Episode 25
देखने से वो कोई राक्छस जैसा लग रहा था....
ले चलो इसे अंदर हिले डुले तो शूट कर देना..... कल उसे सेंट्रल जेल लेकर जायेंगे....
ek.ias लड़की अफसर ने कहा..
नेक्स्ट कंटिन्यू.....
ठाणे में लेकर पोलिसवाले उसे एक सेल में बंद कर देते है....
कमिश्नर ऑफिस में अभी 15 ,20 के अस्स पास पोलिसवाले थे जिनकी इंचार्ज आईएएस अफसर आराध्य thi...aradhya के निचे एक दसप जिसका नाम रामेश्वर उसके निचे 2 सप संजीव और राजीव सेज भाई थे...5 शो they...aur कुछ hawaldar..jo सब उस कैदी को भागने से रोकने के लिए थे...
हवलदार डीप सिंह: Satish...Jaan प्यारी है तो यहाँ से निकल ले मेरे साथ..
हवलदार सतीश : मुझे भी दर लग रहा hai...suna है ये ज़िंदा hi इंसानो को खा जाता है...
डीप सिंह : हां Bai....chal सर से छुट्टी लेने चलते है...
चलते हुए दोनों दसप के पास एते hai....dsp उन्हें अंदर भेज देता है आईएएस आराध्य के पास..
ssshhh...madam..darte हुए डीप ने सरसराहट की...
आराध्य : क्या hai..aradhya बगैर उन्हें देखे बोली...
डीप : मैडम हमें छुट्टी चाहिए..
आराध्य : गेट लॉस्ट..
सतीश : madam...ham सुबह आजायेंगे.. प्लीज मैडम जाने दो..
डीप : जी मैडम सुबह अँधेरे hi आ jayenge...lekin अभी nahi...aap कहो तो हाईवे पर चेकिंग कर लेते है जाकर..
आराध्य : ज्यादा चवड़ चवड़ की तो उसके साथ बंद कर दूंगी तुम दोनों को..
डीप : मैडम मई ये नौकरी छोड़ रहा hon...madam नौकरी का क्या है आगे भी मिल जाएगी लेकिन जान एक बार चली गयी तो दुबारा नहीं milni...aap नहीं जानती हो use...sab उसे ईटर कहते है....
आराध्य : तुमने उसे देखा है...
डीप : हिम्मत hi नहीं हुई मैडम कहते है वो जिसे देख ले वो उसके वाश में हो जाता है...
आराध्य : हम्म मैंने भी सुना hai....chalo बहार चलते hai...aradhya अपनी डेस्क से उठकर दोनों को लेकर बहार आती hai...jahan सभी पोलिसवाले डरे सहमे हुए बैठे थे...
आराध्य : कुछ नहीं होगा तुम लोग इतना क्यों दर रहे ho...ye देख रहे हो na...jaise hi सेल से बहार दिखे शूट कर dena...ye मेरा आर्डर hai...sabko डरा सेहमा देख आराध्य हिम्मत देते हुए बोली..
सप रंजीत : मैडम वो मौका दे तब न...
आराध्य : राम समझाओ न इन्हे सुबह तक की hi बात है....
दसप रामेश्वर : सालो मैडम को देखो कितनी बहादुर hai..aur तुम मर्द होकर भी दर रहे हो चलो अपने काम पर ध्यान दो sab...aur तुम दोनों छुट्टी लेने ए तो बहुत कुटाई करूँगा..
राम की गरजदार आवाज सुन सभी हवलदार अपने काम पर लग gaye...aradhya वही दसप के पास बैठ गयी...
दसप राम : मैडम एक बात पूछूं.
आराध्य : बोलो..
राम : मैडम आप भी दर रही हो न..
आराध्य : nahi...use देखने की करुआसित्य हो रही है...
दसप : मैडम ऐसी गलती मत करना..
सुना है ये मर्दो को मारकर खता है और औरतो को पहले बहुत परेशां करता है तर्जुमा में लेजाकर तड़पता है फिर उनका रपे आखिर में वो उन्हें खा जाता है....
तभी उन्हें मन्त्र पढ़ने की आवाज आती है...
दसप : ये आवाज कैसी..
डीप : सर उसी सेल से आ रही है.. बेसमेंट के दरवाजे पर खड़ा डीप बोलै.
आराध्य : डराओ mat...warna चले जायेंगे ये..
राम : ठीक है मम.
आराध्य : चलो न एक बार देख कर आते है ...सेंट्रल जेल में जाकर उसे मार hi दिया जायेगा...
दसप : न मैडम...
सर वो लेता hai...ek शो जिसे ईटर की निगरानी पर लगाया था वो आते हुए बोलै...
दसप : ठीक hai...tumhari आवाज क्यों बदली है..
शो : थोड़ा गाला ख़राब hai..kehta हुआ वो चला जाता है...
आराध्य कुछ कहे Bina...basement में बानी सेल की तरफ चल देती है...
बेसमेंट में चलते हुए आराध्य एक सेल के पास रुक जाती है...
अंदर झांकती तो उसे एक कम्बल में सेल में कोई लेता दीखता है..
क्रुइओसिटी के चलते आराध्य उसे आवाज देती लेकिन वो कोई जवाब नहीं देता...
ये देख आराध्य वापस जाने के लिए मुड़ती है...
मैडम...
ओह्ह तुम.. तुमने तो मुझे डरा hi दिया था...
शो संजीव अचानक से आराध्य के सामने आगया था...
संजीब : मम देख लिया अपने ईटर को..
आराध्य : नहीं लेता है.
संजीव : क्या पता मई hi ईटर hon..kehte हुए संजीव अपने हाथ आराध्य की तरफ बढ़ने लगता है...
आराध्य : ी थिंक लाइट चली गयी है..
कहते हुए आराध्य अपने फ़ोन की लाइट ों करती है....
आराध्य : Sanjeev.....kaha चले गए..
जब आराध्य लाइट ों करती तो उसके पास संजीव नहीं होता..
madam....madam...deep और सतीश एते हुए bole..jinki ड्यूटी बेसमेंट के दूर की थी..
आराध्य : यहाँ क्यों चले आये जनरेटर ों करो जाकर.
डीप : आप यहाँ आयी तो हम देखने आगये..
आराध्य : जाओ तुम मई ठीक hon...acha सुनो डीप तुम यही रुक जाओ सतीश तुम जाओ..
सतीश : मैडम अकेले कैसे...
अरड्या : इडियट जाओ डीप...
डीप को लिए सतीश chal.deta है...
आराध्य गन लिए नज़र रखने लगती है..
मैडम आपने संजीव को देखा hai...sho राजीव आते हुए बोलै.
आराध्य : है अभी तो यही था पता नहीं कहा चला गया...
राजीव : आप यहाँ क्यों आयी मम..
आराध्य ::देखने आयी थी इस राक्छस को..
राजीव : देख लिया अपने इसे...
आराध्य : नहीं वो leta...kehte कहते आराध्य रुक जाती है...
उसे याद अत है यही सवाल कुछ देर पहले संजीव ने किया था...
आराध्य : अभी संजीव भी यही पूछ रहा था..
राजीव : ाचा मैडम... अचानक से राजीव की आवाज बदल गयी...
आराध्य : तुम मेरे इतना करीब क्यों आ रहे हो..
राजीव को करीब अत देख आराध्य उसके पास से हैट जाती है...
Madam...madam...
उधर से फ़्लैश लाइट जलाते हुए डीप और सतीश एते हुए बोले..
आराध्य : सीधे ajao....unhe रास्ता नहीं दिख रहा होगा जाकर ले aao..unhe आवाज देकर आराध्य राजीव से कहती है जो अब उसके पास नहीं था..
अरड़िया : ये कहाँ चला गया..
काफी देर होने के बाद भी डीप और सतीश नहीं एते तो आराध्य अंदर सेल में चेक करने का सोंचती है..
लॉक खोलकर बन्दुक तने आराध्य धीरे धीरे अंदर को बढ़ने लगती है..
मैडम देख लिया अपने ईटर ko...awaj पर आराध्य पीछे पलटती है तो पीछे दसप रामेस्वर होता है...
राम .... अचानक से आराध्य को वही लहजा याद अत है जो अब से पहले संजीव और राजीव का था...
आराध्य : ये लाइट क्यों चली गयी.. जनरेटर ों करने डीप सतीश को भेजा ...अभी आवाज देकर वो भी गायब हो गए....
राम : अभी नहीं तो सुबह तक आ hi jayegi...kehte हुए राम आराध्य की गांड को मुट्ठी में भींच लेता है...
आराध्य : ये क्या कर रहे हो छोड़ो mujhe...aradhya खुद को छुड़ाना चाहती लेकिन राम की पकड़ के आगे बहस हो जाती है..
राम : कितने सॉफ्ट है तुम्हारी गांड..
आराध्य : मई तुझे ससपेंड करती हों kamine..aaaaahhh...ab आराध्य को नाख़ून अपने चुत्रो में घुसते महसूस होते है....
आराध्य : aaaaahhhhhh...chhod mujhe...kamine शूट कर दूंगी tujhe...aaaahhhhhh...
कपडे चीरते हुए राम ने आराध्य के चुतर नोच लिए थे आराध्य के चुत्रो से खून बहने लगा था....
गुस्से में आराध्य गन राम पर तन देती है...
गन देख राम आराध्य के चुतर छोड़ देता है...
उसके हाथो में थोड़ा आराध्य के चुतरों का मॉस आ जाता है...
छुट्टे hi दर्द में कराहते हुए आराध्य बेसमेंट से बहार की तरफ दौड़ लगा देती है..
sssssshhhh....koi पकड़ कर आराध्य को दूर के पीछे छुपा लेता hai...aur आराध्य को चुप रहने का इशारा करता है...
आराध्य मुँह पर फ़ोन की टोर्च मरती है तो देखती ये डीप है...
डीप : टोर्च बंद करो....
आराध्य उसके कहने पर टोर्च बंद कर देती है.
आराध्य : हुआ क्या है...
डीप : ssshh..aur डीप फिर आवाज न करने के लिए कहता है....
डीप : यहाँ से बहार चलते है.
आराध्य : सतीश का क्या हुआ.
डीप : वो नहीं रहा ...
डीप की बात सुनकर आराध्य का चहेरा लटक जाता है..
आराध्य : मई तुम्हे कवर देती हों दूर खोलो jakar....light आने पर आराध्य ने कहा..
डीप सर हिलाते हुए आगे बढ़ने लगता है....
आराध्य को अब साफ़ साफ़ डीप दिख रहा tha...aur उसे अब लाशे भी दिख रही थी जो खायी हुई thi...lasho को देख उसे उबकाई आ जाती है...
वही उसे दसप की भी लाश दिखती है ..जिसका कलेजा निकला हुआ था...
पूरा पुलिस स्टेशन खून से भर गया था....
मैडम बहार ajao...darwaza खुला है चलते है यहाँ से...
डीप की आवाज पर आराध्य झांकती है तो लाशो के पास डीप खड़ा होता hai...ab उसे यकीन नहीं आ रहा था डीप यही है या ये नरसिम्हा है..
मैडम जल्दी आओ इससे पहले वो अजय...
पीछे हाथ में गन छुपाई हुए आराध्य बहार आती है...
आराध्य : तुम आगे चलो..
डीप : साथ चलते है मैडम ..
आराध्य : मैंने कहा न आगे chalo....aradhya चीख पड़ी..
मैडम पीछे...
hannnnn...darkar आराध्य पीछे घूमती है लेकिन पीछे कोई नहीं होता...
इतने में उसे अपनी गन खींचती महसूस होती है एक हाथ उसे अपने चुतर पर .
गन लेकर डीप फेक देता है....
अगले hi पल जब तक आराध्य को अहसास होता hai...narshimha अपने दन्त उसके चुत्रो में घुसा देता है....
एक बड़ा मॉस का टुकड़ा निकल कर वो आराध्य को दिखते हुए खाने लगता है..
आराध्य दर्द में बुरी तरह तड़प रही होती hai....aradhya का तड़पना उसे मजा दे रहा था..
फिर वो अपनी पंत खोल के आराध्य पर चढ़ जाता है....
अगले दिन कमिश्नर अपने ऑफिस की हालत देख आश्चर्चकित रह जाता है...
जब हम सेंट्रल पार्क आये तो वहां कोई नहीं था....
मई : कॉल करो ...मेरी कॉल न उठाने पर मैंने कहा..
मेरे कहने पर पूर्वी आरोही को कॉल लगा देती है ...
कई बार तरय करने पर भी रिस्पांस नहीं दे रही hai..purvi थकन से निढाल होते हुए बोली..
फिर थके हरे हम तीनो पार्क में एक पेड़ के निचे लगी बेंच पर बैठ gaye..bhuk से हम निढाल हो रहे थे...
मई : वो मुझसे नफरत करने लगी होगी..
पूर्वी : don't वोर्री ऐसा नहीं होगा...
आशना : होटल में क्या हुआ था bhai...Sona आपको देखने गयी thi..ki कही भाभी ने आपको परवर्ट न बना दिया ho...jab मई रूम से निकल कर आ रही थी तब मैंने सोना आपकी बड़ी बहन की गोदी में देखि जिसके सर से खून निकल रहा था...
मई : मई कुक बन गया हों aashna...meri बात सुनकर अगले hi पल आशना मुझसे दूर हो गयी...
पूर्वी : salil...meri बात मनो यही बस जाओ तुम लेकिन अब वापस बंगलोरे मत जाओ...
मई : मैंने भी फुल प्लान बना लिया था डाइवोर्स ka...mai उसकी बेवफाई से तंग आ गया हों ... मैंने अपनी बहनो को dekha...ab मई किस मुँह से कहूं वो बेवफा hai....kis मुँह से उसे डाइवोर्स dun...mai इस दलदल में फास गया हों purvi...mai ये भी जनता hon...mai कुछ भी कर डॉन आरोही के लिए वो मुझसे वफ़ा नहीं karegi..lekin अब ...मई उसकी सबसे बड़ी दुश्मन का भाई हों..
पूर्वी : आरोही के बारे में कुछ नहीं कह सकती लेकिन मई जिस स्नेहा को जानती हों वो वफ़ा की मूरत thi...wo हस्ती खिलखिलाती लड़की.....
2 कग आलू 2 कग टमाटर और 2 कग प्याज ..bhaya..kitna hua...sneha...sabji वाले से सब्जी खरीदने के बाद बोली..
बेटी 200 रुपए हुए है....
अपने मुझे बेटी kaha...ye रखिये 500...
ये ज्यादा है...
कोई बात nahi...rakh लीजिये bhaya..aap इतनी गर्मी में इतनी ज्यादा म्हणत करते hai....dekho दुकान में कूलर भी नहीं hai...agli बार आउंगी तो कूलर दे जाउंगी...
खुश रहो बेटी....
वो ऐसी hi thi....sabki हेल्प करने वाली....
उसे बस ग़म था तो अपनी माँ ka...jo उसका केस हार गयी thi...uske पिता से...
इसी ग़म के चलते उसे एक गन्दी आदत पढ़ गयी थी स्मोकिंग ki....meri बहन उसके साथ hi पड़ती thi...dono जरुरत से ज्यादा सुन्दर thi...har कोई उन्हें पाने की तमन्ना करता tha...lekin वो किसी को देखती भी नहीं थी...
आरोही की जान जिसमे बस्ती थी वो था रोहित.....
आज क्या लाये ho...wo रएक्क्सस के बाद सीधे पार्क के कार्नर में रोहित के साथ बैठती थी....
उम्म्म Aaj...Aaj लाया हों बीड..
ये कैसी होती है...
रोहित : जब पियोगी तो पता चलेगा....
उस दिन से स्नेहा आदि हो गयी थी बीड की....
कहा से आ रही हो ..
आरोही के साथ थी पापा...
हां मेरी बहन का नाम आरोही tha...jise स्नेहा ने बाद में अपना नाम बना लिया....
मिश्रा : कॉलेज से सीधा घर आओगी..
आरोही (स्नेहा) : स्टडी के लिए रुकी थी पिता जी..1 ऑवर hi तो लेट हुई हों...
मिश्रा : ाचा suno...tumhari माँ तुमसे मिलने आ रही hai...tum अपने भाई के साथ कही घूमने चली जाओ..
आरोही : आप मुझे मेरी माँ से मिलने से रोक रहे है...
मिश्रा : तुम्हारी माँ पूजा है बस समझ गयी तुम...
आरोही : मेरी माँ का नाम सुहासिनी है..
कहते हुए आरोही अपने रूम में बढ़ जाती है...
वो दिन भी आगया tha...jab आरोही की मम्मी बंगलोरे आगयी थी...
आरोही के पिता ने कोशिश की आरोही को उनसे न मिलने देने ki...lekin आरोही उनसे पहले hi स्टेशन पहुंच गयी थी..
आरोही : घर चलो न मम्मी..
सुहासिनी : नहीं beti...mai शाम तक यही स्टेशन पर रहूंगी फिर यही स्टेशन से लौट जाउंगी..
आरोही : मम्मी आप ऐसा करेंगी मेरे साथ...
सुहासिनी : तुम जानती हो न तुम्हारे पापा मुझे पसंद नहीं करते...
आरोही : तो मैंने वो घर कब kaha..mummy आपको आपके जमाई के घर ले चलूंगी....
कहते हुए आरोही कॉल लगा देती है..
hello ...
आरोही : कहा हो अभी..
रोहित : स्कूल क्यों नहीं आयी...
आरोही : तुम्हे किसी से मिलाना है जल्दी से घर जाओ और रूम साफ़ Karo...warna कभी बात नहीं करुँगी..
रोहित : हुआ क्या है ja...aarohi पूरी बात सुने बिना hi कॉल कट कर देती है..
आरोही : चलिए मम्मी चलते है..
स्टेशन से निकलकर दोनों कार में आते है...
सुहासिनी : तुम ड्राइव करोगी.
आरोही : है mummy...jyada मत सोंचो लाइसेंस भी है..
सुहासिनी : फेक लाइसेंस..
फिर दोनों मुस्कुरा देती है...
स्टेशन से दोनों सीधा रोहित के फ्लैट में आती है...
आरोही : मम्मी अब बताओ आप दोनों एक दूसरे से इतनी नफरत क्यों करते हो..
सुहासिनी : फिर कभी अभी तुम छोटी ho...suhasini रोहित को देखते हुए बोली.
आरोही : रोहित जाओ मम्मी के लिए कुछ खाने का लेकर आओ..
रोहित के जाते hi आरोही फिर ज़िद्द करने लगी....
न चाहते हुए भी उन्हें सच बताना पड़ा...
सुहासिनी : तुम्हारे डैड के अफेयर को मई पहले से जानती थी ये भी की उन्हें उससे एक बचा hai...Maine सब माफ़ कर दिया लेकिन वो नहीं जो उन्होंने उस दिन किया tha..us समय तुम मेरे पेट में thi....tab तुम्हारे पापा की पोस्टिंग हैदराबाद में Hui....wahi एक खान साहब नाम के रहीस थे जिनकी रेस्पेक्ट पूरा हैदराबाद करता tha..police बड़े बड़े पॉलिटिशंस उनके सामने सर नहीं उठाते they...unka एक बहुत बड़ा परिवार tha...unke बचे उनके बचो के बचे sab....unki बढ़ती लोकप्रियता कुछ बड़े politician's को खटकने lagi...usi समय हैदराबाद की एक गरीब बस्ती को सर्कार तोड़ने का आर्डर देती hai....us बस्ती के लोग हेल्प के लिए खान साहब के पास एते है...
खान साहब : क्यों इन गरीबो से तुम उनका ठिकाना चिन्ना चाहते हो..
सरकारी अधिकारी: हमारे पास कोर्ट के आर्डर hai....ye बस्ती सर्कार की जमीन पर बनायीं गयी है.
अधिकारी आर्डर देते हुए बोलै...
चररररर... आर्डर देखे बिना hi..khan साहब उसे फाड़ देते है....
खान : इससे पहले की तुम्हारे जिस्म पर खाल न बचे यहाँ से चले जाओ..
ये एक ट्रैप था जिसे खान साहब के लिए बिछाया गया था....
न्यूज़ मीडिया में ये खबरे चलने lagi..ki खान साहब उस बस्ती को तुड़वा कर मॉल बनाना चाहते है ..सर्कार जब नए घर बनाने आयी तो उन्होंने गुंडों के ज़रिये अधिकारिओ को मरने की धमकी दी...
बस यही बहाना चाहिए था सर्कार को जो उन्हें मिल गया था....
झूठे अटैक कराये Gaye...fir उसके बाद खान साहब को अरेस्ट करके जेल में मार दिया gaya...fir जब उनके बचो ने इंसाफ माँगा तो उन्हें भी मार दिया gaya...khan साहब की पूरी फॅमिली को रातो रात मार दिया gaya....tha..
उस रात तुम्हारे पिता ji...khun में साणे हाथो के साथ घर ए....
हाथ धोये बिना वो बाद पर सोंचो में गम बैठे थे....
ये देख मई उनके पास गयी..
मई : ये लात मरती hai..unhone कोई जवाब नहीं दिया..
मई : क्या हुआ इतने परेशां क्यों हो...
मिश्रा : आज मैंने एक फॅमिली को तबाह कर diya...fir तुम्हारे पिता जी मुझे बताने लगे....
मिश्रा : उन मासूम बचो की चीखे मेरे कानो में गूंज रही है....
तुम्हारे पिता की बातों को सुनकर मेरे दिल पर बिजली गिरती महसूस हुई...
अब मुझे उस आदमी से दर लगने लगा था...
मई : कोण कोण बचे है उस घर में..
मैंने बस एक सवाल पूछा....
मिश्रा : एक 4तह क्लास में पड़ने वाला लड़का और उसकी छोटी बेहेन बची है जिन्हे घर के साथ जला दिया जायेगा..
तुम्हारे पिता जी उठते हुए bole....fir हाथ धोने lage...unke हाथो से बहते खून को देखकर मुझे ऐसा लग रहा था जैसे वो खून तुम्हारा है स्नेहा...
प्रेग्नेंट होने के वाबजूद मैंने कार nikali....aur चल दी खान साहब के घर...
जब मई पहुंची तो पुलिस वाले घर जला कर जा रहे थे...
मई अपनी और तुम्हारी परवाह किये bina..us घर में घुस गयी...
जब मई अंदर गयी तो अंदर से रोने की आवाजे आ रही thi...ek नन्हा सा लड़का अपनी बहन को खुद में समेटे उसे आग से बचा रहा था....
मैंने दोनों को अपने अंचल में ले liya...aur बचते हुए घर से निकल गयी...
आरोही : मम्मी आप सच कह रही ho...aarohi की आंखे भीग गयी thi....us घटना को सुनते हुए उसे यकीं नहीं आ रहा था उसका बाप इतना बड़ा दरिंदा होगा...
बदले में सुहासिनी जले हुए निशान दिखा देती है...
आरोही : मम्मी उन बचो का क्या हुआ...
सुहासिनी : मई उन्हें लेकर एक होटल में gayi...wo दोनों बहुत खूबसूरत थे उनके रट चहेरे देख कर मेरा दिल खून के आंसू रो रहा tha...mujhe घिन आ रही थी उस आदमी से जो मेरा पति था..
उन्हें होटल छोड़ कर मई घर आयी...
मिश्रा : कहा गयी थी तुम...
dhammm...kuch कहे बिना मैंने मंगल सूत्र उतर के फेक दिया....
मई : आज के बाद तेरा मेरा हर रिश्ता khatm....janwar भी तुझसे अच्छे होते hai...wo मस्सों they...tune उन्हें भी नहीं छोड़ा...
घर छोड़ कर मई अपने घर agayi...Maine उस इंसान से जुडी हर चीज़ को खुद से अलग कर दिया....
उन बचो को मई पलना चाहती थी लेकिन मेरे माता पिता इस पर राज़ी नहीं हुए.
गंदे खून को तू यहाँ ले aayi...Ghar से निकल inhe...aur जा अपने पति के घर..
उस दिन अपने बाप में मुझे तुम्हारा बाप नज़र आ रहा था...
मैंने दोनों बचो को उठाया और मई चल दी....
दोनों बचो को मैंने अपना दूध पिलाया था वो तुम्हारे भाई बहन है आरोही...
आरोही : सच मम्मी वो मेरे भाई बहन hai....abhi कहा है वो मुझे उनसे मिलना है...
सुहासिनी: मैंने जॉब शुरू कर दी thi...mai उन दोनों को पाल रही थी...
तभी तुम्हरा डिलीवरी का टाइम आया..
कुछ दिनों के लिए मई उन्हें अनाथ आश्रम में छोड़ आयी...
मेरा ऑपरेशन हुआ tha....mujhe तीन महीने बाद रेस्ट चाहिए tha..jis वजह से मई उनसे मिलने न जा payi....thik होने पर जब gayi...to वहां कोई नहीं tha...dono बचे अडॉप्ट हो चुके थे..
मई बेसहारा थी पावर नहीं थी मेरे पास इस वजह से मई उन अडॉप्टेड बचो का अड्रेस निकलने में नाकामयाब हुई...
बाद में पता चला इसके पीछे तुम्हारा बाप है...
तुम्हारे फैसले के समय उसने ये बात मुझे batai..ki अगर मई तुम्हारी कस्टडी उसे देती हों तो वो उन बचो का पता मुझे दे देगा...
बेटी तो मुझे मिल गयी लेकिन बीटा कही जा चूका था...
सुहासिनी : तुम चाहोगी उससे मिलना.
अपनी माँ के पूछने पर आरोही कोई जवाब न दे सकीय थी....
आरोही : किस मुँह से mummy...mai सबसे ज्यादा प्यार जिस इंसान से करती हों वो उससे सबसे ज्यादा नफरत...
उस दिन से आरोही टूट गयी thi...wo अपने पिता से बहुत प्यार करती थी उसकी सच्चाई जानकर आरोही खामोश सी हो गयी thi...usi समय उसने ड्रग्स लेना शुरू कर diya...tha...
तुम आज फिर नशा करके आयी ho...Harsha आरोही से सात के बैठते हुए bola...fir वो आरोही के गले में बाहें दाल देता है...
आरोही: नहीं तो...
हर्षा : झूट मत बोलो behna..kehte हुए हर्षा आरोही को छूने लगता है..
आरोही : ये कर रहे हो aap...Harsha को करीब देख आरोही चीख पड़ी...
हर्षा : क्या हुआ..
आरोही: कुछ नहीं भाई थोड़ी सी परेशां हों..
हर्षा : तुझे पसंद नहीं तो तेरे करीब नहीं aunga.harsha जाते हुए बोलै..
आरोही : ऐसी बात नहीं है ...बस भुला न करे हम भाई बहन है..
सर हिलता हुआ हर्षा निकल जाता है...
वो फर्स्ट टाइम था जब उसने क्लब जाने की बात की थी..
रोहित : मेरे हजार बार पूछने पर हर बारे मन कर देती हो आज खुद क्लब जाने की बात कर रही हो ..जान ये चमत्कार कैसे हुआ...
आरोही : तुम्हे जाना है या मई आरव के साथ जॉन...
रोहित : उस सेल का नाम मत लिया करो ..तुम्हे कही भी ले जाने के लिए मई हों..
और दोनों क्लब चल देते है...
रोहित: आज क्लब में किश करने डौगी..
आरोही : शादी के बाद...
क्लब में hi पहली बार आरोही ने ड्रिंक्स की thi...aur रोहित को किश भी...
रात के 1 बजे लड़खड़ाते हुए वो घर आयी सिर्फ तवो पीेछे में...
उसके पिता जी बहार hi बैठे उसका वेट कर रहे थे...
जब उन्होंने लड़खड़ाते हुए आरोही को देखा तो वो गुस्से में खड़े हो गए...
मिश्रा : कहा से आ रही है tu...sneha...
आरोही : फ्रेंड्स के साथ थी..
मिश्रा : ये तूने क्या पहन रखा hai...kapde देख apne....tujhe शर्म नहीं आती कहा से पीकर आ रही है...
आरोही : निघटकलब गयी thi...kisi के मासूम बच्चो को ज़िंदा तो नहीं जलाया..
आरोही का जवाब सुन मिश्रा की बोलती बंद हो गयी थी...
उसकी हिम्मत नहीं पड़ी आरोही से आगे कुछ कहने की..
अब आरोही किसी भी टाइम घर में आती थी...
कभी कभी रात रात भर घर से गायब रहती ....
आरोही को जब से अपने उस पिता की सच्चाई पता चली जिसे वो आइडियल मानती थी तब से आरोही टूट गयी thi...use घिन आने लगी थी अपने बाप se.....isliye वो घर से ज्यादा से ज्यादा टाइम वो बहार बिताती थी....
आरोही के हालत देख मिश्रा ने हर्षा को भेजा आरोही को समझने के लिए..
हर्षा : स्नेहा क्या हुआ तू ऐसी क्यों हो gayi...raat रात भर बहार रहती hai...tu मीट मछली खा कर घर में आती है क्या ये तेरी बातें सही hai...tujhe पता है मेरी इंगेजमेंट हो गयी है..
आरोही : कोंग्रटुलतिओन्स bhai...lekin मेरी लाइफ में इंटरफारे न करो..
हर्षा : अपना हमारा न sahi...harshi का सोंच तेरी इन आदतों का हरषि पर क्या असर पड़ेगा सोंचा है तूने...
हरषि का ख्याल आते hi उसे झटका लगा...
उस दिन उसने हर्षा से प्रॉमिस किया वो कभी न पीयेगी न देर से घर आएगी...
एक वीक तक आरोही नाईट क्लब नहीं gayi...usne अपने रहने का ठिकाना भी बदल दिया tha...jis सोसाइटी में रोहित रहता वही उसने एक अपार्टमेंट ले लिया था... घर उसने स्टडी का बहाना कर दिया tha...usne ड्रिंकिग बगैरह छोड़ दी thi...harshi के लिए उसने सुधरने का फैसला कर लिया था..
लेकिन ड्रग्स की लत उसे फिर नाईट क्लब के लिए उकसा रही थी हरषि का सोंच उसने खुद को कण्ट्रोल में रखा....
उस दिन वो रेसस्स के बाद पार्क में बैठी अपने एडिक्शन से लड़ रही थी की तभी रोहित आया...
रोहित : कैसी हो jaan...kehte हुए वो आरोही से सत्कार बैठ गया...
आरोही : ठीक हों..
रोहित : चलोगी आज नाईट क्लब..
आरोही : मेरा सर भरी हो रहा है...
रोहित : ड्रग्स की याद आ रही है..
आरोही भीगती आँखों से सर हिला देती है...
आरोही : मुझे चाहिए वो .
रोहित : एक मैडम है मोहिनी नाम है उनका ...सब मिल jayega...unke पास जाने के लिए क्लब जाना होगा...
आरोही : कमीने तुम मुझे सुधरने नहीं डोज...
रोहित : एग्जाम के बाद मई तुम्हे खुद रेहवे ले जाऊंगा...
रोहित की बात सुन आरोही उसे चुम लेती है....
फ्लैट से निकल कर दोनों अपने दोस्तों को पिक करने के लिए चल देते है...
आरोही जल्दी आओ.....
आरव बहार से एक घर में आवाज लगता हुआ चीखा..
aayi....andar से एक लड़की की आवाज आयी....
कुछ देर बाद वो घर लॉक करके उनके पास आयी..
आरोही : तुम...
रोहित : तो क्या हुआ..
आरोही : स्नेहा बहार niklo...Maine कहा बहार niklo...ye मेरी बहन थी जो तुम्हारी आरोही को देख भड़क गयी थी..
स्नेहा : बस लास्ट टाइम फिर नहीं जाउंगी...
आरोही : sneha...tum ड्रग्स की लत से निकलना चाहती ho..aese कभी नहीं निकल पाओगी...
रोहित : यार तू अपने काम से काम रख न... लेक्चर क्यों दे रही है..
आरोही : ये मेरे लिए बहन की तरह है समझ गया तू ...तू इसे छोड़ना चाहती क्या ऐसे उसका एडिक्शन छूट jayega.ye हमारे साथ नहीं जाएगी बस..
आरोही को बिगड़ता देख स्नेहा कार से बहार निकल आयी..
स्नेहा : प्लीज लास्ट time...uske बाद नहीं जाउंगी न कभी ड्रग्स लुंगी प्रॉमिस...
आरोही : बस लास्ट टाइम...
और दोनों क्लब में आयी...
रोहित : तुम सब डांस एन्जॉय करो मई ड्रग्स लेकर अत हों...
सबसे कहकर रोहित सामने जहाँ एक लड़की दो अंग्रेजन के पास सोफे पर ठाठ से बैठी होती उसके पास अत है..
एक्सक्यूज़ में मम...
रोहित की बात सुनकर मोहिनी उसे देखने लगती है...
रोहित : मम माल चाहिए.
मोहिनी : कितना
इतने में मोहिनी का फ़ोन बज उठा..
मोहिनी : है सिया बोलो..
फ़ोन पर बात करते हुए मोहिनी रोहित के ग्रुप्स में आयी लड़कीओ को देखने लगी..
मोहिनी : dono...udhar से कुछ कहने पर मोहिनी ने जवाब दिया..
मोहिनी : okay हो जायेगा...
और कॉल कट हो जाती है...
मोहिनी : जाओ इसके लिए माल लेकर aao..ek लड़की से कहकर मोहिनी रोहित को देखने लगती है..
मोहिनी : बैठ जाओ...
कुछ देर बाद लड़की ड्रग्स लेकर अति hai..mohini के इशारे पर वो रोहित को दे देती है..
रोहित : इतना Sara..kitne पैसे हुए है मम..
मोहिनी : रख लो मेरी तरफ से...
मोहिनी की बात सुन रोहित को अपने कानो पर विश्वाश नहीं हो रहा होता है वो आश्चर्यचकित होकर मोहिनी को देखने लगता है...
मोहिनी : hai...mohini के इशारे पर रोहित ड्रग्स लेकर चला जाता है....
रोहित जब सबके पास अत है तो देखता है स्नेहा और हर्षा आपस में झगड़ रहे होते है...
स्नेहा : जाओ यहाँ से इससे पहले बात badhe.tum अभी पिए हुए हो..
हर्षा : आगया तेरा भडुआ...
ड्रग्स लिए रोहित को देख हर्षा गरजा..
स्नेहा : रोहित जाओ यहाँ से..
ड्रग्स आरव को देकर रोहित वहां से हैट जाता है..
स्नेहा : अब तुम भी जाओ...
हर्षा : घर आ तू फिर तुझसे पूछूंगा..
गुस्से में गलियां बकता हुआ हर्षा चला जाता है....
आरोही : क्यों भड़क रही थी अपने hi भाई पर..
आरोही का जवाब दिए बिना स्नेहा आँखों से रुकने का इशारा करती है...
आरव : ये यहाँ रोज़ अत hai...tum पर नज़र रखने के liye..Aaj तुम मिल गयी इसे..
स्नेहा : वो नशे में था इसलिए झगड़ा कर बैठा वैसे मुझसे बहुत प्यार करता है...
आरोही: चल डांस करते hai...tum गीज़ यही रुको अभी हम ए..
जवाब सुने Bina...aarohi स्नेहा का हाथ पकड़ कर डांस फ्लोर पर ले अति है.
आरोही : अब बता क्या बात hai...jo मई सोंच रही है वही है न..
नाम आँखों से स्नेहा सर हिला देती है...
स्नेहा : शायद वो नशे में बहक गया था...
आरोही : ध्यान रखना...
आपको मैडम बुला रही hai....ek लड़की रोहित के पास आकर बोली...
रोहित : कोण मैडम..
लड़की : मोहिनी...
लड़की की बात सुनकर रोहित मोहिनी के सामने वाले सोफे पर आकर बैठ जाता है...
मोहिनी: क्या हुआ क्यों उदास है..
रोहित : कुछ नहीं मैडम बस ऐसे hi..
मोहिनी : वो लड़कीओ का ग्रुप तेरा है na..chal अब बता भी दे प्यारे..
रोहित : है मैडम मेरा hi है ..वो साला मेरा होनेवाला साला अपनी बहन से लड़ रहा था मुझे उसके साथ देख मुझसे भी लड़ने लगा...
मोहिनी : क्या नाम है उस लड़की का वो जो बालक हेयर वाली hai.mohini ऊँगली से इशारा करते हुए बोली.
रोहित : वो आरोही hai...uske बराबर में ब्लोंड हेयर वाली मेरी गफ स्नेहा है...
इतने में मोहिनी का फ़ोन फिर बज उठा..
मोहिनी : hmm....okay अति hon..baat करती हुई मोहिनी कड़ी हुई..
मोहिनी
kay हनी एन्जॉय...
रोहित : फिर मिलेंगे ham...jati हुई मोहिनी को रोहित ने आवाज दी..
बदले में मोहिनी देखे बिना मिडिल फिंगर दिखा देती है....
उस रात के बाद किसी के कहने पर मोहिनी ने आरोही स्नेहा को फॉलो करना शुरू कर दिया...
स्नेहा को मिलकर वो खुद ड्रग्स देने लगी...
एक दिन उसने स्नेहा को रात में बहार बुलाया...
ड्रग्स के लिए आरोही भागी चली आयी...
मोहिनी ने ड्रग्स स्नेहा के आगे कर diya.....jise स्नेहा बड़ी ललचाई नजरो से देखने लगी..
स्नेहा : दो मुझे...
मोहिनी : ऐसे nahi...pehle कार में आओ..
कुछ सोचे बिना स्नेहा कार में आकर बैठ गयी...
मोहिनी : अगर ये चाहिए तो आरोही को कॉल करके kaho...tum उसके घर के बहार कार में कड़ी हो...
स्नेहा : लेकिन मई तो यहाँ हों..
मोहिनी : चाहिए na...wo फिर ड्रग्स दिखते हुए बोली...
एडिक्शन के आगे हर मान कर स्नेहा ने आरोही को घर के बहार बुला लिया...
कॉल कट होते hi पीछे से दो हाथ ए जिन्होंने स्नेहा के मुँह पर क्लोरोफॉर्म छिड़क दिया....
जब स्नेहा को होश आया तो वो एक सेल जैसे रूम में बंद thi....wahan उसके जैसी और भी सुन्दर सुन्दर लड़कियां thi....cell के बहार बहुत से गुंडे खड़े थे निगरानी के लिए...
वही उसे आरोही भी मिल गयी....
दोनों एक दूसरे से चिपट कर रोने लगी...
दोनों भगति हुई सलाखों के पास आयी..
स्नेहा : कोण हो तुम लोग और हमें यहाँ क्यों लाये हो....
आरोही : हमें जाने दो हमने तुम्हारा क्या बिगाड़ा है...
स्नेहा : mohini...mohini कहा है..
इन दोनों को सेक्स के दोसे dedo..aur टीवी ों कर do...ek गुंडे ने कहा...
राजू जा देके आ....
तभी एक लड़का इंजेक्शन लिए सेल में दाखिल हुआ... जिसका चहेरा पूरी तरह कवर था..
स्नेहा : मैंने कहा बहार निकालो mujhe...you मदर फुकेर...
गुंडा : ज्यादा मुँह खोला तो तेरी गांड में लैंड दाल dunga...wo अपनी पंत खोल कर लैंड दिखते हुए बोलै....
आरोही : हरामज़ादे तुझे नामर्द बना दूंगी मई....
उधर मत dekho...enjection लिए लड़के ने कहा...
जो सेल खोलकर अंदर आ गया था....
स्नेहा: मेरे करीब मत आना वर्ण तेरी जान ले lungi...sneha इंजेक्शन भरते लड़के को देख गरजी...
वो कुछ कहे बिना स्नेहा के पास आगया...
जैसे hi उसने इंजेक्शन लगाना चाहा स्नेहा उसे मरने लगी..
उसे देखते हुए आरोही भी...
वो लड़का खड़ा खड़ा पित्त रहा....
मार दोनों के एक एक हाथ ...फिर इनकी गांड में लैंड Dede...Gunda इंचार्ज ने कहा...
बॉस भूल गए इसका तो खड़ा hi नहीं hota...ek दूसरे गुंडे ने कहा.
उसकी बात सुनकर सभी गुंडे ठहाके मार कर हसने लगे....
जब दोनों मरते मरते थक गयी तो उसे बेबसी से देखने लगी...
पास आकर उसने आरोही का हाथ पकड़ा और इंजेक्शन लगाने की एक्टिंग करने laga...aarohi और स्नेहा ने देखा इंजेक्शन में भरा दोसे निचे गिर रहा है...
ये देख दोनों हैरान हो गयी....
इंजेक्टिन कैमरा के सामने do...room में लगे माइक से आवाज आयी...
राजू ने इंजेक्शन देते समय हाथ की आड़ कर दी थी...
आवाज पर राजू सर हिलने लगा...
राजू : इस पानी पर बैठ jao..Raju ने बिलकुल धीमे से कहा.
आरोही वैसा hi करती है...
स्नेहा को इंजेक्शन वो कैमरा के सामने देता है जिस कारन उसे इंजेक्शन सिन्हा के अंदर इंजेक्ट करना पड़ता है...
इंजेक्शन देकर वो रूम से निकल जाता है...
टीवी तो ों कर देता..
एक गुंडा ने कहा..
कुछ कहे बिना Raju...apne हाथो पर लगे नाखुनो पर पानी डालने लगता है..
ये देख दूसरा गुंडा सेल में लगी बड़ी सी एलसीडी पर पोर्न चला देता है...
जिसे देख लड़कियां मदहोश होने लगती है..,
ड्रग्स के नशे में स्नेहा खुद को खोलने से रोक रही thi...wo खुद को चोट पंहुचा रही thi...aur लड़कियों की तरह अपने प्राइवेट पार्ट्स से नहीं खेल रही थी...
वहां लेवल्स thi...first लेवल थी लड़कीओ को खोलना 2ंद उन्हें ट्रैन करना...
20 दिनों में स्नेहा और आरोही दोनों पूरी खुल गयी thi....lekin एक झिझक दोनों में अभी भी वाकई थी...
सेल में सिर्फ 4 लड़कियां hi रह गयी थी...15 se..aur लड़कीओ को लेवल 2 में ले जाया जा चूका था...
उस दिन पोर्न देखते हुए वो दोनों सबसे अनजान अपने प्राइवेट पार्ट्स से खेल रही थी ...की तब उन्हें राजू दीखता hai...wo उसी दिन से गायब हो गया tha...Aaj दिखा था दोनों को...
उसे देख दोनों में फिर एक इच्छा जगी यहाँ से निकलने की..
राजू दो लड़कीओ को ले जा लेवल तवो में..
गुंडे की बात सुनकर राजू रजिस्टर से नाम पढ़कर 2 लड़कीओ को बुलाने लगता है...
राजू : माया ..मोना दोनों बहार ाजाओ...
कुछ कहे बिना दोनों बहार आ जाती hai...aur राजू से चिपक जाती है....
गुंडा : इन्हे अंतितोड़े दे दे...
दोनों को अंतितोड़े देकर राजू उन्हें अपने साथ ले जाता है...
Ssssssshhhhh.....sssshhhh....
स्नेहा की सरसराहट पर राजू जाग जाता है... दोनों आज सोई नहीं थी ...उन्हें यहाँ कोई ऐसा लगा जो उनकी हेल्प कर सकता था तो वो राजू tha..dono गुंडों के सोने का वेट कर रही थी उनके सोते hi फुसफुसात से दोनों राजू को आवाजे देने लगी...
राजू जाग रहा था आवाज पर वो उठ कर बैठ जाता है...
स्नेहा : हमें यहाँ से निकालो please...tum जो कहोगे वो मई तुम्हे dungi...sneha अपना जिस्म दिखते हुए बोली..
आरोही : प्लीज हमें यहाँ से nikalo...I बैग you...mai अनाथ hon...tum चाहो तो बदले में मेरी इज़्ज़त ले लेना..
राजू कुछ कहे बिना 2 उँगलियाँ दिखा देता hai..jo इशारा था लेवल तवो का....