अपडेट 47 (बी)
मीणा के साथ Dimple-Payal भी मंद मंद मुस्कारने लगी जब प्रज्ञा की बोल्डनेस से आर्यन और मृदुला इम्प्रेस थे ..... पिस्तौल के सामने अपने माथे पे एआईएम सत्ता के वह जारा सी भयभीत नहीं हुई. सारू को लगा की प्रज्ञा ने उनका सारा वार्तालाप सुना परन्तु मीणा को आर्यन का इशारा यह साबित कर रहा था की वह प्रज्ञा को पानी में उतर चुकी है.
आर्यन का मुड़ी न में हिलना और उसकी तीनो जुड़वाँ भें शरारती हसी हसना उसको फसा दिया. आर्यन को प्रज्ञा पसंद थी उसमे अपनी चंदा रानी (गीता) का अक्ष दीखता था उसमे लेकिन गीता को वह नाराज नहीं करना चाहता था..... गीता भी जानती थी प्रज्ञा सिंह जैसी शेरनी आर्यन को पसंद आएगी तभी तोह वह प्रज्ञा को इशारों इशारों में सन्देश भी दे चुकी थी. आर्यन को यह नहीं पता था इसी का फ़ायदा उसकी भेने उठा रही थी.
प्रज्ञा सिंह
मृदुला रौब से ," क्या नाम है तेरा छोरी, गीता की भें हैं इसलिए तेरा खून ज्यादा hi उछाल मार रहा है..... (गन हटा कर) ...... मेरे बेटे के लिए यह दिन बहोत बड़ा है, जोह यहाँ की बात सुनी है उससे एक कान से दुसरे से निकल देना इसी में तेरी भलाई है ".
प्रज्ञा ने पीछे हैट कर मृदुला की संदेल बारी बारी से अपने माथे पे लगये ," Maharani-sa आप के साक्षात् दरसन से में धन्य हो गयी..... मैंने आप के वीरता की गाथा के कई किस्से सुने हैं, राम***** का किस्सा सबकी जुबान पे है हम भूले नहीं हैं आपको".
सारू कुछ सोच के बोली ," राम***** में क्या हुआ था ?"
मृदुला की पारखी नज़र में यह लड़की पूरी तरह से जाँच गयी, कुछ बात है िश लड़की में, उसका सम्मान तोह सब करते थे पर यह बहोत पुराणी बात है ुष समय तो यह पैदा भी नहीं हुई होगी.
"ठीक है मेरी तारीफ बहोत हो गयी, हम यहाँ आर्यन बेटे की सगाई के लिए तयारी करने आये हैं. तुम बहार देखो क्या हो रहा है हम आर्यन के साथ आते हैं ".
प्रज्ञा ," जी Maharani-sa जोह हुकुम " ..... सर झुका के वह कमरे से बहार चली गयी.
आर्यन आराम से बोलै," यह किसी को बता तोह नहीं देंगी ? चंदा रानी की कजिन भें है उसको पक्का बोलेगी hi ".
मिरदुला आर्यन के बालों में ऊँगली फेरती हुई बोली ," तू चिंता मत कर में उसको देख लुंगी..... सारू तू हमारे बेटे को धोती पहन दे में अभी आयी ".
Dimple-Payal एक साथ बोली," छोटू को हम त्यार करते हैं".
मीणा ," मैंने धोती भी ले ली है.... भाई जल्दी से अपने सारा कपडे उतर".
सारू कुछ बोलती उससे पहले तीनो एक साथ आर्यन के कपडे उतरने लगी..... आर्यन बोल रहा था की में कर लूंगा पर वह कहाँ मानती..... वह न नुकुर करता रहा एयर तीनो ने 1 मं में आर्यन को पूरा नंगा कर दिया इवन डिंपल ने उसका अंडरवियर भी जबरदस्ती उतर दिया. चरों हसने लगी hi hi hi hi ..... तोपची अभी सुप्त अवस्था में था पर अभी भी सारे मर्दों से आकर में बड़ा था.
कहाँ तोह सुइटेड बूटेड त्यार हुआ था पर अब देखो बड़ा लुंड धरी अपनी मम्मी और सिस्टर्स के बिच नंगा खड़ा था...... मिरदुला जब 2 मं बाद वापस लौटी तोह आर्यन ने शर्म से आगे हाथ लगा लिया.
आर्यन कुछ खोजते हुए ," धोती कहाँ हैं ? ुष पाखंडी को में नहीं छोडूंगा, यह सब उसकी वजह से हो रहा है"...... वह खीज hi गया था यह बोलते हुए.
मीणा ने मजे लेते हुए कहा," भाई तू ऐसे क्यों शर्मा रहा है जैसे हम तुझे पहली बार ऐसी अवस्था में देख हैं".... hi hi hi ......उसके गाल पे किश करके आगे बोली ,"जिसने की शर्म उसके फूटे करम" ..... है है है है
बात यह थी की आर्यन का लौड़ा सर उठाने लगा था..... सारू चारपाई पे बैठी आर्यन के मस्कुलर चिकने चुत्तड़ सेहला रही थी..... वह इतना गोरा, सुन्दर और बलिष्ठ था सब उसको प्रशंसा की दृष्टि से देख रही थी. ( रानी हेमा का आशीर्वाद था उसपर वह ज्यादा hi आकर्षक दिखने लगा था.)
मिरदुला ने आगे आकर बोलै ," हाथ तोह हटा में भी तोह देखु की मेरा पुत्र कितना सोना है "...... आर्यन की मैया भी खुद को रोक नहीं पा रही थी, 4 के सामने वह नंगा खड़ा हुआ था उसकी भी उत्सुकता जगाने लगी में भी तोह आर्यन की माँ हूँ.... सबसे ाची माँ.
आर्यन सब की शर्म कर रहा था या देखावा कर रहा था.... असलियत में था तो वह निखत बेशर्मो का भी बाप था. मिरदुला भी जब मजे लेने लगी तोह आर्यन ने दोनों हाथ हटा लिया......
"तोपची " सर उठाने लगा और 10 सेक् में उसका आकर मोठे खूंटे की तरह लगभग पूरा उत्तेजित होकर विशाल सुन्दर लौड़े के रूप में 5 लेडीज के सामने था..... नसें पूरी तरह उभरने लगी, इतना सुन्दर इतना मैं लुबना वाला 'तोपची' का टोपा कश्मीरी सेब की तरह पूरा लालूम लाल रंगत लिए हुए कोहिनूर की तरह नायब दिखने लगा..... सबकी लालची नज़र उसको चूमने की होड़ लगा गयी.
सारू ने दूसरा हाथ आगे करके ुष विशाल लौड़े को जड़ से थम लिए..... उसने खुद नहीं चूमा बल्कि मीणा की तरह इशारा किया..... मीणा भी सबकी तरह निघा की Dimple-Payal गर्दन हिला के हाँ किये ..... जब मिरदुला की तरफ मीणा में देखा तोह वह भी हाँ में मुंडी हिला दी ( मिरदुला जानती थी बाकी सब कुछ भी बोले आर्यन की आतम िश मीणा नाम की उसकी जुड़वा भें में बस्ती है). चाहती तोह वह खुद पहले लिंगमुण्ड चुम सकती थी पर यह खेल उसको पिछले जनम की यादें दिला रहा था..... एक और थी जिसका हक़ पहले नहीं था पर कल वह अपना हक़ का एलान कर दी थी. ( अणि )
मीणा झुक के लिंगमुण्ड को चुम ली पुछहःहःहः ...... " मीठा है .... hi hi hi hi.....slurpppp .....सलरपपपप..... ".
सारू ने अपनी सास के कहा," माजी आपका नंबर है "..... आर्यन सोच रहा था की यह बनछोड़ हो क्या रहा है, क्या मेरा नंगा करके जलूस निकला जा रहा है...... हम्म मीणा के लिप्स कितने सॉफ्ट और ठन्डे हैं .....
वैनिटी बैग चारपाई पे रख कर आर्यन की मैया अपनी साड़ी का पल्लू कमर में ठूंस कर निचे बैठकर बिना किसी झिझक के पहले दिल लगा के निहारी फिर लिंगमुण्ड छाती और घेरा चुम्बन लेकर पीछे हैट गयी. उसके बाद सारू और डिंपल, पायल भी टोपे को चुम ली.
मीणा किश करके बहार चली गयी और प्रज्ञा को खिंच कर कमरे में लाती है..... उसने जब डिंपल और पायल को चूमते हुए आर्यन का हलबी लौड़ा देखकर बेहोश होने से बची गयी......
मीणा ने उसको कान में कहा," ऐसा चांस नहीं मिलेगा, थम ले इश्को और अपना प्यार दे".... पर वह "ना" बोल रही थी लेकिन न चाहते हुए भी आर्यन की तरफ आगे बढ़ने लगी मीणा के साथ.
आर्यन का भन्दा पहले hi फूट चूका था, अब वह भी देखना चाहता था की प्रज्ञा क्या करती है?..... प्रज्ञा की स्थिति अजीब सी थी, आर्यन की नज़र से उसकी नज़र मिली, उसकी नीली आँखों में खो भी रही थी साथ hi साथ अपने मुँह पे हाथ रख कर इतने सुन्दर विशाल लिंग से दर भी रही थी. आर्यन अपने दोनों हाथ अपने ढुङ्गे पे रखकर ऐसे पोज़ दे रहा था की वह जैसे कामदेव हो और कमरे में उपस्थित उसकी सभी प्रेमिकाएं हैं.
इन्ही 16-17 घंटों में प्रज्ञा की मनोस्थिति िश देव पुरष जैसे आर्यन को देखकर u-turn सी हो गयी थी. एक मर्द उसके जीवन में इतना बड़ा बदलाव कर सकता है यह कल्पना से परे है..... क्या में आर्यन को चाहने लगी हूँ?...... "यह गलत है .... प्रज्ञा रुक जा..... कहीं दिएर न हो जाये".....
प्रज्ञा सिंह जिसको मर्दों से नफरत थी सिर्फ यही एक मर्द था जिसके आगे वह बेबस होने लगती थी..... आर्यन से 3 फट दूर वह बूथ बानी कड़ी होकर कभी उसके सूंदर चेहरे और बॉडी को, कभी उसके विशाल लिंग को hi देखे जा रही थी. कभी कभी हमारे जीवन में ऐसा समय भी आता है की हम सही फैसला करने की स्थिति में नहीं होते हैं यह फैसला करने की घडी हैं.
मिरदुला और सारू का एक hi मत था की यह लड़की हम सबके राज दुनिया को बता देगी, सारू ने निर्णय लिया की उसकी यादास्त मिटानी पड़ेगी लेकिन मीणा सोच समझ की hi इसको लायी होगी.....
आर्यन अपनी मीठी आवाज में बोलै," प्रज्ञा ज्यादा मत सोचो, जोह हुआ है उसको भूलना hi सबसे अच्छा उपाए होगा, यह सोच लो की तुम से कमरे में आयी hi नहीं "..... प्रज्ञा के गाल टच करके उसको सांत्वना दिया और चारपाई से सफेद धोती उठा के लुंगी की तरह कमर पे लपेटा.
प्रज्ञा को कहाँ से यह हिम्मत आयी की वह बोली ," क्या में आपको धोती पहना सकती हूँ? अगर कोई ऐतराज न हो ?"
बात थी िश लड़की में, उसकी निडरता उसका खुल भाव यह वक्त कर रहा था की वह कितनी सुलझी लड़की है...... आर्यन ने मीणा की तरफ देखा उसको सब समझ आ गया की यह इसकी hi करतूत है धोती प्रज्ञा के हाथो पहनाने की. ( मतलब मीणा ने बोलै था की धोती आर्यन को उसकी साली पहनेगी )
आर्यन अपने कंधे उचका के कहा ," तुम कम्फर्टेबले नहीं होगी..... ी ऍम फुल्ली नेकेड एंड यू don't नीड तो दो तहत ".
प्रज्ञा कॉन्फिडेंस से बोली ," में कम्फर्टेबले हूँ, मैंने कई फंक्शन में मर्दों की धोती पहनकर स्टेज पे प्ले में पार्टिसिपेट किया है. में एक्सपर्ट हूँ धोती बांधने में.... 1 मं आप मुझे अपनी धोती दिखो "...... आगे बढ़कर आर्यन के कमर से धोती खोल दी एक बार और उसका प्रचंड लौड़ा फिर से बेपर्दा हो गया था.
प्रज्ञा थान ली थी उसको क्या करना है..... उसने पहले धोती की लेंथ अपने हाथ पे लगा के नपी कितनी लम्बी है और चौड़ी भी..... आर्यन भी पूरा बेशर्म था यही नंगा खड़ा रहा जैसे उसको अंग प्रदर्शन का कोई लाइसेंस मिल गया हो, अपना झंडा खड़े की हुए.
पहले उसने धोती कमर पे बांध कर एक गांठ लगी फिर एक सिरा पे घूम बना के आर्यन के कंधे पे धोती को घरी किया और सिरा रख दिया...... तोपची धोती में टेंट बांके खड़ा था..... प्रज्ञा के चेहरे पे पहली बार मुस्कान आ गयी ," जीजू आप बहोत हैंडसम हो और हमको आप ने डरा भी दिया था "..... प्रज्ञा की एक्सपर्टनेस देखने वाली थी...... एक लड़की दादाजी के जामने की धोती बांध सकती है आर्यन को भी विश्वास नहीं हो रहा था.
प्रज्ञा की छूट भी गीली होने लगी जब जब वो आर्यन को टच करती थी धोती बांधने के लिए...... लौड़ा अभी भी टेंट बने हुए था मीणा हस्ते हुए," कोई ज्यादा hi एक्ससिटेड हो रहा है तेरी बातों से ..... धोती तोह प्रज्ञा बांड hi देगी लेकिन भाई तू कुछ कण्ट्रोल कर िश बिचारि को क्यों डरा रहा है "...... hi hi hi hi hi .....
प्रज्ञा भी निचे बैठकर धोती आर्यन के तखनो के पास इकसार करती स्माइल दे रही थी. आर्यन झींकते हुए ," में तोह कण्ट्रोल करने की बहोत कोशिश कर रहा हूँ लेकिन यह मेरी कभी सुनता hi नहीं "......
जितनी सब ुष कमरे में थी उनकी हसी छूट गयी..... हां हां हां हां ...... आर्यन का पोपट हो गया..... धोती के साइड से उसका प्रचंड लौड़ा फिर से दिखने लगा.
मीणा ने आगे बढाकर लुंड थम कर उसको किश कर दी..... ुहममममम ........ प्रज्ञा भी देखि उसने डिंपल और पायल को आर्यन के लुंड को चूमते हुए देखा था अभी मीणा ने वही दोराहा था.
" वैसे इसको अपनी फवौरीते साली का प्यार तोह मिला hi नहीं" ...... मीणा ने यह कहा तब पायल बोली ," साली तोह आधी घरवाली होती है क्यों डिंपल ".
डिंपल तंज़ कासी ," साली तोह एक से एक सुन्दर है अपने छोटू की..... छोटू को यह साली पसंद नहीं आयी".
मिरदुला भी चारपाई भी बेथ गयी और सारू की तरफ देखि, उसने आश्वासन दिया मीणा की तरफ देख कर की मीणा सब संभल लेगी..... प्रज्ञा ने आर्यन को घूरा तोह आर्यन मिमयाने लगा ," अरे ...... मैंने ..... मैंने कब बोलै ...... प्रज्ञा सबसे अच्छी है "...... प्रज्ञा के चेहरे पे फिर से जहाँ भर की स्माइल आ गयी वह अपने काम फिर करने लगी.....
डिंपल ," सारू मम्मी देख लो अपने बेटे को इतनी ख़ुशी मिल रही है तब भी इसका पेट नहीं भरता अब इसको प्रज्ञा भी चाहिए "..... उसने आर्यन का लेफ्ट कान मरोड़ दिया..... "अह्हह्ह्ह्ह दीदी क्या कर रही हो ".....
मीणा ने प्रज्ञा को देखा और उसको लुंड को चूमने का इशारा किया होंठ गोल बनकर..... प्रज्ञा भी अपने को रोक नहीं पायी और ऊपर उठा कर तोपची की सूंदर टोपे पे चुम्बन जड़ दिया "ुंहःहःहःमा".....
सब देखते रह गए..... " इतना लाल है तोह मुझे भी किश करने की इच्छा हुयी.... सॉरी अगर आप सबको बुरा लगा हो तोह"..... बाकी सब हसने लगे..... मीणा ने अपना काम कर दिया था.
प्रज्ञा तोह जैसे खो hi गयी थी एक बार के लिए ..... " उसका होने वाला जीजा किसी देश का राजकुमार लगता था उससे..... अगर उसकी कजिन सिस्टर्स उनके पेनिस को किश कर सकती है तोह में क्यों नहीं..... आर्यन जीजू के कई इन्सेस्ट रिलेशन्स भी हैं, मीणा ने बतया था. वह सबको प्यार करते हैं और मुझे भी सबसे ज्यादा पसंद करते है ......ही ही ही ही".
आर्यन मैं hi मैं खुश हो रहा था, मीणा ने कहा ," तुम भाई को जल्दी से धोती पहना दो...... हम टिक्का लगने का इंतज़ाम करते है. मम्मी और दीदी आप मेरे साथ आयो..... महारानी जी आप यहीं बैठे या हमारे साथ चलो"..... मिरदुला को इशारा कर दी..... मीणा ने जोह तिकड़म भिड़ा थी वह सफल होने लगी थी इसलिए आर्यन और प्रज्ञा को अकेला छोड़ दिया िश under-constructed कमरे में.
डिंपल बहार आकर मीणा को अफ्रीकन लोकल डायलेक्ट में पूछी ," यह करना जरूरी था क्या छूती? ( राजकुमारी)"
पायल भी पूछ दी," तेरी चाल उलटी न पद जाये..... छोटू (आर्यन) को प्रज्ञा सौप दी गीता की सगाई से पहले ?"
मृदुला के सर से ऊपर इनकी भाषा निकल रही थी, सारू को कुछ कुछ समझ में आ रहा था पर अपनी पावर उससे कर के वह भी यह कन्वर्सेशन सुनने लगी.....
(*** आर्यन और उसकी तीनो भें अन्सिएंट अफ्रीकन लैंग्वेज में बात करते थे जब उनको प्राइवेट रखना हो वार्तालाप को.... यह लैंग्वेज आर्यन ने hi ईजाद की थी)
मीणा ने दुसरे रूम की एक चारपाई पे बेथ गयी..... उसकी दोनों बड़ी भें भी साथ में बेथ गयी. मीणा ," हम अपनी भाषा में बात कर रहे हैं..... आप दोनों भी दूसरी चारपाई पे बेथ जाओ. कोई हमको डिस्टर्ब नहीं करेगा मैंने इंतज़ाम कर दिया है "...... आँखें बांध करके उसने अपना पावर से इनविजिबल शील्ड लगा दी.
मृदुला को भी सबका पास्ट पता था और अब उसकी पावर्स के बारे में बहोत कुछ जानती थी...... आर्यन सबसे पावरफुल बन जायेगा 21सत बर्थडे के बाद, में उसके साथ हमेशा दूंगी. सारू ने उसको दूसरी चारपाई पे बैठा के कान में कहा ," में आपके मैं में साड़ी बातें भेजने का प्रयास करूँ गई, बस आप यह दिखो की हमको कुछ समझ नहीं आ रहा है "...... एक बार को मृदुला भी चौंक गयी पर खुद को नियंत्रित करके वह भी हाँ का इशारा की.
मीणा और उसकी बड़ी दीदी की वार्तालाप आप भी सुने में हिंगलिश में लिखुगा..... सारू ऑटोमेटिकली अपना मस्तिष्क मृदुला से जोड़ चुकी थी..... दोनों को सब समझ आने लगा......
मीणा सीरियस होकर बोली," हम को कुछ और स्ट्रांग लड़कियों की जरुरत हैं दुश्मन को हारने में सहायता मिलेगी..... गीता की कजिन सिस्टर्स मेरी लिस्ट में पहले से hi थी. प्रज्ञा को क्यों चुना यह भी जवाब मेरे पास है ?"
डिंपल ," वह छोटू की सबसे बड़ी साली तोह नहीं है, दमदार तो लगती है फिर भी गीता की तरह नकचढ़ी है तू क्या बोलती है ?" ...... वह पायल की तरफ इशारा की.
पायल हमेशा आर्यन की तरफदारी करती थी उसने तारक दिया ," हम को देखना होगा की कितनी और आती हैं वार्ना भीड़ बढ़ेगी..... हमारा टाइम छोटू किसी और को दे मुझे यह मंजूर नहीं है. गीता अच्छी बन रही है शादी तक, उसका असली रूप अभी हमने देखा नहीं है. दीप्ति स्वाभाव की अच्छी है, गुल और बबिता भी अडजस्टेबले हैं. जाने बहोत क्यूट और इनोसेंट है उसके अलावा छोटू की कई छोटी भेने भी इंतज़ार करने वाली हैं. हमारा टाइम हमरा है और छोटू को उससे कोम्प्रोमाईज़ नहीं करने करने दूंगी".
मीणा हसने लगी और डिंपल ने अपना माथा पिट लिया ," यह बात कहाँ ले जा रही है ? छोटी तू बोल यह तोह छोटू की चमचे है "...... पायल ने डिंपल के कंधे पे मारा.
पायल ," छोटू मुझे ज्यादा प्यार करता है तू बस जलती रहे..... में जा रही हूँ उसके पास ".
मीणा और डिंपल ने पायल को रोका चारपाई से उठने से. मीणा बोली," दीदी मेरी बात तोह पूरी करना दो..... आपका छोटू कही नहीं जा रहा है वह बस धोती बांधवा कर यही वापस आएगा".
मीणा उठकर अपने छोटे बैग से ट्रे निकली और 4 छोटी छोटी पुड़िया भी सारू को दे कर बोली ," आप दोनों टिक्का त्यार करो आर्यन के माथे पे लगाना है, छोटे गुरूजी ने बोलै था रति नानीजी को ".
दोनों ने ुशी चारपाई पे ट्रे राखी और सारू को पता था की टिक्का कैसे त्यार करना है और लग्न भी है. पुड़िया खोल के सारा सामान भर निकल ली.
मीणा दोनों बड़ी भें के पास बैठकर दूसरी भाषा में बोली," प्रज्ञा का यह 3रा जनम है..... पहले जनम में वह राक्षसी थी, दुसरे जनम में यक्षिणी थी और िश जनम में वह मानुस जाती में जनम ली है. उसमे तीनो के गुना है पर सुप्त अवस्था में हैं, वह आर्यन से काफी प्रभावित हुयी है अगर उसको चांस मिल तोह वह ाचा डाव होगी हमारे लिए".
Dimple-Payal हैरान थी वहीँ सारू और मृदुला भी शॉकेड थी राक्षसी , यक्षिणी सुने के..... सारू ने मृदुला को चुनती काटी हाथ पे की पहले पूरी बात सुने और खुद को बिजी दिखये.
डिंपल नफरत से ," मुझे तोह वह पहले hi नजर में खटक रही थी, यह लड़की लायक नहीं है की छोटू के पास जाए..... उसको रोकना होगा ".
पायल सोच के बोली ," यक्षिणी वाली पावर होगी तोह छोटू के कुछ काम आ सकती है पर राक्षसी पावर को कैसे कण्ट्रोल करेगी...... आर्यन को चुनने दो वह प्रज्ञा को अपने या पिछवाड़े पे लात मार के भगा दे..... हाहाहाहा ".
मिरदुला मैं में सोच रही थी की यह तीनो भें कितनी आसानी से कह दी की प्रज्ञा एक राक्षसी एक यक्षिणी है..... क्या इनको दर नहीं लग रहा है की वह मेरे बेटे के साथ क्या कर सकती है.
सारू को पता था की आर्यन को कोई रोक नहीं सकता प्रज्ञा को छोड़ने से अगर उसने ुष पसंद कर लिया है तोह. प्रज्ञा तोह मुझे रेडी hi लगती है लेकिन यह देखना होगा यह मुहरत कब आएगा. पातळ लोक वाली उसकी बीवियां बाण गयी तोह यह प्रज्ञा क्या चीज़ है.
मीणा डिंपल के गले लगकर बोली ," समय आ गया है हम अपने छोटू पर पाबन्दी नहीं लगनी है बस उसको खुला छोड़ देना हैं..... वह खुद हमारा काम आसान कर देगा "...... हाहाहाहा.....
Dimple-Payal दोनों अपनी िश छोटी भें के गाल पे किश करके उसको बिच में डाब ली डिंपल हस्ते हुए बोली," और कितनी छूट देगी अपने छोटू को, लाइन में भीड़ बढाती जा रही है और वह रुकने का नाम नहीं ले रहा है...... धीरे धीरे सब पेट से हो जाएगी तभी नहीं रुकेगा यह चाहती है तू "..... hi hi hi hi .....
पायल लिप किश करके मीणा को कही ," देखना जब हर घर से हर गली से आवाज आएगी अब्बाजान..... अब्बाजान .... है है है है है ...... यह चमत्कार 1 साल में होने वाला है, मुझे तोह गीता पे तरस आ रहा है वह कहीं यह देख कर सन्यास न ले ले..... हां हां हां हां ".
सारू भी तीनो की बात सुनकर हसे जा रही थी टिक्का त्यार करते हुए..... मृदुला भी आर्यन के बारे में सोच रही थी और आर्यन का लुंड उसको अपनी विशालता की याद दिल रहा था. चाकर तोह शुरू हो गया था जब मृदुला ने लिंगमुण्ड चाट के चूमा था अब किसका नंबर आएगा यह तोह आर्यन hi डीडे करगे पर मृदुला का नंबर सबसे ऊपर था. आर्यन अपनी मैया को ज्यादा डिअर तरसने वाला नहीं था.
वहीँ दुसरे में क्या हो रहा था यह भी पता करते हैं......
प्रज्ञा अब ट्रेडिशनल ड्रेस की बजाये एक ब्लू जीन्स और स्लीवलेस ऑरेंज कुर्ती में थी. बूट की जगह स्टाइलिश चप्पल में थी, एक गुरुद्वारे कड़ा लेफ्ट हैंड में था और दुसरे हाथ में ब्रेसलेट वाच थी. मेकअप के नाम पर लाइट महरूम कलर की लिपस्टिक लगी थी, उसको ज्वेलरी और मेकअप करने का शौक नहीं था. छोटे बालों में यह लड़की कुछ मर्दन स्टाइल वाली अपने होने वाले जीजा ( आर्यन) को नेचुरल ब्यूटी लगी रही थी. सुन्दर तोह वह थी hi वेल बिल्ट की मालकिन उसके बूब्स आज ज्यादा hi उभर लिए दिख रहा थे.
धोती पहनते हुए आर्यन का मैं था की वह अपनी िश साली को चुम ले..... मौका भी था लेकिन आर्यन कुछ नहीं कर रहा था बस हलकी मुस्कान लिए प्रज्ञा को देख रहा था. प्रज्ञा भी खूब समझा रही थी, आर्यन की भें और दो माँ उसको आर्यन के साथ अकेली छोड़ दी हैं..... अवसर था पर वह भी इंतज़ार कर रही थी की आर्यन कुछ ऐसी वैसी हरकत करे तोह वह उसका जवाब भी देगी.
दोनों एक दुसरे के निगाहों में hi टोल रहे थे..... आर्यन सोच रहा था की उसको सबर से काम लेना होगा प्रज्ञा एक जंगली बिल्ली है पंजा भी मार सकती है भले hi उसने आर्यन का खड़ा हथियार चुम ली हो पर काट खा भी सकती है. मीणा और दुसरे के सामने वह अच्छी बन रही है यह कोई चाल भी हो सकती.
प्रज्ञा ने आर्यन की कमर में धोती का सिरा अंदर खास दिया..... आर्यन अपना तोपची को धोती के अंदर एडजस्ट कर लिया दोनों हाथों से. प्रज्ञा उसकी मस्कुलर पीठ देखकर सोच रही थी," दीदी ने ऐसा वर चुन है जोह हर तरह से बेमिसाल मर्द है, इतनी लड़कियों और औरतों ऐसी hi नहीं मरती जीजू पे..... माय गॉड इतना बड़ा पेनिस में आज तक नहीं देखा, दीदी अभी भी वर्जिन है नहीं तोह मर चुकी होती..... उसको अंदर लेना अपनी मौत को इन्विते करना. वैसे किनता सुन्दर है" ...... जब वह आर्यन के आगे आयी तोह धोती में छिपा लिया था.... " इतना बड़ा कहाँ गया ?"
प्रज्ञा के चेहरे पे निरशा दिखी..... आर्यन भी समझ गया ( हम्म्म एक्टिंग अच्छी करती हो ) ......
आर्यन ," हो गया या कुछ बाकी है ".
प्रज्ञा ," बस फोल्ड सही करने हैं, आप जुटी पहन कर स्टाइलिश लगोगे ".
आर्यन ," अरे यार इतना सब मेरे साथ किया तुम सबने अब क्या मेरी परेड निकलोगए...... ाचा भला सूट पहन कर त्यार हुआ था अब देखो बगैर अंडरवियर के खड़ा हूँ "..... वह अपनी बेचारगी की हालत का बखान करने लगा.
प्रज्ञा ," यह तोह पहले सोचना था न..... आप इतने सीधे भी नहीं हो, चेहरा से धोका हो जाता है और अब मासूम बनकर जस्टिफाई भी करना कोई आप से सीखे" ..... वह धोती के अंदर ुष उभर को देखने की चेष्टा कर रही थी जोह पहले से काम था.
आर्यन ने हाथ बढ़ा के प्रज्ञा की कमर दोनों साइड से पकड़ी और अपनी तरफ उसको खिंचा तोह वह भी दोनों हाथ उसके कंधे को धकेल ने लगी ," तुझे तोह बहोत पता है की में एक्टिंग कर रहा हूँ की नहीं..... सोच ले झूटी एक्टिंग भी आती है हमको फिर दोष नहीं देना".
प्रज्ञा विरोध करती हुयी बोली," यह आप क्या रहें हैं ..... दीदी को सब बता दूंगी ..... छोडो मुझे ".
आर्यन हसकर ," बता दे फिर में भी बता दूंगा तूने मुझे कहाँ किश किया था..... वैसे आधी घरवाली को प्यार करना कोई जुर्म नहीं है"..... है है है है
प्रज्ञा कमर भी नहीं हिला प् रही थी और नाख़ून आर्यन के कंधे पे गाड़ने की कोशिश की फिर उसका ट्रेडिशनल स्टाइल जांघों के बिच वर करना उसके साथ अपना सर आर्यन के सर पे मरना..... सब वार विफल हो गए. आर्यन ने घुटने का वार अपने सीधे घुटने से रोका, पिछले सर हटा के सीधे कंधे पे सर का वार झेला..... हाँ नाख़ून उसके कंधे पे चुभ रहे थे और वह स्माइल कर रहा था.
प्रज्ञा भी हैरान थी पर आर्यन की स्माइल देखकर खीज गयी..... प्रज्ञा स्ट्रांग लड़की थी पर आर्यन के सामने छुईमुई एक बार और साबित हुयी, उसको कोई टक्कर देता तोह वह उससे भीड़ जाती थी. आर्यन उसको हुग करना चाहा रहा था पर वह ताव में आ गयी. आर्यन ने अपने लिप्स आगे बढे पर कुछ सोच कर रुक गया और प्रज्ञा को छोड़ दिया.
सीरियस टोन में बोलै ," ी ऍम सॉरी ,धोती के फोल्ड बन दो..... हम लेट हो रहे हैं".
प्रज्ञा का गुस्सा एक डैम रफू चाकर हो गया शायद वे भी सॉरी बोलना चाहती थी पर बोल न सकीय..... " मेरे जीजू हैं बस मजाक कर रहे थे और मैंने क्या किया उनके साथ "...... बिचारि धोती के फोल्ड दोनों साइड झुक कर बनने लगी उसकी स्पीड भी तेज हो गयी थी.
आर्यन मैं hi मैं है रहा था यह भी गीता की तरह है उसका भी मूड ऐसा hi रहता है..... एक बार प्यार कारगी दूसरी बार मुझे hi पेल देगी. प्रज्ञा को सीरियस देख कर उसको भी अच्छा नहीं लग रहा था. सब तरफ से धोती सेट करके वह जाने लगी तोह आर्यन ने उसको पुकारा," प्रज्ञा थैंक्यू...... क्या मुझे एक हुग मिलेगी ?"
प्रज्ञा बहार जाने वाली थी पर वह न चाहा कर भी आर्यन की तरफ पलटी ," के हेरे बेबी..... ी वांट तो थैंक्स यू "..... और अपनी दोनों बाँहों फैला दिया..... चेहरे पे बड़ी से स्माइल लिए वह उसका इंतज़ार कर रहा था.
प्रज्ञा की आँखों में आंसू आ गए वह खुद hi अपने जीजू को आगे बढ़कर बाँहों में साम गयी..... आर्यन ने प्यार से उसको गले लगा लिया ," में बहोत बुरा हूँ न तुमको रुला दिया...... माफ़ कर देना अपने फ्रेंड को..... हाँ हम फ्रेंड्स तोह बन hi सकते हैं ".
प्रज्ञा इमोशनल होकर आर्यन की बाँहों में चिपक से गयी..... यह लम्हा उसको इतनी ख़ुशी दे रहा था की पूछो मत..... बस आर्यन के सीधे कंधे से सत्कार गर्दन hi हिला पा रही थी आर्यन के जवाब में. वह उसके बालों को चुम कर बोलै ," तुमने धोती बहोत ाची बंधी है, मुझे भी सीखना होगा".
सर पीछे कर के प्रज्ञा के आंसू साफ़ किये और दोनों हाथो से उसके बॉय कट बाल सही करते हुए उसके माथे पे चुम्बन लिया..... " प्रज्ञा तुम िश जहाँ की सबसे स्वीट लड़की हो..... हम सब तुमसे बहोत प्यार करते हैं ".
प्रज्ञा के चेहरे पे स्माइल आ गयी ," सॉरी मैंने भी आपके साथ मिस्बेहावे किया..... डायरेक्ट लव यू कहने में शर्म आती है "... .hi hi hi hi
आर्यन को प्रज्ञा पे इतना प्यार आया की उसको "ी लव यू माय स्वीटी" बोलकर लिप्स पे किश करने लगा...... वह भी अपने जीजू के सामने समर्पण कर चुकी थी..... "ी लव यू आर्यन..... ी लव यू "......
प्यार तोह उसको आर्यन से पहली नज़र में हो गया था पर बात दिल की होठों पे अभी आयी..... बेचारी को किश करना भी नहीं आता था पर अब वह सही हाथों के मालिक आर्यन की बाँहों में थी जोह प्यार करने के लिए hi बना था. कुछ डिअर लगी पर देखि तोह पहले भी थी दुसरे कपल्स और लवर्स को..... लिप खोल के जीभ आर्यन के मुँह में डालने की कोशिश की तोह वह लाजत से उसका स्वागत किया ...... ुंहःहःहःमा ुंहःहःहः ममममममम ममममममम ......
4 मं में hi प्रज्ञा के लिप्स थक गए.... अब आर्यन उसको हलके हलके चुम रहा था.
दोनों किश के बाद एक दुसरे की नाक से नाक रगड़ने लगे.....
आर्यन ने प्रज्ञा को उठा के अपनी पीठ पर चढ़ लिया वह भी उसकी मस्कुलर बॉडी पे चढ़ के ज्यादा hi खुश हो गयी ' ी लव यू आर्यन' और उसकी गर्दन पे किश कर दी......
बॉडी झुका के आर्यन ने अपने 2 मोबाइल और गन लिया और कमरे से बहार आ गए..... प्रज्ञा को देखकर मीणा की ख़ुशी देखती hi बनती थी लेकिन बाकी को पता चल गया की आर्यन ने िश लड़की का जीत लिया है.
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आधे घंटे बाद ......
अणि अभी स्टेट के चीफ मिनिस्टर और डिप्टी चीफ मिनिस्टर के साथ स्टेज के सोफे पे बैठी थी. आर्यन और उसकी सगी छोटी भें से दोनों मिलने आये थे और सगाई के फंक्शन में शामिल होने भी. रतिदेवी भी स्टेज की दूसरी साइड बैठी थी अपने भाई मर मालिक के साथ, डॉ अंजू भी साथ थी, उनके अल्वा राजा त्रिभुवन सिंह और 3 सेंट्रल मिन्स्टर भी स्टेज पे बैठे थे...... अचानक स्टेज विप से सुसज्जित हो गया था. आम गाओं वाले को साइड या बाजु के घरों में सरन लेनी पड़ी..... सिक्योरिटी अफसर के hi 250 लोग महापंचायत के प्रांगण में थे.
कुर्सियों नेता के सुप्पोर्टर ने घेर ली थी, कुछ पब्लिक दरी या जमीन पे बैठी थी. आर्यन की फॅमिली भी मंडप और टेंट में सिमट गए थे...... सुखार हैं आईएनएस. राजपूत और सरोज का सोफे स्टेज की साइड में सिफत कर दिया गया था जिसपर वह डरे हुए विराजमान थे. Make-sift 2 एक स्टेज पे लगेए गए थे..... जब अन्नोउंसेड हुई की भीड़ न लगें आगे बढ़ाते रहें.
एक सफ़ेद रंग की धोती में लगभग 7 फट ऊँची का एक पहलवान जिसकी बॉडी ऐसी लग रही थी की एक एक कट तराश के बांया हो...... आप समझ hi गए होंगे.... उसने दसप से माइक चीन लिया..... एक बार को वह सिक्योरिटी अफसर वाला अफसर भी नहीं पहचान पाया लेकिन जल्दी उसको अहसास हो गया यह माथे पे लम्भा, चौड़ा टिक्का लगे, गले में रुद्राक्ष की माला.... यह तोह आर्यन है. वह अफसर भी दांत निपोरते हुए एक कान पकड़ा लिया सॉरी बोलते हुए.
आर्यन माइक से सब गाओं वालों को सम्बोधित करते हुए बोलै ," मेरे गाओं की वासियों और महापंचायत के सारे गाओं वालों को में आपका आर्यन चमा पार्थी हूँ जोह दिएर लगी है सो लगी...... आप से मेरा हाथ जोड़ के निवेदन है अब 5 मं. बाद मेरी सगाई की रेशम शुरू होगी..... आप सब वापस अपना अपना स्थान घरां करें..... भोजन का लाभ भी उठें, मेरे बापू का सपना था की जब में गीता देवी का हाथ थंऊ आप सब उसके साक्षी बने..... आप का बीटा और भाई आर्यन..... सप विकर्म सर सिक्योरिटी ओफ्फिसरवालों को हटा लें सारे विप की सेफ्टी की में गर्रंटी लेता हूँ..... कम से कम सिक्योरिटी अफसर वाले प्रांगण की सिक्योरिटी करे और हम गाओं वालो को भी सगाई के फंक्शन का लुत्फ़ उठाने दें".
आर्यन ने माइक दसप की तरफ उछला और स्टेज पे बैठे सबके सामने हाथ जोड़ के सर झुका दिया...... आर्यन को सब खोज रहे थे इसलिए खड़े भी हो गए पर अपनी बात पूरी करके वह सामने सर झुका के खड़ा था. सब को हसी भी आ रही थी और उसको सम्मान करने का मान सब का था.
जहाँ हम अपने रीती रिवाज भूल गए हैं वहीँ आर्यन अपनी माँ रतिदेवी की अनुसार सारे विधि विधान से गीता से सगाई करने वाले था...... उसका तिलक ललाट पे दिखा रहा था की वह धार्मिक रीती रिवाज को कितना महावत देता है. (हालांकि उसका दूसरा रूप भी है लेकिन सबकी नज़र में वह एक अंगरक्षक है जोह अपने परिवार की रक्षा करता रहता है )
गीता सबसे ज्यादा हसी आर्यन के get-up पे पर माइक की आवाज में उसकी हसी डाब गयी...... लेकिन सब लोग आर्यन की िश रूप में प्यार करने से नहीं चूका..... उसकी बॉडी दिन के उजाले में सबको उसकी ताकत का बहन करवा रही थी. रति को भी अपने बेटे पे नाज़ था उसकी ख़ुशी देखते hi बनती थी, आर्यन उसकी हर बात मानता है वह उससे बात भी नहीं की पर उसको पता है की मेरी माँ को क्या अच्छा लगेगा.
धीरे धीरे आर्यन के नारे लोग लगने लग और भीड़ भेदने लगी नारो की आवाज तेज़ होने लगी...... सप विकर्म ने सिक्योरिटी स्टेज के इर्दगिर्द कर दी थी...... पब्लिक यथा स्थान जगह लेने लगी..... " आर्यन की जय " ये सिर्फ नारा hi नहीं था यह जीत आम पब्लिक की थी जिनको विप लोगों ने दूर धकेल दिया था..... कुछ लोग नाच भी रहे थे..... लेडीज जोह मंडप में hi सिमट गयी थी वह भी रेहत की सांस लेती उससे पहले आर्यन को सिर्फ धोती में देखर इतनी इम्प्रेस्सेड थी की कोई उसको शिव से तुलना करती कोई सीधे राम जी से और तीसरा वर्गः भी था जोह दोनों का मिश्रित लग रहा था. औरतें की आवाज मर्दों की कान में भी पड़ी उनको भी लगने लगा "कोई कुछ भी बोले हमारा आर्यन जैसे कोई नहीं हमरे लिए तोह एहि राम है एहि शिव".
गीता की साड़ी रिस्तेदार आर्यन की पर्सनालिटी पे पहले से hi मैं मुग्धा थी उसको कमर से ऊपर इतने चौड़े सीने को चूमने उसको अपनी बाहुपाश में लेने को जी कर रहा था..... आर्यन की मम्मियां उसकी बलियन लेने लगी.
अदिति व्हील चेयर पे बैठी आर्यन को देखकर हाथ हिला ने लगी और बच्चे भी उसकी देखि देख अपने डैडी को देखकर हाथ हिला रहे थे...... आर्यन सबको हाथ जोड़ के बार बार सर झुकता आगे बढ़ने लगा.....
जब मंडप पे चढ़ने लगा नंगे पेअर उसको अपने दोस्त भी दुश्मन से दिखने लगा जोह उसके देखकर हस्ते हुए लोट पॉट हो रहे थे......
रति भी मंडप पर पहुँच गयी, एक गलती उससे हो गयी थी आर्यन गुरूजी का उपहास कर दिया था पर और नहीं, आर्यन को जब तक दीखता रहेगा की में उससे नाराज हूँ वह कोई कोशिश नहीं करेगा गुरूजी के साथ बदतमीज़ी करे..... बस िश दस्ता ( मिरदुला) से बचले भगवा मेरे आर्यन को..... तू कभी सफल नहीं होगी.
हकीकत कुछ और हो गयी थी..... मिरदुला पूरा हक़ जाता रही थी आर्यन पे और अणि तोह घोसित कर चुकी थी की भाई सिर्फ मेरा है मनो या मनो. मीणा एहि चाहती थी उसने अणि को उकसाने की काफी कोशिश की पर आखिर कर वह सफल हुई. एक तोह नानी की कंपनी मेरे सर से ताली दूसरा अणि बैलेंस लाएगी वह छोटू को अपनी तरफ खींची गई और बाकी सब अपनी तरफ. जल्दी hi मुझे दिव्या लोक जाना पड़ेगा भाई के साथ. मीणा अपने भाई से बहोत प्यार करती है और आर्यन भी उसके बिना जी नहीं सकता लेकिन एक और सच्च है दोनों का पिछले जनम का......
चेयर पे बेथ कर अणि चीफ मिनिस्टर से बात करने लगी. डिप्टी कम की भी झांट सुलगने लगी, वह भी थोड़ी दिएर में अणि के साथ दूसरी चेयर पे बेथ गए.... अणि ने 15 मं दोनों से बात की डिप्टी कम अपनी कुर्सी छोड़कर स्टेज से उतर गए और आर्यन को देखने लगे जोह दुबे घास की अंगूठियां साड़ी उँगलियों में पहना था..... निशंक गुरूजी हवं की अग्नि में आहुति दे रहे थे...... आर्यन और निशंक गुरूजी पुरानतन संस्कृत में श्लोक पढ़ रहे थे जोह हज़ारों साल पुराणी क्लिष्ट संस्कृत में थे. मीणा, मिरदुला और सारू, आर्यन के साथ बैठे थे.
अब गीता की बरी थी उसको हवं अग्नि के राइट साइड बिठाया और दो मंतर पढ़कर जिनको गीता ने सही उच्चारण किया..... यह संकल्प के मंतर थे..... अब गीता को आर्यन के साथ बिठया. राजवीर और रति को गीता के साइड बैठने को कहा और नवाब सिंह ( आर्यन के बड़े पापा ) आर्यन के पीछे बैठा. दोनों पंडितजी के चेहरे पे सिकन थी, गुरूजी सिद्ध योगी थे लेकिन आर्यन और गीता भी प्राचीन संस्कृत प्रवाह में बोल रहे थे. पब्लिक Geeta-Aryan की सगाई देखने लगी..... जब गुरूजी के मंतर समाप्त हुए तोह रति को बोलै तब उसने एक हीरे की अंगूठी अपने हाथ की ऊँगली से निकली.
गुरूजी ने आर्यन को सीधा पंजा और हथेली पूरा फैला के हवं कुंड के सामने रखने को कहा...... गीता को सीधा हाथ आर्यन के हाथ पे रखने को कहा..... रति को वह अंगूठी गीता के हाथ पे रखने को कहा..... रति जोह रिंग गीता और आर्यन को दी वह उसके पूर्वजों की अंगूठी थी जोह कई सदियों से उनके खंडन के वारिस को मिलती थी पीढ़ी दर पीढ़ी.....
अंगूठी 99.99 % सोने की बानी थी, एक बड़ा हीरा उसमे जड़ित था, हीरे के दोनों साइड डमरू का सिग्न छापा था जोह भोलेनाथ का डमरू को दिखा रहा था, बाकी बाघ में छोटे छोटे 7 नाग भी लगे हुए थे बराबर दूरी पे. मार्किट वैल्यू क्रोर्स में थी पर रति के खंडन की वह धरोहर अमूल्य थी.
चूँकि आर्यन वरिष्ठ था चौधरी माधव सिंह का और गीता उसकी होने वाली बीवी थी तोह अंगूठी लड़के को राजवीर सिंह या रति देवी hi पहना सकते थे. आर्यन ने गीता की मुठी अपने हाथ की मुठी में ले ली थी और गुरूजी के बोले श्लोक को रिपीट किया था..... ( यह श्लोक सबकी समझ में आये).
गीता
सगाई की रसम पूरी हो गयी थी, रति देवी, गीता की माँ भी थी उसने यह अंगूठी और अपनी बेटी गीता देवी को आर्यन सौप दी थी.
गीता उत्साहित होकर बोली ," गुरूजी अगर आप की आएगा हो अब तोह में आर्यन को अंगूठी पहना सकती हूँ ".
रति ने दांते के कहा ," अंगूठी तेरे बापू पहना देंगे..... हमरे रिवाज में लड़का को लड़की के पिताजी या भाई hi अंगूठी पहना सकते हैं..... अंजू देख यह क्या बोल रही हैं ".
निशंक गुरूजी मुस्कारने लगे, गीता का मुँह उतर गया ," जब मेरी जरुरत नहीं थी तोह बुलाया hi क्यों मुझे ..... तुम दोनों माँ बेटे hi साड़ी रस्में आपस में कर लेते "...... वह आर्यन से हाथ छुड़ा के कड़ी हो गयी..... और अंगूठी हवं कुंड फ़ेंक दी.
आर्यन तोह इतना खुश था की मत पूछो बस सीरियस होकर सबको दिख रहा था की वह बस सो सो है...... जब गीता ने अंगूठी अग्नि में फ़ेंक दी आर्यन झट से आग में ढूंढ कर अंगूठी वापस ले आकर अपनी धोती से साफ़ करने लगा.
रति भी उठ कर गीता को झापड़ मारने वाली थी तब सारू ने उसका हाथ पकड़ लिया...... सबको कुछ समझ में hi नहीं आया की हुआ क्या सब इतनी जल्दी जल्दी हुआ.
महारानी मिरदुला ने गीता का हाथ पकड़ के कहा ," गीता बेटी मेरी बात सुन, तू जोह चाहेगी वही होगा...... तुझे रिंग खुद पहननी हैं आर्यन को तोह पहना दे िश में क्या बड़ी बात है..... भाई साहब ( राजवीर सिंह को) आप सिर्फ हाथ लगा दो एक बार फिर गीता hi रिंग पहना देगी ".
सारू ," यह ठीक है क्यों बापू ?"
राजवीर सिंह खड़ा होकर बोलै," रस्में तोह पूरी हो गयी हैं, अंगूठी की hi बात है न..... ला आर्यन बीटा मुझे दे, तेरा हाथ तोह नहीं जला ना ".
आर्यन हसकर ," गीता मैडम सगाई तोह हो चुकी है, रही बात अंगूठी की तोह तुम खुश हो लो रिंग पहना कर...... यह मेरे बापू की रिंग है जोह वह ख़ास समय पे पहनते थे, इसका इतिहास इतना पुराण है जोह तुम्हे पता नहीं होगा..... में िश धरोहर को बचा रहा था इसलिए माँ भी गुस्सा हो गयी थी..... कोई नहीं मीणा वह अंगूठी देना जोह मैंने चंदा रानी की लिए खरीदी थी ".
आर्यन ने अंगूठी राजवीर सिंह को दी और उसने गीता का हाथ पकड़ के बोलै," बीटा तू सबसे खुशकिस्मत है जोह ऐसा पति मिला जोह तेरी बात हमेशा आगे रखता है ".
गीता सपाट लहजे में ," पता है मुझे, बापू तू माँ को समझ दे आर्यन ने सगाई की है मेरे साथ न की मुझे खरीद लिया है..... गीता देवी अपनी शरत पे जिंदगी जीती है न किसके रहें पर "...... और राजवीर से अंगूठी ले ली.
आर्यन भी है रहा था और बाकी सब लोग भी हसने लगे....... गीता को अपना डार्क काला गॉगल्स प्रज्ञा ने दिया ," दीदी सनलाइट भी बहोत है और कैमरा का फ़्लैश की लाइट भी आप को सूट करेगा".
राजवीर भी अपनी बीवी के पास बेथ गया ," यह तेरी बेटी किसी को छोड़ देगी या सबका बंद hi बाजति रहेगी ".
रति ," करने दो इसको मननमाणि यह सेह तोह कोई और hi दे रहा है इसको "...... वह आर्यन की बात कर रही थी.
आर्यन को गीता ने वापस बैठकर हवं के सामने उसके हाथ की हार्ट वाली ऊँगली में रिंग पहनी..... सब ताली बजने लगे और नारे लगने लगे " आर्यन भैया की जय" और गाओं में दूर दूर तक हर्ष फायरिंग होने लगी..... सिक्योरिटी अफसर वालों को बता दिया गया था, सप विक्रम ने पटाखे की परमिशन दी थी और गाओं के भर 2 कम दूर फायरिंग की.
मीणा ने एक सुन्दर प्लैटिनम और डायमंड ? की रिंग बॉक्स से निकली और सारू को दी, सारू ने सबको दिखा के रिंग आर्यन की दी..... आर्यन की साड़ी साली ेखथि हो गयी थी..... आर्यन ने गीता का माथा चूमा और उसको रिंग पहन दी. ताली बजने लगी और पठाखे फूटने लगे और फायरिंग की आवाज आने लगी..... विप सेक्शन में थोड़ा सा दर का माहौल था..... गीता देवी की जय के नारे लगने लगे.
Aryan-Geeta की सगाई हो चुकी थी..... सब तरफ जश्न का माहौल था..... बधाइयों का ताँता लगा हुआ था..... पहले गीता और आर्यन ने निशंक गुरूजी से पेअर चुकार आशीर्वाद लिए, मीणा एक शर्ट लेकर आर्यन को दी तोह वह धोती और कुर्ते में स्मार्ट लग रहा था.
कम का छोटा भाषण हुआ और उन्होंने दोनों को आशीर्वाद और गिफ्ट के साथ 40 गाओं को 40 क्रोर्स देने का एलान किया और 50 लाख का एडवांस चेक भी दिया..... आर्यन ने कम साहब की जय के नारे लगे तोह जनता भी कम के जय जय कर करने लगे.
कम ने 2 मं आर्यन से साइड में लेकर बात की और आर्यन का वडा याद करवाया..... आर्यन ने भी असुरे किया वह बिज़नेस समिट में हेल्प करेगा. रति देवी को बधाई दी बेटे की सगाई की.
कम साहब के बार और पेअर चूहे आर्यन ने उनको कार तक बैठना गया..... नेता के जाने से सिक्योरिटी अफसर भी काम हो गयी थी. डिप्टी कम रिंग सेरेमनी के बाद hi चले गए थे. अणि ने उनकी औकात दिखा दी थी जिसको वह पचा नहीं पा रहे थे.
तो बे कॉन्टिनोएड......
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