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मई… ( तेज आवाज़ में ) तुम सब कभी नहीं सुंदर सकते …. बहुत मजा आता ह न सबको … ड्रामा एक्शन वाओ बहुत एंटरटेनमेंट हुआ होगा है न याद रखना तुम सब यह दोनों मेरी बहन ह अगली बार कोई ऐसी घटना हुए और तुम लोग खड़े खड़े देखते रही तोह पता ह न मई कोण हूँ… उन गुंडों से पहले तुम्हारा no . आएगा और जो वीडियो तुमने बनाया है उसे तुरंत डिलीट करो वर्ण तुम सबका वह हाल करूंगा की याद रखोगे …
सभी लोगो क चेहरे पर पसीना छूटने लगा… सभी… जी सर अभी करते है…
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अब आगे….
मई…. अब मेरी सकल क्या देख रहे हो निकलो यह से…
सभी लोग वंहा से चले जाते है मई सोनाली क पास जाता हूँ उसके होंठ से अभी भी हल्का से खून निकल रहा था… मेरी आँखों में आंसू आ गए… मई अपने हाथ से उसके होंठ क खून को पूछते हुए… बस रोटा रहा .
सोनाली… बास क्र बेतु… कितना रोयेगा… चल जा क्लास का टाइम हो रहा है में ठीक हूँ…..
मई… दी अगर वो नेक्स्ट टाइम मेरे सामने आया और उसने आपको हाथ लगाने की कोशिश की तो मई उसे जिन्दा नहीं छोडूंगा….
सोनाली… अच्छा बावा ठीक है… अब आंसू पॉच वर्ण में भी रो दूंगी…
मई… ( आंसू पूछते हुए ) नहीं ऐसा गजब मत करना…
तभी मेरा ध्यान तृषा और नैना की तरफ गया वह पता नहीं कब से हमे hi देख रही थी…..
मई… ( चुटकी बजाते हुए ) खा खो गए तुम दोनों …
दोनों.. ( होश में आती हुई ) कहि नहीं… तुम दोनों क प्यार में खो गए काश क हमारा भी कोई भाई होता
मई… ( गुस्से में ) आज तो कह दिया आज क बाद मत कहना . ( बाहें… फैलते हुए ) आ जाओ…
दोनों को हुग करके में निकला क्लास जो शुरू हो चुकी थी में अंदर गया सभी मुझे hi देख रहे थे… ककी कैंटीन की फाइट क बाद सभी डरे हुए the…Me गया और ऑब्वियस सीट पर बैठ गया कियारा क पसस… उसने एक बार मेरी तरफ देखा फिर अपने काम में लग गई…
मई… मम आपने अपना नाम नहीं बताया…
कियारा… ( गुस्से में ) मुँह बंद रख अपना और सामने देख……
मई… ( मुस्कुराते हुए.) क्या मम आप कभी प्यार से बात नहीं क्र सकते…
कियारा… ोुकात भूल गया क्या अपनी… तुझसे कितनी बार खा मुझसे दूर रहा क्र . लेकिन तू कुत्ते की दम की तरह मेरे पीछे पड़ा रहता ह ..
मैंने उसकी तरफ देखा और सॉरी बोल वंहा से उठ चला आया कैंटीन में . वंहा सोनाली और तृषा पहले से बैठी थी .
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मई… दी आप क्लास में नहीं गए…
सोनाली… नहीं बेतु यह लेक्चर फ्री था… तुम क्लास से इतने जल्दी क्यों आये… कुछ पॉब्लम ह क्या…
मई… नहीं दी ऐसी कोई बात नहीं ह आज मन नहीं क्र रहा था… चलो घर चलते है…
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सोनाली… हाँ ठीक ह चल…..
फिर हमने तृषा को bye किया… चल दिए घर की तरफ… पुरे रास्ते हम शांत रहे… घर पहुंच क्र पता चला माँ शॉपिंग पर गई है . मई और दी चल दिए अपने अपने रूम की तरफ . मई फ्रेश होकर भार आया तब तक दी लंच लगा चुकी थी . मई और दी ने खाना एक दूसरे को खिलाया दी अभी भी चुप थी .
मुझे समझते देर न लगी बात क्या ह मई… सॉरी दी ऐसी कोई बात नहीं ह पलज़्ज़ज़्ज़ज़ ऐसे नाराज मत रहो… वह कोई इतनी बड़ी बात नहीं ह और वैसे भी गलती मेरी ह .
सोनाली कुछ बोलने को हुए उससे पहले… मई… दी आपको मेरी कसम आप उस बारे में कुछ नहीं पूछोगे .
सोनाली… ठीक है बेतु नहीं पूछती .
फिर मैंने दी को हुग किया… मई… दी नींद आ रही है चलो न सोते ह . थक गया हूँ में बहुत…
सोनाली… थक तो में भी गई हूँ… चलो चलते है और वैसे भी कल बहुत सुकून मिला था . ( मुस्कुराते हुए )
फिर मई और सोनाली मेरे रूम में आये एक दूसरे को हुग करके सो गए . मेरी नींद 5 बजे खुली मैंने देखा सोनाली मासूम बच्चे की तरह मुझे हुग किए सो रही जैसे में कहि भाग न जाऊ…
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पता नहीं क्यों में एक बार फिर उसके चेहरे में खो गया और उसको किश करने का बहुत मन होने लगा…. मई धीरे से उसके बाल जो चेहरे पर थी कान क पीछे किये और बढ़ चला लाइफ की पहली किश की तरफ . मेरी साँसे उसकी साँसे एक दूसरे महसूस क्र सकते थे….
मई धीरे से उसके होंठ पर अपने होंठ रख दिए… हल्का सा चूमा फिर अलग हो गया . मेरा दिल बहुत तेजी से धड़क रहा था . मैंने फिर उसकी तरफ देखा तो चौंक गया वो जाग गई थी .
मई तुरंत उठ क्र बाथरूम में भागा और अपनी सांसे कण्ट्रोल करने लगा . ( मन मई…. यह हो क्या रहा है मेरे साथ क्यों में खुद को रोक नहीं पा रहा हूँ… कहि मुझे दी से पी.. नहीं नहीं ऐसा नहीं हो सकता वो मेरी बहिन है …. लेकिन क्या कृ हर वक़्त उनके साथ रहने का दिल करता ह . और क्या पता शायद दी भी मुझे पैर करती हो )
यह सोच क्र में बहुत खुश हुआ और फ्रेश हो क्र बहार आया दी जा चुकी थी…. अब मुझे दर लगने लगा कहि दी नाराज तो नहीं हो गई… मुझे उनसे माफ़ी मांगी चाइये… और क्या पता मेरे सवाल का जवाब भी मिल जाए…
मई चल पड़ा दी क रूम की तरफ जैसे hi नॉक करने को हुआ दी ने दूर खोला मुझे अंदर खींच क्र फिर से बंद क्र दिया… मैंने उसकी तरफ देखा तभी उसने मुझे कस क हुग किया … में भी बहुत खुश था मुझे महसूस होने लगा था की सोनाली भी मुझसे प्यार करती है और मुझसे कहि ज्यादा…
मई…. दी आप मुझसे नाराज तो नहीं हो…
सोनाली…. में अपनी जान से कैसे नाराज हो सकती हूँ….
मई… दी… इतना प्यार मत करो मुझसे नहीं सहा जाता और हाँ आज तो आपको बताना hi होगा , आपको कैसे पता चल जाता है की में आने वाला हूँ…..
सोनाली… तू सच में जानना चाहता है…
मैंने हाँ में सर हिलाया…
सोनाली ने मेरा हाथ पकड़ा और उसे अपने दिल पर रख दिया और अपना हाथ मेरे दिल पर….
सोनाली…. ( शर्माते हुए ) तुम यह हो मेरे दिल में…. जब भी तुम मेरे पास आते हो तो यह जोरो से धड़कने लगता और मुझे एहसास दिलाता है की तुम आ रहे हो अभी से नहीं बचपन से . पहले मुझे नहीं पता था यह क्या ह पर अब है….
सोनाली ने मेरा हाथ पकड़ा और उसे अपने दिल पर रख दिया और अपना हाथ मेरे दिल पर….
सोनाली…. ( शर्माते हुए ) तुम यह हो मेरे दिल में…. जब भी तुम मेरे पास आते हो तो यह जोरो से धड़कने लगता और मुझे एहसास दिलाता है की तुम आ रहे हो अभी से नहीं बचपन से . पहले मुझे नहीं पता था यह क्या ह पर अब है….
सोनाली ने मुझे अपनी तरफ और …..
अब आगे…..
अपने होंठ मेरे होठों पर रख दिए मई अचानक हुए हमले से शॉक हो गया . लेकिन सोनाली लगी रही किश करने जोरो से मेरी होंठो को चूसने लगी मुझे भी मजा आने लगा में भी भरपूर साथ देने लगा… हमारी सांसे उखाड़ने लगी तो हम रुके .
सोनाली… ( मेरे सीने पर सर रख क्र ) ी लव यू बेतु…. अपनी जान से ज्यादा पलज़्ज़ज़्ज़ज़ मुझे दूर… न होना…
मई… दी में भी आपको बचपन से बहुत प्यार करता था समझ नहीं आ रहा था ऐसा क्यों हो रहा है लेकिन अब सब समझ आ गया है…. ी लव यू तू… बूत क्या हम सही क्र रहे ह…
सोनाली… क्यों बेतु… क्यों… ?.
मई… आप मेरी बहिन है हम कभी एक नहीं हो सकते , लेकिन आपके बगैर ज़िंदा रहना भी मुश्किल है… समझ नहीं आ रहा दी हम अगर अलग हो गए तोह ( रट हुए )
सोनाली…. बेतु… इधर आ ( मुझे हुग करते हुए ) सब ठीक हो जायेगा बेतु चुप हो जा फ्यूचर की सोच क्र अपना प्रेजेंट क्यों ख़राब करना…. चल रोना बंद क्र वर्ण में भी रो दूंगी…. और झा तक अलग होने की बात है तोह मेरे भाई… जबतक इस सरीर में जान रहेगी तुझे मुझसे कोई अलग नहीं क्र सकता… चल अब हस्स दे ….
मई… ठीक.. है दी वैसे भी मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता किसी से मुझे बास आप चाइये…
सोनाली… अरे वह… कुछ देर पहले तोह बड़ा शर्मा रहा अब देखो …. और यह क्या दी , दी लगा रखा ह बेतु अब तोह न बोल …
मई… अच्छा बावा नहीं बोलता… लेकिन.. क्या बुलाऊ आपको.. …..
सोनाली… कुछ भी बोल बेतु लेकिन अब दी बोलै तो तेरी टाँगे टॉड दूंगी…
मई… अरे बाप इससे अच्छा तो आप पहले hi थी… कुछ देर हुए नहीं प्यार का इजहार हुए अभी से शुरू हो गई…
गफ वाली गुंडा गर्दी….
सोनाली… और नहीं तो क्या… करूंगी गुंडा गर्दी मेरा हक़ बनता तू क्या क्र लेगा …. बोल , बोल , क्या क्र लेगा
मई… ( सोनाली को उठा क्र बीएड पर लिटाते हुए और हुड ऊपर छड्ड गया हमारे होंठो क बिच 1 इंच से भी काम दुरी रह गई थी ) बेबी यह क्र लूंगा…
और सोनाली क होंठ पर होंठ रख दिए… इस बार बहुत वाइल्ड किश चलती रही दोनों को होश hi नहीं था किसी अलग hi दुनिया में चले गए थे…. जब हम अलग हुए तो सोनाली शर्माती हुई मेरे सीने से लग गई…
..
सोनाली… ी लव यू… बेतु…
मई… ी लव यू तू बेबी…..
फिर दोनों एक दूसरे को महसूस करते रहे जब तक निचे से माँ की आवाज नहीं aai…Me उठा सोनाली को हल्का सा किश क्र चल पड़ा अपने रूम…
मई बहुत खुश था… मुझे मेरा पहला प्यार मिल गया था… तभी… मेरा फ़ोन रिंग हुआ… प्राइवेट no. शो हो रहा था… मैंने कॉल पिक किया…
मई… Hello …. Hello… ( दो बार hello बोलै बूत सामने से कोई आवाज नहीं आई )..
और फ़ोन कट गया मैंने भी ज्यादा ध्यान नहीं दिया.. और चल दिया फ्रेश होने … फ्रेश होकर बहार आया तोह… 7 बज चुके …. मई भर निकल क्र हॉल में बैठ गया… T.v. देखने लगा …
बूत क्या करे मन hi नहीं लग रहा था… हर पल सोनाली क पास जाने को कह रहा था… मैंने… T.V . ऑफ किया तभी पापा हॉल में एंटर हुए ….
फिर मई और पापा बैठे बाते करते रहे… फिर हम सभी डिनर करके सो गए…
रात क 2 बजे…
ऐसा लगा जैसे कोई मेरे रूम में आया… मुझे पता था यह… कोण ह इसलिए में सोने का नाटक.. करने लगा… सोनाली बीएड पर मुझे हुग क्र लेट गई…
सोनाली…. क्या कृ बेतु तूने मेरी आदत बिगाड़ दी अब तो तेरे बिना नींद भी नहीं आ रही…
झुक क्र मुझे किश करने को हुई तो मैंने उनको प्लाट क्र निचे क्र दिया…
सोनाली… बाद मैनर्स बटु… लड़कियों की बात सुन्ना
मई कुछ नहीं बोलै… अपने होंठ सोनाली क होंठो पर रख… दिए… एक बहुत hi पैशनेट किश क बाद हमारी सांसे टूटी हम अलग hue…Ek दूसरे की आँखों में देखा फिर हसने लगे…
सोनाली… ी लव यू बेतु…
मई… ी लव यू… तो… बेबी…
ऐसे hi हम दोनों एक दूसरे को हुग किए सो गए…
नेक्स्ट मॉर्निंग…
सुबह में उठा देखा सोनाली रूम में नहीं ह.. में फ्रेश हो ट्रैक सूट पहना और चला गया जॉगिंग क्र ने
एक बार फिर मेरा फ़ोन रिंग हुआ.. शामे प्राइवेट no..
मई.. hello .. कोण बोल रहा ह…
सामने से कोई आवाज नहीं आई… फ़ोन कट..
मई… पता नहीं कोण.. है..
फिर मई गयम करके वापस हॉल में आया डैड सोफे पर बैठे हुए थे…
मई… गुड़ मॉर्निंग डैड
डैड… गुड़ मॉर्निंग बीटा…
और फिर ऐसे hi बाते चलती रही… मई चल दिया अपने रूम… नहा धो क्र तैयार हुआ सोल्लगे क लिए लिए…
तभी मुझे कुछ याद आया… मैंने प्रिंसिपल को फ़ोन किया… और उसे क्या करना ह समझा दिया…
मई चल पड़ा सोनाली क रूम की तरफ… अस उसुअल वह मेरा hi इन्तजार क्र रही थी… मैंने एक बार उसे ऊपर से निचे देखा ब्लू टॉप और ब्लैक जीन्स में कमाल की लग रही थी .
पता hi नहीं चला कब में उसके करीब पहुँच गया और हमारे होंठ एक बार फिर एक हो गए…
फिर में सोनाली को लेकर निचे चल पड़ा नास्ता फिनिश किया और चल दिया सोल्लगे… आज सोनाली बहुत खुश थी और में भी हम दोनों कब सोल्लगे पहुंचे पता नहीं चला .
पार्किंग में तृषा और नैना हमारा hi वेट क्र रही थी…
दोनों ने गुड़ मॉर्निंग विश किया… और चल दिए हम कैंटीन में…
मैंने कॉफ़ी आर्डर की तभी… एक बार फिर मैंने तृषा को परेशां देखा…..
मुझे लगा जरूर कोई प्रॉब्लम है.. बूत यह मुझे नहीं बताएगी… कॉफ़ी फिनिश क्र में टॉयलेट में गया…
और एक no. दिल किया उसे सब समझा दिया क्या करना ह फिर चल पड़ा अपनी क्लास में…
यह मैंने प्रिंसिपल से कहके एक एक्स्ट्रा बेंच लगवा दी थी… सबसे आगे में उसपर जाके बैठ गया…
मैंने एक बार पीछे पलट क्र कियारा को देखा… वह मुझे hi देख रही थी… जैसे hi मैंने उसे देखा उसने अपनी आँखे निचे क्र ली…
तभी.. मेरी सीट पर एक लड़का बैठा बूत मुझे देख क्र दर गया…
मई… डर मत यर मैं भी इंसान हूँ नाम तो तुम्हे पता hi होगा और तुम…
लड़का…. सॉरी सर… मेरा नाम मोहित चौहान है…
..
मई… सिंगर….
मोहित… नहीं सर मई तोह.. आपका बहुत बड़ा फैन हूँ…
लेकिन… जो हुआ…
मई.. ( बिच में hi ) भूल जा उस बात को मुझे बास इस बात का बुरा लगा .. सभी थे कैंटीन में वैसे सभी मदत करना चाहते है… लेकिन घर क हालत और प्रेशर क चलते क्र नहीं पाते … यू उनको समझाना जरुरी था अब से देखना कोई भी किसी को तंग नहीं करेगा सोल्लगे में और किया तो सब मिलकर उसका सामना करेंगे…
मोहित … यह तो है सर…
मई… क्या सर ,सर लगा रखा है जस्ट कॉल में अभी… ( और उसकी तरफ हाथ बढ़ा दिया )
मोहित… ( खुश होकर हाथ मिलते हुए ) ok अभी सर… ऊप्स सॉरी ..
मई… ( हस्ते हुए ) चल कोई नहीं आदत हो जाएगी…
तभी क्लास में लेक्चरर एंटर हुए… 3 लेक्चर कंटिन्यू लेकर चले गए…
तभी रेसस्स हो गई मई मोहित से बोलै चलो कैंटीन चलते है… उसने ok बोलै … मैंने एक बार पीछे पलट क्र देखा कियारा अभी भी गुस्से से मेरी तरफ देख रही थी….
मुझे बहुत अफ़सोस हुआ… फिर भी मई चल पड़ा कैंटीन में…
मैंने… सबसे मोहित को इंट्रोडस करवाया… फिर हमने समोसा और कॉफ़ी आर्डर किया .
आर्डर आ गया सब खाने लगे सिर्फ में और सोनाली hi एक दूसरे को देख रहे थे….
तृषा… क्या हुआ भाई भूख नहीं ह क्या…
मई कुछ नहीं बोलै और समोसा सोनाली की तरफ बढ़ा दिया …
उसने खाया फिर मुझे खिलाया….
3no हम दोनों को hi देख रहे थे…
मई…. क्या हुआ ऐसे क्या देख रहे हो….
तृषा… कुछ नहीं ….
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मई… समझ गया… देखो यर वो क्या है न यह हमारी बचपन से आदत है… एक दूसरे को खिलाये बिना कभी कुछ नहीं कहते…
फिर ऐसे hi इधर उधर की बात चलती रही … तृषा बहुत छुपाने की कोशिश करती रही लेकिन मुझे उसकी आंखों से पता चल गया था कुछ बड़ी प्रॉब्लम है…
मैंने सब वक्त पर छोड़ दिया और सबको bye बोलके चल दिया अपनी क्लास में..
लेक्चर स्टार्ट hi होने वाला था एक नजर कियारा पर डाली जो अभी भी मुझे देख रही थी….
मैंने उसे अनदेखा क्र अपनी सीट पर बैठ गया… इसी तरह पूरी क्लास चलती रही तभी मुझे किसी का मैसेज आया जो पढ़ क्र मई आग बबूला हो गया ….
मई दी को मैसेज किया… आप अकेले घर चले जाना… मुझे बहुत अर्जेंट काम है…
सोनाली… ( मैसेज ) क्या हुआ सब ठीक तोह ह….
मई… ( नार्मल होते हुए ) हाँ बेबी सब ठीक ह लव यू bye…
सोनाली… ( मैसेज ) bye लव यू तू….
मई भागते हुए पार्किंग में गया गाडी निकल भगा दी….
एक बिल्डिंग के भर रोका जो की अंडर कंस्ट्रक्शन थी और सहर से दूर भी थी बूत सोल्लगे से जयादा नहीं…
मैंने अपने मास्क लगाया और किसी को इशारा किया… वह मेरे पास आया और मुझे एक शार्ट गन और 2 , 9 मम पिस्तौल दे दिया…
मई… कितने आदमी है…
अननोन…. 20 आदमी है सेकंड फ्लोर पर …
मई… अपने आदमी तैयार है…
अननोन… सामने वाली बिल्डिंग में बैठे है स्नाइपर सेट किए हुए….
मई… ठीक… है… कुछ भी हो जाए कोई बचना नहीं चाइये… वर्ण…
अननोन… ( डरते हुए ) shaa…Nt. हो जाओ सर कुछ नहीं होगा…
मई... ठीक... है... कुछ भी हो जाए कोई बचना नहीं चाइये... वर्ण...
अननोन... ( डरते हुए ) shaa...Nt. हो जाओ सर कुछ नहीं होगा...
मई... हम... चलो let's... बिगिन थे गेम....
अब आगे....
मई चल पड़ता हूँ... बिल्डिंग क अंदर....
मई... टीम क्या... पोजीशन है...
अननोन .. 20 लोग है सर सब टारगेट सेट है... और फर्स्ट फ्लोर पर 5 गार्ड्स मौजूद है...
मई... Ok जब तक में आर्डर न दू कोई गोली नहीं चलेगा और में अकेला hi जाऊंगा.... इस तहत क्लियर...
अननोन... एस सर...
फिर मई चल पड़ा सीढ़ियों की और मैंने पिस्तौल रखा मास्क भी रखा... और शार्ट गन ले चल पड़ा ऊपर की और...
मैंने देखा 2 लोग... एक तरफ है और 3 एक तरफ सभी चक्कर लगा रहे ह... मैंने प्लेन चेंज किया.. अपनी दोनों पिस्तौल निकली सीलेंसर लगाया... और एक पिलर क पीछे चुप गया...
मैंने अपनी जेब से एक क्रैकर निकला और जला क्र सामने की तरफ फेंक दिया... और मई पिस्तौल हाथ में लिए इन्तजार करने लगा.... तभी... पाआआत्तत्त.... की आवाज से क्रैकर फट गया...
आवाज सुनकर सभी चौकन्ने हो गए कोण है वंहा...
आदमी1.... कोण.. है वंहा... ( तभी अपने आदमियों से ) जाओ जा क्र देख क्र आओ कोण है...
मई.... ( बस अब फिर प्लान चेंज करना पड़ेगा पहले यह hi मरेगा )
जैसे hi उसके आदमी मेरी तरफ बढ़ने लगे में पिलर क साइड में हो गया. वो मेरे पास से सीधे निकल गए झा मैंने क्रैकर फेंका था... में उनकी अपोजिट साइड हो गया मैंने देखा आदमी1 का ध्यान मेरी तरफ नहीं ह जिसका मैंने फायदा उठा क्र उसके सर में गोली मार दी...
लेकिन यह क्या... वह अह्ह्ह्हह क्र के कराहते हुए निचे गिर गया....
मई... ( हो गया चुतियापा ) . सभी आदमी अपने लीडर की लाश देख क्र गुस्से में आ गए....
आदमी2.... मुझे कुछ गड़बड़ लग रही है कोण है वंहा... ( और अपने आदमी से ) तू ऊपर जा क्र बॉस को इन्फॉर्म क्र... कोई घुस बैठया आ गया है...
आदमी5 ऊपर की तरफ सीढ़ियों की तरफ जाने लगा . ( मुझे कुछ सूझ नहीं रहा था तभी मेरे दिमाग की बत्ती जाली ) मैंने क्रैकर निकल क्र जलाया इस बार मेरी अपोजिट साइड fenka...Mtlv गुंडों क पीछे...
जैसे hi वह फटा सब का ध्यान सिर्फ पल भर क लिए उस तरफ गया... और यह काफी था मेरे लिए... मैं बहार निकल क्र गन से 3no को उदा दिया....
आदमी5 जल्दी से ऊपर की तरफ भागने लगा मैंने निशाना एआईएम किया लेकिन... चूक गया...
मई... ( सहित यर अब बहिन छोड़ भाग गया अब तेरे लगने वाले है )
मई एक बार सोनाली को याद किया और चल पड़ा सीढ़ियों क ऊपर तभी 5 लोग गन तने मेरी तरफ आने लगे...
मई कार्नर में चुप्प गया... वंहा अँधेरा होने की वजह से में उनकी नजर में नहीं आया वो आगे निकल गए...
मई मुस्कुरा दिया और गन से 3 लोगो को hi शूट किया...
बचे 2 आदमी मुझे ढूंढ़ने की कोशिश क्र रहे रहे की मैंने उनको भी साथियों क पास पहुंचा दिया...
मई धीरे धीरे ऊपर पहुँच गया... और सब पर नजर रखने लगा ...
मैंने देखा एक लड़की बीएड पर बंधी हुई है उसका टॉप फटा हुआ है... हाथ पेअर बंधे हुए है....
एक 50 साल का आदमी कुर्सी पर बैठा है... और उसके साथ एक लड़का खड़ा हुआ जिसको देखकर मेरा खून खोल उठा लेकिन मैंने दिमाग से काम लेने का सोचा...
आदमी... यह अभी तक आये क्यों नहीं.... ( और अपने आदमियों की एक टुकड़ी से ) जाओ जाके देखो वो मरा की नहीं ....
इस बार 10 आदमी नीचे जाने लगे मई वापस अंधेरे वाली जगह चुप्प गया जैसे hi उनहोंने मुझे क्रॉस किया... मैंने अँधा धुन गोली चलना शुरू क्र वह लोग जब तक समझते तब तक देर हो चुकी थी 9 लोगो को मैंने ऊपर पहुंचा दिया था...
आखिरी आदमी को भी गोली मारी मगर वह चिल्लाने लगा..... मालिक वह आ गया है...
मई... ( अबे चूतिये 2 मं और रुक जाता ) और उसको भी ऊपर पहुंचा दिया...
तभी मुझे लड़की की फ़िक्र होने लगी... मई भागते हुए ऊपर गया तब तक देर हो चुकी थी....
लड़का बचे हुए आदमी पिलर क पीछे चुप गए थे और वह आदमी और लड़का भी गन तने खड़े हुए थे सीढ़ियों क तरफ ....
मई सीढ़ियों पर रेंगते हुए ऊपर गया तोह मुझे पिलर क पीछे चुप्पे गुंडे तो दिख रहे थे लेकिन...
उनका बॉस और वह लड़का कही नजर नहीं आ रहा था...
मैंने पिस्तौल जीव में राखी और शॉट गन निकली लोड की और.... टाआड़द्द की आवाज से गोली... पिलर क आर पार हो गई गई और 1 आदमी ढेर हो गया...
देखते hi देखते मैंने पांचो को ऊपर पहुंचा दिया...
अब बचे बॉस और वह लड़का बहुत देर तक कोई आवाज नहीं आई मेरा दिल घबरा रहा था...
मई जल्दी ऐ ऊपर पहुंचा तो देखा... लड़के ने गन लड़की क ऊपर रख क्र खड़ा है...
लेकिन जैसे hi लड़की की नजर मुझ पर पड़ी जोर से चिल्लाने लगी... भाई यह मत आ भाग जा यह से...
( जी हाँ यह और कोई नहीं तृषा थी... )
जैसे hi लड़के ने यह सुना उसने मेरी तरफ देखा...
मई... चोर दे कुत्ते और भाग जा यह से तो तेरा 1 % चांस है की मई तुझे माफ़ क्र दूँ... कल तुझे नादान समझ क्र छोड़ दिया था लेकिन आज बिल्कुल भी रहम नहीं करूंगा चोर दे मेरी बहिन को....
यह सुनते hi तृषा फुट फुट क्र रोने लगी....
लड़का क डर क मारे पसीना निकलने लगा.... तू यह क्या क्र रहा है...
आदमी.... तुम इसे जानते हो ?
लड़का... हाँ डैड इसी ने कल मुझे सबके सामने मारा था यही डेविल किंग थे जोकर है...
( यह दोनों और कोई नहीं मला और उसका लड़का है )
यह सुनकर आदमी भी घबरा गया फिर हालत देखते हुए हसने लगा...
मला.... आओ आओ.. क्या नाम रखा ह तूने हां... डेविल किंग थे जोकर... हां हां हां तूने मेरे क्रोरो का नुक्सान किया है आज तू नहीं बचेगा...
मई... वो तोह वक़्त hi बताएगा...
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मला... कोई होशियारी... नहीं हथियार फैक दे वर्ण यह लड़की जान से जाएगी...
चाहता तोह में 2 सेकंड में इन्हे मौत क घात उतार देता मगर में जानना चाहता था की इसने तृषा को क्यों उठाया...
मैंने हथियार फैक दिए . मला हस्ता हुआ ( लड़के से ) ..... शाब्बास मेरे शेर तूने तोह मेरे दोनों काम क्र दिए आज यह दोनों मरेंगे...
मई... मेरी दुश्मनी तोह समझ में आती है लेकिन तृषा ने तेरा क्या बिगाड़ा है...
लड़का... हस्ते हुए.... हां हां हां इतना टाइम नहीं तेरे पास तू सस्पेंस में hi मर्डर... ऊपर जा क्र पूछ लेना इससे.... लेकिन इससे पहले जो काम अधूरा रह गया ह वो तो पूरा क्र लूँ...
उसने एक फिर तृषा को बीएड पर गिरा दिया...
मई जैसे उसकी तरफ बढ़ने लगा मला ने मेरी टांग पर गोली मारी लेकिन वह सिर्फ छू क्र निकल गई...
मेरे पेअर से खून निकलने लगा जिससे देख तृषा जोर जोर से रोने लगी.... भाई... चले जाओ यह से प्ल्ज़्ज़...
मई... 2 मं का समय दे रहा हूँ.. तुझे कुत्ते चोर दे उसे...
मला... वही खड़ा रह तू कुछ नहीं क्र सकता , एक कदम भी आगे बढ़ाया तोह भून क्र रख दूंगा...
और दोनों बाप बेटे हसने लगे... लड़के ने जैसे hi तृषा का टॉप फाड़ क्र फेंका...
मई... ( जोर से ) बहुत बड़ी गलती लग दू तूने... बॉयज.. शो टाइम...
जैसे में यह खा मेरे आदमियों ने स्नाइपर से एक गोली चलिए जो मला क हाथ में लगी..... जिससे उसके हाथ से गन निचे गिर और चींखने लगा...
आअह्हह्ह्ह्हह.....
लड़का हक्का बक्का रह गया तभी मई दौड़ क उसके पास गया और उसके मुँह पर पंच मारा... जिससे वह तृषा क ऊपर से दूर जा गिरा....
मैंने तृषा की तरफ देखा उसकी ब्रा की स्टॉप भी टूट गई थी मैंने... आँखे दूसरी तरफ की और अपनी शर्ट निकाली उसे दी...
तभी मैंने अपने आदमी को आवाज दी...
अननोन... एस सर...
मई... मेरा हथियार दो...
हथियार का नाम सुनकर hi मला और उसके लड़के का मूट निकल गया... रट हुए छोड़ दो भाई हममे माफ़ क्र दो....
मई... सससससष्ठ आवाज नहीं , पहले भी खा था तुझे चोर दे मेरी बहिन को लेकिन तू नहीं मन... अब भुगत
... ( अपने आदमियों से ) कितना टाइम लगेगा
अननोन .. ( घबराते हुए ) बास भाई आ गया...
और एक आदमी एक लम्बा सा बॉक्स लेकर अंदर आया... जिसे देख क्र मला क लड़के ने गन उठा खुद को मरने की कोशिश की मगर उससे पहले... मैंने उसे लात मार पिस्तौल दूर फेंक दी...
लड़का... भाई आप हम्म गोली मार दो प्ल्ज़्ज़ बूत उससे नहीं....
मई... है है है यह तोह तुझे मेरी बहिन पर हाथ डालने से पहले सोचना चाइये था.... मैंने कल खा था तुझे इससे दूर मगर तू नहीं मन अब तैयार हो जा..
और वैसे भी तुझे पता ह में कोण हूँ डेविल किंग थे जोकर... है है है तो सिग्नेचर तो छोड़ना पड़ेगा न....
जैसे hi मई बॉक्स क पास पहुंचा की मला और उसका लड़का डार्क मारे hi बेहोश हो गए...
मई... होश में लाओ कुत्तों को आज इन्हे पता चलेगा मौत कितनी बत्तर हो सकती ह....
मेरे आदमियों ने उसके मुँह पर पानी मारा.. दोनों होश में आ गए लेकिन जैसे hi मुझे देखा फिर रोना शुरू क्र दिया....
बॉक्स में एक बड़ा सा स्लेज हैमर था . जिसको देखते hi वह फिर से रोने लगे और मौत की भीख मांगने लगे...
मई... ( दोनों क पास जाते हुए ) इसी हाथ से तूने मेरी बहिन को छुआ था न .
मैंने उसके एक हाथ पर पेअर रखा जिससे वह हिल न पाए... फिर हैमर उठा क्र पूरी ताकत से उसके कंधे पर मारा....
आअह्हह्ह्ह्हह.... की आवाज क साथ वह दर्द से छटपटाने लगा... वो बेहोश होने वाला था की फिर से हैमर मारा...
और मरता रहा कंधे से लेकर पुरे हाथ पर... उसके हाथ की हड्डी क पता नहीं कितने टुकड़े हुए होंगे...
वह चींखते चींखते बेहोश हो गया....
मैंने मला की तरफ देखा वह पागलो जैसी हरकत क्र रहा था....
मई... आएगा आएगा इसके बाद तेरा hi no. है... ( अपने आदमी से ) पानी मारो इसके मुह्ह पर...
अननोन.... जी सर ....
बोलकर पानी से उसे होश में लाया... होश में आते hi वो चींख चींख क्र रोने लगा...
मई उसके दूसरे हाथ पर पेअर रखते हुए.... इसी हाथ से तूने मेरी बहिन का टॉप फायदा था न....
और फिर उस हाथ का भी हॉल पहले जैसा किया.... इस बार वह दर्द नहीं सेह सका और करते हुए ऊपर वाले को प्यारा... हो गया...
लेकिन मेरा गुस्सा अभी ख़त्म नहीं हुआ था... मैंने उसके सर पर हैमर मारा जिससे उसका दिमाग बहार आ गया यह देख क्र तृषा बेहोश hi हो गई...
मैं सोचा इसको बाद में देखूंगा ( मला से ) .... हाँ तो सर तैयार हो अपनी खातिर दारी क लिए....
उसने एक बार मेरी तरफ देखा... और पगल जैसे हसने लगा...
मई... हस्स ले बीटा अभी तू रोयेगा....
मला.... ( हस्ते हुए ) मुझे पता है में आज ज़िंदा नहीं बचूंगा लेकिन वादा है तुझसे तेरा घर का एक एक शख्स को मेरा भाई छोड़ेगा नहीं....
उससे पहले वह कुछ और बोलता... मैंने हैमर उसके सर और दे मारा . जिससे उसका भेजा बहार निकल आया और उसकी भी ऊपर की टिकट कट गई...
मेरे फॅमिली क बारे में सुनकर मेरा गुस्सा... शांत नहीं हो रहा था मई अपने आदमी से.... चाक़ू दो...
उसने मुझे चाकू दिया और मैंने उसके सीने में उतार दिया.... और उसकी छाती को चीयर क्र उसका दिल भर निकला... और अपने आदमी की तरफ फेंक क्र खा...
मई... टांग दो इसके दिल को और मला और उसके बेटे ने जितने काले धंदे खोले है , मर्डर किये है , रपे किये है, उसकी कॉपी कमिश्नर क ऑफिस पहुंचा दो... और सभी सबूतों क साथ... और मेरा निशाँ छोड़ दो यह बाकी सब समझ जायेंगे...
इतना बोलकर में तृषा को गॉड में उठा क्र बहार निकला उसे गाढ़ी में बैठाया और चल दिया अपने फार्म हाउस की तरफ....
मैंने अपना फ़ोन देखा तोह... 20 मिस्ड कॉल्स थे सोनाली... क मैंने तुरंत उसे फ़ोन किया उसने 1 रिंग में hi उठा लिए....
मई... सॉरी बेबी.... फ़ोन साइलेंट पर था...
सोनाली कुछ नहीं बोली....
मई... सॉरी जान आगे से ऐसा नहीं करूंगा एक आखिरी बार मुझे माफ़ क्र दो...
तभी मुझे सिसकियों क साथ रोने की आवाज आई मैंने गाढ़ी साइड रोकी...
मई... क्या हुआ जान बोलो किसी ने कुछ कहा क्या आपको मेरी कसम....
सोनाली.... ( रट हुए ) बेतु तुझे पता ह न हम एक है... फिर तू मुझसे क्यों झूठ बोलता ह....
मई समझ गया सोनाली किश बारे में बात क्र रही है .....
मई... जान तुमको मुझ पर भरोषा है न....
सोनाली... अपनी जान से भी जयादा ....
मई... बास बेबी अब कुछ मत पूछना मई तुम्हे कल सब कुछ बता दूंगा.....
सोनाली.... कल अभी खा जा रहे हो...
मई... सॉरी जान अभी नहीं बता सकता , माँ डैड से भी कह देना में आउट ऑफ़ सिटी जा रहा हूँ....
सोनाली... मगर तुम जा खा रहे हो...
मई... प्ल्ज़्ज़ जान अभी कुछ न पूछो और हाँ अपनी बात भी नहीं हो पाएगी शाम को , में सीधा तुम्हे सोल्लगे में hi मिलूंगा वह आपको सब बता दूंगा... बूत पलज़्ज़ज़्ज़ज़ अभी नहीं...
सोनाली... ( रूखे मन से ) जल्दी आना जान में तुम्हारा वेट करूंगी .... और अपना ख्याल रखना... और खाना खा लेना...
मई... ी ऍम सॉरी जान , तुम भी खाना खा लेना bye ी लव यू....
सोनाली.... ी लव यू तू....
उसके बाद कॉल कट क्र मैंने फ़ोन स्विच ऑफ क्र दिया...
और गाढ़ी एक ढाबे पर रोकी.. उससे खाना पैक करवाया... और चल दिया फार्म हाउस...
( यह फार्म हाउस मैंने सेक्रेटरी ख़रीदा है आज तक किसी को इस बारे में नहीं पता )
मई गाढ़ी अंदर पार्क की और तृषा को गॉड में उठा क्र चल दिया अपने रूम में....
मैंने तृषा को बीएड पर लिटाया और उसके मुँह पर पानी मार उसे होश में लाया...
होश में आते hi वो जैसे hi मुझे देखती है... चींखने लगती है...
तृषा.... आआआह.. कोण हो तुम... और मुझे खा लेकर आये हो जल्दी बता दो वर्ण....
उससे आगे वह कुछ बोलती उससे पहले मैंने उसको गले लगा लिया... वह मुझे मारती रही नोचती रही मुझे खुद से दूर करती रही मगर मैंने उनको नहीं छोड़ा...
थक हार कर वह कमजोर पद गई...
मई... शांत हो जाओ दी मई हूँ... न आपको कुछ नहीं होने दूंगा...
इतना सुनते hi वह भाई बोलके जोर से मेरे गले लग गई और फुट फुट क्र रोने लगी मई बास उनके सर पर हाथ फटता रहा और उनको शांत करने की कोशिश करने लगा....
अब उनका रोना बंद हो चूका था मैंने उनको अलग करने की कोशिश की मगर वो मुझे चोर hi नहीं रही थी....
मई.... क्या... हुआ दी... छोड़ो मुझे टॉयलेट जाना ह
तृषा..... ( बच्चो जैसे आवाज में ) नहीं छोडूंगी तू भी मुझे पापा की तरह चोर क्र चला जायेगा न....
उसने यह बात इतनी मासूमियत से बोली की मेरी आँख से एक बार फिर आंसू निकल गए...
मई... ( तृषा क माथे पर किश करते हुए ) नहीं दी मई आपको छोड़ क्र कहि नहीं जाऊंगा...
तृषा... ( मेरी आँखों में देखते हुए ) पक्का वाला वादा न ....
मई... हाँ मेरी जान पक्का वाला वडा अब खुश...
तृषा... बहुत खुश
उसने मुझे फिर से गले लगा लिया... फिर मेरे गाल पर किश क्र मुझसे अलग हुई...
मई... चलो दी उठो और फ्रेश होकर आओ जाती मई आके लिए कपडे निकलता हूँ...
तभी उसकी नजर मेरी बॉडी पर पड़ी . वह मुझे अजीब नजरों से देखने लगी...
मई... क्या देख रही हो दी..
तृषा... कुछ नहीं ( और शरमाते हुए भाग गई )
( हाँ तोह कुछ पाठकों को मेरा पिछले अपडेट समझ नहीं आया शायद इसीलिए क्युकी मैंने आदमी अननोन लिखा था ...
इसीलिए कुकी वह थे जोकर का सेक्रेटरी है अभी हममे उसकी पहचान पता नहीं थी इसीलिए मैंने अननोन लिखा है...
इसकी असली पहचान हमारे हीरो को भी नहीं पता...
इसका भी स्टोरी में आगे रोल है हम अभी इसे नाम नहीं देंगे लेकिन सेक्रेटरी कहेंगे )
मई... चलो दी उठो और फ्रेश होकर आओ जाती मई आके लिए कपडे निकलता हूँ...
तभी उसकी नजर मेरी बॉडी पर पड़ी . वह मुझे अजीब नजरों से देखने लगी...
मई... क्या देख रही हो दी..
तृषा... कुछ नहीं ( और शरमाते हुए भाग गई )
अब आगे....
मई ( यह दी को क्या हुआ ऐसे क्यों देखि मुझे ) तभी मैंने अपनी हालत देखि और समझ गया... और हलकी सी स्माइल मेरे फेस पर भी आ गई...
तृषा जब फ्रेश होकर आई तब तक मई उसके लिए ड्रेस निकल चूका था... तृषा अभी भी मुझसे नजरे नहीं मिला रही थी...
लेकिन उसे देखकर यह मेरी हालत ख़राब हो गई थी वह सिर्फ बाथरोब में बहार आई . उसकी गोरी टंगे देख क्र मेरी हालत ख़राब होने लगी...
तृषा ( शरमाते हुए ) ... ऐसे क्या देख रहे हो...
मई... ( हड़बड़ा गया ) ku..cchh n..Hi.. हाँ ड्रेस पहनो और बताओ कैसी है...
तृषा एक बार मेरी तरफ देखा फिर ड्रेस देख क्र... ओह्ह... वाओ बहुत खूबसूरत है... थैंक्स..
बोलकर वह मेरे सीने से लग गई . मई तोह किसी और hi दुनिया में चला गया था. वो अभी नाहा क्र आई थी उसके बदन की खुशबु.. मुझे मदहोश क्र रही थी .
पर यह क्या यह तोह मुझे मारने पर तुली है उसने अपनी पकड़ टाइट क्र दी . उसके बूब्स मेरे सीने से दबे हुए थे . पर अचानक मुझे सोनाली का ख्याल आया मैंने उसे अलग किआ .
मेरी.. हालत hi ख़राब हो रही थी इसीलिए मई रूम से बहार निकल गया... मेरा लुंड पूरा खड़ा हो गया था...
में जल्द से बाथरूम में भागा और ठन्डे पानी से शांत किया....
कुछ टाइम बाद नार्मल होकर खाना प्लेट में लेकर तृषा क पास गया...
इस मैंने दरवाजा नॉक किया..
तृषा... खुला है आ जाओ...
मई अंदर गया वह पिंक कलर क सूट में कमल की लग रही ( अब एक और बात बताना चाहूंगा ड्रेस खा से आया . तोह ड्रेस अपने हीरो ने सोनाली क लिए ख़रीदा था . )
मई उसे देखने में एक बार फिर खो गया...
तृषा... क्या हुआ आप वही खड़े रहोगे क्या...
( मैंने एक बात नोटिस की . की जब से दी ने मुझे शर्ट लेस्स देखा ह तब से उन्होंने मुझे भाई नहीं खा. और अभी तोह पहली बार आप )
यह शुक्र में शॉकेड हुआ पर कुछ नहीं बोलै जाकर ाड़लन्दर बैठ गया...
तृषा... क्या हुआ आप क्या सोच रहे हो...
इसबार मई कोई रियेक्ट नहीं किया..
मई.. कुछ नहीं हाँ यह लो खाना खा लो...
तृषा... आप नहीं खाओगे , ( रोने सी सूरत बनाते हुए ) इसलिए की मई सोनाली नहीं हूँ...
मई... ( कुछ पल उसे देखा फिर ) ऐसा कुछ नहीं है . आज पहली बार उससे दूर हुआ हूँ... और उसने अभी तक खाना नहीं खाया होगा में कैसे खा सकता हूँ...
तृषा... तुम इतना यकीन क साथ कैसे बोल सकते हो...
मई... है है है है चलो ठीक है तुम उसे कॉल करो और पूछो...
तृषा... Ok अभी पूछती हूँ...
फिर तृषा ने सोनाली को फ़ोन लगाया कुछ देर बात की और उसने पूछा...
फ़ोन पर...
तृषा... सोनू तूने खाना खाया की नहीं...
सोनाली...
तृषा.... अरे वह ऐसे hi पूछ रही थी सोचा पिज़्ज़ा पार्टी करते है तेरे घर...
सोनाली...
तृषा... चल ठीक है सोनू तू आराम क्र सुबह सोल्लगे में मिलते है...
सोनाली...
तृषा.. bye गुड़ नई8
कॉल कट...
तृषा मेरी तरफ देखि मई... क्यों क्या हुआ दी ने क्या बोलै .
तृषा... बोली पेट में दर्द है...
मई.. ( हसने लगा.) बोलै था न ऐसा hi होगा...
तृषा... अगर तू नहीं खायेगा तोह में भी नहीं खाउंगी...
मई... दी बात को समझो.. ( कुछ सोच क्र ) अच्छा ठीक है देखता हूँ.. तुम कैसे नहीं कहती .
मैंने प्लेट उठाया और निवाला बना तृषा क मुँह की तरफ बढ़ा दिया.. अब तृषा फस्स गई वह क्या करे...
आखिरकार वह हार hi गई और निवाला मुँह क अंदर ले लिया... फिर मैंने उसे अपने हाथों से खाना खिलाया इस दौरान वह कुछ नहीं बोली और बास मुझे hi देखती रही में भी उसे नोटिस क्र रहा था...
खाना खिला क्र में प्लेट किचन में रख क्र पानी की बोतल ले चल पड़ा रूम में .
रूम में एंटर किया तृषा अब तक बीएड पर लेत गई थी और कुछ सोच रही थी .
मई... दी सब बाद में अभी पानी पियो...
तृषा ने पानी पिया और में भी उसके पास में बैठ गया . मुझे पता था अब क्या होगा इसलिए मैंने तृषा का हाथ पकड़ लिए... उसने मेरी तरफ देखा और फिर गर्दन निचे क्र ली...
मई ( चुप्पी तोड़ते हुए )... हाँ तोह दी अब बताओ मला क बेटे ने क्यों आपको किडनैप किया...
तृषा... तू सच में जानना चाहता है... .
मई... भरोषा रखो दी जब तक में हूँ आपको कुछ नहीं होने दूंगा अब बताओ क्या बात है...
तृषा कुछ देर सांस लेकर... ठीक ह सुन...
( आगे की कहानी तृषा की जुबानी , यह मई तृषा को मई लिखूंगा )
फ़्लैश बैक
मेरे पापा की मई बचपन से लाड़ली थी. मेरी फॅमिली बस मेरी माँ , डैड पर hi खत्म हो जाती थी .
जैसे जैसे में बड़ी होती रही वैसे वैसे उनका प्यार मेरे लिए बढ़ता गया...
और एक दिन...
बात तब की है जब में 12 तह पेपर्स खत्म की थी... और वेकेशन क लिए पापा से जिद क्र रही थी...
पापा... ाचा ाचा ठीक है त्रिषु बीटा नेक्स्ट वीक चलते है खुश...
मई... ( ख़ुशी में चिल्लाया ) आअह्हह्ह्ह्हह. बहुत खुश पापा थैंक यू , थैंक यू...
पापा... चल अब बस क्र और जल्दी से तैयार होकर आ आज एक ऑफिस पार्टी में जाना...
मई.. ( उदास होकर ) जाना जरुरी है पापा...
पापा... ( मेरे सर पर हाथ रखते हुए ) त्रिषु मुझे पता है तुम्हे पार्टी पसंद नहीं . लेकिन होस्ट को तोह जाना पड़ता है न बीटा..
मई... Ok पापा ( और उनके गाल पर किश क्र चल दी अपने रूम )
तैयार हो क्र में बहार आई जब तक माँ भी तैयार हो गई थी . पापा ने मुझे देखा वो माँ क पास गए उनकी आँख से काजल निकल मेरे कान पीछे लगा क्र...
पापा... किसी की नजर न लगे मेरी गुड़िया बेटी को...
मई... क्या पापा अब मई बड़ी हो गई हूँ...
माँ... जल्दी करो त्रिषु लेट हो रहा ह , ( पापा से ) और आप क्या खड़े हो चलना नहीं ह क्या.
पापा... हाँ हाँ चलो न , मैंने कब मना किया भाई...
फिर हम तीनो कार में बैठ पार्टी में पहुँच गए .
हम जैसे hi वंहा पहुंचे सबकी नजरें हमारी ओर hi थी...
मई अंदर गई पापा ने मुझे सबसे मिलवाया . तभी मुझे किसी की गन्दी नजरों का अपने ऊपर आभास होने लगा....
हम जैसे hi वंहा पहुंचे सबकी नजरें हमारी ओर hi थी...
मई अंदर गई पापा ने मुझे सबसे मिलवाया . तभी मुझे किसी की गन्दी नजरों का अपने ऊपर आभास होने लगा....
अब आगे.... .
मैंने देखा सामने कोई 45 साल क आस पास क आदमी बैठा है और मुझे hi घूर रहा मुझे अच्छा नहीं लग रहा था लेकिन पापा की वजह से जा भी नहीं सकती थी...
मई वंहा से उठकर फ़ूड काउंटर पर गई और अपने लिए ड्रिंक लिया...
इतने में वह आदमी मेरे पास आ गया... मेरा दिल बहुत बेचैन होने लगा...
मई उसे इग्नोर करने की कोशिश करने लगी लेकिन वह अपनी हरकत से बाज नहीं आ रहा था...
तभी वो बोलै... तुम ज्ञानेंद्र की बेटी हो न...
मई... ( क्या बोलू समझ नहीं आ रहा था बहुत उनकंफर्टबले फील क्र रही थी ) हाँ लेकिन आप कोण...
आदमी.... ( हस्ते हुए ) जल्द hi पता चल जायेगा...
अब मुझसे वंहा बिल्कुल रुका नहीं जा रहा था में वंहा से सीधा डैड क पास गई...
मई... डैड मुझे घर जाना ह...
डैड... क्या हुआ बीटा अभी तो हम आये ह...
मई... नहीं डैड मेरी तबियत कुछ ठीक नहीं लग रही...
डैड... अच्छा ok..
फिर डैड ने माँ को बुलाया और मेरे साथ जाने को खा...
मई... डैड में अकेले चली जाउंगी आप परेशां न होये...
डैड... नहीं बेटी रात बहुत हो गई है... प्ल्ज़्ज़ मेरी बात मान लो...
मई... Ok डैड...
फिर मई और माँ वंहा से घर निकल आये पर पता नहीं क्यों मेरा जी अभी भी घबरा रहा था... उसकी आँखें अभी भी मुझे बेचैन क्र रही थी...
..
माँ... क्या हुआ त्रिषु...
मई... पता नहीं माँ जल्दी चलो यह मेरा जी घबरा रहा है...
माँ... क्या हुआ चल डॉक्टर क पास चलते है...
मई.. नहीं माँ पहले यह से चलो...
फिर हम वंहा से निकल घर पहुंच गए . लेकिन अभी मेरी हालत वैसी hi थी . फिर मुझे डैड की चिंता होने लगी मैंने उन्हें फ़ोन लगाया लग नहीं रहा था...
3,4 बार तरय किया लेकिन फिर भी नहीं लगा मेरी घबराहट और बढ़ रही थी..
मई... माँ डैड का फ़ोन क्यों नहीं लग रहा...
माँ.. क्युकी उनका फ़ोन मेरे पास है...
मुझे अब और चिंता होने लगी... आज तक मेरे साथ ऐसा नहीं हुआ था लेकिन आज सिर्फ उसके घूरने भर से ऐसा क्यों हुआ... मई यही सोचते सोचते कब सो गई पता hi नहीं चला...
अभी कुछ hi देर हुई थी की मेरा फ़ोन बजा...
मैंने टाइम देखा 2 बज रहे थे...
कॉल पर...
मई... Hello कोण बोल रहे हो ( अननोन no था )
अननोन आदमी ( रट हुए ) ... मालकिन मई आपका ड्राइवर बोल रहा हूँ हमारा एक्सीडेंट हुआ है अभी हम सिटी हॉस्पिटल मई है .. शायद में भी जयादा देर जिन्दा न बच्चू... और आपके पिता.. नहीं रहे...
मई... ( शॉकेड ) तप तप आंसूं गिरते रहे लेकिन कुछ बोलै नहीं जा रहा था...
ड्राइवर... मालकिन आप जल्दी आ जाओ साहब ने मुझे मरते वक़्त कुछ बताया ह जो मई आपको फ़ोन पर नहीं बता सकता...
इतना सुनते hi फ़ोन मेरे हाथ से निचे गिर गया... में चींख चींख क्र रोने लगी...
मेरी चींख सुनकर माँ मेरे रूम में आ गई ककी मई आज तक नहीं रोइ थी वह भी चिंतित हो गई....
माँ... क्या हुआ त्रिषु रो क्यों रही है ( बूत मुझसे कुछ बोलै नहीं जा रहा था फिर मैंने जैसे तैसे फ़ोन की तरफ इशारा किया )
माँ ने फ़ोन लिया कुछ देर बात क्र वो भी अपना सर पिट पिट क्र रोने लगी...
घंटे भर रोने क बाद मुझे याद आया ड्राइवर मुझे कुछ बताना छह रहा था मई उठ क्र गाढ़ी की चाबी ले क्र बहार जाने लगी माँ भी मेरे साथ चल दी...
हम हॉस्पिटल पहुंचे और मई भाग क्र गई जहा डैड को रखा गया मई उनसे लिप्त क्र रोने लगी माँ भी रोने लगी... मई रट रट बेहोश हो गई...
जाव होश आया तो फिर डैड का ख्याल आने लगा तभी मुझे ड्राइवर की बात याद आई मई डॉक्टर से उसके बारे में पूछा तोह पता चला वो भी नहीं रहा...
हम दोनों माँ बेटी.. की दुनिया hi उजाड़ गई थी....
हम हॉस्पिटल से डैड की बॉडी घर लेकर आये सुबह तक सभी को खबर मिल चुकी थी तोह.. सभी आये और हमे आश्वासन दिया...
तभी मेरी नजर गेट पर गई एक आदमी खड़ा था उसके साथ एक लड़का भी था... यह वही आदमी था जो कल रात पार्टी में भी था...
वो नकली आंसू लेकर माँ के पास आया और बोलै... भाभी जी यह सब कैसे हुआ...
फिर माँ ने उन्हें सब कुछ बताया...
आदमी... आप चिंता न करो भाभी हम है आपके साथ... यह मेरा बीटा ह न भाईसाहब को अग्नि देगा...
फिर हम सब डैड का क्रिया करम करके आये... धीरे धीरे करके सब चले गए...
अब मेरे लिए सिर्फ माँ थी और उनके लिए में...
3 मोनथस लेटर...
पापा को गए 3 महीने हो गए थे और हम दोनों ने उनकी अनुपस्थिति को एक्सेप्ट क्र लिया था...
तभी एक दिन वही आदमी आया अपने बेटे क साथ...
लेकिन अब भी वो मुझे घूर रहा था और साथ में उसका बीटा भी... मैंने उन्हें बिठाया और माँ क पास गई...
मई... माँ यह कोण है...
माँ... ( माँ ने एक बार बहार देखा ) वह तुम्हारे चाचा जी ह मला है... और उनका लड़का विष्णु है...
फिर में कुछ नहीं बोली क्या बोलती में वही बैठी थी माँ उनके पास चली गई...
माँ को गए 1 घंटा हो गया था अभी तक वो आई नहीं थी मेरा जी घबरा रहा था... भले hi वो मेरे चाचा जी हो पर पता नहीं क्यों मुझे उसने नेगेटिव विवे hi आती थी...
कुछ देर बाद माँ आई और मेरे पास बैठ गई...
मई... क्या हुआ माँ वो गए क्या.. और क्या खा उनहोंने....
माँ... ( मुझे हुग किया ) त्रिषु आज में बहुत दिनों बाद खुश हूँ...
मई... क्या हुआ माँ बात तोह बताओ...
माँ... तेरे लिए रिश्ता आया ह... तुम्हारे चाचा जी ने विष्णु क लिए तुम्हारा हाथ माँगा मैंने भी हाँ क्र दी...
मई... ( रट हुए ) माँ आप ऐसा कैसे क्र सकते हो..
माँ... देख त्रिषु विष्णु बहुत अच्छा लड़का है... भाईसाहब तुझे बेटी बनाकर रखेंगे... और अगर तू किसी को प्यार करती है तो बता मैं उससे तेरी बात क्र लुंगी....
मई... नहीं माँ लेकिन अभी मुझे पढ़ना है.... जब तक मेरी स्टडी कम्पलीट नहीं होगी मई इस बारे में नहीं सोचूंगी...
माँ... देख त्रिषु मैंने भाईसाहब को हाँ क्र दी
है... तुझे पढाई करना ह क्र... लेकिन जब तक मुझे कोई वैलिड रीज़न नहीं देगी यह शादी नहीं टूटेगी...
मई क्या बोलती मन मार क रह गई... ककी मेरे पास भी वैलिड रीज़न नहीं था...
ऐसे hi दिन बीतने लगे...
इन थे कॉलेज
.
आज सोल्लगे का पहला दिन था में बहुत एक्सिस्टिंग और नर्वस भी थी... मई घर से निकल सोल्लगे पहुंची...
यह मेरे आखिरी कुछ साल थे शादी होने से पहले इसलिए मई एन्जॉय करना चाहती थी... यही सब सोचते हुए में सोल्लगे मई एंटर हुई...
बहुत hi खूबसूरत सोल्लगे था.... मई अभी घूम hi रही थी की तभी मुझे किसी ने आवाज दी मई पीछे देखि तोह... विष्णु अपने कुछ फ्रेंड्स क साथ मेरी hi तरफ आ रहा था...
विष्णु... ही तृषा आप भी इसी सोल्लगे में हो...
मई.... Hello जी हाँ आज hi एडमिशन हुआ ह....
तभी उनमे से एक लड़का... ओह्ह्ह मतलब जूनियर हो चलो इंट्रोडक्शन दो .
विष्णु कुछ नहीं बोलै . फिर मैंने इंट्रो दिया तभी उनमे से एक लड़की बोली... तुम विष्णु की होने वाली वाइफ हो न...
मई कुछ नहीं बोली बस सर हाँ में हिला दिया...
लड़की... तोह जाओ इसे जाकर अभी किश करो...
मेरा दिमाग ख़राब होने लगा.... मई इसा कुछ नहीं करने वाली...
लड़की... तुझे सीनियर्स की रेस्पेक्ट करना नहीं आता . जो बोलै ह क्र वर्ण बहुत....
विष्णु... रुको तुम में बात करता हूँ ( और मुझसे ) देखो जान कल जाकर तो हमे शादी करनी hi ह तो क्यों न एन्जॉय करो...
यह बोलकर सब हसने लगे मुझे बहुत गुस्सा आया मई वंहा से जाना चाहती थी लेकिन तभी किसी ने मेरा हाथ पकड़ा...
मैंने पलट क्र देखा तो और कोई नहीं विष्णु hi था.... खा जा रही हो जान इसने ( लड़की की तरफ इशारा करके ) एक बार जो बोल दिया वह करे बिना यह से कोई नहीं जा सकता...
मई... ( गुस्से से ) हाथ छोड़ो मेरा वर्ण बहुत बुरा होगा....
वो सभी लोग हसने लगे... विष्णु... जानेमन बिना किश लिए तुझे कहि नहीं जाने दूंगा...
और वह मुझसे जबरदस्ती करने लगा तभी...
छाटकककक...
थप्पड़ मैंने विष्णु को मारा . धीरे धीरे वंहा पूरा सोल्लगे जमा हो गया... उसे अपनी इंसल्ट बर्दास्त नहीं हुई...
विष्णु... साली मुझे थप्पड़ मारा अब देख मई तेरे साथ क्या करता हूँ...
तभी विष्णु मुझे वंहा से उठा क्र स्टोर रूम में ले गया में चींखती रही चिल्लाती रही कोई मेरी मदत करने नहीं आया...
वो मुझे रूम में ले आया और रूम अंदर से बंद क्र लिया...
मई... देखो आगे मत बढ़ो वर्ण अच्छा नहीं होगा..
.
विष्णु... ( हस्ते हुए ) मुझे थप्पड़ मारा था न साली तुझे तो मई... शादी क बाद रखैल बना क्र रखूंगा... और जो तूने मुझे सबके सामने बाइज्जत किया उसका हिसाब अभी बाकी ह...
यह कह वो मेरे पास आने लगा और मेरे कपडे पकड़ फाड़ने लगा... मई रोटी रही उसे मारती रही लेकिन वो नहीं रुका...
फिर मुझसे अलग होकर बोलै... चिंता मत क्र तेरे साथ शादी से पहले कुछ नहीं करूंगा... लेकिन जो तूने मेरी सबके सामने बाइज्जत किया ह उसके बदले तुझे सोल्लगे क सामने से उठा लाया... जब मई बहार जाऊंगा तोह सबको यही लगेगा की मैंने तेरा रपे किया है... और इसके बाद मेरे दोस्त भी अंदर आएंगे...
यह बोलकर वह हसने लगा मई साइड मई बैठी रोटी रही...
कुछ देर बाद वह बहार चला फिर एक , एक करके उसके दोस्त अंदर आये... और चले गए मई वही बैठी रोटी रही तभी किसी ने मेरे कंधे पर हाथ रखा ....
यह और कोई नहीं सोनाली hi थी वह मुझे बहार लेकर आई और कार मई बैठाया... जब तक मई कार में पहुंची पूरा सोल्लगे मेरी हालत देख चूका था...
मई बहुत देर तक रोटी रही अपने डैड को याद करती रही तभी सोनाली बोली... रो मत शांत हो जाओ मुझे बताओ क्या हुआ...
मई एक बार उसकी तरफ देखि पर कुछ नहीं बोली..
सोनाली... देखो मेरी कोई बहिन नहीं ह मई बचपन से चाहती थी की मेरी कोई बहिन हो तो क्या तुम मेरी बहिन बनना चाहोगी...
मई उसकी तरफ देखा वो बड़ी मासूमियत से मुझे hi देख रही थी . मई उसके गले लग क्र खूब रोटी रही .
कुछ देर बाद में शांत हुई तो वो बोली... क्या हुआ था तुम्हारे साथ और वो कोण था...
मई... वो मला का बीटा है... ( फिर मैंने उसे सब बताया जो कुछ मेरे साथ हुआ )
सोनाली... ( कुछ देर सोच क्र ) हम्म्म्म अब तुम क्या करना चाहती हो...
मई... उसे जेल में डलवा दूंगी... सोल्लगे से फिकवा दूंगी...
सोनाली... ( मेरे हाथ पर हाथ रखते हुए ) देखो मई फाॅर्स नहीं करूंगी लेकिन तुम अभी कुछ मत करो तोह hi बेहतर है . जैसा की तुमने बताया वह मला का बीटा ह तो उसके लिए पुलिस से छूटना कोई बड़ी बात नहीं ह और घर में तुम और तुम्हारी माँ hi है अगर भगवन न चाहे अगर उसने तुम्हे या तुम्हारी माँ को कुछ क्र दिया तोह...
मई... बात तो तुम सही बोल रही हो मई क्या कृ तुम hi बताओ...
सोनाली... जैसा की उसने खा की शादी से पहले वो कुछ नहीं क्र सकता तो हम अभी वेट करते है... अभी 4 साल है जब तक कोई न कोई रास्ता मिल hi जायेगा...
मुझे भी उसकी बात अच्छी लगी मई उसको गले लगते हुए... थैंक यू सो मच... तुम नहीं होती तो पता नहीं मेरे साथ क्या होता...
सोनाली... आज तोह बोल दिया आगे से मत बोलना... अभी तोह हम फ्रेंड्स बने ह... ( मेरी तरफ देख क्र ) बन गए न...
मई... ( मुस्कुराते हुए ) हाँ बिलकुल फ्रेंड्स काम बहिन जयादा...
फिर हम वंहा से मॉल पहुंचे सोनाली मेरे लिए ड्रेस लेकर आई... जो मैंने कार में hi चेंज किआ...
फिर उसने मुझे मेरे घर ड्राप किया... सोनाली... माँ को कुछ मत बताना वर्ण तेरा सोल्लगे भी बंद हो जायेगा और वो परेशां हो जाएँगी...
मुझे उसकी बात ठीक लगी.. मई आदर पहुंची माँ दिंनिंग टेबल पर मेरा hi वेट क्र रही थी ....
माँ... पहला दिन कैसा रहा त्रिषु... सुना है विष्णु भी उसी सोल्लगे में है तुमसे मिला था क्या...
मई... ( मन में क्या बताऊ माँ वो कितना कमीना है ) नहीं माँ मैंने नहीं देखा...
फिर हमने लंच किया और मई अपने रूम में आ गई...
ऐसे hi पूरा दिन घर में hi बीत गया...
नेक्स्ट मॉर्निंग...
सुबह उठ क्र में तैयार होकर निचे पहुंची इतने में सोनाली आ गई मुझे पिक करने हमने नाश्ता किया और चल पड़े सोल्लगे...
आज पूरा सोल्लगे मुझ पर हंस रहा था... मैंने मन में ठान लिए...
पुराणी तृषा मर गई अब मई किसी पर रहम नहीं करूंगी सबसे बदला लुंगी...
इसी तरह साल बीतने लगे मुझे मर्द जाट से नफरत होने लगी और मई ऐसी बन गई...
इसी बिच एक लड़का भी मेरा दोस्त बना जब यह बात विष्णु को पता चली तो उसने उसे बहुत मारा...
तब से मैंने किसी को अपना दोस्त नहीं बनाया... फिर तुम आये सोल्लगे में...
जब मैंने तुम्हारी आँखों में देखा मई तुम्हारी तरफ अत्त्रक्ट होने लगी... तभी मुझे उस लड़के का ख्याल आया उसके साथ क्या हुआ था तभी मैंने तुम्हे थप्पड़ मारा था...
लेकिन जब मुझे पता चला तुम सोनाली क भाई हो मुझे बहुत बुरा लगा... मई तुमसे माफ़ी मांगने आई लेकिन जब तुम्हारी बातें सुनी मई खुद्द को रोक नहीं पाई और कब मुझे तुमसे प्यार हो गया पता hi नहीं चला...
( बैक तो प्रेजेंट )
तृषा... ( रट हुए ) लेकिन यह बात विष्णु को पता चल गई और उसने तुम्हे मारने की कोशिश करता उससे पहले तुमने उसे मारा.. लेकिन जब तुमने उसे मारा और उसे पता चला की तुम डेविल किंग थे जोकर हो तो वह तुम्हे छोड़कर मुझे किडनैप क्र यह ले आया... बाकी सब तुम जानते हो...
तृषा... ( रट हुए ) लेकिन यह बात विष्णु को पता चल गई और उसने तुम्हे मारने की कोशिश करता उससे पहले तुमने उसे मारा.. लेकिन जब तुमने उसे मारा और उसे पता चला की तुम डेविल किंग थे जोकर हो तो वह तुम्हे छोड़कर मुझे किडनैप क्र यह ले आया... बाकी सब तुम जानते हो...
इतना बोलकर वह शांत हो गई...
और मई गहरी सोच में गम हो गया....
अब आगे...
तृषा.... अभी क्या सोच रहे हो.... ?
मई... ( नर्वस होते हुए ) कुछ नहीं दी...
तृषा... क्या में खूबसूरत नहीं हूँ...
मई... दी ऐसी बात नहीं ह बात यह ह की...
तृषा.... तोह बोलिये न क्या प्रॉब्लम है...
मई... मई किसी और से प्यार करता हूँ...
तृषा... कोण ह वो आप झूठ बोल रहे हो न...
मई... नहीं दी सच्ची में बहुत प्यार करता हूँ उसे बचपन से.
तृषा... कोण है वो नाम बताओ आपको मेरी...
मई.. ( बिच में hi ) नहीं दी इससे आगे कुछ मत कहना.. आपको मेरी कसम आप उनका नाम नहीं पूछोगे...
तृषा... इतना प्यार करते हो अपनी बहिन से..
मई... बहुत जान से भी जयादा... ( यह क्या बोल दिया ) क्या दी क्या बोलै आपने...
तृषा... ( मुस्कुराते हुए ) इतना प्यार करते हो सोनाली से...
मई... ( शॉकेड )
तृषा... क्या हुआ बोलिये..
मई.. दी क्या बोल रहे हो आप ऐसा कुछ नहीं ह...
तृषा... झूठ मत बोलो मुझे सब पता ह...
मई... ( कुछ देर सांस लेकर ) हाँ.. दी बहुत प्यार करता हूँ... लेकिन उनसे काम.. .... लेकिन आपको कैसे पता...
तृषा... यह सीक्रेट है मिस्टर...
मई... बताओ न दी पलज़्ज़ज़्ज़ज़..
तृषा... अच्छा बताती हूँ... इसके बदले मुझे क्या मिलेगा
मई... आप जो बोलो...
तृषा... खाओ.. सोनाली की कसम... जो बोलू वो करोगे..
मई.. सोनाली की कसम.. ( बेंचो यह क्या बोल दिया )
तृषा... ( खुश होते हुए ) वडा याद रखना इसपर बाद में आती हूँ... हाँ तोह एक दिन में तुम्हारे घर अचानक से आई थी. मई सोनाली को सरप्राइज देना चाहती थी लेकिन उसने तोह मुझे hi सरप्राइज क्र दिया...
मई... क्या हुआ दी....
तृषा... मई सोनाली k.room में गई तोह वह डेरी में कुछ लिख रही थी मुझे देखते hi उसने बंद क्र दी मुझे शक हुआ... उस रात में उसी क रूम में साथ रुकी थी अचानक रात को मेरी नींद खुली... फिर मैंने सोने की कोशिश की तोह नींद नहीं आ रही थी.. तभी मुझे डेरी का ख्याल आया... बहुत ढूंढ़ने क बाद वह मुझे मिल गई कबोर्ड में छुपा क रखी थी... उसमे सिर्फ और सिर्फ तुम्हारे बारे में लिखा था की वह तुम्हे कितना प्यार करती है... तुम्हारी पसंद न पसंद...
ेट्स..
मई... ( कुछ सोच क्र ) दी यह तोह आपको उनके बारे में पता चला की वह मुझे कितना चाहती ह मेरे बारे में खा...
तृषा... आज जब वह सोल्लगे आई तोह बहुत जयादा खुश लग रही मैंने कारन पूछा तोह बोली मुझे मेरा बचपन का प्यार मिल गया...
मई... हम... ( अचानक मुझे कुछ याद आया ) चलो ठीक है गुड़ नई8 दी.....
तृषा... ऐसे कैसे जा रहे हो... तुमने कुछ वडा किया वह अभी बाकी ह ...
मई.. ( खा फँस गया ) दी इस बारे में सुबह बात करते ह न...
तृषा... देख तू अपना प्रॉमिस मत टॉड इधर आ बैठ ...
मई... बोलो दी...
तृषा... ( मेरे करीब आते हुए ) तू अपनी एक बहिन को इतना प्यार करता ह दूसरी क साथ इतना अन्याय क्यों... क्या में बहिन नहीं हूँ तेरी..
मई... नहीं दी ऐसी बात नहीं ह...
तृषा.... देख अभी तूने वडा किया है मुकर नहीं सकता मुझे आज रात क लिए बास तुम्हारा प्यार चाइये
..
मई... ( लग गए लवडे और उड़ ले ) दी.. आपको पता hi है की मई और सोनू कितना प्यार करते ह तो फिर आप यह सब क्यों करना चाहते हो... पलज़्ज़ज़्ज़ज़ ज़िद छोड़ो दी आप कुछ और मांग लो कुछ भी...
तृषा... तुम नहीं समझोगे अभी... डैड क जाने क बाद में अकेली हो गई थी , बहुत रोटी थी उनको याद करके.. मैंने कई बार मरने की सोचा लेकिन माँ का ख्याल आ जाता था... और आखिर कर मैंने समझौता क्र लिए की जो भी होगा मेरे साथ मुझे मंजूर ह मई सिर्फ माँ को खुश देखना चाहती थी....
तृषा... ( थोड़ा रुक क्र ) लेकिन फिर एक दिन भगवन ने मेरी सुन ली और तुम आ गए . तुम्हे पहली नजर में hi मई अपना दिल दे बैठी थी... फिर मुझे पता चला की तुम वही हो जिसे सोनाली प्यार करती है... उस रात में सो नहीं पाई फिर सोचा ज़िन्दगी भर न सही काम से काम एक रात तो तुम प्यार क्र hi सकते हो मुझे... उस एक रात में मई अपनी साड़ी ज़िंदगी समेत लुंगी... ( इतना बोल वो चुप हो गई )
मई... ( कुछ नहीं बोलै सिर्फ उनकी तरफ देखा )
तृषा.... क्या हुआ अभी... क्या में इस ख़ामोशी को अपनी हाँ समझू...
मई... ( क्या कृ यार कुछ समझ नहीं आ रहा ) ठीक है दी मई तैयार लेकिन सिर्फ आज रात क लिए . कल से आप मेरी तृषा दी बन जाओगे...
तृषा... मुझे मंजूर है...
अब हाँ तो क्र दिय लेकिन मेरा भी फर्स्ट टाइम था इसीलिए मई शर्मा रहा था... तृषा उठ क्र मेर पास आई और दोनों टाँगे खोल क्र मेरी गॉड मई बैठ गई... मैंने उसकी आंख में देखा वो मुझे hi देख रही थी...
देखते देखते हमारे होंठ कब मिल गए पता hi नहीं चला... उसकी ग्राम सांसे मुझे मदहोश क्र रही थी..
कभी मई ऊपर वाले होठ को चुस्त कभी निचे वाले को तभी तृषा ने अपनी जीभ मेरे मुँह में दाल दी मई मई बेतहाशा चूसने लगा...
तभी तृषा ने मेरा एक हाथ को पकड़ अपनी चुकी पर रखा.. और दबाया ाः... क्या बताऊ क्या फीलिंग थी उसके सॉफ्ट सॉफ्ट चुके मुझे पागल बना रहे थे... तभी मई जोर जोर से दबाने लगा...
मैंने दूसरा हाथ भी उसकी लेफ्ट चुकी पर रख दिया... मई तोह जैसे जन्नत में पहुँच गया था...
तभी मैंने तृषा को अलग किया उसकी आँखें बंद थी... मैंने उसे धीरे से बीएड पर लिटाया और किश करते हुए शर्ट निकाल दी...
मैंने एक बार सर उठा क्र देखा omg ब्लू ब्रा में तृषा क चुके मस्त दिख रहे थे मुझे रहा नहीं गया और मैंने ब्रा क ऊपर से hi अपने होंठ चुकी पर रख दिए....
Siiiiiiiiii आअह्हह्ह्ह्हह मई जोर जोर से तृषा क चुके दबा रहा और ब्रा क ऊपर से hi चूसे जा रहा था...
तभी मई अपने हाथ पीछे ले गया ब्रा की स्ट्रिप खोलने क लिए बूत मुझे खुल hi नहीं रही थी... इसी बात पर तृषा मुस्कुराई अपने हाथ पीछे ले जा क्र ब्रा खोल दी...
अब मेरे सामने 32 साइज क चुके थे ब्राउन निप्पल्स बहुत क्यूट लग रहे थे... मुझसे बिल्कुल बर्दास्त नहीं हो रहा था... मैंने फैट से एक चुके को मुँह में ले लिया....
लेकिन में अपने काम पर लगा रहा बारी बारी दोनों चुकी... को लाल क्र दिया...
कुछ देर बाद मई ऊपर आया और तृषा को किश करने लगा... किश करते करते मेरे हाथ तृषा क पेंट क बटन पर जा पहुंचे मैंने उसे भी खोल क्र निचे क्र दिया...
तृषा.... आअह्हह्ह्ह्हह अभीइइइइइ मुझसे अब बर्दास्त नहीं हो रहा.... ाः....
इस बार मैंने पेंटी क ऊपर से हाथ छूट पर रख दिया.... ऐसा लग रहा था जैसे भट्टी तप रही हो... और कुछ गिला चिप छिपा सा फील हुआ मई समझ गया था यह झाड़ चुकी है ...
मैंने अपना तथ पेंटी क अंदर क्र दिया... और एक ऊँगली से उसके दाने को सहलाने लगा...
तृषा.... आअह्हह्ह्ह्हह ऊऊह्ह्हह्ह एससससस प्प्ललललज़्ज़्ज़्ज़ अभी ूरर नाआ ताड्पोऊ....
यह सुनते hi मई झट से निचे उतरा और उसके पंत को उसके जिस्म से अलग क्र दिया....
तृषा ने मुझे देखा और मेरे कपड़ों को देखा उसने तुरंत मुझे खिंच क्र बीएड पर लिटाया और मुझे पागलो की तरह किश करने लगी...
किश करते करते कब उसने मेरे कपडे उतार दिए पता hi नहीं चला अब मई सिर्फ अंडर वियर में था और वह भी पेंटी में थी...
धीरे धीरे वो निचे गई और एक झटके मई मेरा अंडरवियर निकल फेंका... मेरा हथियार देख क्र वह चौंक गई...
मैंने उसकी तरफ देखा वो अभी भी मेरे लुंड को hi घूर रही थी... ( 9 इंच लम्बा और 3 इंच मोटा )
मई... क्या हुआ पसंद नहीं आया...
वह कुछ न बोली और एक हाथ मेरे लुंड पर रख दिया...
आअह्हह्ह्ह्हह मेरे मुँह से एक सिसकी निकल गई... फिर धीरे धीरे वो अपना हाथ ऊपर निचे करने लगी...
मेरी आंखे आनंद क मारे बंद थी जब तृषा ने यह देखा तोह धीरे से अपने फेस को मेरे लुंड क पास ले गई... उसकी ग्राम सांसे जैसे hi मुझे मेरे लुंड पर महसूस हुई मेरे लुंड पर 2 ,3 बुँदे निकल आई... जिसे तृषा ने किश क्र छाया ली...
आअह्हह्ह्ह्हह एक करंट मेरी बॉडी में दौड़ने लगा....
पलज़्ज़ज़्ज़ज़ सूचक आईटी बेबी....
जैसे hi तृषा ने यह सुना अपने होंठ मेरे टोपे पर रख दिए... और धीरे धीरे किश करते हुए सूचक करने लगी...
मई तोह किसी और hi दुनिया में पहुँच गया था... तभी मेरे हाथ तृषा क सर क पीछे चले गए और में उसे अपने लुंड पर झुकाने लगा...
तृषा भी मेरा इशारा समझ गई... और जितना हो सका उतना लुंड अपने मुँह में ले लिया और लोल्लयपोप की तरह चूसने लगी...
कुछ देर चूसने क बाद वो रुक गई.. मई समझ गया और उसे निचे लिटा क्र उसके पैरों की तरफ गया... पेंटी क ऊपर से hi एक किश छूट पर किया... उसके मुँह से लगातार सिसकियाँ निकलने लगी....
तृषा... ोुह्ह्ह एससससस अभी सूचक ित्त्त.. बहुत दिनों से तड़प रही ह तुम्हारे लिए आअह्हह्ह्ह्हह खा जाओ इसे ....
मुझसे बर्दास्त नहीं हो रहा था मैंने पेंटी को फाड़ क्र दूर फेंक दिया.... अब मेरे सामने गोरी बिना बालो वाली छूट थी... किसी छोटे बच्चे क जैसी थी जिसे तृषा ने 22 सालों से संभाल क्र रखा था... मुझसे कण्ट्रोल नहीं हुआ और मैंने अपने होंठ उसकी छूट पर रख दिए...
तृषा... आअह्हह्ह्ह्हह... अब्भी यह क्या क्र दिया... ओह्ह्ह्हह मायआ... आअह्हह्ह्ह्हह...
मई अपने काम पर लगा रहा चुस्त रहा साथ में एक ऊँगली अंदर दाल दी.. मुझे कुछ रूकावट महसूस हुई मुझे समझते देर न लगी यही यह तृषा क कुंवारे पैन की सीमा इसी को तोड़ क्र मुझे अंदर जाना होगा...
मई जीभ से अंदर बहार करता रहा... तभी तृषा जोर जोर से सिसकियाँ लेने लगी और मेरा सर छूट में घुसा दिया... मई भी तेजी से जीभ चलता रहा और साथ में उसके दाने को छेड़ता रहा तभी तृषा का जिस्म अकड़ गया और वो झड़ने लगी...
मई उसका पूरा पानी पि गया.. कुछ नमकीन सा था लेकिन अच्छा था...
मैंने एक बार तृषा की तरफ देखा उसकी आँखें बंद थी... मुझसे भी रुका नहीं जा रहा था... मई उसके ऊपर चढ़ गया पेअर फैला क्र लुंड को छूट क ऊपर रखा...
आअह्हह्ह्ह्हह सिसकी क साथ तृषा ने अपनी आँखे खोली...
तृषा... अभी अब मत तड़पा पलज़्ज़ज़्ज़ज़... आअह्हह्ह्ह्हह ...
मई... दी आपको दर्द होगा...
तृषा... होने दे न एक न एक दिन तोह यह होना hi ह...
इससे पहले तृषा कुछ और बोलती मैंने एक धक्का मारा...
तृषा... ाः... मा मर गई...
मेरा टोपा अंदर फस्स चूका था... मई उसके होठ चूसने लगा जिससे दर्द कम हो जाये और साथ hi उसकी चूचियों को मसलने में लग गया...
जैसे hi तृषा थोड़ी शांत हुई मैंने जोर का धक्का मारा जिससे मेरा लुंड सील तोड़ता हुआ अंदर जा फंसा...
तृषा रोने लगी... पलज़्ज़ज़्ज़ज़ अभी बहार निकालो बहुत दर्द हो रहा ह आअह्हह्ह्ह्हह...
इससे पहले वह कुछ कहती मैंने एक और धक्का दिया जिससे मेरा पूरा लुंड उसकी छूट में फस्स गया और बच्चे दानी से टकराया...
अब तृषा की हालत बहुत ख़राब हो रही थी... मई वैसे hi रुक गया और उसके बूब्स चुने लगा... जब उसका कुछ दर्द काम हुआ..
तृषा.... कैसे जानवर हो एक hi बार में दाल दिया पता ह मुझे कितना दर्द हुआ...
मई... सॉरी दी वो अगर धीरे धीरे करता तोह आपको जयादा दर्द होगा...
वह कुछ नहीं बोली अब मई धीरे धीरे अंदर बहार करता रहा...
तृषा... आअह्हह्ह्ह्हह ओह्ह्ह्हह मायआ अभी बहुत दर्द हो रहा है...
मई उसे किश करने लगा बूब्स दबाते हुए धक्के मारने लगा... थोड़ी देर में उसका दर्द सिसकियों में बदल गया...
ओह्ह्ह्हह मायआ अभी ऑर्डर तेजज ओह्ह्ह्हह एससससस आअह्हह्ह्ह्हह आआआह...
और इसी क साथ वो फिर से झाड़ गई... बूत मेरा अभी नहीं हुआ था तोह में लगा रहा... 5 मं बाद मुझे लगा की में झड़ने वाला हमने... मैंने उनको बापस निचे लिटाया और एक hi धक्के में लुंड अंदर क्र दिया...
आअह्हह्ह्ह्हह क्या करते हो...
मई कुछ नहीं बोलै और तेज तेज धक्के मारने लगा...
मई... दी मेरा होने वाला ह खा निकलू...
तृषा.... आअह्हह्ह्ह्हह मेरा भी होने वाला है अंदर hi दाल दे मई... गोली खा लुंगी...
जैसे हे मैंने यह सुना अपनी स्पीड पिस्टन की तरह तेज क्र दी .... आअह्हह्ह्ह्हह में झड़ने लगा... साथ hi तृषा भी...
मई उसके बगल में लेत गया साँसे उखड़ी हुई थी...
कुछ टाइम बाद जब मई नार्मल हुआ तोह तृषा की तरफ देखा वो मुझे hi देख रही थी...
मई उठ क्र बाथरूम गया फ्रेश हो वापस आया तोह बीएड पर जार जगह खून hi खून डला था... मैंने तृषा को गॉड मई उठाया कुकी उससे चलते भी नहीं बन्न रहा था... मई उसे बाथरूम ले गया और उसकी छूट जो की सूज गई थी गरम पानी से सिकाई किया...
इस दौरान तृषा मुझे hi देख रही थी... उसको कुछ आराम मिला तो मई उसे फ्रेश होने क लिए छोड़ क्र रूम मई आया चादर चेंज किया... उसके लिए कपडे ले बाथरूम में गया...
अचानक उसने मुझे पकड़ा और दिवार से लगा दिया...
मई कुछ समझ पता इससे पहले उसने अपने होठ मेरे होठों पर रख दिए... एक लम्बी किश क बाद हम दोनों अलग हुए...
तृषा... ी लव यू अभी...
मई... ी लव यू तू दी... चलो यह कपडे पहन लो.. और बहार आ जाओ रात बहुत हो गई ह सुबह सोल्लगे जाना है...
फिर उसके बाद हम दोनों एक दूसरे को हुग करके सो गए...
नेक्स्ट मॉर्निंग...
मेरी आँख देर से खुली में तृषा को उठा क्र फ्रेश होने चला गया...
हम लोग जल्दी से रेडी हो क्र सोल्लगे पहुंचे... मैंने गाडी पार्क की...
मेरी आँख देर से खुली में तृषा को उठा क्र फ्रेश होने चला गया...
हम लोग जल्दी से रेडी हो क्र सोल्लगे पहुंचे...
मैंने गाडी पार्क की...
और भहर निकला तभी...
चाताआगआककककक...
अब आगे...
मई हक्का बक्का रह गया लेकिन मुझे पता था कुछ ऐसा hi होगा...
सोनाली... ( गुस्से में ) पूछोगे नहीं क्यू मारा...
मई... मेरी जान को मुझे मारने का पूरा हक़ बनता है...
सोनाली... आखिर तुमने ऐसा क्यों किया... मुझे धोका क्यों दिया.. ( और रोने लगी )
मई.. जान चलो मेरे साथ तुम्हे सब सच बताता हूँ. .
सोनाली... नहीं मई नहीं जाउंगी...
मई... तुम्हे मेरी कसम प्ल्ज़्ज़ रोना बंद करो और चलो...
अब सोनाली क्र भी क्या सकती थी वो बोझल मन से मेरे साथ चलने लगी...
मई उसे सोल्लगे क पार्क में ले गया और उसके साथ एक बेंच पर बैठ गया...
मई... अब पूछो क्या जानना चाहती हो...
सोनाली... क्या जो सब मैंने फील किया और देखा वो सच था....
मई... हाँ दी वो सब सच था...
चाताआगआककककक एक और चांटा मेरे गाल पर पड़ा . पर क्या करे मैंने काम hi ऐसा किया था...
मई... जान मेरी बात तोह सुनो..
सोनाली... अब और क्या सुन्ना बाकी रह गया है...
मई उसे खिंच क्र अपनी बांहो में भर लिए... वो मुझे पीठ पर मारती रही पर मुझे उसका गुस्सा काम करना था इसीलिए पहले मार खाना hi बेहतर समझा...
.. कुछ देर बाद वो शांत हुई...
मई... जान तुम सब जानती हो मेरी हर धड़कन महसूस क्र सकती को . ( उसका हाथ अपने दिल पर रख क्र ) अपने दिल पर हाथ रख क्र बोली क्या मई तुम्हे धोखा दे सकता हूँ...
सोनाली... तो वह सब क्या था...
मई.. ठीक है तुम हे सब सच बताता हूँ मगर वादा करो तृषा को कुछ नहीं बोलोगी...
( फिर मैंने सोनाली को सब कुछ सच बता दिया जो मेरे साथ हुआ )
सोनाली.. ( रट हुए मुझे गले लगा लिया ) ी ऍम सॉरी बेतु... ( फिर गुस्से से ) इस तृषा को मई छोडूंगी नहीं...
मई... नहीं दी आप ऐसा कुछ नहीं करेंगी डैड क जाने बाद उसने बहुत कुछ सहा है... माँ आप और मई hi उसकी दुनिया ह... आप उसे झगड़ा करोगे तो वो सेह नहीं पाएगी... ( कुछ देर रुक क्र ) मैंने उसकी आँखों में अपने लिए बेइंतेहा प्यार देखा ह जो सब्दो में ब्यान नहीं क्र सकता... फिर भी वो आपके लिए मुझसे दूर हो रही ह ककी वो जानती ह की मई तुमसे कितना प्यार करता हूँ...
सोनाली... ( शॉकेड ) उसे कैसे पता चला...
( फिर मैंने सोनाली को डेरी वाली बात बताई जिसे सुन्न सोनाली का चेहरा शर्म से लाल हो गया )
सोनाली... ( मेरे सीने से लग गई )
मई... क्या हुआ जान ऐसे क्यों शर्मा रही हो...
सोनाली... ( अब इसे क्या बताऊ मैंने क्या क्या लिखा था डेरी में कहि तृषा ने पता तोह नहीं बता दिया अगर ऐसा हुआ तो में सचमे उसकी जान ले लुंगी )
मई.. क्या हुआ अब बोलो भी जान...
सोनाली... ( कुछ सोच क्र ) उसने डेरी क बारे में क्या बताया...
मई.. यही की आप मुझे कितना प्यार करती हो.. मेरी पसंद न पसंद ेट्स...
सोनाली .. हाश बच गई...
मई.. क्यों क्या हुआ उसमे कुछ और भी लिखा था क्या...
सोनाली... ( शरमाते हुए ) हट बेशरम वो लड़कियों की पर्सनल बात ह ...
मई... ऐसा क्या था उसमे जरा हममे भी बताओ..
सोनाली.. ( जैसे hi वह बात याद आई वह मेरे सीने पर मुक्के मारने लगी ) जाओ मई तुमसे बात नहीं करती...
मई... क्या यर सुबह से मार रही हो अब रूत भी गई...
सोनाली... ( जैसे hi सुबह का वाक्य याद आया तो वो मेरी गॉड मई बैठ गई और मेरे गाल जो उसके थप्पड़ो से लाल हुए पड़े थे उस पर जगह जगह किश करने लगी ) ी ऍम सॉरी बेतु...
मई कुछ नहीं बोलै बस सोनाली को देखता रहा हमारे होंठ कब मिल गए पता नहीं चला... पता नहीं क्यों आज सोनाली मुझे और भी खूबसूरत लग रही थी . वो शायद इसीलिए की आज हम पहली बार पब्लिक में किश क्र रहे थे...
जब मैंने सोनाली की तरफ देखा तो उसे सांस लेने मई दिक्कत होने लगी.. तब हम अलग हुए... फिर जब हमने आस पास देखा बहुत से स्टूडेंट्स हूटिंग क्र रहे थे...
सोनाली शर्म क मारे गाड़ी जा रही थी उसने अपनी आँखे बंद क्र ली और सर मेरे सीने में छुपा लिया...
मई... ( स्टूडेंट्स से ) यह क्या तमाशा हो रहा है जाओ तुम सब यह से..
फिर वो सब चले गए और रह गए मई और मेरी जान जो अभी भी शर्मा रही थी...
मई... ( धीरे से उसके बाल सहलाते हुए ) जान वो सब गए अब तोह आंके खोलो...
उसने न में सर हिलाया और कस लिए मुझे...
आअह्हह्ह्ह्हह आज पहली बार मुझे सोनाली के बूब्स का अहसास हुआ... उसके 34 क बाड़े बूब्स क कड़क निप्पल्स मेरे सीने में गड्ड रहे थे.. जिससे न चाहते हुए भी मेरे लुंड सर उठाने लगा...
जैसे hi सोनाली को मेरे कड़क लुंड क अहसास हुआ उसकी साँसे थम सी गई और वो तुरंत मुझ से अलग हो गई...
मई... ( अपनी हालत पर शर्मिंदा होते हुए ) सॉरी जान वो क्या है न की आज हम पहली बार इतने क्लोज हुए तो...... ( यार अब इसे क्या बताऊ आज से पहले ऐसा कभी नहीं हुआ शायद कल रात की वजह से यह सब मेरे साथ हो रहा है )
सोनाली नहीं बोली बोली ककी वो समझ गई थी...
मई... चलो जान बहुत देर हो गई चलते ह...
सोनाली... क्या जान यही बैठते है न वैसे भी पहला लेक्चर मिस हो गया ह...
मई... बात तो सही ह जान मगर तृषा दी को भी तोह देखना ह वो बहुत परेशां होंगी...
सोनाली... ( कुछ सोच क्र ) बेतु तू मुझे कितना प्यार करता ह...
मई... आपको पता ह न जान फिर क्यों पूछ रही हो...
सोनाली... मेरे सवाल का जबाब दो..
मई... ( ाचा तो दी मुझसे प्रोपोज़ करवाना चाहती ह कुछ सोच क्र निचे घुटनो क बल बैठ गया और सोनाली का हाथ पकड़ उसकी आँखों में देखते हुए )
तेरे लिए hi जिया मैं
खुद को जो यूँ दे दिया है
तेरी वफ़ा ने मुझको संभाला
सारे ग़मों को दिल से निकला
मई जो मिट भी गया तोह वजूद मेरा..
सदा तुझमे रहे ज़िंदा....
क्यूंकि तुम hi हो
अब तुम hi हो
ज़िन्दगी अब तुम hi हो..
चैन भी, मेरा दर्द भी
मेरी आशिकी अब तुम hi हो...
इससे पहले मई कुछ बोलता सोनाली निचे बैठ कस क मेरे गले लग गई...
सोनाली... ी लव यू बेतु अपनी जान से जयादा प्ल्ज़्ज़ मुझे गलत न समझना...
मई... ी लव यू तू जान और वैसे भी आपको मुझ पर पूरा हक़ बनता है....
सोनाली... ( अलग होते हुए ) बेतु तू मुझे बहुत प्यार करता ह न क्या मेरा एक काम करेगा...
मई... जान आपको लगता है की मुझसे पूछने की जरुरत ह...
सोनाली... नहीं पहले मेरी कसम खा क्र बोल करेगा...
मई... क्या हुआ बताओ तोह में वैसे hi क्र दूंगा...
सोनाली कुछ नहीं बोली बस मुझे गुस्से से देखा ...
मई... ाचा बावा ठीक ह ( अपने दिल पर हाथ रखते हुए ) आपकी कसम अब बोलो क्या बात है...
मई... ाचा बावा ठीक ह ( अपने दिल पर हाथ रखते हुए ) आपकी कसम अब बोलो क्या बात है...
अब आगे....
सोनाली... जान मुझे पता ह तुम मुझे बहुत प्यार करते हो प्ल्ज़्ज़ मेरी बात को गलत मत समझना ( मेरे दिल पर हाथ रखते हुए ) मेरे दिल में थोड़ी सी जगह मेरी बहिन को भी दे दो ..
मई शॉकेड बस सोनाली को देखे जा रहा था...
सोनाली... क्या हुआ जान...
मई... ( होश में आते हुए ) दी यह आप क्या बोल रहे हो... आपको पता ह... यह मुझसे नहीं होगा...
सोनाली... बेतु तूने मेरी कसम खाई ह...
मई कुछ नहीं बोलै और बोलता भी क्या...
सोनाली... " देख बेतु मुझे पता ह तेरे लिए बहुत मुश्किल है ककी ( अपने दिल पर हाथ रखते हुए ) तेरे दिल में सिर्फ में हूँ लेकिन इसमें बेचारी मेरी बहिन का क्या कसूर . डैड क जाने क बाद जब वो पहली बार मुझे मिली... उसकी हालत में ब्यान नहीं क्र सकती... और तुझसे मिलने से पहले मैंने उसे हस्ता हुआ भी नहीं देखा...
पर आज जब मैंने तुझे उसके साथ देखा में समझ गई थी यह इतनी खुश क्यों ह... मैंने तुझे इसलिए चाहता मारा की मई देखना चाहती थी उसका क्या रिएक्शन होता है... और जब तू मुझे खींच क्र ले जा रहा था तब भी मई तृषा को hi ऑब्ज़र्व क्र रही थी उसकी आँखों में आंसू रुकने का नाम hi नहीं ले रहे थे...
वो तुमसे बहुत प्यार करती है बेतु इतना की सब्दो में ब्यान नहीं हो सकता. आज अगर इस मोड़ पर तूने उसका साथ छोड़ दिया तो वो फिर कभी किसी पर भरोषा नहीं क्र पायेगी... "
अब मई क्या बोलता सोनाली की बात में दम तो था...
सोनाली... क्या सोच रहा है बेतु... फ़िक्र न के तेरे लिए मेरा प्यार कभी काम नहीं होगा बल्कि.. और कई गुना बढ़ गया है...
मई... ( सांस लेकर ) ठीक है जान मुझे सोचने का टाइम दो...
सोनाली... ( स्माइल करते हुए ) ठीक है कल सुबह मुझे बता देना...
मई... ( सर पर हाथ रखते हुए ) बहुत जयादा मेहरबानी करदी अपनी...
सोनाली... ( खिल खिला क्र हस्ते हुए ) चल नौटंकी क्लास नहीं जाना...
मई... ( सोनाली को पीछे से हुग करते हुए ) नहीं जान आज मन नहीं क्र रहा चलो न कहि घूम क्र आते है...
सोनाली.. ( कसमसाती हुई ) छोड़ो सब लोग देख रहे ह..
मई... यह किसको पता ह तुम मेरी बहिन हो... तुम तो मेरी जान हो...
सोनाली... ( छुट्टे हुए ) बस बस थोड़ा प्यार मेरी सौतन क लिए भी बचा क्र रखो...
और फिर से हसने लगी.. मई क्या बोलता... साइलेंट...
सोनाली... अले अले मेरा बाबू गुस्सा हो गया ( अपने कान पकड़ते हुए ) सॉरी...
मई.... ( सोनाली क हाथ छुड़ाते हुए ) नहीं जान ऐसा नहीं है चाहे दुनिया इधर से उधर हो जाये मेरा प्यार तुमने लिए कभी काम नहीं होगा...
सोनाली... ( मुझे हुग करते हुए ) ी लव यू...
मई.. ी लव यू तू...
फिर आस पास देखा सभी लोग फ्री में मजा ले रहे थे मई सोनाली का हाथ पकड़ कैंटीन में ले आया...
लेकिन तृषा यह नहीं थी मैंने सोनाली से खा तृषा को पूछो खा ह... उसने कुछ नहीं बोलै मेरा हाथ पकड़ टेरेस पर ले आई... और एक टंकी क पीछे की और इशारा किया...
मई टंकी क पीछे गया देखा तृषा रोये जा रही थी..
उसके पास 3,4 खाली बियर बोतल पड़ी थी... और हाथ में सिगरेट थी...
मुझे उसकी हालत देखि नहीं जा रही थी अब तक उसका ध्यान नहीं गया था मुझपर मई आगे बढ़ा उसको उठा क्र अपने सीने से लगा लिया...
मई... ी ऍम सॉरी दी यह सब मेरी वजह से हुआ ह न...
तृषा... ( रट हुए ) अरे आप क्यों सॉरी बोल रहे हो सॉरी तोह मुझे बोलना चाहिए मेरी वजह से आप और सोनाली...
इससे पहले वह कुछ बोलती...
.
पीछे से सोनाली... कलमुही मेरे सामने मेरे होने वाले पति क साथ ऐसे चिपकी हुई है...
जैसे hi hi तृषा ने सोनाली को देखा झट से मुझे अलग हो गई...
सोनाली पेट पकड़ क्र हसने लगी.. तृषा बिचारि सोच रही थी इसे क्या हो गया.. अभी तोह इतना गुस्सा थी...
मई.. जान क्यों मेरी दी को परेशां क्र रही हो...
सोनाली... आह हां बड़ा प्यार आ रहा ह.. अपनी दी पर..
अब में क्या बोलता चुप... जैसे मेरी चोरी पकड़ी गई हो
तृषा... सोनू इनको कुछ मत बोल मुझे जो बोलना ह बोल...
सोनाली... ( हस्ते हुए ) यह देखो एक को बोलो तो दूसरा जबाब देता ह...
मई... जान जान पलज़्ज़ज़्ज़ज़...
सोनाली... ाचा ाचा ठीक है...
तभी तृषा... सोनू प्लीज मुझे माफ़ क्र दे सब मेरी वजह से हुआ था...
सोनाली... बस बस माफ़ी मांगे की कोई जरुरत नहीं है...
और तृषा को हुग किया.. वह बहुत खुश दिख रही इतना कुश मैंने उसे कभी नहीं देखा था फिर कुछ सोच क्र उदास हो गई... मुझसे उसकी मायूस आँखें देखि नहीं जा रही थी..
मई.. जान आप लोग बात करो मुझे एक अर्जेंट फ़ोन करना है..
में उनसे दूर आया और सेक्रेटरी को फ़ोन क्र सारा काम समझा दिया... और वापस चल दिया...
वापस आया मैंने दोनों को कैंटीन चलने को खा.. फिर हम तीनो कैंटीन में आ गए तृषा थोड़ा लड़खड़ा क्र चल रही थी शयद बियर की वजह से..
मैं कैंटीन में पहुँच क्र तीनो क लिए ड्राई मंचूरियन आर्डर किया..
सोनाली... अरे बेतु अभी नास्ता करके आई हूँ..
मैंने उसकी तरफ देखा उसे कुछ याद आया वो चुप्प हो गई.. आर्डर आते hi मैंने एक मंचूरियन बोलल सोनाली क तरफ बढ़ाया.. वो कुछ न बोली कहती रही फिर उसने भी मुझे खिलाया... तृषा जो बहुत देर से हम्म दोनों को hi देख रही थी..
.
तृषा.. मेरी तोह किसी को पड़ी hi नहीं ह..
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मई हस्ते हुए उसे भी अपने हाथ से खिलने लगा..
हमारा लंच फिनिश हुआ तभी मुझे सेक्रेटरी का फ़ोन आया... मई कॉल पिक किया वो बोलै सारा अरेंजमेंट हो गया है...
मई... चलो तुम दोनों तुम्हारे लिए एक सरप्राइज है...
दोनों.. खा चलना है वो तो बताओ..
मई.. अरे चलो तोह..
फिर मई दोनों को पकड़ पार्किंग में लाया तभी फिर से मेरा फ़ोन बजा... वही प्राइवेट no..
कॉल पर..
.
मई.. hello hello...
सामने से कोई आवाज नहीं आई..
मई... कोण हो क्यों बार बार परेशां क्र रहे हो...
तभी मुझे सिसकियों की आवाज आई..
मई.. hello सब ठीक तोह है न आओ कोण हो .
तभी मुझे किसी औरत की जोर जोर से रोने की आवाज आने लगी..
मई.. अरे आप ठीक ह रो क्यों रही ह..
औरत... छोटू प्ल्ज़्ज़ मुझे माफ़ क्र दे...
जैसे hi मैंने यह सुना मेरा सर जोर से फटने लगा मुझे बहुत तेज गुस्सा आने लगा मैंने फ़ोन फ़ेंक क्र पार्किंग की दिवार पर मारा...
मुझे ऐसा करता देख तृषा शॉकेड हो गई... सोनाली को सब पता था...
जैसे hi मैंने यह सुना मेरा सर जोर से फटने लगा मुझे बहुत तेज गुस्सा आने लगा मैंने फ़ोन फ़ेंक क्र पार्किंग की दिवार पर मारा…
मुझे ऐसा करता देख तृषा शॉकेड हो गई… सोनाली को सब पता था…
अब आगे….
तृषा… क्या हुआ आप ठीक तोह है किसका फ़ोन था…
मई… कुछ नहीं मेरी तबयत ठीक नहीं लग रही मुझे घर जाना होगा कल मिलते है bye…
उसके कुछ बोलने से पहले में कार में बैठ गया सोनाली भी तृषा को bye बोलकर मेरे साथ बैठ गई… फिर हम चल दिए घर….
में बहुत गुस्से में था मेरा मन अभी भी शांत नहीं हो रहा था… में कार बहुत तेज चला रहा था… सोनाली बस मुझे देखे जा रही थी… उसने अभी कुछ कहना ठीक नहीं समझा…
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जल्द hi हम घर पहुंच गए में बहुत गुस्से में था अपने रूम में जा रहा था तभी माँ हॉल में बैठी हुई उन्होंने मुझे देखा… घबरा गई क्युकी मुझे बहुत काम hi गुस्सा आता था…
माँ… बेतु इधर आ..
मई… मेरी तबियत कुछ ठीक नहीं ह में आराम करना चाहता हूँ…
माँ… चुप चाप इधर आता ह की में आओ…
मई क्या बोलता सीधा माँ क पास चला गया . मई उनसे नजरें नहीं मिला पा रहा था.. फिर भी वो माँ ह सब समझ जाती ह… वो मेरा हाथ पकड़ क्र सोफे पर बैठा देती है…..
मैंने एक उनकी तरफ देखा फिर में उनकी गॉड में सर रख क्र लेत गया… सोनाली सामने सिंगल सोफे पर बैठ गई…
माँ… अब बोल क्या बात है…
मई… कुछ नहीं माँ वो… ( अब क्या बोलू यर माँ मेरा झूठ तुरंत पकड़ लेती है )
माँ… बोल न बीटा क्या बात है…
मई… ( लम्बी सांस लेकर ) माँ आंटी का फ़ोन आया था… ( और चुप्प हो गया बाकी सब माँ समझ गई )
माँ… बेतु क्या तू उन्हें माफ़ नहीं क्र सकता…
मई… माँ यह आप बोल रही ह.. सब कुछ जानने क बाद
माँ… हाँ बेतु गलतियां सबसे होती है… ” लाइफ इस आल अबाउट सेकंड चांस ”
मई…. फिल्मी डायलॉग न मारो… और मई इस बारे में बात नहीं करना चाहता… नफरत करता हूँ मई उनसे और उस लड़की से जिसकी वजह से यह सब हुआ.. अगर वो मुझे मिल गई तोह मुझे खुद नहीं पता में क्या करूंगा…
माँ… बेतु तू भूल रहा ह में तेरी माँ हूँ… तू अब भी उनको उतना hi चाहता ह जितना पहले चाहता था.. तू खुद से झूठ बोल सकता ह लेकिन अपनी माँ से नहीं…
मई… हाँ माँ मई अब भी उनको उतना hi चाहता हूँ… लेकिन जो उनहोंने मेरे साथ किया में कभी नहीं भूल सकता… ( माफ़ करना दोस्तों यह अभी का रोना जरुरी ह सीन मई वर्ण मजा नहीं आएगा ) ( रट हुए ) ….. अरे माँ मानता था मई उनको… क्या कोई माँ अपने बेटे क साथ ऐसा करती है…
माँ कुछ नहीं बोली बस मेरे सर और हाथ फेरती रही मई बहुत गुस्से में था पर माँ की गॉड में मेरा गुस्सा भी खत्म हो गया और मई वंही सो गया…
शाम क 6 बजे मेरी नींद खुली… मैंने देखा मई माँ की गॉड में सो रहा हूँ… और वो अब भी मेरे सर पर प्यार से हाथ फेर रही है…
मई उठ क्र सीधा माँ क गले लगा लेता हूँ..
मई… ी ऍम सॉरी माँ मुझे आपसे ऐसे बात नहीं करनी चाइये थी प्लीज मुझे माफ़ क्र दे…
माँ… ( माँ कुछ नहीं बोली बस मेरे माथे पर किश किया ) देख बेतु तू क्या समझाता है तकलीफ सिर्फ तुझे होती है.. मई माँ हूँ तेरी सब समझती हूँ… बस मुझे तुझे इस हालत में देखा नहीं जाता..
मई…. माँ मई प्रॉमिस करता हूँ आज क बाद आपको कभी ऐसा दुखी नहीं दिखूंगा अब खुश…
माँ… ( कस क गले लगते हुए ) बहुत खुश.. चल जा सोनाली को बुला क्र आ जब से तू आया न तूने कुछ खाया न उसने….
सोनाली का सुनकर मुझे तुरंत उसकी फ़िक्र होने लगी मई चल दिया उसके रूम में.. जैसे hi गेट खोला देखा सोनाली मेरी फोटो सीने से लगे सो रही है मुझे उस पर बहुत प्यार आया.. बहुत मासूम लग रही थी मेरी जान सोते समय..
मई धीरे से उसके पास गए और उसकी तरफ मुँह करके लेत गया… उसके होठ देखे मुझे रहा नहीं जा रहा था मैंने धीरे से उसके होठ से जोड़ दिए.. और होठ चूसने लगा सोनाली तो कब की जाग रही थी वो देखना चाहती थी मई क्या करता हूँ वर्ण ऐसा हो सकता है मई उसके करीब औ और उसे न पता चले..
वह भी मेरे किश में मेरा साथ देने लगी… मैंने किश तोड़ दिया उनहोंने मेरी तरफ मिन्नत भरी नजर से देखा मुझे बड़ा प्यार आ गया और में फिर से किश करने लगा… जब हमारी सांसे उखाड़ने लगी तो हम रुके…
मई… मेरी जान जाग रही थी… तो सोने का ंतक क्यों किया…
सोनाली… मई देखना चाहती थी तुम क्या करते हो.. और में सो hi रही थी लेकिन.. ( उसने मेरा हाथ पकड़ अपने दिल पर रख दिए ) इसे मुझे जगा दिया की तुम आ रहे हो…
मेरा दिल दूर से धड़क रहा था ( मतलव सोनाली का ) अब तोह आप समझ hi गए होंगे की सोनाली को हर बात क्यों पता चल जाती है की अभी खा है क्या क्र रहा है…
मुझे बहुत प्यार आने लगा मैंने सोनाली को कस क हुग किया और वो मेरे ऊपर आ गई और एक बार फिर हमारे होंठ मिल गए.. इस बार किश थोड़ा वाइल्ड हो गई जिस कारन पेंट में मेरा प्रीतम सर उठाने लगा..
जैसे hi सोनाली को यह अहसास हुआ वो तुरंत मुझसे दूर हो गई और मेरे साथ लेत गई….
मई.. ( शर्मिंदा होते हुए ) सूर्य जान..
सोनाली… हेय भगवन मई तृषा को छोडूंगी नहीं…
कामिनी ने एक hi दिन में मेरे बेतु को बिगाड़ दिया..
और खिल खिला क्र हसने लगी.. में तो शर्म क मारे गदा जा रहा था…
मई.. क्या जान फिर से मुझे तंग करने लगी…
सोनाली… यह है है बड़ा भोला भंडारी बन रहा है… कल रात उसे सोने भी नहीं दिया.. अब देखो कैसे शर्मा रहा है……
मई… ( गाल लाल हो गए ) जाओ मई आपसे बात नहीं करता…
सोनाली.. ाचा बावा सॉरी… लेकिन.. तूने कोई डिसिशन लिया तृषा क साथ क्या करना है…
मई… ओह हाँ जान में तो भूल hi गया था.. मई आप दोनों को लेकर जाने hi वाला था की वह फ़ोन… ( और चुप हो गया )
सोनाली… चल कोई न बेतु मतलव तूने उसको अपना hi लिया न..
मई.. नहीं जान मैंने ऐसा कब खा…
सोनाली… ( हस्ते हुए ) तुम पुरे बुद्धू हो.. तुमको बार बार बताना पड़ता है क्या ( अपने दिल की और इशारा करते हुए ) मुझे सब पता है इसमें उसके लिए भी जगह बन चुकी है…
मई कुछ नहीं बोल बस सोनाली को देखता रहा…
सोनाली… वैसे तू खा लेकर जाने वाला था…
जैसे hi उसने यह बोलै मुझे सेक्रेटरी की याद आई… मैंने सोनाली से उनका फ़ोन माँगा और एक no. दिल किया…
कॉल पर…
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मई… Hello मई अभी बोल रहा हूँ…
सेक्रेटरी… ग सर आप खा है हम सब यह आपका वेट क्र रहे है…
मई… 1 घंटे और इंतज़ार करो में कुछ प्रॉब्लम में था ..
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सेक्रेटरी… Ok सर..
कॉल कट…
मई.. चलो जान तैयार हो जाओ चलते है…
सोनाली… नहीं जान तुम जाओ पलज़्ज़ज़ , और हाँ आज उसे इतना स्पेशल फील करना की कल से वह बिल्कुल भी दुखी न रहे…
मई.. ठीक है जान मई चलता हूँ…
सोनाली… अरे रुको ऐसे hi जाओगे क्या… कपडे तो ढंग क पहन लो.. तुम्हारी नहीं काम से काम मेरी इज्जत का कुछ सोचो.. मन तुमको यह सब पसंद नहीं लेकिन अब तुम सोनाली सिंह क होने वाले हस्बैंड हो… थोड़ा बन थान क रहा करो…
मई… ( मुस्कुराते हुए ) ठीक है मेरी जान जैसा तुम कहो..
फिर कुछ याद आया ..
मई… अरे हाँ पहले निचे चलो माँ खाने पर बुला रही है तुमने सुबह से कुछ नहीं खाया…
सोनाली… मेरी जान भी तो भूखी थी फिर मई कैसे खा लेती…
मई… अच्छा बावा सॉरी अब चलो…
फिर हम निचे आये और डाइनिंग टेबल पर बैठ गए…
मैंने सोनाली को खाना खिलाया उसने भी मुझे खिलाया पर मैंने काम hi खाया कुकी मुझे बहार डिनर भी तोह करना था…
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फिर मई सोनाली को लेकर चल पड़ा अपने रूम… मैंने उसे अपनी पसंद का ड्रेस निकलने को खा और मई चल दिया फ्रेश होने…
वापस आया तो सोनाली एक ब्लू जीन्स , वाइट शर्ट और स्लीवलेस कोट और रेड टाई लिए कड़ी.. थी..
मैंने उनसे कपडे लेकर बाथरूम में गया और 5 मं बाद पहन क्र वापस आ गया..
पर सोनाली को कुछ मिसिंग लग था था इसलिए वो मेरे पास आई और मेरे स्लीव्स की बटन खोल क्र ऊपर चढ़ा दिया और मेरा हेयर मई जेल लगा क्र ड्रायर से सेट क्र दिया…..
जब मैंने खुद को देखा तो खुद चौंक गया ककी मई पहले से जयादा हैंडसम और गुड लुकिंग लग रहा था… मैंने सोनाली को अपनी तरफ खिंचा और अपनी होठ उसके होठ पर रख किश करने लगा..
मई… ( किश तोड़ते हुए ) थैंक्स मेरी जान मुझे तोह पता hi नहीं था मई ऐसा भी दीखता हूँ..
सोनाली.. बस बस बाते बाद मई… अभी चल तुझे लेट हो रहा होगा…
मुझे भी यही ठीक लगा लगा और सोनाली को लेकर चल पड़ा बहार…
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हॉल में माँ ,डैड ने जब मुझे देखा तो यकीन hi नहीं हुआ मई हूँ.. …म
माँ… अभी… खा जा रहा है इतना बन थान क कसम से मेरा बीटा हीरो से भी अच्छा लग रहा है. .
सोनाली.. बहु को मिलने…
मई.. ( शॉकेड पागल यह क्या बोल दी कुछ सोच तो लेती )…..