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Part - 6(ा) ( राजगद्दी )
अब तक.........
आर्यन के रास से साणे लुंड को विद्या दीदी चूसने लगी तो आर्यन ने कहा ," दीदी अच्छे से साफ़ कर "...... विद्या खुस होती उसके ाँद तक का रास चाटने लगी .....
आर्यन की आवाज सुनकर लीला ने आँख खोली फिर पहले विद्या और अपनी छूट पे ऊँगली से माल ीखता करती काकी को देखि तो मुस्करा के काकी की गर्दन पे अपनी टांग लपेट के बोली ," कुटिया काकी डायरेक्ट चाट के साफ़ कर , उसके बाद तुम माँ बेटी को मौत देकर जाउंगी ...... तुम रंडियों की हिम्मत कैसे हुयी अंदर आने की ?"
आर्यन भी लीला का गुस्सा देखकर डर गया कहीं लीला सच्च में उसकी काकी दीदी को मरवा न दे ...... ?????
अब आगे......
काकी ने अपनी जीभ से लीला की छूट और झागों से सारा विरए और छूट रास चाट लिया ...... आर्यन ने लीला की तरफ टर्न करके उसका गाल चूम लिया तो लीला भी अपने लबों को उसके लबों से जोड़कर किश करने लगी .......
काकी ने विद्या को हटा के खुद आर्यन का लुंड और ाँद चूस के बिलकुल साफ़ कर दिया . फिर विद्या को बोली ," जा बाथरूम में रानी जी के गरम पानी भर दे बाथटब में और इम्पोर्टेड सोप भी दाल देना उनको सिकाई से आराम मिलेगा ".
विद्या उठकर बाथरूम गयी और काकी निच्चे चली गयी और 5 मं बाद आयी तो लीला अब आर्यन के ऊपर लेती उसको चूमे जा रही थी ......
काकी ," बीटा अब रानी जी को आराम करने दे , में मालिश करके इनका दर्द दूर कर देती हूँ ".
लीला ने काकी की तरफ देखा फिर आर्यन को जिस ने उसको हाँ कहा तो साइड होकर बीएड पे बैठी तो अह्ह्ह्हह्हह माआआआ निकल गया ," बहोत बुरी तरह से किया तू ने आर्यन दर्द भी ज्यादा दिया ".
आर्यन बस मुस्करा दिया तब काकी ने 10 मं एक स्पेशल तेल से पहले पेट, कमर और गांड की मालिश के बाद उसके हाथों और झांघो की भी कड़क मालिश की ...... लीला देख रही थी यह बुढ़िया बहोत एक्सपीरियंस है और मेरी धमकी का भी डर नहीं हुआ .
लीला अपनी कड़क आवाज में ," अब अच्छा लग रहा हक़ काकी , तुझे डर नहीं लगा अंदर आने में ? मेरी पिस्तौल या खंजर हाथ में होता तो मर जाती तू और तेरी बेटी ".
काकी बस मुस्करा के अब उसकी छूट की फांकों की मालिश करती हुयी बोली," रानी शैब्या हम तो नौकर हैं आपके गुलाम, हमारे मरने से कुछ फर्क पड़ेगा क्या. फिर गुलाम अपने मालिक के हाथ मरे तो उसका सोभागः hi होता है ".
लीला भी हस्ती हुयी ," आर्यन यह काकी अपने टाइम की बहोत बड़ी रंडी होगी और पक्की चापलूस है , चल माफ़ किया तुझे बस होंठ सिल्वा ले अपने और अपनी बेटी की".
आर्यन भी मुस्करा के ," लीला डार्लिंग हर राज की कीमत होती है फिर काकी की मालिश का इनाम भी मिलना चाहिए ".
लीला ," रानी हु यार में, सब अच्छे से समझती हूँ , काकी तेरा इनाम मिल जायेगा अब अपनी बेटी को लेकर जा मुझे अपने नए यार के साथ रहने दे ".
आर्यन ," काकी जूस और कुछ खाने को भिजवा दो ".
आर्यन अब बीएड से उतर के लीला को अभी बाँहों में उठा के चूमता हुआ बाथरूम ले गया वहां दोनों फ्रेश होकर फिर से बाथटब में एक दुसरे से लिपटे चुदाई किये ...... बस चूमते सेहलते दोनों हलके हलके कमर हिलाते िश पल का आनंद ले रहे थे .
लीला को आर्यन ने अपने घर की औरशन और अपने बच्चों के साथ उनकी माओ की स्टोरी भी बताई ...... लीला भी अब एक तरह से मैं बना ली थी की आर्यन जोह कह रहा है वह मुमकिन है पर आखिर में पूछ hi ली ," चल में तेरी बात मान भी लूँ, अगर दीप्ति ने कभी मुझे hi िश रिश्ते के लिए ऊँगली दिखाई तो ?"
आर्यन उसकी भारी चूतड़ सहलाता हुआ बोलै ," दीप्ति को ऐतराज नहीं होना चाहिए और उसको तुम्हारे मेरे रिलेशन का पता होगा , यह बात भी कहाँ छुपेगी तुम मेरे साथ अकेली गयी थी किसी मीटिंग में ...... लीला, तुम रानी हो एक रियासत की कोई तुम्हारी तरफ ऊँगली नहीं उठाएगा फिर तुम्हे अपनी पसंद का मर्द चुनने से कोण रोक लेगा ".
लीला अपनी कमर हिलती उसके लुंड को अपनी छूट में कसने लगी ," हूंणंन्न ारयणणणणणण मैंने आज तक दो मर्द hi चुने हैं दोनों एक से बढ़कर एक हैं. मेरा पहला प्यार की निशानी रौशनी है और अब मुझे तुमसे भी निशानी चाहिए hi hi hi hi hi ....... बहोत गन्दा है तू वहां ऊँगली मत कर मुझे पता है तू पहले दिन से मेरी चूची और गांड के पीछे पड़ा है ......... शह्ह्ह्हह्ह मेरे लिए तू मेरा सीक्रेट पति रहेगा और रौशनी अबसे तेरी बेटी है खुश ........ पुछःह पुछठ ".
एक घंटे की मस्ती ने लीला को बिलकुल थका दिया ....... आर्यन की चाप उसके सरीर पे नहीं दिल पे भी गहरी लगी थी .
कुछ डिअर बाद अब जूस और स्नैक्स खाकर बीएड में दोनों नंगे ब्लैंकेट में लेते थे ...... आर्यन के कंधे पे सर राखी उसके सीने पे हाथ फिरती लीला ने कहा ," आर्यन मैंने अपना सब कुछ तुझे सौंप दिया है और आगे की जिंदगी तेरे साथ hi देखती हूँ. मुझे महीने में एक दिन भी देगा तोह काफी होगा अपने प्यार की बाँहों में सकूँ पाने के लिए ".
आर्यन उसकी कमर सेहलता बोलै," लीला तुम मेरे लिए बहोत स्पेशल हो , सायद तुमको देखकर की प्यार करने के लिए तड़प रहा था फिर रौशनी जैसी बेटी देखकर तय भी कर लिया की तुम मेरी जरूर बनोगी. देखो सायद भगवन भी एहि चाहता है हम साथ रहे. अपनी बेटी को ज्यादा से ज्यादा टाइम दो देखना तुम खुद hi इतनी खुश रहने लगोगी की सब तुमसे जलेंगे ".
लीला ने अपनी झांग आर्यन के लुंड पे रगड़ के कहा ," रौशनी को पूरा प्यार दूंगी पर उसके नए पापा को भी उसकी मुम्मा को प्यार देना चाहिए न, आर्यन दर्द तोह बहोत है पर एक बार और अंदर आ जाओ मेरे...... सायद ऐसा मौका जल्दी नहीं मिलेगा ".
3 घंटे में 2 बार छोड़ने के बाद भी लीला एक बार और आर्यन से छोड़ना चाहती थी पर उसने शरत राखी ," मुझे रफ़ चुदाई पसंद है, आधे टाइम तुम डोमिनेट करना आधे टाइम में ".......
सही औरत पे हाथ डाला था आर्यन ने, यह साइज hi नहीं स्टैमिना में भी सबसे बड़ी थी , आर्यन की दादी , देवी की उम्र ज्यादा थी पर देवी का जवान वर्शन hi कह लो लीला को ...... बिस्टेर में दोनों का मर्द नंगा हो तो साले को खाली पीली आराम तो करने देने से रही.
अबकी बार लीला ने अपना हिंसक रूप दिखा के आर्यन को थप्पड़ मारते हुए उसके लुंड की सवारी की , उसके निप्पल तक काट डाली ...... सीने पे जगह जगह दांतों के निशान भी पद गए ...... मगर यह औरत लीला अब 3 स्टेज तक आ चुकी थी , आर्यन को अंदजा था यह 5तह स्टेज भी झेल लेगी हिंसक , डोमिनेटिंग सेक्स के दौरान .......
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अब तो रूम का दूर भी खुला था पर लीला में जैसे माता आ गयी हो चिल्ला चिल्ला के गालियां बक्ति आर्यन को उकसाती हुयी 20 मं में 3 बार झाड़ के पास्ट हुयी तो आर्यन ने उसको बीएड पे पेट के बल लिटा के बालों को हाथ में लगाम की तरह थाम के पीछे से उसकी छूट में लुंड पेलते हुए पूरी ताकत से उसका ढोल बजा डाला , आधे घंटे सिर्फ चीखिआ hi सुनाई दी लीला की जिसकी गवाह पीली कोठी बानी .
काकी और विद्या अपने काम में लगे रहे , दोनों ने 16 डिशेस वाली स्पेशल थाली रेडी कर दी थी ....... चीखिआ सुनकर दोनों हस्ती और आर्यन के गुणगान.
7 बजे जब दोनों निच्चे आये रेडी होकर तो लीला थकी थकी जरूर थी पर चेहरे की लाली अलग hi स्टोरी बयां कर रही थी ......
आर्यन और लीला ने खाना खाते हुए दिल से दोनों माँ बेटी की तारीफ की .
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लीला
चलते हुए काकी को अपने गले का कीमती हार देती हुयी बोली ," इनाम है रख ले "....... एक चेक विद्या को दी ......" यह तेरे और बच्चों के लिए , अगली बार मौका मिले तो आर्यन को अंदर लेकर hi यहाँ से जाने देना ....... ाचा लगा मुझे यहाँ आकर मेरा सबसे अच्छा दिन था फिर आऊँगी काकी ".
दोनों को हेलिपैड पे छोड़ने आयी और आर्यन के गले लगकर जल्दी आने का बोल के माँ बेटी ने विदा किया .
पीली कोठी पहुंचकर दोनों ने फिर से ुष हार को देखा तो काकी खुश होती हुयी बोली," असली महारानी है इतना कीमती हार देते हुए एक बार भी नहीं जिझकि ".
विद्या ,"हाँ बहोत सूंदर है माँ , मुझे भी 2 लाख का चेक देकर गयी, सच में लीला जी बहोत अच्छी हैं फिर आर्यन भैया ने भी 1-1 लाख कॅश दिया है लिफाफे में ".
काकी मुस्करा के ," सब आर्यन का कमाल है , यह सब रानी महारानी उसके लुंड की गुलाम हो जाती हैं , िश लड़की में डैम है आर्यन कभी उसके अपने से दुर्र नहीं होने देगा और मेरे हार को देखना बंद कर यह तुझे नहीं मिलेगा "...... और एक बॉक्स अपनी अलमारी से निकाल के हार को अंदर रखकर लॉक कर दी .......
विद्या थोड़ी मायूस हुयी तो काकी हसकर उसके सर पे हाथ फेरी ...... "अभी तू जवान है आर्यन की शादी होगी तो उसकी बीवियां और रानी, महारानी आती रहेंगी यहाँ, मेरी तरह मोह सील के दिल से खिदमत करना ऐसा एक हार क्या दौलत में खेलेगी बस औकात याद रहे हम गुलाम है उनके लिए जान भी दे देनी है पर वफादारी नहीं छोड़नी ".
काकी की बात विद्या भी समझ गयी आखिर उसकी माँ आज क्यों रतिदेवी और आर्यन की ख़ास है , में भी ऐसी hi बनकर दिखूंगी ...... पीली कोठी की नयी केयरटेकर के रूप में विद्या की दावेदारी सबसे मजबूत थी ..... काकी उसको अपने जैसे hi त्रिनेड कर रही थी .
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आर्यन का जनम वाला गाओं ......
दिल्ली में नवाब सिंह ने अपने छोटे भाई संजय की हालत देखि तो दुःख हुआ पर सलोनी की इज्जत पे हाथ डाला सोचकर hi गुस्से में अपनी जुटती निकल के खूब पीटा ...... संजय भी बस "भैया माफ़ कर दो".... "भैया माफ़ कर दो".... करता रहा .
ुष रात पार्टी की दुसरे फार्महाउस पे, 5 आइटम्स ने सबका मैं बहलाया जाम पिलाते हुए ...... 2 आइटम्स ठाकुर बलदेव सिंह ने हत्या ली तो एक आशुतोष को भी मिल गयी ..... भीमा ने नवाब से पूछकर दोनों भी ठाकुर के पास भेज दी . दोनों अपनी नयी बीवियों को hi पेल के खुश थे .
सुबह आर्यन सबको फार्महाउस पे ब्रेकफास्ट के लिए बुलाया. नाश्ते के बाद वहीँ से विदा लेकर , ठाकुर बलदेव सिंह अपने परिवार के साथ गाओं निकल गया बस ठकुरियन रूपा यहाँ पार्टी ऑफिस में बिजी थी . राजवीर सिंह ने रति से अकेले में बात की और काफी खरी खोटी सुनकर आशुतोष के साथ गाओं निकल गया .
कविता मामी और डॉली ने आशुतोष को जल्दी मिलने आने को कहा . आशुतोष भी खुश था की उसके बीवी बच्चे अच्छी लाइफ जी रहे हैं और उससे भी नाराज नहीं हैं . कल सेहर की हाई क्लास रांड छोड़के खुस था की आर्यन या परिवार वाले उससे भेद भाव तो नहीं कर रहे बस आर्यन ने पाबन्दी लगा दी है.
नवाब सिंह और भीमा को जिम्मेदारी राजवीर सिंह ने दी अब िंह दोनों का क्या करना है तुम देखो अगली बार मुझे बिच मत लाना , जिन्दा रखना हो दुर्र बहोत दुर्र रखो परिवार और उन्ह Maa-bete से .
नवाब सिंह भी अपनी हवेली गाओं पहुंचा , संजय और देवेंदर को अपने सेहर के मकाम में कैद रखवा दिया 5-6 आदमीओ की पहरेदारी पे रख के ..... हवेली में कुलदीप की भें को ले आया और 3-4 दिन उसके मजे से कटे थे ..... नौकर नौकरानी की क्या मजाल की मोह खोल दें पर यह पक्का लग गया की िश औरत से मालिक ने शादी कर ली है जोह पूरे सिंगार करे एजी ोहजी करती है .
कुलदीप की भें भी अब खुश थी उसकी पिछली उलझी और दगाबैजी वाली ज़िंदगी से निकल अब उसका एक पति है नवाब , देखने में इतना अच्छा नहीं है पर दिल का बहोत साफ़ है और उसको दुःख था की नवाब में नसबंदी करवा राखी है तो बच्चे नहीं होंगे पर बिस्टेर पूरा संतुस्ट कर देता है. प्यार में तो उसके अँधा हो चूका था नवाब सिंह और बन थान के रहता है.
नवाब सिंह ने दिन में एक बार जाकर दोनों को गईए के डंडे से पेलता और फिर हवेली लौट आता ...... भीमा ने नवाब को तरीका समझाया था 3-4 दिन बिलकुल उनकी कुछ सुन्ना hi मत , मार डेली पड़े जब भी चूतड़ नुहोडें दर्द गांड तक होना चाहिए .
ठाकुर बलदेव सिंह ने भी नवाब को समझाया ," अपने परिवार को सुरकषित रखना चाहता है तो िंह संपो के दांत तोड़ के hi जाने देना ,तू समझदार है कड़वे कदम hi परिवार को मजबूत करेगा ...... दोनों की बीवियां बुलाकर जलील कर, यह सेहरी लोग हैं जल्दी टूट जायेंगे ".
दोनों को टाइम से खाना भी मिल रहा था पर नवाब सिंह आकर पीट जाता डंडे से तो दिल से आंसूं निकलते संजय के की भैया भी आर्यन की hi सुनते हैं.
आज नवाब सिंह ने कहा," 2 दिन बाद निर्मला बेटी आ रही है आर्यन के साथ तब तेरी अच्छी खबर लूंगा ...... "
संजय ने रूट हुए कहा ," सब उन्दोनो का hi तो किया हुआ है , दोनों माँ बेटे बन सबकी आँखों में धुल झोंक रहे हैं. निर्मला के पेट में आर्यन का पाप पल रहा है ...... आएंगे तो पूछ लेना ".....
नवाब सिंह के प्यारों से जमीन किशक गयी यह संजय क्या अनापसनाप बक रहा है , फिर गुस्सा होकर खूब मारा , संजय ने सब सुना दिया रूट हुए भी पर नवाब ने बिलकुल विश्वास नहीं किया . अगर ऐसा है भी तो मेरे बेटे आर्यन के नसीब में पहले से hi लिखा हुआ है , एहि बात तो मेरे जेल वाले गुरूजी भी कहते थे. उसको बस आर्यन और निर्मला का इंतज़ार था .
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चंडीगढ़ ........
तीनो दानव कन्या के दिन आज कल प्रभा के साथ चंडीगढ़ में बीत रहे थे....
मीणा ने तुरंत hi तीनो बहेनो को दिल्ली में अपने चाचाजी संजय सिंह को देखा तो चाचीजी निर्मला की चिंता हुयी , प्रभा किसी भी सिचुएशन में हैंडल कर लेगी अगर हमला हुआ पर वह एक्सपोज़ न हो और दानव कन्या बड़ी आसानी से शिकार कर पायेगी .
ुष रात मेहमानो की विप पार्टी से पहले hi तीनो एक कार में सिक्योरिटी के साथ चंडीगढ़ निकल गयी. आर्यन को भी यह ठीक लगा वहां चंडीगढ़ में अपने नानाजी के घर प्रभा ने सब को अपनी फ्रेंड्स कहकर मिलवाया जोह इंडिया घूमने आयी हैं.
प्रभा अब चूँकि नागलोक की राजकुमारी थी यह तीनो साया, चाय और माया भी दानव राजकुमारी थी चरों की अच्छी पत्नी लगी .
निर्मला भी अपने पिताजी को देखकर खुश थी पर अपने बेटे आर्यन से दुर्र. आर्यन को फ़ोन में समझा चुकी थी में जल्दी hi तेरे पास आऊँगी और अब इंडिया में hi रहूंगी .
प्रभा ढेरी ढेरी अपने अतीत और आज में ताल मेल बिठा रही थी पर एक बेचैनी अपने बड़े भाई आर्यन के लिए हमेशा रहती ...... सपने भी उसके hi देख रही थी पर क्या सब उसके प्यार को समझ पाएंगे? ...... और अपनी मम्मी के बारे में जानकार तो अब जल्दी hi भाई से अपने विचार शेयर करने की ठान ली थी .
अणि ने उसको समझा दिया था की आर्यन उसको अपना लेगा पर उसको गीता और मीणा को मन्ना होगा मगर नानी रति कभी नहीं मानेगी . तब प्रभा ने कहा ," में नानी माँ को मन लुंगी वह मेरी बात जरूर मानेगी "...... रति भी नाराज थी अपनी लाड़ली प्रभा से की जबसे आयी बस कुछ डिअर उसके पास रही वार्ना अणि के साथ सारा वक़त बीत्या.
निर्मला ने अपना रिलेशन आर्यन से सबसे छुपा के रखा था पर आर्यन की होने वाली शक्तिशाली बीवियां और सारू भी अब जान गयी थी निर्मला की कूख में आर्यन का बच्चा है ........ प्रभा पहले नाराज भी होती पर अब वह आर्यन और अपना सच्च भी जानती थी तो उसको अपनी मम्मी ले लिए खुसी हुयी और पापा संजय सिंह पे भी गुस्सा आया .
निर्मला ने शरत रख दी थी नवाब सिंह के सामने फ़ोन पे की वह आर्यन और रति माजी के साथ hi गाओं आएगी संजय से मिलने. आर्यन भी परसों उसको लेने चंडीगढ़ जाने वाला था .
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इधर 8:30 बजे हेलीकाप्टर दिल्ली फार्महाउस पे उतरा तो आर्यन और लीला को बिना ने रइवे किया ....... बिना ने आर्यन को कहा ," एक जरूरी बात करनी है रति मैडम ने आते hi मिलने को कहा है आपको ".
आर्यन भी उसको सीरियस देखकर हामी भरा और जब हॉल में पहुंचा तो रौशनी और महिमा वहीँ कुछ खेल रहे थे सारू और बबिता भी वहीँ बैठी बातें कर रही थी .
आर्यन अपनी दोनों बेटियों से मिला फिर राहुल का पुछा तो पता चला की अभी सू रहा है ........ सारू के गाल पे किश किया और उसका हाल चल पुछा .
बबिता को एक कॉफ़ी के लिए बोलै और पुछा मीणा कहाँ है ?
सारू ने जवाब दिया ," वह ऑफिस से अभी डॉली के साथ निकली है तुझे माँ ने बुलाया है अपने सुईठे में हैं ".
आर्यन बिना के साथ चल दिया और लीला को फ्रेश होने को बोलै दिया ....... रति अपने बीएड पे गाउन में बैठी लैपटॉप पे ऑफिस का काम देख रही थी.
आर्यन उसके बगल में बैठा और सर उसकी गॉड में रखकर लेट गया ........ रति भी खुश होती उसका माथा चूमि ," मेरा बच्चा थक गया पीली कोठी घुमते घुमते ".
आर्यन ने सर हिला के अपना फेस उसके पेट की तरफ टर्न करके उसके गाउन की बेल्ट खोल के उसके नाभि में जीभ दाल के चाट लिया ....... " हुन्न अभी भी कसार बाकी है".
आर्यन के सर पे प्यार से चपत लगाई तो आर्यन उसकी ब्रा ऊपर कर एक चूची पीने लगा ," ृक्क न बीटा , जरूरी बात करनी है "...... आर्यन ने मोह हटा के इतना कहा बाद में और फिर लग गया ......
रति भी मुस्करा के अपना चस्मा हटा के लैपटॉप बांध करके बीएड से तक लगा ली और उसके बालों में हाथ फिरने लगी ....... 10 मं बाद बबिता और बिना आयी तो आर्यन का मोह हटा के बोली," चल अपनी कॉफ़ी पी चूची बाद में पी लेना ".
दोनों ने मुस्करा के रति को देखा जोह ब्रा ठीक कर अपना गाउन सही करती बेल्ट लगा ली...... तीन कप कॉफ़ी देखकर आर्यन ने बिना से एक कप बहार से सेल्फ से मंगवा के 4 कप में डाली तो रति ने कॉफ़ी पीते हुए पुछा ," लीला से क्या चक्कर है तेरा में नहीं पूछूँगी पर एक hi परिवार की दो लड़कियां मुश्किल करेंगी आगे चलकर ....... प्यार करना है खूब प्यार कर में नहीं रोकूंगी पर शादी की बात मत करना ".
आर्यन हसकर ," बच्चे तो उसके अपना सकता हूँ न, मेरा मतलब था रौशनी अब मुझे डैडी बोलती है कितनी प्यारी है न ?"
रति आँख दिखा के ," रौशनी के चक्कर में उसकी माँ को भी पता लिया ठीक है पर दीप्ति का हक़ में नहीं देने वाली लीला को अभी बता रही हूँ ".
आर्यन मुस्करा के ," उसको वह हक़ नहीं चाहिए बात यह है सुचित्रा मामी और लीला को नेक्स्ट ंप इलेक्शन वहां राजस्थान से लाडवा रहा हूँ , लीला से ुशी सिलसिले में बात हुयी है . तू एक बार मिल उससे तुझे पसंद आएगी , अच्छी लड़की है बस उसके पति की डेथ हो गयी . उसने पहले hi क्लियर कर दिया की हमारे रिश्ते का कोई भविष्य नहीं है पर कभी कभी उसको प्यार दूँ रौशनी के फादर वाला बस इतना hi ".
रति टॉन्ट मारती हुयी ," देख ले बबिता अपने पति को तेरे सामने बेशर्मो की तरह किसी और औरत का गुणगान कर रहा है ".
बबिता भी मुस्करा के ," यह तो आप डीडे करेंगी न कोण आर्यन के साथ रहेगा. फिर मुझे तो महिमा के रूप में पूरा अधिकार मिल गया है ".
रति ने उसके सर पे हाथ फेर के कहा," यह मेरी सबसे अच्छी बहु है , रीता को आने दे में मंदिर में आर्यन से तुम दोनों की मांग में सिन्दूर और गले में मंगलसुतृ डलवा दूंगी ...... रीता ने बतया था की एक दुसरे कंट्री के पेपर्स से तू लीगली उसकी तरह आर्यन की बीवी होगी पर नाम अलग होंगे ".
बबिता भी खुश होती रति के गले लग गयी," माजी आप ने मेरे लिए इतना सोचा में कभी जान देकर भी अहसान नहीं चूका पाऊँगी ".
रति गुस्सा दिखती हुयी ," पागलों वाली बात करेगी तो थप्पड़ लगा दूंगी , महिमा को माँ का प्यार कोण देगा ...... जान लगा के उसको पाल , ुश्मे आर्यन के साथ हमारे खानदान की जान बस्ती है . मेरी छोटी माहि परिवार में खुशियां भर देती है अपनी नटखट बातों से ".
"डैडी डैडी "....... महिमा की तेज़ पुकारने की आवाज आयी तो , सारू और लीला के साथ रौशनी भी थी ...... रति ," शेतें का नाम लो देखो आ गयी मेरी बच्ची "...... है है है है है
आर्यन खड़ा होकर बैडरूम से बहार आकर महिमा को गॉड में उठा लिया और प्यार करने लगे ," मेरा बच्चा मेरा बेबी क्या बात भूक लगी है क्या ?"
महिमा ," डैडी ..... रौशनी दीदी भी आपको डैडी बोलेगी , आप ने उसको प्यार नहीं किया ".
आर्यन ने रौशनी की तरफ देखा तो मोह पे हाथ रखकर हसने लगी. आर्यन उसको भी गॉड में उठा लिया ," शैतानी हो रही है क्यों रौशनी ...... में तुम्हारा भी डैडी हूँ ".
दोनों ने आर्यन के गालों पे किसी की ," ी लव यू डैडी "......
रौशनी ," यू अरे बेस्ट डैडी इन थे वर्ल्ड".....
महिमा," यू अरे बेस्ट डैडी इन थे वर्ल्ड "......
"अरे मेरा बच्चा मेरी दोनों प्रिंसेस इस बेस्ट इन थे वर्ल्ड ...... " ....... आर्यन के कान में रौशनी ने कुछ कहा तो आर्यन ने हाँ में गर्दन हिलायी फिर दोनों को लेकर निकल गया सुईठे के बहार.
रति बहार आयी तो लीला को देखकर hi इम्प्रेस हो गयी क्या पर्सनालिटी है िश लड़की की आर्यन क्यों न फ़िदा होता ? लीला आगे बढ़कर प्यार छूने लगी तो रति ने उसको रोक के गले लगा के कहा ," रानी शैब्या हमारे यहाँ लड़कियां प्यार नहीं छूती ".
लीला
लीला ," आप मुझे बेटी मान रही हैं तो नाम hi लीजिए लीला मुझे अच्छा लगेगा".
रति उसको सोफे पे बैठने का बोली," सॉरी आज बिजी थी तो मुलाकात लेट हुयी , तुम भी बिजी होगी ".
लीला शर्मा के ," हाँ आर्यन मुझे एक परपोसल के सिलसिले में ले गया था मीटिंग के लिए ".
रति ," फिर डीडे किया कुछ , वैसे रानी हो तो सोच समझ के डिसिशन लेना. इमोशंस और रिलेशन्स कभी काम के बिच नहीं आने चाहिए ".
लीला ," आप बड़ी हैं और इतनी बड़ी बिज़नेस टाइकून में आपकी एडवाइस जरूर चाहूंगी ".
रति ," बिना, हमारी बेटी के लिए कुछ ड्रिंक्स और डिनर का अरेंजमेंट करो, में भी ड्रेस चेंज करके आती हूँ".
सारू से और बबिता से बात करती लीला को भी अपनापन लग रहा था. लीला भी समझ रही थी आर्यन की फॅमिली ने सिलेंटली उसको और उसकी बेटी को एक्सेप्ट कर लिया है.
सब निच्चे दिंनिंग एरिया में पहुंचे तो सब लड़कियां भी तीनो बच्चों के साथ आर्यन को घेर के हसी मजाक कर रहे थे......
डिनर करते हुए रति , डॉ अंजू से लीला का काफी टॉपिक्स पे डिस्कशन हुआ और बिज़नेस के साथ ंप के इलेक्शन की बात पे भी . रति ने ड्रिंक नहीं किया पर डॉ अंजू और सारू ने लीला के साथ एक एक गिलास स्पेशल इम्पोर्टेड वाइन पि. आर्यन ने मन कर दिया की बच्चे हैं अभी मेरे साथ .
रति ने लीला को आर्यन का परपोसल एक्सेप्ट करने का कहा और दिल्ली में रहेगी तो यहाँ हमारे साथ रहना अगर बुरा न लगे तो .
आर्यन तीनो बच्चों के साथ मीणा को भी अपनी प्लेट में खिला रहा था ...... महिमा तो सबको बारी बारी जाकर बाईट खिलाती ...... रौशनी भी अपने नए डैडी और फ्रेंड माहि के साथ बहोत खुश थी.
आर्यन ने बबिता से कल सारू के साथ जाकर रौशनी के लिए इंटरनेशनल कॉलेज में एडमिशन की बात की तोह बबिता ने मिडटर्म की बात कही मुश्किल है . पर रति ने कहा में बात करुँगी मैनेजमेंट से .
आर्यन ने रौशनी को गले लगा के कहा ," माँ मेरी बार्बी डॉल को सिफारिश की जरूरत नहीं पड़ेगी , वह खुद इश्के पीछे पड़ेंगे एडमिशन लेने के लिए".
डिनर के बाद सब लोग कुछ देर गार्डन में घूमे . लीला को विप सुईठे में रुक्या गया था मगर रौशनी अभी आर्यन के साथ रहना चाहती थी . आर्यन ने कहा जब सू जाएगी तो तुम्हारे पास पहुंचा दूंगा .
तीनो बच्चों को अपने साथ बीएड पे लिटा के स्टोरी सुण्या थपथपाते हुए तो थोड़ी डिअर में सू गए ...... रौशनी को लेजाकर लीला के सुईठे में सुलाया दिया . कविता और बबिता दोनों को पहले hi ले गयी थी .
लीला अभी नहाकर अपने बॉडी पे मोसिटुरे क्रीम लगा रही थी , आर्यन ने पीछे से गले लगकर उसका गाल चूम के कहा ," गुड नाईट सू जाओ सुबह मंदाकनी दीदी के यहाँ निकलंगे ".
लीला ने घूम के 5 मं आर्यन को किश करके हुग किया ," आर्यन ी म सू हैप्पी फॉर आल थे जॉय एंड स्पार्क्स यू ब्रिंग इन माय लाइफ अगेन...... ी लव यू आर्यन ी लव यू ".
आर्यन ने उसका सर चूम के बोलै ," ी लव तू मोती , बस इमोशनल मत हुआ कर ".
लीला भी अभी मुस्कारने लगी ," इतनी भी मोती नहीं हूँ में बस हट की वजह से सबा बड़ा बड़ा है ".
आर्यन ने उसका कान चूमा ," मुझे सब बड़ा बड़ा hi अच्छा लगता है , सू जाओ यहाँ मेरा रहना सबके सामने भेद खोल देगा ".
लीला भी उसको गुड नाईट बोलकर ," जल्दी hi में यहाँ एक प्रॉपर्टी खरीदने वाली हूँ फिर तुम मेरे साथ रात में भी रुक सकते हो ".
आर्यन भी उसको गुड नाईट बोलकर अपनी बेटी रौशनी का माथा चूमा और वहां से निकल के रति के सुईठे में पहुंचा तो बिना भी बैठी थी और मीणा रति के बीएड पे उसके साथ लेती थी.
रति ने कहा ," गीता का पता है की नहीं वहां भी Geeta-Deepti ने 700 से ज्यादा दुश्मन मार दिए और अब सिक्योरिटी अफसर ने सब कुछ अपने कब्जे में ले लिया है , मुझे तो डर लग रहा है आर्यन पर तुझे तो बिलकुल चिंता hi नहीं ...... वैसे हर समय चंदा रानी करता है , फिर हमारा उनके रजवाड़े मामलों में टांग अदना जरूरी है क्या ?"
आर्यन भी रति की तरफ खिश्कार बीएड पे लेट उसको अपने ऊपर लिटा लिया और मीणा का गाल चूम के उसका सर अपने कंधे पे लगा लिया ...... " बिना डार्लिंग आराम कर ले या यहीं सू जा हमारे पास ".
बिना ," मैंने कल की तयारी कर दी, मैडम वैसे वहां अपनी स्पेशल टीम वाले हैं उनके साथ है और नीला भी एक टीम लेकर पहले से वहां है ...... एक खरोंच नहीं आएगी किसी को फिर दीप्ति मैडम को आपने भी स्वयंवर में देखा था एक hi वार तलवार का कितना सटीक था ".
रति ," मुझे दीप्ति की नहीं गीता की चिंता रहती है उसका गुस्सा उससे कुछ भी करवा देगा ".
मीणा ," don't वोर्री नानी माँ , गीता दीदी को दीप्ति कण्ट्रोल कर सकती है. वह दोनों अब सगी बहेनो से बढ़कर हैं ".
बिना गुड नाईट बोल के चली गयी. रति ने आर्यन के गाल को सेहलते हुए कहा," मुझे कितना प्यार करता है ?"
आर्यन जाहत से बोलै ," जितना िश पूरे जहां में न समां सके , हुआ क्या है ?"..... उसके हाथ को चूम के उसकी आँखों में देखने लगा.
रति ने मीणा को इशारा किया तो उसने रति का फ़ोन पकड़ा दिया उसको जिसको ओपन कर रति ने रिकॉर्डिंग चला दी पहले देवेंद्र सिंह मौसाजी का कबूल नामा और फिर चाचाजी संजय सिंह का खुलसा सुनकर आर्यन बस चुप hi रहा तो रति ने उसके गाल चूम लिया और ऊपर होकर ," सच्च सच्च बता निर्मला क्या तेरे बच्चे की माँ बनने वाली है ?"
आर्यन बस एक फीकी मुस्कान सी देकर बोलै ," हाँ मम्मी को मन नहीं कर पाया पर चाचाजी को किसने बतया ?"
रति ने गुस्सा दिखा के आर्यन के गाल पे काटा ," है मत तेरा नाना राजवीर अगले दिन कितना लड़कर और भला बुरा बोल के गया है मुझे, तुझे कुछ फर्क पड़ता है क्या ".
आर्यन ," जैसे तू ने तो कुछ बोलै hi नहीं होगा , बात अभी भी वही है उनको कैसे पता ....... अब समझ में आ रहा है मम्मी ( निर्मला) क्यों दूर दूर भाग रही है मुझसे ".
रति ," नवाब का फ़ोन आया था निर्मला को भेजने के लिए फिर मंजू को भी बुला रहा था ....... उसको भी पता होगा सब और रघु के साथ देवेंदर भी जानता होगा. एक काम कर रघु को बोल के दोनों को कहीं गढ़वा दे , नवाब और भीमा को में चुप करवा दूंगी बस ुष ठाकुर बलदेव को उसकी हवेली में hi सुला दे हमेशा के लिए ....... बात खुलनी नहीं चाहिए ".
आर्यन ने रति के सर पे हाथ रखकर अपने सीने से लगा के बोलै ," सू जा मैंने देख लूंगा , सबूत नाम की चीज़ भी होती है ....... डीएनए टेस्ट करवा के भी चाचा प्रूफ नहीं करवा पायेगा. बाकी सब बातें भी उसके मैं का भीम है साबित कर दूंगा . ठाकुर कुछ नहीं बोलेगा रूपा माजी मुझे बीटा मानती है . भीमा काका और नवाब पापा कुछ भी नहीं बोलेंगे उनकी गोटी मेरे हाथ में है ".
रति ," देख ले मुझे कोई ऊँगली नहीं चाहिए उठी हुयी मेरे खानदान पर ".
आर्यन ," नहीं उठेगी , प्रॉमिस अब सू जा ".
रति ," मुझे सुला मत, बबिता के पास चले जाना माँ है तेरी बेटी की फिर लीला को खुश देखकर बबिता बोली नहीं पर तुझे चाहत की नज़र लिए देख रही थी ".
मीणा ," आज कल जाता कहाँ है किसी के पास? आज डॉली, नेहा भी शिकायत कर रही थी की भाई के पास टाइम hi नहीं है. सारू मम्मी बोलती नहीं है पर दिल उनका भी बेचैन रहता है ".
आर्यन घेरि सांस लेकर ," कल मुझे दीप्ति की हेल्प के लिए जाना पड़ेगा वहां और परसों गाओं जाऊंगा निर्मल मम्मी को चंडीगढ़ से लाकर फिर सबको टाइम भी दिया करूँगा. बस नानजी चाहते हैं में बिज़नेस संभल लूँ परिवार की देख रेख करते हुए ".
" भाई तू ने ाचा नहीं किया पापा को ुष कुलदीप की भें को देकर , अब हवेली में भी पहुंच गयी है "...... मीणा ने शिकायत की तोह आर्यन हसकर बोलै," तुम दोनों ने बहोत अच्छा किया सलोनी मम्मी को डैडी के साथ भेजकर , देखना पछ्ताओगई वह मंजू माँ और मेरी मम्मी ( सारू) नहीं हैं, अपनी शर्तों पे जीने वाली लेडी हैं . डैडी उनका प्यार जरूर हैं पर वह मजबूत सहारा दे नहीं पाएंगे पहले मैंने भी उनको डैडी के पास भेजने का सोचा था ".
रति ," बस एक बात याद रख सलोनी को दूर रख , मेरी भें अंजू भी अब ठीक और फिट है उसको प्यार नहीं देगा क्या ?"
मीणा ," भाई , सलोनी मौसी खुद गयी है भले hi हमने उनको फाॅर्स किया हो पर डिसिशन उनका था ".
आर्यन ने रति को साइड लिटा के गाल चूमा फिर मीणा का और गूडनिघत बोलकर चलते हुए कहा ," जैसे मेरी मंजू माँ को फाॅर्स किया था अमेरिका जाने के लिए ".
दूर लॉक होने पे रति बोली," तू देख ले मीणा क्या करूँ िश लड़के का सबकी फ़िक्र में बस दोष हमको hi देगा ".
मीणा हसकर ," क्या करें नानी हम सब लालची हैं और आर्यन को कोई लालच नहीं बस किसी का प्यार पाकर hi खुश हो जाता है. वैसे आपकी दो लाड़ली और आर्यन से शादी के चक्कर में, एक की तोह हर हाल में करनी होगी क्योंकि उसको कोई मर्द झेल नहीं पायेगा ".
रति ," कोण गरिमा या प्रभा अब यह दोनों hi बची हैं ".......
मीणा मुस्करा के ," दोनों बस इंतज़ार में हैं आपसे पक्का बात करेंगी हाँ कर देना, अणि ने दोनों को आपके खिलाफ कर रखा होगा ".
रति थोड़ा चिढ़कर ," बस अब अणि hi तो बची है उसको हाँ क्यों नहीं बोलता आर्यन ?"
मीणा सीरियस होकर ," अणि जिस दिन आर्यन को अपना बनने का सोच ली कोई भी उसको रोक नहीं पायेगा , वह कितनी जिद्दी है आपसे बेहतर कोण जानता है. वहां टोक्यो में अपना और उसका नुक्सान मत करवा नहीं तो भरी पड़ेगा ".
रति ," कुछ हारना hi होता है जीतने के लिए , चल सू जा में तेरे साथ hi ऑफिस चलूंगी कल ,गुड नाईट ".
दोनों अपनी सोच में डोबी नींद की वादियों में चली गयी .......
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आर्यन ने बबिता के रूम में जाकर महिमा को गोदी लेकर दुसरे रूम में कविता मामी के पास छोड़ दिया तो कविता भी उसको अगूंठा दिखा के थम्ब्स उप बोली .......
बबिता नींद में नहीं थी पर दिखा रही थी की सू रही है , अच्छा अब मेरी याद आयी सारा गुस्सा निकलूंगी ...... आर्यन बीएड पे लेटकर बबिता की बगल में हाथ दाल के अपने ऊपर लिटा के बोलै," मेरी रानी इतनी जल्दी सू गयी , अब नाराज न हो प्यार करने आया हूँ ऐसे सूने नहीं दूंगा" और बबिता के गुलगुली करने लगा तो हसकर ," hi hi hi hi ...... "मत करो न आर्यन hi hi hi hi ...... अच्छा अच्छा जाग गयी ".
बबिता
आर्यन दोनों हाथों को उसके गाल पे रखकर उसके सूंदर चेहरे और आँखों में देखने लगा ...... यह वही बबिता थी गीता की इंग्लिश लेक्चरर जिसको पहली बार देख के उसकी खूबसूरती में खो गया था ....... बबिता भी पहली नज़र में आर्यन पे दिल हार गयी थी , दोनों ुशी रात एक भी हो गए और इनके प्यार ने जोह फूल महिमा के रूप में खिलाया वह सबकी जान बन गयी ....... बबिता को अपनी पति के साथ नरक जैसी ज़िंदगी से छुटकारा मिला और अब आर्यन की फॅमिली की ख़ास बहु बन गयी थी . सबको पता था की आर्यन और बबिता के नाज़ायज़ संभंदों से महिमा पैदा हुयी है पर रति और देवी ने िश रिश्ते को जायज़ बना दिया की बबिता भी हमारे खानदान की बहु है और आर्यन की होने वाली बीवियों के लिए अब महिमा hi बड़ी होकर आर्यन की जगह लेगी. आर्यन के और बच्चे भी उससे मिलते जुलते थे पर महिमा जैसे सब बड़ों चोटों को रिवाइंड करके आर्यन के बचपन की रियल रील दिखा रही थी .
नन्ही सी महिमा बातों में बड़ों बड़ों को फ़ैल कर दे , इतनी मीठी मीठी बातें करके औरशन का दूध पी लेती थी या चूची पी आती ....... हर कोई उसको लाड लड़ता , समझदार थी कुवारी लड़कियों को नहीं बोलती थी चूची पिलाने को .
मीणा ने िश सवाल पे गीता को बतया था की आर्यन कहता है की औरत के सरीर से एक अलग सुघन्ड आती है जिसकी चूची में दूध हो या आने वाला हो. कुवारी लड़की की चूची चूसने में सेक्स के टाइम उत्तेजना बढ़ती है पर माँ वाली फीलिंग नहीं आती ".
महिमा थी ट्रू कॉपी आर्यन की और तेज़ इतनी की सबको चकित कर देती थी , मीणा और अणि तो पहली hi मुलाकात में समझ गयी की िश बच्ची के पास सुपरनैचरल पावर्स हैं , एक अदृश्य शील्ड उसको कवर रखती है पर यह बड़े गुरूजी की वजह से था .
(दोस्तों यह राज आर्यन के 21सत जनमदिन पे खुलेगा. बस इतना जान लीजिए की सिर्फ महिमा hi उसके साथ एक लम्बे सफर पे जाएगी , कोई इंसान नहीं जा सकता . Baap-Beti जायेंगे एक अधूरा कार्य पूरा करने )
बबिता भी अपने को रोक नहीं पायी और आर्यन के पूरे चेहरे को चुम्बन से भर दी ......" पुछःह पुछःह ारयणणणणणण सीईइईसीईई मुहह्ह्ह्ह मुह्हह्ह ...... मुझे क्यों तड़पते हो "
आर्यन भी उसकी निघ्त्य के ऊपर से पुष्ट नितम्बों को दोनों हाथो से मसल के किश में साथ देने लगा ," में भी तो तड़पता हूँ तेरे लिए डार्लिंग , बस काम के कारन तुझसे दुर्र रहना पड़ता है. अब तेरे साथ hi रहूँगा पुछःह पुछठ बहोत मीठी हो गयी है , थोड़ा दूध पीला न "....... आर्यन उसके गुलाबी गाल चाटने लगा ......
बबिता भी इत्र के ऐडा सी बिखरती आर्यन का गाल चूम के उसके पेट पे सीढ़ी बैठी और निघ्त्य निकल के दुर्र पहनकी ," आपकी बेटी दूध रहने दे तब न पिळुन , हमेशा मौका मिलते hi 2-3 घंटे में आ जाती है और पूरा खाली करके दुसरे की चूची में दूध ढून्ढ लेती है उसका पेट hi भरता "......
आर्यन ने उसकी गोरी गोरी बड़ी बड़ी चूचियों को थमा जोह ब्रा न पहने से निर्वस्त्र थी बस एक डार्क ब्लू कलर की पेंटी hi उसके पूरे बदन पे थी ...... अपनी ज्वेलरी उतर के साइड टेबल पे राखी और आर्यन की t-shirt खींची जोह उसने निकल दी फिर लोअर भी ......
बबिता अब दोनों हाथो को आर्यन का सर थाम के दोनों चूची बारी बारी पिलाई तो सच्च में खाली थी , बेटी आधे घंटे पहले खाली कर दी थी और सू गयी .
बबिता भी कई दिन से जिस्म के अंदर आग रोके बैठी थी तो आर्यन के अंडरवियर उतर के अपनी पेंटी साइड कर 69 पोजीशन में आकर उसका 2 मं लुंड चूस के अपनी छूट चुसवा के एक बार पानी निकलवाई .
फिर आर्यन को बोली," बस अब रुका नहीं जायेगा मुझे दिल खोल के प्यार चाहिए आज मेरी साड़ी आग बुझा दो महिमा के डैडी तुम्हारी बीवी बहोत प्यासी है ".
आर्यन ने बगैर डिअर किये 3 तगड़े धक्कों में उसकी छूट की गहरी नाप के दे दबा डाब छोड़ने लगा , दर्द होने पे भी जैसे उसकी जिस्म की आग बाहरी थी ...... हम्मम्मम्मम्म ufffffffffffff देहरीईई करती बबिता थोड़ी डिअर में hi संभल गयी और निच्चे से गांड उठा के छुड़वाने लगी ......
आर्यन ने 10 मं बाद पोजीशन चेंज कर पहले उसको अपने ऊपर फिर पीछे से स्पून पोजीशन में छोड़ा तब जाकर 40 मं बाद झाड़ा ........ दूसरी बार फिर से 20 मं का ब्रेक लेकर 1 घंटे से ज्यादा छोड़ा बबिता को और उसकी बाँहों में सू गया .......
सुबह 4:30 बजे उठा और महिमा को कविता मामी के रूम से बबिता के पास सुला के अपनी जनम देने वाली मम्मी सारू के पास जाकर खुद hi उसका गाउन खोल के चूची पीटा फिर सू गया .
सारू भी अपने बच्चे को पास चूची पीटा देखकर खूब खुस हुयी , प्यार से उसके बालों में उंगलियन फिर के अपने आँचल में सुला ली ....... रुकावट की एक दिवार आर्यन ने तोड़ दी थी जोह उसके डैडी राज सिंह के इंडिया आने पे maa-bete जोह प्रेमी बन चुके थे के बिच आ गयी थी .
आर्यन ने सोच लिया था आज रात मम्मी को स्पेशल प्यार करूँगा ..... अब मुझे सिर्फ उनकी इच्छा का भी धयान रखना है . में हमेशा उनको अपनी रहने के लिए फाॅर्स नहीं कर सकता मुझसे पहले डैडी की वह बीवी हैं. जबकि सारू की सोच थी की राज सिंह से पहले माहि का हक़ पिछले जनम से है और उसका hi आगे भी रहेगा . यह तो अब वक़त तय करेगा.
आर्यन ुष रात बबिता को दो बार छोड़कर सोया था सारू के पास ....... बबिता भी खुश थी की रति माजी ने आर्यन को भेजा होगा .
सुबह आर्यन डिअर तक सोया और उसके बेटियों रौशनी और महिमा के उठाने पे उठा ....... लेडीज की एक्सरसाइजेज करवाने की आज , बिना की ड्यूटी थी.
दो औरशन की चल बदली बदली हुयी थी तो बिना ने उनको साइड बैठा दिया , बबिता और लीला ...... लीला भी जॉगिंग करने आयी थी पर जालिम ने कितनी गहराई तक उसको छेद डाला है अब दर्द से पता चल रहा था ...... समझने वाली औरशन और लड़कियां भी समझ गयी आर्यन का बड़ा खूंटा ( तोपची) खुदाई किया है दोनों की .
अपने बच्चों और सबके साथ ब्रेकफास्ट करके आर्यन और लीला एयरपोर्ट के लिए निकल गए .
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इंट्रोडक्शन .......
राजा रणजीत सिंह , आगे 50 यरस ( नाउ डेड)...... विजयगढ़ रियासत का राजा था .
रानी मंदाकनी आगे 37 साल है , रणजीत सिंह की पत्नी और दीप्ति की ममेरी बड़ी भें . लीला की सगी बड़ी भें .
रजत सिंह , आगे 19 यरस , मंदाकनी का बीटा .
सुनैना सिंह , आगे 18यरस, मंदाकनी की बेटी .
दोनों beta-beti को रोड पे बम ब्लास्ट में मारे गए उनके पिता राजा रणजीत सिंह की खबर देकर रानी मंदाकनी ने इंडिया बुलवा लिया अंतिमसंस्कार के लिए ऑस्ट्रेलिया से . पोस्टमॉर्टेम और साड़ी फॉर्मलिटीज में इतने दिन लगा गए थे .
राजा रणजीत सिंह के रिस्तेदार ......
1) प्रताप सिंह , आगे 47 यरस , रणजीत सिंह का छोटा भाई .
लाजवंती , आगे 43 यरस , प्रताप सिंह की बीवी .
कौशल सिंह , आगे 22 यरस , प्रताप सिंह का बड़ा बीटा. एक नंबर का घमंडी और मोह फैट .
वैभव सिंह , आगे 20 यरस , प्रताप सिंह का छोटा बीटा .
2) विनीता सिंह , आगे 42 साल , रणजीत सिंह की एकलौती भें
रोशन सिंह , आगे 45 यरस , विनीता का पति और एक नंबर का धूर्त इंसान.
जयंत सिंह , आगे 21 साल , विनीता का बीटा .
जूही सिंह, आगे 19 साल , विनीता की बेटी.
और भी कई रिस्तेदार थे जोह राजगादी के लिए इंदिरेक्ट्ली पीछे रहकर 2 प्रमुख दावेदार से मिल गए थे ....... एक तरफ रणजीत सिंह का छोटा भाई अपने को विजयगढ़ की राजगादी का उत्तराधिकारी घोसित करके ुष्पर बेथ गया था अपने भाई की मौत के बाद .
वहीँ रणजीत सिंह का जीजा रोशन सिंह जोह राजा का बिज़नेस और इन्वेस्टमेंट संभालता था वह ऐड गया था की राजगद्दी पे उसकी बीवी बच्चों का हक़ है .
रानी मंदाकनी पूरी प्लानिंग के साथ 5 दिन रणजीत की मौत के बाद पहुंची जिस दिन राजा रणजीत सिंह का अंतिमसंस्कार होना था .......
महारानी मिरदुला , राजकुमारी दीप्ति , गीता भी उसके साथ एयरपोर्ट पे लैंड की जोह 25 कम दुर्र था राजमहल से ....... अपनी सिक्योरिटी के साथ महारानी मिरदुला आयी थी और राजा त्रिभुवन सिंह के साथ राजा जबर सिंह भी उसको रइवे करने आये थे जोह 2 दिन से यहाँ देते थे .
आर्यन की स्पेशल टीम 1 दिन पहले hi यहाँ पहुंच चुकी थी और नीला 2 दिन पहले से साड़ी जानकारी जूता ली थी , उसके साथ 10 लोगों सिक्योरिटी टीम गुप्त रूप से काम कर रही थी .
सबसे मिलकर महारानी मिरदुला जब राजमहल पहुंची तो प्रताप सिंह और उसकी पत्नी ने राजमहल के द्वार पे आकर उनका स्वागत किया ....... पर रानी मंदाकनी को साथ देखकर गुस्से का घूँट पी गए , वहीँ विनीता सिंह ने भी अपने पति रोशन सिंह के साथ उनका स्वागत किया .
राजदरबार में शोक वपत था और कल राजा रणजीत सिंह के अंतिमसंस्कार की शाही सम्मान के साथ करने की बात उठी तब महारानी मिरदुला ने तेज़ आवाज में कहा ," बाप को बेटे के द्वारा दी गयी मुखाग्नि hi उसके लिए सबसे गर्व की बात होती है आत्मा की पूर्ण शांति के लिए.
राजा रणजीत सिंह के बेटे बेटी यहाँ मेरे साथ आये हैं और में क्या हर कोई एहि चाहेगा रजत सिंह hi अंतिमसंस्कार करे . मैं मौतव , दुवेश और आपसी टकराव में हमको अपने धरम करम नहीं भूलने चाहिए . क्यों प्रताप और विनीता ?"
कौशल सिंह खड़ा होकर ," राजा प्रताप सिंह कहिये महारानी जी और रजत क्या कोई और भी मेरे पिताजी की अल्वा अंतिमसंस्कार किया तो खून की नदिया प्रजा भ देगी ".
त्रिभुवन सिंह खड़ा होकर गुस्से से बोलै ," कौशल , जुबान को लगाम दे भूल मत किसकी सामने बोल रहा है , यहीं सर कलम कर दूंगा अगर महारानी जी के सामने एक लवज भी और बोलै ".
राजा जबर सिंह ," प्रताप सिंह , राजगद्दी पे बैठकर तू क्या अपने बेटे को समझा रहा वह भी सोच ले. तेरा अभी तक किसी ने राजभिषेक नहीं किया है पर शोक का समय है तो छोटे भाई होने के नाते तुझे राजगद्दी पे बैठकर सब निर्णय तब तक लेने है जब तक अंतिम संस्कार नहीं हो जाता . वर्ण हम यहाँ से उठकर चले गए तो अंतिम संस्कार भी अपने ढंग से करेंगे और राजगद्दी पे भी मैं मर्जी से सही उत्तराधिकारी को बिठा देंगे यह भी तू जानता है ".
प्रताप सिंह भी ठंडा पद गया , तीनो की अनदेखी पूरे परिवार की मौत के रूप में बदल जाएगी , तुरंत हाथ जोड़कर बोलै ," में अपने बेटे की तरफ से चमा मांगता हूँ , कोई भी कार्य आपकी सलाह की बिना नहीं होगा महारानी जी ".
लाजवंती ने अपने बेटे कौशल के लिए चमा मांगी और उससे सर झुकवा के माफ़ी भी मंगवाई , कौशल भी बेमानन से अपने माँ बाप की बात मान के सबसे माफ़ी मांग के वहां से चला गया .
विनीता सिंह ने कहा ," महारानी जी , भाई सा ने पहले hi अपनी बीवी बच्चों को अलग कर दिया और प्रजा में कुछ लोग भैया की अकस्मात् मौत के लिए मंदाकनी का नाम ले रहे हैं , कहीं यह फैसला गलत न साबित हो . मेरे bete-beti जयंत और जूही को bhai-sa अपने सबसे अजीज मानते थे . में क्या सब चाहते हूँ उनका अंतिमसंस्कार जयंत करे .
लाजवंती ," ऐसी बात है तो वैभव को तो जेठ श्री ने खुद सशत्र विद्या सिखाई थी और सबसे ज्यादा स्नेह भी करते थे ".
विनीता ," भाभी सा , जयंत बड़ा है उम्र में ुसस्स मगर भाई सा दोनों को पसंद करते थे फिर कौशल हमेशा उनको नाराज करता था अपनी ूचि हरकतों से ".
Bhabhi-nanad में थान गयी थी , सबसे ज्यादा मजे गीता ले रही थी पर उसको आर्यन और रति ने समझा के भेजा था की तू कुछ मत करना सब महारानी मिरदुला को करने देना. सब देखना की राजनीती और सद्यांतर क्या होता है परिवार के टकराव पे .
मिरदुला ने दोनों को चुप करवा के कहा ," अगर तुम दोनों की कल मिर्त्यु हो जाये तो अंतिम संस्कार अपने देवर के बेटे से करवाई लिखकर दो में भी तुम्हारी बात सुनोगी "...... दोनों चुप हो गयी .....
मिरदुला ," प्रताप, तुम अपने बड़े भाई से बहोत प्रेम करते थे सोचो आज जोह सिथति है अगर वही तुम्हारे साथ होती , बीवी बच्चे नाराज सही पर क्या नहीं चाहते की मरने पे मुखाग्नि बीटा दे और चूड़ियां बीवी की टूटी न की करिये की बुलाई गयी रुदाली की जोह रूकर विलाप तो कर सकती है क्या आत्मा को शांति पहुंचा पायेगी . विनीता तुम ने अपनी भाभी मंदाकनी पे इलज़ाम भी लगा दिया , क्या तुम्हारा भाई इतना कमजोर था कोई भी उसको मार दे. वह शूरवीर था पक्का कोई साज़िश या अपने खानदान या रिस्तेदार का िश्मे हाथ भी हो सकता है तभी बम लगा के हत्या की गयी है, बहार वाले की इतनी हिम्मत नहीं ...... रजत सिंह जोह राजा रणजीत सिंह का अपना खून है उसको हक़ है अपने पिता के अंतिम संस्कार करने का और मंदाकनी को हक़ है उसके लिए विलाप करने का चाहे दोनों pati-patni साथ नहीं थे पर दोनों ने आजतक तलाक़ नहीं लिया न hi दुसरे मर्द या औरत को चूहा है . अब भी मेरी बात गलत है तो बोलो की मैंने गलत सलाह दी है ".
राजा जबर सिंह ," महारानी सा ने बिलकुल सही कहा है , प्रताप आगे सब काम विधिवत करवाने की तुम्हारी जिम्मेदारी है सब रीती रिवाज से अपने बड़े भाई को विधा करो. इतना था तुम्हारा भी फ़र्ज़ बनता है अपने बड़े भाई के लिए ".
प्रताप सिंह भी मान गया और बाकी सबको मन्ना hi पड़ा ...... अपने पिता के मृत सरीर को सफ़ेद कपडे में लिपटे देख दोनों भें भाई खूब रूए साथ में मिरदुला के परिवार वाले भी .
दीप्ति की आँखों में आंसूं देखकर गीता ने उसके कान में कहा ," िश भड़वे के लिए ईशपर मूतना सही रहेगा और तू तेषु भ रही है "...... दीप्ति को हसी आयी तो खांसते हुए रोने का नाटक की जब सब उसकी तरफ देखे .
उधर प्लानिंग और सद्यांतर को पूरी अमली जामा पहनया जा रहा था ...... मंदाकनी को अपने बच्चों की सबसे ज्यादा फ़िक्र थी , विरोध का उसको भी पता था पर जैसे सब अपने होकर भी थे लेकिन आर्यन नहीं आया था. पिताजी रघुभार सिंह तो कभी यहाँ नहीं आएंगे .
आर्यन के लिए दीप्ति को बोली तो उसने कहा माँ ने नहीं आने दिया उनको वह आना चाहते थे . मिरदुला को भी पूछी की उसको बुला लो वह सबको देख लेगा. मिरदुला ने मन किया यहाँ हम काम है क्या? कोई कुछ नहीं करेगा जबतक में हूँ . बस शाम की तयारी करो अंतिमसंस्कार रजत hi करेगा और राजगद्दी पे भी में अपने नाती को hi बेठुंगी पर एक वादा तुमको भी देना होगा की तुम और तुम्हारे बच्चे हमेशा Aryan-Deepti के वफादार होंगे.
मंदाकनी भी अपनी बुआ मिरदुला को बस वादा hi कर पायी वह उसकी हर बात मैंने को त्यार है . आर्यन कल आएगा यह बात दीप्ति ने सबसे छुपाई थी, वैसे भी आर्यन की टीम और नीला की टीम यही थी जोह अपना काम कर रही थी.
Deepti-Geeta चाहती तो एक मं में सब विरोधी को मार के रजत को राजा बना देती अपनी शक्ति उसे करके पर यहाँ बुद्धि और विवेक की बात थी . बाहुबल तो दोनों लड़कियों में सब मर्दों से ज्यादा hi था .
शाम को अंतिमसंस्कार करके रणजीत सिंह को उसके पुरखों के पास भेज दिया था Deepti-Geeta ने मिर्त्यु देकर और उसके बेटे रजत ने मुखाग्नि देकर.
राजा की मौत में दूर तोपों के गोले बरसाए गए और शमशान घात में गोलियां चाली गयी आश्मान में ......
रजत जोह अब अपने मामा श्री जबर सिंह के पास खड़ा था ुष्पर फायर हुआ तोह नीला ने कोड़कर दोनों को निच्चे गिरा के ,सीधे ुष गोली चलने वाले की खोपड़ी खोल दी ...... देखते hi देखते , नीला की टीम ने शेर की खाल पहने गीदड़ पे फायर खोल दी .....
मगर अब कौशल सिंह के साथ रोशन सिंह के आदमी भी रजत को टारगेट कर रहे थे ...... दीप्ति ने राजमहल की छत्त पे खड़े खड़े hi जहाँ जयंत के साथ नीला की टीम और अपने लोगों को भी अदृश्य शील्ड में कवर कर दिया ......
वहीँ गीता , राजमहल की सबसे ऊँची वाली छत्त की मुंडेर से लॉन्ग रेंज वाली स्नाइपर से 3 कम की दूरी पे भी कुशलता से एक के बाद एक दुश्मन की खोपड़ी उदा रही थी ...... राजमहल के बहार से गोलियों की आवाज सुन्न , आर्यन की टीम ने मिरदुला के साथ मंदाकनी , सुनैना को सुरक्षित किया वहीँ गीता छत्त से डायरेक्ट दुश्मन को मार रही थी वहीँ दीप्ति का फोकस जयंत और बाकी अपने को बचाना था ......
2 स्निपर्स ने राजमहल की छत्त से इतनी दुर्र किसी को निशाना लगते देखा , दोनों राजमहल की और भागे और नजदीक पहुंच के गीता पे फायर किया तो गीता ने कुटिल मुस्कान के साथ आँख मारी और गोलियां वापस मोड़ दी अपनी पावर से दोनों की खोपड़ी खुल गयी ......
100 से ज्यादा लोग तो अकेले गीता ने उदा दिए थे समसाम घात में जब तक सब भाग पाते पर जयंत को लेकर नीला अपनी टीम के साथ निकल चुकी थी राजमहल के बहार अपने ठिकाने पे वहीँ त्रिभुवन और जबर सिंह के बोडीगार्ड्स उनको सुरकषित करके राजमहल के बहार निकाल के ले गए .....
शाम के बाद अब अँधेरा घिरने लगा था और दोनों भेने निच्चे आकर अपनी ड्रेस बदल के योद्धा की ड्रेस फेन चुकी थी और राजमहल के मुख दवार पे तलवार और गन्स लिए कड़ी थी .....
बाकी सब राजमहल में सुरकषित थे आर्यन की टीम की प्रोटेक्शन में ...... मिरदुला को भी अब डर लग रहा था की आर्यन को क्यों नहीं लायी , यह लड़कियां काम नहीं है पर मर्द तो नहीं है न , मेरा माहि एक एक की गर्दन काट के पूरे राजमहल में टांग देता .
जिन्ह दोनों लड़कियों से पूरा पतलोक भी डर गया था वह दोनों वीरंगा आज कॉम्बैट स्टाइल में लड़ने वाली थी ...... कौशल सिंह के साथ उसका भाई वैभव सिंह और विनीता का बीटा जयंत सिंह भी 500 से ज्यादा सैनिक लिए राजमहल के बहार दोनों बहेनो Deepti-Geeta को देखे तो एक बार को डरे पर फिर सोचे यह दोनों अकेली क्या कर लेंगी.
राजगद्दी और सेट की लालच आदमी को अँधा hi कर देती है , रणजीत सिंह कुत्ते की मौत मारा गया जबकि वह बहोत शक्तिशाली था पर यह तीनो तो जैसे उसका वंश hi उजड़वाने आ गए थे .....
गीता को दीप्ति ने बोलै ," दीदी िंह तीनो को मत मारना बाद में देख लेंगे पहले इनके किरये के टट्टुओं को सबक सीखतये हैं यह सैनिक तो है नहीं क्योंकि नीला ने सेनापति को अपने साथ मिला लिया है ".
दोनों बहेनो ने एक दुसरे से हीफी किया और खोल दी बंदूकों का मुँह और गोलियां बरसाने लगी , उधर से भी फायरिंग और उनको घेरा गया पर गोली तो टच नहीं कर पा रही थी दोनों को और ऊपर से उनकी गोली माथे के बिच या दिल के पहाड़ के भार होती ......
50-60 दुश्मन ढेर करने के बाद अब दोनों ने दोनों हाथों में तलवार खींच ली , एक ने लेफ्ट और दूसरी ने राइट दिशा पकड़ ली , किसी का धाड़ काटा तो दुसरे का सर , तीसरे की टांग ...... खून की होली खेली जा रही थी और राजमहल का प्रांगण काटी लाशों से भरता जा रहा था ......
गोलियों का असर नहीं तलवार या भाले भी तन्न की आवाज से टूट जाते िंह लड़कियों को छूने से पहले ...... यह लड़कियां नहीं कोई मायावी सुंदरी बनकर िसानो को मौत देने आयी है खतरनाक मौत ......
दीप्ति भागते हुए का पीछा करती दक्षिण दिशा की गलियां में दौड़ती मारती काट टी आगे बढ़ रही थी वहीँ गीता तो तीनो भाइयों के पीछे पड़ी थी जोह दम दबा के अपनी गाड़ियां भी छोड़ के भाग रहे थे ...... गीता ने पीछे करते हुए उनके आदमी जोह उनको प्रोटेक्ट कर रहे थे सब मार दिए ......
यह पश्चिम का हिस्सा था जोह बहार मुख द्वार तक जाता था , एक चौराहे पे पहुंच के तीनो को गीता ने लालकर "नपुंसकों की औलादोन्ननननन..... किस सूअर से छुड़वा के तुम छक्के पैदा किये तुम्हारी माँ ने ....... अह्ह्ह्ह थूऊऊऊ है तुम्हारे राजपूत होने पे ...... "
तीनो का गुस्सा से पारा चढ़ गया था गीता की तरफ पालते तो और खतरनाक लग रही थी पूरी खून में नहायी तो कौशल और वैभव ने एक साथ हमला किया ...... "कुटिया तू गयी आज ...... "
गीता ने चंडी देवी वाली हसी दी ," है है है है है ....... तुम्हारे लिए मेरे हाथ hi काफी हैं"....... और तलवारें फ़ेंक दी ......
तीनो ने अब जोश में ुष्पर तलवार से वार किये बारी बारी पर गीता वार बचा के एक मुक्का या किक जड़ देती थोबड़े पे ...... सबसे पहले कौशल का तलवार वाला हाथ पकड़ के तोड़ दी " मारररररररर दियाआ ...... बचोओओओओ िश कुटियाआआआ ....... "
आगे न बोल पाया ...... गीता ने उसकी तलवार से hi ,उसकी गर्दन अपने घुटनो में दबा के मोह से उसकी जीभ निकाल के काट के सड़क पे फ़ेंक दी ," मादरचोद बहोत गालियां देता है , अब दे ". ....... और अपने हाथ से उसका एक कान उखाड़ के एक किक उसके मोह पे जड़ दी ....... घरों में बंद बस जानता सबको उसकी चीख hi सुनी.....
जयंत और वैभव भागे डर से तो गीता ने तलवार फ़ेंक के जयंत की टांग की दिशा में फेंकी तो उलटी टांग घुटने के निच्चे काट गयी और औंधे मोह सड़क पे गिरा चिक्तियन हुए ...... वहीँ 100 मीटर की दुरी पे पीछे करके विकभव को ुच्कल के एक लात मारी तो सड़क पे गिरा और दे ग़ुस्से और दे लात ...... उसके बालों से पकड़ के खींच के लायी तो घसीटे हुए और जयंत को देखकर दादी ," कुटिया के जाने , वही रुक जा नहीं तो दूसरी टांग भी काट दूंगी ".
वैभव का मोह दबा के बोली ," गाली देगा बोल गाली देगा ?"......वह डरता हाथ जोड़ता रू दिया पर गीता कहाँ रूकती उसने बड़ी निर्दयता से उसके दोनों कान काट काट के उसका सीधा हाथ और टांग तोड़ दी ....... भीषण चीखिआ गूंजती रहे वह कहाँ रुकने वाली थी ...... लास्ट शिकार जयंत के भी कान और जुबान काट के बोली " अब किसी को गाली देना का सोच भी पयोगे अह्ह्ह थूऊऊऊ ...... मादरचोदों जाओ ऐश करो कल तुम सबको नाचना भी है रजत सिंह का राजभिषेक भी होगा यह उसकी मौसी गीता देवी का वादा है ...... बता देना अपने माँ बाप को जिन्दा छोड़ रही हूँ अगली बार तुम्हारी मौत और उनका हज़ार भी तुम्हारे जैसा होगा ".
दीप्ति भी वहां पहुंची तो तीनो की हालत देखकर ," दीदी मर्डर न जाएँ तीनो".
गीता अपना मोह पहुंचते हुए तलवार उठती बोली," हरामखोर मूर्ति चमड़ी के हैं इनकी खाल के जुटे ाचे बनेगे , चल उतारते हैं ".
दीप्ति हसकर ," अच्छा चलो , आपको माँ बुला रही है ".......
दोनों भेने हाथ पकड़े आराम से राजमहल के द्वार पे पहुंची तो सिक्योरिटी अफसर की गाड़ियां कड़ी थी तोह उनको खून में नाहया देखकर सब दर गए और बंदूकें तान दी पर मिरदुला और त्रिभुवन दोनों की तरफ लपके ......
जबर सिंह ," सप शभ वह राजकुमारी दीप्ति है और वह उसकी हंसकाल बड़ी भें जैसी रतिदेवी की बेटी गीता देवी है इनकी hi बात कर रहे थे "......
सप ने भी सिक्योरिटी अफसर वालों को बन्दूक निच्चे करने को कहा गीता हताश हुयी सालों आज िंह वर्दी वालों की भी सब घूस खूरी निकाल देती ...... दोनों को मिरदुला ने गले लगा के खूब पुचकारा की कहीं लगी तो नहीं , तुम ठीक हो ......
त्रिभुवन सिंह भी चिंता करते हुए पुछा तो दीप्ति ने कहा ," हम ठीक हैं , कुछ बाघी लोगों ने हमला कर दिया वहीँ तीनो राजकुमारों के पीछे भी बाघी पड़े हैं ुष तरफ भागे हैं ".
त्रिभुवन सिंह ," अच्छा बेटी जाओ साफ़ होकर कपडे बदल लो अब सिक्योरिटी अफसर और कानून अपना काम देखेगा ...... माँ सा आप भी अब अंदर जाकर आराम करो. रजत को नीला बेटी ने अपने साथ सेफ रखा है ".
दोनों भेने अपनी माँ मिरदुला के साथ मुस्करती अंदर चली गयी ...... मिरदुला की अब दो नहीं तीन बेटियां थी जिसमे यह दोनों हंसकाल तो उसकी शेरनिया hi बन गयी थी ......
विजयगढ़ को 700 से ज्यादा आदमीओ की बलि देनी पड़ी , क्या अभी भी िश रियासत की धरती की प्यास नहीं बुझी थी या आर्यन भी आकर इश्को खून से सींचने वाला था ??????
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दोस्तों यह बहोत बड़ा अपडेट बन गया तो 2 part A&B में बाँट दिया है ...... अपने रिव्यु और कमैंट्स जरूर पोस्ट करें नेक्स्ट part में आर्यन भी विजयगढ़ पहुंच रहा है .
खुश रहिये अपना और अपने परिवार का ख्याल रखिये .
Part - 6(ा) ( राजगद्दी )
अब तक.........
आर्यन के रास से साणे लुंड को विद्या दीदी चूसने लगी तो आर्यन ने कहा ," दीदी अच्छे से साफ़ कर "...... विद्या खुस होती उसके ाँद तक का रास चाटने लगी .....
आर्यन की आवाज सुनकर लीला ने आँख खोली फिर पहले विद्या और अपनी छूट पे ऊँगली से माल ीखता करती काकी को देखि तो मुस्करा के काकी की गर्दन पे अपनी टांग लपेट के बोली ," कुटिया काकी डायरेक्ट चाट के साफ़ कर , उसके बाद तुम माँ बेटी को मौत देकर जाउंगी ...... तुम रंडियों की हिम्मत कैसे हुयी अंदर आने की ?"
आर्यन भी लीला का गुस्सा देखकर डर गया कहीं लीला सच्च में उसकी काकी दीदी को मरवा न दे ...... ?????
अब आगे......
काकी ने अपनी जीभ से लीला की छूट और झागों से सारा विरए और छूट रास चाट लिया ...... आर्यन ने लीला की तरफ टर्न करके उसका गाल चूम लिया तो लीला भी अपने लबों को उसके लबों से जोड़कर किश करने लगी .......
काकी ने विद्या को हटा के खुद आर्यन का लुंड और ाँद चूस के बिलकुल साफ़ कर दिया . फिर विद्या को बोली ," जा बाथरूम में रानी जी के गरम पानी भर दे बाथटब में और इम्पोर्टेड सोप भी दाल देना उनको सिकाई से आराम मिलेगा ".
विद्या उठकर बाथरूम गयी और काकी निच्चे चली गयी और 5 मं बाद आयी तो लीला अब आर्यन के ऊपर लेती उसको चूमे जा रही थी ......
काकी ," बीटा अब रानी जी को आराम करने दे , में मालिश करके इनका दर्द दूर कर देती हूँ ".
लीला ने काकी की तरफ देखा फिर आर्यन को जिस ने उसको हाँ कहा तो साइड होकर बीएड पे बैठी तो अह्ह्ह्हह्हह माआआआ निकल गया ," बहोत बुरी तरह से किया तू ने आर्यन दर्द भी ज्यादा दिया ".
आर्यन बस मुस्करा दिया तब काकी ने 10 मं एक स्पेशल तेल से पहले पेट, कमर और गांड की मालिश के बाद उसके हाथों और झांघो की भी कड़क मालिश की ...... लीला देख रही थी यह बुढ़िया बहोत एक्सपीरियंस है और मेरी धमकी का भी डर नहीं हुआ .
लीला अपनी कड़क आवाज में ," अब अच्छा लग रहा हक़ काकी , तुझे डर नहीं लगा अंदर आने में ? मेरी पिस्तौल या खंजर हाथ में होता तो मर जाती तू और तेरी बेटी ".
काकी बस मुस्करा के अब उसकी छूट की फांकों की मालिश करती हुयी बोली," रानी शैब्या हम तो नौकर हैं आपके गुलाम, हमारे मरने से कुछ फर्क पड़ेगा क्या. फिर गुलाम अपने मालिक के हाथ मरे तो उसका सोभागः hi होता है ".
लीला भी हस्ती हुयी ," आर्यन यह काकी अपने टाइम की बहोत बड़ी रंडी होगी और पक्की चापलूस है , चल माफ़ किया तुझे बस होंठ सिल्वा ले अपने और अपनी बेटी की".
आर्यन भी मुस्करा के ," लीला डार्लिंग हर राज की कीमत होती है फिर काकी की मालिश का इनाम भी मिलना चाहिए ".
लीला ," रानी हु यार में, सब अच्छे से समझती हूँ , काकी तेरा इनाम मिल जायेगा अब अपनी बेटी को लेकर जा मुझे अपने नए यार के साथ रहने दे ".
आर्यन ," काकी जूस और कुछ खाने को भिजवा दो ".
आर्यन अब बीएड से उतर के लीला को अभी बाँहों में उठा के चूमता हुआ बाथरूम ले गया वहां दोनों फ्रेश होकर फिर से बाथटब में एक दुसरे से लिपटे चुदाई किये ...... बस चूमते सेहलते दोनों हलके हलके कमर हिलाते िश पल का आनंद ले रहे थे .
लीला को आर्यन ने अपने घर की औरशन और अपने बच्चों के साथ उनकी माओ की स्टोरी भी बताई ...... लीला भी अब एक तरह से मैं बना ली थी की आर्यन जोह कह रहा है वह मुमकिन है पर आखिर में पूछ hi ली ," चल में तेरी बात मान भी लूँ, अगर दीप्ति ने कभी मुझे hi िश रिश्ते के लिए ऊँगली दिखाई तो ?"
आर्यन उसकी भारी चूतड़ सहलाता हुआ बोलै ," दीप्ति को ऐतराज नहीं होना चाहिए और उसको तुम्हारे मेरे रिलेशन का पता होगा , यह बात भी कहाँ छुपेगी तुम मेरे साथ अकेली गयी थी किसी मीटिंग में ...... लीला, तुम रानी हो एक रियासत की कोई तुम्हारी तरफ ऊँगली नहीं उठाएगा फिर तुम्हे अपनी पसंद का मर्द चुनने से कोण रोक लेगा ".
लीला अपनी कमर हिलती उसके लुंड को अपनी छूट में कसने लगी ," हूंणंन्न ारयणणणणणण मैंने आज तक दो मर्द hi चुने हैं दोनों एक से बढ़कर एक हैं. मेरा पहला प्यार की निशानी रौशनी है और अब मुझे तुमसे भी निशानी चाहिए hi hi hi hi hi ....... बहोत गन्दा है तू वहां ऊँगली मत कर मुझे पता है तू पहले दिन से मेरी चूची और गांड के पीछे पड़ा है ......... शह्ह्ह्हह्ह मेरे लिए तू मेरा सीक्रेट पति रहेगा और रौशनी अबसे तेरी बेटी है खुश ........ पुछःह पुछठ ".
एक घंटे की मस्ती ने लीला को बिलकुल थका दिया ....... आर्यन की चाप उसके सरीर पे नहीं दिल पे भी गहरी लगी थी .
कुछ डिअर बाद अब जूस और स्नैक्स खाकर बीएड में दोनों नंगे ब्लैंकेट में लेते थे ...... आर्यन के कंधे पे सर राखी उसके सीने पे हाथ फिरती लीला ने कहा ," आर्यन मैंने अपना सब कुछ तुझे सौंप दिया है और आगे की जिंदगी तेरे साथ hi देखती हूँ. मुझे महीने में एक दिन भी देगा तोह काफी होगा अपने प्यार की बाँहों में सकूँ पाने के लिए ".
आर्यन उसकी कमर सेहलता बोलै," लीला तुम मेरे लिए बहोत स्पेशल हो , सायद तुमको देखकर की प्यार करने के लिए तड़प रहा था फिर रौशनी जैसी बेटी देखकर तय भी कर लिया की तुम मेरी जरूर बनोगी. देखो सायद भगवन भी एहि चाहता है हम साथ रहे. अपनी बेटी को ज्यादा से ज्यादा टाइम दो देखना तुम खुद hi इतनी खुश रहने लगोगी की सब तुमसे जलेंगे ".
लीला ने अपनी झांग आर्यन के लुंड पे रगड़ के कहा ," रौशनी को पूरा प्यार दूंगी पर उसके नए पापा को भी उसकी मुम्मा को प्यार देना चाहिए न, आर्यन दर्द तोह बहोत है पर एक बार और अंदर आ जाओ मेरे...... सायद ऐसा मौका जल्दी नहीं मिलेगा ".
3 घंटे में 2 बार छोड़ने के बाद भी लीला एक बार और आर्यन से छोड़ना चाहती थी पर उसने शरत राखी ," मुझे रफ़ चुदाई पसंद है, आधे टाइम तुम डोमिनेट करना आधे टाइम में ".......
सही औरत पे हाथ डाला था आर्यन ने, यह साइज hi नहीं स्टैमिना में भी सबसे बड़ी थी , आर्यन की दादी , देवी की उम्र ज्यादा थी पर देवी का जवान वर्शन hi कह लो लीला को ...... बिस्टेर में दोनों का मर्द नंगा हो तो साले को खाली पीली आराम तो करने देने से रही.
अबकी बार लीला ने अपना हिंसक रूप दिखा के आर्यन को थप्पड़ मारते हुए उसके लुंड की सवारी की , उसके निप्पल तक काट डाली ...... सीने पे जगह जगह दांतों के निशान भी पद गए ...... मगर यह औरत लीला अब 3 स्टेज तक आ चुकी थी , आर्यन को अंदजा था यह 5तह स्टेज भी झेल लेगी हिंसक , डोमिनेटिंग सेक्स के दौरान .......
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अब तो रूम का दूर भी खुला था पर लीला में जैसे माता आ गयी हो चिल्ला चिल्ला के गालियां बक्ति आर्यन को उकसाती हुयी 20 मं में 3 बार झाड़ के पास्ट हुयी तो आर्यन ने उसको बीएड पे पेट के बल लिटा के बालों को हाथ में लगाम की तरह थाम के पीछे से उसकी छूट में लुंड पेलते हुए पूरी ताकत से उसका ढोल बजा डाला , आधे घंटे सिर्फ चीखिआ hi सुनाई दी लीला की जिसकी गवाह पीली कोठी बानी .
काकी और विद्या अपने काम में लगे रहे , दोनों ने 16 डिशेस वाली स्पेशल थाली रेडी कर दी थी ....... चीखिआ सुनकर दोनों हस्ती और आर्यन के गुणगान.
7 बजे जब दोनों निच्चे आये रेडी होकर तो लीला थकी थकी जरूर थी पर चेहरे की लाली अलग hi स्टोरी बयां कर रही थी ......
आर्यन और लीला ने खाना खाते हुए दिल से दोनों माँ बेटी की तारीफ की .
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लीला
चलते हुए काकी को अपने गले का कीमती हार देती हुयी बोली ," इनाम है रख ले "....... एक चेक विद्या को दी ......" यह तेरे और बच्चों के लिए , अगली बार मौका मिले तो आर्यन को अंदर लेकर hi यहाँ से जाने देना ....... ाचा लगा मुझे यहाँ आकर मेरा सबसे अच्छा दिन था फिर आऊँगी काकी ".
दोनों को हेलिपैड पे छोड़ने आयी और आर्यन के गले लगकर जल्दी आने का बोल के माँ बेटी ने विदा किया .
पीली कोठी पहुंचकर दोनों ने फिर से ुष हार को देखा तो काकी खुश होती हुयी बोली," असली महारानी है इतना कीमती हार देते हुए एक बार भी नहीं जिझकि ".
विद्या ,"हाँ बहोत सूंदर है माँ , मुझे भी 2 लाख का चेक देकर गयी, सच में लीला जी बहोत अच्छी हैं फिर आर्यन भैया ने भी 1-1 लाख कॅश दिया है लिफाफे में ".
काकी मुस्करा के ," सब आर्यन का कमाल है , यह सब रानी महारानी उसके लुंड की गुलाम हो जाती हैं , िश लड़की में डैम है आर्यन कभी उसके अपने से दुर्र नहीं होने देगा और मेरे हार को देखना बंद कर यह तुझे नहीं मिलेगा "...... और एक बॉक्स अपनी अलमारी से निकाल के हार को अंदर रखकर लॉक कर दी .......
विद्या थोड़ी मायूस हुयी तो काकी हसकर उसके सर पे हाथ फेरी ...... "अभी तू जवान है आर्यन की शादी होगी तो उसकी बीवियां और रानी, महारानी आती रहेंगी यहाँ, मेरी तरह मोह सील के दिल से खिदमत करना ऐसा एक हार क्या दौलत में खेलेगी बस औकात याद रहे हम गुलाम है उनके लिए जान भी दे देनी है पर वफादारी नहीं छोड़नी ".
काकी की बात विद्या भी समझ गयी आखिर उसकी माँ आज क्यों रतिदेवी और आर्यन की ख़ास है , में भी ऐसी hi बनकर दिखूंगी ...... पीली कोठी की नयी केयरटेकर के रूप में विद्या की दावेदारी सबसे मजबूत थी ..... काकी उसको अपने जैसे hi त्रिनेड कर रही थी .
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आर्यन का जनम वाला गाओं ......
दिल्ली में नवाब सिंह ने अपने छोटे भाई संजय की हालत देखि तो दुःख हुआ पर सलोनी की इज्जत पे हाथ डाला सोचकर hi गुस्से में अपनी जुटती निकल के खूब पीटा ...... संजय भी बस "भैया माफ़ कर दो".... "भैया माफ़ कर दो".... करता रहा .
ुष रात पार्टी की दुसरे फार्महाउस पे, 5 आइटम्स ने सबका मैं बहलाया जाम पिलाते हुए ...... 2 आइटम्स ठाकुर बलदेव सिंह ने हत्या ली तो एक आशुतोष को भी मिल गयी ..... भीमा ने नवाब से पूछकर दोनों भी ठाकुर के पास भेज दी . दोनों अपनी नयी बीवियों को hi पेल के खुश थे .
सुबह आर्यन सबको फार्महाउस पे ब्रेकफास्ट के लिए बुलाया. नाश्ते के बाद वहीँ से विदा लेकर , ठाकुर बलदेव सिंह अपने परिवार के साथ गाओं निकल गया बस ठकुरियन रूपा यहाँ पार्टी ऑफिस में बिजी थी . राजवीर सिंह ने रति से अकेले में बात की और काफी खरी खोटी सुनकर आशुतोष के साथ गाओं निकल गया .
कविता मामी और डॉली ने आशुतोष को जल्दी मिलने आने को कहा . आशुतोष भी खुश था की उसके बीवी बच्चे अच्छी लाइफ जी रहे हैं और उससे भी नाराज नहीं हैं . कल सेहर की हाई क्लास रांड छोड़के खुस था की आर्यन या परिवार वाले उससे भेद भाव तो नहीं कर रहे बस आर्यन ने पाबन्दी लगा दी है.
नवाब सिंह और भीमा को जिम्मेदारी राजवीर सिंह ने दी अब िंह दोनों का क्या करना है तुम देखो अगली बार मुझे बिच मत लाना , जिन्दा रखना हो दुर्र बहोत दुर्र रखो परिवार और उन्ह Maa-bete से .
नवाब सिंह भी अपनी हवेली गाओं पहुंचा , संजय और देवेंदर को अपने सेहर के मकाम में कैद रखवा दिया 5-6 आदमीओ की पहरेदारी पे रख के ..... हवेली में कुलदीप की भें को ले आया और 3-4 दिन उसके मजे से कटे थे ..... नौकर नौकरानी की क्या मजाल की मोह खोल दें पर यह पक्का लग गया की िश औरत से मालिक ने शादी कर ली है जोह पूरे सिंगार करे एजी ोहजी करती है .
कुलदीप की भें भी अब खुश थी उसकी पिछली उलझी और दगाबैजी वाली ज़िंदगी से निकल अब उसका एक पति है नवाब , देखने में इतना अच्छा नहीं है पर दिल का बहोत साफ़ है और उसको दुःख था की नवाब में नसबंदी करवा राखी है तो बच्चे नहीं होंगे पर बिस्टेर पूरा संतुस्ट कर देता है. प्यार में तो उसके अँधा हो चूका था नवाब सिंह और बन थान के रहता है.
नवाब सिंह ने दिन में एक बार जाकर दोनों को गईए के डंडे से पेलता और फिर हवेली लौट आता ...... भीमा ने नवाब को तरीका समझाया था 3-4 दिन बिलकुल उनकी कुछ सुन्ना hi मत , मार डेली पड़े जब भी चूतड़ नुहोडें दर्द गांड तक होना चाहिए .
ठाकुर बलदेव सिंह ने भी नवाब को समझाया ," अपने परिवार को सुरकषित रखना चाहता है तो िंह संपो के दांत तोड़ के hi जाने देना ,तू समझदार है कड़वे कदम hi परिवार को मजबूत करेगा ...... दोनों की बीवियां बुलाकर जलील कर, यह सेहरी लोग हैं जल्दी टूट जायेंगे ".
दोनों को टाइम से खाना भी मिल रहा था पर नवाब सिंह आकर पीट जाता डंडे से तो दिल से आंसूं निकलते संजय के की भैया भी आर्यन की hi सुनते हैं.
आज नवाब सिंह ने कहा," 2 दिन बाद निर्मला बेटी आ रही है आर्यन के साथ तब तेरी अच्छी खबर लूंगा ...... "
संजय ने रूट हुए कहा ," सब उन्दोनो का hi तो किया हुआ है , दोनों माँ बेटे बन सबकी आँखों में धुल झोंक रहे हैं. निर्मला के पेट में आर्यन का पाप पल रहा है ...... आएंगे तो पूछ लेना ".....
नवाब सिंह के प्यारों से जमीन किशक गयी यह संजय क्या अनापसनाप बक रहा है , फिर गुस्सा होकर खूब मारा , संजय ने सब सुना दिया रूट हुए भी पर नवाब ने बिलकुल विश्वास नहीं किया . अगर ऐसा है भी तो मेरे बेटे आर्यन के नसीब में पहले से hi लिखा हुआ है , एहि बात तो मेरे जेल वाले गुरूजी भी कहते थे. उसको बस आर्यन और निर्मला का इंतज़ार था .
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चंडीगढ़ ........
तीनो दानव कन्या के दिन आज कल प्रभा के साथ चंडीगढ़ में बीत रहे थे....
मीणा ने तुरंत hi तीनो बहेनो को दिल्ली में अपने चाचाजी संजय सिंह को देखा तो चाचीजी निर्मला की चिंता हुयी , प्रभा किसी भी सिचुएशन में हैंडल कर लेगी अगर हमला हुआ पर वह एक्सपोज़ न हो और दानव कन्या बड़ी आसानी से शिकार कर पायेगी .
ुष रात मेहमानो की विप पार्टी से पहले hi तीनो एक कार में सिक्योरिटी के साथ चंडीगढ़ निकल गयी. आर्यन को भी यह ठीक लगा वहां चंडीगढ़ में अपने नानाजी के घर प्रभा ने सब को अपनी फ्रेंड्स कहकर मिलवाया जोह इंडिया घूमने आयी हैं.
प्रभा अब चूँकि नागलोक की राजकुमारी थी यह तीनो साया, चाय और माया भी दानव राजकुमारी थी चरों की अच्छी पत्नी लगी .
निर्मला भी अपने पिताजी को देखकर खुश थी पर अपने बेटे आर्यन से दुर्र. आर्यन को फ़ोन में समझा चुकी थी में जल्दी hi तेरे पास आऊँगी और अब इंडिया में hi रहूंगी .
प्रभा ढेरी ढेरी अपने अतीत और आज में ताल मेल बिठा रही थी पर एक बेचैनी अपने बड़े भाई आर्यन के लिए हमेशा रहती ...... सपने भी उसके hi देख रही थी पर क्या सब उसके प्यार को समझ पाएंगे? ...... और अपनी मम्मी के बारे में जानकार तो अब जल्दी hi भाई से अपने विचार शेयर करने की ठान ली थी .
अणि ने उसको समझा दिया था की आर्यन उसको अपना लेगा पर उसको गीता और मीणा को मन्ना होगा मगर नानी रति कभी नहीं मानेगी . तब प्रभा ने कहा ," में नानी माँ को मन लुंगी वह मेरी बात जरूर मानेगी "...... रति भी नाराज थी अपनी लाड़ली प्रभा से की जबसे आयी बस कुछ डिअर उसके पास रही वार्ना अणि के साथ सारा वक़त बीत्या.
निर्मला ने अपना रिलेशन आर्यन से सबसे छुपा के रखा था पर आर्यन की होने वाली शक्तिशाली बीवियां और सारू भी अब जान गयी थी निर्मला की कूख में आर्यन का बच्चा है ........ प्रभा पहले नाराज भी होती पर अब वह आर्यन और अपना सच्च भी जानती थी तो उसको अपनी मम्मी ले लिए खुसी हुयी और पापा संजय सिंह पे भी गुस्सा आया .
निर्मला ने शरत रख दी थी नवाब सिंह के सामने फ़ोन पे की वह आर्यन और रति माजी के साथ hi गाओं आएगी संजय से मिलने. आर्यन भी परसों उसको लेने चंडीगढ़ जाने वाला था .
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इधर 8:30 बजे हेलीकाप्टर दिल्ली फार्महाउस पे उतरा तो आर्यन और लीला को बिना ने रइवे किया ....... बिना ने आर्यन को कहा ," एक जरूरी बात करनी है रति मैडम ने आते hi मिलने को कहा है आपको ".
आर्यन भी उसको सीरियस देखकर हामी भरा और जब हॉल में पहुंचा तो रौशनी और महिमा वहीँ कुछ खेल रहे थे सारू और बबिता भी वहीँ बैठी बातें कर रही थी .
आर्यन अपनी दोनों बेटियों से मिला फिर राहुल का पुछा तो पता चला की अभी सू रहा है ........ सारू के गाल पे किश किया और उसका हाल चल पुछा .
बबिता को एक कॉफ़ी के लिए बोलै और पुछा मीणा कहाँ है ?
सारू ने जवाब दिया ," वह ऑफिस से अभी डॉली के साथ निकली है तुझे माँ ने बुलाया है अपने सुईठे में हैं ".
आर्यन बिना के साथ चल दिया और लीला को फ्रेश होने को बोलै दिया ....... रति अपने बीएड पे गाउन में बैठी लैपटॉप पे ऑफिस का काम देख रही थी.
आर्यन उसके बगल में बैठा और सर उसकी गॉड में रखकर लेट गया ........ रति भी खुश होती उसका माथा चूमि ," मेरा बच्चा थक गया पीली कोठी घुमते घुमते ".
आर्यन ने सर हिला के अपना फेस उसके पेट की तरफ टर्न करके उसके गाउन की बेल्ट खोल के उसके नाभि में जीभ दाल के चाट लिया ....... " हुन्न अभी भी कसार बाकी है".
आर्यन के सर पे प्यार से चपत लगाई तो आर्यन उसकी ब्रा ऊपर कर एक चूची पीने लगा ," ृक्क न बीटा , जरूरी बात करनी है "...... आर्यन ने मोह हटा के इतना कहा बाद में और फिर लग गया ......
रति भी मुस्करा के अपना चस्मा हटा के लैपटॉप बांध करके बीएड से तक लगा ली और उसके बालों में हाथ फिरने लगी ....... 10 मं बाद बबिता और बिना आयी तो आर्यन का मोह हटा के बोली," चल अपनी कॉफ़ी पी चूची बाद में पी लेना ".
दोनों ने मुस्करा के रति को देखा जोह ब्रा ठीक कर अपना गाउन सही करती बेल्ट लगा ली...... तीन कप कॉफ़ी देखकर आर्यन ने बिना से एक कप बहार से सेल्फ से मंगवा के 4 कप में डाली तो रति ने कॉफ़ी पीते हुए पुछा ," लीला से क्या चक्कर है तेरा में नहीं पूछूँगी पर एक hi परिवार की दो लड़कियां मुश्किल करेंगी आगे चलकर ....... प्यार करना है खूब प्यार कर में नहीं रोकूंगी पर शादी की बात मत करना ".
आर्यन हसकर ," बच्चे तो उसके अपना सकता हूँ न, मेरा मतलब था रौशनी अब मुझे डैडी बोलती है कितनी प्यारी है न ?"
रति आँख दिखा के ," रौशनी के चक्कर में उसकी माँ को भी पता लिया ठीक है पर दीप्ति का हक़ में नहीं देने वाली लीला को अभी बता रही हूँ ".
आर्यन मुस्करा के ," उसको वह हक़ नहीं चाहिए बात यह है सुचित्रा मामी और लीला को नेक्स्ट ंप इलेक्शन वहां राजस्थान से लाडवा रहा हूँ , लीला से ुशी सिलसिले में बात हुयी है . तू एक बार मिल उससे तुझे पसंद आएगी , अच्छी लड़की है बस उसके पति की डेथ हो गयी . उसने पहले hi क्लियर कर दिया की हमारे रिश्ते का कोई भविष्य नहीं है पर कभी कभी उसको प्यार दूँ रौशनी के फादर वाला बस इतना hi ".
रति टॉन्ट मारती हुयी ," देख ले बबिता अपने पति को तेरे सामने बेशर्मो की तरह किसी और औरत का गुणगान कर रहा है ".
बबिता भी मुस्करा के ," यह तो आप डीडे करेंगी न कोण आर्यन के साथ रहेगा. फिर मुझे तो महिमा के रूप में पूरा अधिकार मिल गया है ".
रति ने उसके सर पे हाथ फेर के कहा," यह मेरी सबसे अच्छी बहु है , रीता को आने दे में मंदिर में आर्यन से तुम दोनों की मांग में सिन्दूर और गले में मंगलसुतृ डलवा दूंगी ...... रीता ने बतया था की एक दुसरे कंट्री के पेपर्स से तू लीगली उसकी तरह आर्यन की बीवी होगी पर नाम अलग होंगे ".
बबिता भी खुश होती रति के गले लग गयी," माजी आप ने मेरे लिए इतना सोचा में कभी जान देकर भी अहसान नहीं चूका पाऊँगी ".
रति गुस्सा दिखती हुयी ," पागलों वाली बात करेगी तो थप्पड़ लगा दूंगी , महिमा को माँ का प्यार कोण देगा ...... जान लगा के उसको पाल , ुश्मे आर्यन के साथ हमारे खानदान की जान बस्ती है . मेरी छोटी माहि परिवार में खुशियां भर देती है अपनी नटखट बातों से ".
"डैडी डैडी "....... महिमा की तेज़ पुकारने की आवाज आयी तो , सारू और लीला के साथ रौशनी भी थी ...... रति ," शेतें का नाम लो देखो आ गयी मेरी बच्ची "...... है है है है है
आर्यन खड़ा होकर बैडरूम से बहार आकर महिमा को गॉड में उठा लिया और प्यार करने लगे ," मेरा बच्चा मेरा बेबी क्या बात भूक लगी है क्या ?"
महिमा ," डैडी ..... रौशनी दीदी भी आपको डैडी बोलेगी , आप ने उसको प्यार नहीं किया ".
आर्यन ने रौशनी की तरफ देखा तो मोह पे हाथ रखकर हसने लगी. आर्यन उसको भी गॉड में उठा लिया ," शैतानी हो रही है क्यों रौशनी ...... में तुम्हारा भी डैडी हूँ ".
दोनों ने आर्यन के गालों पे किसी की ," ी लव यू डैडी "......
रौशनी ," यू अरे बेस्ट डैडी इन थे वर्ल्ड".....
महिमा," यू अरे बेस्ट डैडी इन थे वर्ल्ड "......
"अरे मेरा बच्चा मेरी दोनों प्रिंसेस इस बेस्ट इन थे वर्ल्ड ...... " ....... आर्यन के कान में रौशनी ने कुछ कहा तो आर्यन ने हाँ में गर्दन हिलायी फिर दोनों को लेकर निकल गया सुईठे के बहार.
रति बहार आयी तो लीला को देखकर hi इम्प्रेस हो गयी क्या पर्सनालिटी है िश लड़की की आर्यन क्यों न फ़िदा होता ? लीला आगे बढ़कर प्यार छूने लगी तो रति ने उसको रोक के गले लगा के कहा ," रानी शैब्या हमारे यहाँ लड़कियां प्यार नहीं छूती ".
लीला
लीला ," आप मुझे बेटी मान रही हैं तो नाम hi लीजिए लीला मुझे अच्छा लगेगा".
रति उसको सोफे पे बैठने का बोली," सॉरी आज बिजी थी तो मुलाकात लेट हुयी , तुम भी बिजी होगी ".
लीला शर्मा के ," हाँ आर्यन मुझे एक परपोसल के सिलसिले में ले गया था मीटिंग के लिए ".
रति ," फिर डीडे किया कुछ , वैसे रानी हो तो सोच समझ के डिसिशन लेना. इमोशंस और रिलेशन्स कभी काम के बिच नहीं आने चाहिए ".
लीला ," आप बड़ी हैं और इतनी बड़ी बिज़नेस टाइकून में आपकी एडवाइस जरूर चाहूंगी ".
रति ," बिना, हमारी बेटी के लिए कुछ ड्रिंक्स और डिनर का अरेंजमेंट करो, में भी ड्रेस चेंज करके आती हूँ".
सारू से और बबिता से बात करती लीला को भी अपनापन लग रहा था. लीला भी समझ रही थी आर्यन की फॅमिली ने सिलेंटली उसको और उसकी बेटी को एक्सेप्ट कर लिया है.
सब निच्चे दिंनिंग एरिया में पहुंचे तो सब लड़कियां भी तीनो बच्चों के साथ आर्यन को घेर के हसी मजाक कर रहे थे......
डिनर करते हुए रति , डॉ अंजू से लीला का काफी टॉपिक्स पे डिस्कशन हुआ और बिज़नेस के साथ ंप के इलेक्शन की बात पे भी . रति ने ड्रिंक नहीं किया पर डॉ अंजू और सारू ने लीला के साथ एक एक गिलास स्पेशल इम्पोर्टेड वाइन पि. आर्यन ने मन कर दिया की बच्चे हैं अभी मेरे साथ .
रति ने लीला को आर्यन का परपोसल एक्सेप्ट करने का कहा और दिल्ली में रहेगी तो यहाँ हमारे साथ रहना अगर बुरा न लगे तो .
आर्यन तीनो बच्चों के साथ मीणा को भी अपनी प्लेट में खिला रहा था ...... महिमा तो सबको बारी बारी जाकर बाईट खिलाती ...... रौशनी भी अपने नए डैडी और फ्रेंड माहि के साथ बहोत खुश थी.
आर्यन ने बबिता से कल सारू के साथ जाकर रौशनी के लिए इंटरनेशनल कॉलेज में एडमिशन की बात की तोह बबिता ने मिडटर्म की बात कही मुश्किल है . पर रति ने कहा में बात करुँगी मैनेजमेंट से .
आर्यन ने रौशनी को गले लगा के कहा ," माँ मेरी बार्बी डॉल को सिफारिश की जरूरत नहीं पड़ेगी , वह खुद इश्के पीछे पड़ेंगे एडमिशन लेने के लिए".
डिनर के बाद सब लोग कुछ देर गार्डन में घूमे . लीला को विप सुईठे में रुक्या गया था मगर रौशनी अभी आर्यन के साथ रहना चाहती थी . आर्यन ने कहा जब सू जाएगी तो तुम्हारे पास पहुंचा दूंगा .
तीनो बच्चों को अपने साथ बीएड पे लिटा के स्टोरी सुण्या थपथपाते हुए तो थोड़ी डिअर में सू गए ...... रौशनी को लेजाकर लीला के सुईठे में सुलाया दिया . कविता और बबिता दोनों को पहले hi ले गयी थी .
लीला अभी नहाकर अपने बॉडी पे मोसिटुरे क्रीम लगा रही थी , आर्यन ने पीछे से गले लगकर उसका गाल चूम के कहा ," गुड नाईट सू जाओ सुबह मंदाकनी दीदी के यहाँ निकलंगे ".
लीला ने घूम के 5 मं आर्यन को किश करके हुग किया ," आर्यन ी म सू हैप्पी फॉर आल थे जॉय एंड स्पार्क्स यू ब्रिंग इन माय लाइफ अगेन...... ी लव यू आर्यन ी लव यू ".
आर्यन ने उसका सर चूम के बोलै ," ी लव तू मोती , बस इमोशनल मत हुआ कर ".
लीला भी अभी मुस्कारने लगी ," इतनी भी मोती नहीं हूँ में बस हट की वजह से सबा बड़ा बड़ा है ".
आर्यन ने उसका कान चूमा ," मुझे सब बड़ा बड़ा hi अच्छा लगता है , सू जाओ यहाँ मेरा रहना सबके सामने भेद खोल देगा ".
लीला भी उसको गुड नाईट बोलकर ," जल्दी hi में यहाँ एक प्रॉपर्टी खरीदने वाली हूँ फिर तुम मेरे साथ रात में भी रुक सकते हो ".
आर्यन भी उसको गुड नाईट बोलकर अपनी बेटी रौशनी का माथा चूमा और वहां से निकल के रति के सुईठे में पहुंचा तो बिना भी बैठी थी और मीणा रति के बीएड पे उसके साथ लेती थी.
रति ने कहा ," गीता का पता है की नहीं वहां भी Geeta-Deepti ने 700 से ज्यादा दुश्मन मार दिए और अब सिक्योरिटी अफसर ने सब कुछ अपने कब्जे में ले लिया है , मुझे तो डर लग रहा है आर्यन पर तुझे तो बिलकुल चिंता hi नहीं ...... वैसे हर समय चंदा रानी करता है , फिर हमारा उनके रजवाड़े मामलों में टांग अदना जरूरी है क्या ?"
आर्यन भी रति की तरफ खिश्कार बीएड पे लेट उसको अपने ऊपर लिटा लिया और मीणा का गाल चूम के उसका सर अपने कंधे पे लगा लिया ...... " बिना डार्लिंग आराम कर ले या यहीं सू जा हमारे पास ".
बिना ," मैंने कल की तयारी कर दी, मैडम वैसे वहां अपनी स्पेशल टीम वाले हैं उनके साथ है और नीला भी एक टीम लेकर पहले से वहां है ...... एक खरोंच नहीं आएगी किसी को फिर दीप्ति मैडम को आपने भी स्वयंवर में देखा था एक hi वार तलवार का कितना सटीक था ".
रति ," मुझे दीप्ति की नहीं गीता की चिंता रहती है उसका गुस्सा उससे कुछ भी करवा देगा ".
मीणा ," don't वोर्री नानी माँ , गीता दीदी को दीप्ति कण्ट्रोल कर सकती है. वह दोनों अब सगी बहेनो से बढ़कर हैं ".
बिना गुड नाईट बोल के चली गयी. रति ने आर्यन के गाल को सेहलते हुए कहा," मुझे कितना प्यार करता है ?"
आर्यन जाहत से बोलै ," जितना िश पूरे जहां में न समां सके , हुआ क्या है ?"..... उसके हाथ को चूम के उसकी आँखों में देखने लगा.
रति ने मीणा को इशारा किया तो उसने रति का फ़ोन पकड़ा दिया उसको जिसको ओपन कर रति ने रिकॉर्डिंग चला दी पहले देवेंद्र सिंह मौसाजी का कबूल नामा और फिर चाचाजी संजय सिंह का खुलसा सुनकर आर्यन बस चुप hi रहा तो रति ने उसके गाल चूम लिया और ऊपर होकर ," सच्च सच्च बता निर्मला क्या तेरे बच्चे की माँ बनने वाली है ?"
आर्यन बस एक फीकी मुस्कान सी देकर बोलै ," हाँ मम्मी को मन नहीं कर पाया पर चाचाजी को किसने बतया ?"
रति ने गुस्सा दिखा के आर्यन के गाल पे काटा ," है मत तेरा नाना राजवीर अगले दिन कितना लड़कर और भला बुरा बोल के गया है मुझे, तुझे कुछ फर्क पड़ता है क्या ".
आर्यन ," जैसे तू ने तो कुछ बोलै hi नहीं होगा , बात अभी भी वही है उनको कैसे पता ....... अब समझ में आ रहा है मम्मी ( निर्मला) क्यों दूर दूर भाग रही है मुझसे ".
रति ," नवाब का फ़ोन आया था निर्मला को भेजने के लिए फिर मंजू को भी बुला रहा था ....... उसको भी पता होगा सब और रघु के साथ देवेंदर भी जानता होगा. एक काम कर रघु को बोल के दोनों को कहीं गढ़वा दे , नवाब और भीमा को में चुप करवा दूंगी बस ुष ठाकुर बलदेव को उसकी हवेली में hi सुला दे हमेशा के लिए ....... बात खुलनी नहीं चाहिए ".
आर्यन ने रति के सर पे हाथ रखकर अपने सीने से लगा के बोलै ," सू जा मैंने देख लूंगा , सबूत नाम की चीज़ भी होती है ....... डीएनए टेस्ट करवा के भी चाचा प्रूफ नहीं करवा पायेगा. बाकी सब बातें भी उसके मैं का भीम है साबित कर दूंगा . ठाकुर कुछ नहीं बोलेगा रूपा माजी मुझे बीटा मानती है . भीमा काका और नवाब पापा कुछ भी नहीं बोलेंगे उनकी गोटी मेरे हाथ में है ".
रति ," देख ले मुझे कोई ऊँगली नहीं चाहिए उठी हुयी मेरे खानदान पर ".
आर्यन ," नहीं उठेगी , प्रॉमिस अब सू जा ".
रति ," मुझे सुला मत, बबिता के पास चले जाना माँ है तेरी बेटी की फिर लीला को खुश देखकर बबिता बोली नहीं पर तुझे चाहत की नज़र लिए देख रही थी ".
मीणा ," आज कल जाता कहाँ है किसी के पास? आज डॉली, नेहा भी शिकायत कर रही थी की भाई के पास टाइम hi नहीं है. सारू मम्मी बोलती नहीं है पर दिल उनका भी बेचैन रहता है ".
आर्यन घेरि सांस लेकर ," कल मुझे दीप्ति की हेल्प के लिए जाना पड़ेगा वहां और परसों गाओं जाऊंगा निर्मल मम्मी को चंडीगढ़ से लाकर फिर सबको टाइम भी दिया करूँगा. बस नानजी चाहते हैं में बिज़नेस संभल लूँ परिवार की देख रेख करते हुए ".
" भाई तू ने ाचा नहीं किया पापा को ुष कुलदीप की भें को देकर , अब हवेली में भी पहुंच गयी है "...... मीणा ने शिकायत की तोह आर्यन हसकर बोलै," तुम दोनों ने बहोत अच्छा किया सलोनी मम्मी को डैडी के साथ भेजकर , देखना पछ्ताओगई वह मंजू माँ और मेरी मम्मी ( सारू) नहीं हैं, अपनी शर्तों पे जीने वाली लेडी हैं . डैडी उनका प्यार जरूर हैं पर वह मजबूत सहारा दे नहीं पाएंगे पहले मैंने भी उनको डैडी के पास भेजने का सोचा था ".
रति ," बस एक बात याद रख सलोनी को दूर रख , मेरी भें अंजू भी अब ठीक और फिट है उसको प्यार नहीं देगा क्या ?"
मीणा ," भाई , सलोनी मौसी खुद गयी है भले hi हमने उनको फाॅर्स किया हो पर डिसिशन उनका था ".
आर्यन ने रति को साइड लिटा के गाल चूमा फिर मीणा का और गूडनिघत बोलकर चलते हुए कहा ," जैसे मेरी मंजू माँ को फाॅर्स किया था अमेरिका जाने के लिए ".
दूर लॉक होने पे रति बोली," तू देख ले मीणा क्या करूँ िश लड़के का सबकी फ़िक्र में बस दोष हमको hi देगा ".
मीणा हसकर ," क्या करें नानी हम सब लालची हैं और आर्यन को कोई लालच नहीं बस किसी का प्यार पाकर hi खुश हो जाता है. वैसे आपकी दो लाड़ली और आर्यन से शादी के चक्कर में, एक की तोह हर हाल में करनी होगी क्योंकि उसको कोई मर्द झेल नहीं पायेगा ".
रति ," कोण गरिमा या प्रभा अब यह दोनों hi बची हैं ".......
मीणा मुस्करा के ," दोनों बस इंतज़ार में हैं आपसे पक्का बात करेंगी हाँ कर देना, अणि ने दोनों को आपके खिलाफ कर रखा होगा ".
रति थोड़ा चिढ़कर ," बस अब अणि hi तो बची है उसको हाँ क्यों नहीं बोलता आर्यन ?"
मीणा सीरियस होकर ," अणि जिस दिन आर्यन को अपना बनने का सोच ली कोई भी उसको रोक नहीं पायेगा , वह कितनी जिद्दी है आपसे बेहतर कोण जानता है. वहां टोक्यो में अपना और उसका नुक्सान मत करवा नहीं तो भरी पड़ेगा ".
रति ," कुछ हारना hi होता है जीतने के लिए , चल सू जा में तेरे साथ hi ऑफिस चलूंगी कल ,गुड नाईट ".
दोनों अपनी सोच में डोबी नींद की वादियों में चली गयी .......
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आर्यन ने बबिता के रूम में जाकर महिमा को गोदी लेकर दुसरे रूम में कविता मामी के पास छोड़ दिया तो कविता भी उसको अगूंठा दिखा के थम्ब्स उप बोली .......
बबिता नींद में नहीं थी पर दिखा रही थी की सू रही है , अच्छा अब मेरी याद आयी सारा गुस्सा निकलूंगी ...... आर्यन बीएड पे लेटकर बबिता की बगल में हाथ दाल के अपने ऊपर लिटा के बोलै," मेरी रानी इतनी जल्दी सू गयी , अब नाराज न हो प्यार करने आया हूँ ऐसे सूने नहीं दूंगा" और बबिता के गुलगुली करने लगा तो हसकर ," hi hi hi hi ...... "मत करो न आर्यन hi hi hi hi ...... अच्छा अच्छा जाग गयी ".
बबिता
आर्यन दोनों हाथों को उसके गाल पे रखकर उसके सूंदर चेहरे और आँखों में देखने लगा ...... यह वही बबिता थी गीता की इंग्लिश लेक्चरर जिसको पहली बार देख के उसकी खूबसूरती में खो गया था ....... बबिता भी पहली नज़र में आर्यन पे दिल हार गयी थी , दोनों ुशी रात एक भी हो गए और इनके प्यार ने जोह फूल महिमा के रूप में खिलाया वह सबकी जान बन गयी ....... बबिता को अपनी पति के साथ नरक जैसी ज़िंदगी से छुटकारा मिला और अब आर्यन की फॅमिली की ख़ास बहु बन गयी थी . सबको पता था की आर्यन और बबिता के नाज़ायज़ संभंदों से महिमा पैदा हुयी है पर रति और देवी ने िश रिश्ते को जायज़ बना दिया की बबिता भी हमारे खानदान की बहु है और आर्यन की होने वाली बीवियों के लिए अब महिमा hi बड़ी होकर आर्यन की जगह लेगी. आर्यन के और बच्चे भी उससे मिलते जुलते थे पर महिमा जैसे सब बड़ों चोटों को रिवाइंड करके आर्यन के बचपन की रियल रील दिखा रही थी .
नन्ही सी महिमा बातों में बड़ों बड़ों को फ़ैल कर दे , इतनी मीठी मीठी बातें करके औरशन का दूध पी लेती थी या चूची पी आती ....... हर कोई उसको लाड लड़ता , समझदार थी कुवारी लड़कियों को नहीं बोलती थी चूची पिलाने को .
मीणा ने िश सवाल पे गीता को बतया था की आर्यन कहता है की औरत के सरीर से एक अलग सुघन्ड आती है जिसकी चूची में दूध हो या आने वाला हो. कुवारी लड़की की चूची चूसने में सेक्स के टाइम उत्तेजना बढ़ती है पर माँ वाली फीलिंग नहीं आती ".
महिमा थी ट्रू कॉपी आर्यन की और तेज़ इतनी की सबको चकित कर देती थी , मीणा और अणि तो पहली hi मुलाकात में समझ गयी की िश बच्ची के पास सुपरनैचरल पावर्स हैं , एक अदृश्य शील्ड उसको कवर रखती है पर यह बड़े गुरूजी की वजह से था .
(दोस्तों यह राज आर्यन के 21सत जनमदिन पे खुलेगा. बस इतना जान लीजिए की सिर्फ महिमा hi उसके साथ एक लम्बे सफर पे जाएगी , कोई इंसान नहीं जा सकता . Baap-Beti जायेंगे एक अधूरा कार्य पूरा करने )
बबिता भी अपने को रोक नहीं पायी और आर्यन के पूरे चेहरे को चुम्बन से भर दी ......" पुछःह पुछःह ारयणणणणणण सीईइईसीईई मुहह्ह्ह्ह मुह्हह्ह ...... मुझे क्यों तड़पते हो "
आर्यन भी उसकी निघ्त्य के ऊपर से पुष्ट नितम्बों को दोनों हाथो से मसल के किश में साथ देने लगा ," में भी तो तड़पता हूँ तेरे लिए डार्लिंग , बस काम के कारन तुझसे दुर्र रहना पड़ता है. अब तेरे साथ hi रहूँगा पुछःह पुछठ बहोत मीठी हो गयी है , थोड़ा दूध पीला न "....... आर्यन उसके गुलाबी गाल चाटने लगा ......
बबिता भी इत्र के ऐडा सी बिखरती आर्यन का गाल चूम के उसके पेट पे सीढ़ी बैठी और निघ्त्य निकल के दुर्र पहनकी ," आपकी बेटी दूध रहने दे तब न पिळुन , हमेशा मौका मिलते hi 2-3 घंटे में आ जाती है और पूरा खाली करके दुसरे की चूची में दूध ढून्ढ लेती है उसका पेट hi भरता "......
आर्यन ने उसकी गोरी गोरी बड़ी बड़ी चूचियों को थमा जोह ब्रा न पहने से निर्वस्त्र थी बस एक डार्क ब्लू कलर की पेंटी hi उसके पूरे बदन पे थी ...... अपनी ज्वेलरी उतर के साइड टेबल पे राखी और आर्यन की t-shirt खींची जोह उसने निकल दी फिर लोअर भी ......
बबिता अब दोनों हाथो को आर्यन का सर थाम के दोनों चूची बारी बारी पिलाई तो सच्च में खाली थी , बेटी आधे घंटे पहले खाली कर दी थी और सू गयी .
बबिता भी कई दिन से जिस्म के अंदर आग रोके बैठी थी तो आर्यन के अंडरवियर उतर के अपनी पेंटी साइड कर 69 पोजीशन में आकर उसका 2 मं लुंड चूस के अपनी छूट चुसवा के एक बार पानी निकलवाई .
फिर आर्यन को बोली," बस अब रुका नहीं जायेगा मुझे दिल खोल के प्यार चाहिए आज मेरी साड़ी आग बुझा दो महिमा के डैडी तुम्हारी बीवी बहोत प्यासी है ".
आर्यन ने बगैर डिअर किये 3 तगड़े धक्कों में उसकी छूट की गहरी नाप के दे दबा डाब छोड़ने लगा , दर्द होने पे भी जैसे उसकी जिस्म की आग बाहरी थी ...... हम्मम्मम्मम्म ufffffffffffff देहरीईई करती बबिता थोड़ी डिअर में hi संभल गयी और निच्चे से गांड उठा के छुड़वाने लगी ......
आर्यन ने 10 मं बाद पोजीशन चेंज कर पहले उसको अपने ऊपर फिर पीछे से स्पून पोजीशन में छोड़ा तब जाकर 40 मं बाद झाड़ा ........ दूसरी बार फिर से 20 मं का ब्रेक लेकर 1 घंटे से ज्यादा छोड़ा बबिता को और उसकी बाँहों में सू गया .......
सुबह 4:30 बजे उठा और महिमा को कविता मामी के रूम से बबिता के पास सुला के अपनी जनम देने वाली मम्मी सारू के पास जाकर खुद hi उसका गाउन खोल के चूची पीटा फिर सू गया .
सारू भी अपने बच्चे को पास चूची पीटा देखकर खूब खुस हुयी , प्यार से उसके बालों में उंगलियन फिर के अपने आँचल में सुला ली ....... रुकावट की एक दिवार आर्यन ने तोड़ दी थी जोह उसके डैडी राज सिंह के इंडिया आने पे maa-bete जोह प्रेमी बन चुके थे के बिच आ गयी थी .
आर्यन ने सोच लिया था आज रात मम्मी को स्पेशल प्यार करूँगा ..... अब मुझे सिर्फ उनकी इच्छा का भी धयान रखना है . में हमेशा उनको अपनी रहने के लिए फाॅर्स नहीं कर सकता मुझसे पहले डैडी की वह बीवी हैं. जबकि सारू की सोच थी की राज सिंह से पहले माहि का हक़ पिछले जनम से है और उसका hi आगे भी रहेगा . यह तो अब वक़त तय करेगा.
आर्यन ुष रात बबिता को दो बार छोड़कर सोया था सारू के पास ....... बबिता भी खुश थी की रति माजी ने आर्यन को भेजा होगा .
सुबह आर्यन डिअर तक सोया और उसके बेटियों रौशनी और महिमा के उठाने पे उठा ....... लेडीज की एक्सरसाइजेज करवाने की आज , बिना की ड्यूटी थी.
दो औरशन की चल बदली बदली हुयी थी तो बिना ने उनको साइड बैठा दिया , बबिता और लीला ...... लीला भी जॉगिंग करने आयी थी पर जालिम ने कितनी गहराई तक उसको छेद डाला है अब दर्द से पता चल रहा था ...... समझने वाली औरशन और लड़कियां भी समझ गयी आर्यन का बड़ा खूंटा ( तोपची) खुदाई किया है दोनों की .
अपने बच्चों और सबके साथ ब्रेकफास्ट करके आर्यन और लीला एयरपोर्ट के लिए निकल गए .
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इंट्रोडक्शन .......
राजा रणजीत सिंह , आगे 50 यरस ( नाउ डेड)...... विजयगढ़ रियासत का राजा था .
रानी मंदाकनी आगे 37 साल है , रणजीत सिंह की पत्नी और दीप्ति की ममेरी बड़ी भें . लीला की सगी बड़ी भें .
रजत सिंह , आगे 19 यरस , मंदाकनी का बीटा .
सुनैना सिंह , आगे 18यरस, मंदाकनी की बेटी .
दोनों beta-beti को रोड पे बम ब्लास्ट में मारे गए उनके पिता राजा रणजीत सिंह की खबर देकर रानी मंदाकनी ने इंडिया बुलवा लिया अंतिमसंस्कार के लिए ऑस्ट्रेलिया से . पोस्टमॉर्टेम और साड़ी फॉर्मलिटीज में इतने दिन लगा गए थे .
राजा रणजीत सिंह के रिस्तेदार ......
1) प्रताप सिंह , आगे 47 यरस , रणजीत सिंह का छोटा भाई .
लाजवंती , आगे 43 यरस , प्रताप सिंह की बीवी .
कौशल सिंह , आगे 22 यरस , प्रताप सिंह का बड़ा बीटा. एक नंबर का घमंडी और मोह फैट .
वैभव सिंह , आगे 20 यरस , प्रताप सिंह का छोटा बीटा .
2) विनीता सिंह , आगे 42 साल , रणजीत सिंह की एकलौती भें
रोशन सिंह , आगे 45 यरस , विनीता का पति और एक नंबर का धूर्त इंसान.
जयंत सिंह , आगे 21 साल , विनीता का बीटा .
जूही सिंह, आगे 19 साल , विनीता की बेटी.
और भी कई रिस्तेदार थे जोह राजगादी के लिए इंदिरेक्ट्ली पीछे रहकर 2 प्रमुख दावेदार से मिल गए थे ....... एक तरफ रणजीत सिंह का छोटा भाई अपने को विजयगढ़ की राजगादी का उत्तराधिकारी घोसित करके ुष्पर बेथ गया था अपने भाई की मौत के बाद .
वहीँ रणजीत सिंह का जीजा रोशन सिंह जोह राजा का बिज़नेस और इन्वेस्टमेंट संभालता था वह ऐड गया था की राजगद्दी पे उसकी बीवी बच्चों का हक़ है .
रानी मंदाकनी पूरी प्लानिंग के साथ 5 दिन रणजीत की मौत के बाद पहुंची जिस दिन राजा रणजीत सिंह का अंतिमसंस्कार होना था .......
महारानी मिरदुला , राजकुमारी दीप्ति , गीता भी उसके साथ एयरपोर्ट पे लैंड की जोह 25 कम दुर्र था राजमहल से ....... अपनी सिक्योरिटी के साथ महारानी मिरदुला आयी थी और राजा त्रिभुवन सिंह के साथ राजा जबर सिंह भी उसको रइवे करने आये थे जोह 2 दिन से यहाँ देते थे .
आर्यन की स्पेशल टीम 1 दिन पहले hi यहाँ पहुंच चुकी थी और नीला 2 दिन पहले से साड़ी जानकारी जूता ली थी , उसके साथ 10 लोगों सिक्योरिटी टीम गुप्त रूप से काम कर रही थी .
सबसे मिलकर महारानी मिरदुला जब राजमहल पहुंची तो प्रताप सिंह और उसकी पत्नी ने राजमहल के द्वार पे आकर उनका स्वागत किया ....... पर रानी मंदाकनी को साथ देखकर गुस्से का घूँट पी गए , वहीँ विनीता सिंह ने भी अपने पति रोशन सिंह के साथ उनका स्वागत किया .
राजदरबार में शोक वपत था और कल राजा रणजीत सिंह के अंतिमसंस्कार की शाही सम्मान के साथ करने की बात उठी तब महारानी मिरदुला ने तेज़ आवाज में कहा ," बाप को बेटे के द्वारा दी गयी मुखाग्नि hi उसके लिए सबसे गर्व की बात होती है आत्मा की पूर्ण शांति के लिए.
राजा रणजीत सिंह के बेटे बेटी यहाँ मेरे साथ आये हैं और में क्या हर कोई एहि चाहेगा रजत सिंह hi अंतिमसंस्कार करे . मैं मौतव , दुवेश और आपसी टकराव में हमको अपने धरम करम नहीं भूलने चाहिए . क्यों प्रताप और विनीता ?"
कौशल सिंह खड़ा होकर ," राजा प्रताप सिंह कहिये महारानी जी और रजत क्या कोई और भी मेरे पिताजी की अल्वा अंतिमसंस्कार किया तो खून की नदिया प्रजा भ देगी ".
त्रिभुवन सिंह खड़ा होकर गुस्से से बोलै ," कौशल , जुबान को लगाम दे भूल मत किसकी सामने बोल रहा है , यहीं सर कलम कर दूंगा अगर महारानी जी के सामने एक लवज भी और बोलै ".
राजा जबर सिंह ," प्रताप सिंह , राजगद्दी पे बैठकर तू क्या अपने बेटे को समझा रहा वह भी सोच ले. तेरा अभी तक किसी ने राजभिषेक नहीं किया है पर शोक का समय है तो छोटे भाई होने के नाते तुझे राजगद्दी पे बैठकर सब निर्णय तब तक लेने है जब तक अंतिम संस्कार नहीं हो जाता . वर्ण हम यहाँ से उठकर चले गए तो अंतिम संस्कार भी अपने ढंग से करेंगे और राजगद्दी पे भी मैं मर्जी से सही उत्तराधिकारी को बिठा देंगे यह भी तू जानता है ".
प्रताप सिंह भी ठंडा पद गया , तीनो की अनदेखी पूरे परिवार की मौत के रूप में बदल जाएगी , तुरंत हाथ जोड़कर बोलै ," में अपने बेटे की तरफ से चमा मांगता हूँ , कोई भी कार्य आपकी सलाह की बिना नहीं होगा महारानी जी ".
लाजवंती ने अपने बेटे कौशल के लिए चमा मांगी और उससे सर झुकवा के माफ़ी भी मंगवाई , कौशल भी बेमानन से अपने माँ बाप की बात मान के सबसे माफ़ी मांग के वहां से चला गया .
विनीता सिंह ने कहा ," महारानी जी , भाई सा ने पहले hi अपनी बीवी बच्चों को अलग कर दिया और प्रजा में कुछ लोग भैया की अकस्मात् मौत के लिए मंदाकनी का नाम ले रहे हैं , कहीं यह फैसला गलत न साबित हो . मेरे bete-beti जयंत और जूही को bhai-sa अपने सबसे अजीज मानते थे . में क्या सब चाहते हूँ उनका अंतिमसंस्कार जयंत करे .
लाजवंती ," ऐसी बात है तो वैभव को तो जेठ श्री ने खुद सशत्र विद्या सिखाई थी और सबसे ज्यादा स्नेह भी करते थे ".
विनीता ," भाभी सा , जयंत बड़ा है उम्र में ुसस्स मगर भाई सा दोनों को पसंद करते थे फिर कौशल हमेशा उनको नाराज करता था अपनी ूचि हरकतों से ".
Bhabhi-nanad में थान गयी थी , सबसे ज्यादा मजे गीता ले रही थी पर उसको आर्यन और रति ने समझा के भेजा था की तू कुछ मत करना सब महारानी मिरदुला को करने देना. सब देखना की राजनीती और सद्यांतर क्या होता है परिवार के टकराव पे .
मिरदुला ने दोनों को चुप करवा के कहा ," अगर तुम दोनों की कल मिर्त्यु हो जाये तो अंतिम संस्कार अपने देवर के बेटे से करवाई लिखकर दो में भी तुम्हारी बात सुनोगी "...... दोनों चुप हो गयी .....
मिरदुला ," प्रताप, तुम अपने बड़े भाई से बहोत प्रेम करते थे सोचो आज जोह सिथति है अगर वही तुम्हारे साथ होती , बीवी बच्चे नाराज सही पर क्या नहीं चाहते की मरने पे मुखाग्नि बीटा दे और चूड़ियां बीवी की टूटी न की करिये की बुलाई गयी रुदाली की जोह रूकर विलाप तो कर सकती है क्या आत्मा को शांति पहुंचा पायेगी . विनीता तुम ने अपनी भाभी मंदाकनी पे इलज़ाम भी लगा दिया , क्या तुम्हारा भाई इतना कमजोर था कोई भी उसको मार दे. वह शूरवीर था पक्का कोई साज़िश या अपने खानदान या रिस्तेदार का िश्मे हाथ भी हो सकता है तभी बम लगा के हत्या की गयी है, बहार वाले की इतनी हिम्मत नहीं ...... रजत सिंह जोह राजा रणजीत सिंह का अपना खून है उसको हक़ है अपने पिता के अंतिम संस्कार करने का और मंदाकनी को हक़ है उसके लिए विलाप करने का चाहे दोनों pati-patni साथ नहीं थे पर दोनों ने आजतक तलाक़ नहीं लिया न hi दुसरे मर्द या औरत को चूहा है . अब भी मेरी बात गलत है तो बोलो की मैंने गलत सलाह दी है ".
राजा जबर सिंह ," महारानी सा ने बिलकुल सही कहा है , प्रताप आगे सब काम विधिवत करवाने की तुम्हारी जिम्मेदारी है सब रीती रिवाज से अपने बड़े भाई को विधा करो. इतना था तुम्हारा भी फ़र्ज़ बनता है अपने बड़े भाई के लिए ".
प्रताप सिंह भी मान गया और बाकी सबको मन्ना hi पड़ा ...... अपने पिता के मृत सरीर को सफ़ेद कपडे में लिपटे देख दोनों भें भाई खूब रूए साथ में मिरदुला के परिवार वाले भी .
दीप्ति की आँखों में आंसूं देखकर गीता ने उसके कान में कहा ," िश भड़वे के लिए ईशपर मूतना सही रहेगा और तू तेषु भ रही है "...... दीप्ति को हसी आयी तो खांसते हुए रोने का नाटक की जब सब उसकी तरफ देखे .
उधर प्लानिंग और सद्यांतर को पूरी अमली जामा पहनया जा रहा था ...... मंदाकनी को अपने बच्चों की सबसे ज्यादा फ़िक्र थी , विरोध का उसको भी पता था पर जैसे सब अपने होकर भी थे लेकिन आर्यन नहीं आया था. पिताजी रघुभार सिंह तो कभी यहाँ नहीं आएंगे .
आर्यन के लिए दीप्ति को बोली तो उसने कहा माँ ने नहीं आने दिया उनको वह आना चाहते थे . मिरदुला को भी पूछी की उसको बुला लो वह सबको देख लेगा. मिरदुला ने मन किया यहाँ हम काम है क्या? कोई कुछ नहीं करेगा जबतक में हूँ . बस शाम की तयारी करो अंतिमसंस्कार रजत hi करेगा और राजगद्दी पे भी में अपने नाती को hi बेठुंगी पर एक वादा तुमको भी देना होगा की तुम और तुम्हारे बच्चे हमेशा Aryan-Deepti के वफादार होंगे.
मंदाकनी भी अपनी बुआ मिरदुला को बस वादा hi कर पायी वह उसकी हर बात मैंने को त्यार है . आर्यन कल आएगा यह बात दीप्ति ने सबसे छुपाई थी, वैसे भी आर्यन की टीम और नीला की टीम यही थी जोह अपना काम कर रही थी.
Deepti-Geeta चाहती तो एक मं में सब विरोधी को मार के रजत को राजा बना देती अपनी शक्ति उसे करके पर यहाँ बुद्धि और विवेक की बात थी . बाहुबल तो दोनों लड़कियों में सब मर्दों से ज्यादा hi था .
शाम को अंतिमसंस्कार करके रणजीत सिंह को उसके पुरखों के पास भेज दिया था Deepti-Geeta ने मिर्त्यु देकर और उसके बेटे रजत ने मुखाग्नि देकर.
राजा की मौत में दूर तोपों के गोले बरसाए गए और शमशान घात में गोलियां चाली गयी आश्मान में ......
रजत जोह अब अपने मामा श्री जबर सिंह के पास खड़ा था ुष्पर फायर हुआ तोह नीला ने कोड़कर दोनों को निच्चे गिरा के ,सीधे ुष गोली चलने वाले की खोपड़ी खोल दी ...... देखते hi देखते , नीला की टीम ने शेर की खाल पहने गीदड़ पे फायर खोल दी .....
मगर अब कौशल सिंह के साथ रोशन सिंह के आदमी भी रजत को टारगेट कर रहे थे ...... दीप्ति ने राजमहल की छत्त पे खड़े खड़े hi जहाँ जयंत के साथ नीला की टीम और अपने लोगों को भी अदृश्य शील्ड में कवर कर दिया ......
वहीँ गीता , राजमहल की सबसे ऊँची वाली छत्त की मुंडेर से लॉन्ग रेंज वाली स्नाइपर से 3 कम की दूरी पे भी कुशलता से एक के बाद एक दुश्मन की खोपड़ी उदा रही थी ...... राजमहल के बहार से गोलियों की आवाज सुन्न , आर्यन की टीम ने मिरदुला के साथ मंदाकनी , सुनैना को सुरक्षित किया वहीँ गीता छत्त से डायरेक्ट दुश्मन को मार रही थी वहीँ दीप्ति का फोकस जयंत और बाकी अपने को बचाना था ......
2 स्निपर्स ने राजमहल की छत्त से इतनी दुर्र किसी को निशाना लगते देखा , दोनों राजमहल की और भागे और नजदीक पहुंच के गीता पे फायर किया तो गीता ने कुटिल मुस्कान के साथ आँख मारी और गोलियां वापस मोड़ दी अपनी पावर से दोनों की खोपड़ी खुल गयी ......
100 से ज्यादा लोग तो अकेले गीता ने उदा दिए थे समसाम घात में जब तक सब भाग पाते पर जयंत को लेकर नीला अपनी टीम के साथ निकल चुकी थी राजमहल के बहार अपने ठिकाने पे वहीँ त्रिभुवन और जबर सिंह के बोडीगार्ड्स उनको सुरकषित करके राजमहल के बहार निकाल के ले गए .....
शाम के बाद अब अँधेरा घिरने लगा था और दोनों भेने निच्चे आकर अपनी ड्रेस बदल के योद्धा की ड्रेस फेन चुकी थी और राजमहल के मुख दवार पे तलवार और गन्स लिए कड़ी थी .....
बाकी सब राजमहल में सुरकषित थे आर्यन की टीम की प्रोटेक्शन में ...... मिरदुला को भी अब डर लग रहा था की आर्यन को क्यों नहीं लायी , यह लड़कियां काम नहीं है पर मर्द तो नहीं है न , मेरा माहि एक एक की गर्दन काट के पूरे राजमहल में टांग देता .
जिन्ह दोनों लड़कियों से पूरा पतलोक भी डर गया था वह दोनों वीरंगा आज कॉम्बैट स्टाइल में लड़ने वाली थी ...... कौशल सिंह के साथ उसका भाई वैभव सिंह और विनीता का बीटा जयंत सिंह भी 500 से ज्यादा सैनिक लिए राजमहल के बहार दोनों बहेनो Deepti-Geeta को देखे तो एक बार को डरे पर फिर सोचे यह दोनों अकेली क्या कर लेंगी.
राजगद्दी और सेट की लालच आदमी को अँधा hi कर देती है , रणजीत सिंह कुत्ते की मौत मारा गया जबकि वह बहोत शक्तिशाली था पर यह तीनो तो जैसे उसका वंश hi उजड़वाने आ गए थे .....
गीता को दीप्ति ने बोलै ," दीदी िंह तीनो को मत मारना बाद में देख लेंगे पहले इनके किरये के टट्टुओं को सबक सीखतये हैं यह सैनिक तो है नहीं क्योंकि नीला ने सेनापति को अपने साथ मिला लिया है ".
दोनों बहेनो ने एक दुसरे से हीफी किया और खोल दी बंदूकों का मुँह और गोलियां बरसाने लगी , उधर से भी फायरिंग और उनको घेरा गया पर गोली तो टच नहीं कर पा रही थी दोनों को और ऊपर से उनकी गोली माथे के बिच या दिल के पहाड़ के भार होती ......
50-60 दुश्मन ढेर करने के बाद अब दोनों ने दोनों हाथों में तलवार खींच ली , एक ने लेफ्ट और दूसरी ने राइट दिशा पकड़ ली , किसी का धाड़ काटा तो दुसरे का सर , तीसरे की टांग ...... खून की होली खेली जा रही थी और राजमहल का प्रांगण काटी लाशों से भरता जा रहा था ......
गोलियों का असर नहीं तलवार या भाले भी तन्न की आवाज से टूट जाते िंह लड़कियों को छूने से पहले ...... यह लड़कियां नहीं कोई मायावी सुंदरी बनकर िसानो को मौत देने आयी है खतरनाक मौत ......
दीप्ति भागते हुए का पीछा करती दक्षिण दिशा की गलियां में दौड़ती मारती काट टी आगे बढ़ रही थी वहीँ गीता तो तीनो भाइयों के पीछे पड़ी थी जोह दम दबा के अपनी गाड़ियां भी छोड़ के भाग रहे थे ...... गीता ने पीछे करते हुए उनके आदमी जोह उनको प्रोटेक्ट कर रहे थे सब मार दिए ......
यह पश्चिम का हिस्सा था जोह बहार मुख द्वार तक जाता था , एक चौराहे पे पहुंच के तीनो को गीता ने लालकर "नपुंसकों की औलादोन्ननननन..... किस सूअर से छुड़वा के तुम छक्के पैदा किये तुम्हारी माँ ने ....... अह्ह्ह्ह थूऊऊऊ है तुम्हारे राजपूत होने पे ...... "
तीनो का गुस्सा से पारा चढ़ गया था गीता की तरफ पालते तो और खतरनाक लग रही थी पूरी खून में नहायी तो कौशल और वैभव ने एक साथ हमला किया ...... "कुटिया तू गयी आज ...... "
गीता ने चंडी देवी वाली हसी दी ," है है है है है ....... तुम्हारे लिए मेरे हाथ hi काफी हैं"....... और तलवारें फ़ेंक दी ......
तीनो ने अब जोश में ुष्पर तलवार से वार किये बारी बारी पर गीता वार बचा के एक मुक्का या किक जड़ देती थोबड़े पे ...... सबसे पहले कौशल का तलवार वाला हाथ पकड़ के तोड़ दी " मारररररररर दियाआ ...... बचोओओओओ िश कुटियाआआआ ....... "
आगे न बोल पाया ...... गीता ने उसकी तलवार से hi ,उसकी गर्दन अपने घुटनो में दबा के मोह से उसकी जीभ निकाल के काट के सड़क पे फ़ेंक दी ," मादरचोद बहोत गालियां देता है , अब दे ". ....... और अपने हाथ से उसका एक कान उखाड़ के एक किक उसके मोह पे जड़ दी ....... घरों में बंद बस जानता सबको उसकी चीख hi सुनी.....
जयंत और वैभव भागे डर से तो गीता ने तलवार फ़ेंक के जयंत की टांग की दिशा में फेंकी तो उलटी टांग घुटने के निच्चे काट गयी और औंधे मोह सड़क पे गिरा चिक्तियन हुए ...... वहीँ 100 मीटर की दुरी पे पीछे करके विकभव को ुच्कल के एक लात मारी तो सड़क पे गिरा और दे ग़ुस्से और दे लात ...... उसके बालों से पकड़ के खींच के लायी तो घसीटे हुए और जयंत को देखकर दादी ," कुटिया के जाने , वही रुक जा नहीं तो दूसरी टांग भी काट दूंगी ".
वैभव का मोह दबा के बोली ," गाली देगा बोल गाली देगा ?"......वह डरता हाथ जोड़ता रू दिया पर गीता कहाँ रूकती उसने बड़ी निर्दयता से उसके दोनों कान काट काट के उसका सीधा हाथ और टांग तोड़ दी ....... भीषण चीखिआ गूंजती रहे वह कहाँ रुकने वाली थी ...... लास्ट शिकार जयंत के भी कान और जुबान काट के बोली " अब किसी को गाली देना का सोच भी पयोगे अह्ह्ह थूऊऊऊ ...... मादरचोदों जाओ ऐश करो कल तुम सबको नाचना भी है रजत सिंह का राजभिषेक भी होगा यह उसकी मौसी गीता देवी का वादा है ...... बता देना अपने माँ बाप को जिन्दा छोड़ रही हूँ अगली बार तुम्हारी मौत और उनका हज़ार भी तुम्हारे जैसा होगा ".
दीप्ति भी वहां पहुंची तो तीनो की हालत देखकर ," दीदी मर्डर न जाएँ तीनो".
गीता अपना मोह पहुंचते हुए तलवार उठती बोली," हरामखोर मूर्ति चमड़ी के हैं इनकी खाल के जुटे ाचे बनेगे , चल उतारते हैं ".
दीप्ति हसकर ," अच्छा चलो , आपको माँ बुला रही है ".......
दोनों भेने हाथ पकड़े आराम से राजमहल के द्वार पे पहुंची तो सिक्योरिटी अफसर की गाड़ियां कड़ी थी तोह उनको खून में नाहया देखकर सब दर गए और बंदूकें तान दी पर मिरदुला और त्रिभुवन दोनों की तरफ लपके ......
जबर सिंह ," सप शभ वह राजकुमारी दीप्ति है और वह उसकी हंसकाल बड़ी भें जैसी रतिदेवी की बेटी गीता देवी है इनकी hi बात कर रहे थे "......
सप ने भी सिक्योरिटी अफसर वालों को बन्दूक निच्चे करने को कहा गीता हताश हुयी सालों आज िंह वर्दी वालों की भी सब घूस खूरी निकाल देती ...... दोनों को मिरदुला ने गले लगा के खूब पुचकारा की कहीं लगी तो नहीं , तुम ठीक हो ......
त्रिभुवन सिंह भी चिंता करते हुए पुछा तो दीप्ति ने कहा ," हम ठीक हैं , कुछ बाघी लोगों ने हमला कर दिया वहीँ तीनो राजकुमारों के पीछे भी बाघी पड़े हैं ुष तरफ भागे हैं ".
त्रिभुवन सिंह ," अच्छा बेटी जाओ साफ़ होकर कपडे बदल लो अब सिक्योरिटी अफसर और कानून अपना काम देखेगा ...... माँ सा आप भी अब अंदर जाकर आराम करो. रजत को नीला बेटी ने अपने साथ सेफ रखा है ".
दोनों भेने अपनी माँ मिरदुला के साथ मुस्करती अंदर चली गयी ...... मिरदुला की अब दो नहीं तीन बेटियां थी जिसमे यह दोनों हंसकाल तो उसकी शेरनिया hi बन गयी थी ......
विजयगढ़ को 700 से ज्यादा आदमीओ की बलि देनी पड़ी , क्या अभी भी िश रियासत की धरती की प्यास नहीं बुझी थी या आर्यन भी आकर इश्को खून से सींचने वाला था ??????
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दोस्तों यह बहोत बड़ा अपडेट बन गया तो 2 part A&B में बाँट दिया है ...... अपने रिव्यु और कमैंट्स जरूर पोस्ट करें नेक्स्ट part में आर्यन भी विजयगढ़ पहुंच रहा है .
खुश रहिये अपना और अपने परिवार का ख्याल रखिये .