Hindi Desi Sex - Saim (Love,Thrill,Romance) - Page 2 - SexBaba
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Hindi Desi Sex - Saim (Love,Thrill,Romance)

अपडेट NO.16

जब हम सब नाना क घर थय वहीँ दोस्सरी तरफ...

एक जगह पी 4 लोग थय यह तो मला गाणी उसका बीटा और यह चौथा आदमी कोण ही ए देखती हैं..

मला:- तो आज आखिर उस टीम का खेल ख़तम

ा4:- हाँ उन्होंय मेरी बी नाक मैं डैम क्र क रखा ही कितनी बार जामझाया क अपनी काम सी काम रखो पर नए उस चैनल की गांड मैं करा ही देशभगति का..

मला:- अरे चेइफ़ साहब ऐसा इ ही लोगो को पता नए क्योँ प्यार ही इस सो कॉल्ड वतन सी

गाणी:- भाई उसकी बाद ठाकुर को बी देखी गए..

G'son:- लेकिन वहां तो वह शकल ही न??

मला:- वह बी मैरी गए साब क साथ

सब:- हाहाहा

वहीँ आयेशा को एक कॉल अति ही..

आयेशा:- हाँ हीना बोल.?

*******

आयेशा:- क्या तुम लोग पुहचो मैं बीएस आ रही हूँ

आयेशा अपनी कप्बोर्ड खोलती ही उस मैं सी ब्लैक जैकेट निकलती ही और पहन क अपना बैग लेती ही और कमरे सी बाहिर अति ही..

वह नीची जन्य लगती ही क पिच्य सी उसको आवाज़ अति ही

कोमल:- आयेशा किधर जा रही हो..

आयेशा:- अरे कोमल तुम सोइ नहीं.?

कोमल:- नींद नहीं आ रही थी तो टेहळणी निकल गई लेकिन तुम रत क इस वक़त.?

आयेशा:- मुझी एक मिस्सों पी जाना ही..

कोमल:- केसा मिस्सों.?

आयेशा:- वह मैं बाद मैं बता दूँ गई अभी मुझी थोड़ी जल्दी ही O.K bye..

आयेशा वहां सी नीचे अति ही और गारी मैं बेथ जाती ही...

वह सीधा एक जंगल क बाहिर गारी रोकती ही बाहिर अति ही तो सामन्य उसकी टीम खरी thi(Intro ज़्यादा ज़रूरी नहीं टीम का ज़रूरत लारण्य पी दूँ गए)

आयेशा:- क्या रिपोर्ट ही.?

एजेंट्स को ा1 ा2 लिखों गए..

ा1:- मम यह लोकेशन ही चेइफ़ न्य भेजी ही यहीं deal.hony वाली ही..

ा2:- मम मुझी कुछ गर बार लगती ही...

ा3:- वह क्यू.?

आयेशा:- लेकिन हम पिच्य नहीं हैट सकती..

ा2:- पिछली कुछ Misson's पी हमारी साथ जो हो रहा ही उसको इग्नोर नहीं क्र सकती

हीना:- लेकिन अब तो हामी यज्ञ जा क देखना होगा..

आयेशा:- हम्म chalo....Follow में..

आयेशा लीड करनी लगती ही सब िक्य पिच्य पिच्य चलती हैं

आयेशा:- चेक मोबाइल सिग्नल्स..

हीना:- 5

आयेशा:- एस्टिमेटेड 20 पेओप्लेस गेट रेडी

सब इ खाण्डेर टाइप घर मैं घुस जाती हैं

ा1:- यहाँ तो कोई नहीं ही...

आयेशा:- चेक करेफ़ुल होपफ़ुल्ली अन्य अंडर ग्राउंड वे इस हेरे..

सब इधर उधर देखनी लगती हैं क अचानक दरवाज़ा बंद हो जाता ही और एक धुआं अंदर अत ही सब अपना मोहः बंद करनी की कोशिश कृत्य हैं..

आयेशा:- It's ा ट्रैप कवर योर फेस प्रॉपरलय..

लेकिन गैस इतनी तेज़्ज़ थी क 2 मं मैं इ साब बेहोश हो गए..

करीब 1 घंटी बाद सब को होश अति ही सब अपनी आप को कुर्सी सी बंधा पति हैं...

आयेशा:- कोण ही खोलो हामी अभी बताती हूँ

तभी कुछ आदमी अंदर आती हैं..

मला:- अरे अरे रस्सी जल गई पर बल नहीं गया..

आयेशा:- कायर हाथ खोल बताती हूँ तुझी..

मला:- ः बोहत फुदक रही ही.. टुन्नाय मेरा मॉल पाकर क ाचा नहीं किया था...

आयेशा:- कुत्ते तुझी जान सी मर दूँ गई खोल मुझी

तभी आयेशा क मुँह पी एक थापर परता ही

चटककक...

चेइफ़:- बोहत ज़ुबान चलती ही तेरी

ा1:- चेइफ़ आप.?

चेइफ़:- हाँ मैं तुम लोगो को बोहत समझाया लेकिन नहीं..

आयेशा:- तो तू ही साडी फसाद की जार हरामज़ादे..

हीना:- आज अगर हम बच गए न तुझी ज़िंदा नहीं चोरी गए

चेइफ़:- चीखो और ज़ोर सी कोई तुम्हारी फ़रयाद नहीं सुनी गए

मला:- आबय मर क काम खतम क्र इनको

चेइफ़:- नहीं बी अभी तो इसकी जवानी का मज़ा ले गए..

गाणी:- सही कहा क्या माल ही...

आयेशा:- अगर मुझी हाथ लगाया तुझी साडी दुनिया क सामन्य मार्रोन गई

चेइफ़:- अरे नहीं पेहली इस हीना का मज़ा लें गए बरी मस्त गांड ही रंडी की

आयेशा:- ज़ुबान को लगाम दी हरामज़ादे...

चेइफ़ हीना को पाकर लेता ही और उसका चेहेरी पी हाथ फेरनी लगता ही

चेइफ़:- मेरी जान तुझी जानत की सैर करवाएं गए..

ा2:- कमीनी चोर दी हीना को

मला:- चुप बी बसड्क तेरी बी गान मैरी क्या.?

Heena:-Nahi चोर दो मुझी प्लीज...

तभी आयेशा का एक हाथ खुल जाता ही वह चेइफ़ की गर्दन को दबोच लेती ही

चेइफ़:- अबे बचा मैं मर जाओं गए चोर मुझी साली रंडी

आयेशा:- कुट्टी गली देता ही तेरी मोट्ट आज पाकी ही ..

तभी एक गोली चलती ही जो सीधा आ क आयेशा क बज़्ज़ो को लगती ही ही वह ज़ीर सी चीखती ही

आयेशा:- सेमममममम

इधर मेरी नींद खुल जाती ही मेरो मुँह सी खुद निकल जाता ही

मैं:- आयेशाआअ

मैनी भाग क बाहिर निकल गया गया और भाग hi जा रहा था मुझी खुद नहीं पता था मैं कहाँ जा रहा हूँ मैं फुल स्पीड मैं भाग क जंगल की तरफ गया अंदर खाण्डेर क बाहिर 10 लो खरी थय मुझी कुछ नहीं सजी मैनी सीधा उनकी सामन्य चला गया वह कुछ बोलती उस सी पेहली इ मैनी एक क सर मैं मौका मारा वह वहीँ गिर गया मैं उसकी तलवार उठा ली दोस्सरी न्य मुझी पग गोली चलिए मैं जल्दी सी साइड होगया और फोर्टी सी उसकी बाज़ो पी वॉर क्र दिया उसका हाथ इ कट गया बाकि बी मुझी मारण्य ए लेकिन मैनी बिना देर किये सब की जान लय ली और अंदर चला गया और दरवाज़ी को लत्त मरी

मैं पागलों की तर्हां आयेशा आयेशा चिल्ला रहा था

सामन्य कुछ आदमी खरी थय जैसी इ गाणी की नज़र गई मुझ पी

गाणी:- शकल.?

सब की हालत खराब हो गई यह नाम सुन क... मला न्य गोलियां चलनी शुरू क्र दी मुझ पी और बाकि गुंडू न्य भी

लेकिन मैं बोहत तेज़्ज़ी सु उनकी तरफ गया और गाजर मोली की तर्हां काटना शुरू क्र दिया जो मेरी सामन्य आ रहा था मैं बीएस कात्य जा रहा था मेरी ांकें खून की तर्हां लाल हो गई थीं उस कमरे का माहोल बोहत खौफनाक था हर तरफ खून प्र था और कटी होइ लाषें जो लोग बंधी होय थय वह बी बोहत दर गए थय

लेकिन मुझी बीएस आयेशा की फ़िक्र थी मैं बीएस उसका पुकार रहा था

मैं:- आयेशाआअ

आयेशा:- सैम्मम

मैनी उस तरफ देखा मैं सीधा उसकी पास भाग क गया और उसको गली लगा लिया और अपना सर उसकी गॉड मैं रख दिया वह बीएस मेरी चेहेरी को देखी जा रही थी..

सब लोग बोहत हिरण थय जो शख्स अभी लोगों लो गाजर मोली की तर्हां काट रहा था किसी मस्सों बन क आयेशा की गॉड मैं लेता हुवा ही..

बाहिर सी हेलीकाप्टर की आवाज़ ी

हुवा यौन ठबक जब मैं घर सी निकला तो जो गार्ड्स मेरी सिक्योरिटी क लिए तनीषा न्य रखी थय उन्हों न्य मुझी भागती हुवी देखा और तनीषा को फोबे क्र दिया वह जल्दी सी हेलीकाप्टर लय क जंगल की तरफ आ गई..

मुझी थोड़ी होश ी तो

मैं:- तुम ठीक हो न.?

आयेशा:- हम्म

मेरी नज़र उसकी कंधी पी गई मैं एक डैम बुख्ला गया इतनी देर मैं तनीषा बी अंदर आ गई और अंदर का माहोल देख क दर और भाग क मेरी पास ी

तनीषा:- सैम तुम ठीक हो.?

मैं:- हाँ..

मैने जल्दी सी आयेशा को खोला अपनी बाँहों मैं उठा लिया

मैं:- गार्ड्स सब सफद क्र दो और इस जगह को आग लगा दो और इन साब को फार्म हाउस में लय जाओ

मैं जल्दी सी आयेशा को हेलीकाप्टर में बैठा क लय गया तनीषा मेरी साथ थी ाएहसा की आंखें आहिस्ता ऐहीस्ता बंद हो दही थी लेकिन वह बीएस मेरी चेहेरी को देख रही थी..

मैं:- आंखें खोली रखो हम बीएस आ गए

मैं तनीषा को लय क एक जगह लय आया यह इंडिया मैं मेरी बेस थी मैं जल्दी सी आयेशा को लय अंदर गया वहां डॉक्टर्स की टीम त्यार thi..Ayeshaa को वह ऑपरेशन रूम मैं लय गए...

मैं वंही बेथ गया..

तनीषा:- अरे यू O.K जान.?

मैनी तनीषा को गली लगा लिया..

मैं:- मुझी नहीं पता क्यू पर अगर उसी कुछ होगया तो मैं जी नहींपाओन गए प्लीज उसी बचा लो

अदि:- मुहय पता ही क्यू.? भाई को ऐसा लग रहा ही...

तनीषा:- क्यू लग रहा ही ऐसा बताओ मुझी जल्दी

अदि:- क्यू क आयेशा क इनकी बीवियों मैं सी एक ही

मैं:- क्या.? लेकिन..

अदि:- भाई मैं आपको इसकी बारी मैं आज इ बताओं गए पेहली आप अपना खनन आयेशा को दो जल्दी वर्ण आनर्त हो जाये गए

मैं बिना सोची समझी Room.k अंदर चला गया

Main:-Doctor इसी मेरा खून लगाओ जल्दी..

डॉक्:- लेकिन सर यह नहीं हो सकता आपका ब्लड ग्रुप कोई और ही

मैं:- जितना कहा उतना करो

डॉक्टर्स तयारी करनी लगी

मैं:- डायरेक्ट लगाओ....

ुँहू न्य डायरेक्ट मेरा खून आयेशा को लगा दिया जैसी जैसी खून जा रहा था आयेशा की धरकन तीज जोति जा रही थी तजोरी देर बाद उसकी सनें नार्मल हो गई सेक्टर्स न्य चेक किया

Doc:-It's आ मिरेकल सर मैं अपनी ज़िन्दगी मैं ऐसा केस नहीं देखा

मैं:- यह कब तक होश मैं आ जाये गई.?

डॉक्:- एक घंटी तक..

मैं बाहिर आ गया..

तनीषा:- किसी ही अब वह

मैं:- ठीक ही एक घंटी तक होश आ जाये गई

मैनी तनीषा की गली लगा लिया

मैं:- क्यू मेरी साथ ऐसा हो रहा ही.?

तनीषा:- तुम बैठो पेहली..

मैं बेथ गया

तनीषा:- अदि तुम कुछ बता रही थय.?

अदि:- जी दीदी बात दरअसल यह ही की.. भाई मैनी आपको लॉकेट क बारी मजन बताया था न.?

मैं:- हाँ लेकिन उसका इस सी क्या कनेक्शन.?

अदि:- भाई आपका लॉकेट कोई आम लॉकेट नहीं ही वह दुनिया को तबाह करनी की ताकत रखता ही वह किसी गलत हाथों मैं न चला जाये इस लिए उस लॉकेट 8 हिस्से क्र दिए गए जो क 8 लडकियोँ मैं चली गए जो की आपकी बीवियां होंगी..

मैं:- क्याआ 8.?

अदि:- हाँ भाई..

मैं:- लेकिन मैं 8 को किसी सम्भालों गए और घर वालों को मैं क्या बताओं गए और क्या मैं सब को खुश रख पाऊँ गए.?

अदि:- भाई आप अपनी साडी बीवियों सी एक जैसा प्यार करो गए सब एक दोस्सरी को एक्सेप्ट क्रय गई और रही बात घर वालों की तो जिनको पता होना चाचिये उनको पता ही सब कुछ...

मैं:- क्या.? लेकिन किसी पता ही.?

अदि:- जो आपकी जनम क वक़त गुरु जी सी मिल्ली थय..

Main:-Lekin कोण था.?

तनीषा:- लेकिन अगर बीवी सी लॉकेट मिल्ली गए तो मुझ सी क्यू नहीं मिला अभी तक.?

अदि:- जब तक समभंद नहीं बनाये गए लॉकेट नहीं मिल्ली गए

तनीषा:- मतलब सम्भोग क्र क लॉकेट मिल्ली गए.?

अदि:- हाँ और उसको और ज़्यादा ताकत वॉर बनाने क लिए भाई को कई करीबी लोगो सी शारारिक समभंद बनाने होंगी

मैं:- क्या.? करीबी.? लेकिन मैं यह नहीं क्र सकता..

अदि:- इस वक़त सेंकरून लोगो की आपकी ज़रूरत ही वह बी आपकी अपनी हैं यह इ विधि का विधान ही भाई आप बदल नहीं सकती आपको यह करना होगा..

मैं:- लेकिन मैं अपनी बीवियों को देखा नहीं दी सकता..

अदि:- आपकी बीवियों मैं सी कोई बी इतनी खुद गरज़ नहीं होगी जो आपकी प्यार क बदली शक क्रय गई सब को सब कुछ बता क बी करो गए तो उनकी डिल मैं राइ बराबर बी जलन नहीं hogi...kyoun दीदी.?

तनीषा:- हाँ मुझी कोई प्रॉब्लम नहीं ही आप जिस क मर्ज़ी साथ जो मर्ज़ी क्रय..

मैं:- लेकिन घर मैं किसको क्या मालूम ही.?

अदि:- सब को यह मालूम ही आपकी 8 शादियां होंगी...

Main:-Kis किस को.?

अदि:- जब आप का जनम होवा था उस क 2 महीने बाद

फ़्लैश बैक...
सैम क पैदा होनी क बाद सब ठीक जा रह क अचानक एक रत सैम सोया हुवा था क उसकी जिस्म मैं सी रौशनी निकालनी लगी जिस सी पूरी हवेली रोशन हो गई सब बोहत घबरा गए थय कोई बी आपकी पास नहीं जा रहा था लेकिन अंजलि सी आपकी हलय नहीं देखि जा रही थी वह रू रही थी और आपकी पास जन्य की ज़िद क्र रही थी

थोड़ी देर मैं सब नार्मल होगया आपकी चेहेरी का तेज और भर गया सब ठसक होती इ अंजलि न्य आपजो पाकर लिया सब बोहत हैरान थय क्यू क रौशनी खतम होनी क बाद कोई बी ापमो हाथ नहीं लगा पा रहा था लेकिन ाजिली न्य आपको गॉड मैं पाकर लिया कुछ देर मैं आपकी पापा गुरु जी को बुला क लाये उन्हों न्य आपको देखा और ध्यान मैं बेथ गए और ध्यान की हालत मौन उनकी चेरे पी कभी ख़ुशी कभी गुस्सा और कभी गंभीरता के भाव थय गुरु जी न्य ध्यान को तोरा और..

गुरु जी:- Putri(anjili) भाई को मेरी पास लय क औ..

अंजलि:- नहीं मैं अपनी बेतु को किसी को नहीं दूँ गई..

गुरु जी:- मुझी नहीं पकराओ आप खुद पाकर क बैठो बीएस..

अंजलि आपको लय क बेथ गई

दादा जी:- गुरु जी सब ठीक है न.?

गुरु जी:- जो बात मैं केहनी जा रहा हूँ उसको बारी गौर सी सुनना

माँ:- गुरु जी क्या हुवा मेरी बेटे को.?

गुरु जी:- कुछ नहीं हुवा तुम्हारा बीटा तो दुनिया फतेह क्रय गए सदियोँ मैं ऐसा वीर बालक पैदा होता ही..

माँ:- तो फिर हम इसको हाथ क्यू नहीं लगा पा रही बीएस अंजलि इ क्यू छु पा रही ही इसी.?

गुरु जी:- केवल अंजलि इ नए इस दुनिया मैं 8 ऐसी लोग हैं अभी जो बीएस इसी छु सकती हैं

पापा:- वह कोण हैं.?

गुरु जी:- इसकी पत्नियां...

सब क ऊपर यह एक बोम्ब था सब हैरान थय यह बात सुन क..

B'chachi:- लेकिन अंजलि तो इसकी बेहेन ही

गुरु जी:- बेटी यह विधि का विधान है यह रिश्ते नाट्य दुनिया का काम ही अगर किसी न्य इस बात को माननी सी इंकार किया उसका अंजाम मैं बी नए बता सकता..

माँ:- लेकिन गुरु जी अंजलि अभी खुद बी तो बची ही..

गुरु जी:- बेटी दुनिया मैं सब कुछ पेहली सी लिखा जा चूका ही

दादा जी:- लेकिन 8 बीवियां क्यू.?

गुरु जी:- वह मैं नहीं बता सकता मैं बीएस इतना बता सकता हूँ क अगर सब इस सचाई को जितनी जल्दी हॉसकय मान लो और बालक को कोई नहीं बताये गए इस क वरयीं और न hi बालिका को इनका प्यार इनका इम्तहान ही.. अगर घर को जोड़ क रखना ही तो सब को यह सचाई को क़बूल करना होगा वर्ण यह तो मिल जाये गए तुम्हारा घर बर्बाद हो जाये गए

दादा ji:-Nahi हामी मंज़ूर ही हम बिना किसी रुकावट क साथ डेम गए और मेरी बची की जान सी कीमती कुछ नहीं मेरी लिए

दादी ji:-Lekin गुरु जी बाकि कोण कोण हैं.?

गुरु ji:-Sab वक़त पी पता लग जाये गए और हाँ आज सी 2 हफ्त्य तक कोई बी Anjili.k सिवा इसको नहीं छु पाए ga...putri(maa) ज़रा मेरी बात सुनना..

माँ और पापा गुरु जी क साथ बाहिर आ गए

गुरु जी:- बेटी बात यह की बालक क शारारिक समभंद करीबियों क साथ बी होसकती हैं लेकिन 20 वर्ष तक उसको साब सी दूर रखना होगा..

Papa:-Lekin गुरु जी यह किसी.?

गुरु जी:- बीटा यह विधि का विधान ही..

माँ:- मैं अपनी बेटे क लिए कुछ बी क्र सकती hun..ap बेफिक्र रहिये गुरु जी मैं ख्याल रखों गई...

फिर 2 दिन बाद तीनो बुआ घर ी उनको बी साडी बात बताई गई उन्हों न्य आपको चोय किस कोशिश की लेकिन सब को झटका लगता था..

लेकिन एक दिन कोमल प्रिय की गॉड मैं खेल रही थी क अंजलि आपको गॉड मैं लय क आ गई वह दोनों आपस मैं बेटी करनी लगी उन्हों न्य दोनों को सोफे पी लिटा दिया सब लोग हॉल मैं बैठी थय सब नज़र जब सोफे पी गई तो कोमल और आप खेल रही थय कोमल आपको तोच क्र पा रही थी सब को लगा शायद अब सब तोच क्र सकती हैं जैसी इ आपकी माँ न्य आपको हाथ लगाया झटका लगा वह जल्दी सी पिच्य हैट गए और सब हीरानी सी आपको देख रही थय

A'bua:-Matlab कोमल बी.?

माँ:- गुरु जी न्य तो यह इ कहा था...

M'bua:- लेकिन क्या यह सही है.?

A'bua:-Mujhy कोई ऐतराज़ नहीं आज कल तो लोग बुआ बच्चों सी शादी कृत्य हैं..

माँ:- मैं बोहत खुश हूँ...

शाम को सब को यह बात बता दी साब न्य ख़ुशी ख़ुशी मान ली

जिस वक़त आपकी जिस्म सी रौशनी निकली थी उसी वक़त उस लॉकेट क 8 हिस्से हो गए थय और आपकी 8 बीवियों मैं समा गए...

फ़्लैश बैक एन्ड

मैं तो साडी बात सुन क हैरान था

अदि:- इसी लिए वह इतनी जल्दी मान गए थय

तनीषा:- मतलब अंजलि बी.?

अदि:- जी दीदी

मैं:- क्या ुको पता ही.?

अदि:- नहीं वह अपनी प्यारर को अंदर इ दफन क्र क बैठी ही उनको दर ही आप गलत न समझो और वह आपको खू न दी

तनीषा:- जान आपको अंजलि को उसका प्यार जल्दी इ देना होगा

मैं:- मुझी बचपन सी उन्हों न्य इ संभाला ही वही थी जब कोई मुझी नहीं हाथ लगा सकता था अपनी खेलनी खुदनी की उम्र मैं मुझी संभाला मैं उनको ऐसी जलनी नहीं दूंगा

तभी एक नर्स ी

नर्स:- सर उनको होश आज्ञा ही

मैं जल्दी सी अंदर गया आयेशा बीएड पी लेती थी मैं जल्दी सी उसकी पास गया

मुझी देखती इ मेरी गली लग गई

आयेशा:- मुझी चोर क कहाँ चले गए थय तुम्ही पता ही मैनी बचपन सी इ आपको अपनी सपनो मैं देखा मुझी नहीं पता था आप कोण कहाँ हैं मुझी बीएस सैन्य आती थय क आप मेरी साथ हो मैं अक्सर रातून को आपका नाम लय क उठ जाती थी मेरी सारी घर वाले दोस्त अक्सर पोछती थय कोण ही यह सैम मैं कहती थी मेरी जान ही सैम मेरी सांस ही सैम लेकिन जब आज आप घर ए तो आपको देख क मेरी आँखों पी यककेँ नहीं होवा जिस्सै बीएस सपनो मैं देखा ही आज सामन्य खरा बी लेकिन जब मुझी पता चला क आप मेरी बुआ क बेटे हो मेरी तो जान इ निकल गई उसकी बाद जब मुझु तनीषा और कोमल पता चला मैं बोहत खुश होइ क आप मुझी एक्सेप्ट करो गए..

ी लव यू सैम ी CAN'T लाइव विथाउट यू

मुझी साडी बात सुन क रोना आज्ञा मैनी आयेशा को गली लगा लिया

मैं:- मैनी बी जब आज देखा तो मुझी अजीब सी ख़ुशी महसूस होइ मेरा डिल आपकी तरफ खींचा चला गया जब आज आपको गोली लगी मुझ लगा मेरी जान निकल जाये गई..

ी लव योय तू!

मैं:- लेकिन मुझी तुम्ही कुछ बताना है

फिर मैनी उसी सब बता दिया...

आयेशा:- तनीषा दीदी क्या आप मुझी एक्सेप्ट क्रय गई.?

तनीषा:- बिलकुल मेरी बहेनो की तरह हो तुम और सैम सी जोरि हर चीज़ मुझी क़बूल ही

मैं:- तुम आराम करो थोड़ी देर मैं घर चले गए

मैं तनीषा और आयेशा को लय क घर की तरफ निकल गया....

तो बे कंटिन्यू

नोट:- भाई लिखे ज़रूर किया करो और अपना रिव्यु देना मत भूलना
 
बोहत शुक्रिया भाई इतनी ाच्य रिव्यु का लेकिन मैं एक बात बता दूँ मैनी एक्शन कॉपी नहीं किया लेकिन इनसपिरे था स्टोरी क हिसाब सी यह सूटेबल था इस एक्शन का कनेक्शन ागि की स्टोरी क साथ जोड़ा ही .. भाई यह कोई आखरी एक्शन नहीं था यज्ञ बोहत एक्शन रिएक्शन मिल्ली गए सब कुछ होगा बीएस वेट और साथ बनी रहो

कीप सपोर्टिंग

कीप रीडिंग
 
दोस्तों मैं एक चीज़ आपको बताना चाहता हूँ क स्टोरी लिखनी मैं टाइम लगता ही सोचनी मैं कभी कभी गलती बी हो जाती ही लेकिन रही बात आज क अपडेट की एक्शन की कॉपी होनी की लेकिन यह मुझी सूटेबल लगा तो मान्य उसे किया अगर किसी को पसंद नहीं अत तो भाई सॉरी..

लेकिन भाई स्टोरी क पॉइंट्स को मत मिस किया करो देखो भाई करीबी लोगो सी सम्बन्ध की बात बीएस माँ और पापा को पता ही ीन्हो न्य किसी को बताया बी नहीं तो सब किसी नीची खुद बा खुद आ जय गए.?

और डिटेलिंग की बात भाई अभी स्टोरी को ट्रैक पी ला रहा हूँ जिस क बाद डिटेलिंग शुरू होगी

और फ़ास्ट राइटिंग की बात ही तो भाई एक एक दिन को 2 उपदटेस मैं लिखना फ़ास्ट ही.?

भाई सब को अलग अलग चीज़ें पसंद हैं अब सब को साथ लय क चलना ही

और आयेशा को खून देंय क बाद मैनी कहीं बी उसको पावर मिलनी का मेंशन नहीं किया उसकी जान बची ही और वह अभी बी बिलकुल फिट मेंशन नहीं होइ मैं फिर सी कह रहा हूँ पॉइंट्स मिस मत किया करो bs..Agar किसी को बुरा लगा तो सॉरी..

कीप लोविंग
 
अपडेट NO.17


मैं आयेशा को गॉड मैं उठा क गारी की तरफ लय गया..

आयेशा:- अगर साडी ज़िन्दगी ऐसी इ लय क चलना पारी तो.?

मैं:- उठाओं गए अब साथ निभानी का वडा किया ही तो निभाए गए भी..

आयेशा:- लेकिन घर वालो को क्या बोलो गए.?

मैं:- उसकी टेंशन न लो बीएस रेस्ट करो...

हम गारी मैं बेथ गए और मैं गारी चलनी लगा रस्त्य मैं..

मैं:- जान..

Tanisha&Ayesha:- जी.?

मैं:- अरे तनीषा सी बात क्र रहा था

तनीषा:- अब 2 हैं तो नाम लो न..

मैं:- हम्म.. तो एक बात मेरी समझ मैं नहीं ी.?

तनीषा:- क्या.?

मैं:- ये क अगर उस हादसी मैं सिर्फ तुम्हारी पापा की इ मौत होइ थी तो तुम लोग यहाँ क्यू नहीं ए.?

तनीषा:- मेरी माँ न्य कभी बताया इ नहीं था उनकी कोई फॅमिली hy..Lekin अक्सर माँ और पापा दरी होये सी रेहटी थय.. पता नए क्यू मेरी हर बार पोचनय पर बी कुछ नहीं बताया..

मैं:- स्ट्रेंज!.. खैर यह सब बाद मैं देखी गए शाम क लिए त्यारियां हो गई.?

आयेशा:- शाम को क्या ही.?

[P.S:- Mainy Ayesha ko company k bary main nahi btaya tha]

मैं:- वह शाम को हामी एक फंक्शन क लिए जाना था तो उसकी तयारी का पॉच रहा था..

आयेशा:- शाम को तो मुझी बी जाना ही..

मैं:- तुम कहीं नहीं जाओ गई बीएस आराम करो गई हाँ हमारी साथ जाना ही तो ठीक ही अकेले नहीं..

आयेशा:- ाचा बाबा अभी सी हुकम चलनी लगी हो..

मैं:- इतनी बात तो माननी पारी गई..

आयेशा:- हर बात मनो गई बीएस हुकम करो..

मैं:- हम्म्म तयारी क्या हुवा.?

तनीषा:- आल दोने जणू don't टेक टेंशन...

फिर हम घर पोहंच गए थय. सब हॉल मैं बैठी थय मैं आयेशा को लय क अंदर गया..

सब आयेशा क हाथ मैं पति देख क घबरा गए

नाना जी:- क्या हुवा बेटी यह चोट किसी लगी.?

B'mami:- तुझी कितनी दफा बोलै ही ऐसी काम मत किया क्र

मैं:- अरे उसको बेथनी तो दो..

फिर मैं आयेशा को सोफे पी बिठा दिया.. फिर सब न्य सवाल जवाब शुरू क्र दिए....

आयेशा न्य एक मन घृत कहानी सुना दी फिर सब शांत हो गए..

मैं:- अब ब्रेकफास्ट मिल्ली गए.?

माँ:- हाँ तुम फ्रेश हो जाओ हम लय क आती हैं..

मैं:- भैया अपनी ककी कापरी दो न...

ललन:- हाँ छोटे क्यू नहीं.. सुनो ज़रा सैम को मेरी कोई कापरी देना

भाभी:- जी.. चलो कमरे मैं देती हूँ...

मैं भाभी क साथ अंदर चला गया

भाभी:- तो देवर जी क्या पहनी गए.?

मैं:- कोई बी जो फिट अजय..

भाभी:- Ummmm..han वह सही रही गए..

भाभी न्य एक पंत शर्ट निकल दी और मैं फ्रेश होनी चला गया जब बाहिर आया तो मैनी बीएस पंत पहनी होइ थी और टॉवल सी सर पॉच रहा था मुझी नहीं पता था भाभी कमरे में इ हैं

मैनी देखा तो वह मुझी घूर घूर क देख रही हैं..

मैं;- क्या हुवा भाभी ऐसी क्या देख रही हैं.?

वह हड़बड़ा गई...

भाभी:- K..k..kuch नहीं वैसी बॉडी अछि बनाई ही तुमनी

मुझी एहसास होवा क वह मुझी ऐसी क्यू देख रही हैं मैनी जल्दी सी शिर पहन ली

Bahbhi(haste होय):- अरे लड़की थोड़ी हो जो ऐसी छपा रही हो

मैं:- नहीं वह मैं बीएस ऐसी इ चले.?

भाभी:- हाँ.?

मैं:- णिच... नीची चले.?

भाभी:- घबरा क्यू रही हो जैसी मैं लड़का और तुम लड़की हो.?

मैं:- नहीं ऐसी बात नहीं ही लो बेथ गया

बहभी फिर हसने लगी.. मेरा पोपट होगया

भाभी:- चलो मेरी प्यारे और भोले देवर जी... वैसी मैं तुम्हारा शुक्रिया ऐडा करना चाहती हूँ

मैं:- वह क्यू मेरा पोपट करनी क लिए.?

भाभी:- अरे नहीं वह तुम उनको घर लय ए न इस लिए..

मैं:- अरे किसी बाटे क्र रही हैं वह मेरी भैया हैं मैं किसी न लता उनको घर...

भाभी:- तुम इतनी ाच्य हो क नाटक कृत्य हो.?

मैं:- नाटक ताकि आपकी जैसी ख़ूबसूरत लड़की को फसा sakon(haha)

भाभी:- चलो नीची बारी ए फ़सानी वाली

Bhabhi(man में):- फसा तो तुम चुकी हो मेरी प्यारे देवर

मेरा फिर सी पोपट होगया हम दोनों नीची आ गए.. और डाइनिंग टेबल पी बेथ गए

मैं:- तो गर्लफ्रेंड किसी हो.?

दादी:- अछि हों मेरी बॉयफ्रेंड लेकिन यह अपनी बीवी सी पॉच

मैं:- नहीं सब सी पेहली मेरी गिर्ल्फ्रेंड..

Avni(komal सी):- बहभी देख रही हैं ना इसको..

परिया:- अब यह तेरी भाभी कब बानी.?

अवनि:- अब हमारी भैया की होनी वाली बीवी हमारी भाभी होइ न

परिया:- ओह्ह तो हो चुकी भाभी सी बी तो कहो न..

अवनि:- हाँ तनीषा भाभी इसको न सुधा क रखना

पायल:- हाँ एक दम सीधा क्र क..

अलीना:- भैया की वाट लगा देना भाभी..

मैं:- तुम सब चुप होनी का क्या लो गई.?

अवनि:- हम क्यू भाभी लय गई न..

Sab:-hehehe

मैं सोचनी लगा साला आज का दिन इ खराब ही सुबह सी पोपट पी पोपट हो रहा ही..

M'bua:- तो हमारी बहु को हनीमून पी कहाँ लय क जा रहा ही.?

अवनि:- अरे वह यह तो टुन्नाय बताया इ नहीं.?

मैं:- ए छिपकली तो चुप कर वर्ण दन्त तोर दूँ गए टेरीय

अवनि:- अरे मेरा बंदर गुस्सा होगया भाभियों....

Sab:-hehe

फिर ऐसी इ मस्ती कृत्य होवंय नाश्ता किया और सब हॉल मैं आ गए..

दादा जी:- ाचा भाई हम चलते. हैं और शाम को त्यार रहना एक साथ चले गए..

नाना जी:- लेकिन यार एक साथ इतनी लोग किसी जाये गए..

मैं:- आप उसकी टेंशन मत लो तनीषा न्य सब देख लिया ही..

नानी जी:- हमारी बेटी कुछ दिन हमारी साथ रही गई

दादा जी:- आपकी बेटी ही जितनी दिन चाही रख लो

नाना जी:- बेटी मीनाक्षी तुम बी रुक जाओ न यहाँ सी इ चली जाना..

माँ:- ठीक ही पापा..

मैं:- O.K शाम को मिलती हैं Bye नाना जी..

हम गरियोँ मैं वापिस हवेली आ गई...

सब अपनी अपनी कमरों की तरफ चले गए मैं अपनी जान क पास चला गया क्यू क सुबह उसको उठा बी नहीं सका..

मैं कमरे मैं गया वह बीएड पी लेती होइ थी मैं उसकी ऊपर जम्प क्र क लेट गया...

कोमल:- अब याद ी मेरी आज उठानी बी नहीं ए...

मैं:- सोरढ़ मेरी जान मैं बताता हूँ क्या हुवा...

फिर मैनी साडी घटना विस्तार में बता दी...

कोमल:- क्या आपको कुछ होजाता तो.? मैं किसी जीती मैं मर...

वह कुछ बोलती उस सी पेहली इ मैनी अपना हाथ उसकी मुँह पी रख दिया..

मैं:- नहीं ऐसा कभी मत बोलना भली इ मेरी कितनी बी बीवियां हों लेकिन मुझी सब सी पैरी आप हो आपको देखती इ मेरी सांसें चलनी लगती ही ऐसा एहसास होता ही आप साथ न हो तो भीड़ मैं बी अकेला महसूस करता हूँ मुझी प्यारर का ज़्यादा पता तो नहीं पर

अपनी सांसें बी कर डॉन तेरी सांसों में मुन्तक़िल

इस से जैड़ा तुजे और किस तरह छहों

कोमल मेरी गली लग गई ऐसा लग रहा था मेरी सांसें बी बंद हो जाइये तो गम नहीं मुझी ऐसा लग रहा था मेरी मज़िल मेरी पहचान मुझी मिल गई ही मेरा मक़सद पूरा होगया ही..

कोमल:- आइंदा कभी नहीं बोलो गई ऐसा..

मैं:- ी लव यू मोरे थें एव्री थिंग

कोमल:- ी लव यू तू!

मैं:- कोमल एक और बात बतानी ही..

फिर मैनी गुरु जी वाली बात बता दी..

कोमल:- तभी M'bua हमेशा मुझी टांग करती रहती थी और तभी घर वाले इतनी आसानी सी मान गए.. लेकिन अंजलि दीदी को तो याद इ नए होगा वह साब.?

मैं:- हाँ उनको मुझी इ बताना ही वह कभी नहीं बोल पाए गई आपको कोई एतराज़ तो नहीं.?

कोमल:- मुझी क्यू एतराज़ होगा आपकी हर हर चीज़ मेरी सर आँखों पर..

मैं:- यू अरे माय स्वीट हार्ट

मैनी कोमल हो अपनी गॉड मैं बिठा लिया और गाल पी हिलती हिलती किश करनी लगा..

कोमल:- एक बात पॉचों.?

मैं:- आपको इजाज़त की कोई ज़रूरत नहीं बिना झिझक पोछिए..

कोमल:- आप मुझी "आप" कह क क्यू बुलाती हैं तनीषा दीदी को तो "तुम" केहत्य हैं.?

मैं:- मुझी खुद नहीं पता मैं छह क बी बही बुल्ला सकता केरी डिल में हमेशा आप इ अत ही जब बी आपसी बात करता हूँ..

कोमल:- उम्म्मेह

कोमल:- और अपनी कहा था डेरी लिखता था मैं अमेरिका में क्या मैं पर सकती हूँ.?

मैं:- हाँ क्यू नहीं बीएस ुसमय तुम्हारी बारी मैं इ लिखा ही बीएस..

कोमल:- अगर आप नहीं चाहते तो मैं नहीं पारो गई..

मैं:- बिलकुल नहीं आप पढ़ो मेरी हर चीज़ और मुझ पी मुझसी ज़्यादा आपका हक़ ही..

मैं भग्ग क कमरे में गया और डेरी लय क आया और कोमल को दी..

मैं:- ली जिए माय स्वीट हार्ट

कोमल:- ी लव यू माय स्वीट हस्बैंड..

मैं:- अरे वह कब बना.?

कोमल:- जब सी पैदा होवीय..

मैं:- योर अरे माय स्वीट वाइफ.. तुम पढ़ो मैं अत हूँ

मैं बाहिर आज्ञा और फ़ोन निकल क तनीषा को कॉल किया.. 2 रिंग मैं इ फ़ोन उठा लिया उसनी

मैं:- मिस यू माय स्वीट हार्ट

वर्षा:- आपकी स्वीटहार्ट अभी आ रही है बुलाया ही उसको मैनी

मैं:- Ar...Aree दीदी मैं बीएस वैसी इ

वर्षा:- हाँ सब समझ गई मैं.. लो आ गई आपकी स्वीट हार्ट

तनीषा:- Hello जी बोलिये..

मैं:- अरे कुछ नहीं सुबह सी बीएस पोपट होवय जा रहा ही... ओह्ह्ह्ह मुझी पता चल गया ऐसा क्यू हो रहा ही.?

तनीषा:- क्यू हो रहा ही.?

मैं:- आज सुबह सुबह किश नहीं न मिली थी तो बदलूक चल रहा ही चलो मेरा गुड लक वापिस दो..

तनीषा:- अरे सब करीब इ हैं और आपकी बहने तो कोई मूका नहीं चोरटी चेर्नी का...

मैं:- मुझी कुछ नहीं सुनना मेरा गुड लक मुझी चाहिए मतलब चाहिए...

तनीषा:- अच्छा baba....umahhhhhhhhhhhh

मैं:- अब अछि फीलिंग आ रही रही ही ी लव यू

तनीषा:- ी लव यू तू!

मैं:- Bye ख्याल रखना अपना..

तनीषा:- Bye...

मैं त्यार हो क नीची आया जो कोई बी नहीं था मैनी R'bua सी पोछा..

मैं:- बुआ सब कहाँ हैं.?

R'bua:- वह अंजलि पायल प्रिय मॉल गई हैं और बची पापा क साथ खेतों मैं गए हैं

मैं:- हम्म ठीक ही...

मैनी M'bua क कमरे मैं गया वह बेथ क कोई बुक पर रही थीं..

मैं:- क्या पर रही हो जानेमन

M'bua:- अरे वह आपको याद हैं हम हमे लगा आप भूल गए..

मैं:- नहीं बुआ सब ाक्य सामन्य इ था ऐसी क्यू कह रही हैं.?

M'bua:- किश में!

मैं:- हैं.?

M'bua:- किश में नाउ! और बुआ न्य अपनी होंठ मेरी होंठो पी रख दिए पेहली मैं शॉक होगया बाद मैं मैं बी साथ देंय लगा बुआ बोहत वाइल्ड किश क्र रही थी शयद पहली बार किसी को किश किया होगा... 10 मं की किश क बाद हम अलग होये.. बुआ मेरी सिन्नाय लग गई..

M'bua:- तुम्हे पता ही मैं दर गई थी क तुम मुझ सी नाराज़ हो गए हो..

मैं:- बुआ मैं भला आपसी नाराज़ क्यू जॉन गए.?

M'bua:- पहली बात मुझी बुआ नहीं अकेले मैं मीरा बोलो gy..or दोस्सरी बात मुझी लगा तुम मेरी वजह सी नर्ज़ हो गए..

मैं:- मीरा मई...

बुआ बिच मैं इ बोल पारी

M'bua:- क्या कहा एक बार फिर सी कहो न मुझी एक अजीब सा नशा हो रहा ही तुम्हारी मुँह सी अपना नाम सुन क

Main:-Meera डार्लिंग मैं कह रहा था क मैं आपको नहीं भूल सकता..

मैं बुआ को गली लगाए रखा और फिर बोलै..

Main:-Wesy आप हनीमून पी गई थी शादी क बाद.?

M'bua:- उस नपुंसक क साथ क्या करती जा क हाँ अगर तो लय क चले गए तो मैं चलो गई

मैं:- कोई ड्रीम कहीं जन्य का.?

M'bua:- मेरा हमेशा सी स्विज़रलैंड जाना चाहती थी लेकिन..

मैं:- हमारा हनीमून स्विज़रलैंड मैं इ होगा

M'bua:- लेकिन हम दोनों किसी जाये गए.?

मैं:- वह सोचना पारी गए..

M'bua:-Ek काम कार्य गए मैं तो और वह नपुंसक चले गए और किसी लो शाक बी नहीं होगा और मैं माँ बी बन जाओं गई तो लोगो को शाक नहीं होगा..

मैं:- लेकिन अगर वह साथ मैं होगा तो.?

M'bua:- उसको मैनी सब बता दिया ही तेरी बारी में वह खुश ही मैनी बी किसी को ढून्ढ लिया...

मैं:- बरिया ही तो नेक्स्ट मंथ चले गए..

M'bua:-Ok मेरी बच्चों क होनी वाली पापा...

मैं उनको किश क्र क फ्रेश होनी चला गया और... थोड़ी देर मैं उस मॉल क लिए निकल गया जिस में दीदी की बोटिके थी मॉल बी मेरा इ था मैं पार्किंग मैं गारी लगा क अंदर चला गया मैं दीदी की शॉप धून रहा था क मुझी एक जगह लोग ीखती होवय थय..

मैं उसी तरफ चला गया सामन्य का सन देख क बोहत गुस्सा आ रह था...

सामन्य कोई लड़की दीदी सी बाद तमीज़ी क्र रही थी

लड़की:- तुम होती कोण मुझी केहनी वाली 2 कोड़ी की दुकान चला क खुद को इस मॉल की मालकिन इ समझ रही हो..

"वह मालिकिन इ हैं इस मॉल की" सब उस आवाज़ की तरफ देल्हनी लगी

अंजलि:- बेतु तू यहाँ.?

लड़की:- ए मर हु अरे यू.?

मैं:- मैडम अपनी ज़ुबान को लगाम दो वर्ण मैं लगाम लगानी पी आया तो मुँह टूट जाये गए आपका...

लड़की:- तुम होती कोण ो बोलनी वाली मेरी डैड इस शहर क होम मिनिस्टर हैं..

मैं:- ओह्ह तो ुसपय फुदक रही हो.?

पायल:- भाई तो बिच मैं मत पर

लड़की:- हाँ सम्भालो isko..or तो क्या ोकत क्या ही तेरी जो मुझी बोल रही ही.?

मैं:- ए लड़की उनको कुछ मत bol...warna...

लड़की:- वर्ण क्या.?

मैनी अपना फ़ोन निकला और एक कॉल किया

मैं:- नमस्ते सर किसी हैं.?

*****

मैं:- वह क्या ही न क आपकी सीट खतरे मैं ही....

******

मैं:- अपनी बेटी सी पोछिए गए..

मैनी फ़ोन कट क्र दिया

लड़की:- ः यह नकली फ़ोन क्र क मुझी धमकाए गए

अंजलि:- प्लीज मम माफ़.....

मैं बिच मैं इ बोल प्र

मैं:- बिलकुल नाहीई इसको औकात दिखता हूँ मैं अभी..

फिर उस लड़की का फ़ोन बजनी लगा

लड़की:- Hello जी पापा.,

******

लड़की:- नहीं वह पापा मैं....

******

और फ़ोन कट होगया..

मैं:- क्यू आगे औकात समझ में.?

लड़की:- मुझी माफ़ क्र दी प्लीज सॉरी मम सॉरी सर

वह लड़की वहां सी भाग गई

अंजलि:- बेतु यह सब क्या था.,?

Payal:-Jo लड़की इतनी बॉकवास क्र रही थी ऐसी क्यू चली गई

परिया:- हाँ बोल सैम.?

मैं:- अरे वह चोरो मेरी दीदी को कोई कुछ बोली मैं उसको जान सी मार दूँ गए बीएस कोई मुझ सी इस बारी मैं नहीं पोची गए...

अंजलि:- चलो कोई नहीं पोची गए आ अंदर आ

मैं:- नहीं आप मेरी साथ चलिए...

अंजलि:- कहाँ??

मैं:- किडनैप क्र क लय जा रहा हूँ दुनिया सी दूर

Anjili(dhere सी):- मैं बी तो यह इ छाती हूँ.?

मैं:- कुछ कहा.?

अंजलि:- नहीं..

मैं:- पायल दीदी एंड प्रिय दीदी आप प्लीज शॉप क्लोज क्र जल्दी सी घर आ जाना

दोनों:- Ok

मैनी दीदी को लय क गारी क पास आज्ञा

.

अंजलि:- कहाँ जाना ही.?

मैं:- आपकी ड्रीम लैंड में...

अंजलि:- मतलब.?

Main:-Bs चलिए आप

फिर हम गारी मैं बेथ निकल गए हम कुछ देर की ड्राइव क बाद एक जगह पोहंच गए सामन्य का नज़ारा देख दीदी की ांकें खुली की खुली रह गई

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दीदी जल्दी सी बाहिर निकली और जगह को देखनी लगी और बोहत खुश हो गई और मेरी गली लग गई

अंजिल:- थैंक ु थैंक ु तुझी यकीन नहीं होगा पर यह जगह मैं रोज़ सैन्य मैं देखती हूँ और यहाँ तो मुझी...

वह बोलती होइ रुक गई मैं उनका हाथ पाकर क एक जगह पी चला गया यह एक पत्र था..

मैं उनको खरा क्र क उनकी सामन्य घुटनो क बाल बेथ गया वह बीएस मुझी इ घूरय जा रही थी मैं बोलना शुरू किया

मैं:- थैंक ु फॉर ेवीथिंग थैंक ु मुझी उस वक़त संभालनी क लिए जब मुझी कोई नहीं संभल सकता थैंक ु अपनी इतनी साल करवाचौथ क वरत रखी बीएस मेरी लिए थैंक ु इतना प्यार देंय क लिए अब मेरी बरी ही आपको प्यार करनी की हाँ आपकी जितना प्यार नहीं क्र पाऊँ आपकी प्यार को ह्यां करनी क लिए मेरी पास लफ्ज़ नहीं हैं मेरी बरी है आपकी प्यार का छोटा सा हिस्सा लोटा सकोंन अंजलि ठाकुर विल यू मर्री में.?

मैनी एक रिंग यज्ञ क्र दी दीदी की आँखों मैं ाँसों गए सैलाब उमण्ड आया उन्हों न्य अपना हाथ यज्ञ क्र दिया मैनी रिंग पहना दी दीदी न्य जल्दी सी मुझु गली लगा लिया और ज़ोर ज़ोर सी बोलनी लगी...

अंजलि:- ी लव यू सैम मोरे थें एव्री थिंग ी लव यू ी लव यू

मैनी थोड़ी देर उनको रोनी दिया थोड़ी शांत होइ तो

मैं:- अब कभी आपकी इन आंखों मैं ाँसों नहीं अन्य चाहिए..

अंजलि:- लेकिन कोमल का क्या तनीषा और घर वाले.?

मैं:- आपकी प्यार क सामन्य यह चीज़ें तो यह क़ुदरत बी हर गई..

फिर मैनी दीदी को सब कुछ बता दिया सिवाए कंपनी क वह मैं सब को एक साथ बताना चाहता था...

अंजलि:- मतलब सब को पता था सब न्य मुझी सी यह बात छुपाई

मैं:- क्यू क यह इ आपकी प्यार का इम्तेहान था..

अंजलि:- पता ही बचपन सी जब आप गए थय मैं बोहत रोइ थी रोटी रोटी सू गई और सैन्य मैं मुझी यह जगह दिखी और मेरी साथ आप बी थय जैसी जैसी बरी होती गई वैसी दृश्य की मैं और आप बी बारी होती गए मैं हर उम्र मैं आपको देखा ही और जब मस्सी न्य फोटो दिखाई मेरी ख़ुशी का कोई ठिकाना इ नए था लेकिन मेरी हिम्मत नहीं होइ केहनी की मुझी यह मेरा वेहम लगा और जब आपकी तनीषा और कोमल की बात का पता चला मैं बोहत रोइ थी.. लेकिन आज मैं बोहत खुश हूँ दुनिया की साडी खुशियां मिल गई अब मौत बी ाजै तो क़बूल ही..

मैं:- ऐसी अशुभ बेटी नहीं krty...Aur कुछ जो आपको चाहिए.?

अंजलि:- नहीं आप मिल गए दुनिया मिल गई...

मैं उनकी आंखों मैं देखनी लगा उनकी आंखों मैं लाज प्यार क मिल्ली जुलाई भाव थय उनकी होंठ कपकपा रही थय जैसी बोल रही हूँ क कितना तरपओ गए कब सी तुम्हारी रह देख रही हैं आज इनका रस निचोड़ लो..

मैं अपनी होंठ उनकी होंठ पी रख दिए उन्हों न्य अपनी आँखें बंद क्र ली जैसी वह इस लमही जो मह्सूस क्र रही हूँ मेरी बी ांकें बंद हो गई मैं कभी ऊपर वाली होंठ को चूसता कभी नीची वाली को अमृत बी फीका था उनकी सामन्य मुझी ऐसा लग रहा था शहद को मोहः लगा लिया हो तभी मैनी अपनी जुबां दीदी क होंठ पी लगा दी वह बी समझ गई और अपना मुँह खुल दिया मैं अपनी जुबां उनकी मुँह मैं दाल दी वह उसी चुस्संय लगी और फिर उन्हों न्य अपनी ज़ुबा मेरी मुँह मैं दाल दी मैं बी चूसनी लगा

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करीब 10 मं बाद हमरी सांसें ुखरंय लगी मैं किश तोर दिया उन्हों न्य मेरे साइन मैं सर छुपा किया और सांसें लेनी लगी मैं उनकी सर को सेहला रहा था

Main:-Ab चले.? दी....

अंजलि:- अंजलि बोली गए आज सी आप मुझी...

मैं:- ठीक ही अंजलि मेरी जान चले.?

अंजलि:- जी....

हम गारी में बेथ गई वह मेरी कंधी पी सर रख बेथ गई हम थोड़ी देर में घर पोहंच गई अंजलि अंदर चली गई मैं गारी पार्क करनी लगा

अंजलि अंदर जा क सीधा अपनी माँ क कमरे मैं गई

अंजलि:- माँ अपनी मुझ सी यह बात क्यू छपाई.?

B'chachi:-Kya हुवा बेटी कोनसी बात.?

अंजलि:- क मैं सैम की पत्नी हों.?

B'chachi:- बेटी वह गुरु जी न्य मन किया था तुझी किसनी बताया.? देख बेटी अगर तो यह नहीं चाहती हम कुछ हल निकल लय गए गुरु जी सी बात क्र क

अंजलि:- नहीं मैं तो बोहत खुश हों आज मेरा सपना पूरा होगया पता ही जो मैनी आपको बतया था....

B'chachi:-Kyaaa! मतलब सैम को सब पता चल गया.?

अंजलि:- हाँ माँ

B'chachi:-To खुश तो है न मेरी बची.?

अंजलि:- हाँ माँ मैं बोहत खुश हूँ

इधर मैं गारी पार्क क्र क किचन मैं गया तो वहां c'chachi थीं

मैं:- अरे अपनी किचन संभालनी का ठीक लिया ही क्या सारा दिन इन नाज़ुक हाथों सी काम करती रहती हो...

C'chachi:-Aj बरी फ़िक्र हो रही ही अपनी चची की इन नाज़ुक हाथों सी मर्डर बी पर सकती ही वह जोरर सी

मैं:- अरे इन हाथों सी तो है है क मर कहए गए जी हम तो

C'chachi:- थेर तुझी बताती हूँ

मैं भाग क कमरे मैं चला गया और बीएड पी लेट गया और सू गया क्यू क रत को सही सी सू नहीं पाया

मेरी आंख कुछ गिल्ला मह्सूस होनी सी खुली मैं आंखें खोली तो सामन्य अंजलि थी मैनी उनको पाकर क साथ लिटा लिया..

अंजलि:- कोई आ जाये गए प्लीज क्रिये न

मैं:- न नींद मैं तो किश दी रही थी अब क्या हुवा.?

अंजलि:- मैं आपको जगह रही थी आप जग इ नहीं रही थय

मैं:- अब एक किश लय क इ चोरो गए

अंजलि न्य मेरी होंठों पी किश किया छोटा सा और उठ गई

मैं:- यह चीटिंग ही

अंजलि:- जी नहीं हम लेट हो रही हैं हामी निकलना बी ही जल्दी आय नाहा लो मैं आपकी कपड़े निकलती हूँ

मैं एंजिलो क गल्ल पी किश क्र क नहाने चल गया और बाहिर आ क कपड़े पहन क बाहिर चला गया मैं नीची आय अब सब मुझी देखनी लगी

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अवनि:- वह बंदर आज तो ब्रा हैंडसम लग रहा ही

मैं:- तो बी छिपकली

फिर मेरु सामन्य दो परियां प्रकट होइ मतलब कोमल और अंजलि त्यार होकय नीची ी

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मैं तो दोनों को देखता इ रह गया

M'bua:-Mooh तो बंद क्र लो अंकल...

Avni:-Kya कच्चा इ खाये गए क्या बंदर.?

मैं:- चुप क्र छिपकली

वह दोनों बी शर्मा गई..

M'bua:-Are वह जिस क लिए त्यार hi हो उसी सी शर्मा रही हो..

A'bua:- मीरा क्यू टांग क्र रही है..

दादा ji:-Chalo

हम सब बस की तरफ चले गए सब बस को देख क बोहत खुश थय

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दादा ji:-Are वह यह तो बोहत अछि ही..

शिखा:- भैया यह किसकी ही.?

मैं:- मेरी गुड़िया की..

शिखा:- सच भैया.?

मैं:- बिलकुल जब चाही इस्तमाल करना...

शिखा:- थैंक ु भैया

मैं:- लव यू माय gudiyaaa(umahhh)

हम बस को नाना जी हवेली की तरफ लय गए वहां जा क दो और परिया बीजीलो गिरा रही थी

आयेशा:-

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तनीषा:-

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मैं ुको देखता इ रह गया यहाँ मैं नाना जी आवाज़ सी होश मैं आया

नाना जी:- चलो सब

मैं आयेशा क पास गया और उसको गॉड मैं उठाया और बुसस की तरफ लय गया

आयेशा:- आज तो लड़कियां पागल होनी वाली हैं..

मैं:- और आज मैं पागल हो जाओं गए इतना हुसैन एक साथ देख लिया

मैं आयेशा को अंडे बिठा क वापिस बाहिर आया तनीषा गेट को लॉक क्र रही थी मैं उसकी पास गया

मैं:- मुझी न यह किसी दिन मरवा दी गए

तनीषा:- कोण.?

Main:-Yeh डिंपल

मैनी उसकी डिंपल पी किश क्र दिया

तनीषा:- कोई देख लय गए

मैं:- मेरी कोई गलती नहीं ही उसनी मुझी मजबूर किया सब का ध्यान क्र क इ छोटी सी किश की ही

तनीषा:- आप बी न चलिए

मैं:- सब ko.jany दो hum.ander चलते हैं न

तनीषा:- आज िरदय ठीक नहीं लग रही जंब क

मैं:- बिलकुल बी नहीं आज िरदय नीक नहीं हैं मेरी..

तनीषा:- सब किस को दकनी का रही हैं.?

मैं:- S♡k क मालिक को को यानि मुझी

Tanisha:-Agr आप इ यहीं रही गए तो वह किसको देखी गए.? तो chaliye..jnb

मैं:- क्या यर ी लव यू

तनीषा:- ी लव यू तू! अब चलो सब देख रही हैं...

हम बस मैं आ गए

अवनि:- हनीमून की दिससकतिओन क्र रही थय

पायल:- नहीं बचो की

परिया:- नहीं यहीं रुकनी की

हम अपनी मंज़िल की रह पर चल पारी जो न जन्य क्या मोर लानी वाली थी

तो बे कंटिन्यू

नोट:- भाई अगर पसंद ए तो लिखे करना और रिव्यु देना न भुलय्य

कीप लोविंग
 
अपडेट NO.18

हम सब लोग बस मैं बेथ क निकल गए पापा को बी फ़ोन क्र क बता दिया वह सीधा फंक्शन मैं इ पोहनचंय वाली थय सब आपस मैं बेटी क्र रही थय मैं चुप चाप कानो मैं हैडफ़ोन लगा क गण्य सुन रहा था और अपनी ज़िन्दगी क बार मैं सोच रहा था

मैनी खुद सी वडा किया क मैं अपनी साडी बीवियों को एक जैसा प्यार करों गए लेकिन मेरी डिल में एक और बात थी क अगर कहीं मुझसी कोई भूल होगी और अगर मैं सब को खुश न रख सका तो एक साथ 8 ज़िंदगियाँ खराब हो जाये गई मुझी खुद सी इ दर लगनी लगा

मैं इन सोचो मैं इ गम था क मेरी कान मैं सी हैंडफ्री निकल गई यह A'bua थी

A'bua:- क्या हुवा ब्रा चुप ही ऐसी क्यू बैठा ही.?

मैं:- कुछ नए सब आपस मैं बातें करनी लगी होय थय तो मैं यहाँ बेथ गया..

A'bua:- जब सी आया ही हम सी तो खुल क बात इ नए की टुन्नाय..

मैं:- अरे ऐसी बात नहीं ही आपको पता ही इन चाँद दिनों मैं कब टाइम मिला ए बैठिये..

बुआ मेरी साथ बेथ गई..

A'bua:- तो बता क्यू ऐसी बैठा ही.?

मैं:- कहा न वैसी इ..

A'bua:- अब बताता ही क नए.?

मैं:- बुआ वह बात दरअसल यह ही की...

A'bua:- क्या बात ही खुल क बोल...

मैं:- वह आपको तो पता इ होगा क गुरु जी न्य क्या कहा था.?

A'bua:- हाँ तुझी बी पता चल गया चल ाचा हुवा..

मैं:- हाँ उसी क बारी मैं सोच रहा था..

A'bua:- उसकी बारी मैं क्या सोच रहा था अगर तो घर वालों की वजह सी परेशान ही तो उसकी फ़िक्र मत क्र हामी कोई प्रॉब्लम नहीं ही..

मैं:- बात वह नहीं ही..

A'bua:- तो क्या बात ही.?

मैं:- क्या मैं उनको खुश रखनी क काबिल हूँ.?

A'bua:- बीटा एक माँ की हमेशा खुवाहिश होती ही उसकी बेटी को कोई प्यार करनी वाला मिल्ली और मुझी पता ही तो कोमल सी कितना प्यार करता ही और बाकियोँ सी बी क्रय गए...

मैं:- बुआ सिर्फ प्यार इ नहीं और बी बोहत चीज़ें होती हैं..

A'bua:- जैसी.?

मैं:- फिजिकल नीड्स..

A'bua:- तो अमेरिका में रहता था न.?

मैं:- उस सी इसका क्या कनेक्शन.?

A'bua:- नहीं वहां यह सब आम बात ही..

मैं:- लेकिन मैं कभी उस तरफ गया इ नहीं अगर मुझी कुछ पता इ नहीं होगा तो मैं किसी.?? यू क्नोव न व्हाट i'm ट्राइंग तो से..?

बुआ कुछ देर चुप रही फिर बोली

A'bua:- मतलब तुझी ट्रेनिंग चाहिए.?

मैं:- मई बे..

A'bua:- एक काम होसकता ही..

मैं:- क्या.?

A'bua:- मैं तुझी सब सिखों गई..

मैं:- क्या.. लेकिन आप मेरी बुआ हो..

A'bua:- मैं बीएस अस ा टीचर सिखों गई बेसिक चीज़ें बताओं गई बाकि तुझी खुद पता चल जाये गए..

मैं:- अगर कुछ गलत होगया तो.?

A'bua:- कुछ नहीं होगा..

मैं:- ठीक ही..

A'bua:- तो आज रात मेरी कमरे मैं अजना..

मैं:- O.K

फिर इधर उधर की बातें करनी लगी और तब तक हम पोहंच गए थय अपनी मंज़िल तक यह एक ख़ूबसूरत सा गार्डन डेकोरेट होवा था हम सब अंदर गए सब को एक विप जगह पी बैठाया..

तनीषा:- किसी बी चीज़ की ज़रूरत हो मुझी बता देना..

अवनि:- हंसय नहीं अपनी पति देव सी पोछिए..

मैं:- हर जगह चपर चपर बीएस

Sab:-hahaha

तभी वहां पापा आ गए और नाना जी और फॅमिली को डेल्ह क हैरान हो गए फिर पापा को साडी बात बताई..

पापा:- I'm सो प्राउड ऑफ़ यू माय सोन ऊपर वाला तेरी जैसा बीटा सब को दी

नाना जी:- हमारा नवासा हीरा ही..

दादा जी:- मैं खुशनसीब हूँ यह मेरा वारिस ही..

मैं:- यह सब आपकी दुआओं का नतीजा ही..

पापा:- वसीय तनीषा बीटा आज एक मुलाकात होसकती ही क्या ओनर सी.?

तनीषा:- जी पापा बिलकुल बोहत करीबी मुलाकात करवा दूँ गई..

B'chacha:- वह इतनी बारी आदमी हैं क्या बैठी गए यहाँ.?

तनीषा:- अरे क्यू नहीं बैठी गए आप बीएस देखती जाइये..

तनीषा न्य मेरी तरफ देख क मुस्कुरा दिया मैं बी चुप क डिल पी हाथ रलह दिया..

परिया:- कब स्टार्ट होगा प्रोग्राम और बारी बारी मंत्री ए हैं उनको बी ऐसी विप जगह नहीं मिली.?

तनीषा:- अरे हम कोई ऐसी वैसी नहीं..

पायल:- भाई देखना पारी गए जिस क लिए इतनी बारी बारी लोग ए हैं..

वर्षा:- हाँ यह तो ही मुझी बी बोहत इंतज़ार ही कंपनी खुलनी ka..or ओनर को देखनी का अगर ाचा हुवा तरय क्र लय गए..

भाभी:- चुप क्र बेशरम..

प्रिय:- सही तो बोल रही ही..

अवनि:- हाँ लेकिन कोमल और तनीषा इस खेल सी बाहिर..

अंजलि:- मैं बी बाहिर

आयेशा:- मैं बी

तनीषा और कोमल बीएस मुस्कुरा रही थीं..

फिर लाइट्स डिम हो गई और स्टेज पी रौशनी हो गई और एक लड़की स्टेज पी ी

लड़की:- ही लेडीज एंड Gentelman's I'm योर होस्ट शैली आज आप सब यहाँ जिस मक़सद क लिए इकठा होये हैं वह बीएस पूरा होनी वाला ही आज इंडिया मैं एक ऐसी कंपनी शुरू होनी वाली ही जो इंडिया मैं पहली बार शुरू होगी आज की इस कंपनी सी बोहत सी गरीब रोज़दार हो जाये गए बोहत सी लोगो को काम मिल्ली गए और दूसरी बात यह क S♡K कंपनी दुनिया की टॉप कंपनी में सी एक है और इनकी मालिक दुनिया क 5 अमीर तरीन लोगो में सी No.1 हैं.. लेकिन उनकी पहचान किसी को नहीं पता वह कोण हैं कहाँ हैं.. लेकिन आज इस कंपनी की शुरुआत वह खुद क्रय गए पहली बार वह दुनिया क सामन्य ए गए...

सब लोग ज़ोर ज़ोर सी चियर्स करनी लगी और तालियां बजानी लगी..

शेला:- फ़ो आपका ज़्यादा टाइम न वास्ते कृत्य होय मैं उनको स्टेज पी बुलाना छहों गई प्लीज गिव ा बिग राउंड ऑफ़ अपलॉसे फॉर थे ओनर ऑफ़ S♡K ग्रुप ऑफ़ कम्पनीज "मर सैम ठाकुर"

सब ज़ोर सी तालियां बजानी लगी मैं खरा हो क स्टेज की तरफ जन्य लगा मेरी घर वाली अपनी जगह सी खरी हो गए सब क मुँह खुली थय सब को अपनी का ो और आंखों पी यकीन नहीं हो रहा था...

दादा जी:- क्या यह सब सच ही.?

तनीषा:- जी दादा जी आपका पोटा इ S♡K ग्रुप ऑफ़ कम्पनीज का मलील ही...

सब को तो यकीन करना मुश्किल था..

खैर मैं स्टेज पी चला गया स्टेज पी एक 20-22 साल क लरकी को देख क सब हैरान थय सब खुसर फुसर करनी लगी मैनी मिछ लिया और बोलना शुरू किया..

मैं:- Hello एवरीवन I'm "सैम ठाकुर" थे ओनर ऑफ़ S♡K गोप ऑफ़ कम्पनीज मुझी पता ही सब क्या सोच रही हों गए क यह एक 20-22 साल का लड़का किसी इतनी बरी कंपनी का मालिक होसकता ही लेकिन मैं आपको बताता चालों क यह इ सच ही और यह सब मेरी फॅमिली की दुआ और आप सब क यकीन की वजह सी हुवा ही

मैं:- मेरी फॅमिली का प्यार यकीन इ ही जो आज मैं इस जगह खरा हूँ भली मैं कितनी बी देर दूर रहा लेकिन मेरी माँ की दुआ हमेशा मेरी साथ रही मेरी बहनो का भरोसा हमेशा मेरी साथ रहा मेरी चाचा चची मां ममी बुआ मस्सी सब न्य हमेशा मेरी लिए अच्छी की दुआ की और मेरी साथ रही चाही कितनी बी मुश्किल क्यू नै आ गई चाही कितना बी दूर चली गई.. लेकिन सब क डिल एक साथ थय..

मेरी साडी फॅमिली की आंखों में आंसूं थय लेकिन मैनी बोलना जारी रखा..

मैं:- लेकिन एक शख्स ऐसा बी ही जो शायद मेरी साथ न होता मैं इस जगह पी न खरा होता वह शख्स हमेशा मेरी हिम्मत बना वह शख्स हमेशा मेरी ढल बना मेरी ऊपर अन्य वाली हर गम हर तकलीफ को अपना समझ क उसको महसूस किया और हर ाच्य बरी वक़त में मेरा साथ दिया वह मेरी साथ तब था जब कोई नहीं था No डाउट She's आ ज्वेल तो में

मैं:- She's माय वाइफ माय लाइफ माय एवरीथिंग "मरस तनीषा सैम थाखुर" प्लीज के ों स्टेज..

तनीषा की आंखों में ांसो का समुन्दर आज्ञा वह पेहली नहीं रोइ थी लेकिन अब उस सी करोल करना मुश्किल होगया था माँ न्य उसको संभाला और बोली

माँ:- जा बेटी..

तनीषा चल क ऊपर आ गई उसकी आंखें अभी बी नाम थीं मैनी अपनी बाहें पहला दिन वह भाग क मेरी गली लग गई...

मैं:- टुमस्य वडा किया था एकेली कमरे में शादी की थी लेकिन पूरी दुनिया क सामन्य तुम्ही एक्सेप्ट करों गए..

तनीषा:- ी लव यू!

मैं:- ी लव यू तू! ...कुछ बोलो गई.,.?

तनीषा:- नहीं अब कुछ नहीं बोलना मुझी..

मैं:- सो गाइस एन्जॉय थे पार्टी एंड प्रे फॉर में एंड माय फॅमिली एंड थिस कंपनी है बीन स्टार्टेड प्रॉपरलय नेक्स्ट मंथ....

यह कह क मैं तनीषा को लय क नीची आ गया सब अभी बी खरी थय.. माँ न्य आ क मुझी गली लगा लिया...

माँ:- तोङने आज मेरा सर गर्व सी ऊँचा क्र दिया..

मैं:- आपकी hi दुआ ही माँ..

पापा:- बीटा तुझी नहीं पता आज मैं खुद को दुनिया का सब सी खुश नस्सेब इंसान समझ रहा हूँ ज़रूर कोई ाच्य काम किये होंगी जो तेरी जैसा बीटा मिला

दादा जी:- बीटा तूने मेरा सीना और छोरा क्र दिया अब मैं दुनिया को बता सकूं गए क मेरी पॉटी न्य दुनिया जीत ली..

शिखा:- भैया

मैनी गुड़िया को गॉड में उठा लिया..

मैं:- दादा जी यह दुनिया तो फनी ही एक न एक दिन ख़तम हो जनि ही इंसान हमेशा अपनी कर्मो को लय क यज्ञ जाता ही और वही काम आती हैं..

नाना जी:- तू महँ ही मेरी बेटे अगर तेरी कितनी दौलत किसी और क पास होती वह तो कूड़ा इ बन जाता..

मैं:- ननु यह आपकी संस्कारूं का नतीजा ही..

नाना:- यह तेरा बरपन ही..

अलीना:- भैया यह बात व छपाई अपनी हंसी.?

माँ:- हाँ बताया क्यू नहीं और Tunnay(massi) बी नहीं बताया..

मस्सी:- मुझी बी आज पता चला ही..

अंकल:- अरे हामी बी आज इ पता चला मैनी कितनी पेपर बेली इसकी कंपनी क साथ काम करनी की लेकिन ोप्पिंमेंट इ नए मिला..

मैं:- उसका पता तो रूचि दीदी को हो...

अंकल:- मतलब रूचि को बी पता था.?

रूचि:- जी लेकिन अभी थोड़ी दिन पेहली इ बताया िसंय..

अवनि:- वह बंदर तू तो ब्रा कबीलारी निकला.?

मैं:- छिपकली तेरी वजह सी इ तो हमेशा खुश रहग इस लिए..

अवनि:- अव्व्व मेरा प्यार बंदर..

मैं:- मेरी प्यारी छिपकली..

तनीषा:- तो प्रिय क्या बोल रही थी तुम.?

Priya:-Kuch बोलनी क काबिल छोरा इ नहीं िसंय

पायल:- हाँ तभी तो उस दिन वह लड़की माफियां मांग रही थी

वर्षा:- कोनसी लड़की.?

फिर पायल न्य साडी कहानी सुना दी.. फिर एक आवाज़ ी..

"वह आप तो बारी आदमी निकली मर रोड"

सब उस तरफ देखनी लगी...

मैं:- अरे रोल्लु तो कहाँ थी.? मैं कब जय ढून्ढ रहा था..

हीरा:- यर अंदर आ रही थी क मीडिया न्य रोक लिया और फिर जब अंदर ी तो स्टेज पी था..

हीरा मस्सी क पास गई..

हीरा:- नमस्ते आंटी..

मस्सी:- मेरी प्यारी बची किसी ही.?

हीरा:- ठीक हूँ आप सुनाओ..

माँ:- बीटा आप हीरा अग्रवाल होना.?

शिखा:- जी माँ और यह भैया की बचपन की दोस्त हैं..

हीरा न्य माँ क पेअर चोए..

माँ:- बोहत पुअरी बची हो..

वर्षा:- हीरा जी क्या हम एम् तस्सवीर लय सकती हैं.?

हीरा:- अरे आप मुझी हीरा बुला सकती हैं.. और एक क्यू जितनी चाही तस्सवीरें लें..

वह फिर फोटोज क्लिक करनी लगी.. मैं अंजलि का हाथ पाकर क साइड पी लय आया..

मैं:- मैनी कहा जी आप क्यू चुप हैं.? कहीं आपको बुरा तो नहीं लगा मैनी तनीषा को स्टेज...

अंजलि बिच में इ बोल पारी

अंजलि:- बिलकुल नहीं मुझी पता ही इसकी पिच्य ज़रूर कोई रीज़न होगा मैं बीएस सोच रही थी आप इतनी बरी कंपनी क मालिक होकय बी मेरी साथ...

मैं:- हम.. इतनी बरी कंपनी क मालिक हैं यह सब आपकी लिए ही ताकि आप हमेशा खुश रह सको कभी कोई चीज़ की कमी न हो मेरा यह सब आपका इ तो ही जैसी चाही इस्तमाल करो

अंजलि:- मुझ बीएस आप चाहिए..

मैं अंजलि को गली लगा लिया

"मतलब कहीं बी शुरू हो जाओ"

हम अलग हो गए.. यह B'chachi थीं..

मैं:- नहीं बीएस वह मैं..

B'chachi:- अरे दामाद जी क्यू घबरा रही हैं आपकी बीवी हम कोण होती हैं बोलनी वाली..

अंजलि शर्मा गई..

B'chachi:- अब बरी शर्म आ रही ही जब गली लगी होइ थी तब क्या था.?

अंजलि भाग क सब क पास चली गई..

मैं:- क्या चची आप बी वह तो इमोशनल हो गई गहि इस लिए गली लगया..

B'chachi:- चल ज़्यादा भूला मत बन सब रह देख रही हैं..

मैं सब क पास आज्ञा..

दादा जी:- चले अब काफी टाइम होगया ही..

मैं:- जी चलिए..

हम सब बस की तरफ जा रहा थय क मुझी मीडिया न्य घिर लिया मैं बी रोक गया..

J.l:- तो सर आप इस कंपनी क मालिक हो.?

Main:-Ji..

J.l:- लेकिन आप आज तक दुनिया क सामन्य नहीं ए थय लेकिन अचानक अन्य की कोई वजह .?

मैं:- अब कभी न कभी तो आना था न..

J.l:-Sir क्या आप इंडिया में इ रही गए या फिर कहीं और.?

मैं:- इंडिया में इ रहूँ गए..

J.l:- सर आपकी इस कंपनी सी क्या फ़ायदा होगा.?

मैं:- देखिये इस सी जो फ़ायदा होगा उसको हम डिटेल में बता चुकी हैं..

J.l:- क्या वाकई इस सी गरीब लोगों का भला और लोगो को जॉब्स मिल्ली गई

मैं:- जी बिलकुल आप बी यहाँ हैं मैं बी प्लीज एक्सक्यूज़ में..

मैं वहां सी बस की तरफ चला गया वह मेरी पिच्य आती रही लेकिन गार्ड्स न्य उन्ही रोक लिया

पापा बी हमारी साथ चल रही थय हम लोग निकल गए सफर पी.. रास्ते में..

M'bua:- तूने इतनी बरी कंपनी स्टार्ट किसी की.?

मैं:- मैनी एक बार बोरही आदमी की जान बचाई थी अमेरिका में उसनी मुझी कुछ पैसी दिए जिस को मैनी स्टॉक मार्किट में इन्वेस्ट क्र दिया मेरी शेयर्स बरती गए फिर एक कंपनी खोली फिर तनीषा न्य यहाँ तक पोहनचंय मैं मदद ki(jhoot)

माँ:- मेरी बेटी ही इ इतनी प्यारी!!

कोमल:- मैं नहीं हूँ क्या.?

माँ:- अरे मेरी बची तू तो मेरी जान ही..

अंजलि:- और मैं.?

[P.s :- B'chachi ny sab ko Anjili ka bta diya tha or dada ji ny nana ji ko..]

माँ:- हाँ तो बी...

आयेशा:- बुआ मैं.?

माँ:- तोङने कहा फसा दिया बीटा.?

सब:- हाहाहा

नाना जी:- लेकिन गुरु जी न्य कहा था इसकी शादियोँ की वजह यह बताइये गए को तो क्या वजह ही.? सैम बीटा.?

मैं:- ननु अभी मुझी बी नहीं पता लेकिन बोहत जल्द सबको बता दूँ गए..

दादा जी:- जैसी तेरी मर्ज़ी..

Varsha:-Bhai तेरी कंपनी में जॉब मिली गई क्या.?

मैं:- अरे आप जाना नहीं चाहो गई क इस वाली ऑफिस की बॉस कोण हैं.?

प्रिय:- कोण हैं.?

मैं:- प्रिय एंड वर्षा दीदी

प्रिय:- क्या सच तो सच कह रहा ही.?

वर्षा:- सच.?

मैं:- बिलकुल आप बीएस मान लगा क काम कटना बीएस..

निशा:- हम तो बोहत खुश हैं भाई..

अदिति:- हाँ सब क जन्य सी पेहली एक शानदार पार्टी तो होनी चाहिए.?

B'mami:- बिलकुल सही कहा सब इतनी देर क बाद मिल्ली हैं पार्टी तो बनती ही...

C'chachi:- बिलकुल..

मैं:- ठीक ही जैसी सब कहें..

सब:- याहूऊ..

शिखा:- भाई पार्टी मास्क थीम होगी

मैं:- एक बाँदा बी मास्क क बगैर नहीं मिल्ली गए पको मेरी गुड़िया...

हम अपनी हवेली पोहंच गए..

दादा जी:- यार आज यहीं रुक जाओ टाइम बोहत होगया ही...

नाना जी:- अरे नहीं हम चले जाये गए

दादा जी:- अब तो मुझी सी मार कहए गए..

दादी:- हाँ भाई साहव रुक जाइये..

माँ:- हाँ पिता जी रुक जाइये..

सब क केहनी पी नाना जी रुक गए सब को कमरे दिखा दिए.. मुझी A'bua न्य साइड पी बुलाया..

मैं:- जी बुआ.?

A'bua:- आज मेरु साथ तेरी मम्मी जो रही ही तो कल सी आना हैं.?

मैं:- No प्रॉब्लम बुआ...

फिर हम एक दोस्सरेय सी बेटी करनी लगी सब ज़्यादा तर मेरी बारी में इ बात क्र रही थय फिर सब कैमरून में चली गई मैं कोमल क कमरे की तरफ चला गया..

मैं अंदर गया तो वह बीएड पी बेथ डायरी पर रही थी मैं उसकी डेरी क नीची सी उसकी गॉड में सर रख क लेट गया..

मैं:- क्या अपनी पति क बारी में जान रही हैं क्या क्या किया उसनी.?

कोमल न्य मेरी माथे पी किश किया और डेरी साइड रख दी और मेरी सर सेहलानी लगी..

कोमल:- बिलकुल अब देखना बी तो ही न क हमारी बोना क्या क्या किया.? अपनी..

मैं:- हमनी तो बीएस आपको इ याद किया हर पल..

कोमल:- ाचा जी..

मैं:- कोमल क्या आपको बुरा लगा मैनी आपको स्टेज पी नहीं बुलाया.?

कोमल:- बिलकुल नहीं मुझु तो ख़ुशी होइ क दीदी को अपनी पोररी दुनिया क सामन्य एक्सेप्ट किया..

मैं:- वह तो आपको बी करूँ गए हमारी शादी पूरी देश क सामन्य होगी ी प्रॉमिस..

कोमल:- ी लव यू

मैं:- ी लव यू तू!

कोमल मेरी सर को सेहला रही थी मुझी बोहत सकूं मिल रहा था.. मैं कब सू गया मुझी पता नहीं chala...mery एक हाथ में कोमल क हाथ था और कोमल मेरी बैलन मैं हाथ फेर रही थी और मुझी सोता हुवा देख क मुस्कुरा रही थी..

मेरी सोनी क बाद M'bua अवनि और अदिति और R'bua कमरे में ी

M'bua:-Are वह पति की खिदमत चल रही ही

अवनि:- वह भाभी हमारी भाई की तो निकल पारी

कोमल:- प्लीज चुप सो रही हैं..

R'bua:-Soo रही हैं.? बारे प्यार आ रहा ही पति पी.?

अदिति:- हमारी सर को तो नहीं कभी ऐसी सहलाया.?

M'bua:- कब का सोया ही.?

कोमल:- अभी कुछ देर पेहली लेकिन आप साब चुप क्र जाइये वर्ण जग जाये गए...

R'bua:- तो क्या ैद्य इ सोया रही गए.?

कोमल:- हाँ तो.?

R'bua:- नहीं बीटा सब क्या सोची गए.?

कोमल:- कोई परवा नहीं बीएस कोई नहीं थाए गए इनको...

R'bua:-Lekin सब...

कोमल:- कहा न नए उठी गए आप जाइये दरवाज़ा बी बंद क्र दी जिए गए..

M'bua:- जैसा तुझी ठीक लगी लेकिन...

कोमल:- मस्सी यकीन रखिये आपका बीटा ऐसा नहीं ही आप बेफिक्र हो क जाइये..

R'bua:- हम तूझपी और िस्प्य यकीन ही सोनी दी और तो बी सजा

फिर चरों चली गई कोमल न्य मेरी मथ्य पी किश किया और लाइट बंद क्र दी..

मैं सू रहा था क मुझी कुछ ैदा दिखा क मेरी हार्डिया इ कम्प गई.. मेरी हालत खराब होनी लगाई और मैं झट सी उठ गए......नाहीईईई

तो बे कंटिन्यू

नोट:- अगर पसंद ए तो लिखे ज़रूर करना और कमेंट करना मत भूलना
 
अपडेट NO.19


हुवा यौन क जब मेरी आंख लगी तो मैनी सपना देखा मैं एक बोहत इ सुन्दर जगह पी खरा था हर तरफ हरिआली हर तरफ खुशियां थी आसमान नीला था सब लोग खुश थय क अचानक सब कला परण्य लगा सब लोग हसने की बजाए रोनी लगी आसमान का रंग बदल क कला होगया हर तरफ आग लग रही थी लोग चिल्ला रही थय और मेरा नाम पुकार रही थय लेकिन मैं कुछ नहीं क्र पा रहा था मैं बेबस था अचानक मेरु सामन्य एक खौफनाक चेहरा आज्ञा और वह ज़ोर ज़ोर सी हसने लगा और लोग दर क मरे चीख चिल्ला रही थय मुझी ऐसा लग रहा था यह सब मेरी अपनी हैं और जैसी इ उस रक्ष न्य सब को चीखती देखा और बोलै

Rakshah(bhyanak आवाज़ में):- तो तू ही इनका मसीहा तो कुछ नहीं क्र सकता मेरा तेरी सामन्य इन सब को मैरून ga(hahaha)

यह कह क उसनी लोगो पर आग बरसा और मैं चीख प्र नाहीईई

उसी क साथ मेरी नींद खुल गई और मैं उठ क बेथ गया मेरी चिल्लानी सी कोमल घबरा गई और मुझी पिच्य सी पाकर लिया...

कोमल:- क्या हुवा कोई बुरा सपना देखा की.?

मैनी कोमल को यज्ञ क्र क कास क गली लगा लिया

मैं:- W..Woh मर दी गए सब को मुझी कुछ करना होगा वह सब ख़तम क्र दी गए...

कोमल:- कोण मर्डर दी गए.? अपनी कोई बुरा सपना देखा ही..

मैं:- नहीं कोमल वह मेरी सामन्य सब लोगो को मर रहा था मैं कुछ नहीं क्र सक रहा था...

कोमल:- आप शांत हो जाइये बीएस एक सपना था ..

अदि:- वह कोई सपना नहीं था बल्कि अन्य वाली खत्री का सन्देश था...

मैं:- अदि मेरी भाई वह कोण थय क्यू मैं कुछ नहीं क्र पा रहा था और वह कोण था.?

कोमल:- अदि बताओ क्यू इनको वह सैन्य आ रही मुझी दर लग रहा ही..

कोमल सी मुझी और कास क पाकर लिया..

अदि:- भाई आज मैं आपको असली बात बताओं गए.. पेहली आप थोड़ा संभल जाओ..

मैं:- मैं ठीक हूँ बताओ..

मैनी कोमल को चोर दिया और साइड सी पाकर लिया वह मेरी वजह सी घबराई होइ थी ..

मैं:- बोलो अदि..

अदि मेरी सामन्य आ गया मेरी अंदर सी पेहली तो कोमल घबरा गई फिर मैनी शांत करवा दिया उसको..

मैं:- बताओ साडी बात...

फिर अदि न्य बोलना शुरू किया...

अदि:- इस यूनिवर्स में बोहत सी प्लेनेट ही बोहत सी ताकतवर और कोई बोहत कमजोर्र उन्ही में आती है 7 प्लैनेट्स

1. ब्लू EMPIOR(Yeh सब सी बारे और ताकतवर प्लेनेट ही)

2. गोल्डन Planet(Yeh दोस्सरी no. पी अत ही यह बोहत इ अमीर प्लेनेट समझा जाता ही क्यू क यहाँ पी सोना निकलता ही)

3.क्रिस्टल Planet(Yeh एक ख़ूबसूरत प्लेनेट ही ब्लू एम्पियर क बाद यह सब सी ज़्यादा ख़ूबसूरत ही)

4.Paristan(Yeh परियोँ का प्लेनेट ही कहा जाता ही साडी खूबूसरती इसी में ही)

5.िल्लुसिओं Planet(Yahan क लोग िल्लुसिओं क्रीट करनी क माहिर होती हैं..)

6.रॉक Planet(Is प्लेनेट में हर तरफ बीएस पत्र इ हैं यहाँ क रहंय वाली इस जगह क ादी हैं)

7.डेविल Planet(Yahan हर काली शक्ति रहती ही दुनिया में हर बोरा काम यहाँ सी कदवाया जाता ही...

बात करीब 100 साल पुराणी ही जब ब्लू एम्पियर सब प्लैनेट्स की रक्षा करता ही वहां क राजा बोहत इ नीक डिल और सब सी ताकतवर थय वह 7 प्लैनेट्स को तभा करनी की शक्ति रखती थय.. उनकी पास अनगिनित शक्तियां थी..

एक दिन उनकी प्लेनेट में एक दानव आया वह दिखनी बी बोहत इ खोफनाक लम्बी लम्बी बॉल लाल ांकें बारी नाखून चेहरा तो जैसी कोई कमज़ोर डिल वाला देख लय तो वैसी इ मर जाये कद उसका बोहत लम्बा था जब वह अंदर आया तो दरबान सी उसी रोका

दरबान:- कोण हो तुम यहाँ क्यू ए हो.?

रक्ष:- मैं डरहम हूँ मुझी तुम्हारी राजा सी मिलना ही...

दरबान:- चले जाओ कोई बी ऐरा गेरा शख्स राजा सी नहीं मिल सकता

उसनी दरबान गई गर्दन पाकर ली और ऊपर क्र क खेंच लिया

डरहम:- डरहम कोई ऐरा गेरा नहीं ही समझी..

वह दरबान को मर क अंदर चला गया वहां लोग इधर उधर चल रही थय..

वह हवा में खरा होगया. और चारो तरफ आग फेंकनी लगा लोग दर क इधर उधर भंगण्य लगी..

डरहम:- ः भागू बुलाओ अपनी राजा को और चिल्लाओ..

यह खबर राज महल तक पोहंची तो राजा अपनी सेना क साथ वहां आ गए..

वह राजा को दसख क रोक गया..

डरहम:- औ औ में तुम्हारी रह देख रहा था..

राजा:- कोण हो तुम यहाँ क्या लेनी ए हो.?

डरहम:- मैं हूँ डरहम मैं तुम्ही छोटी देंय आया Hun(haha)

राजा:- किसी चनौती मैं अभी तुम्ही ख़तम क्र दूँ गए..

डरहम:- तुम मेरा कुछ नहीं बिगड़ सकती (हाहाहा)

राजा न्य अपनी चारि उसकी तरफ घुमा दी ुसमय सी सी एक निलय रंग की रे निकली जो सीधा उसकी डिल क पास लगी और ख़तम हो गई सब बोहत हैरान होय..

डरहम:- तुम मेरा कुछ नहीं बिगड़ sakty(hahaha)..

राजा:- तुम्ही अभी बताता हूँ..

राजा न्य और बोहत सी रेज़ फेंकी लेकिन कुछ नहीं होवा वह बीएस खरा खरा हस्स रहा था...

सब लोग हैरान थय जो राजा एक मं में साथ ग्रह तभा क्र सकता ही एक शख्स को नहीं मर्डर पा रहा...

डरहम न्य अपनी हाथ यज्ञ किये उसकी हॉग में आग का गोला बन गया उसनी राजा की तरफ फेंका वह लगती इ राजा नीची गिर गए राजा उसकी एक वॉर में इ गयल हो गए सब बोहत घबरा गए सेना सी ुसपय हमला शुरू क्र दिया लेकिन वह टास सी मास्स नहीं हुवा...

डरहम:- मैं आज बीएस चनौती देंय आया था तुमनी तो जुंग छे दी ठीक 2 दिन बाद 7 गृह पी मेरा राज होगा डरहम का राज Hoga(hahaha)

उसकी भयानक हंसी देख क सब की रूह तक कम्प गई..

वह वहां सी चला गया..

राजा को महल लय क आया गया और शाही वेद उनका इलाज करनी लगी राजा की हीलिंग पावर बी काम नहीं क्र रही थी उस घाव पी ..

राजा:- मंत्री जी 7 सब राजाओं को निमन्त्र भेजिए आज शाम तक वह यहाँ हों..

मंत्री:- जी..

शाम को सारी गृह क राजा आ गई..

B.Raja:- आपको पता इ होगा हमनी क्यू बुलाया ही..

G.Raja:- हाँ हामी मालूम ही..

P.Raja:- इसका कोई हल सोचा ही क्या ऐसी तो सब ख़तम हो जाये गए..

C.Raja:- अगर B.Raja उनको नहीं रोक पाए तो हम क्या क्र सकती हैं.?

D.Raja:- लेकिन वह ही कोण.?

I.Raja:- वह शैतान ही डरहम उसनी जिस बी जगह पी नज़र डाली ही उसकी रही ही अब उसकी नज़र हमारी पी ही..

G.Raja:- उसको कोण रोकी गए हम तो नहीं रोक पाई गए..

B.Raja:- उसको सिर्फ वही रोक सकता ही जिस क पास पास सारी ग्रहों की साडी शक्तियां हों..

P.Raja:- हम सब मिल क बी तो हरा सकती हैं.?

B.Raja:- नहीं वह किसी एक क पास होनी चाहिए

R.raja:- लेकिन कोई ऐसा जिस्म नहीं जो यह साडी शक्तियां सेहन क्र सकी..

B.Raja:- उसकी लिए काम सी काम 100 साल तक करि तपस्या करनी होगी..

G.Raja:- लेकिन वह तो 2 दिन का जेह क गया ही..

B.Raja:- हम उसी हरा नहीं सजती लेकिन जैद ज़रूर क्र सकती हैं सिर्फ 100 साल क लिए उसकी बाद उसको रोकना न मुमकिन ही..

G.Raja:- उसकी बाद क्या.?

B.Raja:- इन 100 सालों में ऐसा शोर वीर पैदा होगा जो न दुनिया न्य देखा होगा और न hi देखी गए

G.Raja:- तो जॉन ही वह.?

B.Raja:- 100 साल तक किसी को नहीं देखी गए उसकी बाद धरती पी जनम लय गए वह

P.Raja:- तो हम किसी पेहचानी गए उसको.?

B.Raja:- उसका जैसा तेज उसकी जैसी बहादुरी किसी क अंदर नहीं होगी वह करोड़ों में भी ेलेहड़ा नज़र ए ga..Sab ध्यान में बेथ क अपनी साडी शक्ति को इस बॉक्स में डालो..

सब ध्यान में बेथ गए कुछ 30 मं में सब न्य अपना काम पूरा किया...

G.Raja:- हम उसको पकड़ी गए किसी.?

B.Raja:- हम िल्लुसिओं क्रीट क्रय गए वह सब सी जीस्त गया जैसी इ वह राज गाढ़ी तक ए गए डेविल और पारी शक्ति सी उसी बांध दी गए उसकी बाद ब्लू शक्ति उसकी पावर्स और कैद क्र क शीतन प्लेनेट में भेज देना होगा..

G.Raja:- शीतन प्लेनेट में उसको शांति नहीं मिल जाये गई उसको और ज़्यादा.?

B.Raja:- उसकी सिवा कोर रास्ता नहीं ही जैसी जैसी वक़त निकली का उसकी शकितियाँ आज़ाद होती जय गई अगर उसको यहाँ रखा हमारी ऊपर उसकी शक्तियां हावी हो जाये गई..

सब न्य सहमति दी और अपनी अपनी गृह चले गए..

रात को राजा अपनी कमरे में गए तो महरानी वही थी..

राजा:- तो मलिका हुस्सन हमारा इंतज़ार क्र रही हैं...?

मलिका:- जी हम तो 10 साल सी इंतज़ार क्र रही हैं आपके प्यार का..

राजा:- अब समय आ गया ही..

मलिका:- क्या सच मतलब हम माँ बन जाये गए.?

राजा:- हाँ लेकिन हामी अपनी पेहली संतान को 100 साल खुद सी दूर रखना ही..

मलिका:- मतलब हम ऐसा नहीं क्र सकती हम किसी जो अभी पैदा बी नए होवा दूर करनी का सोच लय.?

राजा:- हम आपको यह कह रही हैं आप उनको जनम 100 साल बाद दी गई लेकिन तब तक वह आपकी अंदर रह क सारी कठिन काम क्रय गए..

मलिका:- लेकिन यह सब तो जनम क बाद बी क्र सकता ही न...

राजा:- नहीं उसका जिस्म जनम बाद इस काबिल नहीं होगा क इन शक्तियोँ को संभल सकी..

मलिका:- लेकिन अगर मुझी उनको जनम देना ही तो अपनी ऐसा क्यू कहा धरती पी जनम होगा.?

राजा:- मैनी आपको कब बताया मतलब आप हम पी नज़र रख रही हैं.?

मलिका:- हम बीएस मसली का हल सुन रही thy(hehe)

राजा:- हाँ आप धरती पी जा क इनको जनम दी गई.

मलिका:- क्या मुझी बी तकलीफ होगी.? अगर होगी तो कोई बात नहीं हम सेह लय गए हमारी बची क लिए..

राजा:- नहीं आपको हम भला तकलीफ दी सकती हैं.. लेकिन..

मलिका:- लेकिन क्या.?

राजा:- लेकिन हमारी बची को बोहत सहना पारी गए होसकता ही उनका जिस्म यह सहन न क्र पाए और ख़तम होजाये उनका जिस्म

मलिका:- नहीं हम ऐसा नहीं करनी दी गए आप हमारी परिस्क्षा लय लय लेकिन मेरी बची को कुछ नहीं होना चाहिए..

राजा न्य मलिका को गली लगा लिया..

राजा:- हामी सिर्फ शक ही हामी पूरा यकीन ही क हमारा रक्षक ज़रूर ए गए आप बेफिक्र रहिये..

यह कह क राजा न्य मलिका क होंठ पी अपनी होंठ रख दिए सोह कभी ऊपर वाला होंठ कोस्टय कभी नीची उन्हों न्य अपनी जेब मलिका क मुँह में दाप दी दोनों ज जिस्म भट्टी की तरह जलनी लगी राजा न्य हल्की हल्की अपना एक हाथ मलिका क बूब य रख दिया मलिका क जिस्म मैं एक अजीब सी केहर दूर गई राजा न्य हल्की सी बूब को दबा दिया मलिका सप्का गई और जोर सी किश करनी लगी राजा न्य अपना डोसा हॉग पीठ पी सेहलती सेहलती कापरी की गिरा खोल दी मलिका का ऊपरी कंपरा निकल गया वह अब उसी कापरी में थी जिस सी उनको बूब्स धख्य होय थय राजा न्य अपना एक हाथ कापरी क नादेर दाल दिया और दबनी लगी मलिका राजा क होंठो को ज़ोर ज़ोर सी चोस्स्नय लगी राजा न्य किश तोर दी ऑफ़ गाल पी किश क्र दिया की नीची गर्दन पी चैतन्य लगा अपनी जइब गर्दन पी फेर रही थय और एक हाथ सी बूब दबा रही थय मलिका की होटल खराब दी वह सिसकियाँ लेनी लगी राजा ैहस्टा

ेष्ट नीची आ गए उन्हों न्य बूब्स पी ढकी कापरी को अपनी मुँह सी खुल दिया अब मलिका ऊपर सी पूरी नंगी थी

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उनको बारी बारी बूब्स दूध की तर्हां सफ़ेद और ऊपरी सी पिंक निप्पल्स राजा क मुँह मैं पानी आ गया उन्हों न्य झट सी एक बूब मुँह में की लिया और चोइसंय लगी और दोस्सरी को अपनी हाथ सी सेहलानी लगी मलिका की हालत खराब थी सोह ज़ोर ज़ोर सी सिसकियाँ लय रही थी और राजा का सर अपनी बूब दबा रही थी 10 मं एक जो चूस क्र दोस्सरी को शून्य लगी और एक हाथ सेहलती होय नीची की तरफ लय क जन्य लगी उन्हों न्य आराम सी अपना हाथ लहँगी क अंदर दाल दिया और सीधा छूट पी रख दिया जो क पेहली सी इ भीग चुकी थी राजा न्य अपनी एक ऊँगली छूट क दरवाज़ी पी रख दी और अंदर डालनी लगी मलिका इस दोहरी हम्लय को संभल नहीं पाई और एक चीख क साथ जहर गई और राजा को गली लगा लिया और ऐसी पारी थी जैसी जान इ न हो 5 मं बाद राजा न्य अपनी कापरी उतर दिया और मलिका को किश करनी लगे और मलिका का लेहंगा बी उत्तर दिया अब वह दोनों बिलकुल नंगी थय

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थोड़ी देर किसिंग क बाद मलिका गरम हो गई राजा न्य उनको लिटा दिया और टैंगो को अलग क्र क अपना लूँ छूट पी रख दिया रो हल्का सा दबाव डाला लुंड हल्का अंदर डालनी लगा मलिका की चीख निकल गई

मलिका:- अह्ह्ह्हह सीईई

राजा न्य उनको किश करना शुरू क्र दिया और निप्पल को दबाना शुरू क्र दिया वह थोड़ी रिलेक्स होइ तो एक झटका मारा और सील तोरता हुवा लूँ अध्य सी ज़्यादा अंदर चला गया...

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मलिका सकपका उठी और ज़ोर सी चीख पारी उनकी आंखों में आंसूं आ गए..

राजा उनको किश कृत्य रही और बूब्स बी दबती रही 10 मं तक वह वही रोकी जब मलिका थोड़ी नार्मल होइ तो वही पी हलकी हलकी कमर हिलनी शुरू क्र दी..

मलिका:- अह्ह्ह सीई बाहिर आह्ह्ह्ह निकालिये अह्ह्ह्हह हाँ ऐसी इ आराम सी ुह्ह्हह्ह

मलिका अब दर्द की जगह माज़ी सिसकियाँ लय रही थी करीब 5 मं में वह फिर सी जहर गए उनकी झरती इ राजा न्य लास्ट स्टॉक मारा और पॉर्रा लुंड छूट में दाल दिया इस बार झरनी किस वजह सी उनको दर्द काम हो होवा था राजा वहीँ रुकी रही और मलिका को गरम करनी लगी नीची सी हल्का हल्का ढाका मारण्य लगी 5 मं में वह फिर सी गरम हो गई और खुदी कामर हिल्ला हिल्ला क अंदर बाहिर करनी लगी राजा न्य भी रफ़्तार भरा दी ज़ोर ज़ोर सी स्टॉक मारण्य लगा मलिका पॉर्रा साथ दी रही थी.. राजा करीब 10 मं क बाद मलिका क साथ इ जहर गए और मलिका क ऊपर इ लेट गए...

10 मं बाद वह अलग होय और नीची देखा तो वीर्य क साथ लुंड पी खून लगा हुवा था..

राजा:- हामी माफ़ कीयिये ज़्यादा दर्द हुवा.?

मलिका:- इस क लिए हम 10 साल सी ट्रैप रही थय यह तो हर लड़की का सपना होता ही ऐसा दर्द पाना...

राजा मलिका को उठा क बाथरूम में लय गए और छूट को साफ़ किया और बीएड पी लिटा दिया...

दिन ऐसी इ बीर गए वह दिन बी आ गया जब डरहम ब्लू एम्पियर आया और सब तबाह क्र दिया ऐसा उसको लगा जब वह राज गाढ़ी क पास गया उसका भ्रम टूट गया और उसको कैद क्र लिया गया जैसा क प्लान था..

इधर राजा और महरानी रोज़ प्यार कृत्त कुछ दिनों में वह गरबगवती हो गई राजा बोहत खुश थय उनहोल न्य मलिका क अंदर साडी शक्तियां दाल दी मलिका को थोड़ी तकलीफ होइ लेकिन फिर सब नार्मल होगया..

वही उस शकिती न्य आपकी जिस्म की बनावट शुरू क्र दी पूरी 100 सालों तक एक जिस्म अंदर आपकी ऊपर केहर ध्या जाता रहा था आपका जिस्म रोज़ बनता और रोज़ उसको नष्ट क्र देती वह शक्ति

अदि:- अगर फिर बी आपको लगता ही क यह शक्तियां आपको भीक में मिली हैं.? इस वजूद न्य जितनी सितम अपनी ऊपर सही हैं आपको तलवार हासिल करनी क बाद पता चल जाये गए..

राजा न्य कुछ वरशून्य बाद अपना एक अंश जम्में पी भेजा और मलिका का भी फिर यहाँ दोनों एक होय और यहाँ बी इंतज़ार क बाद वह वक़त प आज्ञा जब आपकी पैदाइश होइ मलिका अपनी अंश क अंदर समा गई और आपको जनम दिया...

लेकिन क़ुदरत न्य बी ऐसा खेल खेला 15 साल और दूर रखा खुद क जिगर क टोकरी को और आपकी पापा बी आपसी दूर रही लेकिन वह आपको बता नहीं सकी क 100 साल सी आपका इंतज़ार क्र रही हैं लेकिन अब यह बताना ज़रूरी था क्यू कुछ इ समय में डरहम आज़ाद हो जाये गए और आपको उसको रोकना ही वर्ण सब ख़तम हो जाये गए...

थोड़ी देर तक कमरे में सनता रहा...

मैं:- मतलब मेरी माँ पापा न्य 100 साल मेरी लिए तपस्या की मुझी उनका विश्वास जितना ही..

कोमल:- हाँ एक आम माँ बीएस 9 महीने अपनी पेट मैं औलाद रखती ही उसको कितनी तकलीफ होती ही उन्हों न्य तो 100 साल तक मैं तो सोच बी नए सकती उनकी म्हणता क लिए मेरी पास लफ्ज़ नहीं हैं ...

मैं:- कोमल मैं माँ क पास जा रहा हूँ...

मैं भाग क लग भाग माँ क पास गया वह नीची हॉल में बैठी थी माँ भाग क उनकी पास गया और पैरों में गिर गया...

इधर कोमल अदि सी बात करनी लगी..

कोमल:- अदि उनको कुछ होगा तो नहीं.?

अदि:- उनकी जैसा इंसान कोई नए ही वह अध् भूड़ हैं जिनकी लिए कई लोग ऐश चोर क धरती प्या गए ऐसी हस्ती कोई हो सकती ही भला.?

कोमल:- इतनी लोग.? सर राजा रानी इ नए ए क्या.,?

Adi(muskura क):- अभी पूरी बात कब बताई उनको... उनको खुद नहीं पता वह क्या चीज़ ही वह खुद में इ एक बोहत ब्रा रज़ज़ हैं...

इधर सब यह देख क हैरान हो gaye...k में अचानक क्यू माँ क पैरों मैं गिर गया.....

तो बे कंटिन्यू

नोट:- भाई सॉरी फॉर लेट अपडेट थोड़ा बिजी था पसंद ए तो लिखे ज़रूर करना
 
अपडेट NO.20


मैं लग भाग भागता हुवा बाहिर आया और माँ को ढ़ूंढ़नी लगा मैनी देखा वह नीची बैठी थी सब क साथ मैं नीची जा क उनकी पैरों में गिर गया सब यह देख क हैरान होगये

अब ागी...

माँ बी हेरा हो गई और मुझी उठाया और गली लगा लिया..

माँ:- क्या हुवा मेरा बचा क्यू रो रहा गए.?

मैं:- मुझी माफ़ क्र दो माँ..

माँ:- क्या हुवा बीटा.?

मैं:- अपनी मेरी लिए इतनी साल तकलीफ सही मैं आपकी जोई की धुल क बराबर बी यह एहसान नहीं पूरा क्र सकता

माँ:- किसनी कहा मैनी तकलीफ सही तुम तो मेरी जान का टुकड़ा हो तकलीफ की परवा नहीं थी मुझी बीएस मेरी जान को पैदा करना था उसकी लिए चाही इस सी बी ज़्यादा सहना परता और यह एहसान नहीं खुशकिस्मती ही तेरी जैसा बीटा मैनी पैदा किया मुझी तो गर्व ही..

मैं माँ को कस क गली लगा लिया..

नाना जी:- क्या हुवा बीटा ऐसी क्यू बात क्र रही हो.?

माँ न्य मुझी अलग किया और मेरा माथा चूमा

माँ:- कुछ पिता जी बीएस मेरा बीटा अपनी माँ सी बोहत प्यार करता ही..

मैं:- पापा किधर हैं.?

माँ:- वह बाहिर लॉन मैं हैं..

मैं माँ क गाल को चुम क बाहिर चला गया सब हस्सणय लगी..

A'bua:- क्या बात ही आज इसको ब्रा प्यार आ रहा ही अपनी माँ पी...

माँ:- तो बीटा ही मेरा अपनी माँ को थोड़ी भोली गए..

इधर मैं बाहिर आया तो पापा बगीची मैं पानी दाल रही थय...

मैं:- तो ब्लू एम्पियर क राजा बगीची को पानी दी रही हैं..

पापा न्य पिच्य देखा मैं भाग क उनकी गली लग गया पापा न्य बी मुझी गली लगा लिया.. और मेरी सर पी हाथ फेरनी लगी..

पापा:- तो पता लग गया मेरी शेर को..

मैं अलग हुवा..

मैं:- जी.. Mahraj..(haha)

Papa(haste हुवे):- महराज नहीं पापा हैं हम apky..Wesy अदि न्य कहाँ तक बताया.?

Main(herani सी):- आपको किसी पता.?

पापा:- तुम भूल रही हो हम कोण हैं..

मैं:- ओह्ह्ह

फिर जो अदि बताया वह बता दिया पापा को..

मैं:- पापा एक बात पॉचों.?

पापा:- हाँ ज़रूर..

मैं:- क्या आपको पेहली सी इ पता था क डरहम ए और अपनी अपनी शादी क 10 साल तक माँ सी दूर रही क्यू.?

पापा:- बीटा हमारी पोवाचों न्य भविष्वाणी की थी क हमारी परइ का 8 राजा महाशक्ति शैली होगा ुसमय 7 गृह तभा करनी की शक्ति होगी.. लेकिन उसको हरनी वाला बी ए गए.. और उसको हरनी ए गए हमारी पिरि का अंकरक्षक जो क 7 गृह की ताकत रखी गए जो 7 गृह और धरती की दोश्त आत्माओं का खत्म क्रय गए.. मुझी यह पता चला हमारी राज गुरु सी और जब वह आया मैं समझ गया क वह समय आज्ञा hy..or अगर वह 100 साल तक बी न अत तो मैं अपनी संतान न पैदा करता...

मैं:- लेकिन आप धरती पी हैं तो वहां कोण ही.?

पापा:- मेरा अंश जो अब तक धरती पी था अब वहां ही मैं यहाँ हूँ तुम्हारी माँ बी

मैं:- आप इतनी शक्ति शैली हैं तो आप की शकितयाँ किधर हैं.?

पापा:- हमारी शक्ति धरती लोक मैं काम नहीं करती..

मैं:- वह क्यू.?

पापा:- उसको हमनी धरती पी तुम्हारा रूप दिया ही..

मैं:- तो क्या बाकियोँ की बी शक्तियां धरती पी नहीं चलती.?

पापा:- हाँ...

मैं:- तो काम किसी क्रय गई या कभी नहीं क्रय गई.?

पापा:- क्रय गई अगर हमारा राजा चाही गए..

मैं:- वह कोण ही.?

पापा:- तुम....

मुझी 440 वोल्ट का झटका लगा...

मैं:- क्या मतलब राजा तो आप हैं न...

पापा:- था लेकिन अब बीएस तुम्हारी सिंघासन की रक्षा क्र रहा हूँ...

मैं:- लेकिन मैं आपकी जगह नहीं लय सकता...

पापा:- वह जगह तो हमेशा सी तुम्हारी थी उस जगह तो तुम्हारी प्रतीक्षा ही बीटा अब वकत ही तुम्ही साडी शक्तियां जागृत करनी ka..Baki बातें बी जल्द पता चल जाये गई..

मैं:- अब और क्या बाकि ही.?

पापा:- बोहत कुछ बीटा फ़िलहाल यू एन्जॉय योर लाइफ बूत अपना फ़र्ज़ कभी मत भूलना तुम हमेशा सिर्फ अच्छी क साथ हो बुराई कभी तुम पी हावी नहीं हो सकती..

मैं सोच मैं पर गया..

पापा:- सोचो नहीं आज सी तुम्ही अपनी चक्र को जागृत करना ही 7 चक्र जागृत होती इ तुम्हारी अंदर की शक्तियां बाहिर आ जाये गई लेकिन यह बात हमेशा याद रखना क बोहत रुकावट ए गई लेकिन तुम्ही सब सी भरना होगा..

मैं:- मैं आपका विश्वास कभी नहीं टोरो गए पापा ी प्रॉमिस..

मैं:- क्या पापा और किसी को बी सचाई मालूम ही.?

पापा:- अभी ुसमय वक़त ही अभी कोमल क सिवा किसी को पता न चले..

मैं फिर हैरान होगया कोमल का किसी पता चला..?

मैं:- सच मैं शक्तियां काम नहीं करती ना.? या मुझी बना रही हो.?

पापा बीएस मुस्कुरा दिए..

मैं ध्यान मैं बेथ गया पापा न्य मुझी अपनी लक्ष की तरफ फोकस रखनी को कहा

मैं ध्याम मैं बैठा था पेहली तो कुछ नहीं समझ नहीं आ रहा था फिर 30 मं बाद मेरी सामन्य एक चक्र था मैं उस तरफ बर्नी लगा मैं जैसी जैसी उसकी करीब जा रहा था मुझी बोहत गर्मी लग लग रही थी वह रौशनी मुझी खुद सी दूर धकेल रही थी मुझी ऐसा लग रहा था वह मुझी जला क रख क्र दी गई मैं गर्मी वजह सी ध्यान को तोरणय लगा फिर मेरी मान में पापा की बात आ गई फोकस ों योर टारगेट...

मैं पूरी ताकत सी यज्ञ बाहरनय लगा उस रौशनी अंदर जाती इ मेरे सामन्य रौशनी इ रौशनी थी बीएस लेकिन अब मुझी गर्मी नहीं लग रही थी..

मैं ध्यान तोर दिया मुझी मेरी अंदर ताकत का समुंदर उमड़नी लगा..

मैनी देखा पापा पास खरी मुस्कुरा रही थय..

मैं:- इतनी जल्दी उठ गया कुआ मैं ध्यान सी.?

पापा:- मुबारिक हो तुमनी 2 घंटी में hi आग पी विजय पा ली..

मैं हैरान होगया..

मैं:- क्या 2 घंटी सी आप यहीं खरी हैं और आग पी विजय सी आपका क्या मतलब.?

पापा:- खरी हो..

मैं खरा होगया..

पापा:- अपनी आंखें बंद क्र क आग क बारी मैं सोचो..

मैं वैसा इ किया..

पापा:- आंख खोलो...

मैं ऑंखें खोली तो मैं हैरान होगया मेरी हाथ में आग क गोली Thy..lekin मुझी ज़रा बी जलन महसूस नहीं हो रही थी..

मैं:- यह क्या ही.?

पापा:- अब इसको हवा मैं थ्रो करो

मैं वैसी इ किया गोला मेरी हाथों सी निकल क हवा मैं ुर गया..

मैं:- वाओ that's अमेजिंग

पापा:- यह तो शुरुआत ही यज्ञ यज्ञ देखो होता ही क्या.. चलो सब कहानी पी इंतज़ार क्र रही होंगी..

हम अंदर आ गए..

दादी जी:- आ गए चलो नाश्ता कृत्य हैं..

मैं:- गर्लफ्रेंड मैं अभी नाहा क आया बीएस

नानी जी:- ाचा जी बीएस उसकी को गिर्ल्फ्रेंड बनाये गए.?

मैं:- अरे नहीं तो मेरी तो 2 2 गिर्ल्फ्रेंड्स हैं सो 2गिर्ल्फ्रेंड मैं अभी फ्रेश हो क आया..

मैं कमरे की तरफ चला गया..

तनीषा:- मैं कापरी दी क अति हूँ..

अवनि:- वह जी वह खिदमतें हो रही हैं पति देव की..

M'bua:- भाई यह सही ही सोलंय क लिए कपड़ों क लिए सब क लिए बीवियां हैं उसकी

सब:- ः

तनीषा भाग क ऊपर आ गई..

मैं बी 10 मं में इ नाहा क बाहिर आ गया बाहिर तनीषा बीएड पी कापरी रख रही थी..

मैनी उसकी पिच्य सी गाली लगा लिया..

तनीषा:- मैं आज नाराज़ हूँ आप सी...

मैं:- I'm सॉरी..

तनीषा:- पोचो गए नहीं क्यू.?

मैं:- आज कॉफ़ी नहीं दी न..

तनीषा:- करेक्ट!

मैं:- बात ऐसी ही k..Mera सर दर्द क्र रहा था तो मैं आज लेट उठा..

तनीषा झट सी सीधी हो गई..

तनीषा:- क्या.. मुझी बता देती मैं दवाई लय क अति हूँ अभी रोको

मैनी उसकी होंठों पी अपनी होंठ रख दिए..

छोटी सी किश क बात चोर दिया..

मैं:- मेरी जान बीएस हल्का सा था थकावट हो गई thi..ab बिलकुल फिट हूँ

तनीषा:- सच्ची न.. ठीक हो आप.?

मैं:- जी बिलकुल माय स्वीट वाइफ..

तनीषा:- तो फिर आज कॉफ़ी नहीं मिल्ली गई.?

मैं:- बिलकुल मिल्ली गई आप नीची जाओ मैं रेडी हो क आया..

तनीषा मुस्कुरा दी फिर क्या था मेरी जान सामन्य आ गई मतलब उसका डिंपल मैं झट सी उसको चुम लिया..

वह बी मुझी हलकी सी होंठों पी किश क्र क चली गई मैं कपड़े पहन क नीची आ गया सब मेरा वेट क्र रही थय..

माँ:- इतनी देर.?

मैं:- बीएस वह चेंज क्र रहा था..

अवनि:- चेंज क्र रहा था या भाभी को टांग..

मैं:- चुप क्र छिपकली..

पायल:- बीएस फिर शुरू दोनों..

निशा:- तुम हमेशा ऐसी इ लारती हो.?

मैं:- मैं नहीं यह शुरू करती hy..Chipkali..

अवनि:- मैं नहीं तो करता ही बंदर..

मैं:- तो करती ही..

अवनि:- तो

पायल:- बीएस िस्प्य फिर शुरू हो जाओ... अब तुम दोनों में सी कोई बी बोलै न दोनों को नाश्ता नहीं मिल्ली गए..

हम दोनों छू चाप बेथ गए..

सब हसने लगी..

प्रिय:- खाने क नाम सी दोनों चुप होगये..

अदिति:- सही कहा वर्ण मुझी लगा था आज ऐसी इ लारती रही गए..

C'mami:- चलो सब बैठो खाना खाओ..

हम बेथ गए.. ममी और चाचियां खाना परोसनी lgi..sab खाना कहानी लगी..

मैं:- आज शाम को पार्टी क लिए सब रेडी हैं न.?

सब:- कोनसी पार्टी.?

मैं:- मेरी गुड़िया न्य कहा था न क पार्टी चाहिए..

दादा जी:- लेकिन कोई तयारी बी नहीं होइ अभी तक.?

नाना जी:- हाँ..

मैं:- सब क कापरी कमरे में हैं शाम को गार्डन रेडी मिल्ली गए सब को इनविटेशन भेज दिया गया ही...

दादी जी:- सब क्र लिया टोनी.?

मैं:- जी मेरी गिर्ल्फ्रेंड..

अवनि:- ोये मुझी शोपिंग पी जाना ही..

मैं:- तो जा न..

अवनि:- तेरी साथ जाओं गई..

मैं:- मैं नए लय क जा रहा तुझी..

अवनि:- मैनी पोछा नहीं बताया ही..

मैं:- ाचा मेरी maa...or किस किस को जाना ही.?

वर्षा:- मुझी..

अदिति:- मुझी बी

रूपा:- मुझी..

शीसखा:- भैया मैं बी जाओं गई....

मैं:- और कोण रह गया ही.?

निशा:- मैं बी चालों गई..

मैं:- आपको नहीं jana.?(Anjili सी पोछा)

अंजलि:- चालों गई..

अवनि:- ोये होई मेरी बरी ब्रा नखरा क्र रहा था..

मैं:- अब जा रही हैं तो सब चलो फिल्म बी देख ए गए..

सब:- दोनी...

सब नाश्ता ख़तम क्र क त्यार होनी चली गए...

मैं आयेशा क पास गया जो क अंजलि क रूम मैं थी..

मैं वहां गया आयेशा बीएड पी बैठी थी अंजलि उसको ड्रेस दिखा रही थी..

मैं:- हर रूप हर ऐडा में खूसूरत हो..

दोनों न्य मेरी तरफ देखा और चहरे पी मुस्कान आ गई दोनों क..

मैं अंजलि क पास गया और गाल पी किश किया..

मैं:- ी लव यू!!

अंजलि:- ी लव यू तू!

आयेशा:- ी लव यू 3

मैं आयेशा क पास बेथ गया आउट उसकी क गाल पी किश किया..

अंजलि:- आप रेडी होने नहीं गए. जाना नए ही क्या.?

मैं:- मैं तो रेडी हों आप रेडी हो बीएस

अंजलि बाथरूम मैं चली गई..

मैं आयेशा को गॉड मैं बिठा लिया..

मैं:- जान आपसी एक काम था..

आयेशा:- हुकम कीजिये आप..

मैं:- आपकी टीम की ज़रूरत ही कुछ काम क लिए क्या होगा.?

आयेशा:- ज़रूर लेकिन अब उनका विश्वास उठ गया ही वह अब उस फाॅर्स में वापिस नहीं जाना चैत्य..

मैं:- उन सब का सारा रिकॉर्ड क्लियर होगया ही आपका बी..

आयेशा:- वह किसी.?

मैं:- बीएस वह चोरो आप बताओ काम होगा.?

आयेशा:- बिलकुल काम क्या ही.?

मैं:- उनकी साथ इ बताओं गए अभी चले गए ुणस्य मिलनी वह फार्म हाउस में हैं..

आयेशा:- जैसी आपकी मर्ज़ी...

मैं:- वह चोरो यह बताओ एक लड़का और लड़की इतनी करीब हों तो क्या बीएस बेटी इ कृत्य हैं.?

Ayesha(meri गर्दन की दोनों साइड बहन दाल क):- तो क्या कृत्य हैं..

मैं:- बोहत कुछ..

आयेशा:- क्या कुछ.?

"अहंमम अहंम" हम दोनों अलग हो गए यह अंजलि क आवाज़ थी..

मैं:- क्या जान द्र दिया अपनी..

अंजलि:- ाचा जी मैनी डराया.?

Ayesha:-Main चेंज क्र क अति हूँ

आयेशा बाथरूम में भाग गई..

अंजलि:- चले सब रेडी होंगी...

मैं:- अभी करनी दो वेट अभी जो काम आधा छोरा ही पूरा तो क्र लोन..

अंजलि:- कोनसा काम.?

मैं अंजलि क करीब गया उनको अपनी बहून में भर क अपनी होंठ उनकी होंठों पी रख दिए 10 मं की किश क बाद हम अलग होवय..

मैं:- यह काम..

अंजलि शर्मा क अपना मुँह मेरी साइन मैं छुपा लिया..

मैं:- क्यू आप बी शर्मा गई.?

अंजलि:- आपकी तर्हां बेशर्म नहीं हूँ अभी..

मैं:- तो बन जाओ...

अंजलि:- नहीं आप चलो हम अभी आती हैं नीची..

मैं अंजलि क सर पी किश क्र क बाहिर आ गया सामन्य इ A'bua मिल गई..

मैं:- तो आप कब क्लासेज दी रही हैं हमारी मैडम साहिबा

A'bua:- आज रात पका पार्टी क बाद..

मैं:- Ok मैडम जी..

बुआ मुस्कुरा क वह सी चली गई मैं वहां सी नीची आ गया और गारी क पास चला गया 10 मं बाद सब आ गई..

मेरी गारी मैं यज्ञ अवनि बेथ गई पिच्य कोमल शिखा अदिति बेथ गई सब एडजस्ट होकय निकल गौए मॉल की तरफ मॉल में सब न्य खूब शोपिंग की फिर कैंटीन मैं बेथ गए फिर सब केहनी लगी पार्लर जाना ही सब पार्लर चली गई

मैं:- आयेशा क्या हम चले तुम वापिस आ क रेडी जो जाना..

आयेशा:- हम्म्म

मैं आयेशा क साथ गारी में निकल गया फार्महाउस की तरफ आयेशा मे कंधी पी सर रख क बैठी रही सराय रस्त्य हम कुछ देर मैं फार्महाउस पोहंच गए..

हम अंदर गए सब लौंगर में बैठी थय...

आयेशा:- ही गयसस

सब:- ही...

Heena:-Kesi ही 2 दिन सी मिली बी नहीं..

ा1:- हाँ हम बीएस यहाँ बैठी हैं..

आयेशा:- बीएस थोड़ा रिलेक्स क्र रही थी..

Heena:-Kya यह तेरा वही सैम ही जिस बारी में हमेशा बात करती थी.?

मैं:- हमेशा मतलब.?

हिना:- अरे पूरा कॉलेज क तिम्र आपकी बारी में बोलती थी आज वह मेरी सैन्य में ए यह किया वह किया बला बला बला..

आयेशा:- हाँ वही हैं! अब खुश...

ा4:- पार्टी तो दी..

मैं:- आज शाम को पार्टी ही सबको आना ही पेहली एक इम्पोर्टेन्ट बात करनी ही आप सब सी.

सब बेथ गए मैनी बोलना शुरू किया..

मैनी तीन फोटोज टेबल पी राखी

मैं:- यह ही तनीषा यह उसकी माँ डैड दोनों की मौत हो चुकी ही अमेरका में दोनों की मौत एक्सीडेंट थी लेकिन मुझु नहीं लगता सो तुम सब को अमेरिका जा क इस केस को इन्वेस्टीगेट कर्म होगा असप.

हीना:- अमेरिका में हम किसी जाये गए.? वहां परमिशन नहीं ही हामी

मैं:- उसकी फ़िक्र मत करो वह मिल जाये गई आपको बीएस अपना 100% देना ही यह मेरी लिए बोहत इम्पोर्टेन्ट हह इसकी बदली जो चहिहै मिल्ली गए..

ा1:- अरे नहीं भाई हम पोररी कोशिश क्रय गए

ा2:- हाँ भाई No टेंशन..

आयेशा:- हुमय कब जाना ही.?

मैं:- आप कहीं नहीं जा रही यह सब जा रही हैं अपनी फैमिलीज़ सी मिल क..

आयेशा:- मतलब मैं नहीं जा रही.?

मैं:- सब वहां चले जाये गए इंडिया का कचरा कोण साफ़ क्रय गए.?

आयेशा:- O.k जैसी आपकी मर्ज़ी..

फिर थोड़ी इधर उधर की बातें और थोड़ी बोहत इनफार्मेशन दी क हम वापिस मॉल की तरफ चले गए.. वहां सी आयेशा रेडी होइ और सब को लय क हम वापिस घर आ गए.....

तो बे कंटिन्यू..

नोट:- सॉरी फॉर शार्ट अपडेट सुबह मेरा पेपर ही इस लिए इतना इ लिख पाया भाई..
 
अपडेट NO.21

सब को त्यार करवा क हम घर की तरफ हो लिए हम घर पोहंची तो एक गारी पेहली सी इ खरी थी सब इतनी महंगी गारी देख क हैरान हो गए क कोण आया ही और मेरी तरफ देखनी लगी..

मैं:- मुझी क्या घूर रही हो मेरी नहीं ही...

हम अंदर गए तो सोफे पी एक औरत और एक लड़की बैठी थी..

हामी देख क रुक गए क यह कोण हैं.?

माँ:- अरे आ गए तुम लोग ीनस्य मिलो सैम यह ही तुम्हारी मस्सी अमृता और बेहेन तारा.. यह शादी क बाद पहली बार इंडिया ी ही..

मैं हैरान था क मेरी तीनो मस्सियाँ अमेरिका में थी तो मिल्ल्तिनक नहीं थी आपस में..

मैं:- नमस्ते मस्सी.. नमस्ते तारा...

तारा:- व्हाट आज कल बी भला कोई नमस्ते कहता hy.?(hehe)

मस्सी:- तो यह ही तेरा बीटा गाओं में रख क टुन्नी गवर बना दिया ही hy..(hehe)

तारा:- माँ योर रेलिटिवेस अरे सो आउटडेटिड...

मेरी साडी बहनो को बोहत गुस्सा aya..lekin मैनी शांत रहंय कोण कहा..

मैं:- अरे वह अमेरिका रिटर्न्स अपनी बोली इ भूल गए बचपन इसी गाओं मैं गुज़र क इसी को गवर केहनी वाली सी बारे कोई गवर नहीं होता.. आईएम सॉरी लेकिन अगर जगह सी स्टैण्डर्ड का अंदाज़ा लगता तो क्यू आप अमेरिका में रहती हो न तो आप अमेरिका की प्रेजिडेंट क्यू नहीं बन गई.?

तारा:- आज बी पूरी अमेरिका में हमारा नाम चलता ही धर्म P.v.t लिमिटेडस..

मैं चाहता तो अभी बोलती बंद करवा देता लेकिन मैं किसी बारी क साथ बदतमीज़ी नहीं करना चाहता था..

मैं:- नीस तो मीट यू मस्सी एंड तारा प्लीज शाम को पार्टी में ज़रूर आना..

मस्सी:- देखी gy...(Attitude क साथ)... और यह गिलास धुला हुवा नहीं ही क्या हामी बीमार करना ही.?

C'chachi:- बेहेन जी अभी धू क ले हूँ..

तारा:- कहाँ धू क ले हो.. गन्दा ही...

मस्सी:- अछि तरह साफ़ क्र क लाओ..

S,massi:- तो आज बी नहीं बदली तेरी वजह सी दीदी क साथ..

माँ न्य बिच में इ रोक दी

माँ:- रुपाली ज़रा ाच्य सी साफ़ क्र क लय औ.. अरे तनीषा बीटा इधर औ..

माँ:- शर्मीला यह ही दीदी की बेटी तनीषा..

तनीषा:- नमस्ते...

और पेअर छु लिए..

मस्सी न्य मुँह बना क सर पी हाथ रख दिया मुझी बोहत गुस्सा आ रहा था..

मैं कमरे में चला gya..Mery पिच्य कोमल बी आ गई..

मैं बीएड पी बेथ गया और सर पाकर क शांत करनी लगा...

कोमल:- क्या हुवा.?

मैं:- कुछ नए अपनी देखा वह किसी बात क्र रही थी.?

कोमल:- कई लोग ऐसी इ होती हैं जहाँ रेहटी हैं वही क हो जाती हैं..

मैं:- मैं रूचि दीदी मस्सी अंकल बी तो वही रेती थय न..

कोमल मेरी पास आ गई और मेरी गॉड में बेथ गई..

कोमल:- आप तो ऐसी नहीं थय.?

मैं:- केसा.?

कोमल:- जो किसी की रोडनेस को बर्दाश्त न क्र सकीय..

मैं:- मेरी साथ जो मर्ज़ी क्रय वह सब क सामन्य किसी c'chachi S,massi तनीषा क साथ बातें क्र रही थी..

कोमल:- कोई बात नहीं कलम डाउन..

कोमल न्य मेरी गाल पी किश किया मेरा सारा गुस्सा उतर गया..

कोमल:- 2 दिन में हम सब अपनी अपनी घर चले जाये गए..

मैं:- आप को बोहत जल्द अपनी पास लय ाओं गए..

कोमल:- मैं तो हमेशा साथ रहूँ गई बीएस थोड़ी दूरी पर..

मैं:- कॉलेज ख़तम होती इ एक मं बी दूर नहीं रहंय दूँ गए वैसी बी 15 साल तारपा हूँ..

कोमल:- अब तो हम मिलती बी रही गए न...

मैं:- Bilkul..Apsy भला मैं दूर रह सकता हूँ लेकिन सब क हुकम क मुताबिक 2 साल और रोकना ही.. अभी तो..

कोमल:- कोई बात नहीं यूँ गुज़र जाये गए लेकिन तब तक तनीषा और आयेशा और अंजलि दीदी का ाच्य सी ख्याल रखना..

मैं:- तुम सब मेरी लिए एक जैसी हो.. ी लव यू आल..

कोमल:- बाकि तो ही नहीं सबकी तरफ सी वे लव यू तू!

मैनी कोमल क गाल पी किश क्र दिया..

इतनी मैं मेरा फ़ोन बजा..

मैनी देखा तो ऑफिस सी फ़ोन था..

मैं:- Hello..

****

Main:-Yeah वे अरे ों थे वे...

फ़ोन कट क्र दिया..

कोमल:- क्या हुवा खैर ही न.?

मैं:- आज बोहत इम्पोर्टेन्ट मीटिंग ही बोहत प्रॉफिट होगा अगर यह डील होगी तो..

कोमल:- अगर मैं कहां क मीटिंग सांक्ले क्र दी तो.?

मैं फ़ोन उठाया और no. दिल किया..

Main:-Hello मीटिंग सांक्ले..

कोमल न्य झट सी फ़ोन खींच लिया..

कोमल:- No No बीएस आ रही हैं don't सांक्ले आईटी..

फ़ोन कट क्र दिया..

कोमल:- मैं मज़ाक क्र रही थी..

मैं:- आपकी मुँह सी निकली होइ बात पत्र की लकीर ही मेरी लिए..

कोमल मेरी गली लग गई..

कोमल:- ी लव यू!°

मैं:- ी लव यू तू!

कोमल:- आप जाइये जल्दी सी..

मैं:- हम्म

मैं नीची आया तो सब बेथ क बेटी क्र रही थय तारा न्य एक ऐटिटूड वाला लुक दिया मैनी इग्नोर क्र दिया..

मैं:- तनीषा चले एक बोहत ज़रूरी मीटिंग ही..

तनीषा:- हाँ अभी कॉल आया..

तारा:- अरे तनीषा तुम तो ऐसी बेहवे क्र रही हो जैसी करोड़ों की डील हो यह चिन्दी चिन्दी मीटिंग्स की इतनी टेंशन क्यू.?

A.massi:- बीटा इनकी क लिए तो यह बी बोहत बरी होगी..

दोनों:- हेहेहे..

मैं:- थैंक्स फॉर गुड लक.. ......Bye माँ हम आती हैं ज़रा O.k

मैं उनको िंगोरे क्र क बाहिर आ गया..

[Huwa Yun k mainy ghar walon ko yah Sab ko abhi meri ownership wali bat na btany ko kaha Main Launch mein Chashma lga k Aur Dari rakh k gya tha wapis aa k mainy shave kr liya tha q k main abhi center of attention nahi bnana chahta tha.. ]

हम गारी में बेथ गए..

तनीषा:- अपनी बोलनी सी रोका क्यू जैसी बातें क्र रही थी दोनों एक मं में चुप करवा देती..

मैं:- रिलेक्स मेरी जान आप मीटिंग पी फोकस क्र पेपर्स रेडी हैं..

तनीषा:- सब रेडी ही बीएस हमारा वेट हो रहा ही...

हम दोनों ऑफिस को तरफ चले गए हमारी मीटिंग काफी देर तक चलती रही आखिर डील o.k हप गई..

इसी में रत होगी.. मुझी माँ क फ़ोन पी फ़ोन आ रही थय..

मैं:- तनीषा डार्लिंग हम सीधा मॉल सी रेडी हो क पार्टी में चलती हैं..

तनीषा:- ठीक रही गए टाइम बी बची गए..

हम मॉल में चले गए वहां सी दोनों रेडी छपगये तनीषा तो केहर धा रही थी..

मैं:- है मर hi डल्लो गई क्या.?

तनीषा:- आप बी किलर लग रही हैं...

हम हवेली की तरफ चले गए..

हम दोनों न्य एक दोस्सरी का हाथ पाकर क एंट्री ली...

मैनी बीएस कुछ इ अस पास क लोग बुलाये थय कोई बरी पार्टी नहीं राखी थी यह सब क जाने सी पेहली एक छोटी सी फॅमिली पार्टी थी..

माँ:- आ गए.. बोहत सुन्दर लग रही हो दोनों नज़र न लग जाये..

दादा जी:- थय कहाँ अब तक.?

मैं:- वह बीएस लेट होगी मीटिंग में..

A.massi:- छोटी मोती डील की बी मीटिंग इतनी बरी होती ही.?

मैं:- मस्सी आपको मज़ा तो आ रहा ही न.?

A.massi:- किस चीज़ का.?

मैं:- पार्टी का..

तारा:- क्या ठंडी पार्टी है..

मैं:- फॅमिली पर्तिरस ऐसी इ होती हैं..

मैं वहां बात इ क्र रहा था क अंजलि मेरी लिए जूस लय ी..

A,massi:- बरी जुंग लार क आया ही na...(hehe)

Tara:-(hehe)

मैं:- अगर कोई बाहिर सी अत ही पानी ज़रूर देती हैं कभी सिखाया नहीं क्या.? स्कूल में.?

तारा:- एक्सक्यूज़ मी अपनी स्कूल की तूपर हूँ सेकंड रैंक ही पूरी स्कूल में..

मैं:- ाचा जी कोनसा स्कूल ही.?

तारा:-***** हाई स्कूल..

रूचि:- मैनी कभी नहीं देखा उधर मैं बी उधर सी इ पारी हूँ.?

तारा:- इस साल क रिकार्ड्स देख लो अगर यकीन नहीं तो..

मैं बी सोच में पर गया शायद देखा हो लेकिन मैं ज़्यादा स्कूल में सोशल नहीं था और दोस्त बी नहीं बनाये Kabhi...Shayad इसी लिए नहीं गुर किया..

मैं:- अछि बात ही वैसी यज्ञ इधर पर्ण ही क वहीँ..

तारा:- मेरा तो कोई मूड नहीं ही लेकिन पापा न्य कहा बाकि का इधर parho..isi लिए हम ए यहाँ..

A,massi:- मीनाक्षी हम तेरी इ सेहर मैं अपना बंगलू खरीद रही हैं आना कभी देखनी..

माँ:- ज़रोरो दीदी..

A'bua:- बेहेन जी ए खाना खा ली जिए..

फिर कुछ नहीं बीएस थ्री बोहत गेम्स खेले डांस किया और पार्टी ख़तम हो gai..Hum सब अपनी अपनी कमरों में चले गई.. दादा जी न्य नाना जी को आज बी रोक लिया था क कल सुबह बुआ और हम वापिस जा रही थय इस लिए..

मैं बुआ को इशारा किया..

A'bua:- आज मैं तेरी रूम मैं ाओं गई सब क सोनी क बाद O.k..

मैं:- हम्म सब आज इ पढ़ लोन गए..

बुआ नॉटी स्माइल दी क चली गई..

मैं अभी किचन मैं जा hi रहा था क M'bua मिल गई..

मैं:- कहाँ जा रही हो मेरी चमक चलो..

M'bua:- जन्य की तयारी करनी यहाँ सी जाओं गिणतो तेरी साथ हनीमून पी जाओं गई न मेरी राजा..

मैं:- हम्म

मैं किचन मैं चला गया वहां भाभी mill.gai

मैं:- अरे आप क्यू काम क्र रही हैं आप मेहमान हैं..

भाभी:- यह बी तो अपना इ घर ही न तो िसमय मेहमान जैसी क्या बात.?

मैं:- सही ही लगी रहो..

भाभी:- लगनी दी गए तो फिर इ न.?

मैं:- हाँ.? कुछ बोलै.?

भाभी:- नहीं तो...

मैं पानी लय क कमरे की तरफ जा रहा था क अंजलि का कमरा रस्त्य मैं मिल गया मैं उस तरफ बार गया..

अंदर आयेशा और अंजलि गुमसुम बैठी थीं..

मैं:- क्या हुवा मेरी जानो को ऐसी क्यू बैठी हैं.?

दोनों ला ध्यान मेरी तरफ गया..

अंजलि:- अरे आप आइये आप hi को याद क्र रहे थय हम.?

मैं उनकी पास चला गया आयेशा न्य अपना सर मेरी गॉड मैं रख लिया और अंजलि न्य कंधी पी..

मैं:- क्या हुवा.?

अंजलि:- कल आप जा रही हैं.? मैं किसी रहूं गई आपकी बिना.?

आयेशा:- मैं नहीं दूर रह सकती आपसी...

मैं:- तुम दोनों तो मेरी साथ चल रही हो..

दोनों:- क्याआ.?

मैं:- हाँ तुम्ही नहीं पता मुझी लगा माँ न्य बता दिया होगा.?

अंजलि:- क्या सब लोग मान्य गए.?

मैं:- उसकी फ़िक्र मत करो मैनी सब देख लिया ही आप तनीषा क साथ ऑफिस जाये गई और आप का तो इंस्पेक्टर की ऑफर ी ही...

दोनों:- क्या सच में.?

मैं:- बिलकुल..

दोनों:- यहह्ह्ह्ह होओओओओओओ

दोनों खरी होगी मेरी दोनों गाल गिली क्र दिए...

और कमरे मैं उचलण्य लगी सभी बचा पार्टी शोर सुन क आ गई..

शिखा:- आज यह दोनों पागल हो गई..

अवनि:- क्या हुवा दी ऐसी क्यू उछाल रही हो.? इस बंदर न्य कुछ कहा क्या.?

अंजलि:- नहीं हम बी कल चाचा चची क साथ जा रही हैं सेहर1..

सब:- क्या

आयेशा:- पता ही मुझी इंस्पेक्टर की जॉब की ऑफर ी ही..

कोमल:- बोहत मुबारिक आपको बोहत ख़ुशी की बात ही यह..

अवनि:- यह तो हामी आज दोपहर सी पता ही..

Anjili:-Kya पर हामी क्यू नहीं था पता.?

पायल:- तोङने सुन्ना इ कहाँ बीएस यह सुन क उठ ी क चाचा चची शहर1 वापिस जा रही हैं..

अंजलि:- ओह्ह तो उसकी बाद बात होइ थी.?

परिया:- जी...

अवनि:- और पता ही पायल दीदी की शादी बी जल्द इ फिक्स होनी वाली ही

मैं:- जी हामी पता ही ज़्यादा अम्मा मत बन..

अंजलि:- अब तो शादी होनी वाली ही तेरी.? ाहः देखो शर्मा रही ही..

पायल दीदी भाग गई वहां सी..

[Payal Didi Ki shadi Unki marzi sy ty hoi thi..]

फिर सब को bye बोल क मैं कमरे मैं आज्ञा और A'bua का इंतज़ार करनी लगा..

करीबन 2:00 बजी वह मे कमरे में ी मैं मोबाइल पी इंस्टा स्क्रॉल क्र रहा था..

A'bua:- सोया नहीं.?

मैं:- ज़िन्दगी का इतना इम्पोर्टेन Chapter पर्ण ही नींद कहाँ सी ए गई.?

A'bua:- देख हमरीबपस ज़्यादा समय नहीं ही अब मैं जो बोलो वह क्र..

मैं:- O.k

A'bua:- शर्ट उतर..

मान्य शर्ट निकल दी बुआ मेरी बॉडी में इ खू गई..

मैं:- बुआ किधर खू गई.?

A'bua:- कहीं नहीं कब पेण्ट बी निकल..

मैनी पेण्ट बी निकल दी अब मैं सिर्फ अंडरवियर मैं खरा था मेरा 10" का लुंड साफ़ उभर दे रहा था..

मैं:- अब.?

A'bua:- देख मैं तुझी किसी धोके में नहीं रखना चाहती..

मैं:- मतलब.?

A'bua:- देख मुझी पता ही तो मेरी बेटी सी प्यार करता ही शादी करना चाहता ही लेकिन जब सी मैनी तुझी देखा ही तेरी तरफ खींची चली जाती हूँ जो अरमान किये समय सी दफ़न थय तुझी देखती इ फिर सी जाग गई मैं खुद को बोहत समझया लेकिन जब तूणी कहा क तुझी कुछ नहीं पता तो मैनी गोल्डन चांस समझ क तुझी समझनी भय तेरी साथ....

मैं:- मेरी साथ क्या.?

A'bua:- W..o..

मैं:- सेक्स करना चाहती थीं.?

A'bua:- हाँ लेकिन मुझी गलत मत समझना प्लीज..

मैं:- मैं पेहली सी इ जनता था जैसी अपनी सामन्य सी ऑफर दिया मैं तभी समझ गया..

A'bua:- तो इतना नाटक क्यू.?

मैं:- अपनी बी तो किया न..

मैं बुआ को खींच लिया और आंखों में देखती होय किश करनी लगा..

मैं कभी ऊपर वाला तो कभी नीची वाला होंठ चूस रहा था मेरा एक हाथ बुआ क बूब्स पी चला गया मैंनसरी क ऊपर सी इ उनको दबनी लगा...

अहह क्या नरम बूब्स थय और बारी बारी मैं ज़ोर ज़ोर सी दबनी लगा बुआ को दर्द होवा वह अलग हो गई..

A'bua:- आराम सी क्र न तेरी इ हैं..

मैनी पालू पाकर क गिरा दिया अब वह मेरी सामन्य ब्लाउज थी उनकी बारी बारी बूब्स उसको फर क बाहिर अन्य क लिए बेताब थय मैं यज्ञ भाई क ब्लाउज बटन खोल दिए और उत्तर दिया वह ब्लैक ब्रा में खरी थी ब्लैक ब्रा में वाइट बूब्स Ah...hhh क्या मस्त लग रही थय मैनी अपना मुँह उन पी रख दिया अपनी हाथ पिच्य लय क जा क ब्रा का हुक खोल दिया.. और जिस्म सी अलग क्र दिया ...अहह क्या नज़ारा था

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बारी बारी बूब्स नरम नरम मैनी उसको मुँह में भर लिया

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एक को चूस रहा था और दोस्सरी को दबा रहा था क्या एहसास

10 मं तक चूसता रहा बुआ सिसकियाँ लेती रही..

A'bua:- आ क्या इन्ही को कॉस्टा रही गए या यज्ञ बी बारी गए..

मैं बुआ क जिस्म पी जीब फेरता हुवा नीची अन्य लगा और साडी खोल दो ुर पेंटी बी निकल दी

Ah.hhh क्या चिकनी छूट थी

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मैं देखता इ रह गया और बिना बलून क मेरु मुँह मैं पानी आ गया मैनी छूट पी अपनी होंठ रख दिए बुआ ट्रैप गई..

A'bua:- अह्ह्ह..

मैं छूट को चूसनी लगा शुरू मैं थोड़ा अजीब लगा फिर मज़ा अन्य लगा

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बुआ की तो हालत खराब हो रही थी मैनी अपनी जींद छूट मैं दल दी और अंदर बाहिर करनी लगा

A'bua:- Ye..ahhh क्या अह्ह्ह्ह छूट छतवानी अह्ह्ह... में इतना मज़ा अत ही मुझी पता इ नए था Ah..Hhhh चोस और ah....hhh

बुआ 10 मं बाद मेरी मुँह मैंने जहर गई मैं बी सारा पानी पि गया...

वह निढाल होकय बीएड पी पारी थी मैं उनकी छूट का पानी लगा हुवा मुँह ऊपर लय क आया..

मैं:- मज़ा आया.?

A'bua:- मज़ा आज तक कभी इतना मज़ा नहीं आया.. टुन्नी यह सब किधर सी सीखा.?

मैं:- बीएस पोर्न और स्टोरीज पर क.. यू अरे माय फर्स्ट टाइम..

A'bua:- पहली बार में इतना मज़ा दिया ट्रैन होकय क्या क्रय गए..

मैं:- अभी तो मज़ा ए गए..

मैनी अपना अंडरवियर निकल दिया बुआ मेरा लुंड देख हैरान हो गई..

A'bua:- यह क्या ही.?

मैं:- शकलाका बूम बूम वाली पेंसिल ही..

A'bua:- क्या.?

मैं:- लुंड ही और क्या पसंद नहीं आया.?

A'bua:- इतना ब्रा और सुन्दर पसंद क्यू नहीं ए गए.?

मैं:- तो मुँह मैं लय क देखो न..

A'bua:- वह फिर कभी अभी टाइम काम ही मुझी तयारी बी करनी ही जन्य की अभी तो सीधा छूट मैं दल..

मैं:- काम सी काम चूस क गिल्ला तो क्र दो..

बुआ न्य जितना होसकता था अंदर मूग मैं लिया और निकल दिया और टांगें पहला दी..

मैं बी लुंड को छूट पी एडजस्ट क्र क एक झटका मारा 2 इंच तक अंदर गया बुआ की हलकी सी चीख निकल गई...

A'bua:- धीरे तेरा बोहत मोटा और ब्रा ही आराम सी दल..

मैं हल्का हल्का दबाव डालना शुरू किया 5 इंच तक ऐसी इ अंदर चला गया फिर मैनी बुआ का मुँह अपनी मुँह मैं दबा लिया और एक ज़ोर दर ढाका मारा पूरा लुंड छूट में..

बुआ की चीख निकल गई लेकिन मेरी मुँह मैं इ डाब गई लेकिन उनकी आंखों सी आंसूं निकल ए मैं वैह रुका रह बुआ क बूब्स दबाता रहा 10 मं में नार्मल होइ तो हल्का हल्का अंदर बाहिर करना शुरू किया...

बुआ बी मेरा साथ देंय lagi..mery ढकी और बारी होती गए...

करीब 10 में में बुआ फिर जहर गई..

मैं बुआ को घोरी बनने को कहा वह बन गई मैनी पिच्य सी छूट मैं एक बार मैं इ लुंड ग़ुस्सा दिया और ज़ोर दर स्ट्रोक लगानी शुरू क्र दिए करीब 30 मं की चुदाई क बाद मैं बुआ क अंदर इ जहर गया और बीएड पी दोनों बेसूद होकय लेट गए..

हमारी दर्मिया 3 बार यह खेल चला फिर बस थक गई उसकी छूट मैं जलन होनी लगी वह अपनी कमरे मैं चली गई उसी चला बी नहीं जा रहा था बरी मुश्किल सी चल क गई और मैं नींद की वादियोँ मैं चला गया..

नयी सुबह नए रंग लय क अन्य वाली ही अब देखना यह होगा यह ाच्य होती हैं या बरी..

तो बे कंटिन्यू
 
अपडेट NO.22


सुबह मैं थोड़ी देर सी उठा फ्रेश होवा नीची किचन मैं जा क पेहली कॉफ़ी बनाई और तनीषा को दी क्यू क मुझु पता था ध्यान मैं टाइम लगी गए..

मैं तनीषा क कमरे मैं गया उसकी साथ आज भाभी सो रही थी मैं तनीषा क पास गया उसकी होंठों पी हल्का सा किश किया वह उठ गई..

तनीषा:- गुड मॉर्निंग जानू..

मैं:- गुड मॉर्निंग माय स्वीट वाइफ.. ुम्हह..

तनीषा:- आप जोगिंग क्र ए.?

मैं:- अभी जा रहा हूँ रत को लेट सोनी की वजह सी लेट उठा.. O.k आप उठो. मैं जोगिंग क्र क आया..

मैनी उसकी मथ्य पी किश किया वह बी मुसकरा क कॉफ़ी पिनय लगी..

मैं बाहिर जोगिंग पी चला गया..

मेरे बाहिर आती इ भाभी उठ गई..

भाभी:- कोण Tha.?(kusmusate हॉवे..)

तनीषा:- सैम थय जगण्य ए थय..

भाभी:- अरे वह और यह कॉफ़ी बी वह लाया.?

तनीषा:- वह तो रोज़ मुझी उठती हैं और कॉफ़ी बी लाती हैं..

भाभी:- वाओ सो romantic...hamari ऐसी किस्मत कहाँ.?

भाभी फ्रेश होनी चली गई..

मैं इधर लॉन में आज्ञा.. वहां पापा पेहली सी इ थय..

मैं:- गुड मॉर्निंग पापा..

पापा:- गुड मॉर्निंग आज लेट किसी.?

मैं:- वह सू रहा था नींद नहीं खुली..

पापा:- चलो कोई बात नहीं ध्यान में बैठो..

मैं ध्यान में बेथ गया..

आज करीब 10 मं में मेरी सामन्य पानी इ पानी था हर तरफ पानी इ बीएस मैं अचानक डूबने लगा मैं कोशिश क्र रहा था पानी सी निकली की लेकिन न काम रहा मेरा डैम घोंटनी लगा मुझ सी और बैठा नहीं जा रहा था ध्यान में लेकिन मैनी हर नहीं मणि मैनी अपनी दोनों हाथों को एक साथ जोर दिया और पोररी ताकत सी पानी को चीरता हुवा ऊपर की और जन्य लगा लेकिन जितना ऊपर जा रहा था उतना इ दूर किनारा बी जा रहा था मैं रोक गया और मैनी पानी को अपनी हाथों मैं जकरण्य की कोशिश करनी लगा हसी इ मैं हाथ बंद करता पानी ुसनमय समा जाता मैं लगातार ऐसी इ करता गया...

अचानक मैं ध्यान सी उठ gyaa..Main देखा पापा आज बी पास खरी हैं और मुस्कुरा रही हैं..

मैं:- आज कितना टाइम लगा.?

पापा:- 1:30 घंटा..

मैं:- चलो कुछ इम्पोरवे मेन्ट तो होइ.. तो क्या अब मैं पानी को कण्ट्रोल क्र सकता हूँ.?

पापा:- कोशिश क्र लो..

मैं:- लेकिन पानी तो नहीं hy..yahan.?

पापा:- अपनी मन में पानी क बारी में सोचो और हाथ यज्ञ को बढ़ाओ..

मैं ठीक वैसी इ किया जहाँ की तरफ मैनी हाथ बढ़ाया था वहां पी पानी आज्ञा और जिधर चाही मूव क्र सक रहता..

मैं:- वह मैं तो अकमण बन gya..(haha)

पापा:- चलो सब वेट क्र रही हैं अंदर...

हम अंदर आ गए सब टेबल पी बैठी थय हम बी जा क बेथ गए मैं हाथ मुँह बाहिर इ धू लिया था पानी सी..

दादा जी:- तो आज सब जा रही हैं..

नाना जी:- इतनी दिनों बाद परिवार एकता हुवा और फिर अलग हो रही हैं..

मैं:- हम हमेशा आपकी साथ इ हैं...

दादी जी:- कुछ दिन और रोक जाओ न..

A'bua:- माँ अगली बार और ज़्यादा दिन रोकी gy..lekin अब कोमल का कॉलेज बी ही न और प्रिय का ऑफिस..

R'bua:- हाँ हर 6 महीने बाद आती तो हैं..

दादा जी:- मैं तो इस बात सी खुश हों अब हम सब की करवाहट खतम होगी..

नाना ji:-Han और हम कभी बी मिप्ल सकती हैं.. य्र्र..

A'massi:- पिता जी हमारी बी फ्लाइट आज की इ ही...

नाना जी:- ठीक ही बेटी ध्यान सी जाना..

पापा:- हामी बी आज इ निकलना होगा पिता जी ऑफिस का काम बोहत बाकि ही..

दादा जी:- ठीक ही सब एक साथ चले जाये गए तो अलग अलग रोना नहीं पारी गए..

Sab(hahaha)..

नाश्ता करनी क बाद हम हॉल में बेथ गए..

मैं:- सो गाइस क्या प्लान.?

वर्षा:- करना क्या ही सब क जन्य की तयारी...

तभी डोरबेल बजी रूपा दीदी न्य जा क देखा तो कोई पार्सल था ऊपर अवनि लिखा था..

अवनि:- मैनी तो कुछ नहीं मगवाया.?

अंजलि:- खोल क तो देख..

अवनि न्य पैकेट खोला तो अंदर एक लेटर और बॉक्स था..

अवनि न्य लेटर पारा तो बोहत खुश होइ और उचलण्य लगी..

अंजलि:- क्या हुवा क्या ही यह.?

अवनि:- दीदी मेरा एडमिशन होगया India's टॉप ेंगेनेरिंग कॉलेज में.. याहूऊओ....

कोमल:- कांस्य कॉलेज में.?

अवनि:- ******* कॉलेज में..

कोमल:- अरे वह मेरा बी एडमिशन इसी मैं हुवा ही मेरा तो मेरिट पी हुवा तेरा किसी हुवा.? मेरिट क बिना एडमिशन नहीं मिलता उधर...

अवनि:- मेरा बी मेरिट पी लिखा ही लेकिन मेरा ग्रेड तो काम था लेकिन बंदर न्य बोलै एक बार अप्लाई तो क्र क देख मैनी किया और होगया..

अंजलि:- बोझ में क्या ही.?

अवनि न्य बॉक्स खोला हुए मैं अपनी जगह सी उठ गया.. और सोफे क पिच्य जम्प दी..

अवनि का चेहरा लाल होगया.. देख क और चिल्लाई..

अवनि:- बंदरररर!!!!

मैं:- देख मैं सिर्फ तरय क्र रहा था अछि बानी सोचा गिफ्ट क्र dun.(hahahahaha)

मेरी ऊपर कोड गई... मैं बी भगनी लगा..

पायल:- लेकिन ही क्या.?

मैं:- हाँ दिखा सबको..

अवनि:- तुझी आज नहीं चोरो गई तू तो गया आज..

मैं:- पेहली पाकर तो सही..

मैं B'chachi क पिच्य चुप गया उनकी दोनों बाज़ू पाकर लिए..

मैं:- चची बचाओ...

अवनि:- तुझी कोई नहीं बचा sakta..maa इसी कहो बाहिर निकली...

Main:-Na

B'chachi:- हुवा ह्या ही लेकिन जो पूरा घर सर पी उठाया ही तूने.?

मैं:- हाँ बोल न क्यू मर रही ही.?

अवनि:- माँ मैं नहीं चोरो गई इसी और मुझु नहीं बताना..

मैं:- दिखा न एक डैम मस्त तो hy...(hahaha)

अवनि:- तेरी दन्त तोर दूँ गई मैं अगर अब हिस्सा तो..

शिखा न्य उतनी देर मैं अवनि क हाथ सी पेपर खिंच लिया और सोफे पी खरी होकय सबकी तरफ क्र दिया...

सब हस्स हस्स क लूट पूत होगये.. बात इ कुछ ऐसी थी..

पेपर पी एक अजीब सी शकल बानी होइ थी लम्बी कान मोटा नाक बरी बरी ांकें और नीची लिखा था अवनि...

सब हस्स रही थय अवनि रोने वाली हो गई थी मुझी लगा अब बोहत हुवा..

मैं:- बीएस बीएस बोहत हस्स लिया..

सब शांत हो गए लेकिन तारा अभी बी हस्स रही थी..

मैं:- आपको इंग्लिश में लिख क दूँ.?

तारा बी चुप होगी..

मैं अवनि क पास आया..

मैं:- देख यह बीएस मज़ाक था सीरियस मत हो..

अवनि न्य कुछ नहीं बोलै वहां सी जन्य लगी मैनी उसका हाथ पाकर लिया और एक और इशारा किया.. सामन्य तनीषा और कोमल एक पत्रित लय क खैर थी अवनि का नीची लिखा था छिपकली..

अवनि और बाकि सब उसको देखती इ रह गए क्यू क वह बोहत इ ख़ूबसूरत था

पायल:- वाओ..

प्रिय:- यह किसनी बनाया.?

अवनि:- एक इ शख्स नीची जो लिखा ही बोलता ही तो.... टुन्नाय बनाया.?

मैनी हाँ में सर हिल्ला दिया..

अवनि मेरी गली लग गई.. फिर हल्का सी मौके मारण्य लगी..

अवनि:- पेहली क्यू टांग किया.?

मैं:- तुझी टांग करनी मैं मज़ा अत ही

अवनि:- तो कभी नहीं सोढ़री गए.. और एडमिशन बी तूने करवाया..?

मैं;- नहह मैनी उनको बीएस एक ब्रिलियंट स्टूडेंट दी अब मेरा नाम मत खराब करना..

अवनि:- कभी नहीं कॉलेज की सब्ज़ी ब्रिलियंट स्टूडेंट बनो गई प्रॉमिस..

मैं:- That's लिखे माय छिपकली..

अवनि:- बंदर...

हम अलग नहीं हो रही थय अवनि न्य बोहत कस क मुझी गली लगाया हुवा था..

पायल:- सारा दिन ऐसी इ खरी रही गई क्या.?

हम अलग होय मैनी अवनि की आंखों सी आंसूं साफ़ किये वह बी मुस्कुरानी लगी..

प्रिय:- अवनि तो बी हमारी साथ चल न वैसी बी 10 दिन में कॉलेज स्टार्ट हो जाये गए..

B'chachi:- हाँ बीटा अगर तुझी जाना ही तो अपनी बुआ क साथ इ चली जाना आसानी रही गई..

अवनि:- हाँ मैं पैकिंग करती हूँ...

अवनि कोमल को लय क ऊपर चली गई..

S'massi:- मीनाक्षी हम बी तुम्हारी साथ इ निकली गए वैसी कहीं ट्रैन सी तो नहीं जा रही तो.?

मैं:- न हवाई जहाज़ मंगवाया ही आपकी लिए..

माँ न्य मेरी सर पी हल्का सा थापर लगाया..

माँ:- नहीं दीदी हम गारी सी इ जाये गए..

S'massi:- अछि बात ही वर्ण हम नहीं इन लोकल ट्रेंस मैं सफर कृत्य

माँ:- जी..

A'bua खरी होइ और कमरे की तरफ जन्य लगी वह अभी बी लंगड़ा क चल रही थी मुझु हस्सी आ गई मैनी बुआ सी पोछा..

मैं:- क्या हुवा बुआ ऐसी क्यू चल रही हो.?

A'bua न्य एक बार मुझी घूरा और बोली..

A'bua:- सुबह बाथरूम सी गिर गई थी..

मैं:- Oh..hoo देख क चला करो न..

A'bua नॉटी स्माइल दी क चली गई..

मैं बी ुक्य पिच्य पिच्य चला गया वह कमरे में बैग्स चेक क्र रही थीं..

मैं पिच्य सी जा क चिपक गया और उनकी बूब्स मसल दिए..

A'bua:- अह्ह्ह्ह क्या क्र रहा ही कोई देख लय गए..

मैं:- अभी एक राउंड हो जाये.?

A'bua:- न बाबा अभी तक ठीक सी चल नहीं पा रही दर्द बी हो रहा ही.. फिर कभी..

मैं पिच्य सी अलग होगया और भाग क अपनी कमरे में आया और पैन किलर ली अपनी हाथों सी हीलिंग पावर ुसमय दाल दी और बुआ क कमरे में आया...

मैं जैसी इ अंदर आया..

A'bua:- सैम आईएम सॉरी तुझी करना ही तो क्र लय लेकिन नाराज़ मत हो प्लीज.?

मैं:- मेरी प्यारी बुआ मैं नाराज़ नहीं हुवा मेडिसिन लेनी गया था..

मैनी पानी का गिलास लिया और गोली उनको अपनी हाथों सी खिलाई वह मेरी आंखों में इ खू सी गई..

मैं:- अब आप सू जाइये जब उठी गई बिलकुल ठीक होंगी..

बुआ बिना किसी विरोद क लेट गई मैं ुक्य ऊपर चादर दाल क बाहिर आज्ञा..

अंजलि क कमरे में गया..

मैं:- क्या हो रहा ही मेरी जान.?

अंजलि:- आपकी जान परेशान ही..

मैं:- क्यू क्या हुवा.?

अंजलि:- क्या पैक करों समझ नहीं आ रहा..

मैं अंजलि क करीब गया और उसको हुग कर लिया..

मैं:- आप बीएस थोड़ी सी कापरी पैक करो बाकि वहां सी इ खरीद लेना..

अंजलि:- पका.?

मैं:- अरे आपकी जांय सी पेहली कापरी वहां होंगी...

अंजलि:- शुक्र ही टेंशन ख़तम..

मैं:- आयेशा किधर ही.?

अंजलि:- वह अपनी पैकिंग करनी गई ही..

मैनी अंजलि क मथ्य पी किश किया..

मैं:- रेडी हो जाओ बीएस कुछ देर में निकली गए..

अंजलि:- हम्म्म....

मैं अपने कमरे में gya..aur आयेशा को फ़ोन kiya.usy 2 रिंग्स में व उठा लिया..

आयेशा:- Hello..

मैं:- Hello..

आयेशा:- जी मेरी जान बोलिये.?

मैं:- तुमनी किसी पहचाना.?

आयेशा:- मेरी नस नस में बेहटा खून इतना मेरी नज़दीक नहीं जितना आप हैं आपको पहचाने क लिए मुझी किसी चीज़ की ज़रूरत नहीं..

मैं:- ी लव यू..

ाएहसा:- ी लव यू मोरे थें एव्री थिंग..

मैं:- ाचा जल्दी औ बीएस कुछ देर मैं हम निकालनी वाली हैं..

आयेशा:- हाँ बीएस आ रही हूँ..

फ़ोन कट होगया.. मैं अभी फ़ोन बंद किया इ था क अवनि मेरी रूम में आ गई..

अवनि:- क्या क्र रहा ही बंदर..

मैं:- कुछ नहीं तो बता किसी ी इधर.?

अवनि:- W..wo में बीएस ऐसी इ

मैं:- क्या बात ही?

अवनि:- कुछ नहीं bs...Tujhsy मिललंय आ गई सोचा इतनी दिनों में ठीक सी बात नहीं होसकी हमारी..

मैं:- हाँ आ बेथ..

अवनि बेथ गई..

मैं:- तो बता क्या प्रॉब्लम ही.?

अवनि:- प्रॉब्लम कोनसी प्रॉब्लम कोई प्रॉब्लम नहीं ही..

मैं:- तो साडी दुनिया सी झोइत बोल सकती ही मुझीसी नहीं अब बोल..

मैं उसका हाथ अपनी हाथ में पाकर लिया..

अवनि:- वो.. अगर मैं कॉलेज में ाचा न क्र पाई तो तेरा नाम खराब हो जाये गए न.?

मैं:- मुझु पूरा यकीन ही तूझपी तो कभी ऐसा नहीं होनी दी गई...

अवनि:- लेकिन अगर..

मैं:- तू किस बात की टेंशन लय रही ही अगर ाचा नहीं बी किया तो क्या.?

अवनि:- तो तेरी पैसी और रेप्युटिओं खराब होजाये गए..

मैं:- मेरी रेप्युटिओं तुम लोग हो और रही बात पैसों की तूझपी साडी दौलत वॉर दूँ..

अवनि मेरी गली लग gai..main उसका सर सेहला रहा tha..kuch देर में अलग होइ

मैं:- और यह एक कार्ड जितनी चाहे पैसी निकल. जब मर्ज़ी..

अवनि:- इसकी कोई ज़रूरत नहीं..

मैं:- ऐसी किसी नहीं ज़रूरत... मैं पॉच नहीं बता रहा हूँ रख चुप चाप...

अवनि न्य कार्ड लय लिया और मेरी गाल पी किश क्र क भाग gai..main उसकी मस्सोमियत पी मुसकरा दिया..

मैं वैसी तो नार्मल लग रहा था लेकिन मुझी एक शख्स सी दूर होनी पर डिल चिर रहा था वह कोमल थी मैं उस सी बात तक नहीं की थी सुबह सी अगर करता तो खुद क इमोशंस पी कण्ट्रोल नहीं क्र सकता था..

लेकिन मिलना तो था न मैं कोमल क कमरे की तरफ चला गया मैं अंदर गया तो रूपा दीदी कोमल क साथ बातें क्र रही थी और बैग्स पैक क्र रही थी.. मुझी देखती इ दीदी कमरे सी हस्ती होइ भाग गई..

मैं कोमल क पास गया उसनी बैग्स साइड में रख दिए..

कोमल:- सुबह सी अब टाइम मिला.?

मेरी पास इसका कोई जवाब नहीं था मैं बीएस कोमल क चहरे को घोरी जा रहा था मेरा डिल लड़ रहा था साडी ज़िन्दगी ऐसा इ बैठा रहूं मैं उसकी गुलाबी होंठ हलकी पहली गले नीली आंखें बीएस देखी जा रहा था..

मुझी जांय की बात याद आ गई मेरी आँखों सी अपनी आप आंसूं निकल गई...

कोमल तो जैसी ट्रैप उठी...

कोमल:- मैं मज़ाक क्र रही थी प्लीज मत रोइये..

मैनी कोमल को गली लगा लिया...

मैं:- प्लीज मुझी चोर क मत जाओ मैं..

कोमल:- मैं कहाँ जा रही हूँ.? आपसी हमेशा क लिए मिललंय क लिए थोड़ी सी जुदाई सहनी पारी गई..

मैं:- पेहली इ 15 साल आपसी दूर रह क बोहत संभाला खुद को अब और नहीं.. पूरी दुनिया सी लारण्य की ताकत ही लेकिन आपकी दूरी ज़हनी की हिम्मत नहीं ही मुझमे.. मेरी प्यार का अब इतना इम्तेहान मत लो कोमल नहीं जी सकता तुम्हारी बिना मेरी जिस्म को सांसें आपसी चलती हैं..

कोमल की आंखों में बी आंसूं की झरि आ गई.

कोमल:- मुझी आपकी प्यार क इम्तेहान लेनी की कोई ज़रूरत नहीं अगर ऊपरवाला बी आ क कही क आप मुझसी प्यार नहीं करती तो मैं यकीन नहींबकरुन गई.. मैं बी नए दूर रह सकती..

मैं और कोमल एक दोस्सरी को गली लगाए रखी थय..

कोमल:- मैं नहीं जाओं गई कॉलेज कुछ बी हो जाये मैं आपकी साथ इ जाओं गई कोई कुछ बी बोली..

मैं थोड़ा संभल गया था अब तक.. मैं अलग हुवा तो और कोमल क आंसूं साफ़ करनी लगा..

मैं:- नहीं मेरी जान आपका सपना मेरी वजह सी अधूरा नहीं रही गए आप खूब मान लगा क पारू पूरी दुनिया क सामन्य अपनी बना क लय क जाओं गए..

कोमल:- नहीं मैं आपको और तकलीफ नहीं दी सकती...

मैं:- आप मुझी कभी तकलीफ नहीं दो गई रूह बी भला शरीर को दुख दी सकती ही क्या.? लेकिन आपको मेरा सपना पूरा करना ही..

कोमल:- अगर आपका यह इ सपना ही तो मैं यह ज़रूर करों गई लेकिन रोज़ वीडियो कॉल रोज़..

मैं:- उसकी बिना तो मैं बी नहीं रह पाऊँ गए..

कोमल:- ी लव यू सैम ी लव यू

मैं:- ी लव यू तू!

मैनी कोमल को फिर सी गली लगा लिया...

शाम को सब अपनी अपनी मज़िल की तरफ निकल गए कुछ देर फॅमिली दारमा चलता रहा फिर हम बी निकल गई...

देखो यह सफर क्या रंग लता ही...

किसी न्य सही कहा ही

सफर ख़ूबसूरत है मंज़िल सी भी.!

तो बे कंटिन्यू

नोट:- सॉरी फॉर शार्ट अपडेट थका हुवा था इतना इ लिख पाया
 
अपडेट NO.23


हम सब सी मिल क निकल पारी अपनी घर की तरफ शहर1 की तरफ हम तीन गरियोँ में थय एक में मैं अंजलि आयेशा और शिखा थी एक गारी में माँ पापा और तनीषा थी और एक में S'massi और तारा थीं..

मेरी डिल क एक हिस्सा वीरान था जिस सी 15 साल क बाद मिला उसी सी आज फिर बिचरना प्र लेकिन अंजलि आयेशा और तनीषा की वजह सी मेरा डिल खुश बी था एक बात थी जब बी इन में सी एक बी होती मेरा डिल खुश होजाता ही और एक अलग इ सकूं मिलता ही लेकिन कोमल की वजह सी डिल थोड़ा उदास बी था..

हुक तकरीबन 3 घंटी की ड्राइव क बाद घर पोहंच गए थय घर काफी सुन्दर था बाहिर गार्डन फूलों सी भरा हुवा अंदर काफी सुन्दर सेहेन और डाइनिंग टेबल

नीची 3 कमरे थय ऊपर 6 कमरे थय कुल मिला क बोहत इ ख़ूबसूरत घर था..

S'massi:- बीएस ठीक इ ही हमारा बंगलो तो इस सी काफी बारे ही..

तारा:- हाँ और बोहत खूबसूरत और महंगा बी..

मैं:- म्हणत सी बनाई होइ चीज़ अछि इ होती ही छोटी क्यू न हो..

माँ:- छोड़िये न बैठिये मैं पानी लती हूँ...

S'massi:-Nahi हम जा रही हैं हुमय अब अपनी "बंगला" में जाना ही..

यह बात ुँहू न्य मेरी तरफ देख क कही थी..

पापा:- मैं चोर अत हूँ आपको..

S'massi:- नहीं अपनी ड्राइवर क साथ इ चले जाये.. गए..

Main:-O.k byee..T.C

माँ न्य मेरी सर पी थापी मरी

माँ:- ठीक ही दीदी ध्यान सी जाइये गए किसी चीज़ की ज़रूरत होतो ज़रोरो बताना..

S'massi:- ठीक ही Bye..

दोनों चली गई..

तनीषा:- माँ यह आपकी इ ही बेहेन ही न.?

माँ:- हाँ बीटा क्यू क्या हुवा.?

तनीषा:- आप तीन बहेनो की नेचर और दोनों की नेचर में कितना फर्क ही..

माँ:- बीटा बीएस ऐसा इ ही.. बैठो मैं कहानी का देखती हूँ..

Anjili:-Main बी अति हूँ चची..

माँ:- नहीं तुम आराम करो में देख लोन गई..

मैं:- माँ कमरे कोनसा कोनसा ही.?

शिखा:- औ भैया में लय क चलती हूँ..

माँ:- आप काका को बोल क सामान कमरों में रखवा दो..

पापा:- अभी बोलता hun....kaka...

तभी एक 50 55 साल का आदमी और उसकी साथ मेरी इ उम्र की लड़की अंदर ी..

काका:- जी मेम साब.?

माँ:- काका इस सी मिलिए यह ही मेरा बीटा सैम और सैम यह हैं काका और रतन हमारी घर क कामो में मदद कृत्य हैं..

मैनी काका क पेअर चोए..

मैं:- नमस्ते काका..

Kaka:-Jity रहो बेटे..

माँ:- रतन सब का सामान कमरे में रख दो..

रतन:- जी मेम साब..

माँ:- और हाँ तनीषा का सामान बी सैम क कमरे में लगवा देना और अंजलि और आयेशा का सामान अलग अलग कमरों में..

आएशा:- मस्सी मेरा और अंजलि का सामान एक इ कमरे में लगवा देना..

Maa:-Theek ही..

मैं रतन क साथ सामान लय क ऊपर अपनी कमरे की तरफ चला gya..Woh सामान रख क वापिस चली गई..

तनीषा बीएड पी गिर गई..

तनीषा:- फाइनली अपना घर..

मैं बी उसकी ऊपर गिर गया..

मैं:- तो पेहली किधर रहती थी.?

तनीषा न्य मेरी सीने पी सर रख दिया..

तनीषा:- जिस जगह अपनी पति क साथ रहना हो वही अपना घर होता ही..

मैं:- ाचा जी तो सुहागरात बी आज इ मन लाइन..

तनीषा शर्मा गई..

मैं:- तुम शर्माती हो तो लगता ही चाँद बादलों में चुप क शर्मा गया..

तनीषा:- ऐसी बी कोई बात नहीं ही..

मैं:- मेरी नज़र सी तुम देखो तो यार नज़र वह ए भोली सी सूरत आंखों में मस्ती.... ए हाय...

तनीषा मुस्कुरा Di..mainy जल्दी सी उसकी डिंपल पी किश क्र दिया..

मैं:- यह किसी दिन मेरी जान लय गए..

तनीषा:- आपको इ पसंद ही..

मैं:- हम्म चलो में नाहा क आया..

तनीषा:- ठीक ही..

मैं बाथरूम में चला Gya..Aur नहंय लगा..

करीब 20 मं नाहा क बाहिर आ गया तनीषा न्य मेरी कापरी निकल क बीएड पी रख दिए थय मैनी कपड़े पेहेनी तो तनीषा बी कमरे में आ गई..

तनीषा:- मैं बी फ्रेश हो क ी..

मैं:- भला पेहली बताती साथ में नहाती..

तनीषा:- अब तो चांस ख़तम...

मैं:- मुझी न एक बार और नहंय का डिल क्र रहा ही..

तनीषा न्य मुझी देखा दिया और बाथरूम क दरवाज़ी पी खरी होकय..

तनीषा:- बेटर लक नेक्स्ट टाइम..

और दरवाज़ा बंद क्र लिया.. मैं बी मुस्कुरा दिया..

मैं अपना फ़ोन निकला और कॉल मिले..

मैं:- ही हीना..

हीना:- ही सैम हाउ अरे यू.?

मैं:- Fine..u

हीना:- फाइन..

मैं:- तुम्हारी पासपोर्ट मिल गए.?

हीना:- हाँ टिकट्स बी मिल गई ही कल 10 बाजी की फ्लाइट ही..

मैं:- O.k हैवे ा सेफ एंड ग्रेट जर्नी..

हीना:- थैंक ु..

मैं:- Bye..T.c

हीना:- O.k..

फ़ोन सुत्त क्र दिया और अमेरिका में किसी को फ़ोन क्र क उनकी रहंय इंतज़ाम करवा दिया..

तनीषा बी नाहा क बाहिर आ गई क्या लग रही थी वह गिली बाल जिस्म पी निघ्त्य ऊपर सी बाल सहलाती होइ क़यामत ध रही थी लेकिन मैं नाराज़ होनी का नाटक करनी लगा..

तनीषा मेरी और देखनी लगी मैनी अपना मुँह फेर लिया.. तनीषा क समजह गई में नाराज़ हूँ..

मेरी पास ी और मेरी सामन्य बेथ गई..

तनीषा:- मेरा बाबू नाराज़ होगया..

मैं:- Han.(mooh बना क)

तनीषा मुस्कुरा di..meri बी नज़र उधर चली गई..

फिर क्या था मेरी कमज़ोरी मेरी सामन्य आ गई..

मैं:- मसुकुराओ मत यह मेरा गुस्सा पिघला रहा ही..

तनीषा अपना गाल मेरी करीब लय ी... मैनी झट सी उसको पाकर लिया क्या और डिंपल को चुम लिया..

तनीषा:- अब तो गुस्सा नहीं..

मैं:- मेरी कमज़ोरी को सामन्य ला क कहती हो गुस्सा करो.?

Tanisha:-Acha जी लेकिन अभी तो नीची चलिए माँ न्य खाना बना लिया ही..

मैं:- हम्म आप बी जल्दी आ जाओ..

मैं हल्का सा होंठ पी किश क्र क नीची आ gya..Nichy दिनिग टेबल पी अभी कोई नहीं था लेकिन रतन खाना लगा रही थी..

मैं:- ही माँ किधर हैं.?

रतन:- ही मेम साब कमरे में फ्रेश होनी गई हैं..

मैं:- वैसी.. रतन क्या में आपको रतन बुला सकता हूँ.?

रतन:- जी आप मालिक हैं कुछ बी बुला सकती हैं..

मैं:- आप क्या क्र रही हैं वैसी आज कल.?

रतन:- मुझी मेम साब कॉलेज में एडमिशन दिलवा रही हैं..

मैं:- कोनसा कॉलेज.?

रतन:- ******कॉलेज..

मैं:- अरे वह उसी में मुझी एडमिशन लेना ही..

रतन:- कल तो एडमिशन की लास्ट डेट ही मुझी सुबह फॉर्म जमा करवानी जाना ही..

मैं:- क्या मैं आपकी साथ चल सकता हूँ कल.?

रतन:- आप तो घर बेथ क एडमिशन लय सकती हैं फिर जन्य की क्या ज़रूरत..

मैं:- नहीं में एक एक पाल एन्जॉय करना चाहता हूँ कॉलेज का..

रतन:- ठीक ही..

मैं:- कितनी बाजी जाना ही.?

रतन:- 8:00 बाजी..

मैं:- O.k त्यार रहूं गए..

इतने में आयेशा और अंजलि आ gai..main दोनों सी उठ क गली मिला..

अंजलि:- क्या बातें हो रही हैं.?

मैं:- कॉलेज का पॉच रहा था..

आयेशा:- कोनसे कॉलेज जाना ही.?

मैं:-***** कॉलेज..

आयेशा:- ाचा कॉलेज hy..kafi नाम ही उसका..

इतने में तनीषा गयडीया क साथ नीची आ गई और माँ पापा बी आ गए..

सब खाना कहानी लगी..

मैं:- गुड़िया आपको स्कूल किस टाइम जाना ही.?

शिखा:- 8:00 बाजी भैया..

मैं:- रतन हम 9:00 बाजी तक चले तो कोई मस्ला तो नहीं होगा?

Ratan:-Jesa आपको सही लगी..

माँ:- किधर जाना ही.?

मैं:- कॉलेज एडमिशन क लिए..

पापा:- उसकी लिए जन्य की क्या ज़रूरत ही घर सी इ करवा लो..

मैं:- नहीं पापा में हर पल को जिन्ना चाहता hun..And मैं एक सिंपल बॉय बन क कॉलेज जाओ गए..

पापा:- लेकिन यह.. इस सब की आदत नहीं ही तुम्ही..

मैं:- पापा प्लीज..

माँ:- ठीक ही जैसा तुझी ाचा लगी..

मैं:- थैंक ु मेरी प्यारी माँ..

तनीषा:- अंजलि सुबह ऑफिस जाना ही क नए.?

माँ:- कुछ दिन आराम तो कर लो..

तनीषा:- माँ बोहत काम पेंडिंग ही..

अंजलि:- हाँ चची कुछ नहीं होता हम सुबह चले गए..

मैं:- आपकी रिपोर्टिंग कब ही.?

आयेशा:- परसो..

मैं:- ग्रेट कल शाम में शोपिंग पी चले गए..

शिखा:- एहहहहह..

सबनी खाना ख़तम kiya..Aur सोने चले गए..

मैं कमरे मैं आ क लैपटॉप पी कुछ काम करनी लगा 20 मं में तनीषा क आ गई और दरवाज़ा बंद क्र दिया और मेरी पास बेथ गई..

तनीषा:- क्या क्र रही हैं.?

मैं:- एक मेल करना था वह क्र रहा हूँ.. लू होगया..

तनीषा:- आपको पता ही जिस दिन हमारी शादी होइ थी उस दिन क बाद आज आपकी साथ सो रही हूँ..

मैनी लैपटॉप बंद क्र दिया और साइड में रख दिया और तनीषा को अपनी और खींचा..

मैं:- आज सी रोज़ मेरी साथ हो गई आप कभी दूर नहीं जन्य दूँ गए..

तनीषा न्य बी लॉस क गली लिया..

आज सफर क्र क मैं ठाक गया था मेरी ऐसी हालत थी तनीषा को तो बोहत नींद आ रही थी..

मैं:- सीधी होकय लेट जाओ..

तनीषा सीधी लेट गई मैनी लाइट्स ऑफ क्र दी और तनीषा को गली लगा लिया उसकी सर पी किश किया और सर को सेहलानी लगा.. वह 10 मं में इ सू गई..

मैं बालकनी में आया और अपनी एक और जान को फ़ोन lagay..ek रिंग में इ फ़ोन उठा लिया..

मैं:- पोहंच गए.?

कोमल:- हाँ थोड़ी देर पेहली आप.?

मैं:- हम बी..

कोमल:- अपनी वडा किया था..

मैं:- K...kis बात का.?

कोमल:- न रोने का..

मैं:- मैं कहाँ रो रहा हूँ.?

कोमल:- मुझसी झूट नहीं बोल सकती आप..

मैं:- नहीं बीएस आपकी याद आ रही थी..

कोमल:- मुझु बी..

मैं:- सू जाइये ठाक गई हों गई..

कोमल:- हम्म..

मैनी जल्फी सी फ़ोन सुत्त क्र दिया मेरी सी बात इ नहीं हो रही थी मैं लम्बी साँस ली और चाँद की तरफ एक नज़र डाली तनीषा क पास आज्ञा और उसको गली लगा लियाऔर नींद की आगोश में चला गया..

सुबह मेरी आंख खुली तो देखा तनीषा अभी बी मुझी गली लगा क सू रही ही जैसी मैं कहीं भाग जाओं गए मुझी ुसपय बोहत प्यार आया मैनी उसकी सर पी किश किया और टाइम देखा तो 7:00 बज रही थय..

मैं हैरान था इतनी देर सू गया आज तो जोगिंग और ध्यान दोनों नहीं लगा पाऊँ गए और शायद कल क सफर की वजह सी बी..

खैर मैं उठा नाहा क नीची गया किचन में उधर माँ थी..

मैं:- गुड मॉर्निंग मलिका जी..

माँ मुस्कुरा क..

माँ:- गुड मॉर्निंग महाराजा जी.. कहिये आपकी क्या स्वी करों.?

मैं:- कुछ नए माँ मैं मज़ाक क्र रहा था..

माँ:- मुझी पता ही..

मैं माँ क गली लग गया और गाल पी किश क्र दिया माँ न्य मेरी माथे पी किश किया..

मैं:- माँ कॉफ़ी बनाई ही..

माँ:- मैं बना देती हूँ बेथ..

मैं:- नहीं मैं बना लोन गए..

माँ:- तो बेथ मैं तेरी लिए कॉफ़ी बनती हूँ..

मैं:- मेरी लिए नहीं मैं तो कॉफ़ी इ नए पिता..

माँ:- तो फिर किसकी लिए.?

मैं:- वह...

माँ:- ाचा मतलब अपनी बीवी क लिए लेकिन कोनसी वाली क लिए.?

मैं:- तनीषा क लिए वह हमेशा मेरे हाथ की कॉफ़ी पि क उठती ही..

माँ:- वाओ हाउ रोमांटिक.. मेरा बीटा कितना रोमांटिक ही...

मैं:- नहीं वह तो बीएस ासिय इ..

माँ:- कभी माँ को बी पिल्ला देना अपनी स्पेशल कॉफ़ी..

मैं:- अभी बनता हूँ...

मैं कॉफ़ी बनानी लगा..

माँ:- कब सी ऐसा चलता ही.?

मैं:- शादी क बाद सी इ..

माँ:- वह मतलब तो मेरी बेटी को खुश रख रहा ही..

मैं:- सबकी ख़ुशी में इ मुझी खुसी मिलती ही..

माँ:- तो सच में राजा बने क लाइक ही..

मैं:- ाचा माँ वहां कोण कोण ही.?

Maa:-Wahan बोहत लोग हैं..

Main:-Acha तो वह पोछती नहीं आप किधर जा रही हैं.? और मेरा जनम धरती पी इ क्यू हुवा मैं साब क साथ बी तो रह सकता था न..

माँ:- बीटा यह साब तेरी पापा को पता हो..

मैं:- हम्म.. लू कॉफ़ी बन गई पि क बताओ..

माँ न्य कॉफ़ी का सिप लिया..

माँ:- वहहहह.. क्या कॉफ़ी ही अब समझी तनीषा क्यू रोज़ ऐसी उठती ही इसी लिए सारा दिन ताज़ा..

मैं:- उतनी बी अछि नहीं ही..

माँ:- तो नहीं जनता आज तक ऐसी कॉफ़ी नहीं पि मैनी..

मैं:- आप कह रही हैं तो होगी..

माँ:- अब तो रोज़ मुझी बी सुबह ऐसी इ कॉफ़ी चाहिए..

मैं:- ज़रूर मलिका साहिबा आपका हुकम सर आंखों पी..

यर्ह बात मैनी झुक क कही थी माँ बी मुस्कुरा क

माँ:- हम आपकी खिदमत सी खुश होये..

मैं:- अब हामी राजकुमारी को बी उठाना ही..

माँ:- ज़रूर जाइये.. लेकिन हमरी बेटी को ज़्यादा तान मत कीजिये गए..

मैं:- जी ज़रोरो..

मैं कॉफ़ी लय क अपनी कमरे की तरफ चला गया..

मैनी जा क तनीषा क होंठों पी हलकी सी किश की वह कुसमसती होइ उठ गई..

तनीषा:- गुड मॉर्निंग जान..

मैं:- गुफ मॉर्निंग मेरी जान... कॉफ़ी.

तनीषा मेरी सीने सी ठीक लगा क बेथ गई और कॉफ़ी पीने लगी..

तनीषा:- आपको पता ही ऐसी नींद बोहत दिनों बाद ी..

Main:-Mujhy बी आज पता ही जोगिंग पी बी नए जा सका..

तनीषा:- वह क्यू.?

मैं:- आपको नाहून में नींद इ इतनी सकूं की ी..

तनीषा:- मैं पहली दफा बेखबर थी पहली दफा मुझी कोई दर नहीं था मुझी पता था आप मेरी साथ hain..I लव यू!

मैं:- ी लव यू तू!... जल्दी सी रेडी हो जाओ सब नीची वेट क्र रही हैं हमारा..

तनीषा:- हम्म..

वह कॉफ़ी ख़तम क्र क बाथरूम चली गई..

मैं बालकनी में आ गया और कोमल को फ़ोन kiya..ek रिंग में इ उठा लिया जैसी उसी का वेट क्र रही हो..

मैं:- गोओ मॉर्निंग..

कोमल:- गुड मॉर्निंग मेरी जान..

मैं:- I'm सॉरी..

कोमल:- किस लिए.?

मैं:- रात को ठीक सी बात न करनी क लिए पता नहीं क्यू लेकिन रात को मैं कुछ बोलल नहीं पा रहा था टुमस्य दूर होने का एहसास फिर सी हो रहा था..

कोमल:- मेरा बी यह इ हॉल था..

मैं:- कोई बात नए यह बताओ नाश्ता क्र लिया.?

कोमल:- करनी जा रही थी..

मैं:- मैं बी अभी नाश्ता करनी लगा हूँ फिर गुड़िया को चोरनी जाना ही उसकी बाद कॉलेज एडमिशन क लिए जाना hy..phir शाम को शोपिंग..

कोमल:- मैं नाश्ता क्र क अवनि क साथ कॉलेज जाओं गई वहां सी प्रिय दीदी क साथ शहर घूमो गई फ्हिर घर आ जाओं गई..

मैं:- आप जो बी क्रय बतानी की ज़रूरत नहीं ही..

कोमल:- अपनी क्यू बताया.?

मैं:- मेरी डिल न्य कहा बता दो तो बता दिया..

कोमल:- मेरी बी डिल न्य कहा..

Main:-Ap पेहली नाश्ता क्र लो फिर फ़ोन करता हूँ..

अदि:- हाउ क्यूट...

दोनों:- बिच में क्यू बोल रही हो.?

कोमल:- O.k T.C

मैं:- O.k bye..and लिसेन

कोमल:- हम्म.?

मैं:- ी लव यू..

कोमल:- ी लव यू तू!..

मैनी फ़ोन बंद क्र दिया और नीची चला गया सब टेबल पी बैठे थय..

मैं:- गुड मॉर्निंग.

सब:- गुड. मॉर्निंग..

फिर नाश्ता क्र क मैं चला गया गुड़िया को स्कूल चोरनी...

तो बे कंटिन्यू..

नोट:- भाई बारिश की वजह सी लाइट की प्रॉब्लम हो रही ही इस लिए अपडेट लेट आ रहा ही..
 
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