Dhadkan ( Fallen love ) { Incest , Suspense , Thrill , Romance , Magic } - Page 6 - SexBaba
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Dhadkan ( Fallen love ) { Incest , Suspense , Thrill , Romance , Magic }

बहुत बहुत शुक्रिया बडी...

आप तोह ग्यानी हो... जी हाँ वह रोहन hi था... और आंटी महिमा थी....

और रही बात सोनम की तोह .. उसका पता जल्द hi चल जायेगा कुछ hi अपडेट में....

भाई... अभी एक और हादसा बाकी ह... सॉरी बडी बूत सिड आप सब भूल रहे ह अभी को हार्ट में गोली लगी ह....

अभी और इमोशनल ह... लेकिन उसके बाद मस्त एक्शन रोमांस और... थ्रिल तोह चलता hi रहेगा....

थैंक्स फॉर सुच ा ब्यूटीफुल कमेंट... कीप सपोर्टिंग...
 
बहुत बहुत शुक्रिया फॉर लवली कमेंट... बडी....

महिमा ने जो किया वह बेटे क प्यार में अँधा हो क्र किया... लेकिन अभी का गुस्सा भी जायज ह भाई....

जो उसका बेस्ट फ्रेंड था महिमा ने बेटे क मोह में अभी को उससे मिलने भी नहीं दिया....

और खुद को मारने की धमकी दी... अभी रोहन को वडा क्र चूका था तोह वह कैसे महिमा को चोट पहुँचते देख सकता था. ..

इसलिए वह बहुत गुस्सा था....

क्लिप्स का राज नेक्स्ट फ्लैशबैक मई... और रही बात सोनम की तोह जल्द hi उसका पता चल जायेगा...

टिल थें चियर्स...

कीप सपोर्टिंग...
 
बहुत बहुत शुक्रिया.... मालिक भाई... हममे तोह लगा आपने स्टोरी फॉलो करना छोड़ दी है... लेकिन आपको देख बहुत ख़ुशी हुई...

रोहन और महिमा का तोह आप समझ चुके हो की... वह आंटी महिमा hi थी और रोहन hi. . वह लड़का था...

भाई... अभी ने महिमा को बचने क लिए hi वंहा से गया था... कुकी उस वक़्त महिमा रोहन क प्यार में अंधी हो गई थी... जो की जीज भी था... और वह कुछ भी क्र सकती थी खुद को यह बात अभी समझ चूका था... इसलिए उसे दूर रहना hi ठीक समझा...

कुछ समय बाद अभी वापस जा भी सकता था महिमा क पास लेकिन... जैसा आपने पढ़ा होगा... कुलदीप ने खा था मैंने उसकी वह हालत देखि ह जो सोच भी नहीं सकती.... अब वह क्यों हुई... नेक्स्ट फ्लैशबैक में पता चल जायेगा...

और रही बात निशा की तोह वह भी नेक्स्ट फ्लैशबैक में.... जवाब मिल जायेगा .. जिसमे यह भी पता चलेगा... डेविल किंग क्यों बना अभी...

और लास्ट में सोनम तोह... वह जल्द hi पता चलेगा... कुछ hi उपदटेस मई...

थैंक्स सो मच...

कीप सपोर्टिंग....
 
भाईलोग... मई कुछ दिन से सोच रहा हूँ... स्टोरी में थोड़ा मैजिक ऐड कृ इसपर आपकी क्या राइ है जरूर बताये..

ककी अगर आड़ करना ह तोह... कल के अपडेट से क्र सकता हूँ... जिससे स्टोरी थोड़ी लम्बी हो जाएगी... पहले मैंने सोचा 150 तक एन्ड क्र दूँ बूत मैजिक से 250+ हो जाएगी... तोह प्ल्ज़्ज़... कमेंट क्र जरूर बताये... आपका कमैंट्स बहुत इम्पोर्टेन्ट है मेरे लिए....

आज अपडेट तोह नहीं लेकिन एक चीज़ आपको बता देता हूँ जो लगभग किसी ने नोटिस नहीं की पिछले अपडेट मई....

जो मई कुछ ग्यानी लोगो से एक्सपेक्ट क्र रहा था...

तोह आते है फैक्ट पर...

इंस्पेक्टर राजीव... यह नाम सिड आपने स्टोरी ने पहले कहि सुना हो... सोचो सोचो...

यूप... सुनैना भाटिया... अब याद आया नहीं.. तोह यह वही लड़की है जो सोल्लगे की पार्किंग में अभी की कार क साथ सेल्फी ले रही थी....

और उसने खा था की मैंने आपको कहि देखा ह...

जल्द hi यह भी स्टोरी में ऐड होगी... आज क लिए इतना hi अब मिलते है कल...

टिल थें चियर्स...

कीप सपोर्टिंग..

कीप लोविंग....

#अभयसमर्त्य....
 
शुक्रिया बाबा भाई.... आप तोह आ गए... अब बाकी लोग का भी इन्जार क्र लेते है....

क्या राइ है उनकी.... चलो सही ह किसी को तोह याद रहा... न भाई ऐसा नहीं है... जो भी नाम स्टोरी में आ रहे ह और अभी उनका जिक्र नहीं हो रहा तोह ु को हलके में मत लो...

बहुत इम्पोर्टेन्ट है... सभी... लिखे सुनैना... जो एक अपडेट क बाद दिखी hi नहीं है स्टोरी में एंड नैना... इनका भी रोले ह स्टोरी में अब साथ सबको तोह नहीं दिखा सकते वर्ण खिचड़ी बन जाएगी....
 
अपडेट... 44...

वो मेरे पास आया और गले लगा

लिया... बस क्र मेरे भाई... जो हुआ

जाने दे... लेकिन अब तुझे जा क्र

मेरा वादा निभाना ह और सब

कुछ ठीक करना ह...

मई कुछ नहीं बोलै बस हाँ में

गर्दन हिला दिया...

अब आगे...

प्रेजेंट टाइम...

( अब यह से अभी की जगह मई लिखूंगा )

रोहन... काया सोच रहा है...

मई... यार यह मई हूँ... कहा और तुह कहा है...

रोहन.... मई कहा रह सकता हूह तेरे दिल और दिमाग के बिना...

मई... ( चेरे पर दर के भाव लेट हुए ) तू कैसी बाते कर रहा है... मुझे समझ नहीं आ रहा है...

रोहन... काया तुझे नहीं पता.... की मई एक साल पहले मर चूका हूह...

मई....( डरते हुए ) यार क्यों अस्सी बाते कर रहा है...

रोहन.... ( थोड़ा इमोशनल होते हुए ) मेरे भाई यह मई नहीं हूँ...

मई..( चौंकते हुए ) क्या...

रोहन... हाँ भाई.. यह बस मेरी सोल का एक छोटा हिंसा है जोह तेरे दिमाग साई जुड़ा हुआ है..... क्युकी टुन्ने मुझे अपने दिमाग मई ऐसा बसा रकः था जैसा किसी ने नहीं.... ईएसएस लिए मई बस तुझे यहाँ रोक पाया... वरना तुह मेरा वडा तोड़ कर चला जाता अब्ब तक....

मई... ( आँख में आंसू लाते हुए ) बस कर अब्ब.... यह मुझे याद दिला कर कमज़ोर बताना चाहता है...

रोहन... ( मेरे आंसू पूछते हुए ) नहीं मेरे भाई...... तुह तोह अब्ब भी लड़ रहा है तुह तोह बहुत मजबूत है....

मई... अब्ब बता भाई यह सब कैसे ठीक हो...

रोहन.... देख भाई यह दुनिया हम जितना सोचते है उससे जयादा पेंचीदी है.... कई रहस्य है हमारी दुनिया में....

मई... तू कहना क्या चाहता है भाई... मुझे कुछ समझ न आ रहा...

रोहन... देख भाई जब मई मारा तब मेरी सोल यही तुम्हारे पास hi भटक रही थी जब तक तूने... ( न अभी नहीं सेकंड फ्लैशबैक में ).... लेकिन जब मई यह रहा था तब मुझे एक ऐसे सकती क बारे में पता चला जिससे में ठीक हो सकता था.... लेकिन मेरा शरीर hi रख हो चूका था... और देर हो गई... अब उस शक्ति को तुझे हासिल करना होगा....

मई.... कैसे शक्ति भाई....

रोहन... सोल पावर....

मई.... काया बेकार की बाते कर रहा है ऐसा कुछ नहीं होता....

रोहन.... ( गुस्से मई ) ाचा फिर एक बात बता... इस वक़्त तुझे िक में होना चाहिए था... तू यह क्या क्र रहा... यह तेरी सोल hi है जो यह है....

मई चौंकते हुए खुद को देखा और फिर आसपास की जगह को..... की तभी...

मई.... रोहन तेरे पेअर क्यों जायब हूँ रहे है....

रोहन.... ( मेरा हाथ पकड़ते हुए ) देख भाई सोल पावर को पाने का रास्ता दिल और उस्सकी धड़कनो.... से होकर जाता है जोह तुझे अपनी धड़कनो मई मिलेगा..... ( आँख में आंसूं लाते हुए ) अब्ब मेरा वक़्त हो गया है मेरा वडा कभी भूलना मत साले वरना मई वपस तुझे तंग करूँगा....

इतना बोलते hi वह गैब हो गया... और मई सोच में पड़ गया... मई यह अकेला रह गया था...

टाइम बीत रहा था लेकिन मुझे कोई रास्ता hi नजर नहीं आ रहा था....

अब कहते है बहार.... क्या हॉल है....

माँ.... ( रट हुए डैड से ) कुछ भी करो लेकिन मेरे बेटे को ठीक करवाओ...

डैड.... कुछ नहीं होगा डॉक्टर... है सब ठीक हो जायेगा..

की तभी तृषा रट हुए भगति हुई आती है...

तृषा... ( रट हुए ) Abhiiiiiiiiiiiiiii... Abhiiiiiiiiiiiiiii... खा ह मेरा अभी...

तृषा को ऐसे रोटा देख सभी शॉकेड थे...

की माँ ने आगे बढ़ उसे गले लगा लिया.... तृषा भी माँ क गले लग रोने लगी...

किराया को यह देख अच्छा नहीं लग रहा था पता नहीं क्यू इसलिए वह वंहा से उठ डॉक्टर से मिलने जाने लगाई...

इन डॉक्टर केबिन...

कियारा... डॉक्टर साहब अभी कैसा ह...

डॉक्टर... जी आप कोण...

कियारा.... जी मई उसकी फ्रेंड हूँ...

डॉक्टर... मई पहले भी बता चूका हूँ... उसकी हालत बहुत सीरियस ह... ककी उसके हार्ट से गोली आर पार हो गई है.. उसका हार्ट कभी भी बंद हो सकता... मैंने जिंदिगी मई आज तक ऐसा नहीं देखा की गोली आर पार होने क बावजूद हार्ट धड़क रहा हो... हममे जल्द से जल्द हार्ट की जरुरत है... मई उसी में बिजी हूँ... अब तोह आपको सब पता चल गया होगा तोह पलज़्ज़ज़ मुझे अपना काम करने दे...

कियारा.... ( रट हुए ) ठीक ह... बोल केबिन से बहार आ जाती है... फिर कुछ सोचती है और निकल जाती है हॉस्पिटल से बहार..

वही दूसरी तरफ मई...

इतनी देर आखिर सोचनी के बाद मुझे इतना समझ आ गया की.... हो न हो मुझे दिल साई उस शक्ति का कुछ पता चलेगा मई खड़ा हुआ.... और ढूंढ़ने लगा इधर उधर की आखिर मुझे कुछ मिल जाए यहाँ..... पर यहाँ सब कुछ इतना बड़ा था और दूर दूर कुछ नजर नहीं आ रहा था... की तभी अचानक एक तेज़्ज़ हवा आयी और मई गिर पड़ा.... बड़ी hi अज़्ज़ेब सी जगह थी ऐसा लग रहा था जैसे मई किसी खून की नदी मई तेर रहा हु और बहुत तेजी से...

अचानक मुझे आस पास की चीज़े सिकुड़ती हुई नज़र आने लगी..... और मई गिर पड़ा एक गाढ़े जैसी जगह में...

यहाँ सब हिल रहा था और अव्वाज़ आ रही धक् धक्... धक् धक्...

क्या यह दिल हे... भगवान् मई अपने दिल के अंदर.... यानी मई दिगमग साई होता हुआ अपने दिल मई आ गया और मई इतना छोटा लग रहा था की सायद hi हो कुछ ऐसा...

की तभी मुझे एक जगह से रौशनी सी आती धीकि और मेरे आखो के सामने रुक गयी... फिर मूढ़ गयी मई समझ गया मुझे इसके पीछे भागना है.... मई खड़ा हुआ और बहगने लगा... तभी में भागता भागता कुढ़ गया मुझे अभी भी विश्वास नहीं हो रहा था.... क्युकी जहा साई मुझे गोली लगी थी मई वह साई बहार आ गया था...

और फिर दोबारा मई उस रौशनी के पीछे भागने लगा.... और निच्चे कुद्द गया ज़मीन पर.... डॉक्टर अपने कामो मई लागे हुए थे... मई भर आया उसस्के पीछे तोह देखा वंहा सब रू रहे थे....

माँ डैड तृषा और वह भी... पर मेरी जान मेरी दी कहा है आखिर और कियारा.... तभी वह रौशनी थोड़ा धुर चली गयी मई वापस उसस्के पीछे भागने लगा....

वह मुझे एक रूम के अंदर लेकर आई झा बीएड और कोई लेता हुआ था.... तभी वह रौशनी सीधा उसके ऊपर जा ृक्क गई...

मैंने हाथ ऊपर किया और वह पहुंच गया.... मेरी आत्मा उड़द भी सकती है पता नहीं था मुझे....

ऊपर जा जैसे hi मैंने देखा शॉकेड हो गया ( जी हाँ यह और कोई नहीं सोनाली है ) यह तोह दी है.. क्या हाल बना लिया है दी ने... उन्हें देख मेरी आँखों से आंसू बहने लगे... लेकिन अभी मेरे पास जयादा वक़्त नहीं था इसलिए मैंने अपने आंसूं पॉच लिए....

की तभी वह रौशनी उनके दिल मई चली गयी और मैंने भी उस्समय छलांग मार दी.... वह जाते hi मेरे कान फटने को होने लगे.... वंहा एक hi आवाज आ रही थी Abhiiiiiiiiiiiiiii Abhiiiiiiiiiiiiiii.... ऐसा लग रहा था.... हर एक धक् धक् की जगह अभी अभी आवाज आ रही हो....

तभी मैंने एक और ड़याँ दिया तोह वंहा से मुझे किसी की रोने की आवाज आ रही थी... मई भी चल दिया उस आवाज की तरफ... रस्ते में मुझे कई खून को नदिया.. मिली लेकिन एक hi नाली थी जिससे रोने की आवाज आ रही थी मई उसी मई कूद गया... और वह मुझे भ क्र उस आवाज की दीक्षा में ले जाने लगी...

वंहा जा मई देखा की मई दी के दिमाग में पहुंच गया हूँ... और मेरी जान दी घुटनो के बल बैठ क्र रो रही है... मुझसे यह देख नहीं गया और भाग क्र उनके पास पहुंच गया...

मई... ( रट हुए ) कैसे हो मेरी जान...

सोनाली ने गर्दन उठा क्र जैसे hi अभी को देखा उसे खींच क्र गले लगा लिया और फुट फुट क्र रोने लगी...

मई... ( रोये हुए ) क्या हुआ मेरी जान चुप हो जाओ देखो मई भी रो रहा हूँ...

सोनाली... ( ने अभी की तरफ देखा और उसके सीने पर मुक्के मारने लगी ) खा चले गए थे तुम मुझे छोड़ क्र... यह भी नहीं सोचा की तुम्हारे बिना मेरा क्या होगा... ( और फिर से रोने लगी )

मई... जान शांत हो जाओ मेरे पास वक़्त बहुत काम है...

जैसे hi सोनाली ने यह सुना और जोर से रोने लगी... थोड़ी देर मैंने उन्हें रोने दिया और फिर अलग किया....

मई... जान हमारे पास ज्यादा समय नहीं है तुम hi मुझे बचा सकती हो...

सोनाली... ( आंसू पूछते हुए ) बोलो मुझे क्या करना ह...

फिर मैंने उसे सब बताया जो कुछ भी मुझे रोहन ने बताया था..

मई... जान रोहन ने जाते जाते खा था... शक्ति तक पहुँचने का रास्ता दिल और धड़कन से होकर गुजरता ह... और वह मुझे मेरी धड़कन में मिलेगा.... और मेरी धड़कन को तुमसे जयादा कोण अच्छे से जानता है... वह रौशनी भी मुझे तुम्हारे पास लाइ है...

सोनाली... तुम कहना क्या चाहते हो...

मई... तुम्हे पता ह न मई तुमसे हमेशा पूछता था की तुम्हे कैसे पता चल जाता ह की मई तुम्हारे पास आ रहा हूँ... तब एक बार आपने खा था मेरी धड़कन क एहसास से... सिड यही क्लू है....

सोनाली... क्या मतलव...

मई... यही की आपको एक बार फिर मेरे दिल और धड़कन सुनने की कोशिश करनी होगी... तब सिड बात बन जाए...

सोनाली... ठीक है..

और धड़कन सुनने में कंसन्ट्रेट करती ह पर नहीं हो पा रहा था...

सोनाली... ( परेशां हो क्र ) मुझसे नहीं हो रहा अभी...

मई... जान यह हमारा आखिरी मौका ह पलज़्ज़ज़ थोड़ा केस्टरटे करो... और ऐसे डरते हुए नहीं... प्यार से महसूस करो...

सोनाली हाँ में गर्दन हिला देती ह... और एक बार फिर अभी की ढक्कन सुनने की कोशिश करती है...

तभी उसे धड़कन सुनाई देने लगती और वंहा एक बड़ा सा द्वार खुल जाता है......

तो बे कंटिन्यू.....
 
शुक्रिया भाई...

जैसा मैंने खा था कुछ हैट के होगा अनदेखा जो आज तक न हुआ होगा...

है है है भाई... न न ऐसा पाप नहीं करूंगा... मई और कोई नहीं जागेगा.. अब मैजिक की वजह से...

हाँ भाई देव भाई... सुएरहंसुप स्टोरीज क बेस्ट राइटर मई से एक है... और मेरे बहुत ाचे दोस्त... शुक्रिया देव भौ....

बिल्कुल भाई... ऐसे hi उपदटेस मिलती रहेंगी...

कीप सपोर्टिंग...
 
है है है... सही खा भाई... देव भाई मुर्दों मई भी जान दाल सकते है...

भाई आप सभी लोगो को शिकायत है क्या मई अपडेट इमोशनल जायदा क्र देता हूँ.. मई जान बूझकर नहीं करता भाई.. स्टोरी की डिमांड होती है ऐसे सीने मई इमोटिकॉन आ hi जाते है अब ु को मई गैब किसे क्र दूँ आप hi बताओ....

बी थे वे बहुत बहुत शुक्रिया... बडी...
 
अपडेट... 45.

मई... जान यह हमारा आखिरी मौका ह पलज़्ज़ज़ थोड़ा केस्टरटे करो... और ऐसे डरते हुए नहीं... प्यार से महसूस करो...

सोनाली हाँ में गर्दन हिला देती ह... और एक बार फिर अभी की ढक्कन सुनने की कोशिश करती है...

तभी उसे धड़कन सुनाई देने लगती और वंहा एक बड़ा सा द्वार खुल जाता है......

अब आगे...

मई अपने सामने देखता हूँ.. तोह एक बड़ा... सा द्वार दिखाई देता जिसकी लम्बाई मई देख नहीं पा रहा था...

रेल रंग का वह दरवाजा बड़ा hi भयानक लग रहा था... उसके कई खोपड़ियां बानी हुई थी... सोनाली तोह देख दर रही लेकिन मैंने उसका हाथ पकड़ा... और चल दिया दरवाजे की ओरे...

जैसे hi हम वंहा पहुंचे वंहा का नजारा और भी भयानक था... कुकी पूरे दरवाजे पर खून की बदबू आ रही थी... वह दरवाजे से खून रिस रहा था...

मई... ( अचंभित होकर ) यह क्या यह तोह खून है...

सोनाली... ( अभी क सीने में सर रख ली ) बेतु मुझे बहुत डर लग रहा है...

मई... ( मन मई.. ) दर तोह मुझे भी लग रहा है... अब क्या कृ एहि आखिरी रास्ता है...

फिर मैंने एक बार पीछे मुड़कर देखता तोह और जायदा शॉकेड हो गया... कुकी वंहा रास्ता hi नहीं था हमारे पीछे अब ज्वालामुखी था... अब तोह मेरी सच में फटने लगी... मैंने सोनाली को देखा वह बस आँखें बंद किए मेरे सीने में सर छुपा क्र कड़ी थी...

मैंने उसके सर पर हाथ रख लिया क्युकी वह अगर आँख खोल क्र देख लेती तोह और दर जाती... फिर मई आगे बढ़ गया और जैसे hi दरवाजे को हाथ लगाया वह अपने आप खुल गया...

और मई सोनाली को ले अंदर चल गया.. अंदर चारो तरफ कंकाल hi कंकाल पड़े हुए थे... तभी मुझे सामने एक आदमी बैठ हु दिखाई दिया... देखने मई वह भी बहुत भयंक दिख रहा था... वह इस वक़्त आँखे बंद किए कोई मत्र जाप क्र रहा था...

मई और सोनाली उसके पास गए.... की वह आँखें खोल हमारी ओरे देखा और उठ खड़ा हुआ...

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आदमी... ( मुस्कुराते हुए ) तोह आखिर कार रक्षक आ hi गया...

उसकी बाते सुन झा मई सोच में पड़ गया... वही सोनाली ने पलट क्र उसकी तरफ देखा और उसे देख चींख क्र वापस मेरे सीने से लग गई...

मई... ( हैरानी से ) आप कोण है और किश रक्षक की बात क्र रहे है...

आदमी... मेरा नाम रेड स्कल है... और मई यह बरसों से तुम्हारा इन्तजार क्र रहा था.. और आखिर कार तुम आ hi गए...

मई शॉकेड हो गया और साथ में सोनाली भी.. हम दोनों उसे अचंभित होकर देखने लगे...

मई.. यह आप क्या कह रहे ह मेरा इन्तजार.. पर क्यों...

रेड स्कल... ( मुस्कुराते हुए ) कुकी उस ऊपर वाले ने तुम्हे चुना ह... इस ब्रह्माण्ड का भविस्य तुम्हारे हाथ में है...

मई... मेरे हाथ में पर कैसे... मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा आप क्या कह रहे ह...

रेड स्कल... एक क़यामत आने वाली है... उससे सिर्फ तुम्ही बचा सकते हो...

मई एक बार सोनाली को देखा वह भी मुझे hi देख रही थी...

मई.. ( डरते हुए ) कयामत कैसी कयामत...

रेड स्कल.... एक ऐसा राक्छस जो इस पुरे बहरामन्द पर कब्ज़ा करना चाहता ह....

मई... क्या नाम है उसका...

रेड स्कल... नाईट स्पैरो... वह एक ऐसा दरिंदा है झा जाता ह उस गृह को नर्क बना देता ह... जल्द hi वह तुम्हारे गृह पर आने की कोशिश करेगा... अब तुम्हे hi इस ब्रह्माण्ड और सभी लोगो को बचाना ह...

मई... ( डरते हुए ) लेकिन कैसे मई तोह एक आम इंसान हूँ....

रेड स्कल... यह बस तुम्हे लगता ह... तुम एक आम इंसान नहीं हो... उस ऊपर वाले ने तुम्हे इस काम क लिए बनाया ह... कई साल बीत गए लेकिन यह कोई नहीं आया सिर्फ तुम आये बता सकते हो क्यों...

मई... ( पहले तोह उसकी बात सुन सोच में पद गया ) रोहन ने मुझे सोल पावर क बारे मई बताया... इसीलिए मई यह आया हूँ...

रेड स्कल... रोहन ने नहीं तुम्हे नियति ने यह भेजा ह... ( यह सभी सिंगल लोगो को बताना चाहूंगा की नियति कोई लड़की नहीं ह ) आज तक कोई उस शक्ति को हासिल नहीं क्र पाया... पर मुझे विश्वास ह तुम जरूर क्र लोगे तोह चलो मेरे साथ...

मई... लेकिन मई hi क्यों....

रेड स्कल... जल्द hi तुम्हे तुम्हारे सभी सवालों का जवाब मिल जायेगा...

मई... वह कैसे...

रेड स्कल.... वक़्त आने पर तुम्हे सब पता चल जायेगा.... अभी चलो देर हो रही ह तुम्हारे पास जयादा समय नहीं ह...

इतना बोल वह आगे चलने लगा में भी उसके पीछे चल दिया तभी सोनाली ने मेरा हाथ पकड़ लिया...

सोनाली... ( घबराते हुए ) बेतु मुझे कुछ ठीक नहीं लग रहा... चलो वापस चलते ह...

मई... जान तुम भूल रही हो हम यह क्यू आये ह... और यह हमरा ाईखिरी मौका ह...

सोनाली... पर मुझे डर लग रहा ह... कहि तुम्हे कुछ हो गया तोह कह देती हूँ मई भी...

मई... ( आगे बढ़ सोनाली क होठो पर किश करते हुए ) मुझे कुछ नहीं होगा मेरी जान.... यही आखिरी रास्ता है...

रेड स्कल... चलो जल्दी बाकी सब बाद में क्र लेना... 15 मं में सूरज उग्ग जायेगा उसके बाद उस शक्ति को हासिल नहीं किया जा सकता...

उसकी बात सुन मई हाँ में सर हिला दिया... और चल दिया उसके पीछे... चलते चलते हम एक पहाड़ी पर पहुंच गए....

रेड स्कल... लो हम पहुंच गए...

मैंने आस पास देखा तोह कुछ नहीं था आगे एक खाई थी...

रेड स्कल... आत्मा शक्ति को सिर्फ एक पवित्र आत्मा hi पा सकती ह... तो तुम तैयार हो....

मई... हाँ लेकिन मुझे करना क्या होगा...

रेड स्कल.... तुम्हे यह से कूदना होगा....

मई और सोनाली दोनों शॉकेड हो गए..

मई.. आप ंजक क्र रहे ह न...

रेड स्कल... बिल्कुल नहीं... यही रास्ता ह उस सकती को पाने का...

मई... अगर मई कुद्द गया तोह मर जाऊंगा..

रेड स्कल... कभी आत्मा को मरते देखा ह...

उसकी बात दूँ मई सोच में पड़ गया कह तोह यह सही रहा ह...

सोनाली... क्या सोच रहे हो... नहीं तुम ऐसा कुछ नहीं करोगे चलो मेरे साथ हम कोई रास्ता देख लेंगे...

मई क्या कृ कुछ समझ नहीं आ रहा था... किसकी सुनु... तभी मैंने एक फैसला किया....

और सोनाली क होठो पर होठ रख किश करते हुए....

मई... अपना ख्याल रखना....

और खुद गया पहाड़ी से... पीछे से मुझे सोनाली की चींख सुनाई दी... जिसे सुन्न मई घबरा गया और डीई.... चींखते हुए उठ क्र बैठ गया....

हे भगवन सामने जो नजारा था उसे देख मई शॉकेड हो गया...

सामने डॉक्टर्स की पूरी टीम थी... और मई ऑपरेशन थिएटर मई था....

सभी डॉक्टर्स मुझे देख डरने लगे... और मुझसे दूर खड़े हो गए...

मई... ( आचार्य चकित हो क्र ) आप लोग कोण ह... और मेरी दी खा ह...

और दी.... दी... चिल्लाते हुए बिस्तर से खड़ा हो गया तभी... ओट का गेट खुला और सोनाली भाग क्र मेरे पास आई... मई उसे सही सलामत देख खुश हो गया की तभी..

चट्ट्कककककक...

एक चांटा मेरे गाल पर पड़ा... और सोनाली मेरे गले लग रोने लगी..... उसके पीछे पीछे माँ , डैड ,तृषा , मासी , शिवि और वह भी आ गई... मुझे सही सलामत देख खुश हो गई... लेकिन से सोनाली तोह गुस्से क मूड में थी...

सोनाली... ( रट हुए ) मना किया था न तुम्हे... फिर भी तुमने मेरी बात नहीं मानी अगर तुम्हे कुछ हो जाता तोह मई तोह...

मई... दी.. आप कैसी बातें क्र रही है देखो मई बिल्कुल ठीक हूँ... आप hi समझाओ न डैड...

डैड.... ( अपने आंसूं पोंछते हुए ) न इस बार में बिच में नहीं आऊंगा... तुम्हे हे झेलना ह तोह अब आदत डालनी पड़ेगी...

मई डैड की बात का मतलव समझ गया और सोनाली भी इसीलिए शर्मा क्र मुझसे अलग हो गई... लेकिन 3 लोग ऐसे भी जिनके यह बात बाउंसर की तरह निकल गई...

तभी.. माँ रट हुए मेरे पास आई और मुझे गले लगा लिया...

माँ.... ( रट हुए ) खा चला गया था तू... क्या तुझे एक बार भी हमारा खिल नहीं आया....

मई... और मेरी प्यारी माँ प्ल्ज़्ज़ मुझे माफ़ क्र दो... आगे से कभी आपको बिना बताये नहीं जाऊंगा.... अब एक बार मुस्कुरा दो सब वर्ण मई भी रो दूंगा...

यह बात सुन यह सब लोग अपने आंसूं पांच हस्स दिए वंही एक शख्स ऐसा भी था... जो बस रोये जा रहा मैंने उसे अभी इग्नोर करना hi ठीक समझा...

डैड... बेतु तुम्हे तोह गोली लगी थी... तुम अचानक ठीक कैसे हो गए....

यह सुनते hi मेरा दिमाग घूम गया और मुझे सब याद आ गया जो कुछ भी मेरे साथ हुआ था...

मई... ( मन में ) यानी वह सपना नहीं सच था... सिड इसीलिए दी ने मुझे मारा फिर भी एक बार उनसे कन्फर्म करना पड़ेगा लेकिन उससे पहले इनको क्या जवाब दूँ...

की तभी मुझे एक आवाज सुनाई दी... मई तुम्हारी कुछ मदद क्र सकता हूँ..

मई.. ( मन में ) तुम कोण हो...

आवाज... अरे इतनी जल्दी भूल गए मई तुम्हारी आत्मा हूँ... तुम कहो तोह मई तुम्हारी मदत क्र सकता हूँ...

मई... ( मन में ) क्या.... लेकिन कैसे...

आवाज... वह बस तुम मुझपर छोड़ दो...

माँ... बेतु क्या सोच रहे हो बताओ डैड ने तुमसे कुछ पूछा ह...

मई बताता हूँ...

सभी लोग उस आवाज़ की दिशा में देखने लगे साथ में मई भी....

डॉक्टर... दरअसल इसके हार्ट को हमने... रेप्लस क्र दिया ह... एक नई हार्ट से... अभी अभी ऑपरेशन ख़त्म hi हुआ था की यह उठ खड़ा हुआ...

माँ... ( गुस्से से ) बेतु यह में क्या सुन रही हूँ... अभी अभी तुम्हारा हार्ट ऑपरेशन हुआ है और तुम.. मजे से घूम रहे हो चलो लेट जाओ...

लेकिन में तोह बस शॉकेड हो उस डॉक्टर की तरफ देख रहा था... जो मुझे देख मुस्कुरा रहा था... और मेरे साथ सभी स्टाफ मेंबर्स भी...

माँ... ( तेज आवाज़ में ) सुना नहीं तुमने मैंने क्या कहा...

माँ की आवाज सुन मई होश मई आया और लेट गया... उधर डॉक्टर ने मुझे प्राइवेट वार्ड में भेज दिया और सभी स्टाफ को कुछ बोलै और वापस मेरे पास आकर...

डॉक्टर... ( मुझे देख मुस्कुरा क्र ) अरे आप लोग गए नहीं... पेशेंट क साथ कोई एक जान hi ृक्क सकता ह... अभी इन्हे आराम की जरुरत ह.. जाइये इन्हे आराम करने दीजिये...

डैड... जी डॉक्टर साहब जैसा आप कहे... हम्म कब तक अभी को घर ले जा सकते ह...

डॉक्टर... अगर सब कुछ ठीक रहा तोह आप इन्हे कल शाम तक ले जा सकते है...

डैड... बहुत बहुत शुक्रिया आपका... ( और फिर सभी से ) कोण रुकेगा अभी क साथ...

सभी एक आवाज में बोले.... मई... सिर्फ एक शख्स को छोड़ क्र मई उनसे बात करना चाहता था लेकिन अभी सही समय नहीं था... लेकिन मुझे उन्हें ऐसा देख बहुत बुरा लग रहा था... मई कुछ बोलने वाला था की तभी...

सोनाली... मई रुकूंगी... आप सब जाओ...

माँ.. लेकिन बेटी तुम्हारी तबियत भी तोह ख़राब ह... तुम कैसे...

सोनाली... माँ देखो में बिल्कुल ठीक हूँ जाइये न पलज़्ज़ज़्ज़ज़...

माँ.. ( मुस्कुरा क्र कान में ) दरवाज़ा बंद क्र लेना... ( और फिर सभी से ) चलो सब वैसे भी अब सुबह होने वाली ह... तोह सब फ्रेश होकर आते ह...

माँ की बात दूँ सभी लोग जाने लगे लेकिन एक शख्स रट हुए मेरी तरफ देखा और बहार चला गया...

मई ( मन मई ) अब इसे क्या हुआ...

आवाज... सबके सामने उसे इग्नोर क्र दिया अब पूछ रहे हो वह गुस्सा क्यों ह... पता ह उसकी क्या हालत थी यह देख...

फिर उसने मुझे कुछ दिखाया जिसे देख मेरी आँखों में आंसू आ गए..

सोनाली... ( मेरे आंसूं पोंछते हुए ) क्या हुआ बेतु सब ठीक तोह है न...

मई... हाँ जान सब ठीक ह वह बस... ( तभी मुझे कुछ याद आया ) एक मिनट कियारा खा ह...

तो बे कंटिन्यू....
 
शुक्रिया बाबा भाई...

यह सस्पेंस जल्द hi पर्दा फर्श होगा... बेफिक्र rho...Ab वह कोण रो रही थी . उसके लिए कल तक वेट करो यर...

है है है... आपके लिए तोह मजे ह भाई.. अपने अभी क बारे में तोह सोचो... बेचारे की हालत ख़राब हो जाएगी...

सोना भी जल्द hi आ जाएगी यर... बड़े दिन बाद प्रेजेंट में ह.. तोह सबके गीले सिकबर मिटाने मई टाइम लग रहा ह.
 
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