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Episode 7
जीप के पास लेकर पुलिस वालो ने मुझे उसमे बिठाया फिर गाड़ी आगे बढ़ा di..Thane लेकर उन्होंने मुझे लॉकअप में बंद कर दिया..
नेक्स्ट कंटिन्यू..
होटल से निकलकर सौम्य अपनी बुक लेकर घर आती है.
घर में उसका बाप सोफे पर बैठा होता है..
कहा से आ रही है..
अपने बाप की आवाज़ सुनकर सौम्य के पेअर रुक जाते है.
कोचिंग से पिता ji..saumya ने डरते हुए कहा..
क्या सीखी अब तक..
सौम्य: ट्रेनिंग कम्पलीट हो गयी अब बस एग्जाम की तैयारी कर रही हों..
ाचा दिखा मुझे क्या पद रही hai..kehte हुए वो सौम्य से बुक मांगता है..
सौम्य डरते हुए बुक कांच की टेबल पर रख देती है..
बुक लेकर सौम्य का बाप उसे अलाट पलट कर देखने लगता है.
तभी सौम्य की बुक से लत्तेर गिरता है..
ये क्या है.
सौम्य: पता नहीं पिता जी ये कैसे आया..
बिना जवाब दिए सौम्य का बाप लत्तेर को उठा कर पढ़ने लगता है.
कुटिआ पड़ही के नाम पर गुल्ल छर्रे उदा रही hai..latter पढ़ते hi सौम्य के बाप ने चिल्लाते हुए कहा.
सौम्य: क्या है पिता जी इसमें मई नहीं जानती ये किसका hai..pata नहीं कैसे आया मेरी बुक में.
लव लत्तेर लिए फिर रही है और कह रही है नहीं janti...bata किसके साथ मुँह कला कर रही है उसके हाथ पेअर काट dunga..saumya का बाप सोफे से उठकर गरजते हुए बोलै.
सौम्य: पिता जी मई सच में नहीं janti..ye कैसे आया..
चटककक..
झूट बोल रही hai..thappar खा कर सौम्य का गाल लाल पढ़ जाता है..
कौशल्या आज से इसका बहार जाना बंद तैयारी करो इसकी शादी की..
सौम्य: पिता जी 10 दिन बाद एग्जाम है मेरा अगर पड़े रुक गयी तो मेरी साडी म्हणत ख़राब हो जाएगी..
मुँह कला करके अब तू मुझे समझाएगी मुझे क्या करना hai..teri तो..
ख़बरदार बैल जो तूने हाथ लगाया to..saumya का बाप फिर सौम्य को मरने hi वाला होता है इतने में उसकी दादी बिच में आजाती है..
माँ तूने hi बिगाड़ा है इसे.
चल ऋ गुड़िया मेरे साथ.
दादी हाथ पकड़ कर सौम्य को अपने साथ ले जाने लगती है.
सौम्य : एग्जाम हो जाने दे दादी तेरे बेटे को लोहे के चने न चौ बाये तो मेरा नाम भी सौम्य नहीं.
चुप जा कलमुही बहुत प्यार करता है मेरा बैल तुझे..
सौम्य : दादी मई शादी नहीं करुँगी..
दादी: बैल अभी गुस्से में है कच दिन रुक जा फिर मई बात करुँगी.
सौम्य का बाप कभी मला हुआ करता था नाम है भल्ला रेडडी.
एक पोलिसवाले ने भल्ला रेडडी को सकाम में पकड़ व दिया था जिस वजह से इन्हे अपनी कुर्सी छोड़नी padi..iske बाद भी गुंडागर्दी इन्होने नहीं छोड़ी..
जिस पुलिस वाले ने इन्हे पकड़ा था उसका नाम है ैप अजय.
लॉकअप में बंद हुए मुझे आधा घंटा हो गया था मैंने कॉल करने के लिए पुलिस वालो को आवाजे दी तो हवलदारों ने दन्त कर चुप रहने का कहा...
थका हरा मई वही पर घुटनो में मुँह छुपाये बैठ गया..
ऐ चल कपडे उतर अपने...
सेल्ल खोल कर 2 हवलदार अंदर आते हुए बोले.
किस लिए और क्यों..
मैंने उठते हुए पूछा..
तेरे लैंड में करंट denge..wo दूसरे हवाल दर के हाथो में पकड़ी मशीन दिखते हुए बोलै.
सर ऐसा मत Karo..ye अंन्याये है..
चटकककक.
मुझे मरते हुए दोनों हवलदारों ने जबरजस्ती मुझे नंगा कर दिया..
हवलदार: अरे तू तो अंदर से भी बड़ा चीखना है.
रट हुए मैंने अपने हाथो से अपने हाथो से अपने प्राइवेट part छुपा लिए..
हवलदार: अरे चिकने हमसे मत छुपा हम उस टाइप के नहीं hai..thanks बोल हमें की हम ए है अगर दसप साहब तेरे कमसिन बदन को देख लेते तो तुझ पर चढ़ गए होते अब तक
उन्हें मर्दो का शौक है हमें नहीं.
उनके सामने अपनी इज़्ज़त खो कर मेरी आंखे चालक पड़ी...
आआ आआ..
2 चूमती मेरे पेनिस में लगा कर हवलदारों ने एक मशीन को ों कर Diya...jisse मुझे 2 तगड़े बिजली के झटके लगे..
चल कपडे पहन le..shock देकर वो चले गए..
मैंने गिरते पढ़ते अपने कपडे पहने..
फिर दिवार से तक लगाए घुटनो में मुँह डालकर रोने लगा....
दुनिया के मेले बहुत है
सुख दुःख झमेले बहुत है
एक तू अकेला नहीं है
जग में अकेले बहुत है
दुनिया के मेले बहुत है
सुख दुःख झमेले बहुत है
पुलिस स्टेशन में रेडिओ पर बज रहे गाने की मुझे आवाज आ रही thi..jise सुन मेरी आँखे और छलकने लगी...
आंसू बड़े कीमती है
इनको ना यु Hi गिराओ
जिनके ये आंसू भी सूखे
उनके लिए मुस्कुराओ..
ये जिंदगी एक फूल है
ठुकरा नहीं ये भूल है
माना अँधेरे बहुत है लेकिन सवेरे बहुत है
एक तू अकेला नहीं है
जग में अकेले बहुत है
दुनिया के मेले बहुत है
सुख दुःख झमेले बहुत है.
आरोही ी हेट यू ...ी हेट you..mai तुम्हे कभी माफ़ नहीं करूँगा.
तुम नहीं रहोगी तो मुझे प्यार कोण करेगी.
जान मई हमेशा आपके साथ रहूंगी...
झूटी dhokebaz..khud में चीखते हुए मई फिर रोने लगा.
दुनिया ने जाने क्यों लूटा
मेरी ख़ुशी का खजाना
किसकी नजर लग गयी जो
बिखरा मेरा आशियाना..
सारा शहर है अजनबी
पतझड़ हुयी ये जिंदगी
पैरो में छाले बहुत है
पर चलने वाले बहुत है
एक तू अकेला नहीं है
जग में अकेले बहुत है
दुनिया के मेले बहुत है
सुख दुःख झमेले बहुत है
एक तू अकेला नहीं है
जग में अकेले बहुत है.
ी हेट यू aarohi..sab याद करके मई फिर रोने लगा...
पता लेकर आओ रे..
मुझे गिरफ्तार करके लेन वाला पोलिसवाले लॉकअप में अंदर एते हुए bola..jiske साथ 4 हवलदार थे.
मई: क्यों कर रहे हो मेरे साथ ये सब ..मैंने क्या बिगाड़ा है तुम सब ka.kehte हुए मेरी रुलाई छूट गयी.
बीटा तेरी कम्प्लेन आयी है महिला मंडल की अध्यक्ष मिस वर्षा अग्गरवाल के द्वारा ...तेरी धुनाई नहीं की तो हमारी नौकरी खतरे में पद jayegi..chal अब अचे बचे की तरह उल्टा इस पर लेट जा..
वो मुझे बेंच पर लेटने का इशारा करते हुए बोलै.
मई: सर मई तो जनता भी नहीं हों इसे ..मेरी पत्नी ने मुझे धोका दिया बस उससे लड़ाई की मैंने.. प्लीज मुझे जाने दो..
ऐ लिटाओ रे इसे..
पोलिसवाले की आवाज सुनकर हवलदार जबरदस्ती मुझे बेंच पर लिटा देते है मेरे हाथ पेअर बेंच पर लगी रस्सी से बांध देते है...
मई: प्लीज मुझे जाने दो ये अंन्याये है... प्लीज aaaaaaa...maaaaaa...maaaaaa...
मई चौखटा चिल्लाता रहा लेकिन पुलिसवालो को रहें नहीं aya..wo मुझे बेदर्दी से मरते रहे..
पीटते पीटते न जाने कब मई बेहोश हो गया था...
जब मुझे होश आया तो आधी रात हो रही थी पुलिस स्टेशन पूरा सुनसान tha..mai टेबल के निचे पड़ा था.
sahab...sahab...ghutno पर रेंगते हुए मई लॉक उप के पास आया..
साहब मुझे कॉल करनी है प्लीज मुझे मेरा फ़ोन दे दो..
तेरे पास कोई फ़ोन नहीं था चल चुप चाप सोने दे.
हवलदार की बात सुन कर मुझे याद आया सुबह जब मई उठा था तो मेरे पास फ़ोन नहीं tha...jise मेरी जेब में होना चाहिए था.
साहब फिर अपने फ़ोन से करा दो please...mai उसकी विनती करते हुए बोलै..
सेल गांड पे डंडे खा कर अकाल ठिकाने नहीं आयी Teri..aaun फिर andar..uski दन्त सुनकर मई चुप हो गया..
मई परसो का भूका प्यासा था भूक और प्यास से मई अधमरा हो गया था..
साहब बहुत भूल लगी है मेरी जेब से पैसे ले लो कुछ खाने को ला दो..
कितने है...
उसकी आवाज पर मैंने अपनी जेब टटोली 6 हजार रुपए होने चाहिए ठये लेकिन सिर्फ 200 थे... मेरा पर्स गयाब था.
200 है सिर्फ पैसे पता नहीं कहा चले Gaye.mai बेबसी से बोलै
बेहोशी में शायद दूसरे हवलदारों ने निकल लिए थे...
इतने में सिर्फ 2 समोसे आएंगे.
मई: ठीक है साहब बस थोड़ा पामी भी दे देना..
पैसे लेकर वो चला गया..
कुछ देर बाद उसने कागज़ में 2 समोसे लेकर मुझे दिए और गिलास में पानी..
समोसे देखते hi मई वर्षो के भूके की तरह उन पर टूट पड़ा..
सांसोसे पल भर में साफ हो Gaye..bhuk थोड़ा खा कर और बढ़ गयी थी..
पानी पीकर मैंने आंखे बंद कर ली फिर रट हुए सो गया...
तुझे बहार निकलने की कीमत है इन दोनों को मुझे खुश करना होगा.
आरोही नहीं दी प्लीज रुक जाओ.
दामाद जी जाने दो इन्हे वर्ण आप बहार नहीं आएंगे.
सासु माँ रोक लो इन्हे.
आआआअह्ह आआह्ह्ह.
खुश कर दिया दोनों ने mujhe..chalo रे छोड़ दो इसे.
दामाद जी दोनों के फेस एक्सप्रेशन देखो कितनी खुश है दोनों.
नाहीईईई...
एक चीख के साथ मई जग Gaya..Maine एक बेहद hi बुरा सपना देखा tha..jise याद करके मई फुट फुट कर रोने लगा.
सुबह हो गयी थी ..
ऐ ये जग गया चल इसे खाना दे दो..
कुछ देर बाद हवलदार खाना लेकर aye..jis पर मई टूट पड़ा.
खा कर मेरे शरीर में थोड़ी पावर ayi..aur मई हिलने डुलने के काबिल हुआ..
चलता हुआ मई सलाखों के पास आया फिर पुलिसवालो को आवाज देने लगा..
मई: साहब ..साहब प्लीज एक फ़ोन कॉल करा दो.. प्लीज साहब..
ऐ तुझे खाना खिलने के लिए मैडम ने कहा है बात करने के लिए nahi..aek हवलदार ने कहा.
मई: कोण सी मैडम.
हवलदार : पता नहीं लेकिन वो गोरी चमड़ी की थी मुँह पर छोटे थी उसके तू जब पिट रहा था तब वो आयी थी उसी ने तुझे बचाया.
हवलदार की बात सुनकर मई समझ गया वो आरोही की बात कर रहा है..
मई: नाम मत लो उसका..
कुछ देर बाद मैंने फिर आवाज दी.
मई: साहब करा दो न एक कॉल please..agar नहीं कराइ तो सलाखों से अपना सर फोड़ लूंगा..
हवलदार: फोड़ ले..
धम्म धम्म धम्म.
जब हवलदार फ़ोन नहीं देता तब मई अपना सर लोहे पर मरने लगता हों..
कोण है ye..kyo खुद को चोट पंहुचा रहा है.
एक पोलिसवाले की आवाज पर मई रुका..
मई: साहब इनसे कहो न मेरी baat.us पोलिसवाले को देखकर मेरे शब्द मुँह में hi रह गए.
tum..yahan..
कहते हुए वो मेरे पास आने लगा.
ये वो पोलिसवाले था जिसने मुझे दी के साथ रोका और इससे मेरी लड़ाई हो गयी..
कैसे अंदर ए tum.usne पास आकर कहा.
मैंने कोई जवाब नहीं दिया बस गुस्से में उसे घूरता रहा..
पोलिसवाले: डरो मत दोस्त कुछ नहीं karunga..us din..mai बस तुमसे कुछ पैसे बसूलना चाहता था इसलिए तुम्हारी बाइक roki..pata है तुम्हारी बहन ने मेरी बात किस्से कराइ थी होम मिनिस्टर se..usne वार्निंग देते हुए कहा था की अगर मैंने तुम्हारी बहन के पैरो पर गिरकर नाक नहीं रगड़ी तो वो 5 मिनट्स बाद मेरे सामने hoge...power होने के वाबजूद तुमने मुझे माफ़ किया ..इससे तुम्हारी अच्छी का पता चलता hai..tumne उस दिन मुझे माफ़ करके ये सीखा diya..bada ताकतवर नहीं माफ़ करने वाला होता hai..dost अब बताओ तुम यहाँ कैसे.
ये पोलिसवाले नहीं था जिससे मेरी लड़ाई हुई thi..Uska मन बदल गया था.
मई: वक्त की मार है sir..maherbani करके मेरी एक कॉल करा देंगे.
पोलिसवाले: ठीक hai..ye लो कर लो baat..kehte हुए फ़ोन जेब से निकलकर उसने मुझे दे दिया..
फ़ोन लेकर मई सोचने लगा किसे कॉल करू दी को या झमेला ko..fir कच सोंचकर मैंने झमेला का hi नंबर डायल कर दिया..
hello kon.usne फ़ोन उठाते hi खा.
मई : मई हों झमेला ...तू जल्दी यहाँ aja..mai ठाणे में बंद हों लाल मार्किट के.
झमेला: बस अभी आया...
झमेला का जवाब सुन मैंने कॉल कट कर दी...
कॉल करके मई हटा तो देखा पोलिसवाले हवलदार से बात कर रहा है वो शायद मेरे hi बारे में पूछ रहा था..
कुछ देर बाद वो मेरे पास आया..
हो गयी बात..
मई: है सर ये ligiye.kehte हुए मैंने उसका फ़ोन उसकी तरफ बढ़ाया...
पोलिसवाले: मैंने पता किया तुम क्यों बंद ho..takat का जवाब ताकत से दिया जाता hai..varsha अग्गरवाल के चुंगल से बचना है तो होम मिनिस्टर साहब को कॉल लगाओ सत्ता में नहीं है वो अब फिर भी तुम्हे रिहाई दिला देंगे..
मई: मई नहीं जनता उन्हें दोस्त को बुलाया है वो अत hi होगा..
पोलिसवाले: ये महिला मंडल मर्दो की लेने के लिए बना है इतना आसान नहीं उनसे बचना मैंने तो देखा है उनके शिकार हुए मर्दो का hal..agar यहाँ से निकलन है तो मेरी बात ध्यान से सुनो....
फिर कुछ बातें मुझे बता कर पुलिस वाला चला गया..
20 मिनट्स बाद झमेला आया..
मेरी हालत देख कर उसने गुस्से में पुलिसवालो को देखा..
ऐ किस्से मिलना hai..jhamela को देख हवलदार ने पूछा..
झमेला: सर कैको मारा इसे क्या जुर्म है इसका..
हवलदार : ज्यादा बाद बाद करेगा तो तू भी पिटेगा..
जमीला: साहब वर्दी का नाजायज फायदा न उठाओ अपन गरीब है पर ज़ुलम किसी का नहीं सहते.
हवलदार : तेरी तो सेल पुलिसवालो को हुल dega..kehta हुआ हवलदार लाठी लेकर झमेला की तरफ बढ़ा.
मई: झमेला ..छोर उसे..
झमेला: अपन गोंडा रेडडी का आदमी है हाथ लगाया तो वो तेरा हाथ काट देगा..
झमेला की धमकी से हवलदार के हाथ से डंडा छूट जाता है..
झमेला : चुप चाप मिलने दो मेरे दोस्त से..
हवलदार: साहब के आने से पहले मिल कर हैट जाना इजाजत नहीं है किसी को भी इससे मिलने की..
हवलदार की बात सुनकर सर हिलता हुआ झमेला मेरे पास आया..
क्या हल कर दिया है इन मादरचदो ने tera..meri हालत देखकर उसकी आंखे भीग गयी..
झमेला : सबसे बदला लूंगा लेकिन पहले ये बता तू यहाँ कैसे आया..
जजमेला की बात सुनकर मई फुट फुट कर रोने laga..aur रट हुए मैंने सब बता Diya..mujhe कन्धा मिल गया था जिस वजह से मई अपने आंसू रोक नहीं पाया.
झमेला : ये क्या होगया yaar..uski आंखे भी चालक padi..bhabhi तो ऐसी नहीं थी..
मई: धोकेबाज़ है wo..tu जा वकील के पास.
झमेला: अनुसुइया दी के पास जा रहा हों Mai..unhe सब बताऊंगा वो भागकर तेरे पास आएगी..
मई: नहीं जिस बहन ने मुझे तनहा कर दिया अब मुझे उसकी ज़रूरत नहीं hai..tu मदद करेगा या नहीं.
झमेला: कैसी बातें कर रहा है यार..
Mai:fir जैसा कह रहा हों kar..kachahari जा वहां वकील बैठते hai...ek फीमेल वकील को हिरे कर और मेरी बैल Kara...aur डिवोर्स पेपर रेडी करा कर आरोही के घर भेज..
झमेला: ठीक hai...ye बता बैल कितने में होगी..
उसकी बात सुनकर मुझे अहसास हुआ मेरे पास बैल के भी पैसे नहीं है..
मई: मुझे नहीं pata..ye वकील hi बताएगी..
झमेला: ठीक है फिर मई देख लूंगा..
मई: अपना घर बेच कर गोंडा का और तेरा दोनों का कर्जा उतर दूंगा..
झमेला: सेल पराया करेगा तो दो तीन हवादार को मरकर मई भी अंदर आजाऊंगा..
मई: सॉरी यार बस अंदर से ाचा नहीं लग रहा है..
झमेला: दोस्त इसीलिए तो होते hai..intejar कर मई कुछ देर में वकील के साथ आता हों..
कहकर वो चला गया..
मई लॉकअप में बैठे उसका वेट करने लगा..
4 घंटे बाद वो aya..ek फीमेल वकील के साथ...
मुझसे साडी बात पूछकर कल आने का कहकर वो वकील जमीला को लिए चली गयी..
उसने ये भी बता दिया था की डाइवोर्स पेपर आरोही के घर भेज दिए hai..lekin बैल आर्डर के लिए मुझे एक दिन रुकना पड़ेगा..
दिन फिर रात मैंने लॉकअप में गुज़री..
अगले दिन झमेला दोपहर में फीमेल वकील के साथ आया.
फीमेल वकील ने एते hi बैल आर्डर पुलिस वालो के मुँह पर मरे..
न चाहते हुए भी पुलिसवालो को मुझे छोरना pada..aur मेरा पर्स भी वापस कर दिया जिसमे पैसे तो नहीं थे लेकिन मेरे डाक्यूमेंट्स और घर की के थी.
वकील के साथ हम दोनों बहार ए..
वकील : ये डिवोर्स पेपर तुम सिग्न कर do..kal तक आरोही का भी सिग्न किया डिवोर्स पेपर अजयेगा..
उसके हाथ से पेपर लेकर मई देखने लगा..
डिवोर्स पेपर को देखते हुए मेरी आंखे बहने लगी..
क्या दिल के रिश्ते एक पेपर पर सिग्न करने से ख़त्म हो जाते है..
एक आंसू मेरा गिर कर पेपर को Gila.kar दिया..
वकील : ये लो पेन..
पेन लेकर मैंने सिग्न कर दिए..
वकील: कल तुम्हारा डिवोर्स हो jayega..kehte हुए उसने मेरे हाथ से पेपर ले लिए..
मई: थैंक्स रौशनी ji..kal मिलते है.
रौशनी: कल मई तुम्हारी घर आउंगी.
मई: तक है..
फिर ऑटो लेकर मई झमेला के साथ घर आया...
काफी देर तक मई घर के बहार hi बैठा रहा..
झमेला: चल न अंदर चले..
मई: हिम्मत नहीं हो रही है..
झमेला : चल यार कब तक ऐसे उदास रहेगा ..हाथ पकड़ कर वो जबरजस्ती मुझे अंदर ले गया..
अंदर आकर खली खली आँखों से मई घर को देखने लगा..
आगये aap..Aaj मैंने आपके फेवराइट पराठे बनाये है.
मेरी फवौरीते सिर्फ तुम हो..
मई आपको इतने दिनों से लस्सान अनियन खिला रही और बुद्धू को पता भी नहीं...
जान तुम्हारी फवौरीते तुर्किश आइस क्रीम..
ी लव आईटी मेरी फवौरीते hai..so स्वीट ऑफ़ यू..
ाअसशह्ह क्या कर रहे hai..badmash..
मई आपका साथ कभी नहीं छोडूंगी..
मई:
प्यार झूठा था जताया Hi क्यों
प्यार झूठा था जताया Hi क्यों
ऐसे जाना था तोह आया Hi क्यों
ऐसे जाना था तोह आया Hi क्यों
ए सितमगर तू ज़रा
और सितम करदे आ
आजा बेवजह सा ये
रिश्ता ख़तम करदे आ
ो बेदर्दिया यार बेदर्दिया
ो बेदर्दिया यार बेदर्दिया..
न जाने कब आरोही के साथ गुजरे लम्हे याद करके मेरे होंठो से दर्द बहार आने लगा..
Hmmmm...jhamela के सुलगी सिगरेट मेरी तरफ बढ़ने पर मई सिगरेट लेकर होंठो से लगा लेता हों..
जमीन पर बैठे बैठे मई और झमेला कई सिगरेट फूक देते है..
झमेला: मई खाने के लिए कुछ बनता हों...
बिना जवाब दिए मई जिसमे पहले मई सोता था उसमे आकर लेट gaya..pehle मैंने अनु दी के रूम को बैडरूम बनाया था.
सिगरेट के नशे से न जाने कब मेरी आँख लग गयी...
ऐ चल उठ कुछ खा le..salil उठ भी जा यार..
झमले के उठाने पर मैंने आंखे kholi..ab रात हो गयी थी.
मई: सोने दे यार मुझे भूक नहीं hai...khana देख कर मुझे लॉकअप के दिन याद agaye..kaise मई इसके लिए तरस रहा tha..ab खाने का मन नहीं हो रहा था.
झमेला: ऐ उठ जा देख मैंने तेरे फवौरीते आलू के पराठे बनाये hai..nahi उठा तो अपुन भी भूका hi सो जायेगा..
उसके फाॅर्स करने पर मई उठा..
चल मुँह khol...niwale बना कर वो मुझे खिलने लगा..
आधा पराठा खा कर मैंने बस कर दिया..
मई: अब तू खा ले .. प्लीज..
हर मान कर झमेला खुद hi खाने लगा..
मई लेटकर छत ताकने लगा..
खा कर झमेला मेरे hi पास आकर लेट गया...
न जाने कब छत को घूरते घूरते मेरी आँख लग गयी...
अगले दिन झमेला उठ कर नाश्ता बनाने लगा..
नाहा कर मई टॉवल में लिप्त अपने कपडे लेने बैडरूम में आया..
बैडरूम में आकर मई खली खली आँखों से रूम को देखने लगा...
आरोही का सारा सामान रखा था..
अपने कपडे पेहेन कर मैंने ालमिरह में से आरोही के कपडे निकले..
फिर आंगन में आकर मैंने उनमे आग लगा दी...
फिर बहार आकर मई अपनी बाइक से पेट्रोल निकलने लगा..
पेट्रोल निकलकर उसे स्कूटी पर डालने लगा...
पागल हो गया है tu..bhag कर झमेला मेरे पास आया और उसने आग लगाने से रोक liya..uske हाथो में आरोही के बचे हुए कुछ कपडे थे..
मई: हाँ हो गया हों उस रंडी की कोई चीज़ मई अपने पास नहीं रखूँगा.
झमेला: पागल है कपडे जला दिए अब ये जला रहा hai..ise बेचकर पैसे आ सकते है 60 हजार तो मिल hi jayenge..kam से काम उस सैंड का आधा तो कर्जा उतरेगा..
झमेला की बात सुनकर मई रुक जाता hon..wo मुझे लेकर अंदर अत है..
उसने आग पर पानी दाल रखा था..
झमेला : चल साफ़ कर इसे तब तक मई नाश्ता लगता हों...
कहकर झमेला रूम में कपडे रखने चला जाता है...
मई फर्श पर से जले हुए कपडे उठाने लगता हों...
कपडे रख कर झमेला नाश्ता लगा कर मुझे आवाज देता है.
हाथ धो कर मई भी बैठ जाता हों..
झमेला: खा न यार..
hmmm..aur मई ऊपर के मन से खाने लगा.
मई: कितना खर्चा हुआ सब में.
झमेला: छोर न..
मई: बता न यार वर्ण मई खाना छोर दूंगा.
झमेला: रोड पर आगया हों मई सब्जी लेन के भी पैसे नहीं है..20 हजार रौशनी मैडम की फीस 20 हजार बैल लेने में लग गए.
मई: तेरे पास इतने पैसे ए कहा से.
झमेला: 20मेरे पास थे 10 सब्जी खरीदने के लिए रखे थे 10 एक चाचा है जो व्याज नहीं लेते उनसे उधर लिए they..kehte हुए उसका चहेरा उतर Gaya...wo मुझे बताना नहीं चाहता था.
मई: मुझे भी उधर के लिए उनके hi पास ले जाता जो व्याज नहीं lete..mahina होने वाला है 10 दिन बाद रेडी की क़िस्त भी देनी है.
झमेला से कहकर मैंने खुद से कहा.
झमेला: वो बस गरीबो को उधर देते और 10 हजार से ज्यादा नहीं..
मई: तू खा मई अभी aya..kehkar मई उठ गया फिर चलता हुआ अपने रूम में आया..
ालमिरह खोली तो उसमे मुझे आरोही का गोल्ड मिल गया..
जो दी ने दिया वो सारा गोल्ड मैंने ले लिया आरोही का गोल्ड एक किलो के अस्स पास था उसे मैंने हाथ भी नहीं लगाया ये सोचकर की वापस करना होगा...
इस सब को गिरवी रख आ जो बेचना पड़े उसे बेच Dena..maine सोना टेबल पर रखते हुए कहा..
झमेला: इतना सारा सोना..
मई: हां बेच आ..
झमेला: अबे सोना बेचने के लिए नहीं रखने के लिए होता hai..ek काम करते है ये गिरवी रख अत हों इससे अपना कर्जा उतर jaega.wo कंगन उठाते हुए बोलै..
मई: चल ठीक है जा.
कंगन लेकर वो चला गया..
मैंने पहले सोना रखा फिर बर्तन समेत कर उन्हें धोने लगा...
सलिल सलिल बीटा हो क्या अंदर...
किचन से nikal.kar देखा मैंने तो ौंटी और अंकल थे..
जश्न: सलिल बीटा क्या हुआ तुम दोनों में मैंने पुलिस को देखा था तुम दोनों को ले जाते हुए..
न चाहते हुए भी मुझे ौंटी को कुछ बातें बतानी पड़ी.
एना: वो बहुत अछि लड़की है गुस्सा थूको और उसे ले आओ जाकर.
जश्न: बीटा ऐसे रिश्ते नहीं तोड़े जाते हम दोनों में भी झगड़ा होता है लेकिन देखो न हम आज तक साथ है..
काफी देर तक अंकल ौंटी मुझे समझते रहे मई उनकी हां में हां मिलता रहा...
कुछ देर बैठ कर वो चले गए...
कुछ देर बाद झमेला आया..
झमेला: 1 लॅक 25 हजार में गिरवी रखे है देर लाख भरने hoge.usne एते hi कहा.
पैसे लेकर मैंने 50 हजार उसे दे दिए.
फिर 20 हजार गोंडा की किश्त देने के लिए दे दिए..
झमेला रात में आने का कहकर पैसे लेकर चला गया..
उसके जाने के कुछ देर बाद दूर बेल्ल बजी गेट खोला तो सामने वकील रौशनी थी..
मई : आईये अंदर ...अंदर लेकर मैंने उसे चेयर पर बिठाया..
रौशनी: सलिल आपकी वाइफ का लिओर मेरे पास आया था आपकी वाइफ ने डिवोर्स पेपर पर सिग्न करने से मन कर दिया..
मई: तो फिर डिवोर्स कैसे होगा.
रौशनी: आप चाहते hai..uske साथ रहना..
मई: हरगिज़ nahi..aap डिवोर्स करा सकती है या मई दूसरा वकील करू.
रौशनी: करा सकती hon..iske लिए हमें कोर्ट में केस लड़ना होगा जज hi तुम्हारा फैसला karayega..yahi मुझसे आरोही के लिओर ने भी खा था ..की वो केस लड़ेगा और फोरस्फुल्ली आरोही को तुम्हारे साथ रखेगा..
Mai:uski ऐसी की तैसी..
रौशनी: hmmm..ham भी डिवोर्स के लिए केस ladenge..ab सुनवाई के बाद hi कोर्ट कोई फैसला karegi..jab सुनवाई होगी तो मई तुम्हे बुला लुंगी..
मई: ठीक है..
रौशनी: अपना नंबर दो..
मई: मेरे पास फ़ोन नहीं है अभी जाकर नया लूंगा..
रौशनी: ाचा फिर ये मेरा कार्ड रखो फ़ोन लेकर कॉल कर देना.
वो पर्स से कार्ड निकल कर मेरी तरफ बढ़ाते हुए बोली..
उसके हाथ से कार्ड लेकर मैंने जेब में रख लिया..
रौशनी : सलिल केस लड़ूंगी तो इसमें खर्चा होगा 20 हजार और लगेंगे मई अपनी फीस नहीं ले रही hon..filahal
रुको अभी आया पैसे lekar..andar आकर मैंने पैसे लिए फिर 20 हजार उनमे से रौशनी को दिए जिन्हे लेकर वो चली gayi..mai सोचने लगा कितना खर्चा होता है इसमें.
खर्चा ज़रूरत से ज्यादा हो रहा था इसे फइलल करने के लिए काम भी करना था सो मैंने घर लॉक किया और बाइक मार्किट के लिए दौड़ा दी.. मार्किट से मैंने एक सेकंड हैंड फ़ोन और सिम ली...
फिर वहां से होटल आया..
नायडू की बहुत मिन्नतें करने पर उसने दुबारा मुझे काम पर रखा और 20 हजार मेरी साल्लेर्य दी..20 मई पहले ले चूका था..10 हजार उसने 3 दिन न आने की वजह से काट लिए थे..
दिन ऐसे hi गुजरने लगे मई रोज़ 9 बजे काम पर अत और रात 10 बजे घर में घुसता उसी टाइम झमेला दुकान बंद करके अत फिर हम दोनों खाना बनाते ..
ऐसे hi 5 दिन निकल गए 6तह डे मुझे रौशनी की कॉल आयी..
नायडू से छुट्टी लेकर मई झमेला को लिए कोर्ट पंहुचा...
रौशनी यहाँ बैठो जज साहब आएंगे फिर केस की सुनवाई होगी..
आगयी आप मिस आरोही.
कुछ देर बाद आदमी वकील के कोर्ट के गेट की तरफ मुँह करके आरोही का नाम लेने पर मैंने सर घुमा कर पीछे देखा.
आरोही अपनी hi आगे की एक खूबसूरत लड़की के साथ आ रही थी आँखों पर सुन ग्लासेज थे फेस उसका स्कार्फ़ से छुपा था..
मुझे देखते hi आरोही के कदम ठिठक gaye..aur वो रुक गयी..
साहब प्लीज मेरे कपडे न उतरो साहब प्लीज..
हाहाहा साला कितना चिकना है दसप साहब होते तो इस पर चढ़ गए होते..
चल लैंड पर से हाथ हटा अपने चूमती लगाऊंगा..
नाहीईई..
सब याद करके मेरी आँखे नाम हो गयी और मैंने गुस्से में आरोही को देखा..
झमेला: तुझे हमने कितनी इज्जत दी और तूने हमें धोका दिया.. नागिन.
मई: रंडी से कोई बात मत kar..ise बोल चुप चाप डिवोर्स पेपर पर सिग्न करे...
बिना कुछ कहे वो चेयर पर जाकर बैठ गयी...
केस की सुनवाई शुरू की jaye..judge ने आर्डर देते हुए खा.
जज की आवाज पर रौशनी और आरोही का वकील दोनों कुछ डाक्यूमेंट्स जज के पास रख देते है..
जज बरी बरी से दोनों को पढ़ने लगता है..
जज: सलिल की वकील अपना पक्ष रखे..
रौशनी: थैंक यू योर onwer..apna पक्ष रखने से पहले मई विक्टिम को कटघरे में बुलाने की इजाज़त चाहूंगी..
जज: इजाज़त है..
रौशनी: mr.salil प्लीज कटघरे में अजय...
झमेला: जा .
उठकर मई चलता हुआ कटघरे में आकर खड़ा हो गया.
रौशनी: तो mr.salil जज साहब को बताये अपने डिवोर्स लेने का रीज़न..
मैंने एक नजर आरोही को देखा जो मुझे hi देख रही थी..
मई: मई बस डिवोर्स लेना चाहता हों..
जज: मिस आरोही के वकील ने अर्जी दी है डाइवोर्स न करने के लिए बिना वजह क्यों डिवोर्स लेना चाहते हो..
रौशनी: सलिल बताओ न डिवोर्स लेने की वजह..
मई: हम्म्म wo...wo..ye..aage कहते हुए मेरी जबान लड़खड़ाने लगी..
Roshni:salil बताओ इन्हे आरोही ने तुम्हे चीट किया है..
मई: है ये धोकेबाज़ है..
आरोही का वकील: ऑब्जेक्शन योर ओवर ..मेरी साथी वकील को शायद अभी इंडियन मैरिज एक्ट्स का ज्ञान ठीक से नहीं है.. अकॉर्डिंग तो इंडियन सुप्रीम कोर्ट इन्फिडेलिटी (अडुल्टेरी) इस नॉट ा क्राइम..
मई : क्या मतलब..
मेल वकील: मतलब सुप्रीम कोर्ट ने वाइफ को ये अधिकार दे रखा है वो अपनी ीचा अनुसार किसी के साथ भी इंटिमेट हो सकती है और ये कोई जुर्म नहीं...
मई: क्या...
उसकी बात सुनकर हैरत से मेरा मुँह खुल गया.
मेल वकील: सेक्शन 13(1) को पढ़ लेती मिस रौशनी तो आपको जज साहब को कास्ट देना न पड़ता..
मई: बकवास बंद करो अपनी लैंड पर रखा सेक्शन 13 .मैंने गुस्से में तिलमिलाते हुए कहा..
जज: आर्डर आर्डर ...कोर्ट की गरिमा बनाये रखे mr.salil..warna कोर्ट आपको इसके लिए दण्डित भी कर सकती है..
मई: क्या गरिमा रखूं जज sahab...jis कानून को जानवर भी नहीं अपनाते उसे आप लोग इंसानो पर अप्लाई कर रहे ho..sharm से दुब मारो हैवानो..
मेल वकील: तुम सुप्रीम कोर्ट के बनाये कानून का अपमान कर रहे हो...
मई: लैंड पर रखा सुप्रीम कोर्ट और उसका kanun...mai नहीं मंटा इस बकवास ko..judge साहब मई इस गंदे कानून को अपनी ठोकर पर रखता हों ...मुझे बस डिवोर्स
धम्मं धम्म..
आर्डर order..judge फिर अपना हथोड़ा पीटते हुए मुझे रोकने लगा..
जज: अगर तुमने अब कोर्ट और उसके कानून का अपमान किया तो मजबूरन मई तुम्हे सजा सुना dunga..akhiri वर्णनिग है.
मई: अपनी वार्निंग अपनी जेब में रखो जज sahab..jo कोर्ट रणदीव के लिए बना उसमे मई अपना केस नहीं ladunga..ae सुन आज तू मेरी पत्नी नहीं...
मेल wakeel:judge साहब इसने सुप्रीम कोर्ट और आपका अपमान किया है मेरी दर्ख्वस्त है इसे कड़ी से कड़ी सजा दी जाये..
मई: चुप रे वकील जो कानून रणदीव के इशारो पर बदले उसे बुरा कहकर मैंने क्या गलत Kiya..Teri वाइफ किसी के साथ मुँह कला करके इस गंदे कानून का सहारा लेकर बच जाये तो तू क्या उसे माफ़ कर देगा..
मेल वकील: है कर dunga...kyoki मई कोर्ट की इज़्ज़त करता हों..
मई: दल्ले सेल चुल्लू भर पानी में दुब मर chhi...judge शब् अगर तुम्हारी कोर्ट में इंसाफ है तो मुझे दे do..warna मई समझूंगा ये कोठा hai...jahan जज दलाली करते है..
जज: कोर्ट और जज के अपमान पर अदालत इसे 1 साल उम्र कैद की सजा सुनती है.
मई: hahahahah..dalle जायज तूने साबित कर दिया ये अदालत न होकर कोठा hai..jahan तू दलाली करता है.
मई अपना आप सेक्शन सुन कर पहले hi खो चूका था जज की बात सुनकर और भड़क गया..
जज: गिरफ्तार कर लो इसे और इसे कानून की मर्यादा का पथ पढ़ाओ.
जज का आर्डर सुनते hi पुलिसवालो ने मुझे दबोच लिया...
फिर घसीटे हुए मुझे ले गए..
उसी ठाणे में लेकर उन्होंने मुझे पीटना शुरू कर दिया..
पुलिस वाला: बोल करेगा कानून का अपमान..
मई: आआह्ह्ह aaahh..land पर रखा कानून...
तेरी to...dhamm धम्म धम्म..
गुस्से में चीखते हुए पोलिसवाले घुसे और डंडे मेरी पीठ पर बरसाने लगता है..
पोलिसवाले: अब बोल करेगा कानून का अपमान..
काफी देर पीटने के बाद उसने पूछा..
मई: aaaahhh..land पर रखा कानून..
और मारो सेल ko..mere जवाब से वो तिलमिला कर फिर मुझे मरने लगा..
स्षाब शब् क्या कर रहे हो छोडो use..sahab..jhamela सलाखों पर हाथ मरते हुए पोसेवालो को आवाजे देकर रोकने लगा..
पोलिसवाले: कोण है तू...
झमेला: दोस्त हों इसका और गोंडा रेडडी का आदमी अगर इसे नहीं छोड़ा तो वो पुलिस स्टेशन को आग लगा देगा..
पोलिकवाला: उसकी माँ की छूट ऐ इसे भी डालो रे अंदर..
पोलिसवाले की बात सुनकर 2 हवलदार झमेला को भी पकड़ कर दूसरे सेल्ल में ले जाते है..
पोलिसवाले : ऐ रुक जाओ बहुत मार लिया अब इसकी रात में धुलाई karenge...tujhe बीटा हम कानून की इज्जत सीखा कर hi rahenge..chalo सब.
मई :आह लैंड पर रखा kanun.mere मुँह की सरगोशी इतनी स्लो थी जो मेरे भी कानो में नहीं आयी..
मुझे ज़मीन पर लिटा कर वो लोग चले gaye..dard से मेरा रोअम रोअम दुःख रहा था...
1 साल कैद को याद करके मैंने सोंच लिया जेल से निकट hi जज को मार dunga..fir कही गायब हो जाऊंगा...
लेते लेते आधा घंटा हो गया था mujhe..tabhi मुझे हवलदारों की आवाज आयी..
आईये मैडम..
मैंने बड़ी मुश्किल से करवट badli..aur सामने देखा..
आरोही चलते हुए मेरे सेल्ल के पास आ रही थी..
उसने लॉकअप को एक नज़र देखा अगले hi पल मुझे मरने वाला पोलिसवाले जल्दी से लॉकअप खोलने लगा.
लॉकअप खुलने पर वो अंदर आयी.
ाः ..कराहते हुए मई दिवार का सहारा लेकर खड़ा होने लगा..
वो मुझे देख रही थी आँखों पर उसके सुन ग्लासेज थे चहेरे के जहकं भर चुके थे..
मई: अब मेरी कोई ज़िन्दगी hi नहीं ..
अब भी तुम मेरी ज़िन्दगी हो क्या.
दास्ताँ ख़त्म होने वाली है.
ाःह..
दास्ताँ ख़त्म होने वाली है.
तुम मेरी आखिरी मोहब्बत हो.
उसे देखते हुए मेरे दिल की आवाज ayi..aur मेरी आंखे भीग गयी.
jaan..usne सरगोशी से मुझे पुकारा..
मई : अब भी सुकून नहीं मिला tumhe..ab क्या लेने आयी हो धोकेबाज़.
बिना कुछ कहे आरोही ने सुन ग्लासेज हटा diye..uski आंखे रो रोकर लाल पढ़ गयी थी..
जीप के पास लेकर पुलिस वालो ने मुझे उसमे बिठाया फिर गाड़ी आगे बढ़ा di..Thane लेकर उन्होंने मुझे लॉकअप में बंद कर दिया..
नेक्स्ट कंटिन्यू..
होटल से निकलकर सौम्य अपनी बुक लेकर घर आती है.
घर में उसका बाप सोफे पर बैठा होता है..
कहा से आ रही है..
अपने बाप की आवाज़ सुनकर सौम्य के पेअर रुक जाते है.
कोचिंग से पिता ji..saumya ने डरते हुए कहा..
क्या सीखी अब तक..
सौम्य: ट्रेनिंग कम्पलीट हो गयी अब बस एग्जाम की तैयारी कर रही हों..
ाचा दिखा मुझे क्या पद रही hai..kehte हुए वो सौम्य से बुक मांगता है..
सौम्य डरते हुए बुक कांच की टेबल पर रख देती है..
बुक लेकर सौम्य का बाप उसे अलाट पलट कर देखने लगता है.
तभी सौम्य की बुक से लत्तेर गिरता है..
ये क्या है.
सौम्य: पता नहीं पिता जी ये कैसे आया..
बिना जवाब दिए सौम्य का बाप लत्तेर को उठा कर पढ़ने लगता है.
कुटिआ पड़ही के नाम पर गुल्ल छर्रे उदा रही hai..latter पढ़ते hi सौम्य के बाप ने चिल्लाते हुए कहा.
सौम्य: क्या है पिता जी इसमें मई नहीं जानती ये किसका hai..pata नहीं कैसे आया मेरी बुक में.
लव लत्तेर लिए फिर रही है और कह रही है नहीं janti...bata किसके साथ मुँह कला कर रही है उसके हाथ पेअर काट dunga..saumya का बाप सोफे से उठकर गरजते हुए बोलै.
सौम्य: पिता जी मई सच में नहीं janti..ye कैसे आया..
चटककक..
झूट बोल रही hai..thappar खा कर सौम्य का गाल लाल पढ़ जाता है..
कौशल्या आज से इसका बहार जाना बंद तैयारी करो इसकी शादी की..
सौम्य: पिता जी 10 दिन बाद एग्जाम है मेरा अगर पड़े रुक गयी तो मेरी साडी म्हणत ख़राब हो जाएगी..
मुँह कला करके अब तू मुझे समझाएगी मुझे क्या करना hai..teri तो..
ख़बरदार बैल जो तूने हाथ लगाया to..saumya का बाप फिर सौम्य को मरने hi वाला होता है इतने में उसकी दादी बिच में आजाती है..
माँ तूने hi बिगाड़ा है इसे.
चल ऋ गुड़िया मेरे साथ.
दादी हाथ पकड़ कर सौम्य को अपने साथ ले जाने लगती है.
सौम्य : एग्जाम हो जाने दे दादी तेरे बेटे को लोहे के चने न चौ बाये तो मेरा नाम भी सौम्य नहीं.
चुप जा कलमुही बहुत प्यार करता है मेरा बैल तुझे..
सौम्य : दादी मई शादी नहीं करुँगी..
दादी: बैल अभी गुस्से में है कच दिन रुक जा फिर मई बात करुँगी.
सौम्य का बाप कभी मला हुआ करता था नाम है भल्ला रेडडी.
एक पोलिसवाले ने भल्ला रेडडी को सकाम में पकड़ व दिया था जिस वजह से इन्हे अपनी कुर्सी छोड़नी padi..iske बाद भी गुंडागर्दी इन्होने नहीं छोड़ी..
जिस पुलिस वाले ने इन्हे पकड़ा था उसका नाम है ैप अजय.
लॉकअप में बंद हुए मुझे आधा घंटा हो गया था मैंने कॉल करने के लिए पुलिस वालो को आवाजे दी तो हवलदारों ने दन्त कर चुप रहने का कहा...
थका हरा मई वही पर घुटनो में मुँह छुपाये बैठ गया..
ऐ चल कपडे उतर अपने...
सेल्ल खोल कर 2 हवलदार अंदर आते हुए बोले.
किस लिए और क्यों..
मैंने उठते हुए पूछा..
तेरे लैंड में करंट denge..wo दूसरे हवाल दर के हाथो में पकड़ी मशीन दिखते हुए बोलै.
सर ऐसा मत Karo..ye अंन्याये है..
चटकककक.
मुझे मरते हुए दोनों हवलदारों ने जबरजस्ती मुझे नंगा कर दिया..
हवलदार: अरे तू तो अंदर से भी बड़ा चीखना है.
रट हुए मैंने अपने हाथो से अपने हाथो से अपने प्राइवेट part छुपा लिए..
हवलदार: अरे चिकने हमसे मत छुपा हम उस टाइप के नहीं hai..thanks बोल हमें की हम ए है अगर दसप साहब तेरे कमसिन बदन को देख लेते तो तुझ पर चढ़ गए होते अब तक
उन्हें मर्दो का शौक है हमें नहीं.
उनके सामने अपनी इज़्ज़त खो कर मेरी आंखे चालक पड़ी...
आआ आआ..
2 चूमती मेरे पेनिस में लगा कर हवलदारों ने एक मशीन को ों कर Diya...jisse मुझे 2 तगड़े बिजली के झटके लगे..
चल कपडे पहन le..shock देकर वो चले गए..
मैंने गिरते पढ़ते अपने कपडे पहने..
फिर दिवार से तक लगाए घुटनो में मुँह डालकर रोने लगा....
दुनिया के मेले बहुत है
सुख दुःख झमेले बहुत है
एक तू अकेला नहीं है
जग में अकेले बहुत है
दुनिया के मेले बहुत है
सुख दुःख झमेले बहुत है
पुलिस स्टेशन में रेडिओ पर बज रहे गाने की मुझे आवाज आ रही thi..jise सुन मेरी आँखे और छलकने लगी...
आंसू बड़े कीमती है
इनको ना यु Hi गिराओ
जिनके ये आंसू भी सूखे
उनके लिए मुस्कुराओ..
ये जिंदगी एक फूल है
ठुकरा नहीं ये भूल है
माना अँधेरे बहुत है लेकिन सवेरे बहुत है
एक तू अकेला नहीं है
जग में अकेले बहुत है
दुनिया के मेले बहुत है
सुख दुःख झमेले बहुत है.
आरोही ी हेट यू ...ी हेट you..mai तुम्हे कभी माफ़ नहीं करूँगा.
तुम नहीं रहोगी तो मुझे प्यार कोण करेगी.
जान मई हमेशा आपके साथ रहूंगी...
झूटी dhokebaz..khud में चीखते हुए मई फिर रोने लगा.
दुनिया ने जाने क्यों लूटा
मेरी ख़ुशी का खजाना
किसकी नजर लग गयी जो
बिखरा मेरा आशियाना..
सारा शहर है अजनबी
पतझड़ हुयी ये जिंदगी
पैरो में छाले बहुत है
पर चलने वाले बहुत है
एक तू अकेला नहीं है
जग में अकेले बहुत है
दुनिया के मेले बहुत है
सुख दुःख झमेले बहुत है
एक तू अकेला नहीं है
जग में अकेले बहुत है.
ी हेट यू aarohi..sab याद करके मई फिर रोने लगा...
पता लेकर आओ रे..
मुझे गिरफ्तार करके लेन वाला पोलिसवाले लॉकअप में अंदर एते हुए bola..jiske साथ 4 हवलदार थे.
मई: क्यों कर रहे हो मेरे साथ ये सब ..मैंने क्या बिगाड़ा है तुम सब ka.kehte हुए मेरी रुलाई छूट गयी.
बीटा तेरी कम्प्लेन आयी है महिला मंडल की अध्यक्ष मिस वर्षा अग्गरवाल के द्वारा ...तेरी धुनाई नहीं की तो हमारी नौकरी खतरे में पद jayegi..chal अब अचे बचे की तरह उल्टा इस पर लेट जा..
वो मुझे बेंच पर लेटने का इशारा करते हुए बोलै.
मई: सर मई तो जनता भी नहीं हों इसे ..मेरी पत्नी ने मुझे धोका दिया बस उससे लड़ाई की मैंने.. प्लीज मुझे जाने दो..
ऐ लिटाओ रे इसे..
पोलिसवाले की आवाज सुनकर हवलदार जबरदस्ती मुझे बेंच पर लिटा देते है मेरे हाथ पेअर बेंच पर लगी रस्सी से बांध देते है...
मई: प्लीज मुझे जाने दो ये अंन्याये है... प्लीज aaaaaaa...maaaaaa...maaaaaa...
मई चौखटा चिल्लाता रहा लेकिन पुलिसवालो को रहें नहीं aya..wo मुझे बेदर्दी से मरते रहे..
पीटते पीटते न जाने कब मई बेहोश हो गया था...
जब मुझे होश आया तो आधी रात हो रही थी पुलिस स्टेशन पूरा सुनसान tha..mai टेबल के निचे पड़ा था.
sahab...sahab...ghutno पर रेंगते हुए मई लॉक उप के पास आया..
साहब मुझे कॉल करनी है प्लीज मुझे मेरा फ़ोन दे दो..
तेरे पास कोई फ़ोन नहीं था चल चुप चाप सोने दे.
हवलदार की बात सुन कर मुझे याद आया सुबह जब मई उठा था तो मेरे पास फ़ोन नहीं tha...jise मेरी जेब में होना चाहिए था.
साहब फिर अपने फ़ोन से करा दो please...mai उसकी विनती करते हुए बोलै..
सेल गांड पे डंडे खा कर अकाल ठिकाने नहीं आयी Teri..aaun फिर andar..uski दन्त सुनकर मई चुप हो गया..
मई परसो का भूका प्यासा था भूक और प्यास से मई अधमरा हो गया था..
साहब बहुत भूल लगी है मेरी जेब से पैसे ले लो कुछ खाने को ला दो..
कितने है...
उसकी आवाज पर मैंने अपनी जेब टटोली 6 हजार रुपए होने चाहिए ठये लेकिन सिर्फ 200 थे... मेरा पर्स गयाब था.
200 है सिर्फ पैसे पता नहीं कहा चले Gaye.mai बेबसी से बोलै
बेहोशी में शायद दूसरे हवलदारों ने निकल लिए थे...
इतने में सिर्फ 2 समोसे आएंगे.
मई: ठीक है साहब बस थोड़ा पामी भी दे देना..
पैसे लेकर वो चला गया..
कुछ देर बाद उसने कागज़ में 2 समोसे लेकर मुझे दिए और गिलास में पानी..
समोसे देखते hi मई वर्षो के भूके की तरह उन पर टूट पड़ा..
सांसोसे पल भर में साफ हो Gaye..bhuk थोड़ा खा कर और बढ़ गयी थी..
पानी पीकर मैंने आंखे बंद कर ली फिर रट हुए सो गया...
तुझे बहार निकलने की कीमत है इन दोनों को मुझे खुश करना होगा.
आरोही नहीं दी प्लीज रुक जाओ.
दामाद जी जाने दो इन्हे वर्ण आप बहार नहीं आएंगे.
सासु माँ रोक लो इन्हे.
आआआअह्ह आआह्ह्ह.
खुश कर दिया दोनों ने mujhe..chalo रे छोड़ दो इसे.
दामाद जी दोनों के फेस एक्सप्रेशन देखो कितनी खुश है दोनों.
नाहीईईई...
एक चीख के साथ मई जग Gaya..Maine एक बेहद hi बुरा सपना देखा tha..jise याद करके मई फुट फुट कर रोने लगा.
सुबह हो गयी थी ..
ऐ ये जग गया चल इसे खाना दे दो..
कुछ देर बाद हवलदार खाना लेकर aye..jis पर मई टूट पड़ा.
खा कर मेरे शरीर में थोड़ी पावर ayi..aur मई हिलने डुलने के काबिल हुआ..
चलता हुआ मई सलाखों के पास आया फिर पुलिसवालो को आवाज देने लगा..
मई: साहब ..साहब प्लीज एक फ़ोन कॉल करा दो.. प्लीज साहब..
ऐ तुझे खाना खिलने के लिए मैडम ने कहा है बात करने के लिए nahi..aek हवलदार ने कहा.
मई: कोण सी मैडम.
हवलदार : पता नहीं लेकिन वो गोरी चमड़ी की थी मुँह पर छोटे थी उसके तू जब पिट रहा था तब वो आयी थी उसी ने तुझे बचाया.
हवलदार की बात सुनकर मई समझ गया वो आरोही की बात कर रहा है..
मई: नाम मत लो उसका..
कुछ देर बाद मैंने फिर आवाज दी.
मई: साहब करा दो न एक कॉल please..agar नहीं कराइ तो सलाखों से अपना सर फोड़ लूंगा..
हवलदार: फोड़ ले..
धम्म धम्म धम्म.
जब हवलदार फ़ोन नहीं देता तब मई अपना सर लोहे पर मरने लगता हों..
कोण है ye..kyo खुद को चोट पंहुचा रहा है.
एक पोलिसवाले की आवाज पर मई रुका..
मई: साहब इनसे कहो न मेरी baat.us पोलिसवाले को देखकर मेरे शब्द मुँह में hi रह गए.
tum..yahan..
कहते हुए वो मेरे पास आने लगा.
ये वो पोलिसवाले था जिसने मुझे दी के साथ रोका और इससे मेरी लड़ाई हो गयी..
कैसे अंदर ए tum.usne पास आकर कहा.
मैंने कोई जवाब नहीं दिया बस गुस्से में उसे घूरता रहा..
पोलिसवाले: डरो मत दोस्त कुछ नहीं karunga..us din..mai बस तुमसे कुछ पैसे बसूलना चाहता था इसलिए तुम्हारी बाइक roki..pata है तुम्हारी बहन ने मेरी बात किस्से कराइ थी होम मिनिस्टर se..usne वार्निंग देते हुए कहा था की अगर मैंने तुम्हारी बहन के पैरो पर गिरकर नाक नहीं रगड़ी तो वो 5 मिनट्स बाद मेरे सामने hoge...power होने के वाबजूद तुमने मुझे माफ़ किया ..इससे तुम्हारी अच्छी का पता चलता hai..tumne उस दिन मुझे माफ़ करके ये सीखा diya..bada ताकतवर नहीं माफ़ करने वाला होता hai..dost अब बताओ तुम यहाँ कैसे.
ये पोलिसवाले नहीं था जिससे मेरी लड़ाई हुई thi..Uska मन बदल गया था.
मई: वक्त की मार है sir..maherbani करके मेरी एक कॉल करा देंगे.
पोलिसवाले: ठीक hai..ye लो कर लो baat..kehte हुए फ़ोन जेब से निकलकर उसने मुझे दे दिया..
फ़ोन लेकर मई सोचने लगा किसे कॉल करू दी को या झमेला ko..fir कच सोंचकर मैंने झमेला का hi नंबर डायल कर दिया..
hello kon.usne फ़ोन उठाते hi खा.
मई : मई हों झमेला ...तू जल्दी यहाँ aja..mai ठाणे में बंद हों लाल मार्किट के.
झमेला: बस अभी आया...
झमेला का जवाब सुन मैंने कॉल कट कर दी...
कॉल करके मई हटा तो देखा पोलिसवाले हवलदार से बात कर रहा है वो शायद मेरे hi बारे में पूछ रहा था..
कुछ देर बाद वो मेरे पास आया..
हो गयी बात..
मई: है सर ये ligiye.kehte हुए मैंने उसका फ़ोन उसकी तरफ बढ़ाया...
पोलिसवाले: मैंने पता किया तुम क्यों बंद ho..takat का जवाब ताकत से दिया जाता hai..varsha अग्गरवाल के चुंगल से बचना है तो होम मिनिस्टर साहब को कॉल लगाओ सत्ता में नहीं है वो अब फिर भी तुम्हे रिहाई दिला देंगे..
मई: मई नहीं जनता उन्हें दोस्त को बुलाया है वो अत hi होगा..
पोलिसवाले: ये महिला मंडल मर्दो की लेने के लिए बना है इतना आसान नहीं उनसे बचना मैंने तो देखा है उनके शिकार हुए मर्दो का hal..agar यहाँ से निकलन है तो मेरी बात ध्यान से सुनो....
फिर कुछ बातें मुझे बता कर पुलिस वाला चला गया..
20 मिनट्स बाद झमेला आया..
मेरी हालत देख कर उसने गुस्से में पुलिसवालो को देखा..
ऐ किस्से मिलना hai..jhamela को देख हवलदार ने पूछा..
झमेला: सर कैको मारा इसे क्या जुर्म है इसका..
हवलदार : ज्यादा बाद बाद करेगा तो तू भी पिटेगा..
जमीला: साहब वर्दी का नाजायज फायदा न उठाओ अपन गरीब है पर ज़ुलम किसी का नहीं सहते.
हवलदार : तेरी तो सेल पुलिसवालो को हुल dega..kehta हुआ हवलदार लाठी लेकर झमेला की तरफ बढ़ा.
मई: झमेला ..छोर उसे..
झमेला: अपन गोंडा रेडडी का आदमी है हाथ लगाया तो वो तेरा हाथ काट देगा..
झमेला की धमकी से हवलदार के हाथ से डंडा छूट जाता है..
झमेला : चुप चाप मिलने दो मेरे दोस्त से..
हवलदार: साहब के आने से पहले मिल कर हैट जाना इजाजत नहीं है किसी को भी इससे मिलने की..
हवलदार की बात सुनकर सर हिलता हुआ झमेला मेरे पास आया..
क्या हल कर दिया है इन मादरचदो ने tera..meri हालत देखकर उसकी आंखे भीग गयी..
झमेला : सबसे बदला लूंगा लेकिन पहले ये बता तू यहाँ कैसे आया..
जजमेला की बात सुनकर मई फुट फुट कर रोने laga..aur रट हुए मैंने सब बता Diya..mujhe कन्धा मिल गया था जिस वजह से मई अपने आंसू रोक नहीं पाया.
झमेला : ये क्या होगया yaar..uski आंखे भी चालक padi..bhabhi तो ऐसी नहीं थी..
मई: धोकेबाज़ है wo..tu जा वकील के पास.
झमेला: अनुसुइया दी के पास जा रहा हों Mai..unhe सब बताऊंगा वो भागकर तेरे पास आएगी..
मई: नहीं जिस बहन ने मुझे तनहा कर दिया अब मुझे उसकी ज़रूरत नहीं hai..tu मदद करेगा या नहीं.
झमेला: कैसी बातें कर रहा है यार..
Mai:fir जैसा कह रहा हों kar..kachahari जा वहां वकील बैठते hai...ek फीमेल वकील को हिरे कर और मेरी बैल Kara...aur डिवोर्स पेपर रेडी करा कर आरोही के घर भेज..
झमेला: ठीक hai...ye बता बैल कितने में होगी..
उसकी बात सुनकर मुझे अहसास हुआ मेरे पास बैल के भी पैसे नहीं है..
मई: मुझे नहीं pata..ye वकील hi बताएगी..
झमेला: ठीक है फिर मई देख लूंगा..
मई: अपना घर बेच कर गोंडा का और तेरा दोनों का कर्जा उतर दूंगा..
झमेला: सेल पराया करेगा तो दो तीन हवादार को मरकर मई भी अंदर आजाऊंगा..
मई: सॉरी यार बस अंदर से ाचा नहीं लग रहा है..
झमेला: दोस्त इसीलिए तो होते hai..intejar कर मई कुछ देर में वकील के साथ आता हों..
कहकर वो चला गया..
मई लॉकअप में बैठे उसका वेट करने लगा..
4 घंटे बाद वो aya..ek फीमेल वकील के साथ...
मुझसे साडी बात पूछकर कल आने का कहकर वो वकील जमीला को लिए चली गयी..
उसने ये भी बता दिया था की डाइवोर्स पेपर आरोही के घर भेज दिए hai..lekin बैल आर्डर के लिए मुझे एक दिन रुकना पड़ेगा..
दिन फिर रात मैंने लॉकअप में गुज़री..
अगले दिन झमेला दोपहर में फीमेल वकील के साथ आया.
फीमेल वकील ने एते hi बैल आर्डर पुलिस वालो के मुँह पर मरे..
न चाहते हुए भी पुलिसवालो को मुझे छोरना pada..aur मेरा पर्स भी वापस कर दिया जिसमे पैसे तो नहीं थे लेकिन मेरे डाक्यूमेंट्स और घर की के थी.
वकील के साथ हम दोनों बहार ए..
वकील : ये डिवोर्स पेपर तुम सिग्न कर do..kal तक आरोही का भी सिग्न किया डिवोर्स पेपर अजयेगा..
उसके हाथ से पेपर लेकर मई देखने लगा..
डिवोर्स पेपर को देखते हुए मेरी आंखे बहने लगी..
क्या दिल के रिश्ते एक पेपर पर सिग्न करने से ख़त्म हो जाते है..
एक आंसू मेरा गिर कर पेपर को Gila.kar दिया..
वकील : ये लो पेन..
पेन लेकर मैंने सिग्न कर दिए..
वकील: कल तुम्हारा डिवोर्स हो jayega..kehte हुए उसने मेरे हाथ से पेपर ले लिए..
मई: थैंक्स रौशनी ji..kal मिलते है.
रौशनी: कल मई तुम्हारी घर आउंगी.
मई: तक है..
फिर ऑटो लेकर मई झमेला के साथ घर आया...
काफी देर तक मई घर के बहार hi बैठा रहा..
झमेला: चल न अंदर चले..
मई: हिम्मत नहीं हो रही है..
झमेला : चल यार कब तक ऐसे उदास रहेगा ..हाथ पकड़ कर वो जबरजस्ती मुझे अंदर ले गया..
अंदर आकर खली खली आँखों से मई घर को देखने लगा..
आगये aap..Aaj मैंने आपके फेवराइट पराठे बनाये है.
मेरी फवौरीते सिर्फ तुम हो..
मई आपको इतने दिनों से लस्सान अनियन खिला रही और बुद्धू को पता भी नहीं...
जान तुम्हारी फवौरीते तुर्किश आइस क्रीम..
ी लव आईटी मेरी फवौरीते hai..so स्वीट ऑफ़ यू..
ाअसशह्ह क्या कर रहे hai..badmash..
मई आपका साथ कभी नहीं छोडूंगी..
मई:
प्यार झूठा था जताया Hi क्यों
प्यार झूठा था जताया Hi क्यों
ऐसे जाना था तोह आया Hi क्यों
ऐसे जाना था तोह आया Hi क्यों
ए सितमगर तू ज़रा
और सितम करदे आ
आजा बेवजह सा ये
रिश्ता ख़तम करदे आ
ो बेदर्दिया यार बेदर्दिया
ो बेदर्दिया यार बेदर्दिया..
न जाने कब आरोही के साथ गुजरे लम्हे याद करके मेरे होंठो से दर्द बहार आने लगा..
Hmmmm...jhamela के सुलगी सिगरेट मेरी तरफ बढ़ने पर मई सिगरेट लेकर होंठो से लगा लेता हों..
जमीन पर बैठे बैठे मई और झमेला कई सिगरेट फूक देते है..
झमेला: मई खाने के लिए कुछ बनता हों...
बिना जवाब दिए मई जिसमे पहले मई सोता था उसमे आकर लेट gaya..pehle मैंने अनु दी के रूम को बैडरूम बनाया था.
सिगरेट के नशे से न जाने कब मेरी आँख लग गयी...
ऐ चल उठ कुछ खा le..salil उठ भी जा यार..
झमले के उठाने पर मैंने आंखे kholi..ab रात हो गयी थी.
मई: सोने दे यार मुझे भूक नहीं hai...khana देख कर मुझे लॉकअप के दिन याद agaye..kaise मई इसके लिए तरस रहा tha..ab खाने का मन नहीं हो रहा था.
झमेला: ऐ उठ जा देख मैंने तेरे फवौरीते आलू के पराठे बनाये hai..nahi उठा तो अपुन भी भूका hi सो जायेगा..
उसके फाॅर्स करने पर मई उठा..
चल मुँह khol...niwale बना कर वो मुझे खिलने लगा..
आधा पराठा खा कर मैंने बस कर दिया..
मई: अब तू खा ले .. प्लीज..
हर मान कर झमेला खुद hi खाने लगा..
मई लेटकर छत ताकने लगा..
खा कर झमेला मेरे hi पास आकर लेट गया...
न जाने कब छत को घूरते घूरते मेरी आँख लग गयी...
अगले दिन झमेला उठ कर नाश्ता बनाने लगा..
नाहा कर मई टॉवल में लिप्त अपने कपडे लेने बैडरूम में आया..
बैडरूम में आकर मई खली खली आँखों से रूम को देखने लगा...
आरोही का सारा सामान रखा था..
अपने कपडे पेहेन कर मैंने ालमिरह में से आरोही के कपडे निकले..
फिर आंगन में आकर मैंने उनमे आग लगा दी...
फिर बहार आकर मई अपनी बाइक से पेट्रोल निकलने लगा..
पेट्रोल निकलकर उसे स्कूटी पर डालने लगा...
पागल हो गया है tu..bhag कर झमेला मेरे पास आया और उसने आग लगाने से रोक liya..uske हाथो में आरोही के बचे हुए कुछ कपडे थे..
मई: हाँ हो गया हों उस रंडी की कोई चीज़ मई अपने पास नहीं रखूँगा.
झमेला: पागल है कपडे जला दिए अब ये जला रहा hai..ise बेचकर पैसे आ सकते है 60 हजार तो मिल hi jayenge..kam से काम उस सैंड का आधा तो कर्जा उतरेगा..
झमेला की बात सुनकर मई रुक जाता hon..wo मुझे लेकर अंदर अत है..
उसने आग पर पानी दाल रखा था..
झमेला : चल साफ़ कर इसे तब तक मई नाश्ता लगता हों...
कहकर झमेला रूम में कपडे रखने चला जाता है...
मई फर्श पर से जले हुए कपडे उठाने लगता हों...
कपडे रख कर झमेला नाश्ता लगा कर मुझे आवाज देता है.
हाथ धो कर मई भी बैठ जाता हों..
झमेला: खा न यार..
hmmm..aur मई ऊपर के मन से खाने लगा.
मई: कितना खर्चा हुआ सब में.
झमेला: छोर न..
मई: बता न यार वर्ण मई खाना छोर दूंगा.
झमेला: रोड पर आगया हों मई सब्जी लेन के भी पैसे नहीं है..20 हजार रौशनी मैडम की फीस 20 हजार बैल लेने में लग गए.
मई: तेरे पास इतने पैसे ए कहा से.
झमेला: 20मेरे पास थे 10 सब्जी खरीदने के लिए रखे थे 10 एक चाचा है जो व्याज नहीं लेते उनसे उधर लिए they..kehte हुए उसका चहेरा उतर Gaya...wo मुझे बताना नहीं चाहता था.
मई: मुझे भी उधर के लिए उनके hi पास ले जाता जो व्याज नहीं lete..mahina होने वाला है 10 दिन बाद रेडी की क़िस्त भी देनी है.
झमेला से कहकर मैंने खुद से कहा.
झमेला: वो बस गरीबो को उधर देते और 10 हजार से ज्यादा नहीं..
मई: तू खा मई अभी aya..kehkar मई उठ गया फिर चलता हुआ अपने रूम में आया..
ालमिरह खोली तो उसमे मुझे आरोही का गोल्ड मिल गया..
जो दी ने दिया वो सारा गोल्ड मैंने ले लिया आरोही का गोल्ड एक किलो के अस्स पास था उसे मैंने हाथ भी नहीं लगाया ये सोचकर की वापस करना होगा...
इस सब को गिरवी रख आ जो बेचना पड़े उसे बेच Dena..maine सोना टेबल पर रखते हुए कहा..
झमेला: इतना सारा सोना..
मई: हां बेच आ..
झमेला: अबे सोना बेचने के लिए नहीं रखने के लिए होता hai..ek काम करते है ये गिरवी रख अत हों इससे अपना कर्जा उतर jaega.wo कंगन उठाते हुए बोलै..
मई: चल ठीक है जा.
कंगन लेकर वो चला गया..
मैंने पहले सोना रखा फिर बर्तन समेत कर उन्हें धोने लगा...
सलिल सलिल बीटा हो क्या अंदर...
किचन से nikal.kar देखा मैंने तो ौंटी और अंकल थे..
जश्न: सलिल बीटा क्या हुआ तुम दोनों में मैंने पुलिस को देखा था तुम दोनों को ले जाते हुए..
न चाहते हुए भी मुझे ौंटी को कुछ बातें बतानी पड़ी.
एना: वो बहुत अछि लड़की है गुस्सा थूको और उसे ले आओ जाकर.
जश्न: बीटा ऐसे रिश्ते नहीं तोड़े जाते हम दोनों में भी झगड़ा होता है लेकिन देखो न हम आज तक साथ है..
काफी देर तक अंकल ौंटी मुझे समझते रहे मई उनकी हां में हां मिलता रहा...
कुछ देर बैठ कर वो चले गए...
कुछ देर बाद झमेला आया..
झमेला: 1 लॅक 25 हजार में गिरवी रखे है देर लाख भरने hoge.usne एते hi कहा.
पैसे लेकर मैंने 50 हजार उसे दे दिए.
फिर 20 हजार गोंडा की किश्त देने के लिए दे दिए..
झमेला रात में आने का कहकर पैसे लेकर चला गया..
उसके जाने के कुछ देर बाद दूर बेल्ल बजी गेट खोला तो सामने वकील रौशनी थी..
मई : आईये अंदर ...अंदर लेकर मैंने उसे चेयर पर बिठाया..
रौशनी: सलिल आपकी वाइफ का लिओर मेरे पास आया था आपकी वाइफ ने डिवोर्स पेपर पर सिग्न करने से मन कर दिया..
मई: तो फिर डिवोर्स कैसे होगा.
रौशनी: आप चाहते hai..uske साथ रहना..
मई: हरगिज़ nahi..aap डिवोर्स करा सकती है या मई दूसरा वकील करू.
रौशनी: करा सकती hon..iske लिए हमें कोर्ट में केस लड़ना होगा जज hi तुम्हारा फैसला karayega..yahi मुझसे आरोही के लिओर ने भी खा था ..की वो केस लड़ेगा और फोरस्फुल्ली आरोही को तुम्हारे साथ रखेगा..
Mai:uski ऐसी की तैसी..
रौशनी: hmmm..ham भी डिवोर्स के लिए केस ladenge..ab सुनवाई के बाद hi कोर्ट कोई फैसला karegi..jab सुनवाई होगी तो मई तुम्हे बुला लुंगी..
मई: ठीक है..
रौशनी: अपना नंबर दो..
मई: मेरे पास फ़ोन नहीं है अभी जाकर नया लूंगा..
रौशनी: ाचा फिर ये मेरा कार्ड रखो फ़ोन लेकर कॉल कर देना.
वो पर्स से कार्ड निकल कर मेरी तरफ बढ़ाते हुए बोली..
उसके हाथ से कार्ड लेकर मैंने जेब में रख लिया..
रौशनी : सलिल केस लड़ूंगी तो इसमें खर्चा होगा 20 हजार और लगेंगे मई अपनी फीस नहीं ले रही hon..filahal
रुको अभी आया पैसे lekar..andar आकर मैंने पैसे लिए फिर 20 हजार उनमे से रौशनी को दिए जिन्हे लेकर वो चली gayi..mai सोचने लगा कितना खर्चा होता है इसमें.
खर्चा ज़रूरत से ज्यादा हो रहा था इसे फइलल करने के लिए काम भी करना था सो मैंने घर लॉक किया और बाइक मार्किट के लिए दौड़ा दी.. मार्किट से मैंने एक सेकंड हैंड फ़ोन और सिम ली...
फिर वहां से होटल आया..
नायडू की बहुत मिन्नतें करने पर उसने दुबारा मुझे काम पर रखा और 20 हजार मेरी साल्लेर्य दी..20 मई पहले ले चूका था..10 हजार उसने 3 दिन न आने की वजह से काट लिए थे..
दिन ऐसे hi गुजरने लगे मई रोज़ 9 बजे काम पर अत और रात 10 बजे घर में घुसता उसी टाइम झमेला दुकान बंद करके अत फिर हम दोनों खाना बनाते ..
ऐसे hi 5 दिन निकल गए 6तह डे मुझे रौशनी की कॉल आयी..
नायडू से छुट्टी लेकर मई झमेला को लिए कोर्ट पंहुचा...
रौशनी यहाँ बैठो जज साहब आएंगे फिर केस की सुनवाई होगी..
आगयी आप मिस आरोही.
कुछ देर बाद आदमी वकील के कोर्ट के गेट की तरफ मुँह करके आरोही का नाम लेने पर मैंने सर घुमा कर पीछे देखा.
आरोही अपनी hi आगे की एक खूबसूरत लड़की के साथ आ रही थी आँखों पर सुन ग्लासेज थे फेस उसका स्कार्फ़ से छुपा था..
मुझे देखते hi आरोही के कदम ठिठक gaye..aur वो रुक गयी..
साहब प्लीज मेरे कपडे न उतरो साहब प्लीज..
हाहाहा साला कितना चिकना है दसप साहब होते तो इस पर चढ़ गए होते..
चल लैंड पर से हाथ हटा अपने चूमती लगाऊंगा..
नाहीईई..
सब याद करके मेरी आँखे नाम हो गयी और मैंने गुस्से में आरोही को देखा..
झमेला: तुझे हमने कितनी इज्जत दी और तूने हमें धोका दिया.. नागिन.
मई: रंडी से कोई बात मत kar..ise बोल चुप चाप डिवोर्स पेपर पर सिग्न करे...
बिना कुछ कहे वो चेयर पर जाकर बैठ गयी...
केस की सुनवाई शुरू की jaye..judge ने आर्डर देते हुए खा.
जज की आवाज पर रौशनी और आरोही का वकील दोनों कुछ डाक्यूमेंट्स जज के पास रख देते है..
जज बरी बरी से दोनों को पढ़ने लगता है..
जज: सलिल की वकील अपना पक्ष रखे..
रौशनी: थैंक यू योर onwer..apna पक्ष रखने से पहले मई विक्टिम को कटघरे में बुलाने की इजाज़त चाहूंगी..
जज: इजाज़त है..
रौशनी: mr.salil प्लीज कटघरे में अजय...
झमेला: जा .
उठकर मई चलता हुआ कटघरे में आकर खड़ा हो गया.
रौशनी: तो mr.salil जज साहब को बताये अपने डिवोर्स लेने का रीज़न..
मैंने एक नजर आरोही को देखा जो मुझे hi देख रही थी..
मई: मई बस डिवोर्स लेना चाहता हों..
जज: मिस आरोही के वकील ने अर्जी दी है डाइवोर्स न करने के लिए बिना वजह क्यों डिवोर्स लेना चाहते हो..
रौशनी: सलिल बताओ न डिवोर्स लेने की वजह..
मई: हम्म्म wo...wo..ye..aage कहते हुए मेरी जबान लड़खड़ाने लगी..
Roshni:salil बताओ इन्हे आरोही ने तुम्हे चीट किया है..
मई: है ये धोकेबाज़ है..
आरोही का वकील: ऑब्जेक्शन योर ओवर ..मेरी साथी वकील को शायद अभी इंडियन मैरिज एक्ट्स का ज्ञान ठीक से नहीं है.. अकॉर्डिंग तो इंडियन सुप्रीम कोर्ट इन्फिडेलिटी (अडुल्टेरी) इस नॉट ा क्राइम..
मई : क्या मतलब..
मेल वकील: मतलब सुप्रीम कोर्ट ने वाइफ को ये अधिकार दे रखा है वो अपनी ीचा अनुसार किसी के साथ भी इंटिमेट हो सकती है और ये कोई जुर्म नहीं...
मई: क्या...
उसकी बात सुनकर हैरत से मेरा मुँह खुल गया.
मेल वकील: सेक्शन 13(1) को पढ़ लेती मिस रौशनी तो आपको जज साहब को कास्ट देना न पड़ता..
मई: बकवास बंद करो अपनी लैंड पर रखा सेक्शन 13 .मैंने गुस्से में तिलमिलाते हुए कहा..
जज: आर्डर आर्डर ...कोर्ट की गरिमा बनाये रखे mr.salil..warna कोर्ट आपको इसके लिए दण्डित भी कर सकती है..
मई: क्या गरिमा रखूं जज sahab...jis कानून को जानवर भी नहीं अपनाते उसे आप लोग इंसानो पर अप्लाई कर रहे ho..sharm से दुब मारो हैवानो..
मेल वकील: तुम सुप्रीम कोर्ट के बनाये कानून का अपमान कर रहे हो...
मई: लैंड पर रखा सुप्रीम कोर्ट और उसका kanun...mai नहीं मंटा इस बकवास ko..judge साहब मई इस गंदे कानून को अपनी ठोकर पर रखता हों ...मुझे बस डिवोर्स
धम्मं धम्म..
आर्डर order..judge फिर अपना हथोड़ा पीटते हुए मुझे रोकने लगा..
जज: अगर तुमने अब कोर्ट और उसके कानून का अपमान किया तो मजबूरन मई तुम्हे सजा सुना dunga..akhiri वर्णनिग है.
मई: अपनी वार्निंग अपनी जेब में रखो जज sahab..jo कोर्ट रणदीव के लिए बना उसमे मई अपना केस नहीं ladunga..ae सुन आज तू मेरी पत्नी नहीं...
मेल wakeel:judge साहब इसने सुप्रीम कोर्ट और आपका अपमान किया है मेरी दर्ख्वस्त है इसे कड़ी से कड़ी सजा दी जाये..
मई: चुप रे वकील जो कानून रणदीव के इशारो पर बदले उसे बुरा कहकर मैंने क्या गलत Kiya..Teri वाइफ किसी के साथ मुँह कला करके इस गंदे कानून का सहारा लेकर बच जाये तो तू क्या उसे माफ़ कर देगा..
मेल वकील: है कर dunga...kyoki मई कोर्ट की इज़्ज़त करता हों..
मई: दल्ले सेल चुल्लू भर पानी में दुब मर chhi...judge शब् अगर तुम्हारी कोर्ट में इंसाफ है तो मुझे दे do..warna मई समझूंगा ये कोठा hai...jahan जज दलाली करते है..
जज: कोर्ट और जज के अपमान पर अदालत इसे 1 साल उम्र कैद की सजा सुनती है.
मई: hahahahah..dalle जायज तूने साबित कर दिया ये अदालत न होकर कोठा hai..jahan तू दलाली करता है.
मई अपना आप सेक्शन सुन कर पहले hi खो चूका था जज की बात सुनकर और भड़क गया..
जज: गिरफ्तार कर लो इसे और इसे कानून की मर्यादा का पथ पढ़ाओ.
जज का आर्डर सुनते hi पुलिसवालो ने मुझे दबोच लिया...
फिर घसीटे हुए मुझे ले गए..
उसी ठाणे में लेकर उन्होंने मुझे पीटना शुरू कर दिया..
पुलिस वाला: बोल करेगा कानून का अपमान..
मई: आआह्ह्ह aaahh..land पर रखा कानून...
तेरी to...dhamm धम्म धम्म..
गुस्से में चीखते हुए पोलिसवाले घुसे और डंडे मेरी पीठ पर बरसाने लगता है..
पोलिसवाले: अब बोल करेगा कानून का अपमान..
काफी देर पीटने के बाद उसने पूछा..
मई: aaaahhh..land पर रखा कानून..
और मारो सेल ko..mere जवाब से वो तिलमिला कर फिर मुझे मरने लगा..
स्षाब शब् क्या कर रहे हो छोडो use..sahab..jhamela सलाखों पर हाथ मरते हुए पोसेवालो को आवाजे देकर रोकने लगा..
पोलिसवाले: कोण है तू...
झमेला: दोस्त हों इसका और गोंडा रेडडी का आदमी अगर इसे नहीं छोड़ा तो वो पुलिस स्टेशन को आग लगा देगा..
पोलिकवाला: उसकी माँ की छूट ऐ इसे भी डालो रे अंदर..
पोलिसवाले की बात सुनकर 2 हवलदार झमेला को भी पकड़ कर दूसरे सेल्ल में ले जाते है..
पोलिसवाले : ऐ रुक जाओ बहुत मार लिया अब इसकी रात में धुलाई karenge...tujhe बीटा हम कानून की इज्जत सीखा कर hi rahenge..chalo सब.
मई :आह लैंड पर रखा kanun.mere मुँह की सरगोशी इतनी स्लो थी जो मेरे भी कानो में नहीं आयी..
मुझे ज़मीन पर लिटा कर वो लोग चले gaye..dard से मेरा रोअम रोअम दुःख रहा था...
1 साल कैद को याद करके मैंने सोंच लिया जेल से निकट hi जज को मार dunga..fir कही गायब हो जाऊंगा...
लेते लेते आधा घंटा हो गया था mujhe..tabhi मुझे हवलदारों की आवाज आयी..
आईये मैडम..
मैंने बड़ी मुश्किल से करवट badli..aur सामने देखा..
आरोही चलते हुए मेरे सेल्ल के पास आ रही थी..
उसने लॉकअप को एक नज़र देखा अगले hi पल मुझे मरने वाला पोलिसवाले जल्दी से लॉकअप खोलने लगा.
लॉकअप खुलने पर वो अंदर आयी.
ाः ..कराहते हुए मई दिवार का सहारा लेकर खड़ा होने लगा..
वो मुझे देख रही थी आँखों पर उसके सुन ग्लासेज थे चहेरे के जहकं भर चुके थे..
मई: अब मेरी कोई ज़िन्दगी hi नहीं ..
अब भी तुम मेरी ज़िन्दगी हो क्या.
दास्ताँ ख़त्म होने वाली है.
ाःह..
दास्ताँ ख़त्म होने वाली है.
तुम मेरी आखिरी मोहब्बत हो.
उसे देखते हुए मेरे दिल की आवाज ayi..aur मेरी आंखे भीग गयी.
jaan..usne सरगोशी से मुझे पुकारा..
मई : अब भी सुकून नहीं मिला tumhe..ab क्या लेने आयी हो धोकेबाज़.
बिना कुछ कहे आरोही ने सुन ग्लासेज हटा diye..uski आंखे रो रोकर लाल पढ़ गयी थी..