Fantasy Kahani - Werewolf with system - Page 4 - SexBaba
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Fantasy Kahani - Werewolf with system

Episode 27

मेगा अपडेट

कुछ वक़्त पहले, जरोलिस सिटी में.

सुपरनैचरल जिन्हें ब्रूटल ग्रे लीड कर रहा था, उन्हों ने पूरी ेलेमेंटल स्टोन माइन को खली कर लिया था. अब वो सब ेलेमेंटल स्टोन्स को नए आय हुए कार्गो में लोड कर रहे थे.

जरवाल्ड अपने होरडे को ओर्गनइजे कर रहा था जब के पीछे से विवियन उस के क़रीब आयी.

उसने धीरे से जरवाल्ड का हाथ पकड़ा और कहा:

"वक़्त क़रीब है… मैं उसकी ताक़त को महसूस कर रही हूँ" — उसने गहरी सांस ली और एक सुकून भरी मुस्कान उसके होंठों पर थी.

जरवाल्ड ने अपना हाथ कास कर जवाब दिया:

"हाँ… मेरा जिस्म ताक़त से कैंप रहा है."

विवियन ने मीठी मुस्कान दी:

"और आज रात, सिल्वर मुन्करेस खिलाय गए. डार्क मून की वजह से, यह डार्क सिल्वर मुन्करेस बन कर अपनी क़ुव्वत को कई गुना बढ़ाये गए."

जरवाल्ड ज़ोर से हंस पड़ा:

"ओरिजिन ने मुझे यह मौका दिया है. मैं तक़दीर से एक अज़ीम वेयरवोल्फ ban’ne के लिए पैदा हुआ हूँ!"

उनके दरमियान बात हो hi रही थी के ज़ग्रथ डर डर के क़रीब आया.

"जरवाल्ड… किंग का मैसेंजर आ गया है…", उसने कहा और इशारा किया एक बड़े वेयरवोल्फ की तरफ जिसके जिस्म से तेज़ हड्डी निकल रही थी और उसके पांचे (क्लॉस) असाधारण तोर पर बड़े और खौफनाक थे.

उसके साथ एक औरत कड़ी थी — पुरकशिश जिस्म वाली, जिसके सर पर दो छोटी सी सींघ, पीछे काली पूँछ और एक जोड़े काली पर थे.

एक नज़र में सब समझ गए, वो सुकुबुस थी.

जरवाल्ड ने भवन चढ़ा कर कहा:

"बर्तोल्फ़ यहाँ क्या कर रहा है? और यह कौन है? मैंने तो उससे कल hi राब्ता कर लिया था."

विवियन की आँखों में भी नफरत चमक उठी.

थोड़ी दिएर बाद, बर्तोल्फ़ और वो सुकुबुस दोनों क़रीब आये. बर्तोल्फ़ के होंठों पर मस्खराना मुस्कान थी, जब के सुकुबुस — सेनारह — के चेहरे पर सर्दी और be-parwai.

बर्तोल्फ़ ने गर्व से कहा:

"फिर मुलाक़ात हुई, जरवाल्ड. मेरे साथ जो हैं, यह हैं लेडी सेनारह, सब सुपरनतुरलस की नुमाइंदगी करती हैं. हम दोनों यहाँ ए हैं ताके यक़ीन कर सकें के तुमने ेलेमेंटल स्टोन्स के बारे में जो रिपोर्ट भेजी है, वो सच है या नहीं."

सेनारह ने बर्फीली सी मुस्कान के साथ कहा:

"मिनिस्टर्स ने कहा है के वेरीफाई करना ज़रूरी है. हो सकता है तुमने असल से काम रिपोर्ट किया हो…" — उसकी तीखी नज़र जरवाल्ड के चेहरे का हर जज़्बा स्कैन कर रही थी.

जरवाल्ड गरज उठा:

"मुझ पर शक कर रही हो?! वहां सिर्फ 600 किलो High-Grade ेलेमेंटल स्टोन है. तुम खुद चेक कर लो!"

बर्तोल्फ़ ने तना मारा:

"जरवाल्ड, मैं तो तुम पर यक़ीन करता हूँ…" उसने थोड़ा रुक कर ऐड किया, "लेकिन फिर भी, चेक कर लेता हूँ."

फिर दोनों — बर्तोल्फ़ और सेनारह — कार्गो की तरफ चले गए और अंदाज़े से स्टोन्स गईं ने लगे. बाद में माइन के अंदर भी चले गए ताके यक़ीन हो जाये के कुछ बचा न हो.

जरवाल्ड और विवियन के चेहरे पर कला पैन उतर आया. पूरी होरडे के सुपरनतुरलस आपस में सरगोशियां करने लगे.

"क्या किंग का मैसेंजर सिर्फ सर जरवाल्ड को इंस्पेक्ट करने आया है?"

"कहीं सर जरवाल्ड ने ेलेमेंटल स्टोन्स छुपाये तो नहीं?"

ये बातें सुन कर जरवाल्ड का चेहरा लाल हो गया, ग़ुस्से में उसका जिस्म फटने को था.

वो दहाड़ा:

"बस!! अब काफी है! तुम सब मुझे नीचे दिखाना चाहते हो?!"

उसकी और इतनी शिद्दत से बढ़ गयी के नीचे दर्जे के सुपरनतुरलस पीछे हैट गए.

लेकिन बर्तोल्फ़ है कर बोलै:

"जरवाल्ड, मुझे डरा नहीं सकता तू."

विवियन ने जल्दी से उसका बाज़ू पकड़ा और धीरे से कहा:

"सब कुछ वक़्त पर…"

जरवाल्ड ने मन मर कर अपनी और दबा ली.

बर्तोल्फ़ ने चलते चलते कहा:

"ठीक है, कार्गो मैं खुद एस्कॉर्ट करूँगा."

लेकिन फिर अचानक रुक कर बोलै:

"किंग ने एक और सवाल भेजा है… सुना है एक नया अल्फा इंसानो के इलाक़े में पैदा हुआ है. क्या यह सच है?"

जरवाल्ड ने धीरे से सर हिला कर कहा:

"हाँ, उसकी कमज़ोर सी और महसूस हुई है. नया अल्फा इंसानो के दरमियान hi है."

बर्तोल्फ़ हैरान हुआ:

"अजीब… एक स्त्री वेयरवोल्फ इंसानो के कैंप में कैसे घुस गया…?"

फिर चल दिया.

विवियन ने फ़ौरन कहा:

"इंसानो की गुइल्ड्स का रैली क़रीब है. तुम्हें रुक कर मदद करनी चाहिए."

बर्तोल्फ़ ने शक्क से पुछा:

"क्यों? जब शहर साफ़ कर लिया है और माइन भी खली है, तो फिर रुकने की क्या ज़रूरत?"

विवियन की आँख एक पल के लिए पहात गयी, लेकिन उसने फ़ौरन अपना चेहरा संभल लिया:

"वैम्पायर किंग ने हुक्म दिया है के हम प्रिंसेस का इंतज़ार करें. वो शहर का जायज़ा लेना चाहती है."

बर्तोल्फ़ हंस कर बोलै:

"हकीकत में? प्रिंसेस? रॉयल वामपिरेस अभी बटलेफील्ड में हैं, उनके बगैर प्रिंसेस का आना नामुमकिन है."

जरवाल्ड ने उसका दफा किया:

"प्रिंसेस चुप कर आती है, उसके साथ सिर्फ 4 हालतीजा हैं."

बर्तोल्फ़ और सेनारह ने एक दोसराय की तरफ देखा, फिर छुप चाप सर हिला दिया. और फिर कार्गो ले कर जरोलिस सिटी से निकल गए.

जरवाल्ड ने ज़मीन पर थूक कर ग़ुस्से से कहा:

"देखता हूँ कौन मुझे नीचे दिखता है… सिल्वर मुन्करेस की ताक़त मिलने के बाद मैं सब को दबा दूंगा!"

—

मगर उन्हें क्या पता था, बर्तोल्फ़ ने छुप कर कार्गो छोड़ दिया.

वो चुपके से दोबारा जरोलिस सिटी लौट आया:

"जरवाल्ड और विवियन कुछ छुपा रहे हैं… इंसानो के खिलाफ रुकना मतलब अपनी मौत बुलाना. इनके पीछे कुछ और बात है."

उसने शहर में घुस कर छुप छुप कर तलाश शुरू की.

उसकी नज़र एक कमज़ोर वेयरवोल्फ पर पड़ी — उसकी पीठ पर लाल निशान था, ओमेगा का निशान.

ये था ज़ग्रथ.

वो अपना काम कर रहा था, पैक के लिए गोश्त तैयार कर रहा था. लेकिन जैसे hi उसने पानी भरने के लिए मोड़ लिया, एक ताक़तवर हाथ ने उसकी गर्दन पकड़ कर उसे एक खली घर में खींच लिया.

धम्म!!

दरवाज़ा बंद हो गया.

ज़ग्रथ ने देख कर होश खो दिए:

"स… सर बर्तोल्फ़?!"

बर्तोल्फ़ की आँखों में शोला था:

"सच सच जवाब देना… वर्ण यह पंजे तेरी रूह निकल लेंगे."

ज़ग्रथ ने घबरा कर कहा:

"मैं क़सम खता हूँ, सच बोलूंगा!"

बर्तोल्फ़ ने हाँ में सर हिला कर कहा:

"क्या तू जरवाल्ड के पैक का ओमेगा है?"

ज़ग्रथ ने थका हुआ सा चेहरा बना कर कहा:

"हाँ… लेकिन मैंने अभी रिचुअल नहीं किया. मैं अभी उसका रस्मी हिस्सा नहीं बना."

बर्तोल्फ़ के होंठों पर खतरनाक मुस्कान फैल गयी:

"बेहतरीन… अभी भी आज़ाद है तू."

बर्तोल्फ़ ने ज़ग्रथ की तरफ देखते हुए जल्दबाज़ी मई पुछा:

"फिर बताओ, जरवाल्ड अभी तक होरडे और पैक को यहाँ क्यों रोका हुआ है? क्या वह इंसानो के हमले का रिस्क लेना चाहता है?"

ज़ग्रथ ने बर्तोल्फ़ की बेताबी को महसूस करते हुए तेज़ आवाज़ मई जवाब दिया:

"शहज़ादी आ रही है… और जब तक उसकी क्यूरोसिटी ख़तम नहीं होती, जरवाल्ड को शहर की हिफाज़त करनी होगी."

ये सुनकर बर्तोल्फ़ हैरान रह गया, “तोह शहज़ादी वाक़ई यहाँ आएगी…”

लेकिन फिर ज़ग्रथ ने फ़ौरन इज़ाफ़ा किया:

"इस शहर मई सिल्वर मुन्करेस का फूल खिला है और डार्क मून भी है. एहि असल वजह है के जरवाल्ड ने शहज़ादी की हिफाज़त का ज़िम्मा उठाया. अगर सिल्वर मुन्करेस न होता तोह शायद उसने सीधा इंकार करके इस बात को बादशाह तक पोहचा दिया होता."

ये सुनकर बर्तोल्फ़ की आँखें बर्री हो गयीं, “तोह इस लिए वह चुड़ैल विवियन ने ये बात की थी! तुम समझती हो के मुझे मार लोगी?!”

उसके ज़ेहन मई चल रहा था:

"मैं सिल्वर मुन्करेस अब्सॉर्ब नहीं कर सकता क्यों के मेरी लिमिट है… लेकिन मैं नहीं चाहता के जरवाल्ड इसे हासिल करे. अगर सिल्वर मुन्करेस अब्सॉर्ब न हुआ तोह उसका चांदनी वाला नूर फ़ौरन सिग्नल देगा. चोरी करके छुपाना मुमकिन नहीं…"

उसकी नज़र ज़ग्रथ पर टिक गयी.

बर्तोल्फ़ ने धीमी आवाज़ मई ज़ग्रथ से पुछा:

"ज़रा बताओ, क्या तुम पावर चाहते हो?"

ये सुनकर ज़ग्रथ ने सर झुका कर बोहोत जोश से baar-baar हाँ मई सर हिलाया, बिलकुल ऐसे जैसे एक कुत्ता अपने मालिक से खाना मांगता हो.

बर्तोल्फ़ ने क्यूरोसिटी से कहा:

"मगर तुम और पावर क्यों चाहते हो?"

ज़ग्रथ ने कुछ दिएर आँखें बंद की और फिर धीमी लेकिन जाली हुई आवाज़ मई कहा:

"हमारी क़ौम को हज़ार साल पहले सील कर दिया गया था. तब मैं जवान था, लेकिन उस हज़ार साल का गुस्सा और नफरत अभी भी मेरे अंदर जल रही है."

बर्तोल्फ़ ने भौंवें उठाई और कहा:

"मुझे भी इंसानो से नफरत है… लेकिन जो नफरत तुम्हारी आँखों मई है, वो मैंने कभी नहीं देखि."

फिर उसने ज़ग्रथ को सीधा देखा और मुस्कुराया:

"अगर तुम मेरी मदद करो और सिल्वर मुन्करेस चुरा लो, तोह तुम्हे वो पावर मिलेगी जिसका तुम सपना देख रहे हो."

ये सुनकर ज़ग्रथ की आँखों मई ख़ुशी की चमक आ गयी.

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इस वक़्त, सुपरनैचरल टेरिटरी के अंदर, एक अज़ीम कद्द का वेयरवोल्फ — जो बर्तोल्फ़ और जरवाल्ड को आसानी से कुचल सकता था — अपने थ्रोन पर बैठा हुआ था. उसके हाथ मई गोश्त का बड़ा टुकड़ा था जिसे वो बेपरवाई से चबा रहा था.

तीन फीमेल वेरेवोल्वेस उसकी फर को सडक्टिवेली स्ट्रोक कर रही थी.

ये बारे कैसल गहरी जंगल के बीच मई था, जहाँ हेर तरफ से वेरेवोल्वेस की हिफाज़त लगी हुई थी. कैसल के आस पास छोटी छोटी हट्स मई आम वेरेवोल्वेस रहते थे. हालात खौफनाक ज़रूर थे मगर देखने मई क़स्बा pur-sukoon लगता था.

अचानक थ्रोन का दरवाज़ा खुला, और एक खूबसूरत और सेडक्टिव सुकुबुस अंदर आयी.

वह नीचे घुटनों के बल बैठी और इज़्ज़त से बोली:

"किंग बरलत, स्कारलेट बनेस किंगडम के हुक्मरान. मैं, सेनारह सल्लन फॅमिली से, जरोलिस सिटी की रिपोर्ट लेकर हाज़िर हुई हूँ."

उसका झुकना उसकी ख़ूबसूरती और क्लीवेज को नमूदार कर रहा था. किंग बरलत ने हाथ हिला कर फीमेल वेरेवोल्वेस को भेज दिया.

उसने कसुआलय कहा:

"बर्तोल्फ़ कहाँ है?"

सेनारह ने और ज़्यादा सर झुका कर जवाब दिया:

"वह कह रहा था के वह जरवाल्ड पर निगाह रखेगा और होरडे के साथ वापस आएगा."

किंग बरलत ने सर हिलाया:

"ठीक है, अब रिपोर्ट सुनाओ."

सेनारह ने बयां किया:

"तकरीबन 600 किलो ेलेमेंटल स्टोन्स माइन किये गए हैं, और मैं और बर्तोल्फ़ दोनों ने कन्फर्म किया है. ये स्टोन्स तमाम किंगडम्स मई बराबर तक़सीम किये जायेंगे. जरवाल्ड ने कहा है के वह होरडे के साथ रुक कर वैम्पायर शहज़ादी की निगरानी करेगा. और उसने नए अल्फा की मौजूदगी भी तस्दीक़ की है."

ये सुन कर किंग बरलत की आँखें सी उठ गयीं:

"हूह… दिलचस्प. जो भी इस नए अल्फा से टकराये, फ़ौरन मुझे इत्तिला करे. मैं उसके बारे मई सब कुछ जानना चाहता हूँ."

सेनारह ने गहरी अदब से सर झुकाया:

"एहि सब कुछ है आप की खिदमत मई. अब मुझे दूसरे किंगडम्स को भी रिपोर्ट देनी है. इजाज़त चाहती हूँ, आप का दिन ाचा गुज़रे."

लेकिन जैसे hi वो पलट कर चलना चाहती थी, किंग बरलत धीमे क़दम उठता हुआ अपने थ्रोन से नीचे आया और कहने लगा:

"किसने तुम्हे मेरी सल्तनत से उतनी जल्दी निकलने की इजाज़त दी?"

वह उसके पास आया, और उसकी कमर को पकड़ कर धीमी मुस्कान के साथ बोलै:

"थोड़ा वक़्त मेरे साथ गुज़ारो… शायद तुम एक हाइब्रिड को जनम दे दो."

सेनारह का चेहरा अँधेरा पद गया, जब के किंग बरलत के होंठ पर एक शैतानी मुस्कान खेली.

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इस वक़्त ोचीरा यूनिवर्सिटी मई, हेरा अपनी टेबल साफ़ कर रही थी और निकलने की तैयारी मई थी. तभी उसका फ़ोन बजता है.

नंबर अननोन था. हेरा आम तोर पर अननोन नंबर नहीं उठती थी, मगर आज Vice-Principal चार्ल्स ने स्पेशलय कहा था के अगर अननोन कॉल आये तोह लाज़मी उठाना.

हेरा ने कॉल उठाई:

"Hello?"

दूसरी तरफ से आवाज़ आयी:

"मस. हेरा?"

"जी, बोल रही हूँ. आप कौन?" हेरा ने घबरा कर पुछा.

आवाज़ मई एक सर्दी थी:

"मैं डंकन प्लाची हूँ… सुना है मेरी बेटे की लाश आप लेकर गयी थीं?"

हेरा का चेहरा बिगड़ गया:

"जी, मैंने hi लेकर गयी थी. मसला क्या है?"

डंकन ने सर्दी भरी आवाज़ मई पुछा:

"उस वक़्त और कौन था जब आप मेरी बेटे की लाश ले कर गए?"

हेरा कुछ दिएर सोचती रही, "सिकंदर, आधार, और रोसिए… बाक़ी स्टूडेंट्स बेहोश थे. ये बात मुश्किलात पैदा कर सकती है."

फिर उसने कहा:

"अगर मुझे ठीक याद है तोह बोहोत से स्टूडेंट्स बेहोश थे, लेकिन जो होश मई थे वह सिकंदर सिल्वेर्स्टर, आधार ालपेनोरे, और रोसिए थे."

डंकन चाँद लम्हे चुप रहा, फिर ठंडी आवाज़ मई बोलै:

"शुक्रिया मस. हेरा."

और बगैर bye किये कॉल काट दिया.

हेरा ने नफरत से कहा:

"कितना रौदे है."

उसने फ़ौरन अपना फ़ोन उठाया और मैसेज टाइप किया:

"सिकंदर, डंकन प्लाची ने मुझे कॉल की है और लुकास इंसिडेंट के बारे मई पुछा है. कुछ बेवकूफी मत करना और जो वह कहे वह करना. तुमने लुकास को नहीं मारा, इसलिए डरने की बात नहीं है."

फिर हेरा ने दूसरा मैसेज टाइप किया:

"आधार और रोसिए को भी बता दो. डंकन तुम तीनों की इन्वेस्टीगेशन कर रहा है."

मैसेज भेजने के बाद हेरा ने गहरी सांस ली और फ़ोन नीचे रखा.

“काम आज काम मैं उन्हें वारं कर दिया. अब और कुछ मेरे बस मई नहीं.”

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स्कारलेट बनेस किंगडम के अंदर

किंग बरलत अपने हाथ में एक गोल्डन गिलास पकड़े बालकनी पर खरा था. नीचे अपने लोगों को देखते हुए उसकी पेशानी सोच में गहरे लकीरों से भरी हुई थी.

सुबह की हलकी ठंडी हवा उसके चेहरे को छु कर गुज़र रही थी, जब के वह गिलास के अंदर के शराब से खेलते हुए आराम से सोच रहा था. अचानक पीछे से एक वेयरवोल्फ आया जो गोल्डन कॉम्बैट आरमोर पहने था.

इस वेयरवोल्फ के सर के aas-paas लाल फार था और उसकी पीली आँखें चमक रही थीं. वह गहरी आदाब बजता है और बोलता है:

"माफ़ी चाहता हूँ आपकी खिदमत में खलल डालने के लिए, लेकिन बाक़ी किंग्स और क्वींस तशरीफ़ ले आये हैं. गोडकिंग का महान इजलास शुरू होने वाला है."

किंग बरलत ने एक hi घोंट में अपना गिलास खाली किया और उस बोइंग करते हुए वेयरवोल्फ के पास से गुज़रता हुआ सीधा मीटिंग हॉल की तरफ चला गया.

वह एक बड़े गोल मेज़ वाले कमरे में पोहोचता है. मेज़ पर 12 कुर्सियां हैं लेकिन सिर्फ 5 पर लोग बैठे हैं (बरलत को मिला कर 6 हो गए).

यह वह लोग थे जो तमाम सुपरनतुरलस के सबसे ज़्यादा पावरफुल और high-ranking हुक्मरान थे. उनकी औरस इतनी भारी थी के आम हिफ़ाज़ती सिपाही बहार रुक गए वर्ण उनकी रूह तक कुचल दी जाती.

हर हुक्मरान के साथ उसका पर्सनल असिस्टेंट भी खरा था. हवा में ख़ामोशी और तनाव भर गया था.

किंग बरलत अपनी कंधे पर डाले स्केल्ड हाईड को हिला कर अपनी कुर्सी पर बैठा. अचानक एक बारे लाल जिस्म वाला शख्स जिसमें से नरक की आग की लहरें निकल रही थीं, अपनी गहरी पीली आँखों से उसे देख कर बोलै:

"किंग बरलत, यह इजलास बुलाने का मक़सद क्या है?"

वह शख्स और कोई नहीं बल्कि डेमों किंग सरथ था. उसकी आवाज़ पूरी जगह को जला देने वाली आग की तरह थी.

किंग बरलत ने हाथ हिला कर इशारा किया. तभी एक वेयरवोल्फ पांच बारे ठेले ले कर आया जो ेलेमेंटल स्टोन्स से भरे हुए थे.

"600 किलो ेलेमेंटल स्टोन्स निकले गए हैं. उन में से 300 किलो वेरेवोल्वेस के लिए होंगे, और बाक़ी तमाम आप लोगों के दरमियान तक़सीम होंगे," बरलत ने pur-aitminan लहजे में कहा.

ये सुन कर सब के चेहरे पर हैरानी छ गयी.

किंग बरलत के दाएं हाथ बैठने वाली एक औरत जिसका जिस्म से खून की बू आती थी, उसके निकलते हुए दो फंगस देख कर सब जान गए के वह क्वीन नज़र, वैम्पायर क्वीन है.

उसने तनज़िआ लहजे में कहा:

"किंग बरलत, क्या आपको नहीं लगता आपका यह ऑफर कुछ ज़्यादा hi be-adbi है?"

बरलत ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया:

"सबसे ज़्यादा अजीब यह है के यह बात वह कह रही है जो अपनी बेटी को मेरे पैक के हवाले करके बैठ गयी थी. है न, क्वीन नज़र?"

नज़र के चेहरे पर गुस्सा था, लेकिन उसने अपना मुंह बांध कर लिया.

"और कोई?" बरलत ने pur-aitminan नज़र से सब को देखा.

तभी एक कनखल जिस्म वाला शख्स, जो काली चादर और हाथ में काली ओर्ब लिए बैठा था (जो के किंग Lax'rad, लीच किंग था), अपनी एस्ट्रल आवाज़ में बोलै:

"वेरेवोल्वेस ने सबसे ज़्यादा म्हणत की है, इस लिए मैं इस फैसले को तस्लीम करता हूँ."

बाकी भी सर हिला कर मान गए.

"मैं भी मंज़ूर करता हूँ."

"इस दफा मैं भी सहमत हूँ."

"ठीक है, मैं भी एग्री करता हूँ."

क्वीन नज़र का मूड और ख़राब हो गया, लेकिन मजबूरन उसने भी कहा:

"फाइन, मैं भी एग्री करती हूँ."

अब सब की नज़र डेमों किंग सरथ पर गयी. उसका चेहरा गुस्से से भरा था. उसके असिस्टेंट ने धीमी आवाज़ में कहा:

"लार्ड सरथ, इस पर लड़ाई करना be-fizool है. डार्क मून क़रीब है."

सरथ ने दांत भींच कर कहा:

"फाइन!"

बरलत के होंठों पर और बरी मुस्कान फैल गयी.

Lax'rad ने अगला मौज़ू उठाया:

"स्पेल रिसर्च प्रोजेक्ट का क्या हुआ?"

फसलेस शख्स (शपशिफ्टर किंग ोड़दित्य) अपनी स्याह खौफनाक आँखों के साथ नज़र की तरफ देख कर बोलै:

"यह ज़िम्मेदारी वामपिरेस को दी गयी थी. बताइये क्वीन नज़र, या फिर क्या आप लोग फ़ैल हो गए?"

नज़र ने फख्र से मुस्कुरा कर कहा:

"डेमेल्ज़, हमारे रॉयल फॅमिली की एक मेंबर, साईरन का स्किल इस्तेमाल करने में कामयाब हो गयी है. उसने सिर्फ एक इशारा से एक शहर तबाह कर दिया था."

ोड़दित्य की आवाज़ में हैरानी थी:

"वह! वामपिरेस का जादू हमेशा लाजवाब होता है."

Lax'rad फ़ौरन बोलै:

"मुझे उस वैम्पायर से मिलवाया जाये. मुझे तफ्सील चाहिए."

नज़र ने आँखें तंग कर के कहा:

"वह हमारी किंगडम की dekh-rekh में रहेगी, आपके पास नहीं."

Lax'rad ज़ोर से हंस पड़ा:

"हाहाहा! ठीक है, लेकिन यह सब सुपरनतुरलस की भलाई के लिए है."

तभी बरलत ने खांसी करते हुए अगला मौज़ू शुरू किया:

"जरवाल्ड ने जरोलिस सिटी से कल रिपोर्ट भेजी है. एक नया अल्फा पैदा हुआ है… और वह भी इंसानो के इलाक़े के बीचों बीच."

सब हुक्मरान hosh-hawas खो बैठे:

"यह कैसे मुमकिन है?!"

बरलत ने अपनी उँगलियों को आपस में जोर कर ठंडी सांस ली…

"जरवाल्ड का कहना है के यह एक अननोन अल्फा वेयरवोल्फ है…

हियरिंग थिस, दूसरे बादशाह और मालिकाएँ हिला गए,

"ये कैसे मुमकिन है?!"

"किसी इंसान के इलाक़े के सेण्टर में घुसना मतलब ख़ुदकुशी है!"

तभी एक औरत जो अब तक खामोश थी और जिसमें एक be-panah jadoo’ii कशिश थी, अपने होंठों को खोलती है,

"मेरी मैसेंजर ने कन्फर्म किया है के जरवाल्ड की तवज्जो वहां है. वह अल्फा की और पे ग़लत नहीं हो सकती."

सब ने सर हिला कर उस बात को तस्लीम किया, मजबूरन उन्हें मन्ना पड़ा के अल्फा वाक़ई मौजूद है.

क्वीन नज़र बोली,

"मेरी किंगडम के अंदर रॉयल फॅमिली का एक फारद ने हाल hi में लेवल तवो शहर पर हमला किया है. मैं उनसे पूछूँगी के क्या उनका सामना इस मामले से हुआ."

किंग Lax'rad ने कहा,

"किंग ोड़दित्य, तुम्हारे नीचे जो फाइव कन्वर्शन हैं वह स्टील्थ के माहिर हैं. क्या तुम उन में से किसी को इस मामले की तहक़ीक़ात के लिए नहीं भेज सकते, स्त्री वेयरवोल्फ का पता लगाने के लिए?"

किंग ोड़दित्य जो अब तक चुप था, मुस्कुराता है,

"ओह, किंग Lax'rad, तुम्हारी तारीफ का शुक्रिया. मैं वाक़ई किसी को भेज दूंगा."

Lax'rad ने घंभीरता से कहा,

"ये मसला निहायत एहम है. अगर इंसानो के इलाक़े में वाक़ई एक वेयरवोल्फ है, तोह हमें फ़ौरन पता लगाना होगा के वह वहां कैसे पोहचा."

सब ने इस बात पर इत्तेफ़ाक़ किया और मज़ीद बात चीत शुरू कर दी.

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<डार्क मून इस अर्रिवेद >

जैसे hi आखरी नोटिफिकेशन सामने आयी,

सिकंदर ने महसूस किया के उसके जिस्म में कुछ तब्दीली शुरू हो रही है. उसकी आँखें सुर्ख हो गयीं, और उसके हाथ से क्रैक! क्रैक! की आवाज़ आने लगी.

हर जगह से काली ऋण उगने लगी जो आँखों के सामने तेज़ रफ्तारी से बढ़ रही थी.

सिकंदर हैरत में डूब गया — पहली दफा वो सब कुछ होश ो हवस में देख रहा था.

साइड पर आधार दर्द से चीख उठी:

"आआख्खहहह!!"

उसकी चीखों में वही अज़ाब था जो सिकंदर ने अपनी पहली ट्रांसफॉर्मेशन में झेला था. फ़ौज में सालेह की ट्रेनिंग भी उस दर्द को बर्दाश्त करने के लिए काफी न थी. यह इंसानी जिस्म के लिए na-mumkin दर्द था.

आधार की चीखें पूरी गुफा में गूँज रही थीं, ऐसा लगता था के जैसे गुफा के पत्थर भी हिल रहे हों.

सिकंदर ने उसकी तरफ मुश्किल से देखा, आँखें धुंधली थीं मगर उसने आधार का तरराप्त हुआ चेहरा साफ़ देखा.

"सो… यह होता है ट्रांसफॉर्मेशन के वक़्त," उसने सोचा.

फिर अचानक, उसके खोपड़ी में दरदों की तूफ़ान उठ गयी. उसने अपने मुँह को स्नोत ban’tay महसूस किया. दर्द इतना था के दांतों से खून निकलने लगा क्यूंकि वो चीखने की ख्वाहिश दबा रहा था.

लेकिन आखिर में वो दर्द बर्दाश्त से बहार हो गया:

"आआह्ह्ह्हह्ह!!"

दोनों के चीखने की आवाज़ झरने के पानी में डाब गयी.

झरने से कुछ दूर, रोसिए एक दरख़्त के नीचे बैठी थी. उसका दिल बेचैन था. उससे वो रात याद आयी जब सिकंदर पहली दफा बदला था — उस वक़्त उसका होश ख़तम हो गया था और अगर रोसिए ने चाँद की रौशनी रोकने के लिए परदे बंद न किये होते तो शायद वो ज़िंदा न बची होती.

रोसिए ने झरने की तरफ देखा और सोचा:

"यह तो खुली जगह है… सिर्फ यह गुफा hi मूनलाइट को रोक सकती है. अगर सिकंदर कण्ट्रोल न कर सका… मैं क्या करुँगी?"

गुफा के अंदर, चीखों की आवाज़ गरौल में बदल गयी. दोनों के जिस्म धीरे धीरे इंसानो से ज़्यादा वेयरवोल्फ लगने लगे.

सिकंदर का पूरा जिस्म काली ऋण से धक् गया, मसल्स फूल गए, पेअर पिछले टांगों जैसे हो गए, आँखें गहरी नीली रौशनी से चमक उठी.

एक नोटिफिकेशन सामने आयी:

<ट्रांसफॉर्मेशन कम्पलीट!>

<कोंग्रटुलतिओं ों कम्प्लेटिंग मेन्टेन कांशसनेस दूरिंग ट्रांसफॉर्मेशन अचीवमेंट>

<लूनर ब्लेसिंग स्टोरेज उनलॉकेड!>

<क्रेअटुरे ऑफ़ थे नाईट पैसिव एक्टिव!>

<साड़ी ऐट्रिब्यूट्स 150% बढ़ गयीं!>

सिकंदर दीवारें पकड़ कर संभालता हुआ खड़ा हुआ. उसने महसूस किया के खून में ताक़त उबाल रही है. हर नस में बिजली दौड़ रही थी.

"सो… यह है मेरा असल रूप," उसने अपने नंगे पंजे बंद करते हुए सोचा. "मैं अब एक आम वेयरवोल्फ से कमज़ोर नहीं."

फिर उसने महसूस किया के उसकी नज़र बदल गयी है. गुफा की छत से गिरता हुआ एक क़तरा पानी भी उससे स्लो मोशन में नज़र आ रहा था. कोने में रेंगता एक छोटा सा चिन्ता भी उसकी नज़र से बच न सका.

"यह नज़र… इंसानो से कही ज़्यादा! अब समझ आया के क्यों यह मख्लूक़ इतनी खौफनाक है," वो दिल hi दिल में बोलै.

मगर फिर उसकी आँखें खुल गयीं — आधार गुफा में कहीं नज़र नहीं आयी!

वो फ़ौरन केव के मुँह तक दौड़ा, पंजे से पत्थर चूर चूर कर दिए. इसी वक़्त उसकी नाक ने एक अजीब सी बू पकड़ी… और उस में आधार की खुशबू भी शामिल थी.

"साउथ की तरफ…!" वो एक दम गायब हो गया.

इधर रोसिए ने देखा के झरने से पहले आधार निकली है. उसका जिस्म और आँखें बदल चुकी थीं — आँखें पीली चमक रही थीं, मसल्स उभर गए, और एक सब्ज़ सी और उसके जिस्म के गिर्द घूम रही थी. आधार be-ikhteyaar जंगल की तरफ भाग गयी.

रोसिए ने घबरा कर सोचा:

"आधार तो पूरी तरह से अपनी ट्रांसफॉर्मेशन में खो गयी है…"

और उस वक़्त गुफा से एक और साया निकला.

वो सिकंदर था. मगर इस दफा वो कुछ और hi लग रहा था — एक अज़ीम स्याह मख्लूक़ जिस के हाथ पर हलकी सी नीली ऋण चमक रही थी, आँखें अँधेरी नीली रौशनी से रोशन. उसका दुम्म दरिंदों जैसा था और और इतना भारी के रोसिए दूर बैठ कर भी डाब गयी.

"यह… यह सिकंदर है?! उसकी शकल और रूप तो पहले से बिलकुल मुख्तलिफ है!" रोसिए का दिल कांप उठा.

उसने अपने आप को पीछे खेंचा और सोचा:

"उसका प्रेशर… यह तो काम आज काम mid-rank फोर जैसा लग रहा है!"

मगर फिर सिकंदर की चमकती आँखें उस पर टिक गयीं. दोनों की निगाहों का आपस में तालुक सिर्फ चाँद लम्हों का था, मगर रोसिए को लगा के जैसे sada’ayun गुज़र गयीं.

और फिर — सिकंदर गायब हो गया.

रोसिए ने घभराकर प्रोटेक्शन रूण कास कर पकड़ ली, पसीना उसके हाथ से टपक रहा था. उससे अंदाज़ा था के यह रूण भी शायद सिकंदर के नयी ताक़त के सामने टिक न पाए.

रोसिए ने दाएं बाएं देखा, उसकी आँखें उस को ढूंढ़ने की कोशिश कर रही थीं, मगर वो जानती थी:

"सिकंदर जब आम सूरत में होता है तब भी उससे महसूस करना मुश्किल होता है… अब जब वो अपनी असल रूप में है तो उससे ढूंढना नामुमकिन है."

जस्ट अस शी वास् गेटिंग फ़्रस्ट्रेटेड, रोसिए को अचानक अपने पीछे से एक अजीब और खौफनाक और महसूस हुआ.

उस और ने उसकी रीढ़ की हड्डी तक ठण्ड दाल दी.

गरररर!!

पीछे से नीचे और भरी आवाज़ मई गुर्राने की आवाज़ सुनाई दी. रोसिए का गाला सुख गया, उसने मुश्किल से अपना गाला ज़बरदस्ती निगला और धीरे धीरे अपना जिस्म मोड़ कर पीछे देखा.

जो मंज़र उसकी आँखों के सामने था उसने उसकी टांगें कमज़ोर करके जेली बना दी.

वो ज़मीन पे धप से गिर गयी, उसके होंठों पे सिर्फ खौफ की लर्ज़िश थी, और आँखें दहशत से पहात गयीं.

“मैं तो गयी!” उसके दिल ने चीख कर कहा.

उसने आँखें झट से बांध करलें, लेकिन उसी

वक़्त—

"Ro..sie"

एक भरी, नयी सी आवाज़ निकली. ये सिकंदर tha—jo अपने नए जिस्म का अभी आधी तरह hi आदि हुआ था.

रोसिए की साँसें रुक गयीं, उसने आँखें खोल कर हैरानी से कहा:

“सिकंदर?! तुम कण्ट्रोल कर पाए?!”

सिकंदर ने धीरे से सर हिलाया.

रोसिए के चेहरे पे सुकून के आसार आ गए, उसने गहरी सांस छोड़ी और चैन की निशानी तोर पर हल्का सा मुस्कुरायी.

वो धीरे धीरे ऊपर देखती है और सिकंदर की आँखों मई आँखें डालती है. उसके हाथ अपने आप हिलते हैं और उसके चेहरे, उसके भरी स्नोत को छूने लगते hain—jaise वो उस से मोहब्बत मई खोगई हो.

रोसिए धीमी आवाज़ मई कहती है:

“तो यह है तुम्हारी असल शकल… या यूँ कहूं तुम्हारा असल रूप?”

सिकंदर ने ज़मीन को झटका दिया और गरजती हुई सांस ली:

“नहीं… यह सिकंदर नहीं है. मैं एक सुपरनैचरल हूँ… लेकिन… मेरा दिल अभी भी इंसानो का है.”

रोसिए की मुस्कान गर्म और dil-nashheen थी.

“सुपरनैचरल हो या इंसान… मुझे फ़र्क़ नहीं पड़ता, जब तक तुम मेरे सिकंदर हो.”

जाने क्यों, उसके लफ़्ज़ों मई ऐसी जादू जैसी ताक़त थी जो सिकंदर के दिल मई उबलने वाली गुस्सा की आग को शांत कर गयी.

सिकंदर ने उसका हाथ पकड़ कर सर झुकाया और कहा:

“आधार?”

रोसिए ने पीछे हैट कर जवाब दिया:

“मैंने आधार को उस तरफ दौरते देखा था… लग रहा था जैसे वो किसी चीज़ को निशाना बना रही हो.”

ये कह कर, सिकंदर ने रोसिए को बिना कुछ सोचे समझे प्रिंसेस स्टाइल मई अपनी बाहों मई उठा लिया.

“तुम क्या…” रोसिए अभी कह hi रही थी के सिकंदर बिजली की तरह लपका!

व्हूश!!

“वाह्ह!!” रोसिए चीख उठी.

सिकंदर की रफ़्तार ऐसी थी जैसे हवा को चीयर रहा हो. उसके जिस्म से टकरा कर दरख़्त और झाड़ियाँ सिर्फ एक ढूंढ बन गयी थी.

डार्क मून की वजह से उसकी स्पीड अब इतनी बढ़ गयी थी के वो काम आज काम रैंक-4 ावकेनेड के बराबर था.

स्वुयश!!!

रोसिए ने नीचे देखा और उसके टांगों को चलती हुई बलौर मई dekha—wo देख कर चक्कर खाने लगी.

कुछ देर बाद, सिकंदर अचानक रुक गया.

वो रोसिए की तरफ फिक्रमंदी से देखता है. रोसिए मुश्किल से मुस्कुरायी:

“मैं ठीक हूँ… बस थोड़ा आराम करने दो.”

उसने मुँह पे हाथ रखा जैसे उलटी रोक रही हो, मगर फिर सिकंदर की आवाज़ उसके कानों मई गुंजहि:

“हम पोहंच गए हैं.”

रोसिए ने पीछे पलट कर देखा—

उसने देखा एक बारे सा टुटा हुआ दरख़्त, जो दो भरी बोल्डर्स के बीच मई दबा हुआ था. उनके दरमियान एक छोटा सा सुराख था.

सुराख छोटा लग रहा था, लेकिन वो सिकंदर जैसे बारे जिस्म भी अंदर ले जा सकता था.

रोसिए ने हैरानी से कहा:

“ये ‘हम पोहंच गए’ का क्या मतलब है? आधार कहाँ है? मुझे तो सिर्फ ये जंगल दिख रहा है.”

सिकंदर ने भरी सांस ली और सोचा:

“उसकी सेंट तो यहीं तक आ रही है… तो फिर… क्या वो अंदर गयी होगी?”

वो सुराख के क़रीब गया. अंदर से सिर्फ अँधेरा tha—kisi चीज़ का एहसास नहीं हो रहा था.

रोसिए ने देख कर कहा:

“अरे सिकंदर! चल न अंदर, इतना क्यों घबरा रहे हो. तुम इतने बारे वेयरवोल्फ हो, और इतना दर रहे हो?!”

सिकंदर के दिल मई एक पल को आया के रोसिए को थप्पड़ जैसा एक हल्का सा टपका दे, मगर उसने अपने जज़्बात दबा लिए.

और बिना कुछ कहे वो सुराख मई क़दम रखता है—

जैसे hi उसका हाथ सुराख के अंदर गया, उसका पूरा जिस्म एक दम से गायब हो गया!

“सिकंदर?! तुम कहाँ चले गए?!” रोसिए चीख उठी.

ठंडी रात की हवा, और chhup-chhup कर हिलते हुए बुशेस… उसका खौफ और बढ़ गया.

रोसिए के दिल मई एक अजीब खौफ उतर गया:

“मुझे बिलकुल ाचा एहसास नहीं हो रहा…”

उसने अपने होंठ दबाये, और हिम्मत जमा करके सुराख मई क़दम rakha—aur उसका जिस्म भी पल भर मई गायब हो गया…

---

सिकंदर, आधार और रोसिए ेमहम फारेस्ट से अचानक ग़ैब हो गए.

कुछ दिएर बाद, सिकंदर खुद को एक और जंगल में पाटा है जो ेमहम फारेस्ट जैसा तोह है, लेकिन फ़र्क़ ये के यह जंगल बिलकुल खामोश था… जैसे वहां कोई ज़िंदा चीज़ hi न हो.

आसमान से मौस्लों की तरह बारिश बरस रही थी.

सिकंदर ने रोसिए को देखा जो बेहोश उसके पास hi पारी थी. वह उसे नरमी से हिलता है, कोशिश करता है के अपने तेज़ नाखूनों से उसे छील न दे. रोसिए ने हलकी सी हरकत की और धीरे धीरे अपनी आँखें खोलीं.

रोसिए घबरा कर उठती है,

"यह जगह कहाँ है?!"

सिकंदर सर हिला कर कहता है,

"ये ेमहम फारेस्ट नहीं है... लगता है हम टेलिपोर्ट हो गए हैं."

तभी उसके नाक में आधार की खुशबू आती है, जो ज़्यादा दूर नहीं थी. लेकिन साथ hi सिकंदर के दिल में एक तेज़ दर्द उठता है, जैसे उसकी रूह को कोई चीज़ जला रही हो.

‘सिस्टम, यह मुझे क्या हो रहा है?’

<सिस्टम: तुम्हारी और आधार की रूहानी लिंक आबादी है. जो दर्द तुम महसूस कर रहे हो, वह असल में आधार का दर्द है.>

ये सुनकर सिकंदर फ़ौरन रोसिए को कंधे पर उठता है और पागलों की तरह आधार की तरफ भाग पड़ता है.

व्हूश!!

जंगल के अंधेरों को चीयर कर वह तेज़ रफ्तारी से दौड़ता गया.

कुछ hi देर में उसे आधार की खुशबू और ज़्यादा क़रीब महसूस हुई.

उसने देखा के कुछ हट्स बने हैं और उनके इर्द गिर्द bare-bare नीले रंग के ोग्रेस जमा हैं, जो हाथ में बड़े दरख्तों के थाम्बे पकडे हुए नाच रहे थे.

और बीच में... आधार खून में लथपत एक ओगरे से मौत के खेल में लिपटी थी!

सिकंदर का खून उबाल उठा. उसने एक बारे लाल जिल्द वाला साईक्लोप्स देखा जो एक लकड़ी के तख़्त पर फखर से बैठा था.

साईक्लोप्स ने सिकंदर को देख कर गुस्से से चीखा:

"तू!!"

"उग्रक है मेरा नाम! आधार से तेरी बू आती है!!"

रोसिए घबरा कर सिकंदर के क़रीब आ गयी और धीरे से बोली:

"सिकंदर… लगता है वह तुम्हे जानता है. क्या तुम पहले इससे मिले हो?"

सिकंदर ने ग़ुस्से वाली आँखों से कहा:

"नहीं... लेकिन फिर भी वह अजीब सी शनासाई महसूस हो रही है."

उसका गुस्सा चरम पर था जब उसने आधार को खून में तारपा हुआ देखा.

तभी सिस्टम की आवाज़ गूंजी:

<डिंग!!>

<सुद्दीन क्वेस्ट: अपनी पैक मेंबर आधार को बचाओ और इन ोग्रेस और साईक्लोप्स से बच कर निकल जाओ. इनाम तुम्हारे काम पर देपेंद करेगा .>

सिकंदर ने उग्रक की तरफ खून खोलती निगाहों से देखा.

उग्रक चीखा,

"उग्रक तुमसे नफरत करता है! उग्रक तुम्हे मार डालेगा!"

सिकंदर की आँखें काली पद गयीं, उसके जिस्म से डार्क मून की ताक़त शोलों की तरह फूट निकलती है.

"पुरे ब्रेस ऑफ़ मूनलाइट!!"

व्हूश!!

चांदनी उसके जिस्म में घुस गयी, उसके मसले उभर गए, जिस्म सियाही की आग में लपेट गया. वह अब एक असल दरिंदे की सूरत इख़्तियार कर चूका था!

रोररररर!!!

उसकी दहाड़ ने जंगल हिला दिया.

और बस एक पल में वह गायब हो कर ओगरे के सामने आगया.

स्लैश!!

आधार को दुःख देने वाले ओगरे का सर हवा में उछाल गया.

<सिस्टम: पीक रैंक थ्री सुपरनैचरल को क़तल कर के 5000 ऍक्स्प हासिल हुए.>

उग्रक होश ो हवास खो बैठा, लेकिन सिकंदर की आँखों में बस इन्तेक़ाम जल रहा था.

सिकंदर ने दहाड़ कर कहा:

"खून का बदला खून से होगा! तैयार हो जाओ… सब मरने वाले हो!!"

---

सिकंदर की और पहले से भी ज़्यादा शिद्दत इख़्तियार कर रही थी. उसकी और फैल कर एक बारे वेयरवोल्फ का साया बना रही थी जो ोग्रेस की तरफ ऐसी शोला बार नज़र दाल रहा था के उनकी रूह काँप उठती.

लेकिन इस दफा उसकी और का रंग लाल नहीं tha—balkeh कला कोयला जैसा सियाह था.

वेयरवोल्फ शकल की वह निगाह देख कर ोग्रेस के पाऊँ लरज़ने लगे. सिकंदर से निकलने वाली वह न दिखने वाली क़ुव्वत उनकी डेंजर सेंस को अपने आला हद तक पोहचा रही थी.

उग्रक के दांतों में गुस्सा भर गया, उसके जिस्म का खून उबलने लगा. “उग्रक तुमसे लड़ेगा!!” वह दहाड़ा, और उसके जिस्म के गिर्द लाल चमक और तेज़ हो गयी.

उसकी आँखों में खून उतर आया,

रोहार!!

उग्रक ने ऐसी दहाड़ मरी के छोटी सी सौंदवावे चारो तरफ फैल गयी, हवा और धुल को पीछे धकेलती हुई. उसके तुसक्ष और शैतानी सींघ और तेज़ और मज़बूत हो गए.

उसका जिस्म सिकंदर के बराबर बारे हो gaya—Moonlight का पुरे ब्रेस एक्टिवटे करते hi.

रोसिए, आधार और बाक़ी ोग्रेस सब डर के मारे पीछे हैट गए. दोनों मॉन्स्टर्स की औरस ने उन्हें ऐसे महसूस कराया जैसे वह सिर्फ छोटी सी चींटी हो.

उग्रक ने खुनी मुस्कान दी. उसके अंदर खून का उबाल और लड़ाई का जूनून बढ़ रहा था.

उसकी सिक्लोप ब्लूद्लिने जाग उठी थी. साईक्लोप्स एक पुराणी प्रीमॉर्डिअल रेस थी जो सिर्फ खून और जंग से ज़िंदा रहती थी. कहते हैं वह इस लिए ख़तम हो गए क्यूंकि उनका ग़ुरूर और हर किसी को ललकारने वाली तबियत उनके दुश्मनों को इकठ्ठा कर gayi—aur वह अपनी hi आकर में मिटत गए.

दूसरी तरफ सिकंदर भी खुनी मुस्कान के साथ उग्रक की बढ़ती क़ुव्वत महसूस कर रहा था, और उसका जूनून और ज़्यादा बढ़ गया.

उसके अंदर ग़ुस्सा उबलने लगा, एड्रेनालाईन ने उसके जिस्म को शोला बना दिया. वह रुक न सका और उग्रक की तरफ दौड़ पड़ा.

व्हूश!!

सिकंदर के हाथ लरज़ रहे थे, उसके दाए हाथ पर काली चमक और तेज़ हो गयी. उसके अंदर की कर्रप्टेड फाॅर्स उसके हाथ में इकट्ठी होने लगी.

“फाॅर्स बीम!!”

उग्रक ने भी अपनी लाल और हाथ में जमा कर्ली. उसका इरादा था के वह सीधा सिकंदर का मुक्का रोक कर जवाब दे.

वह बिजली की रफ़्तार से आगे बढ़ा, उसका बारे जिस्म उसकी स्पीड के सामने हैरान कुन लग रहा था.

उसके दाए हाथ से लाल रौशनी phooti—“Earth शटर!!”

दोनों की औरस इतनी दहशतनाक थे के रोसिए, आधार और ोग्रेस अपने आप पीछे हैट गायें.

बुम्म्म!!!

दोनों के मुक्कों की तकरार से फाॅर्स का धमाका हुआ. दोनों ने फाॅर्स कम्प्रेहेंद कर्ली थी, और जब मुख्तलिफ फोर्सेज टकराती हैं तो धमाका और भी तबाह कुन होता है.

शोकवावे ने ज़मीन और दरख़्त चपपट दिए.

रोसिए ने हवा का शील्ड बनाया अपने गिर्द, लेकिन धमाका इतना ज़्यादा था के वह भी ुरः कर पीछे जा पड़ी.

आधार और ोग्रेस का जिस्म जल गया और वह दूर फ़ेंक दिए गए.

मगर सिकंदर और उग्रक दोनों अभी तक अपने मुक्के टकराये खरे थे, और एक दुसरे को खुनी निगाहों से घर रहे थे.

फाॅर्स रेसिस्ट कर रही thi—aur फिर अचानक,

बोऊं!!

फिर से धमाका हुआ और दोनों दूर फ़ेंक दिए गए जैसे पतंग की डोर काट गयी हो. सिकंदर पत्रों तक जा टकराया जबकि उग्रक ने अपनी राह में सो से ज़्यादा दरख़्त तोड़ दिए.

पूरा इलाक़ा ख़ामोशी में डूब गया.

रोसिए उठ खरी हुई, उसके जिस्म पर कुछ जले हुए निशाँ थे लेकिन वह ज़्यादा नुकसान में नहीं थी. ‘यह क्या हुआ? सिकंदर कहाँ है?’

जैसे hi उसने इधर उधर देखा, एक सियाह साया बिजली की तरह उसके सामने से गुज़र गया.

स्वूश!!

सिकंदर दोबारा उग्रक की तरफ दौर चूका था, और उग्रक भी उसी शिद्दत से उसकी तरफ आरहा था. दोनों की आँखों में दीवानगी की चमक थी.

दोनों ने सिर्फ अपनी खालिस ताक़त से मुक्के चलाये.

बेम!!

सिकंदर का मुक्का उग्रक के पेट पर लगा, जबकि उग्रक का मुक्का सीधा सिकंदर के चेहरे पर.

दोनों पागल जैसी मुस्कान के साथ सिर्फ खून में रेंज जंग का लुत्फ़ उठा रहे थे.

बेम! बेम! बेम!

जो लोग देख रहे थे उन्हें लगा के दोनों में कोई स्ट्रेटेजी नहीं hai—sirf जूनून और खून का नशा है. दोनों बिलकुल दीवाने मुशतमारियों की तरह एक दूसरे पर वर कर रहे थे.

स्लैश!!

सिकंदर ने अपने क्लॉस उग्रक के चेहरे पर मारा. डार्क मून की ताक़त से उसके नाखून काली एनर्जी से भरे हुए थे, जो ज़ख्म को कला कर गए और जिल्द को सुला रही थी.

बेम!!

उग्रक ने जवाब में मुक्का सिकंदर के पेट पर जोड़ा. “गर्डर!!” सिकंदर के मुँह से खून का फारा निकला.

‘ताक़त के लेहाज़ से यह मुझसे ज़्यादा मज़बूत है…’ सिकंदर ने सोचा, उग्रक की फख्र भरी मुस्कान देखते हुए.

लेकिन वह मुस्कान उस वक़्त जैम गयी जब सिकंदर की आँखें चमक उठी:

“अल्फा इंटिमीडेशन!”

<दुश्मन के स्टैट्स 30% काम हो गए हैं>

एक अचानक be-basi का एहसास उग्रक के ज़ेहन में घुस गया.

सिकंदर जो उसके सामने खरा था, अचानक उसकी नज़र में और बारे और खौफनाक लगने लगा. उग्रक का जिस्म भी कमज़ोर महसूस होने लगा.

"अल्फा इंटिमीडेशन कितना कनविनिएंट स्किल है..." सिकंदर ने सोचा, लेकिन अचानक उसके दांतों में तेज़ दर्द उठने लगा.

<डार्क मून ब्लेसिंग!>

<डार्क मून ने अपना एहसान बख्शा है, ड्रेन बाईट स्किल अनलॉक हो गयी है और उसे की जा सकती है>

यह पढ़ कर सिकंदर हैरान रह गया.

काली एनर्जी उसके दांतों में जामह होने लगी. उसने अपना मुँह खोला और उग्रक के कंधे पर काट लिया जो अभी भी अल्फा इंटिमीडेशन की वजह से सुकून में था.

क्रंच!!

“रवववरर!!” उग्रक दर्द से दहाड़ा, उसकी चीख ने उसको दे से निकल दिया.

<ड्रेन बाईट एक्टिव!>

<3000 ऍक्स्प मिल गया...>

<5000 ऍक्स्प...>

<9000 ऍक्स्प...>

नोटिफिकेशन्स बारिश की तरह सामने चमक रही थी. सिकंदर काट कर उग्रक की ज़िन्दगी और क़ुव्वत चूस रहा था.

<लेवल उप!>

उग्रक की ताक़त तेज़ रफ़्तार से ख़तम होने लगी. उसकी सुर्ख जिल्द जलने लगी जैसे अंदर से आग में तप रही हो.

सिकंदर ने महसूस किया उसके दांत भी जल रहे हैं, इस लिए उसने जल्दी से अपना मुँह छोड़ा और पीछे हैट गया.

रोररर!!

उग्रक का रोर ज़्यादा तर एक जंग का नारा लग रहा था. उसकी आँखों में आंसू उभर आये जो उसके जल्द hi ताप्ती गर्मी की वजह से गायब हो गए.

<एनिमी अपनी स्किल एक्टिवटे कर रहा है!>

<ानलीजिंग थे Enemy's स्किल...>

उग्रक ने सिकंदर की तरफ देखते हुए आँखें झपकाईं और फिर—

बेम!!

एक मुक्का सीधा सिकंदर के पेट पर लगा, “हुआखहह!!” सिकंदर मुँह से खून उगला और पीछे उछाल कर गिर गया.

उसने उग्रक की हरकत देखि भी नहीं थी, मुक्के के अंदर आग की ताक़त थी जो उसके जिस्म को जला रही थी. उसके रिब्स क्रैक हो गए, दर्द इतना था के पहले कभी महसूस नहीं हुआ.

लेकिन उग्रक ने follow-up नहीं किया. जब सिकंदर ने देखा, तोह उग्रक ज़मीन पर घुटनों के बल गिरा हुआ, भारी सांस ले रहा था.

उग्रक की और कमज़ोर होती जा रही थी. ये उसका आखरी वॉर था.

आधार ज़मीन पर be-hosh पारी थी, जिस्म जला हुआ और ज़ख्मों से भरा हुआ, वो उठ भी नहीं प् रही थी.

सिकंदर की नज़र ोग्रेस के झुण्ड पर पड़ी.

ोग्रेस के जिस्म काँप गए, सब के सब खौफ से पत्थर बन गए. कोई भी हरकत करने की हिम्मत नहीं कर रहा था.

अपनी बची हुई क़ुव्वत से सिकंदर ने रोसिए के साथ मिल कर सब ोग्रेस का क़त्ल कर दिया.

<एक mid-rank 3 सुपरनैचरल मारा, 3500 ऍक्स्प>

<एक peak-rank 3 सुपरनैचरल मारा, 5000 ऍक्स्प>

सब ोग्रेस का काम तमाम हो गया, बस उग्रक अकेला बचा.

थुड़! थुड़! थुड़!

सिकंदर भरी क़दमों से उग्रक की तरफ बढ़ने लगा. उग्रक मुश्किल से उसकी तरफ देख रहा था.

सिकंदर ने अपना पंजा उठाया ताके उग्रक का काम तमाम करे, लेकिन—

देग!

अचानक उसका जिस्म धड़ से गिर गया, नज़र धुंधली होने लगी और वो भी घुटनों पर गिर गया.

अपना पेट पकड़ कर दर्द से कराहने लगा, “लगता है मेरे जिस्म को ज़्यादा नुक्सान पोहंच गया है...”

उसके हाथ कांपने लगे और वो भी कमज़ोर हो कर ज़मीन पर गिर गया. उग्रक भी उसके साथ hi गिर गया.

रोसिए घबरा कर उसकी तरफ भागी, “सिकंदर! तुम ठीक हो?!”

“अर्घह!!” सिकंदर करहा, उग्रक की बाक़ी एनर्जी उसके अंदर जल रही थी जैसे कोई ज़हर फ़ैल गया हो.

रोसिए घभरायी हुई idhar-udhar देखने लगी.

“यह कौन सी स्किल थी? मेरी वेयरवोल्फ फॉर्म भी इस से ज़ख़्मी हो गयी...” सिकंदर ने सोचा.

<स्किल एनालिसिस कम्पलीट!>

<चेकिंग User’s इंटेलिजेंस स्टेट...>

<उनकपतिबले>

<ालटरिंग थे स्किल...>

<कम्प्लेटेड>

<ब्लिट्ज़िंग क्राई स्किल पेंडिंग, इंटेलिजेंस रेक्विरेमेंट: 40>

सिकंदर ने हल्का सा मुस्कुरा कर सोचा, “काम आज काम स्किल सीख सकता हूँ.”

उसने अपना इन्वेंटरी खोला और हीलिंग स्टोन निकला. रोसिए ने देखा, उसने फ़ौरन पत्थर लिया और क्रश कर दिया.

सब्ज़ रौशनी सिकंदर के जिस्म को ग़ैर गयी. उस रौशनी ने अंदर की जलती हुई एनर्जी को ख़तम करना शुरू कर दिया. दर्द नहीं, बल्कि सुकून देने वाली गर्मी महसूस हुई.

थोड़ी दिएर में सिकंदर की ताक़त वापस आने लगी.

रोसिए ने आधार को हील करना शुरू किया.

इसी वक़्त एक नोटिफिकेशन चमका:

<सुद्दीन क्वेस्ट कम्प्लेटेड!>

<50,000 ऍक्स्प, 10 स्किल अपग्रेड, 5000 गोल्ड, डार्क रूण, क्लॉ ऑफ़ डायमंड वुल्फ और क्लस्टर डोमेन मिल गया>

सिकंदर की आँखें फैल गयी, “इतने रिवार्ड्स कभी नहीं मिले. क्लस्टर डोमेन क्या चीज़ है?”

उग्रक कमज़ोर हालत में बोलै, “यह एक क्लस्टर डोमेन है... हमारे अनसस्टर्स ने बनाया था. ये एक और डायमेंशन है, जहाँ ज़िन्दगी चलती है.”

सिकंदर के दिल में एक सोच उभरी: “अगर यह जगह मेरे क़ब्ज़े में आ गयी तोह मैं अपना पैक का बेस बना सकता हूँ.”

लेकिन उग्रक ने दर कर कहा, “अगर तुम मुझे मारोगे, तोह यह जगह गिर जायेगी. क्यूंकि मैं इसका ओनर हूँ!”

सिकंदर की आँखें क़तल की चमक से बढ़ गयीं, और उग्रक ने be-sabab कांपना शुरू कर दिया...

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आज के लिए इत्नाह hi.. बाकि नेक्स्ट अपडेट मैं.

ी होप आप को पसंद ाहये गह आज कह episode.

शोरों मई सुपरनैचरल के बारी मई बताया गया हैं. कुछ लोगों को मय्बे वह सुब फज़ूल लगे बूत ये सुब बे ज़रूरी होता है स्टोरी को बलिद करने क लिए.

इस लिए वो बी डायन से रीड करना. ाहगे वो सुब इन के साथ जुड़ जाये गह.

लाइक्स टारगेट शामे 30.

अपने सुग्गेस्टियन्स ज़रूर देना.

थैंक्स एंड bye.
 
थैंक्स बीआरओ फॉर रिव्यु..

सिकंदर अब पहले से ज़ादा ताकतवर हो गया है.

रैंक 4 तक..

लेकिन सुब किंग्स और क्वींस रैंक 9 के हैं.

और सुब से ऊपर रेंक 9 hi हैं अभी तक.

सिकंदर और बाकि किंग्स एंड क्वींस मई अभी बोहत फर्क है ताकत कह..

बाकि मेरे ख्याल से ये तोह अब तक की सुब से नार्मल फाइट थी किसी बे सुपरनैचरल से.. जस्ट 2 और 3 उपदटेस और वेट कर ले....
 
बीआरओ मेरी ख्याल से इस फोरम मई कोई बी अहसा राइटर नहीं है जो अःसी स्टोरी का वीक मई 1 बी अपडेट देता हो.. और मैं तो वीक मैं 2 उपदटेस देता हों. वो बे वेड के मुताबिक..

और दूसरी बात के मैं जॉब करता हों और मंथ के स्टार्ट मैं मेरा वर्क ज़ादा होता है. जिस वजा से मुझे टाइम काम मिलता हैं.

पीर बे मई कह रहा के काल अपडेट दे डॉन गए....

लेकिन आप तो बेटी सुनाने लगे पारी मुझे...
 
Episode 28

प्रेपरिंग फॉर केविन लुक

बचे की रोने की आवाज़ झोपड़ी के अंदर से सुनाई दी.

उग्रक की आँखें खौफ से फैल गयीं, उसने अपनी बची हुई ताक़त जमा करके उठने की कोशिश की और झोपड़ी की तरफ बढ़ने लगा.

सिकंदर ने भवन तन कर देखा, लेकिन उसने उग्रक को धीमी चाल से अपनी झोपड़ी की तरफ वापस जाने दिया.

मगर सिकंदर खुद भी पीछे चल पड़ा.

“क्या यह बचा है? उसका बचा? क्या यह एक बेबी सिक्लोप है…?” उसके ज़ेहन में सवाल गूँज उठा.

जितना वह झोपड़ी के करीब होते गए, बचे की चीखों की आवाज़ उतनी तेज़ होती गयी.

उग्रक ने झोपड़ी का दरवाज़ा खोला.

अंदर पूरा फर्श जानवरों की खेलों से ढाका हुआ था, दीवारों पर शिकार के बड़े बड़े दन्त और सिंह लटक रहे थे. बीच में एक बिस्तर पड़ा था जहाँ एक छोटी सी मख्लूक़ अपने हाथ पौन हिला कर ज़ोर ज़ोर से रो रही थी.

उग्रक की आँखें चमक उठी. वह धीरे धीरे उस मख्लूक़ के पास गया और मोहब्बत भरी नज़र से उसे देखा.

उसने बचे के सर पर नरमी से हाथ फिरा. वह खून का प्यासा जंगजू जो थोड़ी दिएर पहले सिकंदर के सामने खरा था, अब एक शफ़क़त भरा बाप नज़र आ रहा था.

उग्रक का डायन बाज़ू जला हुआ था और खून बह रहा था. ज़ख़्म बोहोत भयानक था, मगर फिर भी वह दर्द का ज़िकर तक न कर रहा था, सिर्फ अपने बचे को अपने बाए हाथ से थाम कर सुकून दे रहा था.

सिकंदर ने घूर कर देखा…

वह बचा एक खालिस सिक्लोप नहीं था. साईक्लोप्स के आम तौर पर सिर्फ एक आँख होती है, उनकी जिल्द सुर्ख भूरी सी होती है, माथे से एक बड़ा सींग निकलता है और दांतों में दो मोटे नोकीदार फंगस होते हैं.

मगर यह बचा अलग था.

उसका रंग उग्रक जैसा था मगर उसकी दो आँखें थी. उसका जिस्म एक सिक्लोप के बरक्स छोटा और ज़्यादा इंसानो जैसा सीधा था.

सिकंदर की साँसें एक दम रुक गयीं, उसकी शकल पर हैरान ो परेशां होने का असर था.

"HALF-HUMAN?!" वह चीख उठा.

उग्रक ने सिर्फ एक नज़र डाली और धीमे लहजे में कहा:

“जी… उसकी माँ इंसान है.”

यह सुनते hi सिकंदर का चेहरा सख्त हो गया. उसकी आँखों में नफरत चमक उठी, और अंदर से क़हर उबाल आया.

उसने उग्रक का गाला पकड़ कर उसे हवा में उठाया:

“तुमने एक इंसान औरत को मजबूर किया था अपना बचा पैदा करने के लिए?!” वह गुस्से से दहाड़ा.

उग्रक की साँसें रुक गयीं, उसने खुद को छुड़ाने की कोशिश की मगर उसका जिस्म कमज़ोर था.

“उग्रक… ने… कभी ज़बरदस्ती नहीं की! आँख… यह उग्रक का इरादा कभी नहीं था!”

सिकंदर ने घूर कर उसके चेहरे का जायज़ा लिया. कोई झूट का निशाँ न मिला. फिर भी उसके लिए यक़ीन करना मुश्किल था — इंसान तो सुपरनतुरलस से नफरत करते हैं, फिर यह कैसे मुमकिन था?

थोड़ी दिएर सोचने के बाद, सिकंदर ने उसे छोड़ दिया.

उग्रक ज़ोर ज़ोर से सांस लेते हुए अपना गाला मलने लगा, “तुम मुझे क्यों जज करते हो? तुम भी तो एक सुपरनैचरल हो… बिलकुल उग्रक की तरह.”

यह सुनकर सिकंदर की भवन तन गयीं.

‘यह सिर्फ मेरी वेयरवोल्फ शकल जानता है… इसे यह नहीं पता के मैं असल में पहले इंसान था…’

सिकंदर ने धीमी आवाज़ में कहा:

“मानो या न मानो, मगर मैं असल में इंसान था… उस वक़्त से पहले जब मुझे इस शकल में बदला गया.”

उग्रक का चेहरा शक में पद गया. “ना मुमकिन!” वह गुर्राया. लेकिन फिर उसे आधार का अजीब सा रूप याद आया जो इंसान और सुपरनैचरल के दरमियान था.

सिकंदर ने बात का रुख बदलते हुए पूछा:

“तुम इंसानों के इलाक़े के बीच यहाँ क्यों हो? तुम चाहो तो लड़ाई में रोसिए को निशाना बना सकते थे, मगर तुमने ऐसा नहीं किया… मुझे यह अजीब लगा.”

उग्रक ने बचे को उठा कर प्यार से अपने से लगाया. “हमारी क़ौम को जंग का शौक़ है, हमे बर्सर्केर्स कहते हैं. मगर हमारी बर्बादी के बाद जो साईक्लोप्स बच गए, उन्होंने लरना छोड़ दिया. इसलिए मैं यहाँ भाग आया… इस जगा पहले हमारे असल ने एक पनाहगाह बनायीं थी, आने वाली जंग से बचने के लिए.”

सिकंदर के ज़ेहन में ख्याल उबरा:

‘क्या यह उसी जंग की बात कर रहा है जो अभी चल रही है?’

उग्रक की आवाज़ भरी हुई थी:

“उग्रक का इरादा है के यहाँ चैन से ज़िन्दगी गुज़र दूँ… शिकार करके जंगल में गुज़ारा कर लून. मैं किसी से लरना नहीं चाहता. मुझे सिर्फ यह खौफ है के इंसान या सुपरनतुरलस मेरे बचे को मार न डालें.”

सिकंदर सोच में पद गया.

‘मेरी ज़मीर को यह मंज़ूर नहीं के मैं किसी ऐसे को मार दूँ जो लड़ना hi नहीं चाहता. जब तक यह इंसानों को नुकसान नहीं पोहचाता, मैं इसे छोड़ देता हूँ.’

सिकंदर ने करक आवाज़ में कहा:

“ठीक है, मैं तुम्हे छोड़ देता हूँ. मगर अगर तुमने इंसानों को नुक्सान पोह्चय, तो मैं तुम्हारा शिकार करूँगा!”

उग्रक ने सर झुका कर हामी भरी.

सिकंदर ने ज़ेहन में सिस्टम से पूछा:

‘सिस्टम, यह जगह क्लस्टर डोमेन है जो तुम कह रहे थे?’

<यस>

‘उग्रक कह रहा है के यह उसका है. मतलब?’

<फिलहाल यह क्लस्टर डोमेन उसका है. अगर तुम एनर्जी क्रिस्टल ढून्ढ लो तो यह तुम्हारा हो जायेगा.>

सिकंदर ने खरा हो कर उग्रक से कहा:

“मैं यह जगह अपनी करना चाहता हूँ. एनर्जी क्रिस्टल कहाँ है?”

उग्रक ने कुछ दिएर चुप रह कर कहा:

“पहले वडा करो के अगर मैं और मेरा बचा इंसानों को तंग न करें तो तुम हमें ज़िंदा रहने डोज.”

सिकंदर ने सर हिला कर वडा किया.

मगर उग्रक अब भी नहीं माना:

“वडा काफी नहीं… अपनी ओरिजिन की क़सम खाओ!”

सिकंदर पहले हैरान हुआ, लेकिन फिर अपनी सच्चाई साबित करने के लिए उसने कहा:

“मैं अपनी ओरिजिन की क़सम खता हूँ… मैं कभी उग्रक और उसके बचे को नहीं मारूंगा अगर उन्होंने इंसानों को खतरा नहीं दिया.”

ये क़सम सुपरनतुरलस के लिए सबसे पाक और ऊँची क़सम थी. जो भी इसे तोड़ता, उसके अपने ओरिजिन उसका क़त्ल करते.

क़सम कहते hi सिकंदर ने महसूस किया के उसका जिस्म एक इनविजिबल ज़ंजीर से बांध गया है.

<सिस्टम नोटिफिकेशन>

<ओरिजिन ने यूजर को बाँध लिया है. अगर यह क़सम तोड़ी गयी तो यूजर फ़ौरन हलाक हो जायेगा.>

<ओरिजिन प्रॉमिस सफलतापूर्वक बंधा गया.>

<सक्सेस!>

सिकंदर कश्मकश भरी मुस्कान के साथ बोलै,

"यह तो सच्ची जीत नहीं अगर सिस्टम इसे मिटा दे, खैर..."

उग्रक ने फिर सिकंदर को एनर्जी क्रिस्टल के बारे में बताया जो इस डायमेंशन को ज़िंदा रखता है. उसने कहा के यह क्रिस्टल सुबह इस झोंपड़ी के अंदर नुमायां होगा.

इतने में बहार से भागने की आवाज़ें आने लगी और झोंपड़ी का पर्दा ज़ोर से खुल गया.

रोसिए दौड़ती हुई अंदर आयी और चीख कर बोली,

"सिकंदर! आधार दोबारा पागल हो गयी है!"

सिकंदर फ़ौरन बहार निकला और देखा के आधार दीवानो की तरह चरों तरफ तबाही मचा रही थी, जैसे कोई भूत उस पर सवार हो.

सिकंदर ने घबराहट में सिस्टम से पुछा:

"सिस्टम, आधार को शांत कैसे करूँ?"

सिस्टम का जवाब सामने आया:

<उसे अपनी और से ओवरव्हेलम करो, उसकी गर्दन पर जो ब्रांड है वह एक्टिवटे होगा और उसे शांत कर देगा.>

यह देख कर सिकंदर फ़ौरन आधार के करीब गया और अपनी साडी और ज़बरदस्ती छोड़ दी.

आधार, जो पागल सी idhar-udhar फिर रही थी, एक दम रुक गयी. उसका सर झटके से सिकंदर की तरफ मुद गया — उसने सिकंदर की और को पहचान लिया.

उसकी गर्दन पर बना हुआ ब्रांड भी जलने लगा, और यह आग उसके अंदर की शिद्दत को तोड़ती गयी.

आधार की आँखों की दीवानगी धुंधली पड़ती गयी, वह ज़मीन पर गिरती हुई दर्द भरी सांस निकलती है और कमज़ोर सी आवाज़ में सरगोशी करती है,

"सिकंदर..."

सिकंदर की आँखें चमक उठी, उसने ज़ोर से पुकारा:

"आधार! अपने होश सम्भालो, अपने रूप को कण्ट्रोल करो! काम आज काम इस जगह को बर्बाद मत करो!"

आधार लरज़ती हुई क्रॉल करके एक साये के नीचे जा बैठी.

सिकंदर ने रोसिए से कहा:

"तुम आधार का ख्याल रखो, मुझे एक ज़रूरी काम करना है."

रोसिए ने सर हिला कर तस्दीक़ की और आधार के पास रुक गयी.

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रिचुअल का आग़ाज़

सिकंदर एक खाली मैदान में आया. उसके ज़ेहन में लीन थे कपड़े ब्रीथिंग तकनीक के नक़्श उधारय हुए थे.

"सबसे पहला क़दम... मुझे एक रिचुअल फार्मेशन बनाना होगा," उसने सोचा.

उसने अपनी ऊँगली काट कर ज़मीन पर खून से तीन रुनेस बनाये — गॉड, गिफ्ट और वेल्थ.

गॉड मतलब ताक़त का असल मांबा.

गिफ्ट मतलब वह in’aam जो खुदा से मिल कर इंसान को नया रूप देते हैं.

वेल्थ मतलब वह निहायत बड़ी क़ुव्वत जो इंसान के अंदर भर जाती है.

तीन रुनेस मिल कर एक ट्रायंगल बना लेते हैं.

अचानक ज़मीन से एक स्टेचू उभर आता है.

वह स्टेचू एक अजीब दिखने वाला darakht-jaisa मख्लूक़ था — लेकिन ट्री जायंट से मुख्तलिफ. उसका जिस्म पहलवानों जैसा मज़बूत, लम्बी बाज़ू, और हाथों में सिगरेट थी. दोनों हाथों को आगे कर के, वह बैठे हुए था.

सिकंदर ट्रायंगल के बीच में, स्टेचू के हाथों के नीचे जा बैठा और ध्यान में मेदितत्वे हालत इख़्तियार कर ली.

स्टेचू की आँखें लाल चमक उठी. ऋणों से तीन लाल गोले उभर कर हवा में तैर गए, और एक pur-ronaqq ट्रायंगल बना दिया जिसमें सिकंदर मरकज़ था.

रोसिए दूर से देख कर सोचती है,

"यह क्या कर रहा है? इसे यह सब कुछ कैसे मालूम है?"

सिकंदर को महसूस हुआ के डार्क मूनलाइट एनर्जी हर तरफ से खींच कर उसके पास आ रही है.

उसने pur-josh आवाज़ में कहा:

"अब्सॉर्ब!"

व्हूँष्ठ!!

ोर्ब्स एक मैगनेट बन गए और चरों तरफ की डार्क मूनलाइट एनर्जी को खींचने लगे.

स्टेचू ने तमाम डार्क एनर्जी को अंदर खींच कर अपनी आँखों को और ज़्यादा स्याह चमक से रोशन कर दिया.

और फिर —

बूम!!

स्टेचू के हाथ हिलाय और तमाम डार्क मूनलाइट एनर्जी एक धमाके के साथ सिकंदर के जिस्म में दाखिल कर दी.

सिकंदर दर्द से दहाड़ मार कर चीखा,

"रोअरर!!"

उसका जिस्म उलझ कर फटने को था, जैसे हज़ारों नफरत भरी तलवारें उसके अंदर घुस गयी हो.

वह झटके से अपनी सांस ठीक करने लगा. ब्रीथिंग तकनीक उसे कर के उसने उस डार्क एनर्जी को अपने जिस्म में हैं करना शुरू कर दिया.

एनर्जी उसके जिस्म को जला रही थी, लेकिन साथ hi एक चिंगारी सी आग भी स्टेचू से निकल कर उसके अंदर गयी जो उसके जिस्म को संभल रही थी.

दर्द के बावजूद वह अपने दांत भींच कर सब्र करता रहा.

अचानक नोटिफिकेशन्स सामने चमक उठी:

<अब्सॉर्बिंग डार्क मूनलाइट एनर्जी...>

<ओब्टाइनेड 40,000 ऍक्स्प...>

<90,000 ऍक्स्प...>

<लेवल उप!>

<लेवल उप!>

सिकंदर के अंदर क़ुव्वत बढ़ रही थी. उसके स्टैट्स बदल रहे थे, लेकिन रिचुअल अभी ख़तम नहीं हुआ था.

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इस दरमियान – जरोलिस सिटी

जरवाल्ड ने चमकती हुई आँखों के साथ कहा,

"बस कुछ घंटे और... और सिल्वर मुन्करेस खिल उठेगा. मैं रैंक

आठ पावर हासिल कर लूँगा!"

मगर उसका चैन तब टूट गया जब एक वेयरवोल्फ ने चीख कर कहा,

"जरवाल्ड! शहज़ादी आ गयी है!"

जरवाल्ड ने जलन से क्लिक किया,

"टच!!" और सिल्वर मुन्करेस छोड़ कर चल दिया.

उसे पता नहीं था के बर्तोल्फ़ दूर से तमाम मंज़र देख रहा था.

बर्तोल्फ़ की सोच में उलझन थी:

"क्या मैं अभी सिल्वर मुन्करेस छीन लून? लेकिन यह अभी फुल्ली ब्लूम नहीं हुई... अगर इंतज़ार करून तो ज़्यादा असर होगा... लेकिन वक़्त भी सही है..."

अचानक हवा हिलने लगी.

बर्तोल्फ़ ने महसूस किया,

"यह क्या? डार्क मूनलाइट एनर्जी काम क्यों हो रही है?!"

उसने दूर से देखा के कोई इंसान इतनी बरी मिक़्दार में एनर्जी अपनी तरफ खींच रहा है के सिल्वर मुन्करेस भी उसका असर महसूस कर रही है.

वह हिरन रह गया:

"कौन है यह... जो इतनी ताक़त को निगल रहा है?!"

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"रआर्गह!!"

सिकंदर दर्द से दहरा, रिचुअल अभी भी जारी था और डार्क मूनलाइट एनर्जी उसके जिस्म में ऐसे भर रही थी जैसे कोई शिद्दत से बहने वाला दरिया.

उसके जिस्म के पोर्स ज़बरदस्ती खुल गए थे, लाल सुर्ख चमक उसकी त्वचा पर नज़र आने लगी. सिकंदर ने समझा था के वो तैयारी के बग़ैर भी इस रिचुअल को बर्दाश्त कर लेगा, लेकिन वो ग़लत था.

सिर्फ पांच मिनट गुज़रे थे, और उसका ज़हन बेहोश होने के क़रीब था. डार्क मूनलाइट एनर्जी उसके हर हिस्सा में जारी थी, जैसे तूफानी वोर्टेक्स उसे निगलने की कोशिश कर रहा हो.

रोसिए जो एक तरफ कड़ी थी, उसकी आँखों में शिद्दत का खौफ था. उसने देखा के सिकंदर के अंदर से चीख निकल रही है, लेकिन एनर्जी रुकने का नाम नहीं ले रही.

एनर्जी का तक़ाज़ा इतना ज़्यादा था के सिकंदर का ज़हन दर्द में घिरा गया. वो अब ब्रीथिंग तकनीक पर तवज्जु नहीं दे प् रहा था. उसके होश उड़ने वाले थे.

"मैं बेहोश नहीं हो सकता... वर्ण मर जाऊंगा!!" सिकंदर ने अपने अंदर ज़ोर से सोचा, और अपनी आखरी ताक़त जमा करने लगा.

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<वार्निंग!!>

<वार्निंग!!>

<एनर्जी ज़्यादा है! यूजर की बॉडी बर्दाश्त नहीं कर प् रही! रिचुअल को फ़ौरन रोको!>

सिस्टम की नोटिफिकेशन्स बार बार उसके ज़हन में गूंज रही थी, लेकिन सिकंदर का जिस्म हिला भी नहीं सकता था. नज़र धुंधली हो गयी, होश धुंधलाने लगा.

रोसिए घबरा गयी. उसने फ़ौरन एक विंड ब्लेड बनायीं और एक ओर्ब पर वार कर दिया.

स्लैश!!

ओर्ब दो हिस्सों में काट गया, लेकिन रिचुअल रुक्का नहीं. रोसिए ने दांतों को भींचा और बाक़ी दो ोर्ब्स पर भी वार कर दिया.

स्लैश! स्लैश!

तीसरे ओर्ब के toot-te hi सक्शन फाॅर्स ख़तम हो गयी, और सटटूएस ज़मीन पर गिर के राख हो गयी.

रोसिए फ़ौरन भागती हुई सिकंदर के पास गयी और उसे गिरने से पहले hi पकड़ लिया. उसके जिस्म से धुआं उठ रहा था, लेकिन रोसिए ने अपने हाथ जला देने के बावजूद उसे कास के थाम लिया.

वो उसके सर को अपनी गॉड में रखती हुई पूरी बेचैनी से चीखी:

"सिकंदर! सिकंदर! जवाब दो! हे!!"

उसने सिकंदर का चेहरा ज़ोर से तपाया, मगर उसकी आँखें सिर्फ धुंधली नज़र देखती रही. रोसिए का वरीड चेहरा और उसकी आवाज़ गूंजती रही, और फिर सिकंदर कमज़ोर हो कर be-hosh हो गया.

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राटमवटी सिटी, ुवो का मैं ब्रांच

सेब्रॉफ अपने कमरे में रिपोर्ट्स का ढेर देख कर खफा था. पेपर्स का एक पहाड़ उसके डेस्क पर पड़ा था और उसकी शकल से गुस्सा बरसता था.

तभी उसका सेक्रेटरी जैसा एक आदमी अंदर आया, झुक कर बोलै:

"प्रेजिडेंट सेब्रॉफ, गुइल्ड्स कल जरोलिस सिटी में रैली करेंगे. स्काउट्स ने कन्फर्म किया है के ब्रूटल ग्रे अभी भी वहां है. और अभी तक और कोई ख़ास रिपोर्ट नहीं आयी."

सेब्रॉफ ने सर हिला कर कहा:

"ठीक है, मुझे जरोलिस सिटी का डिटेल्ड रिपोर्ट चाहिए. उन्हें कहो के लूटेड ेलेमेंटल स्टोन्स को भी ढूंढें. High-Grade ेलेमेंटल स्टोन किसी सूरत में गम नहीं होना चाहिए."

सेक्रेटरी झुका और बोलै:

"जी सर, मैं फ़ौरन कह दूंगा."

वह निकलने लगा, फिर एकदम रुक कर बोलै:

"और सर… एक और खबर है. जरोलिस के ेवाकाटेड रेसिडेंट्स गुइल्ड्स के खिलाफ दंगा कर रहे हैं. कहते हैं के जितना टैक्स दिया, उतना उनको फायदा नहीं मिला. ावकेनेड लोग तो आये नहीं, बल्कि जो पहले मदद को आये वो एक ग्रुप था जिसे वह 'ब्लैक हैंड' कह रहे हैं. अब लोग टैक्सेज देने से इंकार कर रहे हैं."

"क्या?! ब्लैक हैंड?!" सेब्रॉफ ने टेबल पर ज़ोर से हाथ मारा.

"वह कैसे लोग हैं?"

सेक्रेटरी ने गर्दन झुका कर कहा:

"रेसिडेंट्स कह रहे हैं के वो Un-Awakened हैं, लेकिन उनकी ताक़त ावकेनेड के बराबर है. और… उनके पास एक…"

सेब्रॉफ ने खुद hi पूरी बात की:

"…काला क्रो टैटू."

सेक्रेटरी ने सर हिला कर तस्दीक़ की.

सेब्रॉफ का चेहरा लाल हो गया, उसने टेबल पर ज़ोर से हाथ मारा:

बेम!!

"यह सब गुइल्ड्स की कोऑपरेशन की कमी से हुआ है!! अब लोग ब्लैक हैंड पर भरोसा करेंगे, गुइल्ड्स की जगह!!"

उसने सेक्रेटरी को घर कर देखा और गरजते हुए बोलै:

"गुइल्ड्स को कहना, अगर किसी शहर पर हमला हो तो वह 6 घंटे के अंदर वहां पोहोंचे!! वर्ण मैं खुद उन्हें नीचे आकर सबक सिखाऊंगा!"

सेक्रेटरी ने सर हिला कर जल्दबाज़ी में कमरा छोड़ दिया.

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जरोलिस सिटी

जरवाल्ड धीरे धीरे एक औरत की तरफ चल रहा था जो काली ड्रेस में थी. उसके आस पास चार खौफनाक क्रीचर्स खड़े थे जो उसके हिफ़ाज़ती गार्ड लग रहे थे. उनका और डरावना था, मगर जरवाल्ड के चेहरे पर कोई असर न था.

चार मख़लूक़ें सामने खरी थीं – उनकी जिल्द के रंग मुख्तलिफ थे: लाल, नीला, सब्ज़ और भूरा.

लाल जिल्द वाली मख्लूक़ के माथे से एक T-shape का शोले दार हॉर्न निकला हुआ था, उसके जिस्म से काली धुआं उठ रही थी जो उसे बिलकुल हेलल का पैग़म्बर बना रही थी.

नीली जिल्द वाली मख्लूक़ सबसे अजीब थी – उसका जिस्म गण्डीला और चिपचिपा था, रीढ़ की हड्डी से फिन्स निकल रही थीं और हाथ बिलकुल मछली जैसे थे, पानी में तैरने के लिए बने हुए.

भूरी जिल्द वाली मख्लूक़ पूरी तरह लकड़ी की बानी थी, उसने कांटे दार आरमोर पहना हुआ था, और सर की जगह सिर्फ जड़ों का झंडा उग रहा था.

सब्ज़ जिल्द वाली मख्लूक़ के चार हाथ थे, उसके जिस्म को घाना हरा फर धक् रहा था, और पीठ पर एक मोती फर की लेयर थी जो बिलकुल केप लग रही थी.

यह चारों अलग थे, मगर एक चीज़ सब में शामे थी – सब के माथे पर चार सियाह नुक्ते चमक रहे थे.

इन्हें देख कर फ़ौरन समझ आता था के यह हालतीजा हैं – यानि के तबियत का जिस्म बना रूप.

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"वेल के शहज़ादी कालिडोरा, गन्दा माहौल बर्दाश्त करना होगा," जरवाल्ड ने आदाब से कहा, मगर उसके चेहरे पर be-adabi नुमायां थी.

शहज़ादी कालिडोरा ने तंग आयी हुई आवाज़ में कहा,

"चोरः दो यह नकली इज़्ज़त, जरवाल्ड. बस मुझे यहाँ घूमा दो."

जरवाल्ड के होंठों पर हलकी सी मुस्कान आयी.

"जैसा हुक्म शहज़ादी... लेकिन मैं मसरूफ हूँ. तुम्हारी छोटी सी सैर में तुम्हारा साथ विवियन देगी," कह कर वो फख्र से सीधा हो गया और चल दिया.

शहज़ादी कालिडोरा ने नफरत से मुंह फेर लिया और फिर विवियन के साथ हालतीजा उसके पीछे चल दिए.

---

जरोलिस सिटी तबाह हो चुकी थी. घर बिखरे परे थे, चीज़ें इधर उधर थी, लेकिन जहाँ के मकान शहज़ादी कालिडोरा की निगाह को खींच रहे थे.

वो एक घर के अंदर दाखिल हुई –

अंदर एक फ़ारिग़ और अरंडा स्टाइल का लिविंग रूम था, जिसमें टीवी, रेडियो और फर्नीचर सजा था.

"यह क्या है? क्या यह खज़ाना है?" शहज़ादी कालिडोरा ने टीवी की तरफ इशारा करते हुए हैरत से पूछा. उसकी आँखों में चमक थी, वो इधर उधर स्तररी आँखों से देख रही थी.

विवियन ने ठंडी सांस भरते हुए कहा,

"यह सिर्फ तफरीह का सामान है, इस में चलती तस्वीरें देखि जा सकती हैं."

कालिडोरा की दिलचस्पी बढ़ गयी. उसने रैंडम बटन्स दबाये,

टिंग!

टीवी ों हो गया – मगर सिर्फ सियाह ो सफ़ेद खर खर जैसा स्थैतिक दिखने लगा.

शहज़ादी उदास हो गयी,

"शायद यह चीज़ सिर्फ इंसान hi चला सकते हैं."

फिर वो ऊपर बैडरूम की तरफ गयी. बीएड पर बैठ कर हैरान हुई:

"यह कितना नरम है... इंसान इसे मैडिटेशन के लिए इस्तेमाल करते हैं?"

विवियन ने सीढ़ी सी बात की,

"नहीं, यह सोने के लिए होता है."

"स्लीपिंग? मुझे यह चाहिए!" कालिडोरा ने ख़ुशी से कहा.

हालतीजा ने फ़ौरन बीएड उठा लिया, दीवार तोड़ कर नीचे ले गए और बाहर रख दिया.

---

आखरी में कालिडोरा ने बाथरूम देखा, और वहां शीशा मिला. उसने पहली मर्तबा अपना आइना देखा.

सामने एक be-had खूबसूरत औरत थी – सियाह लिबास में, जिसका सामने का डिज़ाइन V-shape था जो हलकी सी sharm-indagi के साथ उसकी हुस्न को नुमायां कर रहा था. शफाफ बैंगनी आँखें, निकले हुए फंगस, हसीं नक़्श और manind-e-shahkar चेहरा.

शहज़ादी ने कांपते हाथों से आईने को छुआ, जैसे वो अपनी खुद की सूरत पर यक़ीन न कर प् रही हो.

लेकिन इसी दौरान, लाल जिल्द वाला हालतीजा इज़्ज़त से बोलै:

"शहज़ादी, हमें जल्दी करनी होगी. वक़्त ज़्यादा नहीं है."

कालिडोरा ने होंठ काट कर कहा,

"यह चीज़ भी ले लो. मुझे यह चाहिए."

---

अगला दिन

सिकंदर ने आँखें खोली. उसका दिमाग़ भरी हुआ था, और आँखों के सामने उग्रक का झोंपड़ा था.

वो मुश्किल से उठ कर बैठा, पास देखा तो छोटी सी साईक्लोप्स का बचा मासूमियत से सो रहा था. आधार और रोसिए गायब थे, झोंपड़ा खामोश था.

सिकंदर ने अपने हाथों को देखा – सब ठीक हो गया था.

‘डार्क मून ख़तम हो गया? क्या मैं अगली ेवोलुशन पर आ गया हूँ?’

उसने अपना स्टैट्स तब खोला:

सिकंदर सिल्वेर्स्टर

पैक: सिल्वेर्स्टर (1/2)

लेवल: 20 (42,000/650,000)

रेस: हाई वेयरवोल्फ

Full-Moon: 26 दिन - यूल मून

बर्सर्क: 40%

सनीति: 78%

मेन्टल: 40 (+2)

स्ट्रेंथ: 70 (+5)

अगिलिटी: 35 (+1)

ेंदुराने: 35 (+4)

इंटेलिजेंस: 15

ात्त्रिभुताब्ले स्टैट्स: 15

सिकंदर ने चैन की सांस ली.

‘रोसिए की वजह से मैं ज़िंदा बचा. अगर वो एक मिनट भी लेट होती तो डार्क मूनलाइट एनर्जी ने मुझे मार डालना था.’

उसे याद आया के उसने अब फायर रेजिस्टेंस स्किल भी हासिल कर ली है.

<फायर रेजिस्टेंस – लौ>

यूजर को काप्रेस की ब्लेसिंग मिली है, अब आग से मुतालिक स्किल्स और जादू के खिलाफ 10% तक हिफाज़त मिलेगी.

सिकंदर ने मुस्कुराते हुए सोचा,

"यह केविन के खिलाफ काम आएगी."

---

वो झोंपड़ा से बाहर निकला और देखा के सब लोग आग के गिर्द गोश्त सीख रहे थे.

आधार एक ब्लैंकेट में लिपटी हुई थी, उसके कपड़े तबाह हो गए थे. रोसिए और उग्रक हंस हंस कर बातें कर रहे थे, हालां के उग्रक की बातें अजीब सी थीं.

रोसिए ने पुछा:

"उग्रक, तुम अपने क़स्बे में मज़े के लिए क्या करते थे?"

उग्रक ने ज़ोर से हंसी मरी:

"उग्रक मज़े के लिए अपने फादर को जानवरों की खोपड़ी तोड़ते देखते थे. सबसे ज़्यादा मज़ेदार तब होता जब वो क़ाबिले के लीडर को हरा देते!"

रोसिए ने ज़रा सी मुस्कान बनायीं:

"यह... ठीक है..."

आधार ने सिकंदर को देख कर फ़ौरन मुंह फेर लिया.

सिकंदर उनके पास बेथ गया:

"तोह बताओ, मैं कितनी दिएर be-hosh रहा?"

रोसिए बोली:

"ज़्यादा नहीं, आधा दिन बस."

सिकंदर ने सर हिलाया, फिर आधार की तरफ देखा:

"तोह कैसा लगता है? अब फुल मून से डरते हो?" उसने शोखियाँ करते हुए पुछा.

आधार के गलो पर लाली आ गयी,

"दर्द हुआ... लेकिन मुझे फिर से महसूस करना है."

सिकंदर की आँखें पहात गयीं:

"व्हाट थे हेलल! तुम पागल औरत हो!"

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दूसरा शख्स सिकंदर की चीख सुन कर उछाल गया.

रोसिए ने घूर कर सिकंदर की तरफ देखा और तंज़ से बोली,

“तुम ऐसे क्यों चीख रहे हो जैसे कोई लड़की हो?”

सिकंदर ने शर्मिंदगी से अपना सर खुजाया और फैसला किया के आधार की बात अभी न बताये.

“कुछ नहीं… बस एक शर्मनाक वाक़िया याद आ गया था.”

रोसिए ने हान्स कर हंसी उड़ाई और फिर आराम से खाना खाने लगी.

सिकंदर दिल hi दिल में सोचा,

“आधार की शख्सियत हमेशा मुझे हैरान करती है…”

फिर उसकी नज़र उग्रक पर पड़ी जो चुपके चुपके उसे देख रहा था.

“हाँ… ये पहली दफा मेरा इंसानी रूप देख रहा है. शायद उसे हैरानी नहीं हुई क्यूंकि उसने आधार को भी ट्रांसफॉर्म होते देखा है.”

कुछ देर बाद जब सब खा रहे थे, अचानक से झोपड़ी के अंदर से एक रोशन चमक निकलने लगी.

सिकंदर ने उजाला महसूस करते hi उग्रक की तरफ देखा,

“ये वही है न?”

उग्रक ने गहरी सांस लेकर सर हिला दिया.

उसके दिल में दर्द था – क्यूंकि ये जगह उसके बुज़ुर्गों ने उसके लिए बनायीं थी – लेकिन अब उसे सिकंदर को देना hi बेहतरीन फैसला था.

वर्ण, अगर वो मन कर देता, सिकंदर उसे मार कर पूरे साईक्लोप्स क़ौम को मिटा सकता था.

मगर उग्रक ये नहीं जानता था के सिकंदर अपने इंसानी रूप में उसके बराबर भी नहीं था.

सिकंदर झोपड़ी की तरफ वापस गया, आधार भी दिलचस्पी से उसके पीछे चल पड़ी.

अंदर जा कर दोनों की आँखें चुंधिया गयीं – लाल रौशनी हर कोने में फैल गयी थी.

फिर धीरे धीरे एक एनर्जी क्रिस्टल झोपड़ी के दरमियान उभर आया, जो हवा में तैर रहा था और लाल रौशनी चरों तरफ बिखेर रहा था.

सिकंदर ने क्रिस्टल की तरफ देखते हुए सोचा,

“तोह एहि वजह थी के उग्रक इतना ताक़तवर बना… ये क्रिस्टल वक़्त के साथ इंसान के जिस्मानी क़ुव्वत को बढ़ाता है.”

उसने सिस्टम से कहा:

‘सिस्टम, क्या तुम अब ओनरशिप मुझे ट्रांसफर कर सकते हो?’

<सिस्टम नोटिफिकेशन: स्कैनिंग एनर्जी क्रिस्टल…>

<फिजिकल कांटेक्ट ज़रूरी है>

सिकंदर ने भौंहें चढ़ाकर सोचा,

“तोह सिस्टम चाहता है के मैं इसे हाथ लगाऊं?”

उसने अपना हाथ बढ़ाया और क्रिस्टल को छुआ.

तुरंत क्रिस्टल और ज़्यादा चमक उठा, इतना के उसे अपनी आँखों को ढकना पड़ा.

<स्कैनिंग…>

सिकंदर ने ज़ोर से क्रिस्टल को थाम लिया. उसे महसूस हुआ के क्रिस्टल उसके साथ एडजस्ट हो रहा है, जैसे दोनों की रूहों में रब्त बन रहा हो.

<स्कैनिंग कम्पलीट>

<ओनरशिप ट्रांसफर िनिटिटेड>

लाल क्रिस्टल ने रंग बदल कर नीला होना शुरू कर दिया. बिजली की चमक उसके गिर्द घूमने लगी.

अचानक, एक तेज़ ब्लिट्ज के साथ क्रिस्टल हवा में घूमने लगा और फिर…

ब्लिट्ज!!

क्रिस्टल ने सीधा सिकंदर के दाहिने हाथ की hathiéli पर बिजली का वार किया.

उसने देखा के उसके हाथ पर एक चाँद का निशाँ बना है जिसके पीछे एक बिजली की काररक थी.

<सिस्टम नोटिफिकेशन: सक्सेस!>

<यूजर ग्रांटेड अब्सोलुटे अथॉरिटी ओवर थे क्लस्टर डोमेन…>

झोपड़ी में घूमती हुई लाइटनिंग मन हर जगह फैल गयी. कोई नहीं जानता था के उसका एक चिंगारी टुकड़ा जा कर सोये हुए साईक्लोप्स के बच्चे में दाखिल हो गया.

एक लम्हा के लिए बचा झटका खाकर हिलता है, मगर फिर शांत हो कर दोबारा सो जाता है.

सिकंदर और रोसिए दोनों ने हैरत से हाथ की तरफ देखा.

बिजली का दरया अब झोपड़ी में बह रहा था.

सिकंदर दिल में सोचा,

“अगर मैं यहाँ लाइटनिंग मन इकठ्ठा करूँ तो मेरी ताक़त कई गुना बढ़ सकती है…”

ये सोच कर उसे एक और बात याद आयी. उसने सिस्टम इन्वेंटरी खोली और उसमे से लौ ग्रेड मन चार्म एलिक्सिर निकाला जो उसे लाइटनिंग ेलेमेंटलिस्ट ban’ne के बाद मिला था.

सिकंदर ने रोसिए की तरफ देखा और संजीदा लहजे में बोलै:

“रोसिए, तुम बहार चली जाओ. ये मेरी केविन लुक के खिलाफ आखरी तैयारी होगी.”

रोसिए की आँखें नमी से भर गयीं. उसने सोचा,

“तोह ये सब उसने मेरे लिए किया…”

वह चुपचाप सर हिला कर हूत से निकल गयी.

रोसिए के जाते hi, सिकंदर ने अपने पास राखी साडी चीज़ें बहार निकाली –

स्टील ऑफ़ राक्षस, क्लॉ ऑफ़ डायमंड वुल्फ, और मन चार्म एलिक्सिर.

उसने पहले स्टील ऑफ़ राक्षस को उठाया – काला धत जो आम लोहे से बोहोत ज़्यादा मज़बूत थी.

उससे एक शैतानी औरो निकली जो सिकंदर के कानो में सरसराहट भर रही थी…

व्हिस्पर्स बार बार सिकंदर को रावण की पूजा की तरफ खींचने लगे, मगर उसने सर हिला दिया और फ़ौरन डिस्क्रिप्शन पढ़ने लगा.

उसकी विलपॉवर इतनी मज़बूत थी के ऐसे छोटे मोटे व्हिस्पर्स उसे तोड़ नहीं सकते थे.

<स्टील ऑफ़ राक्षस>

राक्षस एक मेल डेमों है जो अपनी दीवानगी और पागलपन की वजह से मशहूर है. लड़ाई मई वो बेपनाह शिद्दत से खेलता है, लेकिन उसकी आरमोर उसको और भी खतरनाक बनती है. ये आरमोर छेदरहित से बानी होती है — एक ऐसी चीज़ जो डेमोनिक ताक़त मई डूबी होती है और जिसे तोडना मुमकिन नहीं होता. स्टील ऑफ़ राक्षस को उसे करने से यूजर को 500 ऍक्स्प मिलती है.

ये पढ़ कर सिकंदर ने हल्का सा सर हिलाया,

“समझ आयी के ये व्हिस्पर्स इतने डरावने क्यों लग रहे थे. ये असल मई एक डेमोनिक आइटम है.”

सोच कर, उसने फ़ौरन स्टील ऑफ़ राक्षस अपने जिस्म मई फ्यूज कर लिया.

स्टील हवा मई उठ कर उसके जिस्म मई घुस गया, और फिर लिक्विड बन कर उसके पूरे जिस्म मई फैल गया.

<500 बॉडी ऍक्स्प हासिल हुई>

<लेवल उप!>

<लेवल उप!>

<ेंदुराने +6>

सिकंदर ने महसूस किया के उसका जिस्म अब और भी मज़बूत, स्मूथ और घाना हो गया है.

अब उसकी नज़र अगले आइटम पर गयी — क्लॉ ऑफ़ डायमंड वुल्फ.

ये एक लाल लाल रूबी रंग का था, जिसमें से चमकदार सफ़ेद रौशनी निकल रही थी, और इससे एक खौफनाक मोनस्ट्रोस और फूट रहा था.

देखते hi समझ आ गया के ये स्टील ऑफ़ राक्षस से ज़्यादा सुपीरियर मटेरियल है.

<क्लॉ ऑफ़ डायमंड वुल्फ>

डायमंड वुल्फ एक high-ranking मुतातेड़ बीस्ट है जो ज़मीन के अंदर रहता है. क्रिस्टल मन ने इसे मूतते कर के खुद एक क्रिस्टल जैसा बना दिया है. इसके क्लॉस ऐसे होते हैं के जो चीज़ टच करें उसे चीयर दें. डायमंड वुल्फ रैंक फोर से रैंक सिक्स तक के क़तल मशीन होते हैं. क्लॉ ऑफ़ डायमंड वुल्फ को उसे करने पर 1,500 ऍक्स्प मिलती है.

सिकंदर मुस्कुराया,

“ऍक्स्प भी स्टील के मुकाबले तीन गुना है… जैसे की एक्सपेक्टेड था.”

फिर उसने बिना दिएर किये क्लॉ को भी अब्सॉर्ब कर लिया.

क्लॉ उसके हाथों मई घुल गया, और उसने फ़ौरन महसूस किया के उसके हाथ अब और तेज़, और ज़्यादा शक्तिवार बन गए हैं.

<1,500 क्लॉ ऍक्स्प हासिल हुई>

<लेवल उप!>

<लेवल उप!>

<स्ट्रेंथ +6>

दोनों आइटम्स अब्सॉर्ब करने के बाद, सिकंदर ने सोचा के अब उसके पास 15 एट्रीब्यूटिवे स्टैट्स बचे हैं जो ाललोकते करने हैं.

लेकिन स्टैट्स ाललोकते करने से पहले उसने डीडे किया के पहले लाइटनिंग मन अब्सॉर्ब करे.

उसने मन चार्म एलिक्सिर खोला.

तुरंत hi एक खुशबु हूत मई फैल गयी. एलिक्सिर अंदर से गुलाबी रंग का था और इतनी ताक़तवर के आस पास की मन खुद उसकी तरफ खींचने लगी थी.

सिकंदर ने बोतल को नाक के पास ले जा कर गहरी सांस ली, फिर एक hi घोंट मई पी गया.

गल्प!

एलिक्सिर उसके गाला से नीचे गया तो हर जगह एक मीठा और सुहाना टास्ते छोड़ गया. उसके जिस्म मई एक झटका सा आया, और उसके अंदर एक नया जज़्बा भर गया.

अब उसका जिस्म के आस पास की मन के लिए एक मैगनेट बन गया था.

वो मेदितत्वे स्टेट मई बैठ गया — बेबी साईक्लोप्स के पास — और आँखें बंद कर के ध्यान मई डूब गया.

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बहार:

रोसिए भी मैडिटेशन मई थी — वो चाहती थी के जल्दी से जल्दी स्ट्रांग हो कर सिकंदर के लिए मददगार बन सके.

आधार अभी कल रात के वेयरवोल्फ ट्रांसफॉर्मेशन से थकी हुई थी, इस लिए वो सोती रही.

उग्रक बेकार बैठा था. वो उसुअल्ल्य अपने बचे के साथ खेलता था, लेकिन बेबी साईक्लोप्स चुप था, शायद सो रहा था.

सुपरनतुरलस वैसे भी अपने मन एफिनिटी के मैगनेट होते हैं, इस लिए वो इंसानो से जल्दी स्ट्रांग होते हैं. जहाँ इंसानो को रैंक 3 पोहॉंछने के लिए खून पसीना बहाना पड़ता है, वही एक high-ranking सुपरनैचरल अपने बचपन मई hi रैंक 3 हासिल कर लेता है.

उग्रक बोर हो गया और ेमहम फारेस्ट मई घूमने निकला — शिकार कर के अपना गुस्सा निकलने के लिए.

वो बिजली की तरह जंगल मई भाग रहा था. जल्दी hi उसने एक मुतातेड़ टाइगर देख लिया.

टाइगर ने अभी अभी शिकार किया था और अपना शिकार खाना शुरू hi किया था. मगर उसे पता नहीं था के अब वो खुद किसी और का शिकार बनने वाला है.

उग्रक ने क्लब टाइट पकड़ कर बुशेस से जम्प मारा.

बाम!!

ज़मीन पहात गयी, हिलने लगी.

टाइगर घबरा कर पीछे कूद गया. उसका रंग भूरा था, उसकी स्किन पत्थर जैसी मज़बूत थी, लेकिन मुँह स्नेक की तरह तेज़ था, जुबां भी सांप जैसी. उसकी पीली आँखें गुस्से से चमक रही थी.

टाइगर ने दहाड़ मारी और उग्रक पर झपटा. उसके दांत लम्बी हो कर मिटटी की रौशनी मई जगमगाने लगे.

उग्रक ने ज़ोर से क्लब घुमाया,

“एअर्थ शटर!!”

बेम!!

टाइगर हवा मई उड़ कर ढेर हो गया, दरख्तों को तोड़ता हुआ नीचे गिरा और दर्द से चीखने लगा. उसकी पसलियां टूट गयी थी.

उग्रक उसे मारने hi वाला था के अचानक उसने महसूस किया के कुछ फिगर्स उसकी तरफ आ रहे हैं.

“हुमंस?!” वो सोचता है और फ़ौरन क्लस्टर डोमेन की तरफ भाग जाता है.

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इसी वक़्त:

पास hi मई 5 इंसान एक बड़े मुतातेड़ स्कोर्पियन से लड़ाई कर रहे थे. स्कोर्पियन गाय जैसा बड़ा था. मुश्किल से वो लोग उसको रोक प् रहे थे के तभी एक ज़ोर का धमाका सुनाई दिया.

ज़मीन हिल गयी. स्कोर्पियन दरी हुई भाग गया.

बाल्ड लड़का बोलै: “ये आवाज़ क्या थी?! क्या ये कोई मुतातेड़ बीस्ट है?!”

एक लड़की जो काली यूनिफार्म मई थी और उसके सीने पर काले शेर का बैज था, उसने कहा:

“हो सकता है ये किसी high-ranking मुतातेड़ बीस्ट की फाइट हो रही हो. अगर हमें किस्मत मिली, तो हमें कोई इन्जुरेड बीस्ट मिल जाएगा और हम उसे आसान से मार कर अपना फायदा उठा सकते हैं!”

सब ने हाँ मई सर हिलाया और फ़ौरन उस आवाज़ की तरफ दौड़ गए.

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आज के लिए इत्नाह hi.. ी होप के ये episode बे आप को पसंद ाहये गह..

नेक्स्ट episode कह मैं नहीं कह सकता के कब अपडेट करों गह..

12 तक मैं काफी बिजी हों. पीर बे अगर टाइम मिला तोह जल्दी अपडेट दे डॉन गह.. नहीं तो 12 के बाद.

पीर बे लाइक्स टारगेट 30..

मिलती है नेक्स्ट अपडेट पर...

थैंक्स एंड Bye.
 
Episode 29

नई टीम नई मिशन

हूत के अंदर,

जैसे hi सिकंदर ने आँखें बंद की, अचानक उसकी आँखें झटके से खुल गयी.

“यार मैं हर दफा चीज़ें क्यों भूल जाता हूँ?” उसने अपने आप पर गुस्सा करते हुए सोचा.

उसने सिस्टम का शॉप सेक्शन खोला और सर्च करने लगा,

“पिछले क्वेस्ट से मुझे पांच हज़ार गोल्ड मिले थे, चलो अपनी लाइटनिंग एफिनिटी को mid-rank में अपग्रेड करता हूँ.”

उसने देखा के mid-rank लाइटनिंग एफिनिटी की कीमत 4000 गोल्ड है. बिना वक़्त जाया किये उसने खरीद ली.

खरीदते hi उसके हाथ में एक चमकदार ओर्ब ज़्यादा ताक़तवर रौशनी के साथ चमक उठी. ये पहले वाले ओर्ब से काफी अलग था. ओर्ब का जिस्म अब ट्रांसलूसेंट नहीं था, बल्कि असली बिजली की शकल में धड़क रहा था.

सिकंदर ने गहरी सांस ली और मेडिडेशन में डूब गया.

ओर्ब धीरे धीरे अब्सॉर्ब होने लगा, और चाँद hi लम्हों में ग़ैब हो गया.

<कोंग्रटुलतिओं ों उप्ग्रडिंग थे user's लाइटनिंग एफिनिटी तो mid-rank!>

सिस्टम की आवाज़ गूँज उठी, लेकिन सिकंदर उस वक़्त मैडिटेशन में डूबा हुआ था. उसके जिस्म पर बिजली के कर्रेंटस चलने लगे.

ब्लिट्ज!!

अगर कोई उस वक़्त उससे देखता तो शायद दीवाना हो जाता.

सिस्टम इससे mid-rank कह रहा था लेकिन असल में यह दुनिया की सबसे रेयर और ताक़तवर अफ्फिनीटीएस में से एक थी. ये एफिनिटी ावकेनेड के जिस्म को कवर कर लेती है और मन की अब्सॉर्प्शन को कई गुना तेज़ कर देती है.

अब सिकंदर के आस पास मौजूद आबूनदॉँत लाइटनिंग मन उसकी तरफ बिजली की रफ़्तार से खींच रहा था.

पहले जहाँ वो घंटों में सिर्फ एक लाइटनिंग मन अब्सॉर्ब करता था, अब पांच मिनट में वो कर सकता था!

दो घंटे गुज़रे,

ब्लिट्ज!!

बिजली का करंट अब इतना तेज़ हो गया के उसके जिस्म के आस पास एक कोकून जैसी बबल बन गयी.

ब्लिट्ज! ब्लिट्ज!

बिजली ऐसे घूम रही थी जैसे अभी धमाका कर देगी.

अचानक,

क्रैक!!

लाइटनिंग बबल फुट गयी और एक शोकवावे बहार फैल गयी. सिकंदर का जिस्म अब लाइटनिंग मन से और ज़्यादा फेमिलिअर महसूस कर रहा था.

हूत के बहार रोसिए और आधार जो अपना काम कर रही थी, वो भी इस शोकवावे से हिल गयी. दोनों ने एक दुसरे की तरफ देखा और कन्फूसिओं से सोचा:

“यह सिकंदर था...??”

दोनों धीरे धीरे हूत की तरफ बढ़ने लगे.

आधार ने कर्टेन से जानका और जो मंज़र देखा उसने उसके होश उदा दिए. सिकंदर वहां खरा था और उसके जिस्म के गिर्द बिजली नाच रही थी जैसे कोई ज़िंदा जानवर हो.

उसकी फटी हुई शर्ट उसके मज़बूत बैक मसल्स को एक्सपोज़ कर रही थी.

सिस्टम ने तभी एक और नोटिफिकेशन दिया:

<कोंग्रटुलतिओं ों अचीविंग रैंक तवो पावर!>

<ओब्टाइनेड 10% लाइटनिंग रेजिस्टेंस!>

सिकंदर ने अपने फ़िस्ट्स बंद किये, उसके राग राग में बिजली का जूनून दौड़ रहा था.

उसने कोशिश की के अपने जिस्म को लाइटनिंग और से कवर करे जैसे rank-two ावकेनेड करते हैं, लेकिन हर दफा फ़ैल हो गया.

“यह क्यों नहीं हो रहा? क्या मैंने कुछ गलत किया?” उसने सोच कर छोड़ दिया.

फिर उसने सिस्टम का एक और फीचर याद किया: लूनर ब्लेसिंग स्टोरेज.

उसने खोला:

<लूनर ब्लेसिंग स्टोरेज: 13/60 मिनट्स>

सिकंदर हैरान रह गया. उसने सिस्टम से पुछा:

“यह स्टोरेज का क्या फ़ायदा है?”

सिस्टम ने जवाब दिया:

<यूजर कैन स्टोर मूनलाइट. स्टोर्ड मूनलाइट कैन बे ुसेड अन्य्तिमे तो बूस्ट स्टैट्स.>

सिकंदर के चेहरे पर मुस्कान आ गयी, “ये तो चीट कोड है... पैसिव स्किल को एक्टिव बना दिया. ज़बरदस्त!”

लेकिन उसकी सोच टूट गयी जब उसने रोसिए और आधार को कर्टेन के पीछे झांकते देखा.

“तुम दोनों क्या कर रही हो?” उसने मुस्कुराते हुए पुछा.

रोसिए और आधार उसकी आँखों में घर कर खामोश हो गयी.

सिकंदर ने उनकी शॉकेड एक्सप्रेशन देख कर अपना फ़ोन निकला और उनकी तस्वीर खींच ली.

स्नेप!

“इरेस तहत!!”

“तुम बोहत बुरे हो!!”

दोनों चीख उठी और फ़ोन छीनने लगी.

सिकंदर हंस कर बोलै, “अरे रुक जाओ, क्यूट लग रही हो.”

दोनों ने मुँह पहला लिया और फिर पुछा, “ज़्यादा ज़रूरी बात यह है... तुम ावकेनेड कैसे बन गए?!”

“हमने तुम्हे कभी अवेकनिंग प्रोसेस से गुज़रते नहीं देखा.”

“तुमने यह सब हमसे छुपाया?!”

सवाल पे सवाल बरसने लगे.

सिकंदर ने सर खुजाते हुए झूट बोलै, “मैं आज hi ावकेँ हुआ हूँ... बस बताने वाला था.”

रोसिए और आधार ने एक दुसरे की तरफ देखा और चिलायी:

“जूते!!”

आखिर उसने सच बोल दिया, “ठीक है... कुछ दिन पहले नैचुरली हो गया था. मैं बस मेडिटेट कर रहा था.”

दोनों ने आपस में सर हिला कर बात छोड़ दी.

तभी सिकंदर ने अपना फ़ोन खोला और हेरा का मैसेज देखा. जैसे hi कंटेंट पड़ा, उसका चेहरा काला पद गया.

आधार और रोसिए ने घबरा कर पुछा, “क्या हुआ सिकंदर?”

सिकंदर ने भरी आवाज़ में कहा,

“डंकन प्लाची... हमे इन्वेस्टीगेट कर रहा है.”

ये सुनते hi दोनों के रंग उड़द गए.

उनके घराने प्लाची फॅमिली के मुक़ाबले में कुछ भी नहीं थे. अगर उनकी दुश्मनी हो गयी तो नतीजा खौफनाक होगा...

तभी एक तेज़ आवाज़ गुंजी:

जोंग!!

अचानक किसी ने क्लस्टर डोमेन का दरवाज़ा क्रॉस किया.

सिकंदर ने भवन चढ़ाई और हूत से बहार निकला देखने क लिए.

बहार निकलते hi उसने देखा उग्रक पसीने में तर हो रहा था.

सिकंदर ने फ़ौरन पुछा,

“उग्रक, क्या हुआ?”

उग्रक ने सांस संभाली और बोलै,

“उग्रक ने कुछ इंसान देखे, सब क सब काले यूनिफार्म में थे. उग्रक भाग आया… उग्रक को लगता है उन्हों ने उग्रक को क्लस्टर डोमेन के आस पास देख लिया है.”

यह सुनकर सिकंदर का चेहरा स्याह हो गया.

उग्रक से पुछा,

“क्या तुझ से कोई और डिटेल मिली?”

उग्रक ने सोचा और जवाब दिया,

“उनके सीने पर एक कला टाइगर का बैज बना था.”

सिकंदर ने दिल hi दिल में कहा,

‘क्या हम क्लस्टर डोमेन का एंट्रेंस सील कर सकते हैं?’

<सिस्टम: यूजर की अथॉरिटी इतनी हाई नहीं है के क्लस्टर डोमेन एंट्रेंस सील किया जा सके.>

‘फिर अथॉरिटी कैसे बढ़ाये?’

<सिस्टम: क्लस्टर डोमेन एक ज़िंदा चीज़ की तरह है, jaise-jaise यह तुम पर ट्रस्ट करेगा तुम्हारी अथॉरिटी बढ़ती जाएगी. इस प्रोसेस को तेज़ करने के लिए तुम एनर्जी क्रिस्टल को बोहोत ज़्यादा ेलेमेंटल स्टोन्स खिला सकते हो.>

सिकंदर ने सर हिला कर सोचा,

‘लेकिन इतने सारे ेलेमेंटल स्टोन्स लाऊंगा कहाँ से?’

उसने आधार और रोसिए की तरफ देखा और बोलै,

“हम अभी निकल रहे हैं. तैयार हो जाओ. उग्रक, तुम यहाँ पहरेदारी करोगे जब तक मैं वापस न आऊं.”

उग्रक ने हाँ में सर हिलाया और हूत के अंदर चला गया.

सिकंदर अभी बहार की सिचुएशन देखने जा रहा था के उसने महसूस किया कोई उसके कपड़ों को खींच रहा है.

उसने साइड में देखा तो आधार थी जो उसकी शर्ट खींच रही थी. उसने धीमी सी आवाज़ में कहा,

“मेरे पास कपडे hi नहीं हैं…”

यह सुनकर सिकंदर हैरान रह गया.

उसने आधार को देखा जो सिर्फ एक ब्लैंकेट में लिपटी हुई थी जो जानवर की खाल से बानी थी.

‘वेट… मेरे कपडे तो बिलकुल ठीक हैं लेकिन आधार के पूरे पहात गए? यह कैसे?’

<सिस्टम: यूजर के कपडे ट्रांसफॉर्मेशन के दौरान हमेशा बचाये जाते हैं.>

सिकंदर हैरान होकर मुस्कुराया,

‘वह, यह तो काफी कनविनिएंट है.’

उसने आधार की तरफ देखा जो लाल हो कर ब्लैंकेट को कास के पकडे हुए थी.

‘मैं सिस्टम से कपडे खरीद सकता हूँ, लेकिन अगर मैं अचानक निकलूं तो सबको शक होगा.’

थोड़ी देर रुक कर सिकंदर ने कासुअल टोन में कहा,

“ओह, मुझे हूत के अंदर कपडे पढ़े नज़र आये थे.”

वह हूत के अंदर चला गया.

उग्रक ने देखा सिकंदर अंदर आया और सीधा हूत की दीवार की तरफ देखने लगा. उसके समझने से पहले hi—

स्विश!

सिकंदर के हाथ में एक one-piece ड्रेस आ गयी जो हलकी ब्राउन कलर की थी और जानवर की खाल से बानी लगती थी.

‘यह चलेगा. उससे शक भी नहीं होगा,’ सिकंदर ने सोचा और कपडे ले कर आधार के पास आया.

उग्रक अपने सर को पकड़ कर सोचने लगा,

‘यह क्या था?! क्या इसके पास स्पेस मैजिक है?’

आधार ने कपडे ले लिए, उसका चेहरा और लाल हो गया. वह बदलने लगी लेकिन सिकंदर की नज़र अभी भी उस पर थी.

आधार ने शर्मा कर कहा,

“क्या तुम थोड़ी दिएर के लिए नज़र हटा सकते हो?”

सिकंदर होश में आया, ावक्वार्ड सी हंसी दी और पीठ घुमा कर बोलै,

“मेरी ग़लती.”

आधार हल्का सा मुस्कुरायी, लेकिन रोसिए गुस्से से कांप रही थी.

वह सीधा सिकंदर के पास आयी और—

स्मैक!

सिकंदर चीख उठा,

“यह किस लिए था?!”

रोसिए ने गुस्से में अपने बाल झटके और “हम्फ!” करके वहां से चल दी.

सिकंदर ने दिल में सोचा,

‘छोटी सी! वापस आयी न तो मैं इसे अच्छी तरह सीख दूंगा!’

बिना रूखे, सिकंदर ने क्लस्टर डोमेन से जम्प लगाया और ेमहम फारेस्ट की तरफ चला गया.

बहार धुप चमक रही थी, परिंदे ख़ुशी से चहचहा रहे थे.

सिकंदर ने idhar-udhar देखा,

‘उग्रक के बताये हुए इंसान यहाँ नज़र नहीं आ रहे… शायद वह फाए को रिपोर्ट करने चले गए. यह बोहोत बुरा होगा.’

वह आगे बढ़ने hi वाला था के उससे महसूस हुआ कोई उसे देख रहा है.

वह तुरंत रुक गया, उसकी आँखें तेज़ी से चारो तरफ घूमने लगी.

हवा उसके चेहरे को छूती रही थी, और फिर—

बेम!

पीछे से एक बुलेट उसकी तरफ आ रही थी. सिकंदर ने तुरंत अपना फाॅर्स बीम एक्टिवटे करके उससे पररय कर दिया.

रिफ्लेक्स इतने तेज़ थे के गोली हवा में hi रुक गयी.

सिकंदर ने ट्रीज की तरफ घुरा, उसकी आँखों में शके था.

तभी एक मरदाना आवाज़ आयी,

“हँ, हमें कहा गया था के टीम का तीसरा बाँदा नया होगा… लेकिन लगता है यह काफी तेज़ है.”

एक ठंडी, नरमी से भरी औरत की आवाज़ सुनाई दी,

“काम आज काम यह बोझ तो नहीं बनेगा.”

और फिर दो शख्स बिना आवाज़ के सामने आ गए.

सिकंदर हैरान रह गया,

‘यह दोनों बोहोत स्ट्रांग हैं! अगर गोली न चलते तो मुझे इनकी प्रजेंस का भी पता न चलता.’

उन में से एक मर्द था—

सफ़ेद कपड़ों में लपेटा हुआ, लम्बी सफ़ेद पोनीटेल वाली ज़ुल्फ़ें, और उसकी दाहिने आँख पर एक पुराणी ब्लेड वाली निशानी. चेहरे पर मुस्कराहट थी जो किसी खतरे का एहसास नहीं देती थी, लेकिन सिकंदर को महसूस हो रहा था के यह बाँदा आसान नहीं है.

दूसरी शख्स एक औरत थी—

उसने पुराने ब्राउन कपडे पहने थे, लेकिन उसकी प्रजेंस आम नहीं थी. गहरी समुंदरी नीली आँखें, नीले बाल जो उसकी एक आँख को धक् रहे थे. उसके चेहरे के पास एक blue-black टैटू बना था जो ट्री रूट्स की तरह लगता था और उससे देखते hi एक मिस्टिकल एनर्जी का एहसास होता था.

सिकंदर ने उनकी तरफ कौटिओउस नज़र से देखा,

“तुम लोग कौन हो?!”

मर्द ने मुस्कुराकर कहा,

“हम? हम तुम्हारे टीम मेंबर्स हैं.”

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‘टीम मेंबर्स? ये लोग टीम मेंबर्स से क्या मतलब ले रहे हैं?’, सिकंदर ने हैरानी से सोचा. उसने आँखें तंग कर के याद करने की कोशिश की के क्या उसने पहले इन दोनों शख्सियत को देखा है, लेकिन उसके ज़ेहन में कुछ भी नहीं आया.

फिर अचानक, देवन ने अपनी शर्ट उठाई और उसके सीने पर काळा कौवे का टैटू दिखाई दिया.

सिकंदर तुरंत समझ गया, ‘काळा कौवे का टैटू? मतलब ये दोनों सको से हैं.’

उसने फ़ौरन उन दोनों के स्टैट्स चेक किये:

<देवन पुम्मेल>

पावर: पीक रैंक फोर – टेलेकिनेसिस

मेन्टल: 130

स्ट्रेंथ: 65

अगिलिटी: 90

ेंदुराने: 88

इंटेलिजेंस: 0

सिकंदर ने हैरानी से सोचा, “देवन पूरा सफ़ेद पहना हुआ है और टेलेकिनेसिस पावर रखता है? उसके लेअन और मस्कुलर जिस्म को देख कर मुझे लगा के ये मिली फाइटर होगा.”

सबसे अजीब बात ये थी के देवन ने सफ़ेद बनिए पहना हुआ था जो इस गर्मी में काफी अजीब लग रहा था.

फिर उसने देवन के साथ खरी लिलिया की तरफ देखा:

<लिलिया आर्ची>

पावर: अर्ली रैंक फाइव – ???

मेन्टल: 93

स्ट्रेंथ: 127

अगिलिटी: 185

ेंदुराने: 115

इंटेलिजेंस: 0

सिकंदर की भवन चढ़ गयीं, “इसकी स्टैट्स तो मेरी वेयरवोल्फ फॉर्म से भी ज़्यादा हैं… और सबसे खतरनाक बात ये है के मैं इसकी पावर्स को देख भी नहीं प् रहा. ये पहली बार हो रहा है.”

थोड़ी दिएर के बाद सिकंदर ने कहा,

“तुम लोगों ने कहीं कला यूनिफार्म पहने हुए ावकेनेड देखे थे?”

देवन ने भवन उठाई, और फिर अचानक हवा में तैरते कुछ लोग सामने आ गए.

“तुम्हारा मतलब इन लोगों से है?” देवन ने कहा.

सिकंदर ने सर हिला कर हाँ की.

“हम इन से टकरा गए थे. ये बहुत शोर मचा रहे थे तो मैं और लिलिया ने इन्हे बेहोश कर दिया. लेकिन एक बाँदा बच के निकल गया, काफी तेज़ी से भगा,” देवन ने कहा और बेहोश लोगों को ज़मीन पर गिरा दिया.

सिकंदर के चेहरे पर सोचने वाली शकल थी, ‘ये लोग ब्लैक टाइगर गिल्ड से हैं. मतलब मुझे ढूंढने भेजे गए हैं.’

थोड़ा सोचने के बाद उसने पुछा,

“तो देवन और लिलिया, तुम लोग मुझे क्यों ढूंढने आये हो?”

ये सुन कर दोनों चाँद पल के लिए रुके और हैरान होगये.

देवन ने कहा, “रुको… तुम्हे हमारे नाम कैसे मालूम हुए? हमने अपना नाम अभी तक बताया hi नहीं.”

सिकंदर अंदर से हिल गया, ‘सहित! ये तो भूल गया के अभी तक उन्होंने अपना इंट्रोडक्शन नहीं दिया था.’

उसने ज़ोर से खांसी कर के कहा, “मुझे ग्रीन मैसेंजर ने बताया था. तुम टॉपिक से मत हटो.”

ये सुन कर लिलिया और देवन दोनों शांत होगये. सिकंदर ने चैन की सांस ली.

लिलिया ने तुरंत कहा, “हमें अपना पहला मिशन मिला है. हमें अभी चलना होगा, रास्ते में सब कुछ बता दूँगी.”

सिकंदर ने एक पल के लिए हिचकिचाहट दिखाई, ‘आधार और रोसिए अभी भी क्लस्टर डोमेन में हैं. लिलिया और देवन को शायद पीछे के सुराख़ का कुछ अंदाजा नहीं हुआ. बेहतर है ऐसे hi रहने दूँ.’

उसने दिल hi दिल में रोसिए और आधार से माफ़ी मांगी और उनके साथ चल पड़ा.

---

कुछ देर बाद…

“जोंग! जोंग!”

आधार और रोसिए क्लस्टर डोमेन से बहार निकले, उन्होंने सामान बाँध लिया था.

आधार की शकल थोड़ी मज़ेदार लग रही थी क्यूंकि उसने वह कपडे पहने हुए थे जो बिलकुल टार्ज़न जैसे दिख रहे थे. ये कपडे सिकंदर ने जान बुझ कर दिए थे ताकि आधार शक न करे. अगर वो सिस्टम से कोई मॉडर्न ड्रेस निकलता तो आधार तुरंत शक करती के ये कपडे कहाँ से आये. उग्रक ऐसे कपडे बना hi नहीं सकता था.

“अरे, सिकंदर कहाँ है?” रोसिए ने idhar-udhar देख कर पुछा.

वह दोनों समझने लगे के शायद सिकंदर के साथ कुछ बुरा हुआ है, लेकिन अचानक…

टिंग!

रोसिए के फ़ोन पर मैसेज आया – सिकंदर का था:

“मुझे कुछ अर्जेंट काम है. मुझे ढूंढने मत आना. तुम दोनों यूनिवर्सिटी वापस चले जाओ. शायद 2-3 दिन में वापस मिलूंगा.”

रोसिए ने तुरंत जवाब दिया:

“फैराडे यूनिवर्सिटी टूर्नामेंट तीन दिन बाद है. अगर लेट हुए तो समझ लेना तुम्हारी खैर नहीं!”

सिकंदर ने बस एक थंब इमोजी भेज दिया. रोसिए ने दिल hi दिल में उससे गलियां दी.

फिर रोसिए ने आधार की तरफ देखा और कहा, “सिकंदर को अर्जेंट काम है. चलो वापस चलते हैं.”

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दूसरी तरफ…

सिकंदर, लिलिया और देवन के साथ जंगल से तेज़ रफ्तारी से निकल रहा था. कुछ देर में वह ेमहम फारेस्ट के बहार पोहंच गए जहाँ एक ब्लैक स्पोर्ट्स कार कड़ी थी.

“गेट इन,” देवन ने कहा और ड्राइवर सीट पर बैठ गया.

जारी बहुत हैवी और पावरफुल लग रही थी, उसकी हाइट लगभग सिकंदर के कंधे तक थी. चार सीट्स थी, पीछे एक लम्बा और पतला स्पोइलर था, और इंजन की गरज बहुत hi डर वाली थी.

वरूम!!

देवन ने पेडल दबाया और जारी फारेस्ट से निकल गयी.

जारी के अंदर ख़ामोशी थी.

सिकंदर को दो अनजान लोगों के साथ ावक्वार्ड लग रहा था, आखिर अगर यह उसकी टीम है तो इतनी ख़ामोशी ठीक नहीं.

उसने बात चेदि, “मिशन एक्साक्ट्ली क्या है?”

देवन ने जवाब दिया, “तुमने जरोलिस सिटी का नाम सुना होगा?”

सिकंदर ने सर हिलाया.

“हमारे सको कहती है के सुपरनैचरल की मूवमेंट वहां अजीब है. जरोलिस सिटी के सीगे को दिनों हो गए हैं. उनका ऑब्जेक्टिव high-grade ेलेमेंटल स्टोन्स हैं, लेकिन उन्हें माइन करने में इतना वक़्त नहीं लगता. कुछ और चल रहा है.”

सिकंदर ने सोचा, ‘सही कह रहे हैं. सुपरनैचरल के पास मैजिक और एनहांस्ड पिसीके दोनों होते हैं. इतना वक़्त लग्न अजीब है.’

तभी लिलिया, जो अब तक चुप थी, बोली, “वहां ज़रूर कुछ ऐसा है जो उन्हें रोक रहा है. हमारा पहला ऑब्जेक्टिव है पता लगाना के वहां क्या है… और अगर हो सके तो उनकी स्टे को लम्बा करना.”

सिकंदर ने सोचा, ‘ये तो वही पुराने स्काउटिंग मिशंस जैसा लग रहा है जो मैं करता था.’

फिर देवन ने बात आगे बधाई, “और दूसरा ऑब्जेक्टिव है…”

सिकंदर हैरान होकर बोलै, “वेट… दो ओब्जेक्टिवेस हैं?”

देवन ने रियर मिरर से उसकी तरफ देखा और कहा, “सको के स्काउट्स ने देखा के पांच फिगर्स देर से जरोलिस सिटी में गए. उनकी वजह से hi ये अजीब हरकतें हो रही हैं. उन में से चार हालतीजा रेस के हैं – हालतीजा एक सुपरनैचरल रेस है जो किसी चीज़ या शख्स की हिफाज़त करते हैं.”

सिकंदर और ध्यान से सुनने लगा.

देवन ने जारी रखा, “पांचवा फिगर सबसे इम्पोर्टेन्ट है. हमारा दूसरा ऑब्जेक्टिव है उस पांचवे फिगर का पता लगाना… और अगर मुमकिन हो तो उसे कैप्चर करना.”

हियरिंग थिस, सिकंदर नोडेड हिज हेड, "ये कुछ दिन बोहोत मुश्किल होने वाले हैं..."

बाद मई देवन और सिकंदर हलकी फुल्की बातें करने लगे. दोनों के दरमियान अब पहले जैसी बेगानगी नहीं रही थी.

सिकंदर खिड़की के बहार देख रहा था, रस्ते इतनी तेज़ी से गुज़र रहे थे के आँखों को समझने का भी वक़्त नहीं मिलता. तभी उसका फ़ोन बजता है.

टिंग!

वह स्क्रीन देखता है — एडवर्ड का मैसेज था:

"यो सिकंदर, कैसा है?"

सिकंदर तुरंत रिप्लाई करता है:

"मैं ठीक हूँ, थोड़ा बिजी हूँ अभी. तुम सुनाओ?"

एडवर्ड: "मैं भी ठीक हूँ. सीधा मुद्दे पे आते हैं — मैं सोच रहा हूँ काइल के घर जाऊं, उसकी फॅमिली से मिलने. अगर तुम चाहो तो साथ चल सकते हो."

यह पढ़ते hi सिकंदर की आँखों के सामने वह दिन आ गया जब काइल ने अपनी जान क़ुर्बान कर दी थी उन सब के लिए.

सिकंदर ने टाइप किया: "कब?"

एडवर्ड: "जब तुम फ्री हो, मुझे फ़ारिग़ वक़्त है. बस तुम टाइम बता दो."

सिकंदर: "ठीक है."

कुछ दिएर और बात करने के बाद, सिकंदर की पलकें भरी सी लगने लगी. खिड़की की तरफ देखते हुए उसकी आँखें बोझल हो गयीं. दो तीन दफा पलकें झपकाने के बाद वह घेरि नींद में चला गया.

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दूसरी तरफ, ब्लैक टाइगर गिल्ड का ऑफिस:

एक आदमी जिसका यूनिफार्म फटा हुआ था, ऑफिस में घुसता है. लोग उससे अजीब नज़रों से देखते हैं मगर वह इन्हे इग्नोर करता लिफ्ट की तरफ बढ़ जाता है.

वह लिफ्ट का बटन दबाता है — 35तह फ्लोर, जो के प्रेजिडेंट का फ्लोर था.

वहां पहुँच कर उसके सामने एक भरी भरकम और शानदार दरवाज़ा था, गहरे भूरे रंग का जो अपने आप में शौकत और दबदबा रखता था.

दरवाज़े के पास एक टेबल थी जहाँ एक खूबसूरत ब्लोंड सेक्रेटरी बैठी थी.

आदमी ने आगे बढ़ कर कहा:

"मुझे प्रेजिडेंट से मिलना है, बोहोत ज़रूरी है. मैं उस टीम का हिस्सा था जो ेमहम फारेस्ट गयी थी."

सेक्रेटरी ने फ़ोन उठाया और कहा:

"मर. डंकन, एक आदमी आप से मिलना चाहता है... वह कहता है के ेमहम फारेस्ट टीम से है."

बज़्ज़्ज़्ट~

सेक्रेटरी ने फ़ोन रख कर कहा:

"आप अंदर जा सकते हैं, लेकिन नॉक करना मत भूलिए गए."

आदमी ने हल्का सा मुस्करा कर सर झुकाया और दरवाज़े पे दस्तक दी.

अंदर डंकन अपनी कुर्सी पर आराम से बैठा था, हाथ में सिगरेट. उसने उस आदमी को देखा और गुस्से से भारी लेकिन pur-sukoon आवाज़ में बोलै:

"क्या हुआ?"

आदमी ने सर झुकाया:

"माफ़ कीजिये मर. प्रेजिडेंट, हमारी पूरी टीम को एक अननोन थर्ड पार्टी ने ख़तम कर दिया."

डंकन के चेहरे पर लालिमा छा गयी, गुस्सा उसकी रगों में दौड़ गया. लेकिन आवाज़ फिर भी खौफनाक हद तक ठंडी थी:

"उनका चेहरा देखा था? वह कैसे थे?"

आदमी का जिस्म काँप गया:

"उन... उन्होंने कोई मन उसे नहीं किया... शायद वह लोग ुनावकेनेड थे."

डंकन ने उसकी आँखों में झाँका, जैसे रूह तक पढ़ रहा हो.

"तुम सूरे हो?"

आदमी ने पसीना पोछा और झट से बोलै:

"जी! मैं यक़ीन दिलाता हूँ!"

डंकन ने फिर पुछा:

"और तुम्हें पूरा यक़ीन है के सिकंदर, रोसिए और आधार वहां थे? तुमने कन्फर्म किया?"

आदमी ने घबराहट में तुरंत जवाब दिया:

"जी हाँ! मैं उनके क्लास्स्मेटिस से भी पुछा और दूसरों की गवाही से भी कन्फर्म किया."

डंकन ने हाथ हिला दिया — इशारा के अब निकल जाओ.

आदमी ने गहरा झुक कर सलाम किया और जल्दी से निकल गया.

डंकन ने गहरी सांस ली, सिगरेट का धुआं अंदर खींच कर धीरे से सोचा:

"तोह ये लोग उस आर्गेनाइजेशन से तालुक रखते हैं... और मुझे लगता है इन्ही में से कोई है जिसने मेरे बेटे को मारा."

उसकी आँखों में नफरत की बिजली चमकी, और उसने ऊँगली से सिगरेट को जला कर चमका दिया.

---

रस्ते में:

कई घंटों के सफर के बाद वह लोग आखिर राटमवटी सिटी से बहार निकल आये.

किसी वजह से देवन ने ट्रैन लेना पसंद नहीं किया, जबकि वह ज़्यादा तेज़ी से पोहच जाती. उसने ज़िद की के वह अपनी गाडी से hi जाये गए. आखिर लिलिया और सिकंदर मान गए.

उनका मंज़िल थी जरोलिस सिटी, जो के लेवल थ्री सिटी थी. मगर पहले उन्हें कुछ लेवल तवो सिटीज से गुज़ारना था.

गाडी रूकती है नैरफिअ सिटी में, जो राटमवटी के बाद एक लेवल तवो सिटी थी.

लिलिया और सिकंदर ने हैरान नज़रों से देवन को देखा.

देवन: "मुझे थोड़ा काम है, मैं एक दो घंटे में वापस आता हूँ."

सिकंदर ने गुस्से से कहा:

"हम इतना लेट नहीं हो सकते! गिल्ड अभी अटैक कर रही है, और हमें वही वक़्त चाहिए हो गोह के हम अन्दर घुस सकें."

देवन ने उससे तसल्ली दी:

"बस थोड़ा वक़्त दो, मैं ज़रूर वापस आऊंगा. तुम दोनों वहां उस बार में चले जाओ, मैं तुमसे वही मिलता हूँ."

सिकंदर ने हाथ से अपना चेहरा धक् लिया:

"यह बाँदा बोहोत अमीर है, शायद अपने कामों में उलझा है. लेकिन उसकी पहले वाली सीरियस एक्सप्रेशन को देख कर लगता है मिशन उसके लिए भी इम्पोर्टेन्ट है... तो फिर वह पहले वहां क्यों जा रहा है?"

फिर उसने सर हिला दिया, और सोचना छोड़ दिया.

वह गाडी की ड्राइविंग सीट पर बेथ कर अन्दर देखता है और हल्का चक्कर महसूस करता है.

"क्या स्पोर्ट्स कार है... अंदर का सेटअप आम गाड़ियों जैसा बिलकुल नहीं."

मगर वह गाडी ठीक से चला कर बार तक पोहच hi गया.

सिकंदर ने लिलिया की तरफ देखा:

"चलोगी अंदर?"

लिलिया कुछ निर्वसली बोली:

"मेरे पास कॅश नहीं है."

सिकंदर ने मुस्कुराकर कहा:

"फ़िक्र मत करो, मैं पाय कर दूंगा."

और दोनों गाडी से निकल कर बार के अंदर चले गए.

---

बार शहर के दरमियान एक बड़े ऑफिस के सामने थी, नैरफिअ सिटी का मशहूर स्पॉट जहाँ हर वक़्त भीड़ लगी रहती थी. लोग बार के अंदर बहार जा रहे थे, और रोड पर खरी गाड़ियां भी सब लविश और महंगी थी.

लेकिन देवन की ब्लैक स्पोर्ट्स कार के सामने बाकि सब फीकी लग रही thi—kyunke असल मई वो एक यूनिक कार थी जो सिर्फ उसी के पास थी.

जैसे hi सिकंदर और लिलिया कार से उतर कर बार की तरफ चले, लोगों की नज़र तुरंत उनपर जैम गयी. सिकंदर हल्का मुस्कुराता रहा, लिलिया के साथ हल्का फुल्का बात कर रहा था. लिलिया ज़्यादा जवाबी गुफ्तगू नहीं करती थी, जैसे उसने कभी दोस्त बनाये hi न हों. उसकी ठंडक रौदे नहीं थी, बस आदत सी थी.

सिकंदर को बार जाने की उम्मीद नहीं थी, लेकिन अजीब तौर पर वो खुश tha—kaafi दिन बाद उसने अपनी ज़िन्दगी को नार्मल लोगों की तरह एन्जॉय किया.

तभी तीन लड़कियां ग्लैमरस ड्रेसेस मई उनके पास आयी. तीनो अलग अलग वाइब्स दे रही थी, लेकिन सब खूबसूरत और सेडक्टिव. रोसिए और आधार भी खूबसूरत थी, लेकिन इन लड़कियों की अदाओं मई कुछ और hi शिद्दत थी.

आगे वाली लड़की ने ब्लू button-up शर्ट और जीन्स पहनी हुई थी. वो मुस्कुराई और मीठी आवाज़ मई बोली:

“ही, मेरा नाम कसिए है…”

सिकंदर रुक कर थोड़ा सा उनकी तरफ मुद गया, “जी, कोई मदद चाहिए?”

कसिए ने धीरे से अपना हाथ सिकंदर की बाज़ू पर रखा और सडक्टिवेली बोली:

“हम तीनो अभी आये हैं… क्या आप हमे अपने टेबल पे इन्विते करेंगे?”

लेकिन उन्होंने लिलिया की प्रजेंस को बिलकुल इग्नोर कर दिया, हत्ता के उससे थोड़ा धकेल भी दिया.

ये देख कर सिकंदर ने लड़की का हाथ ज़ोर से हटा दिया और ठंडी लेकिन तहक़ीक़ात भरी आवाज़ मई बोलै:

“सॉरी, मई अपनी दोस्त के साथ हूँ. शायद नेक्स्ट टाइम.”

ये कह कर उसने लिलिया का हाथ पकड़ा और बार के अंदर चला गया. लड़कियां पीछे से पाऊँ पटक कर रह gayi—unko बुरा लगा के सिकंदर उनकी अदाओं मई नहीं आया.

बार के अंदर, सिकंदर ने एक रिसेप्शनिस्ट जैसी फोर्मल्ली ड्रेस्ड औरत से कहा:

“एक्सक्यूज़ में, मुझे दो लोगों का टेबल चाहिए.”

औरत ने पहले सिकंदर को देखा, फिर लिलिया की तरफ नज़र डाली और ठंडी आवाज़ मई बोली:

“सॉरी सर, टेबल्स फुल हैं.”

सिकंदर ने देखा के वो लिलिया की ड्रेसिंग की वजह से उससे घर रही थी, जैसे उसे घिन्न आ रही हो. उसने आस पास देखा और एक खाली टेबल पकड़ लिया:

“वहां एक टेबल खली है, उसे रिज़र्व कर दीजिये.”

औरत ने झट देने वाले लहजे मई जवाब दिया:

“सर, मैंने कहा न, टेबल्स फुल हैं. प्लीज समझिये.”

ये बात सुन कर लिलिया ने हल्का सा सर झुका कर धीरे से कहा:

“चलो, देवन का वेट कहीं और कर लेते हैं…”

ये सुन कर सिकंदर को बुरा लगा, लेकिन जवाब देने hi वाला था के अचानक बहार से कई ब्लैक सेडन्स रुक गयी.

स्क्रीएचह!

गाड़ियों के ज़ोर के ब्रेक से पूरा एरिया गूंज गया. उनमे से एक आदमी nikla—white शर्ट पहनी हुई, ऊपर ब्लैक वेस्ट, फैशनेबुल ग्लासेज, एक रिच बिजनेसमैन की तरह. उसके पीछे गार्ड्स ब्लैक सुइट्स मई निकले.

सिकंदर ने धीरे से सोचा:

“यह कौन है?”

वो आदमी बार मई आया और रिसेप्शनिस्ट से सीधा बोलै:

“विप टेबल खाली है?”

औरत ने तुरंत मुस्कान के साथ जवाब दिया:

“जी सर, प्लीज आइये.”

ये देख कर सिकंदर का गुस्सा पहात पड़ा:

“एक मिनट! अभी तोह आपने कहा टेबल्स फुल हैं!”

उसकी आवाज़ पूरी बार मई गुनगुने. औरत का चेहरा सफ़ेद पद गया लेकिन फिर भी चिल्लाई:

“सिक्योरिटी! इन्हे बहार निकालो!”

सिकंदर का सब्र अब टूट गया था. उसके लिए ये सिर्फ टेबल का मसला नहीं था, ये उसकी इज़्ज़त और इन्साफ का सवाल था.

दो गार्ड्स उसके पास आये, दोनों ने एक दूसरे को इशारा किया और एक रोबोटिक सिंक के साथ उससे पुश करने की कोशिश की.

लेकिन सिकंदर ने आसानी से उनका डाव ताल दिया, उनके हाथ घुमाये और दोनों को ज़मीन पर गिरा दिया.

थुड़!

ज़मीन हिला दी उनके दर्द भरे चीखों ने.

सिकंदर की आँखें बिजली की तरह चमक रही थी, उसने ठंडी लेकिन खौफनाक आवाज़ मई कहा:

“मैंने कहा था… मुझे एक्सप्लनेशन दो.”

ये देख कर बाकी गार्ड्स ने तुरंत अपनी गन्स निकाली और उसकी तरफ तान दी.

सिकंदर बस हंस दिया, एक जुनूनी हसी के साथ:

“वह… एक सिविलियन पे बन्दूक उठाते हो? कितने कमज़ोर हो तुम लोग.”

सिकंदर का चेहरा अँधेरा हो गया, फिर वो अपनी जगह से ग़ैब हो गया.

बेम!

क्लाक!

दांग!

सिकंदर ने एक पल मई तमाम गार्ड्स के हथियार तोड़ दिए और उन्हें ज़मीन पैर फ़ेंक दिया. यह सब कुछ चाँद सेकण्ड्स मई हुआ, गार्ड्स को समझ भी न आया के उन के हथियार तबाह हो चुके हैं.

रिसेप्शनिस्ट और वह अमीर आदमी दोनों होश ो हवास खो बैठे, उन के चेहरों का रंग उड़द गया. जो घमंड और अकड़ अभी तक उनके लहजे मई था, सब कुछ पल भर मई मिटा. अब सिर्फ एक खौफ का लफ्ज़ उनके दिमाग़ मई घूम रहा था—

"ावकेनेड!"

सिकंदर मुस्कुराया, "हाँ, हम तुम लोगों के लिए लड़ते हैं, और हमें यह सिला मिलता है?"

रिसेप्शनिस्ट अपने होश में आयी, फ़ौरन ज़मीन पैर घुटनों के बल गिर गयी और अपना सर ज़मीन पैर मार कर बोली:

"माफ़ कर दें! मुझे नहीं पता था आप ावकेनेड हैं!"

थुड़! थुड़!

उसके सर की टकराहट और कारपेट की गूँज बार बार सुनाई दी.

सिकंदर ने बैठ कर उसका कौन में भीगा हुआ चेहरा देखा और ठंडी आवाज़ मई बोलै, "तो अगर मई ावकेनेड न होता, तो तुम्हारा ये बर्ताव ठीक था? एहि मतलब है तुम्हारा?"

"No सर! ऐसा दोबारा नहीं होगा! खुदा का वास्ता है माफ़ कर दें!", उस ने रट हुए सिकंदर के जूतों को पकड़ कर भीक मांगी.

तभी,

"यहाँ क्या हो रहा है? ये शोर शराबा कैसा है?"

एक औरत जो सुर्ख ब्लेजर पहने हुवी थी, बार के अंदर से निकल आयी.

सिकंदर ने उसे देखा, "तुम मैनेजर हो शायद?"

मैनेजर ने घबरा कर कहा, "सर, मसला क्या है?"

सिकंदर की आवाज़ बर्फ की तरह ठंडी थी, "मैंने दो लोगो के लिए टेबल आर्डर किया था, लेकिन इस लड़की ने कहा कोई टेबल खली नहीं है. और फ़ौरन इस आदमी के लिए टेबल निकल आया. अब बताओ, ये क्या तमाशा है?"

मैनेजर ने रिसेप्शनिस्ट की तरफ देखा, उसका झुकता सर सब कुछ बयां कर रहा था. गार्ड्स को देख कर मैनेजर के दिल का हाल और ख़राब हो gaya—kuch ज़मीन पर बिलकुल टूटे हुए पड़े थे और कुछ खौफ से कोने मई छिपे हुवे थे.

मैनेजर का दिल काँप गया, "ये तो ावकेनेड है… अगर नाराज़ हो गया तो तबाही ले आएगा…"

मैनेजर अभी कुछ कहने hi वाली थी के लिलिया ने सिकंदर का कोट पाकर कर धीमी आवाज़ मई कहा, "बस, चलो. कहीं और चल कर खाना कहते हैं."

सिकंदर ने सोचा, "ये मुझ से बड़ी है, लेकिन इतनी मासूमियत से बेहवे करती है… इसके साथ आखिर हुआ क्या है?"

मैनेजर जल्दबाज़ी मई बोली, "सर, प्लीज आइये, मैं खुद आपको टेबल तक ले चलती हूँ." उसकी आवाज़ मई सीधा डर था, खासकर जब देखा के लोग इस वाक़िये की वीडियो बना रहे हैं.

लेकिन सिकंदर ठंडी मुस्कान के साथ बोलै, "नहीं. अब मेरा दिल नहीं करता. तुम्हारी सर्विस नीचे के लेवल की है. अगर ावकेनेड का यह हाल है, तो सोचो आम लोगों का क्या होता होगा."

उसकी बात खंजर की तरह मैनेजर के दिल पर लगी. वो पसीना पसीना हो गयी, "सर, हमें मौका दें! आपको सबसे बेहतरीन सर्विस मिलेगी, और आपको कुछ भी ऐडा नहीं करना पड़ेगा!"

लेकिन सिकंदर ठंडी सांस ले कर लिलिया का हाथ पकड़ कर बार से निकल गया.

मैनेजर ज़मीन पैर घुटनों के बल गिर गयी. उसके लिए ये मंज़र बार के बंद होने की मिसाल था. उसने रिसेप्शनिस्ट को क़तल नज़र से dekha—sab तबाह कर दिया उसने.

---

बाहर आ कर, सिकंदर और लिलिया जारी मई बैठे और बार के पास hi एक स्ट्रीट फ़ूड स्टाल पर रुक गए. सिकंदर ने दोनों के लिए सताय आर्डर की और साइड पर बैठ गया.

लिलिया गुरोब मई खोई हुई थी, चलती फिरती ज़िन्दगी को ब्लेंक नज़र से देख रही थी.

सिकंदर भी ख़ामोशी से लोगों की नार्मल ज़िन्दगी को देखता raha—koi काम कर रहा था, कोई डेट पर था, कोई बस सपने देख रहा था. सब अपनी दुनिया मई मसरूफ, जैसे उन पर कोई बोझ hi न हो.

सिकंदर ने ख़ामोशी तोड़ी, "क्या तुम्हें कभी नार्मल होने की याद आती है?"

लिलिया ने घूर कर पुछा, "क्या मतलब?"

सिकंदर हल्का सा हंसा, "देखो इन्हें… हम दिन बा दिन ताक़तवर ban’ne की कोशिश करते हैं, जरोलिस सिटी तबाही के नशे पर है, और हमारी ज़िन्दगी मई सुकून का नाम hi नहीं. और ये लोग चैन से रहते हैं."

लिलिया ने सांस चोरहि, "हाँ, अगर सोचा जाये तो नार्मल ज़िन्दगी वाक़ई आरामदेह है."

सिकंदर ने खुद पर हंस कर कहा, "अजीब नहीं लगता? आम लोग ावकेनेड या गिफ्टेड ban’ne का सपना देखते हैं, और हम नार्मल होने की ख्वाहिश रखते हैं. कितना उल्टा है न?"

लिलिया मुस्कुरायी, "बिलकुल उस बचे की तरह जो बारे होने को तरसता है, और बारे होक फिर बचपन की तमन्ना करता है… िरोनिक है."

सिकंदर ने अपने गाल थपथपाये और कहा, "चलो, अब ज़्यादा सोचने का फ़ायदा नहीं. खाओ!"

दोनों ने सताय उठाई और खाना शुरू कर दिया.

---

इसी दौरान, देवन अपने ऑफिस के ऊपर वाले कमरे मई था. कमरा सिंपल tha—sirf एक बड़ा डार्क ब्राउन डेस्क, एक कुर्सी, और मेहमानों के लिए सोफे.

देवन बाथरूम मई था, हाथ मई एक छोटी सी गोली लिए हुए. धीमी आवाज़ मई बोलै, "मुझे ये पसंद नहीं… लेकिन करना पड़ेगा. कोई जान’ न पाए."

उसने गोली मुँह मई डाली, पानी पिया और उसका जिस्म कुछ मिनट तक काँपता रहा. फिर कांपना रुक गया.

वो बनिए पहन कर कपड़े सेट करता हुआ ऑफिस के बहार निकल आया…

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आज के लिए इत्नाह hi...

ी होप के यह episode बे आप को पसंद ाहये गह.

लाइक्स टारगेट शामे 30..

नेक्स्ट अपडेट लाइक्स कम्पलीट होने पर..

नेक्स्ट अपडेट बी नार्मल अपडेट हो गह. नार्मल मतलब क फाइट ज़ादा नहीं हो गई. लेकिन episode no 31 एंड 32 बोहत मज़ेदार होने वाला है. बोहत साडी खतरनाक स फाइट्स हों गई..

अब तक की सुब से खतरनाक...

लेकिन नेक्स्ट episode पर लाइक्स टारगेट चेंज हो जाये गह....

मिलते हैं नेक्स्ट episode मैं तब तक के लिए..

Bye एंड थैंक्स..
 
Episode 30

Vempire princess

Khana khatam karne ke baad, Sikandar aur Liliya ne juice liya aur sadak ke kinare ek bench par ja baithay.

Dono chup chaap apni drinks peete hue sheher ki rush bhari galiyon ko dekh rahe thay.

Thodi dair baad, Sikandar ne curiosity se poocha:

“Batao Liliya, tum organization mein kaise aayi?”

Liliya kuch dair ke liye khamosh ho gayi.

Uska chehra neeche jhuk gaya aur usne apne haath se khelna shuru kar diya — jaise wo apni ghabrahat chhupane ki koshish kar rahi ho.

Sikandar ne ye dekha to muskuraya,

“Mera story to kaafi funny hai actually…”, usne kaha, aur Liliya ki taraf dekha.

Ab Liliya ka dhyaan uski taraf tha. Uski aankhon mein halki si dilchaspi ki chamak uthi.

Sikandar ne kaha,

“Ek din mere university ke lecturer ne notice kiya ke main ‘gifted’ hoon. Usne mujhe ek tattoo diya… kuch dino baad, jab main rooftop par chill kar raha tha, to ek ‘Green Messenger’ achanak saamne aa gaya.”

Ye yaad karke Sikandar ne apna sar hilaaya,

“Us ne mujh par seedha hamla kar diya! Mujhe defend karna pada. Aur bina kuch puche, usne mujhe serum de diya aur bola ke ab tum organization ka hissa ho.”

Ye sunkar Liliya hiraan reh gayi,

“Kya?! Tumhara test Green Messenger ne khud liya? Aur tumhe serum bhi mila?!”

Sikandar ne aankh uthai, “Kya tumhe nahi mila? Mujhe laga sab ke saath aisa hi hota hai.”

Liliya ne udaasi se kaha,

“Nahi… humein sirf uske agents ne test kiya tha. Serum to kabhi mila hi nahi.”

Phir usne chamakti aankhon se poocha,

“To batao na! Wo serum karta kya hai? Super strength? Hidden powers?”

Uska chehra bachon ki tarah excited ho gaya tha.

Sikandar thoda ghabra gaya. Usne pehli baar Liliya ko itni pareshan aur pyari lagti dekha.

Wo itni qareeb thi ke uske perfume aur jism ki halki si khushbu uske “super sense” ko intoxicate kar rahi thi.

Usne dil mein socha,

‘Yaar ye super sense bhi kabhi kabhi curse lagta hai…’

Liliya ke baal uski aankhon ke samne gir gaye, uski neeli aankhen chamak rahi thi.

Sikandar ne halki si khansi ki aur kaha,

“Theek hai, bata deta hoon…”

Liliya ki aankhon mein chamak bhar gayi.

Sikandar ne kaha,

“Jab mujhe pehli dafa serum inject hua, to meri gifts enhance ho gayi… aur mujhe ek nayi ability mili — night vision!”

Liliya ka mooh khula ka khula reh gaya,

“Whaaat! Ye to bohot cool hai! Mujhe bhi chahiye!”

Sikandar hans diya,

“Cool to hai, lekin side effects bhi hain. Serum bohot powerful hai. Pehli dafa to main bimaar par gaya tha.”

Liliya ne sir hila kar kaha,

“Haan, samajh gayi… power ke saath dard to aata hi hai.”

Kuch lamhon baad Sikandar ne poocha,

“Tumhari aur Devan ki mulaqat kaise hui? Aur organization kaisi jagah hai?”

Liliya ne apne hont par ungli rakhi, sochne lagi.

Uska ye andaaz Sikandar ke liye distraction ban gaya.

“Hmm… haan yaad aaya!”, usne kaha.

“Jab hum organization ke headquarters gaye thay, to humne wahan ek Enchanter Carcass dekha! Trophy ki tarah sajaya hua. Mujhe lagta hai wo Rank 7 ya 8 ka hoga!”

Sikandar ki aankhen phail gayi,

“Sach? Ye to unbelievable hai!”

Usne socha,

‘Enchanter ko maar dena aasan nahi hota… agar SCO ne ye kar dikhaya hai to wo waqai dangerous log hain…’

Liliya bhi pur-josh thi,

“I know right! Main to abhi tak shock mein hoon!”

Isi dauran, Devan achanak saamne aa gaya.

“Tum log yahan ho? Main tumhe har jagah dhoondh raha tha!”, usne kaha thoda gusse se.

“Bar mein kyu nahi rukay?”

Sikandar ne halka sa muskuraya,

“Uske peeche lambi kahani hai…”

Usne bar wali saari baatein bata di.

Devan ka chehra lal ho gaya gusse se, lekin Sikandar ne uska haath pakad kar kaha,

“Mission pe focus karo. Waqt zaya na karo.”

Devan ne sir hila kar haan ki aur teeno apni journey par nikal paday.

---

⚔️ SCO Headquarters – Meeting of the Messengers

Dusri taraf, Green Messenger ek dark meeting room mein baitha tha.

Uske aas paas baithay thay — Red, Blue, Brown, White aur Black Messengers.

Sab chup. Hawa bhi ruki hui lagti thi.

Phir darwaza khula —

Ek admi andar aaya, sir par black crown aur gardan ke neeche nine-headed crow tattoo.

Ye tha Jax, SCO ka supreme leader.

Uska chehra thanda, qadam bhari.

Wo central kursi par baitha aur kaha,

“Aap sab jaante hain… Dark Moon ke dauran hamara ek pura squad wipe out ho gaya. Batao, kya hua tha?”

Sab khamosh rahe jab tak Black Messenger khada nahi hua.

“Your Majesty,” usne kaha,

“Werewolves aur Shapeshifters ajib tarah se behave kar rahe thay. Alphas apne nests se bahar nikal aaye. Kamzor to thay lekin zyada aggressive. Ye koi natural Dark Moon effect nahi tha.”

Jax ne aankhen tang ki,

“White Messenger, ek squad bhejo. Mujhe asal wajah chahiye.”

“Ji, Your Majesty.”

Phir Red Messenger bola,

“Sebrof ne guilds ko active kar diya hai — wo ab humein openly target karne wale hain.”

Jax ne sir hilaaya,

“Unse frontal combat mat karna. Shadow se kaam lo.”

Sab ne ek saath kaha,

“Yes, Your Majesty!”

Phir White Messenger ne kaha,

“Shapeshifter Kingdom bhi move kar rahi hai. Godking Summit ke baad se unke spies active ho gaye hain.”

Jax ne gahri soch mein kaha,

“Ye bara signal hai. Find out what they’re planning. Agar Shapeshifters hile, to duniya ka balance hil jayega.”

Aakhir mein usne Green Messenger ki taraf dekha,

“Zrolis City ka kya haal hai?”

Green Messenger thoda ghabra gaya,

“Mere log move par hain, Your Majesty. Jaldi hi khabar mil jayegi.”

Jax ne haath hilaya,

Meeting khatam ho gayi.

Usne khamoshi se apni kursi par peeche tek lagayi, aur socha,

‘Humein koi breakthrough chahiye… warna ye jang kabhi khatam nahi hogi.’

Phir dheere se bola,

“Lekin lagta hai, wo waqt abhi door hai…”

____

Ochyra University ke andar…

Rosie abhi-abhi university pohnchi thi.

Emham Forest se aane ka safar itna lamba aur thaka dene wala tha ke uske pair dard kar rahe the.

Aaj ka din to uske liye kisi tufaan se kam nahi tha —

pehle Sikandar aur Adhara ka werewolf me tabdeel hona,

phir achanak Ugrok ka saamna ho jana,

aur uske baad Sikandar ka bina kuch kahe gayab ho jana…

sirf Black Tiger Guild ke log behosh mile.

“Uff… kya din tha!” Rosie ne thaka hua sa saans liya.

Wo bas bed par let kar aankhein band karna chahti thi ke achanak uska phone baj utha.

Be-dili se phone uthate hue boli,

“Hello…?”

Dusri taraf se awaaz aayi,

“Rosie, main hoon…”

Rosie ne pehchaana, “Mom? Aap ne itni raat ko phone kyun kiya?”

Cinta kuch pal ke liye khamosh rahi, phir halki si jhijak ke saath boli,

“Duncan Platchi ka call aaya tha. Wo tumse milna chahta hai… Lucas ke bare me. Tumne usse kuch kiya to nahi na?”

Ye sunte hi Rosie ek dum se jhatka kha gayi,

“Mom! Main kyun Lucas ko maarungi?”

Cinta ne narmi se kaha,

“Pata nahi beta… tumhara usse shaadi ka mamla chal raha tha, aur tum use pasand nahi karti thi. Mujhe bas dar hai ke hum Platchi family ke dushman na ban jayein.”

Rosie ne apni zuban dabai,

wo sach nahi bol sakti thi, aur jhoot bolne ka dil bhi nahi kar raha tha.

“Don’t worry mom,” Rosie ne halki muskurahat ke saath kaha, “sab theek hai.”

Cinta ne sukoon bhara saans liya,

“Accha, mujhe yaqeen hai tum par. Aur Sikandar kaisa hai? Kahin wo phir se kaam me tang to nahi dal raha?”

Rosie ne hansi dabai,

‘Tang? Agar mom dekhe ke wo Kevin Luc se ladne ke liye kitni ajeeb training karta hai…’

phir boli,

“Mom, aap khud hairan reh jaengi jab usse dekhen gi.”

Cinta ke labon par pyari si muskurahat thi,

“Phir main intezaar karungi uss surprise ka,” usne kaha.

Kuch der dono maa-beti ne baatein ki aur phir call kat gaya.

Rosie ne phone rakh kar chhat ki taraf dekha,

‘Lucas Platchi… mar kar bhi chain nahi diya!’

ye soch kar usne zor se apna sar takiye par maara aur neend me doob gayi.

---

Isi waqt…

Adhara akeli rooftop ki taraf ja rahi thi,

phone haath me, aankhon me thodi si thakan thi.

Wo aadhi raat ka sukoon pasand karti thi.

Chandni me baithna ab uska roz ka aadat ban gaya tha.

Jab se wo half-werewolf bani thi, use neend kam hi aati thi —

lekin chand ki roshni uske andar ke tufaan ko shaant kar deti thi.

Aaj sab kuch ajeeb lag raha tha.

Aksar Sikandar uske saath hota tha…

magar aaj wo akeli thi.

Rooftop par pahunch kar Adhara ne un dono ki pasandida jagah par baith gayi.

Chandni uske chehre par pad rahi thi.

Usne gehri saans li,

‘Pata nahi Sikandar ab kahan hoga…’

ye soch kar uski aankhen dheere-dheere band ho gayi.

---

Kuch ghanton baad…

Raat ke andhere me ek siyah gaadi Zrolis City ke qareeb rukti hai.

Chaaro taraf khamoshi thi —

sirf insecton ki halki si creaking awaaz.

Gaadi se Sikandar, Devan, aur Liliya nikalte hain.

Un sab ne kale crow masks pehne hue the,

mask ke daayein taraf ek sabz nishan chamak raha tha.

Jab wo car se utarte hain,

to hawa me ek teekhi badbu thi —

Khoon aur lashon ki badbu.

Devan aur Liliya ne apni naak pakad li,

“Ye to jang ka maidan lagta hai…” Liliya ne ghabra kar kaha.

Phir dono ne Sikandar ki taraf dekha,

jo bilkul aram se chal raha tha, jaise use kuch mehsoos hi nahi hua.

Devan ne poocha,

“Tumhe is badbu se kuch farq nahi padta kya?”

Sikandar ne mask ke neeche halki si muskurahat ke saath jawab diya,

“Main aadat daal chuka hoon… military se nikal kar aaya hoon.

Wahan to khoon ki badbu roti ke saath mil kar khaani padti thi.”

Ye keh kar wo chhup kar aage badh gaya,

Devan aur Liliya ne ek dusre ko dekha,

phir chup-chap uske peeche chal diye.

Raat aur gehri hoti gayi…

aur unke kadmon ki halki halki aahat —

Zrolis City ke khaufnaak sannate me gum ho gayi.

---

⚔️ Zrolis City ⚔️

Guildon ka ittehad ab apne camps bana raha tha — Sikandar se taqriban teen kilometer door, Zrolis City ke south side mai.

Zrolis City deewaron se gheri hui thi, aur har kona Supernaturals ke pehre mai tha. Sheher ke west and south mai gehra dal-dal (swamp) tha jahan mutanted janwar baste the. South mai sheher ke peeche ka raasta (back entrance) tha, jabke East aur North taraf bas ek khula maidan tha jo aankhon se oojhal hota chala jaata tha.

Supernaturals ka mahol bhari aur andheray se bhara tha. Pehli jang mai unhein bohot nuksaan uthaana para tha — guilds ne achanak hamla kar ke unke kai lashkar mita diye the.

Zrolis City bilkul tabah hone ke qareeb thi. Insaanon ne andar ghus kar sheher ko tod daala tha, lekin shukar tha ke Brutal Grey aur uske elites waqt par pohanch gaye aur jang ka rukh palat diya.

Deewarein jal chuki thi, kai jagah darar pad chuki thi — Supernaturals ke liye halat kuch ache nahi lag rahe the.

---

🌑 Sheher ke andar...

BAM!

CRACK!

Sheher ke beechon-beech, Jarvald ghusse se paagal ho raha tha. Har cheez, har ghar, hatta ke bechaare janwar tak — uske raaste mai aate hi kuchal diye ja rahe the.

“SCOUTS ka kya hua?! Wo sab nikamme the kya?!”

Uska garajna poori galiyon mai goonj gaya.

Supernaturals ka hara-bhara lashkar sir jhukaaye khada tha, koi bhi uski aankhon mai dekhne ki himmat nahi kar raha tha.

Tabhi Vivian aage badhi, usne uska haath pakad kar kaha,

“Shant ho jao Jarvald... aakhri petal khilne wala hai. Mera andaaza hai ke Silver Mooncress aaj raat tak poora khil jaayega.”

Jarvald ne khooni aankhon se lashkar ki taraf dekha aur dahada:

“Is raat insaanon par humla hoga! Agar koi nakaam hua, to apni jaan bachane ka khayal bhi na kare!”

Vivian ne thandi saans li aur boli,

“Insaan sochenge ke hum raat mai peechay hat gaye... humein unhein bewakoof banana hoga. Neeche darwaze par kuch low-rank Supernaturals ko bhejo taake dhyaan udhar jaaye, jabke hum baaki sab unke peeche ghusenge.”

Vivian ke hukm par saara lashkar apni jagah chala gaya.

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🐍 Swamp ke Andheray Mai – Sikandar, Liliya aur Devan

Issi dauraan, Sikandar aur uski team sheher ke south swamp se guzarti hui chali gayi.

Dal-dal gehri aur chipakne wali thi. Paani mai ganda, kaala kichad tha aur har kadam ke saath plop plop plop ki awaaz gunj rahi thi.

“Yaar agar pata hota itna kichad hoga to doosre jootay pehenta,” Devan ne naraazgi se kaha.

Sikandar aur Liliya chup chap apne aas-paas ka jaiza le rahe the.

Achaanak—

HISSSSSSS!!

Ek bari saanp, taqriban 20 meter lamba, Devan ki taraf jhapta! Uske daant talwaron ki tarah tez the. Lekin jese hi wo Devan ke paas aaya — teen meter ke faasle par ruk gaya, jaise kisi deewar se takra gaya ho.

Saanp ghur-ghurakar fangs se force field todne ki koshish karta raha, lekin bekaar.

Tabhi—

SHING!!

Hawa mai kuch chamka — ek dhaati sa saya, jise aankh mushkil se dekh paayi. Aur saanp ka sar uske jism se alag ho kar kichad mai gir gaya.

Sikandar ki aankhein khul gayin,

“Ye kya tha...? Aur ye saanp kis se takra gaya tha?”

Devan ne sirf kandhe uchkaaye, jaise kuch hua hi na ho.

Phir Sikandar ne kaha,

“Team hone ke nate humein ek-dusre ki taqat jaanni chahiye. Main khud se shuru karta hoon — mujhe andheray mai sab kuch saaf dikhta hai, super strength aur super senses hain.”

Devan ne jawab diya,

“Main telekinesis use karta hoon. Mere aas-paas teen meter tak ek force field rehti hai. Aur ye mera asal hathiyar hai — Willy.”

Usne ek patli dhaati taar nikaali jo nangi aankh se mushkil se dikh rahi thi.

Sikandar ne socha,

‘To saanp uske force field se takra kar ruka tha… aur phir us taar ne uska sir uda diya.’

Woh taar itni bareek aur tez thi ke hawa ko bhi kaat sakti thi.

Phir uski nazar Liliya par gayi.

Wo sabse zyada curious usi ke powers ke baare mai tha — uska system bhi uski power ko read nahi kar pa raha tha.

Liliya ne dheere se kaha,

“Mujhe nahi pata meri taqat kahan se aayi, lekin main use Red Mark kehti hoon. Main kisi ko chhoon to uske upar ye mark lagta hai — wo ya to kamzor, mazboot, phat ya trace ho sakta hai. Par shart ye hai ke main usse chhoon.”

Phir wo muskurai, “Aur haan, mujhe super speed bhi hai.”

Sikandar ke zehan mai khayal aaya —

‘Red Mark? Ye to Death Mark lagta hai...’

Phir Liliya ne aage badh kar uske kandhe par haath rakha.

Achanak Sikandar ke jism mai ek thanda, ajeeb sa current daud gaya. Uske kandhe par laal naqsh ban gaya jo halki roshni chhod raha tha.

Uske system ki awaaz gunji:

<User ke stats 20% tak barh gaye hain>

Sikandar ki aankhein phat gayin —

“20%?! Ye to mazaak nahi!”

Liliya ne poocha, “Kaisa lag raha hai? Taqat mehsoos ho rahi hai?”

Sikandar ne sir hila kar haan kaha, uske haath bandhe hue the lekin jism mai nayi taqat ka josh daud raha tha.

Phir Liliya ne dobara uske doosre kandhe ko chhua — iss baar Devan ke kandhe ko bhi.

Dono ke upar naye naqsh ubhar aaye, lekin iss baar system ne kaha:

<User ke stats 20% tak ghatt gaye hain>

Sikandar ne zameen ki taraf dekha,

“Ye... ye kamzor bhi kar sakti ho?”

Liliya ne halka sa muskura kar kaha,

“Main keh rahi thi na... Red Mark har cheez ka faisla kar sakta hai — jeena bhi, marna bhi.”

---

Chand ke safed ujale mai swamp ke upar dhund chha gayi thi.

Door Zrolis City ke deewar se Supernaturals ki cheekhein goonj rahi thi — aur teen saaye dheere-dheere jang ke dil ki taraf badh rahe the…

Sikandar ne mehsoos kiya ke uski taqat dheere dheere kam ho rahi hai. Uske kandhe par bane laal nishaan ab asal mein ek parasitic mark ban chuka tha — jo uske jism ki taqat choos raha tha.

Dusri taraf Devan ki aankhon mein chamak thi. Uske jism mein Sikandar ki taqat transfer ho rahi thi aur woh apne aap ko pur-jor mehsoos kar raha tha.

“Ye to kamaal hai! Tum to team ke liye bohot kaam ke niklogi,”

Devan ne muskurate hue kaha, aur bina apni telekinetic power ke paas ke darakht par mukka maara.

BAM!

Darakht joron se gira — tukde tukde ho gaya.

“Tum waqai bohot taqatwar ho Sikandar! Ye sirf 20% power thi na?”

Sikandar muskuraya, magar phir uske zehan mein ek khayal bijli ki tarah kooda.

‘Wait... ye itna excited kyun hai? Agar iska strength 65 hai to usay darakht todne ke liye power use karni chahiye thi...’

Usne apne zehan mein kaha,

‘System, stats kaise calculate kiye jaate hain?’

<Stats are calculated based on the target’s highest ability output...>

Sikandar samaj gaya.

‘To iska matlab, Devan ka strength 65 sirf tab hota hai jab wo apni telekinetic power use kare. Warna bina power ke wo ek aam aadmi ke barabar hai.’

Ye samajhne ke baad Sikandar ne apne system mein dekha — abhi uske paas 15 Attributable Stats bache hue the. Sochne ke baad usne sab ko Strength mein daal diya, aur uska strength 85 points tak pahunch gaya.

Jab teeno ne apni powers aur abilities discuss kar li, to unke kandhon par bane marks dheere dheere gayab ho gaye. Fir wo apne mission par dobara chal diye.

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🌑 Zrolis City ke Peechay Ka Raasta

Kuch der baad unhe Zrolis City ka back entrance nazar aane laga. Wahan sab kuch khamosh tha, koi Supernatural nazar nahi aa raha tha.

‘Lagta hai sab front par dhyaan de rahe hain jahan guilds ne camp lagaye hain,’ Sikandar ne socha.

Lekin jaise hi wo aage badhne lage, Sikandar ke Supernatural senses ekdam se trigger ho gaye.

Usne achanak apna jism ghumaya — aur dekha, unke peeche andheron se do laal aankhein unhe ghur rahi thi.

Devan aur Liliya ne bhi peeche dekha. Unhe pata tha, Sikandar ke senses par bharosa kiya ja sakta hai.

Andheron se ek creature dheere dheere saamne aaya. Uska jism baalon se bhara hua, daanton se khoon tapak raha tha, aur uske chehre par itni badsoorat shakl thi ke aam insaan to bas dekh kar behosh ho jaaye.

Lekin Sikandar ke team ke liye ye bas ek aur shikar tha.

Sikandar ki aankhein chamak uthiं —

<Lok>

Race: Grendel (Adult)

Power: Peak Rank Four - Night Crawler

Strength: 110

Agility: 45

Endurance: 60

Mental: 50

Intelligence: 0

‘Grendel...?’ Sikandar ne hairani se socha.

Usne pehle kabhi is tarah ka Supernatural nahi dekha tha, magar stats dekh kar use zyada khatra mehsoos nahi hua.

Grendel ne garaj kar un par jhapatna chaha — lekin uske pehle hi Liliya ne Sikandar ko mark kar diya aur bijli ki raftaar se aage badh gayi.

Uska jism hawa mein ek laal chamak ke saath gaib hua, aur agle hi lamhe wo Grendel ke saamne thi.

Usne apna haath uske mathe par rakha — ek red mark ubhar aaya — aur usne zor se kick maari.

BAM!!

Grendel hawa mein uchhal gaya, aur khoon uske muh se uchhal kar zameen par gira.

Sikandar hairan reh gaya,

“Ye Liliya... ye to bilkul alag lag rahi hai. Ye kab se itni fierce ho gayi?”

Grendel ne dard se garaj kar Devan ki taraf jhatka mara.

Devan ne turant Willy, apni steel string ko control kiya. Wo dori jaise dance karte hue Grendel ke ird-gird lapet gayi aur use hawa mein rok diya.

Devan ki aankhon mein ek shikari chamak thi.

Usne string ko aur tight kar diya —

Grendel dard se cheekhne laga, uska jism chhil gaya, khoon tapakne laga, aur uski laal aankhein dhundhli pad gayi.

Tabhi system ne announcement di:

<User’s Stats Increased by 20%>

Sikandar ne mehsoos kiya ke ek nayi taqat uske jism mein daud rahi hai. Liliya ke mark aur uski passive ability ne mil kar uski taqat ko aasmaan tak pohcha diya.

Grendel ab bilkul be-bass hawa mein latak raha tha.

Sikandar ne ek gehri saans li, zameen uske pairon ke neeche se crack ho gayi — aur wo ek chhalang mein upar pahunch gaya.

Chandni uske peeche chamak rahi thi.

Grendel ka dil dahal gaya — agar wo bol sakta, to shayad ab raham ki bheek maangta.

Sikandar ke naakhun lambe hue, aur usne aik hi vaar mein Grendel ka sir kaat diya.

Khoon ka fawwara zameen par gira — aur hawa mein ek perfect battle scene tayar ho gaya.

Devan ne apni string ko aur kas diya, aur Grendel ka jism phat kar tukde tukde ho gaya.

Grendel ka sir zameen par thud ke saath gira — uske chehre par ab bhi darr likha hua tha.

Sikandar, Liliya aur Devan khamoshi se us jagah se guzre. Unhone kuch kaha nahi, lekin unke chehron par ek hi jazba tha —

“Ab hum taiyaar hain. Jo bhi saamne aayega, wo bachega nahi.”

Unka jazba, unka bharosa — aur unka mission — ab ek nayi raftaar le chuka tha.

---

Grendel ko maarne ke baad, Sikandar ki team ne Zrolis City ke back entrance ki taraf rukh kiya.

Wo raasta lakri ka bana hua tha — kamzor aur asaani se todne layak.

Chup chaap chal rahe thay jab Sikandar soch mein doob gaya,

“Meri claws itni lambi kaise ho gayi thi us waqt? Achha hua maine foran cover kar liya warna Liliya aur Devan dekh lete… Shayad ye us evolution ka asar hai jo kuch der pehle hua tha?”

Jab wo log Zrolis City ke peeche wale gate ke kareeb pohnche, to ruk kar dekhne lage ke wahan halat kya hai.

🧱 Deewar ke Upar

Sikandar ne kuch Supernatural guards dekhe —

unke jism par hare baal the, neeche ke jabre se ek lambi dant nikal rahi thi,

aur moonh se larr-te hue thook tapak raha tha.

Wo insano se do guna bade aur darawne lag rahe the.

“Trolls!” Sikandar ne socha.

Phir uske zehan mein sawal aaya,

“Ye trolls peechay kyu kharay hain guard ban kar? Inki to aankhein bhi kamzor hoti hain. Ye koi dushman aata hua dekhi nahi sakte… Shayad unki smelling sense achhi hoti hai, isi liye unhe yahan rakha gaya hai.”

Chaar trolls thay — sab ke sab Rank 2 ke power ke saath.

Do trolls deewar ke dono kinare par thay, aur do seedha gate ke saamne.

Teeno (Sikandar, Liliya aur Devan) ne sir hila kar plan confirm kiya —

aur blink! — teenon ek saath gayab ho gaye.

⚔️ Shadow Attack

Sikandar aur Liliya, hawa ki tarah khamoshi se deewar par chadh gaye.

Kisi ne unhe mehsoos bhi nahi kiya.

Sikandar ne daaye taraf ke troll ko target kiya —

usne troll ka sar pakda aur crack! ek jhatke mein kuchal diya.

Bas halki si haddiyon ke tootne ki aawaz hui — aur troll wahin mara gaya.

Liliya, doosri taraf, zyada brutal thi.

Wo troll ke bilkul peeche aayi aur uska vocal cord kaat diya.

Slash!

Troll ne cheekhne ki koshish ki, lekin awaaz uske gale mein hi mar gayi.

Liliya ke hont par ek khofnaak muskurahat aayi,

usne dagger troll ke thoday ke neeche ghusa diya,

aur aankhon mein aankhein daal kar dheere se uska kaam tamaam kar diya.

Do trolls ab bhi bache thay — jo gate ke samne kharay thay.

Unse nipatna Devan ka kaam tha.

Door se Devan ne apni telekinetic control se Willy ko bheja.

Willy itna patla aur invisible tha ke Sikandar jaise tez nazar wale ko bhi mushkil se dikhta.

Willy dheere-dheere unke paas aaya...

Jab tak trolls kuch samajhte — slash! unki gardane kat chuki thi.

Unhone hairani se ek dusre ki taraf dekha…

aur phir unke sar zameen par thump! karke gir gaye.

Ek bhi awaaz nahi hui.

Chaar trolls khamoshi mein mare gaye.

Sikandar, Liliya aur Devan — teenon ek expert assassins jaise lag rahe thay,

jo Supernaturals ke ilaqe mein ghoomte hue maut likh rahe the.

Jab unhone laashein hata di, to ab wo andar ghus sakte thay.

🏙️ Zrolis City ke Andar

Zrolis City ke andar ghusne par unhe door se kuch shor-sharaba sunai diya —

jaise beech sheher mein koi jang chal rahi ho.

Wo teenon chhaton se chhaton par jump karte hue aage badhe.

Unke pairon ki halki si thump bhi Devan ne apni telekinesis se mute kar di.

Pure sheher mein unki koi khabar nahi hui.

Beech sheher pohnch kar jab unhone jhaanka —

to saamne ka manzar dekh kar dam ruk gaya.

Hazaron Supernaturals ek jagah jama thay!

Aur beech mein ek Werewolf tabahi macha raha tha —

ghar tod raha tha, logon ko cheer raha tha, aur har cheez ko tabaah kar raha tha.

“Woh hi hoga… Brutal Grey,” Devan ne dheemi awaaz mein kaha.

Sikandar ki aankhen lal ho gayi.

Jab bhi wo Werewolf dekhta, uske andar ka purana zakhm taaza ho jaata.

Uske dimag mein wohi scene chalne lagta —

jab ek Werewolf ne uske maa-baap ko uski aankhon ke samne maar diya tha.

Usne chhat ke pathron ko kas ke pakad liya —

uske hath ka gussa chhup nahi raha tha.

Lekin phir usne khud ko sambhala.

Usne apni system ki taraf dekha:

<Jarvald>

Nasl: Ancient Slate Werewolf

Power: Peak Rank Seventh - ???

Mental: ???

Strength: ???

Agility: ???

Endurance: ???

Intelligence: ???

Sikandar ne gehri saans li,

“Ye… bahut zyada powerful hai,” usne khud se kaha.

Phir usne dekha ek aurat jaisi Werewolf — Jarvald ke paas —

jo uske sath strategy discuss kar rahi thi.

Sikandar heran reh gaya ke wo kitni chalak aur calm lag rahi thi.

Uska dil chahta tha ke foran human guilds ko bataye,

lekin mission ke rules ke wajah se wo kuch nahi kar sakta tha.

Tabhi, horde achanak alag-alag dishaon mein fail gaya.

Sikandar aur uski team ne apni presence bilkul chhupa li,

Devan ne unke aas-paas ka hawa ka pressure badal diya taake koi unhe mehsoos bhi na kare.

Jab Supernaturals chale gaye,

Sikandar ne dheere se eavesdrop kiya —

_____

“Zegrath kahan hai? Mujhe use kehna hai ke wo ek letter likhe,”

Jarvald ne us Werewolf aurat — Vivian — se kaha.

Vivian ne bhauen chadhai,

“Usay maine bhi nahi dekha. Kahin gaya to nahi?”

Phir usne paas kharay ogres ko dekha,

“Tum log! Zegrath ko dhoondo aur foran mere paas lao!”

Ogres ne sir hila kar farman maana aur nikal pade.

Sikandar ne yeh sab dekha aur uske andar aik naye plan ka idea ubharne laga —

ab Zrolis City ke andheron mein kuch aur bhi zyada khatarnaak hone wala tha...

"Main Silver Mooncress ke khilne ka intezaar karunga, agar kuch hota hai to mujhe batana,"

Jarvald ne kaha aur East ki taraf chala gaya.

______

Sikandar ne bhunwain charhate hue kaha,

"Liliya, yeh log kis cheez ke baare mein baat kar rahe the?"

Liliya ne kandhe uchaaye, "Mujhe to nahi pata, tumhein?"

Sikandar ne jawab diya, "Nahi... Ochyra University ke kisi class mein ‘Silver Mooncress’ ka zikr nahi aaya tha."

Devan ne kuch der socha, phir achanak us ne ungli chhati aur kaha,

"Agar mujhe theek yaad hai, to Silver Mooncress ek aisi jari-booti hai jo White Rye ke bilkul ulat hai. White Rye to Werewolves ke liye zehr ke barabar hoti hai, lekin Silver Mooncress chand ki barkat se paida hoti hai. Yeh ek Rank Five mutated plant hai, lekin agar ise kisi khaas chand ne barkat di ho to yeh Rank Eight tak bhi pohanch sakti hai."

Sikandar ke chehre par dilchaspi chamak uthi,

‘Rank Five plant? Agar main ise absorb kar loon to meri taqat kitni barh jaayegi…?’

Liliya ne dur ishaara karte hue kaha,

"Jarvald usi taraf gaya tha, shayad Silver Mooncress bhi wahi khil rahi ho."

Sikandar ne sar hilaaya, "Pehle hum us important Supernatural ko dhoondhte hain, phir us taraf jayenge."

Teenon ne apna apna rukh liya.

Sikandar north ki taraf chala gaya — bilkul khamoshi se, saayon mein ghul kar.

Uski aankhen idhar-udhar phir rahi thi — woh Haltija ko dhoondh raha tha, kyunke Haltija aksar kisi powerful Supernatural ke paas hote hain.

Kuch minute tak chhato par uchhalte hue jab woh beech sheher aaya to uska sabr tutne laga — koi pata nahi chal raha tha.

Lekin phir... ek kamzor si cheekh ne uska dhyaan kheench liya.

Woh us awaaz ke peechhe chala gaya — aur dekha ke ek jhuggi ke peechhe insani qaidiyon ka ek jhund pada tha.

Kuch khoon se latpat the, kuch ke haath pair katay hue, aur sab ke haath rasse se itne kas ke bandhe hue the ke neelaapan aa gaya tha.

Sikandar ka dil bhar aaya. Usne chaaha ke sabko azaad kar de,

lekin usse pata tha ke agar ab zara si ghalti hui to pura operation barbaad ho jaayega — aur woh khud bhi nahi bachega.

Jab woh palatne hi wala tha, ek Haltija chamakte hue roshni ke saath ek makaan se bahar nikla.

Uske saath teen aur Haltija the — aur unke darmiyan ek aurat chal rahi thi.

Sikandar ne aankhen tez ki — woh ek Vampire thi, safed jild, khoobsurat chehra, aur chhupte hue fang uski pehchaan bana rahe the.

Usne apni system ki nazar se scan kiya:

<Calidora Silvan Blodirra>

Race: Ancient Vampire – Teen Pawn

Power: Mid Rank Four – Blood Magician

Mental: 55

Strength: 38

Agility: 50

Endurance: 45

Intelligence: 100

Uske peechhe jo chaar Haltija the — sab Rank Four ke the.

Laal waale ke paas intelligence sabse zyada thi,

Hara waala chust aur tez,

Neela waala mazboot endurance wala,

Aur bhura waala brute strength ka malik.

Sikandar ne dheere se kaha,

"Perfect team guarding a princess… huh."

Calidora ne qaidiyon ki taraf dekha — uske chehre par fikr ka saaya tha.

"Laal Haltija ne kaha,"Princess, humein nikalna chahiye. Humans dobara hamla kar sakte hain. Yeh jagah mehfooz nahi hai."

Calidora ne jawab nahi diya, balki qaidiyon ke paas gayi.

Sikandar ka dil tez dhadakne laga —

‘Kya yeh ab inhe maarne wali hai…?’

Usne aankhen band kar liin, intezaar karte hue ke cheekh sunai degi —

Magar... cheekh kabhi nahi aayi.

Usne dheere se aankhen kholiin,

aur dekha ke Calidora un qaidiyon ke haath khol rahi thi!

Woh unke rasse narm kar ke, unhe narmi se uthne mein madad de rahi thi.

Qaidiyon ke chehre par yaqeen ka koi asar nahi tha —

lekin Calidora muskurayi aur chup chaap palat gayi.

Sikandar ki aankhen phat gayin —

‘Yeh... yeh to unhe bacha rahi thi?’

Uske Haltija ne gussa kar kaha,

"Princess! Humans ke saath naram dil hona khatarnaak hai!"

"Unke liye reham tumhe tabah kar dega!"

"Humans tumhari meharbani ka jawab maut se denge!"

Calidora ne halki si hans kar kaha,

"Sab humans bure nahi hote... jaise hum mein bhi ache aur bure hote hain, waisa hi unmein bhi hota hai."

Haltija ne sar jhuka diye, be-bas ho kar.

Sikandar ne yeh sab dekha aur gehri saans li,

‘Mujhe yeh sab Liliya aur Devan ko batana chahiye…’

---

Kuch der baad, teenon phir Zrolis City ke markaz mein mile.

Liliya ne poocha,

"Kya mila?"

Sikandar ne kaha,

"Ek Vampire mili hai — chaar Rank Four Haltija uske saath hain. Shayad woh princess hai, aur woh ab sheher se nikal rahi hai."

Devan ne kaha,

"Main ne dekha ke Jarvald ke paas waqai ek Silver Mooncress hai jo Dark Moon ke energy se bhara hua hai. Lekin ab humein pehle us Vampire ko capture karna hoga."

Teeno ne faisla kiya — aur Calidora ke peeche bhag nikle.

Kuch waqt baad unhone dekha ke Calidora aur uske Haltija Zrolis City ke back entrance ke paas ruk gaye hain.

Laal Haltija ne hawa soonghte hue kaha,

"Princess… mujhe khoon ki boo aa rahi hai. Humein ehtiyaat se aage badhna chahiye."

Calidora ne poocha, "Kya humans ne yahaan ambush lagaya hai?"

Neela Haltija ne jawab diya, "Pata nahi, lekin kuch to ghalat hai."

"Princess, mujhe ijazat dein,"

bhure Haltija ne kaha aur Calidora ko uthakar apni peeth par bithaya.

Phir chaaron Haltija usay le kar sheher se bahar daud pade —

unke chehre par sirf ek jazba tha: Princess ki hifazat.

Unke jaane ke thodi der baad,

teen kaale saaye Zrolis City ke andheron se nikal kar unke peechhe daud pade...

---

Important Note

Aaj ke liye itnah hi. I hope app sub ko yeh update be pasind ahye gah..

Important baat yah hain ke abi 1 new pack member ahne wala hai.

To us ka name muje samaj nahi ah rahi ke kya rakhon.

Kyo ke wo khaas member hone wala hai aur pack ka sub se khatrnak aur brutal member be.

Aur wo male ho gah ye b bata don..

Ap sub kuch suggestion do..

Baki apna likes target apne is bar 35 aut next update mega update be ho ga..

Apne review zaror diya karo friends..

Milty hai next update par tab tak ke liye.

Bye and thanks.
 
थैंक्स स्टोरी पसंद करने के लिए..

बीआरओ बतया था के मैं जॉब बी करता हों. और 1सत 2 वीक वर्क ज़ादा होता है. पीर बे टाइम निकल क अपडेट लाज़मी देता हों. वो बी छोटा अपडेट नहीं होता. काफी लम्बा अपडेट होता है.

टुनाइट अपडेट दे डॉन गए बूत episode no 32 मेगा अपडेट हो गह लेकिन उस के लिए मुझे टाइम चाहिए कुछ. इस लिए 32 episode लेट हो जाये गह कुछ दिन..
 
Episode 31

कैप्चरिंग कालिडोरा

जब हॉटिफ्स रुके, तो सिकंदर एक लम्हा के लिए सोच में पद गया.

उसके ज़ेहन में ख्याल आया, “अगर ये लोग शहर में hi रुक गए, या फिर होरडे के साथ वापस चले गए तो कालिडोरा को पकड़ना मुश्किल हो जायेगा.”

खुदा का शुक्र था के हॉटिफ्स ने ऐसा नहीं किया.

शायद उन्हें अपनी ताक़त पर इतना भरोसा था के वो कालिडोरा को खुद hi बचा लेंगे — या फिर उन्हें इंसानो के गुइल्ड्स के हमले का ज़्यादा डर था.

जो भी हो, ये सिकंदर के लिए सबसे बेहतरीन मौक़ा था.

वो तीनो — सिकंदर, लिलिया और देवन — हॉटिफ्स के बिलकुल पीछे पीछे चले.

उनके दरमियान एक सेफ फासला था ताके वो उनकी नज़र से बच सकें.

देवन ने धीमी आवाज़ में कहा,

“हम इंतज़ार करते हैं जब तक वो शहर से काफी दूर नहीं चले जाते… अगर उनका राब्ता होरडे से हो गया तो हम सब मुश्किल में पद जाएंगे.”

सिकंदर ने सर हिला कर हाँ की.

लिलिया ने भी चुप चाप तस्दीक़ की.

थोड़ी देर बाद हॉटिफ्स ने दिशा बदली — वो दलदल (स्वाम्प) की तरफ जा रहे थे.

ये देख कर सिकंदर के चेहरे पर शके की लकीरें उभर आयी.

“ये इस तरफ क्यों जा रहे हैं? साउथ की तरफ नहीं जाना था इन्हें?”

वो तेज़ी से हिलते हुए पेड़ों के दरमियान से गुज़रे.

सिकंदर की नज़र उन पर तिकी हुई थी, चाहे स्वाम्प कितना भी घाना था.

फिर अचानक —

हॉटिफ्स ने एक तेज़ मोर लिया, और चार से तीन रह गए.

सिकंदर तुरंत रुक गया, पानी छपाक से उतरा,

“मुझे लगता है उन्हें हमारा एहसास हो गया!”

देवन और लिलिया ने भी रुक कर आसपास देखा.

वो अब एक बड़े पेड़ के जड़ों पर खड़े थे, चारो तरफ पानी था.

आगे हॉटिफ्स दूर निकल रहे थे.

सिकंदर गरज कर बोलै, “हम रुक नहीं सकते! अगर वो बहुत दूर चले गए तो कालिडोरा हाथ से निकल जाएगी!”

लेकिन उसके कहने से पहले hi —

स्प्लैश!!

एक नीला हालतीजा पानी के अंदर से फटा,

उसका जिस्म पानी के जादू से घूमता हुआ स्पाइरल बन गया.

पानी की धार इतनी तेज़ थी के जैसे छुरियां चल रही हूँ.

स्वूश!!

वो सीधा सिकंदर पर झपटा —

शायद उससे लगा सिकंदर इन तीनों में सबसे कमज़ोर है.

लेकिन सिकंदर ने तुरंत अपना स्किल एक्टिवटे किया,

एक सफ़ेद चमक उसके हाथ पर उभरी जिसमें हलकी सी चंडी जैसी रौशनी थी.

उसका क्लॉ उस एनर्जी से लपेट गया.

“फाॅर्स बीम!”

बूम!!

हवा का धमाका, पानी का तूफ़ान — दोनों एक साथ!

धमाके से आसपास का स्वाम्प हिल गया, पेड़ गिर गए, और पानी सुनामी की तरह उछाल गया.

देवन परेशां हो गया, वो पानी के धार से दूर जा गिरा,

“ये क्या था?!” उसने चीख कर कहा.

लिलिया ने चालाकी से छलांग लगायी, वो एक पेड़ के ऊपर उतर गयी.

उसकी नज़र कालिडोरा पर थी जो और दूर निकल रही थी.

फिर उसका जिस्म हलकी रौशनी में घुला —

और एक पल में वो ब्लू हालतीजा के पास पोहंच गयी.

उसने उसका हाथ पकड़ कर उसपे एक लाल निशाँ छोड़ दिया.

वो निशाँ गोला जैसा था जिसके ird-gird ज़ंजीर की शक्ल का पैटर्न था.

वो चमक रहा था — जैसे अंधेरे में लाल बिजली.

ब्लू हालतीजा ने सिकंदर को दूर धकेल दिया और दोबारा पानी में घुस गया.

सिकंदर आसपास देखता रहा, लेकिन उसकी आँखें उसे पानी के नीचे नहीं ढून्ढ पायीं.

“सिकंदर! उससे भूल जाओ, वो सिर्फ हमें रोकने के लिए आया है!”

लिलिया चीख कर बोली, “मैं ने उसपर निशाँ लगा दिया है, मेरे पीछे आओ!”

उसने सिकंदर पर भी वही लाल निशाँ बनाया.

तुरंत एक सिस्टम मैसेज आया:

<यूजर के स्टैट्स 20% बढ़ गए!>

सिकंदर ने महसूस किया के उसके पेअर बिजली की तरह तेज़ हो गए हैं.

वो देवन के साथ लिलिया के पीछे भागता गया.

तीनों के पैरों के थप थप से ज़मीन हिल रही थी,

उनके जिस्म हलकी लाल रौशनी छोड़ रहे थे.

लिलिया की आँखें हॉटिफ्स पर जमीं हुई थी,

जबकि सिकंदर पानी में छुपे ब्लू हालतीजा के लिए होशियार था.

“सिकंदर! उन्हें नज़र से गायब मत होने देना!” लिलिया ने कहा.

फिर अचानक वो चीखी —

“सब लोग छलांग लगाओ!”

बिना एक पल के देर किये,

सिकंदर और देवन ने लिलिया के साथ एक साथ छलांग लगायी —

और दलदल का पानी फिर से एक बार गरज उठा...

जैसे hi वो लोग जम्प करते हैं, पानी के अंदर से एक ब्लू हालतीजा अचानक बहार निकलता है और बिजली की तरह उन पर झपटा है — लेकिन अगले hi लम्हे वो हैरान रह जाता है.

उसका वॉर बिलकुल खली जाता है, क्यूंकि सिकंदर और उसकी टीम पहले hi हवा में उछाल चुकी होती है.

नीला हालतीजा गुस्से में दांतों को भींचते हुए वापस गदले पानी में चला जाता है. अब वो baar-baar पानी के नीचे से हमला कर रहा है, लेकिन हर दफा उसका निशाना चूक जाता है —

सिर्फ लिलिया की वजह से.

लिलिया हर बार पहले hi उसकी मूवमेंट को समझ जाती है. अजीब बात ये है के वो एक पल के लिए भी उस हालतीजा की तरफ देखती नहीं.

अब हालतीजा की आँखें लाल हो गयी थी — गुस्सा उसके चेहरे पर साफ़ दिख रहा था.

सिकंदर की टीम अब कालिडोरा के बिलकुल करीब पहुँच गयी थी, और हालतीजा जानता था के अगर अब रोक न सका तो सब ख़तम.

उसने लिलिया की तरफ खून भरी आँखों से देखा और पानी के नीचे डूब गया.

उसकी आँखें नीली चमकने लगी, और अचानक पानी का सारा मन उसके आस पास से खींच लिया गया.

"वाटर गॉडेस लिलिअ, हीड माय कॉल… ग्रेट मैजिक — वाटर समिटे!"

उसकी आवाज़ पानी के अंदर गूँज उठी.

---

ज़मीन पर,

सिकंदर, लिलिया और देवन झाड़ों के मोटे रूट्स पर दौरते हुए आगे बढ़ रहे थे.

सब कुछ ठीक चल रहा था के अचानक सिकंदर ने एक अजीब एनर्जी महसूस की.

उसने झट से पानी की तरफ देखा — और चीखा,

“वाच आउट!!”

लेकिन देर हो चुकी थी.

💥 बूम!

एक बड़े से पानी के ट्रिडेंट ने सरफेस तोड़ दी, और सीधा देवन के फाॅर्स फील्ड से टकराया.

बंग!!

देवन हवा में उलट गया और ज़ोर से पानी में गिरा, ट्रिडेंट ने उसे नीचे के ताल तक जाकर जमीन से पिन कर दिया.

“देवन!!” लिलिया चीखी, उसके चेहरे पर घबराहट थी.

‘यह पहला मिशन ऐसे ख़राब नहीं हो सकता… मुझे फ्लॉलेस परफॉरमेंस चाहिए थी ताके वो मुझे नोटिस करे!’ उसने सोचा, उसका दिल तेज़ धड़क रहा था.

सिकंदर ने नीचे देखा — देवन सांस लेने के लिए जूझ रहा था.

“मुझे कुछ करना hi पड़ेगा…” उसने सोचा.

“पुरे ब्रेस ऑफ़ मूनलाइट!”

🌕 रौशनी से भरा चाँद का नूर उसके आस पास इकठ्ठा होने लगा.

उसका जिस्म चमकने लगा, मसल्स उभर आये, और आँखें नीली रौशनी से जगमगाने लगी.

<User’s स्टैट्स इंक्रीसेड बी 25%>

---

सिकंदर बिना वक़्त जाया किये पानी में छलांग लगता है.

अंदर घुस कर उसे तुरंत महसूस होता है — यह मैदान उसका नहीं है, यहाँ हालतीजा का राज है.

देवन के पास पहुँचते hi, वो देखता है — ट्रिडेंट अब भी उससे जमीन से चिपका हुआ है.

उसने पकड़ने की कोशिश की —

शहहह!

ट्रिडेंट पानी का वोर्टेक्स बन गया और उसके हाथ काट दिए.

खून पानी में फैल गया.

सिकंदर दांतों को भींचते हुए सोचता है, ‘दर्द सेह लो, देवन को बचाना है!’

वो फिर से दोनों हाथों से ट्रिडेंट पकड़ता है.

ट्रिडेंट फिर से पागल हो गया, जैसे उससे छूने hi जुर्म हो.

पानी के बीच में वो दोनों ताक़त लगा कर खींचने लगते हैं.

“रार्घ!!” सिकंदर गरजता है.

बबल बढ़ जाते हैं, और आखरी ज़ोर लगते hi ट्रिडेंट जमीन से निकल आता है —

और फिर पानी बन कर बिखर जाता है.

---

देवन बेहोश होने के क़रीब था.

सिकंदर ने उसे उठाया, लेकिन तभी उसकी नज़र कुछ और पर पड़ती है —

नीला हालतीजा दोबारा ज़िंदा जाग उठता है, उसकी आँखों में खून उबाल रहा है.

लेकिन उसके पीछे…

दो बड़े पीले गोले दीखते हैं — जैसे दो सूरज अँधेरे में चमक रहे हों.

हालतीजा पल भर के लिए जैम गया.

उसने पीछे देखा — और उसका चेहरा सफ़ेद पद गया.

अगला लम्हा —

क्रंच!!!

एक बड़ी सी मख्लूक़ ने उसे आधा निगल लिया.

उसका उप्पेर बॉडी बस एक लम्हे में उदा गया, और उसका खून पानी को लाल कर गया.

सिकंदर और देवन दोनों के शरीर काँप उठे.

“यह… यह क्या था? यह सुपरनैचरल नहीं था…”

उसके अंदर खौफ की लहर दौड़ गयी.

बिना सोचे समझे उसने देवन को पकड़ा और पानी से बहार उछाल गया.

“चलो! चलो! निकलते हैं यहाँ से!!”

वो दोनों एक बड़े दरख़्त पर चढ़ गए, भीगे और सांस छोटी होती जा रही थी.

देवन ज़मीन पर बैठ कर खांसने लगा,

“यह क्या चीज़ थी, सिकंदर?”

सिकंदर ने गहरी सांस ली और कहा,

“पता नहीं… लेकिन यह सुपरनैचरल नहीं था. यह… कुछ और hi था.”

देवन की आँखों में खौफ था,

“तब तो वो… एक कुर्सेद क्रेअटुरे था.”

ये नाम सुनकर सिकंदर चुप हो गया.

कुर्सेद क्रीचर्स — वो मख्लूक़ जो न जादू से मरती हैं, न तलवार से मरती हैं.

जो मिल जाये, ज़िंदा बच कर निकलना मुश्किल.

सिकंदर ने नीचे देखा — पानी अब भी गदला और खामोश था.

“लिलिया का सेंट मुझे पास से आ रहा है,” उसने कहा. “वो शायद हालतीजा का पीछा कर रही है.”

फिर उसने नीचे देखा —

सिर्फ पानी, कहीं कोई रुट नहीं.

पसीना उसके माथे पर आ गया,

“लेकिन… हम यहां से निकलेंगे कैसे?”

वो दोनों एक पेड़ पर फंसे हुए थे, चारो तरफ सिर्फ अँधेरा और खामोश पानी.

और पानी के नीचे — कोई चीज़ अब भी ज़िंदा थी, कोई नहीं जानता था…

---

सिकंदर और देवन दोनों कपकपा रहे थे, आँखों के सामने सिर्फ वह अँधेरा सा पानी था जिसमें मौत छुपी लग रही थी.

उन दोनों के लिए वह पानी किसी जलाते हुए वोल्केनो से काम नहीं लग रहा था — एक ऐसी जगह जहाँ क़दम रखना मतलब मौत को बुलाना था.

उस पानी के अंदर जो मख्लूक़ थी, उसका खौफ उनके दिलों तक उतरा हुआ था. ऐसा लग रहा था जैसे वह सिर्फ तब निकलती है जब कोई उसके सुकून को बिगाड़ता है.

“अब क्या करें...?” देवन ने पुछा, उसका चेहरा सफ़ेद पद चूका था, और सांस तेज़ी से चल रही थी.

सिकंदर ने सोचा, "देवन के पास टेलेकिनेसिस का पावर है... अगर चाहे तो हमें हवा में उठा कर इस पानी से गुज़ारा सकता है. लेकिन इस हालत में... मुश्किल है."

उसने सिस्टम का इंटरफ़ेस खोला और शॉप में स्क्रॉल करने लगा, कुछ ऐसा जो देवन की मेन्टल एनर्जी वापस ला सके.

कुछ देर बाद उसकी नज़र एक आइटम पर टिक गयी —

< Low-Grade मेन्टल एलिक्सिर – 100 गोल्ड >

थोड़ी सी मेन्टल फटीग दूर करता है. ैलक्लोट और प्लीजेंट वाटर मिला कर बनाया जा सकता है. ज़्यादा तर उन लोगों के लिए फ़ायदा मंद जो दिमाग से पावर उसे करते हैं.

सिकंदर ने बिना वक़्त जाया किये अपनी छाती के पास हाथ डाला जैसे वहां कुछ छुपा हो.

फिर उसने दो छोटी शीशियां निकाली जिनका गिलास बिलकुल साफ़ था, किनारे पर स्पाइरल का नक़्श और अंदर हल्का सा ग्रे लिक्विड. कोई खुशबु नहीं, लेकिन एक अजीब से ठंडक का एहसास.

“देवन, क्या तुम हमें उदा सकते हो? मेरे पास कुछ है जो मदद करेगा,” सिकंदर ने कहा और दोनों बॉटल्स उसके सामने की.

देवन ने हैरानी से देखा, “मैं कोशिश तो कर सकता हूँ, लेकिन ज़्यादा दिएर तक कण्ट्रोल नहीं रख पाउँगा.”

फिर उसने उन शीशियों को देखा, आँखों में क्यूरोसिटी थी.

“यह क्या है? पहली दफा देख रहा हूँ ऐसा एलिक्सिर.”

सिकंदर ने हल्का सा मुस्कुराते हुए कहा, “थोड़ा... क्लासिफाइड आइटम है. किसी को बताना मत.”

देवन ने तुरंत सर हिला दिया जैसे किसी राज़ का हिस्सा बन गया हो.

उसने गहरी सांस ली, फिर ध्यान लगाया.

एक नरम सी हवा का डेरा उन दोनों के ird-gird छ गया. सिकंदर ने महसूस किया जैसे कोई नफ्साती बल उसके जिस्म को हलके हलके उठा रहा हो.

धरती धीरे धीरे उनके पैरों से दूर होती गयी. देवन के चेहरे पर सख्त कंसंट्रेशन था, पसीना टपक रहा था, मगर उसकी आँखों में इरादा मज़बूत था.

मीटर दर मीटर वो हवा में तैरते हुए आगे बढ़ने लगे.

सिकंदर नीचे देखता जा रहा था — हर पल उससे लग रहा था के पानी के अंदर से कुछ दांतों वाला जानवर उन्हें खा न ले.

लेकिन अचानक —

पानी के बीच से एक भयानक साया उभरने लगा.

वह धीरे धीरे पानी से बहार निकल रहा था, लेकिन कोई आवाज़ नहीं.

किसी को लगा hi नहीं के इतनी बड़ी चीज़ वहां मौजूद है.

सिकंदर ने उसे पहले नहीं देखा — और जब देखा भी, तब देर हो चुकी थी.

वह साया उनके इतना पास आ चूका था के उनके पीछे उसकी सांस की गर्मी महसूस हो रही थी.

देवन ने आँखें पहाड़ दी. दोनों ने एक साथ महसूस किया...

उनके पीछे कुछ है.

आँखें मिली — दोनों ने हिचकिचाहट के साथ पीछे देखा...

और दोनों के जिस्म से जान निकल गयी!

पानी से उभरता हुआ वह कला जानवर इतना बड़ा था के उनके लेवल तक आया हुआ था — जैसे आसमान तक लम्बा साया.

उसकी आँखें ब्लू रौशनी छोड़ रही थी, और पूरा जिस्म काले स्केल से ढाका हुआ.

उसके जिस्म से कोई काली चिपचिपी लहर निकल रही थी — और अब समझ आया के पानी इतना मुरकी क्यों था!

वह सांप जैसा जानवर, जितना लम्बा एक पूरी ट्रैन होती है, उतना hi उसका शरीर था!

पानी में उसका आना मतलब पूरी दुनिया का काला पद जाना.

सिकंदर ने अपने अंदर से चिल्लाने की कोशिश की, लेकिन आवाज़ नहीं निकल सकीय.

---

इस दौरान...

रोसिए अपने हॉस्टल के कमरे में ठीक से सो नहीं प् रही थी.

“यह बेचैनी क्यों हो रही है... कहीं सिकंदर किसी मुश्किल में तो नहीं?” उसने सोचा.

वह उठ कर छत पर जाने का फैसला करती है.

रात का वक़्त था, यूनिवर्सिटी में ख़ामोशी छायी हुई थी. रोसिए अपना फ़ोन हाथ में लिए चल रही थी, जैसे hi एक आर्टिकल पर ध्यान दिया —

बुम्प!

“अहह!” उसके मुंह से निकला और वह गिरने लगी — लेकिन किसी के हाथ ने उसके कमर को पकड़ लिया.

रोसिए ने आँखें खोलीं, सामने एक लम्बा और ख़ूबसूरत लड़का खड़ा था — लाल बालों के साथ, आँखें बिलकुल जलते हुए अंगारों जैसी.

उसके गले से एक लाल टैटू नज़ीर यह रहा था जो उसके कालर के अंदर छुपा हुआ था.

कुछ पल दोनों की आँखें मिली रहीं... फिर रोसिए ने शर्म से नज़र हटा ली.

“सॉरी,” उसने धीरे से कहा.

लड़के ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, “It’s okay... मेरी गलती थी.”

रोसिए ने सर हिला कर गुजरने की कोशिश की — तभी उसने उसका हाथ पकड़ लिया.

रोसिए ने हलकी सी सांस ली,

“यस…?” उसने पुछा — उसकी आवाज़ हलकी सी कांप रही थी.

लड़का कुछ दिएर तक ख्यालों में गम रहा, फिर होश में आकर मुस्कुराते हुए बोलै,

“मई ी क्नोव योर नाम?”

रोसिए थोड़ी शर्मा गयी, “It’s रोसिए.”

“रोसिए, हँ? क्या खूबसूरत नाम है एक खूबसूरत लड़की के लिए,” उसने हलकी सी मुस्कराहट के साथ कहा.

उसकी मुस्कराहट में इतना कॉन्फिडेंस था के रोसिए का दिल घबरा गया.

रोसिए ने नज़र नीचे कर ली, “थैंक यू,” कह कर अपना हाथ छुड़ा लिया और वहां से निकल गयी.

लड़का उसकी पीठ की तरफ देखते हुए धीमे से बोलै,

“रोसिए…”

---

रूफटॉप पर पोहंच कर, रोसिए ने आधार को देखा.

आधार अपनी फायर मन की प्रैक्टिस कर रही थी, चांदनी रात में अकेली, बिलकुल फोकस्ड और बेपरवाह.

रोसिए उसके पास गयी और सामने वाली बेंच पर बैठ गयी.

आधार ने सर उठाया, रोसिए का चेहरा देख कर बोलै,

“तुम्हारे चेहरे पर लाली क्यों है? बुखार है क्या?”

रोसिए ने मुँह पहला कर कहा, “मैं तुम्हे बीमार लग रही हूँ क्या?”

आधार ज़ोर से हंस पढ़ी, “तुम हमेशा बीमार लगती हो, खासकर जब सिकंदर मुझे तुमसे ज़्यादा तवज्जो देता है.”

“हम्फ! ऐसा कभी नहीं हो सकता! सिकंदर मुझे ज़्यादा पसंद करता है,” रोसिए ने जवाब दिया.

आधार फिर मुस्कुराई, लेकिन इस बार उसके चेहरे पर फ़िक्र साफ़ नज़र आयी.

रोसिए ने पुछा, “क्या हुआ? तुम फिक्रमंद लग रही हो.”

आधार ने चाँद की तरफ देखा और धीमे से कहा,

“मैं और सिकंदर एक लिंक शेयर करते हैं... अभी मुझे कुछ अजीब बेचैनी महसूस हो रही है. उम्मीद है वो खतरे में नहीं.”

रोसिए का रंग ुध गया, “मुझे भी कुछ ऐसा hi महसूस हो रहा है…”

---

दूसरी तरफ

सिकंदर और देवन उस मख्लूक़ को देख कर सकते में आ गए.

उनके सामने जो था... वो किसी कॉस्मिक नाईटमेयर से काम नहीं लग रहा था.

सिकंदर ने उसके स्टैट्स चेक करने की कोशिश की:

<???>

रेस: ???

पावर: ???

मेन्टल: ???

स्ट्रेंथ: ???

अगिलिटी: ???

ेंदुराने: ???

इंटेलिजेंस: ???

सब कुछ अननोन!

ये सिर्फ एक मतलब निकलता था — ये मख्लूक़ उन दोनों से कई दर्जे ज़्यादा ताक़तवर थी.

वो जानदार गहरी सांस ले रहा था, उसकी सांस से हवा भरी हुई थी और मिटटी तक हिल रही थी.

उसकी आँखें... ब्लू रंग, लेकिन उनमे हज़ारों रूहों का दर्द था.

“तुम…”

एक भारी, एस्ट्रल आवाज़ उस मख्लूक़ के मुँह से निकली.

सिकंदर और देवन दोनों ने गाला खुश्क महसूस किया.

“एक कुर्सेद क्रेअटुरे... और वो भी बोल सकता है,” सिकंदर ने सोचा.

मख्लूक़ उनके इतने क़रीब थी के उनकी सांस उसके गरम डैम्प जिस्म से टकरा रही थी.

“ग्रीन मैसेंजर...”

उसने नफरत भरे लहजे में कहा.

फिर उसने हिस्स्स्स कर के ज़मीन हिला दी.

सिकंदर ने पानी के अंदर झाँक कर देखा — उसका जिस्म इतना लम्बा था के उसका आखिर दिखाई hi नहीं दे रहा था.

“तुम क्या चाहती हो?” सिकंदर ने हिम्मत जताते हुए पुछा.

मख्लूक़ क़रीब आयी, उसके होंठ हिलते हुए बोले,

“वेयर... इस हे?”

सिकंदर ने सोचा, “लगता है इसका कोई पुराण lena-dena है ग्रीन मैसेंजर के साथ… शायद मेरी यूनिफार्म से पहचान लिया है.”

देवन का रंग उड़द गया था, उसका टेलेकिनेसिस कण्ट्रोल से निकल रहा था.

अगर ज़्यादा दिएर होती तो वो दोनों दोबारा पानी में गिर जाते.

“मुझे नहीं पता वो कहाँ है!” सिकंदर ने जोर से जवाब दिया.

मख्लूक़ की आँखों में बदला जल रहा था,

उसकी पूँछ ज़मीन पर पातकही — धड़ाम!

ज़मीन हिल गयी, पानी उबाल गया.

“तो फिर मर जाओ!”

वो दहाड़ कर बोलै और दो ज़हरीले दांतों के साथ सिकंदर और देवन पर झपट्टा हुआ आया.

सिकंदर हिलने hi वाला था के —

पूफ!!

अचानक से हरा धुआं छंट गया.

वो धुआं इतना घाना था के हवा तक रुक गयी.

उस धुआं से निकली एक फेमिलिअर एनर्जी...

“ग्रीन मैसेंजर!” सिकंदर ने महसूस कर लिया.

“पीछे हैट परिछना! इन बेचारे जूनियर्स को मार कर तंग मत कर,”

हरा मास्क पहने शख्स ने सुस्ती भरे लहजे में कहा.

परिछना ने दहाड़ कर जवाब दिया,

“ग्रीन मैसेंजर!! तुम आ गए!”

उसकी आवाज़ में इतनी नफरत थी के हवा भी गरज उठी.

ग्रीन मैसेंजर ने उससे पूरा इग्नोर किया और सिकंदर की तरफ मुद कर बोलै,

“तुम दोनों निकल जाओ. बाकी मुझे सँभालने दो.”

सिकंदर ने सुकून की सांस ली, देवन ने भी अपनी ताक़त संभाली और दोनों लिलिया की तरफ भाग गए.

बूम!!

ज़मीन हिल्ली, पानी उछाल गया.

दोनों पीछे देखे बग़ैर भागते रहे.

कुछ देर बाद भी ज़मीन हिल रही थी, धमाके की आवाज़ आ रही थी.

“वो दोनों लड़ रहे हैं…” सिकंदर ने सोचा, दिल अभी तक ज़ोर से धड़क रहा था.

“शुक्र है ग्रीन मैसेंजर आ गया… वर्ण आज हम ज़िंदा नहीं बच पाते,”

उसने दिल से दुआ दी.

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ोचीरा यूनिवर्सिटी

ोचीरा यूनिवर्सिटी का सूरज ढलता हुआ मंज़र था.

कैंपस के अंदर एक लाल बालों वाला लड़का — जो कुछ देर पहले रोसिए से मिला था — आराम से चलते हुए idhar-udhar देख रहा था.

उसके चेहरे पर एक जज करने वाली सूरत थी, जैसे उसे यह जगह पसंद न हो.

“हम्फ, अभी भी डिजिटल मैप उसे करते हैं? कितनी पुराणी सोच है,”

वो हलकी सी मुस्कराहट के साथ बोलता है.

करीब आधा घंटा यूनिवर्सिटी घूमने के बाद, उसके चेहरे पर निराशा नज़र आती है.

वो निकल कर पार्किंग लोट की तरफ बढ़ता है — लेकिन अचानक उसकी आँखों में चमक सी आ जाती है.

वहां, उसके कार के पास, एक औरत लेक्चरर यूनिफार्म में कड़ी होती है.

उसके लाल बाल चमक रहे होते हैं — बिलकुल उसी जैसे.

लेकिन उसका चेहरा ठंडा है, ठंडा जैसे बर्फ.

उसके अंदर से आग की लहरें निकल रही होती हैं, लेकिन उसका अंदाज़ इतना ठंडा और सख्त है के कोई भी उसे पास आने से पहले दो दफा सोचे.

उसका नाम था — हेरा, जिसे लोग “रेड रोज ऑफ़ ोचीरा यूनिवर्सिटी” कहते हैं.

लाल बालों वाला लड़का मुस्कुराता हुआ उसके पास आता है.

“इतनी देर रात को मेरी कार के पास कड़ी हो, खुदा जाने क्यों?”

वो गाडी के हुड पर हाथ रख कर कहता है.

हेरा की फायर एनर्जी उससे दूर धकेलने की कोशिश करती है — लेकिन be-asar.

उसकी आग जैसे निगल ली गयी हो, क्यूंकि उस लड़के के अंदर से निकलने वाली डार्क रेड फ्लेम सब कुछ दबा देती है.

“केविन, तुम जानते हो न, ऐसे बिना इत्तिला आये कैंपस में घूमना ठीक नहीं. मसला हो सकता है,”

हेरा कहती है, उसकी आवाज़ ठंडी लेकिन अंदर से हल्का सा शर्मीला पैन महसूस होता है.

उसकी फायर एनर्जी अब बिलकुल शांत हो चुकी थी, जैसे केविन के सामने झुक गयी हो.

केविन हलकी हंसी छोड़ता है और उसके aas-paas की एनर्जी मिटा देता है.

“टेंशन मत लो, ोचीरा यूनिवर्सिटी को मुझे देखने के लिए लेक्चरर भेजने की ज़रूरत नहीं.

बस स्टूडेंट्स का लेवल चेक करने आया था — देखना चाहता हूँ, सपररिंग में कौन कितना क़ाबिल है.”

हेरा कुछ कहने लगती है, लेकिन केविन उसे बीच में रोक देता है.

“वैसे... वो लड़का जिसका नाम सिकंदर है, कहाँ है?”

हेरा भौंवें चढ़ाते हुए कहती है:

“तुम उससे सपररिंग मैच में मिल लोगे. मसला खड़ा मत करो, केविन.”

केविन हंस पड़ता है.

“मसला? अरे, बिना मसले के ज़िन्दगी क्या?”

वो कहता है, कार का दूर खोलता है और अंदर बैठ जाता है.

विंडो नीचे करते हुए शेड्स पहनता है और मुस्कुराता हुआ कहता है:

“और हाँ... आज एक लड़की से मुलाक़ात हुई — रोसिए.

उसे सपररिंग में बुलाना, मुझे देखना है वो क्या करती है.”

हेरा थोड़ा हैरान होती है.

“रोसिए? वो तो वैसे भी सपररिंग के लिए चुनी गयी है,”

वो कहती है.

केविन का स्मिर्क और गहरा हो जाता है.

“परफेक्ट.”

कार का इंजन घूमता है, और वो रात के अंधेरों में गायब हो जाता है.

हेरा के दिमाग़ में सवाल घुमते हैं —

“केविन ने रोसिए का नाम क्यों लिया? उसे उसके बारे में पता कैसे चला?”

वो फ़ौरन यूनिवर्सिटी के अंदर दौड़ती है, सीधा कण्ट्रोल रूम की तरफ.

वहां उसने कक्तव ऑपरेटर से कहा:

“एक घंटा पहले कैंपस में घूमने वाले लाल बालों वाले लड़के का फुटेज दिखायो. हर मूवमेंट चाहिए.”

सिक्योरिटी स्टाफ ने फुटेज ढूंढना शुरू किया.

पन्द्र मिनट बाद, केविन का वीडियो स्क्रीन पर आ गया — वो idhar-udhar देखते हुए चल रहा था.

हेरा ने खुद प्लेबैक कण्ट्रोल ले लिया.

उसने देखा — केविन रुकता है, सामने रोसिए अपने फ़ोन में मसरूफ है.

दोनों टकराये… छोटी सी बात हुई… फिर रोसिए चली गयी.

लेकिन केविन की नज़र उसके पीछे बहुत देर तक टिकती रही.

हेरा का दिल तेज़ धड़कने लगता है.

“नहीं... ये नहीं हो सकता...

क्या केविन... रोसिए से मोहब्बत करने लगा है?!

अगर ऐसा हुआ, तो यह बोहोत बुरा होगा…”

वो तुरंत कण्ट्रोल रूम से निकलती है, चेहरा घंभीर और दिल में तश्वीश.

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मैंवहीले...

दुसरी तरफ, सिकंदर और देवन काफी दूर नदी से निकल चुके थे.

सिकंदर अभी भी लिलिया की खुशबु महसूस कर सकता था — वो दोनों उसी के पीछे जा रहे थे.

कुछ देर बाद...

बूम!!

काबूम!!

बेम!!

दुर्र से धमाके सुनाई दिए.

“यह लिलिया hi हो सकती है! चलो, उसे मदद चाहिए!”

सिकंदर चिल्लाता है और दोनों दौड़ पड़ते हैं.

जब वो पहुँचते हैं, तो देखते हैं लिलिया तीन हॉटिफ्स से लड़ रही होती है.

वो उनसे ज़्यादा ताक़तवर थी, लेकिन उनका टीम कोआर्डिनेशन कमाल का था.

वो मिल कर लिलिया को पीछे धकेल रहे थे.

एक भरे मुक्के से ब्राउन हालतीजा ने लिलिया को हवा में उदा दिया.

लिलिया दांतों को कास के हाथ हिलाती है, और उसके सामने हवा में एक लहलहाता हुआ लाल निशान बनने लगता है.

उसके जिस्म से काली सुर्ख एनर्जी निकल कर एक बड़ा डेरा बनता है, जो अजीब सिम्बल्स से भरा है.

सिम्बल्स चमक रहे थे — जैसे किसी पुराने जादू की भाषा में लिखे गए हों.

हवा गरम होने लगती है.

हॉटिफ्स के चेहरे पर खौफ.

“प्रिंसेस को बचाओ! शील्ड बनाओ!”

लाल हालतीजा चिल्लाता है.

तीनो हालतीजा अपनी एनर्जी मिला कर कॉम्बिनेशन स्पेल: प्रोटेक्शन ऑफ़ नेचर! कहते हैं.

एक तेज़ रौशनी फैलती है और उनके चरों तरफ ग्रीन बबल बैरियर बन जाता है.

लेकिन लिलिया की आँखें लाल और खून से भरी हो जाती हैं.

उसके अंदर से निकलती एनर्जी सब कुछ हिला देती है.

“यह तो वो लिलिया नहीं… यह तो कुछ और बन गयी है,”

सिकंदर धीरे से कहता है, उसकी आँखें खुल जाती हैं.

लिलिया का स्पेल पूरा होने वाला था —

हॉटिफ्स के चेहरे पर खतरा और आज़म दोनों लिखे हुए थे.

आने वाला पल फैसला करेगा...

की कौन ज़िंदा बचेगा, और कौन सिर्फ राख बन कर रह जाएगा...

लिलिया ने हॉटिफ्स की तरफ तेज़ी से देखा, उसकी आँखों में बिजली सी चमक थी. फिर उसने हलकी सी आवाज़ में कहा,

“रेड मार्क!”

शींग!!!

हवा में घुमते हुए नक़्श रोशन होने लगे, उनका नूर बढ़ गया. एनर्जी इतनी ज़्यादा हो गयी के वह dheere-dheere हॉटिफ्स के ऊपर उतरने लगी.

हॉटिफ्स का जिस्म एक दम से सख्त हो गया, उन नक़्शो से निकलने वाली प्रेशर वेव इतनी खौफनाक थी के उनका दम घुट गया.

कालिडोरा ने आँखें बंद करलें, दिल में खौफ के साये मंडळाने लगे —

"इन इंसानो को जादू की बरकत मिली है! यक़ीन नहीं होता के कोई इंसान, वह भी अपनी उम्र के इस मोर पे, इतना ताक़तवर हो सकता है!"

सुपरनतुरलस क़ुदरतन मज़बूत पैदा होते हैं, लेकिन उनकी ताकत वक़्त के साथ बढ़ती है.

वामपिरेस जो सदिओं तक ज़िंदा रहते हैं, उनका रैंक 7 तक पोहंचना आम बात है — मगर इंसान सिर्फ चालीस साल में वही रुतबा हासिल कर लें, ये एक चमत्कार से काम नहीं.

इसी लिए सुपरनतुरलस अगर अपने किसी ताक़तवर साथी को खो दें तो उनके लिए नया पैदा करना मुश्किल होता है… जबकि इंसान नए हीरो पैदा कर लेते हैं — हर कुछ सालों में.

लिलिया का जादू हॉटिफ्स के बैरियर के बिलकुल पास था — बस कुछ इंच दूर.

वक़्त रुक गया सा लगता था.

सिकंदर और देवन ने गहरी सांस ली और सब कुछ धीमा पद गया…

फिर —

क़ाबूओम!!!

एक ज़बरदस्त धमाका हुआ!

वह घूमता हुआ नक़्श जब हॉटिफ्स के बैरियर से टकराया, तो पूरी ज़मीन हिल गयी. धमाके की गूँज जरोलिस सिटी तक सुनाई दी.

दरख्त झूल गए, पानी उबाल कर हवा में उड़द गया, हर चीज़ जाली हुई महका उठी.

हर चीज़ — ज़िंदा या बेजान — उस ब्लास्ट के दायरे में जलकर ख़तम हो गयी.

सिर्फ चाँद मुतातेड़ जानवर जो मिड rank-four से ऊपर थे, बच पाए.

लिलिया का स्पेल दोस्त दुश्मन नहीं पहचानता था.

वह धमाका सिकंदर और देवन तक भी पोहंच गया.

दोनों ने सको का ब्लैक कॉम्बैट सूट पहना हुआ था — लेकिन वह भी इस ब्लास्ट को पूरी तरह रोक नहीं सका.

सिकंदर की स्किन जाली हुई महका उठी, वह महसूस कर रहा था के उसका गोश्त उबाल रहा है.

उसके पास हीलिंग पावर थी, लेकिन दर्द ने उसके होश हिला दिए.

देवन का हाल और बुरा था — उसका मेन्टल पावर पहले hi ख़तम हो चूका था, और उसका फाॅर्स फील्ड ब्लास्ट से टूट गया.

सिर्फ उसके हाथ की प्रोटेक्शन रूण वाली रिंग ने उसकी जान बचायी.

धुवां छ गया था — दोनों ने खांसी के साथ आँखें खोलने की कोशिश की.

जब सब कुछ साफ़ हुआ, तो उन्होंने देखा लिलिया be-hosh होने के क़रीब थी.

उसका जिस्म ज़ख़्मी था, एक हाथ तो पूरी तरह टूट चूका था. कपडे फटे हुए, सांस फूल रही थी.

उसकी आँखें धुंदली हो गयी थी, लेकिन फिर भी उसने मैदान का जायज़ा लिया.

तीन हॉटिफ्स ज़मीन पर be-jaan पड़े थे — ग्रीन और ब्राउन दोनों जले हुए, हाथ पेअर कतय हुए.

सिर्फ रेड हालतीजा ज़िंदा था — वह भी बस आखरी सांस के साथ.

कालिडोरा ने यह मंज़र देखा, उसका रंग उड़ गया.

उसकी आँखें खौफ से पहात गयीं —

"यह... यह हार गए?!"

रेड हालतीजा ने कमज़ोर सा कहा,

"Prin...cess... भाग जाओ..."

कालिडोरा के दिल में खौफ की लहर दौड़ी.

"मुझे माफ़ कर दो..." उसने सोचा, और पूरी ताक़त से भगति चली गयी.

सिकंदर ने देवन और लिलिया की तरफ देखा — दोनों halat-e-be-hoshi में थे.

"अब ये ज़िम्मेदारी मेरी है," उसने सोचा, और कालिडोरा के पीछे भाग पड़ा.

कालिडोरा का जिस्म थका हुआ था, वह ठोकर खा खा कर दौड़ रही थी.

कुछ देर बाद सिकंदर ने उसे पकड़ लिया.

वह एक दरख़्त पर चढ़ा, और फिर वहां से छलांग लगा कर बिलकुल कालिडोरा के सामने लैंड किया.

"प्रिंसेस, अब तुम मेरे साथ चलोगी," उसने ठंडी लेकिन मज़बूत और भरी आवाज़ में कहा.

कालिडोरा रुक गयी. उसने सिकंदर की तरफ देखा — आँखों में शके और खौफ दोनों.

"तुम क्या हो?! तुम से तो... वेयरवोल्फ की बू आ रही है!"

सिकंदर के चेहरे पर झुर्रें सी आयी.

"तोह सुपरनैचरल मेरी असली पहचान महसूस कर सकते हैं?" उसने सोचा, लेकिन जवाब नहीं दिया.

"आखरी दफा कह रहा हूँ — मेरे साथ चलो. वर्ण मुझे ज़बरदस्ती करनी पड़ेगी!"

"कभी नहीं!!" कालिडोरा चीख उठी.

सिकंदर ने एक झटके से मूव किया, उसका जिस्म हवा में घूम गया, और एक ज़ोर का फाॅर्स बीम पंच सीधा कालिडोरा की तरफ गया.

स्वूश!!

कालिडोरा ने शॉक से आँखें बढ़ी कर दी. उसने अपने खून से एक ब्लड शील्ड बना लिया —

बेम!!

वह पीछे जा चुकी थी, शील्ड टूटने के क़रीब था.

फिर उसकी आँखें लाल चमकने लगी — उसने एक मेन्टल अटैक किया.

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<मेन्टल अटैक डेटेक्टेड!>

<चेकिंग User’s मेन्टल स्टैट्स...>

<अटैक रेसिस्टेड>

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सिकंदर ने सर हिला कर होश संभाला, लेकिन देखा के कालिडोरा ने अपने हाथ काट दिए हैं — उसका खून हवा में तैर रहा था, फिर एक क़तरा तेज़ी से दूर उड़द गया.

"मदद का सिग्नल!" सिकंदर ने सोचा.

उसने फ़ौरन पुरे ब्रेस ऑफ़ मूनलाइट एक्टिवटे किया —

<User’s स्टैट्स इंक्रीसेड बी 25%>

उसकी आँखें चमक उठी, एनर्जी की लहर निकल गयी.

कालिडोरा की सांस रुक गयी — वह महसूस कर रही थी के सिकंदर का और अब पहले से कई गुना ज़्यादा है.

सिकंदर एक झटके से गायब हो गया.

कालिडोरा ने घबरा कर चारो तरफ देखा, लेकिन सिकंदर नज़र नहीं आया.

और फिर —

बेम!!

सिकंदर उसके पीछे था.

एक साफ़ और मज़बूत करते चोप उसके गर्दन पर पढ़ी.

कालिडोरा ने महसूस किया के दुनिया घूम रही है. उसकी आँखें बंद होने लगी.

उसने आखरी बार देखा — सिकंदर उससे पकड़ कर नीचे गिरा रहा था, ताके वह ज़मीन पर न लगे.

फिर सब कुछ अँधेरा हो गया.

कालिडोरा be-hosh हो गयी.

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आज के लिए इत्नाह hi. ी होप आज का अपडेट बे आप को पसंद ाहये गह..

लिखे टारगेट शामे 35 बूत इस बार अपडेट लेट ाहये गह. ज़ादा नहीं बीएस 1 वीक.

और मेगा अपडेट हो गह और बोहत ख़ास फाइट बे..

हिंट दे देता हं सिस्टम की तरफ से डार्क मुन्करेस का मिशन मिले गह..

बीएस इत्नाह काफी है.

अपनर सुग्गेस्टियन्स ज़रूर देना. मिलती है नेक्स्ट episode मैं तब तक के लिए..

Bye एंड थैंक्स...
 
Episode 32

Sikandar vs Zagrath

Sikandar ne Calidora ko apni baahon mein uthaya aur dheere dheere dusron ke paas laut aaya.

Liliya zameen par leti hui thi, uska jism kamzori se kaanp raha tha. Usne apni larazti ungliyon se apne robe ke andar haath dala aur ek chhoti si shishe ki vial nikali jismein hara rang ka elixir chamak raha tha.

Bina waqt zaya kiye usne use aik hi ghont mein pee liya, aur khali vial zameen par fek di.

Doosri taraf, Devan ek purane darakht ke sahare tikka hua tha. Jo elixir usse Sikandar ne dia tha, woh toh pehle hi safar ke dauran khatam ho chuka tha. Ab uske paas apni thakan dur karne ka koi zariya nahi tha.

Sikandar ne Calidora ko ek shadeed dariyaft karte hue ek ped ke niche aram se lita diya, phir Liliya ke paas jaa kar ghutnon ke bal baitha.

“Liliya, tum theek ho?” — usne poocha, jab ke uski nigah Liliya ke zakhmon par thi jo dheere dheere bhar rahe the.

Halka zakhm toh ab band ho chuka tha, lekin uska toot chuka baazu abhi bhi seedha nahi ho raha tha. Usay ya toh kisi doctor ki zarurat thi, ya phir kisi high-level elixir ki.

Liliya ne dard bhari muskurahat ke saath kaha,

“Tumne usay pakad liya...?”

Sikandar ne sir hila kar Calidora ki taraf ishara kiya jo ped ke niche be-hosh pari thi.

Yeh dekh kar Liliya ne apni aankhein band kar li aur halki saans lete hue boli,

“Thoda aram karne do... bas thodi der...”

Sikandar ne uski haalat dekhi aur usay akela chhod diya. Phir uski nigah Haltija ke laashe par padi.

Dil mein sochne laga,

“Yeh log waqai bohot taqatwar thay… unhone Liliya ke sabse shadid hamle ko bhi Calidora tak pahunchne nahi diya. Uske jism par ek kharoch tak nahi...”

Thodi der baad, Devan haanpta hua qareeb aaya aur bola,

“Humein Silver Mooncress check karna hoga...”

Sikandar aik dum se ruk gaya — woh toh bilkul bhool gaya tha Silver Mooncress ke bare mein!

Usne ghoom kar dono ko dekha aur thoda pareshan sa kehne laga,

“Tum dono is halat mein nahi ho ke lad sako. Zrolis City mein ghusna ab khudkushi hoga.”

Devan aur Liliya ne koi behas nahi ki, kyunke unhe bhi apni kamzori ka ehsaas tha.

Sikandar ne gehri saans li,

“Toh theek hai... main akela hi jaata hoon.”

Devan ne foran mana karte hue kaha,

“Pagal mat bano! Akela andar ghusna maut ke barabar hai!”

Sikandar ke hothon par ek thandi muskurahat aayi,

“Fikr mat karo, main itni asaani se nahi marne wala. Tum bas Shehzadi par nazar rakho... abhi maine use be-hosh kiya hai.”

Devan ne kuch kehne ke liye mooh khola, lekin Sikandar ki aankhon mein jo zid aur yaqeen tha, usne use khamosh kar diya.

“Agar usse apne bachne ka itna yaqeen hai... toh mujhe bhi us par bharosa karna hoga...” — Devan ne dil mein socha.

Sikandar ne ek baar sar hila kar rukh badla aur Zrolis City ki taraf rawana ho gaya.

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Thandi hawa uske jism ko choo kar guzri — jismein maut ka saaya mehsoos hota tha.

Swamp ka andhera, jahan aam insaan raat ke waqt kadam rakhne se bhi darte thay, ab uska raasta tha. Mutated janwar raat mein zyada active thay, lekin Sikandar ke liye yeh sab keval rukaawat thi.

Jab koi darinda us par chhup kar hamla karta, to Sikandar ek jhatke mein use mitti mein mila deta.

Usne ek lambe daur ke baad nadi ke paas se ek dusra raasta apnaya, taake woh cursed creature ke ilaqe se bach sake — usi se usay waqai khatra tha.

Lekin phir... achanak uske kadam ruk gaye.

Uske andar ka instinct — Supernatural Sense — ek dum se jag utha.

Woh tez chalaang maar kar ek ped par chadh gaya aur samne ki taraf dekhne laga.

Uski aankhein ek dam chamak uthiं — Zrolis City ke pichle darwaze par kai Supernaturals ek cargo tyaar kar rahe thay, bahut shor sharaba tha.

Lekin sab low-rank thay...

“Toh asli log kahin aur hain... ye toh sirf dhoka hai...” — Sikandar ne socha.

Phir ek dum uska chehra safed pad gaya —

“Nahin! Ye toh... insani guild ke liye jaal hai!”

Woh bhaagne ke liye mudta hi tha ke...

“HUMAN!” — ek garajti hui awaaz ne hawa ko cheer diya.

Sikandar ke pair zameen mein jam gaye.

“La’anat... unhone mujhe dekh liya!”

Achanak uske neeche se hundreds of bloodthirsty auras phoot nikliं — kuch toh rank 6 tak ke thay!

Aur phir ek daim shikaar ki pukar jaise garaj uthi —

ROAAARRR!!!

Supernatural aik dum se bijli ki tarah aage badhe.

Sikandar ne apni saans rok li, wo kuch samajh hi nahi paaya ke ye sab itni jaldi kaise ho gaya.

Lekin unhone us par hamla nahi kiya—wo uske paas se seedha guzarte hue aage nikal gaye.

Sikandar jo ek lambi shaakh par baitha tha, neechay dekhta raha, uski aankhen tang ho gayi jab usne dekha ke Supernaturals kis taraf ja rahe hain—

Aik insano ka battalion swamp ke ander chhup kar aa raha tha.

Wo soch rahe the ke pichle rukh se aaye awaaz unke liye ek moka hai, par asal mai wo to aik trap tha.

Safed aur neele uniform mai lipte insaan puri tarah ghabra gaye.

Unke beech aik beech umar ki aurat, jiske kandhon par neela cape tha, zor se chillayi:

“Yeh trap hai!! Madad ka signal chhoro, abhi!!”

Uski awaaz mai command ka asar tha—uski neeli aankhen ab bhi sholon ki tarah chamak rahi thi, magar un mai hairani bhi thi.

Teen sipahi aage badhe, unke jism se laal roshni phoot rahi thi.

Unke pairon ke neeche aik laal daira bana, jahan se dhuaan uth raha tha.

Unhone apne haath aasmaan ki taraf uthaye, aag ka jadoo unke ird gird ghoomne laga—

Aur phir:

PIUUU!

Aik laal gola asmaan mai chhuta, teesre ke gola ke sath ghuma aur phir—

BOOM!!

Aasmaan mai aag ka phool khil gaya!

Swamp ke andhere mai wo aisa lag raha tha jaise raat ko suraj phat gaya ho.

Lekin us signal ke baad har taraf se Supernaturals nikal aaye.

Unki taadaad inteha se zyada thi.

Insaan bilkul tayyar nahi the—wo turant qatl hone lage.

Liches, Ogres, aur Grendels un par charh aaye,

Khoon zameen par Nadi ki tarah behne laga.

“AAARGHH!! Madad!!”

Aik sipahi cheekha—uska haath kat kar zameen par gir gaya,

Lekin uske cheekhne se pehle hi aik Grendel ne uska sar daanton se chaba dala.

Supernaturals mai zara bhi reham nahi tha.

Har jaga sirf qatl aur cheekhein.

Magar kuch insaan bhi himmat se lade.

Unhone mana bullets se bharpoor goliyaan chhodiin—

BOOM!

Aik dhamake mai dason Supernaturals gir gaye.

Thodi dair ke liye insaano ne socha ke ab baazi unke haath mai hai,

Wo khushi se cheekhe, phir dusri barrage ke liye tayyar hue—

BOOM!!

Lekin iss dafa goliyaan ruk gayi—

Aik barf ka deewar zameen se phoota aur unke samne aa gaya.

Commander ne aankhen tang kar ke dekha—

Door kuch Liches jaadu kar rahe the.

“LICHES!! Wind Elementalists, mere sath chalo!!”

Usne apni neeli talwar uthai, jisme ab bhi do Grendel ke jism lage hue the.

Aik tez jhatke mai unhe do tukray kar ke zameen par gira diya.

Wo aandhi ki tarah Supernaturals ke beech ghus gayi,

Uski talwar barf ke jaise chamak rahi thi—

Har cut aik dance jaisa lagta tha, chaandni mai chamakta hua.

Uske sath das sipahi jin ke jism par sabz roshni thi, tez raftari se aage nikle.

Liches ne apne mantron ki raftaar badha di.

Achanak aik bara sa Ogre apni spiked club ke sath unke samne aaya.

Uski aankhen khoon se bhari thi.

BAM!!

Usne club poori taqat se commander par mara—

Lekin commander ne aik somersault maar kar side le li.

“ICE BLIZZARD!!”

Usne cheekha aur apni talwar Ogre ke sir mai ghusa di.

STAB!!

Barf ka jadoo talwar mai bhar gaya aur phir—

BURST!!

Ogre ka jism andar se barf ke kaanton mai phat gaya.

Commander ne saans sambhali, lekin uski aankhen phir se khul gayi—

Liches ne apna jadoo mukammal kar liya tha!

Aasmaan mai aik barf ka talwar bana, jisme se thand ka shaitani aura nikal raha tha.

“Ice Magic: Sword of Air’qaghas!!”

Aik sath unke naare ke sath wo talwar bijli ki tarah chhoot gayi.

Pura maidan barf ke nark mai badal gaya.

Commander ke dil mai ek hi khayal tha—

“Agar maine isey roka nahi… to sab mar jaayenge!”

Usne apni talwar zameen mai ghusa di,

Ice mana uske ird gird bhar gaya, uske baal hawa mai lehra rahe the.

“Ice Goddess Amaris, beti Ashanda ki… meri pukar suno! Mujhe apni taqat do taake mai dushman mita doon!!”

Talwar se neela dhuaan uthne laga, uske upar runes chamak uthe.

SHING!!

Usne talwar uthai, uski aankhen barf ki tarah neeli ho gayi.

“ICE TEAR!!”

Aik neeli lehar aage badhi—raat barf ke roshni mai chamak uthi.

Supernaturals jo uske raaste mai aaye, raakh ban gaye.

Dono attacks takraaye—

BOOM!!

Shockwave ne poora maidan hila diya, log hawa mai ud gaye.

Ice aur mana ki taqat takra kar bijli ban gayi.

Pehle Liches ka sword zyada mazboot lag raha tha—

Lekin Wind Elementalists ne apna sara mana us cleave mai daal diya.

Hawa ne barf ko tez banaya, aur phir—

BOOM!!

Sab kuch phat gaya.

Swamp, jungle, aur hatta ke Zrolis ki diwar tak hil gayi.

Sikandar, jo door se sab dekh raha tha, ped se neeche gir gaya.

Wo zameen par hath rakh kar shockwave se bachne ki koshish kar raha tha.

“Kitni taqat hai…!” usne dil mai socha.

Jab dhool baithi, to maidan maut ka manzar lag raha tha.

Insaan aur Supernaturals ke laashe har jagah padi thi.

Commander mushkil se khadi thi, uski uniform phat chuki thi,

Khoon uske badan par laga tha, magar ab bhi wo apni talwar par tik kar khadi thi.

Zyada Supernaturals zinda bache the—

Insaano ke liye ye jang khatam lag rahi thi.

Usne dekha ke paanch mai se sirf do Liches mare hain.

Uske hoth hilay—

“Bohat bura sauda tha…”

Lekin uske bolne se pehle—

AOOOOUUUU!!!

Swamp se aik bhayanak cheekh, aik Werewolf ka howl!

Commander ne dekha—ek bada Werewolf unke samne khada tha,

Uske jism se kala aura nikal raha tha, aankhen khoon se laal.

Phir uske peeche se aur nikal aaye—

1...

2...

5...

8!

8 Werewolves!!

Har aik pehla se zyada darawna.

Insaanon ke dil toot gaye.

Unki aankhen khali ho gayin, himmat hawaa ho gayi.

Commander ke hont laraz rahe the,

“Agar hume ambush na kiya jaata… to in se ladna mumkin tha…”

Lekin ab sab khatam tha.

Werewolves ne apni laal aankhen un par daali—

Jaise shikaar par nazar rakhte hue shikari.

Aur unke beech sab se bara Werewolf ne apni gardan jhukai,

Uski nafrat bhari nazar seedha commander par thi…

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"RETREAT!! Camp ki taraf wapas jao!!" — Commander ki awaaz jang ke shor mein goonj uthi.

Haalat intehai khatarnak thi… insaanon ka morcha toot gaya tha.

Dushman ne unhein dono sides se gher liya tha — un jagahon se jahan unki hifazat sabse kamzor thi.

Front par to Earth Elementalists khade the jo defense mein maahir the, lekin sides se aane wale hamle ne unki formation bilkul bikhera di.

Commander ne dekha ke sab kuch khatam ho raha hai.

Woh cheekhta hua bola, “Peeche hat jao! Abhi marne ka waqt nahi hai!”

Usne khud bhi wahan se bhaagna behtar samjha — kyunke agar wo rukte, to koi bhi zinda wapas na ja pata.

Jab commander ne hukam diya, to battalion ke bache kuch soldiers har taraf bhaagne lage.

Ab koi formation nahi thi — unke teen chauthai faujiyon ko pehle hi qatal kar diya gaya tha.

Phir aik dil daula dene wali cheekh goonji —

“AOOOUUUU!!”

Ye the Werewolves ke howls — maut ka elaan.

Insaanon ke jismon mein sarr se pair tak thand si daud gayi. Har dil dhadakna bhool gaya, aur sab jaan bachane ke liye andheron mein bhaagne lage.

Woh howl jaise koi signal tha —

Jese hi ye awaaz goonji, tamam Supernaturals ne mil kar dahara maara aur bhagti hui insaani fauj ke peechay toot pare.

Werewolves maut ke farishte lag rahe the — tezz, khaufnaak aur la raham.

Pal bhar mein, das nahi — so se zyada insaan unke panjon tale phatkar mar gaye.

Guilds ko bohat bhari nuksaan hua.

Zrolis City ke doosre hisse mein bhi jang chal rahi thi — lekin wahan sirf teen Werewolves the, isliye wahan ka nuksaan kuch kam tha.

---

Sikandar ne ye sab dekha… uska dil toot gaya.

Usne apni mutthi kas li aur socha:

“Agar main zyada taqatwar hota… to in logon ko bachaa sakta tha.”

Uski aankhon mein dukh tha, lekin waqt nahi tha rukne ka.

Supernatural fauj insaanon ko maarne mein masroof thi, is liye Sikandar ne is moka ka faida uthaya aur sheher ke andar ghus gaya.

Zrolis City bilkul khaali lag rahi thi.

“Kisi ne bhi yahan rehne ki himmat nahi ki… theek hi hai,” usne socha aur chhatano par se koodta hua uss taraf daura jahan uska dost Dave gaya tha.

Lekin achanak… uska dil tez dhadakne laga.

Ek bohot shadid aura us tak pohanch raha tha — nahi, do auras!

Dono rank 8th ke Supernaturals ke the, aur unka pressure itna zyada tha ke Sikandar ki saansein ruk gayin.

Usne chup kar nazdeek jaane ki koshish ki, aur wahan dekha —

Do Werewolves aamne saamne khade the.

Ek ka naam tha Jarvald, jo dark red aura chhorr raha tha,

aur doosra tha Bertolf, jise neela chandni jesa aura ghera hua tha.

Dono ke ird gird moonlight energy pani ki lehron ki tarah beh rahi thi — mana jaise chand khud unka saathi ho.

Jarvald dahadta hua bola,

“BERTOLF!! Tum chor! Tum mujhe kabhi faida nahi uthane doge! Kyun har dafa mere raste mein aate ho?!”

Bertolf muskura kar bola,

“Main Silver Mooncress ko absorb nahi kar sakta… lekin main tumhe bhi nahi karne dunga.

Ye chhota sa launda mere saath hai — ye use karega.”

Jarvald ne uske bagal mein khade kamzor Werewolf ki taraf dekha aur aankhein phat gayin,

“ZEGRATH!! Tum?!

Main ne tumhe apne qabile mein liya tha — aur ye hai tumhara shukriya?!”

Uska gussa phatne ko tha.

“GHADDAR!! Main tumhari khal utar dunga!!”

Ye kehkar Jarvald Zegrath par toot pada.

Lekin Bertolf beech mein aagaya,

“Tera muqabla us se nahi — mujh se hai!”

Aur phir dono ke darmiyan jang shuru ho gayi —

Itni tezz, itni shiddat se, ke sirf unke shadows hi nazar aa rahe the.

Har takkar par dharti kaanp gayi —

BAM! BOOM!

Har jaga matti urti gai. Sheher ka wo hissa bilkul tabah ho gaya.

Sikandar ke liye ye sab kisi nightmare se kam nahi tha.

Uske liye dono sirf laal aur neeli roshni ke saye lag rahe the jo hawa mein flash kar rahe the.

Phir uski nigah beech mein chamakte howe ek phool par ja ruki —

Silver Mooncress.

Uske 4 patte the — bahar se kaale aur andar se chamakdaar safed.

Wo phool chandni ki khushboo chhorr raha tha jo seedha Sikandar ke dil tak ja rahi thi.

Uska jism jaise us phool ki taraf kheench raha tha.

Lekin phool dono Rank 8th Werewolves ke darmiyan tha —

Ek galat qadam, aur maut yaqini.

Aur tabhi uske saamne system screen chamki:

<Sudden Quest!!>

<Dark Mooncress>

Silver Mooncress ne evolve kar liya hai — ab ye Rank 8 Dark Mooncress ban gaya hai.

Ye Dark Moonlight Energy se bhara hua hai — Werewolf ke liye nihayat faidemand.

Mission: Dark Mooncress hasil karo aur use karo. Reward tumhari performance par depend karega.

Sikandar ne gehri saans li —

“Mujhe isay har haal mein lena hoga… chahe kuch bhi qeemat deni pade.”

Usne apni aankhon mein jazba liya aur jang ke beech apna agla qadam sochne laga.

---

Isi dauraan, insaanon ke camp mein halchal mach gayi.

“Sir Marcus! Do battalion jo humne pichle raat peeche ke raste par bheji thi — wo ghate mein aa gayi hain!”

Ek sipahi ne report di.

Marcus ka chehra pathir ka ban gaya.

“Kitni jaani nuqsaan hua?”

Sipahi ne hichkichate hue kaha,

“Har battalion mein 300 log the… ab sirf 70 ya us se kam reh gaye hain, sir.”

Marcus ne ghusse mein apna haath table par maara —

BAM!!

"Yeh kaise ho sakta hai!!" Marcus ne apna haath zordaar thapp se saamne rakhi lakri ki mez par maara.

Sipahi ek dum ghabra gaya, uska sar jhuk gaya tha, lekin achanak—

"Hmm?" Marcus ne aankhein band kar ke mehsoos kiya...

Do taqatwar aura ek dosre se takra rahe the — andar, Zrolis City ke beech!

Marcus ke honth par halki si muskurahat phail gayi.

"Saare sipahiyon ko taiyar karo... hum un par raat ko dobara hamla karenge!" usne dant bhinchte hue kaha.

"Sire, lekin... Supernatural raat mai zyada taqatwar hote hain, kya subha tak intezaar karna behtar nahi hoga?" sipahi ne dare dare kaha.

Marcus ne uski taraf thandi nazar se dekha.

"Bas karo jo maine kaha hai, wo karo " uske lehje mai khoon jamane wali sardhi thi.

Sipahi ne us nazar mai chhupi qatil ki niyat mehsoos ki aur bina kuch kahe room se nikal gaya.

Marcus apni steel armor pehente hue sochta raha,

"Supernatural abhi Zrolis City ke piche honge... sheher ab be-hifazat hai.

Un do auron ka takraav mere liye mauqa hai. Jab dono kamzor ho jaayein... main aakhri vaar karunga."

Uske chehre par ek shaitani muskurahat ubhri.

---

⚔️

Idhar Jarvald aur Bertolf apni purani dushmani ka faisla kar rahe the —

Unka gussa aur fakhar dono unhe deewana bana rahe the.

Har war, har daant, har nakhun maut ka paighaam ban gaya tha.

Khoon unke jism se beh raha tha, lekin koi bhi peeche hatne ko tayyar nahi tha.

ROAAAR!!

Jarvald ne dahad maar kar kaha,

"Cursed Body Art — Berserker’s Curse!"

Achanak uska jism phool gaya, ankhon mai laal aag jal uthi.

Uski chal har qadam ke sath bhari si hoti gayi.

Bertolf ne daud lagai, hawa cheer ke jaise,

"Claw of the Tormentor!!"

Uske haath ki nakhun se neeli siyahi nikli jo ek vaddi shikari panja ban kar Jarvald par gira.

SWOOSH!!

Jarvald ka jism us war se hil gaya, magar uske werewolf ka gussa— use rukne nahi de raha tha.

Usne sidha Bertolf ki gardan daanton se pakad li!

RAAAARGHH!!

Bertolf chilla utha, usne socha bhi nahi tha ke koi uske war ko seh kar bhi zinda rahega.

---

System Notifications

Saara manzar dekh kar Sikandar (jo ek taraf chup kar dekh raha tha) ke system mai notification chamak uthay:

<Enemy using skill… Analyzing…>

<Skill acquired: Berserker’s Curse>

<Skill acquired: Claw of Tormentor>

Sikandar ne muskuraya,

"Wah... do qeemti skills bina kuch kiye mere hath lag gayi."

Lekin phir usne mehsoos kiya ke dono werewolves ki auras alag hain.

"Yeh kaise? Kya har werewolf ka apna element hota hai?"

System ne jawab diya:

<Werewolf ki taqat chand se judi hoti hai. Jis full moon ke neeche wo paida hota hai, usi se unki qudrat tay hoti hai.>

Sikandar ne aankhein sekod kar kaha,

"Toh iska matlab Brutal Grey Blood Moon ka hissa hai... doosre ka mujhe abhi tak pata nahi."

Tabhi Jarvald urh kar duor ja gira jaise kisi ne toofan se patak diya ho, aur woh sheher ki deewar se takra gaya.

Bertolf ne shaitani hasi ke sath uski taraf daud lagai.

Sikandar ne is mauqe ko pehchaana —

"Yeh mera waqt hai..."

Usne apni nazar Silver Mooncress par daali.

Woh chamak raha tha, chandni mai kisi farishte jaisa.

---

Magar Zegrath bhi usi Mooncress ko dekh raha tha.

Jab unki nazrein mili, to hawa ruk gayi.

Zegrath garja,

"HUMAN!!"

Aur uski chaal aag ban gayi.

Sikandar ne aankhein chaar ki aur garja,

"System! Use Lunar Blessing Storage!"

Uske jism se roshni nikli, chandni uske andar ghus gayi.

Uska “Creature of the Night” passive double taqat par chala gaya.

Uska jism halki hawa jaisa ho gaya, aur woh Zegrath ki taraf bijli ki raftaar se dauda.

Dono ek saath pohanchay —

Unke haath ek hi cheez par: Silver Mooncress

SWOOSH!!

Hawa fati, dono ek dosre se guzar gaye.

Woh rukay, dheere se palte... dono ke haath mai teen-teen petals the.

Dono ke chehre par andhera tha, aankhein laal, saans bhaari.

Zegrath: "Woh petals mujhe de do..."

Sikandar (muskurate hue): "Pehle apne de do to sochenge..."

Dono ke darmiyan hawa bhi khamosh ho gayi.

Har cell jang ke liye tayyar tha.

Ek chingari... aur duniya hil jaayegi.

Unhe khud nahi pata tha —

Yeh muqabla do chhote Werewolves ka nahi...

balkay ek aise dushmani ka aaghaaz hai jo poori duniya hila degi.

_____

Sikandar ka jism kaanp raha tha jab usne apne saamne khadi shakhsiyat ko dekha. Uske andar ek purani gusse ki aag dhire dhire jaag uthi thi — jaise neend se uth kar ab phatne ko tayyar ho.

Use ye nahi pata tha ke ye nafrat uske dil ke andar se uth rahi hai, ya phir “Lunar Blessing” ka asar hai — lekin jo bhi tha, wo dhamake ke qareeb tha.

Zegrath uske saamne tha, uske chehre par nafrat ka paimana bhar chuka tha. Uski aankhon mein khoon ki pyaas thi — insaano se nafrat, ya shayad Sikandar se.

Zegrath daanton ko pees kar garja,

“Tu... aakhir hai kya?! Tere andar hamari khushboo kyu hai?!”

Sikandar ke honton par ek thandi, khatarnak muskurahat phail gayi.

“Pata nahi... shayad isliye ke maine tum jaise ek ko kuch der pehle hi maar diya tha?”

“NA-MUMKIN!!” Zegrath cheekh utha.

Uske nazar mein Sikandar ki taqat ek “Omega” ke barabar bhi nahi thi — wo kaise kisi aur werewolf ko maar sakta tha?

Sikandar ne Zegrath ko dekha — uska andar ka instinct keh raha tha ke ladai hone wali hai. Uski aankhein chamak uthi, aur system ki blue screen uske saamne ubhar aayi:

<Zegrath>

Race: Werewolf – ????

Power: Peak Rank 4 (Night Crawler)

Mental: 55

Strength: 120

Agility: 72

Endurance: 80

Ye dekh kar Sikandar ke labon par halki si muskurahat aayi.

“Hmm... kaafi mazboot hai, lekin Lunar Blessing ke sath... main isse barabar takra sakta hoon.”

Uska khud ka level Rank 4 ke shuruati ya beech ke darje mein tha, lekin Lunar Blessing ke 100% boost ke sath, wo Peak Rank 4 se bhi takkar le sakta tha... hatta ke shayad Early Rank 5 se bhi.

Zegrath ne zameen par pair patk kar garj utha,

“TUM INSAN!! MAIN TUMHE CHEER DALOONGA!!”

Aur ek zor dar “SWOOSH!!” ke sath wo bijli ki tarah Sikandar ki taraf lapka.

Sikandar bhi rukne walon mein se nahi tha — uske haath par ek safed chamak uthi aur usne apna mukka Zegrath ki taraf phainka.

Lekin Zegrath ne apna jism thoda jhuka kar wo punch bachaa liya — aur turant apne naakhun se Sikandar ke seene par vaar kiya.

SLASH!!

“ARGHH!!” Sikandar dard se dahad gaya.

Usne apne dushman ko halka samjha tha — aur ab uski saza mil gayi thi.

Magar agle hi pal, uska ghussa phat gaya.

ROAR!!

Sikandar ne puri taqat se Zegrath par jhapatta mara.

Is baar dono ke mukke aapas mein takra gaye.

BAM!!

Dharti hilli, hawaon mein jhatke phail gaye. Zegrath ka jism piche uchal gaya — jaise koi tod kar phainka huwa putla ho — aur wo ek makaan ki deewar se ja takraya.

Sikandar ke zakhm dhire dhire bhar rahe the, lekin Zegrath bhi uth kar phir se garaj utha.

Ab dono apni nafrat mein pagal ho chuke the — wo dodge nahi kar rahe the, bas maar rahe the, kaat rahe the, aur tod rahe the.

BAM! SLASH! BOOM!

Khoon ki boondein hawa mein tair rahi thi.

Zegrath ka mukka Sikandar ke chehre par laga — uska sar jhatke se piche gaya.

Sikandar thoda ladkhadaya, aur isi pal Zegrath ne uske pait mein apne naakhun ghusa diye.

“AAHH!!”

Khoon uske hont se tapka, aur uski aankhon mein khoon si laal chamak bhar gayi.

“TU... TUH MAJAK SAMAJHTA HAI?!”

Sikandar cheekha, uska jism ubharne laga, muscles phool gaye, aur ek neeli bijli uske jism ke ird gird nachne lagi.

Zegrath ne mehsoos kiya, “Ye... insani jism mein ek Werewolf?! Aur wo bhi Awakened?!”

Sikandar palak jhapakte hi uske saamne tha — aur ek bhari mukka seedha Zegrath ke chehre par laga.

BOOM!!

Zegrath ka jism hawa mein ghoomta hua gaya, uske hont se khoon tapka.

Sikandar ki aankhein ab insani nahi rahi thi — wo sirf ghusse, dard, aur nafrat se bhari thi.

Wo Zegrath ke upar baith gaya — aur uska chehra tham kar mukke barasane laga:

“TUM!!”

BAM!!

“WEREWOLVES!!”

BAM!!

“NE MAARE!!”

BAM!!

“MERE MAA BAAP KO!!”

BAM!!

Har mukke ke sath uska ghussa aur dard mil kar ek toofan ban gaye.

“KAISAY HIMMAT KI TUMNE!!”

Sikandar ne dono haath mila kar ek akhri vaar ke liye uthaye — lekin Zegrath ne uska mukka beech mein rok liya.

Usne haath aise pakad rakha tha jaise ek pahad ne Sikandar ka haath daba liya ho.

Zegrath ne dheeme lehje mein kaha,

“Kill... your parents?”

Uska jism ek laal, darawni roshni se bhar gaya.

Wo aura jo uske aas paas phail rahi thi — wo kisi narak se uthti aag jaisi thi.

Sikandar ek kadam piche hata, uski saans tez ho gayi.

Zegrath ki taqat barh rahi thi... uska rank badh kar Early Rank 5 tak pahunch gaya tha!

“KAISAY HIMMAT KI?! KAISAY!!”

BOOM!!

Zegrath ke peeche ek laal, shaitaani shakl ubhri — do bade singh, jali hui aankhein, aur do vishal pankh — jaise narak ka ek bhayanak prani duniya mein aa gaya ho.

Hawa sardi se bhar gayi.

“TUM INSAN HI TO HO JINHON NE HAMARE NASL KA QATL KIYA!!” Zegrath garja, uski aankhon se khooni aansu beh rahe the.

“1000 saal!! 1000 saal se ye nafrat mere andar zinda hai!! Aaj main isse khatam kar dunga!!”

Uske aura ke dhamake ne aas paas ke ghar hila diye.

Sikandar ke dil mein bhi tasveer ubhar aayi — uske maa baap ka laashon mein badla hua jism... uska dard, uska dahan.

Uska ghussa ab hadh paar kar gaya.

Ek laal aura uske jism se ubharne laga — aur uske peeche ek vishal werewolf ki shakl ban gayi, jisme se devastating pressure nikal raha tha.

Do monsters, do dukhon ke saaye... ek hi maqsood:

NAFRAT KA INTEQAAM.

🔥 Sikandar vs Zegrath – Nafrat ka Toofan

Sikandar ka aura aise lag raha tha jaise koi daimi aag, jo na kabhi bujhti hai na rukti — nafrat ki aag jo har saans ke sath bhadakti ja rahi thi.

Jabke Zegrath ka aura bilkul ulta tha — thandi, khamosh nafrat, jo sahi waqt ka intezaar kar rahi thi ke kab phategi.

Dono ke jazbaat takraaye —

BOOM!!

Zegrath ke jism se nikli hui shaytani paron ne achanak khul kar hawa ko cheer diya.

Hawaa itni tez thi ke aas-paas ke ghar aik lamhe mein tabah ho gaye.

Lekin Sikandar bhi chup nahi raha —

Uske peechay ubharta hua bhediya jesa saaya garjna shuru karta hai, aur uski garaj se poori zameen ka kanpna mehsoos hota hai.

ROAARRR!!

Sikandar ne apni sari taqat ikatthi kar li, bijli ka mana apne jism ke andar ghumaya aur usse aik aakhri vaar mein badal diya.

Uske panje laal roshni se chamak uthe, aur unke aas-paas bijli ki karrak phail gayi.

Usne apni skill “Pure Brace of Moonlight” chala di —

Chandni ki roshni uske jism mein samag gayi, uska badan aur mazboot aur bhari ho gaya.

Uske chehre pe lagi mask itni energy bardasht na kar saki —

Wo do tukron mein toot gayi.

Ab Zegrath uska asal chehra dekh sakta tha.

Zegrath ne usay ghur kar dekha —

Uske aas-paas ghuma karta laal aura beqaraar bachay jesa lag raha tha, jaise kisi ko meetha mil gaya ho.

Thodi dair baad uske peechay aik laal gola ubhar aaya — jaise koi khuda insano pe nazar daal raha ho.

Uske seenay par laal rang ka aik tattoo chamak utha —

Seedhi line jesa naqsh, jo khofnaak taqat se bharpur tha.

Dono ne ek dusre ki aankhon mein dekha —

Waqt ruk gaya.

Unke beech sirf nafrat, aur iraada reh gaya.

Ek hi soch dono ke zehan mein thi —

“Aaj hum dono mein se ek hi zinda rahega.”

Sikandar ne daanton ko bhincha, uske paon ki nasen tan gayin.

Zegrath bhi tayyar tha, dono aik hi waqt par jhapatne wale the ke —

Achanak —

Sab kuch hil gaya!

Hawa mein hara dhuan aur kala saaya bijli ki raftaar se ubhra —

Hara dhuan Sikandar ke aura se takra kar use mitata gaya,

jabke kala saaya Zegrath ke attack ko rokh gaya!

Dono aik dum ruk gaye —

Peechay mud kar dekha to unke peechay do shakhs khade the.

Sikandar garja —

“Green Messenger!! Mujhe chhoro!! Main apne parents ka badla loonga!!”

Uski awaaz mein dard aur ghussa dono the.

Green Messenger ne gehri saans li —

“Bas karo, tum dono mar jaoge. Zinda rehne ka faida uthao... Guilds kuch hi pal mein yahan pohanch rahe hain.”

Usi waqt Zegrath bhi chilla utha —

“Bertolf!! Mujhe chhoro!! Insaanon ko marna hoga!! Mere ghar walon ka badla lena hai!!”

Bertolf ne use mazbooti se pakad rakha tha —

“Zegrath! Agar tumne use maara bhi, to agla qadam tumhari maut hai!”

“Mujhe farq nahi padta!! Main use maaroonga!!”

Zegrath pagal ho gaya tha, uske aankhein khoon se laal.

Bertolf ne aakhri raasta ikhtiyar kiya —

Usne Zegrath ki gardan ke peeche zor se mara, aur Zegrath behosh ho gaya.

Sikandar ne Green Messenger ki baat suni aur dheere dheere khamosh ho gaya.

Usne Zegrath ko ghur kar dekha — uska chehra yaad kar lena chaha, taake kabhi bhool na sake.

Bertolf ne Green Messenger ki taraf dekha, hont sikode aur hawa mein ghayab ho gaya.

Door se march karti fauj ki awaz sunai di —

Guilds aa chuki thi.

Supernaturals ke cheekhne ki awazein poori Zrolis City mein gunj rahi thi.

Sikandar ne socha,

“Agar main bach gaya to wo Werewolf — Brutal Grey — bhi to zinda hoga?”

Usne aas-paas dekha — lekin Brutal Grey ki lash nahi thi.

“Wo fir bach gaya... Ye to Zegrath se bhi zyada khatarnaak hai,” usne socha.

Green Messenger ne Sikandar ko le kar Zrolis City chhod di.

Wo piche ke raste se nikle aur Dave aur Liliya ki taraf badhe — subah hone wali thi.

Sikandar ka uniform phata hua tha, mask toot chuka tha,

aur wo kamzor mehsoos kar raha tha —

uska har zarra us aakhri attack mein kharch ho chuka tha.

Wo mehsoos kar sakta tha ke Green Messenger aur uske darmiyan kitna bada farq hai.

Liliya pehle se hi ped ke neeche baithi thi, ab uska saans theek chal raha tha.

Dave Calidora ko khas rassi se baandh raha tha — wo ab tak hosh mein nahi thi.

Green Messenger ko dekh kar Dave khamosh ho gaya, uska jism halki si dar se kanp gaya.

Liliya ne aankhen badhi kar ke poocha —

“Green Messenger kab aya? Tumne mujhe bataya kyun nahi!”

Dave ne bola,

“Jab tum chali gayi thi, hume aik Cursed Creature ne attack kar diya tha. Khushqismati se Green Messenger ne bacha liya.”

Liliya ne halka sa hans kar kaha,

“Accha hua main us waqt wahan nahi thi.”

Dave ne mann hi mann socha,

“Tu hoti to samajhti ye kitna darawna tha! Main to lagbhag behosh ho gaya tha!”

Green Messenger ne haath thapthapaya,

“Theek hai, tum sab ja sakte ho. Report jama karwa do. Main yahan se chalta hoon.”

Phir wo Sikandar ke paas aaya, uske kareeb jakar dheemi awaaz mein bola —

“Tum Awakened ho na...?”

Sikandar ek dum sakt ho gaya.

Usne jhooth bola,

“Nahi, mujhe University ke treasury se ek Elixir mila tha... Akhri waqt ke liye sambhal kar rakha tha.”

Green Messenger ne uska chehra dhyan se dekha.

Sikandar ke maathe pe paseena aa gaya.

Phir Messenger halka sa muskuraya,

“Oh, samjha... Alvida.”

Aur wo hara dhuan ban kar hawa mein gayab ho gaya.

Sikandar ne gehri saans li,

“Kya skill hai... Jahan chahe bas dhuan ban ke pohanch jaata hai.”

Ab teeno — Sikandar, Dave aur Liliya — ne wapas chalne ka faisla kiya.

Raaste mein Sikandar ne unhe poora waqiya bataya —

Rank eight Werewolves ki ladai, insani battalion ka ambush, aur Dark Mooncress ke zikr tak...

Bas ek jhoot chhupa liya — usne kaha ke Werewolves ne Mooncress usse pehle le li thi.

Sikandar ke dil mein kuch kasak thi —

Uske paas Dark Mooncress ka aadha hissa tha,

aur aadha Zegrath ke paas.

“Chalo aadha hi sahi... kuch to mila,” usne socha.

Lekin uske dil mein ab bhi wo narm zakhm tha —

uske parents ki maut ka.

“Bas ab ghar lautna hai... Ochyra University... aur Adhara se kehna hai ke kuch pakaye.”

Ye soch kar uske hont par halki si muskurahat aa gayi.

“Chalo, chalte hain...”

---

Aaj ke liye itnah hi.. I hope ye episode be aap ko pasind ahye gah..

1 baat ke liye sory. Mega update bola tha lekan normal update diye.

Kyo ke is ke bad 1 scene ahsa hai jo kafi important hai lekan agir is update mai dalta to boht lamba episode ho jata..

Is liye next episode ke liye chor diya.

Aap ko yad ho gah princess aur Sikandar jab samne the to princess ne apne blood se magic kar ke help mangi thi.. Abi wo help ahni hai...

Jo mai next episode ke liye rakh diya hai.

Aur Zagrath ko mat bholna abi asli fight honi hai Sikandar ke sath...

Likes target apna wohi 35. Next update 35 likes par.

Milty hai next update main tab tak ke liye.

Good Night and thanks..
 
थैंक्स बीआरओ फॉर रिव्यु..

1.कह सकती है क बोहत सरे विललाइंस मई से 1 है. लेकिन अभी उस की ताक़त कुछ बे नहीं है. अभी तोह सिकंदर और जाग्रत दोनों को ताकतवर होना है...

2. मुन्करेस दोनों को हाफ हाफ मिला है. तो 2no कोह शामे पावर मिले गई हाफ हाफ.

3 वही लड़का कविं लुक है. बताया बे था उस अपडेट मई. वो सिकंदर की गर्लफ्रेंड के पीछे पर गया है....
 
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