Chawla Family Ki Kahani - Adultery, Romance,Eroticism, Incest - Page 20 - SexBaba
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Chawla Family Ki Kahani - Adultery, Romance,Eroticism, Incest

अपडेट 148 संजना कॉल्ड चावला साहब

आनंद खून में लतपथ बीएड पर वैसे hi लेते रहे और उस्सको चिल्लाने का भी मौका नहीं मिला बस अपने सीने पर हाथ दबाये वैसे hi लेता रहा बीएड पर और वहीँ मर्डर गया….. बिस्तर खून से लतपथ हो गए थे, खून के बूँदें संजना के कपड़ों पर भी पड़े हुए थे, आनंद के ेंखने मोठे मोठे खुले हुए संजना के तरफ देख रहे थे और अब संजना ने एक सुकून की लम्बी सांस लिया और मोबाइल लेकर चावला साहब को कॉल किया….

चावला साहब ने देखा के संजना की कॉल आरही है तो रिप्लाई किया, “हाँ स्वीटहार्ट, थोड़ी देर मेज घर पहुँचता हूँ……” मगर संजना ने इत्मीनान से कहा, “मैं ने मार डाला उससे पापा!! ख़तम कर दिया उस्सको, मर्डर गया आनंद!”

चावला साहब के पैरों के निचे जैसे ज़मीन निकल गए और जल्दी से ऑफिस के बाहर निकलते हुए एक कोने में जाकर कहा, “व्हाट? किआ बक रही हो? तुम घर पर हो नाह?”

संजना: “no पापा मैं उसस्के घर पर हूँ! ी किल्ड हिम. हे इस डेड!”

चावला साहब: “व्हाट थे हेलल यह किआ किया तुमने माय लव? ऐसा क्यों किया तुमने? सुनों और कोई है वहां किआ? सिर्फ तुम दोनों हो यह किसी ने देखा या सुना कुछ ऐसा?!”

संजना: “मैं अकेली हूँ पापा वो तो मर्डर गया नाह!”

चावला साहब के पेयर कांपने लगे फिर भी कहा,

“वेट तुम वहां से हिलना भी नहीं, बिल्कुल बाहर मत निकलना, किसी को नहीं पता चलना चाहिए के तुम वहां हो. वहीँ मेरा इंतज़ार करो मैं अभी पहुंचता हूँ और किसी चीज़ को बी हाथ मत लगाना और हाँ अपने मोबाइल स्विच ऑफ करो तुरंत जैसे मैं हैंग करूँ, वेट करो वेट ी ऍम किंग!!”

संजना: “मेरी कार बाहर है पापा, तो ऑब्वियस्ली सबको पता है के मैं यहाँ पर हूँ!”

चावला साहब: “आईटी डस नॉट मटर, बुसस तुम बिल्कुल बाहर मत निकलना, और कोई फुकरे या नॉक करे तब भी मत निकलना. ी ऍम किंग. तुम वहीँ रहो मैं अत हूँ स्वीटहार्ट!”

संजना: “पापा मेरे ड्रेस पर बहोत सारे खून के धब्बे लग गए हैं, मेरे लिए कोई और ड्रेस लेकर आना प्ल्ज़!”

चावला साहब: “ओह no! ok ok मैं तुम्हारे लिए ड्रेस लेकर अत हूँ… और किधर लगे हैं खून? तुम्हारे मोबाइल पर तो नहीं? हाथ धोया तुमने? किश चीज़ से मारा उस्सको गोली मारी किआ?!”

संजना: “चाकू से मारा मैं ने 5/6 बार मारा उस कुत्ते के छाती में! उसस्के काले दिल में चढ़ कर दिया तुरंत मर गया एक आवाज़ भी नहीं निकली उस्सकी!”

चावला साहब: “चाकू को धोया तुमने? और किसी चीज़ को हाथ लगाया किआ? कहाँ कहाँ और खून लगा कतल करने के बाद? सब मिटाना होगा….. वेल वेट वेट मैं निकल रहा हूँ वहीँ वेट करो और कुछ मत छुवो तुम!”

इतना कहकर, बहोत परेशान चावला साहब ऑफिस से धडपडाते हुए निकले, घर गए, संजना के कुछ कपडे लिए और धडपडाते हुए घर से निकले… सान्वी पूछती रही के किआ हुआ क्यों संजना के कपडे ले जा रहे हैं और कहाँ जा रहे हैं, मगर चावला साहब जैसे भौकलया हुआ था बुसस बड़बड़ाता गया के कुछ काण्ड हो गया थोड़ी देर बाद वापस आएगा और घर से निकल गए…..

दो घंटे बाद अपने फार्महाउस पर पहुंचे और देखा के आनंद मारा पड़ा हुआ है बिस्तर पर, और संजना बिल्कुल कूल, आराम से बैठी हुई थी लाश के पास और मुस्कुराते हुए कहा, “देखा पापा अब इस्सकी बोलती बंद हो गयी अब कुछ नहीं कहेगा यह और नाह hi आप को नाह मुझको ब्लैकमेल करेगा यह मारा हुआ कुत्ता!”

चावला साहब के हाथ पेयर कांप रहे थे. संजना ने देखते हुए कहा, “अरे आप क्यों डर रहे हो पापा? मुझे देखो ी ऍम कूल मेरे हाथ पेयर नहीं कांप रहे, अब आप पुलिस को फ़ोन करो और केहदो के मैं ने इस्को मार डाला!”

चावला साहब ने कहा, “शट उप! कोई पुलिस को फ़ोन नहीं करना है…… अभी मुझे सोचने दो के किआ करना hai….issko तुमने नहीं किसी और ने मारा है… सुनों एक प्लान बनाना होगा अब…..”

संजना: “अरे काहे की प्लान पापा साफ़ साफ़ डिक्लेअर कर दूंगी के मैं ने मारा इस्को!!”

चावला साहब: “तुम होश में नहीं ho…jail का हवा खाया है कभी? जेल में सादगी, पता है तुमको किआ होता है इम्प्रैसोनेमेंट?”

संजना: “वही तो चाहती हूँ मैं नाह पापा? इन् सब से दूर, आप से दूर, आरव से दूर, सभी रिश्ते नाते से दूर… ी विल बे फ्री…. मुझे मत बचाओ पापा मुझे जेल हो जाने दो…. ी वांट तहत ओनली!”

चावला साहब: “शट उप….. अपने कपडे बदलो, जल्दी, और तुम्हारा मोबाइल कहाँ है? यहाँ का लोकेशन दिखाएगा उस पर… उस्सको जलना होगा कम्प्लीटली सिम समेत… no no वेट….. मोबाइल को वैसे hi रहने दो, तुमने मुझको कॉल किया था नाह यहीं से…. वेट वेट कुछ और सोचता हूँ……”

जब तक संजना अपने कपडे चेंज करने गयी तो चावला साहब अपने दिमाग़ लड़ा रहे थे के कैसे साबित करें के किसी और ने यह कतल किया है….. उनके दिमाग़ में एक बात सूझी…..

जब संजना वापस आया तो चावला साहब ने उस से पूछा, “किआ तुम रघु से मिले यहाँ आने से पहले? उस्सने तुमको यहाँ एते हुए देखा किआ?”

संजना: “नहीं पापा उस कुत्ते को भी मार डालती अगर मिलता तो, उस्सने मम्मी के साथ और मेरे साथ भी खूब एन्जॉय किया, साला कुत्ते ने मुझे कभी भी पता नहीं चने दिया के वो मम्मी से भी सेक्स किया करता था….”

चावला साहब खुश हुआ और कहा, “ok तो फिर ठीक है, सब बंदोबश्त हो गया, तुमको एक और मर्डर करना होगा, रघु का….. मैं अपनी कार छुपा कर अत hoon…tu जा कर रघु को लेकर इधर आ, और अपने कमरे में उसस्के साथ सेक्स कर… सेक्स करना चाहिए उस्का स्पर्म मिलना चाहिए बीएड पर, बेडशीट पर, तब उस को भी मार डालना, रपे कर रहा था वो तेरा उस्सने तेरे ेंखों के सामने आनंद को मारा फिर तेरा रपे किया इस लिए तुमने उस्सको मार डाला…… मेरे बेहतर से बेहतर वकील दोस्त हैं आसानी से तुमको निकल लेंगे इस केस में तब……!”

संजना को आईडिया पसंद आया क्यूंकि वो रघु को सच में मारना hi चाहती थी, और समझ गयी के चावला साहब किआ करवाना चाहता था, तो वो राज़ी हो गयी.

और चावला साहब ने अपने कार को कहीं दूर छुपाया ताके रघु को पता नाह चले के वो भी यहीं है.

संजना रघु को लेकर फार्महाउस पर आयी. राजू की तो आदत थी संजना से फार्महाउस में मिलना, आनंद के मौजूदगी में भी तो रातों को अत था संजना से मज़ा करने, और दिन में कई बार आया है करने संजना के साथ तो उसस्के लिए यह नार्मल बात थी के संजना ने उस्सको छोड़ने के लिए बुलाया है…..

बड़े आराम से रघु दूसरे कमरे में गया संजना के साथ, दोनों ने कपडे उतारे, और सेक्सुअल इंटरकोर्स करने लगे…… संजना ने उस से कहा, “तुम मेरी मम्मी के साथ भी यह सब करते थे तुम ने कभी मुझे बताया hi नहीं, माँ और बेटी दोनों के साथ तुमने मजा किया रे रघु? हम्म?” रघु बहोत गरम हो गया था और कहा, “डार्लिंग एक्साक्ट्ली वही मजा है तेरे में जो तेरी माँ में थी ऋ, वही खुशभू, वही गर्मी, वही मजा…. तू बिल्कुल अपनी माँ पर गयी है, तुझे आज कैसे पता चला ऋ? आनंद ने बता दिया तुझे के मेरा तेरी माँ के साथ भी अफेयर था? हाहाहाहा….” संजना ने उस से कहा के उसस्के अंदर नहीं झड़ना चाहिए जब वो ेजकुलाते करने को आये तो बाहर निकाले….. रघु ने कहा, “हाँ ठीक है समझता हूँ अब तू शादी शुदा है कहीं प्रेग्नेंट हो गयी तो प्रॉब्लम होगा तो okay मैं बाहर निकल दूंगा वीर्य को don’t वोर्री माय लव…” और सेक्स के दौरान संजना ने अपने नाख़ून से रघु के पीठ पर कई लखीरें किये जिस से रघु के स्किन संजना के नाख़ून में लगे, और संजना ने रघु से खुद को दांत काटने को कहा उसस्के काँधे और बूब्स पर जिस से संजना के जिस्म पर रघु के दांत के निशाँ हुए……

चावला साहब उस कमरे में वेट कर रहे थे जिस में आनंद मारा हुआ पड़ा था……..

तो बे कॉन्टिनोएड…………….
 
अपडेट 149 रघु गेट्स किल्ड एंड संजना अरेस्टेड

संजना को अचानक याद आया के चावला साहब ने उस से कहा था के रघु के साथ रपे वाली गेम खेलना और अपने कपडे को फड़वाने रघु से, रघु को कहना के तुमको स्पंक करे, तुमको मारे सेक्स करने से पहले…..

ये सोच कर अचानक संजना ने सेक्स करना रोका और बीएड से उतर गयी और अपने कपडे वापस पेहेन्ने लगी, और रघु हैरान होकर उस्सको बीएड पर बैठ कर देखने लगा फिर पूछा के किआ हुआ, किआ उस्का मैं नहीं है अब करने को!! तो संजना ने मुस्कुराते हुए कहा, “वेट करो नाह तुमको अभी ज़्यादा मज़ा आएगा मैं एक गेम खेलना चाहती हूँ और तुमको इस में पूरी तरह से भाग लेना होगा देखना कितना मज़ा आएगा.”

रघु आराम से संजना को वापस अपने कपडे पहनते हुए देखने लगा और सोच रहा था के संजना किआ करना चाहती है…… फिर संजना वही चाकू लेकर वापस आयी और राजू को दिया….. चाकू को धोकर साफ़ कर दिया गया था और कपडे से उस्सको पांच कर बिल्कुल साफ़ किया गया था हाथ की लखीरों को मिटाने के लिए और उस चाकू को संजना ने रघु को देते हुए कहा,

“गेम यह है के तुम एक अजनबी हो और इस घर में घुस आये हो और मेरा रपे करोगे….. मेरा किसी ने कबि रपे नहीं किया मैं फील करना चाहती हूँ के रपे कोई करे तो कैसा लगता है, मुझसे ज़बरदस्ती करो, मेरे कपडे फाड़ डालो, मुझे मारो भी, और ज़बरदस्ती से सेक्स करो मेरे साथ ी वांट तो फील एंड एन्जॉय ा rape….wo फिल्मों में होता है नाह, और वो पोर्न मूवीज में भी होता है नाह सदोमसोचिस्म या कुछ eisa….kuch वैसा करो आज मेरे साथ…..”

रघु ने पूछा, “और यह चाकू किश लिए है?!”

संजना बोली, “अरे तुम मुझको इस से डराओ ताके मैं तुम से darun…phir इस्को रख देना यहीं बीएड पर, इस्सकी तो ज़रुरत नहीं पड़ेगी फिर”

रघु जोश में आया और हँस्ते हुए कहा, “वह बेबी वह यह सब देसिरेस हैं तुझ में वह बड़ा मज़ा आएगा तुमको रपे करने में अब तो, तू खुद कह रही है तो क्यों नाह करूँ तेरा रपे, चल अभी रेपिस्ट की पर्सनालिटी में डूबता हूँ, चल थोड़ा कंसन्ट्रेट करने दे मुझे कुछ देर…… अब आएगा मज़ा वाओ!”

संजना ने चैन की सांस लिया जब देखा के राजू तैयार हो गया वो सब करने के लिए और वो भी एक्टिंग करने लगी दररने की और अपने क़दमों को पीछे के तरफ बढ़ाने लगी जैसे उसस्के घर में कोई चोर अचानक घुस आया है जब तक के वो बीएड तक पहुंची और कहा,

“मैं सच में रेसिस्ट करुँगी रघु तुमको सब कुछ ज़बरदस्ती से करना होगा ok? समझ गए नाह, ok, अब तुम मेरे घर में घुस आये हो, मैं अकेली हूँ और तुम मेरा रपे करना चाहते हो, के ों शुरू करो अपना एक्टिंग और मेरे तरफ बढ़ो…….”

रघु पर एक्टिंग का भूत सवार हो गया और उस चाकू को हाट में लिए संजना के तरफ बढ़ते हुए उस्सने कहा, “खामोश कर लड़की, वार्ना मैं इस चाकू को तेरे सेने के आर पार कर दूंगा, ख़बरदार अगर चिल्लाई तो, बुसस तेरे को छोड़ना है, छोड़ कर चला जाऊंगा, आराम से मुझे छोड़ने दे वार्ना जान से हाथ धो बैठेगी तू समझी के नहीं….”

तब तक रघु संजना के पास आगया था और संजना दररने की नाटक करते हुए बीएड से टकरा गयी थी और बैठ गयी बीएड पर; तो रघु ने उस चाकू से hi उस्सकी ड्रेस के एक टुकड़े को फॉर डाला और कहा, “अपने ड्रेस को उतार लड़की, वार्ना फाड़ डालूंगा तेरे कपडे को….” संजना ने कहा, “नहीं उतरूंगी निकल जाओ मेरे घर से वार्ना मैं पुलिस को फ़ोन करुँगी!” और दोनों में हत्ता बाहिं होने लगे… चाकू तब भी रघु के हाथ में hi था और उस झपटा झपटी में चाकू की नोख संजना के बाज़ू पर लगी और खून निकलने लगा तो रघु चहुँक गया और कहा, “अरे सॉरी लग गयी तुमको देखो खून निकल आया….”

संजना ने कहा, “ोफो कुछ नहीं, रहने दो, तुम कंटिन्यू करो कितना ाचा चल रहा था, चाहे मुझे चोट लगे या खून निकले तुम कंटिन्यू करो, रियल लग्न चाहिए मुझे ज़्यादा मज़ा आएगा वैसे… तुम जारी रखो, मेरे कपडे को इस चाकू से hi और ज़्यादा फाड़ो नाह, मुझे नंगा करो, अपने हाथ से बाद में मेरे कपड़ों को और ज़्यादा फाड़ो नाह रघु, और बीच में कुछ भी रियल बात मत करो, अपने रोले में कंसन्ट्रेट करो, चाहे तो मुझे एक घूंसा भी मारो मेरे चेहरे पर….. मुझे कोई ऐतराज़ nahin…come ों, कंटिन्यू आईटी नाउ…..”

रघु और जोश में आया और अपने किरदार को बेहतरीन तरीके से निभाने लगे और संजना के साथ ज़बरदस्ती करने लगा….. उस चाकू से उस्सने सच में कई जगह पर संजना के कपडे को फाड़ डाला उस्सने और चाकू को आखिर में बीएड पर रख कर उस्सने अपने हाथ से संजना के कपडे को फाड़ डाला और फिर चाकू से hi संजना को बीएड पर लेता कर उस्सकी ब्रा को कटा और उस्सकी पंतय को भी चाकू से फायदा उस्सने, उस दौरान फिर चाकू लगी संजना के जिस्म पर कई दफा और खून निकले…. एक बार संजना ने ज़ोर दिया के रघु उस्सको एक घूंसा मारे और रघु नहीं मान रहा था उसस्के गाल को सहलाते हुए कहा के नहीं इतनी खूबसूरत चेहरे पर वो घूंसा नहीं मरेगा, मगर संजना ने ज़िद किया के वो मारे और रघु ने एक ग़ुस्सा मार hi डाला जिस से संजना के होंठ फैट गयी और बहोत खून निकला…. रघु ने सॉरी कहा और उसस्के खून को पोंछा और प्यार से उस्सको किश किया, उसस्के बाद रेपिस्ट का रोले जारी रखा…. और इस तरह से दोनों ने सेक्स किया… संजना ने अपने जिस्म पर कई घाव लिए और रघु से दांत कटवाई अपने पीठ पर, कांधों पर, बूब्स पर और सेक्सुअल रिलेशनशिप हुआ दोनों में और झड़ने के वक़्त रघु ने अपने लुंड को बाहर निकाला और संजना के पथ पर ेजकुलाते किया जिस्सको संजना ने चादर से पोंछा, और राजू को अपने बाहों में भर लिया संजना ने, और आहिस्ते से चाकू लिया जो बीएड पर hi थे, सेक्स के दौरान संजना ने चाकू को अपने तकिये के पास कर लिया था, और जिस वक़्त रघु संजना के ऊपर लेता हुआ आखिर में झड़ने के बाद संजना ने चाकू को थमा और ज़ोर से रघु के पीठ में भोंका दो बार……

रघु चिल्लाया और बीएड से उठकर खड़ा हो गया संजना के चेहरे में देखते हुए हैरानी से और पूछा, “ऐसा क्यों किया तुमने…..” और उसस्के मुंह से खून निकलने लगा… पीठ पर जिस जगह चाकू लगा था उस से रघु के फेपर में चढ़ हो गया और उस्सको सांस लेने में तकलीफ हवे लगी थी, फिर भी वो खड़े होकर जाने की कोशिश में लगा हुआ था तो संजना ने ज़ोर से चावला साहब को आवाज़ दिया….

रघु चावला साहब को अंदर आते हुए देख कर चहुँक गया और कहा, “साहब, िस्सने मुझको चाकू मार दिया आप मुझे जल्दी से हॉस्पिटल लेचलो…..”

चावला साहब ने संजना के हाथ से चाकू वापस लिया और कपडे से पकड़ा चाकू को और उस्सने रघु के गर्दन के दाएं हिस्से पर ज़ोर से चाकू को भोंका, जिस से वहां की नस कट गयी और रघु ज़मीन पर गिर्र पड़ा!!! मर्डर गया वो वहीँ…..

चावला साहब और संजना ने मिलकर उस्सको उठाके बीएड पर कर दिया…..

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उसस्के बाद चावला साहब ने सब कुछ शुरू से संजना को समझाया के पुलिस को किआ और कैसे बताना है…. संजना के होंठ से अब भी खून निकल रहे थे और होंठ सूझ गयी थी, उसस्के जिस्म से कई जगह से खून निकल रहे थे जहाँ जहाँ चाकू की नोक लगे थे…. चावला साहब ने संजना को समझाया के वो आखरी चाकू जो उस्सने खुद रघु को मारे वो किस तरह और कब मारा रघु को वो सब समझाया संजना को….. संजना वैसे तेज़ दिमाग़ वाली थी, आखिर थी तो चावला का hi खून तो उस्सको सब कुछ आसानी से समझ में आगया के कैसे पुलिस को बताना होगा के किश तरह से रघु ने उस्का रपे किया और आखिर में संजना ने उस्सको मारा सेक्स करने के बाद…..

पुलिस को फ़ोन करने से पहले चावला साहब और संजना ने मिलकर सब कुछ सही से प्लान किया के कितने बजे से रघु और आनंद घर में झगड़ रहे थे, डिसकस कर रहे थे किसी बात को लेकर, और जिस वक़्त उस्सने आनंद को मारा संजना अपनी कमरे में थी और जब आनंद को चाकू लगा तो वो ज़ोर से चिल्लाया तब संजना भागते हुए उसस्के कमरे में गया तो देखा रघु उस्सको और भी चाकू मारते जा रहा था सीने में, संजना चिलायी और भाग कर वापस अपने कमरे में गयी तब, उस वक़्त उस्सने चावला साहब को फ़ोन करके कहा के रघु चाकू से उसस्के बाप को मार रहा है…. दोनों ने अपने अपने मोबाइल में देखा के तब किआ टाइम हुआ था जिस वक़्त संजना ने चावला को कॉल किया था, उसी टाइम को मेंशन करना होगा पुलिस को बयां देते वक़्त….. और चावला साहब अभी अभी यहाँ आया जब संजना ने रघु को मार दिया ठीक कुछ मिनट बाद चावला साहब यहाँ आये…

यह सब कुछ दोनों ने डिसकस कर लिया और प्लान बना लिया तब चावला साहब ने अपने कार को वापस फार्महाउस के सामने लाने से पहले संजना के उन् कपड़ों को जलाया जिस पर खून लगे थे जब उस्सने आनंद को मारा था. दूर जाकर जलाया उन् कपड़ों को और मिटी के निचे राख को दबा दिया और तब पुलिस को फ़ोन किया चावला साहब ने. इनफार्मेशन रूम में फ़ोन किया के एक मर्डर हुआ है और एड्रेस दिया, तब इनफार्मेशन रूम वालों ने उस इलाके के पुलिस वालों को वहां भेजा…..

और कौन पुलिस इंस्पेक्टर आया? वही वाला जिस ने चावला साहब की हेल्प किया था जब उस्का मोबाइल चुराया था एक शराबी ने इसी छोटे से शहर में याद होगा सब को, और वो पुलिस इंस्पेक्टर तो चावला साहब को पहचानता था और संजना को भी, सब पहले मिले थे…..

तो सब कुछ देखने और जांच पड़ताल करने के बाद उस इंस्पेक्टर ने कहा, संजना ने सेल्फ डिफेन्स में मारा रघु को, और रघु ने आनंद को मारा जिस्का गवाह खुद संजना है….. फिर भी फॉरेंसिक डिपार्टमेंट वालों को बुलाया गया जिन्हों ने बहोत सारे फोटोग्राफ्स लिए, उँगलियों के निशाँ लिए गए, बेडशीट पर सीमेन के सैम्पल्स लिए गए जहाँ जहाँ खून थे सब के सैम्पल्स लिए गए, और फॉरेंसिक के फोटोग्राफर और पुलिस के फोटोग्राफर वालों ने संजना के जिस्म पर पाए गए सभी खून के और चोट के निशाँ को फोटोग्राफ किया…

घंटों भर सब तहकीकात करते रहे जब तक चावला साहब ने अपने वकील को भी फ़ोन करके बुला लिया…. उस्सने भी काफी फोटोग्राफ्स लिए क्राइम सन के और संजना के जिस्म की भी…..

आखिर में इंस्पेक्टर ने चावला साहब से कहा क्यूंकि मर्डर हुए हैं संजना को पुलिस स्टेशन लेजाना पड़ेगा और उस्सको पुलिस सेल में डालना पड़ेगा, बाद में वकील साहब उस्सको बैल पर निकाल सकते हैं…..

तो वही हुआ आखिर में….. एम्बुलेंस आये, डेड बॉडीज को ले जाया गया पोस्ट मोर्टेम के लिए, फार्महाउस को सील किया गया और संजना को सेल में डाला गया…..

चावला साहब ने उस्सको दिलाशा दिलाया के घबराने की कोई बात नहीं कल तक वकील साहब उस्सको वहां से निकल लेंगे.

संजना ने धीरे से चावला साहब से कहा, “पापा मुझे जेल हो जाने दीजिए, सब कुछ सच सच बता देना चाहिए के दोनों को मैं ने hi मारा है, मैं अब आप सब से दूर होना पसंद करुँगी…. प्लीज मुझे अब वापस नहीं आना आप की दुन्या में मुझे भी मार डालना चाहिए था वहीँ पर….. मुझे खुद को चाकू भोंक लेना चाहिए था…..”

चावला साहब ने संजना से कहा, “खबरदार अगर कुछ और बयां दिया पुलिस को…. ग़ौर से सोचो इस में तुम मुझको भी बर्बाद कर डौगी क्यूंकि मैं भी शामिल हूँ इन् सब में….. बिल्कुल नहीं मुकरना, बिल्कुल कुछ भी मत कहना…. तुमको पुलिस को कोई बयां hi नहीं देनी है. वकील ने इंस्पेक्टर साहब से बात कर लिया है. कल उसस्के सामने तुम बयां डौगी, और बिल्कुल वही कहोगी जो हम दोनों ने कहा और प्लान किया है समझी तुम. देखो स्वीटहार्ट, अभी तुम कुछ तेनसेद हो, स्ट्रेस है समझता हूँ, मगर यू अरे ा स्ट्रांग लेडी, यू अरे ा चावला दो नॉट फॉरगेट… बे स्ट्रांग माय बेबी, ी लव यू, मेरे लिए स्ट्रांग रहना, एक रात की बात है. तुम संभाल लोगी मुझे पता है. घबराओ मत कुछ नहीं होगा कल सब ठीक हो जाएगा…..”

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और चावला साहब घर वापस पहुंचे तो सान्वी को बाहों में भर कर रोने लगे सब कुछ बताते हुए उस्सको……. आज नहीं छुपा पाए वो कुछ bhi…chawla साहब ने खुद सान्वी को बता दिया के संजना उस्सकी बेटी है और सब समझाया के कब और कैसे सब पता चला वग़ैरा वग़ैरा……

संजना चावला साहब को ज़ोर से बाहों में भरके उनके सर को सेहला रहे थे जैसे एक बचे को सहारा दे रही थी. उस्सको बहोत hi हैरानी हुई सब बात जान कर और सोचने लगी के इसी लिए संजना आरव के साथ कुछ बेरुखी से पेश आरही थी कल से…..

सान्वी ने चावला साहब के सर को अपने गॉड में लिया फिर अपने सीने से लगाया और अपने बूब्स पर ज़ोरों से दबा कर उनके सर को सहलाते गए…. देखने में लगता था वो उस्सकी पत्नी थी और चावला साहब उस्का पति….. बहोत प्यार चालक रहा था उन् दोनों के दरमियान….. दीप्ति एक कोने में कड़ी सब देख रही थी……

सान्वी मैं hi मैं सोचने लगी इतने दिनों से चावला साहब खुद अपनी बेटी के साथ सेक्सुअल रिश्ते में thi…aur आरव संजना का भाई है जिस से उस्सने शादी किया….. सान्वी के अंदर एक अजीब सी सेक्सुअल फीलिंग ारोउसे हुई इन् सब बातों को सोच कर…… दोनों ने डीडे किया के आरव और विवान को इस बात का पता नहीं चलना चाहिए के संजना उन् दोनों की बेहेन है.

तो बे कॉन्टिनोएड……………. (2350 वर्ड्स)
 
अपडेट 150 विवान एंड आरव ब्रिंग संजना बैक होम

चावला साहब ने संजना और आनंद दोनों के मोबाइल ले लिए थे, घर आने के बाद उस्सने दोनों के मोबाइल से उस मैसेज को डिलीट किया जो आनंद ने संजना को भेजा था गालियां देते हुए. शुक्र है के पुलिस वालों ने किसी की मोबाइल की मांग नहीं की थी. अगर शहर में हादसा हुआ होता और बड़े पुलिस वाले होते तो ज़रूर मोबाइल्स ज़प्त कर लेते. मगर हो सकता है के बाद में मोबाइल माँगा जाए, मगर चावला साहब उनके रिश्तेदार है तो उस्का हक़ बनता है अपनी बहु और समधी के मोबाइल को अपने साथ लेने की तो इस से उनको ज़्यादा प्रोब्लेम्स नहीं होगी यह सोचा था उन्हों ने.

जब देर शाम को आरव और विवान को सब कुछ पता चला तो वो दोनों संजना से मिलने गए उस शहर के पुलिस स्टेशन में एक पैनल ऑफ़ लॉयर्स के साथ. विवान बहोत स्ट्रांग था इस बारे में कंपनी के वकीलों के साथ और उस्सने अपने तरफ से बहोत बड़े बड़े वकीलों को लगाया अपने साथ. वहां के पुलिस ने उन् सब को मिलने दिया. अब क्यूंकि पुलिस इंस्पेक्टर चावला साहब के खानदान को बरसों से जानता था तो उनको कोई दिक्कत नहीं थी उन् लोगों को मिलने से….

और संजना ने आरव और विवान दोनों को बता दिया के वो उन् दोनों की बेहेन है और चावला साहब उस्का पिता. संजना ने दोनों से इल्तेजा किये के चावला साहब को नहीं पता लगने दें के उन् दोनों को यह बात पता है. विवान को थोड़ा बहोत चावला साहब के अफेयर के बारे में उन् दिनों पता था जब वह लोग गाओं चोर कर शहर आने वाले थे. क्यूंकि उन् दिनों बात काफी फेल चुकी थी गाओं में चावला साहब और आनंद की पत्नी को लेकर. विवान बड़ा भाई था तो उस्सको मालूम था इस लिए उस्सको कोई झटका नहीं लगा और उस्सने संजना को आज पहली बार सीने से लगाया पुलिस स्टेशन में आरव के सामने. दोनों भाई समझ गए के उन् के पिता को शायद शर्मिंदगी महसूस होगी इस लिए दोनों ने भी डीडे किये के सही है अपने बाप को नहीं पता चलने देंगे के उन् को पता है के संजना उस्सकी बेटी है.

संजना, विवान और आरव एक तरफ अकेले में बातें कर रहे थे जबकि सभी लॉयर्स केस की तहकीकात कर रहे थे, तसवीरें वग़ैरा देखते हुए. किसी वकील ने इन् तीनों को बातें करते हुए नहीं सुना.

बाद में उन् में से सबसे बड़ा वकील संजना से मिलने गया और उस्सकी बॉडी पर लगे खरचों का मुआएना किया तब इंस्पेक्टर से बात करने गए और आखिर में तय हुआ के संजना को उसी वक़्त पैरोल पर रहा किया जाए और कल फिर पुलिस स्टेशन में वो आजाएगी हाज़िरी देने जब तक केस कोर्ट में फाइल किया जाएगा. इंस्पेक्टर ने पैरोल पर संजना को रहा कर दिया.

जब तक वकील लोग पेपर्स सिग्न कर रहे थे, तब विवान और आरव एक तरफ आपस में बातें कर रहे थे. विवान ने कहा, “साला अपनी बेहेन के साथ शादी कर लिया तुमने, एन्जॉय करो छोटे!!” आरव ने मुस्कुराते हुए कहा, “मैं ईंटे दिनों से ईन्सेस्तुओस रिलेशनशिप में था और मुझे पता बी नहीं था कमाल है भाई!” तो विवान ने पूछा, “अब जान कर कैसा लग रहा है तुझे? किआ उसस्के साथ आगे निभा पाएगा तू?”

आरव के समझ में नहीं ारः था के किआ जवाब दें अपने बड़े भाई को और उसस्के चेहरे में देखता रहा. तो विवान ने कहा, “अरे किआ सोच रहा है? एन्जॉय कर अब तो तुझको और भी बहोत ज़्यादा एक्साइट होना चाहिए के बेहेन मिल गयी तुझको मज़ा करने के लिए, यह ईन्सेस्तुओस रिलेशनशिप बड़ा हॉट होता है और इस्सके एक अजीब कशिश होती है, मैं तेरे जगह होता तो अब तो डबल सेक्स करता उसस्के साथ!!”

तब आरव ने कहा, “भाई सच में मुझको और ज़्यादा एक्ससिटेमेंट हो रहा है सब सोच कर और उस्सको इसी वक़्त लेटने का मैं करने लगा है, सही कहा आप ने सच में अलग hi बात है, दिमाग़ में अलग सेक्स की ख्वाहिश होने लगी संजना को सोच कर अब तो, ऐसा क्यों है?!”

विवान ने कहा, “खून की फुंकार है छोटे, ऐसा hi होता है जब अपने खून के साथ सेक्स किया जाता है तो. उम्मीद है के संजना के तरफ से भी वही कशिश हो वार्ना तेरे लिए मुश्किल पर जाएगा, अगर उसस्के तरफ से भी ऐसा hi सेक्सुअल फीलिंग होगी तो तुम दोनों की सेक्स लाइफ बहोत मज़बूत होगा, बहोत क्लोज रहोगे दोनों और तुम्हारे सेक्स लाइफ में बहोत तरक्की करोगे उसस्के साथ मेरा यकीन करो!”

अजीब बात थी के संजना के जिस्म पर इतने घाव देखने के बावजूद दोनों सेक्स के बातें कर रहे थे. हालां के आरव को पता चला के रघु ने उस्का रपे किया, किसी ग़ैर मर्द ने उसस्के अंदर अपने लुंड घुसाया फिर भी आरव को उस वक़्त संजना के साथ सेक्स करने की तड़प जाग रही थी….. विवान ने भी संजना पर हुए रपे को नज़र अंदाज़ किया बिल्कुल जैसे कुछ हुआ hi नहीं, बल्कि उस्सको खून के इलज़ाम से आज़ाद करने पर ज़्यादा ध्यान दे रहे थे.

उधर चावला साहब और सान्वी को पता चल चूका था के दोनों भाई संजना से मिलने गए हुए हैं. चावला साहब सान्वी से एहि बात कर रहा थे के कहीं संजना उन् दोनों को असलियत बता नाह दे! मगर सान्वी ने भी सोचा के वो कभी नहीं बता पाएगी के वो उन् दोनों के बेहेन हैं.

जब संजना को रहा किया गया तो आरव ने उसस्के कांधों पर हाथ करके उस्सको सीने से लगाते हुए कार तक चलके गए और विवान ने दोनों को पीछे वाले सीट पर बैठने को कहा. विवान आगे बैठा मगर एक ड्राइवर ड्राइव कर रहा था. बाकी के लॉयर्स अपने अपने कार में गए हुए थे. सब को चावला साहब के घर में वापस मिलना था उसी वक़्त केस के बारे में डिसकस करने के लिए.

रास्ते में जाते वक़्त बार बार विवान मुड़कर दोनों को देख रहा…. विवान के दिल में अब एक अलग तरह की सोच पैदा होने लगा था संजना के प्रति….. और पीछे के सीट पर आरव संजना के गाल पर हाथ फेरर रहा था आहिस्ते आहिस्ते, उस्सको कम्फर्ट करते हुए, उस कठिन मौके पर उस्सको दिलाशा देते हुए और उसस्के गाल को चूमते हुए…. विवान बार बार दोनों को देख रहा था….. आरव ने आहिस्ते आहिस्ते संजना के बूब पर अपना हाथ किया और हलके से सहलाया और संजना ने “आह” किया क्यों के उस बूब पर रघु ने दांत कटा हुआ था तो उस्सको दर्द हुआ मगर आअराव समझा के उतेजिना से उस्सने वैसा किआ फिर उस्सकी दूसरे बूब को दबाया तो संजना ने विवान के तरफ देखते हुए आहिस्ते से कहा, “चोर्रो नाह देखो भाई देख रहा है!” तो आरव ने आहिस्ते से पूछा, “किस्सका भाई? मेरा भाई या तेरा भाई देख रहा है हम्म?!” संजना ने हलके से उस्सको एक ग़ुस्सा मारते हुए कहा, “तुमको शर्म नहीं अति अपने बड़े भाई के सामने मेरे बूब्स दबाते हुए चोर्रो नाह बेशरम कहीं का!”

आरव ने कहा, “अरे रात हो रही है कुछ नज़र नहीं ारः उससे, वो समझ रहा है के हम थोड़ा सा प्यार कर रहे हैं, उस्सको कैसे दिखेगा के मेरे हैट तुम्हारे बूब्स पर हैं? चलो एक किश दो नाह मुझे!”

संजना ने थोड़ा नखरा करते हुए कहा, “नहीं, देखो मेरे होंठ सूझे हुए है!” तब आरव ने कहा, “साले ने तुम्मो मारा था, उस्सको उसस्के मरने पर भी मैं घूंसे से उस्का थोपरा बिगाड़ देता अगर मिलता मुझे तो!!”

अब अजीब बात यह थी के कल रात को संजना को आरव में अपना भाई नज़र ारः था और इस वक़्त आरव फ़्लर्ट कर रहा था उसस्के साथ तो संजना करने दे रही थी. संजना खुद को hi नहीं समझ पा रही थी. ऊपर से अभी अभी उस्सने दोनों को बताया था के वो उनके बेहेन हैं….. फिर भी आरव की सेक्सुअल देसिरेस को देखते हुए संजना शायद समझ गयी थी के आरव को कोई दिकत नहीं वो बेहेन है के नहीं उस्सको उस से बहोत प्यार था और उस्सको अपना पत्नी hi मंटा था शायद इस लिए संजना खुश थी.

और संजना ने धीरे से फिर कहा, “पापा को मत पता चलने देना के मैं ने तुमको बता दिया के तुम मेरे भाई हो, और भाई से भी केहदो के वो कुछ पता नहीं चलने दे उनको!”

आरव ने सुन लिया और धीरे से मुड़कर कहा, “शहहह ड्राइवर सुन लेगा, फ़िक्र मत करो कुछ नहीं बताएंगे डैड को okay.!”

संजना को जब पता चला के विवान उनके बातों को सुन रहा था तो उस्सको शर्म आयी और अपने मुंह पर हाथ रखते हुए फुस्फुसाते हुए आरव के सीने पर अपना सर रख के कहा, “देखा उस्सने हमारी साड़ी बातों को सुना!”

तब आरव ने भी फुस्फुसाते हुए संजना के गर्दन को चूमते हुए कहा, “कौन सी बेहेन? तुम मेरी बेहेन हो? या पत्नी? Ok ठीक है घर चल कर इस बेहेन को अपनी बीएड पर नंगा करता हूँ क्यों डार्लिंग अपने भाई के साथ बीएड पर होगी नाह?!” संजना ने हँस्ते हुए उस्सको फिर ग़ुस्सा मारा उसस्के छाती पर….. विवान ने सब कुछ सुना और उस्सको एक एक्ससिटेमेंट हुई दोनों के बातों को सुनकर!!

घर पहुंचने पर चावला साहब हैरान और खुश हुए संजना को वापस पाकर और उन् वकीलों का शुक्रिया ऐडा किया और लाउन्ज में सब बैठे डिसकस करने के लिए.

सान्वी ने संजना को सीने से लगाया, दीप्ति भी दौड़ कर लिपट गयी संजना के साथ और विवान खड़ा संजना को घुर्र रहा था जो सान्वी ने नोटिस किया.

सान्वी संजना को उस्सकी कमरे में लगाई और उस्सको एक हॉट शावर लेने को कहा. सान्वी ने आरव को अंदर आने से मन किया यह कहकर के वो संजना के जिस्म पर लगे घाव को देख रही है और पट्टी करेगी जहाँ ज़रुरत है… तो आरव निचे रह गया अपने डैड, विवान और वकीलों के साथ.

लॉयर्स ने कहा के क्लियर एंड साफ़ सेल्फ डिफेन्स केस है और सभी प्रूफ्स साफ़ कहते हैं के संजना ने कुछ भी ग़लत नहीं किया, उस्सकी रपे हुई, उस्सकी डैड का खून किया रघु ने और खुद को बचने के लिए संजना ने रघु को मारा वार्ना रघु उस्सको मार देता. बहोत आसानी से केस जीत लिया जाएगा कोर्ट में इस में कोई भी शक नहीं है. सभी वकीलों ने एहि कहा जिस्सको सुनकर चावला साहब और दोनों बेटों को बहोत सुकून मिला. कहा गया के कल सुबह को सब फाइल कोर्ट में भेजा जाएगा, और पुलिस ने भी बड़े आसानी से एहि रिपोर्ट बना दिए हैं जो वकीलों ने कहा. तो सब कुछ आसानी से हो जाएगा. कुछ भी अगेंस्ट नहीं था संजना के.

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उधर सान्वी ने संजना को शावर में नंगा किया उसस्के जिस्म पर जहाँ जहाँ घाव लगे थे सहलाया, नरमी से सब जगह को चुम्मा और दोनों लेडीज इश्क फरमाने लगे बाथरूम में….. दोनों के जिस्म एक दूसरे से सट्टे हुए थे, संजना ने सान्वी के कपडे भी उतार डेल और संजना सान्वी की बूब्स को चुस्सने लगे….. दोनों के जिस्म गर्मी से तप रहे थे और बिल्कुल बेकाबू हो गए थे दोनों और इस कदर अपने जिस्म को दोनों एक दूसरे के जिस्म से रागढ रहे थे जैसे के दो जिस्म एक जान थे दोनों उस वक़्त….. घंटा भर दोनों अंदर रहे यहाँ तक के सभी लॉयर्स वापस चले गए और आरव ऊपर जाकर अपने कमरे का दरवाज़ा खटखटाने लगे… सिर्फ उसस्के बाद दोनों महिलाएं शावर से बाहर निकले अपने अपने जिस्म को टॉवल में लपेटे हुए, फिर ड्रेस हुए तब आरव को अंदर आने दिया गया!

जब आरव ने अपनी भाबी को भी भीगे हुए देखा तो कहा, “ाचा तो यह बात थी, दोनों एक साथ नाहा रहे थे वाओ!! अरे भाबी मुझे तो इस्सके साथ नहाने देती! कितना मिस किया मई ने अपनी संजू को! अब आप जाओ और मुझे अपनी डार्लिंग के साथ वक़्त बिताने तो दो!!”

हँस्ते हुए सान्वी ने आरव के गाल पर हलके से मारते हुए कहा, “चल जा एन्जॉय कर अपनी डार्लिंग के साथ मैं चली तेरे भैया के पास!”

और आरव ने संजना को बीएड पर धकेलते हुए उसस्के ऊपर चढ़ा और कहा, “आज मैं अपनी बेहेन के साथ सेक्स करूँगा, बोलो सिस्टर, करने डौगी नाह इस बरोथेर को हम्म?!”

संजना ने हँस्ते हुए कहा, “शैतान बन गए हो तुम, बेशरम, तुमको बिल्कुल शर्म नहीं अत किआ?”

आरव ने कहा, “अरे जब मुझको पता चला तो सोचने लगा के इतने दिनों से हम ईन्सेस्तुओस रिलेशनशिप में थे तो बड़ा एक्ससिटेमेंट हुआ और तुम्हारे साथ सोने की इच्छह और भी बढ़ गयी ऐसा क्यों हुआ पता नहीं!”

संजना के मुंह से यह निकल गयी, “तुम सब एक हो सब इन्सेस्ट के पुजारी इस घर में इसी लिए!!”

तो बे कॉन्टिनोएड…………. (2150 वर्ड्स)
 
अपडेट 151 विवान एंड सान्वी टॉक अबाउट थम

आरव ने कहा, “अरे जब मुझको पता चला तो सोचने लगा के इतने दिनों से हम ईन्सेस्तुओस रिलेशनशिप में थे तो बड़ा एक्ससिटेमेंट हुआ और तुम्हारे साथ सोने की इच्छह और भी बढ़ गयी ऐसा क्यों हुआ पता नहीं!”

संजना के मुंह से यह निकल गयी, “तुम सब एक हो सब इन्सेस्ट के पुजारी इस घर में इसी लिए!!”

अब आगे…….

संजना ने वैसा कह दिया फिर अपने जीब को डेंटन में दबाते हुए आरव के चेहरे में देखा के वो किआ सवाल करेगा उस्सकी उस बात पर मगर शुक्र है के आरव संजना के बूब्स को चाटने में लग गया था और उस्सकी बातों को नज़र अंदाज़ किया! वार्ना संजना के बात का तो एहि मतलब था के सब इस घर में इन्सेस्ट के पुजारी हैं के चावला साहब बाप है और उसस्के साथ सेक्स करता है और आरव भाई है और वो बेहेन के saath….matlab तो एहि था और अगर आरव ने इस बात पर सवाल किया होता तो एहि पूछता के सब इस घर में इन्सेस्ट के पुजारी हैं तो मतलब विवान और पापा भी!!! ऐसी बात ज़रूर होते दोनों के बीच और किआ पता के संजना यह बात भी बता देती आरव को के खुद उस्का बाप भी उसस्के साथ शारीरिक सम्बन्ध रखता है और वो भी उसस्के शादी के पहले से hi…. अब सोचने की बात यह है के अगर आरव को पता चला के उस्का बाप उसस्के शादी के पहले से hi संजना के साथ सेक्स करता था, और एहि बात अगर विवान को भी पता चला तो कैसा रहेगा इन् सब के रिलेशनशिप घर में?

सान्वी को सब पता है, और एक दिन सान्वी जान्ने की कोशिश में थी के संजना विवान को किसी लगती है…. तो किआ अगर विवान और आरव को पता चला के संजना खुद अपने बाप से सेक्स करती है तो किआ ज़्यादा एक्ससिटेमेंट बढ़ेगा, किआ शेयरिंग वाली फीलिंग आएगी सब में या जलन और ग़ुस्सा जनम लेगी?

चलो फिलहाल सान्वी के कमरे में देखते हैं किआ होता है उसस्के बाद संजना के कमरे के तरफ बढ़ेंगे.

सान्वी ने विवान को नहाने के लिए टॉवल वग़ैरा देदिया नहाने के लिए और दीप्ति को सुलाने चली गयी.

विवान नहाने के बाद जब सान्वी के साथ बीएड पर पाया गया तो बात संजना से hi शुरू हुई दोनों के बीच. शुरुवात विवान ने hi किया. सान्वी दिलचस्पी से उस्सको सुन रही थी क्यूंकि उस्सको खुद जानना था के विवान किआ सोचती है संजना के बारे में. लास्ट टाइम सान्वी ने सोचा था के वो खुद संजना को सेक्सुअली पसंद करती है, उसस्के ससुर संजना को पसंद करती है, आरव उस्सको चाहता है तो विवान किआ संजना के तरफ रूचि रखता है या नहीं, यह बात खटकी थी एक रोज़ सान्वी के मैं में और आज खुद विवान संजना के बारे में बात करना शुरू किया तो सान्वी बड़े आराम से उसस्के चेहरे में देखते हुए उस्सको सुनने लगी.

विवान ने कहा, “एक बेहेन मिल गयी घर में hi वह किआ बात है! बहोत अछि है नाह संजना? तुम उसस्के साथ कितनी क्लोज हो?!”

सान्वी शॉकेड उस्सको देखने लगी तो विवान ने सब कुछ बता दिया सान्वी को जो कुछ संजना ने बताया पुलिस स्टेशन में उन् दोनों को….. फिर सान्वी को भी बताना पड़ा के उस्सको सब पता है पहले से hi… उस्सने भी सब कुछ बता दिया जो कुछ चावला साहब ने उस्सको बताया…. मगर अब सान्वी इस सोच में डूब गयी के आरव को पता है के संजना उस्सकी बेहेन है और उसस्के साथ अभी अभी उस्सने दोनों को बैडरूम में चोर्रा और दोनों सेक्स करने जा रहे हैं….. सान्वी हैरान थी के उस्सने आरव के नज़र में संजना के लिए बहोत सेक्सुअल फीलिंग्स देखि थी मतलब यह जानते हुए के वो उस्सकी बेहेन है वो सेक्सुअली और भी अत्त्रक्टेड लग रहे थे संजना के तरफ और खुद संजना भी भूकी लग रही थी यह जानते हुए के आरव उस्का भाई है…. सान्वी समझ गयी के दोनों आरव और संजना इस रिश्ते से और भी सेक्सुअली इंटरेस्टेड हो गए हैं क्यूंकि जो कुछ उस्सने देखा संजना के कमरे में उस से सान्वी ने एहि नतीजा निकला के दोनों एक दूसरे में डूबने के लिए कितने उतावले थे….. सान्वी सोचने लगी के भाई बेहेन होते हुए भी दोनों में इतने सेक्सुअल फीलिंग्स और इंटरेस्ट कैसे हैं!!!

सान्वी ने विवान के सीने पर सर रखते हुए और उसस्के छाती के बालों में उँगलियाँ फरते हुए कहा, “ाचा जी, इतने दिनों से संजना इस घर में है और आज पहली बार आप को संजना दिखा किआ? मैं उस से बहोत hi क्लोज हूँ, क्यों?!”

विवान सान्वी के सर के बालों में अपना हाथ फेरते हुए कहता है, “सोचने की बात है के आरव को अब पता है वो उस्सकी बेहेन है और दोनों बीएड पर सेक्स करेंगे कैसा लगेगा आरव को सोचा है तुमने?!”

सान्वी ने विवान के चेहरे में सर उठा कर देखा और उसस्के दिमाग़ में चलते कश्मकश को समझने की कोशिश करते हुए कहा, “भाई बेहेन बनने से पहले दोनों हस्बैंड वाइफ है जी, तो मेरे ख्याल से तो नार्मल होगी दोनों के रिलेशनशिप….. क्यों आप को कुछ अजीब लग रहा है किआ?!”

विवान ने तब सोचा के वो संजना के बारे में कुछ ज़्यादा hi सोच रहा है और सान्वी को शायद ाचा नाह लगे इस लिए उस्सने टॉपिक को चेंज किया और कुछ और बात करने लगा मगर सान्वी उसी टॉपिक पर बात करना चाहती थी तो उस्सने पूछा,

“आप बताओ मुझे के आप को संजना किसी लगती है, मतलब अभी नहीं, बेहेन जान्ने से पहले किआ आप ने कभी उस्सको ग़ौर से देखा या सोचा कभी?!”

विवान: “वैसे तो मैं ने उस्सको कभी ग़ौर से देखा hi नहीं, हाँ शादी वाले दिन गद्य लग रही थी… उसस्के बाद सिर्फ एक बार सुबह को तुम्हारे साथ उस्सको किचन में देखा था मैं ने, वो भी तेरी तरह एक निघ्त्य में hi थी और खूबसूरत दिख रही thi…mujhe बहोत अच्छा लगा था तुम दोनों को एक साथ किचन में देख kar…wo खिलखिलाती रहती थी, जब देखो उसस्के होंठों पर एक मुस्कान और हंसी रहती थी… उस्का हंसमुख चेहरा उस दिन मुझे ऑफिस में दिन भर याद raha….aur एक बार रात को मैं ने उस्सको डैड के पास देखा था लाउन्ज में टीवी देखते हुए, तब भी वो निघ्त्य में hi थी और आरव शायद ड्रंक था उस रात को, और वो डैड के काफी क्लोज बैठी थी, दोनों में काफी क्लोसनेस्स है मैं ने सोचा था उस रात को……”

सान्वी सोचने लगी वो किश रात की बात कर रहे थे? खुद सान्वी को नहीं पता था वो बात. तो सान्वी ने पूछा, “कितने दिन हुए इस बात को? और मैं कहाँ थी उस वक़्त उस रात को?”

तो विवान ने कहा, “एहि कोई एक महीने पहले की बात है, तुम अपने कमरे में थी यहीं, मैं बारह बजे रात को घर आया था तो दोनों को लाउन्ज में देखा था…. क्यों पूछ रही हो?!”

सान्वी: “ऐसे hi… किआ संजना ने निघ्त्य के ऊपर रोबे पहनी हुई थी उस वक़्त या सिर्फ निघ्त्य में थी?”

विवान: “अरे यह किआ सवाल हुआ? अपने ससुर के साथ बैठी हुई थी तो रोबे भी पहनी होगी नाह? मैं ने ख्याल नहीं किया ह्म्म्मम्म शायद अरे हाँ संजना की बाहें दिखे थे मुझे मतलब रोबे नहीं पहनी हुई thi…are हाँ तो वो पापा के साथ वैसे बैठी थी और बहोत क्लोज जैसे….. ओह!!”

सान्वी समझ गयी के दोनों इश्क फार्मा रहे होंगे उस वक़्त वहीँ लाउन्ज में और संजना खुद गयी होगी उनके पास… मगर जब दोनों ने विवान की कार को गेराज में एते हुए देखा तो रुक गए होंगे और पास बैठने की एक्टिंग किया होगा दोनों ने….. और अब सान्वी सोचने लगी के अब विवान के मैं में किआ चल रहा है तो पूछा, “ओह” क्यों किया? किआ हुआ?!”

विवान: “नहीं सोच रहा हूँ संजना डैड के कितने क्लोज हैं? किआ उस्सको पहले से पता था के डैड उसस्के पापा है किआ?!”

सान्वी: “मुझे किआ पता? तुम खुद पूछ लेना उस से….”

विवान: “सान्वी, अब सोचो डैड को कैसा फील हो रहा होगा के उस्का छोटा बीटा और उस्सकी बेटी एक साथ कमरे में, पति पत्नी का रिश्ता निभा रहे हैं…. डैड को किआ फील हो रहा होगा इस बारे में?!”

सान्वी को विवान का इंटरेस्ट उस बारे में जानकार काफी अजीब लगने लगा, उस्सको लगा के विवान कुछ ज़्यादा hi इंटरेस्ट ले रहा है इस बारे में. तो सान्वी ने कहा,

“पिता जी को मजबूरन सब एक्सेप्ट करना पर रहा है नाह, अब तो पीछे नहीं मूढ़ सकते, वापस कुछ बदल तो नहीं सकते नाह? तो जैसा चल रहा है वैसा hi सब कुछ उनके ख्याल से चलने देना चाहिए, ऐसा hi सोच रहे होंगे वो….. मेरे ख्याल से तो एहि बात होगी उनके दिमाग़ में, क्यों तुमको कुछ ठीक नहीं लग रहा किआ?

विवान ने कुछ नहीं कहा और सान्वी के बूब पर अपने मुंह रखा और चाटने लगा…… सान्वी कसमसाती गयी और जल्द hi सान्वी को बिल्कुल नंगा कर दिया विवान ने और उसस्के ऊपर चढ़ गया….. उस वक़्त विवान के दिमाग़ में संजना दिख रहा था, वो यह सोच कर सान्वी को चुम और चाट रहा था के वो संजना के ऊपर बिस्तर पर लेता हुआ है, उस्सको आरव भी दिख रहा था, वो यह सोचते हुए सान्वी के साथ सेक्स करने लगा जैसे वो आरव है और सान्वी संजना है….. उधर सान्वी के मैं में भी वही खयालात पैदा हुए, वो भी संजना और आरव को hi सोचने लगी और यह सोचते हुए उस्सने भी विवान से सेक्स किया के वो खुद संजना बानी हुई है और आरव उस्का भाई उसस्के साथ सेक्स कर रहा है……. सेक्सुअल इंटरकोर्स बहोत इंटेंस था, और बहोत hi जल्दी दोनों ओर्गास्म को रीच हुए…. बहोत गरम माहौल बन गया और विवान का इरेक्शन ज़बरदस्त रहा पुरे इंटरकोर्स के दौरान….. सान्वी को उस्सने बरसों बाद आज इतनी जोइश में भोगा… सान्वी विवान की सेक्सुअल एपेटाइट को जानती है, उस्सको मालूम है के विवान ऐसा नहीं है, वो बहोत कम सेक्स करता है उसस्के साथ दीप्ति के बिरथ के बाद मगर आज रात को जिस तरह से विवान ने सेक्स किया उस्सको उस्सकी शादी की सुहाग रात याद आगयी….. सान्वी समझ गयी के सब संजना की वजह से हुआ, सान्वी समझ गयी के संजना को सोच कर hi आज विवान ने उसस्के साथ सेक्स किया…….. आज विवान ने सान्वी से नहीं संजना से सेक्स किया यह पक्का यकीन था संवी को……

तो बे कॉन्टिनोएड……………….
 
अपडेट 152 चावला साहब एंड संजना….

उधर संजना और आरव भी उसी तरह ज़बरदस्त सेक्सुअल इंटरकोर्स में लगे हुए थे, बहोत hi इंटेंस इंटरकोर्स चल रहा था दोनों के बीच….. आरव संजना को अपनी बेहेन समझ कर छोड़ रहा था और संजना के मैं में उस्सने आरव को अपना भाई बनाया हुआ था उस दौरान और दोनों इतने गरम, सेक्सुअली अरूसेड थे के दोनों को पता hi नहीं चला कब दोनों ओर्गास्म रीच हो आये और हांफते हुए दोनों एक दूसरे से चिपके बीएड पर हंससने लगे….. और आरव ने हँस्ते हुए hi कहा, क्यों मेरी बहना मज़ा आया भाई के साथ सेक्स करते हुए? आज की इंटरकोर्स बहोत ज़बरदस्त था नाह क्यों सच बता!!” संजना ने उसस्के छाती पर घूंसा मारते हुए कहा, “जंगली कहीं का अपनी बेहेन को छोड़ता है तू, जानवर कहीं का हीहीहीहीहीहीही!”

और हँस्ते हुए संजना ने अपने सूझे हुए होंठ पर हाथ रखते हुए दर्द में “आआह्ह्ह्ह” किया… तो जल्दी से आरव ने उस्सको बाहों में भरके प्यार से उसस्के उस सूझे हुए होंठ को चूमा और संजना को बड़े प्यार से सीने से लगाया…..

उन् दोनों के कमरे के दरवाज़े के पास चावला साहब खड़ा सुन रहा था दोनों को….. वो कुछ कहने के लिए आया था और दोनों को सेक्स करते हुए सुना और दोनों के बातें भी सुने उन्हों ने, उस्सको पता चला के दोनों भाई बेहेन के रिश्ते से और भी सेक्सुअली अत्त्रक्टेड हैं!! और सोचने लगा के आरव को भी पता चल चूका के संजना उस्सकी बेहेन है फिर भी उस्सको कोई फरक नहीं पड़ा. इस से चावला का एक बोझ हल्का हुआ मगर सोचने लगा के कैसे आरव को पता चला, किआ संजना ने उस से कहा? तो किआ विवान को भी पता है यह सोचने लगे चावला साहब….. वो इसी लिए इधर आया था संजना से hi बात करने के लिए के वो किसी बी कीमत पर आरव को पता नहीं चलने डिंक इ वो उस्सकी बेहेन लगती है मगर दोनों के बातें सुनकर चावला साहब हताश भी हो गए और एक तरफ से उनको सुकून भी मिला.

फिर भी चावला साहब ने दरवाज़ा खटखटाया!

आरव झट से बीएड से उतारते हुए संजना से कहा, “ोफो कौन होगा?!”

संजना जल्दी से अपनी निघ्त्य पेहेनते हुए कहा, “जवाब तो दो तब तक मैं कपडा पहनती हूँ!”

आरव ने अपना शार्ट और टीशर्ट पेहेनते हुए कहा, “हाँ अत हूँ, कौन है?!”

तो बाहर से चावला साहब ने कहा, “मैं हूँ आरव मुझे कुछ बात करनी है!”

अब संजना ने आरव को देखते हुए फुस्फुसाते हुए कहा, अरे जाओ दरवाज़ा तो खोलो अब मैं यूंकि कम्बल के निचे रहती हूँ, तुम पापा को अंदर आने को तो कहो पता नहीं उसे किआ कहना है!”

आरव ने दरवाज़ा खिला और अपने डैड को अंदर आने को कहा, और चावला साहब षाले हुए बीएड तक गए और बीएड पर बैठ कर संजना के सर पर हाथ फरते हुए कहा, “किसी हो? दर्द हो रहा है घाव पर?”

आरव देख रहा था के उसस्के डैड में संजना के लिए बहोत प्यार था और फ़िक्र भी, उस्सको ाचा लगा के बाप को बेटी का कितना ख्याल है…. मगर संजना उस वक़्त अपनी निघ्त्य में थिस और उसस्के काँधे पर पतली सी स्ट्राप थी जिस में उस्सकी गोरी बाज़ू साफ़ दिख रहे थे और आरव ने ग़ौर किया के संजना ने ब्रा नहीं पहनी हुई है, और जिस जगह आरव खड़ा हुआ था वहां से उस्सको संजना की आर्मपिट के बगल में संजना की बूब्स काफी दिख रहे थे….

चावला साहब ने तब संजना के सूझे हुए होंठ पर हलके से अपना हाथ फरते हुए कहा, इतनी प्यारी सी होंठ पर इतनी सुझान, कुछ नहीं लगाया तुमने इस पर? कितना दुःख रहा होगा नाह?”

संजना में मुस्कुराते हुए कहा, “सान्वी भाबी ने काफी दवा दिए, और गोलियन भी दर्द बहोत कम है आप फ़िक्र नाह करें मैं ठीक हूँ!”

तब चावला साहब ने कहा, “आरव बीटा मुझे संजना से कुछ प्राइवेट बातें करनी किआ तुम हम दोनों को थोड़ी देर के लिए बात करने के लिए अकेला चोरर सकते हो?!”

आरव ने आराम से कहा, “ऑफ़ कोर्स पापा no वर्रिएस आप दोनों बातें कीजिये मैं लाउन्ज में जाता हूँ, आज मैं भी एक ड्रिंक बनता हूँ आप के बॉटल से हेहेहे!”

चावला साहब ने कहा, “ठीक है बीटा जाओ एक ड्रिंक बना लो आराम मिलेगा, तब तक मैं संजना से थोड़ा बात कर लेता हूँ.”

आरव निचे चला गया और खुश था के उसस्के डैड संजना का कितना ख्याल कर रहा है; वो निचे एक ड्रिंक बना के लाउन्ज के काउच पर बैठ गया और बहोत खुश दिख रहा था. वो सिर्फ एहि सोच रहा था के मुंडेर को लेकर उसस्के डैड संजना से कुछ डिसकस कर रहे होंगे…

आरव के जाने के कुछ लम्हे बाद चावला साहब ने संजना को ज़ोर से अपने बाहों में भरा और उस्सको चूमते हुए पूछा, “आरव को कैसे पता चला के तुम उस्सकी बेहेन हो? मैं ने मन किया था नाह तुमने बताया उस्सको?!”

संजना ने कम्बल हटा दिया और अपने जिस्म को अपने पापा के बाँहों में सिमट दिया और कहा, “पापा उस वक़्त लॉक उप में मैं बहोत तनहा और अकेली महसूस कर रही थी और जब दोनों मुझसे मिलने आये तो मैं टूट सी गयी और मेरे मुंह से सब बात निकल गयी ी ऍम सॉरी, मगर दोनों को कुछ ज़्यादा हैरानी या नाराज़गी कुछ नहीं हुए बल्कि दोनों खुश लगने लगे और मज़ाक भी करने लगे, तो मुझे अच्छा लगा और विवान भाई को तो जैसे सब पहले से पता था, उस्सको आप के और मम्मी के बारे में शुरू से पता था शायद उसस्के बातों से ऐसा लगा मुझे….”

चावला साहब संजना के जिस्म के उन् हिस्सों को देखते हुए जो निघ्त्य में दिख रहे थे, अपने हाथों को उन्ही जगाओं पर फर्र्ना शुरू किया और किश करने लगे संजना को और उनके किश को संजना अछि तरह से रेस्पोंद भी कर रही थी मगर बार बार अपने सूझे हुए होंठ को हाट से छह रही थी….. फिर संजना ने धीरे से कहा,

“पापा कहीं आरव अचानक अंदर वापस नाह आजाये और हमको ऐसे देख लिया तो किआ होगा?!”

चावला साहब ने संजना के बूब को करेस करते हुए कहा, “बिना खटखटाये और इजाज़त लिए वो कभी नहीं आएगा, उस में तमीज़ है, और वो ड्रिंक लेने गया है तो इतनी जल्दी तो नहीं वापस ानेव अला स्वीटहार्ट!”

और चावला साहब का हाथ संजना के जाँघों पर गया और सहलाते हुए उस्सने अपने हाथ को ऊपर किया तो पाया के संजना ने पंतय नहीं पहनी हुई थी और चावला का हाथ सीधे उस्सकी गीली छूट तक चले गए, और उनके छुवन से संजना ने अपने पापा को और भी ज़ोर से बाहों में जाकर लिया और अपने टांगों को फैला दिया बीएड पर…..

चावला साहब अपने दिमाग़ में यह सोचते हुए के अभी अभी उस्सने सुना के दोनों भाई बेहेन कितने एन्जॉय कर रहे थे यह जानते हुए के दोनों भाई बेहेन हैं और ईन्सेस्तुओस एनकाउंटर का कितना मज़ा ले रहे थे, इस बात को सोचते हुए चावला साहब का जमके खड़ा हो गया था और कपडे के अंदर से hi संजना के जाघों पर अपने तन्ने हुए लुंड को दबाया और कहा,

“स्स्स्सस्ठ्ठ आआआहहह, तुम्हारा जिस्म सच में तेरी माँ की तरह hi है, आरी मेरी गद्य तुमने अभी अभी भाई बेहेन के रूप में सेक्स किया नाह आरव के साथ सच बता एहि हुआ था नाह अभी तुम दोनों के बीच? आरव को बड़ा मज़ा आया अपनी बेहेन के साथ सेक्स करते हुए हम्म? सच बता मुझे नाह….”

संजना अपने होंठों को दबाते हुए मुस्कुरायी और धीरे से कसमसाते हुए अपने पापा के बाहों में कहा, “मैं किआ करूँ पापा, आप सबको मैं हर रूप में पसंद हूँ, आप की बहु भी हूँ और बेटी भी उस्सकी पत्नी भी हूँ और बेहेन भी, अब मेरा जिस्म आप सबको इतना ख़ुशी देता है तो मैं कर भी किआ सकती हूँ, हम्म पापा? आप hi बातो नाह!”

चावला साहब ने अपने लुंड को कपडे से बाहर निकल कर संजना के जाँघों के बीच रगड़ते हुए कहा, “मगर सच बता किआ अभी अभी भाई बेहेन के रूप में सेक्स करते हुए ज़्यादा मज़ा आया या जब पति पत्नी की तरह करते थे तुम दोनों तब ज़्यादा मज़ा अत था?”

“संजना ने चावला साहब के कान को अपने दांतों में दबाते हुए और हलके से अपना जीब उनके कान के पीछे फरते हुए कहा, “सच बोलूं? आज उसस्के साथ करते वक़्त बिल्कुल वैसे फीलिंग्स आये जो आप के साथ करते वक़्त अत है, हाँ ज़्यादा हॉट और एक्ससिटिंग था, और शायद आरव को बहोत hi ज़्यादा एक्ससिटेमेंट हुई यह जानकार के वो अपनी बेहेन के साथ कर रहा है, बार बार बहना बहना कह रहा था करते वक़्त, ऐसा क्यों पापा?!”

और तब चावला साहब ने अपने लुंड को संजना के अंदर घुसते हुए कहा, “इसी को ईन्सेस्तुओस अरौसल और लस्ट कहते हैं डार्लिंग अपने खून के साथ करने में एहि वो मज़ा है जो आम रिश्तों में नहीं अत, जब कोई अपने के अंदर अपने जिस्म के किसी हिस्से को डालता है या अपने अंदर उस्सको फील करता है तो एहि एक्ससिटेमेंट होता hai….issi लिए तो आरव को इतना मज़ा आया और तुमको भी, और अब मुझे सब जान कर के तुम दोनों भाई बेहेन कितने खुश थे एन्जॉय करते वक़्त मुझे भी डबल एक्ससिटेमेंट होने लगा और आह, आआह्ह्ह्ह मैं झड़ने वाला हूँ स्वीटहार्ट आआगगगगगगठ्ह स्स्स्सस्स्स्शह्ह्ह्हह्ह लो हो गया देखा कितनी जल्दी झाड़ गया मैं भी !!!”

क्यूंकि संजना अभी अभी झड़ी थी आरव के साथ हु नहीं झाड़ पायी मगर अपने पापा को बहोत खुश किया उस्सने….. चावला साहब लेट गया संजा के ऊपर झड़ने के बाद और हांफते हुए कहा, “तुम हम सब की जान लोगी इस घर में baby….bahot कमाल की चीज़ हो तुम, कोई शक नहीं के इस घर का एक बहोत हैं किरदार बन गयी हो तुम, ऊपर से सान्वी भी तुम पर जान देने लगी है, मर्द हो या औरत तुमसे कोई दूर नहीं रह पाएगा अब….”

संजना ने हँस्ते हुए कहा, “ok अब जल्दी से अपने कपडे पहनिए आरव के आने से पहले मैं कम्बल के निचे चली जाती हूँ….. और हाँ पापा आप ने सब घर के लोगों के बारे में बात किया मगर विवान भाई के साथ तो मेरा कोई वैसा सम्बन्ध नहीं है….”

चावला साहब ने तब पूछा, “विवान क बर्ताव कैसा था जब उस्सको पता चला के तुम उस्सकी बेहेन हो?”

संजना ने कहा, “आज पहली बार उस्सने मुझको गले लगाया पुलिस स्टेशन में और हाँ, वो मुझको और आरव के रिश्ते को लेकर हमारा टांग खिचाई करने लगा tha…aarav को वो इस रिश्ते का जैसे बढ़ावा दे रहे थे और बार बार मुझको देखे जा रहा था, कुछ ज़्यादा hi क्लोसनेस्स दिखा रहा था मेरे तरफ आज वो….”

तब चावला साहब ने कहा, “तो तू गयी काम से अब, देखना वो भी कदम बढ़ाएगा तेरे तरफ, मुझे पूरा यकीन है के वो भी चाहने लगा तुझे, और कैसे भी करके वो ज़रूर मौके के तलाश में रहेगा तेरे पास आने की, सीने से लगाया तुझे, तो समझो शुरुवात हो गयी…. मेरा यकीन करो उस्सको यह जान कर के तुम अपने भाई के साथ सेक्स करती हो, यह उस्सको बेचैन कर रहा होगा और उस्सको भी तुम्हें चखने का मैं कर रहा होगा….. और सुन गद्य, जब बी उस्सने तुझसे करने की कोशिश की, या करने में सफल हुआ तो मुझे ज़रूर बताना okay बेबी?!”

यह सब सुनकर संजना के मैं में एक अजीब सी आग जैसे दौड़ी, और विवान को सोचते हुए उस्सने मैं में एक अजीब सी फीलिंग हुई फिर चावला साहब से कहा,

“और अगर आरव को कभी यह पता चला के आप भी मेरे साथ सेक्स करते हो तब पापा? तब कैसा लगेगा उस्सको और आप के ख्याल से विवान को पता चला के मैं और आप पहले से hi यह सब करते हैं तब उस्सको कैसा लगेगा? किआ आप तीनों मुझको शेयर करोगे? या दुश्मनी हो जाएगी तीनों के बीच? ऊपर से अगर सब बातें सान्वी भाबी को भी पता चली तो? चलो यह तो सान्वी भाबी को पता है के मेरे और आप के बीच किआ रिश्ता है, और साड़ी बातें आरव, विवान को भी पता चला तब कैसा रहेगा माहौल और हमारे बीच के रिश्ते?!”

तो बे कॉन्टिनोएड…………… (2100 वर्ड्स)
 
अपडेट 153 लास्ट अपडेट

दूसरे दिन सुबह को मामूल की तरह संजना और सान्वी दोनों किचन में मौजूद थे सुबह को जब चावला साहब एक्सरसाइज कर रहे थे टेरेस पर. यह हर सुबह की रूटीन थी और दोनों महिलाएं चावला साहब से बारी बारी कर के चाय देने जाते और थोड़ा फ़्लर्ट भी होते और कभी चिपका चिपकी भी होते इन लोगों में….

10 बजने के बाद आरव और विवान दोनों तैयार हुए ऑफिस जाने के लिए और इस सुबह को विवान कुछ पहले उठ गया था और उस्सकी नज़र बार बार संजना पर रुक रहे थे. आरव को किचन में ज्वाइन करने से पहले विवान संजना के जिस्म को बार बार घुर्र रहा था और सान्वी ने अछि तरह से नोटिस किया, संजना को भी पता था के विवान उस्सको देख रहा था हर बार. वो भी अपनी निघ्त्य में hi थी सान्वी की तरह मगर दोनों लेडीज के ऊपर वाला गाउन भी था निघ्त्य पर, फिर भी विवान की नज़र नहीं हट रही थी संजना पर से और आखिर में यह चावला साहब ने खुद भी नोट किया.

एक या दो बार ऐसा भी हुआ जब विवान को कुछ सर्वे करना था तो संजना hi गयी उस्सको सर्वे करने और आपस में बात भी किये दोनों ने, मगर सिर्फ फॉर्मल बातें थे. आदत थी संजना की मुस्कुराकर मीठे बातें करना तो वैसे hi किया उस्सने विवान के साथ और एक बार तो संजना की बाँहों को विवान के बाहों से छूना पारा कुछ ऐसे पोजीशन हुए थे और उस दौरान विवान के जिस्म में एक आग दौड़ी जिस को संजना ने खुद फील किया और सान्वी ने नोट किया.

आज विवान आरव से पहले नाश्ता करके घर से निकला और सान्वी से कहा के आरव को अपनी कार से आने को कहे क्यों के उस्सको आज जल्दी ऑफिस पहुंचना था. तो हमेशा की तरह विवान ने सान्वी को हुग और किश किया मगर आज डिफरेंट था क्यूंकि उसस्के सान्वी को हुग करने के बाद संजना को भी हुग किया यह कहते हुए, “चलो आज तुमको भी गले से लगा लेता हूँ और आज के बाद हमेशा ऐसा होगा सिस्टर जो हो, और जिस दम उस्सने संजना को गले लगाया और उस्का पूरा बदन संजना से चिपक गया और उस्सने हलके से उसस्के दोनों गालों पर किश किया. उस वक़्त दोनों चावला साहब और सान्वी मुस्कुराते हुए दोनों को देख रहे थे. संजना को अजीब और ाचा भी लाहा विवान के उस हुग से. जब विवान ने उस्सको बाहों में लिया था तब संजना की बाहें खुद बा खुद खुल के विवान को भी अपने बाँहों में भर लिया था और एक बात हुई जो संजना ने किसी से नहीं कहा वो यह के आहिस्ते से विवान ने संजना के कान में कहा, “बहोत अछि महक रही हो मऊआअह!”

विवान के जाने के 10 मिनट्स बाद आरव निचे तैयार होकर आया नाश्ता लेने. उस्सने भी हमेशा की तरह नाश्ता के बाद सान्वी को हुग किया तब संजना को और चला गया ऑफिस.

घर में सब नार्मल गुज़र रहे थे, दीप्ति भी उठी तैयार किया गया ॉस्को और उस्सकी स्कूल बस आयी तो उस्सको संजना गयी बस तक पहुंचाने को. उस वक़्त चावला साहब सान्वी से चिपका हुआ था किचन में.

दिन के कोई बारह बजे संजना ने डीडे किया बाहर ड्राइव पर जाने को जो उस्सकी आदत थी. उस्सने धीरे से सान्वी से कहा, “तुमको उनके साथ मज़ा करने के लिए चोरर रही हूँ तुम दोनों खूब एन्जॉय करो मैं चली एक लॉन्ग ड्राइव पर.”

पता नहीं क्यों आज संजना को आरव से मिलने का मैं किया ऑफिस जाकर. तो वो गयी उसस्के ऑफिस. आज पहली बार वो वहां गयी थी उस से मिलने के लिए.

और वहां पहुंची तो विवान से मिले वो क्यूंकि आरव किसी इम्पोर्टेन्ट कांफ्रेंस में था तो विवान ने संजना को अपने ऑफिस में रिसीव किया.

उसस्के ऑफिस में सोफे भी थे जिस पर विवान ने संजना को बिठाया और खुद बैठा उसस्के पास. विवान संजना को लेकर बहोत hi अरूसेड था. कल रात को उस्सने जिस तरह से संजना और आरव को दिमाग़ में बसा कर सेक्स किया था सान्वी के साथ वो भुला नहीं था. और संजना को बिल्कुल पता था के विवान उसस्के तरफ आकर्षित है. संजना के मन में भी कुछ हो रहा था क्यूंकि चावला साहब से इस बारे में बात कर लिया था दोनों ने. संजना एक ब्लाउज और स्कर्ट में थी, जो बहोत hi सेक्सी थे. सोफे पर बैठने से उस्सकी स्कर्ट जांघों के ऊपर उठ गए थे और उस्सकी क्लीवेज भी दिख रहे थे उस डोलते ब्लाउज में. और विवान की नज़र वहीँ टिक्के हुए थे. विवान ने अपने ऑफिस के दरवाज़े पर ‘दो नॉट डिस्टर्ब’ का सिग्न लगाया और संजना के करीब बैठ कर हलके से उसस्के गाल से बाल की एक लत्त को हटाते हुए धीरे से पूछा, “तो बताओ कैसा लगा आरव के साथ रात गुज़ारना यह जानने के बाद के वो तुम्हारा भाई है?!” संजना शॉकेड नहीं हुए बिल्कुल उसस्के सवाल से बल्कि उस्सको जैसे पता था यह बात विवान कभी न कभी उस से ज़रूर पूछता. मगर उस्का चेहरा लाल ज़रूर हुआ और मुस्कुराते हुए विवान से कहा, “क्यों आप के ख्याल से कैसा रहा होगा?!”

विवान ने उसस्के जांघ पर हाथ फरते हुए कहा,

“मुझे नहीं पता कैसा रहा होगा मगर मैं आरव होता तो कल रात वाला सेशन सबसे ज़बरदस्त रहा होता, हिस्ट्री क्रिएट करने वाला इंटरकोर्स रहा होता!”

और संजना ने उसस्के हाथ पर अपना हाथ रखते हुए उसस्के हाथ को ज़्यादा जांघ के ऊपर जाने से रोकते हुए कहा, “हम्म्म तो समझ लीजिये के वैसा hi था!”

और आरव ने कहा, “एक भाई को इतना खुश किया और दूसरे भाई को नहीं यह बड़ी ना इंसाफ़ी हुई नाह? मुझे कब वो ख़ुशी डौगी?!”

तो बिना झिजक के संजना ने विवान के गाल पर किश करते हुए कहा, “हम्म्म पता नहीं कभी मौका मिला तो शायद आप को भी वो ख़ुशी मिल जाएगी हीहीहीहीही!!”

और विवान ने झट से संजना के मुंह को अपने मुंह के तरफ किया और ज़ोर से किश करने लगा संजना को बाहों में भरके, और संजना ने उस किश को बहोत अछि तरह से रेस्पोंद किया, बड़े प्यार और आराम से. उस दौरान विवान का हाथ संजना के स्कर्ट के बिल्कुल अंदर चले गए और उसस्के उँगलियाँ संजना के पंतय को टच कर गया और करेस करने लगा, तो संजना किश को रोकते हुए थोड़ा हांफते हुए कहा, “यह उचित जगह नहीं है, घर पर या कहीं बाहर मिलेंगे तो बेहतर होगा….”

विवान का लुंड ज़बरदस्त खड़ा हो गया था और उस से सहा नहीं जा रहा था वो संजना को मानलो तुरंत छोड़ना hi चाहता था वहीँ उसी सोफे पर उसी वक़्त. मगर संजना उठ कड़ी हुई और कहा, “आरव से केहडेना मैं मिलने आयी थी आज पहली बार, बूत सडली वो बिजी है तो मैं एक लॉन्ग ड्राइव करने जा रही हूँ शाम को घर पर मिलूंगी……”

इतना कहकर संजना ऑफिस से निकल गयी.

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निकलते वक़्त संजना बिल्कुल नार्मल थी, बल्कि मुड़कर कई बार विवान को देखा और उस्सको एक ेंख भी मारा मुस्कुराते हुए, विवान बहोत खुश था और अपने पंत के ऊपर अपने लुंड को सहलाते हुए संजना को जाते देख रहा था…..

मगर संजना जब ड्राइव करने लगी तो उसस्के दिल ो दिमाग़ में नेगेटिविटी ने घर banaaye….wo खुद को कॉसने लगी और खुद को बुरा भला कहने लगी. खुद को गालियां देने लगी…. आनंद के बातों को याद करने लगी जिस ने कहा था, “तेरी माँ रंडी थी तू भी रंडी निकली अपनी माँ की तरह सब से चुदवाती फिररति है…..”

हाईवे पर फुल स्पीड से ड्राइव किये जा रही थी संजना और इन् बातों को सोचते हुए उस्सकी मानसिक संतुलन कण्ट्रोल में नहीं थी और उसस्के माथे से पसीने के कुछ बूँदें टपकने लगे थे और संजना खुद से चिल्लाते हुए कहा, “हाँ मैं बुरी औरत हूँ, रंडी हूँ सब से चुदवाती हूँ, अपने बाप से चुदवाती हूँ, अपने भाई से चुदवाती हूँ दोनों भाई से चुदवाती हूँ, हाँ मैं ग़लत औरत हूँ मुझे जीने का कोई हक़ नहीं मुझको मर्डर जाना चाहिए……”

इतना कहा चिल्लाते हुए संजना ने और सामने से एक बहुत बड़ा 30 टोंस वाला भाड़ा हुआ ट्रक सामने से ारः था और संजना ने अपने स्टीयरिंग व्हील को राइट के तरफ एक झटका दिया, 120 कंस की स्पीड से उस ट्रक से टकराया और आधा से ज़्यादा कार ट्रक के निचे घुस गया और संजना की मौत ों थे स्पॉट हो गयी!!!!!!!!

उस्सकी कार लोहे और तीन की चकना चूर हुए उस बड़ी ट्रक के निचे ग़ुस्से हुए पाए गए……

बाद में फायर ब्रिगेड, पुलिस, एम्बुलेंस वाले सब इकठा हुए उस जगह जहाँ ट्रैफिक जैम हो गए और संजना की बॉडी को टुकड़ों में निकला गया उस कार के लोहे और तीन के बीच में दबोचे हुए…. कहीं टांगों के टुकड़े मिले तो कहीं बाज़ू के, तो कहीं जिस्म के टुकड़े… पहचानना मुश्किल था के वो किसी इंसान का बॉडी था या जानवर का…..

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कोई 6 महीनों तक चावला फॅमिली के घर में मातम मनाया गया. बहोत रोना धोना हुआ. आरव जैसे पागल हो गया था…. दीप्ति का भी रो रो कर बुरा हाल हो गया था……

विवान शॉकेड था और सोचा के ठीक जब वो संजना के करीब हुआ और उसस्के साथ िस्ख करने को तैयार हुआ तभी यह सब होना था…. खुद से उस्सने कहा के उसस्के तकदीर में वैसा प्यार और ईन्सेस्तुओस रिलेशनशिप था hi नहीं…..

चावला साहब जैसे बेहाल हो गए थे…. उस्सने यह सोचा के दो इंसानों के खून किया गया इसी लिए ऊपर वाले ने शायद बदला लिया और उस से संजना को चीन लिया गया…..

बेहरे हाल वक़्त गुज़रता गया और चावला साहब को सुकून मिला तो सिर्फ सान्वी के बाहों में. सान्वी ने उनको बहोत संभाला अपने प्यार से, आरव को भी सान्वी ने hi संभाला और खुद अपने पति को भी…..

सान्वी घर के तीनों मर्दों को अकेली संभाल रही थी…. बेशक तीनों से सेक्स करती और तीनों को ख़ुशी देती सान्वी अकेली….

एक साल के बाद घर में सब फिर नार्मल जैसे चलने लगे….. विवान को बिल्कुल पता नहीं चला के सान्वी उसस्के बाप और भाई को खुश करती है. आरव को भी पता नहीं चला के सान्वी चावला साहब के साथ भी सोती है. मगर हाँ चावला साहब को पता था के सान्वी उसस्के दोनों बेटे के साथ सोती है अलग अलग मौके पर.

सान्वी को पता था के कब किश के साथ बिस्तर पर जाना है और कब विवान के साथ. कभी किसी दिन भी ऐसा नहीं हुआ के एक भी मर्द को सान्वी ने मिस किया.

आरव ने फिर कभी शादी नहीं किया. वो संवी से खुश था, उस्सको और कोई नहीं चाहिए था….

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13 इयर्स लेटर – 13 साल बाद

विवान आज काम पर नहीं गया था, चावला साहब सान्वी को लेकर कहीं गया हुआ था और आरव ऑफिस में था.

विवान लाउन्ज से उठकर अपने कमरे में गया तो दीप्ति जो अब 18 साल की हो गयी थी शावर से निकल के एक टॉवल में लिपटी हुई कमरे में आरही थी. उसस्के जिस्म के जगह जगह पर पानी के बूदें दिख रहे थे और विवान ने मुस्कुराते हुए उस्सको देख कर अपने बाहों को खोला, तो दीप्ति ने “हीहीहीहीही” करते हुए उसस्के बाहों में गयी. विवान ने उसस्के कांडों पर अपने जीब चलाते हुए कुछ पानी के बूंदों को छाता और एक लम्बी सांस लेते हुए कहा, “तुम कितनी मिलती जुलती हो संजना से, कौन कहता है संजना नहीं है तुम उस्सकी कार्बन कॉपी हो? तुम बिल्कुल संजना दिख रही हो स्वीटहार्ट.”

दीप्ति ने कहा, “आप लोगों को क्यों मैं संजना चची जैसी दिखती हूँ मैं समझ नहीं पाती, चाचू भी एहि कहते हैं, मैं तो चावला हूँ, पर चची तो चावला नहीं थी तो हम दोनों कैसे एक जैसा दिख सकते हैं डैड?!”

विवान ने अपने जीब को उसस्के काँधे से उसस्के छाती के तरफ बढ़ाते हुए कहा, “तुम अपने चाचू या दादू से पूछना के क्यों तुम संजना जैसी दिखती हो और क्यों वो चावला जैसी दिखती थी…!”

इतना कहते हुए विवान दीप्ति को बीएड तक लगाया और लेटाया तो दीप्ति ने वही ‘हीहीहीहीहीही’ कहते हुए कहा, “डैड मैं ने अंदर कुछ नहीं पहना हुआ है अभी….”

विवान उसस्के ऊपर चढ़ते हुए, और उस्सकी जाँघों पर अपने हाथ को ऊपर फरते हुए कहा, “जब अपने चाचू या दादू के साथ होती हो तब कुछ पहनी हुवी होती हो किआ?!!!”

थे एन्ड!

रिटेन बी शाह खान (कासिनर)
 
बहोत शुक्रिया जीतू भाई... हाँ एन्ड फ़ास्ट था मगर ऐसा hi होना था.... ज़्यादा लम्बा खींचने से कोई फायदा नहीं होता... अब अगर विवान और संजना के बीच वही फिर से सेक्सुअल रिलेशनशिप लिखने लगता तो खुद को बोरिंग महसूस फील होने लगा था... बुसस जो मैं ने एंडिंग के लिए सोचा था, सोचा चलो यहीं उस एन्ड को दिखा देता हूँ..... आखिर यहीं तक आना था कहानी को.... उम्मीद है इन थे व्होले स्टोरी आप को पसंद आया जीतू भाई.

शुरू से आप साथ बने रहे इस्सके लिए दिल की गहराई से आप का शुक्रगुज़ार हूँ.

थैंक्स वैरी मच फॉर आल योर अप्प्रेसिअतिवे कमैंट्स एंड सपोर्ट आल अलोंग थे स्टोरी भाई.
 
थैंक्स वैरी मच. ी कनेव यू मस्ट हैवे रीड टिल थे लास्ट अपडेट. बूत योर कमेंट वास् मिसिंग, आईटी चामे नाउ ओनली :डी

ी रेमेम्बेर यू लास्ट कमेंट वास् "यह किआ बम फॉर दिया" व्हेन ी हद रिवील्ड तहत संजना वास् थे रियल डॉटर ऑफ़ चावला. ी केपट तहत सीक्रेट सीन्स डे 1 एंड नॉट ा सिंगल रीडर वास् अबले तो डिस्कवर तहत. तहत वास् ट्रू ईन्सेस्तुओस रिलेशनशिप ऑफ़ थे स्टोरी. चावला वास् फूकिंग सञ्जनः आल ठोस डेज बेलीविंग हेर तो बे हिज डॉटर इन लॉ तो बे, बूत इन फैक्ट हे वास् फूकिंग हिज ओन ब्लड. :डी

एनीवे थैंक्स फॉर बीइंग तेरे व्हेन थे स्टोरी वास् गोइंग. एंड थैंक्स अगेन फॉर अप्प्रेसिएटिंग. :तुम्बुप:

एंड यस रीडर्स अरे आस्किंग फॉर part 2 ऑफ़ थिस दो यू आईटी इस वाइज तो व्रिठे ा सेकंड part ऑफ़ चावला? :हिंतहिंट:
 
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