Broken by Her! (Story of a man) - Page 7 - SexBaba
  • From this section you can read all the hindi sex stories in hindi font. These are collected from the various sources which make your cock rock hard in the night. All are having the collections of like maa beta, devar bhabhi, indian aunty, college girl. All these are the amazing chudai stories for you guys in these forum.

    If You are unable to access the site then try to access the site via VPN Try these are vpn App Click Here

Broken by Her! (Story of a man)

Episode 20

मई ब्रेकफास्ट कर रहा था की इतने में दूर वेल बजी गीता खोलने गयी तो उसे दक्का देते hue...ready एना अपने आदमियों समिट दाखिल हुआ...

नेक्स्ट कंटिन्यू....

कुछ दिनों पहले...

डैम मारो डैम, मिट जाए गम,

बोलो सुबह शाम

हरे करिश्ह्ना हरे राम

डैम मारो डैम, मिट जाए गम.

पब में म्यूजिक की धुन पर सब बदहवास होकर नाच रहे थे वही अनुसुइया एक रूम me...call पर किसी से बात कर रही थी...

अनुसुइया : ऐसा नहीं है Mona...mai तुम्हे कीमत दूंगी न..

मोना: तुम सेल्फिश हो Anu..Maine तुमसे घर पर hi बोल दिया था मुझे तुम्हारे पैसे नहीं चाहिए...

अनुसुइया : सोना दर रही hai..use नाईटमेयर आते तीन महीने बाद उसकी शादी है प्लीज...

मोना : काश तुम इतनी hi परवाह अपने भाई की भी करती.

अनुसुइया : करती हों इसलिए hi तो तुम्हारे पास आयी थी...

मोना : करती तो कुत्तो की तरह पित्त नहीं देखती..

टिंग..

अनुसुइया: तुम एक बार मिलो मई सब एक्सप्लेन कर dungi...baat करते हुए अनु दूर पर आती hai..door खोलने पर बहार कोई नहीं होता...

जैसे hi अनु दूर बंद करने वाली होती तो उसे एक कार्ड बहार पड़ा दीखता है...

कार्ड उठा के अनु खोल कर देखने लगती है.....


सुबह मेरी आँख जब खुली तो आरोही बिस्तर पर नहीं थी..

उसे न पाकर मई उसके बारे में सोंचने लगा रात जो हुआ...

वो रो रही thi...mai जान गया था वो क्यों रो रही thi...uske प्यार पर प्राउड भी फील हो रहा था ...तड़पने के बाद भी उसने मुझे न मर्दानगी का तना नहीं मारा था..

जब यौन इच्छा की पूर्ति पार्टनर नहीं कर पता तो पत्निया मुँह पर पतियों को नपुंसक और न जाने क्या क्या बोल देती hai..lekin मेरी आरोही ऐसी नहीं थी...

उस पर प्यार आते hi मई उसके लगये पिलो पर झुक गया और उसे चूमने लगा...

क्या हुआ पिलो को क्यों चुम रहे ho..wo नाहा कर टॉवल में लिपटी बाल पोछते हुए बोली...

417a3e45f87d27362ce719e962c08468.jpg


मई : ummm..is पर मेरी जान ने सर रखा था इसलिए...

आरोही : और आपकी जान कहा है..

मई : देखोगी..

आरोही : ओफ़्कौर्से..

आरोही का जवाब सुन मई नंगा hi बीएड से उठ गया उसके पीछे आकर मैंने अपने हाथ उसकी आँखों पर रख दिए...

आरोही : क्या कर रहे ho...aaap भी न...

मई : सससससह...

उसे पकड़ कर मई मिरर के पास laya..aur हैट गया...

मई : कैसी hai...meri जान..

आंखे खोलते hi खुद को मिरर में देख वो मुस्कुराने लगी...

आरोही : इतना प्यार करते हो मुझसे..

मई सर हिलने लगा...

जिसे देख उसकी आँखों में मेरे लिए प्यार भर आया...

आरोही : रुको...

मुझे अंडरवियर पेहेनते देख उसने रोका...

फिर चलती हुई मेरे पास आ गयी...


मेरी टैंगो पर अपनी पेअर फैलाकर वो मेरी गोदी में बैठ गयी...

आरोही : मई तुम्हारे लायक नहीं हों..

मई : शट up..dubara कहा तो छोड़ कर चला जाऊंगा...

आरोही : ssssshhh...khud से बांध लुंगी तुम्हे और कही नहीं जाने दूंगी ..

मई : कैसे..

मेरा पूछना था के उसने मेरे होंठो पर अपने होंठ रख दिए...

किश करते हुए वो जहाँ अपनी नंगी छूट मेरे बैठे लैंड पर घिस रही थी वही हाथो से बहुत वीलडली मेरे निप्पल्स दबाने लगी..

मैंने हाथ हटाने चाहे तो उसने अपने बूब्स पर मेरे हाथ रख diye...apne ब्रैस्ट छोड़ मई उसके बूब्स दबाने लगा...

काफी देर किश के बाद हम हेट...

किश तोड़कर आरोही अपना हाथ निचे ले जाकर मेरे लैंड को चेक करने lagi...jo अब तक थोड़ा hi खड़ा हुआ था...

मई : हुआ नहीं..

आरोही : मई करती hon..kehkar वो मेरे ऊपर से उठी और झुककर उसने मेरे लैंड को मुँह में भर लिया...

कुछ देर चूसने के बाद मेरा लैंड रात जितना बड़ा हो गया...


ये देख आरोही ने मुँह से निकल हैंडजॉब देनी शुरू कर दिया ..

खट्ट्ट्ट खट्ट ..चररररर....

आरोही वो files..door खोल अंदर आने वाला रोहित tha..hame देख वो अपना मुँह घुमा लेता hai...mai जड़ी से अपने ऊपर ब्लैंकेट दाल लेता हों..

मई हैरान था दूर के खुले होने par..vaise हम दोनों hi दूर बंद करके सोते और तैयार होकर दूर खोलते...

मई : नॉक करके नहीं आ मिला..

रोहित : सॉरी यार मैंने दूर पिता तो वो खुल Gaya..mujhe क्या पता था तुम दोनों अपना काम कर रहे होंगे..

आरोही : क्यों ए रोहित तुमने कुछ देखा तो नहीं..

आरोही के सवाल पर मैंने उसे आंखे dikhai..to वो भी अपना सर खुजाने लगी...

सिचुएशन hi बहुत ज्यादा ावकवर्ड थी वो भी क्या करती इसलिए मैंने जाने दिया .

रोहित: nahi...dekha..

मई : तुम जाओ बाद में आना .

रोहित : मई बहार हों कपडे पहन लो तो आवाज दे देना...

उसके जाते hi मई कपडे पहनने laga..aur आरोही भी कपडे पहनने लगी ..कपडे पहन कर मई मुँह धोने के लिए वाशरूम में घुस गया..

आरोही: आ जाओ रोहित... फेस वाश करते हुए मुझे आरोही की आवाज आयी...

रोहित : सलिल ने कपडे पहन लिए..

आरोही : हां ajao...yaar आवाज hi दे लेते मुझे आने से पहले..

रोहित : मुझे क्या पता तुम हाथो se...sorry... हाहाहा...

आरोही : है क्यों रहे हो...

रोहित : इसके jitna..hahaha..

वो शायद कोई इशारा कर रहा था..

आरोही : youuu...bhut मरूंगी ..ाचा बताओ क्यों आये...

रोहित : इन फाइल्स की असाइनमेंट बनानी hai..abhi याद आया..

आरोही : okay मई फ्री होकर कर दूंगी..

रोहित: दो दिन है bas...by थे way..just थ्री इंच..

आरोही : ोूउउ.....

रोहित : आआअह्ह्ह chodo...dekho पछताओगी आरोही...

आरोही: आअह्ह्ह्ह hahahhahaha..Rohit छोड़ो ..हाहाहाःहाहा..

उनकी आवाजे सुन मैंने झट से दूर खोल दिया...

आरोही के हाथो में रोहित के बल थे और रोहित के हाथ आरोही के साड़ी में खुले पेट पर ...

आरोही : तुम भी न चलो हटो अब जाओ...

मुस्कुराता हुआ रोहित रूम से निकल गया...

मई : तुम उससे इतना फ्रैंक क्यों हो रही thi...Maine गुस्से भरी आवाज में खा..

आरोही: चिल jaan...just किडिंग.

मई : उसके हाथ तुम्हारे पेट पर थे ..और तुम कह रही हो चिल.

आरोही : shak....kehte हुए उसके चहेरे के भाव बदल गए..

आरोही : तुम जानते हो न मुझे शक्की मर्दो से नफरत है ..

मई: शक की वजह है मेरे पास मेरे बैडरूम में इतने क्लोज हो रहे हो और न जाने मेरे पीछे तुम दोनों क्या करते होंगे....

आरोही: मई तुम्हारे पीछे रोहित से चुदवाती hon..yahi कहना चाहते हो न तुम..

मई : आरोही....

chatakkkk...mere थप्पड़ से उसके गाल लाल हो गए...

फिर सिसकते हुए वो रूम से निकल गयी...

उसके जाने के बाद मुझे अफ़सोस होने लगा की मैंने मार के कितनी बड़ी गलती कर दी ...

तैयार होकर मई बीएड पर hi बैठ गया..

सलिल सर ब्रेकफास्ट रेडी hai..geeta बैडरूम में आते हुए बोली..

मई : नहीं गीता मुझे भूक नहीं hai...aashna ने खा लिया..

गीता : वो नाहा रही है...

मई : ाचा जाओ tum...apni मैडम को खिला देना...

जी ..कहती हुई वो चली गयी ...

क्या हुआ तुम दोनों में यार...

कुछ देर बाद रोहित अंदर आया..

आते hi वो मेरे पास बैठ गया..

रोहित : क्या हुआ आरोही से वो ब्रेकफास्ट नहीं कर रही है...

मेरा मन कर रहा था रोहित को मरने का लेकिन इससे बात बढ़ जाती इसलिए खून का घुट पीकर रह गया...

रोहित: तू भी नहीं आया ब्रेकफास्ट पर वो भी नहीं कर रही .बता न यार क्या बात है..

मई :मुझे नहीं पता...

रोहित : कही तू हम दोनों के मजाक की वजह से तो गुस्सा नहीं हो Gaya...yaar जैसा तू सोंच रहा वैश कुछ नहीं है .मेरी ख़ामोशी पर उसने आगे कहा ...

रोहित : तुझे बहुत चाहती है wo...aur मई पूर्वी को ...हम दोनों बस दोस्त hai...hasi मजाक कर लेते है तुझसे नहीं करता क्या मई...

मई : तू वो ऊँगली से क्या कह रहा था..

रोहित : रूम में मिस्टेक से आते हुए तेरा लैंड देख लिया था मैंने जो मेरी सबसे छोटी फिंगर जितना hai..usi की बात क्र रहा था मई ..यार जितना छोटा तेरा है उतने छोटे लैंड पर औरत थूकती भी नहीं लेकिन आरोही वो तेरे लैंड से नहीं तुझे प्यार करती hai...aur तू उस पर शक कर रहा है..

मई : पहले इतना छोटा नहीं था अब हो गया है..

रोहित: आरोही डॉक्टर है उसे बता वो दबाई देगी सब ठीक हो जायेगा लेकिन अब उस पर शक मत करना..

मई : शक नहीं है बस गुस्से में मार दिया.....

रोहित : चल सॉरी बोल use...bahut नाराज़ लग रही है मैंने बहुत मनाया नहीं मणि...

मई : huhh..mai जैसे hi उठा रोहित ने मुझे हुग कर लिया..

रोहित : तू मेरा दोस्त है तेरी वाइफ मेरे लिए भाभी saman...meri नियत बस तुझ पर गन्दी hai..kehte हुए उसने मेरी बैक दबा दी..

मई : सेल क्या कर रहा है ..मई झटके से अलग होते हुए बोलै..

रोहित : hahaha...pata है तुझसे बड़ा लैंड है मेरा ...

मई: अबे चल न घोंचू..

रोहित : देख तो सही ..कहते हुए उसने अपनी जीप खोल के लैंड बहार निकल दिया..

रोहित : देख कितना बड़ा है ....छू कर देख...

मई : तेरे लैंड पर लात मरूंगा सेल.....

मेरे गुस्सा करने पर वो अपना हथियार पंत में दाल लिया..

रोहित : तुझसे कई गुना बड़ा है.

मई : बकवास बंद कर अपनी...

मई जाते हुए रोहित के बारे में सोंच रहा tha...jo मेरे सामने इतना ओपन हो रहा था वो आरोही के सामने कितना होता होगा...

मैंने सोंच लिया आरोही को इस गांडू के चुंगल से बचाना होगा.

आरोही गर्दन में हरी घास पर बैठी थी...

पास जेक मई भी बैठ गया..

मई : I'm सॉरी na..kehte हुए मई उसके शोल्डर पर अपनी उँगलियाँ चलने लगा....

आरोही : huhh...blush करती हुई वो घूम गयी...

मई : तुमने ऐसी बात hi की जो मई बर्दास्त hi नहीं कर पाया.. प्लीज जान I'm सॉरी न..

आरोही : शक तुमने किया मुझ पर..

मई : यार तुम मेरी पत्नी हो या उसकी इतने क्लोज उसके कैसे हो सकती ho...chalo गुस्सा थूक दो..

आरोही : ठयऊ..

मई : अब है कर दिखा दो..

आरोही: मन नहीं है..

मई : सच में ...कहते हुए मई उसके गुदगुदी करने लगा..

आरोही : hahhahhaha...chodo baba..chalo लेट हो रही हों आपका भी एग्जाम है..

मई : नहीं मेरे एग्जाम हो गए अब कुछ दिनों में फाइनल होंगे बस..

आरोही : ाचा बीएड पर जो फाइल पड़ी है उनकी असाइनमेंट बना देना..

मई : हम्म कर dunha..aaru ये रोहित मुझे ठीक नहीं लगता कुछ देर पहले ये मेरे सामने नंगा हो गया tha...meri वाइफ और बहन है yahan..mai रिस्क नहीं ले sakta..use निकल दो यहाँ से...

आरोही : वो बिसेक्सुअल है मर्दो में रूचि रखता इसलिए तुम्हारे सामने ऐसा किया वर्ण वो बहुत ाचा है..

मई : ाचा माय foot..mere सामने अपना लिंग निकल रहा और तुम उसे ाचा कह रही ho..wo यहाँ से जायेगा आज...

आरोही : मुझे गुस्सा मत दिलाओ सलिल ये मेरा घर है मई जिसे चाहे रखूंगी...

मई : tumhara...haa तुम्हारा hi तो है मई यहाँ क्या कर रहा हों...

आरोही : यार मेरा वो मतलब नहीं था बस वो जायेगा nhi...chalo छोडो ये बातें आओ ब्रेकफास्ट करे मई लेट भी हो रही हों..

मई : मई या वो ..आज फैसला होगा वो रहेगा या मई....

आरोही : शट उप सलिल मुझे गुस्सा मत दिलाओ..

मई : तुमने अपना मैनेजर एक परवर्ट को बना रखा है जो उन्नातुराल सम्बन्ध बनता hai...mai ऐसे गांडू के साथ अब और नहीं रह sakta..aur न तुम समझ में आया तुम्हे तुम अभी उसे जाने का बोलोगी नहीं तो मई धक्के देकर निकल दूंगा उसे..

आरोही : salil....had में रहो अपनी वर्ण मुझसे बुरा कोई नहीं hoga..kuch कहूँगी तो रट हुए नजर आओगे....

चटकककक....

मई : एक शब्द और न निकलना मुँह se..tum मुझे मेरी हद bataogi...faisla हो चूका है तुम अपने यार के साथ रहो..

आरोही : बस शक करते हो और तुम्हारे हाथ चलते बिस्तर पर तुमसे कुछ नहीं होता...

मई : क्या नहीं होता...6 छे बार करता हों तेरा मन नहीं भरता..

आरोही : तुम्हे क्या पता औरत को क्या चाहिए...

मई : यही तो कह रहा हों आखिर चाहिए क्या औरत ko....mai चौखटा हुआ बोलै....

भाई.... चले अजय ब्रेकफास्ट के लिए..

आशना आते हुए boli..use देखकर मई अपना फेस नार्मल करने लगा..

आरोही : आशु तुम जाओ हम आते है..

आशना : okay भाभी...

आरोही: ब्रेकफास्ट कर लो हम फिर बात karenge...aashu को छोड़ने के बाद मई आउंगी..

बिना कुछ कहे चहेरे पर फेक स्माइल सजाये मई ब्रेकफास्ट टेबल पर बैठ गया....

मई खा नहीं रहा था बस प्लेट में उतर लिया था....

आशना : खाओ न भाई ...

मई : huhh...kehte हुए मई चम्मच चलने लगा..

आशना : आप दोनों में कुछ हुआ है..

आरोही : नहीं तो .

टिंग......

इतने में दूर खुला और रेडी एना सौम्य के डैड अंदर आये अपने आदमियों को लेकर....

सौम्य के डैड को देख मेरा गाला सुख Gaya..isse पहले आरोही को कुछ पता चलता मई चेयर से उठकर भागता हुआ उनके पास आया..

मई : आप yahan..ae तुम जाओ मेहमानो को देखो ..मैंने गीता से कहा...

रेडडी : हां कैसे हो तुम...

मई : जी thik..aapko यहाँ का अड्रेस कैसे पता चला..

रेडडी : तुम्हारा पीछा किया था एक दिन सौम्य कहा है..

मई : saumya..wo saum..saumya आईपीएस बन गयी ..

रेडडी : पता है mujhe..wahi तो पूछ रहा हों कहा है वो क्या ड्यूटी गयी है...

मई : जी जी सौम्य ठाणे गयी..

रेडडी : उसकी दादी की तबियत ख़राब hai...bas यही बताने आया tha...vaise ये सब कौन hai..wo आरोही रोहित पूर्वी को देख बोलै..

मई : वो मेरी बहन है और वो उसकी डॉक्टर friend..wo दोनों पति पत्नी मेरे दोस्त है...

रेडडी : ठीक है सौम्य को लेकर आ Jana..aur Haan...wo जाते हुए रुका...

रेड्डी : वो ैप अजय अब क्राइम ब्रांच में है और उसकी पोस्टिंग यही हुई उससे कहना होशियार रहे..

मई : जी जी कह दूंगा...

सर हिलता हुआ रेडडी घर से निकल गया..

उसके जाते hi मेरी साँस में साँस आयी...

चलता हुआ मई अपने रूम की तरफ जाने लगा...

आशना : कोण थे भाई वो..

मई : जान पहचान के मेरे निगहबॉर थे पहले कभी...

कहता हुआ मई रूम में आ gaya..aur अपनी चीज़े बैग में भरने लगा....

ting.....fir से वेल बजने पर मुझे धक्का laga...kahi फिर एना न हो देखने के लिए मई बहार आ गया...

जैसे hi दूर खुला गोंडा रेड्डी अपने आदमियों सहित दाखिल हुआ..

गीता : किस्से मिलना है...

हरिया : हैट ri...sale का घर तो अपने घर से भी अच्छा है गोंडा भाई...

गोंडा को देख मुझे धक्का laga..uska उधर तो मेरे दिमाग से hi निकल गया था भागता हुआ मई उसके पास आया....

गोंडा : क्यों रे सेल चिकने गलत घर का एड्रेसस देके क्या समझा था तुझे ढूंढ नहीं पाउँगा...

मई : गोंडा भाई ऐसी बात नहीं ये मेरा घर नहीं है मेरी वाइफ का hai...mai आपके पैसे बस देने आने hi वाला था एग्जाम की वजह से लेट हो गया...

चटकककक...

गोंडा : तुझे क्या मई शकल से छोड़ू लगता हों....

वो मुझे थप्पड़ मरते हुए बोलै..

मई : गोंडा भाई मुँह से बात करो naa..kaha न कल पैसे दे दूंगा...

हरिया : sale...karja मांगते टाइम तो मिन्नतें कर रहा था अब सेल तेरे पर निकल aaye...Teri तो..

कहते हुए वो मुझे पकड़ने के लिए मेरी और बढ़ा..

dhamm..itne में मैंने उसके एक पंच रख दिया..

गोंडा : मारो सेल ko...adde पे ले chalo...uska आर्डर सुनते hi गोंडा के गुंडे मुझ पर टूट पड़े ..

छोड़ो unhe...kyo मार रहे हो...

छोड़ो उसे वर्ण तुम्हारे लिए अच्छा नहीं होगा..

पीटते हुए मुझे आरोही और रोहित की आवाज आयी...

गोंडा : ऐ रुक जाओ...

गोंडा की आवाज पर उसके गुंडे मुझ पर से हसे...

आरोही : आप ठीक है .वो भागते हुए मुझे थमते हुए बोली...

गोंडा : तू इसकी पत्नी है..

आरोही : जी...

आरोही का जवाब सुनते hi गोंडा ने उसे अपनी और खींच लिया फिर आरोही को पकड़ कर अपने से चिपटा लिया...

मई : sale...chhod उसे..

गोंडा के इशारे पर उसके आदमी मुझे पकड़ लेते है...

रोहित : क्या चाहते हो तुम...

गोंडा : इससे puch...sala उधर लेकर छुप के बैठ गया..

आरोही : कितना है..

गोंडा : 9 लाख कर्जा और 4 लाख सूद..

मई : इतनी जल्दी 4 लाख सूद..

हरिया : शायद तूने शर्ते नहीं पड़ी...

आरोही : इतना कर्जा क्यों लिया आपने...

गोंडा : अब कर्जा देगा या तेरी औरत को ले Jaun...vaise तेरी औरत है बिलकुल अंग्रेजन की तरह माखन जैसी ufffff.....wo आरोही के पेट पर हाथ फिरते हुए बोलै...

मई : छोड़ उसे वर्ण मई तेरी बोटियाँ कर दूंगा...

गोंडा : अच्छा चल छुड़ा aakar..kehte हुए वो आरोही के बूब्स दबाते हुए पीछे से धक्के मरने लगा...


आरोही : छोड़ दो मुझे.. प्लीज मई तुम्हारा कर्जा कल दे dungi...mere पास अभी पैसे नहीं है...

मई: aaaaaaaaaaaaa...use इस तरह करते देख मई पागल होक उसके आदमीओ के काटने लगा....

गोंडा : कैसे बिलबिला रहा है साला...

रोहित : छोड़ो उसे मई तुम्हारे पैसे देता hon....purvi पैसे लेकर आओ...

गोंडा : आआह्ह्ह तू तो छोड़ने के लिए तैयार बैठी hai...teri तो एक बार लेकर रहूँगा..

आरोही: छोड़ दो मुझे मई ऐसी वैसी नहीं हों...

मई: gondaaaaa...tu maregaaaaaaaa....aaaaahhh आह्हः...

मेरे चीखते hi उसके आदमी मुझे फिर मरने लगे..

गोंडा : बहुत तीखी है तू एक बार तेरी छूट का रास तो पीकर रहूँगा..

आरोही : छोड़ दे मुझे कुत्ते.

गोंडा : आआअह्ह बहुत रसीली है तू आअह्ह्ह देख मेरा लैंड बिलकुल टाइट हो गया है ...

वो मुझे दिखते हुए आरोही की अस्स पर अपना लैंड रगड़ रहा था उसके एक हाथ वैसे hi आरोही के बूब्स दबा रहा tha....uske आदमी मेरे साइन पर लात घुसे बरसा रहे थे...

पूर्वी: सिक्स लक्स hi है ये.

रोहित : छोडो इन्हे तुम्हारे पैसे आ गए...

गोंडा : हरिया ..

हरिया : छोड़ दो इसे ...मुझे छोड़ हरिया रोहित से पैसे लेने लगता है...

गोंडा : ये ले अपनी पत्नी ..आरोही को झुका कर वो पीछे से धक्का मरता है और आरोही मुझ पर आकर गिरती है ..

भीगती आँखों से वो मेरा सर अपनी गोदी में रख लेती है..

हरिया : भाई ये तो 6 लैस है .

रोहित : वाकई का बाद में दे देंगे.

गोंडा : दे देना नहीं तो इसकी औरत को उठा ले जाऊंगा ..और हाँ सूद बढ़ता rahega..ae चलो re..sali ने लैंड खड़ा कर दिया ...

रोहित : गीता दूर बंद कर दो जाकर ...

आरोही : रोहित पानी लेकर आओ ये बेहोश हो गए है ..

मई होश में था लेकिन शरीर में दर्द की वजह से सेंस में नहीं था...

आरोही ने जैसे hi पानी डाला मई पिने लगा ये देख उसने गिलास मेरे होंठो से लगा दिया ..

आरोही रट हुए मेरे गले लग gayi...fir बिना कुछ कहे रट हुए रूम की तरफ भाग गयी.....

bhaiii....bhag कर मुझसे लिपट जाती है..

आशना : मुझे भाभी ने रूम में भेज दिया tha...kon थे वो गुंडे और यहाँ क्यों आये ...

मई : वो marega...gondaaaaaa....

मैंने आशना को धक्का Diya....aur कराहते हुए खड़ा होने लगा..

रोहित : पूर्वी आशना को हॉस्पिटल ले जाओ ..

आशना : मई भाई को छोड़ कर नहीं जाउंगी ..

पूर्वी: चुप चाप बैग लेकर आओ अपना...

डरकर आशना चली जाती है...

मई : purvi...mujhe अपनी गन दो ..पूर्वी...

पूर्वी: मेरे पास नहीं hai...kyo चाहिए तुम्हे वैसे....

मई :डौगी या नहीं....

रोहित : salil...tu पागल हो गया है तू मरेगा उसे ...

मई : हां मारूंगा use...usne मेरे hi samne...kehte हुए मेरी आँखे चलल पड़ी....

मई : पूर्वी गन देकर आशना को उसके कॉलेज ले जाओ...

रोहित : चल मेरे साथ पागल मत बन...

मुझे पकड़ कर वो जबरजस्ती मेरे बैडरूम की तरफ ले जाने लगता है...

मई : रोहित छोड़ mujhe...Rohit ...

मई चीखता रह जाता हों रोहित मुझे बैडरूम में लेकर छोड़ देता है...

रूम में आते hi मई इधर उधर देखने लगता हों...

कबाड़ के पास पड़ी लोहे की रोड लेकर मई बहार की तरफ भागता हुआ..

रोहित : सलिल......

मुझे पकड़ कर वो फिर खींचने लगता है .

मई : रोहित छोड़ दे यार..


रोहित : अपना नहीं तो आरोही का सोंच yaar...tujhe कुछ हो गया तो वो उसके आदमी आरोही को नोच dalenge...aur फिर aashna...shant हो जा yaar...wo गुंडा है उससे हम नहीं जीत सकते aese...ham क़ानूनी कार्यवाही karenge..dekh आरोही को उसकी इज़्ज़त लूटी है उस हैवान ने देख उसकी हालत ...

आरोही को देखते हुए मेरे हाथ से रोड गिर गयी ..

मुझे रोहित का भी अहसान याद आने लगा...

मेरे रोड फेकते hi उसने मुझे गले लगा लिया....

उसके गले लग कर मई फुट फुट कर रोने लगा वो मुझे किसी बच्चे की तरह चुप करने लगा...

फिर मुझे लेकर उसने बीएड पर बिठा दिया...

फिर वो आरोही को उठाने लगा...

रोहित : aarohi...aarohi ...

जब उसने आरोही को घुमाया तो आरोही का चहेरा भीगा हुआ था आंसुओ से....

आरोही : Rohit....Rohit को पुकारते हुए वो उसके साइन से लग gayi...fir वो भी फुट फुट कर रोने लगी...

रोहित : कुछ नहीं हुआ है aarohi...chalo चुप हो jao...sssshhh रोना nhi....salil पानी देना..

मैंने जल्दी से पानी दिया...

पानी लेकर रोहित आरोही को पिलाने लगा...

रोहित: ससससभह अब रोना नहीं..

आरोही : उसने मेरी इज़्ज़त इनके सामने लूटी... कहकर आरोही फिर उसके गले लगे रोने लगी...

और मेरा मन हुआ शर्म से मर जॉन..

dhammmm...apna आप खो कर मई बीएड से गिर गया.....

man-witha-broken-heart.jpg


फिर वही बीएड से तक लगाए मुँह छुपा कर रोने लगा.

मममम ममम मममममम... ममम मममम

तूने जो न कहा

मैं वह सुनता रहा

खामखा बेवजह ख्वाब बनता रहा

जाने किसकी हमें लग गयी है नज़र

इस शहर में न अपना ठिकाना रहा

दुर्र चाहत से में अपनी चलता रहा

खामखा बेवजह ख्वाब बनता रहा

दर्द पहले से है ज़्यादा

खुद से फिर यह किया वडा

खामोश नज़रें रहे बेज़ुबान

अब न पहले सी बातें हैं

बोलो तो लैब थार ठरते हैं

राज़ यह दिल का

न हो बयान

हो गया के आसार कोई हम पे नयी

हमसफ़र में तोह है

हमसफ़र है नहीं

दुर्र जाता रहा

पास आता रहा

खामखा बेवजह ख्वाब बनता रहा

मेरे hi सामने वो मेरी इज्जत लूट गया tha...aur मई कुछ नहीं कर सका ये सोंच कर hi मई अंदर से तड़प रहा था...

आ गयी tum...kisi के कदमो की आहात पर रोहित ने कहा...

पूर्वी : हां यार बहुत ज़िद्दी है बहुत मुश्किल से छोर कर आयी हों...

रोहित: अब तुम hi समझाओ आरोही बहुत हर्ट है.

पूर्वी : चुप जाओ आरोही यार जो हुआ उसे बदला तो नहीं जा सकता हमें आगे बढ़ना होगा....

वो बीएड पर बैठते हुए बोली..

रोहित : ये सब कॉमन है बस में ट्रैन me..bhul जाओ यार...

आरोही : कैसे भूल जॉन उसने मुझे कैसे कैसे कहाँ कहाँ छुआ...

रोहित :आरोही ये सब कॉमन है आज के समय me...mai जिस आरोही को जनता हों वो इतना नहीं सोंचती इस सब के लिए..

पूर्वी : सही कहा रोहित .

रोहित: वो आरोही खुले विचारो वाली थी ..

आरोही : अगर मई किसी मर्द से विवाह करती तो आज ये दिन न देखना पड़ता.

आरोही के शब्द मेरे साइन में लोहे की तरह chubhe..aur मेरी आंखे फिर बहने लगी..

पूर्वी : ऐसा नहीं कहते यार.

रोहित : hmm...yaar तुम्हे कितना समझा रहा हों इस सब को नोर्मल्ली lo...sonch लो तुम किसी के साथ फिजिकल हो gayi..chalo भूल जाओ ab...ab मेरी बात नहीं मणि तो मई बात नहीं करूँगा..

आरोही : तुम कितने अच्छे हो...

ुंहःहः...

पता नहीं कोण किश चुम रहा था जब मई उठा तो देखा आरोही अपना सर रोहित की गोदी में राखी लेती थी..

बिन कुछ कहे मई अपने बैग में सामान भरने लगा..

रोहित: क्या कर रहे हो ये..

मई : मत रोकना मेरे दोस्त अब मुझे जाने do...aarohi का ख्याल रखना...

पूर्वी : कहा जाओगे तुम..

मई : कही भी...

आरोही : मई बताती hon..Rohit ये तुम्हे यहाँ देखना नहीं चाहते इन्हे पसंद नहीं तुम्हारा यहाँ रहना..

रोहित : ऐसी बात है सलिल तो हम जा रहे है... पूर्वी पैकिंग करो हम निकल रहे है.

मई : नहीं dost...pehle मैंने तुम्हे गलत समझा लेकिन अब nhi...mai बोल नहीं सकता प्लीज यही रहो..

बैग उठा के मई बहार के लिए चल दिया...

आरोही : रोको उन्हें Rohit...kehti हुई वो उठी और मेरे आगे आकर लेट गयी...

आरोही : जाना है तो मुझे लाँघ कर जाओ..

मई : हटो मेरे रस्ते से..

आरोही : इसलिए जा रहे हो न उसने मुझे गन्दा कर Diya...tum चले गए तो मई कैसे jiyugi..kuch सोचा है..

मई बैग रख कर घुटनो पर आ गया...

मुझे रोटा देख आरोही मेरे गले लग गयी..

मेरे साथ hi वो भी रोने लगी....

आरोही : मई तुमसे बहुत प्यार करती hon...umhhhh ुम्हह... कहते हुए वो मुझे बेचैनी से चूमने लगी...

आरोही : मुझे छोड़ कर जाओगे..

मैंने ना में गर्दन हिला दी...

आरोही : ी लव यू ी लव यू सो मच...

फिर मुझे उठा कर वो बैडरूम में लायी...

मुझे बिठा कर उसने अपना सर मेरी जांघो पर रख लिया..

रोहित : mai..fir हाथ के इशारे से वो रोहित को बुलाने लगी..

आरोही : हम्म्म....

रोहित के बीएड पर बैठने पर वो उसका हाथ थम कर अपने साइन पर रख लेती है...

आरोही : जाना नहीं...


रोहित बदले में सर हिला देता hai..fir वो उसके हाथ को ऐसे hi साइन पर राखी रहती hai...Rohit भी मेरे पास hi बैठ जाता है...

रोहित : मई होटल जा रहा हों पैसे लेने फिर उसका उधर दूंगा.

आरोही: तुम्हे सलिल की कितनी फ़िक्र hai...kehte हुए वो घूम जाती है...

आरोही: मेरे पास hi raho...uske रोहित के हाथ घूमने से रोहित न चाहते हुए भी अपना बोझ न सँभालते हुए आरोही के बर्बर में hi गिर जाता है...

उसके गिरते hi आरोही अपनी कमर पीछे कर लेती है जिससे उसकी बैक सीधी रोहित से छपाक जाती है...

ये देख मैंने उठना चाहा तो आरोही ने उठने नहीं दिया...

पूर्वी : रोहित आज आरोही को रहने देते हम चलते है होटल...

रोहित : जाने दो आरोही..

उसके कहने पर आरोही रोहित का हाथ छोड़ देती है..

आरोही : सुनो.. लेते लेते hi आरोही उसे गले लगा लेती है..

आरोही : थैंक यू सो मच हमारे लिए इतना करने के liye...umhhhh umhhh...fir आरोही उसके दोनों गलो को चुम लेती hai...badle में रोहित भी आरोही को चुम कर उठ जाता है...

मई : तुम उससे इतना चिपक क्यों रही thi..Rohit के जाते hi मैंने कहा..

मेरी बात सुनकर आरोही उठ कर बैठ gayi...aur दुत्कारने वाली नजरो से मुझे देखने लगी..

मई : गुस्सा मत होना मई तो बस ऐसे hi कह रहा था...

आरोही : मई हल्दी वाला दूध लती hon..usse आपको पैन से रिलीफ मिलेगी..

आरोही दर्ज से कुछ निकलती है फिर चली जाती है...

कुछ देर बाद आती हाथो में दूध लिए...

आरोही: चलिए पीजिये इसे...

मई : तुम किसी से इतनी करीब मत हुआ करो.. प्लीज... please...tum जो कहोगी मई karunga...bas तुम्हे किसी और की बाँहों में नहीं देख सकता ...धम्म्म्म धम्म dhammm...kehte हुए मई पागलो की तरह अपना सर दिवार में मरने लगा...

आरोही: aaaahhhh....ye क्या कर रहे हो आप...

मेरे सर मरने पर उसने अपना हाथ आगे कर दिया जिससे उसका हाथ मेरे और दिवार के बिच आ गया...

मई : मई पागल हो जाऊंगा aarohi..mai पागल हो जाऊंगा..

आरोही: मई हों na...meri तरफ dekho...aaaahh...mujhe साइन से लगा कर वो मेरा सर सहलाने लगी..

मई : चोट लगी है तुम्हे...


आरोही : नहीं बस हलकी सी hai...lekin आप ऐसा क्यों कर rahe...jaan इतनी छोटी छोटी बातों के लिए खुद को हर्ट करोगे तो हमारे अचे बुरे में हमारे साथ कोई खड़ा नहीं hoga...Rohit हमारा दोस्त hai...mai अपने प्यार को ऐसे hi एक्सप्रेस करती hon...ab हर्ट तो नहीं होंगे..

मैंने ना में गर्दन हिला दी..

आरोही : एक बात याद रखना मई बस आपकी हों....

मैंने चूमने के लिए हाथ पकडे तो देखा आरोही के हाथ से खून निकल रहा था...

मई : तुम्हे तो बहुत चोट लगी है..

आरोही: आप दूध पीजिये मई पट्टी कर लुंगी....

मुझे दूध थमा कर वो हाथ दर्द में हिलती हुई चली गयी...

दूध पीकर मई लेट गया....

जब आँख खुली तो मेरे बराबर में आशना लेती थी...

सूरज ढल रहा tha..aashna को देखा तो वो सो रही थी....

मैंने वाशरूम में आकर मुँह धोया फिर घर से निकल गया....

ऑटो लेकर मई ठाणे आया...

जिसने मुझे मारा मैंने उसी से कहा की मुझे सौम्य मेडम से मिलना है...

कुछ देर बाद वो आया..

मैडम ने कहा है वेट करो.

मई: उनसे तुमने कहा मई आया हों...

haa...kaha...

मैंने सोंचा शायद वो काम में बिजी होगी इसलिए मई वही टेबल पर बैठ गया....

बैठे बैठे मुझे ऑवर से ज्यादा का समय हो Gaya....ab रात चढ़ गयी थी...

मैंने कई बार हवलदारों को भेजा वो आकर वेट के लिए hi बोलते..

कुछ देर और वेट करने के बाद आरोही की कॉल आगयी..

आरोही : कहा हो आप..

मई : बहार हों आजाऊंगा..

आरोही : गोंडा रेड्डी से लड़ने मत Jana...agar गए तो मई अपनी जान दे dungi...salil सुन रहे हो आप...

मई : हम्म्म..

आरोही: अपना नहीं तो मेरा और अपनी बहनो का सोंचो आशना का सोंचो हमारा क्या होगा तुम्हारे बिना...

मई: मई किसी दोस्त से मिलने आया हों..

आरोही : मुझे यकीं नहीं वडा करो उसके पास नहीं jaoge..salil...wada करोगे या मई घर छोड़ के...

मई : नहीं जाऊंगा wada..Maine उसकी बात बिच में काटते हुए कही...

मई : दोस्त से मिलने आया हों कच देर में आजाऊंगा..

आरोही: किस्से मिलने गए हो..

मई: वही आईपीएस जिसने सोना को ढूंढ़ने में हमारी हेल्प की थी...

आरोही : रिपोर्ट लिखने आये हो आप उस गुंडे के खिलाफ..

मई : नहीं पर्सनल काम से आया hon..okay bye...wo आगे कुछ कहती उससे पहले hi मैंने कॉल कट कर दी...

कुछ देर बाद मैंने फिर हवलदार को भेजा...

हवलदार : मैडम ने वेट करने के लिए कहा है..

उसका जवाब सुन गुस्से में मई उठा और भागता hua...IPS के ऑफिस में घुस गया... पीछे हवलदार चीखते रह गए..

जैसे hi मई सौम्य के ऑफिस में आया वो मुझे एक लड़के की गोदी में बैठी जूस पीती दिखी..

उसे इस तरह देख मई घूम गया...

सेल तुझसे मन किया tha...madam ये जबरजस्ती घुस आया हम रोक्त्ते रह गए...

सौम्य : कोई बात नहीं तुम जाओ..

सौम्य कोण है ye..shayad उसी लड़के ने पूछा..

सौम्य : बाद में bataungi...ghum jao...abhi तुमसे बाद में मिलती हों...

अभिषेक: okay सी यू darling...umhhh...gale लग कर सौम्य को चुम के वो चला गया....

सौम्य : बैठो सलिल...

मेरे चेयर पर बैठने पर सौम्य ालमिरह में से कुछ निकलने लगी...


कुछ देर बाद उसने

कुछ पैसे और मंगलसूत्र मेरे आगे रख diye..Jo फेकने जैसा tha..mai सवालिया नजरो से उसे देखने लगा..

सौम्य : ये तुम्हारा मंगलसूत्र और ये तुम्हारे paise...tumne जो उस समय दिए थे...

तुम्हे समझ में नहीं अत एक लड़की एक लड़के से इतने करीब क्यों होती है..

इतना दिमाग नहीं मेरे पास तुम्ही समझा दो प्रियतममा.

तुम्हे समझ में नहीं आया मई तुम्हे क्यों मरती हों...

तुम्हे अपने फ्रेंड्स से मिलाने वाली thi...ab कैसे मिलों...

मुझे अब समझ में आ रही थी वो बातें जो सौम्य और उसके दोस्तों ने मुझसे कही thi...lekin अब देर हो चुकी thi...kisi ने सच hi कहा है किसी के दूर जाने पर हमें उसकी अहमियत का अहसास होता है..

सौम्य : गले में डाला मंगलसूत्र और मांग में भरा सिंदूर खेल नहीं hota...lekin अब मई समझ गयी हों वो तुम्हारी दुनिया अलग है और मेरी alag...ab मई आगे बढ़ गयी हों.

मई : वो कोण था... अभिषेक

सौम्य : वो कमिश्नर साहब का बीटा hai..dipty कमिश्नर बनने वाला है....

मई : ी मैं तुम्हारा रिश्ता क्या है उससे..

सौम्य: जल्द हम विवाह करने वाले hai...by थे वे तुम आ गए हो आखिरी रिश्ता और ख़त्म कर दो..

कहते हुए उसने पानी का जग मेरे आगे किया फिर चलती हुई मेरे पास आकर कड़ी हो गयी....

मई : क्या.

सौम्य : मेरी मांग में तुम्हारे नाम का सिंदूर है इसे मिटा दो..

मई : तुम मुझे प्यार करती थी na..tamma तम्मा..

सौम्य : I'm मुटुरे now..kehte हुए उसने मेरा हाथ पकड़ कर जग में दाल दिया...

मई: मई खुश हों तुम आगे बड़ी..

फिर वो मेरे हाथ से मांग का सिंदूर मिटने लगी....

जब उसने दुबारा मेरा हाथ जग में डाला तो जग का पानी लाल लाल दिखने लगा..

सौम्य : ये kaise..kehte हुए वो मेरा हाथ देखने लगती है...

सौम्य : तुम्हारे चोट लगी hai..Maine सर हिला दिया.

जो जहकं सुबह मुझे मिला था सिंदूर धोते हुए वो ज़खम डाब गया tha...jisse सौम्य की मांग फिर भर गयी....

हैरत से वो आईने के पास आकर अपनी मांग देखने लगी....

मई चाहता था वो आगे बढ़ Jaye..lekin अब दर्द की एक तीस मेरे साइन में उठ गयी थी...

सौम्य : तुमने बताया क्यों नहीं तुम्हारे चोट लगी है..

मई : सुबह तुम्हारे डैडी घर ए they...tumhari दादी की तबियत ख़राब है तुम्हे बुलाया है उन्होंने..

सौम्य: और तुम मुझे ये अब बता रहे हो.

मई : यही तो बताने आया tha....aur तुम मुझे पिछले दो ऑवर से बहार वेट करा रही थी.

कहकर मई चल Diya...mere hi पीछे सौम्य भी....

बहार आकर मई ऑटो देखने लगा की इतने में हॉर्न की आवाज आयी...

मैंने पीछे मुद के देखा तो सौम्य अपनी कार में थी...

सौम्य : बैठो आकर..


मई : मई लेकिन क्यों.

सौम्य : कहा न बैठो...

बिना कुछ कहे मई उसके साथ वाली सीट पर आकर बैठ गया.
 
वरो यहाँ मोस्टली ऐसी hi स्टोरीज है.

जिस तरह की आप बता रहे हो हीरो क साथ बुरा होता फिर वो फुक्क करके बदला लेता है.

रही बात इस स्टोरी की तो इसमें भी है लेकिन अलग है .

यार अगर प्लाट से इधर उधर हुआ तो स्टोरी बिगड़ jayegi..aur एन्ड आ जायेगा वरो पसंद नहीं ए तो मई क्या hi कह सकता हों

यार थोड़ा सा प्लाट चेंज हो गया रीडर्स के फाॅर्स की वजह से इसीलिए आशना की एंट्री समय से पहले हो गयी.

अब च आगे किया तो स्टोरी और ख़राब हो जाएगी
 
ये तो आगे hi पता चलेगा

ऑब्वियस्ली

वरो आरोही की स्टोरी आगे आएगी तब शायद क्लियर हो .

दूसरी बात वो इस दलदल से निकलने के बाद भी उसी में है.

उसके लिए सही गलत बहुत पीछे छूट गायप

साई कहा

अनु बहन है

लवली वर्ड्स वरो

थँक्स वरो भरोसा रखो वरो अगर इरोटिक स्टोरी में इंटिमेसी नहीं हो तो कोई पड़ता भी नहीं

Let's सी

चेक टैग ी चेंज्ड

Let's सी आशना की ेंटरी वक्त से पहले हो गयी यार एन्ड में में आना था उसे.

हम्म

प्यार में अँधा है
 
Episode 21.

कहकर मई चल Diya...mere hi पीछे सौम्य भी....

बहार आकर मई ऑटो देखने लगा की इतने में हॉर्न की आवाज आयी...

मैंने पीछे मुद के देखा तो सौम्य अपनी कार में थी...

सौम्य : बैठी आकर..

बिना कुछ कहे मई उसके साथ बैठ गया.

नेक्स्ट कंटिन्यू..

मई उसके साथ बैठे हुए सोंच रहा tha...pata नहीं क्यों ये मुझे अपने साथ ले जा रही hai...puch इसलिए नहीं रहा था उसके साथ अच्छा लग रहा था...

सौम्य : तुम्हारे फेस और गर्दन पर ये नील कैसे है.

जो भूलना चाहा रहा था उसने वही याद दिला दिया...

मई : वक्त की मार है...

सौम्य : पहेलियाँ नहीं.. बताओ किसने mara..bhul क्यों रहे मई आईपीएस हों.

मई : अपनी दादी से मिल लो फिर बताऊंगा.

सौम्य : ठीक है..

मई : तुम्हारे पास ऐसी कितनी गन्स hai...ek मुझे दे दो प्लीज....

मई ऊँगली के इशारे से उसकी गन देखते हुए बोलै.

सौम्य : सर्विस रिवाल्वर है तुम्हे दे दी तो नौकरी चली जाएगी..

उसका जवाब सुन मई खिड़की से बहार देखने लगा...

उसका जवाब सुन मई गुनगुनाने लगा...

मई : एक दिन मोहब्बत ओढ़ कर ...एक दिन गली के मोड़ पर ..

तेरी हथेली पर

लिखूं मेरा नाम तेरे नाम पर

फिर तू तक़ल्लुफ़ छोड़ कर

फिर तू झुका कर के नज़र

रखना मेरे काँधे पे सर

ज़िन्दगी…

कुछ तो बता ज़िन्दगी

अपना पता ज़िन्दगी..

तारों भरी एक रात में

तेरे खत पढ़ेंगे साथ में

कोरा जो पन्ना रह गया

एक कांपते से हाथ में

थोड़ी शिकायत करना तू

थोड़ी शिकायत मैं करूँ

नाराज़ बस न होना तू,

ज़िन्दगी…

कुछ तो बता आए ... ज़िंदगीय..

अपना पता... ज़िन्दगी..

सौम्य: अच्छा गेट ho...Mera गण रुकने पर उसने कहा...

मई : थैंक यू उस दिन के लिए तुम न होती तो मई अपनी बहन को बचा नहीं पता...

सौम्य : hmm..kya हुआ था उस रत जैसे hi हम घुसे मुझे अपने सर पर कोई भरी चीज़ पड़ती महसूस हुई और मुझे होश हॉस्पिटल में आया..

.


मई : तुम्हारे सर पर रोड मरी थी उन रिपोर्टर्स ne..aur मुझे वो ले गए सोना के pass.fir wo..meri सोना का रपे करने लगे मुझे दिखते हुए ...जिसे देख मई अपना सर जमीन में मार के बेहोश हो Gaya....uske बाद जब होश आया तो सोना बोली वो रेपोटर भाग गए..

सौम्य : नहीं वो भागे नहीं ...मई सुबह टीम के साथ गयी थी वहां खून था लेकिन किसी की लाश nhi...jab खून को फॉरेंसिक लैब में भेजा तो खून बदल दिया गया जानवरो के खून se...ye कोई बड़ा मटर था सलिल जिसमे बड़े लोग इन्वॉल्व they..mujhe भी तुम्हारा केस बंद करने के आर्डर मिले they...I'm सूरे उन रिपोर्टर्स के पीछे कोई बड़ा आदमी था जो उन्हें बचा रहा...

मई : सोना से पूछूंगा ...शायद मेरा mama...ex c.m भैरव..

सौम्य : वो तुम्हारा मां है.

मई : है sautela...Mera दुश्मन भी hai..tum उसको अरेस्ट करो..

सौम्य : पागल हो उस पर हाथ डालूंगी तो नौकरी चली जाएगी..

मई : तुम आईपीएस नहीं हो क्या..

सौम्य : बचो जैसी बात क्यों कर रहे हो मई अपने तरीके से छान बिन करुँगी.. साबुत इकठ्ठा करने के बाद अरेस्ट कर लुंगी..

मई : पक्का..

सौम्य: हां....

कहते हुए उसने कार रोक दी..

वो अपने फ्लैट में आयी थी...

मई : यहाँ क्यों आयी हो...

सौम्य : चेंज करने के लिए इडियट...

गुस्सा होक मई उसके पीछे पीछे चल दिया....

उसके घर में आकर मई फ्रिज से पानी निकल कर पिने लगा..

सौम्य : प्यास लगी थी तो मांग लेते.

मई : मैंने सोंचा तुम्हे क्या परेशां करू इसलिए खुद hi पि लिया..

सौम्य : इडियट ये मेरा घर है ऐसे किसी के घर में घुस के उसकी चीज़े नहीं छूटे ..

मई : पहले तो नहीं रोका tha....tumne मुझे अपने पास लिटाया भी भूल गयी हम बचपन के दोस्त है..

सौम्य : तुम भूल गए हो हम क्या है...

मई: सब याद है तुम मुझे बुली करती थी...

सौम्य : शट उप इडियट....

मई : okay...kehte हुए मई उसके बैडरूम में घुस Gaya....wo ालमिरह से कपडे निकल के वाशरूम में चली गयी थी...

मुझे उसकी वर्दी तंगी दिखी...

कुछ सोंचकर मई उठा और मैंने उसकी वर्दी में से गम निकल ली.. और उसे अपने पीछे छुपा लिया...

कुछ देर बाद वो ayi...to उसे मई उसके बीएड पर लेता दिखा...

उसे गुस्से में देख मई उठ कर बैठ गया...

05fe80d57d94500666a8bece358b75aa.jpg


वो मिर्रोर के पास जाकर मेकअप करने लगी.....

मई : तुम बिना मेकअप के भी बहुत सुन्दर दिखती हो...

सौम्य : टच उप कर रही हों इडियट...

मई : ये भी तो मेकअप हुआ na..mai खुद में बुदबुदाया...

सौम्य : क्या कहा...

मई : मुझे क्यों लायी हो अपने साथ...

सौम्य : घरवालों को दिखने के liye...unse अच्छे से मिलना लग्न चाहिए हम पति पत्नी है..

मई : ठीक है समझ गया
.अब चले..

सौम्य: भूक लगी है कुछ खा लोन फिर चलते hai...wo जाते हुए बोली..

मई उसके पीछे पीछे चल दिया..

वो फ्रिज में से कुछ निकल कर देखने लगी..

सौम्य: सांबर में पानी तुमने गिराया...

मई : पता नहीं...

सौम्य : दो मिनट रुक जाओ मैगी बना कर चलती hon..wo गुस्से में दन्त भीचते हुए बोली...

मई : thik..suno ये फेक रही ho..mai सांबर को देख बोलै जिसे वो डस्टबिन में डालने जा रही थी...

सौम्य : हां...

मई : मुझे दे दो मई खा लूंगा..

सौम्य : ये खाने लायक नहीं है...

मई : कोई बात नहीं...

सौम्य : रुको मई तुम्हारे लिए भी कुछ लती हों...

सांबर फेक वो कीकतें में घुस गयी...

कुछ देर बाद वो दो कप में मैगी बना कर लायी...

सौम्य: लंच नहीं किया tha...wo एक कप मुझे देते हुए बोली...


मई : कल रात खाया tha...bhuk नहीं थी.

सौम्य : ब्रेकफास्ट भी नहीं किया..

मैंने न में गर्दन हिला दी...

सौम्य : तुम्हारी वाइफ तुम्हारा ख्याल नहीं रखती.

मई : खुद रखता हों...

कहते हुए मई सोफे पे बैठ मैगी खाने laga....wo अपने रूम में चली गयी.

ये महंगी वाली मैगी thi...jise सोना बनती थी ब्लॉग के लिए .....

कुछ देर बाद वो परेशां सी रूम से निकली.

...

मई : क्या हुआ...

सौम्य : गन नहीं मिल रही hai...tumne तो नहीं ली...

कहते हुए hi मैंने ना में गर्दन हिला दी....

बहुत देर तक वो इधर से उधर गन ढूंढ़ती रही लेकिन उसे मिली नहीं...

गन न मिलने पर उसका चहेरा उतर गया था....

मई : अपनी दादी को देखने नहीं जाना तुमने तो मई जॉन...

सौम्य : नहीं chalo...bedili से उसने घर लॉक kiya...fir कार में आकर गन देखने लगी...

काफी देर देखने के बाद जब न मिली तो वो चल दी...

मई : कार रोको...

मेरे कहने पर उसने कार रोकी फिर सवालिया नजरो से मुझे देखने लगी...

मई : अभी आया..

घूम कर मई फुटपाथ पर बानी छाए की टापरी पर आया...

मई : एक सिगरट का पैकेट और 10 भांग के गोले..

सामान लेकर मई अपनी जेबे देखने लगा...

मई : रुको अभी आया..

पैसे न होने पर मई सौम्य के पास आया..

मई : तुम्हारे पास खुले पैसे honge..mere पास छुट्टे नहीं है..


सौम्य : kitne..wo बैग से पैसे निकलते हुए बोली...

मैंने जवाब दिए बिना उसके हाथ से पैसे liye...aur आकर दुकानदार को दिए..

सामान लेकर मई कार में बैठ गया बचे हुए पैसे मैंने सौम्य को दे दिए..

सौम्य : तुम्हारे पास कितने का नोट है जो खुल्ले nhi..wo कार आगे बढ़ाते हुए बोली..

मई : हजार का...

सौम्य: हजार का नोट नहीं होता इडियट.

मई : है ी मैं 500 के दो नोट hai..to हुए न हजार...

सौम्य : ये न कहो पैसे नहीं है तुम्हारे पास...

मई : सच में है... कहकर उससे छिपकर मैंने एक गोला निगला फिर सिगरेट जला ली...

सौम्य : स्टॉप स्मोकिंग...

मई : फिर उतर दो मुझे...

सौम्य : क्या मुसीबत hai...gusse में खर कहते हुए वो ड्राइव करने लगी....

सिगरेट पिटे हुए मई अपनी ज़िन्दगी के बारे में सोंचते हुए मुस्कुराने लगा और मेरी आँखों से आंसू बहने लगे..

कुछ देर बाद कार सोसाइटी में रुकी..

कार से निकलकर मई और सौम्य अंदर चलने लगे...

रुक जाओ saumi...andar से एक फीमेल की आवाज आयी.

कुछ देर बाद एक औरत आरती लिए हमारे सामने आयी और हमारी आरती उतरने लगी....

आरती होते hi उस औरत ने थाली सर्वेंट को दी और समय को गले लगा कर रोने लगी....

तूने मेरे बारे में नहीं सोंचा तेरे बिना मेरा क्या होगा...

सौम्य : सॉरी मां....

अब आ गयी है तो जाने नहीं दूंगी तुझे...

कहते हुए वो सौम्य को चुम लेती है...

सौम्य से मिलने के बाद वो मुझे देखती है..

तुम सलिल हो na..jiski वीडियो वायरल हुई थी...

मई : जी ...

ये तुम्हे बहुत प्यार करती आओ तुम्हे इसका रूम दिखाऊं..

मेरा हाथ पाकर कर वो मुझे अपने साथ ले जाने लगती है..

सौम्य : मां क्या कर रही हो..

सौम्य हाथ पकड़ कर रोकते हुए बोली...

चुप कर तू दामाद जी को भी देखना chahiye...tu इन्हे कब से और कितना प्यार करती hai...taki तुम दोनों में प्यार बढे...

हाथ छुड़ा कर वो मुझे अपने साथ ले जाते हुए बोली...

कुछ कदम चलने के बाद मई सौम्य के रूम में tha..room नार्मल रूम जैसा था..

नहीं दिखा na...abhi दिखती हों...

कहते हुए वो दिवार पे लगी सिन्ड्रियन हटाने लगी....

चारो तरफ की सिन्ड्रियन हटने के बाद दीवारों पर मुझे अपनी हर साइज की फोटो मिली..

इसके पिता से छुपाने के लिए मई कवर कर di...saumi ने धमकी दी थी अगर इन्हे हटाया तो वो अपनी जान दे देगी.

मई : ये यहाँ... केहू हुए मई अपनी टीनएज की फोटो देखने लगा..

रुको मई सौम्य को लेकर आती hon..kehte हुए वो चली गयी..

दीदी के साथ की भी फोंट्स थी मेरी...

मई : कितने खूबसूरत दिन थे वो मेरे..

अपनी पहले की लाइफ को याद करके मेरी आंखे भर आयी...

मई : ये फोटोज कब की hai...mai तो ऐसी ड्रेसिंग भी नहीं karta...kitna अलग दिख रहा हों मई inme..kab की फोटोज है ye...khud में बुडते हुए मई उन फोटोज के बारे में सोंचने लगा...

चल aaaa...kyo शर्मा रही hai..ab तो तुम दोनों पति पत्नी हो... चल आ

आंटी की आवाज से मई अपनी सोंचो से निकला...

सौम्य रूम में आते hi शरमाते हुए अपने फेस पर हाथ रख लेती है..


आंटी: हाय मेरी शर्मीली चलो हटाओ hath...hath हटा कर वो सौम्य को अंदर भेज कर खुद बहार निकल जाती है....

सौम्य : वो ये... कहते हुए वो फिर वो आँखों पर हाथ रख लेती है..

और मेरा मन फिर मन hi मन गुनगुनाने लगा.


तू होगा ज़रा पागल,

तूने मुझको है चुना

कैसे तूने अनकहा,

तूने अनकहा सब सूना

तू होगा ज़रा पागल,

तूने मुझको है चुना.


काफी देर तक हम दोनों में से कोई कुछ न बोलै...

आंटी : अब शर्मा रही है बोलने में बहादुर इतनी खुद से शादी कर aayi..wo अंदर आते हुए बोली.

सौम्य : मां दादी के पास चलो न वो बीमार है..

आंटी: hahaha..ab ठीक है wo..Teri दादी बीमार हुई thi..jab वो ठीक हो गयी तब हम दोनों ने प्लान बनाया तेरे पिता जी को मानाने ka...chal आ तुझे मिलती हों.

कहती हुई वो उसे हाथ पकड़ के ले गयी....

ी हेट यू salil...I हेट यू...

मई अपनी एक फोटो पर खून से लिखे शब्दों को पड़ते हुए बोलै..

ये मेरी वो फोटो थी जब मुझे सोसाइटी के लोग मार रहे थे.

मेरी दूसरी फोटोज पर लिखा था मई तुम्हे वो पैन दूंगी जो तुमने मुझे दिया....

शायद सबसे ज्यादा नाराज़ मेरी वीडियो वायरल होने के बाद कोई थी तो वो सौम्य थी....

दामाद ji...chale आपको सौमि की दादी बुला रही hai...aunty फिर आते हुए बोली.

बिना कुछ कहे मई उनके साथ चल दिया...

कामिनी दादी नाटक करके बुला ली तू मुझे ...अब तुझे खा जाउंगी....

मई जब रूम में पंहुचा तो सौम्य अपनी दादी पर झुकी उनके गलो को चुम रही थी....

मुझे देखते hi वो हैट गयी...

दादी : हार्ट अटैक से बचकर आयी हों फिर तू मुझे देगी कामिनी तो mai....mujhe देखते hi उनका जुमला अधूरा रह गया..

मई: लेती रहे dadi...ab कैसी है आप...

मई इन्हे बचपन से जनता tha...anusuiya दी मुझे और सोना को खिलने के लिए दादी को दे जाती थी...

दादी : tum...tumse की है इसने शादी..

मई : है दादी...

दादी : तू बचपन में बहुत शरारती tha...Teri बहने तुझे मेरे पैसा छोड़ जाती थी..

मई: जी और आप सौम्य के साथ मेरा ख्याल रखती थी...

दादी : कमीने तूने मेरी बेटी को पता लिया और शादी भी कर ली अब जैसे मैंने तेरा ख्याल बचपन में रखा तू भी मेरी बेटी का रखना..

मई : जी दादी..


आंटी : नाराज़ नहीं होना सासु माँ जिनसे प्यार करती उनसे ऐसे hi बोलती है...

मई : मारेंगी तब भी नहीं होना....

मेरे कहने पर दादी और आंटी मेरी बलए लेने लगी....

माँ जी अब कैसी हो aap...saumya के डैड रूम में आते हुए बोले...

दादी : आ गया तू बैल देख तेरा जमाई घर आया है अच्छे से पकवान बनवा....

सौम्य सर झुकाये अपने डैड के गले लग गयी....

कुछ देर तक वो मिलते रहे...

एना : खाना बन गया भाग्यवान..

आंटी: है आप सब बैठो मई नौकर के साथ लती हों..

सौम्य : नहीं मां मई खाकर आयी हों...

मई मन में : क्यों मेरे पेट पर लात मार रही hai...bhut भूक लगी है मुझे..

आंटी : अपने hi घर में शर्मा रही है चल आ...

डिनर करते समय सौम्य के डैड ने मुझसे बहुत से सवाल किये जिनका मैंने झूट में hi जवाब दिया..

डिनर के बाद सौम्य के पीछे पीछे मई रूम में आगया उसके...

आशना आरोही के साथ गर्दन में बैठी सलिल का वेट कर रही thi....ki तभी इतने में दूर पर एक कार ृक्ति है...

आशना : आओ भाभी भाई आ गए....

खुश होते हुए दोनों दूर पर आती है...

जैसे hi आशना दूर खोटी है अपने सामने वो सोना और अनुसुइया को पति है...

आशना को देख दोनों बहने एक दूसरे का चहेरा देखने लगती है...

सोना : आप कौन..

आशना : आपको क्या काम..

आरोही : अब क्या लेने आयी हो यहाँ अपने भाई को अपने यारो से पिटवाकर मन नहीं भरा तुम्हारा...

आशना : ओह्ह तुम हो वो दोनों भाई की सगी behne...chhiii..

सोना : तुम कोण हो जो मेरे भाई को अपना भाई बोल रही हो .

अनुसुइया : वो भाई है मेरा आरोही...

आरोही : आजाओ andar..filahal वो गए हुए है...

आशना : कोई जरुरत नहीं है भाभी इन्हे अंदर लेने की मेरे भाई की लाइफ तुम दोनों ने ख़राब कर दी एक वो है जो तुम्हे देवी समझते they...kehte थे आशना मेरी अनु दीदी मेरी गार्डियन hai...lekin दीदी यारो के साथ भाई के सामने सम्बन्ध बनती hai...papan अपने पति के साथ छल किया tune..nikal जा यहाँ se...wo सिर्फ मेरे भाई है...

अनुसुइया : तो तुम आशना हो...

सोना : तेरी जबान बहुत चल रही है chudail...mere भाई को अपना बना ली तेरी to...kehte हुए सोना मरने के लिए बढ़ी लेकिन अनुसुइया ने उसका हाथ पकड़ लिया..

आशना: हम सेज न सही लेकिन हमारा रिश्ता खून से बढ़कर है मई अपने भाई के लिए जान दे सकती हों तू दे सकती है बोल...

सोना कुछ कहने वाली होती है अनुसुइया उसका हाथ दबा देती है..

अनुसुइया : कहा है सलिल आरोही .

आरोही : बताया न बहार गए है..

अनुसुइया : सलिल के सर में चोट लगी थी बचपन में उसके सर में दर्द हो तो कॉल करके मुझे बुलाओगी तुम..

सोना : ध्यान रहे भाई के सर में चोट न लगे...

आरोही आँखों से हामी भर देती है..

अनुसुइया : let's जो हम फिर आएंगे..

गाड़ी में बैठ कर दोनों बहने वापस मुद जाती है...

सोना : उस चुडिअल का मई मुँह नोच लुंगी मेरे भाई को मुझसे छीनने की कोशिश की तो ..साली की गंजी कर दूंगी Mai...mere भाई है पैदा मई हुई उनके साथ और ये उनकी बहन बन gayi..un पर अपना हक़ जमा रही...

अनुसुइया : शट उप यार उसके दिमाग में हमारे खिलाफ ज़हर भरा आरोही ने इसलिए वो इतनी नफरत से बोल रही हमसे...

सोना : भाभी का भी दिमाग ठिकाने लगवाउंगी भाई से...

अनुसुइया : आशना को देखा कितनी प्यारी है वो...

सोना : है दीदी साली बहुत प्यारी है भाई को फसा ली होगी..

अनुसुइया : शट उप...

सोना : जब पहली बार उसे देखि तो ऐसा लगा जैसे आपको टीनएज में देख रही hon...uski आंखे तो बिलकुल आपकी तरह है..

अनुसुइया : हां उसे देख मई भी एक पल के लिए चूक गयी thi....sach कहूं तो इंसल्ट के बाद भी उसे फिर देखने का मन कर रहा hai...ek अजीब सा अहसास हो रहा है मुझे सोना..

सोना : दीदी सच कहूं तो मेरा भी हाल कुछ ऐसा hi है वो बहुत प्यारी hai...teenage में आपके फेस पर तेज था उसके चहेरे पर इनोसेंट..

अनुसुइया : मई खुश हों कोई है सलिल के पास जो उसका ख्याल रखेगी ..


आशना के दूर बंद करते hi आरोही आशना को अपनी बाँहों में भींच लेती है और उसके चिक्स को दांतो में दबा लेती है...

आरोही : वाह मेरी नंदरानी तुमने कमल कर दिया क्या बेइज्जती की है दोनों की...

आशना : ाः भाभी छोरो किसी वीसी न किया करो ..

आरोही: प्यार हो जायेगा तुमसे ऐसे कहोगी तो...

कहते हुए आरोही फिर चुम लेती है...

दोनों फिर गर्दन की हरी घांस पर बैठ जाती है...

आरोही : चलो तुम ये पहन lo...aashna को ठण्ड में कांपता देख आरोही उसे अपना कोर्ट ुरः देती है...

आशना : कोई बात नहीं भाभी..

आरोही: no मोरे excuse...tumhara ख्याल मई hi तो रखूंगी...

मुस्कुराते हुए आशना कोर्ट पहन लेती है.

आरोही : अब वो दोनों दुबारा नहीं आएंगी यहाँ..

आशना : भाई को निचा दिखा कर वो किस तरह आ सकती है मेरी तो यही समझ में नहीं आ रहा... अभी क्या बोली फिर आएंगी.

आरोही : शमलेस बीचेस..

आशना : भाभी आप तो भाई को चीट नहीं करती ..नाराज नहीं होना भाई ने अर्जुन के बारे में बताया था की उन्होंने आपको उसके साथ रेंज हाथो पकड़ा आप मिर्रोर के सामने..

आशना का सवाल सुनते hi आरोही की आंखे ऊपर को चढ़ गयी उसके फेस पर गुस्सा आ गया...

आरोही : और क्या बताया तुम्हारे भाई ने तुम्हे..

आशना: बस इतना hi हां याद आया आप उन्हें अश्लील फिल्मे अश्लील स्टोरीज पद्धति ho...wo ककोल्ड वाली छी..

आरोही: मेरी भोली nand...kehte हुए आरोही आशना के गले में बाहें दाल देती है.

आरोही : तुम्हारे भाई को मिसुन्दरस्टण्डींग हो गयी थी मुझे अर्जुन को देख कर मैंने टिया गिरा दी थी हमारे कपड़ो पर ..और वो हरामी अर्जुन उसकी गन्दी नियत थी मुझ पर मई उसे बस फ्रेंड्स समझती thi....uske बाद तुम्हारे भाई ने मुझे नंगा करके उस अर्जुन के सामने बेल्ट्स से mara...lekin इससे हमारे बिच का प्यार काम नहीं हुआ...

आशना :और वो स्टोरीज..

आरोही : मैरिड लाइफ में फन के लिए ये सब करते है..

आशना : फिर भी गलत है न bhabhi..isse मंद पर कितना गन्दा असर पड़ता है...

आरोही : कुटी दो यू क्नोव I'm निम्फोमानिअस...

आरोही की बात सुन आशना के कान खड़े हो जाते है....

आरोही : शॉक लगा तुम्हारे भाई के लिए मई खुद को कण्ट्रोल में रखती हों...

आशना : भाभी ये इम्पॉसिबल है किसी का निम्फोमानिअस होने पर वो खुद को कण्ट्रोल कर ले ऐसा साइंस कहती है...

आरोही : हां लेकिन उनका प्यार मुझे बेवफि से रोकता है हिज लव इस माय strength..mai मॉडर्न जरूर हों इवन I'm ा बाद बीच बूत ी लव योर बरोथेर... आशना मई कैसी भी सही लेकिन तुम्हारे भाई को बहुत चाहती hon...mai ज्यादा कुछ बता नहीं sakti..bas इतना जान लो बचपन में hi मई लूट गयी thi...wo यादें बहुत दर्दनाक है... कहते हुए आरोही की आंखे चालक पड़ती है..

आशना : रहने दो bhabhi...kehkar आशना गले लग कर आरोही की पीठ सहलाने लगती है...

कोई आते हुए दोनों की बातें सुन कर रुक जाता है..

आरोही : मई तुम्हारे भाई की मुजरिम हों मैंने उनके साथ बहुत गलत Kiya..Mera मकसद है जिसके पुरे होने के बाद मई इंडिया छोड़ कर नेथरलैंड शिफ्ट हो जाउंगी तुम्हारे भाई के साथ...

आशना : क्या गलत किया आपने..

आरोही : मत पूछो .

आशना : बताओ भाभी..

आरोही : मई वर्जिन नहीं थी शादी की ृत्त में..

आशना : ...भाई ने कुछ नहीं कहा..

आरोही : सुहागरात वाली रात को hi छोड़ रहे थे फिर मई उन्हें समझे तो मने..

आशना : ओह्ह्ह

आरोही : तुम बताओ तुम्हारा क्या प्लान है फ्यूचर को लेकर .

आशना : किसी तरह ये कोर्स पूरा हो जाये फिर हॉस्पिटल में जॉब करुँगी उसके बाद shadi...acchi जॉब तो मिलेगी नहीं सोज़ ये हॉस्पिटल अच्छा नहीं है बूत जैसी भी मिलेगी गुज़ारा कर लुंगी...

आरोही : मतलब..

आशना : सरकारी हॉस्पिटल है जहाँ स्टडी अच्छी नहीं hoti...mai चाहती हों इतना टाइम लगा रही हों तो कुछ हासिल हो जाये... मुंबई का कॉलेज अच्छा tha...kal तो मई डॉक्टर को गाइड की thi..jis पर वो मुझे खरी खोटी सुना गया एक तो उसकी हेल्प की मैंने कमीने ने मुझे hi सुना दिया..

आरोही : हेहेहे ाचा... कहते हुए आरोही कॉल करने लगती है...

आशना : part टाइम जॉब हो तो देखना भाभी...

आरोही : हे sweetheart...aashna की बात सुनकर आरोही सर हिला देती है...

I'm नॉट योर sweetheart...udhar से आवाज आयी..

अपने घर से निकल दिया मुड़कर एक कॉल नहीं की ...ी क्नोव why...mai सौतेली हों na..lekin मैंने कभी तुम्हे सौतेली बहन नहीं मन..

आरोही : उफ़ इतनी narazgi..maaf कर दो yaar..Mera सब कुछ तुम्हारा hi तो है...

हरषि : स्टॉप लाइंग दी ..

आरोही : हां तुम कैसे बिलीव करोगी मई सौतेली जो हों...

हरषि : शट उप मेरा डायलाग मुझि को चिपका रही हो...

हरषि की बात सुन आरोही खिलखिला कर हसने लगती है....

आरोही : घर ाजाओ काम है किसी को तुमसे मिलाना है

.

हरषि : कोण है..

आरोही : आओ फिर बताउंगी..

हरषि : उफ़ दी ये सीक्रेट रखने वाली आदत आपकी पता नहीं कब जाएगी...

आरोही : आजाओ तुम्हारे जीजू तुम्हे देखेंगे तो अच्छा फील करेंगे..

हरषि : ठीक hai..apke बर्थडे से पहले चली जाउंगी एग्जाम है..

आरोही : ठीक है हां suno..tumhare कॉलेज में मेडिकल की ब्रांच है..

हरहि :सभी ब्रांचेज है दी.

आरोही : साडी इनफार्मेशन लेकर आना..

हरषि : youuuu....selfishh...

आरोही : okay bye...

खिलखिलाते हुए आरोही कॉल कट कर देती है.

आरोही : तो तुम जॉब करना चाहती हो..

आशना : हम्म btw कोण थी..

आरोही : मेरी छोटी bahan..kaisi जॉब करना चाहती हो..

आशना : कुछ भी कर लुंगी भाभी बूत part टाइम...

आशना : मेरी एक फ्रेंड है जो पॉलिटिशंस के लिए स्पाई गर्ल का काम करती है लाखो में कमेटी है और ऊपर भी बहुत ज्यादा कमाई है..

आशना : पॉलिटिशंस के liye...kya kam..aashna न समझते हुए बोली..

आरोही: बताया न स्पाई girl...tumhare पॉलिटिशंस के जो कॉम्पिटिटर है उनकी इन्फो निकलना ये काम गन्दा है पर रातो रात तुम्हे करोड़ पति बना देगा..

आशना : कैसा गन्दा भाभी...

आरोही : सोना पड़ता है पॉलिटिशंस बिसनेस मांस के साथ..

आशना : छी भाभी कितना गन्दा काम बता रही हो तुम मुझे...

आरोही : येह जब शामे बात मई उसे बोली तो उसने kaha..ye काम सभी करते है हमारे देश की स्पाई गर्ल्स दुश्मन देश से उनकी इनफार्मेशन कैसे लती है ऑब्वियस्ली उन्हें सोना पड़ता है..

आशना : इज्जत जान से बढ़कर है भाभी .....आप अब अपनी उस फ्रेंड से बात नहीं करना वो गन्दी है आपको भी गन्दा बना देगी .


आरोही : मई उससे रिश्ता तोड़ ली अब बस hello hi होती hai...well तुम होटल आ जाना जो साल्लेर्य मांगोगी दे दूंगी...

आशना : सच bhabhi..khete हुए आशना आरोही को हुग कर लेती बदले में आरोही आशना के सर को चुम लेती है..

डिनर का टाइम हो गया है guys...Rohit आशना के पास बैठते हुए बोलै..

आरोही : जाओ आशना मई तुम्हारे भाई के साथ करुँगी...

आशना : मई भी भाई और आपके साथ...

आरोही : कहा न jao....aarohi थोड़े गुस्से में खेती जिस पर आशना उठकर चली जाती hai...Rohit उसे जाने तक देखता रहता है..

आरोही : तुम हमारी बातें सुन रहे थे...

रोहित : नहीं जस्ट अभी आया... तुमने की उससे जॉब की बात..

आरोही : हां की ...फिर आरोही बताने लगी आशना ने क्या कहा..

रोहित : तुम्हे उसे इतनी जल्दी जॉब नहीं देनी चाहिए thi...thoda मजबूर होने देती उसे.

हुआ ये कुछ दिन पहले रोहित को पूर्वी से पता चला आशना के पास पैसे नहीं hai...jise सुन उसने आरोही के साथ ये प्लान बनाया की वो आशना को फूल पार्टी के विरुद्ध इस्तेमाल karenge...aur आरोही ने ये डील राखी सच जान कर आशना ज्वाइन करना चाहेगी तो hi उसे वो शामिल करेगी..

रोहित : मुझे वो चाहिए jaan...kehte हुए रोहित आरोही के पेअर दबाने लगता है...

आरोही : वो खुद से आएगी तो hi वर्ण नहीं और तुम मजबूर नहीं करोगे उसे..

रोहित : समझ Gaya....to अब तीसरे प्लान पर कल से वर्क करे..

आरोही : एक दो दिन रुक जाते है..

रोहित : अपने बर्थडे तक सलिल को तैयार कर लोगी...

आरोही: हम्म्म.

रोहित : चलो आओ डिनर करे..

आरोही : नहीं मई उनका वेट karungi...tum जाकर खा लो...

रोहित : हां प्यार जो उससे है...

आरोही : शट उप रोहित वो जैसे भी है मेरे पति hai...Aaj नहीं तो कल वो जॉब करने लगेंगे और जैसे मैंने उन्हें परवर्ट बनाया वैसे hi उन्हें ठीक भी कर दूंगी...

रोहित : और मुझे..

आरोही : तुम्हे भी...

रोहित : इससे निकलना न मुमकिन hai...kehta हुआ रोहित आगे बढ़ जाता है

..

तुम यहाँ कहाँ घुसे आ रहे ho..mujhe बीएड पर लेटता देख वो बोली...

मई : तो मई घर जॉन अपने..

सौम्य : पागल हो सुबह चले Jana..Shak हो जायेगा पिता जी को की हम साथ नहीं उसके बाद यहाँ मेरी ेंटरी हमेशा के लिए बंद.

मई : तो सोने दो मुझे..

सौम्य : निचे सो जाओ..

मई : मुझे निचे नींद नहीं ati..kehta हुआ मई बीएड पर पेअर फैला कर लेट गया..


सौम्य गुस्से में तिलमिलाते हुए पिलो चादर लेकर जमीन में लेटने लगी...

मई : मेरी इतनी साडी फोटोज तुम्हारे pas..tumne कहा क्यों नहीं था मुझसे...

सौम्य: अब तुम्हारा नशा उतर चूका है ...

मई : मैंने लगाया hi कब था तुम तो एक तरफ़ा प्यार करती थी...

सौम्य: इडियट मुझे से में कूदने के लिए किसने कहा था...

मई : कब.

सौम्य : खुद कहा अगर मुझसे प्यार है तो साबित कर जब मैंने अपने प्यार का इज़हार किया ...उस समय हम से में जहाज पर थे तुम्हारे कहने पर मई पानी में कूद गयी ये जानते हुए मई स्विमिंग नहीं जानती hon..jab मई डूबने लगी तब तुम कूड़े थे मई बेहोश हो गयी थी और तुम मुझे जहाज में hi छोड़कर चले गए थे...

मई : वाओ नीस स्टोरी किस फिल्म की है..

सौम्य: बकवास बंद करो अपनी...

मई : तो क्या इस पर बेलीवे कर lon...tum जो मेरी लेने के चक्कर में पड़ी रहती वो मेरे कहने पर जान देकर दिखाएगी .

सौम्य : तुम्हे याद नहीं वो सब..

मई : कैसे याद होगा जब ऐसा कुछ हुआ hi nhi....meri मेमोरी मेरे मंद में नहीं होगी क्या..

सौम्य: फिर तो तुम्हे ये भी याद नहीं होगा तुमने मेरी इज्जत बचाई thi...mujhe तुम्हारी वो पर्सनालिटी पसंद थी गुस्से में मुझे डोमिनाते करने वाली अब तो तुम बिलकुल डम्ब हो..

मई : मई बचपन से hi डम्ब हों.. इसलिए तो फ़ैल हो गया ..

सौम्य : देखो मई जीत गयी...

मई: किस में ..

सौम्य: तुम्हे याद नहीं..

मई : क्या ...

सौम्य : तुम बन रहे हो ...ाचा कोड बताओ...

मई : सौम्य पागल...

सौम्य : शट up...you अरे रियली सुच ा इडियट..

मई : गुड नाईट मंदबुद्धि ..

कहकर मैंने आंखे बंद कर ली...

सौम्य: तुम हो मंदबुद्धि...

मैंने कोई जवाब नहीं दिया..

aeee....Maine आंखे खोल क्र देखा सौम्य पिलो लिए कड़ी थी..

मई : अब क्या है...

सौम्य: मुझे नींद नहीं आ रही...

मई : तो लेट जाओ मेरे पास..

सौम्य : नू तुम वहां लेटो निचे..

मई: उस दिन तो तुमने मुझे अपने पास सुला लिया था मेरे मन करने पर भी ...अब क्या दिक्कात hai...ohhh समझ aya...wo अभिषेक नया आशिक...

सौम्य: शट उप निचे जाकर लेटो...

मई: no...

सौम्य: मई नींद में हाथ पेअर मरती हों...

मई: okay...

गुस्से में पेअर पटकती हुई वो मेरे पास आकर लेट गयी...

मई : उस अभी की गोदी में बैठते हुए शर्म नहीं आयी मेरे पास लेटते हुए शर्म आ रही hai...jabki मई तुम्हारा पति हों...

सौम्य : तुमने क्या मुझे रंडी समझ रखा है जो एक छोर दूसरा फसा लेती है ...शादी के बाद छोड़कर तुम Gaye...mujh पर सामान तुमने feka...tum क्या हो गांडू जो अपनी पत्नी को छोर गए.

मई : गांडू अभिषेक hai...mai मजबूर tha...us समय मेरा कोई मन नहीं था दूसरी फॅमिली बनाने का लेकिन अब ...आआअह्ह्ह...

धम्मं....

मई बोल hi रहा था इतने में मेरी बैक पर एक ज़ोरदार लात पड़ी...

सौम्य : मुझे कुछ कहोगे तो इग्नोर कर दूंगी मेरे अभिषेक..

कहते कहते वो ruki....aur अपनी पिस्टल बीएड पर पारी देखने लगी...

मई मन में : ओह्ह Teri....ab नहीं छोड़ेगी ये...

पिस्टल उठा के वो गुस्से में मुझे देखने लगी....

मई: वो ये यही पारी थी सोंचा था तुम्हे सुबह... चटककक चटककककक चटककककक....

गुस्से में आकर बिना कुछ कहे वो मुझ पर टूट पड़ी.. चाँद hi लम्हो म उसने मुझ पर थप्पड़ो की बरसात कर दी ...मेरे दोनों गाल उसके पोलिसिअ हाथो की पिटाई से लाल हो गए थे...

सौम्य : लूज़र तो तू है hi अब तू चोर भी बन Gaya....bhosdike तुझे पता है इसके लिए तुझे मई जेल में दाल सकती हों वो भी तीन से पांच साल के liye...salil....

चटकककककक chatakkkkk...chatakkkkkk...

उसके रुकने पर नाम आँखों से मई उसे देखने लगा...

फिर बिन कुछ कहे रूम से जाने लगा...


सौम्य : अब कहा जा रहा है तू salil...mai बोल रही हों वापस आ वर्ण ाचा नहीं hoga...salil....

वो पुकारती रही मई गेट खोल कर बहार निकल गया....

चलते हुए मैं दूर पर फिर खोलकर बहार......

हाँ, हाँ

देखो, देखो, कैसी बातें यहाँ की

हैं साथ पर, हैं साथ ना भी

क्या इतनी आसान है?

देखो, देखो, जैसे मेरे इरादे

वैसे कहाँ तेरे यहाँ थे

हाँ, कितनी नादान मैं

हाय, पल में मैं पिघल जाऊं, हाँ

अब ऐसा ना करो की दिल जुड़ न पाए वापिस

तेरी बातों से बिखर जाऊं, हाँ

माना ज़माना है दीवाना

इसलिए तूने ना जाना

तेरे लिए मैं काफी हूँ

देखो, देखो, यह ज़माने से थक कर

आते हो क्यों मासूम बन कर?

तेरे लिए मैं क्या hi हूँ?

salil...salil....

क्या समझते हो तुम खुद ko...mer न रुकने पर वो मेरे सामने कड़ी होकर बोली...

बिन कुछ कहे मैंने अपने दोनों हाथ अरेस्ट करने के लिए आगे कर दिए....

मेरे हाथ पकड़ कर उसने झटक दिए....

सौम्य :वापस चलो सुबह चले जाना....

मैंने ना में गर्दन हिला दी...

सौम्य: मई सिर्फ यहाँ टॉप में हों क्यों तमाशा कर रहे ho..dekho मुझे मई यही marun...kehte हुए वो मेरी थोड़ी पकड़ कर उठती hai..meri आँखों में आंसू देख वो चुप हो जाती है...

सौम्य : I'm सॉरी चलो ab..hath पकड़ कर जबरजस्ती वो मुझे ले जाने लगती है लेकिन मई उससे खींचता भी नहीं हों....

सौम्य :देखो कोई आ रहा है चलो प्लीज....

किसी को घर से बहार आते देख मई अपने जिस्म को ढीला छोर देता hon...aur वो मुझे साथ लेकर चलने लगती है..

पास आने पर देखा उधर से सौम्य की दादी आ रही थी...

दादी : कहा गयी thi..room में आयी तो तू थी hi नहीं ...गेट भी खुला था.

सौम्य : कुछ नहीं दादी वाक पर गयी थी....

दादी : इन कपड़ो me..chal अंदर...

फिर दादी हमें अपने साथ hi घर में ले आयी....

रूम में आकर मई निचे चादर पर लेग गया हाथ को पिलो बना कर.

सौम्य: ऊपर आकर लेट जाओ...

मैंने कोई जवाब नहीं दिया चुप चाप लेता रहा...

सौम्य : नाराज होने का हक़ सिर्फ तुम्हे hi hai...tum मुझे छोर गए थे akela...pehle भी और तब भी जब सोना मिल गयी देखने भी नहीं ए tum...Maine तुम्हारा इंतज़ार kiya..kab तक मई अकेली rehti..thak कर मैंने भी आगे बढ़ने का फैसला kiya...aur अब तुमसे मेरी खुसी देखि नहीं जा rahi...tumne मेरी गन चुरा Li..meri नौकरी जा सकती थी मेरे घर में कक्तव लगे है सुबह मुझे पता चल hi जाना tha.tab तुम नहीं पकडे जाते kya....baat नहीं करोगे...

मैंने ना में गर्दन हिला दी..

मई : तुम भी उसकी तरह हो तुम सब लड़कियां एक जैसी होती ho...rone की वजह से मेरी आवाज गड़बड़ा रही थी....

सौम्य : किसकी तरह...

मई : मेरी पत्नी....

सौम्य : वो तुम्हे मरती है..

मई : कभी कभी...

सौम्य : मेरी गन क्यों चुराई...

मई : उसने मेरी पत्नी का बलात्कार मेरे सामने करने की कोशिश की उसे मरने के liye...uska naam.......aur मैंने सब बता दिया सौम्य को गोंडा रेड्डी के बारे में...

सौम्य : सुबह उसके पास चलते है...

मई : मुझे तुम्हारी हेल्प नहीं चाहिए...

सौम्य : तुम चले जाना सुबह उसके बाद कोई अच्छा दिन देखकर मई घरवालों को सब सच बता dungi....ab तुम्हे परेशां नहीं करुँगी...

उसकी बात सुन मई उठा और लाइट जला di...wo न समझते हुए मुझे देखने लगी....

पानी के मग को खोलकर मैंने अपना हाथ गीला किया फिर उससे सौम्य की मांग का सिंदूर मिटने लगा..

सौम्य मुझे पश्चाताप भरी नजरो से देखने लगी...

सौम्य :मेरा दिल घबरा रहा है salil....salil रुक जाओ यार..

सिंदूर मिट जाने पर मैंने मंगलसूत्र पकड़ लिया मेरे साथ hi सौम्य ने...

सौम्य : मत करो....

मई : अब देर हो चुकी hai...aur मैंने मंगलसूत्र खींच लिया...

खली खली आँखों से वो मुझे देखने लगी....

सौम्य : क्यों किया तुमने ye...bolo क्यों Kiya....wo चीख पड़ी...

मई : कोनसी पत्नी अपने पति को मरती hai...tab तुम्हे इसका अहसास नहीं hua..wo जैसी भी सही मुझे मरती है झूट बोलती चीट करती है लेकिन मुझसे प्यार तो करती hai....mai मरता हों तो नाराज़ हो जाती है मुझे पित्त देख खुद लड़ने लगती hai...aur tum...tumse इंतज़ार भी नहीं हुआ मई भी जनता था वो शादी कोई नकली शादी नहीं है मांग में सिंदूर भरना गले में मंगलसूत्र पहनना मजाक नहीं होता... उस समय मई उलझन में tha...us महेश और उसके भाई की वजह se...meri फॅमिली प्रोब्लेम्स अलग थी इसलिए तुम्हे नहीं अपनाया लेकिन तुम्हे अपने घर में rakha..wait सिर्फ तुमने नहीं मैंने भी किया tha...lekin अब तुम आज़ाद हो उस अभिषेक की गोदी में बैठो या उससे छुड़वाओ मुझे फर्क नहीं पड़ेगा....

कहकर मई जमीन पर लेट गया...

पीछे मुझे सौम्य के सिसकने की आवाजे आ रही थी...

सौम्य : तुम जाग रहे ho...usne एक घंटे बाद आवाज दी....

उसकी आवाज पर मई उठकर बैठ गया...

फिर बिना कुछ कहे उसके सामने गोला निकल कर मुँह में दाल लिया और सिगरेट जला ली..

सौम्य : तुम जाओ ...मई सुबह कोई बहाना कर दूंगी....

उसकी बात सुनकर मई उठ Gaya...fir बिना उसे देखे पहले रूम से फिर घर से निकल गया.....

बहार आकर मैंने ऑटो लिया और घर चल दिया....

घर आकर मैंने वेल प्रेस की कई बार तो गीता ने गेट खोला...

मई : गीता आरोही से 100 रुपए लेकर आओ ऑटो वाले को देने है...

गीता : मैडम सो रही है रुको मई देती hon...kehte हुए उसने अपनी जेब से पैसे निकल कर खुद बहार जाकर ऑटो वाले को दे दिए....

मई : थैंक यू मई तुम्हे सुबह दे dunga..uske आने पर मैंने कहा..

गीता : कोई बात नहीं शब्.

मई : कहा साहब मेरा नाम सलिल है नाम लिया करो...

गीता : ठीक है ji...kehte हुए वो गेट बंद करने लगी ...मई आगे बढ़ गया....

गीता: मेमसाब गर्दन में आपका वेट करते करते सो gayi...khana भी नहीं खाया उन्होंने बोल रही थी आप आएंगी तो hi khayenge...mujhse ब्लैंकेट माँगा कर वही लेट गयी...

मई: तुम खाना निकालो मई तुम्हारी मेमसाब को लेकर अत हों...

गर्दन में आया तो देखा आरोही ठण्ड में ठिठुर रही थी...

पास आकर मई उसका सर अपनी थिंग्स पर रख कर सहलाने laga...thand लगने पर मई भी उसे पीछे से हुग करके लेट गया...

आरोही का अहसास पते hi मेरी बेचैनी काम होने lagi...saumya के घर से एते समय मई बहुत बुरी तरह से तड़प रहा था बेचैनी se...Mera हल ऐसा था जैसे मेरा कोई अपना छोड़ गया ho..aur मई पीछे अपनी सबसे कीमती चीज़ छोड़ आया था....

आरोही से चिपट कर मई दिल का दर्द बर्दास्त न करने पर सिसकने लगा ..मई अपने हाथो से अपना रिश्ता ख़त्म कर आया tha...shayad यही सही भी था ....

आ गए aap....ghum कर वो मेरे आंसू अपने हाथो से साफ़ करने लगी...

मई : हम्म...

आरोही : क्यों रो रहे क्या हुआ...

मई : तुम्हहारी याद आ रही थी... कहते हुए मैंने उसकी नाक को चुम लिया फिर सर को..

मई :मई जान गया हों तुम्हारे सिवा मेरा कोई अपना नहीं .

बहने भी nhi...ab तुम जिस हल में रखोगी खुसी से rahunga..cuckold बनने का कहोगी तो बन jaunga...bas मुझे छोड़ कर मत जाना...

आरोही : कभी nhi...kehkar उसने अपनी बाहें कास ली मुझ पर..

आरोही : आप सच कह रहे हो न...

मई : हां लेकिन मई तुम्हे किसी के साथ शेयर नहीं कर सकता...

आरोही : मई सिर्फ आपकी हों...

मई : उठो कुछ खा लो फिर रूम में सोयेंगे...

मेरे कहने पर वो उठ गयी...

चलते हुए हम डाइनिंग पर ए जहाँ गीता पहले से बैठी हमारा वेट कर रही थी.....

आरोही : आप नहीं खाओगे..

मई : नहीं मैंने खा लिया..

मेरा जवाब सुन उसने निवाला बनाकर मेरे आगे कर Diya...Jo मैंने मुँह में ले लिया..

आरोही: मुझे कोण khilayega..wo शरत से बोली...

मई -: आपके पति देव....

और मई अपने हाथो से उसे खिलने लगा...

डिनर के बाद हम दोनों रूम में आकर लेट गए...

सुबह तैयार होकर फ़ोन देखा तो उस पर सौम्य की बहुत सी कॉल्स थी उसका नंबर ब्लॉक करके फ़ोन मैंने जेब में रख लिया...

आरोही :आओ ब्रेकफास्ट करे..

सर हिलता हुआ मई उसके साथ चल दिया....

फिर हम सब खाने Lage..geeta सर्वे करने लगी .

आशना : कहा गए थे आप ...आज आपकी माँ से बात करौंगी...

मई : ठीक है....

टिंग.....

आरोही : रुको गीता मई देखती hon...well बजने पर आरोही उठते हुए बोली ..

आशना : बताया नहीं आपने कल कहा थे आप..

मई : कही nhi..tum जल्दी खाओ फिर तुम्हे छोड़ aaun...geeta आहना के लिए टिफ़िन पैक कर देना...

बताओ kon...achanak से मुझे अपनी आँखों पर किसी के हाथ महसूस हुए...

मई : कोण है आरोही...

आरोही : मुझे नहीं पता..

मई : एक पागल लड़की रहती थी यहाँ वो तो नहीं...

आरोही : कोण...

मई: वही जो हर समय जीजू जीजू करती थी...

ोूउउ...

aaaahhhhhh...kya कर रही पागल ladki....gusse में उसने अपने दन्त मेरे गलो में गधा दिए...

मेरे तड़पने पर उसने मुझे छोड़ दिया...

हरषि : क्या कहा था हर संडे मिलने आओगे न कोई कॉल न मिलने ए बेवफा...

वो मेरी गोदी में बैठते हुए बोली...

मई : बस ऐसे hi...


आरोही : सोना किडनैप हो गयी फिर इनके एग्जाम आ गए जिस वजह से इन्हे टाइम hi नहीं मिला....

हरषि : फ्रेश होक सीधा यही चली aayi..kuch खाये पिए बिना... कहते हुए वो मेरी प्लेट से खाने लगी..

फिर हाथ घुमा कर अपने हाथो से मुझे भी खिलने लगी...

आरोही : मुझे लगा था तुम दोपहर में aaogi...acha चेयर पर बैठ जाओ..

हरषि : नू जीजू से बहुत दिनों बाद मिली हों...

मई : मेरी जान है मेरी हरषि.. कहते हुए मैंने उसके सर को चुम लिया...

हरषि : और आप मेरी....

घूमकर उसने मेरे गलो को चुम लिया....

हरषि : मई आपके लिए गिफ्ट्स लायी hon....kha कर dungi...didi ने जैसे hi फ़ोन किया मई तुरंत चली गयी गिफ्ट्स लेने...

आरोही : मेरे लिए लायी हो कुछ..

हरषि : आपने मुझे अपने घर से निकला तो भूल जाओ...

आरोही : हरषि की bachi...kha ले फिर तुझे बताउंगी..

मई : अर्शी ये मेरी बहन आशना और ये तुम्हारी भाभी की छोटी बहन मेरी साली..

हरषि : सिर्फ साली नहीं आधी घरवाली भी...

हरषि की बात सुनकर आशना हसने लगी..

आशना : ठीक है भाई मई चलती हों..

रोहित : मेरा भी हो Gaya...chale आरोही .

आरोही : आशना तुम कार में बैठो मई आती हों...

आशना: जी भाभी...

कहती हुई आशना आगे बढ़ गयी...

आरोही चलते हुए मेरे पास आयी और उसने अपनी बाहें मेरे गले में दाल दी....

आरोही : अपना ख्याल रखना ...एग्जाम आने वाले है अपनी पड़े करना कुछ भी नेगेटिव मत sonchna..Maine सर हिला दिया..

आरोही : मई जल्द आजाऊंगी..

कहते हुए उसने मेरे गलो को चुम लिया...

फिर हुग करके चली गयी ..जब तक नजरो से ओझल नहीं हो गयी मई उसे देखता रहा...

मई : हटो हरषि मेरा हो Gaya...kamar से पकड़ कर मैंने उसे अपनी थिंग्स पर से उठा दिया...

रूम में आकर मैंने एक सिगरेट सुलगा ली....

ये आपके लिए... परफ्यूम और ये रोलेक्स की watch...aap स्मोकिंग करते हो जीजू छी..

मई : क्या नाम लिया तुमने फिर से कहना..

हरषि: परफ्यूम..

मई : na..iske बाद..

हरषि : watch...rolex watch...mere ना के गर्दन हिलने पर उसने आगे कहा...

नाम सुनकर मैं सोंचो में दुब गया...

हरषि : क्या हुआ जीजू....

मई : कुछ nhi...tum जाकर बगल वाले रूम में आराम करो...

हरषि : मई सिर्फ आपकी बाँहों में आराम करुँगी..

मई : हर समय बचपना अच्छा नहीं होता अब जाओ....

सिगरेट पीकर मैंने 2 गोला मुँह में दाल liye...fir पड़े करने के लिए उठा तो देखा हरषि गेट पर कड़ी सुबक रही है....

मई : हद है हरषि अब जाओ यहाँ से...

घडी और वाच रखकर वो चली गयी....

स्टडी टेबल पर किताबे लेकर मई बैठ गया....

bhai....sun na...ye मई हों Rolex...mujhe निकल यहाँ से....

तुम कहा हो...

पता nahi...sab तरफ अँधेरा hai....mujhe कुछ दिखाई नहीं दे रहा मई बंधा हुआ hon...mujhe निकल भाई ...सलिल भाई निकल mujhe......salilll.....
 
फर्स्ट ऑफ़ आल वरो.

सलिल ने दिल का रिस्ता तोडा है सौम्य से दूसरी बात ये की जिसके साथ सौम्य थी वो कमिश्नर का बीटा है जाहिर है वो भी कोई बड़ी पोस्ट पर होगा..

पोलिसवाले जेल में पूरा कांड कर देते है बहुत सी खबरे अति है पुलिस व्लो ने जेल में hi ये कर दिया वो कर Diya.goadi में बैठना कोनसी बड़ी बात है उनके लिए और जब पोस्ट हाई हो फिर ये कुछ मायने नहीं रखता.

सौम्य से सलिल अलग हुआ तो ये उसकी फीलिंग्स थी जिसका गाला उसने खुद घोट दिया रही बात डाइवोर्स की तो इसके बारे में आगे पता चलेगा

वरो आपके दोनों क़ुएस्तिओन्स बिलकुल बे तुके है
 
थँक्स वरो

नोर्मल्ली किसी को फर्क नहीं पड़ता वाकई के आंसर अगले अपडेट में मिलेंगे

Let's सी वेट फॉर ट्विस्ट

हम्म

है उसकी कन्सेर्वटिव पर ध्यान दिया हॉक तो उसने जबरजस्ती करने से रोक राकजा है न करने देगी वो

Let's सी

थँक्स स्टोरी से मन हैट गया वरो लेकिन तुम्हारे रीडर्स का दिल नहीं तोडना चाहता इसलिए कम्पलीट करूँगा
 
Let's सी

आगे पता चलेगा की क्या हुआ था.

अपकमिंग में पता चलेगा

Let's सी

उसने चॉइस दी है नहीं चाहेगी तो कोई जबरजस्ती नहीं होगी न वो करने देगी रोहित के साथ की कन्सेर्वटिव कुछ ऐसी hi है.

वापसी नहीं होती

मय्बे

गौर किया हो तो शुरू में मोस्टली चोट उसके सर में लगी थी और जब राजवीर के रेपोटर सलिल को मार रहे थे तो वो भी सर पर मार रहे थे.

क्या करे वो हालत से हरा हुआ है वरो वो

शायद उसे याद ए.

वरो लॉजिकल एक्सप्लनेशन मिलेगा don't वोर्री

पूरी तरह से वो ओपन एन्ड में होगी.

कीरब है किसी के पास उसकी let's सी वो कब ओपन करती

वरो एक बात कहूंगा सौम्य जानती है सलिल married'hai यही कारन है जिस वजह से वो मिलने नहीं गयी.

वाकई बात सही है वो सेल्फिश हो गयी थी.

लग तो ऐसा hi रहा है

थँक्स वरो

वरो उसकी मौसी की अपनी लाइफ है.

सही बात है वरो कुछ मिस्टेक्स हुई है मुझसे लेकिन सलिल कोई न कोई रास्ता निकल hi लेता है..

ऐसा hi कुछ है वरो.

अभी विलन की एंट्री होनी है जो अकेला एक अपडेट खा जायेगा

सब ओपन होंगे रीडर्स की बातों से मन करता है स्टोरी को एन्ड पर ले जॉन फिर बुरे तुम्हारे जैसे रीडर्स है जिनके कारन स्टोरी कम्पलीट कर रहा हों

सही वरो

अभी ऐसा कुछ नहीं अभी तो फाइट शुरू होगी

थँक्स वरो

तीनो है विक्टिम भी विलन भी और हीरो भी

मय्बे it's इम्पॉसिबल वरो रीडर्स को खुश करने के लिए स्टोरी को ट्रैक पर से नहीं हैट सकती जो अडुल्टेरी वुमन का करैक्टर होता है वो चेंज नहीं होगा ऐसी वुमन बुढ़ापे में कनी पर अति उससे पहले नहीं
 
Episode 22

bhai....sun na...ye मई हों Rolex...mujhe निकल यहाँ से....

तुम कहा हो...

पता nahi...sab तरफ अँधेरा hai....mujhe कुछ दिखाई नहीं दे रहा मई बंधा हुआ hon...mujhe निकल भाई ...सलिल भाई निकल mujhe......salilll.....

नेक्स्ट कंटिन्यू.....

सलिल के रूम से निकलकर हरसि मायूस होकर गर्दन में बैठ जाती है जहाँ पूर्वी बैठी लैपटॉप उसे कर रही थी...

पूर्वी : क्या हुआ क्यों उदास ho..purvi ने पास आकर पूछा

हर्षिता: तुम्हे इससे क्या..

पूर्वी : तुम मेरी बस्ती की बहन हो इतना हक़ तो बनता है न मेरा.

हर्षिता: जीजू को क्या हो गया जब तक दीदी थी वो बहुत अच्छे से मिले उनके जाते hi अचानक से बेरुखे हो गए उन्हें मेरे रोने से भी फर्क नहीं पड़ा.

हरषि की बात सुनकर पूर्वी हरषि की चहेरे को पढ़ने लगी.

हर्षिता: ऐसे क्या देख रही हो..

पूर्वी : कुछ नहीं ...तुम्हारे जीजू उदास रहते है आज कल ..ठीक हो जायेंगे थोड़ा टाइम दो..


हर्षिता: दीदी ने जीजू की लाइफ ख़राब di...AAP कुछ जानती हो तो बताओ न.

पूर्वी : तुम्हारी दीदी के आते hi तुम्हारे जीजू ठीक हो जायेंगे... ाचा बताओ आरोही ठीक hai...I मैं शी हैवे morals..wo क्या है न मेरे हस्बैंड उसके साथ टाइम गुज़रते है .पूर्वी की बात सुन हर्षिता मुस्कुरा दी..

हर्षिता: हस्बैंड lol...

पूर्वी : सच में है हम पति पत्नी..

हर्षिता : स्टॉप लाइंग.

पूर्वी : ाचा मेरे सवाल का जवाब hi दे दो..

हर्षिता : ी हेट हेर.. यू आस्किंग में अबाउट हेर मॉरल्स ी थिंक वो इसका मीनिंग भी नहीं janti..she's ईविल डिस्ट्रॉय माय फम... कहते कहते हरषि रुक गयी..

पूर्वी : यू ट्रस्ट ों हेर .

हर्षिता : no..didi सेल्फिश है अपने मतलब के लिए वो मुझे भी उसे कर सकती hai...wo हमेशा से ऐसी नहीं थी स्नेहा दीदी तो मेरी बहुत अछि thi...mai भी न भावनाओ में बहकर क्या कह जाती हों पता hi नहीं चलता..

पूर्वी : नहीं बताओ न..

हर्षिता : ी वांट तो ki..kehte हुए हरषि ruki....tum कह डौगी..

पूर्वी : ी सॉ हेर ईविल वर्शन सो बिंदास होकर बताओ जो भी मन में है...

हर्षिता : क्या बताऊँ यार उसने अपने hi भाई को नहीं chhoda..ab वो जीजू की लाइफ को ख़राब कर रही hai..nahi पसंद तो छोड़ दो ऐसा तो न करो किसी के साथ .

पूर्वी : तुम्हारे जीजू भी काम नहीं hai..wo एक नंबर का अलसी है काम धंदा कुछ करना नहीं चाहता बीवी की रोटियां तोड़ रहा है..


हर्षिता : शट उप ाचा नहीं होगा जो मेरे जीजू के बारे में कुछ कहा to..mai उनकी फैन हों मई जानती हों उनके बारे में सब तुम nhi..Maine देखा है उनके स्ट्रगल ko...you तुबे पर उनका चैनल चेक करो.

पूर्वी: सच्चाई कड़वी hi होती है harshi..wo बातें पुराणी hai...Aaj की बात करो..

हर्षिता : तुम्हारे बाप का थोड़ी खा रहे मेरी दीदी का खा रहे है वो तो कुछ नहीं kehti...tumhari बैक क्यों जल रही hai...harshi उठते हुए boli...fir जाने लगी...

पूर्वी धीमे से : बेवक़ूफ़ लड़की...

मई भी उसका अच्छा hi चाहती हों.

पूर्वी की आवाज सुनकर हरषि उसे देखे बिना मिडिल फिंगर दिखा देती है...

पूर्वी : फ़क यू तू.

हरषि के जाने के बाद पूर्वी आरोही को कॉल लगा देती है.

पहली रिंग पर hi आरोही कॉल पिछ कर लेती है..

पूर्वी : सुन ली अपनी बहन की बातें..

आरोही: हां वेल तुमने कॉल क्यों कट कर दी थी..

आरोही उस समय की बात कर रही थी जब पूर्वी ने सलिल के बारे में हरषि से कहा.

पूर्वी : ओह कॉल कट हो गयी देखि nhi...jyada कुछ नहीं कहा बस तुम्हारे hi बारे में बात कर रही थी ..बहुत ज़हर भरा है उसमे..

आरोही: ी स्टिल लव her...kehkar आरोही कॉल कट कर देती है..

3 बजे आरोही होटल से सीधा आशना जहाँ ट्रैंनिंग ले रही उस हॉस्पिटल में आती hai.rohit हॉस्पिटल में रुक जाता है ..आरोही आशना को लिए घर को चल देती है....

आशना : भाभी मई चेंज करके आती हों फिर बताना मुझे क्यों लायी हॉस्पिटल se..Ghar में आते hi आशना बोली.

आरोही: ठीक hai....Geeta हरषि को मेरे रूम में भेज दो... कहते हुए आरोही अपने रूम में आती जहाँ उसे सलिल सोता हुआ मिलता है स्टडी टेबल पर ..

डिस्टर्ब किये बिना आरोही खुद चेंज करने के लिए वाशरूम में घुस जाती है..

रूम में जब हरषि आती तो उसे सलिल सोता दीखता है पास आकर वो सलिल के सर में उँगलियाँ चलने लगती है..

फिर चेयर से सलिल को पकड़ कर उठाने लगती है...

हर्षिता : मेरी हेल्प करो..

हरषि रूम में एंटर करती आशना को देख बोली...

हरषि की आवाज पर आशना जल्दी से सलिल को थम लेती है..

आशना : भाई इतनी गहरी नींद में सो रहे hai...aashna हैरत से बोली...

दोनों मिलकर सलिल को बाद पर लिटा देती है...

हरषि: थैंक्स..

आशना: no नीड भाई है मेरे..

आगयी तुम dono..aarohi रूम से निकलते हुए बोली...

आरोही : आशना गीता से कहो मेरे लिए कॉफी लेकर ए.

आशना : मई लती हों ..कहकर आशना रूम से बहार को निकल जाती है...

हर्षिता : क्यों बुलाया...

आरोही: आशना से mili..uska एडमिशन करना है तुम्हारे कॉलेज में डिटेल निकली है तुमने..

हरषि: हां मेडिकल की 1,2 सीट hi बची है जो कल तक शायद फुल हो जाये फिर एडमिशन नहीं होगा...

आरोही: आशना का एडमिशन करना है.

हर्षिता : फीस पता है ओने ईयर की 1 करोड़ hai..fir हॉस्टल बुक्स ेट्स. का अलग खर्चा ..

कॉफी लिए आ रही आशना हरषि की बात सुन रुक जाती है.

आरोही :ठीक है तुम आशना को साथ ले जाना वाकई का काम मई कल कॉलेज आकर कर दूंगी...

हरषि : क्यों कर रही हो आप दीदी कोई और बात तो नहीं ..हरषि शक्की निगाहो से देखते हुए बोली..

आरोही: तुम्हारे जीजू की बहन है इतना बहुत है मेरे लिए..

इतने में आशना रूम में आती है कॉफी की ट्रे को टेबल पर रख कर भागकर आरोही को हुग कर लेती है...

फिर आरोही के साइन में सर छुपाये सुबकने लगती है...

आशना : भाभी ये सब मत करो मई वही ठीक हों...

बिन कुछ कहे आरोही आशना के सर को चुम लेती hai..fir अपनी साड़ी के पल्लू से आशना की आंखे साफ़ करने लगती है..

आशना उसी दिन समझ गयी थी जब आरोही कॉल पर मेडिकल कोर्स के बारे में उस दिन हरषि से पूछ रही thi..abhi आरोही हरषि से बात करता सुन उसे कन्फर्म हो गया था आरोही उसी के लिए ये सब कर रही है.

आरोही : मेरी कॉफी..

आशना : अभी लायी...

जल्दी से आशना कॉफी का एक मग हरषि को देती दूसरा आरोही को .....


आरोही मम लंच लगा don...Geeta अंदर एते हुए बोली..

आरोही : तुम ने कर लिया..

हरषि : मन नहीं है ..

आरोही : अपने जीजू को उठाओ फिर साथ में करते है..

हरषि: सोने दो दीदी .

आरोही : फिर तुम दोनों जाकर लंच करो..

आरोही की बात सुनकर दोनों रूम से निकल जाती है...

कुछ देर बाद गीता फिर रूम में अति है...

गीता : मम होम थिएटर फिट करने वाले ए hai..kis रूम में सेटिंग करनी है..

आरोही : रोहित के बराबर वाले रूम में.

सर हिलती हुई गीता निकल जाती hai..aur आरोही गीता की मटकती हुई गांड देखने लगती hai..fir सलिल को देख मुस्कुरा देती है...

6 बजे मेरी आँख खुली तो मई रूम में अकेला था..

काफी देर तक मई ऐसे hi लेता रहा ...साइन में बहुत दर्द हो रहा था ये शायद नशे की वजह से tha..kuch देर लेटने के बाद मई उठा और मैंने एक सिगरेट जला दी...

सिगरेट पिटे हुए मई वाशरूम में आकर मुँह हाथ धोने laga..bachi सिगरेट फ़्लैश कर दी ...

तैयार होकर मई दिंनिंग पर आकर बैठ गया..

मई : गीता कुछ खाने को है तो दो..

मेरी आवाज पर कुछ देर बाद गीता खाना लेकर सर्वे करने lagi...ki तभी मुझे एक हाथ अपने सर पर महसूस hua...mai उस हाथ के अहसास को पहचानता था...

उठ गए AAP..aarohi पास वाली चेयर पर बैठते हुए बोली..

मई : हां पता नहीं कब पड़ते पड़ते सो गया था...

आरोही सर हिलाते हुए अपने लिए भी उतरने लगी.

मई : तुमने खाया नहीं था.

आरोही : आपके उठने का वेट कर रही थी..

मई : आशना को ले आयी .

आरोही : hmm..gardan में हरषि के साथ बैठी hai...salil क्यों न हम आशना का एडमिशन हरषि के कॉलेज में करा दे ...वह उसे अच्छी एजुकेशन मिलेगी.

मई : जॉब लग जाएगी तब कराऊंगा..

आरोही : मई उसकी कुछ नहीं लगती kya..Maine हरषि से बात कर ली है कल आशना का एडमिशन करा देंगे..

मई : पैसे कहा से ए..

आरोही: हर्षा से लिए..

मई : तुम मेरे लिए hi इतना कुछ कर रही हो अब मेरी बहन के लिए भी.

आरोही : आपसे प्यार करती हों आपका ाचा बुरा मई hi तो dekhungi..meri जगह पर आप होते तो नहीं करते क्या मेरे लिए..

मैंने प्यार से उसे देखते हुए सर हिला दिया...


मई : तुम साइकोलोजिस्ट हो न..

आरोही : कितनी बार bataun..wo ऐडा से बोली..

आरोही : साइकोलोजिस्ट नहीं होता साइकेट्रिस्ट होता है... प्रॉब्लम क्या है वैसे..

मई: तुम मुझे पागल तो नहीं समझोगी..

आरोही : थोड़ा sa..sexual थॉट्स आते है डार्क टाइप के.

मई : जाओ यार तुम्हे हर समय सेक्स hi सूझता रहता hai..I मैं आते है बूत ये प्रॉब्लम नहीं है...

आरोही : फिर क्या है..

मई : मुझे वॉइसेस सुनाई देती है.

आरोही : हल्लुसिनेशन्स

मई : नहीं ..ऐसा लगता है जैसे मेरे दिमाग में कोई बोल रहा ho..aur ऐसा तब होता जब मई नींद में जा रहा होता hon..khana छोड़ आरोही बड़े ध्यान से मुझे देखने लगती है..

मई : ऐसे क्या देख रही हो..

आरोही : बताओ न..

मई : मैंने अपने फ्रेंड के घर अपनी पिक्टुरेस देखि जो रियल थी लेकिन वो मुझे याद hi नहीं ...

आरोही : किसी दिन आरव के हॉस्पिटल चलूंगी वहां हिप्नोतिजे करुँगी aapko...agar वो मेरे बर्थडे पर आया तो यही करुँगी..


मई : ठीक है...

खाना खा कर मई गर्दन में आकर बैठ गया हरषि और आशना के पास..

मई: कल तुम्हे छोड़ने चलेंगे अपनी तैयारी कर लेना..

आशना : आपका प्लान है न मेरा एडमिशन करना.

मई : तुम्हारी भाभी का..

हरहिता: ठीक है आशना मई जा रही हों कल कॉलेज में मिलते है...

जा रही हरषि को मैंने हाथ पकड़ के बिठा दिया..

हरषि : छोडो जीजू मई जा रही हों...

मई : सुबह साथ चलेंगे..

हरषि : मेरा एग्जाम है..

मई: एग्जाम से पहले पहुंच जायेंगे..

हरषि : मुझे पड़े करनी है रात में.

मई : इतने अमीर बाप की बेटी हो तुम्हे क्या ज़रूरत पड़ही की...

हरषि : शट उप.

मई : यू तू..

हरषि : हँ.

मई : ाचा बताओ ये कैसी लग रही hai..mai उसे घडी दिखते हुए bola..Jo मैंने तैयार होते समय पहन ली थी.

घडी देख के उसके फेस पर हलकी सी स्माइल आगयी जिसे वो तुरंत छुपा लेती है..

हरषि : सुबह इतने गुस्से में क्यों बात ki..kehte हुए वो मेरी गोदी में बैठ gayi...Jo आशना के सामने मुझे अजीब लग रहा था...

हरषि ने मेरे दोनों हाथ पकड़ कर अपने पेट पर रख लिए..

मई : थका हुआ था बस..

हरषि : सॉरी बोले ..

मई: सॉरी बाबा..

हरषि की अस्स एक डैम टाइट थी 36 साइज की जिसकी गर्माहट से मेरा लैंड पूरा खड़ा हो gaya...Jo लग्गी को फाड़ कर अंदर घुसने की कोशिश कर रहा था..

हरषि अपने हाथो से मेरे हाथ दबाते हुए अपनी बैक हिलने लगी.

वो ऐसा बचपने में कर रही थी.. जबकि मेरे अंदर उसके इतने करीब आने से हवस आगयी थी...

हरषि : जीजू अब तो मुझसे रोज़ मिलने आओगे न..

मई : हां कोशिश करूँगा..

हरषि : बस kosish...nhi आओगे नहीं ए तो यही एके मरूंगी..

मई : आऊंगा बाबा...

हरषि : जीजू कुछ चुभ रहा hai..kehte हुए वो हाथ पीछे ले गयी और उसने मेरा लैंड पकड़ लिया...

लैंड को हाथ में महसूस करते hi उसका चहेरा लाल पद गया..

झटके से उसने मेरा लैंड छोड़ दिया..

कहा बैठी हो हरषि उठो सलिल के ऊपर se...aarohi आते हुए boli..aarohi की आवाज पर हरषि मेरे ऊपर से उठ जाती है.

आरोही की गरज पर मेरा लैंड भी डरकर बैठ जाता है..

हरषि :जीजू अच्छे लगे तो बैठ gayi..wo बड़े भोलेपन से बोली..

आरोही : हर समय बचपना ाचा नहीं होता पति है ये मेरे... वो मेरे पास बैठते हुए boli...fir उसने हाथ से पकड़ कर मुझे अपनी और खींच लिया..

हरषि : आपके पति मेरे कुछ नहीं लगते क्या..

आरोही : तुमसे कोण बहस करे..

हरषि : घर नहीं गयी शादी के बाद से 9महीने होने जा रहे है पिता जी रोज कॉल करके पूछते है..

आरोही : सच कह रही हो..

हरषि: देख रहे हो जीजू इन्हे मुझ पर बिलीव नहीं..

मई : क्यों बिलीव नहीं..

आरोही : बर्थडे के बाद जाउंगी..

कुछ देर बात करने के बाद हम घर के अंदर आ गए..

डिनर के समय सब खाने लगे मई उनके साथ बैठे बातें करता रहा..

आरोही भी रोहित के फाॅर्स करने पर हल्का फुल्का hi खा रही थी...

आपका dudh..Geeta दूध का गिलास मुझे थमते हुए बोली...

मई: नहीं पीना गीता आज तुम पिलो.

आरोही : पि लो न जान..

मई : पेट भरा हुआ है...

आरोही : मैंने कहा न...

मई : ऐसे hi अपना भी ख्याल रख लिया karo...kehte हुए मैंने गिलास ले लिया..

डिनर के बाद मई आरोही को लिए रूम में आगया...

रूम में आते hi मैंने आरोही को अपनी बाँहों में जकड लिया..

आरोही : ाःह क्या कर रहे ho...man नहीं है मेरा थक गयी हों..

मई : sssshhhh....use चुप करते हुए मैंने अपनी ऊँगली उसके होंठो पर रख di...niche वाले हाथ से मई उसकी गांड को दबाने लगा जो बहुत मुलायम प्रतीत हो रही थी...

ऊँगली हटा कर मैंने अपने लिप्स आरोही के लिप्स पर रख दिए जिसमे वो भी मेरा साथ देने लगी...

एक हाथ से वो पंत के ऊपर से मेरा लैंड पकड़ कर सहलाने lagi...kuch hi देर में मेरा लैंड फुल ेररेक्ट हो गया..

किश तोड़कर मई आरोही का कपडे उतरने लगा वो मेरे....

कपडे उतर जाने के बाद मैंने आरोही को बाद पर फेक दिया...

आरोही नंगी थी और मई बस अंडरवियर में..

बाद पर आकर मई उसकी टैंगो के बिच में agaya...mera इशारा समझ कर उसने अपनी दूधिया जंघे खोल दी जिसमे से उसकी गुलाबी पिंक पुसी मेरे सामने ओपन हो गयी...

टैंगो के बिच में बैठे मई उसके बदन को निहारने लगा..

आरोही : ऐसे hi देखते रहोगे.

उसका दूध और केसर जैसे बदन ने मेरे तन बदन में हलचल मचा दी थी मेरा लैंड फुल ेररेक्ट होकर दर्द करने लगा था..

मई: तुम इतनी हसीं हो तुमसे कभी जी नहीं bharta...kehte हुए मई उसकी पुसी के बिच में मुँह ले aya..pussy को करीब से देखने पर मुझे वहां स्पर्म लगा दिखा जो जांघो पर भी लगा था...

मई : तुमने किसी से छुड़वाया tha...sach बताना..

आरोही : क्या मतलब है तुम्हारा..

मई : तुम्हारी वागिना पर छुम लगा है.

आरोही: मेरा hi छुम hai...chatna है और साफ़ करके आऊं..

मई : रहने do...kehkar मैंने अपनी जीब उसकी छूट में दाल दी ..और उस पर लगा छुम चाटने लगा..

आरोही : आआआहहह जानन ऐसे hi chato...aaaaahhhh ummmm...aaaaahhh...

मई : तुम्हारा छुम का टेस्ट पहले तो ऐसा नहीं था..

आरोही : छतो न वर्ण मरूंगी..

मई: ाचा ठीक है गुस्सा क्यों होती ho..aur मई फिर उसके क्लीट उसकी छूट से खेलने लगा...

आरोही अब धीरे धीरे आहें भर रही थी...

आरोही : और हॉर्नी होना है..

उसकी बात सुनकर मैंने सर उठा कर उसे देखा..

मई : कैसे...

आरोही : इमेजिन जिसे आपने अभी छठा वो एक हैंडसम लड़के का छुम था.. जिसने आपकी पत्नी को बुरी तरह से choda..aaaaaahhhhh...aese hi....yesssss...yessss...aese hi छतो Jaan...kaisa लगा मेरे अपनी पत्नी के यार का छुम...

आरोही की आहों और उसकी मस्ती भरी बातों ने मेरे लैंड को झटका खाने पर मजबूर कर दिया....

आरोही: aaaaaaahhhh...jaannnn....usne पहले मुझे नंगा किया फिर अपना बड़ा सा लैंड मेरे मुँह में पेल diya...aur फिर वो मेरे मुँह में झटके मरने लगा मुझे बालों से पकड़ कर... उफ्फ्फफ्फ्फ़ aaahhhh....us ज़ालिम ने मेरे थकने पर भी मुझे नहीं chhoda...aaaaahhh yesssss...mooh में निकल जाने पररर आआह्ह उसने chhoda...fir वो मेरे बूब्स से खेलने laga....aaaaahhhhh आपकी पत्नी के मोठे मोठे आम वो किसी दरिंदे की तरह मसल रहा था aaaaahhh....dubara लैंड खड़ा होने पर उसने मुझे कुटिया बनाया और एक hi झटके में अपना पूरा लैंड मेरी छूट में पेल diya...aaaaaahhhh jaaan.....usne मुझे बहुत बुरी तरह से chhoda...aap चाहते हो उससे मुझे छुड़ता देखना.

कहकर वो मेरा सर पकड़ कर अपनी छूट पर दबाने लगी....

वो झाड़ रही thi....uska छुम सीधा मेरी जीभ पर laga...jiska टेस्ट पहले वाले टेस्ट से बिलकुल अलग था...

आरोही : बोलो न जान देखोगे मुझे उससे छुड़ता hua..bolo aaaaahhh...wo मुझे आपके सामने छोड़ेगा...

मजे में मेरी आंखे बंद हुई और मेरा पानी अंडरवाटर में hi निकल गया..

आरोही : डालो जान जल्दी se...aaaahh बहुत तड़प रही हों...

जब मेरा निकल गया तब मुझे अपने बैठते लिंग का अहसास हुआ और आरोही की तड़प का..

आरोही: क्या हुआ जान दाल क्यों नहीं रहे....

मई : wo...wo Mera...wo ...

मुझे असमंजस में देख वो उठकर बैठ गयी....

हवस का नशा उतरा तो मुझे अहसास हुआ आरोही अभी जो कह रही थी uska...wo सिर्फ मस्ती में बोल रही थी या सच में....

आरोही : व्हाट हप्पेनेड Jaan..kehte हुए वो अपना हाथ मेरे लैंड की तरफ करने लगी...

मई: मेरा मन नहीं है ..उसका हाथ बिच में hi रोक मैंने कहा..

आरोही : हटो देखने do...Mera हाथ झटक कर उसने मेरे लैंड को पकड़ लिया..

जो अब चुहिया बन गया था...

मई: ज्यादा हॉर्नी होने पर निकल gaya..meri रुआंसी सी आवाज निकली.

लैंड छोड़ कर वो मुझे गुस्से से देखने लगी...

मई : ऐसे क्यों देख रही हो...

आरोही : तुम मर्द भी ho...apni वाइफ को भी ठंडा नहीं कर sakte...wo गुस्से में फैट पड़ी..

मई : पता नहीं कैसे होने लगा अब तो मई मुठ भी नहीं मरता...

आरोही: पहले मरी थी न उसका असर है... तुम्हे क्या लगता है हैंडप्रैक्टिस करने वाले मर्द दुबारा फिजिकली फिट हो सकते है..

मई : नहीं हो सकते क्या...

आरोही: और मई क्या कह रही hon....you डम्ब.

मई : गुस्सा न करो चाहो तो मुझे मार लो....

मेरी रुआंसी आवाज सुन उसके होंठो पर हसी आगयी जिसे अगले hi पल उसने छुपा liya...fir बिना कुछ कहे वो नंगी hi वाशरूम में घुस गयी...

कुछ देर बाद वो नाहा कर nikli....uske निकलते hi अंडरवियर लेकर मई घुस गया..

आरोही : तुम किसी काम के नहीं हो यू अरे useless...nahate हुए मुझे उसकी आवाज आयी..

मई : मई कैसे खुद को चेंज Karu..ek जावेल्लेर का बीटा था हरामी श्याम नाम का उसने स्कूल में बचपन में hi मुझे पोर्न दिखाई उस मादरचोद ने अपनी बहन मोनी को भी choda...wo तो बैंगलोर छोड़ के चला गया लेकिन मेरी लत नहीं छूती .

आरोही : तुम अपनी नामर्दगी को छुपाने के लिए दुसरो को ब्लामे करते हो ...

मई : पहले तुम्हे 6 ,6 बार छोड़ता tha...meri मर्दानगी पर सवाल नहीं उठाना कल डॉक्टर को दिखने जाऊंगा...

आरोही : मुझसे बहस मत करो इस लायक नहीं हो तुम...

मई : रंडी तूने मुझे चीट किया और किसी दूसरे आदमी का छुम chatwaya...kehta हुआ मई गेट खोलता हुआ बहार आगया...

आरोही छोटा सा डिलडो अंदर बहार कर रही थी मुझे देखते hi वो उठ कर बैठ gayi....uske चहेरे पर गुस्से के भाऊ आ गए थे...

आरोही : तुमने मुझे रंडी कहा...

मई : I'm सॉरी लेकिन तुम भी तो मुझे नामर्द कह रही थी.....

आरोही : नामर्द नहीं हो तो छोड़ो aakar....kehte हुए उसने अपनी छूट मेरे सामने खोल दी....

शर्मिंदगी से मेरा सर झुक गया..

आरोही : प्रोवे हो गया न तुम नामर्द ho...tumse अच्छा तो ये डिलडो है जो मेरी प्यास बुझाता hai...ab जाकर मेरे लिए मर्द ढूंढ कर लाना इससे मुझे मज़ा नहीं ata..wo डिलडो फेकते हुए बोली...

उसकी बात सुनकर मई जमीन में बैठ कर सुबकने लगा...

मई : तुमने आज छुड़वाया और मुझे उसका छुम चटवाया....

कुछ देर बैठने के बाद जब वो कुछ नहीं बोली तब मई खुद hi उसके बराबर में आकर लेट गया और मैंने मोबाइल पर साद सांग लगा कर पीठ आरोही की तरफ कर ली....

इस भरी दुनिया में कोई भी हमारा न हुआ...

गैर तो गैर थे अपनों का सहारा न हुआ...

लोग रो रोके भी जी लेते है इस दुनिया में

एक हम है जो हसे भी तो गुज़ारा न हुआ..

आरोही : ये बंद करोगे या फ़ोन तोड़ दूँ...

उसका गुस्सा देख मैंने आवाज स्लो कर ली...

मई : तुम सही हो मई ...मई na...mai वही हों जो तुम कह रही ho...mai तुम्हे शारीरिक सुख नहीं दे sakta..mai तुम्हारी ज़िन्दगी से चला जाऊंगा आरोही मेरे जाने के बाद तुम खुश रह paogi...kuch भी समझ में नहीं आता meri...kya सच है क्या झूट... कभी लगता है तुम प्यार करती हो कभी लगता है नहीं करती ho...tumne मुझे चीट Kiya..Arjun के साथ और आज भी तुमने छुड़वाया...

आरोही : वो मई तुम्हे गरम करने के लिए कह रही thi..wo छुम भी मेरा hi tha..uski मद्धम से आवाज ayi...jisme गुस्सा था .


मई : अर्जुन के साथ तो किया na...aur मई तुम्हे छोड़कर इसलिए नहीं जा रहा हों तुम चीट करती हो बल्कि इसलिए मेरे जाने के बाद तुम खुश rahogi...aarohi मेरा कोई अपना नहीं है बहने थी उन्होंने मुझे अपने यारो से pitwaya...mere सामने वो बातें की जो मई अपनी जबान पर नहीं ला sakta..mujhe लगता है मई मनहूस hon...tumhari लाइफ से चला जाऊंगा तो तुम्हे दुःख तो नहीं hoga..kehte हुए मैंने सांग बंद करके फ़ोन में नंबर चेक करने लगा...

बहनो के नंबर देखे लेकिन उन्होंने जो किया उसे याद करके मन नहीं हुआ कॉल करने का...

आज मई बहुत अकेला हो गया था..

कोई अपना नजर नहीं आ रहा था... स्क्रॉल करते हुए मुझे एक नंबर दिखा और मैंने कॉल लगा दी.

आज याद आ hi गयी meri..call पिक करते hi उसने कहा..

मई : है झमेला तूने भी तो कॉल नहीं की..

झमेला : इतना काम होता है फुर्सत hi नहीं मिलती न कुछ याद रहता है सुबह उठता हों काम पर लग जाता हों और रात के 10 बजे फ्री होता हों और लेटते hi नींद आ जाती थकन से..

मई: ज्यादा बोझ डालता है तुझ पर..

झमेला : सब्जी वाले काम से तो काम hi है एक्चुअली बहुत काम है बॉडीगार्ड हों गाड़ी धो देता हों गर्दन की देखभाल और घर का सामान वगैरह ला देता हों और भाभी की छोटी बहन छोटे भाई को कॉलेज स्कूल छोड़ने जाता हों और साहब जी मैडम के लिए ड्राइव करता हों .तनख्वाह अच्छी है 1 लक्स पैर मंथ हो जाता है.

मई : अरे मेरी जान तेरा तो ठीक है ये तेरा दोस्त hi निकम्मा रह गया है...

झमेला : चुप कर सेल...

मई: यार मुझे 10 हजार की ज़रूरत थी.

झमेला : पेटम यही है तेरा..

मई : हां..

झमेला : ठीक है मई अभी करता hon...lekin करेगा क्या सब ठीक तो है न..

मई : हां विजयवाड़ा में कोई घर रूम किराये पर देख मई उधारी आ रहा हों...

झमेला : भाभी से कुछ हुआ है.


मई : nahi...ye छोड़ na...tu घर कल देख लेना मई कल hi बैठ जाऊंगा..

झमेला : ठीक है....

मई : चल bye...

झमेला : अपना ख्याल रखना मई कल घर देख कर कॉल करता हों..

कहकर उसने कॉल कट कर दी..

और मैंने मोबाइल में सांग लगा लिया...

जाने वो कैसे लोग थे जिनके प्यार को प्यार मिला.

हमने तो जब कलियाँ मांगी काटों का हार मिला..


जाने वो कैसे लोग थे जिनके प्यार को प्यार मिला..

सांग सुनते हुए मेरी आंखे नाम हो gayi..Maine पलट कर आरोही को देखा तो वो बड़ी बड़ी आँखों से मुझे hi देख रही थी....

मेरी नाम आंखे देख वो हाथ से उन्हें साफ़ करने लगी....

आरोही : मुझे छोड़ कर मत जाओ...

कुछ कहे बिना मैंने उसके हाथ को थमा और चुम लिया...


मई: तुमसे नाराज़ होकर थोड़ी जा रहा hon...mai अपनी ज़िन्दगी के मतलब को ढूंढ़ने जा रहा hon...mai मेंटली बहुत वीक हों आरोही पता नहीं kyo..yaha रहूँगा भी तो किसके लिए मेरा अपना है hi kaun..meri बहनो ने मुझे अपने यार से पिटवाया तुम्हे शारीरिक सुख भी नहीं दे sakta..ab मुझे जाने दो... प्लीज आशना का ख्याल rakhna...agar मुझमे बदलाव आये तो मई वापस आऊंगा तुम्हारे liye...man करता है सुसाइड का लेकिन क्या ये इतना आसान है.

भीगती आँखों से आरोही ने अपने हाथ जोड़ लिए मेरे आगे.

मई : मुझे कमज़ोर मत करो... कहते हुए मैंने उसकी तरफ पीठ कर ली...

आरोही : बहुत बुरी हों mai...ye जानते हुए भी तुम बहुत सेंसिटिव हो फिर भी तुम्हे हर्ट कर देती हों.. कहते हुए उसने मुझे पीछे से हुग कर लिया...

मई: ऐसी बात नहीं है aarohi..mai औरो को तरह नहीं हों स्मार्ट पावरफुल मई कमज़ोर hon..apni आदतों का बीमार hon..jiske भी साथ रहूँगा उसे कभी खुश रख sakta...kehte हुए मैंने उसके हाथ खुद से हटा diye..aur अपनी कमर उससे दूर कर दी..

मई : पता है मैंने ये आस्पेक्ट नहीं किया tha..I मैं अपनी वाइफ se...mai चाहता था मई काम करूँ जब थका हरा आऊं तो वो मुझे बाँहों में समां के मेरी साडी थकन उतर दे मुझे बच्चो की तरह प्यार करे मेरे रूठने पर मुझे manaye...gareebi में मेरा साथ दे लेकिन ऐसा कुछ नहीं hua..shayad कारन भी मई hi हों.. इसलिए मेरा जाना अब ठीक रहेगा...

आरोही : ऐसा मत कहो Jaan..hawas पूरी नहीं हुई थी तो हो गयी थी गुस्सा लेकिन इसका ये मतलब तो नहीं छोर कर जाओ...

मई : तुमसे नाराज़ होकर नहीं जा रहा हों...

आरोही : कहा जाओगे तुम्हारी स्टडी भी पूरी नहीं हुई है एग्जाम सर पर hai..Mera ख्याल करो मई क्या करुँगी तुम्हारे बिना.

मई : तुम खुश रहोगी मेरे बिना.

आरोही : नहीं चाहिए ऐसी खुसी जो तुमसे दूर रहकर mile...hug करते हुए उसने अपना सर मेरे शोल्डर पर रख diya..Jahan मुझे उसके आंसू फील हो रहे थे..

आरोही : मई बहुत बुरी हों तुम्हे बहुत दुःख देती hon...thapp ठप्प thapp..sisakte हुए वो अपने फेस पर थप्पड़ मरने लगी...


मई : रुक जाओ यार...

आरोही: आप नामर्द नहीं हो मैंने गुस्से में कहा..

मई : हों यार और अब तुम्हे कभी शारीरिक सुख नहीं दे सकता..

आरोही : मुझे नहीं चाहिए बस तुम्हारा साथ chahiye...ab मई कभी सेक्स नहीं करुँगी..

कहते हुए वो मेरे हाथ चूमकर अपने चहेरे पर फेरने लगी...

मई : तुम ये अहसास क्यों दिलाती हो तुम मेरी नहीं हो...

आरोही : गलती हो gayi...wo कान पकड़ कर बोली..

आरोही : मई बस आपकी hon...sirf aapki...aapke एग्जाम हो जाये उसके बाद हम ये देश छोड़ denge..kahi और शिफ्ट हो जायँगे मय्बे Netherlands..jahan सिर्फ आप होंगे और mai...but जब तक हम यहाँ रहेंगे थोड़ी ओपन लाइफ जियेंगे मई किसी को हुग करू किसी से बातें करू तो साद नहीं होना.

मई : नेथरलैंड में तो ब्लैक भी होते बीबीसी वाले...

आरोही : शट उप...

मई : चीट तो नहीं करोगी...

आरोही : nahi....chalo अब घूम जाओ..

सुबकते हुए मई उसके साइन से लग गया वो प्यार से मेरा सर सहलाते हुए मुझे चुप करने लगी...

आरोही नंगी थी उसके तने हुए बूब्स मेरे गलो से दबे थे लेकिन मई इतना साद था की हवस महसूस होने पर भी मैंने अपने लिंग को ेरेक्ट नहीं होने दिया..

आरोही : आपकी धरकने बहुत फ़ास्ट चल रही तबियत ठीक है आपकी...

मई : तुमसे दूर होने का सोंचकर hi जान जाती महसूस होती है...

आरोही : ओह्ह मेरी जान इतना प्यार करते हो मुझसे.. मैंने सर हिला दिया..

आरोही : अब मई वैसी बनकर दिखाउंगी जैसी आप चाहते ho...mai काम करुँगी और काम से आने के बाद आपको अपनी बाँहों में समां लुंगी...

मई : सच.

आरोही : मच.

मैंने और कसकर उसे खुद से चिपटा liya..wo अपना हाथ मेरे साइन पर फेरते हुए मेरे निप्पल्स से खेलने लगी..

आरोही: किस्से बात कर रहे थे ahhi..wo मेरे बूब्स मसलते हुए बोली..

मई : आशिक़..

आरोही : कितने पैसे चाहिए बताये आप..

मई : उसने भेज दिए अभी नोटिफिकेशन आया था...

आरोही : तुम नंबर दो मई उसे बैक पेटम कर देती hon...safe का लॉक आपका बर्थडे है जितने पैसे चाहिए वह से ले लेना...

मई : नहीं चाहिए वो मैंने जाने के लिए मंगवाए थे...

आरोही : अब ऐसा कोई ख्याल ए तो मुझे साथ शामिल karna..chalo नंबर दो अब.

फ़ोन लेकर वो मेरे फ़ोन में से झमेला का नंबर लेने लगी.

आरोही : done..wo मुझे फ़ोन देते हुए बोली..

आरोही : बी थे वे ी थिंक आपके दोस्त सोना को लिखे करते है.

मई : मुझे मेरे दोस्त के खिलाफ भड़काना बंद करो सोना उससे ठीक से बात भी नहीं करती..

आरोही : आपके सामने कैसे karegi..pyar की एक जबान गुस्सा भी है.

मई : फर्स्ट ऑफ़ आल झमेला किसी हिना से शादी करने वाला है.. दूसरी बात सोना जिससे शादी कर रही उससे वो pyaar..kuch याद आने पर मुझसे आगे कुछ नहीं कहा गया..

आरोही : क्या हुआ चुप क्यों हो गए.

मई : कुछ नहीं बस झमेला मेरा अपना है मुझे उसके खिलाफ मत करो तुम्हारी कोशिशे बेकार है.

आरोही : टेस्ट ले रही थी आपकी दोस्ती का देवर जी मुझे भी अचे लगते hai..ab जल्दी से बताये क्यों चुप हो गए थे..

मई : सोना उससे शादी कर रही जिसने मुझे मारा tha...wo बचा नहीं रहा था उस दिन ...मैंने अनजाने में उसे भरवा कहा था उसी का बदला लिया था usne...Dil में तीस उठ रही है ये सोंच कर मेरी बहन उससे शादी कर रही जिसने उसके भाई को मारा..

आरोही: कारन ाचा इंसान नहीं अय्याश किस्म का है उसे मैंने कई बार लड़कियों के साथ हमारे होटल वाले क्लब में देखा है...

मई : तुमने मुझे बताया क्यों नहीं..


आरोही: क्या बताती कोनसा सोना रुक जाती सोना नहीं थी क्या वह जब वो आपको मार रहा tha...usne भी तो देखा था लेकिन पैसे के आगे उसे भाई कहा नजर आ रहा hai...isliye मैंने कुछ कहा भी नहीं.

मई : बात करूँगा सोना से.

आरोही : मत करो कोई फायदा नहीं hoga..chalo सो जाओ जान...

उसके साइन से लग कर मैंने आंखे बंद कर ली.....

प्रेजेंट नाईट

जीजू से बात की ..सोना अनु के बाद पर बैठते हुए boli...fir बैठे बैठे नाइट्स की क्रीम्स लगाने लगी...

अनुसुइया : जाने दो यार हमारा डाइवोर्स हो गया hai...kehte हुए अनुसुइया लेट गयी जिसके पैरो पर सोना क्रीम लगाने लगी..

सोना : गलती की अपने दीदी जीजू आपके आगे नाचते they..Karan तो मेरी बात भी नहीं सुनता.

अनुसुइया : नहीं सोना मेरी लाइफ का एक गोआल hai...na होता तो शायद मई कभी उनका साथ न छोड़ टी .

सोना : आप बार बार किसी गोआल के बारे में कहती हो बताओ न क्या है..

अनुसुइया : मई तुम्हे जोड़ना चाहती हों बूत तुम्हारे मैरिड हो जाने के बाद तभी तुम्हे बताउंगी अपनी ज़िन्दगी का लक्ष्य..

टिंग टिंग....

अनुसुइया : Dena...phone बजने पर सोना टेबल पर से फ़ोन उठा के अनुसुइया को थमा देती hai...anu नंबर देख के सोंच में पढ़ जाती hai...call पिक करके फ़ोन वो कानो से लगा लेती है .

अनुसुइया : hello..

अनु दीदी...

अनुसुइया : कैसे हो आशिक़...

आशिक़ : ठीक हों दीदी ..

अनुसुइया : दिखाई नहीं दिए कहा रहते हो आज कल...

आशिक़ : विजयवाड़ा में हों भाभी ने जॉब दिलाई...

अनुसुइया : विजय वडा में हो तुम..

आशिक़ : हां भाभी के रिश्तेदारों के यहाँ मल्टीप्ल जॉब कर रहा हों...

अनुसुइया : आरोही ने जॉब दिलाई..

आशिक़ : haa...wo आप सलिल से मिली आज कल में...

अनुसुइया : नहीं 2 महीने होने जा रहे है..

आशिक़ : समझ में नहीं आता किस्से बात करूँ ...कोई तो सलिल का है नहीं मई यहाँ हों..

अनुसुइया : साफ़ साफ़ बोलो क्या बात है..

आशिक़ : दीदी आप केयर करती हो न सलिल की..

अनुसुइया झमेला के सवाल से खामोश हो जाती है...

अनुसुइया : मई सेल्फिश हों लेकिन वो मेरा भाई है आशिक़...

आशिक़ : जब अपने उसके नाम पर घर लिया था तो वो खुश होते हुए मेरे पास आया बोलै मेरी दीदी ने मेरे लिए बंगला liya...aur फिर आपने उसी घर से उसे निकल दिया....

झमेला के शब्द अनु के साइन में चुभ रहे they...jhamela की आवाज में भी दर्द झलक रहा था....

अनुसुइया : मैंने बहुत बड़ी गलती कर दी आशिक़ मैंने कोशिश भी की उसे लेन की लेकिन मई बार बार उसका दिल तोड़ती रही...

आशिक़ : दीदी आज कई महीनो बाद उसने कॉल ki...wo यहाँ आने का कह रहा tha..mujhe लगता है उसकी लाइफ में कुछ ठीक nahi...Jo हो चूका है उसके साथ उसे याद करके आप से नफरत हो गयी इतने तुफ्फ समय में उसे घर से निकल दिया आपने...

अनुसुइया : hmm...kya हुआ उसके साथ..

आशिक़ : उससे मिले पता करे वो ठीक है या नहीं वो क्यों मेरे पास आने के लिए कह रहा शयद भाभी थी उसके पास इसलिए उसने कुछ नहीं बताया...

अनुसुइया : मई कल मिलने jaungi...lekin तुम बताओ न क्या हुआ उसके साथ..

आशिक़ : आप मिलो और पता करो उसकी लाइफ में सब ठीक hai..mai कल कॉल करूँगा..

अनुसुइया : wait...kya कुछ गलत हुआ था उसके साथ...

आशिक़ : कल कॉल करूँगा didi..aur कॉल कट हो जाती है...

सोना : क्या कह रहा था झमेला didi..kya हुआ didi...Sona देखती है तो अनु की आंखे भीगी हुई होती है..

अनुसुइया : वो परेशां है Sona...Maine उसे घर से निकल diya...usne मुझे विष्णु के साथ देख लिया..

सोना : मैंने आपको रोका था दीदी बोली भी भाई अकेले टूट जायेगा... लेकिन आपने मेरी बात नहीं mani...fir उसे यहाँ पिटवा भी दिया ..कह क्या सकती हों आपसे..

अनुसुइया : कैसे ठीक करू इस sabko...Maine उसे बहुत हर्ट किया है सोना...

सोना : पहले बताये झमेला क्या कह रहे थे..

सोना की बात सुनकर अनुसुइया उसे सब बता देती है...

सोना : भाभी मुझे ठीक नहीं लग rahi..Bhai ने सुसाइड किया था उसकी वजह से...

अनुसुइया : वो सलिल के सामने मेरे क्लब में किसी के साथ इरोटिक डांस कर रही थी..

सोना : क्या हो गया भाई ko...pehle तो ऐसे नहीं थे...

अनुसुइया : हम्म हुआ नहीं उसे बनाया है मां की तो चल नहीं है ....तुमने गौर किया जो भी सलिल के करीबी थे सभी दूर हो गए उससे...

सोना : दीदी क्या चल रहा है भाई की लाइफ में ये जानने के लिए हमें भाई से मिलना होगा...

अनुसुइया : वो हमसे मिलेगा kya...Jo हमने किया उसके बाद..

सोना : ये तो है ऊपर से वो नकचढ़ी बहन और agayi..jiska दिमाग भाभी ने हमारे खिलाफ ऑलरेडी ख़राब कर दिया..

अनुसुइया : हम्म अब कोई रास्ता नहीं.

सोना : एक रास्ता है...

अनुसुइया : क्या..

सोना : मौसी..

अगले दिन हरषि और आशना को लिए मई आरोही रोहित हरषि के कॉलेज जा पहुंचे...

जहाँ हमने उसका एडमिशन कराया वो बहुत खुश thi...ek मंथ की फीस आरोही ने पाय कर दी वाकई की उसने हर महीने पाय करने का कहा...

एडमिशन में हमें दो घंटे लग गए थे....

हरषि : जीजू चले पहले कैंटीन में कुछ कहते है फिर आशना को उसका डिपार्टमेंट दिखाएंगे..

सबने हां की और हम कैंटीन में आगये...

वेटर को हमने अपना आर्डर दिया और कुछ देर बाद हमारा खाना आया और हम खाने लगे...

आरोही : ठण्ड में आइस क्रीम कोण कहता है आइस क्रीम फेक दो...

कुछ सुने बिना हरषि अपनी आइस क्रीम पर ध्यान लगायी रही..

हरषि : हां तो क्या कह रही थी आप दीदी..

हरषि के पूछने पर आरोही ने उसे गुस्से में घुरा.

आरोही : घर आओगी तब तुमसे पूछूँगी..

हरषि : देख रहे हो जीजू ये कैसे मुझे धमका रही है..

मई : तुम्हारे जीजू के सामने तुम्हारी दीदी भीगी बिल्ली है don't वोर्री मई हों न..

मेरे कहने पर वो मुझे अजीब नजरो से देखने lagi...aur आरोही मुस्कुरा रही थी..

मई : सच में ये भीगी बिल्ली है तुम्हे यकीन नहीं..

हरषि : नीस जोके jiju...aahhh.uske मजाक करने पर मैंने उसके टॉप मार दी..

मई : चल ऋ...

हरषि : दीदी का गुस्सा मुझ पर क्यों उतर रहे हो..

आशना : चले कॉलेज देखने.

मई: हां ये ठीक रहेगा... चले जान.

आरोही : आप लोग घूम कर आओ मई थक गयी हों..

रोहित: मई भी...

हरषि आशना को लिए मई आगे बढ़ गया...

हरषि : आशना यहाँ हॉस्पिटल भी है जहाँ तुम्हारी ट्रेनिंग होगी..

आशना : सच में..

हरषि: हां...

मई : ऐसे क्या देख रहा है bhadwe...ek स्टूडेंट्स के ग्रुप को देख मई गरजा ...वो सेल आशना को बड़ी गन्दी नजरो से देख रहे थे..

मेरी गली पर वो ग्रुप गुस्से में मेरी और आने लगा..

हरषि : तुम्हारी गांड टूट जाएगी मेरे पापा कमिश्नर hai...harshi शायद सारा मटर समझ गयी thi...mere आगे आकर उसके बोलने पर वो वही से वापस हो गए थे...

हरषि : कहा भाग रहे हो बहनचोड़ो अकेला समझा था तुमने इन्हे क्या..

मई: बीवी तो बीवी साली उससे भी aage..mai खुद में बुड़बुड़या...

हरषि : जीजू यहाँ ये सब आम है आपको तो पता होना चाहिए na..koi टच करके देखेगा तो उसकी गांड तोड़ दूंगी..

आशना : तुम कितनी गन्दी गली देती हो शर्म नहीं आती...

Marie-Boda-Jule%C3%B8nsket1-759x397.jpg


आशना को देखा हमने तो उसका फेस लाल पद गया tha..uske गलो के डिंपल उसकी खूबसूरती में चार चाँद लगा रहे थे...

हरषि : तुम्हारी क्यूटनेस की वजह से कुछ नहीं कह पा रही hon..uff कही तुमसे प्यार न हो jaye..jiju I'm नॉट lesbian...but ी वांट हेर...

मई : हरषि यही पीटना है या घर पर..

हरषि : कही नहीं चलो...

और वो हमारा हाथ पकड़ कर हमें आगे बढ़ gayi...aashna को देखा तो वो हरषि की बातों पर मंद मंद मुस्कुरा रही थी...

पता नहीं क्यों मुझे उससे प्यार तो नहीं था लेकिन एक अपने पैन का अहसास हो रहा था उससे...

ये डिपार्टमेंट बहुत बड़ा tha...sirf निकलने पर hi हमें 10 मिनट्स लग गए थे..

हरषि : ये है हॉस्पिटल जहाँ तुम्हारी ट्रेनिंग होगी...

हॉस्पिटल को देख आशना उसी में खो गयी..

ासना : कितना बड़ा है ये..

हरषि: यहाँ फॉरेन डॉक्टर्स भी hai..dekhogi..

आशना के हां कहने पर हम लोग अंदर चल दिए....

आशना हॉस्पिटल देखने लगी और मई हरषि को लिए बेंच पर बैठ गया..

मई : उसके हॉस्टल का जो भी खर्च आये उसे तुम दे देना जॉब लगते hi मई तुम्हे दे dunga...ho सके तो अपने साथ hi रखना..

हरषि : जीजू कैसी बातें कर रहे हो मेरी फॅमिली में मुझे कोई पसंद है तो वो आप hi ho..itna पराया समझते आप mujhe..mai उसका ख्याल भी रखूंगी और अपने साथ अपने hi रूम में रखूंगी वरदान मेरी मुट्ठी में है उसकी मंस है मेरे पास साली को ब्लैकमेल करुँगी तो झट से रूम degi..lekin ऐसी बातें करोगे तो मेरा दिल टूट जायेगा.

मई : बस कर पगली रुलायेगी क्या...

आशना: आओ न..

उसकी आवाज पर हम दोनों उसके साथ चल दिए....

हम लोग कुछ कदम hi चले होंगे की एक रूम से मुझे दादी और रेडडी अंकल निकलते दिखे...

रेडडी एना: संभल कर अम्मा..

दादी : दामाद जी...


दादी के मुझे पुकारने पर आशना और हरषि पीछे देखने लगी और मई दादी को..

चलते हुए दादी मेरे पास आयी मेरा हाथ पकड़ कर मुझे उस रूम में ले गयी जिस से वो निकल रही thi...Maine हाथ से दोनों को रुकने का इशारा कर दिया...

अंदर आया तो देखा सौम्य बाद पर लेती है और उसके बोतल चढ़ रही है पास में बैठी आंटी सिसक रही रही थी..

मुझे देखते hi वो खरी हो गयी..

आंटी : दामाद जी देखो क्या कर लिया इस लड़की ने...

मेरे पास आ रही अचानक से वो रुक गयी मैंने पीछे मुद कर देखा रेड्डी एना हाथ से रुकने का इशारा कर रहे थे...


रेडडी एना : दामाद जी इतनी भी क्या इमरजेंसी थी जो रात को hi चले gaye....itne फ़ोन किये कॉल नहीं उठा सकते थे क्या अपनी पत्नी का कोई ख्याल है या नहीं tumhe...agar मेरी बेटी को कुछ हो जाता और तुम हमारे दामाद न होते तो हम तुम्हे ऐसी सजा देते.

कहते कहते वो रुके मैंने उनकी नजरो का पीछा किया तो सौम्य हाथ हिला कर रोक रही थी....

रेडडी एना: मेरी bachi...lambe लम्बे कदम बढ़ा कर वो और आंटी सौम्य को प्यार करने lage..is बिच उसने कुछ kaha..Jo मई सुन नहीं पाया.

मई : क्या हुआ दादी सौम्य को...

दादी :पिछली सुबह जब तेरी सास उठी तो उसने सौम्य के रूम से खून गेट से बहार आते dekha...jise देख वो चीख पड़ी उसकी चीख पर तेरा ससुर और मई भागकर ए उसके बाद हमने तुम्हे आवाजे di...jab गेट नहीं खुला तब हमने बैल ने गेट khola...waha सिर्फ सौम्य थी तुम nahi...usne अपनी नास काट ली thi...kisi तरह हम यहाँ लेकर aye...tumhari सास ने खून दिया पुरे एक दिन बेहोश रही ... डॉक्टर ने बड़ी मुश्किल से बचाया ...अगर सौम्य को होश नहीं अत और वो न बताती तुम्हारी गलती नहीं है तो बैल तुम्हे मार देता....

दादी की बात सुनकर मई अंकल आंटी को देखने लगा....

जो सौम्य के पास से उठ कर जा रहे थे....

पास आकर अंकल ने मेरे कंधे पर हाथ रखा और सर हिलाया...

एना : अम्मा चलो...

आंटी और दादी को लिए वो रूम से बहार निकल गए....

मई सौम्य को देखने लगा जो हाथ के इशारे से मुझे बुला रही थी...

कमज़ोरी में उसकी आवाज भी नहीं निकल रही थी....

मेरे उसे देखते hi उसने हाथ जोड़ लिए...

उसकी मांग भरी हुई thi...Jo शायद खून tha..use इस हाल में देख मेरी आंखे नाम हो गयी...


नैना.. जो सांझे ख्वाब देखते थे

नैना.. बिछड़ के आज रो दिए हैं यूँ

नैना.. जो मिलके रात जागते थे

नैना.. सेहर में पलकें मीचते हैं यूँ

जुड़ा हुए कदम

जिन्होंने ली थी ये कसम

मिलके चलेंगे हरदम

अब baant'te हैं ये ग़म

भीगे नैना.. जो खिड़खियों से झांकते थे

नैना.. घुटन में बंद हो गए है यूँ

सांस हैरान है

मैं परेशान है

हो रही सी क्यों रुआंसा ये मेरी जान है

क्यों निराशा से है

आस हारी हुयी

क्यों सवालों का उठा सा

दिल में तूफ़ान है

नैना.. थे आसमान के सितारे

नैना.. ग्रहण में आज toot'te हैं यूँ

नैना.. कभी जो धुप सेंकते थे

नैना.. ठहर के छाओं ढूंढते हैं यूँ.

मई : क्यों किया suicide...Maine धीमे से पूछा.

उसने कुछ कहा जो मई नहीं सुन सका इस पर वो मुझे इशारे से पास बुलाने लगी....

जैसे hi मई पास जाकर बैठा उसने मेरा हाथ पकड़ कर साइन पर रख लिया..

मई : अपनी फॅमिली को बताया नहीं मेरे बारे में हमारा कोई रिश्ता नहीं है..

मेरे कहने पर वो कान पास लेन के लिए इशारा करने लगी...

मैंने झुककर कान उसके होंठो से लगा दिए...

सौम्य : nahi...uski बेहद कमज़ोर सी आवाज आयी ...

मई : क्यों नहीं बताया अभी मौका था सच बताती तो कुछ कहते भी नहीं तुम्हारे बाप को अब सच पता चला तो वो मुझे जान से मार देगा...

सौम्य : मेरी मांग भर दो...

उसकी बात सुनकर मई उसके चहेरे पर से उठ गया और उसे हैरत से देखने लगा..

मुझे देखते हुए वो फिर इशारे देने लगी सर पर हाथ रख कर..

मई : क्यों तुम मेरी ज़िन्दगी बर्बाद करने पर तुली हो सौम्य मेरी वाइफ कैंटीन में बैठी है वो किसी भी वक्त यहाँ आ सकती है उसे पता चला तो वो मेरी जान ले लेगी मेरी साली और मेरी बहन को शायद पता चल गया ho...hamare बिच जो कुछ था वो उस रात ख़त्म हो gaya..ab ये नाटक क्यों कर रही हो तुम...

भीगती आँखों से उसने मेरे सामने हाथ जोड़ diye...fir वो मुझे पास आने का इशारा करने लगी..


सौम्य : पहले लगा था तुम्हारे पीछे अपनी लाइफ ख़राब कर रही hon..aaah.. इसलिए मई अभिषेक के साथ आगे बढ़ने का फैसला की लेकिन जब तुम मुझे छोड़ कर गए ..तब ऐसा लगा जैसे किसी ने मेरी जान निकल ली ho..tumhe खोने के दर ने मेरी नींद मेरा चैन सब छीन liya..shayad प्यार इसी को कहते hai...aur जब तुम मेरी मांग उजाड़ कर चले गए तब अहसास हुआ मई तुम्हे हमेशा के लिए खो चुकी hon..tumhare बगैर कैसे जीती इसलिए मैंने खुद को ख़त्म करने का फैसला किया लेकिन मई बच गयी और तुम फिर मिल gaye...I लव यू salil...give में ओने चांस प्लीज.

उसके रुकने पर मई उसे देखने laga.uska चहेरा आंसुओ से भर गया था जो उसके सच्चे होने की गवाही दे रहे थे...

मई : मुझे अब किसी पर भरोसा नहीं मुझे माफ़ Karo...mujhme और ताकत नहीं तुमसे पीटने ki..apni लाइफ में आगे बढ़ो और अभिषेक के साथ नयी शुरुआत Karo...mujhe अब निकालो यहाँ से मेरी वाइफ आ गयी तो वो मुझे जान से मार देगी...

सौम्य मेरे कहने पर उठकर बैठने लगी...

मई : लेती रहो...

लेते लेते hi उसने मेरे सामने हाथ जोड़ लिए....

सौम्य: तुमने कहा था तुम मेरे साथ रिश्ता आगे बरहना चाहते ho..lekin अर्जुन की वजह से नहीं आ paye..wo तेज आवाज में बोली जिस कारन उसकी आंखे बंद होने lagi..ye देख मैंने सर उसके होंठो पर रख दिया..

मई : तुमने मुझे mara..wo सब बातें उसी रात ख़त्म हो गयी...

सौम्य : तुम्हे ये सोंचकर मरती की तुम नाराज़ नहीं होंगे तुम hi तो हो मेरे जिसके साथ मई जैसे चाहे रह सकती हों..

मई : मई बीमार हों सौम्य मेरे साथ कभी खुश नहीं रह पाओगी मई काम धंदा नहीं करता अपनी पत्नी की रोटियां तोड़ रहा हों दिमाग से बहुत कमज़ोर हों नशा करता हों अब तो साला मेरा चुहिया भी खड़ा नहीं होता...

सौम्य : मुझे बस तुम्हारा साथ चाहिए और कुछ nahi...Maan जाओ न... उसने बड़े प्यार से kaha...jis पर मुझे हसी आ गयी...

सौम्य : तुम चले गए तो अपनी जान दे दूंगी जाओगे तो मेरी मांग भर के जाओगे...

मई : क्या bolun...tumne मुझे ऐसे दो रहे पर खड़ा कर दिया कुछ समझ में नहीं आ रहा है..

सौम्य: मई तुमसे बहुत प्यार करती हों मेरे सलिल...

मई : फिर अपनी नौकरी छोड़ do...mujhe पोलिकवाली वाइफ पसंद नहीं...

मैंने सौम्य को देखा तो उसके चहेरे का रंग उड़ गया था...

उसकी ख़ामोशी पर मई मुस्कुरा दिया....

मई : तुम्हारे पेरेंट्स को भेज रहा हों उन्हें संभल Lena...ho सके तो सच बता देना...

उसे देखे बिना मई रूम से निकल कर बहार Aya....bahar आशना हरषि अंकल आंटी से बात कर रहे थे दोनों के फेस के रंग उड़े थे...

मई : आप तीनो को सौम्य अंदर बुला रही है....

मेरे कहने पर वो तीनो चल दिए मई उन्हें ऐसे दिखने लगा जैसे मई बैठ रहा हों बेंच पर जिस पर उन्होंने कोई सवाल नहीं किया....

उनके जाते hi मई हरषि और आशना का हाथ पकड़ हॉस्पिटल से बहार की तरफ भगा....

बहार आकर हरषि रुक गयी...

हरषि : तो आप शादी शुदा हो...

मई : hahaha....tum भी उनकी बातों में agayi...unki लड़की पागल है जिसका हस्बैंड मेरी तरह दीखता था ...

हरषि : वो आईपीएस है jiju...aur आप उसे पागल कह रहे हो...

मई : hahaha...tum भी na...tum सामजी नहीं मेरा matlab...Mera मतलब उसका हस्बैंड उसे छोड़ गया जो मेरी तरह दीखता था और वो अपने पेरेंट्स को दुःख न देने के लिए मुझे किराये का पति बनाये बैठी है... मई उससे बोल आया की ोये अब मुझसे नाटक नहीं होगा अपने माँ बाप को बता दे मई तेरा पति नहीं मुझे सिम्पथी है तुम्हारे माता पिता से लेकिन मेरी भी अपनी फॅमिली hai...wo हाथ जोड़ने लगी बोली मेरे पति बन जाओ लेकिन मई चला Aya...Maine कहा अपना पति ढूंढ लो..

हरषि : आप सच कह रहे हो....

मई :हाहाहा तू भी न हरषि अपने जीजू पर बिलीव नहीं करती...

हरषि : ी दो यू अरे में स्वीट जीजू...

मई : अपनी दीदी को इस बारे में मत बताना प्लीज...

हरषि : सोंची थी लेकिन अब नहीं बताउंगी ..

मई : प्रॉमिस कर..

हरषि : प्रॉमिस jiju...wo मेरे हाथ पर हाथ रखते हुए बोली....

हरषि के मान जाने पर मेरी जान में जान aayi...mai जनता था मई जो भी कह दूँ हरषि आँख बंद करके उस पर बिलीव कर लेगी...

मई : चल तेरी दीदी के पास चलते हॉस्टल का काम और निपटा दे...

हम आरोही के पास ए...

फिर आशना के हॉस्टल का इंतेज़ाम करने लगे....

1 घंटा हमें इसमें लग गया था....

हरषि ने वॉर्डों को ब्लैकमेल करके आशना को अपने साथ hi रूम में रख लिया था...

आरोही और हरषि आशना को लिए हॉस्टल में थी मई रोहित के साथ बहार खड़ा था..

रोहित : कितनी मस्त मस्त कलियाँ है यहाँ...

मई : हां..

रोहित : लेकिन मेरा दिल तो किसी लड़के पर आया है..

मई : सेल तू इलाज करा le...mere सामने ये बकवास मत किया कर तू अगर मेरा दोस्त न होता तो अभी पित्त...

रोहित : अपना अपना इंट्रेस्ट hai..tum मई और मेरी वाइफ उफ़..

मई : मुझे नहीं पसंद ये सब यार..

रोहित : एक बार करके तो देख.

मई : गांड में कर le..Mera मन हो रहा थे उसे मरने का लेकिन उसने मेरी बहुत हेल्प की थी वो गन्दा था लेकिन मेरे हमेशा काम आया था.

कुछ देर बाद आरोही आयी हरषि आशना को लिए...

आरोही : हॉस्टल का काम दोने हो गया अब कल से कॉलेज ज्वाइन करना अपना और मन लगा कर पढ़ना...

आशना : जी भाभी...

आरोही : तुम्हारा बचा सामान कल मई होटल जाते समय यहाँ ले आउंगी..

आशना ने सर हिला कर हामी भर दी..

आरोही : चले जान..

आशना : भाभी मई भाई से कुछ देर अकेले में बात कर लोन..

आरोही ने पहले मुझे देखा फिर आँखों से हामी भर दी...

आशना को लिए मई उनसे कुछ दुरी पर आकर खड़ा हो गया...

मई : मई फीस की फ़िक्र मत करना मई अगले महीने पूरी ईयर की दे जाऊंगा..

आशना : उस बारे में नहीं सोच रही हों..

मई : फिर..

आशना : वो लड़की कोण thi...aapki लाइफ में ऐसे भी राज़ है जो आप मुझसे भी छुपाने लगे...

मई : क्या करोगी जान कर जाने दो न..

आशना : इसका मतलब वो सच था..

मई : नहीं...

आरोही : भाभी आपसे बहुत प्यार करती है उन्हें चीट मत करना...

मई : एक बात पूछूं...

उसने सर हिलाया...

मई : तुम अब भी मुझे चाहती हो...

आशना : नहीं पता एक कनेक्शन सा फील होता है लेकिन ये प्यार नहीं हां पहले लेकिन अब मुझे वो भाई चाहिए जिसने बिना मतलब के मेरी हेल्प की..

मई : वो पता नहीं वो ज़िंदा भी है या nahi...mai धीमे से खुद में hi बुदबुदाया..

आशना : पता नहीं कैसा रिश्ता है hamara...mai आपके साथ रहना नहीं चाहती थी लेकिन अपनी इज़्ज़त बचने के लिए agayi..Siddharth पागल है मेरे लिए ी मैं मेरी सुंदरता को पाने के लिए.

मई : तुम्हारे लिए तो कोई भी पागल हो jaye...mere कहने पर वो मुस्कुरा दी..

मई : उस वजह से तुम नहीं आना चाहती थी.

आशना : है शायद लेकिन मैंने आपको करीब से जाना आप वैसे नहीं हो...

मैंने एक फीकी सी स्माइल उसे दी....

आशना : नयी शुरुआत करे हम अपने रिश्ते की..

मई : हां ये सही रहेगा...

आशना : क्या आप मुझसे सोना की तरह प्यार कर सकते है..

मेरे पास कोई जवाब नहीं था... इसलिए चुप hi रहा...

आशना : वो सगी है न आपकी...

मई : मई तुम्हे भी प्यार करता hon..like माय सिस्टर..


आशना : मई कभी सोना और अनु की तरह आपको हर्ट नहीं करुँगी..

मई : तुमने देखा है उन्हें..

आशना : हां अनु तो काफी हद तक मेरी और.

सलिल ...पीछे से आरोही की आवाज आयी जो हमें बुला रही थी..

मेरी माँ की तरह दिखती है..

मई : हम्म यू लुक लिखे हेर...

आशना : मई काफी बातें सुना दी उसे वो जब मिलने आयी थी..

मई : तुम्हे ऐसा नहीं करना चाहिए था... उन्होंने मुझे पला है अब अगर नाराज़ है तो शायद वजह भी मई hi हों...

आशना : सब ठीक हो जायेगा...

मई : तुम्हारा ये बे पॉजिटिव attitude..wo मुस्कुरा के मुझे निहारने लगी..

मई : चले..

उसने हामी भरी और हम आरोही के पास ए..

आरोही : हरषि आशना को ले जाओ और ख्याल रखना.

हरषि : don't वोर्री दी...

आरोही : चले..

मई: हम्म

इतने में आशना मेरे साइन से आकर लग गयी...

आशना : अपना ख्याल रखना..

मई : तुम bhi..kehte हुए मैंने उसके सर को चुम लिया..

वो हटी तो हरषि मुझसे चिपट गयी..

हरषि : हर वीक मिलने आना नहीं ए तो आपकी बहन को बहुत परेशां करुँगी..

मई : आऊंगा मेरी जान बस मेरी बहन का ख्याल रखना..

दोनों से विदा लेकर हम तीनो चल दिए....

आरोही : क्या कह रही थी वो..

मई : यही भाभी का ख्याल रखना..

मेरी बात सुनकर आरोही मुस्कुरा दी..

मई : तुम घर चलोगी..

आरोही : नहीं आपको छोड़कर होटल..

मई : बहुत लम्बा पद jayega..tum होटल जाओ मई ऑटो से चला जाऊंगा...

आरोही : ठीक है संभल कर जाना मई जल्दी ajaungi...kehkar वो कार में बैठ gayi...uske साथ hi रोहित भी उनकी कार आगे निकल गयी मई पीछे hi रह गया..

उनके जाने के बाद मई वापस मुद गया..

और चलता हुआ मई हॉस्पिटल में आया..

हॉस्पिटल के बहार hi अंकल आंटी और दादी बैठी थी...

मई भी जाकर उनके पास बैठ गया..

एना : कहा चले गए थे..

मई : वाशरूम में..


एना : इतनी देर लगा di..Maine कोई जवाब नहीं दिया सर निचे किये बैठा रहा...

मई : अंकल सौम्य ने कुछ कहा आपसे..

एना : तुम्हारे जाने के बाद जब हम ए तो वो बेहोश थी... डॉक्टर ने बताया कमज़ोरी के कारन बेहोश हो गयी....


मई : उसने नस कटी थी...

अंकल ने ग़म ज़ादा चहेरे के साथ सर हिला दिया..

मई : क्यों...

एना : बोल रही थी तुम्हे नाराज़ कर Diya...hua क्या था तुम दोनों के बिच.

मई : कुछ नहीं वैसे डॉक्टर ने क्या कहा उसकी सेहत के बारे में.

एना : ब्लड चढ़ रहा है उसके बाद घर ले जा सकते है...

आंटी : बीटा हमें नहीं पता तुम दोनों के बिच क्या hua...hamari एक hi बेटी है उसका ख्याल रखना.. कहते हुए उन्होंने मेरे सामने हाथ जोड़ दिए...

मई : क्या कर रही है आंटी जी मई उसका ख्याल रखूँगा..

एना : वो मौत के मुँह से बहार आयी hai...uncle ने भी हाथ जोड़ कर कहा..

मैंने सर हिला दिया.

मई बार बार गेट की तरफ देखता कही हरषि आशना को लिए ना आ रही हो..

2 घंटे बाद डॉक्टर ने कहा पेशेंट को ले जा सकते है...

हम सब रूम में ए.

उसने मुझे देखा और सर घुमा लिया..

मैंने उसे गोदी में उठा कर गाड़ी में लिटाया जब जाने लगा तो उसने मेरा हाथ पकड़ लिया...

ये देख मई उसके साथ hi बैठ गया .उसके पेअर मेरी जांघो पर थे...

सब के बैठने के बाद गाड़ी चल दी...

घर आकर मैंने उसे उठाया और चलता हुआ उसके रूम में आया तो देखा रूम खून से भरा है..

मेरी फोटो बाद पर पड़ी है...

इतने में आंटी जी पीछे से आ गयी.

आंटी: बीटा ये रूम गन्दा है तुम सौमि को गेस्ट रूम में लिटा दो...

मैंने सर हिलाया और चलता हुआ गेस्ट रूम में आया...

रूम में लिटा कर मई उस पर झुक गया...

मई : मुझे जाना है...

उसने मुझे देखा और सर हिला दिया...

कुछ देर बाद उसके पेरेंट्स और दादी रूम में आयी..

सौम्य ने इशारे से अपने डैड को बुलाया..

सौम्य : डैड इनसे कहो ये अपनी डील करने जाये मई अब ठीक हों...

सौमि की बात सुनकर उसके डैड मुझे देखने लगे...

मई: मई नहीं जाऊंगा...

सौम्य : कहो न डैड मई ठीक हों.

झूट बोलते हुए हम दोनों को hi खुद से घिन आ रही थी लेकिन ये मजबूरी थी हमारी..

एना : जाओ बीटा हम यहाँ सौमि का ख्याल रख लेंगे..

अंकल की बात सुनकर मई बिना कुछ कहे आगे बढ़ गया....

चलते हुए मैंने रस्ते से गोला लिया और 2 एक साथ निगल के सिगरेट होंठो से लगा ली..

ऑटो लेकर मई घर आया आते hi रूम में लेट गया..

कुछ देर बाद गीता आयी..

गीता: सलिल खाना लेकर आऊं..

मैंने सर हिलाया...

कुछ देर बाद वो खाना बाद पर hi सर्वे करने लगी....


खाना सर्वे करते हुए उसका पल्लू निचे gira..jisse उसके आधे से ज्यादा खुले बूब्स विज़िबल हो गए मेरे सामने...

गीता : उफ़ sorry...kuch कहे बिना मई खाने लगा...

जैसे hi खाना ख़त्म हुआ वो दूध का गिलास लेकर आ गयी..

मई : रात में पियूँगा..

गीता : मेमसाब ने कहा है दूध न पिए तो मुझे बताना..

मई : ाचा दो..

मई दूध पिने लगा वो बर्तन समेटने लगी...

दूध का गिलास उसे देकर मई लेट गया..


लेते लेते hi मेरा लैंड तन कर खड़ा हो गया...

ज्यादा दर्द होने पर मई उसे हाथ से मसलने लगा..

उफ्फ्फ्फ़...

आवाज पर मैंने देखा गेट पर गीता कड़ी सफाई का सामान liye....use देख मई पेअर पर खुजाने का नाटक करने लगा..

गीता : सफाई कर dun..kehkar वो मुस्कुराने लगी....

मैंने सर हिलाया जिस पर वो सफाई करने लगी....

सफाई करते समय वो बार बार मेरे लैंड को देख मुस्कुरा deti...ek तो उसका बेहेवियर और ऊपर से मेरे अंदर की गर्मी मुझे बेचैन कर रही थी बुरी तरह से....

गीता एडुकेटेड थी 30 के अस्स पास देखने में भी बहुत अट्रैक्टिव कही से लगता hi नहीं वो नौकरानी hai...aarohi बता रही थी गीता का हस्बैंड उसे छोड़ गया और गीता को वो पहले से जानती इसलिए उसने गीता को लाइफ टाइम के लिए अस ा माइड रख लिया...

गीता का शरीर भरा हुआ था 36 के बूब्स थे 38 की अस्स और 34 की kamar..Jo देखने में बहुत अट्रैक्टिव लगती थी...

गीता : ड्रिंक करेंगे मेमसाब की बहुत सी ड्रिंक्स फ्रिज में राखी है..

मैंने सर हिला दिया..

कुछ देर बाद वो आयी और ड्रिंक बनाने लगी....

ड्रिंक मुझे देकर वो खुद भी पिने लगी...

मई : तुम भी पीती हो..

गीता : हां आरोही के sath...kehte हुए उसकी नजर मेरे खड़े हथियार पर थी...

दो तीन गिलास पीकर वो बर्तन उठाने लगी की इतने में वो ट्रे उठाने के लिए जैसे hi झुकी उसका पल्लू फिर गिर gaya..is बार उसने ठीक नहीं किया..

मई भी न जाने क्यों बार बार उसे hi देख रहा tha...tray रख कर वो फिर सफाई करने लगी...

चलते हुए उसके कूल्हे किसी बॉल की तरह मटक रहे थे ...जिसे देख मेरे लैंड ने झटका मारा...

गीता : आरोही मेमसाब आपको प्यार नहीं करती .

मई : बहुत करती hai...mai उसे घूरते हुए bola...nashe में मेरी आंखे चढ़ गयी थी...

गीता : वो nahi...Mera मतलब दूसरा वाला .

मई : कोनसा...

गीता : उफ़ वो होता nahi..kehte हुए उसने एक हाथ से ांगूगे को मोड़ा दूसरे हाथ की फिंगर डालकर वो इशारे करने लगी...

मैंने कोई जवाब नहीं Diya...bas उसके बूब्स निहारता रहा...

गीता : ये पसंद hai...kehte हुए उसने अपने बूब्स पर हाथ रख Diya..fir हलके से उन्हें दबा दिया...

उसकी इस हरकत ने मेरी बेचैनी और बढ़ा दी और मेरा हाथ मेरे लैंड पर चला गया....

अपने बूब पर हाथ रखे वो मेरे बराबर में आकर बैठ गयी....

गीता : क्या हुआ आप ठीक है..

मई : हां तुम जाओ गीता यहाँ se...Maine किसी तरह मुँह से शब्द nikale...lekin मेरा हाथ अचानक से उसके बूब पर चला गया...

उसका मोटा बूब मुट्ठी में आते hi मुझे करंट लगने लगा....

नशे में मुझे सही गलत कुछ दिखाई नहीं दे रहा था ...

मई : जाओ गीता jaoo..Maine किसी तरह हाथ पीछे खींच कर कहा....

गीता : ये तो कुछ और कह रहा hai..usne मेरे लैंड को मुट्ठी में भरकर kaha..aur मेरी आंखे बंद हो गयी...

फिर उसने मेरी पंत खोली और मेरा लैंड बहार निकल दिया...

उसके हाथो की गर्माहट पाकर मेरा लैंड झटके खाने लगा...

गीता : ये पसंद है aapko...kehte हुए उसने ब्लाउज में से अपना मोटा से बूब बहार निकल लिया...

फिर मुझे धक्का देकर वो मेरे ऊपर आ गयी....

उसका इतना करना था की मई सब भूल कर उस पर टूट पड़ा ..

उसके नंगे बूब को मुट्ठी में भर कर मई बुरी तरह से दबाने लगा..

गीता : आआआअह्ह्ह dhiree..dard हो रहा आयईईई...

उसे लिया कर मई उसके ऊपर agaya...hawas में खो कर मैंने उसका ब्लाउज पकड़ कर फाड़ Diya..jisse उसके दोनों बूब नंगे हो गए..

उसे किश करते हुए मई एक हाथ से उसके बूब मसलने लगा दूसरे से उसकी छूट मसलने लगा...

किश में गीता मेरा पूरा साथ दे रही थी....

किश करते हुए hi वो मेरे कपडे उतरने लगी ...

शर्ट उतारते hi मैंने पंत और अंडरवियर निचे सरका दिया गीता ने साड़ी खोल दी जिसे मैंने उतर दिया...

वो अब सिर्फ पंतय में रह गयी thi.ye देख मई पंतय के ऊपर से hi उसकी छूट पर थप्पड़ मरने लगा..

गीता : आआअह्ह्ह मारो मत.

उसकी बात सुन मैंने पंतय पकड़ कर खींची और फिर ऊपर उठा कर छोड़ दी..

Thappp...se पंतय उसकी कमर से जा लगी...


मुझे हवस में पागल देख वो मेरा लैंड सहलाने लगी..

ये देख मई उसके ऊपर आगया और उसके साइन पर झुककर मैंने अपना लैंड उसके मुँह में दाल दिया ...

एक hi बार में लैंड पूरा डालने पर गीता की आंखे बहार को agayi...Bina रुके मई धक्के मरने laga..aur बुरी तरह से गीता का मुँह छोड़ने लगा..

गीता : गऊ guuuuuu...hnnnn...hnnn. की आवाजे मुँह से निकल रही थी....

5 मिनट लांस चूसै के बाद जब मेरा नहीं निकला तो मई छोड़ते हुए हैरत से अपने लैंड को देखने लगा....

गीता : onnn...land मुँह से निकल कर उसने उलटी कर दी मेरे बाद पर....

गीता : अब नहीं लुंगी अब दाल दो..

उसकी बात सुनकर मई उसकी टैंगो के बिच आकर बैठ गया...

लैंड सात करके मैंने एक ज़ोर का धक्का mara..jisse लैंड फिसलता हुआ उसकी छूट में घुस गया...

गीता : आआह्ह्ह्हह....

और मई स्पीड से उसे छोड़ने लगा...

गीता : aaaahhhhh...aeae छोड़ो salil...aaaaaahhhh...aur ज़ोर se....aaaaahhhhh बहुत मजा आ रहा आआआहहहहह आआआअह्ह्ह्ह एसससससा....

मई : दॉञे स्टाइल में ajao..mere कहते hi वो घूम कर घुटनो पर agayi...aur मई लैंड सात करके फिर उसके छोड़ने लगा...

गीता : आआअह्ह्ह्ह एस्सस और ज़ोर se...salil...aaaaahhhhh मेरी छूट बहुत प्यासी hai....aaaaaaahhhh फाड़ दो मेरी छूट आआअह्ह्ह्हह....

चटकककक चटकककककक चटककककक....

उसकी आहों से बेकाबू होकर मई उसकी गांड पर थप्पड़ मरने लगा...

गीता : आआअह्ह्ह बहुत ज़ालिम हो aap...aahhhh....Maro nahi....aaaahhh और ज़ोर se....aaahhhhhh....ummmmm yesssss....aaahhh....

khannnnn....door बजा ...छोड़ते हुए hi मैंने गर्दन घुमा कर पीछे देखा....

पीछे आरोही सदमे से दूर पकड़ कर गिर रही थी....

उसे देखते hi मेरी ऊपर की साँस ऊपर निचे की निचे रह गयी ...

धक्के मरते हुए hi मैंने लैंड निकला...

लैंड छूट से बहार आते hi एक पिचकारी nikali...jo सीधा गीता की गांड पर गिरी....

गीता : memsab....mujhe धक्का देकर उसने खुद को चादर में लपेट लिया....

रोहित : खुद को सम्भालो आरोही...

गिरती आरोही को जल्दी से रोहित ने पीछे से पकड़ लिया...

पानी निकलते hi मेरा नशा भी उतर गया था मेरी हवस भी...

उसका मुँह हैरत से खुला था उसे मुझे इस तरह देख यकीं. नहीं आ रहा था...

उसे देख दर से मेरे पेअर बुरी तरह कैंप रहे थे....

धम्मं dhammmm....sadme से बेहाल हो रही आरोही गुस्से में दूर पर अपना सर दे मरती है....

रोहित : पागल हो गयी हो आरोही....

उसने खुनी निगाहो से रोहित को देखा जिससे डरकर वो पीछे हो गया....

फिर वो मुड़ी और मेरी और आने lagi...jaise hi मैंने पहनने के लिए पंत uthai..usne पंत मेरे हाथो से छीन li...fir मेरी बेल्ट निकल कर वो अपने हाथो में कसने लगी...

मई डरकर अपने प्राइवेट पार्ट्स हाथो से छुपाने लगा...

गीता भाग कर वाशरूम में घुस गयी...

कुछ न सूझने पर मैंने गीता की साड़ी उठा के लुंगी की तरह बांधने लगा....

चट्ट्ट्ट....

इतने में एक बेल्ट मेरी पीठ पर आकर पारी और मेरे हाथ से साड़ी छूट gayi...saree पाकर कर आरोही ने मुझे नंगा कर दिया और मई बेल्ट के दर्द से कराहने लगा....

मई : m...m ..आआह्ह्ह्ह ..

मैंने बोलना चाहा मेरी आवाज नहीं nikli...itne में बेल्ट सीधा मेरी बैक पर padi...aur मई कूद पड़ा...

छत्त chattt...chatttttt

मई : mm...ma...aaaahhh...aaahhhhhhh...aaaahhhhhh...

रुके बिना वो मुझे बुरी तरह से मरने लगी....

रोहित : क्या कर रही हो आरोही मर जायेगा वो...

मेरे चुत्रो पर से जब खाल उधर गयी तब उसने मुझे छोड़ा...

आरोही : सब ख़त्म कर दिया इसने सब ख़त्म....

वो सदमे से निढाल होती हुए बोली...

उसके बाद पर बैठने पर मैंने पास आकर उसके पेअर पकड़ liye....aur उसके पैरो से लिपट कर रोने लगा...

मई : आआह्ह तभी मुझे अपने बाल खींचते महसूस हुए....

चटकककक चटकककक चटकककककक....

उसने बालो से पकड़ कर मुझे खड़ा किया फिर बुरी तरह से मुझे थप्पड़ मरने लगी....

आरोही : मेरे भरोसे का ये सिला दिया tumne...wo बिफर पड़ी...

मई : aaaaaaaaaahhhh...gusse में उसने अपने नेल्स मेरी बैक की खाल में घुसा diya....jis पर मेरी कानो को फाड़ने वाली चीख निकल गयी.....

क्या कर रही हो aarohi...itne में पूर्वी भागते हुए आकर मेरे आगे आकर कड़ी हो गयी....

पूर्वी : क्या हुआ है क्यों मार रही हो...

आरोही : वो देखो ब्लोजॉब की vomit...he's चीटिंग में विथ आवर माइड..

कहकर उसने मेरे ज़ख्मो में फिर अपने नेल्स घुसा दिए...

मई : आआअह्हह्ह्ह्हह...

पूर्वी : छोड़ो use...mar जायेगा ye..Maine डरकर पूर्वी को पकड़ liya...usne आरोही का हाथ पकड़ कर मेरी बैक से हटा दिया....

मेरे मुँह से लार को गिरता देख पूर्वी अपने रुमाल से मेरी ऑंखें और मुँह साफ़ करने लगी...

पूर्वी : कपडे pehno..usne मुझे अंडरवियर उठा कर दिया...

मैंने किसी तरह अंडरवियर पहना...

पेंट के आगे आरोही कड़ी थी उसे देखते हुए मेरी हिम्मत नहीं हुई पंत लेने की....

सिसकते हुए आरोही बाद पर बैठ गयी...

पूर्वी : रोहित पानी लेकर आओ...

कुछ देर बाद रोहित पानी लेकर आया पहले उसने आरोही को दिया जब मेरे पास लेकर आया तो मेरी हिम्मत नहीं हुई पानी उठाने की ये देख पूर्वी गिलास उठा कर मेरे मुँह से लगा देती है ...

सदमे और दर्द से मई गिर जाता हों.
 
गीज़ बड़ा episode दे दिया है .

मई बिजी रहता हों तो episode आने में टाइम लग सकता है...

अब बात करू स्टोरी की तो जान लो ये एक साद स्टोरी है किसी के विवाहित जीवन पर ..यार थोड़े गंदे सीन आ रहे स्टोरी में ...समझ में नहीं आ रहा है क्या करू अगर स्टोरी उधर नहीं गयी तो एन्ड की तरफ जाएगी और सिर्फ 2 से 3 episode और आएंगे ...

तुम बताओ यही पर रोलेक्स की ेनेर्त्य हो.. अकॉर्डिंग तो स्टोरी एन्ड में hogi...agar अभी रोलेक्स की ेनेटेरी हुई तो विलन नहीं hoga...mai कंफ्यूज हों तुम लोग जो सुग्गेस्टियन्स डोज उसे अप्लाई कर dunga...ye episode पद कर समझ गए होंगे आगे क्या होगा सलिल के साथ ..यदि रोलेक्स की ेंटरी हो गयी तो भी गेस कर लोगे .. चाहते हो स्टोरी एन्ड की तरफ जाये या जैसी चल रही चलने दे
 
वरो इसका मतलब ये है वो जैसे और स्टोरीज में होता है की हस्बैंड ककोल्ड ऑलरेडी दिखाया जाता इसमें ऐसा नहीं है अगर स्टोरी स्टार्ट से अब तक पढ़ ली है तो देखा होगा कितने खतरनाक दोसे दिए उसे परवर्ट बनाने के liye...ab हालत बिलकुल hi उसके कण्ट्रोल से निकल गए है तो उसने अपनी लाइफ को हालातो के हवाले कर दिया ..और हीरो इसमें एक नहीं दो है.
 
Back
Top