Dhadkan ( Fallen love ) { Incest , Suspense , Thrill , Romance , Magic } - Page 8 - SexBaba
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Dhadkan ( Fallen love ) { Incest , Suspense , Thrill , Romance , Magic }

शुक्रिया भाईलोग बहुत बहुत शुक्रिया आपका...

सिड आप सब की दुआ का असर है जो अंकल की हालत ठीक हो गई है...

सॉरी फॉर डिले बूत कल नहीं आज छुट्टी हुई हॉस्पिटल से.. और उसके बाद वंहा के काम में बिजी था... अभी घर आया हूँ तोह सबसे पहले आपका कयल आया..

तोह सोचा आपको मिल लिया जाये...

शुक्रिया आप सभी का...

अभी लिखने बैठा.. आज कम से काम 2 उपदटेस तोह आएंगे hi.. अगर नहीं आ पाए तोह समझ जाना किसी काम में फस्स गया हूँ.. 1 तोह किसी भी हाल में आएगा...

सॉरी फॉर डिले...

होप यू अंडरस्टैंड...

कीप सपोर्टिंग...

#अभयसमर्त्य...
 
अपडेट... 53...

मैंने ब्रीफ़केस से पानी की बोतल निकली और पानी उसके चेहरे पर मारा जिससे वह होश में आ गया और अपनी जान की भीख मांगने लगा.. पर मई रहम क मूड में नहीं था और धमममममम धमममममम एक एक क्र उसके हाथ पेअर तोड़ डाले और लास्ट में उसकी खोपड़ी भी निकाल दिया....

इतना खोफनाक नजारा देख कोई भी आदमी जिन्दा नहीं रह पता... मैंने उसके दिल सीने से अलग क्र दिवार से लटका दिया और खून से दीवार पर डेविल किंग थे जोकर लिख दिया...

उसके बाद मई सोनम को गॉड में ले बहार आ गया... लेकिन अभी मेरे सामने एक और परेशानी आ गई थी...

अब आगे...

दोनों लडकियां मैंने उन्हें भी उठा क्र गाडी में डाला और सोचने लगा.... कुछ देर बाद मैंने अपना फ़ोन निकल एक कॉल लगाया.. थोड़ी देर बात क्र मैंने गाड़ी भगा दी... और देर बाद गाड़ी एक घर क बहार रुकी..

मई उठाने को हुआ की तभी एक आदमी आगे आया और उसने गाडी का गेट खोला.... मैंने एक नजर उसे देखा और गाडी से निचे उत्तर गया...

सेक्रेटरी... सर सारा इंतजाम हो गया है...

मई.. ठीक है... निकालो इन्हे बेहोश है मई कल आकर इन्हे मिलता हूँ...

सेक्रेटरी... जी सर..

बोलकर अपने आदमियों को बोल दोनों लड़कियों को बहार निकल क्र अंदर ले गया... मई उससे कुछ बात क्र गाडी में बैठ घर की तरफ चल दिया...

घर पहुंचने से पहले मैंने गाडी थोड़ी दूर रोकी... ककी मुझे सोनम को भी तोह संभालना था...

मई... ( सोनम को हिलाते हुए ) सोना उठो...

लेकिन वह होश में नहीं आ रही थी...

मई... ( मन मई ) इसे होश में लाओ..

और कुछ hi पल में सोनम को होश आ गया और वह भैया बोल रोने लगी... और गाढ़ी से बहार निकल भागने hi वाली थी की मैंने उसे पकड़ लिया... जैसे hi उसने मुझे देखा... मेरी गॉड में बैठ गई और कस क अपनी बाहों में भर लिया और रोने लगी...

मई उसी शांत करने की कोशिश करता रहा लेकि. वह रोटी hi रही आखिर मैंने अपनी कसम दी तब जाकर वह चुप हुई लेकिन फिर भी उसकी सिसकियाँ चालू थी...

मई.. ( सोनम क आंसूं पोंछते हुए ) ऐसे नहीं रट... तू तोह मेरी बार्बी ह न.. और देख मई बिल्कुल ठीक हूँ...

सोनम ने एक बार मुझे ाचे से देखा जब उसे मई ठीक लगा तोह...

सोनम... ( सिसकते हुए ) क्या जरुरत थी आपको उनसे लड़ने की अगर आपको कुछ हो जाता तोह..

मई.. क्या तेरे रहते मुझे कुछ हो सकता ह क्या...

सोनम.. कभी भी नहीं..

मई.. तोह बस फिर.. चल अब यह रोमा धोना छोड़ और हस्स दे हम घर पहुंचने वाले है...

सोनम... ( एक नजर मुझे देख मुस्कुरा दी फिर कुछ सोचते हुए ) लेकिन आपको तोह...

मई.... मुझे पता ह.. लेकिन अभी नहीं रात को तुम्हे सब बता दूंगा.. ठीक है..

सोनम ने भी मुस्कुराते हुए हाँ में गर्दन हिला दी

..

उसके बाद हम दोनों घर पहुंचे झा सभी लोग हमारे hi इन्तजार में थे.. लेकिन सबसे जयादा आंटी को थी... उन्हें यकीन था की सिड मि hi सोनम को ठीक क्र सकता हूँ.. इसलिए वह बाहर हॉल मई बैठी गेट की तरफ देखते रही...

मैंने घर पहुंच गाडी रोकी और उत्तर क्र बहार निकल क्र अंदर जाने लगा.. की मैंने एक नजर सोनम को देखा और मुस्कुरा दिया..

वह उसी तरह बचो जिसे हाथ आगे क्र मुझे गॉड में लेने को बोल रही थी...

मैंने भी आगे बढ़ उसे गॉड मई ले लिया... उसने झट से मेरे गाल पर किश क्र दिया और मुझे बाँहों में जकड लिया...

मई मुस्कुराते हुए अंदर जाने लगा... अभी मई गेट तक hi पहुंचा था की मुझे हसने की आवाज आई...

मैंने उस तरफ देखा तोह सोनाली बालकनी में कड़ी... मेरी हालत देख हस्स रही थी..

सोनाली.. ( मन मई.. ) अब आएगा मजा बेतु...

मई भी हलकी मुस्कान लिए अंदर बढ़ गया.. मई जैसे hi हाल मई पहुंचा की किसी ने मुझे गले लगा लिया... मैंने देखा तोह यह और कोई नहीं आंटी थी.. मैंने कुछ देर उन्हें रोने दिया फिर अलग क्र उनके आसूं पोंछे...

सोनम को मैंने गॉड से उतरने को बोलै उसने एक बार आंटी को देखा और दर क्र मुझे और कस लिया और ना मई गर्दन हिला दी...

मई.. ( सोनम क सर पर हाथ फेरते हुए ) मई हूँ न सोना कुछ नहीं होगा...

सोनम उतरना तोह नहीं चाहती थी पर मेरे जोर देने पर धीरे से मेरी गॉड से उत्तर गई.... लेकिन इसने मेरा हाथ नहीं छोड़ा सिड दर रही थी.. की तभी आंटी ने आगे बढ़ सोनम को गले लगा लिया..

आंटी.. ( रट हुए ) मुझे माफ़ क्र दो बीटा... मुझसे गलती हो गई...

सोनम अपनी माँ को ऐसे रोटा देख शॉकेड थी.. मैंने उसे कुछ इशारा किया जिससे वह समझ गई.. और आंटी गले से लगा ली...

फिर कुछ देर तक ऐसे hi फॅमिली ड्रामा चलता रहा... सब बारी बारी से सोनम को मिले.. और उसकी हाल चाल पूछते रहे..

कुछ देर बाद मई सोनम को अपने रूम में ले गया ककी पार्टी का टाइम भी हो रहा था और गेस्ट भी धीरे धीरे आने लगे थे...

सोनम.. भैया यह किसका रूम ह... और आप मुझे यह क्यों ले आये..

मई.. ( कबोर्ड की तरफ इशारा करते हुए ) यह रूम मेरा ह... जल्दी से तैयार हो जाओ... पार्टी शुरू होने वाली ह....

सोनम ने भी हाँ में गर्दन हिला दी और कबोर्ड खोल उसमे से एक ड्रेस निकाल पहन लिया... यह ड्रेस मैंने hi उसके लिए राखी हुई थी..

इधर मई भी दी क रूम में रेडी होने चला गया... उनके रूम में भी हमेशा मेरे लिए एक्स्ट्रा कपडे पड़े रहते थे जिसे पहन मई जल्दी से तैयार हो निचे पहुंच गया...

हॉल में लगभग सभी लोग आ चुके थे और सभी पार्टी का आनंद उठा रहे थे.... मई भी दी क पास जाना चाहता था लेकिन डैड ने मुझे रोक अपने ऑफिस क स्टाफ से मिलाने लगे मई भी मन मासूस क्र उन सब का अभिवादन करने लगा...

लेकिन कुछ hi देर मई सबका ड़याँ एक तरफ गया मई भी उस दिशा मई देखने लगा....

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सामने से सोनम मेरी ड्रेस पहन क्र आ रही थी... ब्लैक ड्रेस मई वह बहुत hi क्यूट लग रही थी..... माँ आंटी दी सब उसकी तारीफ़ क्र रहे थे...

कुछ देर बाद मई सोनम क पास गया और उसका हाथ पकड़ केक क पास ले गया... हमेशा की तरह इस बार भी उसने केक मेरे हाथ पर हाथ रख काटा और सबसे पहले मुझे कीहलए... फिर आंटी माँ डैड एंड दी को....

उसके बाद हम सबने उसे गिफ्ट दिया लेकिन जब मेरी हारी आई तोह उसने वह बोल दिया जिसे सुन मई शॉकेड हो गया...

तो बे कंटिन्यू...
 
बाबा बाबा... क्या खु शुक्रिया काम है... तेरे लिए... खेर

कियारा और तृषा पार्टी में थी... वह तोह हमारा हीरो बिजी था इसलिए उनका सीन नहीं दे पाया...

रही बात सोनाली की... हे हे हे.. तोह वह सोनम को जानती है.. आप भी जल्द जान जाओगे.... की सोनम कितनी चुलबुली है...

सोनम ने क्या कह दिया वह तोह आज पता चल hi जाना है..

और रही बात आंटी की तोह उन्हें ढंग से मौका hi नहीं मिला बात करने का... वैसे यह सवाल सबके मन में है.. लेकिन उनको भरोषा था की अभी hi ठीक क्र सकता है तोह वो जायद रियेक्ट न की...

अभी सोनम को क्या बताना चाहता है यह सिर्फ अभी hi जानता है और.. रही बात जोकर के राज़ की तोह वह फ्लैशबैक अभी थोड़ा टाइम है...

शिवि का रोले जयादा बड़ा नहीं है स्टोरी में... इसलिए उसे स्पेस दे दिया मई... और बुआ मुझपर नहीं भाई अभी क पीछे पड़ी है... और वह वापस अपने सेहर लौट गई है... शिवि क साथ...

लेकिन जल्द hi कोई खुरापाती प्लान क साथ आएगी.. हे हे हे..

फ्लैशबैक बहुत मजेदार होगा.. प्लस अभी तोह कुछ मैजिक आया hi नहीं है.. रियल मैजिक अब आएगा.. तोह बने रहे और बहुत बहुत शुक्रिया....

सपोर्ट का तेरी बोलना hi बेकार है..

हे हे हे...
 
अपडेट... 54..

सामने से सोनम मेरी ड्रेस पहन क्र आ रही थी... ब्लैक ड्रेस मई वह बहुत hi क्यूट लग रही थी..... माँ आंटी दी सब उसकी तारीफ़ क्र रहे थे...

कुछ देर बाद मई सोनम क पास गया और उसका हाथ पकड़ केक क पास ले गया... हमेशा की तरह इस बार भी उसने केक मेरे हाथ पर हाथ रख काटा और सबसे पहले मुझे कीहलए... फिर आंटी माँ डैड एंड दी को....

उसके बाद हम सबने उसे गिफ्ट दिया लेकिन जब मेरी बारी आई तोह उसने वह बोल दिया जिसे सुन मई शॉकेड हो गया...

अब आगे...

सबलोग ने गिफ्ट देकर साइड हो गए.. मैंने भी आगे जाकर सोनम को माय फव कार गिफ्ट की जो डैड ने अभी मुझे दी थी... लेकिन सोनम ने उसे लेने से इंकार क्र दिया...

मई... अच्छा तोह बता तुझे क्या चाहिए मई वह दे दूंगा...

सोनम... ( खुश होकर ) प्रॉमिस....

आवाज.. भाई सोच ले...

मई ( मन मई) ... सोनम क लिए कुछ भी..

मई... पक्का प्रॉमिस अब बताओ क्या चाहिए....

सोनम... ( खुश होते हुए ) मई आज से यही रहना छाती हूँ आपके पास.... यही मेरा बर्थडे गिफ्ट है और आप मना नहीं क्र सकते..

मई तोह शॉकेड hi हो गया एक तरह से खुश भी था... लेकिन फिर सोनाली को देखा वह भी मुझे गुस्से में देख रही थी...

सोनाली.. ( मुँह बनाते हुए मन मई... अब भुगतो )

आवाज.. मैंने पहले hi खा था सोच ले...

सोनम... ( मुझे होश में लाते हुए ) खा खो गए... मई यह से कहि नहीं जाने वाली आपने प्रॉमिस किया है...

अब मई क्या बोलता उसकी बात मानने के सिवाय कोई रास्ता नहीं था...

मई.. अच्छा बाबा ठीक है...

सोनम ने जैसे hi यह सुना खुसी से उछलने लगी... और सबके सामने मेरी गॉड में छड्ड गई और मेरे दोनों गालों को चूम लिया..

उसकी यह हरकत देख सभी लोग हसने लगे...

आंटी.. ( गुस्से में ) हे भगवान् यह लड़की कब बड़ी होगी...

सोनम.. क्यों आपको कुछ प्रॉब्लम है... तोह आँखें बंद क्र लो मई तोह ऐसे hi रहूंगी...

और खिलखिला क्र हंस दी... साथ में बाकी सब भी हस्स दिए बड़े दिन बाद सब खुश थे... तभी मैंने देखा कियारा और तृषा मुझे hi देख रही है... मई उनके पास जाने को हुआ की सोनम ने भी मेरा हाथ पकड़ लिया... और मेरे साथ चल दी...

मई... ( अरे यार यह तोह पीछे पीछे चल दी... क्या कृ इसका )

मेरी मन की बात सिड सोनाली ने सुन ली थी... वह हमारे पास आ गई और दोनों को लेकर एक टेबल पर ले गई झा पहले से खाना लगा हुआ था... मई उसकी हरकत पर हल्का सा मुस्कुरा दिया... की तभी वह जाने को हुई तोह मैंने उसका हाथ पकड़ लिया...

मई... ( खा जा रही हो यह बैठो न प्लीज )

सोनाली ने एक नजर मुझे देखा फिर तृषा को कुछ इशारा क्र दिया.. और चुप चाप मेरे पास बैठ गई... मैंने पहला निवाला उसे खिलाया फिर सोनम को..

सोनम ने भी मुझे खिलाया पर सोनाली शांत hi रही बस मुझे देखती रही... वंही पास वाली टेबल पर कियारा और तृषा भी बैठ गई और दोनों मुझे hi देख रही थी की मैंने उनको देखा hi था की...

सोनम.. ( मेरे कान में ) भैया देखो वह लड़की कैसे aapko.ghoor rhi.hai...

मई.. ( हड़बड़ा के ) kk...on....

सोनम.. ( तृषा और कियरा की तरफ इशारा करते हुए ) वह जो सामने बैठी है...

मई असमंजस में फस्स गया क्या बोलू... की तभी आईडिया आया...

मई.. अरे यह तोह तृषा दी है... दी की फ्रेंड और वह उनकी बहिन है... कियारा..

सोनम.. ( शरारती लहजे में ) वैसे बड़ी hi खूबसूरत है... किसी एक को गफ क्यों नहीं बना लेते...

जिसे hi मैंने यह सुना मेरे मुँह में निवाला अटक गया... और मुझे खांसी आ गई..

सोनाली... ( Meri.trf पनि का गिलास बढ़ा मुस्कुराते हुए ) { यह तोह शुरुआत है बेतु }

सोनम.. क्या हुआ भैया....

मई.. कुछ नहीं..

और जल्दी जल्दी खाना ख़त्म क्र उठ गया... वह दोनों भी मेरे साथ hi उठ गई... धीरे धीरे सभी लोग जाने लगे.. मुझे मौका hi नहीं मिल पा रहा था तृषा और कियारा से बात करने का कुछ देर बाद वह भी चली गई... और जाते जाते एक नजर गुस्से से मुझे देखि...

मई माँ डैड और आंटी क पास चला गया कुछ देर उनसे बात करने क बाद अपने रूम में चला गया और फ्रेश होकर जैसे hi बहार आया सामने सोनम बीएड पर नाईट ड्रेस मि बैठी हुई मुझे देख मुस्कुरा रही थी...

मई.. ( लो अब दी से भी नहीं मिल पाउँगा )

आवाज... मैंने पहले hi खा था सोच ले...

सोनम... क्या सोचने लगते हो बार बार... जल्दी से आओ मुझे निन्नी आ रही है..

मई बिना कुछ बोले उसके पास पहुंच गया और बिस्तर पर लेत गया... वह भी मेरे ऊपर चढ़ गई और सीने पर सर रख सो गई... मैंने भी उसे बाँहों में कास लिया... कुछ देर ऐसे hi ख़ामोशी रही की तभी सोनम बोली...

सोनम... भैया वैसे मुझे भाभी बहुत पसंद आ गई...

मई... ( हड़बड़ाते हुए ) kk.on किसकी बात क्र rhi.ho..

सोनम... आपको पता है न आप मुझसे झूट नहीं बोल पाते मई.. तृषा दी की बात क्र रही हूँ... लेकिन एक बात मुझे समझ नहीं आई की उसकी बहिन आपको क्यों घूर रही थी...

मई.. ( lol बीटा लग गए तेरे तोह अब दे जवाब )

तो ने कंटिन्यू...
 
है है है... बिल्कुल भाई....

सही पकड़े हो आप...

कुछ बात क्लियर क्र दूँ.. अभी तृषा को कियारा क बारे में कुछ न पता....

और रही बात सोनम की तोह उसका आगे पता चल hi जायेगा और कुछ हद्द तक इस अपडेट मई....

और बाकी जवाब क लिए... माय नेक्स्ट अपडेट इस ों थे वे है... हे हे हे ..

वैरी वैरी... माय बीआरओ...
 
अपडेट.... 55..

सोनम... भैया वैसे मुझे भाभी बहुत पसंद आ गई...

मई... ( हड़बड़ाते हुए ) kk.on किसकी बात क्र rhi.ho..

सोनम... आपको पता है न आप मुझसे झूट नहीं बोल पाते मई.. तृषा दी की बात क्र रही हूँ... लेकिन एक बात मुझे समझ नहीं आई की उसकी बहिन आपको क्यों घूर रही थी...

मई.. ( lol बीटा लग गए तेरे तोह अब दे जवाब )

अब आगे...

मई सोनम से झूठ बोल नहीं सकता था इसलिए मैंने उसे सच बताना hi ठीक समझा...

मई.. ( एक गहरी सांस लेते हुए ) बेतु दरअसल बात यह है की...

फिर मैंने उसे पूरी कहानी बताई... जबसे मई दूर हुआ था उसके बाद से सब कुछ... मेरे घर से निकलने क बाद कैसे मई डेविल किंग थे जोकर बना... कैसे मई यह आया सोनाली , तृषा और कियारा की कहानी... नाईट स्पैरो क बारे मई भी.... ( सिवाय मौसी और शिवि क बारे में छोड़ क्र उसे मैंने बताना ठीक नहीं समझा )

सबकुछ बोल मई शांत हो उसको देखने लगा की क्या रियेक्ट करती लेकिन वह पता नहीं किश बात से खुश और दरी हुई थी...

दरी हुई सयद स्पैरो क बारे में जानकर हुई होगी लेकिन खुश क्यों हुई यह समझ नहीं आ रहा था...

जब काफी देर तक वह कुछ नहीं बोली तोह मैंने उसकी चेतना तोडना hi ठीक समझा और उसके होश में लाया...

मई.. ( सोनम को हिलाते हुए ) क्या हुआ सोना..

मेरे हिलने से सोना होश में आई और उसने एक नजर मुझपर डाली फिर जहर जहर क्र उसकी आँख से आंसूं गिरने लगे.. जिसे देख मेरा दिल पता नहीं क्यों घबरा गया और मैंने उसे कस क गले लगा लिया... और पता नहीं कैसे मेरी आँख में भी आंसू आ गए...

मई... ( रट हुए ) क्या हुआ सोना अगर कोई गलती हो गई तोह प्लीज मुझे मार ले पर.. यूँ रू मत तेरा रोना मुझसे बर्दास्त नहीं हो रहा...

सोनम.. ( रट हुए ) आपके साथ इतना कुछ हो गया.. और मुझे पता तक नहीं चला... क्यों चले गए थे आप.. न आप जाते न ऐसा कुछ होता..

मई... ( सोनम क आंसूं पोंछते हुए ) अब होनी को कोण बदल सकता है सोना... चल आंसूं पहोच जल्दी से...

सोनम... ( मेरे आंसू पांच मेरे सीने पर सर रखते हुए ) आप भी तोह रू रहे हो...

उसने यह बात इतनी मासूमियत से बोली की मुझे उसपर बेहद प्यार आया और मैंने आगे बढ़ उसके गाल पर किश क्र दी... जिससे वह भी मुस्कुरा दी और उसे खुश देख में भी मुस्कुरा दिया...

कुछ देर तक हम दोनों क बिच ख़ामोशी रही... सोनम कुछ सोच रही थी...

मई.. क्या हुआ सोना क्या सोच रही हो...

सोनम... कुछ नहीं बस ऐसे hi सोच रही थी अब तोह आपकी 3,3 बीवियां ह कहि आप मुझे भूल गए...

मई.. ( बच में hi उसके होठ और ऊँगली रखते हुए ) ऐसा इस जनम में कभी नहीं होगा...

.

फिर वह पता नहीं क्या सोच मुस्कुरा दी...

सोनम.. हम्म्म.. इतना प्यार करते हो...

मई... अपनी जान से जायदा..

सोनम.. ( खुश होते हुए ) सच..

मई.. मुछ चल अब सजा सुबह मुझे सोल्लगे भी जाना ह... और फिर तेरे लिए स्कूल भी तोह देखना ह..

.

उसके बाद सोनम कुछ नहीं बोली बस मुस्कुराती हुई कुछ सोचती रही लास्ट मेरे गाल पर किश क्र मेरे ऊपर hi सो गई... मई भी उसके बालों मई हाथ फेरता रहा जब तक मुझे यकीन नहीं हो गया की वह सो चुकी है...

मई धीरे से उसके निचे से निकल गया और सर तकिये पर रख जाने लगा की तभी मई अचानक रुक गया... सोते वक़्त भी उसने कस क्र मेरा हाथ पकड़ रखा था... उसकी इस हरकत से मई मुस्कुरा दिया... और धीरे से अपना हाथ छुड़ा उसके माथे और एक किश क्र दिया जिससे भी नींद ने महसूस क्र मुस्कुरा दी...

.

मई भी मुस्कुराता हुआ चल दिया झा मेरी जान मेरा इन्तजार क्र रही थी...

( नोट यह से में सोनाली को दी hi बोलै करूंगा... कुछ लोगो को कन्फूशन हो रही है इसलिए )

जैसे hi मई रूम में पहुंचा देखा दी बीएड पर लेती ह... और सिड थोड़ा गुस्से मई है जिसे देख मई वंही कान पकड़ बैठ गया...

मुझे ऐसा करता देख दी हलकी सी मुस्कुरा दी.. लेकिन तुरंत hi बनावटी गुस्सा दीखते हुए...

दी.. तोह जनाब को फुर्सत मिल hi गई... क्या जरूरत थी वंही सू जाते...

मई दी की बात सुन मुस्कुरा दिया और उनके पास पहुंचुका हाथ पकड़ बोलै..

" हमने जो की थी मोहब्बत वो आज भी है...

तेरे जुल्फों के साये की चाहत आज भी है,

रात कटती है आज भी ख्यालों में तेरे...

दीवानों सी मेरी वो हालत आज भी है,

किसी और के तसब्बुर को उठती नहीं..

बेईमान आँखों में थोड़ी सी शराफत आज भी है.... "

मेरी सायरी सुन दी खुश हो गई और मुझे बाहों में भर लिया और बोली...

" कितना प्यार है उनसे काश वो ये जान लें....

वह hi है जिंदगी मेरी ये बात मान लें.

उनको देने को नहीं कुछ पास हमारे...

बस एक जान है हमारी जब चाहे मांग लें... "

उनके इतना कहते hi मैंने अपने होंठ उनके होंठ पर रख दिए... उम्म्म्महहह बता नहीं सकता यह एहसास.. पहले तोह वह अचानक शॉक जो गई फिर धीरे धीरे खुद भी रेस्पोंद करने लगी.... जब उनको सांस लेने में दिक्क्त होने लगी तोह मैंने उन्हें खुद से अलग किया...

जब मेरे नजरे उनसे मिली... ह्ययययय दिल जोरो से धड़कने लगा... बता नहीं सकता उस वक़्त मुझे उस पर कितना प्यार आ रहा था... काली आंके बिखरे हुए बाल... ह्ययययय मेरा दिल तोह थमने का नाम hi नहीं ले रहा था...

यही हाल सिड दी का भी था देखते hi देखते एक बार फिर हमारे होंठ मिल गए.... और एक पार भरे किश क बाद हम अलग हुए वह ऐसे hi मेरे सीने पर सर रख लेत गई...

फिर कुछ देर बाद नार्मल होकर बोली मुझे देख बोली... ( शरमाते हुए ) बेतु तूने मेरा पूरा प्लान ख़राब क्र दिया.. क्या क्या सोचा था मैंने की तुमको परेशां करूंगी...

मई.. तोह अब क्र लो न रोका किसने है...

इतना बोल दी को बाँहों में कस लिया जिससे उनके बूब्स मेरे सीने में देव गए गए और उनके मुह्ह से हलकी दी आअह्हह्ह्ह्हह निकल गई..

मई.. ( मुस्कुरा क्र ) यह कैसे आवाज थी...

दी... ( सीने में मुक्के मारते हुए ) तू न बहुत बिगड़ गया है... जाओ मई तुमसे बात नहीं करती..

मई.. सॉरी न डीडू... अब क्या बच्ची की जान लोगी..

मैंने यह बात बिकुल बच्चे की आवाज में बोलै जिसे सुन दी खिलखिला क्र हसने लगी... मैंने भी उन्हें बाँहों में कस लिया और कब हम सो गए कुछ पता hi नहीं चला...

यह से कोसो दूर एक अनजान गृह पर एक आदमी तपस्या मई बैठा हुआ था... देखने से किसी साधू क जैसे दिख रहा था की तभी वह मुस्कुराता हुए उठ खड़ा हुआ....

है है है है है...

इतनी भयानक हसी थी की कोई कमजोर दिल वाला होता तोह उसको हार्ट अटैक hi आ जाता..

तो आखिर कार 'रक्षक' आ hi गया... इसका स्वागत तोह करना hi चाहिए...

और फिर कुछ मात्र पड़ता है...

यह मई अभी सोया hi था की मुझे एक आवाज सुनाई देती है...

" स्वागत नहीं करोगे हमारा "

तो बे कंटिन्यू...
 


अपडेट -- 56

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प्रीवियस --

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तो आखिर कार 'रक्षक' आ hi गया... इसका स्वागत तोह करना hi चाहिए...

और फिर कुछ मात्र पड़ता है...

यह मई अभी सोया hi था की मुझे एक आवाज सुनाई देती है...

"स्वागत नहीं करोगे हमारा"....


फॉरवर्ड --

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मैं: कोंण बोल रहा है...

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तभी एक धुंधली सी परछाई मुझे दिखाई दी...

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आदमी: है है है... तेरी मौत...

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मई: मुझे मारने वाला आज तक कोई पैदा नहीं हुआ... तू कोण से खेत का बैगन है...

.

आदमी: है है है... वह बैगन नहीं मूली होता है...

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मई:. कुछ भी हो तू टॉपिक चेंज न क्र... मुद्दे पर आ..

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आदमी: मुद्दे पर hi हूँ में... बच क रह रक्षक... अगर तूने मेरी बात नहीं मानी तोह मौत मेरे हाथों hi होगी..

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मई: कैसी बात और कोण हो तुम...

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आदमी: जल्द hi तुझसे मुलाकात होगी...

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मई: ी ऍम वेटिंग...

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इतना बोल वह परछाई गैब हो गई.. और मेरी नींद भी खुल गई... मैंने देखा अभी मई अपने रूम मई hi हूँ...

और दी भी मेरे पास hi बैठी हुई है... मई कुछ सोचता की..

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दी: ( घबराते हुए ) बेतु यह कोण था... कितना डरावना था मुझे तोह बहुत डर लग रहा..

और यह किश काम की बात क्र रहा था... अगर तुम्हे कुछ हो गया तोह....

नहीं नहीं चलो हम यह से कहि दूर चलते है...

मई: shant...shant डीडू... एक साथ इतने सवाल मुझे खुद नहीं पता वह कोण था...

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आवाज: वह शैडो था...

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मई और दी ( शॉकेड होकर ): क्या.. अब यह कोण ह...

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आवाज: वह एक महान योद्धा है जिसको... आजतक कोई नहीं हरा सका...

हर गृह पर उसके चर्चा है... उसने भी कई ग्रहों पर कब्ज़ा किया था लेकिन कभी किसी निर्दोष को नहीं मारा...

की तभी उसकी मुलाकात नील गृह की राजकुमारी से हुई... और उसे प्यार हो गया...

दोनों का प्रेम परवान चढ़ने लगा...

मौका देख दोनों ने विवाह भी क्र लिया... की तभी दोनों की जिंदगी में भूचाल आ गया...

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मई: कैसा भूचाल...

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आवाज: बता रहा हूँ बिच में न बोल...

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मई: ठीक है...

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आवाज: दोनों नील गृह पर अपनी जिंदिगी हसी खुशाल जी रहे थे की

एक दिन शैडो शिकार पर गया तभी उसकी मुलाकात एक तपस्वी से हुई...

वह तपस्वी एक पेड़ क निचे अपनी तपस्या में लीं थे...

उसने उन्हें परेशां न क्र साइड से जाना चाहा की तभी उनके रथ का पहिया टूट गया...

और उसकी लकड़ी सीधे जा क्र तपस्वी जी को लगी...

जिससे तपस्वी जी का ध्यान टूट गया और शैडो को अपने पास देख उसे गुन्हेगार समझ उनहोंने श्राप दे दिया....

की वह जिससे भी सबसे जायदा प्यार करेगा वह पत्थर का बन जायेगा...

यह सुनते hi शैडो सिध्दा उनके कदमो में जा गिरा और पूरा हाल बताया लेकिन...

निकला हुआ तीर वापस कैसे आ जाता...

यही हाल उसका हुआ... किन्तु तपस्वी जी ने उसे खा की तुम्हारी मदत मई नहीं सिर्फ रक्षक क्र सकता है...

उस दिन से वह तपस्या में बैठा तुम्हे खोज रहा था.. तुम जबतक छुपे रहे जबतक तुमने सोल पावर को हासिल न क्र लिया...

तुम्हारे उसे पते hi उसे तुम्हारा पता चल गया और यह आ गया...



मई: लेकिन मई क्या सहायता क्र सकता हूँ..

.

आवाज: यह तोह मुझे भी नहीं पता...

.

दी: बेतु मुझे तोह बहुत डर लग रहा है...

मई : समे डरना क्या

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दी: मई हूँ न वैसे भी वह सिर्फ सहायता लेने आया ह...

.

आवाज: बिकुल ठीक वह "रक्षक" यानी तुम्हे कोई नुक्सान नहीं पहुंचा सकता...

और तोह और तुम उससे युद्ध कला भी सीख सकते हो....

जो नाईट स्पैरो से लड़ने क लिए जरुरी है...

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मई: ( कुछ देर सोच क्र ) हम्म्म ठीक ह मई उसकी मदद करूंगा...

.

आवाज: हम्म यह हुई न बात...

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दी: ( गुस्से का नाटक करते हुए ) जाओ मेरी तोह सुनता hi नहीं ह... मई यह क्यू रुकू...

.

मई: ( दी को गले लगते हुए ) आप चाहते हो वही होगा...

.

दी: ( मुस्कुरा क्र ) तोह फिर मई भी तुम्हारे साथ जाउंगी....

.

मैंने इस बात का विरोध जताया लेकिन आपको पता hi है औरतों से कोण जीत सकता है..

तोह मई भी कोण से खेत का बैगन था... ओह्ह सॉरी मूली था.. मजबूरन मुझे उनकी बात माननी पड़ी...

वह बेहद खुश हो गई..

मैंने टाइम देखा तोह 5 बने वाले थे.. कुछ दिन से वर्कआउट नहीं किया तह इसलिए मई उठ क्र फ्रेश होने चला गया..

और वंहा से जॉगिंग...

अभी मई जॉगिंग क्र hi रहा था की किसी ने मुझे पीछे से पकड़ दिवार से लगा दिया... सामने वाले सेक्स को देख मई हल्का सा मुस्कुरा दिया...

लेकिन वह बिकुल खुश नहीं था और मुझे गुस्से में देख रहा था...

की तभी उसने वह किया जिसके लिए मई बिलकुल तैयार नहीं था...

उसने अपने होंठ मेरे होठो पर रख दिए... और वाइल्ड किश करना शुरू क्र दिया...

और बेतहाशा मेरे होठो को चूसने लगा.. कभी मेरे ऊपर क होठ को चुस्त कभी निचे क...

मैंने आस पास देखा कुछ लोग हममे देख रहे थे....

मैंने उसे अलग करने की कोशिश की लेकिन वह किसी कीमत पर मुझे छोड़ने को तैयार नहीं था...

स्थिति को देख मैंने भी अपने हथियार दाल दिए और किश मई उसका भरपूर साथ देने लगा...

उसने मेरे हाथ पकड़ अपनी कमर पर रख दिए मई भी उसकी कमर सहलाते हुए किश में मगन यह की

तभी...

बेतु.... तुम...



तो बे कॉन्टिनोएड....
 
अपडेट.. 57

मैंने आस पास देखा कुछ लोग हममे देख रहे थे.... मैंने उसे अलग करने की कोशिश की लेकिन वह किसी कीमत पर मुझे छोड़ने को तैयार नहीं था...

स्थिति को देख मैंने भी अपने हथियार दाल दिए और किश मई उसका भरपूर साथ देने लगा... उसने मेरे हाथ पकड़ अपनी कमर पर रख दिए मई भी उसकी कमर सहलाते हुए किश में मगन यह की तभी...

बेतु.... तुम...

अब आगे...

जैसे मैंने और उसने यह आवाज सुनी हम दोनों झट्ट से अलग हो उस तरफ देखने लगे.... सामने वाले शख्स को देख हम दोनों hi शॉकेड हो गए...

अननोन... बेतु तुम यह सब कब से चला रहा है...

मई.. ( घबराते हुए ) डैड वो.. मई वो...

डैड... ( गुस्से मई ) क्या वो मई वो मई लगा रखा है.... साफ़ साफ़ बताओ तुम दोनों मई यह सब कब से चालू है...

अब मई क्या बोलता मुझे तोह कुछ समझ hi नहीं आ रहा था... मैंने उसकी तरफ देखा तोह वह शर्मा रही थी... बेंच बहुत आग लगी थी न तुझे... इससे तोह मई बाद मई देख लूंगा... बूत डैड को बताऊ... तभी वह बोली...

वह... ( शरमाते हुए ) वह पापा सब अचानक hi हो गया... इसमें इनकी कोई गलती नहीं है...

उसकी बात सुन मई और शॉकेड हो गया... अभी मई उसे घूर hi रहा था की वह मुझे देख हलकी सी मुस्कुरा दी... मई समझ गया यह सब इसकी चाल है..

डैड... तुम्हारी कोई गलती नहीं है तृषा बेटी.. यह इस नालायक ने किया है मुझे पता है... तुम इसका दोष मत लो मैंने खुद देखा किऐसे यह अपनी... तू घर चल आज... तेरी खबर लेता हूँ...

( जी हम यह और कोई नहीं तृषा hi थी lol... अपने हीरो क लवडे लग गए.. )

तृषा.. ( मस्सों सा चेरा बना क्र ) पापा आप इनको दांतो मत प्लीज...

डैड.. ( नरमी से ) नहीं बेटी मई खा दांत रहा हूँ... ( फिर मुझसे ) तू घर आ मुझे तुझसे बात करनी है..

मई.. ( रूखर स्वर मई ) ok डैड...

इतना सुन डैड ने एक बार तृषा क सर पर हाथ फेरा और मुझे एक नजर गुस्से वाली दाल क्र चले गए....

जैसे hi डैड गए मैंने तृषा की तरफ देखा लेकिन यह क्या... वह तोह गैब हो गई मई उससे इधर उधर ढूंढ़ने लगा की तभी मैंने एक झाडी क पीछे उसे देखा...

मई धीरे धीरे उस तरफ बढ़ने लगा.. तरसिह ने जैसे hi मुझे अपने करीब आते देखा तुरंत उठ क्र भागने लगी यह देख मई भी भागने लगा... हम दोनों एक दूसरे में इतने मशगूल हो गए की आस पास के लोग को नोटिस hi नहीं किया...

भागते भागते अचानक उसके सामने दिवार आ गई उसने एक नजर पलट क्र देखा मुझे देख वह दूसरी दिशा मई भागने लगी लेकिन मई तुरंत उसके सामने खड़ा हो गया.... और आगे बढ़ उसे पकड़ लिया.. वह मुझसे छूटने की कोशिश करने लगी की तभी मैंने उसका एक हाथ मरोड़ क्र पीछे क्र दिया...

तृषा... ( दर्द मई ) ाऊयचह छोड़ दो मुझे...

मई.. ऐसे कैसे छोड़ दूँ.. अभी तोह पापा क सामने बहुत बोल रही थी...

तृषा... आउउउ दर्द हो रहा है छोड़ दो न...

मई... अभी खा दर्द हुआ है... दर्द तोह अभी होगा...

वह कुछ बोलती उससे पहले मैंने उसके होठ अपने होंठ मई बंद क्र दिए और स्मूच करने लगा.. ढर्रे धीरे वह भी मेरा साथ देने लगी तभी मैंने उसके ऊपरी होठ को अपने दांतो मई ले काट लिया...

उसके मुह्ह से हलकी सी आठ निकल गई लेकिन मैंने उसे नहीं छोड़ा यही हाल मैंने निचे वाले होठ के साथ भी किया... उसके होंठ से खून निकलने लगा... उसे हल्का सा दर्द होने लगा और उसकी आँख से आंसूं निकल आये...

उसके आंसूं देख मेरे दिल मई दर्द उठ गया और मस्ती छोड़ उसके होंठ चूसने लगा धीरे धीरे दोनों होठ चूस क्र जैसे hi मैंने उसकी तरफ देखा मेरा दिल खिल उठा...

IMG-20190119-WA0066.jpg


उसने ऐसे नजर से मुझे द्ख हैयय मेरा दिल तोह वही घायल हो गया.. और मैंने उसे छोड़ अपने दिल पर हाथ रख लिया... और वही पीछे की तरफ गिर पड़ा.. मुझे ऐसा करते देख वह खिल खिला क्र हस्स पड़ी... और मेरी बाहों में आ गई.. मैंने भी इसे सीने से लगा लिया... कुछ देर बाद अलग क्र..

मई.. ( उसकी बालों की लत को पीछे करते हुए ) क्यों किया तुमने ऐसा...

तृषा.. तोह क्या करती मई आप hi बताओ... कब तक हम छुपाते सब एक न एक दिन तोह पता चल hi जाना था तोह आज क्यों नहीं... पता ह कल मुझे कितना बुरा लगा...

मई.. मई समझता हूँ त्रिषु... चल छोड़ो जो होगा देखा जायेगा...

अभी मई कुछ और बात करता की तभी माँ का कॉल आ गया और मुझे तुरंत घर बुलाया गया... मैंने भी खुद को आने वाले तूफ़ान क लिए तैयार किया और तृषा को bye बोल घर निकल लिया...

वही दूसरी तरफ...

डैड जैसे hi घर पहुंचे उस वक़्त माँ नास्ता बना रही थी... डैड ने माँ को 2 मं बात करने का बोल रूम में बुलाया...

माँ.. क्या है मेरा बीटा आता hi होगा और अभी तक नास्ता रेडी नहीं है... और आप इतनी जल्दी कैसे...

डैड.. उसी क बारे मई बात करनी है भगवान्.. और एक दिन वह नालायक नास्ता नहीं करेगा तोह कोई केहर नहीं टूट जायेगा..

माँ.. ( गुस्से मई ) ाचा ऐसा है तोह ठीक है आज आपका ब्रेकफास्ट नहीं मिलेगा..

डैड.. ( नरमी से ) अरे मई तोह ंजक क्र रहा था...

माँ.. लेकिन मई नहीं.. अब जल्दी बताओ क्या हुआ मुझे और भी काम है..

डैड... वह मैंने अभी उसे पार्क मई देखा...

माँ.. आपने यह बात बताने क लिए मुझे यह बुलाया है.. ठीक है आपको लंच भी नहीं मिलेगा...

डैड.. मेरी पूरी बात तोह सुनो.. मैंने उसे पार्क में देखा बहु क साथ..

माँ... अब तोह आपको डिनर भी नहीं मिलेगा... ककी अभी मई खुद सोनू को उठा क्र आई हूँ...

डैड... वह नहीं तुम्हारी दूसरी बहु..

माँ... ( शॉकेड ) क्या...

डैड... हाँ...

माँ.. लेकिन आप इतने यकीन से कैसे कह सकते है की वह बहु hi है...

डैड.. कुकी वह दोनों.. फिर डैड ने जोह भी पार्क में देखा वह सब माँ को बता दिया...

माँ... आने दो बेतु को उसको तोह मई देखती हूँ.. क्या सोनू को इस बारे मई पता है...

डैड... यह तोह वह hi बता सकता है...

माँ.. आप रहने दो मई hi उससे बात करती हूँ...

उसके बाद माँ ने मुझे कॉल क्र घर बुला लिया... मई भी धड़कते दिल के साथ घर एंटर हुआ... मैंने हाल में देखा मुझे कोई नहीं दिखा मई धीरे धीरे ऊपर जाने लगा की तभी...

बेतु इधर आ...

तो बे कॉन्टिनोएड...
 
भाई लोग.. क्या बताऊ सॉरी कहना हर बार फिर वही हरकत...

अब क्या कहु कुछ समझ नहीं आ रहा बूत प्रॉब्लम ह बतानी पड़ेगी hi...

मेरा फ़ोन क्रैश हो गया ह... 4,5 बार अपडेट लिखने की कोशिश क्र चूका बूत हर बार बहार फेंक देता ह और डाटा भी डिलीट हो जाता ह...

कल hi मैंने 3 बार तरय किया बूत नथिंग रिजल्ट... एक बार आधे से जायदा अपडेट लिख लिया बूत मोबाइल फिर अपनी माँ...

लो एक बार फिर बहार फेंक दिया जब यह लिख रहा था... बहुत गुस्सा आ रहा ह...

छोड़ो में नई hi लेने वाला हूँ... जो की 5 फेब को रिलीज़ हो रहा ह....

तबतक बोलना तोह नहीं चाह रहा बूत सॉरी... मई कुछ नहीं क्र पा रहा...
 
ही गाइस...

सॉरी य्र्र कुछ जयादा hi लेट हो गया..

बूत ी प्रॉमिस वापस जरूर आऊंगा. और स्टोरी इन्कम्प्लीट नहीं छोडूंगा सो हेरे वे जो ी ऍम बैक...

सॉरी दोस्तों मेरे फाइनल ईयर क पेपर्स थे एंड आफ्टर तहत माय ग्रैंडमदर है बीन एक्सपीरेड सो उसी में बिजी था...

कल hi फ्री हुआ हूँ और थ्रेड पर आया तोह देखा बहुत लोग मुझसे नाराज है.. सॉरी दोस्तों ी होप आप समझ सकते है यह चीज़ कितनी इम्पोर्टेन्ट है...

मई चाहता तोह डायरेक्ट अपडेट दे देता बूत यू अरे माय सेकंड फॅमिली मेंबर्स.. ी लव यू आल.. जो लोग भी मेरी धड़कन से जुड़े रहे रहले hi कुछ नेगेटिव कमैंट्स आये बूत वह भी इस स्टोरी हो बहुत प्यार है.. एंड ट्रस्ट में ी मिस यू ा लोट गाइस...

सो बैक तो स्टोरी... अपडेट जल्द hi स्टार्ट क्र दूंगा सोच रहा हूँ 3,4 दिन के लिए बैक उप भी लिख लून क्या पता कहि फस्स गया और अपडेट न दे पौन तोह बैक उप रहेगा...

अगेन थैंक यू सो मच...

#अभयसमर्त्य..
 
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