Incest यह क्या हुआ - Page 30 - SexBaba
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Incest यह क्या हुआ

राजेश हॉस्पिटल से घर आया,

सुनीता _, रोहन कैसा है बेटा, वह खतरे से बाहर तो है न।

राजेश _हा मां, सुबह उसको होश आया।

सुनीता _बेटा तू भी हॉस्पिटल में रात भर जगा huwa है, जाओ नहा लो । मै नाश्ता लाती हूं, खाकर सो जाना।

राजेश _ठीक है मां।

राजेश अपने रूम में जाकर नहाया,

कुछ देर बाद सुनीता उसका मन पसंद नाश्ता लेकर रूम में आई।

सुनीता _लो बेटा नाश्ता कर लो।

सुनीता ने अपनी हाथो से राजेश के नाश्ता कराने लगी।

बहुत दिनों बाद राजेश सुनीता की हाथो नाश्ता कर रहा था।

सुनीता _बेटा, तुम्हारे टीम के कई खिलाडी घायल हो गए हैं, अब फाइनल मैच का क्या होगा?

बिना मैच खेले ही जेके कालेज के टीम को विजेता घोषित कर दिया जायेगा क्या?

राजेश _मां, अगर हम खेलने से मना कर दे तो, जेके कालेज का टीम विजेता बन जायेगा।

पर हम ऐसे हार नहीं मानेंगे? 8खिलाड़ियों के साथ ही हम मैदान में उतर कर उनका मुकाबला करेंगे?

सुनीता _अच्छा फैसला किए हो बेटा, बिना खेले हार मानने से अच्छा, लड़ना प्रयास करना ठीक है।

बेटा अब तुम आराम करो।

राजेश कुछ देर आराम किया। उसके बाद वह अपने टीम के खिलाड़ियों को मैदान में एकत्रित होने के लिए मेसेज किया।

राजेश दोपहर में भोजन करने के बाद, सुनीता को बताकर। अभ्यास के लिए।

मैदान की ओर चला गया।

कालेज के मैदान में उसने अपने टीम के साथियों के साथ जमकर अभ्यास किया। और कल के मैच के लिए योजना बनाने लगा।

अगले दिन सुबह फिर मैदान में इकट्ठा होकर अभ्यास किया।

उसी समय कालेज के प्रिंसिपल खिलाड़ियों का अभ्यास देखने पहुंचे।

प्रिंसिपल _राजेश कैसा चल रहा है तैयारी?

राजेश _सभी खिलाडी बहुत मेहनत कर रहे हैं सर।

प्रिंसपल _राजेश, अब हमारे कालेज की मान सम्मान तुम्हारे कंधो पर है, हम सबको तुम पर बड़ी उम्मीद है। तुमने पहले भी कई कमाल किए है।

आज शाम को फिर से तुम्हारी परीक्षा है। मुझे पूरा भरोसा है तुम हमारी उम्मीदों पर खरा उतरोगे।

राजेश, हमने तुम्हे टीम में इस लिए ही रखा था कि जब टीम किसी कारण से मुसीबत में आ जाए तो तुम सम्हाल लोगे।

राजेश _सर हम सब पुरी कोशिश करेंगे, आप लोगो की उम्मीदों पर खरा उतरने की। टीम के खिलाडी काफी उत्साहित हैं। आज शाम को मुकाबले के लिए।

प्रिंसिपल _गुड राजेश। किसी चीज की जरूरत हो तो मुझे काल करना।

राजेश _बस आपका आशीर्वाद चाहिए सर।

प्रिंसिपल _मेरा आशीर्वाद तुम लोगो के साथ है, खेलो और जीतो।

राजेश _ठीक है सर।

इसके बाद राजेश और उसके टीम के खिलाडी घर चले गए।

इधर जेके कालेज के टीम को पता चला कि आर के कालेज अपने 8 खिलाड़ियों के साथ मैदान में उतरने वाला है। और राजेश उसका कैप्टन होगा।

जेके कालेज के टीम के कप्तान अपने खिलाड़ियों से कहा।

दोस्तो, सिर्फ 8खिलाडी मैदान में होंगे यह सोंचकर आर के कालेज के टीम को हल्के में मत लेना।

ये वही राजेश है जिसने हम से पिछले वर्ष चैंपियन बनने से रोका था।

बहुत ही चालक और खतरनाक खिलाड़ी है। ये सोंचना की असली मैच अब खेलने जा रहे है। इस राजेश से हमे अपना पुराना हिसाब बराबर करना है।

उसने अपने डिफेंडिंग प्लेयर से कहा कि असली परीक्षा तुम लोगो की राजेश के सामने होगी।

तुम लोग उसे होल करने से रोक पाते हो की नहीं।

डिफेंडिंग प्लेयर _भाई, जिस तरह हमने रोहन को रोक दिया उसी तरह राजेश भी सिर्फ कोशिश करता रहा जायेगा। वह कामयाब नही होगा।

कैप्टन _मुझे भी तुम लोगो से यही उम्मीद है, कि तुम लोग राजेश को कामयाब होने नहीं दोगे। हमे दोगुने उत्साह के साथ मैदान में उतरना होगा।

मैदान पर फाइनल मैच की तैयारी शुरू हो गई।

इधर कॉलेज के स्टूडेंट्स, घायल खिलाड़ियों के हाल चाल पूछने हॉस्पिटल पहुंच रही थे।

स्वीटी भी रोहन से मिलने हॉस्पिटल पहुंची।

स्वीटी _कैसे हो रोहन?

रोहन सोया huwa था।

रोहन _अरे स्वीटी तुम। तुम कब आई?

स्वीटी _जस्ट अभी।

लगता है सिर पर गहरी चोट लगी है।

क्या जरूरत थी, उन बदमाशो से उलझने की।

रोहन _switi मुझे लगता है गलती हमारी ही थी, लगातार मैच जीतने से हमे ओवर कामफिडेंस हो गया था। हमारे प्लेयर दूसरे टीमों के खिलाडी का मजाक बनाने लगे। ये सब उसी का फल है।

स्वीटी _चलो आप लोगो को अपनी गलती का अहसास तो huwa

रोहन _अगर राजेश भाई नहीं आते तो मैं शायद ही बच पाता।

Switi _कुछ चीज होता है वाह अच्छे के लिए ही होता है, इस घटना से तुम्हारे अन्दर जो द्वेष की भावना थी वह तो चला गया।

रोहन _ए तो ठीक है स्वीटी पर तुमको मैं डिनर पर ले जाना चाहता था, मेरा यह अरमान अधूरा रह गया।

Switi _तुम जल्दी से अच्छे हो जाओ फिर मैं तुम्हारी अरमान पुरी कर दूंगी।

रोहन _स्वीटी, सच में।

स्वीटी _हूं।

रोहन _ओह, थैंक यू डियर।

तभी रूम में रीता पहुंची।

रीता _क्या बाते हो रही है दोस्तो के बीच?

स्वीटी _नमस्ते आंटी।

रीता _नमस्ते बेटा।

रोहन अब तुम्हारी तबियत कैसी है?

रोहन _पहले से बेहतर हूं मॉम।

रीता _कोई समस्या तो नहीं।

रोहन _नहीं मॉम।

रीता _वैसे स्वीटी, मै तुम्हारे घर जाने के बारे में सोच रही थी।

Switi _जी आंटी कुछ काम था।

रीता _बेटा, राजेश ने रोहन की जान बचाई, घर जाकर शुक्रिया अदा करने का, और तुम्हारे परिवार से मिलने का फर्ज तो बनता है न।

स्वीटी _आंटी, आप कभी भी आ सकती हैं हमारा घर, आप घर आएंगी तो हमे खुशी ही होगी।

अच्छा रोहन अब मैं चलती हूं। फिर आऊंगी।

रोहन _ठीक है , स्वीटी।

स्वीटी _बाई आंटी।

रीता _bye बेटा।

स्वीटी के जाने के बाद।

रीता _हूं, तो महाशय स्वीटी को डिनर पर ले जाना चाहता है।

रोहन _मॉम क्या आपने हमारी बाते सुन ली?

रीता _हां, क्या तुम्हे switi अच्छी लगती है?

रोहन _स्वीटी एक अच्छी लड़की है मॉम। मै उसकी आदर करता हूं। वह समझदार और संस्कारी है।

रीता _बड़ी तारीफ कर रहे हो स्वीटी की, मतलब स्वीटी तुम्हे पसंद है।तब तो मुझे उसके परिवार से मिलना ही पड़ेगा।

इधर कॉलेज के मैदान में फाइनल मैच की सभी आवश्यक तैयारी पुरी कर ली गई थीं।

फाइनल मैच में मुख्य अतिथि के रूप में खेल मंत्री को बुलाया गया था। विशेष अतिथि के रूप में प्रमुख रूप से विधायको एवम शीर्ष उद्योग पतियों में सुजाता और रीता मेहता को आमंत्रित किया गया था।

इधर राजेश शाम को तैयार होकर मैच के लिए घर से निकलते वक्त मां से मिला जो किचन में थी।

राजेश _मां, मै मैच के लिए निकल रहा हूं। मुझे आशीर्वाद दो मां। आज तुम्हारे बेटे का इमतिहा है।

राजेश ने सुनीता का पैर छूकर आशीर्वाद लिया।

सुनीता _बेटा, मेरा आशीर्वाद हमेशा तुम्हारे साथ है। देखना तुम जरूर कामयाब होगे।

राजेश मैच के लिए निकल गया।

इधर मैदान में निर्धारित समय पर अथितियो का आना शुरू हो गया था।

फाइल मैच देखने के लिए जेकेएवम आर के कालेज के सभी स्टूडेंट्स एवम टीचर उपस्थित थे। मैदान दर्शको से खचाखच भरा था।

अथिति भी पहुंच गए थे।

शाम को 6बजे अतिथियों का आगमन हो जानें के बाद उनका स्वागत किया गया।

खेल मंत्री,विधायक उद्योग पतियों में सुजाता और रीता मेहता सभी उपस्थित थे।

स्वागत के बाद सभी ने सभा को संबोधित किया।

खेल मंत्री के भाषण के बाद जे के कालेज के स्टूडेंट्स द्वारा,

चक दे चक दे इंडिया गीत पर सामूहिक नृत्य प्रस्तुत किया गया,,

अपनी प्रस्तुति करण से सभी दर्शको का दिल जीत लिया।

उसके बाद आर के कालेज के स्टूडेंट्स ने,

जय हो,, गीत पर सामूहिक नृत्य कर खूब वाह वाही बटोरी।

दर्शको ने खूब तालियां बजाईं।

सामूहिक नृत्य की प्रस्तुति के बाद। मैच प्रारंभ हुआ।

मैच को रोहन और उसके दोस्त भी घायल होने के बावजूद खेल देखने के विल चेयर में स्टेडियम पहुंचे।

आर के कालेज के खिलाडी लाल जर्सी और जेके कालेज के खिलाडी सफेद जर्सी में थे।

जैसे ही खिलाडी मैदान में उतरे, दर्शक अपने अपने पसंदीदा खिलाड़ियों का नाम लेकर चिल्लाने लगे।

आर के कालेज के स्टूडेंट्स राज राज करके चिल्लाने लगे।

राष्ट्रगान के बाद सिक्का उछाला गया। टास जे के टीम ने जीता उसने अपना फील्ड चूना।

रेफ्री के सिटी के साथ ही मैच प्रारंभ huwa

दोनो टीमों के खिलाड़ियों के बीच होल करने के लिए संघर्ष चलता रहा। 8खिलाड़ियों के बावजूद आर के कालेज के टीम ने जे के कालेज के टीम को कड़ा टक्कर दे रहा था।

सभी दर्शक काफी उत्साहित थे।

दोनों ही टीमों को गोल करने के कई मौके मिले लेकिन पहला हाफ तक कोई भी टीम गोल नहीं कर सके।

राजेश को भी जेके कालेज के डिफेंडिंग प्लेयर गोल करने से रोकने में कामयाब हो चूके थे।

दर्शको को यह तय करना मुस्किल हो गया था की कौन सी टीम विजेता बनेगी

खेल के पहले हाफ में कोई भी टीम गोल नहीं कर सका।

15मिनट के ब्रेक में टीम के कोच और खिलाडी नई योजना बनाने लगे।

15मिनट बाद जब फिर से खेल के लिए खिलाडी मैदान में उतरे दर्शक और खिलाडी सभी उत्साहित थे।

खेल फिर से प्रारंभ हुआ चारो लोग टेंशन में थे पता नहीं कौन जीतेगा।

दोनों टीमों न फिर से अपना जी जान लगा दिया गोल करने।

जेके कालेज के टीम को खेल के 59मिनट में एक मौका मिला और उसके कप्तान ने गोल दाग दिया था।

गोल लगते ही जेके कालेज के स्टूडेंट शोर मचाने लगे।

जब की आर के कालेज के स्टूडेंट्स निराश हो गए।

निशा न हाथ जोडकर ईश्वर से प्रार्थना करने लगी।

आर के कालेज 1गोल से पिछड़ने के बाद अपने खेल में और तेजी लाया। दोनों टीमों ने के बीच फिर से गोल के लिए कड़ा संघर्ष चला। खेल के अंतिम 3मिनट पहले राजेश ने डिफेंडिंग प्लेयर को चकमा देकर अपना सिर से बाल को मारकर बाल को गोल पोस्ट में भेज दिया।

चारो तरफ राज राज की शोर गुल होने लगी दोनों ही टीम एक एक गोल दाग कर बराबर पर आ गए थे।

दोनों ही टीमों ने एक और होल दागने के लिए दोगुने उत्साह से खेलने लगे खेल का अतिम समय होने ही वाला था की तीन मिनट के अन्दर में एक और गोल दाग कर राजेश ने सनसनी मचा दी।

चारो तरफ सौर गुल होने लगे राज राज की नारे गूंजने लगे।

राजेश ने विरोधी टीम द्वारा फेंके बाल को अपने सिर पर मारा जो विरोधी टीम के डिफेंडिंग प्लेयर के सिर पर लगकर गोल पोस्ट में चला गया।

और इसी के साथ

रेफरी ने सीटी बजाई और खेल पूरा हो चुका था।

आर के कालेज एक गोल से मैच जीत कर चैंपियन बन गया था।

खिलाड़ियों ने राकेश को अपने कंधे में उठा कर स्टेडियम में घुमाने लगे चारो तरफ राजेश राजेश गूंजने लगा।

निशा की आंखो में आंसू बह रही थीं सीमा खुशी से चिल्ला कर थी।

सीमा _निशा तुम रो रही हो।


निशा _ये तो खुशी के आंसू है।
 
राजेश को मैन ऑफ द मैच घोषित किया गया और रोहन को सबसे अधिक गोल करने के लिए मैन ऑफ द सीरीज का खिताब दिया गया।

खेलमंत्री के हाथो से राजेश को चैंपियन ट्रॉफी दिया गया। सुजाता और रीता भी वहा मौजूद थी जो राजेश के साथ पुरी टीम को बधाई दिया।

रोहन ने राजेश से कहा, भाई आखिर आपने कर दिखाया।

राजेश _ये सब तुम लोगो की प्यार और विश्वास की वजह से हो पाया।

रोहन ने राजेश को गले लगा लिया।

वहा पर मौजूद सभी लोगो ने तालिया बजाया।

भगत _भाई आज तो बड़ी खुशी का दिन है आज तो पार्टी बनती है।

राजेश _भई पार्टी करना है कि नहीं ये तो रोहन ही तय करेगा। जब सभी लोग मौजूद होंगे तभी पार्टी में मजा आ पाएगा।

सभी लोगो ने कहा की पार्टी तो होने ही चाहिए। रोहन भाई क्या बोलते हो तुम।

रोहन _बिलकुल होगी पार्टी, मै अभी मां को फोन करता हूं। वह फाइव स्टार होटल में एक पार्टी अरेंज कर देगी।

भगत _ये हुई न बात , आज रात तो जमकर जस्न मनाएंगे।

तभी सीमा और निशा, स्वीटी भी वहा आ गई।

तीनो ने राजेशऔर रोहन के साथ पुरी टीम को जीत की बधाई दी।

भगत _सीमा और निशा जी आज रात जीत की पार्टी रखा गया है होटल में आप लोग भी आइए।

निशा _सॉरी, हम नहीं आ सकेंगे।

सीमा _निशा, सब बोल रहे हैं तो चलते है न।

निशा _मॉम से पूछना पड़ेगा।

राजेश _दोस्तो सभी लोग अपने घर चलते हैं और एक घंटे बाद हम सब होटल में मिलते हैं पार्टी के लिए।

सभी को वॉट्सएप पर मेसेज कर दो होटल पहुंचने के लिए।

सभी स्टूडेंट्स अपने घर जानें लगे। तभी सुजाता ने राजेश को काल किया।

सुजाता _राजेश, तुम मेरे घर आ जाओ यहां से फ्रेस होकर पार्टी के लिए होटल चले जाना।

मै घर पहुंच चुकी हूं। निशा बता रही थी की रात में पार्टी रखी गई है,तुम एक काम करो निशा के साथ ही कार में मेरे घर आ जाओ, यहां फ्रेश होकर साथ में पार्टी के लिए निकल जाना।

मै निशा को बोल देती हूं।

सुजाता ने निशा को काल कि

निशा बेटा तुम कहा हो,

निशा _मॉम बस घर के लिए हम निकलने ही वाले है।

सुजाता _बेटा एक काम करना राजेश को अपने साथ घर लेके आ जाना। राजेश यही फ्रेस हो जायेगा फिर साथ में पार्टी के लिए निकल जाना।

निशा _ठीक है मॉम।

सीमा _क्या huwa निशा?

निशा _मॉम ने राज को साथ में घर ले आने को कहा है।

सीमा _तो तुम्हारा चेहरा क्यू उतरा हुआ है?

इसलिए न कि आंटी और राजेश आज फिर,,,,,

निशा के आंखो में आंसू भर गया।

सीमा _निशा मुझे तेरा दर्द देखा नहीं जाता, मै तो कहती हुं की तुम आंटी को सब सच बता दो की तुम राज को चाहती हो।

निशा _नहीं सीमा, मै मॉम की खुशियों के बीच नहीं आ सकती। मै अपनी मॉम के लिए राजेश तो कया दुनिया भुला दूंगी।

निशा ने राजेश को काल की,,

निशा _राज मै कार केपास तुम्हारी वेट कर रही मॉम ने आपको घर लेके आने को कहा है।

राजेश _मै अभी आता हूं।

राजेश ने भगत को अपनी बाइक घर ले जानें को कह कर निशा के के कार की ओर चला गया।

राजेश निशा के पास पहुंचा ।

सीमा _निशा मैआगे बैठ जाती हूं, तुम और राज पीछे बैठ जाओ।

सीमा आगे बैठ गई। राजेश और निशा पीछे बैठ गए।

सीमा _ड्राइवर गाड़ी आगे बढ़ाओ।

ड्राइवर _जी मैडम।

सीमा _राजेश तुम्हे पता है जब गोल नहीं हो पा रहा था और हम एक गोल से पीछे रह गए थे तब निशा भगवान से प्रार्थना कर रही थी। तुम्हारे लिए।

राजेश _निशा, क्या ये सच है?

तुम कुछ बोल क्यू नही रही?

निशा मै कुछ दिनों से देख रहा हूं तुम मुझे दूर जानें की कोशिश कर रही हो, मुझे ऐसा क्यू लग रहा है।

निशा _राज ये तुम्हारा वहम है, ऐसा कुछ नहीं। तुम एक लड़के हो और मैं एक लड़की हूं दोनों दोस्त हुवे तो कया? दोनों के बीच मान मर्यादा तो होनी ही चाहिए।

राजेश _निशा मेरे किसी व्यवहार से तुम्हे दुख पहुंचा है क्या अगर ऐसा है तो मुझे माफ कर दो?

निशा _नही राज ऐसा कुछ नहीं।

कुछ देर में ही वे घर पहुंच गए।

सुजाता _अरे आ गए तुम लोग। निशा और सीमा बेटा जाओ तुम लोग निशा के कमरे में जाकर फ्रेश हो जाओ। और पार्टी के लिए तैयार हो जाओ।

निशा _ओके मॉम।

सुजाता _, राजेश, तुम भी नहाकर फ्रेश हो जाओ, खेल के कारण तुम पसीने से भीग चूके हो।

चलो मैं तुम्हे कमरा दिखा देती हूं।

सुजाता राजेश को एक कमरे में ले गया।

कमरे में जाते ही सुजाता ने राजेश के गले में अपनी बाहें डाल दिया।

सुजाता _तो जनाब आज फिर तुमने कमाल कर दिखाया। सच में तुम कमाल के हो। में खुश नसीब हूं, जो तुम्हारा प्यार मुझे मिला ।

सुजाता राजेश के ओंठो को चूसने लगी।

कुछ देर बाद बोली,

अच्छा तुम नहाओ मै टावेल वगैरा लेके आती हूं।

राजेश _मैम अंडर वियर बनियान सब गंदा हो गया है। मेरे पास दूसरा तो है नही।

सुजाता _तुम साइज बता दो मैं तेरे पहनने के लिए कपड़े भी मंगा देती हूं।

राजेश ने साइज बता दिया।

राजेश अब बाथरूम में जाकर पूरे कपड़े निकाल कर नहाने लगा।

कुछ समय बाद सुजाता टावेल लेकर आई।

सुजाता _राजेश नहा लिए क्या मै टावेल लाई हूं।

बाथरूम का दरवाज़ा खटखटाने लगी।

राजेश ने दरवाजा खोला, और टावेल ले लिया।

टावेल से अपना पूरा शरीर पोछा।

फिर टावेल लपेट कर बाहर निकला।

सुजाता _अरे गीला टावेल ही क्यूलपेट लिया। ये दूसरा टावेल लपेट लो उसे निकाल दो।

राजेश दूसरा टावेल लेकर बाथरूम में जानें लगा तभी।

सुजाता _राजेश एक मिनट रुको, तुम तो ऐसे शर्मा रहे हो जैसे मै तुम्हारी मां हूं।

चलो अपने टावेल निकाल कर यही दूसरी वाली लपेट लो। बाथ रूम में जानें की क्या जरूरत?

राजेश मुस्कुराते हुए अपना टावेल खोल दिया।

राजेश पूरा नंगा हो गया।

सुजाता राजेश को नंगा देख कर हसने लगी।

राजेश _आप हस क्यू रही है? आप तो ऐसे हस रही है जैसे पहली बार मैं आपके सामने नंगा huwa हू।

सुजाता _मै इस लिए हस रही थी कि जब भी तुम मेरे सामने नंगे हुवे थे। तुम्हारा घोड़ा रेस के लिए तैयार था। आज पहली बार बेचारा सिर झुकाया huwa है।

आओ मैं तुम्हारे बदन को तेल से मालिश कर देती हूं।

सुजाता ने सुगंधित तेल लेकर राजेश के पूरे शरीर की मालिश करने लगी।

फिर जब land की बारी आई।

इसकी मालिश तो अपने मुंह से करुंगी।

सुजाता नीचे फर्श पर बैठ गई और राजेश के land को हाथ से पकड़ा और मुंह में भर कर चूसने लगी।

राजेश के शरीर में रक्त प्रवाह तेज होने लगा।

उसका land खड़ा हो गया।

सुजाता राजेश की आंखो में देखता huwa land चूस रही थी। राजेश उसकी बाल को सहलाते हुए land चूसते हुए देखने लगा।

धीरे धीरे राजेश का land लोहे की रॉड की तरह सख्त हो गया।

राजेश ने सुजाता को ऊपर उठाया और उसकी ओंठो को चूसने लगा।

सुजाता भी उसका साथ देने लगी।

राजेश ने सुजाता की साड़ी के पल्लू को पकड़ा और उसे खींचने लगा। सुजाता गोल गोल घूमने लगी।

राजेश ने साड़ी खींचकर सुजाता के शरीर से अलग कर दिया।

राजेश नीचे बैठा और सुजाता की खुबसूरत नाभी को चूमने चाटने लगा। सुजाता सिसकने लगी।

कुछ देर पेट और नाभि को चूमने चाटने के बाद।

राजेश ने सुजाता की ब्लाउज का बटन खोल उसकी शरीर से अलग कर दिया।

उसकी ब्रा की हूक खोल कर उसकी खुबसूरत बूब्स को आजाद कर दिया।

फिर राजेश ने सुजाता को अपनी गोद में उठाया और बेड पर बैठ गया।

सुजाता उसकी ओर मुंह कर उसकी गोद में बैठी हुई थी।

राजेश ने सुजाता की ओंठ को अपने मुंह में भर कर चूसने लगा। सुजाता भी उसका साथ देने लगी।

राजेश अब सुजाता की चूची मुंह में भर कर चूसना शुरू कर दिया।

सुजाता सिसकने लगी वह भी राजेश की हरकतों से उत्तेजित हो गई।

जी भर कर चूची पीने के बाद राजेश ने सुजाता को गोद से नीचे उतारा और उसकी पेटीकोट का नाड़ा खींच दिया। जिससे पेटीकोट सरसरा ता हूवा नीचे उसकी पैरो पर गिर गया।

अब सुजाता सिर्फ पेंटी में थी।

राजेश ने सुजाता को बेड के किनारे लिटा दिया और उसकी पेंटी खींचकर टांगो से अलग कर दिया।

पेंटी निकलते ही सुजाता की मस्त फूली हुई चिकनी boor राजेश के आंखो के सामने आ गया जिसे देखकर राजेश और उत्तेजित हो गया।

उसका land हवा मे झटके मारने लगा।

राजेश नीचे झुका और सुजाता की boor चाटने लगा।

सुजाता आनंद में सिसकने एवम एवम सर पटकने लगी।

सुजाता _राजेश बस करो अब मैं मर जाऊंगी।

राजेश ने chut चाटना बंद कर।

सुजाता की टांगो को फैला दिया और स्वयं उसके बीच में आ कर अपना land का टोपा सुजाता की chut पर रख पहले chut को land से घिसा फिर छेद पे रख एक जोर का धक्का मारा।

एक ही धक्के में land boor को चीरकर आधा अन्दर घुस गया।

सुजाता सिसक उठी,

कुछ देर चूची पीने एवम मसलने के बाद एक और धक्का मारा पूरा land सुजाता की fuddi के अन्दर चला गया।

अब राजेश सुजाता की चूची को हाथ में पकड़ कर उसे मसल मसल कर अपने land Ko सुजाता की boor में अन्दर बाहर करने लगा।

सुजाता की boor से पानी झरने की तरह बहने लगी।

सुजाता की boor का सफेद रस से राजेश का land सन गया।land गप गप boor में अन्दर बाहर होने लगा।

राजेश और सुजाता दोनों जन्नत की सैर करने लगे।

पूरा कमरा सुजाता की आह उन आह उई मां की आवाज़ से गूंजने लगा।

इधर राजेश को भी सुजाता की boor चोदने में बहुत मजा आने लगा।

वह सुजाता की boor Ko जोर जोर से चोदने लगा।

Land boor में सर सर अन्दर बाहर हो रहा था।

Boor से पानी का बाढ़ आ गया था। जिससे land के boor में जानें पर फाच फ्च की आवाज़ होने लगा।

सुजाता को chudai में बहुत मजा आने लगा, वह अपनी कमर को ऊपर उठा उठा कर राजेश का साथ देने लगी।

सुजाता खुद को ज्यादा देर तक नही रोक सकी और राजेश को अपनी बाहों मे जकड़ कर झड़ने लगी।

राजेश ने chudai बंद कर उसकी ओंठ चूसने लगा।

कुछ देर बाद राजेश ने सुजाता को घोड़ी बना दिया और boor Ko चांटा जिससे सुजाता फिर सिसकने लगी। राजेश ने अपना मूसल जो सुजाता की boor का पानी पीकर खूब लंबा और मोटा हो गया था, को एक ही धक्का में सुजाता के boor में उतार दिया, और उसकी गहराई को नापने लगा।

कमरे में फिर से सुजाता की आह उह उन आह मां, की आवाज़ के साथ गच गैच की आवाज़ गूंजने लगा।

कुछ देर घोड़ी बना कर चोदने के बाद राजेश अपना land boor से बाहर निकाल दिया और बेड पर जाकर लेट गया।

सुजाता बेड के ऊपर चढ़ गई और land पकड़कर अपनी boor की छेद में रख कर बैठ गई।

सुजाता land के ऊपर उछल उछल कर चुदाने लगी।

राजेश सुजाता की कमर को अपने land पर पटक पटक कर चोदने लगा।

सुजाता और राजेश दोनों को संभोग का परम सुख प्राप्त हो रहा था।

दोनों को संभोग का ऐसा सुख मिल रहा था जिसका वर्णन शब्दो में नही किया जा सकता है।

दोनों जी भर कर chudai का मजा लेने लगे।

सुजाता खुद को ज्यादा देर तक नही रोक सकी और वह झड़ने लगी राजेश की बाहों मे लुड़क गई।

तभी सुजाता की फोन की घंटी बजने लगी। उसने कपड़े का जो आर्डर दिया था शायद नौकर लेकर आ चुका था।

सुजाता ने फोन पर कहा की तुम हाल पर मेरा वेट करो मै थोड़ी देर में आती हूं।

सुजाता _राजेश, मैने तुम्हारे लिए कपड़े का आर्डर दिया था वो आ गया है। मै उसे लेकर आती हूं।

सुजाता अपनी कपड़े पहन कर नीचे हाल में चली गई।

और कपड़े लेकर ऊपर राजेश के रूम में आई।

राजेश _मैम इतने सारे कपड़े।

सुजाता _राजेश इसमें से जो अछा लगे जो फिट आए वो पहन लो।

चलो काफी देर हो गई है, सीमा और निशा तुम्हारा इंतजार कर रहे हैं अब तुम भी कपड़े पहन कर तैयार हो जाओ।

मै काफी बनाती हूं तुम्हारे लिए पीकर जाना।

जाते हुए, सुजाता ने राजेश की ओंठ को अपने मुंह में भर कर फिर कुछ देर चूसी,फिर चली गई।

इधर राजेश ने जो पेंट शर्ट फिट हुआ उसे पहन कर नीचे हाल में आ गया।

निशा और सीमा नीचे मौजूद थी।

सीमा _राज बड़े स्मार्ट लग रहे हों, इन कपड़ो में।

राजेश _तुम दोनों भी, बहुंत सुंदर लग रही हो।

सीमा _ओह थैंक्स।

इधर सुजाता राजेश के लिए खुद ही काफी बनाई और बोली।

लो राजेश काफी पिलो।

राजेश _ओह थैंक्स मैम।

राजेश काफी पीने लगा।

राजेश _काफी बहुत अच्छी बनी है।

सुजाता _ओह थैंक यू।

राजेश को भगत का फोन आया।

भगत _भाई कहा हो पार्टी सुरू हो गई है सब तुम्हारा वेट कर रहे हैं।

राजेश _हा भगत, बस हम कुछ ही देर में पहुंच रहे हैं।

राजेश, निशा और सीमा तीनो होटल के लिए निकल पड़े।

कुछ देर में ही वे लोग होटल पहुंच गए।

होटल पहुंचते ही सभी स्टूडेंट्स राजेश को घेर कर बधाई देने लगे।

रोहन और उसके दोस्त पहले से मौजूद थे।

राजेश सभी लोगो से मिला। पार्टी में खाने पीने एवम संगीत का व्यवस्था किया गया था।

वहा रीता भी मौजूद थी।

रीता _राजेश मै कब से वेट कर रही थी, कितने लेट से आए तुम। रोहन के कहने पर मैंने ये पार्टी अरेंज किया।

राजेश _थैंक यू मैम, सभी दोस्त चाहते थे कि जीत की खुशी में पार्टी होना चाहिए। आपने पार्टी अरेंज कि उसके लिए धन्यवाद।

सभी लोग पार्टी इंजॉय करने लगे। कोई डांस कर रहा था तो कोई व्यंजन का लुफ्त उठा रहा था।

आरेकेस्टा वालो को भी बुला लिया गया था जो अपने प्रस्तुति के द्वारा पार्टी में रंग भर रहे थे।

सीमा और निशा डाइनिंग टेबल पर बैठ कर पार्टी में चल रही गतिविधियों पर नजर रखे हुए थे।

राजेश रोहन और भगत, रोहन और उसके दोस्तो के पास कुछ देर बैठा।

उसके बाद

राजेश और भगत,निशा और सीमा के पास आकर बैठ गया।

भगत _निशा और सीमा जी आप लोग चुप चाप क्यू बैठे हैं? आप लोग इंजॉय क्यू नही कर रहे?

सीमा _भगत हम लोग सबको इंजॉय करता देख ही खुश हैं।

तभी एक लड़की आई।

लड़की _भगत, क्या तुम मेरे साथ डांस करोगे?

भगत _मै, क्यू नही?

भगत उस लड़की के साथ डांस करने लगा।

इधर पीने खाने का दौर शुरू हो चुका था।

राजेश _निशा जी आप कुछ लेंगी, मै ले आता हूं।

निशा _नही राजेश, मेरा कुछ खाने का बिलकुल मन नहीं है।

राजेश _सीमा तुम कुछ लोगी।

सीमा _नही राजेश मेरी भी खाने की इच्छा नहीं है।

राजेश _चलो फिर हम भी डांस करते हैं।

निशा _मेरा तो मूड नहीं है, तुम दोनों जाओ।

राजेश _चले सीमा जी।

सीमा _निशा में जाऊ, तुम नाराज तो नही होगी न।

निशा _मै क्यू नाराज होने लगी , जाओ।

सीमा और राजेश डांस करने लगे, उधर भगत भी लड़की के साथ डांस में मस्त था।

भगत _, भाई मजा आ रहा है पार्टी में।

यहां कई लड़के एवम लड़किया डांस कर रहे थे।

निशा अकेली बैठ कर राजेश और सीमा को डांस करते देख रही थी।

सीमा और राजेश कुछ देर डांस करने के बाद निशा के पास आकर बैठ गए।

तभी राजेश के पास एक लड़की आई नाम थी रिया जो एमबीए की छात्रा थी। वह भी एक अमीर बाप कि लड़की थी कालेज की सीनियर छात्रा थी।

रिया थोड़ा बिगड़ैल लड़की थी, वह थोड़ा शराब के नसे में थी

रिया _हाई राजेश।

राजेश _ओह,हाई।

रिया _राजेश, तुम यहां बैठकर क्या कर रहे, पार्टी इंज्वॉय करो।

भई ये पार्टी तो आप ही के देन है, अगर आप कमाल नही दिखाते तो हमारी टीम मैच जीत नही पाती। सच में तुम सुपर हो।

क्या तुम मेरे साथ डांस करोगे, प्लीज, मेरी बड़ी इच्छा है तुम्हारे साथ डांस करने की।

राजेश ने निशा की ओर देखा।

रिया _निशा की ओर क्या देख रहे हो राज। निशा तुम्हारी गर्लफ्रेंड है क्या?

राजेश _नही ऐसी कोई बात नही।

रिया _तो फिर चलो, देखो मेरे एक इशारे पर लड़के जान देने तैयार रहते हैं और मैं खुद ही डांस के लिए बोल रही हूं, तुम इतना सोच रहे हो।

राजेश _ओके चलो।

रिया _ये हुई न बात।

राजेश और रिया डांस करने लगे।

रिया _ये कैसी music है यार मजा नही आ रहा, कोई धीमा म्यूजिक बजाओ।

धीमा म्यूजिक बजते ही रिया ने राजेश के एक हाथ को अपनी हाथ में लेकर दूसरी हाथ से राजेश की पीठ पकड़ कर राजेश से चिपक कर धीर धीरे मूव करने लगी।

रिया _राजेश मै कैसे लगती हूं तुम्हे?

क्या मै खूबसूरत नही?

राजेश _जी, आप टू बहुत खुबसूरत है।

रिया _मै भी अमीर बाप की अकेली लड़की हूं।

राजेश, तुम मुझे बहुत अच्छा लगते हो। ये बात मै बहुत पहले कहना चाहती थी पर मौका ही नहीं मिला।

देखो निशा तुम्हारे लिए बिलकुल फिट नहीं है, वो तो लाइफ को इंजॉय करना जानती ही नहीं।

अगर तुम चाहो तो हम आगे बड़ सकते है।

राजेश _पर मुझे जहा तक पता है तुम अपनी क्लास की विक्की से प्यार करती हो।

रिया _अरे वो प्यार नही।

किसी के साथ थोड़ा इंजॉय क्या कर लो लोग गलत समझ बैठते हैं।

देखो तुम एक बार हा कर दो, फिर देखना मै तुम्हे इतना मजा दूंगी। जिसकी तुम कल्पना भी नहीं किए होगे।

रिया ने राजेश से एक दम से चिपक गई और राजेश की ओंठ को अपने मुंह में भरकर चूसने लगी।

राजेश को कुछ समझ ही नहीं आया। वह छुड़ाने की कोशिश करता रहा।

इधर निशा और सीमा की नजर उन दोनों पर ही था।

निशा को रिया का राजेश के साथ चिपक कर नाचना पसंद नही आ रहा था ऊपर से जब वह राजेश को बाहों में भर कर उसके ओंठ चूसने लगी तो उसका धैर्य जवाब दे दिया, वह उठी और रिया और राजेश के पास जाकर रिया की बालो को अपने एक हाथ से खींची। जब रिया उसकी राजेश को किस कारण छोड़ उसकी ओर मुंह की वह रिया की गालों पार कई थप्पड़ लगाया।

सीमा निशा को रोकने दौड़ी।

सीमा निशा को पकड़ कर रोकने लगी।

सीमा _निशा क्या कर रही छोड़ो उसे।

राजेश ने भी निशा को पकड़ लिया।

इधर रिया नीचे फर्श पर गिरी पड़ी थी उसका सारा नशा उतर चुका था।

इधर निशा होश में आई।

निशा _ओह आई एम सॉरी, पता नही मुझे क्या हो गया था।

इधर सभी लोग नाचना गाना छोड़ अभी जो घटना घटित हुआ उसे देखने एकत्र हो गए।

राजेश ने रिया को उठाया।

राजेश _आई एम सॉरी रिया, मै निशा की ओर से माफी मांगता हूं।

रिया बहुत गुस्से में थी। सबके सामने वह अपमानित महसूस कर रही थी।

राजेश ने निशा को पकड़ कर चेयर पर बैठा दिया।

राजेश _निशा ये सब क्या है? अचानक तुम्हे क्या हो गया। ये सब अच्छा नही huwa

सीमा _राजेश गलती रिया की भी है मैने देखा वह तुम्हारे साथ जबरदस्ती कर रही थी।

मुझे भी अछा नही लग रहा था। वो एक बिगड़ैल लड़की है। कपड़ो की तरह मर्द बदलती है।

भगत _भाई सब ठीक तो है न क्या huwa

राजेश _कुछ नही भगत सब ठीक है । निशा को रिया की कुछ हरकत ठीक नहीं लगी तो उसने रिया को थप्पड़ मार दी बस।

भगत _बस इतनी बात के लिए, सब पार्टी छोड़ यहां इकट्ठा हो गए, चलो भई कुछ भी huwa है सब पार्टी इंज्वॉय करो।


आर्केष्ट्र वाले गीत गाने लगे

इश्क छिपता नही छिपाने से,,,

निशा _मुझे घर जाना है।

राजेश _थोड़ा और रुकते हैं फिर चलेंगे।

निशा _न मुझे यहां और नही रुकना।

सीमा चलो चलते हैं।

राजेश _मै भी चलता हूं तुम लोगो के साथ।

निशा _नही राजेश तुम जाओगे तो पार्टी खराब हो जायेगी, इसलिए तुम यही रुको।

निशा और सीमा वहा से चली गई।

इधर रिया को निशा की थप्पड़ की गूंज उसकी कानो में अभी भी सुनाई दे रही थी। वह अपने आप से बोली, निशा यह थप्पड़ तुम्हे बहुत महंगा पड़ेगा।

उधर कार में

सीमा हंसने लगी।

निशा _सीमा तुम हस क्यू रही हो?

सीमा _तुम्हारा नया रूप देखककर

तुमको तो मैं बड़ी सीधी और भोली भाली समझती थी।

तुम्हारा यह रूप देखकर हर कोई दंग होगा।

मैं तो हैरान हूं मैंने तुम्हारे अन्दर कभी इतना गुस्सा नही देखी।

निशा _मै खुद ही हैरान हूं आखिर मैं ऐसा कैसे कर सकती हूं?

सीमा _निशा कही राजेश सच में किसी और के चक्कर में पड़ गया तो ,,

निशा _नही राज पर मुझे पूरा भरोसा है वह ऐसा नहीं करेगा?

सीमा _भगवान से प्रार्थना करुंगी कि तुम जैसा सोंच रखती हो, वैसा ही हो।

इधर होटल में पार्टी बड़ी जोरो पर चल रही थी। सभी पीने खाने और नाचने में मस्त थे।

तभी रीता ने राजेश को फोन किया।

रीता _राजेश, मुझे तुमसे कुछ बाते करनी है। तुम रूम नंबर 14में आ जाओ।

राजेश _, मैम इस समय, जरूरी है क्या?

रीता_, हा राजेश मै वेट कर रही हूं।

राजेश _भगत, मुझे थोड़ा काम है, मै अभी आया, कोई पूछे तो सम्हाल लेना।

भगत _ठीक है भाई।

इधर रिया अपनी सहेलियों के साथ,

मै उस निशा की बच्ची को सबक जरूर सिखाऊंगी।

सहेली _रिया देखो, राजेश उधर कही जा रहा है।

रिया _तुम लोग, रुको मैं देखती हूं वह कहा जा रहा है।

राजेश ऊपर के रूम में जानें लगा रूम नंबर 14में जानें के बाद,दरवाजा खटखटाया।

रीता बाहर आई।

उधर रिया छुपकर देख रही थी।

राजेश रूम के अन्दर गया।

बेड पर बैठ कर,,

राजेश _बोलो मैम क्या बाते करनी है मुझसे।

रीता _राजेश मै तुमसे माफी मांगना चाहती थी।

मैंने तुम्हारे साथ बहुत गलत किया।

तुमको अपनी स्वार्थ पूरी करने के लिए ब्लैकमेल किया।

और तुमने रोहन की जान बचाई। बुराई की हाट और अच्छाई की जीत हुई।

रीता राजेश की पैरो में गिर गई राजेश मुझे माफ कर दो।

राजेश _मैम ये आप क्या कर रही है? प्लीज मेरा पैर छोड़ो, मुझे बिल्कुल अच्छा नही लग रहा।

रीता _नही राजेश मेरी जगह तुम्हारे पैरो के नीचे है।

राजेश _नही मैम मुझे शर्मिंदा न कीजिए।

राजेश ने रीता की ऊपर उठाया और बेड पे बिठा दिया।

रीता _राजेश, आज के बाद मैं तुम्हे कभी ब्लैकमेल नही करुंगी।

राजेश ये सच है कि मैंने तुमसे सुजाता को नीचा दिखाने के लिए तुमसे संबंध बनाए।

लेकिन राजेश ये भी सच है कि मैं तुमसे प्यार करने लगी हूं।

राजेश मै तुम्हारे लायक तो नही हूं, पर हो सके तो मेरी गलती माफ कर अपनी दिल के किसी कोने में एक छोटी सी जगह मुझे दे दो।

राजेश मै कभी भी तुम पर अपना हक नही जताऊंगी।

न ही फिर तुम्हे कभी मिलने के लिए बुलाऊंगी।

बस एक बार मुझे अपनी इच्छा से अपने सीने से लगा लो।

मुझे और कुछ नहीं चाहिए राजेश।

राजेश प्लीज, रीता की आंखों में आंसू थे।

राजेश को रीता की आंखों में एक अलग ही रीता नजर आने लगा। वह पहले वाली रीता नही थी।

उसने रीता की आंसू पोछे।

फिर उसकी माथे को चूम लिया।

और रीता को अपनी बाहों मे भर लिया।

रीता _ओह राजेश मै तुम्हे बता नहीं सकती कि मैं आज कितनी खुश हूं।

रीता ने राजेश की आंखो में देखा फिर उसके ओंठ मुंह में ले कर चूसने लगी।

राजेश ने भी रीता के अन्दर एक अपनत्व की भावना पाया।

राजेश ने भी की ओंठ मुंह में भर कर चूसना शुरु कर दिया।

दोनों एक दूसरे के ओंठ चूसने लगे।

राजेश और रीता दोनों गर्म होने लगे।

राजेश तो सुजाता की chudai करने के बाद भी झड़ा नहीं था।

उसका land फिर से तन गया।

राजेश आज अपनी इच्छा से रीता को भोगने जा रहा था।

वह एक एक करके रीता की सारे कपड़े उतार कर नंगी कर दिया।

रीता ने भी राजेश के सारे कपड़े उतार दिए।

दोनों ने एक दूसरे के गुप्त अंगों को जी भर कर चूसा और जन्नत का सुख प्राप्त किया।

उसके बाद शुरू huwa chudai का खेल।

राजेश और रीता ने जी भर कर संभोग का सुख प्राप्त किया।

कमरे में पूरे एक घंटे तक रीता की सिसकारी गूंजता रहा।

रीता तीन बार झड़कर,राजेश की बाहों में ढेर हो चुकी थी, और गहरी गहरी सांस लें रही थी।

तभी राजेश को भगत का फोन आया।

भगत _भाई कहा हो सभी तुम्हारे बारे में पूछ रहे हैं।

पार्टी में मजा नहीं आ रहा है जल्दी आ जाओ।

राजेश _, ठीक है भगत मै अभी आया।

मैम मुझे जाना होगा। सब मुझे ढूंढ रहे हैं।

राजेश जल्दी से अपना कपड़ा पहना।

राजेश_ठीक है मैम मै चलता हूं।

रीता उठी ओर राजेश को फिर से अपनी बाहों में भर ली।

रीता _थैंक यू राजेश आज की रात मैं जिंदगी भर याद रखूंगी।

राजेश कमरे से बाहर निकला, रिया छुपकर देख रही थी।

वह जानना चाहती थी की राजेश इतनी देर तक किसके साथ था।

रीता कुछ देर बाद अपनी साड़ी पहनकर बाहर निकली।

रीता को देखकर रिया दंग रह गई।

रिया _, ओह, तो ये बात है। अब देखना निशा की बच्ची। राजेश के साथ तुम मुझे बर्दास्त नही कर पाई न। अब तुम्हारी सारी हेकड़ी मैं उतारूंगी।

इधर राजेश और उसके दोस्तो के बीच खाने पीने का प्रोग्राम चला राजेश को उसके कुछ दोस्तो ने जबरदस्ती शराब पीला दिया।

रात के एक बज चूके थे सभी लोग एक एक कर घर चले गए।

रीता , रोहन को लेकर घर चला गया।

इधर भगत और उसके दोस्त राजेश को लेकर उसके घर छोड़ने गए।

भगत _भाई आज की पार्टी में तो सच में बहुत मजा आया। सभी लड़खड़ा कर बाते कर रहे थे। सभी शराब के नशे मे थे।

राजेश _अबे तुम लोगो ने शराब पिला दिया, मां मुझे पिटेगी। हो सकता है घर में घुसने ही न दे।

भगत _भाई मां से माफी मांग लेना। ओ माफ कर देगी।

राजेश को घर के दरवाजे तक छोड़ कर। उसके दोस्त चले गए।

इधर सुनीता काफी देर तक राजेश का वेट कर रही थी। उसे नींद लगी तो स्वीटी के कमरे में जाकर बोली।

सुनीता _बेटा सो गई क्या?

स्वीटी _नही मॉम बोलो क्या है?

सुनीता _बेटा मुझे नींद आ रही है पता नही राजेश कब आएगा।

अगर मेरी नींद लग गई तो थोड़ा ध्यान रखना राजेश आए तो दरवाजा खोल देना और मुझे जगा देना।

स्वीटी _ठीक है मां।

सुनीता अपने रूम में जा कर सो गई थी।

इधर राजेश ने दरवाज़े का बेल बजाया।

स्वीटी _लगता है भैया आ गया।

वह दरवाजा खोलने गई।

दरवाजा खोली तो,,

राजेश _अरे स्वीटी तुम मां कहा है, लड़खड़ाते आवाज में कहा।

स्वीटी _भैया कही तुमने शराब तो नही पी ली है।

राजेश _अरे क्या करु छुटकी दोस्तो ने जबरदस्ती पीला दिया।

स्वीटी _भैया मां को पता चलेगा तो तुम पर बहुत नाराज होगी।

राजेश _मां कहा है?

स्वीटी _वो अभी सो रही है, पर तुम्हरे आने पर उठाने बोली है।

राजेश _स्वीटी मां को सोने दो उसे डिस्टर्ब मत करों।

अब मै भी अपने कमरे में चलता हूं तुम दरवाजा बंद कर सो जाओ।

राजेश लड़खड़ाता huwa चलने लगा।

स्वीटी दरवाजा बंद कर राजेश को सहारा दे कर उसके कमरे तक ले गया।

राजेश अपने कमरे में जाकर बेड पर पीठ के बल लेट गया।

स्वीटी _अरे भैया अपना शर्ट पैंट और जूते तो निकाल लेते।

Switi राजेश के जूते और मोजे निकालने के बाद उसका जींस भी निकाल दिया।

जींस जब उतारा तो राजेश की अंडरवियर पर एक बड़ा सा तंबू बना huwa था जिसे देखकर स्वीटी की सांसे तेज होने लगी।