से कुछ जरूरी बात करनी है .

फिर 10 मं में नवाब ने रति को ा तो ज़ सब बता दिया जो संजय ने बोलै तब रति बोली ," तेरा भाई भी नीरा बेवकूफ है , एक बार मुझसे hi पूछ लेता की सच्च क्या है . तुझे पता है िश पीढ़ी में किसी को बीटा नहीं हुआ पर अब हो रहे आर्यन की वजह से ".

नवाब सिंह भी चौंक गया की रति ने आर्यन की वजह से कहा पर रति आगे बोली," तू भी हैरान है न तो सुन्न यह मेरी भें डॉक्टर अंजू का कमाल है . कविता को इतनी बार गर्भपात हुआ और आशुतोष को बीटा चाहिए था इशलिये अंजू ने आर्यन का बीज इंजेक्शन से कविता के गर्भ में डाला और देख राहुल का जनम हुआ क्योंकि आर्यन पे कोई श्राप थोड़ी है. फिर रीता को एक hi बच्चा चाहिए था पर उसकी वहां लड़ाई हुयी सतीश से उसको दूसरी औरत के साथ पकड़ा और रीता ने आर्यन से जिस्मानी समभंद बना बीटा ले लिया वसु के रूप में . अमेरिका में सब अल्लोवेद है अब में क्या करती जब देर हो चुकी थी. आर्यन मेरा बीटा है और रीता बहु तो तेरी माँ देवी माजी ने वसु और रीता को अपना लिया की वह आर्यन की बनकर रहेगी घर की बात घर में रहेगी . अब बात आयी निर्मला की तो उसने भी इंजेक्शन से बेटे के लिए आर्यन का बीज डलवा है पर क्या कभी संजय समझेगा की उसने कुछ गलत नहीं किया . वह तो इतनी दुर्र माँ बेटे जैसे दो लोगों के जिस्मानी समभंद बना दिया तेरे सामने ".

नवाब सिंह थोड़ा झिझक के बोलै ," मेरे गुरूजी कहते थे आर्यन की कई शादियां होंगी और कुछ घर की औरशन, लड़कियों से भी अब वही हो रहा है ....... में हमेशा अपने बेटे के साथ हूँ फिर कल को जग्गू भी बच्चा मांग लेगी तो में भी क्या कर पाउँगा ".

रति भी प्यार से बोली ," देख नवाब , हैंए परिवार को बाँध के रखना है और आर्यन को सभी प्यार करते हैं. तू hi सोच हर औरत बीटा चाहती है फिर हमारे घर में नए बच्चे आर्यन की वजह से हुए तो क्या बुराई है काम से काम हमको पता है वह अपना खून का खून है कोई बहार की गंदगी नहीं ".

नवाब भी अब थोड़ा साइअन्ट होकर बोलै," अब संजय का क्या करना है वह तो समझने से रहा. देवेंद्र सिंह से मुझे कोई मतलब नहीं आप जोह चाहे उसके साथ करो ".

रति ने आराम से कहा ," अभी उनको भागने दे , जब गीदड़ की मौत आती है तो गाओं की तरफ भागता है. एहि गलती तेरे बाप ने की थी घर की इज्जत से खेलना चाहा और अब संजय भी ुशी रस्ते पे ".

नवाब भी शर्मिंदा सा होता हरी सिंह के काण्ड पे बात पलट के पुछा ," माजी वह राज इतनी जल्दी लंदन चला गया और गाओं भी नहीं आया ".

रति को यह मौका सबसे सही लगा और खेल दिया डाव ," अब क्या बताऊँ तुझे नवाब बात hi ऐसी है मुझे भी थोड़े दिन पहले पता चली है की राज की दो बेटियां और भी अणि और आर्यन के अल्वा ".

नवाब नज़र निच्चे करके बोलै ," नेहा और गरिमा , मुझे पता है आज से नहीं उनके जनम होने से पहले से की वह राज की बेटियां है. मैंने राज के मंजू और सलोनी के रिश्ते के बारे में पहले hi जान गया था पर छोटा भाई है और परिवार के लिए छुपा लिया यह राज ".

नवाब सिंह ने तो जैसा धमका hi कर दिया रति के सामने तो उसने पुछा ," तुझे राज ने बतया ".

नवाब सिंह ," नहीं सारू बेतिया ने जब मैंने उससे पुछा की राज के साथ वह खुश तो है. उसने यह बात कन्फर्म कर दी थी तब मैंने उससे वादा लिया था यह राज किसी को न बताये पर आपको भी पता चल गया ".

रति भी चैन की सांस लेते हिये," अब एहि बात आर्यन पे लागू होती है वह राज से भी 10 कदम आगे है ".

नवाब सिंह पहली बार हसकर बोलै," वह तो राजा बनेगा जल्दी hi और कई रानियां और दासियाँ रखना उसका अधिकार hi हुआ. मुझे अब मीणा के लिए भी खुसी है. फिर आर्यन से ज्यादा प्यार तो हम सेज माँ बाप भी नहीं करते होंगे उसको. एक साधारण सी लड़की है मीणा पर आर्यन की वजह से सब उसकी कदर करते हैं ".

रति हस्ते हुए ," तू जिसको साधारण समझ रहा है वह बहोत गुणवान और समझदार लड़की है. वह hi आर्यन के दिल की चाबी है , मीणा बहोत खुश रहेगी उसके साथ बस विवाह छिपकर करना होगा .देख बातो बातो में टाइम का पता नहीं चला . में भी आराम करती हूँ फिर वापस निकल जाउंगी दिल्ली . तू भी अब निर्मला बीत्या से कुछ मत पूछ मैंने तुझे सब बता hi दिया है फिर अब संजय भी यहाँ नहीं है ".

नवाब सिंह बहार चला गया बैठक में और आर्यन को रति के पास भेज दिया.

वहां भीमा के साथ गाओं के लोग भी अपनी अपनी बताओ में लगे थे .

आर्यन रूम में आकर दूर लॉक किया और रति के पास जाकर चूमने लगा तो वह भी अपने बेटे की बाँहों में समां गयी. आधे घंटे में hi रति पस्त हो गयी तो आर्यन ने भी उसको आराम करने दिया.

रति ने नवाब सिंह से हुयी साड़ी बातें बताई तो आर्यन भी हसकर ," तुझे इतना डांटे की जरुरत क्या थी बड़े पापा को. अच्छा hi हुआ भाग गए अब उनको शिकार बनकर भागना है तो ऐसा hi सही ".

रति बिलकुल नंगी अपनी उत्तरी हुयी पेंटी छूट के छेद से चिपका के आर्यन के ऊपर लेती थी और उसकी गर्दन को चूमती हुयी बोली ," यह दोनों बावले सांड बने घूम रहे हैं तो नकेल कसनी जरुरी थी. वैसे भी मीणा तेरी वजह से कुछ बोलेगी नहीं तो जग्गू और बच्चिओं के लिए उसको डरना जरूरी था ".

आर्यन ," चल ठीक है पर निर्मला मम्मी से तो कुछ नहीं पूछेंगे न बड़े पापा? वह ताश में आ गयी तो सब सच्च बोल देंगी ".

रति ने आर्यन की थोड़ी पे काटा ," वह बीटा अपनी hi सगी चची को पेल पेल के सबसे छिपा के प्रेग्नेंट कर दिया अब डर लग रहा है ".

आर्यन भी मुस्करा के आँख मारा ," चल तुझमे बीज डालने दे , तू भी खाली खाली पेट बहोत गुस्सा करती है "..... hi hi hi hi ......

आर्यन उसको उठाकर बाथरूम में लेजाकर फिर से पेल के अपना विरए उसकी छूट में लोड करके हटा ...... रति तो बहोत खुश थी आर्यन का प्यार पाकर अब उसको कोई रिग्रेट नहीं था गाओं आकर .

आर्यन बोलै ," तू ऐसा कर अपने साथ निर्मला मम्मी को दिल्ली ले जा तो सब बात डाब जाएगी ".

रति ने आर्यन को बोलै ," सारू और मीणा को भी ले जाती हूँ वह यहाँ क्या करेंगी ".

आर्यन ," नहीं वह दोनों मेरे साथ कल या परसों दिल्ली आएँगी . मुझे कल महापंचयत जाना है फिर एक दो काम और भी देखने हैं. तू ऐसा करना कल मोना को पेपर्स रेडी करवा के भेज देना अंजू मम्मीजी के साथ गाओं ".

रति थोड़ा सीरियस होकर ," तू मेरा एक काम करेगा . देख कोई मुश्किल काम नहीं है बस थोड़ा प्यार बेचारी अंजू को भी दे देना वह भी अकेली है पर बोलती कुछ नहीं ".

आर्यन हसकर ,"अंजू मम्मीजी और में अपने आप प्यार कर लेंगे जब मैं होगा. अब तो तुझे फिर से प्यार करने को जी चाहा रहा है ".

रति झट से आर्यन से दुर्र हुयी ," हैट अब मुझे जाना है , तेरे चक्कर में बदनाम नहीं होना मुझे . कल रात तक कोशिश करना दिल्ली आने के ".

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शाम के 7:30 वक़त भीमा और नवाब सिंह खेतों में तुंबेवील के पास बैठकर शराब पी रहे थे. आर्यन भी बिना के साथ अँधेरा होने पे पहुंचा जोह खेतों में खेल के आ रहे थे ......

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बिना की लगड़ात और चाल देखकर दोनों समझ गए की आर्यन इश्को खेतों में hi बजा दिया .

बिना टूबवेल पे जाकर मुँह धोयी तो उसकी स्कर्ट में कासी हुयी गांड झुकने से देखकर दोनों के गले खुश्क हो गए और दोनों जल्दी से निघा फेर के अपने अपने जाम गता गाठ जातक गए ......

आर्यन सामने पड़ी खाली चारपाई पे बेथ गया तो भीमा पुछा ," कितनी दुर्र तक घुमा लाये बिना बिटिया को ?"

आर्यन भी मुस्करा के ," बस थोड़ा दुर्र आश्मान की सीआर करने ले गया था ".

नवाब सिंह भी अब अपनी बेटे की दिवार्थी बातें सुनकर थोड़ा झेंप गया ...... बिना वापस आयी दारु की बोतल उठा के नेट hi 2 बड़े घूँट पीकर थाली से मुर्गे की भुनी टांग खाते हुए आर्यन की चारपाई पे उसकी गॉड में बैठकर बोली ," थका दिया यार आर्यन तू ने , काका एक डबल लार्ज पेग पिलवा दो िशने पूरा सरीर तोड़ दिया मेरा , हवेली जाते hi नहाना पड़ेगा ".

दोनों को बिना बस हैरान परेशां कर रही थी , भीमा ने एक गिलास में बिना के लिए पेग बांया और फिर दुसरे में आर्यन का ......

आर्यन की गॉड में बैठी चिकन खाती सिर्फ बर्फ डाले पेग को एक घूँट पे पीकर आर्यन के गाल पे चूम के कड़ी हो गयी ," में चलती हूँ आप लोग एन्जॉय करो . तुम तो पीने वाले नहीं में hi पी लेती हूँ "...... और आर्यन का बना पेग एक घूँट में पीकर रख अपनी गांड मटकती 50 कदम दूर कड़ी कार लेकर निकल गयी .

भीमा ने नवाब सिंह की कमर पे धौल जमा के कहा ," तेरी गोटियां क्यों मोह में आ गयी भाई . रति बेतिया ने सच्च hi कहा था रंडीबाजी हम तीनो को बहार hi करनी चाहिए. वैसे आर्यन यह बिना लगती नहीं है पर शेरनी है यह लड़की और बिंदास तो पूछो मत ".

आर्यन भी खाट पे प्यार पसर के लेट गया तो उसकी टांगें लम्बाई ज्यादा की वजह से 2 फट तक बहार निकली हुयी थी .

उसने आसमान की तरफ देखते हुए कहा ," काका वह शेरनी के साथ चलती फिरती मौत है. बस आज मेरे लिए ज़िंदा है और में भी उसकी कोई ख्वाइश नहीं ताल पता ".

भीमा ," हाँ यह बात तो सही है आखिर आर्मी में जोह रही है ".

आर्यन ने उन्ह दोनों की तरफ करवट लेकर बिना की साड़ी कहानी 15 मं में सुना दी , इंस्प भूरेलाल की मौत से लेकर पडोसी मुल्क में अपना बदला तक लेकर . दोनों को अब बिना से भी डर लगा की कितनी खतरनाक लड़की है और आर्यन झूट क्यों बोलेगा .

नवाब सिंह अब पहली बार बोलै ," पर बीटा उशसे शादी तो नहीं करने वाला न ?"

आर्यन ने अपना उंगली का पोरे दीखते हुआ कहा," इतनी सी शादी करूँगा बड़े पापा, उसका मेरे अल्वा कोई नहीं है ".

भीमा भी है दिया ," सही बात है बीटा , एक पेग तो पि hi सकता है हमारे साथ ".

आर्यन ," आज नहीं , जग्गू मम्मी मेरा खाने पे वेट कर रही होगी और किसी ने अभी खाना नहीं खाया होगा . आप भी चलो अब हवेली पे पार्टी कर लेना ".

तीनो 15-20 मं बात करके हवेली आ गए . बिना की स्पेशल शाम बना दी थी आर्यन ने अपने मक्का के खेत में एक घंटे तीनो छेदों को नाप दिया ...... आज बहोत बुरी तरह छोड़ा था आर्यन ने पर गजब का सात्मिना था बिना का दर्द झेलना उसकी आदत थी .

निर्मला ने रात यहीं हवेली में गुजरने का कहा तो रति ने बिना को वहीँ कल सुबह निर्मला के साथ लाने को कहा. वहीँ शाम को आर्यन भी बिना को अकेले लेकर खेतों के बिच छोड़ दिया पर बिना थी चालू बोली मुझे एक बार रात में महापंचयत वाले गाओं में छोड़ना गले में जानवर की तरह रस्सी दाल के .

बिना की चुदाई हुयी यह बात नवाब सिंह को थोड़ी अटपटी लगी पर भीमा बोलै ," यार हम भुद्दे के तटों में उबाल रहता है फिर आर्यन तो जवान मर्द है . अभी शादी भी नहीं हुयी है और यह देखकर तो लगता है कोई लड़की अभी तक शादी से पहले हाथ नहीं रखने दी है उसको ".

नवाब सिंह भी मुस्करा के बोलै," शेर है शेर मेरा बीटा , देखा ?"

भीमा ," तेरे शेर बेटे ने उसकी माल पे तेरी गन्दी नज़र भी देखा था..... है है है है है "

नवाब भी झेंप के है दिया ," यार सेहर की लड़कियां होती hi ख़ास हैं , में तो आज सेहर में hi रात बिताऊंगा ".

भीमा भी उसका इशारा समझ के मुस्करा दिया फिर से अपनी नयी बीवी के अंदर साड़ी रात गुजरेगा नवाब ......

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रात में आर्यन अपनी निर्मला मम्मी के पास सकूं से सोया उसकी चूची पीते हुए. जग्गू भी निर्मला के कारन आर्यन को बोल नहीं पायी. सारू चाहकर भी चुप hi रही पर मीणा ने रात में उसके पास सोने से पहले पूछ hi लिया की कब तक अपने पुराने पति को ऐसे hi तरसोगी ?

सारू सीरियस होकर ," बस मीणा बेटी में सही फैसला नहीं कर पा रही हूँ कल बड़े गुरूजी से मिलने जाउंगी तब वह hi कुछ मार्ग दर्शन करें ".

मीणा मुस्करा के ," वह तो आपको आर्यन के साथ रहने की hi सलाह देंगे. पर अब आप कुछ और भी चाहने लगी हैं. आप की किसी बात को आर्यन ताल नहीं सकता आप भी उसकी हर बात मानती हो फिर क्यों डिअर लगा रही हो . आपको पता है आर्यन केदारनाथ की यात्रा के बाद बस आपके आगे पीछे घूमता था ".

सारू ने आगे बात न बढ़ने दी और बोली ," सू जा रात बहोत हो गयी है मुझे भी नींद आ रही है "..... सागा बीटा जोह अब उसको अपना स्वामी लगता है आज भी सारू से दुर्र था .

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निर्मला

निर्मला अपनी निघ्त्य पहनकर बाथरूम से बहार आयी तो आर्यन अपने लैपटॉप पे तेजी से ऊँगली चलते हुए कंपनी के प्रोजेक्ट की प्लानिंग डाक्यूमेंट्स पे जहाँ उसको कमी दिखती क्वेरी दाल रहा था.

आर्यन भी चालू था अभी 10 मं पहले अपनी जग्गू मम्मी का दूध पीकर आया था निर्मला को यह बता के बड़े पापा को जरुरी बात करनी है. जग्गू भी चुदाई चाहती थी पर आर्यन ने दूध पीकर उनकी छूट से दो बार पानी चूस चाट के निकाल के ठंडा कर दिया.

निर्मला अपने लम्बे बालों का जुड़ा बना के अपने बैग में उतरे हुए अंडर गारमेंट्स दाल के आर्यन की तरफ बढ़ी जिसकी पीठ उसकी तरफ थी चेयर पे बैठे काम करते हुए .

आर्यन के गले में बाहिएँ दाल के बोली ," अब कल कर लेना काम , तू कल रात भी नहीं सोया था दीदी ( सारू ) बता रही थी इशलिये तुझे अपने रूम में बुला ली नहीं तो जग्गू दीदी तुझे सूने नहीं देती "..... और उसके गाल को चूम ली .

आर्यन मुस्करा के बोलै अपना काम करते हुए ," आप के सामने सब मम्मियां की कहाँ चलती है जबकि आप इतनी अच्छी हो फिर भी सब लोग आपसे डरते हैं ".

निर्मला ने उसके लैपटॉप का पावर बटन दबा दिया तो बोलै ," अरे रुको मम्मी बस 2 मं ..... "

निर्मला ने लैपटॉप बंद करके बोलै," नॉट इवन ा सिंगल सेक्. , चल बीएड पे सू अब मुझे कुछ नहीं सुन्ना "...... और पलट के बीएड की तरफ चल दी .

आर्यन भी अपने सेलफोन को साइलेंट करता खड़ा होकर बीएड के पास जा ब्लैंकेट को खोलती निर्मला के कमर में हाथ दाल पेट से पकड़ के उसके पीछे से चिपक गया तो झुकी हुयी वह भी सीढ़ी कड़ी हुयी .

आर्यन के लुंड का उभर अपने बड़े बड़े कूल्हों में महसूस करती उसके दोनों हाथ पे अपने हाथ रखती बोली ," अब बहोत फुर्सत है तुझे , चल लेट जा आज में अपने बेटे को लूरि सुना के सुलगी ".

आर्यन ने अपने हाथ ऊपर उन्ह 38डी के साइज वाले बड़े बड़े चूचूं की तरफ बढ़ा दिए तो बिच में निर्मला ने अपनी उंगलियन उसकी उंगलिओं में फंसा के रोका ," मत कर अभी मुझे डॉक्टर ने 2 वीक और रुकने को कहा है . आज हम लवर्स नहीं बल्कि माँ बेटे की तरह सोयेंगे ".

आर्यन जोह उसकी गर्दन में नाक रगड़ता उसकी धोवे सोप की खुसबू सूंघता अपना लुंड पूरा खड़ा के निर्मला के नितम्बो से भिड़ा दिया था अब ढीला पद गया . उसको भी जानना था की मम्मी प्रेग्नेंट हैं तो चाचाजी को सच्च कैसे बता दी .

अपने बेटे की मनोदशा समझ के निर्मला मुस्करा के उसकी तरफ पलटी और उसके लिप्स को चूम के उसका हाथ पकड़ के खुद अपने पेट पे फिरा के boli,"Tu बाप बनने वाला है आर्यन , मेरे तेरे प्यार की निशानी अब यहाँ आ चूका है. देखना तेरे जैसा सूंदर बीटा होगा हम दोनों का ".

निर्मला के खुसी देखकर आर्यन भी पेट पे प्यार से हाथ फिरा के ," पर क्या दुनिया हम दोनों के प्यार को एक्सेप्ट करेगी ? फिर आप ने चाचाजी को बता के सबको बता दिया ".

निर्मला ने अपने बेटे की नादानी वाली बात सुनकर कहा ," कोई बोल के तोह देखे उसकी जुबान काट दूंगी. मेरा प्यार , मेरे आर्यन ,मेरा बेटे पे कोई ऊँगली नहीं उठा सकता . यह हक़ में किसी को लेने hi दूंगी जोह तुझे कुछ बोलने की हिम्मत करे . तेरा चाचा को मैंने तोड़ दिया है अब वह बस कीलसेगा और गलतियां hi करेगा , Don't वोर्री पापा देख लेंगे. तुझे तो पता भी चल गया होगा ..... "

अपने चेहरे पे मुस्कान के एक्सप्रेशन दिखा के निर्मला ने आर्यन को चुप hi तो करा दिया ...... "यानी ...... "

निर्मला ने आर्यन के होंठ चूमते हुए उसको चुप करा दिया और प्यार से अपने बेटे को किश करती हुयी बोली ," बस कुछ मत बोल सब ठीक कर दिया है मैंने. अब कोई सवाल नहीं ".

आर्यन भी अब अपनी मम्मी के दोनों विशाल नितम्बो को दबा के एक बार सेहला के उसको गॉड में उठा के बीएड पे अपने ऊपर लिटा लिया ..... निर्मला ने अपनी निघ्त्य खोल के अपने सीधे बड़े चूचे का निप्पल उसके मोह में लगा के कहा ," पी ले अपनी मम्मी का निप्पल जल्दी hi दुबारा दूध भी पीलूँगी ".

निर्मला का खुलासा चौंका दिया था और अब प्रेम आर्यन पाकर जैसे सब भूल गया..... अपने बेटे के बालों में उंगलियन फेरती निर्मला लूरि सुनती उसको 10 मं में hi सुला दी ...... साइड होकर करवट से लेटकर खुद भी अपने चूची पिलाती सू गयी .

सुबह 4 बजे जब निर्मल की आँख खुली तो अपने को आर्यन के सीने पे टॉपलेस लेता पाकर अपनी झांघो के बिच मोटा तगड़ा औजार महसूस कर के चेहरे पे मुस्कान फेल गयी .

"ओह्ह तो यह बदमाश है जिसकी वजह से नींद खुल गयी मेरी. सूट हुए भी अपना औजार खड़ा किये है पक्का सपनो में किसी के साथ लगा हुआ होगा ".

निर्मला ने अपनी कमर उठा के निघ्त्य भी कमर तक कर ली , ब्रा पेंटी तो रात में hi नहीं पहनी थी . निच्चे हाथ ले जाकर आर्यन का लोअर और अंडरवियर निच्चे करके अपने मोह से थूक आर्यन के मोठे टोपी पे चिपड़ दी ...... अपनी योनि को सेहला के गीली करती मोटा सूपड़ा छेद से लगा कमर दबती दोनों होंठों को दाँतों से दबा के अंदर योनि में लील गयी .

कितना सुखद अहसास था दर्द होने के बाद भी पर दिलनशी कड़े वाली निर्मला अपने दिल को कड़ा बनाकर पूरा औजार अपनी योनि में लेकर hi रुकी .....

अपनी निघा आर्यन के चेहरे पे डाली जोह अब आखें खोल सब तरफ का जायजा ले रहा था की वह है कहाँ ...... पुछःह पुछठ ...... "बहोत बड़ा है तेरा आर्यन चीयर दिया है मुझे ...... अह्ह्ह्हह्हह माआआआ अब में नहीं ृक्क सकती ..... "

आर्यन अब पूरी तरह जाग के अपनी कमर को ऊपर ठेला तो रहा सहा भी 1 इंच भी सीधा गर्भ में टक्कर मारा ," आप तो मन कर दी थी रात को फिर अब डॉक्टर की एडवाइस का क्या ?"

निर्मला बस काढ़ा भी पड़ी ," रुक्खककक अह्ह्ह्हह तू कुछ मत कर बस मुझे करने दे ...... तू और हम तो इंसान हैं दिल और दिमाग़ है हमारे पास ...... ufffffffffffff इतना बड़ा करे लेता है तो मेरी मुनिया तेरे मुन्ने को प्यार करने से न रोक पायी ...... बस हौले हौले करने दे मुझे ...... पुछःह पुछठ ".

आर्यन भी अपनी मम्मी निर्मला के दोनों बड़े बड़े नितम्बो को मसलता उसको अपने लुंड की सवारी करवा रहा था ......

40 मं की प्यार वाली काम क्रिद्या ख़तम तब हुयी जब निर्मला ने अपनी कूख को अहसास करवाया आर्यन के विरए का की एहि तेरा श्रोत है बाचे इसी बीज की दें है तू ......

निर्मला तो फिर से नींद में चली गयी और आर्यन सुबह सुबह अपनी जग्गू मम्मी की सर्विसिंग कर दिया उसके बाथरूम में ...... वह भी बहोत खुश हुयी .

( दोस्तों 3 सेक्स सन एस्केप किये हैं िश अपडेट में )

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दिल्ली .......

आर्यन के रौशनी के कॉलेज जाने के बाद गीता ने प्रभा की रिमांड ली तो रति ने अपनी प्यारी धेवती प्रभा को सबसे बचा के अपने साथ बिठा के खुद नाश्ता बना के करवाई किचन में hi .

सब को पता था रति िश सबसे छोटी मेंबर से बहोत ज्यादा प्यार करती है पर राजवीर सिंह हमेशा बोलता की अणि के लिए तू आर्यन को भी भूल जाएगी बस दिखती नहीं है ...... एहि बात आर्यन और मीणा भी जानते थे अणि बिलकुल ट्रू कॉपी है रति की हर चीज़ में बस हाइट का फर्क है ...... यानी अणि hi रति का यंग वर्शन है , अभी दो साल से hi दोनों दुर्र दुर्र रहने लगी थी पर पहले हर दिन हर साल अपने आप को अणि के रूप में बड़ा होती देखती थी .

प्रभा तो रति के पहले से hi क्लोज थी और आज भी अणि तो दूर हो गयी आर्यन की वजह से पर अब प्रभा को नहीं खो सकती थी चाहिए आर्यन इश्से शादी क्यों न कर ले .

अपने सुईठे में लेजाकर रति ने उससे खूब शिकायत की तो प्रभा भी अपनी नानी माँ को मन ली. रति ने अपने साथ आर्यन के गाओं जाने की बात की तो प्रभा ने कहा ," नानी माँ में कब तक सबसे बचूंगी फिर आप होकर आओ में यहीं हूँ अब आपके पास hi रहूंगी".

रति भी अपने सवाल ताल दी की बाद में पूछ लुंगी और बोली ," में शाम तक आ जाउंगी "...... फिर अपनी अलमारी से प्रभा के लिए कई ड्रेसेस और लेटेस्ट ीफोने देकर एक गिफ्ट पैक के दी .

रति ने प्रभा को बोलै," मेरी प्यारी बच्ची के लिए एक कार ली है तेरा बर्थडे गिफ्ट बस कल हम दोनों घूमने जायेंगे ुष में ".

प्रभा भी अपनी नानी माँ के गले लग गयी ," थैंक्स नानी माँ यू अरे थे बेस्ट नानी इन थिस वर्ल्ड ".

तभी 3-4 गिफ्ट पैक लेकर डॉ अंजू आयी ," मैंने सोचा पहले तेरे बर्थडे गिफ्ट दे दूँ पर तू तोह हवा हवाई हो गयी है प्रभा बस अणि hi दिखती है तुझे ".

हुआ यह की जबसे प्रभा आयी अणि ने एक पल भी उसको अकेले नहीं रहने दिया और न किसी से ढंग से मिलने दिया ..... क्यों आप सब दिव्या तलवार वाला अपडेट पढ़ चुके हो ताकि प्रभा का नागलोक वाला राज चुप सके..... प्रभा ुष समय बहोत वोलेटाइल थी और उसका किसी से मिलना दुसरे की जान पे बन सकता था.

अपनी पावर्स से यहाँ धरतीलोक में प्रभा को अणि ने ुष समय नार्मल रखा था वार्ना अगर वह यहीं नागलोक वाला रूप धारण कर लेती तो तभी hi तभी आती ......

अणि और बड़े गुरूजी के कारन hi प्रभा यहाँ धरतीलोक में रुक पा रही थी वार्ना एक समय हर 48 घंटे में ऐसा भी होता है जब वह नागलोक खुद बा खुद पहुंच जाती है.

प्रभा का अत्यंत शक्तिशाली होना hi इश्क मुख कारन है फिर धरतीलोक उसकी शक्तियां बांध नहीं सकती उसको एक बार 48 घंटे में अपने अंदर बन्न गयी ऊर्जा को काम करने नागलोक जाना hi पड़ता है जहाँ उसकी गुफा और नागलोक उसको सामान्य कर देते हैं .

आर्यन की सब होने वाली बीवियों के अल्वा सारू और तीनो दानव कन्या भी यह राज जानती थी पर आर्यन और रति के साथ बाकी परिवार भी िश बात से अनजान थे .

गीता ने जब अपनी गॉड में बिठा के िश छरहरी लम्बी लड़की प्रभा का कान पकड़ के बोलै ," तेरी हिम्मत कैसे हुयी अपने भाई और मेरे होने वाले पति पे नज़र डालने की ".

प्रभा भी खिलखती हुयी बोली," मौसी जोह मुझे पसंद था वह ऐसे मेरे जीवन में आएगा मैंने सोचा भी न था फिर प्यार तो में भाई से बचपन से करती हूँ. मैंने अभी तक उनसे बात भी की िश प्यार के बारे में और न hi करुँगी अगर आप एहि चाहती हो ".

गीता सीरियस टोन ," पीलिया की मरीज तू मरने वाली थी अंजू मौसी के हॉस्पिटल में पर पता नहीं क्यों मुझे तुझपर दया आती की िश चोरी की क्या गलती है भगवन बस जिला दे िशने ..... और देखो मेरे पति पे hi लट्टू होकर मेरी सौतन बनने का खाभ देख रही है ".

डॉली बिच में बोली ," गीता बुआ यह बहोत चालू है, देखती नहीं थी भाई के साथ हम सब पे हुकम चलती थी . बीटा तू तो गयी मेरी तरफ से कोई सपोर्ट नहीं मिलेगा और न hi नेहा दीदी की तरफ से ".

नेहा अपने तेवर दिखते हुए ," गीता मौसी यह अपनी ताकत भी दिखाए तब भी हाँ मत बोलना. बीटा अब आया ुण्ठ पहाड़ के निच्चे , तू ने मुझे भी भाई से शिकायत करके मुर्गी बांया था ".

प्रभा का चेहरा उदास देखकर गीता ने दीप्ति और जाने के साथ मीणा को भी वीडियो कॉल करके कांफ्रेंस में लिया और आधे घंटे प्रभा के खिलाफ बोल बोल के नेहा और डॉली ने उसको रोने के कगार पे ला दिया .

तब साया ने बोलै ," आप यह भी तो समझो की यह नागलोक की राजकुमारी है और महार्यं की वजह से जिन्दा है ".

गीता ने गुस्से से बोलै ," तुम तीनो और यह अभी धरतीलोक पे हो तो मत भूलो की कोण ज्यादा ताकतवर है. आर्यन की बीवी कोण बनेगी यह मीणा डीडे करेगी और में फाइनल करुँगी सबकी सलाह लेकर. क्यों मीणा ?"

मीणा ने अलग hi अंदाज़ में कहा ," आप सही हो गीता दीदी पर में भी आर्यन की बीवी का दर्जा आपकी वजह से ले पाऊँगी. आप का हाथ जिस लड़की पे होगा वही आर्यन की बीवी बनेगी . वैसे प्रभा गर्लफ्रेंड बन सकती है ".

सब हसने लगे तो प्रभा ने अपना हथियार उसे किया और आंसूं उसकी बड़ी बड़ी आँखों से टपके तो गीता ने उसको अपनी तरफ घूमा के उसके आंसूं पहुंच के बोली ," मत रू मेरी बच्ची, तुझे रूट देख आर्यन हम सबसे रूत जायेगा ...... मेरी प्यारी बेबी चुप हो जा तू तोह हम सबकी जान है ".

अपने गले लगाती गीता ने सबकी तरफ देखा तो सब परेशानी के भाव दे रहे थे ....... जाने और दीप्ति बस प्रभा के लिए दुखी हो गए पर बाकी चार तो डर गयी प्रभा को रूट देखकर की आर्यन और रति तो आंसूं क्या एक दुःख की लकीर भी बर्दास्त नहीं कर सकते प्रभा के चेहरे पे .......

गीता ने प्रभा का माथा चूम के कहा ," अच्छा अब चुप हो जा में तुझे भी आर्यन की बीवी मान ली हूँ अब खुश".

प्रभा की आँखों में जैसे चमक की लाइट चॉंद गयी ," पुछःह पुछठ गीता मौसी , ी लव यू ...... में बहोत खुश हूँ ...... ी लव माय आर्यन ".

सबने उसको घूरा तो गीता की बाँहों में दुबक के ," ी मैं वे आल लव भाई "...... सब हसने लगे .

एक नयी होने वाली बीवी का इजाफा हो गया था आर्यन की लाइफ में जो वह नागलोक में hi जान गया था पर ुष से दुर्र भाग रहा था गीता की वजह से ...... 7 होने वाली बीवियों में प्रभा अब तक सबसे स्ट्रांग थी ऊपर से नाग कन्या थी जिसके अंदर का जहर किसी को भी मार दे .

लेकिन उससे बड़ी समस्या यह थी की वह जल्द से जल्द मिलान करना चाहती थी विशाखा की वजह से. अगर आर्यन उसको संतुस्ट नहीं कर पाया तो मार के साबुत निगल भी जाएगी यह बाकी सब को भी ज्ञात हो गया था .

एक नाग कन्या को बड़ा लिंग नहीं बल्कि उसके चरमोत्कर्ष के समय अपने प्रेमी के सरीर पे काटने से जोह जेहेर अंदर जायेगा वह मार देता है. मतलब आर्यन नागलोक का नाग होता तो झेल जाता पर अब कैसे बचेगा ?????

इश्क जवाब सिर्फ अणि के पास था जो 5800 कम दुर्र टोक्यो में थी. यह थी मैं समस्या जोह सब प्रभा के लिए खुश भी थे और दुखी भी की मिलान करने से पहले हमको hi प्रभा को ना मारना पड़े ?

प्रभा ने भी फैसला कर लिया की आते hi भाई को नागलोक लेकर जाएगी ...... ?

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अपडेट 37

Part - 3 (पुराण जंगल)

देवेंदर और संजय के हाथ खोल दिए गए ताकि खाना खा सकें पर तभी बहार से कुछ आवाज आयी तो जोह अंदर िश कमरे में सांड जैसा आदमी लेथ लिए उनके सामने बैठा था बोलै," खाना खाओ कोई हुस्यारी नहीं ".

वह कमरे से बहार दरवाजा बांध कर अपना लेथ लेकर गया तो दोनों ने आँखों hi आँखों में इशारा किया और खाने की प्लेट से खाने लगे पर फिर से धड़ाम की आवाज आयी तो उनके हाथ रुक गए.

एक आदमी मास्क पहने अंदर दरवाजा खोल के आया तो दोनों की पहात गयी क्योंकि यह नया आदमी था और हाथ में गन लिए 4 और आदमी अंदर आये , ुष मास्क वाले ने बोलै ," संजय सर आप दोनों आजाद हो आधे घंटे में बॉम्बे के लिए ट्रैन हैं जल्दी पकड़ के निकल लो. हाँ जाते जाते िंह आदमीओ को बाँध देना ताकि साख आपकी किडनेपिंग का हो ".

संजय भी देवेंदर की तरह हैरान था पर अपने को सँभालते हुए बोलै," क्यों हो तुम लोग और हमको क्यों बचा रहे हो ?"

मास्क वाला ," दोस्त के दोस्त हैं पर किसी आपके अपने ने हमको आपको बचने के लिए भेजा है. हमारा काम ख़तम इश्से पहले कोई आये निकल जाओ ".

जितनी जल्दी आये उतनी जल्दी गायब हो गए...... दोनों ने उठकर पूरा मक्कन खंगला तो 6 आदमी बेहोश थे जैसे कुछ सुंघा के बेहोश किया हो. संजय ने एक की गन निकाल के अपनी कमर में चेक करके राखी और देवेंदर को इशारा किया की तू भी रख ले एक गन .

संजय ," भेषभ आप बहार चेक करो में अंदर देखता हूँ फिर निकलते हैं . भैया ( नवाब सिंह) ने पक्का आर्यन और उसकी माँ रतिदेवी को निर्मला के साथ बुलाया होगा पर आज उनको भी सबक सीखने का दिन है ".

देवेंदर सिंह," ठीक है धयान से कोई प्लानिंग न हो हमको फैसने की "...... उसके बहार जाते hi 3 के माथे पे 3 आदमीओ के दिल पे गोली मारी ऐसी जगह की खून ृष्णे से hi मौत हो जाये .

फिर अंदर अपने कैद कमरे में एक छुरी से अपनी रस्सी और बंधी पत्तियां भी काटी और वहीँ फ़ेंक दी ...... यानी बस ऐसा बना दिया की सबको लगये किडनैप हुए हैं पर उससे ज्यादा की भाग गए .

दोनों सेहर में hi चेहरा छुपते हुए रेलवे स्टेशन से मुंबई की ट्रैन पकड़ लिए ..... रस्ते में एक टैक्सी से सीधे देवेंद्र सिंह के पोस्टिंग सेहर लखनऊ पहुंचे .

रात में लखनऊ सिटी के बहार एक लॉज में रुके जोह देवेंदर की जान पहचान की थी ...... उसने अपने डगप को मेल करके कल का अपॉइंटमेंट माँगा और दोनों सू गए शराब पीते हुए . देवेंदर सिंह के विश्वस्वत सिक्योरिटी ओफ्फिसरवाले भी उनकी सिक्योरिटी में लगे थे .

अगले दिन 11 बजे लखनऊ में एडिशनल डगप ऑफिस में F.I.R. दर्ज हुयी रतिदेवी और आर्यन के नाम की दोनों माँ बेटों ने देवेंदर सिंह और संजय सिंह का किडनैप करवाया और यातना देकर जान से मारने की कोशिश की अगर बच न पाते तो मार दिए जाते . बात सिक्योरिटी ओफ्फिसरॉफकिर ैप रैंक के की थी तो डिपार्टमेंट भी हिल गया ऐसा इलज़ाम सुनकर . उनके सरीर पे मार के निशाँ गवाह थे .

डगप से लेकर स्टेट होम मिनिस्टर तक बात पहुंची तो सब गभरा गए और परिवार का मटर होगा इशलिये ऐसा हो रहा है पर रतिदेवी कोई मामूली सख्सियत नहीं है . उसके पैसों से जहाँ पोलिटिकल पार्टी को करोड़ों का चंदा मिलता है वही सिक्योरिटी अफसर से लेकर कितने सरकारी मुलाज़िम के बच्चों को स्कॉलरशिप्स बड़े बुजुर्ग बेसहारों को पेंशन भी . कितने hi चैरिटी संसथान की वह हेड और मैं फिनांसर थी , ुष पे हाथ डालना मतलब सबसे जुटते खाने वाली बात थी. मीडिया भी सिक्योरिटी अफसर वालों के कपडे उतार लेती .

लेकिन कहते हैं न नेता और सिक्योरिटी अफसर कभी किसी के सज्ञे नहीं होते , रति के खिलाफ कुछ नेतों को पहले hi ैप देवेंदर सिंह ने एप्रोच किया था तो फिर भी हुयी और सुम्मों भी जारी हो गया था पर सब गुप्त तरीके से हो रहा था .

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बिना के साथ सुबह हेलीकाप्टर से निर्मला दिल्ली लौट गयी थी , नवाब सिंह के साथ सिर्फ जग्गू और Seema-Reena hi हवेली में रह गए थे . इंस्प राजपूत को सीधा बापू की हवेली भेज दिया था की वहीँ आर्यन उससे मिलेगा . अपनी सिक्योरिटी गार्ड्स भी वहीँ भेज दिए .

महापंचयत गाओं जाने से पहले आर्यन , मीणा और सारू तीनो आज दिन के उजाले में पुराने जंगल के अंदर पहुंच गए ...... बड़े गुरूजी और निशांक से मिलकर तीनो बहोत सकूं महसूस कर रहे थे.

आर्यन और मीणा जब जंगल के पशु पक्षिओं के साथ घूमने और बातें करने लगे तब सारू अब दोनों गुरूजी के सामने हाथ जोड़े बैठी थी ......

बड़े गुरूजी ," पुत्री पद्मदेवी (सारू) तुम अपने शांत मैं के सागर में खुद hi तूफ़ान ला रही हो. एक बार मैं ेकरगह करके अपने चित्त को शांत करो और तुम्हारे कुछ चुन ने जैसा है hi कहाँ जब खुद तुम महार्यं की पद्मा देवी बनना चाहती हो राज की सारू नहीं. एक बुरी सूचना देकर तुमको दुखी जरूर करूँगा लेकिन राज सिंह ने अपना करम पूरा कर लिया है और बाकी लोगों का भी ऐसा hi अंजाम होगा ".

सारू डर कर," ऐसा मत कहिये गुरूजी पूरे परिवार का क्या होगा ?"

बड़े गुरूजी शांत शब्दों में बोले," जोह पिछले जनम में हुआ था. फिर मिर्त्यु सच्च है उसको झुटला नहीं जा सकता. आर्यन के लिए उसकी शक्तियां और 6 आत्मों में परस्पर मेल होने न होने का जोखिम हम सब ने लिया है ".

सारू की आँखों में आंसूं आ गए," गुरूजी क्या यह hi हमारी दुबारा नियति है जिसके लिए पूर्ण जनम मिला वह भी अपने hi पति की सगी माँ के रूप में. आप दोनों तो शक्तिशाली हैं फिर में माँ (रति देवी ) को बोल के सबको बचा लुंगी".

बड़े गुरूजी ," रति का वरदान उसके विवेक और क्रोध पे निस्चय करता है. महारानी विजयलक्ष्मी चाहती है की रति क्रोध में वरदान मांग ले और उसके महाराज ( अब आर्यन के सरीर में) सिर्फ उसके होंगे अगर ऐसा हुआ ....... पर रति ने होशो हवस में वरदान मांग लिया तो रति hi महार्यं का भविष्य निर्धारित करेगी ".

निशांक गुरूजी ने कहा ," सारू तुम यह मत भूलो की तुम अब आर्यन की जनम देने वाली माँ नहीं बल्कि उसकी अर्धांगी बन गयी हो. फिर तुम्हारी hi सख्ती से पतलोक भी आसानी से पार कर के राजकुमारी दीप्ति , नागलोक की राजकुमारी प्रभा और तीनो दानव कन्या भी साथ ले आया ..... क्यों गुरूजी ? "

बड़े गुरूजी कुछ सोचने लगे तोह निशांक गुरूजी बोले ," पद्मा तुम महार्यं को और तर्ज़ ताकि उसको भी कदर हो तुम्हारी. तुम को पता नहीं पिछले जनम में अपनी सगी माँ मिरदुला को मेरे आश्रम की कुटिया में छुपा के बोलै तू भी मौज ले लियो , इतना निच्च पारवती का था तुम्हारा माहि बताओ अपनी माँ को भी वैश्य समझ के भोगता था ".

बड़े गुरूजी ोजेश्वयी मुस्कान के साथ बोले ," इश्क जवाब तो तुम अपने गुरु भाई से लो जोह तुम्हारे पीछे खड़ा है ".

आर्यन ने निच्चे से मिटटी का देला उठा लिया था और उसको गेंद (बॉल) की उछालते हुए निशांक को अपनी नीली बड़ी बड़ी आँखों से गुस्से से घूर रहा था ...... " ढोंगी मेरी मैया ( मिरदुला) के बारे में कुछ भी बोलेगा ...... कमीने पिछले जनम का मुझे याद नहीं िश लिए मेरी मम्मी को बड़का रहा है . आज तू मरेगा ".

और उठा के जोरसे से देला मारा जो प्रीतिबिम्ब से पार हो गया तो निशांक गुरूजी हसने लगे पर आर्यन अपनी मजबूरी दिखते हुए बोलै ," मर्डर के भी चैन नहीं तुझे".

सारू कुछ बोलती उससे पहले मीणा ने बड़े गुरूजी की तरफ इशारा किया तो उन्होंने उसको शांत रहने को कहा .....

बड़े गुरूजी ," महार्यं वॉश तुम्हारी अनीता (अणि) बीत्या से कब बात हुयी थी ?"

आर्यन भी बड़े गुरूजी के प्रीतिबिम्ब के सामने मीणा के हाथ से अपनी हाथ से बनाई सूखे पाटों की डोलची ( बास्केट) निच्चे राखी और बोलै," कल रात hi बात हुयी थी गुरूजी ".

आर्यन ने एक पुष्पः की सूंदर माला अपने बड़े गुरूजी के सामने राखी तो वह भी बहोत खुश हुए अपनी सिष्ये से .....

फिर सारू को बोलै ,"यह देखिये..... तीन निचे से सफ़ेद ऊपर से पर्पल फूल निकाल के अपना हाथ पे तीनो को कर्मवाद एक साथ रखकर ....... एक नर है दो मादा पर कैसे टूटने के बाद भी अपने प्रेमी के लिए लड़ नहीं रही हैं बल्कि साथ में उसका पराग लेकर जीवन आगे बढ़ा रही हैं".

सब कुछ अपनी आँखों से देखते हुए लास्ट में सारू ने कहा ," डिसगस्टिंग , ऐसा भी नेचर में होता है ? दोनों ने सिर्फ कुछ hi सेकंड में ुष नर फूल को सूखा दिया".

आर्यन हसकर ," कभी दो नर और एक मादा फूल का देखना मम्मी , मादा खुद एक नर को मार देती है क्योंकि जहर भी उसके पास hi होता है फिर अपने प्रिये नर से मिलान करती है ".

सारू के गाल hi नहीं कान और नाक भी लाल हो गए ..... पर अपने को संभालती जब कड़ी हुयी तो ुष जगह पे कोई नहीं था और उससे 100 मीटर की दूरी पे एक ताम्बे कलर की सुन्दर से हिरणी ने एक बच्चे को जनम दिया ...... उसकी जेल ख़तम करने के लिए हिरने ने बच्चा साफ़ अपनी जीभ से कर दिया पर लास्ट में एक छोटे से सिशन को भी चाट के जान गयी की नर पैदा किया है ..... कभी उसके सिशन कभी उसकी गर्दन को चाट टी , 2 मं में ुष हिरणी ने अपना बीटा और सबका अगला होने वाला मर्द खड़ा कर दिया .

सारू फिर से एक बार पलट के देखि तो हिरणी का बछड़ा कूदता जब भी उसकी माँ पूरा सरीर चाट के उसका सिशन चाट लेती ".

सारू बस ुष दृश्य में खूटी अपना जीवन hi नाप ली जोह अब उसके लिए आसान लगने लगा .

आर्यन और मीणा ने तो आज िश पुराने जंगल में नयी नयी चीजिएं खोज डाली पर वह मीणा को बोलता की पावर उसे कर कुछ मिल जायेगा सबसे अलग .....

मीणा ने 3-4 बार आर्यन की मदद की पर आखिरी में बोली में तेरा कोई पावलोव का डॉग नहीं हूँ जब बोलेगा या घंटी बजेगा तो लार तपकुंजी ?"

आर्यन हस्ते हुए ," तू अपना डिग्रडेशन बंद कर ..... तू लोमड़ी है लोमड़ी और मुझे पता है तू माँ के साथ है पर याद रख मेरी अणि बेबी को क्यों हर जगह दोषी बना रहे हो?.... कहाँ है तुम्हारा परिंदा फिर चाचाजी का तुझे भी पता था ".

मीणा हसकर ," सब रीडर्स को बताना जरुरी है क्या ? नहीं तू सबको बक सब तुझे प्यारे हैं सिर्फ में hi नहीं ".

आर्यन उसको मानते हुए ," गाली देनी है तोह मुझे दे , आज जोह भी हूँ सिर्फ महार्यं नाम के पुरखे का नाम मिलने के अल्वा सिर्फ अपने पाठकगण की वजह से हूँ ..... उनका क्रोध भी झेला हूँ और तारीफ तो पूछ hi मत बस एक खवाइश बची है की सारू को चाँद पे ले जाकर के चूम लूँ ".

सारू भी पीछे से आकर बोली ,"बुला अपनी बीवियों को जोह मुझे चाँद पे तेरे साथ पहुंचा देंगी नहीं ".

आर्यन हसकर ," मम्मी चाँद पे पहुंचना मतलब बहोत ऊपर उड़ना है, आप जमीन पे रहकर बात करो ".

तभी एक बवंडर सा आया और महारानी विजयलक्ष्मी का अक्ष देखकर सब उसके सामने झुक गए और आर्यन को भी झुका देखकर बोली," आर्यन जल्दी चीन पहोंचो, अणि को कैद कर लिया गया है वांग सु नाम के जादूगर ने "...... और अक्ष गायब हो गया .....

बड़े गुरूजी की आवाज आयी ," इशलिये पुछा था की अणि से कब बात हुयी ?"

आर्यन परेशां होते हुए अपने मैं के भाव चिपटा ," अणि को कोई रोक नहीं पायेगा वह जादूगर अपनी मौत को दावत दे दिया है".

मीणा ने आर्यन का हाथ पकड़ा और बोली," मतलब अणि कैद में है हम इश्क फैयदा उठा सकते हैं क्यों गुरूजी, वैसे भी जादूगर उसका क्या बिगाड़ लेगा ?"

बड़े गुरूजी और निशांक गुरूजी का प्रतिबिम्ब अदृश्य हो गया चेहरे पे मुस्कारहट लिए मीणा की बात सुनकर.

तभी ुष नन्हे हिरणी के नन्हे सवाक ने जोह अब तीनो के पास पहुंच गया था उछलता हुआ, आर्यन की ऊँगली चूमि तो वह भी बैठकर उसको गॉड में ले लिया और आँख बांध करके बोलै," सहायक जा अणि की मदद कर उसको कोई छु भी न पाए ".

मीणा थोड़ी विचलित होती बोली ," बहोत नुक्सान हो जायेगा अणि को कैद hi रहने दो ".

सारू ने अपनी बात राखी ," आर्यन में भी अणि की वजह से तुमसे दूर हुयी थी रोक लो सहायक को. अगर राज हम दोनों के बिच आया था तो अणि ने ऐसा जान के किया था , वह बहोत शक्तिशाली है उसको कुछ नहीं होगा ".

मीणा डरते हुए ," अणि मर्डर भी सकती है सहायक की ऊर्जा झेलते हुए ".

आर्यन तो जैसे आँख मूंढ hi लिया था तभी सारू के मैं में बड़े गुरूजी की आवाज कौंधी ," तुम hi इश्को रोक सकती हो पद्मा वार्ना सर्वनाश hi हो जायेगा िश लोक का ..... उसको प्यार देकर रोको ".

तभी मीणा ने अपनी शक्ति भी सारू के जिस्म में दाल दी और वह आर्यन की बॉडी पे बानी, सहायक की वजह से, सुनहरी शील्ड के अंदर जाकर उसको चूमने लगी ..... आर्यन को अपनी बाँहों में भर के एक जल मंतर पढ़ी फिर बोली," मुझे प्यार कर माहि".

आर्यन मंतर सुनकर शील्ड टूट गयी , खड़ा हो गया और सारू के गले लग गया ..... सहायक बिच से hi वापस लौट गयी एक चानन में परकत होकर विशाल रूप से वापस दिव्या तलवार के साइज की हो गयी . मगर आर्यन साधारण मानव सरीर में सहायक की ऊर्जा न झेल पाया शील्ड टूटने के कारन और बेहोश हो चूका था.

बड़े गुरूजी ने अपने सकती से उसको , सारू और मीणा के साथ विशाल पेड़ की छोटी पर बने विशाल पक्षी के घोंसले पे प्रश्थापित (टेलीपोर्ट) कर दिया .....

"सम्भालो अपने बेटे को , सारू तू िश को खोकर सब खो देगी और तेरी मेरी ताकत सिर्फ माहि है .तू बस अपने पति राज के पास जा जोह तुझे सुंघा भी नहीं क्योंकि तू मिली हो गयी है , अगर मेरे माहि को कुछ हुआ तो सबसे पहले तू और तेरी बेटी अणि मारेगी ".

मीणा इतने गुस्से से कहती हुयी दिव्यलोक की महकाये सूंदर राजकुमारी मीनालोचनि में बदल गयी थी जोह 15 फट ऊँची और 5 फट चौड़ी थी साइज में..... फिर अदृश्य हो गयी . सारू भी आज मीणा का गुस्सा देखकर डर गयी .

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मंगोलीअ से लगा बॉर्डर पे एक पुराण किला था जोह सरफेस से 40 फट निच्चे था और काली शक्तियों ने वहीँ अणि को कैद कर रखा था जोह पिछले 8 घंटे से बेहोश थी ...... अब दिक्कत यह थी की अणि होश में आ गयी तो उसके गुस्से और पावर को कोण रोकेगा जिसके लिए आर्यन को सचेत सा करते बड़े गुरूजी बोले थे .....

जिसमे 5000 साल की शक्ति शामित हो और कितने हज़ार वर्षो राज करती महारानी विजयलक्ष्मी को कोण धरेगा?

बस एक hi ाश थी की आर्यन उसकी क्रोध की ऊर्जा झेल लेगा तो सब बच जायेंगे .

अणि जब टोक्यो में थी तो उसके सरीर से निकल महारानी विजयलक्ष्मी अपने को हिमालय के पुराने पर्वत पे एक याग करने आयी थी और ुशी वक़त जादूगर ने अणि का सरीर अपनी हजारों साल पुराणी अर्जित शक्ति से बाँध के गायब करके चीन ले गया. िश पवित्र शक्ति को कोई 100% पवित्र शक्ति hi तोड़ सकती थी यानी आर्यन की सहायक जोह िश भरमांड की नहीं थी .

महारानी विजयलक्ष्मी का याग अभी 2 दिन और चलने वाला था जिसका लाभ अणि को कैद में रहने से सब लेना चाहते थे ????

आर्यन अभी तो रुक गया पर क्या वह अपनी छोटी भें को ऐसे कैद में कितनी डिअर देख सकेगा ????

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पुराने जंगल के विशाल पड़े पे बने Aryan-Meena के घोंसले रुपी ट्री हाउस में ...... सारू पूरी निर्वस्त्र आर्यन के सारे कपडे उतर के ढीले लुंड को अपनी जीभ से चाट ते हुए उत्तेजित करने की कोशिश में पिछले 15 मं से लगी थी......

मगर जैसे आज आर्यन बेजान सा पड़ा था . दिव्या तलवार की शक्ति को शील्ड न होने पे झेल नहीं पाया .

एक तरफ छोटी भें और दूसरी तरफ खुद बेबस. सारू की तो दुनिया hi उजड़ने वाली थी , पति हज़ारों कोस दूर था और उसके बीटा बेटी जैसे निर्जीव हो गए एक hi वक़्त में .

उसकी सूंदर चाकसू नयन के आंसूं भी आर्यन के 7 इंची सुप्त अवस्था में लिंग को भिगोते उसके तटों को भी गीला कर दिए थे .

तभी अपने नग्न पीठ पे किसी का हाथ महसूस करते hi चूँकि तो मीणा अब अपने नार्मल रूप में उसके आंसूं साफ़ करके साइड में की और खुद निच्चे झुकार आर्यन के टोपी को चूमि फिर जीभ से चाट के मोह में ले ली .

देखते hi देखते िश घोसले नुमा ट्री हाउस में आर्यन अचेत था पर उसका हथियार कड़क होकर विकराल रूप में फूलता अकड़ के लहरा रहा था .....

सारू भी हैरान सी की मीणा ने कोनसा टोटका इस्तेमाल किया जोह सिर्फ सेकंड भर में लुंड अब लौड़ा बनकर दोनों को डरा रहा था .

मीणा ने सर उठा के सारू का हाथ पकड़ के लुंड पे मुठी बना के कहा ,"आप अब इश्को प्यार करो वह ठीक हो जायेगा ".

सारू अपनी नंगटा भूलती हुयी बोली ," तू साथ hi रह मेरे बेटी , बस मेरे दोनों बच्चे सही सुरक्षित रहें मुझे कुछ नहीं चाहिए "...... एक बार फिर ाँसों आ गए उसकी आँखों में .

मीणा ने मुस्करा के आर्यन के तटों पे ऊँगली फेरते हुए कहा ," में लगभग सब औरशन और लड़कियों की आर्यन के साथ मिलान की साक्षी रही हूँ , दृश्य या अदृश्य रूप में पर आप कम्फर्टेबले नहीं रहोगी मेरे रहने से ".

सारू ने मीणा के दुसरे हाथ पे हाथ रखकर जोह आर्यन का लुंड पे कैसा ऊपर निच्चे हिला रहा था उसपर पकड़ बना के बोली ," एक फूल दो माली भी तो बन सकते हैं हम दोनों , तुझसे कहाँ कुछ छुपा है बस आज मुझे आर्यन की अपनी तरह दूसरी प्रेमिका hi समझ ले".

मगर सारू की बात ने दो दिलों की धड़कन की बढ़ा दी थी यानी Bhai-Bhen की , दोनों शिकारी थे पर उनकी मम्मी भी उनके साथ होगी यह नयी बात थी.

मीणा तो तेरी चालबाज़ फिर आर्यन उसको भी दूसरी लड़कियों और औरत के मजे दिलवा देता था .

दोनों शिकारी के सामने सारू जैसी स्ट्रांग लेडी भी हार मान के बेशर्म सी हो गयी थी पर उसका पिछले जनम साक्षी था कितनी और बीवियों , रखैलों के सामने महार्यं ने अपनी सबसे छोटी लाड़ली रानी पद्मदेवी को छोड़ा था ...... आज फिर वह घडी आ गयी और आज दोनों भाई भें की वाट लगने वाली थी ......

आर्यन का लुंड ऐन्टेना की तरह हिल था और उसको होश भी आ गया था पर अपनी मम्मी को नंगा देखकर फिर मीणा के कपडे उतारते हुए आँख मूंदे देखा .

उसको खुसबू और घास से अहसास हुआ वह तो विशाल पक्षी वाले ट्री हाउस में हैं . मीणा जोह अब पूरी नंगी हो गयी थी अपने हाथ से सारू की तानी हुयी चूची को दबा के आर्यन की तरफ देखि .

सारू ने भी मुड़कर आर्यन को देखा तो नज़र मिलते hi आज कोई शर्म नहीं बल्कि कॉन्फिडेंस ज्यादा था अपने नंग जिस्म को अपने बेटे बेटी को दिखते हुए ......

सारू ने आर्यन का लुंड पकड़ लिया एक हाथ से और मीणा ने भी उसके हाथ के ऊपर रखकर दोनों ने मुठी कासी और 'तोपची' को ऊपर निच्चे को हिलने लगी....

मीणा का सावला सरीर और सारू का बिलकुल दूधिया गोरा रंग अब जैसे मिलने लगे थे , दोनों ने दुसरे हाथ से एक दुसरे की एक एक चूची थामी और झुकार आर्यन का टोपा बारी बारी चूमा.

आर्यन मजे की ाधाकिता से आँख बांध करके बोलै ," ुहममममममम मम्मी अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह मीणा ....... ी ऍम लोविंग आईटी ..... shhhhhhhhhhh ऐसे hi चूसो ".

अब आर्यन के हाथ दोनों के सर पे टिक गए दोनों में से एक टोपी चूसती दूसरी शाफ़्ट पे जीभ फिरती ...... उनकी चूचियों के निप्पल सकत होने लगे छेड़ने और दबाने से ......

एक दो बार लुंड चूसते हुए दोनों के होंठ भी मिले पर आज जैसे कोई पर्दा था hi नहीं ......

सारू खुद महार्यं की रानी के रोले में थी तो मीणा अपने भाई की प्रेमिका के रोले लिए जबकि आर्यन तो अपने को दुनिया का सबसे भाग्यसाली मान रहा था . उसकी मम्मी और जुड़वाँ भें दोनों उसको एक साथ प्यार दे रही थी .......

आर्यन के ांडों में तो जैसे भूचाल hi आ गया सिर्फ कुछ hi पलों में पर अब और नहीं .

उसने बैठते हुए सारू की कमर में हाथ दाल के अपनी गॉड में खींचा और उसके लिप्स को बेह्तषा चूमने लगा "पुछःह पुछठ चुम्म्म चुम्म मुहह्ह्ह्ह मुह्हह्ह मेरी जान मेरी सारू और नहीं तड़प सकते तेरे लिए..... "

मीणा भी अपना थूक सारू की पीछे बैठी लुंड के टोपे पे चिपड़ दी और फिर निच्चे झुकार हाथ सारू की छूट पे रगड़ के उसकी बुर चिखनि करनी लगी ......

आर्यन को चूमते हुए सारू की कमर ऊपर हुयी तो मीणा ने तोपची गॉड में बैठी हुयी सारू की बुर के छेद पे लगा दिया और सारू की पीठ थप थापा दी ...... जोह इशारा समझ के बेथ टी चली गयी .....

"पुछठ पुछःह महीईई में तेरी हूँ सिर्फ teriiiiiiiiii ...... हॉँण्णन पहाड़ दाल ...... चीयर दे मुझे ...... उईईईईई माआआआआ मरररररर जाउंगी ...... "

मीणा साइड में जाकर आर्यन का चेहरा अपनी तरफ करके खुद उसके होंठो को चूमने लगी ......

आर्यन ने मीणा को किश करते हुए दोनों के एक एक चूतड़ थपेड़ दिया ..... चटककककक ..... चटककककक...... अह्ह्ह्हह्हह ....... ोुछहहहहह ......

मीणा को जोश चढ़ने लगा थप्पड़ से वहीँ सारू अब और ज्यादा लुंड अपनी छूट में लेने ली ...... सारू ने आर्यन के कान पे हमला किया और मीणा ने उसकी होंठो पे.

दोनों भूकी शेरनी जैसे अपने शेर को घेर के दोनों तरफ से उसको चुदाई के लिए उकसा रही थी .......

आर्यन अब उन्ही चूतड़ को सेहलता हुआ मरहम भी लगा रहा और बिच की घेरे को उंगलियन से नाप के दोनों को उत्तेजित भी करने लगा .

मीणा ने किश तोड़कर आर्यन को पीछे धकेला तो सारू तो लुंड पे बैठी रह गयी वहीँ मीणा दोनों घुटनो के बल अब छूट आर्यन के मोह पे टिका के आँख बांध कर ली ......

दोनों के मोह आमने सामने थे और दोनों अपने प्रेमी से योनि सुख ले रही थी , एक 12 इंच लम्बे मुसल से दूसरी उसकी लम्बी जीभ से ......

मीणा की दोनों चूचियां सारू ने दबा दी तो उसकी आँख खुली और मुस्करती हुए सारू को देखि ...... " अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह siiiiiiiiii आर्यन ाराममममम से काट मत जीभ से चाट हाँ ऐसे hi ..... ह्म्म्मम्म मेरी जान प्यार से "......

सारू की दोनों चूचियां आर्यन ने हाथ में थाम राखी थी दबाते हुए अपनी कमर को तेज़ी से हिलती लुंड की सवारी कर रही थी ......

मीणा ने अपने लिप्स पे जीभ फिरा के फिरसे अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह भरी सिसकारी मारी और दोनों हाथ की उंगलिओं को अब आर्यन के सीने पे फेरती उसके दोनों निप्पल अंगूठे और ऊँगली में लेकर भीची तो ...... तो तीनो hi गंगना गए ..... तीनो के निप्पल्स एक दुसरे के हाथ में थे और उंगलियन अपना जादू दिखा रही थी.

क्या कनेक्शन बना हुआ था तीनो का , मीणा के आर्यन के निप्पल्स दबाने से उसकी जीभ मीणा के क्लाइटोरिस को जैसे कुचल hi डाली टिप से कुरेद कुरेद के वहीँ सारू को लुंड का तगड़ा झटका और फुलाव बढ़ता हुआ लगा अपनी छूट में, साथ में उसके निप्पल्स आर्यन ने मसल डाले और िश नयी तरंग ने सारू को जोश में मीणा के निप्पल मसलवा दिए ......

अह्हह्ह्ह्ह ारयणणणणणण सीईइईसीईई ारयणणणणणण ....... मीणा भी आगे बढ़कर सारू के गुलाभी लिप्स चूम ली तो सारू भी अपनी जीभ उसके लिप्स पे फेरने लगी ......

अब तो हर 2 मं बाद एक तरंग से उठती जोह आर्यन के निप्पल्स से सारू की छूट में जाकर ख़तम होती ......

तीनो जैसे अलग hi दुनिया में पहुंच गए जहाँ न कोई moh-maya थी न जुल्मी संसार के बंधन बस था सिर्फ निस्चल प्यार hi प्यार .

तीनो जैसे एक दुसरे के पूरक hi थे , न इर्षा न दुवेश ...... पुराने जंगल के वातवरण और पवित्रता ने जैसे हिरदय hi साफ़ कर दिए हो , सिर्फ प्रेम hi यहाँ वाश करेगा देवेश और इर्षा की कोई जगह नहीं .

मीणा और सारू की छूट ढेर सारा पानी छोड़ रही थी एक का रास आर्यन पि रहा था मोह से और दूसरी से तोपची गीला होकर ुष रास को चूसने की नाकाम कोशिश में गीला होकर पहचहहहह पहचहहहह की आवाज करता ड्रिलिंग करते हुए ......

जब दोनों मादा थकने लगी तब आर्यन से अलग हुयी तो आर्यन ने सारू को निच्चे लिटा के 2 बार में hi लुंड पेल के तूफानी धक्के मारना लगा .....

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मीणा भी थोड़ी डिअर में आर्यन की पीठ पे चढ़ के लिअत गयी और अपने मोह को दोनों के एक दुसरे के चूमते चेहरों के पास ला अपने होंठ भी जोड़ी दी .......

तीनो के मुँह से पुछःह पुछःह चुम्म्म्म चुम्म्म्म मुहह्ह्ह्ह मुह्हह्ह पुछःह पुछठ की आवाजें के साथ तीनो की सिसकियाँ भी गूंज रही थी तीनो के कानो में ......

सारू को लग रहा था जैसे मीणा भी उसकी छूट मार रही हो पर वह तो आर्यन की कन्धों के पीछे अपने खड़े निप्पल और आर्यन के पुष्ट नितम्ब पे अपनी छूट रगड़ती खुद पूरा मजा ले रही थी.......

आर्यन ने वजन अपने हाथ और पैरों पे लिया था तो सारू भी भोज से डाब नहीं रही थी पर ऊपर को खिसकती 5-6 इंच हर पावरफुल स्ट्रोक अपने छूट पे पड़ते hi .. ....

मीणा को किसी की चुदाई देखने में इतना मजा नहीं आया न था और न hi इतना इन्तेंसेलय वह इनवॉवले हुयी थी .

आज उसकी सारू मम्मी और उसका भाई जोह उसके सबसे अजीज थे उसको प्यार करना सीखा नहीं रहे थे बल्कि उसको अपने साथ शामिल भी कर रहे थे .

मीणा चाहती तो अपनी सील खुलवा सकती थी ऐसा अच्छा अवसर कब मिलता पर अभी ुष सुबह घडी में वक़त था जोह मीणा के लिए बहोत स्पेशल था .

सारू ने अपनी टांगें झड़ते हुए आर्यन की कमर पे लेप्टि तो मीणा के चूतड़ पे उसकी एड़ी कास गयी तो मीणा भी झड़ने लगी ...... आर्यन का लुंड के साथ गांड भी छूट रास से सन्न गयी थी .

स्वार्ग hi तोह घूम आयी तीनो की अंतरात्मा बस सरीर hi जैसे यहाँ थे पर अभी काम बाकी जोह था ......

कुछ पलों में अब सारू बिच में थी आर्यन पीछे और मीणा आगे से चिपकी थी , सारू चुड़ते हुए दोनों के लबों को अपने चेहरे और सीने के साथ गर्दन पे चुम्बन अंकित करते िश सुखद पल के वशीभूत सब कुछ अपने बच्चों पे नौछावर कर दी थी . ...... "अह्हह्ह्ह्ह ारयणणणणणण सीईइईसीईई मीणा मेरे बच्चे ऐसे hi प्यार करो मुझे ...... "

मीणा की योनि पे आर्यन की ऊँगली थी और नितम्बों को सारू दबा दबा के अपने से सत्ता के लिप्स चूम लेती .

आर्यन अपनी मम्मी की छूट की ग्रीसिंग करता उसके कानो को चुबलाता जीभ से कुरेद देता कान की lol को .......

"थप थप ठप्पा थप"..... सारू के चूतड़ आवाज करते तेज़ धक्कों को झेलते हुए ......

ठंडी हवा के झोकने उनके सरीर पे इतनी म्हणत करते हुए निकले पसीने को सूखा के सरीर को ठंडा करने की कोशिश करते पर जिस्म में खून की रवानगी hi इतनी तेज़ थी की बस चरम पे लाकर hi एक घंटे बाद आर्यन के ठन्डे होने पे hi रुकी .......

दोनों शेरनी अपने शेर को चूम डाली इतना सुख देने के लिए ...... आर्यन बना hi अपने परिवार और अपनी प्रेमिकाओं के लिए लेकिन बप्पू चौदर्य माधव सिंह ने उसको अंगरक्षक बांया था परिवार का .

मीणा ने आर्यन का अपनी मम्मी के अमृत और वीर्ये से नहाये लुंड को चूस के साफ़ किया फिर सारू की छूट भी चूस डाली ......

सारू भी निहाल होती अपनी बेटी को ख़ुशी से सब करता देख गदगद हो गयी . प्रेम hi प्रेमी का जीवन रेखा होता है , जितना प्रेम मिलेगा प्रेमी उतने खुश होते हैं जैसे आत्मा भी दिल के साथ हो . आज तो 3 दिल एक साथ धड़क के प्रेम लीला के चरम को पाए .

आराम से लेते , सारू की दोनों चूचियों को दोनों बच्चे पि रहे थे . आज फिर समय का पहिया घूम गया था बस आज 20 साल पुराने छोटे बच्चे नहीं बल्कि पूर्ण जवान होकर साथ में चूची पे रहे थे.

मीणा को भी सारू ने बचपन में दूध पिलाया था और उसके लिए आर्यन से कभी कमतर नहीं थी मीणा .

मीणा भी आर्यन के बाद सबसे ज्यादा प्यार अपनी सारू मम्मी को hi करती थी , दोनों इतने क्लोज थे की मीणा हर बात अपनी िश मम्मी से शेयर करती थी . मीनालोचनि सच्च में सारू की आंखें hi तो थी जोह उसको आर्यन की सब बातें बताती थी.

सारू का आर्यन के लिए समर्पण और प्यार इशलिये तो ज्यादा था की वह मीणा के थ्रू सबकुछ आर्यन के बारे में जानती थी .

फिर पहले मिलान के बाद सारू को अपने जीवन के सच्च ने आगे बढ़ा दिया आर्यन की तरफ..... राज सिंह का वापस आना उसको हिला जरूर दिया था पर फिर से अब पूर्ण अहसास हो गया की में सिर्फ आर्यन के लिए जीई हूँ और उसके hi लिए मेरा वजूद है. राज मेरे जीवन में सिर्फ माध्यम था आर्यन को पाने का.

सारू मैं में सोचती हुयी आर्यन को अपनी चूची पीते निहारी तो उसका निश्चय और दृढ हो गया.

क्यों नहीं माहि को एक नज़र देखने के लिए अपना सबकुछ वार देगी. में खुश किस्मत हूँ की पहले मुझे बेटे के रूप मेरी कूख से पैदा होकर मातारत्व सुख दिया जोह दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण अहसास है किसी भी औरत के लिए फिर बड़ा होकर मुझे महार्यं का प्यार दिया जिसके लिए hi तो में जन्मी हूँ.

आर्यन के चेहरे को चूची से अलग करके अपनी तरफ की तो आर्यन मुस्कारते हुए उसके लबों को चूमने लगा ...... यह चुम्बन सबसे ख़ास था , ुष केदारनाथ के पहले मिलान जैसा.

10 मं तक मीणा देखती रहे फिर खुद अलग होकर अपने कपडे पहनकर निच्चे कूद गयी िश विशाल घोसले से ......

आर्यन और सारू जब मीणा को पास न पाकर फिर से किश करते हुए एक दूसरे में समां गए , अब तो जैसे दोनों को कुछ नहीं चाहिए था बस एक दुसरे को प्यार सिर्फ प्यार करना था .......

सुबह आये थे तीनो और रात हो गयी थी पर आर्यन - सारू को तो जैसे कुछ और करना hi न हो , 5 बार मिलान करके भी अब 6तह बार जब झड़े तो मीणा की आवाज आयी ," हवेली नहीं चलना क्या , वहां भी प्यार कर सकता हो. रात का 2 बज रहा है न कुछ खाया न पिया बस एहि करना है क्या जिंदगी भर ".

दोनों रात का सोच के होश में आये और एक दुसरे की हालत देखकर है दिए , आर्यन भी मुस्करा के ," प्यार सब भुला देता है मीणा , आज मुझे यह मम्मी नहीं अपनी सारू लग रही है एक नया अहसास . में अब सारू के बिना नहीं रह सकता , यह जीवन का अंत हो तो सारू को प्यार करते हुए "...... और फिर से सारू पे टूट पड़ा जोह अपने बेटे से अपना hi नाम सुनकर बस मुस्करा रही थी .

सारू नाम hi उसको पहली बार सार्थक लगा की आर्यन के मोह से सुनकर. इतना अच्छा वर्ड सारू हो सकता है जिसको आर्यन के मोह से सुनकर आनंद की अनुभूति हुयी .

सारू के लबों को चूमते हुए अपनी जीभ उसके मोह में दाल दिया तो वह भी अब मीणा की परवा न किये उसका साथ देने लगी ...... पुछःह पुछठ चुम्म्म चुम्म मुहह्ह्ह्ह मुह्हह्ह ........

मीणा को लग गया यह कमीना फिर तोपची मम्मी की छूट में डालने वाला है ...... आगे बढ़कर उसने एक दबे में जोह पानी था वह भी ठंडा दोनों के ऊपर डाला तो दोनों की तन्द्रा टूटी ......

मीणा गुस्से से ," तुझे शर्म भी है तेरी भें कैद में है और तेरी रति माँ और तेरे नाम F.I.R दर्ज हुयी है. तेरे चाचाजी और मौसाजी को सिक्योरिटी अफसर प्रोटेक्शन मिल गयी है बस तू बस प्यार करता रह ".

आर्यन भी सारू के ऊपर से हटकर उसको गॉड में उठा लिया तो सारू भी उसकी गर्दन में बहन दाल ली ...... " तू हमारे कपडे लेकर आ हम नदी में नाहा के आते हैं ".

आर्यन निच्चे झुकार एक लम्बी चल्लंघ मारा तो सारू डर के उससे लिपट गयी ...... निचे 500 मीटर घास पे लैंड किया और सीधा नदी की तरफ दौड़ गया.......

वहां दोनों जब ठन्डे पानी में उतरे तो सारू फिर एक बार आर्यन के लुंड पे चढ़कर नदी में चुदाई करने लगी ......

मीणा दुर्र पत्थर पे बैठी िंह बावले प्रेमी को देखकर सोचने लगी , िश से अच्छे तो यह दुर्र hi ठीक थे. कमसे काम बाकियों की भी फिकर रहती थी आर्यन को . आज तो इश्को किसी के लिए अहसास hi नहीं हो रहा फिर मम्मी भी जैसा सारा प्यार आज hi करेगी. ऐसे तो इनको रोकना मुश्किल होगा.

बड़े गुरूजी की आवाज मीणा को अंतर्मनन में सुनी ," सारू का प्यार hi आर्यन को शक्तिशाली करेगा , वार्ना वह विशाल रूप धरने को सहायक के साथ झेल नहीं पायेगा. जल की शक्ति है सारू के पास , जोह उसको हर हाल में किसी न किसी द्रव ( लिक्विड ) रूप में सींचती है . यह नाड़ी का मिलान उसको और शक्ति देगा , मीनालोचनि तुमको अपने लोक एक बार जाना चाहिए".

मीणा अपने मान में " गुरूजी में सही वक़त पे आर्यन के साथ जाउंगी. बस मुझे इनकी नहीं औरों की चिंता है , ऐसे तो आर्यन किसी को भी पास फटकने नहीं देगा ".

बड़े गुरूजी ," समय बलवान होता है मीणा. आज सारू का समय है भूल गयी कितनी तदपि थी आर्यन से दुर्र रहकर. आर्यन को मत रोकना सारू के लिए , वह खुद अपनी स्त्रीओं के पास होगा ".

मीणा ने हाथ जोड़कर कहा ," जैसा आप कहें गुरूजी ".

मीणा एक सांस छोड़ते हुए ," कर ले बीटा ऐश , जब दिल्ली पहुंचेगा तब पता चलेगा. दोनों दीदी इश्कि बांड बजा देंगी ".

एक घंटे चुदाई करते नहाकर बहार आये तो अभी भी चूमा छाती चल रही थी , दोनों ने एक दुसरे को साफ़ किया और कपडे पहनकर दोनों ने मीणा को चूमते हुए मन लिया .

आर्यन जब दोनों के साथ जंगल से बहार आया तो मीणा को बोलै ," तू मम्मी को लेकर हवेली जा और तीनो दानव कन्या को भेज लखनऊ , साला सिक्योरिटी अफसर की गंदगी साफ़ करने का टाइम है ...... बिना को बोलना पूरी ताकत लगा दे चाहे सेंट्रल मिनिस्ट्री hi क्यों पूरी खंगलनि पड़े . F.I.R वापस होनी चाहिए किसी भी कीमत पे ".

सारू जोह अब आर्यन की बात सुनकर अपने हनीमून पीरियड से बहार आयी पूछी," तू कहाँ जा रहा है ?"

आर्यन ने सारू का माथा चूमा फिर मीणा का माथा चूम के गले लगा के बोलै ," किसी को उसकी औकात बताने ".

आर्यन ने पीछे हटकर जमीन पे बैठकर गरुड़ हेलमेट के साथ सहायक को याद किया और पल भर में उसके सर पे गरुड़ हेलमेट था और सहायक उसके हाथ में आकर बिजली निकल रही थी ......

मीणा और सारू को जिसका डर था वही हुआ आर्यन तेजी से हवा में ुध गया ????

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कीप रीडिंग एंड पोस्टिंग योर व्यूज एंड कमैंट्स ों थे स्टोरी.

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मीणा
 
अपडेट 37

Part - 4

रति के ऑफिस में सुम्मों रिसीव हुआ की जल्द से जल्द नजदीक सिक्योरिटी अफसर स्टेशन में रिपोर्ट करने को कहा . इवनिंग में स्पेशल क्राइम ब्रांच की एक टीम लखनऊ से दिल्ली के लिए निकल गयी थी दोनों maa-bete का नोनबाईलब्ले वारंट लेकर .

रघु का किडनेपिंग में हाथ है यह गवर्नमेंट के बड़े बड़े मिनिस्टर्स को भी पसंद नहीं आया. बात अब ाँ की थी जबकि सब जानते थे बैल भी मिल जाएगी दोनों को पर इज्जत पे बात दोनों maa-bete को उनके सामने झुका देगी .

मर मालिक से लेकर मर खान को भी इनफार्मेशन थी पर वह दोनों भी रति से ज्यादा आर्यन के लिए चिंतित थे..... अगर अरेस्ट हुए तो आर्यन गवर्नमेंट और सिस्टम के खिलाफ हो जायेगा जोह सबके hi भारी नुक्सान दे साबित होगा .

एक गलती सियासत से लेकर आर्थिक गलिहारे वाले बिजनेसमैन की लॉबी भी प्रभित होगी . शाम से रात हो गयी पर आर्यन का कुछ पता नहीं चला की वह और सारू कहाँ हैं .

मीणा ने दोपहर में गाओं की हवेली पहुंचकर रति को फ़ोन कर दिया था की आर्यन और सारू किसी जरुरी काम से गए हैं कब आएंगे उसको भी पता नहीं .

बिना ने सुम्मों और वारंट के लिए पूरी लीगल अद्विसेर्स की टीम की मीटिंग रति के फार्महाउस पे बुलवा ली थी और सेंट्रल मिनिस्ट्री से बात करके आर्यन के खिलाफ यह गलत एक्शन लिया जा रहा है आघा कर दिया .

उस एम्बेसी, दिल्ली से सीढ़ी न्यूज़ वाशिंगटन दस पहुंची तो वहां के ऑफिसर्स के लिए तो गुड न्यूज़ hi थी. आर्यन जल्दी hi वापस उनके पास अस जायेगा हमेशा के लिए वैसे भी इंडियन गवर्नमेंट उसको फुल उसे नहीं कर पायेगी.

रात के 8 बजे जब ब्रिगेडियर जसवंत सिंह, दिल्ली फार्महाउस पहुंचे तो निर्मला और प्रभा बहोत खुश हुए.

रति से जब अकेले में मुलकात हुयी तो उन्होंने िश बात का खुलसा किया की उन्हों ने hi संजय सिंह और देवेंदर सिंह सिंह को आजाद करवया था पर दोनों 6 आदमीओ को भी मार देंगे इश्कि उम्मीद नहीं थी .

ब्रिगेडियर ," रति भें में ने संजय से निर्मला के तलाक़ के लिए उसको रिहा करवा था लेकिन वह उल्टा तुम पर hi इलज़ाम लगा देंगे मुझे अंदजा नहीं था. मैंने लखनऊ में भी बात की है पर कुछ नेता भी पूरा जोर लगा रहे है कारवाही के लिए . अब दिक्कत यह है हम उन्ह 6 मरे लोगों के खून का इलज़ाम ुनःपर नहीं लगा सकते ".

रति तो इससे ज्यादा विचलित नहीं हुयी थी पर आर्यन का सारू के साथ सुबह से गायब होना उसको खाल रहा था ...... वैसे वह भी आर्यन को िश सबसे दुर्र hi रखना चाहती थी .

रति ," ब्रिगेडियर भेषभ िश मटर को मेरी लीगल टीम देख लेगी लेकिन तलाक़ क्यों करवाना है उसकी वजह तो होगी ? वैसे मुझे बोल देते तो में संजय से पहले डाइवोर्स पेपर्स पे सिग्न करवा लेती ".

ब्रिगेडियर एक घेरि सांस लेते हुए बिना की तरफ देखे तो रति बोली ," यह मुझसे भी ज्यादा जानती है मेरी बॉडीगार्ड और आर्यन की सबसे क्लोज आइडे है , आप बेहिचक बोलिये. बिना जरा स्पेशल स्टॉक से हमारे भेषभ के लिए एक बोतल मंगवा लो फौजी शभ का भी समय हो गया होगा ".

बिना ने इण्टरकॉम से आर्डर कर दिया तब रति भी उठकर सोफे पे ब्रिगेडियर जसवंत के बगल में बेथ गयी ," आप मुझसे बड़े हैं पर मैंने हमेशा अपना बड़ा भाई hi माना है. संजय तेज़ है पर कमीना और धूर्त भी होगा यह किसको पता था ...... निर्मला को बहोत पहले डाइवोर्स ले लेना चाहिए था . अब तो प्रभा बेटी भी जवान हो गयी है पर उसका भविष्य भी देखना होगा न . फिर देवी माजी सीधा इश्क ठीकरा मेरे सर फोड़ेंगी की मैंने तलाक़ होने कैसे दिया".

ब्रिगेडियर ," रति बात यह है की निर्मला प्रेग्नेंट है और उसकी कोख में बीटा है जिसका चेकउप उसने साउथ अफ्रीका में सबसे छिपा के करवा था . वह अपने बेटे पे अपने पति का साया नहीं पड़ने देना चाहती. में भी अब तुम्हारी तरह एक वररिस पा लूंगा इशलिये बेटी के मोह में ऐसा कदम उठा लिया मगर चिंता न करो जल्दी hi दोनों की जिंदगी का सूरज में डूबा दूंगा ".

रति भी उनकी बात सुनकर एक झुरझुरी से ले गयी बीटा है निर्मला की कूख में..... आर्यन का बीटा ...... में भी चेक करवाउंगी ...... नहीं नहीं में किसी को नहीं छूने दूंगी अपनी कूख को.

बिना ने इम्पोर्टेड सिंगल माल्ट स्कॉच का पेग बांये तो रति ने कहा ," बिना तुम मेरी जगह अपने सर को कंपनी दो में निम्बू पानी लुंगी ".

ब्रिगेडियर जसवंत सिंह ने पहले बोतल की प्रिंट और मार्किंग्स देखि फिर गदगद तारीफ करते सिप किये और बोले ," बिना बेटी फिर कहाँ तक बात पहुंची और आर्यन बीटा कब तक आएगा ?"

बिना ने भी सिप लेते हुए कहा ," अंकल महापंचयत के गाओं गए हैं आर्यन सर पर जल्दी hi वापस आएंगे वहां जरूरी काम में फस गए हैं ".

रति भी निर्मला की बेटे वाली खबर सुनने के बाद अपने hi तुनक मिजाज में बोली ," बस भाग दौड़ hi करता रहता है यह आर्यन, अब मेरी भी नहीं सुनता बस लगा रहता है यहाँ से वहां. कितना बोलती हूँ बस मेरे साथ रहकर बिज़नेस संभल ".

ब्रिगेडियर जसवंत हसने लगे अपनी फौजी बड़ी बड़ी मूछों पे हाथ फेरते हुए ," हाँ भेना मुझे भी आज तक याद है वह दिन बिना बेटी ..... यह रति नाम की मेरी भें एक तरफ आर्यन और एक तरफ गीता को गॉड में लिए हर जगह घूमती थी ...... पता नहीं कितना जोश था िश में और आज भी है जोह पूरी जी जान लगा के दोनों को अपने बच्चों की तरह बड़ा hi नहीं की बल्कि उनके लिए इतना बड़ा बिज़नेस एम्पायर भी खड़ा की है".

रति भी मुस्करा के ," सब बच्चों का hi तो है फिर प्रभा को भी मैंने अपनी बेटी hi माना आर्यन की तरह बस उसको दूध न पीला सकीय ".

ब्रिगेडियर ," हाँ प्रभा की असली नानी तो तुम hi हो. बिना तुम अभी संजय को यह डाइवोर्स पेपर्स फैक्स करो और रति तुम नवाब सिंह को बोल के उसको बेदखल करवाओ उसके खानदान से . जब कुत्ता पागल हो जाता है उसको गोली मार देते हैं और यह काम आज रात hi हो जायेगा".

रति ने कुछ बोलना चाहा तो ब्रिगेडियर जसवंत सिंह ने हाथ दिखा के रोक दिया ," मुझे बड़ा भाई मानती हो तो कुछ मत बोलो . वैसे भी संजय सिंह तुम्हारा नहीं मेरा और मेरी बेटी का गुन्हेगार है उसका खून मेरे सर रहने दो ".

बिना भी पेग ख़तम करती ब्रिगेडियर से डाइवोर्स पेपर्स लेकर फैक्स मशीन से सीधे देवेंदर सिंह के ऑफिस फैक्स कर दी ...... रति ने नवाब सिंह को कॉल करके साड़ी बात बताई तो वह भी अब लाचार hi लगा और उसने बात मान के कल hi कोर्ट में सारे पेपर्स रेडी करके संजय सिंह से नाता तोड़ने की बात की .

फिर अपनी माँ देवी सिंह को अमेरिका कॉल करके एक घंटे में साड़ी रामकहानी बता दी. देवी सिंह भी अपने छोटे बेटे की करतूत सुनकर हिल गयी पर था तो उसके कलेजा का टुकड़ा ऐसा वह कैसे होने देती.

आर्यन को कॉल मिलायी तो मीणा ने उठाया उसने भी सब वही बतया जोह नवाब सिंह ने कहा था फिर सीधा रति को कॉल करके देवी ने रूट हुए उसको खूब खरी खोटी सुनाई जोह ब्रिगेडियर जसवंत सिंह ने भी सुनी .

ब्रिगेडियर ने देवी को समझया पर माँ को कोण आज तक समझा पाया है और लास्ट में वार्निंग hi दे दी ," देख फौजी तुझे तेरी बेटी मिल जाएगी डाइवोर्स होते hi तो अपना मोह बंद कर और निकल वहां से. मेरा बेटे का क्या करना है वह में या मेरा पोता आर्यन करेंगे. मेरे बेटे की बात है तो कोई Rati-vati को में भी नहीं जानती , तू अपनी बेटी को संभल में अपने बेटे को देख लुंगी ".

और फ़ोन काट दी तब रति भी मुस्करा दी ," इशलिये में नवाब को फ़ोन नहीं करना चाहती थी खैर अब मेरे हाथ भी बंधे हैं. माजी भी आर्यन को मन लेंगी और में अकेली पद जाउंगी दोनों के सामने. अब आप भी अपने आदमी हटा लो पहले तोह साले िंह नेताओं की औकात दिखा दूँ मेरे hi टुकड़ों पे पलने वाले कुछ दांत टूटते कुत्ते मुझे पे गुर्राने की जुरअत किये ".

रति ने रघु को फ़ोन मिला के आर्डर दिया उन्ह 2 देवेंदर सिंह के हितेषी नेताओं को आज hi ऊपर पहुंचा और साथ में hi दो उन्ह चमचे मिनिस्टर को जरा अपनी रिमांड में ले बस मारना मत ...... सुबह मुझे पेपर में न्यूज़ चाहिए की दूसरी पार्टी ने गवर्नमेंट से सपोर्ट वापस ले ली है प्रदेश में बढ़ते अपराधों के कारन ".

रात 11 बजे रति के फाइव स्टार होटल में उसके साथी बुसिनेस्स्में और देश के बड़े बड़े बुसिनेस्स्में के रिप्रेजेन्टेटिव आज बिज़नेस समिति मेंबर्स की अर्जेंट मीटिंग में बुलाये गए थे .......

तब रति ने अपने ऊपर स्टेट गवर्नमेंट और सेंट्रल गवर्नमेंट की तरफ से एक तरफ़ा कारवाही करने और मेरे परिवार को बदनाम करनी की घेरि साज़िश की बात राखी .

रति ," में मानती हूँ हम सब भी बिज़नेस रिवल्स हैं profit-loss के साथ नए प्रोजेक्ट्स , नए वेंचर्स के लिए गलत तिकड़म भी भिड़ते हैं पर फॅमिली हम भी कभी बिच में नहीं लाते . हर साल हज़रों करोड़ चंदा सिर्फ पोलिटिकल पार्टीज के साथ सिक्योरिटी अफसर और बाकी गवर्नमेंट्स के डिपार्टमेंट को भी जाता है . मगर कभी हमने उनको ब्लैकमेल करके अपना काम निकला .... नहीं . पर आज मेरे साथ हो रहा है फिर किसी और क्र साथ भी होगा. मैंने आज तक अपनी भें डॉ अंजू के साथ सिर्फ अपना बिज़नेस बाध्य है ना की किसी का बिज़नेस चीन है और न hi उसकी कंपनी हड़पने की कोशिश की . में चाहती हूँ की हमारी समिति एक सीधा मैसेज गवर्नमेंट और फाइनेंसियल इंस्टीटूशन को भी दे की अब हमको दबाब में लाने की कोशिश हुयी तो हमारा पास भी विकलप खुले हैं ".

चेयरमैन ने कहा ," बात इतनी बड़ी भी नहीं मरस चौदर्य फिर आपका फॅमिली मटर है तो आपको खुद सोल्वे करना चाहिए. ऐसा तो सबको अपने खिलाफ करना होगा न ".

डॉ अंजू ने अपनी बड़ी भें की बात की सफाई दी ," नहीं चेयरमैन सर , दीदी का मतलब था की अब अपनी फॅमिली की इज्जत बचने के लिए उनको आपकी मदद चाहिए होगी यानी सिर्फ ओरल सपोर्ट hi काफी है. आप तक भी बात पहुंचेगी hi तो आप को भी तो यह सुग्गेस्ट करने का हक़ है की हम दोनों के साथ गलत हो रहा है . एक कंप्लेंट और सुम्मों जारी फिर ुंबाईलब्ले वारंट्स भी इशू किया . डिपार्टमेंट से लेकर गवर्नमेंट के किसी रिप्रेजेन्टेटिव को हमको इन्फॉर्म करके मामले की सच्चाई नहीं जाननी चाहिए थी . नेक्स्ट कुछ मंथ में स्टेट और नेशनल लेवल पे बिज़नेस सुमित होगी . हमारे बेटे महार्यं सिंह ने 2 लाख करोड़ के इन्वेस्टमेंट की बात राखी अपने क्लोज फॉरेन बिज़नेस सर्किल से , किसके लिए स्टेट और देश की तैराकी के लिए फिर अब अगर miya-biwi का झगड़ा हो तो रति देवी या आर्यन कहाँ से जिम्मेदार हैं यानी इनकी इमेज और पावर को तार्निश करनी की पूरी साजिश है ".

12 बजे जब मीटिंग ख़तम हुयी तब चेयरमैन ने कहा ," मरस चौदर्य हम आपको इंदिरेक्ट सपोर्ट करेंगे और आज hi स्टेट और सेंट्रल गवर्नमेंट को एक मेमोरेंडम भेजा जायेगा की देश में बिजनेसमैन को सही एनवायरनमेंट दिया जाये बिज़नेस करने के लिए न की राजनीती में उनको हरष किया जाए ".

डॉ अंजू ने 50 करोड़ का चेक मर चेयरमैन को दिया बिज़नेस समिति फंडिंग के लिए और दोनों बहेनो ने कभी भी फ्यूचर में हर किसी की मदद का आश्वासन भी दिया ऐसी सिचुएशन में . सबको थैंक्स बोलकर दोनों भेने बिना , नीला और मोना के साथ फार्महाउस पहुंची तो रात के 2 बजे तक आर्यन की अभी भी कुछ खबर न आयी थी .

कल का दिन बह्तों पे भरी पड़ने वाला था. रति और डॉ अंजू ने कच्ची नहीं पक्की प्लानिंग के साथ अपनी खिलाफ चाल का भरपूर जवाब देने का मैं बना लिया था पर उनकी आँखों का तारा, आर्यन , पता नहीं किस जरूरी काम में वयसत है .

अगर दोनों को पता चलता की आर्यन बस सुबह से रात तक सिर्फ सारू की छूट की धज्जियां उदा उदा के अपनी शक्ति बढ़ा रहा था तो चप्पल मार मार के मोह न सुजा देती . बहनचोद यहाँ हमारी मैया चूड़ी पड़ी है और तू अपनी मैया को चोदे जा रहा है ..... ?

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आर्यन के उड़ते hi गायब होने से उसकी 5 प्रिंसेसेस ने भी पुराने जंगल में अपना शक्ति पुंज भेजा और अब बड़े गुरूजी और निशांक गुरूजी के सामने 5 प्रिंसेसेस ने बारी बारी से वह किया जिसकी सायद उनको भी उम्मीद न थी ......

सारू ने अपनी दोनों आंखें बांध करके मंतर पढ़ा तो मीणा ने भी अपनी आँखों को बांध करते हुए आर्यन के ऊपर अपनी शक्ति भेजने का मंतर पढ़ा.

फिर गीता, डॉली और जाने के शक्ति पुंज ने भी शामे मंतर पढ़ दिया पर उन्ह शक्तियों में अब दीप्ति अपना सूक्षम रूप धारण करके अपने को टेलीपोर्ट कर दिया ुष जगह पे जहाँ अणि को कैद किया गया था जहाँ आर्यन जा रहा था .

महारानी विजयलक्ष्मी ने अपना याग करते हुए अपना एक अदृश्य प्रीतिबिम्ब बना के दिल्ली में नेहा की तरफ भेजा जोह सूती हुयी को जगह के उसके अंदर समां के उसकी शक्ति जगा दिया .....

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नेहा के अंदर समाती राजकुमारी नैनावटी

नेहा पिछले जनम में राजकुमारी नैनावटी थी जोह महाराज की सेनापति के साथ साली होने के बावजूद उनकी हमबिस्तर भी थी .

नेहा अपनी यादास्त और शक्ति पाकर सीधा ुष किल्ले के पास पहुंच के प्रकट हुयी तो दीप्ति और आर्यन को देखकर चौंक गयी ......

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राजकुमारी दीप्ति

आर्यन अपने नार्मल रूप में था ," नेहा , दीप्ति तुम लोग किसी को बहार निकलते hi मार देना ..... में अंदर जाकर अणि को खोज के लाता हूँ ".

नेहा ," पर भाई आप ऐसे रूप में कैसे जाओगे ? ...... अणि को किसी बहोत ताकतवर शक्ति ने बंधा है ऐसा आभास हो रहा है . बस 2 दिन की बात है महारानी विजयलक्ष्मी का याग पूरा होने दे फिर वह सब नेस्ता नाबूत कर देंगी ".

आर्यन हसकर ," में इतनी डिअर नहीं रुकने वाला ...... दीप्ति अपनी पूरी ताकत लगा देना मुझे बहार खींचने में चाहे सबको बुलाना पड़े पे तुम्हारे पास भी काम शक्तियां नहीं हैं ".

आर्यन अपनी आँख बांध करता गरुड़ हेलमेट पहने पूरे बर्फ से धक्के ुष मैदान को फोड़ता हुआ अंदर घुसा तो ......

वांग सु के 7 साथ अलग अलग साथियों का कवच नष्ट होता चला गया जोह किल्ले को सुरक्षा देकर अणि को कैद किये हुए थे ......

यह कोई जादूगर क्या कोई भी भरमांड की शक्ति आ जाएँ तो भी उनका मंतर कवच नहीं तोड़ सकता था यानी यह असाधारण शक्ति है पर मानव कैसा हो सकता है......

आर्यन का मानव रूप hi उन्ह सतहों को जैसे घमंड hi करा दिया .....

वह भूल गए भगवन ने भी आम पुरुष के roop..me जनम लेकर कितने बड़े बड़े पुत्र काम किये हैं.

और वही हुआ ..... आर्यन पहले बर्फ फिर सारे 7 मंतर कवच फोड़ता ुष अंडरग्राउंड किल्ले के अंदर भी छेद करता ुष जगह पहुंचा जहाँ अणि कैद थी ......

उन्ह 7 के सबसे शक्तिशाली पेहरि अदृश्य रूप में सचेत हो गए ...... चीन के 5 कोने में बने सबसे पुराने 7 प्राचीन मैथ के यह गुरु थे पर एक उनसे भी प्राचीन 3000 साल पुराने जादूगर के अधीन थे ......

हवा में झूलता अपनी छोटी भें अणि का निर्जीव सा बेहोश सरीर देखकर जैसे आर्यन अपना आप hi खो दिया था .....

वह अणि की तरफ बढ़ा तो पीठ पे एक लात लगी फिर दो उसके बाद अनगिनत .....

आर्यन के सरीर को उन्ह अदृश्य किसको ने जैसे फुटबॉल hi बना दिया था ..... मगर 1 मं के ड्रामा को आर्यन ने गीता की धरती की शक्ति उसे कर गर्वीत्य को बढ़ता चला गया ...... अब खिचॉव और दबाव इतना ज्यादा बढ़ गया की 7-7 सामने दृष्टिगोचर हो hi गए ......

वह अदृश्य से 7 विशाल गंदे से जीव को सामने देखकर आर्यन ने अपना क्रोध उन्ह पर जाहिर करना hi था फिर जोह पटक पटक के दे घूंसे दे लात मार मार के उनको अधमरा कर दिया थोड़ी hi डिअर में और अब ग्रेविटी नार्मल कर दी ......

मगर उनके 7 आका( गुरु) ने अब उनके सरीर में खुद को प्रवेश करा दिया जिससे वह 7 फिरसे पहले जैसे हो गए ...... और जोर जोर से हसने लगे ......

आर्यन भी गुस्से से बोलै," तुम सबने अपनी मौत बुला ली है मेरी भें को अपराह्न करके. आज तुम को अपने जिन्दा होने पे दुःख होगा ".

पहला जीव ( प्राचीन भासा में ) ," मुर्ख इंसान सिर्फ शक्तिशाली हेलमेट और धरती की पावर इस्तेमाल करके तू हमारे गुलामो को हरा सकता है हमको नहीं. हम पांच तावतो की शक्ति रखते हैं हमको कोई हरा भी नहीं सकता ".

आर्यन भी हसकर ," अच्छा फिर महारानी विजयलक्ष्मी से डर के क्यों अपनी गांड आज तक मारा रहे थे ...... बुझदिलों यह मेरी मासूम सी भें है िशने क्या बिगाड़ा है तुम्हारा ? महारानी अभी भी हिमालय में है जाओ लड़कर दिखो उससे ".

आर्यन की बात पे गुस्सा करके दो ने ुष पर बड़े आग के गोले फेंके जिसको गुरद हेलमेट ने अपने पे ले लिया ...... वार निसफल रहा तो आर्यन ने अपनी लोटस शील्ड से अणि को कवर किया और 7 से भीड़ गया पर न उनपर किसी वार का असर हो रहा था न आर्यन पे .......

7 ने एक साथ हमले करके आर्यन को निच्चे दबाया भी पर उनको उछाल के परे फेंकता हुआ दादा ," तुम तो सब इतने पुराने और साचे इंसान थे अब किस काली शक्ति ने तुमको भेला लिया ".

अपना भेद खुलता देख पहला जीव बोलै," अब तू गया ...... "

आर्यन भी सीधा खड़ा रहकर अपना मंतर पढ़ा और मोह खोल के ुष 10 फट के जीव को निगल गया ..... और जीभ से चटकारा मार के बोलै ," साला कड़वा था अब कोनसा मीठा है वह आयो ".

सबकी पहात गयी अपने साथी का हज़ार देख के पर वांग सु जोह खुद तिब्बत में हिमालय में बैठा था ध्यान में सब दृश्य अपनी दिव्या दृष्टि से देखकर खुश हो रहा था चौंक गया," आशम्भव ......."

वह अपने साथियों को आघा करता उससे पहले आर्यन अपना बड़ा मोह शेर की तरह खोल के बाकी 6 को भी निगल गया ...... अब बिलकुल टॉफ़ी की तरह मोह में चबा के उनकी सर खोपड़ी थूक दिया और उन्ह नर मुंडों पे खड़ा होकर गरजा.

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आर्यन अपनी नार्मल तलवार के साथ

आर्यन ," अणि मेरी जान है उसको हाथ नहीं लग्न चाहिए था तुम जैसे पाखंडियों को जल्दी hi तुम्हारे गुरु की भी एहि दशा होगी ...... "

उसके सरीर में वाश करने वाले हज़रों शेर से लेकर गेंदों के साथ पिशाचों की भी दावत हो गयी ...... आर्यन आज फिर दूसरे भरमांड के राजकुमार के अवतार में था ......

(*िश अवतार को देखकर जहाँ सबकी रूह काम्पटी वही बड़े गुरूजी को अत्यंत प्रसन्ता होती की आर्यन का सरीर समय समय पे अब राजकुमार की शक्तियां झेलने लगा है )

अणि के पास जाकर उसके सर पे हाथ फेरा तो उसकी चेतना लौट आयी अपनी चिर परचित मैं मोहक मुस्कान लिए बोली ," मेरा प्यारा भाई तू आ hi गया , ी लव यू भाई ..... पुछःह पुछठ ".

आर्यन भी भावुक होकर आंसूं भाता अपनी छोटी सूंदर सी भें, अणि के पूरे चेहरे को चूम के बोलै," मुझे कॉल नहीं कर सकती थी, अब तू कहीं नहीं जाएगी मेरे पास hi रहेगी. तू बस बहार मत जाया कर मुझे डर लगता है "...... अपनी hi प्रेम भावना में वह िश नटखट के लिए जैसे वकुल hi हो गया .......

आर्यन ने अपना गरुड़ हेलमेट पहना और सहायक को याद करके पूरा काली शक्तियां का किल्ला धवस्त करता अणि को गॉड में लिए बहार निकलने के लिए बढ़ा तो दीप्ति और नेहा ने अपनी शक्ति से दोनों के लिए एक सेफ पैसेज बना दिया सुरंग सा जिसमे दोनों भाई भें खींचते हुए ऊपर आ गए प्रभा की सूखने की शक्ति से . प्रभा को वहां नागिन रूप में देखकर आर्यन और अणि भी खुश हुए .

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प्रभा अपने दिव्या रूप में ....

पूरी धरती कांप गयी थी पर दुर्र बैठा जादूगर वांग सु चुप चाप देख hi सकता था ..... नागलोक की राजकुमारी प्रभा और आर्यन की शक्तियां ने उसकी सोच क्या आगे का प्रोयोजन hi बदल दिया .

जादूगर ( मैं में) यह कोई धरती क्या, किसी भी िश भरमांड लोक की शक्ति नहीं है यानी ...... आशम्भव पर क्यों ?कैसे ? किस लिए ? वह गलत लोगों के हाथ में है . भारत में धोका hi मिलेगा िश दिव्या शक्ति को , में कभी ऐसा होने hi नहीं दूंगा .

आर्यन नाम है न तुम्हारा जिसको हमारा माशिया होना होगा तुम hi हमारी बेटी को ुष काली कैद से आजाद करके धारण कर सकते हो ...... अब एक hi रास्ता है, कैलाश पर्वत पे hi इश्क जवाब मिलेगा .....

चीन के उत्तरी पूरे 6 प्रांत में भूकंप आया पर एक भी जान का नुक्सान नहीं हुआ पर आर्थिक छाती जरूर पहुंची ..... एपीसेंटर भी न्यूज़ चन्नेला मैं गढंत hi बता पाए .

आर्यन जब अणि को लेकर सीधा पुराने जंगल में प्रकट हुआ तो बड़े गुरूजी ने दोनों को आशीर्वाद दिया ....... नेहा , दीप्ति और प्रभा के अल्वा 5 प्रिंसेसेस के ऊर्जा पुंज भी वहीँ थे.

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(5 प्रिंसेसेस ऑफ़ थे स्टोरी)

अणि ने अपने भाई की गॉड से उतर के कहा ," जल्दी hi मुक्ति शुरू करुँगी गुरूजी बस आप बिच में मत आना और तू निशांक तुझे भी मेरा तमाशा hi देखना था ...... "

आर्यन ने अणि को अपनी तरफ टर्न करके बोलै," तेरा दिमाग़ ठीक है , आज िंह दोनों गुरूजी की वजह से तू बच पायी. वह मार hi देते तुझे तेरी शक्ति पाने के लिए ".

अणि भी अपने भाई के गले लगकर बड़े गुरूजी और निशांक को देखकर मुस्करा के बोली," मुझे टोक्यो भेज दो नेहा वहां सब ढून्ढ रहे होंगे ".

आर्यन भी सीरियस होकर ," गुरूजी हमको टोक्यो भेज दो "......

अणि मुस्करा के आर्यन के लिप्स पे किश की और बोली ," नहीं भाई अभी आप अपनी प्रिंसेसेस के साथ खुस रहो में कल इंडिया पहुंच जाउंगी ".

आर्यन अब अणि की चिंता दिखता ," वह कोण था जोह तुझे कैद कर लिया और अब टोक्यो जाकर क्या करेगी ".

अणि ने नेहा को गले लगया और आर्यन को वेव करते बोली," अब में नेहा के साथ देख लुंगी , आप निश्चिंत रहो ".

दोनों अदृश्य हो गयी तब आर्यन ने बड़े गुरूजी की तरफ देखा तो वह भी मुस्करा के उसको शांत रहने का इशारा किये .

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देवी सिंह ने अमेरिका में मारिए हॉल से संजय की पूरी बात बताई तो उसको भी ॉश्चारिये हुआ की ऐसी बात पे जान से मारने की क्या जरुरत है सजा भी दिलवाई जा सकती है और संजय सिंह को हमेशा के लिए अलग कर दो ताकि अपनी अलग जिंदगी जिए .

रात के 11 बजे जहाँ देवी ने बिना से देवेंद्र सिंह का कांटेक्ट no लेकर संजय को खूब गाली देती हुयी बात की वहीँ मारिए हॉल ने रति और डॉ अंजू को समझाया की संजय को वापस साउथ अफ्रीका भेज दो एंड ी विल मेक सूरे की वह कभी इंडिया नहीं आएगा यह देवी माजी भी वादा करती हैं , परिवार से दूर रहेगा तो सजा hi मिलेगी उसको .

मारिए हॉल की समझदारी वाली बात रति और अंजू भी नहीं ताल पायी फिर देवी ने पहले hi रोया रॉट मचा रखा था ..... वह बार बार आर्यन से बात करना चाहती थी पर उसको लग रहा था रति खुद जानभूझ के आर्यन से बात नहीं करने दे रही है .......

मारिए हॉल के एक फ़ोन कॉल पे संजय सिंह सुबह की फ्लाइट से मुंबई फिर साउथ अफ्रीका जा रहा था , उसने डाइवोर्स पेपर्स पे भी सिग्न कर दिए और अपनी कंप्लेंट भी वापस ले ली ...... देवी ने संजय को गाली गलोच के साथ अपनी कसम देकर मन लिया था.

देवी ने उसको बोल दिया ," अगर उसने ऐसा नहीं किया तो तू तो कल का सूरज देखा भी नहीं पर में भी यहीं जान दे दूंगी की आखिर एक माँ अपने बेटे की जान न बचा पायी तुझे मुझसे कोई प्यार तो नहीं रहा अब न "......

संजय सिंह भी अपनी माँ के इमोशनल ब्लैकमेल से पिघल के बोल दिया जोह वह कहेगी वही होगा पर मेरा दर्द तो न दीखता किसी को ..... देवी ने अपनी कसम और खंडन के नाम में मन लिया आखिर संजय को .

देवेंदर सिंह की अब हालत खुसक थी क्योंकि उसका पूरा डिपार्टमेंट और कुछ नेता भी इन्वॉल्व थे तो कैसे कंप्लेंट वापस लेता. तीर निकल चूका था और आगे क्या क्या होगा उसका अंदाज़ा ैप देवेंदर सिंह क्या उसके मातहत और एक्कओं को भी न होगा..... पिछली बार रति ने आर्यन के केहर से बचा लिया था पर अबकी बार रति भी िश अपने परिवार के कलंक को नहीं बक्शना चाहती थी .

संजय सिंह जरूर चालक hi निकला आखिर उसकी माँ देवी सिंह उसकी जान hi बचा रही है और िश काण्ड से भी पीछा छूट रहा है मगर छोडूंगा नहीं निर्मला और आर्यन को चाहे मौत hi क्यों न मिले???? मेरा बदला दोनों को सबके सामने नंगा जलील करके hi पूरा होगा? जाने उसकी नफरत क्या आगे गुल खिलेगी पर अभी तो वह सेफ था .

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अणि टोक्यो पहुंच गयी पर अब नेहा उसके साथ थी ...... उसकी ऑफिस टीम भी अब उसको सही सलामत देखकर नार्मल हुयी.

आर्यन को कल इंडिया आने का वादा किया था अणि ने पर उसको भी गायत हो गया था की आर्यन और नेहा के अल्वा कोई उसका सागा नहीं है.

अणि को बचने के लिए सब ने मन किया और बिना इतना ताकतवर हुए भी वह hi नहीं उसके पीछे सबको आना पड़ा. जहाँ सब आसानी से हो गया वहीँ इसका श्रेया उसकी मम्मी सारू और बीवियों को hi जाता है . आर्यन अगर अणि के साथ है तो हर कोई उसके साथ है वार्ना कोई नहीं .

महारानी विजयलक्ष्मी भी सोच ली थी ,"मुझे अणि को यूँ अकेले शक्तिवाहिन नहीं छोड़ना चाहिए था पर अब सबसे पहले धरती की पुराणी सोई हुयी प्राचीन शक्तिओं को झुकाने का समय आ गया है . अणि को आर्यन क्या में भी नहीं खो सकती अपनी मुक्ति के लिए .

पुराने जंगल की पांचो प्रिंसेसेस बड़े गुरूजी को प्रणाम करके वापस अपने सरीर में चली गयी . आर्यन अब अपना गरुड़ हेलमेट और दिव्या तलवार को यहीं पुराने जंगल में रखना चाहता था तो बड़े गुरूजी ने भी इजाजत दे दी .

सुबह चार बजे जब आर्यन हवेली पहुंचा तो मीणा ने उसको कल दिन और रात की साड़ी कहानी सुना दी . आर्यन भी जब बिना से फ़ोन पे बात किया तो ुष ने बोलै ," में शाम को दिल्ली पहुंचूंगा जब तक किसी को पता न चले में कहाँ हूँ बस बोलना में दिल्ली में hi हूँ ".

मीणा और सारू अब आर्यन को हैरानी से देखने लगे तो उसने मुस्करा के कहा," अब छुट्टी पे हूँ तो रेस्ट करूँगा. वैसे भी जब सबने अपनी खुद मारवणी की ठान ली है तो में क्यों फिकर करूँ. दोनों शेरनीओ माँ को सिस्टम ने जगा दिया है तो उनकी धाड़ hi काफी है सबको झुकने के लिए ".

सारू परेशां होती हुयी ," तू कुछ मदद नहीं करेगा का अपनी माँ की ?"

आर्यन अब अपने कपडे उतर के सिर्फ अंडरवियर में बीएड पे लेटकर मीणा और सारू को अपने ऊपर खींच के चूम के बोलै," कुछ घंटे सू लो फिर उठकर गाओं में घूम कर महापंचयत का काम भी देखेंगे "...... मीणा और सारू भी उसकी बाँहों में सू गयी ........ सवाल दोनों के पास थे पर सायद आर्यन बात करने के मूड में नहीं था.

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निशांक गुरूजी ने पुछा ," गुरूजी आज आर्यन ने किसी की नहीं सुनी यह अच्छा संकेत नहीं है. महारानी विजयलक्ष्मी भी मुझसे आपसे नाराज हैं ".

बड़े गुरूजी बांध आँख किये हुए बोले ," निशांक तुम सिर्फ आर्यन में महार्यं खोज रहे हो और बाकी सब भी अपने अपने प्रेमी या पति को. आर्यन महारानी विजयलक्ष्मी को नहीं अपनी छोटी भें अणि को बचने गया था. उसके अंदर और दिमाग़ में अलग hi समाजस्व चल रहा है. फिर आज एक छोटी परीक्षा सी तो थी आर्यन और उसकी 5 राजकुमारिओं की लेकिन दीप्ति , नेहा और प्रभा ने उसका साथ देकर बता दिया की वह उससे कितना लगाव और जुड़ चुकी हैं जोह अच्छा संकेत है ".

निशांक गुरूजी ," Dimple-Payal उसकी दूसरी जुड़वाँ बहेनो ने तो साथ नहीं दिया न गुरूजी ".

बड़े गुरूजी मुस्करा के ," उन्होंने hi तो शुरवात की है , दो शक्तियां उसके अंदर अपनी दाल के फिर सारू ने आर्यन को पूरा निर्मल कर दिया है ...... दोनों भेने उसके साथ होती तो वह किसी हिंसक शेर या गंदे का रूप धारण करके ज्यादा तभी मचा डालता और वह दोनों उसके साथ मिलकर जैसे सब इंसानो को मारने hi निकल पड़ती. सारू की शक्ति और प्रेम आर्यन को थाम के रखेगा ताकि वह और शक्तिशाली हो अभी तो असलियत का 10 पटिसट तक नहीं है उसकी शक्ति छमता. अगर तुम ने देखि होती तो यह प्रश्न hi न करते ".

निशांक गुरूजी थोड़ा शर्मिंदा होते हुए ," बस एक बार रति को वरदान देकर में भी परमात्मा में लीं होना चाहता हूँ. कब वह समय आएगा ?"

बड़े गुरूजी ," जहाँ हज़ारों साल सही वही कुछ दिनों की बात है बस रति को सपनो के बाद कुछ कुछ हक़ीक़त बताते रहो ".

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मीणा की 9 बजे आँख खुली तो आर्यन के बीएड पे अकेली थी फिर कड़ी होकर फ्रेश होने के बाद उसको अंदाज़ा हो गया की क्या िंह माँ बेटे पे जानूं सवार है जोह रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं .......

आर्यन के सीक्रेट रूम में सारू घोड़ी बानी थी और आर्यन ने उसकी गुदा की सील खोल डाली थी अपनी चिकनी चुपड़ी बातों में फसा के ....... गूरे चूतड़ से खून से लाल थे थप्पड़ और धक्कों के कारन ........ आर्यन का तोपची किसी साइकिल एयर पंप की तरह सारू की गांड पहाड़ चुदाई में लगा था .

परेशां न हो दोस्तों कुछ दिएर पीछे चलते हैं ....... डिटेल में बताता हूँ .......

*** कई रीडर्स की पर्सनल डिमांड पे सेक्स सन भी ज्यादा एस्केप नहीं कर सकता ......

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सुबह 8 बजे सारू की आँख खुली तो आर्यन के सीने पे अपने को सूता पाकर हिली तो मीणा अब साइड में आर्यन से चिपकी सोई थी जिसको सारू नींद में धकेल दी थी.

अपनी सीढ़ी झांग पे आर्यन के अर्ध निंद्रा में सूट लिंग को अंडरवियर के ऊपर से रागादि तो वह भी ठुनक के जागने लगा ......

कल का पूरा दिन याद करते hi उसके सरीर के रूए खड़े हो गए ...... उसको खुद विश्वास नहीं हुआ की इतनी ज्यादा छुडासी वह कैसे हो गयी जबकि कल तो आर्यन को एक मं को आराम नहीं करने दी न खुद की ......

7 राउंड वह भी एक के बाद न दिन का होश न रात का....... गिनती hi जैसी भूल गयी और हर एक घंटे से काम न होगा एक भी प्यार का योग ...... फिर बिच बिच में आर्यन उसकी चूची और छूट चूस डालता अपना लुंड चोलवटे हुए.

शादी के बाद भी ऐसा कभी राज के साथ नहीं हुआ न hi महार्यं के साथ पिछले जनम में जबकि चुदाई तब भी बेरहमी से करता था ...... पर यह अहसास नया था यह तरंग यह उत्शा नया था बस मुझे प्यार कर .....

अपनी टांगों के बिच दोनों झांघो को जोड़कर कड़क लुंड को दबती वह ऊपर खिसकक के आर्यन के सीने से ऊपर जाकर अपनी निघ्त्य खोल के अपनी ब्रा ऊपर करके उसके लबों पे अपनी सीढ़ी चूची का निप्पल लगा दी ...... जिसको आर्यन नींद में hi पीने लगा.

सारू को अभी सुबह सुबह hi जोश चढ़ने लगा , उसकी छूट छोड़ने के बाद थोड़ी जलन और दर्द करती पर फिर से त्यार हो जाती. अब तरकीब लगाती आगे झुकार आर्यन का कान चाटने लगी.....

2 मं बाद जब आर्यन की आँख खुली तो अपनी मम्मी का निप्पल जोरसे से काटा और पीने लगा , सारू भी सीईईई करती उसके सर पे चपत मारी ...... और करवट लेकर दूसरी साइड होकर बीएड से निच्चे उतर के अपने लिप्स पे ऊँगली रखकर आर्यन को चुप रहने का इशारा कर उसके सीक्रेट रूम की तरफ इशारा की ......

आर्यन भी पूरी तरह उठ चूका था मीणा का गाल चूम के आराम से पिलो पे उसका सर रखकर उतरा और अपने बैडरूम का दूर अंदर से लॉक देख के सारू के पास जाकर उसको बाँहों में भर लिया.

सारू भी अपने बेटे आर्यन से लिपट के उसकी गर्दन में बाहिएँ दाल झूल गयी और उसके लबों को चूमने लगी . आर्यन के दोनों हाथ सारू के उभरे सुडोल नितम्बों को थाम के मसलते हुए निघ्त्य के ऊपर से उसको अपनी गॉड में उठा लिए .......

सारू ने भी अपनी टांगें उसकी कमर पे लपेट अपना योनि चैत्र उसके लिंग के उभर पे रगड़ के अपनी कामुकता की आग दर्शा दी की कुछ मेरे लाल अब रुका नहीं जाता .......

आर्यन ने कुछ सोचते हुए उसको गॉड में लिए अलमीरा के पास जाकर एक जेली क्रीम उठा ली और सारू को अपनी पीठ की तरफ पलट के लाढ़ लिया जोह उसको अच्छा नहीं लगा पर जल्दी hi उसकी भी समझ में आ गया .......

सीक्रेट रूम के दूर पे अपना एक पंजा और आँखों के साथ हार्टबीट स्कैन करके दूर खुलते हुए अंदर ले गया मीणा को अकेली सूता छोड़कर ......

तभी मीणा एक बार नींद में कुंमायी और बड़बड़ा के बोली," माहि मुझे भी प्यार कर सारू मम्मी की तरह "..... ????

मीणा , नेहा , डॉली और प्रभा अब हर हाल में मिलान के लिए त्यार थी ..... वहीँ गीता की नयी भेने जाने और दीप्ति ुषको वाचां दे चुकी थी जिसका अब गीता को भी पछतवा था ...... आगे क्यों कदम बढ़ेगा ????

सारू बस अपने प्यार से आर्यन को सींच रही थी जिसका असर अब सब पर पड़ने वाला था ...... सबसे ज्यादा रति पर ???

तो बे कॉन्टिनोएड.....
 
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