Apne Pyaare rishte - Page 14 - SexBaba
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Apne Pyaare rishte

अपडेट 118

जब में वह मंत्र पढ़ रहा था तोह कुछ गांव वालों ने मुझे रोकने का प्रयास किया लेकिन वह खड़े पंडित ने उन्हें रोक दिया

जब पूजा ख़तम हुई तोह हर तरफ तेज हवाएं चलने लगी और मंदिर के सरे घंटे 🔔 भी बजने लगे थे जब मेने आस पास देखा तोह सब जैसे पॉज हो गए थे

जो देख के में शॉकेड हो गया में अभी यही सब सोच रहा था की तभी मेरे कानों में मधुर आवाज गूंजने लगी जब मेने उस आवाज की दिशा में देहा तोह वह हो देवी की मूर्ति थी वह जागृत हो गयी थी उस मूर्ति के पीछे से अलौकिक सा प्रकाश निकलने लगा और देखते hi देखते वह देवी की मूर्ति एक सुन्दर देवी में परावर्तित हो गयी थी

जब में उस देवी के तरफ देखा तोह जैसे मुझे सरे मोह माया से परे हो गया था उस देवी से एक अलौकिक ऊर्जा जैसे मेरे अंदर जा रही थी


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देवी :- ऐसे क्या देख रहे हो पुत्र तुम्हारे मंत्र उच्चारण और तप से hi खुश होक में यहाँ आयी हु बताओ तुम्हे क्या वरदान चाहिए

में :- हे माता आपने मुझे पुत्र स्वीकार करके hi बहुत बड़ा वरदान दे दिया है और में क्या चूँगा

देवी :- उत्तम राज तुम्हारे जैसा पुत्र पके तोह हर माँ भाग्यशाली hi होगी और में तुम्हारे तप और निस्वार्थ भाव से प्रभावित होक तुम्हे दर्शन दिया है

में :- ये तोह मेरा सौभाग्य है मात और अगर आप मुझे कुछ देना hi चाहती हो तोह मुझे वरदान दीजिये की मुझसे जुड़ा हुआ कोई शख्स कभी दुखी न हो और में कभी भी अपनी ऊपर की जिम्मेदारियों को पूरा करने से न चुकु

देवी :- तुम्हारे बारे में जो सोचा था तुम उससे भी अचे निकले राज इसीलिए आज में तुम्हे 3 वरदान देती हु पहला वरदान तोह तुमने मांग लिया है दूसरे वरदान में मैं तुम्हे सदा चिरंजीवी और महदली रहने का वरदान देती हु और तीसरे वरदान के स्वरुप में मैं तुम्हे अपना विजयी धनुष प्रदान करती हु


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देवी :- इस धनुष की विशेषता ये है की इसे किसी भी तीर की जरुरत नहीं है ये अपने तीर स्वयं मन्त्रों से प्रकट करता है जैसे hi तुम इस धनुष को धारण करोगे वैसे hi तुम्हे सभी मन्त्रों के बारे में जानकारी मिल जाएगी

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Me :- jo aagya mate aaj mujhse jayada dhani koi nahi hoga

Devi :- tathastu (तथास्तू)

Devi ke itna bolte hi unke sharir se ek nili Roshani nikal ke mere sharir me jane lagi jisse mujhe mere sharir me atyadhik matra me bal mahsoos ho raha tha

Jaise hi woh roshni puri tarike se mere sharir me sama gayi waiae hi aas pass ka mahoul bhi normal ho gaya uske baad devi ma ki aarti hui aur phir sabko aarti deke unke ghar bhej diya gaya

Abhi mandir me kewal me mera pariwaar aur gav ke mukhiya aur pandit hi the.

Pandit ji :- (baithi aawaj me) uttam putra kon ho tum tumne sari vidya sare mantra bilkul bina chuke aur bina kisi sankoch ke bol diye aur sath hi jo samapti mantra ka gyan tak yaha kisi ko nahi hai woh mantra bhi tumne itne vishwas se ucharan kiya ki mujhe tumhare andar aaj bade sarkar ke darshan hone lage the (nana ke dada = bade sarka)

Nana :- ye mera warish hai pandit ji raj yani THAKUR RAJVEER PRATAP SINGH

Gav ka mukhiya :- chota muh badi baat sarkaar lekin aap bahut bhagyshali ho sarkar mene inke jaisa gyani apne pure jivan kal me nahi dekha

Me :- shukriya aapka me kapde badal ke aata hu

Pandit ji :- nahi sarjar aap inhe abhi nahi badal sakte aapko pahle gaav ke bahar bane aashram me bane amrut talav me snan karna hoga

Me :- ye amrut talav kya hai

C. Mama :- ye khas talav hai raj jaha snan karke badi se badi bimari bhi door ho jati hai

Me :- toh isse hum jarurat mandon ka ilaaj kyu nahi karte

B. Mama :- nahi raj ye talab unhi ke liye amrut hai jo uske layak hai bakiyon ke liye woh toh uske jal ko chuna bhi na mumkin hai

Me :- toh aapko kaise pata ki me uske layak hu

Mukhiya :- aapka bina kisi pareshani ke is mahapuja ki samapti karna hi sabse bada sabut hai ab aap snan karke aaiye tab tak hum bhog ki taiyari kar lete hai

Me :- thik hai

Phir pandit ji mujhe waha ki location ke baare me batate hai phir me nikal padta hu waha ki aur apni bike pe

Abhi me bike chala hi raha tha ki tabhi achanak meri bike ruk gayi aur aas pass andhera sa chana laga

Me (JASIEN se) :- JASIEN mujhe kuch gadbad lag rahi hai jara check karo

JASIEN :- gadbad toh hai lekin aapko rok sake itni badi nahi hai

Me :- matlab

JASIEN :- ek chota sa kawach hai jo mere ek prahar se hi tut jaye agar aap agya de

Me :- nahi pata nahi kawach kis liye aur kisne lagaya ho ek kaam karo ise aur majboot bana do aur humare siwaye koi aur isme pravesh bhi na kar paye

JASIEN :- jo aagya

Uske baad me jake usi talab me snan kiya aur phir nikal pada ghar ki taraf bike toh band ho gayi thi lekin mere wings the na mene turant JASIEN ke roop ko yaad kiya aur me phir usi roop me aa gaya aur phir udte hue jald hi us gav ke ghar tak pahuch gaya jab thoda rasta hi bacha tha toh me niche utar aaya aur phir JASIEN se bol ke apni bike ko bhi wahi prakat kar liya abhi dupehar ke 2 baj rahe the matlab gav me sab apne gharon me aaram kar rahe honge toh me bhi chala gaya ghar ki taraf

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Aaj ke liye itna hi


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अपडेट 119



जब में घर पर पंहुचा तोह सब हॉल में hi थे शायद वह सब भी अभी आये थे फिर सबने थोड़ी देर आज हुई बाते डिसकस की फिर सब अपने अपने कमरों में आराम करने चले गए तोह में भी आराम करने चला आया जबकि मुझे जरा भी थकन नहीं हो रही थी जब में अपने कमरे में पंहुचा तोह मेने तुरंत hi अपने कमरे को लॉक कर दिया और लग गया ध्यान लगाने

थोड़ी देर ध्यान लगाने के बाद जब मेरा दिमाग थोड़ा शांत हुआ तोह में अपने अंतर मन में पहुंच गया

जहा पर मेरे सभी रूपों के साथ जैसें और ड्रैगन भी मौजूद थे जब में वह पंहुचा तोह सब मेरे पास आ गए

आज मुझे मेरे अंतर्मन में पहले से कई ज्यादा उजाला और सकारात्मक ऊर्जा महसूस हो रही थी जहा अब मेरा त्रिनेत्र भी जागृत हो गया था जो गाइड के पनिशमेंट के बाद से पत्थर की मूरत बन गया था अब उस मेसे पहले की तरह hi लाल आग दाहक रही थी

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वही वह इंसान का चित्र जिसमे पहले सात छेद दिखाई देते थे वही अभी वह इंसान के चित्र के सातों छेदों में सात हिरे लगे हुए थे जो की मस्त चमक भी रहे थे

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वही इस सब के साथ वह देवी माता के द्वारा दिया हुआ विजयी धनुष भी था

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जिससे देख मेने अपने दोनों हाथों को जोड़ कर सबसे पहले उसे प्रणाम किया फिर मेने जैसे hi उसे उठाया वैसे hi ऐसे लगा की मनो जैसे न जाने कितने hi हज़ार किलो का वजन मेने अपने एक हाथ में उठाया था फिर अचानक hi उस धनुष से सप्तरंगी ऊर्जा निकलने लगी और वह सीधा जेक उन्ही सप्तरत्नों में समां गयी जो उस चित्र में लगे हुए थे जैसे hi वह सप्त रंगी ऊर्जा उन सप्त रत्नों में समां गयी मुझे ऐसे लगने लगा की जैसे दुनिया भर की शक्ति मेरे में समां गयी थी अभी में इस बात का अनुभव ले hi रहा था की तभी मेरे कानों में गाइड की आवाज सुनाई देने लगी और जब मेने उस तरफ देखा तोह वह गाइड के साथ मेरे सरे रूप मौजूद थे जिनके मुख का तेज भी पहले से बढ़ गया था लेकिन उनके साथ मेरे 2 और नए रूप जुड़ गए थे एक तोह शायद साधु या फिर पंडित का था क्यूंकि उसके वस्त्र वैसे hi थे लेकिन दूसरा थोड़ा अलग था उसने एक सफ़ेद पोशाख पहना हुआ था जो की गाउन जैसा था और उन दोनों के साथ वह काल भी मौजूद था

में :- (गाइड से) प्रणाम आचार्य राघवेंद्र (काल से) प्रणाम काल

ग (ीाघवेंद्र ) :- क्या बात है त्रि नेत्र जागृत हुआ भी नहीं और तुमने उससे ज्ञान लेना भी शुरू कर दिया

में :- नहीं गुरुदेव बल्कि ये ज्ञान तोह मुझे इस विजयी धनुष ने दिया है जब मेने इसे धारण किया तोह इसने मुझे कुछ धनुर विद्याओं का ज्ञान तोह दिया साथ hi कुछ ऐसे किडयों की भी जानकारी दी जो इस पिरे ब्रम्हन्ड में केवल कुछ लोग hi जानते है फिर अपने आप hi इस धनुष ने मुझे आपका चित्र दिखाया लेकिन उस का अर्थ क्या है में समझ नहीं प् रहा हु

ग :- बहुत खूब तुम इतना जान गए इस धनुष ने भी तुम्हे चुन लिया मतलब मेरी शिक्षा सार्थक हुई और इस धनुष ने मेरा चित्र इसीलिए दिखाया क्युकी वो तुम्हे ये बताना चाहता है की जो विद्या तुम्हे सीखनी है वह तुम्हे में सिखाऊंगा

में :- ठीक है गुरुदेव लेकिन ये मेरे 2 रूप कोनसे है और ये कब प्रकट हुए

ग :- तुम्हारे ये 2 रूप बड़े खास है राज एक रूप है महर्षि का जिनके पास बहुत सी सात्विक शक्तिया और ज्ञान है जिससे तुम्हे आगे सहायता होगी तोह वही तुम्हारा दूसरा रूप है अच्छे और सच्चाई के प्रतिक और रक्षक (एंजेल) का जिसके पास इस पुरे संसार की साडी गुपत शक्तियों का और दिव्या अस्त्रों का ज्ञान है

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साधु

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एंजेल

में :- लेकिन मुझे एक बात नहीं समझ आ रही है मेरे जो पुराने रूप है वह मुझे कुछ अलग दिख रहे है

ग :- वह इसीलिए क्यूंकि जैसे जैसे तुम अपनी शक्ति बढ़ाओगे वैसे hi तुम्हारे रूपों की भी शक्ति बढ़ेगी

में ;- okay गुरुवार

काल :- राज अब तुमने सप्त चक्रों पे काबू प् लिया है तोह अब बरी है तुम्हे काल की शक्तियों से परिचित करने का

इतना बोलके उन्होंने अपने दोनों हाथ आगे किये तोह उनके हाथ में एक बहुत बड़ी और मोती किताब आ गयी जो की लगभग 1000 पन्नो की होगी

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काल :- यह लो राज इस किताब में मेने अब तक जितने भी जादुई सहक्तियों का मेने उपयोग किया है या शिखे है उन सब के मंत्र लिखे है इसमें छोटी से छोटी शक्तियों के साथ बड़ी विनाशकारी शक्तिया भी लिखित है इसीलिए इसे पढ़ते वक़्त अपने त्रि नेत्र को जगतरित रखना जिससे तुम्हे साडी शक्तियों की जानकारी और उनका तोड़ दोनों मिल सके

में :- जी काल

काल :- खुदको जितनी जल्दी हो सके उतने जल्दी से तैयार कर लो क्यूंकि अब तुम्हे जल्द hi एक बड़े सफर पे जाना है जहा तुम्हे बहुत कार्य होंगे जो किसी भी तरह से आसान नहीं होंगे

में :- ठीक है

फिर गुरुवार और काल दोनों वह से गायड हो गए और फिर में अपने 2 नए रूपों से मिलके उन दोनों के साथ भी सौदा कर लिया अब जिससे साधु मेरी सहायता करता काल के दिए शक्तियों को सिखने के लिए तोह एंजेल वाला रूप मदद करता मुझे और शक्तिशाली और दिव्या अस्त्रों को चलने योग्य बनाने के लिए

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आज के लिए इतना hi


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अपडेट 120



फिर गुरुवार और काल दोनों वह से गायड हो गए और फिर में अपने 2 नए रूपों से मिलके उन दोनों के साथ भी सौदा कर लिया अब जिससे साधु मेरी सहायता करता काल के दिए शक्तियों को सिखने के लिए तोह एंजेल वाला रूप मदद करता मुझे और शक्तिशाली और दिव्या अस्त्रों को चलने योग्य बनाने के लिए

जब मेने अपना ध्यान तोडा तोह मेरे पुरे शरीर में दर्द की सनसनी सी फ़ैल गयी जिससे में चीखने hi वाला था की तभी मेने अपने दर्द को काबू में करके उस चीख को अपने मुँह में hi डाबड़ी जिससे अब मेरी बाद हलकी हलकी सिसकिया निकल रही थी जिन्हे भी मेने थोड़े देर में hi काबू कर लिया लेकिन इस दर्द को सहने की वजह से अब मेरा पूरा शरीर पसीने से भीगा हुआ था तोह में उठ कर पहले वाशरूम में गया और गरम पानी से नहाने लगा जिससे अब मुझे आराम मिल रहा था

जब में नाहा के वापस बहार आया तोह में खुद को देख के शॉक hi हो गया

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उसका रीज़न ये था की अब में पहले से भी ज्यादा हैंडसम और अट्रैक्टिव लग रहा था तोह वही अब मुझे ऐसा लग रहा था की मेरे शरीर की हर नस को जैसे कास दिया हो अब मेरा शरीर बिलकुल किसी सैंड की तरह मजबूत हो गया था मेने सिर्फ चेक करने के लिए टेबल पे पड़ा हुआ चाकू उठके अपने हाथ में घुसना चाहा तोह वह चाकू तन्न की आवाज के साथ टूट गया

तभी मुझे मेरे दिमाग में आवाज सुनाई देने लगी

आवाज :- अब तुम्हारे शरीर को भेदना किसी आम अस्त्र के बस की बात नहीं है

ये आवाज सुनके में शॉक हो गया क्यूंकि ये मेरी hi आवाज थी लेकिन ये मेरे अंतर्मन से नहीं बल्कि बहार से आ रही थी फिर जैसे hi मेरी नज़र सामने के सीसे पे पड़ी तोह उस सीसे में मुझे मेरा hi एंजेल रूप नज़र आ रहा था

में :- तुम बहार कैसे आये

एंजेल :- में बहार कहा हु में तोह तुम्हारे अंतर्मन में hi हु

में :- तोह आयने में

एंजेल :- ये तोह मेरा प्रतिबिम्ब है अगर आसान भाषा में बोलू तोह ये मेरा होलोग्राम है

में :- ओह्ह तोह तुम ये भी कर सकते हो

एंजेल :- मुस्कुराते हुए) तुम नहीं हम जो तुम कर सकते हो वह में भी और जो में कर सकता हूँ वह तुम भी

में :- तोह मुझे कब सिखाओगे ये सब

एंजेल :- अभी तोह साथ hi हूँ न इतनी जल्दी क्या है आराम से सब सिखांउंगा जितनी जल्दी क्या है

में :- अब तोह जिंदगी भर साथ रहना है

फिर वह गायब हो गया और में भी अपने बीएड पे बैठ गया और अपने त्रि नेत्र को जागृत कर के काल की सी हुई किताब पढ़ने लगा

वही कही दूर किसी शहर के किसी अँधेरे कोने एक गोडावण में कुछ लोग थे जिन मेसे केवल एक जान खुर्ची पर बैठा था जिससे ये तोह तय था की उन सब का बॉस कोण है

अभी वह सब बाते कर hi रहे थे की तभी उस गोडावण में एक आदमी भागते हुए आया

आदमी :- बॉस बॉस हमने जिन लड़कियों को पकड़ा था उन मेसे एक भाग गयी और उसको रोकने वालों को भी उस लड़की ने घायल कर दिया

बॉस :- (गुस्से में) तुम चूतियों से एक काम ठीक नहीं होता जाओ जल्दी उस लड़की को पकड़ो या उसी नक्षत्र में जन्मी किसी और कुंवारी लड़की जो की पूर्ण तरह शुद्ध हो उसे उठाओ

अभी वह आदमी और कुछ बोलता की उससे पहले hi वह एक आदमी और आ गया

आदमी2 :- बॉस वह जिस वसीम को आपने बुलाया था और रेड बॉक्स लेन को कहा था उसका एक्सीडेंट हो गया है ट्रक के तोह चीथड़े उड़ hi गए लेकिन हमे उस बॉक्स का भी कही पता नहीं चला

अभी वह आदमी और कुछ कह पता उससे पहले hi उस बॉस ने उसके सर के बीचो बिच गोली मार दी

बॉस :- (छिलके) मूर्खों क्या मेने तुम इंसानों पे भरोसा करके गलती कर दी है क्या जो बार बार मुझे मनहूस खबर सुना रहे हो पहले 2 मनिया थी मेरे पास मतलब 2 मौके लेकिन तुम लोगों के वजह से सिर्फ एक मौका है मेरे पास अगर इस बार तुम लोगों ने मुझे निराश किया तोह सब को मेने जो भी दिया है उससे 1000 गुना वापस लूंगा में समझे

इतना बोलके वह वह से निकल गया और उसके जाते hi वह सब खुसुर पुसौर करने लगे

ा1 :- भाई हम सब पुरे शहर के सबसे बड़े डांस और बिज़नेस मांस है फिर भी ये बूढ़ा हमसे ऐसे बात करता है जैसे हम उसके नौकर है क्यों न हम सब मिलके उसे मार दे तोह

उसकी बात सुनके वह खड़े सरे जान उसे hi घूरने लगे जैसे की अभी उसकी जान ले लेंगे

ा2 :- सुन चूतिये तू शर्मा का बीटा है न और शर्मा ने जरूर तुझे ये नहीं बताया होगा की एक मामूली पाकिटमार आज सहर का सबसे बड़ा दिन कैसे बना

ा1 :- जी आपको कैसे पता

ा2 :- क्यूंकि अगर तुझे कारन पता होता तोह तुम ये बात करते hi नहीं

इतना बोलके वह सब भी भी एक एक करके वह से जाने लगे

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आज के लिए इतना hi


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अपडेट 121



वही दूसरी तरफ उसी बंगले में जहा वह लड़की थी इस वक़्त उस लड़की का पूरा परिवार हॉल में बैठा हुआ था और उनके सामने एक पंडित बैठा हुआ था

ल. दादा :- प्रणाम पंडित जी

पंडित :- आयुष्मान भाव बोलो आज कैसे याद किया पिछली बार आया था तोह मेरे ज्ञान को पैसों पे तौला था आज हिरे जवाहरात नहीं लाये मेरे ज्ञान को नापने के लिए

ल. माँ :- गुरुदेव आप तोह जानते हो मेरी बेटी में बचपन से hi अहंकार भरा हुआ है इसीलिए उसके लिए किसी और की कोई कीमत नहीं है इसीलिए उसने आपसे ऐसे बर्ताव किआ था

पंडित :- में देख सकता हूँ पुत्री पिछली बार से आज उसका अहंकार 100 गुना से बढ़ गया है और उसका यही अहंकार उसे बुरे सपने से जितने नहीं दे रहे है

पंडित की बात सुनकर वह सब शॉकेड हो गए क्यूंकि उन्होंने उन्हें सपनों के बारे में कुछ बताया नहीं था

ल. पिता :- गुरुदेव आपको कैसे पता

पंडित :- तुम भूल रहे हो पुत्र तुम्हारे दादा की मृत्यु कब और कैसे होगी ये मेने उनके मृत्यु से 5 महीने पहले hi बता दिया था और तुम्हारे बियाह की भविष्यवाणी भी मेने तुम्हारे बियाह से 3 वर्ष पहले hi कर दी थी

ल. दादा :- गुरुदेव तोह क्या इस अहंकार का कभी अंत नहीं होगा

पंडित :- इस बात की चिंता तुम छोड़ दो क्यूंकि अहंकार तोह तुम्हारे खानदान में आम बात है बस तुम्हारी पोती में कुछ ज्यादा है

ल. दादी :- चिंता कैसे न करे गुरुवार हमारी पुत्री बियाह योग्य hi गयी है अगर उसका अहंकार न टुटा उसे कोण अपने घर की बहु बनाएगा

पंडित :- (मुस्कुराते हुए) तुम्हारी पुत्री का अहंकार केवल 2 लोग तोड़ सकते है केवल 2

L.mom ;- कोण है वह 2 जान गुरुदेव

पंडित :- एक तुम्हारी बेटी स्वयं और दूसरा उसका होने वाला पति

ल. दादा :- (कन्फ्यूज्ड) उसका पति

पंडित :- आपको दर था न की आपकी पुत्री ने अहंकार न छोड़ा तोह कोण उससे बियाह करेगा तोह आज सुनो में एक और भविष्यवाणी करता हु तुम्हारी पोती का जो भी वर होगा वह तुम्हारी पुत्री से ज्यादा ज्ञानी, बलशाली, और अहंकारी होगा और जब ये दो सामने आएंगे तोह आपकी पुत्री का अहंकार अपने आप काम होगा अब में चलता हु यहाँ आया था तुम लोगों को खतरे से सावधान करने लेकिन अब पता चल रहा है यहाँ खतरे के लिए भी बड़ा खतरा तैयार है

इतना बोलके वह पंडित वह से निकल गया और पीछे छोड़ चला उन सब के कन्फ्यूज्ड चेहरे

वही दूसरे तरफ इस वक़्त मां किसी क्लिनिक के अंदर खड़े थे और डॉक्टर से बात कर रहे थे

मां :- आप सच कह रहे है न मेरी जो कमजोरी थी अब ख़तम हो रही है

डॉक्टर :- शॉकिंग है लेकिन सुच है अब आप बिलकुल एक कॉलेज बॉय की तरह लग रहे है बस अब आप अपनी पत्नी को तकलीफ दीजियेगा नाकि हाथ को

ये सब बोलके डॉक्टर हसने लगा लेकिन वही जब मां ने उसकी तरफ देखा तोह उसे भी पता चल गया की वह उसकी औकात से बहार जा रहा है तोह शांत हो गया

वही एक तरफ

में इस वक़्त अपने कमरे में बैठा वह किताब पढ़ रहा था और मेरा त्रि नेत्र भी जागृत था जो की मेरे माथे के बिच चमक रहा था

में बिना रुके एक के बाद एक मंत्र पढ़े जा रहा था और मेरा त्रि नेत्र में जिस भी मंत्र को पढता उसका शार्ट फॉर्म उस मंत्र के फायदे नुक्सान उसको उसे करने का तरीका और साथ hi उसका तोड़ सब बता रहा था उस किताब में लगभग लाख के आस पास मंत्र थे और अब तक मेने करीब सौ hi पढ़े थे की तभी मेरा दिमाग फटने लगा सर ऐसे दर्द कर रहा था जैसे की कोई हथोड़ा मार रहा हो खैर जैसे hi मेरा सर दर्द बढ़ रहा था वैसे वैसे में मंत्र पर फोकस खोता जा रहा था अंततः मेने वह किताब बंद करके अपने अंतमें में उसे समां लिया और अपनी त्रि नेत्र को भी बंद कर के बीएड पे लेत गया और सब चीजों के बारे में सोच ने लगा

जब में इन सब के बारे में सोच hi रहा था की तभी मेरे रूम के दरवाजे पे नॉक हुआ जब मैंने दूर खोल के देखा तोह दूर पे ममी कड़ी थी जब वह अंदर आयी तोह मेने फिर से दरवाजा बंद कर दिया

फिर उसके बाद जैसे hi मेने दरवाजा बंद किआ ममी मेरे से चिपक गयी और चूमने लगी फिर ममी के साथ सेक्स करके उन्हें भी संतुष्ट कर दिया फिर जब ममी जाने को हुई तोह उन्होंने मुझे मां के बारे में भी बताया की उन्होंने डॉक्टर के पास जेक फिरसे चेक उप किआ और अब उनमे सुधर भी था

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आज के लिए इतना hi


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अपडेट 122



फिर उसके बाद जैसे hi मेने दरवाजा बंद किआ ममी मेरे से चिपक गयी और चूमने लगी फिर ममी के साथ सेक्स करके उन्हें भी संतुष्ट कर दिया फिर जब ममी जाने को हुई तोह उन्होंने मुझे मां के बारे में भी बताया की उन्होंने डॉक्टर के पास जेक फिरसे सबक उप किआ और अब उनमे सुधर भी था

ममी को संतुष्ट करके जब में निचे आया तोह निचे पहले hi सब लोग बैठे थे फिर में भी उनके साथ जेक बैठ गया तोह मुझे पता चला की कल सुबह हम यहाँ से वापस जाने वाले है जो सुनके मुझे कुछ फरक नहीं पड़ा था

फिर ऐसे hi कुछ देर बाटे करके हम सबने खाना खा कर अपने कमरे में चले गए आज मां कुछ ज्यादा hi खुश लग रहे थे

जब में अपने कमरे में पंहुचा तोह मेने अपने कमरे का दरवाजा बंद कर के अपने अंतर्मन में आ गया जहा पर मेरे सरे रूप साथ में बैठ कर ध्यान लगा रहे थे जब में उनके पास पंहुचा तोह वह सब उठ गए

में :- सुनो मुझे तुम सब की मदद चाहिए

एंजेल :- बताओ राज हम क्या कर सकते है

में :- मेने अपने सप्त चक्रों पे काबू तोह प् लिया है लेकिन अब में अपने पांच तत्वों को कैसे काबू कर सकता हु क्या इस में कोई मेरी हेल्प करेगा

किंग :- वह सब तोह तुम गाइड से भी शिख सकते हो इसमें हमारी हेल्प क्यों चाहिए

में :- क्यूंकि रक्त चाँद की रात नजदीक आ रही है और में जनता नहीं की उस दिन क्या होगा लेकिन मुझे ऐसा लग रहा है की इस रक्त चाँद की रात के बाद बहुत कुछ बदलने वाला है जिसके लिए शायद मुझे बहुत कुछ सीखना है इसीलिए अब आप सब के भी साथ की जरुरत है

किंग :- हम सब तुमसे hi है राज चिंता मत करो

एंजेल :- तुमने सही कहा राज बदलेगा तोह बहुत कुछ लेकिन ये मत सोचना की तुम तैयार नहीं हो क्यूंकि इंसान तभी तैयार होता है जब वह उस सिचुएशन से गुजरता है

साधु :- एंजेल सही कह रहा है राज हम सभी अपनी साडी ताकते एक साथ तुम्हे नहीं दे सकते नहीं तो तुम इस दुनिया के सब से शक्तिशाली मनुष्य बन सकते हो और रही पांच तत्वों की बात तोह वह में तुहे सीखा दूंगा राज तुमने सप्त चक्रों पे काबू कर लिया है अब तुमहु पांच तत्वों को काबू करने में आसानी होगी और ज्यादा समय भी नहीं लगेगा

तांत्रिक :- और में भी हूँ राज में तुम्हे पांच तत्वों के तामसिक रूप और साथ hi तामसिक विधिया भी सीखा सकता हु

एंजेल :- में तुम्हे इस सम्पूर्ण संसार 7 महा पुण्यों का ज्ञान प्रदान कर सकता हु और साथ hi में तुम्हे अष्ट विधियों का ज्ञान भी दे सकता हूँ

योद्धा :- मेरे ज्ञान को पाने के लिए तुम्हे किसी सिमा ने नहीं रोका है में तुम्हे अपने सरे युद्धकालाओं का ज्ञान सीखा सकता हूँ

किंग :- है राज में भी तुम्हे हर राजनैतिक निधि और हर युद्धनीति सीखा सकता हूँ

जैसें :- जी आका में भी आपकी सहायता कर सकता हूँ और आपके इस मानव शरीर को या ये कहे आपकी इस मानव योनि को में एक जीन की तरह कर सकता हूँ जिससे आप अमर बन जाओगे एक जीन तभी मरता है जब उसे उससे भी शक्तिशाली जिन अपने साडी शक्तियों को एक करके वार करे और आप एक जीन के साथ एक मनुष्य भी होंगे मतलब न hi इंसानी दुनिया में और नहीं जिन्नाद की दुनिया में आपको कोई मार पायेगा

अभी में कुछ बोलता की तभी वह गाइड भी आ गए

ग :- देखा राज तुम्हारे सरे रूप अब तुम्हारे साथ है और साथ में जिन्नाद के दुनिया का सबसे शक्तिशाली जीन भी

जब हम सब की नज़र गाइड पे पड़ी तोह हम सब शॉकेड रह गए क्यूंकि आज वह गाइड नहीं बल्कि आचार्य राघवेंद्र के रूप में आये थे

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जिन्हे देख सब ने अपने दोनों हाथों को जोड़ कर उन्हें प्रणाम किया

में :- ये क्या आप का तोह पूरा रूप hi बदल गया है

ग :- जो रूप अब तक तुम्हारे सामने था वह एक चलवा था जिससे तुम्हारे शत्रु मेरे जरिये तुम्हे ढूंढ न पाए भले hi तुम्हारे पास असीमित शक्तियों का भंडार है लेकिन अभी तुम्हे उनका ज्ञान नहीं है इसीलिए hi में आचार्य से मार्ग दर्शक बांके तुम्हारे सामने आया

में :- तोह क्या अब खतरा ताल गया है

ग ;- नहीं लेकिन अब तुम खतरे का सामना करने के लिए तैयार हो

में :- अब मुझे क्या करना है

ग :- ये तुम्हे hi तय करना है अब में तुम्हे सिर्फ शिक्षा प्रदान करूँगा बाकि सब तुम hi तय करोगे सब कुछ अचे से सोच समझ कर तय करना क्यूंकि अब तुम्हारा भाग्य, कर्म, और भविष्य सब तुम hi तय करोगे मेरा जितना काम था कर दिया और जो बाकि है वह करके में सदा सदा के लिए मुक्त होक अपने कर्मों का फल भोगने चला जाऊंगा

इतना बोलके वह गायब हो गए

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आज के लिए इतना hi


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अपडेट 123



जब गाइड गायब हुए तोह में साधु के पास गया तोह आप बताइये साधु जी की अभी मुझे क्या करना है पांच तत्वों को काबू करने के लिए

साधु :- देखो राज किसी भी शक्ति को काबू करना आसान नहीं होता उसके लिए तुम्हे कड़ी मेहनत करनी पड़ती है अब जब की तुमने सप्त चक्रों पे काबू प् लिया है तोह तुम्हे ज्यादा परेशानी नहीं होगी इसीलिए हम पहले उन तत्वों के ऊपर काम करेंगे जो तुमने पहले hi जागृत किये है यानि पृथ्वी और जल तत्त्व

में :- ठीक है में तैयार हु

साधु :- ठीक है फिर अब तुम ध्यान लगाओ और अपने आप को धरती यानि जमीं से जोड़ना शुरू करो लेकिन इसमें एक समस्या है

में :- क्या समस्या है

साधु :- हम तत्वों को अंतर्मन में काबू नहीं कर सकते उसके लिए तुम्हे बाहरी दुनिया में जाकर hi ये कार्य करना होगा

में :- (कुछ सोच के) ठीक है फिर आज रात को तैयार रहना रात को जब सो जायेंगे तब हम मेरे सीक्रेट बेस पे चलेंगे

य :- सीक्रेट बेस कोनसा और हमे क्यों पता नहीं चला

में :- पता नहीं चला तोह क्या हुआ अब पता चल जायेगा रात का इंतज़ार करो

इतना बोलके मेने भी अपना ध्यान तोड़ दिया और कुछ देर आराम करने के लिए सोने लगा

वही दूसरी तरफ

एक बड़े और घने जंगल के बीचो बिच बानी एक गुफा के अंदर इस वक़्त बॉस (अपडेट 120 वाला) खड़ा था और उसके सामने एक कला गोला था जिससे आग निकल रही थी वह बॉस उस गोले के पास जेक उसके सामने खड़ा होक कोई मंत्र बोलने लगता है जैसे hi वह मंत्र बोलना बंद करता है वह उस गोले में किसी की परछाई दिखाई देने लगती है

बॉस :- मुझे मर. नेगेटिव से बात करनी है यहाँ एक छोटी गड़बड़ हो गयी है

परछाई :- पता hi था मुझे की तुम कभी कोई काम ठीक से कर hi नहीं सकते

बॉस :- तू चुप कर आज हम अपने मंजिल के इतने करीब है बस मेरी वजह से नहीं तोह तूने पूरा खेल ख़राब किआ था

अभी कोई कुछ और बोलता की तभी उस जगह पर एक रोबदार आवाज गूंज उठती है जो उसी गोले से आयी थी

आवाज :- अगर तुम दोनों का ये चूहे बिल्ली का खेल हो गया हो तोह काम की बात करे

बॉस :- जी मालिक में ये कह रहा था की मेने जिन लड़कियों को किडनैप किया था उन मेसे एक लड़की भाग गयी है

आवाज :- इसमें कोनसी बड़ी बात है उस लड़की को ढूंढो या फिर कोई दूसरी लड़की का इंतज़ाम करो बस वह लड़की उन्ही नक्षत्रों में जन्मी हो और वह शुद्ध हो

बॉस :- जी वह मेने कर दिया है लेकिन असली समस्या ये है की आपने जो इस मुर्ख के बात में आकर इंसानो के हाथो शक्ति मणि की जिम्मेदारी सोपि थी अब उसी आदमी के गैर जिम्मेदारी के वजह से वह मणि नष्ट हो चुकी है जिस वहां में उसे लाया जा रहा था वह अपघात के चलते नस्ट हो चूका है

आवाज :- क्या इस हमले में किसी महँ शक्ति का हाथ है

बॉस :- नहीं ुए तोह एक आम अपघात है

आवाज :- शक्ति मणि किसी आम अपघात से नष्ट नहीं हो सकती है जरूर मणि ने अपना धारक चुन लिया है अब तुम्हे उस धारक को पकड़ना है

बॉस :- जी जैसा आप कहे

फिर वह गोला गायब हो गया और बॉस भी उस गुफा से बहार निकलने लगा

वही दूसरी तरफ

में अभी सो रहा था की तभी मुझे फिर से वही सपना दिखाई देने लगा जिससे में कुछ देर तोह पहले की तरह hi तेनसेद हो गया था लेकिन फिर मेने जल्द hi खुदको सम्हाला और आस पास के सरे चीजों को ध्यान से देखने लगा जो में पहले नहीं देख प् रहे थे अब में उन लड़कियों की चीखों पे ध्यान नहीं दे रहा था बल्कि में उन जगह जा रहा था जहा से मुझे उष्णता का आभास हो रहा था जैसे वह किसी ने आग लगायी हो जब में वह पंहुचा तोह देखा की वह पूरी हवन की तैयारियां चल रही थी वह हवन कुंड जिसमे आग लगायी जा रही थी और कोई था जिसका चेहरा में देख नहीं प् रहा था जो उस हवन में आहुतिया दाल रहा था अभी में उसकी तरफ बढ़ hi रहा था की तभी उस कमरे में और 2 ाबमी आ गए जिन्होंने एक लड़की को पकड़ के रखा था जिसके हाथ और मुँह बांध रखे थे और उसके हालत से hi लग रहा था की उन्हें नशे की दवाइया खिला के राखी थी उन्हें तोह खुदका भी होश नहीं था

उन दोनों आदमियों ने उन्हें लेकर एक पत्थर के सामने रख दिया और फिर वह दोनों फिर से उस कमरे के बहार चले गए शायद दूसरी लड़की को लेन गए थे

जब वह दोनों बहार चले गए तोह वह आदमी जो आहुति दाल रहा था वह उठ खड़ा हो गया और उस लड़की के पास चला गया और उसके सर पे हाथ रख के कुछ मंत्र पढ़ने लगा जैसे hi वह मंत्र पढ़के रुका उसके हाथ में एक तलवार आ गयी और उसने एक झटके में hi उस लड़की की गर्दन काट के अलग कर दी

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आज के लिए इतना hi


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अपडेट 124



जब वह दोनों बहार चले गए तोह वह आदमी जो आहुति दाल रहा था वह उठ खड़ा हो गया और उस लड़की के पास चला गया और उसके सर पे हाथ रख के कुछ मंत्र पढ़ने लगा जैसे hi वह मंत्र पढ़के रुका उसके हाथ में एक तलवार आ गयी और उसने एक झटके में hi उस लड़की की गर्दन काट के अलग कर दी

ये सन को देखके hi में शॉकेड रह गया की कितने आराम से इसने उस लड़की का सर अलग कर दिया और वह बस यही नहीं रुका बल्कि उसने उस लड़की के सर कटी लाश को उठा कर उसी पत्थर पे लेता दिया और फिर अपने राइट हैंड को उस शरीर के तरफ कर दिया जिससे उसके हाथ से आग निकल के सीधा उस लड़की के शरीर को रख में बदलने लगी

में उस आदमी और उसकी हरकते देख कर तोह शॉक में hi चला गया था ये सब मेरे लिए पहली बार था भले hi मेने अब तक कई लोगों को मौत के घाट उतरा था लेकिन जिस निर्दयता से इसने उस लड़की को मारा था वैसी निर्दयता अब तक मेने नहीं देखि थी

अभी में ये सब सोच hi रहा था की तभी वह दोनों फिर से एक लड़की को ले आये उस लड़की फिर से उसी जगह रख के वह दोनों लौट गए उनके जाने के बाद उस आदमी ने पहली लड़की का कटा हुआ सर उठा के उस हवन कुंड में दाल दिया और दूसरी लड़की के पास आके उसने पहले उस लड़की के हथिलियों को कटा और फिर उस लड़की के सर को जैसे hi उसने दूसरी लड़की का सर कटा उसकी खून की कुछ बुँदे आ कर मेरे चेहरे पे पड़ी जिससे में होश में आ गया

जैसे hi में होश में आया मेरा गुस्सा सातवे आसमान में पहुंच गया उस आदमी ने मेरे सामने 2 लड़कियों को निर्दयता से मार दिया ये सोच कर hi मेरी मुट्ठी अपने आप कास गयी और में उस आदमी को मारने उसके तरफ दौड़ पड़ा

लेकिन में अपने जगह से हिल भी नहीं प् रहा था में अपना पूरा जोर लगा रहा था लेकिन में न ये सब रोक प् रहा था न अपनी आखे बंद कर प् रहा था मेने बुक से पढ़े हुए सरे मंत्र बोल दिए लेकिन कुछ भी काम नहीं बन प् रहा था इस वक़्त तक में बिलकुल भूल चूका था की ये सब केवल सपना है

भले hi में हिल नहीं प् रहा था लेकिन मेरी गर्दन में घुमा प् रहा था जिससे में हर तरफ की साडी चीजों को नोटिस कर रहा था जिससे में उन लड़कियों को बचा पाव लेकिन हरबार मुझे सिर्फ असफलता hi मिलती

वही दूसरी तरफ वह आदमी एक के बाद एक सभी लड़कियों की बलि चढ़ा रहा था और हर बार पिछली बार से ज्यादा निर्दयता दिखता था धीरे धीरे अब वह उन लड़कियों की बलि चढ़ाता जो पुरे होश में होती थी

उनकी चीखे मेरे कानो में गूंज रही थी मनो वह चीखे मेरे कानो में पिघलते शीशे की तरह घुल रही थी मुझे ऐसा लग रहा था की उनकी चीखे जैसे चीखे न होक मेरे ताकत मेरे अस्तित्व पे उठी ऊँगली हो जब उसने आखरी लड़की की बलि चढ़ाई तोह उसकी गर्दन उड़के सीधा मेरे क़दमों में आके गिरी जिससे देख मेरी चीख निकल गयी और नींद भी खुल गयी जब मेरी नींद खुली तोह मई अपने रूम में hi था और जैसें मेरे सामने खड़ा था रूम की साडी चीजे यहाँ वह गिरी पड़ी थी मेरा पॉर्रा शरीर पसीने से पूरी तरह भीगा हुआ था और मेरा बीएड भी टूट गया था साथ में hi गद्दे तकिये भी पहात चुके थे

जब मेने ये सब देख तोह मेरे ध्यान में आया की मेरे साथ क्या हुआ तोह में भी थोड़ा सा रिलैक्स हो गया और लम्बी लम्बी ससे लेने लगा जैसे कई किलो मीटर दौड़के आया था

वही जब जैसें ने मुझे रिलैक्स होता देखा तोह वह भी थोड़ा रिलैक्स हुआ और उसने एक ताली बजायी तोह पूरा कमरा ठीक हो गया और सब पहले जैसा हो गया

जैसें :- आप ठीक तोह है

में :- है में ठीक हूँ लेकिन वह सब

जैसें :- आपकी शक्तिया आपको आपके कर्त्तव्य की याफ दिला रही है

में :- ाचा

जैसें :- वैसे अगर आप बुरा न मनो तोह एक बात पुछु

में :- है बोलो

जैसें :- आप इन साडी लड़कियों को किडनैप होने के पहले hi क्यों नहीं बचा लेते

में :- ये ख्याल मेरे दिमाग में भी था लेकिन अगर ये सब होने से पहले hi रोकना होता तोह मुझे वह जगह दिखती जहा लड़किया अभी है लेकिन शायद ये मुझे उसी वक़्त उसी जगह जेक रोकना है इसीलिए मुझे वह जगह दिखी जहा बलि दी जाने वाली है

जैसें :- जी में समझ गया

अभी में और जैसें बात कर रहे थे की तभी मेरे रूम के दरवाजे पे नॉक हुआ जैसे दरवाजा कनिक हुआ जैसें तुरंत hi मेरे अंदर समां गया

जब मेने दरवाजा खोला तोह वह नानाजी खड़े थे

में :- आइये नानाजी

नाना :- (रूम के अंदर आते हुए) राज मुझे तुमसे एक जरूरी बात करनी थी

में :- है बोलिये नानाजी

नाना :- राज में चाहता हूँ की तुम मेरे उत्तराधिकारी बनो मेरे राज्ये के राजा बनो

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आज के लिए इतना hi


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अपडेट 125

जब मेने दरवाजा खोला तोह वह नानाजी खड़े थे

में :- आइये नानाजी

नाना :- (रूम के अंदर आते हुए) राज मुझे तुमसे एक जरूरी बात करनी थी

में :- है बोलिये नानाजी

नाना :- राज में चाहता हूँ की तुम मेरे उत्तराधिकारी बनो मेरे राज्ये के राजा बनो

में (शॉकेड होक) :- ये आप क्या बोल रहे हो नानाजी

नानाजी :- में सच बोल रहा हूँ राज तुम hi तोह मेरे उत्तराधिकारी बनोगे अगर तुमने मुझे माफ़ कर दिया हो

में :- ऐसी बात नहीं है लेकिन आपके पद पे अधिकार तोह बी. मां या स. मां के बच्चों का है मुझे अपना उत्तराधिकारी बनाना उनके साथ अन्याय होगा

मेरी बाते सुनके नानाजी के चेहरे पर एक मुस्कान सी च गयी

अभी नानाजी कुछ और बोलते की तभी हॉल से कुछ आवाजे आने लगी जिससे सुन हम दोनों भी हॉल में आ गए जब हम निचे आये तोह देखा की ममी सोफे पे बेहोस लेती हुई है और बाकि सरे उन्हें होश में लेन की कोशिस कर रहे है

अभी हम मेसे कोई कुछ करता की उससे पहले hi मां भी घर आ गए और जब उन्होंने ममी को ऐसी हालत में देखा तोह उन्होंने तुरंत hi ममी को उठके अपनी गाड़ी में बिठाया और हॉस्पिटल के तरफ चल पड़े

वही दूसरी तरफ

एक घने जंगल में इस वक़्त लक्समी अकेली कड़ी थी और उसके सामने एक छोटा आइना जो अक्सर लड़कियों के मेकअप बॉक्स में होता है वैसा आइना उसके सामने रखा हुआ था जिसमे वही उसका प्रतिबिम्ब दिखाई दे रहा था जिससे वह कुछ बाते कर रही थी

लक्ष्मी (प्रतिबिम्ब से) :- तुम मुझे यहाँ क्यों लेके आयी हो

प्रतिबिम्ब :- तुम्हे आने वाले खतरों से लड़ने के लिए तैयार करने

लक्ष्मी :- ओह्ह कयों वह लोग मामूली इंसान है उन्हें में बिना शक्तियों के भी आराम से मार सकती हूँ अभी तोह मेरे पास तुम्हारी शक्तिया भी है में तोह सोच रही थी की तुम मुझे उस मणि के तरह और भी जादुई चीजों की जानकारी दो जिसे पके में और भी शक्तिशाली बन जाउंगी और फिर हम दोनों इस पृथ्वी को छोड़के बहार किसी और गृह पे जेक अपना राज्य बनाएंगे

प्रतिबिम्ब :- दिन में सपने मत देखो तुम्हारे पास जो शक्तिया है वह केवल 1 प्रतिशत शक्ति है वह भी 2 हिस्सों में बाटी हुई है जिस मणि के वजह से तुम्हे ये शक्तिया मिली है वह एक मोती के 2 हिस्सों में से एक हिस्सा है और वह मोती खुद एक महँ ऊर्जा स्त्रोत का 1 प्रतिजहत हिस्सा है तोह सोचो इस पुरे संसार में उस महँ ऊर्जा स्त्रोत के जैसे और भी कई सरे ऊर्जा स्त्रोत है जिनसे अगर तुम लड़ना तो दूर अगर उनके सामने भी गयी तोह उसी वक़्त वह तुम्हे मार के तुम्हारी शक्तिया हड़प लेंगे

लक्ष्मी :- आसान है क्या मारना हम उस मोती दुआरे हिस्से को भी पीला या उससे भी बेहतर हम उस महँ ऊर्जा स्त्रोत को भी प् ले तोह हम सोचो क्या क्या कर सकते है

प्रतिबिम्ब :- कुछ नहीं कर सकते क्यूंकि उस ऊर्जा स्त्रोत को पाने के लिए तुम्हे उसके काबिल बनना पड़ेगा एयर उसके काबिल बनना हर किसी के बस की बात नहीं है और तुम तोह केवल एक मणि की कुछ शक्तिया मिलने पर घमंडी बन गयी हो तुम उस ऊर्जा स्त्रोत के काबिल कभी बन नहीं पाओगी

लक्ष्मी :- तुम मुझे यहाँ ट्रेनिंग देने लायी हो या तने मारने

प्रतिबिम्ब :- में तोह केवल तुम्हे सच्चाई से अवगत करा रही थी अब तुम्हे hi सच कड़वा लग रहा है तोह इसमें में क्या कर सकती हूँ

लक्ष्मी :- रहने दो तुम मुझे तुमसे कुछ नहीं सीखना है में खुद कर लुंगी सब कुछ

प्रतिबिम्ब :- ठीक है फिर जब तुम फसोगी तब मुझे मत बोलना की अब में क्या करू

लक्ष्मी :- है नहीं बोलूंगी वैसे भी तुम एक मिरर रिफ्लेक्शन के अलावा हो hi क्या

प्रतिबिम्ब :- और तुम घमंडी होने के अलावा कुछ नहीं हो

अभी प्रतिबिम्ब कुछ और बोलती की तभी लक्ष्मी एक पत्थर उठाकर उस मिरर पे फेक देती है जिससे मिरर के टुकड़े टुकड़े हो जाते है

वही दूसरी तरफ

इस वक़्त एक लड़की रस्ते से जा रही थी कानो में ब्लूटूथ लगाया हुआ था तभी एक ओमनी वन आती है और ठीक उसके बगल में रूकती है जिससे 4 आदमी उतारते है और एक रुमाल से सीधा उसका मुँह बंद कर देते है जिससे वह लड़की बेहोस हो जाती है और वह 4 रो आदमी उसे उठके ओमनी वन में दाल देते है और फिर वह से निकल जाते है और लड़की का सारा सामान वही रोड पे फेक देते है

फिर वह वन आके एक बंद पड़े गोडावण के सामने रुकी जिसमे से वह 4 रो आदमी निकले और साथ में वह बेहोस लड़की भी थी जिसे एक आदमी ने अपने कंधे पे लड़ा हुआ था फिर वह जेक उस लड़की को उसी गोडावण के एक कमरे में ले जेक बाँध देते है उसी कमरे में और भी बहुत सी लड़किया बंधी हुई थी

वही उस कमरे के बहार एक आदमी किसी से फ़ोन पे बात कर रहा था

आदमी :- है बॉस चिंता मत कीजिये 101 वि लड़की भी मिल गयी है

सामने से :- सब बराबर है न कोई भी गलती हुई तोह तुझे पता है न मैं तेरा क्या हाल करूँगा

आदमी (डरके) :- मुझे मरना थोड़ी है जो में आपसे झूठ बोलूंगा

सामने से :- गुड

इतना बोलके उस आदमी ने फ़ोन कट कर दिया और यहाँ वह आदमी दर के मरे काँप रहा था

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आज के लिए इतना hi


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अपडेट 126



इस वक़्त में पुरे परिवार के साथ हॉल में hi खड़ा था सब ममी की सेहत को लेके चिंतित थे नानी पूजा पथ में बिजी थी की तभी नानाजी का फ़ोन बज उठा जब नानाजी ने फ़ोन देखा तोह मां का फ़ोन आया था

नानाजी :- है बोल अरुण क्या हुआ बहु ठीक तोह है न

मां :- जी पिताजी वह बिलकुल ठीक है डॉक्टर्स ने उसका चेकउप कर लिया है

नाना :- ठीक है तोह बेहोस कैसे हो गयी थी

मां :- पिताजी वह बेहोस इसीलिए हो गयी थी क्यूंकि वह माँ बनने वाली है

मां की बात सुनकर नानाजी ख़ुशी के मरे पहले नहीं समां रहे थे वह तुरंत जहा सोफे पे बैठे थे वह से तुरंत खड़े होक सब को आवाज देने लगे

जब हम सब नानाजी के पास पहुंचे तोह नाना ने हम सब को भी ये बात बताई जिसे सुन हम सब भी खुश हो गए मुझे कुछ समझ hi नहीं आ रहा था की में कैसे रियेक्ट करू आफ्टर आल में आज पिता बना था भले hi उसे नाम नहीं दे सकता था लेकिन पिता बनाने का एहसास तोह हुआ hi था मुझे

वही नाना ने तुरंत मां को घर आने का आर्डर देके फ़ोन रख दिया और सब को ममी के स्वागत करने की तैयारियां करने के लिए बोल दिया गांव से कुछ मजदूरों को बुला के पुरे घर में फूलों से डेकोरेशन किआ गया

जब मां ममी आये तोह नानी ने उनकी आरती करने के बाद नज़र भी उतरी वही ममी बार बार मुझे देख कर कभी मुस्कुराती तोह कभी शर्माती थी

फिर सब घर के अंदर आ गए और नानाजी ने ये ऐलान भी कर दिया की कल वापस हवेली लौट कर बड़ा सेलिब्रेशन भी किआ जायेगा

उसके बाद सब ने ममी से कुछ देर बाते की फिर सब ने उन्हें खाना खिलाकर अपने कमरे में आराम करने भेज दिया

फिर में भी अपने कमरे में चला आया मेरे कमरे में आने के कुछ देर बाद hi ममी भी मेरे कमरे में चली आयी कमरे में आते hi उन्होंने दरवाजा बंद कर दिया और फिर मुझे गले लगाके उछलने लगी

फिर मेने उन्हें कण्ट्रोल किआ और उसके बाद हम दोनों ने कुछ देर खुशिया मनाई और फिर ममी अपने कमरे में चली गयी

फिर ऐसे hi ये दिन भी गुजर गया और रात हो गयी जब में खाने के लिए निचे पंहुचा तोह सब डाइनिंग टेबल को hi घूर रहे थे आज नानी और मौसी ने इतने पकवान बनाये थे की डाइनिंग टेबल पर जगह काम पद रही थी

फिर हम सब ने मिलकर दीनार किया जहा नानी और मौसी ने मिलके ममी को हाथ से खाना खिलाया जिसमे ममी की हालत ख़राब हो गयी कहते हुए जिसे देख हम सब मंद hi मंद मुस्कुरा रहे थे

फिर सब ने खाना खाया और अपने अपने कमरों में सोने चले गए

अभी में मेरे कमरे में आया hi था जैसें मेरे सामने आ गया

में :- बोलो जैसें कैसे आना हुआ

जैसें :- में इस वक़्त आपके पास 2 करने से आया हूँ

में :- बोलो

जैसें :- सबसे पहले आपको पिता बनाने के लिए भद्दे देने आया हूँ

में :- ओह्ह्ह थैंक्स उसके लिए और दूसरा कारन क्या है

जैसें :- मेरे से एक गलती हो गयी है आका

में :- (शॉक से) क्या.. क्या गलती हुई तुमसे

जैसें :- जो मेने आपको बताया था रक्त चाँद के बारे में वह झूठ था

में :- मतलब क्या है तुम्हारा क्या झूठ बोलै है तुमने

जैसें :- में जब गृह दिशा देख रहा था तभी मेरे समझ में आया की मेरे से कितनी बड़ी भूल हुई है

में :- क्या बोल रहे हो यु बातों को जलेबी की तरह घूमना बंद करो और सीधा सीधा बताओ

जैसें :- रक्त चाँद की रात 5 दिन बाद नहीं बल्कि 2 दिन बाद है

में :- क्या ये तुम क्या कह रहे हो मेने पूरी प्लानिंग कर ली थी की 5 दिनों में कैसे अपनी ज्यादातर शक्ति को काबू कर लूंगा लेकिन अब... (कुछ सोचके) ठीक है जो हुआ वह हो गया अब मुझे पुरे कन्फर्मेशन्स से बताओ की रक्त चाँद की रात कब है

जैसें :- 2 रातों के बाद आने वाली रात रक्त चाँद की रात होगी

में :- (कलम डाउन होक) ok यानि अभी टोटल 60 दिन मीन्स 2.5 डेज है

जैसें :- जी

में :- ok थोड़ा जल्दी काम करंगे तो कोई दिक्कत नहीं होगी

जैसें :- में फिर से माफ़ी मांगता हु आका मेरे जल्दबाजी के कारण आपको कष्ट हो रहा है

में :- कोई बात नहीं गलती हो गयी अब उसे सुधारा नहीं जा सकता तोह उसे भुला दो अब आगे के बारे में सोचो

जैसें :- जी आका

में :- जेक मेरे टीम को बतादो की कमर कस्ले अभी मेहनत डबल करनी हैव

जैसें :- जी आका

इतना बोलके वह गायब हो गया और में भी आगे के बारे में सोचने लगा

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आज के लिए इतना hi


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