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अब तक अपने पढ़ा.....
नाहा के कपडे पेहेन के तीनो 1:30 घंटे बाद हवेली पहुँच..... तीनो फुल्ली रेडी होकर आये थे पर रति ने बैठक के बहार hi बिना को बोल दिया था आर्यन को रोक ले मुझे उससे जरूरी बात करनी है.
रति आर्यन का हाथ पकड़ के एक रूम में ले गयी और उसको घुसे से बोली ," तू बस किसी की छूट में पद रहेगा और तेरी छोटी भें हम सबको आपस में hi लाडवा मरवा देगी ..... तू कुछ मत करियो..... यहाँ मेरी गीता को यह सब चीन लगाए "...... और रट हुए कुर्सी पर बेथ गयी.....
अब आगे .......
अनीता सिंह (अणि) ने अपने ननु, राजवीर सिंह, का एक हाथ पकड़ा हुआ था Rolls-Royce फैंटम कार में सवार होते हुए और राजवीर सिंह भी बखूबी जानते था की उसकी लाड़ली नातिन पक्का उससे कुछ मांगने वाली है. अणि के क्यूट फेस पे कई एक्सप्रेशन थे जोह वह पढ़ने का असमर्थ प्रयास कर रहा था, जब कार में 5 मं तक ख़ामोशी रही तब अणि के हाथ पर दूसरा हाथ रखते हुए पूछा.
" बोल दे अनीता बेटी तू इतनी वकुल क्यों हैं" ..... राजवीर कभी कभी अणि का पूरा नाम लेता था जब बात सीरियस हो.
अणि ने नुक्लेअर बम से ज्यादा बड़ा धमाका किया ," नानी जी आर्यन पे जैड़ा hi प्यार बरसा रही हैं..... क्या आर्यन पर मेरा हक़ नहीं है? क्या मुझे आर्यन कभी नहीं मिलेगा?..... नहीं ननु मुझे आर्यन चाहिए किसी भी कीमत पे "...... अणि ने यह बात कह कर अपने नानाजी की तरफ देखा तोह राजवीर ने उसका हाथ छोड़ दिया और फैंटम कार की विंडो से अँधेरी सड़क देखने लगा..... कार स्पीड से हवेली की तरफ बढ़ रही थी.
राजवीर सिंह पहले से जनता था की अणि अपने सेज भाई आर्यन से बहोत प्यार करती है और आर्यन की जान भी िश अपनी छोटी भें में hi बस्ती है.
राजवीर सिंह और सारू इशलिये ज्यादा प्यार करते थे अणि से ताकि वह अकेली न रह जाए क्योंकि सब तोह आर्यन की चाहती या चाहते थे..... कभी कभी दर लगता था पर आर्यन के लिए अणि खुले आम एलान कर देगी यह उसने सोच भी नहीं था..... राजवीर सिंह कभी रति को नहीं रोक पाया आर्यन से प्यार करने से और वहीँ अणि तोह जिद्दी रति से चार गुना ज्यादा hi थी.
अणि ने जान भुज के राजवीर सिंह का दिल दुखाया था ताकि मरहम भी वह hi लगाए...... 1 घटने से ज्यादा का सफर हो गया था Rolls-Royce रति के गाओं में प्रवेश करने वाली थी. राजवीर सिंह ने इंग्लिश में बोलै ," स्टॉप था कार " .
अंग्रेज ड्राइवर ने कार के बैक व्यू मिरर से अपनी ओनर की तरफ देखा तोह अणि ने पालक झपकाए के उसको परमिशन दी.... ड्राइवर ने कार आर्यन के फार्म हाउस पे रोकी तोह राजवीर सिंह अपना अंगोछा कंधे पर रख कर कार का दूर खोलने लगा तोह ड्राइवर ने बड़ी तमीज से दूर खोल दिया. राजवीर सिंह उतर गया और फार्महाउस की बिल्डिंग में चला गया वह कुछ hi बोलै.
अणि अपनी ड्राइवर और सिक्योरिटी के साथ हवेली आ गयी...... अणि जानती थी यह बात आग की तरह फल जाएगी आर्यन के घरवालों और रिश्तेदारों में की आर्यन पर हक़ अणि ने जामा दिया है..... चैलेंज क्या था? कोई टिकने वाला भी नहीं था अणि के दावे के सामने.
5ों प्रिंसेस ,प्रभा, नेहा, दीप्ति, को पता चल गया की महारानी विजयलक्ष्मी (अणि) ने आर्यन को न्योता दे दिया है चाहे वह सब खुश हो या नहीं पर सच्च तोह एहि था...... पतला लोक में भी सबको ज्ञात हो गया था. प्रभा, नेहा खुश थी ...... गीता , दीप्ति , जाने हॉल को कोई ास्चेरए नहीं हुआ वह समझ गयी थी महारानी ने अपना हक़ hi माँगा है...... डॉली के मिले जुले भाव थे ...... सारू को आज पहली बार इन्सेक्युरे फील हुआ..... और िश बात की जिम्मेदार सिर्फ मीणा थी उसने महारानी की उकसाया था परन्तु महारानी विजयलक्ष्मी ने अपनी काम शक्ति जोह छुपाई हुयी थी उश्के फलस्वरूप उनका मैं आर्यन को चाहने लगा.
हवेली में एंटर करते hi अणि की सेक्रेटरी उसकी Rolls-Royce कार का दरवाज़ा खोली..... हवेली में सामियाने लग रहे थे, हवेली क्या पूरा गाओं hi िश ख़ास माहौल की खुशियों में दुब गया था.....
महापंचायत के 40 गाओं भी अपने मुखिया आर्यन की गीता देवी से सगाई के विशेष अतिथि गैन जोह हो गए थे. 200 से ज्यादा हलवाई मिथियाँ बाने में मसरूफ थे खाना तोह अगले दिन बनना था.
अणि हवेली के आर्यन के रूम में जाने लगी महिमा से मिलने..... अणि को जोह देखता वह उसके सामने हाथ जोड़ देता और वह भी अपने हाथ जोड़े आगे बढ़ रही थी..... सिक्योरिटी हवेली के मरदाना सेक्शन तक सिमित थी लेडीज सेक्शन फीमेल गार्ड्स तैनात थी....... परिंदा भी पर नहीं मार सकता था इतनी टाइट सिक्योरिटी बिना और नीला ने की थी. सिक्योरिटी अफसर गाओं और हवेली के बहार तैनात थी और आसपास के गाओं में भी सिक्योरिटी अफसर के खाश इंतज़ाम किये गए थे. सप विक्रम के स्पेशल आर्डर थे की 40 गाओं को पूरी प्रोटेक्शन दी जाये..... सब सिक्योरिटी अफसर वाले ड्यूटी पर मुस्तैद रहेंगे अगले 48 घंटे तक.
अनीता सिंह की इज्जत सारा गाओं वाले करते थे..... बहेलिया उम्र में छोटी हो पर िश लड़की का क़र्ज़ था गाओं वालों के ऊपर. आर्यन ुष समय मुंबई गया हुआ था और उनकी होने वाली महापंचायत की मालकिन गीता देवी भी इतनी साहसी नहीं थी जितनी अनीता ुष पल थी. अणि कोई देवी hi थी जोह हम गाओं वालों की रक्षा करने आ गयी थी वर्ण िश धरती से हमारा गाओं नक़्शे से hi मिट जाता. पूरे 500 गुंडे और मावली सारे हतियार गोला बारूद के साथ आये थे हमला करने पर यह देवी hi थी जोह हमारे ऊपर आंच न आयी..... दुश्मनो का मुकाबला अकेली ने किया था. सच्च में अणि उनके लिए झाँसी की रानी hi थी, जिसने अपने प्राण की पर्व न करते हुए दुश्मनो के दांत खट्टे hi नहीं की बल की कुछ साथियों के साथ खून की ऐसी होली खेली न कोई घायल हुआ न कोई अपांग.
गाओं में मुठी भर लोग को अणि के किस्से के घाव था पर भोकाल इतना सुनाया गया की मिटने तोह 40 गाओं hi आये थी महापंचायत के पर हम सब पे काली मैया ( गीता देवी ) और अनीता देवी का हाथ है तोह कोई हमारा बल बांका नहीं कर सकता.....
फिर आर्यन की क्या जरूरत है या फिर रति देवी की किसी ने पुछा ? अरे तुम निहित चुटिया हो का ....... आर्यन भैया और रति देवी तोह हमारी महापंचायत के माँ बीटा हैं जब तक वह दोनों है कोई हमको बुरी नज़र से कभी नहीं देख पायेगा ..... समझे.... गाओं के लोगों की जुबान पे एहि स्टोरी थी.
आर्यन के रूम में जब अणि पहुंची तोह लीला , मन्दाकिनी (लीला की बड़ी भें) , बबिता बैठी थी..... अणि ने देखा की महिमा अपनी माँ बबिता का दूध पि रही थी. अणि को देख कर बोली ," बुआ जी बुआ जी बुआ जी " ...... वह अपनी माँ की गॉड से उतर के अणि के पास निचे बीएड पर आयी तोह अणि ने उसको गॉड में उठा लिया...... " अरे मेरा बच्चा.... मेरी स्वीट डॉल "..... पुछठ पुछहःछः चम्म्म्म चममम च्ममममम ......
तीनो औरतें अणि को देख कर हैरान रह गयी तीनो उसकी खूबसूरती की तारीफ मैं hi मैं कर रही थी...... अणि के लिए आर्यन के बच्चे उसकी नज़रों में सब एक सामान थे लेकिन महिमा स्पेशलय अणि की फवौरीते थी उसका पता था की महिमा की शैलद नेचुरल जनम से, है उसकी खासियत के बारे में उसने गुरूजी से पूछा था तब वह विस्मित रह गयी. महिमा की शील्ड िश संसार की नहीं थी आखिर यह कैसे हो सकता है की किसी दूसरी दुन्या की शील्ड िश पृथ्वीलोक पे जन्मजात किसी शिशु में हो...... कारन गुरूजी ने आर्यन को बतया पर बाकी समय आने पे. आर्यन को भी शील्ड बड़े गुरूजी से मिली थी और रति ने उसकी शक्तियां बांध दी थी मंतर पढ़ कर लेकिन वह भी जनम के बाद hi मिली थी परन्तु महिमा की इन्बॉर्न थी.
मजे की बात यह है की जब अणि महिमा को छूती थी अणि को हमेशा एक करंट लगता था. नार्मल इंसान तोह डैम तोड़ दे पर अणि खुद पावरफुल थी उसको बस हल्का सा करंट लगता था. अणि सोचती थी यह महिमा मुझे हमेशा अहसास दिलाती है की वह स्पेशल है..... हो भी क्यों न वह असली माहि थी और आर्यन का नाम महार्यं था बाद में आर्यन चेंज किया था. छोटी माहि नाम रति ने दिया था पर वह अपने बाप से दो कदम आगे थी.
महिमा ," बुआ जी मेरे डैडी की शादी होने वाली है फिर मुझे नयी मम्मी मिलेगी "...... अणि हस्ते हुए ," एक नहीं दो दो नयी मम्मी ".....
महिमा अपने माथे पे हथेली मार के," मेरे पास 4 मम्मी हो जाएगी..... मजा आएगा मुझे 4 मम्मी दूध पिलांगी..... लीला मम्मी दूध पिलायो में आपको मम्मी बोलूंगी दीदी की तरह".
बबिता खड़े होकर ," महिमा मार कहेगी बहोत बिगड़ गयी है..... सॉरी लीला बची है ".....
लीला की बड़ी बड़ी चूचियां देखकर महिमा बोल दी थी जोह उसकी ड्रेस में नहीं समां पा रही थी ( महिमा को पता चल गया था रौशनी दीदी रूम में नहीं है उसका चांस बन गया था) ...... लीला (मैं में) पहले तोह आर्यन अब रोशिनी और अभी महिमा भी मेरी ब्रैस्ट के पीछे पद गए हैं...... बाप (आर्यन) का बस चले तोह मेरी ब्रैस्ट से मुँह से न निकले और मेरी बेटी रौशनी भी दिन में 4 बार दूध पिने लगी है. पर वह खुद को रोक न पायी और बोली ," ओह माय स्वीट बेबी पहले मुझे मुम्मा बोले ".
लीला अणि से 5 फट की दूरी पे बीएड पे पेअर लटका के बैठी थी..... " मुम्मा दूध पीला दो ..... ी लव यू मुमा ".....
लीला महिमा को उठ के गॉड में ले ली ," अरे मेरा बेबी..... मेरा बचा मुम्मा का दूध पियेगा ...... "
बबिता महिमा को आँखे दिखा के डरा रही थी पर वह तोह अपने बाप आर्यन पे गयी थी...... आर्यन भी सब औरतें की चूचियों से दूध पि जाता था बचपन से और यह आदत अभी तक नहीं बदली महिमा तोह बच्ची थी वह कहाँ डर्टी. महिमा को लेकर लीला ने अणि से पुछा ," दूसरा कोई रूम खली है क्या "...... अणि उसको आर्यन के सीक्रेट रूम में ले गयी.
बबिता तोह देखती रह गयी उसको बहोत ावक्वार्ड लग रहा था पर मन्दाकिनी बोली," अरे बबिता तुम क्यों शर्म फील कर रही हो..... वैसे तुमने शादी नहीं की अब तक, तुम आर्यन की बेटी को पूरा हक़ देना उससे शादी करके. आर्यन न होता मेरे बच्चे और में कभी जीवित न होते..... भगवन मेरी उम्र भी उसके लगे".
फिर दोनों अपनी अपनी स्टोरी बाटने लगी दोनों की दोस्ती जल्दी हो गयी और आर्यन hi उसके टॉपिक और डिस्कशन में था.
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गीता के दादाजी का गाओं......
आर्यन अपनी माँ को बात सुनकर पहले दरवाजा बंद किया और रति के आंसू साफ़ करने लगा घुटनो के बल बेथ के.... रति उसका हाथ हटने लगी तोह आर्यन ने उसका चेहरा अपने हाथ में लेकर उठया और बोलै," तेरे काम से hi गया था में और चंदा रानी बहोत सुलझी लड़की है वह हमारे साथ hi रहेगी में वडा करता हूँ..... देख मुझे क्या मेरी बातों पे विश्वास नहीं है क्या तुझे ?"
रति की आँखों को फिर से साफ़ किया और दोनों आँखों पे बारी बारी चूमा तोह रति बोली ," सच्च..... गीता को कोई मुझसे अलग किया तोह में जान दे दूंगी "...... आर्यन ने उसको अपने गले लगा लिया ," माँ तू रोटी बहोत है और जल्दी चीड़ जाती है..... तुझे बस हमारे आने वाले बेटे की फ़िक्र करनी चाहिए जोह तेरी खोक में है वार्ना बड़े होकर बोलेगा की कितनी रौतीदी मम्मी मिली है ".
रति तो अपनी प्रेगनेंसी की बात भूल चुकी थी जिसको आर्यन ने याद दिल दिया..... रति हास्के बोली," तू मुझे इतना परेशां करेगा तोह में हमारे बच्चे का धयान कैसे रखूंगी..... मेरी जान को पहले hi कितनी मुसीबत है और अनीता की बात मुझे अच्छी नहीं लगी"...... आर्यन उसके होंठों को चुम के खड़ा हो गया और अपनी पंत की जीप खोल कर अपना अंडरवियर निचे कर दिया......
रति इधर उधर देखने लगी हैरानी से," यह क्या कर रहा है ?" ....... आर्यन ने अपना लुंड उसके मोह में ठोस दिया ," मुँह मीठा करले इतनी गन्दी बातें करती है...... अह्ह्ह्हह दांत मत लगा वर्ण सारे दांत तोड़ दूंगा...... हम्म्म्म्म ऐसे hi चूस..... "
रति मुंह में आर्यन का लुंड लेकर हॉकी बाकि रहा गयी, उसका पूरा मुंह खुला रह गया....... लुंड था hi इतना विशाल पर पूरा खड़ा नहीं हुआ था अब रति के मुंह की गर्माहट पाकर सलूट की अवस्था में 1 मं में आ गया था.
आर्यन नाहा के आया था टूबवेल में और रति भी जानती थी उसकी बड़ी बेटी सारू के साथ आर्यन ज्यादा वक़्त बिताती है वह सारू को कभी नहीं रोकती थी...... पक्का दोनों एक राउंड लगा के आये थे और मीणा तोह सब की गाइड थी. आर्यन के लिंग का टास्ते फ्रेश था इशलिये रति भी अब एक हाथ से पकड़ के मजे से चाट रही थी. "अह्हह्ह्ह्ह माँ ऐसे hi चूस .....
तेरा मुँह कितना गरम है उफ्फ्फफ्फ्फ़ "......
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सायद इसकी ( तोपची) जरुरत थी..... राजवीर भी अणि के साथ चल गया था इन्हे माँ बेटे को कोई दर नहीं था. इतना तोह आर्यन जानता था की उसकी माँ (रति) को क्या चाहिए, रति आर्यन के प्यार की भुकी थी आखिर प्यार hi तोह मांग रही थी..... पहले सारू, फिर अणि और अब गीता अपने परिवार से मिलकर उसका उपहास hi ुध रहे थे ( रति को लगा था)...... पर अब वह खुश थी आखिर उसका बीटा आर्यन जोह उसके साथ था. हकीकत में रति आर्यन के साथ हमेशा खुश रहती थी लेकिन एक समय ऐसा भी था उसको आर्यन से दूर रहना पड़ा 2 साल मीणा की वजह से लेकिन अब तोह मेरे बीटा मेरे पास है.
आर्यन ने 5 मं तक अपना लुंड चूसने चाटने दिया और रति को चेयर से खड़ा करके उसकी साड़ी उठा के पेंटी निचे की और उसकी छूट में मुँह लगा के चाटने लगा..... रति अपना मुँह पे हाथ रखकर धीरे से बोली," मेरी चीख मत निकलवाना दियो ...... अह्हह्ह्ह्ह चाट ले मेरी छूट ह्म्म्मम्म "......
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2 मं. बाद आर्यन ने उसको कुर्सी पे घोड़ी बाना के उसकी पेंटी मुँह में ठुसी दी और अपना झंडा जैसा लुंड गाड़ दिया उसकी छूट में..... रति को थोड़ा दर्द हुआ पर छूट अब आर्यन के साइज की बन गयी थी तोह 1 मं बाद उसको मजा आने लगा......10 मं तक आर्यन रति को सिर्फ 8 इंच तक लुंड डेल पेल ता रहा वह 2 बार झाड़ गयी थी.....
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आर्यन रति को डीप पेनिट्रेटेड नहीं किया पर मजा दोनों को आया जब भी आर्यन अपनी माँ रति को छोड़ता था वह खूब साथ देती थी.
आर्यन अपना लुंड छूट से निकल के उसका छूट रास अपने हैंकि के साफ़ कर दिया और उसको पेंटी भी छूट साफ़ करके पेन्हा के अपने कपडे भी ठीक किया. रति उसकी बाँहों में झूल गयी," काम तू ने अधूरा छोड़ा है..... पुछठ...... इतना टाइम नहीं है पर मुझे पूरा प्यार देना तभी किसी और को टच करना ....... चममम च्ममममम ".
आर्यन ने रति के बालों को स्वर के कहा," यह तोह वार्म उप था लेकिन डीप ड्रिलिंग के लिए बाकी सब को बोल देना तू मेरे साथ कार में जाएगी..... पहले किश दे मुझे और लिपस्टिक लग लेना"..... पुछठ पुछहःछः चम्म्म्म चममम ुहममममम ुहम्म्म्म....
रति बहोत खुश हुयी फिर अपने बैग से लिपस्टिक लग के touch-up की और आर्यन की पीठ पे बेथ कर हवेली की बैठक में प्रवेश की....... सब ने गीता, सारू और मीणा की खूब खतिरदाररी की.
"Hello ब्यूटीफुल लेडीज एंड गॉर्जियस यंग गर्ल्स "...... सब आर्यन को देखने लगे और उसपर लड़ी रति ने आर्यन का सीधा गाल पे किश करके कहा ," यह हैं मेरे बीटा आर्यन है "....... पिन ड्रॉप्ड साइलेंस था सब औरशन और लड़कियां कड़ी हो गयी सिर्फ अदिति को छोड़ के वह व्हीलचेयर पे बैठी सबको स्माइल के साथ देख रही थी जैसे उसकी बात सच हो गयी थी....... उसने बोल था की आर्यन मोस्ट हैंडसम यंग मन है.
आर्यन के घरवाले जोह बैठक में उपस्थित थे वह उसपे गर्व कर रहे थे और जहवी अपने आँखों पे विश्वास नहीं कर प् रही थी की आर्यन उसके सामने खड़ा है...... "नहीं में सपना देख रही हूँ कोई मुझे चुटकी काटो" वह मैं hi मैं बड़बड़ा रही थी. उसने आर्यन को शिकागो, उसे में देख था वह दिल हार बैठी थी एक साल पहले मगर उसका नाम.... उसकी कोई फोटो भी नहीं थी उसके पास. आर्यन ने उसको देखकर पहचान लिया था और वह भी मुस्करा रहा था......
आर्यन का जादू चल गया था सब पे..... हाँ भाई प्रज्ञा के दिल में तोह पहली बार वायलिन बजने लगा...... "माय गॉड यह तोह किसी देवता की तरह दीखता है..... इनकी आँखें नीली कितनी सूंदर हैं इनमे दुब जाने को दिल करता है "...... गीता की मामी, मौसी और चची का भी वही हालत थी बुर फटी हुयी था तो बुर में नमी ज्यादा आ गयी थी कुवारी लड़कियों के मुकाबले.
अदिति आर्यन की तरफ व्हील चेयर से आगे बढ़ी तोह आर्यन उसकी तरफ बढ़ा..... अदिति ने स्माइल के साथ एक सिंगल गुलाब अपनी हैंकि से निकला तोह आर्यन देख के खुश हुआ और उसके पास आकर उसका गुलाब ले लिया ," थैंक्स स्वीटी पाई what's योर नाम ".
अदिति ," ी ऍम अदिति सिंह एंड वेलकम आर्यन भैया हम सबको खुसी हुयी"..... और हैंडशेक करने के लिए हाथ उठाई. आर्यन ने रति को अपनी पीठ से उतरा और अदिति के बगल में हाथ दाल के व्हील चेयर से उठा के अपनी गॉड में ले लिए. अदिति खुश होकर उसके लेफ्ट गाल पे किश की आर्यन हसकर ,"गीता यह अदिति गुड़िया जैसी लगती है तुमको तोह फ़ास्ट रनर होना चाहिए नाकि व्हीलचेयर पे ".
गीता भी अदिति के पास आयी और बोली," तू ठीक कर सकता है क्या...... तेरे पास तो कई जड़ी बूटियों रहती हैं, में अदिति को ऐसे व्हील चेयर पे नहीं देख सकती" ...... और बाकि सबको बोली ,"एह hello तुम सबका घूरना हो गया हो तोह मेरे पति पे दूर काम डालो यह तुम सब का जीजू है और आप सब बड़ों का दामाद ".
सारू ," ऐसा नहीं बोलते गीता वह सब आर्यन से मिलकर खुश हैं कोई तेरे पति पर दूर नहीं दाल रहा मेरी छोटी भें"...... गीता मुंह पहात थी पर सारू से मिलकर सब उसकी ब्यूटी और अच्छी नेचर से काफी इम्प्रेस थी. सारू एक बड़ी फॅमिली की बोहु थी और गीता की फॅमिली भी काफी बड़ी थी उसको मिलने जुलने में कोई परेशानी कभी नहीं आयी थी. वह परिवार के साथ मिल जल कर रहने में विस्वास करती थी.
आर्यन," हाँ मेरे पास एक आयल है जोह लदाख की पहाड़ी में मिलने वाले फूल के रास से बनता है अगर गुड़िया कोशिश करेगी तोह 1 हफ्ते में इम्प्रूवमेंट दिखने लगेगा और 4-6 वीक्स में यह स्वीट डॉल दौड़ने लगेगी"...... और अदिति के माथे पे किश कर दिया.
अदिति की मम्मी ( गीता की चची) ," आर्यन बीटा तुम सच्च कह रहे हो न, सब डॉक्टर तोह जवाब दे चुके हैं और देसी तरीका भी तरय किये पर कोई फरक नहीं पड़ा हम तोह आस लगा के हार चुके हैं अदिति के एक्सीडेंट के बाद कमर के निचे का हिस्सा काम नहीं करता".
मीणा ," चाचीजी आप बेफिक्र रहिये यह मेरा ेलक्लौता भाई ने रिसर्च की है आखिर इसके शांत स्वाभाव पे मत जायो यह जीनियस है अमेरिकन की सबसे टॉप यूनिवर्सिटीज से 2 साल के अंदर 30 से ऊपर कोर्स कर चूका है..... एक एक पौधे, पत्ते, जड़, बीज, छल, फल, सब की जड़ी बूटियों बचपन से देसी चिकित्सा करता है "...... जैसे आप सब जनता हैं की आर्यन बचपन से hi जड़ी बूटियों को खोजते था. उसके एक छोटे बैग हमेशा साथ रहता था वह पातळ लोक की भी जड़ी बूटियां लेकर आया था और पुराने जंगल की भी कई औषधियां उसके पास थी. सिर्फ मीणा और बिना उसके बैग को हाथ लग सकती थी वार्ना वह किसी को छूने भी नहीं देता था. उसका कारन था, आर्यन बोलता था की छूने से औषधि का असर काम हो जाता है.
आर्यन ," चलो अभी से मेरी गुड़िया रानी का इलाज़ स्टार्ट करते हैं..... एक्सक्यूज़ में लेडीज एंड बेओटीएस " और अदिति को गॉड में लिए बैठक से बहार निकल गया गीता की हमर से बैग उठाने के लिए.
रति अपनी जगह बेथ कर ,"मेरा बीटा जानता है वह क्या कर रहा है उसने कितनो का इलाज़ अपने हुनर से किये हैं. पक्का अदिति के लिए आर्यन के पास कोई राम बाण इलाज़ है" ...... रति जैसे आर्यन की पीठ पे तंगी हुयी बैठक में एंटर की मीणा, सारू और गीता को अंदाजा हो गया था पक्का एक राउंड चुदाई का करके आये हैं और रति की पुराणी फॉर्म में आने के बाद तीनो को कन्फर्म हो गया था.
मीणा ने गीता को आँख मार दी थी जब सब लेडीज आर्यन को देख रही थीं..... गीता अपने (मैं में) ,' गयी भैंस पानी में ! यह बही भें किसी को छोड़ दे इम्पॉसिबल है...... और एक मेरी माँ है उसकी आशिकी कभी ख़तम नहीं होती फिर दीदी (सारू) को क्या बोलेन'.
गीता की मौसी बोली," रानी भी सुन और बोल नहीं पति क्या आर्यन उसका भी इलाज़ कर सकता है ? "....... रानी ने अपनी माँ का हाथ पकड़ लिया और न में गर्दन हिलाई.
मीणा तपाक से बोली," है न इलाज़ पर रानी को मेरे साथ चलना होगा वह पूरी तरह से ठीक हो जाएगी पर एक शरत है...... सब को बता नहीं सकते हम दोनों भाई भें क्या इलाज़ करते हैं. रानी को में अपने साथ अभी ले जाउंगी. वैसे भी आप सब गीता दीदी की सगाई में आ रहे हैं ".
गीता प्रज्ञा के साथ उसको अपनी गॉड में बिठा ली....." प्रज्ञा मेरे साथ जाएगी..... क्यों चलेगी न मेरी हवेली?" ...... प्रज्ञा को शरमाते हुए सब पहली बार देख रहे थे..... उसने भी कश्मकश से गर्दन हिला के हाँ कर दी.
सारू सब समझा गयी मीणा ने रानी को चुन लिए था और गीता ने प्रज्ञा को. पर अदिति को आर्यन ने क्यों चुना था ? यह बात तोह सारू भी नहीं समझ सकीय. ऐसा लगता था गीता के खानदान की लड़िकयां चुनी जा रही है पर अदिति को आर्यन छोटी बची hi समझ रहा था.
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गाओं की हवेली में ......
लीला महिमा को लेकर अणि के साथ सीक्रेट रूम में आ गयी...... अणि को सुनहरा मौका मिला था लीला उसके वशीभूत होकर अपना दूध पिलाने लगी अपनी 5-5 किलो की चूचियां से और महिमा भी एक पेअर दुसरे पेअर पे चढ़ा के मजे से दूध पि रही थी.
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अणि
तब अणि ने आँख बंद कर के महिमा के सर पे हाथ रखा तोह अपनी शक्ति से आर्यन का चेहरा नज़र आया यानि महिमा अपने बाप के सपनो में खोली हुयी थी..... आगे उसके मस्तिष्क का अवरोध नज़र आया यानि वह शील्ड से प्रोटेक्ट थी पर अणि की ऊर्जा छीन हो रही थी..... दूसरा दृशा आर्यन के ऊपर पीठ पे सवार महिमा 5 साल की उसकी घुड़सवारी कर रही थी दोनों बहोत हसी ठिठोली कर रहे थे..... तीसरा दृशा जब देखा तोह अणि के चेहरे पर पहली बार दर दिखा और उसको पसीना आने लगा..... एक लड़की आर्यन का खून पि रही थी और ुष लड़की ने पलट के देखा तोह लड़की का चेहरा आर्यन की फोटोकॉपी था ? अणि की शक्ति इतनी छीन हो गयी थी वह बेहोश हो गयी...... बड़े गुरूजी न अणि को बुलाता तोह कुछ भी हो सकता था.
वहीँ नह्नि महिमा ने दूसरी चूची बदल कर मुँह लगने से पहले बोलै," ी लव यू लीला मम्मी "..... और दूध पि ने लगी और लीला भी उसके सर पे हाथ रखकर बोली ," माय स्वीट बेबी ". लीला को कुछ नहीं हुआ पर अणि के प्राण बड़ी मुश्किल से बचे हैं.
बड़े गुरूजी के सामने महारानी विजयलक्मी घुटनों के बल पड़ी थी और गुरूजी के अंदर से स्वेत रोशिनी महारानी को लगभग पुनर्जीवित कर दी. महारानी खड़े होकर गुरूजी के सामे हाथ जोड़ दी...... अब स्वेत रोशिनी निकालनी बंद हो गयी और बड़े गुरूजी मुश्कुराने लगे.
" महारानी आप को इतनी दूर नहीं जाना चाहिए था परन्तु इश्क भी उतार आप के पास होगा..... अब कैसा महसूस कर रही हैं"....... बड़े गुरूजी अपने प्रकाश पुंज में सामना थे और निशंक गुरूजी भी वहां प्रकट हो गए...... यह वही विशाल पेड़ था जहाँ आर्यन और मीणा ने घोसला को ट्री हाउस बने था प्राचीन जंगल.
"चमा चाहूंगी गुरूजी पर इतनी शक्ति से में छीन हो रही थी की मुझे लगा अपना आखिर वक़ार hi नहीं देख पाऊँगी ".
निशंक गुरूजी ," महारानी चमा कीजिये आप कहीं अणि की नश्वर सरीर की बात तोह नहीं कर रही है ?"
महारानी ने ऐसे देखा निशंक को जैसे उसने उनकी दोनों किडनी मांग ली हो," निशंक हम गुरूजी से अकेले में वार्तालाप करना चाहते हैं आप विश्राम करो "....... निशंक गुरूजी विलुप्त हो गए.
महारानी अपने महल में बड़े गुरूजी से वार्तालाप कर रही थी उसकी शंका दूर करते हुए गुरूजी बोले ," जिस द्रव्यमान को अपने अपनी दृस्टि से देखा था वह निर्जीव है और आपकी समर्थ (शक्ति) को पूर्ण रूप से सोख कर एक नयी ऊर्जा का संरक्षा किया है भविष्य में...... चूँकि आर्यन से उत्पन्न अपना रूप ुष ने आपकी कल्पना को सर्जित किया है आपकी hi शक्ति से".
महारानी आतुर होते हुए," गुरूजी मैंने आर्यन की हमशकल लड़की देखि थी जब वह उसका रकत पि रही थी? उसकी आँखें मेरी शक्तियां सोख रही थी..... कहीं वह लड़की महिमा तो नहीं थी ? हाँ मुझे पूर्ण विश्वास है की वह लड़की बड़ी होकर महिमा hi थी तब तोह मुझे अपनी शील्ड में प्रवेश करते hi वही दृश्य दिखाई जोह में भविष्य में नहीं कल्पना भी नहीं कर सकती".
बड़े गुरूजी ," यह सुबह संकेत नहीं है और जोह आपने देखा उसका परिणाम भी सुबह नहीं है..... महिमा तोह छोटी अवस्था में है पर आप क्यों उसके मस्तिष्क में झाँका चाहती थी? आर्यन के मस्तिष्क में झांकें से हम ने रोका है क्यूंकि उसकी शक्तियां बढ़ रही हैं और कभी कभी उसकी शक्तियां सबसे ज्यादा प्राणघातक होती है...... अभी एक शिशु hi तो हैं महिमा और आप उसके मस्तिष्क में झांकना का कारन हमारी समझा से परे है ?"
यहाँ तोह महारानी की चाल ुशी पे उलटी पड़ी और गुरूजी भी बोल रहे हैं की उनको कुछ पता नहीं पर कैसे समभाव है? 2 मं तक दोनों सोचते रहे है वह गुरूजी ने छुपी तोड़ी.
बड़े गुरूजी," महिमा एक विशेष शिशु है और हमने आर्यन की शक्तियां में अपनी शक्ति को मिश्रित किया. आर्यन ने hi महिमा की माँ को गर्भित किया और महिमा का जन्म हुआ, हमे ज्ञात था की आप महिमा की शक्ति पहचान जाएगी उसको छु के hi पर इतना नहीं सोचा की एक शिशु के अंदर छिपी शक्तियों को आप खोजने का प्रयत्न करेगी..... वह शिशु अस्वस्थ में हैं और कहीं न कहीं आपको भी बोध हो गया हो की अपने पिता की तरह महत्तवावणकी साबित होगी िश महायुद्ध में".
महारानी विजयलक्मी को अपनी गलती का अहसास हुआ और उन्होंने हाथ जोड़ के चमा मांगी......
बड़े गुरूजी मुस्करा के बोले," पुत्री अब अपनी शक्तियों का चुनाव विवेक से करो और अनीता के सरीर में प्रवेश करना उसके जनम से पहले उसको भी गायत होने दो की वह क्या सोचती है...... अनीता सिंह को अधिक बहार लाने का प्रयास करो और महारानी का अपना ुर्घ रूप समय अनुसार दिखो".
महारानी विजयलक्मी ने सर झुका के कहा ," जोह आज्ञा गुरुदेव "...... और अंतर्लीन हो गयी.
बड़े गुरूजी ," आ जायो निशंक तुम्हारी चिंता का निवारण करते है ".
निशंक पकट हुए ," महारानी को में इतना भयभीत और दयनीय स्थिति में नहीं देखा. फिर उनके चेहरे पे शर्म की मुस्कान ? गुरूजी यह मेरी समझ से बहार है आप hi सैंसे का निवारण करें".
बड़े गुरूजी ," इश्क एक hi उतार है वह महारानी से पहले एक स्त्री है और स्त्री एक बार थांन ले तोह वह अपने प्रयास में सफल होती hi है. महारानी को एक शिशु से परस्थ कर दिया"...... और निशंक को पूरी बात बता दी.
" ओह आप महिमा की बात कर रहे हैं न जब भी उसको देखता हूँ लगता है की वह अपने बाप को सद्बुद्धि दे...... वह बहोत प्यारी बच्ची है बिलकुल आर्यन के जैसी पर वह हमेशा भोग विलास में लिप्त रहता है"...... फिर से आर्यन की शिकायत करने लगे.
बड़े गुरूजी," आर्यन सही करता है जोह तुम्हरे प्रायवाची रखता है..... धयान में मैं लगो आर्यन का कार्य उसको करने दो"...... और वह सुचं प्रतिबिम्ब में धयान में बेथ गया.
निशंक गुरूजी ," आर्यन तू पहले भी ढोंगी था अभी िश जन्म में भी है "...... और उन्होंने आँखें बंद कर ली.
अणि एक छान के लिए गायब हुयी थी और वापस भी आ गयी पर लीला को कुछ नहीं महसूस हुआ. वह महिमा से कुछ फ़ीट दूर hi बैठी और सोचने लगी," भाई के साथ मॉर्निंग वाक पे जाउंगी ".
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अब तक अपने पढ़ा.....
नाहा के कपडे पेहेन के तीनो 1:30 घंटे बाद हवेली पहुँच..... तीनो फुल्ली रेडी होकर आये थे पर रति ने बैठक के बहार hi बिना को बोल दिया था आर्यन को रोक ले मुझे उससे जरूरी बात करनी है.
रति आर्यन का हाथ पकड़ के एक रूम में ले गयी और उसको घुसे से बोली ," तू बस किसी की छूट में पद रहेगा और तेरी छोटी भें हम सबको आपस में hi लाडवा मरवा देगी ..... तू कुछ मत करियो..... यहाँ मेरी गीता को यह सब चीन लगाए "...... और रट हुए कुर्सी पर बेथ गयी.....
अब आगे .......
अनीता सिंह (अणि) ने अपने ननु, राजवीर सिंह, का एक हाथ पकड़ा हुआ था Rolls-Royce फैंटम कार में सवार होते हुए और राजवीर सिंह भी बखूबी जानते था की उसकी लाड़ली नातिन पक्का उससे कुछ मांगने वाली है. अणि के क्यूट फेस पे कई एक्सप्रेशन थे जोह वह पढ़ने का असमर्थ प्रयास कर रहा था, जब कार में 5 मं तक ख़ामोशी रही तब अणि के हाथ पर दूसरा हाथ रखते हुए पूछा.
" बोल दे अनीता बेटी तू इतनी वकुल क्यों हैं" ..... राजवीर कभी कभी अणि का पूरा नाम लेता था जब बात सीरियस हो.
अणि ने नुक्लेअर बम से ज्यादा बड़ा धमाका किया ," नानी जी आर्यन पे जैड़ा hi प्यार बरसा रही हैं..... क्या आर्यन पर मेरा हक़ नहीं है? क्या मुझे आर्यन कभी नहीं मिलेगा?..... नहीं ननु मुझे आर्यन चाहिए किसी भी कीमत पे "...... अणि ने यह बात कह कर अपने नानाजी की तरफ देखा तोह राजवीर ने उसका हाथ छोड़ दिया और फैंटम कार की विंडो से अँधेरी सड़क देखने लगा..... कार स्पीड से हवेली की तरफ बढ़ रही थी.
राजवीर सिंह पहले से जनता था की अणि अपने सेज भाई आर्यन से बहोत प्यार करती है और आर्यन की जान भी िश अपनी छोटी भें में hi बस्ती है.
राजवीर सिंह और सारू इशलिये ज्यादा प्यार करते थे अणि से ताकि वह अकेली न रह जाए क्योंकि सब तोह आर्यन की चाहती या चाहते थे..... कभी कभी दर लगता था पर आर्यन के लिए अणि खुले आम एलान कर देगी यह उसने सोच भी नहीं था..... राजवीर सिंह कभी रति को नहीं रोक पाया आर्यन से प्यार करने से और वहीँ अणि तोह जिद्दी रति से चार गुना ज्यादा hi थी.
अणि ने जान भुज के राजवीर सिंह का दिल दुखाया था ताकि मरहम भी वह hi लगाए...... 1 घटने से ज्यादा का सफर हो गया था Rolls-Royce रति के गाओं में प्रवेश करने वाली थी. राजवीर सिंह ने इंग्लिश में बोलै ," स्टॉप था कार " .
अंग्रेज ड्राइवर ने कार के बैक व्यू मिरर से अपनी ओनर की तरफ देखा तोह अणि ने पालक झपकाए के उसको परमिशन दी.... ड्राइवर ने कार आर्यन के फार्म हाउस पे रोकी तोह राजवीर सिंह अपना अंगोछा कंधे पर रख कर कार का दूर खोलने लगा तोह ड्राइवर ने बड़ी तमीज से दूर खोल दिया. राजवीर सिंह उतर गया और फार्महाउस की बिल्डिंग में चला गया वह कुछ hi बोलै.
अणि अपनी ड्राइवर और सिक्योरिटी के साथ हवेली आ गयी...... अणि जानती थी यह बात आग की तरह फल जाएगी आर्यन के घरवालों और रिश्तेदारों में की आर्यन पर हक़ अणि ने जामा दिया है..... चैलेंज क्या था? कोई टिकने वाला भी नहीं था अणि के दावे के सामने.
5ों प्रिंसेस ,प्रभा, नेहा, दीप्ति, को पता चल गया की महारानी विजयलक्ष्मी (अणि) ने आर्यन को न्योता दे दिया है चाहे वह सब खुश हो या नहीं पर सच्च तोह एहि था...... पतला लोक में भी सबको ज्ञात हो गया था. प्रभा, नेहा खुश थी ...... गीता , दीप्ति , जाने हॉल को कोई ास्चेरए नहीं हुआ वह समझ गयी थी महारानी ने अपना हक़ hi माँगा है...... डॉली के मिले जुले भाव थे ...... सारू को आज पहली बार इन्सेक्युरे फील हुआ..... और िश बात की जिम्मेदार सिर्फ मीणा थी उसने महारानी की उकसाया था परन्तु महारानी विजयलक्ष्मी ने अपनी काम शक्ति जोह छुपाई हुयी थी उश्के फलस्वरूप उनका मैं आर्यन को चाहने लगा.
हवेली में एंटर करते hi अणि की सेक्रेटरी उसकी Rolls-Royce कार का दरवाज़ा खोली..... हवेली में सामियाने लग रहे थे, हवेली क्या पूरा गाओं hi िश ख़ास माहौल की खुशियों में दुब गया था.....
महापंचायत के 40 गाओं भी अपने मुखिया आर्यन की गीता देवी से सगाई के विशेष अतिथि गैन जोह हो गए थे. 200 से ज्यादा हलवाई मिथियाँ बाने में मसरूफ थे खाना तोह अगले दिन बनना था.
अणि हवेली के आर्यन के रूम में जाने लगी महिमा से मिलने..... अणि को जोह देखता वह उसके सामने हाथ जोड़ देता और वह भी अपने हाथ जोड़े आगे बढ़ रही थी..... सिक्योरिटी हवेली के मरदाना सेक्शन तक सिमित थी लेडीज सेक्शन फीमेल गार्ड्स तैनात थी....... परिंदा भी पर नहीं मार सकता था इतनी टाइट सिक्योरिटी बिना और नीला ने की थी. सिक्योरिटी अफसर गाओं और हवेली के बहार तैनात थी और आसपास के गाओं में भी सिक्योरिटी अफसर के खाश इंतज़ाम किये गए थे. सप विक्रम के स्पेशल आर्डर थे की 40 गाओं को पूरी प्रोटेक्शन दी जाये..... सब सिक्योरिटी अफसर वाले ड्यूटी पर मुस्तैद रहेंगे अगले 48 घंटे तक.
अनीता सिंह की इज्जत सारा गाओं वाले करते थे..... बहेलिया उम्र में छोटी हो पर िश लड़की का क़र्ज़ था गाओं वालों के ऊपर. आर्यन ुष समय मुंबई गया हुआ था और उनकी होने वाली महापंचायत की मालकिन गीता देवी भी इतनी साहसी नहीं थी जितनी अनीता ुष पल थी. अणि कोई देवी hi थी जोह हम गाओं वालों की रक्षा करने आ गयी थी वर्ण िश धरती से हमारा गाओं नक़्शे से hi मिट जाता. पूरे 500 गुंडे और मावली सारे हतियार गोला बारूद के साथ आये थे हमला करने पर यह देवी hi थी जोह हमारे ऊपर आंच न आयी..... दुश्मनो का मुकाबला अकेली ने किया था. सच्च में अणि उनके लिए झाँसी की रानी hi थी, जिसने अपने प्राण की पर्व न करते हुए दुश्मनो के दांत खट्टे hi नहीं की बल की कुछ साथियों के साथ खून की ऐसी होली खेली न कोई घायल हुआ न कोई अपांग.
गाओं में मुठी भर लोग को अणि के किस्से के घाव था पर भोकाल इतना सुनाया गया की मिटने तोह 40 गाओं hi आये थी महापंचायत के पर हम सब पे काली मैया ( गीता देवी ) और अनीता देवी का हाथ है तोह कोई हमारा बल बांका नहीं कर सकता.....
फिर आर्यन की क्या जरूरत है या फिर रति देवी की किसी ने पुछा ? अरे तुम निहित चुटिया हो का ....... आर्यन भैया और रति देवी तोह हमारी महापंचायत के माँ बीटा हैं जब तक वह दोनों है कोई हमको बुरी नज़र से कभी नहीं देख पायेगा ..... समझे.... गाओं के लोगों की जुबान पे एहि स्टोरी थी.
आर्यन के रूम में जब अणि पहुंची तोह लीला , मन्दाकिनी (लीला की बड़ी भें) , बबिता बैठी थी..... अणि ने देखा की महिमा अपनी माँ बबिता का दूध पि रही थी. अणि को देख कर बोली ," बुआ जी बुआ जी बुआ जी " ...... वह अपनी माँ की गॉड से उतर के अणि के पास निचे बीएड पर आयी तोह अणि ने उसको गॉड में उठा लिया...... " अरे मेरा बच्चा.... मेरी स्वीट डॉल "..... पुछठ पुछहःछः चम्म्म्म चममम च्ममममम ......
तीनो औरतें अणि को देख कर हैरान रह गयी तीनो उसकी खूबसूरती की तारीफ मैं hi मैं कर रही थी...... अणि के लिए आर्यन के बच्चे उसकी नज़रों में सब एक सामान थे लेकिन महिमा स्पेशलय अणि की फवौरीते थी उसका पता था की महिमा की शैलद नेचुरल जनम से, है उसकी खासियत के बारे में उसने गुरूजी से पूछा था तब वह विस्मित रह गयी. महिमा की शील्ड िश संसार की नहीं थी आखिर यह कैसे हो सकता है की किसी दूसरी दुन्या की शील्ड िश पृथ्वीलोक पे जन्मजात किसी शिशु में हो...... कारन गुरूजी ने आर्यन को बतया पर बाकी समय आने पे. आर्यन को भी शील्ड बड़े गुरूजी से मिली थी और रति ने उसकी शक्तियां बांध दी थी मंतर पढ़ कर लेकिन वह भी जनम के बाद hi मिली थी परन्तु महिमा की इन्बॉर्न थी.
मजे की बात यह है की जब अणि महिमा को छूती थी अणि को हमेशा एक करंट लगता था. नार्मल इंसान तोह डैम तोड़ दे पर अणि खुद पावरफुल थी उसको बस हल्का सा करंट लगता था. अणि सोचती थी यह महिमा मुझे हमेशा अहसास दिलाती है की वह स्पेशल है..... हो भी क्यों न वह असली माहि थी और आर्यन का नाम महार्यं था बाद में आर्यन चेंज किया था. छोटी माहि नाम रति ने दिया था पर वह अपने बाप से दो कदम आगे थी.
महिमा ," बुआ जी मेरे डैडी की शादी होने वाली है फिर मुझे नयी मम्मी मिलेगी "...... अणि हस्ते हुए ," एक नहीं दो दो नयी मम्मी ".....
महिमा अपने माथे पे हथेली मार के," मेरे पास 4 मम्मी हो जाएगी..... मजा आएगा मुझे 4 मम्मी दूध पिलांगी..... लीला मम्मी दूध पिलायो में आपको मम्मी बोलूंगी दीदी की तरह".
बबिता खड़े होकर ," महिमा मार कहेगी बहोत बिगड़ गयी है..... सॉरी लीला बची है ".....
लीला की बड़ी बड़ी चूचियां देखकर महिमा बोल दी थी जोह उसकी ड्रेस में नहीं समां पा रही थी ( महिमा को पता चल गया था रौशनी दीदी रूम में नहीं है उसका चांस बन गया था) ...... लीला (मैं में) पहले तोह आर्यन अब रोशिनी और अभी महिमा भी मेरी ब्रैस्ट के पीछे पद गए हैं...... बाप (आर्यन) का बस चले तोह मेरी ब्रैस्ट से मुँह से न निकले और मेरी बेटी रौशनी भी दिन में 4 बार दूध पिने लगी है. पर वह खुद को रोक न पायी और बोली ," ओह माय स्वीट बेबी पहले मुझे मुम्मा बोले ".
लीला अणि से 5 फट की दूरी पे बीएड पे पेअर लटका के बैठी थी..... " मुम्मा दूध पीला दो ..... ी लव यू मुमा ".....
लीला महिमा को उठ के गॉड में ले ली ," अरे मेरा बेबी..... मेरा बचा मुम्मा का दूध पियेगा ...... "
बबिता महिमा को आँखे दिखा के डरा रही थी पर वह तोह अपने बाप आर्यन पे गयी थी...... आर्यन भी सब औरतें की चूचियों से दूध पि जाता था बचपन से और यह आदत अभी तक नहीं बदली महिमा तोह बच्ची थी वह कहाँ डर्टी. महिमा को लेकर लीला ने अणि से पुछा ," दूसरा कोई रूम खली है क्या "...... अणि उसको आर्यन के सीक्रेट रूम में ले गयी.
बबिता तोह देखती रह गयी उसको बहोत ावक्वार्ड लग रहा था पर मन्दाकिनी बोली," अरे बबिता तुम क्यों शर्म फील कर रही हो..... वैसे तुमने शादी नहीं की अब तक, तुम आर्यन की बेटी को पूरा हक़ देना उससे शादी करके. आर्यन न होता मेरे बच्चे और में कभी जीवित न होते..... भगवन मेरी उम्र भी उसके लगे".
फिर दोनों अपनी अपनी स्टोरी बाटने लगी दोनों की दोस्ती जल्दी हो गयी और आर्यन hi उसके टॉपिक और डिस्कशन में था.
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गीता के दादाजी का गाओं......
आर्यन अपनी माँ को बात सुनकर पहले दरवाजा बंद किया और रति के आंसू साफ़ करने लगा घुटनो के बल बेथ के.... रति उसका हाथ हटने लगी तोह आर्यन ने उसका चेहरा अपने हाथ में लेकर उठया और बोलै," तेरे काम से hi गया था में और चंदा रानी बहोत सुलझी लड़की है वह हमारे साथ hi रहेगी में वडा करता हूँ..... देख मुझे क्या मेरी बातों पे विश्वास नहीं है क्या तुझे ?"
रति की आँखों को फिर से साफ़ किया और दोनों आँखों पे बारी बारी चूमा तोह रति बोली ," सच्च..... गीता को कोई मुझसे अलग किया तोह में जान दे दूंगी "...... आर्यन ने उसको अपने गले लगा लिया ," माँ तू रोटी बहोत है और जल्दी चीड़ जाती है..... तुझे बस हमारे आने वाले बेटे की फ़िक्र करनी चाहिए जोह तेरी खोक में है वार्ना बड़े होकर बोलेगा की कितनी रौतीदी मम्मी मिली है ".
रति तो अपनी प्रेगनेंसी की बात भूल चुकी थी जिसको आर्यन ने याद दिल दिया..... रति हास्के बोली," तू मुझे इतना परेशां करेगा तोह में हमारे बच्चे का धयान कैसे रखूंगी..... मेरी जान को पहले hi कितनी मुसीबत है और अनीता की बात मुझे अच्छी नहीं लगी"...... आर्यन उसके होंठों को चुम के खड़ा हो गया और अपनी पंत की जीप खोल कर अपना अंडरवियर निचे कर दिया......
रति इधर उधर देखने लगी हैरानी से," यह क्या कर रहा है ?" ....... आर्यन ने अपना लुंड उसके मोह में ठोस दिया ," मुँह मीठा करले इतनी गन्दी बातें करती है...... अह्ह्ह्हह दांत मत लगा वर्ण सारे दांत तोड़ दूंगा...... हम्म्म्म्म ऐसे hi चूस..... "
रति मुंह में आर्यन का लुंड लेकर हॉकी बाकि रहा गयी, उसका पूरा मुंह खुला रह गया....... लुंड था hi इतना विशाल पर पूरा खड़ा नहीं हुआ था अब रति के मुंह की गर्माहट पाकर सलूट की अवस्था में 1 मं में आ गया था.
आर्यन नाहा के आया था टूबवेल में और रति भी जानती थी उसकी बड़ी बेटी सारू के साथ आर्यन ज्यादा वक़्त बिताती है वह सारू को कभी नहीं रोकती थी...... पक्का दोनों एक राउंड लगा के आये थे और मीणा तोह सब की गाइड थी. आर्यन के लिंग का टास्ते फ्रेश था इशलिये रति भी अब एक हाथ से पकड़ के मजे से चाट रही थी. "अह्हह्ह्ह्ह माँ ऐसे hi चूस .....
तेरा मुँह कितना गरम है उफ्फ्फफ्फ्फ़ "......
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सायद इसकी ( तोपची) जरुरत थी..... राजवीर भी अणि के साथ चल गया था इन्हे माँ बेटे को कोई दर नहीं था. इतना तोह आर्यन जानता था की उसकी माँ (रति) को क्या चाहिए, रति आर्यन के प्यार की भुकी थी आखिर प्यार hi तोह मांग रही थी..... पहले सारू, फिर अणि और अब गीता अपने परिवार से मिलकर उसका उपहास hi ुध रहे थे ( रति को लगा था)...... पर अब वह खुश थी आखिर उसका बीटा आर्यन जोह उसके साथ था. हकीकत में रति आर्यन के साथ हमेशा खुश रहती थी लेकिन एक समय ऐसा भी था उसको आर्यन से दूर रहना पड़ा 2 साल मीणा की वजह से लेकिन अब तोह मेरे बीटा मेरे पास है.
आर्यन ने 5 मं तक अपना लुंड चूसने चाटने दिया और रति को चेयर से खड़ा करके उसकी साड़ी उठा के पेंटी निचे की और उसकी छूट में मुँह लगा के चाटने लगा..... रति अपना मुँह पे हाथ रखकर धीरे से बोली," मेरी चीख मत निकलवाना दियो ...... अह्हह्ह्ह्ह चाट ले मेरी छूट ह्म्म्मम्म "......
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2 मं. बाद आर्यन ने उसको कुर्सी पे घोड़ी बाना के उसकी पेंटी मुँह में ठुसी दी और अपना झंडा जैसा लुंड गाड़ दिया उसकी छूट में..... रति को थोड़ा दर्द हुआ पर छूट अब आर्यन के साइज की बन गयी थी तोह 1 मं बाद उसको मजा आने लगा......10 मं तक आर्यन रति को सिर्फ 8 इंच तक लुंड डेल पेल ता रहा वह 2 बार झाड़ गयी थी.....
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आर्यन रति को डीप पेनिट्रेटेड नहीं किया पर मजा दोनों को आया जब भी आर्यन अपनी माँ रति को छोड़ता था वह खूब साथ देती थी.
आर्यन अपना लुंड छूट से निकल के उसका छूट रास अपने हैंकि के साफ़ कर दिया और उसको पेंटी भी छूट साफ़ करके पेन्हा के अपने कपडे भी ठीक किया. रति उसकी बाँहों में झूल गयी," काम तू ने अधूरा छोड़ा है..... पुछठ...... इतना टाइम नहीं है पर मुझे पूरा प्यार देना तभी किसी और को टच करना ....... चममम च्ममममम ".
आर्यन ने रति के बालों को स्वर के कहा," यह तोह वार्म उप था लेकिन डीप ड्रिलिंग के लिए बाकी सब को बोल देना तू मेरे साथ कार में जाएगी..... पहले किश दे मुझे और लिपस्टिक लग लेना"..... पुछठ पुछहःछः चम्म्म्म चममम ुहममममम ुहम्म्म्म....
रति बहोत खुश हुयी फिर अपने बैग से लिपस्टिक लग के touch-up की और आर्यन की पीठ पे बेथ कर हवेली की बैठक में प्रवेश की....... सब ने गीता, सारू और मीणा की खूब खतिरदाररी की.
"Hello ब्यूटीफुल लेडीज एंड गॉर्जियस यंग गर्ल्स "...... सब आर्यन को देखने लगे और उसपर लड़ी रति ने आर्यन का सीधा गाल पे किश करके कहा ," यह हैं मेरे बीटा आर्यन है "....... पिन ड्रॉप्ड साइलेंस था सब औरशन और लड़कियां कड़ी हो गयी सिर्फ अदिति को छोड़ के वह व्हीलचेयर पे बैठी सबको स्माइल के साथ देख रही थी जैसे उसकी बात सच हो गयी थी....... उसने बोल था की आर्यन मोस्ट हैंडसम यंग मन है.
आर्यन के घरवाले जोह बैठक में उपस्थित थे वह उसपे गर्व कर रहे थे और जहवी अपने आँखों पे विश्वास नहीं कर प् रही थी की आर्यन उसके सामने खड़ा है...... "नहीं में सपना देख रही हूँ कोई मुझे चुटकी काटो" वह मैं hi मैं बड़बड़ा रही थी. उसने आर्यन को शिकागो, उसे में देख था वह दिल हार बैठी थी एक साल पहले मगर उसका नाम.... उसकी कोई फोटो भी नहीं थी उसके पास. आर्यन ने उसको देखकर पहचान लिया था और वह भी मुस्करा रहा था......
आर्यन का जादू चल गया था सब पे..... हाँ भाई प्रज्ञा के दिल में तोह पहली बार वायलिन बजने लगा...... "माय गॉड यह तोह किसी देवता की तरह दीखता है..... इनकी आँखें नीली कितनी सूंदर हैं इनमे दुब जाने को दिल करता है "...... गीता की मामी, मौसी और चची का भी वही हालत थी बुर फटी हुयी था तो बुर में नमी ज्यादा आ गयी थी कुवारी लड़कियों के मुकाबले.
अदिति आर्यन की तरफ व्हील चेयर से आगे बढ़ी तोह आर्यन उसकी तरफ बढ़ा..... अदिति ने स्माइल के साथ एक सिंगल गुलाब अपनी हैंकि से निकला तोह आर्यन देख के खुश हुआ और उसके पास आकर उसका गुलाब ले लिया ," थैंक्स स्वीटी पाई what's योर नाम ".
अदिति ," ी ऍम अदिति सिंह एंड वेलकम आर्यन भैया हम सबको खुसी हुयी"..... और हैंडशेक करने के लिए हाथ उठाई. आर्यन ने रति को अपनी पीठ से उतरा और अदिति के बगल में हाथ दाल के व्हील चेयर से उठा के अपनी गॉड में ले लिए. अदिति खुश होकर उसके लेफ्ट गाल पे किश की आर्यन हसकर ,"गीता यह अदिति गुड़िया जैसी लगती है तुमको तोह फ़ास्ट रनर होना चाहिए नाकि व्हीलचेयर पे ".
गीता भी अदिति के पास आयी और बोली," तू ठीक कर सकता है क्या...... तेरे पास तो कई जड़ी बूटियों रहती हैं, में अदिति को ऐसे व्हील चेयर पे नहीं देख सकती" ...... और बाकि सबको बोली ,"एह hello तुम सबका घूरना हो गया हो तोह मेरे पति पे दूर काम डालो यह तुम सब का जीजू है और आप सब बड़ों का दामाद ".
सारू ," ऐसा नहीं बोलते गीता वह सब आर्यन से मिलकर खुश हैं कोई तेरे पति पर दूर नहीं दाल रहा मेरी छोटी भें"...... गीता मुंह पहात थी पर सारू से मिलकर सब उसकी ब्यूटी और अच्छी नेचर से काफी इम्प्रेस थी. सारू एक बड़ी फॅमिली की बोहु थी और गीता की फॅमिली भी काफी बड़ी थी उसको मिलने जुलने में कोई परेशानी कभी नहीं आयी थी. वह परिवार के साथ मिल जल कर रहने में विस्वास करती थी.
आर्यन," हाँ मेरे पास एक आयल है जोह लदाख की पहाड़ी में मिलने वाले फूल के रास से बनता है अगर गुड़िया कोशिश करेगी तोह 1 हफ्ते में इम्प्रूवमेंट दिखने लगेगा और 4-6 वीक्स में यह स्वीट डॉल दौड़ने लगेगी"...... और अदिति के माथे पे किश कर दिया.
अदिति की मम्मी ( गीता की चची) ," आर्यन बीटा तुम सच्च कह रहे हो न, सब डॉक्टर तोह जवाब दे चुके हैं और देसी तरीका भी तरय किये पर कोई फरक नहीं पड़ा हम तोह आस लगा के हार चुके हैं अदिति के एक्सीडेंट के बाद कमर के निचे का हिस्सा काम नहीं करता".
मीणा ," चाचीजी आप बेफिक्र रहिये यह मेरा ेलक्लौता भाई ने रिसर्च की है आखिर इसके शांत स्वाभाव पे मत जायो यह जीनियस है अमेरिकन की सबसे टॉप यूनिवर्सिटीज से 2 साल के अंदर 30 से ऊपर कोर्स कर चूका है..... एक एक पौधे, पत्ते, जड़, बीज, छल, फल, सब की जड़ी बूटियों बचपन से देसी चिकित्सा करता है "...... जैसे आप सब जनता हैं की आर्यन बचपन से hi जड़ी बूटियों को खोजते था. उसके एक छोटे बैग हमेशा साथ रहता था वह पातळ लोक की भी जड़ी बूटियां लेकर आया था और पुराने जंगल की भी कई औषधियां उसके पास थी. सिर्फ मीणा और बिना उसके बैग को हाथ लग सकती थी वार्ना वह किसी को छूने भी नहीं देता था. उसका कारन था, आर्यन बोलता था की छूने से औषधि का असर काम हो जाता है.
आर्यन ," चलो अभी से मेरी गुड़िया रानी का इलाज़ स्टार्ट करते हैं..... एक्सक्यूज़ में लेडीज एंड बेओटीएस " और अदिति को गॉड में लिए बैठक से बहार निकल गया गीता की हमर से बैग उठाने के लिए.
रति अपनी जगह बेथ कर ,"मेरा बीटा जानता है वह क्या कर रहा है उसने कितनो का इलाज़ अपने हुनर से किये हैं. पक्का अदिति के लिए आर्यन के पास कोई राम बाण इलाज़ है" ...... रति जैसे आर्यन की पीठ पे तंगी हुयी बैठक में एंटर की मीणा, सारू और गीता को अंदाजा हो गया था पक्का एक राउंड चुदाई का करके आये हैं और रति की पुराणी फॉर्म में आने के बाद तीनो को कन्फर्म हो गया था.
मीणा ने गीता को आँख मार दी थी जब सब लेडीज आर्यन को देख रही थीं..... गीता अपने (मैं में) ,' गयी भैंस पानी में ! यह बही भें किसी को छोड़ दे इम्पॉसिबल है...... और एक मेरी माँ है उसकी आशिकी कभी ख़तम नहीं होती फिर दीदी (सारू) को क्या बोलेन'.
गीता की मौसी बोली," रानी भी सुन और बोल नहीं पति क्या आर्यन उसका भी इलाज़ कर सकता है ? "....... रानी ने अपनी माँ का हाथ पकड़ लिया और न में गर्दन हिलाई.
मीणा तपाक से बोली," है न इलाज़ पर रानी को मेरे साथ चलना होगा वह पूरी तरह से ठीक हो जाएगी पर एक शरत है...... सब को बता नहीं सकते हम दोनों भाई भें क्या इलाज़ करते हैं. रानी को में अपने साथ अभी ले जाउंगी. वैसे भी आप सब गीता दीदी की सगाई में आ रहे हैं ".
गीता प्रज्ञा के साथ उसको अपनी गॉड में बिठा ली....." प्रज्ञा मेरे साथ जाएगी..... क्यों चलेगी न मेरी हवेली?" ...... प्रज्ञा को शरमाते हुए सब पहली बार देख रहे थे..... उसने भी कश्मकश से गर्दन हिला के हाँ कर दी.
सारू सब समझा गयी मीणा ने रानी को चुन लिए था और गीता ने प्रज्ञा को. पर अदिति को आर्यन ने क्यों चुना था ? यह बात तोह सारू भी नहीं समझ सकीय. ऐसा लगता था गीता के खानदान की लड़िकयां चुनी जा रही है पर अदिति को आर्यन छोटी बची hi समझ रहा था.
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गाओं की हवेली में ......
लीला महिमा को लेकर अणि के साथ सीक्रेट रूम में आ गयी...... अणि को सुनहरा मौका मिला था लीला उसके वशीभूत होकर अपना दूध पिलाने लगी अपनी 5-5 किलो की चूचियां से और महिमा भी एक पेअर दुसरे पेअर पे चढ़ा के मजे से दूध पि रही थी.
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अणि
तब अणि ने आँख बंद कर के महिमा के सर पे हाथ रखा तोह अपनी शक्ति से आर्यन का चेहरा नज़र आया यानि महिमा अपने बाप के सपनो में खोली हुयी थी..... आगे उसके मस्तिष्क का अवरोध नज़र आया यानि वह शील्ड से प्रोटेक्ट थी पर अणि की ऊर्जा छीन हो रही थी..... दूसरा दृशा आर्यन के ऊपर पीठ पे सवार महिमा 5 साल की उसकी घुड़सवारी कर रही थी दोनों बहोत हसी ठिठोली कर रहे थे..... तीसरा दृशा जब देखा तोह अणि के चेहरे पर पहली बार दर दिखा और उसको पसीना आने लगा..... एक लड़की आर्यन का खून पि रही थी और ुष लड़की ने पलट के देखा तोह लड़की का चेहरा आर्यन की फोटोकॉपी था ? अणि की शक्ति इतनी छीन हो गयी थी वह बेहोश हो गयी...... बड़े गुरूजी न अणि को बुलाता तोह कुछ भी हो सकता था.
वहीँ नह्नि महिमा ने दूसरी चूची बदल कर मुँह लगने से पहले बोलै," ी लव यू लीला मम्मी "..... और दूध पि ने लगी और लीला भी उसके सर पे हाथ रखकर बोली ," माय स्वीट बेबी ". लीला को कुछ नहीं हुआ पर अणि के प्राण बड़ी मुश्किल से बचे हैं.
बड़े गुरूजी के सामने महारानी विजयलक्मी घुटनों के बल पड़ी थी और गुरूजी के अंदर से स्वेत रोशिनी महारानी को लगभग पुनर्जीवित कर दी. महारानी खड़े होकर गुरूजी के सामे हाथ जोड़ दी...... अब स्वेत रोशिनी निकालनी बंद हो गयी और बड़े गुरूजी मुश्कुराने लगे.
" महारानी आप को इतनी दूर नहीं जाना चाहिए था परन्तु इश्क भी उतार आप के पास होगा..... अब कैसा महसूस कर रही हैं"....... बड़े गुरूजी अपने प्रकाश पुंज में सामना थे और निशंक गुरूजी भी वहां प्रकट हो गए...... यह वही विशाल पेड़ था जहाँ आर्यन और मीणा ने घोसला को ट्री हाउस बने था प्राचीन जंगल.
"चमा चाहूंगी गुरूजी पर इतनी शक्ति से में छीन हो रही थी की मुझे लगा अपना आखिर वक़ार hi नहीं देख पाऊँगी ".
निशंक गुरूजी ," महारानी चमा कीजिये आप कहीं अणि की नश्वर सरीर की बात तोह नहीं कर रही है ?"
महारानी ने ऐसे देखा निशंक को जैसे उसने उनकी दोनों किडनी मांग ली हो," निशंक हम गुरूजी से अकेले में वार्तालाप करना चाहते हैं आप विश्राम करो "....... निशंक गुरूजी विलुप्त हो गए.
महारानी अपने महल में बड़े गुरूजी से वार्तालाप कर रही थी उसकी शंका दूर करते हुए गुरूजी बोले ," जिस द्रव्यमान को अपने अपनी दृस्टि से देखा था वह निर्जीव है और आपकी समर्थ (शक्ति) को पूर्ण रूप से सोख कर एक नयी ऊर्जा का संरक्षा किया है भविष्य में...... चूँकि आर्यन से उत्पन्न अपना रूप ुष ने आपकी कल्पना को सर्जित किया है आपकी hi शक्ति से".
महारानी आतुर होते हुए," गुरूजी मैंने आर्यन की हमशकल लड़की देखि थी जब वह उसका रकत पि रही थी? उसकी आँखें मेरी शक्तियां सोख रही थी..... कहीं वह लड़की महिमा तो नहीं थी ? हाँ मुझे पूर्ण विश्वास है की वह लड़की बड़ी होकर महिमा hi थी तब तोह मुझे अपनी शील्ड में प्रवेश करते hi वही दृश्य दिखाई जोह में भविष्य में नहीं कल्पना भी नहीं कर सकती".
बड़े गुरूजी ," यह सुबह संकेत नहीं है और जोह आपने देखा उसका परिणाम भी सुबह नहीं है..... महिमा तोह छोटी अवस्था में है पर आप क्यों उसके मस्तिष्क में झाँका चाहती थी? आर्यन के मस्तिष्क में झांकें से हम ने रोका है क्यूंकि उसकी शक्तियां बढ़ रही हैं और कभी कभी उसकी शक्तियां सबसे ज्यादा प्राणघातक होती है...... अभी एक शिशु hi तो हैं महिमा और आप उसके मस्तिष्क में झांकना का कारन हमारी समझा से परे है ?"
यहाँ तोह महारानी की चाल ुशी पे उलटी पड़ी और गुरूजी भी बोल रहे हैं की उनको कुछ पता नहीं पर कैसे समभाव है? 2 मं तक दोनों सोचते रहे है वह गुरूजी ने छुपी तोड़ी.
बड़े गुरूजी," महिमा एक विशेष शिशु है और हमने आर्यन की शक्तियां में अपनी शक्ति को मिश्रित किया. आर्यन ने hi महिमा की माँ को गर्भित किया और महिमा का जन्म हुआ, हमे ज्ञात था की आप महिमा की शक्ति पहचान जाएगी उसको छु के hi पर इतना नहीं सोचा की एक शिशु के अंदर छिपी शक्तियों को आप खोजने का प्रयत्न करेगी..... वह शिशु अस्वस्थ में हैं और कहीं न कहीं आपको भी बोध हो गया हो की अपने पिता की तरह महत्तवावणकी साबित होगी िश महायुद्ध में".
महारानी विजयलक्मी को अपनी गलती का अहसास हुआ और उन्होंने हाथ जोड़ के चमा मांगी......
बड़े गुरूजी मुस्करा के बोले," पुत्री अब अपनी शक्तियों का चुनाव विवेक से करो और अनीता के सरीर में प्रवेश करना उसके जनम से पहले उसको भी गायत होने दो की वह क्या सोचती है...... अनीता सिंह को अधिक बहार लाने का प्रयास करो और महारानी का अपना ुर्घ रूप समय अनुसार दिखो".
महारानी विजयलक्मी ने सर झुका के कहा ," जोह आज्ञा गुरुदेव "...... और अंतर्लीन हो गयी.
बड़े गुरूजी ," आ जायो निशंक तुम्हारी चिंता का निवारण करते है ".
निशंक पकट हुए ," महारानी को में इतना भयभीत और दयनीय स्थिति में नहीं देखा. फिर उनके चेहरे पे शर्म की मुस्कान ? गुरूजी यह मेरी समझ से बहार है आप hi सैंसे का निवारण करें".
बड़े गुरूजी ," इश्क एक hi उतार है वह महारानी से पहले एक स्त्री है और स्त्री एक बार थांन ले तोह वह अपने प्रयास में सफल होती hi है. महारानी को एक शिशु से परस्थ कर दिया"...... और निशंक को पूरी बात बता दी.
" ओह आप महिमा की बात कर रहे हैं न जब भी उसको देखता हूँ लगता है की वह अपने बाप को सद्बुद्धि दे...... वह बहोत प्यारी बच्ची है बिलकुल आर्यन के जैसी पर वह हमेशा भोग विलास में लिप्त रहता है"...... फिर से आर्यन की शिकायत करने लगे.
बड़े गुरूजी," आर्यन सही करता है जोह तुम्हरे प्रायवाची रखता है..... धयान में मैं लगो आर्यन का कार्य उसको करने दो"...... और वह सुचं प्रतिबिम्ब में धयान में बेथ गया.
निशंक गुरूजी ," आर्यन तू पहले भी ढोंगी था अभी िश जन्म में भी है "...... और उन्होंने आँखें बंद कर ली.
अणि एक छान के लिए गायब हुयी थी और वापस भी आ गयी पर लीला को कुछ नहीं महसूस हुआ. वह महिमा से कुछ फ़ीट दूर hi बैठी और सोचने लगी," भाई के साथ मॉर्निंग वाक पे जाउंगी ".
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