Fantasy इच्छाधारी देव - Page 9 - SexBaba
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Fantasy इच्छाधारी देव

अपडेट - 58 ( जीत का जश्न)

तभी………………….

देवा ने दोनों औरतो को साइड किया और बाला को उठा कर सामने पड़ी कुर्सी पे बिठा दिया और फिर माला ने बड़ी ऐडा से अपने कपडे उतरे और उधर कामिनी भी नंगी हो गयी और फिर दोनों ने मिल कर देवा को भी पूरा नंगा कर दिया फिर ये तीनो बीएड पे आ गए और बीएड पे आते hi दोनों ने लुंड पर किश की बौछार कर दी…

दोनों देवा के लुंड के sath-sath जांघो पर भी किश कर रही thi…kabhi- लुंड par..kabhi बॉल्स par…or जांघो पर bhi…aahh…maza आ रहा था…

मैं- aahh…tum दोनों तो आज रंडियों को भी मात दे डौगी…

कामिनी- हां…

माला- तुम बस देखते जाओ..

उसके बाद माला ने देवा के बॉल्स को एक झटके में मुँह में भर लिया और कामिनी ने लुंड के टोपे ko....or दोनों ने लुंड को प्यार करना सुरु कर दिया...

Deva-aahhh..joor se..aahhh...aur तेज मेरी रानियों ...और तेज..

दोनों hi लुंड और बॉल्स को मुँह में भर कर तेजी से चूसने लगी और देवा मस्ती में आहे भरते हुए मज़ा लेने लगा....

थोड़ी देर तक मज़े लेने के बाद देवा ने दोनों को रोका और तीनो बीएड पर बैठ गए...

देवा - अब क्या लुंड hi चूसती रहोगी…

कामिनी- क्या kare..man लग गया था…

माला- haa…hai hi इतना मस्त की मुँह से निकलने का मन नहीं करता…

देवा - ओह ho…to चूसती रहना ….पर आज हम साथ है तो क्यों न तुम दोनों छूट चूसने का भी मज़ा ले लो…..

माला- मैंने आज तक किसी की छूट नहीं चूसी…

कामिनी- तो आज चूस ले na...meri सासु माँ

इसके बाद कामिनी बीएड पर लेट हगाई और माला को अपने उप्पेर 69 पोसिटिव में लिटा के उसकी छूट चाटने lagi…Mala भी काम नहीं thi…usne भी कामिनी की छूट को चेतना सुरु कर दिया….

देवा दोनों को देख कर मज़ा लेने laga…dono छूट चूसै के साथ बातें भी करने लगी...

कामिनी - aahh..teri छूट तो……

माला- क्या…? Bolo….naaaaa

कामिनी- भोसड़ा है… …हेहही…. …

माला- aahh…or तेरी … ….. ….भोसड़े से badi…..pata नहीं मेरे सौतेले बेटे के आलावा किस किस से छुड़वा के आयी है साली छिनाल बहु

कामिनी- है साली.. ….लुंड कहती रहती है तेरी ये बहु लेकिन किसी ऐसे वैसे का लुंड नहीं मेरे देवा का लुंड और उसी ने इसे भोसड़ा बनाया है छोड़ छोड़ के तेरे इस नपुंसक बेटे के बस का नहीं था मेरी छूट की गर्मी को झेलना तो ये क्या भोसड़ा बनता.. ये तो मेरी छूट को बुर भी नहीं बना पाया.

देवा दोनों घरेलु अयर्तों को रंडियों की तरह छूट चुसाई करते हुए देख कर बड़ा खुश हो रहा tha…or वो dono…choot को मुँह में भर्ती, चूसती और दांत गाड़ते हुए …एक दूसरे के मज़े ले रही थी….

देवा - देख बाला आज तेरी बीवी कैसे अपनी सास की बुर चाट रही है और कैसे तेरी माँ भी अपनी बहु की बुर खा रही है आया मजा? चल तुझे भी मजा दिलाते हु.

इतना कह कर देवा उठकर बाला के पास गया और एक गिलास में पानी भर के अपनी आंखे बंद कर के हाथ से गिलास में इशारा किया और वो पानी बाला को पीला दिया थोड़ी देर के बाद बाला के शरीर में हरकत होना शुरू हो गयी लेकिन फिर भी इतनी नहीं के वो कुर्सी से उठ सके या कुछ बोल सके. बस अब वो अपने शरीर की उत्तेजना को महसूस कर सकता था. उसने बिना कुछ कहे देवा को देखा बहोत गुस्से में और देवा मुस्क्रत हुआ वह से वापस अपनी जगह पी ा के इन दोनों की छूट चूसै देखने लगा

माला – अरे देवा ये क्या पीला दिया तुमने बाला को?

देवा – कुछ नहीं मुझे याद आया की वो जड़ी बूटी मेरी जेब में hi थी जिससे ये कुछ सही होगा तो वही पीला दी अब ये अपनी उत्तेजना भी महसूस कर सकेगा और कामिनी को गांव वालो के सामने अब जवाब भी नहीं देना पड़ेगा बस अब कल hi नौकरो से कह कर मिठाई बटवा देना के बाला ठीक हो रहा है. जिससे के सब यही समझे की इसने hi छोड़ा है कामिनी को और पेट से किया है.

…पर अब मुझसे रुका नहीं जार है मुझे तो चुदाई करनी है. ……………..

देवा भी अब रुक नहीं पाया और कामिनी के मुँह के पास आकर लैंड तान दिया ..तो माला ने तुरंत लटकते बॉल्स को मुँह में भर लिया...

तभी कामिनी भी घूम गई और उसने लुंड को मुँह में भर लिया.....

देवा - aaahhh….tum दोनों तो आज से मेरी रंडी हो gai…ab तुम्हे प्यार से नहीं बल्कि रंडी की तरह hi छोड़ूगा , हमेशा…

कामिनी( लुंड को मुँह से निकाल कर)- मैं भी ऐसे hi छोड़ना चाहती hu…puri रंडी बन कर..

माला- …मैं भी…

देवा- aahhhh…..or तेजज …है ऐसे hi…Mala ..खा जा कामिनी की choot…aahhh

ऐसे hi कुछ देर तक छूट और लुंड चूसै की आवाज़ों से रूम भर गया और इनके सरीर की गर्मी से रूम का तापमान भी बढ़ने लगा…

अब देवा से रहा नहीं gaya..or देवा ने कामिनी के मुँह से लुंड निकला और माला को पलटा कर लुंड उसकी गांड में दाल दिया…...

देवा – देख बाला आज तेरी माँ की गांड मरुँगा मए तेरी आँखों के सामने तेरी माँ अपनी गांड मरवायेगी मुझसे देख तू मादरचोद

माला- aahhhh…aaraaammm..seee…..aahhhh

कामिनी- hehehe…faad do…iski …..

और कामिनी नीचे से माला की छूट चाटने लगी…..

सुषमा- aaahhh...is रंडी की भी फाड़ देना.......

देवा - ha...iski भी faduga....yehhh ले अभी तू तो फड़वा ले मेरी रांड ……………….

और देवा ने दूसरे धक्के में पूरा लुंड माला की गांड में उतार diya…is बार उसे दर्द काम हुआ और मज़ा ज्यादा आया…

देवा माला की कमर पर हाथ रख कर उसकी गांड मारने laga..aur माला कामिनी की छूट को मुँह में भर के चूसने lagi….neeche से कामिनी भी माला की छूट को चाटने lagi….or दोनों beech-beech में आहे भी भर्ती जा रही थी…..

देवा - yehh…aahhhh..ye…le… माला रानी आज तो मजा आ गया तेरी गांड में लुंड दाल के ………..

माला- ummm..uuummm...uuummm...aaahhhh..uuummm...

मैं- ये ले Mala....ab तेरी गांड पूरी रेडी hai,,,kabhi भी मरवाने को...

Mala-uuummm...aahhhh...haa...jjoorr..see..aahhh..uuummm

अब रूम में चुदाई और चूसै की आवाज़े कुछ ज्यादा hi बाद गई थी...

Mala-aaahhh…uuuummm…..uummmm..aahhhhh

कामिनी- aaahh…kha जा साली… अहहहहह खा ले मेरी बुर koaaaaaaaaaahhhhhhh

देवा की जाँघे भी कामिनी की गांड पर थाप दे कर चुदाई का संगीत बढ़ाने लगी…

Mala-aaaahhaa..aiiise hii…joor seee…jorr..see..aahhahh

Kaamini-aahah..ahhh..ahhhh…ahahhhh…ahhahh…yyeesss….yyeesss….aahhh

माला -aaahhh…hhhahha…aaiaiiaeee..hhhiii..ahahah

Ttthhppp….ttthhppp…ththhpp..aahhh…uuumm..hhhmmm..

ऐसी hi आवाज़ों के साथ देवा माला की गांड की धज्जिया उडाता रहा और कामिनी और माला दोनों छूट चाट ते हुए मस्त होती रही….

थोड़ी देर बाद देवा ने माला की गांड से लुंड निकला तो माला लुढ़क कर बीएड पर लेट गई और देवा उठ कर कामिनी की छूट की तरफ पहुंच गया…

देवा ने देर न करते हुए कामिनी को पास खींचा और उसकी छूट में लुंड सेट करके …एक hi धक्के में आधा दाल दिया…..

कामिनी- ohhh….maaa…aaahhh देवाआआ बता तो देते पूरा थुश दिया एक hi बार में

Ohhhhhhhhhhhhhhmaaaaaaaaaaaaaaa

देवा - चीख मत saali…fati तो है तेरी…. अब क्या पति को दिखने के लिए चीख रही है?

कामिनी- aaahhh..aaraam se..aahhh मेरा पति तो तू hi है रे देवाआआआ

माला- ाःह.. …फाड़ दो इसकी…

Kaamini-ahhh..tu चुप कर randi…aahhhh…

देवा- chup...aaj तो तेरी फटेगी hi...ye ले...( और देवा ने दूसरा धक्का मार कर लुंड को कामिनी की छूट में पूरा दाल दिया)

कामिनी- aahhh….maa….uufffff…aaahhh..aahhhh

देवा - अब मज़ा aaya...ye ले....

और देवा ने कामिनी की टाँगे पकड़ के तेजी से उसे छोड़ना चालू किया..

यहाँ माला चुदाई देखती हुई अपने बूब्स को सहलाने लगी...

देवा- yehhh...yeee...yess...yes..baby.....maze कर...

कामिनी- aaahh..ahhh..ahhh.ahhhh..oohhh..mmaa...uuufff..aahhhh

माला- aahhh...tejj और tej...faad दो iski.joor से...

Kaamini-aahhhh…haa…faad..dooo….iski bhi…aahhh..faadna….aahhhh

देवा कामिनी को चोदे जा रहा था और माला भी उठ कर कामिनी के मुँह पर चूर कर के बैठ गई…

माला- ले randi…chooot चूस meri…tera मुँह बंद हो jayga…choose…

कामिनी- aahhh..haa..randi…aaj kha…aahhhh..jaugi…laaa..aahhhh

और कामिनी ने माला की छूट को चूसना सुरु कर दिया और माला भी मज़े लेने लगी …और देवा ने कामिनी को छोड़ना जारी रखा....

Mala-aahh…or tejjj..maro…or तेजज..

देवा - aahh…aaj तो दोनों hi रंग में hai..maza आ रहा hai…aise hi…lagi रहो…

Mala-aahhh..tum साथ हो to…aise hi..aahhh…joor से…

कामिनी- uummm…uuummm….uuummmm..uummmmm

देवा कामिनी को पूरी स्पीड से छोड़ रहा था और कामिनी भी पुरे जोश से माला की छूट चूसे रही thi….kaamini की मस्ती इतनी बाद गई की उसने झड़ना सुरु कर दिया….

देवा की जांघो से कामिनी की मस्त गांड टकरा कर माहौल में मस्ती बड़ा रही थी…

Ttthhhpp…tthhhhpp..aaahhahhh…uuuffff…aaiiiiissseee…hhmmmm…yyyeeesss….yyyaaaahhh…ttthhhpp…ttthhpp…thhthhhhttttppp….aaahhhh…uuuuuufff

ऐसे hi आवाज़े चुदाई की मस्ती को बढ़ाने लगी और कामिनी झड़ने लगी….

Kaamini(Mala की छूट से मुँह हटा kar)-aahhhh..aahhhh…mmaiaiinnn..gggaaiii..aahhh..ahahhh..oohh..mmaa….ahahhh

माला भी कामिनी के झड़ते hi साथ में झड़ने लगी…

Mala-aaahh….aaaaiiii…mmmaaaiii…..bbhhii….

और इसी के साथ माला भी कामिनी के साथ झाड़ गई….....

जब वो दोनों झाड़ चुकी तो देवा ने कामिनी की छूट से लुंड निकला और लेट गया… हैट ते hi माला फिर से 69 पोसिटिव में हो गई और कामिनी का छूट रास चाटने लगी…

और दोनों ने एक दूसरे की छूट को चाट कर साफ़ कर दिया और अलग हो कर लेट गई….

माला और कामिनी थोड़ी देर तक रेस्ट करने के बाद उठ कर baari-baari बाथरूम जाकर फ्रेश हो गई

सामने बाला की हालत भी ख़राब हो चुकी थी वो अपने हाथ से लुंड को छू नहीं प् रहा था और उसका लुंड भी अपनी माँ और बीवी की चुदाई देख के खड़ा हो चुक्का था.

देवा – क्यों रे भड़वे मैने तो तेरी माँ छोड़ दी. बीवी छोड़ दी, तुझे तेरी बीवी तो अब छोड़ने देगी नहीं. मादरचोद बनना है तो बोल मए बात करता हु माला से के वो तेरा लुंड अपनी बुर में ले ले. बोल बनेगा मादरचोद?

तभी वह माला ुर कामिनी आ गयी.

माला – इसे तो ऐसे hi तड़पने दो देवा इसकी मदद नहीं करेगा कोई. चल हम लोग चुदाई का खेल शुरू करते है.

देवा – षाले है पर पहले मेरे लुंड को खड़ा तो कर दो रंडियो

कामिनी- हम तो इसी लिए है यहाँ मेरे राजा …अभी खड़ा करते है…..

माला- haa…humne हार नहीं मानी…

देवा - ok तो सुरु हो jao....or देवा खड़ा हो गया

इतना बोते hi माला और कामिनी भूखी बिल्लियों की तरह देवा के लुंड पर झपट पड़ी और फिर से लुंड को चाट कर बुरा हाल करने लगी लगी….

Main-aahhh..tum दोनों तो पागल कर dogi..aahhhh

थोड़ी देर तक दोनों देवा के बॉल्स और लुंड को चूसने के बाद कड़ी हो गई और देवा के सीने के ek-ek तरफ जीभ फिरते हुए चाटने lagi….aisa मज़ा देवा ने पहली बार फील किया….

फिर उन दोनों ने वो किया जो देवा ने सोचा भी नहीं tha….Mala और कामिनी ने देवा के सीने पर जीभ फिरते हुए एक –एक निप्पल को अपने मुँह में भर लिया और चॉसने lagi....aur देवा मस्ती में तड़प उठा….

Main-aahhh…kya कर रही ho…aahhhh..chhhodo

Deva(man में)- साला आज तक मैंने hi लड़कियों और अयर्तों के निप्पल चूसे the….or आज ये एयरटेन मेरे निप्पल चूसे रही hai…pagal है साली….

माला और कामिनी अपनी hi मस्ती में निप्पल्स को चूसे कर लाल कर रही थी और देवा मस्ती और अचम्भे से मज़ा ले रहा था….

थोड़ी देर बाद दोनों ने निप्पल को चूसना छोड़ा और हसने लगी....

कामिनी- क्यों मज़ा आया..*???

माला- पागल कर दिया न तुम्हे भी...*???

देवा- aahh..sach में तुम दोनों ने तो वो कर दिया जो मैंने सोचा भी नहीं था...

माला- आज हम तुम्हे पागल कर dege...hehehe आज तक अपने लुंड से हमारी फाड़ के तुमने हमें पागल किया है न

Kaamini-hmm…bahut चूसते थे न हमारे निप्पल अब तुम्हारे भी चूस gaye…hehehe..

Deva-haa…kuch भी kaho….maza तो aaya..ab अऊ थोड़ा मज़ा बढ़ाते है…

और देवा जाकर सोफे पर बैठ gaya….or माला को पकड़ के नीचे बैठा दिया और कामिनी को अपने उप्पेर आने को इसरा किया…

और कामिनी जैसे hi सोफे पर आई तो देवा ने उसे घुमा कर उसकी छूट को चेतना सुसरु कर diya….aur उसकी छूट पर जीभ फिरने लगा….

अब माला देवा के लुंड को चूसने लगी और कामिनी देवा से छूट चतवते हुए मज़े लेने लगी......

माला- yess..yess,,aaahhh…maza आया…

कामिनी- aahhhh…uummm…oohh..maaa..

कामिनी- aaahhh..maa…joorr..see…andar…tak…chaato….aahhhh

माला- aahhh…kha जाओ इसकी choot..haaa…yes…yess…aaahhh

देवा- आह्हः… uummmm..aahahhhh..uummm…uummm

ऐसे hi मज़ा करते हुए इनका चुदाई का खेल चल रहा था की …देवा ने कामिनी को सोफे पर लिटा diya…aur और उसकी छूट को चाटने लगा….

माला- aahhh….aaj तो इसकी छूट खा hi jao….bahut गरम है साली की…

कामिनी- ahhh..haa..or इस कुटिया की भी garmi..aahhhhh….nikaal देना…..

देवा - …aaahhh….jarur मेरी रंडियो…

इसके बाद माला ने लुंड को छोड़ा और सोफे पर आ कर कामिनी के मुँह के दोनों तरफ पेअर कर ke…apni छूट कामिनी के मुँह पर रख दी…

माला- ले kutiya…tu मेरी चाट ja...aahahh आज अपनी सास की बुर का भी पूरा मजा ले ले. सौतेली हु तो क्या हुआ हु तो तेरी सास hi न.

Kaamini-ha randi..teri तो खा जोगी…..

देवा - ..aahhh..ha Mala…iske मुँह में छूट भर दे…

माला- aaahhh…or tej..aahhhh….andr तक chaat…ahhhhh uuuiiiii..maaa….kha hi gai…aahhh…kutiya……aaahhh ufff..Sali …kutiya….kha…ja….aaahhh….aahhh

देवा की जीभ ने कामिनी की छूट को झड़ने पर मजबूर कर दिया और कामिनी देवा के मुँह में झड़ने लगी और माला की छूट को मुँह में भर कर जोरर ने चूसने लगी….

Kaamini-uumm..aahh..uuummm..aahhh…aaiii..maa….uuummmmm…

माला- aahhh…tera निकल gaya….aahhhh..to….mera भी nikaal….aahhhh…kutiya…aahhhh

कामिनी- ummm..uummm..uummm..uummm…

Mala-aahhh…aise..hi…aahhh..maaainn..bhii…aaaiii…ohhh..mmaa…yess….yeesss

माला भी कामिनी के मुँह में झड़ने लगी और माला के छूट रास कामिनी पिने लगी और देवा कामिनी का छूट रास चाट कर कामिनी की छूट को खली करने लगा….

कामिनी के छोट को चाटने के बाद देवा ने माला की छूट में कामिनी के साथ मुँह लगाया और दोनों माला का छूट रास पिने लगे…..

देवा – अब aao…tumhari छूट फाड़ता हु…

और देवा के कहते hi माला झट से देवा की गॉड में आ गई और लुंड को छूट में सेट कर के बैठ gai..saali एक hi झटके में पूरा लुंड ले कर बैठ गई…

Mala-aahhhhhh……uuuiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiimmmmmmmmmaaaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhh

कामिनी – साली तू तो रांड nikali...ek साथ में pura....sahi hai….aaj तेरी गांड जो खुल gai…dikha तो तेरी गांड…

कामिनी ने माला की गांड पर मुँह रख दिया और माला ने अपने आपको उप्पेर नीचे करते हुए लुंड लेना सुरु किया.....

माला- aahhh..ahhh..ahhh..uuff..oohh..maaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa…

माला- ohh..oohh..oohh..aahhhh…ahhhh….ahhhh

थोड़ी देर बाद कामिनी सोफे पर कड़ी हुई और माला के सामने अपनी छूट खोल दी…

माला ने भी देर न करते huye…kaamini की छूट को चूसना सुरु कर दिया और देवा ने माला की कमर पकड़ कर तेजी से धक्के उप्पेर नीचे करना चालु कर दिया….

Mala-aaaahhaaummm....ssrruupp..uuummm....aahhahh

Kaamini-aahah..ahhh..ahhhh…ahahhhh…ahhahh…yyeesss….yyeesss….choose le..aahh

माला -aaahhh…hhhahha…uummmm.. …uuumm..uumm

ऐसी hi आवाज़ों के साथ देवा माला की छूट की धज्जिया उडाता रहा और माला , कामिनी की छूट चाट ते हुए मस्त होती rahi….or कामिनी मस्ती में तड़प रही थी….

थोड़ी देर बाद देवा ने माला को रोक कर उसकी छूट से लुंड निकला ल और फिर कामिनी को कीच कर माला के ऊपर hi कुटिया बनाया और पीछे से उसकी छूट में लुंड दाल दिया……

कामिनी- uuuuiii..mmaaa…pura…aahhhhh

देवा - haa…pura..ab मज़े kar….aadha लुंड ले के छोड़ने का मूड था क्यात एरा साली……….

Mala-aahh…faad do…iski….ahahhhh

कामिनी- ohhh….faad दो….

देवा ने एक पेअर को सोफे पर रखा और कामिनी को छोड़ने laga…or माला कामिनी की छूट और गांड चाटने लगी....

देवा - कामिनी, चाट इसकी gaand…badi गरम है…

Mala-ahahhh..kha ja…aaahhh…jeech दाल न…

Kaamini-..aahh..ahhh…haa…uuff…

कामिनी देवा की चुदाई से बेहाल थी पर माला की गांड को बराबर चाट रही thi…masti में पागल हो रही थी dono…waha माला भी अपनी गांड चटवा kar..maze में आहें भरने लगी…

माला- ohh..oohhh..mmaa..uuff….khaaaa..jaa….

Kaamini-aahhh…..teejjj..faadd..ddoo..jjoorr..see…uummm

माला- aahh..ahhh..haa…tu..bhi….teejj..teejjj..choot bhi…aahhh…

कामिनी- aaahhh…hhhahha…uummmm.. …uuumm..uumm

ttttthhppp….ttthhppp…ththhpp..aahhh…uuumm..hhhmmm..aahah ाहः. ाहः. ाहः..

ऐसी मस्त चुदाई और चुसाई से कामिनी और माला दोनों झड़ने लगी…

Kaamini-..aahhh..mmaiiiinnn..aaiiii...oohh..uummm

माला- aahhh..kaamini...maiiinn..bbhhii...aahhh...aaiii...mma.aaa...

अब कामिनी झड़ने लगी और माला भी और देवा ने कामिनी को छोड़ना जारी रखा …और देवा का लुंड उसकी छूट रास से फाऊछ की आवाज़े करने लगा….

fffuuuccchhhh..fffuuucchhhhhht…….tttthhppp….ttthhppp…ththhpp..aahhh…

और ऐसे hi मस्त आवाज़ों के साथ देवा भी जड़ने के करीब आ गया…

देवा - aahh….main आ रहा hu…kaha दालु ..

माला- nahi…mujhe chahiye..aahhhh…

कामिनी- मुझे bhii..aahhh,,,aahhhh

देवा - दोनों को दुगा….

और देवा कामिनी की छूट से लुंड निकला और खड़ा हो gaya….kaamini और माला भी जल्दी से उठ कर देवा के पास नीचे बैठ गई और दोनों ने लुंड को बारी बारी चूसना सुरु कर दिया…

और देवा थोड़ी देर में झड़ने laga…or दोनों सास बहु लुंड रास को आपस में बाँट कर पिने लगी……

अब देवा पूरा झाड़ गया तो कामिनी और माला ने लुंड को चूस कर साफ़ किया और रास का रसपान करने लगी….

और देवा बीएड पर रेस्ट करने लेट गया..... थोड़ी देर के बाद देवा उठा

देवा – बाला ये मेरी ऐयाशी नहीं थी. न hi मैने इन दोनों में से किसी के साथ कोई जबरदस्ती की है न hi ये इन दोनों की कोई हवस है. मैने इन्हे इनकी मर्जी से प्यार दिया है. जिसके लिए ये दोनों सालो से तड़प रही थी. औरत को सिर्फ लुंड की जरुरत नहीं होती. एक दमदार लुंड के साथ उसे प्यार की भी जरुरत होती है. तूने और तेरे बाप ने इन्हे ये नहीं दिया. आज इसीलिए ये तुम्हारे दुश्मन की हो चुकी है. और बहोत जल्द hi ये सब मेरे बच्चो को पैदा करेगी. ये है मेरा बदला. तुम्हरी हवेली पर अब मेरा वंश राज करेगा. वो भी लागल्य इनके बेटो के रूप में. समझा………………..
 
अपडेट - 59

माला – देवा तूने सच कहा ये हमारी हवस नहीं बल्कि हमारी जरुरत थी. हमारी आत्मा भी इन लोगो ने जख्मी कर दी थी तूने अपने प्यार से मुझे मेरी बहुओ और बेटी को सुकून दिया है. इसीलिए हम तुम्हारी है.

कामिनी - है देवा अब तुम हमें कभी मत छोड़ना

देवा – अरे मए क्यों छोड़ूगा. मए हमेशा तुम लोगो के साथ हु. अब तुम लोगो का राज है इस पूरी हवेली और जमीन जायदाद पर सब कुछ तुम चारो के नाम है. यहाँ के एक रुपए पर भी मेरा कोई हक़ नहीं है. सब कुछ मैने तुम लोगो के नाम करवा दिया है. और तुम तक पेपर्स भी पहुँच जायेगे. तुम लोग निश्चिन्त रहो अब.

माला - लेकिन तुमने ठाकुर को जिन्दा छोड़ के गलती की है. वो तुम्हारा दुश्मन तो था hi अब हमारा भी दुश्मन हो गया है. वो हम्मे से किसी को जिन्दा नहीं छोड़ेगा.

देवा – ाजी लौड़ा, वो कुछ नहीं उखड पायेगा तुम लोगो की कोख में मेरा बच्चा है. मए भला अपने बच्चो का और उनकी माओ का ध्यान नहीं रखुगा?...........

…………… तुम लोग निश्चिन्त रहो वो हम लोगो की झांट का बाल भी नहीं उखड पायेगा. मुझ पर विश्वास करो. अब मए चलता हु. बाद में मिलुंगा.

फिर देवा वह से निकल कर अपने घर आता है. तो घर में आते hi

दन – अरे देवा कहा हो? तुम तो आजकल नजर hi नहीं आते?

देवा – मए कहा जाउगा बाबू जी यही हु थोड़ा काम में व्यस्त था और कुछ नहीं.

दन - अच्छा ठीक है पर जरा हमसे भी बात कर लिया करो इतना भी काम में क्या व्यस्तता.

देवा – जी बाबू जी मए ध्यान रखुगा. आपको कुछ चाहिए क्या?

दन – है चाहिए लेकिन बहार से नहीं तुमसे.

देवा – तो बताइये न बाबू जी क्या चाहिए आपको?

दन – तेरा समय बीटा.

देवा – कैसी बात कर रहे है बाबू जी मेरा हर पल आपका है. मेरे लिए आप लोगो से बढ़कर कोई काम नहीं.

दन – ठीक है बीटा. अच्छा मए ये सोच रहा था के बहोत समय निकल गया है. तुम्हरा और पायल का रिश्ता तय किये हुए. अब तुम्हरी सगाई पूनम से और पायल की सगाई रामु से कर देनी चाहिए. रिश्ता अभी तो जबानी hi तय हुआ है न. जो रीती रिवाज़ है उसे भी तो पूरा करना चाहिए.

तभी वह सावित्री पायल और दिया भी आ जाती है..

सावित्री - है बीटा हम इन जिम्मेदारियों से मुक्त होना चाहते है. तो जब तुम कहो हम सगाई की रसम पूरी कर देते

देवा – अरे माँ पायल की सगाई आप जब कहे कर लेते है . बाकि मेरे और पूनम के लिए आप परेशां न हो हमें सगाई की क्या जरुरत. हमारा रिश्ता टूटने वाला नहीं हम सीधे शादी hi करेंगे.

सावित्री – पागल हुआ है क्या सगाई सिर्फ एक रस्म नहीं बीटा, शादी से पहले होने वाली पूजा भी है. बिना सगाई के शादी नहीं होती. इसलिए हम सोच रहे थे की जल्द से जल्द तुम चारो की सगाई कर दे.

देवा – ठीक है माँ जैसा आपको और बाबू जी को अच्छा लगे. जब आप लोग कहे हम तैयार है.

दन – लेकिन बीटा उन दोनों परिवारों को भी पहले से बताना होगा. जिससे वो तयारी कर सके. तो तुम क्या कहते हो.

देवा – बाबू जी मए आपकी बातो को काट नहीं सकता. आप जब चाहे तब की तारिख दे दे. दोनों घरो में. मुझसे पूछने की जरुरत नहीं आपको. आप बस मुझे हुकुम दीजिये मए तैयार हु.

सावित्री - तो फिर ठीक है अगले हफ्ते की तारिख दे देते है पद्मा को और उसके बाद पायल की ससुराल वालो से भी कह के तारिख निकलवा लगे जब वो कहेगे तब करेंगे.

दिया – माँ मेरी एक सलाह है. क्यों न दोनों सगाई एक साथ एक जगह पे हो. इसमें पद्मा काकी का खर्च भी काम होगा और सब इसमें जुड़ भी पाएंगे. एक hi दिन में दोनों काम हो जायेगे.

दन – मए बहु की इस बात से सहमत हु, ये सही है.

सावित्री – है ये सही रहेगा लेकिन इस के लिए हमें पायल की ससुराल वालो से बात करनी होगी.

पायल – माँ वो…. मैने इनसे कुछ दिन पहले इस मामले में फ़ोन पे बात की थी वो भी इस बात से खुश हुए और राजी भी

पायल की इस बात पे सब हांसे लगे.

दन – तो अब हमारी बेटी इतनी होशियार हो गयी है के अपनी सगाई की बाते खुद hi कर सकती है.

पायल – नहीं बाबू जी ऐसी बात नहीं वो तो भाभी ने मुझसे कहा था उनसे पूछने के लिए और ये भी कहा था के सगाई ऐसे होनी चाहिए. और मए उन से बात कर के राखु जिससे के जब आप लोग घर पे बात करे तो सब तय कर सके.

दन – चलो अच्छा हुआ अब वह की समस्या भी ख़तम हो गयी.

तभी वह रघु आता है.

रघु - वाह क्या बात है आज तो सब एक साथ hi बैठे है. क्या बाते हो रही है. मए भी तो सुनु.

दन – बीटा हम लोग देवा और पायल की सगाई की बात कर रहे थे अच्छा हुआ तू भी आ गया. बहु का कहना है के दोनों सगाई एक जगह एक साथ हो तुम्हारा क्या विचार है?

रघु - बिलकुल सही है बाबू जी इससे सबका समय भी बचेगा और पैसा भी. और सब साथ मिल के मजा कर पाएंगे. और अगर अलग अलग सगाई करते है तो दो दो बार सब अर्रंगे करना होगा. टाइम भी ख़राब होगा और डबल पैसा भी लगेगा और सब परेशां भी होंगे. तो मेरे हिसाब से भी दिया का सुझाव अच्छा है.

दन – चलो भाई सब की रे ले ली अब मेरी छोटी बहु से भी पूछ ले देवा.

देवा – आप उस की चिंता मत कीजिये मए बात कर लगा. वो मन नहीं करेगी.

दन – ये तो मए भी जनता हु के जितनी समझदार मेरी बड़ी बहु है. उतनी hi छोटी भी. तुम एक काम करो रघु.

रघु - कहिये बाबू जी

दन – तुम देवकी से बात करो और उसे पूछ लो हलाकि पायल तो बात कर hi चुकी है रामु से फिर भी तुम्हारा बात कर लेना सही होगा. यदि वो हामी भर्ती है तो फिर उन्हें अगले हफ्ते की तारिख दे दे.

दिया – बाबू जी लेकिन ये फंक्शन करेंगे कहा.

देवा – अरे भाभी हमारा इतना बड़ा घर है. पीछे आम का बैग है. सारा इंतजाम यही करेंगे. पायल के ससुराल वालो को भी बुलवा लेते है यही .

सावित्री - है ये सही रहेगा. यही होगा तो सब आसानी से हो जायेगा.

दन – तो तय रहा रघु तुम बात कर के सब तय कर लो. और सावित्री तुम भी हमारी छोटी बहु की माँ से बात कर लो और देवा तुम सरे इंतजाम देख लेना.

उसके बाड़साब लोग अपने अपने काम पे लग जाते है. देवा भी अपने कमरे में आकर नाहा के फ्रेश हो जाता है. तभी उस के पास दिया आती है.

देवा – अरे आओ भाभी क्या हुआ आप परेशां लग रही है.

दिया – देवर जी बात hi कुछ ऐसी है.

देवा – बताइये मुझे क्या बात है.

दिया - वो देवर जी हमारे ऊपर हमला हुआ था. पायल और मए मंदिर जा रही थी तो कुछ लोगो ने हमला किया था.

देवा – फिर?

दिया - फिर पता नहीं कहा से एक नकाबपोश आया और उसने उन लोगो को काट डाला और हमें बचाया.

देवा – ये तो बड़ी अच्छी बात है भाभी.

दिया - लेकिन देवर जी पता नहीं वो नकाब वाला कौन था. उसने हमें घर छोड़ा और बिना बात किये चला गया.

देवा मुस्करा रहा था बोलै कुछ नहीं.

दिया – देवर जी आप मुस्करा क्यों रहे है? आप को गुस्सा नहीं आया मेरी बात सुन कर?

देवा – भाभी आप परेशां न हो मए सब जनता हु. इस घर के लिए लापरवाह तो मए कभी हो hi नहीं सकता.

दिया - अच्छा तो क्या आप जानते है उस नकाब वाले को ?

देवा – है भाभी मए जनता हु. वो मेरा hi दोस्त है. लेकिन आज तक मैने किसी से उसे मिलवाया नहीं था इसलिए उसने बिना आपसे कोई बात किये बस आप लोगो को सुरक्षित किया और चला गया.

दिया – फिर तो मए उससे मिलना चाहुगी देवर जी. क्यों की उसने सिर्फ मुझे नहीं बल्कि इस घर की इज्जत पायल को भी बचाया और हमारे प्यार की निशानी को भी बचाया है.

देवा – अच्छी बात है. मए सब से आपको मिलवा दुगा.

दिया - मिलवा दुगा नहीं मिलवाओ वो भी अभी.

देवा – अच्छा मिलवा देता हु. थोड़ा समय दो मए उन्हें लेकर आता हु.

दिया - लेकिन ये हमला किया किसने इस गाँव के लोग तो नहीं थे.

देवा – ये हमला ठाकुर ने करवाया था. शहर से उसने आदमी बुलवाये थे.

दिया - ठाकुर ने ? हे भगवन वो कुछ ज्यादा hi करने लगा है देवर जी मुझे दर लग रहा है.

देवा - आगे बाद के दिया को गले लगा लेता है. और उसके माथे को चुम कर.

देवा – आप क्यों घबराती है. मए हु न कोई दुश्मन इस घर का एक तिनका भी नहीं तोड़ सकता.

तभी वह पायल आ जाती है देवा और दिया गले लगे हुए खड़े थे.

उन्हें ऐसे गले लगे हुए देख कर पायल…………….
 
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उन्हें ऐसे गले लगे हुए देख कर पायल…………….

पायल – अरे वाह भाभी से इतना प्यार ?

देवा – चुप कर पगली मए तो तुम सब से प्यार करता हु. भाभी अभी थोड़ा दर रही थी तुम लोगो पे जो हमला हुआ उससे. और मए इन्हे समझा रहा था.

पायल भी आगे बाद के देवा की बहो में आ जाती है और उसकी आँखों से आंसू बहने लगते है.

पायल – है भैया भाभी का डरना सही है. मए खुद भी तो दर गयी थी कही कुछ हो जाता तो मए क्या मुँह दिखती आप सब को मए तो मर hi जाती

देवा – ख़बरदार जो मरने की बात की. वैसे तुम दोनों के लिए एक गुड़ न्यूज़ है. मेरे पास.

दिया - और वो क्या है?

देवा – तुम लोगो पे ठाकुर ने हमला करवाया उसे तो मेरे दोस्त ने नाकाम कर दिया. मुझ पर भी हमला करवाया 10 लोगो से मैने उन सब को मार दिया . और रही बात ठाकुर की तो उसका सब कुछ चीन कर उसे इस गाँव से निकल चूका हु मए. और उसकी साडी जमीन जायदाद दौलत हवेली सब वह की औरतो के नाम करवा दी है. अब किसी से डरने की जरुरत नहीं. कोई कुछ नहीं बिगड़ेगा अब तुम लोगो का.

दिया - चलो ये अच्छा हुआ. इस गाँव के सर से ठाकुर नाम का कलंक मिट गया.

देवा कुछ सोचते हुए - नहीं भाभी कलंक मिटा तो नहीं है अभी. है दूर जरूर हुआ है. लेकिन शायद इस कलंक को आगे जाकर मिटाना पड़ेगा. पर अभी तो आप लोग निश्चिन्त रहिये.

दिया - ठीक है पर हमें हमारे मददगार से तो मिलवा दीजिये.

देवा – ठीक है भाभी मए उन्हें ले ौगा.

उसके बाद दिया और पायल चली जाती है. और देवा भी तैयार हो के निकला जाता hae.apne बेसमेंट में. जहा सब बैठे बाटे कर रहे थे. वह इस वक़्त सभी बैःते थे. शलाका, गुरुम, रूद्र, नीलम, नागार्जुन.

रूद्र – आओ प्यारे कहा रह गए थे.

देवा – बस यार थोड़ा व्यस्त था तू सुना कैसा चल रहा है.

रूद्र - भाई वैसे तो सब ठीक है लेकिन मए नागलोक जाना चाहता हु. काफी समय हो गया माँ बाबू जी से मिले. अब घर की याद भी आ रही है , नीलम का भी यही हाल है. लेकिन अभी तक मुझे फब की तरफ से कोई संकेत नहीं मिल रहा इस लिए जा नहीं पा रहे है

देवा – अगर ऐसी बात है तो समझ लो की संकेत मिल गया है, और बहोत जल्द तुम दोनों की वापसी होगी नागलोक में.

रूद्र - सच . भाई पहले क्यों नहीं बोलै तू

देवा – अरे तो अब तो बोल रहा हु न. लेकिन उसे पहले मए तुम्हे अपने माँ बाप से मिलवाना चाहता हु.

रूद्र – अरे पगला गया है क्या? वह जायेगे तो उनसे मिलेंगे न.

देवा – नहीं मेरे यार मए यहाँ वाले माँ बाप की बात कर रहा हु.

रूद्र - अरे वह ये तुमने पहले क्यों नहीं बताया और हमें पहले क्यों नहीं मिलवाया?

देवा – यार समय कहा मिला? अब मिलवा देता हु न.

इधर गुरुम किसी गहरी सोच में था जिसे देख कर देवा भांप जाता है

देवा – क्या हुआ गुरुम तुम किस सोच में खो गए?

गुरुम – देवा मुझे बहोत कुछ अजीब लग रहा है बहोत से सवाल उठ रहे मन में.

देवा – मए तुम्हरी हालत समझ रहा हु दोस्त. लेकिन अभी मेरे घर के अंदर चलो. बाद में तुम्हे मए सरे सवालो के जवाब दे दुगा.

गुरुम - ठीक है देवा चलो पहले तुम्हारे परिवार से मिलते है.

फिर सब लोग उठ खड़े होते है

देवा – तुम सब मेरे दोस्त hi हो और शहर से आये हुए हो अब मेरे साथ hi रहना है यहाँ कुछ काम नए शुरू करने है. ok

सभी मुस्कराते हुए. ठीक है.

फिर सब घर के अंदर आते है जहा. देवा सब को बुलाता है.

देवा – माँ बाबू जी इन से मिलिए ये है मेरे कुछ दोस्त. ये है रूद्र और ये उसकी मंगेतर नीलम

दोनों hi आगे बाद के दन और सावित्री के पेअर छूटे है. फिर दिया नीलम को गले लगाती है. और पायल भी इधर रूद्र भी रघु के गले मिलता है.

देवा – ये है मेरे दोस्त गुरुम और नागार्जुन, और ये शलाका.

सभी लोग फिर से आपस में मिलते है.

दन – बीटा इतने सरे दोस्त बना लिए तुमने तो

देवा – है बाबू जी दोस्त तो पहले से थे लेकिन ये आज hi आये है गांव इसीलिए आप लोगो से अभी मिलवा रहा हु.

दन – और बच्चो तुम लोग करते क्या हो कहा रहते हो?

रूद्र - बाबू जी हम लोग शहर में रहते है सब अलग अलग है. लेकिन दोस्ती की खातिर आज सब साथ है. यहाँ देवा के कहने पे आये है कुछ नया करने.

सावित्री - और बीटा तुम लोग

नीलम और शलाका मुस्कराते हुए. माँ जी पड़े तो हम लोग अपनी पूरी कर चुके है अब जो रूद्र बोलेगा वही करेंगे हमारे माँ बाप की तरफ से हमें इजाजत है. और ये शलाका तो मेरी बहन है ये भी अपने डैम पे कुछ करना चाहती है तो ये भी मेरे साथ hi आयी है.

दन नागार्जुन से - और बीटा तुम भी इनके साथ hi काम करने वाले हो?

नागार्जुन – जी है बाबू जी. वैसे देवा ने मुझे यहाँ का सिक्योरिटी इंचार्ज बनाया है. मेरी अपनी सिक्योरिटी सीओ. है. अब देवा के साथ hi हु.

दन – बहोत अच्छी बात है बच्चो भगवन तुम सबको अपने मक़सद में कामयाब करे.

दिया – लेकिन तुम डाब लोग करने क्या वाले हो

शलाका - भाभी आप तो देवा को अच्छी तरह जानती है. ये जो सोच ले वो कर के रहते है. अब इन्होने कुछ प्लान किया है नया करने का तो इनको hi पता होगा के ये क्या करने वाले है.

दिया - है वो तो है मए इन्हे अचे से जानती हु.

दन – चलो बच्चो खाने का टाइम हो गया है बैठो सब खाना खायेगे आज एक साथ मिल कर.

फिर सब लोग डिनर करने लगते है. और सबसे बाते भी हो रही थी. ड़न्नेर के बाद भी सब लोग हॉल में बैठे बाते कर रहे थे.

दन – अच्छा बच्चो अब मए जा रहा हु सोने तुम लोग तो यही हो न कल मुलाकात होगी.

रूद्र – जी बाबू जी सुबह मिलते है आप आराम कर लीजिये.

फिर दन चले जाते है अपने रूम में. थोड़ी देर तक सावित्री उन के साथ बैठ के बाते करती है फिर वो भी मौका देख कर सोने को कह कर चली जाती है अपन बैडरूम में. इधर रघु भी उठकर आ चूका था सोने के लिए. सिर्फ पायल और दिया hi बैठी थी.

देवा – भाभी ये जो नागार्जुन है न इसी ने आपको और पायल को बचाया था उन लोगो से.

दिया - नागार्जुन ने?

देवा – जी भाभी

दिया - थैंक यू भैया मए बता नहीं सकती के आपने हम पर कितना बड़ा उपकार किया है.

न – नहीं भाभी उपकार कैसा आप सब भी मेरा परिवार hi है. और फिर ये तो मेरा फ़र्ज़ है. मेरे होते यदि इस घर के किसी भी सदस्य पे आंच आ जाये तो मेरा जीना किस काम का.

दिया – फिर भी भैया आपने हमारी मदद की उसका धन्यवाद् बहोत सही सबक सिखाया आपने उन्हें. आप सचमुच बहोत अचे फाइटर है.

न – मए देवा के सामने तो कुछ भी नहीं

रूद्र – अब नागार्जुन जब भाभी कह रही है तो मन ले न कहे को खींचता है. है भाभी ये है बहादुर अब खुश. लेकिन भाभी बात सिर्फ नागार्जुन की नहीं है. इस घर के लिए देवा के लिए तो हममे से हर एक जलती आग में कूद जायेगा. ये है hi ऐसा . साला रुलाता बहोत है लइकन

इतना कह कर रूद्र की आंखे गीली होने लगती है. तो देवा उसे पकड़ के गले से लगा लेता है.

दिया - मए समझी नहीं रूद्र भैया इसने कब रुलाया आपको ? मुझे बताओ मए अभी इसकी खबर लेती हु.

रूद्र - हाहाहाहा खबर वो तो मए ले hi चूका. आते hi. क्यों देवा

देवा को रूद्र की पिटाई याद आ जाती है. – अबे चुप कर न

रूद्र भी हंस देता है.
 
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दिया - अब आप लोग भी आराम कीजिये. मए बिस्तर लगवा देती हु. और है आप लोग यही रहेंगे अब से. कोई कही नहीं जायेगा. ठीक है न?

सब – ठीक है भाभी

दिया - नीलम, शलाका तुम दोनों का रूम अलग से सेट करवा देती हु. और दूसरे रूम में रूद्र नागार्जुन और गुरुम सेट हो जायेगे ok?

देवा – ठीक है भाभी आप अपने हिसाब से करवा दो. किसी को बोल कर और आप भी आराम कर लो

पायल - भाभी मए क्या कह रही थी. के आप आराम hi कर लो मए रूम सेट करवा देती हु सब के.

दिया – ठीक है पायल तू करवा दे किसी को बोल कर. मए जा कर आराम करती हु.

देवा – पायल हम लोग ऊपर रूम में है तुम इनके कमरे सेट करवा के सोने चली जाना ये लोग भी थोड़ी देर में जाकर सो जायेगे.

पायल - ठीक है भैया

फिर सब लोग ऊपर देवा के रूम में चले जाते है.

देवा – है भाई गुरुम अब बोलो क्या सवाल है तुम्हारे?

गुरुम - देवा मए तो हर बात से परेशां हु. कैसे तुम ये सब कर रहे हो? रूद्र कैसे आया कहा से आया? ठाकुर से भाभी और पायल कैसे बच गयी? बहोत से सवाल है?

मुझे पता था गुरुम तुम्हारे मन में ये सवाल उठना स्वाभाविक है. क्यों की तुम खुद एक योद्धा हो जिसे भविष्य में हमारे कदम से कदम मिला के चलना है.

और तुम्हे सब कुछ बताने की इजाजत भी मए ले चुक्का हु तो इसलिए मए तुम्हे सब बताउगा अब.

गुरुम - इजाजत? तुम्हे भी किसी से इजाजत लेनी पड़ती है देवा? पर किस्से?

देवा – सब बताता हु तुम सुनो और उस के बाद फैसला करना

…………गुरुम ये मेरा पुनर्जन्म है. इससे पहले मए सेकड़ो साल पहले नाग लोक का राजकुमार हुआ करता था. वह ये मेरा दोस्त रूद्र भी था जो मेरे साथ बचपन से था. फिर हुआ यु के एक दिन……………………………………………..

देवा पूरी बात शुरू से गुरुम को बता देता है जिसे सुन कर गुरुम के चेहरे पे कभी ख़ुशी होती तो कभी हैरानी कभी दुःख तो कभी क्रोध. आखिर देवा अपनी बात पूरी कर के गुरुम को देखता है

गुरुम - देवा क्या ये सब सच है? मुझे तो यकीन नहीं आ रहा. आज के ज़माने में भी ये पुनर्जन्म और नागलोक और तिलिस्म लोक की बाटे मए समझ नै प् रहा हु के इन बातो पर यकीन करू या न करू. ी मैं तुम सब इन बातो के सच होने का जीता जगता सबूत हो लेकिन बचपन से मेरी परवरिश जिन हालातो में हुई ha,e जिन लोगो के बीच हुई , ऐसे माहौल में अपनी आधी जिंदगी बिता देने के बाद आज अचानक इन सब बातो को सुनकर मान लेना मतलब ये किसी मैजिकल मूवी की तरह है. जो बस मूवीज में hi होता है. इसीलिए दिल तो मन रहा है लेकिन दिमाग मैंने को तैयार hi नहीं हो प् रहा है ी ऍम सो कन्फ्यूज्ड.

देवा - है गुरुम ये सब पूरी तरह सच है. अभी हाल hi में मए तिलिस्म नगरी गया था. फब के बुलावे पे तो उनसे मैने इजाजत ले ली है के तुम्हे मए अपनी शक्तिया दे कर अपने साथ शामिल कर लू. और फिर तुम भी नाग लोक और तिलिस्म नगरी चल पाओगे. सफर बहोत लम्बा है मेरे दोस्त. बहोत मुश्किलें आणि बाकि है. जिसमे तुम अगर चाहोगे तो हमें साथ डोज.

गुरुम - मैने तुम्हे अपना दोस्त मन है देवा इसीलिए मए साथ देने से तो पीछे हटूगा नहीं लेकिन मुझे यकीन नहीं आ रहा उसका क्या?

देवा – अभी यकीन आ जायेगा, देवा आँखे बंद कर के पूनम को याद करता है और उसे अपने पास आने को कहता है.

उसी समय बंद कमरे में पूनम प्रकट होती है. जिसे अचानक देख कर गुरुम चौंक जाता है.

देवा गुरुम को देख कर मुस्क्रत है. – पूनम, शलाका, रूद्र, नीलम नागार्जुन सब अपने असली रूप में आ जाओ.

देखते hi देखते रूद्र और नीलम जहा एक बहोत बड़े नाग में बदल जाते है. वही पूनम और शलाका भी तिलिस्म नगरी के अपने रूप में आ जाती है. पूरा कमरा hi उन लोगो को छोटा पड़ने लगता है गुरुम के पसीने निकलने लगते है.

कुछ मिनट बाद सब नार्मल हो जाते है.

गुरुम - दददेवा ये सब….. ये सब क क क्या था?

अभी वह सब नर्मल थे. तभी एक बिजली सी कोंध जाती है पूरे रूम में और देखते hi देखते देवा अपने नाग रूप में आ जाता है जिसका फैन अभी सिकुड़ा हुआ था लेकिन फिर भी देवा उस कमरे में समां नहीं पा रहा था अभी वो कनडली मार के बैठा हुआ था. जिसे देख कर एक बार तो गुरुम को चक्कर आने लगते है. और बाकि सब मुस्करा रहे थे.

तभी नाग का कमर का ऊपर का हिस्सा इंसाने का हो जाता है. यानि देव के रूप में जिस के बदन पे राजकुमारों वाली पोषक थी. और सर पे मुकुट.

देवा – अब तो यकीन आ गया न मेरे दोस्त?

गुरुम की आँखों से पानी बहने लगता है तभी देवा नार्मल रूप में आ जाता है.

गुरुम - देवा तुम जैसे शक्तिशाली हस्ती ने मुझ जैसे एक साधारण इंसाने को दोस्त बना के इतना मान दिया क्यों देवा? और फिर ये सब मुझे बताया दिखाया क्यों ? इसकी क्या जरुरत थी?

देवा – जरुरत थी मेरे भाई क्यों के आगे चलके मुझे तुम्हारी सहायता की जरुरत पड़ने वाली है. आखिर इस वक़्त हम सब धरती लोक पे है. तो तुम्हरे जैसे एक दोस्त की जरुरत तो हमें थी hi.

गुरुम हैरान हो कर- मेरी सहायता और तुम लोगो को? अरे तुम लोग चाहो तो 5 मिनट भी न लगे और पूरी धरती तबाह हो जाये भला तुम्हे मेरी सहायता क्यों चाहिए होगी और मए एक साधारण इंसाने तुम जैसे शक्तिशाली योद्धाओ की क्या सहायता कर सकता हु?

देवा – ऐसी बात नहीं है दोस्त. कोई भी सम्पूर्ण नहीं होता तलवार कितनी hi खतरनाक क्यों न हो लेकिन जहा जरुरत सुई की होती है वह सुई hi काम आती है न तलवार तो नहीं आ सकती. इसीलिए जहा मुझे तुम्हारी जरुरत पड़ेगी उस के लिए तुम्हे तैयार होना है. क्या तुम हमारा साथी बनना चाहोगे? अगर न बनना चाहो तो तुम अभी भी जा सकते हो कोई शिकायत नहीं रहेगी हमें.

गुरुम – मेरा दिमाग ख़राब नहीं है देवा? जो मए तुम जैसे हस्ती का साथ देने से इंकार करू. जहा तक मए समझता हु तुम्हारी दोस्ती को अचे भले तरसते होंगे. यहाँ तो तुम खुद मेरी तरफ हाथ बड़ा रहे हो. मए तुम्हारे साथ हु देवा. और अगर किसी वजह से मुझे कभी कुछ हो भी गया तो मुझे कोई गम नहीं होगा दोस्त.

देवा – धन्यवाद् गुरुम . मेरे पास आओ. अब मए तुम्हे कुछ शक्तिया दुगा. जिन्हे तुम अपनी योग शक्ति से साधना से और बड़ा सकोगे. लेकिन ये शक्ति मिलते hi तुम्हे थकन भी होगी और तुम कल तक के लिए सो जाओगे. इतना कह कर देवा गुरुम के सर पे हाथ रख देता है और देवा के हाथ से कुछ लाल पीली नीली हरी रौशनी की किरणे निकल कर गुरुम के सर में समाती चली जाती है. जिससे उसे एक झटका सा लगता है और वो बेहोश हो जाता है.

देवा – रूद्र इसे नीचे वाले कमरे में पंहुचा दो. और अब तुम लोग भी आराम करो कल मिलते है.

सब लोग चले जाते है. सिर्फ पूनम रह जाती है.

देवा – बोलो पूनम क्या कहना है?

पूनम – पहली बात मए शलाका को अपने साथ रखना चाहती हु. दूसरी बात गुरुम को सब कुछ क्यों बताया गया?

देवा – तुम्हरी पहली बात मंजूर है. कल काकी से शलाका को अपनी शैली बोल के मिलवा देना और फिर ये तुम्हरे साथ hi रहेगी अब से. दूसरी बात हमें कही चलना है. तो गुरुम की जरुरत पड़नी hi है यहाँ. और आगे चाक इ गुरुम को बहोत बड़े बड़े काम करने है. इसलिए फब की आज्ञा ले कर मैने उसे शक्ति दी है और उसे शक्ति देने से पहले ये सब दिखाना और बताना जरूरी था.

पूनम – ठीक है देवा पर हमें चलना कहा है?

देवा - स्वर्ण मणि हासिल करने फब ने बोलै है हमें बहोत जल्द निकलना है वो समय अब नजदीक hi है.

पूनम – क्या स्वर्ण मणि? लेकिन वो तो मुमकिन की हद के पार है देवा.

देवा – जनता हु लेकिन जहा देवा रूद्र पूनम नीलम शलाका और गुरुम हो वह नामुमकनी की सीमा पार करना कोई बड़ी बात नहीं. इसलिए तुम निश्चिन्त रहो. वह उस सफर में जहा हमारी देविया शक्तियों की जरुरत पड़ेगी वही. हमारी गैर मौजूदगी में यहाँ कुछ भौतिक चीजों की जरुरत भी पड़ेगी और कुछ तिलिस्म की जरुरत पड़ेगी देवीय और तिलिस्म तो हमारे साथ है hi हम चारो में लेकिन भौतिक ताक़त के रूप में गुरुम अब हमारे साथ है. और अगर वह जरुरत न भी पड़ी तो यहाँ वो संभालेगा. जो बेहद जरुरी है वो भी उन हालत में जब हम चार में से यहाँ कोई न होगा.

पूनम देवा के गले लग कर – ohhhhhhhhhhhh देव सब ठीक तो होगा न?

देवा – ये ईश्वर जनता है पूनम और मए ईश्वर नहीं. लेकिन इतना यद् रखो के हमारी जुंग बुराई के खिलाफ है. इसीलिए वो ईश्वर भी हमारे साथ है. अंत बुराई का होना है और होगा. लेकिन मुश्किलों को पार तो हमें करना hi होगा न.

पूनम – बस देव तुम साथ हो तो कोई दर नहीं. तुम हमें छोड़ना मत

देवा – शून्य में देखते हुए – कौन जाने आगे क्या होना है

पूनम घबरा के – क्या कहा तुमने देव?

देवा – कुछ नहीं पगली अंत में सब ठीक hi होगा. अब तुम जाओ आराम करो.

पूनम का मन बेचीं हो उठा. उसे देव की बातो से कुछ आशंका होने लगी थी. पर वो चुप चाप चली गयी अपने घर और वह भी वो सोचने लगी के देव ने ऐसा क्यों कहा.
 
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पूनम मन में – हे भोलेनाथ अब हमें जुदाई मत देना बाकि चाहे जो कर लो लेकिन इस बार देव को पूनम से जुड़ा मत करना परभु.

फिर पूनम नींद के आगोश में चली जाती है. इधर देवा के चेहरे पे भी गंभीरता थी. फिर देवा भी सो जाता है.

उधर अघोरी की गुफा में अघोरी अपने दिल के जहॉ पे नमक नीच लगा रहा था वो जल रहा था अपने hi क्रोध की अग्नि में उसे यकीन नहीं आ रहा था अपनी हार पर.

अघोरी - ये कैसे हुआ, मैने जिस पल का इतना लम्बा इंतजार किया वो मेरे हाथ में आ कर यु फिसल गया जैसे हाथ में आयी हुई मछली फीअसल जाती है. किन्तु मेरे हाथो में आयी हुई तो मछली भी वही तड़प के अपने hi जल में डूब मरती है. फिर ये नीलम नाम की नागिन कैसे निकल गयी? किसने इसकी सहायता की. मैने तो उसे पकड़ लिया था. वो नाग भी विवश हो चूका था फिर आखरी समय पे कौन आया जिसने उनकी सहायता की आखिर कौन था वो?

अघोरी बेचैनी से अपनी गुफा में टहल टहल के सोच रहा था किन्तु उस के सवालो के जवाब नहीं मिल पा रहे थे. तभी …..

एक प्रकाश वह उत्पन्न होता है.

अघोरी - प्रणाम गुरुदेव

गढ़ – आयुष्मान भाव वत्स.

अघोरी - गुरुदेव मेरी पूरी म्हणत पे पानी फिर गया मए कुछ न कर सका.

गढ़ – ये तो होना hi था वत्स

अघोरी - मए समझा नहीं गुरुदेव

गढ़ – मैने तो तुम्हे पहले hi समझाया था के वो लोग अपनी तय्यरिया कर रहे है. लेकिन तुमने अपना ज्यादातर समय भोग विलास में hi बिताया. अंतिम चरण में जाकर तुमने साधना की तरफ ध्यान दिया. यदि तुमने पूरा ध्यान दिया होता तो ऐसा नहीं होता. तुम नहीं जानते तुम कितने शक्तिशाली हो ये तुम इसी बात से अंदाजा लगा लो की माँ ीक अनजान गृह से आया और तुम्हे इतने साल पहले अपना शिष्य बना लिया क्यों के मए जनता हु के इस पृथ्वी पे अगर कोई उन्हें टक्कर दे सकता है तो वो सिर्फ तुम hi हो तुम्हारे अंदर वो क़ाबलियत है जो मुझे मेरा लक्ष्य हासिल करने में सहायक हो सकती है. ऐसा न होता तो मए तुम्हे कभी अपना शिष्य नहीं बनता तुमने ये कई बार साबित भी किया है इन्ही लोगो को मार के तुमने मेरी सहायता भी की है. लेकिन इस बार जब खतरा बहोत ज्यादा है तो तुम ध्यान केंद्रित नहीं कर प् रहे हो.

अघोरी – गुरुदेव आरोप लगाना छोड़िये और ये बताइये के अब मए क्या करू?

गढ़ – सबसे पहले तो अपने आवेश को काबू में रखना सीखो अघोरी. और तुम्हे करना ये है के अब तुम्हे अपनी शैतानी शक्तियों की मदद से उन्हें स्वर्ण मणि हासिल करने से न सिर्फ रोकना है बल्कि वो स्वर्ण मणि भी हासिल करनी है. जिसे प्राप्त करने के लिए रूद्र और उसके साथी जल्द hi निकलने वाले है.

अघोरी – किन्तु गुरुदेव रूद्र और उस नागिन नीलम की सहायता की किसने? ऐसी कौन सी शक्ति है जिसने मुझे पर्सस्त कर दिया और मए कुछ न कर सका. मेरी शक्तिया भी कोई मामूली नहीं है.

गढ़ – उस शक्ति और उसके स्त्रोत को ढूंढने की कोशिश मए भी बहोत समय से कर रहा हु. किन्तु वो अभी सुरक्षा चक्र में है. कोई बहोत शक्तिशाली देविया शक्ति का स्वामी है वो जिसने तुम्हे रोका लिया. यदि वो चाहता तो तुम्हे उसी पल यमराज के पास भेज सकता था. और भविष्य में भी तुम्हारी उससे भेंट होगी. जिसमे तुम्हे पूरा मौका मिलेगा उसे मरने का. लेकिन अगर तुम्हारे अंदर सुधर नहीं आया तो अंजाम इससे भी बुरा होगा मतलब बहोत बुरा. हर सिर्फ तेरी नहीं होगी एक तररह से मेरी भी होगी जो मए नहीं चाहता. इसीलिए अपने लक्ष्य पे ध्यान दे.

अघोरी - अब यदि वो मेरे सामने आ गया तो मए उसे नहीं छोड़ूगा चाहे उसका सुरक्षा कवच कितना hi मजबूत क्यों न हो.

गढ़ – मूर्खो की भांति बाते मत करो अघोरी. ये तुम्हरा अभिमान तुम्हे ले डूबेगा सचाई ये है के तुम उसे अब तक पहचान भी नहीं पाए हो, और उसे मरने की बात कर रहे हो? अब मेरी बात सुनो अब तुम अपनी बुरी शक्तियों को बुलाओ खास तौर पर पिशाच लोक के राजा की सहायता लो. वह जाओ. क्यों की अब अपनी शक्तिया एकत्रित कर के उनका सामना कर सको इतना वक़्त तुम्हारे पास है नहीं. तो शक्तिया यहाँ वह से बटोर कर hi उसका सामना कर सकते हो आखिर मित्रता कब काम आएगी.

अघोरी - जो आज्ञा गुरुदेव मए आज hi पिशाच लोक चला जाउगा और वह के राजा अपने मित्र पिशाचराज से सहायता लगा.

गढ़ – अभी नहीं तुम वह बाद में जाना उससे पहले तुम्हरे पास एक सुनहरी मौका आ रहा है. जिस के लिए मए अभी तुम्हारे पास आया हु. उसे अपने वश में करो इस समय तुम उसकी सहायता करो. भविष्य में वो तुम्हरे काम आएगा.

अघोरी - किस की बात कर रहे है आप गुरुदेव?

गढ़ – अपनी गुफा से निकलो और जो भी तुम्हे बहार मिले उसे सम्मान से अंदर लेकर आओ. जाओ

अघोरी बहार की तरफ जाता है जहा एक आदमी बहोत hi बुरी हालत में बेहोश पड़ा था. उसे देख कर ऐसा लग रहा था के यदि उसे तुरंत सहायता न मिली तो वो किसी hi पल अपने प्राण खो सकता है. पहले तो अघोरी को उसे देख के hi क्रोध आ जाता है.

अघोरी मन में- ये गुरुदेव भी क्या क्या करवाते है मुझसे भला ये बेजान और कमजोर इंसाने मेरे किस काम का. ये तो एक साधारण इंसाने है. वो भी बस मरने hi वाला है. पर चलो गुरुदेव ने कहा है तो इसे अंदर ले hi चलता हु.

अघोरी अपने साथ आये दो सेवको से कह कर उसे उठा कर अंदर लता है जो उसे एक साफ़ जगह पर लेता देता है.

अघोरी - गुरुदेव भला ये बेजान इंसाने हमारी क्या सहायता कर सकता है. इससे शक्तिशाली तो एक आम इंसाने होगा. ये तो बस कुछ पल का मेहमान है.

गढ़ – अघोरी किसी को भी इस तरह सिर्फ देख कर उस के बारते में अपनी रे बनाना गलत है. जब की तुम अभी ये तक नहीं जानते के ये है कौन.

अघोरी – क्षमा गुरुदेव किन्तु मैने तो एक साधारण सी बात hi कही है. आप hi बताइये के ये इंसाने कौन है और ये हमारे लिए सहायक कैसे सिद्ध हो सकता है?

गढ़ – ये है तुम्हारे पास के गाँव का ठाकुर दुर्जन सिंह. जो इस वक़्त लगभग मरने की कगार पर है. और जानते हो इसका ये हाल किसने किया है?

अघोरी – किसने गुरुदेव?

गढ़ मुस्करा के – तुम्हरे hi खास दुश्मनो ने.

अघोरी – क्याआ? लेकिन गुरुदेव मेरे दुश्मनो का इस साधारण मनुष्य से कैसा बैर क्या ये भी बुरी ताकते रखता?

गढ़ – नहीं इसके पास तुम्हरी मेरी तरह बुरी ताकते नहीं है किन्तु समाज के लिए यह शख्स किसी राक्षस से काम भी नहीं. ये खुद बहोत बुरा इंसाने है. इसने अपने गाँव में रहने वाले हर इंसाने के साथ जिंदगी भर तो बुरा किया hi है. इसने अपने घर में भी अपने घरवालों के साथ भी कुछ अच्छा नहीं किया है. इसके दोनों बेटे भी बुराई का hi रूप है. और इसकी ये हालत इसकी बुराई की वजह से hi हुई है.

………….. वह के गाँव वालो और अपने कुछ मित्रो के साथ मिल कर इसकी ये हालत रूद्र ने की है. लेकिन यहाँ भी एक बात हुई जो तुम्हारे साथ हुई. यहाँ भी रूद्र की मदद करने वाली वही शक्ति थी. मए उस समय इसके पास तो नहीं था. किन्तु बाद में जब मुझे पता चला की रूद्र ने कुछ किया है तो मए बात का पीछा करते हुए इतना hi जान पाया. किन्तु उस अद्भुत देवीय शक्ति ने रूद्र का साथ वह भी दिया. अब अगर ये शख्स जीवित हो उठे तो ये बता सकता है के रूद्र के साथ कौन कौन था? उन्होंने इसकी ये हालत क्यों की? और उन्हें किस तरह मात दी जा सकती है. क्यों की यदि उन्होंने इस ठाकुर की ये हालत की है इसका मतलब के ठाकुर ने उन्हें तकलीफे बहोत ज्यादा दी है. और तुम तो ऐसी तकलीफे उन्हें ठाकुर से 100 गुना ज्यादा दे सकते हो. जो बड़ी बड़ी ताक़तों के सामने तुम्हे हरा सकते है. वो छोटी छोटी तकलीफो के आगे निश्चित तौर पर हरेगे. और जीत तुम्हारी हो जाएगी. इसलिए इसका ख्याल रखो और इसका इलाज कर के इसे ठीक करो जल्दी से जल्दी. पर इसपर अपनी ताक़तों के प्रयोग मत करना क्यों की ये उन्हें सह नहीं पायेगा और मर जायेगा. आखिर है तो एक कमजोर इंसाने hi.

अघोरी – ये तो बहोत hi बड़ी खबर है गुरुदेव अब देखिये मए इसके जरिये उस रूद्र और उसके मददगार की क्या हालत बनता हु.

उधर सुबह के समय नियम अनुसार देवा तो अपने सरे कार्य कर के तैयार हो चूका था वो सीधा आता है गुरुम के कमरे में जहा वो भी अब ठीक था. तैयार hi हो रहा था .

देवा – कैसे हो गुरुम ?

गुरुम – अरे देवा. आओ दोस्त, मए तो पहले से भी कही ज्यादा ठीक hu.lekin मुझे अपने अंदर बहोत ज्यादा फुर्ती और एनर्जी महसूस हो रही है. और जिससे मुझे बहोत दिक्कत हो रही है. मुझे लग रहा है ेके जैसे मए किसी पहाड़ पे भी पंच मार दू तो वो चूर चूर हो जायेगा. मए उड़ते हुए प्लेन से भी आगे निकल सकता हु. यहाँ तक की दूर तक अगर एक सुई रख दो तो यहाँ से फेंक कर उसमे धागा दाल सकता हु. ये सब क्या है देवा. मुझे खुद पे आश्चर्य हो रहा है. इतनी तेजी, इतनी फुर्ती, इतनी शक्ति?

देवा – ये सब उन शक्तियों का कमल है. एक दो दिन में तुम्हरा शरीर उन्हें अपने अंदर जगह दे देगा और तब सब ठीक हो जायेगा. लेकिन तुम वो बोलो जो कहना चाहते हो क्या है तुम्हरे मन में…………….
 
आप सब के जितने ज्यादा कमैंट्स आते है उतना hi उत्साह बढ़ता है स्टोरी को बेहतरीन तरीके से लिखने का आगे बढ़ाने का. ये सिर्फ हम पर hi लागु नहीं बल्कि यहाँ लिखने वाले हर राइटर के साथ होता है. जब वो देखता है के उसके रीडर्स उसे साथ दे रहे है अपने कमैंट्स के द्वारा और उसकी स्टोरी के उपदटेस का इंतजार कर रहे है तो वो और म्हणत से लिखता है बेहतरीन लिखता है. है इससे हर राइटर पे एक प्रेशर भी बनता है के स्टोरी कही रीडर्स को निराश न करे इसीलिए वो म्हणत ज्यादा करता है. तो आप सब लोगो के सपोर्ट के hi हम अभिलाषी है. अपना साथ अपना सपोर्ट बनाये रखे जिससे की हम आपको बेहतरीन उपदटेस देते रहे.

धन्यवाद
 
ुपड़ते 63

गुरुम– मेरा सम्बन्ध तो तुम्हरे या तुम्हरी पूर्व जनम की जगह से है नहीं. इसलिए मुझे जो भी कुछ नजर आ रहा है. वो बहतो अजीब है.

देवा – गुरुम ये तुम इसीलिए कह रहे हो क्यों की तुम सिर्फ इस जनम के बारे में जानते हो. मन के पिछले जनम में तुम हमारे साथ नहीं थे लेकिन मरता शरीर है आत्मा नहीं. और तुम्हरी आत्मा भी बहोत hi सुन्दर और साफ़ है मतलब तुम कभी न कभी हमारे hi साथ किसी जनम में बुराई के खिलाफ खड़े हुए होंगे. और इस बार सितारों की चाल ने तुम्हे फिर से हमारे साथ खड़ा कर दिया है. इसीलिए ये मत सोचो के जिससे भी तुम मिल रहे हो पहली बार मिल रहे हो ये मान लो के उससे तुम्हारे किसी न किसी जनम का कोई न कोई रिश्ता जरूर होगा जिस वजह से तुम उससे फिर मिल रहे हो चाहे वो दोस्त हो या दुश्मन या कोई रिश्तेदार. वैसे ऐसा क्या नजर आया भाई तुम्हे?

गुरुम – मुझे समझ नहीं आ रहा देवा के मुझे क्या नजर आ रहा है मए अब तक उसे समझ नहीं प् रहा हु. कुछ अजीब सा है वो सब. एक नयी जगह है, नए लोग है, वह तुम भी हो, और कुछ और लोग भी है. लेकिन बाकि सब मुझे धुंधला सा नजर आ रहा है मए अभी एक्सप्लेन नहीं कर प् रहा हु वो सब क्या है. देवा मेरा अब तक का पूरा जीवन जुर्म की दुनिया में बीता है. लेकिन तुम भी ये जानते हो के जुर्म के दलदल में रह कर भी मैने कोई ऐसा काम नहीं किया जिससे मेरी आत्मा पर कोई बोझ हो. और न hi मए ऐसा काम होते देख सकता हु. पहले की बात और थी मए न चाहते हुए भी ऐसी बाते सुनता था देखता था जो मेरी आत्मा को मंजूर नहीं, लेकिन मए कुछ कर नहीं पता था. लेकिन अब तुमने जो शक्तिया दी है क्या मए उनके इस्तेमाल से उन चीजों को रोक सकता हु?

देवा – देखो गुरुम तुम हो या मए या कोई और. बुराई को आज तक कोई सम्पूर्ण रूप से ख़तम नहीं कर पाया है. है जब बुराई हद से बढ़ जाये तो उसे रोका जरूर जा सकता है उसे काम जरूर किया जा सकता है. उस के लिए कोई न कोई जरिया बन जाता है. पिछले युगो में जब कोई जरिया नहीं बन पाया तो ईश्वर ने खुद मानव जनम लिया और बुराई का अंत किया. पर वो ईश्वर तो बहोत बड़ी शक्ति है. वही सम्पूर्ण सत्य है, सर्वशक्तिमान है, वो जो चाहे कर सकते है. हम सब तो उनके सामने धुल के एक कण के बराबर भी नहीं. लेकिन है अगर हमें कुछ शक्तिया मिली है तो उनका उपयोग इंसानियत की भलाई के लिए कर hi सकते है. फिर चाहे वो बुराई किसी राक्षस के रूप में, किसी अघोरी के रुप में, या फिर सामाजिक स्टार पर जैसे माफिया, समुग्गलेरस या डॉन. उद्देश्य तो बुराई का नाश hi हुआ न. तो ऐसा काम तुम करना चाहो तो कर सकते हो. मुझे ख़ुशी होगी. और तुम्हरे अंदर जो ये शक्ति है उसे भी ख़ुशी होगी और वो और ज्यादा बढ़ेगी.

गुरुम - थैंक यू देवा, अब देखना मए कैसे उन मादरचोदो की गांड मरता हु.

देवा – भाई इस काम में कभी भी हमारी मदद चाहिए हो तो बताना हमें ख़ुशी होगी तुम्हारा साथ देकर. और है आज रात तैयार रहना हमें तिलिस्म लोक जाना है. तब तक तुम जो चाहो कर सकते हो.

गुरुम - मुझे तो अभी अपनी आर्म्स प्रैक्टिस करनी है. और फाइटिंग स्किल बदनी है.

देवा – that’s ग्रेट आईडिया गुरुम. तुम एक काम करो इसके लिए तुम शलाका और नागार्जुन को भी ले जाओ. तुम तीनो साथ रहोगे तो अच्छा hi होगा न.

गुरुम - है देवा मए भी यही सोच रहा था के शलाका और नागार्जुन मेरे साथ चले असल में मए तुमसे पूछने hi वाला था.

देवा – तो फिर जाओ और है तुम लोग जब जहा जाना चाहो जा सकते हो. मुझसे पूछने की कोई जरुरत नहीं दोस्त. यहाँ कोई मेरे लिए काम नहीं करता. बल्कि हम सब एक है और एक साथ काम करते है. भूल क्यों जाते हो यार.

गुरुम – नहीं भूलुंगा देवा. चलो हम लोग निकल जाते है.

देवा – ok बाद में मिलते है अगर समय मिला तो मए भी आ जाउगा तुम लोगो के पास मुझे भी हथियार चलने है. शायद तुमसे कुछ सिखने को मिल जाये.

गुरुम – जरूर देवा. आ जाना तुम भी.

फिर देवा निकल जाता है. ठाकुर की हवेली वह उसे कामिनी मिलती है

कामिनी – आओ मेरे राजा आज याद आई है हमारी

देवा – तुम लोगो को तो हर पल याद करता हु मेरी जान और बता सब कहा है

कामिनी - ठकुराइन तो मंदिर गयी है. रति अपने मायके जा चुकी है. और मए भी नौकरो के सामने बाला की खूब सेवा कर के ये साबित कर रही हु के अब बाला ठीक हो रहा है. और मैने ये बात भी फैला दी है के मए बाला के बच्चे की माँ बनने वाली हु. ठकुराइन भी अपने पेट से होने की बात सबको बता चुकी है. रति भी प्लान के मुताबिक निकल चुकी है और सब मिल के ये बात चोरी छिपे फैला रहे है की रति मन्नू से मिलने गयी है. बस अब ज्योति का कुछ करना है.

देवा – वाह मेरी रानी तुम सब लोगो ने बहोत अच्छा काम किया मए ज्योति के लिए भी जल्दी hi कुछ करता हु. बल्कि आज hi करता हु. और फ़िलहाल मुझे छूट चाहिए उसका क्या?

कामिनी – चलो छूट रेडी है. तुम्हरे लिए तो मए सब के सामने नंगी हो के छुड़वा लू तुमसे.

देवा – नहीं कामिनी सब के सामने तुम्हरी इज्जत काम नहीं होनी चाहिए. आखिर तुम हो तो ठकुराइन hi न इस हवेली की बहु. तुम्हरा रुतबा काम नहीं होना चाहिए सब तुम्हे जो इज्जत देते है वो ख़तम नहीं होनी चाहिए.

कामिनी – हाय मेरी जान काश इतनी चिंता मेरे इस गांडू पति ने की होती तो इसके ऊपर मए दुनिया भर की छूट वॉर देती जिसे चाहता उसे इसके लुंड के नीचे ला के लिटा देती. पर ये साला तो मुझे hi भरे बाजार नंगी करने की फ़िराक में रहता था. अपने दोस्तों के सामने मेरी hi चुदाई दिखता था. सेल ने अपनी सुहागरात तक अपने भड़वे दोस्तों को दिखाई थी. और एक तुम हो जो मेरी इतनी चिंता करते हो.

देवा – अब ये सब छोडो ज्योति कहा है?

कामिनी मुस्करा के – क्यों आज मेरी ननद रानी की छूट फडनी है क्या? वैसे वो अपने कमरे में hi है. जाओ और रगड़ के छोड़ना

देवा – ok स्वीट हार्ट अब तुम बहार तक उसकी चीखे सुनोगी. मए जाता हु.

और देवा वह जाकर ज्योति को जैम के छोड़ता है. उसकी छूट के साथ उसकी गांड भी मरता है. और फिर लगभग दोपहर तक वो वह से निकलने लगता है के तभी उसे किसी की आवाज़ सुनाई देती है.

…….. देवा जी जरा रुकिए ……………….रुकिए तो

देवा पीछे मुद के देखता है तो छन्नो दौड़ती हुई पास आ रही थी.

देवा के लगातार आने से वो उसको पहचानने लगी थी और देवा भी उसे पहचानने लगा था.

देवा – अरे चन्नो क्या हुआ इस तरह क्यों दौड़ती हुई आ रही हो सब खैरियत तो है न?

चन्नो - है देवा जी सब ठीक है लेकिन आपसे एक काम था मुझे अगर आप कर दे तो.

देवा – बोलो न क्या हुआ?

चन्नो - वो मुझे मेरे पति से बात करनी है लेकिन उनका फ़ोन लग hi नहीं रहा है यहाँ से कई बार लगा चुकी हु.

देवा – अरे कहा है तुम्हारा पति?

चन्नो - वो असल में जिस दिन मेरी शादी हुई और मए यहाँ आयी उसी दिन ठाकुर साब ने मुझे यहाँ नौकरी पे रख लिया और मेरे पति को दूसरे गाँव भेज दिया था. अपने खेतो में काम करने के लिए. ये बात मेरे पति को भी मालूम है के ठाकुर ने मुझे यहाँ अपनी रखैल बना के रखा हुआ है. लेकिन अब ठाकुर के साथ जो भी हुआ है. उसका उन्हें शायद पता नहीं है. मए उनसे बात करना चाहती हु पर उनका फ़ोन hi नहीं लग रहा. आप लगा देंगे तो बड़ी मेहरबानी होगी.

देवा - अरे उसमे क्या बड़ी बात है. मए अभी लगा देता हु तुम बात कर लो.

फिर देवा चन्नो के पति हरिया को कॉल लगता है. थोड़ी देर बाद hi उसका कॉल लग जाता है.

हरिया – hello

देवा – तुम हरिया बोल रहे हो न?

हरिया – जी है आप कौन ?

देवा – मए देवा बोल रहा हु सूर्यगढ़ से लो तुम अपनी पत्नी चन्नो से बात कर लो

और देवा फ़ोन चन्नो को देता है

चन्नो - hello कैसे है आप ? कितनी कोशिशे की मैने आपसे बात करने की आपका फ़ोन क्यों नहीं लग रहा था?

हरिया – देखो चन्नो मए जानबूझकर तुम्हारा फ़ोन नहीं उठता था. और आइंदा मुझे फ़ोन करना भी मत. क्यों की मुझे तुमसे कोई बात नहीं करनी अब.

चन्नो की आँखों से आंसू बहने लगते है. – ऐसा क्यों कह रहे है आप मेरे से कोई गलती हुई है क्या?

हरिया - गलती तुम्हारी तो नहीं सब मेरी किस्मत की गलती hi है लेकिन मए ठाकुर की रखेल को अपनी बीवी नहीं मान सकता. अब तुम मेरे किसी काम की नहीं.

चन्नो – लेकिन इसमें मेरी क्या गलती मए तो आप के hi कहने पे हवेली आयी थी. ठाकुर ने आपको जान से मरने की धमकी देकर मुझे यहाँ रोका मए ख़ुशी से तो यहाँ नहीं रही न. मए तो आपकी पत्नी बन के आयी थी न अपने मायके से. ठाकुर की रखैल बन के तो नहीं आयी थी.

हरिया – में सब जनता हु लेकिन मए मजबूर हु. तुम किसी और से शादी कर सकती हो मए भी दूसरी शादी कर रहा हु. अब आगे से मुझसे बात मत करना.

चन्नो फ़ोन में hello hello करती रह जाती है. और उधर से हरिया फ़ोन काट देता है.
 
अपडेट - 64

देवा - क्या हुआ चन्नो

पर चन्नो रोटी रहती है कुछ कहती hi नहीं

देवा - बोलो चन्नो क्या हुआ

चन्नो - देवा जी मेरी तो किस्मत hi ख़राब है मए क्या करू. मेरे माँ बाप ने मेरी शादी हरिया से करवाई मए नहीं चाहती थी, ठाकुर ने मुझे रखैल बनाया मए नहीं चाहती थी, अब मेरा पति मुझे छोड़ रहा है वो भी इसलिए के मए ठाकुर की रखैल बानी वो भी मए नहीं चाहती. आप hi बोलिये उसमे मेरी क्या गलती थी. अरे मए तो उसी की जान बचने के लिए ठाकुर जैसे हवसी दरिंदे के नीचे सोने तक को तैयार हुई लेकिन उसने जिसने मेरे साथ सात फेरे लिए मेरी मांग में सिंदूर भरा उसने क्या किया? मुझे hi आज छोड़ दिया ये कह कर की मए ठाकुर की झूठन नहीं खा सकता उसकी रखैल को बीवी नहीं बना सकता.

देवा – तुम परेशां मत हो मए खुद जाकर उसे समझाऊंगा.

चन्नो – अरे उसे क्या मालूम के वो जिसे ठाकुर की झूठन कह रहा है वो आज भी गंगा की तरह hi पवित्र है

देवा – क्या मतलब?

चन्नो - देवा जी ठाकुर एक नामर्द था ये बात इस हवेली में सब जानते है. शुरू में तो वो मेरे पास आता था के मए हाथ से उसका खड़ा करवा दू. लेकिन होता था उल्टा. मेरे हाथ में देते hi उनका 5 मिनट में काम हो जाता था. फिर उसने दवाई खाकर मेरा कुंवारापन लेना चाहा. पर किस्मत ने उसका वह भी साथ नहीं दिया. मेरा बदन बिना कपड़ो के देखते hi उनका काम हो जाता आखिर फिर उसने लाइट बंद कर के दवाई खा के मेरे पास आना शुरू किया लेकिन नामर्द के लिए कोई रास्ता नहीं होता. मेरे नंगे बदन से लगते hi फिर वो ढेर हो जाते आखिर गुस्से में एक दिन उन्होंने किसी काम से खुश होकर मुझे भीमा क हवाले कर दिया क्यों की उन्हें मेरी मामूली हसी में भी ऐसा लगता था के मए उनका मजाक उदा रही hi हु.

पर मेरी किस्मत ने मुझे यहाँ भी साथ दिया जिस दिन भीमा मुझे रोंदने के लिए अपने घर ले गया वह पहले से hi उसकी रखैल उसका इंतजार कर रही थी. और वो उस वक़्त नशे में भी थी. तो भीमा ने मुझे ये कह कर भगा दिया के आज इस के साथ मजे करुगा तुझे तो अब कभी भी मसल सकता हु.

और मए ाभगां खुश होती हुई अपने कमरे में आ गयी के चलो भगवन ने मुझे उस राक्षस से बचा लिया. उसके बाद भीमा को मेरे पास आने का मौका hi नहीं मिला दूसरे hi दिन आप लोगो के हाथो वो मारा गया. मए ये सोच रही थी के भगवन भी मेरे और मेरे पति के साथ है. पर देखो आज मेरा पति hi मेरे साथ नहीं. उसने मुझे छोड़ दिया और कहा के दूसरी शादी कर रहा है .

देवा – इसे भाग्य कहते है चन्नो. पर तुम चिंता मत करो. मए हु न. सब ठीक हो जायेगा.

चन्नो - नहीं देवा जी मए अब उस नीच के पास नहीं जाना चाहती जिसे अपनी बीवी पे तो क्या भगवन पे भरोसा नहीं उसे क्या उम्मीद करू मए के वो कितना साथ निभाएगा मेरा जिंदगी में.

चन्नो के आंसू बंद hi नहीं हो रहे थे. और ये सब कामिनी भी सुन रही थी और ठकुराइन भी आ चुकी थी तो उसने भी सब सुना उन दोनों की आँखों में भी आंसू थे. एक और जिंदगी ठाकुर की वजहसे बर्बाद हो चुकी थी. ये सब समझ रहे थे.

देवा – ठीक है चन्नो तुम उस के पास नहीं जाओगी ये मेरा वादा है. और तुम्हरी जिंदगी भी संवर जाएगी. तू परेशां मत हो. ठकुराइन जरा सुनो

माला – बोलो देवा?

देवा – आज से ये चन्नो मेरी अमानत बन कर इस घर में रहेगी. ये आज से इस घर की नौकरानी या रखैल नहीं है. बल्कि मेरी अमानत है. इसे हर वो चीज़ मिलनी चाहिए जो इस हवेली में बाकि लेडीज को मिलती है. हर ऐशो आराम, सुरक्षा. खाना, पीना, पहनना, और बाकि भी हर चीज़. समझ गयी आप.

माला – ठीक है देवा जैसा तुम कहो.

देवा – आप लोग परेशां मत होइएगा . इस पर जो भी खर्चा आएगा. उस हिसाब से हर महीने मए दे दिया करुगा लेकिन इस की तरफ से मुझे कोई शिकायत नहीं चाहिए. इतनी रिक्वेस्ट है आप लोगो से.

माला - कैसी बात करते हो देवा. ये सब कुछ जो भी है भले hi आज हमारे नाम हो लेकिन असल में ये सब तुम्हारा hi तो है. तुमने hi हासिल किया है उस जल्लाद ठाकुर से. हक़ीक़त में तो तुम हमें पाल रहे हो. आज से चन्नो इस घर की बेटी की तरह hi रहेगी. और तुम्हरी अमानत भी.

देवा – नहीं ठकुराइन कोई किसी को नहीं पल सकता वो भगवन hi है जो सबको पलटा है. ठकुराइन चन्नो मेरी बहन है आज से ये बात यद् रखना. और इसकी जल्द hi दूसरी शादी मए करवाऊंगा.

माला – अरे वह चन्नो की तो निकल पड़ी क्यों चन्नो?

चन्नो शर्मा के देवा के सीने में मोह छुपा लेती है.

चन्नो - क्या मए आपको भैया कह सकती हु?

देवा – है क्यों नहीं चन्नो?

चन्नो – देवा भैया मुझ गरीब पर ये अहसान क्यों? और फिर अपनी बहन बना कर इतना सम्मान मए इस लायक नहीं हु भैया. मए तो एक गरीब लड़की हु. ठाकुर ने तो मुझे रखैल बनाया था.

कामिनी – जिसका भाई देवा हो वो खुद को गरीब कैसे कह सकती है. आरी तू तो सबसे आमिर है. पैसे की तो ख़ैर हो hi गयी. लेकिन किस्मत की भी आमिर है तू. जिसे देवा ने बहन मान लिया उसे क्या चिंता. अब रोना बंद कर. और भूल जा के तुझे ठाकुर ने क्या बनाना चाहा ये यद् रख के देवा ने तुझे अपनी बहन बनाया है. अब किसी कुत्ते में डैम नहीं के तेरी तरफ मैली आंख से देख भी सके.

देवा – कामिनी सही कह रही है चन्नो. अब मुझे तेरी आँखों में ासु नहीं चाहिए. समझी. अब जाओ और आराम करो. मए अभी शहर जा रहा हु बाद में मिलुंगा.

फिर देवा वह से निकल कर अपने बंगले के बेसमेंट में जाता है. जहा शलाका नीलम और रूद्र आराम से बैठे बाटे कर रहे थे.

रूद्र – आओ महाबली राजकुमार देव सिंह आपका स्वागत है. पधारिये.

देवा – अबे भांग खायी है क्या?

रूद्र – सेल तू था कहा सुबह से ये बता कही मिल hi नहीं रहा था और बता के तू जाता नहीं.

देवा – अब सब जगह बता के जाऊ? था कही वो छोड़ और बता कैसे कट रही है?

रूद्र – अबे कहा कट रही है यार तेरी तरह हम कही गए भी नहीं तो यही बैठे है सुबह से.

देवा – क्यों नीलम तो है न तेरे पास फिर कहे को बोर हो रहा है?

नीलम - देवा भैया मेरे होने न होने से कोई फरक नहीं पड़ता मए तो वैसे भी शलाका के साथ hi थी पूनम के घर पर हम अभी आये है.

देवा – अच्छा आओ तुम लोगो को कुछ दिखता हु. शलाका वो काम किया जो मैने कहा था नेट में ढूंढने का?

शलाका – वो लड़के ढूंढने का ? है कर दिया है. और जो सही लगे मुझे उन्हें फेवरेट लिस्ट में दाल दिया है . रुको दिखती हु.

फिर शलाका एक वेबसाइट ओपन कर के उन्हें दिखती है. जिसमे कुल 25 लड़के थे. देवा सबका डिटेल पड़ता है और उसमे से कुछ एक को सेलेक्ट कर के उन्हें मैसेज भेज देता है.

रूद्र - ये क्या है यार?

देवा – इसमें मए शादी करने के लिए उत्सुक लड़को की डिटेल निकल रहा था असल में या काम शलाका कर चुकी है. मए बस उनमे से काम के लड़के सेलेक्ट कर रहा था.

रूद्र – अबे लौंडे क्यों देख रहा है दिमाग तो ठीक है न तेरा?

देवा – सेल जब करेगा बकवास करेगा अबे ये लड़के मए देख रहा हु क्यों की इनमे से एक से किसी की शादी करना है?

रूद्र – क्यों ? तुम्हे क्या पड़ी है किसी की जिंदगी में तंग घुसेड़ने की?

शलाका – रूद्र तुम ज्योति ठाकुर से मिले थे न?

रूद्र – है मिला था. वो देवा के बच्चे की माँ बनने वाली है.

शलाका - वही बात है देवा उसकी शादी करवाना चाहता है ताकि उस बच्चे को बाप का नाम मिल सके. इसलिए लड़का धुंध रहा है.

रूद्र – तो इसमें देवा का क्या फायदा?

शलाका - फायदा hi फायदा है. सबसे पहला फायदा देवा का बच्चा सुरक्षित हो जायेगा जिंदगी भर के लिए समाज की नजरो में, दुरसरा देवा को ज्योति ठाकुर मिलेगी वो भी जन्दगी भर के लिए, तीसरा भाभी को दिया वचन पूरा होगा, चौथा……..

रूद्र – बस कर मेरी माँ समझ गया इसमें देव का फायदा है बस इतना काफी है. तो देव मिला कोई बकरा?

देवा – है मिले है 2-3 एक का तो जवाब भी आ गया. कल तक सबके जवाब आ जायेगे फिर उनमे से किसी को बुलवा कर ज्योति की शादी करवा देंगे चलो ये काम तो हो गया. अब रात को हमें चलना है. तिलिस्म नगरी. तब तक हम सब फ्री है. शलाका तुम गयी नहीं गुरुम के पास

शलाका - नहीं देवा ये नीलम आ गयी थी तो इस के साथ टाइम कैसे बीत गया पता hi नहीं चला.

देवा – चलो कोई बात नहीं जब मूड हो तब चली जाना अभी चलो हम सब घूमने चलते है शहर. रूद्र नीलम तुम दोनों तैयार हो जाओ. मए भी जा कर तैया होता हु. और शलाका तुम और पूनम भी तैयार हो कर आ जाओ.

शलाका - देव मए ये कह रही थी के तुम चारो हो आओ न मए गुरुम के पास जा रही हु. मए पूनम को भेज देती हु. वैसे भी बहोत लम्बा समय बीत गया तुम चारो को एक साथ घूमे हुए. मए तो घूमी हुई हु शहर और माल्स.
 
अपडेट - 65

देवा – ये भी ठीक है. अब तू बड़ी हो गयी है और समझदार भी.

शलाका - ा hello मए शुरू से समझदार हु. आप hi नहीं मानते वो अलग बात है. इतने सालो तक तिलिस्म नगरी और नाग लोक दोनों का ध्यान अकेले रखा है. हलके माँ मत लेना मेरे को. जाकर देखना जरा कितने छेड़ हो चुके है तुम्हारे सुरक्षा कवच में वह पर. मैने hi संभाला है सब वो भी अकेले.

देवा – गलती हो गयी मेरी माँ तू हम सब से ज्यादा बहादुर है हम तो पानी काम चाय hi है. अब जाओ और है………..

शलाका – …….. पता है घर का और घर वालो का ध्यान रखूगी. अब जाओ तुम लोग.

फिर देवा अपने कमरे में जाता है और रूद्र और नीलम भी अपने कमरे में आकर तैयार हो जाते है फिर देवा नीचे आता है और रूद्र और नीलम के साथ रर में निकलता है पूनम के घर.

देवा – रूद्र चल आज तुझे अपनी नयी सुआसुराल ले चलता हु.

रूद्र – अबे कितनी ससुराल बनाई है तूने यहाँ? पहले तो तू बहुत शर्मीला था इस जनम में क्या तुझे भी 16000 रनिया बनाना है क्या खुद को कृष्णा जी न समझ लियो कही. कीतू की एक तो वो हवेली तेरी ससुराल है एक पूनम से शादी करने जा रहा है. और कौन कौन है.

देवा – कितना भोंकता है बे. पूनम के घर की hi बात कर रहा हु. मेरी ये ससुराल तूने कहा देखि है? चल वही चलते है.

रूद्र – ऐसा बोल न मए तो दर hi गया था भाई.

फिर वो लोग पूनम के घर आ जाते है. और सब लोग गाड़ी से उतर के अंदर जाते है जहा पद्मा भी बैठी थी और शलाका और पूनम तो उन्ही का इंतजार कर रही थी.

देवा – नमस्ते काकी कैसी हो?

पद्मा – मए ठीक हु बीटा ये लोग कौन है?

देवा – काकी ये मेरा दोस्त रूद्र है दोस्त क्या यु समझो भाई है. शहर में रहता है. और ये इसकी मंगेतर है नीलम ….. और रूद्र ये है पद्मा काकी पूनम की माँ.

रूद्र और नीलम आगे बाद के पद्मा के पैर छूटे है.

देवा – काकी हम लोग जरा शहर तक जा रहे hae.poonam को साथ लेकर

पद्मा - जाओ बीटा जल्दी आना.

देवा – है काकी हम आ जायेगे जल्दी आप चिंता मत करो

फिर चारो गाड़ी में बैठ कर निकल जाते है शहर की तरफ रूद्र और देवा आगे बैठे थे पूनम और नीलम पीछे.

नीलम – देवा भैया कहा ले चलोगे हमें?

देवा – जहा तुम लोग चाहो मए तो यु hi ले आया.

पूनम – देव पहले शॉपिंग करेंगे फिर किसी होटल में चल के खाना खायेगे और फिर किसी गार्डन में चलेंगे.

देवा – जो होकुम राजकुमारी.

सब इसी तरह हस्ते बाटे करते हुए. चले जा रहे थे. तभी सामने से एक वन तेजी से इन्हे क्रॉस करती हुई निकलती है जिसमे से किसी लड़की के रोने की आवाजे आ रही थी. और कुछ सेकंड के लिए देवा और रूद्र की नजर भी वन में हाथ पेअर मरती लड़की पे गयी. देव और रूद्र की नजरे मिली और देव ने जोर से ब्रेक मार दी और स्टीयरिंग पूरा घुमा दिया गाड़ी स्किड होती हुई आगे तक गयी लेकिन वापस गाँव की दिशा में पलट गयी. देव ने फिर से गियर डाउन किये और पूरी स्पीड में गाड़ी को वन के पीछे लगा दिया.

कुछ hi मिनट में देवा की रर वन के बगल में पहुंच गयी तो रूद्र ने तेजी से अपने साइड का गेट खोला और रर के ऊपर पहुंच कर सीधे जम्प मार दी वन के ऊपर. और फिर चाट पे लेट कर हाथ नीचे बढ़ाया और ड्राइवर का गाला दबोच लिया. ड्राइवर इस हमले के लिए तैयार नहीं था उसकी वन ुनबलने होने लगी तो उसने भी गाड़ी में ब्रेक मारे और गाड़ी सड़क से नीचे होती हुई बगल के खेत में घुस कर रुक गयी.

इधर देव ने भी गाड़ी टोक दी. और बहार आ गया. वह वन से 5 लोग निकले. रूद्र भी छत से कूद के नीचे उतर आया.

ा1 - क्या है बे मरना है क्या. इस तरह हमें रोकने की गलती कैसे कर दी.

रूद्र – अबे सेल लेडीज कड़ी है नहीं तो अपनी भाषा में तुझे बताता की तुझे क्यों रोका है. तू ये बता इस कन्या को कहा ले जा रहे हो.

ा1 – चल जा बे निकल तुझे क्या करना हम इसे कही से भी लाये कही भी ले जाये निकालो तुम लोग वैसे भी तुम लोगो की हरकत तो है नहीं जिन्दा छोड़ने वाली पर अभी हमें ये लड़की चाहिए इसलिए तुम लोग को बाद में देखेंगे.

रूद्र – वाह मेरे शूर वीर बाद में देखेगा. अबे अभी अँधा हुआ पड़ा है क्या अभी देख न.

इतने में सबने हथियार निकल लिए. किसी ने चाकू तो किसी ने रिवाल्वर.

ये देखते hi देव ने नीलम पूनम और उस लड़की को शील्ड कवर दे दिया. और रूद्र के बगल में खड़ा हो गया.

देवा – आज तो 3 मेरे 2 तेरे रूद्र.

रूद्र – अभी सब्जी भाजी है क्या तीन तेरे दो मेरे. बड़ा आया. साला गाड़ी की चाट पे मए गया इन्हे मैने रोका. 3 तो मए hi लगा चाहिए तो 2 ले ले वार्ना वो भी नहीं दुगा.

देवा – तू नहीं सुधरेगा. चल मणि तेरी बात लेकिन रिवाल्वर वाले दोनों मेरे

रूद्र – भाई ऐसी क्या दुश्मनी है एक तो दे दो रिवाल्वर वाला

देवा – नहीं ये बात तो तुझे मेरी माननी hi होगी इन दोनों में से कोई नहीं मिलेगा.

रूद्र सदा सा मुँह बना के – ठीक है जा ले ले रिवाल्वर वाले मए चाकू वालो से काम चला लगा. पर मेरे तीनो में से किसी को ऊँगली भी नहीं लगाना

देवा – दोने

ा1 – अबे क्या बात कर रहे हो बे.

रूद्र – तू नहीं समझेगा बच्चे आजा

तीनो चाकू वाले इन पर हमला कर देते है. तो देवा कूद के रिवाल्वर वालो के पास जाता है. और रूद्र उन तीनो को सँभालने लगता है. उन तीनो ने रूद्र को घेर लिया और उस पर एक साथ वॉर किया. तो रूद्र ने दो के हाथ पकड़ लिए और तीसरे को एक किक मरी जिससे वो अपने चाकू समेत काफी दूर तक लुढ़कता चला गया. रूद्र ने फिर से अपने पास वाले एक का हाथ घुमा के तोड़ दिया और उसे भी छोड़ दिया बचा एक तो रूद्र ने उसका हाथ अपने कंधे पे लेकर एक झटका दिया जिससे उसका भी चाकू वाला हाथ गया काम से फिर रूद्र ने उसे लात घुसो पे रख लिया.

इधर देवा के सामने दोनों रिवाल्वर वाले खड़े थे जिसमे से एक ने देव एप फायर किया तो देवा ने एक साइड हो कर उसकी गोली को निकला और नीचे बैठ कर अपनी तंग घुमा दी. जो सीधे उसके लुंड इ लगी और वो वही लुंड पकड़ के बेथ गया. इतने में दूसरे ने देवा पे लगातार फायर किये तो देवा जमीन पे रोले होता हुआ उसकी हर गोली को मात देता हुआ निकला. और बैक हैंड जामुप लेकर झटके से अपने पैरो पे आया. और एक फ्लाइंग किक उसे भी दी जो उसके थोबड़े का नक्शा बिगड़ने के लिए काफी थी.

उधर रूद्र ने पलट कर उस दूर गए हुए गुंडे की तरफ देखा तो वो अपना चाकू रूद्र की तरफ फेंक चूका था रूद्र ने झटके से हाथ आगे किया और चाकू को हवा में hi पकड़ लिया अपनी दोनों उंगलियों से और उसे वही फेंक दिया इतने में उस आदमी ने दौड़ कर वन से हॉकी निकली और रूद्र की तरफ आया. और एक जोरदार वॉर रूद्र के सर पे करना चाहा लेकिन रूद्र ने हॉकी को हवा में रोक कर उस पर अपना पंच मारा तो हॉकी भी दो टुकड़ो में टूट गयी . फिर रूद्र ने उस बचे हुए गुंडे को भी अपने पंचेस से सुला दिया इधर देवा भी अपने वाले दोनों आदमियों को अधमरा कर चुक्का था.

सभी नीचे जमीन पे पड़े कराह रहे थे.

देवा – अब बोलो बच्चो बताओ कौन हो तुम लोग.

ा1- तुमने ठीक नहीं किया. हमारा बॉस तुम्हे छोड़ेगा नहीं. ये लड़की हमारे बॉस के लिए बहोत जरुरी है. अगर अपनी जान की सलामती चाहते हो तो हमें जाने दो.

रूद्र – तुम लोगो से हमें कोई मतलब नहीं लेकिन तेरे जैसो की धमकिया सुनने के लिए हम लोग नहीं आये है यहाँ. तेरे बॉस का नाम बता. उसे हम खुद समझ लगे. वो क्या हमें नहीं छोड़ेगा हम hi उसे पकड़ लगे.

ा1 – शहर में हमारे बॉस का बहोत बड़ा गैंग है. वो तुम्हे छोड़ेगा नहीं. अभी भी वक़्त है. ये लड़की हमें दो और निकल जाओ. ये बोल बच्चन किसी काम नहीं आने वाले तुम लोगो के हमारे बॉस की पहुंच ऊपर तक है.

रूद्र - तू हमारी चिंता क्यों कर रहा है बे तेरे जीजा लगते है क्या हम. तुम लोग जाओ और अपने बॉस से कह दो के सूर्यगड़ के रूद्र और देव ने तुम्हरी ये हालत की है. अगर उसमे डैम है तो उखड ले जो उखड सकता आहे. हम भी देखते है क्या कर लेता है वो तेरा बॉस. चल भाग यहाँ से अब. बड़ा आया ऊपर तक की पहुंच वाला सेल हमारी पहुंच सुन भी ली न तो फैट जाएगी तेरी यही मूट देगा.

सरे गुंडे जैसे तैसे गाड़ी में बैठ कर वह से निकल जाते है.
 
अपडेट – 66

सरे गुंडे जैसे तैसे गाड़ी में बैठ कर वह से निकल जाते है. तो देवा उस लड़की के पास जाता है जो पूनम और नीलम के साथ कड़ी थी.

लड़की – आप लोगो का बहोत बहोत धन्यवाद् भैया आपने मेरी इज्जत और जान बचाई है.

देवा – भैया भी बोलती हो और धन्यवाद् भी करती हो. तुम कौन हो कहा रहती हो. और ये लोग क्यों लाये तुम्हे उठा के?

लड़की - मेरा नाम शालिनी है मए इस शहर के दिग की बेटी हु. ये जो गुंडे है इनके बॉस को मेरे पापा ने अंदर किया था क्यों की उसने एक लड़की का रपे किया है. अभी वो बहार आया तो उसने मुझे उठा लिया मेरे पापा से दुश्मनी निकलने के लिए.

रूद्र – तू रो मत बहन वो लोग कुछ नहीं बिगड़ पाएंगे तुम लोगो का. और फिर तुम्हरे पापा भी काम पॉवरफुल तो है नहीं. चिंता छोडो चलो हम लोग तुम्हे घर छोड़ देंगे.

फिर सब लोग गाड़ी में बैठ कर निकल जाते है शहर की तरफ. और सीधे जाते है कमिश्नर के बंगले पे जहा. पुलिस की बहोत सी गाड़िया कड़ी थी. देवा की गाड़ी भी बंगले में एंटर करती है. तो वह का गार्ड उसे रोकता है लेकिन अंदर शालिनी को देख कर उन्हें जाने देता है.

घर के अंदर सब लोग जाते है तो शालिनी दौड़ कर अपनी माँ से गले मिल कर रोने लगती है. वही कई सरे पुलिस वालो के साथ दिग साब बैठे थे और शायद अपनी बेटी के बारे में hi बात कर रहे थे. लेकिन अचानक वह अपनी बेटी को देख कर वो चौंक भी जाते है और फिर ख़ुशी से उठकर अपनी बेटी को गले लगा लेते है.

दिग - शालिनी बीटा तुम यहाँ कैसे?

शालिनी - डैड मुझे वो गुंडे उठा के गाँव की तरफ ले जा रहे थे. लेकिन मुझे इन लोगो ने बचा लिया.

दिग – कौन है ये लोग बेटी ?

……….. देवा तुम और यहाँ?

दिग – क्या बात है इन्हे मेरे आलावा कई लोग जानने लगे? कावेरी तुम भी जानती हो इन्हे?

जी है वह कावेरी भी मौजूद थी और उसकी नजर देव एप पद चुकी थी. वो भगति हुई देवा के पास आने लगी तो पूनम ने घर के देवा को देखा

पूनम धीरे से - ये भी शामिल है तुम्हारी लिस्ट में?

देवा ने बस है में गार्डन हिला दी तभी वह कावेरी पहुंच गयी

कावेरी – व्हाट सरप्राइज देवा तुम यहाँ कैसे?

देवा – वो हमने शालिनी को देख लिया था कुछ लोग इसे पकड़ के ले जा रहे थे गाड़ी में. बस हमने उन्हें ठीक किया और शालिनी के साथ यहाँ आ गए. उसे छोड़ने

कावेरी – तुम कमल हो देवा इन लोगो को पूरी पुलिस फाॅर्स नहीं पकड़ प् रही थी बहोत खतरनाक लोग है ये और तुमने न सिर्फ उन्हें मारा बल्कि शालिनी को भी छुड़ा लाये.

देवा – है क्यों की वो लोग तो हमें इत्तेफ़ाक़ से hi मिल गए थे. लेकिन शालिनी को बचने में मेरी मदद की मेरे दोस्त रूद्र ने. और फिर जहा हम दोनों हो वह उन जैसे लोग को कितनी देर टिकना है ?

दिग – तुम्हारर बहोत बहोत धन्यवाद् बच्चो तुम लोगो ने मेरी बेटी को उन दरिंदो के चंगुल से बचाया

रूद्र – अरे क्या दिग अंकल वो लोग कहे के दरिंदे? वो तो बस सड़कछाप hi थे. दरिंदे की तो अभी उनलोगो के पास फोटो भी नहीं होगी

दिग – क्या मतलब?

देवा – रूद्र…. मेरे भाई इन पे कृपा दृष्टि मत कर इन्हे बक्श दे. कुछ नहीं अंकल इसकी आदत है मजाक करने की. शालिनी घर पहुंच गयी अब हमें इजाजत दीजिये. हम चलते है.

दिग – अरे इतनी भी क्या जल्दी है बेटे पहले हमारे साथ कॉफी पीओ फिर जाना.

फिर सब लोग कॉफी पीने बैठते है.

देवा – अंकल इन लोगो ने शालिनी को उठाया कैसे?

दिग – ये तो कॉलेज गयी थी वही से किसी तरह इसका किडनैप हुआ. हमें थोड़ी देर पहले उन के बॉस का कॉल आया था. और हम लोग परेशां थे के क्या किया जाये. क्यों की उन लोगो का काम hi है लड़किया उठा के उन्हें बहार के मुल्को में बेचना.

देवा – तो आप लोगो ने उन्हें रोका नहीं?

दिग – रोका है बहोत रोका है. लेकिन उनके खिलाफ सबूत न होने की वजह से हर बार ये छूट जाते है. दूसरा कारन है ेके इन्हे काफी पोलिटिकल सपोर्ट भी है पर पिछली बार इनका बॉस पकड़ में आया था उसने किसी लड़की का रपे किया था. लेकिन फ़िलहाल वो भी बहार है. और उसी के कहने पे शालिनी का किडनैप हुआ. पर अब हम सावधान रहेंगे और बहोत जल्द ये सरे लोग कानून की गिरफ्त में होंगे.

देवा – आल थे बेस्ट अंकल अब हमें इजाजत दीजिये.

दिग – थैंक यू अगेन बीटा. तुम्हे कभी भी मेरी जरुरत हो तो कॉल करना. या चाहो तो डायरेक्ट मिलने आ जाना. ये मेरा no. ले लो.

फिर देवा और दिग no. एक्सचेंज करते है. और देवा एंड पार्टी बहार आने लगते है.

तभी देवा – कावेरी जरा सुनो

कावेरी - ओह्ह देवा अच्छा हुआ तुमने मुझे बुला लिया मए खुद भी तुमसे बात करना चाहती थी. सबसे पहले तो तुम्हारा धन्यवाद् तुम्हरी वजह से मेरा प्रमोशन हो गया एक hi दिन में दो इतने मुश्किल केस सोल्वे करने की वजह से. मुझे दसप बना दिया गया है.

देवा – वो सब छोडो और मेरी बात सुनो. तुम्हे दुबारा प्रमोशन चाहिए?

कावेरी – कमल करते हो ये भी कोई पूछने की बात है.

देवा – ठीक है तुम्हे जल्द hi प्रमोशन मिल जायेगा लेकिन मेरी इस बार शर्त है.

कावेरी – जो चाहे मांग लो मए तो सब तुम्हे दे hi चुकी हु

देवा – मेरी शर्त ये है के इस गैंग में से एक भी बाँदा जिन्दा नहीं मिलेगा तुम्हे. है उन्हें मरने का क्रेडिट तुम्हे जरूर मिल सकता है.

कावेरी – मरते है तो मरे सेल सब मादरचोद क्रिमिनल hi तो है. पर ये इतना आसान नहीं है देवा

देवा – तुम्हे क्या तुम्हे लाशे मिल जाएगी. लेकिन एक काम करो. इस गैंग की पूरी डिटेल मुझे मेल कर दो मैने अपनी मेल ईद तुम्हे वात्सप्प कर दी है.

कावेरी - लेकिन ये होगा कब ?

देवा – जितनी जल्दी तुम मुझे उस गैंग से जुडी साडी खबरे डौगी तब

कावेरी – ठीक है देवा मए तुम्हे आज hi साडी डिटेल दे देती हु मेल पर.

देवा – गुड़ तुम ये काम करो मए सालो का इलाज कर दुगा.

कावेरी मतलब मेरा सप बनना तय है?

देवा – बिलकुल तुम सप बन गयी ये मान के चलो. क्यों की उस गैंग का सफाया जल्द से जल्द होगा और हर जगह यही दिखाया जायेगा के पूरे गैंग को तुमने अकेले hi साफ़ किया है. अब मए चलता हु. जल्दी hi मिलेंगे.
 
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