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Episode 11
मई : बिल मैंने भर दिया है...
कहता हुआ मई आगे बढ़ गया सोना मुझे आवाज देती रह गयी..
नेक्स्ट कंटिन्यू....
पार्किंग से बाइक निकलकर मई एक जगह लाइट्स ऑफ करके छुपकर सोना का वेट करने लगा...
टिंग टिंग टिंग....
फ़ोन बजने पर मैंने कॉल पिछ ki.call आरोही की थी.
मई: हम्म.
आरोही: ए नहीं अभी तक..
मई: बस आ रहा हों..
आरोही: इतक् गार्डिनिया में 24 अक्टूबर को एक फंक्शन है उसकी थ्री पास ले आएंगे..
Mai:kyo जा रही हो वहां और तीन पास किस लिए.
आरोही: हर्षा होगा हमारे साथ एंड तवो फॉर उस..
मई: अड्रेस मस्सगे कर दो.
आरोही: okay करती हों.
कहते हुए उसने कॉल कट कर दी..
कुछ देर बाद मुझे मस्सगे आया उसी समय होटल से सोना निकलती dikhi...fir वो एक बंव में अपने फिऑन्स के साथ बैठ गयी...
कार हाईवे पर चल दी तो मैंने बाइक उसके पीछे लगा दी....
होटल से सोना सीधे घर आयी...
घर के सामने सोना उत्तरी उसके साथ hi उसका फिऑन्स.
दूर पर आकर सोना ने बेल्ल प्रेस की फिर फिऑन्स को हुग करने लगी...
कुछ देर बाद दी ने दूर खोला खड़े खड़े दी भी उससे बातें करने लगी फिर उसे हुग किया और वो bye कहता हुआ वापस अपनी कार में आकर बैठ गया..
सोना को सेफ देख मैंने अपनी बाइक आरोही के बताये एड्रेसस पर बढ़ा दी....
हाफ ऑवर स्पीड से बाइक ड्राइव करते हुए मई उस जगह पर आया..
इसका पास... मैंने हैरत से कहा.
ये एक फाइव स्टार होटल था.
होटल को देख मेरे हाथ पेअर फूलने Lage..mujhe अंदाज़ा हो गया था पास मेरी औक़ात से बहार है..
पंद्रह मिनट तक मई बहार hi खड़े खड़े सोंचता रहा...
उसकी डिमांड्स पूरी करने पर शायद वो मुझे और ज्यादा प्यार दे...
एक फैसला करके मैंने बाइक आगे कर दी गेट पर hi मुझे वॉचमनस ने रोक लिया...
मई: मई पास लेने आया हों जाने दो अंदर..
मेरी बात सुनकर वो मुझे घूरने Lage...fir एक गार्ड कॉल करने लगा.
चल jaa...usne कुछ देर बाद कहा.
मई होटल ड्रेस में नहीं था घर के कपड़ो में था दिखने में ाचा था इसलिए उन्होंने मुझे अंदर जाने Diya...bike पार्क करके मई रिसेप्शन पर आया.
यस मई आपकी क्या हेल्प कर सकती hon.ek खूबसूरत रिसेप्शनिस्ट ने मुझे देख कहा.
मई: मई पास लेने आया हों..
रिसेप्शनिस्ट: कितने सर..
मई: थ्री..
रिसेप्शनिस्ट: सर आपको सिक्स लैस पाय करने होंगे..
मई: 2 लाख का एक पास..
रिसेप्शनिस्ट: येह तवो लैस.
उसकी बात सुनकर मेरी बोलती बंद हो गयी.
मई उसके सामने पर्स निकलने की एक्टिंग करने लगा...
मई: मम ी थिंक ी फॉरगेट माय वॉलेट ात होम कैन ी के टुमारो..
रिसेप्शनिस्ट: येह सूरे..
उसकी बात सुनकर मई वापस मुद गया.
बहार आकर मैंने बाइक घर के लिए बढ़ा दी ..
रास्ता तये करते हुए सोंचने लगा पैसे कहा से लॉन फिर एक नाम मंद में आया गोंडा रेडडी...
घर आकर मैंने बाइक पार्क की फिर के से लॉक खोलकर अंदर आया..
अंदर आरोही बैठी मोबाइल चला रही थी...
आरोही: पास लाये.
मई: ओह्ह मई भूल गया कल ले aaunga...Maine बहाना बनाते हुए कहा.
आरोही: ठीक है 24 से पहले ले Lena.......jaan ऐसा करे खाना खुद उतारकर खा लें मई थक गयी hon.mujhe भूक भी नहीं है.
मई: ये क्या है आरोही ...मई थका हरा आया हों और तुम मुझे एक गिलास पानी भी नहीं दे सकती..
आरोही: ाचा बैठे मई लती हों...
वो उठी तो उसकी चल में दर्द था..
मई: क्या हुआ जो इतनी थकी हुई लग रही ho..tum घर रहती हो कपडे धोने के लिए वाशिंग मशीन है हम दोनों के बस 4 बर्तन होते है ऊपर के रूम्स मई साफ़ करता hon..itne से काम से कोण थकता है...
मेरी आवाज पर वो रुकी फिर मुड़कर मेरा चहेरा पढ़ने लगी.
आरोही: आज आरव ने हॉस्पिटल में मुझे अपनी हेल्प के लिए बुला लिया था एक ट्रीटमेंट के लिए बस उसी में थक gayi...mere काम की वजह से उसने डिनर किये बिना जाने नहीं दिया.
मई: ाचा तुम बैठो मई खुद खा लूंगा...
मेरे कहने पर वो फिर बीएड पर आकर लेट गयी...
मुँह हाथ धोकर मई किचन में आया फिर खाना लेकर दिन्निग पर बैठ गया....
टिंग टिंग..
फ़ोन बजने पर देखा कॉल आशना की थी...
मई: hi आशना.
आशना: डिसट्रब तो नहीं Kiya...mai न तब से आप hi के बारे में सोंच रही hon...uski बलकुल माध्यम सी आवाज ayi..aesa लग रहा था जैसे वो छुपकर बात कर रही हो...
मई: हम्म क्या सोंच रही थी..
आशना: मैंने नेट पर बंगलोरे के रिसेंटली डेड आईपीएस के बारे में सर्च किया कुछ नहीं मिला फिर मैंने गुमशुदा आईपीएस के बारे ढूंढा फिर भी कुछ नहीं Mila..fir बंगलोरे आईपीएस की लिस्ट चेक की अर्जुन नाम के 6 आईपीएस है सभी ज़िंदा है ..अगर आपका वाले अर्जुन का सर नाम आपको पता है तो आसानी से पता चल जायेगा आपकी वाइफ झूट बोल रही है या सच..
मई: नहीं पता बस आरोही ने अर्जुन कहा था use..Maine धीमे से कहा..
आशना: उम् ऐसा करे जहाँ पिज़्ज़ा देने गए और आरोही मिली वही jaye..aur पता करे अर्जुन वहां रहता है या नहीं.
मई: हम्म ठीक है ये सही रहेगा..
आशना: खाना खा रहे है..
मई: है..
आशना: आप बुद्धू हो वाइफ के पास बैठे मुझसे ये बातें कर रहे..
मई: नहीं वो अंदर रूम में है..
आशना: ओह्ह.. ाचा
मई: तुम डॉक्टर हो न आशना..
आशना: नहीं बन रही हों...
मई: हम्म वही na..mai तुम्हे एक टेबलेट की पिछ भेजता हों देखकर बताओ ये हेडाचे के लिए है..
आशना: व्हाट्सप्प कर दो..
मई: ठीक है bye .
उसने भी bye बोलकर कॉल कट कर दी..
मैंने कहते हुए उसे पिछ सेंड कर di...khakar मई 2ंद फ्लोर पर aya..jahan से अपनी बुक लेकर अपने रूम में...
अपने रूम की टेबल पर बुक रखकर मई चेयर लेकर बैठ गया..
एग्जाम 5 महीने बाद थे इसलिए पड़े भी ज़रूरी thi...ek समस्टर hi क्लियर करना था मुझे.
आरोही: क्या पद रहे है...
मई: वो बस कॉलेज की बुक्स है.
आरोही: आपकी स्टडी तो पूरी हो गयी थी न..
मई: नहीं जान दरअसल मई लास्ट एग्जाम में फ़ैल हो गया था एग्जाम छीन लिया था मेरा वक ने ...मुझे उससे झूट बोलना ठीक नहीं लगा इसलिए मैंने सच बता दिया ये भी की जॉब भी इसी वजह से नहीं लग रही है..
आरोही: यू अरे ा फेलियर..
मई: हाँ so..tumhe तो किसी चीज़ की कमी नहीं होने देता hon.maine गुस्से में खा.
आरोही: मैंने तुमसे माँगा hi क्या है जो कमी होने डोज...
मैंने कुछ कहना ठीक नहीं समझा बात बढ़नी hi थी इसलिए चुप चाप स्टडी करने लगा..
आरोही की बातें बार बार डिस्टर्ब कर रही थी इसलिए एक गोला निकलकर मुँह में दाल लिया.
2 घंटे स्टडी करके मई आरोही के बराबर में आकर लेट गया...
फ़ोन रखकर उसने अपना हाथ मेरे पेट पर रखा मेरा हाथ अपने सर के निचे फिर मुझसे चिपक कर लेट गयी...
आरोही: आज इतने गुस्से में क्यों है..
मई: नथिंग बस ऐसे hi..
आरोही: jaan..bataye जल्दी से वर्ण मई नाराज हो जाउंगी..
मई: मई सुबह दिन में निकलता हों और रत में अत हों सारा दिन कुत्तो की तरह म्हणत करने के बाद bhi..tum मेरे आने पर मुझे एक स्माइल भी नहीं दे sakti..aur कह रही हो मैंने क्या किया है तुम्हारे लिए... अपनी जान से जयादा प्यारी बहने chhodi..chhoti सी जॉब कर रहा हों ...मई कैसे खर्चा चला रहा हों तुम्हे पता भी hai...mai थक गया hon..tum साथ थी तो हिम्मत मिलती थी लेकिन अब तुम भी ठीक से बात नहीं karti..Tut गया हों मई.. कहकर मैंने उसका सर हाथ पर से उठाया फिर कार्बेट बदल कर लेट गया...
कुछ पल बाद मुझे उसका भर अपनी पीठ पर महसूस hua..aur उसका हाथ मेरी कमर par..wo मुझसे चिपक कर लेट गयी.
आरोही: हम्म तो ये बात hai..jaan हो आप मेरी पता है apko...kaan पकड़ती हों कभी आपसे लड़ाई नहीं करुँगी...
मई: मुझ पर गुस्सा तो नहीं करोगी और न कभी गुस्से में बात..
आरोही: नहीं...
मई: मुझे अपने डिलडो से दरोगी तो नहीं..
आरोही: हहै नहीं..
Mai
agal...ghumkar मई उससे चिपक Gaya..khusi से मेरी आंखे भीग गयी...
मई: तुम साथ होगी तो मई हर मुश्किल से लार लूंगा..
आरोही: मई अपनी जान के साथ हों हर कदम पर...
उसके जवाब पर मई उसके होंठो को चुम लेता हों..
मेरे रुकने पर वो सर आगे करके मेरे लिप्स को अपने लिप्स की कैद में कर लेती है..
काफी देर किश करके वो हटी..
उसकी आंखे चमक रही थी...
मई: तुम थकी हुई हो जान..
आरोही: हम्म्म
मई: मई पेअर दबा देता hon..kehte हुए मई उठा और आरोही के पेअर दबाने लगा...
आरोही: कितने अचे हो आप.
मई: शट उप...
वो खिलखिला कर है दी लेकिन उसकी आँखों में आंसू थे..
मई: क्यों रो रही हो पागल..
आरोही: बस आपका प्यार देखकर माय हीरो..
मई: आज सोना मिली थी... होटल में खाना खाने आयी thi...uski इंगेजमेंट हो गयी है..
आरोही: व्हाट हमें बुलाया भी नहीं..
मई: कोई बात nahi..wo खुश है उस लड़के के साथ और मुझे क्या चाहिए... एनीवे दीदी का डिवोर्स हो गया hai...meri दीदी जीजू से बहुत प्यार करती थी..
आरोही: अनुसुइया काम hi ऐसे करती thi...jaan आप तो नहीं छोड़ोगे मुझे कभी...
मई: जो मई कहना चाहता था वो तुमने कह दिया ..
आरोही: बैक दबा दे फिर अजय...
उसके घूमने पर मई उसकी जंघे और पीठ दबाने लगा...
आरोही: यहाँ पर .वो अपनी अस्स पर हाथ रखते हुए बोली...
अगले hi पल उसकी नरम अस्स को मई मुट्ठी में भर दबाने लगा..
उसकी अस्स दबाते हुए मेरा भी खड़ा हो Gaya...lekin थकन की वजह से मेरा आगे बढ़ने का मन नहीं हो रहा था...
आरोही: चलो ajaye...maja आगया...
मई : मुझे भी...
आरोही : हेहेहे नौगहत्य..
पास लेटकर मैंने उसे बाँहों में भर liya....aur आंखे बंद कर ली..
anusuiya's होम..
सोना के फिऑन्स के जाने के बाद दोनों बहने अंदर अति है...
सोना: दी खाना खा लिया अपने..
अनुसुइया: haa..chalo आओ सोते है...
बैडरूम में आकर दोनों बहने एक दूसरे के पास hi लेट जाती है..
सोना: दी आज मुझे भाई मिला..
अनुसुइया: कहा पर.
सोना: जहाँ मई डिनर करने गयी वही par..wo वेटर की जॉब करते है..
अनुसुइया: हम्म.
सोना: अब खुश है aap...bhai को इस हल में देखकर लोग उन्हें गलियन देते hai...jinhone यहाँ एक बर्तन भी नहीं उठाया वो टेबल साफ़ कर रहे थे...
अनुसुइया: तुझे ऐसा लगता है सोना..
सोना: आपको सब पता था उनकी स्टडी कम्पलीट नहीं है उनका नेचर कैसा hai...aese hi अकेला छोर Diya..sirf गुस्से की वजह se...sach कहूं तो मई सेह नहीं पा रही हों भाई को इस हल में dekhkar..bechain हो गयी hon..bhut ज्यादा..
अनुसुइया: तुम वही हो न जो कह रही थी भाई चले गए तो ाचा hi हुआ न कोई रोक टोक न झगड़ा एक डैम बिंदास लाइफ जी रही hon..I'm राइट..
सोना : मुझे नहीं पता था भाई इस हल में hoge...kehte हुए सोना के आंसू निकलने लगते hai.ye देख अनुसुइया उसे अपने साइन से चिपका लेती है...
सोना: आप भी मुझे टॉन्ट मार rahi....mai भाई से ज्यादा आपसे प्यार करती हों didi...aap जो करेगी और कहेगी वही मेरे लिए सब कुछ है...
अनुसुइया: माय sweetheart...chal अब जा एक पेग बना कर ला.
सोना: दी आप आलरेडी ड्रंक हो.
अनुसुइया: जाओ भी..
सोना: बस एक .कहते हुए सोना उठ जाती है कुछ देर बाद बोतल गिलास चिप्स लेकर बीएड पर अति है...
पग बनाकर सोना अनुसुइया को देती है जिसे लेकर वो पिने लगती है.
सोना: दी एक मई भी पि lon...plzzz..
सोना की बात सुनकर अनुसुइया मुस्कुरा देती hai..anusuiya की हाँ मिलते hi सोना भी पिने लगती है.
सोना: भाई साथ होते मुझे hi नहीं आपको भी नहीं पिने dete..hehehe.
अनुसुइया: कामिनी...
सोना: दी मैंने पैसे देने चाहे उन्होंने मन कर दिया..
अनुसुइया: वो नहीं लेगा...
सोना: वापस ले ए दी उन्हें जब तक मई यहाँ हों उनके साथ रहना चाहती हों एक साल बाद तो मई चली hi जाउंगी...
अनुसुइया: मैंने कोशिश की थी वो नहीं आया Sona...ab तो वो नशा भी करने laga...ufff उसने सुसाइड की भी कोशिश ki...anusuiya सोंचते हुए बोली..
सोना: दी भाई आपको चरक्टेरलेस कह रहे they..Maine उन्हें वही सुना दिया ..
अनुसुइया: तुझे ऐसा नहीं कहना चाहिए था सोना ... वो बड़ा भाई है तेरा..
सोना: दी घाना भी तो भाई hi है हमारा कितनी रेस्पेक्ट करता है मेरी और आपकी..
अनुसुइया: तू फिलहाल उसे कुछ मत कहना अब अगर वो मेरे बारे में कुछ कहे..
सोना: सॉरी दी मई नहीं सुन सकती..
अनुसुइया: मई तेरा प्यार समझ रही हों सोना बूत उसने जो भी कहा वो सही hi तो है..
सोना: शट उप di..jis बहन ने हमें माँ बाप का प्यार दिया इतनी अछि लाइफ दी उसके अगेंस्ट कैसे सुन सकती हों कुछ..
अनुसुइया: ाचा बता अब क्या चाहती है.
सोना: मई चाहती हों वो खुश रहे ऐसे नहीं जैसे है.. हमने ठीक से भाभी को जाना भी नहीं..
अनुसुइया: है मैंने जल्दबाजी kardi...aese नहीं भेजना चाहिए था साथ रहकर आरोही को भी अचे से जान lete...but उस टाइम वो मुझे ाचा रीज़न लगा सलिल को ठीक करने ka..but अब अपने hi फैसले पर पचता रही हों..
सोना: मई कोशिश करुँगी दी लेन की.
अनुसुइया: चल सजा तू वैसे भी तू झूम रही है..
सोना: हेहेहे आप भी...
जान उठो जॉगिंग पर चले...
मई: नहीं मई थका हुआ hon...Maine नींद में कहा..
मई: जब जॉगिंग से ाजाओ तब उठा देना मुझे...
क्षकार मैंने फिर आंखे बंद कर ली...
आरोही के फिर से जगाने पर मई उठा...
मई: कर आयी जॉगिंग..
आरोही: han...chalo जल्दी से उठ जाओ फिर नाश्ता करना...
आरोही की बात सुनकर मई उठा फिर नहाया धोया तैयार होकर आया तो वो ब्रेकफास्ट लगाने लगी..
आरोही: आज हर्षा और और हरषि आ रहे है जल्दी अजना..
मई: acha...saman की लिस्ट बना दो मई ले आऊंगा...
आरोही: नहीं आप जाये मई ले aaungi..aur हाँ आपके फ्रेंड विजयवाड़ा पहुंच गए है.
टिंग टिंग..
मई बात hi कर रहा था की फ़ोन बजने laga..call झमेला की थी...
उससे बात करते हुए मैंने ब्रेकफास्ट Kiya...jhamela पहुंच गया था...
ब्रेकफास्ट करके मई चल दिया...
कुछ देर ड्राइव के बाद मई होटल आया...
साफ़ सफाई करते हुए hi मुझे आर्डर आगया... जिसे लेकर मई चल दिया...
आर्डर देके लौटते समय मैंने बाइक जीजू के घर की तरफ बढ़ा दी...
1 ऑवर बाद मई उनके घर पर था..
मेरे सामने दीदी की सास वैष्णो बैठी thi...jiju अब्रॉड चले गए थे.
मई: आंटी जी ऐसा क्या हुआ जीजू ने जो दीदी को क्यों डाइवोर्स दिया..
आंटी: हमने सब बर्दास्त किया जब अनुसुइया ने कहा मेरे छोटे छोटे भाई बहन hai..mai ज्यादा समय यहाँ नहीं रह सकती मुझे उनकी देखभाल करनी होती hai..hamne सब मन ... लेकिन पार्टी वाली रात मैंने अनुसुइया को रेंज हाथो पकड़ा मेरा बीटा अपना लैंड हिला रहा था और अनुसुइया किसी और से चुद रही thi...aunty ने बिलकुल खुले शब्दों में कहा जिसे सुन जहाँ मई झेप गया वही मेरा सर शर्म से झुक गया...
आंटी: मैंने बस दो गंदे शब्द कहे और तुम्हारा सर शर्म से झुक गया सोंचो मेरा क्या हल हुआ होगा जब मैंने अपने बेटे और बहू को इस हल में देखा hoga...aesi खूबसूरती का क्या फायदा जो परिवार के लिए श्राप बन Jaye..agar वो यहाँ रहती तो मेरी नस्ले बर्बाद हो jati...Mera घर रंडी खाना बन जाता ...पता है मेरे बेटे को तुम्हारी बहन ने गांडू तो बनाया hi साथ में बेवक़ूफ़ bhi...wo अनुसुइया के साथ जब था तो हर बात को डबल डबल कहता tha...ha बिलकुल है बलकुल ....जैसे hi अनुसुइया के सहर से निकला बिलकुल ठीक हो Gaya...usne एक अंग्रेजन से वही अब्रॉड में इंगेजमेंट भी कर Li..aur खुश भी बहुत है wo...tumhe ये सब मई इसीलिए बता रही हों की तुम अपनी बहनो की तरह नहीं हो.
मई: आंटी दीदी ने आप लोगो को तो कभी नुकसान नहीं पहुंचाया na..vaishno तुम hi बताओ क्या दीदी कभी तुम्हे गलत रह पर ले गयी.
वैष्णो: मेरे साथ भले कुछ न किया लेकिन मेरे भाई को तो गांडू बना दिया na...bhai को अपनी गांड में ब्रश डालते देखि mai...mere अभी राम भाई ऐसे कभी नहीं थे जैसे तुम्हारी बहन ने बना दिया..
वैष्णो की बात सुनकर मैंने आंटी के पेअर पकड़ लिए मेरी आंखे भीग गयी थी शर्मिंदगी से.
मई: आंटी प्लीज ऐसा मत करो दीदी जीजू से बहुत प्यार करती hai...mai उन्हें सुधर कर फिर यहाँ ले आऊंगा मई वडा करता हों दीदी कभी गलत काम नहीं करेगी बस आप उन्हें अपना lo...didi जो कमाएगी वो सब मई आपको hi दिलाऊंगा... प्लीज आंटी जीजू को रोक lo..fir से विवाह करने से.
आंटी: सलिल पेअर छोरो mere...aunty के पेअर झटकने पर मैंने उनके पेअर छोर दिए.
आंटी : salil..tum भी अब शादी शुदा हो एक सवाल का जवाब दो अगर तुम्हारी वाइफ तुम्हे गांडू बना दे तुम अपनी गांड में ब्रश लेने पर मजबूर हो जाओ बताओ फिर तुम ऐसी औरत के साथ रहना chahoge...Maine बड़ी मुश्किल से उसे खुद से दूर किया hai..ab दुबारा उसे अपना कर मई अपने बेटे और अपने परिवार की लाइफ बर्बाद नहीं कर sakti....pehle जब मैंने उसे डाइवोर्स के लिए कहा तो वो मुझे धमकी देने लगी की क़ानूनी कर्यह्वाही ki..Aaj कला कानून है जो सिर्फ औरत की सुनता मेरा बीटा तो पीस jata...wo रंडी कोई भी इलज़ाम लगा कर मुझे मेरे बेटे मेरी बेटी को जेल में डलवा deti...wo तो मैंने उसकी रिकॉर्डिंग कर ली थी और तुम्हे दिखने की धमकी दी तब जाकर उसने डाइवोर्स दिया वर्ण तो वो पकडे जाने पर भी मुझे धमकिया दे रही थी...
आंटी में बहुत नफरत भरी थी दीदी के लिए इसलिए मई उठ गया उनके पास se...unka इतना गुस्सा करना कही न कही सही भी था.
बहार आकर मैंने बाइक स्टार्ट की और चल दिया होटल ....
होटल आया तो नायडू मुझे टेबल के पास hi मिल गया मुझे देखते हुए उसने हाथ जोड़ लिए.
नायडू: सलिल मुझे माफ़ कर दो लेकिन अब तुम यहाँ जॉब नहीं कर सकते....
मई: क्यों sir...aesa क्यों कह रहे है नायडू sir...mujhse कोई गलती hui..naydu की बात सुनकर मई बुरी तरह से चौंक गया..
नायडू : प्लीज चले जाओ यहाँ से..
कुमार: तुम्हारे जाने के बाद एक लड़की जो खुद को तुम्हारी बहन कह रही थी usne..naydu सर को बुलाया फिर गरम खाना सर के ऊपर दाल दिया..
लड़की: घटिया इंसान तेरी हिम्मत कैसे हुई मेरे भाई को गधा कहने की..2 मींचे नहीं लगेंगे तेरा ये होटल गिराने में मुझे..
नायडू: उस 2 टेक के वेटर की बहन होकर इतनी गर्मी दिखा रही है मई तो कपड़ो से तुझे कोई मैडम समझा था इसलिए बेइज्जती सेह गया लेकिन अब तुझे नहीं छोड़ूंगा..
चटककक...
नायडू सर का इतना कहना था की तुम्हारी बहन ने नायडू सर का गाल लाल कर दिया फिर आँखों hi आँखों से अपने साथ ए लड़के को देखा.
तुम्हारी बहन का इशारा पते hi उसने बे हिसाब नायडू सर को मारा..
लड़की: कारन रुक jao..itna बहुत है उस ढेर फुटिये के लिए.
कारन: सेल तू जनता है मई कोण हों गुप्ता एम्पायर का वारिस ऐसे सेकड़ो होटल मई दान कर देता हों वो तो इसकी वजह से तेरे इस घटिआ होटल में आगया था..
लड़की: अब ध्यान से सुन मेरा भाई यहाँ जॉब कर रहा है इसलिए तुझे छोर रही हों दुबारा तूने उसकी इंसल्ट की तो मई तेरे सर के बचे हुए बल भी अपनी मर से गिरा दूंगी..
कुमार के मुँह से साडी बात सुन कर मई समझ गया नायडू का ये करना जायज है.
नायडू: तुम कोण हो तुम्हारा बैक ग्राउंड क्या है ये जाने बिना मैंने तुम्हे रखा लेकिन अब nahi..tum चले जाओ प्लीज.
मई: ठीक है..
नयडु: ये लो तुम्हारे इस मंथ के paise...ek नोटों की गद्दी उसने मेरी तरफ बढ़ाते हुए कहा..
पैसे लेकर मैंने ड्रेस चंगे की फिर होटल से निकल गया...
एक पार्क के पास आकर मैंने बाइक रोकी फिर पार्क में आकर एक बेंच पर बैठकर मैंने सिगरेट जला ली...
सिगरेट पिटे हुए hi मैंने सोना को कॉल लगा दी...
मई: क्यों किया तूने ye..call रिसीव होते hi मई उसपर गरजा.
सोना: उम्म्म क्या किया..
Mai:mai अपने होटल ओवर की बात कर रहा हों तूने अपने फिऑन्स से क्यों पिटवाया उसे.
सोना: उस कुत्ते की हिम्मत कैसे हुई मेरे सामने मेरे भाई की इंसल्ट करने की कोई मेरी करेगा तो आप देखते क्या..
मई: इतनी मुश्किल से जॉब मिली तेरी वजह से वो भी चली गयी ..
सोना: मेरे लिए काम करेंगे साल्लेर्य 10 गुना ज्यादा dungi..kam कुछ नहीं बस मेरे साथ घर पर रहना है.
मई: अपना पैसा अपने पास रख दुबारा मेरी लाइफ में इंटरफेरे नहीं करना .
सोना: हेठे नाराज़ क्यों हो रहे..
आगे सुनने से पहले hi मैंने कॉल कट कर दी...
सिगरेट पीकर मई गोला निकलने लगा न होने पर मई बाइक पर aya..aur चल दिया गोंडा रेडडी के घर..
एक ऑवर बाद मई गोंडा रेडडी के घर आया...
उसके आदमी मुझे पहचानते थे इसलिए किसी ने मुझे नहीं रोका...
जैसे hi मई गोंडा रेडडी के पास पंहुचा चीखो की आवाज सुन मई रुक गया.
गोंडा रेडडी के लोग एक आदमी को बुरी तरह मार रहे थे....
गोंडा रेडडी झूले पे बैठा हेड मस्सगे करवा रहा था...
रेड्डी साहब मई आपके पैसे दे दूंगा .... प्लीज मुझे छोड़ do..gonda रेड्डी जी...
पीटते हुए वो आदमी गोंडा रेड्डी की विनती कर रहा था..
सेल गोंडा भाई को होसियारी दिखायेगा...
आआआहहह... aaaahhhhhh....aaaahhhh...
कहकर गोंडा रेड्डी का आदमी उसे मरने लगा और वो आदमी दर्द में चीखते हुए फिर गोंडा रेड्डी की विनती करने लगा...
क्यों रे छोकरे क्यों आया है..
गोंडा रेड्डी की आवाज पर मेरा ध्यान उसकी तरफ गया..
मई: ji.ji..wo कुछ पैसे..
दर से मेरी आवाज कैंप रही थी.
एक बात साफ़ हो गयी थी अगर पैसे नहीं दिए तो गोंडा रेड्डी मेरा भी यही हल karega..sharmindgi से बचने के लिए और अपने रिश्ते को ठीक रखने के लिए मुझे रिष्क तो लेना hi था..
गोंडा रेड्डी : बकरी की तरह मेमेय क्यों रहा hai...bata कितना चाहिए..
मई: जी 6 लाख..
मैंने सोंच लिए था अगर पैसे चुकाने में देरी हुई तो गोल्ड बेच कर पैसे चूका दूंगा..
रेड्डी: हरिया पैसे दे रे isko...aur तू एक बात जान ले अगर पैसे नहीं चुकाए समय पर तो इसकी जगह पर तू होगा...
मई: चूका दूंगा पैसे रेड्डी सर.
रेड्डी: ले जाओ रे इसको इसकी किडनी बगैरह निकल के मार दो...
रेड्डी की बात सुनकर मेरे पेअर जैम गए और मई सोंचने लगा मुझे पैसे लेने चाहिए या नहीं लेकिन मेरे पास कोई चारा भी नहीं था इसलिए मई चल दिया हरिया के साथ...
नहीं रेड्डी ऐसा मत करो मई तुम्हारे पैसे चूका दूंगा..
होने पीछे से मुझे उस आदमी की चीखे सुनाई दे रही थी...
हरिया से पैसे लेकर मई चल दिया होटल पास lene..hariya ने 1 साल का समय दिया था ये कहकर की हर मैंने 40 हजार किश्त देनी होगी..
होटल आकर मैंने तीन पास लिए फिर बाइक अपने नए घर की तरफ बढ़ा दी...
कुछ देर बाद मई अपने घर के सामने था...
बाइक कड़ी करके मैंने वेल प्रेस की...
मई दीदी से बात करने आया था जीजू को lekar..subah से आंटी की बातें मेरे दिमाग में चल रही थी..
कई बार वेल प्रेस होने पर थोड़ा सा दूर खुला..
किसी मर्द की झांकती आँखों को देख मैंने धक्का देकर दूर पूरा खोल दिया...
दूर खोलने वाला विष्णु था घाना का बाप..
जैसे hi मई अंदर घुसा मैंने उसे देखा वो सिर्फ टॉवल में था उसकी टॉवल में उसके डिक की बड़ी से शेप दिख रही थी...
विष्णु: अनुसुइया बिजी है थोड़ी देर वेट कर लो..
कहता हुआ वो आगे बढ़ Gaya..door बांध करते हुए विष्णु को इस हाल में देख मई समझ गया अंदर क्या हो रहा होगा...
सोना भी कही दी की तरह तो nahi..sonchte hi मेरे पेअर कंपनी Lage...bojhal कदमो के साथ मई विष्णु के पीछे चलता हुआ दीदी के रूम में आया...
सलिल को देख विष्णु ने मन में सोंच लिया था की वो उस दिन का बदला लेगा जब सलिल ने राधा को लेकर उसका अपमान किया था...
जैसे hi मई दूर पर आया दी को देख शर्म से मेरा सर झुक Gaya..wahi विष्णु ने अपनी टॉवल खोल दी थी...
दी मेरी तरफ पीठ किये बीएड पर घोड़ी बानी thi..bilkul नंगी थी उनके बदन पर एक भी कपडा नहीं था रूम में उनके कपडे बिखरे पड़े थे और रूम में कई अल्कोहल की बॉटल्स राखी थी..
अनुसुइया: कोण था...
विष्णु: वेट करने को कहा है..
अनुसुइया : अब बर्दास्त नहीं हो रहा है जल्दी से दाल दो..
विष्णु: अभी लो मेरी जान मेरा मोटा लौड़ा.
दीदी के कहते hi विष्णु अपना लैंड दी की छूट पर सेट करता है फिर एक ज़ोर का धक्का मरता है...
अनुसुइया: aaaaaaahhhhhhhhhhh हययययययीईइ....
विष्णु के एक hi धक्के से दी कूद गयी thi....Vishnu का लैंड भी मुझसे डबल था...
दी उसके सामने बिलकुल बची लग रही थी...
चप्प्प छप्प छप्प..
अनुसईया: aaaaaahhhhhh...zalimmmmmmmm.....aahhhhhhhhhhh....uiiiiiii......aaaaahhhhhhhh.....yessssssssss..
बहुत मोटा लैंड है tumhara....aaaaahhhhh फाड़ डीइइइइइइ....
रूम विष्णु के धक्को से गूंज रहा था दी दर्द और मजे में कामुक चीखे निकल रही थी...
विष्णु: आआह्ह्ह्हह्ह अनुसुइया तुम्हारी छूट कितनी टाइट है... आआह्ह्ह्हह्ह... बताओ मेरे बड़े लैंड से चुड़ते हुए मजा आ रहा है...
विष्णु तेज तेज धक्के मरते हुए बोलै...
अनुसुइया: aaaaahhhhhh....bhut मजा आ रहा है... ओह्ह्ह्ह आआअह्ह्ह बहुत मोटा लैंड है तुम्हारा aaaahhhhh....yesssss और तेज आआह्ह्ह्हह्ह....
विष्णु: लो मेरी जाआँ आआह्ह्ह्हह्ह..
अनुसुइया: आआह्ह्ह्हह्ह हैए dhireee...aaaaaahhh मई जहर रही हों....
विष्णु: अगर सलिल आगया इस समय तो तुम मेरे लैंड से छोड़ना बंद कर डौगी अनु.
अनुसुइया: आआआअह्हह्ह्ह्ह noooooo....aur तेज aaaaaaaaahhhhhh..yesssssss....more fasttttttt....harderrrrrrrrr...yessssssss.
विष्णु: that's माय बेबी....
विष्णु : जान मेरी गॉड में ाजाओ.
लैंड निकल कर विष्णु बीएड पर आगया फिर उसने दीदी को बाँहों में भर कर उठा लिया...
दीदी की अब पीठ मेरी तरफ थी और विष्णु का मुँह.. दीदी उसकी बाँहों में थी ..
मुझे देखते हुए विष्णु ने अपना लैंड दीदी की छूट पर रखा फिर एक ज़ोर का धक्का मारा...
अनुसुइया: आआआहहह zalim...aaaaahhhh...yessss... निचोड़ लिया अंकल tumne....aaaaashhh मुझे धक्के अंदर तक मेहुस हो रहे है.
दी की चीखो पर विष्णु मुझे देख मुस्कुरा रहा था.
विष्णु : ऐसा तगड़ा लैंड तुम्हे रोज़ चाहिए बोलो अनु.
अनुसूया: यस अंकल yes..Roz ohhhhh...yes...yessss...aaaahhhhh..aur तेह छोड़ो आआअह्ह अंकल.
मई पत्थर की तरह जमा था मेरे आंसुओ से मेरा पूरा चहेरा भीग गया था...
जब मुझसे बर्दास्त नहीं हुआ तो मई गेट के पास की दिवार के पास घुटनो में मुँह दाल के बैठ गया..
छोड़ दिया वो रास्ता
जिस रास्ते से तुम थे गुज़रें
तोड़ दिया वो आइना
जिस आईने में तेरा अक्स दिखे
मैं शहर में तेरे
था गैरो सा
मुझे अपना कोई न मिला
तेरे लम्हों से
मेरे जख्मों से
अब तोह मैं दूर चला
रुख न किया उन् गलियों का
जिन गलियों में तेरी बातें हो
छोड़ दिया वो रास्ता
जिस रास्ते से तुम थे गुज़रें
मैं था मुसाफिर राहन का तेरी
तुझ तक मेरा था दायरा
मैं भी कभी था मेहबार तेरा
खानाबदोश मैं अब ठहरा..
छूटा नहीं उन् फूलों को
जिन फूलों में तेरी खुसबू हो
रूत गया उन् ख़्वाबों से
जिन ख़्वाबों में तेरा ख्वाब भी हो
कुछ भी न पाया मैंने सफर में
होक सफर का मैं रह गया
कागज़ का बोसीदा घर था
भीगते बारिश में बह गया
भीगते बारिश में बह गया
देखूं नहीं उस चांदनी को
जिस में के तेरी परछाई हो
दूर हूँ मैं इन हवाओं से
ये हवा तुझे छू के भी आयी न हो
बहुत देर तक दोनों की आहों की आवाजे मेरे कानो में आती rahi...ghutno में मुँह डेल मई सिसकता रहा.
भूल जा मैंने तेरी बहन को छोड़ा hai...uth जा के मिल ले चुद गयी है वो...
विष्णु की आवाज पर मैंने सर घुटनो से निकला फिर खली खली आँखों से उसे देखने लगा..
मई उसकी जान लेना चाहता था लेकिन मेरे जिस्म ने मेरा साथ नहीं दिया...
मई बस उसे देखता रह गया और वो मेरा मजाक उड़ाते हुए चला गया...
धम्म्मम्म....
सदमे में शॉक की वजह से मई एक साइड में लुढ़क Gaya..Mera सर फर्श से जा लगा...
सोना आगयी हो kya..jara मस्सगे देना akar...sona....
दी की आवाज पर मेरी बंद होती आंखे फिर से खुल गयी..
काफी देर वैसे hi पड़े रहने के बाद मैंने फ़ोन निकलकर कॉल आरोही को लगा दी...
मई: जान...
आरोही: बेबी आपकी आवाज को क्या हुआ..
मई: क्या तुम मेरे बिना जी लोगी..
आरोही: कैसी बातें कर रहे है..
मई: मेरे बाद किसी से शादी कर Lena..tumhare पास मेरी जेब में है..
आरोही: बकवास बंद Karo..kaha हो abhi...Maine पूछा कहा ho...mai होटल आ रही hon..speaker ों Karo...inke अस्स पास जो भी है वो ध्यान से सुन len...mai होटल को आग लगा दूंगी अगर इन्हे कुछ hua...salil मई बस आ रही hon..call कट मत करना please..salil सुन रहे हो tum...bolo Naa...salill... प्लीज jaan...kuch मत karna...mai बहुत चाहती हों आपको... please..salil...
मई: मई आ रहा हों...
कहकर मैंने फ़ोन जेब में दाल लिया...
किसी तरह मई खड़ा हुआ...
अंदर दी बैठी पि रही थी..
सलिल तुम हो ye...mujhe देखते hi दी ने कहा वो फिर अपनी आंखे मसलने lagi...didi बिलकुल नंगी बैठी थी...
सलिल तू इस औरत के लिए मरने जा रहा है.. आरोही का सोंच वो कैसे बेचैन हो गयी thi...tujhe कुछ हो गया तो उसका क्या होगा.. लोग नोच खाएंगे use..apne मन की आवाज सुन मैंने अपने आंसू पॉच लिए.
दी को मैंने कभी इस हल में नहीं देखा था 10तह क्लास में जब मई आगया था तब दी ने मुझे दूसरे रूम में सुलाना शुरू कर दिया था ये कहकर की मई अब बड़ा हो गया हों... आज वो बेशरम बानी बैठी थी...
तुम आगये salil...chalo मेरे पास aao...di गिलास रख बाहें फैलते हुए बोली..
सर निचे किये मई अंदर आया फिर कपडे उठा कर जबरदस्ती पहनाने लगा...
अनुसुइया: तो तुमने सब देख liya..di के बोलने पर उनके मुँह की गन्दी स्मेल की भाप मेरे नाक में घुस गई.
मई: काश तुम मुझे ज़हर देके मार deti..didi....aur फिर मई फुट फुट के रोने लगा...
अनुसुइया: सष्ठ don't cry...hath पाकर कर दी मुझे अपनी और खिंच लेती hai.fir अपने साइन से मेरा सर सत्ता लेती hai..wo सिर्फ ब्रा में थी.
अनुसुइया: तो तुम मुझे नुदे देख चुके ho..pata था जब मई सेक्स कर रही हों तो चले जाते क्यों देखते रहे मुझे..
जवाब होने पर भी मैंने कोई जवाब नहीं diya...cahera लाल पड़ा था मेरा और जिस्म कैंप रहा था..
अनुसुइया: थोड़ी सी ड्रिंक कर लो तुम ठीक हो जाओगे.
मई: तुमने जीजू को तो बर्बाद कर दिया अब मुझे भी बर्बाद करने पर तुली ho...kaisi बहन हो tum..kehte हुए मई झटके से अलग हो गया..
Mai:tumne उन्हें कुक बनाया वो अपनी अस्स में ब्रश लेते they...didi क्या इंसान ये करते hai...agar कल को आरोही ने मुझे जीजू जैसा बना दिया तो तुम बर्दास्त कर पाओगी क्या.
अनुसुइया: वो चुटिया अभी राम गांडू साला मेरे पास hi आएगा उसकी फैंटसीज सिर्फ मई hi फुल फइलल कर सकती और कोई nhi...tujhe पता है वो मेरा पेट डॉग था मेरा स्लेव मई उसे डोमिनाते करती थी... हाहाहा और उसे मजा अत tha...didi नशे में झूमते हुए boli...fir डोलते हुए अपना गाउन बांधने लगी..
अनुसुइया: तू इतना सत्य मत हो yaar..har लड़की की देसिएर्स होती hai..tujh में नहीं है क्या. तू तो सेक्स के पीछे पागल हो गया था तेरा अंडरवियर जब मई धोती थी तो तेरा वीर्य लगा मिलता था mujhe..rato को जब चेक करने अति थी तुझे तो तेरा ब्लैंकेट हिल रहा होता tha..sAb कुछ जानकर तेरे पास बैठ जाती थी कभी अहसास भी नहीं होने दिया की मई तेरे बारे में सब जानती hon..bin बताये hi तेरा एडिक्शन छुरा दिया इस सब के बाद भी उफ्फ्फ क्या कहु tumhe..tu पहले बिस्तर तोड़ता था न अब भी वैसा hi कर मई तुझे किसी चीज़ की कमी नहीं होने dungi..but but..meri पर्सनल लाइफ में इंटरफेरे करने की इजाज़त तुझे नहीं hai...mai कोई सेक्स एडिक्ट नहीं हों न मई बुरी hon..ye जान लें इस सब के पीछे मेरा एक मक़सद है.
मई :एक hi बात को कितने बार कहोगी तुमसे क्या कहूं..
अनुसुइया: नथिंग... बूत मई चाहती हों तुम इस सब को लेकर उदास न raho...tum अपनी लाइफ में खुश रहो मुझे मेरी लाइफ में रहने दो.
मैंने सोंचा था दीदी जीजू को लेकर परेशां होगी लेकिन दीदी को फर्क भी नहीं पारा उनके जाने से.
तुम इसके लायक नहीं ho..mai दिवार में लगे छोटे से मंदिर को उठाते हुए बोलै .
मई: हर रोज़ मंदिर ले जाना मॉस मछली से दूर रखना बड़े बड़े प्रवचन देना वो सब झूट tha..tumhari सचाई ये hai..didi तुमने मुझे मेरी hi नजरो में गिरा दिया hai..mirror में खुद को देखने के काबिल भी नहीं छोरा.
मई भर्राई आवाज में बोलै फिर फुट फुट कर रोने लगा.
अनुसईया : मेरे पास आओ... please..mai तुम्हे सब बताउंगी लेकिन प्रॉमिस करो मुझे रोकोगे नहीं..
मई: अब भी कुछ कहने सुनने को बचा है ...
कहता हुआ मई मंदिर लेकर आगे बढ़ गया...
मंदिर लेकर मई सीधा घर aya...aarohi वर्षा के साथ बहार hi बेचैनी से कड़ी थी मुझे देखते hi मेरे पास आकर मुझसे लिप्त गयी...
मई भी उसके गले लग कर रोने लगा..
आरोही: क्या हुआ है जान क्यों रो रहे हो...
मैंने अलग होकर ना में सर हिलाया..
बाइक से उतारकर आरोही के साथ मई अंदर आया...
आरोही: ये तो मैंने अनुसुइया के रूम में देखा था तुम वहां से आ रहे हो क्या हुआ jaan...aesi सुसाइडल थॉट्स से भरी बातें क्यों कर रहे They...wo अपने रुमाल से मेरे आंसू साफ़ करते हुए बोली...
वर्षा: जीजू अनुसुइया के साथ क्या हुआ...
वर्षा की आवाज पर मैंने उसे घुरा..
वर्षा: हम बहुत परेशां हो गए थे आपके liye...wo बात बदलते हुए बोली..
मई: मुझे अकेले रहना है कुछ der..kehta हुआ मई आगे बढ़ Gaya..fir मई मनिदर दिवार में लगाने लगा...
मई: हे कनाह* जी मैंने कभी कुछ नहीं माँगा आपसे परन्तु इस baar...man hi मन प्राथना करके मई अपने रूम में आकर लेट गया...
लेते लेते वो सब द्रस्य मेरी आँखों के सामने आ रहे थे....
ाआस्सा....
धमममममम....
बेकाबू होने पर चीखते हुए मैंने अपना सर बीएड पर दे मारा..
दर्द होने पर वो दृश्य मेरे मंद से निकला...
अनुसुइया से कोई बात हुई hai..aarohi मुझे पीछे से हुग करके मेरे बालों में उँगलियाँ फिरते हुए बोली...
मई: हर्षा भाई नहीं ए.
आरोही: हर्षा को कोई काम आगया 2 दिन बाद आएंगे अब wo...aap बताये अनुसुइया से क्या हुआ...
घूमकर मई आरोही के साइन से लग गया वो प्यार से मेरी पीठ सहलाने लगी...
मई: वो बहुत बुरी है aarohi...fir मैंने सब बता दिया...
आरोही: she's सो फूकिंग bitch...mai पहले hi बोली थी आपको जिस्म की देसिरेस कुछ नहीं dekhti....ab भूल जाओ ..मई खाना लती हों ठीक hai...ek बात याद रखना अगर अपने खुद को कुछ किया तो मई भी नहीं बचूँगी...
आज पहली बार मैंने उसकी आंख में आंसू देखा वो भी मेरे लिए...
ये देख मैंने और कसकर उसे हुग कर लिया...
आरोही: हर मुश्किल वक्त में हम एक दूसरे का सहारा बनेगे लेकिन आप कभी हिम्मत न harna...kehte हुए वो मेरे चहेरे को चूमने lagi...fir उठकर चली गयी...
आरोही के फोरस्फुल्ली खिलने पर मैंने थोड़ा सा खा लिया.
फिर वो मुझे लेकर लेट गयी.
आधी रत तक मई लेते लेते कार्बेट बदलता रहा लेकिन मुझे नींद नहीं aayi...aarohi सो गयी thi...sote हुए उसका प्यारा चहेरा और प्यारा दिख रहा था.
थक जाने पर मई बीएड से उठा और अपनी स्टडी टेबल पर आकर बैठ गया...
मेरी हर उस दिन हो गयी थी जब मैंने उस िंहमन लॉ को एक्सेप्ट करते हुए सिग्न किये they...apni पत्नी का प्यार पाने के लिए मैंने ब्रोकर के जीवन को चुन लिया tha..lekin मेरा ज़मीर मुझे आज भी कही मुझमे ज़िंदा है जो मुझे सोने नहीं देता ..अगर वो मुझ पर हावी होता तो शयद मई विष्णु को रोक सकता था दीदी को उनके किये की सजा दे चूका होता लेकिन मई कुछ न कर पाया.
3 बजे तक मई अपनी डेरी पर अपना दर्द लिखता raha.fir बिस्तर पर आकर लेट गया..
अगले दिन 1 बजे मई आरोही की आवाज पर उठा ..
आरोही: ी don't केयर वो कितनी पावरफुल hai...mai उसकी लाइफ को नर्क बना dungi..Mai नफरत और गुस्से की आग में जल रही hon..ek न एक दिन मई उसे ढूंढ लुंगी फिर अपना बदला पूरा karungi...wo फ़ोन पर किसी से बात कर रही थी..
aaaahhh...ankhe खोलकर मई उसकी बातें समझने की कोशिश करने लगा..
मई: किस्से बात कर रही हो .कहकर मई जमाई लेने लगा...
आरोही: उठ गए aap...kaan से फ़ोन हटते हुए उसने स्क्रीन टच करके फ़ोन पास में रख लिया.
आरोही: हर्षा hai....mooh हाथ धो लो मई नाश्ता लगाती hon..Aaj होटल नहीं जाना रेस्ट करना..
सर हिलाते हुए मई उठा फिर नाहा कर बहार आया...
तैयार होकर मई मैंने ब्रेकफास्ट किया.
मई: मेरे कपड़ो में तीन पास रेक है..
आरोही: मई पास के पैसे पाय कर देती hon..jakar अनुसुइया को दे ana.use लगा था मैंने पैसे दीदी से लिए थे..
मई: वो पैसे मेरे थे दीदी के नहीं..
कुछ देर आरोही के साथ बातें करके फिर घर से निकल गया..
जॉब थी नहीं तो इधर उधर hi घूमने लगा...
झमेला की शॉप पर आया तो देखा वहां चिकना बैठा सब्जी बेच रहा है...
मई बाइक कड़ी करके दुकान पर आकर बैठ गया...
कैसे हो सलिल Bhai...wo मुझे देख बोलै.
मई: ठीक हों चिकना..
चिकना: चाबी चाहिए रूम की आशिक़ भाई ने कहा था आपका सामान है आप लेने आएंगे..
मई: अभी नहीं बाद में आऊंगा तुम फ्री हो तो सारा सामान एक बैग में दाल Dena...ek दो दिन में ले जाऊंगा..
एक सिगरेट पीकर मई उठा फिर कई होटल्स के चक्कर काटने लगा लेकिन जॉब नहीं मिली..
रात को थका हरा मई घर को चल Diya....ek छाए की टापरी देख मैंने एक सिगरेट का पैकेट लिया फिर 10 gola..chaye के साथ मई सिगरेट पिने लगा...
टिंग टिंग...
फ़ोन देखा तो आशना का था..
मई: hello आशना..
आशना: कैसे हो भाई कल रत भी कॉल की उठाया नहीं न मस्सगे का जवाब दिया...
मई: बस थड़ा बिजी था..
आशना: मस्सगे चेक किये अपने.
मई: nahi...vaise वो टेबलेट किसकी थी...
आशना: वो एंटी प्रेगनेंसी टेबलेट hai...ise खाने से बेबी नहीं होता..
मई: व्हाट...
आशना: हाँ...
आगे सुने बिना मैंने कॉल कट कर दी...
टापरी से उठकर मई सीधा घर आया....
आरोही किचन से निकल रही.
आरोही : कहा गए थे...
मई : तुम एंटी प्रेगनेंसी टेबलेट खा रही ho...meri बात सुनकर आरोही की एएब्रोस ऊपर को हो गयी...
मई: क्या तुम नहीं चाहती हमारे बेबी हो...
आरोही: ी थॉट ी वास् क्लियर अबाउट थे किड्स salil..jab शादी के लिए प्रोपोज़ किया था तब क्या कहा था tumne...tum और mai...ham दोनों काफी hai..yahi कहा था न..
मई: है कहा था..
आरोही: फिर क्या है ये सब...
Mai:are बचे भी तो हमारे होंगे न.
आरोही: wow..good one..pata है मई तुमसे कितना प्यार करती हों salil...mummy डैडी के रिश्ते में उनका हल देखने के baad..tumse शादी करने के लिए मई रेडडी हो gayi...as ा ी चाइल्ड जैसे मैंने सुफ्फेर किया है मई नहीं चाहती मेरे बचे भी करे..
मई: तुम कहना क्या चाहती ho..ham हमेशा जीवन भर साथ नहीं रहने वाले.
आरोही: वो किसे pata..sirf 4 महीने हुए है हमारी शादी को salil...ham खुश रहेंगे ऐसे hi हमेशा की तरह क्या तुम ये प्रॉमिस कर सकते हो.. प्रॉमिस करने से भी दर लग रहा है न तुम्हे...
मई: प्रॉमिस करने से नहीं दर रहा हों Mai...tumhari सोंच से दर रहा hon...jhagde किस कपल में नहीं hote..mai हमारे खूबसूरत फ्यूचर के बारे में सोंच रहा हों और तुम हो के की हमारी प्रोब्लेम्स के बारे में सोंच रही हो.
आरोही: मई हमारी नहीं बचो को होने वाली प्रोब्लेम्स के बारे में बात कर रही hon..tumhare प्लान किये हुए उस फ्यूचर में कोई भी गलती हुई न तो सजा सिर्फ हमारे बचो को milegi..mai नहीं चाहती जैसे मैंने अपने मम्मी पापा अलग अलग देखा है हमारे बचे भी हमें dekhe..we बोथ एनफ फॉर एच इतर.
मई गुस्से और हैरानी से मिले जुले भाव से उसे देखने लगा..
मई: तुम पागल हो गयी ho...you अरे mad...yahan आया hi क्यों बहार hi रहना चाहिए था मुझे...
कहता हुआ मई गेट की तरफ बढ़ गया...
आरोही : who's सतोप्पिंग you...raho bahar...jab घर आना पसंद नहीं तो ए hi क्यों....
मई: करेक्ट है मेरा hi दिमाग ख़राब tha...tumhe जो करना है karo..tumse शादी करके गलती कर दी...
धम्मं...
कहते हुए बहार निकलकर मैंने दूर बंद कर Diya...door पर आते hi मई रुक Gaya...aur अपने कहे लफ्ज़ो को सोंचने लगा..
आरोही ने मुझे सब बताया था अपने पेरेंट्स को लेकर वो फोर्थ क्लास में थी जब आरोही की कस्टडी उसके पिता ने उसकी मम्मी से ताक़त के डैम पर ले ली thi...usne बहुत सुफ्फेर किया था अपने पेरेंट्स की वजह से...
अंदर से मुझे आरोही की सिसकीओ की आवाज आ रही थी...
गेट खोलकर मई अंदर आया तो देखा वो रो रही है...
एक दूसरे को देखते हुए भागकर हम गले लग गए...
हम दोनों बड़ी बेचैनी से एक दूसरे के जिस्म पर हाथ फिर रहे they..ek दूसरे को खोने का सोंचकर hi हम दोनों बेचैन हो गए थे..
मई: sorry...jaisa तुम्हे ठीक लगे अगर तुम बचे नहीं चाहती...
आरोही: पर देखते है बेबी की नाक किस पर jayegi..but आफ्टर ओने ईयर तब तक हम अपनी लाइफ में खूब सारा एंजोये karenge...kehte हुए उसने अपने लिप्स मेरे होंठो पर रख दिए और वीलडली किश करते हुए मेरे कपडे निकलने लगी....
मई भी किश करते हुए उसके कपडे उतरने laga....kuch पालो में हम दोनों hi नंगे हो गए थे...
आरोही: आज मुझे अनुसुइया समझ कर प्यार Karo...us पर जो गुस्सा है वो निकल लो मई बिलकुल नहीं रोकूंगी....
मई: तुम्हे हर्ट होगा...
आरोही: बिलकुल भी नहीं....
Chatakkkk....bitch...I हेट you...Maine उसके बूब पर थप्पड़ मरते हुए kaha...mere थप्पड़ से भी आरोही रोई नहीं...
आरोही: मुझे मोठे तगड़े लुंड लेने में बहुत मजा आता है छोटे Bhai...mai लैंड लिए बिना रह नहीं पाऊँगी...
मई: रंडी तूने मुझे गलत काम करके बड़ा किया...
चटक...
अगले hi पल मैंने फिर उसके बूब लाल कर diye..fir वीलडली उन्हें मसलने लगा...
आरोही: हिट में हर्डर छोटे Bhai..apni सलूट बहन के बूब्स को लाल कर दो....
चटककक चटककक चटककककक...
आरोही की कामुक ाहो से जहाँ मेरा लैंड झटका खाने लगा वही मई बे दर्दी से आरोही के बूब्स हिट करने लगा...
मई: रंडी दीदी सबको खुश करती है तू अपने भाई का भी लुंड चूस...
वो घुटनो पर आगयी मई बे दर्दी से बाल पकड़ कर उसका माउथ फ़क करने लगा.
काफी देर तक हम दोनों रोले प्ले करते रहे फिर ठक्कर हमने कपडे पहने...
आरोही: मज़ा आया ..
अब हवस और गुस्सा दोनों hi उतर गयी थी मेरे मंद से...
मैंने उसके प्रश्न पर सर हिला दिया....
आरोही: मेरी बातें मानोगे तो बहुत मजे karoge..wo शरारत से बोली...
मई: मेरे हर्ट करने से तुम्हे पैन तो नहीं हो रहा है...
आरोही : no it's स्वीट पैन...
कहकर वो मुस्कुरा दी...
फिर टीवी देखते हुए हमने डिनर किया....
कुछ देर पड़ही करके मई आरोही के पास आकर लेट गया...
अगले दिन भी आरोही अकेले जॉगिंग पर गयी....
नाहा धोकर मई बरामदे में बैठ Gaya...aarohi ब्रेकफास्ट लेकर मेरे पास रखने लगी....
आरोही: जाना नहीं कही हर्षा आ रहा hai...wo पास बैठकर टीवी ों करते हुए boli...fir कप लेकर टिया पिने लगी...
मई : हर्ष भाई कुछ कहेंगे तो नहीं इस छोटे से घर को देखकर...
आरोही: don't वोर्री मैंने सब समझा दिया है...
आरोही : सोना
मिस सोना एक्चुअल में क्या हुआ था तुम्हारी क्लास me...ex c.m के बेटे ने कैसे कैसे आपको हररस kiya...repoter सोना के सामने माइक आगे करते हुए बोली ..
सोना: उसने साथ में वीडियो बनाने के लिए kaha....uska नाम रूद्र सिंह hai...mai मन gayi..fir वो मुझे ऑडिटोरियम में laya..video शूट करते समय वो मुझे गलत तरह से टच करने लगा...
कहकर सोना रोने लगी...
रेपोटर: रोये nahi....khulkar बताये आप...
सोना: उसने ब्रैस्ट पर टच किया नाख़ून मरे कटा... यहाँ स्कर्ट के अंदर हाथ...
रिमोट लेकर मैंने टीवी बंद कर दी....
लाल आँखों से मई अस्स पास राखी चीज़ो को देखने लगा....
एक रोड उठाकर मई बहार को भगा...
आरोही : सलिल रुकूउ....
बाइक पर बैठते hi मैंने उसे सोना के कॉलेज की तरफ बढ़ा दिया.....
कॉलेज आकर देखा कॉलेज का गेट खुला hi था 100 की स्पीड से मैंने बाइक अंदर घुसेड़ दी वॉचमन देखते रह गए....
मई: ये रूद्र कहा मिलेगा...
मैंने एक स्टूडेंट से पूछा...
स्टूडेंट: वो टिक टोकर सोना को हररसे करने वाला..
मैंने पलके झपका के हामी भरी...
स्टूडेंट: कैंटीन में baitha...wo हाथ से इशारा करते हुए बोलै....
मैंने बाइक उधर hi बड़ा दी...
बाइक से उतारकर मई अंदर आया...
मई : c.m का बीटा रूद्र कोण है...
क्या है be...ek लड़का मुझे आवाज देकर बोलै..
मई : तू hi है...
अबे हाँ बोल क्या काम है....
Aaaaaaaaa.....gusse में दहाड़ते हुए मई उसकी तरफ भगा...
धम्म्मम्म्म्म.....
टेबल पर कूदकर मैंने अपनी रोड chalai...jo कान पर lagi...aur वो एक साइड में लुढ़क Gaya....uske कान से खून बहने लगा....
मादरचोद तुझे पता है तूने kise....aaaaaaaaa....
वो आगे कुछ कहता मेरी घूमती रोड उसके जबड़े पर पड़ी और उसके दन्त बहार को गिरे आकर....
मारो सेल ko.....kehte हुए तीन चार लड़के मेरी तरफ बढे..
dhammmmm....aaaaaaaaa....
रूद्र के हाथ पर फिर मरते हुए मई खुनी निगाहो से अपनी तरफ बढ़ रहे स्टूडेंट्स के भेस में छुपे रेपिस्टों को देखने laga...wahi रूद्र बुरी तरह से दर्द में डकार रहा था शायद उसका हाथ टूट गया था....
Aaaassaaaaaa....table पर जम्प करके मैंने हवा में कूदते हुए अपना हाथ घुमाया ..
अपनी तरफ रॉड देख उन सबने हाथ आगे कर लिए....
आआआआ.... aaaaaaa...sale पागल....
रोड पढ़ने से वो बुरी तरह से चीख रहे they....fir मई रुका नहीं बेदर्दी से मरने लगा.
यहाँ है वो रविस sir...bhaiii.....
सोना की चीख पर मई घुमा..
वो रेपोटर के साथ आ रही thi...mujhe देखते hi भागकर मेरे पास आयी फिर मुझसे लिपट कर रोने लगी...
मई : बिल मैंने भर दिया है...
कहता हुआ मई आगे बढ़ गया सोना मुझे आवाज देती रह गयी..
नेक्स्ट कंटिन्यू....
पार्किंग से बाइक निकलकर मई एक जगह लाइट्स ऑफ करके छुपकर सोना का वेट करने लगा...
टिंग टिंग टिंग....
फ़ोन बजने पर मैंने कॉल पिछ ki.call आरोही की थी.
मई: हम्म.
आरोही: ए नहीं अभी तक..
मई: बस आ रहा हों..
आरोही: इतक् गार्डिनिया में 24 अक्टूबर को एक फंक्शन है उसकी थ्री पास ले आएंगे..
Mai:kyo जा रही हो वहां और तीन पास किस लिए.
आरोही: हर्षा होगा हमारे साथ एंड तवो फॉर उस..
मई: अड्रेस मस्सगे कर दो.
आरोही: okay करती हों.
कहते हुए उसने कॉल कट कर दी..
कुछ देर बाद मुझे मस्सगे आया उसी समय होटल से सोना निकलती dikhi...fir वो एक बंव में अपने फिऑन्स के साथ बैठ गयी...
कार हाईवे पर चल दी तो मैंने बाइक उसके पीछे लगा दी....
होटल से सोना सीधे घर आयी...
घर के सामने सोना उत्तरी उसके साथ hi उसका फिऑन्स.
दूर पर आकर सोना ने बेल्ल प्रेस की फिर फिऑन्स को हुग करने लगी...
कुछ देर बाद दी ने दूर खोला खड़े खड़े दी भी उससे बातें करने लगी फिर उसे हुग किया और वो bye कहता हुआ वापस अपनी कार में आकर बैठ गया..
सोना को सेफ देख मैंने अपनी बाइक आरोही के बताये एड्रेसस पर बढ़ा दी....
हाफ ऑवर स्पीड से बाइक ड्राइव करते हुए मई उस जगह पर आया..
इसका पास... मैंने हैरत से कहा.
ये एक फाइव स्टार होटल था.
होटल को देख मेरे हाथ पेअर फूलने Lage..mujhe अंदाज़ा हो गया था पास मेरी औक़ात से बहार है..
पंद्रह मिनट तक मई बहार hi खड़े खड़े सोंचता रहा...
उसकी डिमांड्स पूरी करने पर शायद वो मुझे और ज्यादा प्यार दे...
एक फैसला करके मैंने बाइक आगे कर दी गेट पर hi मुझे वॉचमनस ने रोक लिया...
मई: मई पास लेने आया हों जाने दो अंदर..
मेरी बात सुनकर वो मुझे घूरने Lage...fir एक गार्ड कॉल करने लगा.
चल jaa...usne कुछ देर बाद कहा.
मई होटल ड्रेस में नहीं था घर के कपड़ो में था दिखने में ाचा था इसलिए उन्होंने मुझे अंदर जाने Diya...bike पार्क करके मई रिसेप्शन पर आया.
यस मई आपकी क्या हेल्प कर सकती hon.ek खूबसूरत रिसेप्शनिस्ट ने मुझे देख कहा.
मई: मई पास लेने आया हों..
रिसेप्शनिस्ट: कितने सर..
मई: थ्री..
रिसेप्शनिस्ट: सर आपको सिक्स लैस पाय करने होंगे..
मई: 2 लाख का एक पास..
रिसेप्शनिस्ट: येह तवो लैस.
उसकी बात सुनकर मेरी बोलती बंद हो गयी.
मई उसके सामने पर्स निकलने की एक्टिंग करने लगा...
मई: मम ी थिंक ी फॉरगेट माय वॉलेट ात होम कैन ी के टुमारो..
रिसेप्शनिस्ट: येह सूरे..
उसकी बात सुनकर मई वापस मुद गया.
बहार आकर मैंने बाइक घर के लिए बढ़ा दी ..
रास्ता तये करते हुए सोंचने लगा पैसे कहा से लॉन फिर एक नाम मंद में आया गोंडा रेडडी...
घर आकर मैंने बाइक पार्क की फिर के से लॉक खोलकर अंदर आया..
अंदर आरोही बैठी मोबाइल चला रही थी...
आरोही: पास लाये.
मई: ओह्ह मई भूल गया कल ले aaunga...Maine बहाना बनाते हुए कहा.
आरोही: ठीक है 24 से पहले ले Lena.......jaan ऐसा करे खाना खुद उतारकर खा लें मई थक गयी hon.mujhe भूक भी नहीं है.
मई: ये क्या है आरोही ...मई थका हरा आया हों और तुम मुझे एक गिलास पानी भी नहीं दे सकती..
आरोही: ाचा बैठे मई लती हों...
वो उठी तो उसकी चल में दर्द था..
मई: क्या हुआ जो इतनी थकी हुई लग रही ho..tum घर रहती हो कपडे धोने के लिए वाशिंग मशीन है हम दोनों के बस 4 बर्तन होते है ऊपर के रूम्स मई साफ़ करता hon..itne से काम से कोण थकता है...
मेरी आवाज पर वो रुकी फिर मुड़कर मेरा चहेरा पढ़ने लगी.
आरोही: आज आरव ने हॉस्पिटल में मुझे अपनी हेल्प के लिए बुला लिया था एक ट्रीटमेंट के लिए बस उसी में थक gayi...mere काम की वजह से उसने डिनर किये बिना जाने नहीं दिया.
मई: ाचा तुम बैठो मई खुद खा लूंगा...
मेरे कहने पर वो फिर बीएड पर आकर लेट गयी...
मुँह हाथ धोकर मई किचन में आया फिर खाना लेकर दिन्निग पर बैठ गया....
टिंग टिंग..
फ़ोन बजने पर देखा कॉल आशना की थी...
मई: hi आशना.
आशना: डिसट्रब तो नहीं Kiya...mai न तब से आप hi के बारे में सोंच रही hon...uski बलकुल माध्यम सी आवाज ayi..aesa लग रहा था जैसे वो छुपकर बात कर रही हो...
मई: हम्म क्या सोंच रही थी..
आशना: मैंने नेट पर बंगलोरे के रिसेंटली डेड आईपीएस के बारे में सर्च किया कुछ नहीं मिला फिर मैंने गुमशुदा आईपीएस के बारे ढूंढा फिर भी कुछ नहीं Mila..fir बंगलोरे आईपीएस की लिस्ट चेक की अर्जुन नाम के 6 आईपीएस है सभी ज़िंदा है ..अगर आपका वाले अर्जुन का सर नाम आपको पता है तो आसानी से पता चल जायेगा आपकी वाइफ झूट बोल रही है या सच..
मई: नहीं पता बस आरोही ने अर्जुन कहा था use..Maine धीमे से कहा..
आशना: उम् ऐसा करे जहाँ पिज़्ज़ा देने गए और आरोही मिली वही jaye..aur पता करे अर्जुन वहां रहता है या नहीं.
मई: हम्म ठीक है ये सही रहेगा..
आशना: खाना खा रहे है..
मई: है..
आशना: आप बुद्धू हो वाइफ के पास बैठे मुझसे ये बातें कर रहे..
मई: नहीं वो अंदर रूम में है..
आशना: ओह्ह.. ाचा
मई: तुम डॉक्टर हो न आशना..
आशना: नहीं बन रही हों...
मई: हम्म वही na..mai तुम्हे एक टेबलेट की पिछ भेजता हों देखकर बताओ ये हेडाचे के लिए है..
आशना: व्हाट्सप्प कर दो..
मई: ठीक है bye .
उसने भी bye बोलकर कॉल कट कर दी..
मैंने कहते हुए उसे पिछ सेंड कर di...khakar मई 2ंद फ्लोर पर aya..jahan से अपनी बुक लेकर अपने रूम में...
अपने रूम की टेबल पर बुक रखकर मई चेयर लेकर बैठ गया..
एग्जाम 5 महीने बाद थे इसलिए पड़े भी ज़रूरी thi...ek समस्टर hi क्लियर करना था मुझे.
आरोही: क्या पद रहे है...
मई: वो बस कॉलेज की बुक्स है.
आरोही: आपकी स्टडी तो पूरी हो गयी थी न..
मई: नहीं जान दरअसल मई लास्ट एग्जाम में फ़ैल हो गया था एग्जाम छीन लिया था मेरा वक ने ...मुझे उससे झूट बोलना ठीक नहीं लगा इसलिए मैंने सच बता दिया ये भी की जॉब भी इसी वजह से नहीं लग रही है..
आरोही: यू अरे ा फेलियर..
मई: हाँ so..tumhe तो किसी चीज़ की कमी नहीं होने देता hon.maine गुस्से में खा.
आरोही: मैंने तुमसे माँगा hi क्या है जो कमी होने डोज...
मैंने कुछ कहना ठीक नहीं समझा बात बढ़नी hi थी इसलिए चुप चाप स्टडी करने लगा..
आरोही की बातें बार बार डिस्टर्ब कर रही थी इसलिए एक गोला निकलकर मुँह में दाल लिया.
2 घंटे स्टडी करके मई आरोही के बराबर में आकर लेट गया...
फ़ोन रखकर उसने अपना हाथ मेरे पेट पर रखा मेरा हाथ अपने सर के निचे फिर मुझसे चिपक कर लेट गयी...
आरोही: आज इतने गुस्से में क्यों है..
मई: नथिंग बस ऐसे hi..
आरोही: jaan..bataye जल्दी से वर्ण मई नाराज हो जाउंगी..
मई: मई सुबह दिन में निकलता हों और रत में अत हों सारा दिन कुत्तो की तरह म्हणत करने के बाद bhi..tum मेरे आने पर मुझे एक स्माइल भी नहीं दे sakti..aur कह रही हो मैंने क्या किया है तुम्हारे लिए... अपनी जान से जयादा प्यारी बहने chhodi..chhoti सी जॉब कर रहा हों ...मई कैसे खर्चा चला रहा हों तुम्हे पता भी hai...mai थक गया hon..tum साथ थी तो हिम्मत मिलती थी लेकिन अब तुम भी ठीक से बात नहीं karti..Tut गया हों मई.. कहकर मैंने उसका सर हाथ पर से उठाया फिर कार्बेट बदल कर लेट गया...
कुछ पल बाद मुझे उसका भर अपनी पीठ पर महसूस hua..aur उसका हाथ मेरी कमर par..wo मुझसे चिपक कर लेट गयी.
आरोही: हम्म तो ये बात hai..jaan हो आप मेरी पता है apko...kaan पकड़ती हों कभी आपसे लड़ाई नहीं करुँगी...
मई: मुझ पर गुस्सा तो नहीं करोगी और न कभी गुस्से में बात..
आरोही: नहीं...
मई: मुझे अपने डिलडो से दरोगी तो नहीं..
आरोही: हहै नहीं..
Mai
मई: तुम साथ होगी तो मई हर मुश्किल से लार लूंगा..
आरोही: मई अपनी जान के साथ हों हर कदम पर...
उसके जवाब पर मई उसके होंठो को चुम लेता हों..
मेरे रुकने पर वो सर आगे करके मेरे लिप्स को अपने लिप्स की कैद में कर लेती है..
काफी देर किश करके वो हटी..
उसकी आंखे चमक रही थी...
मई: तुम थकी हुई हो जान..
आरोही: हम्म्म
मई: मई पेअर दबा देता hon..kehte हुए मई उठा और आरोही के पेअर दबाने लगा...
आरोही: कितने अचे हो आप.
मई: शट उप...
वो खिलखिला कर है दी लेकिन उसकी आँखों में आंसू थे..
मई: क्यों रो रही हो पागल..
आरोही: बस आपका प्यार देखकर माय हीरो..
मई: आज सोना मिली थी... होटल में खाना खाने आयी thi...uski इंगेजमेंट हो गयी है..
आरोही: व्हाट हमें बुलाया भी नहीं..
मई: कोई बात nahi..wo खुश है उस लड़के के साथ और मुझे क्या चाहिए... एनीवे दीदी का डिवोर्स हो गया hai...meri दीदी जीजू से बहुत प्यार करती थी..
आरोही: अनुसुइया काम hi ऐसे करती thi...jaan आप तो नहीं छोड़ोगे मुझे कभी...
मई: जो मई कहना चाहता था वो तुमने कह दिया ..
आरोही: बैक दबा दे फिर अजय...
उसके घूमने पर मई उसकी जंघे और पीठ दबाने लगा...
आरोही: यहाँ पर .वो अपनी अस्स पर हाथ रखते हुए बोली...
अगले hi पल उसकी नरम अस्स को मई मुट्ठी में भर दबाने लगा..
उसकी अस्स दबाते हुए मेरा भी खड़ा हो Gaya...lekin थकन की वजह से मेरा आगे बढ़ने का मन नहीं हो रहा था...
आरोही: चलो ajaye...maja आगया...
मई : मुझे भी...
आरोही : हेहेहे नौगहत्य..
पास लेटकर मैंने उसे बाँहों में भर liya....aur आंखे बंद कर ली..
anusuiya's होम..
सोना के फिऑन्स के जाने के बाद दोनों बहने अंदर अति है...
सोना: दी खाना खा लिया अपने..
अनुसुइया: haa..chalo आओ सोते है...
बैडरूम में आकर दोनों बहने एक दूसरे के पास hi लेट जाती है..
सोना: दी आज मुझे भाई मिला..
अनुसुइया: कहा पर.
सोना: जहाँ मई डिनर करने गयी वही par..wo वेटर की जॉब करते है..
अनुसुइया: हम्म.
सोना: अब खुश है aap...bhai को इस हल में देखकर लोग उन्हें गलियन देते hai...jinhone यहाँ एक बर्तन भी नहीं उठाया वो टेबल साफ़ कर रहे थे...
अनुसुइया: तुझे ऐसा लगता है सोना..
सोना: आपको सब पता था उनकी स्टडी कम्पलीट नहीं है उनका नेचर कैसा hai...aese hi अकेला छोर Diya..sirf गुस्से की वजह se...sach कहूं तो मई सेह नहीं पा रही हों भाई को इस हल में dekhkar..bechain हो गयी hon..bhut ज्यादा..
अनुसुइया: तुम वही हो न जो कह रही थी भाई चले गए तो ाचा hi हुआ न कोई रोक टोक न झगड़ा एक डैम बिंदास लाइफ जी रही hon..I'm राइट..
सोना : मुझे नहीं पता था भाई इस हल में hoge...kehte हुए सोना के आंसू निकलने लगते hai.ye देख अनुसुइया उसे अपने साइन से चिपका लेती है...
सोना: आप भी मुझे टॉन्ट मार rahi....mai भाई से ज्यादा आपसे प्यार करती हों didi...aap जो करेगी और कहेगी वही मेरे लिए सब कुछ है...
अनुसुइया: माय sweetheart...chal अब जा एक पेग बना कर ला.
सोना: दी आप आलरेडी ड्रंक हो.
अनुसुइया: जाओ भी..
सोना: बस एक .कहते हुए सोना उठ जाती है कुछ देर बाद बोतल गिलास चिप्स लेकर बीएड पर अति है...
पग बनाकर सोना अनुसुइया को देती है जिसे लेकर वो पिने लगती है.
सोना: दी एक मई भी पि lon...plzzz..
सोना की बात सुनकर अनुसुइया मुस्कुरा देती hai..anusuiya की हाँ मिलते hi सोना भी पिने लगती है.
सोना: भाई साथ होते मुझे hi नहीं आपको भी नहीं पिने dete..hehehe.
अनुसुइया: कामिनी...
सोना: दी मैंने पैसे देने चाहे उन्होंने मन कर दिया..
अनुसुइया: वो नहीं लेगा...
सोना: वापस ले ए दी उन्हें जब तक मई यहाँ हों उनके साथ रहना चाहती हों एक साल बाद तो मई चली hi जाउंगी...
अनुसुइया: मैंने कोशिश की थी वो नहीं आया Sona...ab तो वो नशा भी करने laga...ufff उसने सुसाइड की भी कोशिश ki...anusuiya सोंचते हुए बोली..
सोना: दी भाई आपको चरक्टेरलेस कह रहे they..Maine उन्हें वही सुना दिया ..
अनुसुइया: तुझे ऐसा नहीं कहना चाहिए था सोना ... वो बड़ा भाई है तेरा..
सोना: दी घाना भी तो भाई hi है हमारा कितनी रेस्पेक्ट करता है मेरी और आपकी..
अनुसुइया: तू फिलहाल उसे कुछ मत कहना अब अगर वो मेरे बारे में कुछ कहे..
सोना: सॉरी दी मई नहीं सुन सकती..
अनुसुइया: मई तेरा प्यार समझ रही हों सोना बूत उसने जो भी कहा वो सही hi तो है..
सोना: शट उप di..jis बहन ने हमें माँ बाप का प्यार दिया इतनी अछि लाइफ दी उसके अगेंस्ट कैसे सुन सकती हों कुछ..
अनुसुइया: ाचा बता अब क्या चाहती है.
सोना: मई चाहती हों वो खुश रहे ऐसे नहीं जैसे है.. हमने ठीक से भाभी को जाना भी नहीं..
अनुसुइया: है मैंने जल्दबाजी kardi...aese नहीं भेजना चाहिए था साथ रहकर आरोही को भी अचे से जान lete...but उस टाइम वो मुझे ाचा रीज़न लगा सलिल को ठीक करने ka..but अब अपने hi फैसले पर पचता रही हों..
सोना: मई कोशिश करुँगी दी लेन की.
अनुसुइया: चल सजा तू वैसे भी तू झूम रही है..
सोना: हेहेहे आप भी...
जान उठो जॉगिंग पर चले...
मई: नहीं मई थका हुआ hon...Maine नींद में कहा..
मई: जब जॉगिंग से ाजाओ तब उठा देना मुझे...
क्षकार मैंने फिर आंखे बंद कर ली...
आरोही के फिर से जगाने पर मई उठा...
मई: कर आयी जॉगिंग..
आरोही: han...chalo जल्दी से उठ जाओ फिर नाश्ता करना...
आरोही की बात सुनकर मई उठा फिर नहाया धोया तैयार होकर आया तो वो ब्रेकफास्ट लगाने लगी..
आरोही: आज हर्षा और और हरषि आ रहे है जल्दी अजना..
मई: acha...saman की लिस्ट बना दो मई ले आऊंगा...
आरोही: नहीं आप जाये मई ले aaungi..aur हाँ आपके फ्रेंड विजयवाड़ा पहुंच गए है.
टिंग टिंग..
मई बात hi कर रहा था की फ़ोन बजने laga..call झमेला की थी...
उससे बात करते हुए मैंने ब्रेकफास्ट Kiya...jhamela पहुंच गया था...
ब्रेकफास्ट करके मई चल दिया...
कुछ देर ड्राइव के बाद मई होटल आया...
साफ़ सफाई करते हुए hi मुझे आर्डर आगया... जिसे लेकर मई चल दिया...
आर्डर देके लौटते समय मैंने बाइक जीजू के घर की तरफ बढ़ा दी...
1 ऑवर बाद मई उनके घर पर था..
मेरे सामने दीदी की सास वैष्णो बैठी thi...jiju अब्रॉड चले गए थे.
मई: आंटी जी ऐसा क्या हुआ जीजू ने जो दीदी को क्यों डाइवोर्स दिया..
आंटी: हमने सब बर्दास्त किया जब अनुसुइया ने कहा मेरे छोटे छोटे भाई बहन hai..mai ज्यादा समय यहाँ नहीं रह सकती मुझे उनकी देखभाल करनी होती hai..hamne सब मन ... लेकिन पार्टी वाली रात मैंने अनुसुइया को रेंज हाथो पकड़ा मेरा बीटा अपना लैंड हिला रहा था और अनुसुइया किसी और से चुद रही thi...aunty ने बिलकुल खुले शब्दों में कहा जिसे सुन जहाँ मई झेप गया वही मेरा सर शर्म से झुक गया...
आंटी: मैंने बस दो गंदे शब्द कहे और तुम्हारा सर शर्म से झुक गया सोंचो मेरा क्या हल हुआ होगा जब मैंने अपने बेटे और बहू को इस हल में देखा hoga...aesi खूबसूरती का क्या फायदा जो परिवार के लिए श्राप बन Jaye..agar वो यहाँ रहती तो मेरी नस्ले बर्बाद हो jati...Mera घर रंडी खाना बन जाता ...पता है मेरे बेटे को तुम्हारी बहन ने गांडू तो बनाया hi साथ में बेवक़ूफ़ bhi...wo अनुसुइया के साथ जब था तो हर बात को डबल डबल कहता tha...ha बिलकुल है बलकुल ....जैसे hi अनुसुइया के सहर से निकला बिलकुल ठीक हो Gaya...usne एक अंग्रेजन से वही अब्रॉड में इंगेजमेंट भी कर Li..aur खुश भी बहुत है wo...tumhe ये सब मई इसीलिए बता रही हों की तुम अपनी बहनो की तरह नहीं हो.
मई: आंटी दीदी ने आप लोगो को तो कभी नुकसान नहीं पहुंचाया na..vaishno तुम hi बताओ क्या दीदी कभी तुम्हे गलत रह पर ले गयी.
वैष्णो: मेरे साथ भले कुछ न किया लेकिन मेरे भाई को तो गांडू बना दिया na...bhai को अपनी गांड में ब्रश डालते देखि mai...mere अभी राम भाई ऐसे कभी नहीं थे जैसे तुम्हारी बहन ने बना दिया..
वैष्णो की बात सुनकर मैंने आंटी के पेअर पकड़ लिए मेरी आंखे भीग गयी थी शर्मिंदगी से.
मई: आंटी प्लीज ऐसा मत करो दीदी जीजू से बहुत प्यार करती hai...mai उन्हें सुधर कर फिर यहाँ ले आऊंगा मई वडा करता हों दीदी कभी गलत काम नहीं करेगी बस आप उन्हें अपना lo...didi जो कमाएगी वो सब मई आपको hi दिलाऊंगा... प्लीज आंटी जीजू को रोक lo..fir से विवाह करने से.
आंटी: सलिल पेअर छोरो mere...aunty के पेअर झटकने पर मैंने उनके पेअर छोर दिए.
आंटी : salil..tum भी अब शादी शुदा हो एक सवाल का जवाब दो अगर तुम्हारी वाइफ तुम्हे गांडू बना दे तुम अपनी गांड में ब्रश लेने पर मजबूर हो जाओ बताओ फिर तुम ऐसी औरत के साथ रहना chahoge...Maine बड़ी मुश्किल से उसे खुद से दूर किया hai..ab दुबारा उसे अपना कर मई अपने बेटे और अपने परिवार की लाइफ बर्बाद नहीं कर sakti....pehle जब मैंने उसे डाइवोर्स के लिए कहा तो वो मुझे धमकी देने लगी की क़ानूनी कर्यह्वाही ki..Aaj कला कानून है जो सिर्फ औरत की सुनता मेरा बीटा तो पीस jata...wo रंडी कोई भी इलज़ाम लगा कर मुझे मेरे बेटे मेरी बेटी को जेल में डलवा deti...wo तो मैंने उसकी रिकॉर्डिंग कर ली थी और तुम्हे दिखने की धमकी दी तब जाकर उसने डाइवोर्स दिया वर्ण तो वो पकडे जाने पर भी मुझे धमकिया दे रही थी...
आंटी में बहुत नफरत भरी थी दीदी के लिए इसलिए मई उठ गया उनके पास se...unka इतना गुस्सा करना कही न कही सही भी था.
बहार आकर मैंने बाइक स्टार्ट की और चल दिया होटल ....
होटल आया तो नायडू मुझे टेबल के पास hi मिल गया मुझे देखते हुए उसने हाथ जोड़ लिए.
नायडू: सलिल मुझे माफ़ कर दो लेकिन अब तुम यहाँ जॉब नहीं कर सकते....
मई: क्यों sir...aesa क्यों कह रहे है नायडू sir...mujhse कोई गलती hui..naydu की बात सुनकर मई बुरी तरह से चौंक गया..
नायडू : प्लीज चले जाओ यहाँ से..
कुमार: तुम्हारे जाने के बाद एक लड़की जो खुद को तुम्हारी बहन कह रही थी usne..naydu सर को बुलाया फिर गरम खाना सर के ऊपर दाल दिया..
लड़की: घटिया इंसान तेरी हिम्मत कैसे हुई मेरे भाई को गधा कहने की..2 मींचे नहीं लगेंगे तेरा ये होटल गिराने में मुझे..
नायडू: उस 2 टेक के वेटर की बहन होकर इतनी गर्मी दिखा रही है मई तो कपड़ो से तुझे कोई मैडम समझा था इसलिए बेइज्जती सेह गया लेकिन अब तुझे नहीं छोड़ूंगा..
चटककक...
नायडू सर का इतना कहना था की तुम्हारी बहन ने नायडू सर का गाल लाल कर दिया फिर आँखों hi आँखों से अपने साथ ए लड़के को देखा.
तुम्हारी बहन का इशारा पते hi उसने बे हिसाब नायडू सर को मारा..
लड़की: कारन रुक jao..itna बहुत है उस ढेर फुटिये के लिए.
कारन: सेल तू जनता है मई कोण हों गुप्ता एम्पायर का वारिस ऐसे सेकड़ो होटल मई दान कर देता हों वो तो इसकी वजह से तेरे इस घटिआ होटल में आगया था..
लड़की: अब ध्यान से सुन मेरा भाई यहाँ जॉब कर रहा है इसलिए तुझे छोर रही हों दुबारा तूने उसकी इंसल्ट की तो मई तेरे सर के बचे हुए बल भी अपनी मर से गिरा दूंगी..
कुमार के मुँह से साडी बात सुन कर मई समझ गया नायडू का ये करना जायज है.
नायडू: तुम कोण हो तुम्हारा बैक ग्राउंड क्या है ये जाने बिना मैंने तुम्हे रखा लेकिन अब nahi..tum चले जाओ प्लीज.
मई: ठीक है..
नयडु: ये लो तुम्हारे इस मंथ के paise...ek नोटों की गद्दी उसने मेरी तरफ बढ़ाते हुए कहा..
पैसे लेकर मैंने ड्रेस चंगे की फिर होटल से निकल गया...
एक पार्क के पास आकर मैंने बाइक रोकी फिर पार्क में आकर एक बेंच पर बैठकर मैंने सिगरेट जला ली...
सिगरेट पिटे हुए hi मैंने सोना को कॉल लगा दी...
मई: क्यों किया तूने ye..call रिसीव होते hi मई उसपर गरजा.
सोना: उम्म्म क्या किया..
Mai:mai अपने होटल ओवर की बात कर रहा हों तूने अपने फिऑन्स से क्यों पिटवाया उसे.
सोना: उस कुत्ते की हिम्मत कैसे हुई मेरे सामने मेरे भाई की इंसल्ट करने की कोई मेरी करेगा तो आप देखते क्या..
मई: इतनी मुश्किल से जॉब मिली तेरी वजह से वो भी चली गयी ..
सोना: मेरे लिए काम करेंगे साल्लेर्य 10 गुना ज्यादा dungi..kam कुछ नहीं बस मेरे साथ घर पर रहना है.
मई: अपना पैसा अपने पास रख दुबारा मेरी लाइफ में इंटरफेरे नहीं करना .
सोना: हेठे नाराज़ क्यों हो रहे..
आगे सुनने से पहले hi मैंने कॉल कट कर दी...
सिगरेट पीकर मई गोला निकलने लगा न होने पर मई बाइक पर aya..aur चल दिया गोंडा रेडडी के घर..
एक ऑवर बाद मई गोंडा रेडडी के घर आया...
उसके आदमी मुझे पहचानते थे इसलिए किसी ने मुझे नहीं रोका...
जैसे hi मई गोंडा रेडडी के पास पंहुचा चीखो की आवाज सुन मई रुक गया.
गोंडा रेडडी के लोग एक आदमी को बुरी तरह मार रहे थे....
गोंडा रेडडी झूले पे बैठा हेड मस्सगे करवा रहा था...
रेड्डी साहब मई आपके पैसे दे दूंगा .... प्लीज मुझे छोड़ do..gonda रेड्डी जी...
पीटते हुए वो आदमी गोंडा रेड्डी की विनती कर रहा था..
सेल गोंडा भाई को होसियारी दिखायेगा...
आआआहहह... aaaahhhhhh....aaaahhhh...
कहकर गोंडा रेड्डी का आदमी उसे मरने लगा और वो आदमी दर्द में चीखते हुए फिर गोंडा रेड्डी की विनती करने लगा...
क्यों रे छोकरे क्यों आया है..
गोंडा रेड्डी की आवाज पर मेरा ध्यान उसकी तरफ गया..
मई: ji.ji..wo कुछ पैसे..
दर से मेरी आवाज कैंप रही थी.
एक बात साफ़ हो गयी थी अगर पैसे नहीं दिए तो गोंडा रेड्डी मेरा भी यही हल karega..sharmindgi से बचने के लिए और अपने रिश्ते को ठीक रखने के लिए मुझे रिष्क तो लेना hi था..
गोंडा रेड्डी : बकरी की तरह मेमेय क्यों रहा hai...bata कितना चाहिए..
मई: जी 6 लाख..
मैंने सोंच लिए था अगर पैसे चुकाने में देरी हुई तो गोल्ड बेच कर पैसे चूका दूंगा..
रेड्डी: हरिया पैसे दे रे isko...aur तू एक बात जान ले अगर पैसे नहीं चुकाए समय पर तो इसकी जगह पर तू होगा...
मई: चूका दूंगा पैसे रेड्डी सर.
रेड्डी: ले जाओ रे इसको इसकी किडनी बगैरह निकल के मार दो...
रेड्डी की बात सुनकर मेरे पेअर जैम गए और मई सोंचने लगा मुझे पैसे लेने चाहिए या नहीं लेकिन मेरे पास कोई चारा भी नहीं था इसलिए मई चल दिया हरिया के साथ...
नहीं रेड्डी ऐसा मत करो मई तुम्हारे पैसे चूका दूंगा..
होने पीछे से मुझे उस आदमी की चीखे सुनाई दे रही थी...
हरिया से पैसे लेकर मई चल दिया होटल पास lene..hariya ने 1 साल का समय दिया था ये कहकर की हर मैंने 40 हजार किश्त देनी होगी..
होटल आकर मैंने तीन पास लिए फिर बाइक अपने नए घर की तरफ बढ़ा दी...
कुछ देर बाद मई अपने घर के सामने था...
बाइक कड़ी करके मैंने वेल प्रेस की...
मई दीदी से बात करने आया था जीजू को lekar..subah से आंटी की बातें मेरे दिमाग में चल रही थी..
कई बार वेल प्रेस होने पर थोड़ा सा दूर खुला..
किसी मर्द की झांकती आँखों को देख मैंने धक्का देकर दूर पूरा खोल दिया...
दूर खोलने वाला विष्णु था घाना का बाप..
जैसे hi मई अंदर घुसा मैंने उसे देखा वो सिर्फ टॉवल में था उसकी टॉवल में उसके डिक की बड़ी से शेप दिख रही थी...
विष्णु: अनुसुइया बिजी है थोड़ी देर वेट कर लो..
कहता हुआ वो आगे बढ़ Gaya..door बांध करते हुए विष्णु को इस हाल में देख मई समझ गया अंदर क्या हो रहा होगा...
सोना भी कही दी की तरह तो nahi..sonchte hi मेरे पेअर कंपनी Lage...bojhal कदमो के साथ मई विष्णु के पीछे चलता हुआ दीदी के रूम में आया...
सलिल को देख विष्णु ने मन में सोंच लिया था की वो उस दिन का बदला लेगा जब सलिल ने राधा को लेकर उसका अपमान किया था...
जैसे hi मई दूर पर आया दी को देख शर्म से मेरा सर झुक Gaya..wahi विष्णु ने अपनी टॉवल खोल दी थी...
दी मेरी तरफ पीठ किये बीएड पर घोड़ी बानी thi..bilkul नंगी थी उनके बदन पर एक भी कपडा नहीं था रूम में उनके कपडे बिखरे पड़े थे और रूम में कई अल्कोहल की बॉटल्स राखी थी..
अनुसुइया: कोण था...
विष्णु: वेट करने को कहा है..
अनुसुइया : अब बर्दास्त नहीं हो रहा है जल्दी से दाल दो..
विष्णु: अभी लो मेरी जान मेरा मोटा लौड़ा.
दीदी के कहते hi विष्णु अपना लैंड दी की छूट पर सेट करता है फिर एक ज़ोर का धक्का मरता है...
अनुसुइया: aaaaaaahhhhhhhhhhh हययययययीईइ....
विष्णु के एक hi धक्के से दी कूद गयी thi....Vishnu का लैंड भी मुझसे डबल था...
दी उसके सामने बिलकुल बची लग रही थी...
चप्प्प छप्प छप्प..
अनुसईया: aaaaaahhhhhh...zalimmmmmmmm.....aahhhhhhhhhhh....uiiiiiii......aaaaahhhhhhhh.....yessssssssss..
बहुत मोटा लैंड है tumhara....aaaaahhhhh फाड़ डीइइइइइइ....
रूम विष्णु के धक्को से गूंज रहा था दी दर्द और मजे में कामुक चीखे निकल रही थी...
विष्णु: आआह्ह्ह्हह्ह अनुसुइया तुम्हारी छूट कितनी टाइट है... आआह्ह्ह्हह्ह... बताओ मेरे बड़े लैंड से चुड़ते हुए मजा आ रहा है...
विष्णु तेज तेज धक्के मरते हुए बोलै...
अनुसुइया: aaaaahhhhhh....bhut मजा आ रहा है... ओह्ह्ह्ह आआअह्ह्ह बहुत मोटा लैंड है तुम्हारा aaaahhhhh....yesssss और तेज आआह्ह्ह्हह्ह....
विष्णु: लो मेरी जाआँ आआह्ह्ह्हह्ह..
अनुसुइया: आआह्ह्ह्हह्ह हैए dhireee...aaaaaahhh मई जहर रही हों....
विष्णु: अगर सलिल आगया इस समय तो तुम मेरे लैंड से छोड़ना बंद कर डौगी अनु.
अनुसुइया: आआआअह्हह्ह्ह्ह noooooo....aur तेज aaaaaaaaahhhhhh..yesssssss....more fasttttttt....harderrrrrrrrr...yessssssss.
विष्णु: that's माय बेबी....
विष्णु : जान मेरी गॉड में ाजाओ.
लैंड निकल कर विष्णु बीएड पर आगया फिर उसने दीदी को बाँहों में भर कर उठा लिया...
दीदी की अब पीठ मेरी तरफ थी और विष्णु का मुँह.. दीदी उसकी बाँहों में थी ..
मुझे देखते हुए विष्णु ने अपना लैंड दीदी की छूट पर रखा फिर एक ज़ोर का धक्का मारा...
अनुसुइया: आआआहहह zalim...aaaaahhhh...yessss... निचोड़ लिया अंकल tumne....aaaaashhh मुझे धक्के अंदर तक मेहुस हो रहे है.
दी की चीखो पर विष्णु मुझे देख मुस्कुरा रहा था.
विष्णु : ऐसा तगड़ा लैंड तुम्हे रोज़ चाहिए बोलो अनु.
अनुसूया: यस अंकल yes..Roz ohhhhh...yes...yessss...aaaahhhhh..aur तेह छोड़ो आआअह्ह अंकल.
मई पत्थर की तरह जमा था मेरे आंसुओ से मेरा पूरा चहेरा भीग गया था...
जब मुझसे बर्दास्त नहीं हुआ तो मई गेट के पास की दिवार के पास घुटनो में मुँह दाल के बैठ गया..
छोड़ दिया वो रास्ता
जिस रास्ते से तुम थे गुज़रें
तोड़ दिया वो आइना
जिस आईने में तेरा अक्स दिखे
मैं शहर में तेरे
था गैरो सा
मुझे अपना कोई न मिला
तेरे लम्हों से
मेरे जख्मों से
अब तोह मैं दूर चला
रुख न किया उन् गलियों का
जिन गलियों में तेरी बातें हो
छोड़ दिया वो रास्ता
जिस रास्ते से तुम थे गुज़रें
मैं था मुसाफिर राहन का तेरी
तुझ तक मेरा था दायरा
मैं भी कभी था मेहबार तेरा
खानाबदोश मैं अब ठहरा..
छूटा नहीं उन् फूलों को
जिन फूलों में तेरी खुसबू हो
रूत गया उन् ख़्वाबों से
जिन ख़्वाबों में तेरा ख्वाब भी हो
कुछ भी न पाया मैंने सफर में
होक सफर का मैं रह गया
कागज़ का बोसीदा घर था
भीगते बारिश में बह गया
भीगते बारिश में बह गया
देखूं नहीं उस चांदनी को
जिस में के तेरी परछाई हो
दूर हूँ मैं इन हवाओं से
ये हवा तुझे छू के भी आयी न हो
बहुत देर तक दोनों की आहों की आवाजे मेरे कानो में आती rahi...ghutno में मुँह डेल मई सिसकता रहा.
भूल जा मैंने तेरी बहन को छोड़ा hai...uth जा के मिल ले चुद गयी है वो...
विष्णु की आवाज पर मैंने सर घुटनो से निकला फिर खली खली आँखों से उसे देखने लगा..
मई उसकी जान लेना चाहता था लेकिन मेरे जिस्म ने मेरा साथ नहीं दिया...
मई बस उसे देखता रह गया और वो मेरा मजाक उड़ाते हुए चला गया...
धम्म्मम्म....
सदमे में शॉक की वजह से मई एक साइड में लुढ़क Gaya..Mera सर फर्श से जा लगा...
सोना आगयी हो kya..jara मस्सगे देना akar...sona....
दी की आवाज पर मेरी बंद होती आंखे फिर से खुल गयी..
काफी देर वैसे hi पड़े रहने के बाद मैंने फ़ोन निकलकर कॉल आरोही को लगा दी...
मई: जान...
आरोही: बेबी आपकी आवाज को क्या हुआ..
मई: क्या तुम मेरे बिना जी लोगी..
आरोही: कैसी बातें कर रहे है..
मई: मेरे बाद किसी से शादी कर Lena..tumhare पास मेरी जेब में है..
आरोही: बकवास बंद Karo..kaha हो abhi...Maine पूछा कहा ho...mai होटल आ रही hon..speaker ों Karo...inke अस्स पास जो भी है वो ध्यान से सुन len...mai होटल को आग लगा दूंगी अगर इन्हे कुछ hua...salil मई बस आ रही hon..call कट मत करना please..salil सुन रहे हो tum...bolo Naa...salill... प्लीज jaan...kuch मत karna...mai बहुत चाहती हों आपको... please..salil...
मई: मई आ रहा हों...
कहकर मैंने फ़ोन जेब में दाल लिया...
किसी तरह मई खड़ा हुआ...
अंदर दी बैठी पि रही थी..
सलिल तुम हो ye...mujhe देखते hi दी ने कहा वो फिर अपनी आंखे मसलने lagi...didi बिलकुल नंगी बैठी थी...
सलिल तू इस औरत के लिए मरने जा रहा है.. आरोही का सोंच वो कैसे बेचैन हो गयी thi...tujhe कुछ हो गया तो उसका क्या होगा.. लोग नोच खाएंगे use..apne मन की आवाज सुन मैंने अपने आंसू पॉच लिए.
दी को मैंने कभी इस हल में नहीं देखा था 10तह क्लास में जब मई आगया था तब दी ने मुझे दूसरे रूम में सुलाना शुरू कर दिया था ये कहकर की मई अब बड़ा हो गया हों... आज वो बेशरम बानी बैठी थी...
तुम आगये salil...chalo मेरे पास aao...di गिलास रख बाहें फैलते हुए बोली..
सर निचे किये मई अंदर आया फिर कपडे उठा कर जबरदस्ती पहनाने लगा...
अनुसुइया: तो तुमने सब देख liya..di के बोलने पर उनके मुँह की गन्दी स्मेल की भाप मेरे नाक में घुस गई.
मई: काश तुम मुझे ज़हर देके मार deti..didi....aur फिर मई फुट फुट के रोने लगा...
अनुसुइया: सष्ठ don't cry...hath पाकर कर दी मुझे अपनी और खिंच लेती hai.fir अपने साइन से मेरा सर सत्ता लेती hai..wo सिर्फ ब्रा में थी.
अनुसुइया: तो तुम मुझे नुदे देख चुके ho..pata था जब मई सेक्स कर रही हों तो चले जाते क्यों देखते रहे मुझे..
जवाब होने पर भी मैंने कोई जवाब नहीं diya...cahera लाल पड़ा था मेरा और जिस्म कैंप रहा था..
अनुसुइया: थोड़ी सी ड्रिंक कर लो तुम ठीक हो जाओगे.
मई: तुमने जीजू को तो बर्बाद कर दिया अब मुझे भी बर्बाद करने पर तुली ho...kaisi बहन हो tum..kehte हुए मई झटके से अलग हो गया..
Mai:tumne उन्हें कुक बनाया वो अपनी अस्स में ब्रश लेते they...didi क्या इंसान ये करते hai...agar कल को आरोही ने मुझे जीजू जैसा बना दिया तो तुम बर्दास्त कर पाओगी क्या.
अनुसुइया: वो चुटिया अभी राम गांडू साला मेरे पास hi आएगा उसकी फैंटसीज सिर्फ मई hi फुल फइलल कर सकती और कोई nhi...tujhe पता है वो मेरा पेट डॉग था मेरा स्लेव मई उसे डोमिनाते करती थी... हाहाहा और उसे मजा अत tha...didi नशे में झूमते हुए boli...fir डोलते हुए अपना गाउन बांधने लगी..
अनुसुइया: तू इतना सत्य मत हो yaar..har लड़की की देसिएर्स होती hai..tujh में नहीं है क्या. तू तो सेक्स के पीछे पागल हो गया था तेरा अंडरवियर जब मई धोती थी तो तेरा वीर्य लगा मिलता था mujhe..rato को जब चेक करने अति थी तुझे तो तेरा ब्लैंकेट हिल रहा होता tha..sAb कुछ जानकर तेरे पास बैठ जाती थी कभी अहसास भी नहीं होने दिया की मई तेरे बारे में सब जानती hon..bin बताये hi तेरा एडिक्शन छुरा दिया इस सब के बाद भी उफ्फ्फ क्या कहु tumhe..tu पहले बिस्तर तोड़ता था न अब भी वैसा hi कर मई तुझे किसी चीज़ की कमी नहीं होने dungi..but but..meri पर्सनल लाइफ में इंटरफेरे करने की इजाज़त तुझे नहीं hai...mai कोई सेक्स एडिक्ट नहीं हों न मई बुरी hon..ye जान लें इस सब के पीछे मेरा एक मक़सद है.
मई :एक hi बात को कितने बार कहोगी तुमसे क्या कहूं..
अनुसुइया: नथिंग... बूत मई चाहती हों तुम इस सब को लेकर उदास न raho...tum अपनी लाइफ में खुश रहो मुझे मेरी लाइफ में रहने दो.
मैंने सोंचा था दीदी जीजू को लेकर परेशां होगी लेकिन दीदी को फर्क भी नहीं पारा उनके जाने से.
तुम इसके लायक नहीं ho..mai दिवार में लगे छोटे से मंदिर को उठाते हुए बोलै .
मई: हर रोज़ मंदिर ले जाना मॉस मछली से दूर रखना बड़े बड़े प्रवचन देना वो सब झूट tha..tumhari सचाई ये hai..didi तुमने मुझे मेरी hi नजरो में गिरा दिया hai..mirror में खुद को देखने के काबिल भी नहीं छोरा.
मई भर्राई आवाज में बोलै फिर फुट फुट कर रोने लगा.
अनुसईया : मेरे पास आओ... please..mai तुम्हे सब बताउंगी लेकिन प्रॉमिस करो मुझे रोकोगे नहीं..
मई: अब भी कुछ कहने सुनने को बचा है ...
कहता हुआ मई मंदिर लेकर आगे बढ़ गया...
मंदिर लेकर मई सीधा घर aya...aarohi वर्षा के साथ बहार hi बेचैनी से कड़ी थी मुझे देखते hi मेरे पास आकर मुझसे लिप्त गयी...
मई भी उसके गले लग कर रोने लगा..
आरोही: क्या हुआ है जान क्यों रो रहे हो...
मैंने अलग होकर ना में सर हिलाया..
बाइक से उतारकर आरोही के साथ मई अंदर आया...
आरोही: ये तो मैंने अनुसुइया के रूम में देखा था तुम वहां से आ रहे हो क्या हुआ jaan...aesi सुसाइडल थॉट्स से भरी बातें क्यों कर रहे They...wo अपने रुमाल से मेरे आंसू साफ़ करते हुए बोली...
वर्षा: जीजू अनुसुइया के साथ क्या हुआ...
वर्षा की आवाज पर मैंने उसे घुरा..
वर्षा: हम बहुत परेशां हो गए थे आपके liye...wo बात बदलते हुए बोली..
मई: मुझे अकेले रहना है कुछ der..kehta हुआ मई आगे बढ़ Gaya..fir मई मनिदर दिवार में लगाने लगा...
मई: हे कनाह* जी मैंने कभी कुछ नहीं माँगा आपसे परन्तु इस baar...man hi मन प्राथना करके मई अपने रूम में आकर लेट गया...
लेते लेते वो सब द्रस्य मेरी आँखों के सामने आ रहे थे....
ाआस्सा....
धमममममम....
बेकाबू होने पर चीखते हुए मैंने अपना सर बीएड पर दे मारा..
दर्द होने पर वो दृश्य मेरे मंद से निकला...
अनुसुइया से कोई बात हुई hai..aarohi मुझे पीछे से हुग करके मेरे बालों में उँगलियाँ फिरते हुए बोली...
मई: हर्षा भाई नहीं ए.
आरोही: हर्षा को कोई काम आगया 2 दिन बाद आएंगे अब wo...aap बताये अनुसुइया से क्या हुआ...
घूमकर मई आरोही के साइन से लग गया वो प्यार से मेरी पीठ सहलाने लगी...
मई: वो बहुत बुरी है aarohi...fir मैंने सब बता दिया...
आरोही: she's सो फूकिंग bitch...mai पहले hi बोली थी आपको जिस्म की देसिरेस कुछ नहीं dekhti....ab भूल जाओ ..मई खाना लती हों ठीक hai...ek बात याद रखना अगर अपने खुद को कुछ किया तो मई भी नहीं बचूँगी...
आज पहली बार मैंने उसकी आंख में आंसू देखा वो भी मेरे लिए...
ये देख मैंने और कसकर उसे हुग कर लिया...
आरोही: हर मुश्किल वक्त में हम एक दूसरे का सहारा बनेगे लेकिन आप कभी हिम्मत न harna...kehte हुए वो मेरे चहेरे को चूमने lagi...fir उठकर चली गयी...
आरोही के फोरस्फुल्ली खिलने पर मैंने थोड़ा सा खा लिया.
फिर वो मुझे लेकर लेट गयी.
आधी रत तक मई लेते लेते कार्बेट बदलता रहा लेकिन मुझे नींद नहीं aayi...aarohi सो गयी thi...sote हुए उसका प्यारा चहेरा और प्यारा दिख रहा था.
थक जाने पर मई बीएड से उठा और अपनी स्टडी टेबल पर आकर बैठ गया...
मेरी हर उस दिन हो गयी थी जब मैंने उस िंहमन लॉ को एक्सेप्ट करते हुए सिग्न किये they...apni पत्नी का प्यार पाने के लिए मैंने ब्रोकर के जीवन को चुन लिया tha..lekin मेरा ज़मीर मुझे आज भी कही मुझमे ज़िंदा है जो मुझे सोने नहीं देता ..अगर वो मुझ पर हावी होता तो शयद मई विष्णु को रोक सकता था दीदी को उनके किये की सजा दे चूका होता लेकिन मई कुछ न कर पाया.
3 बजे तक मई अपनी डेरी पर अपना दर्द लिखता raha.fir बिस्तर पर आकर लेट गया..
अगले दिन 1 बजे मई आरोही की आवाज पर उठा ..
आरोही: ी don't केयर वो कितनी पावरफुल hai...mai उसकी लाइफ को नर्क बना dungi..Mai नफरत और गुस्से की आग में जल रही hon..ek न एक दिन मई उसे ढूंढ लुंगी फिर अपना बदला पूरा karungi...wo फ़ोन पर किसी से बात कर रही थी..
aaaahhh...ankhe खोलकर मई उसकी बातें समझने की कोशिश करने लगा..
मई: किस्से बात कर रही हो .कहकर मई जमाई लेने लगा...
आरोही: उठ गए aap...kaan से फ़ोन हटते हुए उसने स्क्रीन टच करके फ़ोन पास में रख लिया.
आरोही: हर्षा hai....mooh हाथ धो लो मई नाश्ता लगाती hon..Aaj होटल नहीं जाना रेस्ट करना..
सर हिलाते हुए मई उठा फिर नाहा कर बहार आया...
तैयार होकर मई मैंने ब्रेकफास्ट किया.
मई: मेरे कपड़ो में तीन पास रेक है..
आरोही: मई पास के पैसे पाय कर देती hon..jakar अनुसुइया को दे ana.use लगा था मैंने पैसे दीदी से लिए थे..
मई: वो पैसे मेरे थे दीदी के नहीं..
कुछ देर आरोही के साथ बातें करके फिर घर से निकल गया..
जॉब थी नहीं तो इधर उधर hi घूमने लगा...
झमेला की शॉप पर आया तो देखा वहां चिकना बैठा सब्जी बेच रहा है...
मई बाइक कड़ी करके दुकान पर आकर बैठ गया...
कैसे हो सलिल Bhai...wo मुझे देख बोलै.
मई: ठीक हों चिकना..
चिकना: चाबी चाहिए रूम की आशिक़ भाई ने कहा था आपका सामान है आप लेने आएंगे..
मई: अभी नहीं बाद में आऊंगा तुम फ्री हो तो सारा सामान एक बैग में दाल Dena...ek दो दिन में ले जाऊंगा..
एक सिगरेट पीकर मई उठा फिर कई होटल्स के चक्कर काटने लगा लेकिन जॉब नहीं मिली..
रात को थका हरा मई घर को चल Diya....ek छाए की टापरी देख मैंने एक सिगरेट का पैकेट लिया फिर 10 gola..chaye के साथ मई सिगरेट पिने लगा...
टिंग टिंग...
फ़ोन देखा तो आशना का था..
मई: hello आशना..
आशना: कैसे हो भाई कल रत भी कॉल की उठाया नहीं न मस्सगे का जवाब दिया...
मई: बस थड़ा बिजी था..
आशना: मस्सगे चेक किये अपने.
मई: nahi...vaise वो टेबलेट किसकी थी...
आशना: वो एंटी प्रेगनेंसी टेबलेट hai...ise खाने से बेबी नहीं होता..
मई: व्हाट...
आशना: हाँ...
आगे सुने बिना मैंने कॉल कट कर दी...
टापरी से उठकर मई सीधा घर आया....
आरोही किचन से निकल रही.
आरोही : कहा गए थे...
मई : तुम एंटी प्रेगनेंसी टेबलेट खा रही ho...meri बात सुनकर आरोही की एएब्रोस ऊपर को हो गयी...
मई: क्या तुम नहीं चाहती हमारे बेबी हो...
आरोही: ी थॉट ी वास् क्लियर अबाउट थे किड्स salil..jab शादी के लिए प्रोपोज़ किया था तब क्या कहा था tumne...tum और mai...ham दोनों काफी hai..yahi कहा था न..
मई: है कहा था..
आरोही: फिर क्या है ये सब...
Mai:are बचे भी तो हमारे होंगे न.
आरोही: wow..good one..pata है मई तुमसे कितना प्यार करती हों salil...mummy डैडी के रिश्ते में उनका हल देखने के baad..tumse शादी करने के लिए मई रेडडी हो gayi...as ा ी चाइल्ड जैसे मैंने सुफ्फेर किया है मई नहीं चाहती मेरे बचे भी करे..
मई: तुम कहना क्या चाहती ho..ham हमेशा जीवन भर साथ नहीं रहने वाले.
आरोही: वो किसे pata..sirf 4 महीने हुए है हमारी शादी को salil...ham खुश रहेंगे ऐसे hi हमेशा की तरह क्या तुम ये प्रॉमिस कर सकते हो.. प्रॉमिस करने से भी दर लग रहा है न तुम्हे...
मई: प्रॉमिस करने से नहीं दर रहा हों Mai...tumhari सोंच से दर रहा hon...jhagde किस कपल में नहीं hote..mai हमारे खूबसूरत फ्यूचर के बारे में सोंच रहा हों और तुम हो के की हमारी प्रोब्लेम्स के बारे में सोंच रही हो.
आरोही: मई हमारी नहीं बचो को होने वाली प्रोब्लेम्स के बारे में बात कर रही hon..tumhare प्लान किये हुए उस फ्यूचर में कोई भी गलती हुई न तो सजा सिर्फ हमारे बचो को milegi..mai नहीं चाहती जैसे मैंने अपने मम्मी पापा अलग अलग देखा है हमारे बचे भी हमें dekhe..we बोथ एनफ फॉर एच इतर.
मई गुस्से और हैरानी से मिले जुले भाव से उसे देखने लगा..
मई: तुम पागल हो गयी ho...you अरे mad...yahan आया hi क्यों बहार hi रहना चाहिए था मुझे...
कहता हुआ मई गेट की तरफ बढ़ गया...
आरोही : who's सतोप्पिंग you...raho bahar...jab घर आना पसंद नहीं तो ए hi क्यों....
मई: करेक्ट है मेरा hi दिमाग ख़राब tha...tumhe जो करना है karo..tumse शादी करके गलती कर दी...
धम्मं...
कहते हुए बहार निकलकर मैंने दूर बंद कर Diya...door पर आते hi मई रुक Gaya...aur अपने कहे लफ्ज़ो को सोंचने लगा..
आरोही ने मुझे सब बताया था अपने पेरेंट्स को लेकर वो फोर्थ क्लास में थी जब आरोही की कस्टडी उसके पिता ने उसकी मम्मी से ताक़त के डैम पर ले ली thi...usne बहुत सुफ्फेर किया था अपने पेरेंट्स की वजह से...
अंदर से मुझे आरोही की सिसकीओ की आवाज आ रही थी...
गेट खोलकर मई अंदर आया तो देखा वो रो रही है...
एक दूसरे को देखते हुए भागकर हम गले लग गए...
हम दोनों बड़ी बेचैनी से एक दूसरे के जिस्म पर हाथ फिर रहे they..ek दूसरे को खोने का सोंचकर hi हम दोनों बेचैन हो गए थे..
मई: sorry...jaisa तुम्हे ठीक लगे अगर तुम बचे नहीं चाहती...
आरोही: पर देखते है बेबी की नाक किस पर jayegi..but आफ्टर ओने ईयर तब तक हम अपनी लाइफ में खूब सारा एंजोये karenge...kehte हुए उसने अपने लिप्स मेरे होंठो पर रख दिए और वीलडली किश करते हुए मेरे कपडे निकलने लगी....
मई भी किश करते हुए उसके कपडे उतरने laga....kuch पालो में हम दोनों hi नंगे हो गए थे...
आरोही: आज मुझे अनुसुइया समझ कर प्यार Karo...us पर जो गुस्सा है वो निकल लो मई बिलकुल नहीं रोकूंगी....
मई: तुम्हे हर्ट होगा...
आरोही: बिलकुल भी नहीं....
Chatakkkk....bitch...I हेट you...Maine उसके बूब पर थप्पड़ मरते हुए kaha...mere थप्पड़ से भी आरोही रोई नहीं...
आरोही: मुझे मोठे तगड़े लुंड लेने में बहुत मजा आता है छोटे Bhai...mai लैंड लिए बिना रह नहीं पाऊँगी...
मई: रंडी तूने मुझे गलत काम करके बड़ा किया...
चटक...
अगले hi पल मैंने फिर उसके बूब लाल कर diye..fir वीलडली उन्हें मसलने लगा...
आरोही: हिट में हर्डर छोटे Bhai..apni सलूट बहन के बूब्स को लाल कर दो....
चटककक चटककक चटककककक...
आरोही की कामुक ाहो से जहाँ मेरा लैंड झटका खाने लगा वही मई बे दर्दी से आरोही के बूब्स हिट करने लगा...
मई: रंडी दीदी सबको खुश करती है तू अपने भाई का भी लुंड चूस...
वो घुटनो पर आगयी मई बे दर्दी से बाल पकड़ कर उसका माउथ फ़क करने लगा.
काफी देर तक हम दोनों रोले प्ले करते रहे फिर ठक्कर हमने कपडे पहने...
आरोही: मज़ा आया ..
अब हवस और गुस्सा दोनों hi उतर गयी थी मेरे मंद से...
मैंने उसके प्रश्न पर सर हिला दिया....
आरोही: मेरी बातें मानोगे तो बहुत मजे karoge..wo शरारत से बोली...
मई: मेरे हर्ट करने से तुम्हे पैन तो नहीं हो रहा है...
आरोही : no it's स्वीट पैन...
कहकर वो मुस्कुरा दी...
फिर टीवी देखते हुए हमने डिनर किया....
कुछ देर पड़ही करके मई आरोही के पास आकर लेट गया...
अगले दिन भी आरोही अकेले जॉगिंग पर गयी....
नाहा धोकर मई बरामदे में बैठ Gaya...aarohi ब्रेकफास्ट लेकर मेरे पास रखने लगी....
आरोही: जाना नहीं कही हर्षा आ रहा hai...wo पास बैठकर टीवी ों करते हुए boli...fir कप लेकर टिया पिने लगी...
मई : हर्ष भाई कुछ कहेंगे तो नहीं इस छोटे से घर को देखकर...
आरोही: don't वोर्री मैंने सब समझा दिया है...
आरोही : सोना
मिस सोना एक्चुअल में क्या हुआ था तुम्हारी क्लास me...ex c.m के बेटे ने कैसे कैसे आपको हररस kiya...repoter सोना के सामने माइक आगे करते हुए बोली ..
सोना: उसने साथ में वीडियो बनाने के लिए kaha....uska नाम रूद्र सिंह hai...mai मन gayi..fir वो मुझे ऑडिटोरियम में laya..video शूट करते समय वो मुझे गलत तरह से टच करने लगा...
कहकर सोना रोने लगी...
रेपोटर: रोये nahi....khulkar बताये आप...
सोना: उसने ब्रैस्ट पर टच किया नाख़ून मरे कटा... यहाँ स्कर्ट के अंदर हाथ...
रिमोट लेकर मैंने टीवी बंद कर दी....
लाल आँखों से मई अस्स पास राखी चीज़ो को देखने लगा....
एक रोड उठाकर मई बहार को भगा...
आरोही : सलिल रुकूउ....
बाइक पर बैठते hi मैंने उसे सोना के कॉलेज की तरफ बढ़ा दिया.....
कॉलेज आकर देखा कॉलेज का गेट खुला hi था 100 की स्पीड से मैंने बाइक अंदर घुसेड़ दी वॉचमन देखते रह गए....
मई: ये रूद्र कहा मिलेगा...
मैंने एक स्टूडेंट से पूछा...
स्टूडेंट: वो टिक टोकर सोना को हररसे करने वाला..
मैंने पलके झपका के हामी भरी...
स्टूडेंट: कैंटीन में baitha...wo हाथ से इशारा करते हुए बोलै....
मैंने बाइक उधर hi बड़ा दी...
बाइक से उतारकर मई अंदर आया...
मई : c.m का बीटा रूद्र कोण है...
क्या है be...ek लड़का मुझे आवाज देकर बोलै..
मई : तू hi है...
अबे हाँ बोल क्या काम है....
Aaaaaaaaa.....gusse में दहाड़ते हुए मई उसकी तरफ भगा...
धम्म्मम्म्म्म.....
टेबल पर कूदकर मैंने अपनी रोड chalai...jo कान पर lagi...aur वो एक साइड में लुढ़क Gaya....uske कान से खून बहने लगा....
मादरचोद तुझे पता है तूने kise....aaaaaaaaa....
वो आगे कुछ कहता मेरी घूमती रोड उसके जबड़े पर पड़ी और उसके दन्त बहार को गिरे आकर....
मारो सेल ko.....kehte हुए तीन चार लड़के मेरी तरफ बढे..
dhammmmm....aaaaaaaaa....
रूद्र के हाथ पर फिर मरते हुए मई खुनी निगाहो से अपनी तरफ बढ़ रहे स्टूडेंट्स के भेस में छुपे रेपिस्टों को देखने laga...wahi रूद्र बुरी तरह से दर्द में डकार रहा था शायद उसका हाथ टूट गया था....
Aaaassaaaaaa....table पर जम्प करके मैंने हवा में कूदते हुए अपना हाथ घुमाया ..
अपनी तरफ रॉड देख उन सबने हाथ आगे कर लिए....
आआआआ.... aaaaaaa...sale पागल....
रोड पढ़ने से वो बुरी तरह से चीख रहे they....fir मई रुका नहीं बेदर्दी से मरने लगा.
यहाँ है वो रविस sir...bhaiii.....
सोना की चीख पर मई घुमा..
वो रेपोटर के साथ आ रही thi...mujhe देखते hi भागकर मेरे पास आयी फिर मुझसे लिपट कर रोने लगी...