Dhadkan ( Fallen love ) { Incest , Suspense , Thrill , Romance , Magic } - Page 4 - SexBaba
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Dhadkan ( Fallen love ) { Incest , Suspense , Thrill , Romance , Magic }

अपडेट…. 29

कियारा…. ( डैड को हुग क्र रट हुए )

डैड वो अभी वो…. ( और रोने लगती है )

कदद… क्या हुआ किरण लगता है कोई

बुरा सपना देखा चलो आओ मई

तुम्हे सुलाता हूँ…

फिर कियारा डैड की गॉड में सर रख देती

है और अभी को याद करते हुए सो जाती है….

अब आगे….

नेक्स्ट मॉर्निंग…

अगली सुबह मई उठा तो सोनाली… रूम में नहीं थी.. मई भी जल्दी से फ्रेश हो क्र… बहार चला गया जॉगिंग क्र गयम गया फिर वंहा से घर वापिस आया…

आज सोल्लगे था तोह मई जल्दी से अपने रूम मई चला गया…

और नहा क्र कपडे चेंज क्र दिंनिंग टेबल पर जाने लगा तभी मुझे सोनाली का कयल आया और मई मुस्कुराते हुए चल दिया…

रूम क अंदर पहुंच मई परदे क पीछे चुप्प गया…

वो जल्दी से बाथरूम से बहार आई…

और मुझे ढूंढ़ने लगी…

लेकिन जब मुझे ना देख पाई तोह उदास हो गई…

सोनाली… यह क्या हो गया ह मुझे… वह एक पल मेरी आँखों से दूर होता ह तोह मई सह नहीं पाती… मई कुछ जायदा पोस्सेस्सिवे हो रही हूँ सिड…

तभी मई पीछे से जाकर सोनाली को हुग क्र लिया…. वह मुस्कुराती हुई मेरी तरफ मुद गई…

मई… जान आज तोह तुमने ऐसा बोल दिया आगे कभी मत बोलना… अगर तुमने ऐसा सोचा तोह मई कभी बात नहीं करूंगा…. मई भी तुम्हे पास न देख बैचैन हो जाता हूँ तो क्या मई भी पोस्सेस्सिवे हूँ… हाँ यह सच ह.. मुझे तुम्हारी आदत हो गई ह… तुम्हारे बिना..

आगे कुछ बोलता उससे पहले सोनाली ने मेरे होठ पर होठ चिपका दिए…. और किश करने लगी… मैंने भी उसे बहून मई कस लिया जिससे उसस्के बूब्स मेरे सीने पर देव गए…. आअह्हह्ह्ह्हह उसके मुहहह से एक हलकी सी सिसकी निकली पर मैंने उसे नहीं छोड़ा… और एक लम्बी किश क बाद हम अलग हुए…

उसकी आँखें ह्ययययय क्या बताऊ इतनी नशीली हो गई थी की डूब hi jata…Or वो मेरे सीने से लगी रही…

मई कुछ बोलने वाला था की मेरा फ़ोन बजा…

मैंने देखा माँ का मैसेज था…

“सुधर जा बेशरम गेट बंद क्र लिया क्र… ?

जल्दी आ ब्रेकफास्ट रेडी है… ”

जिसे देख मई मुस्कुराने लगा… सोनाली ने मेरी तरफ देखा जैसे पूछ रही हो क्या हुआ… मैंने उसे माँ का मैसेज दिखाया जिसे पढ़ वो शर्मा गई… और मेरे सीने पर मुक्के मारने लगी… मई हस्ते हुए उसे हुग क्र लिया…

कुछ देर बाद मैंने उसे अलग किया और उनकी आँखे बंद थी…

मई… जान नाराज हो मुझसे…

सोनाली न मई गर्दन हिलाई..

मई… आखे खोलो न प्ल्ज़्ज़..

सोनाली फिर कुछ बोली और न मई गर्दन हिलाई…

मैंने उसकी चीन को पकड़ चेहरे को थोड़ा ऊपर किया…. उसके चेहरे पर मुस्कराहट आ गई जैसे जान गई हो आगे क्या होगा… लेकिन मई शरारत क मूड मई था मई अपने होंठ उसके होंठ क पास ले गया मगर मिलाए नहीं…

मेरी साँसे महसूस क्र उसके होठ थरथराने लगे… लेकिन जब उसने देखा में कुछ नहीं क्र रहा तोह धीरे से अपनी आँखें खोली…

ओह्ह्ह माँ भगवन बचाए इससे से मई शरत क मूड मई था लेकिन खुद को रोक न पाया.. और उसके होठ पर होठ रख दिए और एक छोटा किश क्र अलग हुए…

मई… ( मुस्कुराते हुए ) चलो जान निचे माँ वेट क्र रही है बहुत देर हो गई….

सोनाली… रुको बस 2 मं..

मई… अब क्या हुआ… चलो न लेट हो रहा है…

सोनाली कुछ न बोली बस शरमाते हुए ड्रेसिंग टेबल पर गई और लिपस्टिक उठा हलकी सी अपने होठ पर लगा ली…

मई… ( बस तोह यह बात है मुझे भी ध्यान रखना होगा साड़ी लिपस्टिक तोह मई खा जाता हूँ.. और मुस्कुराने लगा )

सोनाली पलट क्र मेरी तरफ देखि और मुस्कुराते हुए मेरे साथ निचे चल दी…

दिंनिंग टेबल पर डैड बैठे थे और माँ किचन मई थी… हम दोनों अपनी जगह पर बैठ गए….

मई और सोनाली… गुड़ मॉर्निंग डैड…

डैड… ( खुश होते हुए ) गुड़ मॉर्निंग बीटा…

तभी माँ ने हमारा नास्ता डाइनिंग टेबल पर लगा दिया…

मैंने देखा 2 hi प्लेट्स ह एक डैड क लिए एक हम दोनों क लिए… मैंने माँ की तरफ देखा वो स्माइल क्र रही थी.. मई शरमाते हुए गर्दन निचे क्र ली…

डैड… क्या हुआ बेतु ब्रेकफास्ट क्यों नहीं क्र रहे… और सोनू तू भी… चलो ब्रेकफास्ट करो मुझे कुछ बात करनी ह तुमसे…

मैंने एक बार माँ की तरफ देखा वह मुझे hi देख मुस्कुरा रही थी…. अब मई क्या करता सोनाली का भी वही हाल था.. . तभी मई कुछ सोच उसका हाथ पकड़ लिया…

उसने आँखे खोल मेरी तरफ देखा और मैंने ब्रेकफास्ट की तरफ इशारा किया… वह शरमाते हुए मुझे ब्रेकफास्ट करने लगी और मई उसे…

माँ सामने कड़ी सब देख रही थी….

डैड… सोनू बीटा आज तुम फ्री हो क्या….

सोनाली… हाँ डैड कुछ काम था…

डैड… हाँ वह क्या है न कॉन्ट्रैक्ट मिलने की खुसी मई आज घर मई पार्टी रखी है… और तुमसे ाचा तोह कोई इवेंट ऑर्गेनिसे नहीं करता…

सोनाली…. ठीक है डैड मई और अभी सब देख लेंगे…

डैड… नहीं बीटा अभी क लिए कुछ और काम है… अगर तुम्हे कुछ हेल्प चाहिए तोह मई हूँ न यह…

सोनाली ने एक बार मेरी तरफ देखा देखा मैंने उसके हाथ पर हाथ रखते हुए हाँ करने का इशारा किया…

सोनाली… ( उदास मन से ) ok डैड हो जायेगा… लेकिन अभी मुझे सोल्लगे जाना होगा असाइनमेंट सबमिट क्र वापस आ जाउंगी…

डैड… ठीक ह बीटा जल्दी आना और अभी तुम्हे भी कुछ काम ह क्या…

मई.. ( सोनाली की तरफ देखा ) हाँ डैड वो मुझे भी असाइनमेंट सबमिट करना ह…

डैड…. ठीक है तुम भी सोनू क साथ आना और अपने फ्रेंड्स को भी इन्विते क्र देना…

मई… ( खुश होते हुए ) ok डैड…

फिर मई सोनाली को साथ ले चल दिया सोल्लगे….

तो बे कंटिन्यू….
 
अपडेट..... 30

मई.. ( सोनाली की तरफ देखा ) हाँ डैड

वो मुझे भी असाइनमेंट सबमिट करना ह...

डैड.... ठीक है तुम भी सोनू क साथ

आना और अपने फ्रेंड्स को भी इन्विते क्र

देना...

मई... ( खुश होते हुए ) ok डैड...

फिर मई सोनाली को साथ ले चल दिया सोल्लगे....

अब आगे....

घर से थोड़ा दूर निकलने क बाद

मैंने कार रोकी... और सोनाली को देखा...

वो मुझे hi देख रही थी... उसकी

आँखें जैसे बोल रही हो... प्लीज

बेबी मुझे हुग क्र लो.... मैंने भी

ज्यादा देर न करते हुए... उसे अपनी

गॉड मई बैठा क्र कस क हुग क्र लिया....

हमारा ध्यान तब टूटा जब पीछे

से हॉर्न की आवाज आई... मैंने उसकी तरफ

देखा वो बस आँखें बंद किए...

गले लगी हुई थी... बहुत मासूम लग

रही थी... मई उसको ऐसे hi छोड़ के

गाडी आगे बढ़ा दिया...

और सीधा तृषा क घर जाकर रुका...

उसको इन्विते भी करना था...

मई... जान हम आ गए...

सोनाली ने एक बार मेरी तरह देखा

फिर गले लग गई...

मई.... चलो जान तृषा को इन्विते

भी तोह करना है... वह भहर

कड़ी हमे hi देख रही है...

जैसे hi मैंने खा सोनाली झट्ट

से मुझसे अलग हो गई.. और पीछे

देखि जब उसे कोई नहीं देखा तोह

उसने मेरी तरह देखा.. मेरी हसी

निकल गई... और जोर जोर से हसने लगा...

सोनाली... जाओ मई न करती तुमसे

बात तुम जाओ तृषा क पास...

मई मुस्कुराते हुए उसे और कस

लिया और उसके होठ पर होठ रख दिए...

और किश करने लगा वो पहले तोह कोई

रिस्पांस नहीं दी लेकिन जैसे जैसे

किश बढ़ती गई वो भी रिस्पांस

करने लगी... उसी वक़्त मई उससे अलग

हो गया और गेट खोल जाने लगा... की .

उसने मुझे खिंच क्र बैठा दिया

और ऊपर आ गई और फिर शुरू हुआ राउंड

2 जो संन्स फिल्मे तक चलता रहा...

मई... ( मुस्कुराते हुए ) अभी तोह

बोली थी मेरे से बात नहीं करना....

सोनाली कुछ न बोली मेरे सीने से

लग गई... कुछ देर बाद मैंने उसे

अलग किया ककी सच में लेट हो रहा था...

मैंने उसकी तरफ देखा और हलके से उसे

किश क्र चल दिया तृषा को लेने...

मई अंदर गया तृषा उदास बैठी

थी... मई पीछे से जाकर उसे हुग क्र लिया...

मुझे देखते hi वो मुस्कुरा क्र

मेरे गले लग गई...

मई... क्या हुआ त्रिषु इतना उदास क्यों हो..

वो बस मेरी तरफ देखि और कुछ न बोली...

मई.. बोलो न की.....

आगे कुछ बोलता उससे पहले उसने

मेरे होठ अपने होंठ में ले क्र

चूसने लगी और किश करने लगी... हमरा

किश धीरे धीरे वाइल्ड होता गया...

मैंने धीरे से हाथ उसकी गांड पर

रख दिए... आअह्हह्ह्ह्हह जोर की सिसकी

निकल गई उसके मुँह से लेकिन मई रुका

नहीं... और कंटिन्यू गांड दबाते हुए

किश करता रहा जब हरी सांस फूलने .

लगी तो अलग हो हाफने लगे...

मैंने उसे देखा वो बस मुझे

निहार रही थी... मई आगे बढ़

उसे सीने से लगा लिया...

मई... क्या हुआ त्रिषु नाराज हो मुझसे...

उसने हाँ में गर्दन हिलाई...

मई.. क्या हुआ बताओ तो..

तृषा... इतनी लेट क्यों आये मुझे

लगा आओ अकेले चले गए... सच

बताओ आप मुझसे प्यार तोह करते

हो न... ( यह बोलते उसकी आँख

में आंसू आ गए )

मई... ( उसके आंसू पूछते हुए )

तुम्हे क्या लगता है... मई तुमसे

प्यार करता हूँ की नहीं...

तृषा... मुझे पता है आप मुझे

बहुत प्यार करते हो... बूत क्या कृ

मुझे तुम्हारी आदत हो गई ह...

और आप मुझे एक बार मिलने क बाद

फ़ोन तक नहीं करते... अब बताओ नाराज

होना गलत ह मेरा...

मई... ( उसके माथे और किश क्र

हलके से होठो पर भी अलग हो )

मुझे माफ़ क्र दो त्रिषु आज क

बाद ऐसा नहीं होगा... चलो

सोल्लगे चले लेट हो रहा है...

तृषा... 2 मं रुको मैं अभी आई...

और जल्दी से बाथरूम में भाग

गई... दरअसल बात यह थी की

मैंने उसकी गांड दबा रहा था

तोह उसकी पेंटी गीली हो गई थी...

तृषा शरमाते हुए बहार आई

और मई उसे लेकर चल दिया कार की तरफ...

सोनाली... क्या हुआ बेतु आज कुछ

जयादा hi टाइम लगा दिया... कहि इसे...

( और खिल खिला क्र हसने लगी.. )

तृषा... ( पहले तोह शर्मा गई फिर )

तुझे क्यों जलन हो रही है तू भी...

( और हसने लगी )

अब सोनाली क्या बोलती बेचारी शर्मा गई..

मई... ( शरमाते हुए ) अरे बास

करो दोनों चलो लेट हो रहा है...

11 बज गया अभी घर भी जाना है...

तृषा... क्यों क्या हुआ इतनी जल्दी...

मई... ओह्ह सॉरी तुम्हे बताना

भूल गया... ( फिर मैंने उसे आज

की पार्टी क बारे मई बताया... )

और हाँ तुम भी जल्दी hi आ जाना

सोनू की हेल्प भी हो जाएगी पता

नहीं डैड मेरे से क्या काम

करवाएंगे... मई तोह बिजी

रहूंगा तोह चले...

तृषा... ठीक है मई आ जाउंगी...

मई.. और हाँ माँ को भी बता देना...

फिर मैंने गाढ़ी आगे बढ़ा जो

सीधा जाकर सोल्लगे रुकी... लेकिन

जैसे hi मई कार से उतरा कोई भाग

क्र मेरे गले लग गया...

यह कोई और नहीं कियारा थी जो फुट

फुट क्र रो रही थी... मैंने भी उसे

रोने देना ठीक समझा...

सोनाली... क्या हुआ बेतु और यह

लड़की कोण है...

मई... कुछ नहीं आप दोनों जाओ मई

आपको बाद मई बता दूंगा... लेट

हो रहा ह... मई आपको कैंटीन मई

hi मिलूंगा...

उसके बाद सोनाली और तृषा अपनी

क्लास मई चली गई..

मई... क्या हुआ यर रो क्यों रही है...

वह कुछ न बोली और कस क गले

लग रोटी रही...

मई उसे लेकर कैंटीन मई आ गया

2 कॉफ़ी आर्डर क्र उसे पानी दिया....

जिसे पी वह थोड़ी शांत हुई...

लेकिन अभी भी सिसक रही थी...

मई... क्या हुआ यर बोलो भी...

कियारा.... ( सिसकते हुए ) तुम्म.

कहा थीई सुबबभ सीए...

मई... कहि नहीं यर वो क्या है न आज

घर में पार्टी है... इसलिए सबको

इन्विते क्र रहा था... बी थे वे तुम्हे

भी आयना है.. और तुम रो क्यों रही हो...

कियारा... कुछ नहीं वह बस मई

घबरा गई थी... तुम दिखे नहीं

इसलिए... ( फिर अपने आप को ठीक करते

हुए ) वैसे किश ख़ुशी मई पार्टी ह...

फिर मैंने उसे सब बताया... इतने मई

हमारी कॉफ़ी भी आ गई... और हम

कॉफ़ी पिटे हुए बात करने लगे जिससे

वह थोड़ी खुश हो गई...

तभी सोनाली भी आ गई और मई

कियारा और तृषा को bye बोल जल्दी .

आने का कह चल दिया अपने घर...

तो बे कंटिन्यू.....
 
अपडेट.... 31

कियारा... कुछ नहीं वह बस मई

घबरा गई थी... तुम दिखे नहीं

इसलिए... ( फिर अपने आप को ठीक करते

हुए ) वैसे किश ख़ुशी मई पार्टी ह...

फिर मैंने उसे सब बताया... इतने मई

हमारी कॉफ़ी भी आ गई... और हम

कॉफ़ी पिटे हुए बात करने लगे जिससे

वह थोड़ी खुश हो गई...

तभी सोनाली भी आ गई और मई

कियारा और तृषा को bye बोल जल्दी .

आने का कह चल दिया अपने घर...

अब आगे....

सोनाली.... ( रास्ते मई ) बेतु

यह कोण थी... और ऐसे रो क्यों रही थी..

मई... जान वह कियारा थी मेरी

क्लास में hi पढ़ती है... मेरी

फ्रेंड है...

सोनाली... ( शक भरी नजर से )

तुम तोह किसी को अपना फ्रेंड नहीं

बनाते.. सच सच बताओ आखिर

बात क्या है...

मई... ( हिचकिचाते हुए ) कुछ

नहीं जान.. वो.

सोनाली... ( बिच में hi ) तुम्हे पता

ह न मुझसे झूठ नहीं बोल सकते

सच बताओ आखिर क्या बात है...

मई... ( मुस्कुराते हुए ) हम्म्म

बात तोह बिल्कुल ठीक ह अच्छा तोह सुनो...

फिर मैंने कार रोक क्र उसे कियारा का

बर्ताव बताया.. जो उसने मेरे साथ

किया... जिसे सुन वह गुस्सा हुई...

मैंने उसे शांत किया...

मई... शांत हो जाओ जान बात यह

थी की वो बहुत अकेली ह... शुरू से

कोई उसके साथ नहीं ह... माँ क जाने

क बाद कोई उसका फ्रेंड नहीं बना यह

तक की फॅमिली वाले भी पीछे हट गए...

जिसके चलते वह चिड़चिड़ी हो गई...

जब मैंने उसे पहली बार देखा तोह

वह मुझे बहुत मासूम लगी..

( आँख में आंसू लेट हुए ) बिल्कुल

उसके जैसे... मई छह क्र भी खुद को

रोक न पाया... उसमे मुझे वो नजर

आती ह...

सोनाली... ( मुझे हुग करते हुए ) बेतु

रो मत प्लीज शांत हो जाओ देखो

मई गुस्सा नहीं हूँ...

मई... ( सोनाली को हुग करते हुए )

मुझे उसकी बहुत याद आ रही ह...

आप मुझे कभी छोड़ क्र तोह नहीं

जाओगी न...

सोनाली... नहीं बेतु कभी नहीं चल

आंसू पॉच घर पर सब इन्तजार

क्र रहे होंगे....

मई... ( आंसूं पांच क्र ) ठीक ह

जान... ी लव यू...

सोनाली... ( मेरे नज़दीक आ होठों

पर हलकी किश करते हुए ) ी लव यू

तू बेतु...

फिर मैंने कार आगे बढ़ा जो सिध्दा

घर जाकर रुकी .. 1 बज गया था... सब

लंच पर हमारा वेट क्र रहे थे...

मई... ही माँ , ही डैड...

माँ... ही बीटा.... चलो जल्दी बैठो

खाना ठंडा हो रहा ह और बहुत

काम बाकी ह..

सोनाली... डैड सभी वर्कर्स आ गए.

सामान लेकर...

डैड... हाँ बीटा सब सब आ गए है...

सोनाली... Ok मई देख क्र आती हूँ...

तभी मैंने सोनाली का हाथ पकड़ उसे

चेयर और बैठा दिया... और उसे खाना

खिलने लगा.... वो बस एक तक मेरी

आँखों में देख रही थी... डैड भी

नोटिस क्र रहे थे लेकिन बोले कुछ

नहीं... उनको पता है वो काम पर लग

गई तोह खाना तक भूल जाएँगी... और.

मेरी हरकत से मुस्कुरा भी रहे थे और

माँ तोह सब जानती ह वह भी कड़ी

कड़ी मुस्कुरा रही थी...

माँ... सोनू कब से खाई जा रही है...

जरा मेरे बेटे को भी खिला दे कबसे

भूका है...

माँ की आवाज से सोनाली होश मई

आई और शर्मा गई फिर मुझे खाना

खिला जल्दी से निकल गई...

मई... हाँ तोह डैड बताओ मुझे क्या

करना है...

डैड... जयादा कुछ नहीं बीटा तुम्हे

तुम्हारी मौसी और बहन को लाना है....

वह क्या है न तुम्हारे मौसा जी

बुसिनेस्स क सिलसिले मई ****** गए

हुए है... तोह तुम्हे hi जाकर उन्हें

लाना होगा...

मई... ( शॉकेड ) कयय्यआआ ?....

डैड... हाँ बीटा लेकिन इसमें चौंकने

वाली क्या बात है...

मई... कुछ नहीं डैड आओ किसी और को

भेज दीजिये न पलज़्ज़ज़..

डैड.... समझा करो बीटा तुम्हे आते

आते लेट हो जायेगा और किसी अनजान

आदमी क साथ... तुम समझ रहे हो न ..

मई.. ( मायूस हो क्र ) ok डैड मई

अभी जाता हूँ...

इंट्रो टाइम...

शाक्षी वर्मा.... आगे 40 ( हाइट

5.9 इंच ) फिगर ( 36 - 30 - 38 ) ाः

इनके बारे मई क्या बताऊ बहुत हॉट

माल है और बहुत चालु भी... मोहल्ले

का कोई मर्द न होगा जो इसपर दूर

न डालता हो लेकिन यह किसी को एक

नजर देखती तक नहीं...

तेजस वर्मा... आगे 43 ( हाइट 5.11 )

जयादा हंसमे नहीं ह.... लेकिन अपने

आप को बहुत फिट क्र रखा ह... इस उम्र

में भी 35 क लगते ह... अपनी बेटी से

बहुत प्यार करते है... और उतना hi

प्यार अभी से ककी उनकी कोई लड़का नहीं

इसलिए अभी को hi अपना बीटा मानते

है.... यह भी अपने सिटी क टॉप

बुसिनेस्स मन मई से एक ह...

शिवि वर्मा.... आगे 20 ( हाइट 5.8 )

हॉट फिगर ( 34-28-36 ) बिल्कुल अपनी

माँ पर गई है बहुत ज़िद्दी है... अगर

इसकी ज़िद पूरी न हो तोह पूरा घर सर

पर उठा लेती है... इसका भी कोई बर्फ नहीं ह

वह क्यों... लेट सी... इन स्टोरी ..

बैक तो स्टोरी...

मई.... ( घर से भर निकल क्र ) यार

डैड को भी एहि काम करवाना था

लेकिन जाना तोह पड़ेगा... पता नहीं वह

इस बार क्या करेगी पिछली बार तोह

मई बच गया... पर आज नहीं शयद और

जहा तक मुझे लगता ह वो प्लान क्र

भी चुकी होगी...

( बात दरअसल यह है की शाक्षी

अभी को बहुत पसंद करती ह... और

अभी पर हर वक़्त दूर डालती रहती ह...

और पिछले वेकेशन पर अभी घर आया

तोह... रुको यर... सब बताऊंगा...

डीपली फ्लैशबैक मई... बहुत

इंट्रेस्टिंग होगा फ़्लैश बैक तोह

वेट करो... जल्द hi स्टार्ट होगा...

कुछ hi अपडेट बाद .. )

तो बे कंटिन्यू....
 
अपडेट.... 32

मई.... ( घर से भर निकल क्र ) यार

डैड को भी एहि काम करवाना था

लेकिन जाना तोह पड़ेगा... पता नहीं वह

इस बार क्या करेगी पिछली बार तोह

मई बच गया... पर आज नहीं शयद और

जहा तक मुझे लगता ह वो प्लान क्र

भी चुकी होगी...

अब आगे....

मई यही सब सोचते हुए... पता

नहीं कब उनके घर पहुंच गया...

घर पहुंच क्र मैंने दूर बेल्ल

बजे... तोह गेट... शिवि ने खोला

और मुझे देख क्र चौंक गई...

जैसे hi गले लगने को हुई मई

अंदर चला गया...

शिवि वही गेट पर कड़ी मुझे

देखती रही... और उसकी आँखों मई

आंसूं बहने.. लगे.. लेकिन मुझे

कोई फर्क नहीं पड़ा मई अंदर जाकर

बैठ गया... और वो आँखों मई

आंसूं लिए... भाग गई अपने

रूम में...

मुझे बहुत बुरा लग रहा था.. आखिर

वह भी मेरी बहिन है और गलती

तोह सबसे होती ह... मई जैसे hi

उठने को हुआ...

तभी शाक्षी मौसी बहार आई

और बड़े hi कामिल नजर से मुझे

देख मेरे पास बैठ गई... और

साइड से मुझे हुग क्र लिया...

मौसी... ( मुझे बाहों में लड़ते

हुए ) कैसे हो अभी... तुम तोह यह

से जाकर हममे भूल hi गए...

जब से गए हो एक फ़ोन तक नहीं

किया हाँ...

मई... ( उन्हें अपने से अलग करते हुए )

ठीक हूँ मौसी जी वह क्या ह न यह

से जाने क बाद सोल्लगे शुरू हो

गया था इसीलिए थोड़ा बिजी था...

मौसी... ( अपना हाथ मेरी जांघ पर

रखते हुए ) अभी तुम्हे कितनी बार

कहु मुझे मौसी न खा करो...

शाक्षी बोलै करो...

मई उनका हाथ हटते हुए खड़ा

हो गया... ककी मेरे पेंट में

धीरे धीरे तम्बू बनना

शुरू हो गया था... और मई नहीं

चाहता था की वह देखे...

मौसी... खा जा रहे हो अभी...

मई... कुछ नहीं बस टॉयलेट जा

रहा हूँ...

यह बोल मई जल्दी से टॉयलेट में

घुस गया और अपनी पेण्ट खोल लुंड

को बहार निकला जो.. शाक्त हो गया..

था उसपर ठंडा पानी दाल

शांत किया तब जाकर रहत मिली...

मई... हे भगवन यह तोह हाथ

धो क्र पीछे पड़ी ह.. अभी ऐसी ह

पता नहीं घर पर क्या होगा... सुबह

सुबह बोल यर... चल जल्दी क्र घर पर

कोई और इन्तजार भी क्र रहा ह...

मई भर आया कोई नहीं था शयद

तैयार होने गई हो मई वही बैठ

गया... और कुछ देर बाद.... एक

नौकर आकर कॉफ़ी दे गया जिसे

मई पीने लगा... करीब आधे

घंटे बाद मौसी बहार आई...

ओह्ह्ह्हह मय्यै गूदड़ड्ढ क्या गजब

की दिख रही थी वह..... ब्लैक

ट्रांसपेरेंट सारी उनके गोर

बदन पर चार चाँद लगा रही थी....

गौर से देखने पर उनकी नाभि

में एक छोटी रिंग दिखाई.... दे रही

थी जिससे में खुद को रोक नहीं पा

रहा था और लगातार मुह्ह खोले

सिर्फ उन्हें hi देख रहा था...

वह मुझे अपनी नाभि को घूरता.

देख शर्मा गई.... बहुत खुश

भी थी की शायद उनका प्लान

कामयाब हो जाए...

मौसी... ( मुझे हिलाते हुए )

अभी... मई कैसी लग रही हूँ..

मई... ( ाः भरते हुए ) यू

अरे सू हॉट....

मौसी मेरी बात सुन शर्मा गई...

और आ क्र मेरे गले लग गई...

आअह्हह्ह्ह्हह उनके बड़े बूब्स

मेरे सीने में डाब गए जिससे

वह धीरे धीरे रगड़ने लगी...

मई सब कुछ भूल क्र खो सा गया

था तभी मेरा फ़ोन रिंग हुआ...

मैंने देखा तृषा का कॉल था

और मुझे सब याद आ गया अवि

क्या हो रहा था... मैंने थैंक

गॉड बोल साइड में चला गया...

कॉल पर....

तृषा... Hello अभी खा है आप..

में कब से इन्तजार क्र रही हूँ..

मई... अरे त्रिषु सॉरी लेकिन मई

मौसी जी को पिक करने उनके सहर

आया हूँ....

तृषा... आप हर बार ऐसा hi करते

हो मुझे बता क्र नहीं जा सकते थे...

मई... अच्छा सॉरी बावा माफ़ क्र दो...

तृषा... ठीक है यह लास्ट वार्निंग

है आपकी...

मई... Ok मैडम साहिबा.. अच्छा

वह तोह बताओ फ़ोन क्यों किया...

तृषा... अरे हाँ मई तोह भूल

hi गई... वह क्या है न परसो

ऑफिस की मीटिंग क चलते मुझे .

***** सेहर जाना है.. तोह मैंने

सोचा कल आप और मई..

मई... ( हस्ते हुए ) क्या जरा खुल

क्र बताओ...

तृषा... ( शरमाते हुए ) धत्त्त

आप भी न... जाओ मई बात नहीं

करती हर वक्त मेको छेड़ते रहते हो...

मई... माफ़ क्र दो मेरी जान अच्छा .

देखो कान पकड़ लिए प्ल्ज़्ज़....

तृषा... एक hi शर्त पर कल पूरा दिन

आप मेरे साथ रहोगे.....

मई... ाचा बावा ठीक है.. कल का

दिन आपके नाम... अब तोह खुश हो न... .

तृषा.... याअहूऊओ ठंकु .

ठंकु सोऊ मच... बहुत खुश...

मई उसकी मासूमियत और बच्चो

जैसे बोलने और उसपर बहुत प्यार

आने लगा...

मई.... ी लव यू त्रिषु.....

तृषा.... ी लव यू सो मच

मेरी जान...

उसके बाद थोड़ी बहुत बात क्र

मैंने कॉल कट किया... और अंदर

गया... झा मौसी जी तैयार बैठी

थी मगर शिवि खो दिखाई नहीं

दे रही थी...

मई... शिवि खा ह अब तक रेडी नहीं हुई...

मौसी... पता नहीं क्या हुआ अभी तक

आई नहीं... ( और चिल्ला क्र ) शिवि बीटा

जल्दी करो हमे लेट हो रहा है...

मई... कोई न मई जाकर देखता हूँ...

मई शिवि क रूम दूर नॉक किया

लेकिन किसीने नहीं खोला... मैंने

दोबारा नॉक किया... लेकिन शामे

किसीने नहीं खोला... मैंने खोलने की

कोशिश की तोह गेट खुल गया और मई

अंदर चला गया...

अंदर जाकर देखा शिवि बिस्तर पर

सर रख रो रही है.. मुझे बहुत बुरा

लगा मई उसके पास गया और उसे

हिलाते हुए बोलै... शिवू....

जैसे hi उसने मेरी आवाज सुनी

झट से कड़ी हो गई... और मुझे

देख रट हुए मेरे गले लग गई...

शिवि... ( रट हुए ) ी ऍम सॉरी भाई...

प्लीज मुझे माफ़ क्र दो...

मई... ( उसके आंसूं पोंछते हुए )

शिवू रोना बंद करो पहले... ठीक

है मैंने तुम्हे माफ़ किया अब खुश ....

शिवि... ( सिसकते हुए ) { मुझे

बाहों में भरते हुए } थैंक यू

भाई... तुम नहीं जानते जब से तुम

गए हो मेरा क्या हाल हो गया... उस..

मई... पलज़्ज़ज़्ज़ज़ शिवू छोड़ो वह

बात जो होना था हो गया... अब

चलो जल्दी से तैयार जो जाओ...

हममे लेट हो रहा है...

शिवू... ठीक है.. बोलकर मुस्कुराते

हुए मेरे

गाल पर किश करते हुए चली गई...

मई भी मुस्कुराते हुए.. वहां

से बहार चला गया...

तो बे कंटिन्यू....
 
अपडेट... 33

शिवि... ( सिसकते हुए ) { मुझे

बाहों में भरते हुए } थैंक यू

भाई... तुम नहीं जानते जब से तुम

गए हो मेरा क्या हाल हो गया... उस..

मई... पलज़्ज़ज़्ज़ज़ शिवू छोड़ो वह

बात जो होना था हो गया... अब

चलो जल्दी से तैयार जो जाओ...

हममे लेट हो रहा है...

शिवू... ठीक है.. बोलकर मुस्कुराते

हुए मेरे

गाल पर किश करते हुए चली गई...

मई भी मुस्कुराते हुए.. वहां

से बहार चला गया...

अब आगे....

बहार आ मैंने देखा... मौसी

जी तैयार बैठी है... मई उनसे

दूर hi रहना चाहता था इसीलिए

भर चला गया... थोड़ी देर बाद

अंदर आया देखा दोनों तैयार

ह... मई उनको लेकर गाढ़ी मई

बैठ गया लेकिन यह क्या...

मौसी मेरे पास वाली सीट और

बैठी थी... और शिवि पीछे... अब

इतना अच्छा मौका मिले और वह

फायदा न उठाये ऐसा कैसे हो

सकता है...

अब मई क्या करता लेट भी हो रहा

था इसलिए जल्द से जल्द घर

पहुंचना चाहता था... मई

गाढ़ी मई बैठा और तेजी से

गाढ़ी घर की और बढ़ा दी...

मई गाडी चला hi रहा था की

कुछ देर मुझे अपनी जांघों

पर हाथ महसूस हुआ... मैंने

देखा मौसी बड़ी hi कामुक

नजर से मेरी और देख रही थी...

और धीरे धीरे अपने हाथ से

जांघ सेहला रही थी...

मेरी हालत ख़राब होने लगी...

मैंने सीसे से देखा तोह

शिवि कण में हेडफोन्स

लगाए गांव में बिजी थी..

और भर देख रही थी..

धीरे धीरे उनका हाथ आगे

बढ़ने लगा और अचानक hi उनका

हाथ मेरे लुंड पर लगा... जो इस

वक़्त उनकी हरकत से फुल हार्ड हो

चूका था...

उनके हाथ रखते से मेरे मुँह

से हलकी से आअह्हह्ह्ह्हह निकल गई....

मई लगातार मिरर से देख रहा

था कहि शिवि तोह नहीं देख रही...

उसने देख लिया तोह वो क्या सोचेगी...

मई... ( धीरे से मौसी को ) मत

करूऊ प्ल्ज़्ज़्ज़्ज़...

लेकिन वह नहीं मानी और धीरे

धीरे मेरा लुंड कपड़ों क ऊपर

से सहलाने लगी... मेरे मुह्ह

से हलकी हलकी सिसकियाँ निकलने

लगी... और चेरे से पसीना छूटने लगा....

जिसे देख मौसी हलकी सी मुस्कुराई

लेकिन उन्होंने अपना काम नहीं

छोड़ा... अचानक मुझे एक आईडिया

आया और मैंने ब्रेक लगाई...

ब्रेक लगते hi.. मौसी ने अपना

हाथ हटा लिया... और मुझे घूरने.

लगी... लेकिन मैंने उन्हें इग्नोर क्र दिया...

शिवि... क्या हुआ भाई गाढ़ी क्यों

रोकी... और इतना पसीना क्यों आ

रहा है...

मई... ( पसीना पूछते हुए )

लगता ह मुझे डिहाइड्रेशन हो रहा है...

शिवि... कोई न भाई आप पीछे आ

जाओ आराम क्र लो गाढ़ी माँ चला

लेंगी... क्यों माँ...

मन तोह किया की शिवि को अभी जा क्र

गले लगा लूँ... लेकिन मई शांत hi

रहा और मौसी की तरफ देखा जो खा

जाने वाली नजरों से मुझे देख

रही थी..

मुझे यह से निकलना hi ठीक लगा

मई जल्दी से बहार आ पीछे

बैठ गया.. शिवि क पसस.... और

मौसी जी ने एक बार फिर मुझे

घूर क्र देखा फिर गाडी आगे

बढ़ा दी...

मेरे बैठने से शिवि भी खुश

थी जो मुझे समझ नहीं आया क्यों...

अचानक उसने मुझे साइड से हुग

क्र लिया और मेरे कंधे और सर रख

आँखे बंद क्र ली...

मुझे उसका बेहेवियर थोड़ा

अजीब लगा लेकिन मौसी से तोह

बेहतर hi था इसलिए मैंने उसे

टोकना ठीक नहीं समझा.......

फिर गाँधी अपनी रफ़्तार से चलती

रही और शिवि मेरे कंधे पर hi

सो गई... मैंने उसकी तरफ देखा

वह सोते हुए बिल्कुल बच्चों क

जैसे लग रही थी और मुस्कुरा रही

थी सिड कोई खूबसूरत सपना

देख रही हो...

उसके चेहरे पर उसके बालों की

एक लत्त जो उसे परेशां क्र रही थी...

मैंने अपने हाथ से उसे उसके

कान क पीछे किया... और हलके से

उसके माथे को चूमा... जिससे

उसकी आँखें खुल गई... और

मुस्कुरा क्र मेरी तरफ देखने लगी...

मई भी मुस्कुरा दिया... और तभी

एक बार फिर ब्रेक लगी... मैंने

देखा तोह हम पहुंच गए थे...

मई जल्दी से भर निकला और दोनों

क साथ घर में एंटर हुआ...

ओह्ह्ह मय्यै गूदड़ड्ढ... घर

देख मेरे मुँह से यही निकला...

क्या खूबसूरत डेकोरेशन था...

और होगा भी क्यों न आखिर किया भी

किसने था मेरी जान ने...

पुरे हॉल में चरों तरफ वाइट

रोजेज लगे हुए थे... और हर जगह

वाइट परदे लगे हुए थे... ढिम्म

लाइट में यह जगह किसी जन्नत से

काम नहीं लग रही थी... एक पल तोह

मुझे लगा hi नहीं की यह मेरा घर है..

खैर में सब कुछ छोड़ अंदर

चला गया... और मेरे पीछे पीछे

मौसी जी और शिवि भी... हम हॉल

में एंटर हुए hi थे की एक साइड

मुझे किसी ने आवाज दी मैंने

देखा तोह डैड मेरी तरफ आ रहे थे...

डैड मेरे पास आ गए और मौसी जी

और शिवि अंदर चली गई... थोड़ी

देर मैंने डैड से बात की लेकिन

मेरी नजर तोह सिर्फ सोनाली को hi

ढून्ढ रही thi...Tabhi मुझे

वह नजर आई..

ब्लू कलर क पार्टी गाउन मई

वह बहुत खूबसूरत लग रही थी..

. मई लगातार उसी को घूरे जा

रहा था... तवी उसकी नजर भी मुझपर

पड़ी और मुझे यूँ घूरता देख

मुस्कुरा दी और हलकी से होठ दिला

क्र डैड बोली...

मैंने पीछे देखा तोह डैड मुझे

hi देख रहे थे... जिससे मई घबरा

गया...

डैड... ( मुस्कुराते हुए ) देखना

हो गया हो तोह जल्दी जा और तैयार

होकर आ सभी लोग आते hi होंगे....

डैड की बात सुन मेरा तोह पसीना

छूट गया... व्हाट थे फ़क... यह

क्या हो रहा है पहले माँ अब डैड...

कुछ तोह है जो यह दोनों छुपा

थे ह... यही सब सोचते हुए मई

अपने रूम में चला गया... झा

तृषा पहले से मेरा इन्तजार क्र रही थी...

उसे देख मैंने अपना मूड ठीक

किया और आगे बढ़ उसे गले लगा

लिया.... वह भी बाहों में समां गई...

तृषा... ( बच्चों जैसे आवाज में )

इतनी देर क्यों लगा दी पता है मई कब

से आपका इंतजार क्र रही हूँ...

उसकी बात सुन मई हल्का सा मुस्कुरा

दिया और जोर से उसे अपनी बांहो में

कस लिया...

तृषा... ( नाराज लहजे में ) क्या करते

हो जी ड्रेस ख़राब हो जाएगी...

मई उसको झट से छोड़ दिया और

बाथरूम की तरफ जाने लगा की

उसने मेरा हाथ पकड़ लिया... मैंने

उसकी आँखों मई देखा तोह एक

गुजारिश थी की न jaao....Mai

धीरे धीरे उसकी तरफ बढ़ा और

उसके होठ पर अपने होठ रख दिए....

वह भी मेरी बाहो में किसी बेल

की तरह लिप्त गई... और किश करने लगी...

एक पैशनेट किश क बाद हम

अलग हुए...

मई... अब तोह जा सकता हूँ...

या और कुछ चाहिए...

वह कुछ नहीं बोली और मुस्कुरा दी...

मई भी मुस्कुराते हुए बाथरूम

में चला गया और नाहा क्र फ्रेश क्र

बहार आया तोह इस बार सोनाली

रूम में थी... मई जल्दी से आगे

बढ़ उसे गलहुंग क्र लिया...

मई... ी मिस यू जान...

सोनाली.... ( मुस्कुराते हुए ) ी मिस

यू तू बेतु... लेकिन अब हमे

थोड़ी बहुत तोह आदत डालनी hi पड़ेगी...

मुझे भी उसकी बात ठीक लगी... मई

मुस्कुराते हुए उसके गाल पर किश

क्र दिया... वह भी मुस्कुरा क्र मेरे

गाल पर किश क्र दी...

सोनाली... ( मुझसे अलग हो क्र ) चल

बेतु जल्दी क्र यह रहे कपडे चेंज

क्र और जल्दी बहार आ... सब लोग आ

चुके ह.. और पार्टी स्टार्ट हो चुकी ह...

यह बोल वह बहार चली गई... और

मई कपडे उठा पेहेन्ने लगा... जो

की एक ब्लू पार्टी वियर सूट था जिसमे

स्लीव्स नहीं थी... और वाइट शर्ट पर

ब्लू चेक में कोट बहुत अच्छा

लग रहा था... जो शायद सोनाली ने

आज hi मंगवाया हो...

फिर मई जल्दी जल्दी तैयार हुआ... और

अपनी शर्ट की स्लीव्स ऊपर की... जो

की मेरी पर्सनालिटी पर सूट करती थी....

बाल सेट किए एक बार शीशे में

देखा और चल दिया बहार....

जैसे hi मई बहार निकला किसी से

टकराया...

लड़की.... ( बिना देखे ) इहह्ह

इडियट देखे नहीं देता अँधा है क्या..

लेकिन जैसे hi मुझे देखा शोक

हो गई... और लगातार मुझे

देखने लगी.. मई भी आगे बढ़

उसे गले लगा लिया...

मई... क्या हुआ कवी नाराज हो मुझसे...

इंट्रो बाद में दे दूंगा वैसे यह

बुआ जी की छोटी लड़की ह बड़ी की शादी

हो चुकी ह...

कविता... ( होश में आ क्र ) भाई आप

सॉरी मैंने आपको देखा नहीं...

मई... ( उससे अलग हो क्र ) चल छोड़

और यह बता कैसे हो और कब आई...

कविता... मई तोह ठीक हूँ भाई

लेकिन आज कई लड़किआं मरने वाली है...

मई... ( घबरा क्र ) क्यों क्या हुआ...

कविता... आप इतने हैंडसम लग

रहे हो लगता है आज एक दो लड़कियां

मर hi जायेंगे...

मई... क्या कवी कुछ भी बोलती है..

कविता... यकीन नहीं है तोह वो देखो...

तुम्हारे पीछे वो लड़की कैसे तुम्हे..

घूर रही है...

मैंने पलट क्र देखा तोह वंहा तृषा..

कड़ी जो मुझे hi देखे जा रही थी...

उसे देख मई मुस्कुरा दिया...

मई... वह सब छोड़ चल निचे

चलते है...

और साथ चलने लगा लेकिन थोड़ी..

दूर जाकर

मई.... तू चल मई अपना फ़ोन..

भूल गया सभी आया...

और वह ok बोल चली गई..

मई जल्दी से वंहा से निकल तृषा क

पास चला गया... वो अभी भी

मुझे घूर रही थी... में हलके

से उसकी कमर और चुटी काटा...

तृषा... ( होश में आते हुए )

ोोोुछःह क्या करते हो जी...

मई... वह तोह मुझे तुमसे

पूछना चाहिए क्या क्र रही थी...

तृषा... कुछ नहीं मई तोह बस....

और शर्मा गई...

मैंने इधर उधर देखा और हलके

से उसके गाल पर किश क्र दिया...

वह शर्मा गई और निचे हॉल में

चली गई मई भी उसके पीछे

पीछे चला गया...

इक बात अजीब थी जैसे जैसे में

सीढ़ी उत्तर रहा था... सब लोग

मुझे hi देख रहे जैसे मई कोई

एलियन हूँ... मैंने देखा 5 लोग

तोह मुझे खा जाने वाली नजरों

से देख रहे थे... जिनमे... तृषा ,

सोनाली , मौसी जी , शिवि और कियारा

भी मौजूद थी...

मैंने देखा पिंक ड्रेस मई वह

किसी पारी से काम नहीं लग रही थी... और

मई धीरे धीरे चल डैड क पास

पहुंच गया... पार्टी शुरू हो

चुकी थी... डैड मुझे एक एक क्र

सबसे मिलाने लगे...

थोड़ी देर बाद मई उनसे विदा ले

सोनाली क पास पहुंच गया... और

उसका हाथ पकड़ ले गया झा खाने

क इंतजाम था... वह कुछ न बोली

मुस्कुराते हुए बस मेरे साथ किसी

स्टेचू की तरह चलती रही....

मैंने हम दोनों क लिए एक प्लेट

मई खाना लिया और बैठ गया.. और

उसे अपने हाथ से खिलने लगा...

आये होये कभी हुए भी खिला

दिया करो...

मैंने देखा तोह तृषा कड़ी थी..

मैंने उसका हाथ पकड़ उसे भी बैठा

दिया और अपने हाथ से दोनों को

खिलने लगा...

मई दोनों से बातें करते करते

खाना खिलने लगा तभी मुझे

लगा कोई मुझे देख रहा मैंने

गौर से देखा तोह कियारा प्लेट

लिए कड़ी हममे hi देख रही थी...

मैंने उसे आने का इशारा किया

और वह भी खुश होते हुए

हमारे पास आ गई...

कियारा... ही अभी...

मई... ही कियारा आओ बैठो न

कड़ी क्यों हो...

कियारा... थैंक्स.... कहि मैंने

डिस्टर्ब तोह नहीं किया...

मई.. कैसी बात करती हो.. आओ बैठो

और एक ने वाला उसके मुँह की तरफ क्र

दिया जिसे उसने मुस्कुराते हुए खा लिया...

सोनाली और कियारा ख़ामोशी से हमे

देख रही थी तृषा कुछ बोलना

चाहती थी लेकिन सोनाली ने उसको

इशारे से मना किया... खाना खा

कियारा bye बोल चली गई...

तृषा... ( मुझे घूरने हुए )

यह कोण थी..

मई.. ( मुस्कुराते हुए ) मेरी नई

गफ क्यों पसंद नहीं आई...

तृषा... ( मेरा गला पकड़ते हुए )

जान ले लुंगी...

मई.. अच्छा बावा सॉरी यह कियारा

ह मेरी क्लासमेट.. और इसके बारे

तुम सोनाली से डिटेल में पूछ लेना...

तृषा... Ok.. bye मई जा रही हूँ...

मई.. आई खा जा रही हो अभी तोह

पार्टी शुरू हुई ह रुको न..

तृषा... ( उदास होते हुए ) सॉरी

अभी वो क्या है न.. परसो की जगह कल

hi मीटिंग है इसीलिए थोड़ा

प्रेजेंटेशन पर काम करना है..

मई.. चलो मई तुम्हे छोड़ देता हूँ..

तृषा... नहीं नहीं आप क्यों परेशां

हो रहे हो.. वैसे भी मई माँ क

साथ जा रही हूँ....

मई.. ( उठ क्र उसके गले लगते हुए )

अपना ख्याल रखना.. अच्छे से जाना

और पहुंच क्र मुझे कॉल करना ok.

तृषा कुछ न बोली सिर्फ हाँ मई

सर हिला दी... और मुझे बाँहों में

कस लिया...

सोनाली... उम्म्म्म उम्म्म यह क्या

हो रहा है.. और तू छोड़ मेरे भाई को...

तृषा.... ( मुझसे अलग हो सोनाली

को चुटकी काट क्र..) तुझे क्यों जलन

हो रही है.. मौका दे रही हूँ..

औ तोह खुश खबरि दे देना..

{ और खिल खिला क्र हसने लगी }

सोनाली... ( शर्मा गई ) तू नहीं

बचेगी मेरे हाथ से..

तृषा हस्ती हुई भाग गई सोनाली

भी उसकी पीछे भागने लगी

मगर मैंने उसे पीछे से हुग क्र लिया...

मेरी बाँहों में आते hi वह गुस्सा

भूल गई... और पलट क्र मुझे हुग क्र ली...

माँ... ( शरारती स्माइल क साथ ) अरे

बेशर्मो कुछ तोह शर्म क्र लो...

माँ की आवाज सुन हम दोनों झट

से अलग हो गए.. और सोनाली शर्मा

क्र भाग गई.. और बचा मई... माँ

मुझे कुछ बोलती उससे पहले मई

वहां से खिसक लिया.. और डैड क

पास पहुंच गया...

धीरे धीरे पार्टी खत्म होने लगी...

तभी मुझे कोई दिखा जिसे देख

मेरी आँखें गुस्से से लाल हो गई...

मई.. ( गुस्से मई ) डैड यह यह

क्या क्र रही है...

डैड कुछ न बोले...

धीरे धीरे वह मेरे पास आने

लगी लेकिन... उनको यह देख मेरा

दिमाग ख़राब होने लगा... मई

कुछ नहीं बोलै और सीधा घर ऐ

बहार निकल गया...

तो बे कंटिन्यू.....
 
अपडेट... 34

मई.. ( गुस्से मई ) डैड यह यह

क्या क्र रही है...

डैड कुछ न बोले...

धीरे धीरे वह मेरे पास आने

लगी लेकिन... उनको यह देख मेरा

दिमाग ख़राब होने लगा... मई

कुछ नहीं बोलै और सीधा घर ऐ

बहार निकल गया...

अब आगे....

भहर निकल मई कार मई बैठ गया...

तभी सोनाली मेरे पास भगति हुई आई...

सोनाली... ( मेरा हाथ पकड़ क्र ) बेतु

खा जा रहे हो... चलो अंदर...

मई... ( आँख से आंसू बहते हुए )

नहीं जान पलज़्ज़ज़्ज़ज़ आज मत रोको... जो दर्द

मैंने 1 साल से चुपके बैठा था

आज वह एक बार फिर मेरे सामने आ

गया .. प्लीज मुझे मत रोको तुम्हे

मेरी कसम...

मेरी कसम सुन सोनाली ने हाथ छोड़

दिया और आंसूं भाते हुई अंदर जाने

लगी... की मई कार से बहार निकल उसे गले

लगा लिया...

मई... ( उसके आंसू पूछते हुए ) रो

मत प्लीज.. तुम जानती हो न तुम रोगी

तोह मुझे जयादा दर्द होगा...

{ उसके माथे पर किश क्र } अपना कयल

रखना मई नहीं चाहता मेरी वजह से

सब दुखी हो.. उनको बोल देना मई

तृषा को छोड़ने गया हूँ एयरपोर्ट

सुबह तक आ जाऊंगा...

वह कुछ न बोली बस एक बार मुझे

कस क्र गले लगा लिया...

सोनाली... ( अलग हो क्र ) अपना कयल रखना...

और जल्दी आना...

मई एक बार उसके गाल पर किश क्र कार

मई बैठ गया और चल दिया.... सोनाली

से मिल जो आसूं मेरी आंको मई रुक

गए थे वो फिर बहने लगे... और मई

कार अपनी रफ़्तार से चलने लगा... की

मुझे बेयर बार नजर आया मई

गाढ़ी रोक अंदर गया और 2 बोतल

रम की ली... बहार आ अपनी कार मई

बैठ गया...

मैंने झट्ट से बोतल खोल क्र एक

बार उस पल को याद करते हुए...

आंसूं बहते हुए मुँह से लगा

ली... और गाठ गाठ गाठ.... पूरी बोतल

खत्म क्र दी...

मेरा कलेजा जल उठा पुरे गले में

जलन महसूस होने लगी... लेकिन

यह उस दर्द से काम hi थी... मैंने

दूसरी बोतल खोली... और उससे धीरे

धीरे पीने लगा और गाढ़ी आगे

बढ़ा दी...

थोड़ी देर बाद नशा मुझे पर

हावी होने लगा... मई गाढ़ी

चला hi रहा की तभी कोई मेरी

गाढ़ी से टकराया... मैंने उत्तर

क्र देखा तोह एक लड़की गिरी पड़ी थी...

मई... ( लड़खड़ते क़दमों से उसे

उठा क्र ) आप ठीक तोह है...

लड़की.. ( रट हुए ) मुझे बचा लो

वह लोग मुझे... ( तभी उसकी नजर

मुझ पर पड़ी ) अभी यह क्या हुआ

तुम्हे ठीक तोह...

मैंने उसे वूर से देखा अरे यह

तोह कियारा है..

मई.... मई तोह ठीक हूँ लेकिन तुमको

क्या हुआ...

तभी 3,4 लड़के मेरे पास आ गए...

लड़का 1... आइए लड़के लड़की को छोड़

और निकल यह से...

मई... कोण हो तुम लोग और इसका पीछा

क्यों क्र रहे हो...

लड़का 2... तू जनता नहीं हम मिनिस्टर

क आदमी है अपनी भलाई चाहता हो

तोह निकल यह से...

मई... ( लड़खड़ा क्र कियारा हो हुग

करते हुए ) तुम डरना मत हाँ मई

हूँ न यह.. और तुम एक मौका

दूंगा निकलो यह से वर्ण वह

हालत करूंगा.. की सात पोस्टें नहीं

पहचान पाएंगी.. चल भाग यह से...

लड़का 1... तू ऐसे नहीं मानेगा अभी

बताता हूँ..

और उसने चाक़ू निकल किराया पर वार

किया लेकिन मैंने उसे एक लात मारी..

वह दूर जा गिरा और पेट पकड़ बैठ गया...

यह देख लड़का 2 मेरी तरफ पीछे

से वार किया लेकिन मई उसके लिए

रेडी था और एक बार फिर पीछे को

लात मारी वो जार क्र खम्बे से

टकरा गया जिससे उसका सर फैट गया...

और कराहते हुए बेहोश हो गया...

यह देख बाकी बचे 2 लड़को की

फट क हाथ में आ गई... मैंने

कियारा को देखा वो अभी आँखें

बंद किए मुझे हुग किए हुए थी...

मैंने उसे गॉड मई उठाया और

गाडी मई बैठा दिया...

और मई उन गुंडों की तरफ बढ़ने लगा

की उसने मेरा हाथ पकड़ न में इशारा

किया.. मैंने एक बार मुस्कुरा क्र

उसकी तरफ देखा.. और उसे वही छोड़

शर्ट उतार दी और उसे पहना दी...

जैसे hi उसने मेरी बॉडी देखि

मुझे घूरे जा रही थी.. लेकिन मेरे

मन में कुछ और hi था...

तभी बाकी बचे लड़को ने एक साथ

हुम्ला किया.... एक ने मुझे मुझे.

पीछे से पकड़ लिया और एक सामने से

मुझ पर हुम्ला करने hi वाला था की...

मैंने उछालते हुए एक लात उसको दी...

अगर कोई ववे देखा हो.. तोह बिल्कुल

शॉन माइकल का किलिंग मूव...

चीन म्यूजिक... जो सीधा उसकी चीन क

निचे लगा और वो धम्म से निचे

गिर पड़ा....

बचा एक मैंने गर्दन घुमा क्र

उसकी तरफ देखा उसके पसीना छूट

गया... और उसने झट से मुझे छोड़ दिया...

लड़का 4.... मुझे माफ़ क्र दे भाई

गलती हो गई...

नशा मुझ पर हावी हो गया था

मैंने उसकी एक न सुनी.. और उसका

सुर पकड़ गाडी की दिग्गी पर दे

मारा... जिससे वह चींखता हुआ

बेहोश हो गया...

तभी कियारा बहार निकल आई और रट

हुए मेरे गले लग गई... मैंने उसके

आंसू पोंछा और लड़के 1 के पास

बोलै.... सुन बे तू जो कोई भी हो इसका

पीछा छोड़ वर्ण आज तोह जिन्दा छोड़

दिया अगली बार न छोडूंगा....

और लात उसके मुँह पर मारी जिससे

वह बेहोश हो.. गया... और मई

कार में आकर बैठ गया... कियारा बस

मुझे hi घूरे जा रही थी.... मैंने

उसकी तरफ देखा तोह मुझे फिर से वह

गम याद आ गया और आँखे अपने

आप नुम हो गई...

कियारा... ( मेरे आंसूं पांच क्र )

क्या हुआ अभी तुम रो क्यों रहे हो...

मई छह क्र भी कुछ नहीं बोल पा

रहा था और बोतल निकल मुँह से लगा

गाठ गाठ पीने लगा... मुझे इस तेह

देख कियारा परेशां हो गई आखिर

मुझे हो क्या गया है...

कियारा... अभी... अभी...

लेकिन मुझे कुछ सुनाई hi नहीं दे

रहा था... तभी कियारा ने मुझे

हिलाया... मैंने झट्ट से ब्रेक

मारी.. और पता नहीं कब बेहोश हो गया....

अब चलते है घर.. देखते है

मेरे वह से निकलने क बाद क्या हुआ...

जैसे hi मई घर से बहार निकला..

तोह जो शख्स मेरे पास आ रहा था

वो रट हुए माँ क पास चला गया...

अननोन.... ( रूट हुए हाथ जोड़ क्र )

बहिन जी मुझे माफ़ क्र दो...

माँ... ( उनके हाथ पकड़ क्र ) यह आप

कैसे बात क्र रही है वह आप का भी

बीटा है...

जी हाँ यह और कोई नहीं वही आंटी ह

जिसका फ़ोन अभी को आया था....

आंटी... ( रट हुए ) इसी बात का तोह

गम ह है... की मई माँ होते हुए

भी अपने बेटे जैसे अभी क साथ

ऐसा क्र बैठी... मुझे माफ़ क्र दो

दीदी... अब तोह मेरी एहि आखिरी इच्छा ह

की मरने से पहले वह एक बार

मुझे माँ बोले....

माँ... ( उनके आसूं पांच क्र )

आपने कुछ गलत नहीं किया वह

हालत hi ऐसे थे....

तभी सोनाली रट हुए अंदर आई

माँ ने उससे मेरे बारे मई

पूछा लेकिन वह कुछ न बोली

बस एक नजर आंटी की ओरे देखा

और रट हुए अपने कमरे मई भाग गई...

अब चलते है गुंडों की तरफ मेरे

वंहा से जाते hi लड़के 1 ने अपने

बॉस को कॉल किया...

कॉल पर...

लड़का 1.... बॉस मुझे वह मिल गया...

बॉस... खा है वह उसे पकड़ क्र

लाओ मेरे पास... मई उसे अपने

हाथों से मरूंगा...

लड़का 1... नहीं बॉस उनसे हम

सब की हालत ख़राब क्र दी...

बॉस... गधो... जल्दी जाओ उसे

ढूंढो वह खा ह...

लड़का 1... फ़िक्र न करो बॉस उसका पता

हमे मिल चूका है...

बॉस... ( खुश होते हुए ) वाह

क्या खुशखबरी सुनाई है तुमने

जल्दी मेरे पास आ है तुम्हे

मालामाल क्र दूंगा...

लड़का 1... ठीक ह बॉस अभी आते ह...

कॉल कट...

बॉस... कब तक छुपता फिरेगा डेविल

कल तेरा आखिरी दिन होगा... मेरे भाई

को मार्के तूने बहुत बड़ी गलती क्र दी...

है है है है...

नेक्स्ट... मॉर्निंग...

सुबह मेरी नींद खुली तोह देखा

मई कमरे मई अकेला हूँ... और

मेरा सर दर्द से होता जा रहा...

तभी मुझे कल रात की पूरी घटना

याद आई... मैंने चारो तरफ देखा...

मुझे यह रूम किसी लड़की का लगा...

मई समझ गया यह कियारा का रूम है...

मई जैसे तैसे उठ क्र लड़खड़ते

हुए बाथरूम गया और फ्रेश होकर

बहार आया... की मुझे सोनाली की

याद आई.. मैंने टाइम देखा 10

बज चुके थे...

मई जल्दी से अपना फ़ोन ढूंढ़ने

लगा.... की मुझे कियारा की सकेटच्बूक

दिखाई दी.. उसपर मेरा नाम लिखा था...

मई सोच में पद गया... और फ़ोन

को छोड़ मई उसको खोल क्र देखने लगा...

ओह्ह्ह्हह मय्यै गूदड़ड्ढ... अब एक

और नहीं... दरअसल उसमे हर पेज पर

मेरे hi स्केच बने हुए थे... और हर

स्केच क निचे ी लव यू अभी लिखा

हुआ था.. जिसे देख एक पल तोह मेरी

आँखें नाम हो गई...

लेकिन मैंने खुद को संभाला और

अपने आंसूं पांच क्र फ़ोन

ढूंढ़ने लगा...

तभी कियारा हाथ में कॉफ़ी लिए

रूम में एंटर हुई...

कियारा... ( मुस्कुराती हुई ) गुड़

मॉर्निंग अभी...

मई... ( नार्मल बेहवे करते हुए )

गुड़ मॉर्निंग किरण.. तुमने मुझे

उठाया क्यों नहीं... और मेरा फ़ोन खा ह..

कियारा... मैंने तुम्हे बहुत उठाया

लेकिन तुम उठे hi नहीं ( और शरमाते

हुए ) वैसे भी तुम सोते हुए बहुत

क्यूट लग रहे थे...

मई... क्या....

कियारा... कुछ नहीं वह फ़ोन बहार

चार्ज में लगा है...

मई ok बोल बहार जाने लगा की कियारा

ने मुझे कॉफ़ी थमा दी... फिर

मैंने जल्दी से कॉफ़ी खत्म की और

फ़ोन ले बहार जाने लगा... तभी

कियारा भी बहार आ गई... और कार

मई बैठ गई... मैंने सोनाली को

कॉल किया...

जिसे सोनाली ने झट से उठा लिया...

सोनाली... ( गुस्से में ) खा है बेतु

सुबह से फ़ोन क्र रही हूँ...

मई... सॉरी जान आकर बताता हूँ

खा हो तुम...

सोनाली... ( उदास होती हुई ) घर पर हूँ..

मई... ोकक मई सीधा सोल्लगे जा रहा

हूँ वंही मिलो....

सोनाली... Ok बोल फ़ोन कट क्र दिया...

तभी मैंने पास मई बैठी कियारा को

देखा... उसकी आँख से आंसू बहने

लगे... मई झट्ट से गाडी रोक दी...

मई.... ( उसके आंसू पूछते हुए ) क्या

हुआ किरण रो क्यों रही हो...

कियारा... ( रट हुए ) कोण थी वह....

मई... ( उसका इशारा समझ गया ) माफ़

करना किरण लेकिन मई किसी और से प्यार

करता हूँ...

कियारा कुछ बोलती उससे पहले 5,6 ब्लैक

सुव ने हममे चरों तरफ से घेर

लिया... करीब 30, 35 आदमी एक47

हाथ में लिए बहार निकले...

मई कुछ करता उससे पहले एक आदमी

ने गन कियारा क सर पर तान दी...

और बहार निकलने का इशारा किया...

मई और कियारा बहार निकल आए मैंने

देखा सभी आदमियों ने हमे

चरों तरफ से घेर लिया ह... मैंने

गौर से देखा तोह पूरा इलाका एंड

सुनसान है... मैंने दिमाग पर

ज़ोर डाला तोह मुझे यह जगह बिल्कुल

सपने जैसे लगी...

मैंने कियारा की तरफ देखा सिड उसे भी

सब याद आ गया होगा...

कियारा... ( रट हुए ) छोड़ दो हममे

क्यों परेशां क्र रहे हो... अब्भी...

और फुट फुट क्र रोने लगी...

तभी एक सुव से आदमी बहार आया..

. यह और कोई नहीं अपना मिनिस्टर hi था...

मिनिस्टर... ऐसे कैसे छोड़ दूँ बड़ी

मुश्किल से हाथ आया ह...

मई... कोण हो तुम और हममे ऐसे

क्यों पकड़ रखा है...

मिनिस्टर... ( हस्ते हुए ) है है है तू

भूल गया डेविल लेकिन मई नहीं भुला

तूने मेरे भाई को मारा अब तेरा भी

समय आ गया है तुझे भी उसके

पास पहुंचा दूंगा...

तभी उसने अपनी गन गन निकली...

मई... ( कियारा से ) सोनाली से कहना मई

उसे बहुत प्यार करता हूँ...

तभी मिनिस्टर ने फायर किया... टाआड़द्द

टाआड़द्द करके पूरी गन खली क्र दी...

कियारा.... ( रट हुए ) Abhiiiiiiiiiiiiiii....

तो बे कंटिन्यू.....
 
अपडेट... 35...

तभी उसने अपनी गन गन निकली...

मई... ( कियारा से ) सोनाली से कहना मई

उसे बहुत प्यार करता हूँ...

तभी मिनिस्टर ने फायर किया... टाआड़द्द

टाआड़द्द करके पूरी गन खली क्र दी...

कियारा.... ( रट हुए ) Abhiiiiiiiiiiiiiii....

अब आगे...

और भाग क्र मेरे पास आई और मेरा

सर गॉड मई रख रोने लगी....

मिनिस्टर.... ( अपने आदमियों से )

चलो यह से... इससे पहले कोई

देख ले. .

आदमी... बॉस इस लड़की का क्या

करना है...

मिनिस्टर... ( हस्ते हुए ) हममे

तोह इसे थैंक्स कहना चाइये

छोड़ दो इसे ....

और फिर वंहा से मिन्स्टर अपने

आदमियों क साथ चला गया...

कियारा.. मेरा सर गॉड में रख

पागलों क जैसे रोए जा रही थी

की तभी उसने अपना सर मेरे

सीने में रख दिया... की अचानक

वह चौंक गई... मेरी धड़कन

अभी भी चल रही थी...

उसने इधर उधर देखा.... और फिर

जल्दी से मुझे जैसे तैसे घसीट

क्र गाढ़ी में बैठा दिया... और

चल दी हॉस्पिटल की और...

वही दूसरी तरफ सोनाली... अभी से

बात क्र सोल्लगे की लिए तैयार

होने चली गई... लेकिन जैसे

hi वह घर से भर निकलने

को हुई... ...

अब्भी चिल्लाते हुए बेहोश

हो गई... उसकी चींख सुन घर

में मौजूद सभी लोग माँ,

डैड, मौसी , शिवि और आंटी

सभी सभी चकित हो गए और

भाग क्र सोनाली क पास पहुंचे...

झा उसको बेहोश देख डैड

उसे होश में लाने की कोशिश

की लेकिन आँखे बंद किए पड़ी थी

बस साँसे चल रही थी...

डैड तुरंत उसे गॉड में उठा क्र

हॉस्पिटल चले गए... हॉस्पिटल

पहुंच और उनके साथ पूरा

घर भी पहुंच गया... उन्होंने

अभी को कॉल किया लेकिन कोई पिक

नहीं क्र रहा था.. उनहोंने सोनाली

को एडमिट किया hi था की तभी

माँ को िक क बहार कियारा

रोटी हुई दिखी...

माँ.... . क्या हुआ बेटी रू क्यों

नहीं हो...

जैसे hi कियारा ने माँ को देखा

वो उन्हें गले लग क्र रोने लगी....

कियारा रोए जा रही थी... और अचानक

hi वो रट रट बेहोश हो गई...

माँ... ( डैड से ) जल्दी से डॉक्टर

को बुलाओ...

कुछ hi देर बाद डॉक्टर आए और

बोले घबराने की जरुरत नहीं ह

सिर्फ बेहोश हुई ह... और उसके

चेहरे पार पानी क चिनन्ते

मार उसे होश में ले आए...

.वही डैड लगातार अभी को

फ़ोन लगा रहे थे लेकिन कोई

नहीं उठा रहा था...

डैड... ( चिंतित हो क्र ) यह अभी

फ़ोन क्यों नहीं उठा रहा...

अभी का नाम सुन कियारा फिर रोने लगी...

माँ... क्या हुए बेटी रो क्यों रही

हो... फ़िक्र मत करो सब ठीक हो

जायेगा... वैसे किसके लिए रो रही हो.....

कियारा... ( रट हुए ) वोऊ...

वोऊ... Abhiiiiiiiiiiiiiii.... और फुट

फुट रोने लगी...

अभी का नाम सुन माँ क साथ

वंहा खड़े सभी लोग शॉकेड

हो गए...

माँ... ( घबराते हुए ) क्या....

क्या खा तुमने अभी क्या हुआ उससे...

फिर कियारा रट हुए रात से ले क्र

सुबह तक का वाकया सब को सुनाने

लगी... जिसे सुन लगभग सभी

का हाल कियारा की जैसा हो गया और

वो सब फुट फुट क्र रोने लगे....

माँ भगति हुई िक की तरफ गई और

उन्होंने खिड़की से मुझे देखा

मेरी हालत देख वो चींख

चींख क्र रोने लगी... डैड ने

उन्हें संभाला रो तोह वह भी

बहुत रहे थे लेकिन यह हॉस्पिटल था...

माँ... ( रट हुए डैड क गले लग

गई ) देखिये मैंने आज तक आपसे

कुछ नहीं माँगा... प्लीज मुझे

मेरा बच्चा वापिस ला दो...

डैड... ( माँ की पीठ सहलाते हुए )

अपने आप को सम्भालो संध्या

अभी को कुछ नहीं होगा... वह तोह

मेरा शेर पुत्तर है... ( यह बोल

डैड भी रोने लगे )

तभी आंटी भाग क्र आई और माँ

क पैरो मई गिर क्र रोने लगी...

माँ ने उन्हें खड़ा किया और गले

लगा लिया...

आंटी... ( रोये हुए ) मुझे माफ़

क्र दो दीदी यह सब मेरी वजह से हुए

है... न मई यह आती न यह सब होता...

माँ... ( रट हुए ) कैसी बात क्र रही

हो... क्या तुम उसकी माँ नहीं हो...

तुम्हारा भी उसपर उतना hi हक़ है

जितना मेरा है...

आंटी... ( रट हुए ) लेकिन...

माँ... ( रट हुए ) लेकिन वेकिन

कुछ नहीं... कुछ नहीं होगा मेरे

बेटे को वह मुझे और अपनी बहिन

को ऐसे hi छोड़ नहीं जा सकता...

आंटी .. ( रट हुए ) सिड आप ठीक

कह रही हो दीदी... भगवान् करे

ऐसा hi हो...

तभी ऑपरेशन रूम का गेट खुला

और डॉक्टर बहार आए...

कियारा भाग क्र डॉक्टर के पास गई

और सवालों की झड़ी लगा दी...

डॉक्टर... शांत रहिये मई आपकी

भावनाओ को समझता हूँ...

वैसे कोण लगता है वह आपका...

डॉक्टर का सवाल सुन कियारा सकपका गई...

तभी माँ बोली... बीटा है वह

मेरा क्या हुआ है उसे...

डॉक्टर... देखिये उसे.. 9 गोलियां

लगी है... जिनमे से 8 तोह हमने

निकाल दी है लेकिन 1 सीधा उसके दिल

मई लगी है... मुझे तोह हैरत है

की यह अभी तक जिन्दा कैसे है आज

तक मैंने ऐसा नहीं देखा... न

पढ़ा कोई दिल मई गोली खाने क

बावजूद जिन्दा है...

डॉक्टर की बात वंहा सभी लोग

चकित रह गए...

माँ... डॉक्टर मेरा बीटा ठीक तोह

हो जायेगा न...

डॉक्टर... अभी कुछ कहना संभव

नहीं है.. मैंने हार्ट सर्जन

को बुलाया है.. वह किसी भी वक़्त

आते hi होंगे... तभी हम कुछ

कह सकते है...

और यह बोल डॉक्टर वंहा से

चला गया...

मौसी... ( जो इतनी देर से खामोश

थी बोली... ) आप लोग को कुछ अजीब

नहीं लग रहा...

माँ... क्या हुआ छोटी अब इसमें

अजीब क्या है...

मौसी... किसी ने सोनाली की तरफ

ध्यान दिया... वह कैसी है

और उसे कैसे पता चला अभी क

बारे मई...

सोनाली का नाम सुन सभी सोच

मई पद गए सिवाय माँ और डैड...

की तभी कियारा बोल पड़ी ..

कियारा... ( शॉकेड ) क्या... क्या

हुआ सोनाली को...

फिर मौसी ने जो भी घर हुआ सब

बताया जिसे सुन कियारा गहरी सोच

में पड़ गई क्या इतना भी प्यार

कोई किसी को करता ह क्या... लेकिन वह

इसका जवाब नहीं खोज पा रही थी...

तभी डॉक्टर हार्ट सर्जन क

साथ आए और िक मई चले गए

कुछ देर बाद उन्होंने जायजा लिया...

और बहार आ गए ..

डैड... क्या हुआ डॉक्टर साहब

हमारा अभी ठीक तोह हो जायेगा न...

डॉक्टर... ( चिंतित स्वर में ) देखिये

अभी कुछ कहा नहीं जा सकता लेकिन

जिस तरह की उसकी स्थिति ह... हमे जल्द

से जल्द एक नई हार्ट की जरुरत ह यह

बुलेट लगा दिल कब तक धड़केगा कुछ

नहीं खा जा सकता... हमने आस

पास क हॉस्पिटल में पूछा ह....

अब देखे क्या होता ह...

डॉक्टर की बात सुन वह खड़े

सभी लोगो पर जैसे पहाड़ गिर

गया हो... वहां का माहोल किसी

मातम से काम नहीं सब किसी न

किसी का कांडा पाकर रो रहे थे....

यह खबर तृषा तक भी पहुंच

गई... उसकी जैसे ज़िन्दगी उजाड़ गई

ho...Rote रट उसने अपना बुरा

हाल क्र लिया.. वो सब कुछ छोड़

माँ क साथ अगली फ्लाइट से सेहर

क लिए निकल गई....

वही िक.. क अंदर मई किसी अँधेरी

दुनिया की तरफ जा रहा था की किसीने

मेरा हाथ पकड़ लिया... मैंने मुड़के

देखा...

मई... ( हैरानी से ) अबे तू....

अननोन.. हाँ मई...

इतना बोल उसने खिंच क्र एक थप्पड़

मेरे गाल पर जड़ दिया....

चाताआगआककककक...

अननोन.... पूछेगा नहीं क्यों मारा...

मैंने ना में सर हिला दिया...

अननोन.... तूने मुझसे वडा

किया था क्या हुआ उसका....

मई... ( रट हुए ) मुझे माफ़ क्र

दे भाई... लेकिन तू तोह सब जानता ह.....

अननोन.... हाँ सब जनता हूँ

मुझे तुझसे यह उम्मीद बिल्कुल

नहीं थी...

मई... रट हुए मई क्या करता भाई...

कोई मेरी नहीं सुन रहा था...

अननोन .. कैसे माफ़ क्र दूँ...

तुझे पता है तेरे जाने क बाद

क्या हुआ था...

और उसके बाद उसने मुझे जो

दिखाया वह देख मेरी आँखों

से आंसूं रुकने का नाम नहीं

ले रहे...

वो मेरे पास आया और गले लगा

लिया... बस क्र मेरे भाई... जो हुआ

जाने दे... लेकिन अब तुझे जा क्र

मेरा वादा निभाना ह और सब

कुछ ठीक करना ह...

मई कुछ नहीं बोलै बस हाँ में

गर्दन हिला दिया...

नाउ it's टाइम तो जो... इन थे पास्ट....

फ्लैशबैक...... स्टार्टस....

तो बे कंटिन्यू....
 
अपडेट... 36...

वो मेरे पास आया और गले लगा

लिया... बस क्र मेरे भाई... जो हुआ

जाने दे... लेकिन अब तुझे जा क्र

मेरा वादा निभाना ह और सब

कुछ ठीक करना ह...

मई कुछ नहीं बोलै बस हाँ में

गर्दन हिला दिया...

नाउ it's टाइम तो जो... इन थे पास्ट....

फ्लैशबैक...... स्टार्टस....

अब आगे...

िक क बहार एक आदमी इधर से उधर घूम रहा है...

देखने से बहुत परेशां लग रहा था तभी एक छोटी से बाची आकर उसे हिलती है...

बच्ची... पापा आप आईचे दोल दोल क्यों घूम रहे हो...

आदमी एक बार उस बाची क मासूम चेहरे को देखता है... और उसे कुछ बोलने hi वाला था की तभी िक का गेट ओपन होता है और एक लेडी डॉक्टर एक लड़के को हाथ में लिए बहार आती है....

लेडी डॉक्टर.... मुबारक हो देवर जी लड़का हुआ hai.....Ab जल्दी से मुँह मीठा कराओ...

आदमी दौड़ क्र उस डॉक्टर क पास जाता... है... और बाचे को अपनी गॉड में लेता है...

एक बार उस बाचे क मासूम चेहरे को देख एक तक उसे देखता रहता है....

लेडी डॉक्टर... क्या हुआ देवर जी खा खो गए...

आदमी... ( होश में आते हुए ) कुछ नहीं भाभी वह बस ऐसे hi...

और अपनी जेब से एक 100 रस की नोट की गाड़ी निकल डॉक्टर के हाथ में दे देता है...

आदमी... भाभी... यह स्टाफ में बंटवा देना... आज में बहुत खुश हूँ... ( और आँख से 2 बूँद आंसूं चालक आए )

लेडी डॉक्टर.... क्या देवर जी.. आप भी क्या मई इसकी कुछ नहीं लगती... ( और पैसे वापस करते हुए ) इन्हे आप hi रखें और वह सब मुझपर छोड़ दो...

आदमी कुछ नहीं बोलता बस हल्का सा मुस्कुरा देता है और फिर.. बच्चे को गॉड में ले चल देता है अंदर अपनी वाइफ क पास...

वैसे क पास पहुंच क्र वह बच्चे को पास में लेता देता है.... और प्यार भरी नजरो से अपनी बीवी को देखता है....

आदमी... संध्या आज में बहुत खुश हूँ.. तुम्हारा बहुत बहुत शुक्रिया...

( जी हाँ यह और कोई नहीं अपना अभी है... ) ....

संध्या... क्या यह आपके अकेले का बीटा है.. .. और एक नजर अपने बेटे को देखती है... कितना प्यारा है न...

सूर्यवीर ... हाँ संध्या सच में... बहुत प्यारा है...

तभी पीछे से नन्ही सोनाली भी मुम्मा क पास पहुंच जाती ह..

सोनाली.... मुम्मा देखो पापा गंदे है.. मेको अकेला छोड़ आये बहाल... जाओ मई आपसे बात नहीं कल्टी... ( और मुँह फुला के दूसरी तरफ कड़ी हो जाती ह )

संध्या.... बीटा सोनू ऐसा गुस्सा नहीं करते देखो तोह पापा तुम्हारे लिए क्या लाये है...

यह बोल संध्या अभी को आगे क्र देती.. है...

सोनाली.... ( अभी क पास जाकर ) मुम्मा यह कोण है...

संध्या.... सोनू... तुम्हे छोटा भाई चाइये था न... देखो डैडी आपके लिए छोटा सा भाई कार है...

सोनाली... ( ख़ुशी से उछलते हुए ) ईहहह मेरा भी भाई है... यह... थैंक यू डैडी...

इतना बोल सोनाली... सूर्यवीर क गले लग जाती है... सूर्यवीर को भी अपनी गलती का एहसास होता है.. की उसे सोनू को ऐसे भर छोड़ क्र नहीं आना चाहिए था....

सोनाली... ( अलग हो क्र ) मुम्मा मेको भैयूउ क साथ खेलना है.... मुझे दो न..

संध्या... नहीं सोनू अभी यह छोटा है... थोड़ा बड़ा हो जाए उसके बाद जितना मन करे उतना खेलना ok...

सोनाली... Ok मुम्मा...

इतना बोल साइड से मुम्मा को गले लगा लेती है... और एक नजर अभी को देखती है... छोटी सी सोनाली का बहुत मन था अभी को खिलने का बुय वह मुम्मा को मना नहीं क्र सकती थी....

ऐसे hi हस्ते खेलते.. 3 साल बीत गए....

3 इयर्स एगो....

अभी अपने बीएड पर आराम से सो रहा था की तभी... छोटी सोनाली उसे जोर से हिला उठा देती है...

अभी... ( आँखे माल्टा हुआ. ) क्या.. डीडू... िन्नी सुबह सुबह.. कई उठा दी...

सोनाली... भैयूउ भूल गए.. आज तुम्हारा स्कूल है...

अभी... ( फिर सोते हुए ) नहीं.. डीडू.. मेको कहि नहीं जाना...

सोनाली... ( बीएड से उठते हुए ) ठीक है... तोह मई अकेली चली जाती हूँ...

अभी... ( झट से उठ सोनू को पीछे से गले मई हाथ दाल देता है.. ) अले डीडू... मई तोह ंजक कल लहै था... आप चलो मई अभी आया.. { और सोनाली क गाल पर किसी दे देता है.. )

सोनाली भी खुश होती हुई अपने रूम मई चली जाती है... और फ्रेश हो तैयार होकर अभी क पास आ जाती है...

एक नजर अभी को देखती है.. छोटा अभी अपनी शूज के लैस hi नहीं बांध पा रहा था... की सोनू आगे भाड़

उसके लैस बांधने क लिए जाई है..

अभी... नहीं डीडू आप जाओ मई कल लूंगा...

सोनाली... अरे भैयूउ करने दे न... तेरी न होगा..

अभी... ( पेअर पीछे करते हुए ) नहीं नहीं डीडू मुम्मा ने मना किया था की डीडू को कभी.. पैलो को छू पाए..

सोनाली... क्या... भैयूउ करने दो न.. लेट हो रहा है...

अभी... ( मस्सों सा चेहरा बना क्र ) पलज़्ज़ज़्ज़ज़ डीडू मान जाओ न...

सोनाली... ाचा चल ठीक है.. ऐसे hi चल मुम्मा बंद देंगी हमे लेट हो रहा है.. ( यह मुझे पेअर क्यों नहीं चुने दे रहा देख न एक दिन तोह जरूर छू के रहूंगी )

और अभी क साथ दिंनिंग रूम में पहुंच टेबल पर बैठ जाते है झा दोनों डैड माँ को गुड़ मॉर्निंग विश क्र ब्रेकफास्ट फिनिश करते है... वही माँ अभी क लैस बांध देती है.. और अभी बदले मई उनके गाल को किश क्र थैंक्स बोलता है.. और सोनू भी ऐसा hi कई है...

फिर दोनों सबको bye बोल... निकलते है.. घर से... झा.. सोनाली.. अभी.. का हाथ पकड़ उसे स्कूल ले जाई है... जो की घर के पास hi था... कुछ कदम की दूरी पर...

आज अभी पहली बार घर से बहार आया था सिर्फ अपनी डीडू क साथ वह बहुत खुश था... और सोनू भी की अब वह रोज अभी क साथ स्कूल आया करेगी...

कुछ hi देर मई दोनों स्कूल पहुंच जाते है... झा दोनो अभी को उसकी क्लास तक पहुंचा देती है... और लंच में मिलने का बोल अभी को bye.. बोल गाल पर किश क्र चली जाती ह...

अभी भी मुस्कराता हुआ अपनी क्लास मई बैठ जाता है.... की तभी क्लास मई एक बच्चा रट हुए आता है....

उसकी मुम्मा उसे बहुत प्यार से समझा रही थी लेकिन वह बस रोए जा रहा था....

अभी एक बार उस लड़के को देखता है और उठ क्र उसके पास जाता है और हाथ पकड़ लेता है...

अभी... आंटी आप जाओ मई संभल लूणदा

लड़का... ( रट हुए ) कोण.. हो तुम.. छोड़ो मुझे मुझे मेरी मुम्मा क साथ लेहना है...

अभी... मेला नाम अभिमन्यु है... सब अभी बोलते है चलो मेले साथ... मई तुम्हे चॉकलेट दूंगा....

लड़का.. ( चॉकलेट का नाम सुन

लड़का आंसूं पॉच ) सच्ची डोज न..

अभी... हाँ चलो चलते है..

लड़का.... हम.. चलो...

तो बे कंटिन्यू....
 
अपडेट.... 37...

अभी... अगर तुम मेले साथ चले

तोह में तुमको चॉकलेट दूंगा..

लड़का.. ( चॉकलेट का नाम सुन

लड़का आंसूं पॉच ) सच्ची डोज न..

अभी... हाँ चलो चलते है..

लड़का.... हम.. चलो...

अब आगे....

उसके बाद वो लड़का ख़ुशी ख़ुशी अभी क साथ चल देता ह उसकी माँ इन दोनों को देख एक बार मुस्कुराती है और चली जाती ह...

अभी... वैसे तुम्हाला नाम क्या ह.. ?

लड़का... मेरा नाम रोहन है...

अभी... क्या तुम मुझसे दोस्ती.. करोगे...

रोहन... एक शर्त पर...

अभी... वह क्या...

रोहन... तुम्हे रोज मुझे चॉकलेट देने होंगे...

अभी... ( मुस्कुराते हुए ) पक्का... फ्रेंड्स...

अपनी छोटी ऊँगली आगे करते हुए...

रोहन... ( खुश हो क्र अपनी ऊँगली मिला क्र ) फ्रेंड्स....

उसके बाद कुछ नहीं होता... रेसस्स में सोनाली अभी को मिलने आती ह...

सोनाली... भैयूउ क्या क्र रहे हो... और यह कोण ह...

अभी... डीडू... यह मेला फ्रेंड ह रोहन... और रोहन यह है मिली डीडू...

रोहन... Hello दीदी...

सोनाली... ही Rohan...Tum दोनों को लंच नहीं करना क्या चलो.. मेरे साथ...

फिर सोनाली.. रोहन और अभी को ले बहार ग्राउंड में जाती

वही एक बेंच पर बैठा अभी को लंच करने लगती.. ह की रोहन भी उसकी तरफ देखता सोनाली रोहन की तरफ देख उसे भी खिलने लगती है जिससे रोहन खुश हो जाता ह और आगे बढ़ सोनाली क एक गाल को किश क्र देता ह..

रोहन... थैंक यू दी आप बहुत ाची हो...

सोनाली... दी भी बोलते हो और थैंक्स भी... आज से मेरा एक और भाई ह... ( यह बोल सोनाली रोहन क गाल पर भी एक किश क्र देती ह. )

अभी... ( मासूम सी सकल बना क्र ) डीडू....

सोनाली अभी का चेहरा देख हस्ती हुई उसके पास जाती और गाल पर किश क्र देती ह... फिर दोनों लंच खत्म क्र अपनी क्लास मई चल देते है...

ऐसे hi दिन बीतने लगे... एक दिन अभी स्कूल पहुंचा तोह रोहन नहीं आया था... उस दिन उसका मन क्लास मई नहीं लगा और थोड़ा उदास हो गया... कुकी उसका एक hi दोस्त था रोहन...

सोनाली ने अभी को यूँ उदास देख पूछा क्या हुआ तोह अभी ने रोहन क बारे मई बताया....

सोनाली.... उह हो भैयूउ तुम भी न.... हो सकता है रोहन कही गया हो....

अभी.. ( कुछ सोचते हुए ) ठीक खा डीडू... टालो घाल चलते है...

उसके बाद भी 3 दिन रोहन स्कूल नहीं आया.... तोह अभी... उदास सा रहने लगा..... सोनाली ने अभी को समझाया बूत छोटा अभी वह खा किसी की सुनता...

लेकिन सोनाली को यूँ अभी का उदास रहना ाचा नहीं लग रहा था.. उसने यह बात अपने डैड को बताया...

डैड... ( सोचते हुए ) हम्म्म तोह यह बात है मुझे भी अभी कुछ दिन से उदास सा लग रहा है... चलो कोई बात नहीं आप उसके पास जाओ मई रोहन का पता करता हूँ...

सोनाली खुश होती है.. और डैड के गाल को किश क्र चल देती है अभी क पास....

अभी क रूम में... अभी को सोता देख... वापस अपने रूम चली जाती है...

अभी.. सो क्र उठा और फ्रेश हो क्र बाहर हॉल मई आ जाता है.. झा माँ डैड और सोनाली बैठे हुए थे...

डैड... अभी.. इधर आओ...

अभी उदास मन से डैड क पास जाता है और बैठ जाता है...

डैड... क्या हुआ.. बेतु इतना उदास क्यों.. हो...

अभी एक बार डैड को देखता है और कुछ नहीं बोलता...

डैड .. ाचा छोड़ो.. जल्दी से तैयार हो क्र आओ हममे कहि जाना है....

अभी... नहीं डैडी मेला सील दर्द कल रहा है..

सोनाली... प्लीज भैयूउ चलो na...mujhe आइस क्रीम कहानी है... और tum...ho जा नहीं..

अभी... ( आइस क्रीम का नाम सुन खुश हो क्र ) पक्का न...

सोनाली.... हाँ हाँ चलो जल्दी... आओ...

अभी खुश हो दौड़ क्र रूम में जाता उसे खुश देख सोनाली भी खुश हो जाती है....

अभी जल्दी से तैयार हो बहार आ जाता ह.... डैड और सोनाली.... क साथ चल देता ह भर तभी गाड़ी रूकती ह.. और तीनो बहार निकलते ह....

अभी... ( बहार निकलते हुए ) डैडी यह आप खा ले आये हो. ...

डैड.. बेतु चलो तोह बताता हूँ...

अभी डैड क साथ घर की तरफ चल देता है... गेट पर पहुंच सूर्यवीर नॉक करते है...

थोड़ी देर बाद गेट खुलता है.. गेट पर खड़े शख्स को देख अभी.. चौंक जाता है....

तो बे कंटिन्यू....
 
भाई अभी.. तोह सोनाली को टक्कर देने वाली आएगी... फिर क्या होगा देखना...

और सस्पेंस धीरे दीर्ध खत्म होगा यर... ऐसे अचानक से... वह तोह पहुंच नहीं सकता... स्टोरी फ़ास्ट फॉरवर्ड होगी... अगली अपडेट से... जिससे फ्लैशबैक जयादा बड़ा न हो....

बहुत बहुत शुक्रिया.... तुम्हारा कमैंट्स पढ़ हमेशा मजा आता ह....

थैंक्स... #keep_supporting...
 
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