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अपडेट 20
सैटरडे के दिन राज काम से थोड़ा जल्दी आ गया. वह आकर नहाकर थोड़ा आराम किया.
रात के 10 बज चूका tha.Anita के घर के आस पास पूरा सन्नाटा था. दोनों पति पत्नी डिनर कर चुके the.Raj बैडरूम में बैठा लैपटॉप पर कुछ काम कर रहा था की तभी अनीता डाइनिंग टेबल को साफ़ करके बैडरूम में घुसी.
वो डिनर करने से थोड़ी देर पहले hi नाहा कर एक पारदर्शी सलवार और एक छोटी कमीज पहनी थी. सलवार इतना पारदर्शी थी की ध्यान से देखने पर अनीता की टैंगो का आकर पता चल रहा था उसकी पारदर्शी सलवार पर रौशनी पर्ने से.
जैसे hi अनीता बैडरूम में घुसी तो राज उसको देखा. अपने पति को देखते hi अनीता ऐडा से मुस्कुरा दी और जवाब में राज भी मुस्कुरा दिया.
मुस्कुराते हुए उसका नज़र अपनी 27 साल की जवान और बेहद खूबसूरत बीवी की चूंकि पर पड़ा जो की उस छोटे से कमीज में लगभग 1/3 हिस्सा बहार झांक रही थी.
राज अपनी बीवी की चूंकि और क्लीवेज एक नज़र देखने के बाद वापस काम में लग गया. वहीँ अनीता मुस्कुराती हुई बीएड के पास आकर उसके पास बैठ गयी और सीधा राज के पाजामे के ऊपर से उसके लुंड के करीब उसके जांघ पर हाथ रख कर सहलाती हुयी कामुकता से boli,"Yeh kya?Biwi पास में है और तुम इस लैपटॉप के चक्कर में पड़े हो. बांध करो अब इसे".
राज अनीता की ऊपर नीची होती चूंकि देखा जो 1/3रद उसकी कमीज से बाहर थी और रौशनी में चमक रही थी.
अपने पति को खुद की चूंकि और क्लीवेज देखते हुए पाकर अनीता अपनी हाथ उसके जांघ से ऊपर लेजाकर उसके लुंड पर रख दी और मुस्कुराती हुयी boli,"Jab नज़र कहीं और जा रहा है तो फिर लैपटॉप बांध क्यों नहीं कर देते".
अपनी खूबसूरत बीवी की इतनी गहरी क्लीवेज और उसकी उठती चूंकि को देखकर और साथ hi उसकी हाथ को अपने लुंड पर महसूस करके राज का लुंड खड़ा होने लगा मगर फिर भी वो अपने आप को सँभालते हुए bola,"Jaan बस थोड़ा सा काम और है कर लेने दो उसके बाद....".
अनीता यह सुनकर राज का बात बीच में hi काट ते हुए boli,"Har वक़्त काम. अगर सिर्फ काम hi करनी थी तो मुझे किस लिए साथ लाये यहाँ. कल तो संडे है. थोड़ा वक़्त निकल कर कल नहीं कर सकते क्या?".
राज जानता था की अनीता जल्दी गुस्सा नहीं करती और अब भी गुस्से में नहीं thi,bas थोड़ी नाराज़गी जताते हुए बोल रही थी. वह उसकी ऐडा पर मुस्कुराया और उसकी खूबसूरत चेहरे को देखते हुए bola,"Are बाबा इतनी नाराज़ क्यों हो रही हो आज kal.Theek है काम बांध कर देता हूँ".
यह बोलते हुए वो लैपटॉप स्विच ऑफ कर के रखते हुए bola,"Socha था की थोड़ा काम है उसे आज hi निपटा दूँ तो कल पूरा फ्री होकर सारा दिन तुम्हारे साथ बिताऊंगा. लेकिन जैसी मेरी जान की मर्ज़ी".
अनीता अपने पति को लैपटॉप रखता देख और उसका बात सुनकर मुस्कुराने लगी और वह जैसे hi लैपटॉप रखकर अनीता की तरफ देखा, अनीता मुस्कुराती हुई उसे बिस्तर पर पीछे के तरफ धकेल कर उसके ऊपर चढ़कर उसके होंठों पर अपने होंठ रखकर चूमने लगी.
अपनी सेक्सी पत्नी की चुम्बन पड़ते hi राज भी साथ देने लगा और दोनों पति पत्नी एक दूसरे के होंठों को चूमने और चूसने लगे. कुछ सेकण्ड्स में दोनों की साँसे तेज़ होने लगी.
राज को हमेशा की तरह अनीता की बदन से एक मादक खुशबु अपने साँसों में घुलती महसूस हो रही थी. वह भी मज़े से अपनी खूबसूरत और कामुक बीवी की होंठों का रसपान करने लगा. अनीता अभी भी राज के लुंड को उसके पाजामे के ऊपर से सेहला रही थी.
थोड़ी देर बाद वो चुम्बन को तोड़ी और राज का लुंड पंत के ऊपर से सहलाती हुयी वह मुस्कुराकर राज को देखि. राज समझ गया की आगे क्या होने वाला था.
अनीता फिर नीचे झुक कर राज की ठुड्डी चूमते हुए उसके शर्ट के बटन को खोलती हुयी उसके छाती और पेट को चूमते हुए उसके पाजामे के तरफ देखि और फिर राज को देखकर मुस्कुराती हुयी उसके लुंड को सहलाती रही.
अनीता थोड़ी झुकी हुयी थी जिससे उसकी नरम गोरी चूँचियाँ उसकी कमीज से लगभग आधी बाहर झाँक रही thi.Raj का लुंड अपनी जवान खूबसूरत और कामुक बीवी की चूँचियों को देखकर अकड़ने लगा था और वो अपना दाया हाथ अनीता की बाएं चूंकि पर ले जाकर उसे अपने हाथ से दबाने लगा.
अनीता यह देखकर मुस्कुराती हुई राज का पजामा नीचे सरकाने लगी और राज अपना कुल्हा ऊपर करके अपनी बीवी को पजामा निकलने में मदद किया.
पजामा राज के कमर से नीचे होते hi उसका लुंड नंगा होकर खड़ा हो gaya.Anita राज के नंगे लुंड को देखि और फिर झुक कर मुस्कुराती हुयी राज के आँखों में देखते हुए उसको लुंड के ऊपरी भाग पर अपना ज़बान फिराई. दो बार ऐसा करने के बाद अनीता ज़बान निकाल कर राज के लुंड को नीचे से ऊपर तक चाटने लगी.
राज को ऐसे अपनी खूबसूरत बीवी द्वारा प्न लुंड चाटने से मज़ा आ गया और उसके मुंह se,"aaaaahhh" शब्द निकलने के साथ साथ उसका लुंड भी झटका मारने लगा.
अनीता अपने पति के लुंड को झटका मारते हुए देखकर मज़े से मुस्कुराई और वो वैसे hi फिर उसके आँखों में देखती हुयी उसके लुंड के टोपे पर अपना जुबान फिरै जिससे राज के मुंह से फिर सिसकारी निकल gaya,"aaaahhhhh जान" और साथ hi उसका लुंड भी फिर झटका मारने लगा.
अनीता अपने पति का यह हाल देखकर मुस्कुराई और फिर उसके लुंड पर थूक गिरा कर उसको मुंह में लेकर चूसने लगी.
अपनी खूबसूरत और कामुक बीवी के होंठ के बीच लुंड जाने से राज मज़े से सिसकारने लगा, "आआह्ह्ह्ह" वहीँ अनीता अपना सर ऊपर नीचे करके बड़े hi मज़े से राज का लुंड चूसने लगी.
राज जानता था की उसकी खूबसूरत और कामुक बीवी अनीता को लुंड चूसना अच्छा लगता था और स्वयं राज को भी इसमें मज़ा आता था तो वह आराम से बिस्तर पर लेते अपनी खूबसूरत और कामुक बीवी के मुंह सर लुंड चूसै का मज़ा लेने लगा.
अनीता कॉलेज के दिनों में अपनी सहेलियों से सुनती थी की वो कैसे अपनी बॉयफ्रैंड्स के लुंड चुस्ती थी और यह सब सुन्न कर अनीता का भी दिल करता था की वो भी अपनी सहेलियों की तरह किसी मर्द का लुंड चूसे मगर वो सोच राखी थी की वो किसी को बॉयफ्रेंड नहीं बनाएगी और सेक्स भी शादी के बाद hi करेगी इसलिए वह कॉलेज में लुंड चूसै का मज़ा नहीं ले सकीय.
अनीता सोचती थी की उसकी सहेलियों को लुंड चूसने में इतना मज़ा क्यों आता था. आखिर लुंड तो छूट में अंदर जाकर उसे छोड़ने के लिए होता है तो फिर उसकी सहेलियां मुंह में लुंड लेकर इतनी खुश क्यों होती thi.Iss सब का जवाब अनीता को शादी के बाद मिल गया जब वो राज का लुंड पहली बार शादी के दो हफ्ते बाद चूसी थी.
जब उसकी शादी हुयी तो उसके बाद पहली बार अपने पति राज का लुंड चूसने में उसे मज़ा आया और तब जाकर उसे पूरा एहसास हुआ की उसकी सहेलियां लुंड चूसने पर इतना गर्व क्यों महसूस करती थी और गर्व से उससे यह शेयर क्यों करती थी. लुंड को मुंह में लेकर मर्द के आँखों में देखकर उसका मज़े का एक्सप्रेशन देखते हुए लुंड को अपनी मुंह में बड़ा, मोटा और कड़क होते महसूस करने का मज़ा hi अलग था अनीता के लिए.
अनीता को तो शादी के बाद राज का लुंड चूसने का दिल करता था मगर उसकी नयी नयी शादी हुयी थी इसलिए उसे लगा की इस तरह से राज का लुंड चूसने से कहीं राज को पसंद न ए और साथ hi ऐसा न समझे की वह शादी से पहले किसी का लुंड चूसी हो इसलिए वो पहले दो हफ्ते तक एक बार भी राज का लुंड नहीं चूसी.
शादी के दो हफ्ते बाद एक दिन राज ऑफिस के लिए तैयार हो रहा था की उसी वक़्त अनीता नाहा कर बाथरूम से निकली और उसकी गोरी खूबसूरत जिस्म पर हलके हलके पानी का बंध देखकर राज का मैं बहकने लगा और वो उतावला होकर अनीता को वैसे hi चूमने लगा.
अपने पति राज का उतावलापन देख कर अनीता खिलखिला कर हसने lagi,"hehehehe यह क्या कर रहे हो? हहहहए".
राज अनीता को चूमते हुए और उसकी मुलायम चूंकि दबाते हुए bola,"pyaar कर रहा हूँ जान".
अनीता उसका बात सुनकर खिलखिला कर हस्ती हुयी boli,"hehehehe यह प्यार करने का समय थोड़े hi है. जाओ ऑफिस के लिए लेट हो जाओगे".
राज जवाब में bola,"Kya करून जान तुम्हारा यह रूप देख कर मैं बहक गया है और जब तक मेरा स्पर्म नहीं निकलेगा तब तक मुझे चैन नहीं मिलेगा".
अनीता यह सुनकर खिलखिलाती हुयी राज के पंत के ऊपर से उसका लुंड पकड़कर सहलाने लगी और फिर राज के होंठों को चूमने लगी.
राज भी साथ देने लगा और थोड़े देर के चुम्बन के बाद अनीता मुस्कुराकर उसे देखती हुयी उसका हाथ पकड़ कर boli,"aaiye मैं जल्दी से आपको आराम दे देती हूँ" और यह बोल कर वो राज को बैडरूम में hi रखे लोवेसेअत के तरफ लेजाकर उसे बैठा दी और खुद उसके पास नीचे बैठ कर राज का पंत खोलकर नीचे सरका दी.
राज समझ गया की उसकी खूबसूरत बीवी अनीता उसका लुंड चूस कर उसके लुंड को शांत करना चाहती थी. राज के लिए यह पहला अवसर था जब उसकी खूबसूरत बीवी उसका लुंड चूसने जा रही थी. यह सोचते hi उसका दिल भी धड़कने लगा की कैसे उसकी सीढ़ी साडी बीवी उसका लुंड चूसने जा रही थी.
राज जानता था की अनीता को बदन दिखाऊ कपडे पेहेन न पसंद था और वो बहोत छोटे छोटे ब्लाउज और कमीज पहनती थी मगर वो यह भी जानता था की अनीता कुंवारी थी शादी से पहले और उसका कोई बॉयफ्रेंड नहीं tha.Woh यह समझता था की अनीता भले hi वैसे कपडे पहनती थी मगर थी सीढ़ी साडी और वैसे कपडे बस फैशन और आराम के लिए पहनती thi.Isliye वो अनीता को इस तरह लुंड चूसने के लिए नीचे बैठा देखकर थोड़ा अलग सा महसूस कर रहा था और उसके बदन में रोमांच भर गया था.
अनीता नज़र ऊपर के तरफ करके उसको देखि और फिर मुस्कुराकर उसका लुंड पकड़ कर उसे मुंह में लेकर चूसने लगी.
अपनी खूबसूरत बीवी के मुंह में लुंड जाते hi राज के मुंह से सिसकारी निकल gaya,"aaahhhhhh" जिसे सुनकर अनीता खुश होकर मुस्कुराती हुयी वैसे hi उसका लुंड चुस्ती हुई उसके तरफ देखि और फिर नज़र नीचे लुंड के तरफ करके उसे देखते हुए चूसने लगी.
जब अनीता राज का आह सुनकर उसके तरफ मुस्कुराकर देखती हुयी लुंड चूस रही थी तो राज खुद को दुनिया का सबसे किस्मत वाला मर्द समझ रहा था. वह पहले hi अनीता की ख़ूबसूरती, चुलबुला पैन, मॉडर्न ख्याल और समझदारी देखकर खुद को बहोत किस्मत वाला समझता था मगर उस दिन उसका यह नया कामुक रूप देखकर वह खुद का दुनिया का सबसे किस्मत वाला मर्द समझने लगा की उसकी बीवी में वह सारे गुण थे जो हर मर्द चाहता था मगर शायद hi किसी को नसीब होता था.
अनीता को लुंड के तरफ देखते हुए लुंड चुस्त देख राजा आराम से सर ऊपर करके आँख बांध करके लुंड चूसै का मज़ा लेने लगा.
वहीँ अनीता की बदन में भी मस्ती की लहर दौड़ने लगी पहली बार लुंड चूसकर. उसे उस दिन एहसास हो रहा था की उसकी सहेलियां अपने बॉयफ्रैंड्स का लुंड चूसकर इतना खुश क्यों रहती थी. एक कड़क और गरम लुंड मुंह में जाने से एक अलग hi मज़ा मिल रहा था उसे जो अनुभव करके अनीता समझ पा रही थी अपनी सहेलियों का ख़ुशी का kaaran.Munh में लुंड का बड़ा होना और साथ hi मुंह के अंदर hi झटके मारना यह सब महसूस करने से अनीता को बहोत मज़ा आ रहा था.
वो अच्छे से राज का लुंड चूस रही थी मगर पहली बार लुंड चूसने के कारण कभी कभी दांत भी राज के लुंड पर गदा देती थी जिससे राज सिसक जाता और अनीता घबरा कर धीरे धीरे सावधानी से लुंड चुस्ती. आखिरकार अनीता राज का लुंड चूस चूस कर उसको चरम तक पहुँच दिया और जैसे hi राज का लुंड फूलने लगा अनीता जल्दी से अपना मुंह से निकलकर उसके लुंड को हिला कर उसका वीर्य निकाल दी.
राज संतुष्ट होकर हांफने लगा और अनीता उसे देखकर मुस्कुरा दी. वीर्य थोड़ा पंत पर गिरने के कारण राज को पंत बदलना पड़ा मगर जो ख़ुशी उसे मिला था उसके लिए इतना करना कोई बड़ा बात नहीं था और वह पंत बदलकर ऑफिस चला गया और थोड़ा बहोत वीर्य जो फर्श पर गिरा था वह अनीता पोंछ दी.
इसी तरह तब से अनीता राज का लुंड हमेशा मज़े से चुस्ती थी मगर उसका वीर्य अपने मुंह में बहोत hi काम बार ली थी क्यूंकि राज ज़्यादातर वक़्त लुंड चूसै के बाद अनीता को छोड़ता था. उसे सिर्फ लुंड चूसै से खुद को शांत करना उतना पसंद नहीं था और बहोत hi काम मौके पर वह लुंड चूसै से काम चलता था जब ज़्यादा टाइम न हो और उसे अपना लुंड शांत करना रहता हो या फिर अनीता कभी कभी ऐसा लुंड चुस्ती थी की वह जल्दी hi झाड़ जाता था.
राज हमेशा खुद वीर्य गिरने से पहले अपना लुंड उसकी मुंह से निकल देता यह सोचकर की अपनी बीवी के मुंह में वीर्य गिरना शायद उसे अच्छा न लगे. सिर्फ उसी मौके पर अनीता की मुंह में वीर्य गिरता था जब राज जल्दी जहर जाता था और उसे लुंड निकलने का मौक़ा नहीं मिलता था.
इसके कारण अनीता भी बहोत काम बार hi अपने पति का वीर्य पी थी और जितना बार भी वह पी थी राज खुद को कण्ट्रोल न करने के कारण जल्दी झरने के कारण. ऐसा अनीता को तो अपने पति का वीर्य पीने में कोई झिझक नहीं होती थी मगर राज ऐसा नहीं करना चाहता था क्यूंकि ऐसा करना उसे अपनी बीवी की डिसरेस्पेक्ट लगता था.
इसी तरह सैटरडे के दिन भी राज का लैपटॉप रखने के बाद वैसे hi अनीता राज के लुंड को चूस रही थी और अब शादी के दो साल बाद उसे सही से लुंड चूसना भी आ गया था. अनीता लुंड चूसै में इतनी माहिर हो गयी थी की वो कभी कभी एक मिनट के अंदर hi राज को झाड़ देती थी और कभी कभी आराम से चूस कर उसे मज़े भी देती थी.
राज अपनी बीवी को अपना लुंड चूसते हुए देखने के साथ साथ उसकी मुलायम चूँचियों को भी मसल रहा था. अनीता राज का लुंड चूस चूस कर पूरा गीला कर दी थी. वह राज का पूरा लुंड निगल जाती और कुछ सेकण्ड्स वैसे hi उसके पूरे लुंड को मुंह में रखने के बाद जब वो सर उठती तो राज का लुंड और उसके मुंह के बीच उसके गाढ़े थूक से एक लड़ी बन जाती जिसे वह राज की आँखों में देखते हुए अपनी जुबान से तोड़ देती और उस थूक के लड़ी के साथ साथ और भी अपना थूक राज के लुंड पर गिरा कर उसे उसके लुंड के जड़ तक गिरते देखती और फिर उसे अपनी ज़बान से नीचे से चाटते हुए टोपे की तरफ आकर वापस उसका लुंड मुंह में लेकर मज़े से "उम्मम्मम उम्म्म्म उम्मम्मम उम्म्म्म उम्मम्मम सलूरररप्प सलूरररप्प सलरपपपप उम्मम्मम उम्म्म्म च्ममममम च्मममममम सलरपपप उम्म्म्म" करके राज का लुंड चुस्ती.
थोड़ी देर बाद राज उसे भी नंगा करके बिस्तर पर लेता दिया और उसकी टांगो के बीच आकर उसे छोड़ने laga.Anita अपनी टंगे मोड़ कर राज के कमर पर लपेट दी और दोनों पति पत्नी एक दूसरे को चूमते हुए चुदाई का मज़ा लेने लगे.
राज इसी तरह मिशनरी पोजीशन में अनीता को छोड़ते रहा और अनीता भी उसके नीचे लेती उसे चूमते हुई चुदती रही. उस सुनसान जगह पर बने उस घर में सिर्फ वह दोनों पति पत्नी hi थे जो बांध कमरे में चुदाई का मज़ा ले रहे थे. अनीता बेफिक्र होकर मज़े से जोर से आहें भर्ती हुयी चुद रही थी "आआह्ह्ह्हह उम्मम्मम उम्मम्मम सीईईई आआह्ह्ह्हह हाँ जान ऐसे hi आअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह".
राज उसे लगभग 10 मिनट छोड़ा और फिर झाड़ गया. अनीता को न जाने क्यों चुदाई के वक़्त कभी कभी हरिया का छेड़ छड़ याद आने लगा था. वह अपने पति का लुंड अपनी छूट में महसूस करती हुयी हरिया के छेड़ छड़ को याद करती हुयी आहें भरकर चुदाई का मज़ा ली और जब राज जहर गया तो वह आँखें बांध करके जोर जोर से सांस लेकर एक अलग hi सुकून महसूस कर रही थी. थोड़ा देर बाद दोनों पति पत्नी एक दूसरे को चूमकर एक दूसरे के बाँहों में सो गए.
अगले दिन संडे था और सुबह सुबह राज अनीता को फिर छोड़ा और अपने पति से सुबह सुबह छोड़कर अनीता बहोत खुश थी. राज शाम को उसे बाहर घूमने ले गया और दोनों पति पत्नी डिनर करके घर आये. राज उसे रात में फिर छोड़ा और वह भी उसका खुल कर साथ देकर चुदाई का मज़ा ली लेकिन चुड़ते वक़्त उसे फिर से हरिया का छेड़ छाड़ याद आने लगा. अनीता चुदाई के बाद मुस्कुराती हुयी सो गयी.
अगला दिन मंडे को अनीता को बाजार जाना था. पिछले दिन दोनों पति पत्नी जब बाहर निकले थे तो बाजार नहीं किये. उनका पूरा ध्यान घूमने फिरने में था. अनीता तैयार होकर हमेशा की तरह एक डीप नैक और डीप बैक ब्लाउज पहनी जिसमे पीछे सिर्फ 3 इनचेस कपडे hi थी जो उसकी ब्लाउज को उसकी बदन से बंधे हुए रखा था. उसके अलावा पूरी पीठ नंगी थी. सामने अच्छा खासा क्लीवेज भी दिख रहा था. साड़ी को भी वह नाभि के 3 इनचेस नीचे बंधी थी जिसके कारण उसकी पेट नंगी थी और उसके बीच नाभि में एक बेल्ली रिंग पहनी हुयी थी.
वह छटा लेकर ऑटो स्टैंड पहुंची तो देखि वहां एक भी ऑटो नहीं था. अनीता थोड़ी परेशानी से आस पास देखि और कुछ सेकण्ड्स hi हुआ था की उसे दो ऑटो आता दिखाई दिया. अनीता वह देखकर राहत महसूस की और थोड़ा मुस्कुरा दी. अनीता उधर hi देख रही थी और देखि की अचानक से दोनों ऑटो का स्पीड बढ़ गया.
अनीता यह देख hi रही थी की दोनों ऑटो तेज़ी से एक साथ ठीक उसके सामने आकर रुक गया. एक ऑटो ठीक उसके सामने था और दूसरा ऑटो उसके दूसरे तरफ मगर वह उसके सामने वाले ऑटो से थोड़ा आगे था.
अगले पल उसके सामने वाला ऑटो का ड्राइवर उतारकर मुस्कुराकर bola,"Baithiye मेमसाहब" और यह बोलकर वह एक नज़र उसकी क्लीवेज को देखा.
अनीता यह सुनकर मुस्कुरा दी और इससे पहले की वह कुछ करती दूसरा ड्राइवर आया और bola,"Memsahab उस ऑटो में बैठिये".
अनीता यह सुनकर थोड़ी कंफ्यूज हो गयी लेकिन वह कुछ सोचती उससे पहले पहला ड्राइवर bola,"Are यह क्या बात hua?Pehle मेरा ऑटो आया तो मेमसाहेब मेरे ऑटो में बैठेगी".
दूसरा ऑटो वाला यह सुन्न कर bola,"Pehle मेरा ऑटो आया. तू मेरे बाये में था इसलिए मेमसाहेब के सामने रुका. मगर पहले मेरा ऑटो आया".
पहला ड्राइवर यह सुन्न कर bola,"Memsaheb के सामने मेरा ऑटो आया न? तो मेमसाहेब मेरा ऑटो में बैठेगी".
फिर वह अनीता के तरफ देखकर bola,"Baithiye मेमसाहेब".
इससे पहले अनीता कुछ बोलती या रियेक्ट करती वह दूसरा ड्राइवर bola,"Ek मिनट".
फिर वह अनीता के तरफ देखते हुए bola,"Memsaheb आप hi देखिये मेरी ऑटो इससे आगे है. मैं पहले आया और यह बीच में ऑटो घुसा दिया".
अनीता यह सुन्न कर एक नज़र उसके ऑटो के तरफ देखि. इस बीच दोनों ऑटो ड्राइवर एक बार अनीता की क्लीवेज, उसकी नंगी पेट और उसके बीच नाभि से लटकी हुयी चमकती बेल्ली रिंग को देखने लगा.
एक तो अनीता उतना ध्यान से नहीं देखि की पहले कौन आया. उसे दोनों ऑटो एक साथ hi आते दिखी और दूसरा की वह यह सब में पड़ना नहीं चाहती थी. वह एक नज़र ऑटो के तरफ देखने के बाद उन दोनों के तरफ देखि तो खुद की बदन पर उन दोनों का नज़र देखि मगर उसका बुरा माने बिना boli,"Maine उतना ध्यान से नहीं देखा. मैं ऑटो पकड़ने आयी हूँ. यह देखने नहीं की कौन ऑटो पहले आया".
अनीता की बात सुन्न कर दोनों हड़बड़ा कर अपना नज़र उसकी बदन से हटाकर एक पल उसके चेहरे पर देखा और फिर पहला ड्राइवर bola,"Abe मेमसाहेब को क्यों परेशान कर रहा है".
यह सुनकर दूसरा ड्राइवर bola,"Abe मैं परेशान कर रहा हूँ की तुम परेशां कर रहे हो. एक तो बीच में ऑटो घुसा दिया और मेमसाहेब को धुप में खड़ा करके झमेला कर रहा है".
पहला ड्राइवर यह सुनकर थोड़ा गुस्से में bola,"Saale मेमसाहेब को मैं बैठा रहा था तो तुम बीच में आकर रोक दिए".
यह सुनकर दूसरा ड्राइवर भी गुस्से में bola,"Saala किसको बोलता है. गाली देता है" और इसके बाद दोनों के बीच हाथापाई शुरू हो गयी.
अनीता उन् दोनों के बहस से पहले hi परेशान थी और उन दोनों को अब हाथापाई करता देख उनलोग के तरफ हाथ बढाकर boli,"Are यह क्या..."
वह दोनों हाथापाई और एक दूसरे का कालर पकडे ऑटो से थोड़ा आगे बढ़ गए और साथ hi चिल्ला रहे थे तो ऐसे में अनीता की पतली आवाज़ सुन्न नहीं पाए. अनीता को यह एहसास हुआ इसलिए वह अपनी बात पूरा किये बिना चुप हो गई और परेशानी से दोनों को हाथापाई करते देखने लगी.
वह उन् दोनों को देखकर परेशानी से खुद से धीरे से boli,"Offo अब एहि बाकी था" की अगले पल दोनों एक दूसरे का कालर पकडे थोड़ा और आगे जाकर गन्दी गन्दी गालियां देने लगे.
अनीता गन्दी गालियां सुनते hi परेशानी से अपना सर हिलने लगी मगर फिर वह थोड़ा घबरा गयी जब वह दोनों थोड़ा दुरी पर एक दूसरे का कालर पकडे एक पेड़ से टकरा कर रुक गए और फिर एक दूसरे पर घुसे बरसाने लगे.
अनीता यह देखते hi boli,"Ohh no यह तो बात बहोत बिगड़ गयी".
अगले पल वह देखि की कुछ लोड दौड़ कर उनके पास जाकर दोनों को छुड़ाने लगे, मगर इस बीच भी दोनों उछाल उछाल कर एक दूसरे को मारने में लगे थे.
अनीता यह देखकर परेशानी का भाव चेहरे पर लिए खुद से boli,"Yeh लोग भी न. रोज़ी रोटी के लिए मार पीट पर उतर आते हैं".
अनीता को लग रहा था की वह दोनों पहले जाने के लिए लड़ रहे थे. उसे मालूम था की ऑटो लाइन से जाता है और जल्दी जल्दी लाइन आने से दिन में एक या दो एक्स्ट्रा ट्रिप हो जाता है जिसके कारण कमाई ज़्यादा होती है इसलिए दोनों पहले जाने के लिए लड़ रहे थे.
अनीता यह भी जानती थी की वह कितनी खूबसूरत है और मर्द उसे देखते रहते हैं और कुछ हिम्मत वाले मर्द मौक़ा देखकर छेड़ भी देते हैं मगर इसके बावजूद वह यह नहीं सोची थी की उसे अपने ऑटो में बैठने के लिए दो ऑटो ड्राइवर मार पीट पर उतर आएंगे. वह दोनों ऑटो ड्राइवर दरअसल अनीता को अपने ऑटो में बैठने के लिए hi लड़ रहे थे.
दोनों ड्राइवर उन मनचले ड्राइवर्स में से थे जो अनीता को हमेशा देखते थे मगर कभी उसे अपने ऑटो में बैठने का मौक़ा नहीं मिला था. जब वह दोनों ड्राइवर स्टैंड आ रहे थे तो अनीता को खड़ा देख सोचने लगे की उनका किस्मत अच्छा था और अनीता उनके ऑटो में आखिरकार बैठेगी लेकिन दोनों के मैं में एक hi बात थी और दोनों एक साथ स्टैंड पर पहुँच कर अपना किस्मत ख़राब होते देख बहस से मार पीट पर उतर आये.
अनीता उधर देख रही थी और धीरे धीरे उधर भीड़ बढ़ने लगी थी. दोनों के इर्द गिर्द आदमी का भीड़ होने के कारण उन दोनों को अब वह देख नहीं पा रही थी मगर गन्दी गन्दी गालियां उसकी कानो में पड़ना जारी था. अनीता परेशान होकर उधर देखती हुयी सोची की चुप चाप खड़े रहने से कुछ नहीं होगा. उसे कुछ करना चाहिए.
सैटरडे के दिन राज काम से थोड़ा जल्दी आ गया. वह आकर नहाकर थोड़ा आराम किया.
रात के 10 बज चूका tha.Anita के घर के आस पास पूरा सन्नाटा था. दोनों पति पत्नी डिनर कर चुके the.Raj बैडरूम में बैठा लैपटॉप पर कुछ काम कर रहा था की तभी अनीता डाइनिंग टेबल को साफ़ करके बैडरूम में घुसी.
वो डिनर करने से थोड़ी देर पहले hi नाहा कर एक पारदर्शी सलवार और एक छोटी कमीज पहनी थी. सलवार इतना पारदर्शी थी की ध्यान से देखने पर अनीता की टैंगो का आकर पता चल रहा था उसकी पारदर्शी सलवार पर रौशनी पर्ने से.
जैसे hi अनीता बैडरूम में घुसी तो राज उसको देखा. अपने पति को देखते hi अनीता ऐडा से मुस्कुरा दी और जवाब में राज भी मुस्कुरा दिया.
मुस्कुराते हुए उसका नज़र अपनी 27 साल की जवान और बेहद खूबसूरत बीवी की चूंकि पर पड़ा जो की उस छोटे से कमीज में लगभग 1/3 हिस्सा बहार झांक रही थी.
राज अपनी बीवी की चूंकि और क्लीवेज एक नज़र देखने के बाद वापस काम में लग गया. वहीँ अनीता मुस्कुराती हुई बीएड के पास आकर उसके पास बैठ गयी और सीधा राज के पाजामे के ऊपर से उसके लुंड के करीब उसके जांघ पर हाथ रख कर सहलाती हुयी कामुकता से boli,"Yeh kya?Biwi पास में है और तुम इस लैपटॉप के चक्कर में पड़े हो. बांध करो अब इसे".
राज अनीता की ऊपर नीची होती चूंकि देखा जो 1/3रद उसकी कमीज से बाहर थी और रौशनी में चमक रही थी.
अपने पति को खुद की चूंकि और क्लीवेज देखते हुए पाकर अनीता अपनी हाथ उसके जांघ से ऊपर लेजाकर उसके लुंड पर रख दी और मुस्कुराती हुयी boli,"Jab नज़र कहीं और जा रहा है तो फिर लैपटॉप बांध क्यों नहीं कर देते".
अपनी खूबसूरत बीवी की इतनी गहरी क्लीवेज और उसकी उठती चूंकि को देखकर और साथ hi उसकी हाथ को अपने लुंड पर महसूस करके राज का लुंड खड़ा होने लगा मगर फिर भी वो अपने आप को सँभालते हुए bola,"Jaan बस थोड़ा सा काम और है कर लेने दो उसके बाद....".
अनीता यह सुनकर राज का बात बीच में hi काट ते हुए boli,"Har वक़्त काम. अगर सिर्फ काम hi करनी थी तो मुझे किस लिए साथ लाये यहाँ. कल तो संडे है. थोड़ा वक़्त निकल कर कल नहीं कर सकते क्या?".
राज जानता था की अनीता जल्दी गुस्सा नहीं करती और अब भी गुस्से में नहीं thi,bas थोड़ी नाराज़गी जताते हुए बोल रही थी. वह उसकी ऐडा पर मुस्कुराया और उसकी खूबसूरत चेहरे को देखते हुए bola,"Are बाबा इतनी नाराज़ क्यों हो रही हो आज kal.Theek है काम बांध कर देता हूँ".
यह बोलते हुए वो लैपटॉप स्विच ऑफ कर के रखते हुए bola,"Socha था की थोड़ा काम है उसे आज hi निपटा दूँ तो कल पूरा फ्री होकर सारा दिन तुम्हारे साथ बिताऊंगा. लेकिन जैसी मेरी जान की मर्ज़ी".
अनीता अपने पति को लैपटॉप रखता देख और उसका बात सुनकर मुस्कुराने लगी और वह जैसे hi लैपटॉप रखकर अनीता की तरफ देखा, अनीता मुस्कुराती हुई उसे बिस्तर पर पीछे के तरफ धकेल कर उसके ऊपर चढ़कर उसके होंठों पर अपने होंठ रखकर चूमने लगी.
अपनी सेक्सी पत्नी की चुम्बन पड़ते hi राज भी साथ देने लगा और दोनों पति पत्नी एक दूसरे के होंठों को चूमने और चूसने लगे. कुछ सेकण्ड्स में दोनों की साँसे तेज़ होने लगी.
राज को हमेशा की तरह अनीता की बदन से एक मादक खुशबु अपने साँसों में घुलती महसूस हो रही थी. वह भी मज़े से अपनी खूबसूरत और कामुक बीवी की होंठों का रसपान करने लगा. अनीता अभी भी राज के लुंड को उसके पाजामे के ऊपर से सेहला रही थी.
थोड़ी देर बाद वो चुम्बन को तोड़ी और राज का लुंड पंत के ऊपर से सहलाती हुयी वह मुस्कुराकर राज को देखि. राज समझ गया की आगे क्या होने वाला था.
अनीता फिर नीचे झुक कर राज की ठुड्डी चूमते हुए उसके शर्ट के बटन को खोलती हुयी उसके छाती और पेट को चूमते हुए उसके पाजामे के तरफ देखि और फिर राज को देखकर मुस्कुराती हुयी उसके लुंड को सहलाती रही.
अनीता थोड़ी झुकी हुयी थी जिससे उसकी नरम गोरी चूँचियाँ उसकी कमीज से लगभग आधी बाहर झाँक रही thi.Raj का लुंड अपनी जवान खूबसूरत और कामुक बीवी की चूँचियों को देखकर अकड़ने लगा था और वो अपना दाया हाथ अनीता की बाएं चूंकि पर ले जाकर उसे अपने हाथ से दबाने लगा.
अनीता यह देखकर मुस्कुराती हुई राज का पजामा नीचे सरकाने लगी और राज अपना कुल्हा ऊपर करके अपनी बीवी को पजामा निकलने में मदद किया.
पजामा राज के कमर से नीचे होते hi उसका लुंड नंगा होकर खड़ा हो gaya.Anita राज के नंगे लुंड को देखि और फिर झुक कर मुस्कुराती हुयी राज के आँखों में देखते हुए उसको लुंड के ऊपरी भाग पर अपना ज़बान फिराई. दो बार ऐसा करने के बाद अनीता ज़बान निकाल कर राज के लुंड को नीचे से ऊपर तक चाटने लगी.
राज को ऐसे अपनी खूबसूरत बीवी द्वारा प्न लुंड चाटने से मज़ा आ गया और उसके मुंह se,"aaaaahhh" शब्द निकलने के साथ साथ उसका लुंड भी झटका मारने लगा.
अनीता अपने पति के लुंड को झटका मारते हुए देखकर मज़े से मुस्कुराई और वो वैसे hi फिर उसके आँखों में देखती हुयी उसके लुंड के टोपे पर अपना जुबान फिरै जिससे राज के मुंह से फिर सिसकारी निकल gaya,"aaaahhhhh जान" और साथ hi उसका लुंड भी फिर झटका मारने लगा.
अनीता अपने पति का यह हाल देखकर मुस्कुराई और फिर उसके लुंड पर थूक गिरा कर उसको मुंह में लेकर चूसने लगी.
अपनी खूबसूरत और कामुक बीवी के होंठ के बीच लुंड जाने से राज मज़े से सिसकारने लगा, "आआह्ह्ह्ह" वहीँ अनीता अपना सर ऊपर नीचे करके बड़े hi मज़े से राज का लुंड चूसने लगी.
राज जानता था की उसकी खूबसूरत और कामुक बीवी अनीता को लुंड चूसना अच्छा लगता था और स्वयं राज को भी इसमें मज़ा आता था तो वह आराम से बिस्तर पर लेते अपनी खूबसूरत और कामुक बीवी के मुंह सर लुंड चूसै का मज़ा लेने लगा.
अनीता कॉलेज के दिनों में अपनी सहेलियों से सुनती थी की वो कैसे अपनी बॉयफ्रैंड्स के लुंड चुस्ती थी और यह सब सुन्न कर अनीता का भी दिल करता था की वो भी अपनी सहेलियों की तरह किसी मर्द का लुंड चूसे मगर वो सोच राखी थी की वो किसी को बॉयफ्रेंड नहीं बनाएगी और सेक्स भी शादी के बाद hi करेगी इसलिए वह कॉलेज में लुंड चूसै का मज़ा नहीं ले सकीय.
अनीता सोचती थी की उसकी सहेलियों को लुंड चूसने में इतना मज़ा क्यों आता था. आखिर लुंड तो छूट में अंदर जाकर उसे छोड़ने के लिए होता है तो फिर उसकी सहेलियां मुंह में लुंड लेकर इतनी खुश क्यों होती thi.Iss सब का जवाब अनीता को शादी के बाद मिल गया जब वो राज का लुंड पहली बार शादी के दो हफ्ते बाद चूसी थी.
जब उसकी शादी हुयी तो उसके बाद पहली बार अपने पति राज का लुंड चूसने में उसे मज़ा आया और तब जाकर उसे पूरा एहसास हुआ की उसकी सहेलियां लुंड चूसने पर इतना गर्व क्यों महसूस करती थी और गर्व से उससे यह शेयर क्यों करती थी. लुंड को मुंह में लेकर मर्द के आँखों में देखकर उसका मज़े का एक्सप्रेशन देखते हुए लुंड को अपनी मुंह में बड़ा, मोटा और कड़क होते महसूस करने का मज़ा hi अलग था अनीता के लिए.
अनीता को तो शादी के बाद राज का लुंड चूसने का दिल करता था मगर उसकी नयी नयी शादी हुयी थी इसलिए उसे लगा की इस तरह से राज का लुंड चूसने से कहीं राज को पसंद न ए और साथ hi ऐसा न समझे की वह शादी से पहले किसी का लुंड चूसी हो इसलिए वो पहले दो हफ्ते तक एक बार भी राज का लुंड नहीं चूसी.
शादी के दो हफ्ते बाद एक दिन राज ऑफिस के लिए तैयार हो रहा था की उसी वक़्त अनीता नाहा कर बाथरूम से निकली और उसकी गोरी खूबसूरत जिस्म पर हलके हलके पानी का बंध देखकर राज का मैं बहकने लगा और वो उतावला होकर अनीता को वैसे hi चूमने लगा.
अपने पति राज का उतावलापन देख कर अनीता खिलखिला कर हसने lagi,"hehehehe यह क्या कर रहे हो? हहहहए".
राज अनीता को चूमते हुए और उसकी मुलायम चूंकि दबाते हुए bola,"pyaar कर रहा हूँ जान".
अनीता उसका बात सुनकर खिलखिला कर हस्ती हुयी boli,"hehehehe यह प्यार करने का समय थोड़े hi है. जाओ ऑफिस के लिए लेट हो जाओगे".
राज जवाब में bola,"Kya करून जान तुम्हारा यह रूप देख कर मैं बहक गया है और जब तक मेरा स्पर्म नहीं निकलेगा तब तक मुझे चैन नहीं मिलेगा".
अनीता यह सुनकर खिलखिलाती हुयी राज के पंत के ऊपर से उसका लुंड पकड़कर सहलाने लगी और फिर राज के होंठों को चूमने लगी.
राज भी साथ देने लगा और थोड़े देर के चुम्बन के बाद अनीता मुस्कुराकर उसे देखती हुयी उसका हाथ पकड़ कर boli,"aaiye मैं जल्दी से आपको आराम दे देती हूँ" और यह बोल कर वो राज को बैडरूम में hi रखे लोवेसेअत के तरफ लेजाकर उसे बैठा दी और खुद उसके पास नीचे बैठ कर राज का पंत खोलकर नीचे सरका दी.
राज समझ गया की उसकी खूबसूरत बीवी अनीता उसका लुंड चूस कर उसके लुंड को शांत करना चाहती थी. राज के लिए यह पहला अवसर था जब उसकी खूबसूरत बीवी उसका लुंड चूसने जा रही थी. यह सोचते hi उसका दिल भी धड़कने लगा की कैसे उसकी सीढ़ी साडी बीवी उसका लुंड चूसने जा रही थी.
राज जानता था की अनीता को बदन दिखाऊ कपडे पेहेन न पसंद था और वो बहोत छोटे छोटे ब्लाउज और कमीज पहनती थी मगर वो यह भी जानता था की अनीता कुंवारी थी शादी से पहले और उसका कोई बॉयफ्रेंड नहीं tha.Woh यह समझता था की अनीता भले hi वैसे कपडे पहनती थी मगर थी सीढ़ी साडी और वैसे कपडे बस फैशन और आराम के लिए पहनती thi.Isliye वो अनीता को इस तरह लुंड चूसने के लिए नीचे बैठा देखकर थोड़ा अलग सा महसूस कर रहा था और उसके बदन में रोमांच भर गया था.
अनीता नज़र ऊपर के तरफ करके उसको देखि और फिर मुस्कुराकर उसका लुंड पकड़ कर उसे मुंह में लेकर चूसने लगी.
अपनी खूबसूरत बीवी के मुंह में लुंड जाते hi राज के मुंह से सिसकारी निकल gaya,"aaahhhhhh" जिसे सुनकर अनीता खुश होकर मुस्कुराती हुयी वैसे hi उसका लुंड चुस्ती हुई उसके तरफ देखि और फिर नज़र नीचे लुंड के तरफ करके उसे देखते हुए चूसने लगी.
जब अनीता राज का आह सुनकर उसके तरफ मुस्कुराकर देखती हुयी लुंड चूस रही थी तो राज खुद को दुनिया का सबसे किस्मत वाला मर्द समझ रहा था. वह पहले hi अनीता की ख़ूबसूरती, चुलबुला पैन, मॉडर्न ख्याल और समझदारी देखकर खुद को बहोत किस्मत वाला समझता था मगर उस दिन उसका यह नया कामुक रूप देखकर वह खुद का दुनिया का सबसे किस्मत वाला मर्द समझने लगा की उसकी बीवी में वह सारे गुण थे जो हर मर्द चाहता था मगर शायद hi किसी को नसीब होता था.
अनीता को लुंड के तरफ देखते हुए लुंड चुस्त देख राजा आराम से सर ऊपर करके आँख बांध करके लुंड चूसै का मज़ा लेने लगा.
वहीँ अनीता की बदन में भी मस्ती की लहर दौड़ने लगी पहली बार लुंड चूसकर. उसे उस दिन एहसास हो रहा था की उसकी सहेलियां अपने बॉयफ्रैंड्स का लुंड चूसकर इतना खुश क्यों रहती थी. एक कड़क और गरम लुंड मुंह में जाने से एक अलग hi मज़ा मिल रहा था उसे जो अनुभव करके अनीता समझ पा रही थी अपनी सहेलियों का ख़ुशी का kaaran.Munh में लुंड का बड़ा होना और साथ hi मुंह के अंदर hi झटके मारना यह सब महसूस करने से अनीता को बहोत मज़ा आ रहा था.
वो अच्छे से राज का लुंड चूस रही थी मगर पहली बार लुंड चूसने के कारण कभी कभी दांत भी राज के लुंड पर गदा देती थी जिससे राज सिसक जाता और अनीता घबरा कर धीरे धीरे सावधानी से लुंड चुस्ती. आखिरकार अनीता राज का लुंड चूस चूस कर उसको चरम तक पहुँच दिया और जैसे hi राज का लुंड फूलने लगा अनीता जल्दी से अपना मुंह से निकलकर उसके लुंड को हिला कर उसका वीर्य निकाल दी.
राज संतुष्ट होकर हांफने लगा और अनीता उसे देखकर मुस्कुरा दी. वीर्य थोड़ा पंत पर गिरने के कारण राज को पंत बदलना पड़ा मगर जो ख़ुशी उसे मिला था उसके लिए इतना करना कोई बड़ा बात नहीं था और वह पंत बदलकर ऑफिस चला गया और थोड़ा बहोत वीर्य जो फर्श पर गिरा था वह अनीता पोंछ दी.
इसी तरह तब से अनीता राज का लुंड हमेशा मज़े से चुस्ती थी मगर उसका वीर्य अपने मुंह में बहोत hi काम बार ली थी क्यूंकि राज ज़्यादातर वक़्त लुंड चूसै के बाद अनीता को छोड़ता था. उसे सिर्फ लुंड चूसै से खुद को शांत करना उतना पसंद नहीं था और बहोत hi काम मौके पर वह लुंड चूसै से काम चलता था जब ज़्यादा टाइम न हो और उसे अपना लुंड शांत करना रहता हो या फिर अनीता कभी कभी ऐसा लुंड चुस्ती थी की वह जल्दी hi झाड़ जाता था.
राज हमेशा खुद वीर्य गिरने से पहले अपना लुंड उसकी मुंह से निकल देता यह सोचकर की अपनी बीवी के मुंह में वीर्य गिरना शायद उसे अच्छा न लगे. सिर्फ उसी मौके पर अनीता की मुंह में वीर्य गिरता था जब राज जल्दी जहर जाता था और उसे लुंड निकलने का मौक़ा नहीं मिलता था.
इसके कारण अनीता भी बहोत काम बार hi अपने पति का वीर्य पी थी और जितना बार भी वह पी थी राज खुद को कण्ट्रोल न करने के कारण जल्दी झरने के कारण. ऐसा अनीता को तो अपने पति का वीर्य पीने में कोई झिझक नहीं होती थी मगर राज ऐसा नहीं करना चाहता था क्यूंकि ऐसा करना उसे अपनी बीवी की डिसरेस्पेक्ट लगता था.
इसी तरह सैटरडे के दिन भी राज का लैपटॉप रखने के बाद वैसे hi अनीता राज के लुंड को चूस रही थी और अब शादी के दो साल बाद उसे सही से लुंड चूसना भी आ गया था. अनीता लुंड चूसै में इतनी माहिर हो गयी थी की वो कभी कभी एक मिनट के अंदर hi राज को झाड़ देती थी और कभी कभी आराम से चूस कर उसे मज़े भी देती थी.
राज अपनी बीवी को अपना लुंड चूसते हुए देखने के साथ साथ उसकी मुलायम चूँचियों को भी मसल रहा था. अनीता राज का लुंड चूस चूस कर पूरा गीला कर दी थी. वह राज का पूरा लुंड निगल जाती और कुछ सेकण्ड्स वैसे hi उसके पूरे लुंड को मुंह में रखने के बाद जब वो सर उठती तो राज का लुंड और उसके मुंह के बीच उसके गाढ़े थूक से एक लड़ी बन जाती जिसे वह राज की आँखों में देखते हुए अपनी जुबान से तोड़ देती और उस थूक के लड़ी के साथ साथ और भी अपना थूक राज के लुंड पर गिरा कर उसे उसके लुंड के जड़ तक गिरते देखती और फिर उसे अपनी ज़बान से नीचे से चाटते हुए टोपे की तरफ आकर वापस उसका लुंड मुंह में लेकर मज़े से "उम्मम्मम उम्म्म्म उम्मम्मम उम्म्म्म उम्मम्मम सलूरररप्प सलूरररप्प सलरपपपप उम्मम्मम उम्म्म्म च्ममममम च्मममममम सलरपपप उम्म्म्म" करके राज का लुंड चुस्ती.
थोड़ी देर बाद राज उसे भी नंगा करके बिस्तर पर लेता दिया और उसकी टांगो के बीच आकर उसे छोड़ने laga.Anita अपनी टंगे मोड़ कर राज के कमर पर लपेट दी और दोनों पति पत्नी एक दूसरे को चूमते हुए चुदाई का मज़ा लेने लगे.
राज इसी तरह मिशनरी पोजीशन में अनीता को छोड़ते रहा और अनीता भी उसके नीचे लेती उसे चूमते हुई चुदती रही. उस सुनसान जगह पर बने उस घर में सिर्फ वह दोनों पति पत्नी hi थे जो बांध कमरे में चुदाई का मज़ा ले रहे थे. अनीता बेफिक्र होकर मज़े से जोर से आहें भर्ती हुयी चुद रही थी "आआह्ह्ह्हह उम्मम्मम उम्मम्मम सीईईई आआह्ह्ह्हह हाँ जान ऐसे hi आअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह".
राज उसे लगभग 10 मिनट छोड़ा और फिर झाड़ गया. अनीता को न जाने क्यों चुदाई के वक़्त कभी कभी हरिया का छेड़ छड़ याद आने लगा था. वह अपने पति का लुंड अपनी छूट में महसूस करती हुयी हरिया के छेड़ छड़ को याद करती हुयी आहें भरकर चुदाई का मज़ा ली और जब राज जहर गया तो वह आँखें बांध करके जोर जोर से सांस लेकर एक अलग hi सुकून महसूस कर रही थी. थोड़ा देर बाद दोनों पति पत्नी एक दूसरे को चूमकर एक दूसरे के बाँहों में सो गए.
अगले दिन संडे था और सुबह सुबह राज अनीता को फिर छोड़ा और अपने पति से सुबह सुबह छोड़कर अनीता बहोत खुश थी. राज शाम को उसे बाहर घूमने ले गया और दोनों पति पत्नी डिनर करके घर आये. राज उसे रात में फिर छोड़ा और वह भी उसका खुल कर साथ देकर चुदाई का मज़ा ली लेकिन चुड़ते वक़्त उसे फिर से हरिया का छेड़ छाड़ याद आने लगा. अनीता चुदाई के बाद मुस्कुराती हुयी सो गयी.
अगला दिन मंडे को अनीता को बाजार जाना था. पिछले दिन दोनों पति पत्नी जब बाहर निकले थे तो बाजार नहीं किये. उनका पूरा ध्यान घूमने फिरने में था. अनीता तैयार होकर हमेशा की तरह एक डीप नैक और डीप बैक ब्लाउज पहनी जिसमे पीछे सिर्फ 3 इनचेस कपडे hi थी जो उसकी ब्लाउज को उसकी बदन से बंधे हुए रखा था. उसके अलावा पूरी पीठ नंगी थी. सामने अच्छा खासा क्लीवेज भी दिख रहा था. साड़ी को भी वह नाभि के 3 इनचेस नीचे बंधी थी जिसके कारण उसकी पेट नंगी थी और उसके बीच नाभि में एक बेल्ली रिंग पहनी हुयी थी.
वह छटा लेकर ऑटो स्टैंड पहुंची तो देखि वहां एक भी ऑटो नहीं था. अनीता थोड़ी परेशानी से आस पास देखि और कुछ सेकण्ड्स hi हुआ था की उसे दो ऑटो आता दिखाई दिया. अनीता वह देखकर राहत महसूस की और थोड़ा मुस्कुरा दी. अनीता उधर hi देख रही थी और देखि की अचानक से दोनों ऑटो का स्पीड बढ़ गया.
अनीता यह देख hi रही थी की दोनों ऑटो तेज़ी से एक साथ ठीक उसके सामने आकर रुक गया. एक ऑटो ठीक उसके सामने था और दूसरा ऑटो उसके दूसरे तरफ मगर वह उसके सामने वाले ऑटो से थोड़ा आगे था.
अगले पल उसके सामने वाला ऑटो का ड्राइवर उतारकर मुस्कुराकर bola,"Baithiye मेमसाहब" और यह बोलकर वह एक नज़र उसकी क्लीवेज को देखा.
अनीता यह सुनकर मुस्कुरा दी और इससे पहले की वह कुछ करती दूसरा ड्राइवर आया और bola,"Memsahab उस ऑटो में बैठिये".
अनीता यह सुनकर थोड़ी कंफ्यूज हो गयी लेकिन वह कुछ सोचती उससे पहले पहला ड्राइवर bola,"Are यह क्या बात hua?Pehle मेरा ऑटो आया तो मेमसाहेब मेरे ऑटो में बैठेगी".
दूसरा ऑटो वाला यह सुन्न कर bola,"Pehle मेरा ऑटो आया. तू मेरे बाये में था इसलिए मेमसाहेब के सामने रुका. मगर पहले मेरा ऑटो आया".
पहला ड्राइवर यह सुन्न कर bola,"Memsaheb के सामने मेरा ऑटो आया न? तो मेमसाहेब मेरा ऑटो में बैठेगी".
फिर वह अनीता के तरफ देखकर bola,"Baithiye मेमसाहेब".
इससे पहले अनीता कुछ बोलती या रियेक्ट करती वह दूसरा ड्राइवर bola,"Ek मिनट".
फिर वह अनीता के तरफ देखते हुए bola,"Memsaheb आप hi देखिये मेरी ऑटो इससे आगे है. मैं पहले आया और यह बीच में ऑटो घुसा दिया".
अनीता यह सुन्न कर एक नज़र उसके ऑटो के तरफ देखि. इस बीच दोनों ऑटो ड्राइवर एक बार अनीता की क्लीवेज, उसकी नंगी पेट और उसके बीच नाभि से लटकी हुयी चमकती बेल्ली रिंग को देखने लगा.
एक तो अनीता उतना ध्यान से नहीं देखि की पहले कौन आया. उसे दोनों ऑटो एक साथ hi आते दिखी और दूसरा की वह यह सब में पड़ना नहीं चाहती थी. वह एक नज़र ऑटो के तरफ देखने के बाद उन दोनों के तरफ देखि तो खुद की बदन पर उन दोनों का नज़र देखि मगर उसका बुरा माने बिना boli,"Maine उतना ध्यान से नहीं देखा. मैं ऑटो पकड़ने आयी हूँ. यह देखने नहीं की कौन ऑटो पहले आया".
अनीता की बात सुन्न कर दोनों हड़बड़ा कर अपना नज़र उसकी बदन से हटाकर एक पल उसके चेहरे पर देखा और फिर पहला ड्राइवर bola,"Abe मेमसाहेब को क्यों परेशान कर रहा है".
यह सुनकर दूसरा ड्राइवर bola,"Abe मैं परेशान कर रहा हूँ की तुम परेशां कर रहे हो. एक तो बीच में ऑटो घुसा दिया और मेमसाहेब को धुप में खड़ा करके झमेला कर रहा है".
पहला ड्राइवर यह सुनकर थोड़ा गुस्से में bola,"Saale मेमसाहेब को मैं बैठा रहा था तो तुम बीच में आकर रोक दिए".
यह सुनकर दूसरा ड्राइवर भी गुस्से में bola,"Saala किसको बोलता है. गाली देता है" और इसके बाद दोनों के बीच हाथापाई शुरू हो गयी.
अनीता उन् दोनों के बहस से पहले hi परेशान थी और उन दोनों को अब हाथापाई करता देख उनलोग के तरफ हाथ बढाकर boli,"Are यह क्या..."
वह दोनों हाथापाई और एक दूसरे का कालर पकडे ऑटो से थोड़ा आगे बढ़ गए और साथ hi चिल्ला रहे थे तो ऐसे में अनीता की पतली आवाज़ सुन्न नहीं पाए. अनीता को यह एहसास हुआ इसलिए वह अपनी बात पूरा किये बिना चुप हो गई और परेशानी से दोनों को हाथापाई करते देखने लगी.
वह उन् दोनों को देखकर परेशानी से खुद से धीरे से boli,"Offo अब एहि बाकी था" की अगले पल दोनों एक दूसरे का कालर पकडे थोड़ा और आगे जाकर गन्दी गन्दी गालियां देने लगे.
अनीता गन्दी गालियां सुनते hi परेशानी से अपना सर हिलने लगी मगर फिर वह थोड़ा घबरा गयी जब वह दोनों थोड़ा दुरी पर एक दूसरे का कालर पकडे एक पेड़ से टकरा कर रुक गए और फिर एक दूसरे पर घुसे बरसाने लगे.
अनीता यह देखते hi boli,"Ohh no यह तो बात बहोत बिगड़ गयी".
अगले पल वह देखि की कुछ लोड दौड़ कर उनके पास जाकर दोनों को छुड़ाने लगे, मगर इस बीच भी दोनों उछाल उछाल कर एक दूसरे को मारने में लगे थे.
अनीता यह देखकर परेशानी का भाव चेहरे पर लिए खुद से boli,"Yeh लोग भी न. रोज़ी रोटी के लिए मार पीट पर उतर आते हैं".
अनीता को लग रहा था की वह दोनों पहले जाने के लिए लड़ रहे थे. उसे मालूम था की ऑटो लाइन से जाता है और जल्दी जल्दी लाइन आने से दिन में एक या दो एक्स्ट्रा ट्रिप हो जाता है जिसके कारण कमाई ज़्यादा होती है इसलिए दोनों पहले जाने के लिए लड़ रहे थे.
अनीता यह भी जानती थी की वह कितनी खूबसूरत है और मर्द उसे देखते रहते हैं और कुछ हिम्मत वाले मर्द मौक़ा देखकर छेड़ भी देते हैं मगर इसके बावजूद वह यह नहीं सोची थी की उसे अपने ऑटो में बैठने के लिए दो ऑटो ड्राइवर मार पीट पर उतर आएंगे. वह दोनों ऑटो ड्राइवर दरअसल अनीता को अपने ऑटो में बैठने के लिए hi लड़ रहे थे.
दोनों ड्राइवर उन मनचले ड्राइवर्स में से थे जो अनीता को हमेशा देखते थे मगर कभी उसे अपने ऑटो में बैठने का मौक़ा नहीं मिला था. जब वह दोनों ड्राइवर स्टैंड आ रहे थे तो अनीता को खड़ा देख सोचने लगे की उनका किस्मत अच्छा था और अनीता उनके ऑटो में आखिरकार बैठेगी लेकिन दोनों के मैं में एक hi बात थी और दोनों एक साथ स्टैंड पर पहुँच कर अपना किस्मत ख़राब होते देख बहस से मार पीट पर उतर आये.
अनीता उधर देख रही थी और धीरे धीरे उधर भीड़ बढ़ने लगी थी. दोनों के इर्द गिर्द आदमी का भीड़ होने के कारण उन दोनों को अब वह देख नहीं पा रही थी मगर गन्दी गन्दी गालियां उसकी कानो में पड़ना जारी था. अनीता परेशान होकर उधर देखती हुयी सोची की चुप चाप खड़े रहने से कुछ नहीं होगा. उसे कुछ करना चाहिए.