माँ और बेटे की तरह हम कमरे से बहार ए, मैं रसोई में चली गयी, वह टीवी पर हॉल में बैठ गया! मेरी फ़ोन की घंटी बजी! उसने फ़ोन उठाया, वह कॉल उसके पिता, मेरे पति का था! उसने उत्तर दिया, “ है पापा, सुबह माँ की तबियत ठीक नहीं थी, में उसकी ख्याल रख रहा था, लेकिन अब वह ठीक है, पापा, मैं उनकी ख्याल रखूँगा, आप चिंता न करें”, यह कहते हुए वह मेरी और देख शरारती ढंग से मुस्कुराया! अब में फ़ोन कॉल ली और सुनील, मेरे पति ने मुझसे मेरे हेल्थ के बारे में पूछा, में उन्हें बताई की मेरे बेटे नमन के कारन मैं अब ठीक हूँ, फ़ोन करने के लिए धन्यवाद दिया और फिर, फ़ोन बंद कर दी. में, मेरे बेटे को देख मुस्कुरायी, फिर जमुना बाई के पास गयी, पूछा की वह दोपहर के भोजन के लिए क्या बना रही है.
उसने जो भी कहा, उससे मैं संतुष्ट होकर अपने प्यारे बेटे को देखने , हॉल चली गयी तोह देख की, मेरी बेटी भी ा गयी थी!! वह मुझे देख मुस्कुरायी.
“वाओ! माँ! तुम इस चूड़ीदार में सुन्दर लग रही हो यह बिलकुल फिट है आप पर मेरी माँ” और वह मुझे गाल पर चूमकर मुझे गले लगायी और में भी उसे गाल पर चूमि
“ चल अंजू दोपहर के भोजन का समय हैं.”
वह कपडे बदलने के लिए अपने कमरे में चली गई और में अपने बेटे से दोपहर के भोजन के लिए आने को कही. मुझे पता है वह भूख से मर रहा होगा! उसने मुझे तृप्त किया था बिस्तर पर और अब यह मेरा कर्तव्य है की मैं अपने घोड़े को खाना खिलाऊँ ताकि वह अपनी सेक्सी माँ के लिए अतिरिक्त कर्तव्य निभा रहे! हम सब डाइनिंग टेबल पर बैठे थे, मैं बिच में बैठी थी, मेरी बेटी और बीटा हमेशा की तरह दोनों तरफ बैठे थे.
मेरे पैरों की मालिश मेरा बीटा अपने पैरों से कर रहा था, . मेरे बेटे का हाथ मेरी जांघों पर था, कुछ समय के लिए उसने कपड़ों में छुपी हुई मेरी छूट को भी ऊपर से छुआ,
मैं बिना किसी झिझक के अपनी सहज बना रही थी, में अपने बेटे को लहना खिला रही थी तब मेरी बेटी ने मुझे चिढ़ाया
“माँ, कृपया मुझ पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है! बस नमन भैया पर नहीं.”
मैं उसे देखकर मुस्कुरायी, उसकी ख्याल रखने लगी! हमने फिर अपनी दोपहर का भोजन समाप्त किया, फल खाये और अंजू से पूछा की वह क्या करने जा रही है! उसने कहा की उसे थोड़ा आराम करना है, इसलिए वह अपने कमरे में चली गई.
जमुना बाई हाउसहोल्ड काम ख़त्म करने के लिए रसोई में चली गई, केवल मैं और मेरा बीटा अब ड्राइंग रूम में रह गए थे और, हम एक साथ बैठकर टीवी देख रहे थे और मेरा बीटा अब बिना झझक के मेरे झंघों पर अपना हाथ फेरते हुए उन्हें जोरों से दबा रहा था और मेरी बुर में हलचल फिर से होने लगी थी!
फिर फ़ोन की घंटी बजी, मेरे बेटे ने फोन उठाया, यह पुष्प मतलब हमारी समझदार सास की फ़ोन थी ! उन्होंने कहा की वह शाम को आकर मेरे होने वाले दामाद के साथ शादी के बारे में कुछ बात करेगी. मेरे होने वाले दामाद के अपनी माँ के साथ आने की खबर से मुझ में ल्हास तौर पर शर्मिंदगी बढ़ा दी थी: मैं अपने नए अवतार में उनके सामने कैसे ा सकती हूँ, मैं यह बात अपने बेटे से व्यक्त करि. वह हंसा और बोलै
“ओह माँ! आपका होने वाला दामाद आपको तोह अपनी माँ से ज्यादा पसंद करेगा, अगर वह आपको देखेगा तो चिंता न करें, शर्म छोड़ें, उसे दिखाएं की उसकी भी सास कैसी है! जब हु आएगा तोह हमारे उस जवान दामाद से मज़्ज़े लो …” और मेरा बीटा मुझे देख आँख मारा.
“अब आप अपने इकलौते बेटे की देखभाल करो! हम दोनों jor-jor से हंसाने लगे, में ड्राइंग रूम में hi उसके होठों को चूम ली… में अब मेरे बेटे नमन के सामने इतने जल्दी कितनी खुल गयी थी.! उसने मेरी निर्भीकता को आश्चर्यचकित कर दिया था, जिससे उसकी भी सहस और बढ़ गयी, और उसने मुझे अपनी badi-badi बांहों में उठा लिया और बिना किसी चिंता के मुझे ऊपर के मास्टर बैडरूम में ले गया. मैं बहुत घबरा गई थी की अगर कोई हमें इस पोज़ में देख ले तो क्या होगा, हे भगवन!

लेकिन किसी ने हमें नहीं देखा, हम कमरे में ऐ, वह बिस्तर पर मुझे मिटा कर , दरवाजा बंद किए बिना hi मेरे ऊपर गिर गया. नमन, दरवाज़ा खुला है, कृपया बंद कर दो बीटा”
“ओह माँ! दरवाज़ा बंद किये बिना उसने मेरी चूड़ी खोल दी, मेरे होठों को चूमा, आँखों को चूमा, स्तनों को सहलाया, मेरा बीटा अब और अधिक साहसी हुआ है, लेकिन मुझे चिंता थी की अगर जमुना बाई या मेरी बेटी ने हमें इस तरह देखा तो क्या होगा! तो में उसे धक्का दिया और खुद दरवज़ा बंद कर लिया. में फिर मुस्कुराते हुए बिस्तर पर वापस ा गयी. मेरे धक्का से मेरे बेटे को थोड़ा गुस्सा आया था और जब में उस पर अपनी बहन रख दिन तो उसने उसे धक्का दिया.
उसके ग़ुस्से को शांत करने, में खुद को नंग कर ली और अपनी छूट, स्तन यहाँ तक की गांड भी दिखाई! उसे किसी प्रकार का नग्न रैंप शो देने लगी. वह मेरे जाल में फँस गया और, बिस्तर से उसने मुझे कसकर गले लगा लिया और अपने बस अंडरवियर में उसके सख्त लुंड को मेरी गांड पर दबा दिया, और वैसे hi मेरी नितम्बो पर धक्के देने लगा .. लम्बे स्ट्रोक के साथ मेरी उत्तेजित भूखी छूट को मेरी कपड़ों के ऊपर से hi छोड़ना शुरू कर दिया,

उफ्फ्फ्फ़ मुझ से ान रहा नहीं गया और में अब मुद कर बिस्तर पर बैठे हुए मेरे बेटे के अंडरवियर को निचे करने लगी.. उसका मोटा राक्षसी कुंड सख्त देख फिर से खिल उठी .. उफ्फ्फ अभी दो बार झरने के बाद भी फिर से सख्त हुआ था मेरे हीरो का राक्षसी लुंड.
उसने मुझे लिटा कर मेरे पैरों को चौड़ा करा अपने लुंड को मेरी छूट के डेन पर रगड़ने लगा..
मेरी गीली छूट उसके लुंड के टॉप को भिगो रही थी .. फिर मेरे बेटे ने एक धक्के से अपना मोटा लुंड मेरी छूट में घुसा दिया .. मेरे मुँह से अह्ह्ह उफ्फ्फ hi निकली..


ओह, मेरे बेटे के लुंड ने मेरी बुर में ज़बरदस्त धक्कों के साथ मेरी चुदाई की जमकर ..
हम खरगोशों की तरह चुदाई कर रहे थे. मिशनरी पोजीशन के बाद मेरे बेटे ने मुझे डोगग्य पोजीशन में छोड़ने लगे, मेरी छूट को खोलकर पीछे से अपने लुंड को दाल, मेरी बुर पर उनलगियों रखकर मेरे क्लाइटोरिस को रगड़ने लगा,

ओह, वह अपनी माँ को सब आसान दिखाना चाहता था .. ! इस मुद्रा में मेरा बीटा मुझे 10 मिनट तक छोड़ने लगा.
फिर मेरी छूट में फिर से अपने गधे वीर्य को 2 मं तक उगलते हुए मेरे बगल में लैर गया. कुछ देर आराम किया, हम दोनों शावर करने लगे. फिर कपडे पहने और हम दोनों बहार ा गए.
जमुना बाई ने अपने काम समाप्त करने के बाडटव देख रही थी. और हमें आते देखकर मुस्कुराई और उठ गई
“नहीं जमुना बाई बैठो और देखो”, मैं मुस्कुरायी, हम भी सोफे पर बैठे, एक कपल की तरह टीवी पर एक ओपेरा देख रहे थे, और मेरी बेटी भी ै और हम सब टीवी देख रहे थे.
जमुना बाई ने कॉफ़ी हूँ सब के लिए परोसी, मेयर बेटी बोली की उसकी सांस और उसके होने वाले पति कुछ 20 मं में आने वाले थे. और में तैयार होने के लिए गई, और मेरे बेटे ने मेरी साड़ी चुनी, गुलाबी रंग की शिफॉन साड़ी, पीछे से 2 स्ट्रिंग्स से बंधी हुयी ब्लाउज, साटन ब्रा और पंतय, पेटीकोट.
में अपने चहरे पर फाउंडेशन लगायी, ेएलइनेर , ेयेशादौ , गलों पर ब्लश, काजल, गुलाबी लिपस्टिक.

, आईने में ऐसे खुद को तैयार देख मैं संतुष्ट थी, और अपनी साडी को नाभि से काफी निचे बंधी, माथे पर थोड़ा सा सिन्दूर लगायी है, गले में सोने का हर, मोती की चैन, मंगलसूत्र पहनी. मेरे बेटे ने मुझे देखकर आंख मरी, “वह माँ बहुत सुन्दर लग रही हो, अब आप जानती हैं की कैसे कपडे पेहेन्ने हैं”, अब हॉल में मेरा होने वाला दामाद अपनी माँ के साथ आया था, मैं थोड़ा शर्मा रही थी, मैं पहली बार मेरे दामाद और हमारी समधी के सामने मॉडर्न रूप में आ रही थी.
दामाद ने मुझे नमस्ते आंटी कहा, मैं भी बहुत शरमाते हुए अपनी सर झुका कड़ी रही.
मेरा दामाद बोलै” वह आंटी जी, आप बहुत सुन्दर हैं .
में देखि की मेरी प्रशंसा करते देख मेरे दामाद के माँ को थोड़ी ईर्ष्या हो रही थी.
फिर उनहोंने कहा ”रत्न, हमें अंजू के लिए कुछ आभूषण खरीदने हैं, क्या आप हमारे साथ रहेंगी?
“है पुष्पजी मैं क्यों नहीं आउंगी.”
नमन बीटा, क्या तुम भी आओगे हमारे साथ?”, उसने मेरे बेटे की और देखते हुए मुस्कुराते हुए कहा .
“क्यों नहीं आंटी मैं भी ा रहा हूँ”
अब मेरी बारी थी ईर्ष्या से मेरे बेटे और समधी की बातें सुन.
अब हम सब कार में बैठे,
“नमन बेटे तुम गाडी चलाओ में तुम्हारे साथ आगे बैठूंगी ..” मेरे समधी बे झट से कहा .. और आगे बैठ गयी .. उफ़ अब मुझे पीछे बैठ देखना पड़ेगा मेरे बेटे और समधी के बीच की फ्लिर्टिंग .
मैं और अंजू पीछे बैठ गए, मेरा दामाद राहुल हमारे बिच में बैठ गया! उसकी जांघ मेरी जांघों को रगड़ते हुए वह मेरी और देख मुस्कुराया!
फिर उसने पीछे से अपने बाएं हाथ को मेरी कमर पर दाल दी और मेरी बेटी से बात करते हुए मेरी कमर छू ली, हे भगवन, मेरा दामाद मुझे भी पाना चाहता हैं !!!!!! यह सब वह मेरी बेटी के सामने उफ्फ्फ इससे मुझे थोड़ी झिझक हुई, मुझे नहीं पता की क्या करून! अब राहुल ने मेरी कमर और नितम्बों को रगड़ना शुरू कर दिया, जो अब मेरे बर्दाश्त के बहार था.

, में अपनी बेटी को हमारे बिच बैठने के लिए बोली ुर मेरे अच्छी बेटी ने , उसका पालन किया, जिससे राहुल चिढ गया लेकिन कुछ कर नहीं पाया.
हम अब शहर की बहुत पॉश आभूषण की दुकान पर पहुंचे, सभी निचे उतर गए, राहुल किसी से बात नहीं कर रहा तह और मुझे कारन पता है! इससे उसकी माँ पुष्प के चेहरे पर मुझे चिंता दिख रही थी. अब स्थिति ख़राब हो रही थी, और आगे और ख़राब न हो इसलिए मुझे पता था मुझे क्या करना होगा. इसलिए में राहुल पर एक शरारती मुस्कान फेंकी और

अपनी कंधे उसके कंधे पर रगड़ने लगी! इससे मेरा होने वाला दामाद खुश हो गया और, अब वह हम सभी के साथ मुस्कुराकर बातें करने लगा.
मेरी बेटी को में खुश महसूस करने लगी और में भी खुश हुयी. अब, हमने बहुत सरे गहने ख़रीदे. राहुल मेरे दामाद ने भी मुझे एक हिरे का सेट उपहार में दिया, इससे उसकी माँ पुष्प थोड़ी जेलाउस दिखी .
, फिर उसने मेरे बेटे से भी उसे उपहार देने में कामयाबी हासिल किआ ुर इस बार में जेलस हुयी.
मेरी समधी ने तोह बराबर से मेरे बेटे से वह हिरे का हार भी पेहेनया,
आखिर में अंजलि के भी गहने खरीदने के बाद हमने बिलों का भुगतान किया, थोड़ी दूसरी खरीदारी की और वापसी यात्रा करने शुरू किये.
अब इस बार मैं राहुल के पास बैठी, उसे सभी शरारतें करने की अनुमति दी सिर्फ अपनी बेटी की खातिर, मेरी गांड, नितम्भ, कमर, यहाँ तक की बगल से मेरे स्तनों को भी रगड़ने दी!
आखिरकार हम अपने घर पहुंचे, राहुल और पुष्प ने कॉफ़ी पि, थोड़ी बातचीत की और चले गए! मेरी बेटी और में अपने गहने ले लिए और उन्हें अपने कमरे में रख दिया, अब हम में, बीटा, बेटी आज के दिन की बातें करने लगे. अब मेरे पति ऑफिस से ऐ थे, वह भी हमारे सभी के साथ शामिल हुए. अब हम सब ने खाना खाया, मेरा बीटा और बेटी शुभ रात्रि कहकर apne-apne कमरे में चले गए.
मेरा बीटा चुप के से मेरे होठों पर चुम्बन ले ली. उफ्फ्फ मेरा नटखट बीटा. मैं अपने शयनकक्ष में ा गई, जिसका उपयोग मेरे बेटे और मैंने आज सुबह और फिर दुपहर को किया था. जहाँ मेरे बेटे बे उसकी माँ को छोड़ा था! और अब उसके पिता भी इसी तरह अपनी पत्नी की चुदाई करने जा रहे थे! इस सब से मुझे अभी भी अजीब सा महसूस हुआ! में अब शरारती मुस्कान देते हुए अपने पति के पास गई उसे पीछे से गले लगायी, उसके गलों को चूमा, पीछे से मेरे स्तनों को उनके पीठ पर मसली.
“ओह! रत्न, मुझे ऑफिस का कुछ काम है, तुम जाओ और सो जाओ, मैं थोड़ी देर बाद सोने आऊंगा”, यह कहते हुए मेरे पति ने मुझे चूमा और चले गए . मैं बहुत उत्तेजित ठु, मैं चुदाई चाहती थी! चूसै चाहती थी !
मेरे पति अभी भी सोचते है की मैं हमेशा की तरह hi हूँ, लेकिन वह नहीं जानते की उनकी पत्नी अब अप्सरा बन गई है, उसे चुदाई अब काफी पसंद है,
उनके बर्ताव से अब मुझे थोड़ा गुस्सा आया, मैं बिस्तर पर गई, उस पर गिर कर सोने की कोशिश की, लेकिन मेरी कोशिश कामयाब नहीं हुयी .
में मन में सोची की मैं अपने बेटे के कमरे में जाकर उससे पूरी रत चुदाई करवाऊं, मेरी छूट मेरे बेटे के हमेशा तैयार लुंड के लिए अब भूखी थी, यह विचार hi मेरी बुर को गिला कर देने लगा था और, हाँ में बिना कुछ सोचे अपनी ऊँगली अपनी गीली छूट में दाल दी और रगड़ने लगी. घुटने तक मेरी पंतय थी और में बुर में उंगली करने लगी थी.!
यह पहली बार है जब मैं अपने आप से मेरी बुर में उंगली कर रही हूँ, ओह, अपनी उंगली को अपने बेटे का लुंड समझकर उंगली करनी शुरू कर दी. अब मैं दूसरी उंगली छूट में डालते हुए वहां रगड़ने लगी. फिर में अपने, अंगूठे से मेरी योनि को रगड़ती रही, ओह, अपने बेटे के लुंड की भूखी छूट में तेज़ी से में उंगली कर रही थी. ,

अब मेरे हाथ की चूड़ियां आवाज कर रही हैं, यह मेरे पति का ध्यान खींचती रही और. पति ने मुझसे पूछा की मैं कम्बल के अंदर क्या कर रही हूँ, आवाज़ क्यों ा रही है!
“ डिअर मैं बहुत कामुक फील कर रही हूँ, मैं अपनी छूट में उंगली कर रही हूँ, कृपया औ और अपनी सेक्सी पत्नी को छोड़िये, में भरी और कामुक आवाज़ में बोली.
मेरे साहसिक समर्पण ने मेरे पति को जाग्रत कर दिया! वह बिस्तर पर आकर मेरे ऊपर से कम्बल हटा दी और देखने लगे की उसकी शरारती पत्नी क्या कर रही है!
“ओह्ह रत्न मेरी jan,”yah कहते हुए उसने अपनी पजयमा और कच्ची उतर दी और मेरे स्तनों को चूमते हुए चूमने लगे, उसका लुंड अभी भी कड़ी चुदाई के लिए तैयार नहीं था, वह आधा खड़ा था!
में उनके लुंड को mukh-maithun देने का निर्णय ली!
इसीलिए में अपनी उँगलियों को अपनी छूट से हटा लीन और बिस्तर से उठकर उनके ardh-khade लुंड के पास बैठ गई, उस पर अपनी बुर की गीलापन रगड़ने लगी, फिर में अपने गीले होंठ उसके लुंड पर रख दिए और अपने hi रास का स्वाद लेते हुए उनके लुंड को चूसना शुरू कर दी!

मेरे इस हरकत ने मेरे पति को इतना कामुक बना दिया क्यूंकि में उन्हें पहले कभी ब्लोजॉब नहीं दी थी.
“ओह्ह्ह्ह रत्न”, उनहोंने अपना लुंड मेरे मुंह में धकेलना शुरू कर दिया, वह स्वर्ग में थे, में उन्हें एक अच्छा ब्लोजॉब देने लगी. अब उनका लुंड कांप रहा था, मुझे पता था की वह किसी भी क्षण स्खलित हो, जाएंगे.. उनके लुंड को में मेरे मुंह से निकली , उन्हें मेरी छूट छोड़ने के लिए बोली और, मेरी टाँगें चौड़ी कर दिन,
उनके लुंड ने मेरी छूट के होंठों को पकड़ लिया, फिर वह मेरी खुली जांघों के बिच बैठ, जल्दी से अपनी 6 इंच का लुंड मेरी बुर में उतर दी और मेरी, चुदाई शुरू हुई, लेकिन वह केवल कुछ hi झटकों में hi ख़त्म हो गए और मेरी बुर में. , hi वीर्यपात कर दिया!
“ओह्ह्ह सुनील तुम इतनी जल्दी झाड़ गए,” गुस्से भरी आवाज में बोली!

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“ क्षमा करें रत्न, बस उतना कहते हिये वह बाथरूम में चले गए. मुझे बहुत गुस्सा ा रहा था, मैं उनके पीछे बाथरूम नहीं जाना चाहती थी, और मैं अर्ध नग्न अवस्था में गहरी नींद में सो गयी.
मैं सुबह जल्दी उठ कर रसोई में गयी, जमुना बाई ने पहले से hi कॉफ़ी तैयार कर राखी थी, में एक कप पि ली की, मेरा बीटा नमन भी रसोई में ा गयी और सुबह मेरे गलों पर चुम्बन देने लगा. ,
वह जनता था की जमुना बाई मौजूद है कही आस पास हैं फिर भी वह, मेरे होठों पर चूमने लगा. में भी उसके गलों को चूम ली. उसे कॉफ़ी कप देते हुए पूछी की क्या वह सुबह में गयम में नहीं जा रहा है?”
“माँ हाँ जाऊंगा न .. अरे आप भी एरोबिक्स और योग कक्षाओं में शामिल क्यों नहीं हो जाती.
, मैं फिटनेस के कारन नहीं बल्कि जितना संभव हो उतना मेरे बेट ेके करीब रहना चाहती थी इसलिए , मैं तुरंत सहमत हो गयी! मैं अपने कमरे में चली गई, मेरे पति स्नान कक्ष से बहार ऐ, और में उनसे कही की मैं अपने बेटे के साथ योग कक्ष में जा रही हूँ. वह आश्चर्यचकित हुए लेकिन बोले की ठीक है,
में अपनी पोषक बदल ली, लॉन्ग टाइटस और टाइट टी- शर्ट पेहेन ली जिसमें, मेरे स्तन उभर रहे थे. T-shirt में खुद को शीशे में देख रही थी,

मेरे पति मुझे देख हांसे और बोले
“रत्न, अगर तुम ऐसे जाओगी तो योग शिक्षक योग नहीं सिखाएंगे, वह कुछ और सिखाएंगे.”
उनकी टिपण्णी सुन मैं भी हंसी, में रीबॉक के जूते दाल निचे चली गयी. , मेरा बीटा भी तैयार हो गया था.
अपने ट्रैकसूईट में मुझे टाइट लॉन्ग टाइटस और टाइट t-shirt में देखकर उसने शरारत से मेरी तरफ आंख मरी,. में उससे पूछी की मैं कैसी लग रही हूँ,
“वह माँ, आप तो कमल की लग रही हो एकदम यंग आइटम”, और हम jor-jor से हसने लगे, में अपने बालों को पोनी टेल में बांध ली. हम गयम जा रहे थे जो हमारे शहर में बहुत प्रसिद्द है. अब बताने की जरूरत नहीं है की गाड़ी चलते समय मेरे बेटे ने मेरी जांघों को रगड़ने लगा, जब भी वह गियर बदल रहा था, और मैं उसके सेक्सी खेल पर हंस पड़ी. गयम पहुँचते हुए मैं कार से उतर गई, उसने कार पार्क की.
मेरे प्यारे बेटे ने मुझे गयम मैनेजर के पास ले गया, मुझे उसी परिचय करवाई की मैं उसकी माँ रत्न हूँ, मैनेजर 30 साल का अच्छा दिखने वाला स्मार्ट लड़का था. उसका नाम विजय सिन्हा था, हमनें हाथ मिलाये ek-doosare के , विजय ने मेरे बेटे की और मुड़कर कहा,
“नमन, तुम्हारी माँ बहुत अच्छी फिट हैं, उनके लिए किसी एरोबिक्स की जरूरत नहीं है, वह केवल 30 साल की लगती हैं, मुझे लगा की वह तुम्हारी बहन हैं. “ हम दोनों हांसे, में उससे कही की मैं 44 साल की हूँ और 2 बच्चों की माँ हूँ, और दोनों हांसे. मेरा बीटा अपने मुस्कले बिल्ड सेक्शन में गया, विजय मुझे एरोबिक्स सेक्शन सेक्शन में ले गया, ट्रेनर से मुझे मिलवाया, उसका नाम रेशमा था, वह एक स्मार्ट महिला थी.
, वह मुझे एरोबिक्स हॉल में ले गई, मेरी विप स्थिति के कारन बहुत सावधानी बरतते हुए उसने मुझे कुछ स्ट्रेचिंग सिखाई कुछ अच्छे फिटनेस एक्सरसाइजेज , ओह, में बहुत तेज़ी से सीखा. 25 से 30 मिनट्स तक पसीना बहाया, उसने सीखने के मेरे प्रयासों की सराहना की, और में उसे धन्यवाद दी, फिर से थोड़ा आराम किया. फिर विजय आया और मुझे योग क्लास में ले गया, जहाँ उसने मुझे श्याम नाम के एक फिर लड़के से मिलवाया, मेरा परिचय कराया. श्याम ने 10 मिनट तक कुछ व्यायाम सिखाए, और मैं बहार ा गयी
. रिसेप्शन पर खड़े विजय ने मेरा स्वागत किया और कुछ देर के लिए मुझे कुर्सी पर बिठाकर विनम्रता से बात की, मेरा बीटा फिर बहार आया, और हम गाडी में वापस चले गए! घर पर कोई नहीं था क्योंकि मेरी बेटी बहार गई थी, मेरे पति ऑफिस गए थे., केवल जमुना बाई थी, उसने हम दोनों को कुछ नुट्रिशन ड्रिंक दी, मेरे बेटे ने पि, जमुना बाई चली गई और रसोई में केवल माँ और बीटा थे, मेरा बीटा मेरे पास आया
“माँ, आज मैं कहीं ले जा रहा हूँ आपको, मत पूछो की कहाँ, कृपया मेरे साथ औ”
“ठीक है बीटा, तुम मुझे जहाँ भी ले जाओ, मैं तैयार हूँ” में कही
“ ओह्ह मेरी प्यारी माँ, मैं तुम्हें केवल स्वर्ग दिखाऊंगा, , ठीक है, यह कहते हुए उसने मेरे होठों को चूमा और हम तैयार होने के लिए अपने कमरे में चले गए,
उसने मुझे उसके इच्छा के अनुसार जीन्स और टॉप पेहेन्ने के लिए कहा., में गुलाबी रंग की साटन टॉप पहनी और स्किन टाइट जीन्स. , ओह, मैं इस फिटिंग में बहुत सेक्सी लग रही थी, में अब लाल लिपस्टिक लगाई, ऊँची यदि की रेड हील्स, गॉगल्स भी पहने.
में, बहार आयी,, मेरा बीटा पहले से hi हॉल में था. , जमुना बाई बाई मुझे अविश्वसनीय रूप से देख रही थी, में उसे देखकर मुस्कुरायी, उससे बोली दोपहर का भोजन तैयार करने के लिए. लेकिन मेरे बेटे ने कहा की हम दोपहर के भोजन के लिए नहीं ा रहे हैं, हम केवल शाम को आएंगे.
हम कार में जाने lage,m. मैं उस ऊँची हील्स के कारन अपने नितम्बों को इतना बेतहाशा हिला रही थी की मेरा बीटा बोलै
“, ओह मन, आप बहुत सेक्सी और कामुक हैं, देखो आपने अपने बेटे का क्या हाल बनाया हैं और उसकी ऊँगली उसके ज़िपर पर थी., हे भगवन! मेरे बेटे की पंत एक तम्बू की तरह कड़ी थी.
हम सामने की सीट पर में उसके बगल में बैठ गयी, मेरे बैठते hi उसने कार का कला शिक्षा ऊपर किया, अपनी पंत की ज़िप खोली, और अपने विशाल लुंड को बहार निकला.
, में उसके लुंड को सहालने लगी और उसे वापस खड़ा कर दिया , उसने ऐसे hi इंजन शुरू कर गाडी चलने लगा. वह फिर मेरे तरफ देखा,
“ओह माँ! अपने सिन्दूर और मंगलसूत्र पहनी है, कृपया इन्हें हटा दें!” उसने अनुरोध भरे स्वर में कहा और उसे सुन यह मेरे लिए हैरानी की बात थी. फिर, वह हंसा और कहा की आज मुझे और अधिक सेक्सी बनाने के लिए एक टैटू और पियर्सिंग के लिए किसी नै दुकान पर ले जा रहा हूँ और वहां पर आप मेरी माँ नहीं होगी.”
, मुझे थोड़ी घबराहट महसूस हो रही थी, में उससे की पूछी की टैटू और पियर्सिंग क्यों?,
“ओह माँ वे आजकल बहुत फैशन में हैं, वे चीज़ें महिलाओं को और अधिक सेक्सी बनती हैं, मैं आपको किसी भी युवा लड़की से अधिक सेक्सी बनाना चाहता हूँ, ठीक है., कुछ नहीं होगा, कृपया मुझे आपके लिए उन्हें करने की अनुमति दें”, वह बोलै. मैं घबराकर सहमति दी . मेरी एकमात्र चिंता मेरे पति हैं, मैं ऐसे कैसे कर सकती हूँ एयर ये कैसे दिखाऊ. लेकिन मेरे बेटे ने मुझे आश्वस्त किया की पिताजी को यह पसंद आएगा!
मुझे पता है की पिताजी से ज्यादा मेरा बीटा hi यह चाहता है और, में मुस्कुराकर बोली.
“ ठीक है, बेटे जैसे तुम्हारी मर्ज़ी”
“ओह माँ, थैंक्स” यह कहते हुए उसने मेरे गलों को चूमा.
में अभी भी नेरे बेटे के सख्त लुंड को हिला रही थी… मेरी कामुकता बढ़ती हुयी.

में पूछी ,” लेकिन बीटा, मैं अपनी मंगलसूत्र क्यों उतरूं? ओह माँ! मैं तुम्हें अपनी माँ के रूप में नहीं बल्कि अपनी गर्लफ्रेंड के रूप में पेश करने जा रही हूँ.”
उफ्फ्फ्फ़ हे भगवन, इसी संवाद ने मुझे बहुत उत्तेजित कर दिया, हे भगवन, मैं अपने hi बेटे की प्रेमिका बनूँगी दूसरों के सामने!
उसके निर्देशों के अनुसार में अपनी मंगलसूत्र उतर दी, बिंदी हटाई, अपने छोटे मेकअप किट के साथ टच उप करि. मैं एक युवा लड़की की तरह दिख रही थी जो अपने बॉय फ्रेंड के साथ बैठी है!
ओह, मेरी माँ क्या मस्त लग रही हो! मेरे बेटे ने मुस्कुराते हुए बोलै. मैं खुद को 25 साल की महसूस करते हुए शरारत से मुस्कुरायी.
हम वहां पहुँच गए. मेरे बेटे बे अपने लुंड को पंत मेजन दाल ज़िप लगायी और हम गाडी से उतर गए . यह एक बहुत बड़ी दुकान थी, बहुत साडी युवा लड़कियां थी बल्कि, दोनों लडके और लड़कियां, बहुत आकर्षक पोशाकों के साथ थे जैसे माइक्रो मिनी स्कर्ट्स और शॉर्ट्स उफ्फ्फ्फ़.
, यहाँ तक की उनमें से कुछ एक दूसरे को खुले में छुम रहे थे. , मनो सेक्स टेंशन हैवे में थी. , में इसके बारे में कभी नहीं सोची थी की ऐसी जगह मैं अपने बेटे साथ हु भी बॉय फ्रेंड बना कर उसके साथ ऐसे आउंगी बहार समाज के सामने. अब जैसे hi हम एक दरवाज़े से अंदर प्रवेश करे, एक बड़ा कला मर्द हमारे पास आया और बोलै,
“ओह्ह मेरे दोस्त नमन, तुम कैसे हो यार, मैं बहुत दिनों बाद मिले हो , तुम्हारा इंतज़ार कर रहा था.”
फिर वह मर्द, मुझे बहुत ेल कामुक और सेक्सी लुक दे रहा था, मनो मेरे बदन के हर हिस्से को खा रहा हो.. उसकी आँखों से में आँखें मिला नहीं पा रही थी.
“हाँ यार ट्रैफिक थी बहुत इसलिए देरी हो गई.”
वह कला मर्द , काफी अच्छे बॉडी वाला , मेरे बेटे से भी और मस्कुलर मुश्टण्डा था.

वह नमन की तरफ सवालों वाली निगाहों से देख रहा था और फिर मुझे देख रहा था ..
मेरा बीटा बोलै “ओह में तोह इंट्रोडस करवाना hi भूल गया यार. यह मेरी गर्ल फ्रेंड है रत्न.”
फिर मेरी तरफ देख नमन बोलै “रत्न यह जिमी है, इससे मिलो. मेरा ख़ास दोस्त.”
हे भगवान् मेरा बीटा , अपने hi दोस्त से मुझे गर्ल फ्रेंड के रूप में मिलवा रहा था!!!