- Joined
- Dec 5, 2013
- Messages
- 95,650
अपडेट :40
************
सूबा जब मेरी आंख खुली तो पूजा दीदी मेरे ऊपर और रानी मेरे बाज़ो में सिमटी सो रही थीं.
दोनों के अंदर की गर्मी के निकलने से दोनों के hi चेहरे बोहत hi प्यारे लग्ग रहे थे. मैंने रानी और पूजा दीदी को खुद से अलग किया. तो दोनों थोड़ी सी हिली जुली लेकिन इतनी pur-sakoon नींद में थी भला कैसे उठती. मैंने पहले पूजा दीदी के होंठों पर एक किश किया फिर रानी को भी किश कर के मैं बाथरूम में घुस गया. और फ्रेश हो कर अखाड़े की तरफ निकल गया. फिरसे से वही रूटीन शुरू हो गई....... अखाड़े से 3 बजे मैं वीराने की तरफ निकल लिया. सबब वहीँ थे और फिरसे से शुरू हो गई वही रूटीन. पहले जो सीखा था उसकी प्रैक्टिस ki..phir मुझे कुछ नई सिखाया जाने लगा ...... लास्ट के 1 घंटा में गन्स की ट्रेनिंग भी ली. गन्स को चलने में मैं एक्सपर्ट हो hi गया था. ख़ास कर ग26 का पिस्तौल राज सर के कहने के मुताबिक़ सच में hi मेरे लिए फवौरीते हो गया था. ग्लोक को हाथ में लेते hi ऐसा लगता जैसे ये बना hi मेरे लिए है.... ग्लोक से निशाना मेरा सब से अच्छा था दूसरी गन्स की निस्बत. और ग्लोक को उसे करने में मेरी फुर्ती तो ऐसे थी क तीनो देखते hi रह जाते थे. और राज सर मुझे देख कर मुस्कुरा देते थे. जैसे मैं उनकी उम्मीदों पारर सही से पूरा उतर रहा हूँ. और उनके hi जैसे मेरा भी फवौरीते ग्लोक hi था .............
राज सर ने मुझे भी ग्लोक के साथ 100+ बुलेट्स भी दे दी थीं. जो घर में hi पड़ी थीं. कभी इमरजेंसी में ज़रुरत पद सकती थी.
********************************************************************************
इंट्रोडक्शन:
नागराज: 63 आगे
नागराज के बारे तो आप जान hi चुके हैं. इन जैसों का डिटेल इंट्रो किस काम का. घटिया लोग भी कभी इंट्रो के लायक होते हैं. बाकी इन के करैक्टर के बारे स्टोरी में सबब कुछ आपके सामने आता hi रहेगा..............
सुमित्रा: आगे :62: नागराज वाइफ
ये भी नागराज की hi तहा कमीनी और घटिया है. जवान होते hi नागराज से छोड़ने लगी और नतीजे में दन्न पैदा हो गया..... छोड़ने में इस का कोई सांई नहीं था.. और उस वक़्त नागराज की इसने बड़ी मदद की. लुच्चे के साथ सुमित्रा मिल कर लुछी बन गई. नागराज के बूढ़े होने पर और नागराज के लुंड की गर्मी कम् होने पर अपने नौकरों से भी चुदती रहती है .. या ये कहना सही रहेगा क छोड़ने क लिए स्पेशल नौकर रखे हुए हैं .... नागराज और दन्न सबब जानते हैं क सुमित्रा कितनी बड़ी चुड़ककर है. पर नागराज और दन्न को is'se कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता...
विमला : आगे:60: नागराज वाइफ
ये भी नागराज की hi धरम पत्नी है. उसके जैसी तो नहीं है लेकिन किसी से कम् भी नहीं है. अभी भी 45 की दिखती है. लेकिन सख्त मज़ाज है. और हर्र किसी को मोहन नहीं लगाती. सुमित्रा की तरह हर किसी के आगे छूट नहीं खोलती. खोलती है लेकिन अपना मैं पसंद बाँदा और लुंड ढून्ढ कर चुदती है .... छोड़ने में सुमित्रा से कम् नहीं. लेकिन अपनी छूट और गांड को सोच समझ कर उसे में लाती है.. अब्ब बॉडी फिगर की बात ज़रूरी नै है.. जो इस उम्र में भी चुदती रहती हैं. उनकी बॉडी तो मस्त और फिगर dhamake-daar तो होगा hi.....
दन्न : आगे :42:
नागराज और सुमित्रा की हवस का निशाँ..... चुटिया कहीं का... हरामी होने का ग़म नहीं दन्न को.... दन्न को इस बात से कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता..... . हमारी स्टोरी का मैं विलन है...... कैसा है ये सबब तो आप जान hi गए होंगे ........... बाकी इस बारे मेरा बताने का मान नहीं है.....
*************************************
नागराज के सुमित्रा और विमला से और कितने बच्चे हैं. हुए उनके बच्चों के कितने बच्चे हैं ........... दन्न के छोड़ने से कितने इस दुन्या में ए वो सबब बाद में सही. अभी इसकी ज़रुरत नहीं है. और इस घटिया खानदान से जुड़े अगर किसी भी पर्सन का स्टोरी में काम शुरू हुआ तो साथ साथ hi बता दिया जायेगा .....
ये है कुछ इंट्रो डिटेल ................. बाकी ज़रुरत पढ़ने पर बाद में..
********************************************************************************
मुंबई के साहिल से 20 किलोमीटर दूर समंदर में एक हेलीकाप्टर उड़द रहा था...
समंदर की लहरों से उस हेलीकाप्टर की ऊंचाई 25 फ़ीट थी.....
हेलीकाप्टर से एक रस्सी नीचे समंदर में लटक रही थी .... और उस रस्सी को अपने एक हाथ में पड़के एक लड़की पैरों में स्केटिंग बोर्ड बंधे समंदर की लहरों पर सर्फिंग कर रही थी ....... लड़की की महारत हेलीकाप्टर में बैठे हुए लोग और समंदर के पानी में रहने वाली क्रीचर्स बोहत अच्छे से जानती थी. लड़की को हेलीकाप्टर से रस्सी लटका कर से स्केटिंग करने में कभी कोई परेशानी नहीं होती थी. और हो भी कैसे सकती थी... समंदर से उसे कोई डर नहीं थी ...
और jaan-leva स्टंट करना उस की आदत. लड़की सिर्फ समंदर में स्केटिंग hi नहीं करती थी. और भी कई तरह के स्टंट वो हेलीकाप्टर से लटक रही रस्सी को पकड़ कर से क्रीचर्स को दिखाया करती थी...... 30 मिंट तक लड़की से स्केटिंग करती रही ... हेलीकाप्टर लड़की को कभी स्ट्रैट तो कभी राउंड में घुमा कर से स्केटिंग करवा रहा था....
जब्ब लड़की का मैं से स्केटिंग से भर गया तो फिर उस लड़की ने दोनों हाथों से रस्सी को पकड़ कर एक जम्प हवा में लगाया. और फिर पलटी खाते हुए एक हाथ के ज़रिये फुर्ती से अपने दोनों परिरों में बंधे सकते बॉर्ड्स के लॉक खोल दिए. दोनों सकते नीचे समंदर के पानी में जा गिरे.
स्केट्स के गिरणसे से पहले hi लड़की ने रस्सी को छोड़ कर अपने बदन को घूमते हुए दोनों हाथों को जोड़ कर सर्र के बॉल समंदर के पानी को कूद गई ... लड़की जब्ब तक समंदर के पानी से बहार आती. तब्ब तक हेलीकाप्टर से पहले वाली रस्सी को खेंच कर दो और रस्सियों को नीचे लटका दिया गया... लड़की समंदर की गहराई से सतह पर आई.
उसे पहले से hi पता था क अब्ब उसे क्या करना है. उसने दोनों रस्सियों को पकड़ लिया. लड़की को दोनों रस्सियां पकड़ते देख कर एक आदमी ने पायलट को हेलीकाप्टर ऊपर उठाने का इशारा किया .... हेलीकाप्टर 10 फ़ीट और भी ऊपर उठ गया . और फिर मुंबई के साहिल की तरफ जाने लगा........
लड़की 1 मिंट तक दोनों रस्सियों को पकडे लटकी रही. फिर लड़की खुद को एडजस्ट करते हुए हवा में hi दोनों रस्सियों से लटके स्टंट करने लगी .. लड़की कई तरह के स्टंट में माहिर थी. दोनों रस्सियों के ज़रिये वो हवा में hi गुम्नास्टिक के पोज़ देने लगी.
हेलीकाप्टर अचानक से उड़ता हुआ 10 फ़ीट ऊपर गया. हेलीकाप्टर के ऊपर होते hi दोनों रस्सियों ने एक झटका खाये और फिर लड़की दोनों रस्सियों पर गुम्नास्टिक की मश्क़ करती हुई एक झाकते में नीचे समंदर की तरफ आने लगी .....
ऐसे hi जब्ब तक हेलीकाप्टर मुंबई के साहिल से कुछ आगे एक खाली जगा तक्क पोहचता. तब्ब तक्क लड़की हवा में hi रस्सियों से लटकते हुए अपनी मश्क़ करती रही.
हेलीकाप्टर के अपनी मंज़िल पर पोहचते hi लड़की ने खुद का बैलेंस बनाते हुए दोनों रस्सियों को छोड़ कर एक जम्प लगाए. और 15 फ़ीट नीचे ज़मीन की तरफ आने लगी... पैरों के ज़मीन को छूटे hi लड़की ने एक कल्टी मारी और कुछ फ़ीट लुढ़कती हुई उठ कड़ी हुई ......
हेलीकाप्टर कुछ फासले पर लैंड हो गया ....
दो लड़कियां भागती हुई उस लड़की के पास आई. एक के हाथ में टॉवल था तो दूसरी के हाथ में पानी की बोतल.... लड़की ने पहले पानी की बोतल ले कर उस का ढक्कन खोला और बोतल को अपने चेहरे पारर ला कर पानी गिराने लगी ... बोतल का पानी लड़की के चेहरे पर गिरते hi लड़की का चेहरा चमकने लगा ..
लड़की ने दो घूँट पानी पिया और बोतल उस लड़की को वापिस करदी. दूसरी लड़की से टॉवल ले कर अपने चेहरे को साफ़ किया फिर दूसरी लड़की को टॉवल वापिस दे कर एक चेयर उस के पास ले गई थी. लड़की ने चेयर पर बैठ कर अपने सर्र पीछे टिका कर ऑंखें बंद कर लीं .....
लड़की के आस पास 8 लड़कियां और भी कड़ी हुई थीं और कुछ फासले पर 20 गन ब्रदर सिक्योरिटी गार्ड्स खड़े हुए थे सबब लड़कियां और सिक्योरिटी गार्ड्स उस लड़की की ऑंखें बंद देख कर चैन की सांस ले रहे थे .....
लड़की का चेहरा समंदर के पानी और जिमनास्टिक की मश्क़ की वजा से बोहत hi निखरा निखरा लग रहा था.... वैसे भी इस लड़की के जैसी khub-soorti और कहाँ दहकने को मिलेगी ....... गयमानस्टिक की मास्टर होने की वजा से लड़की का जिस्म ऐसा matnasib(pro राटा) था क पास कड़ी लड़कियां हसरत hi करती रहती थीं.
""ऐ काश हाम्रा भी जिस्म ऐसा होता""
.....पागल ladkiyaan..........us लड़की के जैसे स्टंट तो करके दिखाओ. फिर उस लड़की के जैसी khub-soorat होने की हसरत भी दिल में पाल लेना .....
पर लड़कियां भी बेचारी क्या करें. उस लड़की का बदन था hi ऐसा fit..badan की चमक ऐसी चाँद तारों की रौशनी भी मांड पद जाये... और बदन ऐसा लचकीला क समंदर में रहने वालियां मछलियां भी लड़की के बदन को देख कर शर्मा जाए ..... लड़की का बदन जितना लड़कीला और जिमनास्टिक की वजा से जितना भी नरम था.
लेकिन लड़की के बूब्स की कसावट किसी ठूस चटान की मानिंद थी. ऐसे तन्न कर खड़े रहते थे क देखने वाले अपनी राल टपकने से खुद को रोक नहीं पाते थे...
लड़की को देख कर कम् hi किसी का लुंड खड़ा होता था क्यूंकि जैसे hi उसे इस बात का पता चलता क उसे देख कर किसी के लुंड में सरसराहट भी हुई तो वो लड़की उसका लुंड hi काट देती थी ....
लड़की जितनी जिमनास्टिक और स्टंट्स में माहिर थी .. us'se बढ़ करख़तरनाक थी.. किसी को जान से मारना तो अलग बात है. खुद किसी को चीयर फहद कर देना उस लड़की की आदत थी ... जितनी khub-soorat थी us'se कहीं बढ़ कर khatar-naak थी..
अपने साथ रह रहे गन्स बरदार गार्ड्स की कभी परवा नहीं करती थी. खुद को खुद hi सिक्योर कर लिया करती थी .....फाइटिंग में उस लड़की को कमाल हासिल था .....
लड़की ने आंख खोल कर एक लड़की को देखा तो वो लड़की भागती हुई आई और एक गाउन उस लड़की को दे कर वापिस अपनी जगा चली गई .... लड़की ने गाउन पहन कर सबब लड़कियों की तरफ देखा और फिर गार्ड्स की तरफ देखा ... लड़की के देखने से hi गार्ड्स सबब समझ गए ... 3 गार्ड्स ने पास में कड़ी हुई एक वन में से एक आदमी को बहार निकला. वो आदमी बंधा हुआ था .... उसे ला कर लड़की के पैरों में फ़ेंक दिया गया.
उस बंधे हुए आदमी ने जब्ब लड़की को देखा तो उसकी ऑंखें पहटि की पहटि रह गई थीं . उसे इतनी जल्दी अपनी मौत का यकीन नहीं था... लड़की ने गार्ड्स को एक बार फिर से देखा कुछ बोली नहीं ... गार्ड्स तो जैसे सबब समझते थे... गार्ड्स ने आदमी की बंदिशें खोल दीं ....
आदमी खुद को आज़ाद प् कर डर के मारे थार थार कांपने लगा .... लड़की ने एक बार फिर से एक गार्ड्स की तरफ देखा तो उस गार्ड्स ने अपनी कमर पर बंधा हुआ खंजर उतार कर लड़की के हाथ में दे दिया ... लड़की के हाथ में खंजर देखते hi आदमी माफ़ी मांगने लगा .....
आदमी :- मम मुझे माफ़ करदें फिर कभी महजसे ऐसी गलती नहीं होगी .....
आदमी की बात सुन कर लड़की के होंठों पर एक दरिंदों जैसे स्माइल आ गई.....
लड़की :- हममममममममम माफ़ी और वो भी मुझसे .......
लड़की की स्माइल और फिर बोलने के अंदाज़ से hi न सिर्फ वो आदमी बल्कि जो भी ये सबब देख रहा था .... थार थार कांप रहा था ... लड़की के साथ की लडकियां और गार्ड्स इन सबब के आदि थे लेकिन लड़की की दहशत hi इतनी थे क जब्ब भी लड़की इस रूप में आती थी... वो सबब खुद के डर पर काबू नहीं रख पाते थे.....
कुछ गार्ड्स को छोड़ कर सबब की hi हालत पतली होने लग गई थी......'
आदमी ने जब्ब लड़की की बात और स्माइल देखि तो उसका मूट उसकी पेण्ट में hi निकल गया.
लड़की ने जब देखा क आदमी का पेशाब निकल गाय है. तो
लड़की:- वाह ये तो अच्छा हुआ क तुमने पहले hi मूट दिया. अब्ब मुझे परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी....
ये बोल लड़की ने फिर एक गार्ड को देखा वो लड़की का इशारा समझ गया.
उस गार्ड ने फ़ौरन hi उस आदमी के कपडे अपने चाकू से काटने शूर कर दिए.. कुछ hi देर में वो आदमी उस लड़की के सामने नंगा हो गया ....
आदमी अब्ब बोलने लायक नहीं रहा था.... कभी वो भी इन सबब गार्ड्स के साथ मिल कर ऐसे hi किसी और को उस लड़की के हाथों मरता हुआ देखा करता था .... अब्ब आगे वो लड़की क्या करेगी वो आदमी जानता था. लेकिन वो कुछ भी नहीं कर पा रहा था... उसके पास कोई ऑप्शन hi नहीं .. लड़की से बच निकलना किसी के लिए मुमकिन hi नहीं था ... पूरे इंडिया में कोई ऐसी जगा नहीं थी जहाँ से वो लड़की अपनी शिकार को ढून्ढ न पाए .... आदमी को अपनी मौत दिख चुकी थी ..
लड़की अपने हाथ में मौजूद खंजर से आदमी के लुंड को टटोलने लगी ...... और फिर
लड़की :- क्यों कुछ ज़यादा hi गर्मी छड़ गई थी ... (आदमी के लुंड की तरफ इशारा करती हुई) इसी के बलबूते पर तू किसी के साथ कुछ भी करेगा ... इसी की वजा से hi तूने उस बेचारी लड़की का रपे कर दिया था ... बड़ा गर्व होगा ना तुझे अपने लुंड पर .... क्यों मैं सही कह रही हूँ ना ... तेरे पास है तो क्या तो किसी की भी इज़्ज़त लूट लेगा .... साला कुत्ता कही का .....
बोलते बोलते लड़की की आवाज़ में दरिंदगी बढ़ने लगी. फिर लड़की ने पास कड़ी एक लड़की की तरफ dekha.ladki जल्दी से अपने हाथ में मौजूद ग्लव्स अपनी मम को थमा कर वापिस अपनी जगा कड़ी हो गई .... लड़की ने ग्लव्स पहने और खंजर को उठा कर आदमी के लुंड को दुसरे हाथ से पकड़ लिया ... आदमी ये सबब देखते हुए ऐसे काँप रहा था. जैसे सर्दियों में होने वाली बारिश में कोई बाँदा गलती से बिना कपड़ों के hi भीग गया हो ...
लड़की बड़े hi मज़े से खंजर की नोक से उस आदमी के लुंड को चीरने लगी......
आदमी की चीखों ने एक अजीब सा खौफ सबब के दिलों में जगा दिया था .... सभी को उस आदमी की होने वाली मौत ने हिला दिया था .... लेकिन लड़की को किसी के कांपने से या उस आदमी की चीखों से कोई मतलब नहीं था वो बास अपने काम में लगी रही ... उस आदमी का लुंड चीरता जा रहा था लेकिन आदमी की इतनी हिम्मत नहीं हो रही थी क खुद को सेफ करने के लिए उस लड़की पर हाथ भी उठा सके ... लड़की से लड़ना या उसके काम में मदाखलत करना भी एक नयी शामत कड़ी कर देता था .....
लड़की ने पहले उस आदमी के लुंड को जगा जगा से चीरा.... फिर उस लड़की ने
आदमी के लुंड को लम्बाई के रुख से चीरना शुरू कर दिया ... लड़की आदमी के लुंड को चीयर कर एक पीेछे को अलग करती फिरसे दुसरे पीेछे को अलग करने के लिए लुंड को चीरने लगती..... कुछ देर में आदमी का लुंड एक नहीं रहा था. उस के लुंड की कई पीेछे नीचे झूल रहे थे. वो आदमी गिर ना जाये इस लिए दो गार्ड्स ने उसे पकड़ा हुआ था ...
नीचे की ज़मीन उस आदमी के लुंड से गिरते हुए खून से रंगने लगी थी ... लेकिन लड़की ने अपना काम अधूरा नहीं छोड़ा....... लड़की को कोई जल्दी नहीं थी वो ऐसा काम बड़े hi आराम से किया कर्त टी थी. उसे इस सबब में बड़ा मज़ा आता था .... इज़्ज़त के लूटेरों का वो ऐसा hi हशर किया करती थी .... कुछ hi देर में आदमी का लुंड मज़ीद चीरने लायक नहीं बचा तो लड़की ने गार्ड्स को देखा तो गार्ड्स ने उस आदमी को साइड ले जा कर शूट कर दिया .... लड़की ने ग्लव्स उतारे और फिरसे कुछ लड़कियों की मदद से खुद को साफ़ किया और चेयर पर बेथ गई...
अब्ब उस के चेहरे पर दरिंदगी नहीं एक बड़ी hi पायरी सी स्माइल थी.. वो सबब लड़कियों को प्यार भरी नज़रों से देखने लगी .... लड़की का मूड चेंज होते hi सबब ने सुख का सांस लिया .........
कुछ hi देर में एक गार्ड्स भागता हुआ आया उसके हाथ में मोबाइल था ... लड़की ने उस गार्ड को देखा तो
गार्ड्स:- मम सर का फोन है ..... गार्ड के मोहन से सर सुनते hi लड़की का मूड फिर से ख़राब हो गया ... मोबाइल ले कर लड़की सर से बोली ..
लड़की :- हाँ किस लिए फोन किया आपने (लड़की रूखे अंदाज़ में बोली)
उधर से:- महक बीटा ऐसे भी कोई बात करता है क्या अपने डैड से?
महक :- ओह्ह्ह्हह्ह डैड hmmmmmmmmmmm चलें ठीक है ........ तो डैड फिर बताएं मुझे कैसे याद किया ... कुछ काम था क्या मुझसे ...
डैड :- महक बीटा अगर काम होगा तब्ब hi तुमसे बात करूँगा क्या ..... क्या मैं अपनी बेटी से बात भी नहीं कर सकता .........
महक :- डैड क्यों नहीं मैं आप की hi तो बेटी हूँ .. आप कैसे नहीं मुझसे बात कर सकते ... आप का पूरा पूरा हक़ है मुझ पर .. (महक कुछ तीखे अंदाज़ में बोली)
डैड :- महक कोई ऐसे भी बात करता है क्या अपने डैड से ... आखिर तुम क्यों मुझसे ऐसी बात करती है .... डैड हूँ मैं तुम्हारा ..... यू स्टुपिड गर्ल
महक :- वो सबब छोड़ें और ये बताएं कॉल क्यों की है आज .. वो भी इतने दिनों बाद .कुछ काम hi होगा वर्ण आप को क्या ज़रुरत है बात करने की.
आपके लिए तो आपके काम hi काफी हैं. उजाड़ते रहिये लोगों को. और खेलते रहें बेबस और मजबूर ो लाचार औरतों और लड़कियों की इज़्ज़तों से ..... मेरे पास आप के लिए न hi कोई टाइम है और न hi दिल में आपसे बात करने का कोई शोक ... आप सबब के सबब एक जैसे हैं .. अगर अप्प सबब को अपनी ज़िन्दगी अपने हिसाब से जीने का शोक है .. तो जियें आप सबब अपनी ज़िन्दगी और मुझे मेरी ज़िन्दगी जीने दें .. वर्ण ऐसा न हो क मैं कुछ गलत करदूँ ....
डैड महक क बातें सुन कर ग़ुस्से में आ गया .. उसे कभी भी महक की बातें हज़म नहीं होती थीं .. लेकिन फिर भी बेटी होने की वह से कभी कभी फोन कर लिया करता था लेकिन जब्ब भी कभी फोन करता ऐसी hi बातें सुनने को मिलती थी ..
डैड :- महक तुम अपनी हद्द तो बोहत पहले hi क्रॉस कर चुकी हो .. लेकिन हर बार मुझसे ऐसी बातें मैट किया करो .. पूरा इंडिया मुझसे डरता है .. समझी तुम पूरा इंडिया दन्न से डरता है .. और तुम दन्न को कुछ समझती hi नहीं हो ..
महक :- ohhhhhhhhhhh तो दन्न को ग़ुस्सा आ गया मेरी बातें सुन कर ... अगर मेरी बातें बर्दाश्त नहीं होती तो छोड़ क्यों नहीं देते ऐसे घटिया काम .. इज़्ज़तों को पामाल करने में बड़ा मज़ा आता है ना शायद इसलिए नहीं छोड़ना चाहते .. जैसे आप हैं वैसे hi सबब लोग और वैसी hi साड़ी घर की औरतें .. घर के सारे मर्द छोड़ने में और औरतें छोड़ने में लगी हुई हैं .. अगर इतनी hi गर्मी है तो निकालते रहें सबब के सबब मुझे किसी से कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता .. लेकिन मासूमों को तो छोड़ दिया करो .. जो कुछ नहीं कर सकते उनसे खेल कर खुद को na-jaane क्या से क्या समझ रहे हैं सबब के सबब .. मर दन्न एक दिन ऐसा आएगा जब्ब तुम सबब के दस्से हुए लोगों में से कोई आ कर तुम सबब को उजाड़ कर और बर्बाद करके रख देगा ..
और फिर मैं क्यों इस सबब में पदों .. मेरा आप में से या किसी से भी कोई लेना देना नहीं है ..
न hi आप से और न hi आप के ऐसे घटिया तरीकों से कमाए हुए पैसों से मुझे कोई मतलब है .. मुझे दोबारा कॉल करने की ज़रुरत नहीं है ................................. इतना बोलते hi महक ने मोबाइल को नीचे जोरर से फ़ेंक दिया. मोबाइल के पार्ट्स ज़मीन पर जगा जगा बिखर गए .... महक का ग़ुस्सा देखना लायक था .. उसका बास नहीं चल रहा था .. क उसके सामने फिरसे कोई आये और वो उसे चीरना शुरू करदे .. उसे कभी कभी दन्न की बेटी होने पर बड़ी शर्मिंदगी होने लगती थी .. इसलिए वो कम् hi किसी एक जगा पर टिकती थी ... अलग अलग शहरों और देशों में घूमती रहती थी .. या फिर समंदर से अपने शो पूरे किया करती थी .........................................
*************************************************************************
इंट्रोडक्शन
****************
महक : आगे:19
****************
अर्ली आगे में hi सबब के लिए महक के दिल में नफरत सी आने लगी थी.. जब्ब घर की औरतों को रोज़ अलग अलग लुंड से चुड़ते देखती थी ... शायद चुआड़ाई नागराज के घर की परम्परा थी ... महक को इस सबब से नफरत थी .. जैसे जैसे बड़ी होती गई .. महक के सामने उसकी माँ और पिता दन्न के करतूत खुलते गए .. फिर महक को जल्द hi पता चल गया क उस घर की कोई औरत हो या मर्द छुड़ाए के इलावा और कोई काम नहीं ......
महक को अपने hi घर वालों से नफरत तब्ब ज़यादा हुई जब्ब महक को सही से पता चला क दन्न और नागराज के इलावा घर के सरे मर्द hi बेबस, मजबूर और लाचार लड़कियों और औरतों की इज़्ज़त को किसी गिरी पड़ी चीज़ की तरह बर्बाद कर दिया करते हैं ... महक की नफरत अपने hi घर वालों से बढ़ने लगी ...
महक की नफरत को देखते हुए महक की माँ और घर की औरतों ने महक को भी खुद के जैसा बनाने की कोशिश शुरू करदी .. तब्ब महक अभी नै नै जवान हुई थी .. महक को जब्ब रीलीज़ हुआ क अब्ब सभी घर वाले उसकी नफरत को देखते हुए उसे भी खुद के जैसा बनाने वाले हैं . तो महक अपनी स्टडी के लिए अब्रॉड चली गई .... वही रह कर स्टडी की और अपने अंदर की नफरत और आग को कम् करने के लिए jaan-leve हथकंडे सीखने लगी ... महक के अंदर की आग ने महक को मुलती टैलेंटेड बना दिया .. बोहत hi कम् उम्र में महक ने हार फील्ड में अपना लोहा मनवा लिया .... जीनियस है लेकिन स्टडी के लिए पागल नहीं .. स्टडी करके महक को कौनसी जॉब करनी है .. अगर स्टडी उसे काबिल बनती है .. तो ये महक के लिए नहीं था .. महक शुरू से hi जीनियस लड़की थी ........ महक ने खुद के बलबूते पर उभर कर सामने आई ... और अपने लिए पैसों का ढेर लिया ... अपने अंदर की आग को शांत करने के लिए ज़रुरत मंडनं की मदद करने लगी ... और घटिया और रेपिस्टों का सर्वनाश करना शुरू कर दिया ... जैसे इस आदमी के साथ वो सबब कर चुकी थी .... ऐसे hi वो कभी किसी रेपिस्ट को माफ़ नहीं किया करती थी ....
क्यों रीडर्स लोग कैसी लगी विजय के लिए विज्जी (स्टोरी की हीरोइन)
*********************************************************************************
************
सूबा जब मेरी आंख खुली तो पूजा दीदी मेरे ऊपर और रानी मेरे बाज़ो में सिमटी सो रही थीं.
दोनों के अंदर की गर्मी के निकलने से दोनों के hi चेहरे बोहत hi प्यारे लग्ग रहे थे. मैंने रानी और पूजा दीदी को खुद से अलग किया. तो दोनों थोड़ी सी हिली जुली लेकिन इतनी pur-sakoon नींद में थी भला कैसे उठती. मैंने पहले पूजा दीदी के होंठों पर एक किश किया फिर रानी को भी किश कर के मैं बाथरूम में घुस गया. और फ्रेश हो कर अखाड़े की तरफ निकल गया. फिरसे से वही रूटीन शुरू हो गई....... अखाड़े से 3 बजे मैं वीराने की तरफ निकल लिया. सबब वहीँ थे और फिरसे से शुरू हो गई वही रूटीन. पहले जो सीखा था उसकी प्रैक्टिस ki..phir मुझे कुछ नई सिखाया जाने लगा ...... लास्ट के 1 घंटा में गन्स की ट्रेनिंग भी ली. गन्स को चलने में मैं एक्सपर्ट हो hi गया था. ख़ास कर ग26 का पिस्तौल राज सर के कहने के मुताबिक़ सच में hi मेरे लिए फवौरीते हो गया था. ग्लोक को हाथ में लेते hi ऐसा लगता जैसे ये बना hi मेरे लिए है.... ग्लोक से निशाना मेरा सब से अच्छा था दूसरी गन्स की निस्बत. और ग्लोक को उसे करने में मेरी फुर्ती तो ऐसे थी क तीनो देखते hi रह जाते थे. और राज सर मुझे देख कर मुस्कुरा देते थे. जैसे मैं उनकी उम्मीदों पारर सही से पूरा उतर रहा हूँ. और उनके hi जैसे मेरा भी फवौरीते ग्लोक hi था .............
राज सर ने मुझे भी ग्लोक के साथ 100+ बुलेट्स भी दे दी थीं. जो घर में hi पड़ी थीं. कभी इमरजेंसी में ज़रुरत पद सकती थी.
********************************************************************************
इंट्रोडक्शन:
नागराज: 63 आगे
नागराज के बारे तो आप जान hi चुके हैं. इन जैसों का डिटेल इंट्रो किस काम का. घटिया लोग भी कभी इंट्रो के लायक होते हैं. बाकी इन के करैक्टर के बारे स्टोरी में सबब कुछ आपके सामने आता hi रहेगा..............
सुमित्रा: आगे :62: नागराज वाइफ
ये भी नागराज की hi तहा कमीनी और घटिया है. जवान होते hi नागराज से छोड़ने लगी और नतीजे में दन्न पैदा हो गया..... छोड़ने में इस का कोई सांई नहीं था.. और उस वक़्त नागराज की इसने बड़ी मदद की. लुच्चे के साथ सुमित्रा मिल कर लुछी बन गई. नागराज के बूढ़े होने पर और नागराज के लुंड की गर्मी कम् होने पर अपने नौकरों से भी चुदती रहती है .. या ये कहना सही रहेगा क छोड़ने क लिए स्पेशल नौकर रखे हुए हैं .... नागराज और दन्न सबब जानते हैं क सुमित्रा कितनी बड़ी चुड़ककर है. पर नागराज और दन्न को is'se कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता...
विमला : आगे:60: नागराज वाइफ
ये भी नागराज की hi धरम पत्नी है. उसके जैसी तो नहीं है लेकिन किसी से कम् भी नहीं है. अभी भी 45 की दिखती है. लेकिन सख्त मज़ाज है. और हर्र किसी को मोहन नहीं लगाती. सुमित्रा की तरह हर किसी के आगे छूट नहीं खोलती. खोलती है लेकिन अपना मैं पसंद बाँदा और लुंड ढून्ढ कर चुदती है .... छोड़ने में सुमित्रा से कम् नहीं. लेकिन अपनी छूट और गांड को सोच समझ कर उसे में लाती है.. अब्ब बॉडी फिगर की बात ज़रूरी नै है.. जो इस उम्र में भी चुदती रहती हैं. उनकी बॉडी तो मस्त और फिगर dhamake-daar तो होगा hi.....
दन्न : आगे :42:
नागराज और सुमित्रा की हवस का निशाँ..... चुटिया कहीं का... हरामी होने का ग़म नहीं दन्न को.... दन्न को इस बात से कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता..... . हमारी स्टोरी का मैं विलन है...... कैसा है ये सबब तो आप जान hi गए होंगे ........... बाकी इस बारे मेरा बताने का मान नहीं है.....
*************************************
नागराज के सुमित्रा और विमला से और कितने बच्चे हैं. हुए उनके बच्चों के कितने बच्चे हैं ........... दन्न के छोड़ने से कितने इस दुन्या में ए वो सबब बाद में सही. अभी इसकी ज़रुरत नहीं है. और इस घटिया खानदान से जुड़े अगर किसी भी पर्सन का स्टोरी में काम शुरू हुआ तो साथ साथ hi बता दिया जायेगा .....
ये है कुछ इंट्रो डिटेल ................. बाकी ज़रुरत पढ़ने पर बाद में..
********************************************************************************
मुंबई के साहिल से 20 किलोमीटर दूर समंदर में एक हेलीकाप्टर उड़द रहा था...
समंदर की लहरों से उस हेलीकाप्टर की ऊंचाई 25 फ़ीट थी.....
हेलीकाप्टर से एक रस्सी नीचे समंदर में लटक रही थी .... और उस रस्सी को अपने एक हाथ में पड़के एक लड़की पैरों में स्केटिंग बोर्ड बंधे समंदर की लहरों पर सर्फिंग कर रही थी ....... लड़की की महारत हेलीकाप्टर में बैठे हुए लोग और समंदर के पानी में रहने वाली क्रीचर्स बोहत अच्छे से जानती थी. लड़की को हेलीकाप्टर से रस्सी लटका कर से स्केटिंग करने में कभी कोई परेशानी नहीं होती थी. और हो भी कैसे सकती थी... समंदर से उसे कोई डर नहीं थी ...
और jaan-leva स्टंट करना उस की आदत. लड़की सिर्फ समंदर में स्केटिंग hi नहीं करती थी. और भी कई तरह के स्टंट वो हेलीकाप्टर से लटक रही रस्सी को पकड़ कर से क्रीचर्स को दिखाया करती थी...... 30 मिंट तक लड़की से स्केटिंग करती रही ... हेलीकाप्टर लड़की को कभी स्ट्रैट तो कभी राउंड में घुमा कर से स्केटिंग करवा रहा था....
जब्ब लड़की का मैं से स्केटिंग से भर गया तो फिर उस लड़की ने दोनों हाथों से रस्सी को पकड़ कर एक जम्प हवा में लगाया. और फिर पलटी खाते हुए एक हाथ के ज़रिये फुर्ती से अपने दोनों परिरों में बंधे सकते बॉर्ड्स के लॉक खोल दिए. दोनों सकते नीचे समंदर के पानी में जा गिरे.
स्केट्स के गिरणसे से पहले hi लड़की ने रस्सी को छोड़ कर अपने बदन को घूमते हुए दोनों हाथों को जोड़ कर सर्र के बॉल समंदर के पानी को कूद गई ... लड़की जब्ब तक समंदर के पानी से बहार आती. तब्ब तक हेलीकाप्टर से पहले वाली रस्सी को खेंच कर दो और रस्सियों को नीचे लटका दिया गया... लड़की समंदर की गहराई से सतह पर आई.
उसे पहले से hi पता था क अब्ब उसे क्या करना है. उसने दोनों रस्सियों को पकड़ लिया. लड़की को दोनों रस्सियां पकड़ते देख कर एक आदमी ने पायलट को हेलीकाप्टर ऊपर उठाने का इशारा किया .... हेलीकाप्टर 10 फ़ीट और भी ऊपर उठ गया . और फिर मुंबई के साहिल की तरफ जाने लगा........
लड़की 1 मिंट तक दोनों रस्सियों को पकडे लटकी रही. फिर लड़की खुद को एडजस्ट करते हुए हवा में hi दोनों रस्सियों से लटके स्टंट करने लगी .. लड़की कई तरह के स्टंट में माहिर थी. दोनों रस्सियों के ज़रिये वो हवा में hi गुम्नास्टिक के पोज़ देने लगी.
हेलीकाप्टर अचानक से उड़ता हुआ 10 फ़ीट ऊपर गया. हेलीकाप्टर के ऊपर होते hi दोनों रस्सियों ने एक झटका खाये और फिर लड़की दोनों रस्सियों पर गुम्नास्टिक की मश्क़ करती हुई एक झाकते में नीचे समंदर की तरफ आने लगी .....
ऐसे hi जब्ब तक हेलीकाप्टर मुंबई के साहिल से कुछ आगे एक खाली जगा तक्क पोहचता. तब्ब तक्क लड़की हवा में hi रस्सियों से लटकते हुए अपनी मश्क़ करती रही.
हेलीकाप्टर के अपनी मंज़िल पर पोहचते hi लड़की ने खुद का बैलेंस बनाते हुए दोनों रस्सियों को छोड़ कर एक जम्प लगाए. और 15 फ़ीट नीचे ज़मीन की तरफ आने लगी... पैरों के ज़मीन को छूटे hi लड़की ने एक कल्टी मारी और कुछ फ़ीट लुढ़कती हुई उठ कड़ी हुई ......
हेलीकाप्टर कुछ फासले पर लैंड हो गया ....
दो लड़कियां भागती हुई उस लड़की के पास आई. एक के हाथ में टॉवल था तो दूसरी के हाथ में पानी की बोतल.... लड़की ने पहले पानी की बोतल ले कर उस का ढक्कन खोला और बोतल को अपने चेहरे पारर ला कर पानी गिराने लगी ... बोतल का पानी लड़की के चेहरे पर गिरते hi लड़की का चेहरा चमकने लगा ..
लड़की ने दो घूँट पानी पिया और बोतल उस लड़की को वापिस करदी. दूसरी लड़की से टॉवल ले कर अपने चेहरे को साफ़ किया फिर दूसरी लड़की को टॉवल वापिस दे कर एक चेयर उस के पास ले गई थी. लड़की ने चेयर पर बैठ कर अपने सर्र पीछे टिका कर ऑंखें बंद कर लीं .....
लड़की के आस पास 8 लड़कियां और भी कड़ी हुई थीं और कुछ फासले पर 20 गन ब्रदर सिक्योरिटी गार्ड्स खड़े हुए थे सबब लड़कियां और सिक्योरिटी गार्ड्स उस लड़की की ऑंखें बंद देख कर चैन की सांस ले रहे थे .....
लड़की का चेहरा समंदर के पानी और जिमनास्टिक की मश्क़ की वजा से बोहत hi निखरा निखरा लग रहा था.... वैसे भी इस लड़की के जैसी khub-soorti और कहाँ दहकने को मिलेगी ....... गयमानस्टिक की मास्टर होने की वजा से लड़की का जिस्म ऐसा matnasib(pro राटा) था क पास कड़ी लड़कियां हसरत hi करती रहती थीं.
""ऐ काश हाम्रा भी जिस्म ऐसा होता""
.....पागल ladkiyaan..........us लड़की के जैसे स्टंट तो करके दिखाओ. फिर उस लड़की के जैसी khub-soorat होने की हसरत भी दिल में पाल लेना .....
पर लड़कियां भी बेचारी क्या करें. उस लड़की का बदन था hi ऐसा fit..badan की चमक ऐसी चाँद तारों की रौशनी भी मांड पद जाये... और बदन ऐसा लचकीला क समंदर में रहने वालियां मछलियां भी लड़की के बदन को देख कर शर्मा जाए ..... लड़की का बदन जितना लड़कीला और जिमनास्टिक की वजा से जितना भी नरम था.
लेकिन लड़की के बूब्स की कसावट किसी ठूस चटान की मानिंद थी. ऐसे तन्न कर खड़े रहते थे क देखने वाले अपनी राल टपकने से खुद को रोक नहीं पाते थे...
लड़की को देख कर कम् hi किसी का लुंड खड़ा होता था क्यूंकि जैसे hi उसे इस बात का पता चलता क उसे देख कर किसी के लुंड में सरसराहट भी हुई तो वो लड़की उसका लुंड hi काट देती थी ....
लड़की जितनी जिमनास्टिक और स्टंट्स में माहिर थी .. us'se बढ़ करख़तरनाक थी.. किसी को जान से मारना तो अलग बात है. खुद किसी को चीयर फहद कर देना उस लड़की की आदत थी ... जितनी khub-soorat थी us'se कहीं बढ़ कर khatar-naak थी..
अपने साथ रह रहे गन्स बरदार गार्ड्स की कभी परवा नहीं करती थी. खुद को खुद hi सिक्योर कर लिया करती थी .....फाइटिंग में उस लड़की को कमाल हासिल था .....
लड़की ने आंख खोल कर एक लड़की को देखा तो वो लड़की भागती हुई आई और एक गाउन उस लड़की को दे कर वापिस अपनी जगा चली गई .... लड़की ने गाउन पहन कर सबब लड़कियों की तरफ देखा और फिर गार्ड्स की तरफ देखा ... लड़की के देखने से hi गार्ड्स सबब समझ गए ... 3 गार्ड्स ने पास में कड़ी हुई एक वन में से एक आदमी को बहार निकला. वो आदमी बंधा हुआ था .... उसे ला कर लड़की के पैरों में फ़ेंक दिया गया.
उस बंधे हुए आदमी ने जब्ब लड़की को देखा तो उसकी ऑंखें पहटि की पहटि रह गई थीं . उसे इतनी जल्दी अपनी मौत का यकीन नहीं था... लड़की ने गार्ड्स को एक बार फिर से देखा कुछ बोली नहीं ... गार्ड्स तो जैसे सबब समझते थे... गार्ड्स ने आदमी की बंदिशें खोल दीं ....
आदमी खुद को आज़ाद प् कर डर के मारे थार थार कांपने लगा .... लड़की ने एक बार फिर से एक गार्ड्स की तरफ देखा तो उस गार्ड्स ने अपनी कमर पर बंधा हुआ खंजर उतार कर लड़की के हाथ में दे दिया ... लड़की के हाथ में खंजर देखते hi आदमी माफ़ी मांगने लगा .....
आदमी :- मम मुझे माफ़ करदें फिर कभी महजसे ऐसी गलती नहीं होगी .....
आदमी की बात सुन कर लड़की के होंठों पर एक दरिंदों जैसे स्माइल आ गई.....
लड़की :- हममममममममम माफ़ी और वो भी मुझसे .......
लड़की की स्माइल और फिर बोलने के अंदाज़ से hi न सिर्फ वो आदमी बल्कि जो भी ये सबब देख रहा था .... थार थार कांप रहा था ... लड़की के साथ की लडकियां और गार्ड्स इन सबब के आदि थे लेकिन लड़की की दहशत hi इतनी थे क जब्ब भी लड़की इस रूप में आती थी... वो सबब खुद के डर पर काबू नहीं रख पाते थे.....
कुछ गार्ड्स को छोड़ कर सबब की hi हालत पतली होने लग गई थी......'
आदमी ने जब्ब लड़की की बात और स्माइल देखि तो उसका मूट उसकी पेण्ट में hi निकल गया.
लड़की ने जब देखा क आदमी का पेशाब निकल गाय है. तो
लड़की:- वाह ये तो अच्छा हुआ क तुमने पहले hi मूट दिया. अब्ब मुझे परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी....
ये बोल लड़की ने फिर एक गार्ड को देखा वो लड़की का इशारा समझ गया.
उस गार्ड ने फ़ौरन hi उस आदमी के कपडे अपने चाकू से काटने शूर कर दिए.. कुछ hi देर में वो आदमी उस लड़की के सामने नंगा हो गया ....
आदमी अब्ब बोलने लायक नहीं रहा था.... कभी वो भी इन सबब गार्ड्स के साथ मिल कर ऐसे hi किसी और को उस लड़की के हाथों मरता हुआ देखा करता था .... अब्ब आगे वो लड़की क्या करेगी वो आदमी जानता था. लेकिन वो कुछ भी नहीं कर पा रहा था... उसके पास कोई ऑप्शन hi नहीं .. लड़की से बच निकलना किसी के लिए मुमकिन hi नहीं था ... पूरे इंडिया में कोई ऐसी जगा नहीं थी जहाँ से वो लड़की अपनी शिकार को ढून्ढ न पाए .... आदमी को अपनी मौत दिख चुकी थी ..
लड़की अपने हाथ में मौजूद खंजर से आदमी के लुंड को टटोलने लगी ...... और फिर
लड़की :- क्यों कुछ ज़यादा hi गर्मी छड़ गई थी ... (आदमी के लुंड की तरफ इशारा करती हुई) इसी के बलबूते पर तू किसी के साथ कुछ भी करेगा ... इसी की वजा से hi तूने उस बेचारी लड़की का रपे कर दिया था ... बड़ा गर्व होगा ना तुझे अपने लुंड पर .... क्यों मैं सही कह रही हूँ ना ... तेरे पास है तो क्या तो किसी की भी इज़्ज़त लूट लेगा .... साला कुत्ता कही का .....
बोलते बोलते लड़की की आवाज़ में दरिंदगी बढ़ने लगी. फिर लड़की ने पास कड़ी एक लड़की की तरफ dekha.ladki जल्दी से अपने हाथ में मौजूद ग्लव्स अपनी मम को थमा कर वापिस अपनी जगा कड़ी हो गई .... लड़की ने ग्लव्स पहने और खंजर को उठा कर आदमी के लुंड को दुसरे हाथ से पकड़ लिया ... आदमी ये सबब देखते हुए ऐसे काँप रहा था. जैसे सर्दियों में होने वाली बारिश में कोई बाँदा गलती से बिना कपड़ों के hi भीग गया हो ...
लड़की बड़े hi मज़े से खंजर की नोक से उस आदमी के लुंड को चीरने लगी......
आदमी की चीखों ने एक अजीब सा खौफ सबब के दिलों में जगा दिया था .... सभी को उस आदमी की होने वाली मौत ने हिला दिया था .... लेकिन लड़की को किसी के कांपने से या उस आदमी की चीखों से कोई मतलब नहीं था वो बास अपने काम में लगी रही ... उस आदमी का लुंड चीरता जा रहा था लेकिन आदमी की इतनी हिम्मत नहीं हो रही थी क खुद को सेफ करने के लिए उस लड़की पर हाथ भी उठा सके ... लड़की से लड़ना या उसके काम में मदाखलत करना भी एक नयी शामत कड़ी कर देता था .....
लड़की ने पहले उस आदमी के लुंड को जगा जगा से चीरा.... फिर उस लड़की ने
आदमी के लुंड को लम्बाई के रुख से चीरना शुरू कर दिया ... लड़की आदमी के लुंड को चीयर कर एक पीेछे को अलग करती फिरसे दुसरे पीेछे को अलग करने के लिए लुंड को चीरने लगती..... कुछ देर में आदमी का लुंड एक नहीं रहा था. उस के लुंड की कई पीेछे नीचे झूल रहे थे. वो आदमी गिर ना जाये इस लिए दो गार्ड्स ने उसे पकड़ा हुआ था ...
नीचे की ज़मीन उस आदमी के लुंड से गिरते हुए खून से रंगने लगी थी ... लेकिन लड़की ने अपना काम अधूरा नहीं छोड़ा....... लड़की को कोई जल्दी नहीं थी वो ऐसा काम बड़े hi आराम से किया कर्त टी थी. उसे इस सबब में बड़ा मज़ा आता था .... इज़्ज़त के लूटेरों का वो ऐसा hi हशर किया करती थी .... कुछ hi देर में आदमी का लुंड मज़ीद चीरने लायक नहीं बचा तो लड़की ने गार्ड्स को देखा तो गार्ड्स ने उस आदमी को साइड ले जा कर शूट कर दिया .... लड़की ने ग्लव्स उतारे और फिरसे कुछ लड़कियों की मदद से खुद को साफ़ किया और चेयर पर बेथ गई...
अब्ब उस के चेहरे पर दरिंदगी नहीं एक बड़ी hi पायरी सी स्माइल थी.. वो सबब लड़कियों को प्यार भरी नज़रों से देखने लगी .... लड़की का मूड चेंज होते hi सबब ने सुख का सांस लिया .........
कुछ hi देर में एक गार्ड्स भागता हुआ आया उसके हाथ में मोबाइल था ... लड़की ने उस गार्ड को देखा तो
गार्ड्स:- मम सर का फोन है ..... गार्ड के मोहन से सर सुनते hi लड़की का मूड फिर से ख़राब हो गया ... मोबाइल ले कर लड़की सर से बोली ..
लड़की :- हाँ किस लिए फोन किया आपने (लड़की रूखे अंदाज़ में बोली)
उधर से:- महक बीटा ऐसे भी कोई बात करता है क्या अपने डैड से?
महक :- ओह्ह्ह्हह्ह डैड hmmmmmmmmmmm चलें ठीक है ........ तो डैड फिर बताएं मुझे कैसे याद किया ... कुछ काम था क्या मुझसे ...
डैड :- महक बीटा अगर काम होगा तब्ब hi तुमसे बात करूँगा क्या ..... क्या मैं अपनी बेटी से बात भी नहीं कर सकता .........
महक :- डैड क्यों नहीं मैं आप की hi तो बेटी हूँ .. आप कैसे नहीं मुझसे बात कर सकते ... आप का पूरा पूरा हक़ है मुझ पर .. (महक कुछ तीखे अंदाज़ में बोली)
डैड :- महक कोई ऐसे भी बात करता है क्या अपने डैड से ... आखिर तुम क्यों मुझसे ऐसी बात करती है .... डैड हूँ मैं तुम्हारा ..... यू स्टुपिड गर्ल
महक :- वो सबब छोड़ें और ये बताएं कॉल क्यों की है आज .. वो भी इतने दिनों बाद .कुछ काम hi होगा वर्ण आप को क्या ज़रुरत है बात करने की.
आपके लिए तो आपके काम hi काफी हैं. उजाड़ते रहिये लोगों को. और खेलते रहें बेबस और मजबूर ो लाचार औरतों और लड़कियों की इज़्ज़तों से ..... मेरे पास आप के लिए न hi कोई टाइम है और न hi दिल में आपसे बात करने का कोई शोक ... आप सबब के सबब एक जैसे हैं .. अगर अप्प सबब को अपनी ज़िन्दगी अपने हिसाब से जीने का शोक है .. तो जियें आप सबब अपनी ज़िन्दगी और मुझे मेरी ज़िन्दगी जीने दें .. वर्ण ऐसा न हो क मैं कुछ गलत करदूँ ....
डैड महक क बातें सुन कर ग़ुस्से में आ गया .. उसे कभी भी महक की बातें हज़म नहीं होती थीं .. लेकिन फिर भी बेटी होने की वह से कभी कभी फोन कर लिया करता था लेकिन जब्ब भी कभी फोन करता ऐसी hi बातें सुनने को मिलती थी ..
डैड :- महक तुम अपनी हद्द तो बोहत पहले hi क्रॉस कर चुकी हो .. लेकिन हर बार मुझसे ऐसी बातें मैट किया करो .. पूरा इंडिया मुझसे डरता है .. समझी तुम पूरा इंडिया दन्न से डरता है .. और तुम दन्न को कुछ समझती hi नहीं हो ..
महक :- ohhhhhhhhhhh तो दन्न को ग़ुस्सा आ गया मेरी बातें सुन कर ... अगर मेरी बातें बर्दाश्त नहीं होती तो छोड़ क्यों नहीं देते ऐसे घटिया काम .. इज़्ज़तों को पामाल करने में बड़ा मज़ा आता है ना शायद इसलिए नहीं छोड़ना चाहते .. जैसे आप हैं वैसे hi सबब लोग और वैसी hi साड़ी घर की औरतें .. घर के सारे मर्द छोड़ने में और औरतें छोड़ने में लगी हुई हैं .. अगर इतनी hi गर्मी है तो निकालते रहें सबब के सबब मुझे किसी से कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता .. लेकिन मासूमों को तो छोड़ दिया करो .. जो कुछ नहीं कर सकते उनसे खेल कर खुद को na-jaane क्या से क्या समझ रहे हैं सबब के सबब .. मर दन्न एक दिन ऐसा आएगा जब्ब तुम सबब के दस्से हुए लोगों में से कोई आ कर तुम सबब को उजाड़ कर और बर्बाद करके रख देगा ..
और फिर मैं क्यों इस सबब में पदों .. मेरा आप में से या किसी से भी कोई लेना देना नहीं है ..
न hi आप से और न hi आप के ऐसे घटिया तरीकों से कमाए हुए पैसों से मुझे कोई मतलब है .. मुझे दोबारा कॉल करने की ज़रुरत नहीं है ................................. इतना बोलते hi महक ने मोबाइल को नीचे जोरर से फ़ेंक दिया. मोबाइल के पार्ट्स ज़मीन पर जगा जगा बिखर गए .... महक का ग़ुस्सा देखना लायक था .. उसका बास नहीं चल रहा था .. क उसके सामने फिरसे कोई आये और वो उसे चीरना शुरू करदे .. उसे कभी कभी दन्न की बेटी होने पर बड़ी शर्मिंदगी होने लगती थी .. इसलिए वो कम् hi किसी एक जगा पर टिकती थी ... अलग अलग शहरों और देशों में घूमती रहती थी .. या फिर समंदर से अपने शो पूरे किया करती थी .........................................
*************************************************************************
इंट्रोडक्शन
****************
महक : आगे:19
****************
अर्ली आगे में hi सबब के लिए महक के दिल में नफरत सी आने लगी थी.. जब्ब घर की औरतों को रोज़ अलग अलग लुंड से चुड़ते देखती थी ... शायद चुआड़ाई नागराज के घर की परम्परा थी ... महक को इस सबब से नफरत थी .. जैसे जैसे बड़ी होती गई .. महक के सामने उसकी माँ और पिता दन्न के करतूत खुलते गए .. फिर महक को जल्द hi पता चल गया क उस घर की कोई औरत हो या मर्द छुड़ाए के इलावा और कोई काम नहीं ......
महक को अपने hi घर वालों से नफरत तब्ब ज़यादा हुई जब्ब महक को सही से पता चला क दन्न और नागराज के इलावा घर के सरे मर्द hi बेबस, मजबूर और लाचार लड़कियों और औरतों की इज़्ज़त को किसी गिरी पड़ी चीज़ की तरह बर्बाद कर दिया करते हैं ... महक की नफरत अपने hi घर वालों से बढ़ने लगी ...
महक की नफरत को देखते हुए महक की माँ और घर की औरतों ने महक को भी खुद के जैसा बनाने की कोशिश शुरू करदी .. तब्ब महक अभी नै नै जवान हुई थी .. महक को जब्ब रीलीज़ हुआ क अब्ब सभी घर वाले उसकी नफरत को देखते हुए उसे भी खुद के जैसा बनाने वाले हैं . तो महक अपनी स्टडी के लिए अब्रॉड चली गई .... वही रह कर स्टडी की और अपने अंदर की नफरत और आग को कम् करने के लिए jaan-leve हथकंडे सीखने लगी ... महक के अंदर की आग ने महक को मुलती टैलेंटेड बना दिया .. बोहत hi कम् उम्र में महक ने हार फील्ड में अपना लोहा मनवा लिया .... जीनियस है लेकिन स्टडी के लिए पागल नहीं .. स्टडी करके महक को कौनसी जॉब करनी है .. अगर स्टडी उसे काबिल बनती है .. तो ये महक के लिए नहीं था .. महक शुरू से hi जीनियस लड़की थी ........ महक ने खुद के बलबूते पर उभर कर सामने आई ... और अपने लिए पैसों का ढेर लिया ... अपने अंदर की आग को शांत करने के लिए ज़रुरत मंडनं की मदद करने लगी ... और घटिया और रेपिस्टों का सर्वनाश करना शुरू कर दिया ... जैसे इस आदमी के साथ वो सबब कर चुकी थी .... ऐसे hi वो कभी किसी रेपिस्ट को माफ़ नहीं किया करती थी ....
क्यों रीडर्स लोग कैसी लगी विजय के लिए विज्जी (स्टोरी की हीरोइन)
*********************************************************************************