Broken by Her! (Story of a man) - Page 12 - SexBaba
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Broken by Her! (Story of a man)

तहनक्स गीज़ फॉर योर सपोर्ट

Let's एक्सप्लेन व्हाई I'm लेट

रिकवरी के बाद मई वापस आया तो episode डिलीट हो गया उसके बाद काफी टाइम तक मन नहीं हुआ लिखने का फिर episode पूरा किया तो एक पेज लोड होने में एक घंटा लग रहा है कई दिनों से तरय कर रहा हों रिप्लाई और episode पोस्ट hi नहीं हो पा रहे है बार बार क्लिक करने के बाद भी किसी को पता है स्पीड कैसे इनक्रीस करे .

वेल ये लास्ट टाइम तरय है इसके बाद देखता हों होता है या नहीं गीज़ पिछले सबके रिप्लाई देता लेकिन ये प्रॉब्लम ऐसी है की बहुत डिफिकल्ट हो गया है रिप्लाई देना .होप यू गैस इग्नोर मई अब ओने बी ओने सबको रिप्लाई नहीं दे सकता गीज़ बहुत बुरा हल है साइट का
 
Episode 43

महाराज : समर से लड़ने में भी मेरी हेल्प उन्होंने hi की थी चरण दस को dekar..Shetty सर जो इस देश के असल करता धर्ता है...16 सालो में मेरी उनसे सिर्फ एक बार hi बात Hui...pm.se बोलो मेरी मीटिंग करने के liye..aur मोना तुम मेरे आने तक यहाँ की इंचार्ज हो...

महाराज की बात सुनकर दोनों बहने हामी भर्ती hai..wahi मोहिनी कॉल करने लगती है....

नेक्स्ट कंटिन्यू....


हाईवे पर sidha..usne मुझे एड्रेस बताते हुए कहा..

ठीक से बैठ गिर जाएगी...

ठीक है ji..mere कहने पर संजना ने पीछे से बाहें मेरी कमर में दाल ली...

उसके चिपकने से मुझे सर्दी लग्न बंद हो gayi...uske जिस्म की गर्माहट मेरे जिस्म को गरम कर रही थी....

न जाने मुझे क्या हुआ मई अपना एक हाथ पीछे ले गया और संजना की जंघे सहलाने लगा...

जब उसने कुछ नहीं कहा तो मई हाथ बढ़ाते हुए उसकी विर्जिना पर रख दिए..

aaaaaaaaaaaaaaa...

उसने कानो को फाड़ने वाली चीख मरी..

माँí : क्या हुआ क्यों चीख रही..

संजना : कहा हाथ लगा rahe..Mai लोगो को बुला लुंगी बुआ से भी शिकायत करुँगी...

वो बोल रही थी ऐसा लग रहा था जैसे होंठो से फूल झाड़ रहे हो...

मई: मई तुझे पकड़ने की कोशिश कर रहा था तू कही गिर न जाये...

संजना : झूट न बोलो मुझे सब पता है...

मई : अबे कुछ भी सोंचती hai...sach बोल रहा hon...yaar.

संजना : तो वहां हाथ क्यों लगाया..

मई : कितने सवाल करती hai...chal अब नहीं लगता गिर गयी तो मुझसे मत कहना...

संजना : कमर से पकड़ी हुई तो हों..

मई : हाँ ठीक hai..jyada बातें न bana...Mai भी बोल सकता हों तू मुझे छू रही hai...kahi तू मुझ पर डोरे तो नहीं दाल रही...

संजना : ऐसा नहीं है जी...

मई : फिर कैसा है..

संजना : आप hi दाल रहे हो..

मई : तो तू क्या karegi..agar मई दाल रहा..

मेरी बात सुनकर वो लम्बी लम्बी सांसे लेने लगी...

मई : बता न..

संजना : बाद में बताउंगी..

मई : ठीक hai...aur हाँ सुन..

संजना : क्या...

मई : तू बहुत क्यूट है..

मेरी बात सुनकर उसके मेरी कमर पर बंधे हाथ कल्पने लगे...

संजना : दायी तरफ....

उसके कहने पर मैंने बाइक मुदा दी..

मई : तेरे साथ में और क्या क्या किया भैरव ने...

मेरी बात सुनकर संजना की सिसकीअन निकलने लगी...

मई : क्या हुआ रोने क्यों लगी .

संजना : सबसे बड़ा ज़ुल्म ये किया मैंने कभी अपने पापा मम्मी को नहीं dekha...wo मुझसे काम करते थे जब भी किसी भी बात पर गुस्सा होते तो मुझे मरते they...thik से खाना नहीं देते थे...

मई : जल्द मई तुझे मां से मिलाऊँगा बूत अपनी मम्मी को भूल जा मई उसे मार दूंगा...

संजना : प्लीज ऐसा मत करना वो मुझे बचाना चाहती थी ..

2.0 एंटर...

मई : रपे कर दूंगा तेरा दुबारा उसे बचाना chaha...ab बता किधर जाना है...

संजाजाना : ये जो दीवारे दिख रही है इसके आगे गेट hai...andar जाने के लिए...

मई रोड hi पर tha...road पर hi बहुत बड़ी दिवार thi...uthi hui...bahar से देखने पर अंदर बहुत बड़ा बंगलो दिखाई दे रहा था ...

ढाये......

जैसे hi मई गेट पर aya...ek गोली मेरे साइन से लग कर गिर गयी ..मेरी शर्ट और बनयान जल गयी थी....

मैंने अस्स पास देखा कोई नहीं dikha...gate पर एक चौकीदार बैठा था...

मैंने बाइक रोकी और गेट को देखा.....


Dhammmm.....aaaaaaaaaaaa.....

गेट उखड कर चौकीदार के ऊपर गिरा और उसकी दर्द में चीखे गूंजने lagi...wahi अंदर मुझे फ़ौज का भरी दस्ता दिखाई दिया जो शायद मेरा hi इंतज़ार कर रहे थे....

मैंने जल्दी से संजना को अपने पीछे किया..

मई: मेरे पीछे देख बुलेट ए तो मेरे आगे से हैट जाना समझ गयी नहीं तो मर जाएगी....

मेरे कहने पर वो मेरी तरफ पीठ करके कड़ी हो गयी....

अपने आप को हमारे हवाले कर दो...

मई : चल बे लौड़े...

dhammmm....dhammmmm....

aaaaaaaaaaaa....aaaaaaaaaaaa.....

दिवार की एक एक साइड उखड कर उन गार्ड्स पर गिरी जो फौजी ड्रेस में थे...

सनजना : गोली....

संजना की चीख पर फुर्ती से मैंने उसे अपने पास से hataya.aur घूम gaya...goli सीधे मेरे पेट पर लगी....

घूमने से मुझे गोली चलने वालो की लोकेशन भी दिख गयी....

मई : आआआआह्ह्ह्ह.

मैंने अपने मंद पर ज़ोर डाला..

जहाँ वो छुपे वो बिल्डिंग हिलने लगी...

मई : aaaaaaaaaahhhh...

dhammmmmmmmmmmm..

बिलडुइंग सीधा पीछे को giri...zor लगाने से मई निचे जमीन में गिर गया....

संजना : आप ठीक हो...

मई : पेड़ के पीछे jao....Maine कहा jao...mere चीखने पर वो भाग गयी...

ढाये ढाये ढाये ढाये....

बहुत साडी गोलियन गॉर्डस की मेरे जिस्म पर पढ़ने लगी.....

और मई चारो खाने चित हो गया...

हर गोली लगने से मेरा जिस्म उछाल जाता लेकिन मई कोई हरकत नहीं कर रहा था....

रुक जाओ शायद मर गया hai...unka एक फौजी बोलै....

डरते हुए धीरे धीरे वो मेरे करीब आने लगे....

सर खून तो निकला hi नहीं iska..ek गॉर्ड ने कहा...

शायद ये वेम्पिरे हो इसके खून न निकलता ho...dusre ने कहा...

जाओ तुम देख कर aao...ye वही फौजी था जिसने सबको रोका था...

एक फौजी डरते हुए मेरे पास aya...dhire धीरे उसने मेरा हाथ पकड़ा और मेरी नब्ज़ देखने लगा....

फौजी : सर he's डेड सांसे नहीं चल रही है....

फिर से शूट करो...

ढाये ढाये ढाये dhaye....ek साथ उसने बड़ी गन से गोलिओ की बौछार कर di...bhale मेरे जिस्म में गोलियन नहीं घुस रही थी लेकिन गोली की फाॅर्स मुझ पर असर कर रही थी जिससे मेरा शरीर उछाल रहा था....

रुक जाओ इडियट....

बहुत से फौजी मेरे पास आगये थे..

इसके बुलेट्स अंदर नहीं घुसी वेम्पिरेस के तो घुस जाती है....

गोलियन मरने वाला फौजी मुझे हैरत से देखते हुए बोलै....

उठाओ ise...leader फौजी मेरे करीब एते हुए बोलै...

aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa......

अचानक से मई उठकर खड़ा हो गया...

डरकर सभी फौजी पीछे को गिरे....

मई : hahahahahahaha.......unhe देख कर मई हसने लगा....

मेरी हसी ऐसी थी जैसे कोई राक्छस है रहा हो....

Dhammmmm.....aaaaaaaaaaaaa......

खड़े हो रहे फ़ौजिओं में से मैंने एक के पंच mara...uska खून मेरे हाथ पर गिरा और वो पीछे को बहुत स्पीड से अपने साथिओ को लेकर गिरा....

मेरे सामने की लाइन पूरी खली हो गयी....

chatttt....jameen में पड़ी बड़ी सी गन पर मैंने पेअर mara...jo उछलकर मेरे हाथ में आगे....

ढाये ढाये ढाये ढाये.....

मैंने अपने सामने के सभी फ़ौजिओं को भून डाला...

वो सब एक साथ हैरत से मुझे देखते हुए जमीन में गिर गए......

सभी मर चुके थे बस एक फौजी भाग रहा था जिसे मैंने जाने diya....karne वालो की तादाद 50 के अस्स पास थी.....

मई : aaajaaa....maine संजना को आवाज़ दी.....

मेरी आवाज़ सुनकर वो भगति हुई आगयी...

द्यीी.....

मई : सन्न.....

मई जैसे hi थोड़ा अंदर गया एक रगब राकेट किसी ने सामने से जो छुपा था फायर कर diya...jise देख मैंने बड़ी स्पीड से संजना को धक्का Diya....jo पीछे को खिचड़ी हुई बहुत दूर जाकर गिरी....

dhammmmmmmmmm....

अगले hi पल राकेट मेरे साइन से टकराया....

सहूँन्नन्नन्नन्न....

एक के बाद एक देश राकेट मेरे जिस्म से टकराये...

मई : aaaaaaaaaaaaa...

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चारो तरफ मेरे आग hi आग फ़ैल गयी मेरे कपडे जलने लगे.. राकेट की फाॅर्स से मेरी चीखे निकलने लगी....

मेरे जलते कपडे मेरे जिस्म से चिपक रहे they..mujhe आग की तपिश बिलकुल भी महसूस नहीं हो रही थी....

जलते हुए माइए अपने कपडे खींच कर फेकने लगा....

आग में से मई बहार देख पा रहा था 2 हजार के करीब फौजी मेरे चारो तरफ फ़ैल गए they..shayad ये पहले से छुपे थे....

उन्हें लग रहा था मई आग में जल गया हों... कपडे फेकता हुआ मई आग से निकला...

मेरे पीछे जमीन पर आग जल रही थी मई निकल आया था..

मेरे जिस्म पर एक भी कपडा नहीं था सरे कपडे जल गए थे और मई पूरी तरह नुदे था....

वो सब मुझे हैरत से देख रहे they...pal भर मई उनके सामने आकर खड़ा हो गया.

मई : क्या आपने कभी राक्छस के साथ नीली चांदनी में डांस किया है?

मेरी बात सुनकर मुझे देखते हुए मेरे सामने का फौजी जिसके हाथ में रगब राकेट था वो पीछे होने लगा...

बिना कुछ कहे मैंने हाथ आगे किया....

कल्पते हुए उसने र्गव राकेट मेरी तरफ कर दिया...

मई : लोड कर ...

ढाये ढाये dhaye....itne में पीछे से गोलियन चलने लगी ...

जब तक लोड नहीं हो गया मई हटा नहीं.....

लोड होते hi मैंने ऊपर को जम्प मरी....

aaaaaaaaaaaaa...aaaaaaaaaaaaaa....aaaaaa.....

फ़ौजिओं की गोलिओ से उन्ही के साथी मरने लगे...

स्टॉप firing....ek फौजी बड़ी ज़ोर से चीखा.....

Shunnnnnnnnnnn.....

गिरते हुए मैंने र्गव फायर कर दिया.....

शुनंनंन्न...

जैसे hi मई गिरा एक र्गव मेरे सामने वाले फौजी ने मुझ पर फायर किया जिसे देख मई पहले hi जम्प करता हुआ साइड में हैट गया और वो रगब भी मेरे मरे गए रगब वाली साइड में फ़ौजिओं पर गिरा....

मेरे रगब से बहुत से फौजी मरे gaye....aur बहुतो ने भागना शुरू कर दिया....

dhammmmmmmmmm...

अगले hi पल मैंने मेरे सामने वाले फौजी जिसके हाथ में रगब था उसके सर को पकड़कर उसके गले पर पंच मारा...

फाॅर्स इतनी थी की उसके मुँह से खून मेरे साइन पर gira...aur उसकी गर्दन टेडी हो कर टूट gayi...gir रहे फौजी से मैंने रगब राकेट और मिसाइल्स का बैग लिया जिसे वो टंगे हुए था....

मई : तुम लोगो के पास सिर्फ 10 सेकंड है जान प्यारी है तो भाग जाओ...

कहकर मई लोड करने लगा....

फौजी अँधा ढूंढ भागने लगे....

शुनंनंन्न ..shunnnnnnn....ek के बाद एक राकेट मई उन पर शूट करने लगा....

जो भाग गए थे वो बच गुये थे....

बहुत से फ़ौजिओं की जाली लाशे फलांगता हुआ मई घर के अंदर जाने लगा....

dhammmmmmm....meri एक hi किक से गेट खुल गया.....

मेरे सामने अब फॉरेन के फिघ्टर्स खड़े थे जिनमे लड़किया और बहुत हट्टे काटते मर्द they...akhir में उन सब के पीछे भैरव था....

chatttt...chatt...mujhe देखते hi वो सभी फाइटर क्लाप्प करते हुए प्लान बनाने लगे....

aaaaaaaaaaaa...aaaaaaaa....

इतने में दये बाये से उड़ती हुई दो लड़कियां आयी उन्होंने मेरे साइन पर किक मरी और मई गेट पर जाके लगा.

मई : aaahhhh....bhut तेज मर दिया रे ...और मई दर्द में चीखने लगा...

उठकर फुर्ती से लड़कियां मेरे पास आयी....

मई : नहीं नहीं ..अब मत marna....Mai बचने के लिए मुँह पर हाथ रखते हुए बोलै...

कुछ देख कर दोनों लड़कियां रुक गयी...

फोरेनर गर्ल 1: लुक ात थिस मदर फुकेर डिक हाउ बिग इस आईटी .

गर्ल 2 : I'll क्रश हिज डिक.

व्हाट अरे यू टॉकिंग लेडीज जस्ट किल him...ek मोटा सा बॉडी बिल्डर मेरे पास एते हुए बोलै..

जब वो लड़की अपनी शू से मेरे हथियार को कुचलने लगी तो मैंने उसका पेअर पकड़ लिया....

गर्ल : मदर फुकेर लीव आईटी ...दूसरी लड़की ने कहते हुए पंच मेरे फेस पर मारा....

aaaaaaaaaaaaa...itne में बॉडी बिल्डर ने पंच मेरे साइन पर मार दिया...

जिसका पेअर पकड़ा था वो लड़की भी मुझे मरने लगी....

2 मिनट्स तक वो सब मुझे बरी बरी से मरते रहे लेकिन पेअर न छूटा पाए....

सब आओ और इसे पकड़ो...

वो सब आकर मुझे पकड़ कर लड़की का पेअर छुड़ाने लगे....

लड़की : आआआअह्ह... it's हर्टिंग में..

उन सबकी पकड़ से मई और कसकर लड़की का पेअर पकड़ लिया जिससे वो दर्द में चीखने लगी...

आप ठीक है ji...itne में संजना की आवाज़ मुझे सुनाई दी....

मई : तू अभी तक ज़िंदा hai..aaahh...

इतने में एक पंच मेरे फेस पर पड़ा...

मई : अबे बात तो करने दे पहलवान....

संजना : हाँ ग मई ठीक हों..

गेट थे girl....wahi बॉडी बिल्डर संजना को देख बोलै....

मई : कर दी न गलती....

dhammmmmmmmmm...chattt....ladki को फेकते हुए मैंने सबसे पहले पंच उसी बॉडीबिल्डर क साइन पर मारा जिससे हड्डी टूटने की आवाज़ आयी...

aaaaaahhhhhh...sine पर हाथ रखता हुआ वो चारो खाने चित्त हो गया....

chatttttt....sanjana की तरफ भाग रहे फॉरेन गार्ड की मैंने गर्दन पकड़ के निचे को झुका दी....

धम्म्मम्म धमममममम धम्म्मम्म....

अगले hi पल मैंने एक एक पंचेस से सभी गार्ड्स को ढेर कर दिया...

मई : कितने मोठे बूब्स थे tere..Mai दर्द में करहा रही लड़की को देख बोलै...

सबको मार Diya...kya क्या नहीं खिलाया मैंने inhe...bhairav अपने टूटे फूटे गार्ड्स की लाशो को देख बड़बड़ाने लगा..

भैरव : खुद शाकाहारी होकर मैंने इन्हे चिकन मटन khilaya..ek से बढ़कर एक महंगी वाली रेड वाइन विष्की सब पिलाई और सेल एक पंच में ढेर हो gaye....wo फ़्रस्ट्रेशन में अपना सर खुजाने लगा..

मई : हो गया तेरा...

भैरव : मई तेरा मां हों बेटे..

मई : हां तो कैसे हो मां ji...aur सब कहा है....

भैरव : तू कपडे पहन ले bete.mama के सामने नंगा ाचा नहीं लग rha..dekh एक से बढ़कर एक कपडे है मेरे पास..

हड़बड़ाहट में वो ालमिरह खोल कर कपडे निकलने laga....Mai अंदर आकर सोफे पर बैठ गया....

भैरव : ये देख बेटे ये pehnega...dekh ये बहुत मांगेंगे है ऑस्टीआ से mangwaye...nhi नहीं ये देख बेटे काली ड्रेस तुझ पर बहुत जचेगी हीरो लगेगा तू हीरो ...

मई : क्या बोलै tu....Mai खड़ा होते हुए बोलै..

भैरव : K.k.k kya...hero..

मई : इससे पहले...

भैरव : hero...hero लगेगा tu...her

.मई : chup....tune मुझे तू खा मां...

भैरव : नहीं नहीं आप हीरो लगोगे बीटा...

मई : हीरो सलिल है मां मई तो विल्लिअन hon..aur सबसे बड़ा विल्लिअन तेरी ज़िन्दगी का...

भैरव : मैंने अनुसुइया को पला और आपको भी पला...

मई : उसे रंडी बना कर...

मेरी बात सुनकर भैरव कंपनी लगा सर्दी माँ अपना पसीना पोछने लगा...

मई : दर मत मां तुझे मरूंगा nahi...chal लेकर आ क्या है...

डरते हुए भैरव कपडे लेकर आया मेरे पास..

मई : तू तो कुरता पायजामा पहनता है ये जीन्स किसकी है...

भैरव : शिवम् की .

मई : कहा है शिवम् मां अपने भाई से नहीं मिलेगा वो...

.भैरव : वो कही चला गया....

चटकककककककक....

मेरे एक hi थप्पड़ से भैरव सोफे पर जा गिरा....

मई : ऐ मां उसे बोल उसका बड़ा भाई आया है....

भैरव: वो सच में चला गया है बीटा ..


मई : ममी ो ममी भांजे से नहीं मिलोगी apne....mami...kahi गयी mami...mai रूम्स को खंगालते हुए आवाज़ लगाने लगा.

भैरव : वो भी नहीं है....

ाह्णण कपडे पहनो ji...sanjana अंदर आकर boli...muje देख उसने मुँह फेर लिया.

मई : आंखे बंद कर le...ha तो मई खा था...

भैरव : मेरी पहुंच बहुत दूर तक है...

मई : गलत जवाब....

dhammmmmmmmm...chatttttt

भैरव : aaaaaaaaaaaaaahh.....

भैरव के जवाब पर मैंने उसकी एड़ी पर अपने पेअर की ठोकर मरी उसकी हड्डी टूट गयी और वो दर्द में चिल्लाने लगा....

मई : ाजाओ mami....kaha ho....warna मई तुम्हे विधवा कर dunga...akhiri बार कह रहा हों...

भैरव : वो नहीं है यहाँ आआआआ....

मई : चल तू देख कहा है सब...

मेरी बात सुनकर संजना रूम्स चेक करने लगी....

15 मिनट बाद वो आयी...

संजना : सब देख लिया कही नहीं hai...wo सर निचे किये बोली...

संजना : शायद सेफ हाउस में...

भैरव : वह कोई नहीं है...

भैरव को देखते हुए मई मुस्कुरा दिया....

फिर संजना को साथ लिए मई चल दिया...

संजना : वो भाग गया तो...

मई : नहीं bhagega...uska एक पेअर बेकार है...

चलते हुए संजना मुझे बेसमेंट में लायी...

बसमेंन्ट में आकर उसने एक मूर्ति को घुमाया और सामने की दिवार हैट गयी...

मेरे सामने लोहे का एक बड़ा दूर था जो देखने से hi बड़ा मज़बूत लग रहा था..


अअअअअअअ...

dhammmmmmm.....Maine पंच मारा..

dhammm.dhammmm.dhammmm...maine बहुत सरे पंच मरे गेट में निशान बन गए लेकिन वो टुटा नहीं...

संजना : ये परमाणु हमले से बचने के लिए बनाया है...

मई : ममी जी दूर खोल do...mami ji..maa की छूट आपकी...

मेरी आवाज़ पर दूर न खोलने पर मैंने गली दे दी...

फिर मई गेट को देखने लगा....

धम्म्मम्म...

मई : aaahhhh...gate उखड़ा उसी के साथ मई घुटनो पर आगया....

ढाये ढाये ढाये...

शिवम् मर दो इस हरामज़ादे ko..bhairav की पत्नी मुझे देख chillai...jis पर उसने मुझ पर कई फायर कर दिए...

मई : ाःह पीछे hi rehna...meri आवाज़ पर संजना पीछे हो गयी....

मई संभाला तो खड़ा हुआ मुझे देख भैरव का बीटा उसकी पत्नी और बेटी तीनो की आंखे बड़ी हो गयी...

चलते हुए मई उसके पास आया अपने सर पर घुसे मरते हुए...

मई : बस हो गया तेरा..

aaaaaaaaaaaa...chattttttt...aaaaaaaaa....

गन छीन कर मैंने उसका हाथ मरोड़ diya..jiske टूटने पर वो चीखने लगा...

संजना तुम क्यों ऐसा कर रही ho..ise क्यों लायी yahan..ye शायद भैरव की बेटी थी ..

संजना : सुप्रिया मैडम भूल गयी आप अपने क्या कहा था तू नौकर है नौकर का काम है अपने ओवर के हुक्म पर हाँ जी करना ..अब मई इनके लिए काम करती हों...

aaaaaa...aaaaaah....dono को बालो से पकड़ कर मैंने एक हाथ से शिवम् को पकड़ा और खचेडे हुए ले जाने लगा ..

सुप्रिया : छोर दो हमें हमने तुम्हरा क्या बिगाड़ा है....

मेरे पति तुझे ज़िंदा नहीं chodenge.aaaaa....

मई : चल तुझे उसी के पास ले चलता hon...rona बंद कर bhosdike..akhir में मैंने शिवम् से कहा...

तीनो को मई भैरव के पास laya...jo फ़ोन कर रहा था....

chatt..phone छीन कर मैंने जमीन पर दे मारा...

मई : नहीं आएंगे कोई mama..darkar वो कभी अपने परिवार को देखता कभी मुझे

मई : चल तेरा पेअर ठीक कर देता hon...Maine कहा न तुझे मरूंगा nahi...kehkar मई उसकी हड्डी जोड़ने लगा...

छत्त....

मई : ठीक हो जायेगा तू...

भैरव : जिस थाली में खायी उसी में छेड़ कर दिया नमक हराम तुझे बचपन में hi मर देना चाहिए था...

chatkkkkkkkkkk....


मई: अब सिर्फ मई बोलूंगा....

मई : चलो आओ सब मेरे सामने बैठ जाओ....

भैरव को सोफे से मई निचे फेकता हुआ बोलै...

मई : सुना नहीं तुम तीनो ne...meri चीख पर तीनो निचे आकर बैठ गए....

सुप्रिया : हमने तुम्हारा क्या बीडगा है क्यों ऐसा कर रहे हो ..अनुसुइया दीदी के साथ खेलती थी मेरे...

मई : मेरे साथ नहीं खेली इसलिए बदला लेने आगया छोटी बहन...

वो बस मेरा मुँह देखती रह गयी...

मई : चल रैंड अपने आदमी को नंगा kar....suna नहीं tune...meri गरज पर भैरव की पत्नी सहम कर रह गयी...

मई : संजना कोई नाइफ लेकर आ इसके बेटे को मई तड़पा तड़पा कर मरूंगा और जिम्मेदार होगी ye...bhairav की पत्नी के न उठने पर मैंने कहा..

कुछ देर बाद नाइफ मेरे हाथ में था

अगले hi पल मैंने शिवम् का पेअर पकड़ कर अपनी तरफ खिंच लिया...

शिवम्: आआह्ह मुझे छोड़ दो...

भैरव : करो कौशल्या जैसा ये कह रहा hai...knife अपने बेटे की ऊँगली पर रखा देखा तो भैरव चीख उठा .

कौशल्या : रुक जाओ मई करती हों ..

उठकर उसने भैरव के सरे कपडे उतर दिए..

मई : तू इस भादू के utar...rand सुना नहीं तूने...

आंखे बंद करके सुप्रिया शिवम् के कपडे उतरने लगी...

मई : रंडी आंखे खोल...

मेरी धमकी से सहम कर उसने आंखे खोल दी...

सुप्रिया : I'm सॉरी Shiva..nanga करके वो हाथ जोड़ कर माफ़ी मांगने लगी..

मई : अपना ड्रामा बंद kar..chal bata..sanjana तू नहीं देखना चाहती तो चली जा...

संजना: िनोह्णे मुझसे भी मेरा सब कुछ chhina...tum करो मई इनको देखना चाहती हों...

मई : तू बिलकुल मेरे टाइप की है ी लव यू...

उसका जवाब न मिलने पर मई उन सब पर फोकस करने लगा..

मई : चल तू बता तेरे आदमी का बड़ा है या Mera....dekh रंडी...

aaaaaaaaaaaaaaaaaaa.....kausylya के जवाब न देने पर मैंने शिवा की एक ऊँगली काट दी....

कौशल्या : शिवाहा....

शिवम् : आआआआ ममममममिययययय....

सुप्रिया : आआआ शिवा मेरे भईई...

वही भैरव मुँह छुपा के रोने लगा..

उन सब की चीखे मुझे बड़ा मज़ा दे रही थी.....

मई : कौशल्या जवाब दे mujhe...Mai नाइफ दूसरी ऊँगली पर रखता हुआ बोलै...

कौसल्या : तम tum..tumhara...

मई : गुड चल दोनों माँ बेटी उठो ab...sanjana मस्त सा गण तो बजा..

मेरे आर्डर पर दोनों सिसकते हुए कड़ी हो गयी....


ला ला ला ला ला ला..

सात समुन्दर

सात समुन्दर पार मैं तेरे

पीछे पीछे ा गई

ज़ुल्मी मेरी जान ...

ो ज़ुल्मी मेरी जान तेरे

कदमों के नीचे ा गई

सात समुन्दर पार मैं तेरे

पीछे पीछे ा गई

मैं तेरे पीछे पीछे ा गई

है है है है है

(न रास्ता मालूम न तेरा

Maan-pata मालूम)

कैसे मेरे प्यार ने

ढूँढा क्या मालूम

सीढ़ी तेरे पास .

उधर एलसीडी पर संजना ने गण लगा दिया....

मई : शुरू हो जाओ...

मेरे धमकाने पर दोनों माँ बेतिया नाचने लगी ...वो नाच भी रही थी उनकी आँखों से आंसू भी निकल रहे थे....

aaaaaaaa....chhod दे inhe..zalimo तुम maroge...aaaaaaahh...sahir उन लोगो किसी को नहीं छोरा उनकी चीखे मुझे सुनाई देती hai....sirf मेरी वजह से वो सब मरे गए...

साहिर मई ऐसा बदला लूंगा ये लोग ज़िन्दगी के लिए तरस जायेंगे.


मई : चल तू खड़ा होकर मुट्ठ maar...maar bhosdike...Maine घुसा बनाया वो खड़ा होकर मुट्ठ मरने लगा....

मई उठा और चलते हुए दोनों माँ बेटिओ के पास आया....

मई : डांस रुका तो तेरे पति और तेरे भाई का हाथ कटेगा....

chrrrrrre...agle hi पल मैंने सुप्रिया की ड्रेस फाड़ di...uski ब्रा दिखने lagi....bra में कैद चुकी भी...

फिर मई कौशल्या की सड़ी उतरने लगा उसे घुमा कर....

chattt...peticoat आने पर मैंने एक थप्पड़ उसकी गांड पर मारा....

chrrrr...fir पति कोट भी फाड़ diya...ek साथ ब्रा पंतय भी खींच ली....

कौसल्या को पूरी नंगा करने के बाद मैंने सुप्रिया के कपडे फाड़ diye....ab मेरा लैंड पहले से डबल बड़ा हो गया था खड़े hokar...sanjana ने एक बार देखा फिर नजरे घुमा ली मैंने उसे स्माइल पास कर दी....

मई : तेरा भी खड़ा हो gaya....chal कौसल्या अजा मेरी जान....

कौशल्या आयी तो मैंने उसे सोफे पर झुका Diya..Mai चल दाल इसकी गांड में land...Mai शिवा को पकड़ उसकी माँ पर डालते हुए bola....jisse उसका लैंड कौशल्या की गांड पर टच होने लगा..

भैरव : ये पाप है सलिल...

मई : वो पाप नहीं था जब एक आदमी के सामने उसकी बहन और बीवी को तूने दूसरे मर्दो के साथ सुलाने पर मजबूर किया...

भैरव : तुम्हे महाराज छोड़ेंगे नहीं .

मई : कालका दिन महाराज का hi hai...kal उसकी बेटी मोना छुड़ेगी उसके samne...bhadwe तेरा भी लैंड खड़ा हो गया बेटी को नंगा देख कर..

मई भैरव को उसका लैंड दिखते हुए बोलै....

मेरी बात सुन उसका सर शर्म से झुक गया वही नाचते हुए सुप्रिया अपना बाप का लैंड देखने लगी....

मई : चल दाल इसकी गांड में लैंड...

शिवम् : मई नहीं karunga...aaaaaaaaaaaa..

मई : तेरी माँ की chut.....gali देते हुए मैंने उसकी कटी ऊँगली पर पेअर रख diya....jis पर वो गाला फाड़ के चीखने लगा...

मई : पहले सोंचा था तुम सब को ज़िंदा रखूँगा लेकिन अब नहीं अब तुम सब मरोगे और सबसे पहले तू...

कौसल्या : शिवा करो जैसा ये कह रहा है...

मई : तुझसे ज्यादा तो कौसल्या समझदार है...

कौसल्या हाथ पीछे ले जाकर शिवम् का लैंड पकड़ कर अपनी गांड पर रख लेती है...

पीछे से मई शिवम् के लात मरता हों और उसका लैंड कौशल्या की गांड में घुस जाता है...

कौशलया : आअह्ह्ह...

मई : देख मज़ा आ रहा है ise...chal छोड़ ab...chatakkk...Shivam की गांड पर थप्पड़ मर मैंने भैरव को उठाया...

मई : चल तू इसकी गांड मार...

भैरव : नहीं करूँगा....

चतत्त...

भैरव : aaaaaaaa...bhairav के इंकार पर मैंने उसकी 2 उंगलिअ तोड़ दी....

मई : फिर से bol..bhosdike रुक मत धक्के मार रैंड ke...shiva जब पीछे मुद के देखने लगा तो मैंने कहा...

संजना : हाथ न जोड़े सुप्रिया मैडम मैंने भी आपके सामने जोड़े थे जिस तरह मेरा हाथ जोड़ना बेकार था उसी तरह तुम्हारा भी है...

मई : लव यू जान....

भैरव : मई तुम्हे मुँह मांगी दौलत दे सकता हों...

मई : मेरा परिवार दे सकता है तू जिसको तूने बेदर्दी से marwaya...meri माँ क आंसुओ का बदला दे सकता है...

मेरी बात सुन भैरव दया की नजरो से हाथ जोड़ने लगा..

भैरव : माफ़ कर दो मुझे सब महाराज ने kiya...aur पिता जी ने ..

.मई : उसकी देख अब उसे मज़ा आ रहा hai...Mai शिवम् को दिखते हुए बोलै जो कौशलया के बूब दबा रहा था... कौशल्या भी धीरे धीरे छोड़ने पर आहें भर रही थी...

भैरव : सेल कुत्ते तेरे जैसा बीटा होने से ाचा होता कोई मेरा बीटा न होता...

मई : चुप बे भोस्डिके ये तुझ पर गया है ..चल अपना लैंड तू इसकी गांड में पेल ..मैंने उठा कर शिवम् पर धक्का दे दिया...

मई : पलेगा या तेरी गांड मई इससे मारवाङ....

भैरव : इससे बेहतर है तुम हमें मार दो..

मई : इससे भी bura.....kehte हुए मैंने उसके बाल पकडे और उखड दिए .

भैरव : आआअह्हह्ह्ह्ह...

मई : चल दाल वर्ण अब जो करूँगा उसका दर्द तुझसे बर्दास्त नहीं होगा...

न चाहते हुए भैरव शिवम् की गांड में लैंड दाल कर धक्के मरने लगता है....

मई : चुदाई रुकनी नहीं chahiye....aur चलते हुए मई सुप्रिया के पास आकर अपना लैंड उसकी गांड पर टच करते हुए उसके बूब्स दबाने लगा..

सुप्रिया : न करो please...hame माफ़ कर दो...

उसकी सिसकीओ को इग्नोर कर मैंने उसे झुकाया और सोफे पर भैरव के सामने गिरा diya...fir अपना लैंड मैंने उसकी छूट पर सेट किया और ज़ोर का धक्का मारा....

Aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa......supriya की कानो को फाड़ने वाली चीख निकल gayi...mera पूरा लैंड उसकी छूट में घुस गया उसकी छूट से खून निकल कर निचे गिरने लगा...

उसकी चीख पर मैंने एक और धक्का मारा...

सुप्रिया : nahiiiii...agle hi पल एक दिल को चीरने वाली चीख मरकर वो बेहोश हो गयी...

मई : संजना पानी लेकर आ ये बेहोश हो गयी....

कुछ देर बाद पानी आया मैंने उसके मुँह पर डाला फिर अपने लैंड को साफ़ किया फिर उसकी छूट पर डाला....

आआह्ह aahhh...kuch सेकण्ड्स बाद उसे होश आगया....

मई : तुम तीनो क्यों रुक गए madarchodo...supriya का हाल देख वो तीनो रोने लगे...

मई : पहले किसे मरू संजना भैरव को कौसल्या या फिर शिवा...

संजना खामोश सर निचे किये बैठी रही...

शिवा मरेगा. सनजन के जवाब न देने पर मैंने kaha..main उठने लगा तो वो डरकर फिर शुरू हो गए...

सुप्रिया : छोर do...wo हाथ जोड़ने लगी...

इग्नोर करते हुए मई उसकी चुदाई करने लगा..

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मोना अनु मोहिनी सोना चारो कार के पास आयी..

मोना : तुम ये ले जाओ बुलेट प्रूफ hai..mona एक एक्सपेंसिव कार की तरफ इशारा करते हुए बोली ..

सहारा देकर अनु ने सोना को बिठाया फिर दोनों बहनो के पास आयी...

इतने में एक नौकर भागते हुए तीनो के पास आया आकर उसने एक इंजेक्शन मोहिनी को थमा diya..jise मोहिनी ने अनु को दे दिया...

अनु ने सर हिलाते हुए इंजेक्शन अपने पर्स में दाल लिया .फिर सर हिलाते हुए कार में बेथ गयी ..

जब तक कार नजरो से ओझल नहीं हो गयी दोनों बहने अनु को जाता देखती रही ..

मोहिनी: तुम्हे लगता है ये काम करेगी .मोहिनी कॉल लगते हुए बोली.

मोना : मई उसके दिमाग में hi हों .

मोहिनी : hello परम अब पीछा karo...wo निकल गयी है .मोहिनी ने कॉल पर खा..


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ये हम कहा जा रहे है .सोना अनु को घर के रस्ते की जगह दूसरे रस्ते पर जाता देख पूछने लगी ..

अनुसुइया : आरोही के घर.

सोना : वह क्यों..

अनुसुइया : झमेला है वहां ..तुम नहीं जानती लेकिन वो हमारा रिलेटिव hai..fir सीता और आरोही से हुई बात अनु सोना को बताने लगी ..

सब सुनकर सोना कुछ नहीं कहती ..

कुछ देर बाद दोनों आरोही के घर के सामने थी...

Pi..pi...pi....anu के हॉर्न बजने पर पूरी फॅमिली घर से बहार आ जाती है आरोही उसकी माँ और झमेला..

झमेला को देख दोनों बहने कार से निकल कर बहार आजाती है..

झमेला को देखते हुए अनुसुइया का सर शर्म से झुक जाता hai..use वो सब याद आने लगता है जो उसने अब तक किया था.. वो लम्हा भी याद अत है जब झमेला ने उसकी सपयिन्ग की थी रोलेक्स के कहने पर.

अनु आगे बढ़कर झमेला के करीब आती है और उसे हुग करने के लिए बाहें फैलाती है तो झमेला अनु के कंधे पर हाथ रखते हुए उसे रोक देता है...

झमेला : इसकी ज़रूरत नहीं है...

अनु कुछ नहीं कहती सर हिलाते हुए पेअर पीछे करने लगती है ..

अनुसुइया : चले..

झमेला सर हिला कर हामी भरता है..

सुहासिनी : संभल कर जाना...

आरोही : कोई प्रॉब्लम हो तो यहाँ ले आना sabko...apna वडा नहीं भूलना भाई वो मुझे चाहिए..

सर हिलाते हुए जाहमेला कार में बैठ जाता है...

सोना : मई पीछे बैठ जाउंगी..

झमेला : तुम्हारी तबियत ठीक है .झमेला आगे वाली सीट पर बैठते हुए बोलै..

सोना कोई जवाब नहीं देती ..

अनु के बैठते hi कार चलने लगी..

अनुसुइया : तुम्हारा पुराण बेस..

झमेला सर हिला देता है..

अनुसुइया : मई अगर जानती तुम से मेरा खून का रिश्ता है तो कभी उस दिन जेल में अकेला नहीं chhodti...I'm सॉरी.

झमेला : ज़रूरत नहीं है

अनुसुइया : क्या कहूं कुछ समझ में नहीं ारः मैंने तुम्हारे साथ सर्वेंट्स जैसा बर्ताव kiya..kabhi अपना नहीं समझा जबकि तुम मेरे लिए सलिल से भी ज़्यादा अहम् थे.

झमेला : समझ में कुछ नहीं ारः है तो मुद्दे पर ए..

झमेला के रूखे जवाब से अनुसुइया का चाहता उतर जाता है .

अनुसुइया : रोलेक्स को रोकना होगा...

झमेला : रोक लो आपको किसने रोका...

अनुसुइया : मई तुम्हारे बिना ये नहीं कर सकती भाई..

झमेला : मई ये करने से रहा.

अनुसुइया : जब से वो आया है तब से उसने लाशो के ढेर लगा दिए hai...use नहीं रोका ये ऐसे hi....

Shattttttttttttttttttttttttttttt....

Aaaaaaaaaaaaaaaaaa.....aaaaaaaaaaaaaa...

न जाने एक जीप कहा से आगे जिसने साइड से गेट पर बहुत ज़ोर की टक्कर मार दी..

कार में दोनों बहनो की दर्दनाक चीख निकल गयी...

कार आधी हवा में उठ गयी...

धम्म्म्म...

झमेला का सर कार में ऊपर को लगा टेड़े होते हुए उसने कार का हैंडल घुमा diya..jisse कार वापस से चारो टायर पर आगयी...

झमेला के सर से खून निकलने laga..uski बॉडी हरे रंग में भड़काने लगी..

धमममममम ..बदलते हुए उसने कार के गेट पर पंच मारा गेट उखड कर उड़ते हुए रोड पे बने जंगल के पेड़ो पर लगा...

बदलते हुए hi झमेला कार से निकल gaya...green मन बनने के बाद झमेला दोनों बहनो को कार से निकलने laga...jo दोनों उनकंससियस थी ..

Didi....sona अनु के सर से बेहटा खून देख चीख उठी...

सोना की चीख पर अनु को भी होश आगया...

बड़े बड़े हाथ देख दोनों बहनो की आंखे दर से फ़ैल गयी....

झमेला उन्हें कार से निकल रहा था...

की इतने में झमेला को अपनी बैक में कुछ चुभता महसूस हुआ कण अँखियो से उसने देखा एक आदमी ने उसकी पीठ में सिरिंज घुसा दी थी...

दोनों बहनो को निकलने के बाद वो पलटा और बेहद गुस्से में सिरिंज निकल रहे आदमी को देखने लगा...

दर कर आदमी सिरिंज छोड़ पीछे होने लगा.....

Charrrrrrr...gusse में झमेला ने उसके मुँह को अपने पंजे से क्रश कर diya...jhamela की उंगलिओ से उसका खून बहकर गिरने लगा...

ढाये ढाये dhaye.....itne में कई करो से बहुत से लोग उतारकर झमेला पर फायरिंग करने lage...us आदमी को छोड़ झमेला सिरिंज पर हाथ मरता हुआ वापस से पलटा और दोनों बहनो को शील्ड देने लगा...

अनु झमेला का चहेरा देख रही थी जो गोलियन लगने से चेंज हो रहा था गोलियन भले अंदर नहीं घुस रही थी मगर दर्द वो फील कर पा रहा था ..झमेला को देख अनु की आंखे बहने लगती है...

इमोशनल न हो अनु तू कोण सा इसे मार रही है जल्दी से सिरिंज ghusa...anu के दिमाग माँ ख्याल आया...

उसने अपने बैग की जीप खोली और सिरिंज निकलने लगी..

इतने में उसकी अपनी सोंच उसे ऐसा करने से रोकने लगी...

इतने में झमेला ने दोनों बहनो को उठाया और कार की तरफ जाने लगा जहाँ उनकी कार रुकी थी....

कार की शील्ड देकर झमेला वापस पलटा और खुनी निगाहो से उन अट्टकेर को देखने लगा...

चाँद hi पालो में वो उनके सामने था...

सोना : क्या कर रही थी और वो सिरिंज क्या तुम इन सबके साथ मिली हुई ho...sona ने पहले आदमी को सिरिंज घुसते हुए देख लिया था और अभी अनु को भी आस्तीन में छुपाये..

अनुसुइया : मई तुझे सब बाद में एक्सप्लेन करती हूँ...

सोना : तुम भी रोलेक्स की तरह ho...wo हमारे लिए अपनी जान पर खेल रहा और तुम..

अनुसुइया : माँ ज़िंदा है...

सोना : झूट बोल रही हो तुम बात घूमने के लिए...

अनुसुइया : तुम खुद चलकर देख लेना...

Dhammmmmmmm...itne में इक शोर से दोनों बहनो का ध्यान पीछे जाता है झमेला कार हाथो में उठाया उन अटैकर्स को कुचल रहा था...

सब अततककेरस बहुत बुरी तरह मरे पड़े थे किसी और को न देख दोनों बहने उठ जाती है ...

सोना : रुक जाओ ये सब मर चुके है...

मेरी बहनो को मरने आये ye...jhamela की भरी आवाज़ सुनकर सोना की आंखे नाम हो जाती है...

एक ये है और एक वो जिसने मुझे वो दर्द दिया जो मई जीते जी नहीं भूल सकती शुरू में वो भी ऐसा hi था सोना पागल मत बन सभी मर्द एक जैसे होते hai..sona की इनर शाऊल से आवाज़ ayi..jis पर उसने अपने आंसू पॉच लिए.

सोना : हाँ अब ये मर गए है...

अनुसुइया : प्यार से इसकी हथेली सेहला फिर ये रुकेगा..

सोना पास आकर डरते हुए झमेला के हाथ पर अपना हाथ रख देती है....

सोना के अहसास से झमेला बदलने लगता है...

कुछ hi देर में वो नार्मल हो जाता है...

सोना प्यार से सर सहलाते हुए उसे हुग कर लेती hai...sona महसूस करती है झमेला उसके हुग से कैंप रहा है...

अनुसुइया : ये गाड़ी नहीं chalegi..anu अपनी कार की हालत देखते हुए boli...ki तभी उसकी नज़र ब्लड पर जाती है जो झमेला का था ..

इतने में झमेला उन्ही अटैकर्स की एक कार जो सही थी उसे ड्राइव करते हुए अनु के पास लता है और तीनो भाई बहन बैठ कर चल देते है ..

अनुसुइया : तुम्हारा ज़ख्म भर gaya..kya तुम अपने आप हील होते हो...

झमेला सर हिला देता है...

फ़ोन निकल कर अनुसुइया अपनी फॅमिली फोटोज देखने लगती है...

अनुसुइया : सलिल की शादी पर तुम उसके साथ साये की तरह रहे...

झमेला : फ़ोन बंद कर दो शायद वो हमारी लोकेशन ट्रैक करते हो ..

सेंड ....

Seen...ka मैसेज देख अनुसुइया फ़ोन बंद कर देती है...

ये मैसेज था जो फोटोज देखें के बहाने अनु ने मोना को किया था जिसने उसे कहा था झमेला का ब्लड कार में है और उसने लोकेशन लिखी थी...

कुछ देर बाद तीनो बेस के सामने होते है जहाँ चिकना सिगरेट पी रहा होता है...

उसके पास आकर कार रूकती है...

Chikna..jhamela दूर खोलते हुए बोलै...

झमेला : तू यहाँ..

चिकना : झमेला bhai...tum आगये अप्पन की तो आंखे hi तरस गयी थी...

चिकना गले लगते हुए बोलै...

झमेला : तू यहाँ क्या कर रहा है..

चिकना : सलिल भाई बाइक लेकर गए मुझे यहाँ नज़र रखने के लिए छोड़ गए...

झमेला : acha...thik है तू यही इंतज़ार कर...

दोनों को लेकर झमेला बेस की तरफ चल देता है...

झमेला : ये अंदर से लॉक है मई ऊपर जाकर अंदर से खोलता हों .

झमेला कहते हुए चढ़ने की कोशिश करता है लेकिन नाकाम रहता है ..लम्बाई भी 15 फ़ीट के करीब थी दीवार की ..

अनुसुइया : रुको मई जाकर खोलती हों .

अनुसुइया चलेंगे मरते हुए ऊपर चढ़ जाती है...

सोना : वो करते जानती है..

झमेला भी सोना से हामी भर देता है...

कुछ देर बाद अंदर से गेट खुलने लगता है....

बहार का गेट खुलने की आवाज़ से बेसमेंट में पूर्वी के कान खड़े हो जाते hai...wo गन लिए ऊपर को आती hai...jaise hi शूट करने वाली होती है उसे गेट से अंदर एते हुए झमेला दीखता है .अँधेरे में भी वो बॉडी लैंग्वेज से पहचान लेती है....

झमेला को देख कर वाक़िआ को देखने के लिए पूर्वी लाइट्स ों कर देती है ..

पूर्वी: माँ सब क्लियर है...

इतने में पीछे से सोना को आशना आखिर में अपनी माँ दिखती है एते हुए..

तुम कहा गए थे मई कितनी pareshan...samne लड़कीओ को देख आशना की माँ बोलते हुए रुक जाती है...

सामने अपनी माँ को देख दोनों बहनो को यकीं नहीं आ रहा था....

दोनों बहनो की आँखों से आंसुओ की लड़ी बहने लगती hai...sona सदमे से गिरने वाली होती है एक साथ झमेला और अनु उसे थम लेती है..

अपनी माँ को देख कर दोनों बहने घुटनो पर आकर रोने लगती है ..

भाग कर आशना की माँ दोनों के पास आती है और घुटनो पर बैठ कर दोनों को साइन से लगा लेती है ...

सोना : maaaa...aur सोना फुट फुट कर रोने लगी...

10 मिनट्स तक तीनो मान बेटियां रट हुए एक दूसरे को चूमती रही...

झमेला : ासु जा पानी लेकर आ..

पूर्वी : मई जाती हों...

आशना : रोना बंद करे ab..aapki तबियत वैसे भी ठीक नहीं रहती...

आशना की आवाज़ से दोनों बहनो का ध्यान उस पर जाता है...

माँ : ये तुम्हारी बहन है...

सोना आशना का हाथ पकड़ कर अपने पास बिठा लेती है फिर उससे चिपट कर उसे चूमने लगती है ...

आशना जो अब तक खुद को रोके हुए थी उसकी भी आंखे बहने लगती है....

सोना : दीदी मैंने कहा था न ये अपनी सी लगती hai...ye हमारी सगी बहन है...

दोनों बहने आशना को चूमते हुए खुद में सामने की कोशिश करने लगती है....

अनुसुइया : ओह्ह मेरी डॉल...

आशना : didi.....aur तीनो बेहेने नाम आँखों से मुस्कुराते हुए एक दूसरे को देखने लगती है ....

पूर्वी: मान पानी....

सभी एक hi गिलास से बरी बरी से पानी पिटे है....

अनुसुइया : माँ ये सब कैसे हुआ आप कब आयी ...

सोना : आप कहा थी माँ ..

उनकी माँ बताने लगी और सोना के दिल में महाराज के लिए नफरत के अंगार जलने लगे....

वही अनुसुइया रोलेक्स के बारे में बताने लगी..

सोना : मई उसके बहुत करीब thi..kash मई जानती उसने क्या किया हमारे साथ तो मई उसकी जान ले लेती...

झमेला : उसकी जान लेने के लिए मई हों तुम्हे उसका एड्रेस पता है...

अनुसुइया : वो कही गया हुआ hai...aur वो बेस भी बदल चूका है...

बरसो के बिछड़े हुए बच्चे आखिर मिल hi Gaye...sab पीछे से आने वाली आवाज़ को देखने लगे..


एक साथ सब कितने अचे लग रहे hai..hahahahahahahh....ye रोलेक्स था जिसके पीछे संजना चलते हुए आ रही थी..

माँ : साहिर खा थे तुम....

रोलेक्स : साहिर नहीं रोलेक्स और मेरे परिवार के साथ ये दो रंडियां क्या कर रही hai...rolex गुस्से में घूरते हुए आगे आकर बोलै....

रोलेक्स : इन्हे तू लाया yahan....gusse में रोलेक्स झमेला का कलर पकड़ लेता है...

चटकककककक....

इतने में माँ रोलेक्स को घूमते हुए उसका फेस अपनी तरफ करती है और एक करारा थप्पड़ उसे जार देती है...

माँ : मेरी बचिओ को तूने कैसे गली di...ab माँ रोलेक्स का कलर पकडे हुए उसकी आँखों में देखते हुए उससे सवाल कर रही थी....

रोलेक्स: तू जानती है माँ इसने क्या किया....

माँ : ये मजबूर थी...

रोलेक्स : ओह्ह माँ तू नहीं जानती ये विष्णु से छुड़वाते हुए कह रही थी सलिल भी आगया तो मुझे नहीं रोक सक..

Chatakkkkkk...chatakkkkkk चटककककक..

एक साथ कई थप्पड़ खा कर रोलेक्स हैरानी से माँ को देखने लगा..

रोलेक्स : तूने इन कुश के लिए मुझे मारा...

चटकककककक...

माँ : मई जबान काट दूंगी अगर तूने मेरी बेटिओ को गाली दी....

रोलेक्स : खुनी नज़रों से अनुसुइया को देखने लगा....

रोलेक्स : रंडी कुटिआ ए तुझे 2 दिन भी नहीं हुए और मेरी माँ को काबू करने लगी ..

गुस्से में हुंकार भरते हुए रोलेक्स अनु की तरफ बढ़ा....

की इतने में झमेला अनु के आगे खड़ा हो गया....

झमेला : शांत होजा तू गुस्से में है...

रोलेक्स : हैट जा मेरे सामने से ...

इतने में माँ रोलेक्स का हाथ पकड़ कर खिंच लेती है...

आशना : मई अपनी बहनो के खिलाफ एक और लफ्ज़ नहीं सुनुँगी तुम इन्हे रंडी कह रहो हो लेकिन तुम क्या ho..bata दू माँ को तुम्हारी harkate..log थूकेंगे तुम पर..

आशना की बात सुनकर बदनामी के दर से रोलेक्स भी हिल gaya...wo उसे एक हाथ से रुकने का इशारा करने लगा..

झमेला : क्या बात है आशना...

माँ : आशना मुझे बताओ क्या बात है..

आशना : िनोह्णे सौम्य का रपे अटेम्ट किया tha...aashna बात बदलते हुए बोली...

झमेला : ऐसा कुछ नहीं था माँ आशना को शायद भूल हुई है..

माँ : जो भी हो साहिर तुम अपनी बहनो से माफ़ी मानगो अभी...

रोलेक्स : मई साहिर नहीं हों माँ इस भूल में रहना छोर दो मई इनसे माफ़ी मांगूगा..

अनुसुइया : 2.0

रोलेक्स : समझ गयी tu.dant पिस्टे हुए रोलेक्स आगे कुछ कहता की माँ ने उसका हाथ पकड़ लिया...

माँ : तुम तीनो hi मेरे बेटे हो और मई ये बर्दास्त नहीं करुँगी मेरी बेटिओ को उनका भाई गलियन de..agar मुझसे प्यार है तो माफ़ी मानगो....

रोलेक्स : माफ़ी भूल जा लेकिन आगे से नहीं कहूंगा...

माँ : माफ़ी तो तुम्हे मांगनी होगी...

अनुसुइया : माँ छोडो कोई बात nahi...ye नाराज़ है माँ इसका हक़ है मुझे कुछ भी कहने ka...shayad इसी तरह इसका गुस्सा ख़त्म हो जाये...

रोलेक्स : मेरा गुस्सा तेरी मौत पर ख़त्म होगा साली चुड़ैल....

सोना : तू हैवान hai...ghin अति है मुझे तुजसे...

रोलेक्स : तू कुटिआ है लगता है तुझे अपने ट्रीटमेंट से अकाल नहीं आयी...

सोना : मई तुझसे नहीं darti..sona आगे आकर आँखों में देखते हुए बोली ...

सोना : तू क्या कर सकता है मुझे marega....chal maar...namard...

गुस्से में रोलेक्स ने सोना का गाला पकड़ कर उसे तंग दिया.....

Rolexxxxx......sab चीख पड़े...

सोना : बता दू माँ को तूने क्या किया होटल में मेरे sath....wo तुझे जान से मार देंगी ...सोना घुट्टी सांसो से धीरे से फुसफुसाई...

सब लोग रोलेक्स की पकड़ से सोना को छुड़ा रहे थे....

अनुसुइया : भाई तुम शांत रहना तुम बदलना nahi....anu झमेला की पीठ सहलाते हुए बोली...

आशना : माआआआ......

आशना की चीख पर रोलेक्स माँ को देखता है जो ज़मीन पर बेसुद्ध पड़ी थी....

सोना को छोड़ रोलेक्स माँ के पास अत है....

रोलेक्स : maaaa....maaaaaa.....

आशना : दूर हो जाओ मेरी माँ se...maine कहा दूर हो जाओ....

आशना चीखते हुए रोलेक्स पर कूद पड़ती है उसके साइन पर बैठ कर उसके मुँह को नोचने लगती है....

रोलेक्स आशना को रोकता नहीं है..

सोना को बिठा कर झमेला जल्दी से माँ के पास अत है जिन्हे अनु संजना पूर्वी पानी पिलाने की कोशिश कर रही थी...

झमेला उनका सर अपनी गोद में लेके रख लेता hai..uski आँखों से आंसू गिर कर माँ के चहेरे को गिला करने लगते है....

झमेला : माँ मई फिर आपको नहीं खो सकता मा....

खो kho....khanste हुए माँ को होश अत है और अनु जल्दी से उन्हें पानी पिलाती है...

आशना को रोलेक्स को मरते देख माँ हाथ से उसे इशारा करती हैं जो देख झमेला जड़ली से आशना को रोलेक्स पर से ुतःता है....

झमेला : शांत होजा मेरी गुड़िया...

आशना : ये इतना बुरा क्यों है bhai...maa को कुछ हो जाता तो मई इसकी जान ले लेती....

रोलेक्स सर झुकाये अपना सर माँ की गोदी में रख देता है....

माँ : ाचा हुआ समर जी चले गए वो तुझे आज ऐसे देखते तो वो जीते जी मर jate....mai कितनी अभागन हों जो उनके पास न जा सकीय...

रोलेक्स हाथ ऊपर करके माँ के आंसू पोछने लगा...

आशना : मेरी माँ के पास से हैट darinde...aashna की आवाज़ पर रोलेक्स डरते हुए दूर होकर बैठ जाता है....

माँ : मई अगर मर गयी तो तुम तीनो आपस में एक दूसरे को मार डोज.....

रोलेक्स : माँ तू चाहती है मई ब्रोकर बन कर rahun...inke साथ...

माँ : तेरे पापा जानते थे मई विष कन्या हों उसके बावजूद भी उन्होंने मुझे apnaya...ham सब गलतिअन करते है लेकिन सबको एक मौका मिलने का हक़ है जो मुझे समर जी ने diya...ab तुम अपनी बहनो को do...ye गलत नहीं बहुत गलत है लेकिन ये अपनी पुराणी ज़िन्दगी पीछे छोर आयी hai...ab तुम भी इन्हे माफ़ कर दो ..

रोलेक्स : सलिल ने इन्हे हज़ारो मौके diye...wo इनका दलाल बन गया होता मैंने बचाया use...rolex उठते हुए बोलै.

माँ : तुम माफ़ नहीं करोगे इन्हे...

ना में सर हिलता हुआ रोलेक्स सीढ़ियां चढ़ने लगा...

झमेला : उसे अकेला छोर दो...

माँ : मेरे बचे तू संभालेगा न इन सबको..

झमेला सर हिला देता है...

माँ उठ कर बेसमेंट की तरफ चल देती है जिनके साथ और लोग भी...

सोना माँ के पास आकर लेट जाती hai...aur उनसे चिपट कर सुबकने लगती hai...anu भी उनके पैरो के पास बैठ जाती है...

अनुसुइया : ये सलिल और साहिर नहीं है ये उसकी 3रद पर्सनालिटी है जो इतनी रेडिकल है...

झमेला अनु की बात सुन लेता है...

सोना : न ये असली है सिर्फ स्प्लिट पर्सनालिटी.

झमेला : माँ खाना खाया अपने...

आशना सर हिला देती है...

झमेला : वो रेडिकल नहीं है वो वो नहीं जो तुम चाहती थी जितनी नफरत उसे है उससे कही ज़्यादा मुझे hai....kehkar झमेला चलते हुए ऊपर अत है...

2 सिरगटस को जला कर एक वो रोलेक्स की तरफ करता है...

जिसे रोलेक्स लेकर पिने लगता है....

झमेला : माँ जी बीमार है अगर उनकी ज़िन्दगी चाहता है तो आज हुआ वो दुबारा न हो नहीं तो मई भूल जाऊंगा हम क्या है....

रोलेक्स : देखो तो ये कोण कह रहा है जिसने 3 साल तक मुड़कर नहीं देखा साहिर किस हालत में है...

झमेला : मेरी जगह तू होता तो तू भी शायद यही करता वैसे भी तूने क्या किया आकर हमारा घर रख बन गया जहाँ मेरे चाचा की भाई बहनो की यादें thi....ham इस जगह छुपने पर मजबूर है...

रोलेक्स : तो चला जा न मुझे छोड़ कर..

झमेला : मेरी आँखों में आंखे दाल कर bol..rolex कुछ नहीं कहता तो झमेला निचे के लिए चल देता है.

रोलेक्स : सिगरेट रख कर जा...

झमेला सिगरेट रख कर निचे आ जाता hai....jahan तीनो बहने माँ से बातें कर रही थी...

सोना : अनादर ajao...jhamela जगह बना कर माँ के पास लेट जाता है...

आशना : दीदी कह रही है केरला में हिल स्टेशन के पास लोगो से दूर उनका फॉर्म हाउस है जिसके बारे में कोई नहीं जनता क्यों न हम सब वहां चले....

अनुसुइया: वहां सब कुछ है ये मेने नूके से बचने के लिए शेल्टर बनाया tha...pahado me...agar रोलेक्स यहाँ रहा तो खून की नदिअ बहती rahegi..aur हम में से किसी को कुछ हो गया तो...

झमेला : हम कही नहीं जायेंगे महाराज को मरे बिना...


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नाहा कर रोहित वाशरूम से बहार आता है...

NAhiiiiiiiiiii........

सामने का नज़ारा देख उसकी चीख निकल जाती है...

प्रियंका फांसी के फंदे पर झूल रही थी..

रोहित भागता हुआ अत है और प्रियंका की टंगे पाकर कर उसे ऊपर उठा देता है लेकिन अब देर हो चुकी थी. .

जैसे hi रोहित प्रियंका की बॉडी निचे रखता है उसे एक लेटर प्रियंका के हाथो से गिरता दिखाई देता है ...

रोहित : priyankaaaaaaa....sina दबाते हुए रोहित चीख चीख कर उसे उठाने लगता है....

रोहित : प्रिया तुम मुझे छोड़ कर नहीं जा सकती प्रियाआ .....

रट रट रोहित बेहोश हो जाता है..

2 घंटे बाद किसी के पानी डालने पर रोहित को होश अत है...

सामने प्रिय की बॉडी देख वो अपने हाथ पाऊँ जमीन पर मरने लगता है..

क्या कर रहे हो rohit...ye करा थी जो उसे पकड़ कर रोकने लगती है ...

जब रोहित काबू में नहीं अत तो करा स्टाफ की हेल्प से उसे रोक देती है वही दूसरी तरफ करा कॉल लगा देती है...

करा : hello aarohi.......fir करा सब बता देती है...

आरोही : किसने किया रोहित ने..

करा : सुसाइड है ...

आरोही : तुम ऐसा करो पुलिस को बुलाओ...


करा : मैनेजर ने बुला लिया है तुम बताओ तुम आ रही हो....

आरोही : मई कोशिश करुँगी...

मई ऐसा खुद कर रही hon..mere भाई पर कोई इलज़ाम न aaye..bhai तुम्हारे साथ जो मैंने किया इसके बाद मुझमे हिम्मत नहीं बची तुम्हे फेस करने की इसलिए छोर कर जा रही hon..umeed है तुम मुझे माफ़ karoge...mai चाहती हों तुम ये ज़िन्दगी जिओ और हर उस इंसान से बदला लो जिसने हमारी ये हालत ki...unki ज़िन्दगी से भी खुशियां छीन lo..unhe मजबूर कर दो मरने के liye...aur माँ का हमारे छोटे भाई बहनो का ख्याल अब तुम्हे hi रखना hai..tumhari गुड़िया प्रिय ...

खत रोहित के आंसुओ से भीग गया था....

भीगा खत वो बीएड के पास बानी छोटी सी अलमारी में रख देता है...

कैसे हुआ ये sab...ek दरोगा अंदर आते हुए गरजा....

रोहित : ये मैंने किया है ..

करा : ये क्या कह रहे हो रोहित....

रोहित : यही सच है करा. .आज isne...fir रोहित कुछ देर पहले हुए सेक्स एनकाउंटर के बारे में बता देता है..

रोहित : अगर यकीं नहीं तो मेरी बहन का फ़ोन चेक कर लो ..

हवलदार फ़ोन चेक करता है तो उसे बुलाये आदमीओ के मेस्सगेस दीखते hai...aur रूम के गरबाजे में कन्डोसमस भी मिलते है....

करा : कह दो ये सब झूट है rohit...tum क्यों ऐसा कर रहे हो ..

रोहित भीगती आँखों से उसे देखता है फिर हवलदार के साथ चल देता है....

तो तुम और आरोही साथ हो...

हाँ करा सभी जानते है...

तुमने नहीं देखा रोहित लेकिन आरोही भिस्मा को बड़ी ललचाई नज़रों से देखती है...

देखने दे करा..

रोहित वो सडके करती है..

It's फन बेब...

स्टार्ट में ये सब करने में मज़ा अत है लेकिन जहाँ रिश्तों में एक दूसरे के लिए लॉयल्टी न हो वो रिश्ते ज्यादा चलते nahi...tumhara दिल नहीं करता कोई एक लड़की तुम्हे प्यार करे सिर्फ तुम्हे..

मिशन पर ध्यान दो बेब....

जाते हुए रोहित को करा अपनी पुराणी ज़िन्दगी के लम्हे याद करने लगी...


*****************************

ऑब्रे टावर मुंबई..

पंडित कृष्ण नारायण एक बहुत बड़ी ईमारत के वेटिंग एरिया में बैठा होता है...

वो सुबह 6 बजे से यहाँ था अब बज रहे थे 10..

की इतने में उसे एक औरत बेहद महंगी ड्रेस में आँखों पर सुन ग्लासेज लगाए जाती हुई दिखती है...

मिस Radhika..miss राधा...

उसे देख पंडित आवाज़ देता हुआ उसकी तरफ भागने लगता है...

Hey...itne में बोडीगार्ड्स आकर पंडित को पकड़ लेते है....

राधा ने पंडित को देख लिया था वो इशारा करती है और गार्ड पंडित को छोड़ देते है ...

चलते हुए राधा अपने केबिन में आती hai...jaise hi कंप्यूटर ों करती है उसे उसमे पंडित का बायो डाटा मिलता है जो रिसेप्शनिस्ट ने भेजा था .

कैसे आना हुआ me.krishna मूर्ति ..राधा पंडित को बैठने का इशारा करते हुए बोली....

पंडित : शेट्टी सर से मिलना है...

राधा : वो नहीं मिलते अब किसी se...kam बोलो मई कह दूंगी...

पंडित : ये बहुत ज़रूरी है...

कुछ कहे बिना राधा फ़ोन लगा देती है...

राधा : पंडित कृष्ण नारायण मूर्ति की फाइल लेकर aao....kehkar वो कॉल कट कर देती है...

राधा : जल्दी बताओ किस लिए मिलना है मेरे पास समय नहीं इससे ज्यादा तुम्हारे लिए...

पंडित : ये मई शेट्टी सर को hi bataunga...tum समझती क्यों नहीं ये बहुत कॉन्फिडेंटिअल और इम्पोर्टेन्ट है..

इतने में एक लड़की अंदर फाइल लेकर अति है..

लड़की : मम फाइल और वाकई इनफार्मेशन आपको मेल कर दी है...

फाइल लेकर राधा पढ़ने लगती है..

राधा : तुम्हारी पिछली मुलाकात 15 साल पहले हुई थी..

पंडित सर हिला देता है...

फिर राधा मेल देखें लगती है...

राधा : पिछले दो दिनों में 6 हजार से जयादा फौजी मरवा दिए तुमने किस liye...aur कोण है वो..

पंडित: यही तो बताना hai..wo आम इंसानो जैसा नहीं है ..अगर मई मर गया तो कल वो यहाँ ayega..shetty सर के लिए..

राधा : अब शेट्टी सर की जगह कोई और है...

पंडित : ज़ियाँ सर ..

राधा : बस यही नाम नहीं लेना अगली बार...

राधा : तुम जिमी को अंदर भेजो...

फाइल ले हुई लड़की चली जाती है और कुछ देर बाद जिमी अंदर अत है....

राधा : इसे ले जाओ सर के pass..kehte हुए राधा आँखों से कोड वर्ड में आगे समझा देती है...

पंडित जिमी के साथ कार में आता है और जिमी पंडित की नजर बचा कर उसके इंजेक्शन लगा देता है...

जिमी : कुछ नहीं होगा हमारे पहुंचने तक होश ajayega..pandit के हैरानी से देखने पर जिमी ने कहा....

कुछ देर बाद.

ऑब्रे पैलेस...

पंडित सोफे पर बैठा घर की दीवारों को देख रहा tha...aur आते जाते नौकरो ko...jo देखने में उससे कही ज्यादा अमीर लग रहे थे...

इतने में एक आदमी सीडीओ से उतरता पंडित को दिखाई देता hai...jiski एक कलाई में रोलेक्स थी दूसरी में ब्रेसलेट था..

समीर ...कुछ लोग जो सीडीओ के पास खड़े थे वो उसे आवाज़ देते है ...

उनकी आवाज़ पर वो रुक जाता है...

कैप्टन ने हमें पकड़ लिया था हमारे साथ अड्या भी पकड़ी gayi..ham तो बच निकले लेकिन अड्या उनकी कैद से नहीं निकल payi...unme से एक बोलै..

जिसकी बात सुनकर उसकी आँखों में गुस्से की लहर दौड़ गयी...

हम कैप्टन से नहीं जीत sakte..dusre ने कहा..

समीर हमारे स्पाई भी मारे जा चुके है...

Aaahhhhhhhhhhh.......jisne कहा कैप्टन से नहीं जीत सकते एक नाइफ जो फ्रूट की टोकरी में रखा था वो उसके अंदर घुस गयी थी....

Chrrrrrrrrrr.....

नाइफ उसे चीरते हुए 2 टुकड़ो में अलग कर देती है.

70 साल लगे मेरे बाप को ये साम्राज्य खड़ा करने में और ये कह रहा है हम कपितं से नहीं जीत sakte...pandit के कानो में एक गरजदार आवाज़ सुनाई di..jise सुन कर उसके भी रोंगटे खड़े हो गए....

अड्या को वापस लाओ उसे लाये बिना शकल दिखाई तो इससे भी बुरा हाल होगा तुम सब ka....guard सर हिला कर वापस मुद जाते है..

इतने में एक औरत समीर का हाथ पकड़ती hai.aur उसे लेकर पंडित के सामने आती है....

पंडित को देख समीर बैठने का इशारा करता hai..jis पर पंडित बैठ जाता है....

इतने में दूसरी लड़की आकर समीर के ऊपर जो ब्लड की चीते थी वो साफ़ करने लगी...

लड़की : क्या क्यारा दीदी आप कड़ी हो इनकी सफाई नहीं कर सकती थी कितनी लज़ी हो आप...

क्यारा: एकहि मई बस अड्या के बारे में सोंच रही हों.

ाक्षी : हुआ उन्हें..

क्यारा : वो पकड़ी गयी.

ाक्षी : ये kaise..itne में समीर चुप रहने का इशारा करता है....

समीर : तो क्यों मिलना चाहते थे शेट्टी से.

समीर के क्वेश्चन पर पंडित सुरु से लेकर सब बताना स्टार्ट कर देता है...

समीर : तूने रस्म में कहा था मेरे बाप के साथ तू वफादार rahega...lekin मई देख रहा हों तेरे अपने hi प्लान्स है...

पंडित : मई आपसे विश्वाश्घात कभी कर सकता हों भला मई तो बस सम्भिधान बदलना चाहता था लेकिन अब ये आगया है जो मुझे मरने के लिए पागल hai..uski बहन मेरे बारे में सब जानती है...

समीर : मई किसी को भेजूंगा उसे मरने के लिए लेकिन मेरी तुझ पर भी आंखे होगी..

क्यारा : मई सोंच रही हों क्यों न उसे हम अपने साथ मिला लें उसका इस्तेमाल हम कपितं के अगेंस्ट कर सकते है...

पंडित : वो किसी कीमत पर आपका साथ नहीं dega....fir पंडित रोलेक्स की हब्बिट्स उसकी आइडियोलॉजी बताने लगा...

पंडित : आपके बारे में जानकर वो आपसे लड़ने ayega...aur उसे कोई नहीं रोक sakta...kehte हुए पंडित फ़ोन में वीडियो लगा कर समीर के सामने रख देता है..

पंडित: न उस पर बुलेट्स का असर होता है न जादू ka...ise आप hi हरा सकते हो...

क्यारा: अगर ऐसा है तो फिर तुम्हे जाना होगा sam...lekin उससे पहले हम इसे अपने साथ करने की कोशिश karenge...is बिच जान भी लेंगे आखिर ये क्या बाला है...

क्यारा उंगलिओ से रौशनी फूटते हुए बोली..

सैम : चलो इससे मिलते है...

ाक्षी : मई भी चलूंगी..

क्यारा: नहीं ...

ाक्षी : देख रहे हो न आप ..

सैम : इसमें मई क्या कर सकता हों...

ाक्षी : शायद बंगलोरे में भाई हो...

क्यारा: अगर हुआ तो मई लेकर aaungi..wo मेरा भी भाई है ..

मुँह फुलाए ाक्षी उठकर चली जाती है.

.

***************************

प्रेजेंट डे.....

गूंगा उसी रूम में एक चिट्ठी लेकर आता है....

.आदमी चिट्ठी लेकर उसे पढ़ने लगता है..

समर तुम्हारे बीवी बचे ज़िंदा है..

कहा है वो ..एक ज़ोरदार गरज़ रूम में गूंज जाती है ..समर गूंगे की तरफ बढ़ा की लोहे की बेड़ियों की वजह से वो गूंगे तक नहीं पहुंच पता है...

अपनी बेबसी पर समर की आंखे चालक पड़ती है...

टिंग....

गंगा बेल्ल बजने पर रूम से निकल जाता है ..

कुछ देर बाद गंगा फिर चिट्ठी लेकर अत है ...

चिट्ठी वो समर को थमा देता है...

उनसे मिलना चाहते ho..wo इसी शहर में है लेकिन तुम्हे हमारे एक दुश्मन को मरना hoga....uske बाद तुम्हारी आज़ादी तुम्हे तुम्हारे बीवी बचो के पास छोड़ दिया जायेगा ...जवाब दो अपना...

समर : मई तैयार hon...samar ने धीमे से kaha..aur फिर वो लेटर पढ़ने लगा...

इसी जवाब की उम्मीद thi....tumhe मेरी टीम ले जाएगी मगर I'm वार्निंग यू धोका देने का सोंचा भी तो मुझे पता चल jayega....mai तुम्हारे दिमाग में बैठा हों...

समर : उनसे कहो जैसा वो चाहते है मई करूँगा....

टिंग .

फिर वेल बजने पर गंगा नई लेटर लेके अत hai..aur लेकर समर को थमा देता है...

तुम मेरी टीम के इंस्ट्रक्शंस फॉलो karoge..target को मार दो उसके बाद तुम azaad...meri टीम रूम के बहार कड़ी hai...aage की बातें यहाँ से निकलने के बाद होगी..

समर सर उठा कर देखता है तो गंगा के लिए खड़ा था ....

समर की हामी पाकर वो उसे खोल कर रूम से बहार ले जाता hai....jahan एक टीम हथियारों से लेस्स कड़ी थी जो 10 they...samar को देख वो सब अपनी जीभ दिखा देते है....

समर : तुम सब गूंगे हो तो मुझे इंस्ट्रक्शंस कोण देगा...

इतने में उन्ही गूंगो में से ek...samar को मोबाइल दे देता है...

समर टच मोबाइल को बड़ी गौर से देखने लगता है...

Ting....message आने पर समर उसे पढ़ने लगता है...

दुनिया बहुत बदल गयी है samar...ye एंड्राइड फ़ोन है इससे बस तुम मेरे मैसेज पद paoge...isi से मई तुम्हे इंस्ट्रक्शंस दूंगा..

मैसेज पढ़कर समर फ़ोन कपड़ो में रख लेता है .

आपके दाढ़ी और बाल काटने है ..एक आदमी आगे आकर बोलै...

अगले hi पल समर उसकी खोपड़ी में था....

समर गुस्से में नयी को देखता है...

समर: चलो....

समर की आवाज़ पर सब उसके साथ चल देते है...

गेराज में लेकर समर की आँखों पर पट्टी बांध दी जाती है ..और भी बहुत से गार्ड जो 50 के करीब थे वो भी समर के साथ चल देते है ..
 
Episode 45

अगली सुबह.

रोलेक्स की आंखे लाल पद गयी थी एक तो वो रात भर सोया नहीं ऊपर से उसने रात सिगरेट पिटे हुए गुज़र दी thi...wo निचे अत है तो सब ब्रेकफास्ट कर रहे होते है हॉल में baithe....siwaye माँ जी और झमेला के.... पूर्वी संजना तीनो बहनो के साथ बैठी थी लेकिन वो खा नहीं रही थी....

नायक नहीं ...

खलनायक हों मई.

ज़ुल्मी बड़ा दुःख दायक हों मई.

है प्यार क्या मुझको क्या खबर.

बस यार नफरत के लायक हों मई..

रोलेक्स को गता देख सब खाना छोर कर उसे देखने लगी..

कुछ भी नहीं यद् इसके शिव..

.न मैं किसी का न कोई मेरा...

जो चीज़ मांगी नहीं वो मिली.

करता मई क्या और बस छीन ली..

नायक नहीं खलनायक हों मई..

बचपन में लिखी कहानी मेरी..

कैसे बदलती जवानी मेरी.

देखा था माँ ने कभी प्यार से अब मिल गयी वो भी संसार se..gate हुए रोलेक्स ऊँगली से तीनो की तरफ इशारा करने लगता है ..

मई वो लूटेरा हों जो लूट gaya..maa का भी अंचल कही चुप गया...

नायक नहीं खलनायक हों मई...

मुँह हाथ धो लो फिर आप भी ब्रेकफास्ट कर लो....

संजना आगे आकर बोली....

रोलेक्स : माँ कहा है...

संजना : वो अभी ब्रेकफास्ट करके निचे गयी है ..

रोलेक्स आगे कहे बिना निचे चल देता है..

निचे आकर वो मुँह हाथ धोता है फिर रूम में अत है जहाँ झमेला माँ के पेअर दवा रहा होता है...

पास आकर रोलेक्स भी एक पेअर अपने पैरो पर रख कर दबाने लगता है जिस पर माँ आंखे खोल देती है...

माँ : ब्रेकफास्ट किया तूने..

मई : कोण लाया ...

झमेला : मैंने मंगवाया चिकना देकर गया...

मई: कर लूंगा...

मई यहाँ ले aaon..sanjana आकर बोली...

हाँ ले aao...mere कहने से पहले hi माँ बोल उठी...

कुछ देर बाद पूर्वी संजना नाश्ता लेकर आयी...

पूर्वी : आप खा लो मई कर लुंगी..

मेरे हटने पर पूर्वी माँ के पेअर दबाने लगी ..

मई मन में : साली सोंच रही है ये सब करने पर मई इसे अपना lunga....chudi हुई रैंड..

सोंचते हुए मई खाने लगा...

माँ : सब ने ब्रेकफास्ट कर लिया..

पूर्वी : हाँ माँ सिवाए संजना के...

माँ : क्या हुआ बेटी तुमने क्यों नहीं किया..

संजना : मई कर lungi...sanjana की बोझल सी आवाज़ निकली...

जिस पर मैंने उसका हाथ पकड़ लिया...

मई : क्या हुआ tujhe...mere पूछने पर वो रोने लगी...

जो देख मैंने उसे अपने साइन से लगा लिया....

माँ : बताओ बेटी क्या हुआ...

संजना : मेरी माँ और बाबू जी उनकी कैद में है ..कहकर वो रोने लगी ...

अयन वो उसी बेस पर कैद है जहाँ गर्ल्स को ट्रैन किया जाता hai...itne में अनुसुइया आकर बोली...

माँ : प्रकश तेरे mama...maa अपने भाई को याद करके रोने लगी.

मई : माँ रोना बंद कर मई ले आऊंगा unhe...chal चलते है...

झमेला : एक का यहाँ होना भी ज़रूरी है..

मई : तू रुक जा फिर...

झमेला : ठीक है लेकिन तुझे अनु को साथ लेकर जाना hoga..ham दोनों से ज़्यादा वह के बारे में ये जानती है..

मई खाना छोड़ गुस्से में झमेला को देखने लगा....

झमेला : तू रहने दे इ मई जा रहा हों अनु को lekar...wo उठते हुए बोलै.

इस समय मुझे झमेला पर इतना गुस्सा आ रहा था मन कर रहा था इसे यहाँ से भगा du...lekin भाई दोस्त दोनों था वो मेरा....

मई खाना छोर हॉल की तरफ चल दिया....

मई : जाऊंगा मई लेने तो तेरी माँ ज़िंदा नहीं आएगी साथ सुन ले ..

मैंने जाते हुए कहा जिस पर पीछे से मुझे संजना की सिसकियाँ सुनाई देने लगी ...

मई ऊपर आकर बैठ गया....

कुछ देर में झमेला भी मेरे पास आकर बैठ गया..

झमेला : गुस्सा छोड़ दे...

मई : तू उसे क्यों लाया यहाँ ..

झमेला : किसे ..

वो जानबूझ कर नाटक कर रहा था...

मई : उस कुटिआ अनुसुइया को ..

झमेला : उसे कैद कर लिया था फिर वो बच निकली और आरोही के घर आयी..

मई : तो मरने देता उसी रंडी के साथ...

झमेला : वो बहन है मेरी...

मई : ओह वो ran...mere कहने पर उसने मेरा हाथ पकड़ लिया और गुस्से में मुझे देखने लगा...

झमेला : हमारी बहन को पला है उसकी माँ ne...wo दांतो को पीसकर बोलै..

मई : तुझे पता है उसने क्या किया सलिल के साथ....

झमेला : तू बता तू रात कहा था...

मई कुछ बोलता उससे पहले माँ आगयी सभी बहनो और पूर्वी संजना के साथ...

झमेला: वो तेरे बचे की माँ बनने वाली है.....

मई : इसीलिए ज़िंदा है...


झमेला: मई उसकी हिफाज़त करूँगा सबसे और तुझसे bhi...wo ऐसा hi tha...use इमोशनली ब्लैकमेल किया गया था..

मई : हम बच्चा लेंगे और डीएनए कन्फर्म हुआ तो मई उसे ज़िंदा छोड़ दूंगा ोथेरविसे मई उसे मार दूंगा...

क्या बातें हो रही hai..itne में माँ आगयी....

तुमने क्या सोंचा है fir..mere जवाब न देने पर माँ ने आगे कहा..

मई : मई जा रहा हों...

माँ : अकेले नहीं जाओगे तुम...

मई : फिर कोण...

माँ : सीता से मई बात करुँगी तुम उसे ज़िंदा laoge..yahan आने के बाद मई उसका फैसला करुँगी....

माँ की बात सुनकर मैंने संजना का हाथ पकड़ा और जाने के लिए कदम बढ़ाया....

माँ : तुम संजना के साथ नहीं अनुसुइया के साथ जा रहे हो..

मैंने गुस्से में माँ को देखा फिर अनुसुइया को जो सर झुकाये माँ के पीछे कड़ी थी....

मई : इसे कुछ हो गया तो मुझे ब्लामे न karna...kehkar मई जाने लगा..

मई भी चल रही हों साथ में मई भी देखती हों कैसे कुछ होता है मेरी दीदी ko..mujhe पीछे से आशना की आवाज़ आयी...

मई : तू नहीं जा रही hai..maine दांतो को पीसकर कहा...

माँ : ये इसका नहीं मेरा फैसला hai...aur तुम इन दोनों को लेकर जा रहे हो....

मई : मई जिस से सबसे ज्यादा नफरत करता हों तुम मुझे उसके sath...maine गुस्से में घूम कर माँ को देखा...

माँ : it's माय फाइनल decision...nahi जाना तो घर बैठो मेरा बड़ा बीटा ले आएगा...

गुस्से में पेअर पित्त हुआ मई ऊपर को चल दिया...

मेरे पीछे पीछे वो दोनों आने लगी..

मई : तू निचे गेट से जा...

ऊपर आकर मैंने आसमान को देखा जहाँ कोई ड्रोन नहीं था फिर अस्स पास ..सब क्लियर देख मई कूद गया ..

मेरे निचे एते hi वो दोनों भी आगयी...

मेरे बेस के बहार ब्लैक महिंद्रा कड़ी thi...jise मैंने रत देखा था...

मई : मई सिर्फ माँ की वजह से मजबूर hon...anu ने कोई जवाब नहीं दिया.

आशना : क्या बक बक कर रहे हो... चलना नहीं है...

आशना को देख कर मई बैठ गया ड्राइविंग सीट पर अनु बैठ gayi...piche आशना बैठ gayi....hamare बैठते hi जीप चल दी...

मई : कितनी इनोसेंट बन रही है chinaal...mai फुसफुसाया..

मेरी गली पर उसने मुझे नाम आँखों से dekha...ye देख मैंने अपने हाथ से लैंड की तरफ इशारा कर दिया...

मई मन में: सोंच रही है मुझे इसके आंसुओ पर तरस आएगा.

अनुसुइया : chi...tum जानते हो न मई कोण हों तुम्हारी ..

मैंने मिडिल फिंगर दिखा दी...

आशना : क्या हुआ दीदी...

आवाज़ से आशना का ध्यान हम पर गया..

मई : दीदी फ़क ऑफ ....ये वही है न जिससे तू नफरत करती थी ...इसने तुझे उठाया था ये तेरा रपे करना चाहती thi....maine आशना को जल में फ़साने का सोंचा...

अनुसुइया : ये झूट है aashna..mai सच कह रही hon..mai तुमसे बहुत प्यार करती हों...

आशना : तुम्हे लगता है दीदी मई इसकी बातों पर ट्रस्ट करुँगी...

मई : तू कितनी बड़ी दोगली hai...isne तुझे उठाया न...

Chattttt....itne में उसका हाथ चला और मेरे गाल पर चाप गया....

आशना : मई सोना दीदी अनु दीदी की तरह तुम्हारी बत्तमीज़ी बर्दास्त नहीं करुँगी गिव रेस्पेक्ट एंड टेक रेस्पेक्ट..

मरने के बाद वो मुझे लेक्चर देते हुए गरजी...

मई कुछ नहीं कर सकता था इसके सिवा मेरी कोई बहन भी नहीं thi..isliye जो वो कर रही थी करने देना था.

मई : सॉरी लेकिन तू भूल..

आशना : तुम..

मई : हाँ तुम भूल कैसे गयी ये तुझे वह ले गयी थी और मैंने तुझे बचाया...

आशना : इन्हे पता नहीं था मई इनकी hi बहन हों...

मई : ये तो पता था तू मेरी बहन है...

मेरी बात सुनकर वो सोंच के पद गयी...

अनुसुइया : जानती हो मैंने ऐसा क्यों kiya...mai बदला लेना चाहती थी...

आशना : कैसा बदला...

अब मेरी धड़कने बढ़ गयी थी....

Shirrrrrrrrrrrr.....

वो आगे कुछ बोलती मैंने स्टेरिंग घुमा दिया....

मई : संभल कर चला....

आशना : दीदी संभल कर...

स्टेरिंग घूमते hi अनु उसे ब्लानके करने लगी....

गाड़ी पेड से लगने वाली थी की अनु ने ब्रेक लगा ली....

जीप रोक कर वो लम्बी लम्बी सांसे लेने लगी..

अनुसुइया : डरो mat...mai नहीं बताउंगी अगर इसे बता दिया तो ये जी नहीं पायेगी इसकी हालत भी सोना की तरह हो jayegi...wo फुसफुसाई...

कार पीछे करके उसने फिर कार रोड पर कर दी...

आशना : तुमने गाड़ी डिस्बैलेंस की...

मई : तू मेरी नफरत में इसकी साइड...

आशना : तुम...

मई : हाँ तुम ...

मई सामने शॉप पर रोक ले ..

एक चाहिए की टापरी को देख मैंने कहा...

अनुसुइया : क्या काम hai..wo कार रोकते हुए बोली...

मई : तू होती कोण है पूछने वाली.. साली वैश्य...

गली देता हुआ मई जीप से निकला...

मई : एक सिगरेट का पैकेट और जो गोल गोल पैकेट होते वो भी दे दे...

शॉपकीपर : गोल गोल क्या..

मई : जिससे नशा होता है चूतिये....

शॉपकीपर: भांग का गोला तो नहीं...

मई : दिखा...

उसने लेकर दिया मैंने फाड़ के देखा तो वही चीज़ थी जो मुझे चाहिए थी...

मैंने 2 सिगरेट के पैकेट एक माचिस और 10 पैकेट गोले के ले लिए....

शॉपकीपर: 90 रुपए हुए...

मैंने जेब में हाथ डाला तो कुछ नहीं था...

ये सेल शिवा के कपडे थे जिन्हे रात मई पहन कर आया था...

मई : रुक लता हों...

मई वापस जीप के पास आया ..

मई : 100 रुपए दे...

आशना : छोटी दीदी 100 रुपए दे दो मुझे नशे का सामान लेना hai..aise कहो फिर मिलेंगे...

मैंने गुस्से में उसे देखा...

आशना : भाड़ में जाओ...

तंग आकर मैंने वैसे hi कहा जैसा उसने कहने को kaha...jis पर उसने 100 का नोट दिए ..और मई पैसे देने चल दिया...

शायद इसके पास पैसे नहीं है ..अनु सलिल को जेबे टटोलता देख बोली...

आशना : तो क्या हुआ दीदी वैसे भी कोनसा हमारे लिए कुछ लेने गए नशे के लिए सामान लेने गए है...

अनुसुइया : ये पकड़ आये तो दे dena...mujhse लेगा nahi...anu जल्दी से पैसे पकड़ते हुए बोली...

सामान लेकर मई कार में बैठ गया..

आशना : कितने का सामान लिया...

मई : पुरे 100 का है...

गोला फाड़ कर मैंने मुँह में डाला फिर पानी से निगल लिया..

आशना : बोतल मुझे दो...

मैंने उसे बोतल दी तो वो पानी पिने लगी...10 रुपए बच गए थे जिसकी मैंने बोतल ले ली थी...

आशना पानी पिने लगी...

मैंने अनु के बूब पर हाथ रखा और ज़ोर से दबा दिया...

Aaahhh...uski सिसकी निकल गयी....

वो गुस्से में मुझे देखने लगी जिसे मैंने इग्नोर कर दिया...

आशना : क्या हुआ दीदी...

अनुसुइया : कुछ नहीं बस ड्राइव करते हुए पेअर सो गए..

कहकर वो फिर ड्राइविंग करते हुए मुझे गुस्से से देखने लगी...

मुझे बिलकुल भी फ़र्क़ नहीं पद रहा था मेरे लिए भाई बहन का रिश्ता बहुत पहले hi ख़त्म हो गया था....

मई अंदर से मर चूका tha...kuch दोष इसमें सलिल का था और कुछ मेरा जो माफ़ नहीं किया जा सकता था वो अनुसुइया का..

अनुसुइया : तुझे पता है न कोण हों मई teri...wo फुसफुसाई..

मई : vaishya..mere जवाब से उसका चहेरा उतर गया...

मई : मेरे साथ न तेरी इज़्ज़त सेफ है न तेरी जान...

जंगल के पार्क में आकर उसने कार रोक दी...

हम उतरे और अंदर को पैदल चलने लगे....

जंगल में एते hi मई पीछे हो गया दोनों से और मई पीछे से अनुसुइया की गांड देखने लगा...

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अनुसुइया की गांड किसी का भी लैंड खड़ा कर सकती thi...tight जीन्स में उसकी गांड कमल की लग रही थी...

साथ चलते हुए मैंने पीछे ले जाकर हाथ उसकी गांड पर रख दिया और भरपूर तरीके से उसे दबा दिया...

उसने गुस्से से मुझे देखा लेकिन कुछ कह नहीं पायी....

फिर आगे लम्बे कदमो से बढ़ते हुए उसने आशना को मेरे बराबर में कर दिया...

मई फिर पीछे हुआ और अनुसुइया के बराबर में आकर चलने लगा..


इस बार मैंने गांड पर हाथ रखा और सहलाने laga...sehlate हुए मई दबाने लगा.....

अनुसुइया ने मुझे देखा और मुस्कुरा दी....

ये देख मैंने हाथ हटा लिया...

मई : तू तो है hi रंडी साली....

मेरी बात सुनकर वो फिर मुस्कुराने लगी....

चटकककककक..

उसे मुस्कुराता देख मुझसे रहा नहीं गया और मैंने एक ज़ोर का थप्पड़ उसे जड़ दिया जिससे लड़खड़ाते हुए वो आगे आकर गिरी...

Didi....aashna चीखते हुए अनु के पास पहुंची....

आशना : आप ठीक हो दीदी ...

अनुसुइया : हाँ ठीक hon...pair लड़खड़ा गए थे तो गिर गयी थी ..

आशना : शट उप didi...isne तुम्हे थप्पड़ mara...itni देर से सब देखने के बाद भी मई इग्नोर कर रही थी .. मैंने देखा ये तुम्हारे साथ क्या करने की कोशिश कर रहा था ..वो गुस्से में हुंकार भरते हुए मुझे देखने लगी...

मई : kya...tune सुना नहीं वो खुद गिरी....

Chatakkkkk.....chatakkkkk चटकककक...

मुझ पर कूद कर वो मेरे मुँह पर थप्पड़ मरने lagi....balance बिगड़ने से मई गिर गया tha..ab वो मेरे साइन पर बैठी कभी थप्पड़ मरती कभी मेरे चहेरे को नोचती....

छोड़ो ..aashna....aashu .. प्लीज लीव him...anu उसे मेरे ऊपर से पकड़ कर उठाते हुए उसे रोकने लगी...

आशना : दीदी हैट जाओ आज मई इस हवसी की जान ले लुंगी ...

अनुसुइया : मैंने कहा न छोड़ो ...

मुझ पर से उठकर रट हुए वो

अनुसुइया के गले लग गयी ..

मारा मुझे था रोने का नाटक वो खुद कर रही थी....

अनुसुइया : शांत हो जाओ प्लीज आशना...

आशना : दीदी ये बहुत बुरा है इसने मेरी इज़्ज़त पर भी हाथ डालने की कोशिश की...

अनुसुइया : क्या..

आशना : है didi..wo रट हुए घुटनो पर आगयी...

अनुसुइया : मई कैसी भी थी लेकिन मैंने कभी तुम्हे किसी गंदगी का part नहीं बनने diya...wo मुझे हकरत से देखते हुए बोली.

आशना : तुम्हे इज़्ज़त चाहिए न हमारी लो बुझा लो अपनी pyas..noch लो hame...wo अपना टॉप उतारते हुए बोली...

जो देख मैंने मुँह घुमा लिया....

आशना : क्या हुआ ...अब आते क्यों नहीं...

कुछ कहे बिना मई खड़ा हुआ और आगे चलने लगा...

मेरे पीछे मुझे उनके कदमो की आवाज़ भी आने लगी..

चलते हुए मैंने सिगरेट जलाई और पिने लगा...

मेरी ज़िन्दगी अब अपने एन्ड की तरफ जा रही thi...ek तरफ मेरी अपनी गलतिया थी एक तरफ ब्रोकर होने का कलंक मेरे माथे पर tha....salil पता नहीं कैसे जी रहा था उसकी यादो ने मेरी नींदे उदा दी थी जितना बुरा मेरे साथ किया इन बहनो ने उससे कही ज़्यादा सलिल के और उससे मुझे उसका ग़म विरासत में मिला..

बंगले के सामने बहुत से गार्ड खड़े थे गन लिए....

मैंने गुस्से में पेड़ को देखा....

Chrrrrr...chrrrrr..

जड़ो समिट पेड़ उखड कर उन पर जा laga...agle hi पल दिवार ुम पर गिर गयी....

रास्ता साफ़ करते हुए मई आगे बढ़ने लगा....

कुछ गार्ड गेट पर खड़े मिले मैंने गेट के निचे hi उन्हें दबा दिया फिर उन पर पेअर रखता हुआ आगे बढ़ने लगा...

ट्रैन की बोगी में बैठ कर हमने आगे का सफर शुरू कर दिया...

सफर मई अपना सिगरेट के साथ कर रहा था पता नहीं क्या हुआ आशना मेरे पास आकर बैठ gayi...jise देख मैंने मुँह घुमा लिया...

आशना: हे ..ssshhh...sunoo...suno naa..uske कई बार पुकारने पर भी मैंने फेस उसकी तरफ नहीं kiya...jo देख उसने अपना चहेरा मेरी पीठ पर रख दिया....

आशना : I'm सॉरी न ...जानती हों वो तुम नहीं थे वो सब मास्क करा रहा था....

मई : मई hi था wo...mask का कोई दखल नहीं था..

आशना : शट उप ..मई तुम्हे जानती हों...

मई : तुम मुझे नहीं जानती ho..kehte हुए मैंने उसका सर अपनी पीठ से हटा दिया फिर उससे दूर होकर बैठ गया...

मई : एक काम है जो बखूबी कर गया हों मई...

सबकी नजरो से गिर गया हों mai...kehte हुए मैंने काश होंठो से लगा लिया....

आशना : bhai....I'm सॉरी न...

मई : रोलेक्स नाम है mera...vaise तुम्हे अपने ासॉल्टेर को भाई नहीं कहना चाहिए...

मेरी बात सुनकर वो मुझे देखने लगी काफी देर तक देखने के बाद उसने अपना सर मेरी गोदी में रख diya...fir सिसक सिसक कर रोने लगी ..

मई : तुम लड़कीओ के पास ाचा हथियार है अपने ग़म को आंसुओ से ख़त्म करने ka..aur हम मर्द दर्द में रो भी नहीं sakte...hahahahah....

आशना : मई तुम्हे खोने से डर्टी हों...

मई : यू आलरेडी लूज़ में...

मेरी बात सुनकर वो पास से hati...aur खुली बूगी पर चढ़ने लगी...

Aashna....use चढ़ता देख अनुसुइया चीख उठी...

आशना : didi...kehkar वो ना में सर हिलने लगी....

अनुसुइया : आशना तुम पागल हो गयी ho...niche utro...wo फिर चीखी..

आशना : दीदी पास आयी तो मई कूद jaungi...kehkar उसने मुझे देखा...

अनुसुइया : प्लीज aashna...anusuiya घुटनो पर आगयी थी...

आशना : माफ़ कर दो नहीं तो कूद jaungi...bhai...

मई : ासॉल्टेर...

आशना : मुझे लगा था मेरी बचकानी हरकतों को इग्नोर कर डोज मई नहीं जानती थी इतना हर्ट होगा आपको ..I'm सॉरी...

कहकर वो कूदने वाली थी तो मैंने उसका हाथ पकड़ लिया...

मई : तुम्हे ज़िंदा वापस ले जाना है नहीं तो माँ मेरी जान ले लेगी...

मेरे साइन में मुक्के मरते हुए वो साइन से लग कर सुबकने लगी...

आशना : जानती हों तुम मुझे कुछ नहीं होने doge...tumhari जान मुझ में जो बस्ती है...

मई : ाचा बता सिगरेट पीयेगी...

मेरे हाथ से छीन कर वो पिने lagi...ye देख मैंने गोला निकला...

मई : अगर मुझसे प्यार है तो ये खा ले..

वो खासते हुए आंखे बड़ी करके मुझे देखने लगी...

अनुसुइया : आशना नहीं...

मई : छूट हम भाई बहनो में तुझे बोलने की इजाज़त नहीं है...

मेरी गली से उसका फेस शर्म से झुक गया...

मई : देख लिया तेरा pyar...tana देते हुए मई पैकेट रखने लगा...

आशना : लाओ do..mere हाथ से लेकर वो खाने लगी.

अनुसुइया : इंसल्ट होने देती तभी सही था मई भी बेवक़ूफ़ हों जो इसे इसके लिए पैसे diye...wo फुसफुसाई खुद में..

लेकिन मैंने सब सुन लिया ..

मेरा मन हो रहा था सारा नशा फेकने का लेकिन अब ये मुझे इन दोनों को hi सब खिलाना था पहले मई उगलवा लेता आशना से लेकिन अब नहीं....

आशना : aaaa..ohooo..

मई : ले पानी के साथ निगल जा...

वो उगलना छह रही रही थी मैंने फोरस्फुल्ली उसे पानी पीला diya...jisse गोला अंदर चला गया..

आशना : कितना गन्दा टेस्ट है इसका...

मई : हाँ...

आशना : अब हुआ ट्रस्ट तहत ी लव यू...

मई : एक काम और कर तो ट्रस्ट करूँगा..

मैंने 2 गोले निकले और आपस में मिला दिए..

आशना : ये भी बताओ ये भी कर दूंगी...

मई : ये ले ये उसे खिला कर aa..maine धीमे से कहा...

आशना : तुम कितने अचे हो भाई दूसरे भाई अपनी बहनो को नशे से रोकते है तुम मुझे खिला रहे ho...how स्वीट...

बोतल गोले लेकर उसने अनुसुइया को दिए...

आशना : नहीं कहोगी दीदी तो मई बात नहीं करुँगी...

अनुसुइया : तुम पागल हो गयी हो आशना हम मिशन पर है...

आशना : भाई है na..ab जल्दी से khao....usne फोरस्फुल्ली गोले मुँह में रख दिए फिर पानी की बोतल मुँह से लगा di...na चाहते हुए भी अनु को निगलने पड़े .

आशना : अब हुआ ट्रस्ट...

मई : नहीं लो इसे भी khao..maine एक और गोला उसे diya....ye लास्ट था...6 मई खा चूका था....

उसने वो खा लिए....

आशना : अब हुआ ट्रस्ट..

मई : ये सिगरेट ख़त्म करो अपनी दीदी के sath..maine पैकेट उसे देते हुए कहा...

आशना : ये लास्ट है..

अनुसुइया के साथ वो सिगरेट पिने लगी...

2 सिगरेट से उसका फंदा लग गया बचा हुआ पानी मैंने उसे पीला दिया....

आशना : मेरा सर घूम रहा है....

मई : अगर उसने सिगरेट ख़त्म नहीं की तो मई समझूंगा तुम मुझे प्यार नहीं करती..

आशना : दीदी ख़त्म कर देना please...kehte हुए वो मुझ पर गिर गयी...

मेरे फेस पर हाथ फेरते हुए वो मेरी बियर्ड नोचने लगी....

आशना : सलिल वे हद किश दो यू remember...kash हम भाई बहन न hote...tum कितने बदमाश हो मुझे नंगा देखा तुमने...

अनुसुइया : आशना....

आशना : है didi...ye अभी आपकी अस्स दबा रहे थे पार्क me...hihihihi....

वो नशे में तुन हो गयी थी...

अनुसुइया ने सिगरेट उठा कर फेक दी ..फिर वोमिट करने लगी....

मेरी आंखे लाल हो चुकी थी 6 गोलों से....

पास आकर मैंने अनुसुइया को पीछे से पकड़ लिया.....

अनुसुइया : ाः क्या कर रहे हो छोड़ो मुझे....

उसके अहसास से मेरा लैंड खड़ा हो गया tha....jo मई उसकी बैक पर रगड़ने laga....hath मई उसके जिस्म पर चलने लगा....

मई : अब कोण बचाएगा tujhe....kehte हुए मैंने उसकी छूट भींच ली जीन्स के ऊपर से.......

अनुसुइया : प्लीज ये मत करो ...

मई : तेरा रपे कर दू तो किसी को पता भी नहीं चलेगा....

अब मेरा लैंड पूरा ेररेक्ट हो गया था मैंने हाथ ले जाकर उसे सीधा किया और अनुसुइया की गांड में घुसाने लगा....

मई : कुछ फील hua....kehte हुए मैंने अनुसुइया की गर्दन पर दन्त रख दिए....

अनुसुइया: मत करो ऐसा ...

मई : क्यों आयी है हमारे बिच....

अनुसुइया : माँ से milne....bas प्लीज मई चली जाउंगी ..

माँ का ख्याल एते hi मैंने उसे छोड़ diya....aur बोगे रोकी ..आशना निचे पड़ी थी...

मैंने आशना को निचे उतरा...

मेरे साथ hi अनुसुइया भी उतर आयी थी.......

मई : तू मेरा यही वेट कर इसके साथ मई मां को लेकर आ रहा हों..

आगे रास्ता 5 मिनट का था पेडल का...

अनुसुइया: दोनों को लाना और वो दोनों बेसमेंट में कैद hai...seeta hi मां को जानती है वही तुम्हे ले जाएगी उसके पास.

कुछ कहे बिना मई आगे बढ़ गया...

***********************************

रोलेक्स को गए 2 घंटे हो गए थे.

सोना अपनी माँ की गोदी में सर रखे बैठी थी संजना भी पास में thi...jhamela माँ के बराबर में बैठा था पूर्वी काम कर रही थी...

माँ : क्या होगा इनका रोलेक्स में इतनी नफरत उफ़...

सोना : माँ उसे छोड़ क्यों नहीं dete...wo बहुत बुरा है...

झमेला : क्यों मेरा मुँह खुलवाना चाहती ho...jhamela की बात से सोना झेप गयी...

माँ : वो तुम्हे डांस क्लास एक्टिंग क्लास से लेकर अत था और तुम छुप कर चली जाती थी ये भी अहसास नहीं हुआ वो तुम्हारा बड़ा भाई है...

सोना : वो मुझे घर में कैद रखना चाहता tha...mere पास दो रस्ते थे या तो भाई को चुनु या अपनी आज़ादी और मैंने अपनी आज़ादी को चुना आगे भी यही चुनुँगी लेकिन दीदी के रस्ते पर कभी नहीं chalungi....mai क्या पहनुंगी कहा जाउंगी ये राइट सिर्फ मेरा है...

माँ : सुन रहे हो अपनी बहन की baten...aise इससे कैसे रोलेक्स नफरत नहीं करेगा...

झमेला : माँ इसे अहसास hi नहीं ये कोण है किसकी बेटी है इसने क्या खोया hai...maine अपने पुरे पिरवार ko...kehte हुए झमेला फुट फुट कर रोने लगा...

ये देख सोना उठकर उसका सर सहलाने लगी....

सोना : मुझे उन दोनों बहनो के पास ले चलो मई प्रॉमिस करती हों पहले वाली मिस्टेक कभी नहीं karungi...jahan रखोगे जैसे कहोगे रह लुंगी लेकिन रोलेक्स के साथ nahi...wo दरिंदा है...

झमेला : ठीक hai...mai पता करके अत हों प्लेन का.. पासपोर्ट तो है न तुम्हारे pass...lekin इस सब से पहले मुझे ये बताओ तुम्हारे और रोलेक्स के बिच क्या हुआ hai.jhamela को अहसास हो गया था की कुछ तो है ऐसा जो सोना छुपा रही है...

झमेला के सवाल पर सोना खामोश होकर फर्श को देखने lagi...uske हाथ कल्पने लगे थे.....

सोना मन में : अगर मैंने बता दिया तो आप एक दूसरे को मार doge...maa को 18 साल बाद अपना परिवार मिला ये सब ख़त्म हो jayega..kya मुझे बता देना chahiye...sona क्या कर रही hai...agar बता दिया तो माँ जीते जी मर jayegi...aashna का सोंच उसे कोण संभालेगा....

सोना : उसने मुझे विधवा किया और मुझे बहुत मारा...

माँ : उसने तो कहा था वो लड़का गलत था कारन....

सोना : बस उसे पसंद नहीं था मई प्यार करती थी कारन से....

झमेला : तुम्हे पता है तुमने क्या किया था उसके साथ....

झमेला की बात सुनकर सोना के दिमाग में झमका हुआ और वो अपनी यादों में खो गयी.....

मई बस ये ड्रेस पहन कर घर में रहूंगी ....

सोना ये ड्रेस भी hai....Teri पूरी बॉडी दिख रही है....

मुझे आपसे प्यार hai..mujhe किश करो ..

तूने मेरी दीदी को मारा सेल नामर्द...

सोना तुमने ये भी नहीं देखा ये सलिल की बॉडी hai....uske प्राइवेट part को कुछ हो गया तो...

कारन ाचा लड़का नहीं है सोना....

आअह्ह्ह भाई छोड़ दो mujhe...ye करने से पहले हमारा रिश्ता तो देख लो....

तू बहुत सेक्सी लग रही है इस दुल्हन की ड्रेस में.....

सोना : nahiiiiii......cheekh के साथ सोना अपनी माँ की गोदी में गिर गयी फिर फुट फुट कर रोने लगी.....

उसे अपने भी सिन याद आरहे थे और रोलेक्स के bhi...wo तये नहीं कर पा रही थी कोण ज्यादा बड़ा पापी hai...wo या रोलेक्स....

सोना : मुझे जाना है यहाँ se...maa मुझे जाना है....

माँ : इसे छोर आओ अयन अपनी बहनो के पास...

जजमेला : ठीक है maa...mai टिकट लेने जा रहा हों कोलकाता ki..waha से इसे मेरे लोग सरहद पार करा देंगे खंसरिस्तान के लिए..

सोना : माँ आप भी चलोगी न मेरे साथ....

माँ : तुम्हे लगता है मई रोलेक्स को छोर कर कही जाउंगी.......

अपनी माँ का जवाब सुन सोना फिर रोने लगी....

.

झमेला: मई कुछ खाने पिने का लेकर अत hon...kehta हुआ वो उठ गया उसके साथ संजना bhi....jhamela बहार निकला संजना ने गेट लगा दिया....

बहार जाते हुए झमेला बहुत सबधाणी बारात रहा था एस पर उसके सुन ग्लासेज थे सर पर हूडि फेस पर स्कार्फ़ था.....

वो निकल चूका hai...ek गार्ड जो दूर से नजर रख रहा था उसने किसी को कॉल पर कहा...

कुछ hi दूरी पर कई कार्स कड़ी उन्ही में से एक में समर बैठा था....

5 मिनट्स बाद आगे वाली कार्स झमेला के बेस की तरफ चल दी....

समर: हमें नहीं जाना उनके पीछे....

समर की बात सुनकर एक गॉर्ड ने उसे मैसेज किया...

गार्ड : आगे तभी जायेंगे जब रास्ता साफ़ हो jayega.....waha दो है एक निकल चूका है दूसरा जैसे hi लड़ाई में बिजी होगा वैसे hi हम उसके फॅमिली मेंबर्स को उठा लेंगे...

इतने में गॉर्डस ने हाथ से झमेला की तरफ इशारा kiya...jo सड़क पर ढाबे देखते हुए जा रहा था....

समर : समर ये तो मामूली सा लड़का है जाकर बात karo....mai उसके दिमाग में घुस कर उसी से सब करा dunga...jo तुम चाहते हो...

समर की बात सुन गुंडे ने मैसेज किया : वो कोई मामूली नहीं hai....na तुम उसे रोक सकते हो..

इतने में झमेला के पास कोई आगया....

झमेला : हे ruk...chikhne...akhiri नाम झमेला ने थोड़ी तेज लिया था....

जमैका की आवाज़ पर मोटर साइकिल रुक गयी...

झमेला ने इशारा किया तो मोटर साइकिल मुद कर उसके पास आकर कड़ी हो गयी...

चिकना : ये जादू वाली ड्रेस में कहा जा रहे हो...

झमेला : खाना लेने और कहा...

चिकना : वो तो मई ले aya....wo खाने का बैग दिखते हुए बोलै...

झमेला : थैंक यू....

चिकना : थैंक्स नहीं चाहिए अपना वडा नहीं भूलना....

झमेला: वो बहुत नखरे वाली है...

चिकना : मई सब उठाऊंगा....

चिकना की बात सुन झमेला मुस्कुरा diya....fir खाना लेकर वापस मुद गया....

कार में...

समर : तुम में से कोई एक जाये और उससे बात करे लेकिन उससे पहले मुझे तुम में से किसी एक के दिमाग में घुसना hoga...us तक पहुंचने के लिए..

समर की बात सुनकर गार्ड बहार निकला और उसने कॉल लगा दी...

गार्ड : गुरु ji......aur उसने समर से की बात सब बता दी...

गुरु : मई समर के दिमाग में जा रहा हों फिर तुम्हे सब बतौँगा..

कॉल कट हुई और गुरु समर के दिमाग में घुस गया...

समर सोंच रहा था वो भाग जाये या जैसा ये लोग कह रहे है वैसा करे और अपनी फॅमिली से मिले...

उसे अहसास हो रहा था ये लोग काम होने के बाद भी समर को आज़ाद नहीं करेंगे...

Gaurd...guard को अपने दिमाग में गुरु का अहसास हुआ..

गुरु : बस तुम सोंचना जो जवाब मुझे देना चाहते हो...

गार्ड ने हामी भरी...

गुरु : अगर इसे अपनी फॅमिली के पास ले गए तो ये पहचान lega...ise अकेले में लड़वाना है unse...aisa करो यहाँ से इसे ले jao...jab उन दोनों में से कोई एक फॅमिली से दूर हो तब इसे ले जाना अभी नहीं...

गार्ड आर्डर लेते hi कार आगे बढ़ने के लिए कहता है...

झमेला चलते जब अपने बेस आया उसे गाड़ियां दिखी और बेस का गेट टूट कर गिरा hua...use धचका लगा और खाना उसके हाथो से गिर गया....

भागता हुआ वो अंदर badha...andar गोलियन चलने की आवाज़ आ रही थी....

ढाये...........

एक गोली झमेला को लगी और वो 2 कदम पीछे होकर गिरा.....

अंदर पूर्वी बेसमेंट में आने से गार्ड्स को रोक रही थी ...

संजना और सोना बुरी तरह से रो रही thi...purvi की भी बुलेट्स ख़त्म हो गयी थी...

देख मर गया kya...ek गार्ड ने कहा.

ये बदला नहीं... दूसरा पास जाते हुए बोलै...

खच खच ...पूर्वी ने फायर किया तो गोलियन ख़त्म हो गयी....

गार्ड्स : सरेंडर कर दो इससे पहले तुम्हे भून कर रख दे....

पूर्वी ने सबको देखा और सर हिला कर हामी भरी....

पूर्वी : पहले मई जाती हों....

गार्ड : हाथ ऊपर करके आजाओ...

पहले पूर्वी ऊपर आयी फिर संजना आखिर में सोना और सोना की माँ...

Ayannn.........jhamela को देख उसकी माँ चीख पड़ी....

सोना सदमे से गिर कर निढाल हो गयी...

माँ भागी झमेला के पास तो गार्ड ने उसे पकड़ लिया...

माँ : ayan....mere bacheee..........ayan.....mujhe मेरे बेटे के पास जाने दो.....

गार्ड्स रहें किये बिना बांधने लगे....

माँ : ायंननननन.......

मुँह पर टेप बांधते वक्त माँ ने आखिरी बार झमेला को पुकारा.....

इस बार झमेला बेहसूशी से जाग गया...

झमेला : aaaaaaaaa...uska शरीर बदलने लगा था....

Chattttttttttttttttt.....

उसने क्लैपिंग ki...aur गार्ड के साथ उसकी भी फॅमिली दूर जाकर गिरी....

ऐसा लगा था जैसे तूफ़ान आगया ho...ye सबसे काम वबे निकली थी उसकी क्लैपिंग से...

अगले पल सो सबके आगे आकर खड़ा हो गया......

एक एक करके सोना संजना पृवी माँ सब उठने लगी....

झमेला को ज़िंदा देख सब की जान में जान आयी...

वही गुंडे भी खड़े हो चुके थे....

images


गार्ड्स दर और हैरत दे हरी उनके देख रहे थे जिनमे से शोले ढाहेक रहे थे....

झमेला : aaaaaaaaaaaaa..wo गरजा और गुर्दा ने गन उस पर तान दी.....


ढाये ढाये ढाये dhaye......guards उस पर अंधाधुन्द फायरिंग करने लगे वो मुँह को छुपाये उनकी तरफ बढ़ने लगा...

AAaaaaaaaaaaa aasa....ek गार्ड पर उसने लात रख di....aur गार्ड बुरी तरह से चीखने लगा....

ये देख दूसरे गार्ड्स भागे तो झमेला भी उनके पीछे भगा....

जिसने गोली मारी थी झमेला को सो हॉल में मुद गया निकलने की जगह ये देख झमेला बहार जाने की बजाये उसके पीछे आकर खड़ा हो गया....

जैसे hi उसने पलट कर देखा झमेला को सामने पाया....

दर से उसकी पंत गीली हो गयी...

झमेला ने उसके मुँह को अपनी मुट्ठी में बंद कर liya....fir उसके साइन में हाथ दाल diya....ek साथ जहाँ उसका मुँह क्रश हुआ वही झमेला ने उसकी पसलियां बहार निकल ली थी....

पसलियां निकल कर झमेला ने उसके दिल को पेअर से कुचल दिया फिर पसलियां तोड़ने लगा....

सामने का दृश्य इतना डरावना था उसकी फॅमिली को भी अब झमेला से दर लगने लगा था....

पसलियां चुरा चुरा करके झमेला को दूसरे गुंडों का ख्याल आया....

Dhammmmmm...usne एक घुसा दिवार पर मारा और दिवार अगले hi पल गिर गयी...

पूर्वी : बहार niklo......jaldi...

दिवार तोड़ता हुआ झमेला बहार भगा.....

गुंडों को देख उसने जम्प मरी और एक गुंडे की कार पर वो कूड़ा जिससे कार पिचक गयी और उसके अंदर बैठे गुंडे का सर क्रश हो गया...

झमेला ने कार उठाई और दूसरी कार पर कार मरी...

एक बड़े ब्लास्ट से दोनों करो में आग लग gayi....aag से होते हुए झमेला तीसरी कार का पीछा करने लगा.....

लोग देख रहे थे झमेला को भागते हुए....

पास के पुलिस स्टेशन पर फ़ोन आने लगे....

Dhammmmmmm....sab झमेला को भागता देख hi रही थी की उन्हें पीछे से बेस की चाट गिरने की आवाज़ आयी और सबका ध्यान पीछे गया....

पूर्वी की स्मार्टनेस ने बचा लिया था सबको नहीं तो सब निचे दबे होते...

पूर्वी : हमें निकलना होगा.......

पूर्वी लोगो की नजरो से सबको बचते हुए रोड पर आयी...

और उसने ऑटो रोका....

सबको बिठा कर उसने ड्राइवर से जाने के लिए कहा...

माँ : अयन तो उनके पीछे है...

पूर्वी : सो आ jayega....use कुछ नहीं होगा..

माँ : किसी एक को उसके पीछे जाना होगा...

पूर्वी एक नज़र सबको देखती है फिर खुद उतर जाती है..

सोना : मई इन्हे अपने घर ले जा रही हों..

पूर्वी : एयर स्ट्राइक हो सकती है...

सोना : नहीं होगी वो इलीट क्लास का एरिया है...

पूर्वी ने सर हिलाया और सोना ने ड्राइवर को चलने के लिए कहा....

मुँह छुपाते हुए पूर्वी झमेला के पीछे जाने लगी....

ढाये ढाये ढाये.....

एक तरफ से बहुत से फायर होने की आवाज़ ayi...purvi भाग कर पहुंची तो देखा पुलिस की भरी नफरी झमेला पर फिर्निग कर रही hai....jisse गुस्से में झमेला की आंखे जल रही thi...uske पास hi तीसरी कार और उसके सवार टूटे फूटे पड़े थे....

पूर्वी समझ गयी थी की झमेला को रोकना उसके बस की बात नहीं इसलिए उसने अपना फ़ोन ों किया और कॉल लगा दी...

घर्रर्र घरररररर की आवाज़ करता हेलीकाप्टर आगया था ...झमेला ने कार सामने पुलिस वालो पर फेक दी थी जिससे उनकी फायरिंग रुक गयी थी... लेकिन अब उस पर आसमान से फायरिंग हो रही थी....

उसने बेहद गुस्से में ऊपर देखा.....

अगले hi पल उसने छलांग मार di...aur वो हेलीकाप्टर से लटक गया...

इसे पब्लिक एरिया से बहार ले jao...pilot को कण्ट्रोल रूम से आवाज़ आयी...

पायलट : लेकिन सर...

जैसा कहा है करो...

ढाये ढाये ढाये...

सोल्जर उस पर लगातार फायरिंग कर रहे थे लेकिन झमेला गिरने की वजाये हेलीकाप्टर hi हिला रहा था....

पूर्वी हेलीकाप्टर की दिशा में भाग रही थी और फ़ोन से किसी को लोकेशन भी बता रही थी...

Channn........jhamela का हाथ मशीन गन पर पड़ा ...

धम्ममम्मम्म्म्म...

अगले hi पल उसने मशीन गन ऊपर को फेकि जो हवाई जहाज को चीरती हुई ऊपर से निकल gayi...jisse हेलीकाप्टर के फैन भी डैमेज हो गए थे....

हाथ ऊपर रखे के झमेला हेलीकाप्टर के अंदर आया जहाँ सोल्जर पैराशूट पहन रहा था .. हेलीकाप्टर बुरी तरह से डगमगा रहा था....

पायलट कूद गया लेकिन सोल्जर झमेला की मुट्ठी में आगया....

झमेला ने उसे अपनी मुट्ठी से क्रश कर दिया....

Dhammmmmmmmmmmm.....fir हेलीकाप्टर और झमेला दोनों एक पार्क में क्रैश हो गए......

क्रैश होने से एक बड़ी आग चारो तरफ फ़ैल गयी उसके अंदर था झमेला.....

Siunnnnn...siunnnnn....ki आवाज़ करती मिलिट्री की गाडीअन झमेला की तरफ बढ़ने लगी.....

झमेला उठा और आग से बहार निकला और अपनी आग को घास से रगड़ के बुझाने लगा....

ढाये.....

इतने में एक टैंक से एक मिसाइल ,निकली और झमेला के आकर लगी....

झमेला : आह्हः .....उसने गुस्से में टैंक को dekha.....agle hi पल वो टैंक पर था.

फायर करने वाली नाली को पकड़ कर वो टैंक से दूसरी गाड़िओ को डैमेज करने लगा.... सोल्डिएर्स कुछ मरे गए कुछ भगाने में कामयाब हुए...

बहुत देर तक झमेला और आर्मी के बिच जुंग चली....

जब झमेला को कोई नहीं दिखा लड़ने वाला तो उसने एक बहुत लम्बी जम्प मरी और वो रिहायशी इलाके से बहुत दूर आकर गिरा......

Purvi...aaaoo...aarohi कार का दूर खोलते हुए बोली.....

पूर्वी जल्दी से बैठ गयी....

आरोही : किस तरफ....

पूर्वी : सीधे नार्थ में...

झमेला कई जम्प्स मरता हुआ एक जंगल में आकर रुका.....

वो हैरानी से अपने अस्स पास देखने लगा.....

जमैका बार बार ऊपर देख रहा था की कही से कोई हेलीकाप्टर तो नहीं आ रहा hai....badal भी जंगल में गड़गड़ा रहे थे ....

दोनों पार्क में आकर देखने लगी जहाँ लोगो को भीड़ थी और आर्मी लाशे उठा रही थी....

आरोही : कहा गया होगा....

पूर्वी जवाब नहीं देती मोबाइल में झमेला की वीडियो देख रहे लोगो के पास आकर उसकी वीडियो देखने लगती है...

पूर्वी : आओ ....

फिर पूर्वी रास्ता बताते गयी आरोही उधर hi चलने लगी ...

आरोही : आगे जंगल है...

पूर्वी : निशान इधर hi आ रहे है...

कार की आवाज़ से झमेला के कान खड़े हो जाते है....

आरोही हॉर्न बजाते हुए आगे बढ़ रही thi...ki झमेला उन्हें दूर एक पेड़ पर चढ़ा दिखाई देता है...

आरोही : कार रोकती ...

और दोनों कार से बहार अति है...

झमेला के हाथ में लकड़ी थी जिसे वो मरने वाला था उनके बहार आने पर झमेला रुक गया...

उसे दोनों के फेस याद थे....

पूर्वी : अब तुम्हारी बरी है उसे रोकने की...

आरोही : मई kaise...mai प्रेग्नेंट हों कुछ हो गया तो....

पूर्वी उसकी बात सुनकर खुद रिस्क उठाने का फैसला करती है....

पूर्वी : ayan.....ye मई hon...ayan.....

कुछ अंदर जाने पर पूर्वी को झमेला खड़ा दिखाई देता hai....ek पल को तो पूर्वी भी दर गयी थी उसके कद गाँठि को देख कर....

दूसरी बात झमेला की जाली फटी पंत में से सब कुछ दिख रहा tha...jahan पूर्वी अपनी आंखे न लेजाकर झमेला के फेस को देखने लगी....

पूर्वी : हम तुम्हारे दोस्त hai..kuch नहीं hoga...yahan कोई नहीं है हमारे siwa....tumhari बहन भी आयी hai...purvi गुस्सा काम करते हुए बोली...

झमेला : बहन.....

पूर्वी: है बहन...

इतने में आरोही पेड़ के पीछे से बहार निकल आयी...

ये nahi....jhamela ने दहाड़ मरी....

जहाँ आरोही दर से छुपने लगी वही उसे अहसास भी हो गया था उसकी कोई अहमियत नहीं झमेला की ज़िन्दगी में...

पूर्वी: मई हों तुम्हारी दोस्त.... प्लीज शांत हो जाओ....

इतने में घने काळा बदल च गए और बारिश होने लगी....

पूर्वी : ाजाओ आरोही....

डरते हुए आरोही दोनों के पास आगयी.....

बारिश से बचने के लिए झमेला पेड़ के निचे आकर खड़ा हो गया...

जब वहां भी भीगने लगे तो झमेला ने दोनों को बाँहों में पकड़ा और अंदर के लिए जम्प मार दी....

झमेला एक पहाड़ी के पास आकर गिरा था....

दोनों को उतर वो अंदर भगा....

पूर्वी : ये दर क्यों रहा है...

आरोही : मुझे क्या pta...dono भगति हुई अंदर आयी....

अंदर आकर दोनों अपने कपडे सूखने lagi....aarohi को साड़ी भीग गयी थी.....

बिजली गरजी और रौशनी में आरोही को झमेला के हथियार का अहसास hua..jo फटी जीन्स में से लटक रहा था..

वही बिजली की खड़खड़ात पर झमेला दिवार में दर से घुसने laga...aur पूर्वी समझ गयी वो क्यों दर रहा है....

आरोही अपनी साड़ी ब्लाउज पर से हटा कर उसे निचोड़ रही थी जबकि पूर्वी अपने टॉप को उतरे बिना निचोड़ रही थी....

पूर्वी : तुम ठीक हो..

पूर्वी ने आरोही को झमेला को देखते हुए देखा तो उसने पूछा...

आरोही ने सर हिला दिया...

पूर्वी : तुम पेटीकोट पहनी हो...

आरोही : क्यों पूछ रही हो...

पूर्वी : अपनी साड़ी उतर कर इसके लुंगी बांध दो...

आरोही : इसने मुझे नुकसान पहुंचाया तो...

पूर्वी : कुछ नहीं करेगा...

आरोही ने हामी भरी और वो चलते हुए दिवार से लगे झमेला के पास ayi...usne हाथ रखा और वो उसकी पीठ सहलाने लगी....

बिजली गरजी और झमेला उससे लिपट गया...

आरोही ने भी उसके बाहें दाल दी थी..

आरोही : तुम्हे कपडे पहना दू...

झमेला ने कुछ नहीं कहा उसके सामने आरोही अपनी साड़ी उतर दी फिर उसने झमेला की पंत खींची ...न निकलने पर आरोही ने उसे फाड़ दिया....

झमेला को देख कर आरोही के जिस्म पर चीटियां चढ़ने lagi...wahi दूर से पूर्वी भी सब देख रही थी...

झमेला को होश नहीं था वो बचो की तरह रियेक्ट कर रहा था....

आरोही : मई कपडे बदलवा कर लती hon..kehti हुई वो झमेला का हाथ पकडे आगे ले गयी....

पूर्वी : जैसे hi वो अयन बनेगा उसे सब याद ajayega....purvi आरोही के इरादे भांप गयी थी...

आरोही भी समझ गयी थी...

उसने लुंगी बंधी और लेकर आयी...

आरोही : तू सुधरी नहीं हमारे रिश्ते को जानने के वाबजूद भी हमें गलत समझ रही है..

पूर्वी : ऐसी कोई बात नहीं है...

आरोही : तुम्हारे नकली हस्बैंड की बहन ने सुसाइड कर लिया...

पूर्वी : व्हाट....

आरोही : ऐसा hi है...

पूर्वी : कितने लोगो को खाओगी तुम....

आरोही पूर्वी के जवाब से गुस्से में आगयी थी...

आरोही : तुम्हारे पुराने कस्टमर तुम्हे मिस करते hai...kisi दिन चलना..

आरोही से गुस्सा होकर पूर्वी झमेला के पास आकर बैठ गयी...

पूर्वी : हमें घर चलना है तुम नार्मल हो जाओ...

झमेला : आशिक़ के गोली अब वो हील...

पूर्वी समझ गयी thi....wo क्या कह रहा है...

पूर्वी : तुम्हारी तो छोटे ठीक हो गयी...

झमेला : हम दो...

पूर्वी ने हामी भरी फिर उसी के पास बैठ गयी...

पूर्वी : सर रख lo...wo अपनी गोदी की तरफ इशारा करते हुए बोली...

पूर्वी के कहने पर झमेला ने सर उसके पैरो पर रख liya...aur पूर्वी उसके सर में उंगलियन फेरने lagi....jisse झमेला सो गया....

आरोही : मुझे पूरी ज़िन्दगी अफ़सोस रहेगा की मैंने तुझे अपना दोस्त बनाया...

पूर्वी : ाचा वो क्यों...

आरोही : तूने मुझसे सलिल की हकीकत छुपाई..


पूर्वी : और तूने क्या किया उसके sath..vaise भी मुझे तुम्हारे बर्फ के बाद सलिल का सच पता chala...salil तुम्हारे लिए इतना ुंइम्पोर्टेन्ट था उसकी फिला चुराने के बाद भी तुमने उसे कभी पद कर नहीं देखा....

पूर्वी के जवाब पर आरोही का सर झुक गया और वो फुट फुट कर रोने लगी...

आरोही : मई मरना चाहती हों लेकिन मेरे पेट में सलिल का बचा है...

पूर्वी : रोना बंद करो आरोही ये जग जायेगा...

पूर्वी के कहने पर आरोही धीमे धीमे सिसकीअन लेने लगी...

पूर्वी : जो हुआ वो तो नहीं बदलने वाला बस अब आगे ऐसा कुछ न करना की तुम्हे पास्चतना पड़े...

आरोही : मुझे माफ़ कर do...maine तुम्हारा भी दिल दुखाया..

पूर्वी ने कुछ देर सोंचा फिर कहा: किया माफ़...

आरोही : फ्रेंड...

पूर्वी ने भी आगे हाथ करके आरोही से हाथ मिला लिया.

आरोही : क्या अयन ने रोलेक्स से मुझे एक्सेप्ट करने की बात की..

पूर्वी: तुम समझ नहीं रही ho...rolex और सलिल दोनों तुम्हे ज़िंदा भी नहीं रखना chahte...wo तो मर देते लेकिन इस बचे की वजह से रुके हुए है..

आरोही : क्या रोलेक्स मुझे नहीं milega..aarohi आशा भरी नजरो से पूर्वी को देखते हुए बोली...

पूर्वी : वो तुम्हे मर सकता है उसके पास जाने की बेवकूफी मत करना..

पूर्वी: वो कहता है बचे का डीएनए मैच करेगा अगर बचा उसका हुआ तो भी तुम्हे मर देगा नहीं हुआ तो bhi...tumne बहुत गलत किया है aarohi...wo था तो तुम्हारे पास खुशियां थी जिसकी तुमने केयर नहीं की.

ये दोनों तो भाई है na..aarohi झमेला की तरफ इशारा करते हुए बोली..

पूर्वी: वो अनु को भी मारने की कोशिशे करते है....

पूर्वी की बात सुनकर आरोही फुट फुट कर रोने लगी...

जिससे झमेला की नींद खुल गयी और वो बदलने लगा.....

वो नार्मल हुआ तो उसने खुद को पूर्वी की बाँहों में पाया ..

झमेला: क्या हुआ था....

कहते उसने हाथ अपने पेट पर पसलीओ के पास rakha...ghao भर चूका था...

पूर्वी : बहुत कुछ ..पूर्वी की आवाज़ पर झमेला उसके पास से हैट गया..

झमेला : तुम मेरे भाई की हो...

पूर्वी : मई bas...use कोई जवाब नहीं मिल रहा tha...usne असल में ये रोलेक्स के भाई की वजह से किया था लेकिन वो एक्सप्लेन नहीं कर पायी....

झमेला : माँ सोना संजना सब कहा है..

पूर्वी: सब सेफ है..

झमेला : ये मुझे क्या पहना दिया....

आरोही : चलो घर चलते है .. वह सलिल के बहुत से कपडे है...

तीनो जंगल से होते हुए कार के पास ए और फिर चल दिए....

बचते बचते हुए आरोही अपने घर आयी...

झमेला : मई यही हों...

आरोही चली गयी और कुछ देर बाद वापस आयी कपडे लेकर...

झमेला ने कार में hi चेंज किये और पेअर सीधा करता हुआ बहार aya...jahan पूर्वी कड़ी थी...

झमेला: कहा है वो सब...

पूर्वी: अनु के घर...

रोलेक्स : हमें बेस जाना hoga...wo तीनो वही आएंगे...

पूर्वी : फिर हम वही चलते hai...aarohi आओगी हमारे साथ ोथेरविसे हम तुम्हारी कार ले जा रहे है...

आरोही : मई भी चलती हों....

आरोही गेट से बहार एते हुए बोली....

तीनो फिर कार में बैठे और चल दिए बेस की तरफ..

झमेला : तुम्हे पता है वो पिछली रात कहा गया था....

पूर्वी : नहीं...

कुछ देर बाद तीनो उस इलाके में ए जहाँ जैम लगा था आगे गाड़ियां चेक होकर निकल रही थी...

आरोही : ये जैम क्यों लगा है...

आरोही ने शीशा निचे करके एक आदमी से पूछा...

हरा राक्छस घूम रहा है उसी की वजह से कर्फूय लगा है...

झमेला : कार बैक करो...

इतने में पीछे भी कार्स आकर कड़ी हो गयी थी...

आरोही : नहीं होगी...

झमेला : तुम आगे आओ हम तुम्हे आगे milenge...jhamela कार से उतरा उसके साथ पूर्वी भी दोनों .

सर निचे किये छुपते छुपाते आगे बढ़ने लगे...

बेस पर आकर दोनों दूर से वेट करने lage...itne में उनके पास पैदल आरोही भी आगयी....

पूर्वी : कार...

आरोही : आगे पार्क की है....

*****************************

अर्जुन महेश की चिटा को आग देता है जिसके कुछ देर बाद सभी पुलिस वाले एक एक करके जाने लगते है ..

आखिर में अर्जुन रह जाता है और उससे दूर गाड़ी के पास कड़ी सौम्य....

सौम्य अर्जुन की आँखों से बहते आंसुओ को देख खुद को रोक नहीं पति और उसके पास आकर कड़ी हो जाती है...


सौम्य : अर्जुन सर हम हिम्मत नहीं हार सकते महेश सर देश के लिए शहीद हुए hen....har पुलिस वाला यही तो कामना करता है की वो इस मिटटी के लिए शहीद हो...

अर्जुन : मेरे भाई का क़ातिल ज़िंदा hai..ye अहसास मुझे अंदर से समापत कर रहा है..

कहकर अर्जुन फुट फुट कर रोने laga...ye देख सौम्य उसे गले लगा लेती hai...saumya के कंधो पर सर रख कर बहुत देर तक अर्जुन रोटा रहता है...

संभल कर सौम्य अर्जुन को उसके घर लती है फिर माइड की हेल्प से ेडरूम तक...

अर्जुन को लिटा कर सौम्य उसके hi घर में सोफे पर खुद भी लेट जाती है....

Bhaiaaaaa....raat तीन बजे सौम्य की आंख किसी की चीख से khuli....ye अर्जुन था जो बिस्तर से गिरकर घुटनो पर बैठे रो रहा tha.....hatho में उसके महेश की फोटो थी...

सौम्य : अर्जुन सर ..

अर्जुन कोई जवाब नहीं deta...ye देख पास आकर सौम्य उसे पानी देती है...

सौम्य : सर प्लीज....

सौम्य के विनती करने पर अर्जुन पानी के लेता है फिर पानी पिटे हुए अपनी hi धुन में चलने लगता है...

.चलते हुए वो एक रूम में अत है जहाँ बार बना tha....wo गिलास और बोतल निकल कर जैम भरने लगता है....

Khannnnn....glass उसके कल्पते हाथो से छूट कर गिर जाता है...

ये देख सौम्य भाग कर उसके पास अति है...

सौम्य : रुको मई करती हों सर...

सौम्य जैम भर के देने लगी और अर्जुन पिने लगा...

अर्जुन : जानती हो एक बार उसकी और मेरी बहुत लड़ाई हुई मई उसे मरने वाला था लेकिन आरोही बिच में आगयी उसने कहा उसकी नयी शादी हुई है कुछ दिन बाद मई उसके साथ जो चाहे कर सकता हों ..लेकिन मैंने सलिल को कमज़ोर समझने की गलती कर दी....

सौम्य : वो दो hai..salil और रोलेक्स...

अर्जुन सर हिला देता है...

सौम्य : सर बस करे...

अर्जुन : please...arjun के कहने पर सौम्य और जाम देने लगी..

अर्जुन : उसे कैसे हरा सकते hai...use हम नहीं मार sakte...itni आर्मी का उसने वो हाल किया उनकी लाशो के बहुत से part मिसिंग मिले है.......

सौम्य : पहले आप खुद को मजबूत करे तभी हम कुछ सोंच सकते hai...kya महेश सर मेरे कुछ नहीं lagte...meri शादी उन्होंने रोकी जो बिना मेरी मर्जी के हो रही thi...mujhe रहने के लिए अपना घर diya...itne झूट के बाद भी मुझे माफ़ कर diya...aur उसने उन्हें hi मार दिया ..मेरे सीनियर होने के साथ वो मेरे दोस्त भी they...mai भी वही फील कर रही हों जो आप...

अर्जुन सर हियलता है ..उसे नशा हो गया tha....use गिरता देख सौम्य उसे सहारा देने लगती है..

सौम्य : अब और नहीं पिएंगे आप ..चले आपको आपके रूम में छोड़ देती हों...

सहारा देकर सौम्य अर्जुन को उसके रूम में लायी फिर उसे लिटाने

lagi...saumya का बैलेंस बिगड़ा और वो अर्जुन के ऊपर जा गिरी जिससे उसकी छाती अर्जुन की नंगे साइन से डाब गयी...

ये देख सौम्य जल्दी से उठी...

अर्जुन : मई उसे बर्बाद कर dunga...mai उसके घर के हर एक जीवित प्राणी को जान से मर दूंगा...

सौम्य : सो जाये आप .. मई बहार hon...agar ज़रूरत...

अर्जुन : यही बैठ जाओ चाहो तो लेट जाओ...

कुछ सोंच कर सौम्य पास hi बैठ गयी....

अर्जुन : सौम्य तुम मेरा साथ डौगी न...

सौम्य : हाँ सर...

अर्जुन : तुम्हे तो उससे प्यार है....

सौम्य : सब ख़त्म हो गया...

अर्जुन : तुम लेट jao...dekho कितना बड़ा बीएड hai....arjun दूसरी साइड में खिसकते हुए बोलै....

सौम्य: नहीं सर मई ठीक हों..

अर्जुन : प्लीज...

सौम्य न चाहते हुए भी लेट गयी जिसे देख अर्जुन उसके पास आगया...

सौम्य : सो जाये सर सुबह ड्यूटी पर जाना hai...d.i.g साहब ने मीटिंग बुलाई hai..kehte हुए सौम्य ने अर्जुन की तरफ पीठ कर ली...

अर्जुन: तुम मेरे साथ हो न..

सौम्य : है सर ..

सौम्य का जवाब सुन अर्जुन उसे पीछे से हुग कर लेता है....

सौम्य को बुरा लगता है लेकिन अर्जुन की हालत देख वो रोकती नहीं है...

अर्जुन : तुमने हमेसा मेरा साथ दिया है कैसे तुम्हारे अहसानो का क़र्ज़ chukaunga....kehte हुए वो सौम्य की कमर पर हाथ रख लेता है....

सौम्य की आँखों में नींद थी इग्नोर करते हुए वो सोने की कोशिश करने lagi...lekin अर्जुन को महेश की याद आ रही thi....aur उसके दिमाग में रह रह के रोलेक्स का चहेरा आ रहा था....

तू मेरी पत्नी के साथ सोया मैंने तेरे बही को मरकर बदला liya..hahahahah...

रोलेक्स मई तेरी जान ले लूंगा....

ढाये ढाये.....

पिलो के निचे से गन निकल कर अर्जुन ने सामने फायर कर दिया....

सौम्य: क्या हुआ सर...

अर्जुन : wo..rolex आया था यहाँ...

सौम्य : कोई नहीं है...

अर्जुन : वो आया था....

सौम्य: रुको मई देख कर अति हों...

कहती हुई सौम्य उठी और बहार देखने लगी...

फिर वापस आगयी...

सौम्य : कोई नहीं है सर....

अर्जुन ने सर हिला दिया...

सौम्य : मई बहार हों वो आएगा तो बच कर नहीं आजाएग....

अर्जुन : उसे रोकेगी kaise...andar ाजाओ और रूम लॉक कर दो....

अर्जुन की हालत का सोंच सौम्य वैसा hi करती है....

सौम्य पास आकर लेटती hai..is बार वो कार्बेट नहीं बदलती है...

सीधी लेती thi...arjun फिर भी उसके पेट पर हाथ रख लेता है लौर में उसके तम्बू बना था जो वो सौम्य की जांघो से सत्ता देता है....

अर्जुन : तुम्हारे पास मुझे बहुत पीस मिल रहा है....

सौम्य कुछ नहीं कहती उसे अर्जुन का लैंड अपनी जांघ पर फील हो रहा tha...wo ये सब सहनुभूति के लिए कर रही थी...

हे कान्तम्मा...

तुम इसकी अम्मा ..तुम प्रेताम्मा और तुम कान्तम्मा...

आह यहाँ न छुओ..



ओह इतना न याद आया करो, सो न सके

ओह इतना न याद आया करो, सो न सके

सुबह सुर्ख आँखों का सबब पूछते हैं लोग

काश तेरे इश्क़ में नीलम हो जाऊं

काश तेरे इश्क़ में नीलम हो जाऊं

आखिरी बोली तुम लगाओ तेरे नाम हो जाऊं..

आंखे बंद करते hi सौम्य को सलिल दिखाई देने लगा...

सौम्य भूल जा use...ab वो तेरा दुश्मन hai....tera फ्यूचर तेरे पास है...

इतने में सौम्य को अर्जुन का हाथ अपने बूब पर फील होता है जो रखा हुआ tha...arjun अब सो गया था....

सौम्य : मुझे क्यों उसकी याद आ रही किसी और मर्द के पास आने से..

सौम्य : तू क्यों उसे सोंच रही है उसने तेरे सीनियर को मारा तेरा दुश्मन है wo...kyo भूल रही है ye..wo तुझे भी मरने वाला था...

सौम्य अपने hi मन से लड़ रही thi...bekhyali में उसने कार्बेट बदली अर्जुन की तरफ पीठ की के अर्जुन ने उसे पीछे से हुग कर liya..aur अर्जुन का लुंड उसने अपनी अस्स पर फील हुआ...

वो सोंचने लगी उठु या नहीं...

सौम्य : अर्जुन sir...itne में लैंड उसे रगड़ता फील hua..ab उसकी गांड की दरार पर था...

आवाज़ न देने पर ख़ामोशी से वो उठी और रूम से बहार निकल गयी...

उसके जाते hi अर्जुन ने आंखे खोल ली....

सौम्य बहार आकर लेट गयी थी....

..अगली सुबह.....

पहले वो ग्रीन मन अब ye...akhir इस शहर में हो क्या रहा hai...hamara इतना काबिल अफसर भी मारा gaya....d.i.g मीटिंग रूम में गरजता हुआ बोलै...

अब इस केस को कैसे हैंडल करेंगे ham....d.i.g की गरज फिर मीटिंग रूम में गूंज गयी...

D.i.g : कोई नहीं है ऐसा जो इसे हैंडल कर सके... मीटिंग रूम में सन्नाटा च गया...

D.i.g : c.b.i हर केस को हमसे छीनना चाहती है लेकिन ये केस उसने लेने से hi इंकार कर दिया hai...aur तुम सब भी इसके दर से कल्प रहे हो...

सर कुछ भी नामुमकिन नहीं है और हर किसी की कोई कमज़ोरी होती hai...itne में कोमल सी आवाज़ हॉल में गूंज गयी...

D.i.g : आईपीएस सौम्य स्टैंड up...kya कहना चाहती हो...

सौम्य : सर हमारे डिपार्टमेंट ने बहुत सी गलतिअन की है पहले हमने उस ग्रीन मन को पकड़ा उसे इंसाफ देने की जगह उसकी बहन का रपे उसके सामने..

D.i.g : शट उप...

सौम्य : अगर ऐसा करंगे तो न तो ये केस सोल्वे होगा और न हम रोलेक्स को रोक payenge....aapko सुन्ना होगा जो मई कह रही hon...agar उस दिन हमारा कानून इंसाफ करता तो हमारे पास मौका था रोलेक्स को रोकने का...

D.i.g : कैसे...

सौम्य : पावर वस पावर...

D.i.g : तुम्हे लगता है वो अपने दोस्त से लड़ेगा...

सौम्य : हम उनमे फुट दाल सकते थे लेकिन उसका भरोसा कानून पर से hi उठ गया और दूसरा वाला तो कभी कानून पर भरोसा नहीं करेगा...

D.i.g : अब क्या कहना चाहती हो डिपार्टमेंट से गलतिअन हुई जिस पर हम शर्मिंदा hai..mujhe इसका हल चाहिए..

सौम्य : सर मुझे पूरी छूट दी जाये और एक टीम जिसमे अर्जुन सर मेरे साथ होंगे पहले हम उस पर नजर रखेंगे उसकी कमज़ोरी ढूंढेंगे फिर उस पर अटैक...

D.i.g : तुम चाहती हो उसकी फॅमिली के थ्रू उसे ब्लैकमेल karna..wth...you वास्ते माय 5 minutes...wo अपनी फॅमिली को लेकर बहुत पोस्सेस्सिवे hai...mujhe पता था तुम में से कोई ऐसा नहीं जो इस केस को सोल्वे कर पाए इसलिए मैंने दिल्ली से एक अफसर बुलाया है....

D.i.g : आईपीएस फ्रॉम दिल्ली मर. विजय सेन...

इतने में पुलिसवालो के बिच से एक हत्ता कट्टा नौजवान निकल कर चलते हुए d.i.g के पास आया....

देखने में बहुत स्मार्ट बॉडी के कट्स हाफ आस्तीनों से दिखाई दे रहे they..chhote बाल और हलकी muche...dadhi नहीं थी....

D۔i۔g: mr۔sen ऐसा hi एक केस दिल्ली में सोल्वे कर चुके है....

D.i.g की बात सुन सबके होश उड़ gaye...sabhi पोलिसवाले आपस में चिमगोइयाँ करने लगे....

इतने में विजय पेण्ड्रीवे लगा कर लाइट ऑफ करने का इशारा करता है....

विजय : आर्य....

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सब स्क्रीन पर उस चहेरे को देखने लगे...

नीली आंखे सुनहरे बाल..

ये तो कोई हीरो लग रहा hai...ek पोलिसवाले फुसफुसाया....

विजय : सही कहा लेकिन ये इतना खतरनाक है तुम सोंच भी नहीं sakte...lo ट्रेलर देखो....

आर्य की लड़ते हुए वीडियोस चल रही थी वो खून से नहाया हुआ था....

विजय : आर्य थे ाड़मेण्टियम man...isne दिल्ली में खून की नदिया बहा दी thi...aur मैंने इसे रोका...

अर्जुन : अगर ये आपकी कैद में है तो इसे यहाँ क्यों नहीं लेट रोलेक्स का मुक़ाबला ये कर सकता है फिर किस बात की देरी...

विजय : आप गलत समझ रहे hai...ise रोका मतलब ये नहीं कैद कर लिया ...हमारी डील हुई वो सरकारी कामो में अड़चन नहीं डालेगा और सर्कार उसे तंग नहीं करेगी....

अर्जुन : ओह्ह तो ये है इसे rokna..lekin ऐसा रोलेक्स के मेटर में नहीं hoga...bilkul भी नहीं...

विजय ने हामी भरी और लाइट्स ों करने का इशारा दिया....

D.i.g : मई एक टीम बना रहा hon...jo इस रोलेक्स की कमज़ोरी ढूंढ कर उसे rokegi...is टीम का हेड मई बनता हों असिस्टेंट कमिश्नर अर्जुन को और आपके अंडर mr.vijay होंगे और इनमे से किसी को आप लेना चाहते है अपनी टीम में...

अर्जुन : सौम्य रेडडी sir...she's बेस्ट फॉर थिस mission...2nd इस आरव दीक्षित...

D.i.g : done...tum इस मिशन को लीड करोगे लेकिन तुम्हारे बैकग्राउंड में मई रहूँगा.. attention...is मिशन में mr.vijay सेन को पूरी फ्रीडम है उनके साथ तुम्हारी टीम को bhi..arjun इस मिशन का इंचार्ज मैंने तुम्हे इसलिए बनाया है तुमने अपना भाई और हमारा सबसे काबिल कमिश्नर खोया है तुम इस मिशन में इमोशनल नहीं hona...pal पल की खबर तुम मुझे डोज....

अर्जुन : यस sir...arjun सलूट करते हुए बोलै...

D.i.g : कोंग्रटुलतिओन्स तो यू एंड तो सौम्य...

What..why sir...dono ने एक साथ कहा.

.

D.i.g : मैंने ऊपर बात की है तुम्हारे ऑफिस में फैक्स भी आगया होगा जाकर देख lena...arjun अब तुम कमिश्नर हो महेश की जगह तुम hi डेसेर्वे करते हो miss..saumya तुम अब से असिस्टेंट कमिश्नर हो....

D.i.g की बात सुन कर दोनों एक दूसरे को हुग कर लेते है....

सब पुलिस वाले चले जाते है और चार लोग हॉल में रह जाते hai..saumya अर्जुन विजय आरव....

अर्जुन : सौम्य सही कह रही थी हमें उसकी कमज़ोरी ढूंढ़नी होगी...

आरव : सर और ये कैसे होगा..

सौम्य : हम दिन रत 24 हॉर्स उस पर नज़र रखेंगे वो कहा जा रहा है किस्से मिल रहा है..

विजय : गुड....

अर्जुन : चलो सब लग जाओ काम पर ..

चारो लोगो ने अपनी अपनी अलग टीम बनाई जिनमे कुछ sp..dsp..they जो 24 हॉर्स साधा कपड़ो में रोलेक्स के अस्स पास घूमने lage...rat में वो चारो भी दूर से रोलेक्स पर नजर रखते...

कितनी देर से ये यहाँ hai...vijay ने आकर पूछा....

500 मत्र. की दूरी पर अर्जुन अपनी टीम के साथ एक इमरत की बालकनी में था जहाँ दूरबीन और बड़े कामर्स लगे थे....

सौम्य : पहले आप बताये स .म के साथ क्या हुआ...

विजय : वह लाशे पड़ी hai...ye नंगा था साला ..लगता है c.m की बेटी का रपे हुआ hai....khair वह मैंने इसके जाने के बाद हेल्प पाहकः दी है...

आरव : ये बस बैठा सिगरेट पि रहा hai..wo भी एक घंटे से...

अगले दिन...

UTho...arjun sir....saumya अर्जुन को उठा रही thi....jo अपने बीएड पर सो रहा था...

अर्जुन : क्या हुआ....

सौम्य ने जवाब नहीं दिया तो अर्जुन ने आंखे kholi...saumya का फेस झुका हुआ था वो फर्श देख रही thi...fir जाकर अर्जुन को अहसास hua....ki अंडरवियर में उसका तम्बू बना हुआ hai...usne जल्दी से अपने ऊपर ब्लैंकेट डाला...

सौम्य क्या हुआ : अर्जुन ने उसे याद दिलाते हुए पूछा..

सौम्य : रोलेक्स कही जा रहा hai..apni दो बहनो के साथ...

अर्जुन : तुम वाक़िआ को उठाओ मई उसके पीछे अपने लोग भेजता हों...

सौम्य चलते हुए विजय के रूम में आयी....

इस बार उसने ब्लैंकेट नहीं hataya...lekin विजय ने कमर तक ब्लैंकेट ओढ़ा हुआ था....

सौम्य को विजय का पेट दिखा जिस पर सिक्स पैक अबस they...body में कट hi कट...

सौम्य: पता नहीं क्यों ये आईपीएस नहीं lagta..vijay की पर्सनालिटी देख वो सोंचने पर मजबूर हो गयी...

उसने जल्दी से विजय को हिलाया...

सौम्य : sir...hurry up...jaldi उहे रोलेक्स कही जा रहा है...

सौम्य के उठाने पर विजय ने खुद पर से ब्लैंकेट हटाया...

और सौम्य को विजय का आधा हाथिएर अंडरवियर से बहार दिखा.... हथियार की मोटाई लम्बाई देख सौम्य के बदन पर चीटिया काटने लगी....

सौम्य एक जवान लड़की थी वो भी वर्जिन...

विजय : ओह्ह sorry...subah सुबह ये automatically..vijay ने सौम्य को उसका लैंड घूरते हुए पकड़ लिया था...

सौम्य : ी understand..jaldi ए..1 मिनट में...

बिना विजय को देखे सौम्य आरव की तरफ जाने को हुई की उसे वो अर्जुन के साथ बैठा दिखा...

अर्जुन : मैंने टीम भेज दी है...

सौम्य : हम में से किसी को जाना था इसके पीछे...

मई और तुम चलते hai...shirt पहनता हुआ विजय एते हुए बोलै...

अर्जुन : हाँ और हम दोनों दूसरे वाले पर नजर रखते है...

.

सौम्य विजय के साथ कार में आयी और पीछा कर रहे पुलिसवालो से लोकेशन पूछ के उधर hi चल दी..

विजय : 500 मत्र. की दुरी बनाये रखना...

सौम्य ने सर हिलाया...

विजय : तुम सोई नहीं थी....

सौम्य : नहीं सर...2 घंटे क्या करती सोकर...

पीछा करते हुए दोनों पार्क में ए..

सौम्य : can't बिलीव...


विजय : ये ज़्यादा हॉर्नी हो रहा hai...but ये दूसरी लड़की इसकी गफ है..

सौम्य : ये भी इसकी बहन है....

विजय : ये साला अपनी बहन को hi हररस कर रहा hai....kash ये नार्मल होता तो इसे नामरद बना देता...

सौम्य : दिन प्रति दिन ये मेरी नजरो से गिर रहा है...

पीछा करते हुए दोनों ने रोलेक्स को बोगी में बैठ कर जाते हुए देखा...

विजय : ये कहा जा रहा है...

सौम्य: चलो चलते hai...but धीरे धीरे....

दूसरी बोगी में बैठ कर वो दोनों भी चल दिए....

दोनों ने इतना फैसला रखा आगे वाले उन्हें और वो इन्हे न देख पाए...

*****************************

गार्ड्स को मरता हुआ मई फिर आगया था उसी हॉल में जहाँ मैंने लड़कीओ को जलाया था.....

मई : तुम साली सुधरी नहीं अपनी रंडी साथिओ की मौत se....ladkian मेरी गरज पर गर्दन निचे कर लेती है...

हे ...मैंने आवाज़ को देखा तो लड़कीओ के बिच से एक लड़की निकल कर आ रही थी.....

मई चुप चाप उसे देखने लगा वो बाला की सुन्दर थी... हैरस्टीले से फेमिनिस्ट लग रही थी...

लड़की : हमें पता है तुम हमें मार डोज लेकिन मुझे कुछ सवालो के जवाब chahiye...agar मुझे बात करने दो...

मई : पूछो लेकिन एक शर्त है अगर कुछ गलत पूछा तो तुम सब मरोगी अगर सवाल लॉजिकल हुए तो तुम सब को ज़िंदा छोर दूंगा....

मेरी बात सुनकर वो खुस हो गयी...

लड़की : तुम हमें क्यों मरना चाहते हो...

मई : मई सबको नहीं मरता सिर्फ उन्हें जो डेसेर्वे करती है मीन्स जो अपनी मर्ज़ी से ये काम करती है...

लड़की : इसमें गलत क्या है....

मई : पहले तुम बताओ इसमें सही क्या है...

लड़की : हम में से बहुत सी गर्ल्स के सपने है कई जो ये करके उन्हें सच करना चाहती है हम के से कई ऐसी है जो पैसो के लिए ऐसा कर रही hai..hame उठाया नहीं gaya...na हमें फाॅर्स किया जब हमें कोई प्रॉब्लम नहीं फिर तुम्हे क्यों hai...ye सवाल लॉजिकल है...

मई : नहीं पूरी तरह से िररोगीकल... ह्यूमन नेचर के against...let में एक्सप्लेन... तुम लोग बहार की दुनिआ में जाओगी वह बहुत से ऐसे मर्द होंगे जिनके बचे होंगे वाइफ होगी उन्हें rijhaogi...aur इससे पूरी फॅमिली बिखर जाएगी बचो को अपनी माँ से किसी को अपने बाप से नफरत हो जाएगी. तुम में से बहुत सी ऐसी है जो वेबसेरिएस पोर्न banayegi..aur इससे करोड़ो लोग इफ़ेक्ट hoge...ye एक वायरस hai...yani की तुम sab...ab मेरे सवाल का जवाब दो क्या तुम्हारी फमलीएस ने तुम्हे ये सब अल्लोवेद किया hai...jawab दो...

मेरी गरज पर 300 में से 5 लड़कीओ ने हाथ खड़े किये और बरी बरी से कहने लगी हां वो अपनी फॅमिली को बता कर यहाँ आयी है...99% लड़कियां ऐसी थी जो चुप कर विष कन्या बानी थी...

मई : तुम सब अगर मेरी बातें समझ गयी हो तो ये छोर दो..

लड़की : हमारे लॉ में ये अल्लोव है फिर तुम कोण होते हो इसका फैसला करने वाले....

मई : मेरे अपने रूल्स है मेरी अपनी लॉ है...

लड़की : थिस इस डिक्टेटरशिप...

मई : ऐसा तब होता जब मई गलत को अपने फायदे के लिए सही kehta..tumhara समय पूरा hua...ab बताओ क्या चुनना है....

मेरी आवाज़ पर बहुत सी लड़कियां जाने लगी...

मई : तुम nahi...maine उसी फेमिनिस्ट का हाथ पकड़ लिया....

मई : तुम बहुत देन्गेरौस हो....

चट्ट्ट्ट.......

अगले hi पल मैंने उसकी गर्दन तोड़ दी...

Aaaaasaaa....aaaaaaaaaa....

लड़की की लाश देख वाकई लड़कियां चीखते हुए बहार को भागने लगी...

मई : बेसमेंट किधर hai...maine माइड से पूछा....

उसने हाथ से इशारा किया....

चलता हुआ मई बेसमेंट में aya....fir निचे आया जहाँ बहुत सी सेल बानी थी जिनमे लोग भी they....mai जिस सेल को देखता उसका टाला तोड़ता हुआ आगे बढ़ने लगा...

प्रकश सीता...

मई सबसे पूछ रहा tha...wo ना में सर हिला रहे थे...

आगे बढ़ता हुआ मई एक बंद रूम में आया...

टाला तोड़ कर मैंने गेट खोला....

अंदर एक आदमी और एक औरत रो रहे थे आदमी का सर औरत की जांघो पर रखा था दोनों के फेस पर भूक के असर दिख रहे थे प्यास से उनके होंठ सुख गए थे....

मई : प्रकश सीता....

तुम कोण ho....aurat ने पूछा..

मई : salil...samar का बीटा....

सलिल मेरे bache....ae जी देखे कोण आया hai...apki बहन का beta....apka भांजा....

सीता थी ye...aur शायद ये मेरा मां....

उसने सर उठा कर मुझे देखा....

Salil.....mama की दबी सी आवाज आयी....

मई : mama....bhagta हुआ मई उनसे लिपट गया.....

वो दोनों मुझे चूमने लगे....

मई : तू हैट जा sali...dhokebaz...maa ने सब बता दिया मुझे...

मेरी बात सुनकर सीता दर से पीछे हो गयी मैंने मां को कंधे पर डाला...

सीता : क्या सुभो ज़िंदा है..

प्रकश : मेरी बहन ज़िंदा है....

दोनों ने एक साथ पूछा.

मई : है मां....

दोनों को बेसमेंट से निकल कर मई ऊपर लाया....

मई : खाना और पानी लेकर आ...

माइड सर हिलती हुई चली गयी....

खाना आया दोनों बेसब्री से खाने लगे....

मई : मां..

प्रकश : मेरे bache....mai उनकी पीठ सहलाने लगा....

खाना हुआ तो मई उठा...

प्रकश : चल लूंगा beta...mai उठाने लगा तो मां ने रोक दिया....

प्रकश : सुभो ज़िंदा है...

मई : है mama..apko उनके पास ले जा रहा हों..

प्रकश : जीजू....

मई : papa...aur मई रो दिया....

सीता : अनुसुइया ने नहीं बताया भाई साहब ज़िंदा है...

मई : क्या...

प्रकश : तुम्हे कैसे पता .

सीता : मैंने देखा भाई साहब को उठा कर भैरव उनका इलाज करा रहा tha...ye मैंने अनुसुइया को बताया और कहा अपने पापा को ढूंढो....

जहाँ मई कई तरह की सोंचो में गम हो गया वही मां जमीन पर हाथ मर कर फुट फुट कर रोने लगे ..

प्रकश : anusuiya.....anusuiya.....meri बची....

मई : क्या हुआ मां वो ठीक है आगे वेट कर रही है हमारा..

प्रकश: वो मुझे अनुसुइया की अश्लील वीडियो दिखते थे bhairav....wo हरामी उसे मई जान से मार दूंगा....

मां की बात सुनकर मुझे धक्का लगा...

मई : वो मेरी कैद में hai...utho मां अब बदले का समय आगया है....

सिसकते हुए मां उठे और मई उन्हें लेकर चल दिया....

चलते हुए मई उसी पेड़ के पास आया जहाँ आशना और अनु को छोड़ा था..

वो दोनों नशे में अटखेलिया कर रही थी....

Mama....dono उनसे लिपट गयी....

अनुसुइया : मां इसने मुझे मारा...

आशना : भाई ने मुझे न...

वो आगे कुछ कहती मैंने उसे अपनी तरफ खींच लिया....

मई : इस कुटिआ को तू संभल ये दोनों नशे में hai....maine सीता से kaha...jisne अनु का हाथ पकड़ लिया ...

हम बोगी के पास aye....sabko बिठा कर में बोगी भगा दी ..

वो दोनों रस्ते भर ुत पतंग हरकते करती रही ..

बंगलो में आकर मई सबको बहार लेकर आया....

मुझे अहसास हो रहा था कोई मेरे अस्स पास है लेकिन किसी के हिम्मत नहीं हुई मेरे पास आने की...

मैंने सबको जीओ में बिठाया...

आशना : मई आगे बैठूंगी दीदी के पास ..

मई : आगे जगह नहीं है ... पीछे बैठी रह ..

अनुसुइया : मेरी गोदी में जगह है...

वो पीछे से उतारकर अनु की गोदी में बैठ गयी....

अनुसुइया : मेरे पास लैंड होता तो तुम्हारी गांड में दाल deti..wo हस्ते हुए फुसफुसाई...

जिस पर आशना भी खिलखिलाने लगी...

मैंने गाड़ी स्टार्ट की और आगे बढ़ा दी...

आशना : इसका काट के लगा लो न... वो मेरी तरफ ऊँगली करते हुए बोली..

अनुसुइया : धीरे मां है पीछे...

आशना : सॉरी सॉरी.....

रस्ते भर वो दोनों ऐसी hi गन्दी बातें करती rahi....maine नशा कराया था अपने मज़े के liye...wo दोनों मुझसे मज़े ले रही थी....

रत 10 बजे के करीब मई बेस पर पंहुचा.....

जीप की रौशनी में मैंने सामने देखा और मेरे हाथ पेअर फूलने लगे....

Rolex....kisi की आवाज़ सुनकर मेरी जान में जान आयी....

मई : क्या हुआ यहाँ....

मैंने hi किया hai...jhamela पीछे के पेड़ो से निकलता हुआ सामने आकर बोलै...

मई : माँ सोना संजना पूर्वी ...

पूर्वी : वो सब सेफ hai....wo पास आकर मेरे गले लग गयी...

मई : तुम मेरा इतना साथ दे रही ho...lekin मई तुमसे प्यार नहीं करता ..

पूर्वी : मई तो करती हों....

मई : तू छिनाल यहाँ....

सामने आरोही कड़ी थी...

झमेला : रोलेक्स...

मई : पता है इसकी माँ ने हमारी बहन को पला लेकिन तू इसे निकल यहाँ से...

झमेला : तू इसे गली नहीं देगा मेरे सामने तो बिलकुल भी नहीं....

मई : इमोशनल फूल भूल गया इसके बाप भाई ने क्या किया....

झमेला : ये उसके जैसी नहीं है...

तुम दोनों आपस में क्यों लड़ रहे हो अगर दोस्त ho...itne में मां हमारे बिच आगया..

मई : ये मेरा भाई hai.....sab बाद में बताऊंगा मां घर चलते है...

Jhamela....ye कैसे hua...anusuiya कार से निकल कर बेस देखते हुए बोली..

पूर्वी : अनुसुइया होश में तो हो तुम्हारा बड़ा भाई है ये....

अनुसुइया : सॉरी बड़े bhai...jhamela......hahahahaha....

मई : ये नशे में है इन दोनों ने गलती से मेरा गोला खा लिया tha...maine धीमे से कहा....

झमेला : तू इतना केयरलेस कैसे हो सकता है....

मई : सॉरी यार....

झमेला: ये तेरी हिफाजत में गयी thi...ek का समझ में अत है अनु kaise...tune मजबूर किया hoga...tu छठा क्या है आखिर.... वो दोनों को संभालता हुआ मुझ पर garja....wo पोस्सेसिवे हो रहा tha...aashna तक तो ठीक था लेकिन अनु के लिए उसका इतना तड़पना मेरे लिए बर्दास्त से बहार था....

मई : मई क्या चाहता hon...mai इसे मरना चाहता हों...

झमेला : हाथ लगा इसे...


पूर्वी : तुम दोनों बस करोगे ab....tum भूल गए हो तुम दोनों कोण हो....

झमेला : मेरे पास इनके सिवा कोई नहीं hai...uski आंखे चालक पड़ी....

ये देख मई उसके गले लग गया....

वो मेरा सर चूमने लगा....

जमीला : ये हमारी बहने hai...sath नहीं छोड़ना हाथ नहीं छोड़ना...

मेरी तरफ हाथ बढ़ाते हुए उसने कहा...

मई और सलिल कभी ये कहते थे फिर झमेला हमारे साथ hua..iska मतलब हमारे लिए ज़िंदगीभर साथ निभाने का था...

मई : अंदर से ज़रूरी सामान निकलना है चल आजा...

आवाज़ देकर मई आगे बढ़ गया...
 
थँक्स वरो

ये तो है

वरो ऐसी डिवाइस इम्पॉसिबल है

वरो औरत भी हॉर्नी हो जाती है..

शुरू से hi ब्रांड है

हाँ वरो कुत्ते वाली हो गयी उसकी.

Let's सी.

वरो वो लड़ रही है एक तरफ उसकी जॉब दूसरी तरफ प्यार और उस प्यार के प्रति नफरत

नहीं वरो ये वप नहीं है

वरो कैद कहा रखा है सैम की इतनी केयर कर रही है ये कैद कैसे हो सकती है.

आर्य की स्टोरी बस 2 episode की बची थी वही मई रुक गया रीडर्स के न होने पर लेकिन अब उसका एन्ड करूँगा जल्द .फिर 3रद part उसका स्टार्ट होगा.


हाँ.

यहाँ भी हार जायेगा.

Let's सी

अभी काफी स्टोरी है वरो अभी कैसे
 
ठंग्स वरो स्टे तुनेड

नहीं वरो ये सब उस मास्क की वजह से हो रहा है.

वरो वो टार्चर था.

वरो अभी वो लड़ना सीख रहा है.

हाँ

हाहाहा उसके पास अब कुछ नहीं सिवाए इसके.

वरो ऐसी लड़कीओ की फितरत होती है यही सब दिखने का तरय कर रहा hon.for एक्साम्प्ले कुछ दिन कोई पसंद अत है फिर नहीं यही सब एक बर्फ कुछ मंथ पसंद आया फिर नहीं कोई कोई एक के साथ लाइफटाइम लॉयल रहती है
 
Episode 46 ा

झमेला को इग्नोर करता हुआ मई मलवे के ढेर से अंदर जाने लगा....

झमेला : पूर्वी तुम इन सब को लेकर घर jao...ham भी आ रहे है...

मुझे उसकी पीछे से आवाज़ आयी...

मई अंदर आया और अपना ज़रूरी सामान बेसमेंट से उठाने लगा....

की इतने में मुझे पीछे से कदमो की आवाज़ ayi...mai palta..jhamela आरोही के साथ आगया था...

झमेला : जो हुआ उसे भूल जा ...उसने बहुत कुछ सहा है ..उसे नहीं पता था क्या सही क्या गलत वो बस तेरा पेट भरना चाहती thi....mujhe क्या तकलीफ नहीं हो रही लेकिन एक मौका सब डेसेर्वे करते है...

मई : तू नहीं जनता उसे 2 दिन ठीक रहेगी तीसरे दिन वो किसी के बिस्तर पर पर कूदती मिलेगी तुझे...

झमेला : तू भाई hi है na...aisa लग रहा है तू जानवर बन रहा hai...anusuiya के लिए मेरे शब्दों पर वो फट पड़ा..

मई : अब तक का रिकॉर्ड देख कर मुझे bata...kya ऐसा नहीं है...

झमेला : बस अब एक और लफ्ज़ nahi....wo गुस्से में दांतो की पीस कर बोलै...

मई : तू भी उसे जितनी जल्दी समझ जाये उतना तेरे लिए सही है...

झमेला : तू उस रात कहा गया था...

मई : भैरव की माँ छोड़ने ...और उसकी बेटी औरत दोनों छोड़ दी ..

झमेला : मार दिया उन्हें....

मई : तुझे सब बताना padega....aur फिर मई बिना सेंसर्स के उसे सब बताने laga....aise क्यों देख रहा है..


मेरी बात सुनकर वो अजीब नजरो से देखने लगा...

मई : तू खुश नहीं है...

झमेला : कोण है tu...uska अंदाज़ अंजना था..

मई : क्या मतलब....

झमेला : उसके बेटे और बेटी की क्या गलती थी...

मई : हमारी फॅमिली के बचो की किआ गलती थी वो तो बड़े भी नहीं हुए थे ...

धमममममम.....

.आरोही : रोलेक्स जी. ..

झमेला: हम में और उसमे फर्क है ...हम इज़्ज़तो को नहीं लुटते....

गुस्से में उसने मुझे धक्का diya...aur मई दरवाज़े से जा लगा...

झमेला: मेरे भइओ में से ऐसा कोई नहीं कर sakta....tu उसकी स्प्लिट पर्सनालिटी hai...sale... हैवान....

मई : बहुत हुआ tera....ab मुझे हाथ लगाया तो भूल जाऊंगा तेरा मुझसे क्या रिश्ता है ...

झमेला : तेरे जैसे जानवर से मेरा कोई रिश्ता नहीं है....

मई : तो क्या कर रहा है यहाँ निकल जा यहाँ से... मई उसकी आँखों में देखते हुए चीखा...

झमेला: कहा रखा है उन्हें तूने...

मई : पता लगा ले ..

मेरे जवाब पर उसने मेरा कल्लोर पकड़ लिया...

झमेला : मई दुबारा नहीं पूछूंगा...

मई : चल रूप बदल ले apna...aur पता कर le...aise तुझे मारा तो ये नाइंसाफी होगी....

क्या कर रहे हो तुम dono..aarohi हमारे बिच में आकर chikhi...usne झमेला का हाथ पकड़ा और मेरा कल्लोर छुड़ा दिया....

आरोही : मई प्रेग्नेंट हों तुम दोनों आगे बड़े तो हम दोनों मरे jayenge...wo अपने पेट पर हाथ रखते हुए बोली..

मई : दफा कर दे इसे यहाँ se...aaj से तेरा मेरा रिश्ता ख़तम ....


झमेला हैरत से मुझे देखने लगा..

झमेला : मई भैरव को मरे बिना नहीं jauga....aaaaaaa....wo बदलने लगा....

आरोही : ayan...ise कुछ हो गया तो तुम खुद को कभी माफ़ नहीं कर paoge...wo अपने पेट पर हाथ फेरते हुए झमेला के आगे हाथ जोड़ दी...

जिससे झमेला खुद पर कण्ट्रोल करने लगा...

मई : बता दे इसे अब तक तो भैरव मर गया hoga....uske बचो को मई नहीं marunga...lekin इस लायक भी नहीं छोडूंगा वो मेरे खिलाफ कभी कुछ कर सके ..

आरोही : वो नहीं manege...bhai तुम खुद को सम्भालो...

वो खड़ा hua..aur उसने मुझे dekha....fir कुछ कहे बिना आगे बढ़ गया....

आरोही : ayan..ayan...ruko...ayan...awaz देती हुई वो उसके पीछे भागी...

मई वही किबाड़ से तक लगा कर बैठ गया....

ऐ झमेला अजा yaar....sale तू इतना चिकना है काश लड़की होता...

अबे हटेले क्या तू हर वक्त मेरे गलो को चूमता रहता है..

वो चला गया ... आरोही मेरे पास आकर सिसकते हुए बोली...

मई : तो मई क्या करूँ ..मई उस पर चीखा...

आरोही : हमारी शादी पर सबसे ज्यादा खुश वो tha...wo तुम्हे कंधो पर उठाये....

मैंने मुँह पर ऊँगली राखी जिससे आरोही खामोश हो गयी ..

आरोही : उसे रोक लो दूर नहीं गया होगा....

मई : ये बचा किसका hai...wada करता हों मेरा न हुआ तब भी तुझे माफ़ कर दूंगा....

आरोही : तुम्हारा है...

मई : जिस दिन सलिल ने तुझे छोड़ा उससे पहले तू चूड़ी थी...

आरोही: कंडोम उसे किया tha..lekin पहले hi मई प्रेग्नेंट हो गयी थी ..

मई : तूने सलिल की गांड mari...maine उसकी सुब कॉन्ससियस यादें निकल ली है जो तेरे ड्रग्स से वो भूले बैठा tha....maine झूट कहा..

आरोही का सर झुक गया...

मई : रोहित ने भी ली...

आरोही : नहीं मैंने और मिया गुप्ता ने..

मई : जब तू भैरव के कहने पर सलिल को ककोल्डिंग के लिए ले गयी थी तब तुझे अपने पति के सामने चुड़ते हुए मजा आया ...झूट बोली तो मार दूंगा....

आरोही ने सर हिला दिया...

आरोही : पता नहीं कैसे मई इस सब की आदि हो gayi..ab सब सोंचती हों तो मरने का दिल करता है...

मई : मज़ा मुझे भी आया था तुझे दुसरो से छुड़ता देख कर..

वो मुझे हैरानी दे देखने लगी...

मई : सच कह रहा हों...

आरोही : तुम मेरे सलिल नहीं ho...wo ऐसे कभी नहीं थे...

मई: पता है madarxod...chal दफा हो यहाँ से ..वर्ण तेरी गांड मर लूंगा....

वो डरकर जाने लगी..

आरोही : मुझे अपना लो अब मेरा कोई नहीं hai....tum जो कहोगे करुँगी ..वो जाते हुए पलटी.

मई : मिश्री का सर हाथ पेअर काट कर ला तुझे अपना lunga..aur हाँ मरने से पहले उसकी गांड में 30 इंच का डिलडो dalna...wada करता हों तुझे अपनी पत्नी बना कर रखूँगा...

वो मुझे देखते हुए चली गयी...

अपना सामान उठा कर मई बहार आया.....

मेरी आंखे बार बार झमेला को देख रही थी....

गुस्सा उतरा तो समझ आया मैंने क्या खोया....

मई : चला गया ...ठीक है मुझे भी नहीं है तेरी zarurat..mai खुद में बुधुडाया....

ऐसे hi खुद से बातें करता हुआ मई चल दिया....

पीए ...पीए....

इतने में मुझे सामने से अति कार ने हॉर्न diya...ye बंव थी...

मई पास गया तो मिरर निचे हुआ...

अंदर ाजाओ ..ये पूर्वी थी ...

मई : ये कहाँ से मारी...

पूर्वी : तुम्हारे घर कड़ी थी....

मई : ये किसकी हो सकती है...

पूर्वी : होगी किसकी की लीव आईटी .अयन कहा चला गया...

मई : छोड़ use...maine गुस्से में kaha...jis पर वो चुप हो गयी...

******************************

कुछ समय पहले.....

सोना संजना महालक्मी को लेकर घर आयी ...

सोना ने जहाँ के छुपाई थी वह उसे के mili....dono बहने hi एक्स्ट्रा के के बारे में जानती थी...

घर में हलकी फुलकी सजावट थी सोना की शादी ki...jise देख उसके आंसू निकल ए ...

माहि: यहाँ तुम रहती थी...

सोना: दीदी ने bhai...ke लिए लिया tha....sona भाई कहते हुए रुक गयी थी वो भाई कह भी सलिल को रही थी...

दोनों अंदर ayi....maha घर को देख रही थी...

सोना को जाते हुए घाना ने देख लिया tha...apne घर आकर उसने ये बात अपने बाप और अपनी माँ को बताई ...और चारो सोना के घर की तरफ चल दिए...

Sona....beti तुम ठीक तो ho..vishnu अंदर एते हुए bola...jiske पीछे संगीता घाना और राधा थी...

सोना : विष्णु अंकल aap...didi नहीं है abhi..sona ने जाने के लिए कहा बिना साफ़ बोले ..

विष्णु : बची तुम ठीक तो हो और ये न्यूज़ में क्या आ रहा है...

संगीता: घाना रोज तुम्हे ढूंढ़ता tha...ham तुम्हारे लिए बहुत परेशां थे ..

घाना : कहा कहा नहीं ढूंढा tumhe...in न्यूज़ के बाद...

Sona....radha पास आकर उसके गले लग गयी....

जिसका वेलकम सोना ने भी अचे से किया...

राधा : क्या हो रहा है...

सोना : बैठो सब बताती हों....

संगीता : आप कोण है बहन..

सोना : ये मेरी माँ है ..

सोना की बात सुनकर संगीता महा से गले लग गयी....

संगीता : बहुत प्यारी बछिया है aapki...is पुरे शहर में सबसे खूबसूरत.....

सोना : संजना सामने किचन है ..अंकल ौंटी के लिए कुछ लेकर आओ ..

विष्णु : नहीं नहीं ..बेटी तुम लोग थके हुए लग रहे ho....jab तक हालत ठीक नहीं हो जाते तुम्हारी देखभाल हम karenge...sangita तुम बचो को लेकर जाओ और कुछ खाने पिने का लेकर aao...bahan के लिए और हमारी सोना के लिए...

संगीता राधा को लेकर उठ जाती है...

सोना : माँ आप नाहा lo..didi के कपडे है आपके आजायेंगे...

सोना माहि को लेकर वाशरूम में छोरती है फिर कपडे रख कर आजाती है..

सोना : संजू ऊपर भी एक वाशरूम hai..tum वह नाहा lo...aur कपडे तुम्हारे liye...sona अपने कपडे देते हुए बोली...

विष्णु : बेबी डॉल आप कोण हो...

सोना ने देखा विष्णु की आंखे संजना के जिस्म का मूयेना कर रही hai...aur उसके दिमाग में एक ख्याल आया बदले का...

सोना : ये मेरे मां की बेटी है...

संजना चली जाती है और सोना विष्णु के पास बैठ जाती है...

विष्णु : मुझे सब बताओ ..ये सलिल को क्या हो गया है इतना पावरफुल कैसे वो हरा आदमी कोण है और ये तुम्हारे रिलेटिव्स कहा से आगये तुम्हारी माँ के बारे में तो अनु ने कुछ और कहा...

विष्णु ने एक साँस में बहुत सरे सवाल कर दिए थे...

सोना : वो बहुत पावरफुल हो गया hai...fir सोना सब बताने lagi......wo अपने हर दुश्मन को चुन चुन के मार रहा hai...sona विष्णु को घूरते हुए बोली.

विष्णु : मेरी अनु से शादी का क्या होगा...

सोना : एक रास्ता hai..agar आप दीदी की शादी घाना से करने को कहे... ोथेरविसे माँ भी नहीं manegi...aur रोलेक्स आपको मर देगा...

विष्णु सोंच में पद गया...

विष्णु : अनुसुइया इसके लिए मानेगी...

सोना : मई मानोगी तो ज़रूर...

विष्णु : थैंक्स sona...thank यू सो मच...

सोना : अब जैसा मई कहु वैसा करना...

विष्णु : जैसा तुम कहो ..कहते हुए विष्णु सोना के सर को चुम लेता hai...aur सोना मुस्कुरा देती है....

सोना मन में: नाउ you'll टास्ते योर ओन एक्शन.

सोना : मई माँ को मानती हों आपके liye...ki रोलेक्स आपको आने जाने से न रोके...

विष्णु हामी भरता है....

सब संभल कर दिन्निग पर रख do..sangita घाना और राधा से बोली जो बड़े बड़े थालो में खाना लिए आ रहे थे...

तुम भी नाहा लो sona..maha एते हुए बोली...

सोना : माँ आप बैठे अंकल के साथ मई अति हों...

सोना नहाने चली जाती है और महा सबके पास आकर बैठ जाती है..

विष्णु : आप कहा थी और कैसे मिली सोना को..

महा : बस हालत की मरी थी याददास्त खो बैठी और मुंबई आगयी वह एक अचे इंसान ने मुझे और मेरी बेटी को सहारा दिया...

विष्णु : आपकी और भी बेटी है .

महा : हाँ आशना ..वो यहाँ पढ़ने आयी और उसकी दोस्ती अपने hi भाई सलिल से हो gayi....fir माहि सब बता देती है...

विष्णु : अनुसुइया किसी दुश्मन की बात कर रही thi...vishnu देख रहा था की सोना की माँ कितनी चालक है..

माँ अंकल को सब पता hai...uncle हमारे भरोसे वाले hai..itne में सोना बालो में टोबले बंधे आते हुए बोली..

माहि ने सोना को मुस्कुराते हुए देखा फिर आंखे दिखा दी..

सोना : माँ आपको भी कुछ जानना chahiye...ghana दीदी का मंगेतर है...

सोना की बात सुनकर सब एक दूसरे का फेस देखने लगे...

विष्णु : सही कहा beti...ghana और अनुसुइया एक दूसरे से बहुत प्यार करते है...

राधा बोलने वाली थी अपने बाप की आवाज़ सुन वो भी हैरत से चुप हो गयी...

माहि : acha..aur तुम क्या करते हो...

घाना : मई इंडस्ट्रियलिस्ट हों आउंट..

महा : ओह्ह नीस बचा...

सोना : माँ आपको कुछ बताना है...

महा : बोलो..

सोना : अंकल और सलिल की एक बार फाइट हो गयी thi...salil ने दीदी को गली दी जिस पर अंकल ने रोका तो भाई ने अंकल पर हाथ छोड़ दिया बदले में अंकल ने भी बाद में अंकल ने माफ़ी मांग li...aur जब भाई को जेल में सजा होने वाली थी तब अंकल ने भाई को बचाया ...अंकल के हम पर बहुत अहसान है ..सलिल ने तो माफ़ कर दिया लेकिन रोलेक्स ..माँ वो पूरी मेमोरी स्कैन कर चूका है और वो अंकल को भी दुश्मन समझता है ...आप देखे वो कही अंकल को हरम न कर सके...

विष्णु : सोना बीटा अपनी माँ को परेशां न karo...ham बस तुम्हे देखने ए hai...chale जायेंगे कुछ देर में..

सोना : नहीं अंकल आप हमारी फॅमिली का part hai...aisa नहीं कहे....

महा : रोलेक्स से मई बात karungi....maha का जवाब सुन सोना के फेस पर मुस्कराहट आगयी...

संगीता : बहन चलो खाना खा लेते है ठंडा हो रहा है ..

महा ने हामी भरी...

महा : सोना जाओ संजना को ले आओ...

सोना : ये अभी तक आयी nahi...budbudate हुए सोना ऊपर आयी...

संजना सलिल के रूम में थी...

सोना : ये रूम सलिल का hai...uske जाने के बाद हमने उसकी हर याद संभल कर राखी ये सोंच कर जब वो वापस ए उसे सब वैसा hi मिले...

संजना : आप बहुत प्यार करती है न..

सोना सर हिला देती है..

सोना : चलो खाना खा लो चलकर.

.

संजना : इन कपड़ो me..sanjana एक टॉप और शार्ट में थे टॉप में उसकी कमर दिख रही थी और शार्ट में उसकी जंघे बैठने पर अस्स भी...

सोना : हां तो क्या हुआ..


संजना : वो लोग है..

सोना ने सर हिलाया...

संजना: फिर ऐसे नहीं जाउंगी...

सोना : ालमिरह में सलिल के कपडे है..

सोना की बात सुन संजना ने सलिल की एक शर्ट निकली और पहन ली...

संजना : कैसी लग रही हों...

सोना : बहुत प्यारी...

दोनों निचे आयी और साथ में खाना खाने लगी...

खाना खाने के बाद कुछ बातें करके विष्णु खड़ा हुआ...

विष्णु : जब तक रोलेक्स नहीं आजाता तब तक घाना यहाँ hai..aap सब की प्रोटेक्शन के लिए...

महा ने हामी भरी...

विष्णु : ठीक है चलता हों रात का खाना भी हम hi लेकर आएंगे...

महा ने सर हिलाया और विष्णु संगीता के साथ चल दिया..

संगीता: राधा...

राधा : माँ मई सोना से मिलकर अति हों..

राधा सोना को लेकर उसके रूम में घुस गयी...

राधा : ये क्या गेम खेल रही है tu..ghana और दीदी ेंगगड़ है..

सोना : धीरे bol..pehle गेट क्लोज कर फिर बताती हों...

राधा ने गेट क्लोज किआ फिर बीएड पर सोना के पास आकर बैठ गयी...

राधा : सबको पता है दीदी और डैड का अफेयर चल रहा hai..ghar में भी कई बार मम्मी की दादी से लड़ाई हुई इसे लेकर और तू...

.सोना : माँ कभी नहीं manti....uncle की आगे को लेकर और आलरेडी वो मैरिड है.

राधा: तो तुझे सच बोलना चाहिए था na..didi दिवोर्सीद है और उनकी छूट पूरी खुली hui...aise में एज्ड मन hi मिलेगा...

सोना : तेरी तो chinaal...aur सोना पिलो फेक के मरती है...

राधा : आज कल में ये सब ओपन हो जायेगा फिर तेरी गांड तोड़ देगी ौंटी..

सोना : तब का तब देखे गए..

राधा : okay..lekin तू ये सब कर क्यों रही है डैडी के साथ मिलकर ..

राधा के सवाल पर सोना का फेस लटक गया....

राधा : क्या हुआ..

धम्मं dhammm...itne में दूर बजने laga...sona ने उठ कर खोला बहार महा कड़ी थी...

महा : तुम्हारे मां आगये..

सोना : यहाँ aao...purvi दोनों बहनो को sambhale...laa रही थी उसने घाना को हाथ नहीं लगाने दिया था...

संजना लिपट कर अपने बाप से दहाड़े मार कर रो रही थी....

अनुसुइया : सोना इसने सिगरेट पि...

आशना : रोलेक्स ने pilai...hihihi...

वो दोनों अपनी hi मस्ती में थी...

दोनों को अंदर लेकर बीएड पर लिटा दिया था...

महा : क्या हुआ है इन्हे...

पूर्वी : नशे में hai...thodi देर में ठीक हो जाएगी..

महा : मेरी बेटी ने आज तक नशा नहीं किया... इसलिए मुझे बताओ ये कैसे हुआ और साहिर कहा है...

पूर्वी : maa...wo सामान के लिए अयन के साथ रुके है..

महा : और...

पूर्वी : उनका नशा इन दोनों ने कर liya....mai उन्हें लेने जा रही hon...adhi अधूरी बात करके पूर्वी खिसक ली..

महा : कैसा नशा करता है वो सोना .

सोना : माँ उसी ने भाई को भी लत लगाई .वो स्मोकिंग करता है और भांग के गोले खता है...

महा ने आंखे बंद की फिर जब खोली तो उनमे बेहद गुस्सा था...

महा चलते हुए अपने भाई के पास आयी..

महा : संजना jao..apne पापा के लिए कुछ खाने का बना कर लाओ ..

संजना मुस्कुराते हुए उठी और किचन की तरफ भागी..

प्रकश : सुभो कहा hai...kya वो ज़िंदा है...

महा : han...lekin मेरे लिए मर गयी है...

प्रकश : ऐसा क्यों बोल रही हो बहन..

महा: सोना ..एक चेयर और रस्सी लेकर आओ...

महा : इससे पूछो....

सीता : भाई साहब को सुभो ने ज़हर दिया tha...fir सीता सब बता देती है...

प्रकश : क्या कहु उसकी मजबूरी यथार्थ बेवफाई...

सोना : माँ क्या करना है इसका ..

महा : इसे बांध दो अचे से..

सीता : महा मई अब पहले जैसी नहीं rahi...tum जो सजा देना चाहती हो मुझे मंज़ूर है लेकिन ऐसा न करो मई अभी अपने पति और बेटी से मिली हों...

महा : तुम्हारा फैसला रोलेक्स के आने के बाद होगा.... सुना नहीं तुमने ...

सोना अपनी माँ की आवाज़ पर सीता को पकड़ती है फिर वो और घाना मिलकर बांध देते है..

प्रकाश: शायद ये सुधर गयी hai...lekin इसे सजा मिलनी chahiye...kehte हुए प्रकश की आंखे चालक पड़ी....

KHannnn...itne में संजना खाना लिए आयी अपनी माँ को देख कर उसके हाथो से बर्तन छूट कर गिर गए...

संजना : maummy...kisne बंधा आपको ..वो पास आकर खोलने लगी...

महा : हैट जाओ सनजना इसके पास से..

संजना : पिता जी आप कुछ बोलते क्यों नहीं...

प्रकश : मई महा के आगे कभी नहीं बोल paya....isliye तुम भी हैट जाओ..

महा : मैंने तुमसे क्या कहा था संजना...

सिसकते हुए संजना पीछे हैट गयी...

महा : अपनी बहनो को लेमन वाटर पीला दो उनका नशा उतर जायेगा....

सोना ऐसा hi करती hai...adhe घंटे बाद दोनों बहनो का नशा उतरा और वो प्रकश से मिली...

अनुसुइया : कई बार देखा आपको और पता hi नहीं चला आप मेरे मां हो...

Chatakkkk....agle hi पल सीता के मुँह पर एक थप्पड़ पड़ा..

अनुसुइया : ये भी वही thi...ye सब जानती थी की आप मेरे मां ho...kamini औरत ..गुस्से में अनु सीता की तरफ बढ़ी.

चटककक chatakkk...chatak...kai थप्पड़ सीता के मुँह को लाल कर गए..

संजना दूर बैठी सिसक रही थी...

आशना : मई भी हाथ साफ़ कर लोन didi...bhai को तो मर नहीं सकती इससे बदला ले लेती हों..

अनुसुइया : है मेरी jaan...jab भी गुस्सा ए इसे मरना...

आशना को मरता देख संजना कड़ी हो गयी....

एक मेरी तरफ से भी...

बस बहुत hua...ab अगर किसी ने मेरी माँ को हाथ लगाया तो ाचा नहीं होगा...

दोनों ने एक साथ kaha...rolex आगया था....

*************************

मई : ासु रुकी क्यों है मार इसे...

आशना ने संजना को देखा फिर वो पीछे हैट गयी....

आशना : आईएम सॉरी...

संजना को देखते हुए वो किचन की तरफ बढ़ गयी कुछ खाने का देखने के लिए...

मई : माँ अब खुश हो aap...apne भाई से मिलकर...

मा : भाई से याद aya...ab ये अयन कहा रह गया....

मई : माँ वो चला gaya...shayad अब न aye....maine धीमे से कहा...

अनुसुइया : व्हाट...

सोना : वो मुझे छोड़ कर नहीं jate...wo सदमे से निढाल हो गयी...

किचन से आशना भी निकल आयी थी...

माँ : वो क्यों gaya...maa की चीख में बेहद गुस्सा था....

मई : हम दोनों की लड़ाई हुई....

Chatakkkkk....chatakkkkkkkk....

मुझे दो थप्पड़ मर कर माँ सदमे से बैठ कर सिसक सिसक कर रोने लगी...

प्रकाश : बस कर महा अगर वो अपना होता तो छोड़ कर नहीं जाता...

माँ : bhaiya...maa ने मां को गुस्से से देखा..

माँ : उसने अपना सब कुछ khoya...sirf तेरे बाप की वजह se...aur तूने उससे लड़ाई ki....ab तो मुझे शक हो रहा है तू मेरे समर जी की hi औलाद है...

मई : माँ क्या बोल रही ho...maine पास आकर माँ के पैरो को पकड़ते हुए कहा..

माँ: दूर होजा मेरी नजरो से तू... साहिर सुना नहीं तूने..

माँ की चीख पर मई दूर हैट गया...

माँ सिसक सिसक कर रो रही thi...unka रोना मुझसे बर्दास्त नहीं हो रहा tha...aur मुझे अपनी गलती का भी अहसास हो रहा था...

माँ प्लीज चुप jaye...aashna माँ के कंधे पर सर रख कर उन्हें छुपाने लगी...

अनुसुइया : माँ ...अयन की बहुत याद आ रही hai...dusre कंधे पर सर रख अनु सिसक सिसक कर रोने लगी....

एक तो उससे खून का रिश्ता ऊपर से dost...maine अपने ईगो में अपना सबसे करीबी खो दिया था...

आशना : माँ please...aap ऐसे रोयेगी तो हमें कोण संभालेगा..

माँ: तुम नहीं जानती उसने कितनी क़ुर्बानिअ दी है तुम्हारे पापा के liye...uske घर वालो ने इतना बड़ा परिवार सब ख़त्म हो gaya...usne कभी ये नहीं कहा इसके जिम्मेदार हम hai...sirf हमें बचने के लिए आया था wo...sirf हमें..

माँ की बात सुनकर मई उठ गया...

मई घर से निकला मेरे साथ hi पूर्वी भी आगयी....

वो गेराज में चली gayi...mai आगे बढ़ गया...

कुछ देर हाड कार मेरे पास आकर रुकी...

पूर्वी : इससे पहले वो चला जाये..

मई बैठ गया...

हाफ ऑवर बाद मई हसे पर tha...mujhe पता था वो नहीं होगा फिर भी मई अंदर गया...

सब छान कर मई वापस आया...

मई : इसी रोड पर ले चलो...

1 घंटे तक ड्राइव करने के बाद पूर्वी ने मुझे देखा..

पूर्वी: ऐसे कहा ढूढेंगे...

मई : आरोही के ghar...jaldi चलो....

करीब 2 घंटे बाद हम आरोही के घर पर थे...

हमने बेल्ल bajai...aur गीता ने मुझे देख कर गेट खोला...

मई अंदर गया आरोही के बैडरूम में...

आरोही आंखे मसल रही थी...

मई : झमेला आया था....

आरोही : aap...wo .नहीं ए .

मई : तुम्हारी माँ...

आरोही : बराबर वाले कमरे में सो रही है...

मई : झूट तो नहीं बोल रही तू..

आरोही : मई आपसे झूट क्यों बोलूंगी...

पूर्वी को लेकर मई घर से निकल गया...

पूर्वी : अब कहा जाना है...

मई : चिकना के पास होगा... वो साऊथ मार्किट में वो रहता है..

15 मिनट बाद मई चिकना के रूम के बहार था...

धम्मं ..धम्मं.....

मेरे ज़ोर से दूर पीटने के कुछ देर बाद गेट खुला...

कोण hai...oh सलिल भाई...

मई : दीपक झमेला है अंदर...

दीपक : आप दोनों के बिच कुछ हुआ था क्या....

मई : जो पूछा है बस उतना बता...

दीपक : आपने लड़ाई की थी क्या आशिक़ भाई से...

मई : क्या मतलब वो कहा है....

दीपक : आप बड़े लोग हो अब तो न्यूज़ में भी आ रहे हो..

वो मेरी गाड़ी और पूर्वी को देखते हुए बोलै..

दीपक : हम स्लम वाले आपके लिए तो इंसान hi नहीं...

मई : चूतिये तेरी समझ में नहीं आ रहा hai...sale दीपक दलाल...

दीपक : तमीज़ से बात करो ..

मई : चूतिये sale...maine गुस्से में उसका गाला पकड़ कर तंग दिया....

पूर्वी : क्या कर रहे हो ..रोलेक्स छोड़ो उसे...

मई : कहा है वो...

दीपक गुस्से में मुझे घूरने लगा...

वो नहीं है यहाँ सलिल bhai....aeda रघु मेरा हाथ पकड़ते हुए बोलै...

मई : चिकना कहा hai...use

bulao..maine दीपक को साइड में फेकते हुए पूछा...

रघु : वो दोनों चले गए सलिल भाई...1 घंटे पहले hi हम उन्हें एयरपोर्ट छोड़ कर ए...

मई : कहा...

रघु : kolkata...jhamela भाई उदास थे bahut...hamne पूछा क्या हुआ कुछ नहीं bataya...chikna को लेकर चले गए...

उसकी बात सुनकर मेरा दिल बैठ गया...

रघु : उन्होंने एक लेटर दिया है और कहा है मई सिर्फ अनु दीदी को दू ...

पूर्वी : लाओ मई दे दूंगी...

रघु : वो कहकर गए थे जल्दी वापस आएंगे...

रघु ने लेटर diya...aur पूर्वी ने कार आगे बढ़ा दी....

पूर्वी: क्या हुआ था तुम दोनों के bich...wo कार स्लो करते हुए बोली..

मई : पहले वो अनु को डिफेंड कर रहा था फिर उसमे दया आगयी भैरव के लिए....

पूर्वी : और तुमने उससे लड़ाई की...

मैंने कोई जवाब नहीं दिया...

पूर्वी: तुम गिफ्टेड हो लेकिन इसके साथ तुम्हारे अंदर बहुत गुस्सा भी hai..jo अपना पराया सब भुला देता hai...tumhe सलिल से सीखना chahiye...wo कैसे अपनों को हैंडल करता tha...use अपनों के लिए झुकना अत था...

मई : इसीलिए उसने अनु सोना को बदचलन बनने दिया...

पूर्वी : यही gussa...aisa रहा तो लोग तुम से दूर हो जायेंगे...

मई : तुम कहना चाहती हो मई पिछले सब भूल जॉन और अनु सोना जैसे जिसके साथ जो करे सब बैठा देखु...

पूर्वी : nahi...tumne माँ का भरोसा तोडा hai..unki बेटिओ को नशा देकर फिर अयन से ladkar...maa अब उनकी साइड लेंगी...

मई : माँ भूल सकती है लेकिन मई नहीं भूलने wala...mai तो उसके घर में उसकी इस कार में रहने भी नहीं chahta..lekin मजबूर हों माँ की वजह se...unhe प्रोटेक्ट करने के लिए मुझे सब सहना पद रहा hai...wo घर ये कार सब उसने अपनी इज़्ज़त बेच कर कमाया है...

पूर्वी : तो माँ को ऐसे hi रोज़ तड़पने देना...

मई : तुम hi बताओ मई क्या karu...maa को जाकर क्या जवाब दू...

पूर्वी : umm...listen...maa ने उन्हें माफ़ कर दिया है... इसलिए उनके अगेंस्ट पिछले कुछ भी शो करोगे वो उसे नकार dengi...tumhe अब नई कुछ लाना hai...tab माँ तुम्हारी साइड hogi...usne सोंचते हुए कहा....

मई : उन दोनों ने ऐसा कुछ नहीं किया फिर...

पूर्वी : फिर तो और अछि बात hai...ki तुम्हारी बहने सुधर गयी....

मई : अपना बदला कैसे lu...sona से तो ले लिया है... अब अनु बची hai...usne मुझे कैद किया सलिल को mara...almost सलिल को कुक बना दिया...

पूर्वी : बदले के लिए दो गद्दे खोदने होते है एक अपने दुश्मन के लिए एक अपने लिए...

वो कार से निकल gayi...aur मुझे सोचने पर मजबूर कर गयी....

बहुत देर तक बैठा मई सोचो में गम था एक मन कर रहा था पूर्वी को इग्नोर करू एक मन कर रहा था जितनी गलतिअन मैंने की उसे नजरअंदाज न करते हुए पूर्वी की बात माननी चाहिए...

मेरे पेट में दर्द हो रहा था भूक से...

जिसने मुझे कार से निकला और घर के अंदर ले गया..

माँ वही सर झुकाये बैठी thi...maine अब गौर किया वो अनु की जीन्स और शर्ट में थी...

मई : maaa....wo चला gaya...lekin जल्द ajayega...fir उसके पेअर पकड़ कर माफ़ी मांग लूंगा... मैंने माँ के घुटनो पर सर रख कर कहा..

माँ: जाओ मेरे पास se...bhul जाओ तुम्हारी कोई माँ भी है....

मई : माँ..

माँ : तुम्हे समझ नहीं आया...

माँ के गुस्से को देख कर मई उठ गया...

चलते हुए मई अपने रूम में आया जहाँ संजना सो रही थी....

पास आकर मई भी लेट गया...

मुझे उसके सिसकने की आवाज़ आयी...

मई : क्यों रो रही है..

संजना : मेरी माँ को आज़ाद कर दो मई उन्हें लेकर चली जाउंगी....

मई : मुझे छोड़ कर...

उसने कोई जवाब नहीं दिया...

मई : अपनी माँ को गोली मार अपने दोनों शादी करेंगे और बचे....

और मई लेट गया....

कल रत जगा था अब भी 3 बज गए थे इसलिए मुझे लेटते hi नींद आगयी.....

खंसरिस्तान.....


मेरा नाम सना है मई हैदराबाद से hon...bachpan में hi मैंने अपनों को खो diya....ek औरत ने मुझे अडॉप्ट किया जो मेरी माँ बन gayi.....usne अपनी बेटी की तरह मेरा ख्याल रखा मुझे पढ़ाया फिजिक्स में अछि थी तो मैंने फिजिक्स में पीएचडी ki.aur साइंटिस्ट हाँ gayi..fir .19 सालो बाद मई अपने भाई और उनके दोस्त से mili...aur अपनी बहन निहारिका और उसके बचो se...mere भाई ने अपनी ज़िन्दगी बहुत कठिनाईओ में bitai...hotel पर काम करके उसने सरकारी स्कूल में स्टडी की... फिर उसे स्कालरशिप मिली जिससे उसने भी फिजिक्स में पीएचडी ki..ab तक उसने 4 phd.kar राखी hai...mai शेर थी तो मेरा भाई सबह sher...ye सब मुमकिन हुआ मेरे दूसरे भाई की हेल्प से... कोलकाता में हम कैप्शन से mile..jisne भाई को आशिक़ से अयन कर दिया और मुझे सं से सानिया...

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सीक्रेट नुक्लेअर फैसिलिटी समवेयर इन खंसरिस्तान....

कितना काम हो गया है सनी.

...किसी ने आकर पूछा..


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सना : इलेक्ट्रिसिटी के लिए ुरेनियम घुल चूका है..

कपितं ने रिपोर्ट मांगी hai..usi शक्श ने फिर कहा..

सनी : अरमान मेरा काम ख़त्म हो गया है... ुरेनियम को इससे ज़्यादा घुमाया तो ब्लास्ट हो सकता है ...इसकी सही क्वांटिटी भाई को hi पता है..


ारमन : ठीक है मई कैप को रिपोर्ट करता हों....

सनी : वेट मई भी चलती hon...kuch सामान मंगवाना है...

दोनों चलते हुए लिफ्ट में ए लिफ्ट से सरफेस एरिया me...jahan ऑफिस था ..

ढाये ढाये ढाये.....

Aaaahhhhhh....kisi ने हुंकार भरी

...ये आवाज़ सनी पहचानती थी...

वो अंदर आयी तो उसने देखा सामने टीवी पर झमेला की वीडियो चल रही थी...

सनी : ये पुराणी hai...usne रूम में सभी लोगो से सवाल किया...

सब उसका चहेरा देखने लगे...

सनी : कैप्शन मैंने कुछ पूछा है...

ये कुछ देर पहले की hai...kisi ने कहा...

सनी : एक्सएक्ट टाइम भोला ..

भोला : 2 घंटे पहले की....

ये कोई तमाशा नहीं hai....use मैंने मन किया था लोगो की नजरो में आने se...cap अपनी चेयर से उठते हुए बोलै...

कैप : उसने रूल तोडा hai...use बुलाओ यहाँ...

सनी : नहीं मई जा रही हों अपने भाई के पास...

कैप : तुम्हारी ज़रूरत यहाँ ज्यादा है...

सनी : मेरा काम हो चूका है ...अब आगे भाई देखेगा...

कैप्शन ने उसे देखा फिर सोंच में पद गया...

कैप्शन सोंचता kailko...apne हरे पहलवान को कुछ होगा kya...kisi ने कहा..

सनी : मुझे भाई की नहीं लोगो को फ़िक्र हो रही है...

इतने में कैप्शन ने हाथ हिलाये फिर हाथो से इशारा करने लगे...

कैप्शन: तुम्हे गूंगी ले jayegi....aur अपने भाई के साथ आओगी तुम...

सनी ने सर हिलाया...

******************************

सुबह 11 बजे मेरी आँख khuli...bistar पर मई अकेला था....

उठकर मई वाशरूम में aya...naha धोकर मई टॉवल बंधे बहार aya..aur ालमिरह में से कपडे निकलने लगा....

कपडे लेकर मई बीएड पर आया और बैठ कर पहनने लगा...

उठ गए आप...

मई : तुमने मुझे उठाया नहीं...

संजना : नहीं...

मई : निचे जाओ और माँ से कहो राशन की लिस्ट दे मई ले आऊंगा...

संजना : सुबह पूर्वी सब ले ayi...aur नाश्ता आपके नेइबोर्स ले ए...

मई : ये बराबर वाला विष्णु...

संजना : haan...kal भी लाये they...dophar में अपने घर बुआलया है सबको ..

मैंने कल घाना को देखा था माँ की मौजूदगी में कुछ कह नहीं पाया उसे लेकिन अब सब बताना था....

मई : ाचा ठीक है..

संजना : आपकी माँ ने कुछ नहीं khaya....sab कहते कहते थक गए..

मई : तू खाना निकल मई आ रहा हों..

वो गयी उसके पीछे पीछे मई भी...

निचे ए तो माँ गम शूम बैठी थी सोना उनके बालो में आयल से मसागगे दे रही थी...

मई चलते हुए माँ के पास आया...

मई : maa...sanjana कह रही थी अपने कुछ खाया नहीं.... maa...maa तुम नहीं कहोगी फिर मई ...मुझे मानना नहीं अत माँ...

मैंने कई आवाजे दी लेकिन माँ ने कोई जवाब नहीं दिया...

इतने में संजना खाना ले ayi...maine निहाला बना कर माँ को दिया...

मई : माँ प्लीज खा लो na...maaa...

माँ : तुमने मुझे बहुत हर्ट किया hai...tumhari बहनो ने गलतिअन की लेकिन तुम्हारे भाई ने क्या किया जो तुमने उसे भगा दिया...

मई : माँ कुछ नहीं बस गुस्सा आगया था...

माँ : कितना आसान है तुम्हारे लिए ये kehna...mai तुम्हारी अब शकल भी नहीं देखना चाहती जाओ यहाँ se....sona इसे कहो जाने ko...maa मेरा हाथ अपने मुँह से हटते हुए बोली...

मई : नहीं खाओगी तो आप बीमार पर जाओगी....

माँ के फेस पर भूक के असर साफ़ दिख रहे थे वो बस ज़िद्द कर रही थी...

मैंने बहुत कोशिशे की लेकिन माँ ने नहीं खाया थक कर मई आशना को ढूंढ़ने लगा....

न चाहते हुए भी मुझे अनु के रूम में आना पड़ा....


जहाँ वो अनु के साथ योग कर रही थी योग पंत me...dono के प्राइवेट पार्ट्स साफ़ दिख रहे they...pussy की शेप पूरी तरह विज़िबल थी...

मई : ये तूने कैसे कपडे पहन रखे है....

मई रूम में एते hi गरजा...

मई : साली कुटिया तूने मेरी बहन को bhi....mai अनु को मरने के लिए बढ़ा की आशना मेरे सामने आगयी....

आशना : हिम्मत है तो हाथ लगाओ...

मई: तुम घर में ये तो न पहनो...

आशना : तुम्हे नॉक करके आना चाहिए tha...ghar में न पह्नु फिर कहा pehnu..vaise भी तुम्हारे लिए तो ाचा hai...ab तुम्हे छुप कर हमें नहीं देखना पड़ेगा...

उसने एक साँस में मेरी बोलती बंद कर दी...

मई : ाचा सुन माँ ने कल से कुछ नहीं खाया hai..tu जा न उनके पास...

आशना : भूके तो तुम भी लग रहे हो..

मई : मेरी छोर तू माँ के पास jaa...unhe मन...

आशना : मई सुबह से कहते कहते थक गयी hon...wo बहुत उदास hai....ayan भाई को ले आओ वो मान जाएगी...

मई : तू जा to...mere कहने पर वो आयी...

आशना : माँ ..अपना गुस्सा छोर भी दो ..

आशना : माँ कब तक नहीं khayegi...saubh अपने हमें गलती से खिला दिया ये कहकर की आप खा लोगी लेकिन अब हम नहीं खाएंगे ..

माँ : इसमें अपने बाप की एक भी अछि आदत नहीं है...

मई : माँ वो मेरे साथ hi नहीं थे...

माँ : साहिर मई थक गयी हों tujhse...aashna तुम jaao...maine कहा jaao...mujhe भूक लगेगी मई खा लुंगी..

आशना : हटो मई करती hon...sona को हटा कर आशना माँ का सर दबाने लगी...

मई चलता हुआ अनु के रूम में aya...room लॉक था ..

मई : दूर खोल साली....

अनुसुइया : मई चेंज कर रही हों...

मई वापस पलट गया ..

Tinggggggg....itne में वेल baji...mai जाता की सोना उठ कर चली गयी....

सोना ने दूर खोला तो उसे धक्का देते हुए एक लड़की जिसने नक़ाब पहन रखा था वो अंदर आयी....

सोना : कोण हो तुम...

तुम कोण ho....usne सोना से hi सवाल कर दिया ..

सोना : ओह्ह hello तुम मेरे घर में ho...ohh अंदर कहा जा रही हो...

सोना ने भाग कर उसका हाथ पकड़ा...

सोना : कोण हो किस्से मिलना है अंदर कहा जा रही हो...

सोना के हाथ पकड़ने पर वो palti...aur उसने सोना के दोनों चीक्स पकड़ कर दबा दिए ..

लड़की : तुम तो पूरी माखन हो...

सोना : what...uska मुँह खुल गया था..

मई : ओह्ह hello...

माँ : कोण हो आप ...

लड़की ने मुझे देखते हुए मुँह पर ऊँगली रख कर चुप रहने का इशारा किया...

वो मुझे आंखे दिखते हुए धमकी दे रही थी..

मई उसकी तरफ बढ़ा की वो माँ के पास आगयी.

लड़की: मई यहाँ 2 लार्को को अरेस्ट करने आयी हों...

मई माँ की तरफ गया वो भाग कर माँ के पीछे आगयी...

माँ : लड़की रुको...

सोना : माँ ये मुझे मेन्टल लग रही hai...kisi हॉस्पिटल से भागी हुई..

मई : कोण do...hey बात तो सुनो...

लड़की : maa....wo माँ को बड़ी हसरत से देखने लगी...

अनुसुइया :
कोन है ये..

इतने में अनु भी आगयी थी...

मई भगा की वो फिर माँ के सोफे के पास घूमने लगी...

लड़की : मई उन दोनों को लिए बिना नहीं jaungi...wo फूलती सांसो से चक्कर काटते हुए बोली..

मई : कोण do..mai उसके पीछे भागता हुआ बोलै..

लड़की : एक तो तुम दूसरे वाले कहा है..

मई : पागल ladki...hey पकड़ इसे....

मेरे कहने पर अनु ने उसे दबोच लिया...

अनुसुइया : तुम खुद उतरेगी ..

अनु आगे कहती उसने अपना नक़ाब हटा दिया....

उसे देखते hi जैसे मुझे रहत मिली...

अनुसुइया : sana....aur वो दोनों गले लग gayi...sona भी आकर उनसे लिपट गयी...

सना : मुझे माँ से मिलना है...

माँ उसका नाम सुन कर कड़ी हो गयी थी ...खुसी से उनके आंसू निकल ए थे...

वो पास आयी और माँ ने उसे साइन से लगा liya...fir माँ उसे बेतहासा चूमने लगी...

सना : तुमने मुझे बहुत भगाया है तुम्हारी तो पिटाई करुँगी...

उसने माँ के गले लगे मुझे देखते हुए kaha...jis पर मैंने कान पकड़ लिए...

आशना : झमेला की भाई की बहन...

कहते हुए वो भी लिपट गयी...

माँ : निहारिका को क्यों नहीं लायी...

सना : माँ मई भाई की वजह से आयी .कल उनकी लड़ाई की क्लिप dekhi...to परसशन हो गयी...

माँ फिर उसे कल के हादसे के बारे में बताने लगी...

सना : अब कहा है...

उसके सवाल पर सबके फेस लटक गए..

माँ : तुम्हारे दोनों भइओ में झगड़ा हो गया था कल...

सना : kyo...usne मुझे देखते हुए पूछा...

मई : मेरी गलती thi...maine गुस्से में उसे जाने के लिए कहा और वो चला भी गया...

पूर्वी : हम दोनों रात भर उसे ढूंढ़ते रहे...

सना : मुझे कॉल करनी है...

अनुसुइया : फ़ोन चाहिए ..

सना : नहीं प्राइवेसी....

मैंने हाथ से अनु के रूम की तरफ इशारा किया...

वो चली गयी और उसने रूम लॉक कर liya....aur मेरे सेंसर्स एक्टिव हो गए..

कुछ पालो बाद मुझे उसकी आवाज़ आयी....

Hello कप्तान सनी speaking...bhai यहाँ नहीं hai..kya...ohh...I'm सॉरी हम्म मेरी गलती hai...mai बस परेशां हो गयी thi...thik है मई रात में निकलने की कोशिश करुँगी....

Bye ..

उसकी आखिरी आवाज़ आयी और कॉल कट हो गयी..

दूर खुला और वो बहार आयी...

सनी : भाई कोलकाता में है...

माँ : तुम थकी हुई हो मुँह हाथ धो लो फिर हम बैठ कर बात करेंगे

.

सनी : नहीं माँ ...मई कुछ समय आप सब के साथ रहूंगी फिर रात को hi निकल जाउंगी....

अनुसुइया : नहीं sana...ham तुम्हे नहीं जाने देंगे...

सोना : दीदी हम आपके अपने नहीं है क्या...

आशना : अभी तो आप आयी है ..भाई चले गए और आप भी...

माँ : तुम नहीं जाओगी ...

सनी : माँ मई कोई सामान नहीं layi...bas एक दिन के लिए आयी hon..plz तरय तो अंडरस्टैंड...

अनुसुइया : मेरी बहुत सी ड्रेसेस है जो मैंने कभी पहनी भी नहीं है...

माँ : अगर मई तुम्हारी माँ हों तो तुम मेरी बात मानोगी....

सनी : ाचा ठीक hai....usne हर मानते हुए कहा...

माँ : चलो तुम फ्रेश हो जाओ मई खाना रेडी करती हों...

सनी : ठीक है माँ मई अति hon...han एक बात और अब से मई सानिया हों इन शार्ट sani..usne जाते हुए कहा.

वो अनु के रूम में गयी पीछे से मई भी आगया....

सनी : क्या...

मई : माँ ने कल से कुछ नहीं खाया न मुझसे बात कर रही hai....tum उन्हें मन कर खिलाना...

सनी : क्यों नहीं खाया..

मई : झमेला की वजह se...wo चला गया न....

सनी : don't वोर्री मई खिला दूंगी ..अब जाओ..

मई : तुम नाराज़ हो मुझसे झमेला की वजह se...aaaaHhh...kya कर रही हो...

सनी : सारा दिन हटेला की स्टोरी सुनते थे wo...itni सी बात पर नराज़ हो jaungi...tum तो मुझसे मिले भी नहीं....

वो मेरा कान मरोड़ते हुए बोली...

मई : कैसे मिलता अपने hi खून से लार जो प्र था...

Umhhh....ssshhhhh....ankhe साफ़ करते हुए उसने मेरा सर चुम लिया...

सनी : तुम मेरे भाई हो समझ

gaye...tum दोनों दोस्त होते और झगड़ा होता तो कभी एक न होते लेकिन तुम भाई हो और भाई हजार बार लरकर भी एक हो जाते है....

उसका बोलना ऐसा लग रहा था जैसे फूल जहर रहे हो...

सनी : दिल में कुछ न rakho..samjh गए..

मैंने हामी भरी ..

सनी : देखो अनुसुइया ने कह तो दिया ड्रेस के लिए अभी तक लेकर नहीं आयी ..अब जाओ और किसी को भेजो ड्रेस लेकर..

मई : यही उसका रूम है रुको मई निकलता हों...

मैंने ालमिरह खोली और ड्रेसेस निकलने laga...sab लेकर मैंने बीएड पर रख दी...

अब मैंने देखा उसमे बहुत साडी ब्रा और पैंतीस भी thi...jo बहुत स्ट्य्लेसलिश थी ..

सनी : तुम जाओ ..मई कर लुंगी...

बिना कुछ कहे मई रूम से निकल गया....

माँ किचन में सभी बहनो के साथ खाना बना रही थी ...

माँ के फेस पर अब जाकर मुस्कराहट आयी थी....

मई : मां कहा गए ..


मैंने पास बैठी पूर्वी से पूछा...

पूर्वी: तीनो रूम में hai...usne ऊँगली से इशारा kiya...sona के बराबर वाले रूम का...

माँ : पूर्वी beta...sani के लिए रूम रेडी कर दो जो खली हो...

पूर्वी: ठीक है माँ...

मई रूम में आया तो मां लेते थे और संजना बैठी थी....

सीता बंधी हुई थी ना के बराबर...

किसी ने उसकी रस्सी ढीली कर दी थी...

मई : मां....

मां : आओ सलिल बीटा...

मई : लेते रहो...

पास आकर मई बैठ गया ...

संजना : मेरी माँ के साथ क्या करने वाले हो...

मई : ये मां से पूछ....

मां : इसकी वजह से मैंने सालो कैद में गुज़ारे है....

सीता : I'm सॉरी...

मई : माँ की छूट तेरे सोरी की ..

संजना : डैडी आप सब सुन रहे ho...usne गुस्से में कहा और पेअर पटकते हुए चली गयी...

मां : अगर बात सिर्फ मेरी होती तो मई माफ़ नहीं करता लेकिन संजना कैसे ये सब सहेगी...

मई : निकल आओ....

सीता : मुझे खोलो तो...

मई : ड्रामा बंद कर ममी वर्ण कसकर बांध dunga...mere डांटने पर वो निकल आयी...

मई : मां ध्यान रखना अब इसने ऐसी कोई गलती की तो मई पापा की तरह नहीं हों...

कहकर मई रूम से निकल आया....

वो नाहा कर आगयी थी सबके साथ अब उसने एक लॉन्ग शर्ट और जीन्स पहनी थी...

वो तीनो बहनो के साथ है बोल कर बातें कर रही थी...

सनी : हे ाजाओ....

मई भी उसके पास सोफे पर जाकर बैठ गया....

मई : मुझे नींद आरही hai...aur मई लेट gaya...sar मैंने आशना की गोदी में रख लिया पेअर सनी के पैरो पर...

सनी : आअह्ह्ह्हह क्या कर रहियी होऊ...

सोना ने सनी के चीक्स को दबा दिया था...

सोना : मई माखन हों तो तुम क्या हो मेरी gulabo...usne सनी के रेड चीक्स की वजह से कहा...

सनी : किस बात पर झगड़ा हुआ...

मई : वो bas..maine उससे गुस्से में बात की...

सनी : क्या बात की...

मई : फिर बता दूंगा...

सनी : टॉप सीक्रेट... we'll टॉक इन private..wo फुस्फुअई ..

माँ : चलो ajao..sani...

सनी : चलो तुम सब भी ाजाओ...

हमें खा लिया hai...sabne एक साथ कहा..

सनी : hey...sani ने गुस्सा किया तो सब उठ गयी....

सनी : तुम्हे क्या इनविटेशन देना होगा...

मई : तुम चलो मई आ रहा हों...

सनी ने ग़म भरे माहौल को खुशनुमा बना दिया था....

सनी : माँ मुझे पता है अपने कुछ नहीं खाया है...

मुस्कुराते हुए माँ उनके साथ बैठ गयी...

पूर्वी : आपने भी कुछ नहीं खाया है आप भी अजय...

सनी : सलिल....

सलिल होता तो जाता...

माँ : ये साहिर hai...tumhara तीसरा bhai...maa अब भी गलत thi...sahir सलिल दोनों सो रहे थे....

अनुसुइया : माँ ये उसकी स्प्लिट पर्सनालिटी है साहिर nahi...anu fusfusayi....jise मैंने सुन लिया...

पूर्वी : आइए न...

माँ: आओ jaldi...tumhari फवौरीते मछली करि बनाई है...

माँ के कहने पर मई utha...aur पूर्वी के पास आकर बैठ गया...

पता नहीं क्यों मुझसे उससे मोहब्बत होने लगी थी....

माँ : तुम कहा रहती हो बेटी .

सनी : कोलकाता में..

मई : खन्सर क्या कोलकाता में hai...ye नाम तो पहली बार सुना है...

मेरे पूछने पर उसने हैरत से मुझे देखा...

सनी : तुमने अपनी पावर्स मुझ पर उसे की तो मई तुम्हारा मुँह तोर दूंगी...

मई : सॉरी...

सनी : गुड फॉर यू...

फिर हम दोनों मुस्कुरा दिए...

माँ :कैसे पता चला हम यहाँ है...

सनी : सुबह 10 बजे मई आरोही के घर aayi...usne बताया आप यहाँ milenge..to मुझे ड्राप करके चली गयी...

माँ : अकेले आयी कोलकाता से...

सनी : नहीं maa...friend आयी उसके sath...wo बेचारी बोल नहीं सकती...

माँ : कहा है वो...

सनी : आरोही के घर....

माँ : उसे भी ले आना था...

सनी : ठीक है वो आयी ले आउंगी...

खाना ख़त्म हुआ और सब उठकर अनु के रूम में जाने लगी...

मई पूर्वी बहार hi रह गए...

मई उठा तो मेरे साथ hi पूर्वी भी चल दी...

मई अपने रूम में आया तो मुझे वह संजना सिसकते हुए मिली..

मई : इसे कहो इसकी माँ को आज़ाद कर दिया है मैंने...

पूर्वी: sanjana...tumhari माँ आज़ाद हो गयी...

पूर्वी की बात सुनकर सो वो उठी और रूम से निकल गयी...

पूर्वी बीएड से तक लगा कर बैठी तो मई उसकी गोदी में सर रख कर लेट गया...

मई : शादी करोगी मुझसे...

पूर्वी : तुम मज़ाक कर रहे हो...

मई : नहीं पूर्वी...

पूर्वी: तुमने सच में पसंद हों..

मई : बहुत jyada...kehte हुए मैंने उसकी पुसी को चुम लिया जीन्स के ऊपर से...

फिर हाथ उसकी कमर पर ले जाकर मैंने उसकी जीन्स का हुक खोल दिया....

पंत निचे करके मैंने मुँह उसकी पंतय पर रख दिया...

मई: खा जॉन...

पूर्वी : तुम्हारी hi तो है....

मैंने पंतय निचे की और उसकी छूट में जीभ दाल दी....

मई : तुमने कितने लोगो के साथ सेक्स किया अब तक...

पूर्वी : ये क्यों पूछ रहे हो...

मई : batao...maine फिर जीभ चलनी शुरू कर दी...

पूर्वी: आठ 20 से ज्यादा....

सनी दीदी bula....aashna का मुँह हमें देख कर हैरानी से खुल गया...

पूर्वी ने जल्दी से पंत ऊपर की...

मई : जैसा तू सोंच रही है वैसा नहीं hai...iski पंत में कीरा था बस वो ढूंढ रहा था..

आशना : रूम लॉक नहीं कर मिलता idiot...didi बुला रही है निचे ाजाओ...

वो बिना देखे मुद गयी....

उसके जाने पर पूर्वी मुझे देख कर मुस्कुराने लगी ...

उसने पास आने का इशारा किया ..मई गया तो उसने मुझे किश कर लिया फिर गलो को चुम कर मुझे छोड़ दिया.

मई भी मुस्कुराता हुआ चल दिया....

मई अनु के रूम में आया तो सब वही थी...

बिच में सनी और आशना लेती थी दये बाये अनु और सोना....

मई आया तो सोना उठ कर जाने लगी...

सनी : कहा जा रही हो .

सोना: अपने रूम में..

सनी : चुप चाप बैठो....

सनी की दन्त पर वो लेट गयी ..

अनु उठकर सोना के पास चली गयी...

मई सनी के पास बैठ गया ये देख उसने अपना सर मेरी जांघो पर रख दिया...

सनी : पुलिस का क्या मेटर है तुम्हारे साथ...

मई : पूरी एक बटालियन ने मुझ पर अटैक किया tha....fir मई उसे अब तक की लड़ाई बताने लगा....

सनी : तो इस महाराज का कुछ किया नहीं ..

मई : इसने कहा वो यहाँ नहीं है...

सनी : कहा है फिर वो अनुसुइया...

अनुसुइया : मुझे नहीं पता...

मई : रंडी बताएगी तू वर्ण मर खायेगी....

चटकककककककक.....

सनी ने गुस्से में उठ कर मुझे थप्पड़ जड़ दिया...

सोना : हेहेहे...

सनी : शर्म नहीं अति तुम्हे...

मई : इसे शर्म ayi...ye इसी बिस्तर पर डोगग्य बनती थी मेरे दुश्मनो की ..

सनी : क्या कह रहा है ये अनुसुइया....

अनुसुइया : इसकी खुद भी गन्दी नज़र है मुझ par...sona पर ..आशना को तो इसने छुप कर नंगा देखा...

सनी : तुम लोग क्या कह रही ho....salil....

मई गुस्से में आशना के ऊपर से होते हुए अनु के ऊपर आगया और उसका गाला मेरे हाथो में था...

सनी :salil.......wo चिल्लाई और मुझे पकड़ कद उस पर से उठाने लगी....

सनी : ी साइड लेवै हेर ...सलिल......

Chatakkkkkkkm.....mere न छोड़ने पर उसने मुझे फिर थप्पड़ जड़ दिया...

फिर मुझे बालो से पकड़ कर उसने हटा दिया....

मुझे हटा कर वो बीएड पर सर झुकाये बैठ गयी....

वो हैरानी से मुझे देख रही थी....

सनी : तुम जानवर हो ...

मई : ऐसा hi हों मई...

सनी : हमारे इतने बड़े बड़े दुश्मन तुम सब आपस में hi ....मुझे बताओ क्या हुआ तुम लोगो में ..

मैंने कोई जवाब नहीं diya...na किसी और ने.......

सनी : तुम बताओगे और मई जॉन यहाँ से ..

आशना : इस सब की शुरुआत सलिल के बचपन से hui.......fir एक ऑवर तक आशना बोलती rahi....iske बाद माँ ने इन्हे माफ़ कर दिया....

सनी : तुम दोनों ने जो किया है ऐसा दुश्मन भी नहीं करते ...

सोना और अनु दोनों के फेस लटक गए...

अनुसुइया : इमेजिन ये तुम्हारे साथ भी यही करे जो ये चाहे वो तुम्हे पहनाये तुम कहा जाओगी कहा नहीं सब डीडे ये kare....ye घर में रख कर कैदी बनाना चाहता था हमें ..

उसकी बातें मेरे साइन में तीर की तरह चुभ रही thi...mai चाहता तो अपने डिफेन्स में बहुत कुछ कह सकता tha...lekin अब कोई फायदा नहीं था ..

अनुसुइया : क्यों जवाब नहीं है न...

सनी : नहीं... मई इसे समझाउंगी और यकीं दिलाती की उसकी बहन कभी कुछ ऐसा नहीं करेगी जिससे उसका सर शर्म से झुके ...

अनुसुइया : क्या मैंने नहीं दिलाया ..इसे पला maine...apne हिस्से का खाना इसे खिलाया आज ये मुझे रंडी समझता है...

सनी : तुम दोनों एडल्ट हो तुम्हे कैसे समझों....

वो सर पकड़ कर बैठ गयी....

सनी : इन दोनों ने तुम्हे मारा सडके kiya...kaid kiya...lekin आशना ने क्या किया जो तुमने ऐसी गन्दी हरकत की उसके साथ....

मई : वो mai...ye mask....maine मास्क खींच कर निकल दिया....

मास्क निकला तो मुझे अपना शरीर हल्का फील होने लगा....

मई : इसे पहन कर मई बहुत ज्यादा...

आशना : भाई को गलती का अहसास है ..मैंने भी माफ़ कर दिया ..

सनी : अब तुम तीनो बताओ क्या चाहते ho....anu शुरुआत तुम से करते है...

अनुसुइया : पहले इससे पूछो....

सनी : salil....ab बताओगे....

मई : मई इसे मरना चाहता हों...

मेरे जवाब पर वो फिर अपना सर पकड़ कर बैठ गयी....

सनी : शट up....tumhe मरना है तो उठो....

मई utha....ki इतने में वो मेरे सामने आगयी....

सनी : चलो शुरुआत मुझ से karo...kya hua...marte क्यों नहीं....

मई रूम से जाने लगा तो उसने मेरा हाथ पकड़ कर मुझे बीएड पर बिठा दिया...

सनी : ये मेटर सोल्वे किये बिना तुम नहीं जाओगे...

सनी : कोई रास्ता नहीं है इन्हे माफ़ करने का...

मैंने ना में सर हिला दिया....

मई : कर भी दिया तो क्या ये जो मई चहुँ वो pehnegi...jahan जाने से मई रोकू क्या ये रुकेगी....

सनी : अनुसुइया...

अनुसुइया : इसकी अपनी लाइफ है मेरी अपनी इसे कहो क्यों किसी की लाइफ में इंटरफेरे कर रहा hai...vaise ये होता कोण hai..mujhe रोकने टोकने वाला ..

सोना : मई अपनी आज़ादी पर इस जैसे हज़ारो भाई कुर्बान कर दूंगी...

आशना : आप दोनों को लेकर भाई सही they...aashna के कहने पर दोनों ने सर झुका लिया...

सनी : जवाब मिल गया salil...ye तुम्हे अब भाई नहीं मानती ...तुम भी इनकी ज़िन्दगी में दखल देना बंद कर दो....

मैंने कोई जवाब नहीं दिया...

सनी : अगर अब भी तुम्हे समझ नहीं आया तो तुम पीस में कभी नहीं रह paoge...inke लिए अपना पीस क्यों बर्बाद कर रहे हो ...

मई : तो क्या करू....

सनी : इन्हे इनके हाल पर छोर दो....

मई : ठीक hai....aaj से ये दोनों मेरे लिए साहिर सलिल के लिए मर गयी hai...sun रही हो tum..meri भर्राई आवाज़ निकली...

सनी अपने हाथो से मेरे आंसू पोछने लगी...

सनी : अब ये जो करे तुम इनसे मतलब नहीं रखना...

मैंने सर हिलाया...

फिर मई उठकर अपने रूम में आगया..

क्या बात hui...mera उतरा हुआ फेस देख पूर्वी ने पूछा...

मई : सब ख़त्म कर aya...aur शायद यही सही भी है...

************************

साइंस लैब बैंगलोर...

मोना कार से ब्लड ले आयी thi...jise उनसे बड़े बड़े साइंटिस्ट को दे दिया था....

2 दिन से साइंटिस्ट उस पर काम कर रहे they.....aaj मोना उसी सिलसिले में रिपोर्ट लेने आयी थी...

मोना : क्या रिपोर्ट है mr.mehra...

Mr.mehra : इसमें 2 तरह के वायरस hai..ek है वायरस क्ष और दूसरा गमा रेडिएशन..

मोना : ये सब नहीं सुन्ना ये बताओ इसे इंजेक्ट करने से उस हरे दानव जैसा बन जायेगा..

महरा : चान्सेस तो है...

मोना : ठीक है मई किसी भी टाइम यहाँ आ सकती hon...kehkar मोना उलटे कदम वापस लौट जाती है...

चलते हुए वो कॉल लगा देती है...

मोना : मोहिनी काम हो गया hai...ab आगे का काम तुम्हारा hai...kisi ऐसे को ढूंढो जो ये बर्दास्त कर सके....

उधर से जवाब सुन मोना ने कॉल कट कर दी ..

मोना : हे यहाँ से कोई साइंटिस्ट बहार न जाने paye...mona ने गार्ड्स से कहा....

फिर अपनी कार में आकर बैठ गयी उसके बैठते hi ड्राइवर ने कार स्टार्ट कर दी...

मोना : चलो देखते है तुम क्या कर रहे ho....mona ने आंखे बंद की और वो रोलेक्स के दिमाग में थी....

मोना : umm..intresting...to भाई बहनो का रिश्ता ख़त्म हो गया....

मोना : ये तुम्हारे लायक नहीं है janeman...wo पूर्वी को देख बोली जो रोलेक्स को प्यार कर रही थी....

मोना अपने बेस आयी तो use...waha कई अनजाने लोग देखने को मिले...

मोना : ये लोग कोण है पिता जी....

महाराज: ये है भैरव के बाप नरसिम्हा ....

मोना : तुम इतने सालो तक वो भी इतने यंग....

ईटर : लड़की मैंने बहुत तपस्या की है इसके लिए....

महाराज : तुम हम तक कैसे ए...

ईटर : बस यादो को खंगाला....

महाराज : भैरव यहाँ नहीं है...

ईटर : मई जनता हों उसके साथ क्या hua...mai वही था जब वो भैरव को सजा दे रहा tha....maine बहुत कोशिश की अपना जादू उस पर चलने की .लेकिन कोई मुझसे बड़ी जादुई शक्ति उसकी रक्षा कर रही थी....

मोना: वो मास्क....

ईटर : कैसा मास्क...

मोना : मैंने उसकी यादों की छान बीन नहीं की लेकिन शांत बैठे उसके दिमाग में होने वाली बातों को सुना.. वो मास्क उसे बहुत पावरफुल बना देता है....

ईटर : इसका मतलब उसे निकले बिना उसे मारा नहीं जा सकता....

ये तुम कर सकती हो मोना...

गुरु जो पास बैठा था उसने कहा..

मोना : कैसे...

गुरु: वो बहार निकलेगा तो उसका सामना उसके बाप से hoga...aur वो अपने बाप को मार dega...uske बाद हम उसे बतायेगे जिसे उसने मारा वो कोण hai...wo टूट जायेगा...

मोहिनी : कोई गारंटी नहीं ये करने के बाद वो मास्क utarega...lekin मोना चाहे तो उसकी माँ बहन में से किसी को कण्ट्रोल करके मास्क उतरवा सकती है...

महाराज : वेल दोने beti...anu की क्या खबर है...

मोना : उसने अभी तक मुँह नहीं khola....aap बताये आप मुंबई गए क्या हुआ वह...

महाराज : वो आ रहे hai...tum पहले कोशिश karo...agar तुमने कर दिया तो हमें उनकी ज़रूरत नहीं पड़ेगी और कल को हम उनके अगेंस्ट भी एक्शन ले सकते hai...agar वो हमारे मिशन के विरुद्ध गए ...अगर उनकी हेल्प ली तो फिर ये मिशन ख़त्म समझो...

मोना : ठीक है कोई मुझे डिसट्रब न करे....

कहते हुए मोना अपने रूम की तरफ चली gayi...let कर वो फिर रोलेक्स के दिमाग में आकर बैठ गयी....

रोलेक्स सोने की कोशिश करते दिखा तो वो अनु के दिमाग में आकर बैठ गयी....

सनी : सो फाइनली तुम्हारे बिच का रिश्ता भी khatm...aur झगरा भी....

आशना : मुझसे भी ...मैंने अपने दिल पर पत्थर रख कर तुम्हे माफ़ किया tha....lekin आज तुमने मेरे भाई को छोटा कल मुझे भी छोर सकती हो इसलिए आज hi आप दोनों से मई रिश्ता ख़त्म करती hon....goodbye रंडी सिस्टर... he's वास् राइट यू बोथ अरे बिस्तह....

सनी : शट उप...

आशना: नहीं दीदी थे डेसेर्वे...

सोना : तुम्हे देखना है हमने ऐसा क्यों किया....

अनुसुइया : सोना पागल हो गयी है तू...

सोना : नहीं दीदी इन्हे जानने दो....

चटकककक....

अनु के मरने पर सोना पिलो में सर रख कर रोने लगी....

सोना : हम उसे अपनी जान से ज्यादा प्यार करते hai....lekin वो ये नहीं है मेरा भाई सलिल है....

सनी : पहले बताओ तुम क्या बता रही थी...

सोना : उसने मेरे हस्बैंड को मार दिया.....

मोना : ओह्ह झूटी सोना....

सोना ने वही कहानी सुना दी जो अपनी माँ को सुनाई...

सनी : तुम लोगो का अलग होना hi सही है...

अनुसुइया : हां शायद...

सनी : आशना बेबी मेरे कपडे वाशरूम में है जाओ धोकर दाल दो..

आशना : ठीक hai....aashna उठी कपड़े लेकर मशीन में डालने लगी...

सनी : ये नक़ाब दे दो मुझे ...

आशना ने दिया तो सनी पहनने लगी...

अनुसुइया : घर में क्यों पहन रही हो...

सनी : मई जा रही हों...

कहते हुए सनी कॉल लगा देती है...

सनी : आरोही उसे लेकर टो हॉर्स में मुझे लेने ाजाओ..

अनुसुइया : क्या कर रही हो....

अनुसुइया ने उठकर फ़ोन चीन..

अनुसुइया : आरोही ये नहीं जा रही है...

आशना : क्या दीदी पता होता तो कपडे भी न धोती...

सोना : माँ सुबह से बहुत अपसेट थी आपके आने पर खुश हुई तो आप जा रही हो...

सनी : तो और क्या karu...tum सब एक दूसरे के दुश्मन बने हुए ho...tum लोग अपने लिए जीते ho...rishto की कोई अहमियत नहीं...

अनुसुइया : फिर क्या करे ham...hamne उससे रिश्ता नहीं तोडा हम बस उसकी अबुसिंग इंसल्ट से तंग आगये और ये सब कह diya...wo दूर रहेगा तो ऐसा कुछ सुनने को नहीं milega....nahi तो तुम बताओ हमें क्या करना चाहिए.

सनी : साथ rahenge..mai उससे बात करुँगी फिर जो मई फैसला करुँगी तुम्हे मन्ना होगा...

अनुसुइया : वो साथ आया तो हररस karega..uski गन्दी नजरे है हम पर..

सनी : तुम झूट बोल रही हो....

अनुसुइया : अपनी बहन से क्यों झूट bolungi...trust नहीं तो तुम उसका टेस्ट लेकर देख लो....

सनी : ठीक है आज रत....

चलो थोड़े गंदे आइडियाज तुम्हारे दिमाग में दाल देती hon....umm रोलेक्स को हुमिलियते करना ठीक rahega...hahaha..

मोना खुद में बुदबुदाई फिर अनु के दिमाग से निकल आयी..

******************************

सौम्य की टीम ने अनुसुइया के घर के सामने वाली बिल्डिंग को खली करा लिया tha...unke पास पूरी छूट thi....wo जहाँ चाहे जा सकती थी जिसका चाहे घर खली करा सकती थी...

सौम्य और विजय कॉफ़ी पिटे हुए दूरबीन से सामने देख रहे थे...

विजय : चलो आओ थोड़ा आराम कर लेते है एक ऑवर से वो बस सो रहा है..

सौम्य भी सर हिलाते हुए उठ गयी....

दोनों अंदर आकर बैठ गए....

सौम्य : ऐसा कब तक chalega...ham इतने पास होकर भी उसका कुछ नहीं बिगड़ पा रहे है...

विजय : फिर तुम hi बताओ क्या करे..

सौम्य : आईडिया तो है बूत रिस्क है..

विजय : क्या..

सौम्य : उसकी फॅमिली में से किसी को किडनैप कर लेते hai..aur उसे ब्लैकमेल करके पूछते है उसकी पावर का राज़..

विजय : उसके पास जादुई शक्ति है उसे पता चल जायेगा..

सौम्य : ऐसा नहीं है उसके हम इतने करीब है जादू होता तो अब तक वो हम तक पहुंच गया होता...

टिंगगग....


विजय : शायद अर्जुन सर agaye..ruko मई देखता hon...kehte हुए विजय दूर खोलने चला जाता है...

कुछ देर बाद वो अर्जुन के साथ आता है...

अर्जुन और आरव की हालत देख कर लग रही थी वो गंदगी उठाने वाले है...

सौम्य : ये कैसे हुआ..

आरव : हम कोलकाता से आ रहे है...

अर्जुन : मुझे नहाना है....

दोनों अलग अलग वाशरूम में घुस जाते है..

विजय :लगता है दूसरे वाले ने इनकी पिटाई कर दी...

अर्जुन : ये कोई और tha...arjun ने झुजला कर वाशरूम से आवाज दी...

Kya......dono ने एक साथ पूछा...

अर्जुन : हां वो कोई और tha...us हरे आदमी के dost...wo हमें गटर में फेक गए जब हमने ग्रीन मन को अरेस्ट करना chaha...mai बताता भी नहीं ये लेकिन नई म्युटेंट की वजह से बता रहा हों...

सौम्य : इनकी शायद पूरी गैंग है..

विजय : ऐसा है तो फिर ये बहुत बड़ा खतरा hai...mujhe इन्हे रोकने के लिए किसी इनके जैसे की ज़रूरत है...

सौम्य : इनके जैसा हमारी हेल्प करेगा...

विजय : पता नहीं लेकिन तरय करने में क्या जाता है...

सौम्य : कोण...

सौम्य के पूछने पर विजय ने उसे पास आने के लिए kaha...saumya पास आयी तो विजय ने मुँह उसके कानो के पास लेजाकर उसका नाम बताया....

सौम्य के पास आने से विजय को उसके परफ्यूम के साथ उसके जिस्म की स्मेल आयी जो विजय को मदहोश करने lagi...usne खुद पर काबू kiya....lekin उसके दिल में सौम्य के लिए जज़्बात पैदा हो गए थे.....
 
Episode 46 बी

Papaaaaaaaa.......ek चीख के साथ मई utha...thand में भी मेरी बॉडी पसीने से भीग रही थी....

कुछ देर बैठ रहने के बाद मई वाशरूम में आया मुँह धोकर बहार आया तो बहार पूर्वी कड़ी थी...

ठीक हो aap...usne मुझे देखते hi पूछा...

मैंने वाल वाच में टाइम देखा रात में 9 बज रहे थे...

मुझे किसी के बोलने की आवाज नहीं आ रही purvi...maine पूछा...

पूर्वी : सब डिनर करने के लिए विष्णु के घर गए hai...aapko भी बुलाया है...

मैंने घाना को देखा था घर me...us टाइम माँ की नाराज़गी की वजह से उसे कुछ नहीं कहा था....

पूर्वी : जाओगे...

मैंने ना में सर हिला दिया....

पूर्वी : मैंने आपके लिए पराठे बनाये hai....chale कहते है मुझे भी भूक लग रही है...

मैंने सर हिलाया और उसके साथ निचे आया....

मेरे दिन्निग पर बैठते hi उसने खाना चाहिए और नियल की चटनी मेरे सामने रख दी....

पूर्वी: एक बचा है इसे बना कर aayi...wo रख कर चली गयी....

कुछ देर बाद आयी...

पूर्वी: क्या hua...kha नहीं रहे....

मई : haan...aur मई खाने लगा...

पूर्वी : क्यों उदास है....

मई : मैंने पापा को सपने में dekha...seeta ने भी बताया वो ज़िंदा hai...anu जानती hai..usne बताया nahi...I मैं बात करने का टाइम नहीं mila...wo भाग रही मुझसे....

पूर्वी: उसे एब्यूज करेंगे तो भागेगी hi..

मई : माँ ने मुझे बहुत कमज़ोर कर दिया hai...maa नहीं जानती जो अनु ने सीता ने सोना ने किया इसकी कोई माफ़ी नहीं hoti...mai टूट चूका हों purvi....aisa लगता है मेरे होने न होने से किसी को फ़र्क़ नहीं padta....mai बस कन्फर्म कर लू पापा ज़िंदा है फिर उसके बाद चला jaunga...abhi भी चाहता हों बॉडी सलिल साहिर में से किसी के हवाले कर दू... लेकिन ऐसे नहीं छोड़ना चाहता inhe....ye सलिल को भी मार dengi...aurat सब कुछ करने के बाद कहती है मैंने क्या kiya...jab उसकी गलती के गवाह हो तो झूठा नाटक करती है माफ़ी ka...anusuiya ने मुझे जीने लायक नहीं छोड़ा...

पूर्वी: मई खिलाती hon...wo पराठा तोड़ तोड़ कर मुझे खिलने लगी...

पूर्वी : किसी को हो न हो मुझे है आपकी parwah...mere rolex...kuch भी करने से पहले मेरे बारे में सोंचना...

मई : मेरे लिए प्यार की कोई अहमियत nahi...mujhe कमज़ोर मत करो...

थोड़ा सा खा कर मई उठ गया...

पूर्वी: कहा जा रहे हो...

मई : मरने...

पूर्वी : ठीक है मई भी चलती हों....

गेट बहार से लॉक करके हम दोनों कार में ए....

अनु की कार में बैठते हुए अहसास हुआ मेरे पास कुछ भी नहीं है...

मई : कोई काम धंदा karunga....kab तक उसकी कमाई पर jiyunga....saahir... कण्ट्रोल sambhalega...aur मैंने उस पर से कण्ट्रोल छोर दिया...

Aaaaahhhh....rolexx....

पूर्वी : काम कैसा काम...

मई : कोई bhi...mai जीनियस हों purvi....lekin अब पहचान छुपा कर कुछ नया करना hoga...lekin सब ठीक करने के बाद...

तूने ये क्या kiya...tune मुझे कण्ट्रोल किया....

मई :गुस्सा क्यों हो रहा है रुक मई यादें ट्रांसफर कर रहा हों.....

पूर्वी : अनु कह रही थी केरला शिफ्ट होने के liye....uska पहाड़ो में फार्म हाउस है....

मैंने कोई जवाब नहीं दिया....

पहले सिर्फ सलिल अब तूने मुझे भी कण्ट्रोल करना....

मई : मिल गया जवाब...

यादें देख कर वो भी हताश हो गया था....

साहिर : दिल करता है दोनों को अलग कर du...fir ये जिए मरे ी don't केयर ...

मई : तू मुझे खुद से अलग करेगा....

साहिर : तू और मई अलग नहीं हो सकते मई सलिल की बात कर रहा हों...

मई : तू दिमाग निकलने की बात कर रहा है...

साहिर : हाँ...

मई : तू पागल हो गया hai...teeno मरेंगे...

साहिर : मई कोई न कोई इलाज ढूंढ लूंगा...

मई : आगे..

साहिर : कोई और बॉडी ...

मई : नहीं ये डेंगरोउस hai...ek गलती और सब ख़तम....

साहिर : तो और क्या karu...tu भी तो मरने की सोंच रहा hai..risk ले लेते है.

पूर्वी: कहा जाना है...

मई : बीच की तरफ ले चल...

मई : सलिल का सोंच.....

साहिर : हाँ....

वो चुप होकर गहरी सोंच में दुब गया....

साहिर : सोंच लिया...

मई : क्या....

पूर्वी : हम बीच पर क्यों जा रहे है...

मई : मैंने भैरव को उसकी फॅमिली के साथ बंधा हुआ है एक खली घर me...jo बीच के पास है..

साहिर: khalipan....ham दोनों अपने अंदर के अंधकार से लड़ रहे है एक खालीपन हमारे साथ है... हमें कोई ऐसा चाहिए जिसमे फीलिंग्स जैसा कुछ न ho...tu निर्दई था मगर तुझमे सोना ने फीलिंग्स जगा दी thi...lekin अब कोई ऐसा जो हमारे बस में भी न हो...

मई : तू क्या करने की सोंच रहा है....

साहिर : हम तीनो की मौत और उसका जीवन....

मई : nahi..mujhe मंजूर नहीं...

साहिर : तूने सोना का रपे किया......

मई : ओह्ह shit....shit...shit...sahir कलम down...sahirrr....

Dhammmmmmmmmmmmm....dhammmmmm.....

पूर्वी : रोलेक्स......

उसने गुस्से में सर कार पर mara...fir लगातार मरने लगा...

ट्रक में घुसने से कार बचते हुए पूर्वी ने कार साइड में कर दी ....और वो लम्बी सांसे लेने लगी....

वही मेरे सर से खून निकलने लगा था...

मई : साहिर रुक जाए....

साहिर: तूने मेरी बहन की इज़्ज़त लूटी haramjader....aaaaaaahhh....

उसने मुझे उछाल कर कार से बहार सीट बेल्ट को तोड़ते हुए रोड पर फेका....

शिऊणणंन्न.....

एक ट्रक बिलकुल मेरे फेस के पास से निकल गया....

मई : साहिर मुझसे गलती हो gayi....sahir.....mai गुस्से में अँधा हो गया था....

Aasaaaaaaaaaaaaaaaaaaa....

वो रोड पर बैठकर अपने हाथ रोड पर मर रहा था....

मेरे हाथो से खून निकल रहा tha...jo मेरे लिए अजीब tha....kyoki गोलिओ का भी मुझ पर असर नहीं होता था....

मई : पापा ज़िंदा है... प्लीज रुक जाए ....

Rolex.....purvi ने खींच कर हमें अपने साइन से लगा liya...aur ट्रक हमारे पास से गुज़र गया.....

पूर्वी: शांत हो जाओ दोनों प्लीज....

वो मुझसे ऐसे लिपट गयी थी जैसे सांप अपने शिकार को फसा लेता है....

साहिर सोंचो में डूबा उसे वो बातें याद आ रही थी जो सीता ने मुझसे कही....

मौका देख मैंने फिर उस पर कण्ट्रोल कर लिया.....

पूर्वी : साहिर शांत हो जाओ हम मिलकर कुछ सोंचते है...

मई : वो नहीं है अब.... और मई पूर्वी से अलग हो गया...

आआआआआ.....

मैंने अपना मास्क खींच कर निकल दिया....

मई : मुझे दर्द हो रहा है मुझे हील करो.....

तुम अगर खुद अपने आप को चोट पहुँचाओगे तो मई तुम्हे ठीक नहीं कर सकता....

अगले पल मुझे मास्क बोलता दिखा....

मई : मुझे दर्द हो रहा है...

मास्क : समझौता तोड़ दो ठीक कर दूंगा...

मई : वो ये था....

मैंने मास्क के साथ डील की थी वो मुझे हॉर्नी नहीं karega...badle में मास्क ने कहा था वो मुझ पर से एक फेवर हटा देगा अपना..

अब समझ आया था वो किसकी बात कर रहा था....

मास्क : हां....

मई उसका जवाब सुन फिर उसे लगाने लगा...

मास्क : रुक कापू....

मई रुका तो वो बोलने लगा...

मास्क : अगर ये चोट ठीक नहीं हुई तो ये नासूर बन जाएगी तुम्हारे शरीर में फोड़े निकल ayenge....aur तुम तड़प तड़प कर मर जाओगे.....

मई : झूट बोल रहे हो tum...deal तोड़ने के लिए .

मास्क : मई अपने होस्ट से झूट नहीं बोलता न मुझे बोलना अत है....

मई : वो तुम थे जिसने मेरी सोना का रपे किया....

और मैंने मास्क लगा लिया....

मई वही कार से तक लगा कर बैठ गया....

पूर्वी : मई खून रोकने के लिए कुछ देखती हों कार me...wo चली गयी...

मई अपना दर्द महसूस कर रहा था.....

साहिर ने कार की मजबूत प्लास्टिक लोहा तोड़ दिया था....

दिखाओ mujhe....wo फर्स्ट अिध किट ले आयी थी.....

मई : सेल अमीर लोगो के पास सभी कुछ मौजूद होता है....

पट्टी करके हम दोनों आगे बढे और बीच से होते हुए हम उस खण्डार में ए....

जहाँ मैंने उन चारो को बढ़ा हुआ था....

Pani..pani......wo चारो भूक प्यास से निढाल पानी मांग रहे थे.....

मई : hi janeman....pass आकर मैंने सुप्रिया के गलो को चुम लिया...

सुप्रिया : पानी.....

मैंने पूर्वी को इशारा kiya...jisne पानी की बोतल उसके होंठो से लगा दी....

सुप्रिया : मुझे भूक लगी है...

चारो hi भूक से तड़प रहे थे...

मई : खाना दे दूंगा लेकिन पहले मेरे सवालो के जवाब do...mai खाना उन्हें दिखते हुए bola...jo चारो ललचाई नजरो दे देखने लगे...

मई : अनुसुइया को गार्लिक अनियन खाने से किसने roka...kyoki मेरी माँ तो बहुत शोक से कहती है....

भैरव : ये पाप है इसलिए मैंने...

मई : वाह तेरी माँ की chut....ladkio से धंदा करना मासूमो को मरना पाप नहीं है गार्लिक अनियन खाना पाप hai...tu तो बड़ा मादरचोद निकला...

मैंने खाना शिवम् को दिया....

सुप्रिया को खुद खिलने laga...shivam का एक हाथ पूर्वी ने खोल दिया था...

मई : चुदाई कैसी थी....

उस रात नखरो के बाद सुप्रिया ने उछाल उछाल कर मुझसे छुड़वाया था....

हमें भी दो खाने ko...bhairav की औरत खाने के लिए हाथ जोड़ने लगी....

मई : बस इतना hi laya...jaa अपने बचो से छीन le...mere इशारे पर पूर्वी ने भैरव की औरत को खोल diya...wo सुप्रिया को छोड़ शिवम् पर झपटी....

ये देख शिवम् ने पूरा पराठा मुँह में रख लिया....

बीटा मुझे दे de....wo जबरदस्ती शिवम् के मुँह से खाना निकलने लगी....

जब शिवम् नहीं निकलता तो वो उसे मरने lagi....jisse शिवम् खासते हुए खाना उगल देता है...

जो थोड़ा सा tha...maine सुप्रिया का हाथ खोला और खाना उसके पास रख दिया...

भैरव की औरत भागते हुए सुप्रिया के पास ayi....dono ने एक दूसरे को देखा और सुप्रिया ने खाना अपने पीछे छुपा लिया...

दे दे mujhe...wo सुप्रिया पर चढ़ कर खाना छीनने लगी....

बहुत देर तक दोनों माँ बेटियां खाने के लिए लड़ती रही....

आखिर में आधा आधा दोनों के हिस्से में आया..

मई : शिवम् भूक लगी है...

शिवम् ने सर हिला दिया...

सुप्रिया : मुझे भी....

मैंने पूर्वी को इशारा kiya....jo वो गेट के पास रखा खाने का बेग उठा लायी...

भैरव की औरत पूर्वी पर झपटी...

Chatt...purvi का घुटना उसके मुँह पर पड़ा....

पूर्वी : खाना वो देंगे...

मैंने खाना रूम के बिच में रखा फिर तीनो को खोल diya...bhairav उसकी औरत और शिवम् को....

मई : आपस में तये कर lo...kisne खाना hai....shart ये है किसी को एक hi खाना है सारा खाना दूसरे ने खाया तो छीन लिया jayega....kyoki खाना एक पर्सन के लिए है तीनो के लिए नहीं...

वो तीनो खाने पर jhapte...shivam ने भैरव को धक्का दिया फिर उसकी औरत को....

शिवम् : माँ ये मेरा है

औरत को धक्का देकर वो खाने पर जाप्ता की भैरव ने उसे पकड़ लिया....

भैरव उसके बाल पकड़ कर नोचने laga...shivam ने भैरव के पेट में काट लिया....

मैंने पूर्वी को देखा ....उसने नाइफ भैरव की औरत की तरफ फेक दिया...

खच्हहहहह

khachhhhhhhhhhh.....usne नाइफ शिवम् की गर्दन में मारा ..ये देख भैरव ने उससे नाइफ छीना..

KHachhhhhhh...khachhhhhhh....agle hi पल उसने नाइफ अपनी औरत के मुँह में दाल दिया.....

सुप्रिया सब देखते हुए सिसक रही थी....

दोनों को मार कर भैरव खाने पर टूट गया....

पेट में खाना गया तो उसे अपनी औरत और बेटे का अहसास हुआ....

मैंने पूर्वी को इशारा किया....

वो नाइफ लेकर आयी... और उसने सुप्रिया को खोल दिया....

फिर पूर्वी ने उसके सामने नाइफ फेक दिया...

नाइफ उठा कर उसने पूर्वी पर वॉर किया तो मैंने पकड़ liya....knife पकड़ कर मैंने ना में सर हिला दिया...

मई : भैरव अपनी बेटी का रपे कर मई तुझे छोर दूंगा....

भैरव ने कोई जवाब नहीं दिया....

मई : तुम्हारी आज़ादी की चाबी भैरव hai...jaao कर दो उसे आज़ाद...

उसने नाइफ छोड़ दिया और मेरे आगे हाथ जोड़ लिए....

मई : तुम्हारे सामने तुम्हारी माँ और भाई को मारा है isne.....ab देख लो तुम्हे क्या करना है....

वो नहीं आयी तो मई नाइफ लेकर उठ गया...

पास आकर मैंने नाइफ भैरव के गले पर रख दिया.....

हैंड्स off.....itne में मुझे जनि पहचानी आवाज आयी....

भैरव : aaaaaaaaaaaaa..........

ढाये dhaye.....do गोलियां मेरे शोल्डर पर आकर लगी....

न जाने कैसे वो अंदर घुस gayi....aur मेरे शोल्डर से खून बहने लगा...

पूर्वी हाथ ऊपर किये कड़ी थी....

सौम्य: विजय इस लड़की को अरेस्ट कर लो....

विजय आगे बढ़ा पूर्वी की तरफ की मई भैरव को छोड़ उस के आगे आकर खड़ा हो गया....

सौम्य : सलिल अपने आप को कानून के हवाले कर दो नहीं तो मई इसे शूट कर दूंगी...

Aaaaaaaaaaaa..... kutteeee....supriya चीखते हुए मुझ पर कुड़ी और उसने मेरे ज़ख्मो में अपनी उंगलिअ दाल दी...

सौम्य : हटाओ इसे....

मई चाहता तो दीवार में मार देता लेकिन मैंने उसे मारा नहीं....

भैरव : आआह्ह्ह्हह मार दो इसे नहीं तो ये सबको मार देगा...

भैरव की लागर सी आवाज आयी ..उसका काफी गाला काट गया था लेकिन अभी भी उसमे जान बची थी....

सौम्य के साथ वाले ने सुप्रिया को हटाया सामने सौम्य पूर्वी पर गन तने कड़ी थी....

हाथ upar....uske कहने पर मैंने हाथ ऊपर कर लिए....

सुप्रिया अलग हुई तो अपने बाप के पास चली गयी....

सुप्रिया : एम्बुलेंस बुलाओ इनके लिए...

सौम्य : इसे हथकड़ी लगाओ विजय....

पूर्वी ने मुझे dekha...maine ना में सर हिलाते हुए अपने शोल्डर की तरफ इशारा किया.....

मुझे हथकड़ी पहनकर विजय ने मेरी आँखों पर पट्टी बांध di...fir उसने यही पूर्वी के साथ भी किया....

सौम्य : hello एम्बुलेंस मई असिस्टेंट कमिश्नर मिस सौम्य बोल रही hon...beech के पास जल्दी से एम्बुलेंस bhejo...hurry उप....

उसने कॉल पर किसी से कहा.

गन पीठ पर लगाए वो मुझे आगे खदेड़ने लगा....

सौम्य: 3 मिनट में एम्बुलेंस आ रही hai....police फाॅर्स भी रस्ते में hai...tum यही रुको इसे पकड़ना बहुत ज़रूरी है...


इतने में बहुत सी gadiyan..bahar आकर ruki...jisme से अर्जुन निकला...

सौम्य : लो agayi....kehte हुए वो मेरे पास आयी और उसने गन मेरे सर पर पॉइंट कर दी....

सौम्य: अंदर एक्स c.m है उन्हें मदद चाइये.....

कई हाव्दार हमारी तरफ aaye...jo अंदर घुस गए.....

मुझे आगे लेजाकर पुलिस वाले बहुत मोती जंजीरो से बांधने लगे....

अर्जुन : डॉक्टर को bulao....itne में एक आदमी aaya...usne एक मशीन की वायर जंजीरो पर bandhi....aur फिर उसने मशीन का बटन दबाया..

मई : aaaaaaaaaaa....a.aaaaaaaaa.....

दर्द से मेरी कानो को फाड़ने वाली चीख निकल gayi...meri बॉडी झुलस गयी thi...usme से धुआं निकल रहा था...

पूर्वी : saumya.....ye तुम्हारा पति है..... प्लीज ये न करो....

सौम्य : अगर भागे तो ये शॉक तुम्हे बार बार हर बार लगातार मिलता रहेगा.... बेहोश करो इसे...

मुझसे कहकर उसने डॉक्टर से कहा...

डॉक्टर ने 2 इंजेक्शन मेरी गर्दन में दाल दिए......

मई : पूर्वी अस्स पास क्या है....

पूर्वी : पुलिस जीप है...

पूर्वी की बात सुन कर मई कंशनट्रेटे करने laga...dhammmm

Chatakkk....sali kutiya...ise ले जाओ यहाँ से...

गाड़ी हिली लेकिन अब मुझमे बिलकुल भी एनर्जी नहीं बची थी मेरी आंखे अब सोना चाहती थी इंजेक्शन अपना असर दिखा रहा था...

किसी ने पूर्वी को मारा था....

मई : पूर्वी को जिसने हाथ लगाया मई उसे तड़पा तड़पा...

आगे मेरे शब्द नहीं निकले..

मेरी बॉडी अब नींद की वदीओ में जा रही थी लेकिन मुझे जागते रहना tha...mai अपने दिमाग को सोने से रोकने लगा...


मेरी आंखे तो बंद हो गयी थी लेकिन मई उनकी बातें सुन पा रहा tha...maine हाथ पेअर हिलने चाहे लेकिन मई नहीं हिला.....

वो मुझे उठा कर एक गाड़ी में लाये...

फिर कई कदमो की आवाज मुझे आयी...

शिऊणंन्न की आवाज करती एम्बुलेंस की आवाज मुझे आ रही थी....

गाड़ी चलने लगी थी.....

Roko....saumya ने ड्राइवर को आवाज़ दी ..

क्या hua...ye अर्जुन था...

सौम्य : इसे बुलेट्स लगी है इसकी जान जा सकती है ..कहते हुए उसने गेट खोला..

अर्जुन : ये तो और ाचा है न..

सौम्य : d.i.g सर इसका फैसला करेंगे...

फिर मुझे उसके कूदने की आवाज आयी...

रुक जाओ सौम्य ये मेरा आर्डर है...

अर्जुन चीख रहा था...

रुक जाओ sir...ye शायद विजय था ..

वो सही कह रही थी सर इसे कुछ हुआ तो d.i.g सर सजा हमें देंगे...

अर्जुन : मई दरख्वास्त करूँगा इसे सेल में hi मार दिया jaye...jyada ज़िंदा न रखे...

विजय : इसके साथ वाली ने कहा था ये सौम्य का हस्बैंड hai...kya ये सच है...

अर्जुन : हां...

जल्दी aao...itne में मुझे फिर सौम्य की आवाज आयी वो अपने साथ नर्स ले आयी थी...

सौम्य : एक बुलेट साइन पर है एक इसके शोल्डर पर...

मैडम गोली निकलने के लिए इसे खोलना होगा...

सौम्य : ऐसे hi करो..

घाव हो सकता है...

अर्जुन: तुम नहीं कर सकती हो तो तुम जा सकती हो...

सौम्य: ऐसे hi निकालो....

इतने में मुझे अपनी शोल्डर में कुछ धारधार हथियार घुसता महसूस हुआ...

नर्स : मैडम बुलेट ज्यादा अंदर hai...nikali तो मास्स भी आएगा..

शायद सौम्य ने आँखों से हामी भरी hogi...mujhe उसका हाथिएर और अंदर घुसता महसूस हो रहा था...

दर्द से मई चीख रहा था लेकिन मेरी आवाज नहीं निकल रही थी....


dhammm...dhammm..

दूर बजा....

और मुझे किसी के चलने की आवाज आयी...

उसे हमारे हवाले कर दो ऊपर से आर्डर hai...mujhe किसी की आवाज़ आयी...

सौम्य : इसका फैसला कोर्ट में होगा..

ये महाराज का आर्डर है...

वो महाराज के लोग थे मैंने उठना चाहा लेकिन मई उठ नहीं पाया मेरा शरीर हिल भी नहीं रहा tha...unke आने से एक बात अछि हुई नर्स रुक गयी थी..

सौम्य : मैंने कहा न इसका फैसला कोर्ट में hoga...arjun सर...

अर्जुन : आगे बड़े तो शूट कर दिए jaoge...ye पुलिस कस्टडी में रहेगा..

ये ऐसे नहीं मानेगे गूंगे से कहो उसे लेकर ए...

सौम्य : सर हमें निकलना होगा...

अर्जुन : ड्राइवर जल्दी चलो....

सौम्य : तुम निकालो इसकी बुलेट्स...

वो फिर निकलने lagi...ab मुझसे दर्द बर्दास्त नहीं हो रहा था मेरा दिमाग भी हर चूका tha...aur फिर मई अपना होश खो बैठा.....

आआआअह्ह्ह्ह आआअह्ह्ह्हह..

कराहते हुए मई उठा....

मैंने हाथ हिलाये तो मुझे अपने हाथो में जंजीर महसूस हुई....

Khannn....aaaaaaahhhhhhh....

मैंने जंजीर तोड़नी चाही की मुझे शॉक लगा...

मेरी दर्द से चीख निकल gayi....meri बॉडी झुलस गयी thi...maine सर घुमा कर शोल्डर को देखा तो मेरी आंखे बहार आने को हुई...

मेरे शोल्डर पर एक मोटा सा फोड़ा था मैंने नजरे घुमाई तो और मुझे दिखे जिसकी स्किन बिलकुल पतली thi....shock से एक फोड़ा फुट गया tha...aur उसमे से खून के साथ गंदगी निकल रही थी...

मई: aaaaaaaaaaaahhhhh.......dard से मई चीखने लगा...

अगर हिले चीखे तो फिर शॉक मिलेगा...

मुझे सामने से आवाज आयी... सामने लोहे का एक मोटा सा गेट लगा था जिसमे एक छेड़ था जहाँ मुझे कोई बैठा दिखाई दिया यही कण्ट्रोल कर रहा था मशीन ...

मैंने खुद को देखा मई बंधा हुआ था दिवार से sidha....mere हाथ पेअर सभी कसकर बंधे गए थे....

मैंने उस सेल रूम की छत को देखा...

Aaahhhhhhh...bhut कोशिशों के बाद भी कुछ नहीं हुआ...

फिर मुझे अपने माथे पर एक मशीन महसूस हुई....

मैंने पावर लगा कर जंजीर तोड़नी चाही...

मई : आआह्ह्ह्हह.....

खणणणणणणणण.....

Ahhhhhhhhhhhh....jaise hi जंजीर हिली अगले पल फिर मशीन चालू हो गयी....

दर्द से मेरी आंखे नाम हो गयी....

Fattttt.....machine रुकी और मुझे अपने एक और फोड़े के फूटने की आवाज आयी...

मई : ये सब तुम कर रहे ho....bolo....bolte क्यों nahi.....jawab दो mujhe....maine अपने मास्क को बहुत आवाजे दी लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया...

थक कर मैंने आंखे बंद कर li...mujhe नींद नहीं थी मई बस घडिया. गईं रहा था...
 
वरो वो अपनी जगह सही है वजह है की एक भाई बहन के कैसे भी होने पर उसके लिए अपशब्द नहीं निकलता जब तक रिश्ता रखे लेकिन रोलेक्स ृश्ह्टा तोड़ चूका hai.aur वो बार बार ऐसे अपशब्द निकल रहा था जिससे दोनों में अनबन हो गयी.

वरो उसने जासूसी की थी साहिर के लिए वो सब जनता hai.lekin वो एक मौका देना चाहता था.

वरो उसने जो कुछ भी किया उससे ज्यादा गलत 2.0 ने किया.

वरो इसने सलिल को मारा फिर उसे जेल से भी बचाया माफ़ी भी मांगी उसकी बहन खुद विष्णु के पास गयी है आगे क्या होता है ये देखने वाला है

वरो अभी ये क्लियर नहीं हुआ है..

हाँ वरो उसका रोले अब ख़त्म होने वाला है.

वरो दोनों ने बाद में कहा भी अबुसिंग से बचने के लिए ऐसा कहा

हाँ वरो किसी एक का मरना तये है दोनों hi ये बर्दास्त नहीं करेंगे..

Let's सी एन्ड में कोण रहती है.

मोना आपने बाप की तरह नहीं hai.rohit नहीं कोई और.

वरो पहली वजह है उसने रोलेक्स को कण्ट्रोल नहीं किया दूसरी वजह है वो सोंचे पद सकती है घुस kar.bhut कॉम्प्लिकेटेड है एक स्टोरी है टेलिपाथी पर कहो तो वो दू तो टेलिपाथी समझ आजायेगी.

वरो समर आवाज के ज़रिये दिमाग में घुसता है समर से बचने के लिए गुरु महाराज ने समर के नौकर को गंगा किया है लेकिन जो गूंगी है वो सानिया के साथ आयी है ये कैप्शन की गैंग से hai.dono अलग hai.ek फीमेल एक मेल

वरो उस खंडहर वाली लेडी ने ऐसे hi नहीं कहा उसे मास्क रखने को .अब उसके साइड इफेक्ट्स दिख रहे है.

कैप्शन की कैद में नहीं है..

हाँ.

वरो यहाँ वो मजबूर है एक तो उसकी बेटी है वो दूसरी बात उसने hi दोनों बहिन भइओ को नयी ज़िन्दगी दी..

माँ डायरेक्टली उसके अगेंस्ट नहीं hai.vro वो वुमन है और माँ माँ को अपने सभी बचो से प्यार होता है.

नहीं कहा वरो उसे सलिल ने सब बता दिया वो है सुहासिनी की वजह से हामी भर रहा था सुहासिनी ने उसकी और उसकी बहन की जान बचाई

वरो ऐसा hi कुछ होने वाला था तुमने कहा तो मैंने प्लाट चेंज कर diya...ab भी समय है तुम कहो तो चेंज कर दू प्लाट ओरिजिनल ले आऊं

वरो वो सब अपनी माँ की वजह से सेह रहा है वर्ण उसने सानिया का भी ख्याल नहीं किया और अनु को मरने लगा.

विषकन्या की ट्रेनिंग ले रही थी उसने खुद भी कहा था पास्ट में की वो वर्जिन है.

वरो अभी नहीं let's सी.

Let's सी
 
वरो जो भी हो बोल दिया करो

वरो आशना की नजरो में रोलेक्स ने खुद को गिराया है और दूसरी बात आशना क्यों चुप है ये सस्पेंस है.

वरो रोलेक्स भी गलतिअन कर रहा है कर वो भी रही है लेकिन सामने सिर्फ रोलेक्स है .

विष्णु कमीना है लेकिन अभी तक उसने ऐसा कुछ नहीं किया जो महाराज भैरव ने किया है.


वरो औरत की फितरत बदलती रहती है.

हाहाहा वरो आखिर वो भी औरत है और हर औरत एक सी नहीं होती आकांक्षा अलग hi thi..akanksha इसमें आएगी..

है वरो बात सही है लेकिन प्यार पर हवस हावी हो जाये फिर क्या किया जा सकता है
 
Episode 47

मई : ये सब तुम कर रहे ho....bolo....bolte क्यों nahi.....jawab दो mujhe....maine अपने मास्क को बहुत आवाजे दी लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया...

थक कर मैंने आंखे बंद कर li...mujhe नींद नहीं थी मई बस घडिया. गईं रहा था...

नेक्स्ट कंटिन्यू....

Vishnu's हाउस....

सब एक बड़ी डाइनिंग पर बैठे खाना एन्जॉय कर रहे थे...

विष्णु बार बार अनुसुइया को देख रहा था चोर नजरो से चोर नजरो से hi अनुसुइया उसे अपनी माँ की तरफ इशारा करती....

खाना ख़त्म हुआ तो सब बरी बरी से वाशरूम में हाथ धोने जाने लगे...

महा लक्समी संगीता विष्णु के साथ सोफे पर बैठ गयी....

संगीता : खाना पसंद तो आया आपको...

महा : बहुत ाचा था...

माँ हम राधा के साथ hai...sona ने जाते हुए आवाज दी जिसके साथ आशना संजना भी थी...

इतने में सीता और प्रकाश भी घाना के साथ आकर बैठ गए...

सनी और अनुसुइया वाशरूम में थी..

महा ने घाना की तरफ आँखों से प्रकाश को इशारा किया...

प्रकश : बहुत ाचा है...

प्रकश धीरे से फुसफुसाया...

महा : जाहिर मत karo...maha धीमे से फुसफुसाई...

विष्णु : आप कब इन दोनों का विवाह रखना चाहती है..

महा: मुझे टाइम दो...

विष्णु : घाना की आगे भी निकल रही hai..aur अनु भी दोनों के लिए सही यही रहेगा अब जल्दी से दोनों का विवाह हो जाये...

कहकर विष्णु महा को देखने laga..jo खोयी हुई थी...

विष्णु : तुम भी कुछ बोलो bhagyawan...vishnu संगीता के कोहनी मरते हुए बोलै...

संगीता : haan..bahan हमें कुछ नहीं chahiye...aap जो डौगी हमारे लिए उतना hi काफी होगा...

घाना : माँ अब मान भी जाओ...

महा : मई...

विष्णु : अगर आपको कोई आपत्ति है तो कोई बात nahi...ham बस घाना के लिए बहु जल्द से जल्द लाना चाहते है..

महा : आपत्ति जैसा कुछ नहीं है...

प्रकश : अगर आप दोनों बुरा न मने तो मई अपनी बहन से अकेले में बात करके फैसला सुनाये..

विष्णु : जैसा आपको सही लगे..

प्रकश ने महा का हाथ पकड़ा और उसे लेकर पास बने रूम में घुस गया...

प्रकश : क्या सोंच रही ho...bahut ाचा रिश्ता है हमारी बेटी के लिए...

महा : रोलेक्स ko...use भी तो सब बताना है उसकी परमिशन के बिना कैसे..

प्रकाश : अभी कोण सी शादी कर रहे hai...bas रिश्ता पक्का कर दो...

महा : अभी हमारे हालत कैसे है...

प्रकश : हमें पूरी ज़िन्दगी ऐसे hi भागते रहना hoga...kam से काम कोई तो इस सब से nikle...tu नहीं जानती महा भैरव मुझे अनु की वीडियोस दिखा कर टार्चर करता था..

कहकर प्रकश अपने दोनों हाथ सर पर मार लेता है...

महा : क्या कर रहे ho....hatho को रोक वो प्रकश को गले लगा लेती है ..

प्रकाश: जब भी अनुसुइया को देखता हों वो सब याद अत है....

महा : यही हाल रोलेक्स का भी hai....tumhare जीजू होते उन पर क्या guzarti...chalo आओ...

दिल को मजबूत कर महा सबके पास आयी...

संगीता : क्या फैसला लिया अपने फिर...

महा : आप बताये कैसे रखना चाहते है सब...

विष्णु : अभी इंगेजमेंट कर देते है जब आपके हालत ठीक हो जाये फिर विवाह कर देंगे ...

महा : इंगेजमेंट हम केरला में karenge...wahi पर दोनों का विवाह...

संगीता: कब निकल रही है आप केरला के लिए...

महा : मेरे बेटे को कुछ काम है जैसे hi हो जायेगा हम निकल जायेंगे पीछे से आप सब अजना....

सब हामी भरते है....

विष्णु चुप कर कनअँखिओं से संगीता को िसहरा करता है ..

संगीता : भाई साहब आप तीनो मेरे साथ आये...

संगीता तीनो को लेकर उठी और बैडरूम में घुस gayi....sabke जाते hi विष्णु वाशरूम की तरफ भगा....

वो जैसे hi गेट के पास पंहुचा उसे अनुसुइया और सनी आती हुई दिखाई दी..

अनुसुइया : अंकल aap....mai अपनी बहन को सोना के पास छोड़ आऊं...

विष्णु ने कुछ नहीं कहा वाशरूम की तरफ बढ़ गया....

सनी को लेकर अनु सोना आशना राधा संजना के पास आयी...

आशना : कहा रह गयी थी दीदी..

सनी : वाशरूम में थी यार..

अनुसुइया : इसे वोमिटिंग आ रही hai....aashna ख्याल रखो iska..mai माँ के पास जा रही हों...

कहकर अनुसुइया वापस मुद गयी...

चलते हुए वो वाशरूम में आयी जहाँ उसे विष्णु ने अपनी बाँहों में दबोच लिया.....

अनुसुइया : आआह्ह्ह्ह क्या कर रहे हो...

विष्णु : तुम्हे प्यार करने के लिए तरस गया हों मेरी जान....

अनुसुइया : मई bhi....lekin अभी नहीं...

विष्णु : ऐसा कब तक चलेगा ..कहकर विष्णु पीछे हाथ ले जाकर अनुसुइया की गांड मुट्ठी में भर कर मसलने लगा...

उसका लैंड ेररेक्ट हो गया था ..

जिसे उसने पंत से निकल लिया था....

अनुसुइया : जब तक रोलेक्स अपना ी मैं हमारा बदला नहीं ले लेता...

हाथ निचे लेजाकर अनुसुइया विष्णु का लैंड मसलने लगी....

विष्णु : तुम्हारी माँ तो तैयार हो गयी तुम्हारे और घाना के विवाह के liye...maine अभी बात की उनसे..

अनुसुइया : रोलेक्स नहीं manega...usne हम दोनों को देखा है जैसे hi वो माँ को बताएगा सब ख़त्म..

विष्णु : फिर क्या करे .. विष्णु ने अनुसुइया की गांड छोर दी वो हताश हो गया था...

अनुसुइया : रोलेक्स को मरना hoga...wo मरेगा तो सब खुश रहेंगे..

विष्णु : तुम अपने भाई को...

अनुसुइया : नहीं सिर्फ रोलेक्स जो सलिल की स्प्लिट पर्सनालिटी hai...mai और मोना इसी पर फोकस कर रही है अभी....

कहते हुए अनुसुइया ने विष्णु के हाथ फिर अपनी गांड पर रख दिए ..गांड मसलते हुए विष्णु ने अपने होंठ अनुसुइया के होंठो पर रख दिए ..

दोनों एक दूसरे को वीलडली किश करने लगे...

विष्णु ने अनु की जीन्स उतरनी चाही तो अनु ने ऊँगली दिखा कर ना में इंकार किया...

अनुसुइया : इतना समय नहीं है और तुम्हारा निकलता भी बहुत देर में है ..

विष्णु : इसे ठंडा कर दो...

अनु ने हामी भरी और घुटनो पर agayi...lund पर जीभ भरते हुए उसने लैंड मुँह में ले liya....fir तेज तेज आगे पीछे करने लगी...

अपने घर पर सब को कैसे manaya..anu ने लैंड निकल कर पूछा...

विष्णु : संगीता को धमकाया राधा और घाना दोनों पहले से hi तुम्हे चाहते है...

Ohhhhhh...kisi की ुबकि पर दोनों का ध्यान दरवाज़े पर गया और दोनों की सांसे फूल गयी....

सामने वोमिट को रोके सनी कड़ी थी ..दोनों को इस हाल में देख उसकी आंखे बड़ी हो गयी थी...

Ohhhhhhhhhh...usse वोमिट न रोकी गयी और फर्श पर hi उसने वोमिट कर दी...

अनुसुइया भाग कर उसके पास आयी....

अनुसुइया : सनी तुम ठीक ho...wo पीठ सहलाने लगी....

विष्णु बड़ी गौर से सनी को देख रहा था...

सनी के जिस्म की बनावट देखते हुए उसका हाथ अपने आप लैंड पर चलने laga...sani अनु से भी कही ज्यादा सुन्दर थी न सिर्फ शकल से बल्कि फिगर में भी...

विष्णु का पानी निकला तो उसने उसे हाथ में ले लिया और वैसे hi खुले लैंड के साथ दोनों के पास आया...

एक साथ कई वोमिटिंग सनी को हो गयी थी...

वो सम्भली तो उसने अनु को dekha...jo उसकी पीठ सेहला रही थी....

चटकककककक....

हाथ मत लगाओ mujhe....thappar मर कर सनी अनु पर गरजी...

विष्णु : इसके अनु की कोई गलती नहीं है...

कहते हुए वो अनु के पास आया...

विष्णु : इसे काबू में करना होगा वर्ण सब ख़त्म...

अनु ने गुस्से में विष्णु को देखा...

कुछ कहे बिना वो सनी के पास आयी..

अनुसुइया : तुम सच नहीं janti...mai घाना से नहीं विष्णु से प्यार करती hon..ye सब सोना की वजह से हुआ....

सनी ने विष्णु को dekha....aur उसे इसका खड़ा लैंड दिखा..

Chii....sani ने नजरे घुमा li..aur उलटे कदम बहार को भागी...

उसके पीछे hi अनुसुइया भी भागने लगी...

सनी विष्णु के घर से निकल कर अपने घर आयी....

उसके पीछे पीछे hi अनु भी आगयी...

अनुसुइया : मेरी बात सुन लो प्लीज...

सनी : तुम उस दरिंदे जैसे इंसान का झुक कर ची...


अनुसुइया : वो दरिंदा hi मेरी प्यास बुझा पता hai...tum नहीं जानती मेरे साथ क्या hua....mujhe बचपन में hi सेक्स एडिक्शन के ऐसे इंजेक्शन दिए जिसके बेस्ड औरत सेक्स के लिए पागल हो जाती hai.....fir अनुसुइया अपनी कहानी बताने lagi......ye सब सोना की बेवकूफी की वजह से hua...sona ने hi माँ को विष्णु की जगह घाना के बारे में बताया.... प्लीज इस बारे में किसी को नहीं बताना...

अनु सनी को अजीब नजरो से देखने लगी...

अनुसुइया : क्या हुआ तुम चुप क्यों हो...

सनी : बस सोंच रही हों यहाँ आकर कितनी बड़ी गलती कर di...mera भाई फ़ोन साथ रखता तो यहाँ आने की नौबत न ati.sani ने कुछ देर घुरा फिर कहा..

अनु हताश पास आकर बैठ गयी सिसकते हुए उसने अपना कन्धा सनी के कंधे पर रख दिया...

अनुसुइया : क्या हमारा तुमसे कोई रिश्ता नहीं है...

सनी : बस करो ये बातें ी क्नोव तुम कितनी लॉयल हो अपने रिश्तो के साथ..

सनी के जवाब पर अनुसुइया दूर हटकर बैठ गयी..

सलिललल.... रोलेक्स....

सनी की चीख पर अनु सहम कर देखते हुए सनी का हाथ पकड़ लेती है..

अनुसुइया : प्लीज ऐसा मत करो..

सनी : लीव में.

हाथ छुड़ा कर सनी चलते हुए ऊपर aayi....upar कोई नहीं था...

पीछे पीछे hi अनु भी आगयी..

अनुसुइया : तुम समझती क्यों नहीं हो..

सनी : क्या समझना है huh...ye की तुम एडिक्ट हो और अपने से बड़े आदमी के साथ मुँह कला कर रही थी शादी तुम्हारी उसके hi बेटे से लगी hai...tum धोका दे रही ho...sabko..

अनुसुइया : सब बेवकूफ सोना ने kiya...anu दांतो को पीसकर भर्राई आवाज में बोली...

अनुसुइया: प्लीज जो तुमने देखा उसे भूल जाओ... प्लीज सनी..

सनी : मई रोलेक्स से बात करुँगी....

अनुसुइया : तुम पागल हो वो मार देगा mujhe...agar यही चाहती हो तो खुद क्यों नहीं मार देती...

अनु ने सनी के हाथ पकडे और अपनी गर्दन पर रख लिए...

सनी : मेरे होते हुए नहीं...

अनुसुइया: वो नहीं manega...anu ने सनी के हाथ अपनी आँखों पर रख liye...sani भी इसके आंसू पोछने लगी...

अनुसुइया : हमारे रिश्ते पहले से hi टूटे हुए है ये जानकर और नफरत baregi..aur अगर कोई अनहोनी हो गयी तो तुम खुद को माफ़ नहीं कर paogi...ham अभी अपनी माँ से मिले अगर आपस में ऐसे hi लारे तो हमारी फॅमिली तुम्हारी फॅमिली बिखर jayegi...anu सनी को नरम पड़ता देख आगे बोली...

सनी : फिर तुम बताओ माँ जी ko...ki तुम्हारा अफेयर विष्णु के साथ है उसके बेटे के साथ नहीं...

अनुसुइया : ठीक है मुझे समय दो.

सनी : इस वीक तक का वक्त है तुम्हारे pass...ab जाकर अपना मुँह साफ़ करो..

अनुसुइया ने एक नजर सनी को देखा फिर निचे जाने के लिए कदम बढ़ा दिए۔

सनी अंदर आकर सलिल के बीएड पर लेट गयी थी .

वो सोंच रही थी सलिल का नंबर भी नहीं है उसके पास नहीं तो कॉल कर लेती...

अपने रूम में आकर अनुसुइया ने एक गहरी साँस ली फिर उसने मोना को कॉल लगा दी...

सेकंड रिंग पर मोना ने कॉल रिसीव की.

मोना : हां बोलो सिया..

अनुसुइया: तुमने जैसा कहा मैंने किया अब मेरे डैड को क्यों नहीं छोर रही...

मोना : मैंने कहा न मई हेल्प करुँगी अभी तक ऐसा मौका नहीं आया जो मई उनकी हेल्प करू..

अनुसुइया : तुम मुझे उसे कर रही हो...

मोना : नहीं सिया तुम मेरी गर्लफ्रेंड हो एंड ी लव यू...

अनुसुइया : अगर कल तक मेरे डैड नहीं आये तो मई रोलेक्स के साथ बेस पर मिलूंगी tumhe...aur अनुसुइया कॉल कट कर देती है..

अनुसुइया को वो लम्हे याद आ रहे थे जब मोना ने उसकी हेल्प की महाराज से बचने में...

Siya...aaj तुम्हे मारा जाने वाला है..

अनुसुइया ने इधर उधर देखा..

इधर उधर देखना बंद करो मई तुम्हारे दिमाग में hon.bas सोंचो जो मुझसे कहना है.

अनुसुइया सोंचते हुए : इस तरह क्यों बात कर रही हो..


मोना : गुरु चरण दस की वजह से हमारे पास ज्यादा वक्त नहीं है पहले तुमने रोलेक्स के हाथो गर्ल्स को मरने दिया अपनी बेवकूफी की वजह और जब सीता तुम्हे तम्हारे बारे में बता रही थी तब चरण दस तुम्हारे दिमाग में बैठा था और उसे पता चल गया तुम महाराज को मरने के लिए तड़प रही हो.. ..अब मेरी बात ध्यान से सुनो.. तुम्हरा पिता जी टेस्ट लेंगे तुम्हे बस उनसे अपनी लॉयल्टी प्रोवे करनी hai..tumhe गुस्सा आएगा बूत कण्ट्रोल Krna...mai भी तुम्हे कण्ट्रोल करके टेस्ट में हेल्प karungi...all क्लियर.

अनुसुइया : हां..

मोना : तुम होशियार हो कर लोगी..

अनुसुइया : ऐसा नहीं हो सकता मई आऊं hi न...

मोना : यहाँ कोई है तुम्हारा अपना तुम नहीं आयी तो उसे मार दिया जायेगा..

अनुसुइया : कोण अपना...

मोना : खुद देख लेना अब जल्दी से आओ..

टिंग ting....anusuiya अपनी सोंचो में थी की उसका फ़ोन बजने लगा ..और वो अपनी यादों से निकली....

कॉल विष्णु की थी जिसे उसने रिसीव कर लिया....

क्या हुआ anu...udhar से विष्णु ने पूछा...

अनु ने एक गहरी साँस li...fir जवाब दिया.

अनुसुइया: अभी मन गयी है आगे का पता nahi....wo हमारे जैसी नहीं है किसी भी समय बता सकती है .

विष्णु : तो क्या करोगी तुम..

अनुसुइया : पता नहीं..

विष्णु : सब ख़त्म हो जायेगा...

अनुसुइया : गलती हमारी है ..मुझे तुम्हे इशारे नहीं करने चाहिए थे...

विष्णु : नहीं मेरी जान तुम मजबूर थी अपने एडिक्शन की वजह se...ye सब छोरो और अपनी इस कजिन पर फोकस करो...

अनुसुइया : अब ये उस पर hi निर्भर hai...kosish करुँगी बूत वो फॅमिली से न झूट बोलने वाली है और न 1 वीक से ज्यादा का टाइम मुझे देगी...

विष्णु : मेरे पास एक रास्ता hai...kyo न हम उसे अपन साथ शामिल कर ले .

अनुसुइया : साफ़ साफ़ कहो...

विष्णु : उसे तुम अपने जैसा बनाने की कोशिश करो...

अनुसुइया : विष्णु चाहते हो मई हमारा रिश्ता यही खत्म करू .

विष्णु : पहले मेरी बात सुन लो jaan...use एडिक्ट नहीं करना बस कुछ समय के लिए उसे इतना हॉर्नी कर दो की वो ऐसा कुछ कर जाये जो वो नहीं करना चाहती ..फिर हमारे पास भी उसके अगेंस्ट कुछ होगा.

अनुसुइया : मई अपनी बहन से कम्पटीशन नहीं कर रही हों...

विष्णु : हम कोण सा उसका सीक्रेट रेवेअल करेंगे..

अनुसुइया: एक्सप्लेन..

विष्णु : वो जवान है और ुनमर्रिएद उसमे एक मैरिड लड़की से ज्यादा गर्मी होगी अगर हम इसे बढ़ा दे और वो भी कुछ ऐसा कर जाये जिसे वो छुपाना चाहे तो फिर वो घर में किसी को कुछ नहीं बताने wali..bas तुम्हे करना ये hai..mai अभी सोना के हाथ हॉर्नी होने वाली मेडिसिन भेज रहा hon..tum उसे वो खिला देना और उसके साथ लेस्बियन टच रखना...

अनुसुइया : ये सही नहीं है विष्णु..

विष्णु : तब क्या होगा जब तुम्हारी माँ को हमारे रिश्ते के बारे में पता chalega...aur जहाँ वो हमारे रिश्ते को खत्म करेगी वही वो तुम्हे खुद से अलग कर देंगी ..तुम्ही कहती हो रोलेक्स माँ की वजह से रुका hai...soncho और अगर मई तुमसे जुड़ा हो गया तो जी नहीं paunga...I लव यू अनुसुइया...

अनु ने कोई जवाब नहीं दिया...

विष्णु : तुम नहीं चाहती तो कोई जबरदस्ती nahi..bas वडा करो हालत कैसे भी हो तुम मुझसे दूर नहीं जाओगी...

अनुसुइया : मुझे भी गिड़गिड़ाना पसंद nahi...use समझना चाहिए मई एडल्ट हों...

विष्णु : तो तुम तैयार हो ..

अनुसुइया : हम्म..

विष्णु : ठीक है मई चुपके से सोना को दबाई देता हों... थोड़ी हार्ड होगी बस ख्याल रखना..

अनुसुइया विष्णु की बात सुनकर कॉल कट कर देती है...

क्या ये तू सही कर रही hai...anu के अंदर से आवाज आयी..

और मई क्या गिड़गिड़ाऊं उसके सामने भिक मांगू no no... प्लीज नहीं batana...mai अपने डिसिशन खुद ले सकती हों अपना ाचा बुरा क्या मई नहीं समझती..

काफी देर तक वो अपने आप से बातें करती रही फिर वो लेट गयी....

चली क्यों आयी थी aap...didi सो रही हो kya..sona ने आकर पूछा...

नहीं बस आंखे बंद करके लेती थी .अनुसुइया उठते हुए बोली...

सोना : ये विष्णु ने आपको देने के लिए कहा hai...sona एक डब्बी देते हुए boli...jise अनुसुइया ले लेती है..

अनुसुइया: आशना ने कुछ कहा तो नहीं माँ से...

सोना : नहीं दीदी न वो kahegi...don't वोर्री...

अनुसुइया : ख्याल rakhna...vaise कैसे उसे मनाया..

सोना : फिर कभी batongi...sona जाते हुए बोली...

इतने में महा लक्समी प्रकश सीता थल लेकर अंदर आगये...

महा : ये सब तुम्हारे होने वाले ससुर ने दिया है.... रख दो ise...anu देखती है काफी ज्वेलरी थी और कुछ कहने की चीज़े..

अनु उठकर सारा सामान अपनी सेफ में रखने लगती है...

माँ ऊपर भी नहीं है wo..aashna अंदर एते हुए बोली...

महा : और पूर्वी...

आशना : वो भी नहीं...

महा : कहा चला गया ये लड़का अब..

सोना : आजायेगा माँ उसे कोण सा कुछ होने wala...I मैं मेरा भाई इतना पावरफुल जो है...

अनुसुइया : हां माँ वो आजायेगा...

हामी भर्ती हुई महा जाने के लिए उठ जाती है...

सीता : फ़ोन नहीं है क्या बेटी तुम्हारे पास..

अनुसुइया : उन दोनों के पास नहीं है..

सब अपने अपने रूम में आकर लेट गए थे...

समय बीतता gaya...lekin अभी तक रोलेक्स वापस नहीं आया tha...maha आंगन में बैठी रोलेक्स का वेट कर रही थी उसने सोंच लिया था वो रोलेक्स की क्लास लेगी...

ऊपर कार्बेट बदलते बदलते सनी जब थक गयी तो निचे आगयी...

माँ सोई नहीं आप ..रोलेक्स आया नहीं अभी tak...sani स्टैर्स से उतारते हुए बोली..

महा : उसी का इंतज़ार कर रही हों..

महा की बात सुनकर सनी सोफे पर आकर लेट जाती है सर अपना महा की गोदी में रख लिया....

महा : तुम्हे याद है जब मई तुम्हारे घर आयी थी...

सनी : नहीं लेकिन निहारिका दीदी ने बताया था....

महा : हाँ वो बड़ी थी 8 ,9 साल की उस समय...

सनी : अयन भाई को देख कर उन्हें सब याद आगयी अपनी पुराणी ज़िन्दगी पहले वो अपने ऊपर होने वाले ज़ुल्मो को देख भूल गयी थी लेकिन अब याद आने पर बिलकुल चुप सी हो गयी है....

सनी की बात सुनकर महा के आंसू सनी के चहेरे पर आकर गिरते है...

महा : सब मेरी गलती hai...mujhe अंदाज़ा था लेकिन मैंने तुम्हारे चाचा को वारं नहीं किया था और उनका सच सीता को बता diya...aur हमें मेरे बाप ने बर्बाद कर दिया...

सनी : क्या ये सीता वही है...

महा : हाँ...

सनी : और आपने इसे घर में रखा hai...maa इसने जो किया इसकी माफ़ी नहीं है..

महा : जानती हों लेकिन अब क्या कर सकती hon...rolex ने माफ़ Kiya...apni संजना को उदास देख kar...ye दोनों प्यार करते है...

सनी : नहीं माँ ये मुझसे बर्दास्त नहीं hoga...seeta यहाँ rahe...mai तो उसे ज़िंदा भी नहीं देखना चाहती लेकिन आपके भाई की पत्नी hai....use कहो जाने के लिए...

महा : अपने भाई से kehna...nahi तो तुम जैसा चाहोगी वैसा होगा...

सनी : नहीं उसे आने दो...

*************************************

कमिश्नर ऑफिस ..

पिछली रात...

रोलेक्स को बांधकर सब लोग बैठे d.i.g का वेट कर रहे they...pichle एक घंटे से..

सौम्य : अब तक तो अजना चाहिए था d.i.g सर को...

अर्जुन : हाँ sahi...itna टाइम नहीं लग्न चाहिए...

विजय : अब उसका वैसे करेंगे kya..ek बात तो कन्फर्म है अगर वो बच निकला तो हम सब नहीं बचेंगे...

विजय की बात सुन सौम्य और अर्जुन सोंच में पद गए.

अर्जुन : मैंने कुछ सोंचा है उसके बाद उसे दर्दनाक तरीके से तड़पा कर मार देंगे..

सौम्य : ये क्या कह रहे है सर...

अर्जुन : कही तुम अभी तक तो उसे अपना हस्बैंड नहीं समझती...

सौम्य : ऐसी कोई बात नहीं है...

अर्जुन : फिर कैसे रोकेगी उसे yahan...use कैद karogi..tanks को बिच में से अलग करने वाले को किस दीवार के पीछे बंद करोगी...

विजय : सर सही कह रहे है मिस सौम्य उसे नहीं मारा तो बहुत लाशे उठानी होगी और ये भी नहीं पता उनमे कही हम भी न हो..

सौम्य : d.i.g सर को आने दो...

वर्मा कॉफ़ी लेकर आओ ..अर्जुन ने एक हवलदार को आवाज lagai...jis पर वो हामी भरता हुआ चला गया...

कुछ देर बाद कॉफ़ी आयी और तीनो पिने लगे....

कॉफ़ी ख़त्म हुई और तीनो को बहार गाड़िओ की आवाज़ आयी..

विजय : लगता है d.i.g सर आगये...

कुछ देर बाद एक d.i.g अपने साथ भरी नफरी कोमंडोस पुलिस वालो के साथ अंदर एते तीनो को दिखाई देता है..

तीनो खड़े होते हुए सलूट करते है..

D.i.g : कहा है वो...

सौम्य : सर बेहोश सेल में बंद है..

D.i.g : मुझे पूरी रिपोर्ट दो..

सौम्य : d.i.g की बात सुनकर सब बताने लगी..


D.i.g : यू आल दीद ग्रेट जॉब स्पेशलय यू सौम्य.. डिपार्टमेंट को तुम पर नाज़ है..

सौम्य की छाती d.i.g के शब्दों को सुनकर चौड़ी हो गयी...

अर्जुन : sir..wo किसी भी वक्त जाग सकता है अगर वो खुल गया फिर उसे रोका नहीं जा sakta...hamne सौम्य की सोसाइटी में उसकी तबाही देखि है..

D.i.g : जनता हों लेकिन मुझे उससे एक डील करनी hai..agar वो तैयार हो गया तो ठीक है नहीं तो फिर देखा जायेगा.

अर्जुन : उसे मेरे हवाले किये जाये sir...usne आपके होनहार अफसर की जान ली है..

सौम्य : कैसी डील sir..jitna मई जानती हों वो पुलिस के साथ किसी भी भी सूरत में काम नहीं करेगा..

D.i.g : हम मजबूर karenge..nahi तो अर्जुन उसे देख लेगा.

अर्जुन : थैंक यू सो मच sir...sir मुझे एक फेवर और चाहिए आपका..

D.i.g : कहो..

अर्जुन : मई उसकी फॅमिली को अरेस्ट करना चाहता हों विथ योर परमिशन.

D.i.g : किस liye...un पर नजर रख तो रहे है हमारे अफसर.

अर्जुन : sir..mai उससे हर एक सिपाही का बदला लूंगा उसकी फॅमिली की हर औरत को उसके सामने नंगा करके पहले उसे इतना हुमिलियते करूँगा की वो खुद मौत के लिए तड़पे फिर उसे टार्चर करके मर दूंगा..

सौम्य अर्जुन की हैवानियत सुनकर चौंक कर उसे देखने लगी...

सौम्य : सर थिस इस िंहमन एक्ट .

अर्जुन : और जो उसने 5 हजार के करीब घर उजड़े वो क्या tha...jawab दो saumya...arjun ने दांतो को पीसकर पूछा..

अर्जुन : तुम वही हो न जो कुछ दिन पहले कह रही थी तुम मेरा बदला लेने में मेरी हेल्प karogi..aaj पीछे क्यों हैट रही ho...mai उसे हुमिलियते तो ज़रूर करूँगा..

सौम्य : उसकी फॅमिली ने तो आपके भाई को नहीं मारा...

अर्जुन : उनसे रिश्ता तो है उसका.

सौम्य: मुझसे भी है...

D.i.g : silence...d.i.g दोनों की बातें गौर से सुन रहा था दोनों को समझ कर उसने चुप करा दिया..

D.i.g : कल उससे मई डील करूँगा उसके बाद उसका फैसला hoga...saumya अब तुम घर जाकर आराम करो...

D.i.g की बात सुनकर सौम्य समझ जाती hai..ki अर्जुन ने जो कहा है उसमे d.i.g अर्जुन का साथ देगा..

सौम्य: नहीं मई ड्यूटी पर रहूंगी सर..,

D.I ग : छुट्टी मई दे रहा हों tumhe..so एन्जॉय तुमने आज बहुत बारे काम किया है...

सौम्य : यस सर ..सर हिलती हुई सौम्य जाने के लिए कदम बढ़ा देती है...

D.i.g : उसकी फॅमिली को उठा लाओ अगर वो नहीं मन तो उनके ज़रिये उसे ब्लैकमेल karenge..d.i.g ने सौम्य के जाने के बाद कहा..

अर्जुन : सर कैसी डील करना चाहते hai..wo खतरनाक है मई नहीं समझता उसे ज़िंदा रखा जाये..

D.i .ग : तुम नहीं जानते हमारे कितने दुश्मन है और उभरती ताकत खन्सर ki...jo आने वाले समय में बड़ा खतरा बन सकती है और उसे रोकने की चाबी ये hai...ye हमारे साथ हुआ तो दूसरा भी होगा...

अर्जुन : खन्सर ये तो हमारा हिस्सा है न...

D.i.g : हाँ लेकिन अब वो आंखे दिखने लगे hai....wo यहाँ भी कण्ट्रोल करना चाहते hai...well तुम्हे मई फाइल दूंगा उसे पढ़ लेना अभी सिर्फ इस पर फोकस करो..

अर्जुन : तो मई के आऊं उसकी फॅमिली को...

D.i.g : अभी नहीं रात के 2 बजे tak...abhi शक हो सकता hai...thik है तुम संभल लेना...

अर्जुन ने हामी भरी और d.i ग वापस मुद गया जाने के लिए...

मई भी इसी खतरे की बात कर रहा tha...khansar..vijay d.i.g के जाने के बाद बोलै ...

अर्जुन : क्या जानते हो तुम...

.विजय : बहुत कुछ....

********************************

लेते लेते अनुसुइया बार बार अपने दूर के बहार देख रही थी..

आज उसने रूम लॉक नहीं किया था...

सो गयी kya...anu ने पास लेती सोना से पूछा...

सोना : पता नहीं दीदी नींद नहीं आ रही...

अनुसुइया : जानती हों क्यों ..

सोना : नहीं दीदी मुझे उसकी परवाह नहीं है...

अनुसुइया : मुझे hai...itna वक्त नहीं लगता उसे... न पूर्वी आयी ...

सोना : है दीदी ..पता करो na...hamara उससे नहीं सलिल से तो रिश्ता है न...

अनुसुइया सोना की बात सुनकर कॉल लगा देती है ...

कई रिंग जाने के बाद भी मोना कॉल रिसीव नहीं करती...

सोना : क्या हुआ दीदी ..

अनुसुइया :शायद सो रही है रेसिव नहीं की कॉल...

सोना : फिर से करे .

अनु फिर कॉल लगाने लगी ...

कॉल फिर रिसीव नहीं हुई...

अनुसुइया : दमन it...mai बहार देखने जा रही हों...

सोना : मई भी चलती हों..

सोना : नहीं तुम यही raho...sabka ख्याल rakhna...anusuiya उठी रूम से निकली तो उसे बरामदे में सोफे पर बैठी अपनी माँ किसी से बात करते दिखी....

अनुसुइया पास आयी तो उसे पता चला दूसरी लड़की सनी है .

अनु सोई नहीं. महा आहत पर घूम कर अनु को देखते हुए बोली...

अनुसुइया : नहीं माँ नींद नहीं आ rahi...mai सोंच रही हों बहार देख आऊं...

महा : नहीं रात का एक बज रहा है...

अनुसुइया पास आकर सोफे पर बैठ जाती है जिसे देख पहले hi सनी ने पेअर पीछे कर लिए थे ..अनुसुइया सनी के पेअर पकड़ कर अपने ऊपर रख लेती है..

सनी : महाराज के बारे में बताओ माँ.

महा : वो शैतान hai...lekin मेरे समर जी ने उसे कुत्ता बना दिया tha..aur मई अपनी हसी नहीं रोक पायी थी उस दिन....

सनी : रोलेक्स अजय फिर मई सीता को कोंफ्रोंट karungi...shayad इससे और जानकारी मिल जाये महाराज ki...bas कैसे भी उसका एड्रेस मिल जाये..

अनुसुइया : तुम पागल हो गयी ho...tumhe पता भी है वो कितना पावरफुल है अपने आप से कोई कदम नहीं उठाना...

सनी : तम्हे नहीं पता मई कितनी पावरफुल हों...

अनुसुइया : ाचा दिखाओ फिर ..

सनी : वक्त आने पर दिखा दूंगी तुम बस उसका एड्रेस बता दो...

महा : तुमने उसके लिए काम किया है anu...tum से बेहतर कोण जनता होगा उसे..

अनुसुइया : माँ आप भी इसकी बातों में आगयी ho...wo मार देगा ise..aur उससे पहले बर्बाद karega...mai क्या बदला लेने के लिए बेचैन नहीं hon...bas मुझे सही समय का वेट है...

सनी : भाई के आने पर तुम्हे एड्रेस बताना होगा...

अनुसुइया कोई जवाब नहीं देती ..

सोना : दीदी अंदर आओ आपका फ़ोन बज रहा है.... सोना ने अंदर से आवाज़ दी....

अनुसुइया आवाज़ सुनकर रूम की तरफ लम्बे कदमो से बढ़ी....

Ting....tingg....ting.....itne में दूर बजने laga.....sani फुर्ती से उठी और दूर की तरफ भागी.....

**********************************

हे कान्तम्मा....

तुमने मेरी ज़िन्दगी बर्बाद कर दी...

तुमने मेरी ज़िन्दगी बर्बाद की अब मेरे रहने का इंतजाम करो ..

तू कुटी है साली छिनाल...

मई तेरी गांड में ये बोटले दाल दूंगी.

ाः क्या कर रही है Saumya...mai घर देखने चल रहा हों .

अब मुझ पर हाथ उठाया तो पूरी दाल दूंगी....

ड्राइव करते हुए सौम्य को बारबार सलिल दिखाई दे रहा था...

उसे याद करके उसके होंठो पर मुस्कराहट आगयी thi....agle hi पल वो मुस्कराहट कही चली gayi....uske सामने बेड़ियों में जकड़ा रोलेक्स आगया था...

कार उसने सोसाइटी में अपने घर के पास रोकी....

अपनी hi दूँ में वो पैदल अपने घर से आगे बढ़ गयी....

चलते हुए वो सलिल के घर के पास ayi...ghar खण्डार बना पड़ा था लेकिन सफाई हो गयी थी उसकी...

सलिल मेरी साइकिल चलनी है...

लड़की की साइकिल वो भी mai...chal फुट..

सौम्य : hahaha...bachpan के लम्हे याद करके न चाहते हुए उसके होंठो पर हसी आगयी...

सौम्य : बचपन में भी कितने कमीने थे तुम...

आखिरी बार पूछ रहा हों किसके कहने पर....

क्या कर रहे हो सलिल मेरा डैम घुट रहा है...

उसे वो लम्हा याद आगया जब रोलेक्स ने उसकी गर्दन पकड़ी थी और वो सामने जल रहे घर में उसे फेकने वाला था....

यहाँ क्यों आगयी beti....piche सौम्य पलटी तो उसे भल्ला रेडडी दिखा..

रेडडी : गाड़ी घर पार्क करके यहाँ क्यों agayi..mission पर आयी हो...

सौम्य: नहीं पिता जी..

रेडडी : चलो फिर घर...

सौम्य ने सर हिलाया और चल दी साथ...

चलते हुए सौम्य उसे लाइट के पास से गुज़री जहाँ वो सलिल का वेट करती थी...

सेल तूने लेटर रखा था मेरी बुक में तेरी तो...

आआह्ह्ह यहाँ क्यों दबा रही हो...

बस जॉब लग जाये ये घर एक मंज़िल और बनवा लू फिर हम शादी करेंगे...

.

सौम्य अचानक से पीछे मुड़ी और खण्डार पड़ा घर दिखा...

रेडडी : क्या हुआ परेशां लग रही हो...

सौम्य : कुछ नहीं पिता जी..

रेडडी : अपने बाप से झूट चलो बताओ क्या बात है....

सौम्य : मम्मी आपसे कितना प्यार करती है...

रेडडी : तुम्हारी माँ तो मुझ पर जान देती है मुझ सख्त दिल को भी उसने बदल कर रख diya...jab तुम्हे घर से निकला था वो चाहती तो तुम्हारे पास आजाती लेकिन उसने मुझे चुना...

सौम्य : लव यू बोथ पिता जी...

रेडडी : ी लव यू too..chalo बताओ अब क्या बात है...

सौम्य : पिता जी आप सही गलत में किसे chunge..agar मई ऐसी पृष्ठि में फास जॉन तो मुझे क्या चुनना चाहिए...

रेडडी : आज का जमाना सही नहीं देखता beti...jamane को देखते हुए गलत hi चुनना परता है मई राजनीती में रहा हों लोगो का ाचा चाहहने के बाद भी मुझे सही नहीं करने दिया...

आगयी tum...saumya की माँ ने दोनों को अंदर आते देख कहा.

क्या बातें कर रहे बाप बेटी ..दादी ने पूछा जो सोफे पर बैठी थी...

रेडडी : तुम्हारी पोती परेशां है मई बस समझा रहा था...

दादी : समझा दिया न..

रेडडी : हाँ माँ .

दादी : मई तुझसे कहती थी न बैल दिल का ाचा है...

रेडडी : क्या माँ तुम भी न...

क्यों परेशां है मेरी beti.saumya की माँ ने पूछा...

सौम्य : कुछ नहीं माँ...

चलो फिर फ्रेश हो आओ मई खाना लगा देती हों...

सौम्य ने गर्दन हिलायी और आगे जाने लगी...

सुनो beti...reddy ने पीछे से आवाज दी..

जिस पर सौम्य रुक कर उसे देखने लगी...

रेडडी : सही गलत में से क्या चुनना है ये तुम पर है...

जवाब दिए बिना सौम्य आगे बढ़ गयी....

अपने रूम में आकर सौम्य ड्रेस चेंज करते hue...gehri सोंचो में दुब गयी....

कुछ सोंच कर उसने कॉल लगा दी...

2 रिंग के बाद कॉल रिसीव हुई...

सौम्य : विजय कहा हो....

विजय : पूछो मत...

सौम्य : अर्जुन सर पास में है..

विजय : नहीं सौम्य..

सौम्य : d.i.g सर ने सलिल की फॅमिली के लिए आर्डर दिए थे

विजय : टॉप सीक्रेट.

सौम्य : प्लीज....

अर्जुन : 2 बजे उन्हें उठा लिया जायेगा..

सौम्य टाइम देखती है तो 12: 30 हो रहे होते है...

आआआअह्हह्ह्ह्हह......

एक दर्द में डूबी चीख सौम्य के कानो में पड़ी...

सौम्य : ये चीख कैसी है...

विजय : अभी कहा था न मत pucho...arjun सर रोलेक्स की गफ को टार्चर कर रहे hai......thik है मई रखता हों...

सौम्य के हाथो से फ़ोन छूट कर गिर गया था..

वो मेरी दोस्त hai...uske मुझ पर बहुत अहसान है....

ये तुम्हारा पति है सौम्य... प्लीज ऐसा मत करो......

वो कोण है जो मुझसे प्यार करता है..

वो मई हों..

सलिल नहीं हो तुम.

Nahi...isliye ये बिलकुल मत सोंचना मई तुझे मार नहीं सकता
.

सौम्य चलते हुए सिंगारदान के पास आयी...

प्रेम के रंग में ऐसी डूबी, बन गया एक hi रूप

प्रेम के रंग में ऐसी डूबी, बन गया एक hi रूप

एक दराज़ से उसने एक बॉक्स निकला जिसमे उसका मंगल सूत्र था जो सलिल ने उसे पहनाया था उसे देखते हुए सौम्य ने गले में दाल लिया.

प्रेम की माला japte-japte आप बानी मैं श्याम

साँसों की माला पे सिमरूँ मैं पी का नाम

फिर खुद को शीशे में निहारते हुए एक दर्ज से गन निकलती है फिर सीलेंसर जिसे गन में फिट करके वो अपनी जीन्स की पॉकेट में रख लेती है...

बुलेट्स का बॉक्स रख कर सौम्य अपने रूम से भागते हुए निकली.....

कहा जा रही हो beti....piche से उसकी माँ ने आवाज दी..

रेडडी : सौम्य....

अपने बाप की आवाज पर वो रुकी..

सौम्य: मई जान गयी हों पिता जी मुझे क्या चुनना hai...kehkar सौम्य आगे बढ़ गयी....

जीप में आकर उसने जीप 80 की स्पीड से बढ़ा दी...

गाड़िओ को ओवर तक करते हुए सौम्य अपनी hi धुन में जा रही थी...

50 मिनट्स ड्राइव करने के बाद वो सलिल के घर से कुछ दूर आकर रुकी... जीप साइड में पार्क करके छुपते हुए वो आगे बढ़ने लगी....

Shiunnnn...halki आवाज के साथ उसकी गन से गोली निकली और फुट पथ पर लेते एक आदमी के सर में घुस गयी...

वो आहे बढ़ी चलते हुए एक घर की दिवार फलांग कर वो अंदर आयी फिर दबे पाओ सीडीओ से ऊपर जाने लगी....

ऊपर उसे चार लोग दिखे और बालकनी में उसे दूरबीन सेटअप dikha...jisse एक आदमी सामने घर में देख रहा था..

शुन्न शिऊणन शिऊणन...

एक साथ उसने चार फायर kiye....aur चारो टपक गए...

सौम्य ने इतनी फुर्ती से उन्हें शूट किया उन्हें कुछ सोंचने समझने का मौका hi नहीं मिला....

कोई एक रूम में tha....usne आहत पर दूर हल्का सा खोल कर देखा तो उसे सौम्य dikhi...usne जल्दी से फ़ोन पर मैसेज सेंड किया और अपनी गन लेकर सौम्य के पीछे आया..

सौम्य दीवार फलांग रही थी की उसे आहत होती hai..aur वो पीछे देखती जहाँ एक अफसर गन उस पर तने खड़ा tha...jo देख सौम्य निचे आजाती है.

Handsoff...sonch भी नहीं सकता था ये आप करेंगी मैडम .. आपने अपने hi डिपार्टमेंट के लोगो को इतनी बेरहमी से मार दिया....

सौम्य कोई जवाब नहीं देती...

अफसर : गन फेक दो मम और खुद को मेरे हवाले कर दो....

Shiunn....dhaye....

सौम्य ने फुर्ती से गन अपनी कमर से निकली और सामने फायर kiya....udhar से भी अफसर ने फायर किया..

Aaahhhhhhh....saumya की दर्द में एक चीख निकल गयी....

अफसर सौम्य की चल समझ गया था इसलिए वो हैट गया tha....lekin उसकी गोली सौम्य के शोल्डर में लग गयी थी...

अब दोनों एक दूसरे पर गन तने हुए थे....

दोनों ने आँखों hi आँखों में इशारा किया और सौम्य कड़ी हुई खड़े होकर दोनों ने एक साथ गन फेक di...dono भागते हुए आपस में टकराये...

अफसर का घुसा सौम्य के पेअर पर pada....jise सौम्य ने उसके मरना चाहा...

सौम्य गिरी की अफसर ने उसके जख्म में ऊँगली दाल दी....


प्रीतम का कुछ दोष नहीं है

प्रीतम का कुछ दोष नहीं है, वह तो है निर्दोष

सौम्य : आआआअह्हह्ह्ह्हह.......

Dhammmm....dard में चीखते हुए सौम्य ने उसकी आँख पर अपने घायल शोल्डर की कोहनी मारी....

अफसर पीछे हुए की सौम्य ने उसके मैं part पर अपना घुसा मर दिया...

अफसर: रंडी sali...gusse में अफसर ने एक लात कसकर सौम्य के मुँह पर mari....aur सौम्य का फेस दीवार में जा लगा....

धम्म्म्म धम्म्मम्म...

अफसर पास आकर झुकी पड़ी सौम्य की पीठ पर चुत्रो पर लाते बरसाने लगा....

सौम्य : aaaahhh..aaaaahhh aaaahhh...saumya हाथ बादः रही thi...use पास में पड़ी एक ईंट दिख गयी थी....

अफसर पहले hi भांप गया tha....peeth छोड़ उसने सौम्य की उंगलिओ पर लात मरी..

सौम्य : aaaaahhhhh...dard में सौम्य की चीख निकल gayi...uski ऊँगली शू के निचे पीस गयी थी ..

सौम्य : रंडी अपने hi डिपार्टमेंट के साथ गद्दारी करेगी रांड तुझ पर देश द्रोह का केस lagega....kehte हुए अफसर बालो से पकड़ कर सौम्य को उठाने लगता है...

अगले hi पल वो सौम्य की टी शर्ट पकड़ कर फाड़ देता है....

सौम्य एक हाथ से अपनी टी शर्ट को फटने से रोक्त्ति है दूसरे से वो अफसर की आंख में ऊँगली डालना चाहती की अफसर ने उसका हाथ पकड़ liya...ye देख सौम्य ने अपना सर अफसर के मुँह पर मारा...

जिससे अफसर दो कदम सौम्य को छोड़ता हुआ पीछे आकर गिरा..

लम्बी सांसे लेते हुए सौम्य ने अपनी टी शर्ट bandhi....ki इतने में उसके मुँह पर एक घुसा पड़ा.

ासासाहहह ...सौम्य दिवार से लगती हुए निचे जा गिरी....

अफसर : रुक देखता हों तेरी गांड ने कितना डैम hai...kehte हुए वो सौम्य की पीठ पर एक ज़ोर की लात मरता है जिससे सौम्य दर्द में कराहते हुए पूरी निचे गिर जाती है....

निचे बैठ कर अफसर अपना हाथ सौम्य के चुत्रो में डालने लगता है..

अफसर : हहहह तुझे देख कर रोज़ मई इस गांड के नाम की मुट्ठ मर्रा था आज इसमें अपना हाथ दाल रहा hon..officer बेशर्मी से हस्ते हुए बोलै...

जीन्स होने की वजह से हाथ अंदर नहीं जा रहा था...

सौम्य अपने हाथो को आगे करके कुछ ढूंढ रही थी....

हाथ न जाने पर अफसर खड़े होकर सौम्य के दो किक मरता है फिर उसे सीधा करने लगता hai...sidhi होने पर अफसर जीन्स का बटन खोलने लगता है...

अफसर : तुझे ऑफिस में सबके सामने नंगा पेस करूँगा रांड....

बटन खोल कर वो जीन्स निचे करता है...

Dhaye........itne में सौम्य उसके सर को उदा देती hai...uske हाथ उसी अफसर की गन लग गयी थी....

सौम्य : aaaahhh....aaahhhh....karahte हुए सौम्य uthi....officer को देखा तो उसका सर फट गया tha...saumya इतने पर नहीं रुकी उसने दो फायर और किये और कफीसर के लुंड को उदा दिया ..

किसी तरह चलते हुए वो गेट तक aayi...door खोल कर वो बहार निकली.....


सौम्य को चलने में बहुत पैन हो रहा था उसके शोल्डर से भी खून बह कर गिर रहा tha...kisi तरह वो रोलेक्स के घर पर पहुंची और उसने बेल्ल प्रेस की...

Tum......samne रौशनी में सनी को सौम्य दिखाई दी..

सनी : तुम वही पुलिसवाली हो जिसने मेरे भाई को अरेस्ट किया था....

अंदर अनुसुइया कॉल पर मोना से बात कर रही थी...

अनुसुइया : तुम्हे पता है रोलेक्स के बारे में..

मोना : उसे अरेस्ट कर लिया गया hai...aur कल तक उसे मार दिया जायेगा...

अनुसुइया : what....kaise....

मोना : पता नहीं शायद उसकी पावर ख़त्म हो gayi....tum भी डेंजर में हो निकल jaao...kahi भी.

सोना : दीदी क्या हुआ...

अनुसुइया के फेस एक्सप्रेशन देख सोना बेचैन होकर पूछने लगी..

अनुसुइया: तुम रोक नहीं सकती ..

मोना : नहीं अनु बहार से एक जादूगरनी आयी है मैंने कॉल भी तुम्हे छुप कर किया hai...kal वो जाकर hi तुम्हारे भाई को maregi....wo खतरनाक hai...khyal rakhna...aur कॉल कट हो गयी....

अनुसुइया : सबको उठाओ सोना हमें निकलना hoga....hurry उप...

सोना के न समझने पर अनु ने ज़ोर से कहा जिस पर सोना उठ कड़ी हुई...

अनु रूम से निकलकर बहार आयी....

सौम्य : aaaahh....jyada बात करने का समय नहीं hai...tum सब की जान खतरे में है....

मेरा बीटा कहा hai....maha ने पीछे से पूछा...

सौम्य : वो पुलिस की हिरासत में है..

सनी : किसने पकड़ा उसे...

सौम्य : मैंने....

महा : फिर तुम यहाँ क्यों आयी हो...

सनी : और हम तुम पर भरोसा कर ले...

सौम्य : मैंने कहा न एक्सप्लेन करने के समय नहीं hai...rolex को शायद कल मर दिया जाये और उसके साथ तुम सब को bhi...isliye कह रही हों जल्दी से निकलो यहाँ से ....इससे पहले फाॅर्स अजय...

वो सही कह रही है maa...piche से अनु ने आते हुए कहा....

अनुसुइया : तुम्हारा खून बह रहा hai...anu उसे थमते हुए बोली...

सौम्य : मुझे छोडो सबको उठाओ...

इतने में सोना आशना के साथ ऊपर से अति दिखी...

अनुसुइया : सोना मां और संजना को लेकर आओ jaldi....ab तुम कहा जा रही हो...

सनी : मुझे एक कॉल करनी है....

सनी भागते हुए टेबल पर से अपना

फ़ोन उठती है और कॉल लगा देती है...

सनी : दमन आईटी आरोही पिचकूप थे phone...aarohi.....

आरोही के न उठाने पर सनी अपनी माँ को फ़ोन लगा देती है...

Hello saniya....udhar से सुहासिनी नींद में बोली...

सनी : माँ आरोही से बात कराओ जल्दी...

सुहासिनी हड़बड़ा कर उठी और भागते हुए आरोही के रूम में aayi...use जगा कर उसने फ़ोन उसे थमा दिया....

HEllo...aarohi नींद में बुदबुदाई..

सनी : गूंगी को लेकर जल्दी से मेरे घर आओ...

आरोही सनी की आवाज की सीरियसनेस देख के उठ बैठी..

आरोही : क्या हुआ सब ठीक तो है...

सनी : नहीं हमारी जान खतरे में

hai...tum जल्द से जल्द गूंगी को लेकर aao...bhai भी पुलिस की कस्टडी में है..

आरोही : मई बस 10 मिनट्स में आयी...

सनी कॉल करके आयी तो देखा पूरा घर आंगन में खड़ा था....

अनुसुइया किचन में नाइफ गरम कर रही थी.....

नाइफ गरम होते hi वो जल्दी से लेकर aayi...usne एक लकड़ी का टुकड़ा सौम्य के मुँह में फसाया फिर नाइफ उसकी शोल्डर में दाल कर बुलेट निकलने लगी...

सौम्य : aaaahhhhhh.....aaaahhhhhh...

थोड़ी म्हणत के बाद अनु ने बुलेट निकल दी थी...

सौम्य : फर्स्ट अिध कार में कर lenge...jaldi से निकलो...

अनुसुइया: सब मेरे पीछे rehna....anu कड़ी हुई और दूर से झांक कर बहार nikli....fir सबको आने का इशारा किया...

छुपते छुपाते सब अनु के पीछे चलने लगे ...

किसी तरह चलते हुए वो सब सौम्य की जीप तक आये....

अनु ने सबको बिठाने लगी...

सनी : मैंने आरोही को बुलाया है ...हमें कुछ देर रुकना होगा....

सौम्य : समय नहीं है रुकने का अनु आगे बढ़ाओ जीप....

सनी: बस कुछ der...uske साथ वाली का आना ज़रूरी है...

अनु ने सनी को देखा फिर हामी भर दी..

अनुसुइया : बस 5 मिनट्स....

सब बैठे उसका वेट करने लगी ...अनु ड्राइविंग सीट दे उठकर पीछे आयी.

अनुसुइया : सोना फर्स्ट अिध बॉक्स दो जल्दी..

सोना ने जल्दी से बॉक्स दिया और अनु सौम्य की पट्टी करने लगी..

************************************

कुछ देर विजय से बात करने के बाद अर्जुन चलता हुआ एक सेल के रूम में आया जहाँ पूर्वी बंधी पड़ी थी...

धमममममम..

आते hi उसने एक घुसा पूर्वी को विर्जिना पर दे मारा...

अर्जुन : सो रही है रैंड...

उसके घुसे से पूर्वी की नींद टूट गयी और उसे अपनी विर्जिना में दर्द का अहसास हुआ...

पूर्वी गुस्से में उसे देखने लगी....

अर्जुन : ऐसे क्या देख रही है रैंड...

पूर्वी : बस तेरे फ्यूचर के बारे में सोंच रही हों... जल्द hi तू अपने भाई के पास जाने वाला है...

Chatakkkkk....chatkkkkkkk....gusse में आकर अर्जुन पूर्वी का हाल थप्पड़ो से लाल कर देता है...

अर्जुन: तेरी अकड़ अब पते निकालेंगे...

उसने एक पुलिस वाला डंडा उठाया और फिर पूर्वी के कपडे फाड़ने laga...usne पंतय ब्रा भी फाड़ दी थी...

पूर्वी दर्द के चीखती रह गयी...

पीछे अकड़ उसने डंडे की नोक पूर्वी की नंगी अस्स पर राखी...

अर्जुन : बोल दाल दू अंदर...

पूर्वी सिसकती रही उसने कोई जवाब नहीं दिया....

Thappppppp....thappppp थापपपपलप..

पूर्वी : आआअह्हह्ह्ह्ह आह्ह्ह्ह आह्ह्ह्हह्ह्ह्ह.....

अर्जुन ने कई डंडे पूर्वी की नंगी अस्स पर बरसा diye....chand hi पालो में पूर्वी की अस्स बिलकुल लाल पद गयी थी....

वही पूर्वी की दर्द में चीखे निकलने लगी....

अर्जुन : अब क्या हुआ रंडी कहा गयी तेरी अकड़....

पूर्वी फिर चुप रहती hai...wo जानती थी वो कुछ बोली तो अर्जुन उस पर और ज़ुल्म करेगा...

अर्जुन : है तो तू बड़ी mast....kehte हुए अर्जुन पूर्वी की अस्स रुब्ब करने लगा..

10 मिनट्स तक अस्स से खेलें के बाद वो आगे आगया....

आके वो डाँडो से पूर्वी के बूब्स पर हलके हलके मरने laga...hath उसने पूर्वी की विर्जिना पर रख दिया और उसे सहलाने लगा..

पूर्वी : इससे बेहतर तुम मुझे मर क्यों नहीं देते...

अर्जुन : तेरी ये ख्वाहिस भी जल्द पूरी होगी लेकिन उससे पहले तेरी छूट का मज़ा lunga...sala मई तेरे यार की ज़िन्दगी का काल hon..pehle मैंने उसकी औरत आरोही छोड़ी फिर सौम्य अब tu...hahahaahaha...rand है मेरे साथ...

थप्प्प्प थप्प्प्प थप्प्प्प...

पूर्वी के न हसने पर अर्जुन उसके दूद पर डंडे मरने लगता hai...purvi के बूब्स लाल पद गए थे...

उसकी आँखों से लगातार आंसू बह कर गिर रहे थे....

गरम होने पर अर्जुन अपनी पंत उतर कर फेक देता है ..आगे का सोंच कर hi पूर्वी अपनी सांसे रोक लेती है मरने के लिए...

उसने अपनी पुराणी ज़िन्दगी बहुत पीछे छोर दी थी अब वो अपनी इज़्ज़त और ज़िन्दगी में इज़्ज़त को चुनने वाली थी..

अर्जुन पंत फेक कर जैसे hi पास अत है की उसका फ़ोन बज उठता है....

अर्जुन इग्नोर करता hai...wo पूर्वी में खोया हुआ tha..ki उसने देखा पूर्वी अपनी सांसे रोक रही है..

DHammmm....ye देख उसने एक तेज का मुक्का उसके पेट पर मारा....

पंच से पूर्वी लम्बी लम्बी सांसे लेने लगी..

अर्जुन : साली सांसे रोक रही है मुझसे ...

आगे कुछ कहता फ़ोन ज्यादा रिंग होने पर वो दो कदम पीछे आकर पंत में से फ़ोन निकल लेता है .

अर्जुन : है mishra....what....use रोको मई बस कुछ hi देर में पहुंच रहा हों...

उसने जल्दी से पंत पहनी और पूर्वी को नंगा hi छोड़ बहार को भगा....

अर्जुन : vijay....vijay....arjun की चीख पर विजय अपने केबिन से निकल कर बहार आया..

अर्जुन: फाॅर्स को बुलाओ जल्दी हमें अभी जाना होगा...

विजय कण्ट्रोल रूम कॉल करके भरी नफरी को फ़ौरन आने का कहता है ..

फिर आकर अर्जुन को रिपोर्ट करता है..

अर्जुन : कह दिया है .

विजय : यस सर बूत उन्हें आने में 20 मिनट्स लग jayenge....saumya को बुलाऊँ..

अर्जुन : वो उनके साथ मिल गयी hai...chalo हम चलते है..

विजय : फाॅर्स के बिना खतरा है..

अर्जुन : तुम सही कहते हो... सौम्य को मई इसकी सजा जरूर दूंगा...

******************************

बस हो गया..

सौम्य : अब जल्दी से निकलो अनु समय नहीं hai...akhiri सब्द सौमि ने गुस्से में कहे जिस पर अनु ने हामी भरी...

अनु आगे की सीट पर aayi.aur उसने जीप स्टार्ट कर दी..

अनुसुइया : सनी..

सनी ने एक नज़र सामने सड़क पर डाली...

आशना : दीदी बैठो..

न चाहते हुए सनी अनु के पास आकर बैठ गयी....

अनु ने जीप मुदाई की इतने में सनी के कानो में एक आवाज गूंज उठी...

Piiii....piiiii.....

सनी ने अनु को देखा और रुकने का इशारा किया...

इतने में एक कार हवा की स्पीड से सनी के बिलकुल पास आकर रुकी....

स्पीड इतनी थी की लग रहा था रुकी तो बैलेंस नहीं बना payegi...ki एक हवा का झोका कार से निकला और उसने आगे बढ़ रही कार को रोक liya....koi कुछ समझ hi नहीं पाया था हुआ क्या ...

की इतने में सनी अनु की तरफ khiski..aur उसने किसी को आवाज दी .

सनी : जल्दी अंदर आओ....

सनी के पास hi गूंगी आकर बैठ गयी...

इतने में आरोही भी अपनी कार से निकली उसके फेस को हवाइयां उडी हुई थी...

सनी : सौम्य भाई कहा है मेरा...

सौम्य : हम उसके पास नहीं जा रहे तुम लोगो के पास कोई सेफ प्लेस है वह ले चलो...

सनी : नहीं पहले हम अपने भाई के पास जायेंगे उसे छुड़ाने..

सौम्य : अनु समय नहीं है फाॅर्स किसी भी समय यहाँ अजयेगी ..

अनु ने सनी की बात सुने बिना जीप बढ़ा दी ..

मई आ रही हों saniya..aarohi ने आवाज दी ..

सनी : नहीं तुम जाओ...

सनी ने पीछे देखते हुए kaha...aur अनु ने स्पीड बढ़ा ली...

शिऊणन सुंनंन शिऊणन...

2 मिनट hi अनु ने ड्राइव की होगी की चारो तरफ से अनु को पुलिस साईरन को आवाजे आने लगी...

अनु ने एक तरफ गली ने जीप बढ़ा दी....

की इतने में उसे सामने से भी कई गाड़ियां आती दिखाई दी...

उसने जीप पीछे की के उसके पीछे भी कई गाडीअन आकर रुक गयी ..अनु फास चुकी थी....

अगर भागने की कोशिश की तो शूट कर दिया जायेगा....

सनी : हम सरेंडर करेंगे...

सौम्य : तुम्हारी वजह से ये सब हुआ है...

अनुसुइया : बहस का वक्त नहीं hai...bhage तो वो शूट कर देंगे...

सब एक एक करके जीप से निकलने लगे...

फाॅर्स पास आकर सबको घेर लेती है...

आखिर में सौम्य निकलती hai...jisme सामने विजय और अर्जुन खड़े होते है...

अर्जुन : सबको हथकड़ी पहनाओ..

विजय : कुछ देर पहले तुम असिस्टेंट कमिश्नर thi...ab हथकड़िओ में जकड़ी जा रही हो...

सौम्य: कोई जवाब नहीं देती. .

विजय : मई बात करूँगा d.i.g सर se...ab भी समय है हमारे साथ ाजाओ...

सौम्य: भाड़ में जाओ...

Chatakkkkkk....arjun ने पास आकर सौम्य के मुँह पर थप्पड़ मारा ..फिर सिफाइओ को इशारा किया जिन्होंने उसे पकड़ कर सबके साथ पुलिस की गाड़िओ में बिठा दिया....

सबको अर्जुन उसी कमिश्नर ऑफिस में laya...aur सभी को एक रूम में बांध कर बंद कर दिया.....

***********************************

मई तीन घंटे से जाग रहा था की तभी .

चररररररररर की आवाज़ के साथ गेट khula....aur अंदर बहुत से ऑफिसर्स के साथ अर्जुन विजय और एक बड़ा अफसर दाखिल hua...uske स्टार्स देख कर मई समझ गया ये d.i.g है...

पास आकर d.i.g मुझे घूरने लगा और मई उसे....

D.i.g : तुमने 1 महीने से मेरी नाक में डैम कर दिया tha..ab तुम मेरी कैद में हो...

मई : सोंच क्या रहा है मार दे मुझे....

D.i.g : तुम्हे जीने का मौका दे सकता hon...sabhi केसेस तुम पर से हटा दिए जायेंगे रहने के लिए एक शानदार महल दिया जायेगा नौकर गाड़ी सब कुछ जो तुम चाहो बस तुम मेरे लिए काम करो....

मई : मुझे क्या करना होगा..

D.i.g : कुछ क़ातिल है तुम्हारी hi तरह पावरफुल तुम जानते हो उनके बारे में तुम्हारा भाई भी उनमे से एक hai...hamare hi देश के एक हिस्से को कैप्चर करके उन्होंने अपनी कंट्री बना ली hai...tumhe उन्हें काबू में करना hoga....nahi होते उन्हें मारना होगा..

मई : तुझे लगता है मई अपने भाई के अगेंस्ट जाऊंगा....

मेरे जवाब पर d.i.g ने अर्जुन को इशारा किया...

अर्जुन ने गेट खोला और एक लड़की अंदर आयी... अर्जुन बहार निकल गया....

वो लड़की देखने में बहुत ज्यादा सुन्दर thi....uski ड्रेसिंग स्टाइल उसकी पर्सनालिटी को आकर्षक बना रही थी...

वो चलते हुए मेरे पास आयी ...

लड़की :मेरा नाम क्यारा है...

मई : मैंने देखा है तुम्हे...

क्यारा: जानते हो मुझे...

मई : nahi...bas देखा hai....mai कई साल पहले मुंबई गया था फार्मूला ॉक्स चुराने जो मैंने झमेला की बॉडी में डाला वही मेरी एक से लड़ाई हुई और मैंने वह इसकी पिछ देखि थी...

क्यारा: मेरा एक भाई था जिससे बचपन में मई बिछड़ गयी वो जवान हुआ और हम फिर रेङिटे हो गए उसे मैंने मेरी माँ ने वो सब कुछ दिया जो उसे कभी नहीं मिला हर एंटीक चीज़ हाई क्लास लाइफ स्टाइल अचे से ाचा खाना और सबसे बढ़कर मेरे परिवार ने उसे प्यार diya...sab तरह का प्यार ..आगे उसने मेरे कान में कहा...

क्यारा : मैंने तुम्हारी फाइल पड़ी है तुम बिलकुल उसके जैसे हो नॉट इन पावर बूत इन ideology..wahi सच के लिए लड़ना सिस्टम के अगेंस्ट jana..wo भी गया था और अपना सब कुछ खो बैठा अपना प्यार अपनी बेटी अपने और बचे यहाँ तक की हमें bhi....uski हालत ऐसी हो गयी है जो तुम देखो गए तो कभी उसके जैसा बनने की कोशिश नहीं करोगे...

मई : जितनी खूबसूरत है उतनी hi तू ईविल है ..

क्यारा: सही kaha...ab चॉइस तुम्हारे पास है हमारे लिए काम करो ोथेरविसे मरने के लिए तैयार हो जाओ....

मई : भाड़ में जाओ ...अगर मेरे हाथ खुले होते तो मई तुमसे बात भी नहीं करता....

क्यारा: जैसी तुम्हारी marji....gusse में उसका हाथ चला और उसमे से पिली शुआयें निकलने lagi....agle hi पल उसका हाथ मुझे अपने पेट में महसूस हुआ...

मई : aaaahhh...mujhe दर्द हो रहा था..

क्यारा: चहुँ तो अभी तुम्हारा दिल निकल सकती hon...lekin मई मौका दे रही हों tumhe..usne मेरे जिस्म से हाथ निकल liya....uska हाथ खून में सना हुआ था...

मुझे दर्द हुआ लेकिन अपने आप hi धीरे धीरे दर्द काम होने लगा....

क्यारा : अपना काम करो नहीं मंटा है तो मार देना...

उसने कहा और वो आगे बढ़कर गेट से निकल gayi...wo मुड़ी नहीं थी मैंने देखा वो गायब हो गयी thi....kisi का ध्यान उस पर नहीं गया लेकिन मई उसे hi देख रहा था....

अर्जुन बहुत से पुलिसवालो के साथ उस सेल में आया जहाँ उसने रोलेक्स की फॅमिली को बंधे रखा था....

सब सो रही थी सिवाए गूंगी के....

आहत से अनु की आँख खुल गयी...

अनुसुइया ने अर्जुन को देखा.

अनुसुइया : मेरा भाई और पूर्वी कहा है....

अर्जुन : उसी के पास ले जा रहे hai...jaao उस लड़की को ले aao...arjun ने एक पोलिसवाले से कहा..

वही गूंगी सनी को हिला कर उठाने लगी...

अर्जुन : उठाओ इन सबको ..

पुलिस वाले लात मरकर सबको उठाने लगे...

सनी : हाथ मत लगाना inhe...jaise hi सिपाही महा के लात मरने वाले थे सौमि ने अपने हाथ आगे कर दिए वही सनी गुस्से में उस पुलिस वाले पर गरजने लगी....

अर्जुन : रहने दो ..पुलिस वाला सौम्य के मरने वाला था की अर्जुन की आवाज पर रुक गया...

अर्जुन : तुम्हारा पति नहीं मन d.i.g साहब की डील के liye...aage भी चान्सेस है वो नहीं mane...mai तो यही चाहता hon...lekin तुम उसे manao....shayad मान जाये और इन सबकी इज़्ज़त और जान बच jaye....jitni भी लड़कियां है सबको ले चलो....

अर्जुन की आवाज पर पुलिस वालो ने अनु सनी गूंगी संजना आशना सोना सौम्य सब को उठा liya....unhe वैसे hi हथकड़ी लगाए बकरिओ की तरह पुलिस वाले हकरने लगे....

उसके जाते hi मुझे सनी और एक अनजान लड़की जो शायद गूंगी गहि उसके पीछे मेरी तीनो बहने दिखी आखिर में सौम्य दिखी और उसके पीछे अर्जुन फाॅर्स के साथ दिखा..

सौम्य का यहाँ होना मुझे हैरत में दाल रहा था...

उन सबको लेकर मेरे सामने कुछ दुरी पर खड़ा कर दिया गया था...

इतने में फाटे कपड़ो में एक पुलिस वाला पूरबी को ले आया... पूर्वी की हालत देख कर लग रहा था उसके साथ बुरा हुआ hai...maine गुस्से में अर्जुन को घुरा औरउसने सर निचे कर लिया..

सनी : तुम ठीक हो भाई...

मैंने आँखों से हामी bhari....mai बहुत मजबूर फील कर रहा था अपनी बहनो को ऐसे देख kar...ek मन कह रहा था मास्क की बात मान लोन एक कह रहा था उससे लाडू .

D.i.g. : तुम्हारे घर की लड़कियां है तो एक से बढ़कर एक ..अब तुम्हे चुनना है वो भी jaldi....tumhare इंकार पर हर एक लड़की का रपे होगा फिर उसे मार दिया jayega...ye सब भूखे है इन कमसिन हसीनाओ को खा jayenge...usne सिफाहिओ की तरफ इशारा किया जो मेरी फॅमिली को गन्दी नजरो से देख रहे थे..

मई : इन्हे जाने दो जो तुम कहोगे मई करूँगा....

D.i.g : तुम्हे साबित करना होगा .

सनी : तुम पागल हो गए ho...Inka साथ नहीं डोज तुम...

मई : चुप रहो....

सनी : नहीं तुम ऐसा कुछ नहीं करोगे जो ये kahenge...hamari परवाह मत करो...

अर्जुन : चुप sali...warna अभी तेरे जिस्म पर एक भी वस्त्र नहीं hoga...vaise भी तू मुझे पसंद आगयी है...

सनी ने गुस्से में उसे घुरा...

D.i.g : तुम्हे इनमे से किसी एक के साथ इंटिमेट होना hoga...apni लॉयल्टी प्रोवे करने के liye...piche हाथ बढ़ा कर उसने सनी के बाल पकडे और उसे आगे कर diya....mai उसे गुस्से में घूरने लगा...

इतने में सनी ने गूंगी को देखा....

Khannnnnnnnn....hathkadi किसी धागे की तरह तोड़ कर उसने d.i.g का हाथ पकड़ा...

D.i.g : aaaaahhhhhhhhhhh

D.i.g दर्द में चीखने लगा....

अगले hi पल उसने दूसरा हाथ d.i.g के हाथ पर मारा और d.i.g का धड़ अलग को गिरा....

सनी ने उसके हाथ से अपने बाल छुड़ाए जो फसा रह गया tha...aur उसे पुलिस वालो पर फेका...

अगले hi पल गूंगी ने अपना हाथ मेरी जंजीरो पर मारा..

खांण की आवाज के साथ मेरी जंज़ीरे टूट कर गिरी ...गूंगी ने इतनी स्पीड में ये सब किया था कोई कुछ समझ hi नहीं पाया...


अफसर संभल गए थे वो मेरी फॅमिली को शूट करने वाले थे की गूंगी उड़ती हुई उन पर जाकर गिरी....

मई : सबको लेकर जाओ.....

अनु ने हामी भरी और सबको लेकर बहार के लिए भागी...

गूंगी के हाथ पेअर इतनी फुर्ती से चल रहे थे उसने कसी अफसर को गन उसे करने का मौका hi नहीं दिया....

मैंने अपना मास्क निकला.....

मई: क्यों कर रहे हो aisa...tumne कहा तुम झूट नहीं बोलते लेकिन तुम hi हो जिसने मुझे इस हाल में लेकर खड़ा कर दिया....

मास्क : श्राप के साथ वरदान बिना श्राप के वरदान नहीं मिलेगा...

खुद पर ट्रस्ट करके मैंने उसकी बात मैंने का फैसला किया...

मई : मुझे ठीक करो मई तैयार हों...

वो मुस्कुराया और मैंने उसे लगा लिया....

बहुत hua....mujhe क्यारा की आवाज आयी....

मैंने सर उठा कर उसे देखा तो उसने गूंगी को पकड़ लिया tha...gungi हिल भी नहीं पा रही थी....

क्यारा ने अपना हाथ पीछे किया और उसके हाथो से वही पिली रौशनी निकलने लगी....

वो अंदर ग़ुस्साति की मैंने उसका हाथ पकड़ लिया......

मैंने दूसरा हाथ उसके शोल्डर पर mara....wo उड़ते हुए दीवार में जा lagi..agle hi पल वो दीवार में गायब हो गयी....

मई : तुम सबको निकालो यहाँ se....inhe मई देखता हों...

सर हिलती हुई गूंगी बहार को भागी....

मैंने उन टूटी हुई जंजीरो को देखा....

Aaaaaaaaahhhh....aaaaaahhhhhhh.....aaaahhhhhhhh.....

वो जंज़ीरे पुलिस वालो की बॉडीज में घुस कर बाहर को निकलने लगी ....

मई बहार आया तो मुझे अपनी फॅमिली एक केबिन में घुसती dikhi...gungi पर पुलिस वाले फायर कर रहे थे वो उनसे लड़ रही थी...

मैंने चाहत को घुरा ..

अगले hi पल एक टुकड़ा उन पुलिस वालो पर gira......gungi बिलकुल बिच में कड़ी rahi...uske दये बाये टुकड़े गिरे...

मई केबिन में आया और मैंने घर वालो के हाथो में लगी हथकड़ियां देखने लगा...

Chatttt...chattttt...chatt...khnnnn...ki आवाज के साथ सबकी हथकड़ी बरी बरी से टूटकर गिरने लगी...

मई : मेरे पीछे पीछे आओ....

मई रास्ता साफ़ करता हुआ आगे बढ़ने laga...policewale मुझे देख कर चुप रहे थे वो मेरे सामने नहीं आ रहे they...meri फॅमिली भी मेरे पीछे आ रही थी ..

कमिश्नर ऑफिस से जैसे hi मई निकला मैंने सबको देखा सब बहार आगयी थी .

मई : सबको घर लेकर jaao....tum भी इनके साथ jaao...gungi ने सर हिलाया और सबके साथ हो गयी...

फिर गुस्से में मई पीछे muda....aur

Dhammmmmmm.....agle hi पल पूरी बिल्डिंग को मैंने गिरा दिया ...

चारो तरफ मालवा hi मालवा बिखर गया....

वही मेरी नाक से खून निकलने लगा...

मैंने अपनी बहुत पावर उसे की थी...

Shhhhhhhh....ki आवाज़ के साथ बहुत सी कार्स मेरे पास आकर ruki.....aur उनमे से लोग निकलने लगे..

मैंने सर उठा कर देखा ये पुलिस नहीं महाराज के लोग थे....

ढाये ढाये ढाये dhaye.....mujhe देखते hi उन सब ने शूट करना शुरू कर दिया....

गोलियन मेरे जिस्म से लगकर गिरने lagi...lekin इस बार मैंने कुछ अलग करने की कोशिश की....

मैंने उन बुलेट्स पर फोकस किया....

Aaaaaaahhh....aaaaahhhhh...aaahhhhhh.....

बुलेट्स वापस होते हुए उन गुरदस के जाकर लगने लगी बहुत दी गोलियां अस्स पास कड़ी गाड़िओ में घुसने लगी...

कुछ hi देर में सभी गार्ड्स अपनी hi गोलिओ का निशाना बन गए थे...

जाओ और मुझे उसका मास्क लेकर दो ..एक कार में से मुझे माध्यम से आवाज आयी मई जनता था ये आवाज किसकी है ..क्यारा की अब तक के एक्शन्स से मई समझ गया वो जादूगरनी है...

इतने में दूर खुला और एक बूढ़ा आदमी जिसकी लम्बी लम्बी दहदि और लम्बे बाल थे वो बहार निकला....

हाथो में उसके चैन सॉ थी....

मैंने चैन सॉ को देखा उसकी पकड़ ढीली पढ़ने लगी....

जितनी चैन सॉ उसके हाथो से निकलने की कोशिश करती वो उतना hi कसकर पकड़ने laga...maine उसकी आगे को देख कर एक चांस देना चाहा...

मई : बुड्ढे जान प्यारी है तो चला jaa.....mai गलती कर बैठा tha...agle hi मेरी अटेंशन चैन सॉ से हैट गयी...

मई : aaaaaahhhhhhh....aaahhhhhhh...aaahhhhhh....achanak से मेरे सर में झटके लगने लगे.....

कुछ hi पालो में मई बेहाल हो गया ...उसके झटको ने मेरी सोंचने समझने की शक्ति ख़त्म कर दी...

बूढ़ा : बचे मई तुम्हे मरना नहीं चाहता अपना मास्क मुझे दे do....usne मुझे तड़पता देख मेरे पास आकर kaha...usne झटके देना बंद कर दिया था...

उसने मास्क लेने के लिए हाथ बढ़ाया था मैंने उसी को पकड़ा....

और उछलकर उसके सीने पर लात मरी....

GHissssssss....dhammm...khisakta हुआ वो कार के पास आकर रुका और उसका घुसा कार पर पड़ा....

बुड्ढे में डैम था वो गिरा नहीं था...

अगले hi पल मैंने पास पड़ी चैन सॉ को dekha....aur पूरी जान से मैंने उसे उस बुड्ढे की तरफ मारा....

चैन सॉ हवा में रुक गयी....

मई : aaaahhhh....mai चैन सॉ अपनी तरफ hi करने लगा.....

मुझे चैन सॉ स्टार्ट करनी chahiye...mere दिमाग में ख्याल आते hi मैंने अपनी पावर से चैन सॉ स्टार्ट कर दी...

मई : ाःह ये क्या हो रहा hai....mera खुद पर से कण्ट्रोल उठ गया था...

मई : तू बहार aa....maine साहिर को आवाज दी....

चैन सॉ स्टार्ट होकर घिर घिर्रर करने लगी...

साहिर बहार आया तो उसने चैन सॉ पर अपनी नजरे गधा दी...

चैन सॉ हवा से गिरी और चलते हुए चारो तरफ घूमने लगी..

बूढा मुझे हैरत से देखने लगा....

मेरा नाम क्या hai...mere दिमाग में फिर ख्याल आया..

मई रोलेक्स hon...maine खुद से कहा...

Aaaahhh....mai नहीं चाहता था कहना लेकिन बुद्धा मुझे कण्ट्रोल कर रहा था अगले hi पल उसने झटके देना शुरू कर दिए....

और मेरी हालत पतली होने लगी वही साहिर भी मेरा दर्द महसूस कर रहा था उसका ध्यान बुड्ढे पर से हैट गया tha....buddhe ने चलती हुई चैन सॉ उठाई और मेरे करीब आने लगा...

अनु अपनी फॅमिली को कमिश्नर ऑफिस से कुछ दुरी पर ले आयी thi....sani ने आरोही को कार लेकर बुलाया हुआ था....

अनु वो अभी तक आया नहीं.... महा ने रोलेक्स की फ़िक्र करते हुए पूछा...

अनुसुइया : माँ वो आजायेगा...

महा : मेरा दिल घबरा रहा hai...jab तक कार नहीं आजाती हम उसे देखने चलते है कही वो किसी मुसीबत में न हो.....

कहते हुए महा पीछे के लिए bhagi...anusuiya आवाज देती रह गयी न चाहते हुए भी उसे अपनी माँ के पीछे जाना पड़ा....

मास्क दे दो मई तुम्हे वापस कर दूंगा अपना बदला लेने के baad...wo चैन सॉ मेरे सर पर उठाये बोलै...

बुद्धा : मई दुबारा नहीं बोलूंगा....

मैंने गुस्से में पंच बना के जैसे hi मरना चाहा पंच मेरे hi मुँह पर लगा....

मुझे कोई कण्ट्रोल कर रहा था....

बुद्धा : कर दी न galti...gusse में उसकी नीली आंखे जलने lagi....usne चैन सॉ उठाई और मेरे मरने को हुआ की इतने में एक शरीर मेरे जिस्म से टकराया....

माँ मेरे आगे आकर कड़ी हो गयी thi...aur बुड्ढे की चैन सॉ हवा में hi रुक गयी....

माँ : मेरे बचे को छोड़ दो मई तुम्हारे हाथ जोड़ती हों...

माँ उसके आगे हाथ जोड़ते हुए बोली....

Mahi.......buddhe की आवाज़ पर माँ ने सर उठा कर उसे देखा.....

मैंने पीछे कार उठा ली थी बुड्ढे के ऊपर गिराने के लिए की इतने में उसने माँ का नाम लिया.....

Dhammmmmmm...ke साथ कार पीछे giri...aur मई रुक गया....

माँ उसे देखते हुए बुड्ढे के फेस पर हाथ लेकर उसे छूने लगी.....

माँ : समर जी....

समर : mahi......aur वो दोनों एक दूसरे के गले लग गए....

Papa......anu भागते हुए दोनों से चिपट गयी.....

5 मिनट्स तक तीनो एक दूसरे से चिपटे रहे मेरे बाप को अहसास hi नहीं हुआ था की उनकी बेटी उनसे चिपटी हुई है...

वो अलग हुए तो वो अनु को देखने लगे...

माँ : अनुसुइया....

माँ का इतना कहना था की पापा ने उसे गले लगा liya....kuch देर गले लगे रहने के बाद जैसे उन्हें ख्याल आया और वो अलग hue...alag होकर वो हाथ से मेरी तरफ इशारा करने लगे..

मई जो खड़ा भीगती आँखों से अपने बाप को देख रहा था...

माँ ने सर hilaya....aur भीगती आँखों से पापा मेरे साइन से लग गए...

पापा : मेरे बचे मेरे सलिल....

पापा ये मई हों साहिर...

मई : और मई रोलेक्स ..मई अभी सलिल को जगाता हों....

सलिल जगा तो उसके दिमाग में मई यादें ट्रांसफर करने लगा....

इतने में मेरी वाकई बहने आकर पापा से चिपट गयी...

सलिल : पापा आप ज़िंदा हो....

समर : हां मेरे बचे....

आशना : पापा...

वो फुट फुट कर रो रही थी.

सोना : मेरे पापा ज़िंदा है.....

माँ : ये सोना hai....aur ये आशना जिसे आप मेरे पेट में छोर कर गए थे...

दोनों को पापा ने साइन से लगा कर उसने सर चूमने लगे...

समर : मेरी बचिओ तुम कितनी बड़ी हो गयी हो...

हम सब अलग हुए की पापा ने फिर मुझे साइन से लगा लिया....

कुछ देर ऐसे hi लगे रहने के बाद पापा अलग hue....seeta ने अपना मुँह साड़ी से छुपा लिया था वो पास नहीं आयी थी...

वही हमारे अलग होते hi मां हाथ जोड़ते हुए आगे आये और झुक कर पापा के पैरो पर गिरने लगे...

समर : क्या कर रहे ho...insan को इंसान के आगे नहीं झुकना चाहिए ...

पापा ने मां को उठा कर कहा...

और पापा गौर से उसे देखने लगे...

प्रकश : jiju...aur मां पापा के गले लग गए....

जीजू : मुझे माफ़ कर दो जीजू...

पापा : तुम्हारी गलती नहीं है....

पि पि....

इतने में एक स्कार्पियो हमारे पास आकर रुकी मैंने घूम कर देखा तो उसमे से आरोही nikli...wo बड़ी गाड़ी शायद हमारे लिए लायी थी....

मुझे तालाब लग रही hai...salil धीमे से फुसफुसाया...

साहिर : कुछ देर इंतज़ार कर .

मई : घर रखा है तेरा सामान...

सलिल : घर चलो...

महा : अपने चाचा से नहीं मिलना है tumhe...maa ने सनी से कहा...

पापा मां से अलग होकर सनी को देखने लगे...

माँ : ये आपके भाई की बेटी hai...maa के शब्द सुन कर पापा जैसे यादो में खो gaye....unhe झटका लगा...

पास आकर पापा ने सनी के सामने हाथ जोड़ दिए...

सनी : आपकी कोई गलती नहीं है चाचू....

और फिर दोनों भीगती आँखों से गले लग गए....

सनी : मई सब जानती हों chachu...aap खुद को दोष नहीं देना...

मई : सब लोग जाकर कार में बैठो...

मेरे कहने पर सब एक एक करके बैठने लगी....

आखिर में मई पापा सनी को लिए आकर आया जगा काम पद गयी thi.sona उठी तो पापा बैठ गए और सोना पापा के एक पेअर पर बैठ gayi..mujhe देख आशना पापा की गोदी में बैठ gayi...mai खली जगह पर बैठ gaya...sani रहती थी...

सनी : तुम बहार आओ...

मई आया तो सनी बैठ गयी...

महा : अपनी बहन की गोदी में बैठ जाओ ..सनी ने इशारा किया और मई बैठ gaya....mere बैठते hi गाड़ी स्टार्ट हो गयी..

उसका जिस्म मेरी पीठ में गढ़ रहा tha...uske अहसास से मेरा डिक पूरी ततः ेररेक्ट हो गया था वही सनी ने अपने दोनों हाथ मेरी कमर में फसा लिए they...mujhe दर लग रहा था kahi..sani हाथ निचे न ले जाये एक मन चाहा भी रहा था ऐसा हो....

मास्क अपने साइड इफेक्ट्स दिखा रहा था मुझे खुद पर कण्ट्रोल करना था..

लेकिन मई नाकाम हो रहा था वही सलिल नशे के बारे में सोंच रहा था जिसके लिए मई भी बेचैन हो रहा था...

महा : ये हमारी बहु hai...maa ने कहा....

कहते हुए उन्होंने पूर्वी के पास बैठी सौम्य पर हाथ रख दिया....

मई हैरत से माँ को देखता कभी सौम्य को वही सौम्य के पास बैठी पूर्वी मुझे देखने लगी उसकी आँखों से आंसू बहने लगे...

मेरी नजरे मिली तो पूर्वी ने मुँह छुपा लिया..

पापा ने प्यार से सौम्य के सर पर हाथ रख दिया....

मई : तुम कैसे ......

सौम्य : वो लोग तुम्हारी फॅमिली को उठाने वाले थे तुम्हे हुमिलियते करने के liye....fir वो बताने लगी...

समर : बेटी गाड़ी हॉस्पिटल की तरफ ले चलो...

अनुसुइया : पापा खतरा है..

समर : तुम बेफिक्र रहो बेटी मई हों और मेरे साथ मेरा शेर बीटा भी तो है...


सौम्य : बुलेट निकल चुकी है uncle...jyada चोट नहीं है घर पर hi ठीक हो जाएगी...

सौमि ने कहा और पापा ने हामी भरी..

सोना पापा के गलो से अपने गाल लगाए बैठी उनके बालो में उंगलिअ फेर रही थी वही आशना सर पीछे किये पापा की दाढ़ी में उंगलिअ डेल उन्हें चुम रही थी...

वो दोनों बची बन गयी thi...mujhe अब अहसास हो रहा था मई ऐसा प्यार अपनी बहनो को कभी नहीं दे पाया था..

महा : ये आपकी होने वाली बहु...

माँ ने कहा और पूर्वी के होंठो पर मुस्कराहट आगयी...

पापा ने फिर उसके भी सर पर हाथ फेर दिया....

सनी : तुम बहुत भरी हो....

महा : तुम अपनी बहन को अपनी गोदी में बिठा लो...

माँ ने कहा मैंने सनी को देखा उसने उठने का इशारा किया...

मई उठा वो खिड़की की साइड में हो gayi...mai बैठा तो वो मेरे घुटनो पर बैठ गयी मैंने अपना सर पूर्वी के कंधो पर रख लिया...

मुझे किसी के सिसकने की आवाजे आ रही थी...

मई : जल्द hi हम शादी कर लेंगे..

मैंने और सिसकियाँ निकलने के लिए kaha...meri बात सुनकर पूर्वी मुस्कुरा दी...

पापा मुझे और पूर्वी को बड़े प्यार से देख रहे थे.....

समर : बहुत अचे लग रहे हो तुम तीनो...

इतने में कार अनु के घर के सामने रुकी...

समर : माहि...

माँ : अंदर चले सब बताती हों....

हम अंदर आये तो पापा घर देखने लगे..

समर : अच्छा घर है....

पापा नहीं जानते थे ये कैसे लिया गया tha...ab सबसे एहम काम था पापा को उस सच्चाई से दूर रखना जो मई जनता था ....

महा : आप नाहा धो ले फिर सब बताती hon...maa पापा को ऊपर मेरे रूम में ले गयी....

मई सौम्य और पूर्वी के साथ बैठ गया...

सौम्य मेरी जान इतने दिनों से कहा थी tum...salil रट हुए उसके घुटनो पर सर रख कर कहने लगा...

सौम्य : तुम मुझे आग में फेकने वाले थे...

सलिल : kab...wo घनचक्करो की तरह सर उचका कर देखने लगा..

साहिर : वो मई था....

मई : हम तीन है ..मई रोलेक्स ये साहिर और सलिल...

साहिर : मई ऐसा नहीं करता बस डरा रहा था...

सौम्य : अगर न बताती एड्रेस तो..

साहिर : नहीं marta..salil तुम से बहुत प्यार करता है शायद मुझसे भी ज्यादा...

सलिल : कोई मुझे बताएगा क्या हो रहा hai...aaj डेट कितनी है...

पूर्वी: 29 दिसंबर...

सलिल : 1 महीने से मई सो रहा हों..

मई : बिच में एक दो बार जगाया तो था...

सलिल : सेल हरामी....

मई : क्या कर रहा hai...papa घर पर है..

सलिल : मई सब पापा से kahunga..mujhe कुछ याद नहीं आ रहा क्या हुआ था अब तक...

मई : तू hi समजा...

.साहिर : पापा को किसी भी बात की भनक भी न lage...samjh गया तू .

मई : फ्री टाइम में मई यादें ट्रांसफर कर दूंगा...

सलिल : मई सोना को बचा कर आरोही के होटल आया था याद आगया...

वो चहकते हुए बोलै...

सलिल : इतने लम्बे समय से...

उसने चीख मरी...

मई : क्या कर रहा है...

सलिल : सेल कुत्तो तुम दोनों ने मुझे पागल कर दिया hai...ye मास्क मई लाया....

Aaahhhh...gusse में उसने खींच कर निकल दिया....

सलिल : क्या तुम मुझे सोने से रोक सकते ho...matlab मेरे दिमाग को...

मास्क : मेरे लिए तीनो hi बॉस है..

सलिल : मई हों सिर्फ salil...ab बताओ...

मास्क : जैसा आप कहे....

सलिल : इन दोनों को कैसे मार सकता हों...

मास्क जवाब देता मैंने उसे पहन लिया..

मई : तू ये क्या कर रहा hai...tujhe अपने भइओ पर भरोसा नहीं....

सलिल : सेल भाई हो tum...tumne मुझे कैद kiya...maa से बस कुछ hi दिन मिला और तुमने ....

मई : गलती हो गयी yaar...maaf कर दे...

साहिर : मुझे भी कैद किया था isne...kar दे माफ़...

सलिल : सक शर्त पर अब से आर्डर मई दूंगा... कण्ट्रोल मुझे दो....

कण्ट्रोल लेकर मई प्यार से अपनी सौम्य को देखने laga...maine अपन सर उसके घुटनो पर रख दिया ...और मुझे तालाब लग रही थी..

मई : तुमने कहा था माल ऊपर है ..

रोलेक्स : नहीं है कोई माल लाना पड़ेगा.. मेरे पास पैसे भी नहीं....

मई : तुम्हारे पास पड़े है ..मैंने सौम्य से कहा जिस पर वो हैरानी से मुझे देखने लगी...

साहिर : चुटिया साला...

उसने पॉकेट में हाथ डाला और पर्स में से पैसे निकल कर दिए...

मई : मेरा चलता hai...vaise भी ये मेरी वाइफ है...

रोलेक्स : ठीक hai...usse तो पूछ ले एक बार...

मई : सौम्य...

सौम्य : तुमने मुझे मरने की कोशिश की मई भूल जाउंगी फिर भी कोई दूसरी लड़की तुम्हारी लाइफ में नहीं आएगी ...ये तो बिलकुल भी नहीं..

मई : इसमें क्या खराबी है..

सौम्य : मैंने इसकी फाइल पड़ी है पता नहीं कितनो के साथ ये सो चुकी है..

मई : वो इसकी पुराणी ज़िन्दगी थी ...पूर्वी के बहुत अहसान है मुझ पर ..

सौम्य: पूर्वी नहीं aarohi...ahsan है तो पैसे दे दूंगी लेकिन पति के साथ हिस्सा नहीं...

पूर्वी: ठीक है मई चली जाउंगी तुम्हारी लाइफ से...

रोलेक्स : मुझे इससे प्यार hai...jise जाना है जाये लेकिन ये नहीं jayegi...rolex ने उसका हाथ थम लिया...

और उसने अपना सर पूर्वी की गोदी में रख दिया...

सौम्य : ठीक है मई चलती हों

..

मई : रुको मई भी चलता हों...

मैंने पूर्वी की जांघो पर से अपना सर उठा कर कहा...

सौम्य : किस लिए...

मई : रस्ते में से माल लेना है तब तक तो कंपनी दे hi दो...

सौम्य ने गुस्से में मुझे घुरा...

अचानक से उसके हाथ चले और उसने अपना हाथ मेरी बैक में दाल दिया...

मई : आह्ह्ह्ह क्या कर रही है....

सौम्य : कमीने हो तुम... अपनी जॉब अपना सब कुछ छोर कर तुम्हारे पास आयी और तुम रोक भी नहीं rahe...tumhari गान मरूंगी...

मई : मेरी माँ soryy...hath nikal....maine कान पकडे और उसने मुझे छोड़ दिया..

मैंने उसका हाथ पकड़ा और अपनी तरफ खींच लिया...

मई : कैसे सोंचा जाने dunga...aur मैंने अपने होंठ उसके होंठो पर रख दिए...

खो खो खो....

किसी के खस्ने की आवाज़ पर मई अलग हुआ पकिहे देखा तो सनी अपनी फ्रेंड के साथ thi...wo दोनों नाहा कर आयी थी...

रोलेक्स : तुम कमल की हो...

उसने इशारा किया....

सनी : तुम भी...

सलिल : ये कोण है तुम क्या इसकी ट्रांसलेटर ho...haa तुम तो मेरी बहन ho...mai आगे जाकर सनी के गले लग गया..

सनी : सलिल भाई... फाइनली aap...ab सब सही होगा....

मई : झमेला कहा है...

रोलेक्स: मेरी लड़ाई हो गयी thi...aur वो चला गया..

सनी : अब बताओ क्यों तुमने लड़ाई की...

मई : तूने उससे क्यों लड़ाई की..

रोलेक्स : लम्बी कहानी है फिर बताता hon....aur बहना तुम किचन में जाओ और कुछ बनाओ मेरे liye....bhuk लगी है.

मई : मेरे लिए आलू के पराठे और चटनी छाए...

रोलेक्स: मेरे लिए मछली करि ..

मेरे लिए पिज़्ज़ा...

साहिर कहा चुप रहने वाला था वो भी बोल पड़ा..

सनी : ये सब तुम बनाओगे और मई बैठ कर खाउंगी....

रोलेक्स : पहली बार भाई ने कुछ कहा है और तुम इंकार कर रही हो...

सनी : ज्यादा इमोशनल होने की जरुरत नहीं है जा रही हों..

वो गयी तो मई घर से बहार जाने लगा...

पूर्वी: कहा जा रहे हो...

मई : बस आया...

वेजटेबल्स ग्रोसरिएस और फिश मीट सारा सामान आना hai...mujhe पीछे से सनी ने आवाज दी....

मई : ठीक है ले आऊंगा....

और मई घर से निकल गया....
 
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