Hindi Desi Sex - Saim (Love,Thrill,Romance) - Page 4 - SexBaba
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Hindi Desi Sex - Saim (Love,Thrill,Romance)

अपडेट NO.34

करीब 10 मं बाद मैं नार्मल हुवा और बुआ क साइड में लेट गया और एक हाथ कमर में दाल क लेट गया..

मैं:- मज़ा आया.?

बुआ शर्मा म मुँह मेरे सीने में छुपा लिया..

मैं:- अरे वह आप शर्माती बी हो... बातो न..

बुआ न्य थोड़ा मुँह ऊपर किया और मेरी आंखों में देखनी लगी..

बुआ:- जब तेरे साथ होती हूँ तो बोहत ाचा लगता अब जब टोने मुहझि जवान का सुख दिया ही तो ाचा तो लगी गए न मैं बता नहीं पाऊँ गई लेकिन एक वडा क्रय गए.?

मैं:- बोलिये..

बुआ:- मैं तेरी बची जो जनम देना चाहती हूँ..

मैं:- दुनया को क्या कहो गई.?

बुआ:- दुनिया की नज़र में वह मेरी पति का बचा होगा....

मैं:- ठीक ही जैसी आप खुश...

बुआ मेरी गली लग गई..

बुआ:- ी लव यू आज सी और अभी सी आप मेरी पति हैं दुनिया की नज़रों में नहीं लेकिन यह डिल हमेशा आपके लिए धारकी गए. .

मैं:- चलो अब रेडी हो जाओ घोयनमनाय चलती हैं..

बुआ:- हम्म्म...

फिर हम नहंय बाथरूम में चली गए वहां बुआ और मेरी बिच एक और राउंड होवा..

फिर हम नाहा क नीचे लॉबी में आ गए वहां अक्षरा और M'P पेहली सी इ खरी थय ..

हम उनके पास गए..

मैं:- सो रेडी कहिये कहाँ जाना ही.?

बुआ:- कहीं बी जहाँ का नज़ारा बोहत ख़ूबसूरत हो.

हम लोग वहां सी टैक्सी लय क निकल गए घूमने स्विज़रलैंड की हस्सें वादियोँ और ठंडी हवा में हमे बोहत मज़ा आ रहा था

बुआ और M'P(Meera पति) और मैं और अक्षरा रक साथ थय अक्षरा मेरी बहून में बाहें दाल क चल रही थी..

मैं:- अक्षरा जी ऐसी मत कीजिये अगर कुछ होगया गलत तो.?

अक्षरा:- जो बी होगा आपके साथ होगा और आपके साथ जो बी होगा मंज़ूर होगा..

मैं:- देख लीजिये..

अक्षरा:- एक बात पॉचों.?

मैं:- जी पोछिए..

हम एक बेंच पी बैठी थय अक्षरा मेरी सी चिपक क बैठी थी..

अख्सरा:- मैं आपसे शादी तो नहु क्र सकती लेकिन क्या मैं आपके बची की माँ बन सकती हूँ आपकी निशानी चाहिए मुझी..

मैं पेहली तो देखता रहा फिर मान में अदि को याद किया..

मैं:- अदि...

अदि:- जी भाई बोहत दिनों बाद याद किया..

मैं:- हाँ यर यर्ह बुआ और अक्षरा जो कह रही हैं क्या वह सही है.?

अदि:- भाई आपकी मर्ज़ी ही वैसी कोई प्रॉब्लम तो नहीं होगी..

मैं:- लेकिन मैं सब को क्या बताओं गए.?

अदि:- भाई हर बात बतानी ज़रूरी नहीं होती आपकी बुवियोँ को आप पी यकीन ही बीएस आपको बी उनके प्यार पी यकीन करना चाहिए...

मैं:- ठीक ही अदि..

मैं आंटी सी...

मैं:- जैसी आप कही..

अक्षरा न्य कस क गली लगा लिया मुझी..

आपको अक्षरा बी बारी में बता दूँ उनकी उम्र करीब 30 32 साल होगी जिस्म को मैंटेन क्र क रखा ही आज बी कोई देख लय तो पागल होजायर ऐसा फिगर ही अक्षरा का..

हम घूम फिर क होटल आ गए..

कमरों में जा क फ्रेश हुवी अक्षरा नहाने चली गई मैं न्य खाना कमरे में hi मंगवा लिया..

अक्षरा नाहा क बाथरूम सी बाहिर ु तो जिस्म पी सर्फ निघ्त्य थी खुली गिल्ले बाल ुणस्य टपकता पानी क़यामत ध रही थी

भाइयोँ एक बात तो माने वाली ही जब कोई लड़की नाहा क अति ही तो जी करता ही रैगर क रख दी जिस्म सी गुरति पानी बूंदे सीधा डिल में ूआरटी हैं..

मैं अक्षरा को घूरता रहा...

अक्षरा शर्मा गई..

मैनी उसका हाथ पकड़ा और अपनी तरफ khicha..Woh मेरी गॉड में बेथ गई..

मैं:- केहर ध रही हौं आप यह हुसैन पागल क्र दी गए मुझी...

अक्षरा:- यह तान और मान बीएस आपका ही...

मैनी अपने होंठ अख्सरा क होंठो पी रख दिए.. नरम नरम होंठों का रस पीने में बोहत मज़ा आ रहा था मैनी अपनी जुबां अक्षरा क मुँह में दाल दी वह बी चूसने लगी उसनी बी अपनी जुबां मेरे मुँह में दाल दी..

मैं न्य अपना एक हाथ अख्सरा क बूब्स पी रख दिया बुआ क मुक़ाबले अक्षरा क बूब्स छूती थय लेकिन बोहत नरम थय मुझी बोहत मज़ा आ रहा था दबाने में मैनी एक हाथ सी निघ्त्य की गिरा खोल दी किश कृत्य हुवे hi निघ्त्य खोल दी..

मैनी अक्षरा की गर्दन को लीक करना शुरू क्र दिया और नीचे बूब्स तह आ गया क्या बूब्स थय दूध की तर्हां सफ़ीद और ऊपर कला निप्पल मैनी मुँह में भर लिया और फिर अक्षरा की छूट छाती वह तो जैसी पागल इ हो गेन थी

अक्षरा:- अह्ह्ह्हह क्या हो रहा ही अह्हह्ह्ह्ह और चूसो खा जावूओ अह्ह्ह्हह्हह...

मैं न्य अपना लुंड छूट पी सेट किया और किश कृत्य हुवे लुंड को छूट में दाल दिया अक्षरा को कदर दर्द पेहली तो काम लेकिन जब दोस्सरे ढाका मारा तो उसकी एक ज़ोर दर चीख निकल गई और आंखों सी आंसू बी निकल गए...

40 मं की धुवां दर चुदाई होइ अक्षरा की तो हालत खराब हो गई..

मैं उनको उठा क बाथरूम लय गटा वह 10 मं में फ्रेश होकय बाहिर ी मैं बी फ्रेश हो क बाहिर आज्ञा..

लेकिन अक्षरा अभी बी ऐसी बैठी थी..

मैं:- आप ने कपड़े क्यू नहीं पहने.?

अक्षरा:- आप ने कहा इ नहीं मुझी लगा आप को अभी और करना ही....

मैं:- नहीं आपकी हालत पेहली खराब हो गई ही..

अक्षरा:- आपके सामने तो कोई बाज़ारो बी हर मान लय...

मैनी निघ्त्य उठाई और अक्षरा पहना दी और माथे पी किश क्र क पास बेथ गया खाना ठंडा होगया था..

मैं:- दोस्सरे मंगवा लय.?

अक्षरा:- नहीं खाना वास्ते हो जाये गए खा लेती हैं लेकिन फिर बी मंगवाना ही तो मंगवा लीजिये..

मैं:- नहीं हम यह hi खाये गए..

हम दोनों न्य खाना ख्य और अक्षरा को बहून में भर क सू गए...

सुबह मेरी आंख थोड़ी देर सी खुली मैं फ्रेश होवा अक्षरा पेहली इ उठ चुकी थी वह थोड़ा सा लंगड़ा क चल रही थी..

मैं:- क्या हुवा.? ऐसी क्यू चल रही हैं..

अक्षरा मुस्कुराई और बोली..

अक्षरा:- जैसी आपको पता hi नहीं..

मैनी रक पैन किलर अक्षरा को दी और बुआ क कमरे में जा क नाश्ता किया फिट हम घूमने चली गए हम एक हिल पी थय मैनी बुआ हाथ पाकर क पीछे खेंचा और पत्थर क पीछे लय गया और जाती इ किश करनी लगा और बूब्स को प्रेस करने लगा

बुआ:- कोई आ जायर गए होटल जा क जितना करना ही क्र लेना..

मैनी कुछ नहीं बोलै और लगा रहा फिर बुआ न्य विरोध करना बंद क्र दिया और मेरा साथ देने लगी..

अचानक बुआ न्य मुझी ढाका दिया और सीधी खरी सेहम गई..

मैनी पीछे देखा तो अक्षरा खरी थी..

मैने कुछ नहीं बोलै और बुआ को जैसी हालत खराब हो गई थी..

मैने अक्षरा को हाथ पकड़ा और अपने पास खिंच लिया और किश करने लगा वह बी मेरा साथ देने लगी बुआ आंखें फर फर क यह सन देख रही थी..

मैं अलग हुवा और बुआ की तरफ देखा..

मैं:- क्या हुवा बुआ दर व गई यह बी आपकी hi तर्हां हैं..

और आंख मर di..Aur बुआ का बी हाथ पकट लिया और खेंच लिया..

बुआ और अक्षरा दोनों मेरी गली लगी होइ थीं

मैं:- अब चलो होटल जा क क्रय गए जो करना ही..

फिर वहां घूम फिर क हम होटल चले गए होटल जाती hi दोनों की एक साथ जैम क चुदाई की दोनों की हालत खराब क हम सू गए...

आफ्टर 1 वीक

इस पूरे हफ्त्य में दोनों की जैम क चुदाई की आज हम वापस जा रही थय करीब शाम क 5 बाजी हम लोग घर पोहंचे पेहली बुआ को घर छोरा उन्हों ने रोकने को कहा लेकिन मैनी मन क्र दिया और हम घर की तरफ आ gai.Akshra को बी साथ लय आया घर..

मैने दूर नॉक किया और अंजलि न्य दरवाज़ा खोला मुझु देखती इ फ़ौरन गली लग गई .

मैं:- ी मिस यू मेरी जान..

अंजलि:- आईएम मिस यू तू एंड ी लव यू...

मैं:- ी लव यू तू...

मैं अंजलि को छोरा और अक्षरा को अंदर लय क अंदर आ गया वह बी चुप चाप अंदर आ गई सब बाहिर हॉल मरीन बैठी थय..

शिखा:- भैया...

वह भगति होइ आ क गली लग गई..

मैं बी नीची बेथ क उसको हुग क्र लिया..

मैं:- किसी ही मेरी गुड़िया .

शिखा:- अब आप आ गई तो अछि hi हों गई...

मैं सब को गली मिला.. पापा न्य पॉच लिया...

पापा:- बीटा यह कोण हैं.?

मैं:- पापा वह बात यह ही क..

फिर साडी कहानी बता दी अक्षरा की माँ न्य उनको गली लगाया..

माँ:- आज सी तुम यहीं रहो गई मेरी बेहेन बन क

अक्षरा न्य बी माँ को गली लगा लिया..

अक्षरा:- दीदी...

फिर अक्षरा को कमरा दिखा दिया और मैं बी अपने कमरे आ गया और फ्रेस होने चला गया बाहिर आया तो मेरी डिल की फरकन सामने कापरी निकल रही थी बैग सी..

मैनी उसको पीछे सी गली लगा लिया और सर उसकी कंधी क रख क दिया लेकिन मैं कुछ नहीं बोल रहा था..

तनीषा:- क्या हुवा आप ठीक तो हैं..

उसने हाथ मेरी मुँह पी रख तो फ़ौरन प्लाट गई..

इस वकत मेरी आंखों में अनसूब थय..

तनीषा तो जैसी पागल इ हो गई thi..usnay मेरी हाथ पाकर लिए आंसूं पोछने lagi..Aur खुद बी रोने लगी..

तनीषा:- क्या हुवा क्यू रू रही हैं प्लीज चुप हो जाइये क्या मुझसी गलती होइ कोई प्लीज चुप हो जाइये.

मैने कुछ नहीं बोलै और उसकी आंखों सी आंसूं साफ किये और गली लगा लिया..

मैं:- बोहत मिस किया तुमसे दूर नहीं रह सकता यह टुमस्य दूर रह क पता चला..

तनीषा:- दूर कहाँ थय हर वक़त मेरी डिल में बीएस आप hi थय हर वक़त आप मेरी साथ थय और होते हैं..

मैं:- नहीं नहीं हूँ तुम्हारी इस प्यार क मैं काबिल तुम्हारी पवित्र प्यार क सामने मेरा यह नापाक प्यार....

तनीषा न्य मेरी मुँह पी हाथ रख दिया तकरीबन चिल्लाते होवय बोली..

तनीषा:- खबरदार जो मेरी प्यार को नापाक कहा तो यह प्यार मेरी रूह सी बी पाक ही अरे दुनिया ट्रस्टी ही ऐसी प्यार और प्यार करने वाली को जो खुदा न्य मुझी दिया ही आपको हमेशा ऐसा क्यू लगता ही आप हमारी साथ धोका क्र राहय हैं धोका वह होता जो पीठ पीछे कृत्य हैं वह नहीं जो आप बता क्र कृत्य हैं आपका प्यार सब क लिए है हमारा अकेली किसी का बी नहीं ही..

और वह मेरी सीने लग क रोने लगी...

मैनी उसकी पीठ को सहलाया और हम बीएड पी बेथ गई..

मैं:- आईएम सॉरी रोना बंद करो प्लीज..

तनीषा:- पेहली वडा क्रय आज क बाद ऐसी बात नहीं क्रय गए..

मैं:- बिलकुल नहीं करूं गए प्रॉमिस..

तनीषा फिर सी गली लग gai..Aur फिर उसको अलग किया और उसकी आंखों में देखनी लगा..

तनीषा:- सच में इतना मिस किया..

मैं:- बोहत बता नहीं सकता..

तनीषा मुस्कुरा दी. मैनी उसके डिंपल पी किश क्र दिया..

मैं:- सब सी ज़्यादा इसको मिस किया..

तनीषा:- इसने बी बोहत मिस किया आपको..

मैं:- ाचा जी.. एक चीज़ लाया हूँ..

मैने एक ताजमहल का सैंपल निकला और तनीषा को दिया..

मैं:- यह ही तो छोटा पर मेरी प्यार को जतनी क लिए बोहत ही..

तनीषा न्य उसको पकड़ा और किश क्र क हमारी फोटो जो साइड टेबल पी पारी थी उसके साथ रख दिया..

तनीषा:- आपको पता ही सब सी ज़्यादा मिस मैने अपनी मॉर्निंग कॉफ़ी को किया..

मैं:- अरे अब नहीं क्रय गई अब आपके यह सेवक आ गए हैं ना..

Tanisha(muskurate हॉवे.):- हाँ तुम्हे उसकी कसार पूरी तो करनी पारी गई..

तनीषा हल्का सा मेरा करीब ी और अपने गुलाबी पंखुरी जैसी होंठ मेरी होंठो पी रख दिया..

किश करने का एहसास जो अपनी बीवियों क साथ अत था वह किसी को बी नहीं अत था अलग इ दुनिया मैं चला जाता था..

10 मं बाद अलग हुवाये हम..

मैं तनीषा की गॉड में सर रख क लेट गया वह मेरे सर को सहलाने लगी..

मैं:- अक्षरा जी क बी मामले को देखना ही अभी मुझी..

तनीषा:- अभी दुनिया की बातों को छोड़िये. और आराम कीजिये..

मैने अपना हाथ तनीषा की गर्दन पी रखा और नीचे झुका क उसकी होंठ को चूमा और अलग क्र दिया..

तनीषा:- यू अरे सो नॉटी..

मैं:- अब जिसकी बीवी इतनी ख़ूबसूरत हो नॉटी तो बनानी होगा न..

तनीषा न्य मेरी नाक की पाकर क भींच दिया और उसपे किश क्र दिया..

वह ऐसी इ सर सेहलानी लगी और हम एक दोस्सरी की आंखों में देखने लगी पता इ नहीं चला कब मेरी आंख लग गई.. मैं अभी बीएस ट्रॉउज़र में इ लेता हुवा था सोनक बाद माँ कमरे में खाने क लिए बुलानी ए..

माँ:- तुम दोनों ए नहीं कब सी आवाज़..

तनीषा:- शठ माँ सू रही हैं यह...

माँ:- सोने सी पेहली कापरी तो पूरे पहना देती..

तनीषा:- थकी हुवे थय न तो सू गए..

माँ:- चल तो खा लय..

तनीषा:- नहीं आप खा लो मैं यहीं बैठी हूँ...

माँ न्य तनीषा क सर पी हाथ फेरा और मेरे माथे पी किश क्र क चली गई..

मैने सट्टे हुवे एक ऐसा नज़ारा देखा जिससे देख क मेरी हालत खराब होगी और मैं चिल्लाए क उठ गया

Nahiiiiiiiiiii........

नोट:- भाई थैंक्स फॉर थे फर्स्ट सेंचुरी सपोर्ट बनाये रखिये ऐसी hi..
 
अपडेट NO.35


हुवा यौन जब मेरी आंख लगी मेरी नज़रों क सामने एक ऐसा मंज़र आया जैसी मैं ज़्यादा तो समझ नहीं पाया लेकिन यह कोई अनहोनी का अभ्यास होगया था मुझी..

मज़ार यह था क मैं एक जगह खरा हूँ और हर तरफ लोग चल फिर रही हैं जिन में बची बारी सब हैं अचानक एक आग आ क उन सब को अपने अंदर समेत लेती ही देखती hi देखती सब जल क रख बाण गया मुझी ऐसा मह्सूस हुवा कोई मेरा अपना बोहत करीबी उस आग क अंदर जल क रख होगया ही...

तभी मेरी चीख निकल गई...

नाहीईई...

मैं उठ क बेथ गया और मेरी चेहेरी पी पसीना भरा हुवा था और मैं ऐसी स्तिति मैं था क मुझी कुछ समझ नहीं आ रहा था इतने मैं किसी न्य मुझी हिलाया और मेरी गली लग गया..

यह और कोई नहीं तनीषा थी...

तनीषा:- क्या हुवा आप ऐसी क्यू उठ गए सब ठीक तो ही न..

मैं कुछ नहीं बोलै खुद को नार्मल करनी क लिए मैने बी तनीषा को कस क गली लगा लिया..

तनीषा:- कोई बुरा सपना देखा क्या.?

मैं:- हम्म्म लेकिन ऐसा लगा वो सब सच था यह ऐसा होसकता ही वह सच में हो गए मुझी कुछ करना होगा...

तनीषा:- सब ठीक हो जाये गए..

और 10 मं बाद मैं बिलकुल नोटमल होगया लेकिन मेरी दिमाग में अभी बी यह hi चल रहा था मुझी यह सब होने सी रोकना होगा..

मैं:- टाइम क्या हुवा.?

तनीषा:- 2 बज रही हैं...

मैं:- क्या खाने क लिए क्यू नहीं जग्य आप न्य.?

तनीषा:- आप थक क सोये थय इस लिए और आपकी नींद नहीं खराब करना चाहती थी..

मैं:- मतलब खुद बी नहीं खाया.?

तनीषा न्य न में सर हिल्ला diya..mainy उसको फोरहेड पी किश किया..

मैं:- चलो कहती हैं..

हम दोनों नीचे किचन में आ गए तनीषा न्य खाना गरम किया हम ने एक दूसरे को खिलाया और कमरे में आ गए.

हम लेट गए तनीषा मेरी सुने पी सर रख क लेट गए मैं उसका सर सेहलानी लगा वह जल्दी hi सू गई.. लेकिन मेरी आंखों सी नींद गायब थी अभी बी उसी बारी में सोच रहा था पता hi नहीं चला कब सोचते हुवे मेरी बी आंख लग गई..

सुबह मेरी आंख खुली टाइम देखा तो 7 बज रही हैं मैं जल्दी सी उठ क फ्रेश हुवा और नीचे किचन में गया अस उसुअल माँ किचन में hi थी..

मैं:- गुड मॉर्निंग माँ..

मैनी माँ को साइड सी हुग किया और उनके गाल पी किश किया..

माँ:- गुड मॉर्निंग...

माँ न्य बी मेरी गाल पी हलकी सी किश की यह मुझी माँ वाली किश नहीं लगी लेकिन इग्नोर क्र क मैं बोलै..

मैं:- तो कॉफ़ी पियें गईं.?

माँ:- और नहीं तो क्या अब तो मुझी बी आदत लग गई ही कॉफ़ी तेरी हाथों की पियर बिना दिन hi नहीं शुरू होता..

मैं:- O.k अभी बनता हूँ..

मैने कॉफ़ी बनाई और माँ को दी क एक कॉफ़ी लय क तनीषा को उठया..

मैं:- उठ जाइये मेरी जान..

तनीषा:- गुड मॉर्निंग मेरी जान..

मैनी उसको कॉफ़ी दी और फ्रेश होना का कह क आयेशा क कमरे में चला गया..

वह अभी बी सोई होइ थी...

मैं हल्के कदमो क साथ चल क पास गया और उसके होंठों पी हल्का किश किया वह हार्बर क उठ गई.. और पीछे को हो गई..

लेकिन मुझी देखते hi झट सी गली लग गई..

आयेशा:- डरा दिया अपने तो...

मैं:- अपनी जान को डरा सकता हूँ भला मैं...

आयेशा:- नहीं लेकिन आपकी जान तो डर गई.. आज का दिन बरिया जाये गए सुबह सुबह आपको जो देखा..

मैं:- ाचा ऐसी बात ही तो रोज़ मैं अपनी जान को उठाने ाओं गए..

आयेशा:- सच्ची..

मैं:- मुचि..

आयेशा बोहत खुश हो गई.. मैनी डीडे किया अब सी सुबह तीनो को थाओ गए इतने सी hi बोहत खुश हो जाती हैं ज़्यादा तो वह मुझ सी कुछ मांग नहीं रही...

मैं:- जल्दी सी फ्रेश हो जाइये मुझी कुछ बात करनी ही..

आयेशा:- नहीं मुझी ऐसे hi रहना न्य..

वह अभी बी मेरी गली लगी होइ थी मैं बीएड पी बैठा था वह मेरी गली लगी थी..

मैं:- क्या हुवा सब ठीक तो है न.?

आयेशा:- इतने दिन दूर रही थोड़ी देर तो रहने डैन...

मैनी फिर कुछ नहीं बोलै और उसका सर सेहलानी लगा...

आयेशा:- ी लव यू...

मैं:- ी लव यू तू!!.... अभी फ्रेश हो जाओ मैं अत हूँ वापिस जल्दी सी रेडी हो jao...main बीएस गुड़िया को स्कूल ड्राप क्र क आया..

आयेशा:- O.k

मैं वहां सी अंजलि क कमरे में गया वह उठ क बैठी hi थी अभी..

मैं:- गुड मॉर्निंग..

उसने नज़र मुझपी डाली और भाग क गली लग गई..

मैं:- क्या हुवा सब ठीक..

अंजलि:- हम्म्म अब आप को देख लिया सब ठीक..

वह मेरी सीने पी सर रख क खरी थी जैसी मुझी महसूस क्र रही हो..

मैं:- फ्रेश हो जाओ.. मैं गुड़िया को चूर क आया..

मैनी उसको बी गलों पी किश क्र क बाहिर आ गया वहां टेबल पी माँ गुड़िया और अक्षरा बैठी थी पापा ऑफिस क लिए निकल गए थय..

मैं:- गुड मॉर्निंग...

सब:- गुड मॉर्निंग...

मैने हल्का सा नाश्ता किया और..

मैं:- चलो गुड़िया टाइम होगया न..

गुड़िया:- हम्म चलो भैया..

मैं उसको गॉड में उठा क गारी तक लय क आया और हम निकल गए उसके स्कूल की तरफ गुड़िया को चोरर क मैं सीधा घर वापिस आया..

मैं अभी क कमरे में गया वह फ़ोन पी बात क्र रहा था और लैपटॉप पी काम रहा था शायद..

मैं:- क्या बे सुबह सुबह क्या क्र रहा ही.?

अभी:- भाई प्रेसंटाइओं रेडी क्र रहा हूँ अभी तेरी पास आ क चेक करवानी लगा था आज रूचि को सेंड करनी ही वह डील क लिए..

मैं:- वह तो आज बना रहा ही.?

अभी:- नहीं पेहली वाली मुझु सही नहीं लग रही थी इस लिए दोबारा बना रहा hun..check क्र लय..

मैनी लैपटॉप पकड़ा और प्रेसेंटाइओं को देखा उस मैं थोड़े छागेस किये मेरी टाइपिंग स्पीड देख क अभी हिरण था..

अभी:- भाई इसी लिए तो इतनी बरी कंपनी का मालिक ही.

मैं:- किस वजह सी.?

अभी:- अपने काम करने की स्पीड और लगन की वजह सी.. मैं शायद दोपहर तक िसिआय पूरा नहीं क्र सकता..

मैं:- इसकी एक कॉपी मुझी मेल क्र और और एक रूचि दीदी को..

अभी:- जी बॉस..

मैं:- चल न दरमय baaz...Aur आज क क्या प्लान.?

अभी:- शोपिंग विथ माँ एंड A'Mom. तो बी चल न..

मैं:- न भाई तो जा मुझी आज बोहत काम हैं..

अभी:- सलीय अभी तो आया ही कोनसा काम ही तुझे.?

मैं:- और तो आज ऑफिस जा रहा ही शोपिंग क बाद वैसी तो तनीषा ही वहां लेकिन फिर बी चेकिंग क्र ले साडी...

अभी:- जी boss..Boss क्या आज जाना ज़रूरी ही.?

मैं:- सालयी एक्टिंग करना बंद क्र और फ्री होकय चली जाना आज नहीं तो कल..

अभी:- O.k मज़ाक क्र रहा था शाम तक चला जाओं गए और हाँ अबीरा को तुझसी बात करनी थी तेरा फ़ोन क्यू बंद जा रहा ही.?

मैनी फ़ोन निकला..

मैं:- ओह्ह सहित एयरप्लेन मूड पी लगा क सोया था सुबह क ठीक hi नहीं किया..

मैनी हत्या तो 10 मिस्ड कॉल्स अबीरा क..

मैनी कॉल बैक किया और उठ क बाहिर Agya..usnay 3 रिंग में hi पहिने उठा लिया.

मैं:- Hello आईएम सॉरी यर फ़ोन एयरप्लेन मूड पी था..

उधर:- hello मर दीदी अभी रही हैं बुलया है उनको

मैं:- औ कोण.?

उधर:- तुमसे मतलब कहा न आ रही हैं दीदी उन्ही सी बात करना मेरी साथ ज़्यादा फ्री मत हो..

मैं:- अरे यू माध.?

उधर:- हाउ डरे You...You क्नोव हु ी ऍम...

मैं:- वही तो पोछा था अबीरा ए तो उसे कहना कॉल क्रय... पागल...

फ़ोन मैने सुत्त क्र दिया..

इधर H.M हाउस...

अबीरा कमरे में ी..

अबीरा:- क्या हुवा किस का फ़ोन ही .?

इशिका:- तुम्हारी लाडले भाई का पता ही कितनी बदतमीज़ी की उसने मेरी साथ चोरो गई नहीं उसको...

अबीरा:- क्या भाई का फ़ोन था कब सी तरय क्र रही थी और ज़ायरोर तोङने hi कुछ कहा होगा पहले..

इशिका:- जो बी हो वह बोहत अकरूओ ही उसको तो ऐसा सबक सिखों गई न एक बार मिले तो सही मुझ सी फिर बताओं गई इशिका अग्रवाल ही क्या चीज़..

अबीरा न्य उसको इग्नोर किया और कॉल की मुझी..

मैं:- Hello..

अबीरा:- भाई कहाँ थय तब सी फ़ोन बंद जा रहा था घर पी बी नहीं थय..

मैं:- वह गुड़िया को चूर्णय गया था तुम बोलो क्या बात ही जी सुबह सुबह वेट नहीं हो रहा..

अबीरा:- मेरी शादी का कार्ड का डिज़ाइन देखनी क लिए कॉल क्र रही थी मुझे तो कोई बी पसब्द नहीं आया जो वह लाया था अगर आपको उन में सी कोई पसंद हो तो बता दो व्हाट्सप्प पी फोटोज भेजी हैं..

मैं:- कार्ड आज शाम को घर ए गए वह देख लेना और बाकि सांक्ले करवा दी अपने पापा सी कह क..

अबीरा:- अपने पेहली इ रेडी करवा दिया.?

मैं:- नहीं फाइनल करने क लिए भेजा ही तेरी पास अभी तक अभी क बी नहीं दिखाया तो फिनॉल क्रय गई तो होगा.

अबीरा:- O.k लव भैया...

मैं:- चल फ़ोन रख बोहत काम हैं अभी मुझी मेरी प्रिंसेस की शादी ही..

अबीरा:- Bye...

मैं:- Bye...

फ़ोन कट...

मैं वहां सी सीधा आयेशा क कमरे में गया..

मैं:- हो गई रेडी..

आयेशा:- जी आप hi का वेट क्र रही थी..

मैं उसकी पास चला गया मैं बीएड पी बेथ गया वह मेरी गॉड में बेथ गई..

मैं:- वह आपको एक काम कहा था क्या बना.?

आयेशा:- मैने साडी इवेस्टीगेशन की ही केस की दोबारा बोहत सी चीज़ों की हेरा फेरी ही क्यू क िफिकेल्ली नहीं इन्वेस्टीगेट क्र रही थी कुछ नहीं क्र सकती अभी..

मैं:- मतलब ?

आयेशा:- उस स्केंटिस्ट का खून हुवा था लेकिन उसको एक्सीडेंट की शकल दी गई ही फॉरेंसिक रिपोर्ट्स में बी चेर चार होइ ही आपका शक बिलकुल ठीक ही डिपार्टमेंट में सी कोई ज़रूर मिला हुवा ही..

मैं:- किसी पी शक हुवा जो ऐसा क्र सकती हैं.?

आयेशा:- वैसी तो बोहत सी गैंग्स हैं लेकिन एक गैंग क लोग बोहत चर्ची में हैं..

मैं:- कोनसी.?

आयेशा:- थे शकल गैंग..

मैं सुन क हैरान होगया...

मैं:- तुम्ही यकीन ही उसी का काम ही.?

आयेशा:- नहीं बूत वह बी हो सकती हैं...

मैं:- कभी तुमने सुना हो उस गैंग न्य निर्दोष की मारा हो.?

आयेशा:- नहीं इनफैक्ट वह उन अपरदियोँ को मरते हैं जो पुलिस और अदलात को बेवक़ूफ़ बना क बच जाती हैं..

मैं:- तो फिर.?

आयेशा:- मैनी कहा गैंग ही अब पता नहीं कोण ही जिसने यह किया लेकिन मैं किसी को नहीं चोरो गई...

मैं:- संभल क...

फिर हम बाहिर आ गए सब क साथ बेथ गए आयेशा पुलिस स्टेशन चली गई तनीषा और अंजलि ऑफिस चली गई..

माँ:- सैम अक्षरा जी को डॉक्टर क पास लय क जाना ही...

मैं:- क्या हुवा इनको.?

माँ:- वह तो चेक करवा क पता चले गए वैसी इनको उल्टिया हो रही हैं..

मैने अक्षरा की तरफ देखा उसने शर्मा क सर नीचे क्र लिया..

मैं:- O.k चलो...

मैं अक्षरा को लय गारी में निकल गया घर सी बाहिर आती hi वह मेरी कंधी पी सर रख क बेथ गई..

अक्षरा:- मुझी पता चल गया ही क्या हुवा मुझी...

मैं:- क्या हुवा.?

अक्षरा:- आप बाप बने वाली हैं... मेरी पीरियड्स का टाइम था वह बी नहीं ए और उलटियां बी..

मैं:- सच....

अक्षरा:- जी...

मैने गारी को साइड में रोका और अक्षरा को किश करने लगा..

मैं:- तुम्हे नहीं पता मुझी कितनी ख़ुशी होइ ही...

अक्षरा:- घर पी क्या बताओ गए.?

मैं:- उसकी फ़िक्र मत करो..

हम वहां सी सीधा हॉस्पिटल गए वहां डॉक्टर सी मिले..

वह अक्षरा को अंदर दोस्सरी कमरे में लय गई 20 मं बाद बाहिर ी..

डॉक्:- कॉंग्रट्स She's प्रेग्नेंट..

अक्षरा बोहत खुश दिख रही थी..

हम वहां सी घर ए...

माँ:- क्या हुवा था अक्षरा जी को.?

मैं:- माँ साइड पी आइये ज़रा..

माँ को लू क साइड आ गया..

मैं:- माँ वह आंटी प्रेग्नेंट हैं..

माँ:- क्या लेकिन. किसी.?

मैं:- वह डॉक्टर न्य कहा क वह पेहली सी थोड़ी कमज़ोर थीं इस लिए थोड़ा लेट प्रॉसेस हुवा..

माँ:- हाँ होता ही ऐसे..

मैं:- तो अब क्या उनको इस बची को जनम देना चाहिए.?

माँ:- हाँ क्यू नहीं..

मैं:- उसको नाम कोण दी गए बिन बाप का बचा.?

माँ:- वह बाद में देखी गए अभी नहीं..

माँ अक्षरा क पास गई..

मैं चाहता तो सच बता सालता था किसी को कोई ऐतराज़ नहीं होता बूत मुझी नहीं सही लगा बताना..

माँ न्य अक्षरा को आराम करने को कहा और मुझु ख्याल रखनी को कहा और अभी क साथ शोपिंग पी चली गई..

मैं अक्षरा को कमरे में लय आया..

मैं:- तो मेरी बची का ख्याल ाच्य सी रखना..

अक्षरा:- अपनी जान सी ज़्यादा रखूं गई लेकिन सब को क्या बताओं गई.?

मैं:- मुझपी चोर दो...

मैं अक्षरा को किश करने लगा उसके बाद उसकी कस क 2 बार चुदाई की और फिर सू गया शाम को सब घर आ गए सब को बताया तो सब बी खुश हुवये..

पापा:- एक बात कहूं अगर बुरा न लगी तो.?

अक्षरा:- जी बोलिये बुरा क्यू लगी गए.?

पापा:- इस बची को बाप का नाम मिल सकता ही..

सब:- किसका.?

पापा:- सैम का....

माँ:- यह आप क्या कह रही हैं.?

पापा:- देखो लोग जेने नहीं देती ऐसी Hi हम सब को नहीं बूत उस बची को यही बताइये गए यह उसका बाप ही तुम्ही कोई प्रॉब्लम तो नहीं सैम.?

मैनी ना में सर हिल्ला दिया और मुस्कुरा क पापा की तरफ देखा..

शार्ट फ़्लैश बैक.....

तो बे कंटिन्यू...
 
अपडेट NO.36


हुवा यौन क जब चुदाई क बाद अक्षरा सू गई तो मेरा पापा क ऑफिस जाने का मान किया मैं त्यार होकय बाहिर आया तो रत्न बाहिर बैठी मिल गई..

मैं:- Hi...

रत्न:- Hi कैसे हो.?

मैं:- एक डैम बरिया तुम बताओ साडी त्यारियां हो गई 2 दिन बाद कॉलेज ही..

रत्न:- नहीं अभी कुछ बुक्स बाकि हैं..

मैं:- चलो कल चले गए मुझी बी बुक्स लेनी हैं..

रत्न:- O.k कल चले..

मैं:- O.k Bye..

मैं वहां सी गारी ली और निकल गया मुझाउ पापा क ऑफिस का पफा बी नहीं मालूम था..

मैं:- अदि...

अदि:- जी भाई..?

मैं:- पापा क ऑफिस का यास्ता क्या ही.?

अदि:- भाई मैं कोई गूगल मैप हूँ.?

मैं:- साडी खबर होती ही न तुझी चल बता..

अदि:- शायद hi कोई होगा जो जिन को रास्ता बताने क लिए इसीमल क्रय..

मैं:- आईएम डिफरेंट ु क्नोव..

हम करीब 30 मं ड्राइव क बाद पोहंच गए हलांकि मैं जड़ो सी बी जा सकता था लेकिन मुझी ऐसी hi जाना पसंद था..

मैं ऑफिस क अंदर गया तो एक आदमी न्य रोका और पोछा..

आदमी:- किस सी मिलना ही आपको.?

मैं:- अवनीश सर सी..

आदमी:- सर तो अभी मीटिंग में हैं आप वेट क्र लीजिये..

मैं:- वह किस रूम में हैं बता दीजिये...

आदमी:- 2 फ्लोर 3रद रूम प्लीज उनको डिस्टटब मत करना..

मैं:- I'm हिज सोन..

आदमी:- I'm सॉरी सर मुझी पता नहीं था..

मैं:- अरे नहीं मुझु तो बोहत ख़ुशी होइ क आप सब सी कितनी प्यार सी बात कृत्य हैं.. नीस तो मीट यू..

मैं वहां सी उस कमरे तक चला गया और दड़बाज़ा खोल क अंदर चला गया वहां लोग लाइन में बैठी थय और कोई लड़का खरा होकय बोल रहा था..

लड़का:- हु थे हेलल अरे यू तुम्हारी हिम्मत किसी होइ अंदर अन्य की गेट आउट..

तभी एक रौ में बैठी सब लोग खरी होगये..

पापा अभी बी चुप बैठी थय..

लड़का:- वे सॉरी सर मैं अभी इस को निकलता हूँ...

आदमी 1:- यह हमारी बॉस हैं मर सैम Thakur....Sir आप आइये हमे बता देती आप आ रही हैं तो हम वेट क्र लेती...

मैं चल क टेबल क पास खरा होगया..

मैं:- सो मर ठाकुर ऐसा स्टाफ ही आपका.?

लड़का:- आईएम सर्दी सर मुझी नहीं पता यह आप कोण हैं आईएम सॉरी..

मैं:- इज़्ज़त पहचान सी नहीं इंसान की करनी चाहिए.. यो बतिये अभी क्या बोल रही थय आप अबाउट थिस डील...

लड़का:- जी सर...

वह फिर सी बोलना शुरू करने लगा..

मैं:- स्टॉप!

वह रुक गया.

मैं:- यह डील नहीं हो सकती..

सब हैरान घी सिवाए पापा क वह अभी मेरी तरफ देख मुस्कुरा रही थय..

लड़का:- सर वे सॉरी लेकिन प्लीज यह डील मत सांक्ले कीजिये...

मैं:- घोंचू पका मत न यर मुझी पापा सी बात करनी ही अभी..

सब:- पापा सी.?

पापा:- जी बोलिये मर ठाकुर...

पापा खरी हो गए मैं चल क उनके पास गया और पेअर छु क गली लग गया..

मैं:- सुबह मिल क ए नहीं इसी लोए यहाँ आ गया...

पापा:- कोई ज़रूरी बात.?

मैं:- बोहत...

लड़का:- सर क्या यह आपका बीटा ही लेकिन यह तो S♡K कंपनी क मालिक बता रही थय इनको..

मैं:- वह बी हूँ अभी हमारी मीटिंग चलो होने वाली ही सब लोग प्लीज बाहिर jaiye..And मर सक्सेना पूत थे पेपर्स ों टेबल एंड जो..

सब लोग चले गए..

पापा:- बताइये क्या बात ही.?

मैं:- वह तो मैं मज़ाक क्र रहा था पापा आप प्लीज ऐसी मत बोलिये..

पापा:- हम्म तो बोलो क्या बात ही.?

फिर पापा को बता दिया अक्षरा की प्रेगनेंसी क बारी में..

पापा:- तो इस का हल निकल सकता ही...

Main:-kya.?

फिर हम घर ए और सब को बता क्या बताया वह तो आप जानती हैं..

ऐसी hi 2 दिन गुज़र गए इन दिनों में मैनी काफी कुछ पता क्र लिया था अक्षरा जी क पति क कतलिओं क बारे mein...Aur अपनी शक्तियोँ को बी जगण्य में लगा हुवा था..

आज मेरा कॉलेज स्टार्ट होने वाला ही.....

मैं आज वक़त पी hi उठ गया ध्यान लगाया फ्रेश होकय कॉफ़ी दी माँ और तनीषा को और अंजलि और आयेशा को बी जगाया..

फिर कमरे में आज्ञा तनीषा ड्रेसिंग टेबल पी बैठी थी..

तनीषा:- तो रेडी हैं आज पेहली दिन क लिए...

मैं:- Han...Tyar हूँ...

तनीषा:- निर्वेयर्स.?

मैं:- लिट्ले बिट..

मैं उसकी साथ नीची आज्ञा और नाश्ता क्र क बैग लय क बाहिर आज्ञा गुड़िया को पापा लय गए थय क्यू क आज मैं लेट नहीं होना चाहता था इस लिए..

बाहिर रत्न खरी वेट क्र रही थी..

मैं:- चलें.?

रत्न:- हम्म्म..

मैने बाइक निकली जो क मैं पेहली hi खरीद लाया था कॉलेज क लिए...

हम करीब 30 मं में कॉलेज क गेट पी थय रत्न उतर क अपनी ब्रांच वाली साइड पी जाने लगी..

मैं:- Hello अगर कोई परेशान क्रय तो बताना...

रत्न:- O.k...

वह चली गई मैं बी बाइक अंदर लय गया पार्क की और कॉलेज क अंदर की तरफ चल पारा हर तरफ लोग थय कोई सीनियर्स रैगिंग क्र रही थय सेंसियर्स की मैं बच बचा क निकल gya..Mujhy रोहन नज़र आया वह साइड में खरा किसी सी बात क्र रहा था..

मैं:- Hello रोहन केसा ही...

रोहन:- अरे सैम यर में ठीक हूँ तो बता एक बार बी कॉल नहीं की तोङने तो..

मैं:- बीएस यर बिजी था थोड़ा..

रोहन:- कोई बात नहीं. वैसी तेरी किसी न्य रैगिंग नहीं की.?

मैं:- नहीं बच क निकल आया तेरी किसी न्य ली.?

रोहन:- हाँ भाई 2 बार पकड़ा गया मैं तो...

फिर अचनाक एक गारी कॉलेज में एंटर होइ सब उसी तरफ देखनी लगी......

तो बे कंटिन्यू..

नोट:- सॉरी फॉर शार्ट एंड लेट अपडेट तबियत खराब थी जितना लेखा गया पोस्ट क्र रहा हूँ
 
अपडेट NO.36


सब की नज़रें उसी तरफ चली गई और उस में सी एक आफत निकली जिस का नाम इशिका था उसकी उतरती hi लड़की और लरकी उसकी इर्द गिर्द जमा होगये..

मैं:- कहीं की महरानी है क्या.?

रोहन:- वही ही भाई जिस सी तेरा पन्गा हुवा था डमीशन वाली din..Bhai यह तो सोशल मीडिया स्टार ही मैं बी यर फैन बणग्या इसका तो..

मैं:- चलो कोई नए इसकी वजह सी हम तो आराम सी क्लास चले जाये गए वर्ण कोई न कोई पन्गा hojata..(hahaha)

रोहन:- सही kaha(hahaha)..

हम दोनों क्लास में चले गए वहां बी काफी बची थय सेकंड लास्ट और लास्ट बेंच खली था

मैं:- चल लास्ट पी चलते हैं..

रोहन और मैं लास्ट पी जा क बेथ गए...

रोहन:- भाई आज कल सोशल मीडिया पी लास्ट बेंचेर बोहत ट्रोल हो रही हैं wesy..(haha)

मैं:- हाँ मैनी बी देखी मेमेस...

तभी इशिका क्लास में ी सभी उसी की तरफ देख रही रही थय..

रोहन:- अरे बवाल.. तो तो गया बेटे वह यहीं पारी गई अब हमारी साथ..

मैं:- देख लय गए हम और तो ज़्यादा चपर चपर मत क्र..

तभी इशिका की नज़र मुझिपय गई उसनी पूरी गुस्से वाला लुक दिया मुझु मैं बीएस हल्का सा मुस्कुरा दिया..

तभी एक टीचर क्लास में एंटर होइ..

सब अपनी जगह खरी होगये उन्होंय बेथनी का इशारा किया.. सब बेथ गए..

टीचर:- Hello स्टूडेंट्स मैं हम सरिता आपकी फिजिक्स टीचर..

सब:- Hello मिस...

सरिता:- सब बरी बरी अपना इंट्रो दो नाम एंड मार्क्स...

सब बरी बरी खरी होती गए और इंट्रो देती रही बरी ी इशिका की..

इशिका:- I'm इशिका एंड ी स्कोर 98%..

सरिता:- जी नेक्स्ट..

इशिका एक नज़र फिर मुझपी दाल क बेथ gai...phir सब शुरू hogaye..hamari बरी ी..

रोहन:- माय नाम इस रोहन एंड ी स्कोर 78%..

सरिता:- तुम बैक बेंचर्स सी यह hi उम्मीद ही सब सी काम मार्क्स हैं तुम्हारी और जो तुम्हारी साथ बैठा ही उसी डेल्ह क तो लगता ही उसकी उस सी बी काम होंगी..

सब हसने लगी...

सरिता:- साइलेंस एंड आप खरी होइए...

मैं खरा होगया...

मैं:- मेरा नाम....

सरिता:- इंग्लिश नहीं अति तो यहाँ लेनी क्या ए हो एक इंट्रो तो इंग्लिश में दी माहि सकती और ए बारी डिग्री लेनी..

मैं:- आईएम सॉरी मम बूत इंग्लिश अन्य या न अन्य सी कोई बारे छोटा नहीं होता और न hi किसी चीज़ सी फरक परता मैडम बाकि देशों में लोग अपनी लैंग्वेज बोलती हैं कॉलेज में और उनको फरक नहीं परता उनको कोई और लैंग्वेज अति ही क नहीं लेकिन एक हम हैं जो इंग्लिश न ए तो चरक्टेर जज करने लगते हैं..

सरिता:- अपनी बकवास बंद करो और जितना बोलै उतना बता...

मैं:- मेरा नाम सैम ही और मेरी पर्सेंटेज 99%ही...

सब का मुँह खुला रह गया..

सब सी ज़्यादा सरिता मैडम का..

फिर उन्हों न्य कुछ नहीं बोलै और टाइम बी ओवर होगया..

फिर ऐसी hi कुछ लेक्चर निकल गए बीएस टीचर ए और इंट्रो लय क जाती रही...

फिर ब्रेक टाइम आया...

मैं:- अरे भाई अपना नाम बोल बोल क दिमाग खराब हो रहा ही चल कुछ खा क आती हैं...

रोहन:- हाँ भाई चल...

हम दोनों क्लास सी बाहिर अन्य लगी तो मुझी पिच्य सी किसी न्य आवाज़ लगाई..

"ोये गवर"..

मैनी पिच्य देखा तो यह अपनी तबाही यानि इशिका थी..

मैं:- जी बोलिये..

इशिका:- उम्म्म कुछ नहीं निकल...

मैं एक बार उसको घूरा और निकल गया बाहिर कैंटीन में..

वहां जा क रोहन कहानी क लिए कुछ लेनी चला गया और मैं टेबल ढ़ूंढ़नी लगा बेथनी की...

तभी मेरी नज़र एक टेबल पी गई वहां तारा बैठी थी कुछ लरकी और लडकियोँ क sath..main उसकी पास गया..

मैं:- ही तारा किसी हो.?

तारा न्य एक नज़र मुझपी डाली एयर बोली..

तारा:- कोण हो और मुझी किसी जानती हो..

मैं:- अरे इतना बी चेंज नहीं लग रहा मैं सैम..

तारा:- हाँ तो क्या करूं.?

मैं:- कुछ नहीं एन्जॉय..

मैनी नोट किया क वह सब क सामन्य ऐटिटूड दिखा रही थी. मैं बी ज़्यादा भाव नहीं दिया तभी किसी क झगरी नई आवाज़ अन्य लगी मैं उसी तरफ देल्हनी लगा वहां रोहन किसी लड़की सी बहस क्र रहा था मैं उसी तरफ चला गया..

मैं:- Hello hello क्या हुवा...

रोहन:- भाई यह देख न आर्डर मेरा ही लेकिन यह कह रही है इसका ही और लय क जा रही ही..

लड़की:- जी नहीं मेरा ही...

मैं:- कोई बात नहीं रोहन तो दुस्सर लगवा लय...

लड़की:- थैंक्स हाँ..

फिर उसनी खाना लिया और पेसय दी क निकल गई हमनी बी दोबारा आर्डर लगवा लिया और लय क आ गए एक टेबल पी बीएस 2 लड़कियां बैठी थी एक तो वही थी जो अभी लार रही thi..Hum इन्ही क पास चले गए..

मैं:- कैन वे सीट हेरे..

लड़की:- हम्म्म आइये बेथ जाइये...

हम दोनों बेथ गए..

मैं:- क्या मैं अपमा नाम जान सकता हूँ..

लड़की:- मैं स्वाति और यह सोनी.

मैं:- नीस तो मीट ु.. अब भी फरिस्त ईयर की हैं.?

स्वाति:- हाँ.. और वह आर्डर आपका hi था मुझी भूक लगी थी इस लिए झगर क लय लिया आईएम सॉरी..

रोहन:- देखा मैनी बोलै था वह हमारा ही..

तभी इशिका कुछ लडकियोँ और लड़कों क साथ कैंटीन में ी और बिलकुल मेरी सामन्य वाला टेबल खली करवा क बेथ गई और अजीब सी नज़रों सी घूर्णी लगी तभी टेबल पी किसी न्य हाथ मारा..

मैनी देखा तो यह कुछ लरकी थय जो शायद सीनियर्स थय..

Main(man मैं):- लो कर लो स्यापा फिर लोग लिल्ही गए हर जगह शामे बैखोदि...

लड़का1:- यह टेबल हमारा ही उठ यहाँ सी...

मैनी एक नज़र इशिका पी डाली वह मुस्कुरा रही थी मुझी समझती देर नहीं लगी यह इसी की करामात हैं लेकिन मैं बिलावजह सन नहीं क्रीट करना चाहता था..

मैं:- O.k भाई.. चल रोहन एंड चलो स्वाति वैसी बी हमनी खा लिया प बेथ जाओ..

तभी मेरा फोर बजा मैं फ़ोन निकल क साइड पी जा क बात करनी लगा तभी मुझी स्वाति की आवाज़ ी...

स्वाति:- चोरो मेरा हाथ...

मैनी फ़ोन सुत्त किया और पिच्य मूर क देखा तो दिमाग तनक गया मेरा..

उस वकत एक लरकी न्य स्वाति का हाथ पाकर हुवा था और एक न्य रोहन का गाला...

लड़का:- जाने क लिए उनको बोलै तुमको नहीं बैठो चामियाँ..

मैं:- Hello Hello गाइस आप लोगो न्य कहा टेबल खली करो हिम न्य किया यह बदतमीज़ी तो मत करो...

लड़का1:- क्या क्र लय गए बी हाँ.? तेरी साडी आकर निकल दूँ गए..

मैं:- अभी आकर दिखाई कहाँ ही जो ख़तम क्रय गए...

मेरी चेहरे क एक्सप्रेशन चंगर होगये एक डैम आंखें लाल होगी रक बार सूरज को बादलों न्य धक् लिया क्यू क उस लरकी न्य स्वाति क गली में हाथ दाल दिया था और दुपट्टा खेचन्य लगा था..

तभी उसकी मुँह पी रक लात pari..Woh सीधा इशिका वाली टेबल पी गिरा सीधा जा क... वह खरी हो गई..

तभी एक लड़का चाकू लय क मेरी पी हमला कटनी laga...Uska हाथ पाकर क मूट दिया उसकी छेड़ख निकल गई सब का ध्यान इसी ततफ था कोई वीडियोस बना रहा था तो कोई वैसी hi देख रहा था मैनी उस लरकी को पकड़ी हुवी hi एक नज़र उस लरकी पी डाली जो उनका शायद लीडर था मेरी देखती hi वह हिल गया और एक नज़र अपने दोनों साथियोँ पी डाली और एक नज़र इशिका को देखा और निकल गया उसकी भागती देख बाकि बी अपनी दोस्तों को पकट क भाग गए...

मैने खुद को नार्मल किया और मुस्कुरा क इशिका की तरफ देखा वह अपना पेट पटक क निकल गई..

मैं स्वाति क पास गया..

मैं:- अरे यू O.k...

वह झट सी मेरी गली लग गई...

मैं:- डरो नहीं मैं हूँ न सब ठीक होजाये गए...

स्वाति:- हम्म्म..

मैं:- सोनी स्वाति को लय क जाओ क्लास में..

वह दोनों चली गई..

मैं:- चलो गाइस शो ओवर...

सब अपनी अपनी काम में लग गए उस भीड़ में तारा बी शामिल थी...

मैं:- अबे क्या बी तू तो फटु निकला..

रोहन:- चूतिये उनकी हाथों में चकय thy..Saly स्टूडेंट्स काम और गुंडे ज़्यादा थय..

मैं:- चिल क्र और चल क्लास में चलते हैं....

हम दोनों क्लास में चले गए...

वहां पेहली सी hi टीचर थय हम ुणस्य परमिशन लय क अपनी जगह बेथ gaye...ishika मुझी hi घूर रही थी मैनी उसको इग्नोर किया फुल तू..

ऐसी Hi आज का दिन पूरा हुवा मैं अपनी बाइक निकली और कॉलेज क गेट क बाहिर वेट करनी लगा रत्न का वह बी आ गई कुछ लडकियोँ क साथ..

मैं:- Hi केसा रहा दिन.?

रत्न:- बोहत ाचा..

मैं:- कोई परेशानी.?

रत्न:- Nahi...Ab चलें.?

मैनी बाइक स्टार्ट की वह पिच्य बेथ गई..

हम घर पोहंच गए मैं अंदर चला गया रत्न अपनी क्वाटर में चली गई..

मैं अंदर गया तो माँ बाहिर hi बैठी थी लाउन्ज में..

मैं:- Hi माँ मैं आज्ञा...

माँ:- अज्ञये केसा रहा आज का दिन..?

मैं:- बरिया था मैं फ्रेश होकय अत हूँ आप खाना लगा दो..

माँ:- O.k

मैं फ्रेश होकय चेंज क्र नीची आज्ञा.. और अख्सरा क कमरे में गया.. वह आराम क्र रही थी..

मैं:- क्या हो रहा ही.?

अक्षरा मेरी आवाज़ सुन क जग गई और मैनी उसकी पास बेथ गया..

अक्षरा:- आराम क्र रही हूँ..

मैं:- और मेरा बचा..

मैनी अपना हाथ अक्षरा क पेट पी रख दिया..

अक्षरा:- वह बी ाचा होगा उसकी पापा इतना ख्याल जो रखती हैं उसका..

मैं:- हम्म्म आज आपसी किया वडा पूरा करनी का समय आज्ञा ही...

अक्षरा:- कोनसा वडा.?

मैं:- आपकी पति क कटिळून को उनको अंजाम तक पोहचन्य का..

अक्षरा:- क्या आपको पता चल गया वह कोण ही.?

मैं:- हम्म्म यह सब बाद में अभी मेरी बची का ख्याल रखो और आराम करो रात की 8 बाजी की ोप्पिंटमेंट ही डॉक्टर की चले गु o.k..

अक्षरा:- O.k

मैं बाहिर आज्ञा..

मैं:- माँ मैं गुड़िया को लय क आया..

माँ:- हाँ तब तक खाना बी लग जाये गए..

मैं गारी लय क निकल गया गुड़िया क स्कूल की तरफ वहां जा वेट किया 5 मं में hi गुड़िया आ गई..

मैं:- केसा फ बेतु दिन.?

शिखा:- एक डैम बरिया भैया...

हम लोग निकल गए घर की तरफ 10 मं में घर पोहंच गए खाना खा क मैं कमरे में आराम करनी चला गया शाम को मैं निकल गया एक काम तो अंजाम देंय...

तो बे कंटिन्यू....
 
अपडेट NO.37


अक्षरा सी मिल क निकल gya...Main बिना गारी लिए घर सी निकला और फ़ोन निकल क बटन दबाया एक ब्रांड नई गारी मेरी सामन्य आ क रुकी ुसमय सी एक आदमी निकला मुझी गारी सूंप क वह निकल गया मैं बी गारी लय क निकल गया अपने काम को अंजाम देने...

आइये जब तक हम देखती हैं कॉलेज में फाइट क बाद क्या सन था...

वही उसी कैंटीन में तारा और उसकी दोस्तें बैठी थी..

फ1:- तुमनी देखा उस लरकी को आय धाँसू फाइट की उसनी..

फ2:- हाँ यर क्या पर्सनैलिटी ही उसकी क्या स्टाइल था...

फ3:- अरे लेकिन फाइट सी पेहली वह तुझसी मिलने आया था न.?

तारा:- हाँ..

फ1:- क्या तो उसी जानती ही.?

फ2:- एयर नंबर ही तो दी न...

तारा:- अरे ुसमय ऐसा क्या देख लिया तुम लोगो न्य...

फ3:- उसकी जैसा कॉलेज में कोई नहीं ही आज फाइट क दूर उसकी ढीली शर्ट जब टाइट होइ न तो उफ्फफ्फ्फ़ क्या बॉडी थी...

तारा यह सब सुन क किसी सोच में पर गई..

फ2:- Hello तुमने बताया नहीं कोण ही वह.?

तारा:- Woo..Woh तो पागल ही मेरी पिच्य कब सी परपोज़ क्र रहा ही लेकिन मैं hi उसको भाव माहि दी रही...

फ1:- तो क्या पागल वागल ही क्या जो उसको मन क्र रही ही अगर तुझी माहि इंट्रेस्ट तो मैं चांस मर लेती हूँ.....

फ2:- मैं बी तरय करूं गई..

तारा:- नहीं कोई नहीं तरय क्रय गए ुसपय वह सिर्फ और सिर्फ मेरा ही...

वह यह कह क खरी हो जाती ही उसकी आंखों में अलग Hi चमक और जानूं नज़र आ रहा था और चेहेरी पी कातिल मुस्कान...

वही मैं रक बंद पारी गोदाम क बाहिर गारी रूक क बाहिर निकला मैनी अपनी गर्दन पी सी मास्क ऊपर किया और अपना चेरा धक् लिया अपनी हुदी उप्पेर की और अंदर की तरफ चल पारा मैनी जा क बारे सा गेट खटकटैया तभी वहां सी एक पति साइड होइ...

और तभी एक लात पारी तभी दरवाज़ी क चित्र्य उड़द गए और वह आदमी हवा में ुरदता हुवा पिच्य को गिरा तभी धुल सी च गई हर तरफ सभी इस आवाज़ को सुन क बाहिर भाग्य ए..

और तभी आपके भाई की पूरी स्वाग सी एंट्री होइ भाई अब ए हैं तो इतना तो बनता था न....

सभी गुंडू न्य बंदूकें तान ली उन में सी एक बोलै...

ग1:- कोण ही बे तो ऐसी कहाँ घुस्स्य चले जा रहा ही...

मैं:- तुम सब में सी टिल्लू मर्चेंट कोण ही.?

तभी वही आदमी बोलै..

ग1:- मैं हूँ क्या क्र लय गए बे.?

मैने उसकी तरफ अपनी ऊँगली पॉइंट की...

मैं:- टारगेट सेट लेटस थे शो बैगन...

टिल्लू:- आबय मारो साले को देख क्या रही हो.?

तभी अन्य में सी दो आदमी भागती हुवी ए मेरी तरफ...

हर तरफ पिन ड्राप साइलेंस था..

आआआआ इस आवाज़ न्य साइलेंस टोरी..

एक आदमी सी लकड़ी क डंडे मेरी सर पी वॉर किया लेकिन मैनी उसकी डंडे को पकड़ा और उसकी सीने पी एक लत jari...Woh ुरदता हुवा एक बारी सी कील क ार पार होगया...

सब एक बार को चौंक गए लेकिन फिर दोस्सरी को चल होइ वह चैन मेरी गली में मारण्य क लिए उसको घुमाया लेकिन मैनी नीची झुक क उसकी पेट क बीचो बिच एक मुका मारा उसकी मुँह सी खून निकल गया और तभी मैनी उसकी अपनी कंधी पी उठा लिया और पूरी स्लो मोशन शॉट सी पिच्य देखा..

टिल्लू:- आबय गोली मार ..

तभी 2 आदमियों न्य गोली चला दी मैनी जिस को अपनी कंधी उठा रखा था उसको यज्ञ क्र दिया उनकी साडी गोलियां उसको लग गई...

मैने जल्दी सी वही चैन जो उस आदमी क पास था पाकर और घूमता हुवा भाग क उनकी पास पोहंच गया जिन दोनों न्य गन चलाई थी उनकी गर्दन क इर्द गिर्द बंधी और खेंच di....Dono मौके पी hi ख़तम तभी मेरी पीठ पी एक लकड़ी आ लगी मैं थोड़ा यज्ञ हुवा और मोर क उसकी मैं पॉइंट पी लत मर दी... तभी टिल्लू न्य गन निकल क मेरी सर पी रख दी..

टिल्लू:- हहह मुझु पकड़ी गए टिल्लू मर्चेंट को वैसी तो ही कोण.?

यर्ह कह उसनी मेरी मास्क की तरफ अपना हाथ बढ़ाया वैसी वह बीएस अकेला बचा था अभी बीएस वह उसकी बाकि भारी क तत्तो कब बिखर गए थय...

मैनी उसका हाथ पाकर और घुमा दिया उसकी पाकर गन पी दिल्ली पर गई मैनी उसकी हाथ पी मुका मारा गन उसकी हाथ सी गिर गई मैनी उसकी गर्दन अपनी हाथों में ली और उसकी आंखों में देखनी लगा इस वक़त मेरी आंखों में दुनिया भार की वेश्यात थी वह मेरी सीने पी मुख्य मर रहा था और चुरवानी की कोशिश क्र रहा था लेकिन वह अपनी गर्दन हिल्ला बी नहीं पा रहा था...

मैं:- मस्सों और बेक़सूर लोगो की जान लय गए तो तुखी किसनी हक़ दिया इस बात का...

मैनी उसको उठा क फेक दिया वह जा क एक दरवाज़ी पी टकराया वह दरवाज़ा खुलता चला गया उसकी साथ मेरी आंखें बी खुलती चली गई..

अंदर जगह जगह बोम्ब्स पारी हुवी थय और उनको बनाने का समान बी मौजूद था..

मैनी टिल्लू को उठाया और चेयर पी बांध दिया....

मैं उसकी सामन्य एक चेयर रख क बेथ gya...Mainy अपनी हुदी निकली और मस्की बी नीची किया....

टिल्लू:- कोण ही तो और क्या चाहिए तुझी पैसा बोल जितना चाहिए मिल्ली गए..

मैं:- हाहाहाहाहा मैं जादू मैं मायाजाल दर मुझसी मैं हूँ शकल. ....हाहाहा..

नाम सुनती hi उसकी आंखें एक बार बंद होगी लेकिन फिर बोलै...

टिल्लू:- तू चाही मुझी मर दी लेकिन मैं तुझी कुछ नहीं बताओं गए...

मैं:- अभी कुछ पोछा hi कहाँ ही.... चल तोङने बात शुरू की तो तू hi बता यह सब किसका प्लान ही.?

टिल्लू:- नहीं बताओं गए मर दल मुझी..

मैं:- हाहाहाहा आबय मौत तो यौन hi बदनाम ही तकलीफ तो ज़िन्दगी देती hy......Mainy नहीं किसी महान इंसान न्य कहा ही..

टिल्लू:- तो कुछ बी कर लय नहीं बताओं गए....

मैं:- यर तुम भारी क ततो अपने मालिक क वफादार होती हो अगर हमारा सिस्टम बी सर्कार का इतना वफादार हो जाये तो दुनिया की सब सी ताकतवर क़ुम बन जाये हम....

मैं:- आई तो दर मत मैं तुझी अभी नहीं मैरून गए बीएस पेहली तेरी उंगलिया काटूँ गए उसकी बाद पेअर की उंगिलयां काटूँ गए फिर तेरा औज़ार काटूँ गए फिर तेरी जिस्म की हर हिस्सी पी घाव बनाओ गए फिर मरहम लगो गए फिर घाव दूँ ga..Jb तक यह खेल ख़तम नहीं होता अपुन इधर िच hy...Hahahaha....

टिल्लू की हवा निकल गई..

टिल्लू:- नहीं तुम ऐसा नहीं क्र सकती...

मैं:- अरे क्यू नहीं क्र sakta(Usky इर्द गिर्द घूमती huway)Aur वैसी बी रिकॉर्ड में तो तुम मर hi चुकी हो तो ज़िंदा रहो या मुर्दा क्या फरक परता hy....hihihahahaa

टिल्लू का पसेना चोट गया..

मैनी साइड पी पारी टूल बॉक्स में सी कटर निकला और उसकी चेहरी पी फेरनी लगा और गुणगणान्य लगा..

तेरी कह क लूंगाआ....

टिल्लू:- नहीं mai...Main सब बताता हूँ जितना मुझी पता ही....

मैं:- हाँ यह होइ न बनते वाली bat....(chair पी बैठती huwy...)Chal भोकना शुरू क्र...

टिल्लू:- यह सारा काम एक आदमी करवा रहा ही....

मैं:- कोण ही वह.?

टिल्लू:- उसको नहीं जनता लेकिन...

मैं:- देख अभी हटता मत वर्ण तेरी to...(halka सा चेयर पी सी उठा...)

टिल्लू:- ना नही सच बोल रहा हूँ मैं वह जिस सी सारी काम करवाता ही उसको जनता हूँ मैं..

मैं:- कोण ही वह.?

टिल्लू:- रवि रेड्डी...

मैं:- क्याआ.? R.R फार्मेसी क मालिक.?

टिल्लू:- हाँ वही..

मैं:- वह यह सब क्यू करवाए गए.?

टिल्लू:- इतना तो मुझी नहीं मालूम लेकिन हाँ यह ज़रूर पता ही कोई डील सी उसको बोहत नुक्सान होनी वाला ही और उसी सी बचनी क लिए उसनी सारा खेल खेला...

मैं:- उस साइंटिस्ट को क्यू मारा.?

टिल्लू:- उसकी बोम्ब बनाने क बाद उसको चोर दिया था हमनी लेकिन वह पुलिस स्टेशन चला गया सब उगलने...

मैं:- बोम्ब्स कहाँ और कब लगाने का प्लेन था.?

टिल्लू:- 16 ॉट को तीन जगह पी...

मैं:- लेकिन बोम्ब तो ज़्यादा हैं...

टिल्लू:- हामी बीएस तीन क आर्डर मिला और बाकि का पता नहीं...

मैं:- कोनसी कोनसी जगह.?

टिल्लू:- पैराडाइस होटल,,, रेलवे स्टेशन बस स्टॉप...

मैं:- पुलिस स्टेशन मैं सी कोण मिला हुवा ही.?

टिल्लू:- नहीं पता..

मैं:- तेरी तो साले एक बार मरीन बात समझ में नहीं अति kya..(Uskay हाथ की एक ऊँगली पी कटर ताख क) अब अगर तोङने बोलै नहीं पता तो teri....(Mainy कटर का थोड़ा दबाव डाला..)

टिल्लू:- नहीं नहीं बताता हूँ एपीआई इंस्पेक्टर तजीव.....

थे डे व्हेन आयेशा जॉइन्स...

आयेशा जीप सी उत्तेर क पुलिस स्टेशन जाती ही सब उसको स्लूटर कृत्य हैं एक अफसर फूल लय क अत ही

अफसर:- Hello मम आईएम योर असिस्टेंट...

आयेशा फूल पकृति ही..

आयेशा:- थैंक्स एंड गेट बैक तो वोतक एंड मर अजीव आप प्लीज केस फाइल्स लय आइये..

अजीव:- मैडम आज hi तो ज्वाइन किया ही आराम सी केस देख लेना...

आयेशा:- शट उप पुलिस आराम नहीं काम करनी क लिए होती ही जितना बोलै उत्तना क्र...

आयेशा ऑफिस में चली जाती ही..

अजीव:- तो मैडम क तीव्र तो बोहत हाई हैं ाचा हुवा कंटेनर आज hi पोहंच gya...Koi नहीं क्लीनर पी लाये गए इसको बी...

प्रेजेंट...

अब मुझी साडी बात समझ आ गई थी सटी बात मेरी दिमाग में मूवी की तर्हां चल रही थी...

आइये आपको बी बताती हैं...

प्लेन फ्रॉम मु पॉइंट ऑफ़ व्यू...

हुवा यह क जब आर्गेनिक मेडिसिन अन्य सी बोहत सी फरमाइस को नुक्सान होगा एक हिसाब सी बंद की हो जाये गई और इस बिज़नेस का बेताज बादशा ही रवि रेड्डी इंडिया की सब्ज़ी बाटी फार्मेसी का मालिक जिसकी दवाइयां सब सी महंगी हैं..

रवि रेड्डी इंट्रो..

रवि यह एक टाइम पी स्कूल में पेओन की नौकरी करता था वहां सी िसंय थोड़ी हीरा फिरि शुरू की पढ़ा लिखा था िसंय ड्रग्स डीलिंग शुरू क्र दी स्कूल क बचूं को ड्रग्स बी लगा क उनकी ज़िन्दगी तबाह करनी लगा फिर पैसी इकठी क्र उसनी एक फार्मेसी को खरीद लिया वहाँ उसनी शुरू में बोहत सस्ती में अछि मेडिसिन बेचीं जब उसका नाम चल प्र उसनी रेट्स डबल और क्वालिटी जीरो क्र दी मतलब वह ऐसी मेडिसिन बनाने लगा जो क सस्ती में बन जाती थी उसको बोहत फ़ायदा हो रहा tha...Sath में उसनी अपने साथ लोगों को जोड़ना शुरू क्र दिया उनकी डील क बदली यह उनकी बेटी या बीवी क साथ रात गुज़रता वह उनको इतना मजबूर क्र देता उनकी साथ सोने क इलावा कोई और चारा नहीं बचता उनकी पास

वह लडकियोँ क साथ ज़बरदस्ती करता और उनको कोठी पी भीज देता इसका अपना कोठा बी ही जहाँ सी अपना ज़्यादा तार माल छुपता ही वहां की रंडियों क साथ रात गुज़रता कई रंडियां तो प्रेग्नेंट होगी लेकिन िसंय उनको बची क साथ मरवा दिया..

इसके परिवार में इसकी बीवी और एक बीटा ही..

यह अपने बेटे और दोस्तों क साथ मिल क अपनी बीवी को छोड़ता ही और वह बी बाज़ारो औरत मज़े सी लुंड लेती ही...

बैक तो प्लान..

जो बी 16 ॉट को डील फाइनल करनी ए गए उसको बोम्ब क साथ ुरा देना और उसकी बाद की प्लान का आईडिया नहीं ही...

बैक तो योर भाई...

टिल्लू:- अब सब बता दिया अब मुझु चूर दो..

मैं:- अगर तो मात गया और यर्ह माल बी पकड़ा गया तो क्या फिर बी प्लान एक्सेक्यूटे होगा.?

टिल्लू:- वह बोहत कमीना ही किसी बी हद तक जाये गए...

मैं:- अब नहीं हो रहा yr...Woh क्या कहती थी... हाँ.... It's नॉट वर्किंग बिटवीन उस...

तभी एक गन निकली घूरा चारा तर्रीगेर पी ऊँगली गई तर्रीगेर को दबा दिया गोली सीधा भेजी में...

बैकग्राउंड में म्यूजिक बज रहा...

काम 25 ही काम काम 25 मेरी जैसा एक तेरी जैसी 36 ही....

तभी मैनी बोम्ब्स को अछि तर्हां देखा और मोबाइल निकल क अपनी लेडी सिंघम को फ़ोन किया..

आयेशा:- Hello कहाँ हो मेरी जान.?

मैं:- ******* मैं आ क सफाई करवा दो ज़रा गांड फेल गया मेरी सी...

आयेशा:- मतलब तुमय.?

मैं:- यूप अब आ जाओ....

मैनी कॉल कट की और वेट करनी लगा पुलिस का सिरों बजती hi मैं गारी लय निकल गया तभी एक कॉल आया मुझी... देखा तो हीना का कॉल था..

मैं:- Hello कहाँ हो भाई न कोई रिपोर्ट न कोई इन्फो.?

हीना:- बीएस आपका काम hi क्र रही थय साडी इन्फो मिल गई ही और क्या शॉकिंग इन्फो ही क्या बताओं...

मैं:- बताओ....

नोट:- नेक्स्ट थे खुलासा ऑफ़ Tanisha's पास्ट...
 
अपडेट NO.38


हीना न्य बोलना स्टार्ट किया....

तनीषा अपनी माँ बाप की दोस्सरी औलाद ही उस सी पेहली उसका एक भाई बी था जिस को बचपन में hi किसी न्य उठा लिया था आज तक उसका पता किसो को नहीं चला खुद तनीषा बी यह बात नहीं जानती...

तनीषा क पापा एक बोहत ाच्य बिज़नेस थय उनके बुसिनेस क चलते उनकी बोहत सी दुश्मन बन गए बात करीब तब की जब तनीषा लग भाग 15 साल की होगी..

उसकी पापा घर सी ऑफिस क लिए निकले लेकिन वह ज़िंदा वापिस न आ सकी रस्त्य में उनका ैसिडेंट होगया और जब यह बात तनीषा की माँ को पता चली वह बुरी तर्हां टूट गई वह अपने पति क मरने की खबर घर बी नहीं बता सकीय वह अंतिम संस्कार करनी क अगली दिन जब इंडिया अन्य की सोच रही थी तभी उसके देवर यानि तनीषा क पापा का छोटा भाई उनकी घर आया जब तनीषा की माँ न्य वापिस अन्य की बात उसको बताई तो वह ज़ोर ज़ोर सी हंसी लगा....

देवनद:- अरे मेरी प्यारी भाभी बोहत मुश्किल सी यह जायदाद पाने का गोल्डन चांस मिला ही...

T.maa:- यह क्या बकवास क्र रही हो देव...

देवनद:- वही जो आप सुन रही हैं और अगर तोङने एक कदम बी घर सी बाहिर निकला तो तेरी यह बेटी को जान सी मार दूँ गए....

तभी एक वकील अंदर आया..

वकील:- नहीं देव साहब अगर इसको मार दिया हमारी हाथ कुछ नहीं ए गए...

देवनद:- मतलब...

वकील:- मतलब यह क इसके बाप न्य साडी प्रॉपर्टी इसकी नाम क्र दी ही और जब तक यह 25 साल की नहीं होती उस सी पेहली अगर इसी कुछ होगया तो साडी कंपनी गोवेर्मेंट को हैंडओवर होजाये गई..

देवनद:- तो इंतज़ार रही गए लेकिन तब तक बी मैं hi सब रखूं गए..

उसनी तनीषा और उसकी माँ को एक छोटे सी घर में भेजवा दिया...

वहां तनीषा की माँ न्य काम करना शुरू क्र दिया तनीषा को पढ़ाया लिखाया और देव सी चुप क उसकी शादी क्र दी लेकिन तनीषा देवनद सी आज तक नहीं मिली थी और न hi वह जानती थी वह कोण ही उसको बीएस यह पता था वह गरीब होगाणे हैं अपनी पापा की मौत क बाद..

लेकिन देव को इस बात की भनक लग gai..Usny तनीषा जिस सी शादी क्र रही थी उसको शराब का अदि बनवा दिया और कुछ समय में hi उसको मरवा दिया और जब तनीषा की ुमार 25 साल होइ उसको पकरणय क लिए उसनी लोग भेजी लेकिन उसकी माँ यह जानती थी इसी लिए उसनी वह घर चोर क रेंट पी रहना शुरू क्र दिया लेकिन देव को इसका पता बी चाल गया उसनी ट्रक सी तनीषा की माँ का ऑक्सीडेंट करवा दिया उसकी बाद वह बच नहीं पाई लेकिन देव को तनीषा नहीं मिली वह आज भी तनीषा की तलश क्र रहा ही.....

मेरी तो सुन क बोलती बंद होगी थी मैं इस वकत एक सुनसान जगह खरा था...

मैं:- तनीषा क भाई का कोई नाम फोटो कुछ मिला.?

हीना:- फोटो तो नहीं बीएस पेपर्स पी उसका नाम ही...

मैं:- क्या.?

हीना:- अभिषेक तेवरी.....

मेरी सर पी जैसी पहर टूट पारा यह नाम सुन क..

मैं:- क्या.? तुम सच कह रही हो.?

हीना:- जो सर हमे तो रिकार्ड्स में यह hi मिला ही नाम लेकिन पता नहीं मालूम..

मैं:- मुझी पता ही...

हीना:- क्या आप जानती हैं.?

मैं:- हाँ बोहत अछि तर्हां...

हीना:- O.k सर अब हमारी लिए आर्डर...

मैं:- देवनद की बर्बादी की तयारी...

हीना:- मतलब सर.?

मैं:- उसकी हर मूवमेंट पी नज़र रखो कहाँ जाता ही उसकी फॅमिली में कोण कोण ही ी वांट आल डिटेल्स...

हीना:- O.k सर..

मैं:- Bye T.C....

हीना:- Bye सर...

मैं फ़ोन कट क्र क गारी क पास hi बेथ ल रोने लगा..

मतलब अभी मेरा भाई ही और अपने माँ बाप होने क बवजूद अनत जैसी ज़िन्दगी जी रहा था...

मैं:- नहीं चोरो गए उस कमीनी को...

मैनी फ़ोन निकल क आयेशा का नंबर दिल किया..

आयेशा:- Hello...

मैं:- कहाँ हो.?

आयेशा:- पुलिस स्टेशन बीएस घर क लिए निकालनी लगी थी..

मैं:- मैं आ रहा हूँ लेनी आपको..

आयेशा:- सच.?

मैं:- हम्म्म बीएस अभी आया..

मैनी गारी निकली सीधा 20 मं में hi पुलिस स्टेशन पोहंच गया...

मैं उतर क अंदर गया और कांस्टेबल सी बोलै

मैं:- Hello मैडम सी मिलना ही...

कांस्टेबल:- मैडम अभी ऑफिस में हैं वेट करो..

मैं:- आप जा क कहिये सैम आया ही बीएस..

कांस्टेबल:- कहा न वेट क्र और तो क्या मैडम को जनता ही.?

मैं:- हाँ उन्हों न्य hi बुलाया ही मुझी...

कांस्टेबल:- ाचा कहता हूँ..

वह अंदर गया 2 मं बाद आयेशा तकरीबन भगति होइ बाहिर ी और मेरी गली लग gai..Sab देख क हिरण थय...

मैं:- सब देख रही हैं...

आयेशा पिच्य hogai..Aur मंद मंद मुस्कुरानी लगी...

तभी एक आदमी एक फाइल लय क आया उसी देख क मीरा खून खोलनी लगा उसका नाम पढ़ क एक्चुअली...

वह कोई और नहीं तजीव था..

तजीव:- मैडम यह फाइल त्यार की ही आज क हादसी की चेक क्र लीजिये..

आयेशा:- मेरी केबिन में रख दो अभी मैं जा रही हूँ...

मैं:- नहीं आप अभी चेक कीजिये...

आयेशा न्य फ़ौरन फाइल पाकर ली तजीव मेरी तरफ देखनी लगा मुझु खुद को घूरता देख क उसको पता नहीं क्यू पसीना आज्ञा क्यू क मेरी ाँकूँ में शदीद गुस्सा था..

आयेशा:- ठीक ही सॉफ्ट एंड हार्ड कॉपी हेडोफ़्फ़िस भेज दो..

तंजीव:- जी मैडम...

आयेशा:- चले.?

मैं:- हाँ चलो...

हम बही आ गए आयेशा मेरी गारी में बेथ गई और जीप पिच्य लानी को कहा..

आयेशा मेरी कंधी पी सर रख क बेथ गई...

मैं:- जणू कुछ बताना ही आपको..

आयेशा:- नहीं अभी मैं बीएस ऐसी hi बैठो गई...

मैने उसका गल्ल सहलाया और माथे पी किश किया..

मैं:- हमारी बेगम ठाक गई लगता ही...

आयेशा:- नहीं बूत जब बी आपकी साथ होती हूँ दुनिया की साडी बातें भूल क बीएस आपकी साथ रहंय को मान करता ही...

मैं:- और कुछ करनी का मान नहीं करता.?

आयेशा:- नहीं वैसी और क्या करना ही.?

मैं:- रोमांस....

आयेशा एक डैम शर्मा गई और मेरी बाज़ो पी मौका मारा और बोली..

आयेशा:- आप बेशरम हो...

मैं:- इस में बेशरम वाली कोनसी बात ही.?

आयेशा:- यहां टांग नहीं क्रय ना..

मैं:- मज़ाक क्र रहा था...

आयेशा:- वैसी सब आपका ही जो चाही करो...

मैं:- मैनी कहा न मज़ाक क्र रहा था...

आयेशा न्य अचानक मेरी होंठों पी किश करना शुरू क्र दिया 5 सेक् में hi अलग होगी...

मैं:- किश तो पोररी करो हमेशा आधी चोर देती हो...

आयेशा बीएस मुस्कुरा दी और फिर वैसी hi बेथ गई मैं उस सी बात करना चाहता था लेकिन वह अभी बोहत खुश थी मैने कहा बाद में बात क्र लोन गए...

हम घर पहंच गए...

अंदर पापा तनीषा और अंजलि बाहिर लोंगे में hi बैठी थय..

हम अंदर गए दोनों को बरी बरी हल्का है हुग क्र क मैं wah8n बेथ गया..

माँ किचन सी पानी लय क ी...

पापा:- केसा था कॉलेज का पहला दिन.?

मैं:- बरिया था माँ आपको किसी पता चल मैं आज्ञा हूँ...

माँ:- बीएस डिल न्य बता दिया...

आयेशा:- मैं चेंज क्र क ै...

माँ:- वैसी तुम दोनों एक साथ किसी.?

मैं:- अभी एक बात करनी ही सब सी...

माँ:- क्या बात करनी ही.?

मैं:- तनीषा क बारी में...

तनीषा:- मेरी बारी में क्या बात करनी ही.?

मैं:- तनीषा क्या आप बता सकती हो आपकी फॅमिली में कोण कोण था अमेरिका में.?

तनीषा:- आपको पता तो ही फिर यह सब.?

मैं:- प्लीज बताइये.?

तनीषा:- मैं और माँ पापा की डेथ होगी. थी...

तनीषा की आंखें नाम होगी..

माँ:- यह क्या क्र रहा ही तो.?

मैं उठ क तनीषा क पास गया और उसको साइड सी हुग क्र क बोलै..

मैं:- नहीं आपकी फॅमिली में आपकी एक चाचा बी हैं..

तनीषा:- नहीं माँ न्य कभी नहीं बताया mujhy...apko किस न्य कहा.?

मैं:- वह साब बाद में पेहली यह बताओ मस्सी न्य कभी यह बताया क उनकी कितनी बची हैं.?

तनीषा:- मैं उनकी अकेली बेटी हूँ...

मैं:- नहीं आप अकेली नहीं हो आपका एक बारे भाई बी है...

यह बात तनीषा क उप्पेर एक बम था जैसी वह हाका बका थी सब का यही हाल था...

माँ:- क्या कोण ही वह कहाँ ही कबि.?

मैं:- आप साब बोहत अछि तर्हां जानती हो उसी...

तनीषा:- प्लीज अगर यह मज़ाक ही तो बीएस कीजिये...

मैं:- आपको मेरी बात पी यकीन नहीं.?

तनीषा:- अपनी जान सी ज़्यादा मगर..

मैं:- आपका पुराण पूरा नाम क्या था.?

तनीषा:- तनीषा तेवरी....

मैं:- हाँ....

माँ:- कोण ही वह.?

मैं:- अभिशेख तेवरी यानि अभी...

सब शॉक सी खरी होगये..

माँ:- क्या यह सच ही लेकिन तनीषा को यह पैट्स क्यू नहीं.?

तनीषा अभी बी बैठी थी...

मैं:- वह सब बाद में पेहली वह बताइये किधर गया ही.?

माँ:- वह तो बाहिर hi गया ही...

मैनी फ़ोन निकला और अभी को कॉल किया...

अभी:- Hello..

मैं:- किदर ही.?

अभी:- घर आ रहा हूँ...

मैं:- O.k जल्दी आ...

अभी:- O.k

फ़ोन कट...

तनीषा जैसी यह सब समझनी की कोशिश क्र रही हो....

तनीषा:- क्या यह सब सच ही क्या अभी मेरा बारे भाई ही.? माँ न्य कभी क्यू नहीं बताया.?

मैनी उसको गली लगा लिया वह बीएस रू रही थी...

मैं:- नहीं रोना बोहत रू लिया अब रोने की बरी उनकी ही जिनकी वजह सी आपका यह हल हुवा....

तनीषा:- मुझी बताइये कोण ही वह मैं जान सी मार दूँ गई उसको...

मैं:- शांत अभी आप अपने भाई सी तो मिल लो...

तभी गारी रुकी 2 मं बाद अभी अंदर दरवाज़ी पी खरा था सब उसको घूर्णी लगी...

तनीषा भाग क उसकी तरफ गई वह हिरण वहां खरा था...

तनीषा:- भैयाआआ!

वह यह कह क अभी क गली लग गई...

वह यह सब समझनी की कोशिश क्र रहा था मैं चल क उसकी पास gya..aur उसको बोलै...

मैं:- अपनी छोटी बेहेन क प्यार नहीं क्रय गए.?

अभी:- छोटी बेहेन.?

मैं:- हाँ तनीषा Tevari....Daughter ऑफ़ मर कबीर तेवरी और आप उनकी बारी भाई मर अभिशेख तेवरी सोन ऑफ़ मर कबीर तेवरी....

अभी तो जैसी ख़ुशी सी पागल होगया उसनी तनीषा को कस क गली लगा लिया...

अभी:- क्या सच में तो मेरी छोटी बेहेन ही.?

तनीषा:- हाँ भैया मैं आपकी छोटी बेहेन हूँ....

दोनों काफी देर एओसी hi खरी रही.. फिर अलग होकय तनीषा भाग क मेरी गाल लग गई...

तनीषा:- ज़िन्दगी क हर मूर पी मुझी खुशियां दी हैं अपने ी लव यू!...

अभी बी मेरी तरफ आया...

अभी:- हम दोनों की ज़िन्दगी बदलनी वाला और हामी मिलनी वाला तो ही तो मेरी लिए भगवन सी काम नहीं....

वह बी मेरी गाल लग गया....

मैं:- तो हमेशा सी मेरी भाई hi था..

अभी:- हाँ bhai....Aur जीजा जी...

मैं हल्का सा हंस दिया..

मैं:- जाना नहीं चाहो गए. क क्या हुवा था तुम्हारी साथ..?

अभी:- क्या हुवा था.?

फिर मैनी साडी बात बता दी सब को....

अभी और तनीषा रू रही थय माँ न्य उनको गली लगया हुवा था...

माँ:- रू नहीं मेरी बचो मैं हूँ न मेरी बेहेन इतना कुछ सेहती रही...

अभी:- माँ पी किये हर ज़ुलम का बदला लोन गए...

पापा:- लेकिन वह तनीषा को क्यू नहीं पाकर सका या ढून्ढ सका अभी तक.?

मैं:- क्यू क उसनी तनीषा को बीएस बचपन में देखा था और तनीषा न्य अपना नाम चेंज क्र लिया था अपनी आइडेंटिटी सी...

अभी:- नाम चेंज मतलब.?

तनीषा:- शादी क बाद मैनी अपना नाम तनीषा तेवरी सी तनीषा सैम ठाकुर क्र लिया था....

मैं:- इसी लिए वह नहीं ढून्ढ पाया उसको वह आज बी तनीषा तेवरी को ढून्ढ रहा ही...

पापा:- मतलब अभी बी साडी प्रॉपर्टी तनीषा क नाम ही.?

मैं:- हाँ वह बीएस अस ा केयर टेकर संभल रहा ही...

अभी:- मैं उसको नहीं चोरो गए...

मैं:- वह सब मैं देख लोन गए तो अपनी शादी की तयारी क्र...

अभी:- लेकिन.?

मैं:- मैने कहा न तो बीएस अपनी बेहेन क साथ मिल क शादी कितयारी क्र...

अंजलि:- एक नहीं बोहत सी बेहेनी हैं आपकी भैया...

अभी न्य आयेशा और अंजलि को बी बारी प्यार सी गली लगाया..

अभी:- मुझी सब सी मिलना ही...

मैं:- सब अगली हफ्त्य अजय गए तेरी शादी में सब सी मिल लेना....

माँ:- हाँ मेरा बचा तो अभी आराम क्र जा k..Saim तनीषा को लय जा...

मैं:- जी..

मैं तनीषा को लय क ऊपर आज्ञा अपनी कमरे में..

तनीषा अभी बी थोड़ी उदास लग रही थी हो बी क्यू न उसकी माँ और पापा क साथ यह सब जो हुवा...

मैं:- आपको मुझपी यकीन ही.?

तनीषा:- जान सी ज़्यादा...

मैं:- तो जिनहु न्य बी इस में साथ दिया होगा सब को उनकी अंजाम तक पोहचव गए वडा ही आपसी मेरा...

तनीषा मेरी गाल लग गई मैं उसको बीएड पी लेता दिया वह मेरी बहून में लेती होइ सू गई....
 
अपडेट NO.39


सुबह मेरी आंख खुली तो तनीषा अभी बी मेरठ सीने सी लगी होइ थी आज पता नहीं क्यू मुझी कुछ ठीक नहीं लग रहा था जैसी कुछ तो गलत होने वाला ही मैनी तनीषा को थोड़ा साइड किया फ्रेश बोके ध्यान लगा क किचन में गया माँ वही थी...

मैं:- गुड मॉर्निंग माँ..

माँ:- गुड मॉर्निंग... किसी हट तनीषा अब.?

मैं:- वह ठीक ही...

मैनी माँ और तनीषा क लिए कॉफ़ी बनाई और माँ को दी क कमरे में आज्ञा तनीषा को जगा क कॉफ़ी दी और अंजलि और आयेशा को उठाया और कोमल को फ़ोन किया उस सी बात करनी क बाद मैं गुड़िया को स्कूल चोर क आया फिर घर आ क तनीषा क पास गया...

मैं:- किसी हो मेरी जान...

तनीषा:- आपकी होती मुझी कुछ होगा क्या.?

मैं:- होने बी नहीं दूँ गए...

मैं उसके डिंपल पी किश क्र क बाइक लय क निकल गया कॉलेज अक्षरा का ोप्पियंमेंट आज का करवा लिया था शाम का...

हम कॉलेज पोहंची तो गेट पी hi रोहन मिल गया... मैनी उसकी पास जा क बाइक रोकी

रोहन:- Hi सैम एंड..?

मैं:- रत्न...

रोहन:- Hi रत्न...

रत्न:- Hi मैं चलती हूँ सैम...

मैं:- O.k Bye...

वह चली गई रोहन उसको hi घूरय जा रहा था...

मैं:- ओह्ह्ह hello...

रोहन:- भाई क्या वह तेरी बेहेन ही.?

मैं:- नहीं मेरी दोस्त ही वह....

रोहन:- भाई सच्चा प्यार होगया मुझी...

मैं:- आबय पहली बार देखा ही उसको तोङने...

रोहन:- अबे पागल ही क्या उसकी लिए मैं रोज़ बस स्टैंड जाता था लेकिन भाई हिम्मत नहीं जुटता पाया बोलनी की बोलना तो दूर नाम बी आज पता चला 2 साल बाद...

मैं:- उसको पता ही.?

रोहन:- मालूम nahi....Chal चोर अंदर चलते हैं वैसी बोहत खूसबसूरत नाम ही रत्न हाउ क्यूट...

वह ऐसी hi एक्टिंग करता रहा और मैं बी मुस्कुरा क उसकी बातें सुनता रहा हम क्लास में चले गए वहां सरिता मैडम पेहली सी hi मौजूद थी...

मैं:- मम क्या हम अंदर आ सकती हैं.?

सरिता:- आइये आपका hi कॉलेज ही...

मैं:- सॉरी मम वह...

सरिता:- क्या वह कोई दिसिपलाने नाम की चीज़ ही क नहीं तुम लोगो क लिए...

तभी आफत की पोरिया वहां ी यानि इशिका..

वह मम क बीएस Hi बोल क अपनी जगह पी जा क बेथ गई...

मैं:- सारी दिसिपलाने हमारी लिए hi हैं.?

सरिता:- व्हाट दो यू मैं.?

मैं:- मम अभी आपकी सामन्य वह बिना पोची जा क बेथ गई अपनी तो कुछ नहीं बोलै उसको.?

तभी इशिका खरी होइ...

इशिका:- तुम मुझसी मुकाबला करो गए.?

मैं:- मैं मम सी बात क्र रहा हूँ न क आपसी...

सरिता:- शुतुप एंड जा क अपनी जगह पी बैठो...

मैं:- जी मम...

मैं और रोहन जा क पिच्य बेथ गए...

सरिता मम लेक्चर देंय लगी मैं बारी गुर सी सुन रहा था मेरा पूरा ध्यान बोर्ड पी था लेकिन किसी और का ध्यान मेरी तरफ था और गुस्सा साफ साफ दिख रहा था कुछ देर में एक कातिल मुस्कान क साथ उसनी मुँह फेर लिया...

ऐसी hi टीचर आ क पढ़ाती रही और जाती रही...

ब्रेक में हम लोग कैंटीन जाने लगी...

मैं:- रोहन तो जा खाना यही गार्डन में लय आ मैं यही बैठा हूँ...

मैं जा क पैर क पास बेथ गया और सोचनी लगा...

मेरी सामन्य 2 टास्क हैं अभी मुझी देवनद को सबक सीखना ही और 16 ॉट मिस्ट्री को सोल्वे करना ही....

अभी यह hi सोच रहा था क मेरी सामन्य कुछ लोग आ क खरी होगये...

ा1:- क्या बी हीरो फ़िल्मी कालिया खिल्ला रहा ही.?

मैं खरा होगया...

मैं:- आप कोण.?

ा1:- सीनियर्स सी बात करनी की तमीज नहीं ही क्या.?

मैं:- ओह्ह तो रैगिंग करनी ए हो.?

ा2:- हाँ चल हम जैसा बोली वैसा क्र...

मैं:- चल दोने जो करना ही मेरी साथ करना किसी और क साथ nahi..Bol माज़ूर.?

ा1:- मंज़ूर....

तभी वहां कुछ लड़कियां बी उनकी साथ आ खरी होगी देखती देखती सभी वहां आ गए इशिका और तारा बी आ गई वहां अपनी अपनी पल्टन क साथ...

ा1:- चल बोल क्या क्रय गए.?

मैं:- वह तुम लोग डीडे करो...

मैनी घरी की तरफ देखा और बोलै...

मैं:- सिर्फ 15 मं हैं जो बोली गए करूँ गए...

ल1:- मतलब 15 मं बाद नहीं क्रय गए.?

मैं:- नहीं करूं गए टिक टिक 14 मं 50 सेक्...

ा1:- चल अपनी शर्ट उत्तर मैनी शर्ट क बटन खोला स्टार्ट किये अंदर शुक्र ही एक स्लेव लेस्स शिर थी...

सभी बॉडी देख क हूटिंग करनी लाफ़ी लड़कियां तो सब सी ज़्यादा इस सी सलून की जाल गई...

ा1:- चल जा और एक फूल लय क वाईस प्रिंसिपल को दी क आ...

मैनी शर्ट पहनी एक गुलाब पूरी स्टाइल में टूर क मैडम जो साइड किसी सी फ़ोन पी बात रही थी उनकी तरफ बढ़ाया...

मैं:- Hello मम यह फूल मुझी वहां गिरा मिला सोचा आपको दी दूँ...

V.p:- O.k लाओ दो...

वह अभी शायद बिजी थी इसी लिए जल्दी सी फूल लिया और मुझी चलता किया...

मैं वापिस मूरा और स्टाइल सी चलता हुवा उनकी पास आज्ञा...

सब की सलून की जाल गई...

ा2:- चल अब किसी लड़की किश क्र...

मैं:- नहीं करूं गए...

ा1:- क्यू नहीं क्रय गए?

घरी दिखती हुवे...

मैं:- टाइम उप....

ल1:- करनी को बोलै तो क्र...

मैं:- बोलै न टाइम उप अब चलो शबा काटो....

ा1 न्य मेरी कालर पी हाथ दाल दिया साली की ज़िन्दगी की सब सी बरी गलती थी मैनी उसको पाकर क पैर सी लगा और एक मौका उसकी कमर में मारा और उसकी कान मरीन बोलै...

मैं:- जिसनी बी तुझी यहाँ भेजा हो अगर तुझु ज़िन्दगी प्यारी ही तो चला जा वर्ण तुझी दुनिया ढून्ढ बी न पाए ऐसा जगह घूसों गए तुझी....

उसको चोर दिया वह इतना घबरा गया था वह अपनी साथियोँ को लय क चला गया मैनी इशिका की तरफ निघा डाली वह बी गुस्से में चली गई सब बरी बरी चले गए हमारी रोहन भैया बी खाना लय ए...

तभी कोई वहां फिर आज्ञा...

तारा:- Hi क्या मैं बी खा सालती हूँ तुम्हारी साथ.?

रोहन:- सॉरी 2 hi लोगो का खाना ही...

मैनी उसकी सर पी हलकों सी तपली मरी..

मैं:- औ न तारा खा लो...

तारा:- O.k

वह हमारी साथ बेथ गई मुझी यह बात अजीब लगी क जो लड़की एक आंख नहीं देख सकती थी वह मेरी साथ खाना खा रही ही लेकिन मैनी इस बात की इग्नोर किया और खाना खा क क्लास में चला गया इशिका वहां नहीं थी मैं कॉलेज क बाद घर आया गुड़िया को स्कूल सी घर लाया अक्षरा को हॉस्पिटल लय क गया और शादी की तयारिया ज़ोर शूर सी होनी लगी

1 वीक लेटर....



कल सुबह अभी की शादी ही साडी त्यारियां पूरी हैं लेकिन मुझी टेंशन ईसिस बात की थी क शादी मैं कोई आर न ए इसी लिए एक हफ्ता यज्ञ करवाई थी शादी क्यू क मुझु मिस्ट्री 16 ॉट सोल्वे करनी थी...

सब आज बोहत खुश थय सब अभी सी मिल क बोहत खुश थय कोमल और अवनि नहीं आ सकीय शादी क लिए क्यू क उनका कोई टेस्ट था और मैनी hi मन क्र दिया था शादी में अन्य क लिए..

सुबह उठ क मैं सब कुछ देखनी लगा पूरा शहर िंवटेड था शादी में मैं मैरिज प्लेस जा क सब इंतज़ाम करवा दिया सभी लेडीज पार्लर गई थी....

शाम को गेस्ट आना शुरू होगये तभी एक गारी आ क रुकी और साथ hi मेरा मोबाइल बज पारा मैं फ़ोन रेसवे करनी साइड होगया और इशिका अंदर बरिदल रूम में चली गई सब मेहमान आ गए सिवाए हमारी रोल्लु क..

मैनी उसको कॉल किया...

मैं:- Hello रोल्लु कहाँ ही यर कब सी वेट क्र रहा हूँ...

हीरा:- बीएस पोहच hi गई मीडिया तो नहीं ही न.?

मैं:- नहीं तो अजा बीएस...

थोड़ी देर में हीरा बी आ गई मैं उसकक सब क पैसा चोर आया...

सभी लेडीज ब्राइडल रूम में थीं...

तभी वहां हीरा कमरे में एंटर होइ...

शिखा:- दीदी आप आ गए मैं कब सी वेट क्र रही हूँ...

हीरा:- अव्व्व सॉरी गुड़िया तजोरा लेट होगी...

हीरा सब सी बरी बरी मिली 2 लोगों की ाणलजें तो जैसी झपकना जी भूल गई हों....

यह और कोई नहीं दोनों बेहेनी यानि इशिका और अबीरा थीं....

इशिका:- मम आप यहाँ मैं बोहत बरी फैन हो आपकी इनफैक्ट हम दोनों बोहत बरी फैन हैं आपकी आज आपको मिल क बोहत ख़ुशी होइ....

हीरा:- थैंक्स बूत अबीरा कोण ही आप दोनों में सी...

अबीरा:- आप मेरा नाम जानती हैं.? वाओ...

हीरा:- आपकी भाई न्य बता बता क कान भर दिए आपकी बारी में....

हीरा अबीरा क गली लगी...

अबीर:- आप भाई को जानती हैं.?

तनीषा:- यह तो बचपन क दोस्त हैं....

फिर इधर उधर की बातें करनी लगी इशिका अबीरा क भाई की पर्सनालिटी सी कागि इम्प्रेस होगी थी वह उसी क बारी में सोच रही थी केसा होगा वह कहाँ होगा अभी तक क्यू नहीं मिली उस सी...

इधर मैं अभी को मंडप में लय आया था तभी मेरा फ़ोन बजा मैनी देखा तो रत्न का फ़ोन था...

मैं:- Hello तुम ै क्यू नहीं अभी तक.?

Ratna(Rote हुवये):- सैम बाबा को पता नहीं क्या होगया ही वह बेहोश होगये हैं प्लीज आ जाओ...

मैं:- तुम रू नहीं मैं अभी आया....

मैं सीधा माँ को पास गया वह अभी A'maa क पास बैठी थी..

मैं:- माँ एक सेक् इधर आइये....

माँ:- क्या हुवा बोल न...

मैं:- प्लीज माँ एक सेक्...

माँ उठ क आ गई मैनी माँ को सब बताया...

माँ:- मैं चलती हूँ तेरी साथ...

मैं:- आप यहाँ देखो मैं जल्दी ाओं गए....

मैं अभी क पास गया...

मैं:- भाई एक बोहत बरी एमेर्जेंसी होगी ही मैं अत हूँ अगर लेट होगया तो घर पी मिलता हूँ....

अभी:- सब ठीक मैं चलूँ क्या साथ.?

मैं:- नहीं मैं जा रहा हूँ डिटेल्स बाद में देता हूँ...

मैं वहां सी सीधा गारी निकली और घर की तरफ निकल गया रस्त्य में रीसेंट पी हीरा का नुम था उसी को कॉल किआ मैनी...

हीरा:- जी बोलिये मर रोड...

मैं:- रोल्लु यर प्रॉब्लम होगी ही एक अभी तनीषा पास में ही तो फ़ोन दी प्लीज...

तनीषा:- Hello.?

मैनी उसको बता दिया सब

तनीषा:- आप खुद बोल्डिजिये...

तनीषा न्य फ़ोन अबीरा को दी दिया...

मैं:- Hello

अबीरा:- Hello भाई क्या हुवा.?

मैं:- प्रिंसेस एक एमेजेन्सी क कारण मुझी कहीं जाना पर रहा ही मैं प्लीज तो नज़रज़ मत होना...

अबीरा:- इतस o.k भैया जल्दी अन्य का तरय करना...

मैं:- O.k bye....

मैं घर पोहच गया सीधा क्वाटर्स में गया..

वहां काका बेहोश पारी थय रत्न पास बेथ क रू रही थी..

मैं:- रत्न क्या हुवा चलो जल्दी हॉस्पिटल...

वह मुझी देख क खरी होगी और मेरी गली लग गई मुझी एक अजीब सी फीलिंग ै जैसा क मुझी बीएस तब जी अति ही जब मैं माँ या अपनी किसो बी बीवी को हलय लगता हूँ एक अजीब सा एहसास होता ही उस वक़त लेकिन मैं इस वक़त टेंशन में था इसी लिए मैनी इग्नोर क्र क काका को गारी में बिठा क हॉस्पिटल लय आया वहां डॉक्टर उनको इमरजेंसी में लय गई रत्न मेरी कंधी पी रख क बेथ गई..

करीब 1 या 1:30घंटी क बाद डॉक्टर बाहिर ए...

डॉक्टर:- पेशेंट क साथ जो ही वह मेरी केबिन में ए...

मैं रत्न क साथ केबिन में चला गया...

मैं:- क्या हुवा डॉक्टर.?

डॉक्:- देखिये पेशेंट को ब्लड कैंसर ही लास्ट स्टेज...

मैं:- व्हाट.? लेकिन वह पेहली तो ठीक थय...

रत्न और रोने लगी मैनी उसको सहारा दिया..

डॉक्:- देखिये सर उनकी लॉस ज़्यादा समय नहीं ही ज़्यादा सी ज़्यादा 12 घंटी...

रत्न तो जैसी टूट गई..

मैनी उसको संभाला हुवा था वह ज़ोर ज़ोर सी रोने लगी..

मैं:- क्या हम मिल सकती हैं.?

डॉक्:- ज़रूर..

हम दोनों बाहिर ए मैनी मान में अदि को याद किया...

मैं:- अदि क्या तुम कुछ क्र सकती हो.?

अदि:- भाई उनकी ज़िन्दगी का चक्र खतम होनी को उनकी आखरी करिये की वजह सी उनको महोलट मिली ही...

मैं:- वह क्या ही.?

अदि:- आपको खुद पता चल जाये गए...

मैनी माँ और पापा को फ़ोन क्र दिया..

इधर शादी पूरी हो चुकी थी इशिका की आंखें अबीरा क भाई को दजूद रही थीं लेकिन वह उसको नहीं दिखी बिदाई क वक़त का माहोल थोड़ा इमोशनल होगया...

तभी माँ और पापा न्य सबको बता दिया...

तनीषा:- मैं आपकी साथ चलती हूँ...

अभी:- मैं भी...

तनीषा:- भैया आप भाभी क साथ गजर जाओ हम आती हैं...

अबीरा:- नहीं वहां भाई अकेली होंगी आप बी जाइये...

तनीषा:- लेकिन भाभी.?

अबीरा:- तनीषा अपनी भाभी की बात नहीं मनो गई.?

वहां सी अभी तनीषा और माँ पापा हॉस्पिटल क लिए निकल ए...

H.m न्य अबीरा और बाकि सब को घर भेजनी क लिए इंतज़ाम करवा दिया था...

इधर कब सब ए तो रत्न माँ क गली लग रोने लगी...

मैं अभी क पास गया...

मैं:- तू क्यू आया अबीरा कहाँ ही.?

अभी:- वह घर ही...

मैनी ज़्यादा न बोलै हम सब वार्ड में चले गए रत्न काका क सीने पी सर रख रोने लगी तनीषा को अपनी माँ क मरने का मंज़र याद आज्ञा

वह रोने लगी मैनु उसको गली लग लिया...

मैं:- यू अरे माय स्ट्रांग जान न.?

तनीषा:- हम्म्म बोहत स्ट्रांग लेकिन जब आप साथ हूँ...

काका होश में ए और रत्न क सर पी हाथ रखा और बोली...

काका:- रू नहीं मेरी बची मेरी जाने का समय आज्ञा ही लेकिन तुझसी वडा पूरा किये बिना नहीं जाओं गए..

रत्न:- नहीं बाबा आपकी सिवा और कोण ही मेरा.?

काका न्य पापा को तरफ देखा...

काका:- साहब अपनी मुझी हमेशा अपने परिवार का हिस्सा मन क्या अपनी जो वडा किया था वह पूरा हॉसकय गए.?

पापा:- हमनी जो वडा किया उसी क लिए हम यहाँ हैं...

काका:- बेटी तेरी मांग में सिन्दूर देख लून फिर ख़ुशी ख़ुशी मर सकूं गए...

रत्न:- यह क्या बोल रही हो पापा.?

काका:- जिसकी अमानत ही उसकक सौंप रहा हूँ मेरी बेटी तुझी.?

रत्न:- आप बचपन सी ऐसी hi केहत्य हैं तो किसी की अमानत ही मैं आपकी बेटी हूँ कोई चीज़ नहीं...

काका:- तेरी ख़ुशी क लिए hi यह साब किया ही बीटा...

तभी पापा मेरी पास ए...

मैं:- पापा किस वाधय की बात हो रही ही.?

पापा:- वह वडा जो नियति न्य किया ही...

तभी पापा न्य एक हाथ में मंगलसूत्र और एक हाथ में सिन्दूर की डीबी निकली...

मैं:- यह क्या.?

माँ:- यह तेरी अमानत ही...

मैं:- यह आप क्या कह रही हैं माँ.?

मैनी तनीषा की तरफ देखा अभी हिरण परेशान खरा था...

तनीषा:- आप हमेशा क्यू भूल जाती हैं आप कोण हैं.?

मैं:- लेकिन.?

पापा:- अभी अदि न्य क्या बताया.?

मैं:- पापा लेकिन.?

पापा:- बीटा यह विडजी का विधान ही रत्न तुम्हारी दूसरी बीवी ही भली hi तुम उसको जब भी मिल्ली लेकिन तनीषा पहली और रत्न दूसरी बीवी ही....

अभी:- यह हो क्या रहा ही.?

तनीषा:- क्या मैं भाई को बता दूँ.?

पापा:- हाँ ज़रूर...... अदि.....

तभी एक रौशनी क साथ वहां पी अदि आज्ञा काका क इलावा सब हिल रही थय बाकि टाइम स्टॉप tha...Ratna और अभी तो दर गए...

अभी:- यह क्या ही.?

तभी एक रे अदि क हाथ सी निकल क ाभु और रत्न क अंदर चली जाती ही...

उन्दोनो की आंखें खुद बंद होजाती हैं और वह जब आंखें खोलती हैं सब नार्मल था...

अभी:- इतनी महान इंसान होकय बी अपनी....

वह मेरी पैरों में गिरनी लगा मैनी उसको उठाया....

मैं:- क्या क्र रहा ही.?

पापा:- बाकि बातें बाद में...

मैं:- पापा लेकिन उस सी तो पॉच लो.?

रत्न कुछ नहीं बोलती बीएस ांकें झुका लेती ही..

पापा मुझी मंगल सुतार देती हैं मैनी यज्ञ भार क उसकी मांग भरी और मनःलसूतर पहना दिया...

हमनी काका क पेअर छुवये....

काका:- साधा सुहागन रहो....

और वह परलोग सुधर गए....

रत्न रोने लगी सबकी आंखें नाम थीं...

तभी पापा का फ़ोन बजा वहां सी पता चला गाओं में कोई मार गया ही सब अभी hi निकल गए हैं...

हमनी रत्न को संभाला और अंतिम संस्कार क्र दिया सुबह क 5 बाजी हम घर वापिस ए आयेशा अबीरा और अंजलि को फ़ोन क्र क बता दिया था सब एयर वैसी बी सब गाओं क लिए निकल गए थय..

आज क लिए इतना hi

सत्य टुन्नेद
 
अपडेट NO.40


सुबह जब घर ए तो सब बाहिर hi बैठी थय हॉल मरीन अबीरा बी उन्ही क साथ बैठी अक्षरा शायद सू रही थी..

हम सब को देख वह तीनो भाग क वहां आ गई..

आयेशा:- सब ठीक ही न काका किधर हैं.?

यह सुन्न क रत्न और रोने लगी...

माँ न्य उसको संभल क अंदर लाया और मैं तीनो को साइड में लय गया...

अबीरा:- भाई सब ठीक ही न.?

मैं:- नहीं काका नहीं रही...

आयेशा और अंजलि तो जानती थीं इस लिए उनकी आंखों मरीन झट सी आंसूं की लहर आ गई और अबीरा न्य अभी कुछ पोछना सही नहीं समझा...

आयेशा:- अब बेवहारी बिलकुल अकेली होगी ही...

तभी अदि की आवाज़ मुझी अंजलि और आयेशा को सुनाई दी...

उसनी दोनों को बता दिया..

आयेशा:- सच.?

मैं:- हाँ...

अंजलि और आयेशा पता नहीं क्यू लेकिन खुश हो गई...

अबीरा:- क्या हुवा अचनाक क्यू खुश लग रही हो.?

आयेशा:- वह चोरो अभी हम रत्न क पास जा रही हैं....

वह दोनों उसकी पास चली गई..

मैं:- आईएम सॉरी अबीरा मैं फंक्शन नहीं अटेंड क्र सका...

अबीरा:- कोई बात नहीं भाई अभी सब्ज़ी ज़्यादा ज़रूरी उसको संभालना ही...

मैं:- चलो मैं तुम्ही कमरे तक चोर अत हूँ...

मैं अबीरा को लय अभी वाली कमरे में आज्ञा...

मैं:- यह ही आपका कमरा बीएस अब आराम करो.. O.k....

अबीरा:- Bye भैया....

मैं नीची गया तो वहां बीएस तनीषा अंजलि और आयेशा थीं...

मैं:- क्या बात ही.?

तनीषा:- आप आराम क्र लीजिये कब सी भाग दूर क्र रही हैं...

मैं:- क्या तुम सब खुश हो.?

अंजलि:- हाँ हम तो बोहत खुश हैं हामी एक और बेहेन मिली...

मैं:- तुम सब जैसा डिल सब क पास हो टी दुनिया बदल जाये...

आयेशा:- आप चलिए आराम क्र लीजिये..

मैं:- तुम लोग सोने चलो...

मैं तनीषा को कहा..

मैं:- चलो सोटीय हैं...

तनीषा:- आप जाइये कमरे में रत्न ही...

मैं:- लेकिन तुम कहाँ.?

तनीषा:- मैं अंजलि क साथ सो जाओ गई अभी उसको आपकी ज़रूरत ही...

मैं कुछ नहीं बोलै और कमरे की तरफ चल पारा...

मेरी दिमाग में बीएस अभी रोहन की कही होइ हर बात घूम रही थी मैं किसी की प्यार पी डाका नहीं मार सकता था मुझी यह बी नहीं पता था रत्न न्य यह शादी मर्ज़ी सी की या अपने बाबा क लिए....

मैं धरकती डिल क साथ कमरे में दाखिल हुवा...

वह इस वक़त बीएड पी बैठी रू रही थी...

मैं वहीँ खरा रहा मेरी अन्य की आहत सुन क वह चुप होगी और सर झुका क बेथ गई...

मैं:- क्या Tum....mera मतलब आप ठीक हैं.?

रत्न कुछ नहीं बोली बीएस नीची देखती रही...

मैने अभी कुछ और बोलना ठीक माहि समझा मैं बाथरूम में जा क फ्रेश होकय बाहिर आया तो बीएड पी लेट चुकी थी...

मैं जा क सोफे पी लेट गया पता hi माहि चला कब आंख लगी....

सुबह मेरी आंख फ़ोन बजने क खुली...

देखा तो रोहन का फ़ोन था...

मैं:- Hello.?

रोहन:- भाई कहाँ ही बचा लय मुझी प्लीज... अह्ह्ह्हह...

फ़ोन कट...

मैं:- Hello रोहन कहाँ ही.?

मैं जल्दी सी लहरा हुवा और बीएस मुँह पी पानी मारा और भाग क नीची आया और बाइक निकली और भगा दी मैं कॉलेज की तरफ जा रहा था रस्त्य में खली मैदान में गरिया खरी थी मैं उसी तरफ चला गया...

वहां जा क देखा तो रोहन नीची बैठा रू रहा था और एक आदमी उसकी सर पी खरा था...

मेरी आंखों में खून ुन्डल आया मुझी शायद hi कभी इतना गुस्सा आया हो मैं भाग क उस आदमी क पास गया और उस आदमी को लात मरी वह सीधा जा क उस आदमी क कदमो में गिरा जो क वहां कुर्सी लगा क बैठा था वह इनका लीडर था....

मैं रोहन को संभाला..

मैं:- भाई यह सब किसी हुवा.?

रोहन:- नहीं पता यह कोण हैं बीएस उठा क मारा और तेरा pocha...(Rote हुवे..)

मैं:- बीएस 5 मं रुक फिर हम हॉस्पिटा चले गए और आंखें मात झपकना....

तभी एक आदमी जो चल क मेरी पास आ रहा था उसको पेट पी हाथ मारा और उठा लिए और ज़मीन पी पटका....

तभी 2 लोग भाग क मेरी पास ए मैनी एक फ्लाइंग किक दोनों क मुँह पी मरी दोनों वहीँ बेहोश हो गए...

तभी वह आदमी खरा हुवा..

आदमी:- अअअअअ तेरी इतनी हिमत तो मुझसी पाएंगे लय गए मरू रय साली को..

तभी सारी ऊपर टूट पारी मैं गाजर मूली की तर्हां उनको मरता रहा करि 3 मं में मैनी 15 आदमियों को ठिकाने लगा दिया था..

मैं भाग उस आदमी क पास gya...Aur उसकी कर सी पाकर क उसकी hi गारी क बोनट पी लिटा दिया...

मैं:- कोण ही तो और रोहन को क्यू मारा....

आदमी:- अह्ह्ह्ह मुझी बीएस हड़िया तोरणय क लिए पैसी दिए थय किसी न्य...

मैं:- कोण था वह बोल..

मैं उसकी hi गन लय ुसपय hi तान दी...

आदमी:- वह कॉलेज का एक छोकरा आया था फोटो दी क बोलै इसको पाकर क मरना ही लेकिन तुम नहीं मिल्ली जो तुम्हारी दोस्त को उठा लिया ुर पहिने क्र क यहाँ बुलाया...

मुझी साडी बात समझ आ गई और मैं न्य गन उसकी सर में दी मारी वह बेहोश होगया....

मैं जल्दी सी रोहन को हॉस्पिटल लय गया पति करवा क मैं सीधा कॉलेज लय गया जिसकी यह हरकत थी उसको सबक सीखना था...

मैं रोहन का हाथ पाकर क कैंटीन में लय आया और उस टेबल पी गया जहाँ इस खेल की करता धर्ता थी यानि इशिका...

मैं उसकी सामन्य खरा होगया. वह बी खरी होगी...

इशिका:- क्या प्रॉब्लम ही.?

मैनी उसका हाथ पकड़ा और पाकर क ग्राउंड की तरफ लय जाने लगा वह चुरानी की कोशिश करनी लगी

इशिका:- हाउ डरे यू चूरू मुझी....

मैं उसको ला क ग्राउंड क दरमियान पटका वह सिडजी खरी हो गई...

मैं:- तुम्हारी प्रॉब्लम क्या ही तुम्ही मुझसी अलेर्जी ही तुम अमर हो ाचा o.k मान लिया बोहत पैसा ही मैं मिडिल क्लास टुमस्य उलझ बैठा तुम्हारी रेपुटेशन खराब होगी हैना.?

मैनी पिच्य गन निकली और इशिका पी तान दी और फिर दिल्ली चूर क इशिका क हाथ में पकड़ा दी और गन अपने माथे पी रख दी..

मैं:- शूट में... सब तमाशा खतम इसकी बाद तुम्हारा ईगो सटिस्फी होजाये गए...

इशिका तो जैसी सकती में खरी थी और हिल बी नहीं रही थी....

मैं:- शूट में ishika....Ohhh ाचा जेल जन्य का दार ही...

तभी मैं न्य अपनी जेब सी फ़ोन निकला और वीडियो चालू की और बोलै..

मैं:- मेरा नाम सैम ठाकुर ही एंड मैने सुसडे की है सो मेरी मारण्य क बाद किसी को कुछ नहीं बोलना...

मैं वीडियो स्टॉप क्र दी और मोबाइल को इशिका की तरफ बढ़ाया..

मैं:- लो एंड शूट मी इन सेण्टर...

इशिका न्य झात सी गन नीची फेकि और रोटी होइ भाग गई वहां सी...

तभी मेरी नज़र उसी शख्स पी गई जिसनी रोहन को पकरणय का आईडिया दिया था...

रोहन:- भाई शांत होजा..

मैनी उसकी एक न सुन्नी और उसकी तरफ बढ़ा वह भगनी लगा मान्य यही सी एक ेंट उठा क उसकी टांग पी मरी और उसकी पास जा गिरेबान पाकर लिया...

मैं:- तेरी इतनी हिम्मत तूने मेरी दोएत को मारा.?

जीत:- मेरी पापा पुलिस कमिशनर हैं चोरी गए नहीं तुझी अह्ह्ह..

मैं:- बुला बुला तो बुला उसको यहाँ...

मैनी उसका कालर छोरा और अपने सर पी हाथ फेरा और साइड सी एक चेयर लय क ुसपय बेथ गया...

रोहन मेरी पास आया..

रोहन:- भाई क्या क्र रहा ही बारी लोग हैं वह...

मैं:- तो एक लफ्ज़ मत बोल सालयी आज इन बारी लोगो को इनकी औकात दिखानी का समय आज्ञा ही....

तभी सिरों बजती होइ 4 गाड़ियां कॉलेज में ी..

वहां प्रिंसिपल बी आज्ञा वह सीधा उन गरियोँ क पास गया जिन क में सी एक 55 60 साल का आदमी निकला वर्दी में उसकी बाद सभी गरियोँ में सी पुलिस निकली मर तजीव बी थय साथ में..

तभी वह मेरी तरफ आ गए मैं आराम सी सूर्य स्टाइल में कुर्सी पी बैठा था...

कॉम:- जीत कोण था वह.?

तभी जीत जो क उसकी पास चला गया था...

तभी तजीव न्य उसकी कान में कुछ बोलै तो कमिशनर मेरी तरफ आया...

कॉम:- एक मोली सी इंस्पेक्टर की बलबूटी पी तुमनी मुझसी पाएंगे लिया.?

मैं:- अरे नहीं सर जो बी करता हूँ अपने दम पी करता हूँ...

कॉम:- तेरी साडी आकर निकल दूँ गए.. प्रिंसिपल..

तभी गांजा दम हिलता हुवा आ गया..

प्रिं:- जी जी सर..

कॉम:- इसकी घर वळून को बी इसकी बारी में न पता चले यह गया कहाँ.?

मैं:- हाहाहा मेरी छोड़िये सर अपनी सोचिये अभी 2 मं में जो कॉल ए गए उसकी फ़िक्र करो...

कॉम:- तुझी ठानी देखता हूँ जा क.. कांस्टेबल अरेस्ट हिम..

मैं:- 10 9 8 7......1

तभी कमिशनर का फ़ोन बजा

उसनी फ़ोन उठाया और वहां तो उसकी रंग ुर्र गए वह हाका बका होगया...

वह भाग आया और मेरी पैरों में गिर गया...

कॉम:- मुझी माफ़ क्र दीजिये मुझी पता नहीं था आप कोण हैं प्लीज सर मेरी साथ ऐसा मात कीजिये...

मैं:- खरा हो....

वह खरा होगया...

मैं:- अब बिना कुछ बोली चुप चाप निकल लय वर्ण ऐसी हालत करूं गए मांगनी को भीक और जीने क लिए हवा सी भी हाथ धू बैठी ga...Aur हाँ यह बात किसी को बताइये अपने बेटे को भी तो समझ गया न.. हाँ.?

कॉम:- मैं समझ गया सर...

मैं उसकी करीब गया ुर कान में धीरे सी बोलै..

मैं:- मैं जादू मैं मायाजाल दर मुझसी मैं हूँ SHAKAL....HAHAHAHA...



और इधर इशिका भाग क अपनी गारी में बेथ निकल गई घर की और वह बीएस ाँसों टपकाये जा रही थी वह घर पोहंच क सीधा अपने कमरे में जाती ही और उलटा लेट क रोने लगती ही...

उसको पछतावा हो रहा था जो वह क्र रही थी उसका वह रोहन को नुकसान नहीं पोहचना चाहती थी उसनी बीएस सैम को ढंकनी क लिए कहा था लेकिन जीत न्य अपनी बेइज़ती का बदला लेनी क लिए कोई और hi खेल खेला जिस का शिकार इशिका होइ वह काफी देर रोटी रही फिर उसनी खुद तो संभाला और फ्रेश होकय डिनर क लिए चली गई..

मैं वहां सी सीधा रोहन को उसकी घर ड्रिप किया उसको ज़्यादा नहीं लगी थी इसी लिए उसको घर क बाहिर hi चोर आया उसनी बुलाया लेकिन मैने मन क्र दिया और मैं घर की तरफ चला गया घर में सब अपने अपने काम पी चली गए थय अभी और अबीरा बाहिर गए थय और माँ सब्ज़ी लेनी...

मैं अक्षरा क कमरे में गया वह दवाई खा क सोइ होइ थी मैं सीधा अपने कमरे की तरफ गया मैं रत्न का तो भूल hi गया था इसी लिए मैं गुनगुनाता हुवा कमरे में ग़ुस्सा और दरवाज़ा बंद कर्क्य सीधा बीएड पी चलंग लगा दी और शर्ट निकल दी और बीएड पी खरा होकय नाचनी लगा..

तभी बाथरूम का दरवाज़ा खुला और रत्न लमऱे में ी...

मैं रुक गया और उसी तरफ देखनी लगा अभी बी नाचनी वाला पोज़ में hi खरा रहा फिर होश में आ क मैं बालकनी में शर्ट लय क भाग गया...

रत्न अभी नहा क निकली थी मैं उसको देखनी लगा वह हल्का सा मुस्कुरा क बाल सुखानी लगी उसकी खूबसूरती को मैं आज निहार रहा था वह बोहत प्यारी थी लेकिन उसकी चेहरी पी एक अजीब सी उदासी thi...Mujhy लगा उस सी बात कर्मी चाहिए इसी लिए मैं शर्ट पेहेन क वापिस कमरे में आया और उसकी अन्य खरा होगया...

मैं:- आईएम सॉरी मुझी पता नहीं था आप बाथरूम में हैं मैं बीएस वैसी hi...

रत्न:- आपका कमरा ही जो मर्ज़ी क्र सकती हैं आप....

मैं:- अरे मुझी आप तुम बुल्ला सकती हो...

रत्न इस पी कुछ नहीं बोली...

मैं:- क्या मैं कुछ पॉच सकता हूँ.?

रत्न:- हम्म्म्म....

मैं:- पेहली तो सॉरी मैं काका को नहीं बचा पाया मुझी बोहत दुःख ही इस बात का..

रत्न:- जो लिखा ही होकय hi रही गए िसमय मेरा आपका कोई दोह नहीं...

मैं:- वैसी आज कॉलेज नहीं गई.?

रत्न:- अब सी नहीं जाना...

मैं:- वह क्यू.?

रत्न:- शादी क बाद पढ़ाई की क्या ज़रूरत...

उसकी चेहेरी पी फिर उदासी आ गई...

मैं:- अरे क्यू नहीं ज़रूरत आपका सपना था आपकी बाओ जी का सपना था क डॉक्टर बनो...

रत्न:- शादी को लय क ज़रूरी नहीं सारी सैन्य सच हों...

पता नहीं यह बात मेरी डिल को लगी...

मैं:- आपको जो करना ही करो आप कल सी कॉलेज जा रही हैं बीएस....

मैं और नहीं खरा होसका वहां मैं वहां सी सुधा बाहिर चला गया...

मैं चाट पी चला गया और वहां जा क बेथ गया और सोचनी लगा क...

ऐसी किसी सी बी शादी करना गलत ही शायद रत्न किसी और सी प्यार करती हो उसकी ज़िन्दगी में रोड़ा बन गया हूँ मैं अपनी शक्ति क लिए किसी क अरमान का लहूं नहीं क्र सकता क्या मैं उसको इस रिश्ते सी आज़ाद क्र दूँ.?

होसकता ही वह रोहन सी प्यार करती हो जैसी उसकी हिम्मत नहीं होइ इसकी बी न होइ ho..Aur वह मेरी वजह सी अपने सैन्य अधूरी चूर रही ही...

यह साब मेरी दिमाग में चल रहा था मैं चाट पी बैठा आस्मां को hi घूर रहा था पता नहीं क्यू पर रत्न क पार्टी मुझी सटिस्फैक्शन नहीं मिल रही वह बीएस इस ज़बरदस्ती क रिश्ते को निभानी की कोशिश क्रय गई...

तभी मुझी किसी क ऊपर अन्य की आवाज़ ी मैं सीधा होकय बेथ गया...

यह रत्न hi थी...

रत्न:- Wo...Woh... Ma..Maa पॉच रही हैं क्या खाये गए आप.?

बीएस उसकी इसी झिझक सी साफ़ पता चल रहा था क वह क्या छह रही ही. ज़रूर माँ न्य उसको कहा होगा उन्ही माँ बोलनी क लिए...

रत्न:- बतिये.?

मैं:- K..kuch बी चली गए...

रत्न नीची जाने लगी...

मैं:- रत्न!

वह पिच्य मूर्ति...

रत्न:- जी.?

मैं:- कुछ बात करनी ही...

रत्न:- जी बोलिये...

मैं:- मैं जो बी पॉचों क्या सच जवाब दो गई.?

रत्न:- हम्म्म..

मैं:- क्या तुम इस रिश्ते सी खुश हो.?

उसनी कुछ नहीं बोलै सर नीची क्र लिया..

मैं:- मैं समझ गया हूँ आप मेरे साथ यह ज़बरदस्ती का रिश्ता निभाओ गई लेकिन कुछ नहीं बोलो गई लेकिन अपने अरमानो का लहूं करो गई... इसी लिए मैने यह फैसला लिया ही क मैं तुम्ही इस रिश्ते सी आज़ाद क्र दूँ गए...

तभी उसनी अपना मुँह ऊपर किया और पता नहीं क्यू लेकिन एक ज़ोर दार चटक थापर मारा उसनी मुझी...

रत्न:- खबरदार यज्ञ सी ऐसी कोई बात की तो क्या मज़ाक ही यह रिश्ता क्या यह मंगलसूत्र क्या यह मेरी मांग में आपकी नाम का सिन्दूर बोलो.? अरमानो का खून नहीं मेरी अरमान पोरी हो रही हैं बचपन सी जो अरमान डिल में दफ़न हैं वह पूरी हो रही हैं...

मैं उसकी बात सुन क चौंक गया...

रत्न:- बचपन सी आज तक मुझी रोज़ एक hi सपना आया ही मेरी ज़िन्दगी का सब सी हस्सें पल जब मैं आपकी साथ होती हूँ बचपन सी सिर्फ आपका इंतज़ार किया मुझी यह बी नहीं पता था हकीकत में बदली गए भी क नहीं वह सपना जब हकीकत में बदला जिस दिन आप यहाँ ए उसदिन आपको देखा तो खुद को यकीन दिलानी में 3 दिन लगी क आप हकीकत में मेरी सामन्य हैं और जब अपनी मुझसी बात की और दोस्ती की मैं 2 रातून तक जगती रही बीएस इस बात की दर सी क अगर सू क उठी तो यह अपना टूट न जाये लेकिन जब कॉलेज साथ जाना शुरू किया मैं बीएस ाफी को देखती पूरी दुनिया को ुझल क्र क बीएस उस पाल को जीती थी कॉलेज में मेरी दोस्त जब आपकी बारी में पोछती हैं तो डिल करता ही मुँह नोच लोन उनका लेकिन कल जब मेरी मांग मैं सिन्दूर भरा अपनी मुझी यकीन नहीं हो रहा था यह सच ही मैं आज बी नहीं यकीन क्र पा रहा हूँ और आप हैं क इस रिश्ते को टूर्ना चाहती हैं.....

वह ज़मीन पी गिर गई मैनी जल्दी सी उसको पकड़ा उसनी अपना सर मेरी सीने में रख दिया और हाथ मेरी हाथों में दी दिया...

रत्न:- प्लीज मुझी मात चूर्ण मैं जी नहीं पाऊँ गई....

मैं:- मुझी माफ़ क्र दो मुझसी समझनी में गलती होगी

तो बे कंटिन्यू.
 
अपडेट NO.41


वह अभी तक रू रही थी मेरी बहून में लिपट क्र और उसनी मुझी ऐसी कस क पकड़ा हुवा था जैसी मैं अभी कहीं भाग जाओं गए अगर उसनी छोरा तो...

मैं:- प्लीज रोना बंद क्र do...Im सॉरी...

रत्न अचानक अलग होगी...

रत्न:- मुझी माफ़ क्र दीजिये मैने आप पी हाथ उठाया....

मैं:- उसी न्य तो मुझी होश में लाया मैनी गलत समझा था आपको...

रत्न:- मैं शर्मिंदा हूँ...

मैं:- कहा न इतस o.k...Aur कल मेरी साथ hi कॉलेज जाना ही...

रत्न:- लेकिन...

मैं:- बोलै न जाना ही तो जाना ही...

रत्न:- हम्म्म...

फिर हम नीची आ गए वहां सब आ चुकी थय खाना खाया और सब सोने चले गए आज तनीषा फिर अंजलि क साथ सोइ थी कल मैनी डीडे किया था तीनो एक साथ सोये गए मैनी एक किंग साइज बीएड मंगवा लिया था जो कल डिलेवर होना था...

अगली सुबह मेरी आंख खुली 5 बाजी मैं फ्रेश होकय ध्यान लगाया और कॉफ़ी बना क एक माँ को दी और एक तनीषा क लिए लय आया कमरे में जा क उसको उठाया और अंजलि को बी उठा क आयेशा क कमरे में चला गया उसको उठया तो वह मेरी गॉड में hi बेथ गई..

मैं:- एक बोहत ज़रूरी बात करनी ही...

आयेशा:- मैं अभी फ्रेश होकय ी...

वह फ्रेश होकय बाहिर आ गई और मेरी गॉड में फिर बेथ गई..

आयेशा:- तो बोलिये...

मैनी टिल्लू और राजीव रेडी क बारी में सब बता दिया...

आयेशा:- उसको रोकना पारी गए...

मैं:- एक प्लान ही मेरी पास जिस सी वह पकड़ा बी जाये गए और काम बी हो जाये गए...

आयेशा:- वह क्या.?

8:30



मैं कॉलेज क गेट पी था और रत्न अपनी ब्राँच में चली गई थी मैं बाइक लय क पार्किंग में लगा क क्लास में चला गया आज रोहन नहीं आया था मैं जा क बेथ गया क्लास में फिर इशिका ै और बेथ गई उसकी नज़तें मुझपी hi थी लेकिन मैनी उसको फुल इग्नोर किया...

आज कॉलेज पूरा क्र क में बाहिर आया पार्किंग में तो वहां इशिका खरी थी और गारी क बाहिर खरी होइ थी मुझी लगा प्रॉब्लम में ही मैं जा क उसकी पास बाइक खरी की..

मैं:- मई ी हेल्प यू.?

उसनी पेहली मुझी घूरा और बोली..

इशिका:- No थैंक्स मेरी पास सब कुछ ही...

मैं:- हहहह कबि किसी क पास सब कुछ नहीं होता हर किसी को किसी न किसी चीज़ की ज़रूरत होती ही...

मैं बिना फिर उसकी तरफ देखी गारी का बॉंट खोल क देखा और प्रॉब्लम को सोल्वे किया और बॉंट बंद क्र दिया...

मैं:- अब स्टार्ट कीजिये...

मैं बिना कोई और बात किये यह सुनने मैं बाइक लय क बाहिर आज्ञा बाहिर रत्न मेरा वेट क्र रही थी...

मैं:- सो मरस ठाकुर केसा रहा दिन...

रत्न थोड़ा शर्मा गई और सर नीची क्र क मुस्कुराई...

रत्न:- ाचा था...

मैं:- बीएस ाचा था.?

रत्न:- हम्म्म..

मैं:- चलो बोहत ाचा कृत्य हैं...

वह बाइक पी वेथ गायें बाइक को भगा लिया और रत्न न्य मुझी कस क पाकर लाया और मैं फुल स्पीड में चला रहा था और हम जल्दी सी घर पोहंच गए...

रत्न:- बाप रे इतनी तीज कोई चलता ही.?

मैं:- मज़ा नहीं आया.?

रत्न:- मज़ा..? तूबा क्र ली थी मैने to..(hehe..)

वह ऐसी hi मुस्कुराती होइ अंदर चली गई..

मैं बी अंदर आज्ञा और कमरे मैं चला गया माँ किचन में थी उनको Hi क्र क चला गया...

मैं कमरे में गया तो रत्न वाशरूम में थी...

मैं बालकनी में गया और कोमल को कॉल kiya...usny 2 रिंग में hi उठा ली कॉल...

मैं:- Hello....

कोमल:- Hello..

उसकी आवाज़ थोड़ी मायूस सी थी...

मैं:- अरे यू O.k

कोमल:- हाँ..

मैं:- आपको पता ही न मुझसी झूट नहीं बोल सकती...

कोमल:- नहीं बीएस कॉलेज स्ट्रेस ही...

मैं:- पका.?

कोमल:- हम्म्म....

मैं:- आप आराम करो...

फ़ोन सुत्त...

मैं सोचनी लगा कोई तो प्रॉब्लम ही जो वह मुझी नहीं बता रही मुझी कल hi वहां जाना होगा...

मैं बाहिर आया तो रत्न नहा क निकली थी और आपके भाई तो जैसी यह कमज़ोरी hi बाण गई थी क जब बी नाहा क निकलती कोई मेरा डिल करता क अभी पाकर क खूब प्यार करो....

मैं रत्न को घूरय जा रहा था वह बी नज़रें नीची क्र क खरी थी...

मैं:- तुम्ही पता ही.?

रत्न:- क्या.?

मैं:- तुम बोहत ख़ूबसूरत हो..

वह कुक्सह नहीं बोली और खरी रही मुझी बोहत प्यार आया ुसपय मैं उसकी तरफ बढ़ा और बिलकुल पास जा क खरा होगया...

उसकी सांसें तेज़्ज़ चलनी लगी मैं उसकी गळून को चुम लिया और बाथरूम में चला गया...

उसनी गर्दन ऊपर की और बाथरूम की तरफ देखा और उछाल पारी और झूमनी लगी...

तभी मैनी दरवाज़ा खोला उसको पता hi नहीं चला वह अभी बी झूम रही थी...

उसकी नज़र मेरी पी पारी तो वह शर्मा गई और फिर सी खरी होगी...

मैं मुस्कुराता हुवा उसकी पास गया..

मैं:- रुक क्यू गई.?

वह कुछ नहीं बोली..

मैं:- ाचा मैं आया इस लिए.. O.k मैं बाहिर चला जाता हूँ मेरी अन्य सी तुम्हारी ख़ुशी चली जाती ही....

मैं पलट गया उसनी फ़ौरन पिच्य सी मुझी बहून में लय लिया...

रत्न:- आपसी Hi तो मेरी खुशियां हैं आपके बिना कोई कृषि नहीं...

मैं:- तो रुक क्यू गई थी.?

रत्न:- मैं शर्मा गई.. thi..Apky सामन्य मैं ऐसी किसी...

मैं पलटा और उसका हाथ अपने हाथों में लिया...

मैं:- तुम मेरी बीवी हो कोई गुलाम नहीं क मेरी सामन्य सर झुका क खरी रहो...

रत्न:- कोशिश करूं गई...

मैं:- O.k...

मैं और वह नीची आ गए वह किचन में चली गई और मैं गुड़िया को लेनी चला गया उसको ला क मैं अक्षरा को हॉस्पिटल लय क गया..

शाम को तीनो और पापा घर आ गए हम न्य मिल क डिनर किया मैनी बीएड चेंज करवा दिया था इसी लिए मैं और रत्न और तनीषा एक साथ hi सोये...

एक साइड पी तनीषा और दोस्सरी साइड पी रत्न सू रही थी...

अगली सुबह मेरी आंख खुली मैं ध्यान लगा क सारा काम पूरा किया तनीषा और माँ को कॉफ़ी दी और रत्न को कॉलेज चोर क मैं निकल गया कोमल क पास गारी लय क ऑफिस सी तनीषा की...

वैसी मुझी आज अपना प्लान पूरा करना था जी मैने बनाया था लेकिन उस सी पेहली मेरी जान अगर उसको कोई दिकत ही तो मैं ना हों ऐसा नहीं हो सकता....

मैं करीब 2:30 घंटी बाद शहर2 पोहंच गया और मैं सीधा उसकी कॉलेज में गया अभी सब क्लासेज चल रही थी मैं कैंटीन में जा क बैठा गया 1 घंटी बाद ब्रेक होइ बची कैंटीन में आ गए मैनी कप्प और चश्मा पेहेन लिया था..

मेरी नज़रें दोनों को hi ढून्ढ रही थी...

वह मुझी कैंटीन अति होइ दिखाई दी..

कोमल का चेहरा थोड़ा उत्तरा हुवा था और अवनि बी ज़्यादा खुश नहीं लग रही थी...

वह दोनों एक टेबल पी आ क बेथ गई क

अचानक...

तो बे कंटिन्यू..

नेक्स्ट अपडेट ात नाईट
 
अपडेट NO.42


उनके टेबल क पास कुछ लरकी आ क खरी होगये दोनों घबरा गेन...

मेरा डिल किया अभी उसका मुँह टूर दूँ लेकिन पेहली मैं सारा ममल्य जा जायज़ा लेना था..

वहां 4 लरकी थय..

लड़का1:- हाँ तो क्या सोचा तोङने.?

कोमल:- तुम्ही एक बार में समझ नहीं अति...

लड़का1:- तुझी मैने कहा न क जो चीज़ मुझी पसंद अजैये उसी कोई नहीं लय सकता मुझसी और तो तो फिर अपने डिल को अछि लगी...

कोमल:- शट उप वर्ण....

लड़का1:- वर्ण क्या क्र लय गई.? अपने बाप को बुलाये गई बुल्ला तुझी पता ही न क कोण हूँ में पूरा शहर मेरी बाप को जनता ही 2 मं में तेरा नाम ो निशान मिटता दूँ शराफत बोहत हो गई.. अब तुझी दिखता हूँ कोण ही सनी रेड्डी...

तभी उसनी कोमल को हाथ पाकर लिया...

कोमल:- चोरो मेरा हाथ....

अब मेरा दिमाग खराब होगया था मैं उठा पूरी जोश में और टोपी उतरी और चलता हुवा उसकी पास जाने लगा साइड क टेबल पी बेसबॉल बात पारा था उसको उठाया और और जो हाथ सी उसनी कोमल का हाथ पकड़ा था और उसी पी एक वार किया बेस बॉल टूट क टूकरी होगया और अब आप समझ गए हों गए क उसके हाथ का क्या हुवा हॉल...

किसी को कुछ नहीं समझ आ रहा था तभी पिच्य कैंटीन की स्पीकर पी गण लगा..

"काम 25 है, काम धाम 25 है

मेरे जैसे एक, तेरे जैसे छतीस हैं

काम 25 है, काम धाम 25 है

बोले तो गेम ओवर!"

उसके बाद वह नीची बेथ गया मैं पिच्य मूरा और कोमल की तरफ देखा...

उसकी नज़र जैसी hi मेरी पी पररि...

वह भाग मेरी गली लग gai...Aur अवनि बी उठ क मेरी गली लग गई...

मैं:- इतना कुछ होगया मुझी बताया बी नहीं.?

कोमल बीएस रोये जा रही थी मेरा कलेजा मुँह को अन्य लगा...

तभी मेरी कमर पी कोई चीज़ पारी मुझी ज़्यादा दर्द तो नहीं हुवा पर कोमल चीख पारी...

मैने उसको पिच्य किया और उसकी माथे पी किश किया..

मैं:- बीएस 5 मं...

कोमल:- नही वह बोहत..

मैनी उसके होंठों पी ऊँगली रख दी...

और पिच्य मूरा मेरी आंखों में खून उत्तर आया था पूरी लाल होगी थी मौसम जो कब सी सही था वह तूफानी होगया हर तरफ लाल बदल चा गए तभी उसकी साथ जो लरकी थय ुँहू सी बी बेस बॉल उठा लिया...

एक न्य मुझी मारण्य क लिए उठाया मैनी उसका बात पकड़ा और एक लात उसकी सीने में मरी...

वह ज़मीन पी बेथ गया अपने गुथने मूर क और कमर ज़मीन पी...

और तभी सनी उठ गया..

सनी:- कोण ही तो जनता ही...

मैं:- हाँ वही घिसा पित्त देलुओगे मार तू जनता ही मेरा बाप कोण ही.? कोण ही नहीं जनता लेकिन आज तुझी बताओं गए तेरा असली बाप कोण ही...

तभी मैनी उसकी एक और साथ को पकड़ा और अपने बज़्ज़ो पी उठा क ज़मीन पी पटका...

सनी:- मैं इस लड़की को नहीं चोरो गए..

Main(poory जोश में):- हाँ तेरी बाप का माल ही न आ हाथ लगा क दिखा..

मैने कोमल का हाथ पाकर क थोड़ा यज्ञ किया...

मैं:- लय यह खरी ही हाथ लगा क दिखा तो बीएस...

तभी उसनी अपना दोस्सरे हाथ जो सही था वह आगे बढ़ाया मैने उसका हाथ पाकर और और उसका हाथ अपने कंधी पी रख लिया और कोमल की तरफ देखती हुवाये उसको एक झटकी में उसका हाथ टूर दिया वह चीखता हुवा ज़मीन पी गिर गया..

मैं उसके पास गया और उसको कालर सी उठा क बोलै....

मैं:- आज क बाद अगर अपनी गन्दी नज़र मेरी कोमल पी डाली तो देख लेना तेरा अंजाम क्या होगा...

मैं खरा हुवा और पूरी गरजै हुवाये लेहजी में बोलै...

मैं:- अगर आज क बाद किसी न्य बी इन दोनों को कुछ कहा या किया तो केहर बरसी गए यहाँ...

मैनी कोमल और अवनि का हाथ पकड़ा और बाहिर निकल गया कॉलेज सी. और एक एम्बुलेंस को कॉलेज भेज दिया...

मैने दोनों को गारी में बिठाया और मैं तेज़्ज़ी सी गारी चलने लगा और एक सुनसान जगह जा क गारी रोकी और नीची उत्तर गया मैने उत्तर क उसकी तरफ का दरवाज़ा खोला और बाहिर अन्य का बोलै...

वह दोनों बाहिर आ गई...

मैं:- यह क्या था कोमल.?

कोमल न्य कुछ नहीं बोलै...

मैं:- अवनि यह क्या था...

वह बी कुछ नहीं बोली..

मैं:- मैने कुछ पोछा ही... और कल मैनी पोछा था न.?

कोमल:- वह बोहत खतरनाक लोग हैं ुँहू न्य पापा को बी...

मैं:- क्या अंकल को बी यह तो हद ही मुझपी इतना बी यकीन नहीं.? और टुन्नाय बी नहीं बताय.?

अवनि:- हामी लगा खुद बज़्ज़ आ जाये गए..

मैं:- हाँ देखा मैने जो बाज़ आ रही थय... कोमल इतना यकीन नहीं मुझपी...

कोमल:- अपनी जान सी बी ज़्यादा यकीन ही लेकिन मैं आप की जान नहीं खत्री में दाल सकती...

मैं:- मेरी जान तो पेहली सी hi खत्री में थी मेरी जान सिर्फ तुम में बस्ती ही...

कोमल कुछ नहीं बोली और गली लग gai..main उसको हौसला देने लगा और अवनि की तरफ हाथ बढ़ाया वह आ क गली लग गई..

और हम तीनो कोमल क घर चले..

अब मैनी यहीं कुछ दिन रहंय का फैसला किया क्यू क मेरा जो प्लान था उसकी शुरवात मैने आज क्र दी थी मेरी आगे की मंज़िल यहीं थी..

मिशन 16 ॉट....

नोट:- सॉरी फॉर शार्ट अपडेट जितना होसका मैने लिखा टाइम काम था मुक़ाबला सख्त होप यू अंडरस्टैंड..
 
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