Episode 4
आरोही बूँद बूँद पीकर मेरे ऊपर से उठी फिर मेरे बराबर में आकर लेट गयी.
नेक्स्ट कंटिन्यू...
मई: मजा आगया jaan..man कर रहा है बस तुम्हे प्यार करता रहो.
आरोही : अब सो जाओ थक चुकी हों वैसे भी कुछ देर में सुबह होने वाली है..
मई: ठीक है मई शावर लेकर अत हों..
आरोही: रुको मई भी चलती हों..
वाशरूम में आकर हम दोनों साथ म hi नहाने लगे...
नहाते हुए मेरा डिक फिर ेरेक्ट हुआ और मैंने नहाते हुए hi आरोही को छोड़ना स्टार्ट कर दिया..
छोड़ने के बाद हम दोनों फिर नहाये फिर आकर आरोही ने मुझसे बीएड शीट धुलवाई..
बेडशीट बिछा कर मई उस पर कूद gya..aarohi के लेटने पर मैंने उसे बाँहों में भर liya...time देखा सुबह के 4 बज रहे थे...
आरोही: एक के पॉइंट्स बढ़ाना ज़रा.
मैंने रिमोट से फुल पर एक कर दी..
हलकी ठण्ड की वजह से आरोही ने मुझे कसकर बाँहों में भर लिया...
थकन की वजह से हम दोनों ऐसे hi सो गए....
अगले दिन दूर पीटने पर आरोही ने गेट खोला तभी मेरी आंखे खुल गयी टाइम देखा सुबह के 12 बज रहे थे...
टीना: भैया दीदी बुला रही है..
ये टीना थी मेरी कजिन जो अंदर एते हुए बोली..
मई: क्यों बुला रही..
Tina:bhabhi ने ब्रेकफास्ट नहीं किया..
मई: तू चल मई मुँह धो कर आया..
उठ कर मैंने एक अंगड़ाई ली फिर वाशरूम में घुस गया....
तैयार होकर मई आरोही को लिए सबके पास आया...
अनुसुइया : गुड मॉर्निंग..
मैंने पास जाकर दी के पेअर छुए फिर लम्बी सी लाइन बोली...
आरोही: चलो ब्रेकफास्ट कर लो...
मेरे साथ सभी ब्रेकफास्ट टेबल पर आकर बैठ गए...
दिन्निग पर सामंथा माँ थी टीना उसका छोटा भाई जी ...जीजू थे जीजू की छोटी बहन वैष्णवी थी ..झमेला गेट पर दिवार से पेअर लगाए खड़ा था.
मेरे बैठते hi सामंथा माँ और सोना डिशेस टेबल पर रखने लगी..
खाने में सांबर मेरे फवौरीते आलू गोभी के परथे इडली डोसा कई तरह के व्यंजन थे.
Mai:jhamela चल अजा..
jhamela:mai खा कर आया हों वैसे भी मुझे बहुत काम है..
मैंने दी की तरफ देखा.
मई: प्लस दी..
दी ने आँखों से हामी भरी..
अनुसुइया : आशिक़ चलो तुम भी ब्रेकफास्ट क्र लो जब से ए हो काम hi कर रहे हो...
दी की आवाज पर झमेला सर निचे किये आने लगा..
मैंने उसे अपने पास hi बिठा लिया..
मई: आरोही ये मेरा दोस्त hai..vaise तो बहुत है लेकिन ये मेरे लिए भाई जैसा है..
जजमेला: पाए लागु bhabhi..wo अपने परिचित अंदाज़ में बोलै..
आरोही ने बदले में उसे स्माइल दी..
आरोही: मई ब्रेकफास्ट में चोला पूरी hi खाना पसंद करती हों..
मई: सोना तुझे पता है न चोला पूरी मुझे कितने पसंद है तूने बनाई क्यों nahi..mai भी आरोही सुबह में छोला पूरी hi पसंद करता हों..
सोना: भाई अकेले में मिलो aap...bhabhi अभी लायी बना कर.
आरोही: नहीं अब रहने do...kal से मई आपकी हेल्प करुँगी तो साथ में बनायेगे.
सोना: सो स्वीट ऑफ़ you..Sona ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया..
जी: मां भाई होते तो उनकी भी शादी हो रही होती हमारे घर पर भी भाभी अति..
जी के कहने पर सामंथा माँ की आंखे नाम हो gayi..unhe अपने बड़े बेटे की याद आगयी thi..jise मेरे नाना कही छोर ए थे.
टीना: छोटे तुमसे मैंने मन किया न टोनी भाई का जिक्र मां के सामने करने से..
मई: क्यों दन्त रही hai..hey जी मेरे क्यूट से bhai..aek दिन मई टोनी को ढूंढ कर launga..fir हम दोनों उसकी शादी में डांस karenge..maine माँ का दिल रखने के लिए kaha..jisse जी भी खुश हो गया..
जी: सच कह रहे है सलिल भैया.
मई: है मेरे कुटेपिए..
अनुसुइया: सलिल मैंने तुम्हारा और आरोही का हनीमून ट्रिप प्लान किया है गोवा ka..tum दोनों कही और जाना चाहते हो तो बता दो मई चेंज कर दूंगी...
मई: कहा जाना hai..Maine आरोही से पूछा.
आरोही: जो आपको पसंद हो..
मई: दी गोवा ठीक rahega..aur दी ये मेरे साथ jayegi.maine सोना की तरफ इशारा करते हुए कहा.
अनुसुइया: salil...di ने मेरा नाम लेते हुए आंखे dikahi..jo इशारा था सोना के न जाने का.
सोना फुसफुसाते हुए: शादी हो गयी है थोड़े मातुरे बन जाओ..
Mai:chal सांबर दाल कर मातुरित्य प्रोवे कर....
सोना गुस्से में तिलमिलाते हुए मेरी प्लेट सांबर से भर देती है..
सोना: ठूसो..
मई: ऐ पागल क्या कर दिया इतना कोण खायेगा...
सोना: आपने hi तो माँगा था Bhai.wo इनोसेंट फेस बनाते हुए बोली.
मई धीमे से: अकेले में मिल मुझे तू..
सोना धीमे से: मई भी तो यही चाहती hon..heheh..
मई : जा नहीं मिलना...
अनुसुइया: सोना चलो तुम भी ाजाओ.
सोना: ऐसे hi डरा करो mujhse..dant दिखते हुए सोना खाने दी के पास जाकर बैठ गयी.
भरी प्लेट उठाकर मैंने आधा सांबर जाहमेला की प्लेट में दाल दिया...
मई: जीजू यहाँ कब तक रुकेंगे.
अभी: 20 दिन 20 दिन..
मई: ाचा ठीक है जीजू..
अभी: है बिलकुल है बिलकुल..
मई: जीजू एक hi बार बोल दिया करो सुन लूंगा.
अभी: है बिलकुल है बिलकुल..
अनुसुइया: अभी चलो खाओ चुप chap..di के कहने पर जीजू चुप चाप खाने लगे..
अनुसुइया: तुम्हारे jiju..hamari वेडिंग एनिवर्सरी तक यहाँ रुकेंगे..
मई: वाओ di...vaise हमारा ट्रिप कितने दिनों का है.
अनुसईया: 15 दिन.
मई: तब तो हम आजएंगे ...है न आरोही..
आरोही: हम्म्म.
अनुसईया: सलिल अभी तुम्हे आरोही के घर जाना hoga..aarohi को छोड़ने.
मई: क्यों दी..
अनुसुइया: रिवाज है मिश्रा अंकल ने kaha..aek रात रुकना अगले दिन आरोही को लेकर ajana..Kapoor अंकल का पूरा चन्दन कपूर मिश्रा tha..unhe दी कपूर और मिश्रा अंकल दोनों नाम से बुलाती थी.
मई: ठीक है दी सोना को साथ ले जाऊंगा..
अनुसुइया: बाइक से जाओगे..
मई: हम्म्म..
अनुसईया: कार ले जाना..
mai:di मुझे कहा अति है और सोना की ड्राइविंग पर मुझे भरोसा नहीं..
आरोही: मई कर लुंगी..
ब्रेकफास्ट करके मई उठा फिर आरोही को लिए रूम में आया..
तैयार होकर हम दोनों बहार ए..
आरोही ने एक बेहद आकर्षक ट्रांसपेरेंट साड़ी पहनी थी.
मिरर के पास बैठी वो मेकअप कर रही थी..
मैंने पीछे से जाकर उसे बाँहों में भर लिया..
मई: तुम्हे मेक उप की क्या ज़रूरत है ...तुम तो खुद से भी खूबसूरत हो..
ब्लाउज के ऊपर से hi मई आरोही के मोठे मोठे बूब्स दबाने लगा..
आरोही: बदमाश हटो ...
मई: थोड़ा प्यार कर lon..kehte हुए मैंने अपने लिप्स आरोही की गर्दन पर रख दिए..
तैयार हो गए bha...sona अंदर एते हुए boli..mujhe आरोही को देख उसके शब्द मुँह में hi रह गए..
सोना की आवाज से मई हड़बड़ा के आरोही से दूर हुआ..
मई: वो तेरी भाभी के बाल संवर रहा tha..ha बस निकलते है
सोना:: एक्सक्यूज़ तो ठीक से देते..
मई: सोना की bachi...Teri तो..
मई मरने के लिए लपका इतने में सोना जीब दिखते हुए भाग गयी.
Chale...aarohi उठते हुए बोली..
रूम से निकलकर हम दी के पास ए..
जहाँ सामंथा माँ तैयार हुए कड़ी थी...
सननता: सलिल beta..thik है मई जा रही हों.
मई: छोटी माँ रुक जाओ न कुछ दिन.
samantha:tumhare मौसा अकेले है उनकी तबियत भी ठीक नहीं hai.fir आउंगी..
मैंने आँखों से हामी भरी..
फिर सामंथा माँ उनके बचो को गेट तक छोड़ने आया..
उनके जाने के बाद मई दी के पास आया.
जो बहुत सा सामान झमेला से कार में रखवा रही थी आरोही के घर के लिए.
अनुसुइया: हो गए तैयार.
मई: है दी..
अनुसुइया: ठीक है तुम भी निकलो..
मई: आप भी चलो न साथ..
अनुसुइया: अब दुनियदारी तुम्हे भी सीखनी होगी.. कहकर दी मुस्कुरा दी.
सोना: भाई वैष्णवी को साथ ले चले.
मई: हम्म तुम्हे जो ठीक लगे.
वैष्णवी और मेरा कभी चक्कर चला था लेकिन उसने मुझे चोर दिया tha..ab इस बात को काफी टाइम हो गया है.
आरोही सोना वैष्णवी को लेकर मैं बहार आया.
गाड़ी के पास hi मुझे झमेला मिल गया..
मई: जान आप सोना के साथ बैठो मई इससे मिलकर आया..
मेरे कहने पर तीनो बैठ गयी.
मई चलता हुआ झमेला के पास आया.
मई: क्या बात है इतना चुप चुप क्यों है.
झमेला: सेल शादी हो गयी तो दोस्त को बिलकुल hi भूल गया.
मई: कोण है तू..
तेरी to..kehte हुए झमेला मेरे पेट में दो तीन घुसे मार देता hai..dhire धीरे से.
मई : सेल तेरी भाभी देखेगी तो क्या सोंचेगी..
झमेला: सूर्य सूर्य yaar..muskurate हुए झमेला पेट सहलाने laga..jahan उसने मारा था.
मई: इसका बदला आकर लूंगा.
झमेला: ठीक है ले Lena..mujhe तुझसे कुछ ज़रूरी बात करनी है..
मई: बोल न..
झमेला: अभी नहीं तू वापस अजा..
पि पि...
मई: ठीक है चलता हों आरोही भी हॉर्न दे रही है..
गले लग कर मई कार में आया..
आरोही: चले..
मई: hmm..Mera इशारा प् कर आरोही ने कार स्टार्ट कर दी...
आरोही: ऐसे क्यों लड़ रहे थे..
मई: उसके ऊपर का माला खली hai..pyar जताने के लिए मरता है.
आरोही: हाहाहा अजीब..
मई: मई तो डबल धोता हों use..pehle हम दोनों जब सुबह में रूँनिग के लिए जाते तो खूब आपस में लड़ते थे..
आरोही: मतलब काफी क्लोज है आप दोनों..
मई: हां...
बातें करते हुए हम आरोही के घर aye..aarohi ने मैं दूर के hi पास कार रोकी...
अंकल वगैरह हमें बहार hi मिल गए...
उतारकर मैंने उनके पेअर छूने चाहे तो अंकल ने गले लगा लिया..
कपूर: खुश रहो दामाद जी...
मई: हर्ष भाई गाड़ी में कुछ सामान है दी ने भेजा है .
आरोही: पिता जी मेरी फ्रेंड्स है की चली गयी..
कपूर: वो कल hi चली गयी कोई काम था उनसे.
आरोही: नहीं पिता ji..bas ऐसे hi पूछ रही थी...
कपूर : चलो अंदर आओ सब...
अंदर आकर कुछ देर अंकल हर्ष से मैंने बातें की फिर बिना लस्सान प्याज का खाना खिलाकर आरोही मुझे लेकर अपने रूम में आगयी..
सोना वैष्णो को निहारिका भाभी अपने साथ गेस्ट रूम में ले गयी थी.
आरोही : थक गए हो तो आराम कर लें..
मैंने कोई जवाब नहीं दिया आरोही के रूम और उसमे राखी हर चीज़ को निहारने लगा..
मई: थैंक यू मेरी जान का ख्याल रखने के लिए...
आरोही : किस्से बातें कर रहे हो..
मई: इन खूबसूरत दीवारों se..tumse जुडी हर एक चीज़ se..itne सालो मेरी जान का ख्याल रखा थैंक्स तो बनता है..
आरोही: ावववव हाउ स्वीट ऑफ़ you..Maine बदले में उसे स्माइल दी और फिर रूम में राखी हर चीज़ को देखने लगा ..
कुछ सोंचकर मैंने सोना को कॉल की.
मई: कैमरा लायी है अपना .उसके उठाते hi मैंने कहा..
सोना: हां लायी हों ....
मई: लेकर अपनी भाभी के रूम में अजा.
कहकर मैंने कॉल कट कर दी..
आरोही वाशरूम में कपडे चेंज कर रही थी...
कुछ देर बाद सोना आयी जिसके साथ हरषि भी थी...
सोना : क्या शूट करना है..
मई : तेरी भाबी से जुडी हर चीज़.
कैमरा लेकर मई हर वो चीज़ जो आरोही से जुडी थी उसे शूट करने laga...harshi कमेंट्री करके बताने लगी...
हरषि: जीजू फोटो एल्बम दे उसमे दी के बचपन की फोटोज है..
मई : ओफ़्कौर्से साली जी..
हरषि ालमिरह में से आरोही के बचपन के कपड़े बचपन के शूज दिखने लगी ...
मई: वाओ मेरी जणू को बचपन में hi गोल्ड मॉडल मिल गया .मई एक कॉइन देखते हुए बोलै..
हरषि: हहै जीजू ये गोल्ड मॉडल नहीं दी को बचपन में मिला शर्म का बिल्ला है .
मई: हैट पागल..
हरषि को साइड करके मई आरोही की छोटी छोटी चप्पलें शूट करने लगा ...
मई: मेरी जान की छोटी छोटी चप्पलें ..बड़े बड़े पेअर ..बड़ी बड़ी आंखे बड़ी aarohi..aarohi चेंज करके मेरे पास आकर कड़ी हो गयी थी...
आरोही: आप भी न पुरे बचे बन रहे है ..
मई: तुमसे जुडी हर चीज़ से मुझे प्यार है ..माय लवली वाइफ..
हरषि: jiju..photo एल्बम..
हरषि के हाथ से फोटो एल्बम छीन कर मई आरोही के बचपन की फोटो शूट करने लगा...
मई: अव्व्व छोटी सी aarohi...nangi पुंगी आरोही...
आरोही: उसे मत देखो प्ल्ज़ . वो शरमाते हुए बोली...
मई: बहुत क्यूट ho...hahhaha.
मई : ये कोण है हरषि आरोही के साथ ..आरोही की टीनएज पिछ देखते हुए मैंने पूछा..
हरषि: ये दी के बेस्ट फ्रेंड रोहित है ...दी इन्ही से शादी करने वाली थी फिर पता नहीं क्या हुआ दोनों me..aur दोनों अलग हो गए ..
हरषि की बात सुनकर मेरा चहेरा उतर गया था...
आरोही: हरषि वो मेरा पास्ट tha..ab मेरा सब कुछ सलिल है..
आरोही के जवाब से मेरी जान में जान आयी ..मैंने सोंच लिया आरोही से अकेले में पूछूंगा इस बारे में..
हरषि: जीजू आगे देखे..
हरषि के कहने पर मैंने एल्बम पलटी ..
मई: वाओ जान आप मार्शल आर्ट्स भी जानती hai...mujhe बताया क्यों नहीं
आरोही: बस शौक में सीखी thi...chale बंद करे शूटिंग मेरे पास आकर बैठे...
मई: नू देखने दो..
मैंने आगे किया तो देखा आरोही की अलग अलग कुंग फु पोज़ में फोटोज थी...
आरोही इतनी ज्यादा टैलेंटेड है सोंचकर hi मुझे गूसबम्प्स आने लगे...
बस हो गयी shooting.pass आकर आरोही एल्बम बंद करते हुए बोली..
आरोही: आप मेरे पास आकर baithe...harshi बेतु रख दो सब .
मई: सेव कर लेना ise..mai सोना को कैमरा देते हुए बोलै...
सोना : ठीक hai..kehte हुए सोना रूम से निकल गयी..
मई: हरषि क्या ये एल्बम मई रख लोन..
आरोही: मई पूरी हों न आपके sath.iski क्या ज़रुरत है.
मई: उम्म्म मान जाओ न Jaan..tumse जुडी हर चीज़ मेरे लिए जान से प्यारी है...
हरषि: जीजू मई कॉपी करा कर आपको गिफ्ट कर दूंगी..
मई: थैंक यू हरषि...
हरषि: हो जाये जीजू एक सांग विथ डांस...
मई: नहीं..
हरषि: है
मई: नहीं..
हरषि: हां..
आरोही: सुनाओ न मई भी साथ दूंगी..
मई: ाचा ठीक hai..Mai हार मानते हुए बोलै..
हरषि: किसी फिल्म का रोमांटिक सांग जीजू...
मई गेट हुए.
जीने लगा हूँ पहले से ज़्यादा
पहले से ज़्यादा तुम पे मरने लगा हूँ...
मैं मेरा दिल और तुम हो यहां...
फिर क्यों हो पलकें झुकाएं वहां...
तुम सा हसीं पहले देखा नहीं...
तुम इससे पहले थे जाने कहाँ...
जीने लगा हूँ पहले से ज़्यादा
पहले से ज़्यादा तुम पे मरने लगा...
रहते हो आके जो तुम पास मेरे
थम जाए पल ये वहीँ, बास मैं यह सोचूं...
आरोही : सोचु मैं थम जाए पल यह पास मेरे जब हो तुम...
[x2]
आरोही की आवाज मेरे दिल में उतर रही थी
मई : चलती है सांसें पहले से ज़्यादा
पहले से ज़्यादा दिल ठहरने लगा...
आरोही और मई साथ गेट हुए..
तन्हाइयों में तुझे ढूंढें मेरा दिल
हर पल यह तुझको hi सोचे भला क्यों
तन्हाई में ढूंढें तुझे दिल
हर पल तुझको सोचे...
मई: मिलने लगे दिल, पहले से ज़्यादा. पहले से ज़्यादा इश्क़ होने लगा..
छप्प छप्प... सांग ख़त्म होने पर हरषि क्लैपिंग करने लगी..
हरषि: वाओ जीजू मजा आगया सो romantic..Aaj से मई आपकी जब्र फैन..
मई: मई कोई सेलेब नहीं हों.
हरषि: पहले थे न... हेहेहे एडल्ट सांग...
मई: ऐ चल जा..
हरषि: don't वोर्री सीक्रेट hi रखूंगी..
मैंने मोस्टली एडल्ट सांग की एल्बम निकली थी हरषि उन्ही को लेकर मेरी तंग खींच रही थी...
उसके जाते hi मैंने चैन की साँस Li..fir आरोही की थिंग्स पर सर रख कर लेट गया ...
आरोही: कितने फ्रेंडली हो ap..apki सबसे अछि यही ऐडा लगी मुझे..
मई: जब किसी से दिल का रिश्ता जुड़ जाये फिर वो मेरे लिए अनजान नहीं रहता.
लेते लेते मई आरोही hi की गॉड में hi सो गया.
रात में आरोही के जगाने पर मई जगा...
खाना खा कर हम दोनों रूम में ए..
फिर मैंने आरोही को आधी रत तक प्यार किया ...फिर शावर लेकर लेट गए...
अगले दिन आरोही सोना वैष्णो को लेकर मई घर के लिए निकल गया...
12 बजे मई घर pahucha...jahan अनुसुइया दी ने मेरी और आरोही की साडी पैकिंग कर राखी थी...
अनुसुइया: आज रात की फ्लाइट है तुम दोनों की गोवा के लिए.
मई: आप भी चलो न साथ पिकनिक पर गए कितना टाइम हो गया है हमें..
मेरे कहने पर दी ने मेरे गले में बाहें दाल दी..
अनुसुइया: तुम ाजाओ फिर चलूंगी ये ट्रिप तुम्हारा और आरोही का है..
मई: दी जीजू के घर जाओगी..
अनुसुइया: है मेरी सासु माँ बार बार तने देती hai..samajh रहे हो na..unka भी ख्याल रखना है..
मई: चली जाओगी..
अनुसुइया: हां लेकिन अनिवर्सरी के अगले दिन आजाऊंगी..
मई: सोना को साथ ले जा रही है..
अनुसुइया: हम्म्म अकेले कैसे rahegi..tum ज्यादा फ़िक्र नहीं करना वहां अचे से एन्जॉय karna..kehte हुए दी मेरे गलो को चुम लेती है.
अनुसुइया: मैंने बीच रिसोर्ट में hi रूम बुक कर दिया hai..aur ये रहे तुम्हारे खर्चे के पैसे..
कहते हुए दी फ़ोन चलने लगी..
कुछ सेकंड बाद मुझे अपने फ़ोन पर मस्सगे टोन सुनाई दी..
चेक करने पर देखा 5 लैस पेटम किये थे दी ने..
मई: इतने सरे ...पहले तो 500 रुपए के लिए 500 सवाल करती थी..
अनुसुइया: बुद्धू अब तुम बड़े हो गए ho...haa याद आया किसी आशना की कॉल आयी थी मुंबई se..jante हो तुम उसे.
मई : ओह्ह वो di..fir मई दी को बताने लगा आशना से मेरी मुलाकात कैसे हुई..
मई: दी वो बिलकुल आपकी तरह दिखती है आपके जैसी hi उसकी नीली आंखे है...
अनुसुइया: बहन hi मन है न.
मई : और नहीं तो क्या जाओ दी ..
अनुसुइया: सॉरी स्वीटू बस तुम्हरा क्यूट सा फेस देखने के लिए छेड़ रही थी.
मई : आप भी na...acha नंबर मुझे दो उसका..
**********
रात को दी मुझे और आरोही को एयरपोर्ट छोर अपनी ससुराल चली गयी...
उसी रात मई और आरोही गोवा लैंड करते है...
रिसोर्ट में आया तो देखा रूम तो बहुत लुक्सुरिओउस है...
उस रात हमने आराम किया.
अगले दिन टूर विजिट करने लगे.
रएस्कोर्ट के बहार hi बीच था जहाँ इंडियन और फोरेनर बहुत से पर्यटक थे....
आरोही मुझे लेकर बीच पर बने एक कैफ़े में आयी..
आरोही ने ऊँगली से एक वेटर को बुलाया..
आरोही: दो यू हैवे शांपिओं.
वेटर: आल वैरायटी अरे अवेलेबल मम..
आरोही: तवो लार्ज पैक ..
वेटर okay कहता हुआ चला गया..
आरोही जब आर्डर दे रही थी तो मई कैफ़े बहार बैठे एक आदमी को देख रहा tha..jo काफी देर से एक hi ृत्त लगाए था..
आदमी: इसमें महरो घाटों थारो कुछ नहीं jato..Sunita इसमें मारो घाटों थारो कुछ नहीं जातो.
मई: हे ये कोण है और क्यों देवदास बना बैठा है.
मैंने गुज़रते हुए एक वेटर से पूछा..
वेटर : सर ये राजस्तान के रजवाड़े है अपनी वाइफ के साथ ए थे हनीमून मानाने वाइफ एक अफ्रीकी मूल के पर्यटक के साथ भाग गयी तब से ये यही पर है..
वेटर की बात सुनकर मैंने आरोही को देखा..
आरोही: क्या...
मैंने एक गहरी साँस ली फिर ना में सर hilaya..fir मन में उठने वाले ख्याल को झटक दिया.
उस आदमी को देखककर मेरे अंदर का राइटर जाग gaya...phone निकलकर मई दिमाग में आरहे सांग को लिखने लगा...
मम आपका order.waiter आर्डर रखते हुए बोलै.
आरोही: हे सलिल क्या कर रहे हो..
मई: सांग आगया था मंद में बस वही लिख रहा था..
आरोही: दिखाओ मुझे..
मई: कम्पलीट नहीं हुआ..
आरोही: छोरो ड्रिंक आईटी..
फ़ोन से नजरे हटाकर मैंने टेबल पर रखे ग्लॉस को देखा..
मई: ये क्या है..
आरोही: शांपिओं फॉर आवर वेडिंग सेलिब्रेशन..
मई: तुम ड्रिंक करती हो.
आरोही: hmmm..so..
मई: क्या बोलू yaar..Mera चहेरा उतर गया था..
आरोही: हम यहाँ एन्जॉय करने ए hai...hai न...
मई: हम्म्म तुम piyo..mai नहीं पिता
मई उसे क्या कहता कुछ समझ में नहीं आ रहा tha...aarohi को रोक्त्ता तो वो नाराज़ हो jati...Dil में सोंचा किसी और टाइम समझूंगा...
दोनों गिलास जातक कर आरोही uthi.fir हम दोनों ने वही लंच किया और फिर बीच पर आगये...
बीच पर एक एक टेबल पर लेटकर हम दोनों समुन्दर देखने लगे..
बोड्डी मस्सगे mam..Aek लड़का आरोही के पास से गुज़रते हुए बोलै.
आरोही: येह..
मई: सेल हाथ लगाया न तो काट दूंगा...
आरोही मेरे जवाब से खिलखिला कर हसने लगी...
वही वो बॉडी मस्सगे वाला भाग गया..
मई: और तुम उसे अपनी बॉडी टच करने देती ..गुस्से में मेरा फेस लाल पढ़ गया था...
आरोही: जब से मैंने श्मापिओं पि तब से आप उदास होकर चुप बैठे hai...bas आपकी आवाज सुनने के लिए शरारत कर रही थी..
आरोही की बात सुनकर मेरे फेस पर मुस्कान आगयी..
आरोही: जान ये सब नार्मल है वैसे भी मई कोनसी बीओडी hon..kabhi कभी पि लेती हों.
आरोही के एक्सप्लनेशन के सामने मेरे समझने का प्लान पूरी तरह फ़ैल हो गया..
मई: चलो बीच पर चलते है..
आरोही: वेट मई चेंज करके अति हों..
कुछ देर बाद आरोही ब्रा पंतय में मुझे मेरी और आती दिखाई दी..
वो अभी जीन्स टॉप में थी जिसे वो उतर आयी थी.
मई: मेरी संस्कारी वाइफ ..मई हैरत से बोलै.
भागता हुआ मई आरोही के पास आया..
आरोही: क्या हुआ क्यों भाग रहे हो..
मई: मेरे माल पर सब नजर दाल रहे है और तुम पूछ रही हो क्या hua...kehte हुए मई आरोही का हाथ पकड़ चेंजिंग रूम की तरफ ले जाने लगा.
आरोही: ओह्ह आप मेरी ड्रेस की बात कर रहे है.
मई: तुमने कुछ पहना भी है जो इसे ड्रेस कह रही ho...Ghar पर कितनी संस्कारी दिख रही थी..
मई: आप भी na..okay बाबा आप रुको मई चेंज करके अति हों..
आरोही चली गयी कुछ देर बाद आयी ...अब उसने शार्ट पेहेन लिया था.
धुप में वो खिल रही थी.
आरोही: अब ठीक हों.
मई: हम्म्म... पगली मेरी जान hi निकल दी थी..
आरोही: आप कुछ ज्यादा hi पोस्सेसिवे है.
मई: कैसे नहीं रहूँगा जान हो तुम मेरी.
चलते हुए हम दोनों बीच पर ए..
आरोही: आओ वोट से सर्फिंग करे.
मई: मुझे चलनी नहीं अति..
आरोही: मुझे तो अति है और आपको भी सिखाऊंगी..
मई: एक दिन में कितने शॉक डौगी..
आरोही: ये वाला आखिरी है हेठे..
मई: तुम भी na...mujhe सब बताना अपने बारे में..
*******
काफी देर तक हम दोनों समुन्दर में वोट का मजा लेने के बाद वापस तात पर aye..aarohi ने एक hi दिन में मुझे ड्राइविंग सीखा दी थी..
रात में डिनर करके मई और आरोही अपने रूम में ए..
रूम में एते hi मई आरोही पर टूट पड़ा....
2 दिन ऐसे hi निकल Gaye...ham दोनों बीच पर खूब एन्जॉय करते और रात में जमकर सेक्स....
तीसरे दिन मई उठा तो देखा आरोही मेरे बराबर में नहीं hai...Main रूम में चेक करके बहार आया...
बहार कैफ़े में एक लेडी के साथ मुझे आरोही बैठी दिखी...
उसे देख मेरी जान में जान आयी...
चलता हुआ मई आरोही के पास आया..
मुझे पास देख आरोही और वो लेडी दोनों चुप हो गए..
मई: बिना बताये यहाँ क्यों आगयी मेरी तो जान hi निकल गयी थी..
आरोही: सलिल ये मेरी मम्मी है..
मई उस लेडी को कोई रेंडम औरत समझा tha..aarohi से उसका रिश्ता जानकर मैंने उनके पेअर छुए..
औरत: it's okay डिअर don't दो आईटी..
आरोही: मम्मी ये मेरे हस्बैंड है salil..baitho na..aarohi के कहने पर मई उनके पास hi बैठ गया..
मम्मी: सो क्यूट डिअर..
मई: माँ जी सॉरी मम्मी.. आंटी के मॉडर्न पनवे को देख मई हड़बड़ा गया समझ में नहीं ारः था उन्हें माँ जी कहु या मम्मी..
आरोही: आप कुछ भी बुला सकते है.
मई: आउंट आप यहाँ कैसे अंकल और आपके बिच क्या हुआ था जो ऐसे अलग हो गए..
आरोही: मम्मी का यहाँ एक बीच रिसोर्ट है... रहती भी यही है..
मई: कपूर अंकल से क्यों अलग हुई aap..kya अपने दूसरी शादी कर Li..plz don't मंद मम्मी जी..
Aunty:...ye एक लम्बी कहानी hai...chhoro beta..purane झख्म कुरेद कर सिर्फ तकलीफ hi मिलती है...
मई: कोई बात नहीं आउंट अगर आप नहीं बताना चाहती..
आंटी: फिर कभी bataungi..tum मुझे माँ hi बुलाओ beta..acha लगता है..
मई: जी माँ ..
आरोही: मम्मी चाहती है हम उनके रिसोर्ट में तेरे जब तक यहाँ है..
मई: जो आपको सही लगे..
आरोही: ठीक है मम्मी हम डिनर वही आकर करेंगे..
आंटी: ठीक है beta...acha सलिल बीटा मई चलती हों...
मई: माँ जी एक बात aur...Mai शायद ज्यादा सोचने लगा hon..jo भी है मई मन में नहीं रख sakta...maa जी मई आरोही से अलग होने का सोंचकर hi कैंप जाता hon..mai ये सहन नहीं कर paunga..ki हम अलग हो गए है डाइवोर्स जैसा मेरी डिक्शनरी में कुछ नहीं है ..एक बार जिससे प्यार कर लिया आखरी साँस तक उसके साथ rahunga....aap आरोही को समझा दो मेरे पोस्सेस्सिवे नेचर की वजह से मुझसे अलग न हो वर्ण मई mar..mere आगे बोलने से पहले hi आरोही ने मेरे होंठो पर ऊँगली रख di.maine इंदिरेक्ट्ली अपनी बेचैनी का इज़हार कर दिया था.
आरोही: पिटाई कर दूंगी आगे कुछ कहा to...kehte हुए आरोही मुझे हुग कर लेती hai..fir प्यार से मेरी पीठ सहलाने लगती है.
मई: जितनी चाहे कर लेना बूत हमेशा साथ रहना..
अलग होकर आरोही मेरी नाम आँखों से आंसू साफ़ करती है फिर मेरे फ़ोरेहेअद को चूम लेती है...
आंटी: सलिल का ख्याल रखना beti...tumhara हम सफर साफ़ दिल का कभी दिल न दुखाना..
मई: बेफिक्र रहे मम्मी...
आंटी चली गयी उसी दिन हम दोनों आंटी के बीच पर आगये...
आंटी ने हमें अपने रिसोर्ट का सबसे बेहतरीन रूम दिया था..
4 दिन से लगातार मई आरोही को एक लड़की से बात करता देख रहा था..
लड़की देख मैंने इग्नोर कर दिया ...
एक दिन मई और आरोही बीच पर लेते धुप सेक रहे थे तभी वो लड़की मेरे बराबर वाली टेबल पर आकर बैठ गयी...
मैंने करीब से लड़की को गौर से देखा तो ऐसा लगा जैसे मई इसे पहले भी देख चूका हों लेकिन मुझे याद नहीं आ रहा था...
लड़की: hi I'm purvi.wo मेरी तरफ हाथ से इशारा करते हुए बोली..
पूर्वी देखने में बेहद आकर्षक थी अभी वो बस ब्रा पंतय में मेरे पास लेती थी..
मई: hi...aarohi..tum शायद जानती हो मिस को..
अगले hi पल मैंने आरोही को आवाज लगा दी.
आरोही: हम्म hi पूर्वी..
पूर्वी: येह हम फ्रेंड्स hai..but नाउ मई आपसे फ्रेंडशिप करने आयी हों..
मई: मेरी जान की फ्रेंड मेरी भी फ्रेंड है ...सो इसमें इतना झिझकना क्या..
पूर्वी: येह correct...Mai भी इस सब को पसंद नहीं karti..your गुड नाम इस सलिल न..
मई: hmm..maine सोंचा उसे मेरा नाम आरोही ने बताया होगा...
पूर्वी: मई यहाँ अपने हस्बैंड के साथ आयी हों आपकी तरह एन्जॉय karne..kehte हुए पूर्वी अपने होंठ काट लेती hai...aesa रिएक्शन आरोही मुझे सेक्स के टाइम देती थी..
आरोही: जान मई अभी ayi...uthkar आरोही चली गयी
मई,: जल्दी ana..Maine पीछे से आवाज दी.
पूर्वी: वो सामने बैठे है वही है...
मई: हम्म बुला लो यहाँ और एन्जॉय करो साथ में..
पूर्वी: बुला lungi...well मई जानने आयी थी तुम्हारी कोई फंतासी है सेक्स को लेकर जिसे तुम फुलफिल करना चाहो विथ partner..Maine उसे ऊँगली दी तो उसने हाथ hi पकड़ लिया था.
मन तो हुआ की उसे कह डॉन मई पोर्न एडिक्ट हों सब पोज़ जनता हों सेक्स ke..aarohi को ये न बता दे इसलिए नहीं खा..
मई: no हमारी कोई ऐसी फंतासी नहीं hai..ham दोनों खुश hai..aur न मई इस बारे में कोई बात करना चाहता हों..
पूर्वी: okay fine...look ात में कैसी लग रही हों मई..
वो अपने बूब्स और पुसी की तरफ इशारा करते हुए बोली..
अगले hi पल उसने अपनी पुसी पर हाथ फेर दिया...
पूर्वी: अगर तुम चाहो तो हम दोनों भी एन्जॉय कर सकते है..
मई: तुम्हे आरोही ने मेरा टेस्ट लेने के लिए भेजा है na...aane दो उसे फिर उसके बल खीचूंगा..
पूर्वी: no मई तुम्हे hi अप्प्रोचे करने आयी hon..tum मेरे साथ और मेरे हस्बैंड तुम्हारी वाइफ के sath..bhut मजा आएगा....
चटकककक.
उसकी बात सुनते hi मेरा हाथ घुमा और उसके मुँह पर चाप गया...
मई: रंडी तूने अपने नाले हस्बैंड की तरह समझा है mujhe..kaat डालूंगा अगर मेरी वाइफ के पास नज़र भी आयी तू..
पूर्वी: तुम्हारी वाइफ नहीं तो सिर्फ तुम और मई..
चटककक..
अगले hi मेरा एक और थप्पड़ उसके गाल पर चाप गया..
मई: निकल इधर se...nhi तो इस बीच से hi बहार फिकवा दूंगा तुझे...
पूर्वी: hahahhahaha...aarohi ाजाओ मन गए सलिल जीजू सच में असली मर्द hai..mai हर गयी हों.
मई कुछ न समझते हुए उसे घूरने लगा की इतने में आरोही कैफ़े के पीछे से निकल कर मेरे पास आयी..
आरोही: सॉरी जान मई आपका टेस्ट ले रही thi...ye मेरी hi फ्रेंड है.
पूर्वी: तुम्हारे टेस्ट की वजह से मुझे 2 थप्पड़ खाने पर गए..
आरोही: सॉरी यार...
दोनों की बातें सुनकर मेरा दिमाग चकराने लगा...
मई: ये कैसा टेस्ट है हहहहह aarohi..tumhe मेरे प्यार मेरी लॉयल्टी पर भरोसा nahi...gusse से मेरे दन्त बज रहे थे...
मई : जिस रिश्ते में भरोसा न हो वो रिश्ता hi नहीं रहता आरोही...
आरोही: सॉरी जान प्लीज शांत हो jao...kehte हुए आरोही मेरे गले लग गयी...
आरोही: जान ये मेरी बहुत पुराणी फ्रेंड hai..achanak से यहाँ इससे मुलाकात हो gayi...apke बारे में बताया तो इसने मुझे चैलेंज किया कहा आप इसके हुस्न के जाल में सभी मर्दो की तरह फास jaoge..ise अपनी खूबसूरती पर बहुत घमंड था उसी को तोरने के लिए मायने ये नाटक kiya...mai जानती थी मई जीतूंगी क्योकि मुझे आपके प्यार पर पूरा भरोसा था..
आरोही की बात सुनकर मेरी हालत सम्भली और मैंने उसके सर को चुम लिया.
पूर्वी: सॉरी salil...mai ऐसी वैसी नहीं हों बस आपको आजमाने के लिए गेम kheli...aarohi आज का डिनर मेरी तरफ से तुम दोनों के लिए विथ योर फवौरीते wine..time पर ajana...kehte हुए पूर्वी चली गयी..
आरोही: चलेंगे आप जान..
मई: तुम जाना चाहती हो तो chalunga...hmmm अगर इसने ऐसी वैसी हरकत की तो वही मरूंगा..
आरोही: जान वो वैसी नहीं है बस मज़ाक था वो...
रात में हम दोनों पूर्वी के पास ए..
उसने पहले से hi अचे से सेटिंग करा कर राखी थी...
मई: तुम्हारे हस्बैंड कहा Gaye...mai मिल नहीं पाया था उस समय.
मैंने पूर्वी के हस्बैंड की दोपहर में पीठ hi देखि thi.isliye उससे मिलने के लिए पूछ लिए..
पूर्वी: उन्हें कुछ काम था तो वो चले गए..
मई: कहा से हो वैसे तुम पूर्वी..
पूर्वी: यही गोवा से हों बूत काफी टाइम पहले बंगलोरे शिफ्ट हो गई थी..
आरोही: बहुत हुई बातें ..मेरे पेट में चूहे कूद रहे है पूर्वी..
पूर्वी: हे डिशेस rakho..table के पास डिशेस थामे वेटर्स से पूर्वी ने कहा...
आर्डर सुनते hi वेटर सर्वे करने लगते है...
डिनर करके हम दोनों रूम में aye...pi कर आरोही वाइल्ड हो गयी थी..
रूम में एते hi वो किसी भुकी शेरनी की तरह मुझ पर टूट पड़ी..
कभी मेरे निप्पल्स को कटती तो कभी मेरे लैंड को दबा देती..
साडी रात प्यार करके हम सो गए..
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हमें ए हुए 15 दिन हो गए थे ट्रिप ख़त्म हो चूका tha...lekin आरोही की मम्मी ने हमें कुछ दिन के लिए और रोक लिया tha...unka नाम सुहासिनी था सही नाम से उनका रिसोर्ट था...
आंटी के साथ लंच करके मई आरोही कैफ़े में आकर बैठ गए..
आरोही ने हुक्का मंगवाया और उसका पाइप अपने लिप्स से लगा लिया..
कैफ़े में सिर्फ आरोही नहीं और भी लोग थे देसी विदेशी जो हुक्का पि रहे थे.
आरोही: पीना hai.wo होंठो से चले निकलते हुए बोली.
मई: जितना तुम्हे जनता जाता हों लगता है काम hai..tum अनोखी हो jaan..kehte हुए मैंने हुक्के की पाइप लेकर होंठो से लगा ली...
आरोही: हाहाहा ऐसा कुछ नहीं है बस खुलकर जीना पसंद करती हों.
मई: ऐसे hi रहना jungli...pyari लगती हो..
टिंग टिंग ting...phone बजने पर मैंने हुक्का आरोही को दे दिया और कॉल रिसीव की..
मई: हम्म hi दी कैसी हो आप..
अनुसुइया: आये क्यों नहीं.
आरोही: अनुसुइया hai..Maine आँखों से इशारा किया.
आरोही: मम्मी के बारे में मत बताना.
मई: दी हम लोगो का प्लान बना तो एक दो दिन के लिए और रुक गए..
अनुसुइया: कॉल तो करना था सलिल..
मई: सोंचा था आपको रात में कॉल karunga...but अपने hi कर दिया.
अनुसुइया : ाचा कोई बात नहीं अचे से एन्जॉय करना पैसो की ज़रूरत तो नहीं है..
मई: नहीं दी है काफी..
अनुसुइया: bye टेक केयर..
मैंने भी bye बोलकर कॉल कट कर दी..
मई: क्यों मन किया माजी के बारे में दी को बताने से.
आरोही: जान आपकी दी पिता जी को बता देती बस इसलिए..
मई: hmm..vaise क्यों दोनों में डाइवोर्स हुआ था..
आरोही: जान मम्मी ने भी मुझे कभी नहीं बताया इस बारे me...dono की पर्सनल लाइफ है सो मैंने भी उन्हें कभी फाॅर्स नहीं किया..
मई: जान कभी मेरे साथ ऐसा मत करना कभी गलती करू तो लरना झगरना नाराज़ हो जाना लेकिन छोर कर न जाना..
आरोही: मेरे सेंटी हीरो आप खुद भी जाओगे तब भी भागने नहीं dungi..if I'm ा फिश थान यू अरे माय से..
मई: ी लव यू जान..
आरोही: सो स्वीट ऑफ़ यू.
मई: वो रोहित कोण hai..album वाला.
मेरे सवाल से ाररोहि चुप हो gayi.uske चहेरे पर न पसन्दीदगी agayi..hukka रख उसने ड्रिंक की बोतल होंठो से लगा ली..
मई: अगर नहीं बताना चाहती सो it's okay..bas mujhe..aage मुझसे कुछ नहीं कहा Gaya...aarohi की ख़ामोशी दिल में तीस बन कर उठ रही थी..
आरोही: वो मेरा पास्ट था जस्ट ा कॉमन फ्रेंड एंड nothing...now he's मैरिड एंड I'm too..you क्नोव what..mujhe शक्की मर्दो से नफरत है..
मई: अपने बता दिया मैंने मान ोिया नाउ it's ओवर इसमें इतना गुस्सा करने वाली क्या बात hai..naraz होकर मई कैफ़े से बहार निकल गया..
चलता हुआ मई समुन्दर की उठती लेहरो को देखने लगा..
मई: इतनी छोटी सी बात को इतने गुस्से में क्यों कहा usne.mai खुद में बुदबुदाया...
मई: शायद मेरी hi गलती है मुझे पूछना hi नहीं चाहिए था.. कितना प्यार करती है मेरी जान मुझे और मई उस पर शक कर रहा हों chhi..aarohi को याद करके मेरे होंठो पर स्माइल फ़ैल गयी...
हे डार्लिंग सुनीता के...
एक नीग्रो की आवाज़ पर मेरा ध्यान उसकी तरफ gaya..wo टेंट के निचे बिकनी में लेती इंडियन गर्ल को बुला रहा था..
मई : कही ये वही सुनीता तो नहीं..
सोंचता हुआ मई उसके पास आया..
मई : एक्सक्यूज़ में ...Sunita..from राजस्थान..
सुनीता: हु अरे यू हाउ यू क्नोव me..Sunita देखने में बेहद सेक्सी थी..
उसके साल से कन्फर्म हो गया ये वही है ..जिस रिसोर्ट में मई पहले ठहरा था वहां एक आदमी इसका नाम लेते हुए पि रहा था...
मई : बस एक Indian..if यू don't मंद क्या मई जान सकता हों तुमने अपने हस्बैंड को क्यों छोरा..
सुनीता : mr.none ऑफ़ योर बिज़नेस.
मई : I'm सॉरी िफ़ ी हर्ट यू.. एक्चुअली मई भी मैरिड हों हनीमून के लिए अपनी वाइफ के साथ आया hon..mai एक मर्द का दर्द समझ सकता हों मिस ..तुम्हारी जगह अपनी वाइफ को रखकर देखूं तो जान जाती महसूस होती hai..as ा इंडियन बस जानना छटा हों अपने क्यों धोका Diya...wo देवदास बन गया है तुम्हारे liye...fir मैंने सुनीता को उसके हस्बैंड से कैसे मुलाकात हुई उस बारे में बता दिया.
सुनीता: तुम्हारे बोलने का तरीका मुझे ाचा लगा इसलिए बता देती hon..so मर.
मई: salil..salil नाम है Mera.so कोण है वो.
सुनीता: हम्म तो सलिल जिसे तुमने वहां देखा उसका नाम विष्णु राजपूत hai..army अफसर है काफी रिच फॅमिली से बिलोंग करता है.. एक्चुअली वो मुझे सटिस्फी नहीं कर पता था... इसलिए मैंने उसे छोड़ दिया..
Mai:shadi दो दिलो का बंधन है इसमें हवस का तो नामो निशान hi nhi..miss अभी भी कुछ नहीं बिगड़ा आप चाहे तो मई आपका पचुप आपके हस्बैंड से करा दूंगा.
सुनीता: तुमने वजह पूछी मैंने बता di..now यू कैन go..one मोरे थिंग.. अपनी वाइफ का ख्याल रखना अगर उसे सेटिसफी नहीं कर पाए तो वो तुम्हे छोर degi..agar उससे प्यार है तो कुक बन जाना वो भी खुश रहेगी और तुम भी..
सुनीता की बात सुन मन तो हुआ उसके मुँह पर लफा मरू लेकिन मैंने खुद को शांत रखा..
मई: भारतीय नारी होकर तुम ऐसा करोगी.
सुनीता: ओह्ह शट up..ye फिल्मी दिलओगे यहाँ न Maro..jo हीरोइन ये डायलाग फिल्मो में कहती है उनकी रियल लाइफ देखि है तुमने kabhi..kapro से ज्यादा मर्द बदलती hai..mai तो बस एक के hi साथ hon..now यू कैन जो..
उसकी बातों में सच्चाई थी इसलिए चुप चाप मई वहां से हैट Gaya..vaise भी मई फिल्म एडिक्ट था फ़ोन न होने पर डिश पर फिल्मे hi देखता था..
मुझे गुस्सा तो आरहा था सुनीता पर लेकिन मैंने कोशिश की किसी का घर बसने की बस ये सोंचकर दिल शांत था..
मेरे जाते hi दूसरी लड़की पर डोरे डालने Lage..aarohi मेरे बल खींचते हुए बोली..
आरोही: गंजी कर दूंगी तो कोई तुम्हे देखेगी भी नहीं.
मई: तुम्हे लगता है जिसके पास इतनी हसीं बीवी हो वो किसी और के पास jayega..hath पकड़ कर मैंने आरोही को अपनी गॉड में बिठा लिया..
आरोही: कोण थी वो..
मई: चोरो उस साली को..
आरोही: नाराज़ क्यों हो गए इतनी छोटी सी बात पर..
मई: सॉरी बाबा अब जो houn..kambakht दिमाग की बातों में आगया था..
आरोही: और दिल क्या कहता है आपका..
मई: यही की मेरी जान सिर्फ मेरी है..
मेरे कहने पर उसने घूमकर मेरे होंठो पर अपने होंठ रख लिए.....
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3 दिन और रहकर 18 अक्टूबर को हम लोग बंगलोरे आगये..
घर ए तो घर पर कोई नहीं tha...Sona दी के hi साथ थी..
सोना और दी के बगैर घर काटने को दौड़ रहा था..
बंद रहने से घर में धूल मिटटी जैम गयी थी...
आते hi हम दोनों ने पूरा दिन घर की साफ़ सफाई में लगा दिया..
रात को हम दोनों ने पूरी रात प्यार किया और अगले दिन दोपहर में उठे..
उठकर मने आरोही के गलो को चूमा और वाशरूम में आया..
तैयार होकर मई किचन में घुस गया..
आरोही के लिए ब्रेकफास्ट बना कर मई उसके पास आया..
मई: जान उठ भी jao..hame जाना भी है पार्टी में..
एक बेहद कामुक अंगड़ाई लेकर आरोही uthi..zalim ऊपर से सिर्फ ब्रा में थी जो मेरे दिल की धड़कन बढ़ा रही थी...
आरोही: अपने क्यों बनाया मुझे जगा लेते..
मई: तुम्हारे लिए करना मुझे ाचा लगता hai..chalo मुँह खोलो..
दोसे का निवाला बना कर मई उसे खिलने लगा..
मई: कैसा लगा..
Aarohi:;so टेस्टी jaan...cooking अति है आपको
मई: नू कभी कभी झमेला की हेल्प करता था उसका खाना बनाने में कभी सोना फ़ूड ब्लॉग बनती तो शूट करते हुए सिख गया.
आरोही: वैरी टैलेंटेड हेठे.
मई: चलो जल्दी से त्यार हो जाओ हमें पार्टी में भी चलना hai..Maine खिलते हुए कहा.
खा कर आरोही वाशरूम में घुस गयी...
जब वो नाहा कर आयी तो मई घुस गया...
मई: जान towel...Maine अंदर से hi आवाज दी..
आरोही जैसे hi टॉवल लेकर आयी मैंने उसे अंदड़ खींच लिया...
आरोही: क्या कर रहे हो चोरो अभी तो नाहा कर आयी हों..
मई: तुमसे दिल नहीं भरता मेरी Jaan..kehte हुए मैंने आरोही की टॉवल खोल दी...
1 ऑवर वाशरूम में कबड्डी खेलकर हम दोनों बहार निकले..
फिर शाम को तैयार होकर दी की कार से उनकी ससुराल के लिए चल दिए....
ड्राइव आरोही hi कार रही थी...
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पार्टी में जब हम ए तो हमारा सामना बहुत सरे दी और जीजू के गेस्ट से हुआ...
पार्टी बेहद hi शानदार थी जीजू का घर भी हमारे घर से ज्यादा लुक्सुरिओउस tha.Guests हाथो में जाम उठाये कुछ घर के अंदर कुछ बहार घूम फिर रहे थे..
जब हम अंदर ए तो सभी आरोही को घुर्र घूरे कर देख रहे थे ये देख मैंने आरोही का हाथ पकड़ liya...uska मिल्की रंग रौशनी में चमक रहा था.
दी मुझे अंदर hi जीजू के साथ कड़ी दिख गयी..
हमें देखकर दी हाथ हिलाते हुए हमारे पास आयी..
पास आकर दी ने मुझे हुग करके चूमा फिर आरोही को हुग किया..
अनुसुइया: कैसा रहा ट्रिप.
मई: ाचा था di..Sona कहा है..
आपके piche..di के जवाब देने से पहले hi मुझे सोना की आवाज आयी.
वो केक के पास कड़ी शूट कर रही थी..
मैंने पास जाकर उसे हुग किया.
सोना: बड़ा प्यार आ रहा hai.hihihi..reh नहीं पाए मेरे बिना.
मई : है सोना बहुत याद आयी 20 दिन तेरी पिटाई किये बिना मई कैसे रहा ये मई hi जनता हों अब आगया हों तो साडी कसार निकल लूंगा.
सोना: salil....gusse में सोना मेरी गर्दन में दन्त गाड़ते हुए मुझे मरने लगती है..
मई: दी बचाओ नहीं तो ये बांदरीअ मुझे कच्चा hi खा jayegi..sabko इग्नोर किये हम दोनों भाई बहन अपनी मस्ती में थे.
अनुसूया: सोना छोरो उसे.
सोना: दी ने बचा लिया वर्ण कच्चा खा jati..wo छोड़ते हुए बोली.
अनुसईया: सोना आ भी जाओ..
सोना: भाभी आओ आपको सभी गेस्ट से मिलती हों..
आरोही को लिए सोना चली गयी दी मेरे पास आकर कड़ी हो गयी...
अनुसुइया: तुम बारे हो चुके हो और शादी शुदा भी कब तक ऐसे मस्ती मजाक में लाइफ guzaroge..na प्लेस देखते हो न कुछ और बस शुरू हो जाते ho..di के शब्दों से मेरा फेस उतर गया और आँखों में आंसू आगये..
मई: कल जाऊंगा न दी इंटरव्यू के लिए.
अनुसुइया: बात ये नहीं है मई चाहती हों तुम मातुरे बनो अपना ख्याल रखना सीखो..
मई: आप हो न मेरे पास.
अनुसुइया: salil..mai चाहती हों तुम आगे बढ़ो आरोही का ख्याल रखो उसे एक अछि ज़िन्दगी do...meri अपनी भी लाइफ hai..mai और अभी बेबी प्लान कर रहे है ..समझ रहे हो न मेरी बात.. इसलिए कह रही हों ीफ़े में कुछ करो..
मई,: है ठीक है समझ Gaya...vaise ये केक इतना बड़ा क्यों है..
अनुसुइया,,: हद है salil..mai तुमसे इतनी इम्पोर्टेन्ट बात कर रही हों और तुम केक का साइज देख रहे हो..
मई: पूछ hi तो रहा हों दी इसमें इतना गुस्सा होने वाली क्या बात है..
बिना कुछ कहे दी मेरे पास से चली गयी...
हे सलिल.. के
मैंने घूम कर देखा आवाज वैष्णो की थी जो मुझे अपनी तरफ बुला रही थी..
चलता हुआ मई उसके पास आया..
वैष्णो: कॉंग्रट्स फॉर योर मैरिज.
मई: थैंक्स वैष्णो.
वैष्णो: तुम धोकेबाज़ हो धोका दिया है तुमने मुझे.
मई,: ऐ पागल क्या बक रही hai..bhul गयी क्या हुआ था..
दी की शादी के बाद मेरी वैष्णो से फ्रेंडशिप हुई उस समय मई अपने एडिक्शन से लड़ रहा tha..dono में प्यार हुआ फिर इसने मुझे सेक्स करने के लिए इंसिस्ट Kiya..lekin कई बार कोशिश करने के बाद भी जब मेरा चुहिया खड़ा नहीं हुआ तो वैष्णो ने मुझे छोर Diya..jiska मुझे भी फर्क नहीं pada..mai उदास था सिर्फ अपने ेररक्शन के लिए..
वैष्णो: ाचा sorry..tumhara चुहिया खड़ा हुआ की नहीं.. हेठे
मई: बुलाऊँ अभी जीजू को..
कहता हुआ मई आगे बढ़ गया...
एक ड्रिंक सर्वे करने वाले से मैंने जूस लिया और पिने लगा..
क्या मस्त है अनुसुइया..
वो hi नहीं उसकी छोटी बहन सोना वो तो पूरी कच्ची काली hai.masalne में मजा आएगा..
अपने पास आ रही आवाजों की तरफ मैंने ध्यान दिया तो 2 बेहद hi अमीर दीखने वाले मिडिल आगे के आदमी ड्रिंक करते हुए मेरी hi बहनो के बारे में बातें कर रहे थे...
उनकी बातें सुनकर मेरा दिमाग गुस्से से फटने लगा..
स्कर्ट देखो गुप्ता जी अनु की मम्मी फाड़कर बहार आने को उतावले हो रहे है...
गुप्ता : इतने बड़े बड़े मम्मी है साली के हाथो में भी नहीं एते..
कुत्ते के pille...chikhte हुए मैंने अपना जूस उन दोनों के मुँह पर फेक कर मारा..
मई: सेल तेरी हिम्मत कैसे हुई मेरी बहेनो के बारे में ऐसी बात करने ki...gusse में मई उसकी तरफ बढ़ा और उसका कलर पकड़ कर उसके मुँह पर एक ज़ोरदार मुक्का धार दिया..
गुप्ता: मादरचोद..
गली देते हुए उसने मेरा दूसरा मुक्का पकड़ liya..fir मेरे हाथ को घुमाकर टेड़ा कर दिया...
मई: aaaaa...sale..jhukte हुए मैंने अपने पेअर की ठोकर गुप्ता की एड़ी पर मरी जिससे उसकी पकड़ कमज़ोर हुई अगले hi pal...Mane एक लात दूसरे वाले की कमर पर रसीद कर दी...
क्या बेहूदगी है ये .
गुप्ता जी आप ठीक है..
महरा साहब आप ठीक है...
बहुत से गेस्ट हमारे पास आकर उन दोनों का हलचल पूछते हुए उन्हें उठाने लगे..
पागल लड़के तुझे पता भी है ये कोण hai..ye स्टेट के सबसे बड़े बिल्डर
चटककक ..मेरे थप्पड़ से गुप्ता के हिमायती का मुँह बंद हो गया..
मई: तू क्या इसका दलाल है सेल हैट सामने se...dhaklta हुआ जब मई फिर से गुप्ता और महरा की तरफ बढ़ा तो बहुत से गेस्ट्स ने लड़ाई छुड़ाने के लिए मुझे पकड़ लिया..
लड़के छोरो ऐसे किसी की पार्टी ख़राब नहीं karte..aek बिच में एते हुए बोलै.
सेल तूने मुझे mara...Gupta का दलाल झल्लाते हुए बोलै...
कमिश्नर पर हाथ उठा कर तूने बहुत बड़ी गलती की है...
जिसे मई दलाल समझ रहा था वो स्टेट कमिश्नर निकला ये जानकर मेरा गाला सुख gya..lekin बहन की इंसल्ट का गुस्सा मुझ पर हावी था इसलिए मेरे रुकने का सवाल hi नहीं उठता था..
मई: हैट जाओ सर सामने से इसने मेरी बहन को गली दी hai..ae चोरो सब मुझे...
गुप्ता: तेरी बहन के कपडे जितने मैंने उतरे है उतने तो उसके हस्बैंड ने भी नहीं उतरे होंगे..
कुत्त्तीीे..
गुस्से में मई मुझे पकडे लोगो के मुँह पर कोहनी मरते हुए गुप्ता की तरफ बढ़ा...
पास आकर मैंने उछलकर अपना माथा गुप्ता के सर पर दे mara...badle में गुप्ता ने मेरे पेट में घुसा..
क्या हो रहा है wahan..hato सामने से..
गुप्ता का घुसा लगने से मई गिर गया था मेरे गिरते hi कमिश्नर और महरा मुझ पर लेट बरसाने लगे..
कमिश्नर की लात पकड़ कर मैंने उसे खिंचा जिससे वो गिरा और मई खड़ा हुआ..
खड़े होते hi मैंने एक ज़ोरदार लात महरा के पेट पर रसीद कर दी...
सलिल रुको... जैसे hi मई गुप्ता की तरफ बढ़ा दी की आवाज aayi..pass आकर उन्होंने मेरा हाथ पकड़ लिया..
अनुसुइया: क्या हुआ है यहाँ पर.
गुप्ता: यही पागल हमसे आकर उलझा है पहले इसने मुझ पर और महरा पर ड्रिंक डाली फिर हमसे मर पीट करने लगा..
मई: झूट बोल रहा है ये di..isne आपको और सोना को गली di..sale तेरी to..Marne के लिए जैस hi मई गुप्ता की तरफ बढ़ा दी ने मेरा हाथ खींच लिया...
अनुसुइया: स्टोप्पड़ salil..and यू गेट आउट फ्रॉम माय पार्टी..
गुप्ता: ऐसी हजारो पार्टीज की है मैंने...
अनुसुइया : गेट लॉस्ट.
पेअर पटकते हुए गुप्ता बहार को जाने लगा..
महरा : I'm सॉरी मुझे पता नहीं था तुम अनुसुइया के भाई ho..us गुप्ता की बातों में मई आगया tha..I'm रियली सॉरी सोन..
महरा की छुपलुसि पर मैंने उसे गुस्से में घुरा तो उसने सर निचे कर liya...usne खुद hi माफ़ी मांग ली तो मैमे भी बात बढ़ा कर दी की पार्टी ख़राब करने से गुरेज किया.
कमिश्नर कुछ कहे बिना आगे बढ़ गया...
अनुसुइया: सॉरी friends...ab यहाँ कोई झगड़ा नहीं होगा आप सब एन्जॉय kare...hey वेटर्स सबको ड्रिंक्स सर्ब करो..
दी माहौल खुश गवर बनाते हुए बोली..
अनुसुइया : तुम मेरे साथ आओ...
हाथ से खचेडे हुए दी केक के पीछे बने रूम में मुझे ले गयी..
हमारे पीछे hi सोना भी रूम में आगयी..
अनुसुइया: क्या हुआ था क्यों लड़ाई की उनसे...
मई: वो आपके और सोना के बारे में बकवास कर रहे they..kaise सुन लेता मई...
सोना : तुम ठीक हो सलिल .
अनुसुइया: सलिल हम सबके मुँह बंद नहीं कर सकते ...मई कैसी हों मटर ये करता गर्ल्स के लिए ऐसी बातें सुन्ना आम है.
मई : मेरे सामने कोई आपके और सोना के लिए कुछ कहेगा तो काट डालूंगा उसे..
अनुसुइया: शट उप salil...tum ऐसा कुछ नहीं karoge..pata है ये कितने पावरफुल लोग है..
मई : फर्क नहीं पड़ता दी ये कोण है .. एक बात बताये ऐसे घटिया लोगो से अपने और जीजू ने दोस्ती hi क्यों की .
अनुसुइया: सलिल इसीलिए तो तमसे कहती हों मातुरे bano...is वर्ल्ड में सर्वाइव करने के लिए कॉन्टेक्ट बनाना कितना इम्पोर्टेन्ट hai..akhiri बार समझा रही hon..kisi से झगड़ा नहीं करोगे कोई कुछ कहता है तो सीधे मुझे बताओगे ..
मई: सोना दी के साथ जा और ड्रेस चेंज करके आ apni..di आप भी कोई दूसरी ड्रेस पहन कर आना.
दी की लॉन्ग स्कर्ट थी जो उनके घुटने तक आ रही थी सोना की स्कर्ट जिसमे उसकी थिंग्स दिख रही थी..
उन लोगो की बातों से मैंने गौर किया दोनों ने hi बहुत बोल्ड ड्रेसेस पहनी है...
सोना: क्यों इसमें क्या खराबी है सलिल..
अनुसुइया: शट उप सलिल आरोही अकेली है उसके पास जाओ..
मई: सोना बहस करेगी तो मार khayegi..keh रहा हों न चेंज करके aa..aur अनु दी आप भी..
सोना: मई नहीं कर रही..
मई: मुझे गुस्सा मत दिला सोना..
अनुसुइया: सलिल बहार जाओ..
मई: सोना तूने सुना नहीं..
सोना: ये 15क की है मई इसे नहीं उतरने वाली..
चटककक...
मई: चुप चाप चेंज करके आ.
मेरे एक hi थप्पड़ से सोना की रुलाई छूट गयी.
चटककककक.
अगले hi पल दी का थप्पड़ मेरे गाल पर पड़ा..
नाम आंखे लिए मई दी को देखने लगा..
सोना : तूने मुझे मारा ी हेट यू salil..nhi करुँगी जो करना है कर le.di जब भी इसका मन होता है मुझे मरता hai..kehte हुए सोना फुट फुट कर रोने लगी...
अनुसुइया: आरोही को लेकर खाना खाओ और घर jao..tumse मई आकर सुबह बात karungi..di दांतो को पीसकर गुस्से में बोली..
गुस्से में मई दी और सोना को घूरते हुए रूम से निकल गया..
गेट पर hi मुझे आरोही मिल गयी.
आरोही: क्या हुआ सलिल इतने गुस्से में क्यों हो..
मई: घर चलो आरोही..
अनुसुइया: सोना मैंने उस पर हाथ uthaya.ohh मैंने ये क्या कर Diya..gate पर खड़े मुझे दी की आवाज आयी..
आरोही: हुआ क्या है पहले ये तो बताये..
बिना जवाब दिए मई आरोही को छोर आगे बढ़ने लगा..
आरोही: मुझसे क्यों गुस्सा हो रहे hai..wo मेरे पास आकर boli..lekin मैंने कोई जवाब नहीं दिया..
सर drink...aek वेटर मेरे सामने ड्रिंक लेट हुए बोलै.
हैट re..hath से उसे पीछे की तरफ धक्का देकर मई आगे बढ़ गया..
आआआ...
धम्म्म्म...
पीछे देखे बिना मई आगे बढ़ गया...
salil...you ब्लडी stupid..di की चीख पर भी मैंने पीछे घूम कर नहीं dekha..aur चलता हुआ हॉल से बाहर आगया...
आरोही: व्हाट थे फ़क ये क्या किया..
कहते हुए लम्बे लम्बे कदम बढाकर आरोही मेरे पास आयी..
आरोही: ये क्या किया अपने..
Mai:kyo क्या हुआ..
आरोही: अनुसुइया दी का सारा केक गिरा दिया अपने.. वेटर को धक्का देकर...
मई: what..meri शॉक में डूबी आवाज निकली..
आरोही: है जान अपने अपनी hi बहन की पार्टी का सत्यानाश कर Diya...ab कहा चले..
मई : सॉरी कहने जा रहा हों..
आरोही : रुको jaan...abhi गुस्से में होगी वो बात बढ़ जाएगी आपके अभी जाने से.
आरोही की बात मुझे ठीक लगी तो मई भी रुक गया..
पार्किंग में आकर आरोही ने कार निकली और मई बैठा..
वहां से सीधा हम घर aye..pure रस्ते मई अपनी hi सोंचो में गम tha...aarohi मुझे दिलसे देती रही लेकिन मैंने कुछ नहीं खा उसे...
आरोही: उदास क्यों हो रहे हो कुछ नहीं hoga..vaise भी मई हों न आपके sath..kehte हुए आरोही मेरे सर को अपने साइन में छुपा लेती है.
मई: बात वो नहीं है आरोही वो मेरी दी है आकर सुबह चार बातें सुनाएगी थोड़ी पिटाई कर देंगी दुःख इसका नहीं ..उनकी पार्टी ख़राब करके मैंने दिल दुखाया है उनका बस इसी बात का ग़म है..
आरोही: जो हुआ उसे बदला नहीं जा sakta..sonch सोंच कर आप भी परेशां न हो..
मई: आरोही तुम जाओ मई कुछ देर अकेला रहना चाहता हों..
आरोही: ाचा ठीक है मई बैडरूम में वेट कर रही हों..
कहते हुए आरोही चली गयी...
कुछ देर बैठने के बाद मैंने जेब से फ़ोन निकला और झमेला को कॉल लगा दी...
कई रिंग के बाद उसने कॉल उठाया...
जजमेला: कोण है सेल जो इतनी रात को परेशां कर रहा है..
मई: अबे मई hon..sigrat नहीं है ले आएगा...
झमेला: रात के 1 बजे तुझे सिगरेट की पड़ी है ..वैसे तू गोवा से कब आया.
मई: कल आया tha..chhor न यार सिगरेट ले आ बहुत मन हो रहा है..
जजमेला: तेरी आवाज को क्या hua..tu उदास है यार.
Mai:lekr आ फिर बताता हों..
झमेला: ठीक है आता हों...
झमेला की बात सुनकर मैंने कॉल कट कर दी...
काफी देर तक मई ऐसे hi बैठे रहा...
कुछ सोंचकर मैंने व्हाट्सप्प खोला सोना का स्टेटस देखा तो वो ऑनलाइन thi...bhut सोंचा कॉल करू फिर ये सोंचकर जाने दिया वो दी से ज्यादा मुझे सुनाएगी और मेरे कानो से खून निकल देगी..
2: 20 पर वेल प्रेस hui..Maine कॉल लगा कर कन्फर्म किया तो बहार झमेला hi था..
जिनसे से उतारकर मैमे दूर खोला और झमेल अंदर आया.
झमेला: सेल सलिल मेरी नींद ख़राब कर दी..
कोण hai..andar से आरोही की आवाज आयी.
मई: कुछ नहीं जान मई हों.
झमेला को लिए मई टॉप पर आया.
मई: चल सिगरेट निकल..
2 सिगरेट जला कर झमेला एक खुद पि लेता है एक मुझे दे देता है.
झमेला: चल अब बता क्या हुआ
मई: क्या बताऊँ yaar..di की पार्टी ख़राब कर di..kehte हुए मैंने सब बता दिया उसे..
झमेला: अनुसुइया दीदी तुझे बहुत प्यार करती है ज्यादा न सोंच लगा डैम मिटा ग़म..
मई: वो बाइक तू hi रख लेना तेरे काम आएगी.
झमेला : अरे याद आया वो संभल गयी है..
मई: यही सो जाना.
झमेला : तुझे क्या लगा था इतनी रात में वापस 2 किलो मीटर का सफर करूँगा..
झमेला की बात सुनकर मैंने धुआं उसके मुँह पर छोर दिया.
मई: तू कुछ कह रहा था उस दिन..
झमेला: हम्म्म कैसे कहु समझ में नहीं आ रहा है और ये टाइम भी सही नहीं है किसी और दिन कहूंगा..
मई: ठीक है.. चल एक और जला..
2 तीन सिगरेट फूक कर मैंने झमेला को गेस्ट रूम में छोरा फिर खुद आकर आरोही के पास आकर लेट गया...
सलिल salil...ae उठ na..subah झमेला की आवाज पर मैंने आंखे खोली..
मई: क्या हुआ क्यों उठा रहा है..
झमेला: अनुसुइया दी आवाज दे रही है तुझे बहुत गुस्से में है wo..jhamela की बात सुन मई हड़बड़ाते हुए उठा.
वाशरूम में आकर मैंने मुँह पर पानी मारा फिर टॉवल से पोछते हुए ..रूम से बहार आया..
दी सोना के साथ बहार hi खरी थी..
मैंने पास जाकर दी के पेअर छूने चाहहए दी ने पेअर पीछे कर लिए...
मई: I'm सॉरी दी वो गुस्से में था तो वेटर को धक्का दे दिया मुझे नहीं पता था वो..
अनुसुइया: अपना सामान पैक करो मेरे घर से निकालो..
दी की बात सुनकर मुझे झटका लगा और मई हैरानी से उन्हें देखने laga...pal भर में मेरी आंखे भीग गयी..
सोना: ये करना ज़रूरी है दी..
अनुसुइया: सोना अब इसे भी दुनिया दरी पता चलनी chahiye..saman पैक करो अपना और माँ के घर जाओ..
मैंने घूम कर आरोही को देखा वो किचन के बहार कड़ी थी..
एक हसरत भरी निगाह मैंने सोना और दी पर Dali...fir अपने कदम वापस मोड़ लिए...
रूम में आकर खली खली आँखों से चारो तरफ राखी मेरी चीज़े देखने laga..Mera कुछ नहीं tha..sab दी का दिया हुआ था..
मेरे आते hi पीछे पीछे आरोही agayi..Bina कुछ कहे वो अपना सामान पैक करने लगी...
मैंने बस अपने सर्टिफिकेट माँ पापा की फोटोज लिए थे सामान में और दी के दिए कपड़े थे मेरे बदन पर...
हम बहार ए तो दी अब भी वही कड़ी थी...
पास आकर मैंने दी के पेअर छुए फिर खड़ा होकर सोना के पास आया..
मई: चल मेरे साथ तेरी हर ख्वाहिश पूरी krunga...na तुझ पर कभी हाथ उठाऊंगा..
सोना शायद जानती थी मई ऐसा नहीं कर सकता इसलिए उसने कोई जवाब नहीं दिया.....
भीगती आँखों से मई आरोही को लेकर रूम से निकल गया...
भाभी ये मुझे do..jhamela ने सामान के बैग्स आरोही के हाथो से ले लिए..
रोड पर आकर उसने एक ऑटो रुकवाया पहले उसने सामान रखा फिर मुझे बिठाया फिर आरोही को लास्ट में खुद ड्राइवर के पास जाकर बैठ गया...
काफी देर खामोश रहने के बाद मैंने खुद को संभाला..
मई: तुम अपने घर चली jao..jahan हम जा रहे है वो छोटा घर है और शायद तुम्हारे लायक नहीं hai..halat ठीक होंगे तो मई तुम्हे लेने ाजुंगा...
आरोही : पल भर में इतना पराया कर दिया अपने हमें jaan...huhhh...apko क्या लगता है मई बस आपके सुखो की साथी hon...mana मेरा लाइफ स्टाइल थोड़ा अलग है लेकिन अब मेरी जान है aap..aarohi की बात सुनकर मेरी आँखों में फिर आंसू आगये..
जिन्हे देख उसने मुझे गले लगा लिया...
आरोही : आप नहीं जानते लेकिन पता जी ने मुझे एक बहुत बड़ा बंगलो गिफ्ट किया hai...whan चलते है.
मई: मुझे क्यों नहीं बताया इस बारे में...
आरोही: आप दौर्य ले hi कहा रहे थे इसलिए पिता जी ने मुझे दिया ये कहकर की समय आने पर तुम्हे बता don..ab चले वहां.
मई: नहीं आरोही मेरा ज़मीर मुझे इजाज़त नहीं दे रहा है ..भरोसा रखो मई तुम्हारा हर सपना पूरा करूँगा..
आरोही: हालत कैसे भी हो हम जीवन भर साथ रहेंगे...
मई: दी और मेरे झगड़े के बारे में अपने घर पर मत बताना प्लीज.
आरोही ने आँखों से हामी भरी...
बचपन के बाद आज पहली बार ये अहसास हो रहा था की मई अनाथ हों..
झमेला : बस यही रोक लो..
ऑटो रुकट्टे hi झमेला उतरा फिर सामान उतरने लगा....
3 साल बाद आज मई फिर सोसाइटी के सामने खड़ा tha..man में उदासी और कई सवाल liye..dar भी था मेरा पास्ट फिर मेरे सामने न अजय.
झमेला : चले....
मैंने हामी भरी और चलते हुए हम तीनो सोसाइटी के अंदर ए..
तुम सलिल हो na..watchman की आवाज पर मई ghuma..ye साला मुझे पहचान गया tha..uski आवाज सुनकर मन में दर बैठ गया कही ये आरोही को मेरे पास्ट के बारे में न बता दे..
झमेला : ये सामान लेकर तू जा मई इसे खर्चा पानी देकर अत हों..
झमेला की बात सुनकर मई मुस्कुरा दिया और सामान उठा कर आरोही को लिए आगे बढ़ गया..
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