Apne Pyaare rishte - Page 5 - SexBaba
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Apne Pyaare rishte

अपडेट 34



अभी में लेता हुआ hi था की दीदी मुझे आवाज देने लगी लेकिन में वैसे hi सोने का नाटक करने कागा में देखना चाहता था की मेरी बहन किस हद तक जाती है शायद ये मेरी सबसे बड़ी गलती साबित हुई

जब दीदी आवाज दे रही थी तोह में जरा भी नहीं हिला तोह दीदी को भी यकीं हो गया की में दवाइयों के असर से गहरी नींद में सो रहा हु

अभी में हॉस्पिटल के कपड़ों में hi था जो की एक नार्मल शर्ट और पंत टाइप की थी अब जब दीदी को यकीं हो गया की में सो रहा हु तोह उन्होंने पहले मेरे बालो में उंगलिया फेरने लगी उसके बाद वही हाथ बालों से निचे ले जाते हुए मेरे होंठो पर रगड़ने लगी जिससे हुआ ये की अब मेरे शरीर में भी हलकी हलकी सी मस्ती चढ़ने लगी लेकिन मैंने बड़ी मुश्किल से सब कण्ट्रोल किआ हुआ था

अब दीदी मेरे होंठो से होते हुए धीरे से मेरी छाती पर हाथ फेरने लगी और धीमे से शर्ट के सरे बटन खोल दिए एयर फिर बड़े प्यार से मेरे साइन को चूमे और चाटने लगे कुछ ऐसे

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फिर ऐसे hi थोड़ी देर चूमने के बाद दीदी अब वैसे hi चूमते हुए धीरे धीरे निचे जा रही थी अब वह मेरे साइन से निचे जाते हुए मेरा पेट नाभि मेरे गर्दन के निचे से कमर तक का सारा एरिया चूमकर गिला कर दिया था अब मुझे लगा दीदी यही पर रुक जाएगी लेकिन नहीं उन्होंने अब आगे बढ़ते हुए मेरी पंत उतरनी शुरू कर दी अब मुझे लगा ये ज्यादा हो रहा है ये समय और जगह दोनों भी इस सब के लिए सही नहीं है तोह मेने थोड़ा हिलने का नाटक किया जिससे दीदी को लगे में जग रहा हु और हुआ भी वही जैसे hi मेरे शरीर में हलचल हुई दीदी तुरंत hi साइड होक बैठ गयी लेकिन जब में नहीं उठा तोह वह सबसे पहले किसी कपडे से मेरा शरीर साफ़ करके मेरे कपडे ठीक किये और फिर बात रूम में चली गयी

जब वह बात रूम में घुसी तोह में भी चुपके से देखने लगा जो की मेरी 2ऋ गलती साबित होने वाली थी जब मेने अंदर देखा तोह दीदी बाथरूम में नंगी बैठी हुई अपनी छूट मसल रही थी

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दीदी :- आआअह्हह्ह्ह्ह राजज मेरे भाई अपनी बहिन की प्यास बुझा दे देख कितना तड़प रही है ये तेरे लिए ऊऊफफफफ मम्माआआआ जल्दी से आकर इसकी गर्मी को ठंडा कर दे कही ऐसा न हो की इसकी गर्मी मुझे पागल कर दे और में कोई गलत कदम उठा लू

आआह्ह्ह्ह मम्माआमीीेरररीईछूटत ाआयीयईईईईई ( तेज़ तेज़ ऊँगली करते हुए झाड़ ने लगती है)

ये मेरे लिए किसी झटके से काम नहीं था की मेरी बहन मेरा hi नाम लेके अपनी छूट सहला रही थी

लेकिन में कुछ कर पता उससे पहले hi मुझे दादाजी के बोलने की आवाज सुनाई देने लगी तोह में तुरंत अपने बीएड पे लेत गया और ऐसा जताया की अभी अभी मेरी नींद खुली हो

दादाजी (मेरा हाथ पकड़कर) :- अब कैसा है मेरे शेर

में :- एकदम मस्त

दादाजी की आवाज सुनके दीदी भी खुद का हुलिए सुधर के बहार आ गयी

अभी में कुछ और बोलता की तभी नाना और उनका परिवार अंदर आ गया

नानाजी को देख कर फिर से मेरे साथ वही होने लगा लेकिन मेने उन सब भावनाओ पर जल्द hi काबू प् लिया और एकदम नोर्मल्ली उनसे बेहवे करने लगा लेकिन जब वह मेरे सामने आये थे तब जो दर और गुस्से की जो भावना मेरे मन में आई थी उसके चलते मेरी हाथ की मुठी अपने आप कास गयी और ये भले hi 2 पल के लिए था लेकिन दादाजी ने मेरा हाथ पकड़ा हुआ था जिससे दादाजी ने वह महसूस कर लिया और वह समझ गए की मेरी हसी जो है वह नकली है और उन्होंने इशारे से नाना को बहार बुलाया

ात आउटसाइड ऑफ़ वार्ड

नानाजी :- क्या हुआ समशेर बहार क्यों बुलाया कितने सालो के बाद में अपने नवासे के साथ इतने अचे से बात कर रहा था

दादाजी :- में समझ सकता हु surya(nanaji) लेकिन मेरी बात ध्यान से सुन्ना

नानाजी :- बोल

दादाजी :- देख राज भले hi अचे से बात कर रहा है है रहा है लेकिन मेने महसूस किआ है की उसे फिलहाल कुछ समय की जरुरत है समझ तू

नानाजी :- है ये तोह मेने भी महसूस किआ की राज बात तोह कर रहा है लेकिन थोड़ी झिझक है उसे थोड़ा समय चाहिए

लेकिन तू भी समझ में कितने सैलून बाद मिल रहा हु अब दूर मत कर

दादाजी :- अरे में दूर थोड़ी कर रहा हु या मिलने से मन भी नहीं कर रहा में बस कह रहा हु एकदम से इतने सालो का प्यार मत दे धीरे धीरे पहले उसे खुलने दे फिर जब उससे तेरे साथ तेरे परिवार के साथ कम्फर्टेबले महसूस करे तब भले hi उसे पुरे साल के लिए अपने साथ ले जा लेकिन अभी थोड़ा अपने भावनाओ पर कण्ट्रोल कर और उसे थोड़ा खुलने दे ताकि तुम दोनों की बॉन्डिंग अछि हो उससे मिलने से ाचा फ़ोन पे बाटे कर लेकिन फिलहाल उसे कुछ समय दे

नानाजी :- ठीक है तू भी सही कह रहा है

दादाजी :- एक और बात जिसे तुम उसकी झिझक कह रहे हो वह उसकी झिझक नहीं दर और गुस्सा है इसलिए जो भी करियो सोच समझ कर करियो समझा

नानाजी :- है समझ गया

दादाजी :- ठीक है तू जा राज से बात कर में डिस्चार्ज की फॉर्मेलिटी कम्पलीट करके आता हूँ

तोह वही सुजय की हवेली में

इस वक़्त सुजय बेहद गुस्से में था और उसके सामने एक आदमी दर से काँप रहा था सुजय इतने गुस्से में था की उसने अपने hi घर का कच का शोपीस को तोड़ दिया जिसका पता आस पास बिखरे हुए कच के टुकड़े बता रहे थे लेकिन वह इतने गुस्से में क्यों था क्यूंकि उसका प्लान फ़ैल जो हो गया था ऊपर से राणा भी मारा गया

सुजय :- बहुत बोल रहा था न मेरे निशाना कभी नहीं चुकता तोह आज कैसे चूक गया बोल

आदमी :- पता नहीं बॉस मेने निशाना सही लगाया था लेकिन गोली उस तक पहुंची hi नहीं

स :- अगर चलायी थी तोह गयी कहा धरती खा गयी या आसमान निगल गया

ा :- पता नहीं सुई कैसे हवा में hi गायब हो गयी

स :- है जादू हो गया न की तेरी वह जहारली सुई हवा में hi गम हो गयी

ा :- ऐसा hi हुआ होगा बॉस

धड़ाम…..

अभी उस आदमी ने इतना बोलै hi था की राणा ने पास पड़े खंजर को सीधा उसके साइन में उतर दिया और वह आदमी खंजर लगने के बाद सीधा जमीं पर जेक गिरा

स :- आज तोह बच गया भीमा लेकिन में आ रहा हु अब कैसे बचेगा तू

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आज के लिए इतना hi


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अपडेट 35



अभी हम सभी हॉस्पिटल से घर वापस आ गए थे नानाजी और उनका परिवार हॉस्पिटल से hi अपने घर के लिए लौट गए उनका रुकने का तोह मन था लेकिन नानाजी की बात कोई ताल न सका

अभी हम सब घर पहुंचे hi थे की वह भीमा काका उनके परिवार के साथ खड़े थे और उनके हाथों में मेरी ट्रॉफी और बाकि के इनाम थे

काका :- (दादाजी से) प्रणाम ठाकुर साहब

दादाजी :- प्रणाम भीमा बोलो यहाँ कैसे आना हुआ वह भी पुरे परिवार के साथ

काका :- वह तोह हम छोटे मालिक का हल चल पूछने और (अपने हाथे पकडे सामान की और इशारा करते हुए) और ये उनकी अमानत उनतक पहुंचने आये है

में :- शुक्रिया काका

फिर ऐसे hi मुनीम के परिवार और गांव के और कुछ लोग आते रहे मेरा हलचल पूछने फिर कोई मेरे लिए मिठाई लाया था रोग कोई गुलदस्ता ऐसे सब करते हुए hi 3-4 घंटे निकल गए

अभी में अपने कमरे में पंहुचा hi था की तभी मेरा फ़ोन बजने लगा मैंने नंबर देखा तोह वह अननोन नंबर से कॉल था में अननोन नंबर देख के सोचने लगा की ौटबौ या नहीं लेकिन सोचते हुए जैसे hi फ़ोन उढ़ाने गया कट हो गया

में (मन में) :- चलो कोई इम्पोर्टेन्ट कॉल होगा तोह फिर से करेगा

यही सोच के में फ़ोन को बीएड पे रख के नाहा ने चला जाता हु

जब में बाथरूम में घुसा तोह मेरे सामने hi दीदी के कपडे थे जो उन्होंने हॉस्पिटल में पहने थे उन्हें देख के मुझे हॉस्पिटल वाला सन याद आ गया और अब में ये पाप है ये गलत है यही सब सोचके सब भुलाने का तरय कर रहा था की तभी मेरे दिमाग में भाई बहन का वह सेक्स सन घूमने लगा जिसके बारे में सोच कर hi मेरे मन में भी अपनी बहन के लिए गलत विचार आने लगे और में खुदको उस आदमी की जगह रख कर दीदी को उस औरत में देखने लगा अभी में सोच रहा था तभी फ़ोन फिर से बज गया तोह में अपने सोच से बहार आके फ़ोन उठता हु

में :- hello कौन?

सामने से :- hello राज में तेरा नाना बोल रहा हु

में ;- है नानाजी बोलिये वह सॉरी आपका no. नहीं था मेरे पास

नानाजी :- अरे कोई बात नहीं मेने बस इतना बताने के लिए फ़ोन किआ था की हम घर पहुंच गए ज्यादा टेंशन न ले

में :- ठीक है नानाजी

नानाजी :- ाचा राज

में :- नानाजी वह माँ मुझे निचे बुला रही है में बाद में बात करता हु

नानाजी :- ठीक है राज चल bye

में :- bye

इतना बोलके में तुरंत फ़ोन रख देता हु

अभी मेने फ़ोन रखा hi था की तभी

"अगर बात नहीं करोगे तोह समस्या का समाधान कैसे मिलेगा"

जब मेने पीछे मुड़के देखा तोह गाइड आराम से मेरे बीएड पे बैठा था

में (उसे देखके) :- जुटे पहन कर बीएड पे मत बैठो उतरो निचे अगर डेग लग गया माँ मुझे डाँटेगी (जोर से) उतरो

ग :- भड़कते क्यों हो प्यार से भी बात कर सकते हो तुम्हे अपने क्रोध पर काबू रखना होगा

में :- ठीक है (प्यार से) निचे उतरो

ग (निचे उतारते हुए) :- ये हुई न बात तोह में कह रहा था की अगर तुम किसी से बात नहीं करोगे अपनी समस्या नहीं बताओगे तोह किसी भी समस्या का समाधान कैसे मिलेगा और अगर तुम ऐसी छोटी मोती समस्याओं में उलझे रहे तोह आगे आणि वाली बड़ी समस्या पर ध्यान कैसे डोज

में :- ठीक है मई कोशिश करूँगा

ग :- ग्रेट चलो अब अपने क्रोध को काबू करो जितनी जल्दी तुम क्रोध को काबू करोगे उतना hi तुम्हारे लिए लाभदायक होगा नहीं तोह तुम्हारी शक्ति hi तुम्हे ख़तम कर देगी

में :- ठीक है लेकिन मुझे कैसे पता चलेगा की में अपने क्रोध को काबू कर पाया

ग :- में हूँ न

में :- है आज हॉस्पिटल में मुझे मेरे माथे के बिच में कुछ चमकीला डॉट जैसा कुछ दिखाई दिया

ग :- वह चमकीला डॉट तुम्हारा त्रि नेत्र जैसे जैसे तुम tri-netra पर काबू करोगे वह दिखना बंद होते जाये गए

में :- वैसे मुझे लॉकेट से नयी पावर कब मिलेगी

ग :- तुम गलत हो ये लॉकेट भले hi खास है लेकिन उसमे कोई ताकत नहीं है

में :- तोह मुझमे इतनी ताकत कहा से आयी

ग :- तुम्हारी स्पीड, पावर और स्टैमिना तुम्हे उस काढ़े से मिला है तुम्हारा स्लो मोड मेने तुम्हे दिया है और tri-netra और तुम्हारे अंदर की हर तरह की ताकत को स्टेबल करना और उसे उसके हाईएस्ट लेवल तक इनक्रीस करने का काम तुम्हारा ध्यान करता है समझे तुम

में :- है में समझ गया

में अभी थोड़ा निराश हो गया था की मुझे लगता था की मुझे और भी ज्यादा शक्तिया मिलेगी लेकिन ये बात गलत साबित हुई शायद ये बात गाइड समझ गया

ग :- निराश मत हो तुम्हे और कई शक्तियां मिलेगी लेकिन उनके लिए तुम्हे खुदको उनके लिए साबित करना होगा

अभी में और गाइड बात hi कर रहे थे की मेरा दरवाजे पर नॉक हुआ

मेने जब दरवाजा खोला तोह दीदी कड़ी थी जो मुझे खाने पर बुलाने आयी थी

में जब निचे गया तोह पूरा हॉल सजा हुआ था सब मेरे जित के सेलिब्रेशन के लिए जमा थे जब में निचे पंहुचा तोह सब ने तालिया बजाके मेरा स्वागत किया

फिर मैंने नानाजी को वीडियो कॉल किया उनका आशीर्वाद लिया कुछ देर बात की जब मुझे ज्यादा सहन नहीं हुआ तोह मेने पार्टी का बोल के फ़ोन कट कर दिया

फिर सब लोगो ने थोड़ी देर सेलिब्रेशन करके खाने के लिए बैठ गए जहा सारा खाना मेरे पसंद का बना था जिसे देख कर में बहुत खुस हो गया लेकिन खाना कहते समय जब मेरी नज़र दीदी पर पड़ी तोह वह कुछ soch-soch के बार बार मुस्कुरा रही थी मुझे पता तोह नहीं था की वह क्या सोच रही है लेकिन इतना पता चल गया था की वह आज मेरे साथ कुछ करेगी जरूर यही सोच के मुझे भी एक अजीब सी क्यूरोसिटी होने लगी की अब दीदी क्या करेगी यही सोचते सोचते कब खाना ख़तम हुआ पता hi नहीं चला और फिर हम सब अपने अपने कमरे में सोने के लिए आ गए

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आज के लिए इतना hi


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अपडेट 36



अभी हम सब कमरे में सोने के लिए आये थे दीदी थोड़ी देर में आने का बोल के अपने कमरे में चली गयी थी

अभी में बीएड पर बैठ के दीदी के बारे में hi सोच रहा था की तभी मेरे मोबाइल की मश्ग टोन बजी जब मैंने फ़ोन देखा तोह उसमे रोमा का मश्ग था अब में तोह उसे जनता नहीं था और जब पहली बार बात हुई तोह कुछ खास नहीं हुई इसीलिए मैंने ध्यान नहीं दिया और ब्लॉक कर दिया

अभी में मेरे बीएड पर लेता हुआ था की तभी मेरे रूम का दूर नॉक हुआ जब मैंने दूर खोल के देखा तोह दूर पे दीदी कड़ी थी उन्होंने आज भी एक्सपोसिंग कपडे पहने थे कुछ इस तरह के

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उन्हें इस रूप में देखके तोह मेरे शरीर का रोम रोम खड़ा हो गया पहले जब में उन्हें ऐसे कपड़ों में देखता तोह इतना कुछ फरक नहीं पड़ता था लेकिन आज उन्हें इस रूप में देखके एक अलग hi जोश चढ़ रहा था

जब दीदी ने मुझे अपने शरीर को ऐसे घूरते देखा तोह उनके चेहरे पर मजिंग जितने वाली मुस्कान आ गयी

दीदी (मुस्कुराते हुए) :- भाई अंदर नहीं आने देगा या दरवाजे पर hi खड़ा रखेगा

में (हड़बड़ा के) :- आइये न दीदी

दीदी (अंदर आते हुए) :- क्या बात है भाई आज किधर खोया हुआ है

में :- मतलब

दीदी :- मतलब अभी किधर खोया हुआ था

में :- किधर भी नहीं दीदी

दीदी :- ठीक है चल छोड़ मुझे बहुत नींद आ रही है आ सोते है

में :- है दीदी

उसके बाद में भी बीएड पर लेट जाता हु जब में बीएड पे लेता तोह दीदी मेरे हाथ पर लिपट hi गयी जैसे कोई लड़की टेडी को अपने बहो में लेती है

जिससे उनकी सुडोल चूचिया मेरे हाथ में फील होने लगी और शायद ये बात दीदी को भी पता थी जब उन्हें कन्फर्म हो गया की में सो रहा हु तोह वह अब बिंदास्त हो गयी और अपनी चूचियों को मेरे हाथ पर रगड़ना स्टार्ट कर दिया क्यूंकि वो अब अपनी चूचियों को मेरे हाथो पर रगड़ना स्टार्ट कर दिया था जिस वजह से मेरा लुंड में हरकत होना भी स्टार्ट हो गया था और थोड़े देर में hi मेरा लुंड पूरा खड़ा हो गया था

जैसे hi दीदी ने अपनी चूचियों को मेरे हाथ में रगड़ना स्टार्ट किआ तभी मेरी नींद भी खुल गयी थी अब अगर में दीदी से कुछ कहता तोह शायद वह शर्मिंदा हो जाती और कभी मेरे से नजरे नहीं मिला पति इसीलिए में वैसे hi सोने का नाटक करने लगा लेकिन

थोड़ी देर ऐसे hi रगड़ने के बाद दीदी थोड़ी देर वैसे hi लेती रही फिर वह धीरे धीरे उठकर सबसे पहले उन्होंने अपना एक पेअर मेरे ऊपर रख दिया जिससे अब उनकी जांघ मेरे लुंड से टच हो रही थी जो अब तक पूरी तरह से हार्ड हो गया था अब धीरे धीरे दीदी मेरे ऊपर आ गयी थी जिससे अब उनकी छूट मेरे लुंड पे घिसी जा रही थी

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जिससे उनके मुँह से धीमे स्वर में मादक सिसकारियां निकल रही थी जिन्हे काबू करने का वह पूरा प्रयास कर रही थी अब जब उनसे और काबू नहीं हुआ तोह उन्होंने जो निघ्त्य पहनी हुई थी वह निकल के साइड कर दी अब दीदी ने निघ्त्य के निचे कुछ भी नहीं पहना था दीदी अब मेरे सामने जन्मजात नंगी होक अपनी छूट मेरे लोअर में कैद लुंड पर घिस रही थी उन्हें देख ऐसा लग रहा था की अगर अभी मेने लोअर नहीं पहना होता तोह वह अभी मेरा लुंड अपनी छूट में भर लेती और चुद जाती अभी जब दीदी अपनी छूट मेरे लुंड से रगड़ hi रही थी की अचानक उन्होंने मेरे लुंड को लोअर से आजाद कराया और मेरे लुंड को बहार निकल के उसे अपनी छूट पे रगड़ने लगी और मेरा एक हाथ लेके अपने शरीर पे रगड़ने लगी जैसे मेरा टच अपने शरीर पे महसूस कर रही हो फिर ऐसे hi कुछ देर रगड़ने के बाद जब वह अपने चार्म पर पहुंची तोह उन्होंने अपनी स्पीड बढ़ा दी जिससे वह जल्दी hi झाड़ गयी और फिर बात रूम में जेक खुद को साफ़ किआ फिर एक गिला कपडा लेक मेरे ऊपर जो उनका पानी गिरा था उसे अचे से साफ़ कर दिया और फिर मुझे गले लगाके सो गयी में भी उन्हें अपने बहो में लेके सो गए (एक भाई के नाते)

ात मॉर्निंग

तोह आज सुबह में अपने टाइम से hi उठा लेकिन जैसे hi उठने की कोशिश की तभी मुझे मेरे ऊपर कुछ भर महसूस हुआ जान मैंने देखा तोह दीदी मेरे ऊपर सो रही थी जिन्हे देख कर मुझे रात का सारा सन याद आ रहा था अब मेरे मन में एक साथ बहुत से सवाल चल रहे थे जैसे क्या ये सब सही है, क्या मुझे दीदी को मन करना चाहिए या उनका साथ देना चाहिए, अगर मैंने दीदी का साथ नहीं दिया तोह हो सकता है वह फिर मुझसे नज़रे न मिला पाए, या ऐसा भी हो सकता है की अगर में दीदी का साथ दू तोह सब ऑटोमेटिकली मेरे कण्ट्रोल में आ जाये फिर धीरे धीरे दीदी को समझा सकते है

यही सब सके मैंने अपने सर को झटका दिया और हलके से दीदी को मेरे ऊपर से हटा के बीएड पे लेता दिया और सबसे पहले बाथरूम जेक में फ्रेश हुआ फिर चाट पे जेक ध्यान लगाने लगा जहा मेरा सबसे पहला टारगेट था अपने क्रोध को काबू करना इसीलिए में सारा ध्यान अपने दोनों भौं (एएब्रो) के बिच में लगा रहा था और साथ में मन में hi ॐ (🕉) का नाम स्मरण कर रहा था जिससे मुझे बहुत सुकून मिल रहा था ऐसे hi थोड़ी देर बाद में अपना ध्यान तोड़के फिर से अपने कमरे में आ गया और फिर हाथ मुँह धोके अपने खेत पर जाने के लिए रेडी होने लगा जब में निचे आया तोह दादाजी और डैड किसी विषय पे चर्चा कर रहे थे मुझे आता देख उन दोनों ने भी छुपी साध ली

मेने निचे उतर के सबसे पहले दादाजी और फिर डैड के पेअर छू कर आशीर्वाद लिया और उसके बाद माँ मेरे लिए chai-nashta लेके आयी

में :- (दादाजी से) दादाजी में एक बात पुछु आपसे

दादाजी :- आज तक हम ने आपकी किसी भी बात विरोध किआ है या किसी बात पे गुस्सा किआ है

में :- नहीं

दादाजी :- तोह आज ऐसी क्या बात हो गयी जो आपको पूछना पद रहा है

में :- नहीं दादाजी ऐसी बात नहीं है में तोह बस

दादाजी :- निसंकोच होक पूछिए

में :- ऐसा नहीं है की में आपके फैसले पर सवाल उठा रहा हु मुझे पता है आप हर फीअसला मेरे भले के लिए hi लेते हो

दादाजी :- हम ने कहा न राज निसंकोच होक पूछिए

में :- आपने नानाजी को माफ़ क्यों किया

मेरे इस सवाल पे माँ डैड भी दादाजी के तरफ देखने लगे जैसे उन्हें भी इस सवाल का जवाब जानना था

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आज के लिए इतना hi


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अपडेट 37



में :- आपने नानाजी को माफ़ क्यों किया

मेरे इस सवाल पे माँ डैड भी दादाजी के तरफ देखने लगे जैसे उन्हें भी इस सवाल का जवाब जानना था

अब आगे

दादाजी :- हमारी छोड़िये राज आपने उन्हें माफ़ क्यों किया जबकि उन्होंने सबसे ज्यादा गलत तोह आपके साथ किआ था

में :- क्यूंकि मुझे अपने परिवार को एकसाथ देखना था और मुझे यकीं था की अगर आपने उन्हें माफ़ कर दिया है तोह जरूर आपने कुछ नोटिस किआ होगा आप कभी मेरे अहित में फैसला नहीं लेंगे

दादाजी :- तोह आज ये सवाल क्यों क्या आपको अभी भी लग रहा है की अपने नाना से मिलने पर आपका अहित है या अभी भी आपको अपने नाना से खतरा महसूस हो रहा है

में :- नहीं दादाजी ऐसा नहीं है लेकिन अभी भी जब भी अपनी आखे बंद करके उनके बारे में सोचता हु तोह वही सब मेरे दिमाग में आता है इसीलिए में बस अपने मन से उनकी वह छवि मिटाना चाहता हु

दादाजी :- में समझ सकता हु राज आपको पता है में भी अपने दादाजी से बहुत प्यार करता था उनके साथ शिकार पर जाता था लेकिन एक दिन जब हम दोनों शिकार पे गए थे तोह अचानक हमे डाकुओं ने घेर लिया तोह दादाजी ने अपने तलवार से सबको काट डाला था जिसकी वजह से वह पुरे खून में नाहा चुके थे उन्हें देख के मुझे बहुत दर लग रहा था जो शायद उन्होंने भी महसूस किआ तब से लेके पुरे एक महीने तक में अपने दादाजी से एक शब्द भी नहीं बोलै था उनसे छोड़िये वह जब सामने होते तोह में उनके सामने जाता तक नहीं था ऐसे hi 1 महीना गुजर गया और एक दिन रात में सब सोने के बाद वह मेरे रूम में आये मेरे से बात की हसी मजाक किया उस पूरी रात हम सिर्फ बाटे करते रहे और खेलते रहे और अगले दिन से सब पहले जैसा हो गया

तोह इस से क्या समझे राज

में :- यही की किसी और से पूछने से ाचा खुद नानाजी के साथ समय बिताके देखु

दादाजी से बात करके में थोड़ा फ्री फील कर रहा था अब में सबसे पहले अपने खेत में गया

फिर वह से दुपहर के समय में मई मीरा माँ के खेत के यहाँ चला गया थोड़ी देर उनके खेत का काम देखने के बाद में उनके घर के यहाँ आ गया जब में घर में घुसा तोह तब वह घर में नहीं थी जब में उनके घर में यहाँ वह d3kh रहा था तोह वह मुझे रखे हुए हर एक चीज का फायदा नुकसान उससे औषधि बनाने की प्रक्रिया मुझे पता लगने लगी ये सब का मेने पहले भी मीरा माँ को इस्तेमाल करते हुए देखा था वही सब आज फिर से मेरे दिमाग में दिखने लगा और जैसे जैसे में देख रहा था मुझे लग रहा था की मुझे सब पहले से hi पता है ये सब होने के बाद जब मेरी नज़र वह रखे मस्तराम की बुक पर गयी तोह मेरे दिमाग को झटका सा लगा क्यों की वह बुक इन्सेस्ट स्टोरीज पे बेस्ड थी उसका नाम पढ़ते hi मेरे दिमाग में दीदी ने जो रात में अपना नया अवतार दिखाया वही सब चल रहा था

जब मैंने किताब का पहला पन्ना पढ़ने लगा तोह मेरा दिमाग hi सन्न हो गया 1ले पेज के ऊपर जो स्टोरी थी उसका नाम था

"रक्षाबंधन के दिन दिया दीदी को अनमोल तोहफा" जैसे जैसे में पैन पलट रहा था वैसे वैसे मेरा दिमाग और शरीर दोनों भी काम वासना की अग्नि में जुलस रहे थे वह किताब पढ़ते वक़्त ऐसा लग रहा था की जैसे सब कुछ मेरे सामने hi हो रहा है जब में पढ़ रहा था की तभी मुझे मीरा माँ की आवाज सुनाई दी

मीरा माँ :- छोटे मालिक आप कब आये

मीरा माँ की आवाज सुनके में एकदम हड़बड़ा सा गया और किताब छुपाने लगा

जब मीरा माँ ने मुझे एकदम से ऐसे हड़बड़ा ते देखा तोह पहले तोह वह कंफ्यूज हो गयी लेकिन जब उन्होंने मेरे हाथ में अपनी मस्तराम की किताब देखि तोह वह सारा माजरा समझ गयी

मीरा माँ :- (मुस्कुराते हुए) आप ऐसे दर क्यों रहे है मालिक हम दोनों ने एक दूसरे को पूर्ण नग्न अवस्था में भी देखा है आपको अब भी मुझसे शर्म आती है

में :- नहीं मीरा माँ ऐसी बात नहीं है वह तोह में आपके अचानक आने से हड़बड़ा गया

मीरा माँ :- (मेरे पास आते हुए) आपको ऐसे हड़बड़ाने की कोई जरूरर नहीं है आप मेरे मालिक है मई अब आपकी तन मन और धन से आपकी दासी हु और आप मेरे मालिक

में :- लेकिन मीरा माँ मेने आपको बचपन से अपनी माँ का स्थान दिया है आपने बचपन में एक माँ की तरह मुझे स्तनपान कराया है उस हिसाब से आप मेरी माँ हुई और माँ बेटे के बिच ऐसे सम्बन्ध

मीरा माँ :-(मेरे होठो पर ऊँगली रखते हुए) आप ये साडी फ़िज़ूल की बाटे छोड़िये आज के ज़माने असली माँ बेटे भी साथ में शारीरिक सम्बन्ध बनाते है फिर तोह आप मेरे मालिक है मेरे हर अंग पर आपका अधिकार है

में :- लेकिन

मीरा माँ :- छोड़िये ये साडी बाटे

में :- ठीक है

मीरा माँ :- वैसे आज आप बहुत थके थके से लग रहे है आपकी तब्येत तोह ठीक है न

में :- है तब्येत तोह ठीक है मेरी आपको ऐसा क्यों लग रहा है की मेरी तब्येत ठीक है

मीरा माँ :- आपको कितना पसीना आ रहा है और (मेरे सर पे हाथ रखते हुए) आपका शरीर भी देखिये कितना गरम है

में :- ऐसा कुछ नहीं है

मीरा माँ :- आप मुझसे झूट मत बोलिये

में :- में सच बोल रहा हु में ठीक हु बस गर्मी और खेती के काम करते हुए थोड़ी थकन सी लग रही है

मीरा माँ :- देखा मेने बोलै था न आप थके थके लग रहे है आइये में आपकी मालिश करदु

में :- नहीं इसकी जरुरत नहीं है

मीरा माँ :- देखिये अगर आप मुझे अपनी माँ सामान मानते है तोह मुझे मेरा काम करने दीजिये

में :- ठीक है आप जीती में हरा

थोड़े hi टाइम में मीरा माँ एक कटोरी मई तेल गरम करके ले आती hai.Fir वो एक गद्दा निचे बिछा देती है और उसके ऊपर एक चादर दाल देती है और मुझे उसपे लेटने को बोलती है. मई उसपे जेक लेत जाता हु ऐसे hi कपड़ो के साथ.

ये देख के वो थोड़ा हस्ती है और बोलती है...

मीरा माँ :- ऐसे hi कपड़ो के साथ थोड़ी होगी मालिश, चलिए कपडे उतरो.

में :- पर आपके सामने.

मीरा माँ :- तो क्या हुआ मैंने आपको कितनी बार नंगे hi नहलाया है और कुछ गई दिन पहले हम दोनी ने आपस में शारीरिक सम्बन्ध भी बनाये है आप एक मर्द की तरह सोचिये मालिक.

में :- पर

इससे पहले मई कुछ बोलता वो मेरे होठो पे अपनी ऊँगली रख देती है.

मीरा माँ :- बस अब आप कुछ नहीं बोलोगे और जो मई कर रही हु मुझे करने दीजिये .

में :- ठीक है.

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आज के लिए इतना hi


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अपडेट 38

मीरा माँ :- बस अब आप कुछ नहीं बोलोगे और जो मई कर रही हु मुझे करने दीजिये .

में :- ठीक है.

अब आगे

वो मेरे शर्ट के बटन खोलने लगती है धीरे धीरे और मुझे उठके मेरे शर्ट निकल देती है.

मेरी छाती और मेरे एबीएस देख के उनकी आँखों में चमक आ जाती है. फिर वो मुझे खड़ा होने को बोलती है और मेरी पेण्ट के बटन और ज़िप खोलके मेरी पेण्ट वि निकल देती है और मुझे फिर से लेटने को बोल देती है.

मई सिर्फ अपनी अंडरवियर मई लेता था और मुझे थोड़ी शर्म व् आ रही थी क्यूंकि मेरा लुंड खड़ा था.

मीरा माँ की साँसे थोड़ी तेज चल रही थी और आँखें व् थोड़ी लाल और नशीली हो गयी थी. वो मेरे जांघो पे बैठ जाती है और बिलकुल मेरे फेस पे झुक के मेरे आँखों में देखने लग जाती है.

मीरा माँ ने इस वक़्त सिर्फ ब्लाउज और पेटीकोट डाला हुआ था जिससे उनके बूब्स दिख रहे थे जिन्हे देख के मेरा लुंड अब फुंकारने लगा था

मेरे लुंड को ऐसे झटके कहते देख वह अब मेरे ऊपर आ गयी थी

उसके बूब्स मेरी छाती मई धस रहे थे और नाक मेरी नाक पे टच हो रही थी. वो मेरी आँखों में देख क्र बोलती है

मीरा माँ :- आपको मेरी कसम अब मुझे मत रोकना प्लस और मई जो कृ मेरा साथ देना बिना कुछ पूछे नहीं तो ज़िन्दगी भर खुद से नज़रें नहीं मिला पाऊँगी.

में :- पर क्या यह सही है.

मीरा माँ :- मेरा हाथ अपने सर पर रख क्र आपको मेरी कसम.

में :- ठीक है.

मेरे इतना बोलते hi वो कड़ी हो जाती है और पहले अपना ब्लाउज निकल देती है फिर धीरे धीरे क्र अपना पेटीकोट भी निकल पूरी नंगी हो जाती है.

मई पहली भी उन्हें पूर्ण नग्न अवस्था में देखा था लेकिन आज वह कुछ अलग hi दिख रही थी वह आज उस दिन से भी ज्यादा कामुक और मनमोहक दिख रही थी जिस वजह से में आज उन्हें अपने सामने नंगी देख कर कही खोसा गया था जिसके वजह से अंडरवियर में कैद मेरा लुंड अब दर्द कर रहा था और उनके बड़े बड़े चुके, बिना बालो वाली छूट, मोती मोती झंगे देख के मेरे लुंड का बुरा हल हो रहा था.

वो फिर मेरी चड्डी वि निकलने लगती है और मई बस जैसे किसी रोबोट की तरह बस उसकी बात मन रहा था और उसके जिस्म को hi घुरि जा रहा था.

जैसे hi मेरा लुंड आज़ाद हुआ तो मीरा माँ का मुँह खुला hi रह गया

मीरा माँ- हाय यह क्या है.

में :- क्या हुआ

मीरा माँ :- इतना बड़ा यह तो उस दिन के मुकाबले और भी बड़ा और मोटा हो गया है मेरी पहाड़ देगा.

में :- शायद काढ़े के असर से हो रहा होगा क्यों ाचा नहीं है

मीरा माँ- बूत प्यारा है किसी की नज़र न लगे

में :- आप भी तो एकदम हॉट एंड सेक्सी हो.

मीरा माँ :- सच में.

में :- सच्ची आपके बूब्स और आपकी यह गोल मटोल गांड uffffffffffffff .

मीरा माँ- क्या आपने मुझसे पहले किसी के साथ किया था या बाद में

में :- नहीं आप पहली हो और अब तक आप hi आखरी hi

मीरा माँ- (एक्ससिटेड होते हुए) तो शुरू करे फिर.

में :- लेकिन आप और में

मीरा माँ :- शठ मेने कहा न आज के ज़माने में सेज माँ बीटा भाई बहन सब एक दूसरे के साथ शारीरिक सम्बन्ध बनाते है आपको पता है अगर किसी औरत को शारीरिक संतुष्टि नहीं मिलती तोह जब उसकी वासना की आग उसके काबू से निकल जाती है तोह वह अपनी संतुष्टि के लिए किसी भी हद तक जा सकती है में भी इसी अवस्था में थी जब आप मेरे जीवन में आये जब पहली बार आपने मेरे दूध चूसे उसी वक़्त से में आपकी गुलाम हो गयी थी और इसी वजह से में कभी किसी और के साथ सम्बन्ध नहीं बनाये

में :- लेकिन

मीरा माँ :- आप hi सोचिये आपको कैसा लगेगा की आपकी कोई रिश्तेदार या फिर में hi किसी बाहरी से शारीरिक सम्बन्ध बनाये और वह बाहरी उसके साथ सम्बन्ध बनके उन्हें ब्लैकमेल करे उनका कुछ अहित करे तोह क्या ज्यादा सुरक्षित है घर में सम्बन्ध बनाना या बहार किसी पराये से

में :- लेकिन समाज

मीरा माँ :- कोण बताये गए समाज को आप या में

में :- (उनके बूब्स दबाते हुए) आपको भी बड़ी आग लगी है क्या

मेरे इस हरकत से जैसे उन्हें ग्रीन सिग्नल मिल गया था वह तुरंत hi मेरे ऊपर लेत जाती है और मेरे होठो को अपने होठो मई कैद कर लेती है. मई तो जैसे स्वर्ग मई पहुँच गया था उफ्फ्फ्फ़ क्या नरम रसीले होठ थे उनके.

में :- (उन्हें अलग करते हुए) में आगे एक hi शर्त पे बढूंगा

मेने जैसे hi मीरा माँ को अपने से अलग किआ वह मुझे ऐसे घूरने लगी जैसे उनका कोई मन पसंद खिलौना चीन लिया हो

मीरा माँ :- क्या शर्त है

में :- यही की आज से आप मुझे मालिक नहीं राज कहेंगे

मेरी शर्त सुनते hi वह फिर से मेरे होंठ चूसने लगी ऐसे hi 10 मिंट तक हम एक दुसरे के होठ चलते रहे.

फिर मई उसे पलटा के अपने नीचे लेता लिया और उसकी गर्दन पे किश और बाईट करने लगा.

मीरा माँ- उफ्फ्फ्फ़ हैएएइ siiiiiiiiiiii ऐसे hi क्या जादू है आपके होठो मई ऐसे hi धीरे धीरे.

मई फिर उसके बूब को अपने मुँह मई भर लिया और दुसरे को अपने हाथ से निचोड़ने लगा. मीरा माँ तो पूरे मज़े ले रही थी और मई भी आज पहली बार ऐसा आनंद महसूस कर रहा था लेकिन आज मुझे उस दिन से भी ज़्यादा मजा आ रहा था

मीरा माँ- ऐसे hi खा जाऊ इन्हे मेरे लाल मेरे राज उफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ मा हैइए बहुत मज़ा आ रहा है अह्ह्ह्हह्हह काटो मत हे भगवन मुझे कुछ हो रहा है ahhhhhhhhhh लगता है मेरी छूट मई कुछ हो रहा है अह्ह्ह्हह में आयी मेरे लाल .....

और मेरे बूब्स चूसने से hi मीरा माँ झड़ने लगी, उसके शरीर झटके खाने लगा और वो लम्बी लम्बी सांसी लेने लगी...

पैर मई नहीं रुका और धीरे धीरे कर उसकी नाभि चाटने लगा और उसके पेट भी पूरा चाटने लगा

वो फिर गरम होने लगी और मई धीरे धीरे निचे जाने लगा..

मीरा माँ- नहीं बीटा निचे नहीं वो गन्दी जगह hai,vha मत स्स्स्सस्स्स्स उफ्फ्फ्फफ्फ्फ्फ़ हैएएइ .

पर मई तो अपनी hi धुन मई लगा हुआ था और ऊपर से उसके पानी की खुसबू मेरे दिमाग पे असर क्र रही थी और मेरा लुंड बिलकुल लोहे की तरह सख्त हो गया था.

मैं बिना रुके hi एकदम मीरा माँ की छूट मई अपना मुँह घुसेड़ दिया और उसे चाटने और काटने लगा. मुझे उसकी छूट का पानी बहुत टेस्टी लग रहा था.

मीरा माँ- उफ्फफ्फ्फ़ यह कैसा मज़ा है हैं ऐसे hi छतो खा जाओ मेरी इस्सस निगोड़ी छूट को ऐसी hi उफ्फ्फ्फफ्फ्फ्फ़ हैएएइ siiiiiiiiiiii ऐसे hi

ऐसे hi बोलते बोलते अचानक मीरा माँ ने मुझे झटके से अपने ऊपर खिंच लिया और बोली…

मीरा माँ :-अब और बर्दाश्त नहीं होता दाल दीजिये अपना लोढ़ा मेरी छूट मई और पहाड़ दीजिये मेरी इस निगोड़ी छूट को.

मैंने व् देर करनी सही नहीं सामजी क्युकी हमें बहुत समय हो गया था. मीरा माँ ने मेरा लुंड अपनी छूट पे सेट किया और बोली चल अब दाल....

मेने एक करा शॉट मारा और मेरा लुंड आधा अंदर चला गया ...

मीरा माँ- चीखते हुए उफ्फ्फफ्फ्फ़ हईये मेरे मालिक आपने तोह पहाड़ के रख दी मेरी छूट ये इंसान का नहीं घोड़े का लुंड है......

में :- बस मीरा माँ हो गया आधा अंदर चला गया आधा बाकि है मई डालने लगा हु .

मीरा माँ के कुछ बोलने से पहले hi मेने अपना लुंड थोड़ा बहार कीच के अपने पूरे ज़ोर के साथ अपना पूरा लुंड एक बार में hi घुसा दिया

मीरा माँ की एक दर्दनाक चीख निकली, दर्द तो मुझे व् हो रहा था क्यूंकि मेने जरा जोर से और तेजी से झटका मारा था जिससे मेरा लुंड चील गया था और ऐसा लग रहा था जैसे मेरा लुंड अभी किसी गरम भाटी में है

मई मीरा माँ का पूरा फेस और होठ चूसने लगा. और बीच बीच मई उनके बूब्स भी चूसता और दबाता ताकि उनका दर्द थोड़ा काम हो.

मीरा माँ- हैए रे ज़ालिम ने मार hi डाला पहाड़ के रख दी सीधा बच्चेदानी में जेक ठोकर मरी है

में :- बस मीरा माँ पूरा घुस गया अब देखना मज़े एते है आपको....

मीरा माँ- धीरे धीरे करना

फिर मई धीरे धीरे मीरा माँ को छोड़ने लगा उफ्फ्फ्फ़ क्या hi मज़ा आए रहा था

में :- मीरा माँ आप की छूट बहुत गरम है अंदर से बहुत मज़ा आ रहा है अह्ह्ह्हह्हह..

मीरा माँ- हाँ मेरे बचे मेरे मालिक मुझे भी उफ्फ्फफ्फ्फ़ ऐसे hi धीरे धीरे करो अअअअअ माआ कितना ाचा छोड़ता है रे तू.

में :- अअअअअ काकी आप बहुत हॉट और खूबसूरत हु और आपके चूचे उफ्फ्फ्फ़ कितने मस्त है.

मीरा माँ- सब आपका hi है आअज से ऐसे hi जब मन करे छोड़ लिया करना कभी मन नहीं करूंगी और आप भी कभी मुझे मेरे खिलोने से खेलने से नहीं रखोगे

में :- लेकिन क्या आज आपने जो भी कहा वह सच में होता है या बस ऐसे hi कहा था आपने

मीरा माँ- सच है मेरे मालिक में आपकी कसम कहती हु हर गांव में आपको ऐसे घर मिल hi जायेंगे जहा रिश्तों में चुदाई होती हो बस थोड़ा तेज तेज छोड़ अब...

मैंने अपने स्पीड थोड़ी तेज करदी और पूरे कमरे मई पहच पहच और थक थक की आवाज़े आए रही थी.

कभी मई एक बूब चुस्त तो कभी दूसरा कभी होठ तो कभी गर्दन पे काट ता.

इस बिच मीरा माँ एक बार और झाड़ चुकी थी और थोड़ा उन्हें दर्द भी होने लगा था.

मीरा माँ- उफ्फ्फ और कितनी देर मई निकलेगा आपका.... मेरी तो हालत hi ख़राब क्र दी आपने..

में :- बस थोड़ी देर और मई तेज तेज पूरी स्पीड मई उन्हें छोड़ने लगा.

मीरा माँ- आआ धीरे क्या जाएं लेगा मेरी उफ्फ्फ्फ़ हैएएइ siiiiiiiiiiii ऐसे hi धीरे धीरे करो नहीं इतनी तेज नहीं हे भगवन .

में :- बस मीरा माँ थोड़ी देर और बहुत मज़ा आ रहा है अह्ह्ह्हह्हह मई झड़ने वाला हु.

मीरा माँ- अंदर hi निकलना....

8 10 शॉट्स के बड्ड हम दोनों ीखते hi झड़ने लगे और मैंने सारा वीर्य मीरा माँ की छूट मई निकल दिया...

हम दोनों झड़ने के बाद एक दुसरे की बाहो मई चिपके रहे. हम लम्बी लम्बी सांसी ले रहे थे और वो मेरे बालो में और पीठ पे अपनी उंगलिया फेर के मुझे संत क्र रही थी

में :- मज़ा आ गया तय वैरी मच.

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आज के लिए इतना hi


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अपडेट 39



अभी में और मीरा माँ पूरी दुनिया से बेखबर आराम से एक दूसरे के बहो में नग्न अवस्था में सोये हुए थे ऐसे hi सोते सोते कब शाम हो गयी पता hi नहीं चला जब शाम हुई तोह मीरा माँ की नींद खुलने लगी जब मीरा माँ की नींद खुल गयी और वह पूरी तरीके से होश में आयी तोह उसी अपनी हालत का अंदाजा हुआ मेरा लुंड अभी भी उनकी छूट में hi था जो की छूट की गर्मी पके फिर से खड़ा हो गया था जब मीरा माँ उठने को हुई तोह उनको अपनी छूट में दर्द सा महसूस हुआ जब उन्होंने झुक के देखा तोह मेरा लुंड उनकी छूट में था और फुल खड़ा था

जब मीरा माँ ने मेरा खड़ा लुंड अपनी छूट में देखा तोह उनसे कण्ट्रोल नहीं हुआ और वह उसपे धीरे धीरे उछलने लगी

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उनके उछलने की वजह से मेरी नींद भी खुल गयी जब मेरी नींद खुली तोह मई पहले तोह कुछ समझ नहीं पाया लेकिन जब होश आया तोह में भी मीरा माँ का साथ देने लगा मेरा हाथ ने कब मीरा माँ के गांड को पकड़ लिया मुझे भी पता नहीं चला

जब मीरा माँ ने मेरा हाथ अपनी गांड पे महसूस किआ तोह जैसे उनके पूरी बॉडी कपकपा सी गयी जिसकी विब्रेशन्स को मैंने अपने हाथ पर भी महसूस किआ

मीरा माँ ने जब मेरे तरफ देखा तोह मेरी आखे खुली हुई थी

मीरा माँ :- आप उठ गए मालिक

में :- (मुस्कुराते हुए) जब कोई मेरे ऊपर जोर जोर से कूदेगा तोह नींद तोह खुलेगी hi न

इतना बोलके मैंने उनके चूतड़ पे चुटकी काट ली

मीरा माँ :- ोोोोोुछः कहा मालिक

में :- क्या हुआ

मीरा माँ :- चुटकी क्यों कटी

में :- मेरी शर्त भूल गयी

मीरा माँ :- कोनसी शर्त

में :- (फिर से चुटकी काटते हुए) यही की आप मुझे मालिक नहीं बुलाएंगी

मीरा माँ :- ठीक है राज अब छोड़ो मुझे

इतना बोलके मीरा माँ ने मुझे चूमना स्टार्ट कर दिया

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फिर में मीरा माँ की कमर को पकड़ लिया और वह वैसे अपनी गांड मेरे लुंड पे पटकने लगी

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और उनके ऐसे बैठे होने की वजह से उनके बूब्स मेरे आखों के सामने आगये थे जिन्हे देख के मेरा एक हाथ अपने आप उनके बूब्स पे चला गया और उसी एक हाथ से में उनके दोनों दूध दबाने लगा

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मीरा माँ :- अह्ह्ह्ह औरर जोर से मालिक अह्ह्ह्ह और जोर से पूरा मसल दीजिये इन्हे अह्ह्ह्हह बहुत्त तंग करते है अह्ह्ह्ह मई आयी अह्ह्ह्ह मालिकककक

इतना बोलके वह झड़ने लगी और मेरे ऊपर गिर गयी जब वह मेरे ऊपर गिरी तोह मेने ब्बि ढकों की स्पीड काम कर दी और उनके गिरने के वजह उनके बूब्स एकदम मेरे मुँह के सामने आ गए जिन्हे देख मेरे मुँह में भी पानी आ गया

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फिर मेने उनके एक चुकी को अपने मुँह में भर लिया और निचे से धीरे धीरे ढके मरने लगा

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ऐसे hi थोड़ी देर तक चुकी चूसने के बाद मीरा माँ फिर गरम हो गयी और वह भी अपने चूतड़ उछाल के साथ देने लगी.

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जब वह साथ देने लगी तोह मेने भी अपनी स्पीड बढ़ा दी जिसका नतीजा ये हुआ की मीरा माँ फिर से झड़ने लगी और मेरा भी अब निकलने वाला था

में :- अह्ह्ह्हह मीरा माआ मेरा निकल ने वाला है अह्ह्ह्ह

मीरा माँ :- हा मेरे लाल मेरा भी निकलने वाला है और जोर से ढके मार अह्ह्ह्हह ऐसे hi अह्ह्ह

इतना बोलके वह झड़ने लगी और जब उनका गरम लावा मेरे लुंड पे गिरा तोह उसे अपने लुंड पे महसूस करके में भी झाड़ गया

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फिर थोड़ी देर ऐसे पड़े रहने के बाद हम दोनों भी अपने सासों को संभल के अपने कपडे पहनने लगते है

फिर वह से निकल के में अपने खेत गया जहा c.chacha के साथ चेतन भी था जो किसी बारे में बात कर रहे थे

में :- (चेतन से) क्या चेतन भाई आज कल बहुत बिजी हो गए हो

स. चाचा :- बिजी ये हो गया है या तू आज पूरी दुपहर कहा गायब था

में :- में कहा रहूँगा या तोह इस खेत में या मीरा माँ के खब्त में और कहा जाऊंगा में

स. चाचा :- जा जेक खाना खा ले अगर बाउजी को पता चला की तूने खाना नहीं खाया तोह तुझे तोह कुछ नहीं कहेंगे लेकिन मेरी और एरे मीरा माँ की बंद बजा देंगे

में :- अभी थोड़ी देर में घर hi तोह जाना है तोह वही सब के साथ खा लूंगा

स. चाचा :- जा जेक चुपचाप खले नहीं तोह अपने माँ को क्या जवाब देगा वह तू hi सोच ले

में :- इससे ाचा तोह खाना hi खा लेता हु

स. चाचा :- वही तोह कह रहा हु में जा भीमा भी है वह

में :- ठीक है

फिर में वह से हमारे खेत में बने हुए झोपडी में चला गया

जहा भीमा काका के साथ रखा और शिवा भी थे जो की खाना खा रहे थे

में :- (भीमा से) प्रणाम काका

भीमा :- (खड़े होते हुए) प्रणाम छोटे मालिक

में :- अरे बैठिये काका आपको पता है न ये सब पसंद नहीं है मुझे

रखा :- यह तोह आपका बड़ापन है नहीं तोह आप इस पुरे शेरगढ़ के वारिस है आपकी जगह कोई और होता तोह अब तक घमंड में चूर हो गया होता

में :- चलिए ये सब बाते तोह होती रहेगी पहले खाना खा लेते है

रखा :- है आप खाइये हम आते है

में :- क्यों कहा जा रहे है

रखा :- मेरा मतलब था आप खा लीजिये

भीमा :- हम बाद में खा लेंगे चल शिवा

में :- क्यों शिवा बैठ निचे और आप लोग भी बैठिये आज हम सब साथ खाएंगे

रखा :- लेकिन…

में (बिच में hi) :-बैठिये और खाना खाइये मुझे कुछ नहीं सुन्ना है

भीमा :- जी छोटे मालिक

फिर हम सब मिलके खाना खाने लगे

में :- भीमा काका

भीमा :- जी छोटे मालिक

में :- अब शेरा कैसा है उसकी तब्येत ठीक तोह है न

भीमा :- जी छोटे मालिक वह अब ठीक है

में :- कोई परेशानी हो तोह बताना में सोल्वे कर दूंगा

भीमा :- आपके होते हुए कोई समस्या कैसे हो सकतीहै

फिर me,bhima, रखा और शिवा सबने मिलके खाना ख़तम किया

~~~~~~~~~~~~~~~~~~

आज के लिए इतना hi


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अपडेट 40



खाना ख़तम करने के बाद जब में बहार आया तोह देखा की c.chacha और चेतन दोनों अभी तक किसी बात पर चर्चा कर रहे है

में :- ऐसी क्या बात है जो आप लोग अभी तक चर्चा कर रहे हो

स. चाचा :- कुछ नहीं राज तुम्हे तोह पता है हर महीने हमे खेती के लिए कुछ जरूरी चीजे लगती है जो सिर्फ सेहर में मिलती है

में :- तोह इसमें क्या है हर महीने हम दोनों जाते hi है इस महीने भी चले जायेंगे

स. चाचा :- बाउजी ने सख्त हिदायते दिए है की तुम कुछ दिन तक तोह गांव से बहार नहीं जा सकते

में (शॉक से) :- क्यों अब मेने क्या किया

स. चाचा :- तुमने कुछ नहीं किया लेकिन अभी तुम बीमार हो कल hi हॉस्पिटल से आये हो इसलिए तुम कुछ दिन आराम करो गए

में :- लेकिन में पूरी तरीके से ठीक हु में चल सकता हु

स. चाचा :- ये बात तू अपने दादा से बोल

में :- ठीक है

स. चाचा :- एक मिनट उनसे बात करके भी कोई फायदा नहीं

में :- क्यों

स. चाचा :- क्यों की ये फैसला तुम्हारी माँ और दादी ने लिया है

में :- लेकिन…

स. चाचा :- बोलै न मुझसे बात कर के कोई फायदा नहीं अपने माँ और दादी से बात करो

अभी हम बात hi कर रहे थे की तभी वह साक्षी की एंट्री हुई (साक्षी चेतन की बहन)

साक्षी :- (C.chacha से) प्रणाम ठाकुर साहब (मुझ से) प्रणाम छोटे मालिक

स. चाचा :- प्रणाम साक्षी कैसी हो तुम घर में सब कैसे है

साक्षी :- में ठीक हु ठाकुर साहब और घर में भी सब ठीक है

स. चाचा :- (मुझ से) तोह राज बाबू आप जाओ घर हम चलते है सहर

में :- जले पे नमक क्यों छिड़क रहे हो

स. चाचा :- अरे में कहा कुछ कर रहा हु (मुस्कुराते हुए) तुम बताओ तुम्हे सहर से कुछ चाहिए तोह में ले आऊंगा सहर से अब तुम तोह जा नहीं सकते

में (डाट पिस्टे हुए) :- मुझे कुछ नहीं चाहिए (अचानक मुस्कुराते हुए) लेकिन आप भी याद रखना की आपने ठाकुर राजवीर प्रताप सिंह से पन्गा लिया है और में इसका बदला लेके रहूँगा

स. चाचा :- (घबराते हुए) क्या करने वाला है तू

में :- में… में क्या करूँगा अब तोह में कुछ नहीं करूँगा

साक्षी (कन्फ्यूज्ड) :- क्या में जान सकती हु क्या hi रहा है

में :- कुछ नहीं सरे बड़े मिलके एक मासूम बचे पे जुल्म कर रहे है

साक्षी (चेतन से) :- भैया आज आप सहर जा रहे हो न (पेपर पकड़ते हुए) ये कुछ घर का सामान है ले आना

चेतन :- ठीक है दे में लेके आता हु

साक्षी :- चलिए अब में चलती हु शाम भी होने आयी है

स. चाचा :-(मुझ से) राज बता तू क्या करने वाला है

स. चाचा मुझ से बार बार पूछ रहे थे लेकिन में उन्हें हर बार इग्नोर किये जा रहा था

में (साक्षी से) :- तुम अकेले कहा जाओगी चलो में भी चलता हु तुम्हारे साथ

साक्षी को तोह जैसे बिना मांगे hi उसकी मन की मुराद पूरी हो गयी थी लेकिन आप सब को तोह पता hi है लड़किया कितने नखरे करती है

साक्षी :- नहीं नहीं छोटे मालिक में चली जाउंगी आप फालतू में टेंशन ले रहे है

में :- अब नखरे बंद करो और चलो

चेतन :- है साक्षी तुम चली जाओ छोटे मालिक के साथ

अब तोह जैसे उसे ग्रीन सिग्नल मिल गया था

में :- अभी तोह नखरे बंद करो और चलो

साक्षी (शरमाते हुए) :- जी चलिए

फिर में और साक्षी वह से निकल गए

वही नाना जी के घर

प्रीवियस नाईट टाइम

इस वक़्त नानाजी बहुत खुश थे क्यूंकि इतने सालो बाद मेने खुद से उन्हें फ़ोन लगाया था और सिर्फ नाना hi नहीं बल्कि मां मौसी सब खुश थे इस बात से

नानाजी :- आज कितने सालो बाद ऐसा लग रहा है जैसे मन से कोई भरी बोझ उतर गया नहीं तोह हर दिन इसी बात की टेंशन होती की कही में अपने पोते से माफ़ी मांगे बिना अगर मर गया तोह ऊपर अपनी जान से प्यारी बेटी और अपने दामाद को क्या मुँह दिखाऊंगा

मां :- पिताजी कितने समय बाद आप के चेहरे पर ख़ुशी आयी है अब आप ये मरने की बाते मत कीजिये

स. मां :- जी पिताजी अब तोह अपने नाती के साथ खेलने के दिन है और आप मरने की बात कर रहे हो

ममी :- है पिताजी ये दोनों सही कह रहे है अभी तोह खुशिया मानाने का टाइम है

नानी :- है सही कहा तुम लोगो ने अब तोह कैसे भी कर के हमारे वरिष्ठ को उसकी हवेली में वापिस लाना है

नाना :- है अब में भी सर उठा के कह पाउँगा की अब मेरा भी वरिष्ठ है

ऐसे hi सब हसी ख़ुशी बाटे करके अपने अपने कमरों में सोने चले गए

वही हीरो के साइड

अभी में और साक्षी एक साथ चलते जा रहे थे की तभी मुझे वह एक नमकीन वाला बैठा हुआ दिखा

में :- साक्षी वह देखो नमकीन वाला कुछ याद आया

साक्षी :- हम्म्म ( याद करने की कोशिश करते हुए) हां याद आया (मुस्कुराते हुए) इन्हे कैसे भूल सकते है इनके हाथ से बानी नमकीन खाने के लिए तोह आपने न जाने कितनी बार स्कूल में पेट दर्द का बहाना बनाया था

में :- (शरमाते हुए) तुम्हे अब तक याद है (मुस्कुराते हुए) तुम भी तोह मेरे साथ आती थी

साक्षी :- में तोह अब तक यहाँ से नमकीन कहती हु (शरमाते हुए) वह आप आते थे तोह मेरा भी मन आपके बिना नहीं लगता था तोह में भी आती थी

में (मजाकिया अंदाज में) क्यों मेरे बिना मन क्यों नहीं लगता था तुम तोह हमेशा मुझ से झगड़ा करती थी मुझे झगड़ालू बन्दर कहती थी

साक्षी :- (मन में) वही झगड़ा कब प्यार में तब्दील हो गया पता नहीं चला

में :- (साक्षी को हिलाते हुए) कहा खो गयी मैडम असली दुनिया में आओ

साक्षी :- (हड़बड़ाते हुए) कककककककक.. क्या कहा आपने

में :- (मुस्कुराते हुए) मेने कहा हमारे होने वाले जीजा जी के सपनो में खो गयी क्या

साक्षी :- आप चुप कीजिये नहीं तोह में भूल जाउंगी आप छोटे मालिक हो

में :- मेने कब कहा याद रखो

साक्षी :- आप फिर से खाएंगे नमकीन

में :- नहीं रे बाबा कही बड़े डट वाली बिल्ली मेरी साडी नमकीन खा जाएगी तोह में क्या करूँगा

साक्षी :- (शरमाते हुए) आपको अब तक याद है

असल में बात ये है की बचपन में एक बार मेरा और साक्षी का झगड़ा हुआ था तब उस वक़्त साक्षी ने मेरे हाथ पे काट लिया था तोह तब से में उसे बड़े डट वाली बिल्ली और वह मुझे झगड़ालू बन्दर कहती थी

साक्षी :- ज्यादा नखरे मत करो खाओगे की नहीं (मुँह बनाते हुए) झगड़ालू बन्दर कही का

में :- पैसे तुम डौगी (उसकी नक़ल करते हुए) बड़े डट वाली बिल्ली कही की

हाहाहाहाहा

मेरे बोलने के बाद 2 मिंट तक तोह हम दोनों भी एक दूसरे के आखों में देखते रहे फिर एक साथ तहका मार मार के हसने लगे

में (मास्क पहनते हुए) :- चलो

साक्षी :- ये मास्क क्यों

में :- चेहरा देख लिया तोह पैसा नहीं लेगा जो में नहीं चाहता

साक्षी :- हम्म्म्म

~~~~~~~~~~~~~~~~~~

आज के लिए इतना hi


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अपडेट 41



अभी में और साक्षी बाटे करते हुए उस नमकीन वाले के पास पहुंच गए

साक्षी :- नमस्ते काका

हम यहाँ नमकीन वाले काका को न. क कहेंगे उनका ज्यादा रोल नहीं है इसीलिए इनका इंट्रोडक्शन नहीं है

न. क. :- अरे साक्षी बिटिया तुम बहुत दिनों बाद आयी हो

साक्षी :- जी काका वह क्या है न अब मेरी शादी फिक्स हो गयी है इसीलिए माँ बापू ज्यादा बहार नहीं निकलने देते

न. क :- मुबारक हो बीटा (मेरे तरफ देख के) और ये भाई कोण है मुँह धक् के रखा है

साक्षी (कन्फ्यूज्ड होक) :- काका ये वह ये वह

न. K(haste हुए) :- हाहाहा समझ गया (मुझ से) तोह आप है इस गांव के जमाई और साक्षी बिटिया के होने वाले पति

काका मुँह से मुझे अपना पति सुन के साक्षी तोह जैसे ख़ुशी और शर्म से अपने मन के समुन्द्र में डूबने hi वाली थी

जहा काका साक्षी को ऐसे शरमाते देख उनको यकीं हो गया की उनका अंदाजा सही है करके वही में साक्षी के ऐसे एक्सप्रेशंस देख के हैरान था क्यूंकि न वह काका को मन कर रही थी बल्कि ऐसे शर्मा के उनके अंदाजे को सही साबित भी कर रही थी

अभी कोई बोलता की उससे पहले hi न. क बोल पड़े

न. क :- अरे बिटिया इतनी क्यों शर्मा रही हो अब तोह इससे तुम्हारी शादी होने वाली है तुम तोह अब दिनबस्त घूम सकती हो (मुझसे) बोलो बीटा क्या खाओगे

में (थोड़ी आवाज बदल के) :- आपके हाथ की स्पेशल भेल खिला दो

न. क :- ठीक है बीटा वैसे पता है साक्षी बोतिया को भी यही पसंद है वो तोह पहले हर दिन कहती थी

साक्षी :- आपकी भेल तोह पुरे गांव में फ़मौसे है

न. क :- वैसे बिटिया लड़के का नाम क्या है

में :- (आवाज बदलके) राज

न. क :- ाचा नाम है काम क्या करते हो

में :- किसान हु

न. क :- ओह्ह्ह्ह

अभी हम मेसे कोई कुछ बोलता की तभी उधर कुछ गुंडे आ गए जो हफ्ता वसूली करते थे

गुंडा 1 :- (न. क से) चल बे बूढ़े हफ्ता निकल

न. क :- अरे बीटा अभी तोह मेरे पास कुछ भी पैसे नहीं है

गुंडा :- अरे वह हमारा प्रॉब्लम नहीं है या तोह हमे पैसा दे या आज रात आते है तेरे घर वस्सोली के लिए

न. क :- (रट हुए) प्लीज ऐसा मत करना बीटा में गरीब आदमी हूँ प्लीज हमे बक्श दो

गुंडा 2 :- गरीब है न तोह भिक मांग अगर तुझे तेरा ये नमकीन की गाड़ी लगनी है तोह पैसा दे या फिर

जब सरे गुंडे ये सब बोल रहे थे तोह मुझे इतना गुस्सा आ रहा था की इनका खून hi कर दू मेरी आखे गुस्से से लाल हो चुकी थी मेरे हाथो की मुठिया अपने आप कसने लगी थी

शायद साक्षी मेरे आखे देख मेरे मन में आ रहे ख़यालीन को जान चुकी थी इसीलिए वह मेरा हाथ पकड़ के मुझे वह से ले जा रही थी लेकिन में अभी भी वही खड़ा था जो देख के साक्षी को और भी दर लग रहा था इसीलिए अब वह पूरी कोशिश कर रही थी की मुझे वह से ले जाये और शायद साक्षी इसमें कामयाब भी हो रही थी

लेकिन शायद किस्मत को कुछ और hi मंजूर था

जैसे hi साक्षी मुझे लेके पीछे मुड़ने लगी वैसे hi उन मेसे 1 की नजर हम पर पड़ी

ग 3(अपने साथियों से) :- अब पता चला इस बूढ़े की नमकीन इतनी फेमस क्यों है

ग2 :- क्या मतलब

ग3 (न. क से) :- ये बूढ़े तू हमे अपने दुकान की नमकीन चखा दे हम तुझे छोड़ देंगे

न. क (आशा भरी आस लेके) :- बोलों न बीटा क्या लोगे साडी नमकीन तुम्हारे लिए फ्री है बोलो कोनसी नमकीन खाओगे

साक्षी :- अह्ह्ह्हह

ग3 (साक्षी का हाथ पकड़ के अपनी

और खींचते हुए) :- ए वाली नमकीन चखा दे तुझे छोड़ देंगे हम

न. क :- ये क्या बोल रहे….

आह्ह्ह्हह

अभी न. क कुछ बोलता की उससे पहले hi जिसने साक्षी का हाथ पकड़ के अपनी और खींचा था उसकी दर्द से भरी हुई चीख वातावरण में गूंज उठी

हुआ यु की जैसे hi उसने साक्षी का हाथ पकड़ा उस वजह से साक्षी के हाथों की एक चूड़ी टूट गयी और वह साक्षी हाथ में चुभ गयी जिससे उसके हाथ से खून निकलने लगा

जब साक्षी की चीख और उसकी हरहेली से निकलता खून मुझे दिखा तोह जिस गुस्से को मेने काबू किया हुआ था वह मेरे काबू से बहार हो गया और जिस गुन्दने साक्षी का हाथ पकड़ा था मेने उसकी गर्दन पकड़ ली जीसे उसके हाथ से साक्षी का हाथ छूट गया और जैसे hi उसने साक्षी का हाथ छोड़ा मेने उसके हाथ को पकड़ के ऐसे मोड़ दिया जैसे की कोई किसी रस्सी को मोड़ता है जिससे उसका हाथ उसके कंधे से डिस्लोकाते हो गया जिसे देख उसके साथ वाले गुंडे भी दर गए लेकिन उनकी हेकड़ी अभी भी नहीं निकली थी

ग1 :- ये तुझे पता है तूने किसके आदमी पे हाथ उठाया है.

में :- (डट पिस्टे हुए) :- किसके

ग1 :- हम सब छोटे मालिक के आदमी है

में (कन्फ्यूज्ड होक) :- किसके

ग1 :- ठाकुर राजवीर प्रताप सिंह के आदमी है हम

में :- तुम्हारा जो छोटे मालिक है वह क्या औरत है क्या जिसे तुम आदमियों की जरुरत पड़े

ग2 :- ए शांत बैठ नहीं तोह यही जिन्दा गाड़ देंगे

में :- तोह आ न

उसके बाद उन 3no में से 1 जान आगे आया और आते hi उसने मेरी गर्दन पकड़ी मेने उसके उसी हाथ को पकड़ के उसकी गर्दन पकड़के हवा में उठा दिया जिससे उसकी सास फूल गयी और वह वही बेहोस हो गया उसे बेहोस होते देख उसके दोनों साथी भी मेरे ऊपर कूद पड़े

उन दोनों को अपनी और आते देख मेने हाथ में पकडे हुए आदमी को छोड़ दिया और सामने से आ रहे पहले आदमी के पेट में पंच मर के जब वह पंच लगने के वजह से झुका मेने उसके नाक पे घुटना जड़ दिया जिससे वह अपनी जगह से उछाल के कुछ दुरी तक हवाई सफर करके अपने पीठ के बल गिर गया और वही बेहोस हो गया

अभी जो आखरी बचा हुआ बाँदा था न जाने उस के हाथ कहा से लोहे की रोड लग गयी उसने वह उठा के मेरे सर पे मरना चाहा लेकिन स्लो मोड के वजह से उसका प्लान फुस हो गया और मेने उसका वही रोड पकड़ के उस रोड को एक झटका दिया जिससे वह रोड उस गुंडे के हाथ से छूट गया और मेरे हाथ में आ गया

फिर में वही उस पे बरसाने लगा जीसे वह बार बार दर्द से कराह रहा था लेकिन में उसपे रोड बरसाए hi जा रहा था

अभी में उस गुंडे पे रोड बरसाए hi जा रहा था की तभी वह एक जीप आके रुक गयी जिसमे से एक आदमी हत्ता कट्टा काळा सैंड माफिक उतरा और उसके बाद कुछ आदमी भी उतरे जो की हाथ में लट्ठ लिए हुए थे जो की देखने से hi पहलवान लग रहे थे

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आज के लिए इतना hi


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अपडेट 42



अभी में उस गुंडे पे रोड बरसाए hi जा रहा था की तभी वह एक जीप आके रुक गयी जिसमे से एक आदमी हत्ता कट्टा काळा सैंड माफिक उतरा और उसके बाद कुछ आदमी भी उतरे जो की हाथ में लट्ठ लिए हुए थे जो की देखने से hi पहलवान लग रहे थे

वह जब एक साथ खड़े हुए तोह 5 6 लोग होक भी ऐसा लग रहा था की कितनी भीड़ जमा हो गयी है

में इस भीड़ में से बस एक को पहचान सकता था वह था उस काळा सैंड के साथ उतरा हुआ एक पहलवान जिसे मेने भीमा काका के बर्थडे सेलिब्रेशन पे मिला था और पबीर कुछ डीनो बाद इसके hi बर्थडे सेलिब्रेशन में काका के साथ गया था जहा काका ने मेरी पहचान इससे कराई थी

में :- (उस पहलवान से) राम तुम भी इन सब के साथ मिले हुए हो मुझे तुमसे ये उम्मीद नहीं थी

कला सैंड :- ये बचे शांत रहे तुम एक तोह मेरे आदमी को मरते हो ऊपर से हम पर hi हुकुम चलते हो

में (अपना मास्क निकल के) :- ाचा तोह तुम होबवह औरत जिसे इतने सरे आदमियों जरुरत होती है

कला सैंड :- चुप हो जा बचे नहीं तोह ाचा नहीं होगा

राम :- भाई….

अभी राम कुछ बोलता की उससे पहले hi वह बाँदा जिसपे में रोड बरसा रहा था वह बोल पड़ा

ग4 :- रघु भाई इसने छोटे मालिक की भी बदनामी की है इसे ऐसे छोड़ना मत

जब ग4 ने बोलना बंद किआ तोह मेने अपने हाथ में पकड़ी रोड उसके सर पे दे मरी जिससे वह वही बेहोस हो गया.

में (राम से) :- बोलो राम ऐसे क्या मजबूरी आ गयी जो तुम ऐसे लोगो के लिए काम कर रहे हो जो गांव वालों से हफ्ता लेते है गांव की लड़कियों के इज़्ज़त से खेलते है और तोह और इस सब में ठाकुर राजवीर प्रताप सिंह का नाम लेते है

राम :- मुझे नहीं पता था ये ऐसे काम करते है नहीं तोह में ऐसे लॉगिन का साथ देना तोह दूर इनके खिलाफ सबसे पहले खड़ा होता

कला सैंड :- राम तुम इस बचे से दर रहे हो

में :- चुप काळा सैंड कही के तू बचा किसे कह रहा है अगर में अपनी पे आ गया तोह धर्मपुर से दाना पानी उठवा दूंगा समझे यहाँ में साला आचायी करते करते तकबराः हु और तुम्हे मेरा hi नाम मिला हफ्ता वसूली के लिए तुम्हारी तोह..

कला सैंड :- बचे….

राम :- साहिल भाई शांत रहो ये छोटे मालिक है मेने इन्हे भीमा उस्ताद के साथ देखा था उन्होंने hi मुझे इससे पहचान कर वाई थी

मेरा इंट्रोडक्शन सुनके इस बार भी वही हुआ जो हर बार हुआ था मुझे न जाने वाले हैरान थे तोह मुझसे पन्गा लेने वाले दर से काँप रहे थे

खेर वह मेरा काम अब ख़तम हो चूका था तोह में अब वह से निकलना hi बेहतर समझा

में (काळा सैंड से) :- सुन बे काळा सैंड अगर मुझे फिर कोई भी ऐसी वैसी हरकत करते हुए दिखा या तेरा कोई आदमी भी मिला जो गांव वालों को किसी भी तरह से परेशां कर रहा हो तोह याद रख घर में घुस के मरूंगा समझे

कला सैंड (दर से) :- जी छोटे मालिक अब से आप को शिकायत का मौका नहीं मिलेगा

में :- (में उसके पास जेक) अब मुझे बचा नहीं बोलोगे

कला सैंड :- माफ़ी मालिक

में (साक्षी से) :- साक्षी चलो अब यहाँ कोई काम नहीं है हमारा

साक्षी :- जी

फिर मेने वापस मास्क पहन लिया अपनी जेब से कुछ पैसे निकल के न. क को दे दिए पहले तोह वह मन कर रहे थे लेकिन मेरे जोर देने पे वह मन नहीं कर पाए

फिर में और साक्षी वह से साक्षी के घर की और चल पड़े अभी हहम घर जाते हुए एक सुनसान रस्ते पे आ गए थे

साक्षी (नीचे की और देखते हुए) :- सॉरी

में :- (शॉक से) क्या कहा तुमने

साक्षी :- मेरी वजह से आज आपको फिर से गुंडों के साथ मार पिट करनी पड़ी

में :- और इसमें तुम्हारी क्या गलती

साक्षी ;- वह.. वह

में :- साक्षी सबसे पहली बात मुझे धर्मपुर का वरिष्ठ या छोटे मालिक समझना बंद करो मुझे तुम अपना वही बचपन का दोस्त राज hi समझो

साक्षी :- राज

में :- है

साक्षी :- मुझे तुमसे कुछ बात करनी थी

में :- है बोलो

साक्षी :- में किसी से प्यार करती हु

में (शॉक से) :- ये तुम क्या बोल रही हो एक महीने बाद तुम्हार शादी है तुम्हारी मागणी हो चुकी है और इतनी बड़ी बात तुम अब बता रही हो

साक्षी :- मुझे पता है राज और ये भी पता है की अब बहुत देर हो गयी है अब हमारा साथ में कोई फ्यूचर नहीं हो सकता है

में :- तोह अब तुम ये सब क्यों बोल रही हो

साक्षी :- क्यूंकि मेने अब तक उससे अपने प्यार का कंफेस्स नहीं किया है सोचा था ये प्यार अपने दिल में hi दबा लुंगी लेकिन हर बीतते दिन के साथ उसके लिए मेरा प्यार बढ़ता जा रहा है

में :- क्या वह लड़का भी तुमसे प्यार करता है

साक्षी :- नहीं पता

में :- क्या तुम्हे पता है न तुम क्या बोल रही हो देखो कोई भी ऐसा वैसा कदम मत उठाना जिससे काका काकी को कोई प्रॉब्लम हो में तुम्हे वचन देता हु अगर वह लड़का भी तुमसे इतना

साक्षी (बिच में hi रोकते हुए) :- नहीं राज अपनी बात को बिच में hi रोक दो मुझे पता है अब कुछ नहीं हो सकता और अगर कुछ हुआ तोह उसका अंजाम बहुत बुरा होगा

में :- घबराओ मत में हूँ न

मेरे ऐसे बोलने से साक्षी झट से मेरे गले लग गयी

साक्षी :- में उसके बिना नहीं रह सकती राज में :- देखो में फिर से बोल रहा हु अगर…

साक्षी :- ी लव यू राज

में (उससे अपने से अलग करते हुए) :- साक्षी

साक्षी :- है राज में तुमसे तब से प्यार करती हु जब से मुझे प्यार का मतलब भी पता नहीं था में तुमसे तब से प्यार करती हु जब भी मुझे दर लगता या मुझे कोई रास्ता नहीं दीखता तोह मेरे आखों के सामने तुम्हारा hi चेहरा आता है राज में तुम्हारे बिना नहीं जी सकती राज

में :- साक्षी बुरा मत मानना लेकिन मेने तुम्हारे अंदर सिर्फ एक सच्चे दोस्त की छवि देखि है और आज तुम इतना बड़ा फैसला सुना रही हो

साक्षी :- मुझे पता है राज हम कभी एक नहीं हो सकते न कभी में तुमसे शादी की जिद्द करुँगी लेकिन क्या तुम सिर्फ मेरी एक रिक्वेस्ट मानोगे

में :- क्या

साक्षी :- में चाहती हु जब तक मेरी शादी न हो जाये क्या तब तक हम एक नहीं हो सकते क्या इस एक महीने में मुझे मेरा प्यार मिल सकता है में तुम्हे पूरी तरीके से पाना चाहती हु

में :- साक्षी लेकिन

साक्षी :- रुको राज आज मुझे तुम्हारे गले लग के जो सुकून मिल रहा है में बता नहीं सकती और वैसे भी आज बहुत बड़े राज से पर्दा हटा है मुझे सँभालने के लिए कुछ समय चाहिए नहीं तोह में इतने झटके सहन नहीं कर पाऊँगी

(कुछ सोच के) कल तुम मेरे घर आना कल माँ बाबा और भाई तीनो बहार जा रहे है 3 4 दिनों तक नहीं आने वाले मुझे तुम्हारे जवाब का इंतज़ार रहे गए और है में तुम्हे फाॅर्स नहीं कर रही हु तुम्हारा जवाब कुछ भी हो मुझे मंजूर होगा

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आज के लिए इतना hi


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अपडेट 43



अभी में साक्षी के बात से एक दम शॉक था क्यूंकि मेने कभी उसे इस नजरिये से देखा hi नहीं था और वह मुझ से इतना प्यार करती होगी इसका अंदाज़ा मुझे इतने सालो में कभी भी नहीं लगा में तोह उसे दोस्त समझता था अब उसने मुझे कल अपने घर बुलाया था वह भी तब जब वह घर में अकेली थी यही सब सोचने की वजह से मेरा मूड ऑफ था मेने मास्क पहना था इसीलिए किसी को भी न मेरा चेहरा दिख रहा था न hi मेरे एक्सप्रेशन यही सब सोचते हुए में साक्षी को उसके घर छोड़के अपने घर लौट आया उस लम्हे के बाद से लेके घर पहुंचने तक साक्षी ने कुछ भी नहीं बोलै था और न मेने बोलै था

साक्षी (अपने घर के अंदर जाते हुए) :- में कल इंतज़ार करुँगी

में :- (रिक्वेस्ट वाले अंदाज में) एक बार और सोच लेना

साक्षी :- जो सोचना था सोच लिया जो बोलना था बोल दिया अब बस कल आपके जवाब का इंतज़ार रहेगा

में :- फिर भी एक बार

मेरी बात पूरी होने से पहले hi साक्षी अपने घर के अंदर भाग गयी

फिर में भी वापस मास्क पहन के अपने घर के लिए निकल गया

जब में घर के पास पंहुचा तोह अपना मास्क उतर कर वापस जेब में दाल दिया और घर जेक सीधा अपने कमरे में जाने लगा ताकि घर में कोई भी मेरा उतरा हुआ चेहरा देख के टेंशन में न आ जाये लेकिन शायद मेरा उतरा हुआ चेहरा दीदी से न चुप सका

में अपने कमरे में आकर दरवाजा लॉक करके बीएड पे लेत गया और वह दीदी ने मेरा उतरा हुआ चेहरा देख ने के बाद से मुझ से बात करने के लिए मेरे कमरे की तरफ बढ़ रही थी की तभी माँ ने उन्हें आवाज दी

माँ :- (दीदी से) तू वह राज के कमरे की तरफ किधर जा रही है

दीदी :- वह माँ आज जब राज आया तोह उसका चेहरा उतरा हुआ था और वह थका थका सा भी लग रहा था

माँ :- उसका चेहरा उतरा हुआ था मतलब देवर जी ने उसे फैसला बता दिया होगा

दीदी :- कैसा फैसला

माँ :- तुझे तोह पता है की आज कल समय कितना ख़राब है और ऊपर से वह कही भी गलत होते देख ले तोह बिना कुछ सोचे समझे लड़ने लगता है जब तक गांव में है कोई बात नहीं यहाँ कोई उसे चुने से पहले दस बार सोचेगा लेकिन गांव के बहार क्या होगा भले hi हमारी कितनी hi बड़े लोगो से पहचान हो लेकिन हमे भी अपने तरफ से सावधान रहना होगा न इसीलिए मैंने और तेरे दादी ने फैसला लिया था की अब से वह गांव के बहार नहीं जायेगा और अगर जायेगा तोह उसके साथ बोडीगार्ड्स भी जायेंगे लेकिन शायद देवर जी ने उसे आधी hi बात बताई होगी इसीलिए उसका मूड ऑफ होगा

दीदी :- है माँ आपकी बात तोह सही है में जेक उसे समझती हु

माँ :- मेरी समझदार बेटी जा जेक उसे अचे से समझा की ये फैसला उसी के भलाई और सुरक्षा के लिए लिया गया है

में अपने बीएड पे अभी भी कल क्या होगा इस बारे में सोच सोच कर परेशान था और साथ में डरा हुआ भी था की अगर किसी को कुछ पता चला तोह क्या होगा

में यही सब सोचते हुए अपने बीएड पे बस यहाँ से वह करवाते बदल रहा था मेरा एक मन बोल रहा था की साक्षी के प्यार की इज्जत करके उसे उसका हक़ देना चाहिए और वैसे भी एक महीने की hi बात है तोह वही दूसरा मन बोल रहा था की ये गलत है ये बात अगर बहार आ गयी तोह क्या होगा पहले hi काका (साक्षी के पिता) के वजह से उनकी बहुत बेज्जती हुई थी और अगर ये बात किसी को पता चली तोह उनकी और भी बेज्जती होगी

यही सब में सोच रहा था की तभी मेरे रूम के दरवाजे पे नॉक हुआ

में :- कौन है

दीदी :- में हूँ दरवाजा खोल राज

फिर मेने उठके दरवाजा खोला लेकिन चिंता और दर के भाव अभी भी देखे जा सकते थे

दीदी :- क्या हुआ आज इतना मूड क्यों ऑफ है

में :- कुछ नहीं दीदी

दीदी :- देख मुझ से मत छिपा मुझे सब पता है

में (शॉक से) :- क्या आपको कैसे पता

दीदी :- इसमें शॉक होने वाली क्या बात है घर में सब को पता है

में :- घर में किसने बताया

दीदी :- माँ ने उन्ही का तोह फैसला है

दीदी में जब माँ का फैसला बोलै तोह मुझे समझ आया की दीदी को लग रहा है की में माँ के फैसले की वजह से नाराज़ हु

में :- है माँ ने मेरे गांव के बहार जाने पर hi रोक लगा दी आज खाद लेन सहर जाना था लेकिन C.chacha मुझे न ले जाते हुए चेतन को ले गए साथ में

दीदी :- कोई बात नहीं वैसे किसने बोलै तेरे सहर जाने पे पाबन्दी है

में :- स. चाचा ने बोलै

दीदी (मुस्कुराते हुए) :- उन्होंने तुझे आधा hi फैसला सुनाया है

में :- आधा hi फैसला मतलब

दीदी :- मतलब माँ ने तेरे सहर जाने पे रोक नहीं लगाया है बस तू अब से बिना बॉडीगार्ड के नहीं जा सकता

में :- मेरे पास है तोह बोडीगार्ड्स जो हर दिन मेरे साथ रहते है और में जो भी करता हु उसकी खबर घर में देते है

दीदी :- है लेकिन वह तोह तभी तेरे साथ होते है जब उन्हें तू अपने साथ रखना चाहे नहीं तोह तू उन्हें भगा देता है और वैसे भी में उनकी बात कर रही हु (जोर देके) जो सबको दिखेंगे इन जैसे नहीं जो सिर्फ छुपे रहे आर्डर मिलने तक समझे

में :- जी में समझ गया

दीदी :- चल तू फ्रेश हो जा में देखती हु खाना बना या नहीं

इतना कह कर दीदी चली गयी और में आज के पुरे दिन के बारे में सोच ने लगा जब में सब कुछ सोच रहा था तोह मेरे मन में एक तरफ साक्षी ने कही हुई बाते चल रही थी तोह दूसरी तरफ मीरा माँ ने कही हुई परिवार में शारीरिक सम्बन्ध की बाटे चल रही थी जब इन दोनों बातो के बिच पइसे जाने से मेरा सर फटने लगा तब में सब सोचना छोड़ के अपना मोबाइल चेक करने लगा जब मोबाइल चला रहा था की तभी मेरे दिमाग में मीरा माँ ने कही हुई बाटे फिर से आने लगी और न चाहते हुए भी में मीरा माँ की बाटे सच है या नहीं या नहीं ये चेक करने का विचार आने लगा फिर में इंटरनेट पे परिवार में शारीरिक सम्बन्ध के बारे में सर्च करने लगा

जब मेने इंटरनेट पे सर्च किया तोह जैसे मेरे सामने एक अलग hi दुनिया आ गयी इंटरनेट पर ऐसे ऐसे स्टोरीज थी जिन्होंने किसी भी रिश्ते को नहीं बक्शा था maa-beta, bhai-bahan, और भी कई सरे पहले तोह ये सब सोचके hi मुझे खुद पे घिन आती की में क्या क्या सर्च कर रहा हु

फिर जब एक स्टोरी पढ़ने लगा तोह जैसे में उस तरफ hi मोहित होने लगा एक के बाद एक न जाने कितनी कहानिया पढ़ी होगी मेने मेरा ध्यान तब भांग हुआ जब निचे से दादाजी की आवाज आने लगी जो खाने के लिए बुला रहे थे

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आज के लिए इतना hi


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