Angrakshak Parivar Ka .........MAHI - Page 35 - SexBaba
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Angrakshak Parivar Ka .........MAHI

अपडेट 43

अब तक अपने पढ़ा.....

नाहा के कपडे पेहेन के तीनो 1:30 घंटे बाद हवेली पहुँच..... तीनो फुल्ली रेडी होकर आये थे पर रति ने बैठक के बहार hi बिना को बोल दिया था आर्यन को रोक ले मुझे उससे जरूरी बात करनी है.

रति आर्यन का हाथ पकड़ के एक रूम में ले गयी और उसको घुसे से बोली ," तू बस किसी की छूट में पद रहेगा और तेरी छोटी भें हम सबको आपस में hi लाडवा मरवा देगी ..... तू कुछ मत करियो..... यहाँ मेरी गीता को यह सब चीन लगाए "...... और रट हुए कुर्सी पर बेथ गयी.....

अब आगे .......

अनीता सिंह (अणि) ने अपने ननु, राजवीर सिंह, का एक हाथ पकड़ा हुआ था Rolls-Royce फैंटम कार में सवार होते हुए और राजवीर सिंह भी बखूबी जानते था की उसकी लाड़ली नातिन पक्का उससे कुछ मांगने वाली है. अणि के क्यूट फेस पे कई एक्सप्रेशन थे जोह वह पढ़ने का असमर्थ प्रयास कर रहा था, जब कार में 5 मं तक ख़ामोशी रही तब अणि के हाथ पर दूसरा हाथ रखते हुए पूछा.

" बोल दे अनीता बेटी तू इतनी वकुल क्यों हैं" ..... राजवीर कभी कभी अणि का पूरा नाम लेता था जब बात सीरियस हो.

अणि ने नुक्लेअर बम से ज्यादा बड़ा धमाका किया ," नानी जी आर्यन पे जैड़ा hi प्यार बरसा रही हैं..... क्या आर्यन पर मेरा हक़ नहीं है? क्या मुझे आर्यन कभी नहीं मिलेगा?..... नहीं ननु मुझे आर्यन चाहिए किसी भी कीमत पे "...... अणि ने यह बात कह कर अपने नानाजी की तरफ देखा तोह राजवीर ने उसका हाथ छोड़ दिया और फैंटम कार की विंडो से अँधेरी सड़क देखने लगा..... कार स्पीड से हवेली की तरफ बढ़ रही थी.

राजवीर सिंह पहले से जनता था की अणि अपने सेज भाई आर्यन से बहोत प्यार करती है और आर्यन की जान भी िश अपनी छोटी भें में hi बस्ती है.

राजवीर सिंह और सारू इशलिये ज्यादा प्यार करते थे अणि से ताकि वह अकेली न रह जाए क्योंकि सब तोह आर्यन की चाहती या चाहते थे..... कभी कभी दर लगता था पर आर्यन के लिए अणि खुले आम एलान कर देगी यह उसने सोच भी नहीं था..... राजवीर सिंह कभी रति को नहीं रोक पाया आर्यन से प्यार करने से और वहीँ अणि तोह जिद्दी रति से चार गुना ज्यादा hi थी.

अणि ने जान भुज के राजवीर सिंह का दिल दुखाया था ताकि मरहम भी वह hi लगाए...... 1 घटने से ज्यादा का सफर हो गया था Rolls-Royce रति के गाओं में प्रवेश करने वाली थी. राजवीर सिंह ने इंग्लिश में बोलै ," स्टॉप था कार " .

अंग्रेज ड्राइवर ने कार के बैक व्यू मिरर से अपनी ओनर की तरफ देखा तोह अणि ने पालक झपकाए के उसको परमिशन दी.... ड्राइवर ने कार आर्यन के फार्म हाउस पे रोकी तोह राजवीर सिंह अपना अंगोछा कंधे पर रख कर कार का दूर खोलने लगा तोह ड्राइवर ने बड़ी तमीज से दूर खोल दिया. राजवीर सिंह उतर गया और फार्महाउस की बिल्डिंग में चला गया वह कुछ hi बोलै.

अणि अपनी ड्राइवर और सिक्योरिटी के साथ हवेली आ गयी...... अणि जानती थी यह बात आग की तरह फल जाएगी आर्यन के घरवालों और रिश्तेदारों में की आर्यन पर हक़ अणि ने जामा दिया है..... चैलेंज क्या था? कोई टिकने वाला भी नहीं था अणि के दावे के सामने.

5ों प्रिंसेस ,प्रभा, नेहा, दीप्ति, को पता चल गया की महारानी विजयलक्ष्मी (अणि) ने आर्यन को न्योता दे दिया है चाहे वह सब खुश हो या नहीं पर सच्च तोह एहि था...... पतला लोक में भी सबको ज्ञात हो गया था. प्रभा, नेहा खुश थी ...... गीता , दीप्ति , जाने हॉल को कोई ास्चेरए नहीं हुआ वह समझ गयी थी महारानी ने अपना हक़ hi माँगा है...... डॉली के मिले जुले भाव थे ...... सारू को आज पहली बार इन्सेक्युरे फील हुआ..... और िश बात की जिम्मेदार सिर्फ मीणा थी उसने महारानी की उकसाया था परन्तु महारानी विजयलक्ष्मी ने अपनी काम शक्ति जोह छुपाई हुयी थी उश्के फलस्वरूप उनका मैं आर्यन को चाहने लगा.

हवेली में एंटर करते hi अणि की सेक्रेटरी उसकी Rolls-Royce कार का दरवाज़ा खोली..... हवेली में सामियाने लग रहे थे, हवेली क्या पूरा गाओं hi िश ख़ास माहौल की खुशियों में दुब गया था.....

महापंचायत के 40 गाओं भी अपने मुखिया आर्यन की गीता देवी से सगाई के विशेष अतिथि गैन जोह हो गए थे. 200 से ज्यादा हलवाई मिथियाँ बाने में मसरूफ थे खाना तोह अगले दिन बनना था.

अणि हवेली के आर्यन के रूम में जाने लगी महिमा से मिलने..... अणि को जोह देखता वह उसके सामने हाथ जोड़ देता और वह भी अपने हाथ जोड़े आगे बढ़ रही थी..... सिक्योरिटी हवेली के मरदाना सेक्शन तक सिमित थी लेडीज सेक्शन फीमेल गार्ड्स तैनात थी....... परिंदा भी पर नहीं मार सकता था इतनी टाइट सिक्योरिटी बिना और नीला ने की थी. सिक्योरिटी अफसर गाओं और हवेली के बहार तैनात थी और आसपास के गाओं में भी सिक्योरिटी अफसर के खाश इंतज़ाम किये गए थे. सप विक्रम के स्पेशल आर्डर थे की 40 गाओं को पूरी प्रोटेक्शन दी जाये..... सब सिक्योरिटी अफसर वाले ड्यूटी पर मुस्तैद रहेंगे अगले 48 घंटे तक.

अनीता सिंह की इज्जत सारा गाओं वाले करते थे..... बहेलिया उम्र में छोटी हो पर िश लड़की का क़र्ज़ था गाओं वालों के ऊपर. आर्यन ुष समय मुंबई गया हुआ था और उनकी होने वाली महापंचायत की मालकिन गीता देवी भी इतनी साहसी नहीं थी जितनी अनीता ुष पल थी. अणि कोई देवी hi थी जोह हम गाओं वालों की रक्षा करने आ गयी थी वर्ण िश धरती से हमारा गाओं नक़्शे से hi मिट जाता. पूरे 500 गुंडे और मावली सारे हतियार गोला बारूद के साथ आये थे हमला करने पर यह देवी hi थी जोह हमारे ऊपर आंच न आयी..... दुश्मनो का मुकाबला अकेली ने किया था. सच्च में अणि उनके लिए झाँसी की रानी hi थी, जिसने अपने प्राण की पर्व न करते हुए दुश्मनो के दांत खट्टे hi नहीं की बल की कुछ साथियों के साथ खून की ऐसी होली खेली न कोई घायल हुआ न कोई अपांग.

गाओं में मुठी भर लोग को अणि के किस्से के घाव था पर भोकाल इतना सुनाया गया की मिटने तोह 40 गाओं hi आये थी महापंचायत के पर हम सब पे काली मैया ( गीता देवी ) और अनीता देवी का हाथ है तोह कोई हमारा बल बांका नहीं कर सकता.....

फिर आर्यन की क्या जरूरत है या फिर रति देवी की किसी ने पुछा ? अरे तुम निहित चुटिया हो का ....... आर्यन भैया और रति देवी तोह हमारी महापंचायत के माँ बीटा हैं जब तक वह दोनों है कोई हमको बुरी नज़र से कभी नहीं देख पायेगा ..... समझे.... गाओं के लोगों की जुबान पे एहि स्टोरी थी.

आर्यन के रूम में जब अणि पहुंची तोह लीला , मन्दाकिनी (लीला की बड़ी भें) , बबिता बैठी थी..... अणि ने देखा की महिमा अपनी माँ बबिता का दूध पि रही थी. अणि को देख कर बोली ," बुआ जी बुआ जी बुआ जी " ...... वह अपनी माँ की गॉड से उतर के अणि के पास निचे बीएड पर आयी तोह अणि ने उसको गॉड में उठा लिया...... " अरे मेरा बच्चा.... मेरी स्वीट डॉल "..... पुछठ पुछहःछः चम्म्म्म चममम च्ममममम ......

तीनो औरतें अणि को देख कर हैरान रह गयी तीनो उसकी खूबसूरती की तारीफ मैं hi मैं कर रही थी...... अणि के लिए आर्यन के बच्चे उसकी नज़रों में सब एक सामान थे लेकिन महिमा स्पेशलय अणि की फवौरीते थी उसका पता था की महिमा की शैलद नेचुरल जनम से, है उसकी खासियत के बारे में उसने गुरूजी से पूछा था तब वह विस्मित रह गयी. महिमा की शील्ड िश संसार की नहीं थी आखिर यह कैसे हो सकता है की किसी दूसरी दुन्या की शील्ड िश पृथ्वीलोक पे जन्मजात किसी शिशु में हो...... कारन गुरूजी ने आर्यन को बतया पर बाकी समय आने पे. आर्यन को भी शील्ड बड़े गुरूजी से मिली थी और रति ने उसकी शक्तियां बांध दी थी मंतर पढ़ कर लेकिन वह भी जनम के बाद hi मिली थी परन्तु महिमा की इन्बॉर्न थी.

मजे की बात यह है की जब अणि महिमा को छूती थी अणि को हमेशा एक करंट लगता था. नार्मल इंसान तोह डैम तोड़ दे पर अणि खुद पावरफुल थी उसको बस हल्का सा करंट लगता था. अणि सोचती थी यह महिमा मुझे हमेशा अहसास दिलाती है की वह स्पेशल है..... हो भी क्यों न वह असली माहि थी और आर्यन का नाम महार्यं था बाद में आर्यन चेंज किया था. छोटी माहि नाम रति ने दिया था पर वह अपने बाप से दो कदम आगे थी.

महिमा ," बुआ जी मेरे डैडी की शादी होने वाली है फिर मुझे नयी मम्मी मिलेगी "...... अणि हस्ते हुए ," एक नहीं दो दो नयी मम्मी ".....

महिमा अपने माथे पे हथेली मार के," मेरे पास 4 मम्मी हो जाएगी..... मजा आएगा मुझे 4 मम्मी दूध पिलांगी..... लीला मम्मी दूध पिलायो में आपको मम्मी बोलूंगी दीदी की तरह".

बबिता खड़े होकर ," महिमा मार कहेगी बहोत बिगड़ गयी है..... सॉरी लीला बची है ".....

लीला की बड़ी बड़ी चूचियां देखकर महिमा बोल दी थी जोह उसकी ड्रेस में नहीं समां पा रही थी ( महिमा को पता चल गया था रौशनी दीदी रूम में नहीं है उसका चांस बन गया था) ...... लीला (मैं में) पहले तोह आर्यन अब रोशिनी और अभी महिमा भी मेरी ब्रैस्ट के पीछे पद गए हैं...... बाप (आर्यन) का बस चले तोह मेरी ब्रैस्ट से मुँह से न निकले और मेरी बेटी रौशनी भी दिन में 4 बार दूध पिने लगी है. पर वह खुद को रोक न पायी और बोली ," ओह माय स्वीट बेबी पहले मुझे मुम्मा बोले ".

लीला अणि से 5 फट की दूरी पे बीएड पे पेअर लटका के बैठी थी..... " मुम्मा दूध पीला दो ..... ी लव यू मुमा ".....

लीला महिमा को उठ के गॉड में ले ली ," अरे मेरा बेबी..... मेरा बचा मुम्मा का दूध पियेगा ...... "

बबिता महिमा को आँखे दिखा के डरा रही थी पर वह तोह अपने बाप आर्यन पे गयी थी...... आर्यन भी सब औरतें की चूचियों से दूध पि जाता था बचपन से और यह आदत अभी तक नहीं बदली महिमा तोह बच्ची थी वह कहाँ डर्टी. महिमा को लेकर लीला ने अणि से पुछा ," दूसरा कोई रूम खली है क्या "...... अणि उसको आर्यन के सीक्रेट रूम में ले गयी.

बबिता तोह देखती रह गयी उसको बहोत ावक्वार्ड लग रहा था पर मन्दाकिनी बोली," अरे बबिता तुम क्यों शर्म फील कर रही हो..... वैसे तुमने शादी नहीं की अब तक, तुम आर्यन की बेटी को पूरा हक़ देना उससे शादी करके. आर्यन न होता मेरे बच्चे और में कभी जीवित न होते..... भगवन मेरी उम्र भी उसके लगे".

फिर दोनों अपनी अपनी स्टोरी बाटने लगी दोनों की दोस्ती जल्दी हो गयी और आर्यन hi उसके टॉपिक और डिस्कशन में था.

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गीता के दादाजी का गाओं......

आर्यन अपनी माँ को बात सुनकर पहले दरवाजा बंद किया और रति के आंसू साफ़ करने लगा घुटनो के बल बेथ के.... रति उसका हाथ हटने लगी तोह आर्यन ने उसका चेहरा अपने हाथ में लेकर उठया और बोलै," तेरे काम से hi गया था में और चंदा रानी बहोत सुलझी लड़की है वह हमारे साथ hi रहेगी में वडा करता हूँ..... देख मुझे क्या मेरी बातों पे विश्वास नहीं है क्या तुझे ?"

रति की आँखों को फिर से साफ़ किया और दोनों आँखों पे बारी बारी चूमा तोह रति बोली ," सच्च..... गीता को कोई मुझसे अलग किया तोह में जान दे दूंगी "...... आर्यन ने उसको अपने गले लगा लिया ," माँ तू रोटी बहोत है और जल्दी चीड़ जाती है..... तुझे बस हमारे आने वाले बेटे की फ़िक्र करनी चाहिए जोह तेरी खोक में है वार्ना बड़े होकर बोलेगा की कितनी रौतीदी मम्मी मिली है ".

रति तो अपनी प्रेगनेंसी की बात भूल चुकी थी जिसको आर्यन ने याद दिल दिया..... रति हास्के बोली," तू मुझे इतना परेशां करेगा तोह में हमारे बच्चे का धयान कैसे रखूंगी..... मेरी जान को पहले hi कितनी मुसीबत है और अनीता की बात मुझे अच्छी नहीं लगी"...... आर्यन उसके होंठों को चुम के खड़ा हो गया और अपनी पंत की जीप खोल कर अपना अंडरवियर निचे कर दिया......

रति इधर उधर देखने लगी हैरानी से," यह क्या कर रहा है ?" ....... आर्यन ने अपना लुंड उसके मोह में ठोस दिया ," मुँह मीठा करले इतनी गन्दी बातें करती है...... अह्ह्ह्हह दांत मत लगा वर्ण सारे दांत तोड़ दूंगा...... हम्म्म्म्म ऐसे hi चूस..... "

रति मुंह में आर्यन का लुंड लेकर हॉकी बाकि रहा गयी, उसका पूरा मुंह खुला रह गया....... लुंड था hi इतना विशाल पर पूरा खड़ा नहीं हुआ था अब रति के मुंह की गर्माहट पाकर सलूट की अवस्था में 1 मं में आ गया था.

आर्यन नाहा के आया था टूबवेल में और रति भी जानती थी उसकी बड़ी बेटी सारू के साथ आर्यन ज्यादा वक़्त बिताती है वह सारू को कभी नहीं रोकती थी...... पक्का दोनों एक राउंड लगा के आये थे और मीणा तोह सब की गाइड थी. आर्यन के लिंग का टास्ते फ्रेश था इशलिये रति भी अब एक हाथ से पकड़ के मजे से चाट रही थी. "अह्हह्ह्ह्ह माँ ऐसे hi चूस .....

तेरा मुँह कितना गरम है उफ्फ्फफ्फ्फ़ "......

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सायद इसकी ( तोपची) जरुरत थी..... राजवीर भी अणि के साथ चल गया था इन्हे माँ बेटे को कोई दर नहीं था. इतना तोह आर्यन जानता था की उसकी माँ (रति) को क्या चाहिए, रति आर्यन के प्यार की भुकी थी आखिर प्यार hi तोह मांग रही थी..... पहले सारू, फिर अणि और अब गीता अपने परिवार से मिलकर उसका उपहास hi ुध रहे थे ( रति को लगा था)...... पर अब वह खुश थी आखिर उसका बीटा आर्यन जोह उसके साथ था. हकीकत में रति आर्यन के साथ हमेशा खुश रहती थी लेकिन एक समय ऐसा भी था उसको आर्यन से दूर रहना पड़ा 2 साल मीणा की वजह से लेकिन अब तोह मेरे बीटा मेरे पास है.

आर्यन ने 5 मं तक अपना लुंड चूसने चाटने दिया और रति को चेयर से खड़ा करके उसकी साड़ी उठा के पेंटी निचे की और उसकी छूट में मुँह लगा के चाटने लगा..... रति अपना मुँह पे हाथ रखकर धीरे से बोली," मेरी चीख मत निकलवाना दियो ...... अह्हह्ह्ह्ह चाट ले मेरी छूट ह्म्म्मम्म "......

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2 मं. बाद आर्यन ने उसको कुर्सी पे घोड़ी बाना के उसकी पेंटी मुँह में ठुसी दी और अपना झंडा जैसा लुंड गाड़ दिया उसकी छूट में..... रति को थोड़ा दर्द हुआ पर छूट अब आर्यन के साइज की बन गयी थी तोह 1 मं बाद उसको मजा आने लगा......10 मं तक आर्यन रति को सिर्फ 8 इंच तक लुंड डेल पेल ता रहा वह 2 बार झाड़ गयी थी.....

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आर्यन रति को डीप पेनिट्रेटेड नहीं किया पर मजा दोनों को आया जब भी आर्यन अपनी माँ रति को छोड़ता था वह खूब साथ देती थी.

आर्यन अपना लुंड छूट से निकल के उसका छूट रास अपने हैंकि के साफ़ कर दिया और उसको पेंटी भी छूट साफ़ करके पेन्हा के अपने कपडे भी ठीक किया. रति उसकी बाँहों में झूल गयी," काम तू ने अधूरा छोड़ा है..... पुछठ...... इतना टाइम नहीं है पर मुझे पूरा प्यार देना तभी किसी और को टच करना ....... चममम च्ममममम ".

आर्यन ने रति के बालों को स्वर के कहा," यह तोह वार्म उप था लेकिन डीप ड्रिलिंग के लिए बाकी सब को बोल देना तू मेरे साथ कार में जाएगी..... पहले किश दे मुझे और लिपस्टिक लग लेना"..... पुछठ पुछहःछः चम्म्म्म चममम ुहममममम ुहम्म्म्म....

रति बहोत खुश हुयी फिर अपने बैग से लिपस्टिक लग के touch-up की और आर्यन की पीठ पे बेथ कर हवेली की बैठक में प्रवेश की....... सब ने गीता, सारू और मीणा की खूब खतिरदाररी की.

"Hello ब्यूटीफुल लेडीज एंड गॉर्जियस यंग गर्ल्स "...... सब आर्यन को देखने लगे और उसपर लड़ी रति ने आर्यन का सीधा गाल पे किश करके कहा ," यह हैं मेरे बीटा आर्यन है "....... पिन ड्रॉप्ड साइलेंस था सब औरशन और लड़कियां कड़ी हो गयी सिर्फ अदिति को छोड़ के वह व्हीलचेयर पे बैठी सबको स्माइल के साथ देख रही थी जैसे उसकी बात सच हो गयी थी....... उसने बोल था की आर्यन मोस्ट हैंडसम यंग मन है.

आर्यन के घरवाले जोह बैठक में उपस्थित थे वह उसपे गर्व कर रहे थे और जहवी अपने आँखों पे विश्वास नहीं कर प् रही थी की आर्यन उसके सामने खड़ा है...... "नहीं में सपना देख रही हूँ कोई मुझे चुटकी काटो" वह मैं hi मैं बड़बड़ा रही थी. उसने आर्यन को शिकागो, उसे में देख था वह दिल हार बैठी थी एक साल पहले मगर उसका नाम.... उसकी कोई फोटो भी नहीं थी उसके पास. आर्यन ने उसको देखकर पहचान लिया था और वह भी मुस्करा रहा था......

आर्यन का जादू चल गया था सब पे..... हाँ भाई प्रज्ञा के दिल में तोह पहली बार वायलिन बजने लगा...... "माय गॉड यह तोह किसी देवता की तरह दीखता है..... इनकी आँखें नीली कितनी सूंदर हैं इनमे दुब जाने को दिल करता है "...... गीता की मामी, मौसी और चची का भी वही हालत थी बुर फटी हुयी था तो बुर में नमी ज्यादा आ गयी थी कुवारी लड़कियों के मुकाबले.

अदिति आर्यन की तरफ व्हील चेयर से आगे बढ़ी तोह आर्यन उसकी तरफ बढ़ा..... अदिति ने स्माइल के साथ एक सिंगल गुलाब अपनी हैंकि से निकला तोह आर्यन देख के खुश हुआ और उसके पास आकर उसका गुलाब ले लिया ," थैंक्स स्वीटी पाई what's योर नाम ".

अदिति ," ी ऍम अदिति सिंह एंड वेलकम आर्यन भैया हम सबको खुसी हुयी"..... और हैंडशेक करने के लिए हाथ उठाई. आर्यन ने रति को अपनी पीठ से उतरा और अदिति के बगल में हाथ दाल के व्हील चेयर से उठा के अपनी गॉड में ले लिए. अदिति खुश होकर उसके लेफ्ट गाल पे किश की आर्यन हसकर ,"गीता यह अदिति गुड़िया जैसी लगती है तुमको तोह फ़ास्ट रनर होना चाहिए नाकि व्हीलचेयर पे ".

गीता भी अदिति के पास आयी और बोली," तू ठीक कर सकता है क्या...... तेरे पास तो कई जड़ी बूटियों रहती हैं, में अदिति को ऐसे व्हील चेयर पे नहीं देख सकती" ...... और बाकि सबको बोली ,"एह hello तुम सबका घूरना हो गया हो तोह मेरे पति पे दूर काम डालो यह तुम सब का जीजू है और आप सब बड़ों का दामाद ".

सारू ," ऐसा नहीं बोलते गीता वह सब आर्यन से मिलकर खुश हैं कोई तेरे पति पर दूर नहीं दाल रहा मेरी छोटी भें"...... गीता मुंह पहात थी पर सारू से मिलकर सब उसकी ब्यूटी और अच्छी नेचर से काफी इम्प्रेस थी. सारू एक बड़ी फॅमिली की बोहु थी और गीता की फॅमिली भी काफी बड़ी थी उसको मिलने जुलने में कोई परेशानी कभी नहीं आयी थी. वह परिवार के साथ मिल जल कर रहने में विस्वास करती थी.

आर्यन," हाँ मेरे पास एक आयल है जोह लदाख की पहाड़ी में मिलने वाले फूल के रास से बनता है अगर गुड़िया कोशिश करेगी तोह 1 हफ्ते में इम्प्रूवमेंट दिखने लगेगा और 4-6 वीक्स में यह स्वीट डॉल दौड़ने लगेगी"...... और अदिति के माथे पे किश कर दिया.

अदिति की मम्मी ( गीता की चची) ," आर्यन बीटा तुम सच्च कह रहे हो न, सब डॉक्टर तोह जवाब दे चुके हैं और देसी तरीका भी तरय किये पर कोई फरक नहीं पड़ा हम तोह आस लगा के हार चुके हैं अदिति के एक्सीडेंट के बाद कमर के निचे का हिस्सा काम नहीं करता".

मीणा ," चाचीजी आप बेफिक्र रहिये यह मेरा ेलक्लौता भाई ने रिसर्च की है आखिर इसके शांत स्वाभाव पे मत जायो यह जीनियस है अमेरिकन की सबसे टॉप यूनिवर्सिटीज से 2 साल के अंदर 30 से ऊपर कोर्स कर चूका है..... एक एक पौधे, पत्ते, जड़, बीज, छल, फल, सब की जड़ी बूटियों बचपन से देसी चिकित्सा करता है "...... जैसे आप सब जनता हैं की आर्यन बचपन से hi जड़ी बूटियों को खोजते था. उसके एक छोटे बैग हमेशा साथ रहता था वह पातळ लोक की भी जड़ी बूटियां लेकर आया था और पुराने जंगल की भी कई औषधियां उसके पास थी. सिर्फ मीणा और बिना उसके बैग को हाथ लग सकती थी वार्ना वह किसी को छूने भी नहीं देता था. उसका कारन था, आर्यन बोलता था की छूने से औषधि का असर काम हो जाता है.

आर्यन ," चलो अभी से मेरी गुड़िया रानी का इलाज़ स्टार्ट करते हैं..... एक्सक्यूज़ में लेडीज एंड बेओटीएस " और अदिति को गॉड में लिए बैठक से बहार निकल गया गीता की हमर से बैग उठाने के लिए.

रति अपनी जगह बेथ कर ,"मेरा बीटा जानता है वह क्या कर रहा है उसने कितनो का इलाज़ अपने हुनर से किये हैं. पक्का अदिति के लिए आर्यन के पास कोई राम बाण इलाज़ है" ...... रति जैसे आर्यन की पीठ पे तंगी हुयी बैठक में एंटर की मीणा, सारू और गीता को अंदाजा हो गया था पक्का एक राउंड चुदाई का करके आये हैं और रति की पुराणी फॉर्म में आने के बाद तीनो को कन्फर्म हो गया था.

मीणा ने गीता को आँख मार दी थी जब सब लेडीज आर्यन को देख रही थीं..... गीता अपने (मैं में) ,' गयी भैंस पानी में ! यह बही भें किसी को छोड़ दे इम्पॉसिबल है...... और एक मेरी माँ है उसकी आशिकी कभी ख़तम नहीं होती फिर दीदी (सारू) को क्या बोलेन'.

गीता की मौसी बोली," रानी भी सुन और बोल नहीं पति क्या आर्यन उसका भी इलाज़ कर सकता है ? "....... रानी ने अपनी माँ का हाथ पकड़ लिया और न में गर्दन हिलाई.

मीणा तपाक से बोली," है न इलाज़ पर रानी को मेरे साथ चलना होगा वह पूरी तरह से ठीक हो जाएगी पर एक शरत है...... सब को बता नहीं सकते हम दोनों भाई भें क्या इलाज़ करते हैं. रानी को में अपने साथ अभी ले जाउंगी. वैसे भी आप सब गीता दीदी की सगाई में आ रहे हैं ".

गीता प्रज्ञा के साथ उसको अपनी गॉड में बिठा ली....." प्रज्ञा मेरे साथ जाएगी..... क्यों चलेगी न मेरी हवेली?" ...... प्रज्ञा को शरमाते हुए सब पहली बार देख रहे थे..... उसने भी कश्मकश से गर्दन हिला के हाँ कर दी.

सारू सब समझा गयी मीणा ने रानी को चुन लिए था और गीता ने प्रज्ञा को. पर अदिति को आर्यन ने क्यों चुना था ? यह बात तोह सारू भी नहीं समझ सकीय. ऐसा लगता था गीता के खानदान की लड़िकयां चुनी जा रही है पर अदिति को आर्यन छोटी बची hi समझ रहा था.

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गाओं की हवेली में ......

लीला महिमा को लेकर अणि के साथ सीक्रेट रूम में आ गयी...... अणि को सुनहरा मौका मिला था लीला उसके वशीभूत होकर अपना दूध पिलाने लगी अपनी 5-5 किलो की चूचियां से और महिमा भी एक पेअर दुसरे पेअर पे चढ़ा के मजे से दूध पि रही थी.

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अणि

तब अणि ने आँख बंद कर के महिमा के सर पे हाथ रखा तोह अपनी शक्ति से आर्यन का चेहरा नज़र आया यानि महिमा अपने बाप के सपनो में खोली हुयी थी..... आगे उसके मस्तिष्क का अवरोध नज़र आया यानि वह शील्ड से प्रोटेक्ट थी पर अणि की ऊर्जा छीन हो रही थी..... दूसरा दृशा आर्यन के ऊपर पीठ पे सवार महिमा 5 साल की उसकी घुड़सवारी कर रही थी दोनों बहोत हसी ठिठोली कर रहे थे..... तीसरा दृशा जब देखा तोह अणि के चेहरे पर पहली बार दर दिखा और उसको पसीना आने लगा..... एक लड़की आर्यन का खून पि रही थी और ुष लड़की ने पलट के देखा तोह लड़की का चेहरा आर्यन की फोटोकॉपी था ? अणि की शक्ति इतनी छीन हो गयी थी वह बेहोश हो गयी...... बड़े गुरूजी न अणि को बुलाता तोह कुछ भी हो सकता था.

वहीँ नह्नि महिमा ने दूसरी चूची बदल कर मुँह लगने से पहले बोलै," ी लव यू लीला मम्मी "..... और दूध पि ने लगी और लीला भी उसके सर पे हाथ रखकर बोली ," माय स्वीट बेबी ". लीला को कुछ नहीं हुआ पर अणि के प्राण बड़ी मुश्किल से बचे हैं.

बड़े गुरूजी के सामने महारानी विजयलक्मी घुटनों के बल पड़ी थी और गुरूजी के अंदर से स्वेत रोशिनी महारानी को लगभग पुनर्जीवित कर दी. महारानी खड़े होकर गुरूजी के सामे हाथ जोड़ दी...... अब स्वेत रोशिनी निकालनी बंद हो गयी और बड़े गुरूजी मुश्कुराने लगे.

" महारानी आप को इतनी दूर नहीं जाना चाहिए था परन्तु इश्क भी उतार आप के पास होगा..... अब कैसा महसूस कर रही हैं"....... बड़े गुरूजी अपने प्रकाश पुंज में सामना थे और निशंक गुरूजी भी वहां प्रकट हो गए...... यह वही विशाल पेड़ था जहाँ आर्यन और मीणा ने घोसला को ट्री हाउस बने था प्राचीन जंगल.

"चमा चाहूंगी गुरूजी पर इतनी शक्ति से में छीन हो रही थी की मुझे लगा अपना आखिर वक़ार hi नहीं देख पाऊँगी ".

निशंक गुरूजी ," महारानी चमा कीजिये आप कहीं अणि की नश्वर सरीर की बात तोह नहीं कर रही है ?"

महारानी ने ऐसे देखा निशंक को जैसे उसने उनकी दोनों किडनी मांग ली हो," निशंक हम गुरूजी से अकेले में वार्तालाप करना चाहते हैं आप विश्राम करो "....... निशंक गुरूजी विलुप्त हो गए.

महारानी अपने महल में बड़े गुरूजी से वार्तालाप कर रही थी उसकी शंका दूर करते हुए गुरूजी बोले ," जिस द्रव्यमान को अपने अपनी दृस्टि से देखा था वह निर्जीव है और आपकी समर्थ (शक्ति) को पूर्ण रूप से सोख कर एक नयी ऊर्जा का संरक्षा किया है भविष्य में...... चूँकि आर्यन से उत्पन्न अपना रूप ुष ने आपकी कल्पना को सर्जित किया है आपकी hi शक्ति से".

महारानी आतुर होते हुए," गुरूजी मैंने आर्यन की हमशकल लड़की देखि थी जब वह उसका रकत पि रही थी? उसकी आँखें मेरी शक्तियां सोख रही थी..... कहीं वह लड़की महिमा तो नहीं थी ? हाँ मुझे पूर्ण विश्वास है की वह लड़की बड़ी होकर महिमा hi थी तब तोह मुझे अपनी शील्ड में प्रवेश करते hi वही दृश्य दिखाई जोह में भविष्य में नहीं कल्पना भी नहीं कर सकती".

बड़े गुरूजी ," यह सुबह संकेत नहीं है और जोह आपने देखा उसका परिणाम भी सुबह नहीं है..... महिमा तोह छोटी अवस्था में है पर आप क्यों उसके मस्तिष्क में झाँका चाहती थी? आर्यन के मस्तिष्क में झांकें से हम ने रोका है क्यूंकि उसकी शक्तियां बढ़ रही हैं और कभी कभी उसकी शक्तियां सबसे ज्यादा प्राणघातक होती है...... अभी एक शिशु hi तो हैं महिमा और आप उसके मस्तिष्क में झांकना का कारन हमारी समझा से परे है ?"

यहाँ तोह महारानी की चाल ुशी पे उलटी पड़ी और गुरूजी भी बोल रहे हैं की उनको कुछ पता नहीं पर कैसे समभाव है? 2 मं तक दोनों सोचते रहे है वह गुरूजी ने छुपी तोड़ी.

बड़े गुरूजी," महिमा एक विशेष शिशु है और हमने आर्यन की शक्तियां में अपनी शक्ति को मिश्रित किया. आर्यन ने hi महिमा की माँ को गर्भित किया और महिमा का जन्म हुआ, हमे ज्ञात था की आप महिमा की शक्ति पहचान जाएगी उसको छु के hi पर इतना नहीं सोचा की एक शिशु के अंदर छिपी शक्तियों को आप खोजने का प्रयत्न करेगी..... वह शिशु अस्वस्थ में हैं और कहीं न कहीं आपको भी बोध हो गया हो की अपने पिता की तरह महत्तवावणकी साबित होगी िश महायुद्ध में".

महारानी विजयलक्मी को अपनी गलती का अहसास हुआ और उन्होंने हाथ जोड़ के चमा मांगी......

बड़े गुरूजी मुस्करा के बोले," पुत्री अब अपनी शक्तियों का चुनाव विवेक से करो और अनीता के सरीर में प्रवेश करना उसके जनम से पहले उसको भी गायत होने दो की वह क्या सोचती है...... अनीता सिंह को अधिक बहार लाने का प्रयास करो और महारानी का अपना ुर्घ रूप समय अनुसार दिखो".

महारानी विजयलक्मी ने सर झुका के कहा ," जोह आज्ञा गुरुदेव "...... और अंतर्लीन हो गयी.

बड़े गुरूजी ," आ जायो निशंक तुम्हारी चिंता का निवारण करते है ".

निशंक पकट हुए ," महारानी को में इतना भयभीत और दयनीय स्थिति में नहीं देखा. फिर उनके चेहरे पे शर्म की मुस्कान ? गुरूजी यह मेरी समझ से बहार है आप hi सैंसे का निवारण करें".

बड़े गुरूजी ," इश्क एक hi उतार है वह महारानी से पहले एक स्त्री है और स्त्री एक बार थांन ले तोह वह अपने प्रयास में सफल होती hi है. महारानी को एक शिशु से परस्थ कर दिया"...... और निशंक को पूरी बात बता दी.

" ओह आप महिमा की बात कर रहे हैं न जब भी उसको देखता हूँ लगता है की वह अपने बाप को सद्बुद्धि दे...... वह बहोत प्यारी बच्ची है बिलकुल आर्यन के जैसी पर वह हमेशा भोग विलास में लिप्त रहता है"...... फिर से आर्यन की शिकायत करने लगे.

बड़े गुरूजी," आर्यन सही करता है जोह तुम्हरे प्रायवाची रखता है..... धयान में मैं लगो आर्यन का कार्य उसको करने दो"...... और वह सुचं प्रतिबिम्ब में धयान में बेथ गया.

निशंक गुरूजी ," आर्यन तू पहले भी ढोंगी था अभी िश जन्म में भी है "...... और उन्होंने आँखें बंद कर ली.

अणि एक छान के लिए गायब हुयी थी और वापस भी आ गयी पर लीला को कुछ नहीं महसूस हुआ. वह महिमा से कुछ फ़ीट दूर hi बैठी और सोचने लगी," भाई के साथ मॉर्निंग वाक पे जाउंगी ".

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अपडेट 44

आर्यन की बाँहों में अदिति ख़ुशी से फूली न समां रही थी...... ' अगर आर्यन झूट भी बोल रहा है की में दौड़ सकती हूँ तब भी कोई गम नहीं. में भी चाहती हूँ की सबसे हैंडसम लड़का मुझ अपनी गॉड में उठाये कब तक व्हीलचेयर पे तिकी रहूंगी'.

अदिति के मैं की आवाज ,'यह मत भूल की तू एक अपाहिज है और तू अपनी औकात में रह" अदिति दिल की आवाज आयी ," तो क्या हुआ में भी लड़की हूँ कोई मुझसे भी प्यार करे.... आये में सच्च में तोह आर्यन को भाई नहीं बनाया है वह तोह मेरे जीजू भी लगते हैं..... वैसे साली आधी घरवाली होती है और तुम दोनों लड़ना बंद करो"...... अदिति का मैं अभी शांत था जब उसने अपने दोनों कान पे हाथ रखा और आँखें बंद कर ली ताकि वह आर्यन की गॉड का लुफ्त उठाया.

आर्यन सरीर से लम्बा और उसका सीना पहाड़ जैसा मजबूत था...... अदिति ने अपनी गर्दन ढीली छोड़ दी और सर आर्यन के सीने पे रख दिया...... आर्यन के दिल की धड़कन उसको साफ़ सुनाई दे रही थी ' लुब दुब.... लुब दुब.... लुब दुब ' 5 मं तक सीने से लगे हुए उसको अब ' लव यू.... लव यू.... लव यू ' सुने दे रहा था..... अदिति की आँखें खुल गयी पर मैं में अभी भी सुन रहा था लव यू.... लव यू .... आर्यन ने उसके गाल पे एक किश करके हवेली की बैठक से बहार निकल गया.

आर्यन हवा में उसको घूम के अपनी पीठ पे लाड लिया अदिति की किल्ली निकल गयी ," भैया गिरा मत देना, मुझे कसकर पकड़ो"...... लेकिन अब उसकी छोटी छोटी नारंगी जैसे स्तन आर्यन की पीठ पे सुराख़ कर रहे थे और आर्यन के दोनों हाथ उसके पिछवाड़ा पे थे. अदिति ने उसके गले में बाँहों लपेट ली और जोंक की तरह उससे चिपकी थी.

उसको मर्द का स्पर्श अपने प्राइवेट part पर अच्छा लग रहा था कपडे पहने हुए..... हालाँकि वह गरिमा से 1 हफ्ते बड़ी थी और उससे ज्यादा छोटी नहीं थी पर ग्रोथ उसके सरीर की अनुपात में नहीं थी जबकि डॉली सुपरमॉडल की फिग वाली थी और सबसे छोटी होने के बावजूद वह बढ़ती हुयी कद काठी की 6फट हट की थी.

( *वैसे गरिमा सबसे छोटी आगे में पर वह डॉ अंजू की धेवती थी, रति के खानदान की सबसे छोटी लड़की डॉली थी. गरिमा को कुछ दिन पहले पता चला की वह डॉ कुलदीप की बेटी नहीं है वह आर्यन के डैडी राज सिंह की 3श्री बेटी है पहली नेहा और अणि दूसरी बेटी है)

अदिति की भी हट 5'8" फट अच्छी थी पर उसके ब्रैस्ट छोटे थे ( 32 इंच) और हिप्स डबल ( 40 इंच) कमर 26 इंच की थी. वैसे वह सुन्दर लड़की थी और उसकी स्माइल आर्यन को यूनिक लगती थी वह एकता कपूर ( टीवी सीरियल की फेमस प्रोडूसर) की तरफ हस्ती थी ब्रेक लगा कर और अदिति के लेफ्ट गाल पे डीप डिंपल पड़ता था उसकी स्माइल बहोत मोहक थी.

आर्यन हमेशा स्पेशल केस की बच्चो से बचपन से hi मिलता था वह सिग्न लैंग्वेज जानता था और चिड़िया जानवर की आवाज अच्छी तरह से समझ कर बोल सकता था...... बच्चे और बड़े भी उसके िश हुनर के कायल थे. अदिति का एक्सीडेंट हुआ था जीप से जब वह 7 क्लास में थी तभी से व्हीलचेयर उसकी ज़िन्दगी का एहम हिस्सा बन गयी थी. उसके माँ बाप ने कई डॉक्टर्स को दिखाया पर लास्ट में निराशा hi हाथ आयी. अदिति ने व्हीलचेयर hi अपनी दुनिया मान ली थी पर आर्यन की नीली आँखों में उसकी सच्ची नज़र आ रही थी. आर्यन के घरवाले और गीता भी चाहते थे की अदिति का इलाज़ आर्यन करे.

अदिति तोह 5% hi सोच रही थी की अहह काश में अपने पैरों पे फिर से कड़ी हो जाऊं लेकिन आर्यन जोह बोलता था वह कभी झूट नहीं होता या झूट है भी तोह वह सही करने में विश्वास करता था.

आर्यन अदिति को गॉड में लेकर हमर की तरफ बढ़ा तोह भीमा और राजपूत उसकी गद्दी के पास आये, आर्यन बोलै ," भीमा काका और आईएनएस. राजपूत इनसे मिलो यह है हमारी छोटी राजकुमारी इनको अदिति सिंह कहते हैं.... हैंडशेक करो".

बीमा को देखकर अदिति दर गयी थी और सिक्योरिटी अफसर वालो से पहले hi डर्टी थी..... वह आर्यन की गार्डन में अपना फेस छुपा ली. आर्यन हँसा ," अरे डरो नहीं यह आपको कुछ नहीं कहेंगे..... बे था बरवेस्ट गर्ल के ों एटलीस्ट से hello ".

अदिति ने आर्यन की गार्डन के पीछे से अपनी शमी से नज़र और झिझक के साथ बोलै ," Hello भीमा काका..... hello इंस्पेक्टर राजपूत सर "...... दोनों प्यार से उसको hello बोले स्माइल के साथ फिर भी डरावने लगते थे जबकि मुस्कान लिए हुए थे.

आर्यन ," अब हस्ते हुए भी आप िश बच्ची को डरा hi डोज जाओ एक चाय और पी लेना ...... अदिति थे हैवे वर्स्ट स्माइल यू क्नोव "......

राजपूत ," आर्यन हम कब निकलेंगे ?" .....

आर्यन का होने वाला जीजा था इंस्प राजपूत.

आर्यन सोचने की एक्टिंग करते बोलै ," पहले गद्दी में काम है फिर गिफ्ट लेने हैं, खाना भी खाना है फिर सोच रहा हूँ की यहीं रात गुजारी जाये ..... हाँ तो कल सुबह चलेंगे "...... यह कहकर आर्यन अपनी हमर का दूर खोला और अदिति को प्यार से सीट पे बिठा दिया.

राजपूत का चेहरा उतर गया था आर्यन के जवाब से और भीमा हसने लगा..... आर्यन अपनी गद्दी हवेली के बहार निकला और अदिति की सीट बेल्ट लगा दी ," चलो एक चाकर लगा के आते हैं "...... अदिति इतनी बड़ी गद्दी में नहीं बैठी थी और महंगी तो थी hi पर वह खुश बहोत हुयी..... हे हे हे हे ......

" जानते हो बहिया "...... "कॉल में आर्यन या भाई वैसे में इतना बूढ़ा नहीं हूँ..... ी ऍम स्टिल नॉट सेलिब्रेट 21सत बर्थडे "..... है हां हां हां ......

आर्यन के फेस को टच करके अदिति बोली," आर्यन भाई में 6 महीने बाद किसी कार में बैठी हूँ..... कोई मुझे घूमने भी नहीं ले जाता "..... वह इमोशनल हो गयी पर आर्यन ने उसको देश बोर्ड से टिश्यू पेपर दिया और गद्दी की विंडो निचे कर दिया ," जितना रोना हैं आज hi जी भर के रू लो नेक्स्ट टाइम ी लव तो सी योर मिलों डॉलर स्माइल..... यस माय बेबी सिस्टर ी मैं आईटी "......

अदिति रोटी हुयी हसने लगी और आर्यन के खंड पर मरने लगी ..... वह जोर जोर से है रहा था..... अदिति भी हसने लगी ..... आर्यन ने अदिति के डार्क सर्कल्स देख लिए थे आईज की निच्चे जिससे पता चलता है की वह लड़की अंदर अंदर घुट रही हैं और अपाहिज है तोह डेफिनिटेली घुमा फिरना उसके लिए डिफिकल्ट है...... तजि हवा में सास लेना से उसकी स्माइल वापस आने लगी थी.

आर्यन उसके 20 मं तक गद्दी से 3 चक्कर लगावे गाओं के बाहरी रास्तों पे फिर हवेली में आ गए...... अदिति बहोत कुछ बता दी थी अपने गाओं और परिवार के बारे में. उसकी नॉलेज एक एक परिवार के मेंबर में सटीक से ज्यादा थी. आर्यन का ाचा फ्रेंडली नेचर अदिति को बहोत बहाया...... इम्प्रेस्सेड तोह थी hi और प्यार भी करने लगी थी आधे घंटे उसके साथ बीत्या के.

आर्यन ने गद्दी का दरवाजा खोला और उसकी अपनी पीठ पे लाड लिया और वह भी अब सहेज थी आर्यन की कंपनी पाकर...... फिर गद्दी से एक बैग और गिफ्ट लेकर बैठक में आये. सब खड़े हो गए और रति ने बोलै ," अब हमको चलना चाहिए कल की तैयारी भी देखनी है".

(**बिना आर्यन के आते hi रति की हवेली के लिए निकल गयी थी उसको सार ाररंगमेंट भी देखना था और नीला भी अंजू मम्मी जी के साथ अकेले सारा अर्रंगेमेन्ट्स संभल रही थी. गीता की जिम्मेदारी अनुज ने संभाली थी और रानी मिरदुला के ऊपर दीप्ति की इंगेजमेंट की जिम्मेदारी थी.)

मीणा व्यंग करते हुए बोली," भाई तेरी पीठ कभी खाली नहीं रहती पहले अपनी माँ को तंग कर लाया फिर अदिति को चक्कर क्या है ? "

आर्यन अपनी मुस्कान बिखेरते हुए सोफे पे बेथ कर अदिति को अपनी गॉड में बैठा के बोलै," मेरी माँ जैसा कोई और नहीं हैं..... अदिति ने वादा किया है की वह ठीक होकर दिखेगी अपने परिजन पे खड़े होकर क्यों बेबी "..... अब कोई जवाब किसी पास न था और मीणा अपने भाई को देख कर स्माइल कर रही थी.

"अदिति अब से व्हीलचेयर की तरफ नहीं देखोगी यह व्हीलचेयर नहीं हैं तुम्हारी अर्थी का सामान है जिसको जितनी जल्दी तोड़ दो अच्छा है"..... अदिति ने भी हामी भरी िश लड़की का कॉन्फिडेंस बढ़ गया था वह भी चाहती थी की िश व्हीलचेयर से पीछा छुड़े.

गीता की ममी बोली," आर्यन बीटा तुमने कुछ नहीं खाये है..... आये हम को भी सेवा का मौका दो".

आर्यन टपक से बोलै," मामी जी आपको सेवा का मौका जरूर देंगे वैसे पहले आपकी कुछ सेवा का मैं हमारा भी था"....... स्माइल करने लगा......

ठकुरियाँ मेघा सिंह उसका जवाब सुनकर सकपका गयी..... पहले hi उसकी छूट पानी भ रही थी, उसने अपनी पेंटी बदल ली थी अब नयी पेंटी भी छू रही थी और आर्यन का डबल मीनिंग ने काम ख़राब कर दिया था.

"क्या! क्या मतलब है तुम्हारा ?" ...... अपनी साड़ी के घूम दबा के वह पूछी थी....

आर्यन ने मेघा सिंह को बोल्ड कर दिया था अपनी निघा उसकी साड़ी में देखे कर.....

रचना सिंह ( गीता की मौसी) ," अरे दामाद जी आप को छेद रहे हैं भाभी".... है है है है ...... सब हसने लगे और मेघा का सूंदर चेहरा लाल हो गया वह चेयर पे बेथ गयी साड़ी हाथ में प्यूबिक एरिया में दबा के आर्यन की निघा से न बच पायी और सर झुका लिया वह भी है रही थी.

मीणा जोह रानी के पास बैठी थी कान में कहा ," एक विकेट डाउन ..... मुझे hat-trick लेनी है आर्यन तू स्लो हो गया है, जैम कर बैटिंग कर ".

रानी को समझ नहीं आ रहा था की मीणा दीदी क्या बात कर रही है वैसे वह बोल सुन नहीं सकती इशलिये मीणा ने उसके कान में कहा जिससे रानी लिप रीडिंग न कर सके.

सारू अभी रैना सिंह (गीता की चची) के साथ बैठी थी..... आर्यन की बातें कर रही थी सारू से जब आर्यन वापस आया था.

कृति सिंह ( ममी की बड़ी बेटी) बिच में कूद गयी ," आप को तोह अपना हाथों से खिलेंगे क्यों जीजा जी..... क्या कहती हो गर्ल्स".

आर्यन ," कृति दीदी आप थकना मत में थोड़ा ज्यादा hi पेटू हूँ "..... hi hi hi hi

कृति भी है दी ," में बड़ी हूँ मैं पूरा खाना अकेले hi खिलाऊंगी अपने हाथो से वैसे आप को हमारा सबका नाम पता है क्या?"

आर्यन सबके नाम बाटता है उनकी हॉबी, लिकिंग और किसो क्या पसंद है...... गीता चीड़ रही थी और सब खुश हो जाती हैं मैं तोह सबका उसको चूमने का था पर गीता का दर था..... वहीँ अदिति अब आर्यन की गॉड में बैठी थी 3 बार उसके गालों पे किश भी कर दी थी. उसका अपना सा लगता है आर्यन से मिलकर.

अदिति को सोफे पे बैठ के आर्यन अपना बैग एक साइड पड़ी बड़ी टेबल पे खोल के एक डार्क ऑरेंज कलर का आयल की छोटी बोतल निकलता है और उसको खुद लगने की हिदायत देता है..... "िश में मैंने मंत्र पढ़ दिया है अब टेल तुम्हरे हाथो से लगएगा तभी असर होगा जहाँ तक हाथ जाये वहीँ तक कोसिस करो मासपेशियां का भी बल्क काम हुआ है तोह थोड़ा टाइम लगेंगे अब तरय करो चाचीजी अदिति को लूसे कपडे यानी स्कर्ट या लुंगी जैसे पहना होगा".

फिर 2 तरह की आयुर्वेदिक गोली दी और बोलै," आप खन्ना लगो में 2 मं में आया".

अदिति ने आर्यन के कान में कुछ कहा तो आर्यन उसके देखने लगा और गार्डन हिल दिया..... अदिति बोली ," प्लीज"..... आर्यन ने तुम्ब्सप किया ..... ( अदिति उसको रिक्वेस्ट की वह अकेला में आ जाये आयल लगने के लिए उसकी हवेली में )

फिर क्या था कृति ने अपनी बड़ी साली होने का फ़र्ज़ निभाया वह आर्यन को एक हाथ से पकड़ के डिनर हॉल में ले गयी..... सब औरतें और लड़कियों ने उसके पीछे आ गयी. अदिति को गीता ने अपनी गॉड में उठा लिया और आर्यन के पास बिठा दिया. आर्यन के परिवार वाले जानते थे की आर्यन कितना बड़ा पेटू है और टाइम भी हो गया था कहने का.

साड़ी डिशेस लायी गयी आर्यन के सामने तोह वह कभी मन करता क्या जोह आज करेंगे..... फिर हसी मजाक करते पहली बाईट अदिति को मिली जिसको प्यार से खलिया फिर गीता की मामी का नंबर आया तोह वह मन करने लगी पर आर्यन उठकर उसके पास गया ," मामी जी अच्छे बच्चे मन नहीं करते बाकी सब अपनी बारी का इंतज़ार कर रहे है..... मेरा प्यार आपको कबूल करना होगा क्या आप मुझे आपने नहीं मानती " ......

मेघा सिंह भी शर्मा के बोली," बस एक टुकड़ा "..... और आर्यन ने खिला तोह वह अपने दांत लग्न न भूली.... ोुछःह आर्यन हाथ हटा लिया..... मामी बाईट कहते स्माइल देने लगी. "मामी जी आप बहुत शैतान हो "..... हां हां हां

फिर सब बड़ी से लेकर एक एक बाईट सबको खिला दिया पर कृति दीदी no नहीं..... जब आर्यन बोलै ," अब आप मुझे खिला सकती हो"..... कृति ने आर्यन को बाईट दी तो आर्यन ने भी कृति को बाईट खिलाई.

रति ने शिकायत की ," अपनी माँ को भूल hi गया तू इतनी सुन्दर लड़कियां और औरतें देखकर "..... आर्यन है के फिर रति, सारू, मीणा और गीता को अपने हाथ से एक एक बाईट खिला दिया.

आर्यन ," हम लोगो का प्यार उन्ही बना रहे और अब आप मुझे खिला सकती हो में मन नहीं करूँगा "..... सब लडकियां आर्यन को खिलने लगी पर जल्दी उनको पता चल गया की सच्च में पेटू है...... रसोई में 3 माइड लगी थी पर आर्यन नहीं रुक रहा था..... वह प्लेट पर प्लेट साफ़ करने लगा खा कर..... मीणा को अपने साथ बिठा लिया था और वह अपने हाथ से खिला रहा था आर्यन तब तक 3 बाईट कहा लेता.....

कृति भी थक गयी थी तोह आर्यन उसको बैठ लिया..... देखते देखते सब हाथ उठा दिए पर वह खता रहा और बिच में सबको अपने जोके से हँसा भी रहा था..... मीणा खन्ना खा के भर गयी और सबके लिए कार से गिफ्ट लायी.

आर्यन जब डकार मारा सब पालते साफ़ हो गयी..... " मजा आ गया थैंक्स मामीजी खाना बहोत टेस्टी था फिर आऊंगा ऐसा स्वादिष्ट खाना खाने" ..... और मामी को फ्लाई किश कर दिया.....

गीता ," यह कुछ ज्यादा hi मामी को मक्खन नहीं लगा रहा है..... क्यों कृति और जानवी अपनी माँ को बचना इसी नियत ठीक नहीं लगती "..... सब हसने लगे .....

पर मेहगा बिलकुल फ्लैट हो गयी थी आर्यन को प्यार से देखकर वह पास आकर आर्यन को गले लगा के गाल पे किश कर दी," मेरे बीटा जैसा है आर्यन..... हमको देख कर साथ में कोई जल रहा है"...... hi hi hi

सब हसने लगे आर्यन ने देखा कोई मामी की तरफ नहीं देख रहा था तोह उसके पिछवाड़ा को सहला दिया..... मामी भी कुछ नहीं बोली वह ज्यादा आर्यन से चिपक गयी और अपनी चूचियों भी आर्यन के साइड दबा दी......

रति ने कहा ," लेट हो रहा है और आर्यन अपनी मामी से विदा ले...... सारू सबको गिफ्ट दे दो जोह आर्यन लेके आया था...... हम सब पुराणी बातें भूल कर नए रिश्ते बाण सकते हैं...... और ये गिफ्ट हमारी तरफ से नए विश्वास और समृद्धि के लिए..... गीता मेरी बेटी है और रहेगी लेकिन वह आप सबकी बेटी और भें भी है यह भी सच्च है बस उसके नए जीवन में ढेर साड़ी खुशियां आ रही है तोह हम सब मिलकर उसकी खुशियां दुगनी कर सकते है ".

प्रज्ञा ताली बजने लगी फिर देखते देखते सब ताली बजने लगे पर आर्यन मेघा मामी की गांड एक हाथ से दबा रहा था वह भी एन्जॉय कर रही थी.

गीता अपनी माँ रति को हुग करके बोली," तू सबसे अच्छी माँ है िश दुनिया की..... ी लव यू माँ ".

आर्यन भी मामी के गाल पे किश किया और कान में बोलै ," मेघा मामीजी आप से सूंदर लड़की मैंने नहीं देखि में सुबह आऊंगा आपसे मिलने किसी को मत बाटना"..... मामी ने आर्यन का एक हाथ पकड़ा हुआ था वह भी पलकें झपकी के इशारा कर दी......

मेघा की छूट से पानी निकल गया वह आर्यन से अलग होकर वाशरूम में 3ऋ बार आयी थी.

फिर सारू ने सबको गिफ्ट दिए और बाद में खोलने को कहा सरप्राइज है आप के लिए.

चची ने 5 गिफ्ट गीता को दिए ," यह तुम्हारा hi घर है तुम्हारी hi चलेगी िश घर में...... हम सब जरूर आएंगे अपनी बेटी को आशीर्वाद देने..... आर्यन गीता का खाल रखना अब यह िश घर की बेटी भी है ".

आर्यन गीता सबसे गले मिले..... जहवी के कान में आर्यन ने कुछ कहा तोह वह भी चौक गयी फिर गले लगा के बोली ," ी मिस यू जीजू "......

प्रज्ञा ने बस हाथ मिल्या तोह आर्यन ने उसको हुग कर लिया," जीजू को हुग कर सकती हो में कोई पराया नहीं हूँ तुम्हारी दीदी से शादी करने वाला हूँ और कल सगाई भी है"...... प्रज्ञा को अजीब लग रहा था किसी मर्द के गले लगे पर वह कुछ नहीं बोली.

अदिति को लास्ट में किश करके आर्यन बोलै," अब आराम करो में तुमको तुम्हारे रूम में छोड़ देता हूँ" ...... रैना चची उसको अदिति का कमरा दिखने ले गयी आर्यन उसकी अपनी गॉड में लिए हुए ग्राउंड फ्लोर पे उसके रूम में चला गया.

गीता ने जानवी, प्रज्ञा और रानी को उनके साथ चलने को कहा तोह बाकी सब भी रेडी हो गयी उनको भेजने के लिए..... तीनो अपनी ड्रेस और लगेज त्यार करने चली गयी.

रति बोली ," में आर्यन की कार में आउंगी तुम सब गीता के साथ जायो जब सब रेडी हो जाये ".

आर्यन अदिति को बीएड पर सुला कर रति के पास आ गया...... दोनों हमर में पहले निकल गए सिर्फ आर्यन और रति थे.

10 मं बाद गीता , सारू और मीणा के साथ जहवी, प्रज्ञा और रानी भी पूरी सिक्योरिटी और सिक्योरिटी अफसर के साथ गीता की दादा की हवेली से प्रस्थान की. उसको अपना परिवार का प्यार मिल गया था वह बहोत खुश थी सबसे मिलकर.

रति गद्दी में आर्यन की गॉड में चढ़ते हुए कहा ," गीता की मामी पे तेरा दिल तोह नहीं आ गया..... गीता तुझे जान से मार देगी "..... और उसके कान पे काट लिया......

आर्यन उतार दिया मुस्कारते हुए ," बस उनको छेद रहा था और गीता तोह मुझे अभी भी मार डालेगी की में उसकी माँ को डेली छोड़ता हूँ "..... हां हां हां .....

दोनों अपनी मस्ती में दुसरे रास्ता से आगे बढ़ रहे थे..... गीता की कार 1 घंटे बाद अपनी हवेली आकर hi रुकी और आर्यन रति अभी भी नहीं पहुंचे थे. रति जब आर्यन के साथ होती तोह उसकी सिक्योरिटी आर्यन hi करता था वैसे भी सिक्योरिटी की जरुरत क्या थी आर्यन खुद ओने मन आर्मी था.

मेघा सिंह को आर्यन ने टच नहीं किया बस जरा सा सेहला था रति की वजह से, उसने बोलै था की मुझे पूरा खुस करे तब दूसरी और को टच करना.......

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जब महारानी विजयलक्मी अचेत अवस्था में थी उनको आर्यन ने hi बचा था पर कैसे ????

जब महारानी की शक्तियां छीन होने लगी महिमा के सर पे हाथ रखकर आर्यन और रति ुष समय हमर गाडी में साथ में रति के गाओं हवेली को जा रहे थे...... रति अँधेरे रात में आर्यन के लिंग को अपनी योनि में दाल के ड्राइविंग सीट पे लिंग अपनी योनि में ऊपर निचे पटक रही थी आर्यन को किश करते हुए.

तभी आर्यन का 6तह आत्मा का अंश जोह सपूत अवस्था में थी वह अणि की पास प्रकट हुआ और उसके छीन सरीर को अलग कर पुराने जंगल में प्रकट हुआ और बड़े गुरूजी के पास छोड़ दिया...... आर्यन के सरीर में प्रवेश करते सुप्त अवस्था में आ गया िश कार्य में एक छान से भी काम समय लगा और जब गुरूजी महारानी को सामने कर रहे थे उन्होंने समय चक्र रोक दिया था.

यह सुबह संकेत था बड़े गुरूजी के लिए और िश दुनिया के लिए अशुभ प्रभाव हुआ जैसे एक चानन में जवार भाता बहोत तेज हो गए थे, समुन्दर में 20 मीटर ुचि लहरों उठी, एक पल के अंदर जीवन रुक गया था और िश पल में एक साथ 10 हज़ार से ज्यादा लोग मारे गए और जानवरों व सूक्ष्म प्राणी की फसल साफ़ हो गयी...... अगर अणि को कुछ हो जाता तोह दुनिया तभा हो जाती यह सुबह संकेत नहीं है िश संसार के लिए. आर्यन की शक्तियां 21वे जन्मदिन पर आज़ाद हो जाएगी और बड़े गुरूजी का दावित्ये है वह ुष शक्तियां को दुसरे भारमंद में भेज दे वार्ना दुनिया का अनाथ निश्चित है.

महारानी विजयलक्मी आसवित थी की अनीता (अणि) को आर्यन और उसके अंदर निहित 6तह अंश उसकी सुरक्षा करते हैं...... अणि को चीन में कैद कर लिया गया था आर्यन उसको बचा लिए और अभी अणि को 6तह अंश ने जीवित रखा बड़े गुरूजी की मदद से.

अभी यह क्लियर नहीं था आर्यन अणि को एक स्त्री की तरफ प्यार करता है परन्तु सबसे ज्यादा प्यार करता है यह सूरे था.

महाराज की आत्मा का अंश अणि को प्रेम करता है यानि 6 में से 3 आर्यन की आत्मा के अंश इंदिरेक्ट्ली अणि से जुड़ते हैं. अणि सबसे ज्यादा इम्पोर्टेन्ट क्यों है वह तोह हमको आगे पता चलेगा परन्तु महारानी यानि अणि जान गयी थी और वह भी अपने सेज भाई से उठना hi प्यार करती थी...... हाँ वह प्यार बाँटने में विश्वास नहीं करती थी लेकिन कुछ हद तक तोह उसको बाँटना hi पड़ता है.

सीक्रेट रूम से बहार आकर दूध पीते hi महिमा सो गयी थी और लीला भी खुश थी की उसने आर्यन की सगी बेटी को दूध पिलाया है...... बबिता छोटी माहि को अपनी गॉड में लेकर उसका माथा चूमि सच्च में मेरी माहि को सब का प्यार मिलता है..... भगवन शिव हम सब पे अपनी कृपा हमेशा उन्ही बने रखना, उसने आँखें बांध करके हाथ जोड़ दिए.

अणि अपने रूम में ड्रेस चेंज करके नाईट के कपडे पेहेन ली और हवेली और रिश्तेदारों की औरतों के साथ गप्पे मारनी लगी.

नीला ने हवेली का बेसमेंट खोल दिया था आर्यन के क्लोज परिवार के लिए..... -2ंद फ्लोर पे 10 रूम थे और - 1सत फ्लोर पे 4 मास्टर बैडरूम थे. यह सेक्शन नई था और सीक्रेट रूम से अटैच्ड था.

आर्यन की सब बहनों ने 2ंद फ्लोर के रूम चुने और 3 मास्टर बैडरूम सारू और उसकी दो जेठानी, एक देवरानी के लिए थे. एक मास्टर बैडरूम दोनों आर्यन की बुआ के लिए था, आर्यन के सीक्रेट रूम से अटैच्ड रूम उसकी दादी देवी के लिए था.

यहाँ सब सारू की सुसराल वाले का ाररेंग्मेंट था..... हवेली की मैं बिल्डिंग रति के रिशेत्दार और परिवार के लाइव थी...... मिरदुला की फॅमिली कैसे आर्यन के फार्महाउस पे शिफ्ट होने वाली थी, कुछ लोग फार्महाउस में भी स्टे करने आ गए था और पास के टाउन में होटल भी बुक था. दिल्ली से आज और कल फ्लाइट पकड़ के फॉरेन से भी लोग आ रहे थे.....

इतना सब के लिए अरेंजमेंट आसान नहीं था पर आर्यन ने बिना और नीला को ऐसे अर्रंगेमेन्ट्स के लिए प्रेपरेड़ रहने को कहा था जहाँ 5 लक्ष की पब्लिक की गेदरिंग हो. अभी तोह 1 लाख से ज्यादा लोग आ रहे थे कल की फंक्शन में.... मीडिया और कैमरा 5 कम तक बन थे 2-3 मीडिया हाउस जोह रति की फवौरीते थे उनको सिर्फ आर्यन और गीता की सगाई का फंक्शन अटेंड करना था.

दीप्ति की इंगेजमेंट चौधरी माधव सिंह की हवेली में शाम को 6 बजे राखी गयी थी और गीता की सगाई का टाइम 11 बजे का था जिसका वेन्यू महापंचायत का परगना था.

एक नहीं दो दो दावत मिले वाली थी रजवाड़ों के लिए फार्महाउस को स्पेशल साजा जाने लगा था साम का फंक्शन के लिये बिना ने काश बनने का अरेंजमेंट भी किया था.

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रात के 10:40 बजने वाले थे रति और आर्यन का सब इंतज़ार कर रहे थे रति की हवेली में गाओं वाले अधिकांश लोग घर वापस जा चुके थे.....

हवेली में गीता खली हाथ नहीं आयी थी प्रज्ञा , रानी और जानवी तीनो कजिन सिस्टर्स को साथ लायी थी. तीनो लड़कियां चौधरी माधव सिंह की हवेली के बारे में सुनी थी पर उनकी एक और बहन गीता के बारे में आज पता चला तोह उसकी ख़ुशी में शामिल होने आयी थी.

मीणा भी चाहती थी की आर्यन की सबसे सुन्दर सालियान गीता के साथ रहे.... पर जानवी और रानी तोह ब्यूटी क्वीन थी लेकिन आप रीडर्स बोलेंगे की प्रज्ञा ठाकुर तोह िश केटेगरी में नहीं आती तोह में बोलूंगा वह ब्यूटी hi थी बस उसका हुलिया चेंज करना था..... गोरी तोह वह टमाटर की तरह थी और बाल भी भड़ने होंगे. लम्बी चौड़ी भी थी और बॉडी तोह सॉलिड थी प्रज्ञा की बिलकुल आर्यन को टक्कर देती थी. आर्यन भी एक नज़र में भाप गया था माल तोह सॉलिड है पर गीता की बहिन है.

तीनो अभी गीता के रूम में थी और एक सूंदर लड़की जोह दीप्ति थी गीता की हमशकल से मिलवाया...... उसके बारे में बतया की अलवर की राजकुमारी है और राजपुताना की अकेली वारिस है और आर्यन से शादी करके 6तह बीवी बनेगी.

तीनो चौकी तब दीप्ति ने अपने होने वाले पति आर्यन के इतने कसीदे पढ़े 20 मं में वह तीनो खुद भी आर्यन की बीवी बने का खवाब देखने लगी बस िश बात को हवेली में hi रखने की कसम भी दी गीता ने.

जब शोर सुना 11 बज रात थे..... रति देवी की जय ..... आर्यन भैया की जय ..... गंगा मैया की जय ...... तीनो लड़कियों ने ऐसा माहौल नहीं देखा था....

गीता बोली," िश रूम में आज रात रहना है तो कम्फर्टेबले रहो और चाहो तो भर भी निकल सकती हो..... हम को तोह आर्यन से मिलने की आज की पाबन्दी है..... है है है है ".

जानवी और प्रज्ञा तोह बहार हवेली में घूमने चली गयी पर रानी वहीँ रही.....

दीप्ति ने उससे बात की सिग्न लैंग्वेज में उनकी दोस्ती जल्दी हो गयी......

दीप्ति ने कहा गीता से अकेले में की मुझे माहि से मिलना है 10 मं के लिए आप भी चलो..... गीता भी चाहती थी मिलने पर सब वहां थे उनको कोई नहीं मिलने देगा...... तभी मीणा की एंट्री हुयी तोह दोनों एक साथ बोली ," मीणा ी लव यू "...... हां हां हां हां

दोनों मीणा को दबोच ली ...... मीणा हसे जा रही थी और रानी को देखकर आँख मार दी ," तुझे भी शादी करनी है क्या ?"

रानी शर्म गयी और सर झुका के न में गर्दन हिलने लगी..... दीप्ति ने उससे इशारे से पुछा तोह वह इशारे की "कुछ नहीं"...... गीता ने मीणा के कान में कहा तोह मीणा हसने लगी.... " ठीक है पर फीस लगेगी "..... hi hi hi hi.

दीप्ति जोश में," दोने ! 20 मं 10 मं मेरे और 10 मं दीदी के "......

मीणा ," Ok पर वह अभी बहोत बिजी होगा में फ़ोन कर दूंगी पर 20 मं से ज्यादा नहीं वर्ण मेरी खैर नहीं रति देवी के सख्त आर्डर हैं".

दोनों ने मीणा के गाल पे किश किया और उसको छोड़ दिया," रानी तू मेरे साथ चल यह तोह मेहदी लगवाने वाली हैं"..... मीणा उसको जबरदस्ती ले गयी तोह गीता ने कहा ," इश्क धयान रखना अकेली मत छोड़ना ".

आर्यन को लड़कों में खंड पे उठा रखा था रति हाथ जोड़ करके आगे हवेली में प्रवेश की उसको फ्रेश होना था आर्यन ने उसकी हालत बिगड़ दी थी 40 मं तक नॉनस्टॉप गद्दी में छोड़ता रहा 6 भर झाड़ गयी थी तब उसको छोड़ा बीज भर के.....

उफ्फ्फ मुझे शावर लेने पड़ेगा..... सबसे बच कर वह अपने बैडरूम में आयी ......

रति के रूम में सारू थी वह खाना खाकर बीएड पर आराम कर रही थी...... रति जल्दी से दूर बांध की और भगति हुयी अपना वैनिटी बैग लेकर बाथरूम में घुस गयी..... सारू हस्ते हस्ते लौट पॉट हो गयी हां हां हां ...... "माँ कहाँ भाग रही है जल्दी जल्दी " ...... हां हां हां ?

सारू काफी दिएर हस्ती हुयी सीरियस हो गयी उसको अणि की याद आई और उसका दवा भी आर्यन पे..... 'हुण्णनं अब उसको शेयर करना पड़ेगा.... इतना आसान नहीं है वह मेरी बेटी पहले है महारानी बाद में. शायद हम सब की कुंडली एक साथ hi भगवन ने लिखी थी तभी यह सब धोरैया जा रहा है..... पर हम माँ भें हैं उसकी वह भी सगी न की उसने हमको खरीद लिया है हम सबको सामान देना होगा और इज्जत भी करनी होगी ....... में आर्यन को दूसरा महार्यं नहीं बने दूंगी..... मेरे बीटा माहि hi रहेगा नाकि महार्यं ( कला योद्धा)' .

सारू जितना अपने दिल को समझती उसका दिल अणि के नाम से उसका दिल फिर बेथ जाता. उसको आर्यन की याद आने लगी जब 20 मं तक सबर नहीं हुआ तोह बीएड से उतर गयी तभी रति एक टॉवल बाल में लपेटे और मैक्सी पहने बाथरूम से बहार आयी..... सारू अपनी धुन में आर्यन से मिलने जा रही थी.

रति ने आवाज दी ," सारू कहाँ जा रही है"?

सारू दूर खोल के," आर्यन से मिलने उससे जरूरी बात करनी है "...... और दूर क्लोज्ड करके चली gayi.....Rati सोची की सारू कितनी अच्छी है अपनी माँ को लज्जित नहीं करना चाहती और एक तरफ मोती भैंस ( मंजू ) है ..... अरे मैंने किस मंदबुद्धि का नाम ले दिया. तभी रति का फ़ोन बजा स्क्रीन पर देखा तोह उसकी सास देवी की कॉल थी. रति ने कॉल वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग पे डाली और आर्यन की दादी देवी से बात करने लगी.

आर्यन ने बहोत बोलै तब लड़कों ने छोड़ा फिर सब के साथ हवेली का निरक्षण करने लगा जिस काम को अधूरा देखता उसको पूरा करने को कहता...... नीला उसके साथ hi थी हलवाई मिथियाँ बन रहे थे आर्यन ने बोलै काला जैम , रासमली और मोती चूर के लाडू ज्यादा बने गाओं वालों के लिए.

सेहर के कुक अलग थे तोह आर्यन ने बोलै ," खाना सिंपल फ्रेश hi सर्वे करना और विप लोगों की लिस्ट बिना बटेगी "...... तभी 20-25 लड़कियों का झुण्ड आया और सबको धकेल कर आर्यन को पकड़ के अपने साथ ले लिया...... Dimple-Payal दीदी उनको लीड कर रही थी ," उठा लो मूंदे को खबर दार कोई बिच में आया "......

सब लड़के एक तरफ हो गए हस्ते हुए और आर्यन को लड़कियां छान ( छप्पर) की तरह उठा के हवेली के अंदर ले जाने लगी...... जोह देखता हसने लगता..... " अरे दीदी में आने hi वाला था.... अरे मेरी माओं निच्चे उतर दो ..... में आ तो रहा हूँ..... "

मरदाना सेक्शन में बड़े बुजुर्ग भी हसने लगे जब आर्यन को टांग कर लड़कियां ला रही थी...... अब लड़कियां की संख्या करीब 50 से ज्यादा और सब हिप हिप हुर्रे हिप हिप हुर्रे बोल रहे थे और सीटी मार रही थी ...... हवेली के बड़े आगणन में फर्श पर आर्यन को पटक दिया ..... सब हसने लगी कही कही करते हुए .....

आर्यन अपनी कमर पकड़ के उठा ," देख लूंगा तुम सब को एक एक की छूती न पकड़ी मेरा नाम आर्यन नहीं "......

डिंपल बोली," आयो शराफत की हद हो गयी तमीज से बोल रहे हैं तोह सुनाई नहीं देता क्या...... पकड़ लो गर्ल्स ".....

िश से पहले लड़कियां आगे बढ़ती आर्यन तेजी से हवेली की दीवार पे चढ़ते हुए छत पे चढ़ गया और सब उसको पकड़ने जीने से भागी वह छत कूद कर भाग गया...... हवेली के दुसरे गेट को फंड कर गाओं की साइड आ गया और चकरोड से गाओं की अंदर चल गया.

आर्यन जब अक्सर घिर जाता अपने बहेनो के बिच बन्दर की तरह तेज़ी से दीवार से छत फिर छत को पार करके गाओं में चल जाता फिर 1-2 घंटे में आ जाता...... उसकी आदत आज भी नहीं बदली ऐसे hi था 8 साल बाद भी.

प्रज्ञा हाफति हुयी आयी ," दीदी जीजू लगता है भाग गए "......

पायल हस्ती हुयी लोटपोट हो गयी ..... डिंपल हसकर उसके खंड पे हाथ राखी ," कोई न भाग के कहाँ जायेगा पायल कॉल कर जल्दी आने को बोल..... हम सिर्फ मजाक कर रहे थे...... वैसे साली छोटू को टक्कर की मिली हैं..... है है है है ".

जहवी भी आगे आकर बोली," हम सात भेने हैं एक से भड़कर एक जीजू तोह हमसे दर hi गए"...... hi hi hi hi ......

जहवी को अपनी मंजिल करीब लगने लगी और दूसरी बार प्रज्ञा सरमाई उसके गाल लाल हो गए थे..... आर्यन था hi इतना हैंडसम और तगड़ा उसकी सोच बदलने लगी थी फिर रिस्ता साली का था यानी आधी घरवाली. जानवी सिंह तोह पूरी घरवाली बनने के खवाब देख रही थी बस गीता दीदी की शादी हो जाये में भी अपना प्यार आर्यन को hi दूंगी.

रानी सीढ़ी दिखती थी पर सपने उसको अपने ड्रीम बॉय के आते थे पर आर्यन जीजू उसके सपनो के राजकुमार बन गए थे और मीणा उसको छेड़ती थी पर वह कुछ बोल तोह नहीं सकती थी बस सोचती ज्यादा थी.

फिर से लेडीज सेक्शन में ढोलक की आवाज आने लगी जोह बांड हो गयी थी शोर सुनकर तोह सब लड़किया और औरतें इकट्ठी होने लगी..... आर्यन ने जब ढोलक की आवाज सुनी तोह सोचा सब नाचे गाने में लगे होंगे तोह सबसे बच कर अणि के रूम में जाने का सोचा.

वह हवेली के बेसमेंट में अंदर अंदर hi पहुँच गयी अणि के रूम के बगल के रूम में और दीवार पे 5 बार तपाया और इंतज़ार करने लगा..... 3 मं बाद रूम का दूर खुल तोह अणि होंठ पे उंगली रख के उसके अपने पीछे आने का इशारा किया.

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अणि

आर्यन अणि को देख कर बहोत खुस हुआ और जब रूम के भर जाकर अणि के रूम में जाने लगा तोह उसको पीछे से धप लगा...... आर्यन पीछे मुदा तोह सामने वाले का मुँह बंद करके फिर से उसी रूम में घुस गया और दूर बंद कर दिया..... वह लड़की थी और आर्यन से छूटने का प्रयास कर रही थी पर खुद को छुड़ा न पा रही थी आर्यन उसके कान में बोलै ," झुंडो में तोह ह्याना भी शेर का शिकार कर लेते हैं पर तुमने गलती की अकेली आ गयी...... पूरा बदला लूंगा मेरी डिअर साली साहिबा "......

लड़की ने एक घुटना आर्यन के ांडों में मारा तोह आर्यन उसको छोड़ के अपनी टट्टे पकड़ के बेथ गया..... " यह आपकी साली शेरनी हैं जीजू..... अब आपको सबक मिल गया होगा "...... जी हाँ वह लड़की प्रज्ञा सिंह ठाकुर थी.

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अपडेट 45 (ा)

आर्यन ऐसा मुँह बनाया की जैसे उसको बहोत दर्द हो रहा है पर उसके रिफ्लेक्स इतना तेज था की बस उसकी पेल्विस एरिया के पंत से घुटना टच भर किया प्रहार राइट जांघ पे थे..... वह सोच रहा था की प्रज्ञा सब को बता देगी की आर्यन कहाँ छुपा है वह जब मुँह पे हाथ रखकर रूम में प्रज्ञा को खिंचा तोह उसने पूरी ताकत लग दी आर्यन से बचने में...... आर्यन भी मान गया की िश गीता टाइप की लड़की प्रज्ञा में काफी डैम ख़म है अकेली 6-7 लौंडों पे भी भरी पड़ेगी.

प्रज्ञा बचपन से जिद्दी और जुझारू लड़की थी बड़े होते hi 12 साल की लड़की अपने उम्र से बड़े लौंडे को पटक देती थी...... पहले कुस्ती फिर मार्टिकल आर्ट की ट्रेनिंग 16 साल में hi कम्पलीट कर ली और गुरूर तोह ठाकुर के खून में था..... वक़्त बिता प्रज्ञा जैड़ा लम्बी चौड़ी ताकतवर और किसी से भी भिड़ने को त्यार रहती थी.

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प्रज्ञा

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गीता के कारनामे उसके कान भी पहुंचे वह उसके आइडियल माने लगी उसकी तरह hi बनना चाहती थी..... मतलब यह शेरनी मार्किट में नयी आयी थी और आर्यन से भीड़ गयी.

आर्यन प्यार का उपासक था और हमेशा प्यार बाटने में विश्वास करता था..... वैसे उसके अनेक रूप थे पर लड़कियों और औरतों से वह प्यार से hi मिलता था. जब आर्यन सामने हो लड़कियों के तो प्यार उससे खुद hi हो जाता था पर अभी प्रज्ञा के ऊपर आर्यन ने हाथ डाला था तोह वह चुप कैसे रहती फिर उसको पहली hi नज़र में आर्यन सबसे अलग सा लगा लेकिन उसको पता नहीं था की वह कैसे रियेक्ट करे..... बचते हुए आर्यन की दोनों टांगो के बिच नरम हिस्से को आघात कर दी थी और डायलॉग्स भी मार दी.

जब आधे मं तक बुरे बुरे मुंह बनकर दर्द जाता रहा था तोह प्रज्ञा ने चिंतित होकर आर्यन के कंधे पे हाथ राखी ," आर्यन बहोत दर्द हो रहा है क्या?"

आर्यन अचानक एक सेकंड में उठते hi प्रज्ञा को धोबी पछाड़ लगते हुए चित कर दिया अह्हह्ह्ह्ह ..... सेकंड में बजी पलट गयी थी," मजा आया साली शैब्या "..... हां हां हां ..... प्रज्ञा बिलकुल यह एक्सपेक्ट नहीं की थी आर्यन ड्रामा कर रहा था उसके चोट नहीं लगी थी.

प्रज्ञा को अपनी घोर बजती लगी और ग़ुस्से में उछाल कर एक किक आर्यन को जड़ दी वह जान बुझ कर किक कहा और थोड़ा पीछे हटने की एक्टिंग किया...... फिर फाइट का स्टान्स बनते हुए बड़ी चारपाई को एक हाथ से साइड में कढ़ी करके दूसरे हाथ से चैलेंज करते हुए बोलै ," आजा अगर अपनी माँ का दूध पिया है तोह या डरने लगी "...... हां हां हां .....

वह भी जान गयी थी की आर्यन अच्छा फाइटर है (जैसे मुझे एक सेकंड में पटका यह स्किल्ड फाइटर के लक्षण है) ....... पर खुला चलेंगे दिया था उसको तोह वह भी भिड़ने तो त्यार थी.

"आर्यन तुझे में नहीं छोडूंगी बहोत ताव है न अपनी मर्दानगी पे आजा अपना दम ख़म दिखा, मैंने अपनी माँ का दूध पिया है पर तूने पिया है की नहीं मुझे डाउट है "...... hi hi hi hi

( बोलना तोह प्रज्ञा उसकी माँ के बार में चाहती थी पर रति और सारू को गाली नहीं दे सकती थी..... वह दोनों की रेस्पेक्ट करती थी)

आर्यन कुटिल मुस्कान देकर ," आज फिर डिअर किस बात की है चुहिया ".

बस 20×25 का रूम उनका अखाडा बन गया था.....

( हवेली की रूम बहोत बड़े थे यह तोह एक साधारण साइड रूम था )

प्रज्ञा अपने राइट हैंड का पंच और लेफ्ट लेग की किक से वॉर करते हुए आर्यन पे टूट पड़ी. वह लात घूंसे से उसपे वार पे वार कर रही थी और आर्यन अभी डिफेंड कर रहा था......

7फट का आर्यन पे प्रज्ञा 6फट से जाड़े लम्बी अपनी पूरी ताकत और प्लानिंग से लड़ रही थी पर जितनी आसानी से आर्यन उसके पंच डिफेंड करता और किक ब्लॉक करता जल्दी hi पता चल गया प्रज्ञा को की वह फाइटिंग मशीन से लड़ रही है...... कुस्ती के डाव भी और मिक्स मार्टिकल आर्ट के सब एक से एक खतरनाक वार किये पर वह उतनी स्किल से डिफेंड करता ताकि उसको चोट भी न आये.

आर्यन को रूम में कुछ लाठी दिखी तोह सोमरसॉल्टिंग करते हुए लाठी के पास गया और 2 लाठी एक हाथ से पकड़ कर एक प्रज्ञा की तरफ उछाला ," चल मेरे हाथ दर्द कर रहे हैं तू ने थका दिया. अब लाठी से हमला करूँगा ".....

आर्यन ने लाठी घूमी तो प्रज्ञा चौड़ी होती हुयी तेजी से लाठी घूमते हुए आर्यन के पास आते hi अपनी लाठी से वार करने लगी..... आर्यन उसके वार बचा रहा था और उसकी लाठी पे भी वार करता...... चट्ट्ट्ट चत्तत्त की आवाज लाठी की आती प्रज्ञा थकने लगी .....

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5 मं. में hi प्रज्ञा को थकान महसूस होने लगी. वह पसीना से तर हो गयी पर आर्यन के पसीने की एक बूंद भी न टपकी थी.....

आर्यन," और डैम लगा प्रज्ञा..... तेरे हाथो पैरों में जान नहीं क्या ? ".

लाठी छोड़ के वह बॉक्सिंग की पोज़ में आ गयी तोह आर्यन ने भी लाठी फेंकी ..... अब आर्यन के ऊपर पंचेस की बौछार कर में लगी तोह आर्यन अपने हथेली से पंच ब्लॉक करता.....

प्रज्ञा 2 मं और रूम में घूम घूम के नए वार की पर नतीजा वह ज्यादा थकती गयी..... 10 मं में वह निचे बेथ गयी घेरि घेरि सांसें लेने लगी लेकिन आर्यन मुस्कारने लगा प्रज्ञा का एक भी वार उसको हानि नहीं पहुंचा पाया.....

वह उसके पास गया तोह फुर्ती से जितनी ताकत उसमे बची थी वह उसे करके उसको चित करने की कोशिश करने लगी और आर्यन भी इतना डैम नहीं लगा और प्रज्ञा ने उसको चित कर दिया.

प्रज्ञा बोली," में चित कर दिया तुम हार गए "..... और आर्यन के सरीर पे ध गयी.....

आर्यन हास्के बोलै ," वाकई तुम्हरे अंदर स्किल और ताकत का एक सटीक बैलेंस है लेकिन तुमको एक ाचा फाइटर चाहिए जोह तुम्हारी hi तकर का हो..... मान गया तुम्हे साली शैब्या..... अब तोह उठ जाओ मेरे ऊपर से"......

प्रज्ञा चाहती तोह आर्यन के साइड में भी लिअत सकती थी पर जिसने उसको आसानी से हरा दिया हो वह उसपे दिल हार चुकी थी शायद उसको भी नहीं पता था.....

आर्यन उसकी पूरी सोच hi बदल दिया था हाँ उससे हार के क्यों उसको सब ाचा लग रहा था. जबकि लड़ तोह वही रही थी अपनी साँसों से, अपने बढे दिल की धड़कन से और आर्यन के सीने की गर्मी से सकूं जैसा लगा...... तोह खुद hi उसकी बाँहों में पूरी तरह निढाल होकर पसर गयी.

आर्यन को िश लड़की पर बहोत प्यार आया तोह उसने अपनी बाँहों के शिकंजे में उसकी लपेट लिया...... प्रज्ञा भी आर्यन के दिल की धड़कन सुन रही थी और आर्यन उसकी पीठ धीरे धीरे से थप थापा रहा था. शायद आर्यन को बाँहों में प्रज्ञा ने अपने दिल का चैन ढूंढ लिया था.

आर्यन को अणि से मिलने की जल्दी थी प्रज्ञा की वजह से वह जितने लेट करता अणि उसके खिलाफ बातें भाड़ चढ़ कर बताती..... प्रज्ञा को आर्यन ने अपने से दूर करने की कोशिश की तोह वह बस "NO" बोली ......

आर्यन ने दरवाजा की तरफ देखा तोह अणि अपने बाहिएँ एक दुसरे पे रखे दीवार से तक लगा कर कड़ी हुयी थी...... ' मर गया इसी बात का दर था'.

अणि दोनों के पास आती हुयी बोली," अगर आप का युद्ध पूरा हो गया हो तोह भाई मेरे रूम में आना...... नीस तरय प्रज्ञा बुआ".

प्रज्ञा के टूटे ुध गए अणि को रूम में देख कर उसने देखा था रूम आर्यन ने अपने एक हाथ से बंद किया था और कुण्डी भी लग दी थी...... जब चारपाई हटी थी तब भी कुण्डी लगी थी पर अणि आर्यन की सगी भें कैसे यहाँ गयी.

प्रज्ञा ने आओ देखना न ताव आर्यन से अलग होकर दौड़ गयी सॉरी बोलते हुए.....

और सीढ़ी गीता के रूम में पहुँच कर रुकी वहां कोई नहीं था तोह बाथरूम में घुसी और सकूं की सास ली..... 2 मं बाद नार्मल होकर खुद पर हसने लगाई..... 'बड़े बड़े गाओं में छोटी मोती बातें तोह होती रहती है'..... hi hi hi hi

आर्यन सीधा खड़ा हुआ और अणि के पास आया तोह वह बोली," भाई ड्रेस चेंज कर ले में तेरे कपडे भी ले आयी हूँ अपने रूम में 10 मं में फ्रेश होकर आयो "......

आर्यन उसके पीछे से हुग करके उसके गाल पे किश किया ," तू एक दिन मेरी जान लेकर रहेगी...... मुझे कितनी घबराहा हो रही थी की तू ठीक तोह हैना "...... आर्यन सीरियस होते हुए बोलै...... अणि ने लूसे वाइट कलर की टीशर्ट और काली प्रिंट की स्कर्ट पहनी थी.

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अणि ( अनीता सिंह)

अणि उसकी बाँहों में पलट गयी थी और अपने रूम का दूर उसने अपनी निगहों से बंद कर दिया था..... " मुझे कुछ नहीं होगा जबतक मेरे प्यारा भाई मेरे साथ है..... ी लव यू आर्यन मेरे भाई "...... और उसके चेहरे को चूमने लगी..... अणि ने शील्ड पहले hi लगा दी थी रूम में एंटर करते हुए और समय चाकर भी रोक दिया था.

दोनों को गायब करके अणि सुन्दर मनोरम जगह प्रकट हुयी..... आर्यन हस्ते हुए ," तू इतनी बड़ी हो गयी है पर तेरा बचपना ...... "

आर्यन ने चरों तरफ देखा की वह किसी झरने के पास है जल्दी hi वह पहचान गया की वह अलास्का में है ग्रीषम ऋतू है बर्फ पिघल कर नए नए पौधे और वनस्पति उगाये हुए हैं और फूले से घाटी भरी हुयी है..... चरों तरफ पहाड़ है जहाँ कुछ कुछ बर्फ जमी हुयी है.....

जाने हॉल के साथ वह यहाँ पहली बार आया था 6 महीने पहले तब पूरी बर्फ जमी हुयी थी, दोनों कैंपिंग करने आये थे 2 दिन के लिए.

आर्यन चहक के बोलै," इतना सूंदर नज़ारा मैंने कभी नहीं देखा..... जाने को लाना होगा जब अमेरिका जाऊंगा..... लेकिन अणि तेरी पावर तो कमल की है आंखें बंद जोह सोचे वहां जा सकते हैं".

अणि उससे अलग होकर हसी," पातळ लोक में भी आपको कहीं ज्यादा पावर मिली थी तोह आपने काया किया ? "

आर्यन ने सिंपल सा जबाब दिया," पातळ लोक में मैंने बहोत कुछ सीखा पर वह दुनिया अलग है में बस आम मानुस की तरह जीवन जीना चाहता हूँ. गुरूजी भी मुझे न दिमाग़ पर जोर देने की सलाह देते हैं पर अणि मुझे लगता है की मेरे अंदर कई आत्मा हैं और वह जोह चाहे मुझसे करवा सकती हैं( बाबर शेर और गैंडे की बात कर रहा था )...... में पहले यह बात लाइट लेता था पर अब में सीरियस हूँ..... मैंने कई आत्मा को विवस कर दिया है मेरे सरीर में रहने की लिए लेकिन अब मुझे समझ आ रहा है की महाकाल की पूजा फिर से करनी होगी ".

अणि मैं में ," जोह स्वयं जीवन भर से भक्त है महाकाल का वह कुछ भी कर सकता है..... आप नहीं जानते हो आप खुद कौन हो जब समय आएगा आप देखेंगे की यह संसार किता छोटा है और आप कितने बड़े हो ".

अणि आर्यन के पास आयी और उसकी चीन के सेहला ने लगी ," भाई इतना मत सोचो सब ठीक होगा में आपके साथ हूँ" ..... और आर्यन को हुग कर ली.....

आर्यन को अणि की फ़िक्र ज्यादा hi होने लगी थी वह उसकी एक तरह से बेटी hi थी उसकी इतना केयर करता था बचपन से hi...... 2 इंसिडेंट उसको हिला कर रख दिए थे..... हलकी की आर्यन सबकसकीयस में hi अणि को बचता है पर उसको सब सपने जैसा लगता है. रियल में तोह वह सोच नहीं सकता की मेरी अणि को कुछ हो जाये.

बड़े गुरूजी ने भी कोशिश की आर्यन की मस्तिष्क पटल पे यह बात मिट जाये पर कामयाबी नहीं मिली और िश बात का फायदा महारानी विजयलक्मी को इंदिरेक्ट्ली मिलने वाला था.

आर्यन अणि का माथा चुम कर बोलै," सब इन्तजार कर रहे होंगे..... तुझे देख लिया अब मुझे सकूं आया है. महिमा और तेरी दोस्ती में करवाऊंगा..... वह नन्ही सी बच्ची है मुझे भी हैरत में डाला देती है वह मुझे ऐसे सन दिखती है जोह मेरे कल्पनाओ से भर है"..... अणि को एहि जाना था की महिमा से आर्यन का जुड़ाव कितना घेरा है वह जरा सी भी विचलित नहीं हुयी बल्कि उसको नयी रह मिल गयी थी आर्यन के माध्यम से महिमा को एक्स्प्लोर करने की..... डायरेक्टली तोह वह फ़ैल हो चुकी थी.

अणि मंद मंद मुस्करा के आर्यन के लबों की हलके से किश की," भाई में तुम्हारे साथ हूँ जोह बोलोगे वहीँ करुँगी और महिमा की बेस्ट फ्रेंड भी बानगी ी प्रॉमिस". .

आर्यन इतना हर्षित हुआ की वह अणि को अपनी गॉड में उठा के उसको अपनी बाँहों में घूमने लगा," ी लव यू अणि..... ी लव यू अणि..... तुमने मेरा दिल जीत लिया यह बात सुनकर..... यू रियली डेसेर्वे किश".......

( अणि ने 5 सेक् पहले शील्ड हाट दी थी ताकि 5ों आर्यन की प्रिंसेस सुनने उनके अलावा दीप्ति, नेहा, प्रभा भी सुनने और खासकर रति को भी अपनी पावर से सुनाई )

आर्यन की काम शक्ति पातळ लोक रानी हेमा की वजह से कई गुना भाड़ गयी थी वहीँ अणि की काम शक्तियां पूरी खुल गयी थी..... फिर क्या था िश सदी का घेरा चुम्बन दोनों के नाम होने जा रहा था और कोई रोकने का समर्थ नहीं कर सकता था.....

(हलकी अणि और आर्यन जब बहोत खुश होते थे तोह एक दूसरे को चुम भी लेते थे और दोनों साथ कभी कभी नाहते भी थे बस उन्देर्गर्मेन्ट्स पहने..... यह स्टोरी में मैंने पहले भी मेंशन किया था अगर आप रीडर्स को याद हो जब अणि ने साथ नाहने की इच्छा जाती थी यह बात किसी को क्या सारू को भी नहीं पता थी)

आर्यन स्टाइल से अणि को अपनी बाँहों में लेकर आधे फ़ीट हवा में उठा लिए जिससे दोनों का फेस आमने सामने हो गया ..... अणि आर्यन के कंधे पे अपनी दोनों बाहिएँ टिका के उसके सर के पीछे के बालों में अपनी पतली उँगलियों फेरने लगी..... दोनों को कोई देख लेता तोह एहि कहता की यह सबसे सुन्दर जोड़ी है िश दुनिया की जिसको कोई नहीं झुठलाने का प्रयास भी कर सकता था.

आर्यन ने अपनी सूंदर नीली आँखों से अधिकार माँगा तोह अणि की गार्डन थोड़ी हिली और उसकी नीली आँखों में देखती हुयी आर्यन का इंतज़ार करने लगी अध् पलकें खोले...... आर्यन अपने होंठों पे जीभ फिरा के थोड़े अपने लबों के गिला किया और आहिस्ता से आगे बढ़ते हुए अणि की लबों को स्पर्श किया...... कायनात जैसे रुक गयी हो आर्यन के सरीर में बसने वाला एक अंश ( महराजा ) आज चेतन हुआ और आर्यन को अणि अपनी प्रेमिका दिखी वह खुद अपने सर झटके वाला था पर नहीं उसको कोई और hi कण्ट्रोल कर रहा था......

(* डारो नहीं आर्यन में महार्यं हूँ तुम्हरे hi आत्मा का एक हिस्सा हूँ और महारानी विजयलक्मी का पति भी hun.....Tumhari आत्मा से आत्मा जोड़ रहे हूँ में महराजा यानि तुम अपनी महारानी यानि अणि को hi प्यार करूँगा..... आर्यन की आतम से महाराज की आत्मा मिल गयी थी) ...... इशलिये अणि ने समय चाकर रोका था वह आर्यन को महराजा से रूह बा रूह परिचय करवाने वाली थी.

आर्यन ने अपने होंठ फिर से आगे किये और अणि के होंठों को धीरे धीरे चूमने लगा जैसे अणि की होंठ के बिच 2 मिलीमीटर का गैप बना आर्यन उसके निचे होंठ चूसने लगा..... अणि की आंखें स्वतः hi बंद हो गयी और आत्मा से आवाज निकली महाराज !!!!!

अणि के ऊपर सुराख़ लाल होंठ स्वतः hi आर्यन के होंठों पे कास गए..... पुछठ पुछहःछः पुछठ पुछहःछः...... अणि की आत्मा महारानी से जुड़ गयी थी और आर्यन की आत्मा महराजा से पूरी तरह जुड़ गयी थी...... आत्माओं का मिलान था और एक तरफ आर्यन और अनीता ( अणि) के जिस्म और आत्माओं का मिलान.

( ** आर्यन और अणि को में उनके नाम से बुलाऊंगा..... महराजा और महारानी को उनके नाम से बुलाऊंगा तोह कन्फूसिओं नहीं रहेगा..... दोनों जोड़ी के संवाद अलग अलग hi होंगे आगे स्टोरी में)

अणि के हाथों की उँगलियों अपने सेज भाई आर्यन के सर के बालों में घेरे से जकड ली थी और वहीँ आर्यन की पकड़ अणि की कमर पे कस्ती चली गयी..... आर्यन ने जीभ से अणि के होंठों के बिच का गैप काम किया तोह अणि के जबड़े अपने आप खुल गए..... चममम च्ममममम पुछठ पुछहःछः चुम्म्म्म चुम्म्म्म.....

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अणि ने कभी स्मूच नहीं किया था पर आर्यन जैसा एक्सपर्ट हो तोह डिअर कहाँ लगती है..... अणि अपने भाई की नक़ल करते हुए अब आर्यन के निचले होंठ को चुम रही थी और आर्यन उसके ऊपर होंठों को चूसने लगा..... चम्म्म्म चममम ुहममममम ुहम्म्म्म .....

किश करते हुए यह भी भूल गए थे की वह सेज भाई भें हैं और उनकी माँ को पता चला तोह वह क्या करेगी पर अभी किसकी फ़िक्र कहाँ थी दोनों को.....

आर्यन ने अपनी जीभ आगे निकली और अणि के दांतों के बिच में पार करके उसकी जीभ को टच कर दिया..... माय गॉड अणि को इतना मजा कभी नहीं आया वह खुद hi अपना मुँह ज्यादा खोल दी और आर्यन की जीभ से सांप सीधी चढ़ती लुडू खेले लगी ..... पुछठ पुछहःछः चम्म्म्म चममम ुहममममम ुहम्म्म्म मममममम ममममममम ....... वह पूरी तरह से आर्यन पे हावी होकर उसकी जीभ चूसने चाटने लगी.

अणि आर्यन की जीभ जबरदस्त तरीके से चूसने लगी तोह आर्यन अपनी मस्ती के आलम में अपने उल्टा हाथ कमर के निचे खिसकते हुए अणि के स्पंज जैसे सीधे खुले को दबा दिया हलके से..... अणि की मुड़ी आंखें खुल गयी और उसने आर्यन की जीभ छोड़ दी आर्यन को इतना माजा आ रहा था पूछो मत पर अणि ने अपनी थूक से साणे होंठ अलग की और आर्यन की बाल खींच के उसका मुँह भी हैट दी......

दोनों हाफ रहे थे और घेरि सांसें ले रहे थे तभी आर्यन को अहसास हुआ की जोश जोश में अपनी भें के हिप्स दबा दिया था...... तोह उसने हाथ खिसके के कमर पर वापस रख लिया तोह अणि हस्ते हुए बोली ," ी लव यू आर्यन माय डार्लिंग भाई ".....

आर्यन ," ी लव यू तू ...." उसके बात बिच में रह गयी अणि फिर से उसके होंठों पे टूट पड़ी..... पुछठ पुछहःछः ुंहःहःहः ुंहःहःहः .... और अपनी लाल लाल जीभ आर्यन के मोह में घुसेड़ दी..... अणि की जीभ भी लम्बी थी.

( वह अपनी नाक और थोड़ी को अपनी जीभ से टच कर देती थी..... ***हाँ यह सच्च है यह हुनर किसी किसी में होता है)

फिर क्या था आर्यन को अपना पसंदीदा खिलौना मिल गयी...... वह अणि की जीभ को दुगनी रफ़्तार से चूसने लगा...... ुंहःहःहः ुंहःहःहः ुंहहाआ ुंहहाआ मममममम ममममममम ममममममम ममममममम ...... जब लगा की अणि की जीभ को दर्द हो रहा होगा तोह उसने पकड़ ढीली की और उसकी जीभ को फॉलो किया और अब अणि उसकी जीभ फिर से चूसने लगी......

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आर्यन फिर से कमर पे सीधा हाथ था वह खिसकाया और उसके उलटे खुले को प्यार से दबने लगा..... अणि ने फिर से आर्यन की तरह देखा तोह समझ गयी यह नहीं सुधरने वाले और अपना उल्टा हाथ आर्यन के बालों से निकला...... स्मूचिंग कंटिन्यू hi थी अणि ने अपना हाथ की उँगलियों से आर्यन का सीधा हाथ पकड़ा और अपने खुले से हटा के कमर पे रख दी.

दोनों के जब होंठ और जीभ दर्द करने लगी तभी मुँह हेट..... दोनों की साँसे पहली थी पर हलकी हलकी किश कर रहे थे.......

आर्यन पूछा ," कैसा लगी पहली किश ".....

अणि उसके कंधे पे मार के बोली," मम्मी से शिकायत करुँगी आपकी ".....

आर्यन जब देखा तब सारू उसके रूम में आ गयी थी और वह दोनों अणि के रूम में कब आये आर्यन को पता hi नहीं चला....

आर्यन की तोह गांड hi पहात गयी थी सारू अणि की रूम में अपने खुलों पे हाथ रखे बोली ," यह तुम दोनों क्या कर रहे हो ".....

अणि ," मम्मी भाई मुझे किश करना सीखना रहा था "......

आर्यन ने अणि को छोड़ दिया तोह वह गिरते गिरते बची ," मोती कितनी भरी हो गयी है तू अणि...... मम्मी यह जिद कर रही थी मुझे लिप तो लिप किश करना सीखना है में बोलै की अपने पति के साथ करना पर यह नहीं मणि और मुझे जबरदस्ती किश करने लगी...... अब में तुझे कभी किश नहीं करूँगा वैसे भी तेरे मुँह से बदबू आती है "...... और आर्यन भाग कर अणि के बाथरूम में चल गया ," उसका लुंड तोह पहले से hi खड़ा था और इतना pre-come निकला था की अंडरवियर भी ज्यादा hi गिला हो गया था......

अणि जब देखि की आर्यन भाग गया है तोह सारू की तरफ देख कर अपने होंठ पॉच के बोली ," भाई झूट बोल रहा है माँ "...... और सारू की तरफ इनोसेंट चेहरा बानी.....

सारू जानती थी की अणि बहोत इंटेलीजेंट होने के साथ चालक भी है..... मेरे बेटे पे कब्ज़ा भी जमा ली और किश भी इसने किया होगा अब कितनी इनोसेंट बन रही है..... " अणि तुम्हे दूध पीती बची नहीं हो यू क्नोव व्हाट इस रॉंग एंड राइट.... में आर्यन को देखने आयी थी पर अभी वह बाथरूम में गया है पक्का नाहा के आएंगे..... तोह सीढ़ी बात करते हैं न कोई लग और लपेटे के साथ ".

सारू अणि के रूम के सोफे पर बेथ गयी यह फर्नीचर और रूम नए तरीके से डिज़ाइन की गए थे अणि जब पिछले बार आयी थी तोह पूरा रूम रेफ़ुर्बिशेद किया गया था. आर्यन को बाथरूम में जा के पता चला की अँगरेज़ चले गए अनीता दादी को छोड़ गए..... साला इंग्लैंड का झंडा कोई बाथरूम में लगता है क्या.

अणि भी वेट हो गयी थी उसकी ट्रिम्ड पुसी गीली पेंटी में स्मेल कर रही थी. सारू और रति की नाक बाहर तेज थी..... सारू समझ गयी उसने िश बात को दरकिनार किया और बोली ," तुम्हे मैंने जन्म दिया है 9 महीने अपनी कोख में पालकर..... में तुझे सबसे अच्छी तरह जानती हूँ और समझती भी हूँ. में तुम्हारी नादानी और शरारत को झेला है और तुम्हारी नानी भी बिलकुल तुम्हारी जैसी है जिद्दी और ऐटिटूड वाली. रति देवी की नाम से हम सब कांप जाते थे अगर वह ग़ुस्सा हो जाती थी यह उनको टेरर था हमारे दिल में...... फिर तुम दोनों भाई भें पैदा हुए रति देवी ने अपना दिल खोल के अपना प्यार लुटा तुम दोनों पे ".

अणि ," गीता मौसी पर भी ".

सारू ," ी ऍम नॉट फिनिश्ड येत ..... लिसेन वैरी करेफुल्ली "...... अणि भी दांत खा कर सीरियस हो गयी .

सारू ," तुम naani-dhevati के लिए यह खेल होगा पर बीटा की जान का सवाल है वह सिर्फ प्यार करना जानता है..... माँ उसको अच्छी तरह से समझती है जभी मैंने उनको आर्यन की जिम्मेदारी ख़ुशी ख़ुशी दी ...... उन्होंने पूरी लगन और मेहनत से आर्यन की परवरिश की जिससे वह इतना काबिल बना. तुम ने आर्यन पे दवा थोक दिया हम कुछ नहीं बोले न कोई रियेक्ट किये और आर्यन के फ्यूचर के लिए तुम्हारा भी हक़ है पर यह हक़ सबको बर्बर है न काम न ज्यादा. हाँ अगर तुम्हारा मकसद हमको जलना या निच्चा दिखाना है तोह यह तुम्हारी भूल साबित होगी. आर्यन की एक hi ताकत है प्यार जोह हम सबसे करता है और कमजोरी भी वहीँ है हम सबसे प्यार करता है न काम न ज्यादा. यह तुमको डीडे करने है की तुम उसकी कमजोरी बनोगी या ताकत और में यह बात एक माँ की हैसियत से कह रही हूँ. मरना तोह हम सबको है कोई आज मारे या कल पर जोह प्यार से जिंदगी जीना जानता है वह कभी दुखी नहीं होता".

सारू इतना बोलकर चुप हो गयी तोह अणि क्लैपिंग की ," वह मदर इंडिया सुपर्ब जस्ट सुपर्ब " .

अणि अपने बीएड पे टांगें लटक के बेथ गयी ," मेरे दो सवाल हैं ..... पहला आपको दादी ने क्यों छोड़ दिया और दूसरा रति देवी किश अधिकार से आर्यन की माँ अभी तक हैं जबकि आपको उनकी जगह होना चाहिए...... बेटे की परवरिश की वह काबिल बन गया है या अभी भी बच्चा है...... काबिल बन कर अपनी असली माँ के पास होना चाहिए न पर असलियत कुछ हो में आपको बाद में समझा दूंगी पहले मेरे सवाल का जवाब दीजिये ".

सारू की कमजोर नाश पकड़ी थी तोह बोली ," तुम तोह जीनियस हो भेजा कूट कूट के भर हुआ है तोह तुम्ही जवाब दे दो ".

अणि टाँगे ऊपर करके बीएड पे अल्टी पलटी मार के बेथ गयी और बोली ," डैडी ने आपको दुसरे प्यार के लिए छोड़ दिया और रति देवी हमेशा आर्यन के पास रहती है उसको दर है की आप वही प्यार आर्यन को देने लगेगी तोह उनका क्या होगा. आपको कभी मैं नहीं करता की आप का बीटा आपके पास हो ".

सारू अणि को देखती रही फिर स्माइल देकर बोली ," मेरा बीटा मेरे पास hi है हाँ अब वह मुझे माँ और पति दोनों का प्यार देता है सोच रही हूँ उससे शादी कर लूँ टंगे तोह वही चौड़ी करता है मेरी रोजाना क्या बोलती हैं "...... है है है है .....

अणि चीड़ कर ," बेहवे माँ ".

सारू हसने लगी...... वह मीणा के साथ रहकर बिगड़ गयी थी..... आर्यन का लुंड डेली कहती थी खुश तोह वह बहोत थी पर उसके रिग्रेट था राज सिंह मेरे काबिल नहीं था में अपने बेटे के साथ खुश हूँ वैसे भी वह अपने बाप से कहीं गुना ज्यादा ाचा और प्यारे है.

आर्यन 10 मं बाद बाथरूम का थोड़ा दूर खोल के झाँका ,"मम्मी मेरे कपडे ?"

अणि ने बीएड से आर्यन के कुर्ते पाजाम और अंडरवियर उठाया तोह सारू ने कहा ," में दे देती हूँ और आँख मर दी".

सारू वह कपडे आर्यन को देने गयी तोह बाथरूम में hi चली गयी और बाथरूम का दूर बंद कर लिया..... अणि को अजीब लगा पर वह क्या करती वापस बीएड पे बेथ गयी.

सारू बाथरूम में आयी तोह आर्यन नंगा hi था..... वह बाथरूम के दूर बंद कर मुस्कराई तोह आर्यन भी है दिया..... सारू उसको आँख मार कर कपडे खूंटी पे तंगी और आर्यन को अपनी बाँहों में ले ली...... आर्यन उसके सीधे गाल को चुम दिया तोह उसकी कोहली भर के बोली," अणि बहार है ".

आर्यन सारू की एक लत उसके चेहरे के पीछे करके करके उसके लिप्स पे किश किया," हम कुछ कर तोह नहीं रहे "..... सारू के दोनों खुलों को दबा कर बालो..... सीईईई ......अह्हह्ह्ह्ह ारयणणणणण.....

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सारू किसिंग नेकेड आर्यन इन बाथरूम

सारू के पेट पे 'तोपची' की चुभन को वह थोड़ी पीछे हैट कर अपने उलटे हाथ में पकड़ ली ," तोह यह क्या अणि के लिए खड़ा किया है ?"

सारू की नजर आर्यन पर थी पर वह इत्मीनान से जवाब दिया ," यह सारू मेरी डार्लिंग की छुअन का असर है जिसको में दुनिया में सबसे ज्यादा प्यार करता हूँ. ी लव यू!!!!! सारू ......ी ऑलवेज ड्रीम अबाउट यू "....... उसको किश करने लगा च्ममममम च्ममममम ुंहःहःहः ुंहःहःहः ममममममम ममममममम ......

सारू के सवालों के सारे उत्तर उसको मिल गए थे...... ' मेरा बीटा है आर्यन न की महार्यं की तरह हब्सी और जानवर की तरह मुझे छोड़ता था पिछले जन्म में. मुझे ऐसे hi प्यार देना मेरे लाल मेरे बच्चे '...... "ी लव यू तू"..... 5 मं तक आर्यन सारू को चूमता उसके हिप्स छातियां दबता रहा और वह भी उसके तोपची ांडों को सहलाती रही.

अणि की बेचैनी हर मं में भाड़ रही थी 5 मं बाद जब सारू बाथरूम से न आयी तोह वह नॉक कर दी ," मम्मी मम्मी ..... भाई .... भाई .... भाई ".

दोनों को होश आया तोह हसकर सारू ने उसके धकेला ," कपडे पेहेन ले गुल से मिल लेना उसकी शादी हुयी है तेरे साथ अब खुल के प्यार करना सीखा देने".

सारू बाथरूम के बहार आयी तोह अणि अपने हिप्स पे हाथ रखे पूछी," आप कपडे देने गयी थी या भाई को पहनाने के बजाये ..... "

सारू कुल्ली आंसर दी ," अब आर्यन मेरे बीटा है और पिछले जनम का पति भी है तोह उसको कुछ बात करनी थी मुझसे...... खैर तुम नहीं समझोगी ".......

अणि के गाल पे थप तपते हुए कहा ," चल वह आ जायेगा 3-4 ठुमके मारा आते है गीता और दीप्ति की सगाई है , तू भी फ्रेश हो ले दुसरे रूम में".

आर्यन बहार आया तोह रूम में कोई नहीं था और अणि के रूम को देखकर बोलै," वाओ ब्यूटीफुल डेकोरेटेड किया है अणि ने..... वह कितनी तेज है हमरा भी रूम है वह भी डेकोरेटेड करवा सकती थी".

रात के 12 बजे थे पर नींद किसको आणि थी ...... Dimple-Payal ने म्यूजिक सिस्टम का भी इंतज़ाम किया था पर डिंपल ने शरत रख दी थी ," जब तक आर्यन नहीं आएगा no म्यूजिक सिस्टम ...... अपनी ढोलकी बाजू "...... डिंपल से बहस कौन करता पायल को कसम दे दी थी.

आर्यन ने देखा की 200 औरतें और लड़कियों हैं...... तोह मेंटली प्रेपरेड़ होकर हवेली के आँगन में जैसे hi घुसा सीमा रीना को सबसे पहले दिखा......

रीना ," आर्यन भैया ..... आर्यन भैया ..... आर्यन भैया " ...... वह दौड़ के उसके गले लग गयी सीमा भी आर्यन के पास आयी तोह आर्यन उसको भी अपने सीने के लगा लिया और हाल चाल पुछा..... अब तोह एक एक की निघा आर्यन पे hi रुक गयी थी वह सफ़ेद कुर्ते पाजामे में बिलकुल नया दूल्हा लग रहा था जोह सुहागरात मैंने आया हो.

ढोलक रुकी गयी बजने से और अब आर्यन hi आर्यन का नाम सबकी जुबान पे था..... डिंपल ने कोने में लगे म्यूजिक सिस्टम को चेक की और आरती लगा दी..... सब आर्यन से गले मिल रही थी उसके गाल भी लाल हो गए थे लिपस्टिक से पर लड़कियों और औरतों कहा माने वाली थी. आरती के बाद गाने बजने लगे तोड़े लौ वॉल्यूम में...... सबको गाओं वालों को पता चल गया आर्यन आ गया है......

नवाब ने अंदर आ के कहा की आवाज काम कर लो यह सेहर नहीं है..... अनुज मम्मीजी बोली ," ख़ुशी का जासं है नवाब जाने दे ...... करलो अपनी मन माननीय "......

रति ने आर्यन के गाल पे लगी लिपस्टिक साफ़ की तोह पायल ने म्यूजिक रोक दिया.....

रति ," 1 घटना है तुम लोगो के पास जितना डांस करना है करो फिर सबको सूना भी है "...... म्यूजिक का वॉल्यूम इतना रकना किसी की नींद न डिस्टर्ब हो समझ गया न सब ".

पायल ने म्यूजिक शुरू किया तोह आर्यन सबसे पहले रति को hi खींच लिया सब ने राउंड में जगह बन ली थी पर रति मन कर रही थी...... आर्यन कहाँ मंटा आखिर सबसे बेस्ट डांसर से शुरवात हुयी थी .....

आर्यन ने माइक पकड़ा ," Hello hello ..... सब पहले रति देवी का मुजरा ..... सॉरी सॉरी क्लासिक डांस होगा..... सब ताली बाजो "..... रति आर्यन को मरने लगी ..... तभी डिंपल ने गण लगा ," चूऊउ चूऊउ चूऊउ चोली के पीछे क्या ... चोली के पीछे क्या ".....

आर्यन को भी लगा रति डांस नहीं करेगी िश गाना पे ...... औरतों की क्या बात करते हो आदमी भी जावन और बूढ़े भी जानते थे की रति बहोत अच्छी डांसर है..... परिवार के मर्द भी एक एक करके आ गए और दूर खटिया पड़ी थी उन्ह पर बेथ गए .......

रति ने गाउन पे कमर के ऊपर चुनी बंधी और दूसरी चुनी ओढ़ ली घूंघट करके ...... जब तूने के बाद गाना बजा ," चोली के पीछे पीछे क्या है " ...... और रति देवी के ठुमके और छातियां हिली तोह गजब hi होगा ....... 3-4 आदमी चारपाई से hi गिर गए ...... ठाकुर बलदेव सिंह , भीमा , नवाब , आर्यन और रति के खंबे के मर्द ाहिएँ भरने लगा ......

रति की उम्र 50 से ज्यादा थी पर इतनी लचक और कुशलता से डांस करने लगी की वह माधुरी दीक्षित को भी पीछे छोड़ दे...... उसकी ड्रेस जरूर ावक्वार्ड थी पर लोगो की साँसे थमी रह गयी एक ठुमके पे...... जब गाना रुका रति भी रुकी और इतनी तेज़ सीटी और तालिया बजी वह वह करते रह गए ......

आर्यन को िश बात का इंतज़ार था वह पहले hi एक मोटा डंडा ढून्ढ लिया था सब रति के मुजरे (सॉरी ी मैं तो से डांस) का मजा ले रहे थे और आर्यन सीटी सुनकर एक एक मर्द पे पिल गया ..... सालों मेरी माँ को देखकर सिटी बजाते हो ! यह लो प्रसाद ..... सारे मर्द दम दबा के भागे...... और औरतों है है कर लोट पॉट हो गयी .......

( ***एक पुराण किस्सा है ......

इसी गन्ने पे रति नाच्ची थी जब आर्यन ठहरे साल का था हरी सिंह (आर्यन के दादा जी) की हवेली में और ड्रेस उसने लाल सरीर को घुटनो तक कर ली थी...... बहोत अच्छी डांसर तोह थी hi रति लेकिन पूरा मेक उप में और ज्वेलरी पहनी थी वह अप्सरा hi लग रही थी. जब गण बजा 'चोली के पीछे क्या है' तब की याद भीमा और नवां सिंह को थी..... और जब गाना रुका तोह आर्यन के रूद्र रूप देखने को मिला वह 13 साल का बच्चा लाठी से एक एक को मारने लगे यहाँ तक की अपने दादा और सेज बाप को भी लाठी मारा सब हतप्रभ रह गए तब रति ने उसको गले लगा लिया तभी शांत हुआ. सब उसको बच्चा समाज के माफ़ कर दिए थे )

((## मित्रों में भूल गया हूँ गाना जिसपर रति ने डांस किया था स्टोरी में.... अगर आपको याद आये तोह में एडिट कर दूंगा वैसे चोली से पीछे दिल है ??? ))

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गाना रुक गया था मर्दों के शोर सुनने वाला था और Dimple-Payal , मीणा म्यूजिक सिस्टम के पास हस्ती हुयी ताली बजा रही थी..... जिनको यह इंसिडेंट याद था वह सब हस्ती हुयी लोट पॉट हो गयी और बाकी उनसे पूछ रही थी की आर्यन को क्या हुआ है वह इतना बिगड़ क्यों गया..... जब मीणा ने किस्सा बतया तोह सब हसने लगी.....

रति आर्यन के पीछे पीछे हवेली की मैं एंट्रेंस पर उसको पकड़ी और उसको गले लगा के शांत किया पर आर्यन इतनी जोर से नहीं मारा था सबको पर भीमा और नवाब सिंह भी भाग गए..... ठाकुर बलदेव सिंह भी 3 लाठी खाकर सूची की पागल हो गया है यह सांड.....

आर्यन गुस्से में ," सब के घर में माँ भें नहीं है क्या "...... सिक्योरिटी वाले भी दार गए थे जब आर्यन को गुस्सा करते देखे पर कोई बिच में आने की हिमत नहीं किया.

रति हास्के ," में सोचा तू भूल गया होगा लेकिन नहीं तू िश गाने पर चिढ़ता क्यों है".

आर्यन ," चिढ़ता नहीं हूँ बस लोगों की सीटी और तेरे लिए रेस्पेक्ट काम होते देख कर में गुस्सा हो जाता हूँ..... हाँ सबक तोह सीखना hi था मैंने जोरसे से नहीं मारा ".....

रति गार्ड्स और नीला को बोली," कुछ नहीं हुआ सब अपना काम करो..... तू मेरे साथ आ में तेरे साथ डांस करुँगी दुसरे गाना पे "..... रति उसको अपने साथ ले गयी सब लेडीज है रही थी और आर्यन भी हसने लगा.....

आर्यन ने रति और सारू के साथ डांस किया फिर अपनी साड़ी बहेनो के साथ एक ग्रुप डांस किया...... गुल और बबिता के साथ रोमांटिक गाने पे डांस किया.

कविता ने उसके साथ अलग डांस किया और डॉली कहाँ पीछे रहती वह भी अपनी दादी (रति) की तरह अच्छी डांसर थी. सालियों का नंबर अगले दिन था.... बच्चो को आर्यन की सीक्रेट रूम में लीला ने अपने साथ सुला दिया था ताकि आवाज न आये बच्चे भी आर्यन की रह देख कर सो गए थे.

अब गीता और दीप्ति का नंबर था डांस करने का आर्यन को गुल के साथ सारू ने भर हवेली में मर्दन सेक्शन में भेज दिया...... औरशन फिर डांस करने लगी सबको गीता और दीप्ति का इंतज़ार था जब मेहदी लगा के आएगी बनना ( धुला) के गाने जाती .

आर्यन गुल को लेकर हवेली की ऑफिस वाले रूम में भेज कर उसको 5 मं देने को कहा..... ठाकुर बलदेव सिंह , भीमा और नवाब के साथ बैठक में 3-4 आदमी और थे रति के रिश्तेदार ...... जिसको देखकर आर्यन चौंक गया वह राजवीर सिंह था ......

"नानाजी आप िश समय जाग रहे है" ...... और आर्यन ने उनके पेअर छुए तोह राजवीर ने आशीर्वाद देकर कहा ," बच्चों की खुश में हमारी ख़ुशी शामिल हो तोह में भी जग रहा हूँ".

आर्यन अब सबके सामने हाथ जोड़ के बोलै ," मुझे माफ़ कर दीजिये आप सब में अपनी माँ की बहोत इज्जत करता हूँ और उसके लिए में कान तोह बांध कर नहीं सकता जब लोग सीटी बजे मुझे थोड़ा गुस्सा आ गया "..... और सब बड़े के पेअर छुआ और नानी जी के पास बेथ गया .....

30 मं पहले ............

भीमा ने सब को पुराने किसाया बतया हवेली की मैं गेट पे जब एहि गाना बजा आर्यन हम सब पर लेथ लेकर दौड़ लिया और आज भी नवाब तोह बोलै था की त्यार रहना तोह मैंने कहा पुराणी बात है बच्चा था भूल गया होगा पर यह तोह हम पर चढ़ी कर दिया......

ठाकुर बलदेव सिंह ," हम भी उसको एक दो लगा देते पर यह नवाब बोलै बाघों बाघ लो अगर जान बचना चाहते हो..... फिर में भी आज्ञा कमर और पीठ सेक दिया मेरी".

नवाब सिंह ," में एक एक किस्सा जानता हूँ आर्यन का वह एहि करेगा मुझे पहले hi पता था कोई रति माजी की तरफ ऊँगली उठाये तोह सही वह गार्डन तोड़ दे उसकी ..... "

भीमा बिच में टोक कर ," जैसे रघु की तोड़ दी थी और जोड़ भी दी थी "......

नवाब सिंह 4 पेग पिए बैठा था तोह अपने बाप हरी सिंह का जीकर करने hi जा रहा था तोह भीमा ने उसकी बात कटी...... उसको भी अपनी गलती का अहसास हो गया.

"चलो अब वह अपनी माँ के साथ चला गया है और बच्चो तुम भी बिस्तर ढून्ढ लो हमारी पार्टी दिएर तक चलेगी"..... जवान रिश्तेदारों की पार्टी दुसरे रूम में थी तोह वह भी हवेली में आ गए मर्दन सेक्शन में.

भीमा और बाकि सब लोग बैठक में आया गए और राजवीर सिंह की नींद तोह ुध hi चुकी थी अणि के खुलसे से पहले फार्महाउस गया उसको डॉ अंजू मिल गयी जोह फार्महाउस में तयारी देख रही थी. फिर हवेली में एक रूम में सूने की कोशिश किया पर मान में अंतर्द्वंद चल रहा था.

अणि की फ़िक्र राजवीर और सारू को ज्यादा थी और अणि की जिद्द के आगे दोनों बाप बेटी एक तरह से नतमस्तक हो गए थे पर दोनों ने खुल कर सपोर्ट नहीं किया था.

राजवीर को आर्यन की चिंता होने लगी इतनी साड़ी लड़कियों को कैसे संभालेगा और औरतों भी होंगी...... हम से तोह एक hi नहीं संभाली यहाँ तोह लाइन लगी है देखता जा राजवीर यह दुनिया कैसे कैसे दिन दिखती है तुझे.

आर्यन जब बैठक में आया तोह सब देख के दर गए थे जब माफ़ी माँगा तब चौड़े हो गए...... राजवीर सिंह को फक्र था आर्यन पे उसने गलती की है तोह माफ़ी मांग लेने से हिचकिचे नहीं और यह सब लड़कियां दूसरे से क्या बोलूं रति कभी अपनी गलती नहीं मानती है...... उसके लगता है की में गलती hi नहीं कर सकती हूँ तभी तो हमारी लड़ाई की जड़ उसका कभी माफ़ी माँगना hi है.

ठाकुर बलदेव ," आर्यन बीटा हम तोह रति देवी का डांस hi देख रहे थे..... तुम्हारी माँ की इज्जत हमारी नजर में काम नहीं होगी कभी ".

आर्यन कुटिल मुस्कान दिया," तभी तो आप सब जिन्दा हैं वार्ना अपनी माँ की पुकार पे आर्यन खून की नदियां भ सकता है. हाँ में देखा था आप सब की नज़रों से सराफत टपक रही थी शराब पिके ...... जाम पीजिये ठाकुर साहब में आपको दोष नहीं दे रहा हूँ..... नानाजी आप को डिस्टर्ब होगा आप टूबवेल पे चल जाइये वहां अपने आदमी होंगे... काम से काम कुछ नींद तोह ले लो ".

राजवीर सिंह आर्यन के सार पे हाथ फेरा," में भी एहि सोच रहा हूँ...... ठाकुर में सुबह आऊंगा"...... भीमा ने बोलै में साथ चलता हूँ तोह राजवीर ने कहा 2 मिले पे तोह खेत है में चल जाऊँगा. आर्यन भी सबको सुबह रात्रि कहकर हवेली के ऑफिस में चला गया.

ठाकुर बलदेव सिंह की इज्जत उतर दी थी आर्यन ने फिर पगड़ी भी इज्जत से पहना दी थी अपनी बातों से ...... देख तो सभी मर्द रहे थे रति को हवस से पर वह सिर्फ एक मर्द के लिए डांस कर रही थी..... अपने बेटे, अपने प्रीतम, अपने पति, अपने होने वाले बच्चे के बाप के लिए जिसका नाम आर्यन था. वह बहोत खुश थी और अणि ने जाके उसको गले लगा के ज्यादा खुश कर दिया..... दोनों नानी देह्वति एक दुसरे का हाथ पकड़ के डांस देख रही थी.

ठाकुर बलदेव पेग पीते हुए बोलै," वैसे रति देवी की उम्र इतनी नहीं दिखती वह आर्यन की बड़ी भें लगती है और डांस ऐसा किया है सब की बोलती बंद कर दी ".

भीमा मजे लेकर," ठकुरियाँ भी तोह ऐसा डांस करती होंगी कभी देखा नहीं"...... नवाब अपना जाम पीते मुस्करा रहा था.....

अब सिर्फ तीनो hi थी बैठक में बाकि रिस्तेदार अपने रूम में चले गए.

ठाकुर बलदेव सिंह ने भीम की जांघ पे थपकी दी ," मेरी बीवी अपनी उम्र में हमको ऐसा नाचती थी की दूर रहना मुश्किल था अब तोह ठकुराइन का वजन बहोत बढ़ गया है आर्यन उसको पतली करने की दवाई दे रहा है और मालिश भी करती है असर भी होने लगा है ".

भीमा मूड में था ," तोह आर्यन खुद अपने हाथ से मालिश करता है क्या ?"

ठाकुर चीड़ के बोलै ," बीटा मानती है वह आर्यन को और तेरी सोच बहोत गन्दी है भीमा.... कभी अपनी बीवी को दिखाया नहीं हमेशा घूँघट में रक्त है वैसे दूसरी लुगाई रख लिया है हमको खबर भी नहीं दी"..... हां हां हां हां

भीमा ," हम तोह ठाकुर साहब आपके दया से खुश तो अभी हुए हैं वार्ना जीवन काटने को दौड़ता था..... हां हां हां ...... हमारी छोड़िये नवाब तोह रोजाना बुरा घी कहता है 2 टाइम देख नहीं रहे हो की जवानी िश बे छड़ी है "..... हां हां हां हां ...... ठाकुर भी हसने लगा और ठाकुर भी रंग में आते हुए बोले," नया जाम बांया जाये सबके लिए और नवाब के लिए डबल "......

फिर वह नवाब के पीछे पद गए और चियर्स करके नया जाम ठाकरे के पीने लगे..... नवाब सिंह भी आज कल टिप टॉप रहता था वह सफारी सूट पहने लगा था , जुटते हमेशा पोलिश रहते थे, हैंड वाच पे सोने का पानी चढ़ा था, गोल्ड का कड़ा गले में मोती सोने की चैन, क्लीन शवेद और बाल डाई करने लगा था.

डॉ कुलदीप की भें जब से उसकी जिंदगी में आयी थी वह हमसे खुस रहता था बस एक hi मलाल था की उसको अपने साथ नहीं ला सकता था. रति ने बोल दिया था की वह हवेली नहीं आएगी पर आर्यन ने परमिशन दी थी की जब मम्मी ( जागु ) न हो तब साथ ले आना पर छुप के रखना.

दोनों नयी बीवियां को चौधरी माधव सिंह की 3ऋ हवेली में छोड़ के आये थे..... कुलदीप की माँ और भें अब खुश रहें लगी थी आर्यन की वजह से दोनों जिन्दा भी थी और शादी करके अपनी अपनी जिंदगी ख़ुशी से काट रही थी. दोनों के बिच नफरत ख़तम हो गयी थी और डॉ कुलदीप की वजह से जिंदगी नरक बन गयी थी उनकी..... दुआ करती थी कभी वह वापस न आये वैसे वह जिन्दा या मर गया किसी को नहीं पता था सिर्फ आर्यन के अल्वा.

ठाकुर बलदेव ," अबे मर्द बन कैसे पत्ते नयी लुगाई खुश करता है की नहीं..... हम भी िश उम्र में 3-4 के सँभालने का जिगरा रकते हैं ..... बताना चौदर्य हरी सिंह का बीटा है चीख तोह निकलवा देता होंगे न "..... हां हां हां हां ......

नवाब सिंह अपने पेग बॉटम्स उप किया और बोलै ," ठाकुर साहब में आपकी बहोत इज्जत करता हूँ..... पहली बात तोह मैंने उससे शादी कर ली है और मेरे साथ वह बहोत खुश है. बस आपका आशीर्वाद हमेशा रहना चाहिए ".

ठाकुर ने भीमा की तरफ देखा तोह उसने हाँ में सर हिलाया..... तोह ठाकुर बलदेव बोले ," शादी कर ली है यह तोह अच्छा hi है चल हमारी तरफ से बधाई मुझे पता चल गया था. वैसे आर्यन बहोत शानदार मर्द है हम तोह चाहते थे की आर्यन की शादी हमारी बेटी से हो पर राजकुमारी दीप्ति उसके योग्य है. गीता बेटी भी शादी करेगी आर्यन से और जाने भी करने वाली है ..... आईएनएस. भूरेलाल की बीवी से आर्यन की एक बेटी है वह भी भूरेलाल के मरने के बाद आर्यन की बीवी बन गयी है चलो हमने मान लिया फिर क्यों उसने एक पाकिस्तानी लड़की से शादी की ".

यह बोलके ठाकुर बलदेव सिंह ने भीमा और नवाब सिंह के सामने बम फोड़ दिया था .......

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छॉंट.....

गुल ने डिज़ाइनर ग्रीन साड़ी पहनी हुयी थी, मैचिंग स्लीवलेस ब्लाउज, हाथ में दो देसिनेर कंगन, बड़े बड़े झुमके मानते पे छोटा सिंदूर जोह चुप हुआ था उसके सुनहरी बालों में जोह खुले hi छोड़ दिए थे.....

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गुल

वह आर्यन की फॅमिली में रंग ढंग गयी थी और सब उससे प्यार करते थे चाहे उसका पास्ट बहोत साद हो.

आर्यन की तीनो जुड़वाँ भें गुल को बहोत पसंद करती थी..... रति ने गुल को एक्सेप्ट कर लिया था और आर्यन की बीवी बना के इंट्रोडस कर रही थी जोह आर्यन की रिस्तेदार थे अधिकांश तोह गुल की शादी में भी आये थे. गीता और दीप्ति को दूर रखा जा रहा था गुल से जैसे उनको बेहेवियर था गुल के प्रति. आर्यन भी नहीं चाहता था की उसकी बीवी गुल पे कोई उंगली उठा...... गीता भी मान गयी थी और दीप्ति को कोई प्रॉब्लम नहीं थी.

"लेकिन वहां सब लोग होंगे मेरे बारे में पूछेंगे तो में क्या जवाब दूंगी "..... गुल ऑफिस की कुर्सी पे बेथ कर यह सोची रही थी अपनी दोनों हथेली मसलते हुए.

आर्यन से बैठक में रुका नहीं गया 5 मं में नानाजी को टूबवेल भेज कर ऑफिस के अंदर आया ...... उसने सीटी बजी ऑफिस का दूर लॉक कर के......

गुल ऊपर देखि उसका ध्यान आर्यन की तरफ गया उसकी नेचुरल ब्यूटी सा फ्रेश फेस पे मुस्कान आ गयी ," गुंडे लगते हो सीटी बजाते हुए "...... उसने शिकायत की.....

आर्यन उसकी तरफ बढ़ता हुआ बोलै," आज तोह िश गुंडे से hi काम चलने पड़ेगा वैसे हरी मिर्ची लग रही हो..... मेरी दिलरुबा बन जायो न सोनी कुड़िये ".....

गुल हस्ते हुए कुर्सी से उठ गयी थी और आर्यन ने अपनी बाँहों फैलाई तोह वह भी उसकी बाँहों में सिमट गयी..... " आर्यन..... मेरे आर्यन ..... पुछठ पुछहःछः चम्म्म्म चममम ...... मेरे आर्यन ी लव यू ..... पुछठ पुछहःछः "

वह इतनी बेक़रार थी पहले उसके चेहरे पे हर तरफ किश की फिर उसके लबों को चूसने लगी..... आर्यन अभी पैसिव होकर अपनी बीवी का प्यार पा रहा था और गुल की चुम्मियाँ उसकी बेकरारी की दास्ताँ दिखा रही थी...... आर्यन जब 5 मं तक कुछ नहीं किया तोह वह उसका चेहरा पे निगाहें डाली.....

आर्यन स्माइल करते हुए उसको अपने दोनों हाथों में उठा किया और उसके किश का आंसर देने लगा किश करके ...... चम्म्म्म चममम ुहममममम ुहम्म्म्म मममममम ममममममम ममममममम .......

गुल खुश होती पूरे जोश से किश कर रही थी ...... ुहममममम ुहम्म्म्म मममममम ममममममम .....

आर्यन उसको अपनी बाँहों में उठा के ऑफिस की मैं चेयर पे पसर गया और गुल को अपनी गॉड में बिठा लिया साइड से पर चुम्बन नहीं टुटा वह अपने हुब्बी आर्यन की बाँहों को मिस कर रही थी जबकि 48 घंटे नहीं हुए उन्हें दूर हुए.....

किश करते हुए आर्यन ने टेबल पे रखे सामान को एक तरफ खिसकाया..... तोह गुल ने किश तोड़ दी उसकी सांसें फूल गयी थी और आर्यन के फेस पे हर जगह चुम्मियाँ ले रही थी..... आर्यन भी मुस्कुरा रहा था अपनी बीवी की बेकरारी देख कर...... अब कहने से रही की मुझे छोड़ दो वैसे आर्यन ने उसको पूरी तरह से खोल दिया था अपने साथ वह गन्दी बातें का जवाब ुशी लैंग्वेज में भी देती थी पर नयी जगह नया माहौल.....

आर्यन उसके कान में बोलै तोह वह उसको देखने लगी ..... " कोई आ गया तोह ?"

आर्यन ," उसको भी शामिल कर लेंगे क्या कहती हो ".

गुल उसके कान पे काटी ," अगर मर्द हुआ तोह "....... उसको छेड़ती हुए बोली .....

आर्यन झट से बोलै ," मेरा हथियार देख कर भाग जायेगा वर्ण साले की ऐसी गांड मरूंगा मार hi जागेगा"..... है है है है .

गुल ," यार मुझे पता है तुम्हारी कई बीवियां हैं पर मुझे प्रॉब्लम काम होगी उनको ज्यादा होगी "...... आर्यन ने अपने सेलफोन से मेस्सगेस सेंड किया.....

आर्यन उसकी एक चूची दबाते हुए बोलै," बीवियां को भी कभी प्रॉब्लम नहीं होगी..... तुम्हारी छूट इतनी गुलाबी है सब तुम्हारी छूट के पीछे पड़ी रहेगी ".

गुल के गाल और ज्यादा गुलाबी हो गए पर वह आर्यन की गॉड से उतरी और टेबल पे चूतड़ टिका के बेथ गयी," तुम किसको सुग्गेस्ट करते हो मैंने भी किसी लड़की की छूट नहीं देखि".

आर्यन ने जिसको मैसेज किया था उसका और गुल के नाम से उसका लुंड अकड़ कर कुर्ते पाजामे में टेंट बाण लिया ," तुम उससे ज्यादा कम्फर्टेबले फील करोगी और वह तुम्हारी जैसी है..... ऑफिस में प्यार करने का मजा कुछ और hi है..... क्या कहती हो गुल डार्लिंग ".

गुल को आर्यन अपने सारे रिलेशनशिप के बारे में बता दिया था और गुल उसकी फ्रेंड पहले थी बीवी बाद में बानी वह दोनों एक दुसरे के साथ बहोत एन्जॉय करते थे...... गुल अपनी दुनिया छोड़ आर्यन की दुनिया में आ गयी थी और उसको माहौल भी खुल मिला जहाँ सब आर्यन से प्यार करती हैं चाहे उनका खोनी रिस्ता हो, अब गुल भी यह अपनी नयी ज़िन्दगी एन्जॉय करना चाहती थी और सब के साथ और मीणा ने आर्यन के ऐसे ऐसे किस्से बताये थे की वह भी नया कुछ तरय करने को राजी हो गयी थी पर एक शर्म थी उसको गिरना था और आर्यन जानता था की वह बिंदास लड़की है बस चिंगारी की जरुरत है.

गुल ने 1 मं सोचा आर्यन के टेंट पे अपनी हिल्स उतर अपने दोनों तलवे को तोपची को बिच में लेकर रगड़ते हुए ..... " बबिता भाभी"...... आर्यन हाँ में सर हिलाया....

गुल ," वह तोह रीता मामी और कविता मामी की लवर्स हैना ".....

आर्यन ," तुमको कोई प्रॉब्लम है क्या "..... और आगे झुक कर गुल की चूचियां अपनी बड़ी मुठी में दबा दिया ..... "अह्ह्ह्हह ारयणणणणण सीईईई" .....

गुल की छूट में नमी भाड़ गयी थी और आर्यन उसको चूचियों को पकड़ते हुए टेबल पे लिटा दिया..... " अह्हह्ह्ह्ह आर्यन टेक में डाउन नाआ "......

आर्यन अपना कुरता और पजामा उतरा तोह दूर पे नॉक हुआ...... गुल उठ के बेथ गयी आर्यन के चेहरे पे मुस्कान और बढ़ गयी थी..... उसने अंडरवियर भी दरवाजा खोलते हुए उतर दिया और थोड़ खोल के एक लड़की को अंदर लिया फिर दूसरी को और जब एक हाथ और आया तोह उसको भी खिंच लिया.....

गुल के टूटे ुध गए ..... उसके चेहरे पे हवाएं बनने लगी, वह मुँह फाड़े देखती रही.....

आर्यन ने दरवाजा बंद कर दिया ," बिना तू यहाँ क्या कर रही है "......

पहली लड़की बबिता भाभी निकली दूसरी कविता मामी (यह आर्यन का सरप्राइज थी) और बिना खुद hi आ गयी..... गुल की सिटी पीती गम थी..... 3no को ये नहीं पता था की आर्यन उनका स्वागत तोपची के सलूट के साथ करेगा......[img=22x0]

बिना ," में तोह फाइल लेने आयी थी पर सर आप नंगे क्यों घूम रहे हैं"..... और गुल की तरफ देखि वह दर गयी थी तोह सर झुक के कड़ी थी...... उसने कभी नहीं सोचा था की आर्यन उसके साथ ऐसे करेगा.

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बबिता

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कविता मामी

बबिता ने गुलाबी साड़ी पहनी थी और कविता मामी हमेशा बिंदास रहती थी उन्होंने ने गुलाबी और पर्पल मिक्स साड़ी पहनी थी..... बिना वाइट पंत और ब्लैक शर्ट में थी उसने कोट उतर दिया था आने से पहले.

कविता मामी बस मुस्करा रही थी और बबिता का हाल भी गुल के जैसे था..... कविता जानती थी आर्यन कितना बेशर्म है पक्का छोड़ेगा पर क्या एक साथ या अलग अलग ????

बबिता को ेम्बरसिंग फील हुआ तोह कुछ बोलती उससे पहले आर्यन बोलै ," गुल को कोई दिक्कत नहीं है बस बबिता को गुल ने एक्सेप्ट कर लिया है और कविता मामी को मैंने hi बुलाया है वह अच्छी एक्सपर्ट हैं हमको प्यार करना सीखा देंगी ".....

बबिता की नज़र गुल पे पड़ी तोह गुल बोली," बबिता भाभी मेने ऐसा कुछ नहीं कहा था मैंने तोह गेस किया था आर्यन खुद hi सब समझ लिया ".......

बबिता आगे गुल की तरफ बढ़ के बोली ," में जानती हूँ गुल यह दोनों मामी भांजे एक नंबर के बेशर्म है ".

कविता भी उसके पास जाकर बोली ," वह भाई हम पर hi सारा दोष मध् दो..... हाँ हम दोनों बेशरम हैं पर तुम दोनों भी छुपी रुस्तम हो आर्यन के पीछे इतनी दीवानी हो सिवाए उसके हथियार के अल्वा कुछ दिखता hi नहीं है..... तुम जलती रहो आर्यन मुझे एक राउंड चाहिए में..... " ..... उसकी बात अधूरी रह गयी जब पलट के देखि तोह बिना मस्ती से आर्यन का लुंड चूस रही थी निचे बेथ के और उसके घंटे जैसे ांडों को भी सेहला रही थी.

तीनो मुँह फाड़े बिना को देख रही थी ...... बिना के सार पे आर्यन ने चपत लगी..... " जा बीएड को सेट कर दे मामी ाजो आपको जाना भी है ".....

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बिना सकिंग डिक

बिना झट से कड़ी हो गयी ," सॉरी मुझसे रुका नहीं गया बस मुँह मीठा कर लिया.... सर आज तोह मेरे मुंह में भी नहीं आ रहा हैं क्या खिलते हो इश्को ".

आर्यन ने उसके गाल पे किश किया ," बस अपनी बीवियों का प्यार वह hi इसको ऐसा बना दिया "...... और मुस्कुराने लगा.....

कविता मामी अपनी साड़ी उतर के आगे बढ़ी और पेटीकोट घुटनों की ऊपर चढ़ लिया..... आर्यन को टेबल पे चढ़ा के सीधा लिटा ली और टेबल पे चढ़कर आर्यन की मदद से दोनों टाँगे उसकी कमर के साइड राखी..... बबिता और गुल बस उनको मुँह फाड़े देखते रही...... बिना अटैच्ड रूम में बिस्टेर सेट करने लगी....

कविता अपनी चौड़ी गांड से पेटीकोट अपनी कमर तक उठके आर्यन के तोपची को सीधे हाथ में पकड़ कर उसपे बैठने लगी ......." अह्ह्ह्हह उईईईईई माआ ...... सीईईई बहोत बड़ा है" ..... आर्यन ने एक चूतड़ पे करारा हाथ मारा चटककक....

तोह कविता की चीख निकल गयी..... "अह्ह्ह्हह्हह साबास मेरी गांड को सलेहा न ".......

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कविता 15 सेक् में पूरा लुंड लील गयी ..... अपनी सासें रोक के ...... और आर्यन को बोली," अह्हह्ह्ह्ह मेरी छूट के दाने को रगड़ और तुम दोनों कहाँ जा रही हो में 10 मं में काम पूरा कर लुंगी तब दोनों साड़ी रात लुंड लेकर छूट से भर नहीं निकलना...... महिमा को में दूध पीला दूंगी आर्यन को भी नहीं पीला पाई बबिता मेरे आर्यन को दूध जरूर पिलाना अभी दूध नहीं बनेगा सुबह पीला दियो ..... "

बबिता में आगे बढ़ के कविता का मुँह बांध किया ," कितना बोलती हो दीदी आराम से चुड़लो न "......

गुल है रही थी और आर्यन से नजर मिली तोह आँख मार दिया ..... गुल देखि की कोई उसको नहीं देख रहा है कविता अपनी छूट में लुंड लिए बैठी थी और बबिता को तरस आया कविता पे तोह उसका मुझ बांध करके उसकी छूट के दाने को सहलाने लगी...... गुल ने भी आँख मार दी आर्यन को और धीरे धीरे टेबल की पास आने लगी.

आर्यन का चरम hi इतना था की लडकियां और औरतें उसके लिए कुछ भी करने से न चुकती थी...... फिर प्यार जोह देता था आर्यन उसके सामने तोह कुछ भी नहीं.

गुल िश फॅमिली को अपना मान चुकी थी और पास आते हुए उसने कविता के उलटे चूतड़ पे हाथ रख दिया...... " मामी अपनी मुस्कले को रिलैक्स होने दो आप ने लुंड एक बार में ले लिया "......

बबिता भी हसकर बोली ," तू ने जैसे पीएचडी की हो चूड़ी की "...... hi hi hi hi

आगे अभी और है नेक्स्ट अपडेट में पोस्ट करूँगा..... तो भी कंटिन्यू......

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अपडेट 45 (बी)

ठाकुर बलदेव सिंह ने सब बता दिया उनको ठकुरियाँ रूपा ने बता था वह भी खुश नहीं थी िश रिश्ते से पर आपने पड़ा.....

नवाब भी हैरान था की आर्यन एक पाकिस्तानी लड़की से शादी कर लिया है अगर उसने नहीं बतया तोह रति माजी तोह बता सकती थी पर भीमा को कोई फरक नहीं पड़ा.....

ठाकुर ," भीमा तू कुछ बोल नहीं रहा क्यों ?"

भीमा जोश से बोलै ," वह आर्यन है.... ारयणणणणण...... वह कुछ भी कर सकता है..... में तोह कहता हूँ की उसको हर एक देश की लड़की से शादी करनी चाहिए..... अगर वह पाकिस्तानी लड़की से शादी किया है कोई बात तोह होगी ुष लड़की में वैसे भी मुझे मीणा बेटी बता रही थी की वह आर्यन की सबसे अछि बचपन की दोस्त है. हरी साड़ी में जोह लड़की थी क्या नाम था हाँ गुल नाम था. रति बेटी ने मंजूरी दी है घर की सब औरतें ुष बच्ची को आशीर्वाद दी हैं. जाने बेटी अमेरिका की है उसे भी शादी करेगा वह क्रिस्टन है तब आपका धरम कहाँ गया था ".

नवाब सिंह को भी चढ़ गयी थी ," ठाकुर साहब वह मेरा बीटा है हमारा खून है अगर मेरी बेटी भी होगी तोह उसकी शादी हसी खुसी कर दूंगा..... वह 100 बीवियां भी रख सकता है क्यों की खु की ...... भीमा तू बता ".

ठाकुर बलदेव तोह दोनों की बात सुनकर hi ास्चेरए में पद गया तब भीमा बोलै ," तुझे चढ़ गयी है अपनी बीवी के पास जा आ में तुझे गाडी में बेथ देता हूँ ".

ठाकुर बलदेव ," तू पागल हो गया है क्या नवाब वह आर्यन की भें hi लगेगी"...... नवाब कुछ आगे बोलता उससे पहले भीमा उसको अपने कंधे पे टांग लिया और सीधा हवेली की बहार उसको गाडी में बैठ दिया और 2 जीप उसके आदमी की 3रद हवेली के लिए भेज दिया.

भीमा जब आया तोह ठाकुर के लिए एक प्लेट मुर्गा और मटन लेकर आया गरम गरम ...... दोनों पुराने पहलवान थे और खुराक भी ज्यादा hi थी.

बैठक की आलमारी से नयी इम्पोर्टेड स्कॉच की बोतल निकल के लाया तोह ठाकुर बलदेव खुश होकर बोलै ," छोड़ आया नवाब को उसकी दूसरी बीवी के पास "..... हां हां हां ......

भीमा भी हसकर ," ठाकुर साहब नवाब जल्दी ताव में आ जाता है और हजम न होगी तोह जाना hi ाचा है. बीवी के साथ सो पायेगा और हमको भी यहीं हवेली में रुकना है..... आर्यन का आदेश है आपको बैठक सम्भालनि है"..... हां हां हां .....

दोनों नयी बोतल से जाम बहरे और नॉनवेज कहते हुए बात करने लगे.....

ठाकुर ," नवाब क्या कह रहा था में सब समझता हूँ..... भीमा 1000 से ज्यादा लुगाई हमारी टांगों के निचे से निकल गयी हैं..... हम को भी सच्च जाने का हक़ है. आर्यन को अब हम अपना बीटा hi मानते हैं मर्द की बात मर्दों में रहेगी ".

भीमा उठा और सबसे पहले बैठक के दरवाजे बांड किया और ठाकुर बलदेव सिंह से बोलै," जितना मुझे पता है उतना बताता हूँ पर जुबान दी hi आपने ठाकुर साहब मुकरने नहीं दूंगा तोह सुनिए ".

भीमा ने महार्यं पुराण 1 घंटे लगातार सुनी..... ठाकुर अपनी गद्दी पे कभी करवट बढ़ता कभी खड़ा हो जाता पर सबसे बड़ी चीज़ सबसे बाद में बताये आर्यन के लुंड के बारे में...... ठाकुर बलदेव और भीमा दोनों सुरमा थे 8 इंच का मोटा लुंड रखते थे पर आर्यन के लुंड का बखान सुनकर ठाकुर की सूख गयी..... भीमा जूथ क्यों बोलेगा और आर्यन के टांगों के बिच के उभर से पता चलता है बड़ा मर्द होगा पर इतना ज्यादा मर्द.

ठाकुर बलदेव ," आर्यन का झेलती कैसे होगी कोई औरत में एहि सोच रहा हूँ यार भीम ?".

भीमा हँसा और बोलै ," औरत अपनी पे आ जाये तोह हाथी का लौड़ा भी झेल सकती है..... हमारा आर्यन मर्दों का राजा हैं जिस लड़की पे हाथ रख दे वह उसकी हो जाएगी..... पर वह औरत और लड़की अपनी तकर की hi चुनता है. बिना को देखा था मैंने चल भी नहीं प् रही थी नवाब की टूबवेल पे पर खुश इतनी थी हमरे साथ पेग पीया और गाडी लेकर चली गयी".

ठाकुर बलदेव ," बिना भी एक कट पीेछे है यार भीमा लुंड खड़ा कर जाती है जब भी देखता हूँ पर ex-commando है गर्दन काट देगी "...... ठाकुर अपने पाजामे के ऊपर से लुंड पे हाथ फेरा दिया "...... हां हां हां .....

भीमा हसकर ," आर्यन उसकी रोज लेता हैं अब समझ में आया शेर है वह शेर अपनी शेरनी का कोई मूट भी सुंघा उसको चीयर देगा "..... हां हां हां

ठाकुर बलदेव ," अगर शेरनी से बच जाये तोह "...... हां हां हां हां

ठाकुर बलदेव सिंह ने आज आर्यन की फॅमिली और उसके आसपास औरतें और लड़ियाँ के बारे में जाना और भीमा के साथ डिस्कशन से निष्कर्ष निकला की वह 'अंगरक्षक है जोह अपने परिवार की अकेला रक्षा कर रहा है'.

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महिला संगीत में .......

रति के कान में अणि ने कुछ कहा तोह रति की आँखे बड़ी हो गयी वह उसको देखने लगी गोरसे पर अणि स्माइल करते रही.....

पीछे म्यूजिक बजा रहा था दीप्ति और गीता के साथ डॉली डांस कर रही थी तोह रति अपनी चेयर से उठा कर डॉक्टर अंजू के पास आयी और उसके कान में कुछ बोली तोह अंजू ने हामी बाहरी और उसके साथ रति के रूम में चली गयी.

डॉ अंजू ने गेट बांध किया और है के बोली ," दीदी क्या बात है मुझे ऐसे क्यों बुलाया " .

रतिदेवी अपनी हथेली को रगड़ कर बीएड के बेथ गयी ," अनीता को पता चल गया है ".

डॉ अंजू ," क्या पता चल गया अणि को खुलकर बोलो ".

रति अपनी नजर झुका के अपने पेट पे हाथ फेरती हुयी बोली ," में प्रेग्नेंट हूँ वह कोंग्रटुलतिओन्स बोल रही थी ".

आर्यन और दीदी के अल्वा किसी को पता है तोह मुझे..... अणि को यह बात किसने बताई ?

डॉ अंजू ," उसका किसने बतया आर्यन ने आप तोह नहीं बताई .... में भी नहीं..... पक्का आर्यन hi बटेगा ".

रति ," वह क्यों बटेगा ? सारू को भी पता चलेगा तोह में उसको कैसे मुँह दिखाउंगी ?"

तभी दूर नॉक हुआ तोह डॉ अंजू बोली," में देखती हूँ ".

रति की धड़कन भड़ने लगी तोह डॉ अंजू बोली ," रिलैक्स दीदी आप पर्सन न हो ".

दूर खोला तोह सारू अंदर आयी ," आप दोनों यहाँ हैं लड़की की माँ को बुला रहे हैं जल्दी चलो ".

डॉ अंजू ," हाँ हम आ hi रहे थे चलो दीदी ".

सारू ने ताड़ लिया उसकी माँ परेशां है तोह आगे आकर बोली ," क्या बात है माँ तू परेशां दिख रही हैं..... अणि ने कुछ कहा क्या ?"

चोर की दाढ़ी में तिनका और रति गुस्से से ," अणि ने कुछ नहीं कहा और में भी गीता के पास जा रही हूँ "..... और रति चली गयी रूम के बहार.

डॉ अंजू और सारू देखते रह गए.....

सारू ," मौसी क्या बात है आपको मेरी कसम माँ क्या छुपा रही है?"

डॉ अंजू के सर मुड़ते hi ओले गिरे ," कसम देने की क्या बात है दीदी परेशां है पर मुझे भी कुछ नहीं बतया ".

सारू अपनी मौसी को अच्छी तरह से जानती थी वह जितनी ाची डॉक्टर थी उतनी अच्छी तरह सारू आदमी को देखकर भाप लेती थी की सामने वाला साक्ष कुछ छुपा रहा है. वह डॉ अंजू के पास जाकर बोली ," कसम दी है मैंने आपको..... सच्च क्या है आप जानती हैं".

जब अणि को पता है तोह सारू को भी पता होगा और डॉ अंजू ने बोलै ," दीदी प्रेग्नेंट हैं "...... और नज़र झुक ली.

सारू ," तोह क्या हुआ ?"

डॉ अंजू उसकी तरफ देख के बोली ," अणि को भी पता है और वह उसको कोंग्रटुलतिओन्स बोल रही थी ".

सारू है कर ," वह डॉक्टर है बस डिग्री मिलने वाली है और आप जानती हो अणि बहोत शार्प मंद है. पक्का माँ के फेस को देख कर पता चल गया होगा वैसे आर्यन मेरे पेट में था तोह मेरे चेहरे से पता चल जाता था की में प्रेग्नेंट हूँ. वैसे किसका बचा है बापू क्या या " ...... और हसने लगी ......

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सारू इन नाईट ड्रेस

डॉ अंजू उसके गाल पे चपत मर में बोली ," बदमाश हो गयी है दीदी को एक hi आदमी प्रेग्नेंट कर सकता है और तू अच्छे से जानती है में किसकी बात कर रही हूँ...... फेस से नहीं टेस्ट से पता चलता है में अणि से बड़ी डॉक्टर हूँ और क्या तू भी प्रेग्नेंट तो नहीं ".

सारू खुलकर अपने रिलेशनशिप के बारे में बात करने से परहेज नहीं करती थी तोह बोली ," हम दोनों एक साथ प्रेग्नेंट होंगे क्यों मौसी ?..... है है है है "

डॉ अंजू ," शर्म कर कुछ भी बोलती है..... दीदी सीरियस हैं अणि को यह बात नहीं पता चलनी चाहिए थी वह अब क्या जवाब देंगी और खासकर तुझे".

सारू भी सीरियस होकर," िश रस्ते पर चलकर यह तोह होना hi था और हम भी अपनी माँ के पीछे पीछे इतनी दूर निकल गए की वापस लौटना न मुमकिन है. यह ओने वे ट्रैफिक है बस मंजिल एक है माँ को सोचना नहीं चाहिए पर जब पेट फूलेगा तोह भी सबको पता चल hi जायेगा ".

डॉ अंजू ," सारू तू hi िश सिचुएशन को हल बता सकती है और दीदी को भी समझना और सम्हालना ".

सारू ," आप टेंशन न लो में संभल लुंगी माँ को पर अगर मुझे बचे के बाप का नाम पता होता तोह अच्छा रहता" ...... और भागने लगी हस्ते हस्ते और डॉ अंजू उसके पीछे पीछे ," रुक जरा तू अभी बताती हूँ बाप का नाम ".

गीता और दीप्ति मेहँदी लगा के आ गयी थी गीता को मेहँदी पसंद नहीं थी पर रोका हो गया था यानि गॉड भरी अब तिलक यानि लड़का रोका जाने वाला था..... रीती रिवाज में आगे पीछे चलता है और आर्यन के कुनबे में लड़की को मेहँदी लगनी जरूरी है और रति के यहाँ मेहँदी का कोई रिवाज नहीं है लड़की शादी में hi मेहँदी लगेगी.

देवी सिंह ( आर्यन की दादी ) के खासा इंस्ट्रक्शंस थे दीप्ति और गीता के लिए. गीता दादी के लिए मान गयी और जाने ने अमेरिका में मेहँदी लगावी थी.

रति ने कुछ रस्में गीता के लिए की रानी मृदुला दिन में करने वाली थी दीप्ति के लिए.

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हवेली के ऑफिस रूम में .......

कविता के चूतड़ों पे टैटू बना था..... "मेरे माहि" और गुल उनके दोनों फुटबॉल जैसे गूरे चूतड़ों पे टैटू को नेल्स खुर्ची ......

" मामी आपका टैटू तोह असली है किस से करवा ? आपको शर्मा नहीं आयी टैटू बनाने की नीडल से ? सच में आप आर्यन से बहोत प्यार करती हैं मान गए आपको आप बहोत बड़े दिलवाली हैं" ...... कविता ने बबिता का हाथ हत्या जोह उसके मुँह बांध के था .....

" अह्ह्ह्हह्हह...... सीईईईई...... मैंने आर्यन की पर्सनल लुगाई हूँ मैंने अपने चूतड़ों पे इसका नाम रजिस्टर करवा है जैसे गाडी का होता है वैसे hi. क्यों पसंद आया ? मेरी सहेली है उसने टैटू बनाना का काम करती है पूरे 50 है में बना है "......

आर्यन ने बबिता की साड़ी के ऊपर से गांड पे हाथ फेरने लगा और गुल उससे बात करते हुए धयान भटकने लगी ताकि कविता मामी को दर्द न हो उसके चूतड़ों को भी सेहला रही थी.....

आर्यन मैं hi मैं हँसा 'तीनो ऐसे बात कर रही हैं जैसे सब्जी लेने बाजार आयी हो'...... बबिता अपने हाथ से आर्यन का हाथ हटा रही थी जोह उसका पिछवाड़ा सेहला रहा था. बबिता उसको आँखें दिखा रही थी और कविता आँखें बांध करके लुंड की डीप फीलिंग ले रही थी.

बिना ऑफिस का नजर देखि तोह उसके हैरानी नहीं हुयी पर गुल के बारे में सोची यह वही गुल है क्या जोह मजहबी डारे में बंधी हुयी थी आखिर आर्यन के लुंड का पानी hi ऐसा है की वह कोई भेदभाव नहीं करता है वह प्यार करना और देना सिखाता है.

बिना स्माइल देती हुयी टेबल का ड्रावर खोल कर एक फाइल निकली..... गुल और बबिता रुक कर अलग हो गयी और कविता आँख खोल के उसको देखने लगी फिर दोनों की तरफ देखा तोह इशारे से पूछी क्या हुआ तोह दोनों बिना की तरफ इशारा किया. कविता मामी आर्यन के चौड़े सीने पे दोनों हाथ टिका के लुंड पे थोड़ा आगा पीछे उछलने लगी..... आर्यन ने बिना का हाथ पकड़ लिया जिसमे फाइल थी.

कविता हस्ते हुए लौड़े पे उछलती हुई बोली ," तुम दोनों िश से क्यों दर रही हो यह आर्यन के सब राज जानती है अह्हह्ह्ह्ह...... इतनी बार चुद चुकी है आर्यन से जितनी में भी नहीं चूड़ी..... यह ओने वुमन आर्मी है तुम इसको ठीक से जानती नहीं हो इसकी दोनों चूचियां भी काट देगा आर्यन उफ़ नहीं करेगी दर्द क्या होता है इसको पता भी नहीं चलता..... िश से बच के रहना दोनों वर्ण कच्चा चबा जाएगी ..... अह्ह्ह्हह अब मजा आने लगा है" ...... आर्यन के लौड़े पे आराम से कूदने लगी उसकी चूतड़ आर्यन की झाँगो पे फट्ट्ट्ट फैट की आवाज कर रहे थे......

गुल और बबिता ने एक दुसरे को देखा और बिना के लगे से लग गई बिना भी हास्के ," यह सब जानती हैं कविता मेरी ाची दोनों से दोस्ती है..... आर्यन मुझे अभी बहोत काम है मेरा हाथ छोड़ दे".

बबिता और बिना रिश्ते से भाभी और नन्द थी..... गुल के लिए बिना ने मार भी खाई थी दोनों का ख़ास रिस्ता था बिना से दोनों आर्यन के खून वाली नहीं थी पर प्यार दोनों को आर्यन अपनी जान से ज्यादा करता था.

आर्यन बिना से ," पहले एक किश दे मुझे और तुम दोनों अटैच्ड रूम में इंतज़ार करो में मामी से थोड़ा प्यार कर लूँ "..... आर्यन को बिना एक डीप स्मूच दी और आर्यन ने उसके पिछवाड़े पे एक चपत लगी.

बिना ने बबिता के कान में कुछ कहा तोह हसने लगी और उसके जाने के बाद दूर लॉक कर दी ...... आर्यन पूरी ताकत से कविता के दोनों चूतड़ थाम के छूट में धक्के मारने लगा टेबल भी हिल रही थी और कविता भी चीखिआ लगी अह्ह्ह्हह सीईईई ..... इतनी तेज नहीं अह्ह्ह्हह ...... सौर में मर गयी अह्ह्ह्हह्हह ..... हाँ मुझे ऐसे hi पेल अह्ह्ह्हह्हह "

बबिता गुल को हाथ पकड़ के ऑफिस के अटैच्ड रूम में ले गयी और गुल पीछे मुद मुद के देखा रही थी...... गुल को अंदर कर दूर लगा दिया लॉक नहीं किया था.

गुल पहली बार रूम में आयी थी," यह तोह पूरा बैडरूम है ऑफिसियल से भी बड़ा" ...... वह रूम को देखने लगी.

कविता की चीख काम हो गयी थी दूर बांध होते, बबिता," गुल तू एन्जॉय कर रही थी...... चिंता मत कर हमारी बरी भी आएगी यह सब तेरी वजह से हुआ ".

गुल ास्चेरए से ," मेरी वजह से..... मैंने गेस hi किया था आपका नाम.... मुझे क्या पता आप एक मेस्सगेस में आ जाएँगी...... आप बोले तोह में मन कर देती हूँ आर्यन को हम त्यार नहीं हैं "....... गुल इतना मासूम चेहरा बानी की वह तो बहोत इनोसेंट है.

बबिता हसने लगी ," यह मामी और भांजे के सामने हम टिक नहीं पाएंगे...... तेरी शादी के दिन hi कितने हुए हैं अभी तेरी मेहँदी भी नहीं उत्तरी हैं. रीता मामी की बात अलग है वह अमेरिकन नृ हैं उनके यहाँ सब चलता है..... में भी उनके साथ कम्फर्टेबले महसूस करती हूँ. कविता दीदी एक अलग hi मिटटी की बानी है वह जितनी सरीफ दिखती हैं, आर्यन के साथ उनपर जैसे भूतनी hi आ जाती है. दोनों टक्कर के हैं न वह काम न आर्यन काम ".

गुल सोचने लगी की बबिता भाभी मेरे बारे में क्या सोचती हैं यह तोह उनको खुल के बात करने से पता चलेगा पर गीता की क्लोज सहेली हैं तरय करती हूँ.

गुल बीएड पे बेथ कर बोली ," भाभी आप यह तोह नहीं सोच रही हैं की में दूसरे मजहब की हूँ और आप सुध पंडित हो ?"

बबिता का पारा चढ़ गया," एक थपड लगूंगी न तोह नानी याद आ जाएगी..... क्या कभी आर्यन ऐसा सोच सकता है कभी नहीं और में भी यह सोच नहीं सकती. आर्यन से जबसे प्यार हुआ है में अपने पति को भी पास नहीं आने दिया...... और तुझसे आर्यन कितना प्यार करता है तुझे बाटने की जरुरत कहाँ है...... आर्यन मुझे और तुझे एक सामन नज़र से देकते है और एक सा प्यार करता है...... जब उसकी नज़रों में हम एक जैसे है तोह तू धर्म बिच में क्यों लाती है. आज से यह समझ में तेरी बड़ी दीदी हूँ और तू मेरी छोटी भें है "...... बबिता गुल के पास बेथ गयी बीएड पे ......

गुल इमोशनल होकर गले लग गयी बबिता के और दोनों की आँखों में आसूं थे..... दोनों 2 मं रोई और दोनों एक दुसरे के आसूं साफ़ किये. गुल ," में आपको आज से दीदी hi बोलूगी ".

बबिता ने गुल का लेफ्ट गाल पे चुम ," तू मुझे भाभी क्यों बुलाती है हम दोनों सौतन हैं..... में गीता की शादी के बाद आर्यन से शादी करुँगी वैसे भी पति के नाम का सिन्दूर में आर्यन के लिए लगती हूँ और मंगलसूत्र भी पहनती हूँ ".

गुल ," में भी सिंदूर लगती हूँ बस छोटा सा और मंगलसूत्र पहने से रति माँ ने मन किया है गाओं में.... दिल्ली और मुंबई में पहन hi सकती हूँ. पर दीदी और लोग पूछेंगे तोह में क्या जवाब दूंगी ?"

बबिता प्यार से उसके सर पे हाथ फेरी," रति देवी और आर्यन के सामने किसकी हिम्मत है की तुझसे कोई सवाल कर तू बिंदास रह मुझसे आज तक कोई नहीं पुछा तोह तुझसे क्यों पूछेगा. हम सब हक़ से आर्यन की बीवियां हैं और अभी बाकी भी आने वाली हैं "...... hi hi hi hi .....

गुल ने हिम्मत दिखा के बबिता का होंठों पे किश किया ," थैंक्स दीदी "...... बबिता का रिएक्शन देखने लगी......

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बबिता जैसे प्रश्नवाचक की तरह पूछ रही हो किस ख़ुशी में तोह गुल ने अपने दोनों कंधे उचका दिए जैसे बोल रही हो ऐसे hi. पर बबिता समाज गयी की गुल आगे बढ़ना चाहती है लेकिन झिझक रही है तोह वह उसको बिस्तर पे पटक के उसके दोनों हाथ पकडे बिस्टेर पे लगा दिए. गुल ने यह एक्सपेक्ट नहीं किया था पर डिअर हो गयी थी .

गुल के ऊपर बबिता छाती चली गयी और उसके सुराख़ होंठों को किश करने लगी...... यह गुल के लिए नया अहसास था वह पहले बार किश लड़की के होंठों स्पर्श था गुल का बदन थार था गया और गरम तोह आर्यन की वजह से दोनों hi थी तोह वह भी रिस्पांस देने लगी..... पुछठ पुछहःछः चम्म्म्म चममम ....... ुहममममम ुहम्म्म्म मममममम ममममममम ......

बबिता ने उसके हाथ छोड़ तोह बिस्तर पे पलट के गुल उसके ऊपर चढ़ गयी और बबिता को बेहताश चुम्मे लगी ," पुछःह पुछहःहःहः ...... डीडीईई .....च्ममममम च्ममममम ..... आप कितनी अच्छी हो ...... ुंहःहःह ुंहःहःहः ुंहःहःहः ममममममम ..... बबिता में उसके दोनों खोलों को अपनी मुठी में दबा ....... सीईईईई सीईईई ..... डीडीईई ...... चुम्म्म्म...... umhhhaaa.....mmmmmm ...... ुंहःहःहः ...... "

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बबिता भी गुल का जोश देखकर किश का रिस्पांस ज्यादा मस्ती में देने लगी ," गुललललल तू बहोत मीठी है ....... ुंहःहःआ ...... पुछठ पुछहःछः...... चम्म्म्म चममम ...... दोनों यहाँ तक भूल गयी अपने मस्ती में आर्यन और कविता 15 मं की चुदाई करके रूम में आ गए थे और वह एक दुसरे में खोई हुयी थी वक़्त का पता भी न चला ......

दोनों एक दुसरे से अमरबेल की तरह लिपटी एक दुसरे के मोह में जइब दाल के चूस रही थी...... जइब चाट रही थी ..... थूक दोनों के मोह के ऊपर लगा था यानी थूक का आदान प्रदान कर रही थी...... दोनों के बाल और कपडे अस्त वस्थ थे पर आँखें बांध करके अपनी hi मस्ती में टिपिकल लेस्बियन को भी मात कर रही थी......

25 मं हो गए थे कविता मामी वाशरूम चली गयी थी बिना आवाज किये और आर्यन फर्श पे बैठा अपना लूणदा धीरे धीरे हिल रहा था वह भी लाइव शो जोह उसकी दोनों बीवियां दिखा रही थी पूरा एन्जॉय कर रहा था.

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गुल और बबिता अपनी तड़प आर्यन के उसकी अनुपस्थिति में एक दुसरे को कुछ रहत देने के अल्वा एक दुसरे के लिए घनिष्ट प्रेम का रास अपनी जिव्हा से अदन प्रदान करती इतनी सुध बुध में लीं हो गयी थी जब वाशरूम के फ्लश की आवाज आयी तोह दोनों को वास्तविकता का आभास हुआ.

बबिता गुल के ऊपर छड़ी हुयी थी और गुल की नज़र पहले अपने प्रीतम पे गयी तोह उसने आँखें बांध कर ली...... गुल का रिएक्शन देखकर बबिता ने अपनी गार्डन मोड़ के आर्यन को देखा वह भी अपना चेहरा गुल की गर्दन में छुपा लिया," आप को शर्म नहीं आती हमको छुप छुप कर देखते हो ".

आर्यन भी सीधा खड़ा हो गया ," वह मेरी बबिता डार्लिंग तुम दोनों अपनी मस्ती में मस्त हो और देखो मेरे हालत मामी मुझे मजधार में छोड़ के वाशरूम चली गयी ".

आर्यन अपनी बेचारगी का अफसाना दोनों को बता रहा था और अपना फौलादी लौड़ा बीएड पे लेकर उन्ह दोनों के करीब आ गया घुटनो के बल.

गुल हसने लगी और बबिता आर्यन पे तराश कहते हुए आर्यन के तोपची को सीढ़ी हाथ से पकड़ ली ...... " अरे मेरा बच्चा कितना भूखा है ..... आजा अपनी मुम्मा के पास "..... और आगये आकर उसके खड़े लौड़े का टोपा चुम ली " ुंहःहःमा "

गुल हस्ते हुए बबिता के निचे से निकल कर अपने घुटनो के बल बेथ गयी ," Hi hi hi hi ...... दीदी आप आर्यन की बातों में आ गयी, यह बहोत नौटंकीबाज है कितना ड्रामा कर रहा है..... hi hi hi hi " .....

आर्यन गुल को अपने सीधे हाथ से पकड़ के खिंचा और अपने चिपका के उसको लबों को चूमने लगा..... बबिता भी घोड़ी बनकर आर्यन के लौड़े को चाट ते हुए बोली," मुझे पता है यह ड्रामा कर रहा है पर यह इसका तोपची जरुरत से ज्यादा सख्त होकर अपनी हालात का बखान कर रहा है..... पुछठ पुछहःछः ..... आजा मैदान में हम अपने पति की सेवा करने से पीछे नहीं हैट सकते "...... यह बोल के बबिता आर्यन का टोपा पूरा मुँह में लेकर लॉलीपॉप के तरह चूसने लगी..... ुंहःहःहः..... सलूररररपपपपपप..... सलूररररपपपपपप .....

आर्यन के मुँह से आहें निकलने लगी जोह गुल को अपनी एक साइड से लगा के उसकी कमर पकडे हुए बबिता को घोड़ी बनकर लुंड चूसते हुए देख रहा था.

गुल आर्यन के फौलादी सीने पे अपना उल्टा हाथ फिरती हुयी आर्यन को देख रही थी.

वह आर्यन के चेहरे को अपने उलटे हाथ से अपनी तरह घूमी तोह आर्यन ने उसकी तरफ अपनी जीभ निकल के होंठों को चाट लिया...... गुल हस्ते हुए अपना मुँह खोल के आर्यन की जीभ चूसने लगी ....... च्ममममम च्ममममम..... ुंहःहःहः ुंहःहःहः..... मममममम...... ममममममम......

( आर्यन अपनी बीवियों को ेम्बरसेद नहीं करना चाहता था जब वह एक दूसरे को किश कर रही थी, वह अपनी बिचारिगी दिखा के दोनों को थ्रीसम में लिपित करने की कोशिश कर रहा था लेकिन उसको अब कोई संशय नहीं था बस एक शर्म की चादर हटने की देरी थी. )

गुल आर्यन की जुड़वाँ बहेनो के क्लोज थी पर 3 जुड़वाँ भें और आर्यन का एक अलग समूह था जिसकी परिधि में कोई आने की चेष्टा भी नहीं कर सकता था...... गीता, दीप्ति और जाने हॉल क्लोज थी गुल को एक्सेप्ट कर ली थी पर उनके ग्रुप में गुल को अटैच्ड करने की आर्यन की भी हिम्मत नहीं थी......

रह गयी बबिता जोह गुल की hi तरह थी और नेचर भी दोनों का शामे था, बबिता और गुल का पास्ट भी बड़ी यतनों से गुजर था लेकिन आर्यन को जिंदगी में दुबारा पा के उनके सारे दुःख दर्द hi नहीं मिठे थे बल्कि अब ज़िंदगी में खुशियां hi खुशियां थी जोह दोनों हाथो से वह बटोर रही थी.

महिमा को गुल अपनी hi बेटी तरह प्यार करने लगी थी और उसको रेडी करने से लेकर सारे काम बबिता को भी नहीं करने देती थी. यह वजह थी गुल और बबिता काफी नजदीक आ गयी थी कुछ hi दिनों में.

गुल आर्यन से हटकर बबिता के कपडे खोलने लगी तोह बबिता के सूंदर बदन की तारीफ करने से भी न रुकी ," दीदी आपके हुस्न का दीदार करके में आप से जलने लगी हूँ..... आर्यन दीदी इतनी सुन्दर है तभी तू ने अपनी बीवी बना लिया है क्यों?"

आर्यन बबिता की तारीफ करते हुए बोलै," मेरी बबिता डार्लिंग सूंदर इतनी है की जितनी तारीफ करूँ काम है पर दिल में पहली नज़र में hi हार गया था और दुनिया से लड़कर अपनी बीवी बनने का सौभाग्य मिला ...... ी लव यू बबिता डार्लिंग".... और अपना लुंड उसके मुँह से निकल के उसको अपने से लगा कर चूमने लगा.

कविता अपने रूम में कपडे पेहेन कर आ गयी ," हमारी बबिता लाखों में एक हैं पर तेरी दूसरी मैना यह गुल क्यों कपडे पहनी है इसकी भी बेपर्दा कर दे न..... बबिता में जा रही हूँ बच्चे अकेला हैं, गुल दूर बांध कर ले ".

बबिता के दूध पीने के लिए आर्यन उसकी चूचियों को चूसने लगा वहीँ कविता के साथ गुल ऑफिस के दूर तक आयी..... कविता," गुल बिंदास प्यार करना आर्यन को अब तू उसकी बीवी है बाकी सब बाद में बनेगी और बबिता को साथ रखना वह तेरी ाची सहेली बन गयी है तोह मज़े लो यहाँ को डिस्टर्ब नहीं कर्ज रात तुम्हारी है hi hi hi hi ".

गुल पहले दर गयी नंगी होने की बाद सुनकर पर कविता भी जानती थी कुछ टाइम की बात है दोनों बिंदास प्यार कार्नेगी आर्यन से और कम्फर्टेबले भी होंगी..... गुल ने कविता को गले लगा ," थैंक्स मामी जी ..... आप बहोत बोल्ड हैं ".

कविता ," पता हैं मुझे..... आर्यन को में िश रूप में पसंद हूँ और हनीमून पीरियड है तेरा एन्जॉय कर आर्यन को पकड़ के रख वर्ण यहाँ लिस्ट लम्भी है और तुम दोनों शर्माती hi रह जाओगी..... दूर लॉक कर ले ".

कविता मामी के जाते hi गुल ने हवेली के ऑफिस का दूर लॉक किया और साइड अटैच्ड रूम में आकर दूर लॉक कर के वाशरूम में आ गयी यह देखते हुए आर्यन बबिता की चूची से दूध पि रहा है बीएड पे सीधा लेत के और बबिता अपनी दोनों झांगों को भींच कर उसके मुसल पे अपनी फूडी रगड़ रही है अह्ह्ह्हह अह्हह्ह्ह्ह की आवाज निकलते हुए.

वाशरूम में अपनी साड़ी और सारे कपडे निकल के एक घेरि सांस लेकर आँखें बांध करके टॉयलेट सीट पे बैठकर सोचने लगी," क्या में सही कर रही हूँ? (उसके दिल से आवाज आई ) हाँ अब तू आर्यन की बीवी है उसने विधि वधान से शादी की है तेरे साथ अगर वह चाहता है की में अपनी दूसरी बीवी और मेरे साथ हम बिस्टेर हो तोह वह गलत नहीं है...... में भी कविता मामी की तरह बिंदास बनूँगी और आर्यन की अच्छी बीवी नहीं सबसे अच्छी बीवी बानगी ".

10 मं हो गए थे बबिता भी अपनी छूट आर्यन के लुंड पे बहार से रगड़ के एक बार झाड़ गयी थी, उसने hi बोलै था की आर्यन को पहले गुल को छोड़ना फिर में छुडवांगी.....

बबिता ," डार्लिंग के बार देखर आयो गुल काया कर रही है काफी देर से वाशरूम गयी वार्ना में अपनी छूट में पहले तोपची को दाल लुंगी "..... आर्यन तोह कुछ सुन hi नहीं रहा था बबिता का दूध उसको बहोत दिन बाद मिल था वार्ना उसकी बेटी छोटी माहि अपनी माँ के चूचियों को छोड़ती नहीं थी सारा दूध पी जाती थी और कविता मामी का भी.

बबिता ने आर्यन का मुँह अपनी चूची से निकल लिए और एहि बात दोहरी तोह आर्यन उसको अपनी गॉड में लिए उसकी चूची को पकड़ते हुए बोलै ," कहाँ जायेगी अपनी छूट त्यार कर रही होगी लुंड लेने के लिए".

बबिता उसके गाल पे चपत लगी ," बिल्ली को ख्वाब में चिच्दे hi दीखते हैं"..... hi hi hi hi .....

गुल वाशरूम का दूर नहीं बांध की थी बस मिला दी थी और अपनी छूट धोकर नंगी बहार आने वाली hi थी दोनों को सरप्राइज देने के लिए...... आर्यन में हा बोल करके डरा दिया ...... गुल डरके पिचि गिरती िश पहले आर्यन ने उसको अपने दुसरे हाथ में पकड़ के उठा लिया ...... 'अम्मीईईईई '

हां हां हां ..... hi hi hi hi ..... गुल दर गयी थी और आर्यन के लेफ्ट साइड से चिपका गयी..... राइट साइड में आर्यन ने बबिता को एडजस्ट कर लिया था.....

रूम में आकर आर्यन दोनों को नंगी उठए हुए बोलै," में न कहता था बबिता डार्लिंग हमरी गुल बेगम बहोत बिंदास लड़की है..... वह हमको सुरप्रीसेड कर देगी..... माय बेबी दर गयी में मजाक कर रहा था पुछठ पुछहःछः..... चम्म्म्म चममम ...... "

गुल का संगमरमर जैसा नंगा बदन देखकर बबिता की बोलती बांध हो गयी थी वह मैं hi मैं गुल के हुस्न की तारीफ के कसीदा पढ़ने लगी.....

पठानी हूर ,गुल, का जिस्म सांचे में दहला हुए था और फिग इतना जबरदस्त की न 1 इंच काम न ज्यादा..... लेफ्ट निप्पल और अरेओला एकदम पिंक दीखते थे.

गुल ," आर्यन तुम बहोत बुरे हो मुझे दर दिया और दीदी के सामने बेलिबास पाकर मुझे बहोत शर्म आ रही है "..... अपना चेहरा आर्यन की गर्दन में छुपा लिया.....

बबिता स्माइल करते हुए बोली ," गुल हम भी तोह ऐसे hi नंगे है तुम्हारे सामने लेकिन मन्ना पड़ेगा की सच्ची में जन्नत की हूर हो...... किसी मिटटी की नहीं तुम सुंदरता की मूरत hi हो ".

गुल के गाल ज्यादा सुर्ख हो गए थे पर आर्यन से चिपटी हुयी बोली," दीदी मुझे आपका बदन ज्यादा सूंदर लगता है में बस ज्यादा गोरी हूँ लेकिन मादकता आपके बदन में ज्यादा है ".

आर्यन ," अरे मेरी बुलबुल और मेरी मैना तुम दोनों एक साथ मेरी बाँहों में एक अप्सरा और दूसरी हूर लगती हो वह देखो ऐना भी तुमसे जल रहा है ".

वाकई जब तीनो आईने में नंग ढंग जब देखे तोह आर्यन का खड़ा तोपची उनको सलूट करने लगा अपनी पूरी ताकत तगड़े का अहसास दिलाते हुए......

तीनो हसने लगे और बबिता ने गुल को आँख मरी और 1 2 3 कहते हुए दोनों अपने सामने वाले एक एक हाथों से तोपची को पकड़ ली ," यह हैंडपंप क्यों उखड के लग रखा है ?" ......

बबिता यह बोली तोह गुल कहाँ पीछे रहती ," बिल्लौटा hi बोल दो दीदी कितना प्यारा है पर हमको चिर के रख देगा ".

आर्यन ने चलके दोनों को गॉड में उठा रखा था और बीएड पे चढ़ के अपनी एक एक तगड़ी झांगों पे बिठा के बोलै," यह तुम्हारा अपना hi है बस प्यार करो इश्को तोह प्यार hi मिलेगा "......और बरी बरी से दोनों को चूमने लगा..... कमल hi हो गया दोनों लुंड पकड़े अभी भी बैठी थी पर छोड़ने का नाम hi नहीं ले रही थी......

आर्यन ," अरे मेरी डार्लिंगो अब तोह छोड़ दो"..... दोनों लुंड छोड़ दी ...... " गुल डार्लिंग बबिता चाहती है की में तुम्हे पहले प्यार दूँ "........

गुल बिंदास बोली ," में तोह आप दोनों से प्यार करुँगी मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है...... एहि सुन्ना चाहते थे ना आप ?"

गुल को अभी पता नहीं था की आर्यन और बबिता कितने जबरदस्त चुदकड़ हैं...... बबिता महिमा के पैदा होने से आर्यन से ऐसी चूड़ी बिलकुल बेशरम बनकर..... रीता और कविता मामी को पूरी टक्कर देती थी तीनो आर्यन से चुदती थी. गुल का फर्स्ट एक्सपीरियंस था और बबिता भी उसको सपोर्ट hi करने वाली थी.

दो की निघा मिली तोह आर्यन ने गुल को बीएड धकेल दिया और बबिता के साथ गुल को दबोच के आर्यन गुल को किश करने लगा और बबिता गुल की 36 साइज की परफेक्ट चूचियों के छोटे छोटे पिंक निप्पल्स दबते हुए खड़े कर दी और राइट चूची को पूरा में भर कर चूसे लगी ....... लेफ्ट चूची को नरम करते हुए दबने लगी ......

आर्यन एक से हाथ पकडे हुए गुल के, अब उसके मुँह में अपनी जीभ से उसकी जीभ टच करते हुए उसकी लाल मुनिया का दान ढून्ढ के रगड़ने लग उसकी छूट को सहलाते हुए ......

गुल पहले तोह अचंभित हुयी पर 1 मं के अंदर उसको मजा आने लगा उसने भी अपना बदन ढीला छोड़ दिए और चरों तरह से हमला उसको दूसरी दुनिया में लेजाने से रोक नहीं पायी......

बबिता उसकी चूचियों को ऐसे चाट रही थी जैसे उसमे सेहद लग हो..... गुल की नेचुरल स्मेल और टास्ते बबिता को बहोत पसंद आया..... रीता और कविता मामी का टास्ते डिफरेंट था पर सायद गुल नॉनवेज कहती थी इसकी वजह से या कोई बात थी परन्तु गुल उसको बहोत टेस्टी लगी..... और यह भी अंदाजा हो गया की उसकी छूट की खुसबू और स्वाद पक्का उसको ज्यादा अच्छे लगेगा......

आर्यन जब किश तोड़ता जब गुल की सांस फूल जाती उसके चेहरे को छाते के चूस के फिरसे उसकी जीभ चूसने लगता ...... गुल की छूट लगतार बह रही थी और जितनी पानी आज छोड़ रही थी उतनी उसकी छूट कभी नहीं छोड़ी थी ...... अह्ह्ह्हह भरते उसकी बदन की थिरक और कंपकपी देखने वाली थी......

आर्यन ने उसके हाथ छोड़े तोह एक हाथ से आर्यन का सर दबते हुए किश करती और बबिता के बालों को सहलाती हुयी अपनी चूचियां उठा उठा के ुष मुँह में दाल रही थी ......

गुल का सरीर कितना झेलता वह चरों तरफ़ा हुम्ला ना झेल सकीय..... उसका बदन ऐंठ गया और भल भला के उसकी छूट झड़ने लगी ....... आर्यन ने उसका मुँह छोड़ दिया और लेफ्ट कान में जीभ दाल के कुरेदने लगा ," अम्मीईईई में मार जाओगी अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह दीदी ..... ारयणणणणण..... सीईईई ...... अह्ह्ह्हह्हह ..... अम्मीईई ...... दीदी में गयी ...... "

बबिता और आर्यन उसको छोड़ दिए और गुल का बदन सहेलते हुए नहीं पोस्टिव ले लिए...... गुल अपनी सांसें दुरस्त कर रही थी बीएड पे निढाल होकर और आर्यन उसकी छूट का रास चाटने लगा ," मत कर यार मुझे तेरा मुसल चाहिए अह्हह्ह्ह्ह आर्यन ...... चाट ले भेंछोड़ड़ड़ड़ "

बबिता है कर ," बात तोह तेरी सही है भेनचोद तोह आर्यन है पर आज कल सारू मम्मी की छूट में घुसा रहता हैं क्यों स्वामी जी "...... hi hi hi hi .....

आर्यन अपना चेहरा उठा के बोलै जिसपे गुल का छूट रास लग हुआ था ," सारू मम्मी, डैडी के जाने के बाद अकेली हो गयी है"..... और अपना लौड़ा गुल की छूट के ऊपर घिसने लगा बबिता उसका चेहरा से बचा कुछ गुल का पानी चाटने के बाद अपनी टंगे खोल कर गुल के चेहरे के आजु बाजु पोस्टिव बन ली....... " सारू को डैडी की याद न आये इशलिये ज्यादा वक़्त देता हूँ "...... दोनों भी समझ गयी आर्यन पक्का मादरचोदों है अपनी सगी माँ को डेली छोड़ता है और हमको एक्सप्लेन ऐसे कर रहा है की जैसे पुत्र का काम कर रहो हो.....

बबिता ने अपनी छूट का चीरा गुल को दिखा जैसे पूछ रही हो कैसा है..... बबिता की पहली छूट थी जिसको गुल ने पहले सुंघा और जीभ से चाहता..... "अह्ह्ह्हह गुल चाट ले मेरी भें तू बहोत अच्छी है siiiiiiiiiiii ".......

आर्यन अपना मुसल लौड़ा गुल की छूट के सुराख़ पे फिट करके हुए बोलै ," त्यार हो जा गुल बेगम मेरा शेर तेरी पहाड़ देने वाला है "......

गुल रिक्वेस्ट की ," आर्यन प्लीज आराम से डालना मेरे मुँह से गली निकल गयी..... सॉरी यार "......

बबिता ने गर्दन घुमा के कहा ," बच्ची को क्यों दर रहा है तू हमरी पहाड़ के तुझे क्या मजा आता है मेरे पतिदेव ...... हम तोह तेरी अपनी हैं आराम से डालना".

आर्यन हँसा और गुल की चूची को बारी बारी चूमा और धीरे धीरे अपना मुसल डालने लगा..... गुल की चीख निकलने से पहले बबिता भी अपनी छूट गुल की मुँह से भिड़ा दी ," चकले मेरी जान मेरे छोटी भें मेरी छूट को .... गुल बस हो गया पूरा अंदर चल गया..... अह्ह्ह्हह्हह साबास ...... "

आर्यन बाज न आया ...... 4 धक्के में अपना परचम छूट की जड़ तक भेद के मन ...... गुल को दर्द हो रहा था पर सहना पड़ा आखिर लौड़ा hi इतना विशाल था पर आर्यन ने पहले hi पूरी छूट खोल दिया था गुल की कई बार ले कर ...... दर्द में मजा उसने ढून्ढ लिया था बबिता की छूट का रास पीते हुए......

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आर्यन हलके हलके धक्के मरने लगे और गुल की एक हाथ से चूचियां सहलाने लगा और छूट के दाने को भी दुसरे हाथ की ऊँगली से घिसने लगा ...... "अह्ह्ह्हआ दीदी ...... आपकी फूडी बहोत टेस्टी है ...... अह्हह्ह्ह्ह ारयणणणणण आराम से यार ...... एक तोह तेरा लुंड घोड़े जैसा है ुंहःहःहः ...... और तू मुझे दीदी की बुर को टास्ते करने दे ...... अह्ह्ह्हह्हह "

बबिता भी नयी जीभ का मजा अपनी छूट में ले रही थी और अपनी चूचियां भी दबा रही थी...... आर्यन अपने कमर आगे पीछे करके लुंड गुल की छूटे में पेल रहा था ," मेरी जान मजा आ रहा है ...... और ताकत से पलों क्या ?"

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गुल अपना मुँह हटा कर ," नहीं यार पहले में एक बार झाड़ जॉन तब स्पीड बढ़ देना ".....

गुल की एक बात नोटिस की बबिता ने की आर्यन को वह कण्ट्रोल करके रखती थी और मजे लेकर चुदती थी ऐसा बबिता को लगा..... हाँ वैसे भी दोनों बचपन के दोस्त हैं टोनिंग होगी.

10 मं. बड़ा बबिता के छूट से पानी निकल गया तोह वह हैट गयी दोनों के ऊपर से और आर्यन को गुल को चूमने का मौका मिल गया तोह गुल अपनी बाँहों में लेकर बबिता का छूट रास आर्यन को पीला रही थी और आर्यन भी स्पीड से धक्के पे धक्के मरने लगा...... ुहममममम ुहम्म्म्म मममममम ममममममम....... हूंणणन्न .......

आर्यन खुद पलट गया गुल को अपने ऊपर लेकर और निचे से धक्के मारने लगे और गुल आर्यन का साथ देकर उसके बालों में ऊँगली फेर टी हुयी किश करती रही ......

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पूछ पुछठ मेरे ारयणणणणण ...... पुछठ पुछहःछः .... मेरे पाटीईई ...... च्ममममम च्ममममम ी लव ोुउउउउउ ..... " आर्यन भी अपनी धुन में लगा रहा गुल को छोड़ते छोड़ते.....

बबिता उठी और फ्रेश होने वाशरूम में चली गयी ......

आर्यन छोड़ते हुए बोलै ," यार तू अपनी गांड कब दे रही है...... अब तोह गाओं भी आ गए हैं ........ प्लस एक बार दे देना ".

गुल आर्यन के धक्के झेलती हुयी बोली," आज नहीं कल ले लेना पर पहले मुझे हॉस्पिटल का रास्ता भी बता देना ..... पुछठ पुछहःछः ुंहःहःहः ुंहःहःहः ".

आर्यन ," कुछ नहीं होगा मेरे जान प्यार से लूंगा बस रेडी रहना "...... थप्प्प्प्प थप्प्प्प्प ...... और कमर उठा के धक्के मरने लगा और 10 मं तक नॉनस्टॉप चुदाई करके hi झाड़ा एन्ड मोमेंट पे गुल को अपने निचे करके धक्के मरते हूँ..... गुल गिनती रही 15 पिचकारी मार के विरए भर दिया तोह अहसास हुआ की पूरा डायरेक्ट ट्रांसफर कर दिया मेरी बच्चेदानी में .....

गुल भी 5 बार झाड़ गयी थी वह आर्यन के कान में खुश होकर बोली ," आर्यन मुझ एक महिमा जैसी बेटी चाहिए ". ......

आर्यन हँसा और उसके लबों को पहले खूब चूसा और बोलै ," सब लड़के के लिए तरसते हैं बेगम तुझे लड़की चाहिए ?"

" यार में कुछ मांग रही हूँ न वही दो मुझे प्लस यार मन मत करना"..... गुल ने अपनी टाँगे आर्यन के पिछवाड़ा बे बंधी ताकि वीर्य उसके अंदर hi जाये......

आर्यन ," अरे यार मेरे हाथ में है क्या पहले तुम प्रेग्नेंट तोह हो जायो ..... लड़की और लड़का जोह होगा वह हमरा hi खून होगा तुम बस ऊपर वाले से दुआ करो की वह स्वस्थ हो अंडरस्टैंड "......

आर्यन के सीने पे चुम के बोली ," मुझे बस बेटी hi चाहिए फिर बेटे दे देना ".

आर्यन है के ," कितने बच्चे चाहिए "?

गुल सोचने लगी फिर बोली ," बस 2 एक लड़की और फिर एक लड़का "..... फूव्वे

आर्यन ," Ok बेबी फ्रेश हो लें फिर 2ंद राउंड होगा और तुम दोनों खुल कर साथ डौगी "...... पुछठ पुछहःछः ......

बबिता फ्रेश होकर आयी तोह आर्यन और गुल भी 5 मं ने आ गए......

दूसरा राउंड में बबिता के ऊपर गुल और आर्यन उसके बदन से खेलने लगे.....

बबिता दोनों के बिच में थी तीनो करवट एक लाइन में बीएड पे थे..... आर्यन उसके पीछे से लिप्त उसकी एक चूची से दूध पी रहा था और गुल उसके आगे से उसको किश कर रही थी..... बबिता की बुर में ऊँगली करती हुई गुल उसके चेहरे को चाटने लगी हर जगह कान , गाल और गर्दन पे हलकी बाईट करती हुयी उसकी दूसरी चूची को मुँह में भरा.

तो स्माइल के साथ दूध का टास्ते करती अब निप्पल को छोड़ कर बबिता के अरेओला और चूची को चाटने लगी.....

बबिता ," अह्हह्ह्ह्ह गुल तुझे दूध अच्छा नहीं लगा?" ..... आर्यन भी अपनी तरफ की चूची छोड़े कर गुल को देखा तब गुल बोली ," हमारी बेटी और आर्यन का हक़ है आपकी छातियों पे..... हाँ मुझे टास्ते अच्छा लग पर में भी जब माँ बनोगी तोह आपकी तरह hi आर्यन को और मेरी बेटी को दूध पिलाऊंगा"..... hi hi hi

गुल निचे खिसकी और बबिता के पेट को छाती अपनी जीभ से उसकी रास छोड़ती योनि पे अपनी जीभ फिरा के चाट ने लगी ...... बबिता हाय हाय करते हुए अपनी दोनों झांगों में गुल का सर पे दबा ली.

आर्यन ने बबिता को सीधा किया और उसकी दूसरी छाती से दूध पीने लगा और गुल को बबिता की छूट इतनी भ गयी की वह एक ऊँगली से छूट में ऊँगली करती हुयी बबिता की योनि की खुदी करती छूट रास को पीने लगी ..... " सलूररररपपपपपप सलूररररपपपपपप.... दीदी आप की फूडी बहोत टेस्टी है ..... पुछठ पुछहःछः ...... आज आपकी बुर नहीं छोड़े वाली ..... पुछठ..... सलूररररपपपपपप सलूररररपपपपपप..... ममममममम ममममममम ..... "

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आर्यन ने दूध पीकर दोनों को 69 की पोस्टिव में करते हुए यानी गुल और बबिता एक दूसरी की बुर चाटने लगी और अपना मुसल लौड़ा बबिता की छूट में पेल दिया 3 hi धक्कों में ..... गुल में बबिता का सर अपनी झाँगो के बिच जकड लिया तोह वह हिल नहीं पायी जब आर्यन ने अपना किल्ला छूट में थोक दिया.....

गुल नजदीक से आर्यन का मुसल भेदना बबिता की फूडी में देखकर हिल गयी ," िश तरह hi आर्यन मेरी छूट को पहाड़ देता है दीदी को कितना दर्द हुआ होगा "...... आर्यन गुल को उठा के किश किया और उसकी चूचियां को चूसने लगा ...... गुल भी अपनी फूडी बबिता को चाटवा रही थी और वह भी जैसे उसकी छूट में मलाई ढून्ढ रही हो ऐसे चाट और कुरेद रही.....

आर्यन के मजे hi मजे थे उसकी बीवियां खुल कर साथ दे रही थी...... आर्यन कभी बढ़ भाव नहीं करता था वह अपनी बीवी को सगाई की पहेली रात उनके नाम कर दिया था ताकि उनकी छूट में मीता मीता दर्द होता रहे......

सारू भी जानती थी उसकी बीवियों का हक़ पहले है ..... मेरी खैर नहीं वह मेरी बून्द के पीछे लगा हुआ है. सारू भी अपनी माँ रति के साथ सोने वाली थी आर्यन से बचने के लिए.

आर्यन एक बार बबिता का पानी निकल कर पोस्टिव चेंज किया और दोनों को एक दुसरे के ऊपर लिअत कर दोनों की छूट में हर 2 मं में बदल देता..... कभी बबिता की चीख सुनाई देती अह्हह्ह्ह्ह ारयणणणणण आराम से ....... कभी गुल की सीईई अम्मीईई एक बार में दाल दिया हैईईई ......

आर्यन भी दूसरी की छूट में ऊँगली करते हुए लूसे करता ,"मेरी रानियों की फूडी इतनी टाइट है की साला में लूसे करता हूँ दूसरी टाइट हो जाती है 2 hi मं. में "......

दोनों चूमती हुयी आर्यन की तारीफ सुन्न रही थी ...... 20 मं तक यह दौर चला और अब पोजीशन चेंज करके दोनों उसको चित लेता के उसकी सवारी करनी...... कभी गुल उसके लुंड की सवारी करती और बबिता अपनी छूट आर्यन के मुँह पे रखती और कभी बबिता सवारी करती..... आर्यन नहीं थक रहा था पर दोनों थक गयी िश सेशन में जोह 1 घंटे चला......

आर्यन लागतार पहले बबिता को 5 मं तक नॉनस्टॉप छोड़ा और उसकी छूट में 6 पिचकारी मारी फिर गुल की छूट में 7 पिचकारी मार के झाड़ा...... 5 मं बाद थक के फ्रेश हुए और दोनों आर्यन से चिपट के सो गयी नंगी hi और 30 मं बाद आर्यन अपने ऑफिस को लॉक कर 2:3ो बजे रति के रूम में घुसा दूर लॉक करके...... तोह सारू भी अपनी माँ के साथ सोई हुई मिली ...... आर्यन मैं hi मान मुस्करा ...... ?????

तो बे कॉन्टिनोएड ......

(नेक्स्ट 3 part में जोह 45 अपडेट का आखरी part होगा)

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अपडेट 45 (स)

सारू और रति को रात के 2 बजे hi नींद आयी थी बातें करते हुए...... रति के रूम में आर्यन जब बीएड के पास आया तोह उसके कंधे पे कोई हाथ रखा..... आर्यन पलटा तोह मीणा को देखकर उसकी स्माइल और बढ़ गयी.....

मीणा ने उसको चुप रहने का इशारा की और बहार ले गयी आर्यन को कुछ समझा नहीं आया की रात के 2:30 बजे मीणा उसको रूम के बहार क्यों लायी. रति का दूर क्लोज्ड करके वह धीरे से बोली," भाई तू बेसमेंट में चला जा गीता और दीप्ति इन्तजार कर रही हैं ".

आर्यन ," पर माँ ने मन किया है न..... और में उसके पास hi सो जाऊंगा मेरी प्यारी भें ".

मीणा समझ गयी रति तोह बहाना है पक्का सारू मम्मी की लेने वाला है और वह भी दूर खोल के राखी हैं की आर्यन उनके पास जरूर आएगा.....

मीणा ने प्यार से कहा ," दोनों बस एक बार तुझे से मिलना चाहती हैं भाई, ऐकले में तुझे बहोत याद कर रही हैं दोनों".

आर्यन फास गया था एक तरफ सारू की सेक्सी अस्स थी दूसरी तरफ उसकी दिलरुबा की पुकार तोह जीत हुयी उसकी प्रेमिकाओं की और आर्यन ने मीणा को किश किया ," जाता हूँ मेरी भें तू भी सो जा ".

आर्यन अपने रूम से सीक्रेट रूम में गया जहाँ उसके 3 बच्चे और लीला व् कविता मामी सो रहे थे ...... बिना आवाज किये बेसमेंट में गया लिफ्ट से और जहाँ डेटोनेटर राइडर थी. उसके साइड केबिन में उसको दीप्ति और गीता इंतज़ार करती मिली.

दोनों के हाथों पे मेहँदी रची थी, आर्यन को देख कर दोनों दौड़ के उसके पास आकर गले लग गयी. आर्यन भी खुश हुआ उनको गले लगा," है है है माँ ने देख लिया तोह मेरी सहमत आ जाएगी..... वैसे एक दिन की तोह बात थी ".

दीप्ति आर्यन को किश करते हुए बोली," माहि आज हमारे लिए बहोत बड़ा दिन हैं बस एक बार तुमको गले लगन था और तुम्हारा आशीर्वाद भी लेना था".

गीता ," में तोह दीप्ति के साथ आ गयी पर तू इतना खुश नहीं दिख रहा है बात क्या है ?"

आर्यन हँसा और गीता का गाल चुम के बोलै ," तुम दोनों hi मेरी दिल की धड़कन हो फिर में कैसे तुमसे दूर रहा सकता हूँ बस माँ ने माना किया था पर में खुश हूँ चोरी छुपके तुमसे मिलके " ...... hi hi hi .....

आर्यन दोनों के अपने साथ कमर में हाथ दाल के केबिन में ले गया और केबिन का दूर लॉक कर दिया..... केबिन 10×8 मीटर का और डेटोनेटर के मैं कण्ट्रोल पैनल के लिया था. एक चेयर और कुर्सी पड़ी थी और केबिन की लाइट को ऑफ करके बस एक लेद ऊपर उनके सर पे जल रही थी. आर्यन ने दोनों को टेबल पे बिठाया और खुद चेयर पे बैठा.

आर्यन ," तोह मुझे अपनी मेहँदी का डिज़ाइन दिखो जिसकी ाची होगी उसको गिफ्ट दूंगा "...... और हसने लगा.....

दोनों ने झट से हाथ आगे कर दिए..... दिखने तोह मेहँदी hi आयी थी लेकिन आर्यन को बहाने से बलि थी मीणा को कहे कर..... आर्यन 1 मं तक देखता रहा गौर से फिर बोलै ," गीता की मेहँदी का डिज़ाइन मुझे ज्यादा ाचा लगा और दीप्ति की मेहँदी ज्यादा घेरि रची है पर मुझे दोनों अच्छी लगी"...... और दोनों के हाथों को बारी बारी से चुम लिया.

गीता खुश हो गयी और आर्यन के गले लग गयी ," सच्ची तुझे ाची लगी में तोह ऐसे hi बनवा ली थी"..... पुछठ पुछहःछः पुछठ ..... आर्यन को किश करने लगी ...... आर्यन भी उसकी बेकरी देखकर उसको अपनी गॉड में खिंच लिया और किश करने लगा..... चम्म्म्म चममम ुहममममम ुहम्म्म्म मममममम ममममममम .....

दीप्ति अपनी बारी का इंतज़ार कर रही थी तोह आर्यन ने उसकी कमर में हाथ दाल के अपने से चिपका लिया..... वह आर्यन के लेफ्ट कान को चूमने लगी..... जब गीता की सासें फूलने लगी तोह दीप्ति को चूमने लगा ...... वह भी इतनी उतावली होकर उसको चूमने लगी की बरसों की प्यासी है ...... ुंहःहःहः ुंहःहःहः ममममममम ममममममम ममममममम ......

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फिर जब दीप्ति की सांसें फूले लगी तोह आर्यन के होंठों पे गीता टूट पड़ी और किश करने लगी..... आर्यन एक के होंठों को छोड़ता तोह दूसरी उसको किश करने लगती..... यह करम तब तक चला जब तक केबिन पे नॉक नहीं हुयी.

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गीता ने टाइम देखा 20 मं पूरे हो गए थे तोह आर्यन दीप्ति को किश कर रहा था ..... उसने दीप्ति को बोलै ," टाइम उप वार्ना मीणा नाराज हो जायेगी ".

दीप्ति ने आर्यन को लास्ट बार किश किया और दोनों उसकी गॉड से उठ गयी दीप्ति," थैंक्स माहि हमको इतना प्यार करने के लिए "........ और जाने लगी .....

आर्यन खीज कर बोलै ," ओह hello तुम को में चुटिया लगता हूँ किश की और चली गयी मेरा जोह खड़ा हो गया है उसका क्या ?"

गीता ने केबिन का दूर खोला ," Bye आर्यन स्वीट ड्रीम्स "

दीप्ति ," वे मिस यू माहि".

आर्यन देखता रह गया और मीणा के साथ दोनों चली गयी..... उसका कलपद हो गया था [img=22x0]

आर्यन 3 बजे अपनी दोनों माँ के पास रूम में गया और सारू को देखकर उसने अपना इरादा कैंसिल किया मम्मी को दर्द होगा. अपना कुरता पजामा उतर के दोनों के बिच में लेत गया..... सारू को अपनी बाँहों में उठा के अपने सीने पे लेफ्ट साइड सुला और रति को भी दूसरी साइड अपनी ऊपर.

दोनों नींद में कुनमुन कर उसके सीने पे सो गयी आर्यन भी आँख बंद कर के लेत गया और हलकी थपकी देकर दोनों को सुलाने लगा.....

5 बजे रति के रूम में अणि आयी तोह देखा की दोनों आर्यन के ऊपर चिपक के सो हुयी थी और दोनों एक एक हाथ अंडरवियर में था..... तीनो के ऊपर चादर थी.

अणि को शरारत करने की सूजी वह आर्यन के पास आकर कान में "कुकुदूंकू" चिल्लाई ...... आर्यन झट से जाग गया और दोनों उसकी माँ, मम्मी भी जाग गयी ..... hi hi hi hi .....

अणि दूर हैट गयी थी और हसने लगी ,"गुड मॉर्निंग भाई "...... hi hi hi hi .....

दोनों ने झट से आर्यन की खड़े लुंड से हाथ खिंचा अंडरवियर में से और शर्मा लगी. आर्यन मुस्कुराते हुए बोलै ," वैरी गुड मॉर्निंग..... अणि बच्ची अब तू नहीं बचेगी में रेडी होकर आता हूँ".

अणि ट्रैकसूट और जोग्गेर्स शू पहनी हुयी थी उसको जीभ चिड़ा के बहार भाग गई. आर्यन पहले रति के गाल पे किश और सारू को पलटा जोह अपना चेहरा चादर में छुपा ली थी करवट बदल के और बोलै ," घूंघट के पैट खोल दे तुझे पीया मिलेंगे "..... गुड मॉर्निंग सारू मैडम "..... और उसके चेहरे से चादर हटा के लबों को किश किया.....

सारू उससे दूर हटा कर बोली," की ब्रश कर ले तेरे मुंह से बदबू आती है "..... hi hi hi hi .....

रति अभी भी शर्म से गाड़ी जा रही थी "की सारू भी आर्यन के लुंड को पकड़ी हुयी थी जैसे मेने पकड़ा था नींद में".....

आर्यन हसकर ," में डेली क्लोज़अप करता हूँ 24 हरष की प्रोटेक्शन वाला..... आप के मोह की स्मेल है "..... है है है है .....

सारू चीड़ के ," जा अणि के साथ मॉर्निंग वाक पे "....

आर्यन," पहले अपनी माँ को प्यार कर लूँ" और रति की तरफ खिसक के अपनी बाँहों में ले लिए ," गुड मॉर्निंग maa.....meri मॉर्निंग किश नहीं दी ".....

रति भी झट से उसके लबों को किश की," जा अभी अणि फिर आ जाएगी "..... सारू स्माइल कर रही थी ......

आर्यन भी बीएड से उतर और अपना अंडरवियर उतर कर नंगा hi बाथरूम में घुस गया दोनों उसके फौलादी लौड़े के दर्शन करके सरीर में झुरझुरी महसूस करने लगी..... रति ने सारू की तरफ देखा तोह उसने अपनी जीभ अपने होठों पे फिरै और हसने लगी.

रति चीड़ के ," यह तोह बेशर्म है hi और तू भी कितना बिगड़ गयी है में देख रही हूँ तुझे"..... सारू हस्ते हुए अपनी माँ के करीब आयी बीएड पे खिसक के ," में ने क्या किया है अपने बेटे को बोल जोह खुद hi अंगप्रर्दषन करता है में तोह बस टास्ते करना चाहती थी कहीं तू भी तोह नहीं ......." ..... hi hi hi hi ......

रति सारू की कमर पे मरती हुयी ," शर्म और लिहाज नहीं है तुझे सारू की बच्ची...... सुधर जा आर्यन के साथ रहकर तू भी बिगड़ गयी है "....... सारू है है के लोट पॉट हो रही थी ...... उसको अपनी माँ को चिढ़ाने में मजा आ रहा था...... " में भी आर्यन के पास बाथरूम में जा रही हूँ देखों कहीं हिला तोह नहीं रहा है"...... hi hi hi hi

रति भी हसने लगी ," वह कभी नहीं हिलता उसको कमी है क्या ?" ...... रति भी जान गयी की सारू उसकी फिरकी ले रही है ..... " मेरा बीटा किशन कहानिया है तेरी जस्सी उसके पीछे पीछे मंदरति है "..... hi hi hi hi ......

सारू ," जा जा तू मेरे हुस्न को काम आंक रही है माँ जिसपर तेरा बीटा एक hi इशारे में दम हिला के मेरे पीछे पीछे आ जाता हैं..... 2 दिन से मेरे मिनट कर रहा है की उसको पिछवाडी का स्वाद चखा दूँ पर में मन कर दिया "..... है है है है ......

रति अपने मुँह पे हाथ रख ली यह सारू कितनी बेशर्म हो गयी है ऐसे कभी मुझसे बात नहीं करती थी..... सायद राज सिंह की कमी ने आर्यन की तरफ झुकाव करने पे मजबूर हो गयी है..... मेरी दोनों बेटी की किस्मत अच्छी नहीं है जोह पति के प्यार से वंचित होकर अपने hi बेटे को अपना ली. मंजू तोह बेअकल है पर सारू से मुझे यह उम्मीद नहीं थी. दोनों अब खामोश थी...... 5 मं बाद फ्रेश होकर बर्ष करके आर्यन नंगा hi बहार आ गया अपना अंडरवियर पहनकर बोलै ," में अणि को हारा के आता हूँ bye माँ bye माँ "...... रूम क्लोज्ड करके चल गया.

दोनों फिर से एक दुसरे की तरह देखि और थका मार मार हसने लगी ..... रति ," यह अभी भी 2 साल का है जिसको कपडे पहना अच्छा hi नहीं लगता ".....

सारू ," हाँ बात तो सही है पर बाकि लोगों के सामने कपडे फेन लेता है पर घरवालिओं के सामने नहीं पहनता वैसे यह ऐसे hi अच्छा लगता है नंगु पंगु "...... hi hi hi hi hi ......

रति भी हसने लगी तब सारू बोली," आर्यन तेरे साथ hi सबसे पहले प्यार किया था न तू दरी नहीं पहली बार ?" ...... सारू रति को थोड़ा खोलने चाहती थी अपने साथ की वह हिचके नहीं जब आर्यन की बात हो.

रति सोचकर बोली ," सारू तू मेरी बेटी है और हमको कुछ मर्यादा रखनी चाहिए. आर्यन बच्चा है तू और में नहीं..... और रही तेरे सवाल का जवाब की में बहोत अपने को लकी मानती हूँ की आर्यन की साथ में प्यार कर पायी..... वह मुझे जान से भी ज्यादा प्यारा है अब कोई सवाल नहीं..... में फ्रेश होकर आती हूँ आज सारा दिन बहोत भाग दौड़ करनी है "...... और सारू के माथे पे किश करदी.

सारू ," थैंक्स माँ आर्यन को इतना प्यार देने के लिए "......

रति के फ्रेश होने बाथरूम में जाने के बाद सारू सोचने लगी ," माँ आर्यन के बारे में खुलकर बात नहीं करना चाहती शायद वह आर्यन से रिलेशनशिप पे सीक्रेट रखना चाहती है ".

_______________

आर्यन अपने रूम में गया तोह निर्मला चची एक बुक पढ़ रही थी नाईट लैंप जल के..... चची जल्दी सो गयी थी और आर्यन जब रूम गया तोह उसके पीछे से उनकी आँखों पे हाथ रख दिया.... वह उसके स्पर्श से hi पहचाने गयी ," मेरा बीटा इतनी जल्दी उठ गया या सो hi नहीं ".

आर्यन ," मम्मी आप हमेशा मुझे कैसे पहचाने जाती हो मुझे तोह आज तक नहीं मालूम पड़ा मैंने कोई आवाज़ तक नहीं की ..... गुड मॉर्निंग मम्मी "..... निर्मला का लेफ्ट गाल चुम के उसके पीछे से गले लग गया.

निर्मला स्माइल करती हुयी जवाब दी," तेरी मम्मी हूँ आँखें बांध करके तेरा टच पहचाने जाती हूँ..... गुड मॉर्निंग बीटा एंड कोंग्रटुलतिओन्स फॉर इंगेजमेंट इन एडवांस "..... उन्होंने पे आर्यन के हाथ पे किश किया......

आर्यन," थैंक्स मम्मी..... में रेडी होता हूँ अणि की बच्ची को रेस में हार न है "......

निर्मला ," सिर्फ अंडर वियर में घूम रहा है तेरी आदत नहीं बदली..... घर में कितनी जवान लड़की हैं और औरतों भी, नज़र लग जायेगी आ पहले टिका लग दूँ मेरे प्रिंस को ".

निर्मला चेयर से उठी और अपनी मेकअप किट से काजल निकल के आर्यन के कान के पीछे लगी जब वह ट्रैकसूट पहन रहा था ...... आर्यन हँसा ," आप भी दादी की बातों में आ गयी ".....

निर्मला ," बस धयान में 11 बार गायत्री मंत्र पढ़ना..... तू हम सब की आँखों का तारा है ..... बस एक hi तोह बीटा है मेरा हम सब के खंडन का चिराग".

आर्यन ने निच्चे बेथ के शूज पहनते हुए निर्मला के पेट से सर लगया तोह वह भी मुस्करा के सर को पेट से सत्ता ली. आर्यन ," मेरी मम्मी को एक सुन्दर बीटा होगा जिसके साथ में में खेलूंगा पैदा होने के बाद ".

निर्मला ," जितना मैं करके उसके साथ खेलने न वैसे तुझे अब देरी नहीं हो रही है. में भी तुझे यहीं से चीयर करुँगी देखते हैं की अणि को तू फर्स्ट टाइम हरा पायेगा की नहीं "...... hi hi hi

आर्यन ," देख लेना वह आज हार जाएगी हमेश चीटिंग करके जीती हैं ".

निर्मला मैं में तेरा जैसे भाई हो तोह तेरी साड़ी सिस्टर्स hi जीत जाएगी..... आर्यन जान बुझ के हमेशा अपनी बहेनो से हार जाता था और उसको ख़ुशी होती थी हारने में.

हवेली के बहार खाने की खुशबु आ रही थी अणि अपनी सिक्योरिटी हेड को इंस्ट्रक्शंस दे रही थी नीला भी उसके पास कड़ी हुयी थी...... आर्यन उनके पास जाकर खड़ा हुआ तोह नीला उसको गुडमॉर्निंग बोली और वह सिक्योरिटी हेड भी.

अणि ," चले आप 16 मीन्स. लेट हो ".

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अणि इन ट्रैकसूट

आर्यन भी कंधे उचका दिया ," आज हारा दूंगा तुझे रेडी हैं न "......

अणि 3 बोल के दौड़ने लगी और आर्यन अपनी गर्दन न में हिल के बोलै ," यह नहीं सुधरेगी "..... वह भी अणि के पीछे दौड़ ने लगा ......

गाओं को पार कर अणि ने दूसरा रास्ता चुन तोह आर्यन भी उसे 100 मीटर पीछे अब अपनी रफ़्तार भाड़ा दिया और अणि के पास आने लगा..... यह रास्ता पुराने जंगल को जाता था जहाँ गुरूजी का वास था.

अणि ," हम पुराने जंगल की लेफ्ट साइड जा रहे है कीप फोल्लोविंग में "...... स्पीड बढ़ा के अणि ने स्पीड डबल करदी.....

आर्यन को भी समझ आ रहा था यह रेस नहीं है अणि उसको लेकर कहीं और जा रही है. उसकी बातों से पता चलता है की वह बिलकुल मजाक के मूड में नहीं है. आर्यन भी अपनी स्पीड बढ़ा के अणि की तरफ आगे तेज दौड़ने लगा.

जब दोनों तेज दौड़ रहे थे अभी सुबह के 5:30 बजे थे...... अब आसमान में अंधेर hi था परन्तु आर्यन को कोई भी आदमी नहीं दिख रहा था जिस रस्ते पे वह दौड़ रहे थे. दोनों के अंदर शक्ति थी लेकिन अपनी पूरी समर्थ लगाके वह इतनी तेज दौड़ रहे थे की पालक झपकने से पहले दोनों किसी की नजर में न आये.

जब आर्यन अपनी वृस्त वाच में टाइम देखा तोह सिर्फ 30 मं हुए थे और दोनों अपने गंतव्य की तरफ पहुँच गए थे जब अणि ने लेफ्ट टर्न किया तोह आर्यन भी उसका अनुसरण करते हुए करीब 6 कम दूर आ चूका था.

अणि उससे 1ू मीटर की दुरी पे थी आर्यन को लगा की वह अदृष्ट शील्ड को पार करते हुए किसी दूसरी जगह आ गया है और चरों तरफ धीरे धीरे नज़ारा बदलने लगा...... दूर एक भाव महल नजर आने लगा जैसे पुराने राजा महाराजा के टाइम का हो...... थोड़ा थोड़ा उजाला होने लगा था और जैसे जैसे वह महल के नजदीक आने लगे थे अपनी स्पीड से सामने का नज़ारा क्लियर होने लगा.

यह तोह पूरी तरह से सोने का महल था वहां पातळ लोक के जैसे नहीं कुछ ज्यादा hi सूंदर और मनमोहक...... जैसे जैसे पास आते जा रहे थे महल की चारदीवारी 3 गुम्बद जोह बड़े गुम्बद के दोनों तरफ 50 - 50 मीटर की दुरी पे थे और बड़े गुम्बद के ऊपर खेसारी विजयपताका जिसपर शंकर भगवान् के त्रिसूल और डमरू का चिन्ह छापा हुआ था लहरा रही थी......

आर्यन अपनी रफ़्तार काम करके रुक गया तोह अणि भी रुक गयी और उसके पास आती हुयी रुक कर बोली ," क्या हुआ भाई रुक क्यों गए ? हम अपनी मंजिल के करीब है ".

आर्यन सांस लेते हुए ," यह तू मुझे कहर लेकर आ गयी मुझे लगता है हम करीब 110 कम आ गए हैं ".

अणि ," 116 कम डिस्टेंस है यहाँ से और यह हमारा राज्ये के उत्तर दिशा का एक महल है जोह हज़ारो साल पहले धरती के ऊपर था "...... अणि ने वास्तविक सन दिखा अपना हाथ लहर के चरों तरफ खेत hi खेत थे जिसपर गेहूं की फसल उघि हुयी थी.

चरों तरफ देखा तोह दूर मिले स्टोन दिखा जिसपे लिखा था बाघपत 45 कम ..... आर्यन को लग गया की वह लोग हरयाणा और u.p. के बॉर्डर के पास है...... तभी अणि ने हाथ घुमा तोह महल का दृश्य फिर से दिखने लगा.

अणि ," चले महल के अंदर "...... आर्यन का हाथ पकड़ा और अब वह महल के अंदर थे......

आर्यन खामोश रह कर यह सब समझने की कोशिश कर रहा था..... यह तो वह जानता था की अणि और महारानी विजयलक्मी एक हैं अवं महाराजा की आत्मा आर्यन के अंदर वास करती है लेकिन अणि उसको यहाँ क्यों लायी है यह जाना बाकी था. अणि ने जब उसका हाथ पकड़ा तोह अपनेपन का आभास उसको हुआ और जैसे दोनों बही भें एक दुसरे से जुड़े हुए हैं.

आर्यन ," यह महल बहोत प्रचीन है और वक़्त के थपड़े में उसके अंश आज भी कही जमीन के अंदर दफ़न है. लेकिन हम यहाँ क्यों आये हैं जब यह रियल hi नहीं है ?"

अणि स्माइल देते हुए ," बस मैं किया लेकिन भाई तुझे ाचा नहीं लग रहा है क्या ?" ...... और उसके गले लग गयी..... दोनों महल के विशाल परिसर में थे जब अणि उसके गले लगी तोह राजदरबार के सिंघासन में दोनों बैठे थे और अणि आर्यन की गॉड में बैठी गले लगये हुए.

आर्यन चरों तरफ देखकर बोलै ," इतनी तेज सन मत बदल मुझे कुछ दिएर तोह समझने दे..... यार मुझे राजा बनकर अजीब लग रहा है यानी उनकी आत्मा को में अपने अंदर महसूस करके जोह अब मेरे सरीर में वास करती है. इतना तोह मुझे समझ आ रहा है की यह दोनों हम से कुछ मदद मांगना चाहती है जैसे यह कार्य हम दोनों hi कर सकते हैं लेकिन क्या ?"

अणि, आर्यन के गाल पे हाथ फेरी हुए बोली ," अभी काफी समय है हमारे पास िंह बातों को समझने का पर हम एक दुसरे को पहले जान ले तब hi यह कार्य पूर्ण होगा ".

आर्यन हसकर ," तोह कहिये महारानी अणि जी आप क्या चाहती हैं "......

अणि सोचने की एक्टिंग करती हुए ," फिलहाल एक किश से काम चला लुंगी बाकी उसके बाद बताउंगी "......

और आर्यन के होंठो चूमने लगी..... पुछठ पुछहःछः ...... चम्म्म्म चममम ..... ुहममममम ुहम्म्म्म..... ममममममम ममममममम ..... आर्यन जानता था की अणि बहोत जिद्दी है बस एक किश की तोह बात है......

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वह भी अपनी सगी छोटी भें के सामने हथ्यार दाल के उसका साथ देने लगा..... चम्म्म्म चममम ...... ुंहःहःहः ुंहःहःहः ...... दोनों की आँखें बांध हो गयी और आर्यन भी शिद्दत से उसके लबों को चूमते हुए अपनी जीभ अणि के मुंह में दाल दिया..... अणि िश पल का इंतज़ार कर रही और आर्यन की जीभ को चूसने लगी..... ुंहःहःहः ुंहःहःहः ममममममम ममममममम ......

10 मं तक दोनों एक दुसरे की जीभ चूसते हुए थूक का भी आदान प्रदान करकर जब अलग हुए तब hi आंखें खोले..... उनके थूक की लारा अभी तक जुडी हुयी थी होंठ अलग होने के बाद भी. दोनों की उत्तेजना चार्म पे थी दोनों के जननांग उनके ट्रैकसूट में नाम हो गए थे.

दोनों ने एक दूसरी की नज़रों में देखा तोह रुका न गया और एक बार दोनों के लैब जुड़ गया..... अगर दोनों को कोई पुकारता न तोह वह सारे दिन hi एक दुसरे को चूमते रहते. आर्यन का जज्बातों पे काबू नहीं था और वहीँ अणि 2 बार गीली हो गयी थी.

नए आगंतुक ने जब बोलै ," कबसे में उन्ही देखती रहूगी भाई 30 मं हो गया है और आप एक दुसरे के छोड़ने को तैयार hi नहीं हो...... आप शायद भूल गए हो की आप दोनों सेज भाई भें हो ".

सिंघासन के सामने आर्यन की सौतेली भें नेहा कड़ी थी और वह दोनों को hi घूर के देख रही थी...... आर्यन अपने मैं में ' मर गए नेहा सबकुछ बता देगी गीता को मेरे और अणि के बारे में नहीं मुझे उसको रोकना होगा ' .

आर्यन अपनी सांसें को दुरस्त करते कहा ," अरे नेहा तू कब आयी..... हम तोह प्रैक्टिस कर रहे थे और यह अणि बोलने लगी की मुझे किश करना सीखना है..... में खूब मन किया पर यह नहीं मानी कितनी जिद्दी है हैट यहाँ से यह तेरी जगह नहीं है...... यह सिर्फ मेरी प्यारी भें नेहा के जगह है क्यों स्वीट हार्ट?"

अणि भी आर्यन की गॉड से उठ कर नेहा की तरफ आँख मार के बोली ," ठीक हैं आप मत सिखाओ मुझे किश करना में किसी और सीख लुंगी "...... और पेअर पटके के गायब हो गयी.

आर्यन सिंघासन से खड़ा हुआ तोह ट्रैकपांत में तम्बू बना हुए था और अणि को पुकारा ," अरे रुक तोह में वापस कैसे जुन्गा..... देखले नेहा यह अणि कितनी जिद्दी है और अब गुस्सा होकर चली गयी".

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नेहा

नेहा तोह सूद बुध खो कर आर्यन का ट्रैक पंत में बना तुम्बु से नज़र नहीं हैट रही थी..... " माय गॉड भाई को अणि ने इतना एक्ससिटेड कर दिया था की उसकी ट्रैक पंत पे बड़ा गिला धब्बा बन गया..... सिर्फ किश hi तोह कर रहे थे. अणि भी मुझे सिग्नल देकर चली गयी उसने भाई को पता लिया हैं इतनी जल्दी और एक में हूँ हिम्मत hi नहीं होती..... नहीं में भी भाई से प्यार लेके hi रहूंगी"...... अपने विचारों में नेहा डीडे करती हुयी आर्यन के चेहरे की तरफ देखि.

आर्यन ," नेहा डार्लिंग क्या सोच रही हैं यहाँ से बहार जाने का उपाय कर यह महल जितना सुन्दर है उतना hi निर्जन ".

नेहा सँभालते हुए बोल ," जायो भाई में आपसे बात नहीं करती..... अणि को इतनी डिअर तक किश करते रहे, अभी जाके गीता मौसी और दीप्ति को सब सच्च बताती हूँ ".

आर्यन गीदड़ते हुए बोलै ," अरे यार मेरी स्वीट भें हमारे बिच यह अणि कैसे आ गयी...... तू तोह मेरे सबसे स्वीट डार्लिंग भें हैं, तू तोह मंजू माँ ( आर्यन की सगी मौसी) और सारू मम्मी की सबसे अच्छी बेटी हैं और डैडी की फवौरीते डॉटर है...... अगर तू मुझसे रूत गयी तोह में यह सगाई नहीं करने वाला...... आज तोह तू ने मुझे हुग भी नहीं किया, न hi मुझे अपनी पप्पी और किश दी ".

नेहा तोह झूठा गुस्सा दिखा रही थी और आर्यन भी अणि को कोष रहा था की मुझे अणि को किश करने की जरुरत hi क्या थी.... उसने देखा था की कैसे नेहा आंखें पहाड़ के खड़े लुंड को hi देख रही थी जोह ट्रैक पंत में तुम्बु बना हुआ था.

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थोड़ा पीछे चलते है..........

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उससे पहले नेहा ने जोह देखा यहाँ आने से पहले महल में आर्यन एक योद्धा की लिबास में था और अणि अभी महारानी विजयलक्ष्मी के परिधान में थी..... योद्धा एक तरफ अपने घुटनो के बल बैठा था और महारानी दूसरी तरफ एक सिंघासन पे बैठी थी...... दोनों बस आर्यन और अणि को hi देख रहे थे किश करते हुए यानि दोनों के शक्ति प्रतिबिम्ब ऐसे क्यों उनकी तरफ देख रहे थे ??? और कुछ दिएर में अदृष्ट हो गए.

नेहा जोह एक ट्रैकसूट में थी, कान में ब्लू टूथ डिवाइस, पेअर में नाइके के शूज वह आर्यन की तीन जुड़वा बहेनो, डॉली और गरिमा के साथ जॉगिंग करने आयी थी खेतो वाली रोड पे..... अणि को खोजने में अपनी शक्ति उपयोग की तोह पता चला की वह यहाँ दूर िश महल में है और सबको बोली की उसको हवेली में सारू मम्मी ने बुला रही हैं. अणि के अल्वा नेहा hi यहाँ आ सकती थी क्योंकि वह महाराज की सेनापति थी पिछले जनम में और उसकी शक्तियां भी महारानी से काम न थी.

(* अगर आपको याद हो की नेहा और अणि पिछले जनम में भी सगी बहन थी और दोनों महराजा यानि आर्यन से बेहद प्रेम करती थी...... नेहा चुकी सेनापति थी वह महाराज से विवाह नहीं कर सकती थी परन्तु प्रेम तोह कर hi सकती थी...... महाराज से नेहा के प्रेम संबंधों का महारानी को भी पता था इसलिए नेहा से इर्षा भी करती थी )

सब लड़कियों के दूर जाने पे वह अणि को खोजती हुयी जब महल के राजदरबार में देखि तोह यह दृश्य देखि...... आर्यन एक योद्धा, अणि एक महारानी और आर्यन अणि चुम्बन में लीं है......

नेहा के दिएर न लगी यह समझे में दोनों उनकी रक्षा कर रहे हैं और नेहा के आने के बाद दोनों अदृश्य हो गए. नेहा अभी भी उनकी उपस्थिति को महसूस कर रही थी जब लगा की वह अब यहाँ नहीं हैं तब hi उनकी तरफ बढ़ी और दोनों को रोक दी चुम्बन करते हुए.

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आर्यन को लगा की नेहा आसानी से मान जाएगी बस थोड़ा उसको प्यार का अहसास दिलने की जरुरत है...... नेहा अपनी पीठ दिखा के आर्यन से अपने गुस्सा का इजहार करि तोह आर्यन खुश होकर उसको पीछे से हुग कर लिया तोह उसका खड़ा हथियार नेहा की पीठ के ऊपरी हिस्सा पे स्पर्श किया..... दोनों बाँहों का हार आर्यन दाल कर नेहा के सीधे गाल को चुम लिया पुछठ..... " मेरी बेबी मुझसे क्यों गुस्सा है में तोह सबसे ज्यादा प्यार करता हूँ तुझसे बस बात आज hi रहा हूँ...... नेहा तुम मेरी सबसे समझदार भें हो न तब hi में तुम्हारा परपोसल ठुकरायता रहा पर तुम ने कभी हार नहीं मानी...... तुम्हे पता है मैंने ऐसा कौन किया था? ".

नेहा तोह अपने नितम्बों के ऊपर उससे उभर की चुभन से आंदोलित सी हो गयी थी..... आर्यन ने अपनी बाँहों के घेरा का कसाव बढ़ा तोह नेहा उसकी बाँहों में पलट के ज्यादा hi उससे चिपक गयी..... अपने सरीर में उठी कंपकपी से आर्यन का चेहरे अपने दोनों हाथों में लेकर पूछी ," ऐसा क्यों किया आपने भाई ?"

आर्यन मुस्कुराते हुए बोलै," तुमको अपने इन्तेहाँ में पास करने का आखरी मौका देने के लिए जोह तुम ने फर्स्ट आकर किया ...... नहीं समझी ? "

नेहा बस आर्यन के लबों को हिलते देख रही थी और इतनी बेचैन थी की सिर्फ ना में सर हिलाई...... " पहले में तुम्हारी यह सिर्फ दिल्लगी समझता था बार बार पर्पस करना जब तुम मीणा के साथ हवेली की छत पे आयी और मुझे बोली की में आप से hi प्यार करती हूँ यह जानते हुए भी मेरी दूसरी बीवियां भी बनेगी पर तुमको सिर्फ मुझसे प्यार है तोह में भी मन नहीं कर सका..... आखिर तुम मेरी सबसे अच्छी भें हो तब भी मैंने दिल से हमेशा तुम को प्यार किया और अब तुम मेरी बीवी बनोगी तोह प्यार भी डबल hi करना पड़ेगा क्यों सही कहा न "......

नेहा सिर्फ यह बोली ," आप बहोत बोलते हो ?" ...... और आर्यन के लबों से अपने लैब जोड़ के उसको चूमने लगी पुछठ पुछहःछः..... "ी लव यू भाई में आपके बिना मर जाउंगी ".

आर्यन ," में तुम्हे जी जान से प्यार करता हूँ..... मरने तोह नहीं दूंगा तुम्हे बस प्यार hi करता रहूँगा और तुझसे शादी करके पहले 7 बच्चे पैदा करूँगा जब 100 की हो जाएगी तोह मरने की सोचना समझी..... ी लव यू माय स्वीट नेहा "...... और दीवानो की तरह उसको किश करने लगा ...... पुछठ पुछहःछः चम्म्म्म चममम ुहममममम ुहम्म्म्म मममममम ममममममम ममममममम.....

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नेहा ने कभी नहीं सोचा था की भाई िश समय मुझे किश करेगा पर खुदा मेहरबान तोह गधा पहलवान..... किस्मत इतनी अच्छी थी की भाई की बाँहों में वह किश कर रही थी और एक बार हाथ घुमा के सेनापति के कक्ष में ले गयी दोनों को अदृश्य करके..... जब किश टुटा तोह आर्यन चौंक के देखा की वह एक भाव कक्ष में था.

आर्यन चरों और देख के," िश कक्ष में इतने अस्त्र क्यों है ? यह कितना सुन्दर सजा हुआ है...... यह तोह किसी सेनापति का कक्ष लगता है "......

नेहा हसने लगी और अपने असली रूप में आ गयी और 5 सेक् बाद फिर से ट्रैकसूट में नार्मल हो गयी..... ," हुन्न्न तोह अणि महारानी है और में महाराजा हूँ अवं तुम प्रधान सेनापति हो..... लेकिन हमारा उद्देश्य क्या है वह भी तोह बताओ ? "

नेहा ," आप को भूक लगी होगी में अभी आपके लिए कुछ मांगता हूँ "...... उसने आँख बांध की और खोली तोह 3 दासियाँ जोह गोल्डन वस्त्र पहने थी, बड़े बड़े थल भोजन के लेकर आयी और एक सुन्दर बड़ी मेज पे रख दी और सर झुका के चली गयी.

आर्यन पातळ लोक में बहोत कुछ देखा था उसको अब कुछ att-patta नहीं लगा ," यह खाना तोह असली है न वर्ण कहीं में सिर्फ हवा hi खाता रहूं िश जादुइ महल में".... है है है है ..... थाल जोह ढके हुए थे वह एक एक खोल के देखा तोह गरम गरम कई टाइप के भोजन 3 सोने के थल में खुशबु आने लगी ..... आर्यन को भूक लगी थी तोह खाने लग .

नेहा," चलो यहाँ बेथ जायो में आप अपनी हाथो से कहलाती हूँ "..... एक चेयर खिंच कर आर्यन के सामे की तोह आर्यन उसपर बेथ गया और नेहा उसको अपनी हाथों से खिलते हुए बोली ," इसको आप एक टाइप का टाइम ट्रेवल hi समझो...... अणि ने यह महल अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करके प्रेजेंट में बन दिया है जबकि वह हज़ारों साल पहले hi मिथ चूका था. उसने सिर्फ खली महल की संरचना की थी मैंने कक्ष ,भोजन और दासियाँ अपनी शक्तियां इस्तेमाल करके बुले हैं..... सब असली है और आपको टेस्टी लगा ?"

आर्यन खाता हुए ," इतना टेस्टी भोजन में पहले कभी नहीं किया पर टाइम ट्रेवल कैसे करते हैं ?"

नेहा ," यह तोह अणि hi बता सख्ती हैं आपको और सीखा भी सकती है..... िश महल में मैं आ सकती हूँ पर बाकि कोई और नहीं ".

आर्यन ," यानी में भी नहीं ?"

नेहा ," आप के लिए hi तोह अणि ने अपनी शक्तियों से िश काल में निर्मित किया है यह समझा लो जोह हैं नहीं वह अब हैं. भाई आप कभी भी यहाँ आ सकते हो बस अणि की परमिशन से ".

आर्यन मैं hi मैं तारीफ कर रहा था और खाना कहते हुए बोलै ," अणि को एक बार बुल तो ले मुझे उससे जरूरी बात करनी है ?"

नेहा स्माइल करके बोली ," पहले खान फिर मुझे प्यार मिलेगा तोह अणि को भी बुला लुंगी ".

आर्यन सोचा की नेहा बहोत अच्छी है मेरी हर बात मानती है पर यह भी सच्चा है की अणि की मर्जी से नेहा को कोई भी काम करने की लिए मन सकता हूँ...... पर पहले खा तोह लूँ यह तोह बसें का हलवा जैसे लग रहा है.

आर्यन ने नेहा को अपनी गॉड में बिठा लिया ," तू ने भी क्या बात कर दी मेरी नेहा डार्लिंग पहले हम दोनों मिलकर खांएगे और प्यार भी करेंगे "......

आर्यन और नेहा एक घंटे तक रहे इसी महल की सेनापति के कक्ष में और दोनों निर्वस्त्र होकर पहले नेहा को आर्यन ने संतुष्ट किया 3 बार ओरल का सुख देकर और नेहा ने भी पहले बार आर्यन के वीर्य का टास्ते किया.

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अणि को नेहा ने पुकारा जब वह राजदरबार में थे...... वह जब आयी तोह आर्यन ने उसको बतया की मेरा लिए और गीता & दीप्ति का बड़ा दिन है और पूरे परिवार वाले नहीं होंगे तोह लोग बातें hi बनायेगे .

अणि ने बोलै की आप चिंता मत करो डैडी, चाचा जी, डॉ कुलदीप और हमारे दादा जी भज आपकी सगाई में शामिल होंगे.

आर्यन खुश हुआ पर दादा और कुलदीप का जीकर सुनकर बोलै ," वह दोनों तोह िश दुनिया में है hi नहीं, मैंने खुद उनको अपने हाथ से मौत दी है ".

नेहा की तरह देखकर अणि बोली ," आप चितना मत करो चरों नकली होंगे उनके हमशकल उनकी तरह hi बोलने वाले ".

आर्यन ," पर कही कुछ गड़बड़ न हो जाए वह मेरी मम्मियों से और बहेनो से दूर रहेंगे और दादी से भी दूर रखना"..... आर्यन जानता था की अणि कुछ भी खुराफात कर सकती है.

अणि हसकर ," आप को भी दर लगा रहा है क्या ? किसिंग तोह कर सकते हैं न ".

आर्यन सिंघासन से उठ गया ," देख यार अणि मेरी भें तू कोई शैतानी नहीं करेगी बाद में में तुझे अच्छा सा गिफ्ट दूंगा प्रॉमिस...... नेहा तू उन्ह पर नज़र रखना कोई ऐसी वासी बात हो तोह मुझे बुला लेना जहाँ जिन्दा है वहीँ गाड़ दूंगा "....... आर्यन नफरत से बोलै ......

अणि हसने लगी ,"क्या आपका नाम लिखा है सब लड़कियों और औरतों पे ".

आर्यन जोश में ," जब तक में जिन्दा हूँ मेरी साड़ी मम्मी और भेने पे कोई आँख उठा के देखा तोह दुबारा देखने लायक नहीं रहेगा ".......

अणि ," नेहा भाई को गाओं छोड़ आ में भी जा रही हम सतर्क रहना "...... वह गायब हो गयी.

आर्यन ," किसके गाओं और यह सतर्क किसके लिए कहा था अणि ने ?"

नेहा हसी ," अपने गाओं और बस सलाह hi दे रही थी "...... और आर्यन को किश की लिप पे वह अब गाओं में थे और नेहा गायब हो गयी......

सूरज निकल आया था टाइम देखा तोह 6:30 बजे थे यानी अपने हवेली के गाओं में हूँ..... साला मुझे hi बेवकूफ बानी गयी दोनों और खेतो में छोड़ दिया.

एन्ड ऑफ़ अपडेट 45

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अपडेट 46 (ा)

आर्यन को उसकी सगी और सौतेली भें यानि अणि और नेहा ने उसको खेत में छोड़ दिया था जोह उसके गोअन में हवेली से 1.5 कम दूर था.

आर्यन अपनी दोनों छोटी बहेनो की दिल hi दिल में तारीफ कर रहा था ," साला में खुद को बहोत सम्राट समझता हूँ लेकिन मेरी लंदन में पढ़ने वाली डॉक्टर बहेनो के सामने अपना चुटिया कटवा लिया...... मुझे hi मामू बना गयी लेकिन नेहा को जल्दी hi अपनी बना लूंगा उसकी तड़प मुझे आज महसूस हुयी है. हाँ यह सच्चा भी है की वह डॉली से उम्र में बड़ी है...... लेकिन अणि बहोत कॉम्प्लिकेटेड लड़की है वह किस समय क्या करेगी वह कोई नहीं समझ सकता, वह मुझे दो बार किश के जाल में फसा चुकी है उससे दूर रहना होगा..... मेरा यह दिल मेरे hi दिमाग़ की नहीं सुनता जब में अणि के साथ होता हूँ".

आर्यन अपनी hi धुन में चले जा रहा था और अणि के बारे में सोच रहा था की महारानी को मुझसे क्या चाहिए?

वह कितनी पावरफुल हैं में उनको क्या दे सकता हूँ जिसके लिए अणि भी कुछ नहीं बता रही है ?

महाराज तोह कितने अच्छे हैं वह तोह मुझे बता hi देंगे...... शायद मुझे अपने गुरूजी से अकेले में मिला चाहिए वह मेरी मदद कर सकते हैं ?

आर्यन जब एक आदमी से टकरा गया तोह वह निचे गिर गया...... "अह्ह्ह्हह मार दिया रे ..... मुर्ख इंसान ..... आंखें तोह बड़ी बड़ी लगा राखी हैं तुझे दीखता नहीं है क्या..... हैई मेरी कमर हैईईई ".

आर्यन ुष आदमी को देखकर है रहा था करीब 100 साल की लपेट से ज्यादा उम्र थी ,लम्भी लम्भी सफ़ेद धड़ी..... एक सफ़ेद धोती, भगवा गमछा, पाऊँ में खदु, गले और हाथ में रुद्राक्ष की माला, माथे पे सफ़ेद रोली और टिका व् सफ़ेद लम्बे लम्बे बाल ...... चेहरे से तेज टपक रहा था..... जरूर कोई पहुँच मुनि लगते थे.

हवेली के मैं गेट पे यह एक्सीडेंट हुआ था..... आर्यन जैसे मैंने कहा की वह अपनी hi धुन में अणि को सोचते हुए चल रहा था उसको कई लोगों ने पुकारा पर अणि की सोच में वह इन्ही साधु से टकरा गया.....

वह निशंक गुरूजी थे जोह साधु का रूप धार के आये थे रति की हवेली पे..... सिक्योरिटी वाले रोकते उससे पहले hi रति भी दौड़ के आयी और उसके पीछे डॉ अंजू व् सारू भी थी......

गार्ड्स ने उनको उठया तब तक रति पास आकर बोली ," आप को कहीं चोट तोह नहीं लगी महाराज ...... और तू क्या दांत दिखा रहा है ऐसे हस्ते है क्या ?" ...... रति आर्यन को दांत पर वह अभी भी है रहा था. ( साले िश बूढ़े की हड्डी hi तोड़ दूँ )

सारू और डॉ अंजू ने सर झुका के गुरूजी की परनाम किया...... रति के हाथ में ताम्बे का लोटा था जिसमे जाल था. निशंक गुरूजी ," हम ठीक है पुत्री ".

रति अपने हाथों से उनके चरण धोने लगी हवेली की मुख दवार के सामने..... प्यार धो के अपनी साड़ी के पलु से उनके पैरों को पहुँची .......

बाकी सब भी रति को िश साधु की सेवा करते हुए हाथ जोड़ कर देखने लगे...... सारे गार्ड्स और सिक्योरिटी अफसर वाले भी हाट जोड़ के खड़े हुए थे. रति उनको अपने साथ हवेली में ले गयी और हवेली के दाहिना हिस्से में एक बड़ा बरगद का पेड़ था जोह बड़े चबूतरे से घिरा था. वह जा के बड़े चबूतरे पे बेथ गए ...... आर्यन पहले hi हवेली के अंदर चल गया था, उसने न पेअर छुए न परनाम किया.

रति उनके लिए लोटे में पानी लायी और डॉ अंजू उनको चेक कर रही थीं की चोट कहाँ लगी है. सारू उनको पंखा कर रही थी ..... " महाराज मेरे बेटे को माफ़ कर दीजिये वह आपसे चमा मांग लेगा..... अंजू पूरी तरह से चेकउप कर इनको कोई चोट तोह नहीं लगी".

निशंक गुरूजी स्पष्ट लहजे में कहे ," में पूर्णता स्वस्थ हूँ परन्तु तुम्हारे पुत्र से में नाराज हूँ हमसे चमा माँगा तोह दूर उसको जारा सी शर्म नहीं आयी की एक बुजुर्ग को कष्ट देकर मूर्खों की भांति हमारा अपमान और उपहास उदा रहा है"...... और अपनी भृकुटि चढ़ा हुए क्रोधित स्वर में बोले," अगर तेरा पुत्र तत्कालीन हमसे चमा नहीं माँगा तोह हम उसको श्राप दे देंगे !!!!!!! ".

रति क्या जिसने सुना वह hi हाथ जोड़कर खड़े हो गया और रति इतना दर गयी जोरसे चिल्लाई " ारयणणणणण " ...... सुबह सुबह उसकी आवाज इतनी तेज़ गूंजी पूरी हवेली में बाकी सब भी दौड़ के आये और आर्यन भी उनके साथ आया.

उसने देखा की रति अभी भी ुष सो कॉल्ड पाखंडी के साथ कड़ी है जोह चबूतरे पे एक आसान पे बैठा है...... वह कुटिल मुस्कान लिए था यानि मेरी सहमत आ गयी माँ बहोत गुस्से में मेरा नाम ली.

रति ने आर्यन की तरफ देखा गुस्से से जबकि वह पीछे था पर इतना लम्बा आदमी तोह लाखो की भीड़ में दिख जाये..... रति गुस्से से भीड़ चीयर के आगे आयी और आर्यन का सीधा कान पकड़ के अपने साथ ले जाने लगी...... सच्च में उसके अंदर माता आ गयी थी जोह रूद्र रूप धारण कर ली थी और तभी रुकी जब तक आर्यन को गुरूजी की चरण में खींचकर ना झुका दी.

आर्यन भी एहि सोच रहा था की अचानक माँ को क्या हुआ है और जब देखा तोह समझा गया इसी कमीने ने भड़का है मेरी माँ को...... अगर को और होता तोह आर्यन अपना कान छुड़वा भी सकता था पर माँ की इज्जत का सवाल था माफ़ी तोह मांगनी hi थी..... रति हाथ जोड़ के ," चमा मांग गुरूजी से और चरण उनके अपने माथे से लगा".

आर्यन ने पलटा के कहा ," अगर में तेरे चरण छु के अपना माथा तेरे चरण से लागूं तोह यह मुझे माफ़ कर देंगे".

आर्यन की बात सुनकर निशंक गुरूजी भी हैरान रह गए...... "नहीं गुरूजी को तू ने hi गिरा के चोट दी है माफ़ी भी तुझे मांगेगी हैं वर्ण..... "

आर्यन जल्दी जल्दी बोलै ," मुझे माफ़ कर देना गुरूजी में अपनी माँ को नाराज नहीं कर सकता बस मुझे चमा कर देना"...... और निशंक को कोश्ते हुए अपना सर भी उनके चरण से लगा दिया.

रति प्यार से बोली ," इश्को माफ़ कर दीजिये महाराज में भी आपसे माफ़ी मांगती हूँ ".......

निशंक गुरूजी मुस्कान लिए बोलो," में अपने शब्दों को वापस लेता हूँ पुत्री और िश उद्दंड बच्चे को माफ़ करता हूँ आखिर बार".

भीड़ से चिर के अणि आयी हवेली के प्रांगण में तोह गुरूजी खड़े हो गए जब अणि पास आयी तोह उठकर अणि के चरण छु..... " आप साधु है ऐसे मेरे पेअर मत छुए "..... और अणि ने सर झुका के हाथ जोड़ दिए. नेहा भी उसके पीछे थी वह भी गुरूजी को प्रणाम की.

निशंक गुरूजी ," आप तोह साक्षात् देवी हैं आपके चरण चुके में धनं हो गया पुत्री "...... निशंक गुरूजी अणि के पेअर छूटे थे जब भी वह िश साधु वशे में होते थे.

अणि उनको प्रणाम करके हवेली के अंदर चली गयी यह बोलकर ," अपना अपना काम करो सब लोग "...... लेकिन वह नाखुश लग रही थी रति ने फिर से अपना वरदान hi नहीं बचा बल्कि आर्यन को भी बचा लिए श्राप देने से.

आर्यन को भी अब समझ में आया की महारानी (अणि) के पेअर निशंक ने क्यों चूहे..... "साले मुझे श्राप देगा बच्चू में तेरी ऐसी दुर्गति करूँगा की तुझे पानी भी न मिले ".

डॉ अंजू अपने साथ आर्यन को हवेली के अंदर ले गयी और रति ने पुछा ," महाराज अनीता बेतिया को आप हमेशा यह बोलते हैं यह देवी है जबकि हमरे घर की और भी लड़किया हैं ".

गुरूजी अब अपने आसान पे बैठे हुए बोले ," हाँ वह सब भी एक प्रकार से देवियां हैं यह तुमको अपने पुत्र के 21 वे जन्मदिन के समय पता चलेगा की अनीता, सारू बेटी की कोख से सवम देवी के रूप में जन्मी देवी hi है ".

रति अपने मैं में खुश होती हुई की अणि तोह हमेशा से मुझे देवी लगती थी पर मुझसे इतना क्यों चिढ़ती है? शायद आर्यन की वजह से..... उसके कुछ याद आया धीरे से पूछी ," महाराज मेरे बेटे महार्यं को तोह कुछ नहीं होगा उसके 21वे जन्मदिन पे और वह शक्तियां जोह खुल जाएगी तब क्या होगा?".

गुरूजी भी संजीदा होकर उतर दिए ," भगवन शिवा संभु का आशीर्वाद है उसपर किन्तु विपत्ति की संभावना ज्यादा हैं..... तुम वरदान मांग लो अपने पुत्र के लिए ताकि हम भी यह ऋण चूका पाए ".

रति कुछ सोच के गुरूजी के पेअर छू कर बोली ," आप अभी विश्राम करें में आपके जलपान का प्रबंध करती हूँ. फिर आप को hi पूजा और हवन करना होगा गीता को आशीर्वाद भी देना होगा".

रति चली गयी हवेली के अंदर, सारू को भी साथ ले के...... अब बाकी रिस्तेदार और गाओं वाले भी गुरूजी के दर्शन करने लगे लाइन से..... बिना ने 2 सिक्योरिटी गार्ड्स को लगा दिया एक एक करके लाइन में आयो और गुरूजी को ज्यादा परेशान नहीं करो बस बिना शोर किये शान्ति से मिलो.

रति जानती थी की िश वरदान का क्या महत्त्व है और आर्यन की 21वे जन्मदिन पर मेरे बेटे को यही वरदान बचा सकता है अगर वह शक्तियां सेहन नहीं कर सका तोह.

( लेकिन अणि क्यों छाती थी की रति अपना वरदान जल्दी मांग ले ? आर्यन को अभी पता नाहा था की रति के पास एक वरदान है...... हाँ मीणा ने यह जरूर बतया था की हम सबकी शक्तियां तुझे मिलेगी हमसे शादी करके...... आर्यन भी यह सोच रहा था की कितनो से उसकी शादी होगी ? पक्का गीता मेरा बंद बजा देगी अगर एक और एक्स्ट्रा शादी किया इतनी बहोत ज्यादा हैं )

वहीँ मीणा का बस चले तोह सब खानदान की लड़कियों को छुड़वा दे आर्यन से और हो भी यह रहा था..... अणि ने जबसे फैसला किया है यानि हां कर दी है तोह वह भी पीछे हैट गयी. अणि सब संभल लेगी आर्यन के साथ उसकी साड़ी बीवियों और रिश्तेदारों वाली को भी.

अणि खानदान में सबसे इंटेलिजेंट और पावरफुल थी..... मीणा भी यह समझती थी की आर्यन भी जानता है की अणि सबसे काबिल है पर रति की वजह से मुझे आगे कर दे रहा है मगर में अपने भाई के साथ खुश हूँ...... रतिदेवी का किंगडम अणि को hi मुबारक हम सब भेने अपने भाई के साथ खुश है.

दूसरी तरफ अणि को निरशा हाथ लगी क्यूंकि उसने आर्यन पे विश्वास किया की वह निशंक से माफ़ी नहीं मांगेगा..... पर रति के एक बार कहने पे वह माफ़ी क्या अपनी गर्दन भी कटा देता, ऐसा प्यार था िंह माँ बीटा का.....

निशंक गुरूजी भी परेशां थे की रति अपने बेटे आर्यन से बहोत प्यार करती है और उसकी रक्षा भी सही समय पे करेगी ...... उसकी पूर्ण मुक्ति के लिए अभी भी कुछ समय शेष था.

आर्यन की सब बहेनो को बुरा भी लगा पर रति के आगे कोई कुछ नहीं बोल सकती थी..... आर्यन का गुस्सा सब के उदाश चेहरे को देखकर hi उतर गया था.... वह बोलै ," अरे आप क्यों परेशां होती हो वह मेरी माँ है चाहिए तोह जुटते से भी मेरे पिटाई कर सकती है तुम सब उनको न कोशो ".

मीणा ने आर्यन को अपने गले लगा के कहा ," ज्यादा दर्द हो रहा है क्या कान में ".

आर्यन मुस्करा के न में गर्दन हिला दिया और बोलै ," में सरोज दीदी से मिलकर आता हूँ आखिर मेरी भें की सगाई हो रही है "..... मीणा भी उसके साथ hi चली गयी...... और बाकी सब आर्यन की भेने भी उनके पीछे पीछे अपने भाई के साथ थी जहाँ एक रूम में चंदा बुआ और वीरा बुआ और सरोज के साथ थी.

डॉ अंजू ," अरे सब अपने अपने काम पे लग जाओ तुम लेडीज को त्यार होने में hi 2-3 घंटे लगेंगे...... मुझे भी फार्महाउस पे जाना है मेहमान और गेस्ट्स को रेसिवेद करने वह भी आज hi आजाएगे ".

सारू और रति जब हवेली के लेडीज सेक्शन में आयी और आर्यन को पूछी तोह सुखिया ककई ने बतया की आर्यन मीणा के साथ सरोज से मिलने उसके रूम में गया है..... रति ने चैन की सास ली और एक नौकरानी सबके लिए गिलास में पानी लायी. रति भी जानती थी आर्यन की सब भेने उनका बॉस चले तो मुझ पे मिसाइल भी दाग देगी अगर उनके भाई आर्यन की बात हो तोह.

विमल तेजी और उनकी बेटियां सुबह आने वाली थी, 6 दोनों बुआ जी की लड़कियां भी सुबह आने वाले थी बाकी सब हवेली में थी.

गीता के रूम में, बात आर्यन की थी तोह दीप्ति भी फ़िक्र करने लगी पर गीता उससे कुल्ली बोली ," यह दोनों माँ बेटे का मामला है हमको िश पचड़े में नहीं पड़ना यह hi अच्छा रहेगा..... वार्ना दोनों मिल के हमरी से मारेंगे ".

दीप्ति चिंतित होती कही ," दीदी माहि पर माँ बहोत गुस्सा हैं वैसे भी किसी साधु का अपमान नहीं करना चाहिए था माहि को ".

गीता ," अब तोह माफ़ी भी मांग ली हैना मेरे शेर ने..... कोई नहीं छोटी से बात है और गुरूजी ने भी तोह माफ़ कर दिया है न उसको चाहे माँ के कहने पे".

दीप्ति कुछ सोच के जाने को वीडियो कॉल की और साड़ी बात बाटी तोह जाने ने गीता से भी बात की तोह उसने चिल्ड रहने को कहा. आर्यन ने उसकी मेहँदी को सबसे ाचा कहा है गीता ने जाने को बतया दीप्ति को छिड़ने के लिए..... तीनो हसने लगी और जाने ने कहा की वह आर्यन को बहोत मिस कर रही है है तोह दोनों ने कहा हम सब जल्दी आएंगे.

सरोज ने रति को पानी दिया तोह पानी पीकर वह भी थोड़ी रिलैक्स हुयी..... अपनी माँ के हाथ को पकड़ के सारू ने कहा ," तू चिंता मत कर आर्यन बुरा नहीं माना किसी की बात क्या, अब तू आपने गुस्सा भी थूक दे आज गीता के लिए कितना बड़ा दिन है ".

सारू भी चिंतित थी की निशंक गुरूजी आर्यन को श्राप देने वाले थे जरूर अणि की वजह से hi उनको मौका मिल गया था. वैसे आर्यन और निशंक गुरूजी आपसे में गुरु भाई थे पिछले जनम में पर दोनों की कभी नहीं बानी. निशंक गुरूजी मित्र की हैसियत से महार्यं को सलाह देते थे पर वह उनकी सलाह कभी नहीं मानता था और परिणाम स्वरुप भयानक मृत्यु प्राप्त किया.

रति अपने सर पे हाथ रखकर बोली," यह लड़का हमेशा गुरूजी का उपहास उड़ता है जब भी वह मिलने आये जैसे इनका पुराण बैर हो उनसे कोई....... और आज तोह हद hi हो गयी उनको गिरा के बेशर्मो की तरह हसने लगा यह 21 साल का भी नहीं हुआ है और गुरूजी 100 साल से ऊपर के हैं इसको कोई शर्म नहीं उनको चोट लग सकती थी कोई हड्डी टूट सकती थी..... बहोत हो गया मेरी hi गलती है जोह इसको सर चढ़ा के इसकी हर बात मानती हूँ".

देवकी दादी (वीरा बुआ की छोटी सास ) ने कहा," जाने दे वह अपना इकलौता बीटा है.... तू भी तोह उसके कान पकड़ के ऐसे लायी की जैसे की बकरी का बच्चा हो ".

कैकई दादी ," प्यार तोह सभी मम्मी से करते है आर्यन लेकिन माँ सिर्फ अकेली तू hi है उसकी ..... बेचारा कुछ नहीं बोलै बस चमा मांग लिया गुरूजी से अब तू भी िश बात को गले से मत लगा ".

सुखिया काकी ," रति देवी की पहचान है आर्यन बेटे..... अगर उसने गलत किया है हम सब भी तेरे आगे हाथ जोड़ के माफ़ी मांगते है माफ़ कर दे अपने लाल को यह सब अजाने में हुआ "..... उसने अपने हाथ जोड़ दिए ......

डॉ अंजू अभी तक गयी नहीं थी और वह भी रति व् दूसरी औरतें की बात सुन रही थी जैसे सब आर्यन को बचने की कोशिश कर रही थी, उसने कहा ," दीदी आर्यन को आखिर बार माफ़ कर दो आगे से वह गुरूजी से सम्मान के साथ बात करेगा में भी बोलती हूँ की यह उसकी लास्ट गलती है ".

रति भी सब को सुन रही थी और उसके जानकार ख़ुशी हो रही थी की आर्यन को सब इतना प्यार करते है ," ठीक है अब आर्यन की जिम्मेदारी सिर्फ अंजू की है और गीता की जिम्मेदारी मेरी लेती हूँ...... सारू तू और अंजू िश बीएल की नाथ को कसके पकड़ना कब क्या काण्ड कर दे इसका धयान रखना..... में गुरूजी के जलपान का इंतजाम करती हूँ वह सिर्फ मेरे हाथों का भोजन hi खाएंगे ".

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लीला, कविता और बबिता आर्यन के रूम में अपने अपने बच्चों त्यार की..... वह सब पूछ रहे थे डैडी कब आएंगे? डैडी हमसे मिलना क्यों नहीं आये?

और तभी आर्यन मीणा के साथ अपने रूम में आया hi था बच्चे उसको देखकर डैडी डैडी करने लगे.....

आर्यन अपने दोनों घुटनो के बल बेथ कर अपनी दोनों बाहें पहला दिया ..... तीनो बच्चे रौशनी, महिमा और राहुल आर्यन के हस्ते हुए गले लग गए..... आर्यन उनको देखकर इतना खुश हुआ जैसे वह इन्ही के जागने का इंतज़ार कर रहा था..... सब को बारी बारी चुम के अपनी गॉड में उठा लिया..... बच्चे और उनकी माओं की ख़ुशी का ठिकाना न था. मीणा भी हस्ती हुयी िश दृश्य को अपने मोबाइल कैमरा ने कैद कर रही थी.

रौशनी," डैडी में आप से नाराज हूँ".

महिमा ," डैडी में भी नाराज हूँ".

राहुल ," डैडी नाज हूँ ".....

आर्यन प्यार से बोलै ," पर मेरे प्यारे प्यारे बच्चों मुझसे क्यों नाराज हैं ?"

अब सब की लीडर उनकी रौशनी दीदी थी तोह वह बोली," डैडी आप नाईट में नहीं आये हम सब इंतजार करके सो गए..... आपको पनिशमेंट मिलेगी "......

आर्यन उनको साथ गॉड लिए रूम से हवेली के दिंनिंग हॉल में पहुंचा और डिनर टेबल पे बैठा के बोलै ," चलो सब बच्चे दूध पियो तब मेरी पनिशमेंट स्टार्ट होगी..... चलो चलो गुल मम्मी भी आ गयी हैं "...... मीणा और 3ों बच्चों की माँ भी पीछे पीछे आ गयी डिनर टेबल के पास और उत्साह से देखने लगी की आर्यन अब कैसे उनको मनाता है.

गुल एक पिंक सारी पहने किचन से डिनर हॉल में आयी और तीन गिलास दूध व् एक जग भरा दूध का लेकर आयी एक ट्रे में..... वह सुबह hi पूरी त्यार होकर बच्चो के लिए नाश्ता भी लायी थी जोह माइड के हाथ में था.

रौशनी सब को बोली ," डैडी हम पहले दूध फिनिश करेंगे फिर हमको घूमना है और महिमा राहुल की लिए खिलौना भी लेंगे यह आपकी पनिशमेंट होगी "..... hi hi hi hi ..... बाकी भी हस्ते हुए घूमने है और ढेर सारे खिलोने लेंगे .....

रति किचन में थी और बच्चो की आवाज सुनकर सोची अब बच्चे hi आर्यन पे नकेल कसेंगे बहोत परेशां करता है सब को..... तीनो माँ भी वहीँ डिनर टेबल की कुर्सियों पे बेथ गयी और अपने बच्चो को आर्यन को प्यार देते देखकर बहोत खुश थी..... तीनो बच्चे अपना अधिकार और प्यार आर्यन पे लौटा रहे थे...... आर्यन राहुल को दूध पीला रहा था अपने हाथ से, महिमा को मीणा अपनी गॉड में बिठा के और रौशनी खुद आर्यन की गॉड में बैठकर दूध पि रही थी......

आर्यन चोरी छिपे लीला को ताड रहा था वह भी मुस्करा रही थी..... आर्यन ने खुद उसको स्पेशलय बुलाया था और हवेली में hi रखने की रिक्वेस्ट किया था और वह भी मान गयी थी..... उसने एक स्लीव लेस्स गाउन पहना था और बालों की पोनीटेल करके वह भी आर्यन की आँखों में अपने लिए तारीफ ढून्ढ रही थी.

जब देखा की कोई देख नहीं रहा है तोह आर्यन उसको आँख मार दिया लीला हैरानी से इधर उधर देखती हुयी बोली ," मीणा गयम है क्या हवेली में में वर्कआउट की सोच रही हूँ".

मीणा ," गीता मौसी का गयम है न उनके रूम के साथ वाले रूम में चलो में ले चलती हूँ "..... लीला ने उसको मन कर दिया और खुद hi चली गयी आर्यन की तरफ स्माइल देती हुई.

मीणा ने आर्यन के कान में कहा ,"भाई तू कुछ भूल तो नहीं रहा है ".

आर्यन एक खली गिलास में दूध दाल के मीणा को दिया ," पहले तू भी दूध पि, मैंने मैसेज कर दिया है की में नहीं आ पाउँगा, मैंने प्रॉमिस तोड़ दिया है ऐसे अदिति बोली रही थी अब मेरी भी मज़बूरी है यार क्या करूँ..... वह सब के साथ आ जाएगी "...... मीणा की तरफ दूध का गिलास किया तोह वह बुरा सा मोह बनाने लगी.....

रौशनी भी उसको देखकर है रही, गुल ने एक चेयर पे बैठकर कहा ," मीणा यह तेरे भाई का आर्डर है बबिता दीदी और मुझे भी दूध पीना पड़ेगा ऐसे मोह न बना यार ".

आर्यन राहुल का मोह साफ़ किया ," वैरी गुड राहुल मेरे शेर बीटा..... सबसे पहले फिनिश कर दिया "...... उसके गाल पे किश किया.

महिमा ," डैडी मुझे भी किश दो..... मैंने राहुल से भी फर्स्ट हूँ "...... आर्यन उसको दोनों गाल पे किश किया तोह छोटी माहि भी अपने डैडी को किश की ," माय डैडी इस बेस्ट एंड ी ऍम बेस्ट डॉटर ऑफ़ माय डैडी "..... hi hi hi hi ...... और ताली बजने लगी.

आर्यन के साथ सभी ास्चेरए करे की यह छोटी बच्ची कितनी जल्दी जल्दी बोलना सीख रही है..... रौशनी मंद मंद मुस्कुरा रही थी तोह आर्यन ने उसको भी डिनर टेबल पे बैठा लिया ," यह सब मेरी स्वीट डॉल रौशनी बेबी से सीख रहे हैं..... थैंक्स बीटा दोनों की केयर करने के लिए "..... उसके गाल पे पप्पी दिया.....

रोशिनी उसके गले लग कर बोली ," डैडी वे अरे फॅमिली एंड आल फॅमिली मेंबर्स शुड केयर एच इतर it's नॉट बिग डील.... ी थिंक यू शुड मीट अदिति अस यू आलरेडी प्रॉमिस्ड हेर".

राहुल ," फॅमिली .... फॅमिली ..... " ...... बबिता उसको आर्यन की गॉड से लेकर बोली इसको बाथरूम कर दूँ..... कविता मामी बाकी औरतों के साथ बिजी थी.

आर्यन ने मीणा की तरफ देखा तोह वह भी है रही थी तोह आर्यन बोलै ," Ok हम सब जायेगे में तुम्हारी मम्मी को बोल के आता हूँ..... एंड थैंक्स फॉर रेमिन्डिंग में "......

महिमा उसके कान से खेल रही थी तोह आर्यन उसको गॉड में लेकर लीला से मिलने चल गया वह गीता की गयम रूम में स्ट्रेचिंग कर रही थी...... आर्यन को देखकर उसके पास आकर पहले दूर बंद की और उसके गले लग गयी और महिमा हसने लगी.....

लीला ," माहि.... Don't तेल्ल अन्य्बोद्य "..... छोटी बच्ची इतनी समझदार थी उसने आँखों पे हाथ रख लिया......

आर्यन हसने लगा और लीला उसको लिप किश करके शिकायत करने लगी ," यार मुझे अकेला hi छोड़ना था तोह यहाँ क्यों बुलया में बुआजी ( रानी मिरदुला) के साथ आ जाती रात भर तुमने दरसन भी नहीं दिए".

आर्यन उसके गाल को किश करके बोलै ," तुम अब से मेरी फॅमिली हो रौशनी मेरी बेटी है तोह अब हमारे hi साथ रहना पड़ेगा..... तुम्हारी शिकायत इंगेजमेंट के बाद साड़ी दूर कर दूंगा नाउ गिव में किश".....

लीला आर्यन के लेफ्ट साइड गले लगी थी और आर्यन के राइट साइड गॉड में छोटी माहि थी..... लीला ने महिमा की तरफ इशारा किया जोह आँखे छुपा ली थी..... आर्यन ," दो नॉट वोर्री माहि में मम्मी को प्यार कर लूँ ".

छोटी माहि ," डैडी मैंने तोह आईज पहले hi क्लोज कर ली हैं आप लीला मम्मी को किश कर दो "..... hi hi hi hi .....

आर्यन स्माइल करते हुए लीला को लबों को चूमने लगा लीला भी उसका साथ देती उसको किश करने लगी..... चम्म्म्म चम्म्म्म चम्म्म्म ुंहहाआ ुंहहाआ मममममम ममममममम ममममममम .....

किश करके लीला आर्यन के गले में बाहें दाल के बोली," ी मिस यू डार्लिंग ".

आर्यन ," ी लव यू लीला डार्लिंग ...... चलो तुमको गोअन घूमता हूँ बच्चे भी साथ होंगे गुल और बबिता को भी ले चलते हैं ".....

लीला ," अरे यू माध आर्यन 11 बजे सगाई होने वाली है कितना टाइम रह गया है ".

आर्यन और आँख मार दिया," चिल यार 10 बजे तक आ जायेगे तुमको भी राइड करवा देंगे 12 बजे से पहले पूरे गेस्ट भी नहीं आएंगे "..... hi hi hi

आर्यन ने छोटी माहि से बोलै ," माय स्वीट बेबी ओपन योर आईज "..... और उसके गाल पे किश किया वह खिल खिल के हसने लगी एक हाथ अपने मोह पे रख कर..... आर्यन उसको गुलगुली करने लगा.....

______________

मॉर्निंग 7:30 बजे ......

हमर गद्दी में बबिता, गुल और लीला के साथ आर्यन के तीनो बच्चे गीता के दादा की हवेली वाले गाओं की तरफ निकल गए आर्यन ड्राइव कर रहा था...... रति से आर्यन ने कोई बात नहीं की थी जबसे उसको दांत पड़ी थी वह दिखा रहा था की वह भी उससे नाराज है और मीणा को बोल दिया था की किसी को ना बताये की वह कहाँ जा रहा है मेरा फ़ोन बिजी रहेगा.

मीणा उसकी तफरी लेते हुए कही ," भाई कहीं उस लीला से तोह कोर्ट मैरिज नहीं करने जा रहा है न..... गीता को तू hi संभालना पक्का बाधक जाएगी "...... hi hi hi hi ....... "टाइम से आ जाना गीता से पहले सरोज दीदी और इंस्प. राजपूत की भी सगी होनी है ".

आर्यन उसके माथे को चुम के बोलै," तेरा जीजा लगता है वह ".

मीणा ने उतर दिया," साला भी तो तेरा लगेगा "..... hi hi hi hi

आर्यन ," में तोह जीजा नहीं कहने वाला उसके ".

मीणा ने आर्यन को हवेली से बहार भेजा था ताकि वह बच्चों के साथ रह..... उसको श्राप देने की गुरूजी की मनसा और अणि की मिली बघत सब समाज में आ रही थी. रति उस सिचुएशन को ाचे से हैंडल कर सकती थी यह मीणा को लगता था.

Dimple-Payal को भी बुरा लगा था पर रति कभी आर्यन के साथ गलत नहीं कर सकती उनका यह माना था. मीणा ने सभी बहेनो को कल hi रात को बोल दिया था की आर्यन और Geeta-Deepti से 2 दिन दूर रहना जब तक में न बोलूं. डॉली को सबसे ज्यादा बुरा लगा जब मीणा ने कहा पर उसको मन्ना पड़ा. मीणा यह दो दिन आर्यन के साथ दूसरी लड़कियों और महिलाओं को मौका देने चाहती थी भेने तो हमेशा आर्यन के साथ hi रहेगी...... उसको यह भी पता था की पातळ लोक वाली आर्यन की नयी बानी बीवियां भी सगाई के समय पक्का मौके की तलाश में रहेगी.

उसने पूरा प्लान बना लिया था की आर्यन के साथ किसको कब रहना हैं फ़िलहाल तोह लीला का नंबर सबसे पहला था मीणा की लिस्ट में....... लीला भी सबसे अच्छे फर्टाइल पीरियड में थी.

गाड़ी में लीला आर्यन के साथ बैठी थी साइड सीट पे...... राहुल लीला की गॉड में था, आर्यन की गॉड में रौशनी और महिमा बैठी थी. बबिता और गुल पीछे सीट पे आराम से फ्री होकर बातें कर रही थी. आर्यन हवेली के पीछे वाला गेट से गाड़ी निकला..... नीला के साथ 2 सुव सिक्योरिटी गार्ड्स की थी. सिक्योरिटी अफसर की दो जीप भी उनको एस्कॉर्ट करती दोनों सुव के पीछे थी.

आर्यन काचे रस्ते से जा रहा था जोह गोअन का रास्ता था उनको 40-50 मं लगते िश रस्ते से...... लीला ने राजस्थान का सफर बहोत किया था यहाँ साड़ी फसल के खेतो के बिच हरियाली और पेड़ ,कुछ कुछ दुरी पे बाघ थे...... यह सन और आर्यन का साथ बहोत ाचा लग रहा था उसको ..... गुल भी पहली बार आयी थी दोनों खुश हो रहे थे और बच्चे तो अपनी मस्ती में मस्त थे आखिर उनके डैडी आर्यन के साथ पिकनिक मानाने जा रहे थे.....

लीला एक जीन्स और पर्पल कलर की शर्ट पहनी थी और ब्रांडेड ब्लैक गॉगल्स, खुले बालो में वह हेरोइन hi लग रही थी..... उसकी तरह गुल एक बुले डेनिम पंत और ऑरेंज टीशर्ट में थी...... बबिता ने लॉन्ग स्कर्ट और शार्ट कुर्ती फेनी थी.

आर्यन हमेशा हैंडसम और हुनक लगता था उसने कासुअल पंत और शर्ट दाल राखी थी. गुल और बबिता के गॉगल्स उन्होंने सर पे ऊपर लग रखे थे. आर्यन का गॉगल्स रोशिनी ने लग रखा था..... सूंदर सूंदर बच्चे की ड्रेस उन्ह पे खूब फब्ती थी जैसे किसी देश के राजकुमार और राजकुमारी हो......

लीला ने गुल को देख कर कहा ," आर्यन तुम्हारा गोअन और यहाँ के लोग कितने अच्छे हैं.... जी तोह करता है की यहीं रहने लागूं क्यों गुल में ठीक बोल रही हूँ न और बबिता तोह इसी एरिया की है ".

बबिता और गुल आपस में बातें कर रहे थे तोह बबिता ने कहा ," में िश कसबे के कॉलेज और मेरे घर के सिवाए ज्यादा नहीं घूमी वैसे भी में देहरादून की हूँ. हाँ अब तोह जहाँ ये ले जायेगे वहीँ जाना होगा".

गुल ने बबिता की हाथ पे चुनती काटी ," लीला जी में भी आपकी बातों से इत्तेफ़ाक़ रखती हूँ...... आर्यन का गाओं बहुत सूंदर है ".

आर्यन आराम से गाड़ी चलते हुए बोलै," डार्लिंग जोह दीखता है वह होता नहीं है, मेरे pada-naana यानि लेट चौदर्य माधव सिंह उन्होंने िश एरिया में भाई चारा बांये रखा है फिर उनके बाद मेरी माँ रतिदेवी भी एहि भाई चारा कायम करके राखी हैं वर्ण यह राजनीती का गढ़ बन जाता..... हाँ में भी मानता हूँ की यह गोअन और 39 गाओं सबसे अच्छे हैं. हम सब को नाज है की हम िश गाओं के हैं और सब गऊँवासियों से बहोत प्यार करते हैं".

लीला, बबिता और गुल को लगा की आर्यन डार्लिंग किसको कह रहा है ?

लीला एक डैम से पूछी ," डार्लिंग किसको बोल रहे हो ? गुल को या बबिता को"..... hi hi hi hi ......

आर्यन मुस्करा के ," क्यों होने वाली साली को भी तोह डार्लिंग कह सकते हैं"..... है है है ...... लीला उसके कंधे पे मारने लगी...... इडियट!!!!

आर्यन ," मैंने बबिता को कहा.... ok "..... है है है है .....

रोशिनी ," डैडी आप तोह मुम्मा को भी डार्लिंग बोलते हो प्यार से ?"

लीला ," रोशिनी..... "...... लीला ने आँखें दिखाई..... तोह रोशिनी ने सॉरी बोल दिया......

बच्चे बहोत तेज़ होते हैं और खासकर वह ुशी समय बोल देते हैं जहाँ बोलै नहीं चाहिए......

छोटी माहि ," डैडी अगर लीला मम्मी आपकी डार्लिंग नहीं है तोह आपने उनको क्यों किश किया मैंने तोह आंखें बांध कर ली थी?..... लीला मम्मी भी आपकी डार्लिंग हैं बोल न डैडी ?"

लीला का चेहरा सुराख़ हो गया और सर झुका ली..... रोशिनी ने महिमा के मुँह पे हाथ रखके बोलै ," माहि छोटे बच्चे मम्मी डैडी की बातें कभी नहीं बताते हैं और नहीं सुनते हैं सॉरी बोलो सबको "......

महिमा को रीलीज़ हुआ लीला को देखकर की वह चुप हैं और राहुल पहले बोलै," दीदी सॉरी ".....

महिमा ," सॉरी दीदी सॉरी डैडी सॉरी लीला मम्मी "..... और आर्यन की गॉड से उतर के लीला की गॉड में आकर उसके गाल पे महिमा ने किश किया और उसको गले लग गयी सॉरी मम्मी.

लीला की शर्म झट से दूर हो गयी.... महिमा और राहुल को अपने गले से लगा के बोली ," It's ok बीटा एंड ी लव यू सू मच मेरे प्यारे बच्चे "..... और बारी बारी से उनके गाल किश करने लगी.....

गुल ने कहा ," दोनों वोर्री लीला जी यह बात कार में hi रहेगी..... आप ने खुश गलत नहीं किया आर्यन से सब प्यार करते हैं और वह भी हम सबसे प्यार करते हैं वेलकम तो आवर फॅमिली".

बबिता का हाथ दबा दिया था गुल ने तोह वह भी बोली ," आर्यन का प्यार hi ऐसा है हम सबको जोड़ के रखता है...... दो नॉट फील ाषामेड "...... उसने लीला के कंधे पे हाथ रखा और दबा दिया.

लीला सिर्फ थैंक्स hi बोल पायी और आर्यन की तरफ देखि ," लीला डार्लिंग वे आल लव यू क्यों बचो लीला मम्मी को लव यू बोलो".....

तीनो बच्चे लीला को.... मम्मी ी लव यू बोलने लगे तोह गुल बोली ," वे आल लव यू लीला जी वे अरे फॅमिली".

राहुल," फॅमिली ..... फॅमिली ..... फॅमिली "..... और क्लैपिंग करने लगा.....

लीला को आर्यन की बीवियों और बच्चों ने अपना लिया था अस हिज वाइफ..... लीला का आर्यन से छुपा रिलेशन उजागर हो गया था ओपनली लेकिन वह दोनों तोह पहले से hi जानती थी जब आर्यन ने उनको बतया था और यह भी की लीला उसकी सू कॉल्ड वाइफ hi है पर वह अपनी बेटी रोशिनी के लिए रिलेशनशिप डिस्क्लोसे नहीं कर सकती...... बस वह दोनों भी लीला के स्टेटस की वजह से झिझक रही थी पर अब सब क्लियर हो गया था.

बच्चों की समझदारी से आर्यन भी बहोत खुश था और रोशिनी बेटी उसकी स्पेशल बेटी हैं जोह हमेशा उसकी फॅमिली को जोड़ के रखेगी ऐसा वह मानता था...... रौशनी सबसे समझदार थी और उसकी इंटेलिजेंस देख कर सब उससे प्रभावित होते थे.

तीनो लेडीज पूरे रस्ते खुलकर बातें कर रही थी और आर्यन अपने बाचो में बिजी था ड्राइविंग करते हुए..... राहुल सू गया था पर उसकी दोनों भें छोटी और बड़ी अपने डैडी को हरा दे रही थी बातें करेने में......

आर्यन भी चाहता था की लीला अपने और उसके रिलेशनशिप की वजह से शर्मसार न हो..... दीप्ति को कोई ऐतराज नहीं था गीता भी जानती थी की आर्यन क्यों लीला के पीछे पड़ा रहता है लेकिन उसने टोका नहीं..... उसके पता था की दीप्ति खुद आर्यन को कण्ट्रोल कर लेगी लीला से दूर रहने के लिए.

लेकिन आर्यन भी लीला को खोना नहीं चाहता था और लीला भी बहोत समझदार औरत थी वह जानती थी कब आर्यन के नज़दीक जाना है कब नहीं. थी तोह रोशिनी की माँ उसकी तरह इंटेलीजेंट.

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अपडेट 46 ( बी)

सुबह, 8:30 बजे, गीता के दादा की हवेली पे जब आर्यन अपनी सिक्योरिटी और सिक्योरिटी अफसर के साथ पहुंचा तोह सब लेडीज भी तयारी कर रही थी गीता की सगाई के फंक्शन में जाने की.

आर्यन ने ठकुराइन मेघा सिंह को अपने आने से पहले hi फ़ोन कर दिया था की में खुद आ रहा हूँ अदिति को लेने सब साथ में चलेंगे और जोह मैंने कहा था उनको बुला लिया है क्या?

मेघा उत्साहित स्वर में बोली," जल्दी आओ आर्यन, अदिति भी जिद कर रही है जब तक तुम नहीं आओगे में नहीं जाउंगी और जैसा तुम ने बोलै था वैसे hi किया है वह दोनों भी यहीं है बस तुम आ जाओ".

थोड़ा पीछे चलते हैं यह जाने के लिए के लिए की सुबह गीता के दादा की हवेली में क्या हुआ...... ?

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सुबह 6 बजे हवेली की नौकरानी दुलारी जब मल्टी ( सरला की सास ) से मिलने गयी तोह वह भी त्यार होकर धीरे धीरे अपने मइके के माकन से बहार आयी.

दुलारी हस्ती हुयी बोली ," इतनी तेजी से न चल मल्टी गंडमारी वर्ण आर्यन मालिक फिर से तेरी गांड न पहाड़ दे "..... hi hi hi hi

मल्टी भी मुस्करा के शर्म ने लगी और उसके मुँह को दबा के बोली," चुप कर सब को बता देगी क्या..... ऐसा दर्द तो नसीबो वालियां को मिलता है..... अब मेरी उम्र हो गयी है उनको उसकी तकार की औरत चाहिए. मेरी hi बुद्धि ख़राब थी जोह आर्यन बेटे के निच्चे आ गयी, उसने कोई रेहम नयी किया ऐसा लग की जैसे में 20 आदमियों से चुदाई करके आयी हूँ...... एक एक छेद इतना ज्यादा खुल गया है और इतनी टीश उठा रही है, में अफीम खा के आयी हूँ ".

दुलारी उसको सहारा देकर आगे चलने लगी ," मैंने देखा था होश आने के बाद तेरी क्या हालत थी वैसे भी इतना बड़ा हथियार लेकर तू जिन्दा है अभी तक विश्वास करना मुश्किल है. में तोह कभी न लून इतना मोटा और जबरदस्त लौड़ा जैसे घोड़े का hi लग रखा है आर्यन मालिक ने ".....hi hi hi hi ...... और अपनी छूट जोह साड़ी और पेटीकोट के ऊपर से आर्यन का नाम सुनकर पिण्या गयी थी पूछती हुयी जवाब दी.

मल्टी ने दुलारी की गांड पे थप्पड़ मारते हुए कहा ," साली बर्चोढी तेरे तोह छूट आर्यन मालिक के नाम सुनकर कर पानी टपकने लगी..... रंडी अगर कल होश में मेरी दर्दनाक चीखें बाघ में सुनती तोह खड़े खड़े मूत देती "...... है है है है .......

दुलारी अपने खुले को सहलाती हुयी बोली," मेरा जी नहीं है क्या ? आर्यन मालिक का नाम सुनते hi गीली हो जाती हूँ...... तू बड़े ठाकुर ( गीता के दादा) की हवेली में नहीं थी घर पे आराम कर रही थी वहां क्या क्या हुआ मत पूछ".

((हुआ यह की आर्यन मल्टी को आगे पीछे से बजा के जब वापस गया दोनों को क्या क्या करना है यह भी बात के गया. ऋतू ( सरला दीदी की छोटी देवरानी) और उसके 1 साल के बेटे को उसके मायके में मिला. ऋतू से बात करके उसको सब बतया जोह उसको नहीं पता था वह भी हैरान थी की वह ठाकुर सूरजभान सिंह (गीता के चाचा) की नाजायज़ 2 नंबर की बेटी है अपनी माँ से...... उसने आने से पहले hi बता दिया था की वह कल ठाकुर की हवेली पहुँच जाये अपने बेटे को लेकर और मल्टी के साथ रह ))

मल्टी धीमी चल चलते हुए बोली ," अरे बड़ी मुश्किल से घर गयी और बिना खाना खाये बस दोपहर में hi खटिया पकड़ ली..... रात की बासी रोटी और सब्जी खाके बस थोड़ी जान आयी. 2 बार अफीम खा के अभी भी दर्द हो रहा है. बड़े ठाकुर की हवेली में क्या क्या हुआ में भी तोह सुनो" ?

तब हवेली की तरफ चलते हुए दुलारी ने गीता, रति और राजवीर से मुलाकात और आर्यन की मम्मी सारू और उसकी 3 सूंदर बहेनो की बारे में नमक मिर्च लगा के बतया तोह मल्टी को कोई ज्यादा आश्चर्य नहीं हुआ बस खुश होते सब बातें सुनी.

आर्यन इतना सुन्दर ताकतवर मर्द है तोह उसकी माँ और भेने भी तोह अप्सरा जैसी होंगी..... रति देवी को दो बार देखि थी 6 साल और 2 साल पहले गांव में सब कहते हैं की आर्यन रति का बीटा है और यह बात कहीं से उसको जूथ नहीं लगी. जब रतिदेवी एक अप्सरा जैसी है िश उम्र में तोह उसका बीटा आर्यन एक देवता की तरह hi होगा..... ुष जैसी नीच कौम की औरत को अपने निच्चे लिटाया के खुद को सौभाग्यशाली समझ रही थी मल्टी.

आर्यन ने कल उसकी बड़ी बहु की भी हालत एक रात पहले hi ख़राब कर दी थी पर ऋतू के साथ एक बिस्टेर पे सोया था लेकिन उसको चूहा भी नहीं. जितना ज्यादा वह आर्यन के बारे में जाने की कोशिश कर रही थी उतनी तेजी से वह उसके दिल, जिस्म और आत्मा पे कब्ज़ा कर रहा था.

मल्टी मैं ने सोच रही थी ," भगवन हम सब आर्यन से मिल कर धन्य हो गए" और यह सच्च भी था आर्यन ने नोटों में टोल दिया ( 50 लाख) था मल्टी और बाकी उनके घरवालों को सिर्फ अपनी बड़ी भें सरला की ख़ुशी के लिए.

उन्ह hi नहीं लडकियां और औरतें आर्यन पे अपने जी जान लौटने से पीछे न हटती थी...... वह हर औरत का दिल जीत कर ज्यादा खुश करना जानता था और जोह एक बार आर्यन से चुद ली वह कभी दुसरे मर्द की ख्वाहिश न करती थी उनके सिर्फ आर्यन चाहिए चाहे जितना समय लगे डरा उसका लुंड और प्यार के लिए वह सब खुद hi उसके पास आने को आतुर रहती थी..... वहीँ कुवारी लड़कियां जोह एक बार देख ले थी आर्यन को वह भी तोह एहि कामना करती थी उसके प्यार के लिए.

आर्यन किसी को भेद भाव की नज़ार से नहीं देखता ऋतू भी आर्यन को सच्चा प्यार करने लगी थी 2 बार उससे hi मिली थी पर सिर्फ गाल और माथे पे किश के वह आगे नहीं भाड़ा था और वह जैसे भवाली सी हो रही थी उसके लिए. आर्यन भी ऋतू के साथ एक यादगार पल बीतने चाहता था और उसने बोलै भी था की आप को सब ख़ुशी मिलेगी बस इंतजार करना होगा..... वह ऐसा अस्वन पाकर नए नए खवाब बुनने लगी थी, आर्यन तुम मुझे पहले क्यों न मिले.....

दुलारी और मल्टी हवेली के अंदर कैद खाने में गयी जहाँ देखि की गीता के चाचा और मां की हालत ख़राब थी. लकड़ियों ने गीता की दादी नैनादेवी को भी नहीं बक्शा था. दोनों बहार आके बैठक में चली गयी गीता की चची और मामी से मिली.

( ** रैना ---- गीता की चची

मेघा ---- गीता की मामी )

रैना और मेघा दोनों hi उनका वेट कर रही थी सभा से hi, मल्टी को दोनों जानती थी तोह मेघा बोली ," अरे मल्टी काकी तू आर्यन को कैसे जानती है ? वह तोह अमेरिकन में था कुछ hi दिनों पहले hi गाओं आया है फिर कब मिली उससे ? सरला की शादी भी आर्यन के अमेरिकन जाने के बाद हुयी थी जवाब दे" ?

दुलारी एक ग्लास पानी लेकर आयी और बोली," ठकुराइन इतने सवाल पूछूगी तोह इसकी बोलती बंद हो जाएगी...... ले पानी पी मल्टी और सब सच बता देना ठकुरियाँ मेघा जी को. यह बहोत बड़े खानदान से हैं आर्यन मालिक की तरह झूट बोली तोह गोली मार देंगी".

ठकुरियाँ रैना सिंह नरम आवाज में बोली ," तू पहले पानी पि फिर बात करेंगे और काकी (दुलारी) तुम मल्टी के लिए चाय बना के ले आयो तब तक हम इससे अकेला में बात करते हैं. कोई डिस्टर्ब न करे बैठक का दरवाजा भी लग देने ".

मल्टी भी जानती थी की यह दोनों ठकुरियाँ हैं और दबंगई इनके खून में है. वह भी डरने की एक्टिंग करते हुए पहले पानी पि फिर निच्चे बेथ के मेघा के पेअर दबाने लगी जोह आलिशान चेयर पे बैठी थी और नाईट ड्रेस में थी उसने डार्क ब्लू स्लीवलेस गाउन पहना था.

मल्टी थोड़ी झिझक के कही ," ठकुरियाँ बस में घबरा गयी थी की आप दोनों ने मुझे क्यों बुला है ? बात यह है की आर्यन मालिक मुझे अमरीका (अमेरिका) से आने के बाद से hi जानते हैं, में सरला बहु की छोटी सास हूँ न. बस 3 बार मिली हूँ में उहने से ..... उन्होंने मुझे बोलै की दुलारी के साथ सब को कायदे से रिहा कर दूँ और उनकी पट्टी मरहम करके गीता बेटी की सगाई में लाने को कहा है ".

रैना हिचकिचे के बोली ," बात यह है की मल्टी काकी, आर्यन बीटा तोह बोल दिया की 3 ( चाचा, मां और दादी) को लाना है पर गीता बेटी का क्या? वह पक्का गुस्सा होगी इनको देख कर...... जब हमारे hi करम फूटे हैं तोह बात करना hi फिजूल है ".

मेघा थोड़ी नरमी से बोली ," तीनो को थोड़ी मार खाने से तोह ाचा हैं न वर्ण गीता जान से मार देती उन्ह तीनो को और हम कुछ भी नहीं कर सकते थे....... रतिदेवी और उनके खंडन के बारे में मैंने बड़े भैया से पुछा था. वह भी बहोत तारीफ कर रहे थे और वह भी सगाई में आ रहे है उनको पहले से hi इनविटेशन मिला था...... यह जाना के की गीता बेटी हमारे खानदान की है तोह बहोत खुश हुए. आर्यन बहोत होनहार लड़का है और राजकुमारी दीप्ति से भी उसका रिस्ता पक्का हुआ है. देखते हैं 3 लड़कियों को कैसे संभालेगा"? ...... hi hi hi hi ..... और अपनी गाउन के ऊपर से अपनी पेंटी में ढकी छूट खोज दी आर्यन को याद करके......

मल्टी से यह बात न छुपी और वह भी मुस्कुरा रही थी रैना चची भी अपने गाउन में अपनी छूट को खोज के बोली ," इतना सुन्दर लड़का गीता को ढूंढने से भी नहीं मिल सकता..... वह अमेरिकन लड़की जाने हॉल की फोटो देखि थी मैंने, उसकी हाइट, पर्सनालिटी और नीली आँखों बताती हैं तीनो लड़कियां एक hi अप्सरा चुनी है हमरा आर्यन ने"...... आर्यन अब उसको अपना hi लगने लगा था और वही भी मेघा की तरह आर्यन को अपना hi मानती थी.

मल्टी ने गौर से दोनों को देखा की दोनों ठकुरियाँ ग़दर जिस्म की मालकिन हैं और खासकर मेघा की चूचियां और भरी पिछवाड़ा आर्यन की कमजोरी है...... अपने मैं में 'दोनों आर्यन मालिक के निच्चे आने को बेताब हैं तभी अपनी बुर खुजा रही हैं उसकी बातें करके..... रंडियां उनके पास जाकर कुटिया की तरह मिमयाने शुरू न कार्डो तोह मेरा नाम मल्टी नहीं. आर्यन मालिक आप के लिए यह दो रंडियां को त्यार करती हूँ कुछ दिनों का टाइम दो मुझे '...... और मैं hi मैं मुस्कारने लगी.

मल्टी ने कहा," मालकिन मुझे आर्यन मालिक ने बोलै था की में अपने हुनर को आप को भी दिखा दूँ और अदिति बेटी के पैरों की मालिश भी करती रहूं बस आप मुझे लेने और छोड़ने के लिए इंतज़ाम करवा दो ".

मेघा अपना मत दी ," तेरा क्यों सा हुनर है जोह आर्यन को पता हैं? वैसे आर्यन बोलै है की अदिति जल्दी ठीक हो जाएगी उसने कोई जड़ी बूटियों का तेल और दवाई भी दी हैं...... वैसे रैना बुरा न मन्ना मुझे िश बात पे विश्वास नहीं होता लेकिन आर्यन ने जिस कॉन्फिडेंस से कहा है तोह में भी देखा चाहुगी और दुआ करुँगी की अदिति अपने पैरों से चले सके".

रैना इमोशनल होकर ," बस आर्यन की लम्बी उम्र की दुआ करुँगी अगर अदिति ठीक हो गयी...... तुझे मालिश आती है तोह आसानी होगी, तू चितना मत कर एक ड्राइवर तुझे को छोड़ और लेने आ जायेगा. तुझे भी सोने में टोल दूंगी अगर मेरी बेटी बिलकुल ठीक हो गयी ".

मल्टी अब मेघा के दुसरे पेअर को दबने लगी ," मालकिन अगर आर्यन बीटा ने कहा हैं तोह लिख लो अपनी अदिति बेटी जरूर ठीक हो जाएगी...... मेरे भी इलाज किया था आर्यन बीटा ने जब मुझे 3 लोगों ने हंटर और बेल्टों से मार के मेरी चमड़ी तक निकल दिए थे..... तब आर्यन बेटे ने मुझे बचाया और पूरे सरीर पे 2 जड़ी बूटियों के लैप और तेल से में बिलकुल ठीक हो गयी सिर्फ 5 घंटे में hi...... आप को विश्वास नहीं हो रहा है...... हैना ".

मेघा और रैना एक दुसरे का मुँह देखती रह गयी..... तब मेघा पूछी," मतलब तेरे सारे कपडे उतर के आर्यन ने तेरा इलाज किया "?

रैना," तुझे 3 लोग मारे क्यों थे ? वह भी बेल्ट और हंटर से, ऐसा क्या जुर्म किया था तू ने ? सच्च सच्च बता वार्ना गीता को बोलों की आर्यन ने तुझे नंगा किया था..... बोल भी अब ....."

मल्टी आगे खिसका के रैना के पेअर दबाने लगी ," अरे मालकिन आपका नमक खाया है में जूथ क्यों बोलूंगी..... में सच्च सच्च सब बता दूंगी "......

मल्टी तेज़ तारा औरत थी और एक झूटी खानी सुनी अपनी पिटाई की..... आर्यन का उसके नंगे सरीर पे लैप और तेल लग्न सब बात दिया ....... यह भी वह सबसे ाची मालिश करती है लेडीज की और आर्यन ने कहा है (जूथ) की आप दोनों की पहले मालिश करूँ फिर आप तैयार होक उसकी सगाई में जाना. में गर्रंटी देती हूँ आप को कितना फायदा होगा मेरी मालिश से आप की उम्र 20 साल घाट जायेगी..... hi hi hi hi ......

मल्टी बहोत घागा किस्म की औरत थी बस आर्यन के आगे उसकी सोच नहीं चलती थी वैसे भी वह उसको अपना असली मालिक मान चुकी थी...... उसने अपनी चिकनी चुपड़ी बातें से आर्यन की तारीफ करती हुयी दोनों को आर्यन की रखेल बनाना की पूरी तयारी कर ली थी.

दुलारी भी वहां 4 के लिए चाय बना के लायी और उसने भी आर्यन की तारीफ के कसीदे पढ़े...... चाय ख़तम करके यह फाइनल हुआ की दुलारी और मल्टी तीनो को कैद के बहार लाकर उनकी मरहम पट्टी करेंगी फिर तीनो को साथ ले जाएगी रति की गाओं. बस दूर से गीता बेटी की सगाई उनके अटेंड करनी पड़ेगी वैसे भी इतनी भीड़ रहेगी तोह किसको पता चलेगा.

दूसरी तरह ......

अदिति आर्यन से रूत गयी थी और किसी से बात नहीं कर रही थी...... जब मेघना ने उसके रूम में आकर कहा," बीटा अदिति जिद नहीं करते चलो रेडी हो जायो और तुम्हारे आर्यन भैया भी 1 घंटे में आ जायेंगे ".

रैना चची बोली ," दीदी आप सच्च कह रही है क्या ? आर्यन पक्का यहाँ आएगा अदिति को लेने " ?

मेघा हस्ते हुए ," पक्का उसने hi कॉल किया था की में अदिति को लेने आ रहा हूँ यह तोह सेलफोन स्विच ऑफ करके बैठी है आर्यन से गुस्सा होकर "...... hi hi hi hi

मेघा, अदिति के बीएड पे बेथ कर अपना मोबाइल दिखा रही थी तब अदिति ने पहात से उसका मोबाइल चीन और कॉल हिस्ट्री में आर्यन की 1 मं दरशन की कॉल थी पर वह नहीं आएगा उसको अभी भी मेघा पे विश्वास नहीं हुआ.....

अदिति नीरस स्वर में बोली ," जब आर्यन आएगा तब में रेडी हो जाएगी नहीं तोह में नहीं जाउंगी सगाई में"..... अपना चेहरा धक् ली चादर से.

मेघा और रैना ने एक दुसरे को देखा तोह वह अदिति को मानाने लगी पर वह कुछ नहीं बोली बस बीएड पे चादर देख के लेती रही...... उसकी बाकी बड़ी भेने भी आयी पर उसने किसी से बात नहीं की.

मल्टी भी आयी पर अदिति ने दांत के उसको वापिस भेज दिया..... दुलारी काकी उसकी फवौरीते थी पर अपनी कसम देकर उसको भी छुप कर दिया.

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प्रेजेंट में .....

एक घंटे बाद ......

आर्यन जब अदिति के रूम में पहुँच तोह उसको देखकर पहले तोह वह बहोत खुश हुयी लेकिन एक स्माइल देकर वह अपना चेहरा दूसरी तरफ टर्न कर ली. आर्यन अपनी चार परिचित मुस्कान लिए बीएड के पास गया और बोलै," सॉरी बेबी मुझे कोई रोक रहा था यहाँ आने से पर तुम्हारे प्यार चेहरा और स्माइल मुझे यहाँ आने से रोक नहीं सका..... देखो मेरे साथ और क्यों क्यों आया है तुम्हे लेने ?"

अदिति जिज्ञाषा से दूर की तरफ देखि तोह वह भी सरप्राइज हो गयी 3 इतने क्यूट और ब्यूटीफुल बच्चों को देखकर..... राहुल को रोशिनी अपनी गोदी में लेकर कड़ी थी और महिमा जोह उसकी एक हाथ की ऊँगली पकड़ के दरवाजे पे कड़ी थी..... आर्यन की तरफ देख कर फिर तीनो बच्चो को देखि.

रोशिनी ," Hello अदिति दीदी ..... वैरी गुड मॉर्निंग..... माइसेल्फ रोशिनी यह मेरा छोटा भाई राहुल है और मेरी छोटी भें महिमा है...... हम आपको लेने आये हैं..... hello बोलो दीदी को ".

महिमा अपनी बड़ी बेहेन की ऊँगली छोड़ के अदिति के बीएड की तरफ अपने नन्हे कदम पे दौड़ के अदिति दीदी ..... अदिति दीदी .... कहती हुयी उसके बीएड पे चढ़ गयी ," ी लव यू अदिति दीदी "......

अदिति इतनी छोटी क्यूट और सुन्दर बच्ची आज तक नहीं देखि थी..... पर तीनो बच्चे इतने सुन्दर और मैनर्स के साथ उसको मिलने आये थी की वह एक्ससिटेड और इमोशनल हो गयी..... वह अपने बीएड पे सीधी बेथ कर महिमा को हुग कर ली ," Hello बच्चो..... ी लव यू महिमा ...... गुड मॉर्निंग रोशिनी एंड राहुल. मेरे घर आने के लिए थैंक्स"...... hi hi hi hi

आर्यन ने रौशनी की गोदी से राहुल को लिए वह भी दौड़ के अदिति के गले लग गयी..... आर्यन भी राहुल को अदिति के बीएड पे बिठा दिया तोह उसके गाल पे पप्पी लेकर बोली ," मुझे तीन तीन सरप्राइज मिले हैं ...... hi hi hi ..... ी लव यू आल और मुझे तुम दीदी hi बोलोगे".....

आर्यन पास खड़े होकर स्माइल देकर देख रहा था ...... वह जानता था की अदिति 3 बच्चों से मिलकर बहोत खुश होगी इसलिए hi वह यहाँ आया था..... ठाकुर के परिवार में अदिति सबसे छोटी बेटी थी जोह 18 साल की थी, कोई बच्चे भी नहीं था हवेली में...... पर तीन इतने सुन्दर बच्चे जब हवेली में आये तोह सब लेडीज उनको देखकर हर्षित हुयी पर आर्यन जब बोलै की यह मेरे hi बच्चे हैं तोह शॉक लगा सबको पर आर्यन बच्चों को लेकर अदिति के रूम में पहुँच गया और बच्चों को अपने पीछे बुलाया.

आर्यन ," तोह कैसा लगा अपना सरप्राइज देखकर ..... है है है है ..... तुम सबसे बातें करो में 5 मं में आता हूँ".

अदिति ," आर्यन प्लीज मुझे ासे छोड़ कर मत जायो...... में जारा भी गुस्सा नहीं हूँ आप से".

आर्यन उसके पास गया और उसके गाल पे किश करके बोलै ," ी क्नोव स्वीट डॉल..... में सबसे मिलकर आता हूँ..... फिर हम सब साथ में मेरे गाओं जायेगे. बच्चो दीदी को परेशां नहीं करना ok ".

रोशिनी ," ठीक है डैडी..... जल्दी आना ".

राहुल ," डैडी में भी चलूँगा ".

महिमा ," में तो दीदी के साथ खेलूंगी है न दीदी "..... और उसके चिपक गयी.....

आर्यन ने राहुल को गॉड में लेकर कहा ," ठीक है ..... चल मेरे बाप ".

बाकी सब हसने लगी...... आर्यन रूम से बहार चल गया राहुल को लेकर..... महिमा और रोशिनी भी बहोत खुश थी अदिति से मिलकर...... अदिति के चेहरे पे अलग hi मुस्कान आ गयी थी शायद वह अकेलापन महसूस करती थी..... बच्चो का प्यार देखकर वह गदगद हो गयी.

उधर हवेली की बैठक में नीला ने सबको यह बोलकर लीला से मिलवा की वह राजस्थान की एक राजपूत रानी हैं और राजकुमारी दीप्ति की कजिन सिस्टर हैं...... लीला को देखकर hi सब औरशन और लड़कियां भी हैरान थी कितनी लम्भी और सुन्दर है, ऊपर से वह महारानी थी तोह सब उसकी ायों बघात में लग गयी थी. लीला ने गुल और बबिता को अपनी भें बताया..... बच्चों को उनकी माँ के नाम से इंट्रोडस किया और आर्यन को सब डैडी बोलतें हैं प्यार से. लीला का रॉब और पर्सनल्टी देखकर किसी की हिम्मत नहीं थी उससे कोई सवाल कर पाए..... सब उसकी जी हजूरी करते दिखे.

मल्टी ने आर्यन को बड़े ठाकुर से मिलवाया उनके रूम में ..... आर्यन ने हाथ जोड़कर उनका हाल चल लिया और गीता से रिश्ते की बात भी बताई...... बड़े ठाकुर (गीता के दादाजी ) कुछ बोल नहीं सकते थे पर उनके आँखें में आंसूं थे वह पैरालिसिस थे तोह मल्टी ने उनका सीधा हाथ अपने हाथ के पकड़ के आर्यन के सर पे फेरा...... " बड़े ठाकुर का आशीर्वाद तुम्हारे साथ है आर्यन बीटा गीता बेटी को अपनी बहु में स्वीकार करने ".

राहुल के गाल पे किश करके आर्यन बोलै," बड़े ठाकुर साहब मेरे बेटे राहुल को भी आशीर्वाद दो..... हम सब यूँ hi फल फूलते रहे "......

मल्टी खुश होती हुयी बोली ," ओह्ह राहुल तेरा बीटा है क्या ? लेकिन मुझे तोह वह छोटी बच्ची लगी की तेरी बेटी है..... क्या यह सच्च है" ? ....... राहुल के सर पे ठाकुर का हाथ फिरती हुयी मल्टी में पुछा था.....

आर्यन ने देखा की देखा की कोई और नहीं है तोह मल्टी की गांड दबा दिया जोह उसके साथ कड़ी थी और उसके गाल को चूमते हुए बोलै ," मेरी हवेली में कई फूल खिले हैं और आगे भी कई बीज बो दिया हैं..... काकी तू भी तोह अभी जावा हैं तुझे भी एक नया फूल दे दूंगा 9 महीने इंतजार कर "....... hi hi hi hi

मल्टी उसको धक्का देकर बोली ," अरे बाप रे तुझे तोह कोई शर्म है नहीं ..... मुझे लगता है की तू मुझे हरी करके छोड़ेगा..... न बाबा न, मेरी 3 बहु है वह hi फूल खिला देंगी..... hi hi hi...... वैसे भी सरला का कोई बच्चा नहीं है" ?

मल्टी जब यह बात बोली तोह दुलारी के कान में भी वह बात सुनाई दी जोह बड़े ठाकुर के कमरे की चौखट पे आ के रुख गयी..... 'पक्का मार कहेगी आर्यन मालिक से ' ......

आर्यन सरला दीदी का नाम सुनकर मल्टी को घूरा तोह वह भी डर गयी और मैं hi मैं बोली, ' सरला का नाम लेने की क्या जरूरत थी कलमुही... आर्यन बीटा माफ़ कर दे ' .....

आर्यन छुप रहा और राहुल को गॉड में लेकर ठाकुर के कमरे से निकल गया तोह दुलारी जोह चौखट पे कड़ी थी साइड में हो गयी......

आर्यन ," दुलारी काकी उन्ह तीनो को फिट कर दिया हैं न?..... बस तीनो छुप रहने तो अच्छा है बाकी में देख लूंगा ...... कहाँ है वह अब ?"

मल्टी भी आर्यन के पास आकर बोली ," आर्यन मालिक माफ़ करो दो मैंने आप का दिल दुखाया है "...... और हाथ जोड़ दी....

आर्यन हँसा ," तू ने सच्च hi कहा है बस केवड़ा तोह तेरे बोल हैं...... सरला दीदी मेरी भें से भी बढाकर है..... जब वह मांगे गई तोह उसकी यह भी इच्छा में पूरी करूँगा...... बस रमेश जीजा जी को मौका दे रहा हूँ वर्ण तू तोह मेरा स्वभाव जानती है...... वार्ना तेरा बीटा hi नपुंसक कहलगा..... क्या तुझे बुरा नहीं लगेगा ?"

दुलारी ने आगे आकर कहा ," अरे बीटा इश्कि तोह जुबान hi काली है..... कुछ भी ुल्ल जुलल बोल रही है..... चल हम आर्यन बीटा को नैनादेवी से मिलवाते हैं..... और तुझे भी जुबान संभल कर बोलै चाहिए ".

आर्यन ," अरे काकी मेरी सरला दीदी लाखो में एक हैं..... वह सबसे अच्छी है देखना वह खुद खुशखबरी सुनाई देगी..... hi hi hi hi ...... चलो इन्हे माँ बीटा की गुथी को भी हल कर देते हैं "...... आर्यन राहुल से बात करते हुए आगे बढ़ गया ...... ( आर्यन का इशारा गीता की दादी और चाचा की तरफ था )

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उधर हवेली के एक रूम में .......

ईश्वर क्या क्या दिन देखा रहा था नैनादेवी को िश बुढ़ापे में जिसकी कल्पना भी नहीं की थी उसने??? ..... थी तोह वह 60 बरस की पर सरीर और झेन से काफी मजबूत औरत थी, ाचा खान पीने से वह अपनी उम्र से 15 साल छोटी लगती थी...... अंदाज़ अभी भी ठुकरियाँ का था रस्सी जल गयी पर अकड़ नहीं गयी थी.

गीता की वजह से उसकी ऐसी हालत हुयी थी की अपने hi खून की दूसरी पीढ़ी की लड़कियों से मार खाई. वैसे भी गीता उसको भी नहीं छोड़ती लेकिन यह काम उसकी कजिन सिस्टर्स ने बखूबी कर दिया था.

हताश होकर वह गीता को मैं hi मैं खास रही थी अपने रूम में गम शूम बैठी थी, चोट पे पट्टी और मरहम लगा दिया था दुलारी ने और भूमिका सिंह ( गीता के चाचा की तीसरी बेटी) उसको समझ रही थी.

भूमिका सिंह, आगे 20 साल, अपनी दादी नैनादेवी के क्लोज थी, उसको भी बुरा लगा अपनी दादी के लिए पर किया तो उन्होंने गलत hi था गीता के साथ...... वह सब जान कर भी अनजान दिखने की कोशिश कर रही थी.

भूमिका एक सुलझी लड़की थी और अपनी दादी को बहोत प्यार करती थी. गीता ने हवेली में भी किसी पे हाथ नहीं उठाया था जिसको सब बाकि रिस्तेदार अनाथ बांया के अकेली छोड़ दिए था...... भूमिका की नज़र में गीता एक आदर्श बेटी बन गयी थी और सब उसकी सगाई के फंक्शन में जाने को आतुर थे.

भूमिका जितनी सुन्दर थी उतनी hi दिल के साफ़ भी थी...... उसने कहा ," दादी जोह हो गया उसको भूल जायो...... गीता दीदी ने भी आपको माफ़ कर दिया होगा आपको बस आज हम सब को उनकी खुशियों में शामिल होना है..... वह हमारे खंडन का खून हैं हमको उनसे गुस्सा नहीं कर चाहिए. आप तो समझदार हैं गीता दीदी के लिए इतना तोह कर सकते हैं."..... और नैनादेवी के कंधे पे हाथ रख कर उनको सांत्वना देने लगी ....

नैनादेवी रूट हुए बोली ," हम सब hi बुरे हैं बस गीता hi अच्छी है..... फिर किस मुँह से अपने सकल दिखूं उसको..... हम ने परिवार के लिए सबकुछ किया है सब की भाली के लिए पर हम तीनो hi आज सबके दुश्मन हो गए...... यह कैसा इन्साफ है मेरी बच्ची ".

भूमिका ने नैना के कंधे से हाथ हटा लिया और कड़ी होकर बोली," गलती सब वक़्त की है...... जब आपका वक़्त था तब कोई ऊँची आवाज में आप से बात नहीं करता था और अब वक़्त गीता दीदी का है जितना जल्दी आप उनको अपना मान लोगी उतना जल्दी आप उनकी माफ़ी के काबिल हो जायेगी ".

नैनादेवी अवाक् रही गयी..... उन्हें भूमिका से यह अपक्षय नहीं थी काम से काम वह तोह उनका साथ देती..... और फिर रोने लगी.....

भूमिका बोली ," दादी अब रोने से क्या होगा..... मुझे भी दुःख है पर गीता दीदी को मारने में कोई कसार छोड़ी थी क्या आपने ? अगर मेरी कसम कहा कर बोलो की आप ने सही किया उनके साथ ? नहीं न...... तोह वह जब आपको माफ़ कर देंगी दिल से तब आप मेरी वही दादी बन जाएँगी ".

नैनादेवी अपने दुखी स्वर में बोली ," बेटी में अपनी गलती मान तोह रही हूँ पर मैंने कभी गीता को मारने के लिए नहीं बोलै..... इतनी तोह में कसम कहा कर बोल सकती हूँ...... हाँ मुझे रानी (गीता की माँ) से नफरत थी लेकिन हम क्या करते गीता को गॉड लेकर रतिदेवी उसकी बेटी बन गयी थी...... हाँ वह पैसे और हैसियत में हमसे बढ़कर है ".

भूमिका," Ek....Ek.... मं..... में रतिदेवी से खुद मिली हूँ..... इतना प्यार तोह गीता दीदी की असली मम्मी रानी तेजी भी नहीं करती होंगी जितना रतिदेवी जी ने किया है और सबसे बड़ी बात उनकी शादी एक राजकुमार जैसे लड़के आर्यन से हो रही है जोह उनके चरणों में साड़ी दुलत लुटा सकता है ".

तभी आर्यन की एंट्री हुयी ," हाँ यह बात तोह ठीक कही आप ने भूमिका जी में अपनी चंदा रानी के लिए अपना सिष भी कटवा सकता हूँ..... पर करवाऊंगा नहीं फिर कैसे उसको प्यार करूँगा? ..... hi hi hi hi ......

और नैनादेवी को देखकर बोलै ," नमस्कार माजी आप इतना क्यों दुखी हो गीता को सिर्फ आशीर्वाद दो में भी आपकी झोली हीरों मोती और पैसों से भर दूंगा...... मेरी माँ के बाद सिर्फ में hi चौदर्य माधव सिंह का एकलौता वारिस हूँ...... गीता की ख़ुशी के लिए आप की वजन के बारबार सोने में टोल दूंगा बस आपको सभी फंक्शन में आना हैं खुसी खुसी और खुले दिल से आशीर्वाद भी देना है ".

भूमिका आर्यन को देखर खुश हुयी शायद उसको लगाने लगा था की वह उसके प्यार में पद गयी है, रात में सपने भी उसका hi देखा था...... कितना हैंडसम, डैशिंग, नीली आँखों वाले लड़का है, खूबसूरत और कितना टालल है...... बॉडी भी हीरो जैसी बांयी हुयी है. वहीँ हाल उससे 40 साल बड़ी उसकी दादी का भी था .....

नैनादेवी अपनी सुध बुध भूल गयी थी आर्यन को dekhkar.....ek मर्द इतना सुन्दर और मनमोहन हो सकता है उसको अपनी आँखों पे विश्वास नहीं हुआ पूरा देवता जैसा दीखता है ..... एक सुन्दर छोटे बच्चे को गॉड में उठाये वह रूम में बिंदास एंट्री किया जैसे हवेली उसकी हो.

आर्यन ने भरपूर नजर डाली नैनादेवी के जिस्म पे वह सरीर से मल्टी से ज्यादा जवान और गदरायी लगी...... आर्यन की नजर का सामना वह नहीं कर सकीय जोह अपनी नजर से उसके हर एंगल से टोल रहा था...... बड़ी बड़ी चूचियां जोह आर्यन की कमजोरी थी उसके मुँह में पानी आ गया और अपनी होंठों पे जीभ फिर के देखना लगा.....

"अरे आर्यन आप कब आये ? अदिति भी जिद कर रही है की आप उसको लेने hi आये हैं न ..... यह स्वीट सा बच्चा किसका है "?

आर्यन, राहुल को देकर भूमिका की गॉड में बोलै ," इतना सवाल करेगी या जवाब भी सुनेगी हमरी भूमि ji.....yeh मेरा hi बीटा है यानी कविता मामी की बीटा है, राहुल इसका नाम है और मुझे प्यार से डैडी कहता है..... अदिति को मैंने मन लिया है साथ चलने को और तू कैसे है, गिव में हुग "...... आर्यन ने उसको गले लगा के माथे पे किश किया तोह वह भी खुश हो गयी.....

भूमिका," थैंक्स आर्यन...... इसका नाम राहुल बड़ा प्यार है..... मेरे स्वीट बेबी "..... और राहुल के गाल पे किश करने लगी जैसे अपने जीजू आर्यन को hi किश कर रही है..... hi hi hi .....

राहुल ," यह दीदी है न डैडी ".

आर्यन ," राहुल बीटा यह आपकी दूसरी दीदी भूमि है, आप दीदी से बात करो में माजी से मिल लेता हूँ..... भूमि तुम राहुल के साथ जायो अदिति के रूम में..... में भी 5 मं में आता हूँ ".

भूमिका राहुल को किश करके बोली ," राहुल हम चॉकलेट लेकर अदिति से मिलेंगे ".....

राहुल ," ी लव यू दीदी "..... उसके गाल पे किश किया और भूमिका उसको लेकर चली गयी..... बच्चो के आने से हवेली में एक अलग से रौनक हो गयी थी...... आर्यन भी यह समझा रहा था की उसके बच्चो के साथ हवेली की मनहूसियत काम हो जाएगी...... आर्यन का बड़े ठाकुर की हवेली आना सुबह संकेत था .

आर्यन ने दरवाजा बांध किया दुलारी को बोल कर 5 मं बात करनी है माजी से..... दुलारी के साथ मल्टी को भी लगा नैनादेवी गयी पक्का आर्यन उसको बाद में छोड़ेगा कहीं मर न जाये...... ?

दोनों नैनादेवी के कमरे के बगल वाले रूम में गयी और एक टेबल दिवार से सत्ता के चढ़ गयी रोशनदान से देखने लगी.....

आर्यन पहले नैनादेवी के प्यार चूहा उसने भी आशीर्वाद दिया और आर्यन के गले लगकर रू रही थी और आर्यन उसकी पीठ सहला कर उसके कान में कुछ कह रहा था...... वह भी उससे ज्यादा चिपक के कड़ी हो गयी थी.....

आर्यन ने बीएड के पास लेकर नैनादेवी को अपनी गॉड में बैठा लिया खुद बीएड पे बैठे हुए और उनके आंसू साफ़ किया.....

उनको अब कुछ दिख नहीं रहा था बीएड भी कोने में था और आवाज भी ऐसे आ रही थी की दोनों कुसार पुसार कर रहे हो.....

दुलारी मल्टी के कान में बोली ," आर्यन को िश खडुश में क्या दिख गया..... िश ज्यादा तोह में जवान हूँ ".

मल्टी है के बोली ," औरत कितनी गरम या ठंडी है यह आर्यन से ज्यादा क्यों जानता है..... गयी तेरी मालकिन आर्यन ने चूहे दिया है तोह पक्का उसकी रांड बन जाएगी अब देखना होगा की कितना टाइम लगेगा वैसे भी बड़े ठाकुर के खानदान में प्यासी औरशन की कमी नहीं है. सुबह भी दोनों ठकुरियाँ आर्यन की बात करते हुए अपनी छूट खुजा रही थी ..... hi hi hi hi ".

दुलारी चीड़ के बोली ," छूट में तोह मेरी भी आग लग दी है आर्यन बेटे ने दोनों ठकुराइन तोह आर्यन को देखकर hi लार टपकने लगी थी देखा था तू ने..... हो भी सकता है तेरी तरह सब कुछ बड़ा बड़ा है ठकुरियाँ नैनादेवी का..... कुछ दिख नहीं रहा है..... दोनों क्या कर रहे हैं" ?

आर्यन 10 मं नैनादेवी से अपनी गॉड में बैठा के अच्छी अच्छी बात किया उसको माजी माजी कह कर सांत्वना दे रहा था ..... वह भी िश जवान और दीदार लौंडे की जवानी पे मार मिट चुकी थी...... एक तोह वह गीता का होने वाला खसम था और दूसरा उसका बड़ा हथियार अपने नितम्बों के बिच की खाई में कपड़ो के अंदर खलबली माच रखा था.

आर्यन ने नैना के पहले टमाटर जैसे गूरे गाला को चुम के कहा ," आप सब समझा गयी न माजी में क्या चाहता हूँ...... बस गीता का चाचा और मामा को आप hi सुधर सकती हो, यह मेरी खुशनसीबी है जोह मुझे आप जैसे अच्छी सुन्दर औरत से मुझे मिलवा दिया".

आर्यन की बात का असर नैना पे भी हो रहा था, उसको कोई घाटे का सौदा नहीं लगा जब आर्यन ने उसको ऑफर दिया...... बदले में मुझे वही मान सम्मान भी मिलेगा जिसकी में हकदार हूँ और दुलत तोह आर्यन बीटा मुझे ऑफर कर hi रहा है...... मान लेती हूँ उसकी बात पर मेरी छूट इतनी क्यों पानी छोड़ रही है..... आर्यन का हथियार भी ताकतवर लगता है मेरे चूतड़ भी उठा दे रहा है जब भी जोर लगा के अपने चूतड़ों का भार डालती हूँ.

आर्यन की माँ रतिदेवी और दादी देवी सिंह से एहि शिक्षा लिया था की..... औरत जोह घर की मुखिया हो वह अगर पैट गयी तोह बाकी सब लाइन पे आ जायेगे चाहे कितना गुस्सैल और घमंडी हो. नैनादेवी भी आर्यन के सामने अपना दुखड़ा रोइ मासूम बनकर और आर्यन ने अपनी गॉड में बिठा के उसको hi पता लिया था.

नैनादेवी भी बहोत चालू औरत थी 60 साल की उम्र में भी उसके सारे सर के बाल काले थे..... साड़ी से 5'10" फट हट और वजन 80 के आस पास होगा, बड़ी बड़ी चूचियां और भरी पिछवाड़ा सरीर की कसावट आज भी बरक़रार थी ...... सुन्दर होने के साथ वह महत्वकांची औरत थी और आज 15 साल बाद कोई मर्द का स्पर्श अपने बदन पे महसूस कर रही थी. आर्यन था इतना प्यार और मीता वह भी उसके गाल को चूमने से खुद को रोक न सकीय.

नैना ," आर्यन तुम बहोत ाचे हो जोह तुम बोलोगे वही होगा...... में तुम्हे वादा करती हूँ गीता को अपनी बेटी मानूंगी और तुमको भी अपना वादा निभाना होगा ताकि मेरी वही इज्जत हो जैसी पहली थी ".

आर्यन हाथ उनके पेट पे फिरा के बोलै," में वादा करता हूँ की आपका वही मान सामान होगा िश हवेली में जैसे पहला था और मेरी असिस्टेंट अभी आएगी आपको 5 करोड़ का चेक देगी. पर क्या में आपको किश कर सकता हूँ, प्लीज ?"

नैनादेवी ने आर्यन का हाथ थम लिया जोह उसके पेट को सेहला रहा था...... आर्यन को घर कर देखि तोह वह उसको प्यारी स्माइल देखकर बोलै ," अगर आपको बुरा लगा तोह सॉरी बोलता हूँ ".

नैनादेवी भी है दी ," आर्यन तुम्हारी शादी होने वाली है आज हमारी पोती गीता से तुम्हारी सगाई होने जा रही है फिर िश भुड़िया को चुम कर तुम को सिर्फ बदनामी hi मिलेगी और में नहीं चाहती तुम मेरी वजह से बदनाम हो".

आर्यन उनका जवाब सुनकर खुश हो गया," अरे अपनी दादी से प्यार करना क्या इतना बड़ा जुर्म है क्या, वैसे भी आप तोह मुझे 35 साल से ज्यादा बड़ी नहीं लगती..... आप इतनी सुन्दर हो की अगर गीता मेरी जिंदगी में न आती तोह में आप से शादी कर लेता "...... hi hi hi hi ...... उसने नैनादेवी को चने के झाड़ पे चढ़ा दिया था उसकी सुंदरता की तारीफ करके.....

नैनादेवी भी जानती थी की आर्यन का खड़ा हथियार साबुत है की में अभी भी जवान लोंदे को पानी बरवा सकती हूँ..... आर्यन के लेफ्ट गाल पे चूम के बोली ," पुछःह...... अब खुश ".

आर्यन ने उनका चेहरा अपने हाथो में पकड़ा और बोलै ," आप को तोह किश करना भी नहीं आता में hi सीखा देता हूँ ". नैनादेवी न बोलती उससे पहले hi आर्यन उसके पहले होंठों को चूमने लगा ...... पहले तोह वह शॉक रह गयी पर उससे दूर होने के लिए पीछे देखेलने लगी लेकिन आर्यन कहाँ मानता वह इतनी गाडरी औरत को ऐसे hi छोड़ देता तोह लानत है उसकी जवानी पे. दूसरी बात यह थी की आर्यन नैनादेवी को कण्ट्रोल करना चाहता था पर उसकी राजी से...... पुछठ पुछहःछः चम्म्म्म चममम ुहममममम ुहम्म्म्म मममममम ममममममम ममममममम.......

जब 1 मं बाद आर्यन ने अपने लिप्स होते तोह नैनादेवी की साँसे फूल रही थी और उसकी आँखें बांध थी..... आर्यन बस मुस्करा रहा था ," कैसा लगा ऐसे किश करते हैं" ? है है है है ......

नैनादेवी शर्म के उठ गयी थी आर्यन की गोद से..... आर्यन भी जानता था की कोई यहाँ आये उससे पहले hi रूम से निकल जाता हूँ, नैना डार्लिंग यह किश मेरी याद जरूर दिलाती रहेगी.

कमरे का दरवाजा खोल के आर्यन जब चल गया तोह नैनादेवी की चेहरे पे कुटिल मुस्कान आ गयी थी, जैसे वह हार के भी जीत गयी हो...... उसने अपना तकिया के निच्चे से सेलफोन निकला और बाथरूम में गयी.

कॉल मिला के बोली ," सारे प्लान कैंसिल कर दो" ...... दूसरी तरफ से कुछ बोलै गया तोह वह गुस्से से बोली ," हाँ अब में hi कह रही हूँ की कोई प्लान नहीं है...... और बाकी के पैसे तुमको मिल जायेगे फ़ोन रखो "......

अपनी साड़ी उतर के मैं में बोली ," भगवन जोह करता है अच्छा के लिए करता है...... आर्यन में तेरे साथ हूँ पर तू ने कैसा जादू कर दिया है मुझे पे मेरे दिल मेरी नहीं सुनता".

15 मं बाद नीला, नैनादेवी की रूम में आयी जब वह त्यार हो रही थी..... एक चेक 5 करोड़ का देकर वह चली गयी की आर्यन सर ने भेजा है. नैनादेवी दूर बंद करके चेक को चुम के अपनी अलमारी के अंदर रख दी....... आर्यन अपना वादा निभाया और उसको अब अपना वादा निभाना था त्यार होकर वह गीता के चाचा और मामा से मिलने चली गयी.....

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आर्यन की अनुपस्थिति सारू की बेचैनी बढ़ा रही थी..... वह बच्चो और अपनी तीनो बीवी (सो कॉल्ड लीला) के साथ गया हुआ था...... जब सारू ने टाइम देखा की 10 बजे गए हैं तोह उसको लगा की रति से नाराज होकर गया है और फ़ोन भी नहीं उठा रहा है.

मीणा जब रति के रूम में आयी तोह सारू को अपनी सोच में डूबी देखकर उसके कंधे हिलायी ," क्या हुआ मम्मी आप की मेहदी तोह सुख गयी है अब रेडी भी हो जायो "....... रानी ( गीता की मौसी की बेटी) ने सारू को मेहदी लग थी जब आर्यन बहार गया था और वह भी बस एक तक्क अपने रचे हुए हाथों को देख रही थी जब मीणा ने उसको हिलाया.

सारू हड़बड़ा के होश में आयी ," अरे मीणा तू कब आयी ? आर्यन आ गया क्या ? बस में भी त्यार होती हूँ ".

मीणा उसके पास बेथ कर बोली ," आ जायेगा आप क्यों परेशां होती हो, क्या सोच रही हो मुझे नहीं बताओगी " ?

सारू ने मीणा के कंधे पे सर रख कर बोलै ," आर्यन बच्चो के साथ गया है अभी तक नहीं आया और माँ भी उससे बात नहीं कर रही है...... तू कॉल कर उसको..... तेरी बात नहीं टलेगा ".

सारू का गाल पे हाथ फेरती मीणा ने जवाब दिया ," उसका सेलफोन कॉल डाइवर्ट मोड़ पे है..... 3 बार मिल चुकी हूँ. गीता दीदी भी 4 बार कॉल मिल चुकी हैं ".

सारू ," पक्का गुस्सा है माँ से पर बोलेगा नहीं...... में अच्छे से जानती हूँ और माँ भी उससे सुबह के बाद बात नहीं की..... आर्यन के नेचर है जब वह रूत जाता है तोह बहार घूमने चल जाता है. सगाई का टाइम हो गया और यह लड़का कब बड़ा होगा ?''

मीणा मुस्करा के आँख मार दी," इतना बड़ा हो गया है की हम सब की चीखिआ निकल देता है पर वह थकता नहीं है...... हम सब उसके साइज देख कर hi दर जाते हैं की कितना बड़ा होकर रुकेगा ".

सारू भी है दी ," बात क्या हो रही है और तू आर्यन के हथ्यार की बात कर रही है..... hi hi hi ...... वैसे भी में बाल बाल बची कल रात वह हमारे पास hi सो रहा था..... वैसे माँ भी पूरी चालू है आर्यन के हथियार पकड़ के सोती है जैसे कहीं भाग जायेगा...... hi hi hi hi ".

मीणा ," तोह क्या हुआ वह असली माँ है आर्यन की और उनका हक़ भी ज्यादा है पर अणि की सोच डिफरेंट है वह अपने भाई पे सबसे ज्यादा हक़ लेकर रहेगी और शायद आर्यन भी पीछे नहीं हटेगा".

मीणा की बात सुनकर सारू जिस बात से दर रही थी वह सच्च हो रही थी..... जब तक अणि अपना हक़ नहीं लेगी वह चैन से नहीं बैठेगी और सारू को पता था अणि अपनी जिद्द से आर्यन को सबसे दूर कर देगी.....

अणि एंड नेहा रेडी हो रही थी अणि के रूम में......

नेहा गाना गन गण रही थी और अणि व्हिस्टलिंग करके उसका साथ दे रही थी.....

दोनों अपनी अपनी प्रोग्रेस से खुश थी की आर्यन उनका साथ देने लगा है. अणि धीरे धीरे आगे बढ़ना चाहती थी ताकि सब अलग हो जाएँ आर्यन से यहाँ तक की नेहा भी...... जब में भाई के साथ रहूं तोह मुझे कोई अड़चन नहीं चाहिए, भाई सिर्फ मेरा है और मेरा hi रहेगा बस उसको प्यार से माना लुंगी.

दूसरी तरफ नेहा सच्च में बहोत कुछ थी, अणि की वजह से उसको अपने भाई का प्यार मिल रहा था और आगे भी मिलेगा जब में अमेरिका जाउंगी भाई के साथ. नेहा एक तंग दिल लड़की नहीं थी वह शेयर करना जानती थी पर अणि की डिफरेंट सोच थी भाई सिर्फ मेरा है.

लेकिन यह सच्च भी था जब से महारानी ने ालन किया था..... जोह शक्तिशाली राजकुमारी (प्रिंसेस) थी वह भी यह बात अच्छी तरह समझती थी और उनको यह चाहे न चाहे स्वीकार करना hi पड़ा.

सिर्फ एक सारू ऐसी थी की उसके लगा की आर्यन अणि से नहीं मुझसे प्यार करता है और वह अभी भी दुविधा में थी कैसे वह मान ले की एक बेटी और माँ एक hi मर्द से प्यार करने लगी हैं..... आर्यन सारू के लिए बीटा भी था और अणि के लिए भाई भी पर एक बात वह भी भूल रही थी की आर्यन एक मर्द है जिसकी सब दिल की रानियां हैं चाहे वह अणि हो या सारू एक्सेप्ट तोह करना hi पड़ेगा आखिर दिल से प्यार करती थी दोनों.....

उधर पातळ लोक में नाग रानी विशाखा मुस्करा रही थी जब प्रभा ने अपनी बड़ी भें से पुछा ," दीदी इतनी क्यों मुस्करा रही हो सरपु (आर्यन) की याद आ रही है क्या "?

विशाखा अपनी प्रिये भें का गाल चुम के बोली ," आर्यन (सरपु) हमारे दिल में है और हम लोगों के दिल पे उसका एक छत्तर राज है..... पर यह पार्थिव लोक के राजकुमारी और आर्यन की सहगामहि औरतें कितना लालच करती है...... अपने स्वार्थ के लिए किसी भी हद पार करने को आतुर है ".

प्रभा ," नहीं दीदी यह सच्च नहीं है ...... सरपु पूरी कोशिश कर रहा है की वह सबको खुश रखे और भले hi वह एक दुसरे से जलती हैं पर आर्यन का प्यार उनकी दावा भी है व् ताकत भी...... आर्यन से सब प्यार करती हैं तभी तोह एक दुसरे के साथ सहज होने लगी है और अणि दीदी को जब पूरा प्यार मिलेगा आर्यन से तोह वह पूर्णता उनकी होकर सबकुछ उन्ह पर लुटा देंगी..... आप देख लेना ".

विशाखा ," हुन्न तुम नहीं यह आर्यन का प्यार बोल रहा है जिसमे तुम कैद हो गयी हो hi hi hi hi ....... तुम ने चाय या माया से बात की वह भी धरती लोक जा रही हैं आर्यन से मिलने ".

प्रभा अपनी दीदी को छेड़ती हुयी बोली," आप भी चलो न दीदी बहुत माजा आएगा वैसे भी आप कहीं जाती नहीं हो".

विशाखा ने अपना नागिन रूप बदल कर बोली ," तुम सब हो आयो मुझे बच्चो को भी देखना है...... आर्यन को बोलना मुझे आकर मिलाये "....... और अपने दोनों ांडो के पास चली गयी...... विशाखा अपनी गुफा में दोनों ांडों को अपने सरीर की गर्मी से सेकने लगी..... िश गुफा में सिर्फ आर्यन और उसकी छोटी भें प्रभा hi आ सकती थी. दोनों बच्चे भगवन वासुकि के आशीर्वाद से िश पातळ लोक में आने वाले थे.......

तो बे कॉन्टिनोएड.......

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अपडेट 46 ©

9:00 बजे , सुबह

आर्यन की तेजी और उनकी 3 बेटियां गाओं आ चुकी थी फ्लाइट पकड़ के हैदराबाद से दिल्ली फिर हेलीकाप्टर से गाओं ...... सरला और रमेश अपनी कार से दिल्ली आये थे..... ठकुराइन रूपा, सुचित्रा और उनकी बेटी रूबी भी दिल्ली से गाओं आ गए थे. शीला चची उनका बीटा आदित्य ( आर्यन का बीटा) भी ठाकुर कुशल सिंह के साथ अपने गाओं से हवेली आ गए थे फंक्शन में शामिल होने के लिए.

पातळ लोक से प्रभा के साथ राजकुमारी चाय, साया, माया और रानी स्वार्णा भी एक कार में आयी थी जोह सब से मिल कर अपनी माँ निर्मला के सामने हाथ जोड़ के बैठी थी.

निर्मला के रूम में Dimple-Payal भी थी और उसको बोल रही थी की वह प्रभा को माफ़ कर दे..... उसने कुछ गलत नहीं किया.

निर्मला उनको देखकर बोली," में क्यों होती हूँ माफ़ करने वाली जब यह यहाँ नहीं थी तब आर्यन ने मुझे सब सच्च बता दिया था...... आखिर वह मेरे बीटा है कभी मुझसे झूट नहीं बोलता चाहे मैंने उसको अपनी कोख से जनम नहीं दिया तोह क्या हुआ हूँ तो में उसकी मम्मी, सारू दीदी की तरह ".

प्रभा हाथ जोड़ के आगे बढ़ी कर बोली ," प्लीज माँ मुझे माफ़ कर दो मैंने आपसे बहोत कुछ छुप्या है पर पूरा सच्च आपको भी नहीं पता है. में किस परिस्थिति में थी यह आप सोच भी नहीं सकती..... आर्यन भैया नहीं होता तोह हम सब जीवित नहीं होते ".

निर्मला अपना स्पेक्स उतर के पूछी," अब तोह तुम्हारे असली माँ बाप मिल चुके हैं...... शायद हम hi िश लायक नहीं थे की अपनी बेटी से नजर मिला सके ".

डिंपल बोली ," मामी यह ज्यादा हो रहा है, छोटू को आने दो में hi उसको ठीक करुँगी बहोत सत्यवादी हरिश्चंद्र बनता है अगर उसकी पोल्ल खुल दो तोह आप भी शर्मसार हो जाओगी ".

पायल ," डिंपल तू लड़ाई करने आयी है या छोटू को बुरी करने..... मामी आप ओने तो ओने टॉक करो प्रभा से और प्रभा भी आपको सच्च बता देगी. चल यार डिंपल सरोज दीदी को देख कर आते है वह त्यार हुयी नहीं "...... पायल, निर्मला को इशारा कर दी और डिंपल को साथ ले गयी खींचते हुए.

निर्मला ने स्पेक्स ( चस्मा) लगाया और बोली ," ी ऍम वेटिंग तो लिसेन बूत ओनली ट्रुथ ".....

प्रभा भी जानती थी आर्यन ने मम्मी को सब बता दिया होगा तोह वह बोली," आप आँखें बांध करो आप को सब पता चल जायेगा ".

निर्मला भी मुस्कुरा के आँखें बांध कर ली तोह प्रभा ने आगे आकर उनके माथे पर एक ऊँगली से टच किया...... निर्मला के मस्तिष्क के अंदर प्रभा की शक्तियों से निर्मला को पूरा चलचित्र की तरह तेज़ी से दिखने लगी जोह सच्च था.....

वह भी सच्च जानकार 5 मं बाद आँखें खोली और प्रभा को गले लगा ली...... " माय बेबी " पुछठ पुछहःछः ..... "मुझे तुझे पर नाज है, तेरा अपने बेटी होने पे..... वैसे में कभी उन्हें दोनों आर्यन के बच्चो को देख पाऊँगी धरती लोक में..... में तोह जा नहीं सकती पातळ लोक".

प्रभा भी अपने आंसू साफ़ करके," आप मेरी माँ हो और हमेशा रहोगी...... वह दोनों बच्चे अभी भी ांडे के कवच में हैं. दोनों जरूर अपनी िश नानी को मिलने आएंगे, धरती लोक नहीं तोह दूसरे किसी ग्रह पे आप उन्हें से मिल सकती हो".

प्रभा का दिल भी हल्का हो गया था अपनी मम्मी को सब बता कर और निर्मला जितना सोचती उतनी खुश होती की ऐसा सच्च में हुआ है...... आर्यन को और ज्यादा जानकार वह उसपे गर्व कर रही थी की मेरे बीटा करोड़ में एक है.

निर्मला ने प्रभा को अपने साथ बीएड पे लिटा लिया तोह प्रभा भी उसके उबरे पेट पे हाथ फिरा के बोली," मेरे से तोह आप ने सब पूछ लिया पर मुझे कभी नहीं बतया ".

प्रभा का गाल चुम के निर्मला बोली," नाग लोक की रानी को हम टुच्चा प्राणी की बारे में सब गायत तोह ऑटोमेटिकली होगा..... hi hi hi ..... मैंने तुम्हारे लिए एक छोटा भाई लाने का फैसला जिस दिन से किया है मुझे अपने ऊपर कोई पछतावा नहीं है...... वह भी आर्यन का भाई hi लगेगा चाहे असलियत में िश बच्चे का बाप हो ".

प्रभा हसकर ," में क्यों लगूंगी िश बच्चे की " ...... है है है है .....

निर्मला ," बड़ी भें ऑब्वियस्ली "..... hi hi hi hi ......

प्रभा हस्ते हुए निर्मला के पेट पे हाथ फेरती हुयी बोली ," वेलकम लिटिल बरोथेर तो आवर महार्यं फॅमिली ".

निर्मला ," महार्यं फॅमिली ..... हुन्न्न ..... नीस फॅमिली नाम है हमारे पूर्वजों का नाम भी महार्यं था और यह सब बच्चे भी महार्यं की दें हैं..... वैसे नाग रानी जी आर्यन के कितने बच्चे भोगने यह तोह आपको पता hi होगा"..... hi hi hi hi

दोनों माँ बेटी अपनी hi मस्ती में मस्त थी तब प्रभा ने जोह जवाब दिया तोह निर्मला भी चौंक गयी..... 100 नहीं 1000 नहीं करोड़ से ज्यादा होंगे पर धरती लोक में सिर्फ 97 होंगे.

निर्मला ," अरे बाप रे आर्यन क्या फैक्ट्री लगने वाला है बच्चो के पैदा होने की".

तब निर्मला को प्रभा ने बताया यह कैसा होगा और क्यों क्यों गर्भ से हैं तोह रति का नाम सुनकर वह भी चौंक गयी..... 'रति मौसी तोह खुद आर्यन की माँ होने का डैम भर्ती हैं, सारू दीदी hi आर्यन की असली माँ है नहीं तोह रति मौसी प्रेग्नेंट क्यों होती ?'.....

प्रभा बस मंद मंद मुस्कुरा रही थी.

वह दोनों अपनी बातों में मशगूल थे दोनों माँ बेटी आर्यन और उसके बच्चो की बातें कर रही थी....... निर्मला चची की देख रेख में आर्यन बड़ा हुआ था वह उसकी टीचर और गुरु भी थी रीता मामी की तरह. निर्मला चची की बात रति और देवी दादी भी नहीं टलती थी, आखिर वह कर्नल की बेटी थी और जितनी इंटेलीजेंट थी उससे ज्यादा आर्यन को गाइड करती थी ताकि उनका बीटा सबसे ज्यादा हुसियार बने.....

कर्नल शब् ( निर्मला के पिताजी) भी 9:30 बजे पहुंचे गए तोह राजवीर के गले मिला और सब तयारी हो गयी है यह पूछे. आर्यन कहाँ है तोह राजवीर बोलै की अभी बहार गया है आता hi होगा.

आप भी निर्मला बेटी और प्रभा से मिल लो तोह वह भी मिलने चले गए......

______________

गीता के दादा की हवेली में ........

आर्यन जब अदिति के रूम में आया तोह बैठने की जगह काम पद गयी...... सब तीनो बचो की मस्ती और ठिठोली में भूल hi गए थे की उसको गीता की सगाई में भी जाना है.

आर्यन अपना लौड़ा पंत में एडजस्ट करके नैनादेवी की रूम से निकला तोह दुलारी और मल्टी है रही थी आर्यन भी अपने सर के बालों को खुजा के बोलै," गर्मी बढ़ गयी है काकी एक गिलास पानी मिलेगा ".

मल्टी ," गीता बेटी को अच्छा नहीं लगेंगे जरा सोचना िश बारे में ".

मल्टी की कमर में हाथ दाल के आर्यन बोलै ," यह सब गीता के लिए hi कर रहा हूँ..... ऋतू को बोलो वह अपने बेटे के साथ आये, माजी दोनों नालायको को संभल लेंगी. अदिति की मालिश का इंतज़ाम करो और उसको त्यार भी करो आज से उसकी जिम्मेदारी तेरी है काकी "...... और मल्टी की गांड को सेहला दिया.....

दुलारी हस्ती हुयी पानी लेने चली गयी, 'आर्यन से अब कोई बचेगी नहीं' ..... यह सोचते हुए वह किचन में चली गयी और मल्टी भी अपने झोले से सामन निकलने लगी.... उसने सुबह hi दोनों ठकुरियाँ की और गीता की मौसी की भी पूरे सरीर की मालिश की..... तीनो औरतें उसके हुनर को सलाम करते हुए तारीफ के पल बांधने लगी..... मल्टी भी सिर्फ मालिश hi की यह उनका पहली बार था और उसको इम्प्रैशन भी जामा था..... तीनो औरशन आर्यन से बहोत इम्प्रेस्सेड थी ..... आर्यन ऐसा है आर्यन वैसा है..... मल्टी भी समझ रही थी की जब तुम्हारी लेगा तोह एक हफ्ते तक उठ नहीं पयोगी.

बात यह थी की आर्यन ने मल्टी की ज्यादा रफ़ चुदाई की थी तोह उसको लगा की आर्यन का एहि स्टाइल है पर वह कहाँ जानती थी की आर्यन अपनी औरशन की हर तरह की ख़ुशी देकर चुदाई करता है..... औरत के सरीर को क्या चाहिए यह सब उसके बखूबी पता था और लड़कियों को क्या चाहिए अस हिज लवर वह भी वैसे hi प्यार करता था..... तभी तोह सब उससे दूर नहीं जाती थी बस प्यार hi प्यार देता था.

आर्यन मेघा मामी से सत्ता के बोलै जोह सबसे बहार रूम में कड़ी थी ," आप सब यहाँ अदिति को मानने आये हो वहां मेरे दिल की रानी गीता मेरा डंडे से स्वागत करेगी अगर दिएर होगी.... hi hi hi ..... क्यों मामी जी ? मैंने सही कहा न ".

मेघा भी चौंक गयी जब आर्यन ने उसकी कमर में हाथ डाला वह बहोत सूंदर लग रही थी बनारसी साड़ी में.......... खुद को नियंत्रित करके आर्यन के गाल पे हाथ फेरती हुयी बोली," अरे ऐसे कैसे हमारे दामाद को हाथ लगा देगी..... एक hi तो हमरा बीटा है, तुम चिंता मत करो गीता कुछ नहीं बोलेगी. तुम सब भी रेडी होकर आ जाओ हमको निकलना है ".

आर्यन का अपनापन पाकर ठकुरियाँ मेघा अपने पे गर्व महसूस कर रही थी..... आर्यन से निरंतर वह कल रात से hi संपर्क में थी चाहे उसको मैसेज या कॉल करना हो.

सब दोनों की तरफ देख रहे थे तब रचना ( गीता की मौसी ) बोली," भाभी कहीं तुम्हारा दिल नहीं तोह आ गया आर्यन पे वार्ना गीता का क्या होंगे "...... हां हां हां हां ......

रौशनी और महिमा भी आर्यन के पास आकर ," डैडी.... डैडी..... अदिति दीदी ने हमको चॉकलेट दी ...... "

मेघा भी तेज तर्रार जवाब दी," हाँ आर्यन मेरा बीटा जैसे hi है, ननद जी तुम जलती रहना hi hi hi hi ..... क्यों रैना".

रैना चची भी आर्यन के पास आकर," बीटा इनकी मजाक का बुरा मत मान न हवेली में सिर्फ लड़कियां hi लड़कियां हैं और बीटा का प्यार तुम पे लुटा रही हैं.... चलो सब रेडी हो जाओ और तुम मेरे साथ आयो बीटा ".

लीला, बबिता और गुल समझने की कोशिश कर रही थी की ऐसा भी कोई है जिसको आर्यन पसंद नहीं हो...... आर्यन ने रौशनी और महिमा को अपनी गॉड में उठा लिया जिनके हाथ में चॉकलेट थी और राहुल कृति की गॉड में चॉकलेट चाट रहा था.

भूमिका और सोनाली के साथ कृति ने कहा ," बबिता दीदी में राहुल को ले जाती हूँ रेडी होने "..... बबिता ने भी मन नहीं किया सब लड़कियां राहुल को पसंद करने लगी थी...... शायद वह अकेला बीटा था बेटियां तोह घर में बहोत थी.

आर्यन को लेकर मेघा और रैना उसको दिंनिंग टेबल पे बिठा दी..... दोनों ने बनारसी साड़ी फेनी थी और भरी ज्वेलरी, मेकअप करके फुल रेडी थी. "पहले नास्ता करो फिर दूसरा काम करना"..... पर आर्यन बोलै बस एक गिलास पानी से काम चल जायेगा..... "माहि और रोशिनी बीटा चॉकलेट बाद में खा लेने".

दुलारी काकी आर्यन के लिए पानी लेकर आयी तोह वह बोलै आप भी चलो..... दुलारी काकी ने मन किया पर रैना ने जब उससे कहा तोह वह भी मान गयी और उसको साड़ी देने के लिए बोल कर चल गयी की मेघा आर्यन का ख्याल रखना उसको नास्ता कर देना.

रौशनी," डैडी हम हवेली घूमे..... चलो माहि ".

आर्यन ने कहा नीला आंटी के साथ जाना और नीला इनको अकेले मत छोड़ना ok..... आर्यन ने नीला को जाकर कान में कुछ कहा ( चेक के लिए ).

मेघा को बोलकर आर्यन 2 मं बाद नीला के साथ आया तोह दोनों बच्चियां हवेली घूमने नीला के साथ चली गयी.

गीता की मौसी लीला , बबिता और गुल से बात कर रही थी यानी गीता की माँ रानी के बारे में...... अदिति टॉयलेट गयी थी लीला ने उसको बड़ी आसानी से उठा लिया था और बाथरूम में टॉयलेट की सीट पे बिठा दिया.

रचना ," आप क्यों परेशां होती हैं हम कर लेते ".

लीला ," में रानी बाद में हूँ अदिति की बड़ी भें पहले हूँ..... फिर िश बॉडी का क्या फायदा जोह अदिति की हेल्प न कर सकू ".

गुल ," अदिति तुम आवाज दे देना हम को और दीदी तुमको रेडी कर देंगे ".

अदिति के लिए इतना प्यार देखकर रचना की आँखों में आसूं आ गए.....

रचना ," बस अब आर्यन का hi सहारा है वह अदिति को ठीक कर दे "..... दोनों उससे पूछी तोह आर्यन ने कहा है की अदिति ठीक हो सकती है और तीनो को पूरी बात बताई.

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उधर जब देखा की दिंनिंग हॉल में कोई नहीं है तोह आर्यन ने मेघा को अपने पास बैठ लिया और आर्यन के मुँह की जूठी चमच से मेघा मामी को काजू बादाम पिस्ता वाली खीर खिला रहा था और खुद भी खा रहा था बारी बारी...... वह हस्ते हुए उसको आलू के पराठे खिला रही थी अपने हाथ से.

आर्यन," मामी आप आज बहोत सूंदर लग रही हो, जैसे में हेरोइन के साथ बैठा हूँ..... आप देखती भी हो श्रीदेवी की तरह".

मेघा आज सुबह सिर्फ आर्यन के लिए hi स्पेशल त्यार हुयी थी, जैसे आर्यन उसका बिचड़ा प्रेमी हो जोह खुद उसको लेने आया है अपने साथ...... वह यह भी भूल गयी थी की वह दो लड़कियों की माँ है पर उसका व्यवहार आर्यन के प्रति एक जवान लौंडिया की तरह था जोह उसके प्यार में दुब जाना चाहती थी.

आर्यन भी मेघा मामी को ज्यादा प्रेफ़ेन्स दे रहा था यह बात भी औरशन की नज़र से छिपी नहीं थी..... मेघा एक बड़े रहीस खानदान की औरत थी, उसका परिवार का अच्छा खासा रुतबा था, वह करैक्टर की शरीफ और पवित्र औरत थी आज तक सिर्फ अपने पति को हाथ लगने देती थी लेकिन अभी िश वक्त उसको भी नहीं पता चला कब वह नास्ता करते हुए आर्यन की गॉड में बेथ गयी उसके प्रेम वशीभूत होकर.

आर्यन प्यार से उसके होठों के निचे लगी खीर अपने रुमाल से साफ़ किया और गिलास से पानी पीला रहा था, जब 1 नौकरानी और रैना चची दिंनिंग हॉल में आयी तोह वह दोनों भी ठीकठाक कर रुक गयी..... नौकरानी को जाने का इशारा करते हुए रैना भी कटहल से मेघा को देखने लगी जोह उनकी बेटी गीता का होने वाला दामाद यानि आर्यन की गॉड में बैठी थी.... नौकरानी भी मोह पे हाथ रखकर हस्ते हुए चली गयी...... आर्यन और मेघा की पीठ रैना की तरफ थी, वह आगे आकर दोनों के सामने कड़ी हो गयी.

मेघा शर्माने लगी तोह आर्यन बोलै," देखो अब आप रैना चची से hi पूछ लो अगर में झूट बोल रहा हूँ..... चची मेघा मामी जी इतनी सुन्दर लग रही हैं यह मानने को त्यार नहीं है..... आप hi सच्च सच्च बातो क्या मैंने झूट कहा"?

रैना चची को क्यों जलन हो रही है मेघा को आर्यन की गॉड में बैठे देखकर यह उनकी समझा में नहीं आ रहा था..... हाँ यह बात तोह सही थी की मेघा सच्च में ज्यादा सुन्दर लग रही थी.... वैसे दोनों खूबसूरत थी लेकिन मेघा आज रैना को पीछे छोड़कर हुस्न की देवी लग रही थी...... "शायद में आर्यन की गॉड में बैठकर मेघा से ज्यादा सुन्दर लगूंगी "......

रैना चची दोनों के पास आकर आर्यन की सीढ़ी झांग पे अपने भरी खुलों का भार टिका के बोली ," मेघा को अपना बीटा मिल गया है..... क्या मुझे अपने आर्यन बीटा का प्यार नहीं मिलेगा "...... और आर्यन के सार के बालों में हाथ फिरते हुए उसका सीधा गाल चुम ली.

आर्यन रुमाल से हाथ साफ़ करते हुए रैना की कमर पे सीधा हाथ लपेट के बोलै ," रैना चची आप बहुत खूबसूरत और अच्छी लग रही हो"...... रैना के उल्टा गाल पे किश किया ..... " आप को यह पता है की नहीं पर मुझे आपका प्यार मिल रहा है शायद पिछले जनम में मैंने कोई पुत्र का काम किया होगा..... जोह आप का आशीर्वाद और प्रेम मुझे नसीब हुआ ".

मेघा के चिकने पेट को आर्यन सेहला रहा था दुसरे हाथ से, वह भी आर्यन के उलटे गाल पे किश करके इमोशनल आवाज में बोली ," आर्यन यह हवेली और हमरे गाओं की हवेली में सब चीजें थी पर एक बीटा और गीता बेटी की कमी थी, शायद भगवन ने हमारी सुन ली गीता के साथ आर्यन बेटे को देकर हमारी झोली बहार दी "......

पातळ लोक की रानी हेमा का आशीर्वाद आर्यन को प्राप्त था इशलिये दोनों भावुक होकर आर्यन के दोने गालों पे चुम्मियाँ की बारिश कर दी...... पुछठ पुछहःछः चम्म्म्म चममम...... आर्यन भी दोनों को गॉड में अपने से ज्यादा चिपका के जोह प्यार और लाड मिल रहा था उससे खुश हो रहा था......

" ी लव यू चची जी एंड ममी जी "..... पुछठ पुछहःछः चम्म्म्म चममम......

दुलारी जब दिंनिंग हॉल में पहुंची तोह आर्यन की गॉड में कब्ज़ा जमके गीता की चची और मामी को देखकर ठिठक hi गयी...... उससे ज्यादा तोह अपने मुँह में ऊँगली दबा के देखने लगी की दोनों कितनी बेशर्म हो गयी है, आर्यन मालिक जोह उनके बेटे जैसे है और दोनों उसके होठों को भी नहीं छोड़ रही थी चूमने से...... आर्यन भी कहाँ काम था वह भी दोनों औरतों की जीभ भी चूस रहा था बारी बारी......

उसने इधर उधर देखा और दरवाजे की आड़ में कड़ी हो गयी ताकि कोई यहाँ आने से पहले 3no को आघा कर दे पर यह सुनहरा दृश्य मिस नहीं करना चाहती थी...... दोनों स्त्रीयां आर्यन की गॉड में अपना प्यार लुटा रही थी और आर्यन भी उनके बदन को सेहला रहा था.

5 मं बाद रसोईघर के अंदर जाने के रस्ते से होकर नैनादेवी जब दिंनिंग हॉल में आयी तोह 3 दासियाँ ने उसको देख कर कड़ी होगी और जोह दासी रैना के साथ वापस किचन में चली गयी थी वह भी नैनादेवी को रोक नहीं पायी ...... दिंनिंग हॉल का नज़ारा देखकर नैनादेवी की हालत भी दुलारी जैसी थी, जोह दुसरे दरवाजा पे कड़ी थी.

नैनादेवी शॉक होकर पहले दरवाजा मिलायी और जोरसे से बोली ," यह क्या हो रहा है ? आर्यन हमारा दामाद है और तुम दोनों किस्से पूछकर उसको चूमने लगी ?"

दोनों आर्यन के प्रेम में वशीभूत होकर नैनादेवी की आवाज सुनकर कड़ी हो गयी..... रैना चची तोह उनकी बहु थी पर मेघा ने निर्भीकता से पहले आर्यन की गॉड में पुनः बैठकर बोली ," भुड़िया तुझे देख नहीं रहा है क्या..... लगता है तू अंधी हो गयी है, फिर तू क्या जाने बेटे का प्यार क्या होता है उसकी माओ के लिए, तेरी hi मनहूस परछाई िश हवेली में और मेरी सुसराल पे पड़ी है जोह हमारा वंश में कोई बीटा नहीं हुआ या मारा पैदा हुआ..... तू वह नागिन है जोह अपनी hi पोती गीता को मुर्दा घोषित करके छाती तान के कड़ी है निर्लज्ज की तरह ".

इतने कड़वे बोल नैनादेवी को भी हतप्रभ करने के लिए काफी थे और अब बारी उसकी बहु की थी तोह रैना चची बोली," माजी माफ़ करना हम आर्यन को अपना दामाद के साथ बीटा भी मानने लगे हैं..... क्या हमरा कोई हक़ नहीं है आर्यन बेटे पे" ?

वह भी आर्यन की गॉड में बैठके उसका गाल चुम ली.....

आर्यन ने नैनादेवी की तरफ कामुक एक्सप्रेशन देकर कहा ," क्या हम तीनो गलत हैं माजी..... तोह हमको सजा देने का आपका पूरा हक़ है या हमारा दिल साफ़ है तोह आप भी एक दादी का प्यार मुझे पे लुटा सकती हैं में बुरा नहीं मानुगा "...... और नैनादेवी को आँख मार दी...... हां हां हां ......

नैना को बहुत आघात लगा, सबसे जैड़ा मेघा की बात सुनकर पर थी तोह वह धित hi थी और आगे भड़कर मेघा की बहन पकड़ के बोली ," तुझसे बात करना अपने सर दीवार पे मारा जैसा है..... में िश हवेली की मालकिन हूँ और जब तक में जिन्दा हूँ मेरे से ऊँची लहजे में बात मत करना यह तेरी पहली गलती है माफ़ करती हूँ" ...... मेघा को आर्यन की गॉड से उठा दी..... " गीता बेटी मेरी भी पोती है चाहे हम कुछ भी करें उसको जिन्दा छोड़े या मार दे, तू होती क्यों है मुझसे पूछने वाली?..... सच्च यह है की गीता जिन्दा है, सही सलामत है...... हमारी कभी नहीं बानी तोह क्या हुआ अब भी देर नहीं हुयी है, में उसके पेअर पकड़ूँ या उसकी जूती साफ़ करूँ.... दिएर सवेरे वह मुझे माफ़ कर देगी तब क्या होगा, तू तोह हमारी कुछ नहीं लगती और आर्यन की भी नहीं?"

मेघा का हाथ पकड़ के खिंच के आर्यन की गॉड से निकल के थोड़ा ढाका दे दी..... आर्यन भी समझ गया नैनादेवी भी पूरी फॉर्म में है उसने बीचबचाव करने का प्रयास किया .....

" में अपनी रैना चची और मेघा मामी का बीटा हूँ और दामाद गीता की दादी का हूँ...... मैंने माजी को माफ़ कर दिया हैं और गीता भी कर देगी, वैसे इतनी प्यारी दादी से में कैसे रूत सकता हूँ, मेरी अपनी दोनों नयी मम्मी से रिक्वेस्ट हैं आप भी दादी को माफ़ कर दो हमको प्यार से रहना चाहिए न की लड़ जगद के..... मामी आप भी दादी को माफ़ कर दो बस अपने नए बेटे के लिए ".

आर्यन इतना मीठा बोल रहा था की 4 औरशन जोह दिंनिंग हॉल में थी ( दुलारी भी दांत सुनकर बहार आयी ) इतना ज्यादा प्रभाव हुआ..... सब आर्यन के प्यार की वशीभूत होकर एक दुसरे से चमा मांगी और आर्यन नैनादेवी को खड़े होकर अपने बाँहों में जमीन से 4 फट ऊपर उठा लिया ," आप ने बड़ा दिल दिखा के दादी हमारा दिल जीत लिया हैं तोह एक किश तोह बनता है "...... पूछ पूछ चम्म्म्म चम्म्म्म ..... नैनादेवी मन करती रही पर आर्यन कहाँ मानता.

"में अदिति को देख कर आता हूँ और दादी आप बड़ी ठकुराइन हो और रहोगी यह मेरा वादा है "....... दादी को जाते जाते आर्यन फ्लाइंग किश ? देकर अदिति के रूम में चला गया...... जिस काम के लिए आया था वह सफल हुआ, आर्यन सिर्फ प्यार देने जानता था और गीता की दादी के दिल की चाबी उसने खोज ली थी...... साले गीता के मामा और चाचा भी देखते रहे गए जब नैनादेवी उनसे मिलने गयी और बोल के आयी गीता आज से हमारी बेटी है जितना जल्दी मान लो तुम्हारे लिए अच्छा है वर्ण मौत भी नहीं मिलेगी..... आर्यन बेटे से में पहले मिलती तोह यह नौबत hi नहीं आती"...... दोनों ने उसको कई बार पुछा पर नैनादेवी उनकी बात का सीधा जवाब नहीं दी.

तीनो ठकुराइन के दिल पे आर्यन के प्यार का जादू चलने लगा..... तीनो अलग अलग वजह से खुश थी पर नाम एक का hi उनकी जुबान पे था ...... @ry@n

रैना ने आर्यन के जाने के बाद नैनादेवी से पुछा," माजी आप आर्यन को अपना दामाद बनाने को दिल से राजी हैं या गीता की वजह से आप ने यह मान लिया है "?

दुलारी के मैं में भी एहि पर्सन था और मेघा को कोई डाउट नहीं था की यह कमीनी नैनादेवी हमारे आर्यन को अपनी चल में फसा न ले पर में ऐसा होने नहीं दूंगी...... हाँ मुझे प्यार है आर्यन से तोह क्या हुआ वह ऐसा मर्द है जोह मेरा सम्मान hi करता बल्कि मुझसे बहोत प्यार करता है जोह उसकी आँखों में सच्ची है वह किसी और में मैंने नहीं देखि..... अगर वह आगे बढ़ेगा तोह में भी उसको नहीं रोकूंगी, वैसे उसका हथियार कितना बड़ा है पक्का फाड़ देगा.

यथार्थ में नैनादेवी ने आगे आकर मेघा के कंधे पे हाथ रखा तोह वह भी वास्तविकता में आ गयी..... नैनादेवी बोली," आर्यन हमारा दामाद बनेगा और गीता िश हवेली की मालकिन हैं में भी यह मानती हूँ पर आर्यन बीटा ऐसा नहीं सोचता..... देखा न तुम सब ने यह लड़का कोई आम मानुस नहीं है...... इसमें कोई चुम्बक लगा हुआ है जोह सबको अपना मानता है और हम भी उसके तरफ खींची चले जाते हैं. एक तोह इतना लम्बा और ताकतवर है की हम सबको खिलोने की तरह उठा लेता है..... मगर इतना प्यारा सुन्दर लड़का िश दुनिया में तोह नहीं देखा मैंने..... यह कोई देव पुरष है जोह हमारी जिंदगी में आ गया हैं और में भी चाहती हूँ हम इसको यहीं रोक कर रखें...... भगवन ऐसा मौका सबको नहीं देता "...... हाथ जोड़ के आँखें बंद करते हुए अपने कुलदेवता को याद की

बात तोह सच्च hi कही थी नैनादेवी ने पर किसी को उसपर विश्वास नहीं हुआ यानी उसकी नियत पे....... वैसे भी 5 करोड़ देकर नैनादेवी का मुँह बांध कर दिया था आर्यन ने और उसको अहसास भी दिल रहा था की तू भी मेरी औरत हैं, " जिस तरह रैना और मेघा खुल कर आर्यन को चुम रही थी यह बात तोह साफ़ थी की दोनों उसको बहोत पसंद करती हैं लेकिन उससे जिस्मानी सम्बन्ध भी बने ले िश में भी कोई दो राइ नहीं थी...... में खुद bhukt-bhogi हूँ आर्यन के स्पर्श की वह कोई जादूगर hi है".

दुलारी ," यह तोह बात सही कही बड़ी मालकिन ने, भगवन आर्यन बेटे की उम्र लम्भी करे वह असाधारण योग पुरुष है...... उसकी नीली आँखों में एक सच्ची नज़र आती है जोह में भी किसी में नहीं देखि ".

मेघा ," नीली आँखें में डूबने को जी चाहता है उसकी, सुन्दर तोह वह इतना हैं की उसकी माँ रतिदेवी जी और मम्मी सारू जी उसकी बड़ी भें लगती है..... और अनीता और नेहा तोह स्वर्ग की अप्सराओं से देखती हैं..... इतनी सुन्दर लड़कियां िश दुनिया में तोह नहीं होगी. आर्यन हमारा बीटा है और दामाद भी बनेगा पर हमको यह प्रयास करना चाहिए की गीता बेटी को वह स्नेह और आशीर्वाद मिले जिसकी वह हक़ दार है..... यह आपस में लड़ने का वक़्त नहीं है बस उसकी खुशियां में शामिल होने का है..... और आर्यन भी कुछ हमसे लेने नहीं यहाँ आया है वह हमको देने वाला है ..."

सब एक साथ बोली ," क्याआ..... "?

मेघा है कर ," अपना प्यार और ढेरों खुशियां...... hi hi hi hi ".

4ों की छूट ज्यादा पसीज गयी थी..... इश्से तोह सब सहमत थे की आर्यन उनकी जिंदगी में एक नयी उमंग बहार दे गया ...... वहीँ ज्यादा उम्र की औरतें का यह हाल है तोह जवान लड़कियां भी कहीं न कहीं आर्यन को अपना मैंने लगी थी.

अदिति सबसे छोटी थी पर आर्यन उसका जीजू होने के साथ भैया, दोस्त और ड्रीम लवर बन गया था...... फिलहाल तोह राहुल तीनो लड़कियों का प्रेम बिंदु बना हुआ था. कभी राहुल के गाल को भूमि किश करती कभी सोनाली कभी कृति..... उसको खिलौना से खेलना सीखा रही थी.

आर्यन जब अदिति के रूम का दूर नॉक किया तोह मल्टी ने दूर खोला..... अदिति एक चेयर में बैठी थी और रचना ( गीता की मौसी) उसके लिए 3-4 ड्रेस निकल के बीएड पे राखी थी.

रचना ," लो अब आर्यन भी आ गया ...... बीटा अब तुम hi देख लो तुम्हारी यह अदिति किसी की बात नहीं सुन रही है, मैंने और मल्टी काकी ने कोशिश की पर नहीं जब तक आर्यन भैया नहीं आएगा में त्यार नहीं होंगी...... एहि रेपेटिंग डाइलोगे मार रही है...... मुझे भी त्यार होना है इसकी माँ ( रैना) कहाँ रहेगी? तुम इसको समझो में इसको माँ को भेजती हम ".....

आर्यन के पास आकर उसको झुका के कान में बोली ," अदिति को आइसक्रीम बहोत पसंद है"..... और आर्यन का गाल चुम के उसके बालों में हाथ फिरै दी.

( * रचना मौसी बहोत सूंदर और आकर्षक महिला थी गीता की माँ रानी की तरह..... इनका जीकर बाद में डिटेल में करूँगा अभी बस यह जान लीजिये वह रानी ( उनकी बेटी ) की तरह देखती थी.)

आर्यन रचना के जाने के बाद अदिति को चेयर से उठा के अपनी गॉड में बैठा लिए बीएड पे..... " मल्टी काकी आप दूर बांध कर दो रैना चची आये तोह खोल देना"..... मल्टी भी मुस्कुरा के दूर अंदर से दूर बंद कर दी.....

अदिति को गाल पे किश करके आर्यन पुछा," अब हम अकेले हैं तोह क्या बात करनी थी तुमको बीटा...... मल्टी काकी अपनी hi हैं उनको सामने बोल सकती हो ".

अदिति भी आर्यन के कान में बोली ," पहले इनको भेज दो आर्यन..... में इनके सामने कम्फर्टेबले नहीं हूँ ".

आर्यन ," में भी जाऊं क्या ? तुम्हारी मम्मी को भेजूं? "

आर्यन से और ज्यादा चिपक के बोली ," नहीं नहीं तुम मत जाओ मम्मी को यहाँ भेज दो ".

अदिति के सर के बाल पुचकारता हुआ आर्यन बोलै ," लो तुम्हारी मम्मी भी आ गयी ".

रैना ," तू अभी तक त्यार नहीं हुयी न आयल से मालिश करवाई..... अदिति बीटा अब तोह आर्यन भी यहीं है तोह जल्दी से रेडी हो जा हम लेट हो जायेगे और तेरी गीता दीदी भी गुस्सा होगी..... आर्यन बीटा इसको चटाई पे लेता दो ".

अदिति ," में सिर्फ आर्यन भैया से मालिश करवाउंगी..... मल्टी काकी और मम्मी आप दोनों बहार जाओ "...... आर्यन को कास के उसकी गर्दन से लिपट गयी.

रैना अपनी आँखें बड़ी बड़ी की और मल्टी भी मुस्कुरा रही थी और मैं hi मान यह सोच रही है " यह तोह साला होना hi था आर्यन को यह अपाहिज लड़की भी नहीं छोड़ रही है, इसकी माँ के भी क्या कहने ".

आर्यन ने अदिति की पीठ पे हाथ फेरा," ऐसा नहीं बोलते बीटा, मम्मी और मल्टी काकी तुमसे बहोत प्यार करते हैं..... तुम्हारी भली के लिए यह कह रहें है, फिर में तोह एक लड़का हूँ, तुम्हारी मालिश में कैसे कर सकता हूँ.... तुम सबसे समझदार लड़की हो..... एक जवान लड़की को कोई लड़का ऐसे छुहेगा तोह समाज और िश दुनिया को दिक्कत होगी ".

रैना भी कुछ बोलने वाली थी पर आर्यन को अदिति को समझे का प्रयास करते देख वह भी छुप होकर बीएड पे बेथ गयी...... अदिति ," में जानती हूँ आर्यन भैया, आप मुझे एक्सपर्ट लगते हो, इतनी औषधि की आपको जानकारी है, आप अच्छे से मेरे पैरो की मालिश कर सकते हैं क्या आप नहीं चाहते की में आपने पैरों पे कड़ी हों ?"

आर्यन का वार अदिति ने डबल इम्पैक्ट से उससे hi मारा तोह आर्यन हसकर ," हूँ बात तोह सही है पर तुम्हे इतना विश्वास है की में तुमको गलत इरादे से टच नहीं करूँगा ?"

रैना ," ऐसा क्यों बोल रहे हो आर्यन बीटा हम को तुम पे पूरा विश्वास है, अगर सूरज कभी पछिम से ुञे तोह विश्वास कर सकते हैं पर आर्यन बीटा कुछ गलत कर सकता है यह विश्वास में तोह नहीं कर सकती"..... "बिलकुल नहीं ".

आर्यन बोलै ," मल्टी काकी आप को कोई दिक्कत है क्या ?"

मल्टी ," अरे मालिक यह क्या बोल रहे हो आप, अदिति बेटी तोह आपकी भें जैसी हैं...... में भी देखना चाहूंगी की आप किस तरीके से मालिश करते हैं और सीख भी लुंगी".

आर्यन ," तोह ठीक हैं में अपनी आँखों पे पति बांड कर मालिश करूँगा..... Ok".

आर्यन अदिति को चटाई पे लेता दिया और अपनी शर्ट उतर के रैना चची को दिया, जुटे, सॉक्स उतर कर वाशरूम से हाथ धोकर आया और मालिश की तयारी करने लगा..... अदिति एक टीशर्ट और निकर में थी.

मल्टी ने अदिति का निकर उतर दिया और उसकी पेंटी को टीशर्ट निचे करके धक् दिया. आर्यन ग्लव्स पहनकर पहले अदिति के पैरों का निरक्षण किया और दोनों तरफ दबा के अदिति से क्वेश्चन करता रहा की कहाँ सुन्न है ? कहाँ टच फील हो रहा है? वगैरह वगैरह .....

15 मं तक दोनों पैरों की स्पेशल आयल से मालिश करता रहा..... जब पेंटी की बात आयी तोह आर्यन ने अपनी आँखों को मुद लिया और मल्टी ने एक चुनरी आर्यन की आँखों पे लपेट दी...... रैना भी देख रही थी की आर्यन कितना सीरियसली मालिश कर रहा हैं उसका हाथ कितनी कुशलता से चल रहा था.

अदिति को पलट के उसकी रीढ़ की हड्डी को सही पॉइंट पे दबा के मालिश किया तोह पैरों की उँगलियों में मूवमेंट हुयी..... " इस जॉइंट की मालिश ज्यादा करनी है मल्टी काकी िंह दोनों पैरों की समूचे नाश एहि से कण्ट्रोल होती हैं..... उसके ऊपर की रीढ़ की हादी का भाग पे हलके हाथ से मालिश करनी है "...... आर्यन यह बोलते हुए मल्टी को निर्देश दे रहा था.....

अदिति के मोह से चीख निकल गयी ," अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह siiiiiiiiiiii ...... "

मल्टी ने अदिति की पीठ सेहला के कहा," खुद को रोके मत.... बहने दे मेरी बच्ची..... बस लम्भी लम्भी साँसे लो "......

रैना चची की छूट पे भी जवार भाता सा आ गया जब अदिति झड़ने लगी उसके नितम्बों की थिरकन यह गवाही दे रही थी ..... पर आर्यन सीरियस रहा और बोलै ," यह सब नेचुरल है बीटा..... don't फील ाषामेड".

अदिति अपना चेहरे का पसीना साफ़ करती बोली ," मुझे मालुम है बूत मैं खुद को रोक नहीं पायी..... सॉरी भैया ".

रैना भी पास आकर अदिति के बाल पुचकारती बोली ," बस बीटा रिलैक्स रहो..... आर्यन तुम इतनी अच्छी मालिश करते हो, यह सब किसने सिखाया ?"

आर्यन ," मेरे नाना जी और गुरूजी ने, देखा रैना चची अदिति बिलकुल ठीक हो जायेगी..... मल्टी काकी अब अदिति से दूर हो जायो 10 मं बाद नाहा लेना और रेडी होकर तुमको साथ लेता हुए जायेगे".

अदिति," में भैया ... . आपकी कार में बेठुंगी ".

आर्यन उसको हाथ पे किश किया ," Don't वोर्री हम साथ में जायेगे "...... मल्टी ने एक पुराणी बीएड शीट अदिति के जिस्म में दाल दी..... आर्यन अपनी आँखों की पट्टी हटा दिया.

आर्यन बाथरूम में गया अपने ग्लव्स उतार के साबुन से हाथ धोकर आया और अपनी शर्ट लिया तोह रैना उसकी बॉडी की देखती रही इतने समय पर अब चुहकर बोली ," इतना सुन्दर जिस्म और बॉडी मैंने आज तक नहीं देखि"..... और आर्यन के सीने से लिपट के अपनी बाँहों को उसकी पीठ पे कास ली .

आर्यन ने अदिति और मल्टी की तरफ देखा तोह दोनों है रही थी..... आर्यन ने रैना चची के सर पे किश किया ," तुम दोनों इतना है क्यों रही हो..... मेरी चची है तुमको क्यों जलन हो रही है ".

रैना भी बनियान के ऊपर आर्यन के सीने पे चुम के बोली," जलने वाले जलते रहेंगे..... आर्यन मेरा बीटा है hi इतना कमल तुझे साड़ी दुनिया की नज़र से बचाये "..... और आँखों का काजल निकल के काला टिका लगा दी.

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रति की हवेली.....

बैठक में राजवीर सिंह और कर्नल शब् जब राज सिंह से मिलाये तोह उसपर पर्सन की बरसात करते हुए बोले," अच्छा किया राज तुमने अपने बेटे आर्यन की ख़ुशी में शामिल होते हुए पर तुम अकेले hi आये हो ? ".

(राज सिंह सीधा लंदन से गाओं आ गया था यह अणि ने फ़ोन करके राजवीर को बताया था..... राजवीर भी हैरान था पर उसको लगा की आर्यन के लिए राज सिंह आया है...... लेकिन उसको नहीं पता था की अणि क्या खेल कर रही है )

कर्नल शब् ," जोह काम तुम्हे करना था वह आर्यन कर रहा है..... संजय और देवेंद्र सिंह से हमको कोई उम्मीद नहीं है और कुलदीप तोह आस्तीन का सांप निकला..... बस एक नवाब सिंह hi है जोह अपने बेटे आर्यन के साथ खड़ा है वार्ना कोशिश तोह तुम सबने की थी आर्यन को निचा दिखने की ".

राज सिंह ( नकली*) अपने दोनों हाथों को जोड़ कर बोलै ," माफ़ करना कर्नल शब्..... आर्यन हमारा एकलौता बीटा है और िश खानदान का अकेला चिराग है...... हम सब सपने में भी नहीं सोच सकते आर्यन के साथ कुछ बुरा हो...... संजय और देवेंदर भी शर्मिंदा हैं और कुलदीप भी पचता रहा है...... हम सब माफ़ी मांगते है बस एक बार माफ़ कर दीजिये..... वह होटल में रुके हैं ".

राज सिंह ने उन्ह दोनों में पेअर पकड़ लिए तब अणि बैठक में आयी ," ओह डैडी वे मिस यू"...... और हाथ उठा के सब को फ्रीज की और आगे बढ़कर राज सिंह को थप्पड़ मार दी.

" ज्यादा ओवरएक्टिंग की तोह सब को पता चल जायेगा की तू डैडी नहीं है ..... बस दुखी होने की एक्टिंग करो और काम बोले. माँ के सामने कुछ मत बोलना और बाकी को भी समझना..... हो सके तोह छुप रहने और दूर रहकर hi फंक्शन अटेंड करना "...... अणि ने हाथ निचे किया तोह सब नार्मल हो गया ," में डैडी को सब से मिलावटी हूँ नानाजी ".

अणि, राज सिंह का हाथ पकड़ के बैठक से निकल गयी...... कर्नल शब् को कुछ अणि से पूछ न था और ठाकुर बलदेव सिंह भी बैठक में आये भीमा के साथ..... नवाब भी हैंगओवर से निकल कर धीमी चल से उनके पीछे आ रहा था.

नवाब को जब पता चला की उसका दो भाई और कुलदीप के साथ देवेंदर भी आया है तोह गुस्सा होने लगा पर राजवीर सिंह ने उसको समझाया खुसी का मौका है भीमा उन्ह चरों पे निघा रखेगा...... तेरा नाश अभी भी नहीं उतरा है, काम पीया कर कुछ नहीं तोह अपने बीटा आर्यन से hi सीख की वह नशा नहीं करता.

कर्नल शब् ," अरे राजवीर भाई तुम तोह थे सन्यासी..... आज तोह रति देवी भी हमारी महफ़िल में शामिल होगी..... क्यों ठाकुर शब् " ...... है है है है ......

राजवीर सिंह ," रति का नच्च भी देखने की इच्छा भी होगी...... फिर उसका बीटा आर्यन भी तोह रूद्र अवतार मिलेगा..... कल तोह मैंने रोक लिया ".

आर्यन का नाम सुनकर चरों की हवा टाइट हो गयी...... मारता तोह जिन्दा भी नहीं बचते और रति का बीटा आर्यन कितना आज्ञाकारी है िश बात का सांसे किसी के मैं में नहीं था....... वह अपनी माँ रति के चरणों में अपना सिष खुद अपने हाथों से काट के दाल सकता था..... चाहे रति उसको अपनी कोख से जन्म देने वाली माँ नहीं थी पर आर्यन की एक एक बूंद रकत की अपनी माँ रतिदेवी की वफादार थी.

अणि ने अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करके नकली राज , संजय, देवेंदर और कुलदीप के साथ आर्यन के दादा यानि हरी सिंह का भी सर्जन कर दिया था अपने भाई की रिक्वेस्ट पे...... पर आर्यन ने हरिसिंह का ज़िकर भी नहीं किया था.

अणि गायब होकर नेहा के सामने प्रकट हुयी और उससे पूछी ," कितने दुश्मन आ रहे हैं..... सबको ऊपर hi रोकना, में यहीं आस पास रहूंगी..... मेरी शैलद तोड़कर कोई नहीं आ सकता तुम भी दुसमन को नष्ट करने के पश्चात सतर्क रहना वह दूसरा हमला भी करेंगे".

नेहा जोह सुनहरी गोल्डन ड्रेस में सेनापति के वेश में थी ," जोह आज्ञा महारानी..... वह संख्या में कहीं अधिक हैं पर हमसे पार नहीं पा सकते"..... और एक हाथ उठा के अपनी सेना को दृश्यि ..... करीब 2000 हज़ार गोल्डन सैनिक अपने हथ्यार लिए हवा में 6 कम ऊँची पे पहरा दे रहे थे.

अणि की बगल में मीणा प्रकट हुयी," आप को मेरी कोई आवश्यकता है महारानी जी?"

मीणा का यहाँ प्रकट होना कोई संयोग तोह नहीं हो सकता..... आर्यन का स्मरण करते हुए अणि को अपनी दिव्या दृष्टि से जब पता चल की आर्यन क्या कर रहा है ( आर्यन और लीला दोनों नंगे थे ...... कार में आर्यन अपनी लीला को छोड़ रहा था और नीला कार चल रही थी, वह गन्ने के खेतों की कच्ची चककरोड पे कार चलते हुए हवेली की तरफ जा रही थी)

अणि फीकी मुस्कान लिए बोली," आर्यन को अभी आभास नहीं है की में उससे कितना प्रेम करने लगी हूँ ..... जल्दी hi वह सब को छोड़ कर हमारा के लिए मेरे पास आएगा.... तुम फ़िक्र मत करो राजकुमारी मीणा हमारी सेनापति नेहा दुश्मनो का नाश कर देगी ".

मीणा मुस्कुराते हुए ," जी महारानी ! मुझे कोई साढ़े नहीं आपकी शक्तियों पे परन्तु हम सब को ना भूल जाना ..... आखिर हम सब भी आर्यन की भार्या (पत्नियां) लगती हैं "...... मीणा सर झुका के अणि के सामने विलुप्त हो गयी.

नेहा ," मीणा दीदी की बात से में भी सहमत हूँ...... आर्यन भैया को याद करना होगा की वह क्या कर सकते हैं यानि उनको पूर्ण महार्यं बना hi पड़ेगा".

अणि एक घेरि सांस छोड़ कर ," बस कुछ दिनों की बात है उसके 21वे जन्मदिन के समय साड़ी की साड़ी शक्तियां आज़ाद हो जाएगी..... उससे पहले रति को अपना वरदान माँगा होगा ".

नेहा ," अगर ..... नानीजी ने नहीं माँगा ?"

अणि हसकर ," तोह इतिहास दोराहा जायेगा और हम भी कुछ नहीं कर सकते..... तब रतिदेवी खून के आंसूं रोगी "..... अणि की नफरत रति के प्रति उजागर हो रही थी उसके जवाब में.

नेहा भी खुद को दिलासा देती हुयी बोली," अब सब नानी जी के हाथ में हैं..... वह जरूर अपना वरदान मांग लेंगी समय से पहले ताकि हम सब सुरक्षित रेहन ".

अणि कटाछ करते हुए बोली," रति वरदान तोह मांगेगी पर तुम सब के लिए नहीं..... उसके पेट में पलने वाले बच्चे के लिए".

नेहा चौंक के बोली ," लेकिन वह तोह अभी पैदा भी नहीं हुआ..... नानी सबकी भलाई के लिए वरदान मांग लेंगी मुझे पूरा विश्वास है ".

अणि, नेहा के गाल थप तपते हुए बोली ," तू बस दुश्मन पे धयान दे..... यह प्रचीन कंकालों की सेना हैं अग्नि अस्तर से नरक में भेज देना ".

नेहा ," तुम तोह एक hi वार में सबको मार सकती हो ".

अणि स्माइल दी ," एक एक की चीख मुझे आनंदमयी सुख देती है, हज़ारों साल का बदला लेगी यह विजयलक्ष्मी " ...... हां हां हां हां ..... महारानी विजयलक्ष्मी पूर्णता अपने असली रूप में आ गयी, एक डार्क काला साया भी नेहा को नजर आया..... उसने अणि को जोर से पुकारा तभ अणि की छवि बदली..... और नेहा को आँख मार के बोली ," भाई को मजा चकना hi होगा ".

अणि के विलुप्त होने के बाद नेहा भी अपना सर झटक के बोली," यह कभी नहीं सुधीर सकती "...... अपने सुनहरी योद्धाओं को अदृश होने को सजग करके वह अणि के रूम में आ गयी.

उधर आर्यन पुराणी बंव कार में पिछली सीट पे लीला को छोड़कर झड़ने के बाद उसको चुम रहा था और नीला कार ड्राइव करती हुयी अच्चानक जोरसे ब्रेक मारी...... गन्नो के खेत से हाथियों का झुंड निकला और कार को अपनी टक्कर से ठोकने लगा.....

आर्यन भी इतने हाथी को देखकर नंगा लीला के ऊपर से उठा..... लीला की छूट से अपना झड़ने के बाद ढीला लुंड निकल के फुर्ती से कार का साइड दूर खोल के तुरंत बंद किया hi था...... एक मेल हाथी ने ुष पर अपनी सूंड से वार किया...... आर्यन वार बचते हुए एक तरह उछाला और कार पलट के उलटी हो गयी......

आर्यन अलर्ट होकर देखने लगा ..... करीब 40 हाथियों का झुण्ड उसको और पलटी कार को घेर लिया था..... सबसे बड़ा हठी यानि मेल हठी उसको चिनगाड़ते हुए उसको ललकार रहा था......

लीला और नीला के ऊपर मौत नाच रही थी वह दोनों भी आशय नज़र आके आर्यन को पलटी कार के अंदर से देखने लगी..... तभी आर्यन एक हाथ मोह की साइड रख कर जोरसे हाथियों की तरह चिनगाड़ा ....... आवाज इतनी तेज थी की बाकी हठी भी पीछे हो गए 5-6 कदम पर मेल हठी और आगे आकर चिनगाड़ा......

आर्यन को इसका अंदाज़ा था और वह भी उलटी कार के ऊपर चढ़के 3 बार चिनगाड़ा..... तोह मेल अपनी सूंड हिला हिला के पीछे होने लगा...... दुसरे हठी तोह अब 20 मीटर दूर हो गए थे.....

पर नर हठी का गुस्सा बढ़ने लगा और आर्यन की तरफ आगे आने लगा तोह उलटी कार से आगे खुद कर आगे भाड़ा..... नर के सामने वह घुटने के बल बैठा के सर झुका दिया......

दोनों औरतें दर हुयी थी पर आर्यन पे विश्वास था लेकिन हाथियों के सामने वह ऐसे खड़ा था की जंगल का टार्ज़न हो...... नीला भी सीट बेल्ट खोल के बोली," मैडम हिलना मत न आवाज करना ..... आर्यन सर इनको डरा दिए हैं ".

लीला अपना थूक जातक के डरते हुए बोली," पर इनके आगे सर झुका के क्यों खड़ा हो गया है..... यह मेल हठी है, पक्का मार देगा हमको...... उसका लिंग ज़मीन की धुल साफ़ कर रहा है ".

नीला की नज़र भी हठी के लिंग पे पड़ी तोह वह सोचते हुए बोली," यह दो बलसाली नारों की लड़ाई है..... जोह अपनी अपनी मादा पे हक़ जैम रखने हैं...... आगे क्यों जीतेगा यह भी पता चल जायेगा ".

लीला ," क्योनंन्नं ...... ?"

नीला ने लीला की तरफ देखा..... वह अभी भी नंगी hi थी...... " नर हठी जीतेगा पर ..... " .

लीला की प्राण सुख गए...... " ऐसा मत बोल..... मेरे आर्यन को बचा नहीं सकती तोह बाद दुआ तो मत दे...... भगवन आर्यन की रक्षा करना"......

तभी नर हठी ने आर्यन की झुके सर को अपनी सूंड से सूंघने लगा...... और पीछे हैट गया......

तो बे कॉन्टिनोएड ......
 
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