अपडेट 4 थे वीडियो कॉल ऑफ़ संजना
एक हसीं मुस्कान के साथ संजना ने कहा, “hello तो लो हम वीडियो चाट पर आगये जी”
चावला साहिब ने संजना की मधुर आवाज़ और दिलकश्त चेहरे को देखते हुए मुस्कुराकर कहा, “ओह! कितना ख़ुशी हो रहा है मुझे तुमको देख कर मैं बयां नहीं कर सकता, कितनी हसीं दिख रही हो स्क्रीन पर तुम! लगता है एक फ़िल्मी हीरोइन हो!”
पहली चीज़ जो चावला साहिब देखना चाहती थी वो यह के संजना कैसे ड्रेस थी उस वक़्त, मगर सिर्फ उस्सकी चेहरे hi दिख रहा था तो उस्सने कहा, “ ज़रा सा मोबाइल को दूर करो अपने आप पर देखूं तो किआ लिबास पहनी हो और किसी दिख रही हो इस वक़्त?!” तो संजना ने “हीहीहीही” खिलखिलाते हुए अपने आप से मोबाइल को कुछ दूर किया एक पाउच के साथ. हु कुछ ऐसी दिख रही थी.
चावला साहिब ने उस्सको ज़ूम करने को कहा, या दूसरी एंगल में देखने की मान की, तो संजना ने मोबाइल की एंगल चेंज किया और मुस्कुराते हुए यह पोज़ दिखा मोबाइल पर चावला साहिब को:
चावला साहिब जैसे दीवाना हुए जा रहा था और उसस्के देखते हुए उस्सने एक सिप लिया अपने व्हिस्की का तो संजना ने कहा, “आप भी पी रहे हो पापा की तरह?”
चावला साहिब अपने व्हिस्की की गिलास को एक तरफ करते हुए, संजना को मोबाइल पर ग़ौर से देखते हुए कहा, “तुम इसी पोज़ में रहो मैं सेव कर रहा हूँ इस एंगल में तुमको, बेहद खूबसूरत लग रही हो, वह किआ बात है, तुम्हारी खूबसूरती कमाल की है और तुम्हारी मुस्कराहट तो बुसस जान लेवा है संजना!”
संजना ने हँस्ते हुए कहा, “मेरा पिछ सेव करके अपने बेटे को दिखाओगे किआ?” अभी मत दिखाना किसी को प्लीज, अपने लिए रखना अभी के लिए okay?”
चावला साहिब पर व्हिस्की का नशा चढ़ रहा था और उसस्के मैं में अजीब खयालात आरहे थे उस वक़्त तो उस्सने अचानक संजना से कहा, “तुम्हारे ब्लाउज के ऊपर के दो बटन खोल सकती हो किआ?”
संजना ने शॉकेड वाला शकल बनाते हुए अपने खुले मुंह पर एक हाथ रखते हुए शरारती आवाज़ में कहा, “क्यों? हाय राम ऐसा क्यों कह रहे हो आप?” तो चावला साहिब ने सोचा शायद उस्सने ग़लती करदी यह कहकर, तो उस्सको सॉरी कहा मगर देखा के संजना मुस्कुराते हुए ऊपर अपने ब्लाउज की 2 बटन खोल रही है. नाह चाहते हुए भी चावला साहिब ने उस्सकी क्लीवेज देखते hi फील किया के उस्का लुंड पंत के अंदर मचलने लगा है! एक तो नशा सा छह रहा था व्हिस्की पिने का बाद ऊपर से यह संजना की जवानी और उस्सकी चंचल अदाएं और उस्सकी मुस्कराहट और दिलकसष्ट सुरीली आवाज़ ने चावला साहिब को परेशान कर दिया था. यह शबाब का नशा था ऊपर से…..
संजना, मुस्कुराती जा रही मगर अपने क्लीवेज पर अपने गेसुओं को झटक दिया तो कम क्लीवेज दिखने लगे चावला साहिब को. बुसस संजना ने बटन तो खोले मगर ब्लाउज वैसी hi थी, और कुछ ख़ास नहीं दिख रहे थे, मगर संजना का इतना करना चावला साहिब के लिए बहोत बड़ी बात थी.
संजना बुसस एक मॉडल की तरह पोज़ दे रही थी और कभी पाउच तो कभी चेहरा बना रही थी और हस्ती जा रही थी. चावला साहिब ने सोचा के उस में बहोत बचपना है अभी उस्सको खुद नहीं पता के वो किआ कर रही है. तो साहब ने सोचा के कुछ बातें कर लिया जाए उस से. उस ने पुछा,
“तुम्हारे पापा कितने बजे वापस आएंगे?”
“पता नहीं वैसे तो घंटा देर घंटा में वापस आजाते हैं मगर कभी कभी दो ढाई घंटा लगा देते हैं जब उसस्के फ्रेंड्स से ज़्यादा बकबक करने लगता है.” संजना ने मुस्कुराते हुए अपने होंठों को ट्विस्ट करते हुए जवाब दिया.
तो चावला साहिब ने कहा, “तुम्हारे पापा की किआ प्रॉब्लम है? क्यों नहीं चाहता के तुम्हारी शादी हो?”
संजना: “मैं ने कहा न के ये सब बातें हम मिलेंगे तब करेंगे.”
चावला: “अरे मगर बात तो करना पड़ेगा नाह पर कैसे? अभी भी तो बात hi तो कर रहे हैं अभी hi कर लेते हैं”
संजना ने अपने बालों को अपने गालों से पीछे करते हुए एक मुस्कान के साथ थोड़ा धीरे से कहा, “आप दोबारा आइये हमारे यहाँ, फिरसे पापा से बात कीजिये, मगर आप के आने से पहले, मुझे उनको मानाने तो दो, मैं उनको कन्विंस करने की कोशिश करुँगी और जब वो हाँ कहे तो मैं आप को बोलूंगी तब आप ज़रूर आना. ावोगे नाह?”
चावला साहिब अपने मोबाइल को इधर उधर घुमा कर संजना की क्लीवेज को देखने की कोशिश कर रहे थे जैसे के उस्सको हिलने से उसको ज़्यादा दिखेगा, अरे उतना hi दिखेगा जितना रियल में है नाह? उनको चढ़ गया था, नाशी में थे वो तो थोड़ा लडख़ड़ाते ज़ुबान में पुछा,
“तो तुम कैसे मनाओगे उनको? किआ कहोगी?..... आरी तुम अपने आप को फुल दिखाओ नाह मुझे, सिर्फ ऊपर दिख रही हो, सेल्फी स्टिक नहीं है किआ? कम्पलीट दिखाओ मुझे….. मैं तुमको देखना चाहता हूँ”
संजना उनके लड़खड़ाते जुबां सुनकर हंस पड़ी और खिलखिलाते हुए बोली, “आप को तो चढ़ गयी बिल्कुल, पापा भी कभी ऐसे hi बात करते हैं मुझसे, बहोत हंसी आती है मुझे, आप जाईये अब मैं रखती हूँ!”
यह सुनकर चावला साहिब थोड़ा अपने आप को संभालते हुए मोबाइल अपने चेहरे के पास लेट हुए, बोलै, “बिल्कुल भी नहीं मुझे कहाँ चढ़ी है मैं तो तुमसे ठीक से बात कर रहा हूँ”
संजना ने आराम से अपने मीठी आवाज़ में कहा, “ोफो आप नाशी में हैं आप को कुछ भी याद hi रहेगा कल, और पापा भी आने hi वाला है, कल बात करते हैं okay? आप जाइये मैं कट करती हूँ बबीर, गुड नाईट, स्वीट ड्रीम्स. स्लीप वेल एंड टेक केयर. मुउउउउआअह.”
चावला साहिब ने अपने होंठों को ट्विस्ट करके किश वाला बना के मोबाइल को किश किया जैसे संजना को किश कर रहा है और कहा, “वेट जाने से पहले एक किसी तो देती जाओ मुझे, एक हुग भी!”
संजना: “अभी अभी तो किश किया आप को, मगर हुग कैसे दूँ मोबाइल पर, जब आप आओगे तब हुग करलेना, लो और एक किसी “और उस्सने भी मोबाइल को किश करते हुए वीडियो कॉल ऑफ किया.
चावला साहिब ने जीतनेय क्लिक्स किये थे उस्सकी तस्वीर की बात करते वाक्य वो सब ेके क करके देखने लगा अपने मोबाइल पर, पिक्स को क्रॉप कर रहा था, उस्सकी क्लीवेज को ज़ूम करके देख रहा था, बीएड पर लेथ गया और सोचा के अब सनजना से मिलना बहोत ज़रूरी है. और अब संजना को वाट्सअप पर टेक्स्ट किया यह लिख कर,
“किआ हम दोनों अकेले मिल सकते हैं? कल तुम्हारे पापा काम पर चले जाये तो किआ तुम मुझसे मिलने आ सकती हो?”
संजना ने तुरंत रिप्लाई किया, “अरे बाबा इस गाओं में सब लोग इधर उधर घूमते रहते हैं सभी को हर किसी का पता रहता है, दो कदम चलूंगी तो सारे गाओं को पता चल jaega….to कैसे मिलने आउंगी, शाम को मेरे घर आने से पहले पापा को पता चल जाएगा, तो मैं उन् से किआ कहूँगी के कहाँ गयी थी?”
चावला साहिब ने रिप्लाई किया, “तो किआ तुम कभी भी बाहर नहीं जाती? दिन भर घर में रहती हो?”
संजना: “कहाँ जाउंगी साहब? बस गाओं में hi घूमती हूँ, उधर जो डैम बन रही है देखने जाती हूँ कभी, तो कभी नदी के तरफ टहलने निकलती हूँ, सब लोग टोकते हैं के किधर जा रही हूँ…. अब शहर के तरफ निकली तो बस लेना पड़ेगा तब तो हर एक को पता चल जाएगा के मैं बस से शहर गयी हूँ तो सब सवाल करेंगे के कॉलेज तो जाना चोरर दिया फिर बस लेकर कहाँ जा रही हूँ. आप समझे बात को?”
चावला साहिब रिप्लाई टाइप करने लगे थे के संजना की एक और मैसेज आयी, तो वो पढ़ने लगा, लिखा था, “आप पहले पापा से मिल लीजिये, बात हो गयी तब हम ज़रूर मिल सकेंगे, तब किसी ने भी पुछा बल्कि सबको तब पता चल जाएगा की आप मेरे रिश्तेदार बन गए हो, तो कोई टोक टाक नहीं करेगा. (स्माइली)
तो अब चावला साहिब ने लिखा, “फिट ठीक है तुम आज hi अपने पापा को मनाओ, बिल्कुल मनाओ, उनको समझाओ के मेरे घर में तुम बहोत खुश रहोगी, उन् से कहो के ऐसा घर नसीब वालों को मिलता है तो उनको बहोत खुश होना चाहिए, मैं चाहता हूँ के कल मुझे तुम जवाब दो के तुम्हारे पापा मुझसे मिलना चाहते हैं! Okay? Bye.”
संजना ने जल्दी से टाइप किया “पापा वापस आगये. Bye. सी यू टुमारो. तक”
चावला साहिब बीएड पर लेते हुए गहरी सोच में डूब गए और उस्सकी ेंख लग गयी.
रात को बारह बजे जब आरव और उस्का बड़ा भाई घर वापस आये तब सान्वी को पता चला के ससुर जी ने खाना नहीं खाया क्यों के डिनर पड़ोसते वक़्त उस्सने सुना था हु चाट पर है तो सोचा के बिज़नेस पार्टनर्स से बात कर रही है तो उस्का डिनर मेज़ पर सर्वे करके उन् से बाहर से hi कह दिया था के डिनर सर्वे हो गयी है हु आकर खा लें, और दीप्ति सोना चाहती थी तो वो ऊपर चली गयी उस्सको सुलाने और खुद भी सो गयी. जब विवान ने सान्वी को जगाया और पुछा के क्यों डाइनिंग टेबल पर पापा के प्लेट वैसा के वैसा hi है……. तो जल्दी से सान्वी ने अपने ससुर का दरवाज़ खोला और अंदर देखा के वो नींद में है. बिना चेंज किये hi सो रहे हैं. सान्वी को अजीब लगा क्यूंकि पहले ऐसा कभी भी नहीं हुआ था. उस्सने उनको हिल्ला कर जगाया, शराब की बड़बुह आरही थी तो सान्वी को पता चल गया के ससुर ने ज़्यादा पी लिया होंगे इसी लिए सो गए. कैसे भी करके उन् को जगाया और खान ेके लिए कहा…… अपने ेंखों को मसलते हुए चावला साहिब सान्वी के पीछे डाइनिंग टेबल तक gaye….aur हाथ मुहं धो कर सान्वी के खाना माइक्रोवेव में हीट करके उन् को पड़ोस.
खाने के बाद तक़रीबन 2 बजे चावला साहिब अपने कमरे में गए, तो अपने मोबाइल को उठाया फिरसे संजना की तस्वीरों को देखने के लिए, तो देखा संजना के 5 मेस्सगेस हैं. उस्का दिल, बहोत खुश हुआ और टाइम चेक किया तो सुबह के साढ़े एक बजे की सेंड की हुई मेस्सगेस थी मतलब जब वो खाना खा रहे थे तब संजना ने टेक्स्ट किया.
तो मैसेज को पढ़ने से पहले उस्सने यह टाइप करके सेंड किया, “किआ तुम अभी जाग रही हो?”
वेट करता रहा कोई 5 मीन्स मगर जवाब नहीं आया तो उस्सने संजना के मैसेज रीड किये, संजना ने लिखा था;
“मैं ने पापा से बात कर लिया है. आप कल hi यहाँ आइये. मैं ने उनको तक़रीबन मन लिया है फिर भी आप को उन् से बात करनी होगी. मैं भी साथ बात करुँगी. आप कल hi ज़रूर ाइयेगा. मैं आप का इंतज़ार करुँगी. मऊआअह.”
तो बे कॉन्टिनोएड……………….