Hindi Desi Sex - Saim (Love,Thrill,Romance) - SexBaba
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Hindi Desi Sex - Saim (Love,Thrill,Romance)

hotaks

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दोस्तों यह मेरी पहली कहानी ही अगर पसंद ए तो अपनी कीमती राइ का इज़हार ज़रूर करें

जल्द hi यह स्टोरी स्टार्ट होगी उम्मीद ही क आप की पसंद ए गई

इंडेक्स


♡ इंट्रोडक्शन ♡

अपडेट 1 अपडेट 2 अपडेट 3 अपडेट 4 अपडेट 5 अपडेट 6 अपडेट 7 अपडेट 8 अपडेट 9 अपडेट 10 अपडेट 11 अपडेट 12 अपडेट 13 अपडेट 14 अपडेट 15 अपडेट 16 अपडेट 17 अपडेट 18 अपडेट 19 अपडेट 20 अपडेट 21 अपडेट 22 अपडेट 23 अपडेट 24 अपडेट 25 अपडेट 26 अपडेट 27 अपडेट 28 अपडेट 29 अपडेट 30 अपडेट 31 अपडेट 32 अपडेट 33 अपडेट 34 अपडेट 35 अपडेट 36 अपडेट 37 अपडेट 38 अपडेट 39 अपडेट 40 अपडेट 41 अपडेट 42 अपडेट 43 अपडेट 44 अपडेट 45 अपडेट 46 अपडेट 47 अपडेट 48 अपडेट 49 अपडेट 50 अपडेट 51 अपडेट 52 अपडेट 53 अपडेट 54 अपडेट 55 अपडेट 56 अपडेट 57 अपडेट 58 अपडेट 59 अपडेट 60 अपडेट 61 अपडेट 62 ा अपडेट 62 बी अपडेट 63 अपडेट 64 अपडेट 65 अपडेट 66 अपडेट 67 अपडेट 68 अपडेट 69 अपडेट 70 अपडेट 71 अपडेट 72 अपडेट 73 अपडेट 74 अपडेट 75 अपडेट 76 अपडेट 77 अपडेट 78 अपडेट 79 अपडेट 80 अपडेट 81 अपडेट 82 अपडेट 83 अपडेट 84 अपडेट 85 अपडेट 86 अपडेट 87 अपडेट 88 अपडेट 89 अपडेट 90 अपडेट 91 अपडेट 92 अपडेट 93 अपडेट 94 अपडेट 95 अपडेट 96 अपडेट 97 अपडेट 98 अपडेट 99 अपडेट 100 अपडेट 101 अपडेट 102 अपडेट 103 अपडेट 104 अपडेट 105 अपडेट 106 अपडेट 107 अपडेट 108 अपडेट 109 अपडेट 110 अपडेट 111 अपडेट 112 अपडेट 113 अपडेट 114 अपडेट 115 अपडेट 116 अपडेट 117 अपडेट 118 अपडेट 119 अपडेट 120 अपडेट 121 अपडेट 122 अपडेट 123 अपडेट 124 अपडेट 125 अपडेट 126 अपडेट 127 अपडेट 128 अपडेट 129 अपडेट 130 अपडेट 131 अपडेट 132 अपडेट 133 अपडेट 134 अपडेट 135 अपडेट 136 अपडेट 137 अपडेट 138 अपडेट 139 अपडेट 140 अपडेट 141 अपडेट 142 अपडेट 143 अपडेट 144 अपडेट 145 अपडेट 146 अपडेट 147 अपडेट 148 अपडेट 149 अपडेट 150 अपडेट 151 अपडेट 152 अपडेट 153 अपडेट 154 अपडेट 155 अपडेट 156 अपडेट 157 अपडेट 158 अपडेट 159 अपडेट 160 अपडेट 161 अपडेट 162 अपडेट 163 अपडेट 164 अपडेट 165 अपडेट 166 अपडेट 167 अपडेट 168 अपडेट 169 अपडेट 170 अपडेट 171 अपडेट 172 अपडेट 173 अपडेट 174 अपडेट 175 अपडेट 176 अपडेट 177 अपडेट 178 अपडेट 179 अपडेट 180 अपडेट 181 अपडेट 182 अपडेट 183 अपडेट 184 अपडेट 185 अपडेट 186 अपडेट 187 अपडेट 188 अपडेट 189 अपडेट 190 अपडेट 191 अपडेट 192 अपडेट 193 अपडेट 194 अपडेट 195 अपडेट 196 अपडेट 197 अपडेट 198 अपडेट 199 अपडेट 200
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थैंक ु बही फॉर थिस वंडर फुल ओपिनियन मैनी जो चरक्टेरा अभी हवेली मैं मौजूद इ नए थय उनको मेंशन क्यू करता बड़े 2 दिन बाद था तो सब 3 दिन पेहली आ क क्या कृत्य सहादि थोड़ी थी भाई

और भाई मैनी सेक्रटरी का पूरा इन्फो तो दिया इ नए इसकी पिच्य बी एक बोहत बारे रज़ज़ ही जो यज्ञ जा क कहानी मैं खुली आप टेन्सीओ मत लो भाई प्लेबॉय नए दिखाओं गए बीएस आप यह जान लो क स्टोरी बोहत डिफरेंट मोरर लय गई ससरतेरी विडो नहीं ही अब इतस आ हिंट

भाई आपकी लिए नेक्स्ट अपडेट मैं उसका राज़ भी खुल जाये गए

सो नेक्स्ट अपडेट इन मॉर्निंग
 
अपडेट NO.7

ओने ईयर एगो!

एक दिन मैं घूमनी गया था अकेला आज मेरा मान बोहत बेचैन था मैं किसी सकूं वाली जगह पी जाना चाहता था मैं वहां सी इधर उधर गोहंता रहा मेरा मन आज बिलकुल बी शांत नहीं था मुझी बोहत बेचैनी सी हो रही मैं एक रोड क साइड बेथ गया कुछ देर ऐसी इ बैठा रहा इ औरत चलती होइ आ रही थी अपनी सोच मैं मगन थी वह रोड क बीच मैं चल रही थी एंटनी देर मैं एक ट्रक आया और उस औरत को तकर मार्डी मैं आवाज़ सुन क होश मैं मैं उसकी तरफ भगा मैं सीधा उस औरत क पास गया मैनी उसी उठाया और भाग भाग क इधर उधर देखनी लगा कुछ डोरी पर टैक्सी थी मैं उसी लय क सीधा हॉस्पिटल लय गया उस औरत का ऑपरेशन चल रहा था मैं पता नए क्यू उस से दूद नहीं जा सक रहा था वह औरत मुझी अपनी सी लगी मैं वहीँ बैठा रहा मैनी उसकी पर्स मैं सी लास्ट no. पी कॉल किया वह कोई लड़की थी मैनी उसी बताया कुछ देर मैं एक लड़की रोटी होइ ी और िक मैं देखनी लगी और जम्में पी बेथ क रोनी लगी

मुझसी उसका रोना बर्दाश्त इ नए हो रहा था मैं उठ क उसकी पास गया मैनी उसकी कंधी पी हाथ रखा रखा वह मुझ सी लिपट क रोनी लगी मैनी उसको थोड़ी देर रोनी जब वह थोड़ा सम्भली और मुझ सी दूर होगी

मैं:- आप प्लीज हौसला रखिये वह ठीक हो जाये गई

Larki(Rote होवय):- मुझी चोर क मत जाना माँ मेरा तुम्हारी सिवा कोई नए ही

और ज़ोर सी रोनी लगी

मैं उसको होस्सले दिए जा रहा था लेकिन वह चुप होनी का नाम नहीं लय रही थी

एंटनी देर मैं डॉक्टर बाहिर आया

डॉक्टर:- पेशेंट क साथ कोण ही?

मैं:- मैं हों जी बोलिये..

डॉक्टर:- सर उनको बचाना बोहत मुश्किल ही

लड़की यह सुन क ज़ोर ज़ोर सी रोनी लगी मैं उसको फिर गली लगा लिया..

मैं:- डॉक्टर क्या हम ुणस्य मिल सकती हैं.?

डॉक्टर:- बिलकुल लेकिन उनकी पास ज़्यादा टाइम नहीं है

मैं लड़की को संभालती होय अंदर लय गया अन्डेफ वह औरत मचिनो मैं लेती होइ थी लड़की भाग क अपनी माँ क साथ चिपक गई

औरत:- बेटी रू नहीं एक न एक दिन साब को जाना ही मुझी बीएस तेरी फ़िक्र ही

लड़की:- माँ मेरा आपकी सिवा कोई नहीं ही इस दुनिया मैं मुझी अकेला चोर क मत जाओ प्लीज माँ प्लीज

औरत न्य मेरी तरफ देखा और कहा

औरत:- बीटा तुम्हारा बोहत शुक्रिया मुझी यहाँ तक लानी क लिए ऊपर वाली न्य फरिश्ते की तर्हां भेजा ही मेरी आखरी वक़त मैं तुम्हे इधर भेजा ही ऊपर वाली न्य

मैं:- अरे आप ऐसी बेटी मत कीजिये आप ठीक हो जाओ गई..

Aurat:-Mujhy पता ही मेरा वक़त आज्ञा ही क्या बीटा तुम मेरी बेटी का सहारा बनो गए उस से शादी करो gy.?(Rote होय)

मैनी आंटी की बात सुन क एक बार सकती मैं चला गया मेरी मान मैं अजीब अजीब ख्याल अन्य लगी कोमल को लय क कहीं मैं उसी खो न दूँ मैं थोड़ा सम्भला और बोलै

Main:-Aunty आप मुझी जानती तक नहीं हैं आप ऐसी किसी किसी अनजान क साथ अपनी बेटी की शादी करवा सकती हैं..?

औरत:- तुम अनजान नहीं हो तुम ऊपर वाली का भेजा हुवा फरिश्ता हो बीटा मेरी बेटी का मेरी अलावा कोई नहीं ही मुझी ाभला माँ पर दया करो मेरी बेटी को संभल लो बीटा

वह यह कह क मेरी पैरों मैं गिरनी लगी मैनी उनको पकट क बीएड पी लिटा दिया मैं इस वक़त कुछ जॉचनी समझनी की हालत मैं नहीं था और वह लड़की बीएस चुप चाप मेरी और अपनी माकी बात को सुन ताहि थी और रोये जा रही थी

मुझी कुछ समझ नहीं आ रहा था

Aurat(Rote होय):- मेरी बेटी को संभल लो मैं तुम्हारी सामन्य हाथ जोरती हूँ

मैनी फ़ौरन उनकी हाथ पकड़ी और साइड क टेबल सी चाको उठाया और अपनी अंगूठी पी मारा और खून वाली ऊँगली सी उसकी मांग भर दी वह लड़की बीएस मुझी इ देख रही थी एंटनी देर मैं औरत की आवाज़ ी

औरत:- मेरी बेटी को हमेशा खुश रखना

हम दोनों न्य औरत क पेअर चौय इतनी देर मैं उसकी संसय बंद होगें वह लड़की उसको लिपट क रोने लगी मैं कुछ देर रोनी दिया फिर उसको संभाला और हॉस्पिटल क paper's क्लियर क्र क उनका अंतिम संस्कार क्र दिया क्यू क लड़की न्य कहा था क हमारा कोई नए ही..

मैनी ऑस्टिया उसी ला क दी वह बीएस रोये जा रही थी मैं उसको लय क गारी मैं बेथ गया और वह बीएस मुझी गली लगा क रोये जा रही थी कुछ देर मैं उसका रोना कुछ काम होवा तो मैनी उसी पोछा

मैं:- आपका नाम क्या ही.?

लड़की:- तनीषा!

मैं:- और घर किधर ही आपका.?

लड़की:- मेरी पति की 5 महीने पेहली मूट हो चुकी ही मैं और माँ जिस घर मैं रेहटी वहां सी निकल दिए गए थय क्यू क हम रेंट नहीं पाय क्र पटती थय मैं काम ढोंढाण्य की बोहत कोशिश की लेकिन हर तरफ मुझी बीएस हवस की नज़र सी देखा गया इसलिए हमारी लैंडलॉर्ड न्य आज सुबह इ हामी घर क निकल दिया माँ मुझी हमारी परोसी क घर रुकनी का कह क बाहिर निकल गई और शाम को आपका फ़ोन aya(phir रोने लगी)

मैं कुछ नहीं बोलै गारी सीधा होटल लय गया वहां जा क मैनी रूम लिया और ुसमय चली गए मैनी घर पी रात को न अन्य का बता दिया मैनी खाना मंगवाया..

मैं:- लो खाना खाओ तुमनी सुबह सी कुछ नहीं खाया..

तनीषा:- मुझीसी नहीं खाया जाये ga..Ap खा ली जिए

मैनी एक निवाला बनाया और उसकी और क्र दिया वह बीएस मेरी आँखों मैं देकय जा रही थी उसनी मुँह खोल दिया मैनी उसी पूरा खाना खिलाया और बाथरूम हाथ धोनी चला गया बाहिर आ क उसको बोलै

मैं:- तुम नाहा लो पेहली फ्रेश हो जाओ गई

वह बिना कोई विरोद क नहंय चली गई मैं बालकनी मैं जा क बेथ क रोनी लगा मैं बोहत रू रहा था मैं बार सॉरी कोमल खाई जा रहा था मुझी लगा मैनी अपनी प्यार का गाला घुट दिया है मुझी पता बी नए था क वह मुझ सी प्यार करती बी ही क नहीं लेकिन मेरा डिल कहता था क वह मुझी याद करती ही मुझसी प्यार करती ही लेकिन आज मैनी उसकी प्यार का गाला घुट दिया मुझी ऐसा लग रहा था मैं खुद को ख़तम क्र लोन लेकिन मुझी उस औरत क अल्फ़ाज़ याद आ गए और तनीषा की जिंदिगी मैं जो दुःख हैं मेरी बाद वह बी मर जाये गई मैनी मान इ मान उसी साब बतानी का फैसला किया और जो वह चाहे गई वही होगा

मैं खुद को संभाला और रूम मैं आज्ञा वह नाहा क कापरी पहन क बीएड पी बैठी thi(kapry मैनी होटल वालो सी कह क लय लिए थय) मैं उसकी पास गया उसकी आंखें अभी बी नाम थीं मुझी यह सही वक़त नहीं लगा उसी बात करनी का उसी मैनी बीएड पी लिटा दिया वह बिना किसी विरोद क लेट गई मैनी ुसपय ब्लैंकेट डाला मैं बी बीएड पी लेट गया वह झट सी मेरी सी चिपक गई मैं बी उसको दूर नहीं किया मुझी पता था उसको अभी किसी की ज़रूरत ही मैं उसकी बल सेहला रहा था मेरी आंखें नाम थीं क एक लड़की का जीना कहीं बी आसान नहीं मुझी खुद की मर्द जाट पी गुस्सा अन्य लगा मैं उसकी बल सहलाता रहा मैं बैठा था वह मेरी सीने पी सू गई मेरी उसको सीधा करनी की हिम्मत नहीं होइ मैं बीएस कुछ खुराफाती सोच रहा था सोचती सोचती सू गया

सुबह मेरी नींद खुली मैनी देखा वह अभी भी ऐसी इ सू रही थी शायद बोहत दिन क बाद सकूं की नींद सोइ होगी मैं बीएस उसकी एक तक चेहेरी को देखता रहा मैं अब उसकी सुंदरता को देख रह था

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वह बोहत सकूं सी सो रही थी कुछ देर मैं वह कुसमसती होइ उठी उसनी मेरी तरफ देखा और मुझी खुद की और देखती होय देखा तो शर्मा गई और सीधा बाथरूम भाग गई मैं उसकी इस हरक पी मुस्कुरा दिया

20 मं मैं वह नाहा क निकली तो गज़ब लग रही थी

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मैं उसको घोरी जा रहा था और वह मुझी ऐसी देखती होय शर्मा गई और नज़रें नीची क्र ली मैं होश मैं आया और बोलै

मैं:- तुम बोहत ख़ूबसूरत हो..

यह कह मैं बाथरूम मैं घुस गया और फिर अंदर रोया फिर फ्रेश होकय बाहिर आज्ञा उतनी देर मैं उसनी नाश्ता मंगवा लिया था

मैं:- वह तुम तो होशिया बी हो..

टांसिसः:- रात को आपको टांग करनी क लिए सॉरी

मैं:- तुमनी मुझु रत को कब तान किया ( बीएड पी बैठती होय वह मेरी समनु बैठी थी)

तनीषा:- वह मैं रत को आपकी ऊपर सो गई थी आप मुझी सीधा क्र क सुला देती अपनी नींद क्यू खराब की.?

मैं:- अरे ऐसी कोई बात नहीं और तुम्ही पता इतनी अछि नींद मुझी कभी नहीं ी

तनीषा शर्मा गई मैनी उसकी अपनी हाथो सी खाना कहिल्या उसनी बी मुझी कहिल्या कहानी क बाद मैं उसको लय क बालकनी मैं आज्ञा

मैं:- सो व्हाट नेक्स्ट माय स्वीट वाइफ.?

तनीषा शर्मा गई और शर्माती होय बोली

तनीषा:- जो आप कही जहाँ आप कही मैं वहां रह लूँ गई..

मैं:- देखो तनीषा मैं कोई 80 90 साल का बुद्धा हूँ.?

तनीषा:- अरे नहीं मैनी यह कब कहा.?

मैं:- तो यह आप आप क्या लगा रखा ही.?

तनीषा:- आप मेरी पति हैं तो आप इ कहूं गई न

मैं:- ज़रूरी तो नहीं..

टांसिसः:- तो क्या बोलो.?

मैं:- मेरा नाम सैम ही यह बोलो या फिर तुम कह सकती हो

तनीषा:- तुम इ साई ही..

मैं:- हाँ तो मैं यह कह रहा था क मैं अभी तुम्हे अपनी साथ नहीं रख सकता

Tanisha(Shocked):- मैं कहाँ जाओं गई मेरा आपकी इलावा कोई नहीं ही..

मैं:- अरे मैं चोर क जन्य की बात नहीं क्र रहा हूँ मैं रहंय की बात क्र रहा हूँ मैं खुद अपनी मस्सी क साथ रहता हूँ और मैं यह अभी किसी को बतनय की कंडीशन मैं नहीं हूँ

तनीषा:- तो क्या मैं इसी होटल मैं रहूं गई?

मैं:- नहीं सोचनी doo....ummmmmm..han क्या पुरानी घर मैं एडजस्ट होसकती हो?

तनीषा:- हाँ लेकिन वह तो अब हम्र्य पास नहीं ही

मैं:- तुम उसकी फ़िक्र मत करो और मैं तुम्हे और बी कुछ बताना चाहता हूँ..

और मैनी उसी साडी कहानी सुन्ना दी किसी मैं अमेरिका आया किसी मैं कंपनी खोली.. कोमल क बारी मैं बी

वह रोने लगी

मैं:- रो क्यू रही हो?

तनीषा:- मैं आप क प्यार क बिच आ गई मुझी माफ़ करदो मैं चली जाओं गई यहां सी

मैं:- एक थरप मारों गए अगर दोबारा जन्य की बात की तो मैं कोमल को सब सच बता दूँ गए अगर उसनी एक्सेप्ट किया तो ठीक वर्ण उसकी मर्ज़ी

तनीषा:- अगर न मणि तो आप मुझी चोर दो गए.?

मैं:- अपनी बीवी को नहीं चोर सकता..

तनीषा:- आप मेरी लिए अपना बचपन का प्यार चोर दी गए.?

मैं:- जिसको प्यार की समझनी की ताक़त इ न हो वह प्यार क्र इ नहीं सकता

तनीषा झट सी मेरी गली लग गई

तनीषा:- मैं कभी आप दोनों बिच नहीं ाओं गई बीएस अपनी डिल मैं मेरी लिए थोड़ी सी जगह रख लेना

मैं:- इस डिल क आज सी दो टोकरी हैं एक आपका और एक कोमल का

तनीषा:- आप मुझी आप मत बोलिये..

मैं:- आज क बाद आप इ बोलों गए...

तनीषा:- जैसी आप को ाचा लगी वैसी आप को एक बात बताओं.?

मैं:- बोलो.?

तनीषा:- मैं अभी बी क्वारी हूँ..

मैं:- लेकिन तुम्हारी तो शादी हो चुकी थी न.????

तनीषा:- वह एक नुम्बेर का शराबी था बीएस अत था मुझी मरता था सो जाता था..

Main(naam आँखों सी):- तुमने बोहत दुःख झेली हैना मैं तुम्हे आज एक वचन देता हूँ आज क बाद तुम्हारी ऊपर अन्य वाली हर मुसीबत को मेरी ऊपर सी गुज़ारना होगा

मैनी उसको सीने सी लगा लिया

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कुछ देर ऐसी इ लेती रही फिर वह बोली

तनीषा:- वैसी कंपनी का नाम क्या ही आपकी.?

मैं:- S♡K ग्रुप ऑफ़ कम्पनीज

Tansiha(Shocked):- वह आपकी कंपनी है आप इतनी बारी आदमी होकय बी गरीब की मदद क्र रही हु

मैं:- खबरदार जो खुद को गरीब कहा तो अरबों की जायदाद मालकिन हो और अभी बी अपनी hi होटल मैं हो और आदमी छोटा बारे नहीं होता उसकी सोच छोटी बरी ही.?

तनीषा:- ी लव यू!

मैं:- लव यू तू! ठकुराइन साहिबा

तनीषा:- मैं कब ठकुराइन बानी.?

मैं:- अब सैम ठाकुर की बीवी हो तो तहराएँ होइ न

तनीषा:- मेरा आज सी पूरा नाम ही मरस तनीषा सैम ठाकुर

मैं:- I'D सी बी चेंज करो गई क्या.?

तनीषा:- हाँ अब मेरी हर ीडेन्टिटी सी नाम जय होगी मैं अभी ऑनलाइन क्र दू गई सब काम

Main:-Acha वैसी कमपनी मैं जॉब क्यू नहीं मिला.?

तनीषा:- हाँ वहां का बूढ़ा मैनेजर मुझसी बदतमीज़ी क्र रहा था मेर दूपता भी पकड़ा उसनी

मुझी उस पी बोहत गुस्सा आया

मैं:- उठो हामी कहीं चलना है

तनीषा:- कहाँ.?

मैं:- तुम चलो बीएस

हम वहां सी सीधा गारी मैं बेथ क एक बरी सी बुल्डिंग क सामन्य रुकी तनसिह और मैं अंदर गए तनीषा तो फुल शॉकेड थी मुझ गुस्से मैं देख क हम सीधा एक केबिन मैं पोहंची सामन्य इ गांजा बूढ़ा बैठा था

आदमी दरवाज़ी की आवाज़ सुन क बिनल देखी बोलै

आदमी:- कोब ही बेय्य मदर.......

मैं:- तेरा बाप आया है बोलना पूरा बोल तेरी हिम्मत किसी होइ मेरु बीवी क साथ बदतमीज़ी करनी की

आदमी:- आपकी बीवी सॉरी सर मुझी नहीं पता था यह आपकी बीवी ही मुझी माफ़ करदो

मैनी एक मौका उसकी मुँह पी मारा वह नीचे गिर गया

मैं:- अगर मेरी बीवी न बी होती तो ऐसी कभी नहीं करता समझा तो बीटा अब घर जा निकल यहाँ सी अभी क अभी

सब शोर सुन क वहां आगये

और मैनेजर की ऐसी हालत देख क समझ गए क शायद यह मालिक है यहाँ का और एक 20 22 साल क लरकी दो देख क शॉकेड बी होगये

(बसीकली मेरा कद थोड़ा बारे ही बॉडी बनानी की वजह सी और दरी होनी की वजह सी थोड़ा ब्रा लगता हूँ)

मैनेजर:- सर मुझी माफ़ क्र दी जिए मेरी छोटे छोटे बची है आइंदा ऐसा नहीं होगा

तनीषा भाग क मेरी पास ी और मेरा हाथ पाकर लिया उसकी हाथ लगती इ मेरा सारा गुस्सा गायब होगया मैं उसका हाथ पकड़ और बाहिर लय क आया

Main:-She's मरस तनीषा ठाकुर एंड she's थे बॉस हेरे प्लीज गिव हेर ा बिग राउंड ऑफ़ अपलॉसे

साब तालियां बजानी लगी तनीषा मेरी गली लग रोनी लगी मैं उसको लय क बाहिर आज्ञा वह अभी सिसक रही थी

मैं उसको गली लगा लिया

मैं:- क्यू रो रही हो.?

तनीषा:- जिस कंपनी मैं काम करनी क ख्वाब देखती थी उसकी मालिक बन गई हूँ माँ अगर आज होती तो बोहत खुश होती..

मैं:- माँ हमेशा हमारी साथ हैं उनकी दवा हम्र्य साथ ही देखना हम साथ मिल क इसको यज्ञ लय क जाये गए और भी

तनीषा:- ी लव यू ी रियली लव यू मैं आज सी पेहली अधूरी थी अब पूरी होगी हूँ प्लीज मुझी कभी मत चूर्ण

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मैं:- ी लव यू तू!

उसको बाद हम मकान मालिक क पास गए मकान खरीदा सामान लय क ए मार्किट सी और सेट किया मैनी घर पी फ़ोन क्र क बता दिया था हमारी स्कूल क प्रोजेक्ट बनाना ही इसलिए मैं दोस्त क घर हूँ वह मान गए क्यू क दीदी भी अक्सर प्रोजेक्ट्स क सिलसले मैं मुझी साथ लय क जाती थी 2 3 दिन क लिए

हम एक शोरूम मैं ए

तनीषा:- यहाँ क्यू ए.?

मैं:- अब अगर ठकुराइन टैक्सी सी ऑफिस जाये तो ाचा लगी गए क्या?

तनीषा मुस्कुरा क मेरी साथ अंदर आगे मैं उसी कोई बी कार लेनी को कहा उसनी एक सिंपल सी इ गारी ली हम घर आगये और मैं उसको बहून मैं भर क सू गया

अगली सुबह मैं उठ क जोगिंग क लिए चला गया वापिस आया तो वह अभी बी सोइ होइ थी मैनी नाश्ता बनाया और उसी जग्य

तनीषा:- तुम मेरी आदतें बिगड़ रही हो रोज़ज कोण उठाये गए मुझी..

मैं:- आपको रोज़ उठानी की ज़िमेदारी मेरी

मैं उसकी डिम्पल पी किश किया नाश्ता करवाया और ऑफिस क बारी मैं थोड़ा बोहत बताया और मैं घर आज्ञा अब सी मैं रोज़ उसको रोज़ सुबह उठानी जाता हूँ जोगिंग क्र फिर घर जाता हूँ

प्रेजेंट टाइम...... तो बे कंटिन्यू

नोट:-

यह अपडेट मैनी बाद मैं देना था लेकिन कोच दोड़तो को यह पेहली चाहिए था तो दी दिया

नेक्स्ट इस बर्थडे स्पेशल
 
अपडेट NO.9

BIRTHDAY(B)

कोमल भाग क बाहिर अति है साव उसकी पिच्य परेशान को क भागती हैं

बाहिर का नज़ारा देख क साब हैरान हो जाती हैं...

अब ागी...

सामन्य का नज़र इ ऐसा था बरी सी हार्ट शेप मैं वाल थी कार्ड बोर्ड की ुसपय हैप्पी बिर्तडाय लिखा था उसकी यज्ञ कोमल को जो कार चाहिए थी वह थी

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सब यह देख क दांग रह गए

B'bua:- यह किसनी किया क्या अपनी यह सरप्राइज दिया?

K.dad:- नहीं मैनी तो नए लेकिन ससुर जी न्य किया क्या?

दादा जी:- नहीं मौनी तो अंदर हॉल मैं तयारी की थी अवनीश टुन्नी किया क्या?

डैड:- नहीं

ऐसी इ साब एक दोसरी सी पॉच रही लेकिन बीएस फ़ोन कान को लगाए खरी थी और औए जा रही थी क उसी क डिल की बात आज उसकी डिल मैं रहंय वाली न्य सुन ली और उसकी ड्रीम कार जो उसी चाहिए थी बिना मैंगी इ दी दी

प्रिय:- किसका फ़ोन तब सी देख रही हूँ कोण ही फ़ोन पी और यह रो क्यू रही ही और यह किसनी दिया गिफ्ट?

कोमल को कोई होश नहीं थी वह बीएस फ़ोन पी को कान को लगा क रू रही थी उधर सी एक आवाज़ ी ुसज्य बाद उसनी फ़ौरन रोना बंद क्र दिया और फ़ोन बंद क्र दिया और भाग क कार क पास गई दरवाज़ा खोला अंदर एक बॉक्स पारा था उसनी खोला अंदर एक लॉकेट था

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उसनी जल्दी सी नेकलेस सब की तरफ क्र दिया

B'Bua:- ोमल सच बता यह किसनी किया.? और फ़ोन पी कोण था.?

कोमल:- सैम

यह कह क वह वहां सी भाग जाती ही साब यह सुन क बोहत शॉकेड थय क कोमल क पास सैम का नंबर कहाँ सी आया?

माँ:- मेरा बीटा मुझी मेरी बेटी सी बात करनी है कोमल

प्रिय:- सैम को किसी पता क कोमल को यह कार चाहिए और यह बोहत महंगी बी ही..

मस्सी:- अरे मुझी इस बारी मैं कुछ नहीं पता उसी खूब पॉच लेना पेहली कोमल को तो नीची बुलाओ

Maa:-Han उसी कह क मेरी बेटे सी मेरी बात करवा दी

मस्सी:- आप होस्सले रखिये शाम को तो आप बात क्र लें गई न..

सब माँ को संभालनी लगती हैं दादा जी बोहत खुश थय क उनकी पोतते को फॅमिली का ख्याल था वर्ण एक उनका दोस्सरे पोटा ही गगर की खबर इ नहीं लेता

अंजलि भाग क कोमल क रूम की तरफ जाती ही प्रिय पायल रूपा अवनि सब उसकी कमरे की तरफ जाती हैं

अंजलि:- तेरी सैम सी बात होइ केसा ही वह मुझी याद करता ही क नहीं बता मुझी

प्रिय:- तुझी उस सी इतना महंगा गिफ्ट नहीं मांगना चाहिए था कोमल

कोमल बीएस नेकलेस हाथ मौन पाकर क देख रही थी उसको कार्नर पी छोटा सा S♡K बना था वह उसको गुर सी देखनी लगती

अंजलि:- बता न komal(Rote होय)

कोमल अंजलि को गली लगा लेती ही और बोलती ही क

कोमल:- मेरी खुद उन सी कोई बात नहीं दीदी

अंजलि:- तोङने नीचे कहा क वह गिफ्ट और कॉल सैम का था.?

कोमल:- हाँ लेकिन मेरी ुणस्य कभी बी बात नहीं होइ Aunty(massi) सी नंबर लिया था उनको बर्थडे विश करनी क लॉयड कॉल किया लेकिन कुछ बी नए बोलै बीएस हैप्पी बर्थडे कहा दोनों न्य और उन्हों न्य कहा क ओपन थे दूरोर मैनी कोई गारी नहीं मांगी ुणस्य

अंजलि:- लेकिन उसको किसी पता क तो इ ही फ़ोन पी.?

कोमल:- मुझी नहीं पता

प्रिय:- िर उसको यह किसी पता क तुजबी यह इ कार चाहिए.?

कोमल:- मुझी नहीं पता मैं बी आपकी तर्हां शॉक मैं हों

पायल:- चलो नीची साब इंतज़ार क्र रही हैं..

शिखा:- दीदी देखो नेकलेस पी S♡K लिखा ही यह वही ही न जिस कपमनय मैं अप्लाई किया था.?

प्रिय:- हाँ यह तो उसी का लोगो ही

अंजलि:- उसी कंपनी सी लिया होगा न..

प्रिय:- हम्म चलो नीचे..

सब नीचे आ जाती हैं माँ जल्दी सी कोमल को पाकर लेती ही और बोलती ही

माँ:- केसा ही मेरा बीटा.?

C'chachi:- हाँ तोङने बताया नहीं क तेरी सैम सी बात होइ ही.?

M'Chachi:- हाँ बता तो देती और फोर बंद क्यू किया और आज उसका बी बर्थडे हैना तो साब उसको विश क्र देती

कोमल न्य साब को बता दिया जो उसनी कमरे मैं बताया था साब को

सब बोहत हेरा होये यह सुन क कोई बना जन्य किसी मान पसंद चीज़ दी सकता ही

मस्सी:- शाम को कॉल क्रय गए न तो साब विश क्र देना

सब:- हम्म

दादा जी:- चलो सके काटो औ कोमल औ शिखा

कारन:- दादू मैं बी काटों गए केक..

शिखा:- ऐ छोटो मैं काटों गई

कारन:- मां दीदी न्य फिर मुझी छोटो कहा मैं अब बारे होगया हु

C'Chachi:- हाँ मेरा बीटा बारे होगया ही अजा दोनों मिल क केक काटो

B'Chachi:- चलो अब माँ को वापिस कमरे मैं बी जाना ही लय क

(दोस्तों मैं बताना भूल गया क सैम क जन्य क कुछ दिनों बाद इ दादी की तबियत खराब रहंय लगी थी उनको व्हीलचेयर बी इधर उधर लय क जाती हैं ीनस्य बोलै बी नहीं जाता)

कोमल"' शिखा और कारन न्य मिल क केक कटा

B'Chacha:- अब सोक जाओ सब को कल की पार्टी की बी तयारी करनी ही और हाँ कल अनु रीना और मीरा दोपहर को आ रही हैं आदेश तो लेनी चली जाना उनको

C'Chacha:- ठीक ही भैया!

दादा जी:- और हाँ कोमल मेटि हम सुबह तेरी गारी मैं गाओं घोमनी चली गए सबको पता लगी क मेरी पोतते न्य लय क दी है

कोमल:- जी ननु..

डैड:- वैसी भाई साब उसको इतन्ती पेसय देंय की क्या ज़रूरत थी.?

अंकल:- मैनी नहीं दिए

माँ :- तो उसकी पॉज़ इतनी पैसी कहाँ सी ए.?

मस्सी:- दीदी वह अपनी पैसा खर्च नहीं करता सेविंग्स करता और हाँ उसको अभी अभी स्कॉलर शिप बी मिली ही.?

प्रिय:- स्कालरशिप किस लिए.,?

मस्सी:- स्कूल टॉप करनी क लिए..

माँ:- क्या मेरी बेटे न्य स्कूल मैं टॉप किया ही..

अंजलि:- लेकिन अपनी तो कहा क उसकी एक्साम्स चल रही हैं.?

मस्सी को गलती का एहसास होवा क उन्हों न्य फ्लो मैं क्या बोल दिए

मस्सी:- अरे वह वह इंटरने एक्साम्स हैं उसकी

सब:- हम्म्म

मस्सी:- बच गई

शिखा:- कोण बच गई.? मस्सी

मस्सी:- W''Woh मैं कह रही थी क स्कालरशिप बच गई होगी क्या.? इतनी महंगी कार लेनी क बाद

माँ:- मेरी बेटे को पेसय सी ज़्यादा रिश्तों की एहमियत ही..

उसकी बाद साब सोने क लिए चली गए कोमल की आँखों सी नींद गायब थी वह बीएस नेकलेस सैन्य सी लगा क कुछ सोच रही थी

इधर जब मैं फ़ोन पी बात करहा था मेरी पेअर काँप रही थय मैनी बरी हिम्मत सी बोलै

मैं:- हैप्पी बर्थडे!

कोमल:- हैप्पी बर्थडे!

Main:-Open थे दूर

उसकी बाद साब आप पर चुकी मैं अब की अवाज़ी सुन रहा था क मुझी लगा कोमल रो रही है

मैं:- कोमल तुम रो रही हो

*****

मैं:- कोमल प्लीज मत रो वर्ण मेरी जान निकल जाये गई अगर एक और आंसूं निकला तो मैं खुदको कुछ क्र लोन गए

फ़ौरन मुझी सिसकियों आवाज़ें अणि बंद होगी मेरी डिल को सकूं आया ुसज्य बाद बाद कॉल कट होगया

और कमरे मौन दो आवाज़ें ी

"हैप्पी बर्थडे तो यू"

मणि पिच्य देखा दीदी और तनीषा केक लय क खरी थी

रूचि:- अब मुँह देखता रही गए या क कात्य गए

मैं दीदी की गली लगा लिया और रोने लगा थोड़ी देर उनकी गली लगा रहा फिर मैं

तनीषा क गली लग गया दीदी को कोई ऑब्जेक्शन नहीं था उनको यह था हम दोस्त हैं मुझी इस वक़त दोस्त की सख्त ज़रूरत थी

मैं तनीषा क गली लगा तो मुझी लगा क मैं अभी तक अधूरा था अब पूरा होगया हम मुझी लगा मैं बीएस इधर तक इ जीना चाहता था मुझी लगा मैनी कोमल को गली लगा लिया ही मैं ुड्को कस क पाकर लिया और रोटा रहा ेओह मेरी बॉल सेहला रही थी

Tanisha(kaan में):- मेरु हस्बैंड देखो किसी बची की तर्हां रो रही हैं मुझी लगा क वह बोहत स्टोरंग hain..lekin वह तो बचा ही अभी

मैं उसको और कस क पाकर लिया..

तनीषा:- रूचि यहीं है वह क्या बोली गई मेरी भाई क देखो किसी गली लगी होइ ही

Main(Rote होय):- मुझी खुद सी कभी दूर मत करना मैं जी नहीं लाओं गए

यर्ह बात रूचि दीदी न्य बी सुन ली थी तनीषा न्य उनको इधर किया क अभी इमोशनल ही कुछ बी बोली गए वह बी यह समझी और तनीषा न्य उसी pani.lany का इशारा किया वह नीची चलो गई पानी लेनी

Tanisha:-Kisny कहा क मैं आप दी दूर जाओं गई मैं हमेधा आपकी दत्त हूँ

मैं:- सबनी मुझी खुद दी डॉयर क्र दिया मशीन आज क सबकी प्यार सी दूर रहा हूँ तनीषा अगर तुम बी काली जाओ गई मैं मर जाओं गए

तनीषा को बी यह बात डिल मैं लगी वह रोने लगी और मुझी कदस क पाकर लिया

तनीषा:- मैं आपको चोर क कहीं नहीं जाओं गई मुझी मूट बी आलस्य अलग नहीं क्र सकती अब कुछ देर की बात है हम साब क साथ होंगी प्लीज मत रोइये मुझी कुछ हो रहा ही प्लीज चुप क्र जाइये आप इग्ण्य कमज़ोर नहीं हैं अगर आप कमज़ोर पर जाओ गए तो आपकी तनीषा कोमल माँ पापा दादा जी अंजलि दीदी सबको कोण संभाली गए

मैं अब थोड़ा संभल गया था मैनी तनीषा क आंसूं साफ़ किये

मैं:- िनमय कभी ांडून नहीं अन्य चाहिए

तसनीशा:- खुद रोलटी हो और खुद कहञ हो क आंसूं न ए.. वैद्य क्या होगया था आपको इतना बेबस मैनी कभी नहीं देखा था

मैं:- मुझी नहीं पता मुझी क्या होवा साब फॅमिली मेंबर्स की आवाज़ सुन क मुझसे करोल नहीं होवा शुक्र ही तुम थी वर्ण आज मैं क्या क्र देता खुद नहीं जनता

तनीषा:- मैं हर सांस क दत्त हूँ आपकी

मैं:- लेकिन मेरा गिफ्ट.?

तनीषा:- बोलो क्या चाहिए दुनिया कदमो मैं रख दूँ गई

मैं:- यह डाइलॉगे तो लार्को का है na(haha)

तनीषा मुस्कुरानी लगी और मेरी सामन्य मेरी जिंदिगी की सब सी खूबूरत चीज़ ी तनीषा क चाँद पी घड़ा

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मैनी जल्दी सी उसी चुम लिया

मैं:- मेरा गिफ्ट रेसिवेद

इतनी देर मैं दीद रूम मैं आ गई और आती इ मुझी गली लगा लिया

रूचि:- तो ठीक तो ही न

मैं:- मैं बिलकुल ठीक हूँ बीएस थोड़ा ेमोटीनल होगया था बीएस

रूचि:- लेकिन तनीषा को क्यू इतनी ज़ोर सी गली लगाया.? उसको बुरा लगा होगा न

तनीषा:- कोई बात नहीं मैं इनकी हालत समजह सकती हूँ

मैनी केक कटा और दोनों न्य गिफ्ट दिया दीदी न्य सूट दिया तनीषा न्य मुझी वाच और शूज दिए

मैं:- अरे वह मैचिंग!!

रूचि:- हाँ आज तुझी यह इ पहनना ही पार्टी मैं

मैं:- Ok

हम सू गए

अगली सुबह मैं उठ क जोगिंग क लिए निकल गया वहां सी आया तो नीची कैंटीन सी कॉफ़ी और नाश्ता लय क तनीषा क कम्र्य मैं चला गया वह सू रही थी बोहत मस्सों लग रही थी इस वक़त तकिये को गली लगा क सोइ रही थी मैनी उसकी सर पी किश क्र क जगाया उसनी ऑंखें खोली

तनीषा:- गुड मॉर्निंग जानू

मैं:- गाइड मॉर्निंग माय कुटी पाई कॉफ़ी और नाश्ता फ्रेस्ग हो क औ जल्दी

वह उठ क बाथरूम मैं चली गई थोड़ी देर मैं बाहिर ी मौन उसकी अपनी हाथों सी खाना खिलाया उसनी मुझी फिर मैं अपनी रूम मैं आज्ञा वहां बीएड पी दीदी बैठी थीं

मैं:- गुड मॉर्निंग दीदी

रूचि:- गुड मॉर्निंग किधर गए थय.?

मैं:- जोगिंग क लिए

मैं फ्रेश हो क बाहिर आया दीदी क साथ बी थोड़ा बोहत खाया और फिर तनीषा रूम मैं ी और हम शाम क बारी मैं दिस्सकस्स करनी लगी

इधर हवेली मैं सब तरफ तयारी चल रही थी मनो कोई शादी हो साब कामो मैं लगी थय और साडी लडकिया कोमल क कमरे मैं थीं

शिखा:- वैसी दीदी यह नेकलेस बोहत प्यारा ही मैं पहिया सी कहूं गई क मुझी बी चाहिए

प्रिय:- वैसी देखती हैं कितनी का है सस्ता होगा हम बी मंगवा लय गए

पायल लैपटॉप ों करती ही और नेट पी S♡K की साइट पी चेक करनी लगी

अवनि:- यह रहा दब344

Payal(Shocked):- यह 1 लाच डॉलर्स का ही

सब:- क्याआआ!!

Anjili:-Lekin उसकी पास इतनी पैसी कहाँ सी ए.?

पायल:- शाम को फ़ोन पी पॉच लेना

कोमल:- गिफ्ट की कोई कीमत नहीं होती..

परिया:- तेरी तो माज़ी होगये हैं अन्य दो उसको बीएस यह ही हम कुछ नहीं उसकी..

अंजलि:- अरे उसको अब तो परमिशन मिली ही सब सी बात करनी की हम टी सब साथ थय लेकिन विह तो अकेला था न

पायल:- रूचि है न उसकी साथ..

अंजलि:- अरे हाँ उसको तो हम भूल इ गए वह क्यू नए ी वैसी

शिखा:- मस्सी कह रही थी क उनको किसी कमपनी मैं जॉब लगी ही इस लिए नए ी अगली महीने भाई क साथ ए गई

अंजलि:- हम्म्म

Karan:-Komal दीदी आपको दादा जी बुला रही हैं

कोमल और सब नीचे चली जाती हाँ

दादा जी:- ा बेटी तेरी गारी पी गाओं का चक्र लगा क आती हैं

अवनि:- Komal.main बी चालों गई तेरी साथ

पायल:- मैं भी..

रूपा:- मैं जाओ गई

कारन:- मैं जाओ गए

शिखा:- मैं बी

अंजलि:- अरे एक इ गारी ही

कोमल:- सब बरी बरी चले गए

उसकी बाद पेहली कोमल दादा जी प्रिय रूपा और अवनि को लय क जाती है पूरा गाओं बीएस कार को देख रहा था और अंदर दादा जी को बैठी देख क सब हैरान थय कोमल न्य गारी रोकी सब उसकी इर्द गिर्द जमा होगये

आदमी:- ठाकुर शब् इतनी शानदार गारी कब ली

दादजी:- मेरी पोतते न्य भेजी ही

Admi:-Wah राहुल बाबा लगता ही बारी आदमी बन गए

दादा जी :- यह मेरी दोस्सरी पोतते न्य भजेजी ही सैम न्य अमेरिका सी

सब यर्ह सुन क हैरान हो गए कोमल हवेली वापिस आ गए अबकी बार माँ b'bua b'Chachi c'Chachi और मस्सी गई थीं फिर पापा अंकल chacha's और k.dad गए सब को सेर करवा क कोमल घर आ गई

B'bua:-Komal यह नेकलेस इतना महंगा ही òर तो इसको ऐसी इ पेहेन क फिर रही है

कोमल:- माँ यह पहनाने क लिए इ होता ही और अब सी यह मेरी गली मैं इ रही गए और इसकी बाद कोई बात नहीं

C'Chacha:- बेटी मेरी साथ चली गई अपनी मासियोँ को लेनी?

Komal:-Han मां जी चलिए

दोनों स्टेशन चली जाती हैं अपनी अपनी गरियोँ मैं कोमल क साथ अंजलि थी जो दादा जी क केहनी पी साथ ी थी

थोड़ी देर मैं ट्रैन आ गई उसमे सी सी तीनो बुआ और और उनकी फॅमिली बाहिर ी चाहा न्य उनका समन पकड़ा

A'bua:-Are वह बर्थडे गर्ल खुद ी ही

कोमल:- जी आपको किसी न लेनी अति मस्सियाँ इतनी दिनों बाद ै हो

वर्षा:- बीएस मस्सी को इ लेनी ी ही क अपनी बहनो को बी

Anjili:-Na हम तो बीएस बुआ को hi लेनी ए हैं वह बी बीएस मीरा बुआ को

M'bua:- मेरी बची( ुम्हह)

अदिति:- अरे हम भी हैं

Raj&rani:- हम भी

R'Bua:-To बोहत शैतान होगी ही अभी तेरी खबर लेती हो ( और अंजलि को गली लगा लिया)

चाचा:- अब घर बी चलना ही क यहीं भारत मिलाप चली गए

A'bua:-To ज़्यादा मत बोल

चाचा:- दीदी मैं बीएस यह कैग रहा था घर चल क बात कृत्य हैं न

M'bua:- हाँ चलो

साब पार्किंग की तरफ आ गए

राज:- रानी वह देख गारी क्या मस्त ही न

Rani:-Han भाई

R'bua:- चुप चाप चलो दोनों

कोमल:- बैठना है इसमे.?

अदिति:- कोमल यह दोनों कुछ बी बोलती हैं तो चल..

A'bua:- तो एक इ गारी लाया अब सब किसी जाये गए तुझ सी एक काम बी ठीक सी नहीं होता..

इतनी देर मैं गारी क हॉर्न की आवाज़ अति है सब उस तरफ देखती हैं यह वही गारी थी जिसको वह अभी देख रही थय और कोमल कोण अंदर देख क शॉकेड होगये

A'bua:-Komal यह किस की गारी ही.? बाहिर निकल किसी की गारी मैं नहीं बैठती

कोमल:- मस्सी यह मेरी गारी ही कल डी मिली ही..

Sab:-Kyaaaaa

R'bua:- मिली सी क्या मतलब तेरा.?

अंजलि:- गिफ्ट मिला ही बर्थडे का इसको

A'bua:- किसनी दिया इतना महंगा गिफ्ट.?

चाचा:- सैम न्य

सब:- क्या सैम घर आज्ञा

चाचा:- अरे नहीं

फिर अंजलि न्य सब को साडी बात बता दी

सब सुन क शॉकेड थय लेकिन राज रानी को नहीं पता था सैम कोण ही

Raj&rani:-Yeh सैम कोण ही मां

R'bua:- आपकी भाई जो अमेरिका मैं होता ही बारी मां का बीटा..

फिर सब घर ा गए सब गारी को देख क खुश थय सब का घर मैं वेलकम होवा और त्यारियां शुरू होगी ृत्त की और रत का समय बी होगया सारी मेहमान आ गए

रत 8 बाजी

माँ:- फोनेल गए न कब लगाए गई

मस्सी:- हाँ दीदी बीएस लगा रही हूँ

मस्सी न्य लाइट्स काम रानी को कहा और मोबाइल कनेक्ट क्र दिया और कॉल लगा दी स्क्रीन पी मेरी फोटो आ गई

A'bua:-Kya यह सैम ही.?

अंजलि:- हाँ यह इ है

M'bua:- कितना सुन्दर ही न

R'bua:- वाक़ई मैं बोहत प्यारा ही हमारा बचा

सब लोग स्क्रीन पी देखनी लगी और एंटनी सुंडा लरकी को देख क सभी लडकिया यहीं भरनी लगी

लेकिन तभी कॉल रेसवे हो जाती ही अचानक सारी हॉल की लाइट बंद हो जाती है सब इधर उधर देखनी लगती हैं

लेकिन अचानक इ स्पॉट लाइट ों होती है सब उस तरफ देखनी लगती हैं..

सबकी आंखें खोली रह जाती हैं.......

तो बे कंटिन्यू.....
 
अपडेट NO.10

बर्थडे पार्टी

सब कॉल कनेक्ट होनी का इंतज़ार क्र रही थय क अचानक लाइट्स बंद हो जाती हैं साब इधर उधर दकनी लगती हैं क अचानक एक स्पॉट लाइट ों हो क मैं गेट की तरफ पार्टी ही साब वहां देखती हैं और शोकेकड हो जाती हैं..

अब ाजी..

सामन्य एक लड़का फुल सूट मैं खरा था साब उसको इ देखी जा रही थय पूरा हॉल शांत था इतना हैंडसम लड़का देख क वहां मौजूद लडकिया पागल हो जाती हैं

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ठाकुर फॅमिली की तो हालत खराब थी क्यू क जिस को देखनी क लिए 15 साल सी इंतज़ार क्र रही थय वह सामन्य था किसी को समजह नहीं आ रहा था वह क्या क्रय

वह आहिस्ता आहिस्ता चलता हाउ अत ही और हॉल की लाइट्स ों हो जाती हैं

(यज्ञ हीरो की ज़ुबानी)

मैं लगभग भागता हुवा सीधा माँ क पास गया वह बोट बन क खरी साब का यह इ हल था किसी मैं हिलनी की हिम्मत नहीं थी

मैं माँ पैरों मैं गिर गया और पैरों को को सर लगा क रोयी लगा उनको बी होश ी वह बी नीचे बेथ क रोनी लगी मेरी चेहेरी को पैर क ऊपर किया और चुम्म्न्य लगी वह बीएस चूमे जा रही थी मैं बीएस रोये जा रहा था मेरी बी हिम्मत नहीं हो रही थी कुछ बोलनी की मैनी माँ को गली लगा लिए वह बी ममता मैं मेरी सर सेहला रही थी और रोये जा रही थी मुझी तो कुछ होश इ नए था मैं बीएस ममता की चादर मैं लिपटी होय था वहां मौजूद हर शख्स रू रहा था माँ न्य आखिर बोलै..

Maa(Rote होय):- तो आज्ञा मेरा बचा मेरी आंखें ट्रास गई थी तुझी देखनी क लिए मेरी यह बहन तरस गई थी तुझी गली लगानी क लिए मेरी कान तरस गए थय तेरी आवाज़ सुनने क लिए.. तेरी माँ तेरी बिना बीएस ज़िंदा लाश थी मेरी बचा

मैं:- तेरी आग़ोश मैं जन्नत और जहाँ दोनों का सुखों था

इस पत्थर पे सर रख के मुज से सोया नहीं जाता ऐ माँ

मैं बीएस इतबा कह सका था 10 मं तक ऐसी बैठी रही फिर मुझी एहसास होवा क सभी मुझी सी मिलनी क लिए खरी हैं

मैं:- माँ अंजलि दीदी किधर..

पेह्ची सी एक आवाज़ ी

अंजलि:- बेटू मैं यहां हूँ तेरा इंतज़ार क्र रही हूँ आज भी

मैं जल्दी सी उठ क पिच्य देखा वह रोये होय मुझी देख रही थीं मैं उन को गली लगा लिया वह बी मुझी कस क गली लग गई क मुझी कहीं नहीं जन्य दें गई बीएस रोये जा रही थीं

मैं:- ऐसी रू गई तो मैं खुद को किसी सम्भालों गए प्लीज चुप मैं आज्ञा हूँ बा अब नए रोना अपनी

अंजलि:- नहीं मुझी इन 15 सालों गए गुबार निकालनी दी मैं हर वक़त बीएस तुझी इ याद किया ही

मैं:- प्लीज चुप हो जाइये वर्ण मैं चला जाओं गए

अंजलि:- नहीं अब मैं तुझी कहीं नहीं जननी दूँ गई मैं नए रू गई अब

मैं:- यह होइ न मेरी अंजू वाली bat(bachpan मैं सैम अंजलि को अंजू कहता था तो वो बोहत चीरती थी)

अंजलि:- तुझी आज बी याद ही मुहि चीरता था इस नाम सी 15 सालों सी इसको सुनने क लिए ट्रास रही थी

मैं:- मुझी हर पल याद ही आपकी साथ बिताया हुवा मैं चाही खुद को भूल जाओं आपको नहीं भूलूँ गए..

अंजलि:- तो अब नहीं जाये गए न

मैं:- कभी नहीं जाओं गए अब मैं बाकियोँ सी मिल लोन

अंजलि:- हम्म्म

फिर मैं दादा जी क पास गया उनकी पेअर कोई फिर पापा क पास फिर सभी बहनो सी मिला.

लेकिन दो शख्स ऐसी थय जो बीएस खरी थय मिल नहीं रही थय यह कोई और नहीं शिखा और कोमल थी..

मैं शिखा क पास गया

मैं:- मुझसे मिलो गई नहीं..

शिखा:- आपको पता ही मौन कोण हूँ:-

मैं:- आप टी बार्बी डॉल हो पार्टी मैं क्या क्र रही हो आपको तो बुक मैं होना चाहिए

वह झट सी मेरी गली लग गई

शिखा:- आपको पता ही मेरी साडी फ्रेंड्स कहती थी आप नहीं ै गए वह साब अपनी भैया क साथ घुम्म्नाय जाती हैं

मैं:- मैं अपनी गुड़िया क लिए किसी नहीं अत बीएस थोड़ा सा लेट होगया और आपके भैया आपको दुनिया घुमाये गए

शिखा:- सच भैया.?

Main:-Han मेरी जान तेरी हर ख्वाहिश आज सी मेरी

मैनी उसकी सर पी किश किया उसनी बी मुझी कस क गली लगा लिया उस क साथ थोड़ी बात चित क्र क मैं अपनी जिंदिगी की तरफ भरा यानि कोमल क पास गया

वह मेरी आँखों मैं देख रही मैं उसकी पास जा क खरा होगया मैं बीएस उसकी आँखों मैं देखी जा रहा था

Main:-Khawab Hi खवाब कब तलाक देखों

काश तुझ को भी एक झलक देखों

Komal:-Ham भूल सकें हैं न तुजे भूल सकें गेय

तू याद रहे गए हमें हाँ याद रहे गए

कोमल मेरी गली लग गई मैनी बी उससे अपनी बाँहों मैं भर लिया मुझी जो आज सकूं मिल रहा था वह मैं लफ़्ज़ून मैं नए बता सकता हर गुज़रती पल क साथ हमरी पाकर और बी मज़बूत हो रही हमे होश मीफ़ा बुआ की आवाज़ सी ी

M'bua:- ओह लीला मजनू हम बी हैं रहूँ मैं

मैं जल्दी सी अलग होवा और बुआ क गली लग गया

मैं:- आप तो बोहत ख़ूबसूरत हो गई लगता है शादी रस आ गई

M'bua:- बदमाश अपनी बुआ तो टांग करता ही

मैं बरी बरी साडी बुआ सी मिला साब सी मिल क मैं मस्सी क पास गया

मैं:- आप बी तो मिल लो 2 दिन सी गायब हो

मस्सी:- ाचा जी एक तो तेरा काम ऊपर सी खुद इ बोलता ही क गायब होगयी

माँ:- कोनसा काम.?

Massi:-Iska प्लान पेहली सी इ था आज अनन्य का इसलिए िसंय मुझी पेहली अनन्य को कहा

माँ:- मेरा प्यारा बचा चल केक काट

मैं:- रुको आपको किसिस सी मिलवाना ही

मैनी तनीषा को मश्ग किया वह दोनों अंदर आ गई

मैं:- माँ यह हैं रूचि दीदी और यह है तनीषा मेरी दोस्त

दोनों सब सी मिली

माँ:- बीटा आप शादी शुदा हो.?

तनीषा:- जी मेरा इस दुनिया मैं मेरी पति क सिवा कोई नहीं ही

माँ:- किसनी कहा कोई नहीं ही हम सारा परिवार तुम्हारी साथ ही

तनीषा:- जी माँ क्या मैं आपको माँ बुला सकती हूँ.?

माँ:- हाँ मेरी बची वैसी तुम्हारा पति किधर ही

तनीषा:- वह कहीं काम सी गए हैं कुछ सालों क लिए मैं वहां अकेली थी सैम मुझी साथ लय आया

माँ:- बोहत ाचा किया चल अब केक काटो

मैं और कोमल केक की तरफ भारी

मैं:- गुड़िया इधर औ

अवनि:- अब तो तो आज्ञा ही फिर यह क्यू

मैं:- जब इतनी साल कटा ही केक आज क्यू नहीं तो आज बी एंटनी इ बार बोली ही क्या

अवनि:- तेरी जैसी बंदर नहीं था अब तक टांग करनी क लिए अब फिर सी मुझी टांग क्रय गए

मैं:- अब तो तेरी सहमत ए गई (हाहाहा)

अवनि:- बीटा वह बचपन था अब तुझी पाकर क मार्रोन गई

पायल:- बीएस करो तुम दोनों बारी हो गए हो बची नहीं जो लार रही हो

मैं:- देखा दीदी बी तुझी बोल रही hain(haha)

अवनि:- बाद मैं देखों गई तुझी

मैनी कोमल और शिखा न्य केक कटा मैनी और कोमल न्य एक दोस्सरी को कहलाया फिर बरी बरी साब को अवनि न्य मेरी नाक पी केक लगा दिया साब हस्सणय लगी हमारी तो तो मैं मैं देख क

मैं:- रूपा दीदी आप क्यू चुप हो.?

रूपा:- मैं कहाँ चुप हों बोल तो रही हूँ

प्रिय:- किताबून सी निकली तो फिर न

मैं:- चलो साब मेहमानो को कहानी खिला क आराम सी बात क्रय गए

साब मेहमान खाना खा क गिफ्ट दी क चली गए कोमल को क्यू क किसी को पता जो नहीं था मैं आ रहा हूँ लड़कियां जान जान क मुझ सी बात क्र रही थी

अंजलि:- तो बेथ मैं खिला दूँ गई साब को

मैं:- अरे नहीं दीदी मैं खिलता हूँ न

अंजलि:- यह कालमोहियाँ तुझी इ खा जाये गई..

मैं:- ाचा तो यह बात ही टेंशन न लो आप बैठो मैं देख लोन गए

मैं खाना खिला क साब मेहमानो को रवाना क्र दिया मैं साब को सीऑफ क्र रहा था साब बोहत प्रभावित हो रही थय मेरी ऐसी सुभाव सी साब मेहमान चली गए हम सब हॉल मैं बेथ गए सब मुझी घेर क खरी थय गुड़िया मेरी गॉड मैं बैठा थी माँ मेरी एक साइड और अंजलि दीदी मेरी एक साइड बैठी थी

A'Bua:- तो सैम यह सरप्राइज देंय की किसी सजी

मैं:- Mujhy.lga यह ाचा मूका ही साब एक साथ हों गए साब सी एक साथ मिल लोन गए

B'chachi:- तेरा सामान किधर ही.?

मैं:- वह होटल ही सुबह तक ए गए

C'Chachi:- वैसी तुझी हम याद थय क नए

मैं:- अरे मेरी प्यारी चची भुला उनको जाता ही जिनको भुला जाये

C'chachi:- ाचा जी ब्रा फ़िल्मी होगया है

शिखा:- आखिर बबई किसका ही

मैं:- अपनी प्यारी गयडीया का

रानी:- और मैं.?

मैं:- हाँ आपका बी

Raj:-or मेरा.?

फिर साब शुरू होगये मेरा मेरा

अदिति:- तू तो फस्स गया बीटा..

वर्षा:- अब बता किसका भाई ही.?

Main:-Ummmm.Han सब का भाई हूँ साब का एक एक गन मुझी मैं आज्ञा ही..

सब:- ः

Varsha:-Smart आंसर

अलीना:- भाई आप हमारी लिए क्या लाये हो.?

मैं:- बोहत कुछ कल साब को मिल्ली गए साब कुछ वैसी दादी किधर गेन?

दादा ji:-Woh बीटा उसकी तबियत नहीं ठीक कमरे मैं ही

मैं:- मुझु मिलना है ुणस्य मैं मिल क अत हूँ

मैं दादी क कमरे मैं गया वह अंदर लेती होइ थी उनकी हालत देख मुझी बोहत दुःख होवा

मैं:- क्या हुवा दादी को

पापा:- बीटा तेरी जन्य क बाद सी उनकी यह इ हालत ही न कुछ बोल सकती हैं न ठीक सी बेथ सकती हैं

मैं उनकी पास गया सर पी किश किया वह जाग गई वह बीएस मुजबी देखी जा रही थी मेरी आंख मैं आंसूं आ गए मेरा आंसूं सीधा दादी क सर पी गिरा क अचानक किसी की आवाज़ ी साब चौंक गई..

यह आवाज़ किसी और की नहीं बल्कि दादी की

दादी:- तो आज्ञा मेरा बचा मैं कब सी तेरा इंतज़ार क्र रही थी

मैं:- मैं बी ाको मिललंय क लिए ट्रास रहा था आप ऐसी क्यू लेती हो अपनी बेटी सी लेट क मिलो गई

दादी उठ क बेथ गई और मेरी गली लग गई यह सब क लिए एक और शॉक था साब की आँखों मैं ख़ुशी क आंसूं थय वह ख़ुशी कहीं खो गई थी आज वापिस आगे ही

मैं:- अपनी खाना खाया क्या.?

Dadi:-Aj तेरी हाथों सी खाएं गई

मैं:- चलो कहती hain...Maa

माँ जल्दी सी बाहिर चली गई मैं दादी को लय क बाहिर आज्ञा वह खुद चल क बाहिर ी थी साब आज बोहत खुश थय माँ खाना लय क ी मैनी दादी को खिलानी लगा वह बीएस मुझी इ देखि जा रही थी फिर खाना खा क बेटी करनी लगी मैं दादी को कमरे मैं ला क सुल्ला दिया

मैं बाहिर आया टाइम देखा तो 1:00 बज रहा था

माँ:- चलो अब सब सोनी जाओ अब साडी बातें सुबह

मैं:- माँ मुझी आपकी साथ सोना ही आज

R'bua:- इतना बारे होगया ही अभी भी माँ क साथ सोये गए...

मैं:- बची कितनी बी बारी हो जाये माँ बाप क लॉयर बची होती हैं मेरी स्वीट बुआ

R'bua:- तुझसे जितना मुस्खिल ही तुझी बीएस कोमल इ हैंडल क्र सकती है

A'bua:- दोनों एक जैसी हैं वह बी शैतान यह बी

मैं:- अब एक दिन पैदा होनी पी एक जैसी आदतें बी तो एक जैसी होंगी न

माँ:- चलो सोनी अब

मैं माँ क कमरे मैं आज्ञा तनीषा सी चुप क अंदर आ गई

तनसिह:- तो आज सासु माँ क साथ सोना ही

मैं:- हाँ उनकी बहू तो सोने नहीं देती अपनी साथ.?

तनीषा:- बहू न्य कब रोका ेओह तो उसका पति इ खुद मन करता ही..

मैं:- मेरी जान तुमसे जितना मुश्किल ही डिल और दिमाग दोनों हर बैठी हैं आपकी हाथों

तनीषा:- ाचा जी वैसी ऐसी इ सोना ही क्या.?

Main:-Yr मैं जल्दी जल्दी मैं भूल इ गया अब क्या करूं.?

तनीषा :- मुझी पता था मैं अभी आपके लिए लती हूँ मैनी गारी मैं रख लिए था

मैं:- ी लव ोूउउ जानू..

तनीषा वहां सी चली गई माँ कमरे मैं ी

Maa:-Suit मैं इ दोए गए क्या.?

मैं:- नहीं तनीषा लेनी गई ही कापरी

माँ:- वह क्यू लेनी गई मुझी बोल देता

तनीषा:- क्यू मुझी नए बोल सकता क्या माँ.?

माँ:- अरे नागि मैनी सोचा तो थकी होगी

तनीषा:- मुझी काम करनी की आदत ही आप फ़िक़र न करो

तनीषा सी कापरी लय क मैं बाथरूम मैं चेंज क्र क आज्ञा

मैं माँ की गॉड मैं सर रख क लेट गया वह मेरी सर को सेहला रही थी मैं कब नींद की आगोश मैं चला मुझी खुद नहीं पता

वही कोमल क कमरे मैं सारी पार्टी मौजूद थी साब रूचि को घरक बैठी थय

पायल:- तो बताओ न क्या िया इतनी दिन अमेरिका मैं..

रूचि :- कुछ नहीं बीएस पढ़ाई और अब एक कंपनी मैं जॉब करूं गई जा क

प्रिय:- कोनसी कंपनी मैं.?

रूचि:- S♡K

प्रिय:- क्या मैनी बी इधर की कंपनी मैं अप्लाई कुया होवा S♡K की

रूचि:- क्या अरे यहाँ की मैनेजर पता ही कोण.?

प्रिय:- कोण ही.?

रूचि:- तनीषा..

प्रिय:- क्या मतलब तनीषा इंडिया की S♡K कमपनी की मैनेजर ही.?

रूचि:- नहीं वह पोरी वर्ल्डवाइड एम्पियर की मैनेजर ही

सब:- क्या!

पायल:- मतलब क वह मालिक को जानती ही क कोण ही.?

Ruchi:-Han हर मीटिंग बी वह इ करती है सेलेक्ट रिजेक्ट साब वही संभालती है बॉस क केहनी पी

प्रिय:- मुझी उस सी बात करनी होगी क मुझी जॉब मिल्ली गई क्या.?

अंजलि:- लेकिन वह इतनी बरी कंपनी मैं काम करती ही फिर बी इतनी सिंपल को हस्मुख ही

कोमल:- वह तो ही

शिखा:- दीदी हम कल घोमनी चली गए भैया क साथ

अवनि:- लेकिन जाये गए कहाँ.?

रूपा:- खेतों मैं

प्रिय:- क्या वह जाये गए.?

रूचि:- उसको एग्रीकल्चर मैं बोहत इंटरेस्ट है वह अक्सर फॉर्म्स पी जाता ही

अंजलि:- तो हम सुबह सभ खेतों मैं जाये गए

साब इधर उधर की बेटी करनी लगती हैं

इधर दोस्सरी साइड एक हवेली मैं व आदमी बैठी थय ए देखती हैं क्या बातें हो रही हैं यहाँ..

ा1:- आज उसका पोटा घर आज्ञा अब हम क्या क्रय गए ऐसी तो हम कभी हवेली पी कब्ज़जा नहीं क्र सकी गए

ा2:- ः कल सुबह हवेली मैं खून की होली केहली जाये गई

ा3:- लेकिन पापा वह किसी.?

ा2:- तो जनता ही हमारी सर पी किसका हाथ.?

ा3:- लेकिन अगर उनको पता चल गया क हमनी गलत इस्तमाल किया ही उनकी नाम का तो.?

ा2:- कोण बताइये गए

ा1:- मैं कल सुबह इ उनकी घर पी राइड करनी क भय घुस जाओं गए

ा3:- लेकिन आपको पता ही न क उनको पता चल गया क हम क्या क्र रही हैं तो पता है न

ा2:- हम दोनों न्य उनको देखा ही वह अभी भी इंडिया मैं नहीं हैं

ा3:- लेकिन सोच लो एक बार

A1:-Soch लिया उसकी बाद मेरी परमोशन पाकी

हाहाहाहाहा

देखती हैं कल क्या रंग लय क अति है.????

तो बे कंटिन्यू
 
अपडेट NO.11


अगली सुबह...

मैं अपनी वक़त पी उठा देखा तो माँ सू रही थीं मैनी उन को न नए ज्ञेय मैं रेष होकय बाहिर निकल गया आज मैं पहली बार गाओं मैं जोगिंग करनी लगा था मैं बाहिर गया वहां काफी लोग उठ चुकी थय मैं अपनी धुन मैं जोगिंग करनी लगा साब मुझी घूर घूर क देख रही थय मुझी लगा मैं कोई अजूबा हूँ कुछ एक घंटा जोगिंग क्र क घर आज्ञा मैं किचन की तरफ गया वहां पी c'Chachi थीं

मैं:- गुड मॉर्निंग चची

C'chachi:-Good मॉर्निंग उठ गया.?

मैं:- मैं तो एक घंटा पेहली उठ गया था अभी जोगिंग क्र क आ रहा हूँ..

C'Chachi:- यह तो बोहत अछि बात ही नाश्ता क्रय गए.?

मैं:- नहीं एक कॉफ़ी बीएस

C'Chachi:- मुझी तो नए अति बनानी..

मैं:- मैं खुद बना लेता हूँ

मैं कॉफ़ी बनानी लगा..

C'Chachi:-Wesy बॉडी अछि बनाई ही तोङने..

मैं:- यह तो बीएस ऐसी इ आप बताइये आप तो और बी ख़ूबसूरत होगी हो

C'Chachi:- अरे कहाँ अब तो उम्र होगी ही मेरी..

मैं:- अरे आप तो आज बी आधा गाओं घ्याल क्र दो एक ऐडा सी

C'Chachi:- बदमाश ...

मैं कॉफ़ी लय क सीधा तनीषा क कमरे मैं गया मुझु पता था क अभी टाइम ही सबकी जगण्य मैं

वह बोहत सकूं सी सू रही थी मैनी उसकी होटों पी हल्का सा किश क्र दिया वह जग गई और आंखें खोली बगैर इ

तनीषा:- गुड मॉर्निंग जणू

मैं:- गुड मॉर्निंग कुटी पाई चलो उठो कॉफ़ी ठंडी हो जाये गई

तनीषा बीएड पी बेथ गई और मैं उसकी पिच्य बेथ गया वह मेरी साथ ठीक लगा क बेथ गई

तनीषा:- क्या बात ही मुझी लगा आज टी खुद उठना पारी गए मुझी

मैं:- ऐसी किसी खुद आपकी हस्बैंड यहीं हैं

तनीषा:- ी लव माय हस्बैंड

मैं:- चलो उठो फ्रेश हो जाओ मैं बी नहा क अत हूँ..

तनीषा:- Hmm.....umahh

मैं वहां सी सीधा माँ क कमरे में गया माँ उठ चुकी थी

माँ:- किधर गया था सुबह सुबह.?

मैं:- जॉगिंग पी

मैं माँ सी थोड़ी देर बात की नहंय चला गया इस बात सी अनजान क कोई हमरे खिलाफ प्लांनिग क्र रहा ही

वहीँ कुछ देर बाद घर क सामन्य 5'6 गाड़ियां रुकी उस मैं सी गुण्डाय निकले और एक आदमी निकला उसनी आती एक नौकर को दादा जी को बुलानी भेजा

सभी सभी दादा जी क साथ बाहिर आ गए दादा जी सामन्य खरी आदमी को देख क गुस्से मैं बोली

दादा जी:- हरिया तेरी हिम्मत किसी होइ यहाँ अन्य की

Hariya:-Woh क्या है न क आज मुझी यह हवेली चाहिए

पापा:- तेरी बाप का माल ही क्या.?

हरिया:- हाँ यह मेरी बाप को इ chahiye(haha)

दादा जी:- कोण बाप .??

Hariya:-Are मतलब क गाणी भाई को चाहिए..

दादा जी:- अरे उसको तो पेहली बी मैनी अछि तर्हां समझाया था लेकिन लगता अकाल ठिकाणी नहीं ी

हरिया:- इस बार उसकी सर पी पता ही किसका हाथ ही.?

B'Chacha:- किसका.?

हरिया:- थे शकल का (haha)(Bhai थे रॉक किसो दोस्सरी कहानी मैं उसे होवा था इसलिए नाम चेंज क्र दिया)

सब थे शकल का नाम सुन क दर गए अब तक साब बाहिर आ चुकी थय मैं अभी भी नाहा रहा था मुझी बाहिर सी आवाज़ें ी मैं जल्दी सी कॉपर पहन क बाहिर आया और निचा चला गया

मैनी देखा बाहिर कोई आदमी खरा ही और उसकी अस्स पास गुंडे खरे है मेरी आँखों मैं खून उतर आया मैं बाहिर जन्य लगा लेकिन किसी न्य मेरा हाथ पाकर लिया यह और कोई नए माँ थी

माँ:- तो बाहिर नहीं जायर गए अंदर चल..

मैं:- माँ आपका बीटा बुज़दिल नहीं ही क इन छोटे मोटे लगो सी दारूण आप मुझी क्रिये प्लीज

माँ:- नहीं तुझी कुछ होगया तो..

मैं:- जब तक आपकी दुआ मेरी साथ मुझी कुछ नहीं होगा बीएस 2 मं

मैं माँ सी हाथ चोरवा क बाहिर आया

दादा जी:- सैम बीटा तुम अंदर जाओ

हरिया:- तो यह ही वह विदेशी ही तो चिकना

मैं:- हाँ तो बेहेन का रिश्ता डे दी

हरिया गुस्से मैं आग बगुला होगया

हरिया:- तेरी हिम्मत किसी होइ तुझी पता ही मैं थे शकल का आदमी हूँ..

मैं नाम सुन क एक बार हिल गया लेकिन फिर खुद को संभल क

मैं:- ाचा सॉरी भाई लेकिन ज़रा अपनी बॉस को बुला

हरिया:- देखा न डर गया न वह इंडिया मैं नहीं होती..

मैं:- वह नए वह जो यहाँ का बॉस ही तेरा उसको बुला लय तुझी जो चाहे मिल्ली गए बिना कुछ किये..

दादा जी:- यह तो क्या बोल रहा ही बीटा मैं संभल लोन गए तो अंदर जा यह बोहत खतरनाक लोग हैं

हरिया:- देख अपनी जुबां पी पका रही गए न..

मैं:- यह ठाकुर की जुबां है तेरी बॉस को बुल्ला कुछ नहीं कहां गए और न hi कोई कुछ बोली गए तुझी

हरिया न्य एक फ़ोन साब मुझी घूर रही थय मैं बीएस शांत खरा था कुछ 10 मं दो गाड़ियां ी एक गारी मैं सी एक आदमी निकला और दोस्सरी मैं सी गुंडे..

आदमी:- कोण ही बी चुटिया जो हमको बुला रहा था

हरिया भाग क उसकी पास गया

हरिया:- भाई वह विदेशी लोंदा

जैसी उसनी मुझी देखा वह एक बार हिल गया और हरिया को थापर मारा और भाग क मेरी पास आया साब बोहत दर गए थय लेकिन जो सभनय देखा वह देख क साब हेरा परेशान होगये

वह आदमी सीधा मेरी कादमूं मैं गिर गया

गाणी:- मुझी माफ़ करदो सर मुझी नहीं पता था आप हैं यहां.?

मैं:- मेरी सुनने मैं आया ही क थे शकल को यह हवेली चाहिए

गाणी:- नहीं भाई गलती होगी प्लीज माफ करदो

मैं:- चुप चाप चला जा अगर एक मिंट बी यहाँ नज़र आया तो तेरा वह हश्र करों गए तेरी साथ पुश्तें याद रखें गई

वह जल्दी सी उठ क भाग गया और सारी गुंडून को बी लय गया साब उस सी पॉच रही थय क क्या हुवा लेकि वह एक मं सी पेहली निकल गया

उनकी जाती इ साब मुझी बीएस घूरय जा रही थय

मैं:- क्या मैं कोई अजूबा हूँ जो घूरय जा रही हो.?

दादा जी:- वह तेरी पैरों मैं क्यू गिरा तुझी देख क वह क्यू दर गया.?

पापा:- हाँ बीटा और वह बिना कुछ बोली चला गया क्यू.?

B'chacha:- वह इतना ब्रा गुंडा होकय बी तुझ सी क्यू दर गया?

मैं:- अरे बीएस बीएस इतनी सवाल एक साथ बताता हूँ सांस तो लो

फिर मैनी कोई मन घृत कहानी सुना दी क यह मुझी मिला था और मैनी इसी कहा क मैं शकल हूँ और वह मान गया क्यू क शकल को किसी ने नहीं देखा

दादा जी:- तो यह बात ही आज नहीं तो कल उसको पता चल जाये गए तो क्या करें गए.?

मैं:- तब की तब देखें गए चलो अभी नाश्ता कृत्य हैं..

सब डाइनिंग टेबल पी आगये मैं दादी को बी लय क आज्ञा

दादी:- बीटा कोई लड़की पसंद की क्या टुन्नी.?

मैं:- नहीं क्या आप बनो की मेरी गिर्ल्फ्रेंड.?

Dadi:-Han बनो गई मेरी बॉयफ्रेंड

सब यद्ध सुन क हस्सणय लगी फिर साब खाना कहानी लगी और बेटी करनी लगी

प्रिय:- तो तनीषा जी आप S♡K ग्रुप ऑफ़ कमपनीज़ की मैनेजर हैं.?

तनीषा की एक डैम खांसी निकल गई मैनी जल्दी सी उसी पानी दिया और वह मेरी और देखनी लगी मैनी हाँ मैं सर हिल्ला दिया वह थोड़ी संभल क्र

तनीषा:- हाँ

प्रिय:- मैनी बी अप्लाई किया ही उसमें

पापा:- क्या बीटा तुम हो मैनेजर उस कंपनी की

Tanisha:-Han अंकल मैं इ देखती हूँ साब काम वगैरा प्रिय मैं चेक क्र क तुम को बताओं गई क्यू क इस बार बॉस न्य खुद साब को सेलेक्ट करना ही

पापा:- बीटा तो हम्र्य साथ जो डील ही उनकी उसकी डेट कब मिल्ली गई.?

तनीषा:- आपकी साथ बोहत जल्द डील होगी अभी डेट कन्फर्म नहीं ही

पापा:- बीटा यह डील बोहत ज़रूरी है हमारी लिए

तनीषा:- मैं आज इ बॉस सी बात करूं गई..

पायल:- तो आप तो बॉस सी मिली बी होंगी किसी हैं वह और वह दुनिया क सामन्य क्यू नहीं आती.?

तनीषा:- हाँ मिली हूँ और हाँ इस बार का लांच करनी वह खुद आ रही हैं...

अवनि:- वैसी कोई बुद्धा इ होगा गांजा सा

इस बार मेरी खांसी निकल गई और रूचि दीद और तनीषा की हसनी

मैं:- ए छिपकली चुप चाप खाना खा न

अवनि:- मैनी तुझी क्या बोलै बंदर

मैं:- मैं कहाँ सी बौद्ध हूँ.? और गांजा हूँ.?

सब:- क्याआ

अवनि:- वह मैनी कंपनी क मालिक को बोलै था

मुझी मेरी गलती का एहसास होवा..

मैं:- ाचा मुझी लगा मुझी कहा...

अवनि:- तो न बंदर इ रही गए

फिर ऐसी इ खाना खा क हम फ़रीक़ हो गए दोनों चाचा काम पी चली गए बुआ चची और माँ घर क काम करनी लगी

मैं:- हम गाओं घुमनी चलें.?

सब:- हाँ

मैं चोरी चोरी कोमल को देख रहा था वह बी मुझी देख रही थी

हम बाहिर आ गए और दीदी न्य अपनी गारी निकली कोमल न्य अपनी मैं कोमल क साथ फ्रंट पी बेथ गया हम्र्य बिच कोई बात नहीं हो रही थी हम बीएस एक दोसरी की आँखों मैं देख रही थय

वह गारी चलनी लगी मैं बीएस उसी को देखी जा रहा था मैं उसी मैं खोया होवा था की अचानक गारी रुक गई मुझी पता इ नए चला हम पोहच गए मैं बीएस उसी को देखी जा रहा था हमें एक आवाज़ सी होश ी यह आवाज़ मीरा बुआ थी

M'bua:- अब होगया हो तो बाहिर चले.?

मैं:- क्या होगया हो.?

M'bua:- मैं साब देख रही हूँ हामी ए होय 5 मं होगये हैं साब तुम्हारा वेट क्र रही हैं और तुम हो क....

मैं जल्दी सी गारी सी बाहिर भाग गया बुआ हस्सणय लगी कोमल बी शर्मा क बाहिर निकल गई

शिखा:- भैया आप कहाँ रह गए थय.?

मैं:- वह बुआ सी कुछ बात क्र रहा था चलो न..

मैनी गुड़िया को अपनी कंधी पी बिठा लिया और खेतों मैं घुमंता रहा फिर सा एक जगह बेथ गए लेकिन मैं तनीषा क साथ यज्ञ का देखनी क लिए कह क आज्ञा क हम बीएस थोड़ा यज्ञ देख क आती हैं थोड़ी दूर जा क मैनी तनीषा को अपनी बहून मैं भर लिया और वह मुस्कुरा दी मैनी उसकी डिम्पल पी किश क्र दिया..

तनीषा:- आज बोहत प्यार आ रहा है..

मैं:- हर पल अत ही मुझी तो

तनीषा:- वैसी कब कहो गए कोमल को अपनी डिल की बात.?

मैं:- पता नहीं वह मेरा प्यार एक्सेप्ट कृ गई क नए घर वाली क्रय गए क नए वह तुम्ही एक्सेप्ट क्र गई क नए मुझी सब सी ज़्यादा इसी का दर ही

तनीषा:- अगर आपका प्यार सच्चा ही तो वह ज़रूर समझी गई और घर वालो की फ़िक्र नहीं ही मुझी लगता ही उनको कोई problem.nahi होगी रम दोनों सी मनीय नोट किया हग ओस बारी मैं..

मैं:- होप सो...

मैं तनीषा की साथ वापिस आज्ञा

शिखा:- भैया घर चले.?

Main:-Han गुड़िया भूक बी लगी ही

हम सब घर आ गए साब न्य मिल क खाना खाया और हॉल मैं बेटी गए

मैं:- तो यज्ञ का क्या प्लेन.?

शिखा:- मूवी देखनी चलती हैं मेरी फवौरिट ैक्टरेस की मूवी लगी ही

मैं;- कोण ही वह.?

शिखा:- हीरा अग्रवाल..

मैं:- क्या वह तेरी फव. ही.?

शिखा:- मेरी इ नए कोमल दीदी और अंजलि दीदी की भी..

मैं:- मिलना चाहो गई ुसीय

सब:- क्या तुम जानती हो उसी.?

मैं:- हाँ क्यू.?

शिखा:- भैया मुझी मिलना है ुणस्य

कोमल:- कब मिलवाओ गए.

मैं:- जब आप कहो.. रुको मैं अभी फ़ोन करता हूँ

मैं कॉल किया उसनी नहीं पिक किया

अवनि:- लो जी मिल लिए हम

मैं कुछ बोलता उस सी पेहली मेरा फ़ोन बजा उसी का था मैं उठा क फ़ोन स्पीकर पी दाल दिया

हीरा:- Hello सॉरी बाबू वह शूटिंग मैं थी

मैं:- कोई बात नहीं.. किसी हो.?

हीरा:- अब तो एक डैम फिट आज बारी दिनों बाद यद् किया.?

मैं:- सोचा मिल्ली होवय काफी टाइम होगया किधर ही तो.?

हीरा:- मैं इंडिया हूँ अगली महीने ाओं गई अमेरिका

मैं:- क्या लेनी.?

हीरा:- खुदी तो कहा मिलना ही इस लिए..

मैं:- मैं इंडिया मैं हूँ तुम अमेरिका किस सी मिलनी जाओ गई.?

हीरा:- व्हाट!! अपनी बताया बी नहीं मैं आज इ अति हूँ किधर ो आप.?

मैं:- अरे आज नहीं कल तुम्हारा प्रीमियर कब ही.?

हीरा:- कल.

मैं:- हाँ तो कल अत हूँ वहां..

हीरा:- Ok i'm वेटिंग ब्येई t.c

मैं:- Bye..

साब मुझी आंखें फर फर क देख रही थय.?

शिखा:- भैया आप किसी जानती हो उन्ही.?

मैं:- अमेरिका मैं हम बचपन सी साथ थय... दीदी बी जानती है उसको..

रूचि:- हाँ मुझी पता होता part मैं इन्विते क्र देती

कोमल:- वह ऐसी बाबू क्यो बोल रही थी.?

कोमल की आंखों मैं गुस्सा दुःख साब क भाव थय मुझी इसी बात का दर था

रूचि:- अरे बचपन क दोस्त हैं फ्रैंक हैं इस लिए

कोमल:- हम्म

और उठ क कमरे मैं चली गई मैनी तनीषा की तरफ देखा उसनी शांत रहंय का कहा और बात करनी को कहा... तनीषा कोमल क कमरे की तरफ चली गई

कोमल बीएड पी बैठी कुछ सोच रही थी और आंखें नाम थी..

तनीषा:- क्या सोच रही हो.?

कोमल:- अरे आप एयर बैठिये कुछ नहीं बीएस वैसी इ

तनीषा:- मैं समझ सकती हूँ फिर बी तुम चाहो तो शेयर क्र सकती हो..

कोमल:- कुछ नए बीएस वैसी इ..

तनीषा:- मैं तुम्ही एक बता दूँ किसी को इतना जल्दी नहीं जज नहीं कृत्य हर घटना क पिच्य बोहत कुछ होता ही जो तुम्हारा ही ुसपय भरोसा करना सीखो भरोसी सी इंसान दुनिया जित लेता ही मेरी बात हमेशा यद् रखना क अपनी प्यार पी हमेशा भरोसा रखना प्यार कभी भी डिवाइड नहीं होता प्यार हमेशा मल्टीप्लय होता ही

तनीषा यह कह क चली गई कोमल फिर सोच मैं डूब गई और कुछ समय बाद उसनी उसको चेहेरी पी स्माइल आ गई

मैं ऐसी इ इधर उधर की बात करता रहा ृत्त को खाना खा क सोनी चला गया

वहीँ रात को किसी घर क सामन्य 8 10 गाड़ियां रुकी यह वही है गाणी और हरिया का घर उनमें सी गार्ड्स निकली और तीनो को अपनी साथ लय गए

मैं ृत्त को सू रहा था मेरी साथ कुछ ऐसा होवा मेरी हालत खराब हो गई मेरी सांसें ुखरंय क लगी...

तो बे कंटिन्यू....
 
अपडेट NO.12

मैं रत सू रहा था क अचानक कुछ ऐसा ऐसा हुवा क मेरी हालत खराब हो गई मेरी सांसें ुखारी लगी....

अब ाजी..

मुझी एक ख्वाब आ रहा था मैं इ सुन्दर सी जगह पी खरा हूँ वह जगह जानत सी काम नहीं थी हर तरफ चहल पहल सर सब्ज़ खेत एक ब्रा सा कैसल.. अचानक सब कला परण्य लगा सब लोग दर क इधर उधर भंगी लगी साब मुझु बचानी क लिए कह रही थय क अचानक मेरी सामन्य एक बोहत इ डरावना चेहरा आज्ञा मैं बोहत दर गया मुझी एक आवाज़ बी सुनाई दी

आवाज़:- आपको इ हामी बचना ही मालिक हामी बचा ली जिए

मुझी कुछ समझ नहीं आ रहा था मैं बोहत दर गया था क उस रक्ष न्य मेरा गला पाकर लिया

आवाज़:- मालिक आपको अपनी पढ्छन जननी होगी मैं जल्द इ आप सी मिलों गए आज इ

मेरी सांसें ुखरंय लगी मैं झट सी उठ क बेथ गया मेरा पूरा बदन पास्सेनी सी भरा होवा था मेरी सांसें अभी भी तेज़ चल रही थी मुझी कुछ समझ नहीं आ रही थी क अचानक मुझी एक आवाज़ ी

आवाज़:- मालिक आप खुद को सम्भालू

मैं एक डैम घबरा गया यह वही सैन्य वाली आवाज़ थी..

Main:-k...k..kon ही सामन्य औ जल्दी

आवाज़:- मालिक मैं आपकी अंदर हूँ

मैं:- क्या बकवास ही सामन्य औ जल्दी वर्ण..

आवाज़:- मालिक आप तस्सली सी मेरी बात सुनिए..

मैं:- नहीं पेहली सामन्य औ

तभी एक रौशनी मेरी अंदर सी निकली और मेरी सामन्य एक आदमी आज्ञा मेरी तो फुल पैक होगी

Main:-k..k.. कोण हो तुम यहाँ किसी एयर तुम एक भूत हूँ..

आदमी:- मालिक मैं कोई भूत नागि हूँ मैं बीएस आपका सेवक हूँ

मैं:- मेरा कोई सेवक नहीं ही.. बताओ कोण हो तुम

आदमी:- मालिक अभी आपको बतानी का सही समय नहीं ही आप बीएस इतना जान लो क आपका जीवन कल्याण क लिए होवा ही...

मैं:- नहीं मैं एक आम आदमी हूँ

मैं:- क्या एक आम आदमी क घाव एक घंटी मैं भर जाती हैं क्या आम आदमी का इतना तेज़्ज़ दिमाग होता ही वह 2 सलून मैं इतना ब्रा आदमी बन सकी

मैं फुल शॉकेड होगया क इसको किसी पता क मेरी घाव जल्दी भर जाती हैं..

आदमी:- मैं आपकी साब सवालों क ज्वा दूँ लेकिन पेहली आपको खुद को जानना होगा आपकी अपनी पावर्स को जगाना होगा

मैं:- पावर्स.???

Admi:-Han मैं ापमो बताओ गए आपको अपनी पावर्स किसी जफानी हैं मालिक..

मैं:- पहली बात तो यह मालिक कहना बंद करो

आदमी :- क्या कहां फिर.?

मैं:- मेरा नाम लो या फिर भाई बुला सकती हो..

आदमी:- थील ही भाई..

मैं:- तुम्हारा नाम क्या ही.?

आदमी:- जो आप रलह दो गए वही मेरा नाम होगा..

मैं:- Ummmmm.....Adi केसा रही गए.?

अदि:- जैसी आप kaho..kya मैं अब जा सख्त हूँ.?

मैं:- लेकिन मुझी बताओ गए किसी.?

अदि:- भाई मैं आपकी अंदर इ रहम गए हमेशा

यह कह क वह मेरी अंदर चला गया...

मैं:- Hello hello टेस्टिंग टेस्टिंग

अदि:- भाई आप मान बी सोचो गए तो मुझी आवाज़ आ जाये गई

मैं:- Ok

मैनी टाइम देखा तो 5 बज रही थय मैं फ्रेश होकय जोगिंग पी चला गया..

अदि:- भाई आपको ध्यान मैं बैठना होगा आज सी

मैं:- वह क्यू.?

अदि:- क्यू क आपको पावर्स ध्यान करनी सी इ मिल्ली गई

मैं:- वाओ इंट्रेस्टिंग

मैं ध्यान मैं बेथ गया पेहली 10 मं तो कुछ नहीं होवा फिर मैं खुद इ सकूं महसूस करनी लगा अपनी अंदर झाँकनी लगा

अदि:- भाई आप वह सफ़ेद रौशनी की तरफ भरो जियना तेज़्ज़ होसकता ही

मैं वैसी करनी लगा कुछ देर मैं उस रौशनी क करीब पोहच गया जब हाथ लगानी लगा वह मेरी अंदर समा गई मैं ध्यान सी बाहिर आज्ञा मुझी मेरी अंदर बोहत ताअत महसूस होनी लगी..

अदि:- अधभूद लोगो को सलून लग जाती ही लेकिन अपनी तो एक घंटी मैं इ एक पावर हॉसिल क्र ली

मैं:- कोनसी पावर मिली ही मुझी.?

अदि:- भाई अपनी आंखें बंद क्र क फुल सपीड मैं भागो

मैनी वैसा इ किया मैं एक सेकंड मैं इ खेत की दोस्सरी साइड पोहंच गया जहाँ अन्य मैं गारी सी बी 20 25 मं लगती हैं

मुझी बोहत हैरानी होइ

अदि:- भाई आप पलक झपकती कहीं बी जा सकती जैसा क अपनी अभी देखा

मैं:- वह अब बाकि का कल करें गए..

अदि:- जैसा आप कहो..

मैं वहां सी जल्दी सी भाग क हवेली आज्ञा मैं किचन मैं गया आज बी चची वहीँ थी..

मैं:- गुड मॉर्निंग चची..

चची:- गुड मॉर्निंग क्र आया जोगिंग

मैं:- हाँ आप क्यू जल्फी उठती हो सब तो 7 बजी उठती हैं

चची:- मुझी साब का काम देखना होता ही नाश्ता त्यार करना होता ही अभी थोड़ी देर मैं didi(b'chachi) बी ाजै गई..

मैं:- हम्म मैं कॉफ़ी बना लोन

चची:- कभी हामी बी पिल्ला यह ही क्या.?

Main:-kyoun नहीं अभी ली जीई

मैनी दो कप कॉफ़ी बनाई एक चची को दी उन्हों न्य पी

चची:- हम्म बोहत अछि ही यह तो मुझी बी सीखा न

मैं:- कल सिखों गए..

मैं कॉफ़ी लय क सीधा तनीषा की कमरे मैं चला गया वह सू रही थी मैनी किश क्र क उठाया कॉफ़ी दी ोड बैठा गया उसको गॉड मैं लय क

तनीषा:- आज ाचा मूका ही कोमल को डिल की बात कह दो..

मैं:- क्या यह सही रही गए

अदि:- जी भाई आज परफेक्ट रही गए

मैं:- तुझी किसी पता.?

तनीषा:- मतलब.?

मैं:- कुछ नहीं मैं कह रहा था क तुम्ही किसी पता आज ाचा मौका ही..

अदि:- भाई मन मैं सोचो न अभी भाभी को पता चल जाता

Main(man में):- क्या यह सही रही गए एक बीवी क होती दोस्सरी को कहना.?

अदि:- भाई कुछ गलत नहीं ही आपको अभी सी दर लग रहा ही यज्ञ जा क क्या करो गए

Main(man में):- मतलब..

अदि:- भाई आप पेहली कोमल भाभी को बताओ और हाँ सब सच बता देना और तनीषा भाभी को बी अभी आप चाहो तो बता सकती हो मेरी बारी मैं..

Main(man में):- हम्म

तनीषा:- क्या सोच रही हैं.?

मैं:- तनीषा आपको मुझपी कितना भरोसा ही.?

Tanisha:-Apni जान सी बी ज़्यादा क्यों क्या होवा.?

मैं:- अगर मैं कहां क मुझ मैं कोई पावर्स हैं और मैं कोई आम इंसान नहीं तो

तनीषा:- अछि बात ही यह तो

मैं:- मतलब कुछ तो हैरान हो तुम

तनीषा:- अपनी कहा तो सच होगा मुझी कुछ फरक नहीं परता आप क्या हो किसी हो बीएस आप मुझी प्यार कृत्य रहो मेरी लिए यह इ काफी ही

मेरी आंखें नाम हो गई

मैं:- तनीषा इतना प्यार नर करो बदली में मैं कुछ नहीं दी सकता

तनीषा:- मुझी कुछ नहीं चाहिए बीएस आपका प्यार

मैं:- मैं आज यौम सी वडा करता हूँ पूरी दुनिया क सामन्य तुम्ही अपनी बीवी कहो गए बोहत जल्द

तनीषा:- मुझी दुनिया की नहीं आपकी और आपसी जोरि हर चीज़ सी मुहबत ही..

अदि:- Hello भाभी..

तनीषा:- यह कोण ही.?

अदि:- मैं भाई का इ हिस्सा हूँ

तनीषा:- ाचा मुझी दिख क्यू नहीं रही.?

अदि:- मैं भ्सी क अंदर हूँ आपको कोई बी दिकत हो मुझी याद करो बीएस

तनीषा:- ठीक ही नाम क्या ही तुम्हारा

मैं:- अदि..

तनीषा:- ाचा नाम ही

मैं फिर वहां सी अपनी कमरे मैं आज्ञा मैं नहंय चला गया मैं नहा रहा था क

अदि:- भाई आप आजतक वर्जिन क्यू हो.?

मैं चौंक गया और अपने हाथ सी जिस्म छुपानी लगा

अदि:- अरे बचपन सी अब तक देखता आया हूँ अब शर्मा रही हो...

मैं:- हाँ वह क्या है न क मैं कोमल सी बोहत प्यार करता हूँ उसकी इलावा किसी क साथ...

Adi(haste होय):- भाई यज्ञ तो आपको फुल धूम मचानी ही अभी भाभी सी इजाज़त लय लेना आज वैसी इंतज़ाम करों आज रत का.?

मैं:- तुम क्र सकती हो.?

अदि:- अरे भाई आप आर्डर करो और बाँदा हाज़िर वैसी आपको कहीं जाना था आज

मैं:- अरे हाँ यर मैं तो भूल इ गया..

मैं जल्दी सी नहा क कापरी पहन क रेडी होगया और इतनी मैं माँ और गुड़िया रूम मैं एईएन

माँ:- होगया रेडी

मैं:- जी माँ

गुड़िया:- भाई आज कब जाना ही हमे.??

मैं:- गुड़िया शाम को

माँ:- चलो नीची साब वेट क्र रही हैं तुम्हारा

मैं:- आप चलिए मैं आज्ञा बीएस

वह चली गई मैं बी रेडी होकय नीचे जा रहा था क कोमल कमरे सी निकली वह मेरी तरफ देखी जा रही थी क अचानक ुजका पेअर फिसल गया वह गिरनी लगी

मैं:- कोमलललललललल

मैं फुल स्पीड मैं उसकी पास पोहंचा और उसको पाकर लिया वह हेरा होगी क मैं इतनी जल्दी यहाँ किसी लेकिन फिर बी वह मेरी आँखों मैं देखी जा रही थी

मेरी चीख सुन क वहां आगये और हामी ऐसी देख क समझ गए क क्या होवा ही

मेरी अबखूब मैं आंसूं आगये

मैं:- अगर आपको कुछ होजाता तो.??

कोमल मेरी आँखों मैं आंसूं देख क ट्रैप उठी उसनी फोरान मुझी गली लिया

कोमल:- मुझी माफ क्र दी जिए मैं यज्ञ सी ध्यान रखों गई प्लीज रू मत

मैं बीएस ुस्जो साइन सी लगाए खरा था क एक आवाज़ सी हम होश मैं ए ओफ़्कौर्से यह आवाज़ मीरा बुआ की थी

M'bua:- ओह्ह लीला मजनू बीएस करो सब यहीं हैं

हम जल्दी सी अलग हो गए सब हसने लगी

A'bua:- तो चिल्लाया क्यू इतनी ज़ोर सी.?

मैं:- वह बुआ कोमल गिरनी लगी थी तो मैं घबरा गया और चिल्ला क उसी पाकर लिया.?

M'bua:- पका गिरनी वाली थी तो पकड़ा न.??

मैं:- जी बुआ

कोमल फुल शर्मा गई और नीचे आ क अपनी माँ क गली लग गई सब मुसकरा दिए

दादी:- ओह्ह मेरी बॉयफ्रेंड यह क्या था.?

मैं:- अरे मेरी गिर्ल्फ्रेंड कुछ बी नहीं मैं बीएस बचा रहा था उसको

दादा जी:- चलो नाश्ता ठंडा हो रहा ही

अवनि:- चलो मुझी तो भूक लगी ही

मैं:- दुनिया को खा जा फिर बी तेरी भूक नहीं मित्य गई मूर्ति

अवनि:- ऐ बंदर चुप क्र सारा दिन चपर चपर करता ही..

पायल:- तुम फिर शुरू होगये.?

फिर सब बेथ क खाना कहानी लगी क दादा जी बोली

दादा जी:- हामी एक जगह का इनविटेशन आया ही साडी फॅमिली को..

पापा:- पिता जी वह बोहत बारी लोग हैं क्या हामी जाना चाहिए.?

तनीषा:- अरे िसमय बारी छोटे की क्या बात ही कल मैनी बॉस को बताया ापमय बारी मैं उन्हों न्य आपको अस आ चेइफ़ गेस्ट बुलाया ही वह फर्स्ट टाइम दुनिया क सामन्य ए गए..

दादा जी:- तुम क्या केहत्य हो बीटा सैम.?

मैं:- अगर तनीषा कह रही ही तो जाना चाहिए

दादा जी:- लेकिन जाये गए किसी.?

तनीषा:- वह मैं देख लोन गई आप बीएस रेडी रहना परसू

प्रिय:- वैसी यह बॉस तो बोहत ाचा आदमी लगता ही..

पायल:- हम्म यह तो ही

वर्षा:- कोनसी कंपनी क बॉस.?

कोमल:- S♡K

A'bua:-Kya यह तो बोहत बरी कंपनी ही लियो बी तो उसी कंपनी मैं काम करता ही

K.dad:-Are वह तो अपनी कंपनी का मैनेजर ही..

प्रिय:- पापा तनीषा पोररी एम्पियर की मैनेजर हैं..

सब:- क्या हामी तो लगा क इंडिया की कंपनी की मैनेजर गए.?

तनीषा:- हम्म सब देख्ग्ति हूँ मैं बोहत काम होता ही मुझी

परिया:- मुझी रख लो साथ आपकी हेल्प बी हो जाये गई

तनीषा:- बॉस सी बात करों गई

मैं:- माँ! मस्सी दीदी और अंकल किधर चले गए.?

माँ:- वह बीटा घर गई ही सब सी मिललंय

मैं:- मुझु बी जाना चाहिए था और न इ उधर सी कोई पार्टी मैं आया.?

इस बात पी सब चुप क्र गए मुझी कुछ गर बार लगी..

मैं:- माँ बतिये न क्या बात ही.?

माँ:- बीटा इस बारी मैं बाद मैं बात क्रय गए

मज्न्य बी ज़्यादा फोर्कर नहीं किया और मान मैं सोचनी लगा क किया साब को पता ही मैं कोमल सी नहीं नहीं ऐसा होता तो मैं अब तक घर सी बाहिर होता

अदि:- भाई ऐसा क्यू सोच रही हैं.?

मैं:- भाई वह मेरी बुआ की बेटी ही

अदि:- भाई आपकी बारी मैं साब को बचपन सी पता ही सिवाए आपकी साबको पता ही क किसी आप उसकी हैट छोटी बरी चीज़ का ख्याल रखती हो और आपकी गाओं मैं यर्ह रिवाज नहीं ही क कोई रेश्ती दर आपस मैं ज़हादि नहीं क्र सकती

मैं:- लेकिन यह साब मेरी बेहनी र तो हैं

अदि:- भाई देखो मैं आपको बता दूँ क सिर्फ आपकी र शादी इस घर मैं बुआ की बेटी की होगी और किसी की नहीं वैसी बी ही इ कोण दो बही हैं दोनों शादी शुदा

मैं:- क्या.?? राहुल भैया न्य बी शादी क्र ली.?

अदि:- हाँ लेकिन किसी को नहीं पता आप बी मत बताना

मैं:- Okay मेरी बाप इतना लम्बा भाषण और रत का क्या इंतज़ाम किया.?

अदि:- वह तो दीदी की पसंद का ही सारा

मैं:- कोण दीदी.?

अदि:- अरे आपकी नहीं मेरी दीदी तनीषा दीदी हमारी अछि बॉन्डिंग होगी ही

Main:-Acha जी

मैं तनीषा की तरफ देखनी लगा उसनी मुझी आंख मर दी

ऐसी इ खाना खा क हम सब पल्टन हॉल मैं बेथ गई

अलीना:- भैया हमारी गिफ्ट्स.?

Main:-Are मैं तो भूल इ गया था! तनीषा..

तनीषा:- बैग्स आ गए हैं और आपकी रूम मैं हैं..

शिखा:- चलो सभ ऊपर चलती हैं

मैं:- नहीं नीची हॉल मैं सब क साथ खोलें गए ...अंजलि दीदी किसी को कह सामान नीची मगवा लीजिये

अंजलि दीदी न्य सारी बैग्स नीचे मंगवा लिए सब इतने बैग देख हैरान होगये

R'bua:- इतनी बैग.?

M'bua:- पूरा अमेरिका खरीद लाया.?

मैं:- आप कहो तो खरीद लोन.?

M'bua:- चल फ़िल्मी डाइलॉगे न मर्डर

अदिति:- वैसी इतनी बैग्स किसी लाया.?

मैं:- आज्ञा बीएस आप देखो..

तनीषा:- पता ही यह साब हमनी एक दिन मैं लिया ही..

माँ:- बीटा क्या ज़रूरत थी इस सब की.?

मैं:- माँ फॅमिली लव्स इस एव्री थिंग..

सब गिफ्ट्स खोल खोल क देखनी लगी सब क गिफ्ट्स पी नाम था साब बोहत खुश थय अपना अपना सामान साब को दिखा रही थय कोमल का एक बी गिफ्ट नहीं था

M'bua:-Kya बात ही कोमल क लिए कुछ नहीं लाया.?

प्रिय:- अरे उसको दी न गारी और इतना महंगा नेकलेस

M'bua:- कितना महंगा ही यह

?

परिया:- एक लाच डॉलर्स

Sab:-Kyaaaaaa.????

M"bua:-Bhai अब तो कुछ नहीं बनता इसका

मैं:- ऐसी किसी.?

M'bua:- मतलब.?

मैनी जो बैग्स ेलेहड़ा किये थय ुसमय सी तीन बैग्स निकली

M'bua:- यह तन्नो इसकी हैं.?

मैं:- नहीं एक अंजलि दीदी का ही यह लीजिये और मेरी गुड़िया ka..Aur एक कोमल का...

M'bua:-Ismay बी ब्रा वाला Komal.ka ह्म्म्मम्म

मैं चुप रहा साब अपना अपना गिफ्ट लय क बोहत खुश थय कोमल दीदी और शिखा न्य बी बैग्स खोल लिए ुसमय कापरी और जेव्लेरय थी लेकिन कोमल बैग मैं बोहत सी छोटे बारी गिफ्ट थय.?

पायल:- सैम यह साब तो छोटे बच्चों क हैं..

Main:-Yeh मैनी तब खरीदी थय जब मैं खुद बचा था हर खिलौना 2 लेता था एक बैग मैं रख लेता और एक क साथ खेलता था..

सब बोहत हैरान थय क बचपन क खिलोनी अब तक संभल क रखी थय मैनी

कारन कोमल क बैग मैं सी खिलौना लरनी की कोशिश क्र रहा था लेकिन उसनी हाथ बी नए लगानी दिया और बैग बंद क्र दिया..

मैं एक बैग लय क दादी क कमरे मैं गया मेरी साथ तनीषा थी..

कमरे मैं दादा और दादी थय उनको बैग दिया खोल क दिखाया दोनों बोहत इ ज़्यादा खुश थय फिर ऐसी इ बाहिर आ गए दोनों चाचियां माँ बुआ साब खुश थय पापा को आज इ शहर जाना था उन्हों न्य मीटिंग मैं जाना था वह सीधा परसों मिल्ली गए कह क चली गए...

शाम को हम बी रेडी होनी क लिए चले गए

मेरी लिए आज मेरी अन्य वाली ज़िन्दगी का फैसला था...

देखती हैं आज मि ृत्त मया रंग लती ही जिंदिगी मैं

कीप रीडिंग

कीप सपोर्टिंग

नोट:- भाई कमैंट्स मैं गए देती रहा करो जिस सी मेरी बी हेल्प हो जाये क्रय गई
 
अपडेट NO.13


शाम को सब रेडी होगये मैं जब कमरे सी निकला मेरी नज़र सामन्य गई तो मैं बीएस मदहोश होगया क्यू क सामन्य मेरी जान खरी थी

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मैं बीएस उसी को देखी जा रहा था मेरी नज़र थी क हटनी का नाम नहीं लय रही वह मुझी ऐसी देखती होय शर्मा गई और आंखें नीची क्र ली मैं अभी बी उसी को देख रहा था वह भाग क नीचे चली गई

मैं होश मैं आया और नीचाहय चला गया..

अंजलि:- बेतु चले..

मैं:- हाँ दीदी चलो

शिखा:- I'm सू एक्सीटेंड

अवनि: हाँ आज हम इतनी फेमस ैक्टरेस सी मिली गए

शिखा:- लव ु भैया

मैं:- मेरी गुड़िया क लिए पोररी दुनिया उसको कदमो मैं रख दूँ यह मिलना मिलाना क्या चीज़ ही

हम सब बाहिर आ गए मैं कोमल की गारी तरफ गया उसनी कीस मुझी दी..

मैं:- मुझी रास्ता नहीं मालूम आप इ चलिए

कोमल:- मैं आपकी साथ हूँ मैं बता दूँ गई रास्ता

मैनी कीस की और गारी मैं बेथ गया मेरी बगल मैं कोमल बेथ गई और पिच्य शिखा अवनि और अदिति बेथ गई

मैं गारी चलता रहा कोमल मुझी गाइड क्र रही थी मैं चोरी चोरी उसकी तरफ देख रहा था वह बी नोटिस क्र रही थी और मान मान मुस्कुरा रही थी

मैं:- गुड़िया आप क्यू चुप हो.?

अवनि:- तो बहरा होगया ही क्या.?

मैं:- क्यू मैनी क्या नहीं सुन्ना

अवनि:- कब सी चाप चपर क्र रही हैं दोनों टुन्नी सुन्ना इ नए.?

मैं:- w...woh मैं रास्ता एन्जॉय क्र रहा था इस लिए

शिखा:- भैया मैं कब सी तो आपसी पॉच रही हूँ केसा लगा शहर e.t.c

मैं:- हाँ बोहत ख़ूबसूरत ही अमेरिका मैं बी ऐसी खूबसूरती नहीं hy(mainy यह कोमल की तरफ देख क कहा)

कोमल:- राइट!

मैं:- हैं.?

कोमल:- इधर सी राइट!

मैं:- हम्म

कोमल बीएस मुस्कुरा दी और ऐसी इ बातें कृत्य हाउ 1 घंटी मैं हम पोहंच गए...

हम सब अंदर ए सब गारी देख क हैरान थय मैं और बाकि सब उत्तरीय सब मुझी घूर घूर क देख रही थय हम अंदर गए हीरा स्टेज पी खरी थी शाहयेद अभी ी होगी

उसकी नज़र मुझ पी गई वह भाग क मेरी गली लग गई साब उसी को देख रही थय

मैं:- सब देख रही हैं..

वह अलग होइ और मेरा हाथ पाकर क स्टेज पी लय गई..

हीरा:- लेडीज एंड जेन्टलमन्स अटेंशन प्लीज.. हे इस मर सैम ठाकुर हे इस मु चिल्हूड फ्रेंड अगर आज मैं इस मुकाम पी हूँ तो सैम को वजह सी िसंय हर ाच्य बोररय वक़त मैं हमेशा मेरा साथ दिया हे इस माय लकी चार्म

सब तालियां बजानी लगी मेरी बेहनी बोहत खुश थी..

मैं उसकी साथ नीची आज्ञा वह हामी अंदर लय गई हम जा क बैठी खाना पेन्ना सब वहां आज्ञा

हीरा:- रूचि दीदी किदर हैं.?

मैं:- वह अपनी नाना क घर गई हैं ए गई टुमस्य मिलनी

हीरा:- हाँ फ़ोन किया था उनको मैनी तो बता इंडिया वापसी इतनी जल्द बाज़ी मैं और यह कोण हैं..

मैं:- हाँ बीएस घर वळून सी मिलना था सरप्राइज देना tha..or यर्ह सब तेरी फैन हैं तेरी पिच्य पागल हैं और मेरी बहने..

हीरा:- अरे मेरी भी तो बहने हैं.?

शिखा:- मुझी आप बोहत अछि लगती आपका फव. कलर आपकी फव

जगह सब पता ही मुझी

हीरा:- अरे वह आप तो सच मैं बरी फैन हो लेकिन आप मुझी दीदी बुला सकती हूँ

Raj&rani:- हम बी बुल्ला सकती हैं.?

हीरा:- हाँ क्यू नए मैं बी आपकी दीदी जैसी हूँ.. सब सी इंट्री नहीं करवाए गए

मैं:- अरे हाँ

मैनी सब सी इंट्रो करवाया...

हीरा:- आप जब चाहो मुझी कॉल क्र लेना अब तो हम दोस्त हैं न

अंजलि:- आप इतनी बरी स्टार होकय बी इतनी अछि हैं जीरो ऐटिटूड

हीरा:- स्टार हूँ तो क्या हुवा मैं बी लाइफ को जीना चाहती हूँ आम लोगो की तर्हां और ऐटिटूड सिर्फ इंसान को ख़तम करता ही मुझी किसी महँ इंसान न्य कहा था

कोमल:- किसनी.?

हीरा:- इस साहब न्य जब मैं अपना ऑडिशन देंय जा रही थी पहला

कोमल:- आप इनकी बात बोहत सुनती हैं.?

हीरा:- मेरी ज़िंदगी मैं एक यह इ ऐसा शख्स ही जो मुझ सी डोटी बना किसी मतलब क निभाता ही मुझी आगे यह कुछ बी कही मैं इसको मन नहीं क्र सकती चाहे कुछ बी कही

मैं:- अरे जो तो सेंटी होगी रोल्लु..

हीरा:- तो फिर शुरू होगया..

Main:-Ok सॉरी लेकिन अब सेंटी मत होना तुझी पेहली बी कहा था क ज़िन्दगी क किसी बी मूर पी मैं तेरी साथ हूँ..

हीरा:- हम्म.. अरे तनीषा दीदी आप क्यू चुप हैं.?

तनीषा:- बीएस तुझी मैं याद इ नए इस लिए..

हीरा:- अरे ऐसी किसी बीएस मैं अपनी नई दोस्तों सी मिल रही थी..

तनीषा:- मैं मज़ाक क्र रही थी ..

फिर इधर उधर की बातें कृत्य रही फिर मैं बोलै

मैं:- ाचा रऊल्लू हम चलते हैं जल्द मिलूं गए हामी गाओं जाना ही अभी टाइम ज़्यादा हो जाये गए

हीरा:- चल ठीक ही अब तो इंडिया आज्ञा न तेरा पिच्य नहीं चोरों गई

मैं:- चल ठीक ही

फिर हम मिल क बाहिर आ गए हम गारी मैं बेथनी लगी तो तनीषा बोली..

तनीषा:- सैम तंही कहीं जाना था न.?

अंजलि:- कहाँ.?

मैं:- अरे हाँ दीदी मुझी एक बोहत ज़रूरी काम ही मेरा कुछ सामान इधर क होटल मैं ही मुझी लेनी जाना ही आप प्लीज इनको बी साथ लय जाइये वैसी बी आ जाये गई

अंजलि:- तो अकेला जाये गए क्या.?

मैं:- हाँ..

अंजलि:- नहीं मैं चलती हूँ तेरी साथ..

तनीषा:- कोमल चली जाये गई न और वैसी बी उसी गारी मैं अजय गए न

अंजलि:- लेकिन ध्यान सी जाना और जल्दी वापिस आना

पायल:- अरे बचा थोड़ी ही अजय गए

प्रिय:- हाँ चल अब हम निकलती हैं

वह लोग गारी मैं बेथ क निकल गए

मैं:- हम बी चले.?

कोमल:- हम्म्म

मैं गारी मैं बेथ गया कोमल बी चुप चाप बैठी थी मैं कुछ देर मैं बीच पी पोहंच गया..

मैं गारी सी उतरा और जा क कोमल की साइड का दरवाज़ा खोला वह बिना कुछ बोली बाहिर आ गए मैं उसका हाथ पाकर क थोड़ा आगये लय क गया सामन्य बोहत इ ख़ूबसूरत सजावट होइ थी

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मैं उसका हाथ पाकर क अंदर लय गया वह बीएस मुझी ददखी जा रही मैं जा क सेण्टर मैं खरा होगया

मैं:- कोमल मुझी आप सी कुछ कहना ही सम्जह्ह नहीं आ रहा किसी कहां मैं बचपन मैं आपकी साथ होता ता मुझी सकूं मिलता था इसी लिए मैं आपसे दूर नहीं रहता था आप मुझी नहीं दिखती थी मुझी ऐसा लगता था मेरी दुनिया ख़तम हो जाये लेकिन फिर ऐसा मनहूस दिन आया जिस दिन मुझी यहाँ सी जाना प्र मैं बता नहीं सकता मुझ पी क्या गुज़र्री मुझी लगता था मेरी आत्मा मेरी जिस्म सी जुड़ा हो रही मैं अमेरिका मैं हर पल आपकी बारी मौन सोचता खुद को जैसी भूल इ गया था लेकिन मैनी आप सी मिलनी की उम्मीद नहीं चोरी और फैसला किया क मुझी इस काबिल होना होगा क आप मेरा प्यार एक्सेप्ट क्र सको मैं नहीं जनता आपकी डिल मैं क्या ही लेकिन मैं एक बात बता दूँ मेरा डिल हमेशा कहता था क आप मुझी याद करती मेरा इंतज़ार करती लेकिन मैं इसी अपनी डिल की भूल बी समझ लेकिन अगर आप मुझ से प्यार न....

मैं यज्ञ कुछ बोलता कोमल न्य मेरी मुँह पी हाथ रख दिया

कोमल:- आपसी किसनी कहा क मैं प्यार नहीं करती मगर डर्टी थी क आप अगर अमेरिका जा क किसी और सी प्यार करनी लगी मैं हमेशा सी आपकी हूँ मीरा बुआ हमेशा कहती थी बचपन मैं क आप गए हैं लेकिन बारात लय क औ गए मुझी लेनी मेरी डिल मैं तब सी प्यार ही जब मुझी प्यार लफ्ज़ का मतलब बी नए पता था मैनी जब सी होश संभाला ही मैं अपनी जिस्म पी किसी को हाथ तक नहीं लगानी दिया मेरी माँ क सिवा कोई नहीं जिसनी मुझी हाथ बी लगाया हो मैं हमेशा सी आपकी हूँ और आखरी सां तक आपकी hi रहूं गई हाँ पेहली मुझी लगता था क आप सिर्फ मेरी लेकिन मुझी तनीषा दीदी न्य समझाया क प्यार कब्ज़े का नाम नहीं ही प्या अंडरस्टैंडिंग का नाम ही आज मैं बता नहीं सकती मैं कितनी खुश हूँ जिस सी मैनी प्यार किया वह बी मुझ सी प्यार करता ही..

मैं:- कोमल मैं इस प्यार क लाइक नहीं हूँ मैनी अपनी प्यार है गला घुटा ही

कोमल:- यह आप क्या कह रही हैं.?

मैं:- कोमल मैं आज गुह्य सब कुछ बता दूँ गए

मैनी बताना शुरू किया और ा तो ज़ साडी कहानी सुन्ना दी..

मैं कोमल क समन्य झुक क बेथ गया और रोनी लगा..

मैं:- मुझ जैसी इंसान को जेनी का कोई हक़ नहीं आज तक बढ़ मैं यह समझता रहा क धयाद सही हूँ लेकिन नहीं मैं एक घटिया इंसान हूँ अगर हॉसकय जो मुझी भूल जाना

चटाक

मेरी मुँह पह एक थापर प्र यह किसी और न्य नहीं कोमल न्य मारा था और मेरी गली लग क खुद रोनी लगी

कोमल:- मैं किसी भूल जाओं उस प्यार को जिस क लिए 15 साल बिना देखी इंतज़ार किया मैं किसी भूल जाओं ूज़ प्यार को जिसनी मेरी बिना कही इतनी दूर सी मेरी डिल की बात मणि और हर वह चीज़ मेरी लिए ली जिसकी मुझी खुवाहिश थी किसी भूल जाओं उस प्यार को जो मेरी लिए शादी होनी क बाद अपनी बीवी को बी हाथ नहीं लगाया उस प्यार को भोलंय को कह रही हैं जिस क बिना मैं ज़िंदा तक नहीं रह सकती मुझी आपसी जूरी हर चीज़ क़बूल ही आप किसी क साथ जो मर्ज़ी करो लेकिन मुझी प्यार सी दूर मत करो मैं मर जाओं गई मैं मर जाऊँगी

मैनी कोमल को कस क गली लगा लिया

मैं:- नहीं करों गए दूर मेरी लिए आपकी सिवा दुनिया मैं कोई ज़रूरी नहीं है मुझी अपनी प्यार पी यककेँ था क वह मुझी ज़रूर समझी गए मुझी कभी मत चूर्ण

ी लव यू कोमल ी लव यू

कोमल:- मोत बी मुझी आपसी जुड़ा नहीं क्र सकती

ी लव यू तू ी लव यू 3000

हम एक दोस्सरी क गली लगी रही 20 मं बाद कोमल को होश आया उसनी फोरान अलग होकय मेरा गाल सेहलानी लगी

कोमल:- मुझी माफ क्र दो मैं आप पी हाथ उठाया..

मैनी उसको गली लगा लिया..

मैं:- इस थापर क लिए मैं कब सी ट्रास रहा था

कोमल:- मतलब.?

मैं:- मुझी पता था यह थापर इ मेरी इ प्यार की निशानी होगी अगर तुम मुझी न मरती तो ज़्यादा दुःख होता

कोमल:- वैसी मेरी एक शर्त ही..

मैं:- तुम जो चाहो गई मिल्ली गए.. बीएस एक बार कह क तो देखो..

कोमल:- मुझी बी सुबह सुबह तनीषा दीदी की तर्हां उठाना होगा.. बोलो मंज़ूर.

मैं:- मंज़ूर..

कोमल:- वैसी अपनी कंपनी क बारी मैं किसी को क्यू नहीं बताया.?

अदि:- भाई मैनी चेयर्स बी लगाए हौं ुसपय बेथ जाओ

कोमल:- नहीं मुझी ऐसी इ बैठना ही

कोमल मेरी गॉड मैं आ क बेथ गई और कमर मेरी सैन्य सी लगा मैनी बी उसकी गाल पी किश किया..

मैं:- वह मैं सब सरप्राइज देना चाहता था.. और प्रसून मैं साब क सामन्य अचानक ाओं गए..

कोमल:- वैसी इसका मतलब क्या hyS♡K यूनिक नाम ही

मैं:- तुम गेस करो क्या होसकता ही इसकी पिच्य.?

कोमल:- अरे हाँ मेरी ब्रासलेट पी बी तो यह इ लिखा ही न.. मतलब

स मतलब आपका नाम और क मतलब मैं.?

मैं:- बिलकुल सहीई और जानती हो इसकी दरमियान जो ♡ है न वह हमारी प्यार का निशाँ ही और इसका एक मतलब तनीषा बी ही वह हमेअह हम्र्य प्यार क लिये हर मुमकिन कोशिश करती ही क्या तुमनी उसको qabool.kiya.?

कोमल:- हाँ मुझी तो उनका शुक्रिया ऐडा करना चाहिए क उन्हों न्य मेरी प्यार क्र समझा वह अपनी पति को किसी किसी को दी सकती है मेरी डिल मैं उनकी इज़्ज़त और बार गई ही...

मैं:- हम्म वह बोहत समझदार ही तुम्ही पता ही उसकी माँ बाप बचपन मैं इ चली गए थय और उसकी चची न्य उसको पला उनकी घट औलाद नहीं थी अपनी बेटी बना क पला और वह बी मेरी सामन्य इ डैम तोर गई.. मुझी उसी दुनिया की हर ख़ुशी देनी ही और तुम्ही बी

अदि:- अभी तो और बी हैं रहूँ मैं..

मैं:- मतलब.?

अदि:- कुछ नहीं अभी कंटिन्यू..

मैं:- कोमल यू ok विथ तहत.?

कोमल:- मैनी कहा न क आपसी जोरि हर चीज़ मेरी ही..

मैं:- वैसी कांस्य कॉलेज जाओ गई तुम.?

कोमल:- अपनी सिटी मैं इ कोई देखो गई लेकिन आपसी दूर किसी रहूँ गई.?

मैं:- मैं रोज़ आपसी मिलनी ाओं गए प्रॉमिस..

कोमल:- क्या घर वाले मैंने गए.?

मैं:- ुको कोई ोबैक्टिव नहीं ही अदि न्य बोलै ही

कोमल:- मुझी जल्द सी जल्द आपकी होना ही

Main:-Ap पेहली सी इ मेरी हो..

कोमल:- और हमेशा रहूँ गई..

मैं:- घर चलें. सब इंतज़ार क्र रही हूँ गए..

कोमल:- हम्म्म

हम खरी होगये कोमल मेरी फिर सी गली लग गई फिर अलग होकय मेरी आंखों मैं देखनी लगी मैं बी उसकी आंखों मैं देखी जा रहा था हामी पता इ नए चला कब हमारी होंठ मिल गए कोमल न्य कस क मुझी पाकर लिया मैं कभी उसका ऊपर वाला कभी नीची वाला होनी चूस रहा था

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हमारी किश और गहरी हो गई कुछ देर मैं उसकी सांसें ुखर्कनी लगी मैनी किश तोर दिया दिया वह शर्मा क मेरी सीने मैं मुँह छुपा लिया और नार्मल होनी लगी मैं उसकी बॉल सेहलानी लगा

मैं:- कोमल चलें.

कोमल:- हम्म

हम गारी मैं बेथ गए वह मेरी कंधी पी सर रख क बेथ गई

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मैनु उसकी सर पी किश किया और गारी चलनी लगा

कोमल:- मुझी आइस क्रीम कहानी ही

मैं:- हम्म

मैनी एक आइस क्रीम पार्लर क सामन्य गारी रोकी और दो आइस क्रीम लय ली और हलकी हलकी गारी चलनी लगा..

कोमल:- मैं हमेशा सी ऐसी आइस क्रीम कहानी थी..

मैं:- और क्या क्या करना ही हर चीज़ क्रय गए..

कोमल:- वह बाद मैं अभी यह पल एन्जॉय करना ही..

मैं:- हम्म्म

हम करीब 1:30 घंटी की ड्राइव क बाद घर पोहंच गए हम अंदर गए सब हल मैं बैठी थय क एक आवाज़ ी

ोबेवियस्ली यह मीरा बुआ इ थी

M'bua:- आगये किसी थी डेट.?

Main(haklate होय):- नहीं बुआ हम टी सामान लेनी गए थय

मेरी ऐसी बोलनी पी सब हसने लगी कोमल शर्मा क अपनी माँ क पास चली गई और गली लग गई

माँ:- मीरा क्यू तंग क्र रही ही दोनों को..

M'bua:- भाभी मैं तो बीएस पॉच रही थी क डेट किसी hy.?(hehe)

मैं:- बुआ आप बी न हम सामान लेनी गए थय और लय बी ए

माँ:- चल कोई बात nahi...(hehe)

मैं तो शर्म सी सर नीची क्र क बेथ गया..

दादी:- कोण टांग क्र रहा ही मेरी बॉयफ्रेंड को.?

R'bua:- आपकी बॉय फ्रेंड की ग्रिलफ्रेंड

सब फिर हसने लगी मैं और कोमल शर्मा गए

A'bua:- बीएस करो क्यू बच्चों को तंग क्र रही हो.?

M'bua:- बची नहीं रही अब यह दीदी कुछ सोचो अब jaldi.(hehe)

A'bua:- चुप क्र तो और चलो साब सो जाओ टाइम बोहत होगया ही

साब उठ क अपनी अपनी कमरे मैं जन्य लगी कोमल वहां सी सीधा तनीषा क कमरे मैं चली गई

तनीषा अभी लेतंय लगी थी क कोमल कमरे मैं आ गई..

तनीषा:- अरे कोमल औ कोई काम था क्या.?

कोमल भाग क तनीषा क गले लग गई और रोने लगी

तनीषा:- क्या हुवा कोमल.?

कोमल:- दीदी मुझी माफ़ क्र दो मैं आपकी प्यार पी नज़र राखी

तनीषा:- कोमल वह तुम्हारा प्यार ही वह मैं तो तुम्हारी प्यार का छोटा सा टुकड़ा हूँ

कोमल:- नहीं आप बोहत अछि हैं जो पत्नी होनी क बाद बी ेलेहड़ा रहती हो मेरी वजह सी.?

तनीषा:- कोमल मैनी तुम्ही बताया था न क प्यार मीन्स सैक्रिफाइस

कोमल:- आप बोहत अछि हो..

तनीषा:- तो इसका मतलब आज पर्पस क्र इ दिया जंब न्य मुझी तो लगा था क हिम्मत इ नए क्रय गए कभी.?

कोमल:- हाँ लेकिन हिम्मत क्यू नहीं क्रय गए वह.?

तनीषा:- अरे वह बरी जल्दी वह होगये.?

कोमल:- अभी सी नहीं बचपन सी इ वोह हैं..

तनीषा:- हाँ सोह हमेशा डरता था क तुमनी मन क्र दिया तो वह किसी जिए गए.? अगर तुम मन क्र देती तो मैं बी शायद उसी संभल सकती जब बी उसी कुछ होवा ही मैनी संभाला ही लेकिन अगर तुम न कहती तो मैं बी नहीं संभल सकती उनको..

कोमल:- अब आप बी उनको केहनी लगी न..

Tanisha:-Mery पति हैं टी उन्ही इ बोलो गई न

और इधर मैं सोग्य था सुबह एक इम्पोर्टेन काम करना ही

देखती हैं सुबह क्या नया रंग लती ही
 
अपडेट NO.14


रत को मैं सो रहा था क मुझी प्यास लगी मैं पानी पेय उठा तो जग मैं पानी नहीं था मैं नीची किचन पानी लेनी गया मैं पानी लय क वापिस आ रहा था क मीरा बुआ क कमरे मैं सी कुछ आवाज़ें आ रही थी..

मैनी जा क देखा तो दरवाज़ा थोड़ा खुला था और बुआ बीएड पी बेथ क रू रही मुझी बोहत हैरानी होइ सब को हसने वाली अकेली मैं यौन रो रही ही..

मैं:- अदि यह क्यू रो रही हैं तुम्ही पता ही.?

अदि:- भाई उनको अभी आपकी बोहत ज़रूरत ही..

मैं:- मतलब.?

अदि:- भाई आप ुणस्य पॉच लो और हाँ मना मत करना उनको उनकी आखरी उम्मीद हो आप

मैं:- मुझी कुछ नए समझ आ रहा .?

अदि:- आप ुणस्य खुद पॉच लो

मैं दरवाज़ी पी जा क हल्का सा नॉक किया बुआ न्य मेटि तरफ देखा और आंखें साफ़ क्र ली

M'bua:- अरे सैम तू यहाँ इस टाइम कोई काम था क्या.?

मैं चल क उनकी पास गया और नीची बेथ गया वह बीएड पी बैठी थीं मैं उनकी सामन्य गुथनो क बल बैठा था

मैं:- क्या हुवा बुआ आप रू क्यू रही हैं सब ठीक है न.?

M'bua:- अरे मैं कहाँ रू रही हूँ मैं क्यू रू गई भला.?

मैं:- आपको मेरी कसम सच बताइये बुआ..

बुआ फिर सी रोने लगी और मेरी गली लग गई मैनी उनको थोड़ी देर रोने दिया फिर पोछा

मैं:- बुआ प्लीज रोइये नहीं आपको अगर कोई तकलीफ ही तो मुझी बताइये

M'bua:- मेरी ज़िन्दगी बर्बाद होगी सैम

मैं:- बुआ साफ साफ बोलिये क्या हुवा क्या किसी न्य कुछ कहा.?

M'bua:- सब केहत्य हैं मुझी...

मैं:- बुआ बोलिये क्या केहत्य हैं मैं सब क मुँह बंद क्र दूँ आप बोलिये कोण कहता ही.?

M'bua:- सब मुझु नपुंसक केहत्य हैं

फिर और ज़ोर सी रोनी लगी..

मैं:- बुआ यह आप क्या कह रही हैं आप तो बिलकुल ठीक लगती हो.?

M'bua:- लेकिन मेरा पति नहीं ठीक..

मैं:- आप पेहली रोना बंद कीजिये और पूरी बात बताइये..

बुआ न्य खुद को थोड़ा संभाला

M'bua:- मेरी शादी की पहली रत इ मेरी पति न्य मुझी बता दिया था क उसी लडकियोँ सी ज़्यादा लड़कों मैं इंट्रेस्ट ही और मुझी बता दिया क वह कुछ नहीं क्र सकता और मैं छहों तो किसी क साथ बी समभंद बना सकती हूँ लेकिन मेरी जम्मर न्य यह गवारा नहीं किया लेकिन लोगो न्य मुझी बांझ कहना शुरू क्र दिया

मेरी ऊपर यह बात किसी बम की तर्हां गिरी मुझी कुछ नहीं समझ आ रहा था मैनी पेहली बुआ को थोड़ा संभाला

M'bua:- लेकिन ाव मुझ सी दुनिया की करवाहट झेलनी की हिम्मत ख़तम होगी ही और फिर..

मैं:- फिर क्या बुआ बोलिये.?

M'bua:- मैं किसी बताओं.?

मैं:- आप बोलिये... प्लीज

M'bua:- फिर तुझी देखा तो तेरी तरफ अट्रेक्ट होनी लगी..

मैं एक दम बोखला गया मुझी अदि की बात यद् ी क वह क्या कहना छह रहा था...

मैं:- आप मेरी बुआ मैं किसी.?

M'bua:- मैनी खुद को यह बात बोहत समझे लेकिन मैं नहीं समझा पाई मेरी आखरी उम्मीद तू ही अगर तू नहीं तो मैं मर जाओं गई..

अदि:- भाई मैमी कहा न आप मन मत करना..

मैं:- लेकिन भाई वह मेरी बुआ हैं..

अदि:- भाई आपकी वजह सी अगर किसी को ख़ुशी मिली तो आपको कोई प्रॉब्लम नहीं होनी चाहिए और शायद आपकी किस्मत मैं यह इ ही आपको अभी असिसय बोहत सी खुशियां बॉटनी हैं

मैनी बी सोचा अगर मुझी दुनिया का मुँह बंद करना ही तो तो मुझी यह करना होगा

M'bua:- तो ज़्यादा मत सोच मैनी इतनी सुन ली हैं थोड़ी और सुन लोन गई

मैं:- मेरी होते होवय आप दुनिया की नज़रों मैं गिरो ऐसा मैं नहीं होनी दूँ गए

मीरा बुआ न्य मुझी कस क गली लगा लिया

M'bua:- सच! तो मुझी वह ख़ुशी दी गए जिस क लिए मैं तरसी हूँ.?

मैं:- मैं आपको दुनिया भर की खुशियां दूँ गए.. आप बीएस हस्ती होइ प्यारी लगती हैं..

M'bua:- मुझी कब प्यार क्रय गए.?

मैं:- ऐसी थोड़ी न कुछ स्पेशल सोचा है बीएस थोड़ा सा वेट

M'bua:- मुझ सी ज़्यादा इंतज़ार नहीं होगा अब..

मैं:- ज़्यादा वेट नहीं करवाएं ga...ab आप सो जाइये

मैनी बुआ को बीएड पी लिटा दिया क्र चादर उनकी उप्पेर डाली उनकी सर पी किश क्र क बाहिर आ गया..

मैं सीधा अपनी कमरे मैं गया और बीएड पी बेथ क सोचनी लगा

वही दोस्सरी तरफ गाणी और उसकी बेटे को जो लोग लय गए थय वह उनको लय क जा क एक जगह बैठती हैं कुछ देर मैं एक आदमी अत ही नीची

आदमी:- औ गाणी

गाणी:- अरे मला आ साहब अपनी ऐसी क्यू बुलाया हामी.?

मला:- अरे मुझु कुछ काम ही तुझसी इसलिए बुलाया..

गाणी:- हुकुम की जिए

मला:- अरे तुम्हारी ठाकुर खंडन सी क्या दुश्मनी ही.?

गाणी:- मैं उनकी दुलत तो लूटना चाहता हूँ.. लेकिन वह शकल उनके घर पी इ रह रहा ही.

मला:- अरे वह इसका मतलब हमारी खूब जमी गई मेरा सारा माल पकड़वा दिया उसकी दोस्त की बेटी न्य

गाणी:- किसनी.? मुझी कुछ नहीं समझ आ रही.?

मला:- यशवेन्डर सिंह की पोती न्य आयेशा न्य अपनी टीम क साथ मिल क लेकिन इस बार ऐसा जल बिचाओं गए दोनों खंडन को ख़तम क्र क्र दूँ गए

हाहाहाःहाहा

मैं ऐसी सोच रहा था क अलार्म बज गया सुबह का मैं फ्रेश होकय जोगिंग पी चला गया और वहां जा का

अदि:- भाई आपको आज हीलिंग पावर का ध्यान करना ही पूरा ध्यान करना ही

मैं ध्यान मैं बेथ गया मैं बोहत कोशिश की एक घंटी तक तरय करता बरी मुश्किल सी 1:30 घंटी में मैनी उसको को बी हासिल क्र लिया..

अदि:- वह भाई आप तो बोहत जल्दी सिख गए...

मैं:- लेकिन अदि इतनी जल्दी पावर गॉसिल करना कुछ अजीब नहीं ही.?

अदि:- भाई यह आपकी पावर्स आपकी अंदर हैं आपको दो चीज़ों की तलाश करनी ही बीएस

मैं:- कोनसी दो चीज़ें.?

अदि:- लॉकेट और तलवार..

मैं:- वह कहाँ मिल्ली गई.?

अदि:- भाई सही टाइम अन्य पी बताओं गए

मैं:- तो और तेरा सभी टाइम

फिर मैं घर गया वहां सी किचन मैं गया वहां C'Chachi इ थीं

मैं:- गुड मॉर्निंग सववेत चची

C'chachi:- गुड मॉर्निंग मेरी स्वीट भतीजी

मैं:- तो आज कॉफ़ी बनाना सीखी गई.?

C'Chachi:- हाँ कल बोहत ाचा लगा कॉफ़ी पि क

मैं:- अहन.? बीएस कॉफ़ी या फिर..

C'Chachi:- फिर.?? क्या.?

मैं:- कुछ नहीं मैं कह रहा था चाहा क टांग करनी सी ाचा लगा.?

C'Chachi:- बदमाश! वह तो अब टांग इ नए कृत्य..

मैं:- अरे वह क्यू इतनी से.. मेरा मतलब अछि बीवी को नहीं टांग कृत्य तो किस को तान कृत्य हैं.?

C'Chachi:- कहाँ अब तो बुड्ढे हो गए हैं..

मैं:- अरे मैं होता तो...

C'Chachi:- तो.???

तब तक मेरी कॉफ़ी बन गई थी मैनी तीन कप बनाये थय चची क लिए भी

मैं:- तो मैं बीएड सी इ उतरण्य इ नए देता

चची कुछ बोलती उस सी पेहली मैं कॉफ़ी लय भाग गया चची क चेहरे पी स्माइल आ गई

मैं सीधा तनीषा क कमरे मैं गया मैनी उसको होंठों पी किश किया

तनीषा:- गुड मॉर्निंग माय हुब्बी..

मैं:- गुड मॉर्निंग माय स्वीट विफई..

वह मेरी गॉड मैं बेथ गई

तनीषा:- आज अपनी लिए बी कॉफ़ी.?

मैं:- नहीं कोमल क लिए ही..

तनीषा:- ाचा जी मेडी सत्तन को देंय जा रही हो जाओ उस पेहली सब उठ जाये

मैं उसकी सर पी किश क्र क कोमल क कमरे की तरफ चला गया वहां उसकी साथ शिखा बी सोइ होइ थी मैं जा क उसको हल्का सा किश किया वह कुसमुसते होय उठ गई और मुझी देख क झट सी गली लग गई

कोमल:- मेरी लाइफ की साब सी अछि सुबह ही आज तो

मैं:- वह क्यू भला.?

कोमल:- आज आप उठानी ए हो मुझी..

मैं:- किसी नहीं अत मेरी जान की न्य कहा था तो आना था और यह लो कॉफ़ी

कोमल:- खुद बनाई.?

मैं:- हाँ..

कोमल:- मुझी उठा देती मैं बना देती..

मैं:- आपको अति ही.?

कोमल:- नहीं आप सीखा देती न...

मैं:- बिलकुल नहीं आपको सुबह की कॉफ़ी मेरी हाथों की पिणि पारी गई सुबह की तो..

कोमल:- आज तनीषा दीदी को नहीं देनी कॉफ़ी.?

मैं:- दी क आया हूँ आप हल्दी सी उठो मैं बी फ्रेश को की अत हूँ

कोमल:- हम्म

मैनी उसकी सर पी किश किया और चला गया नहंय मुझी जो आज करना था उसकी बारी मैं सोच रहा था मैं...

कुछ देर में मैं नीचे आज्ञा

मैं:- गुड मॉर्निंग एवरीवन..

सब:- गुड मॉर्निंग

दादा जी:- बीटा थोड़ी जल्दी उठा करो अब

C'Chachi:- सब सी पेहली उठता ही सुबह जोगिंग क्र आ क नाहा क नीची अत ही..

दादा जी:- अरे वह मुझी तो पता इ नए था सॉरी बीटा...

मैं:- अरे कोई बात नहीं दादा जी अब पता चल गया न..

अवनि:- तभी तो इतना खता ही

मैं:- ऐ छिपकली तुझसे मतलब

अवनि:- भूका बंदर

मैं:- पागल छिपकली...

पायल:- तुम दोनों कब सुधरो गए.?

मैं:- इसको बोलो न..

B'chachi:- बीएस क्र चुप चाप खाना खाओ..

मैं:- माँ आज हामी कहीं जाना ही

माँ:- किधर जाना ही.?

मैं:- सरप्राइज ही आप मैं और गुड़िया को जाना ही खाना खा क

शिखा:- किधर जाना ही भैया.?

मैं:- सरप्राइज ही..

माँ:- सब चले गए न.?

मैं:- सब को बाद मैं लय क जाओं गए..

दादा जी:- बहु चली जाओ न..

माँ:- जी बौ जी

फिर सब खाना कहानी लगी आज तीन चेहरों पी ख़ुशी थी अलग इ

मीरा बुआ, कोमल,, c'chachi

फिर खाना खा क कुछ देर सब क साथ बेथ गया

अंजलि:- बेतु मैं और पायल मॉल जा रही हैं थोड़ी देर मैं

मैं:- Ok दीदी..

अंजलि:- वह तनीषा बी जाना च रही थी क्या वह चली जाये.?

मैं:- मुझसी क्या पॉच रही हो जिसको जाना ही उस सी पोचो..

अंजलि:- तनीषा कह रही थी एक बार तुझी बता दूँ मैं..

मैनी तनीषा की तरफ देखा उसनी आंख मार दी

अंजलि:- और तुझी पता है जिस मॉल मैं बोटिके है न वह इनका इ ही

मैं:- यह तो अछि बात ही..

फिर सब इधर उधर मि बातें करनी लगी दीदी तनीषा कोमल पायल प्रिय मॉल जन्य क लिए रेडी होनी चले गए

मैं तनीषा क रूम की तरफ गया वह कपड़े डीडे क्र रही थी मैनी जा क एक शलवार कमीज निकली

मैं:- अछि लगी गई

वह लय क सीधा बाथरूम मैं चली गई बाहिर ी तो

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मैनी उसको देखता रह गया

तनीषा:- क्या देख रही हो.?

मैं:- यू लुकिंग गॉर्जियस

उसनी सिमले क्र दी मैं इसी का वेट क्र रहा था मैं उसकी डिंपल को चुम्मा

मजन:- यह मुझी किसी दिन पागल क्र दी गए

तनीषा:- आपको इ पसंद है यह

मैं:- बोहत क्यूट लग रही ho...Acha मैं आज नाना क घर जा रहा हूँ माँ को लय क

तनीषा:- क्या वह मान जाये गए.?

मैं:- कोशिश करनी पारी गई..

तनीषा सी मिल क मैं कोमल क कमरे टी तरफ गया वह शिष्य क सामन्य बैठी थी

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मैं पिच्य सी उसकी गली लग क्या और गाल पी किश क्र दिया

मैं:- कतल करनी का इरादा ही क्या.?

कोमल:- वह क्यू भला.?

मैं:- इतनी सुन्दर लगो गई तो सब गिर पर जाये गए..

कोमल:- सब को थोड़ी आपको ाचा लग्न चाहिए..

मैं:- ी लव यू

कोमल:- ी लव यू तू!

मैं कोमल को छोरा और बीएड पी बेथ गया वह त्यार होनी लगी उतनी देर मैं एक आफत अंदर ी हमारी दोनों क बिच

M'bua:- अरे वह आज तो साईयाँ क सामन्य त्यार हुवा जा रहा ही

मैं खरा होगया और

मैं:- Na..Nahi बुआ वह बीएस मैं ऐसी इ बूर हो रहा था तो सोचा..

M'bua:- क्या सोचा.? क चलो अपनी होनी वाली बीवी को इ देख लोन.?

मैं:- नहीं हम कॉलेज की बात क्र रही थय

कोमल:- हाँ मस्सी हम कॉलेज की इ बात क्र रही थय...

M'bua:- ज़्यादा बन मत और हाँ मॉल जा रही है न तो कुछ सामान लाना ही लय क आना तुम लोग लगी रहो यह लय लिस्ट और मैं चलती हूँ..

बुआ चली गई..

मैं:- कितनी डेंजरस औरत ही यह

कोमल बीएस मुस्कुरा दी

मैं:- अरे हाँ वह गारी मिल्ली गई क्या मुझी माँ और गुड़िया को लय क जाना ही??

कोमल:- पोचनय की क्या बात ही वह रही चाबी आपकी और मेरी चीज़ें दो थोड़ी हैं..

मैं;- यू कॉंव व्हाट.?

कोमल:- व्हाट.?

मैं:- ी लव यू!

कोमल:- ी लव यू तू! (ुम्हह)

मैं:- और हाँ यह कार्ड रख लो आपका ही

कोमल:- केसा कार्ड.?

मैं:- क्रेडिट कार्ड ही No लिमिट

कोमल:- मुझी नहीं चाहिए अभी...

मैं:- ऐसी किसी नहीं चाहिए S♡K कंपनी की मालकिन का रूब होना चाहिए आज अपनी मॉल जा रही हो थोड़ा रूब सी रहना पता चलना चाहिए सैम ठाकुर की बीवी आ रही ही..

कोमल:- आप बी न..

मैं उसको कार्ड दी क और सर पी किश क्र बाहिर आ गया...

कुछ देर मैं वह चली गई मैं बी रेडी होगया मैं गुड़िया और माँ निकल गए

माँ:- किधर लय क जा रहा ही.?

मैं;- बीएस करीब मैं इ

मैनी गारी तो नाना जी की हवेली की तरफ भरा दी जैसी जैसी हम करीब आ रही थय माँ हैरानी सी मुझी देख रही थी

माँ:- बीटा वह हामी नहीं एक्सेप्ट क्रय गए मुझी पता ही मेरी पापा का

मैं:- आप बीएस मेरी साथ चलिए..

हम न्य गारी हवेली क सामन्य रोकी सब गारी की आवाज़ सुन क बहिरर आ गई लेकिन नाना जी नहीं ए

मैं गारी सी उतरा एक औरत न्य पोछा..

औरत:- जी कहिये किस सी मिलना ही.?

मैं:- मुझी शमिल्ला देवी और एश्वन्ड जी सी मिलना ही.?

औरत2:- मैं हूँ शमिल्ला

मैं:- आपको किसी सी मिलवाना ही..

मैं गारी की तरफ गया मैं माँ का हाथ पाकर क बाहिर निकला नानी जी और ममियां माँ को देख क हैरान हो गई माँ भाग क नानी क गली लग गई

माँ:- मुझी माफ़ करदो माँ

नानी:- तो आगे मेरी बेटी मैं कब सी तेरी रह देख रही हूँ

अंदर सी एक आदमी आया..

Admi:-Kon ही.?

जैसी इ उनकी नज़र माँ पी गई

आदमी:- अब क्या लेनी ी ही तो मर्डर गई हमरे लियर चली जा

अंदर सी रूचि दीदी और मस्सी बी शोर सुन क बाहिर आ गई

मस्सी:- दीदी आप आइये..

नाना जी:- नहीं यह मर गई ही हमारी लिए चली जा

मैं जा क नाना जी क पेअर कौए वह पीछे हो गए

मैं:- मैं आपका नवासा हूँ... क्या आप आज बी अपनी बेटी क फैसली पी नाराज़ हैं अरे बोहत किस्मत वाली होती हैं वह लोग जिन क दामाद उनकी बेटी सी खुद सी बार क प्यार कृत्य हैं आज आप खुद देखिये क्या माँ खुश नहीं हैं अगर वह आपकी साथ आ जाती तो ज़िन्दगी भर का कलंक उनकी दमन पी लग जाता वह शायद ज़िंदा न रह पति दुनिया की बेटी सुन क आपकी बेटी क पास दुनिया भर की खुशियां हैं बीएस माँ बाप क प्यार क आपको को तो खुश होना चाहिए था क आपकी बेटी को इतना प्यार करनी वाला पति मिला ही अगर नानी जी आपको चोर जाना चाहती तो क्या आप जन्य देती नहीं न.?

नानी जी:- बीएस बोहत होगया आपकी फैसली पी मैं अपनी बेटी और नवासी सी बोहत दूर रह ली अब और नहीं

नाना जी चल क माँ क पास गए और उनको गली लगा लिया

नाना जी:- मुझी माफ़ क्र दी बेटी तेरा बाप अँधा होगया था इज़्ज़त की लालच मैं टुन्नाय बिलकुल सही फैसला लिया टुन्नी ऐसी बेटी को जनम दिया ही जो सब को साथ लय क चले गए

माँ:- पिता जी

दोनों एक दोस्सरी क गली लगी रही

शिखा:- अरे मैं बी ी हूँ साथ

माँ:- यह आपकी पोट्टी

B'mami:- अरे आप तो सब सी खास मेहमान हो

नाना जी:- औ अंदर

फिर माँ न्य सब सी हमारा इंट्रो करवाया

Nisha:-To जंब आप क्या क्र रही हैं आज कल.?

मैं:- बीएस अभी लूटा हूँ अमेरिका सी अभी कॉलेज जाओं गए और क्या.?

अलीशा:- क्या आप अमेरिका मैं रेहटी थय.?

मैं:- हाँ 15 साल बाद घर वापिस आया हूँ

नाना जी:- यह क्या कह रही हो.?

Maa:-Yeh सच कह रहा hy(phir माँ न्य साडी बात बता दी)

मैं:- वैसी आप साब बताइये क्या क्र रही हैं

मैनी नोटिस किया आयेशा मुझी अजीब सी नज़रों सी देख रही ही

निशा:- मैनी तो जॉब क लिए अप्लाई किया ही अभी

अलीना:- मैं स्कूल क पेपर्स दी रही हूँ..

लैला:- मैं कॉलेज मैं हूँ और डांस टीम की कप्तान हूँ

मैं:- अरे बाप रय... वैसी दीदी किधर अप्लाई किया ही जॉब क लिए

निशा:- S♡K कंपनी जो नए लांच हो रही ही कल

Maa:-Pariya न्य बी उधर इ अप्लाई किया इसकी पापा क उनकी साथ काम करना चचतय हैं क्या इतनी बरी कमपनी है.?

निशा:- जी बुआ मुलती नेशनल कमपनी हर कंट्री मैं इनकी ब्राँच है

नाना जी:- कल क लिए उनका न्योता बी तो आया ही न..

मैं:- हम सब बी जा रही हैं सैप बी चलिए

किचन सी एक 25:26 साल की लड़की ी

मैं:- यह कोण हैं माँ.?

Maa:-Mujhy बी नए पता..

नाना जी:- यह हमारी बहू ही ललन की बीवी

मैं:- नमस्ते बहभी मैं आपका देवर..

शिवानी:- नमस्ते जी आप तो बारी संस्कारी हैं देवर जी

मैं:- बीएस अपनी कल्चर प्यार इ बोहत ही

शिखा:- नमस्ते मैं apki...bhiya मैं क्या होइ इनकी.?

सब गुड़िया की मस्सोमियत पी हस्स दिए

शिवानी:- आप हो एक स्वीट गुड़िया..

शिखा:- हाँ भैया बी यह इ बुलाती हैं..

शिवानी:- आप हो इ इतनी प्यारी..

Main:-Wesh अपनी नहीं बताया आप क्या करती hain.?(Ayesha की तरफ देख क)

आयेशा:- मैं स्पेशल फाॅर्स टीम में हूँ

मैं:- अरे आप तो खतरनाक हैं..

आयेशा:- जी बिलकुल नहीं हामी तो आप सी बच क रहना होगा आपकी आंखें इ कातिलाना हैं..

मैं:- जी.??

आयेशा:- कुछ नहीं

निशा:- वैसी अमेरिका मैं क्या क्या किया यह तो बताइये

Main:-Ruchi दीदी सी पॉच लो

निशा:- अरे हाँ रूचि तो सैम क बारी मैं बताया था मैं तो भूल इ गई..

फिर दोनों मां घर ए फिर थोड़ा इमोशनल ड्रामा होवा

मैं:- बाथरूम किधर ही.?

C'mami:-Ao मैं दिखती हूँ..

मैं ुक्य साथ चल रहा था क अचानक मेरी नज़र एक तस्सवर पी गई मेरी कदम वहीँ रुक गयी मुझी यकीन नहीं हो रहा था अपनी अकनहूँ पी......

तो बे कंटिन्यू

नोट:-

सॉरी फॉर लेट अपडेट थोड़ा सा बिजी था भाइयोँ

कीप सुप्पुरिटिंग

कीप रीडिंग
 
अपडेट NO.15


मेरी नज़र एक तस्सवीर पी गई जैसी देख क मैं हैरान होगया मेरी कदम वहीँ पी रुक

अब ागी..

C'mami:- चलो न क्या देख रही हो.?

मैं:- तेह फोटो किसकी ही.?

C'mami:- कोनसी.? वाली.?

मैं:- सेण्टर वाली..

C'Chachi:- यह तो तुम्हारी मस्सी की ही जो क 6 साल पेहली गुज़र गई.

मेरी तेह सुन क रूकताय खरी हो गए तेह वही औरत थी जिस का ैसिडेंट 1 साल पेहली हुवा था वह मेरी सगी मस्सी थी..

मैं वहीँ पी बेथ गया मुझ में हल्न्य की हिम्मत नहीं थी मेरी आँखों सी ाँसों निकल रही थय बीएस लेकिन मुँह सी शब्द नहीं निकल रही थय मेरी दिमाग मैं बीएस यह चीज़ घूम रही थी मैं अपनी सगी मस्सी को नहो बचा सका...

C'mami घबरा गई उन्हों न्य सब आवाज़ दी सब घबराहट सुन क वहीँ आ गए

नाना जी:- क्या हुवा बहु यह क्यू रो रहा ही.?

माँ:- बीटा क्या हुवा तो क्यू रू रहा ही सब ठीक ही न..

B'mama:- दीदी इसको क्या हुवा.?

माँ:- पता नए अभी तक तो ठीक था

नानी जी:- बीटा क्या हुवा क्यू रू रहा ही मेरा बचा.?

सभी बोहत परेशान हो गए..

शिखा:- क्या हुवा भैया.?

गुड़िया की आवाज़ सी मैं होश मैं आया और मेरी मुँह सी एक इ चीज़ निकली..

मैं:- गुड़िया मैं अपनी मस्सी को नहीं बचा प्या..

माँ:- यह तू क्या बोल रहा ही बीटा लक्ष्मी की तो 5 साल पेहली मौत होइ थी तो उस वक़त अमेरिका मैं था तो किसी बचता उसको.?

मैं:- वह मेरी हाथों में थी उन्हों न्य मेरी हाथों में डैम तोरा माँ मेरी हाथों में मैं कुछ नहीं क्र पाया मैं कुछ नहीं क्र सका माँ मुझु माफ़ करदो मुझी माफ़ करदो..

नाना जी:- यह तो क्या बोल रहा ही.?

मुझी उस वक़त कुछ नहीं पता था मैं क्या बोल रहा हूँ

मैं:- लेकिन माँ मैनी उनकी अमानत को हमेशा संभल क रख उन्हों न्य मुझी तनीषा का हमेशा ख्याल रखा मैनी कभी उसको उनकी कमी नहीं महसूस होनी दी क्या आप बी तनीषा का ख्याल रखी गई

माँ:- हाँ बीटा तनीषा मेरी बेटी जैसी ही

मैं:- नहीं वह आपकी बेटी और बहु दोनों ही...

मैं यह कह क बेहोश हो गए सब बोहत ज़्यादा घबरा गए आयेशा न्य जल्दी सी डॉक्टर को फ़ोन किया कुछ देर मैं डॉक्टर आज्ञा उसनी मुझी चेक किया और बोलै

डॉक्:- कोई शॉक लगा ही इनको थोड़ी देर मैं होश आ जाये गई..

डॉक्टर चला गया..

नाना जी:- मीनाक्षी यह क्या हुवा हमारी बेटे को और यह लक्ष्मी की तस्सवीर को देख क क्यू ऐसा बर्ताव करनी लगा और यह तनीषा कोण ही तेरी बहु ही की.?

माँ:- बाबू जी मुझी खुद कुछ समझ नहीं आ रहा तनीषा तो इसकी दोस्त थी मैं अभी उसको बुलाती हूँ

माँ न्य तनीषा को फ़ोन किया जब उसनी मेरी हालत क बारी मैं सुन्ना और जल्दी सी गारी लय निकल गई कोई 20 मं रास्ता तये क्र क वह वहां आ गई

तनीषा:- किधर ही सैम.?

निशा:- आप कोण.?

तनीषा:- मैं तनीषा..

निशा उसको जल्दी सी कमरे की तरफ लय गई

तनीषा न्य जब मुझी यौन बेहोश देखा यो पागल सी हो गई भाग मेरी पास आ गई

तनीषा:- क्या हुवा आपको उठिये न देखो मैं आ गई हूँ उठो युमंय वडा किया था मुझी कभी अकेला नहीं चोरो गए युम्हारी पत्नी किसी जिए गई तुम्हारी बिना प्लीज उठो न...

उसकी बात सुन क सब हैरान थय

माँ:- तनीषा यह क्या बोल रही हो.?

तनीषा:- माँ प्लीज आप बोलो न इनको क उठ जाये..

तनीषा:- अपनी माँ सी बी वडा किया था उठिये प्लीज

सब कुछ बोलनी की हालत मैं नहीं थय तनीषा बीएस रो रही थी माँ न्य उसको गली लगा लिया

माँ:- चुप हो जा मेरी बची वह उठ जाये abhi..Bilkul ठीक ही

तनीषा:- माँ प्लीज बोलो न उतनी ko..please

इधर बेहोशी मैं मेरी सामन्य एक आदमी आया उसका चेहरा रौशनी सी भरा हुवा था

आदमी:- क्या हुवा बालक इतना क्यू अचंबाक हो रही हो.?

मैं:- मेरी मस्सी न्य मेरी हाथों मैं डैम तोरा मुझी पता बी नए था वह कोण हैं.?

आदमी:- जब वह औरत मर रही थी तुम्ही पता नहीं था वह कोण ही तो तुमनी इतना रियेक्ट क्यू नहीं किया.?

मैं:- मुझज तब पता नहीं था वह मेरी अपनी हैं

आदमी:- बीएस इसी लिए अगर तुम इस दुनिया को अपना मनो गए तो तुम्ही गर किसी की मारण्य पी एक जैसा दुःख होगा रोज़ हज़ारों लाखों लोग मर्त्य हैं सिर्फ उसकी अपनी इ क्यू रोटी हैं हमारा इंसानियत क नाट्य फ़र्ज़ ही क हम सब क दुखों को बांटें और तुम्हारा तो वजूद इ दुनिया की कल्याण क लिए ही बीएस यह इ कहना था मुझी

फिर वह आदमी गायब होगया और मेरी कानो मैं किसी क रोनी की आवाज़ ी मैं उठ क देखा तो यह तनीषा थी जो माँ सी लिपट क रू रही थी

जैसी इ उसकी नज़र मुझ पी पारी तो मेरी गली लग गई मणि बीएस उसको गली लगा लिया

मैं:- क्यू रू रही हो.?

तनीषा:- आप उठ क्यू नहीं रही थय.? मैं बोहत दर गई थी ...

माँ:- बीटा यह साब क्या है.?

इधर साब को खबर मिल चुकी थी मेरी हालत की साब नाना क घर आ रही थय अंजलि और कोमल का रू रू क बुरा हल था सब हवेली पोहंच गए गरियोँ की आवाज़ सुन सब नीची आ गए सामन्य मेरा पूरा परिवार खरा था कोमल आ क मेरी गली लग गई

कोमल:- क्या हुवा आपको.

मैं:- कुछ नहीं आप रोना बंद की जिए प्लीज वर्ण मुझी बी रोना आ जाये गए

मैनी कोमल को संभाला था क अंजलि दीदी आ गई

वहीँ नाना और दादा आम्नाय सामन्य खरी थय

नाना न्य एक थापर दादा जी को मारा हम सब न्य उनकी तरफ देखा सब बोहत डर गए थय

नाना:- टुन्नी मुझी ऐसी क्यू नहीं मारा उस दिन तुझी पता ही न क मैं थोड़ा न समझ हूँ

दादा जी न्य बी एक थापर नाना जी ko.mara..

दादा जी:- तुझी बी तो थोड़ी बात सुननी चाहिए थी न मस्सी हमेशा कहती थी तो इस गद्य को समझा सकता ही लेकिन मैं बी गुस्से मैं गलत कदम उठा गया

दोनों एक दूसरी क गली लग सब बोहत खुश थय आज काफी सालों क बाद सब ठीक हुवा था मुझी कोमल तनीषा पाकर क खरी thin..phir सब का ध्यान मेरी तरफ गया

दादी जी:- क्या हुवा था मीनाक्षी इसको

फिर माँ न्य साडी बात बता दी

नाना जी:- बीटा तुझी क्या होगया था लक्ष्मी की तस्सवीर देख क

तनीषा:- लक्ष्मी.? की तस्सवीर

मैं:- हाँ तनीषा यह उनकी इ बात क्र रही हैं

मैनी तनीषा को तस्सवीर की तरफ देखनी को कहा जैसी इ उसकी नज़र तस्सवीर पी गई वह हिल सी गई और गिरनी लगी मैनी उसको संभाला

तनीषा:- नहीं ऐसा नहीं हो सकता मेरी माँ मुझसी इतना ब्रा सच नहीं छुपा सकती

मैं:- खुद को सम्भालो हामी अभी सारा सच नहीं पता

नाना ji:-Maa की तस्सवीर.? लेकिन लक्ष्मी और उसके पति और बेटी की मौत तो 5 साल पेहली हो चुकी ही...

Main(chillate होय):- मस्सी की मौत 5 साल पेहली नहीं 1 साल पेहली होइ ही और उनकी बेटी तनीषा ज़िंदा ही और मेरी पत्नी ही

सब की ऊपर यह एक बम था Komal.ko चोर क साब एक डैम बोहकला गए थय...

नानी जी:- ऐसा नहीं हो सकता हामी 5 साल पेहली खबर मिली थी क वह..

तनीषा:- वह झूट था उस हादसी में मेरी पापा मैरी थय बीएस

नानी जी न्य तनीषा को गली लगा लिया

नानी:- मेरी बची मुझी माफ़ क्र दी हंसय बोहत बरी गलती होइ ही

माँ:- तू मेरी बेहेन की निशानी ही हमारी साथ रह रही थी मुझी पता इ नहीं चला

मस्सी:- मेरी बेहेन मेरी शहर मैं होती हुवये मुझ सी क्यू नहीं मिली.?

माँ:- और तेरी और इसकी शादी कब होइ.?

मैनी साडी बात विस्तार मैं बता दी बीएस कंपनी को बात को चोर क

दादा जी:- मेरा बीटा इतना ब्रा होगया i"m सो प्राउड ऑफ़ यू

माँ:- मुझी मेरी बहु पसंद ही लेकिन.? कोमल.?

मैं:- उसी सब पता ही अब आप सब की मर्ज़ी ही यज्ञ क्या करना ही.?

A'bua:- कोमल तुझी सब पता था.?

कोमल:- हाँ माँ

M'bua:- तुझु कोई ऐतराज़ नहीं ही क्या??

कोमल:- नहीं तनीषा दीदी बोहत अछि हैं.?

दादा जी:- अरे फिर किसी को कुछ ऐतराज़ नहीं होना चाहिए...

माँ:- लेकिन लोग क्या कहें गए.?

दादा जी:- सा करूँ लोगो की दो शादियां होती हैं एक और सही.. तुझी तो कोई ऐतराज़ नहीं.?

मैं:- नहीं आपकी ख़ुशी क लिए क्र लोन गए..

M'bua:- मतलब तेरा अपना कोई मन नहीं चलो कोई नहीं बाबू जी आप कोमल क लिए कोई ाचा सा लड़का ढूंढिए गए

Main(jaldi सी बोलै):- अरे नहीं मुझी कोई ऐतराज़ नहीं ही

सब मेरी बात सुन क हसनी लगी लेकिन एक फेस पी बीएस फेक स्माइल थी यह और कोई नहीं आयेशा थी..

शिखा:- मतलब मेरी 2 भाभियाँ.?

माँ:- हाँ गुड़िया

दादा जी:- बच्चों की पढ़ाई पूरी होनी क बाद शादी क्र दी गए

B'chacha:- बेटी हंसी एक नहीं संभालती तो 2 किसी देखी ga.?(haha)

B'mama:- सही कहा

B'chachi:- जय कहा अपनी.?

B'chacha:-Main तो मज़ाक क्र रहा था..

B'mami:-Or आप बी कुछ बोल रही थय.?

B'mama:- अरे हम मज़ाक क्र रही थय

सब मुस्कुरा रही थय c'mami न्य सब को खाना कहानी को कहा सब खाना कहानी जन्य लगी मेरी नज़र बाहिर गई तो कोई अंदर झांक रहा था मैं बाहिर गया और उसको पोछा

मैं:- हाँ भाई क्या देख रहा ही.?

Larka:-Mery भाई मैं हूँ लेलन तेरा ब्रा भाई

मैं:- भैया आप बाहिर क्यू कहरी हैं.?

ललन:- नहीं भाई वह मुझी अंदर नहीं अन्य दी गए

मैं:- आप चलिए मेरी साथ

ललन:- मैनी कसम खाई ही क जब तक जॉब नहीं जरता घर नहीं हों गए..

मैं:- इतनी सी बात कल आपको अप्पियंटमेंट लेटर मिल जाये और यह हुलिया सुधारू अब तो जॉब लग गई..

ललन:- भाई क्यू मज़ाक क्र रहा ही.?

मैं:- अरे भैया अगर कल लेटर नहीं आया तो जो सजा कहो गए मैं भूकटून गए

ललन:- तुझग पता ही हमेशा सी मेरी खुवाहिश थी मेरा एक छोटा भाई हो मैं उसकी साथ खेलों बेटी शेयर करों लेकिन कोई नहीं था आज तो आज्ञा न मुझी सब मिल गया जॉब मिली माँ मिली. भाई ज़रूर मिल गया...

मैं उनको गली लगा लिया और हाथ पाकर क अंदर लय आया सब उनको देख क हैरान थय भाभी तो बोहत खुश थी

B'mama:- तो क्यू आया ही अपना वडा भूल गया.?

मैं:- मां भैया न्य अपना वडा पॉर्रा किया

नाना जी:- क्या सच तुझी नौकरी मिल गई??

ललन:- जी दादा जी

B'mamai:- अजा मेरा बीटा खाना खा सब क साथ

लालब भैया न्य मुझी एक बार और गली लगा लिया मैनी उनको चेयर बिठाया भाभी न्य उनको खाना दल क दिया

मैं:- ोये होये बोहत प्यार आ रहा ही देवर की बी सेवा की जिए

प्रिय:- तेरी बी 2 2 बीवियां हैं उनको कह न

मैं बुरी तर्हां शर्मा गया सब हसने लगी

अवनि:- ोये होए शर्माता बी ही बेशरम जब सबकी सामन्य गली लगा रहा था तब कहाँ थी यह शर्म.?

मैं:- ए छिपकली चुप क्र ज़्यादा मत बोल

अवनि:- क्यू बीवियों क सामन्य बेजिटि नहीं बर्दाश हो रही.?

निशा:- हाँ भाई अब अपनी बीवियों क सामन्य कोई थोड़ा बेजिटि बर्दाश्त करता

मैं कोमल और तनीषा शर्म सी गैरे जा रही थय सब मिल क हमरी टांग खींच रही थय ऐसी hi खींचा खिचाई मैं खाना ख्य नाना जी न्य सब को यहीं रुकनी को कहा और हम सब एडजस्ट हो क सो गए मेरी साथ मां सो रही थय...

मैं सू रहा था क अचानक मेरी नींद खुल गई और मैं चिलाया

आयेशाआआआआ!

तो बे कंटिन्यू

नोट:- भाई पोस्ट को लिखे ज़रूर किया करो

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