Episode 14
कागज़ी कार्यवाही करा कर हम बहार aye...bahar hi हमें अपने आदमीओ के साथ भल्ला रेडडी सौम्य का बाप मिल गया.
महेश : डरो मत इसे मैंने hi बुलाया है..
नेक्स्ट कंटिन्यू....
सौम्य का बाप हमें खुनी निगाहो से देख रहा था उसका बस चलता तो हम दोनों को जान से मार देता लेकिन महेश सर के सामने उसकी हिम्मत नहीं हो रही थी...
सौम्य अपने बाप से दर कर मेरे पीछे agayi....piche से उसके सिसकने की आवाज मेरे कानो में आ रही थी....
महेश: अब कानून ये पति पत्नी है इन्हे हाथ भी लगाया अपने तो अंदर दाल दूंगा ..चलो आओ...
हम दोनों को लेकर महेश आगे बढ़ने laga..uske पीछे हम दोनों सर निचे किये किसी मुजरिम की तरह चल रहे थे...
भल्ला : ruk...uski आवाज पर हम दोनों ठहर गए...
बुल्ला: तू मर गयी है मेरे लिए kutiya..kulta तुझे पल पॉश के इतना बड़ा किया और तूने मुझे ये सिला Diya...bahut बड़ी गलती कर दी मैंने तुझे कॉलेज भेज कर ...इससे ाचा होता तू अनपढ़ रहती काम से काम अपने बाप के विरुद्ध तो नहीं जाती.
महेश: चलो aao...aur फिर वो मेरा मई सौम्य का हाथ पाकर कर आगे बढ़ गए...
जीप में आकर महेश ने जीप आगे बढ़ा दी...
कुछ देर बाद हम एक फ्लैट में थे जो अनु दीदी के घर से 5 मिनट पैदल की दुरी पर tha..raste भर सौम्य सिसकते हुए आयी थी..
महेश: जब तक तुम दोनों अपने रहने के लिए कोई घर नहीं ढूंढ लेते तब तक यही rehna..hamare पूछने से पहले hi उसने बता दिया.
महेश : मैंने सोंचा था सौम्य को लेकर यही सटले हो जाऊंगा मेरे तो न सही लेकिन अब ये तुम दोनों के काम ayega...Mahesh ने फ्लैट का लॉक खोलते हुए कहा ..
हम फ्लैट में ए तो देखा फ्लैट बहुत बड़ा है...
महेश: अर्जुन से मैंने साफ सफाई करवा दी है तुम लोग देख लो कोई चीज़ रह तो नहीं गयी तुम दोनों के डेली उसे की.
मई: सर कोर्ट में भी अपने किसी अर्जुन का नाम लिया कोण है ये Arjun..Maine संदेह जाहिर करते हुए pucha..mujhe दर था कही ये आईपीएस अर्जुन न हो...
महेश: मेरा छोटा भाई है आईपीएस है..
सौम्य : सर आपने अपने आईपीएस भाई से रूम साफ़ कराया...
महेश : नहीं उसने हवलदारों को bheja...salillll....
मशेष और अर्जुन का रिश्ता जान मई सदमे से गिरने लगा जो देख महेश जल्दी से मुझे संभल लेता है.
मुझे बिठाकर सौम्य मेरी पीठ सहलाने लगती है...
सौम्य: क्या हुआ...
सौम्य के पूछने पर मैंने उसे नफरत से dekha....jise देख वो सर निचे कर लेती है.
इतने में महेस पानी लेकर आया और मुझे पिलाने लगा...
महेश: क्या हुआ तुम्हे.
मई: चक्कर आगये थे सर...
महेश: है तुम्हारे सर में चोट लगी hai...acha तुम दोनों आराम करो मई चलता हों..
hmm...ham दोनों ने सर हिलाया...
महेश: लड़की अकेली है इसे छोड़कर मत भागना मई देखने आऊंगा अब तुम hi इसके सब कुछ हो ख्याल रखना iska..Mahesh की बात सुनकर मन हुआ सौम्य और इसका दोनों का मुँह तोड़ डॉन लेकिन मई सर हिलाकर रह गया...
मई: सर बुरा न मनो तो एक सवाल पूछूं...
हम्म..
मई: सर आपका भाई अर्जुन मेरे बारे में जनता है की मेरी शादी उससे हो गयी जिससे आपका रिश्ता लगा था.
मशेष: क्यों पूछ रहे हो ये..
मई: बस सर मई नहीं चाहता आप उसे मेरे बारे में बताये और वो हर्ट ho..apne आपको बचने के लिए मुझे ड्रामे करने पढ़ रहे थे.
महेश: तुम्हारे बारे में नहीं लेकिन सौम्य को जनता hai.usne जाते हुए कहा जिसे सुन मेरी जान में जान आयी.
फिर गेट तक उसे सौम्य छोड़ने गयी और लॉक करके वापस आगयी....
मई: तूने मेरी ज़िन्दगी बर्बाद कर di...bharrai आवाज में चीखते हुए मई उसे मरने के लिए भगा...
ये देख वो भागकर बैडरूम में घुस गयी...
सौम्य: सलिल क्यों इतना गुस्सा कर रहा hai...pagal हो गए हो.
मई: है मई पागल हों सौम्य मई तेरी जान ले लूंगा... चीखते हुए मई बीएड पर कूड़ा और मेरे हाथ में सौम्य का टॉप आगया...
चर्रर्र...
गुस्से में मई इतना अँधा हो गया मैंने उसी को पकड़ कर खिंच लिया जिससे टॉप फैट गया..
सौम्य: मई बहुत मरूंगी छोर दे mujhe.....uski ब्रा देख मैंने उसे छोड़ Diya...alag होकर वो अपना टॉप सही करने लगी.
फिर बीएड पर बैठकर रोने लगा..
मई : मादरचोद अर्जुन तेरी माँ का bhosda...sali तूने मुझे इस सब में fasaya..us महेश को अर्जुन ने अगर मेरे बारे में बता दिया तो वो मेरी जान ले lega...Arjun को गली देते हुए मई सौम्य पर गरजा...
सौम्य: सलिल मुझे फिर से पहले जैसा बनने पर मजबूर मत करो..
मई: कामिनी क्या करेगी तू bol...tere बाप ने सही कहा तू कुलटा है तू कुटिया है...
सौम्य: नाले तुझसे तो अछि हों तेरा तो खड़ा भी नहीं होता ...बहुत सॉफ्ट है बहुत सॉफ्ट hai..tere मुँह में लैंड दे दूंगी...
मई : कुटिआ ...गुस्से में चीखते हुए मई उस पर लपका फुर्ती से वो दूर हो गयी ..अगले hi पल उसकी किक मेरी कमर पर padi...aur मई दिवार से जा लगा..
सौम्य: नाले मार्शल आर्ट्स जानती हों मई कमज़ोर समझने की गलती मत करना..
पास रखे सिंगारदान पर से मैंने एक डब्बा उठता .
मई : कामिनी sali...aur मैंने वो डब्बा उसके फेक कर मारा..
कण्णन...
उसने पेअर घुमा कर एड़ी उस डब्बे पर मरी जिससे डब्बा दिवार से जा लगा..
ये देख मैंने सिंगारदान पर रखे पाउडर के बड़े से डब्बे को उठाया..
सौम्य : रुक जा सलिल वर्ण बहुत मरूंगी...
मई: तूने मेरी ज़िन्दगी तबाह की hai...kutiyaaa....
कहते हुए मैंने जैसे hi मरने के लिए हाथ बाध्य अगले hi पल उसने पेअर चलाया... मैंने चकमा दिया था जिसमे वो फास गयी अगले hi पल मैंने पूरी जान से डब्बा फेका..
धम्म्म्म...
बचने के लिए उसने हाथ आगे कर लिए फिर भी आधा हिस्सा उसके सर पर पड़ा और दर्द में वो बिलबिलाने लगी...
सौम्य : आआह्ह्ह...
कराहते हुए उसने अपना माथा चेक किया तो खून निकल रहा था...
ये देख उसने खुनी निगाहो से मुझे देखा....
अगले hi पल भाग कर आकर उसने डबल किक मेरे पेट में मरी और मेरे मुँह से पानी निकलने लगा...
मुझे उठा कर उसने बीएड पर फेका फिर वही डब्बा उठाकर मेरे चुत्रो पर बजने लगी...
मई: आआह्ह्ह मर ले kutia...jitna तेरा मन kare...tujhe मैंने अपनी वाइफ से न पिटवाया तो मेरा नाम भी सलिल nhi....aaaahhh कुटिआ..
सौम्य: dheet..teri अकड़ अभी निकलती हों...
कहते हुए उसने मेरी कमर में हाथ डाला और मेरी पंत खोल दी..
मई: क्या कर रही है तू kutiaa...aaaaaa..
मेरे पूछने पर उसने फिर मेरे चुत्रो पर डब्बा दे mara...aur मई ाः करता रह गया..
अगले पल उसने मेरा अंडरवियर निचे किया फिर मेरे चुत्रो के बिच में डब्बा फ़साने लगी...
सौम्य: इतना hi बड़ा डिलडो डाला था न तेरे..
उसके इरादे भांप कर मई कैंप गया और रट हुए उसके सामने गिड़गिड़ाने लगा...
मई: प्लीज प्लीज please...saumya रुक jao...mai तुम्हारे हाथ जोड़ता हों... प्लीज रुक जाओ.... please...Maine तुम्हारे कहने पर तुमसे शादी की प्लीज...
मेरे विनती करने पर वो मेरा अंडरवियर ऊपर कर देती है...
सौम्य: मुझे दुबारा पुलिस वाली बनने पर मजबूर मत करना.
कुछ देर वैसे hi पड़े रहने के बाद मई सीधा हुआ और मैंने अपनी पंत ऊपर की ..
सौम्य को देखा वो घुटनो में मुँह दाल कर रो रही थी...
सौम्य: गुस्सा तुम्हे hi अत है sirf...mujhse पूछो मैंने क्या khoya...maa पिता जी दोनों दूर हो गए है mujhse...akeli हो गयी हों और तुम मुझसे लड़ रहे ho...mai नहीं जानती थी प्यार की सजा इतनी बड़ी मिलेगी....
मई: कैसा प्यार और किस्से...
सौम्य: तुमसे और किस्से..
मेरा मन हुआ मई कह डॉन तेरी शकल पर थूकना भी गवारा नहीं मुझे फिर न मारे इसलिए मैंने नहीं कहा....
मई: प्यार था तो कुत्तो की तरह क्यों मरती thi...jab देखो हुमिलियते करती.
सौम्य: तुम्हे इसीलिए मरती थी की तुम बदनाम हो गए they...mujhe तुम बहुत पसंद थे फिर तुम्हारी वीडियो वायरल हुई और मेरे सभी सपने टूट गए जिन्हे मैंने तुम्हारे साथ सजाना tha....shadi हुई तो तुम पहले से शादी शुदा निकले.... आआ आआ.....
वो इतने दर्द में रो रही थी की मुझे भी उस पर तरस आगया उसका रोना देख...
मई: वो अर्जुन मुझे छोड़ेगा nahi....harami Arjun....tumne किया सब तुम्हारी वजह से सब हुआ...
बिना कुछ कहे वो बीएड पर मेरी तरफ पीठ करके लेट गयी...
उसके सिसकने की आवाज मेरे कानो में आ रही थी...
कुछ देर हम दोनों ऐसे hi सिसकते रहे...
सौम्य: सर के भाई अर्जुन को कैसे जानते हो...
मई: वो जनता है मई शादी शुदा हों... मैंने उसे अपना सच नहीं बताया.
सौम्य: ये घर खली कर दूंगी मई jald...fir तुम्हे उससे डरने की ज़रूरत नहीं...
मई: वो यहाँ आगया तो...
सौम्य : फिर मेरे लिए घर ढूंढो..
मई : कहा से धुंडु पैसे दो ..
सौम्य: मेरे पास 2 हजार है बस मुझे क्या पता था वो मेरी शादी करा देगा.
मई: तो मई क्या करू मेरे पास नहीं है पैसे जाबलेस हों.
सौम्य: नहीं डोज तो यहाँ किसी दिन आकर महेश तुम्हारे और तुम्हारी वाइफ के बारे में जान hi lega..fir मुझे ब्लामे मत करना.
मई : ठीक है मई देखता हों कल Tak..lekin मुझे मेरे पैसे वापस करोगी...
सौम्य: जॉब लगते hi कर दूंगी रिजल्ट आने तक तुम मेरा खर्चा उठाओगे...
मेरे पास कोई चारा नहीं था इसलिए मैंने हां कर दी....
सौम्य : मुझे कुछ कपडे खरीदने hai..utho..
मई: मुझे नहीं उठ मिलेगा...
सौम्य: उठो...
मई: दर्द हो रहा है मेरे तूने कुत्तो की तरह मारा...
सौम्य: I'm सॉरी प्लीज उठ जाओ...
बीएड का सहारा लेकर मई खड़ा हुआ..
सौम्य: चलो शर्ट दो अपनी...
कहकर वो मेरी शर्ट केबुत्तों खोलने लगी..
शर्ट खोलकर उसने फाटे हुए टॉप पर hi दाल ली....
फ्लैट से निकल कर हम बहार आये फिर ऑटो से एक मेडिकल..
सौम्य को देखते hi डॉक्टर उसके पट्टी करने लगी..
डॉक्टर: इसने मारा है तो कम्प्लेन कर दो वर्ण पुरे जीवन पित्ती rahogi...wo सौम्य के पट्टी बांधते हुए बोली..
मई: तू पट्टी कर न doctor...sali ये चुड़ैल बन कर आयी है मेरी ज़िन्दगी me.mai झुंझलाते हुए bola..jis पर सौम्य है दी..
डॉक्टर: तेवर तो देखो iske..tum ऐसे टॉक्सिक
सौम्य: नहीं इन्होने नहीं mara.wo बिच में डॉक्टर की बात काटते हुए बोली...
जिस पर डॉक्टर चुप हो गयी.
पट्टी करा कर मई सौम्य को एक छोटे से कपड़ो के शोरूम में लाया..
मई: ज्यादा पैसे नहीं है सस्ते कपडे लेना...
सौम्य: टेंशन न लो ज्यादा खर्चा नहीं karaungi...kehte हुए वो ड्रेसेस देखने लगी.
सौम्य:4 ड्रेसेस ले ली hai..pay कर do.kuch देर बाद उसने कहा..
काउंटर पर आकर मई पाय करने लगा.
सौम्य: कुछ फैंसी ब्रा एंड सम स्पोर्ट ब्रा शो करे.
सलेसगिरल: okay मम कहकर वो दिखने लगी
सौम्य के कहने पर मैंने उसके चुतर को पकड़ कर दबा दिया .
सौम्य : आउच..
मई: क्या कर रही है इतना नहीं है मेरे पास.
सौम्य आँखों से इशारा करके सर हिला के रह गयी..
सौम्य: आठ..
उसके कहने पर मैंने गुस्से में और तेज उसकी अस्स दबा di...jis पर उसकी सिसकारी निकल गयी...
फिर दो फैंसी पंतय दो स्पोर्ट ब्रा लेकर हम दोनों बहार ए..
मई: कुटिआ तूने 5 हजार खर्च करा दिए...
सौम्य: तुमने मेरे चुतर क्यों दबाये..
मई: गुस्से me..mere पास पैसे है नहीं इतना उधर हो गया hai..upar से तू गले पद गयी..
सौम्य: बस मेरे रहने का इंतेज़ाम कर दो फिर तुम चले जाना..
मई: hmm..abhi ढूंढेगे कही किराये पर घर.
फिर उसे लेकर मई महेश के फ्लैट पर aya..kapde रख कर हम दोनों घर ढूंढ़ने निकल गए..
सौम्य: पग फॉर girls..wo एक घर की तरफ इशारा करते हुए बोली..
मई: यहाँ nhi..aage चलते है.
सौम्य: देख तो लेते है किराया कितना है एक baar..kehte हुए वो आगे बढ़ गयी..
मई: क्या कर रही है तू ये घर ाचा नहीं है..
तिंगग..
जवाब दिए बिना उसने बेल्ल प्रेस कर दी..
सौम्य: देखने तो दो..
मई: कुलटा ये मेरी बहन का घर है..
सौम्य : फिर तो ाचा है हमें छूट भी मिल जाएगी..
एक्सक्यूज़ me....saumya tum..itne में सोना ने दूर खोल कर सौम्य को देखा.
दूर खुलने की आवाज पर मैंने उसकी तरफ पीठ कर ली..
सौम्य: सोना कैसी हो तुम.
सोना: ठीक हों तुम यहाँ क्यों आयी हो.
सौम्य: तुमने पग बोर्ड लगा रखा है..
सोना : तुम्हारे लिए रूम नहीं है तुमने मेरे भाई को बहुत परेशां किया था..
सौम्य: वो तो मई मज़ाक करती thi..ham दोनों तो फ्रेंड्स है पूछ लो अपने भाई se..kehte हुए उसने मुझे घुमा Diya..Sona को देख मैंने मुँह पर हाथ रख लिया..
सोना :भाई आप.
मई: हम्म पग बोर्ड क्यों लगाया.
सोना: दीदी ज्यादा रहती नहीं यहाँ तो उन्होंने मेरे लिए ये किया. कंपनी भी मिल जाएगी और सेफ्टी भी सीरियल किलर से.
मई: हम्म.. इसका आशिक़ इसे छोर गया इसके बाप ने इसे घर से निकल दिया अब ये मेरे गले पर गयी कोई रूम हो तो दे दे..
सोना: ठीक है आप अंदर aye...didi नहीं है..
मई: नहीं अभी ये अपना सामान लेकर आएगी तो इसे रख लेना.
सोना: ठीक है..
सौम्य: किराया कितना लोगो..
सोना: ऊपर का पोरशन खली है उसका 30क दे देना.
सौम्य: कुछ काम कर लो सोना इस मंथ नेक्स्ट मंथ से दे दूंगी.
सोना : okay 25क
सौम्य: दे दो.
मई: ये इसके पैसे है सोना मुझे रखने के लिए diye..ye ले 15क वाकई के मई तुझे बाद में dunga..mai सोना के hi पैसे उसे देते हुए बोलै.
सोना: ये आप रख लो मेरी तरफ से.
मई: नहीं पाकर.
सोना: कहा न रख लो..
मई: ठीक है मई इसका सामान लेकर अत हों..
सोना : ठीक है..
मई : अपनी बहन को मत बताना इसे मई लाया.
सोना : नहीं बताउंगी..
फिर मई सौम्य को लेकर वापस हो गया..
सौम्य: तुम्हारी बहन को मई प्रोटेक्ट करुँगी सीरियल किलर से.
मैंने कोई जवाब नहीं Diya..chup चाप चलता रहा.
सौम्य: एक बात कहु बुरा न मनो तो .
मई: बक..
सौम्य: मई समझती थी तुम सीरियल किलर हो...
मई: बकवास बंद करेगी अपनी तू.. अब तूने मुँह खोला तो छोर जाऊंगा.
सौम्य: ाचा sorry..Maine तो बस तुम्हारा पीछा किया tha..usi के बारे में बता रही थी..
मई : चुप जा बहुत मरूंगा..
सौम्य: हेहेहे..
मेरी बात सुनकर वो तंजिया हसी हसने लगी..
जब तक फ्लैट नहीं आगया वो मेरे कान कहती रही..
फ्लैट में आकर उसने सामान लिया अपना और हम बहार aye..fir मैंने महेश को कॉल करके यहाँ से जाने के बारे में बता दिया.. उसने मुझे बहुत रोका लेकिन मई मन नहीं.
मई: अब से तू मुझे नहीं जानती मई तुझे..
उसने कोई जवाब नहीं दिया सर हिला दिया..
मई: मेरे घर पर हमारी शादी के बारे में किसी को मत बताना समाज गयी..
सौम्य: hmmm...mujhe थोड़े पैसे चाहिए खर्चे और सामान के लिए..
उसके मांगने पर मैंने 10 हजार दे दिए..
सौम्य : अब कब मिलोगे..
मई: कभी नहीं बस तब जब तू मेरा कर्जा देगी...
कहकर हम दोनों आगे बढ़ गए.
सौम्य : सुनो अपना ख्याल rakhna...usne पीछे से मुझे आवाज di...fir पलट गयी...
दो पल रुका ख्वाबो का करवा
और फिर चल दिए तुम कहा हम कहा
दो पल की थी ये दिलो की दस्ता
और फिर चल दिए तुम कहा हम कहा –
तुम थे के थी कोई उजली किरण
तुम थे या कोई काली मुस्काई थी
मैंने घूम कर देखा तो वो मुझे जाते हुए देख रही थी..
तुम थे या था सपनो का था सावन
तुम थे के खुशियों की घटा छायी थी
तुम थे के था कोई फूल खिला
तुम थे या मिला था मुझे नया जहा
दो पल रुका ख्वाबो का करवा
और फिर चल दिए तुम कहा हम कहा
पलट कर मई आगे बढ़ गया..
ऑटो लेकर मई पुलिस स्टेशन आया जहाँ 1 हजार देकर अपनी बाइक छुरे मैंने फिर उसे लेकर घर...
आरोही और हरषि किचन में खाना बना रही थी..
आरोही: आगये आप कहा गए थे..
मई : बाइक लेने गया था..
आरोही: हरषि तो कह रही थी आप आफ्टरनून में भी नहीं थे..
मई : हाँ वो काम tha..tum कब आयी..
आरोही: ओने ऑवर एगो.
मई: तुम कह रही थी तुम्हारे पास बंगलो है..
आरोही: hmm...kyo पूछ रहे.
मई: वह शिफ्ट हो जाये..
आरोही: वहां रोहित और पूर्वी रोहित की वाइफ रहते hai...banglow बहुत बड़ा है हमें कंपनी भी मिल जाएगी..
मई: हम्म कल शिफ्टिंग कर लेंगे.
फिर अगले दिन मैंने अपना सामान एक मिनी ट्रक में झमेला के दोस्तों से bharwaya..aur उसे लेकर आरोही के बंगलो aya..saman में सब कुछ था सिवाए मेरे मम्मी पापा की फोटो के वो मैंने यही छोड़ दी..
आरोही का बंगलो बहुत बड़ा था आरव के बंगलो से भी बड़ा और सुन्दर भी.
बहुत से रूम थे गर्दन था लक्ज़री बैडरूम थे विथ आत्ताच वाशरूम..
बंगलो को देख के मुझे यकीं नहीं आ रहा था की वो इस कम्फर्ट जून को छोड़कर मेरे साथ एक छोटे से घर में रह रही थी..
पूर्वी मुझ से बहुत अचे से मिली उसने ऐसी वैसी कोई बात नहीं की न कोई गन्दा इशारा दिया...
घर में एक 30 साल की गुड लुकिंग माइड भी थी जो खाना बनती thi...jiska नाम गीता था.
यहाँ शिफ्ट हुए 2 दिन हो गए थे आरोही का वही रूटीन था और मई घर में खली बैठता tha...bike रिपेयर में मेरे बचे हुए पैसे भी ख़त्म हो गए थे.
मई: कैसी है माँ जी आप .
रात का डिनर करके मई गर्दन में आगया आरोही की मम्मी का फ़ोन देख कर..
सुहासिनी: आरोही और तुम कैसे हो..
मई: ठीक हों माँ जी आरोही होटल चला रही है..
सुहासिनी: ाचा तुम्हे रन करना नहीं अत .
मई : नहीं माँ जी कल जॉब dhundunga..abhi फिलहाल घर रहता हों..
सुहासिनी: अछि बात है मर्द को बीवी के ऊपर नहीं रहना चाहिए..
मई : आप यहाँ ाजाओ न..
सुहासिनी: नहीं बेटे मुझे बंगलोरे से नफरत हो गयी है..
मई: हम्म आरोही ने बताया हर्षा हरषि आपके बचे नहीं है..
सुहासिनी: हम्म.
फिर कुछ देर और बात करके मैंने कॉल कट कर दी .
रूम में आया तो देखा आरोही लेती है..
आरोही: कहा गए थे..
मई: तुम्हारी मम्मी कॉल थी..
आरोही: कुछ बताया तो नहीं..
मई: क्या..
आरोही: nothing...ye लो जान दूध पिलो .
मई: तुमसे कहा है न यार मुझे रात में दूध पीना पसंद नहीं.
आरोही: जान आपको फायदा करेगा स्पेशलय समझ रहे हो न..
मई : क्यों बार बार अहसास दिला रही ho...kehte हुए मैंने उसके हाथ से दूध ले लिया..
आरोही: वो मतलब नहीं था मेरा .
मई: जनता हों तुम मेरे लिए hi ये सब करती हो .दूध पीकर मई लेट गया आरोही भी मेरे पास आकर लेट गयी..
मई: अपने दुश्मनो के बारे में कुछ पता चला.
आरोही: काम पर लगी हों..
मई: तुम क्या करोगी वो मिल गए तो..
आरोही: जो मेरे साथ हुआ वो हुमिलिएशन टार्चर रपे.
मई: उसके बाद जो मई कहूंगा वो करोगी .हम यहाँ से कही दूर चलेंगे.
आरोही: हां मेरी Jaan..kehte हुए उसने पलट कर मेरे गलो की थम लिया और मेरे माथे को चुम लिया..
हीरे मोती मैं न चाहूँ
मैं तोह चाहूँ, संगम तेरा
मैं तोह teri…saiyyan
तू है मेरा ….
…सैय्यन …सैय्यन
तू जो छू ले प्यार से
आराम से मर जाऊं
आजा चंदा बहू में
तुझ में hi गम हो जाऊं मैं
तेरे नाम में खो जाऊं
सैय्यन … सैय्यन
मई : तुम बस मुझसे यूँ hi प्यार से बात कर लिया Karo..meri साडी इन्सेक्युरित्य उलझने ख़त्म हो जाएगी...
आरोही: हमेशा मेरी Jaan..kabhi गुस्सा नहीं karungi..my स्वीट बेबी.
उसके उभरे साइन में मुँह छुपकर मैंने आँखे बंदकर ली .वो प्यार से मेरा सर सहलाने लगी..
मई प्यार करता लेकिन नींद की वजह से कर न सका...
अगले दिन आरोही के जाने के बाद मई उसी होटल में आया और उसे न आने का कारन बताया की एक्सीडेंट हो गया था बार बार रिक्वेस्ट करने पर उसने मुझे रख लिया..
दिन ऐसे hi बीतने लगे मुझे मंथ हो गया था जॉब करते हुए जैसे hi साल्लेर्य मिली मई सबसे पहले गोंडा रेडडी का कर्जा देकर aya...wo मेरा अड्रेस पूछ रहा था लेकिन मैंने बताया nhi...aarohi इस बिच मेरा एक रुपया भी खर्चा नहीं कराया था...
रोहित के जाने के बाद ज्यादा तर टाइम पूर्वी मेरे साथ hi बिताती थी उसने मुझे ड्राइविंग भी सीखा दी थी..
एक मंथ रोहित के साथ रहकर मैंने नोट किया रोहित मुझे अजीब नजरो से देखता hai..ajeeb तरह से छूटा hai...Maine आरोही से खा तो उसने कहा इग्नोर करो कुछ गलत करता है तो बताना...
आरोही हर सुबह मुझे उठती और गयम में ले जाती ओने ऑवर गयम में बिताने के बाद आरोही मुझे गर्दन में मार्शल आर्ट्स sikhati..Rohit और पूर्वी भी मार्शल आर्ट्स जानते थे जो मुझे ट्रैन करने में आरोही की हेल्प करते थे ..इसी दौरान रोहति अजीब तरह से मुझे छूटा मैंने दो तीन बार उसे समझाया तो उसने कहा हम दोस्त है इतना तो चलता है ...गलत जगह उसने नहीं छुआ इसलिए मैंने भी बात आगे नहीं बड़ाई.
इस बिच मुझे डरावने सपने भी आते थे आरोही को बताया तो उसने मुझे दवा दी जिससे सपने आना बंद हो गए मेरी चोट भी ठीक हो गयी थी.
इस मंथ मई और आरोही कुछ बार hi फिजिकल हुए वो ज्यादा तर स्टोरीज पड़ती और ककोल्ड वीडियोस देखती उसके साथ में मई भी ...अब आरोही मुझे तैसे करती थी किसी और का नाम इंटरकोर्स के समय लेकर मुझे जलन के साथ और भी कुछ था जो फील होता था...
सोना की एक बार hi कॉल आयी थी वो भी 25 दिन पहले शिफ्टिंग के बारे में पूछ रही थी मैंने यहाँ का अड्रेस दिया लेकिन वो मिलने नहीं आयी न फिर उसकी कोई कॉल..
सौम्य से भी इस बिच कोई बात नहीं Hui..na उसने मेरा कर्जा देने के बारे में सोचा उसके हालत देख मैंने भी माँगा नहीं...
टेबल साफ़ करके मई कस्टमर के ऑर्डर्स लेने लगा...
सारा दिन काम करके शाम 6 बजे मुझे बहुत से पिज़्ज़ा का आर्डर आया..2 बाइक्स पर मई मेरा साथी हम दोनों 25 पिज़्ज़ा लेकर बताये अड्रेस पर ए...
जहाँ बहुत भीड़ थी शायद स्टूडेंट्स धरना दे रहे थे..
आते hi दज की तेज आवाज से मेरे कण फटने लगे..
दज पर कोई सांग गए रहा था जिसके बोल ये they..sun मितवा ो मितवा ये धरती अपनी है अपना अम्बर है रे तू ना जा रे..
हमारे कॉल करने पर कुछ देर बाद लड़कीओ का झुण्ड आया..
jiju...unhi लड़कीओ के झुण्ड में से मुझे एक लड़की ने आवाज di..awaj से मई पहचान गया ये कोण.
जीजू आप पिज़्ज़ा डिलीवरी करते hai.harshi आगे आते हुए बोली..
मई : है अपनी दीदी को मत बताना.
हरषि: hmm...guys सब अपने अपने पिज़्ज़ा ले लो...
कुछ hi देर में हमारे बैग्स खली हो गए थे...
मई : यहाँ क्या हो रहा है और तू घर क्यों नहीं गयी...
हरषि: कॉलेज में कई दिनों से हम सब किसानो के लिए आवाज उठा रहे है इसी दौरान फूल पार्टी के अध्यक्ष ने एक फॉर्मर की बेटी को हररसे किया जो हमारे कॉलेज का प्रेजिडेंट भी है उसे फूल पार्टी बचा रही है पुलिस' ने अभी तक अरेस्ट नहीं किया सो उसकी गिरफ़्तारी की मांग कर रहे hai...panja पार्टी के लोगो ने हमें ज्वाइन कर लिया है तो अब ये पोलिटिकल पार्टीज का झगड़ा बन गया है...
मई : ाचा... पिज़्ज़ा किसने मंगवाया..
हरषि: हम सभी फ्रेंड्स ने सुबह के भूके है..
मई : अपने पैसे मत देना..
हरषि : गाइस ये मेरे जीजू है सिंगर भी है..
हरषि की आवाज पर सब मुझे hi कहते hai...badle में मई भी..
हरषि : जीजू आप जाएंगे स्टेज पर.
मई : पेमेंट करा जल्दी से मुझे लेट हो रहा है...
हरषि : प्लीज जीजू दीदी पंजा पार्टी को hi सपोर्ट करती है..
जोश ठंडा पढ़ गया है सबका अगर आप मोटीवेट करके गए सकते है तो please...harshi की एक फ्रेंड ने कहा..
मई आपकी सब्सक्राइबर हों मितवा वाला सांग सुना दो न please...uski दूसरी फ्रेंड ने कहा.
हरषि : जीजू प्लीज अब तो मन जाये मई आपकी फैन हों na...bas गण है ..दीदी के लिए please...road शो की तरह होगा जीजू प्लीज मन जाओ...
मई : ठीक है...
उसके रिक्वेस्ट करने पर मैंने हामी भर दी..
हरषि : थैंक यू जीजू.. कहते हुए वो मेरे गले लग गयी..
मई : इसके बाद घर जाओगी..
हरषि: okay जीजू...
फिर हरषि उसकी फ्रेंड्स मुझे लेकर स्टेज पर ayi...pehle उन्होंने वर्कर्स को मेरे बारे में बतया फिर गए रहे सिंगर से माइक लेकर मुझे पहनाया.
जीजू हम पीछे hi है दिखा दो jalwa...harshi ने कहा जिस पर मैंने सर हिला दिया..
गाला साफ़ करके मैंने होंठ हिलने शुरू कर दिए.
मई :
हार मंत्री कहे..
बाबू कहे..
हल और कैटल है
जिसके घर में..
अंत में मौत..
उसी की रहे...
उजाले उजाले री
उजाले उजाले री
भले कितने कंडे उजाले हो
आल यू गेट इस तीन रूपए किलो.
मुंबई में वही माल
60 रूपए में बेचता है भैय्या
खाएंगे सब बास
तू रहे भूका होऊ
व्हाट ान िरोनी.
इस धरती का है राजा तू
Lol i'm जस्ट किडिंग विथ यू
नए लैंड बिल से टकरा न तू
बस हार मानले तू
मितवा सुन मितवा
तेरा काया फ्यूचर री
यह धरती उसकी है
अगला तेरा नंबर री
तू मर जा री...
गेट हुए मैंने हरषि को देखा तो वो गाला फाड़ कर चीखते हुए मेरी असली फैन होने का सबूत दे रही थी..
उसके साथ और लोग भी मुझे अप्प्रेसियते चीख चीख कर रहे they...ye मेरी आवाज का जादू था और सांग भी सिचुएशन के हिसाब से था.
मई :
सुन लो रे मितवा
पॉलिटिशंस आएंगे
नए होप्स दिलाएंगे
योगी भी आएगा
लसन की चटनी
बाजरे की रोटीई दलित के घर
खायेगा..
ब्लोग्स लिखेंगे सोशल वर्कर्स
युथ विल मेक ा स्टेटस चेंज
कंफ्यूज न होना यरू
क्नोव तहत नथिंग विल चेंज.
ो मितवा सुन मितवा
नॉट everyone's नाना री
Akela,bechara
देगा कितनो को खाना रे
ो नाना री
--
नर नारे, नारे नारे नाना
--
नर नारे, नारे नारे नाना
--
सुनलो रे मितवा
कप्तान रसल्ल ात लीस्ट
वास् किते ान ऑनेस्ट मन
मैच फिक्सिंग की लेकिन
हरने पे लगान लिखे एक्चुअली
माफ़ करदी
आज के मिनिस्टरों से
मैच तो लगा के देख
खरीद लेंगे ुंपिरेस दोनों
लगान विल बे इन थेइर जेब
--
--
ो मितवा सुन मितवा
यह पिक्चर नहीं है रे
जहाँ एन्ड में
कन्वेनेंटली
बारिश भी हो जाये रे
ो मितवा सुन मितवा
सब्सीडीएस भी री
उड़ गए
हवा में
पोहोचे नहीं तुझ तक रे
ो मितवा सुन मितवा
तेरा no फ्यूचर री
यह धरती उसकी है
आ गया तेरा नंबर रे
तू मार जा रे
तू मार जा रे
तू मार जा रे
तू मार जा रे
तू मार जा रे.
गण
ख़त्म होने पर सब बहुत देर तक तालिओं और व्हिस्टलेस से मुझे अप्प्रेसियते करते रहे...
फिर मैंने एक छोटी सी स्पीच दी और स्टेज से उतर गया...
हरषि और उसकी फ्रेंड्स ने मुझे घेर लिया...
हरषि: I'm प्राउड ऑफ़ यू जीजू...
वो गले लग कर boli...uski फ्रेंड्स मेरे साथ सेल्फी लेने lagi...fir मेरे साथी के कहने पर उन्होंने पेमेंट की और हम दोनों अपनी बाइक के पास ए..
आज सेलिब्रिटी वाली फीलिंग्स आरही थी...
होटल आते hi अपनी औक़ात पर आगया मई...
रत 10 बजे मई घर के लिए होटल से निकला.
घर आया तो देखा आरोही बीएड से तक लगाए फ़ोन चला रही है...
आरोही: आगये aap...meri आहत पर उसने मुझे देखा..
आरोही: फ्रेश होक हरषि को ले ए कह रही थी जीजू के साथ khaungi...wo उठते हुए बोली...
मई : हम्म्म... वाशरूम में आकर मैंने मुँह हाथ धोया फिर हरषि के रूम में आया..
हरषि: जीजू आगये आप..
वो मेरा hi सांग सुन रही थी...
मई: हां चलो आओ डिनर करे.
हरषि
: जीजू मुझे गॉड में ले चलो..
मई : तुम भी न छोटी बची ho...mere बीएड पर बैठते hi वो मेरी पीठ पर सवार हो गयी..
हम दोनों का रिश्ता भाई बहनो जैसा था जिस दिन से मैंने हरषि की इज्जत बचाई तब से हरषि मुझे कुछ ज्यादा hi रेस्पेक्ट देने लगी थी...
आरोही: ये क्या hai...wo हमें देख बोली...
मई : अपनी बहन से hi pucho..kehte हुए मैंने हरषि को उतर दिया..
हरषि : ी लव माय जीजू...
आरोही मुस्कुरा के रह gayi...fir हम दोनों को आरोही खाना सर्वे करने लगी.
मई: उन दोनों को नहीं बुलाया.
आरोही: वो खा चुके...
कहते हुए आरोही बैठकर हमारे साथ hi खाने लगी...
मेमसाब मुझे बुला लेती ...गीता एते हुए बोली...
आरोही: कोई बात नहीं गीता इनके लिए करना मुझे ाचा लगता है ...
आरोही की बात सुनकर माइड चली गयी.
हरषि: दीदी कुछ कहा था मैंने आपसे...
आरोही: ओह Han...pizaa डिलीवरी की जॉब फिर क्यों स्टार्ट कर दी...
मई: तुम्हारे पेट में कोई बात नहीं ृक्ति..
हरषि: मुझे नहीं पसंद आप वो मामूली से जॉब करो...
मई: कोई जॉब छोटी नहीं होती वैसे भी मई खली तो hi रहता हों...
हरषि : बस मुझे नहीं पसंद..
आरोही: हरषि क्यों ज़िद्द कर रही हो तुम्हारे जीजू का मन है वो जो साहहए करे.
हरषि: दीदी अरे यू माध आप इतना बड़ा होटल रन कर रही है और आपके हस्बैंड मामूली से डिलीवरी बॉय है आपको बुरा नहीं लग रहा..
हरषि की ज़िद्द को देख कर लग रहा था वो मेरी जॉब छुड़वा के hi मानेगी..
आरोही: सुन लिया अब घर रहोगे जब तक कोई अछि जॉब नहीं मिल jati...kehkar आरोही उठकर चली गयी..
मई : कर दिया न नाराज़..
हरषि : जीजू इसमें नाराज़ होने वाली क्या बात hai..aap अपने होटल को रन करे किसी और की गुलामी क्यों...
मई : तुम भी na...kha कर मैंने आरोही की प्लेट उठाई उसमे थोड़ा खाना डाला और लेकर रूम में आया..
मई : उठ जाओ जान बची है वो..
आरोही: उसे मुझसे ऐसे बात करनी चाहिए थी क्या मुझे आपकी परवाह नहीं...
मई : मैंने तो कुछ नहीं कहा चलो मुँह kholo...gussa थूक भी दो जान...
आरोही: कल मई पिता जी से कहूँगी इसे ले जाने को...
मई : स्टडी करने दो न yaar..chalo मुँह खोलो...
फिर मई खिलने लगा आरोही खाने लगी...
खिलाकर मई बर्तन रखकर आरोही के पास आकर लेट गया...
आरोही: रुको मई दूध लेकर अति हों..
मई: अभी तो खाना खाया hai...man नहीं है यार..
आरोही : अब जॉब मत करना घर रहना.
मुझे भी घर रहना पसंद था लेकिन गोंडा रेड्डी का कर्जा मुझे जॉब के लिए मजबूर कर रहा था ....उसी का दर था जो मई रत दिन देखे बिना बैल बना था..
मई : एक बात पुछु.
आरोही : हम्म्म
मई: ऐसा क्या जानना था अर्जुन से जिसके लिए तुम्हे उसे अपनी इज्जत देनी पड़ी ..मेरे सवाल से वो खामोश हो गयी उसकी आँखों के गोले मुझे हैरत से देखने लगे...
आरोही: अब ये बातें क्यों कर रहे है मैंने आपको समझाया na...sab कुछ बताया अपने बारे में..
मई : मुझे हक़ नहीं जानने का .
आरोही: इनफार्मेशन इस एवरीथिंग जब मई उन लोगो के लिए काम करती थी फूल पार्टी में.. तो मई बस मोहरा थी मेरे साथ कोण कोण इन्वॉल्व थे मई नहीं जानती सबसे बड़ा कुलप्रीत मोहिनी की आड़ में जो था / थी वो tha...meri साडी कोशिशे उस तक पहुंचने के लिए है..
मई: तुमने कहा तुम फूल पार्टी के लिए करती तो क्या मरे मां के साथ भी...
आरोही: आपको सिर्फ हर्ट होगा जान कर न puche....wo दरिंदा है लेकिन वो नहीं जिसकी मुझे तलाश hai...wo मेरे साथ इंटिमेट हुआ था लेकिन इसमें मेरी मर्जी भी thi...ya यूँ कहु मुझे ये करने के लिए कहा गया था...
उसकी बात सुनकर मेरे होंठ सील Gaye..apne मां के लिए मेरे मन में नफरत के साथ अब बदले की आग भी जलने लगी थी...
मई : उस दिन उसने तुम्हे पहचाना क्यों नहीं जब पुलिस मुझे अरेस्ट करने आयी थी..
आरोही: ये पहले की बात है अब मेरी पर्सनालिटी चेंज हो गयी प्लीज मत पूछे कुछ bhi...mujhse कहा नहीं जायेगा आपसे सुना नहीं जायेगा...
मई : मई अपने मां को मार dunga....uska रिश्ता मेरी माँ से था मुझसे नहीं...
आरोही: इसलिए कुछ नहीं बताती mai...wo नाराज़गी से बोली...
aarohi:wo बहुत सिक्योरिटी में रहता है अगर आप नाकामयाब हुए तो आपको कोई नहीं बचा सकता जेल से... samjhe....use मई बाद में मरूंगी अभी मुझे अपने असली मुजरिम तक पहुंचना hai...pehle.apni ट्रेनिंग पर ध्यान do...ab जॉब नहीं करोगे घर रहना वर्कआउट करना और हर रात मेरे आने का इंतज़ार.
मई: ठीक है ट्रेनिंग के बाद मरूंगा उसे...
आरोही: ी थिंक तुम्हारी बहन तुम्हारे मां के लिए काम करती है अपनी बहन को रोको वर्ण वो तुम्हारी बहन का भी हाल मेरी तरह कर देगा शायद कर भी दिया हो...
मई: मेरी बहन उसके लिए काम क्यों करेगी..
आरोही: सबसे बरी वजह यही है उसने अपनी बहन के हर्रास्मेंट पर भी f.i.r नहीं की ...
मई: हम्म maybe...bat करने जाऊंगा किसी din....by थे वे मई मोहिनी को जनता हों मेरे घर आयी थी वो ..
आरोही : सच कह रहे है आप...
मई : हम्म्म.
आरोही : आप कह रहे थे अनु का पब hai...kal वहां चलते है फिर...
मई : ठीक है..
आरोही : चलो आओ मई आपका मूड बनती hon...kehkar वो किश करने लगी...
उसके अहसास से सभी दुःख उलझने मन में उठने वाली सोंचे सब भूल उसका साथ देने लगा...
2 मिन्तुइस तक एक लम्बी किश के बाद हम अलग hue...aur हम दोनों के फेस पर मुस्कराहट फ़ैल गयी....
आरोही ने फिर फ़ोन में स्टोरी लगा दी....
मई: ये तो पढ़ ली मैंने...
आरोही: सब तो हम पर चुके अब ककोल्ड स्टोरी नहीं है इसलिए फिर से लगा दी...
मई : मुझे नहीं पढ़ना शामे स्टोरी बार बार....
आरोही : ाचा तो फिर मई आपको कहानी सुनती हों मेरी और अर्जुन के फर्स्ट एनकाउंटर की...
उसकी बात सुनकर मेरा दिल बुरी तरह से बेचैन हो Gaya...mai रोकना चाहता था लेकिन रोक नहीं पाया....
आरोही की जबानी...
मई : मुझे नंगा करके ुसनद मेरे टिट्स मुट्ठी में भींच liye....mere मोठे मोठे बूब्स को दबाते हुए उसने अपने गंदे लिप्स मेरे होंठो पर रख diye..mere होंटो को चूसते हुए बहुत बेचैनी से मेरे बूब्स को मसल रहा tha...meri दर्द की आहें उसके मुँह में hi डाब रही thi...fir मुझे घुटनो पर कर उसने अपना बड़ा सा लैंड मेरे मुँह में दाल Diya...wo कमीना मेरे बाल पकड़ कर अपने लैंड को मेरे मुँह में आगे पीछे कर रहा था....
सलिल : रुक जाओ प्लीज....
मई इंतज़ार कर रही थी कब वो मुझे roke...bardast न होने पर आखिर वो बोल उठे.... जहाँ उनकी आँखों से आंसू निकल रहे थे वही उनकी पंत में तम्बू बन गया था....
मई : ये तो कुछ और hi कह रहा hai...Maine उनके लैंड को मसलते हुए कहा ...फिर उनकी पंत खोलने लगी....
सलिल: aaahhh....aesa मत करो please...wo बेचैनी से bole...unka चहेरा लाल पढ़ गया था....
मई : मेरी और अर्जुन की कहानी सुनकर ये क्यों खड़ा हो गया....
सलिल : मुझे नहीं pata....wo बेबसी से bole...jis पर मई उनके लैंड को मुट्ठी में भर के हिलने लगी....
मई: मई बताऊँ kyo...wo समझ गए थे मई क्या कहूँगी इसलिए उनसे कुछ न कहा गया....
मई : आप का मन चाहता है कोई मेरे साथ ये सब kare...jaan इसमें बहुत एन्जॉयमेंट है एन्जॉय किया करो na...hilane से उनकी एक्ससिटेमेंट बहुत बढ़ गयी आंखे बंद किये वो मेरी उंगलिओ के नशे में डूब गए...
ये देख मैंने अपने हाथ को रोका और कपडे उतर diye....fir उनके लैंड पर बैठ gayi...land अंदर लेकर मई उछलने लगी..
सलिल : aaahhhhhh....jannn...
मई: आआआह्ह्ह्ह उम्मम्मम फ़क हार्डली jaaannn....ufff ऐसे hi अर्जुन ....आआह्ह अर्जुन ..फ़क में अर्जुन यस यस अर्जुन ...उनके सामने अर्जुन का नाम लेने पर वो और एक्ससिटेमेंट में मुझे फ़क करने लगे....
मई : आआअह्ह्ह्ह Arjun....yes...ohhh यस ..फ़क में हार्ड बेबी ...यस ....ummmmm...aaaahhhh....Arjun ी कैन फील योर डिक इन माय pussy...ohhhhh अर्जुंन....
कुछ मिनट फ़क करने के बाद हम दोनों साथ hi जहर गए....
हफ्ते हुए हम सांसे लेने Lage...wo उठकर शावर लेने चले गए....
कुछ देर बाद नाहा कर ए तो मुझे उनकी आँखों में आंसू दिखे...
मई : मज़ा आया jaan....Maine शरारत से पूछा...
सलिल: चुप जाओ
. वो भर्राई आवाज में bole....fir मेरी तरफ पीठ करके लेट गए...
उनके सिसकने पर मैंने उन्हें पीछे से हुग कर लिया.....
मई : चलो रोना बंद करो... मेरे बेबी हो न आप...
अब उन पर से हवस का बहुत उतर चूका था....
मई : जान मई बस आपको जलने के लिए ये सब कर रही thi....chalo चुप जाओ....
सलिल: तुम्हे मजा अत है मुझे जला kar...wo रट हुए bole...jis पर मई उन्हें किसी बचे की तरह चुप करने लगी...
मई : हम्म hehehe...Maine उनके जख्मो पर नमक छिड़कते हुए कहा....
सलिल : आज के बाद ऐसा किया तो ाचा नहीं होगा...
मई : मई कह रही हों न मई मज़ाक कर रही thi...chalo चुप जाओ ab....nahi छुपे तो मई भी रोने lagungi....ghumkar वो मुझसे चिपट gaye....aur अपना मुँह मेरे बूब्स में छुपा लिए...
सलिल: अब ऐसा मत karna....nahi तो मई ब्रिज से कूद जाऊंगा....
मई : नहीं करुँगी चलो सो जाओ....
उन्हें सहलाते हुए मेरी भी आँख लग गयी......
अगली सुबह आरोही के जगाने पर मई उठा....
वो रोज़ की तरह गयम ड्रेस में थी....
उठकर मैंने मुँह हाथ धोया और हम दोनों गयम में ए जहाँ पूर्वी और रोहित ऑलरेडी थे....
हमें देख वो दोनों पोज़ बदल कर सीधे हो जाते है...
आरोही गुड मॉर्निंग बोलकर खड़े होकर गयम करने लगती है....
आरोही स्पोर्ट ब्रा और एक टाइट लेग्गिंग में थी जिसमे से उसकी कमर और बॉडी की शेप पूरी तरह शो हो रही थी....
जिसे रोहिति बुरी तरह से घर रहा था उसकी नजर आरोही के बैक पर thi...ye देख मई दुम्ब्ले छोर बेहद गन्दी निगाहो से पूर्वी को देखने लगा....
पूर्वी देखने में बेहद हसीं थी उसकी छूट की शेप मुझे क्लेअरी विज़िबल हो रही थी....
उसे देखते हुए न जाने कब मेरा हथियार सर उठाने laga..Aaj से पहले मैंने पूर्वी को कभी नहीं देखा था aese..ye मई रोहित को जलने के लिए कर रहा था....
रोहित : आंखे सेक ली हो तो गयम कर ले....
मई : तुझे बुरा नहीं लगा...
रोहित: तब लगता जब पूर्वी भी तुझे ऐसे hi देखती....
फिर वो मुझे बताने लगा और मई गयम करने लगा....
आरोहित : के रोहित...
आरोही के बुलाने पर रोहित उसके पास Gaya...fir आरोही उसके साथ गयम करने लगी ..
शायद कोई मार्शल आर्ट्स की तकनीक thi..jo वो रोहित के साथ कर रही थी ..
अब आरोही रोहित के हाथ के सपोर्ट पर हवा में झूल रही थी...
पूर्वी: मन हो तो रोहित जैसा व्हाट ा पावरफुल मन...
धम्म्म्म....
पूर्वी के कहने पर मैंने फंबलेस फेक दिए ...
मई : मुझे नहीं करना ये चुतियापा मुझे कुंग फु सीखनी है....
मेरे चीखने पर आरोही रोहित के ऊपर से उतर गयी वही पूर्वी खिलखिला कर हसने लगी....
रोहित: क्या हुआ मन..
पूर्वी: he's बॉय स्वीट बॉय...
आरोही: शट उप purvi...chalo आओ गर्दन में चले....
गयम से निकलकर हम चारो गर्दन में ए
..जहाँ मार्शल आर्ट्स के इक्विपमेंट्स पर आरोही मुझे मार्शल आर्ट्स की मूव्स बताने लगी..
आरोही: सलौली सलौली करना है स्पीड नहीं बढ़ानी वर्ण चोट लग जाएगी...
वो वुडेन कुंग फु इक्विपमेंट पर मूव्स बताते हुए बोली ..
मई : हटो tum...aarohi को हटके मई प्रैक्टिस करने लगा....
आरोही: इतने चिड़चिड़े क्यों हो रहे हो....
मई : गुस्सा है मां और अर्जुन par..sikhte hi दोनों को मार dunga...mai स्पीड बढ़ाते हुए बोलै...
आरोही: मई सिखाऊंगी नहीं ...
मई : मत सिखाओ......
बिना जवाब दिए वो उन दोनों के पास चली गयी....
प्रैक्टिस के बाद हम आये थोड़ी देर रेस्ट करके हम दोनों तैयार हुए बहार ए तो गीता ब्रेकफास्ट उतरने लगी..
फिर वो दोनों भी आकर हमें ज्वाइन कर लिए...
मई : हरषि नहीं आयी गीता...
आरोही : वो जा रही सो नाराज़ है...
मई: तुम सच में उसे भेज रही ho...aarohi वो तुम्हारी छोटी बहन है...
आरोही: आप नाश्ता करो मेरी फॅमिली है मई देख लुंगी....
बिना कुछ कहे मैंने ब्रेकफास्ट उठाया और लेकर हरषि के रूम में आया...
हरषि: क्यों ले ए जीजू भूक नहीं hai...usne मुझे देख कहा..
मई : क्या हुआ तुम्हारी दीदी से...
हरषि : कुछ भी नहीं उन्होंने फ़ोन करके पापा से कहा है मुझे ले जाने ko....shayad मेरे उठने से पहले hi आरोही ने ऐसा किया था...
मई : तुम न जाओ मई देखता हों उसे कैसे तुम्हे भेजती है...
हरषि : जीजू वो बहुत गुस्से वाली है आपकी पिटाई कर देंगी मई नहीं चाहती आप दोनों में झगड़ा ho...vaise भी मुझे जाना hi है पिता जी ने किसी को भेजा है मुझे लेने...
मई : चलो नाश्ता कर लो...
हरषि : नहीं जीजू मुझे भूक नहीं है...
मई: मेरी फैन नहीं हो...
हरषि : हेठे हों वो भी जब्र फैन काश आप मुझे मिले होते....
मई : शट उप पिटाई कर दूंगा चलो Khao...mere मानाने पर उसने फाइनली खा लिया....
खिलाकर मई आरोही के पास आया....
मई : मुझे उसका जाना बिलकुल नहीं पसंद उसकी मौजूदगी से मुझे सोना का अहसास होता है ..
आरोही: आप दोनों बहुत क्लोज हो रहे है क्या बात है..
आरोही के कहने पर मैंने उसे गुस्से में घुरा....
मई: वो मेरी सोना जैसी है मेरे liye...dubara मुझ पर इलज़ाम मत लगाना वर्ण ाचा नहीं होगा...
दन्त पिस्ता हुआ मई रूम में आगया...
कुक देर बाद आरोही आयी और अपना हैंडबैग लेकर चली गयी....
दोपहर में हरषि आयी उसके हाथो में डायरी थी...
हरषि : जीजू आपका गिफ्ट....
मई : कोण लेने आया...
हरषि : पिता जी ने किसी पुलिस अफसर को भेजा.. डायरी लेकर मई देखने लगा...
हरषि भी मेरे hi पास बैठ गयी...
मई : थैंक यू सो मच...
हरषि : वेलकम जीजू...
मई : ये कोण है...
मैंने एक 18 साल की बेहद hi सुन्दर लड़की की फोटो दिखते हुए मैंने पूछा जिसके साथ ससुर जी थे..
हरषि : दीदी..
मई : व्हाट.. कोनसी दीदी..
हरषि : आरोही दीदी ने प्लास्टिक सर्जरी कराइ वो नई ज़ीलैण्ड इस वजह से भी गयी thi.....pita जी ने स्टडी के लिए भेजा था लेकिन वो अपना फेस नाम और आइडेंटिटी दोनों hi बदल आयी.
मत पूछो क्यों नहीं पहचाना अब मेरी पर्सनालिटी चेंज हो गयी है...
हरषि : कहा खो गए जीजू...
मई : तुम लोगो ने मुझे सच क्यों नहीं बताया था ससुर जी तुम हर्ष आरोही किसी ने भी सच नहीं बताया...
हरषि : दीदी ने छुपाने को कहा sabse...jiju प्लीज इसे सीक्रेट hi रखना मई उन पर गुस्सा थी इसलिए बता दिया...
मैंने सर हिला दिया...
हरषि बेबी chale..bahar से एक आदमी की आवाज आयी ..
हरषि : ठीक है जीजू मई जा रही hon...kehte हुए वो मेरे गले लग गयी..
मई : आती रहना yahan...tumse मेरा रिश्ता सिर्फ आरोही की वजह से नहीं फैन और सेलिब्रिटी वाला भी है...
हरषि : ी लव यू मेरे प्यारे jiju...mai हॉस्टल में रहूंगी आप मिलने आते रहना...
मैंने सर हिलाया फिर बहार तक मई उसे छोड़ कर आया...
उसके जाने के बाद मई एल्बम देखने लगा...
आरोही के पहले का फेस अब के फेस से कई गुना खूबसूरत था....
मई उसके झूट सुन सुन के थक गया था इसलिए मैंने कॉल लगा दी...
आरोही: I'm सॉरी मुझे आप पर गुस्सा नहीं करना चाहिए tha...Maine बड़ा भद्दा इलज़ाम लगाया आप पर ..
उसने फ़ोन रिसीव करते hi कहा...
मई : यार बहुत हर्ट हुआ...
आरोही: मई हमारे लिए प्राइवेसी चाहती थी इसलिए उसे भेजा गुस्सा नहीं हों उससे न aapse...aapko नाराज़ करने की वजह भी यही थी...
मई : यार हमारी प्राइवेसी में उसने हस्तछेप नहीं किया था...
आरोही: वो चली गयी क्या...
मई: हम्म तुमसे नाराज़ होकर...
आरोही: मई शाम 5 बजे आउंगी तैयार मिलना फिर हम पब चलेंगे...
मई : ठीक hai...itne में उसने कॉल कट कर di..uski मीठी आवाज सुनकर जिसके लिए कॉल की वो मई कह hi नहीं पाया...
मुझे बस उसका साथ और प्यार चाहिए था..
शाम 5 बजे वो आयी मई ऑलरेडी तैयार बैठे उसका वेट कर रहा था...
मैंने उससे इस समय प्लास्टिक सर्जरी को लेकर कुछ पूछना ठीक नहीं समझा..
तैयार होकर हम घर से बहार आये..
आरोही ने एक बेहद hi सेक्सी ब्लैक स्कर्ट पहनी थी जिस पर हल्का मेकअप था.
कार आरोही की बहार hi कड़ी थी जिसमे बैठ कर मैंने कार आगे बढ़ा दी....
आरोही : जान अपने आप को कण्ट्रोल में रखना अगर मुझे किसी के साथ देखो मई किसी की तलाश में hon...samajh रहे हो न...
मई : जैसा फिल्मो में होता है...
आरोही: एक्साक्ट्ली...
मई : काश हम दोनों जासूस होते तो कितना मजा आता...
आरोही : हम्म्म..
मई : किसी से चिपकना नहीं.
आरोही: ी क्नोव हर्ट होगा बूत जैसी सिचुएशन होगी मई वो karungi...abhi आपको इसलिए बता रही हों की आप कुछ गड़बड़ न कर दे...
मई : है मई समझ गया....
आरोही : कोई पूछे क्यों आये तो कहना एन्जॉय करने ए अपनी वाइफ के साथ..
मई : इतना भी बचा नहीं हों इर्रिटेट मत किया करो...
मेरे कहने पर वो खिलखिला कर है दी..
आरोही: मेरे लिए तो मेरे बेबी हो मेरे स्वीट से बेबी...
कुछ देर बाद हम दोनों अनु दीदी के क्लब में थे...
क्लब में म्यूजिक की धुन पर गर्ल्स बॉयज़ बाद हवशी में नाच रहे थे ेरोटिक्स लाइट्स सब तरफ जल बुझ रही माहौल बहुत ज्यादा सेक्सी था...
कुछ देर आरोही वही कड़ी नाचते हुए लोगो को ऑब्सेर्वे करने लगी मई भी अनु दीदी को देखने लगा...
आरोही: आओ आगे चलते hai...uski आवाज पर मई उसके साथ आगे बढ़ गया....
मई: ऐसे गंदे माहौल में रहेगी तो गलत रह पर चलेगी na...mai खुद में बुड़बीड़ाया...
आरोही के साथ मई कैसिनो में आया जहाँ लोग गैंबलिंग कर रहे they...fir आरोही मुझे लिए बार काउंटर पर आयी...
आरोही : तवो takila...drink लेकर हम दोनों hi पिने लगे....
ख़त्म होने पर हमने एक और ले ली...
आरोही : आप यही रुको मई अभी आयी .
कहकर वो चली gayi...mai काउंटर पर बैठे बैठे पिने लगा..
एक ड्रिंक बना यार मेरी wali..ek आदमी ने मेरे बराबर मई बैठते हुए कहा..
बार टेंडर: बहुत दिनों बाद दिखे डॉक्टर साहब..
डॉक्टर: है यार काम में फसा था मेरा टेस्ट पता है ना ..
बार टेंडर: पता है ..ये लीजिये डॉक्टर चुटिया की फवौरीते drink...bar टेंडर ड्रिंक देते हुए बोलै...
उसका नाम सुनकर मई चौंक गया...
क्योकि आरोही मुझे अभी तक इसी की स्टोरी पढ़ा रही थी जिसने मेरे दिमाग में बहुत सी गन्दी सब्चे पैदा कर दी थी...
मई : एक्सक्यूज़ में... आप डॉक्टर चुटिया उर्फ़ चुन्नी लाल नर्वदा वाले ho...Maine कन्फर्म करने के लिए pucha...jis पर वो अजीब नजरो से देखने लगा...
मई: मई आपका बहुत बड़ा फैन हों आपकी सभी स्टोरीज पढ़ ली है क्या आप वही हो..
मेरी बात सुनकर उसके फेस पर मुस्कराहट फ़ैल गयी....
चुटिया: तुम्हे मेरी स्टोरीज इतनी पसंद आयी ..
उसकी बात सुनकर कन्फर्म हो गया ये वही है...
मई: है डॉक्टर मई तुम्हारा बहुत बड़ा फैन hon...aao बहार चलकर प्राइवेट में बात करेंगे...
चुटिया: यही कहो न
मई : प्राइवेट है वाइफ के बारे me...Mai उसी के साथ यहाँ आया हों.
मेरी बात सुनकर उसने हामी भरी . ..
चलते हुए हम दोनों बहार ए...
एक गली के नुक्कड़ पर मई रुका...
डॉ चुटिया : अब बोलो यार...
मैंने उसकी बात सुनकर हस्ते हुए उसे देखा फिर मई उस पर टूट pada..laat घुसो की बारिश कर दी मैंने उस पर...
डॉ चुटिया: क्यों मर रहा है पागल हो गया है तू ..देख रुक Jaa...aaahhhh...
मई अनसुना किये डॉक्टर के बेदर्दी से पीट रहा हैरत की बात थी वो खुद को बचा नहीं पा रहा था...
डॉ चुटिया: अबे मैंने तेरा क्या बिगाड़ा है प्लीज रुक जा बहुत दर्द हो रहा है..
मई : क्या bigada...sale तेरी गन्दी स्टोरीज ने मेरा दिमाग ख़राब करके रख दिया hai...Teri स्टोरीज के नाले हीरो की तरह बन गया hon..Mai रुकट्टे हुए बोलै..
डॉ चुटिया : क्या बात है खुलकर बता ..
मई : मेरी वाइफ मुझे तेरी स्टोरीज पद्धति thi...fir मैंने उसे काफी कुछ अपने और आरोही के बारे में बताया..
डॉ चुटिया : तो बन जा न बहुत मजा ayega...abhi वो किसी के साथ होगी ..
उसकी बात सुनकर मुझे झटका लगा... बिना कुछ कहे मई क्लब की तरफ भगा...
पीछे hi मुझे डॉक्टर के भागने की भी आवाज आरही थी....
क्लब में आके मई आरोही को तलाश करने लगा...
तभी मुझे वो एक लड़के के साथ डांस करती दिखी....
आरोही उस लड़के के साथ इतना इरोटिक डांस कर रही थी जिसे देख मेरे दिल की धरकने बहुत तेज चलने lagi...aesa फील हो रहा था जैसे कोई मेरे दिल को मसोस रहा hai...aarohi की जंघे उसकी हथेली में थी आरोही बूब्स उसके साइन से लगे थे..
इतने में मुझे किसी का हाथ अपने कंधे पर महसूस हुआ पूछे मुड़कर देखा डॉ चुटिया मेरे पास hi आकर खड़ा हो गया था..