Gharelu Maa se Modern Maa tak ka Safar - Jawan Bete ki Khwaish Ki Puri - SexBaba
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Gharelu Maa se Modern Maa tak ka Safar - Jawan Bete ki Khwaish Ki Puri

यह एक नयी कहानी शुरू करने जा रही हूँ. यह मैंने पहले कही पढ़ी थी अंग्रेजी में. इससे हिंदी में लिखूंगी और थोड़ी सी अपनी खुद की फ्लेवर डालूंगी..

यह मेरी पहली इन्सेस्ट केटेगरी वाली कहानी हैं.

कहानी बड़ी लम्बी नहीं चलेगी ... शार्ट स्टोरी जैसे चलेगी बस कुछ hi उपदटेस.

प्लीज आप सब मेरी रौशनी की कहानी की तरह इसे भी ढेर सारा प्यार देना.
 
मेरा नाम रत्न है, मेरी उम्र लगभग 44 साल की है, मैं शादीशुदा हूँ और 2 बच्चों की माँ हूँ, 1 बेटी हैं उम्र 25, उसकी नयी नयी शादी हो चुकी है, 1 बीटा है, जो इस कहानी का नायक है, जो अभी केवल 21 साल का है और अभी भी कुंवारा है. 3 साल पहले मैं बहुत मासूम, शर्मीली और पारम्परिक हाउसवाइफ थी,





अपना सारा जीवन केवल अपने परिवार और बच्चों के ird-gird hi घूमती रही, यहाँ तक की पूजा करने, परिवार के कल्याण के लिए मंदिरों में जाना, केवल सिंपल साड़ियां पहने वाली और एक इंच भी प्रदर्शन नहीं कराती थी. बस पूजा और परिवार उनके आलावा कुछ भी नहीं सोचती थी. मेरी शादी हुए 25 साल बाद भी मेरे पति मुझे पूरी तरह नग्न नहीं कर पते, उन दिनों सेक्स तोह बस में उनके मन बहलाने hi करती थी.

लेकिन पिछले 1 वर्ष में चुदाई का भरपूर आनंद ले रही हम. पीछे 3 हूँ तबसे में अब इतनी सेक्सी और गदरायी बदन वाली पत्नी बन गयी हूँ जो बिस्तर पर पूरी तरह से नग्न होकर लैंड चूसते हुए मेरी 38" की बड़ी गोल गांड को छोड़ने के लिए भी में तैयार रहती हूँ !

अब यह सब सिर्फ एक व्यक्ति के कारन हुआ है, मेरा हीरो, मेरा बीटा! में अब आपको इस सब की कहानी बताने जा रही हूँ, बस आप लोग मेरे इस कहानी की सफर से जुड़े रहे .. इतनी hi मेरी विनंती हैं.

अब, यह कहानी मेरी दूसरी बेटी की शादी के डरुअन शुरुवात होती हैं. में अब प्रेजेंट टेंस में कहानी बताउंगी.

मेरी बेटी की शादी को 2 महीने थे ….

मेरी बेटी का ससुराल बहुत hi पॉश और बहुत आधुनिक है, खासकर उसकी सास, वह बहुत आधुनिक साडी, ब्लाउज, लेग्गिंग्स यहाँ तक की जीन्स और टॉप भी पहनती है, खासकर स्लीवलेस, कभी बैकलेस ब्लाउज , कभी दोनों एक साथ एक hi ब्लाउज में ., ऐसी पारदर्शी सरीयां वह पहनती हैं जो नाभि से काफी निचे तक पहनती हैं. यहाँ तक की वह मेक उप के साथ रंग बिरंगी चूड़ियां भी पहनती हैं.

उसके बल बॉब कट वाले मॉडर्न है. सबसे खास बात की वह तोह मुझ से 3 साल से अधिक उम्र की भी है!!!!! लेकिन वह मुझसे 10 साल छोटी लगती है.





सब युवा उस के पीछे मधुमक्खियों के तरह उसके चरों और घूमते हैं और वह इसका पूरी तरह से आनंद भी ले रही है!

मुझे दूसरे मर्दों की परवाह नहीं है, लेकिन मेरा इकलौता बीटा, मेरा हीरो नमन भी उससे इतना आकर्षित है की जब भी मौका मिलता है, वह उसके साथ हर पल बीतता हैं, मुझे चोर कर . अब इससे मैं बहुत परेशां हो गयी हूँ. मैंने तोह उससे लेडीज से अचे से ट्रीट करने को भी कही हूँ, लेकिन वह नहीं सनटैन.

में यह सब एक महीने से देखती ा रही हूँ , आखिरकार मुझसे रहा नहीं गया और मैंने यह बात अपने पति को भी बताई, लेकिन वह हंस कर बोले “ उफ्फ्फ रत्न! आज की पीढ़ी के लड़के बड़ी उम्र की महिलाओं की और अधिक आकर्षित होते हैं, हमारा बीटा भी ऐसे hi हैं …

मेरे पति के इस जवाब ने मुझे बहुत परेशां किया. मेरी तोह पूरी दुनिया मेरा बीटा है! उसने बस मुझे hi अपना सब मन लेना चाहिए.

एक रत मैं बहुत परेशां थी मेरे पति ने मुझसे पूछा “क्या हुआ रत्न? तुम इतने तनाव में क्यों हो?”

“नहीं कुछ नहीं बस थोड़ा सा सिरदर्द है”

“क्या मैं बाम लगा दूँ प्रिये”

“नहीं में हैंडल करुँगी”

मुझे बिस्तर पर नींद नहीं ा रही थी , बहुत बार करवट बदलकर भी नींद नहीं आयी, मेरे पति ने फिर अपनी नींद भरी आवाज़ में पूछा

“रत्न क्या हुआ? क्या मैं डॉक्टर को बुलाऊ, मुझे लगता है की आप की इलाज करनी चाहिए”

मैंने उत्तर दिया “सुनिए जी नमन मुझे बहुत परेशां करता है”

“ओह प्रिये उसने अब क्या किया? फिर से कोई शरारत वाला काम!!”

“हाँ, पुष्प के साथ उसक ये मेलजोल बहुत हो रहा हैं .. उनके पीछे hi पड़ा रहता हैं” (यह मेरी बेटी की सास का नाम है)

“ओह्ह्ह प्रिय, तुम अभी भी यह सोच रही हो, मैंने तुम्हें पहले hi बताया था की कुछ नहीं होगा, ईर्ष्या मत करो, नमन भी उसके बेटे की तरह है.” मेरे पति मुझे समझा रहे थे

लेकिन यह मर्द जैसे मेरे पतिदेव , वह एक माँ के दिल को कभी नहीं समझ सकेंगे, मैं फिर लगभग रो पड़ी

“रत्न, अब इतना भी मत रोना, क्या हुआ? तुम उसकी माँ हो, तुमने उसे pala-posa हैं, उसने कभी अपनी माँ को दुःख नहीं दिया हैं , चिंता मत करो प्रिये”

लेकिन में तोह रो hi पड़ी.

“रत्न मैं तुमसे एक बात कहता हूँ गुस्सा मत करना”

“मम अच्छा नहीं करुँगी मुझे बताइये”

“देखिये प्रिये , आप हमारी सम्बन्धी से काम उम्र की हो और तुम उससे सुन्दर भी हो, लेकिन उसकी तरह आकर्षक नहीं हो.. उसकी तरह आधुनिक विचारों की नहीं हो”

अब मैं थोड़ा और असहज हो गयी, “ तो आप क्या कहना छह रहे हैं?

“रत्न तुम खुद को उसकी तरह आकर्षक क्यों नहीं बनती”

“ची! ऐसा तो मैंने कभी , अपने सपने में भी नहीं सोचा हैं की मैं अपनी सम्बन्धी तरह ऐसे खुले कपडे पहनूंगी. उनकी पहनी मेकअप अपने देखि हैं उफ्फ्फ्फ़ हे भगवन!!!”

प्रिय, यदि आप चाहती हैं की आपका बीटा आपके पास वापस ा जाए और आप hi के इर्द गिर्द घूमेगा तो तुम्हे उसके लिए आकर्षक मन बनाना की आवश्यकता होगी, बस इतना hi , और फिर सब कुछ ठीक हो जाएगा” मेरे पति ने अब एक शरारती मुस्कान के साथ वह बोलकर सो गए.

इस सब के बाद मुझे नींद नहीं ा रही थी, मैं कैसे सोच सकती हूँ की मेरे पति ने क्या कहा था, वो शब्द अभी भी मेरे कानों में गूंज रहे थे रत भर.

इस सब का असर मुझ पर रत भर हुआ और आखिरकार मैंने खुद को बदलने का फैसला किया!!!

जब मैं उठी तो 8 बज चुके थे, (हे भगवान, क्या नींद ा गयी थी) मेरे पति तोह काम पर भी जाने तैयार हो रहे थे.

हम दोनों एक दूसरे को देख मुस्कुराये और, मैंने उनसे देर से जगाने के लिए माफी मांगी, फिर उनके लिए नाश्ता बनाने के लिए रसोई में जाने वाली थी , लेकिन उन्होंने कहा की “नहीं रत्न, 8.30 बज चुके हैं, तुम थोड़ा और आराम करो, कोई बात नहीं वहां पर ब्रेकफास्ट कर लूंगा दोस्तों के साथ.” फिर वह चले गए काम पर.

में अपने बेटे नमन के कमरे में गई, वह भी बहार जाने के लिए तैयार हो रहा था. उसने मुझे देखा

माँ, तुम देर से क्यों उठी हो, तुम कभी नहीं इतनी देर तक सोती हो, तबियत ठीक है न?

पिताजी ने मुझसे सुबह कहा था की आपको परेशां मत करो”

“नहीं बीटा, मैं कल रत ठीक थी बस नींद नहीं ै, सुबह hi थोड़ी नींद लग गयी”

“ओह्ह मन, शादी नजदीक है, अगर आप बीमार पद गई तो सब कुछ गड़बड़ हो जाएगा” मेरे प्यारे बेटे ने थोड़ी चिंता के साथ कहा

“नहीं नहीं मैं ठीक हूँ नमन, वैसे तुम कहाँ जा रहे हो? कोई जरुरी काम हैं आज सुबह”

“कुछ भी जरुरी नहीं है माँ, मुझे रोहित के साथ अपने नए प्रोजेक्ट के बारे में बहुत काम की बातें करनी हैं बस.”

ही, हाँ, चाहे कुछ भी हो, लेकिन मेरा बीटा अपने पिता की तरह काम में व्यस्त रहता हैं, इस बात की ख़ुशी से मैं प्रशंसा के साथ मुस्कुराई.

“कब तुम वापस ा रहे हो बेटे?”

“माँ, मैं दोपहर के भोजन के लिए यहाँ hi आऊंगा, ठीक हैं न” यह कहते हुए उसने मुझे एक जोरों का हुग दिया … बहुत मज़बूत था मेरा बीटा.

“जल्दी औ बेटे, आज मुझे कुछ खरीदारी करनी है, तुम्हे मेरे साथ मॉल चलना चाहिए,”

“ हाँ हाँ ठीक है, ठीक है माँ,” इतना कहकर उसने अपनी नै गाड़ी में से काम पर चला गया

में अपने बेटव को जाते हुए देखि , काफी जवान और बड़ा हुआ था मेरा बीटा …





अब मेरा ध्यान मेरी होने वाली दुल्हन बेटी अंजलि की और गयी, नमन के विपरीत वह बहुत अलसी है, वह लड़की अभी भी अपने कमरे में सो रही थी, उसके कमरे में प्रवेश करि और देखि की वह अभी भी सपना देख रही है और बहुत प्यारी मुस्कान बना रही थी.

“ओह अंजलि बेटी, कृपया करके उठो, पहले से hi अब 9 बज चुके हैं, अभी भी सो रही है..”

“ओह माँ प्लीज थोड़ा और समय सोने दीजिये”

“नहीं बेबी तुम्हारी जल्द hi शादी होने वाली है , तुम्हें जल्दी उठने का अभ्यास करना चाहिए, अगर तुम ससुराल में ऐसे सोने वाली हो तो वे क्या सोचेंगे?”

“ओह्ह्ह्ह माँ” कहते हुए उसने मेरे हाथ में से कॉफी ले ली और पीना शुरू कर दिया, और मुझे देखती रही”

“अंजलि बेटी क्या है?”

अंजलि बेटी, आज आपका क्या प्रोग्राम है अपनी बेटी से पूछा”

“ओह मम्मी, मुझे पार्लर जाना है, वहां मेरे लिए अपॉइंटमेंट है, हे भगवान, 9 बज चुके हैं, वह भागती हुयी बाथरूम में चली गई. वह जल्दी से 30 मिनट में तैयार हो गयी! आम तौर पर उसे एक घंटे से अधिक का समय लगता था.

मैंने उसे नाश्ता करने के लिए डाइनिंग टेबल पर बुलाया, फिर वह आई और बैठ कर जल्दी से नाश्ता करने लगी.

मैंने उससे पूछा, “क्या मैं पार्लर ऑन तुम्हारे साथ?” अंजलि आश्चर्यचकित हो गई. में पहली बार मैं ब्यूटी पार्लर जाने के लिए कह रही थी.

मम्मी आपको पार्लर आना है? वह, लेकिन मम्मी, यह बहुत खुशी की बात है, लेकिन मेरे पास बस मेरे लिए hi अपॉइंटमेंट है, हु भी मुझे मुश्किल से मिल गया है.

मैं आपको निराश नहीं करना चाहती तोह पहले पार्लर को कॉल कर पूछती हूँ आपके लिए जगह मिलेगी या नहीं. उसने पार्लर में फ़ोन किया, और उन्होंने बताया की, उनके एक ग्राहक ने अपनी अपॉइंटमेंट रद्द कर दी थी और अब वह हमारे लिए उस स्लॉट को बुक कर सकते हैं.

हम दोनों खुश हुए और फिर अंजलि मुझे पार्लर ले गई. अब यह बहुत बड़ी बात थी, मैं पहली बार ऐसी जगह पर जा रही थी, मैं थोड़ा घबरा गई, लेकिन मेरी बेटी ने मुझे आश्वासन दिया. मैंने कल रत hi तय कर लिया था की एक आधुनिक महिला की तरह दिखने के लिए मैं अपना रूप बदलूंगी.

अंजलि ने चिढ़ाने वाली मुस्कान में मुझसे पूछा “ओह हो मम्मी किसके लिए तैयार हो रही हो .. पापा के लिए .. या कोई और हैं …”

“अंजलि बेटी कृपया मुझे मत छेड़ो, तुम सब मुझे चिढ़ाते हो की मैं पुराणी मॉडल की तरह हूँ इसलिए अब मैंने तुम्हारी सास की तरह नयी मॉडल बनने का फैसला किया है.”

“ओह, मम्मी, आखिरकार आप मन hi गयी मॉडर्न वुमन बनने के लिए. में बहुत खुश हूँ मम्मी.”

रिसेप्शन पर हमने अपना नाम बताया और फिर एक बहुत आधुनिक दिखने वाली महिला ै, वह बहुत सुन्दर थी, ब्राउन रंग की लिपस्टिक, लाल रंग की नेल पोलिश , शिफॉन की हाफ बैक वाली ब्लाउज, काफी छोटी ब्लाउज, पारदर्शी साडी जो उसकी नाभि के नीचे आयी हुयी थी, बॉब कट बाल, गोल नाक और उसमें एक नाथ, हील्स वाली संदल. वह बहुत सुन्दर लग रही थी, उसने आकर मेरी बेटी को गले लगायी और अंजलि से पूछा की मैं कौन हूँ.? मैं शर्मिंदा हुई फिर अंजलि ने कहा की में उसकी माँ रत्न हूँ.

वह मुझे आश्चर्यचकित से देख रही थी , मेरी लड़की इतनी आधुनिक दिखती है, मैं उसकी माँ हूँ, बहुत सुस्त और बूढी दिखती हुयी. अंजलि ने उससे कहा, “अरे मोना ऐसे मत देख उन्हें .. वह ट्रेडिशनल हैं लेकिन उन्हें बनना हैं मॉडर्न इसीलिए hi तोह में उन्हें सर से पाँव तक बदलने के लिए पार्लर में ले ै हूँ हु भी तुम्हारे hi हाथों. तुम्हरे हाथों में जादू हैं .. यह सुनकर दोनों हांसे, और उसने अपना परिचय दिया.

हम तीनो फिर एक रूम के अंदर गए, और उसने एक लड़की को बुलाया और उससे मेरे पुरे शरीर की मालिश करने के लिए कहा. वह लड़की मुझे और एक कमरे के अंदर ले गई, जहाँ कमरे के बीच में एक बड़ी मस्सगे टेबल था. फिर उसने मुझे अपने कपडे उतरने के लिए कहा, और मैं इस बात को सुनकर थोड़ा झिझक रही थी. मेरी झिझक देख उस लड़की ने , उसका नाम था शीला,

वह बोली “चिंता की कोई बात नहीं, मैडम, सब कुछ ठीक है, अपनी साडी ब्लाउज पहले उतर दीजिये,”

फिर में साडी और ब्लाउज उतर दी. लेकिन फिर अपनी ब्रा पेटीकोट नहीं उतरी . शीला ने मुझसे बाकी के कपडे उतरने के लिए कहा.

फिर मैंने बहुत शर्म के साथ, ब्रा उतर दी, मेरे स्तन मनो पिंजरे से आज़ाद हो गए और ऊपर निचे हिलने लगे.





मैं बहुत शर्मिंदा महसूस करि, वास्तव में मेरी स्तनों का आकर 36 डी कप हैमेरे स्तनों के निप्पल्स का रंग काफी ब्राउन है, निप्प्लेस भी बड़े हैं.

मालिश कक्ष में ठंडक होने के कारन मेरे निप्पल्स सावधान में खड़े थे .. दो छत्तों के शिखर जैसे. मुझे अभी भी अपनी पेटीकोट उतरने में झिझक हो रही थी. मुस्कराहट से लड़की, बोली , “मैडम यहाँ कोई नहीं है, केवल आप और मैं, आप मालिश करवाने के लिए शर्मिंदा न हों, मालिश के लिए आपको नग्न होना पड़ेगा . वासी दरवाज़ा लॉक हैं देखिये..”

दरवाज़ा लॉक देख अब मैंने पेटीकोट की डोरी खींची, और पेटीकोट पूरी निचे गिर गयी.. में बस पंतय में कड़ी वहां हाथों से उस जगह को धक् रही थी !!!

मैंने फिर मेरे हाथों को भी हटा दिया, और अब मैं एक लड़की के सामने पूरी तरह से नग्न थी.

उफ़ यह इतनी शर्मनाक स्थिति थी की मैंने पहले कभी ऐसा महसूस नहीं करि थी! उसने फिर मुझे टेबल पर लेटने के लिए कही. इस बार मैंने उसके निर्देशों का जल्दी से पालन किया.

शीला ने मेरी पीठ पर बहुत hi सुखद खुशबू वाला तेल डाली और पूरी पीठ पर मलना शुरू कर दी, उफ्फ्फ क्या प्यारा हाथ था उसका! मेरी पीठ पर dheere-dheere और स्थिर रूप से एक चिकनी गोलाकार मालिश वह कर रही थी, उसने मेरे नितम्बों के गलों को थोड़ा अतिरिक्त देखभाल के साथ रगड़ने लगी. उफ्फ्फ्फ़ क्या अच्छा एहसास था, लगभग 15 मिनट तक वहां मालिश के बाद उसने मुझे पलटने के लिए कहा.







में पलट कर लेती रही और मेरे स्तन अब शीला के सामने थे, मेरी योनि भी एक्सपोज़ हुई थी. फिर उसने मेरे बदन के ऊपर तेल डाली फिर स्तनों को धीरे से मालिश करना शुरू कर दी.

हे भगवन , मुझे शर्म आ रही थी, फिर शीला ने मेरे निपल्स को रागादि, मेरे स्तनों को बहुत ऊपर की और स्ट्रोक दी और फिर अब dheere-dheere मेरे पेट से मेरे नाभि तक मालिश करती रही . फिर उसने मेरी नाभि में थोड़ी सी तेल दाल कर अपनी उँगलियों से वहां अंदर ालिश करि . जिससे में और मस्ती में चा गयी. उसने फिर मेरी छूट के ऊपर बहुत अच्छी तरह से मालिश करि.

मैं नियमित रूप से वहां कभी शेव नहीं करि थी !!! मेरी छूट पर बहुत सरे बैलन से वह ढके हुए थे.

अब शीला ने ा एक दूसरी तेल की बोतल उसे करि और मेरी छूट के बालों की वह मालिश करना शुरू कर दी, फिर उसकी उँगलियों से वह मेरी बुर को चुने लागि … उफ्फ्फ्फ़ पति को चोर ऐसे कसी ने नहीं किया था .. उफ्फ्फ और आज तोह एक लड़की ऐसे वहां मालिश कर रही थी हे बहगवां.. शीला ने मेरी योनि को अतिरिक्त देखभाल के साथ मालिश करि, उस मालिश से मेरी छूट थोड़ी सी टाइट हो गई.

“उफ़ मैडम रिलैक्स करिये .. जरा अच्छे से वहां मालिश करने दीजिये..”

मैंने उसकी बात सुनकर मेरी टांगों को थोड़ा और खोल दिया . उसने मेरी छूट के ऊपर और थोड़ी सी मालिश करते हुए फिर उसने मेरी जांघों, पैरों, और पैरों की उँगलियों की बहुत अच्छी मालिश करि.

उसने मेरे शरीर के लगभग सभी हिस्सों को छुआ था, और इस मालिश में लगभग एक घंटा लग गया !! मेरी छूट से थोड़ा सा रास टपक रहा है और थोड़ा सा तेल भी. शीला मुझे देखकर मुस्कुराई, मैं भी उसकी और देखकर मुस्कुराई.

“मैडम क्या आप आराम महसूस कर रही हैं?”

“हाँ .”, मैं बहुत धीमी आवाज़ में बोली, वह फिर एक मुलायम टॉवल लेकर ै और मेरे पुरे शरीर पर उसे रगड़ते हुए, तेल साफ़ करि और वह मुझे नहाने के टब में ले गई.

मैडम जी यहाँ बबल बात करिये फिर में आउंगी . बाथ के बाद शीला मेरी बदन को तौलिये से सुखाई.

मैं उसकी हाथों में एक गुड़िया की तरह महसूस कर रही हूँ! उसने मुझे पहनने के लिए एक वस्त्र दिया, फिर मुझे दूसरे कमरे में ले गई, जहाँ एक और लड़की के साथ उसने मेरी हॉट वैक्स से कुछ ट्रीटमेंट करि और अब मेरी त्वचा चमकाने लगी थी, मेरा रंग वैसे गोरा है, इसलिए मेरी त्वचा अधिक चमक रही थी और मेरे स्तन भी चमक रहे है!

शीला ने पूछा की क्या में आपके वहां .. आपकी छूट के ऊपर के बाल काट सकती हूँ. अब में मॉडर्न बनने hi आयी थी इसीलिए मैंने कहा ठीक हैं.

में अब खुद को शीला के साथ काफी कम्फर्टेबले थी.. फिर उसने मेरी छूट पर कुछ फोम लगाया, और halke-halke स्ट्रोक लगाए, बहुत सारा झाग बनाया और फिर एक शेवर लेते हुए,, मेरी छूट को बहुत सावधानी से शेव करि, झाग के sath-sath सभी छूट के बल भी हटा दिए. फिर उसने एक लोशन मेरी बुर की अस पास लगायी जो बहुत खुशबूदार थी!

शीला ने मुझे निचे देखने को कहा. और मैं झिझकते हुए निचे देखि, उफ्फ्फफ्फ्फ़ वह, क्या शानदार लुक है, मेरी गोरी सी बुर , उसकी खुली हुई गुलाबी रंग की अंदरूनी हिस्से, मेरी चिकनी और पिंक रंग की छूट के होंठ. इससे देखकर मैं लगभग अनजाने में hi मेरी बुर पर अपना हाथ रगड़ ली.





शीला शरारती ढंग से मुस्कुरायी.

फिर उन्हें देख में सोची (उफ्फ्फ ओह्ह्ह मैं ये क्या कर रही हूँ उफ्फ्फ्फ़.”

में शरमाते हुए चेहरे को धक् ली हाथों में.

शीला ने मेरी बाज़ुओं को ऊपर करि और उसने मेरी बांहों के नीचे शेव करि, फिर उस पर वेसिलीन लगायी.

इस सब के बाद शीला ने उस दूसरी लड़की को बुला लिया और दोनों ने मुझे गर्म पानी से नहलाया, मैं लगभग भूल hi गयी थी की मैं कहाँ हूँ. फिर उनहोंने मुझे रोबे पहनाई, मुझे ड्रेसिंग टेबल पर ले गए, उसके सामने एक बड़ा ऐना था. फिर उनहोंने मेरी एएब्रोस बनाई, उफ्फ्फ मैंने इससे पहले कभी ऐसे नहीं करि थी. अब मेरी एएब्रो बिलकुल छोटी सी बिलकुल रेखा जी की तरह थी, जो मुझे बहुत सेक्सी लग रही थी.

उन्होंने मेरे चेहरे पर एक फेस पैक लगाया, उसे पील करने के बाद उफ़ मेरा चेहरा मनो चन्द्रमा की तरह चमक रहा था, इतनी उज्जवल की मैं खुद उस आईने में चहरे पर विशवास नहीं कर प् रही हूँ कोई हु मेरे अलावा और कोई नहीं है, में खुद hi हूँ !!

में यह सब अपने बेटे नमन को वापस पाने के लिए कर रही थी. इस सब से तोह में लगभग 15 साल काम उम्र की महिला दिख रही हूँ !!!!

शीला ने मेरे बाल हेअरकट किये, जिससे मेरे लम्बे बाल थोड़े छोटे हो गए और अधिक सेक्सी दिखने लगे, शीला मेरे चेहरे पर फाउंडेशन का क्रीम भी लगाई, जिससे मुझे एक दुल्हन जैसे महसूस हुई/

फिर शीला ने मेरी आँखों में काजल, ेयेशादौ,, गालों पर क्रीम ब्लश, होठों पर चेरी लाल लिपस्टिक. और मेरे होंठ बहुत रसीले लग रहे हैं. फिर शीला ने मेरे दोनों हाथों और पैरों की उँगलियों पर मैचिंग चेरी लाल नेल पोलिश लगाई. में अब एक बड़े उम्र वाली ट्रेडिशनल पारम्परिक महिला से बहुत युवा दिखने वाली आधुनिक और सेक्सी दिखने वाली महिला में बदल गयी थी. !!! किसी को विशवास नहीं होगा अब की मेरे दो बड़े बच्चे हैं! मैं बहुत जवान दिख रही थी,

शीला मुझे सेक्सी भी बुला रही थी. , शीला ने मुझे बहुत सेक्सी नेट वाली ब्रा और पंतय दी, जो लगभग मेरी लिपस्टिक के रंग से मेल खाती थी. मैं उसे पहने लगी, खुद को शीशे में देखि, वह, में अब किसी भी आधुनिक नायिका से काम नहीं लग रही थी !! उस नेट वाली ब्रा ने मेरी विशाल दूध की टैंक्स का केवल 1/2 भाग hi ढाका था!!!!







मेरी निपल्स लगभग उस ब्रा में दिखाई दे रही थी. पंतय ने तोह केवल मेरी छूट के होंठों को ढाका हुआ था. पंतय बहुत बहुत छोटी थी, सुन्दर तितलियों का डिज़ाइन था. पीछे से केवल एक धागे वाली स्ट्रिप थी, जो मेरी गांड लगभग पूरी दिख रही थी .

हे भगवान, यह गांड की दरार में hi पंतय की लाइन पीछे से गायब हो गयी थी !!!! फिर शीला ने एक पैकेट खोला जिसमें एक सुन्दर लाल पारदर्शी साडी, मैचिंग ब्लाउज और पेटीकोट थी . शीला ने पट्टिकाओत मेरी नाभि से 3 इंच नीचे hi बाँधा था!!!!

“उफ्फफ्फ्फ़ नहीं ! इतना काम नहीं” मैं शीला से कही.

“मैडम प्लीज पहनिए , आप इसमें बहुत अच्छी लग रही हो हैं, आपको मॉडर्न वुमन बनाना हमारा काम है इसलिए हमारी निर्देशों का पालन करिये. यह पेटीकोट ऐसी hi पहनिए,. “

उस पेटीकोट की ट्रांसपेरेंसी से मेरी झांघें लगभग दिखाई दे रही है, मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था की मैं ऐसी पेटीकोट पहने के लिए राज़ी होउंगी.

शीला ने ब्लाउज अपने हाथ में ले लिया, और मुझे पहनाई.

उफ्फ्फ आईने में इस ब्लूज़ में देख में तोह ( हे भगवान, यह ब्लाउज नहीं है, बिलकुल ब्रा जैसा है अह्ह्ह!!!!, पीठ पीछे से इतना काम कवर .. पीछे पीठ पर केवल 2 धागे थे .. बस दो धागों से मेरी ब्लाउज छुम ब्रा को पकडे हुए.

आगे से मेरे विशाल स्तन उस ब्लाउज के माध्यम से लगभग दिखाई दे रहे थे.

साडी भी काफी अच्छी है, बहुत पतली मटेरियल वाली है, बहुत सुन्दर डिज़ाइन है,!!

उस लड़की ने साडी मेरी नाभि से काफी नीचे बाँधी थी!!

“मैडम जी आप अब तैयार हो गई हैं, उफ्फ्फ्फ़ आप बहुत सेक्सी लग रही हो, मुझे खुद विशवास नहीं हो रहा है की आप इतनी सुन्दर हैं इतनी सेक्सी” शीला, मुझसे कही. मैंने भी उसे धन्यवाद दिया और जाने लगी.

मैडम जी, रुकिए, आप ये चप्पलें नहीं पहनेंगी, अब आप इसे पहनो” और उसने एक हील वाली चप्पल निकाली, जो मैंने पहन ली. हे भगवान, इन चप्पलों में मेर पेअर कितने सेक्सी लग रहा है. उफ्फ्फ.

फिर शीला और में बाहर आए. मेरे सामने मेरी बेटी और पार्लर की मालकिन मोना मुझे देखते hi रह गए… फिर मेरी प्यारी बेटी बोली “ के मालिक ने एक साथ कहा, वह, माम्मिवाह मम्मी ये नहीं हो सकता , उफ्फ्फ आप तोह मेरी बहिन लग रही हो.

“ उफ्फ्फ मेरी बेटी क्या बोल रही हो तुम….”

अच्छा मम्मी आप रुकिए … और वफ मुझे देख मुस्कुरायी , फिर मेरे पास अंजलि दौड़कर आई और मुझे बाँहों में भर लिया और मेरे गालों को चूमने लगी …

“उफ्फ्फ्फ़ बेटी यह उफ़ तुम क्या कर रही हो!”

लेकिन मेरी बेटी रुकने का नाम नहीं ले रही थी , बस मेरी गालों को चूमती यही, फिर नाक, फिर माथे पर.. फिर से मेरी गालों पर .. और फिर तोह उसने मेरी होठों पर भी एक चुम्मी लगायी…

उफ़ मेरी बेटी यह क्या कर रही थी .. उफ़ कितनी नटखट बेटी हैं मेरी…

अब बस मेरे बेटे नमन को मेरा यह रूप दिखाना था .. मुझे उसे अपना बनाना था.
 
”नहीं बीटा, बहुत देर हो चुकी है, हम बहुत दूर हैं,” में इतना बोली की मेरे मोबाइल की घंटी बजी, वह मेरे पति का कॉल था , मेरे बेटे नमन के पिता का., हे भगवन! कॉल एक्सेप्ट करते हुए फिर मैं बोली .

“ जी बोलिये … हाजी, मैं नमन के साथ हूँ, हम खरीदारी के लिए आए थे”

फिर मेरे पति ने, उत्साह के साथ मेरी ब्यूटी पार्लर के बारे में पूछा, उफ़ हाँ मेरी बेटी ने उन्हें सब बताया था! अब वह मुझे देखना चाहते थे और जल्दी आने के लिए कह रहे थे, की तब मेरे बेटे ने मुझसे मोबाइल ले लिया

“, पिताजी, हम शॉपिंग कर रहे हैं, माँ को बहुत सी चीज़ें चाहिए, वह अपनी अलमारी के कुछ कपडे बदलना चाहती है, इसीलिए इस शॉपिंग में अधिक समय लगेगा, कृपया उन्हें अपनी खरीदारी पूरी करने दें”

, यह कहते हुए मेरे बेटे बे फ़ोन रख दिया. ओह, मेरा बीटा अपनी सेक्सी माँ के साथ अधिक समय बिताना चाहता है में बड़ी खुश थी, और अब हम शहर वापस आ गए, बहुत बड़े मॉल में प्रवेश कर, मेरे बेटे ने कहा की “माँ, आप कोई भी चीज़ खरीदें, सभ बिल्ल्मेरे द्वारा चुके जाएंगे, ठीक है.”

वह मुझे अपने नए प्रेमी के जैसे बातें कर रहा है. उसकी अपनी माँ को मेरा बीटा नमन किसी प्रेमी जैसे सोच रहा था. वह अब मुझे बड़े शोरूम में ले गया और मैनेजर से साड़ी, ड्रेस मटेरियल, आदि दिखाने को कहा. वह बहुत बड़ी दूकान थी, वहां कई सेक्शन हैं, हम फिर साडी के पहले सेक्शन में गए. उफ्फ्फ वहां, बहुत सारे सरिस का कलेक्शन था, . पहले मैंने अपनी नियमित दूकान से खरीदारी hi की थी, और आप सभी जानते हैं की मैं बाद साड़ियों के अलावा कभी कोई ड्रेस नहीं पहनी थी और साड़ी भी केवल कॉटन वाली. , लेकिन इस दूकान में बहुत साड़ी की लग प्रकार थे और, मैनेजर ने हमें बहुत पतली सरिस दिखाई, जिनमें शिफॉन, सिल्क और, सुन्दर अलग स्टाइल की सरिस दिखाई.







मेरे बेटे ने बहुत सरिस सेलेक्ट किये और, मैं चुप रहती क्योंकि ऐसी सब सरिस मुझे और आकर्षित करने के लिए hi खरीद रहा था मेरा बीटा!! मेरे बेटे को फ्लाश्य रंग जैसे लाल, गुलाबी, ब्लू ऐसे रंग मुझे पर बहुत पसंद थे, इसलिए कई प्रकार की सरिस और मैचिंग ब्लाउज हमनें खरीद कर पैक करली. मैनेजर मेरे बेटे नमन से पूछा “सर अगर मेमसाहब को पसंद आया तो हम और विभिन्न प्रकार की आधुनिक ड्रेस सामग्री भी दिखा सकेंगे! हे भगवन, वह हम दोनों की क्या pati-patni सोच रहा है! मेरा बीटा मैनेजर पर बहुत शरारत से हंसा

“हाँ क्यों नहीं, मेमसाहब को और दिखाओ.” और नमन ने मुझे कमर से कास कर पकड़ लिया मैनेजर के सामने और फिर हम शॉप के दूसरे फ्लोर ले गए और हमें lehenga-choliyon की बहुत साड़ी वैरायटी दिखाई, यहां तक की मुझे उनके नाम भी नहीं पता लेकिन वे बहुत खूबसूरती के डिज़ाइन वाले थे. नमन ने उनमें से भी कई ख़रीदे. अब में उन सब ड्रेसेस को , पेहेन सकती हूँ!

नमन ने इनसे भी उल्टा मॉडर्न ड्रेस सेक्शन के बाजरे में पूछा, और मैनेजर ने कहा की वे ड्रेसेस उनकी दूसरे दूकान में उपलब्ध हैं और उस दूकान को फोन किया की हम वहां आ रहे हैं. नमन ने उससे सभी चीज़ें पैक करवाई और, बिल का भुगतान भी कर दिया. ओह! हे भगवन, यह सब ड्रेस 50 हज़ार से अधिक की थी

मैं कभी भी एक बार में इतनी साड़ी चीज़ें नहीं खरीदी थी उफ्फ्फ. -फिर हम दूसरी दूकान पर गए, जहाँ और आधुनिक कपड़ों की दूकान थी.

उनहोंने हमें वहां पर बहुत सारे जीन्स, टॉप, मिनी स्कर्ट्स, माइक्रो मिनी स्कर्ट्स और शॉर्ट्स , पारदर्शक निघ्त्य भी दिखाई. , नमन ने वहां भी बहुत सी चीजें खरीदी. उफ़ वहां तोह दूकान वाले ने मेरी कमर का नाप भी ले लिया!!! जब वह नाप ले रहा था तो मैं उस आदमी को टेप से मेरी स्तनों का नाप लेते देखा फिर देखा वह आदमी , नमन को देख रहा था. नमन भी मुस्कुराया दूकान के मालिक ने मुझे देख आँख मारी, और फिर में देखि की मेरा बीटा नमन भी शरारती मुस्कान दे रहा था.

आदमी ने मेरे 36 डी आकार के स्तनों को भी छुआ. उफ्फ्फ ऐसे कभी नहीं हुआ था मेरे साथ.

, अब मैनेजर ने मेरे बदन के आकार के विभिन्न प्रकार के कपडे दिखाए, जिन में से मेरे बेटे ने टाइट जीन्स, स्किन टाइट टॉप , लौ नैक मिनी टॉप खरीदी, यहां तक की माइक्रो मिनी स्कर्ट भी उसने पसंद करि जो मेरी कमर से निचे तक मेरी झंघों को भी कवर न करती ..











में मेरे बेटे को देख बोली “ हे भगवन, मैं ऐसे ड्रेस नहीं पेहेन सकती, उफ्फ्फ इन्हे किसी के भी सामने कैसे पेहेनू नमन बीटा” , मैं उसके कानों में धीमे स्वर में बोली.

“लेकिन माँ, यह आपको इसे केवल मेरे लिए पेहेनना होगा.” में उसे देख बोली उफ्फफ्फ्फ़ बेटे तुम काफी शरारती हो” और उसे देखकर में मुस्कुरायी. , अब तोह मैं अपने बेटे के लिए माँ से भी बढ़कर हूँ.

नमन ने उस व्यक्ति से ब्रा और पंतय के लिए पूछा , जिस आदमी ने मेरे बदन का आकार लिया, था. हे भगवन, वह एक अधेड़ उम्र का आदमी था और वह मुस्कुराते हुए हमें उस सेक्शन में ले गया, जहाँ, ब्रा पंतय की बहुत साड़ी विविध प्रकार के , इतनी साड़ी स्टाइल्स थे.

वहां मौजूद हर स्टाइल की चीज़ें हमनें खरीदी, यहां तक की मैंने भी चूसे करि. मेरे बेटे को मेरे लिए कुछ सेक्सी लिंगेरिएस भी चूसे करने थे और मेरे बेटे ने एक कल गार्टर बेल्ट फिर एक लाल फिर एक गुलाबी भी गार्टर बेल्ट खरीद लिया.

मेरे बेटे नमन ने उस व्यक्ति से कुछ पूछा जिसने हमें लिंगेरी की सभी चीज़ीं दिखाई थी. अब मुझे नहीं पता की वे क्या बात कर रहे थे, लेकिन उस व्यक्ति ने मेरी और बहुत शरारती मुस्कान देते हुए फिर बोलै,

“अच्छा साहब मेमसाब को वो चीज बहुत अच्छा लगेगी और, मैं हैरान होकर नमन से भी इसके बारे में पूछ ली .

उसने कहा “माँ यह बहुत ख़ास बात है मैं तुम्हें बाद में बताऊंगा.

“नहीं! नहीं! अब बताओ” मैंने उत्सुकता से मांग की!

“अच्छा चलिए” और हम उस आदमी के पास गए. फिर नमन ने हाथ में कुछ लेते हुए बोलै

“माँ, यह काले रंग की चमड़ी की सेक्सी लिंगेरी है, जिसे लाटेकस लिंग्रे कहते हैं, मैं उसमें आपको देखना चाहता हूँ, और क्या आप इसे मेरे लिए पहनोगी?”









“ओह , मेरे बेटे, नमन, तुम्हारे लिए सब कुछ पहनूंगी.”, मैं उसकी और बहुत शरारती ढंग से मुस्कुराती हुए बोली.

हमने सब खरीद लिया और फिर बिल का भुगतान कर उस दूकान से बाहर आ गए और मेरा मोबाइल फिर से बज उठा,

हे भगवन! यह मेरे पति का फिर से कॉल है! मैं जवाब दी “जी बोलिये , है है मैं नमन के साथ hi हूँ और हम शॉपिंग कर रहे हैं. अच्छा ठीक है मैं दे रही हूँ नमन को फ़ोन.

मैं नमन को मोबाइल दी और वह अपने पापा से बोलै “हाँ पापा हम अभी भी शॉपिंग कर रहे हैं और हाँ माँ के लिए मैं शॉपिंग कर रहा हूँ और 1 घंटा में हम वापस आएँगे घर पर. हाँ ठीक है चिंता की कोई बात नहीं पापा.”

नमन ने कॉल कट किया “ माँ मैंने पापा से कहा हैं अब कोई परेशानी नहीं, चलो शॉपिंग के लिए चलते हैं.”

उफ्फ्फ्फ़ नमन हमने वह सब कुछ खरीद लिया जो मुझे चाहिए, अभी कौनसी खरीदारी कर रहे हैं हम ?? उफ्फ्फ बेटे चलो, घर चलते हैं”

नहीं माँ, शॉपिंग तोह आधा भी नहीं हुआ है, आपके लिए और भी बहुत कुछ लेना है, चलो”! और नमन ने अपना हाथ मेरी कमर पर रखा और मुझे पास खिंच hi लिया . ओह्ह्ह्ह!!

“नमन बेटे, कृपया सभी लोग हमारी और देख रहे हैं” में उससे बहुत शर्मीली आवाज़ में बोली. हाँ, कुछ लोग हमें शरारत भरी दृष्टि से देख रहे थे, और निश्चित रूप से उनहोंने सोचा होगा की हम एक कपल हैं!!!!”







मेरा बीटा कातिलाना मुस्कान देता है,

“ठीक है, माँ, फिर तोह मेरे साथ आओ पास में रहकर वाक करेंगे”

उफ्फ्फ बाबा ठीक हैं चल, तुम अपनी माँ के लिए जो भी खरीदना चाहते हो हु खरीद लो.”

, “अरे सिर्फ माँ hi नहीं मेरी सेक्सी माँ के लिए शॉपिंग कर रहा हूँ में.” मेरे बेटे ने कहा,

हे भगवन!! मेरे अपने बेटे ने मुझे सेक्सी शब्द से hi बुलाया हैं और में ग़ुस्सा होने की बजाय शर्मा रही हूँ उफ्फ्फ्फ़. उफ्फ्फ मेरी ज़िन्दगी में क्या मोड़ आया है! में एक शर्मीली मासूम माँ से लेकर सेक्सी कामुक माँ बन गयी हूँ, जो अपने hi बेटे द्वारा उसे सेक्सी कहे जाने पर शर्मा जाती है उफ्फ्फ. ,

फिर नमन मुझे एक बहुत बड़े ब्यूटी प्रोडक्ट्स वाले प्रसिद्ध शोरूम में ले गया, जहां इस धरती पर हर ब्रांड के लगभग सभी सौंदर्य प्रसाधन उपलब्ध थे. हम पहले तोह फाउंडेशन क्रीम खरीद लिए फिर, क्लीनिंग क्रीम, फिर चेहरे की क्रीम से लेकर ढेर सारे सौंदर्य प्रसाधन खरीद लिए. फिर हम अलग अलग कलर के की लिपस्टिक, काजल, ेएलइनेर, , ब्लश, नेल पोलिश, कई पेर्फुमेस, बोडिस्प्रे खरीद किये. , उफ्फ्फ्फ़ उनमें से तो कई केन आम भी में नहीं जानती थी.

मेरे बेटे नमन ने एक महिला से कुछ पूछा जो फुसफुसाती आवाज़ में मेरी और देख रही थी, फिर उसने चेहरे पर शरारती मुस्कान के साथ बोली “हाँ सर, हमारे पास है. और वह चली गयी और उन चीज़ों को नमन को दे दी.

में अब नमन के करीब जाकर पूछी. “नमन बेटे अब तुमने क्या कोई शरारती चीज़ आर्डर की हैं.”

हु बोलै “माँ अगर में कहूँ तोह तुम गुस्सा तोह नहीं होगी न और मुझे डाँटोगी नहीं न!”

“नहीं बेटे! मैं तुम्हे नहीं डांटूंगी वादा करती हूँ!”



सच में माँ ?”

“हाँ बीटा मैं वादा करती हूँ.”

“अच्छा तोह माँ! यह एक ब्रैस्ट फर्मिंग क्रीम है और यह दूसरी चीज़ एक योनि फर्मिंग क्रीम है.”

मुझे यह सुन तोह बहुत शर्म आ रही थी, मुझे पता है की स्तन क्या है, लेकिन यह नहीं पता की योनि का मतलब क्या है, मैंने मासूमियत से अपने बेटे से पूछा की योनि क्या होता है .

“माँ योनि का मतलब है….” नमन झिझकते हुए फिर बोलै “ माँ उसका मतलब हैं बुर यानी छूट”

“Ufffff!!!kya!!! बीटा, क्या उफ्फ्फ .”

“हाँ माँ, यह क्रीम छूट को टाइट कर देगी!!!”

उफ्फ्फ एक बेटे ने अपनी माँ के लिए स्तन कसने वाली क्रीम और एक छूट कसने वाली क्रीम ली थी , वह भी उसके सामने उफ्फ्फ्फ़ !!!!!







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फिर हम उस कॉस्मेटिक स्टोर से बाहर आए, मेरा बीटा नमन मुझे ज्वेल्लेरी शोरूम में ले गया, फिर मेरे मिए सोने की चूड़ियाँ, हार, नथनी, कानों की बालियान , सुन्दर पायल सब खरीदी, यहां तक की पेअर ऊँगली के लिए अंगूठी भी. , नमन ने तोह दूकान में hi पायल और पैरों की ऊँगली की अंगूठी भी पहना ली. मेरे पैरों पर नए लाल पोलिश से मेरे पैरों की कामुकता और बधाई थी. मेरा बीटा नमन मेरे उस सेक्सी पैरों का इतना दीवाना हो गया की उसने बहुत जोश के साथ उस पर अपनी हथेली फेरी और मैं बहुत शर्माने लगी.

“बीटा! क्या हम आगे बढे”, मैं कही और वह बोलै “हाँ माँ!”

यह कहते हुए की उसने बिल का भुगतान कर दिया है, हम शो रूम से बाहर आ गए.

“बीटा क्या हमारी खरीदारी पूरी हो गई है या और भी बाकी है!”

“है माँ केवल एक hi दूकान बची है “ वह मुस्कुराते हुए बोलै.

“ओह बीटा तुम पहले से hi अपनी माँ पर बहुत पैसे खर्च किये हो, यहां तक की तुम्हारे पापा भी कभी इतना खर्चा नहीं किये हैं, बस बीटा हमें अब घर जाना “.

“माँ प्लीज एक दूकान और बची है”

“ठीक है बाबा, चलो.”

हे भगवन, मुझे कितना प्यारा बीटा मिला हैं, धन्यवाद! मैं मन hi मन भगवन से प्रार्थना कर रही थी.

मेरा बीटा वह मुझे एक आलिशान फुटवियर की दूकान में ले गया और बहुत साड़ी सैंडल्स खरीदीं, उनमें से लगभग सभी बहुत सेक्सी लग रही थी, उनमें से कुछ 3 इंच की हील वाली थी और कुछ 5 इन.









में 5 इन वाली हील्स पेहेन कर चलने की तैयारी करि “बीटा मैं इन ऊँची हील्स को पहनकर नहीं चल सकती, वे इतनी ऊंची हैं”

“माँ, तुम कर सकती हो, तुम मेरी सेक्सी माँ हो अब, चलो तुम अपना हाथ मेरी कमर में डालो, और चलिए …”

“उफ्फ्फ्फ़ ओह्ह्ह बीटा, दर्द हो रहा है, में उसकी आँखों में देखते हुए बोली.

“चाक माँ तरय करो.”

“कुछ टाइम तरय के बाद में ठीक से चल पा रबी थी , तब में अपने बेटे को देख बोली “हाँ बीटा अब ठीक है .”

“देखा माँ आप चल पायी .. आप सेक्सी हो .. आप सब कर सकती हो , मेरी प्यारी माँ”

मेरा बीटा मेरी कमर पकडे हुए मुझे उन हील्स में चलने में मदत कर रहा था. और अब मैं अपने बेटे के करीबी का पूरा आनंद ले रही थी, मेरा बीटा जो अपनी माँ के प्रति इतना भावुक है” . उन हील्स को पैक किये और फिर नमन बोलै, “ओह माँ, मैं एक और बात भूल गया और उसने हैंडबैग, वैनिटी बैग फिर खरीद लिए.

सब शॉपिंग के बाद में बोली “ उफ्फ्फ क्या बीटा है, तू , तूने अपनी सेक्सी माँ के लिए कितना शॉपिंग कर लिया hain..mere प्यारे बेटे.. अब नमन मुझे कमर से कसकर पकड़ते गए फिर हम अपनी कार की और बढ़ने लगे

“ नमन बेटे, क्या होगा अगर अंजलि ने हमारी शॉपिंग देख ली, वो सेक्सी लिंगेरिएस , सेक्सी क्रीम्स“, मैं चिंतित स्वर में पूछी.

“ नहीं माँ, वह या कोई भी उन पैकिंग्स को नहीं देख सकता क्यूनि उन्हें, मैंने पहले hi एक सेपरेट बैग में रख दिया है, और मैं उन चीज़ों को अपने रूम में hi रखूंगा, वहां एक गुप्त लॉकर है, यहां तक की आप भी नहीं जानती उसके बारे में.”

फिर मेरे बेटे ने मेरी कमर को मसलने लगा और मुझे देख आँख मारी. फिर शरारती स्वर में बोलै, “माँ मैंने आपको बताया की ये केवल आपके बेटे के लिए आप इस्तेमाल करोगी और केवल आपका बीटा hi इसका आपके साथ आनंद लेने वाला हैं, आपके पति भी नहीं!”

“ओह भगवन ! वह पापा शब्द का उपयोग नहीं किया था बल्कि उसने कहा की मेरे पति, मतलब वह मुझे अपनी प्रेमिका मान रहा था … मेरा बीटा मुझे माँ से ज्यादा प्रेमिका मान रहा था उफ्फफ्फ्फ़ . इस बात से मुझे बहुत शर्म आ रही थी.

हमने अपना सामन कार में रख लिया और हमारे घर की और चल दिए!!!!
 
ड्राइविंग के दौरान मेरा बीटा कभी चुप नहीं रहता था, वह मुझे बहुत प्यार करता था, जोक्स सुनाता था और मुझे पहले से कहीं ज्यादा हँसता और मुझे बहुत ख़ुशी होती थी. यह बहुत hi रोमांटिक यात्रा थी, मैं पहले कभी इतनी खुश नहीं थी, अब हम केवल माँ- बीटा hi नहीं उससे भी अधिक हो गए थे!!

नमन ने फिर से गाडी को एक गुप्त स्थान पर रुका के , हम कुछ मिनट तक लिप लॉक करते रहे, जैसे कोई नवविवाहित जोड़ी या प्रेम जोड़ी हो. उनकी तरह बाँहों में होते हुए चुम्बन करते, और अब मुझे इसमें कोई झिझक भी महसूस नहीं हो रही थी, ओह यह क्या बदलाव था अब मेरे और मेरे बेटे के रिलेशनशिप में !!!!





मेरे बेटे ने मेरे साड़ी की पल्लू हटाकर मेरी सुडौल विशाल स्तनों के साथ खेलने लगा और इससे, में बहुत कामुक महसूस होने लगी, मेरी छूट से पानी बहने लगा, ओह, मनो मैं स्वर्ग में हूँ, भूल गई की हम सड़क पर हैं, और मैंने उसे कसकर पकड़ लिया, उसके बालों को सहलाया,

अचानक से हमने देखा की एक पुलिस की जीप आ रही थी.. हम फिर चुम्मे को तोड़ते हुए सीधे बैठ गए .:: में होप कर रही थी की उन्होंने हमें नहीं देखा होगा … हमारे लक से वह जीप आएगी चली गयी .. मुझे देख मेरे बेटे ने मुझे पूछा

“माँ तुम तोह डर hi गयी थी …”

ओह बेटे क्यों न दारू , अगर उन्होंने हुए पूछताछ की , हम यहाँ क्यों हैं अउ रेज बाँहों में क्यों है रात में सुनसान सड़क के साइड पर, फिर ..?”

“माँ अगर उनहोंने हमसे पूछा तो मैं उन्हें बता दूंगा की हम तोह एक नवविवाहित जोड़ी हैं .. ब्वाइसे भी आप तोह मंगलसूत्र पहनी hi हैं !”

यह कहते हुए वह ज़ोर से हांसे.

“उफ़ बेटे तुम बड़े शरारती हो, तुम मुझे अपनी पत्नी कहते उन्हें हे भगवान्. वैसे तुम्हे, दूसरों के सामने मुझे अपनी बीवी केहनी की, तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई, में एक झूट मूत के गुस्से से उसे देखि … और फिर प्यार से उसके कंधे पर अपनी हतेहेलियों को मरने लगी ! हम दोनों हमारी ऐसी बातचीत का भरपूर आनंद ले रहे थे, यह वास्तव में हमारे बीच maa-bete से भी अलग hi प्यार बढ़ने लगा हैं!

हम अब Maa-Bete की तरह बात नहीं कर रहे हैं आखिरकार हम अपनी प्रेमपूर्ण रोमांटिक बातचीत कर रहे थे. ऐसे बातें और मस्ती करते हए सब हम घर पहुँच गए. अब हमें अपने बिच man-bete जैसा सामान्य व्यवहार करने का प्रयास करने वाले थे .

हमारी नौकरानी जमुना घर से बहार ा गई, यहाँ तक की मेरे पति भी दरवाज़े पर ा गए! उसने अपनी पत्नी की और देखा, और उन्हें उनके सामने एक सेक्सी कामुक महिला दिखी, जो अब, अति आधुनिक, पत्नी बन गई थी,

उनके ऐसे घूरने से मुझे बहुत शर्म ा रही थी, मेरे बेटे ने अपने पापा से बात की! “Hi पिताजी, आप क्या देख रहे हैं, क्या पिताजी, यह माँ hi है, कोई और नहीं, इतना उन्हें मत देखो, हो सकता हैं माँ यही आपकी तेज़ नज़रों के सामने पिघल जाये”

“है है है” मेरे पति हंस रहे हैं “हाँ बीटा मुझे लगा की यह कोई फिल्म स्टार है! क्या वह तुम आईटी ी सुंदरी बानी हो रत्न प्रिये! उफ्फ्फ इतनी सुन्दर“





, उनकी यह बात मुझ में और अधिक शर्मिंदगी भर देती है, आख़िरकार मैंने अपना मुंह खोला, “चलो जी आप भी न … बहुत कुछ कह दिया हैं . वैसे कल रत hi आपने मुझसे कहा था इसीलिए मैं आपके लिए यह सब कर चुकी हूँ (दरअसल में यह सब सिर्फ अपने बेट ेके लिए और उसके प्यार को पाने किट hi)

फिर हम तीनो हांसे, और मेरी बेटी अंजलि भी बहार ै और पार्टी में शामिल हुई! हमने अपनी भरी खरीदारी को उतरना शुरू कर दिया!

अंजलि बोली “उफ्फ्फ माँ आपने तोह पूरा बाजार खरीद लिया हैं”

“है बेटी तुम्हारी माँ ने कभी इतना नहीं ख़रीदा हैं!” मेरे पति सर हाँ में हिलाते बॉस

“पिताजी, यह मेरी प्यारी माँ के लिए मेरी खरीदारी है”, कार्तिक ने कहा,

मेरे बेटे ने सब सामन अंदर रखा बस उन 2 विशेष पैक्स को कार में hi गुप्त रूप से रखा था! मेरा बीटा बहुत स्मार्ट है मेरा हीरो.

, हम सभी डिनर के लिए डाइनिंग टेबल पर बैठ गए,

पहले से hi 10 बज चुके हैं, वे डिनर के लिए हमारा इंतज़ार कर रहे हैं, मैं टेबल पर मुख्य आकर्षण हूँ, थे.

मेरे पति मेरे बाएं और बैठे थे, मेरा बीटा डैनी और बैठा था, दोनों मुझे अपनी आँखों से देखे जा रहे हैं उफ्फ्फ्फ़ !

मनो मैं दो जानवरों की दावत के लिए एक hiran(deer) की तरह हूँ उफ्फ्फ! मुझे मज़्ज़ा ा रहा है. मेरा बीटा टेबल के निचे अपने पैरों से मेरे पैरों को सहला रहा है, और मेरे पति अपनी हथेली से मेरी जांघों को सेहला रहे है, ओह्ह्ह! हे भगवान, मैं सब का आनंद ले रही हूँ जो दोनों कर रहे हैं. बस मेरी एकमात्र चिंता यह हैं की अगर मेरी बेटी या पति ने देख लिया की मेरा बीटा निचे क्या कर रहा हैं तोह क्या होगा ओह्ह्ह्ह!





अब बात ऐसे हुयी की दोनों पति और बेटे टेबल के निचे अब मेरे झंघों को सेहला रहे थे और मेरी छूट से रास बहने लगा था , हे भगवान् दोनों ऐसे करेंगे तोह मेरी बुर से रास तोह उफ्फ्फ.

लेकिन कुछ नहीं हुआ! और हमने डिनर समाप्त किया. मैं अपने बच्चों को शुभ रात्रि कही .. लेकिन मेरा मन नाहिंलार रहा था पति के साथ रात गुजरने का बल्कि बस नमन के साथ hi रात बितौ उसकी hi बाँहों में.. मेरा हीरो, मेरा बीटा, और मेरा प्रेमी…!!!!

मेरे पति आगे चले गए और पीछे से मेरे बेटे ने मेरे हाथों को पकड़ लिया और मेरी कानों में फुसफुसाया

“माँ , पिताजी आपकी सुहागरात में आपका साथ पूरा आनंद लेंगे आज. और हमें तोह सुहागरात मानाने अभी तोह टाइम हैं मेरी माँ…” और नमन मेरी चूतड़ों पर एक चमत मारी … ही दया ..

मुझे थोड़ा आश्चर्य हो रहा था की अगर मेरी बेटी यह बात सुन ले या यह सब देख ले तो क्या होगा!!! मुझे काफी शर्म महसूस करि फिर चुपके से मैं अपने शयनकक्ष में चली गई मेरे बेट ेके सामने जानबूझ कर मेरी चूतड़ों को मटकते हुए. .

मेरे पति बहुत उत्सुकता से मेरा इंतजार कर रहे थे! वासना और प्यार के साथ मेरे पति बिस्तर पर बैठे मेरा इंतजार कर रहे थे और मुझे वासना से देख रहा था, मैं उन्हें देख मुस्कुराई, और मैं अपनी ड्रेस निघ्त्य में बदलने जा hi रही ठगी की , मेरे पति, बिस्तर से उठ गए, मेरे पास ए और मुझे पीछे से गले लगा लिया, अपने अर्ध कठोर लैंड को मेरी गांड पर दबाने लगे, अपनी होंठ रगड़ते हुए मेरे कानों के निचली हिस्से को चूम रहे थे, “ओह्ह्ह रत्न तुम बहुत सुन्दर हो, सेक्सी हो, मैंने कभी नहीं सोचा था की तुम इतनी सेक्सी हो, मेरी डार्लिंग”, उन्होंने कहा. लेकिन मैं अभी भी अपने बेटे के साथ उस रोमांचक आउटिंग की सोच रही थी और उस सोच के कारन बहुत उत्तेजित हो गई थी..

“ओह्ह्ह jiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii मममम”

में अपने पति के बालों में अपना मुलायम हाथ डालना शुरू कर दी. उनके बाल मेरे हाथों को पीछे की और झुका रहे थे, यह सब हमारी शादीशुदा जिंदगी में पहली बार हो रहा था, की में इतनी कामुक महसूस कर रही थी. पहले सेक्स मेरे लिए एक कर्तव्य था, लेकिन अब यह एक तरह की पूर्ण आवश्यकता है.

मैं एंटी कामुकता का 2 बड़े बच्चों के बाद आनंद ले रही थी

मेरे पति ने अब मेरे साड़ी का पल्लू निचे गिरा दिया और अब, मुझे कोई परवाह नहीं है, मैं बस अच्छी तरह से चुदाई और चूसै चाहती हूँ, मेरे पति ने मुझे बहुत कसकर गले लगा लिया, अपने दोनों हाथों से मेरे बड़े स्तनों को सहलाने लगे, मुझे उनका सख्त लैंड मेरी चूतड़ों पर महसूस हुआ, मेरी चूचियां अभी भी मेरी ब्लाउज में थी. मेरी स्तनों का आधा हिस्सा बहार झांक रहा था, और पीछे से वह बस केवल 2 हुक और एक धागे से बंधे हुए थे.

मेरे पति ने मुझे अपनी और टर्न लार लिया …

में उन्हें पकड़कर अपने पति के होठों के ऊपर अपने रसीले होंठ रखकर उन्हें चूमा, अपना चेहरा पीछे की और मोड़ते हुए “ओह्ह्ह डार्लिंग माय डार्लिंग कराहने लगी और बहुत कामुक स्वर में बोली. मेरे पति ने जूनून के साथ अपने कठोर होंठों से मुझे चूमा, मेरी स्तनों को दबाया, मेरे अच्छे से रसीले होठों पर बहुत चुनते हुए वह बोले “रत्न मेरी रानी तुम कितनी अच्छी तरह से चूमती हो मुझे विश्वास नहीं हो रहा hain”l, ओह्ह्ह्ह डार्लिंग तुम बहुत अच्छी हो “

यह कहते हुए मैंने अपनी प्यारी सी जीभ उनके मुंह में दाल और हमारी जीभ तलवारबाजी कर रही थी और मुझे मजा ा रहा था , मेरे पति के साथ इतना भावुक khel.lekin में बस अपने बेटे की तस्वीर hi मन में बनाई थी , में अपने पति के साथ होकर भी .. ओह्ह हे भगवान् यह क्या हो रहा था …!!!! ..





अब उन्होंने मेरा ब्लाउज उतरना शुरू कर दिया, ओह, हे भगवान, मेरे सेक्सी ब्लाउज को पकड़ने वाले हुक और धागे आसानी से लूसे हुए.. और मेरी बदन पर ब्लाउज अब स्वर्ग के द्वार की तरह खुल गए …

में अपने पति के होंठों पर अपने रसीले होंठ रखकर उन्हें चूमि, अपना चेहरा पीछे की और घुमाई, “ओह्ह्ह डार्लिंग” में बहुत कामुक स्वर में बोली और मेरे पति ने जोश में आकर अपने कठोर होंठों से मुझे चूमा, उन्हें मेरे रसीले होंठों पर दबा दिया.

“ओह्ह्ह रत्न, तुम बहुत सेक्सी हो, यह कहते हुए उन्होंने मेरे विशाल स्तनों को अपनी कठोर हथेलियों से दबाना शुरू कर दिया, “रत्न तुम्हारी ब्रा बहुत सेक्सी है उफ्फ्फ मममम लेकिन मैं अपनी सेक्सी पत्नी के स्तनों को नग्न रूप में महसूस करना चाहता हूँ” अउ रेज कहते हुए उन्होंने मेरी नेट वाली ब्रा हटा दी, अब मेरे विशाल दूधिया सफ़ेद स्तनों को, मेरे भूरे रंग की निप्पल्स से खेलने लगे.

“ओह्ह्ह डार्लिंग, मममम धीरे से उफ्फ्फ , मैं एक नवविवाहित पत्नी की तरह फुसफुसाई,

“ ओह रत्न तुम्हारे स्तन बहुत अच्छे हैं” वर उन्होंने उन्हें दबाया, निप्पल पर चुटकी ली,

“ओह्ह्ह प्रिये तुम्हारे निप्पल्स भी बहुत बड़े हो गए हैं.”

मैं कामुकता की और बढ़ रही थी, उसने एक निप्पल को चूसना शुरू कर दिया, दूसरे को दबाते हुए मुझे यौन सुख देने ली शुरुवात करने लगे. मैं इतनी उत्तेजित कभी नहीं हुई थी, यहाँ तक की अपनी सुहागरात में भी नहीं. और यह बात मेरे पति को भी पता थी क्योंकि वह आज तक एकमात्र ऐसे मर्द हैं जो मुझे यौन रूप से आनंद दे रहे है,. मेरे पति फिर मेरे स्तनों के साथ बहुत कामुकता से खेलते रहे. अब उनका दाहिना हाथ मेरी कमर के पास ा गया, और उन्होंने एक hi झटके में अब मेरी साडी उतर दी! मेरी प्रदर्शित पेटीकोट, जो मेरी छूट और अंदर की छोटी सी पंतय को धक् रही थी, वह निचे गिर गया, और अब केवल वह छोटी सी पंतय hi थी, जो मेरी बुर को धक् रही थी! मेरी पंतय , मेरी छूट के रास से इतनी भीगी हुआ थी और मेरी छूट से इतना रास बाह रहा था जितना पहले कभी नहीं बहा था ओह्ह्ह्हह्ह हे भगवान, मेरी छूट में मनो बहुत रास भरा हुआ है!

मेरे पति ने अपनी सख्त हथेली से मेरी छोटी सी पंतय सहित मेरी पूरी छूट को रगड़ने लगे

“ओह्ह्ह रत्न मेरी डार्लिंग, तुम बहुत गीली हो, क्यों तुम इतनी गीली हो गई हो”

में अपने बी मन में बोली .. (उफ्फ्फ्फ़ पति देव यह सब आपके बेटे की वजह से हैं .. उसने hi मुझे इतना इत्तेजित किया हैं … उफ्फ्फ्फ़ आप के साथ हूँ लेकिन में चाहती हूँ यह सब में मेरे बेटे के साथ hi आज रात करूँ उफ्फ्फ्फ़ … हे भगवान् !!!)

“ बोलो बोलो प्लीज ओह्ह्ह्ह प्रिये …”

मेरे मन में (उफ्फ्फ नहीं मैं आपको बता नहीं सकती ओह्ह्ह्ह प्लीज नहीं पूछिए)

मेरे पति पूछते रहे , “रत्न मेरी डार्लिंग तुम कभी भी सेक्स के लिए इतनी भुकी नहीं थी … अचानक परिवर्तन क्यों हुआ, मुझे बताओ” यह पूछते हुए उन्होंने मेरी बुर को भी रगड़ ने लगे.





“ओह्ह्ह्ह प्लीज़ डार्लिंग आप ऐसी क्यों बातें पूछ रहे हैं, एक पैट ी अपने पति से नहीं सेक्स की मांग करे … उफ्फ्फ्फ़ प्लीज मेरे पतिदेव आप मेरी बस चुदाई करिये …

“अच्छा ठीक हैं प्रिये,

मेरे पति ने मेरी छूट पकड़ कर वह छोटी सी पंतय भी उतर दी, और अब मैं उनके सामने बिलकुल नंगी थी, मंगलसूत्र के, साथ में 2 सोने की चैन, कानो की बालियान, हिरे वाली नाक की अंगूठी, चंडी के पायल, पैरों की उँगलियों में भी अंगूठी… , दोनों हाथों में सुनहरे मेरी चूड़ियां, !!!!!!

मुझे बहुत शर्म ा रही थी म

“ओह्ह्ह्ह रत्न मेरी जान मेरी रानी, तुमने अपनी छूट भी शेव की, हैं उफ्फ्फ , बहुत बढ़िया, यह कहते हुए उसने मेरी पूरी छूट अपनी हथेली से रगड़ ली और, वह मेरे सामने बैठ गए और मेरी नंगी क्लीन शेव छूट को देखने लगे, वही छूट जहाँ से मैंने उनके 2 बच्चों को जन्म दिया था!!!!!

बात तोह थी की 2 बच्चों को जन्म देने के बाद भी मेरी छूट का उतना उपयोग नहीं हुआ था चुदाई के लिए! मेरे पति ने hi अब तक मेरी चुदाई करि हैं और वह भी हमारी दसवीं सालगिरह तक वह हर सप्ताह मुझे बस दो या तीन बार hi चुदाई करते थे. और उसके बाद तोह अब हम महीने में तीन या चार बार भी चुदाई करते हैं! इसलिए मेरी छूट अभी भी पूरी तरह से आकर में है, और मेरी दूधिया गड़गड़ाहट जांघों के बिच मेरी गुलाबी छूट के होंठों के बिच एक छोटा सा छेड़ है, मेरी छूट पर बड़ा क्लीट हैं. मेरी छूट देख कोई भी विश्वास नहीं कर सकता, की 2 बच्चे इससे बहार ा गए हैं.

मेरी छूट अब तोह मेरे बेटे के बड़े लुंड के लिए रो रहा है, यह बड़े लैंड के लिए तैयार हैं.

मेरे पति धीरे से उठे और मुझे बिस्तर तक ले गए और मुझे बिस्तर पर लिटा दिया . जल्दी से अपने कपडे उतर दिए, और उनका पहले से hi सख्त 6 इंच का लैंड अब उनकी सेक्सी पत्नी, उनके 2 बच्चों की माँ की चुदाई के लिए तैयार था.

उन्होंने अपने लुंड को मेरे पास लाये, मैंने उस पर अपनी लाल रंग की नेल पोलिश वाली उँगलियों को फेरने लगी, उफ्फ्फ हैं ओह उनका लुंड काफी गर्म है.

मेरे पति ने झुक कर मेरी रसीली होठों को गहराई से चूमा, मेरे खुले हुए पैरों के बिच बैठकर मेरे पैरों को फैलाने लगे., मैंने अपने पति के उस कठोर लैंड को अपनी रसीली छूट के द्वार पर रख उसे मेरी छूट के दाने पर रगड़ लिया..





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“ ओह्ह्ह्ह रत्न मेरी रानी डार्लिंग”, मेरा नाम चिल्लाते हुए उसने अपना 6 इंच का लुंड मेरी छूट में घुसा दिया, ओह्ह्ह्ह अह्ह्ह हां सुनील मेरे डार्लिंग, मेरे राजा, मैंने पहली बार सेक्स दौरान उनके नाम से उन्हें पुकारा!

मेरे पारी को इससे उन्हें और अधिक मसाला लगा

“ओह्ह्ह रत्न, तुमने मुझे नाम से बुलाई हो उफ्फ्फ”

हाँ, डार्लिंग, हाँ”

मेरे पति ने मेरी छूट में अपना लैंड andar-bahar करते हुए मुझे और अधिक वासना के साथ छोड़ने लगे. मैं इस बार हमारी चुदाई का इतना आनंद ले रही थी, जितना पहले कभी नहीं लिया. क्यों ?? क्यूंकि में अपने बेटे को मेरी चुदाई करतेहुए इमेजिन कर रही थी …

“ओह डार्लिंग, तुम बहुत गीली हो गई हो, है, क्या मजा दे रही हो आज मेरी रानी” मेरे पति और भी अधिक अपने लुंड को मेरी छूट में पंप कर रहे थे, मैं अपनी हथेलियां उनकी उँगलियों पर फेरने लगी, अपने लम्बे नुकीले नाखूनों से उनकी पीठ पर चिकोटी काट ते हुए, अपनी कमर को बिस्तर से उठाते हुए, उनके लुंड के शॉट्स को और अधिक वासना के साथ पूरा करते hue,l उनसे चुदती रही.

ओह, हमने पहले कभी इस तरह से चुदाई नहीं की थी, मेरी पायल बहुत सुखद ध्वनि दे रही थी, ट्रिंग ट्रिंग, यहाँ तक की मेरी चूड़ियां भी मधुर स्वर से क्लीनक क्लीनक … मेरे पति मुझे और अधिक जोश के साथ छोड़ रहे थे,





अब ऐसे बस 10 मं की चुदाई के बाद वह मेरा नाम चिल्लाते हुए “रत्न डार्लिंग मैं आआ रहा हूँ उफ्फ्फ्फ़” कहते हुए वह अपना लुंड मेरी छूट में अंदर तक धकेल दिए और मेरी मेरी छूट लो अपने वीर्य से भर दिए!!!!!!

ohhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh अपनी सेक्स लाइफ में पहली बार मुझे इतनी ख़ुशी महसूस नहीं हुई, लेकिन में अपने पति को कसकर पकड़ राखी, उन्हें अपने पैरों से बंद करके में खुद झड़ने की कोशिश की लेकिन में जहर नहीं पायी पूरी तरह से.

मॉडर्न बनने के बाद यह मेरी पहली चुदाई थी और मैं और अधिक चुदाई के लिए तैयार थी, मुझे और सेक्स चाहिए था … औरर !!!

मेरे पति सुनील थक कर मेरे ऊपर लेट गए, अपना लैंड मेरी छूट में रखे हुए, कुछ सेकंड के बाद उनका मुरझाया हुआ लुंड, मेरी वीर्य से लथपथ छूट से बहार ा गया.

मैं चुदाई से संतुष्ट नहीं थी, मुझे और चुदाई की ज़रुरत थी…

हम ek-doosare को सहलाते हुए , अपने होंठ बंद कर एक दूसरे को चूम रहे थे. चूमते हुए में बस अपने बेटे नमन के बारे में hi सोचती रही….

मेरे पति, कर रहे थे, लेकिन में फिर से शुरुआत कर दी और अपने पति के मुरझाये लुंड के साथ खेल रही थी फिर से, अपने चिकने हाथों से उनके लुंड को सेहला रही थी, लुंड के चरों और अपनी उंगलियां लपेट रही थी, उसे मसल रही थी. मेरे पति का लैंड अभी भी मुरझाया हुस था, उसमें जीवन का कोई संकेत नहीं था.

हु बोले रत्न डार्लिंग, मैं थक गया हूँ, मुझे नींद ा रही है, हम कल करेंगे, कृपया इसे छोड़ दें”

“नहीं! सुनील, मैं एक बार और सेक्स चाहती हूँ, कृपया मुझे छोड़िये” में बिना किसी झिझक के बोली.

“उफ़ रत्न क्या हुआ तुम आज इतनी कामुक क्यों हो”, मेरे पति ने कहा “हम जवान नहीं हैं, अब सो जाओ.”

और अपना लैंड मेरी मुट्ठी से खींचते हुए मेरी और देखे बिना वह सो गए.





, पहली बार मुझे उन पर गुस्सा आया, लेकिन क्या करून. में भी सोने की कोशिश की, लेकिन नींद नहीं ै. में फिर शावर के निचे गयी और, अपनी सुनील के वीर्य से सनी हुई छूट को साफ़ करि और, बिलकुल नंगी होकर बिस्तर पर गिर गयी. कमरे का एक के वजह से ठंडक के एहसास से , में अपने ऊपर कम्बल खींची और सोने की कोशिश की.

बस बेटे नमन के बारे में सोचती रही और फिर कुछ देर बाद मुझे नींद आ गई.

सुबह सुबह - “रत्न!! रत्न!!!” मेरे पति ने मुझे बुलाया, हे भगवान! वह पहले hi अपने ऑफिस के लिए तैयार हो चुके थे. में उन्हें समय पूछी,

“रत्न, 9 बज चुके हैं, आप अभी भी सो रहे हैं” उन्होंने कहा और मैं कमबैक हटा दी, और मुझे एहसास हुआ की ओह, मैं नंगी हूँ, मेरे शरीर पर एक भी कपडा नहीं है और मुझे शर्म आ रही थी

, मेरे पति हंस रहे हैं, “रत्न तुम्हारे कपडे जल्दी से पेहेन लो”,

मैं निघ्त्य डालते हुए बाथरूम में जाती हूँ, और मुँह हाथ धोकर पहले रसोई की और भगति हूँ नाश्ता बनाने.

किचन के बहार मेरा बीटा अपना काम ख़त्म करके सुबह की कॉफी पि रहा था, मेरी बेटी भी आज अपने भाई के पास बैठकर कॉफी पि रही थी,

दोनों ने मुझे देख कहा- “मॉर्निंग माँ आज आप 1 घंटे लेट हैं, लेकिन हमें कारन पता है”. डॉन ओने एक साथ कहा और जोर से हसे., मैं फिर से रसोई में भाग गयी और हमारी नौकरानी से पूछा की वह नाश्ते के लिए क्या कर रही थी.

“मालकिन आप नींद में थी तोह बड़े मालिक होटल से कुछ मांगने के लिए बोले हैं”

फिर जमुना बाई ने मुझे कॉफ़ी दी, और में उसे पि ली.

हम दोनों ने मेरे पति और बच्चों के लिए नाश्ते की व्यवस्था की. फिर हम सब डाइनिंग टेबल पर ब्रेकफास्ट करने लगे. उसके बाद, मेरे पति ऑफिस चले गए और बेटी अंजलि अपने कामों पर चली गई. , लेकिन मेरा बीटा नमन अभी भी रुका हुआ था. !

में उससे पूछी “बीटा! आज कोई काम नहीं है”

“ हाँ माँ, मेरी कुछ व्यस्तताएं थी लेकिन मैंने उन्हें रद्द कर दी हैं क्योंकि मेरी सेक्सी माँ मैं आपके साथ आज समय बिताना चाहता हूँ”

यह कहते हुए उसने मुझे देख आँख मारी, और फिर मेरी झंघों को कसकर दबाया …

मैं भी उसकी और देख कर मुस्कुरायी , मेरी बुर से रास टपकने की शुरुवात होते महसूस करि



 
जमुना हमारी नौकरानी ने मुझसे कहा की हम दोनों आज हमारे साप्ताहिक ग्रोसरी शॉपिंग, सब्जियां, फल खरीदने के लिए बाज़ार जाना था, लेकिन इससे पहले की मैं कुछ कहती, मेरे बेटे ने बिच में hi कहा

“जमुना बाई माँ बहुत थक गई थीं, वह नहीं आएंगी, आप और ड्राइवर बाजार के लिए जाएं, माँ को दीजिए आराम करने!

“लेकिन बीटा, जमुना बाई को नहीं पता की घर के लिए kya-kya चाहिए”, में बोली

“लेकिन माँ, आज मेरे लिए घर पर hi रहो,” मेरे बेटे ने हमारी बातचीत काट कर गंभीर स्वर में कहा!

फिर जमुना बाई ने मुझे लिस्ट ली और मुझसे पैसे लिए, फिर कार और ड्राइवर के साथ बाजार चली गई. अब घर में कोई नहीं, केवल मैं और मेरा बीटा!

“ओह, 9.30 बज चुके थीं, नमन, मैं नहाने जा रही हूँ, बहुत सारा काम बाकि थी, अभी तक पूरा भी नहीं हुआ थी” मैंने घरेलू स्वर में कहा.

“माँ! आज अपने किसी भी चीज़ के लिए चिंता न करें, अब बस अपने बेटे से गले लागिये मेरी सेक्सी माँ. फिर, में अपना सर उसकी चौड़ी छाती पर रख दी, अपने कंधे उसकी गर्दन के इर्द गिर्द रख दिए, “

माँ आप कुक्सह नहीं करेगी बस सारा समय मेरे सात बीतेगी और में आप को संतुष्ट करना चाहूंगा और उसने मेरे माथे को चूम लिया.

“ अब मुझे नहाना थी और तुम हॉल में बैठो टीवी देखो कुछ मिनट में नाहा कर आती हूँ.!

“माँ मैं भी आपके साथ ा रहा था, मैं आपको स्नान करने में मदद करूंगा”

“ओह क्या! नमन तुम ये क्या कह रहे हो, क्या तुम मज़्ज़ाक़ कर रहे हो?”

“नहीं माँ तुझे पता थी मेरे कहने का मतलब क्या थी “ मेरे बेटे ने आंख मरी और मेरे पास आकर अपने दोनों हाथ मेरे बड़े नितम्बों पर रख कर मुझे अपने पास खिंच लिया और मेरे होठों पर चुम्बन ले लिया,

“ओह नहीं! नमन तुम मेरे बेटे हो, बड़े हो गए हो, लड़के नहीं हो मर्द बन गए हो, तुम नहाने में मेरी मदद नहीं कर सकते, मैं तुम्हारी माँ हूँ, कृपया अंडरस्टैंड करने की कोशिश करो.” में उसे समझने की कोशिश की,

“नहीं माँ, प्ल्ज़ केवल एक बार, मैं तुम्हें नहाने में मदद करना चाहता हूँ, प्ल्ज़ माँ मुझे इजाजत दो, मैं कोई गलत काम नहीं करूंगा वादा है मेरी प्यारी माँ”

मेरा बीटा इतनी विनती कर रहा था … उफ्फ्फ्फ़ उसकी ज़िद्द के सामने में कुछ नहीं कर सकती थी.

में कही “ठीक है. बाबा” बहुत शर्मीली आवाज़ में, लगभग फुसफुसाते हुए.

“ वह, धन्यवाद माँ, भगवन का शुक्र है”, यह कहते हुए उसने अपने होंठ मेरे होंठों पर रख दिए, मुझे गहराई से चूमा, मुझे अपनी और खींचते हुए, मेरी चौड़ी चूतड़ों पर अपनी खुरदुरी हथेलियों से वहां दबाते हुए. में वह अब मुझे उसकी माँ की तरह नहीं, लेकिन एक प्रेमी की तरह, सब कर रहा था उफ्फ्फ.

जैसे hi हम मेरे बैडरूम में पहुँच गए , मेरे बेटे ने एक सेकंड भी बर्बाद किए बिना अपने कपडे उतरने शुरू कर दिए, उसने अपनी ti-shirt भी उतर दी और अपना पायजामा भी निकल दी. ,

उफ्फ्फ वहहहह! उसके कच्छे में उसका लुंड एक तम्बू की तरह दिख रहा थी था. , मैं बाथरूम में अपने hi बेटे की स्ट्रिप तैसे मणि देख रही थी, मैं उसकी मर्दानगी को देखने के लिए बहुत उत्सुक थी, मेरी छूट एक बार फिर से रास चोर रही थी और, मेरा हाथ मेरी बुर के तरफ उस पर चली गयी. मेरा बीटा भी काफी नॉटी था , मेरे बेटे ने अपना कच्छा नहीं उतरी बस वैसे hi सिर्फ अपनी चांदी और उसमें बने बड़े तम्बू में खड़ा रहा.

मेरे तरफ देख मेरे बेटे ने इसे मेरे चहरे को देख मुझे और चिढ़ाने लगा!

“माँ! यह क्या आप कृपया मेरी मदद करेंगे”, यह कहते हुए वह मेरे पास आया

“है बीटा, मैं करुँगी .. मदत तुम्हारी.”

लेकिन माँ इससे पहले आप भी इस निघ्त्य को …”

मेरा बीटा मुझे तीखी नज़रों से देख मनो कह रहा था की हु चाहता था में भी स्ट्रिप करू… लेकिन मुझे तोह बहुत शर्म आ रही थी. पहले से hi मेरा जवान बीटा अपने कच्छे में खड़ा था और उसके अंडरवियर में एक बड़ा सा तम्बू बना हुआ था.

उफ़ मेरी बुर से तोह रास बहने लगा था:. पहली बार में अपने जवान लड़के को सिर्फ अपनी अंडरवियर में हु भी एक बड़े तम्बू के साथ देखा था .. उफ्फ्फ मेरी ज़िन्दगी इतनी बदल चुकी थी …

माँ चलिए आप ज्यादा hi शर्मा रही थीं … आप आइये मेरी hi मदद करिये ..

फिर में नमन के पास गयी … उसकी अंडरवियर के तरफ अपने हाथों को बढ़ाते हुए .. मेरे दिल में तोह छुरियां hi चल रही थी .. उफ्फ्फ में अपने खुद के जवान बेटे के अंडरवियर में हाथ डालने वाली थी .. हे भगवान् !!!

में अब मेरे बेटे नमन के पास घुटनो के बल बैठी थी और में अपने दोनों हाथों से अंडरवियर निचे कर ली … फिर मैंने अंडरवियर हटा दी, हेय भगवन!!!!! आखिरकार उसका राक्षसी लुंड बहार hi ा गया! उसका लुंड ऐसे बहार आया जैसे कोई स्प्रिंग हो.. जो सीधे मेरे चेहरे से hi रगड़ रहा हो, ओह्ह्ह मेरे अपने बेटे का बड़ा और मोटा लुंड मेरे चेहरे को रगड़ रहा हो! में भी अपना चेहरा पीछे हटाने की कोई कोशिश नहीं की, और मैं अपनी आँखों को झपकाए बिना अपने बेटे के लुंड को देख रही थी, मेरे बेटे नमन का इतना बड़ा लुंड में कभी नहीं सोची थी उफ्फ्फ , में केवल अपने पति का 6 इंच का लुंड देखि थी अपनी ज़िन्दगी में. , उनके आलावा किसी और मर्द का नहीं देखि . और अब देखि तोह ऐसा राक्षसी लुंड … मेरे जवान बेटे का लुंड 9 इंच की तोह हो सकता हैं उफ़ मेरे पति से इतना बड़ा…. , और बड़ा लम्बा hi नहीं इतना मोटा भी था , उसके लुंड का गिरथ होगा कुछ 5इन . हे भगवान इतना मोटा और लम्बा बाहुबली लुंड …

उसके लुंड पर बहुत साडी शिराएं भी थी हु भी भूरे रंग का लुंड था उसका.

और ख़ास बात तोह यह थी की नमन , मेरे बेटे के लुंड सर तोह इतना लाल और एक बड़े लोल्लिपोप जैसा दिख रहा था ., जिसके मुंह से कुछ तरह का पदार्थ निकल रहा thi.kya था हु .. मेरे पति के लुंड के सर से भी ऐसे कुछ नहीं निकलता था ओह!!!

में उस पदार्थ को अपने उँगलियों से रगड़ने लगी .. उफ्फ्फ इतना चिप छिपा गधा पदार्थ .. और उस पदार्थ की सुगंध उफ्फ्फ मममम में उस सुगंध से झूम उठी … मन कर रहा था उस सफ़ेद से पदार्थ को में अपने चेहरे पर क्रीम जैसे मालू… ओह हे भगवान् मुझे यह सब क्या हुआ था!!!!

हु पदार्थ उसके लुंड से निश्चित रूप से पेशाब नहीं निकल रहा था… क्या था हु ओह्ह्ह ??!!!

में अब बिना कुछ और सोचे अपने बेटे नमन के उस राक्षसी लुंड के चरों और अच्छी तरह से मेरी नेल पोलिश की गई उँगलियों को लपेटे हुए अपनी रेशमी चिकनी हथेली को उस पर रगड़ने लगी. ओह्ह्ह!!!!

ओह माँ तुम बहुत अच्छी हो, वह, तुम्हारा हाथ इतना मुलायम है ”, मेरे बेटे ने अपने लुंड पर मेरे हाथों का आनंद लेते हुए कहा,

“माँ! मैं तुम्हें बबल बाथ देना चाहता हूँ” यह कहते हुए उसने बाथ टब में कुछ शैम्पू, बॉडी वाश, झागवाला साबुन … सब कुछ दाल दिया और उसे पहले से hi भरे हुए luke-warm पानी के साथ मिलाने लगा…

उफ्फ्फ्फ़ और , जब वह ऐसा कर रहा था, उसका लुंड एक विशाल पेंडुलम की तरह लटक रहा था, ओह क्या सेक्सी कामुक स्थिति थी, मुझे अपने लड़के पर और गर्व होने लगा!





उसने मुझे बाथटब में एंटर करने को बोलने लगा… फिर वह भी अपनी सेक्सी कामुक माँ के पीछे बैठ गया जो की मैं hi हूँ! पीछे से मुझ पर लुकवर्म पानी डालते हुए उसने अपनी विशाल हथेलियों से मेरे कंधे को रगड़ते हुए अपनी माँ के चिकनी शरीर के साथ और भी कोमलता से पेश आने की कोशिश की, ओह! हे भगवन, मैं स्वर्ग में थी!!!!

, वह dhire-dhire अपने हाथ निचे की और ले आया और मेरे विशाल स्तनों पर बबल बाथ लिक्विड डालने लगा, , अपनी माँ के विशाल स्तनों की मालिश करना शुरू कर दिया, ओह्ह्ह वह इसने मास्टर थी, वह जनता थी की एक कामुक महिला को कैसे संभालना थी,

“ ओह्ह्ह बीटा मेरा बीटा”, यह कहते हुए में अपने दोनों हाथों को पीछे की और उसके सर को पकड़ लिया. उसके बालों को सहलाते हुए उसने मेरे स्तनों की मालिश स्नान देने लगा और अब वह मेरे स्तनों को सहलाते हुए मालिश कर रहा थी, ओह्ह्ह मेरे खड़े हुए पत्थर जैसे कठोर निप्पल्स की भी उसने ल चुटकी कटी, ओह्ह्ह यह एक आनंददायक दर्द था, मेरे निप्पल्स दो चट्टानों की शिखर की तरह खड़े हो गए थे!

बहुत कठिन हुए थे मेरे निप्स, फिर नमन मेरा बीटा इसे अपनी उँगलियों के बिच लेकर मालिश कर रहा थी, वह अपना चेहरा मेरे पास लता थी और सर पीछे की तरफ मुद लेती हूँ , और मेरा बीटा अपने भूखे होंठ मेरे होंठों पर रखकर मुझे तीखा चुम्बन देने लगा, यह दो प्रेमियों के बिच की असली फ्रेंच चुम्बन थी, मैं उसकी औरत हूँ, वह मेरा मर्द थी, ऑर्बिन एहसासों से में अपने भूखे मुंह खोल, अपनी मेरे बेट ेके मुँह के अंदर डालना शुरू कर दी और उसके मुंह में वह मेरी जीभ से अपनी जीभ की मालिश कर रहा थी.

“माँ, आप अद्भुत किसर थीं, आप जानते थीं की किश कैसे किया जाता थी”, वह, उसने प्रशंसा के स्वर में kaha,aur उसे सुन हु भी मेरे बेट ेके मुँह से में काफी शर्माए जा रही थी!

“...... ओह्ह्ह नमन, तुम बहुत मुझसे अच्छे किस्सेरहो, अपनी बुद्धि माँ से ज्यादा ओह्ह्ह मेरे बेटे!”

“नहीं! माँ ने तुम ऐसे न कहो . आप एक सेक्सी महिला हो जो किसी युवा लड़की को भी टक्कर दे सकती हो .. बस जरा इन ख़रबूज़ों को देखो, ये युवा महिलाओं की तुलना में अधिक अच्छे और सेक्सी थीं, वह, देखो ये निप्पल्स ओह गॉड, पिताजी वास्तव में भाग्यशाली व्यक्ति थीं, उन्हें इतनी अद्भुत और सेक्सी पत्नी मिली थी, और अब आप मेरी बन चुकी हो..

हे भगवान् इस कामुक समय पर हु भी मेरे बेट ेके साथ , मुझे उसके पिता का नाम लेन से मुझे में थोड़ी सी गंभीरता से बैठी.

मेरा बीटा तुरंत स्थिति को समझ गया, हंसा,

“ ओह क्षमा करें, मेरी प्यारी माँ, उनका नाम नहीं लूंगा, मुझे बहुत खेद थी, कृपया मुझे माफ कर दें मेरी प्यारी माँ” उसने विनती की

उसकी विनंती सुन उफ़ में तोह पिगल गयी .. मेरा बीटा इतना रेस्पेक्ट दिया अपने पिता, मै पति को ..: में फिर से उसके साथ कम्फर्टेबले हो गयी. उसने अब साबुन के झाग से मेरे स्तनों की अच्छी तरह से मालिश की, और में फिर से उसके सर पर हाथ राखी, उसके बालों को सहलाते हुए.

मेरे बेटे ने फिर से पूरी ताकत से मेरी होंठों को चूमा,” थैंक्स मेरी सेक्सी माँ!” कहते हुए उसने अपना दाहिना हाथ मेरे पेट के पास ले आया, उसे बहुत प्यार से सहलाया, धीरे से अपनी बिच की उंगली मेरी नाभि में डाली और उस पर थोड़ा दबाव डाला. हाँ! मेरा बीटा अपनी माँ को इतनी अच्छी तरह से संभल रहा था और उसे स्वर्ग का एहसास हो दिला रहा थी.

, मेरा बीटा मेरे लिए काम थीं , में उसके लिए रति हूँ, और अब हम सिर्फ माँ और बीटा नहीं थीं, बल्कि कामरति बनने के रस्ते पर थीं. मेरे बेटे नमन ने अपना मजबूत गर्म और कामुक हाथ मेरी योनि की और बढ़ा दी! जो उस बबल बाथ के पानी से भीगा हुआ था और, वह मेरी बुर की मालिश करना शुरू कर दिया, उसके उँगलियों की मेरी गर्म बुर को महसूस कर रहा थी, उसकी अपनी माँ की बुर थी, ओह, हाँ, मैं इतनी कामुक थी की मैं और अधिक बर्दाश्त नहीं कर सकती थी , में अपन कम्प्टो हुयी हाथों को उसके हाथों के ऊपर रख दी, उसके हाथों को मेरी छूट पर लेट हुए जोर से धक्का दी.

वह फिर मेरी बुर को रगड़ने लगा अपनी हटेलियों से .. मेरी छूट का रास अब बबल बाथ के पानी में मिक्स हो रहा था उफ्फ्फ्फ़.

मेरे प्रिय बेटे ने अपनी बिच वाली उंगली मेरी छूट में दाल दी, ओह्ह्ह्हह वह मेरी बुर को रगड़ रहा थी जो अपने पूरे अस्तित्व में पहली बार उसकी उँगलियों के स्पर्श से खिल उठ रही थी. वह अंदर और बहार ओह्ह्ह अपने अंगूठे से ओह्ह्ह! dhire-dhire दबाव बढ़ता जा रहा था, अब मेरे बेटे ने अपनी उंगली मेरी छूट में dhire-dhire andar-bahar करना शुरू कर दी और dhire-dhire वह अपनी माँ की बुर को अपनी उँगलियों से छोड़ रहा था!

उसकी अपनी माँ को वह दिखा रहा थी की उंगली से चुदाई का क्या मतलब थी इसका आनंद लेते हुए अब उसने अपनी एक और उंगली मेरी बुर की गहराई तक धकेलते हुए शुरू कर दी ओह, अब उसने अपनी उँगलियों को पिस्टन की तरह मेरी छूट में घुमाई… फिर और की गति बढ़ा दी और मेरे बुर को और अधिक जोर से रगड़ने लगा, ममम आईटी ा सारा रास मेरी छूट चोर रही थी उफ्फ्फ!

में अपने नितम्बों को ऊपर उठाते हुए इतनी जोर से मेरे बेटे का नाम लेते हुए हुए उसने मेरी कानों के पास फुसफुसाया “माँ! इतनी जोर से मत आवाज़ें करो, अगर किसी ने सुन लिया तो!”

“अब नहीं रहा जाता बेटे .. अब तुम्हारी बारी.”

नमन ने शावर शुरू करि और हम भीगते हुए नमन खड़ा हुआ और में उसके सामने से

में फिर उसके राक्षसी चट्टानी कठोर लुंड को मेरी लाल नेल पोलिश वाले मुलायम हाथों से लपेटते हुए, ओह्ह्ह, में उसके उस अनमोल हिस्से को हिलना शुरू कर दी! हाँ, मैं अपने hi बेटे के लुंड को हिला रही हूँ .. सेहला रही हूँ … मेरे हस्थों के स्पर्शे से उसका लुंड झटका दे रहा था.





में फिर उसके लुंड पर अपनी मुट्ठ मरने की स्पीड बढ़ा दी “ओह्ह्ह माँ! माआ माआ माआ ! है, वह उसका आनंद ले रहा था जो उसकी माँ उसके लिए कर रही थी. , मैं उसके लुंड को हिलती रही … उसके लुंड पर शावर के पानी के निचे उसके लुंड को हिलाते हुए मेरा बीटा अह्ह्ह मममम की आवाज़ें निकल रहा था. में उसके लुंड की हस्तमुथा करती हुयी, उसकी आँखों में गहराई से देखने लगी. मेरा बीटा निचे झुक मेरी होठों को चूमता थीं.

मेरे बेटे के लुंड और हिलने के बाअद मेरा बीटा अंत में अह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह मुम्ममय , मा … सेक्सी मा ओह एसससस आवाज़ें करते हुए , उसके लुंड से उसके सफ़ेद गधे वीर्य का एक बड़ा सा फव्वारा फूट जाता थी! हाँ, मेरे बेटे के लुंड का बीज इतना गधे और बहुत ज्यादा थीं की यह उस साबुन के झाग में भी दिख सकता था … इतना बड़ा वाला भर थी! “ओह्ह्ह्ह माँ! तुम बहुत मस्त हो”

ओह्ह मेरे बेटे तुम भी मस्त हो” फिर, हमाए एक दूसरे को चूमने लगे उसी तब में वक दूसरे के बाँहों में… की एकदम से मेरे , मोबाइल की घंटी बजी. ट्रिंग ट्रिंग…

मोबाइल की घंटी ने हम दोनों को स्वर्ग से धरती पर ला दिया, मैं अब साबुन के झाग से ढके शरीर के साथ बथुब से बहार आयी , मेरी चूचियां साबुन के दाग से ढके हुए, में भागकर फ़ोन उठायी…

“ओह, यह हमारे नौकरानी जमुना बाई का फोन था “hello जमुना बाई ..” में उत्तर दी, फिर उसने बताया की कर बाज़ार के पास गाडी ख़राब हो गई थी, उसे ठीक करने में 1 घंटा लगेगा तोह, टैक्सी से आउंगी.”

! ओह, में उससे कहा की उसे किसी टैक्सी से नहीं आने के लिए.. ड्राइवर नया था और उस पर जब तक गाडी ठीक नहीं होती ध्यान देकर वापस आने को कहा.

“लेकिन मेमसाहब” मेरी नौकरानी बोली

“जमुना बाई कुछ भी जरूरी काम तुमसे नहीं thi,tum बस ड्राइवर से गाड़ी ठीक करके hi आना”

अब इसका तोह अआप सभी कारन जानते थीं!!! हाँ, मैं अपने बेटे के साथ अपनी यौन यात्रा को आगे बढ़ाना चाहती थी!!!!

में फोन काट दी और अपने भरी कूल्हों को हिलाते हुए बाथ रूम में वापस आ गई, और मेरा बीटा जो अभी भी बाथटब में था, मुझे देखकर मुस्कुराया. अब हम दोनों शॉवर के निचे बिलकुल नग्न होकर ek-doosare के समाए खड़े थे, में शावर के पानी की निचे.

हम अब दोनों ek-doosare को नहला रहे थे

, मेरे बेटे का राक्षसी लुंड फिर से अपने पूरे रूप में ा गया थी था … उफ्फ्फ अभी तोग वह शकालित हुआ था उफ्फ्फ 15मं में hi फिर से सख्त होकर उसका लुंड तैयार .. उफ्फ्फ्फ़ क्या जवानी थीं मेरे बेटे की , उफ़ क्या फौलादी लुंड थीं उसका .. हे भगवान् मेरा बीटा जवान और दयावान था …





हम ek-doosare को नहलाये,, उसकी निजी फौलादी लुंड को नहलाया, उसने मेरी छूट को भी क्लीन करा मेरे, स्तन भी खिलखिला रहे थे मेरे बेटव के मुझे खा जाने वाले नज़रों के सामने, जैसे की हम एक प्रेमी जोड़ी थीं ,

“उफ़ मा तुम्हारे साथ नहाकर बहुत मज़्ज़ा आया … उफ्फ्फ मेरी सेक्सी माँ मेरे सामने नग्न थी .. और किसी लास्की से भी काम नहीं इतनी सेक्सी और कामुक हो तुम .. और उसने मुझे और जर्रों से चूमा … मुझे कास कर पकड़ते गए मेरे बेटे के चौड़े साइन से लिपटी हुयी में उसकी चुम्बन का फिर से पूरा साथ देने लगी …

ओह यह अब तक का सबसे अच्छा स्नान था! मेरे बेटे ने फिर मुझे फिर से अपनी बाँहों में उठाया और मुझे बाथरूम से बहार ले आया और, अब उसने तौलिया लेकर मुझे बड़े प्यार से साफ़ किया., मेरे बदन के ऊपर से निचे तक पाउडर लगायी, मेरी बांहों के निचे, छूट, स्तनों पर. इस सब के दौरान में , फिर से उसके सख्त राक्षसी लुंड को अपनी चिकिनी मुलायम हाथों से रगड़कर, उस पर अपनी उंगलियां चलने लगी.

. यह ओह मेरे जवान बेटे का राक्षस ख़ुशी में नाच रहा था उछाल रहा था! मैंने उसके लुंड पर कुछ ज़ोरदार स्ट्रोक लगाए, “ओह माँ! यह कहते हुए उसने मुझे चूमा, अब में उसे बिस्तर पर बिठाई, और फिर अपनी मेकअप लगनी शुरू करि,

में अपनी रेशमी बालों पर कंघी करते हुए होठों पर एक चेरी लाल रंग की लिपस्टिक लगाई, आँखों की पलकों पर काजल लगायी, मेरे गलों पर गुलाबी रंग का ब्लश लगायी, एक पिंक फाउंडेशन के साथ. इस सब से मेरा ख़ूबसूरत चेहरा चाँद की तरह चमक रहा था, हाँ मैं ख़ूबसूरत थी और सेक्सी महिला हूँ, उस समय मेरी उम्र 44 साल होकर भी, मेरे चेहरे पर एक भी शिकन नहीं थी, बस मेरी चमकदार गोरी त्वचा , सेक्सी नाक , बड़ी भूरी ऑंखें, पूरी तरह से खिली हुई गाल, मैं मोती भी नहीं हूँ, नहीं मेरा बड़ा उभरा हुआ पेट थीं. में हाउसवाइफ होलार भी, अब ये मेरी मेकअप , सेक्सी के प्रति मेरी खुलेपन को दर्शाती थी!

मुझे और सेक्सी बनना थीं मेरे बेटेके लिए.

मेरी सुंदरता देख मेरा जवान बीटा नमन अपने लुंड को रगड़ रहा थी, अपनी माँ को मेकअप करते हुए देखकर मुस्कुरा रहा थी, में भी उसे मुस्कुराते हुए देखि. फिर वह बिस्तर से उठ गया, लेकिन में उसे वहीँ रहने की आदेश दी.

उसने मेरी बात का पालन किया. और में अब , होंठों पर गीलापन बढ़ने के लिए लिप ग्लॉस लगा ली, अब में लास वाली ब्रा और पंतय दोनों पहन ली. लाल रंग जो मेरे बेटे ने कल शॉपिंग में से चुना था, वह ऊँची यदि की सेक्सी चमड़ी वाली बेल्ट वाली हिल संदल. और बाकी कुछ नहीं पहनी थी.

फिर में माथे पर सिन्दूर लगाई, सोने की चेन के साथ मंगलसूत्र, सर पर सिन्दूर, बिंदी, पैरों में पायल, पैरों में बिछिया, सोने की चूड़ियों के साथ लाल चूड़ी. मुझे एक सेक्सी भारतीय नारी की तरह बनना था.

अब मैं बिस्तर के पास ा गई, सेक्सी वाक जो पार्लर में शिला ने मुझे दिक्ति थी, , अपने बड़े कूल्हों को झूलते हुए, अपने प्यारे बेटे को देखकर और अधिक कामुक रूप से मुस्कुराती हुयी!!!!

मेरे इस रूप से उसका मनो मेरे जवान बेटव का राक्षसी लुंड 1 इंच और बढ़ गया था और, अब उसका मोटा फौलादी लुंड पूरी तरह से खड़ा होकर झूल रहा था और मुझसे उसका ख्याल रखने को कह रहा था.

ओह गॉड माँ आप तोह एक कामसूत्र से निकली महिला लगाती हो … उफ्फ्फ्फ़ ममम. मेरे पास आओ माँ तुम्हे बहुत प्यार करना चाहता हूँ बिस्तर पर !

लेकिन मैं उसे और चिढ़ाना चाहती थी.

बेटे चलो अब मुझे ड्रेस पेहेन लेने दो … ठीक थीं अब, क्या तुम बहार जाओगे. मेरे बेटे का चेहरा लाल हो गया

“ओह गॉड माँ, नहीं! माँ आप अपने बेटे के लिए इतनी क्रूर मत बनो, यह उचित नहीं थी!!” मेरा बीटा बोलै. फिर कुछ सेकंड उसे देख में जोर से हंस पड़ी.

“ ओह है है है नहीं मेरे प्यारे बेटे मैं तुम्हारे लिए कुछ और करना चाहती हूँ जो में पहले कभी नहीं करि! “ मेरे बेटे ने आश्चर्य व्यक्त किया! “क्या माँ, मुझे कुछ पता नहीं की आप क्या कह रही थीं.”

मैं फिर शरमाते हुए अपनी चूतड़ों को हिलाते . ब्रा में से आधे बहार आते चूचियों को दर्शाते उसके पास आई और उसके उत्सुकता से इंतज़ार कर रहे कानों के पास अपनी सेक्सी चेरी लाल लिपस्टिक और लाल लिप ग्लॉस लगायी होठों को रख बोली “डार्किंग! मैं इस राक्षस जैसे थे कठोर लुंड को चूसना चाहती हूँ….”

“ ओह! माँ, सच … फिर बड़ी कामुकता से मी आँखों में देख उसने तुरंत पूरी ख़ुशी के साथ मेरे होठों को चूम लिया, और एक फ्रेंच किश …

“सच माँ ???? अपने कभी पिताजी के उसको मुंह लिए नहीं चूसा थीं, ओह, क्षमा करें, मैं उनका नाम नहीं लाना चाहता था सॉरी माँ.

, में उसे अपनी पति का सुन कोई रिस्पांस नहीं देते. “नहीं! बीटा में कभी तुम्हारे पापा का लुंड नहीं चूसी, तुम तोह पहले hi मर्द होंगे ….” में बहुत शरमाते हुए कही .”

ओह गॉड वह!!! मैं अपनी माँ के कुंवारे मुंह को की चुदाई करने जा रहा हूँ, वह बहुत कामुकता से बोलै… ,

“हाँ बेटे में वहां … कहते थीं न .. में वहां मुँह की चुदाई की वर्जिन हूँ बेटे!!!!!

अब मैं पहली बार एक लुंड मुँह में लेने जा रही थी .. वह भी मेरे बेटे का 9इन वाला बड़ा और , 5इन वाला मोटा फौलादी लुंड …

मेरा बीटा प्यार से अपनी माँ को चूम रहा था,

“मेरी सेक्सी माँ क्या आप मेरा लुंड यहीं बिस्तर पर चूसना चाहती थीं या हम सोफे पर चले जाएं, वहां आप अधिक आरामदायक रहकर मेरा लुंड चूस सकोगी माँ!”

“ठीक थी बीटा जैसी तुम्हारी इच्छा”, यह कहते हुए में अपनी मुलायम हाथों को उसके सख्त लुंड पर प्यार से फेरने लगी. हम माँ बेटे चले गए सोफे पर और वहां आकर उसने अपनी जांघें चौड़ी कर सोफे पर बैठ गया, जिससे मुझे उसके पत्थर जैसे राक्षसी लुंड को अपनी मुँह से और हाथों से महसूस करने के लिए और अधिक जगह मिल गई., मैं उसके बगल में बैठ गई और अपने स्तनों उसकी जाँघों पर रगड़ने लगी और उसके राक्षस जैसे लुंड को और अधिक रगड़ने लगी! अब उसके लुंड के पास मेरा चेहरा था, मेरे लिपस्टिक लगे अब उसके फौलादी लुंड के टमाटर जैसे बड़े लाल सर को चूमने लगे! उसके लुंड के बड़े गेंद मेरे कोमल होंठों का आनंद ले रही थी, ओह लुंड का सर से वह सफ़ेद पदार्थ जिससे pre-cum कहते हैं वही रिस रहा था, और में उसके लुंड के सर पर अपनी जीभ फिरै, पूरा pre-cum चूस ली, लेकिन फिर भी और प्रेकम मेरे बेट ेके फौलादी लुंड से निकलता hi रहा .. और फिर में उसे भी अपनी जीभ से चूस की और उस राक्षस को फिर से चूसना शुरू कर दी!





ओह्ह्ह मेरे बेटे का बड़ा मोटा फौलादी लुंड मेरे गले तक चला गया ओह्ह्ह! हे भगवन, मुझे सांस लेने में तकलीफ हो रही थी, लेकिन मैं और चूसना चाहती थी, मेरे बीटा का लुंड बहुत स्वादिष्ट था, ओह्ह्ह, मेरे प्यारे बेटे को उसके लुंड को चूस कर मुझे स्वर्ग का एहसास हो रहा था.

मैं इस तरह से उसके को चूस रही थी, उसका आनंद ले रही थी और, अब उसने अपने हाथों को मेरे सर पर रख दिया, मेरे सर को सहलाने लगा और मेरे सर, उस पर थोड़ा दबाव डाला जिससे मैं उत्साहित हो गई और उस राक्षसी लुंड को और अधिक लेने के लिए प्रयास करने लगी!

“ओह माँ! तुम बहुत मस्त हो, बहुत प्यारी हो तुम बहुत मस्त, ओह अह्ह्ह्हह”

मेरा बीटा, मेरे बालों को रगड़, कर मुझे निर्देश दे रहे था, मुझे उसके लुंड चूसै की आदत लगाने वाला था.





“ हाँ, माँ, ओह्ह्ह्हह डार्लिंग, हाँ”

में भी एक लुंड को चूसने के लिए तैयार थी और, मुझे भी बहुत मज़ा आ रहा था मेरे बेटे के, निर्देशों का पालन करते हुए.

में अपने चिकने हाथ से उसके बड़े वीर्य से भरे गेंदों को रगड़ रही थी, मेरे बेट ेके गेंदों के वजन को महसूस करि, उफ्फ्फ हाँ वे बहुत भारी थीं उसके अंदर कितना सारा सफ़ेद गधा वीर्य होगा उसकी की सोची अहह हे भगवान्!!!! में अब उसके विशाल लुंड को देखकर

“, ओह, मेरे बेटे कितना प्यारा स्वादिष्ट लुंड मिला हैं तुम्हारा…” , मैं उसके बचे हुए लुंड के हिस्से को अपने हाथ से पकड़कर मेरे बेटव के लुंड को पूरी तरह से मुँह में लेने की कोशिश करि. .उस वक़्त ऐसी चूसै को क्या कहते हैं मुझे नहीं पता था .. लेकिन मुझे बाद में मेरे बेटे से पता चला की इसे डीप थ्रोट कहा जाता हैं!!!!

मेरा बीटा मेरे bade-bade स्तनों को ब्रा से बिना खोले hi मसल रहा था, ओह्ह्ह मैं स्वर्ग में थी, उसने मुझे बहुत प्रोत्साहित किया, में मेरे छोटे से मुंह में उसके फौलादी मोठे लुंड को चूस रही थी, ओह्ह्ह मेरे बीटा का लुंड बहुत मोटा और मस्त हैं., मेरे बेटे ने अपना हाथ मेरे सर पर रख , मेरे मुंह को और जोर से छोड़ना शुरू कर दिया, ओह, भगवन, मेरा डैम घुट रहा था उफ्फ्फ . में अपना हाथ उठायी, उसे रुकने के लिए कहा.

फिर मेरा बीटा रुक गया … में जोर से सांस लेते हुए अपना मुंह उसके लुंड से हटा ली . ओह भगवन, मेरी लार ने उसके पूरे लुंड को भिगो दिया था !!!!! “माफ़ करो माँ! हु बोलै, “मैं आपसे इतना बढ़िया ब्लोजॉब लेते हुए नियंत्रित नहीं का सका..”

! बीटा! मेरी साँसें अटक गाइट hi बस…. , , तुम्हारा लुंड बहुत बड़ा हैं…. तुम्हारे पापा से और भी बड़ा और मोटा तोह बहुत..”

कुछ सेकण्ड्स के बाद में फिर से उस विशाल लुंड पर हाथ फेरते हुए फिर से उसे चूसना शुरू कर दी,

“ हाँ हाँ हाँ माँ!” यह कहते हुए मेरा बीटा नमन मेरे प्यारे मुंह को छोड़ रहा था, में उसके वीर्य से भरे गेंदों को रगड़ और इस चूसै के स्वर्ग का आनंद लेते रही!

“ओह माआ, ी ऍम क्युम्मिंग ओह मा में आ रहा हूँ … माआआआ”

ऐसे जोर से कराहते हुए मेरे बेटे ने, मेरे सर को अपने लुंड पर कसकर पकड़ लिया, और अब उसके लुंड से फिर से विस्पोट होते हुए उसका वीर्य मेरे उत्सुक मुंह में उगलने लगा. उफ्फ्फ बस उसके लुंड से वीर्य उगलता रहा .. इतना सारा उफ्फ्फ सब मेरे मुँह में जा रहा था ओह हे भगवान् .. ,

मेरे बेटे के विशाल लुंड से निकले वीर्य ने मेरे मुंह को भर दिया, इतना ज्यादा की कुछ ओवर लोडिंग के कारण उसके लुंड का वीर्य मेरे मुंह के बाहर गिर गया.





हाँ, मुझे बहुत ख़ुशी हुई, और में अपने होठों को मेरे बेटे के फौलादी लुंड पर रगड़ने लगी और में उसकी आँखों में देखने लगी

कुछ सेकंड एक दूसरे के आँखों में देल्हते हुए अचानक मुझे हमारी कार का हॉर्न बजते सुनाई दिया.
 
ओह!! जमुना बाई बाजार से आयी थी, में abhi-abhi मेरे बेटे के लुंड की चूसै समाप्त की थी!!!!





हम दोनों नग्न अवस्था में, मैं केवल ब्रा और पंतय में, मेरा बीटा उसके अब अर्ध कठोर लुंड के साथ बिलकुल नग्न.

फिर मैं स्नान कक्ष में भागकर तौलिये से मेरे बदन और मेरे बेटे के लुंड को उसे साफ करि. मेरे बेटे ने जल्दी से अपने कपडे पहने और निचे चला गया, मैं अपनी वीर्य से भरा मुंह धोकर, अपने चेहरा को साफ़ कर, स्नान कक्ष से बहार आयी. नयी खरीदी चूड़ीदार पहन कर अपने मेकअप को फिर से लगा दिया, फिर से आईने में हुड को देखते हुए, अपने बालों में कंघी करते हुए, कमरे से बहार आयी. सीढ़ियों से निचे जाकर में जमुना से की पूछी की वह बाजार से kya-kya ले थी, जमुना ने कहा की वह सारा सामान ले ै थी और हमारी कार ख़राब होने के कारन देरी होने के लिए क्षमा चाहती थी.

“कोई बात नहीं जमुना, ठीक थी,” यह कहते हुए मैं अपने बेटे की और देखि, जो हॉल रूम में बैठा एक मासूम लड़के की तरह टीवी देख रहा था!

“ हाँ लेट की कुछ प्रॉब्लम नहीं , लेकिन अगर जमुना बाई थोड़ी देर से आती तो भी अच्छा थी न माँ!” मेरा बीटा एक शरारती तरीके में बोलै.

“छोटे मालिक आप घर पर आज! लगता थी आप मालकिन की सेवा करने के लिए रुके होंगे” जमुना ने मासूमियत से कहा

“है जमुना बाई मई अपनी माँ के लिए hi रुका हूँ लेकिन माँ ने मौका hi नहीं दिया उन्होंने सिर्फ मेरी hi सेवा की थी न माँ” में बुरी तरह शरमाते हुए मुस्कुरायी.

“छोटे मालिक बहुत अच्छी हैं आपकी माँ, वह हर समय आपकी देख पल करती हैं वो और आप को कुश रखने के लिए हर समय तैयार रह टी हैं”

जमुना बाई ने उस शुद्ध मासूमियत में कहा

“ बेटे तू, बहुत शरारती हो”, मैं प्रेमी की मुस्कान बिखेरते हुए बोली और फिर, जमुना से नाश्ते के लिए बोली,

कुछ समय बाद उसने मुझे एक प्लेट में डोसा, इडली वादा परोसा, मैं उसे अपने शयनकक्ष में ले जाने को बोली और कहा की मैं वहीँ खाउंगी! जमुना बाई प्लेट्स लेकर शयनकक्ष में चली गई, मैं अपने बालों को एक सेक्सी पिंक क्लिप से बांध ली और अपनी सेक्सी गांड मटकती हुई बैडरूम में चली गई, मुझे पता थी की मेरा बीटा नमन मेरे पीछे आएगा, हाँ वह मेरे पीछे hi था, मेरी झूलती हुई मटकती गांड को भूखे नज़र से देख रहा था,





बेडरुम के अंदर जाने से पहले मेरे बेटे ने एक बार मेरी नितम्भों पर चुटकी भी ली, उफ्फ्फ हे भगवान् जमुना बाई देख लेगी तोह उफ्फ्फ.

अब हम कमरे में थे, मैं जमुना से मेरे बेटे को देखते हुए कॉफ़ी लेन के लिए बोली.

“बेटव तू क्यों आ रहा हैं … तुम्हे भी भूल लगी हैं”

उसने कहा “माँ में पहले hi खा चूका हूँ, और अब मुझे आपसे अंजू की शादी की व्यवस्था के बारे में कुछ बात करनी हैं”

”! कोई बात नहीं बेटे,“ मुझे पता था उसे तोह बस मेरे साथ और मस्ती करनी थी.. उसके लुंड में अब थोड़ा जान आते दिख रहा था!!! हाँ वह अपनी मन को अब बेशक छोड़ना चाहता होगा!!!!

“जमुना बाई मेरे बेटे के लिए एक और डोसा के साथ कॉफ़ी लेकर आओ. हम मेरे कमरे में सोफे पर बैठ गए और जमुना बाई के सामने दोनों कुछ बातें की जैसे की हम कुछ चीजों को नापसंद कर रहे हों. जमुना बाई ने सब कुछ रख लिया, और पूछा, क्या में आउंगी दोपहर के खाने को बनाने में उसकी मदत करने या वह खुद सैम कर लेगी. मेरा बीटा बोलै की माँ को आराम करने दो, आप hi सब खाना बनाइये. आप माँ को अभी डिस्टर्ब न करिये हमें इम्पोर्टेन्ट चीज़ें डिसकस करनी हैं. और फिर जमुना बाई बहार चली गई.

, मेरे बेटे ने दरवाज़ा बंद कर दिया, मेरे पास आया और मेरी आँखों में गहराई से देखने लगा, ओह मेरे बेटे की नज़र मनो मुझे कहए जा रही हो. मैं मुस्कुरायी, अपनी बहन खोलकर उसे गले लगायी, हम बहुत जोश से चूमने लगे !

“बीटा मुझे भूख लगी हैं, क्या हम खा लें” मैं बोली

ओह! माँ, , क्या आप मेरी गॉड में बैठ सकती है , मैं अपनी प्यारी मन को आज नाश्ता खिलाना चाहता हूँ”, उसने पूछा,

“ओह्ह्ह बीटा!” कह कर मैं उसकी गॉड में बैठ गई, उसने मुझे खाना खिलाना शुरू किया, जब नमन छोटा हुआ करता था तो मैं उसे चलती गाड़ी दिखाकर अपनी गॉड में बिठाकर खाना खिलाती थी, अब वही मेरा बीटा मुझे अपनी गॉड में बैठकर खाना खिला रहा था! इससे मैं थोड़ा भावुक हो गयी, मैं भी उसे खाना खिलाना शुरू कर दी. हम ek-doosare को कुछ बार खिला रहे थे, खाना खिलने के बाद एक दीसरे को होठों पर चूम रहे थे, चुटकुले काट रहे थे,, मुझे हंसी ा रही थी, ओह, यह वास्तव में रोमांटिक टाइम था मेरे बेटे के साथ. , मेरे पति ने भी कभी ऐसा नहीं किया था. वह इतने रोमांटिक नहीं थे, लेकिन वह बहुत देखभाल करने वाला थे.

, लेकिन मेरा बीटा न केवल मेरी देखभाल करता था, बल्कि रोमांटिक भी काफी था. प्रेम प्रसंगयुक्त! उसकी गॉड में मेरे कोमल नितम्ब उसके राक्षसी लुंड को एक बार फिर से खड़ा कर रहे थे! ओह, वह लुंड मेरे नितम्बों को रगड़ रहा था!!! मैं अपने पैरों को दोनों तरफ रख कर बैठ गई, मेरी पीठ उसकी छाती पर, मेरे नितम्ब ठीक उसके फौलादी शैतानी कमीने पर!

ओह, उसने अपने लुंड को कपड़ों के साथ hi मेरी गांड की दरार में धकेल दिया, ओह, मैं पीछे देखि, वह मुस्कुराया और मुझे चुम लिया , हम जो भी कर रहे थे उसका हर आनंद ले रहे थे, फिर खाना ख़त्म हो गया, मेरे बेटे ने मुझे अपने गोदी से उठने की अनुमति दिए बिना टेबल पर hi एक बाउल में पर मेरे और उसके हाथ धो दिए.

उसने प्लेट को टिपोय पर रख, एक गिलास में कॉफी डाली, हम दोनों उसी एक कप से घूँट पि रहे थे, जब मैं घूँट पि रही थी तो उसने गिलास पकड़ लिया, और उसने घूँट पि तो मैं गिलास पकड़ ली, उसी समय मेरे बेटे के हाथ मेरी स्तनों को सहला रहे थे! ओह, यह अब तक का सबसे अच्छा नाश्ता था. मैं कॉफ़ी भी पि थी! अचानक मेरे बेटे ने मुझे उसकी गॉड से निचे उतरने के लिए कहा, मैं थिरान हो गई, लेकिन उठ गई, उसने फिर एक तौलिया लिया, उससे अपने हरड़ों को ढँक लिया और, मुझे देखकर शरारती ढंग से देख मुस्कुराया और फिर , कमरे से बहार hi चला गया !!!!, ओह, मुझे इस बात से मेरे बेटे से खुश नहीं थी !!!!





जमुना बाई आकर प्लेट्स लेकर जाती हैं . ,मैं भी उसके साथ कमरे से बहार चली गई, मेरा बीटा सीढ़ियों पर चढ़ रहा था और देख रहा था की मैं निचे उतर रही हूँ, फिर उसने मुझे अपने साथ आने के लिए कहा, उसके हाथ में एक पैकेट था! मैं उसके पीछे गयी, हम अब फिर से मेरे शयनकक्ष में ए, और उसने फिर से दरवाज़े की कुण्डी लगा दी,

माँ! क्या आपको यह पैकेट यद् हैं,” मेरे बेटे ने चहरे पर बड़ी मुस्कान के साथ पूछा

“ ओह्ह्ह हाँ यह वही पैकेट हैं जो हमने कॉस्मेटिक शोरूम से खरीदी थी, मुझे पता हैं इसमें क्या हैं” ओह्ह्ह मैं बहुत शर्मिंदगी महसूस कर रही थी! मेरा बीटा मेरे पास आया “माँ! मैं ये चीज़ें आप पर लगाना चाहता हूँ, कृपया मुझे आपके कपडे उतरने की इजाजत दें” . में बस शरमाते हुए सर हाँ में हिलायी और यह उसने मेरे कपडे उतरना शुरू कर दिया,

मुझे अब उसके सामने वस्त्रहरण करने में इतनी शर्मिंदगी महसूस नहीं हो रही थी क्यूंकि उसने 2 घंटे पहले hi मुझे पूरी तरह से नंग कर दिया था, इस बार तोह में चूड़ीदार में थी थी.





में अपने बाँहों को ऊपर कर , मेरा बीटा मेरे सुरिदर को हटाने लगा .. हटते हुए वह मेरी आर्मपिट्स को चूमने लगा और हॉक्स से वहां चाट लिया.

“हे भगवान् मेरा बीटा इतना नटखट …. अब निकघे पहनी लेग्गिंग्स उतारकर अब में फिर से अपने hi बेट ेके सामने बस ब्रा और पंतय में कड़ी थी. अब उसने वह भी दोनों वस्त्र उतर दी. अब मेरे ऊपर एक भी धागा न डेल बिना, मुझे उसने बिस्तर पर लिटा दिया, ओह, मेरा कितना शरारती बीटा हैं, मैं उसे देखकर मुस्कुराई, मैं अपनी छूट या स्तनों को अब नहीं ढकी, मुझे पता उन्हें ढकने का तोह कोई फाइदा नहीं हैं!!

उसने खोला पैकेट में से उन 2 क्रीम्स (योनि और ब्रैस्ट टिघटॅनिंग क्रीम्स) को निकली. पहले उसने मेरी स्तनों की टिघटॅनिंग वाली क्रीम को थोड़ी सी अपने हाथों पर रख फिर अपनी हथेली मेरे स्तनों पर लेकर एक गोलाकार गति में क्रीम वहां मालिश करना शुरू कर दिया, जिससे मेरे निप्पल्स और अरेओला और फिर मेरे पूरे स्तनों को कवर किया!

कुछ 5 मं बाद में पेहसुस करि की, यह जादुई क्रीम थी, यह मेरे स्तनों को और अधिक कड़ा और कठोर बना रहे थे. उसने फिर और 10 मिनट तक मेरे स्तनों की मालिश करि. ओह, मैं अपने तकिये को अपने दोनों हाथों से जोर से पकड़ लिया था, अपनी गुलाबी होठों को काट रही थी, अपने hi बेटे के हाथों से अपने स्तनों की मालिश का आनंद महसूस कर रही हूँ, ओह! उसने अपनी माँ की मालिश करने के लिए अपनी सब कुछ देने में बहुत म्हणत की, जिससे उसकी माँ बहुत कामुक हो गई,

मैंने उसे कभी भी अपनी कामुकता नहीं दिखाई थी. मेरा बीटा! इससे मुझे अपने बेटे पर और अधिक गर्व हुआ! वह मेरी और देखकर मुस्कुराइए, मैं तकिये को छोड़कर उसका सर पकड़ लिया और उसके होठों को बड़ी गहराई से चूमा, और उसके होठों को हलके से कटा, बड़ी कामुकता के साथ!

“ओह! तुम मेरी सेक्सी माँ! उफ्फ्फ्फ़ आपने तोह मेरी लिप्स काट ली .. उफ्फ्फ दर्द तो हो रहा थी, लेकिन दर्द का में स्वागत कर रहा हूँ” यह कहते हुए उसने मेरे मुलायम सेक्सी होंठों को भी काट लिया, उफ्फ्फ इस हलके से दर्द में मज़ा ा रहा था!

“माँ! अब क्रीम आपके योनि के वहां लगवाने के लिए तैयार रहो, यह कहते हुए उसने एक योनि टिघटॅनिंग वाली क्रीम ले ली और मुझे अपनी झांघें जितनी चौड़ी कर सकूं उतनी खोलने को कहा! हाँ, मैं उसके निर्देश का पालन करहि हूँ, अपनी टाँगें, झांघें फैला रही हूँ! इससे मेरी छूट के लिप्स भी खुल गए, मेरा बीटा नामा मेरी खुली हुई टांगों के बिच घुटनों के बल बैठ गया और अब बहुत करीबी से अपनी माँ की छूट के हर इंच को देख रहा थी. फिर उसने मेरी छूट के होठों पर धीरे से क्रीम लगाई, ओह, क्या सेक्सी स्पर्श था, वह मेरी छूट के होठों की मालिश कर रहा था. ओह बहुत बढ़िया तरीके से, मेरे बेटे ने अपनी उँगलियों से मेरी छूट को थोड़ा और फैलाया और अपनी क्रीम लगी उंगली ,मेरी छूट के अंदर दाल दी, ओह्ह्ह मैं ख़ुशी से कराह उठी! मेरे बेटे ने अपने काम पर इतना ध्यान केंद्रित करि और उसने मेरी छूट के हर हिस्से की मालिश की, मेरी छूट की भीतरी दीवार के हर हिस्से की मालिश की, और अब उस क्रीम से लिपटी एक और उंगली मेरी छूट में बहुत गहराई तक डाली.

हे भगवन, मुझे लगा की मेरी छूट की मांसपेशियां कास रही थीं, हाँ यह वास्तव में जादुई क्रीम थी, यह कहने की ज़रुरत नहीं थी की मेरी बुर से प्यार का रास निकल रहा था जो मुझे और भी अधिक ओर्गास्म दे रही थी! उसने अपनी मन को 21 साल की ान चूड़ी औरत की तरह बनाने का फैसला किया था, उसने मेरी भगशेफ का विशेष ख्याल रखा था और ऐसे करते हुए और 5 मं वहां क्रीम लगाई! मैं उसके चड्डी में बने बड़े तम्बू को देखि, मेरे बेटे का राक्षसी लुंड मनो मेरी छूट के लिए तैयार था, ओह, यह लड़का पहले hi 2 घंटे में दो बार स्खलित कर चूका था, फिर भी एक और दौर के लिए तैयार था, हे भगवान् , मैं एक असली मर्द के साथ हूँ इसका एहसास हुआ! मुझे अपने आप पर बहुत गर्व महसूस हुआ की में एक जवान मर्द को गरम कर उसके तम्बू को इतने बार खड़ा कर रही थी.





“माँ अब कुछ 10 मं लेती रहो .. क्रीम का असर होने दो …

मेरी छूट में से तोह रास इतना बह रहा था की बेडशीट भी अब गीली हो रही थी.. उफ़ मुझे उस क्रीम का असर धीरे धीरे महसूस होते रहा.

माँ अब तोह में आपने योनि को तैयार करूँगा और आगे की मस्ती के लिए.

फिर वह अपनी ऊँगली से एमरी छूट से खेलने लगा .. ओह उफ्फ्फ…. उसने फिर अपनी जीभ से वहां मेरी छूट की होठों पर लीक्स देने लगा .. ुगफ्फ हे भगवान् मेरा बीटा ,, मेरा जवान बीटा मेरी छूट की चटाई कर रहा था … मेरा बीटा .. क्या चाट रहा था मेरी बुर . में उसके सर को पकड़ कर उसके मुँह पर अपनी छूट मारती रही.. ऐसे कुछ और 5 मं चला..

अब मेरा बीटा अपने खुद के चड्डी को उतर दी और अपनी पहले से hi नग्न माँ को देखकर मुस्कुराया, जो अपने बेटे के लिए बिस्तर पर लेती हुई थी! ओह, उसका लुंड मनो हमेशा तैयार था, लेकिन अब कुछ और करने के लिए! अचानक मेरे दिमाग में मेरे पति का चेहरा ा गया! उफ़ में अपने पति के अलावा अपने बेटे से ऐसे कुछ कैसे कर सकती हूँ .. और मेरे मन की नैतिक जिम्मेदारी की भी सोची!

ओह, लेकिन मेरे मन के कामुक रोमांटिक सोच ने मेरे मन में आने वाली हर चीज़ पर विजय प्राप्त कर ली और मुझे और अपने बेटे से और मस्ती करने की और अधिक उत्तेजित फील होने लगी. हाँ यह सब मैं केवल अपने बेटे की ख़ुशी के लिए नहीं कर रही हूँ! इसके आलावा, मैं उसे किसी भी और के लिए खोना नहीं चाहती, मुझे पता था की में उससे बहुत प्यार करती थी! अगर वह चाहे तो में उसे अपनी माँ की चुदाई करने दूंगी !

“माँ! माँ! आप क्या सोच रहे हैं, आप कहाँ खो गयी मैं पूछ रहा हूँ आप जवाब नहीं दे रही हो.” मेरा बीटा मेरे कण में फुसफुसाया, मेरे कानों को चाट रहा था!

“ओह ! बीटा! कुछ नहीं, तुमने क्या पूछा”, मैं उसके द्वारा मेरे कानों को चाटने का आनंद लेते हुए बोली,

“ माँ! आप चाहते हैं की मैं आगे के मस्ती के लिए रबर पहनूं या सीधे त्वचा से त्वचा लगाऊं,” उसने कहा,

मुझे समझ नहीं आयी बात. मैं उसे क्वेश्चन से देखि, पूछा की वह किस बारे में बात कर रहा थी, और फिर मेरा बीटा हंसा और मेरे कण में कहा,

“माँ! मेरी सेक्सी माँ! रबर का मतलब कंडोम! आप छाते हैं की मैं इसे पहनूं या इसकी बिना hi!!!

ओह्ह्ह इस उत्तर से में इतनी शर्मायी की मैं उसका उत्तर नहीं दे सकीय, मैं बहुत शर्म के साथ अपनी सर दूसरी और घुमा ली!!!

“ माँ! ओह! माँ! उसने फिरसे मुझसे पूछा! मैं उसकी और मुड़ी और उसके सर को पास लेकर उत्सुकता से उसके कण में फुसफुसाई की मैं उसे बिना किसी चीज़ बिना त्वचा से त्वचा का स्पर्श करके महसूस करना चाहती हूँ! मेरी बात सुन उसका चेहरा ख़ुशी से चमक उठा, उसने अपनी मुंह से मुझे चूमा. अगर जमुना घर में नहीं होती तो में और जोरों से कराह सकती थी.

“थैंक्सक्सक्स मेरी सेक्सी माँ, तुम अपने बेटे की इच्छा को इतनी अच्छी तरह से समझती हो, मैं भी वही चाहता था. हाँ त्वचा से त्वचा mile!”akhir माँ! किसकी हैं मेरी hi न!” इतना कह कर उसने मेरी टाँगें चौड़ी कर दिन!

मेरे बेटे नमन ने मेरी टांगें चौड़ी कर दी थी, मेरी झंघों के बिच बैठ गया और मेरी प्रेम रास रिसती हुई मेरी छूट को खोल कर देखने लगा!

“ओह्ह्ह्हह्हह! मैं अब और अधिक देर तक अपने आप को रोक नहीं प् रही हूँ और अपने बेटे के चट्टान जैसे विशाल लुंड को अपने अंदर महसूस करना चाहती हूँ!!

“माँ! आपकी बुर बहुत सुन्दर हैं, ओह यह बहुत सेक्सी हैं” मेरा बीटा, मेरी बुर के होंठ गुलाबी की पंखुड़ियों की तरह देखते रहा, इतनी चिकनी, इस उम्र में भी इतनी छोटी सी छेड़ जो अब उस क्रीम से और टाइट हुयी थी. मेरी बुर का इतना सही आकर,

“मैं आपसे प्यार करता हूँ माँ! यह कहते हुए उसने अपने लुंड को एक हाथ में ले लिया और अपने लुंड की नोक को मेरी उभरी हुई योनि पर रगड़ने लगा… ओहहहहह मुझे उसके लुंड का स्पर्श एक वोल्टेज करंट जैसे महसूस हुयी..





सेक्स की फीलिंग के कारन जो मेरी छूट , इतना सारा रास चोर रही थी .. ुस्कुट के होठों को मेरे बेट ेके लुंड की नोक ने हलके से ओपन करा… फिर धीरे से एक धक्का देते हुए उसका कठोर लुंड से वह उसकी अपनी माँ की योनि पूरी तरह से खोल रहा था !

हां! मेरे बेटे ने अपने लुंड को और ज़ोर से धकेला, ओह्ह्ह यह केवल 2इन लुंड hi जो मेरी योनि में घुसी थी, हे भगवन, आखिरकार मेरा अपना बीटा मुझे छोड़ रहा था! इस विचार ने hi मुझे गर्म कर दिया! किसी भी उसके लुंड के झटकों से बहुत पहले!

“हाँ! हाँ! ओह्ह्ह! माँ! तुम्हारी बुर बहुत टाइट हैं.”

मुझे तोह ऐसे लग रहा थी जैसे मैं अभी भी कुंवारी hi हूँ! फिर मेरे बेटे ने कहा “है! माँ!” यह कहते हुए उसने अपने कठोर और विशाल लुंड को और मेरी बुर के अंदर तक धकेल दिया. ओह, मुझे भी यह महसूस हुआ, की मेरे बड़े के विशाल लुंड ने मेरी छूट को अपनी सिमा तक फैला दिया हैं, मेरी छूट की भीतरी दीवार पर दबाव महसूस हुआ.

अब उसके मोठे विशाल लुंड के और एक दो धक्कों से ओह, उसका अगला भाग मेरे गर्भाशय को छू गया! हे भगवान् ! हाँ, यह एकदम सही तरह से फिट हुयी थी, इसमें हवे के लिए भी जगह नहीं थी!

“ओह्ह्ह माँ, तुम्हारी योनि मेरे लुंड को ऐसे पकड़ रही हैं उफ्फ्फ जैसे मैं स्वर्ग में हूँ!” यह कहते हुए उसने दोनों हाथों से मेरे स्तन दबाये और मेरी आँखों में गहराई से देखा, ओह, मैं उसकी आँखों में नहीं देख सकीय! मुझे बहुत शर्म ा रही थी, शर्म के कारन मैं अपनी सर दूसरी तरफ कर ली.

“ओह! मेरी प्यारी माँ! देखो मुझे देखो!” मेरे कानों में फुसफुसाते हुए उसने मेरा सर अपने हाथ में पकड़ लिया, मेरे रसीले होंठों को चूमा, उसने मुझे पूरा लॉक कर लिया! एक अपने होठों से और दूसरा अपने विशाल राक्षस लुंड से!

“ओह, बताओ अब कैसा लग रहा हैं माँ, क्या आपका बीटा आपकी चुदाई अच्छे से कर रहा हैं!” मैं अपनी मुंह नहीं खोल सकीय लेकिन मेरे सर ने हाँ कहा! मैं अपने हाथ उसकी पीठ पर रगड़ने लगी, “ओह्ह्ह माँ!” यह कहते हुए वह अपनी लुंड वापस मेरी छूट के सर तक लेकर फिर से उसे गहराई तक धकेल दिया, ओह, उसने अपनी शर्मीली लेकिन सेक्सी माँ की जोरों से चुदाई करनी शुरू कर दी! उसी बिस्तर पर जहाँ उसके पिताजी मेरी चुदाई करते हैं!!!! अब वह dhire-dhire andar-bahar लुंड से धक्के दे रहा था, जिसमें मैंने भी पूरा सहयोग दिया. जब मेरा बीटा अपने लुंड को मेरी छूट में धकेलता था तो मैं अपनी कमर ऊपर उठा देती थी, और जब वह अपने लुंड को पीछे लता था तो मैं अपनी कमर वापस बिस्तर पर रख देती थी.





ओह्ह्ह! यह एकदम सही ले थी. Maa-Beta हमारी पहली चुदाई में hi ले में लग चुके थे , हम वास्तव में ek-doosre के लिए बने थे. मेरे बेटे ने अब गियर बदलने की तरह अपनी गति बढ़ा दी थी, हाँ वह अपनी मन की बुर को बहुत अच्छे से छोड़ रहा था, बिलकुल एक पेशेवर फार्मूला 1 ड्राइवर की तरह. मेरी योनि अपने hi बेटे की चुदाई का भरपूर आनंद ले रही थी, भले hi हमारी चुदाई समाज के लिए अपवित्र थी!!! समाज कभी स्वीकार नहीं करेगा maa-bete का सम्भोग लेकिन हम ऐसी किसी भी बात का विचार कभी नहीं करि! हमारे शरीर बहुत मज़बूत चुदाई का आनंद ले रहे थे, मेरा बीटा नमन मेरी बुर में बहुत मज़बूत गहरे स्ट्रोक दे रहा था और तेजी से भी, ओह, मुझे नहीं पता की कितनी बार मैं जहर चुकी थी या नहीं , मैं गिनती भूल गयी. लेकिन मेरे बेटे का बेशक क्युम्मिंग का कोई संकेत नहीं मिला था, वह अपनी माँ को इतनी अच्छी तरह से छोड़ रहा था. उसका लुंड मेरी योनि में बहुत अच्छी तरह से महसूस कर रही थी, हम दोनों मनो, स्वर्ग में थे, हमारे घर में नहीं!!!

हर चुदाई के झटके के लिए मेरे पैरों को में फैलाई, मेरे हाथों में चूड़ियां बैकग्राउंड के सेक्स संगीत की तरह बज रहे थे. मेरे अति और मेरे बैडरूम में हम माँ- बीटा इस अपवित्र मिलान का आनंद ले रहे थे,

हमारे पसीने से हमारे दोनों के बदन गीले हो चुके थे.

ओह मेरा बीटा तो. सेक्स में मज़बूती से वह अपनी कामुक माँ को इतनी अच्छी तरह से मज़े दे रहा तह और मुझे बहुत खुश कर रहा था! उसके दिमाग में केवल सेक्स के विचार चल रहे थे और कुछ नहीं, मैं हमारे मिलान को देख, उसके लुंड मेरी योनि में इतनी अच्छी तरह से जाते देख रही थी,

ओह, मेरे बेटे का लुंड मेरी छूट के रास से इतना भीगा हुआ था की वह काम लाइटिंग में भी बहुत चमक रहा था! मैं उसकी माँ, हमारे मिलान को इतनी भूख से देख रही थी, मैं हमारी चुदाई को ख़त्म नहीं करना चाहती थी .

हाँ, भगवन, कृपया इसे और बढ़ाएं! अचानक मेरे बेटे ने मुझे छोड़ना बंद कर दिया, मैं उसे गुस्से से देखि लेकिन वह मुस्कुराया माँ! चिंता मत करो मैं तुम्हें और अलग मुदारों में छोड़ना चाहता हूँ! अब हम डोगग्य की पोज़ में चुदाई की कोशिश करेंगे. मुझे उसकी बात कुछ समझ नहीं आयी!

मेरा बीटा मेरी तरफ देखकर हंसा और बोलै, “ओह! माँ! डोगग्य का मतलब हैं पीछे से चुदाई. उफ्फ्फ मुझे दर लग रहा थी, मैं सोचा की वह मेरी कुंवारी गांड को छोड़ेगा! हाँ, मैं वहां कभी नहीं छुडवाउंगी मेरे बेटे से! मुझे दर था की उसके राक्षस कठोर और विशाल लुंड से मेरी चिकनाई में दर्द होगा अगर उसने मेरी गांड के छोटे से छेड़ को छोड़ दिया तोह. हे भगवन, मेरे बेटे का वह लुंड निश्चित रूप से मेरी गांड के छेड़ को पहाड़ देगा.

“नहीं! बेटे, मैं वहां कभी नहीं छुडवाउंगी, तुम्हारा बहुत बड़ा थी, कृपया वहां मत छोड़ो बेटे!” मैं धीमी आवाज़ में बोली. लेकिन मेरा बीटा वह हंसा और कहा “नहीं! नहीं! माँ मैं तुम्हारी गांड छोड़ने नहीं जा रहा हूँ!” मेरा बीटा जोर से हंसाने laga,”Maa में बस पीछे से आपकी प्यारी बुर को छोड़ने जा रहा हूँ.”

अब में मुस्कुरायी .. “हाँ बेटे फिर ठीक हैं , करना मेरी बुर की चुदाई..” हे भगवान् में ऐसे शब्द बोली अपने hi बेटे से … में बहुत शर्मा रही थी., अब उसने मुझे अपनी चार टांगों पर रहने के लिए झुकाया, उसने मेरी गांड को थोड़ा ऊपर उठाया. मुस्कराहट के साथ मेरे सामने आया और मुझे ुमेरे और उसके रास से लथपथ राक्षसी लुंड को चूसने के लिए दिया,. में मेरे बेटे के लुंड को थोड़ी देर के लिए चूसी, उसमें मेरी लार मिले, और फिर वह वापस चला गया और मेरी छूट में प्रवेश करने से पहली अपने कठोर लुंड को स्ट्रोक कर पूरी तरह से तैनात कर, एक मिनट के लिए उसकी भी लार लगाई और अब मेरी छूट के होठों पर उसे रगड़ने लगा.

ओह, मैं आनंद का अनुभव करते हुए अपने होंठ कटे. अब मेरा बीटा मिशन पर था! उसकी कामुक माँ की चुदाई का मिशन! एक प्रशिक्षित सेक्स कमांडो की तरह उसने उस कठोर विशाल बन्दूक (लुंड) को सही निशाने पर धकलने शुरू कर दिया. ओह, हे भगवन, मुझे बहुत अच्छा लग रहा था, उसने अपने मज़बूत हाथों से मेरी कमर को पकड़ लिया, मेरी प्यारी तंग छूट को बेरहमी से छोड़ रहा था, उसके धक्कों से मेरा पूरा शरीर कम्प रहा था. मैं बिस्तर के किनारे को कसकर पकड़ लिया.

मेरा बीटा जो आनंद दे रहा थी, उसका आनंद ले रही थी, ओह, यह स्वर्ग था, उसका लुंड जोर से मुक्का मर रहा था, मेरी गांड उछाल रही थी, उसका पूरी तरह से फिट लुंड मेरी छूट में छेड़ में जा चूका था, “ओह, नमन बीटा, तुम बहुत प्यारे हो बीटा, छोड़िये अपनी माँ को, कृपया अपनी माँ को छोड़ो बीटा” मैं ख़ुशी से चिल्लाई!





“हां! मन, डार्लिंग, ओह माँ, आपकी योनि बहुत अच्छी थी, मेरा जन्म स्थान बहुत अच्छा हैं, ओह मन, मेरी प्यारी माँ, मैं चाहता हूँ की में आपको din-rat छोडूं, हाँ, हाँ,” यह कहते हुए उसने अपनी गति बढ़ा दी, उसने मेरी योनि को पिस्टन की तरह ज़ोर से छोड़ा, अब कमरा हमारी चुदाई के आवाज़ों से भर गया. मेरी चूड़ियों, पायल के साथ मिलान की आवाज, दोनों की मोयननिंगघग, ओह्ह्ह्ह पूरी स्थिति में बस केवल सेक्स, सेक्स और बस सेक्स था!

उसने अपने कठिन स्ट्रोक को धीमा कर दिया, मुझे अब मेरी चूतड़ों से पीछे स्ट्रोक देने के लिए कहा, और अब मैं अपनी योनि को पीछे की और फिर आगे की और धकेलना शुरू कर दी. सचमुच मैं अब में hi उसे छोड़ रही हूँ, मेरा बीटा झुक रहा था मेरे पीठ पर अपने साइन को लगते हुए वह मेरे कानों को चाटने लगा, मेरे सर को पीछे कर मेरे होंठों को चूमने लगा, मेरे निप्पल्स को ज़ोर से खिंचा, मेरे स्तनों को ज़ोर से मालिश दी.

ओह, उसने अपनी माँ के शरीर के हर हिस्से को अपने नियंत्रण में ले लिया, यहाँ तक की उसके मन और आत्मा को भी! यह मेरा बीटा थी, हमारी चुदाई शुरू हुए आधे घंटे से ज्यादा हो गया था! मैं बहुत थक गयी थी और बोली

“बीटा! तुम्हारी माँ अब पूरी तरह से थक गई हैं, कृपया रुकें! उसने मेरी विनती को न सुने बस मुस्कुराते हुए चुदाई में ड्राइविंग सीट ले ली, मेरी कमर पकड़ ली और मुझे राकेट की गति से छोड़ने लगा,

“ओह्ह्ह्हह्हह ahhhhhhhhhhhhhh नमन मेरे बेटे… बस बस अहह हफ़ मममममम”

उसने मुझे फिर से बिस्तर पर लिटा कर मेरी ऊपर चढ़ मेरी चुदाई करने लगा. और 5 मं के ऐसे धक्कों के बॉस आखिरकार उसके भरी वीर्य से भरे गेंदों से 3 बार विस्फोट होने लगा,





“ओह अह्ह्ह्ह माँ, मेरी डार्लिंग, मैं अब झरने वाला हूँ, वह फिर स्खलित हो गया, उसका सफ़ेद, गधा वीर्य मेरी योनि के अंदर उगलने लगा. मैं भी उसके साथ ओर्गास्म कर रही थी, मेरे वीर्य का रास मेरी छूट में उसके लुंड पर छिड़क गया. ओह्ह्ह उसका प्रेम रास मेरे गर्भ के ठीक बगल में स्खलित हो रहा था,

हे भगवन, मेरे अपने बेटे ने मेरी बुर को अपने गधे सफ़ेद माल से भर दिया था! वह ढह गया और मैं भी! हम दोनों एक दुसरे के बदन को अपने बाँहों में लॉक करते हुए पकड़े हुए थे!

अभी इस बिस्तर पर सेक्स का धमाका हुआ था. ओह्ह्ह हम दोनों ने अपने प्यार का रास बहा दिया था, मेरे बेटे, मेरी छूट में बम की तरह फूट गया था, इतना सारा रास, वह मेरी छूट से भी अब बाहरगिरने लगा बिस्तर par.,Mere बेटे ने 23 साल पहले मेरी बुर से आकर लिया था, और अब चक्कर पूरा हो गया था!

मुझे उस पर बहुत गर्व था, उसने मुझे सेक्स के लिए खोला था, अपनी hi माँ को हद से ज्यादा संतुष्ट किया था. मैं उसकी आँखों में देखि, उसके माथे को चूमि, उसने मेरे माथे को चूमा, फिर में उसके कठोर होठों को भी चूमने लगी, लेकिन इस बार बस एक माँ की तरह नहीं एक प्रेमिका की तरह भी.

हमनें कुछ मिनटों के लिए आराम किया, ek-doosre के हमारे यौन अंगों को सहलाये. मैं उसके वीर्य से लथपथ लुंड की अतिरिक्त देखभाल करते उसे मेरी बुर से बहार निकल लिया. मेरे बेटे का मुरझाया हुआ लुंड फिर भी 6 इन साइज का था उफ्फ्फ्फ़ हे भगवान्.





में अब टाइम देखि … ओह्ह 2 बज चुके थे, हम 2 घंटे से इस रासलीला में लगे हिये थे !!!!

“बीटा! पहले से hi 2 बजे हैं , अब मुझे यहाँ सफाई करनी हैं, कमरे से बहार जाने के लिए तैयार हो जाओ. मैं अपनी प्यार भरी आवाज़ में बोली.

“माँ! कृपया हमें एक घंटे और ऐसे hi रहने दो, देखो मेरा छोटा हरामी फिर से तुम्हारी सेक्सी छूट चाहता हैं, मुझे एक और चुदाई के दौर के लिए अनुमति दो, ओह मेरी सेक्सी डार्लिंग माँ” उसने मेरी छूट को सहलाते हुए मुझे चूमते हुए बोलै..

हे भगवन! मेरा बीटा एक सेक्स मशीन है, यहां तक की में दिमाग से भी उसके जैसे अब सोचने लगी थी, लेकिन स्थिति इसकी अब अनुमति नहीं दे राहु है!

“उफ़ बेटे तुम शरारती हो! अब उठो, जल्दी करो” में, मुस्कुराते हुए बोली, मैं बिस्तर से उठी, उसके चंगुल से छूट गई, और अपनी चूतड़ों को झुलाते हुए नहाने चली गई, में खुद को साफ़ करि, और उसी समय मेरा बीटा भी आया, मुझे पीछे से गले लगाया, मेरे कानों के निचले हिस्से को चूमने लगा, “ओह्ह माँ, तुम बहुत सेक्सी हो, मेरी कमर को पकड़कर मुझे दीवार की तरफ धकेल कर मेरे होठों को, चूमने लगा.

हे भगवन, मेरे बेटे का लुंड फिर से गर्मी में पूरे आकार में आ रहा था लेकिन मुझे उसे शांत करना होगा में सोची.

“नहीं! नमन कृपया अपने आप पर नियंत्रण रखें , हम फिर से सब कुछ करेंगे लेकिन जब और अवसर आएगा तब . किसी भी समय तुम्हारी बहन या जमुना बाई ऊपर आ जाएगी और अभी तोह बैडरूम में कितनी गन्दगी हैं.”

यह कहते हुए में उसके हमेशा तैयार लुंड को सेहलई. मेरा बीटा उस पल को समझ गया और हम दोनों ने खुद को साफ़ किया कपडे पहने और हम कमरे को तैयार करने लगे. नए chaadar,naye तकिए नया बेडशीट सब अपने अपने स्थान पर रखते हुए बैडरूम के बहार चले गए. हमारे अभी हुए रासलीला को पीछे चोरते हुए.
 
माँ और बेटे की तरह हम कमरे से बहार ए, मैं रसोई में चली गयी, वह टीवी पर हॉल में बैठ गया! मेरी फ़ोन की घंटी बजी! उसने फ़ोन उठाया, वह कॉल उसके पिता, मेरे पति का था! उसने उत्तर दिया, “ है पापा, सुबह माँ की तबियत ठीक नहीं थी, में उसकी ख्याल रख रहा था, लेकिन अब वह ठीक है, पापा, मैं उनकी ख्याल रखूँगा, आप चिंता न करें”, यह कहते हुए वह मेरी और देख शरारती ढंग से मुस्कुराया! अब में फ़ोन कॉल ली और सुनील, मेरे पति ने मुझसे मेरे हेल्थ के बारे में पूछा, में उन्हें बताई की मेरे बेटे नमन के कारन मैं अब ठीक हूँ, फ़ोन करने के लिए धन्यवाद दिया और फिर, फ़ोन बंद कर दी. में, मेरे बेटे को देख मुस्कुरायी, फिर जमुना बाई के पास गयी, पूछा की वह दोपहर के भोजन के लिए क्या बना रही है.

उसने जो भी कहा, उससे मैं संतुष्ट होकर अपने प्यारे बेटे को देखने , हॉल चली गयी तोह देख की, मेरी बेटी भी ा गयी थी!! वह मुझे देख मुस्कुरायी.

“वाओ! माँ! तुम इस चूड़ीदार में सुन्दर लग रही हो यह बिलकुल फिट है आप पर मेरी माँ” और वह मुझे गाल पर चूमकर मुझे गले लगायी और में भी उसे गाल पर चूमि

“ चल अंजू दोपहर के भोजन का समय हैं.”

वह कपडे बदलने के लिए अपने कमरे में चली गई और में अपने बेटे से दोपहर के भोजन के लिए आने को कही. मुझे पता है वह भूख से मर रहा होगा! उसने मुझे तृप्त किया था बिस्तर पर और अब यह मेरा कर्तव्य है की मैं अपने घोड़े को खाना खिलाऊँ ताकि वह अपनी सेक्सी माँ के लिए अतिरिक्त कर्तव्य निभा रहे! हम सब डाइनिंग टेबल पर बैठे थे, मैं बिच में बैठी थी, मेरी बेटी और बीटा हमेशा की तरह दोनों तरफ बैठे थे.

मेरे पैरों की मालिश मेरा बीटा अपने पैरों से कर रहा था, . मेरे बेटे का हाथ मेरी जांघों पर था, कुछ समय के लिए उसने कपड़ों में छुपी हुई मेरी छूट को भी ऊपर से छुआ,

मैं बिना किसी झिझक के अपनी सहज बना रही थी, में अपने बेटे को लहना खिला रही थी तब मेरी बेटी ने मुझे चिढ़ाया

“माँ, कृपया मुझ पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है! बस नमन भैया पर नहीं.”

मैं उसे देखकर मुस्कुरायी, उसकी ख्याल रखने लगी! हमने फिर अपनी दोपहर का भोजन समाप्त किया, फल खाये और अंजू से पूछा की वह क्या करने जा रही है! उसने कहा की उसे थोड़ा आराम करना है, इसलिए वह अपने कमरे में चली गई.

जमुना बाई हाउसहोल्ड काम ख़त्म करने के लिए रसोई में चली गई, केवल मैं और मेरा बीटा अब ड्राइंग रूम में रह गए थे और, हम एक साथ बैठकर टीवी देख रहे थे और मेरा बीटा अब बिना झझक के मेरे झंघों पर अपना हाथ फेरते हुए उन्हें जोरों से दबा रहा था और मेरी बुर में हलचल फिर से होने लगी थी!

फिर फ़ोन की घंटी बजी, मेरे बेटे ने फोन उठाया, यह पुष्प मतलब हमारी समझदार सास की फ़ोन थी ! उन्होंने कहा की वह शाम को आकर मेरे होने वाले दामाद के साथ शादी के बारे में कुछ बात करेगी. मेरे होने वाले दामाद के अपनी माँ के साथ आने की खबर से मुझ में ल्हास तौर पर शर्मिंदगी बढ़ा दी थी: मैं अपने नए अवतार में उनके सामने कैसे ा सकती हूँ, मैं यह बात अपने बेटे से व्यक्त करि. वह हंसा और बोलै

“ओह माँ! आपका होने वाला दामाद आपको तोह अपनी माँ से ज्यादा पसंद करेगा, अगर वह आपको देखेगा तो चिंता न करें, शर्म छोड़ें, उसे दिखाएं की उसकी भी सास कैसी है! जब हु आएगा तोह हमारे उस जवान दामाद से मज़्ज़े लो …” और मेरा बीटा मुझे देख आँख मारा.

“अब आप अपने इकलौते बेटे की देखभाल करो! हम दोनों jor-jor से हंसाने लगे, में ड्राइंग रूम में hi उसके होठों को चूम ली… में अब मेरे बेटे नमन के सामने इतने जल्दी कितनी खुल गयी थी.! उसने मेरी निर्भीकता को आश्चर्यचकित कर दिया था, जिससे उसकी भी सहस और बढ़ गयी, और उसने मुझे अपनी badi-badi बांहों में उठा लिया और बिना किसी चिंता के मुझे ऊपर के मास्टर बैडरूम में ले गया. मैं बहुत घबरा गई थी की अगर कोई हमें इस पोज़ में देख ले तो क्या होगा, हे भगवन!





लेकिन किसी ने हमें नहीं देखा, हम कमरे में ऐ, वह बिस्तर पर मुझे मिटा कर , दरवाजा बंद किए बिना hi मेरे ऊपर गिर गया. नमन, दरवाज़ा खुला है, कृपया बंद कर दो बीटा”

“ओह माँ! दरवाज़ा बंद किये बिना उसने मेरी चूड़ी खोल दी, मेरे होठों को चूमा, आँखों को चूमा, स्तनों को सहलाया, मेरा बीटा अब और अधिक साहसी हुआ है, लेकिन मुझे चिंता थी की अगर जमुना बाई या मेरी बेटी ने हमें इस तरह देखा तो क्या होगा! तो में उसे धक्का दिया और खुद दरवज़ा बंद कर लिया. में फिर मुस्कुराते हुए बिस्तर पर वापस ा गयी. मेरे धक्का से मेरे बेटे को थोड़ा गुस्सा आया था और जब में उस पर अपनी बहन रख दिन तो उसने उसे धक्का दिया.

उसके ग़ुस्से को शांत करने, में खुद को नंग कर ली और अपनी छूट, स्तन यहाँ तक की गांड भी दिखाई! उसे किसी प्रकार का नग्न रैंप शो देने लगी. वह मेरे जाल में फँस गया और, बिस्तर से उसने मुझे कसकर गले लगा लिया और अपने बस अंडरवियर में उसके सख्त लुंड को मेरी गांड पर दबा दिया, और वैसे hi मेरी नितम्बो पर धक्के देने लगा .. लम्बे स्ट्रोक के साथ मेरी उत्तेजित भूखी छूट को मेरी कपड़ों के ऊपर से hi छोड़ना शुरू कर दिया,





उफ्फ्फ्फ़ मुझ से ान रहा नहीं गया और में अब मुद कर बिस्तर पर बैठे हुए मेरे बेटे के अंडरवियर को निचे करने लगी.. उसका मोटा राक्षसी कुंड सख्त देख फिर से खिल उठी .. उफ्फ्फ अभी दो बार झरने के बाद भी फिर से सख्त हुआ था मेरे हीरो का राक्षसी लुंड.

उसने मुझे लिटा कर मेरे पैरों को चौड़ा करा अपने लुंड को मेरी छूट के डेन पर रगड़ने लगा..

मेरी गीली छूट उसके लुंड के टॉप को भिगो रही थी .. फिर मेरे बेटे ने एक धक्के से अपना मोटा लुंड मेरी छूट में घुसा दिया .. मेरे मुँह से अह्ह्ह उफ्फ्फ hi निकली..







ओह, मेरे बेटे के लुंड ने मेरी बुर में ज़बरदस्त धक्कों के साथ मेरी चुदाई की जमकर ..

हम खरगोशों की तरह चुदाई कर रहे थे. मिशनरी पोजीशन के बाद मेरे बेटे ने मुझे डोगग्य पोजीशन में छोड़ने लगे, मेरी छूट को खोलकर पीछे से अपने लुंड को दाल, मेरी बुर पर उनलगियों रखकर मेरे क्लाइटोरिस को रगड़ने लगा,





ओह, वह अपनी माँ को सब आसान दिखाना चाहता था .. ! इस मुद्रा में मेरा बीटा मुझे 10 मिनट तक छोड़ने लगा.

फिर मेरी छूट में फिर से अपने गधे वीर्य को 2 मं तक उगलते हुए मेरे बगल में लैर गया. कुछ देर आराम किया, हम दोनों शावर करने लगे. फिर कपडे पहने और हम दोनों बहार ा गए.

जमुना बाई ने अपने काम समाप्त करने के बाडटव देख रही थी. और हमें आते देखकर मुस्कुराई और उठ गई

“नहीं जमुना बाई बैठो और देखो”, मैं मुस्कुरायी, हम भी सोफे पर बैठे, एक कपल की तरह टीवी पर एक ओपेरा देख रहे थे, और मेरी बेटी भी ै और हम सब टीवी देख रहे थे.

जमुना बाई ने कॉफ़ी हूँ सब के लिए परोसी, मेयर बेटी बोली की उसकी सांस और उसके होने वाले पति कुछ 20 मं में आने वाले थे. और में तैयार होने के लिए गई, और मेरे बेटे ने मेरी साड़ी चुनी, गुलाबी रंग की शिफॉन साड़ी, पीछे से 2 स्ट्रिंग्स से बंधी हुयी ब्लाउज, साटन ब्रा और पंतय, पेटीकोट.

में अपने चहरे पर फाउंडेशन लगायी, ेएलइनेर , ेयेशादौ , गलों पर ब्लश, काजल, गुलाबी लिपस्टिक.





, आईने में ऐसे खुद को तैयार देख मैं संतुष्ट थी, और अपनी साडी को नाभि से काफी निचे बंधी, माथे पर थोड़ा सा सिन्दूर लगायी है, गले में सोने का हर, मोती की चैन, मंगलसूत्र पहनी. मेरे बेटे ने मुझे देखकर आंख मरी, “वह माँ बहुत सुन्दर लग रही हो, अब आप जानती हैं की कैसे कपडे पेहेन्ने हैं”, अब हॉल में मेरा होने वाला दामाद अपनी माँ के साथ आया था, मैं थोड़ा शर्मा रही थी, मैं पहली बार मेरे दामाद और हमारी समधी के सामने मॉडर्न रूप में आ रही थी.

दामाद ने मुझे नमस्ते आंटी कहा, मैं भी बहुत शरमाते हुए अपनी सर झुका कड़ी रही.

मेरा दामाद बोलै” वह आंटी जी, आप बहुत सुन्दर हैं .

में देखि की मेरी प्रशंसा करते देख मेरे दामाद के माँ को थोड़ी ईर्ष्या हो रही थी.

फिर उनहोंने कहा ”रत्न, हमें अंजू के लिए कुछ आभूषण खरीदने हैं, क्या आप हमारे साथ रहेंगी?

“है पुष्पजी मैं क्यों नहीं आउंगी.”

नमन बीटा, क्या तुम भी आओगे हमारे साथ?”, उसने मेरे बेटे की और देखते हुए मुस्कुराते हुए कहा .

“क्यों नहीं आंटी मैं भी ा रहा हूँ”

अब मेरी बारी थी ईर्ष्या से मेरे बेटे और समधी की बातें सुन.

अब हम सब कार में बैठे,

“नमन बेटे तुम गाडी चलाओ में तुम्हारे साथ आगे बैठूंगी ..” मेरे समधी बे झट से कहा .. और आगे बैठ गयी .. उफ़ अब मुझे पीछे बैठ देखना पड़ेगा मेरे बेटे और समधी के बीच की फ्लिर्टिंग .

मैं और अंजू पीछे बैठ गए, मेरा दामाद राहुल हमारे बिच में बैठ गया! उसकी जांघ मेरी जांघों को रगड़ते हुए वह मेरी और देख मुस्कुराया!

फिर उसने पीछे से अपने बाएं हाथ को मेरी कमर पर दाल दी और मेरी बेटी से बात करते हुए मेरी कमर छू ली, हे भगवन, मेरा दामाद मुझे भी पाना चाहता हैं !!!!!! यह सब वह मेरी बेटी के सामने उफ्फ्फ इससे मुझे थोड़ी झिझक हुई, मुझे नहीं पता की क्या करून! अब राहुल ने मेरी कमर और नितम्बों को रगड़ना शुरू कर दिया, जो अब मेरे बर्दाश्त के बहार था.





, में अपनी बेटी को हमारे बिच बैठने के लिए बोली ुर मेरे अच्छी बेटी ने , उसका पालन किया, जिससे राहुल चिढ गया लेकिन कुछ कर नहीं पाया.

हम अब शहर की बहुत पॉश आभूषण की दुकान पर पहुंचे, सभी निचे उतर गए, राहुल किसी से बात नहीं कर रहा तह और मुझे कारन पता है! इससे उसकी माँ पुष्प के चेहरे पर मुझे चिंता दिख रही थी. अब स्थिति ख़राब हो रही थी, और आगे और ख़राब न हो इसलिए मुझे पता था मुझे क्या करना होगा. इसलिए में राहुल पर एक शरारती मुस्कान फेंकी और





अपनी कंधे उसके कंधे पर रगड़ने लगी! इससे मेरा होने वाला दामाद खुश हो गया और, अब वह हम सभी के साथ मुस्कुराकर बातें करने लगा.

मेरी बेटी को में खुश महसूस करने लगी और में भी खुश हुयी. अब, हमने बहुत सरे गहने ख़रीदे. राहुल मेरे दामाद ने भी मुझे एक हिरे का सेट उपहार में दिया, इससे उसकी माँ पुष्प थोड़ी जेलाउस दिखी .

, फिर उसने मेरे बेटे से भी उसे उपहार देने में कामयाबी हासिल किआ ुर इस बार में जेलस हुयी.

मेरी समधी ने तोह बराबर से मेरे बेटे से वह हिरे का हार भी पेहेनया,

आखिर में अंजलि के भी गहने खरीदने के बाद हमने बिलों का भुगतान किया, थोड़ी दूसरी खरीदारी की और वापसी यात्रा करने शुरू किये.

अब इस बार मैं राहुल के पास बैठी, उसे सभी शरारतें करने की अनुमति दी सिर्फ अपनी बेटी की खातिर, मेरी गांड, नितम्भ, कमर, यहाँ तक की बगल से मेरे स्तनों को भी रगड़ने दी!

आखिरकार हम अपने घर पहुंचे, राहुल और पुष्प ने कॉफ़ी पि, थोड़ी बातचीत की और चले गए! मेरी बेटी और में अपने गहने ले लिए और उन्हें अपने कमरे में रख दिया, अब हम में, बीटा, बेटी आज के दिन की बातें करने लगे. अब मेरे पति ऑफिस से ऐ थे, वह भी हमारे सभी के साथ शामिल हुए. अब हम सब ने खाना खाया, मेरा बीटा और बेटी शुभ रात्रि कहकर apne-apne कमरे में चले गए.

मेरा बीटा चुप के से मेरे होठों पर चुम्बन ले ली. उफ्फ्फ मेरा नटखट बीटा. मैं अपने शयनकक्ष में ा गई, जिसका उपयोग मेरे बेटे और मैंने आज सुबह और फिर दुपहर को किया था. जहाँ मेरे बेटे बे उसकी माँ को छोड़ा था! और अब उसके पिता भी इसी तरह अपनी पत्नी की चुदाई करने जा रहे थे! इस सब से मुझे अभी भी अजीब सा महसूस हुआ! में अब शरारती मुस्कान देते हुए अपने पति के पास गई उसे पीछे से गले लगायी, उसके गलों को चूमा, पीछे से मेरे स्तनों को उनके पीठ पर मसली.

“ओह! रत्न, मुझे ऑफिस का कुछ काम है, तुम जाओ और सो जाओ, मैं थोड़ी देर बाद सोने आऊंगा”, यह कहते हुए मेरे पति ने मुझे चूमा और चले गए . मैं बहुत उत्तेजित ठु, मैं चुदाई चाहती थी! चूसै चाहती थी !

मेरे पति अभी भी सोचते है की मैं हमेशा की तरह hi हूँ, लेकिन वह नहीं जानते की उनकी पत्नी अब अप्सरा बन गई है, उसे चुदाई अब काफी पसंद है,

उनके बर्ताव से अब मुझे थोड़ा गुस्सा आया, मैं बिस्तर पर गई, उस पर गिर कर सोने की कोशिश की, लेकिन मेरी कोशिश कामयाब नहीं हुयी .

में मन में सोची की मैं अपने बेटे के कमरे में जाकर उससे पूरी रत चुदाई करवाऊं, मेरी छूट मेरे बेटे के हमेशा तैयार लुंड के लिए अब भूखी थी, यह विचार hi मेरी बुर को गिला कर देने लगा था और, हाँ में बिना कुछ सोचे अपनी ऊँगली अपनी गीली छूट में दाल दी और रगड़ने लगी. घुटने तक मेरी पंतय थी और में बुर में उंगली करने लगी थी.!

यह पहली बार है जब मैं अपने आप से मेरी बुर में उंगली कर रही हूँ, ओह, अपनी उंगली को अपने बेटे का लुंड समझकर उंगली करनी शुरू कर दी. अब मैं दूसरी उंगली छूट में डालते हुए वहां रगड़ने लगी. फिर में अपने, अंगूठे से मेरी योनि को रगड़ती रही, ओह, अपने बेटे के लुंड की भूखी छूट में तेज़ी से में उंगली कर रही थी. ,





अब मेरे हाथ की चूड़ियां आवाज कर रही हैं, यह मेरे पति का ध्यान खींचती रही और. पति ने मुझसे पूछा की मैं कम्बल के अंदर क्या कर रही हूँ, आवाज़ क्यों ा रही है!

“ डिअर मैं बहुत कामुक फील कर रही हूँ, मैं अपनी छूट में उंगली कर रही हूँ, कृपया औ और अपनी सेक्सी पत्नी को छोड़िये, में भरी और कामुक आवाज़ में बोली.

मेरे साहसिक समर्पण ने मेरे पति को जाग्रत कर दिया! वह बिस्तर पर आकर मेरे ऊपर से कम्बल हटा दी और देखने लगे की उसकी शरारती पत्नी क्या कर रही है!

“ओह्ह रत्न मेरी jan,”yah कहते हुए उसने अपनी पजयमा और कच्ची उतर दी और मेरे स्तनों को चूमते हुए चूमने लगे, उसका लुंड अभी भी कड़ी चुदाई के लिए तैयार नहीं था, वह आधा खड़ा था!

में उनके लुंड को mukh-maithun देने का निर्णय ली!

इसीलिए में अपनी उँगलियों को अपनी छूट से हटा लीन और बिस्तर से उठकर उनके ardh-khade लुंड के पास बैठ गई, उस पर अपनी बुर की गीलापन रगड़ने लगी, फिर में अपने गीले होंठ उसके लुंड पर रख दिए और अपने hi रास का स्वाद लेते हुए उनके लुंड को चूसना शुरू कर दी!





मेरे इस हरकत ने मेरे पति को इतना कामुक बना दिया क्यूंकि में उन्हें पहले कभी ब्लोजॉब नहीं दी थी.

“ओह्ह्ह्ह रत्न”, उनहोंने अपना लुंड मेरे मुंह में धकेलना शुरू कर दिया, वह स्वर्ग में थे, में उन्हें एक अच्छा ब्लोजॉब देने लगी. अब उनका लुंड कांप रहा था, मुझे पता था की वह किसी भी क्षण स्खलित हो, जाएंगे.. उनके लुंड को में मेरे मुंह से निकली , उन्हें मेरी छूट छोड़ने के लिए बोली और, मेरी टाँगें चौड़ी कर दिन,

उनके लुंड ने मेरी छूट के होंठों को पकड़ लिया, फिर वह मेरी खुली जांघों के बिच बैठ, जल्दी से अपनी 6 इंच का लुंड मेरी बुर में उतर दी और मेरी, चुदाई शुरू हुई, लेकिन वह केवल कुछ hi झटकों में hi ख़त्म हो गए और मेरी बुर में. , hi वीर्यपात कर दिया!

“ओह्ह्ह सुनील तुम इतनी जल्दी झाड़ गए,” गुस्से भरी आवाज में बोली!





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“ क्षमा करें रत्न, बस उतना कहते हिये वह बाथरूम में चले गए. मुझे बहुत गुस्सा ा रहा था, मैं उनके पीछे बाथरूम नहीं जाना चाहती थी, और मैं अर्ध नग्न अवस्था में गहरी नींद में सो गयी.

मैं सुबह जल्दी उठ कर रसोई में गयी, जमुना बाई ने पहले से hi कॉफ़ी तैयार कर राखी थी, में एक कप पि ली की, मेरा बीटा नमन भी रसोई में ा गयी और सुबह मेरे गलों पर चुम्बन देने लगा. ,

वह जनता था की जमुना बाई मौजूद है कही आस पास हैं फिर भी वह, मेरे होठों पर चूमने लगा. में भी उसके गलों को चूम ली. उसे कॉफ़ी कप देते हुए पूछी की क्या वह सुबह में गयम में नहीं जा रहा है?”

“माँ हाँ जाऊंगा न .. अरे आप भी एरोबिक्स और योग कक्षाओं में शामिल क्यों नहीं हो जाती.

, मैं फिटनेस के कारन नहीं बल्कि जितना संभव हो उतना मेरे बेट ेके करीब रहना चाहती थी इसलिए , मैं तुरंत सहमत हो गयी! मैं अपने कमरे में चली गई, मेरे पति स्नान कक्ष से बहार ऐ, और में उनसे कही की मैं अपने बेटे के साथ योग कक्ष में जा रही हूँ. वह आश्चर्यचकित हुए लेकिन बोले की ठीक है,

में अपनी पोषक बदल ली, लॉन्ग टाइटस और टाइट टी- शर्ट पेहेन ली जिसमें, मेरे स्तन उभर रहे थे. T-shirt में खुद को शीशे में देख रही थी,





मेरे पति मुझे देख हांसे और बोले

“रत्न, अगर तुम ऐसे जाओगी तो योग शिक्षक योग नहीं सिखाएंगे, वह कुछ और सिखाएंगे.”

उनकी टिपण्णी सुन मैं भी हंसी, में रीबॉक के जूते दाल निचे चली गयी. , मेरा बीटा भी तैयार हो गया था.

अपने ट्रैकसूईट में मुझे टाइट लॉन्ग टाइटस और टाइट t-shirt में देखकर उसने शरारत से मेरी तरफ आंख मरी,. में उससे पूछी की मैं कैसी लग रही हूँ,

“वह माँ, आप तो कमल की लग रही हो एकदम यंग आइटम”, और हम jor-jor से हसने लगे, में अपने बालों को पोनी टेल में बांध ली. हम गयम जा रहे थे जो हमारे शहर में बहुत प्रसिद्द है. अब बताने की जरूरत नहीं है की गाड़ी चलते समय मेरे बेटे ने मेरी जांघों को रगड़ने लगा, जब भी वह गियर बदल रहा था, और मैं उसके सेक्सी खेल पर हंस पड़ी. गयम पहुँचते हुए मैं कार से उतर गई, उसने कार पार्क की.

मेरे प्यारे बेटे ने मुझे गयम मैनेजर के पास ले गया, मुझे उसी परिचय करवाई की मैं उसकी माँ रत्न हूँ, मैनेजर 30 साल का अच्छा दिखने वाला स्मार्ट लड़का था. उसका नाम विजय सिन्हा था, हमनें हाथ मिलाये ek-doosare के , विजय ने मेरे बेटे की और मुड़कर कहा,

“नमन, तुम्हारी माँ बहुत अच्छी फिट हैं, उनके लिए किसी एरोबिक्स की जरूरत नहीं है, वह केवल 30 साल की लगती हैं, मुझे लगा की वह तुम्हारी बहन हैं. “ हम दोनों हांसे, में उससे कही की मैं 44 साल की हूँ और 2 बच्चों की माँ हूँ, और दोनों हांसे. मेरा बीटा अपने मुस्कले बिल्ड सेक्शन में गया, विजय मुझे एरोबिक्स सेक्शन सेक्शन में ले गया, ट्रेनर से मुझे मिलवाया, उसका नाम रेशमा था, वह एक स्मार्ट महिला थी.

, वह मुझे एरोबिक्स हॉल में ले गई, मेरी विप स्थिति के कारन बहुत सावधानी बरतते हुए उसने मुझे कुछ स्ट्रेचिंग सिखाई कुछ अच्छे फिटनेस एक्सरसाइजेज , ओह, में बहुत तेज़ी से सीखा. 25 से 30 मिनट्स तक पसीना बहाया, उसने सीखने के मेरे प्रयासों की सराहना की, और में उसे धन्यवाद दी, फिर से थोड़ा आराम किया. फिर विजय आया और मुझे योग क्लास में ले गया, जहाँ उसने मुझे श्याम नाम के एक फिर लड़के से मिलवाया, मेरा परिचय कराया. श्याम ने 10 मिनट तक कुछ व्यायाम सिखाए, और मैं बहार ा गयी

. रिसेप्शन पर खड़े विजय ने मेरा स्वागत किया और कुछ देर के लिए मुझे कुर्सी पर बिठाकर विनम्रता से बात की, मेरा बीटा फिर बहार आया, और हम गाडी में वापस चले गए! घर पर कोई नहीं था क्योंकि मेरी बेटी बहार गई थी, मेरे पति ऑफिस गए थे., केवल जमुना बाई थी, उसने हम दोनों को कुछ नुट्रिशन ड्रिंक दी, मेरे बेटे ने पि, जमुना बाई चली गई और रसोई में केवल माँ और बीटा थे, मेरा बीटा मेरे पास आया

“माँ, आज मैं कहीं ले जा रहा हूँ आपको, मत पूछो की कहाँ, कृपया मेरे साथ औ”

“ठीक है बीटा, तुम मुझे जहाँ भी ले जाओ, मैं तैयार हूँ” में कही

“ ओह्ह मेरी प्यारी माँ, मैं तुम्हें केवल स्वर्ग दिखाऊंगा, , ठीक है, यह कहते हुए उसने मेरे होठों को चूमा और हम तैयार होने के लिए अपने कमरे में चले गए,

उसने मुझे उसके इच्छा के अनुसार जीन्स और टॉप पेहेन्ने के लिए कहा., में गुलाबी रंग की साटन टॉप पहनी और स्किन टाइट जीन्स. , ओह, मैं इस फिटिंग में बहुत सेक्सी लग रही थी, में अब लाल लिपस्टिक लगाई, ऊँची यदि की रेड हील्स, गॉगल्स भी पहने.

में, बहार आयी,, मेरा बीटा पहले से hi हॉल में था. , जमुना बाई बाई मुझे अविश्वसनीय रूप से देख रही थी, में उसे देखकर मुस्कुरायी, उससे बोली दोपहर का भोजन तैयार करने के लिए. लेकिन मेरे बेटे ने कहा की हम दोपहर के भोजन के लिए नहीं ा रहे हैं, हम केवल शाम को आएंगे.

हम कार में जाने lage,m. मैं उस ऊँची हील्स के कारन अपने नितम्बों को इतना बेतहाशा हिला रही थी की मेरा बीटा बोलै

“, ओह मन, आप बहुत सेक्सी और कामुक हैं, देखो आपने अपने बेटे का क्या हाल बनाया हैं और उसकी ऊँगली उसके ज़िपर पर थी., हे भगवन! मेरे बेटे की पंत एक तम्बू की तरह कड़ी थी.

हम सामने की सीट पर में उसके बगल में बैठ गयी, मेरे बैठते hi उसने कार का कला शिक्षा ऊपर किया, अपनी पंत की ज़िप खोली, और अपने विशाल लुंड को बहार निकला.

, में उसके लुंड को सहालने लगी और उसे वापस खड़ा कर दिया , उसने ऐसे hi इंजन शुरू कर गाडी चलने लगा. वह फिर मेरे तरफ देखा,

“ओह माँ! अपने सिन्दूर और मंगलसूत्र पहनी है, कृपया इन्हें हटा दें!” उसने अनुरोध भरे स्वर में कहा और उसे सुन यह मेरे लिए हैरानी की बात थी. फिर, वह हंसा और कहा की आज मुझे और अधिक सेक्सी बनाने के लिए एक टैटू और पियर्सिंग के लिए किसी नै दुकान पर ले जा रहा हूँ और वहां पर आप मेरी माँ नहीं होगी.”

, मुझे थोड़ी घबराहट महसूस हो रही थी, में उससे की पूछी की टैटू और पियर्सिंग क्यों?,

“ओह माँ वे आजकल बहुत फैशन में हैं, वे चीज़ें महिलाओं को और अधिक सेक्सी बनती हैं, मैं आपको किसी भी युवा लड़की से अधिक सेक्सी बनाना चाहता हूँ, ठीक है., कुछ नहीं होगा, कृपया मुझे आपके लिए उन्हें करने की अनुमति दें”, वह बोलै. मैं घबराकर सहमति दी . मेरी एकमात्र चिंता मेरे पति हैं, मैं ऐसे कैसे कर सकती हूँ एयर ये कैसे दिखाऊ. लेकिन मेरे बेटे ने मुझे आश्वस्त किया की पिताजी को यह पसंद आएगा!

मुझे पता है की पिताजी से ज्यादा मेरा बीटा hi यह चाहता है और, में मुस्कुराकर बोली.

“ ठीक है, बेटे जैसे तुम्हारी मर्ज़ी”

“ओह माँ, थैंक्स” यह कहते हुए उसने मेरे गलों को चूमा.

में अभी भी नेरे बेटे के सख्त लुंड को हिला रही थी… मेरी कामुकता बढ़ती हुयी.





में पूछी ,” लेकिन बीटा, मैं अपनी मंगलसूत्र क्यों उतरूं? ओह माँ! मैं तुम्हें अपनी माँ के रूप में नहीं बल्कि अपनी गर्लफ्रेंड के रूप में पेश करने जा रही हूँ.”

उफ्फ्फ्फ़ हे भगवन, इसी संवाद ने मुझे बहुत उत्तेजित कर दिया, हे भगवन, मैं अपने hi बेटे की प्रेमिका बनूँगी दूसरों के सामने!

उसके निर्देशों के अनुसार में अपनी मंगलसूत्र उतर दी, बिंदी हटाई, अपने छोटे मेकअप किट के साथ टच उप करि. मैं एक युवा लड़की की तरह दिख रही थी जो अपने बॉय फ्रेंड के साथ बैठी है!

ओह, मेरी माँ क्या मस्त लग रही हो! मेरे बेटे ने मुस्कुराते हुए बोलै. मैं खुद को 25 साल की महसूस करते हुए शरारत से मुस्कुरायी.

हम वहां पहुँच गए. मेरे बेटे बे अपने लुंड को पंत मेजन दाल ज़िप लगायी और हम गाडी से उतर गए . यह एक बहुत बड़ी दुकान थी, बहुत साडी युवा लड़कियां थी बल्कि, दोनों लडके और लड़कियां, बहुत आकर्षक पोशाकों के साथ थे जैसे माइक्रो मिनी स्कर्ट्स और शॉर्ट्स उफ्फ्फ्फ़.

, यहाँ तक की उनमें से कुछ एक दूसरे को खुले में छुम रहे थे. , मनो सेक्स टेंशन हैवे में थी. , में इसके बारे में कभी नहीं सोची थी की ऐसी जगह मैं अपने बेटे साथ हु भी बॉय फ्रेंड बना कर उसके साथ ऐसे आउंगी बहार समाज के सामने. अब जैसे hi हम एक दरवाज़े से अंदर प्रवेश करे, एक बड़ा कला मर्द हमारे पास आया और बोलै,

“ओह्ह मेरे दोस्त नमन, तुम कैसे हो यार, मैं बहुत दिनों बाद मिले हो , तुम्हारा इंतज़ार कर रहा था.”

फिर वह मर्द, मुझे बहुत ेल कामुक और सेक्सी लुक दे रहा था, मनो मेरे बदन के हर हिस्से को खा रहा हो.. उसकी आँखों से में आँखें मिला नहीं पा रही थी.

“हाँ यार ट्रैफिक थी बहुत इसलिए देरी हो गई.”

वह कला मर्द , काफी अच्छे बॉडी वाला , मेरे बेटे से भी और मस्कुलर मुश्टण्डा था.





वह नमन की तरफ सवालों वाली निगाहों से देख रहा था और फिर मुझे देख रहा था ..

मेरा बीटा बोलै “ओह में तोह इंट्रोडस करवाना hi भूल गया यार. यह मेरी गर्ल फ्रेंड है रत्न.”

फिर मेरी तरफ देख नमन बोलै “रत्न यह जिमी है, इससे मिलो. मेरा ख़ास दोस्त.”

हे भगवान् मेरा बीटा , अपने hi दोस्त से मुझे गर्ल फ्रेंड के रूप में मिलवा रहा था!!!
 
“नमन, क्या मस्त सेक्सी गर्लफ्रेंड है तुम्हारी”

कहते हुए जिमी ने मेरे गालों को चूमते हुए अपनी बहुत बड़े हाथों से मेरा हाथ मिलाया. जिमी एक काला लड़का, था मेरे बेटे का दोस्त उसने हमें एक छोटे से कमरे के अंदर ले गया, जहां बहुत सारे उपकरण थे.

मुझे नहीं पता था की वे क्या थे, कुछ सुई जैसे इंजेक्टर जिनमें बहुत साड़ी नीडल्स थी, कमरे में बहुत साड़ी तस्वीरें थी. उसने एक बड़ा एल्बम हमें दिया और हमें तस्वीरें चुनने के लिए बोलै. मेरे बेटे एक पारी जिसके हाथों में एक बाउ और एरो थी उसकी तस्वीर चुनी जो मनो नग्न hi थी लेकिन बहुत प्यारी थी., मैं तुरंत उसके चॉइस से सहमत हो गयी, और मैंने एक छोटे प्यार वाले दिल का भी चॉइस करि, जिसमें शानदार कालाग्रि थी.

“बढ़िया चॉइस हैं आप दोनों की … अब देखिये में आर्ट कैसे ड्रा करता हूँ टैटू के माध्यम से”

जिमी ने मुझसे अपनी जीन्स और टॉप उतारने के लिए कहा! ओह, उफ़ फिर मैं अपने बेटे को देखकर झिझक रही थी, लेकिन मेरा बीटा मुझे देखकर मुस्कुराया, “हाँ डार्लिंग, वही करो जो जिमी ने कहा हैं.

“ नहीं, नमन में ऐसे नहीं करूंगी, में सोची थी की टैटू कोई महिला कलाकार hi बनाएगी, लेकिन यह तोह जिमी hi करने वाले हैं.

“रत्न, मेरा दोस्त जिमी hi व्यवसाय में बहुत अच्छा टैटू आर्टिस्ट है, वह तुम्हारे बदन के ऊपर सबसे अच्छा टैटू बनाएगा, संकोच मत करो, वह अच्छा लड़का है और इसमें एक्सपर्ट , वह तुम्हें नुकसान नहीं पहुंचाएगा” मेरा बीटा बोलै.

जिमी ने मेरी और मुस्कुराते हुए कहा,

“हाँ रत्न, मैं तुम्हे दिखाऊंगा में कितना अच्छा आर्टिस्ट हूँ. आप बेफिक्र रहिये हुए मुझे टैटू बनवाने दीजिये.

में अपने बेटव को फिर से देखि और उसने फिर से आश्वासन दिया की जिमी hi बेस्ट हैं. मेरे बेटे की बात में मान ली.

“रत्न कृपया इसे हटा दें, आपके. जीन्स और टॉप, को. मेरे पास समय नहीं है, मुझे बहुत सारे अपॉइंटमेंट हैं इसके बाद, आप जानते हैं!”

अब में अपनी जीन्स की ज़िप खोल दी, और शरमाते हुए उसे उतार दिया, फिर टॉप भी निकल दी और उसे पास के अलमारी में रख दी और अब में, केवल लास वाली साटन की ब्रा और पंतय में थी जो मेरी गरिमा को धक् रही थी जिमी की आँखों से ., मेरे स्तन जो ब्रा से आधे ढके हुए थे, मेरी अच्छी तरह से शेव की गई छूट उस छोटी सी पंतय में एक पूरी की तरह उभरी हुई बुर की शेप दिख रही थी.

, ओह, में कभी इतनी किसी गैर मर्द के सामने बस इतनी सी चीज़ों में कड़ी कभी न थी. ओह, शर्म, से में मर रही थी. जिमी ने मेरी हथेली को अपनी हथेली में लेते हुए कहा, आओ डिअर, इस बीएड पर लेट जाओ” और उसने मुझे बिस्तर पर लिटा दिया, मेरी पीठ ऊपर की और थी, ओह, मेरे नितम्ब उसके आँखों के लिए ऊपरी तरफ थे. फिर उसने dhire-dhire मेरी पंतय भी निचे की और अब मेरी गांड पूरी तरह से नंगी थी उसके सामने. मेरी बुर भी पूरी नंगी मेरे बेटे और जिमी के आँखों के सामने.

, हे भगवान, मेरी मदद करो, मेरी गांड की दरार के ऊपर कुछ क्रीम मलने के बॉस उसने अपना काम शुरू कर दिया, उसके हाथ में इंजेक्टर था जो मेरी गांड की दरार के ऊपर काम कर रहे थे, कुछ देर रगड़ वहां रहे थे ,

ओह्ह ोोोूई उफ्फ्फ , सुई मेरी गांड पर कुछ सनसनी पैदा कर रही थी, ऐसा टैटू बनवाने में जिमी को में लगभग 20 मिनट लग गए. काम से उसने मेरे बेटे को भी संतुष्ट किया, ुर उसने मुझे टैटू आईने में में दिखाया,

ओह, यह बहुत सुन्दर और सेक्सी टैटू थी, मेरी गांड के, गालों के ठीक ऊपर.

उसने मेरी गांड के गालों को कुछ तरल भिगोए हुए रुई से साफ़ किया, मुझे घुमाया, और दूसरा टैटू ठीक मेरी नाभि के निचे, मेरी छूट के ठीक ऊपर बनवाई. यह टैटू उस दिल की थी. हाँ, वह भी बहुत सेक्सी लग रहा था.

दोनों तत्तो ऐसे थे की मेरी चूतड़ों के गैलन से पारी तीर पार रही थी जो मेरी छूट के ऊपर के दिल को मनो इशारा बनाया हुआ था.. उफ्फ्फ्फ़ इतनी क्रिएटिव टाटूस देखि और में बहुत शर्मायी.

, जिमी ने टैटू बनवाते समय कई बार मेरी छूट का एहसास अपनी उँगलियों से किया था, मुझे गीलापन महसूस हुआ, लेकिन वह इतना पेशेवर था की टैटू ख़त्म करने तक उसने एक बार भी अपना ध्यान अपने काम से नहीं हटाया था.

कलात्मक सेक्सी काम उसने करि थी . उसने मुझसे पूछा की क्या मुझे वह टैटू सेक्सी लग रहा है या नहीं. में मुस्कुराते हुए उसे देखि .

फिर जिमी बोलै,” रत्न जब इसे आपका बर्फ देखेगा तो आपके बॉय फ्रेंड का लुंड 2 इंच और बड़ा हो जाएगा, है है है” और वह जोर से हसने लगा, मैं उसकी टिप्पणियों से बहुत शर्मिंदा हुई. उसने संवाद पर मेरा बीटा भी हंसा और बोलै

“तुम सही कह रहे हो दोस्त, देखो मेरा लुंड अभी भी खड़ा हैं!!”

हे भगवान, मेरे बेटे ने अपनी पंत की ज़िप हुनर सामने खोली, अपना विशाल लुंड बाहर निकाला, ओह, वह सही कह रहा है, उसका लुंड सामान्य से और थोड़ा बड़ा हो गया था.

, मुझे बहुत शर्म आ रही थी, मैं अपना सर नहीं उठा प् रहा था, स्थिति गर्म हो रही थी!

“अरे यार तुम्हारा hi नहीं मेरा भी सलामी दे रहा हैं.” जिमी ने हँसते हुए बोलै. हाँ! अब में जिमी के उस विशाल तम्बू को देखि, ओह, मुझे अपनी छूट में गीलापन महसूस हुआ, मेरी छूट का गीलापन दोनों जिमी और मेरा बीटा मेरी पंतय के माध्यम से देख रहे थे!!!

“ यार, तुम्हारी गर्लफ्रेंड इतनी गीली है की उसकी पंतय देखो, जिमी चिल्लाया!

“ हाँ जिमी! मेरी गफ की बुर सच में गीली है,” यह कहते हुए मेरा बीटा मेरे पास आया और पंतय के saath-saath ऊपर से मेरी छूट भी रगड़ने लगा. ओह! हे भगवान, मेरा बीटा अपने दोस्त जिमी के सामने ऐसा कर रहा है, मुझे बहुत शर्म आ रही थी और मैं शर्मिंदा होकर उसके हाथों को अपनी पंतय के ऊपर से मेरी छूट से हटाने की कोशिश कर रही थी, लेकिन वह काम व्यर्थ था. मेरे बेटे के हाथ वही पर थे.

मेरा बीटा मुझे देखकर मुस्कुराया और आँख मारी, “ओह्ह डार्लिंग, शरमाओ मत, गर्मी महसूस करो, मेरे और जिमी के बिच ये सब आम बात है, हैं न जिमी“, मेरे बेटे ने कर्कश आवाज में अपने दोस्त से पूछा!

कुछ और हसी और मज़्ज़ाक़ के बाद मेरे बेटे और जिमी ने मुझे पुरे कपडे पेहेन्ने बोले.

“रत्न डार्लिंग जल्दी चलो हमें और कही जाना हैं”

में अपने बेटे को सवालों की नज़र से देखि. फिर मेरा बीटा बोलै

“डार्लिंग अभी तोह पिएर्सिंग्स बाकी है”.

उफ़ में तोह भूल hi गयी थी …

अब जिमी मुझे और नमन को वहां एक जगह ले गए जहाँ 1 युवा लड़की ने हमें ग्रीट करि..

, उसने जिमी को hi किया, और उन दोनों ने चूमा. जिमी ने तीन पिएर्सिंग्स की चॉइस दी और बोलै की में और मेरा बीटा यानि मेरा बर्फ चूसे करे कौनसी चाहिए. नमन ने एक अच्छी पियर्सिंग चुनी, बहुत hi सेक्सी डिज़ाइन वाली, और फिर जिमी मुझे और नमन को एक छोटे से केबिन में ले गया, उसने एक आदमी को वहां बुलाया, उफ़ और एक लड़का मेरी बदन को निहारने वाला हैं उफ्फ्फ्फ़ में शर्मायी.

इक़बाल ने मुझसे जीन्स और टॉप उतारने को बोलै और अब तोह , में बिना किसी शर्म या शर्मिंदगी के उन्हें उतारी

“ओह!, आप ब्रा और पंतय में हैं, क्या आप उन्हें भी उतार देंगी,” उसने बहुत विनम्र स्वर में कहा, और मैं उस पर मुस्कुराई, फिर ब्रा और पंतय utaar,l दी. में अब 3 पुरुषों के सामने पूरी नग्न थी लेकिन अब, मेरी साड़ी शर्म दूर हो गाइट hi!!

मेरी छूट को देख इक़बाल शरारत से मुस्कुराया क्यूंकि मेरी छूट सूजी हुई थी .उसने कुछ तेज उपकरणों का उपयोग करके मेरे निप्पल्स पर छोटे से छेड़ कर छल्ले दाल दिए, फिर उसने बहुत hi पेशेवर तरीके से मेरे स्तन और निप्पल्स को संभालकर छेद किये और फिर वहां मुझे दो रिंग्स डाले. फिर उसने कुछ और उपकरण के साथ मेरी योनि पर छोटा सा छेड़ किया, ओह, कुछ दर्द हुआ, लेकिन उसने वहां उसे नम्ब करने वाला एजेंट दाल दिया था , और अब उसने उस पियर्सिंग में एक अंगूठी दाल दी. ऐना लाकर मुझे दिखाया गया, और मैं संतुष्ट हुयी, यहां तक की नमन भी, काफी खुश था. फिर में टॉप और जीन्स पहनी, जिमी को उसके होठों पर चूमा, इक़बाल को भी उसके कलात्मक काम के लिए गालों पर चूमि और फिर , उसे अलविदा कहा, जिमी को भी bye बोलकर हम कार में चले गए,

ओह, हमने लगभग 2 बजे दूकान में प्रवेश किया, अब 6 बज रहे थे,

हम गाडी की तरफ चले जा रहे थे लेकिन मैं टैटू और पिएर्सिंग्स के वजह से ठीक से चल नहीं प् रहा थी.

मेरा बेटे ने मेरी कमर में हाथ डालकर मेरी मदद करि. , मैं उसे देखकर मुस्कुराई, तुरंत कार में बैठ गई, में बोली

“ बीटा! मैं भूख से मर रही हूँ, कृपया मुझे भी किसी रेस्टो के पास ले जाएं,” में ने मुस्कुराते हुए कहा, फिर हम पॉश रेस्टो में चले गए, कुछ खाने लगे फिर, गर्म कॉफ़ी पि. और अब मेरी ऊर्जा बढ़ी,

“आप कैसा महसूस कर रही हैं माँ”, मेरे बेटे ने पूछा,

“मैं ठीक हूँ, बीटा, लेकिन मेरी बुर में दर्द हो रहा है,”

ओह सॉरी माँ”!

“ - नहीं! बीटा, मैं तुम्हारे लिए कुछ भी करूंगी”, मैं मुस्कुराई और उसके गालों पर चूम ली

“, ओह मम्मी, मेरी प्यारी मम्मी, यह कहते हम वापस गाडी किआ ुर चलते हुए गले लगे, मेरे बेटे ने मौसम से पूछा,

“माँ आपने जिमी की कंपनी का आनंद लिया, न”

मैं हंसी “प्यारे मेरे बेटे मुझे अच्छा लगा आज का दिन. फिर! हम अपने घर पहुँच गए,

ओह, पहले से hi अब 8 बज चुके थे और हम, कार से उतर गए और घर में प्रवेश किया, मेरे प्यारे घर!

मेरी छूट में पिएर्सिंग्स के दर्द के कारण मैं नमन को पकड़े हुए थी, मैं ठीक से चल नहीं प् रही थी

, मेरे पति ड्राइंग हॉल में थे और अब, मेरी बेटी अंजू ने मुझसे पूछा “क्या हुआ? माँ .

उसी समय मेरे बेटे ने कहा की मम्मी मॉल में गिर गई थी क्योंकि उन्हें अभी तक हील्स पेहेन्ने का अभ्यास नहीं है, उनकी कमर में थोड़ा दर्द है, चिंता की कोई बात नहीं है!

मेरे पति ने मुझे जीन्स और टॉप में देख मेरी प्रशंसा करते हुए कहा की रत्न तुम और अधिक साहसी हो गई हो, तुम इस टॉप और जीन्स में मस्त सेक्सी हो”,

मैं शर्मा गई,” उफ़ आप भी न , हमारे बड़े बच्चों के सामने इस तरह से मत बुलाओ मुझे .”

फिर मेरा बीटा मुझे मेरे कमरे में ले गया!

ओह्ह्ह्हह ! मेरे बेटे नमन ने मुझे सोफे पर बिठाया और मेरे होंठ चूमे, अब हम और अधिक साहसी हो गए थे, हमें दरवाज़ा बंद करने की भी परवाह नहीं थी

! माँ! आज आराम करो पापा को आपकी चुदाई मत करने देना ठीक हैं न”

! है! ठीक है बीटा,” में मुस्कुराते हुए बोली.

फिर, मेरी बेटी कमरे में आए, मेरी बेटी मेरी कमर पर लगाने के लिए कुछ बाम ले आई!

“उफ़ अब उसे कैसे बताऊ की ओह मेरी छूट में असली दर्द था.. मैं उसे कैसे बताऊँ की मैंने छूट के वहां पियर्सिंग करा की हैं.! मैं इस बेहद शरारती सोच पर शरारती ढंग से मुस्कुराई की. में पति और बेटी के सामने hi टॉप और जीन्स से बदलकर निघ्त्य पहन ली.

नमन अपने कमरे में चला गया था और अंजलि ने मेरी कमर पर बाम लगाना शुरू कर दिया, मालिश karate-karate वह बोली

“माँ मुझे कुछ पूछना हैं. झूठ मत कहो .”

ओह! हे भगवान, वह मेरे बेटे के साथ मेरे रिश्ते के बारे में कुछ जानती थी क्या !!!!!!! ओह, डर के मारे मेरा दिल तेज़ी से धड़कने लगा, मैं इतना घबरा गयी की में अपनी बेटी की तेज़ नज़रों को देख नहीं प् रही थी और चुप रही!!

अंजू बाकी “झूठ मत बोलना ठीक है माँ”!

में देखि जब आप अपनी ब्रा में से निघ्त्य में बदल रही थी तो तुम्हारे निप्पल्स उन्हें एकदम से चुभ रहे थे , कुछ अलग हांलग रहा हैं वहां मुझे.. क्या अलग करवा की ै हो बताओ मुझे”

ओह्ह मुझे राहत मिली की उसने मेरे और बेटे के रिश्ते के बारे में कुछ न पूछा था.

“माँ आप अब अल्ट्रा मॉडर्न बन रही हो” मुझे अच्छा लगा मेरी बेटी ने मुस्कुराते हुए ऐसे कहा तब.

“ माँ सच बताओ क्या अपने आपके निप्पल्स पर भी छेड़ करि हो , यानी पिएर्सिंग्स?”

मेरी बेटी मेरे पास आयी और अब मेरी बुर के वहां भी हाथ फेरने लगी..

उफ्फ्फ्फ़ जब मेरी छूट पर हाथ फेरा, में शरमाते हुए फिर थोड़े दर्द की आह करि.

“अच्छा माँ तोह आपने भैया के साथ जाकर पिएर्सिंग्स करि हो… इसीलिए आपको दर्द हो रहा है, और आप चल नहीं प् रही थी .. ओह अब मुझे दर्द का सही कारण पता चला,”

उसने हँसते हुए कहा, और मैं भी मुस्कुरायी !

“माँ, क्या मैं उन्हें देख सकती हूँ की यह कैसा लग रहा है आप पर..”

, ओह, मेरी बेटी मुझसे अपनी छूट दिखाने के लिए कह रही है! इससे पहले की मैं हाँ कहती, मेरी बेटी ने मेरी निघ्त्य ऊपर कर मेरी साटन पंतय को साइड में धकेलते हुए मेरी पिएर्सिंग्स हुई मेरी छूट को देखने लगी..

“ओह माँ! यह बहुत सुन्दर है, वह, यह बहुत सेक्सी लग रहा है” यह कहते हुए उसने रिंग के saath-saath मेरी कलित भी रगड़ दी.

अह्ह्ह मुझे अब बहुत शर्म आ रही थी,

“माँ बताओ नमन तुम्हें खासकर पिएर्सिंग्स के लिए ले गया था न?”

अब में नहीं बोली की में टैटू भी करवाई हूँ.

में शर्माती रही.

“ओह माँ वह, एक बेटे ने अपनी hi माँ को पिएर्सिंग्स करवाने के लिए ले गया था, अद्भुत! माँ ! क्या अपने इसे नमन को दिखाया हैं …”

इस प्रश्न सुन मैं चुप रही लेकिन मेरे बेटी, उसने baar-baar दबाव डाली और पूछती रही.

आखिर कर , में कही “ हाँ अंजू !” में शर्मायी और अपने चहेरे को मेरी बेटी के कन्धों पर छुपाने लगी.

“माँ, कृपया मुझे बताएं की मेरे भाई ने मेरी माँ की पिएर्सिंग्स हुई बुर और स्तनों को देखकर क्या kaha,batao माँ” उसने सेक्सी कामुक तरीके से पूछा.

“अंजू, प्ल्ज़ ज़्यादा मत पूछो, ओह बेटी, तुम बहुत शरारती हो”

“मान! मैं hi नहीं आप भी बड़ी शरारती बन गयी हो न माँ!”

मेरी बेटी ने मेरी योनि को रगड़ते हुए मुझसे पूछी, जिस पर में उसे देखकर मुस्कुर , ओह, मेरी छूट अब फिर से गीली हो गई थी, मैं अपनी भावनाओं को नियंत्रित नहीं कर प् रही थी, मेरी बेटी का हाथ मेरी योनि को मसल रहा हैं..,

में कभी नहीं सोची थी की मेरी बेटी इतनी साहसी और शरारती है,

मेरी बेटी के सवाल मुझे शर्मीले और शर्मीलेपन से भर रहे थे!

“मेरी शरारती माँ, शरमाओ मत, अपनी बेटी से कहो, नहीं, अब मैं आपकी बेटी नहीं हूँ, मैं आपकी सबसे अच्छी दोस्त हूँ, आप की सहेली, हाँ मान मुझे बताओ सब कुछ.”

मैं बहुत शरमाते हुए धीमी आवाज़ में बोली,

“ हाँ, तुम्हारा अनुमान सही है, तुम्हारे भाई तुम्हारी माँ की सेक्सी छूट और स्तनों को देखकी हैं उसने तोह और भी उफ्फफ्फ्फ़.”

“ ओह बताओ मेरे नटखट भैया ने मेरी मासूम माँ के साथ क्या किया हैं? उसने अपनी आवाज़ को बदलते हुए एक मासूम लड़की की तरह मुझसे पूछी. उससे मैं और अधिक उत्तेजित हो गई और बोल hi दी

“हाँ अंजू बेटी, तुम्हारे बड़े भाई ने तुम्हारी माँ की चुदाई करि हैं!

हे भगवन ! में सच बोली! मेरी बेटी मेरी आँखों में देख बोली

“वह! माँ आप हो hi इतनी सेक्सी मॉडर्न माँ … आप बहुत अच्छी हो, मेरे भैया ने आपको पूरा संतुस्ट किया की नहीं … मेरी मा.”

यह कहते हुए मेरी बेटी मेरी योनि रगड़ाती रही, मेरी बुर को मसलती hi रही,

“नहीं! अंजू बेटी, कृपया यह उचित नहीं है ऐसे मेरी बुर के साथ मत करो ममम”

“क्यों माँ, आप अपने बेटे को अनुमति दी है, लेकिन अपनी बेटी को नहीं डौगी, नहीं माँ, कृपया मुझे भी अनुमति दीजिये…”

उफ्फ्फ हे भगवन मेरी बेटी मुझसे अनुमति देने का अनुरोध कर रही है, उसने अपनी ऊँगली अब मेरी बुर में डालने की कोशिश की!

“न बेटी, आज नहीं, मुझे बहुत ज्यादा दर्द हो रहा है, वहां अह्ह्ह्ह.”

“ ओह, माफ़ करना, माँ” अंजू कह रही थी और अपनी हटेलियों को मेरी बुर के ऊपर से हटा दी उसने.

“ बेटी आज के लिए नहीं हैं … उफ्फफ्फ्फ़ लेकिन कल तुम्हें जरूर आना चाहिए”

“ओह माँ सच … आप बड़ी अच्छी हो” और मेरी बेरी मुझे गालों पर चूमि.

उफ़ मेरी शरारती, बेटी ..”

फिर हमें दरवाज़े पर दस्तक देते हुए सुनाई दिया,

”अंजलि , जाओ और दरवाजा खोलो, मेरी निघ्त्य तोह ठीक करो, मेरे पति यानी तुम्हारे पापा बहार होंगे..”

, मेरी बेटी मुझे देखकर मुस्कुरायी और फिर दरवाज़ा खोलकर चली गयी. मेरे पति ने मुझसे पूछा की मैं अब कैसे महसूस कर रही हूँ, में कही की बेहतर है लेकिन मुझे कुछ आराम की जरूरत है.

मेरे प्यारे पति ने कुछ फाॅर्स नहीं किया .. , मुझे सेक्स के लिए मजबूर नहीं करे और अब, हम दोनों सो गए.
 
मैं सुबह उठकर बेहतर महसूस कर रही थी, . में शावर करने लगी .. आज में गयम जाने वाली थी.





गयम जाने के लिए तैयार हो रही थी, यह मेरा दूसरा दिन है, मैं इसे मिस नहीं करना चाहती, मेरे पति ने मुझसे कहा था की मैं न जाऊं, थोड़ा आराम कर लून, मेरा बीटा भी उसी लाइन में hai,lekin में ठान लिया है की आज में गयम जाऊंगी. मेरी एरोबिक्स और योग क्लासेज थी, हम गयम गए, मेरे प्रशिक्षक ने मुझे कुछ नए स्ट्रेच सिखाए, साथ hi मेरी कमर के चारों और रिंग भी घुमाई. मुझे जो सिखाया गया वह सही ढंग से करि और, में 30 मिनट से अधिक पसीना बहाई एक्सरसाइज में, ओह, मैं बहुत थक गया थी और, थोड़ा आराम करि. , फिर से योग क्लासेज में गयी जहां मेरे प्रशिक्षक ने मुझे कुछ आसान सिखाए, सिखाते समय वह सूर्य नमस्कार के टाइम मेरी फैली हुई भुजाओं को पकड़कर मुझे पीछे से छूने लगा ओह हे भगवान् कोई और मुझे ऐसे छू रहा था … ममममम.

योग के दौरान वह, मेरी मुद्राओं को ठीक करने पास आता था और कई बार उसने मुझे मेरे बदन के ान गैंग को छुआ, भले hi मैं सही मुद्रा में थी लेकिन मुझे चुने के बहाने मेरी गलतियां निकल रहा था! पहली वाली रत्न यह सब करने hi नहीं देती लेकिन अभी वाली मॉडर्न रत्न ने इस सब का विरोध या झिझक नहीं करि … बस उसे मेरे सेक्सी बदन को महसूस करने की इजाजत दी. और इस सब मस्ती को एन्जॉय करने लगी.

मेरे वर्कआउट के बाद मैं क्लास से बाहर आई, तब सभी पुरुष अपनी उम्र की परवाह किए बिना अपनी शरारती नज़रों से मुझे देख रहे मनो उनकी आँखों से मुझे वस्त्रहरण कर रहे हो , . यह सब इसीलिए था क्योंकि में इतनी उत्तेजक गयम पोशाक पहनी थी, ऊपर के स्पोर्ट्स ब्रा के अलावा बस एक टाइट पंत हु भी मेरी कर्व्स दिखती हुयी.





! हाँ, मेरे स्पोर्ट्स ब्रा से मेरे स्तन पुरे भी नहीं ढके हुए थे, मेरे पेट पर कोई कपड़ा नहीं था, मेरी नाभि और वहां का पियर्सिंग साफ़ साफ़ दिखाई देते हुए. उसके निचे पसीने से गीली पंत थी, वह बहुत टाइट थी, मेरी गांड के उभारों को दिखा रही थी, मेरी छूट का उभार भी दिख सकता था.

, अब में अपने आप को बहुत अधिक सेक्स्पेरिंग करने वाली एक उत्तेजक कामुक महिला में बदल गयी थी.! मैं din-ba-din शरारती होती जा रही थी!

बाकी की महिलाऐं मुझसे नहीं बातें करती क्यूंकि मैं उनके भी मर्दों से ध्यान खिंच रही थी.. अब से तोह मैं एक दिन के लिए भी अपनी गयम क्लासेज मिस नहीं करना चाहती थी. मेरा बीटा भी आज अधिक कसरत कर रहा था. पहले से hi 1 घंटा हो चूका था हमें गयम में, इसलिए मैं उसके फ्लोर में गयी.

ओह, बहुत सारे लड़के मेरे बेटे की उम्र के थे, उनमें से जिन्हे में नमन की माँ हूँ , पता है वे वास्तव में आश्चर्यचकित थे मुझे देख. उनहोंने मुझे पहचाना भी की में, कार्तिक की माँ हूँ. में अपने बेटे के पास गयी, वह कुछ वेट लिफ्ट्स कर रहा था, और उसे बुलाया.

वह रुक गया और बाहर आ गया, और बाहर जाते समय उसके कुछ दोस्तों ने पूछा की मैं कौन हूँ, तब मेरे बेटे ने बताया उन्हें की मैं उसकी माँ हूँ!

फिर हम गयम से बाहर आकर घर की और चल पड़े! जैसे hi हम घर में दाखिल हुए, मेरे बेटे को उसके प्रोजेक्ट में शामिल फ्रेंड का फ़ोन आया की उसे उसके साथ कुछ लोन के लिए बैंक के मुख्य कार्यालय जो मुंबई में हाँ वहां उसके साथ जाना होगा आज दुपहर को hi.

, हाँ, मेरा बीटा बड़ा प्रोजेक्ट शुरू कर रहा है, था और वह वह इस प्रोजेक्ट को लेकर बहुत उत्सुक था. मुझे ज्यादा जानकारी तो नहीं थी इसके बारे में लेकिन मुझे पता था की यह 100 करोड़ से भी ज्यादा का पैसों वाला प्रोजेक्ट था. , मुझे इन चीजों में ज्यादा दिलचस्पी नहीं है लेकिन मेरेबेते पर गर्व था की वह इतने बड़े प्रोजेक्ट में शामिल होने वाला हैं.

उसे अब दुपहर की फ्लाइट पकड़नी थी.

“माँ मुझे अब दुपहर hi जाना हैं .. चलिए उससे पहले कुछ मस्ती करे..”

उफ्फ्फ मेरा बीटा मेरे साथ जाते जाते सम्भोग का सुख देना चाहता था .. उफ्फ्फ मेरा प्यारा बीटा …

फिर हम वहां से मेरी बैडरूम की तरफ चल दिए.. पीछे से जमुना बाई पूछी –“मैडम आप कहाँ जा रही हो छोटे मालिक के साथ”

हे भगवन अब में उसे कैसे बताऊ में और मेरा बीटा जा रहे हैं सम्भोग करने जहाँ पर में और उसके पापा रात को सम्भोग करते हैं उफ्फ्फ … मेरा बीटा बोलै

“जमुना बाई माँ थक गयी हैं .. उन्हें थोड़ी मालिश दूंगा … वैसे आप को भी दू ..”

हे भगवन मेरा बीटा इतना हॉर्नी हैं वह जमुना बाई को भी नहीं छोड़ेगा उफ्फ्फ.. जमुना बाई शरमाते हुए अपने बड़े कूल्हों को हिलाते हुए रसोई घर में भाग गयी..

में फिर नमन के चौड़े साइन पर हाथ मारते हुए

“ओह बदमाश जमुना बाई को मालिश देना चाहते हो … चल तुम्हे दिखती हूँ …”

मेरे बेटे ने मेरी बाँहों को और कमर को कास कर पकड़ लिया ..”ओह तोह मेरी माँ जलती हैं जमुना बाई से .. जलती हैं की में जमुना बाई को भी आप जैसे सुख दूंगा हहै”

“हे भगवन तुम आउट ऑफ़ कण्ट्रोल हो रहे हो बेटे ..”

“माँ बस आपने कर दिया हैं सब कुछ , अब केवल आपके साथ सम्भोग का hi सोचता हूँ हर बार मेरी सेक्सी कामुक मॉडर्न माँ”





हम ऐसी बातें करते हुए बैडरूम पहुँच गए .. बिना दरवाज़े बंद किये मेरे बेटे ने मुझे बिस्तर पर लिटा दिया





और अपने कपडे और फिर चड्डी निकलने लगा .. उफ्फ्फ हे भगवान् उसका मोटा लुंड फिर से मेरी आँखों के सामने लहरा रहा था …

हे भगवन लग रहा था मनो उसका लुंड और 2 इन बढ़ गया था … क्या यह मेरी पिएर्सिंग्स आमोर टैटू के वजह से था उफ्फ्फ हे भगवान् आज तोह मेरा बीटा मेरी जैम कर चुदाई करने वाला हैं …

उसने अब मेरे कपडे उतार दिए, में भी मूड में आ गाइट hi .. मैं भी उसके लुंड अपने हाथ में लेके हिलाने लगी,

में उसके लुंड को हिलाते उसके आँखों में देख रही थी .. मेरा बीटा मुझे देख बोलै

“लव ु माय डार्लिंग” और, में भी उसे लव ु कह रही थी .. में सच में अपने बेटे की हूँ उससे बहुत प्यार करती हूँ.

वो मेरे शरीर को ऊपर से निचे अपनी जीभ से छाने लगा… उफ्फ्फ उसके थूक से गीले होठं अब मेरे बदन पर थे .. मेरे बदन को अपनी लार से वह भिगो रहा था मानो निशानी चोर रहा हो… . फिर वो अपना लुंड निकाल कर मेरे मुँह में दाल दिया और मैं काफी देर तक उसके लुंड को चूसी प्यार से उसके गेंदों को सहलाते हुए ..





ऐसे कुछ 10 मं की चूसै के बाद मेरा बीटा फिर मेरे मुँह में hi झाड़ गया .. हे भगवन उसका गधा वीर्य मेरी मुँह में था … मैं भी उसके वीर्यपि गई, पहली बार में वीर्य पि थी हु भी मेरे बेटे का सफ़ेद और गधा वीर्य उफ्फ्फ्फ़ मममम

अब मैं छोड़ना चाहती थी और में उसको बोली

“मेरे प्यारे बेटे नमन उफ्फ्फ अब अपनी माँ को मत तड़पना… , फिर वो मेरे झंघों को अलग करा अपने फिर से सख्त लुंड को मेरी छूट के ऊपर लगा कर वहां थोड़ी देर मसलते हुए फिर मेरी बुर के अंदर अपना बड़ा सांप फिर से दाल दिया. हे भगवान् 2 दिनों में , अब तीसरी बार था की में अपने बेटे का सख्त लुंड अपनी बुर में ले रही थी .. अब मेरा बेटे होने मोठे लुंड को मेरी बुर के अंदर दाल , धक्के पे धक्के देने लगा और अब पूरा कमरा … पहच पहच की आवाज से गूँज रहा था … उसके पापा और मेरे सुहागी बिस्तर हमारी जामदार चुदाई से आवाज़ें करने लगा था … इसे कहता था मेरा बीटा पलंग तोड़ चुदाई .. अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह ममममम अह्ह्ह्ह हे भगवान् क्या तंदरुस्त हैं मेरा बीटा और उसका मोटा लुंड ..





हम चुद रहे थे की मुझे पायल की आवाज़ सुनाई दी .. में देखि उफ्फ्फ हे भगवान् मेरी बेटी अनजलि बहार कड़ी थी .. दरवाज़ा खुला था इसीलिए वह मेरी और उसके भैया की चुदाई देख रही थी .. कुछ वक़्त बाद वह अपनी लेग्गिंग्स में अपने हहह थो ों को दाल अपनी hi बुर से खेल रही थी.. ऐसे दृश्य से मेरी वासना और बढ़ गयी .. अब में भी मेरे बेटे के जामदार धक्कों के साथ सुर से सुर मिलाने लगी और अपनी चूतड़ों को उठा उठा कर मेरे बेटे के झंघों पर मारने लगी और मेरे बेट एक लुंड अब मेरी बच्चेदानी को छू रहा था और उसे hi थोक रहा था .. ओह हे भगवान् क्या सुख था मेरे बेटे की चुदाई में और उफ़ मेरी बेटी भी मेरी चुदाई मेरे hi बेट ेके साथ वाली डेल्ह रही थी .. माहौल तोह बहुत गरम था और में उछाल उछाल कर चुद रही थी मेरे बेट ेके फौलादी लुंड से हु भी मेरी बेटी अंजलि के आँखों के सामने … मुझे काफी शर्मिंदगी महसूस हो रही थी लेकिन में अपनी चूतड़ों को उछलना रोकी नहीं और मेरे बेटे से जामदार तरीके से में चुदती रही ..

ऐसी और 20 मं की घमासान चुदाई के बाद मेरा बीटा नमन एक जोरों की दहाड़ देकर झरने लगा और अपना सारा गधा वीर्य मेरी बुर में अंदर तक उगलने लगा और मेरी छूट भर दी उसके वीर्य से .. फिर मेरी बेटी दरवाज़े के बहार से चली गयी .. अहह उफ़ मेरा बीटा एक बार जहर चूका था और उसी दौरान में 3 बार जहर चुकी थी …

हमारी चुदाई 1 घंटे से ज्यादा चली और अब मेरे बेटे को फ्लाइट के लिए लेट न हो इसीलिए उसने जल्दी से ब्रेकफास्ट कर, नाहा लिया. और फ्लाइट कैच करने अपनी माँ को चूमकर घर से चल दिया. . मैं अपने बेटे को बहुत प्रशंसात्मक दृष्टि से देख रही थी, मुझे अपने बेटे पर गर्व है!

अब मेरे पति तोह हमेशा की तरह ऑफिस चले गए थे लेकिन मेरी बेटी अपने कामों के लिए तैयार नहीं हुई थी. में पूछी की वह तैयार क्यों नहीं हो रही,! उसने मुझे आँख मारी

“माँ, कल रात में तुमसे कही थी की मैं आज कुछ काम करने नहीं जा रहा हूँ,”

ओह! मुझे वह बात याद आयी. मुझे तोह अभी भी मेरी बेटी ने मेरी और उसके भैया की चुदाई को देखि थी उस बात से में शर्म महसूस करि. में अब मेरी बेटी को शर्मीली नज़रों से देखते हुई मेरे कमरे में चली गई, मेरी बेटी भी मेरे पीछे एक बाम लेकर आई और जमुना से कह रही थी की वह अपनी मान की मालिश करने जा रही है!

मैं जानती थी की यह किस प्रकार की मालिश होगी, में अब अपनी बेटी के साथ अपने कमरे में थी, उसने दरवाजा बंद कर दिया, वह मेरे पास आई, ओह, उसने मुझे एक प्रेमिका की तरह hi गले लगायी!

“ओह्ह माँ तुम बहुत सेक्सी बन गयी हो” मेरे मुंह को चूमते हुए बोली अंजलि . में एक माँ की तरह, पूछी कामुक भरे स्वर में

“अंजू, तुम क्या कर रही हो, प्ल्ज़, मैं इसके लिए तैयार नहीं हूँ, हम महिलाऐं हैं, नहीं, प्ल्ज़ मेरी बेटी, रुक जाओ,”

में उसे रोकने की कोशिश ki,lekin वह मुझे चूमती रही और में भी ज़रा मूड से उसे चूमती रही.





“शह्ह्ह्ह माँ, आज कल ऐसा कुछ भी गलत नहीं है. बहुत सी महिलाऐं ऐसा कर रही हैं, इसे लेस्बियन प्यार कहा जाता है”

dhire-dhire उसने मेरा टॉप भी उतार दिया, मेरी ब्रा भी, मेरे स्तनों को मस्सगे देते हुए, ओह, उसका स्पर्श एकदम मुलायम था .. , मेरे पति और बेटे से अलग, लेकिन यह कुछ अच्छा अलग फीलिंग थी, एक चिकनी महिला का हाथ मेरे स्तनों को मसल रहा था, उफ्फ्फ वह भी मेरी बेटी का, ओह मैं ख़ुशी से फिर से कराहने लगी. उसने मुझे चूमा, में भी अपना मुंह खोली और उसका साथ देने लगी. , हमारे होंठ बंद हो गए, जीभें मिलीं, और हम dhire-dhire एक दूसरे के होठों को चूम रहे थे.

उसने अब शॉर्ट्स उतार दी, पंतय भी उतार दी, मेरी छूट को रगड़ने लगी, मुझे एक लड़की की तरह चूमि.

“ओह अंजू” , मैं ख़ुशी से कराह उठी.

मेरी बेटी भी अब, ब्रा और पंतय में थी. ओह, क्या बदन है उसका, युवा सा बदन … स्लिम और सेक्सी थी मेरी बेटी.. यह मेरी hi बेटी हैं अंजू… फिर, उसने पीछे मुड़कर मुझसे उसकी ब्रा खोलने को बोली, और में वैसा hi करि जैसे उसने कहा था. ओह, में अपनी हथेलियों को पीछे से अपनी बेटी के स्तनों को छूने लगी. , हाँ, उसकी ब्रा थोड़ी छोटी थी क्यूंकि उसके स्तन भी छोटे थे , लेकिन काफी फर्म थे.

में dhire-dhire उसकी निप्पल्स को रगड़ने लगी, मेरी बेटी ख़ुशी से कराह रही थी.

मेरी बेटी ने पीछे से मेरा सर पकड़ लिया और मेरे होंठों को चूमा, हम दोनों पूरी तरह से एक hi कद के थे, अब मैं उसके सामने आ गई, हमने बहुत कसकर एक दूसरे को गले लगाया, हमारे स्तन एक दूसरे से कुचलते हुए हम जोश से चूमने लगे. , मेरी बेटी ने मेरी छूट पर अपनी हथेलियों से वहां मलने लगी और , में धीरे से अपनी हथेलियों से भी अपनी बेटी की छूट पर रख दी, ओह यह बहुत अच्छी फीलिंग थी, उसकी बुर पर कोई बाल नहीं थे, रेशम की तरह चिकनी थी उसकी बुर काउपरी हिस्सा. , उसने अपनी उंगली मेरी छूट में दाल दी, विशेषकर मेरी छूट के दाने पर मालिश शुरू कर डिस मैं भी ऐसा hi उसकी बुर के साथ करने लगी.

इस तरह , हम बिस्तर पर गिर जाते हैं .. मेरी बेटी मेरे ऊपर मेरी होठों को चूमते हुए..

हम अपने बदन एक दूसरे के बदन से चिपका कर फिर मेरी बेटी मेरे पुरे नंगे बदन को चूमने लगती हैं .. धीरे धीरे से मेरी बेटी मेरी

दूधिया स्तनों को फिरपेट और फिर नाभि को चूमती हुई फिर अपना मुँह मेरी पहली हुई छूट पर रखती हैं और वहां लीक करने लगती हैं.





इससे में एक डैम तड़प जाती हूँ और अब मेरी बेटी मेरी टाँगे पकड़ कर मेरी बुर को अपने मुँह की और खिंच कर मेरी छूट पर अपना मुँह लगाकर अपनी hi माँ की रसीली छूट को मुँह मई भर कर पीने लगती है.. हे भगवान् मेरी बेटी , मेरी hi छूट पि रही हैं अह्ह्ह..

फिर हम दोनों ऐसी पोजीशन में जाते हैं जिसे मेरी बेटी 69 की पोजीशन कहती हैं और फिर हम … एक दूसरे के ऊपर चढ़ कर एक दूसरे की रसीली छूट चूसने लगती है,





में अपनी झांघों को खोल कर अपनी टांगों को मोड़ लेती है, और आरती अपनी hi माँ की छूट से रास पीने लगती है,

में कराहती हुयी “ आह आह ओह बेटीइ आह है ऐसे hi चूसिये मेरी बुर ाः आओनी hi माँ की बुर चुसो … अह्ह्ह ममममम” और फिर

में भी अपनी बेटी की छूट की पूरी फैंको को फैलाकर उसकी बूत की गुलाबी छेड़ मई अपनी जीभ दाल कर उसके बुर से रास चूसने लगती हूँ… ऐसे हम माँ – बेटी , करीब 20 मिनट की गहराई छूट चूसै जारी रखते हैं..

हम दोनों maa-beti अब एक दूसरे के मुँह मई अपनी छूट की रास को चोर्ने लगती है,

हम अब एक दूसरे से चिपक कर लेट जाती है,

“ मम्मी आपको को बुरा तो नहीं लगा,” मेरी बेटी मासूमियत से पूछती हैं.

अपनी बेटी के गलो पर हाथ फेरते हुए

“ओह नहीं बेटी आज तूने मुझे एक नए सुख का अनुभव दिया है जिसका मुझे बिलकुल भी पता नहीं था,…

“अच्छा मम्मी फिर जब भैया आपकी चुदाई करते हैं तोह कैसे लगता हैं आपको ..??”

में चौंकने का नाटक करते हुए,

“उफ्फ्फ्फ़ मतलब मेरी बेटी अंजू तू सब जानती है”

“हाँ मम्मी मई सब जानती हु, , अभी तोह देखि थींउनकी और आपकी जामदार चुदाई.. “

उफ्फ्फ हां सच था में होने बेटे से जामदार तरीके से चूड़ी थी और मेरी बेटी नेब hi मेरी चुदाई देखि थी .. उफ्फ्फ हे भगवान् में माँ होकर मेरी बेटी और बेट ेके बीच फस गयी हूँ …

“मम्मी सचमुच मेरे भैया के जैसा तगड़ा लुंड खाकर तुम्हारी तोह छूट मस्त हो जाती होगी .. उफ्फ्फ्फ़ उसकी आपसे चुदाई के अब में भी…”

उफ़ मेटि बेटी क्या मेरे बेटे , अपने भाई से भी छोड़ना चाहती हैं अब ओह हे भगवान… ,

“मम्मी आपकी मेटि भैया से पलांद तोड़ चुदाई देख अब मई भी उससे छोड़ने के लिए तैयार हूँ..”

“ और बताइये न मम्मी आपको कैसे लगता हैं भैया से चुद कर … बताइये न ..”

हे भगवान् मेरी बेटी मुझसे क्या आउच रही हैं … अब इसे कैसे कहु की मेरे बेटे से चुदाई कर मेरी बदन में रोम खिल उठने लगता है, मेरे बेटे का लैंड बहुत कठोर और बड़ा हो जाता है जब वह मेरी छूट मरता हैं .. में बस शर्मायी सुर कुछ नहीं बोली …

“वैसे बेटी तूने ये सब कहा से सीखा है जो अभी मेरे साथ करि …

“कॉलेज में करि हूँ मम्मी .. ऐसे कॉलेज में होता हैं लड़कियों के बीच कभी कबर.. आपको पता हैं की एक औरत दूसरी औरत की छूट चुस्ती है तो कितना आनंद अत है”

“है बेटी तूने मेरी बूत चूस कर आज बता दिया उफ्फ्फ”

“अच्छा मम्मी आपको मेरी छूट का पानी कैसा लगा , आपको भी उतना hi मज़ा आया जितना मज़्ज़ा मुझे आपकी छूट चूस कर आया ?”

में बस शर्मायी .. अब में कैसे कहु .. हाँ हाँ बेटी मुझे तुम्हारी रसीली बुर चूस चुद लार तुम्हारी छूट का रास चूस कर इतना मस्त लगा … हे भगवान् कैसे बताऊ मेरी बेटी को , उसकी मम्मी उसकी बुर की मज़्ज़े ली थी .. उफ्फफ्फ्फ़

“मम्मी अब मई आपको दूसरे तरीके से अपनी छूट चुसवाऊँगी और मेरी बेटी पूरी नंगी कड़ी होकर अपनी माँ के मुँह पर बैठ जाती है और में उसकी इस हरकत से मस्त होकर उसकी छूट किलिप्स को फैला फैला फिर से वहां चाटने लगती हूँ…,







में अब उसकी बुर की रास चाट चाट कर पि गई. और फिर दोनों माँ- बेटी नग्न hi एक दूसरे सेचिपक कर लेत जाते है

“मम्मी अब कैसे लगा आपको इस तरह मेरी छूट चाट कर.. में अब बिना झिझक मेरी hi बेटी के मुँह को चूमते हुए

“मेरी ोयारी बेटी अंजू … तूने तो बिना लुंड के hi इतना मज़ा दे दिया अपनी मम्मी को”. हे भगवान् आज में और बेटी भी अपनी तरफ से सम्भोग कर लिए थे …

कुछ मिनट बाद दोनों ने और एक बार 69 मुद्रा में ek-dusre की छूट छाती और फिर से हम हमारी सेक्स गेम के बाद थोड़ा आराम करने लगे. , मैं नहाने चली गई, बहुत सुन्दर स्टीम बात ली, मेरी बेटी भी अपने कमरे में चली गई. में अब एक साटन किन िली ब्रा और पंतय पहनी और एक टाइट चूड़ी पेहेन. मेरे बालों को खुला छोर, लंच के लिए बाहर आये., मेरी बेटी गुलाबी टॉप और नीली जीन्स पहने मेरे साथ लंच करि और अपने कमरे में चली गयी..

मैं हॉल में बैठ कर टीवी सीरियल देख रही थी, आजकल मैंने रसोई का काम सब कुछ जमुना बाई पर छोड़ दित hi. वह सब संभाल रही थी वहां सब कुछ.

टीवी देखते हुए मेरा फ़ोन की घंटी बजी, में फ़ोन उठायी

, ओह यह मेरे भाई का कॉल था. वैसे मेरा 1 भाई हैं, मुझसे काम उम्र का. और, मैं अपने maata-pita की इकलौती बेटी हूँ. मेरे पिता एक बहुत बड़े किसान हैं और हमारे गाँव के सरपंच भी हैं, बहुत सम्मानित व्यक्ति हैं . मेरा छोटा भाई जो एक बड़ा डॉक्टर है अब हांव में नहीं रहता हैं बल्ली वह इस देश में भी नहीं रहता अब .

मेरा भाई शादीशुदा हैं, उसने मुझे इसलिए कॉल किया था क्योंकि मेरी माँ बीमार थी और, वह मुझे मिलना चाहती थी. हाँ, मेरी मान 64 साल की हैं, उनकी स्वास्थ्य ठीक नहीं रहती थी. मेरे पिता 70 साल के हैं, लेकिन उनका स्वास्थ्य अच्छा है. वह अपने युवक दिनों में गाँव में रेसलर भी हुआ करते थे .. इसलिए वह अभी भी मज़बूत हैं. ,





हे भगवान, मेरी माँ की बीमारी सुन में गाँव जाने का फैसला करि., में अंजू को फ़ोन करि और उससे मेरा सामान पैक करने में मदत करने कही.! में अपने पति को फ़ोन करके बतायी की मेरी मान की तबियत खराब हैं और मैं गाँव जाना चाहती हूँ!

मेरे ोाती ने कहा की वह नहीं आ पाएंगे क्यूंकि ऑफिस में बाहर काम थे और वह छूती नहीं ले पाएंगे.

अब मेरा गाँव , हमारे शहर से 500 कम से अधिक दूर है और अब मुझे अकेला hi जाना था मेरे गाँव. में अपने बेटे को उसके मोबाइल पर कॉल करि लेकिन वह बंद था, हो सकता है की वह फ्लाइट में हो. मेरी बेटी मेरी पैकिंग का ख्याल राखी .. मुझे मायूस देख, उसने मुझे सांत्वना दी “माँ! दादी को कुछ नहीं होगा, चिंता मत करो, जमुना ने भी मुझे सांत्वना दी.

. मेरे पति ऑफिस से आए और मुझे रेलवे स्टेशन ले गए. मेरी एक फर्स्ट क्लास की टिकट थी . में ट्रैन में बैठ गयी और ट्रैन चल दी, में अपने चचेरे भाई को फ़ोन करि की में ट्रैन से गाँव आ रही हूँ और वह मुझे स्टेशन से लेने के लिए आये क्यूंकि स्टेशन भी , मेरे गाँव से 30 कम दूरी पर है. उसने कहा ठीक है.

मैं subah-subah स्टेशन पहुँच गयी , मेरा चचेरा भाई सोहन प्लेटफार्म पर खड़ा था, में उसे फोन करि, पहले तो उसने मुझे नहीं पहचाना! हाँ कैसे हो सकता है, मैं एक टाइट चूड़ी में हूँ, बाल नहीं बांधे हैं जो मैंने कटवा भी दिए थे थोड़े से.! हलकी लिपस्टिक, नेल पोलिश, काजल वाली पतलू आँखें, ऊंची हील्स, गोल नाक की अंगूठी, बड़े कान के छल्ले .

उसकी मासूम शर्मीली चहेरी बहन बदल चुकी थी. . हाँ, हम 1 महीने बाद मेरी बेटी अंजू की सगाई के दौरान मिले थे, लेकिन उस छोटी सी अवधि में मैं मुझमें बहुत सारे बदलाव आये थे..

“ओह ! रत्न क्या यह तुम हो, में विस्मयकारी दृष्टि से देखकर तुम्हे नहीं पहचाना,” उसने मेरा सामान उठा लिया और मुझे हमारी कार के पास ले गया.

“भैया! यह बताओ की माँ कैसी है! क्या वह ठीक है? नहीं रत्न तुम्हारी माँ फिर से बीमार पद गयीं, हमें उन्हें अस्पताल ले जाना होगा, लेकिन वह मन कर रही हैं, केवल तुम hi उसे मन पाओगी.

“ओह Maa!meri ज़िद्दी माँ”

हम गाँव में अपने घर की और चल दिए, मैं कार से उतर गयी, मेरे चचेरे भाई की पत्नी सीता बाहर आए और मेरी और देखि, उसकी आँखें मुझे पहचान नहीं पाई, में उसे देखकर मुस्कुरायी, और हम बगल वाले घर में चले गए, मेरे पिता बरमूडा में बैठे कुछ पढ़ रहे थे.

वह ऊपर नज़र उठा कर मुझे ऐसे देखा जैसे मेरे चचेरे भाई ने पहली बार स्टेशन पर देखा था!

मैं माँ के पास गयी, वह बिस्तर पर थीं और हमारी नौकरानी, सीता, सोहन, और मेरे पिता कमरे में आए, में अपनी माँ से बात की, उन्हें बुखार भी था और अस्थमा से पीड़ित थी. , वह मुझे उनके साथ देख खुश थी. उन्होंने मेरी बात मान मि और 30 मिनट के बाद हमनें उन्हें अस्पताल में एडमिट कर दिया.

, हम सभी उनकी देखभाल में लगे रहे! 3 दिनों में मेरी माँ ठीक हो गई, और हम सभी ने राहत की सांस ली, और उसे डिस्चार्ज मिल गई और हम घर आ गए

. इस दौरान मेरा बीटा , बेटी, पति कॉल करते रहे हाल चाल पूछने. भगवन की कृपा से मान इतनी जल्दी ठीक हो गयी और, में अपनी माँ और पिताजी से बताई की मैं वापस जा रही हूँ, लेकिन वे चाहते थे की मैं काम से काम दो हफ़्तों तक वहां रहूँ. अब उनकी बात में मन भी नहीं कर सकीय.

, हे भगवन, अब मैं अपने बेटे के सख्त लैंड के बिना कैसे रह सकती हूँ हु भी और 2 हफ्ते .. वैसे भी बिना चुदाई के 4 दिन हो गए थे! मेरी छूट को मेरे बेटे का सख्त फौलादी लुंड हर दिन चाहिए था! रात में कुछ देर में ऊँगली करि लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ .. मुझे एक सलथ लुंड चाहिए था , मेरे बेट एक… . लेकिन मेरी माँ ने मुझे जाने की इजाज़त नहीं दी, क्या करून! इसीलिए में रुकने का फैसला करि और अपने बेटे को बुलाया और उसे मेरे रुकने के बारे में बताया.

लेकिन वह भी कामुक था, वह अपनी माँ की कड़ी चुदाई के लिए मेरी गीली तंग छूट चाहता था,, अब हम प्रेमियों की तरह हैं, माँ और बेटे नहीं! में उसे यहां आने के लिए कही, लेकिन वह बहुत व्यस्त थान ए प्रोजेक्ट में और उसके पास आने का समय नहीं था! उनके प्रोजेक्ट को मंजूरी मिल गई थी. अब तोह बस फ़ोन पर सिर्फ हूँ सेक्स की बातें कर पाते! रात को सबके सोने के बाद मैं अपने बेटे से बात कराती थी वीडियो कॉल पर बातें ..





में, मेरी छूट में उंगली करती थी, वह अपना लुंड हिलाता था.

इस तरह से 4 दिन बीत गए…

एक दिन में पूजा के बाद मेरे पिता के पैरों को चुने के लिए नीचे झुकी, ओह, मेर्री साड़ी की पल्लू नीचे गिर गयी और, मेरी ब्लाउज का गाला काफी नीचे होने के कारन मेरे दूधियों जैसे स्तनों का आकर मेरे पिता को दिखाई दिया …. ,





मेरे पिता अब मेरे स्तनों को ताकते हुए खा जाने की नज़रों से , एक मर्द के नज़र से देख रहे थे … हु भी ऐसे बिना . अपने आँखें झपकाए … उफ्फ्फ मुझे तोह बड़ी शर्म आ रही थी. फिर मेरे गले से भी मिले .. इस बार में उनके गले मिली तब मुझे एहसास हुआ की वह मुझे एक पिता – बेटी की तरह नहीं बल्कि एक पुरुष और महिला जैसे हुग कर रहे थे .. में बस उन्हें देख शरमाते मुस्कुरायी और चली गयी.

उस रात जब मैं उससे फ़ोन पर सेक्स बातें कर रही थी तो अचानक दरवाज़ा खुला और एक शख्स मुझे दिखाई दिया अँधेरे में.. ओह हे भगवन! वह मेरे पिताजी थे, मैं पूरी तरह नंग थी , मेरे पेअर, जांघें, खुले हुए थे, मेरी दो उँगलियाँ मेरी छूट में थी… दूसरी तरफ फ़ोन पर मेरा बीटा था… जैसे में सेक्स बातें कर रही थी. ओह! हे भगवान, मैं कमरा बंद करना भूल गई थी, मेरे पिता ने मुझे नग्न देख लिया था… , वह बिना कुछ बोले धीरे से कमरे से बाहर चले गए, . में अपने कपडे पहनी. वह अभी भी मेरे रूममके बहार थे. , उनहोंने मुझसे पूछा की क्या वह अब दरवाज़े के पीछे से अंदर आ सकते हैं..

, मुझे बहुत शर्म आ रही थी, मैं शर्मिंदगी के वजह से जवाब नहीं दे प् रही थी! लेकिन में कुछ सेकंड बाद बहुत धीमी आवाज में बोली.

“ अंदर आओ पापा!”

मेरे पिता कमरे में आए और शेल्फ से कुछ किताबें लीन, और मेरी और देखे बिना बाहर चले गए. मेरे बेट एक फिर से कॉल आने लगा लेकिन अब मूड खराब हो गया था . में उसे गुड़ नाईट बोली लेकिन उसे बताया नहीं की क्या हुआ था अभी. फिर में, फ़ोन बंद कर सोने की कोषसिंह की .. कुछ देर नींद hi नहीं आयी , बस सोचती रही की क्या सोच रहे होंगे मेरे पापा .. उन्होंने अपनी नग्न बेटी को हु भी छूट में ऊँगली करते पाया था .. हे भगवान् अब सुबह उन्हें कैसे में अपना चेहरा दिखाऊ ..
 
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