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अपडेट 148 संजना कॉल्ड चावला साहब
आनंद खून में लतपथ बीएड पर वैसे hi लेते रहे और उस्सको चिल्लाने का भी मौका नहीं मिला बस अपने सीने पर हाथ दबाये वैसे hi लेता रहा बीएड पर और वहीँ मर्डर गया….. बिस्तर खून से लतपथ हो गए थे, खून के बूँदें संजना के कपड़ों पर भी पड़े हुए थे, आनंद के ेंखने मोठे मोठे खुले हुए संजना के तरफ देख रहे थे और अब संजना ने एक सुकून की लम्बी सांस लिया और मोबाइल लेकर चावला साहब को कॉल किया….
चावला साहब ने देखा के संजना की कॉल आरही है तो रिप्लाई किया, “हाँ स्वीटहार्ट, थोड़ी देर मेज घर पहुँचता हूँ……” मगर संजना ने इत्मीनान से कहा, “मैं ने मार डाला उससे पापा!! ख़तम कर दिया उस्सको, मर्डर गया आनंद!”
चावला साहब के पैरों के निचे जैसे ज़मीन निकल गए और जल्दी से ऑफिस के बाहर निकलते हुए एक कोने में जाकर कहा, “व्हाट? किआ बक रही हो? तुम घर पर हो नाह?”
संजना: “no पापा मैं उसस्के घर पर हूँ! ी किल्ड हिम. हे इस डेड!”
चावला साहब: “व्हाट थे हेलल यह किआ किया तुमने माय लव? ऐसा क्यों किया तुमने? सुनों और कोई है वहां किआ? सिर्फ तुम दोनों हो यह किसी ने देखा या सुना कुछ ऐसा?!”
संजना: “मैं अकेली हूँ पापा वो तो मर्डर गया नाह!”
चावला साहब के पेयर कांपने लगे फिर भी कहा,
“वेट तुम वहां से हिलना भी नहीं, बिल्कुल बाहर मत निकलना, किसी को नहीं पता चलना चाहिए के तुम वहां हो. वहीँ मेरा इंतज़ार करो मैं अभी पहुंचता हूँ और किसी चीज़ को बी हाथ मत लगाना और हाँ अपने मोबाइल स्विच ऑफ करो तुरंत जैसे मैं हैंग करूँ, वेट करो वेट ी ऍम किंग!!”
संजना: “मेरी कार बाहर है पापा, तो ऑब्वियस्ली सबको पता है के मैं यहाँ पर हूँ!”
चावला साहब: “आईटी डस नॉट मटर, बुसस तुम बिल्कुल बाहर मत निकलना, और कोई फुकरे या नॉक करे तब भी मत निकलना. ी ऍम किंग. तुम वहीँ रहो मैं अत हूँ स्वीटहार्ट!”
संजना: “पापा मेरे ड्रेस पर बहोत सारे खून के धब्बे लग गए हैं, मेरे लिए कोई और ड्रेस लेकर आना प्ल्ज़!”
चावला साहब: “ओह no! ok ok मैं तुम्हारे लिए ड्रेस लेकर अत हूँ… और किधर लगे हैं खून? तुम्हारे मोबाइल पर तो नहीं? हाथ धोया तुमने? किश चीज़ से मारा उस्सको गोली मारी किआ?!”
संजना: “चाकू से मारा मैं ने 5/6 बार मारा उस कुत्ते के छाती में! उसस्के काले दिल में चढ़ कर दिया तुरंत मर गया एक आवाज़ भी नहीं निकली उस्सकी!”
चावला साहब: “चाकू को धोया तुमने? और किसी चीज़ को हाथ लगाया किआ? कहाँ कहाँ और खून लगा कतल करने के बाद? सब मिटाना होगा….. वेल वेट वेट मैं निकल रहा हूँ वहीँ वेट करो और कुछ मत छुवो तुम!”
इतना कहकर, बहोत परेशान चावला साहब ऑफिस से धडपडाते हुए निकले, घर गए, संजना के कुछ कपडे लिए और धडपडाते हुए घर से निकले… सान्वी पूछती रही के किआ हुआ क्यों संजना के कपडे ले जा रहे हैं और कहाँ जा रहे हैं, मगर चावला साहब जैसे भौकलया हुआ था बुसस बड़बड़ाता गया के कुछ काण्ड हो गया थोड़ी देर बाद वापस आएगा और घर से निकल गए…..
दो घंटे बाद अपने फार्महाउस पर पहुंचे और देखा के आनंद मारा पड़ा हुआ है बिस्तर पर, और संजना बिल्कुल कूल, आराम से बैठी हुई थी लाश के पास और मुस्कुराते हुए कहा, “देखा पापा अब इस्सकी बोलती बंद हो गयी अब कुछ नहीं कहेगा यह और नाह hi आप को नाह मुझको ब्लैकमेल करेगा यह मारा हुआ कुत्ता!”
चावला साहब के हाथ पेयर कांप रहे थे. संजना ने देखते हुए कहा, “अरे आप क्यों डर रहे हो पापा? मुझे देखो ी ऍम कूल मेरे हाथ पेयर नहीं कांप रहे, अब आप पुलिस को फ़ोन करो और केहदो के मैं ने इस्को मार डाला!”
चावला साहब ने कहा, “शट उप! कोई पुलिस को फ़ोन नहीं करना है…… अभी मुझे सोचने दो के किआ करना hai….issko तुमने नहीं किसी और ने मारा है… सुनों एक प्लान बनाना होगा अब…..”
संजना: “अरे काहे की प्लान पापा साफ़ साफ़ डिक्लेअर कर दूंगी के मैं ने मारा इस्को!!”
चावला साहब: “तुम होश में नहीं ho…jail का हवा खाया है कभी? जेल में सादगी, पता है तुमको किआ होता है इम्प्रैसोनेमेंट?”
संजना: “वही तो चाहती हूँ मैं नाह पापा? इन् सब से दूर, आप से दूर, आरव से दूर, सभी रिश्ते नाते से दूर… ी विल बे फ्री…. मुझे मत बचाओ पापा मुझे जेल हो जाने दो…. ी वांट तहत ओनली!”
चावला साहब: “शट उप….. अपने कपडे बदलो, जल्दी, और तुम्हारा मोबाइल कहाँ है? यहाँ का लोकेशन दिखाएगा उस पर… उस्सको जलना होगा कम्प्लीटली सिम समेत… no no वेट….. मोबाइल को वैसे hi रहने दो, तुमने मुझको कॉल किया था नाह यहीं से…. वेट वेट कुछ और सोचता हूँ……”
जब तक संजना अपने कपडे चेंज करने गयी तो चावला साहब अपने दिमाग़ लड़ा रहे थे के कैसे साबित करें के किसी और ने यह कतल किया है….. उनके दिमाग़ में एक बात सूझी…..
जब संजना वापस आया तो चावला साहब ने उस से पूछा, “किआ तुम रघु से मिले यहाँ आने से पहले? उस्सने तुमको यहाँ एते हुए देखा किआ?”
संजना: “नहीं पापा उस कुत्ते को भी मार डालती अगर मिलता तो, उस्सने मम्मी के साथ और मेरे साथ भी खूब एन्जॉय किया, साला कुत्ते ने मुझे कभी भी पता नहीं चने दिया के वो मम्मी से भी सेक्स किया करता था….”
चावला साहब खुश हुआ और कहा, “ok तो फिर ठीक है, सब बंदोबश्त हो गया, तुमको एक और मर्डर करना होगा, रघु का….. मैं अपनी कार छुपा कर अत hoon…tu जा कर रघु को लेकर इधर आ, और अपने कमरे में उसस्के साथ सेक्स कर… सेक्स करना चाहिए उस्का स्पर्म मिलना चाहिए बीएड पर, बेडशीट पर, तब उस को भी मार डालना, रपे कर रहा था वो तेरा उस्सने तेरे ेंखों के सामने आनंद को मारा फिर तेरा रपे किया इस लिए तुमने उस्सको मार डाला…… मेरे बेहतर से बेहतर वकील दोस्त हैं आसानी से तुमको निकल लेंगे इस केस में तब……!”
संजना को आईडिया पसंद आया क्यूंकि वो रघु को सच में मारना hi चाहती थी, और समझ गयी के चावला साहब किआ करवाना चाहता था, तो वो राज़ी हो गयी.
और चावला साहब ने अपने कार को कहीं दूर छुपाया ताके रघु को पता नाह चले के वो भी यहीं है.
संजना रघु को लेकर फार्महाउस पर आयी. राजू की तो आदत थी संजना से फार्महाउस में मिलना, आनंद के मौजूदगी में भी तो रातों को अत था संजना से मज़ा करने, और दिन में कई बार आया है करने संजना के साथ तो उसस्के लिए यह नार्मल बात थी के संजना ने उस्सको छोड़ने के लिए बुलाया है…..
बड़े आराम से रघु दूसरे कमरे में गया संजना के साथ, दोनों ने कपडे उतारे, और सेक्सुअल इंटरकोर्स करने लगे…… संजना ने उस से कहा, “तुम मेरी मम्मी के साथ भी यह सब करते थे तुम ने कभी मुझे बताया hi नहीं, माँ और बेटी दोनों के साथ तुमने मजा किया रे रघु? हम्म?” रघु बहोत गरम हो गया था और कहा, “डार्लिंग एक्साक्ट्ली वही मजा है तेरे में जो तेरी माँ में थी ऋ, वही खुशभू, वही गर्मी, वही मजा…. तू बिल्कुल अपनी माँ पर गयी है, तुझे आज कैसे पता चला ऋ? आनंद ने बता दिया तुझे के मेरा तेरी माँ के साथ भी अफेयर था? हाहाहाहा….” संजना ने उस से कहा के उसस्के अंदर नहीं झड़ना चाहिए जब वो ेजकुलाते करने को आये तो बाहर निकाले….. रघु ने कहा, “हाँ ठीक है समझता हूँ अब तू शादी शुदा है कहीं प्रेग्नेंट हो गयी तो प्रॉब्लम होगा तो okay मैं बाहर निकल दूंगा वीर्य को don’t वोर्री माय लव…” और सेक्स के दौरान संजना ने अपने नाख़ून से रघु के पीठ पर कई लखीरें किये जिस से रघु के स्किन संजना के नाख़ून में लगे, और संजना ने रघु से खुद को दांत काटने को कहा उसस्के काँधे और बूब्स पर जिस से संजना के जिस्म पर रघु के दांत के निशाँ हुए……
चावला साहब उस कमरे में वेट कर रहे थे जिस में आनंद मारा हुआ पड़ा था……..
तो बे कॉन्टिनोएड…………….
आनंद खून में लतपथ बीएड पर वैसे hi लेते रहे और उस्सको चिल्लाने का भी मौका नहीं मिला बस अपने सीने पर हाथ दबाये वैसे hi लेता रहा बीएड पर और वहीँ मर्डर गया….. बिस्तर खून से लतपथ हो गए थे, खून के बूँदें संजना के कपड़ों पर भी पड़े हुए थे, आनंद के ेंखने मोठे मोठे खुले हुए संजना के तरफ देख रहे थे और अब संजना ने एक सुकून की लम्बी सांस लिया और मोबाइल लेकर चावला साहब को कॉल किया….
चावला साहब ने देखा के संजना की कॉल आरही है तो रिप्लाई किया, “हाँ स्वीटहार्ट, थोड़ी देर मेज घर पहुँचता हूँ……” मगर संजना ने इत्मीनान से कहा, “मैं ने मार डाला उससे पापा!! ख़तम कर दिया उस्सको, मर्डर गया आनंद!”
चावला साहब के पैरों के निचे जैसे ज़मीन निकल गए और जल्दी से ऑफिस के बाहर निकलते हुए एक कोने में जाकर कहा, “व्हाट? किआ बक रही हो? तुम घर पर हो नाह?”
संजना: “no पापा मैं उसस्के घर पर हूँ! ी किल्ड हिम. हे इस डेड!”
चावला साहब: “व्हाट थे हेलल यह किआ किया तुमने माय लव? ऐसा क्यों किया तुमने? सुनों और कोई है वहां किआ? सिर्फ तुम दोनों हो यह किसी ने देखा या सुना कुछ ऐसा?!”
संजना: “मैं अकेली हूँ पापा वो तो मर्डर गया नाह!”
चावला साहब के पेयर कांपने लगे फिर भी कहा,
“वेट तुम वहां से हिलना भी नहीं, बिल्कुल बाहर मत निकलना, किसी को नहीं पता चलना चाहिए के तुम वहां हो. वहीँ मेरा इंतज़ार करो मैं अभी पहुंचता हूँ और किसी चीज़ को बी हाथ मत लगाना और हाँ अपने मोबाइल स्विच ऑफ करो तुरंत जैसे मैं हैंग करूँ, वेट करो वेट ी ऍम किंग!!”
संजना: “मेरी कार बाहर है पापा, तो ऑब्वियस्ली सबको पता है के मैं यहाँ पर हूँ!”
चावला साहब: “आईटी डस नॉट मटर, बुसस तुम बिल्कुल बाहर मत निकलना, और कोई फुकरे या नॉक करे तब भी मत निकलना. ी ऍम किंग. तुम वहीँ रहो मैं अत हूँ स्वीटहार्ट!”
संजना: “पापा मेरे ड्रेस पर बहोत सारे खून के धब्बे लग गए हैं, मेरे लिए कोई और ड्रेस लेकर आना प्ल्ज़!”
चावला साहब: “ओह no! ok ok मैं तुम्हारे लिए ड्रेस लेकर अत हूँ… और किधर लगे हैं खून? तुम्हारे मोबाइल पर तो नहीं? हाथ धोया तुमने? किश चीज़ से मारा उस्सको गोली मारी किआ?!”
संजना: “चाकू से मारा मैं ने 5/6 बार मारा उस कुत्ते के छाती में! उसस्के काले दिल में चढ़ कर दिया तुरंत मर गया एक आवाज़ भी नहीं निकली उस्सकी!”
चावला साहब: “चाकू को धोया तुमने? और किसी चीज़ को हाथ लगाया किआ? कहाँ कहाँ और खून लगा कतल करने के बाद? सब मिटाना होगा….. वेल वेट वेट मैं निकल रहा हूँ वहीँ वेट करो और कुछ मत छुवो तुम!”
इतना कहकर, बहोत परेशान चावला साहब ऑफिस से धडपडाते हुए निकले, घर गए, संजना के कुछ कपडे लिए और धडपडाते हुए घर से निकले… सान्वी पूछती रही के किआ हुआ क्यों संजना के कपडे ले जा रहे हैं और कहाँ जा रहे हैं, मगर चावला साहब जैसे भौकलया हुआ था बुसस बड़बड़ाता गया के कुछ काण्ड हो गया थोड़ी देर बाद वापस आएगा और घर से निकल गए…..
दो घंटे बाद अपने फार्महाउस पर पहुंचे और देखा के आनंद मारा पड़ा हुआ है बिस्तर पर, और संजना बिल्कुल कूल, आराम से बैठी हुई थी लाश के पास और मुस्कुराते हुए कहा, “देखा पापा अब इस्सकी बोलती बंद हो गयी अब कुछ नहीं कहेगा यह और नाह hi आप को नाह मुझको ब्लैकमेल करेगा यह मारा हुआ कुत्ता!”
चावला साहब के हाथ पेयर कांप रहे थे. संजना ने देखते हुए कहा, “अरे आप क्यों डर रहे हो पापा? मुझे देखो ी ऍम कूल मेरे हाथ पेयर नहीं कांप रहे, अब आप पुलिस को फ़ोन करो और केहदो के मैं ने इस्को मार डाला!”
चावला साहब ने कहा, “शट उप! कोई पुलिस को फ़ोन नहीं करना है…… अभी मुझे सोचने दो के किआ करना hai….issko तुमने नहीं किसी और ने मारा है… सुनों एक प्लान बनाना होगा अब…..”
संजना: “अरे काहे की प्लान पापा साफ़ साफ़ डिक्लेअर कर दूंगी के मैं ने मारा इस्को!!”
चावला साहब: “तुम होश में नहीं ho…jail का हवा खाया है कभी? जेल में सादगी, पता है तुमको किआ होता है इम्प्रैसोनेमेंट?”
संजना: “वही तो चाहती हूँ मैं नाह पापा? इन् सब से दूर, आप से दूर, आरव से दूर, सभी रिश्ते नाते से दूर… ी विल बे फ्री…. मुझे मत बचाओ पापा मुझे जेल हो जाने दो…. ी वांट तहत ओनली!”
चावला साहब: “शट उप….. अपने कपडे बदलो, जल्दी, और तुम्हारा मोबाइल कहाँ है? यहाँ का लोकेशन दिखाएगा उस पर… उस्सको जलना होगा कम्प्लीटली सिम समेत… no no वेट….. मोबाइल को वैसे hi रहने दो, तुमने मुझको कॉल किया था नाह यहीं से…. वेट वेट कुछ और सोचता हूँ……”
जब तक संजना अपने कपडे चेंज करने गयी तो चावला साहब अपने दिमाग़ लड़ा रहे थे के कैसे साबित करें के किसी और ने यह कतल किया है….. उनके दिमाग़ में एक बात सूझी…..
जब संजना वापस आया तो चावला साहब ने उस से पूछा, “किआ तुम रघु से मिले यहाँ आने से पहले? उस्सने तुमको यहाँ एते हुए देखा किआ?”
संजना: “नहीं पापा उस कुत्ते को भी मार डालती अगर मिलता तो, उस्सने मम्मी के साथ और मेरे साथ भी खूब एन्जॉय किया, साला कुत्ते ने मुझे कभी भी पता नहीं चने दिया के वो मम्मी से भी सेक्स किया करता था….”
चावला साहब खुश हुआ और कहा, “ok तो फिर ठीक है, सब बंदोबश्त हो गया, तुमको एक और मर्डर करना होगा, रघु का….. मैं अपनी कार छुपा कर अत hoon…tu जा कर रघु को लेकर इधर आ, और अपने कमरे में उसस्के साथ सेक्स कर… सेक्स करना चाहिए उस्का स्पर्म मिलना चाहिए बीएड पर, बेडशीट पर, तब उस को भी मार डालना, रपे कर रहा था वो तेरा उस्सने तेरे ेंखों के सामने आनंद को मारा फिर तेरा रपे किया इस लिए तुमने उस्सको मार डाला…… मेरे बेहतर से बेहतर वकील दोस्त हैं आसानी से तुमको निकल लेंगे इस केस में तब……!”
संजना को आईडिया पसंद आया क्यूंकि वो रघु को सच में मारना hi चाहती थी, और समझ गयी के चावला साहब किआ करवाना चाहता था, तो वो राज़ी हो गयी.
और चावला साहब ने अपने कार को कहीं दूर छुपाया ताके रघु को पता नाह चले के वो भी यहीं है.
संजना रघु को लेकर फार्महाउस पर आयी. राजू की तो आदत थी संजना से फार्महाउस में मिलना, आनंद के मौजूदगी में भी तो रातों को अत था संजना से मज़ा करने, और दिन में कई बार आया है करने संजना के साथ तो उसस्के लिए यह नार्मल बात थी के संजना ने उस्सको छोड़ने के लिए बुलाया है…..
बड़े आराम से रघु दूसरे कमरे में गया संजना के साथ, दोनों ने कपडे उतारे, और सेक्सुअल इंटरकोर्स करने लगे…… संजना ने उस से कहा, “तुम मेरी मम्मी के साथ भी यह सब करते थे तुम ने कभी मुझे बताया hi नहीं, माँ और बेटी दोनों के साथ तुमने मजा किया रे रघु? हम्म?” रघु बहोत गरम हो गया था और कहा, “डार्लिंग एक्साक्ट्ली वही मजा है तेरे में जो तेरी माँ में थी ऋ, वही खुशभू, वही गर्मी, वही मजा…. तू बिल्कुल अपनी माँ पर गयी है, तुझे आज कैसे पता चला ऋ? आनंद ने बता दिया तुझे के मेरा तेरी माँ के साथ भी अफेयर था? हाहाहाहा….” संजना ने उस से कहा के उसस्के अंदर नहीं झड़ना चाहिए जब वो ेजकुलाते करने को आये तो बाहर निकाले….. रघु ने कहा, “हाँ ठीक है समझता हूँ अब तू शादी शुदा है कहीं प्रेग्नेंट हो गयी तो प्रॉब्लम होगा तो okay मैं बाहर निकल दूंगा वीर्य को don’t वोर्री माय लव…” और सेक्स के दौरान संजना ने अपने नाख़ून से रघु के पीठ पर कई लखीरें किये जिस से रघु के स्किन संजना के नाख़ून में लगे, और संजना ने रघु से खुद को दांत काटने को कहा उसस्के काँधे और बूब्स पर जिस से संजना के जिस्म पर रघु के दांत के निशाँ हुए……
चावला साहब उस कमरे में वेट कर रहे थे जिस में आनंद मारा हुआ पड़ा था……..
तो बे कॉन्टिनोएड…………….