Anita Singh - Story of a Seductive Housewife - Page 3 - SexBaba
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Anita Singh - Story of a Seductive Housewife

अपडेट 20

सैटरडे के दिन राज काम से थोड़ा जल्दी आ गया. वह आकर नहाकर थोड़ा आराम किया.

रात के 10 बज चूका tha.Anita के घर के आस पास पूरा सन्नाटा था. दोनों पति पत्नी डिनर कर चुके the.Raj बैडरूम में बैठा लैपटॉप पर कुछ काम कर रहा था की तभी अनीता डाइनिंग टेबल को साफ़ करके बैडरूम में घुसी.

वो डिनर करने से थोड़ी देर पहले hi नाहा कर एक पारदर्शी सलवार और एक छोटी कमीज पहनी थी. सलवार इतना पारदर्शी थी की ध्यान से देखने पर अनीता की टैंगो का आकर पता चल रहा था उसकी पारदर्शी सलवार पर रौशनी पर्ने से.

जैसे hi अनीता बैडरूम में घुसी तो राज उसको देखा. अपने पति को देखते hi अनीता ऐडा से मुस्कुरा दी और जवाब में राज भी मुस्कुरा दिया.

मुस्कुराते हुए उसका नज़र अपनी 27 साल की जवान और बेहद खूबसूरत बीवी की चूंकि पर पड़ा जो की उस छोटे से कमीज में लगभग 1/3 हिस्सा बहार झांक रही थी.

राज अपनी बीवी की चूंकि और क्लीवेज एक नज़र देखने के बाद वापस काम में लग गया. वहीँ अनीता मुस्कुराती हुई बीएड के पास आकर उसके पास बैठ गयी और सीधा राज के पाजामे के ऊपर से उसके लुंड के करीब उसके जांघ पर हाथ रख कर सहलाती हुयी कामुकता से boli,"Yeh kya?Biwi पास में है और तुम इस लैपटॉप के चक्कर में पड़े हो. बांध करो अब इसे".

राज अनीता की ऊपर नीची होती चूंकि देखा जो 1/3रद उसकी कमीज से बाहर थी और रौशनी में चमक रही थी.

अपने पति को खुद की चूंकि और क्लीवेज देखते हुए पाकर अनीता अपनी हाथ उसके जांघ से ऊपर लेजाकर उसके लुंड पर रख दी और मुस्कुराती हुयी boli,"Jab नज़र कहीं और जा रहा है तो फिर लैपटॉप बांध क्यों नहीं कर देते".

अपनी खूबसूरत बीवी की इतनी गहरी क्लीवेज और उसकी उठती चूंकि को देखकर और साथ hi उसकी हाथ को अपने लुंड पर महसूस करके राज का लुंड खड़ा होने लगा मगर फिर भी वो अपने आप को सँभालते हुए bola,"Jaan बस थोड़ा सा काम और है कर लेने दो उसके बाद....".

अनीता यह सुनकर राज का बात बीच में hi काट ते हुए boli,"Har वक़्त काम. अगर सिर्फ काम hi करनी थी तो मुझे किस लिए साथ लाये यहाँ. कल तो संडे है. थोड़ा वक़्त निकल कर कल नहीं कर सकते क्या?".

राज जानता था की अनीता जल्दी गुस्सा नहीं करती और अब भी गुस्से में नहीं thi,bas थोड़ी नाराज़गी जताते हुए बोल रही थी. वह उसकी ऐडा पर मुस्कुराया और उसकी खूबसूरत चेहरे को देखते हुए bola,"Are बाबा इतनी नाराज़ क्यों हो रही हो आज kal.Theek है काम बांध कर देता हूँ".

यह बोलते हुए वो लैपटॉप स्विच ऑफ कर के रखते हुए bola,"Socha था की थोड़ा काम है उसे आज hi निपटा दूँ तो कल पूरा फ्री होकर सारा दिन तुम्हारे साथ बिताऊंगा. लेकिन जैसी मेरी जान की मर्ज़ी".

अनीता अपने पति को लैपटॉप रखता देख और उसका बात सुनकर मुस्कुराने लगी और वह जैसे hi लैपटॉप रखकर अनीता की तरफ देखा, अनीता मुस्कुराती हुई उसे बिस्तर पर पीछे के तरफ धकेल कर उसके ऊपर चढ़कर उसके होंठों पर अपने होंठ रखकर चूमने लगी.

अपनी सेक्सी पत्नी की चुम्बन पड़ते hi राज भी साथ देने लगा और दोनों पति पत्नी एक दूसरे के होंठों को चूमने और चूसने लगे. कुछ सेकण्ड्स में दोनों की साँसे तेज़ होने लगी.

राज को हमेशा की तरह अनीता की बदन से एक मादक खुशबु अपने साँसों में घुलती महसूस हो रही थी. वह भी मज़े से अपनी खूबसूरत और कामुक बीवी की होंठों का रसपान करने लगा. अनीता अभी भी राज के लुंड को उसके पाजामे के ऊपर से सेहला रही थी.

थोड़ी देर बाद वो चुम्बन को तोड़ी और राज का लुंड पंत के ऊपर से सहलाती हुयी वह मुस्कुराकर राज को देखि. राज समझ गया की आगे क्या होने वाला था.

अनीता फिर नीचे झुक कर राज की ठुड्डी चूमते हुए उसके शर्ट के बटन को खोलती हुयी उसके छाती और पेट को चूमते हुए उसके पाजामे के तरफ देखि और फिर राज को देखकर मुस्कुराती हुयी उसके लुंड को सहलाती रही.

अनीता थोड़ी झुकी हुयी थी जिससे उसकी नरम गोरी चूँचियाँ उसकी कमीज से लगभग आधी बाहर झाँक रही thi.Raj का लुंड अपनी जवान खूबसूरत और कामुक बीवी की चूँचियों को देखकर अकड़ने लगा था और वो अपना दाया हाथ अनीता की बाएं चूंकि पर ले जाकर उसे अपने हाथ से दबाने लगा.

अनीता यह देखकर मुस्कुराती हुई राज का पजामा नीचे सरकाने लगी और राज अपना कुल्हा ऊपर करके अपनी बीवी को पजामा निकलने में मदद किया.

पजामा राज के कमर से नीचे होते hi उसका लुंड नंगा होकर खड़ा हो gaya.Anita राज के नंगे लुंड को देखि और फिर झुक कर मुस्कुराती हुयी राज के आँखों में देखते हुए उसको लुंड के ऊपरी भाग पर अपना ज़बान फिराई. दो बार ऐसा करने के बाद अनीता ज़बान निकाल कर राज के लुंड को नीचे से ऊपर तक चाटने लगी.

राज को ऐसे अपनी खूबसूरत बीवी द्वारा प्न लुंड चाटने से मज़ा आ गया और उसके मुंह se,"aaaaahhh" शब्द निकलने के साथ साथ उसका लुंड भी झटका मारने लगा.

अनीता अपने पति के लुंड को झटका मारते हुए देखकर मज़े से मुस्कुराई और वो वैसे hi फिर उसके आँखों में देखती हुयी उसके लुंड के टोपे पर अपना जुबान फिरै जिससे राज के मुंह से फिर सिसकारी निकल gaya,"aaaahhhhh जान" और साथ hi उसका लुंड भी फिर झटका मारने लगा.

अनीता अपने पति का यह हाल देखकर मुस्कुराई और फिर उसके लुंड पर थूक गिरा कर उसको मुंह में लेकर चूसने लगी.

अपनी खूबसूरत और कामुक बीवी के होंठ के बीच लुंड जाने से राज मज़े से सिसकारने लगा, "आआह्ह्ह्ह" वहीँ अनीता अपना सर ऊपर नीचे करके बड़े hi मज़े से राज का लुंड चूसने लगी.

राज जानता था की उसकी खूबसूरत और कामुक बीवी अनीता को लुंड चूसना अच्छा लगता था और स्वयं राज को भी इसमें मज़ा आता था तो वह आराम से बिस्तर पर लेते अपनी खूबसूरत और कामुक बीवी के मुंह सर लुंड चूसै का मज़ा लेने लगा.

अनीता कॉलेज के दिनों में अपनी सहेलियों से सुनती थी की वो कैसे अपनी बॉयफ्रैंड्स के लुंड चुस्ती थी और यह सब सुन्न कर अनीता का भी दिल करता था की वो भी अपनी सहेलियों की तरह किसी मर्द का लुंड चूसे मगर वो सोच राखी थी की वो किसी को बॉयफ्रेंड नहीं बनाएगी और सेक्स भी शादी के बाद hi करेगी इसलिए वह कॉलेज में लुंड चूसै का मज़ा नहीं ले सकीय.

अनीता सोचती थी की उसकी सहेलियों को लुंड चूसने में इतना मज़ा क्यों आता था. आखिर लुंड तो छूट में अंदर जाकर उसे छोड़ने के लिए होता है तो फिर उसकी सहेलियां मुंह में लुंड लेकर इतनी खुश क्यों होती thi.Iss सब का जवाब अनीता को शादी के बाद मिल गया जब वो राज का लुंड पहली बार शादी के दो हफ्ते बाद चूसी थी.

जब उसकी शादी हुयी तो उसके बाद पहली बार अपने पति राज का लुंड चूसने में उसे मज़ा आया और तब जाकर उसे पूरा एहसास हुआ की उसकी सहेलियां लुंड चूसने पर इतना गर्व क्यों महसूस करती थी और गर्व से उससे यह शेयर क्यों करती थी. लुंड को मुंह में लेकर मर्द के आँखों में देखकर उसका मज़े का एक्सप्रेशन देखते हुए लुंड को अपनी मुंह में बड़ा, मोटा और कड़क होते महसूस करने का मज़ा hi अलग था अनीता के लिए.

अनीता को तो शादी के बाद राज का लुंड चूसने का दिल करता था मगर उसकी नयी नयी शादी हुयी थी इसलिए उसे लगा की इस तरह से राज का लुंड चूसने से कहीं राज को पसंद न ए और साथ hi ऐसा न समझे की वह शादी से पहले किसी का लुंड चूसी हो इसलिए वो पहले दो हफ्ते तक एक बार भी राज का लुंड नहीं चूसी.

शादी के दो हफ्ते बाद एक दिन राज ऑफिस के लिए तैयार हो रहा था की उसी वक़्त अनीता नाहा कर बाथरूम से निकली और उसकी गोरी खूबसूरत जिस्म पर हलके हलके पानी का बंध देखकर राज का मैं बहकने लगा और वो उतावला होकर अनीता को वैसे hi चूमने लगा.

अपने पति राज का उतावलापन देख कर अनीता खिलखिला कर हसने lagi,"hehehehe यह क्या कर रहे हो? हहहहए".

राज अनीता को चूमते हुए और उसकी मुलायम चूंकि दबाते हुए bola,"pyaar कर रहा हूँ जान".

अनीता उसका बात सुनकर खिलखिला कर हस्ती हुयी boli,"hehehehe यह प्यार करने का समय थोड़े hi है. जाओ ऑफिस के लिए लेट हो जाओगे".

राज जवाब में bola,"Kya करून जान तुम्हारा यह रूप देख कर मैं बहक गया है और जब तक मेरा स्पर्म नहीं निकलेगा तब तक मुझे चैन नहीं मिलेगा".

अनीता यह सुनकर खिलखिलाती हुयी राज के पंत के ऊपर से उसका लुंड पकड़कर सहलाने लगी और फिर राज के होंठों को चूमने लगी.

राज भी साथ देने लगा और थोड़े देर के चुम्बन के बाद अनीता मुस्कुराकर उसे देखती हुयी उसका हाथ पकड़ कर boli,"aaiye मैं जल्दी से आपको आराम दे देती हूँ" और यह बोल कर वो राज को बैडरूम में hi रखे लोवेसेअत के तरफ लेजाकर उसे बैठा दी और खुद उसके पास नीचे बैठ कर राज का पंत खोलकर नीचे सरका दी.

राज समझ गया की उसकी खूबसूरत बीवी अनीता उसका लुंड चूस कर उसके लुंड को शांत करना चाहती थी. राज के लिए यह पहला अवसर था जब उसकी खूबसूरत बीवी उसका लुंड चूसने जा रही थी. यह सोचते hi उसका दिल भी धड़कने लगा की कैसे उसकी सीढ़ी साडी बीवी उसका लुंड चूसने जा रही थी.

राज जानता था की अनीता को बदन दिखाऊ कपडे पेहेन न पसंद था और वो बहोत छोटे छोटे ब्लाउज और कमीज पहनती थी मगर वो यह भी जानता था की अनीता कुंवारी थी शादी से पहले और उसका कोई बॉयफ्रेंड नहीं tha.Woh यह समझता था की अनीता भले hi वैसे कपडे पहनती थी मगर थी सीढ़ी साडी और वैसे कपडे बस फैशन और आराम के लिए पहनती thi.Isliye वो अनीता को इस तरह लुंड चूसने के लिए नीचे बैठा देखकर थोड़ा अलग सा महसूस कर रहा था और उसके बदन में रोमांच भर गया था.

अनीता नज़र ऊपर के तरफ करके उसको देखि और फिर मुस्कुराकर उसका लुंड पकड़ कर उसे मुंह में लेकर चूसने लगी.

अपनी खूबसूरत बीवी के मुंह में लुंड जाते hi राज के मुंह से सिसकारी निकल gaya,"aaahhhhhh" जिसे सुनकर अनीता खुश होकर मुस्कुराती हुयी वैसे hi उसका लुंड चुस्ती हुई उसके तरफ देखि और फिर नज़र नीचे लुंड के तरफ करके उसे देखते हुए चूसने लगी.

जब अनीता राज का आह सुनकर उसके तरफ मुस्कुराकर देखती हुयी लुंड चूस रही थी तो राज खुद को दुनिया का सबसे किस्मत वाला मर्द समझ रहा था. वह पहले hi अनीता की ख़ूबसूरती, चुलबुला पैन, मॉडर्न ख्याल और समझदारी देखकर खुद को बहोत किस्मत वाला समझता था मगर उस दिन उसका यह नया कामुक रूप देखकर वह खुद का दुनिया का सबसे किस्मत वाला मर्द समझने लगा की उसकी बीवी में वह सारे गुण थे जो हर मर्द चाहता था मगर शायद hi किसी को नसीब होता था.

अनीता को लुंड के तरफ देखते हुए लुंड चुस्त देख राजा आराम से सर ऊपर करके आँख बांध करके लुंड चूसै का मज़ा लेने लगा.

वहीँ अनीता की बदन में भी मस्ती की लहर दौड़ने लगी पहली बार लुंड चूसकर. उसे उस दिन एहसास हो रहा था की उसकी सहेलियां अपने बॉयफ्रैंड्स का लुंड चूसकर इतना खुश क्यों रहती थी. एक कड़क और गरम लुंड मुंह में जाने से एक अलग hi मज़ा मिल रहा था उसे जो अनुभव करके अनीता समझ पा रही थी अपनी सहेलियों का ख़ुशी का kaaran.Munh में लुंड का बड़ा होना और साथ hi मुंह के अंदर hi झटके मारना यह सब महसूस करने से अनीता को बहोत मज़ा आ रहा था.

वो अच्छे से राज का लुंड चूस रही थी मगर पहली बार लुंड चूसने के कारण कभी कभी दांत भी राज के लुंड पर गदा देती थी जिससे राज सिसक जाता और अनीता घबरा कर धीरे धीरे सावधानी से लुंड चुस्ती. आखिरकार अनीता राज का लुंड चूस चूस कर उसको चरम तक पहुँच दिया और जैसे hi राज का लुंड फूलने लगा अनीता जल्दी से अपना मुंह से निकलकर उसके लुंड को हिला कर उसका वीर्य निकाल दी.

राज संतुष्ट होकर हांफने लगा और अनीता उसे देखकर मुस्कुरा दी. वीर्य थोड़ा पंत पर गिरने के कारण राज को पंत बदलना पड़ा मगर जो ख़ुशी उसे मिला था उसके लिए इतना करना कोई बड़ा बात नहीं था और वह पंत बदलकर ऑफिस चला गया और थोड़ा बहोत वीर्य जो फर्श पर गिरा था वह अनीता पोंछ दी.

इसी तरह तब से अनीता राज का लुंड हमेशा मज़े से चुस्ती थी मगर उसका वीर्य अपने मुंह में बहोत hi काम बार ली थी क्यूंकि राज ज़्यादातर वक़्त लुंड चूसै के बाद अनीता को छोड़ता था. उसे सिर्फ लुंड चूसै से खुद को शांत करना उतना पसंद नहीं था और बहोत hi काम मौके पर वह लुंड चूसै से काम चलता था जब ज़्यादा टाइम न हो और उसे अपना लुंड शांत करना रहता हो या फिर अनीता कभी कभी ऐसा लुंड चुस्ती थी की वह जल्दी hi झाड़ जाता था.

राज हमेशा खुद वीर्य गिरने से पहले अपना लुंड उसकी मुंह से निकल देता यह सोचकर की अपनी बीवी के मुंह में वीर्य गिरना शायद उसे अच्छा न लगे. सिर्फ उसी मौके पर अनीता की मुंह में वीर्य गिरता था जब राज जल्दी जहर जाता था और उसे लुंड निकलने का मौक़ा नहीं मिलता था.

इसके कारण अनीता भी बहोत काम बार hi अपने पति का वीर्य पी थी और जितना बार भी वह पी थी राज खुद को कण्ट्रोल न करने के कारण जल्दी झरने के कारण. ऐसा अनीता को तो अपने पति का वीर्य पीने में कोई झिझक नहीं होती थी मगर राज ऐसा नहीं करना चाहता था क्यूंकि ऐसा करना उसे अपनी बीवी की डिसरेस्पेक्ट लगता था.

इसी तरह सैटरडे के दिन भी राज का लैपटॉप रखने के बाद वैसे hi अनीता राज के लुंड को चूस रही थी और अब शादी के दो साल बाद उसे सही से लुंड चूसना भी आ गया था. अनीता लुंड चूसै में इतनी माहिर हो गयी थी की वो कभी कभी एक मिनट के अंदर hi राज को झाड़ देती थी और कभी कभी आराम से चूस कर उसे मज़े भी देती थी.

राज अपनी बीवी को अपना लुंड चूसते हुए देखने के साथ साथ उसकी मुलायम चूँचियों को भी मसल रहा था. अनीता राज का लुंड चूस चूस कर पूरा गीला कर दी थी. वह राज का पूरा लुंड निगल जाती और कुछ सेकण्ड्स वैसे hi उसके पूरे लुंड को मुंह में रखने के बाद जब वो सर उठती तो राज का लुंड और उसके मुंह के बीच उसके गाढ़े थूक से एक लड़ी बन जाती जिसे वह राज की आँखों में देखते हुए अपनी जुबान से तोड़ देती और उस थूक के लड़ी के साथ साथ और भी अपना थूक राज के लुंड पर गिरा कर उसे उसके लुंड के जड़ तक गिरते देखती और फिर उसे अपनी ज़बान से नीचे से चाटते हुए टोपे की तरफ आकर वापस उसका लुंड मुंह में लेकर मज़े से "उम्मम्मम उम्म्म्म उम्मम्मम उम्म्म्म उम्मम्मम सलूरररप्प सलूरररप्प सलरपपपप उम्मम्मम उम्म्म्म च्ममममम च्मममममम सलरपपप उम्म्म्म" करके राज का लुंड चुस्ती.

थोड़ी देर बाद राज उसे भी नंगा करके बिस्तर पर लेता दिया और उसकी टांगो के बीच आकर उसे छोड़ने laga.Anita अपनी टंगे मोड़ कर राज के कमर पर लपेट दी और दोनों पति पत्नी एक दूसरे को चूमते हुए चुदाई का मज़ा लेने लगे.

राज इसी तरह मिशनरी पोजीशन में अनीता को छोड़ते रहा और अनीता भी उसके नीचे लेती उसे चूमते हुई चुदती रही. उस सुनसान जगह पर बने उस घर में सिर्फ वह दोनों पति पत्नी hi थे जो बांध कमरे में चुदाई का मज़ा ले रहे थे. अनीता बेफिक्र होकर मज़े से जोर से आहें भर्ती हुयी चुद रही थी "आआह्ह्ह्हह उम्मम्मम उम्मम्मम सीईईई आआह्ह्ह्हह हाँ जान ऐसे hi आअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह".

राज उसे लगभग 10 मिनट छोड़ा और फिर झाड़ गया. अनीता को न जाने क्यों चुदाई के वक़्त कभी कभी हरिया का छेड़ छड़ याद आने लगा था. वह अपने पति का लुंड अपनी छूट में महसूस करती हुयी हरिया के छेड़ छड़ को याद करती हुयी आहें भरकर चुदाई का मज़ा ली और जब राज जहर गया तो वह आँखें बांध करके जोर जोर से सांस लेकर एक अलग hi सुकून महसूस कर रही थी. थोड़ा देर बाद दोनों पति पत्नी एक दूसरे को चूमकर एक दूसरे के बाँहों में सो गए.

अगले दिन संडे था और सुबह सुबह राज अनीता को फिर छोड़ा और अपने पति से सुबह सुबह छोड़कर अनीता बहोत खुश थी. राज शाम को उसे बाहर घूमने ले गया और दोनों पति पत्नी डिनर करके घर आये. राज उसे रात में फिर छोड़ा और वह भी उसका खुल कर साथ देकर चुदाई का मज़ा ली लेकिन चुड़ते वक़्त उसे फिर से हरिया का छेड़ छाड़ याद आने लगा. अनीता चुदाई के बाद मुस्कुराती हुयी सो गयी.

अगला दिन मंडे को अनीता को बाजार जाना था. पिछले दिन दोनों पति पत्नी जब बाहर निकले थे तो बाजार नहीं किये. उनका पूरा ध्यान घूमने फिरने में था. अनीता तैयार होकर हमेशा की तरह एक डीप नैक और डीप बैक ब्लाउज पहनी जिसमे पीछे सिर्फ 3 इनचेस कपडे hi थी जो उसकी ब्लाउज को उसकी बदन से बंधे हुए रखा था. उसके अलावा पूरी पीठ नंगी थी. सामने अच्छा खासा क्लीवेज भी दिख रहा था. साड़ी को भी वह नाभि के 3 इनचेस नीचे बंधी थी जिसके कारण उसकी पेट नंगी थी और उसके बीच नाभि में एक बेल्ली रिंग पहनी हुयी थी.

वह छटा लेकर ऑटो स्टैंड पहुंची तो देखि वहां एक भी ऑटो नहीं था. अनीता थोड़ी परेशानी से आस पास देखि और कुछ सेकण्ड्स hi हुआ था की उसे दो ऑटो आता दिखाई दिया. अनीता वह देखकर राहत महसूस की और थोड़ा मुस्कुरा दी. अनीता उधर hi देख रही थी और देखि की अचानक से दोनों ऑटो का स्पीड बढ़ गया.

अनीता यह देख hi रही थी की दोनों ऑटो तेज़ी से एक साथ ठीक उसके सामने आकर रुक गया. एक ऑटो ठीक उसके सामने था और दूसरा ऑटो उसके दूसरे तरफ मगर वह उसके सामने वाले ऑटो से थोड़ा आगे था.

अगले पल उसके सामने वाला ऑटो का ड्राइवर उतारकर मुस्कुराकर bola,"Baithiye मेमसाहब" और यह बोलकर वह एक नज़र उसकी क्लीवेज को देखा.

अनीता यह सुनकर मुस्कुरा दी और इससे पहले की वह कुछ करती दूसरा ड्राइवर आया और bola,"Memsahab उस ऑटो में बैठिये".

अनीता यह सुनकर थोड़ी कंफ्यूज हो गयी लेकिन वह कुछ सोचती उससे पहले पहला ड्राइवर bola,"Are यह क्या बात hua?Pehle मेरा ऑटो आया तो मेमसाहेब मेरे ऑटो में बैठेगी".

दूसरा ऑटो वाला यह सुन्न कर bola,"Pehle मेरा ऑटो आया. तू मेरे बाये में था इसलिए मेमसाहेब के सामने रुका. मगर पहले मेरा ऑटो आया".

पहला ड्राइवर यह सुन्न कर bola,"Memsaheb के सामने मेरा ऑटो आया न? तो मेमसाहेब मेरा ऑटो में बैठेगी".

फिर वह अनीता के तरफ देखकर bola,"Baithiye मेमसाहेब".

इससे पहले अनीता कुछ बोलती या रियेक्ट करती वह दूसरा ड्राइवर bola,"Ek मिनट".

फिर वह अनीता के तरफ देखते हुए bola,"Memsaheb आप hi देखिये मेरी ऑटो इससे आगे है. मैं पहले आया और यह बीच में ऑटो घुसा दिया".

अनीता यह सुन्न कर एक नज़र उसके ऑटो के तरफ देखि. इस बीच दोनों ऑटो ड्राइवर एक बार अनीता की क्लीवेज, उसकी नंगी पेट और उसके बीच नाभि से लटकी हुयी चमकती बेल्ली रिंग को देखने लगा.

एक तो अनीता उतना ध्यान से नहीं देखि की पहले कौन आया. उसे दोनों ऑटो एक साथ hi आते दिखी और दूसरा की वह यह सब में पड़ना नहीं चाहती थी. वह एक नज़र ऑटो के तरफ देखने के बाद उन दोनों के तरफ देखि तो खुद की बदन पर उन दोनों का नज़र देखि मगर उसका बुरा माने बिना boli,"Maine उतना ध्यान से नहीं देखा. मैं ऑटो पकड़ने आयी हूँ. यह देखने नहीं की कौन ऑटो पहले आया".

अनीता की बात सुन्न कर दोनों हड़बड़ा कर अपना नज़र उसकी बदन से हटाकर एक पल उसके चेहरे पर देखा और फिर पहला ड्राइवर bola,"Abe मेमसाहेब को क्यों परेशान कर रहा है".

यह सुनकर दूसरा ड्राइवर bola,"Abe मैं परेशान कर रहा हूँ की तुम परेशां कर रहे हो. एक तो बीच में ऑटो घुसा दिया और मेमसाहेब को धुप में खड़ा करके झमेला कर रहा है".

पहला ड्राइवर यह सुनकर थोड़ा गुस्से में bola,"Saale मेमसाहेब को मैं बैठा रहा था तो तुम बीच में आकर रोक दिए".

यह सुनकर दूसरा ड्राइवर भी गुस्से में bola,"Saala किसको बोलता है. गाली देता है" और इसके बाद दोनों के बीच हाथापाई शुरू हो गयी.

अनीता उन् दोनों के बहस से पहले hi परेशान थी और उन दोनों को अब हाथापाई करता देख उनलोग के तरफ हाथ बढाकर boli,"Are यह क्या..."

वह दोनों हाथापाई और एक दूसरे का कालर पकडे ऑटो से थोड़ा आगे बढ़ गए और साथ hi चिल्ला रहे थे तो ऐसे में अनीता की पतली आवाज़ सुन्न नहीं पाए. अनीता को यह एहसास हुआ इसलिए वह अपनी बात पूरा किये बिना चुप हो गई और परेशानी से दोनों को हाथापाई करते देखने लगी.

वह उन् दोनों को देखकर परेशानी से खुद से धीरे से boli,"Offo अब एहि बाकी था" की अगले पल दोनों एक दूसरे का कालर पकडे थोड़ा और आगे जाकर गन्दी गन्दी गालियां देने लगे.

अनीता गन्दी गालियां सुनते hi परेशानी से अपना सर हिलने लगी मगर फिर वह थोड़ा घबरा गयी जब वह दोनों थोड़ा दुरी पर एक दूसरे का कालर पकडे एक पेड़ से टकरा कर रुक गए और फिर एक दूसरे पर घुसे बरसाने लगे.

अनीता यह देखते hi boli,"Ohh no यह तो बात बहोत बिगड़ गयी".

अगले पल वह देखि की कुछ लोड दौड़ कर उनके पास जाकर दोनों को छुड़ाने लगे, मगर इस बीच भी दोनों उछाल उछाल कर एक दूसरे को मारने में लगे थे.

अनीता यह देखकर परेशानी का भाव चेहरे पर लिए खुद से boli,"Yeh लोग भी न. रोज़ी रोटी के लिए मार पीट पर उतर आते हैं".

अनीता को लग रहा था की वह दोनों पहले जाने के लिए लड़ रहे थे. उसे मालूम था की ऑटो लाइन से जाता है और जल्दी जल्दी लाइन आने से दिन में एक या दो एक्स्ट्रा ट्रिप हो जाता है जिसके कारण कमाई ज़्यादा होती है इसलिए दोनों पहले जाने के लिए लड़ रहे थे.

अनीता यह भी जानती थी की वह कितनी खूबसूरत है और मर्द उसे देखते रहते हैं और कुछ हिम्मत वाले मर्द मौक़ा देखकर छेड़ भी देते हैं मगर इसके बावजूद वह यह नहीं सोची थी की उसे अपने ऑटो में बैठने के लिए दो ऑटो ड्राइवर मार पीट पर उतर आएंगे. वह दोनों ऑटो ड्राइवर दरअसल अनीता को अपने ऑटो में बैठने के लिए hi लड़ रहे थे.

दोनों ड्राइवर उन मनचले ड्राइवर्स में से थे जो अनीता को हमेशा देखते थे मगर कभी उसे अपने ऑटो में बैठने का मौक़ा नहीं मिला था. जब वह दोनों ड्राइवर स्टैंड आ रहे थे तो अनीता को खड़ा देख सोचने लगे की उनका किस्मत अच्छा था और अनीता उनके ऑटो में आखिरकार बैठेगी लेकिन दोनों के मैं में एक hi बात थी और दोनों एक साथ स्टैंड पर पहुँच कर अपना किस्मत ख़राब होते देख बहस से मार पीट पर उतर आये.

अनीता उधर देख रही थी और धीरे धीरे उधर भीड़ बढ़ने लगी थी. दोनों के इर्द गिर्द आदमी का भीड़ होने के कारण उन दोनों को अब वह देख नहीं पा रही थी मगर गन्दी गन्दी गालियां उसकी कानो में पड़ना जारी था. अनीता परेशान होकर उधर देखती हुयी सोची की चुप चाप खड़े रहने से कुछ नहीं होगा. उसे कुछ करना चाहिए.
 
व्हाई अरे रीडर्स कॉपी पेस्टिंग थे शामे कमेंट इन एव्री थ्रेड थे विजिट? इस आईटी तू मच ऑफ़ ा टास्क तो कमेंट अस पैर थे इंडिविजुअल स्टोरीज एंड उपदटेस? एव्री स्टोरी इस डिफरेंट, एव्री राइटर है ा डिफरेंट स्टाइल एंड एव्री अपडेट ऑफ़ डिफरेंट स्टोरीज अरे डिफरेंट. बी कॉपी पेस्टिंग थे शामे कमेंट इन एव्री थ्रेड थे रीडर्स अरे दिलूटिंग थे ुनिकेनेस्स ऑफ़ एच स्टोरी एंड राइटर. हाउ कैन रीडर्स बे सो इंडिफ्रेंट एंड केयरलेस टुवर्ड्स थे एफ्फोर्ट्स ऑफ़ थे वरिटेरस?
 
अपडेट 21

अनीता सोचने लगी की खड़े खड़े वह बाजार के लिए लेट हो जाएगी. वह एक नज़र और उन दोनों ड्राइवर्स के तरफ देखि जहाँ भीड़ इकठ्ठा हो गया था और गन्दी गन्दी गाली गलौज जारी था. अनीता को समझ नहीं आ रहा था की झमेला कब ख़तम होगा और वह उन् दोनों का वेट करके यह सब झमेले में नहीं पड़ना छह रही थी.

दिल की अच्छी होने के कारण उसे यह सिचुएशन देखकर बुरा तो लग रहा था मगर उसके लिए ऐसा सिचुएशन नया नया था और वह यह सब में पड़ना नहीं चाहती थी तो वह उधर से नज़र हटाकर दूसरा कोई साधन देखने लगी की तभी एक ऑटो दिखाई दिया.

अनीता उसे देखकर ऑटो स्टैंड से थोड़ा हटकर हाथ दिखाई तो वह ऑटो उसके पास आकर रुक गया. वह ऑटो किसी और रूट का था और वह ड्राइवर अनीता को पहली बार देख रहा था. अनीता जैसी खूबसूरत औरत को देखकर उसका दिल धड़क गया. उसे यक़ीन नहीं हो रहा था की उस छोटे शहर में इतनी खूबसूरत औरत उसे सामने दिखाई दे रही थी.

वह ऑटो रोककर अनीता के चेहरे पर देखने के बाद एक नज़र उसकी क्लीवेज पर डाला तो दिल धड़क गया. फिर जब नीचे उसकी नंगीं गोरी पेट और उसके बीच नाभि से लटक रही चमकती हुयी बेल्ली रिंग को देखा तो उसका दिल धड़कने के साथ साथ सांस भी तेज़ हो गया. एक तो बाकी ड्राइवर्स के तरह वह भी अनीता जैसी खूबसूरत औरत को सामने से कभी नहीं देखा था और ऊपर से उसका इस तरह से साड़ी पहने देख ऐसा लग रहा था की सामने कोई एक्ट्रेस या मॉडल कड़ी हो.

अनीता उसे खुद की बदन पर देखते हुए देख ली मगर उसके बारे में सोचे बिना उससे puchhi,"Mujhe मार्किट जाना है".

अनीता की आवाज़ सुन्न कर वह होश में आया और उसे देखा और देखने के बाद एक नज़र ऑटो स्टैंड पर खड़े दो ऑटो को देखकर bola,"Memsaheb मार्किट का ऑटो वहां से मिलेगा आपको".

अनीता एक नज़र उधर देखि जहाँ उस वक़्त भी झमेला चल रहा था. वह एक नज़र उधर देखने के बाद boli,"Jee मुझे पता है, मगर वहां लाइन को लेकर दोनों ड्राइवर्स के बीच झमेला चल रहा है. अब पता नहीं कब यह झमेला ख़तम होगा और मुझे लेट भी हो रही है".

यह सुन्न कर ड्राइवर थोड़ा सोच में पद गया. एक तो इतनी खूबसूरत औरत उसे पहली बार इतना सामने से दिखी थी वह भी बदन दिखाऊ कपडे में और ऊपर से वह उसके ऑटो में बैठने के लिए बोल रही थी. यह मौका उसे गंवाने का मैं नहीं कर रहा था मगर वह यह भी जानता था की अगर कोई उस रूट का ड्राइवर उसे यहाँ से पैसेंजर उठाते हुए देख लेगा तो यह भी एक अलग झमेला का बात हो जायेगा.

वह यह सोच hi रहा था की उसके कान में अनीता की आवाज़ padi,"Kya सोच रहे हैं? आप नहीं जायेंगे क्या? ? मैं रिज़र्व करके जाउंगी. जो भी आपको सही भाड़ा लगेगा मैं दे दूंगी".

ड्राइवर अनीता की बात सुन्न कर उसके तरफ देखा और फिर एक नज़र ऑटो स्टैंड के तरफ देखने के बाद bola,"Achha ठीक है मेमसाहेब. जल्दी बैठिये. नहीं तो कोई मुझे यहाँ से पैसेंजर उठाते देख लेगा तो मुश्किल हो जायेगा".

अनीता यह सुन्न कर जल्दी से बैठती हुयी boli,"Haan ठीक है. चलिए अब".

वह ऑटो ड्राइवर एक नज़र ऑटो स्टैंड के तरफ देखते हुए ऑटो आगे बढ़ा दिया. ऑटो वहां से जाने के लगभग 2 मिनट बाद उन दोनों ड्राइवर्स के बीच का झगड़ा ख़तम हुआ. भीड़ में दो तीन लोग वह दोनों को समझा कर बात को सलत दिए. उनको भी एहि लग रहा था की लाइन के लिए झगड़ा हो रहा था.

झगड़ा ख़तम होने के बाद दोनों ड्राइवर ऑटो स्टैंड के तरफ जाने लगे तो वहां अनीता को न देखकर दोनों का मैं बैठ गया. ऐसा लगा की म्हणत पर पानी फिर गया. दोनों को चोट तो ज़्यादा नहीं लगा था मगर कालर और शर्ट का खींचतान के वजह से शर्ट थोड़ा फट गया था और एक दो बटन भी टूट कर गिर गया था.

दोनों का आँख भी लाल हो चूका था और अनीता को वहां न देखकर जोर जोर से सांस लेकर नाग की तरह फुँकारते हुए एक दूसरे को मैं में गाली देने लगे. समझने के हिसाब से दोनों अपना ऑटो लाइन में लगा लिए और अपने अपने ऑटो के ड्राइवर सीट पर बैठे हुए मैं में एक दूसरे को गाली देते रहे.

वहीँ अनीता उस ऑटो में बैठी मार्किट पहुँच गयी. वह ड्राइवर एक दो बार hi उसे आईने से घूरकर देखा मगर अनीता उसे नज़र अंदाज़ करके चुप चाप बाहर देखती हुयी मार्किट पहुँच गयी.

मार्किट पहुँच कर सब्जी मंडी में घुसने से पहले अनीता एक बार आस पास नज़र दौड़ाई और दौड़ने के बाद चुप चाप गांड मटकती हुयी सब्जी बाजार में घुस गयी. बाजार में भीड़ काम था. अनीता बिना किसी परेशानी के सब्जी लेकर बाजार से निकल गयी. उसकी गांड और नंगी कमर पर भी कोई हाथ महसूस नहीं हुआ. वह सब्जी लेने के बाद ऑटो स्टैंड से ऑटो पकड़ कर वापस आ गयी. रास्ते में कुछ ख़ास हुआ भी नहीं.

अनीता घर पहुँच कर लंच करके सो gayi.Anita 4 बजे के करीब उठकर मुंह हाथ धोकर गार्डन में पानी डकैत नहाने के बाद लिविंग रूम में बैठी नावेल पढ़ रही थी की तभी वो एक आवाज़ suni,"paani puri,paani puri,paani पूरी".

अनीता यह सुनकर जल्दी से उठी और गार्डन से होते हुए गेट के पास जाकर boli,"paani पूरी वाले इधर आइये".

वो वही पानी पूरी वाला था जो अनीता को दो बार पानी पूरी खिला चूका tha.Anita को देखते hi ख़ुशी से वो मुस्कुरा pada.Saath hi अनीता भू उसे पहचान कर मुस्कुराने लगी. अनीता के मुस्कुराते चेहरे को देखकर उसे अच्छा लगा. अनीता घर में होने के कारण मेक उप नहीं की थी. बस होंठों पर थोड़ा लिप ग्लॉस और आँखों में काजल लगायी थी. वह इतनी गोरी और खूबसूरत थी की बिना मेक उप के भी उसकी ख़ूबसूरती में कोई कमी नहीं थी.

अनीता की मुस्कराहट और उसकी खूबसूरत चेहरे को देखकर पानी पूरी वाला खुश तो था hi मगर फिर उसके चेहरे के नीचे नज़र पड़ा तो अनीता को बिना दुपट्टा इतना छोटा कमीज पहने देख उसका दिल धड़क गया.

वो पानी पूरी वाला थोड़ा hi दूर था अनीता से और मुस्कुराते हुए अनीता की तरफ जाने लगा और अनीता भी उसे आता देख मुस्कुराने लगी.

पानी पूरी वाला उसके पास गया तो उसका नज़र अनीता की क्लीवेज पर pada.Uska दिल धड़क गया उसकी क्लीवेज dekhkar.Woh अनीता का इतना गहरा क्लीवेज अपनी आँखों के सामने पहले दो बार देख चूका था मगर हर बार की तरह वह देखने से उसे अच्छा लगता था और एक नया अनुभव होता था जैसे पहली बार देख रहा हो.

ऐसा इसलिए होता था क्यूंकि वह इस छोटे शहर की औरतों को ज़्यादातर ऐसे कपडे पेहेनते देखता था जिसमे उनकी क्लीवेज नहीं दिखती थी और अगर कभी कभी थोड़ा गहरे गले का कपडा कोई पहनी हुयी दिखती भी थी तो क्लीवेज की बस शुरुआत तक hi दीखता था.

अनीता न hi सिर्फ ऐसा कमीज पहनी थी जिसमे उसकी लगभग आधी क्लीवेज दिख रही थी बल्कि वह कोई दुपट्टा भी नहीं पहनी थी. आधी क्लीवेज के साथ साथ दोनों चूँचियों को ऊपरी हिस्सा भी दिख रहा था जिसे देखकर उस पानी पूरी वाले के लुंड में फिर हलचल होने लगा और उसका दिल धड़कने लगा. वह अपने लुंड को ठेले के पीछे से hi धोती में एडजस्ट किया और थूक निगल लिया.

अनीता उसे अपना क्लीवेज घूरते देख रही थी मगर बिना कोई रिएक्शन के boli,"are आप?".

वह पानी पूरी वाला अनीता की आवाज़ सुनकर घबराकर उसकी क्लीवेज से आँख हटाकर उसके चेहरे के तरफ देखा तो वह मुस्कुरा रही थी. पानी पूरी वाला घबराकर bola,"jee जी मेमसाहब. नमस्ते".

अनीता मुस्कुराती हुयी boli,"Namaste".

पानी पूरी वाला यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Kaisi हैं आप मेमसाहेब?"

अनीता यह सवाल का उम्मीद नहीं कर रही थी इसलिए एक पल के लिए सोचकर मुस्कुराती हुयी boli,"Haan ठीक हूँ. आप कैसे हैं?"

पानी पूरी वाला मुस्कुराते हुए bola,"Jee मेमसाहब हम भी अच्छा हूँ".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Achhi बात है".

फिर वह कान के पास का बाल पीछे करती हुयी boli,"Mujhe साफ़ सुथरा और टेस्टी पानी पूरी खिलाइये और हाँ इस बार तीखा बनाइयेगा".

पानी पूरी वाला मुस्कुराते हुए चुपके से एक नज़र अनीता की क्लीवेज देखकर "हाँ" में सर हिलाते हुए bola,"Jee मेमसाहेब" और फिर मसाला बनाने लगा.

अनीता भी गेट से तीन चार कदम चलकर सामने सड़क पर ठेले के पास आ गयी और मुस्कुराती हुयी मसाला बनते देखने लगी. अनीता के इतने करीब होने से पानी पूरी वाला मसाला बनाते बनाते कभी कभी अनीता की क्लीवेज भी देख लेता.

अनीता उसे खुद की क्लीवेज देखते देख ली मगर उसके लिए यह कोई नया बात नहीं था तो वो चुप चाप कड़ी rahi.Thoda देर बाद मसाला बनाकर पानी पूरी वाला अनीता को पानी पूरी खिलने laga.Anita थोड़ा झुककर पानी पूरी मुंह में रखने लगी तो पानी पूरी वाला उसकी क्लीवेज देखने लगा. अनीता फिर मुस्कुराती हुई मज़े से पानी पूरी खाने लगी.

पानी पूरी वाला अनीता को मुस्कुराता देख poochha,"memsaheb ठीक बना है तो".

अनीता मज़े से अपनी पतली ऊँगली से परफेक्ट का शेप बनती हुई boli,"ek डैम परफेक्ट बानी hai,tasty है".

पानी पूरी वाला मुस्कुराता हुआ उसे एक और पानी पूरी देकर bola,"Ee जान कर हुंका ख़ुशी हुआ मेमसाहेब. पिछले बार हम आपको अच्छा पानी पूरी खिला नहीं पाएं तो हुंका बहोत अफ़सोस हुआ था"

अनीता तब तक पहला पानी पूरी खा ली और उसका बात सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Are कोई बात नहीं एक बार ग़लती से हो गया. और ऐसे भी सिर्फ थोड़ा मिर्च hi तो ज़्यादा दाल दिया था आपने, टास्ते में कोई खराबी नहीं थी. आप सच में बहोत टेस्टी पानी पूरी बनाते हैं. मैंने तो सोचा भी नहीं था की यहाँ इतना टेस्टी पानी पूरी मिलेगा, वह भी घर के सामने hi".

अनीता यह बोलकर दूसरा पानी पूरी मुंह में डालते वक़्त थोड़ी झुकी तो पानी पूरी वाला फिर उसकी क्लीवेज देखने laga.Anita चुप चाप मस्ती में पानी पूरी मुंह में डालकर खाने लगी.

पानी पूरी वाला उसकी क्लीवेज देखने के बाद bola,"Memsaheb आपको हमरा पानी पूरी इतना पसंद आया ी सच में हमरे लिए बहोत बड़ी बात है."

इतना बोलकर वह एक और पानी पूरी अनीता की हाथ में पत्ते की कटोरी में डालते हुए bola,"Ee लीजिये मेमसाहेब और खाइये".

अनीता दूसरा पानी पूरी कहती हुयी उसके द्वारा एक और पानी पूरी कटोरी में रखने पर मुस्कुरा दी और वह दूसरा पानी पूरी खाकर puchhi,"Aese मुझे आपका पानी पूरी पसंद आया इसमें कौन सा बड़ा बात है. आप अच्छा बनाएंगे तो अच्छा लगेगा hi. सच में मुझे तो खाने में बहोत मज़ा आ रहा है".

यह बोलकर अनीता तीसरा पानी पूरी मुंह में रख के खाने लगी और पानी पूरी वाला फिर अनीता की क्लीवेज देखने लगा. अनीता देख चुकी थी की वह उसकी क्लीवेज देख रहा था मगर नज़र अंदाज़ करके आराम से पानी पूरी खाने लगी.

वहीँ पानी पूरी वाला भी मुस्कुराता हुआ एक पल झिझकने के बाद bola,"Memsaheb बड़ा बात तो है hi हमरे लिए. मेमसाहेब हम जब आपको पहली बार देखे थे तो हुंका यक़ीन था की आप ज़रूर कउनो बड़ा सेहर की होगी. आपको देखके लागत hi है की आप इहाँ का नहीं हो और आप बोल भी रहत हो की इहाँ ऐसा पानी पूरी मिलेगा आप सोची भी नहीं थी. अब आप जैसा सेहरी मेमसाहेब का हम ग़रीब का छोटा मोटा पानी पूरी का दुकान का पानी पूरी इतना पसंद आ गवा ी तो हमरे लिए बड़ा बात hi हुआ न".

अनीता यह सुन्न कर मुस्कुराती हुयी तीसरी पानी पूरी कहती रही वहीँ पानी पूरी वाला भी अब थोड़ा आराम से अनीता की देख रहा था और कभी कभी तिरछी नज़र से उसकी चूंकि की उभर और क्लीवेज भी देख रहा था. उसका नज़र अनीता की चूंकि और क्लीवेज पर था तो अनीता उसके तरफ कटोरी बढाती हुयी puchhi,"Aur मिलेगा या अब बाकी पानी पूरी आप बाजार में बेचेंगे?"

पानी पूरी वाला यह सुनकर थोड़ा घबराकर उसके चेहरे पर देख कर थोड़ा झेंप कर bola,"Are मेमसाहेब जितना मर्ज़ी उतना खाइये आप. हुंका तो बेचने से मतलब है" फिर वह एक पानी पूरी उसके कटोरी में रखते हुए bola,"Ee लीजिये".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराई और फिर वह मसाला वाला बर्तन के तरफ अपनी गोरी खूबसूरत पतली इंडेक्स फिंगर दिखती हुयी boli,"ek और कच्चा मिर्च डालिये. आज तो मैंने मेक उप नहीं किया है तो कोई टेंशन नहीं" और यह बोलकर अनीता खिखिलने लगी "हेहेहे" और फिर वह पानी पूरी मुंह में डालने के लिए झुकी तो वह पानी पूरी वाला उसकी क्लीवेज देखने लगा.

अनीता वह पानी पूरी मुंह में डालकर सीधा होकर पानी पूरी वाले को देखकर मुस्कुराती हुयी खाने लगी तो पानी पूरी वाला मुस्कुराते हुए उसको देखा और फिर अपने मसाला वाला बर्तन के तरफ देखकर हरा मिर्च काटने लगा.

अनीता यह देखती हुयी चौथा पानी पूरी खा रही थी. पानी पूरी वाला हरा मिर्च काटकर मसाला में मिला दिया और पानी पूरी में मसाला भर कर अनीता की कटोरी में रखकर bola,"Ee लीजिये मेमसाहेब. उम्मीद करात हूँ की तीखा ठीक होगा".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी उसे उठाकर खाने लगी. वह उसे मुंह में रखकर थोड़ा खाने के बाद फिर से अपनी पतली उँगलियों से परफेक्ट का शेप बनाकर मज़े से पानी पूरी खाने लगी. पानी पूरी वाला यह देखकर खुश हो गया.

पानी पूरी वाला ख़ुशी से अनीता से bola,"Aur कउनो चीज़ डालना हो तो बताइयेगा मेमसाहेब. जैसा आपको पसंद हो वैसा बनाकर खिलाऊंगा हम. हम अब आपको शिकायत का कउनो मौक़ा नहीं दूंगा. देखिये मेमसाहेब और कुछ हो डालना है तो बताइये".

अनीता यह सुनकर वह पानी पूरी खाने के बाद मुस्कुराती हुयी boli,"Are नहीं आपने एक दम परफेक्ट पानी पूरी बनाया है. तीखा भी एक दम सही है. और दीजिये मुझे".

पानी पूरी वाला ख़ुशी से सर हिलाते हुए अनीता को एक और पानी पूरी दिया जिसे खाते वक़्त अनीता की आँख में थोड़ा आंसू आ गया और चेहरा, खासकर उसकी नाक टमाटर जैसी लाल हो गयी मगर वह कहती हुयी मज़े से मुस्कुरा रही थी.

अनीता का गोरा चेहरा लाल होते देख खासकर उसकी प्यारी सी नाक और लाल होते देख पानी पूरी वाले को अच्छा लगने. उसे अनीता वैसे भी अच्छी लग रही थी और उसका दिल फिर धड़क गया.

वो अनीता की क्लीवेज देखने लगा और एक नज़र क्लीवेज देखने के बाद उसके तरफ टिश्यू पेपर का पैकेट अनीता की तरफ बढ़ाते हुए bola,"Ee लीजिये मेमसाहेब"

अनीता उसके हाथ में टिश्यू पेपर का पैकेट देखकर मुस्कुराती हुयी boli,"Are वाह आपने तो टिश्यू पेपर भी रखा है".

पानी पूरी वाला मुस्कुराते हुए ख़ुशी से bola,"Haan मेमसाहेब. ख़ास आपके लिए hi रखे हैं. वह पिछली बार हमरे वजह से आपका मेक उप ख़राब होइ गवा था तो हम सोच लिए की हम टिश्यू पेपर भी रखेंगे ताकि आपको दौड़ कर घर में जाना न पड़े या बैग से निकलना न पड़े. सब चीज़ आपको इहाँ हमरे ठेला पर hi मिल जायेगा".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी पानी पूरी वाले के हाथ में टिश्यू पेपर के पैकेट से एक टिश्यू पेपर निकलकर boli,"Thank यू. सो स्वीट ऑफ़ यू".

पानी पूरी वाला को बस थैंक यू hi समझ आया तो वह मुस्कुराने लगा. अनीता उस टिश्यू पेपर से अपनी आँख के कोने से थोड़ा आंसू पोंछी तो पानी पूरी वाला उसे देखने के बाद नज़र नीचे उसकी क्लीवेज पर ले गया. अनीता उसे खुद की क्लीवेज को देखते हुए देख ली. वह चुप चाप आंसू पोंछने के बाद अपनी कटोरी आगे बढ़ा दी मगर कुछ बोली नहीं.

पानी पूरी वाला का ध्यान जब कटोरी के तरफ गया तो वह कटोरी देखने के बाद एक नज़र अनीता को देखते हुए bola,"Haan मेमसाहेब और डेट हूँ. ु आप आंसू पोंछ रही थी तो हम नहीं दिए".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Are कोई बात नहीं आपको सफाई देने की ज़रूरत नहीं है. आप आराम से मुझे पानी पूरी खिलाइये. मुझे कहीं जाना नहीं है की जल्दबाज़ी हो. कहीं जाना रहता तो थोड़ा बहोत मेक उप की हुयी होती और इतना तीखा नहीं खाती. हेहेहे".

पानी पूरी वाला अनीता को खिलखिलाता देख ख़ुशी से मुस्कुराने लगा और एक पानी पूरी कटोरी में डालने लगा तो अनीता मुस्कुराती हुयी boli,"Aese अगर आपको लेट हो रही है तो जल्दी जल्दी कर सकते हैं. आपको बाजार में भी बेचने जाना है".

पानी पूरी वाला यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Are मेमसाहेब यहां जाना तो है hi लेकिन अभी जो हमरे सामने कस्टमर है उनको तो अच्छे से पानी पूरी खिलाई दू".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी पानी पूरी मुंह में डालकर फिर से मज़े से खाने लगी. इस बार कहते वक़्त अनीता अपनी दायी हाथ हिलने लगी और उसकी नाक और लाल होने लगी. साथ hi अगले पल आंसू का एक बंध उसकी चूंकि पर गिर गया और गिरने के बाद फिसल कर उसकी क्लीवेज में घुस गया.

अनीता यह महसूस करके पानी पूरी कहती हुयी टिश्यू पेपर से आँख और उसके थोड़ा नीचे पोंछने लगी. पानी पूरी वाला का नज़र अनीता की क्लीवेज पर था जहाँ आंसू को घुसता देख उसका लुंड में हलचल हो गया.

अनीता चुप चाप आँख के पास पोंछने के बाद अपनी चूंकि के ऊपरी भाग जहाँ आंसू गिरा था वहां एक बार पोंछ ली और अगले पल अपनी क्लीवेज के शुरुआत में पोंछने लगी और पोंछकर पानी पूरी वाला के तरफ देखि तो उसे खुद की क्लीवेज देखते हुए पायी.

पानी पूरी वाला का लुंड में ऐसे hi हलचल था और जब वह अनीता को बिना शर्म के उसके सामने hi अपनी चूंकि और क्लीवेज को पोंछते देखा तो उसका लुंड झटका मार दिया. वह अनीता का क्लीवेज देखते हुए अपने बाए हाथ से चुपके से धोती के ऊपर से लुंड को एडजस्ट कर लिया.

अनीता उसको अपनी क्लीवेज देखते हुए देख ली मगर हर बार की तरह उसे कोई फ़र्क़ नहीं पड़ा और वह अगले पल मुस्कुराती हुयी कटोरी आगे बढाती हुयी boli,"Ab तीखा लगने लगा. दो बार आंसूं निकल गया अब और नहीं. सूखा दीजिये".

पानी पूरी वाला मुस्कुराते हुए bola,"Jee मेमसाहेब और वह एक सूखा पूरी दे दिया".

अनीता उसे खाने लगी तो वह फिर उसकी क्लीवेज देखने लगा.

अनीता मज़े से वह पूरी खाकर टिश्यू से अपनी उँगलियाँ पोंछती हुयी boli,"ek मिनट रुकिए, मैं पैसे लाकर देती हूँ".

पानी पूरी वाला यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Are मेमसाहेब कउनो बात नहीं, आप परेशान क्यों हो रही है. अगला बार दे दीजियेगा".

अनीता टिश्यू पेपर उसी थैला में फेंकी जहाँ वह कटोरी फेंकी थी और मुस्कुराती हुयी boli,"Are परेशानी की क्या बात हुयी. मैं यूँ गई और यूँ आई".

यह बोलकर जैसे hi अनीता घूमी तो पानी पूरी वाले का दिल फिर धड़कने laga.Uss ग़रीब बूढ़े पानी पूरी वाले ने ऐसी कमीज सिर्फ एक बार hi देखि थी जिसमे औरत की आधी पीठ नंगी दिखे और वह एक बार भी अनीता को hi पहने देखा था. अनीता की कमीज सिर्फ आगे से hi डीप नहीं थी बल्कि पीछे से और भी डीप और चौड़ा गले का था जिसमे उसकी लगभग आधी पीठ नंगी थी और गले के पास स्ट्रिंग से बंधा था और उसकी नंगी पीठ पर स्ट्रिंग लटक रहे थे जो उसे और भी कामुक बना रही थी.

अनीता अपनी बाल साइड में करके गिरायी हुयी जिसके कारण उसकी पीठ बाल से ढकी नहीं थी. वह बूढ़ा टीवी पर वैसा ब्लाउज तो देखा tha,balki पिछली बार अनीता को खुद वैसा ब्लाउज पहने देखा था मगर वैसा कमीज सिर्फ अनीता को hi पहने देख रहा था.

वह अनीता की नंगी गोरी पीठ तब तक देखता रहा जब तक अनीता गेट के अंदर नहीं चली gayi.Gate के पास जब अनीता पहुंची तो वह नज़र नीचे करके उसकी गांड को देखने लगा जो चलने से हिल रही थी. उस बूढ़े के लुंड में हरकत होने लगी अनीता की पीठ और फिर उसकी थिरकती हुयी गांड देखकर.

वह सोचा भी नहीं था कभी की कोई औरतजी कमीज भी पेहेन सकती hai,woh भी पेहेन कर उसके आँखों के सामने आये. अनीता को देख उसका लुंड हरकत करने लगा.

वो बूढ़ा आस पास देखकर अपना लुंड धोती के ऊपर से सहलाने लगा और उसे सहलाना जारी रख के खुद को शांत करने का कोशिश करने लगा. एफ 4-5 बार hi लुंड पर हाथ फिराया था की उसे होश आया और वह लुंड को धोती में एडजस्ट करके चुप चाप खड़ा हो गया और जैसे तैसे खुद को कण्ट्रोल करने लगा.

उसका साँसे तेज़ था की तभी अनीता मुस्कुराती हुई आकर उसे पैसे देती हुयी बोली, "थैंक You,paani पूरी टेस्टी था. मुझे मज़ा आया".

पानी पूरी वाला पैसे लेकर मुस्कुराते हुए bola,"Memsaheb आपको हमरा पानी पूरी पसंद आया ी हमरे लिए बहोत बड़ा बात है".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी बोली," अच्छा ठीक है मैं चलती हूँ" और यह बोलकर वापस जाने lagi.Budha उसके आते वक़्त उसकी चूंकि और क्लीवेज देखते रहा और अनीता यह जानती थी की वो कहाँ देख रहा था मगर वो नार्मल रहकर पैसे देकर चली गयी.

जब वो जा रही थी तो फिर से वो बूढ़ा पानी पूरी वाला अनीता की गोरी चिकनी पीठ देखने लगा और फिर उसकी हिलती हुयी गांड देखने लगा और तभी नज़र हटाया जब अनीता अंदर जाकर गेट बांध कर di.Wo बूढ़ा एक पल अनीता की हिलती हुयी गांड के बारे में सोचकर अपना लुंड सहलाया और फिर गहरी सांस लेकर खुद को कण्ट्रोल करते हुए चला गया.
 
अपडेट 22

राज रात में आया तो दोनों पति पत्नी चुदाई के बाद पुरे नंगे हुए एक दूसरे की बाँहों में पड़े हुए थे. राज अनीता की आँखों में देखते हुए bola,"Jaan घर में काम करने के लिए एक नौकरानी मिली है. हो सके कल आएगी. तुम अपना हिसाब से बात कर लेना. महीना में कितना देना है यह भी तुम समझ लेना".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Thank यू जान. तुम इंतज़ाम कर दिए. अब इसके आगे मेरी ज़िम्मेदारी है" और यह बोलकर अनीता राज के बाल में हाथ फिरती हुयी उसके होंठों को चूमने लगी. दोनों पति पत्नी फिर से एक दूसरे के होंठों को चूमने लगे और कुछ देर तक चूमने के बाद दोनों सो गए. राज के पास इतना ताकत नहीं बचा था की वह अपनी खूबसूरत, जवान और सेक्सी बीवी को एक बार और चोदे.

अगले दिन राज के ऑफिस जाने के बाद अनीता अपनी कमरे में बैठी नावेल पढ़ रही थी की तभी बेल्ल दूर बजा. अनीता जाकर दरवाज़ा खोली तो सामने एक लड़की कड़ी थी. अनीता उसे एक नज़र देखि तो वह लड़की थोड़ा घबराती हुयी boli,"Na..namaste मेमसाहेब".

अनीता उसे देखती हुयी मुस्कुराकर जवाब di,"Namaste".

वह लड़की अगले पल boli,"Woh मेमसाहेब घर के काम के लिए मुझे बोलै गया यहाँ आने के लिए. आपको कोई काम करने के लिए चाहिए था".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Ohh हाँ. आओ".

अनीता यह बोलकर उसे अंदर आने के लिए जगह दी और दरवाज़ा बांध करके घूमी तो वह लड़की थोड़ी घबराई हुयी घर को देख रही थी. अनीता को अंदाजा हो गया था की वह लड़की 20-21 साल से ज़्यादा की नहीं थी. एक पलाइन सलवार कमीज और सीने पर दुपट्टा राखी हुयी थी.

अनीता दरवाज़ा बांध करके उसके पास गयी तो वह अनीता को देखि. अनीता भी एक सलवार कमीज पहनी थी मगर उसके सीने पर दुपट्टा नहीं था. उसकी क्लावागे भी आधी दिख रही थी. वह लड़की एक नज़र अनीता के पहनावे को देखने के बाद उसके चेहरे पर देखि तो अनीता मुस्कुरा कर boli,"Kya बात है? तुम घबराई हुई लग रही हो?"

वह लड़की अनीता के गेट खोलने के बाद उसे देखकर hi थोड़ा घबराने लगी थी. इतनी खूबसूरत और मॉडर्न औरत को देखकर उसे थोड़ा घबराहट हो रहा था. अनीता को देखकर उसे लगा की कहीं वह घमंडी या गुस्से वाली न हो और उसके लिए यहाँ काम करना मुश्किल न हो जाये मगर जब अनीता मुस्कुराती हुयी उसके नमस्ते का जवाब दी तो उसे थोड़ा अच्छा लगा मगर फिर भी वह घबराई हुयी थी.

वह लड़की चुप चाप "न" में सर हिलती हुयी boli,"Na.. नहीं मेमसाहेब. वह बस घर देख रही थी. बहोत hi अच्छा घर है आपका".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Thank यू. चलो मैं तुम्हे पूरा घर दिखा देती हूँ ताकि तुम्हे अंदाज़ा लग जाये की साफ़ सफाई यह सब में कितना म्हणत और वक़्त लगेगा तो तुम उस हिसाब से बता सकती हो कितना पैसा लोगी. ठीक है?".

वह लड़की हल्का मुस्कुराती हुयी "हाँ" में सर हिलायी और अनीता के साथ पूरा घर देख ली. अनीता उसे दोनों बैडरूम, एक स्टोर रूम और छत पर का रूम दिखा दी और फिर बाहर का गेस्ट रूम दिखने के बाद दोनों वापस लिविंग रूम में आ गए.

घर दिखने के के लिए अनीता आगे आगे चल रही थी और वह लड़की उसके पीछे. अनीता का पीठ देख कर वह लड़की का दिल धड़क गया. वह ज़िन्दगी में ऐसा कमीज नहीं देखि थी जिसका गाला आगे से इतना गहरा हो की एक तिहाई चूंकि दिखे और पीछे से इतना गहरा हो की आधा पीठ नंगी दिखे.

अनीता की नंगी पीठ को देखकर वह लड़की सोचने लगी की अनीता कितनी खूबसूरत है की उसकी पीठ पूरी गोरी है और ज़रा सा कहीं भी दाग नहीं था. वह कमीज का लम्बाई भी एक नज़र देखि जो अनीता की गांड के दो से तीन इंच नीचे hi ख़तम हो जा रही थी जिसके कारण उसके चलने पर गांड की थिरकन साफ़ साफ़ महसूस हो रही थी.

वह लड़की इतनी खूबसूरत औरत और वह भी ऐसे कपडे में कभी नहीं देखि थी. वह लड़की की लम्बाई लगभग 5' था वहीँ अनीता 5'6" की थी तो अनीता उससे 6" लम्बी थी. उसका दिल अनीता की ख़ूबसूरती और लम्बाई देखकर धड़क जा रहा था.

घर दिखने के बाद अनीता लिविंग रूम में आकर boli,"Mujhe यक़ीन है की तुम्हे आईडिया हो गया होगा की कितना काम है".

यह बोलकर अनीता सोफे के तरफ जाने लगी तो वह लड़की puchhi,"Bas साफ़ सफाई hi करना है मेमसाहेब? खाना बनाना या किचन का काम".

अनीता यह सुनकर सोफे के पास जाकर boli,"Nahin खाना वैज्ञारह नहीं बनाना होगा. किचन का काम मैं खुद करती हूँ. मुझे खाना बनाना अच्छा लगता है. तुमको पूरा घर में झाड़ू लगाकर अच्छे से पोंछना है. और घर मतलब सिर्फ फ्लोर, मेरा मतलब है सिर्फ फर्श hi नहीं, दीवार और घर में रखे हुए सामान की भी साफ़ सफाई करना होगा. मतलब पूरा घर चमकते रहना चाहिए".

फिर वह सोफे पर बैठती हुयी boli,"Aao बैठकर बात करते हैं".

वह लड़की सर हिलती हुयी अनीता के सोफे के पास रखे कारपेट पर बैठने लगी तो अनीता boli,"Are नीचे क्यों बैठ रही हो. सोफे पर बैठो".

वह लड़की थोड़ा शर्मिंदा होती हुयी boli,"Nahin मेमसाहेब मैं एहि ठीक हूँ".

अनीता यह सुनकर थोड़ा नाराज़गी से boli,"Nahin पहले ऊपर बैठो फिर आगे बात होगा".

वह लड़की यह सुनकर मुस्कुराती हुयी उठी और सोफे पर सहम काट बैठकर अनीता के तरफ देखि तो वह मुस्कुराती हुयी puchhi,"Ab बताओ महीने में कितना पैसा लोगी".

वह लड़की एक नज़र पूरा घर देखकर boli,"Memsaheb वह स्टोर रूम तो साफ़ कर दूंगी मगर उसमे भारी सामान है तो वह सब तो मुझसे हटेगा नहीं. सामान को हटाए बिना रोज़ जितना साफ़ होगा उतना साफ़ कर दूंगी. पहला दिन तो उसमे साफ़ सफाई में बहोत टाइम लगेगा. लेकिन मैं कर लुंगी".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Haan बात तो सही है. स्टोर रूम में पुराने फर्नीचर्स रखे हैं जो तुमसे हटेगा नहीं. तुम जैसा बोल रही हो वैसे hi करना. मैं फर्नीचर्स को सही से अर्रंगे करने का कोई हिसाब बैठाऊंगी तब तक के लिए जैसा सही लगे वैसा कर सकती हो. मगर जब फर्नीचर्स को स्टोर रूम में अर्रंगे करवाउंगी तो तुम्हे साफ़ करने आना होगा. ठीक है?"

वह लड़की "हाँ" में सर हिलायी तो अनीता मुस्कुराती हुयी boli,"Achha अब बताओ तो कितना पैसा लोगी या अभी और कुछ पूछना है? ".

वह लड़की थोड़ा घबराती हुयी boli,"Memsaheb साफ़ सफाई करके जा सकती हूँ या दिन भर रहना होगा".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Bas साफ़ सफाई करके जा सकती हो".

वह लड़की यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Theek है मेमसाहेब. मैं... मैं 3000 लुंगी".

3000 बोलते उस लड़की का दिल धड़क रहा था. उसे लग रहा था की कहीं अनीता मन न कर दे. वह धडाडकते दिल से बोलकर अनीता को देखने लगी जो यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Theek है. मैं 3000 के जगह 4000 दूंगी, मगर मुझे काम अच्छा चाहिए. तुम्हे सुबह में आना होगा, जैसे आज आयी हो और पूरा घर अच्छे से साफ़ रखना होगा. यह पूरी ज़िम्मेदारी तुम्हारी होगी. मैं पीछे घूमकर काम नहीं करवाउंगी. भरोसा करुँगी की अच्छे से काम करोगी और मुझे डिसअप्पोइंट मेरा मतलब है की मुझे शिकायत का मौका मत देना".

4000 सुनकर वह लड़की खुश हो गयी और अनीता जब तक बात बोलती रही तब तक उसकी बात सुनते हुए तीन चार बार सर हिला दी और आखरी में boli,"Memsaheb शिकायत का मौका नहीं दूंगी"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी की puchhi,"Achha अब काम आज से करना है या कल से?"

वह लड़की अनीता को देखकर मुस्कुराती हुयी boli,"Memsaheb कल से करुँगी".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Theek है. तुम कुछ piyogi?Thanda पानी, कोल्ड ड्रिंक या जूस?"

वह लड़की यह सुनकर थोड़ी शर्मिंदगी से अनीता के तरफ देखती हुयी "न" में सर हिलती हुयी boli,"Nahin मेमसाहेब कुछ नहीं".

अनीता यह सुनकर उठती हुयी boli,"Are कुछ कैसे नहीं? इतनी गर्मी है बाहर. बताओ क्या पियोगी?".

अनीता को उठता देख वह लड़की उठती हुयी boli,"Memsaheb रहने दीजिये".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Achha ठीक है. मगर जब यहाँ काम करोगी तो किसी भी चीज़ की ज़रूरत पड़ने पर बेझिझक बताना".

वह लड़की मुस्कुराती हुयी "हाँ" में सर हिलती हुयी boli,"Jee मेमसाहेब. अब मैं चलती हूँ".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Theek है".

वह लड़की सोफे से उठ गई तो अनीता भी उठकर उसके साथ गेट के पास आयी और उसके जाने के बाद गेट बांध करके अपनी रूम में चली गयी.
 
अपडेट 23

अगले दिन वह लड़की आकर घर का साफ़ सफाई कर दी. स्टोर रूम को भी जितना हो सके अच्छे से साफ़ कर दी. अनीता उसके काम से खुश थी. जब वह जाने लगी तो अनीता उसे 200 रुपये देती हुयी boli,"Yeh लो. महीना तो आखरी दिन hi दूंगी. यह आज एक्स्ट्रा काम की हो उसके लिए है. स्टोर रूम बहोत गन्दा था मुझे पता है. तुम्हे बहोत टाइम लग गया. उसके लिए दे रही हूँ".

वह लड़की पैसा लेकर मुस्कुराती हुयी boli,"Shuqriya मेमसाहेब. आप बहोत अच्छी हैं"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Achha तुमने तो अपना नाम hi नहीं बताया और मैं भी पूछना भूल गयी. और अपना मोबाइल नंबर देकर जाओ. कभी कोई एक्स्ट्रा काम होगा तो फ़ोन कर दूंगी".

वह लड़की मुस्कुराती हुयी boli,"Jee मेरा नाम चंदा है".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Bahot hi प्यारा नाम है".

चंदा अनीता की बात सुनकर शर्मा गयी और boli,"Memsaheb मेरा मोबाइल नंबर ले लीजिये".

यह बोलने के बाद अनीता अपनी मोबाइल में उसका नंबर सेव कर ली. इसके बाद चंदा वहां से चली गई.

चंदा रोज़ राज के जाने के बाद आकर घर की सफाई कर देती. अनीता भी उसके काम से खुश थी और चंदा को भी वहां काम करके खुश थी. उसे यक़ीन नहीं होता था की अनीता दिल की इतनी अच्छी है की कभी कुछ उल्टा पलटा नहीं बोलती या सख्ती दिखती थी. अनीता की अच्छे देख वह भी अच्छे से काम करने का सोचती थी ताकि उसके भरोसे पर खड़ा उत्ते और कभी शिकायत का मौका न दे.

फ्राइडे को अनीता जब बाजार गयी तो हरिया उसे दिखाई नहीं दिया. वह एक नज़र उसके खड़े होने वाले जगह पर डालकर आगे बढ़ी hi थी की तभी वो रूककर दूसरी तरफ देखि.

उधर देखने पर वह हरिया को पान के दूकान पर खड़ा पुड़िया फेरते हुए खुद की तरफ मुस्कुराते हुए dekhi.Hariya पुड़िया फाड़कर उसे मुंह में डालकर उसके पैकेट को साइड में फ़ेंक दिया.

अनीता उसको पैकेट फेंकते देखि की तभी हरिया अपने हाथ को पंत के ऊपर से hi लुंड पर रखकर उसे मसल दिया और अनीता की आँखों में देखते हुए मुस्कुरा दिया. अनीता भी उसे लुंड मसलते हुए देखि और फिर उसके मुस्कुराने पर वो भी मुस्कुरा दी और घूमकर बाजार के अंदर जाने लगी. अंदर जागे वक़्त अनीता की गांड की मटक बढ़ गयी थी और हरिया उसकी गांड की मटक देखते हुए पीछे पीछे चलने लगा.

अनीता कमीज पेहेन कर बाजार गयी थी और वह कमीज उसकी गांड से दो इंच नीचे तक hi थी ऐसे में चलने से उसकी गांड की थिरकन सलवार और कमीज के ऊपर से भी समझ आ रही थी.

अनीता चंदा के जाने के बाद बाजार गयी थी तो लेट से पहुंची थी. ऐसे में बाजार में सन्नाटा था. ज़्यादातर सब्जी वाले सब्जी बेचकर जा चुके थे और उनमे से एक वह सब्जी वाला भी था जिससे अनीता सब्जी लेती थी. अनीता यह देखकर परेशां हो gayi.Woh वहाँ कड़ी होकर आस पास देखती तो दिखा की सभी सब्जी वाले जा चुके थे.

वो फिर घूमकर पीछे देखि तो हरिया उसके तरफ hi आ रहा tha.Hariya उसे देखकर फिर मुस्कुराया और अनीता के पास जाकर उसकी कमीज के ऊपर से hi गांड दबाते हुए पूछा hai,"Kaisi हैं आप मेमसाहेब?"

अनीता यह सुनकर उसके तरफ देखकर हल्का मुस्कुराती हुयी boli,"Haan अच्छी हूँ हरिया जी. आप कैसे हैं".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए दाए हाथ से अनीता की गांड दबाते हुए और संग संग बाये हाथ से पंत के ऊपर से खुद का लुंड सहलाते हुए bola,"Hum भी अच्छे हैं मेमसाहेब. एक दम फास्ट क्लास".

अनीता हरिया को लुंड सहलाते देखि और फिर उसे देखकर मुस्कुराती हुयी boli,"Achhi बात है हरिया जी" और फिर आस पास देखती हुयी boli,"Aaj बहोत लेट हो गयी मैं हरिया जी. देखिये सभी सब्जी वाले जा चुके हैं"

हरिया अनीता की गांड पर हाथ फेरते हुए और दूसरे हाथ से अपना लुंड सहलाते हुए bola,"Are कोई बात नहीं मेमसाहब एक दो सब्जी वाले होंगे अभी भी".

अनीता यह सुनकर हरिया के तरफ देखने लगी. हरिया अनीता की आँख में देखते हुए उसकी गांड पर हाथ फेरते हुए bola,"Ab हम आ गए हैं तो आपको परेशां होने का कउनो ज़रूरत नहीं है".

हरिया बाजार खली होने के वजह से बेफिक्र होकर अपना लुंड सेहला रहा था और दूसरा हाथ अनीता की गांड पर फिरा रहा था. अनीता भी बाजार खाली होने से आस पास नहीं देखि और हरिया का बात सुनकर उसके आँखों में देखकर मुस्कुराती हुयी boli,"Haan हरिया जी अब आप आ गए हैं तो कोई न कोई उपाय हो जायेगा".

यह सुनकर हरिया अपना हाथ अनीता की छोटी कमीज में घुसकर सीधे उसकी सलवार के ऊपर से उसकी गांड दबोच लिया और मुस्कुराते हुए bola,"jee मेमसाहब हमारे रहते आपको फिक्र करने का कउनो ज़रुरत नहीं हैं. ी तो हमारा फ़र्ज़ है आपकी मदद करना".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी अपनी गांड पर हरिया का हाथ महसूस करती हुयी उसके आँखों में देखती हुयी boli,"Aese हरिया जी आप काम पर जाते हैं या नहीं. मैं जब भी बाजार आती हूँ आप मेरी मदद करने आ जाते हैं".

हरिया हमेशा से अनीता की गांड उसकी टाइट साड़ी के ऊपर से छूटा था तो ऐसे में उसे अनीता की गांड का एक फांक सही से पकड़ने में मुश्किल होता था. वह बस उसकी गांड को सहलाता और जितना हो सके उतना पकड़ कर दबोचता था, मगर उस दिन अनीता सलवार पहनी थी तो हरिया के लिए काम आसान हो गया था.

वह अनीता की बात सुनकर अपना पूरा हाथ फैलाकर अनीता की गांड दबोच लिया लेकिन फिर भी अनीता की गांड की पूरी फांक हाथ में नहीं aaya.Anita हरिया के आँखों में देखती हुयी अपनी गांड पर उसका हाथ फैलता हुआ महसूस कर रही थी.

हरिया अपना पूरा हाथ फैलकर अनीता की बड़ी गांड जितना हाथ में आया उतना दबोचते हुए bola,"Are मेमसाहब हमारा काम hi है दुकान से गोदाम जाना और गोदाम से दुकान जाना तो ऐसे में कभी कभी थोड़ी देर रूककर आपका इंतज़ार कर लेते हैं ताकि आपकी मदद कर सके और कभी कभी पान वगैरह खाने के लिए रुकते हैं तो आप दिख जाती hain,jaise आज हुआ था".

अपनी गांड दबाये जाने से अनीता अपनी निचली होंठ को दांतों के नीचे भींच कर कराहने से खुद को रोककर हरिया के आँखों में देखती रही.

हरिया अनीता की आँखों में देखने के कारण उसे दांतों के बीच निचला होंठ दबाते हुए धुंधले तरीके से देख लिया और अपना नज़र थोड़ा नीचे करके उसके होंठों को अच्छे से देखते हुए अनीता की गांड का वो भाग को धीरे धीरे सहलाने लगा तो अनीता को थोड़ी राहत मिली और वह अपने होंठोंक को नार्मल कर दी.

हरिया फिर वैसे hi अनीता की गांड को धीरे धीरे सहलाते हुए अपना नज़र नीचे करके खुल्लम खुल्ला उसकी आँखों के सामने hi टाइट कमीज में कैद उसकी चूंकि और क्लीवेज को घूरने लगा.

अनीता उसे खुद की चूंकि और क्लीवेज को घूरते हुए देखकर भी कोई रिएक्शन नहीं दी और चुप चाप वैसे hi कड़ी अपनी गांड पर उसके हाथ को महसूस करती रही.

हरिया उसकी क्लीवेज और चूंकि को देखने के बाद पास में गुटखा थूक दिया. अनीता उसे गुटखा थूकते देखि. हरिया गुटखा थूकने के बाद अपना मुंह गंदे तरीके से साफ़ करके अनीता की आँखों में देखते हुए puchha,"Kyun मेमसाहब ठीक करते हैं न आपकी मदद करने के लिए इंतज़ार करके? हमरे लिए तो आपका मदद करना भी बहोत ज़रूरी काम है".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी हरिया के आँखों में देखती हुई boli,"Ab क्या hi बोलूं मैं हरिया जी. आप तो मेरी मदद करना भी एक ज़रूरी काम समझने लगे हैं. पता नहीं क्या मिलता है आपको मेरी मदद करने से".

हरिया यह सुनकर मुस्कुरा कर अनीता की गांड दबाते हुए वापस अनीता की चूंकि देखने लगा तो अनीता boli,"Hariya जी अब मेरी मदद करने का सोच hi लिया है आपने तो मेरी मदद कीजिये. बताइये सब्जी कहाँ से लूँ?".

हरिया यह सुनकर उसकी चूंकि से नज़र हटाकर उसके आँखों में देखते हुए उसकी गांड को धीरे से सहलाते हुए bola,"Chaliye मेमसाहब हम वहीँ से सब्जी लेंगे जहां से एक बार लिए थे. वह कोना में सब्जी वाला है न ु ससुरा दिन भर रहता है".

अनीता हरिया को देखतकार मुस्कुराती हुई boli,"chaliye हरिया जी".

बाजार खाली था और हरिया बिना किसी चिंता के अनीता की गांड सहलाते और दबाते हुए वह सब्जी वाले के पास पहुंचा.

अनीता के चलने से उसकी गांड हिल रही थी और हरिया उसकी गांड के हिलने का भी मज़ा ले रहा tha.Dono जब सब्जीवाले के पास पहुंचे तो देखा की सब्जी वाला उठ रहा था.

हरिया अभी भी अनीता की कमीज के अंदर हाथ घुसाए सीधा उसकी सलवार के ऊपर से उसकी गांड सहलाते हुए सब्जी वाले से bola,"Are भाई कहाँ जा रहे हो. रुको zara,humari मेमसाहब आयी हैं सब्जी लेने".

सब्जी वाला अनीता को देखा तो उसकी खियबसुरति देखकर उसका दिल धड़क जाता है. वह एक पल के लिए उसे देखते रहा की तब जाकर उसे याद आया की अनीता उसके पास से एक बार और सब्जी ले गयी थी.

वो एक नज़र अनीता को देखने के बाद हरिया को देखकर bola,"Are भाई हम बांध करने hi वाला थे, शाम को खोलते इसके बाद. लेकिन मेमसाहब आ गयी है तो मेमसाहब को सब्जी देकर hi बांध करूँगा. अभी बाथरूम से आकर सब्जी देता हूँ मेमसाहब को".

हरिया उसको देखते हुए अनीता की गांड सहलाते हुए bola,"kyun बे जब भी मेमसाहब सब्जी लेने आती है तुझे मूट लग जाती है".

हरिया के मुंह से "मूट" शब्द सुनकर अनीता की सांस तेज़ हो gayi.Uski सांस तो हरिया द्वारा गांड दबाये जाने से पहले से hi थोड़ी तेज़ थी अब "मूट" सुनकर और तेज़ हो गयी. वह अपनी सांस कण्ट्रोल करती हुयी हरिया को देखि जो की उसके बगल में hi उसकी गांड पर हाथ रखे खड़ा था और सब्जी वाले के तरफ देख रहा था.

सब्जी वाला भी हरिया का बात सुनकर थोड़ाग घबराकर एक नज़र अनीता को देखकर हरिया से धीरे से bola,"Are भैया का बोल रहे हो? मेमसाहब का सोचेगी. आस पास देखकर तो बोलो"

हरिया यह सुनकर bola,"Abe तो तुम मेमसाहब को देखकर मूतने कहे जाते हो?"

सब्जी वाला यह सुनकर थोड़ा गुस्से से उसे देखकर bola,"Ab तुम उसी वक़्त आते हो तो हम का करे. हम का बाथरूम भी नहीं जाये" और यह बोल कर वह जाने लगा.

अनीता उसे जाता देख रही थी की तभी हरिया अपनी हाथ को अच्छे से अनीता की गांड की दाई फांक पर फैला कर जितना हो सकता था उतनी उसकी गांड को पकड़ कर मसल दिया जिसके कारण अनीता की मुंह से सिसकारी निकल gayi,"ouch आह्ह्ह्ह" और वह हरिया के तरफ देखकर boli,"Hariya जी आप भी न".

अनीता यह बोलते वक़्त मुस्कुरा नहीं रही थी तो हरिया को लगा की वह कुछ ज़्यादा hi कर दिया अनीता की गांड को जोर से मसल कर.
 
अपडेट 24

अनीता उसे जाता देख रही थी की तभी हरिया अपनी हाथ को अच्छे से अनीता की गांड की दाई फांक पर फैला कर जितना हो सकता था उतनी उसकी गांड को पकड़ कर मसल दिया जिसके कारण अनीता की मुंह से सिसकारी निकल gayi,"ouch आह्ह्ह्ह" और वह हरिया के तरफ देखकर boli,"Hariya जी आप भी न".

अनीता यह बोलते वक़्त मुस्कुरा नहीं रही थी तो हरिया को लगा की वह कुछ ज़्यादा hi कर दिया अनीता की गांड को जोर से मसल कर.

हरिया इतना सोच hi रहा था की अनीता आगे boli,"Sabji वाले के सामने वह शब्द बोलना ज़रूरी था क्या?"

हरिया जो अपना हाथ अनीता की गांड पर एक जगह रोक रखा था, यह सुनकर वापस उसकी गांड पर फिरते हुए bola,"Ab मेमसाहब वह ससुरा मूतने जा रहा था तो हम वही बोलुंग न".

वह शब्द सुनकर अनीता की सांस फिर तेज़ होने लगी और वह एक पल के लिए गहरी सांस ली तो हरिया उसकी उठती हुयी चूंकि को देखने लगा. अनीता उसे खुद की चूंकि को देखते हुए देखि और सांस लेने के बाद boli,"Theek है हरिया जी लेकिन आप तो यह भी बोल सकते थे न की टॉयलेट जा रहा है जैसा मैंने पिछले बार बताया था".

हरिया अनीता की बात सुनते हुए वापस उसकी आँखों में देखने लगा और गांड पर हाथ फिरते हुए उसकी बात सुनकर bola,"Haan मेमसाहब, लेकिन ससुरा हमको ु टॉयलेट याद hi नहीं था. अब हम तो आपके जितना पढ़े लिखे हैं नहीं की टॉयलेट याद रहेगा. "

अनीता हरिया के मुंह से "टॉयलेट" सुनकर मुस्कुरा दी तो हरिया भी अनीता को देखकर मुस्कुराते हुए उसकी गांड को हल्का से फिर दबोच दिया.

अनीता गांड दबोचे जाने पर मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी आप भी न. आपसे तो बातों में जीतना मुश्किल है".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते रहा और फिर पास में गुटखा थूक दिया. अनीता उसे गुटखा थूकते हुए देखने लगी. हरिया गुटखा थूक कर हमेशा के जैसे गंदे तरीके से मुंह पोंछा मगर उसके होंठो के पास गुटखा का एक टुकड़ा रह गया.

अनीता वह देखकर boli,"Hariya जी वह आपके होंठों के पास अभी भी कुछ लगा हुआ है".

हरिया यह सुनकर अंदाज़ से फिर वैसे hi गंदे तरीके से पोंछा मगर वह जगह मिस हो गया तो अनीता boli,"Ek मिनट" और यह बोलकर वह अपनी बैग से एक टिश्यू पेपर निकली. हरिया उसको वह निकलते हुए देखा. अनीता टिश्यू पेपर निकल कर अपनी खूबसूरत हाथ हरिया के होंठ के पास लेजाकर वहां साफ़ कर दी.

अनीता जब वहां साफ़ कर रही थी तो हरिया अनीता को देखते हुए उसकी गांड मसल रहा था. अनीता अपनी गांड की मांस को हरिया के मजबूत हाथ के गिरफ्त में महसूस करती हुयी उसके होंठ के पास पोंछ रही थी और पोंछने के बाद मुस्कुराती हुयी boli,"Maine पोंछ दिया".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए अनीता को देखा तो वह टिश्यू पेपर उसे देती हुयी boli,"Yeh लीजिये हरिया जी. इससे पोंछियेगा अबसे".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Are मेमसाहब हुंका आदत है ऐसे hi पोंछने का. हम ऐसे hi पोंछ लूंगा न".

अनीता यह सुनकर हरिया से boli,"Offo हरिया जी अब मैं टिश्यू पेपर निकल चुकी हूँ तो फेंकने से अच्छा है आप इसे थोड़ा इस्तेमाल कर ले".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Achha ठीक है मेमसाहब. आप इतने प्यार से दे रही हैं तो हम ले लेता हूँ. लेकिन आप बुरा न मने तो इसको हमरे पॉकेट में रख दीजिये. ु का है की हम थोड़ा बीजी हूँ आपका मदद करने में".

अनीता यह सुनकर हरिया के बाए हाथ के तरफ देखि जिससे वह पंत के ऊपर से अपना लुंड सेहला रहा था. उसका दया हाथ तो अनीता अपनी गांड पर महसूस कर hi रही थी.

अनीता की सांस हरिया को ऐसे खुल्लम खुल्ला अपना लुंड सहलाते देख थोड़ा तेज़ हो गया और वह जोर से सांस लेकर हरिया के तरफ देखि तो वह मुस्कुरा दिया. अनीता भी मुस्कुराती हुयी बिना कुछ बोले उसके शर्ट के पॉकेट में टिश्यू पेपर रख दी.

हरिया टिश्यू पेपर पॉकेट में आने के बाद मुस्कुराते हुए bola,"Thenku मेमसाहब. आपको बुरा तो नहीं लगा की हम आपको रखने बोले. ु थोड़ा हम बीजी हूँ".

हरिया इतना बोलकर अपने लुंड को पंत के ऊपर से अच्छे से सहलाने लगा जिसे अनीता आँखों के कोने से देखि और फिर हरिया के तरफ देखकर मुस्कुराती हुयी boli,"Are नहीं हरिया जी इसमें बुरा मानने का क्या बात है"

हरिया यह सुनकर मुस्कुरा दिया और फिर अनीता की गांड की तरफ देखने लगा. अनीता उसका नज़र देखके समझ गयी की वह उसकी गांड की तरफ देख रहा था. हरिया अगले पल अपना हाथ का बीच का ऊँगली उसकी सलवार के ऊपर से उसकी गांड की दरार में घुसाने का कोशिश करते हुए bola,"Hum बीजी थे मगर आप इतने प्यार से दे रही थी तो हम कैसे नहीं लेते. आप जब इतना प्यार से कुछ देंगी तो हुंका तो लेना hi होगा" और यह बोलकर वह अपना ऊँगली उसकी गांड में घुसा दिया.

अनीता की सांस तेज़ हो गयी अपनी गांड की दरार में उसका ऊँगली महसूस करते hi. वह खुद को कण्ट्रोल करती हुयी दूसरे तरफ देखती हुयी boli,"Hariya जी यह सब्जीवाले भी बहोत टाइम लगा रहे हैं".

हरिया उसकी गांड की दरार में ऊँगली अंदर बाहर करने लगा और वैसे करते हुए bola,"Haan मेमसाहब. ससुरा लग रहा है मूतने के अलावा और भी कुछो कर रहा है".

अनीता यह सुनकर हरिया के तरफ देखकर मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी फिर से आप वैसे hi बोल रहे हैं. आप भी न नहीं सुधरेंगे".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Are मेमसाहब अब आदत है तो का करे".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी अपना सर हिलने लगी तो हरिया आगे bola,"Aur हम कहे सुधरे. हम जैसा हूँ वैसा hi रहूँगा, इसी तरीके से आपका अच्छे से मदद करता रहूँगा हमेशा" और यह बोलते हुए वह उसकी गांड की दरार में ऊँगली अंदर बाहर करते रहा.

अनीता की गांड बड़ी और गद्देदार थी तो उसके बीच की दरार में इतनी गहराई थी की हरिया अपना ऊँगली अंदर बाहर कर सके.

अनीता यह सुनकर बिना कुछ बोले वापस जिधर सब्जी वाला गया था उधर देखने लगी.

हरिया एक पल अनीता को देखते रहा और फिर bola,"Aese मेमसाहब हमने सही कहा न की आप जब भी सब्जी लेने आती है ससुरे को मूट लग जाती है?".

अनीता हरिया का बात सुनकर उसके तरफ देखती हुई हल्का मुस्कुराकर boli,"Hariya जी ज़रूरी थोड़े है की हमारे आने से hi ऐसा हो. वह तो ऐसे भी दूकान बांध कर hi रहा था. हो सकता है दूकान बांध करके टॉयलेट hi जाने वाला था वह. आप भी न हरिया जी बेचारे की खिंचाई करते रहते हैं".

हरिया यह सुनकर दांत दिखते हुए मुस्कुरा दिया. अनीता भी उसको मुस्कुराता देख मुस्कुरारी रही तो हरिया अनीता की चेहरे से नज़र हटके सीधा उसकी चूंकि पर ले गया और उसे ऊपर नीचे होते देखने लगा.

अनीता की क्लीवेज भी लगभग दो इनचेस दिख रही थी और ऐसे में बिना दुपट्टे का टाइट कमीज जो उसकी चूंकि का पूरा आकर दिखने के साथ साथ उसकी क्लीवेज भी दो इनचेस दिखा रही थी वह किसी भी मर्द का लुंड खड़ा कर सकता था और हरिया के साथ भी ऐसे hi हो रहा था.

हरिया तो अनीता की चूंकि को इतने करीब से देख रहा था और साथ hi उसकी गांड से भी खेल रहा था तो उसके लुंड में हरकत होना hi tha.Hariya अनीता की चूंकि को भूखी हवस भरी निगाह से देख रहा था और दया हाथ से अनीता की गांड की दोनों फांक के बीच की दरार में ऊँगली अंदर बाहर कर रहा था और अपने बाए हाथ से अपने पंत के ऊपर से लुंड भी मसल रहा था.

अनीता हरिया को उसकी चूंकि को हवस भरी नज़रो से देखते हुए देख रही थी फिर वो एक नज़र सब्जीवाला जिधर गया था उसके तरफ देखकर वापस जब वह हरिया की तरफ देखि तो हरिया उसकी चूंकि को देखकर अपना नज़र ऊपर उसकी चेहरे के तरफ करके मुस्कुरा diya.Anita भी जवाब में मुस्कुरा दी.

हरिया वैसे hi उसकी गांड की दरार में ऊँगली अंदर बाहर करते हुए बगल में गुटखा थूक दिया और अनीता की तरफ गंदे नज़र से देखते हुए अपने बाये हाथ से वैसे hi गंदे तरीके से गुटखे को होंठों से पोंछ कर मुस्कुराने लगा.

अनीता यह देखकर अपना सर हिलती हुयी boli,"Hariya जी टिश्यू पेपर से पोंछना चाहिए था न."

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Are मेमसाहब अब हुंका वैसे hi पोंछने का आदत है. आपका दिया हुआ टिश्यू पेपर से हम कउनो और चीज़ पोंछ लूंगा. आप इतना प्यार से दी है तो हम ज़रूर कउनो ख़ास चीज़ पोंछूंगा".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी आप और आपकी बातें. पता नहीं कौन सी ख़ास चीज़ पोंछेंगे. पोंछने वाला चीज़ में भी कुछ ख़ास होता है क्या. आप भी न".

हरिया यह सुनकर बस मुस्कुरा कर अपना नज़र फिर नीचे करके अनीता की चूंकि को देखते हुए होंठों पर जबान फिरा दिया.

अनीता उसे ऐसा करते हुए देखक. हरिया उसकी चूंकि देखने के बाद वापस उसकी चेहरे पर देखते हुए मुस्कुरा दिया तो अनीता भी मुस्कुरा दी.

हरिया उसे मुस्कुराता देख bola,"Memsaahab यह ससुरा पसीना भी कितना अच्छा किस्मत वाला है".

अनीता उसे देखकर मुस्कुराती हुई थोड़ा सोचने वाली एक्सप्रेशन से poochhi,"Kyun हरिया जी?".

हरिया उसकी क्लीवेज को देखता हुए आँखों से उसके तरफ इशारा करते हुए bola,"Dekhiye न मेमसाहब कैसे ससुरा आपके गोर मुलायम बदन पर फिसल रहा है".

अनीता यह सुन्न कर मुस्कुराती हुयी अपना सर हिलती हुयी boli,"Hariya जी आप भी न. बातें बनाने में एक्सपर्ट हैं आप. घूम फिरकर फिर से मेरी तारीफ करने लगे".

हरिया यह सुनते हुए अनीता की क्लीवेज को गौर से देख रहा था और साथ hi उसकी गांड की दरार में ऊँगली अंदर बाहर कर रहा था की तभी वो अनीता की बात सुनकर उसकी तरफ गौर से देखा और फिर बगल में पान थूक कर गंदे तरीके से अपना मुंह पोंछते हुए अनीता को भूखी नज़र से देखने लगा.

अनीता भी हरिया को थूकते और गंदे तरीके से अपना मुंह पोंछते देखि. हरिया अपने दूसरे हाथ से अभी भी अनीता की गांड की दरार में ऊँगली कर रहा था.

अनीता तेज़ सांस से बिना शर्म के हरिया के तरफ देख रही थी और कोई ऐतराज़ नहीं कर रही थी. हरिया मुंह पोंछने के बाद अपना बया हाथ अपने पंत के ऊपर वापस लेजाकर पंत के ऊपर से hi फिर से अपना लुंड सहलाने लगा.

अनीता हरिया को अपनी गांड को ऐसे भूखा और हवस भरे नज़र से देखते हुए देखि उसके बाद अपनी नज़र उसके दूसरे हाथ के तरफ लेजाकर उसे अपना लुंड सहलाते हुए देखि तो उसकी सांस और तेज़ होने लगी और बदन में मस्ती की लहर दौड़ने lagi,ek ऐसी मस्ती की लहर जितना उसे कभी नहीं मिला था.

हरिया अनीता की गांड को उसकी छोटी कमीज के अंदर हाथ दाल कर उसकी सलवार के ऊपर से सेहला रहा था लेकिन अब वो अनीता की गांड देखते हुए उसकी गांड की दरार से ऊँगली निकालकर उसकी गांड की बाई फांक के ऊपर से उसकी कमीज हटा दिया.

अनीता हरिया को देख रही थी और वहीँ हरिया अपनी नज़र अनीता की गांड पर जमाये हुए tha.Hariya अनीता की गांड को केवल सलवार के ऊपर से देखते हुए अपने ज़बान को होंठों पर फिराया और लुंड सेहलताए हुए अपना दया हाथ अच्छे से अनीता की गांड की बाई भाग को पकड़ कर हिलने और सहलाने लगा.

अनीता हरिया को खुद की गांड को भूखी नज़र से देखते हुए देख रही थी और उसकी सांस तेज़ होने के साथ साथ उसकी बदन में एक बार फिर मस्ती की लहर दौड़ने लगी जब वो हरिया को अपना ज़बान होंठों पर फिरते हुए देखि.

अनीता चुप चाप एक नज़र जिधर सब्जी वाला गया था उधर लेजाकर वापस हरिया के तरफ देखने लगी. अनीता जो शादी से पहले बॉयफ्रेंड भी नहीं बनायीं थी वो आज हरिया जैसे गंवार लौ क्लास आदमी को खुद को इतना खुल्लम खुल्ला ना hi सिर्फ छूने दे रही थी वो भी अपनी गांड को बल्कि उसकी भूखी नज़र को देखकर उसे मज़ा भी मिल रहा था.

अनीता हरिया जैसे लौ क्लास आदमी की हिम्मत देख कर प्रभावित थी और उसे एक ऐसा मज़ा मिल रहा था जैसा कभी नहीं मिला tha.Delhi में भी लोग उसे भीड़ भार में छूटे थे मगर हरिया जितना बढ़ चढ़कर और खुल्लम खुल्ला किसी ने भी उसे छेड़ने की हिम्मत नहीं की थी.

अनीता उसे देखती हुयी boli,"Hariya जी वह सब्जी वाला अभी तक नहीं आया. बहोत टाइम नहीं लग रहा है टॉयलेट में".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए अनीता को देखकर bola,"Sasura मूतने के बहाने कुछ और hi कर रहा होगा".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Pata नहीं हरिया जी. मगर बहोत देर हो रही है".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Aa जायेगा. ससुरा जायेगा कहाँ".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती रही वहीँ हरिया वालस अनीता की गांड को देखते हुए उसकी बाई फांक को अपने पंजे में भर कर हिलाते हुए मुस्कुराकर उसकी गांड को हिलते देख रहा tha.Anita अभी भी हरिया को hi देख रही थी.

हरिया मुस्कुराते हुए अनीता की गांड को हिलते देखने के बाद उसके और करीब होकर उसकी मुंह से कुछ इंच की दूरी पर रूककर सीधा उसकी क्लीवेज को एक नज़र देखकर वापस उसकी चेहरे के तरफ देखते हुए bola,"Memsaahab सच में आप जैसी खूबसूरत औरत हमने अपनी ज़िन्दगी में नहीं देखा. आपके सामने फिल्म की हीरोइन भी फीकी है. इस शहर की औरतों की तो बात hi छोर dijiye,wo तो आप का मुक़ाबला hi नहीं कर सकती".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी आप भी न".

अनीता उतना बोलकर चुप हो गयी जब वह हरिया को वापस अपनी क्लीवेज को देखते हुए देखि. उसे क्लीवेज देखते हुए अनीता की सांस तेज़ हो गयी जिसके कारण उसकी चूंकि और ऊपर नीचे होने लगी.

हरिया उसकी क्लीवेज देखने के बाद उसकी ऊपर नीचे होती चूँचियों को देखने लगा और कुछ सेकण्ड्स देखने के बाद अनीता की चेहरे पर वापस देखते हुए मुस्कुराकर बात जारी रखते हुए bola,"Sach में आप इस शहर की सबसे खूबसूरत और अच्छे दिल की औरत हैं memsaahab,aur यह तारीफ नहीं सच्चाई है".

अनीता हरिया की आँख में देखते हुए उसकी बात सुन्न रही थी और उसका मुंह उससे कुछ इंच की दूरी पर hi होने के कारण अनीता को उसके मुंह से गुटखे की महक आ रही थी जो अनीता की सांस को और तेज़ कर रही थी और बदन में मस्ती की लहर भर रहा था.

अनीता यह सुनकर हरिया की आँखों में देखती हुयी तेज़ सांस लेती हुयी poochhi,"Hariya जी आप तो सच में मेरी तारीफ करने से बाज नहीं आते. क्या आपने शहर की सभी औरतों को देखा है जो आप ऐसा कह रहे हैं?".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराया और अनीता की गांड को एक बार इस फिर अपने हाथ में दबा कर हिलाते हुए उसकी ऊपर नीचे होती चूँचियों के तरफ देखते हुए bola,"Memsaahab सभी औरतों को तो नहीं dekha,magar इस बाजार में और दूकान का सामान लाने के लिए जहां जहां गया हूँ उतनी औरतों को देखकर पूरा यक़ीन से कह सकता हूँ की आप जैसी औरत नहीं है इस पूरे शहर में. और हेरोइनो को तो देखा hi hai,wo भी आपके सामने फीकी है".

अनीता अभी भी हरिया को hi देख रही थी जो उसकी चूँचियों को इतने करीब से ऊपर नीचे होता देख रहा था.

हरिया को अपनी गांड दबाते हुए इतने करीब से उसकी चूँचियों को भूखी नज़र से देखते हुए अनीता को अलग hi मज़ा मिल रहा था. वह एक नज़र हरिया के पंत के तरफ ले गयी जहाँ वो अपना हाथ रखे पंत के ऊपर से hi अपना लुंड सेहला रहा था. हरिया का हिम्मत उसे अच्छा लग रहा था.

अनीता उसका बात ख़तम होते hi जोर का सांस लेकर poochhi,"Aesa क्या है मुझमे हरिया जी की मैं आपको हीरोइन से भी अच्छी लगती हूँ?".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराया और गुटखा चबाते हुए अनीता के तरफ एक नज़र देखकर बगल में थूककर वापस अनीता की आँखों में देखते हुए गंदे अंदाज़ से मुंह पोंछने लगा.

अनीता भी हरिया को वैसा करते देखि और एक नज़र उसके मुंह पर देखने के बाद वापस उसकी आँख में देखतने लगी. हरिया भी उसकी आँख में देखने लगा तो अनीता उससे poochhi,"Hariya जी आप रुमाल क्यों नहीं रखते? उससे पोंछ सकते हैं".

हरिया अपना लाल दांत दिखते हुए मुस्कुराया और जवाब देते हुए bola,"Are मेमसाहब हम कहाँ ग़रीब आदमी मज़दूरी का काम करता हूँ. सामान खरीद कर गोदाम में rakhwana,godaam से फिर ज़रुरत हिसाब दूकान में रखना और फिर ज़रूरी पर्ने पर किसी किसी ग्राहक के घर pahunchana,kitna सफाई रखेंगे hum?Aese गमछा रखते हैं पर कभी कभी दूकान या गोदाम में भूल से रख आते हैं".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुई उसकी बात पर हामी भरी तो हरिया आगे bola"Aese मेमसाहब आपको हम गंदे लगते हैं का?".

अनीता यह सुनकर "ना" में सर हिलती हुई boli,"are नहीं हरिया जी ऐसी कोई बात नहीं है".

हरिया यह सुनकर हवस भरी नज़रो से अनीता को देखने के बाद अपना बाय हाथ अपने लुंड के ऊपर पंत पर पोंछते हुए bola,"memsaahab कपडा तो गन्दा रहता hi है इसलिए यहीं पोंछ लेता हूँ".

अनीता यह सुनकर हरिया के लुंड के तरफ देखि तो हरिया अपने लुंड को पंत के ऊपर से ऐसे पकार्टा है जिससे उसका आकर पंत के अंदर साफ़ साफ़ पता चले और फिर वैसे hi पकड़ कर अनीता को देखते हुए puchha,"Kaisa लगा मेमसाहब?".

यह सुन्न कर अनीता थोड़ी चौंक गई. उसका सांस तो ऐसे hi भारी था मगर फिर भी खुद को सँभालते हुए बिना शर्म के हरिया के आँखों में देखती हुई poochhi,"Kya?".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए अनीता की गांड को देखा और पहले एक बार अच्छे से उसकी गांड को देखते हुए सहलाया और साथ साथ अपने लुंड को और अच्छे से पंत के कपड़ो के बीच दबाकर उसका आकर सही करते हुए उसकी आँखों में देखकर bola,"Humara हाथ साफ़ करने का अंदाज़ मेमसाहब,".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराई और boli,"Ohh हाँ सही hai,magar आपको अपने कपडे का ध्यान देना चाहिए. ऐसे करने से तो कपडे और गंदे हो जायेंगे".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Are मेमसाहब हमारा कपडा तो ऐसे भी सस्ता और गन्दा है hi कितना ध्यान दे. आप छूकर देखिये न हमारा कपडा कितना सस्ता और बेकार है".

अनीता यह सुनकर हरिया के लुंड के तरफ देखि जिसे वो अभी भी सेहला रहा था. वह देख hi रही थी की हरिया फिर bola,"Memsaahab आप आराम से छूकर देख सकती हैं इसे".

यह सुनकर अनीता हरिया की आँख में देखते हुई boli,"Are हरिया जी कोई बात नहीं".

हरिया यह सुनकर अनीता का हाथ पकड़ कर सीधा अपने लुंड पर रखकर bola,"Dekhiye मेमसाहब मेरा कपडा".

अनीता की बदन में करंट सा दौड़ गया हरिया का लुंड पंत के ऊपर से chhukar.Uski सांस और भी तेज़ होने लगी.
 
रिक्वेस्ट थे रीडर्स तो शेयर व्होम थे थिंक अबाउट इन रियल लाइफ व्हेन थे थिंक ऑफ़ अनीता. अन्य नेबर, रिलेटिव और क्नोव फीमेल व्होम थे इमेजिन व्हिले थिंकिंग ऑफ़ अनीता. िफ़ पॉसिबल दो शेयर अन्य इन्सिडेंट्स वेयर थे बेहवेद लिखे अनीता.

थैंक्स!!
 
अपडेट 25

अनीता हरिया के लुंड को थोड़ा सा छूकर महसूस करके झटके से हाथ हटा ली और जिधर सब्जी वाला गया था उधर देखने लगी तो हरिया poochha,"Kaa हुआ मेमसाहब पसंद नहीं आया क्या?".

अनीता यह सुनकर वापस घूमकर हरिया के आँखों में देखती हुई boli,"Nahin हरिया जी आपका कपडा ठीक है".

इतना कुछ होने के बावजूद भी अनीता की आँखों में शर्म नाम की चीज़ नहीं thi.Hariya यह सुनकर मुस्कुराया और फिर अनीता की बॉडी का स्ट्रक्चर देखने लगा.

अनीता की पतली कमर के ऊपर उसकी चूंकि पहाड़ जैसी उठी थी और उसके नीचे उसकी सपाट पेट थी और पीछे फिर से पहाड़ जैसी उठी उसकी गांड जिसे हरिया उसे देखते हुए सेहला और मसल रहा tha.Anita के बाजार आने के बाद से न hi हरिया ने एक बार भी उसकी गांड से हाथ हटाया था और न hi अनीता ऐसा कुछ की थी जिससे ऐसा लगे की उसे हरिया का हाथ अपनी गांड पर रखना पसंद नहीं था.

अनीता चुप चाप कड़ी बिना शर्म या झिझक के हरिया को खुद की बदन को गंदे नज़र से देखते हुए अपनी गांड को उसके मजबूत पंजे में महसूस कर रही थी.

हरिया उसकी बदन देखने के बाद गांड को फिर हिलाते हुए bola,"Dekhiye न मेमसाहब आपका कपडा कितना अच्छा और महंगा है".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी आप फिर शुरू हो गए. अब आप मेरी कपड़ो की भी तारीफ करने लगे हैं. कपडा जैसा भी हो सब ठीक है".

हरिया यह सुनकर फिर से पास में गुटखा थूक दिया. अनीता भी हरिया को थूकते हुए देखने लगी. अनीता को आमतौर पर यह सब पसंद नहीं था की कोई कहीं भी थूक दे, मगर हरिया को ऐसे थूकते देख वह कुछ नहीं बोलती थी बल्कि जब भी वह थूकता अनीता उधर देखने लगती.

हरिया थूकने के बाद फिर से अपना बाय हाँथ से मुंह पोंछकर उसे अपने पंत के ऊपर ठीक लुंड के ऊपर पोंछने लगा. अनीता बिना शर्म के हरिया को मुंह पोंछते देखने के बाद उसे अपने लुंड पर पंत के ऊपर से हाथ रखकर पोंछते हुए देखने लगी.

हरिया अनीता को उधर देखते हुई प्न लाल दांत दिखते हुए मुस्कुराकर बोलता hai,"Memsaahab हमरा कपडा तो ससुरा बेकार hi है".

अनीता हरिया का बात सुनकर उसके लुंड पर से नज़र हटाकर उसके आँखों में देखि तो हरिया अपना बात जारी रखते हुए अपना नज़र अनीता की बायीं चूंकि पर लेजाकर आँखों से उधर इशारा करते हुए bola,"Ee तो आपका दिल इतना बड़ा है की आप हमरा बेकार कपडा को भी अच्छा बोल रही हैं".

अनीता हरिया को अपनी चूंकि पर देखते हुए यह बात कहते हुए सुन्न रही थी. हरिया का इस तरह से उसकी चूंकि को देखते हुए दिल का बड़ा बोलने से उसकी धड़कन और सांस फिर तेज़ होने लगी लेकिन वह खुद की सांस को काबू में करके बिना शर्म के boli,"Hariya जी छोड़िये न कपड़ो की बात. आप जैसा भी कपडा पेहेनते हैं अपनी म्हणत का कमाई का पेहेनते हैं. बस अपने कपडे का ख्याल रखिये".

फिर अनीता हरिया के लुंड के तरफ अपनी आँखों से इशारा करती हुयी boli,"Iss तरह से अपने हाथ को पंत पर पोंछ कर इसे गन्दा मत किया कीजिये. एक रुमाल रखा कीजिये".

अनीता जब यह बोल रही थी तो हरिया का हाथ उसके पंत के ऊपर से उसके लुंड पर hi था और वह अपने लुंड को सेहला रहा था.

अनीता को ऐसे अपने लुंड के तरफ देखते हुए हरिया उसकी गांड को मसलते हुए दूसरे हाथ से लुंड को भी पंत के ऊपर से पकड़ कर सहलाने लगा. अनीता उसे ऐसा करते हुए देख अपनी नज़र हटाकर वापस सब्जीवाले के तरफ देखने लगी और उधर देखने के बाद हरिया के तरफ नज़र की तो उसे खुद की बदन को गंदे तरीके से घूरते हुए देखि. अनीता आँखों के कोने से एक नज़र उसके लुंड के तरफ भी देखि जिसे वह सेहला रहा था.

अनीता एक नज़र उसके लुंड के तरफ देखने के बाद उसके चेहरे पर देखती हुयी boli,"Hariya जी आप अभी भी मेरे कपडे hi देख रहे हैं. क्या आज मैं इस कपडे में अच्छी नहीं लग रही हूँ?".

हरिया यह सुनकर अनीता के तरफ देखा जो उसे hi देख रही थी. हरिया उसकी आँखों में देखते हुए उसकी गांड सहलाते हुए bola,"Are नहीं मेमसाहब आप तो सभी तरह के कपड़ो में ज़बरदस्त लगती hain,ek डैम मस्त. इसलिए तो हम देख रहा हूँ की आप कुछ भी पेहेन ले एक दम मस्त लगती है. ससुरा खराब कपडा भी आपके बदन पर आकर अच्छा हो जाये".

अनीता यह सुनकर अपनी आंखें बड़ी करके मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी आप भी न" और फिर बस सर हिलती हुई मुस्कुराती रही जैसे कह रही हो की कुछ भी हो जाये हरिया उसकी तारीफ करने से बाज नहीं आएगा.

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए अनीता की गांड से हाथ ऊपर उसकी कमर पर ले जाकर उसकी बदन को देखते हुए bola,"Aapko कमीज में पहली बार देख रहा हूँ मेमसाहब. सच में आप इसमें भी एक डैम मस्त लग रही है".

अनीता यह सुनकर उसके तरफ देखि तो हरिया भी उसकी आँखों में देखने लगा. अनीता उसके आँखों में देखती हुई boli,"Ohh हाँ हरिया जी आपने तो हमेशा मुझे साड़ी में hi देखा है. बोलिये मैं कमीज में कैसी लग रही hoon?Achhi लग रही हूँ तो? "

हरिया अनीता की कमर सहलाते हुए और दूसरे हाथ से अपना लुंड सहलाते हुए bola,"Hum बोले न मेमसाहब एक डैम मस्त लग रही हैं आप".

अनीता यह सुनकर बस मुस्कुराती रही और फिर सब्जीवाले के तरफ देखती हुई boli,"Are यह सब्जी वाले अभी तक टॉयलेट से नहीं आये".

हरिया यह सुनकर bola,"haan साला पता नहीं कितना मुटेगा. लग रहा है पूरा ज़िन्दगी का मूट आज hi निकलेगा".

यह बात सुनकर अनीता के बदन में फिर से मस्ती की लहर दौड़ gayee.Use पता नहीं क्यों मगर हरिया द्वारा इस तरह का बात बोलना अच्छा लगने लगा tha.Aesa गन्दा भाषा वो बहोत काम hi सुनी थी ज़िन्दगी में और ऐसे में उसे ऐसा भाषा सुनकर अजीब सा मज़ा मिल रहा tha,upar से हरिया के बदन का बदबू और उसके मुंह से आ रही गुटखे की गंध भी उसे अलग hi मज़ा दे रहा था.

अनीता इस बार हरिया को "मूट" शब्द बोलने पर नहीं टोकि और उसका बात सुनने के बाद हरिया के तरफ मुस्कुराती हुयी देखकर poochhi,"Aese हरिया जी आपने बताया नहीं की मुझमे ऐसा क्या है जो आपको मैं हीरोइन से भी अच्छी लगती हूँ?".

हरिया यह सुनकर अनीता के तरफ देखकर एक बार उसकी चूंकि के तरफ देखने के बाद बगल में फिर गुटखा थूक काट वैसे hi गंदे तरीके से अपना मुंह साफ़ करके अपना लुंड के ऊपर पोंछने लगा या यूँ कहें पोंछते हुए लुंड सहलाना लगा.

अनीता भी बिना शर्म के उसे अपने लुंड पर हाथ पोंछते देखि और फिर वापस उसके आँखों में देखने लगी.

हरिया उसकी तरफ हवस से देखते हुए अपने होंठों पर जबान फिराया और फिर वापस मुस्कुराते हुए उसे ऊपर से नीचे देखते हुए बोलने laga,"Kya नहीं है आप में मेमसाहब. ऊपर से नीचे तक आप का कोई जोर nahin.Heroine तो हड्डी का ढांचा होती है. आप तो एक डैम मस्त हो".

हरिया अनीता की पेट और कमर पर नज़र डालकर आगे bola,"Jahan पतला होना चाहिए आप पतली हैं" और फिर उसकी चूंकि को देखते हुए bola,"aur जहां जितना उठा होना चाहिए उतना उठा है".

अनीता चुप चाप हरिया को देखती हुई बात सुनती रही. उसके मुंह से तारीफ सुनकर उसे अच्छा लग रहा था और जब वह उसकी चूंकि देखते हुए उसके उठान के बारे में बोल रहा था तो अनीता की सांस तेज़ हो गयी और न चाहते हुए भी वह अपनी सांस कक कण्ट्रोल करने के लिए एक बार जोर से सांस ली जिससे उसकी चूंकि और उठ गयी.

अनीता को सांस लेने के बाद एहसास हुआ की हरिया उसकी चूंकि की उठान का बात करते हुए अभी उसकी चूंकि देख hi रहा था की वह जोर का सांस लेकर और उठा दी. अनीता ऐसा जान बुझ कर नहीं की थी. बस एक अचानक सा रिएक्शन था जो वह सांस कण्ट्रोल करने के लिए की थी.

अनीता बिना शर्म के हरिया के तरफ देख रही थी की हरिया उसकी चूंकि देखने के बाद उसकी चेहरे पर देखकर मुस्कुरा दिया. अनीता उसे मुस्कुराता देख बिना शर्म के मुस्कुराती हुयी boli,"Ho गयी मेरी तारीफ हरिया जी?"

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Are नहीं मेमसाहब" और फिर उसकी कमर पर हाथ फिरते हुए bola,"Aapki कमर भी हेरोइनो की जैसी पतली है" और फिर हरिया अनीता की गांड पर नज़र डाला.

हरिया की नज़र अपनी गांड पर पार्टी hi अनीता की सांस फिर से तेज़ होने लगी.

हरिया अनीता की गांड को देखते हुए अपने होंठों पर जुबां फिरते हुए अपने हाथ को अनीता की गांड की दोनों भाग पर फिरने लगा और फिर उसकी गांड की बाई भाग को हाथ में भरकर लुंड सहलाते हुए bola,"Aur कमर के नीचे भी जितना बड़ा और उठा होना चाहिए उतना उठा है".

अनीता हरिया को अपनी गांड देखते हुए होंठों पर जुबां फिरते हुए देखकर एक नज़र अपनी आँख के कोने से हरिया के लुंड के तरफ देखकर वापस हरिया के तरफ देखकर उसका बात सुनने लगी.

हरिया फिर उसकी बाई गांड को दबोचते हुए उसकी गांड को hi देखते हुए bola,"Heroino की तो यह भी उतनी बड़ी और उठी नहीं रहती. कोई कोई हीरोइन जबरदस्ती इंजेक्शन लेकर बड़ी करती है मगर आपका तो पूरा का पूरा प्राकृतिक है".

हरिया फिर अनीता को देखते हुए उसकी गांड की वह भाग को मसलते हुए bola,"U कहते है न अंग्रेजी में मेमसाहब, नेचुरल".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Natural".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Haan मेमसाहब वही. हुंका उतना अंग्रेजी नहीं आता है मेमसाहब इसलिए सही से नहीं बोल पाए".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Are कोई बात नहीं हरिया जी. मैं तो बस ऐसे hi बोली".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए एक बार अनीता की बदन को एक नज़र देखकर bola,"Aap एक डैम नीचे से लेकर ऊपर तक एक डैम मस्त हैं memsaahab,jaisa एक औरत को होना चाहिए".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराते हुई boli,"To आपको कर्तव्य औरत पसंद है?".

हरिया यह सुनकर वापस अनीता की गांड को देखा और दबोचने के बाद पीछे जाकर उसकी कमर पकड़ लिया.

इस तरह अचानक से हरिया को अपने पीछे जाते देख और कमर पकड़ लेने से अनीता थोड़ी चौंक गय्यूर एक नज़र सब्जीवाला जिधर गया था उधर देखि. वह सब्जीवाला का दुकान कोने में होने से तीन तरफ से दीवार था और चौथा तरफ से रास्ता था जिधर अनीता देख रही थी. साथ hi वहां थोड़ा अँधेरा भी था.

अनीता उधर देखि hi थी की तभी हरिया उसकी कमर की दोनों तरफ हाथ को नीचे सरकते हुए उसकी गांड के नीचे तक ले गया और उसकी चउरवे को महसूस करते हुए bola,"Jee मेमसाहब बिलकुल".

यह बोलकर वह अपना दोनों हाथ पीछे खड़े हुए अनीता की दोनों तरफ से आगे करके अनीता के सामने करके कर्तव्य आकर बनाते हुए bola,"Aesi औरतें hi ज़्यादा खूबसूरत लगती हैं मेमसाहब".

अनीता यह सुनकर बिना किसी शर्म के आगे देखती हुयी मुस्कुरा दी.

हरिया फिर अनीता मुस्कुराए देखकर bola"Aur ऐसे मेमसाहब आप जैसी फ़सानेबुल कपडे पहनती है वैसी तो कोई कोई हेरोइन भी कभी कभी नहीं पहनती".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी फ़सानेबुल नहीं फैशनेबुल होता है".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Haan मेमसाहब वही".

अनीता उसके अंग्रेजी को ठीक करने पर उसका हर बार की तरह "हाँ मेमसाहब वही" जवाब सुनकर मुस्कुराती हुयी poochhi,"Hariya जी मेरे कपडे में फैशनेबुल क्या hai?heroine भी तो ऐसे कपडे hi पहनती है".

हरिया यह सुनकर अनीता की कमर पर हाथ ले गया फिर ऊपर उसकी पीठ की तरफ हाथ ले जाकर उसकी पीठ से बाल हटाकर सामने कर दिया जिससे अनीता की आधी पीठ नंगी हो गयी.

वह एक लौ बैक कमीज पहनी थी जिसमे उसकी आधी पीठ नंगी थी मगर बाल से कुछ हद्द तक ढकी हुयी थी. बाल से पीठ कुछ हद्द तक ढकी थी मगर ऐसा भी नहीं की देखने वालो को समझ न आये की अनीता की कमीज लौ बैक है.

हरिया बाल हटाने के बाद आराम से अनीता की आधी नंगी पीठ पर हाथ फिरने लगा और उसकी स्किन को महसूस करने लगा.

हरिया का खुरदुरा हाथ अपनी नंगी पीठ पर पड़ते hi अनीता को गुदगुदी होने lagi.Aese तो उसे हरिया का खुरदुरा हाथ अपनी स्किन पर हमेशा महसूस होती थी जब वो साड़ी पेहेन कर आती thi,magar आज पहली बार इतने देर में हरिया ने उसकी नंगी स्किन को छुआ था जिससे उसे गुदगुदी और मज़ा मिलने लगा.

हरिया आराम से अनीता की पीठ सहलाते रहा और अनीता भी चुप चाप कड़ी सामने सब्जी देखती rahi,Hariya को बिना कुछ बोले.

हरिया उसकी पीठ आराम से सहलाते हुए bola,"Dekhiye मेमसाहब ऐसी फेसन के कपडे बहोत काम हीरोइन पहनती है. हमने बस एक बार hi टीवी पर देखा है हीरोइन को ऐसे नए ज़माने के कमीज पहनती huyee,sheher की आम औरतों की बात तो खैर भूल hi जाइये. हम सच बोल रहा हूँ मेमसाहब, आप फेसन में भी हीरोइन से काम नहीं, बल्कि उनसे कहीं आगे हैं".

अनीता यह सुनकर मुस्कुरा कर poochhi,"Aapko अच्छी लगी मेरी कमीज?".

हरिया यह सुनकर अनीता की पीठ पर हाथ फिरते हुए जवाब diya,"Haan मेमसाहब बहोत अच्छी है. इससे साफ़ साफ़ पता चलता है की आप आम औरतों से कहीं आगे हैं हर तरीके से".

अनीता मुस्कुराते हुई boli,"Ab बाकी औरतों का मुझे पता nahin,magar मुझे ऐसे आराम मिलता है. इतनी गर्मी रहती है तो थोड़ा आरामदायक कपडा होना चाहिए जिसमे ज़्यादा गर्मी न लगे और आराम मिले".

हरिया आराम से अनीता की अधनंगी पीठ को सहलाते हुए जवाब diya,"Bilkul मेमसाहब आपको आरामदायक कपडे पहनी चाहिए. सच में मेमसाहब आपको भगवान् ने बड़े hi प्यार से बनाया है. कितनी मुलायम और चिकनी है आपकी चमड़ी. आप वैसे hi कपडे पहनिए जिसमे आपकी नाजुक चमड़ी को आराम मिले".

अनीता यह सुन्न कर मुस्कुराकर गर्दन पीछे के तरफ करके एक बार हरिया को देखि और फिर वापस सामने सब्जी देखने lagi.Hariya अभी भी अनीता के पीछे था तो अनीता चुप चाप सामने सब्जी को देखकर वापस जिधर सब्जी वाला गया था उधर देखती हुयी boli,"Hariye जी यह सब्जी वाला भी कितना देर कर रहा है आज. कहीं भूल तो नहीं गया की दूकान पर कस्टमर है".

यह सुनकर हरिया अनीता की पीठ सहलाते हुए bola,"Are आ जायेगा. लगता है साले को मूट के अलावा और भी कुछ लग गया है".

अनीता की सांस फिर तेज़ हो गयी हरिया के मुंह से "मूट" सुनकर और साथ hi बदन में मस्ती की लहर दौड़ gayee.Anita हरिया को कुछ नहीं बोली और चुप चाप सामने देख hi रही थी की अगले पल उस को अपनी गांड पर हरिया का लुंड का उभर महसूस हुआ.

हरिया अपना लुंड अनीता की गांड पर रगड़ने लगा और अनीता की सांस एक बार फिर थोड़ा तेज़ होने lagi.Hariya तो अनीता की छोटी कमीज पहले hi उसकी गांड से हटा चूका था ऐसे में अनीता की गांड और उसके लुंड के बीच केवल उसका अंडरवियर और पंत और अनीता की सलवार और पंतय hi थी.

अनीता चुप चाप सामने देखती हुयी boli,"Pata नहीं यह सब्जी वाला भी कब आएगा".

हरिया यह सुनकर अपना लुंड अनीता की गांड पर रगड़ने के साथ उसकी अधनंगी पीठ पर हाथ फिरते हुए बोलता hai,"aayega memsaahab,jayega कहाँ. ससुरे लग रहा है हुग्गने लगा".

यह सुनकर अनीता की सांस और तेज़ हो गयी मगर वह कुछ बोली नहीं.

हरिया यह बोलकर अनीता के कंधे के ऊपर से सीधा उसकी चूंकि की घाटी में देखने लगा और अनीता यह जानती thi.Anita के चेहरे से हरिया का चेहरा कुछ इंच hi दूर tha.Hariya अनीता की चूंकि के बीच देखते हुए अनीता के चेहरे के तरफ देखा तो अनीता भी घूम कर उसे देखि.

हरिया उसे देखकर मुस्कुरा दिया तो अनीता भी मुस्कुराती hi boli,"Hariya जी सब्जी वाले के कारण आपको भी लेट हो रही होगी".

अनीता और हरिया के चेहरे के बीच केवल कुछ इंच का hi फासला tha.Anita की नाक में हरिया के बदन का बदबू के साथ साथ उसकी मुंह से गुटखे की दुर्गन्ध भी जा रहा था.

हरिया अनीता की बात सुनकर अपना कमर हिलाकर अपना लुंड उसकी गांड पर रगड़ते हुए bola,"Are नहीं मेमसाहब. आप को जब तक सब्जी न मिल जाये हम काम पर नहीं जायेंगे".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराई तो हरिया भी मुस्कुराते हुए सीधा नीचे उसकी क्लीवेज में देखने लगा.

अनीता उसे अपनी क्लीवेज में देखते हुए देखकर बिना किसी चिंता के वापस सामने देखने लगी.

हरिया फिर अपने कमर को थोड़ा जोर से अनीता की गांड पर दबाने लगा जिससे अनीता को उसका लुंड अपनी गांड पर अच्छे से महसूस हों लगा.

उसका लुंड अपनी गांड पर महसूस होते hi अनीता की सांस तेज़ हो गयी. उसे मोटा मोती उसके लुंड का साइज का अंदाजा भी लग रहा था और उसके लुंड का साइज का अंदाजा लगते hi अनीता की सांस तेज़ होने लगी. अनीता को यक़ीन नहीं हो रहा था की सच में वह हरिया का लुंड hi है जो उसकी गांड से सत्ता हुआ था.

एक तो ज़िन्दगी में उसे कभी किसी ने इतना खुल कर नहीं छेड़ा था ऊपर से उसके लुंड का साइज का अंदाज़ा लगने से अनीता न चाहते हुए भी भी अपने होंठों के बीच ज़बान थोड़ा बाहर निकलकर होंठों को भीगने के बाद नीचे की होंठ को दांतों के बीच हल्का दबाकर बिना कुछ बोले सब्जियों के तरफ देखती रही.

अनीता को ऐसा करता देख हरिया थोड़ा दबाओ और बढाकर अनीता से puchha,"Memsaahab आप खीरा खाती हैं?".

अनीता यह सुनकर गर्दन घुमाकर एक नज़र हरिया के तरफ देखि और फिर सामने देख कर boli,"Haan हरिया जी खाती हूँ".

हरिया फिर सामने रखे खीरो में से सबसे बड़ा और मोटा खीरा उठाकर puchha,"Aesa खीरा कहती हैं मेमसाहब आप?"

अनीता यह सुनकर अपना सर "न" में हिलती हुयी boli,"Nahin हरिया जी, इतने बड़े खीरे खाने में अच्छे नहीं होते हैं".

हरिया यह सुनकर खीरा हाथ में रखे हुए puchha,"Lagta है आप बड़ा और मोटा खीरे कभी इस्तेमाल नहीं की हैं. इस्तेमाल करने का आदत लगाए मेमसाहब. आपको अच्छा लगेगा".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी यह बड़े और मोठे खीरे खाने में एक दम अच्छे नहीं होते हैं. खाने के लिए छोटे और पतले खीरे hi सही होते हैं".

हरिया यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Theek है मेमसाहब खाने के लिए पतले और छोटे सही है मगर बाकी इस्तेमाल के लिए जैसे कहीं घुसना हो तो बड़े और मोठे hi अच्छे हैं. आपको असली मज़ा बड़ा और मोटा से hi मिलेगा. आप ऐसा बड़ा और मोटा खीरा लेकर जाइये और आदत लगाइये मोटा और बड़ा खीरा का".

हरिया यह बोलकर अपना लुंड का दबाओ अनीता की गांड पर बढ़ा दिया. अनीता अपनी गांड पर उसके लुंड का दबाओ महसूस करती हुयी boli,"Hariya जी खाने के अलावा और क्या इस्तेमाल होगा खीरे का? मैं तो खाने के लिए hi ले जाती हूँ. पता नहीं आप और क्या इस्तेमाल की बात कर रहे हैं".

हरिया यह सुनकर वैसे hi उसकी गांड पर लुंड का दबाओ बनाये bola,"Are मेमसाहब ु आप सेहर की मेमसाहब लोग वह आँख पर रखती है न खीरा वह भी तो एक इस्तेमाल हुआ न".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Hariya जी आप भी न. तो सीधा सीधा बोलिये न. आपको बस बातें बनाना अच्छा लगता है हेहेहे".

अनीता वह बोलकर खिलखिलाने लगी और फिर आगे boli,"Aese हरिया जी खीरा तो आँखों पर रखा जाता है तो फिर आप घुसाने की बात क्यों कर रहे थे? ".

हरिया यह सुनकर अपना लुंड उसकी गांड पर और दबाते हुए मुस्कुरा कर bola,"Are मेमसाहब ु हमलोग का आँख सर और गाल से थोड़ा नीचे होता है न. तो कोई जगह अगर नीचे हो तो उसपर कुछ रखने पर तो घुसना hi हुआ न".

अनीता यह सुनकर एक पल सोचकर मुस्कुराती हुयी boli,"Yeh क्या लॉजिक हुआ हरिया जी? आप, आपकी बातें और आपका लॉजिक. सच में बातें बनाने में आप एक्सपर्ट हैं हेहेहे".

हरिया अनीता को खिलखिलाते देख bola,"To मेमसाहब एक ऐसा मोटा और लम्बा खीरा भी लेकर जाइये जो सब काम आएगा. शायद खाने में भी अच्छा लगे, कोई और इस्तेमाल में भी आ जायेगा और घुसाने का तो काम आएगा hi".

हरिया जब "घुसाने का काम आएगा hi" बोल रहा था तो खीरे जो सामने के तरफ किये हुए पकड़ा था वह उसे थोड़ा आगे के तरफ पुश करके दो बार आगे पीछे कर दिया जैसे खीरा कहीं घुसा रहा हो और निकल रहा हो.

अनीता जब यह देखि तो उसका दिल धड़क गया और सांस तेज़ हो गयी. वह इतने देर से हरिया के बात को बस उसका बात बनाना hi समझ रही थी की वह उसे छेड़ते हुए बस बातें बना रहा था. अनीता भले hi बेशर्म औरत थी और छेड़ छड़ या मर्दों की गन्दी नज़र से उसे फ़र्क़ नहीं पड़ता था मगर वह सोच की गन्दी नहीं थी. अच्छे परवरिश के कारण उतना यह सब उसके दिमाग़ में कभी आता नहीं था. बस वह मर्दों की गन्दी नज़र और छेड़ छड़ तक hi सोचती थी की कैसे मर्द उसे गन्दी नज़र से देखते हैं और छेड़ते हैं. इसके अलावा गाली गलौज या जो हरिया बात कर रहा था यह सब वह उतना न hi उतना सोचती थी और न hi उतना समझती थी.

जब वह हरिया को खीरे को आगे पीछे करते हुए घुसाने का बात कर रहा था तब अनीता को समझ आया की वह क्या कहना चाहता था इस्तेमाल और घुसाने से. यह समझते hi वह तेज़ सांस लेती हुयी वापस सब्जीवाले के गए हुए दिशा में देखने लगी.

हरिया अगले पल अपना डाटा हाथ उसकी पीठ से सङ्कटे हुए नीचे लाया और उसकी सलवार में घुसाने का कोशिश करने लगा तो अनीता boli,"Hariya जी प्लीज".

हरिया यह सुनकर चुप चाप हाथ हटा लिया और वापस अनीता की नंगी पीठ पर हाथ फिरने लगा.

हरिया अनीता की क्लीवेज देख hi रहा था की तभी गर्मी के कारण हरिया के माथे का पसीना टपक कर उसकी क्लीवेज में घुस gaya.Anita यह महसूस करके अपनी क्लीवेज की तरफ देखि की तभी हरिया bola,"ohh माफ़ कीजियेगा मेमसाहब. ससुरा हमरा माथा से पसीना गिर गया".

अनीता यह सुनकर हरिया के तरफ देखकर मुस्कुराकर boli,"Koi बात नहीं हरिया जी" और फिर चुप चाप सामने देखने लगी.

हरिया वापस अपना हाथ अनीता की सलवार में घुसाने का कोशिश करता है तो अनीता फिर boli,"Hariya जी" तो हरिया दांत दिखा कर हाथ हटा लिया और फिर उसकी कमर पकड़ कर अपना लुंड उसकी गांड की दरार में घुसा कर हिलने लगा.

अनीता यह महसूस की की तभी उसका मोबाइल बजने laga.Wo अपने हैंडबैग से मोबाइल निकलकर कॉल रिसीव करती है की तभी हरिया अपना ज़िप खोल कर लुंड बाहर निकलकर वापस कमर हिलाते हुए अनीता की सलवार के ऊपर से उसकी गांड की दरार में रगड़ने लगा.

अनीता समझ गयी की हरिया का लुंड खुला hi उसकी गांड की दरार में है मगर वो चुप चाप कॉल रिसीव करके कुछ सेकण्ड्स सुनती रही फिर कॉल काट कर boli,"yeh कंपनी वाले भी जब तब फ़ोन करते रहते हैं".

हरिया यह सुन्न कर अपना लुंड अनीता की गांड की दरार में रगड़ते हुए bola,"haan मेमसाहब जब तब फ़ोन कर देते हैं और डिस्टर्ब करते हैं".

अनीता यह सुनती हुयी बैग में मोबाइल रखने लगी की तभी हरिया अनीता की सलवार में हाथ घुसाने का कोशिश करने लगा और अनीता की इलास्टिक की सलवार में थोड़ा हाथ घुसकर उसकी गांड की ऊपरी भाग को छूने में कामयाब हो गया.

उसका हाथ अनीता की पंतय की इलास्टिक के पास पहुंचा hi था की अनीता हड़बड़ा कर हटती हुयी boli,"Hariya जी" तो हरिया भी घबरा गया और तभी सब्जी वाला आता दिखाई दिया.

हरिया सब्जी वाले के तरफ देखकर जल्दी से अपना लुंड पंत में घुसाने laga.Use कुछ समझ नहीं आ रहा था की अचानक क्या हो गया और वो हड़बड़ा कर वहाँ से जाने लगा.

अनीता उसे जाता देख hi रही थी की सब्जी वाला आकर bola,"maaf कीजियेगा मेमसाहब थोड़ा देर हो गया. मेमसाहब बोलिये क्या क्या लीजियेगा".

अनीता उसके तरफ देखि और फिर सब्जियों को दिखते हुए बोल दी की क्या क्या chahiye.Anita सब्जी दिखा कर बाजार में देखि तो हरिया ग़ायब हो चूका था.

अनीता को वैसे देखते हुए सब्जीवाला puchha,"Kaa बात है मेमसाहब, ु आदमी हमरे आते hi भाग कहे गवा".

अनीता उसका बात सुनकर boli,"Unko भी तो काम रहता है. काम पर चले गए होंगे. मेरी जितनी मदद करना था कर दिए. आपको आते हुए देखके वह समझ गए की मुझे सब्जी मिल hi जाएगी तो वह चले गए. अब काम भी तो देखना होगा न."

सब्जी वाला यह सुनकर bola,"Haan वही सोच रहत हूँ हम भी की काम धंधा छोर कर इतना देर इधर का करात है ु".

अनीता यह सुनकर boli,"Mujhe ऐसे hi लेट हो गयी है. आप इतनी देर ग़ायब थे. प्लीज बात काम कीजिये और जल्दी सब्जी दीजिये."

सब्जी वाला यह सुनकर अनीता से माफ़ी माँगा और जल्दी जल्दी सब्जी दे दिया. अनीता वह लेकर चुप चाप घर चली गयी.

अनीता की बदन गरम हो चुकी thi.Wo घर जाकर नंगी होकर अपने आप को आईने में देखि और फिर अचानक से अपनी गांड आईने के तरफ करके देखने lagi.Uski गोरी गांड हलकी गुलाबी हो गयी thi.Wo जानती थी की उसकी गोरी गांड गुलाबी क्यों हो गयी थी. हरिया उसकी गांड को मसल मसल कर गुलाबी कर दिया था.

अपनी गांड देख कर उसकी आँखों के सामने बाजार का दृश्य सामने आने लगा और अनीता अपनी बॉडी को ऊपर से नीचे देखने लगी और हरिया का तारीफ याद करने लगी.

वो अपनी पतली कमर के नीचे अपनी उभरी हुयी गांड देखकर हरिया से सहमति जताई की उसकी गांड जितनी बड़ी और उठी होनी चाहिए उतनी hi बड़ी और उठी है.

फिर वो चुप चाप अपनी गांड छूकर उसकी मुलायम होने का जांच की और छूकर संतुष्ट हो गयी की वाक़ई उसकी गांड गोल और मुलायम भी थी.

अनीता फिर आगे घूमकर अपनी सपाट पेट और फिर उसके ऊपर पर्वत जैसी उठी हुयी मुलायम चूंकि देखि और फिर क्लीवेज को देखते hi याद आता है की कैसे हरिया का पसीना उसकी क्लीवेज में गिर गया था. यह याद आते hi अनीता मुस्कुरा दी.

अनीता की आँखों के सामने हरिया का भूखा हवस भरा नज़र घूमने लगा और उसे याद आने लगा की कैसे हरिया उसे इतने करीब से इतनी हवस भरी नज़रो से देख रहा था.

अनीता मैं hi मैं हरिया की हिम्मत की दाद देकर एक गहरी सांस ली और "पागल कहीं का" बोल कर बाथरूम चली गयी. उसका बाकी दिन नार्मल गुज़रा.
 
अपडेट 26

अगले दिन सैटरडे को पानी पूरी वाला आया तो अनीता उससे पानी पूरी खायी. पिछली 2-3 बार की तरह पानी पूरी वाला अनीता को पानी पूरी खिलते हुए उसकी बदन को भी घूरते रहा और अनीता यह जानते हुए भी बिना बुरा माने मज़े से पानी पूरी खायी. साथ में वह पानी पूरी वाला उससे बात भी करते रहा. अनीता भी पानी पूरी कहती हुयी मुस्कुराकर उससे बात की.

हरिया से अनीता को मिले लगभग 10 दिन हो गया था. अनीता इस बीच दो बार बाजार जा चुकी थी मगर हरिया दोनों बार दिखाई नहीं दिया. अनीता दोनों hi बार सब्जी बाजार घुसने से पहले नज़रे इधर उधर दौड़ाई और बाजार में भी कभी कभी इधर उधर देखती मगर हरिया उसे नहीं दिखाई दिया.

चंदा भी इस दौरान संडे छोर कर बाकी दिन काम करने आती रही. वह काम करते करते कभी कभी लिविंग रूम में बैठी अनीता को देखती और उसकी खूबसूरती के बारे में सोचती की वह कितनी खूबसूरत है. वह उसकी खूबसूरती के साथ साथ उसके पहनावे को भी देखती की वह कैसे बेझिजक ऐसे कपडे पहनती थी जिसमे उसकी चूंकि एक तिहाई दिखती थी और पीठ ज़्यादा तर नंगी hi रहती थी. कमीज में आधी नंगी तो साड़ी में लगभग पूरी नंगी.

अनीता की खूबसूरती और ऐसा पहनावा देखने के बावजूद चंदा के मैं में उसके लिए इज़्ज़त hi थी और वह उसे ग़लत नहीं समझती थी. इतनी खूबसूरत, अमीर और पढ़ी लिखी होने के बावजूद वह उससे हमेशा प्यार और इज़्ज़त से बात करती थी जैसा आज तक किसी मालकिन ने नहीं किया था. पिछली मालकिन के घमंड और ग़लत व्यवहार के कारण hi वह वहां काम छोर दी थी.

उसके मुताबिक अनीता उन लोगो से ज़्यादा अमीर थी और खुद वह उसकी पिछली मालकिन से कहीं ज़्यादा khoobsurat,padhi लिखी और खुले विचार की थी मगर घमंड ज़रा भी नहीं था. वह एक तरह से अनीता के घर काम करने से खुश थी और अनीता कुछ भी बोलती तो बहोत गौर से सुनती थी. ऐसे hi करते हुए 10 दिन बीत चूका था.

मंडे का शाम में मौसम थोड़ा अच्छा था. हल्का हल्का ठंडा हवा बह रहा था. अनीता गार्डन में hi कुर्सी लगाकर बैठी हुयी नावेल पढ़ रही थी की तभी उसे पानी पूरी वाले का आवाज़ सुनाई diya,"paani पूरी, पानी पूरी".

अनीता यह आवाज़ सुनते hi मुस्कुरा कर कुर्सी से उठ गयी और नावेल कुर्सी पर रखकर गेट के तरफ गयी तो पानी पूरी वाले को उधर आते देखि.

पानी पूरी वाला अनीता को देखते hi मुस्कुराने लगा तो वह भी उसे देखकर मुस्कुरा दी.

पानी पूरी वाला अगले पल अनीता की क्लीवेज पर नज़र ले गया. वह साड़ी पहनी हुयी थी और ब्लाउज में उसकी क्लीवेज दिख रही थी. अनीता उसका नज़र कहाँ है समझ गयी.

पानी पूरी वाला फिर उसकी नंगी पेट के तरफ देखने लगा और उसके बीच नाभि में लटकी हुयी चमकता बेल्ली रिंग को देखकर वह अपना थूक घोंट कर अनीता के पास जाते हुए एक नज़र उस पर डाला तो अनीता मुस्कुरा दी.

अनीता को मुस्कुराते देख वह भी मुस्कुराते हुए bola,"Namaste मेमसाहेब".

अनीता भी जवाब में मुस्कुराती हुयी boli,"Namaste" और वह यह बोलती हुयी गेट से आगे बढ़कर ठेले के पास आने लगी.

अनीता को ठेले के पास आते हुए देख पानी पूरी वाला उसकी बदन को एक बार ऊपर से नीचे तक देखते हुए अपना बाय हाथ ठेले के पीछे से अपना धोती के ऊपर ले जाकर लुंड को एडजस्ट किया तब तक अनीता ठेले के पास आ गयी.

अनीता के ठेले के पास आते hi वह पानी पूरी वाला अपने लुंड से हाथ हटाकर मुस्कुराते हुए puchha,"Kaisi हैं आप मेमसाहेब?".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Haan मैं ठीक हूँ. आप कैसे हैं?".

पानी पूरी वाला यह सुन्न कर ख़ुशी से मुस्कुराते हुए bola,"Hum अच्छे हैं मेमसाहेब. एक दम मज़ा में".

अनीता यह सुन्न कर मुस्कुराती हुयी boli,"Achhi बात है".

वह पानी पूरी वाला अगले पल bola,"Lekin हुंका एक चीज़ का दुःख है मेमसाहेब".

अनीता जो मुस्कुरा रही थी उसका बात सुन्न कर मुस्कुराना छोर एक पल सोचती हुयी puchhi,"Dukh? क्या आपको किसी चीज़ की परेशानी है क्या?".

वह पानी पूरी वाला मुस्कुराते हुए bola,"U हुंका दुःख है की बहोत दिन से हुंका पानी पूरी नहीं खिला सके".

अनीता यह सुनते hi मुस्कुरा दी और खिलखिलाती हुयी boli,"Hehehe आप भी. मैं तो सोचने लगी की क्या परेशानी हो गयी आपको".

पानी पूरी वाला मुस्कुराते हुए bola,"Memsaheb हुंका सच में दुःख है. लेकिन हम कोशिश किये थे. जाते वक़्त आवाज़ दिए थे मगर आप नहीं आयी".

अनीता यह सुन्न कर मुस्कुराती हुयी boli,"Are कोई बात नहीं. इसमें आपकी क्या ग़लती है. एक तो मैं पानी पूरी रोज़ नहीं कहती, भले hi मुझे अच्छी लगती है. और दूसरी बात की कभी कभी मैं थोड़ा बिजी रहती हूँ तो आपका आवाज़ नहीं सुनती. इसके लिए आपको परेशां होने की ज़रूरत नहीं है".

पानी पूरी वाला मुस्कुराते हुए अनीता की बात सुनते हुए एक दो बार नज़र उसकी चूंकि, क्लीवेज और नंगी पेट पर ले गया जिसे अनीता देख ली मगर बिना कोई रिएक्शन के अपना बात बोलती रही.

पानी पूरी वाला यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Tab ठीक है मेमसाहेब नहीं तो हुंका लग रहा था की आपको खाने का मैं होगा मगर हम ऐसे टाइम पर नहीं आ रहे जब आप बाहर आकर खा सके हमरा पानी पूरी".

अनीता यह सुन्न कर मुस्कुराती हुयी अपनी कान के पास के बाल को पीछे करके boli,"Aesi कोई बात नहीं".

फिर वह पानी पूरी के तरफ देखती हुयी मुस्कुराती हुयी boli,"Ab आप मुझे पानी पूरी भी खिलाएंगे या ऐसे hi बातें करेंगे?".

पानी पूरी वाला अनीता की बात सुन्न कर घबरा कर bola,"Maaf कीजियेगा मेमसाहेब. अभी खिलते हैं".

अनीता यह सुन्न कर मुस्कुराने लगी तो वह पानी पूरी वाला उसको मुस्कुराते देख bola,"Aap इतनी अच्छी हैं मेमसाहेब की आपसे बात करते हैं तो बस बात में hi लग जाते हैं".

अनीता यह बात सुन्न कर सोचने लगी की तभी वह पानी पूरी वाला एक छोटा बर्तन निकला. वह बर्तन देखने में नया था. बर्तन देखकर अनीता की ध्यान उधर चली गयी.

पानी पूरी वाला वह निकलकर अनीता की तरफ देखते हुए मुस्कुराकर bola,"Aapke लिए ख़ास लाये हैं मेमसाहेब. इसमें आपके लिए अलग से एक दम मज़ेदार पानी बनाएंगे. आप खाइयेगा तो आपको बहोत अच्छा लगेगा".

अनीता यह सुन्न कर मुस्कुराती हुयी पानी पूरी वाले के तरफ देखती हुयी boli,"Mazedaar मतलब? जो पानी आप नोर्मल्ली बनाते हैं उससे भी अच्छी?"

पानी पूरी वाला यह सुन्न कर मुस्कुराते हुए bola,"Jee मेमसाहेब. आप खाइयेगा तब आपको समझ आएगा".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Theek है".

यह सुनकर पानी पूरी वाला मुस्कुराते हुए उसे देखकर एक नज़र जल्दी से उसकी उठी हुयी चूंकि, क्लीवेज और नंगी पेट देखकर वापस अपने ठेले के तरफ देखने लगा तो अनीता puchhi,"Achha एक बात बताइये".

पानी पूरी वाला यह सुनकर अनीता की तरफ वापस देखा तो अनीता boli,"Agar आप यह ख़ास तरीक़ा से पानी बनाना जानते हैं जो पानी पूरी को और टेस्टी बना देगा तो ऐसा hi क्यों नहीं bechte?Aese तो आपकी पानी पूरी और ज़्यादा बिकेगी और कमाई ज़्यादा होगी"

पानी पूरी वाला यह सुनते हुए तेज़ी से अनीता की बदन पर एक बार फिर नज़र दौड़ा लिया. अनीता यह देख चुकी थी मगर बिना कोई रिएक्शन के अपनी बात बोलती रही.

अनीता की बात ख़तम होने पर पानी पूरी वाला वापस उसकी चेहरे पर देखकर थोड़ा दुखी होकर bola,"Ab का करे मेमसाहेब. अगर ऐसा होता तो हम ज़रूर ऐसे hi बेचते. मगर ी इस्पेसल पानी बनाने में अलग अलग मसाला लगता है जो खर्चा बढ़ा देता है. अब खर्चा के हिसाब से दाम बढ़ाएंगे तो कउनो नहीं खायेगा इहाँ. सब ीका महँगा बोलेगा और अगर हूँ दाम वैसे hi रखूँगा तो भी बिक्री इतना नहीं बढ़ेगा की जो एक पानी पूरी पर फायदा घटेगा ु ज़्यादा बिक्री होकर दिन भर का फायदा पहले जैसा या उसी ज़्यादा कर दे".

अनीता गौर से पानी पूरी वाले के आँखों में देखती हुयी उसका बात सुन्न रही थी और उसका बात ख़तम होते होते उसे बुरा लगने लगा की वह भी कैसा सवाल कर दी. पानी पूरी वाला भले hi ग़रीब और गंवार था मगर इतना उम्र होने से इतना तो तज़ुर्बा था की थोड़ी बहोत अपने छोटे बिज़नेस का समझ हो.

वह उसका बात ख़तम होने पर अफ़सोस वाले एक्सप्रेशन से boli,"Ohh हाँ यह सब भी तो देखना होगा. ी ऍम सॉरी मैं भी कैसा सवाल कर दी".

पानी पूरी वाला यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Are मेमसाहेब आप साड़ी कहे बोल रही हैं. आप कउनो ग़लत बात थोड़े पूछी है. अब आप ठहरी बड़ा सेहर का अमीर घर का औरत, आपको लगा होगा की इहाँ अच्छा चीज़ खाने के लिए लोग थोड़ा ज़्यादा पैसा दे देगा, मगर अइसन नहीं है. इहाँ लोग पहले पैसा देखत है. खैर ी सब छोड़िये, हम फिर बात में लग गए. हम पानी पूरी खिलता हूँ आपको. एकदम इस्पेसल वाला, ख़ास आपके लिए, उतना hi दाम में".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Are कोई बात नहीं. आप तो बस मेरे बात का जवाब दे रहे हैं. खैर जो भी हो, क्यूंकि आप सिर्फ मेरे लिए अपना स्पेशल पानी पूरी बना रहे हैं, तो पैसे भी स्पेशल लीजियेगा. मेरा मतलब है जो सही दाम होगा वह लीजियेगा" और यह बोलकर अनीता खिलखिलाने लगी "हेहेहे".

अनीता को खिलखिलाते हुए वह पानी पूरी वाला देखने लगा. जब वह खिलखिलाना शुरू की तो वह उसकी चेहरे पर देख रहा था और फिर उसके खिलखिलाते हुए सुन्न उसकी बदन को घूरने लगी.

अनीता तो पहले खिलखिलाती हुयी उसे ऐसे खुद की बदन को देखते हुए देखने लगी और फिर चुप होकर कड़ी कड़ी अगले कुछ सेकण्ड्स तक उसे ऐसे घूरते हुए देखने लगी.

जब वह पानी पूरी वाला अनीता को अच्छे से देख लिया तो वह अनीता की चेहरे पर देखकर bola,"Are नहीं मेमसाहेब, हम आपको उसी दाम में खिलाऊंगा. ी तो हम अपना खुसी से खिलाई रहा हूँ आपको".

अनीता यह सुनकर अपनी कान के पास का बाल पीछे करके उसके आँखों में देखती हुयी puchhi,"Lekin मेरे लिए ख़ास पानी पूरी क्यों बना रहे हैं आप अगर आपको इसका सही दाम नहीं लेना? ऐसे तो आपका नुक्सान हो जायेगा".

वह पानी पूरी वाला मुस्कुराते हुए bola,"Are मेमसाहेब कउनो नुक्सान नहीं होगा. बस थोड़ा फायदा काम हो जायेगा लेकिन उसे का होगा. काम से काम आपको हम अपना इस्पेसल पानी पूरी तो खिला पाएंगे".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Bilkul भी नहीं. अगर आप सही दाम नहीं लेंगे तो मैं भी आपका यह स्पेशल पानी पूरी नहीं खाउंगी. बाकी लोग सही दाम नहीं देना चाहते तो क्या मैं तो दे सकती हूँ. और अगर मुझे आपका यह स्पेशल पानी पूरी पसंद आ गया तो आपसे हमेशा एहि स्पेशल पानी पूरी खाउंगी. और मेरी वजह से आपको हमेशा काम फायदा हो यह मुझे सही नहीं लगेगा. अब आप खुद सोच लीजिये".

पानी पूरी वाला अनीता की बात सुनते हुए आँखों के कोने से उसकी बदन को फिर देखने लगा था मगर चुपके से देखने के बावजूद भी अनीता समझ चुकी थी की पानी पूरी वाले का नज़र कभी उसकी बड़ी चूँचियों, कभी क्लीवेज तो कभी उसकी नंगी पेट पर जा रहा था. इसके बावजूद वह चुप चाप अपनी बात बोलती रही.

पानी पूरी वाला अनीता की बात सुन्न कर bola,"Achha ठीक है मेमसाहेब आपको जो ठीक लगेगा ु दाम दे दीजियेगा".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Yeh हुयी न बात. अब चलिए बनाइये मेरे लिए ख़ास आपका स्पेशल पानी पूरी. आप तो जिस हिसाब से अपने स्पेशल पानी पूरी का बात कर रहे हैं मेरे मुंह में तो अभी से पानी आने लगा" और यह बोलकर अनीता खिलखिलाने lagi,"Hehehe".

पानी पूरी वाला भी मुस्कुराकर अनीता को खिलखिलाते हुए देखने लगा. उसे देखते हुए वह एक बार अपना थूक घोंटा और एक बार अपना मुंह थोड़ा सा खोला तो अनीता खिलखिलाना बांध करके उसके आँखों में देखती हुयी puchhi,"Aap कुछ कहना चाहते हैं क्या?".

पानी पूरी वाला का दिल यह सुनते hi धड़क गया. वह थोड़ा सा ावक्वार्ड महसूस करने लगा. अनीता चुप चाप उसे देख रही थी. पानी पूरी वाला एक बार दये बाये देखकर अनीता के तरफ देखकर फिर से थूक घोंट कर धीरे से bola,"Woh मेमसाहेब आप, आप.."

अनीता उसके तरफ hi देख रही थी. उसे ऐसे अटकते हुए देखकर वह boli,"Haan बोलिये".

पानी पूरी वाला का दिल तेज़ी से धड़क रहा था. वह अपना थूक फिर से घोंट कर जल्दी से बोल diya,"Woh मेमसाहेब आप हस्ते हुए बहोत अच्छी लग रही हैं".

अनीता यह सुनते हुए उसके तरफ देख रही थी और उसका बात ख़तम होने पर मुस्कुरा कर boli,"Ohh थैंक यू".

पानी पूरी वाला का धड़कन अनीता की बात सुनने के बाद थोड़ा नार्मल होने लगा. इतना बोलते बोलते उसका हालत ख़राब हो गया था और चेहरे पर पसीना आ गया था.

अनीता थैंक यू बोलने के बाद थोड़ी सख्ती से boli,"Lekin आप भी न" और फिर उसके चेहरे के तरफ अपनी पतली इंडेक्स फिंगर से इशारा करती हुयी boli,"Dekhiye आपका चेहरे पर पसीना आ गया है. मैं यह देखकर सोचने लगी थी की आपको किसी चीज़ की फिर से परेशानी होने लगी है".

पानी पूरी वाला यह सुनकर अपने गमछे से चेहरा पोंछने लगा तो पता नहीं क्यों अनीता को यह थोड़ा अजीब लगा. उसे ऐसा करते देख उसे हरिया का ख्याल आने लगा की कैसे वह गुटखा थूक कर हाथ से hi गंदे तरीके से मुंह पोंछ लेता है. अनीता को ऐसा लग रहा था की वह पानी पूरी वाला भी अपने हाथ से hi वैसे hi गंदे तरीके से पसीना पोंछेगा.

अनीता उसको पसीना पोंछता देख boli,"Aese यह अच्छी बात है की आप पसीना पोंछने के लिए यह कपडा रखे हैं और पानी पूरी साफ़ सुथरा बनाते हैं".

पानी पूरी वाला यह सुनकर पसीना पोंछना रोककर अनीता के तरफ देखा जो उसके आँखों में hi देख रही थी. पानी पूरी वाला न चाहते हुए भी एक नज़र उसकी चूँचियों, क्लीवेज और उसकी नंगी पेट पर ले गया.

अनीता चुप चाप कड़ी उसे खुद की बदन पर घूरते हुए देख रही थी. वह पानी पूरी वाला जल्दी से वापस अनीता की चेहरे पर देखते हुए bola,"Are मेमसाहेब अगर साफ़ सुथरा नहीं बनाएंगे तो कस्टमर लोग खाएंगे नहीं और खासकर आप जैसी पढ़ी लिखी अमीर कस्टमर तो औरो नहीं खायेगी".

अनीता यह सुनकर हल्का मुस्कुराई तो वह पानी पूरी वाला अनीता की तरफ देखते hi चेहरा पोंछने लगा तो अनीता उसके आँखों में देखती हुयी puchhi,"Aese आप बोल रहे हैं की मैं अच्छी हूँ, आपके लिए ख़ास कस्टमर हूँ".

अनीता का बात सुनते हुए पानी पूरी वाला का दिल फिर धड़कने लगा. अनीता उसे देखती हुयी अपनी कान के पास का बाल कान के पीछे करती हुयी puchhi,"Aesa मैंने क्या कर दिया की मैं अच्छी और ख़ास हो गयी?"

अनीता का बात सुनकर वह पानी पूरी वाला अपना चेहरा पोंछन्ना बांध करके एक गहरा सांस लिया और फिर अनीता को देखते हुए bola,"Woh मेमसाहेब, वह.."

अनीता चुप चाप कड़ी हुयी उसे देख रही थी. पानी पूरी वाला अपना थूक घोंट कर bola,"Aap हमरे बात का बुरा तो नहीं मानियेगा. ु आप हमरे लिए बहोत ख़ास कस्टमर हैं. हम नहीं चाहत हूँ की...."

वह इतना hi बोलै था की अनीता बीच में बोल padi,"Offo बोलिये न. क्या इतनी ख़राब बात है की मैं बुरा मान जाउंगी? क्या किसी ख़राब कारण से मैं आपको अच्छी लग रही हूँ?"

पानी पूरी वाला एक तो इतनी खूबसूरत औरत ज़िन्दगी में सामने से कभी नहीं देखा था, बात करना तो दूर की बात थी. अनीता जैसी jawaan,khoobsurat, पढ़ी लिखी, मॉडर्न और अमीर औरत को उसके साथ इतने अच्छे से बात करता देख उसके लिए बहोत बड़ी बात थी.

वह एक बार घबराते हुए अनीता को कुछ बोलै था मगर अनीता बुरा नहीं मानी थी एहि सोचकर वह थोड़ा हिम्मत करके अनीता को देखते हुए फिर से जोर से सांस लेकर bola,"Woh मेमसाहेब आप इतना पढ़ी लिखी और अमीर है मगर फिर भी आप में घमंड नहीं हैं. आप हम ग़रीब से भी कितना अच्छे से बात करती हैं, वर्ण ग़रीब को कौन पूछता है. आप बहोत अच्छी है इसलिए हमरे जैसा गंवार ग़रीब से भी इतना अच्छा से बात करती है".

अनीता को उसका बात सुनकर थोड़ा बुरा लगा. वह हलकी मुस्कराहट के साथ boli,"Are इसमें अमीरी ग़रीबी या पढाई लिखे की बात कहाँ से आ गयी. इंसान तो इंसान होता है. बस इंसान का व्यवहार अच्छा होना चाहिए. मैं आपसे अच्छे से बात कर रही हूँ क्यूंकि आप भी एक इंसान हैं और मैं भी. और देखिये मैं अचे से बात करती हूँ आपसे तो इसके बदले मुझे आपका स्पेशल पानी पूरी खाने का मौक़ा मिल रहा है".

पानी पूरी वाला अनीता की बात सुनते हुए मुस्कुराने लगा.

अनीता अगले पल अपनी गोरी और पतली इंडेक्स फिंगर ऊपर के तरफ करती हुयी boli,"aur अगर मैं ग़लत नहीं हूँ तो मैं शायद पहली कस्टमर हूँ जिसे आपका स्पेशल पानी पूरी खाने को मिलेगा".

पानी पूरी वाला यह सुनकर मुस्कुराते रहा. अनीता उसको मुस्कुराता देख खुद भी मुस्कुराती हुयी boli,"Aap भी न. इतनी सी बात बोलने के लिए इतना सोच रहे थे".

पानी पूरी का धड़कन आप नार्मल होने लगा था. उसे अनीता की बात सुनकर राहत महसूस हो रहा था. वह जोर का सांस लेते हुए bola,"Aur एक बात है मेमसाहेब".

अनीता यह सुनकर उसे देखकर puchhi,"Kya?"

यह सुनकर पानी पूरी वाला तेज़ी से एक नज़र अनीता की बदन पर दौड़ा दिया मगर अनीता यह देख चुकी थी. अनीता की बदन पर तेज़ी से नज़र दौड़कर वह bola,"Aap बहोत खबसूरत भी हैं मेमसाहेब मगर फिर भी आप में घमंड नहीं है".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Thank यू".

अनीता को थैंक यू बोलते देख पानी पूरी वाला खुश हो गया और सिचुएशन और ावक्वार्ड न हो यह सोचकर वह मुस्कुराते हुए बोलै," हम भी फिर बात में लग गए. आपको ी गर्मी में खड़ा रखकर हम बक बक करे जा रहा हूँ. जल्दी से आपको पानी पूरी खिलता हूँ".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Special पानी पूरी".

पानी पूरी वाला जो अनीता के थैंक यू बोलने से खुश था और उसके दिमाग़ में वही बात चल रहा था वह अनीता की बात सुनकर थोड़ा खोया हुआ सा bola,"hun?"

अनीता समझ गयी की वह उसकी बात सही से नहीं सुना तो वह मुस्कुराती हुयी boli,"Special पानी पूरी. आप मुझे स्पेशल पानी पूरी खिलने वाले हैं".

पानी पूरी यह सुनकर शर्मिंदा होते हुए bola,"Ohh हाँ मेमसाहेब, अभी बनाते हैं ख़ास आपके लिए इस्पेसल पानी पूरी".

अनीता यह सुनकर उसे देखती हुयी मुस्कुरा रही थी. अगले पल पानी पूरी वाला हाथ धोकर वह छोटे बर्तन में मसाला रखने लगा.

अनीता उसको मसाला रखते देख boli,"Agar आपको कोई ऐतराज़ नहीं हो तो क्या मैं देख सकती हूँ की इसमें क्या क्या ख़ास मसाला मिला रहे हैं आप?"

पानी पूरी वाला यह सुनकर उसके तरफ देखकर मुस्कुराते हुए bola,"Are मेमसाहेब हुंका का ऐतराज होगा. देखिये न".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Are नहीं यह आपका ख़ास रेसिपी है, सीक्रेट रेसिपी तो मुझे लगा की आप दिखाना नहीं चाहेंगे".

पानी पूरी वाला यह सुनकर थोड़ा शर्मिंदा होते हुए bola,"Are मेमसाहेब का सीक्रेट रेस्पी. हम कउनो बड़का होटल थोड़े चला रहा हूँ की कुछो सीक्रेट होगा. देख लीजिये. आप कौन सा देख कर ी रेस्पी सीखकर ठेला लेकर पानी पूरी बेचिएगा और हमरा बिजनेस ख़तम कर दीजियेगा".

अनीता यह सुनकर खिलखिलाने lagi,"Hehehe बात तो सही है. चलिए जब आपको ऐतराज़ नहीं है तो ज़रा मैं भी देखूं क्या ख़ास है इसमें".

अनीता यह बोलकर बर्तन के तरफ देखती हुयी थोड़ा आगे बढ़कर पानी पूरी वाले के बगल में कड़ी हो गयी. अनीता को अपने पास खड़ा देख पानी पूरी वाला का दिल धड़क गया. अनीता का ध्यान बर्तन के तरफ था तो वह पानी पूरी वाला अनीता की पीठ के तरफ देखने लगा और उसकी बैकलेस ब्लाउज में लगभग पूरी नंगी गोरी हुए चिकनी पीठ देखकर उसका दिल धड़क गया और फिर नीचे नज़र करके उसकी बड़ी गांड की उभर देखा तो लुंड में हलचल हो गया.

वह उसकी गांड पर देखते हुए बाए हाथ से अपना लुंड धोती के ऊपर से hi मसल दिया और फिर उसकी चूँचियों और दोनों चूँचियों के बीच क्लीवेज को देखते हुए एक बार और मसल hi रहा था की तभी अनीता उसके तरफ देखि.
 
अपडेट 27

अनीता पानी पूरी वाले के तरफ देखि तो उसे खुद की चूँचियों को देखते हुए पायी. वह यह नज़र अंदाज़ करके उससे puchhi,"Kya बात है?".

अनीता इतना बोली hi थी की पानी पूरी वाला थोड़ा घबराकर लुंड मसलना रोक दिया और वैसे hi लुंड पर hi हाथ रखे हुए था की अनीता बात को जारी रखती हुयी boli,"Aap रुक क्यों गए? जो कर रहे थे कीजिये मैं देखना चाहती हूँ की आप कैसे करते हैं".

इतना सुनते hi पानी पूरी वाला जिसका दिल ऐसे hi अनीता के देखने से थोड़ा धड़कने लगा था उसका धड़कन और तेज़ हो गया. वह चुपके से झट से अपना हाथ अपने धोती के ऊपर से लुंड से हटा लिया. अनीता उसे मासूमियत से देख रही थी.

पानी पूरी वाला लुंड से हाथ हटते hi थूक घोंट कर bola,"Nahin मेमसाहेब वह, वह".

अनीता उसे देखती हुयी थोड़ी सोचकर boli,"Kya नहीं? आप नहीं दिखाना चाहते हैं? आपने अपना मैं बदल लिया? अभी तो आप कर रहे थे और मेरे इधर आते hi रुक गए? मैं सोची थी की मैं देखूंगी, मगर आप नहीं दिखाना चाहते तो कोई बात नहीं? आपकी..."

अनीता आगे बोलती की पानी पूरी वाले के मुंह से अपने आप निकल gaya,"Kya?".

अनीता एक पल उसे देखि और थोड़ा आश्चर्य होकर उसके तरफ देखती हुयी boli,"Kya मतलब? क्या आप मुझे पानी बनाते हुए नहीं दिखाएंगे? आप तो अभी थोड़ा देर पहले hi बोले थे की आप यह कैसे करते हैं मैं देख सकती हूँ. खैर आपकी सीक्रेट रेसिपी है तो आप नहीं दिखाना चाहते तो आपकी मर्ज़ी लेकिन काम से काम बनाकर खिलाइये तो. या वह भी करने का मैं बदल लिया आपने?".

यह सुनकर पानी पूरी वाला हड़बड़ा कर bola,"Are नहीं मेमसाहेब हम ज़रूर खिलाएंगे. और आप हुंका ी बनाते हुए आराम से देखिये. कउनो चीज़ सीक्रेट नहीं है".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराने लगी तो पानी पूरी वाला भी मुस्कुराकर bola,"Dekhiye मेमसाहेब".

अनीता यह सुनकर बर्तन के तरफ देखने लगी और पानी पूरी वाला अलग अलग तरह का मसाला और खट्टा वगैरह बर्तन में रखते हुए अनीता को बताने भी लगा की कौन कौन मसाला है. अनीता चुप चाप कभी बर्तन के तरफ देखती तो कभी पानी पूरी वाले के तरफ देखकर उसका बात सुनती और साथ hi कभी कभी उसका बात सुनती हुई "हाँ" में सर हिलती यह जताने के लिए की वह उसका बात सुन्न और समझ रही थी.

सब मसाला रखने के बाद पानी पूरी वाला एक बोतल निकलकर उसका ढक्कन खोलते हुए bola,"Maaf कीजियेगा मेमसाहेब, उतना बजट नहीं है की सील बोतल का पानी मिलाये. ु मिलाने से और अच्छा होता".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Are कोई बात नहीं. मिनरल वाटर, मेरा मतलब है बोतल की पानी की ज़रूरत नहीं है. यह पानी साफ़ सुथरा है इतना काफी है".

अनीता वह बोलकर मुस्कुराती हुयी अपनी कान के पास का बाल को कान के पीछे करती हुयी वापस बर्तन के तरफ देखने लगी.

पानी पूरी वाला भी अनीता का बात सुनकर मुस्कुराकर पानी रखने लगा और ज़रूरत हिसाब से पानी रखकर एक चम्मच लेकर मिलाने लगा.

अनीता उसे मसाला मिलते हुए देख मुस्कुराने लगी. पानी पूरी वाला का ध्यान फिर अनीता की उभरी हुयी बड़ी गांड के तरफ चला गया और बाय हाथ फिर से धोती के ऊपर से लुंड पर चला गया और वह उसे पकड़ कर सहलाने लगा.

उसे लुंड सहलाते हुए कुछ सेकण्ड्स hi हुआ था की अनीता की आवाज़ suna,"Aap का हिलने का अंदाज़ भी अलग है".

यह सुनते hi पानी पूरी वाला तुरंत अपना नज़र अनीता की गांड से हटाकर उसके चेहरे के तरफ ले गया तो देखा की अनीता का ध्यान बर्तन के तरफ था. वह अपना लुंड सहलाना भी रोक दिया था.

यह सब जब वह कर रहा था तब तक अनीता अपनी बात जारी rakhi,"Achhe से मसाला मिलाने का भी एक अंदाज़ है आपका. अलग hi तरीके से आप चम्मच हिलाकर मसाला को पानी में मिला रहे हैं".

अनीता फिर उसके चेहरे पर देखकर मुस्कुराती हुयी puchhi,"Kya यह अलग तरीके से हिलने से भी टास्ते में फ़र्क़ पड़ता है?" और इतना बोलकर अनीता खिलखिलाने lagi,"hehehe".

पानी पूरी वाला बाए हाथ से लुंड सहलाने के जगह उसे धोती के ऊपर से hi थोड़ा पकड़ कर हिलने laga,"Ab ी तो हुंका पता नहीं की हिलने का अंदाज़ से टास्ते में फर्क पड़ेगा लेकिन हम ऐसे hi हिलता हूँ मेमसाहेब".

अनीता यह सुन्न कर मुस्कुराती हुयी बर्तन में पानी को मिलता हुआ देखती रही. कुछ सेकंड बाद वह पानी पूरी वाले के तरफ देखकर boli,"Agar आपको कोई ऐतराज़ नहीं तो मैं हिलाऊ?".

यह सुनकर पानी पूरी वाला एक पल के लिए अनीता को देखा. दोनों एक दूसरे के आँखों में देख रहे थे. पानी पूरी वाला बया हाथ से लुंड हिलाते हुए और दया हाथ से पानी में चम्मच हिलाकर मसाला मिलते हुए अनीता को एक पल के लिए देखकर bola,"Are मेमसाहेब हुंका कहे ऐतराज़ होगा. हुंका तो अच्छा लगेगा आप हिलायेगी, माफ़ कीजिये मेरा मतलब है की आप हमरा कस्टमर है तो हम आपसे कैसे कउनो काम करवा सकत है".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Are तो क्या हुआ? दीजिये मैं थोड़ा हिलाकर देखती हूँ".

पानी पूरी वाला बाए हाथ से अपना लुंड हिलाते हुए डेट हाथ से चम्मच छोर दिया तो अनीता मुस्कुराती हुयी चम्मच पकड़ कर उसे हिलती हुयी मसाला मिलाने लगी. उसे यह अच्छा लगने लगा.

एक तो अनीता दिन भर अकेली रहती थी, ऊपर से सुननसँ जगह पर घर था जहाँ आस पास कोई इंसान नहीं था तो वह दिन भर बोर हो जाती थी. बाजार भी तीन चार दिन पर जाती थी वह और घर में खाना बनाने के अलावा दिन भर और कोई काम रहता नहीं था उसे. साफ़ सफाई यह सबके लिए नौकर थी hi. ऐसे में अनीता को यूँ पानी पूरी का मसाला पानी को चम्मच से मिलाने में अच्छा लग रहा था, जैसे कोई नया काम कर रही हो.

अनीता मुस्कुराती हुयी अपना काम कर रही थी वहीँ पानी पूरी वाला बया हाथ से लुंड हिलाते हुए अनीता की नंगी पीठ और गांड देखने लगा. कुछ सेकण्ड्स तक वह उसकी गांड देखा की तभी अनीता की आवाज़ सुनाई दिया use,"Tab तक आप यह आलू छील कर मसाला बनाइये".

अनीता की आवाज़ सुनकर वह थोड़ा घबराकर उसके तरफ देखा तो वह मुस्कुराकर boli,"Aap आलू छीलिये. ऐसे थोड़ा जल्दी हो जायेगा नहीं तो आपको बाजार जाने में लेट हो जायेगा और आज सेल, मेरा मतलब है की कमाई काम होगा आपका".

पानी पूरी वाला यह सुनकर "हाँ" में सर हिलाते हुए घबराकर अपने लुंड से बाय हाथ हटा दिया और bola,"Jee मेमसाहेब".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी वापस पानी में मसाला मिलाने लगी. वह पानी पूरी वाले को खुद की गांड देखते हे देख ली थी मगर हर बार की तरह वह नज़र अंदाज़ कर दी यह सोच कर की वह आम बात थी.

पानी पूरी वाला अपने धोती से घबराकर लुंड हटाया और क्यूंकि अनीता उसे उसकी गांड देखते हुए देख ली थी उसका धड़कन तेज़ था और इसी घबराहट में वह अपना बाय हाथ बिना धोये आलू के बर्तन में लगा दिया.

वह बाए हाथ से उबला हुआ आलू पकड़ा और दये हाथ से उसे छीलने लगा. शुरू में तो बाय हाथ में आलू का छिलका hi था मगर जब आलू पूरा छिला गया तो बिना छिलके का आलू बाए हाथ में, वही बाय हाथ जिससे वह धोती के ऊपर से अपना लुंड हिला रहा था, पकडे हुए दया हाथ में छुरी लेकर काटने लगा. ऐसे वह दो आलू के साथ किया.

दो आलू छील कर काटने के बाद वह अनीता से bola,"Memsaheb हम अब आलू में मसाला मिलाने जा रहा hoon.Aapko देखना है तो देखिये".

अनीता यह सुनकर उसके तरफ देखि और मुस्कुराकर वैसे hi चम्मच को हिलती हुयी आलू के बर्तन के तरफ देखने लगी. पानी पूरी वाला फिर आलू में मसाला डालने लगा और अंत में bola,"memsaheb अब हम इसमें ु पानी भी मिलाएंगे थोड़ा. अब आप छोर दीजिये".

अनीता मुस्कुराती हुयी चम्मच छोर दी और ख़ुशी से boli,"Thank यू. पता नहीं क्यों मुझे यह करने में अच्छा लग रहा था".

पानी पूरी वाल मुस्कुराकर bola,"Achha बात है मेमसाहेब. हुंका खुसी हुआ की आपको हिलने में खुसी मिला. अब आप हिला दी है तो हम पानी निकल देता हूँ".

यह बोलकर वह उस चम्मच में पानी लेकर आलू वाले बर्तन में रख दिया. यह देखते hi अनीता के मुंह में पानी आने लगा तो वह मुस्कुराती हुयी boli,"Mere मुंह में तो अभी से पानी आने लगा हेहेहे".

अनीता की बात सुनकर पानी पूरी वाला भी मुस्कुराकर आलू वाले बर्तन में पानी डालते हुए bola,"Memsaheb बस थोड़ा देर और फिर आप जो इतना म्हणत से हिलाकर पानी निकली है वह पानी आपके मुंह में होगा और हुंका यक़ीन है आपको अच्छा लगेगा".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी उसे देखकर boli,"Are मैंने कहाँ कुछ किया. सब तो आपने hi किया. मैं तो बस थोड़ा सा चम्मच हिलाकर पानी में मसाला मिलायी. बाकी सब तो आपने hi किया".

पानी पूरी वाला यह सुनकर दाए हाथ से आलू को पानी और मसाला में मिलते हुए वापस अपने बाय हाथ से लुंड मसलते हुए bola,"Lekin मेमसाहेब हिलाकर पानी तो आप hi निकली है. तो हिलने से जो पानी निकला है तू ु पानी आपका hi मुंह में जायेगा".

अनीता यह सुनकर एक पल के लिए पानी पूरी वाले को गौर से देखि. अनीता को ऐसा देखता देख पानी पूरी वाले का हालत ख़राब होने लगा. उसे लगा की शायद वह कुछ ज़्यादा hi बोल दिया की तभी अनीता boli,"Pata नहीं आप क्या बोल रहे हैं. खैर जो भी हो अब तो बस मुझे यह खाना है. Can't वेट एनीमोर".

अनीता यह बोलकर उसके बर्तन के तरफ देखने लगी तो वह पानी पूरी वाला भी एक नज़र उसकी बदन पर डालकर वापस मसाला तैयार करने में लग गया.

कुछ सेकण्ड्स बाद पानी पूरी वाला अनीता को एक पत्ता दिया और फिर एक पानी पूरी उसके पत्ते में रखके bola,"Ee लीजिये मेमसाहेब हमरा इस्पेसल पानी पूरी, आपके लिए इस्पेसल तरीके से बनाया हुआ".

अनीता उसे देख कर मुस्कुराकर boli,"Thank यू" और पानी पूरी उठाकर मुंह में रखकर धीरे धीरे खाने लगी. पानी पूरी वाला दाया हाथ में एक सूखा पूरी फोड़ कर उसमे मसाला भर कर अनीता के तरफ देख रहा था. उसका दिल धड़क रहा था की कहीं ऐसा न हो की अनीता को पानी पूरी पसंद न आये.

अनीता धीरे धीरे कहती हुयी मुंह चलती हुयी मुस्कुराकर अपने दाए हाथ से परफेक्ट शेप बना दी. पानी पूरी वाला यह देखकर मुस्कुराने लगा वहीँ अनीता वह खाने के बाद मुस्कुराती हुयी boli,"Wow सच में एक अलग hi मज़ा है इस पानी पूरी में. एक दम परफेक्ट है".

पानी पूरी वाला यह सुनकर मुस्कुरा रहा था. अनीता उसको देखकर अपना कटोरी आगे करती हुयी boli,"Ab आप आराम से मुझे खिलाइये और मैं मज़े से खाउंगी. It's रियली ग्रेट".

पानी पूरी वाला मुस्कुराकर अनीता को और पानी पूरी देने लगा वहीँ अनीता मज़े से पानी पूरी खाने लगी. अनीता आज पानी पूरी वाले के ठीक बगल में कड़ी हुयी पानी पूरी खा रही थी तो पानी पूरी वाला आराम से अनीता के कटोरे में पानी पूरी रखने के बाद उसकी बदन को देखने लगा.

बाकी दिनों के तरह अनीता जब खाने के लिए झुक रही थी तो पानी पूरी वाला उसकी चूंकि और क्लीवेज देखने लग रहा था. अनीता जब दूसरी पानी पूरी खा रही थी तो पानी पूरी वाला puchha,"Teekha ज़रूरत हिसाब से रखेंगे मेमसाहेब. अगर और लगेगा तो बताइयेगा".

अनीता वह पानी पूरी खाकर boli,"Haan ठीक है. फ़िलहाल एक दम परफेक्ट है".

पानी पूरी वाला तीसरा पानी पूरी में आलू भरकर उसमे पानी रखते हुए puchha,"Aur पानी कैसा हुआ है मेमसाहेब?"

अनीता मुस्कुराती हुयी boli,"Bahot अच्छा. यह पानी hi तो ख़ास है जो आप बनाये है. टास्ते में तो फ़र्क़ इसी से पड़ा है और जैसा आपने कहा सच में यह ख़ास है".

पानी पूरी वाला यह सुनकर अनीता को देखते हुए bola,"Are मेमसाहेब पानी में दम और स्वाद होना चाहिए तभी तो आपको मुंह में रखकर अच्छा लगेगा".

अनीता चुप चाप उसे देखती हुयी यह बात सुन्न रही थी. अगले पल वह उसकी कटोरी में पानी पूरी डालते हुए bola,"Aur जब आप जैसी खाने वाली हो, इतनी ख़ास, तो पानी भी ख़ास होना चाहिए, दुमदार और स्वादिष्ट तभी तो आपको मज़ा आएगा".

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी वह पानी पूरी उठाकर सामने के तरफ थोड़ा झुककर मुंह में रखकर धीरे धीरे मुंह चलकर खाने लगी.

जब वह झुकी थी तो पानी पूरी वाला सीधा उसकी क्लीवेज में देख रहा था. अनीता जब मुंह में रखकर सीधा होकर धीरे धीरे खाने लगी तो पानी पूरी वाला मुस्कुराते हुए उसे देखकर puchha,"Kaisan लग रहा है मेमसाहेब?".

अनीता वैसे hi धीरे धीरे कहती हुयी फिर से अपनी उँगलियों से परफेक्ट शेप बनाकर मुंह चलती हुयी खाने लगी. पानी पूरी वाला यह देखकर मुस्कुराया और फिर अनीता की बदन को ऊपर से लेकर घूरने लगा. अनीता उसे अपनी बदन पर घूरते हुए देखकर चुप चाप पानी पूरी खा रही थी.
 
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