Dhadkan ( Fallen love ) { Incest , Suspense , Thrill , Romance , Magic } - Page 9 - SexBaba
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Dhadkan ( Fallen love ) { Incest , Suspense , Thrill , Romance , Magic }

प्रीवियस...

मैंने आस पास देखा कुछ लोग हममे देख रहे थे.... मैंने उसे अलग करने की कोशिश की लेकिन वह किसी कीमत पर मुझे छोड़ने को तैयार नहीं था...

स्थिति को देख मैंने भी अपने हथियार दाल दिए और किश मई उसका भरपूर साथ देने लगा... उसने मेरे हाथ पकड़ अपनी कमर पर रख दिए मई भी उसकी कमर सहलाते हुए किश में मगन यह की तभी...

बेतु.... तुम...

अब आगे...

जैसे मैंने और उसने यह आवाज सुनी हम दोनों झट्ट से अलग हो उस तरफ देखने लगे.... सामने वाले शख्स को देख हम दोनों hi शॉकेड हो गए...

अननोन... बेतु तुम यह सब कब से चला रहा है...

मई.. ( घबराते हुए ) डैड वो.. मई वो...

डैड... ( गुस्से मई ) क्या वो मई वो मई लगा रखा है.... साफ़ साफ़ बताओ तुम दोनों मई यह सब कब से चालू है...

अब मई क्या बोलता मुझे तोह कुछ समझ hi नहीं आ रहा था... मैंने उसकी तरफ देखा तोह वह शर्मा रही थी... बेंच बहुत आग लगी थी न तुझे... इससे तोह मई बाद मई देख लूंगा... बूत डैड को बताऊ... तभी वह बोली...

वह... ( शरमाते हुए ) वह पापा सब अचानक hi हो गया... इसमें इनकी कोई गलती नहीं है...

उसकी बात सुन मई और शॉकेड हो गया... अभी मई उसे घूर hi रहा था की वह मुझे देख हलकी सी मुस्कुरा दी... मई समझ गया यह सब इसकी चाल है..

डैड... तुम्हारी कोई गलती नहीं है तृषा बेटी.. यह इस नालायक ने किया है मुझे पता है... तुम इसका दोष मत लो मैंने खुद देखा किऐसे यह अपनी... तू घर चल आज... तेरी खबर लेता हूँ...

( जी हम यह और कोई नहीं तृषा hi थी lol... अपने हीरो क लवडे लग गए.. )

तृषा.. ( मस्सों सा चेरा बना क्र ) पापा आप इनको दांतो मत प्लीज...

डैड.. ( नरमी से ) नहीं बेटी मई खा दांत रहा हूँ... ( फिर मुझसे ) तू घर आ मुझे तुझसे बात करनी है..

मई.. ( रूखर स्वर मई ) ok डैड...

इतना सुन डैड ने एक बार तृषा क सर पर हाथ फेरा और मुझे एक नजर गुस्से वाली दाल क्र चले गए....

जैसे hi डैड गए मैंने तृषा की तरफ देखा लेकिन यह क्या... वह तोह गैब हो गई मई उससे इधर उधर ढूंढ़ने लगा की तभी मैंने एक झाडी क पीछे उसे देखा...

मई धीरे धीरे उस तरफ बढ़ने लगा.. तरसिह ने जैसे hi मुझे अपने करीब आते देखा तुरंत उठ क्र भागने लगी यह देख मई भी भागने लगा... हम दोनों एक दूसरे में इतने मशगूल हो गए की आस पास के लोग को नोटिस hi नहीं किया...

भागते भागते अचानक उसके सामने दिवार आ गई उसने एक नजर पलट क्र देखा मुझे देख वह दूसरी दिशा मई भागने लगी लेकिन मई तुरंत उसके सामने खड़ा हो गया.... और आगे बढ़ उसे पकड़ लिया.. वह मुझसे छूटने की कोशिश करने लगी की तभी मैंने उसका एक हाथ मरोड़ क्र पीछे क्र दिया...

तृषा... ( दर्द मई ) ाऊयचह छोड़ दो मुझे...

मई.. ऐसे कैसे छोड़ दूँ.. अभी तोह पापा क सामने बहुत बोल रही थी...

तृषा... आउउउ दर्द हो रहा है छोड़ दो न...

मई... अभी खा दर्द हुआ है... दर्द तोह अभी होगा...

वह कुछ बोलती उससे पहले मैंने उसके होठ अपने होंठ मई बंद क्र दिए और स्मूच करने लगा.. ढर्रे धीरे वह भी मेरा साथ देने लगी तभी मैंने उसके ऊपरी होठ को अपने दांतो मई ले काट लिया...

उसके मुह्ह से हलकी सी आठ निकल गई लेकिन मैंने उसे नहीं छोड़ा यही हाल मैंने निचे वाले होठ के साथ भी किया... उसके होंठ से खून निकलने लगा... उसे हल्का सा दर्द होने लगा और उसकी आँख से आंसूं निकल आये...

उसके आंसूं देख मेरे दिल मई दर्द उठ गया और मस्ती छोड़ उसके होंठ चूसने लगा धीरे धीरे दोनों होठ चूस क्र जैसे hi मैंने उसकी तरफ देखा मेरा दिल खिल उठा...

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उसने ऐसे नजर से मुझे द्ख हैयय मेरा दिल तोह वही घायल हो गया.. और मैंने उसे छोड़ अपने दिल पर हाथ रख लिया... और वही पीछे की तरफ गिर पड़ा.. मुझे ऐसा करते देख वह खिल खिला क्र हस्स पड़ी... और मेरी बाहों में आ गई.. मैंने भी इसे सीने से लगा लिया... कुछ देर बाद अलग क्र..

मई.. ( उसकी बालों की लत को पीछे करते हुए ) क्यों किया तुमने ऐसा...

तृषा.. तोह क्या करती मई आप hi बताओ... कब तक हम छुपाते सब एक न एक दिन तोह पता चल hi जाना था तोह आज क्यों नहीं... पता ह कल मुझे कितना बुरा लगा...

मई.. मई समझता हूँ त्रिषु... चल छोड़ो जो होगा देखा जायेगा...

अभी मई कुछ और बात करता की तभी माँ का कॉल आ गया और मुझे तुरंत घर बुलाया गया... मैंने भी खुद को आने वाले तूफ़ान क लिए तैयार किया और तृषा को bye बोल घर निकल लिया...

वही दूसरी तरफ...

डैड जैसे hi घर पहुंचे उस वक़्त माँ नास्ता बना रही थी... डैड ने माँ को 2 मं बात करने का बोल रूम में बुलाया...

माँ.. क्या है मेरा बीटा आता hi होगा और अभी तक नास्ता रेडी नहीं है... और आप इतनी जल्दी कैसे...

डैड.. उसी क बारे मई बात करनी है भगवान्.. और एक दिन वह नालायक नास्ता नहीं करेगा तोह कोई केहर नहीं टूट जायेगा..

माँ.. ( गुस्से मई ) ाचा ऐसा है तोह ठीक है आज आपका ब्रेकफास्ट नहीं मिलेगा..

डैड.. ( नरमी से ) अरे मई तोह ंजक क्र रहा था...

माँ.. लेकिन मई नहीं.. अब जल्दी बताओ क्या हुआ मुझे और भी काम है..

डैड... वह मैंने अभी उसे पार्क मई देखा...

माँ.. आपने यह बात बताने क लिए मुझे यह बुलाया है.. ठीक है आपको लंच भी नहीं मिलेगा...

डैड.. मेरी पूरी बात तोह सुनो.. मैंने उसे पार्क में देखा बहु क साथ..

माँ... अब तोह आपको डिनर भी नहीं मिलेगा... ककी अभी मई खुद सोनू को उठा क्र आई हूँ...

डैड... वह नहीं तुम्हारी दूसरी बहु..

माँ... ( शॉकेड ) क्या...

डैड... हाँ...

माँ.. लेकिन आप इतने यकीन से कैसे कह सकते है की वह बहु hi है...

डैड.. कुकी वह दोनों.. फिर डैड ने जोह भी पार्क में देखा वह सब माँ को बता दिया...

माँ... आने दो बेतु को उसको तोह मई देखती हूँ.. क्या सोनू को इस बारे मई पता है...

डैड... यह तोह वह hi बता सकता है...

माँ.. आप रहने दो मई hi उससे बात करती हूँ...

उसके बाद माँ ने मुझे कॉल क्र घर बुला लिया... मई भी धड़कते दिल के साथ घर एंटर हुआ... मैंने हाल में देखा मुझे कोई नहीं दिखा मई धीरे धीरे ऊपर जाने लगा की तभी...

बेतु इधर आ...

तो बे कॉन्टिनोएड...
 
अपडेट... 58..



माँ.. आप रहने दो मई hi उससे बात करती हूँ...

उसके बाद माँ ने मुझे कॉल क्र घर बुला लिया... मई भी धड़कते दिल के साथ घर एंटर हुआ... मैंने हॉल में देखा मुझे कोई नहीं दिखा मई धीरे धीरे ऊपर जाने लगा की तभी...

अब आगे..

मई.. ( लग गए तेरे तोह ) जी.. जी.. माँ.. आपने बुलाया..

माँ.. ( मेरे करीब आ क्र ) खा भाग रहा था...

मई... कहि नहीं मई तोह आपको hi धुंध रहा था..

माँ.. ऊपर...

मई क्या बोलू कुछ समझ नहीं आ रहा था...

माँ... वह सब छोड़ो मेरे रूम में आओ मुझे तुमसे बात करनी है...

मई... जी बोलकर उनके पीछे पीछे चल दिया.. एक नजर पीछे देखा तोह दी मुझे hi देख रही थी..

दी.. ( फ़िक्र मत बेतु सब ठीक हो जायेगा ) और एक स्माइल क्र दी...

मैंने उनको देख दो तीन लम्बी लम्बी साँसे ली और पलट क्र चल दिया माँ क पीछे..

रूम में पहुंच क्र देखा माँ और डैड दोनों hi बैठे हुए... उनको देख मेरी सच में फट रही थी.. डैड मेरी हालत देख मुस्कुरा रहे थे वंही माँ गुस्से से मुझे देख रही थी..

आवाज.. भाई में कुछ कृ क्या..

मई.. ( नहीं यर एक न एक दिन तोह बताना hi है तोह आज hi क्यों नहीं.. )

माँ... बेतु क्या तुम्हरे डैड बता रहे है वह सच है..

मई.. ( निच्चे ग्रँड क्र ) हाँ माँ वह सब सच है...

मेरी बात सुन माँ थोड़ा उदास हो गई और बोली... क्या सोनू को इस बारे में पता है..

मई माँ की बात सुन खुश हो गया इसका मतलव माँ मुझसे गुस्सा नहीं ह वह दी क लिए परेशान है..

मई.. हाँ माँ उन्हें सबके बारे में पता है.. ( बस यह क्या बोल दिया )

माँ और डैड.. ( चौंक क्र ) कियाआ ? सबके मतलव..

आवाज... मई ी हेल्प यू..

मई.. No..

मई... हाँ माँ आपकी एक नहीं 3 बहु है..

मेरी बात सुन माँ डैड शॉकेड हो गए...

आवाज.. 3 नहीं 7..

इस बार शॉकेड होने की बारी मेरी थी... मई जोर से बोल उठा... क्याआआ...

आवाज... हैं वक़्त आने पर सब पता चल जायेगा...

डैड.. क्या हुआ शॉक हममे लगा है तोह तेरे चेहरे पर क्यों 12 बजे है..

मई... कक्कुक नन्ही.. डैड..

माँ.. ( मेरे कान खिंच क्र ) सोनू तृषा अब यह तीसरी कोण है जल्दी बता...

अभी मई शॉक से बहार hi नहीं निकला था की माँ की बात सुन फिर सोच में पड़ गया मगर फिर कुछ सोच क्र मुस्कुरा दिया..

माँ... ( गुस्से में ) बोलता क्यों नहीं...

मई... ोूछह माँ कान तोह छोड़ो तभी तोह बताऊंगा...

फिर मैंने माँ डैड को कियारा और तृषा के बारे में सब कुछ सच सच बता दिया.. जिसे सुन्न माँ की आँखों में आँशु आ गए वंही डैड ने आगे बढ़ मुझे गले लगा लिया...

वंही कोई और भी गेट क बहार हमारी बातें सुन रहा था... और पता नहीं कुछ सोच क्र मुस्कुरा रहा था.. जिसका मुझे बाद में पता चला... खेर...

डैड... ( खुश होते हुए ) ी ऍम सो प्राउड ऑफ़ यू माय सोन... सू प्राउड... मुझे फक्र ह मेरे बेटे पे तूने जो किया ठीक किया...

मई... थैंक्स डैड... जो आपने मुझे समझा...

माँ ने भी आगे बढ़ मुझे गले लगा लिया.... कुछ देर उनसे बात क्र चल दिया में अपने रूम... तैयार होने... बहुत दिन हो गए कॉलेज नहीं गया था ऊपर से कल क बाद कियारा को भी मानना है...

इसीलिए मैंने अपने सेक्रेटरी को फ़ोन क्र उसको कुछ इंस्ट्रक्शंस दिए और दिया अपने रूम...

लेकिन मई अपने रूम पहुंचता उससे पहले किसी ने मेरा हाथ पकड़ के अपने रूम में खिंच लिया... मई संभल पता उससे पहले मेरे होंठो पर अपने होंठ रख दिये...

मई शॉकेड हो उसे देखता ढह गया... और वह कॉन्टिनुएस मेरे होंठो को चूमे जा रही थी... मेरे नीचे वाले होंठ पर दांत क निशाँ तक बना दिए जिससे मेरे मुह्ह से हलकी सी आअह्ह्ह निकल गई...

लेकिन वह नहीं रुकी... जब उन्हें सांस लेने में तकलीफ हुई तब जाकर मुझे अलग किया...

मई तोह बूथ की तरह उन्हें देखता hi रह गया लेकिन उन्होंने शर्मा क्र अपने चेहरा दूसरी तरफ क्र लिया...

अब मई थोड़ा सम्भल गया था और उन्हें देख मुस्कुराने लगा...

उनकी हालत देख मुझे बहुत प्यार आ रहा था और मैंने पीछे से जाकर उन्हें बाहों में भर लिया और हलके से उनके गर्दन पर किश जिससे एक बार पलट क्र उन्होंने मेरी तरफ देखा और वैसे hi खड़े खड़े अपना सर मेरे कंधे से टिका दिया...

मई... यीह सब क्या था दी...

सोनाली... ( धीमे से मेरे कान में ) फंतासी...

मई कुछ रियेक्ट क्र पाटा उससे पहले हस्स क्र मुझे धक्का दे बाथरूम में भाग गई... और मई मुस्कुराता हुआ अपने कमरे मई आ गया... इस बात से बेखबर की कोई मुझे यह भी देख रहा था... वह कोण है नेक्स्ट अपडेट मई पता चल hi जायेगा...

तो बे कॉन्टिनोएड....

 
अपडेट.. 59



मई कुछ रियेक्ट क्र पाटा उससे पहले हस्स क्र मुझे धक्का दे बाथरूम में भाग गई... और मई मुस्कुराता हुआ अपने कमरे मई आ गया... इस बात से बेखबर की कोई मुझे यह भी देख रहा था...

अब आगे...

जैसे hi मई अपने रूम में पहुंचा तोह देखा सोनम बीएड पर बैठी मुस्कुरा रही है जैसे hi उसकी नजर मुझपर पड़ी..

जल्दी से उठ क्र मेरे पास आई और मेरे गले मई हाथ दाल गॉड में बन्दर की तरह लिप्त गई...

मुझे उसकी इस ऐडा पर बहुत प्यार आया और मैंने भी उसे गले लगा लिया और दोनों गालों पर किश क्र दिया.. उसने भी मेरे गालो पर किश किया फिर चाटने लगी..

मई... ( मुस्कुरा क्र ) क्या हुआ आज मेरा सोना बहुत खुश ह...

सोनम कुछ नहीं बोली बस मुस्कुरा क्र मेरे गले लगी रही.. फिर कुछ देर बाद अलग हो क्र..

सोनम.. तय भैया..

मई... तय किश लिए...

सोनम... मुझे अपने पास रखने क liye...pta है मैंने आपको कितना मिस किया पर अपने एक बार फ़ोन तक नहीं किया... क्या इतना hi प्यार करते थे मुझसे... अगर दुबारा माँ आपसे गुस्सा हो गई तोह आप मुझे छोड़ क्र चले जाओगे.. ( यह बात कहते कहते उसकी आँख में आंसू आ गए )

मई उसकी सुन्न सोच में पड़ गया सोनम कह तोह बिल्कुल ठीक hi रही है... एक नजर उसको देखा वह अभी भी रो रही थी मैंने आगे बढ़ उसे गले लगा लिया... फिर अलग क्र..

मई... सोना ी ऍम सॉरी देख कान पकड़ रहा हूँ बास इस बार मुझे माफ़ क्र de...tu बोल तोह मुर्गा बन जॉन... देख मई बांग भी मार लेता हूँ... कुकदुकूओ.. कुकदुकूओ...

मेरी बात सुन सोनम खिल खिला क्र हसने लगी मई कुछ देर उसको यूँ hi देखता रहा जब उसने हसना बंद किया मुझे अपनी तरफ देखता पाया तोह थोड़ा शर्मा गई...

सोनम.. ऐसे क्या देख रहे हो भैया...

मई.. यही देख रहा हूँ की मेरी सोना हस्ते हुए कितनी पारी लगती मन करता ह सीने से लगा लून...

सोनम.. ( शर्मा क्र ) तोह लगा लो न रोका किसने ह..

मैंने आगे बढ़ सोनम को गले लगा लिया.... की तभी...

सोनाली... अगर प्यार हो गया हो तोह तैयार हो जाओ आज कॉलेज नहीं जाना....

मई कुछ नहीं बोलै और सोनम को अलग क्र शाम को मिलने का बोल चल दिया बाथरूम फ्रेश हो क्र तैयार हुआ और निचे पहुंचा झा सभी बैठे नास्ता क्र रहे थे मई सबको गुड़ मरंग बोल अपनी चेयर पर बैठ गया मेरी जान क पसस...

सोनम ने एक बार मुझे देखा जैसे कुछ कहना चाहती हो फिर गर्दन निचे क्र ली..

मई.. ( इशारों से ) क्या हुआ..

सोनम.. कुछ नहीं.. फिर गर्दन निचे क्र नास्ता करने लगी..

मैंने भी जयादा ध्यान न देते हुए.. दी को अपने हाथ से खिलने लगा वह भी मुझे खिला रही थी.. एक नजर सोनम की तरफ वह मुझे hi देख रही थी..

मैंने एक निवाला उसकी तरफ भी बढ़ा दिया... वो जैसे इसी पल का इन्तजार क्र रही थी.. झट से मुँह खोल क्र खा लिया... जिसे देख हम सबके चेहरे पर मुस्कान आ गई... वंही आंटी की आँखों में आंसू... ( ख़ुशी क )

उन्होंने मेरे सर पर हाथ फेरा फिर मेरा माथा चूम चली गई अपने रूम में...

मई भी नास्ता क्र माँ डैड और सोनम को bye बोल निकल पड़ा कॉलेज क लिए....

रस्ते मई मैंने दी तरफ देखता रहा पर वह शर्मा रही मई गाडी रोकी...

मई.. क्या हुआ दी ऐसे क्यों बैठे हो ाचे से बैठो न..

दी कुछ नहीं बोली बस अपना सर मेरे कंधे पर रख दिया और आँखे बंद क्र ली...

मई.. ( माथे पर किश क्र ) अभी इतना शर्मा रही हो जब वह होगा तब क्या करोगे...

मेरी बात सुन दी का चेहरा और लाल पड़ गया और उन्होंने मेरे सेने पर 3,4 मुक्के मार दिए... और मुझे कस क हुग क्र लिया...

मैंने उनका चेहरा ऊपर किया उनके होंठो पर अपने होंठ रख दिए और शुरू हो गया हमारा किश जो जयादा लब्म नहीं चला मई उनको खुद से अलग किया और गाडी स्टार्ट क्र चल दिया कॉलेज पर मुझे क्या पता था की कॉलेज मई एक और मुसीबत मेरा इन्तजार क्र रही थी...

मई जैसे hi सोल्लगे मई पहुंचा अभी गाडी पार्क क्र बहार निकला hi था की कोई पास आ गले लग गया....

मैंने जब उसे गौर से देखा तोह वह सुनैना थी.... ( सुनैना तोह याद होगी hi आपको... यह वही लड़की है जो अभी की कार क साथ पिछ ले रही थी )

मई.. क्या हुआ सुनैना तू ठीक तोह है...

सुनैना... मई तोह ठीक हूँ मगर तुम कैसे हो... सुना था की तुम्हे किसी ने मारने की कोशिश की...

मई... मई बिल्कुल ठीक हूँ यह देख ले तेरे सामने तोह खड़ा हूँ.. वैसे भी मुझे मारने वाला कोई पैदा नहीं हुआ...

सुनैना... ( मुस्कुरा क्र ) वह तोह है...

अभी हम बात क्र hi रहे थे की तृषा कियारा भी वंहा आ पहुंची... दोनों क चेहरे पर अलग अलग एक्सप्रेशन थे.. एक तरफ तृषा डर रही थी वंही कियारा कुछ उदास सी थी...

सोनाली... ( मन मई ) बहुत उदास है वह... उसे बता क्यों नहीं देते..

मई.. ( मन मई ) अभी नहीं शाम को सरप्राइज दूंगा...

मैंने कियारा को ही बोलै उसने भी एक फीका सा ही बोल दिया उसके ही से hi मुझे उसके लिए बहुत बुरा फील हो रहा था...

फिर मैंने तृषा की तरफ देखा तोह वह मुझसे नजरे चुरा रही थी अभी हमारी क्लास स्टार्ट होने में 15 मं थे सो मैंने सबको लेके कॉफ़ी शॉप गया वंहा हम सावन कॉफ़ी उसके बाद मई और कियारा चल दिए क्लास झा एक और सरप्राइज मेरा इंतजार क्र रहा था...

तो बे कॉन्टिनोएड...
 
अरे भाई भाई... आप तोह अन्तर्यामी निकले मैंने इस बारे नहीं सोचा था लेकिन हाँ मेरी 3 गफ स नाम से hi स्टार्ट हुई थी बूत इससे उसका कनेक्शन नहीं सोचा था आपने तोह मेरी आँखे खोल दी...

जोक्स ा part बहुत बहुत शुक्रिया... आपका कन्फूसे न हो... सोनाली को सोनू बोलते है और सोनम को सोना... ...

कियारा का पता तोह नेक्स्ट अपडेट मई चल जायेगा... हे हे हे...

अपडेट ों पेज 195
 
Hi दोस्तों कैसे हो....

ी होप आप सब ठीक hi होंगे...

सो फर्स्ट ऑफ़ आल ी ऍम रियली रियली सॉरी...

मई अपडेट नहीं दे पाया....

कुछ फॅमिली रेअसोंस और पर्सनल प्रोब्लेम्स की वजह से साइट चोर क्र जाना पड़ा...

एंड 6 मोनथस हो गए समथिंग ी क्नोव दोस्तों कैसा फील होता है... बूत हाँ मैंने पहले भी खा था की कुछ भू हो... यह स्टोरी मई कम्पलीट करके hi बंद करूंगा... सो हेरे ी ऍम...

बस मुझे थोड़ा टाइम और सपोर्ट देदो... एक बार फिर से... प्लाट एंड स्टोरी को समझने क लिए की खान मैंने छोरा था.. जिससे मई वंही से स्टार्ट क्र सकू...

बस 10 दिन और मेरी खातिर...

#keep_loving..

#keep_supporting...

#Ak_smarty..
 
ही दोस्तों कैसे हो.. ी होप आप सब ठीक होंगे... जैसा की मैंने वडा किया था... स्टोरी कंटिन्यू करूंगा... बूत उससे पहले जान लेते ह चरक्टेर्स जो सिड आप भूल गए हों..

उन्हें फिर से बता देता हूँ... स्टोरी में थोड़ा और काम है.. थें मंडे से स्टार्ट हो जाएगी...



चरक्टेर्स फ्लैशबैक...

हीरो... अभिमन्यु सिंह

डैड... सूर्यवीर सिंह

माँ... संध्या सिंह

सीस.. सोनाली सिंह..

शाक्षी वर्मा ( मौसी )

तेजस वर्मा ( मौसा )

शिवि वर्मा ( डॉटर )

रोहन श्रीवास्तव ( बेस्ट फ्रेंड )

सोनम श्रीवास्तव( Rohan's सिस्टर )

महिमा श्रीवास्तव ( Rohan's मदर )

कुलदीप श्रीवास्तव ( Rohan's डैड )

इतर चरक्टेर्स..

ज्ञानेंद्र पाठक..

तृषा पाठक..

लगे हाथो तृषा की माँ का भी नाम कारन क्र देते ह..

रिहान्ना पाठक..

दिनेश मित्तल.. ( प्रिंसिपल )

कियारा मित्तल... ( डॉटर )

नैना राजपूत.... ( मुँह बोली बहन )

राजीव भाटिया.. ( पुलिस कमिश्नर )

सुनैना भस्तीय... ( डॉटर )

मोहित चौहान... ( कॉलेज फ्रेंड )

अननोन / सेक्रेटरी ( आइडेंटिटी सीक्रेट )

यह मैंने स्टोरी मई कहि मला का नाम नहीं लिया... बूत फिर भी उसको नाम दे देते ह...

अजय प्रताप सिंह.. ( मला )

विष्णु प्रताप सिंह ( सोन )

हरीश प्रताप सिंह ( मिनिस्टर )

राकेश शर्मा ( ओनर ऑफ़ शर्मा इंडस्ट्री )

निधि शर्मा ( डॉटर )

शैडो.. ( योद्धा )

सोफिए ( प्रिंसेस ऑफ़ नील प्लेनेट )

मेगा विलेन..

नाईट स्पैरो ..

आगे क चरक्टेर्स स्टोरी में एंट्री होंगे..
 
अपडेट.. 60

प्रीवियस..

फिर मैंने तृषा की तरफ देखा तोह वह मुझसे नजरे चुरा रही थी अभी हमारी क्लास स्टार्ट होने में 15 मं थे सो मैंने सबको लेके कॉफ़ी शॉप गया वंहा हम सबने कॉफ़ी उसके बाद मई और कियारा चल दिए क्लास झा एक और सरप्राइज मेरा इंतजार क्र रहा था...

अब आगे..

रस्ते में मैंने कियारा की और देखा.. उसके चेहरे की वह खुसी मेरी वजह से दुःख में बदल गई थी.. मुझे इस बात से बहुत दुःख भी हो रहा था.. खैर मैंने शाम को मानाने का सोच आगे बढ़ गया..

लेकिन जैसे hi हम अपनी क्लास में पहुंचे.... मुझे एक और सरप्राइज मिला..

क्लास पूरी की पूरी भरी हुई थी और सबसे आगे वाली सीट पर मोहित और नैना बैठे हुए थे... दोनों एक दूसरे का हाथ थामे धीमे आवाज में कुछ बातें क्र रहे थे... मैंने थोड़ा गौर किया तो मुझे उनकी सब बातें समझ में आ गई... और मेरे चेहरे पर मुस्कुराहट आ गई...

एक बार मैंने कियारा की तरफ देखा उसे खोया पा क्र मैंने उसका हाथ पकड़ सबसे लास्ट बेंच पर बैठ गया.. किराया ने एक बार मुझे देखा फिर चुप चाप मेरे साथ बैठ गई..

थोड़ी hi देर में लेक्चर शुरू हो गया और लगतार 3 घंटे तक क्लास चलती रही... बीच बीच में मई कियारा और मोहित , नैना को देख लेता...

जैसे hi ब्रेक हुआ सब क सब कैंटीन की तरफ जाने लगे सिवाय मोहित और नैना क... ककी नैना सिड टिफ़िन साथ में लायी हो.. मई उनसे बात करना चाहता मगर सिड यह सही समय नहीं था... खैर मई उन्दोनो को अकेला छोड़ कियारा का हाथ पकड़ कैंटीन मई ले आया... झा दी और तृषा इन्तजार क्र रही थी...

एक नजर मैंने तृषा को देखा फिर सबके लिया कॉफ़ी एंड समोसे आर्डर करने चला गया.. की तभी..

( ) मतलव मन मई कन्वर्सेशन...

दी.. ( बेतु.. )

मई.. ( हाँ दी.. )

दी... ( कियारा से बात की )

मई... ( नहीं.. )

दी... ( तोह क्र न मेरी उसका ऐसा रहना देखा नहीं जा रहा.. )

मई.. ( सच में दी मेरी भी अब नहीं सहा जा रहा.. )

मई.. ( भाई पता क्र न काम खा तक पहुंचा )

आवाज.. बस हो hi गया..

मई.. ( ठीक ह चलो यही से चलते ह तब तक तुम सेक्रेटरी को इन्फॉर्म क्र काम जल्द से जल्द पूरा क्र दो )

आवाज.. ठीक ह भाई...

की तभी मेरा आर्डर आ गया जिसे ले मई टेबल पर आ गया... मई अभी कुछ कहने hi वाला था की तभी सुनैना भी वंहा आ गई... जिसे देख मई फिर सोचने लगा की इसे खान देखा ह की तभी मुझे उसकी हिस्ट्री पता चल गई जिसे देख मई चौंक गया...

दी को भी सब पता चल गया था हम दोनों एक दूसरे को देख hi रहे थे की तभी...

सुनैना.... क्या हुआ आप सब मुझे देख चौंक क्यों गए..

मई.. कुछ नहीं आओ बैठो मई तुम्हारे लिए भी लेके आता हूँ...

सुनैना... नहीं इसकी कोई जरुरत नहीं है.. मैंने नास्ता क्र लिया है...

फिर भी मई उसके लिए कॉफ़ी लेकर आ गया... एक बार मैंने दी को अपने हाथ से खिलाया फिर उन्होंने मुझे....

सुनैना... क्या आप हमेशा ऐसे hi कहते हो..

दी.. ( शर्मा क्र ) हाँ इसकी बचपन की आदत है मेरे हाथ से खाने की...

और फिर उसे मेरे बचपन की बातें बताने लगी... जिसे सुन वह खिलखिला क्र हसने लगी... तृषा ने दरी दरी स्माइल क्र दी मगर कियारा एक तक मुझे देख रही थी... ..

मई.. ( अब बस बहुत हुआ.. )

मई... दी मेको एक जरुरी काम याद आ गया आप तृषा क साथ घर आज्ञा मई वहीं मिलूंगा...

दी... ठीक ह..

उसके बाद में उठ क्र खड़ा हुआ और कियारा का हाथ पकड़ बहार की तरफ जाने लगा.. की तभी.

तिर्शा... अरे अब इसे खा ले जा रहे हो...

मैंने गुस्से में उसे पलट क्र देखा.. बिना कुछ बोले बहार चल दिया.. तृषा कुछ और बोलना छह रही थी की...

दी... ( धीरे से उसका हाथ दबा क्र ) चुप क्र जा कामिनी बाद मई बताती हूँ..

इधर मैंने बहार निकल क्र कियारा को खींच क्र अपनी कार तक लेकर आया... वह इस सब से शॉकेड मुझे घूर रही थी.. मई कार मई बैठ उसको बैठने का इशारा किया लेकिन वह अभी भी मुझे देखे जा रही थी...

मई उसको खोया देख जोर से चिल्लाया जिससे वह होश में आई और फ़ौरन कार मई बैठ गई... और कुछ hi देर में मेरी कार हवा से बातें करने लगी.. वह पुरे रास्ते एक तक मुझे देख रही थी मगर कुछ बोली नहीं...

की तभी कार रोक मैंने उसे ुटटने का इशारा किया...

तो बे कॉन्टिनोएड...

 
अपडेट 61



प्रीवियस...

मई उसको खोया देख जोर से चिल्लाया जिससे वह होश में आई और फ़ौरन कार मई बैठ गई... और कुछ hi देर में मेरी कार हवा से बातें करने लगी.. वह पुरे रास्ते एक तक मुझे देख रही थी मगर कुछ बोली नहीं...

की तभी कार रोक मैंने उसे ुटटने का इशारा किया...

अब आगे..

मगर वह अभी भी मुझे देख रही थी.. मई फिर चिल्लाया.. तोह वह होश मई आ क्र हड़बड़ा गई और फिर जल्दी से कार से उत्तर गई..

मुझे उसकी ऐसी हालत देख बड़ी हसी आई और प्यार भी बहुत.. जब मेरी न रुका गया तोह मैंने आगे बढ़ क्र उसे बहून में कास लिया.. पहले उसने विरोध किया लेकिन मैंने उससे नहीं छोड़ा..

फिर उसने भी हार मान ली और मुझे कस लिया अपनी बहून में... कुछ देर ऐसे hi रहने क बाद मैंने उसे अलग क्र उसके चेहरे को देखा मुझे बहुत दुःख हुआ.. उसका पूरा चेहरा आसूं से भीगा हुआ था.. और वह धीरे धीरे सिसक रही थी..

मैंने एक हाथ आगे क्र उसके चीन को पकड़ ऊपर किया.. तोह उसने एक बार मेरे तरफ देखा दिर दोबारा आँखें बंद क्र ली.. इसे मैंने इशारा समझ धीरे धीरे अपने होठ उसके होठों क पास ले गया..

उसके होरह थार थाने लगे.. फिर जैसे hi मेरी सांस उसकी सांस से मिली मई पीछे हट गया और उसको छोड़ दिया..

( पहली बार किसी लड़की का गकपद { लिखे कलपद } हुआ बहुत मजा आया लिख क्र भी )

मुझे कुछ न करते देख जैसे hi उसने आँखें खोल मुझे देखा तोह मई साइड मई खड़ा उसकी हालत पर हस्स रहा था... जिसे देख वह गुस्से में मेरी तरफ बढ़ने लगी...

आवाज... बेटा.. अब तू गया..

मई एक बार मुस्करा क्र उसे देखा और अंदर की तरफ दौड़ लगा दी.. मुझे भागता देख वह भी मेरे पीछे भागने लगी...

कियारा... ( गुस्से में ) रुको भागते खान हो मई तुम्हे छोडूंगी नहीं..

मई... ( पलट क्र हस्ते हुए ) पहले पकड़ क्र तोह दिखाओ...

कियारा... रुको जाओ अभी वर्ण तुम्हारी खेर नहीं..

मई बिना कुछ सुने भागता रहा.. ोीचे से वह मुझे बार बार रुकने को बोलती रही मगर में नहीं रुका... और एक हॉल में घुस गया पीछे पीछे वह भी मेरे कमरे मई आ गई... मई एक कुसरी पर बैठा है उसकी हालत देख हस्स रहा था..

पूरे चेहरे और बाल बिखरे हुए बुरी तरह हांफ रही ह... और गुस्से मई दोनों हाथ कमर पर रख मुझे देख रही है...

कियारा... अब खान भागोगे बच्चू...

मई... प्लीज भगवान् क लिए मुझे...

कियारा... तुम कोई चीज़ थोड़ी हो जो भगवान् क लिए छोड़ दूँ..

और धीरे धीरे मेरी तरफ आगे बढ़ने लगी...

मई... देखो मुझे दूर रो वर्ण मई शोर मचा दूंगा...

कियारा... मचा शोर जितना मचाना ह मचा... मई भी देखती हूँ कोण रोकता ह मुझे...

और मेरे पास आकर दोनों पेअर इधर उधर क्र मेरी गॉड मई बैठ गई... इस वक़्त उसके चेहरे पर वही पुराणी मुस्कान वापस आ चुकी थी... जिसे देख मुझे बहुत खुसी हुई...

कियारा... ( मेरे चेहरे पर हाथ फेरते हुए ) कब तक अपनी यह कातिल जवानी हमसे छुपा क्र रखोगे जानेमन...

मई... खबरदार जो मुझे हाथ लगाया तोह दूर रो मुझे..

कियारा... ( हस्ते हुए ) ऐसे कैसे जाने मन आज तोह मई सब कुछ झूठा क्र दूंगी..

मई... छोड़ मुझे कामिनी तेरे घर में बाप भाई नहीं ह क्या..

कियारा... बाप भी ह और भाई भी.. बास एक खसम ( पति ) की जरुरत ह तू आजा...

मई... तुम्हे कुछ शर्म नहीं आती क्या... बड़ी hi बद्तमीज़ हो..

कियारा... क्या करे जानेमन सबको आती नहीं मेरी जाती नहीं..

और. आगे बढ़ मुझे कस क्र अपने होठ मेरे होठों पर रख दिए.. और जोर जोर से चूसने लगी फिर अलग होकर..

कियारा... ाः हां है.. क्या रसीले होठ ह तेरे... जी करता ह इन्हे खा जॉन..

मई.. खा जाओगे तोह दोबारा कैसे इन्हे चूस पाओगे...

कियारा... जुबान लड़ाते हो मुझसे..

मई... अभी खान लड़ाई है..

और उसके कुछ समझने से पहले खींच क्र उसके होठ पर होठ रख दिए और चूसने लगा... इस अचानक हुए हमले से वह हड़बड़ा गई.. मगर मैंने उसे कोई मौका न देकर उसकी जीभ को पकड़ चूसने लगा..

धीरे धीरे वह भी मेरा साथ देने लगी और उसके हाथ मेरे बालों मई चलने लगे.. कुछ hi देर मई हम दोनों मशूश हो गए.. और अचानक hi मेरे हाथ उसके नरम ुँतौचेड बूब्स पर कस गए और मैंने उन्हें मसल दिया.. जिससे कियारा क मुँह से सीईईइहह्ह सिसकारी निकल गई...

उसने आँख खोल एक बार मुझे देखा और फिर बंद क्र ली... धीरे धीरे हम दोनों गरम हो गए और मेरे हाथ जोर जोर से उसके बूब्स पर चलने लगे... वह भी माधोसी मई खोयी हुई अपनी कमर मेरे कड़क हो चुके लुंड पर चलने लगी..

आअह्ह्ह्ह उम्मम्मम्हहहह सीईईई... अभी......

आअह्ह्हा.... उम्मंहहहहह..

क्र सिसकते हुए वह मेरे काढ़े पर गिर गई... और गहरी गहरी साँसें लेने लगी... मैंने भी उसे अपने सीने से लगा लिया...

कुछ देर ऐसे hi रहने क बाद मैंने उसे अलग क्र देखा तोह शर्म से उसने अपनी आँखें बंद क्र राखी थी मैंने आगे बढ़ उसकी नाक को काट लिया..

उसने ौक्छः क्र ऑंखें खोल दी.. और मुझे हस्ता पा क्र मुक्को की बरसात क्र दी..

मई.. ( सब रेडी है न.. it's शो टाइम )

आवाज... ठीक है... अभी लो...

तो बे कॉन्टिनोएड...
 
अपडेट... 62

प्रीवियस...



कुछ देर ऐसे hi रहने क बाद मैंने उसे अलग क्र देखा तोह शर्म से उसने अपनी आँखें बंद क्र राखी थी मैंने आगे बढ़ उसकी नाक को काट लिया..

उसने ौक्छः क्र ऑंखें खोल दी.. और मुझे हस्ता पा क्र मुक्को की बरसात क्र दी..

मई.. ( सब रेडी है न.. it's शो टाइम )

आवाज... ठीक है... अभी लो...


अब आगे...

कियारा अभी मुझे मारे जा रही थी की तभी.. उसके कानो में गाने की आवाज सुनाई देती ह जिसे सुन वह रुक जाती है....

सांग...

तुझे देखा तोह यह जाना सनम....

प्यार होता है दीवाना सनम...

अब यह से खान जाएँ हम...

तेरी बाहों में मर जाएँ हम..

तुझे देखा तोह यह जाना सनम....

जैसे hi वह यह गण सुनती है वह अपने आस पास देखने लगती ह की यह आवाज आ खान से रही है... पर अस्स पास देखते hi वह शॉक हो जाती है.. ककी वह इस समय एक थिएटर मई मौजूद थी.. अभी क साथ मस्ती करते समय उसने ध्यान hi नहीं दिया की वह खान पहुंच चुकी ह... बूत जब रीलीज़ होता है तोह पलट क्र मुझे देखती है..

( अब यह तोह सब जानते hi होंगे की डलज पता नहीं कितनी hi लड़कियों की फव. मूवी है.. तोह सरकार कियारा की भी यह फव. मूवी है... अब यह बात अभी को कैसे पता चली यह बताने लीक नहीं ह आप सब समझ गया होंगे.. बस.. डलज इसी क चक्क्र मई लड़कियों क बाव बढ़ जाते है . )

मई भी इस समय उसे हैरान देख मुस्कुरा रहा था... मुझे मुस्कुराते देख वह खुसी मई उछलती हुई मेरी गॉड मई बैठ जाती है और मेरे पूरे चेहरे पर अपने होठों क फूटप्रिंट्स बना देती ह.. ( बस यह भी पुबज )

खेर मई उसे अलग करता हूँ.. अपने पास वाली सीट पर बैठा देता हूँ.. वह भी मेरे कंधे पर सर रख क्र बैठ जाती है.. मई इशारा करता हूँ और मूवी शुरू हो जाती है... कुछ देर मई सेक्रेटरी पॉप कॉर्न और कोल्ड ड्रिंक देकर चला जाता और हम दोनों मूवी देकते हुए मस्ती करते रहते है...

चलिए इनको आराम से मूवी देख लेने देते है हम देखते है हमारी तृषा मैडम क्या क्र रही है....

तृषा सोनाली इस समय कॉलेज पार्किंग मई अपनी कार की तरफ जा रहे है...

तृषा.. याररर सोनू तू कुछ न ... वह मेरे से अभी भी गुस्सा हैं.. तू बोलेगी तोह वह मान जायेंगे..

सोनाली... न मई क्यों बिच मई आऊं.. जब बहु टेको बनना है तोह तू hi झेल मई कुछ नहीं बोलने वाली...

तृषा... क्र दे न मदद तू मेरी प्यारी बहिन नहीं है... ( यह डायलॉग तोह हर लड़के का है )

सोनाली... न न न.. मई नहीं आ रही...

तृषा... कुट्टी कामिनी कुछ हेल्प hi क्र दे... कब से मुँह फुला क्र बैठे हैं वह...

सोनाली को उसके ऊपर दया आ जाती है...

सोनाली.. ाचा चल कान ला इधर... ( उसके कान में कुछ देर बात करके ) समझ गई..

तृषा... ( शर्मा क्र ) हम्म्म ..

सोनाली... आये हाय मेरी लड्डू रानी देखो तोह कैसे शर्मा रही है... यह श्रम सुबह नहीं आयी जब अपने ससुर क सामने अभी से चिपकी हुई...

तृषा... कामिनी तेरी क्यों जल रही है.. तू भज तोह अपनी सासु माँ / माँ क सामने कभी भी चिपक जाती है...

सोनाली को जैसे hi वह बात याद आती है शर्मा जाती है..

तृषा.. क्या हुआ सौतन जी.. सैयां जी क सपने देखने लगी...

सोनाली... कामिनी ृक्क आज तू नहीं बचेगी...

ऐसे hi थोड़ी बहुत नोक झोक क बाद दोनों घर पहुंच जाते हैं.. झा तृषा आने वाले समय क बारे मई सोच मन hi मन शर्मा रही थी...

अब चलते है इनसे थोड़ा दूर नील प्लेनेट पर झा इस समय जश्न का माहौल चल रहा है... कुकी उनके महाराजा शैडो कई सालो बाद वापस अपने देश लौट आये है...

शैडो को देखते hi लाखों की तादात मई मौजूद सैनिक और नील ग्रह की जनता जय जय कार लगाए जा रही है... वह भी सब का अभी वादन स्वीकार करते हुए आगे बढ़ते जा रहे....

चलते चलते वह एक बेहद खूबसूरत लड़की को देख रुक जाते है और उनकी आँखों से झिलमिल आंसूं बहने लगते हैं...

की तभी पीछे कोई उनके कंधे पे हाथ रखता है... वह पलट क्र उस स्खस को देख फफक फफक क्र रो पड़ते है...

..... बस क्र बीटा जो होना था वह हो चूका है... अब तू आ गया न.. ( अच्छे दिन भी जरूर आएंगे ) सब ठीक हो जायेगा...

शैडो... हाँ माँ तुम देखना जल्द hi हमारी सोफी हमसे बात करेगी... मैंने रक्षक को आखिर कार ढूंढ hi निकला मई उसको जल्द से जल्द यह ले आऊंगा... प्यार से या फिर तलवार से...

सोफिए मदर... ( कुछ चिंतित होते हुए ) मतलव वह यही आएगा हमारे ग्रह पर..

शैडो... हाँ माँ तभी तोह हम सोफी को ठीक क्र पाएंगे.. परन्तु आप किसी बात को लेकर चिंतित नज़र आ रही हैं.. बताएं क्या बात है...

सोफिए मदर... कुछ नहीं वह बस... ऐसे hi खेर छोड़ो आप बहुत दूर से भर्मण क्र आये कुछ समय विश्राम क्र लीजिये.. हम आपसे बादमे मिलते हैं..

शैडो... अरे माँ सुनिए तोह...

लेकिन वह बिना बात सुने hi चली गई... शैडो भी बाद मई बात करने का सोच फिर खुश होते हुए एक बार सोफिए को देख अपने कक्ष में चले जाते है...

वही दूसरी तरफ एक औरत तेजी से अपने कमरे की और बढ़ी जा रही है.. उसके चेहरे पर खुसी और घबराहट दोनों hi मौजूद है... लेकिन जैसे hi वह कमरे को खोलती है एक छोटा सा पत्थर उनके सर को जाकर लगता है....

और उनके सर से खून बहने लगता है... की तभी उन्हें चीख सुनाई देती है...

दुर्र.... रहोओओओ मुझसेइ.... मेरी... पासस मत्तट... आना.. वर्णा सायबकककोऊ... मारर्र डुंगग्गीज्ज... निकलल जाहूऊ यहा सीए... चुम्म्म्म खूवीज हूँ... चूम्मणी तुमंन्त्री...

और रोने की आवाज आने लगती है.. औरत वह मंजर को देख दो आंसूं गिर क्र कमरे को बहार से बंद क्र चलती बनी...

वही दूसरी तरफ मई और कियारा मूवी देख वापस घर लौट आते हैं.. आज कियारा बहुत खुश थी... मई उसको घर ड्राप क्र जैसे hi घर पहुंचा कज मेरे फ़ोन के डिस्प्ले पर मैसेज अलर्ट आया....

तो बे कॉन्टिनोएड....

 
अपडेट... 63

प्रीवियस...

और रोने की आवाज आने लगती है.. औरत वह मंजर को देख दो आंसूं गिर क्र कमरे को बहार से बंद क्र चलती बनी...

वही दूसरी तरफ मई और कियारा मूवी देख वापस घर लौट आते हैं.. आज कियारा बहुत खुश थी... मई उसको घर ड्राप क्र जैसे hi घर पहुंचा कज मेरे फ़ोन के डिस्प्ले पर मैसेज अलर्ट आया....

अब आगे...

मैसेज पढ़ मेरे चेहरे पर एक बार मुस्कुराहट आ गई.. फिर मई वापस गाढ़ी निकल चल दिया बाहर की तरफ...

कुछ hi देर मई एक घर क बहार रुका... और जैसे hi मई कार से उतरा मुझे लगा कोई मुझे देख रहा मगर जैसे hi मई पलट क्र देखा वंहा कोई न था.. लेकिन मुझे पता था वह कोण है...

मई चलते चलते गेट तक पहुंचा और जैसे hi बेल्ल बजने को हुआ वैसे hi गेट ओपन हो गया.. सामने वाले शख्स को देख पहले तोह मई खुश हुआ मगर बाद मई मेरी आँखे हैरत से खुली रह गई...

..... ऐसा क्या देख रहे हो..

मई.. त्रिषुऊ... ईहहह क्या पहन... रखा है...

तृषा ( शर्मा क्र ) .. क्यों क्या आपको पसंद नहीं आया...

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मई.. हैं नन्हा...

तृषा... ( मेरे करीब आ क्र एक ऊगली मेरे चेहरे पर चलते हुए ) क्या खा हाँ ना साफ़ साफ़ बोलो...

मई... वूहहह मायी वोऊ...

तृषा... क्या वह मई वो लगा रहा है...

मई क्या बोलू कुछ समझ नहीं आ रहा.. की तभी मेरे दिल से आवाज आई..

आवाज... क्या हुआ बेतु इतने मई hi हालत ख़राब हो गई..

मई.. ( ऐसा कुछ नहीं दी वह बस अचानक देख क्र चौंक गया और समझ नहीं आया क्या करूं.. )

आवाज... हैं हाँ वह तोह पता लग hi रहा है... कैसे पसीना चूत रहा है.. हे हे हे..

मैंने माथे पर हाथ लगाया सच मई पसीना चमक आया था.. मैंने पहले भी तृषा क साथ सेक्स किया था.. मगर आज अचानक ऐसे देख मई चौंक गया था.. मैंने खुद को रिलैक्स किया और अपना पसीना पांच क्र सामने की तरफ देखा तोह तृषा अभी भी मुझसे कुछ कह रही थी..

तृषा... ( नॉटी स्माइल क साथ ) क्या हुआ जी.. तबियत तोह ठीक है न आपकी...

मई... ( मुस्कुरा क्र ) मेरी तोह ठीक है मगर किसी की बिगड़ने वाली है..

तृषा... ( हैरानी से ) किसकी.. ?

मई बिना कुछ बोले उसको गोदी मई उठा अंदर आ गया.. वह मेरे इस तरह उठा देने से थोड़ी सी घबरा भी गई थी..

तृषा... ( घबरा क्र ) मुझे नीचे उतरिये मई गिर जाउंगी... छोड़ो.. ोोोुच.. ाजजी सुनो तोह... ारी बाबा गिर जाउंगी...

मई बिना कुछ सुने उसको ले बैडरूम में पहुंच गया और उसको बीएड पर गिरा दिया.. वह हैरत भरी नजरों से मुझे देख रही थी... मई धीरे धीरे उसके करीब जाने लगा.. हम दोनों का दिल बहुत तेज तेज धड़क रहा था इस समय...

पोरे कमरे मई सन्नाटा सिर्फ हमारी साँसों की आवाज आ रही थी... मई तृषा क ऊपर आ गया और उसकी आँखों मई देखने लगा.. उसने भी अपनी पलकें झुका क्र अपनी परमिशन दे दी..

मैंने झट से अपने होठ उसके नरम होठों पर रख दिए... उम्मम्मम... एक लम्बी.. सिसक सी जो इतनी देर से हम दोनों मई खुमार था निकल गई... मई बेतहाशा उसके होठों को चूसने लगा... थोड़ी hi देर मई वह भी मेरा साथ देने लगी...

कभी मई उसके ऊपर वाले होठ को चूसता तोह कभी नीचे... तोह कभी हम एक दुसरे की जीभ से खेलने लगते... मैंने धीरे धीरे हाथ उसके बदन पर फिरने लगा हैयय उसका कोमल जिस्म... की पोछो hi मत हाथ फिसल फिसल जाये..

मई अभी हाथ फेर hi रहा था मेरे हाथ किसी कड़क चीज़ से टकरा मई समझ गया यह उसके बूब्स है.. मैंने अपना हाथ वंहा जमा लिया... और कस के दबा दिया...

आह्ह्ह्हह्ह डढेईरी... नहहीइ करर साकती क्याआ...

मई बिना कुछ सूनी... अपना दूसरा हाथ भी उसके दुसरी बूब्स.. परर जमा.. दिया... और कस्सस के दोनों उभारों का मंथन करने लगा... और उसके गार्डन और किश करने लगा.. जिससे कुछ hi देर मई वह बहुत hi गरम हो गई...

आअह्ह्ह्हह उम्मम्मम ढिर्री क्ररूओ नाआ जाआनंनं आआह्ह्ह्ह.. मआईई कहा भागीय जाआ ररहीी होऊणन... आअह्ह्ह्हह...

ओह्ह्ह माआ....

कुछ hi देर ऐसे hi रहने क बाद उसने मुझे नीचे क्र खुद ऊपर आ गई.. और फिर से किश करने लगी.. कुछ देर बाद जब मैंने हाथ उसके बूब्स पर रखा तोह वंहा न ब्रा थी न निघ्त्य.. उसने कब वह दोनों उतर दी मुझे पता भी नहीं चला खेर... मैंने इस चीज़ को दरकिनार क्र... उसके नरम बूब्स को कस कस के दबाने लगा..

हर्र बार वह थोड़ा कसमसा जाती... इस्स्स्सह्ह्हह्ह आआह्ह्ह्ह और फिर मेरा साथ देने लगती... इस्सस बार जब उसकी सांस टूटी तोह मैंने झट से उसे पलट दिया और उसके ऊपर आ एक बूब को अपने मुह्ह में ले उपसपर कब्ज़ा जमा लिया...

उम्मम्मम उम्मम्मम ढिर्री नाआ... जाएं... आआह्ह्ह्ह..

ह्यययय माआआ.... ओह्ह्ह्हह...

हम्म्म्म.. ओह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह...

मई कस कस उसके बूब्स को मुह्ह से निचोड़ता रहा... कभी राइट को तोह कभी लेफ्ट को.... बीच बच्छ मई हल्का सा काट देता तोह वह जोर से सिसक पड़ती...

अह्हह्ह्ह्ह... हम्म्म्म मायआ.... ओह्ह्ह्हह... माआआ... जाआनंनं... बास्स्स्स kroooo...dukhhtaaaa... हैई नाआ....

आअह्ह्ह्ह मा....

कुछ देर ऐसे hi रसपान करने के बाद मई धीरे धीरे हर जगह किश करते हुए नीचे बढ़ने लगा... जैसी hi मेरी नज़र उसकी नाभि पर पड़ी मेरी आखे जम सी गई और मैंने उसे पहले किश किया... फिर धीरे धीरे उसे भी प्यार से लीक करने लगा...

वह झटपटाने लगी लेकिन उसने मुझे खुड़से दूर करने की कोशिश तक नहीं की... मई धीरे धीरे किश करते उसकी पेंटी तक पहुंचा.. वह इस समय पूरी गीली हुई पड़ी थी... और उसमे उसकी छूट साफ़ दिखाई दे रही थी...

मैंने एक बार पेंटी के ऊपर से उसे किश किया...

आह्ह्ह्हह..... जाआनंनं....

उसका शरीर किसी कमान की तरह तन गया.. मैंने झट से उसकी पेंटी पकड़ दो टुकड़े क्र उसके शरीर से अलग क्र दी.. अब मेरे सामने उसकी एक बार चूड़ी बेहद hi खूबसूरत और फूली हुई छूट थी.. में उसको एक तक घूर रहा....

उसने मुझे घूरते देख अपने दोनों हाथों से अपनी छूट को धक् लिया...

मई एक बार उसे देखा उसने न.. में गर्दन हिलायी... मैंने आगे बढ़ उसके हाथ पर किश किया और दोबारा उसकी तरफ देखा.. वह शर्मा रही मगर इस बार उसने अपने हाथ हटा लिया..

मैंने झट से अपने मुँह उसकी कोमल और गीली पंखुड़ियों.. मई लगा दिया.. और हलके से चूम लिया.. उसके मुहहह से ज़ोर से सिसकी निकल गई...

आह्ह्हह्ह्ह्ह ाभ्हीईई....

मगर मैंने अपना काम जारी रखा.. और धीरे धीरे उसकी छूट को अपनी जीव से चाटने लगा.. जितना मई चाट ता उतना रास फिर से बहार आ जाता... तभी मैंने अपनी जीव को धीरे धीरे उसकी छूट में अंदर करने लगा.. वह जोर जोरर से सिसकने लगी...

मई इसकी परवाह किये बिना... उसकी छूट में जीव अंदर बहार करने लगा... कुछ hi देर मई उसने मेरे सर को पकड़ क्र अपनी छूट पर दबा दिया... और

आआअह्हह्ह्ह्ह उईईईईई मायआ...

ाअभ्ह्ह्हीईई... जाआनंनं...

सीईईई... आआअह्हह्ह्ह्ह...

करते हुए झाड़ गई... मैंने भी सारा रास चाट क्र उसके ऊपर आ गया और उसके बगल में लेत गया.. वह भी मेरे सीने और सर रख लेत गई...

कुछ देर बाद जब हमारी नज़रे एक हुई.. तोह वह शर्मा गई.. मुझे भी उसपर बहुत प्यार आया.. और मैंने एक बारी उसके माथे को चूम लिया... और उसको bye बोल बहार आ गया...

और कार निकल चल दिया अपने घर.... अभी मई कार चला hi रहा था की तभी मुझे किसी लड़की के रोने की आवाज सुनाई देने लगी...

जिससे सुन्न... मैंने तुरंत ब्रेक लगा दी...

मई घबरा गया इधर उद्गार देखने लगा मगर मुझे कोई दिखाई नहीं दिया... रोने की आवाज़ इतनी दर्दनाक थी की मेरी आँखों से ाँसों बहने लगे... मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था यह कोण है.. तभी वह आवाज़ बंद हो गई...

दी.. ( मंद तो मंद ) बेतु... तुम ठिक्क तोह हो...

मई... हाँ दी और यह आवाज कैसी है मुझे पता नहीं क्या हो गया था..

दिल... यह तोह मुझे भी नहीं पता भाई...

तो बे कॉन्टिनोएड...

 
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