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फीर छोडकर कामका बहाना बनाकर घरसे नीकल गया.. ओर सीधा होस्टेलपे आगया.. वो कुछ देर ओफीसमे बैठा.. जब लडकीयोका सोर कम होगया तो धीरेसे उपर चला गया.. लोबीमे कोइ नही था.. तो लखन धीरेसे दीयाके कमरेमे घुस गया.. ओर दरवाजा बंध कर दीया..
तो दुसरी ओर आज सारा दीन धिरेन नीलमको लेकर अपने नये घरमे ही पडा रहा.. वो कही दीनोसे नीलमको नही मीला था तो नीलमको मीलनेके लीये पागल होरहा था.. दो पहोरको खाना खाकर वो नीलमको लेकर अपने कमरेमे घुस गया.. देखा तो पुरा बेड फुलोसे सजा हुआ था..

नीलम : (सरमाते हसते) धिरेन.. लगता हे तुमने पहेलेसे ही सब तैयारीया करके रखी हे..
धिरेन : (नीलमको बाहोमे भीचते) ओर नही तो क्या..? मुजे पता था आज हमारी सादी होजायेगी.. कीतना इन्तजार करवाया हे तुमने.. चल आजा.. अब तो कल सामको ही हम रुमसे बहार नीकलेगे..
नीलम : (सरमाते धीरेसे) अभी रात तो होने दो.. आज हमारी सुहागरात हे.. मे पुरी रात यही हु..
धिरेन : (गोदमे उठाकर बेडकी ओर लेजाते) सुहागरात नही.. अब तो पहेले सुहागदीन होगा फीर हमारी सुहागरात होगी.. मेने सब तैयारीया करके रखी हे आजा..
नीलम : (मनमे हसते) कमीने मेरी सुहागरात तो कबसे हो चुकी हे.. मेरे लखनके साथ.. तुमतो बस मेरी केरीयरका अेक जरीया हे.. मे मेरे लखनसे प्यार करती हु.. ओर उनकी ही बीवी हु..
धिरेन : (बेडपे लीटाते हसते) क्या सोच रही हो..?
नीलम : (हसते) धिरेन.. सोच रही हु आखीर हमारा सपना पुरा होगया.. लखन जीजुने अपना वादा बखुबी नीभाया.. वो कीतने अच्छे हेनां..? पुनोदीके साथ इतना कुछ होनेके बावजुद भी हमारा साथ दीया..
धिरेन : हां नीलु.. भलेही हम दोनोका रीस्ता टुट गया हो.. लेकीन उसने दोस्तीका रीस्ता कभी नही तोडा.. मे इनकी बहुत इजत करता हु.. चल बातोके लीये तो पुरा दीन पडा हे.. अभी मुजे अपनी बीवीको प्यार करना हे..
फीर धिरेन लगभग नीलमके उपर टुट ही पडा.. उसने आज वायग्रा खाइ हुइ थी.. नीलमने जुठमुठका चीखने चीलानेका नाटक कीया.. क्युकी लखनके साथ चार दीन सेक्स करवाते उनकी चुत लखनके लंडके साइज हो चुकी थी.. धिरेनको भी थोडा ढीलापन महेसुस हो रहा था..

धिरेन : (थोडा डरते) नीलु.. ये थोडी ढीली लग रही हे.. कुछ डालती हो क्या..?
नीलम : (थोडा जेंपते) धिरेन.. मुजपे सक कर रहे हो क्या..?
धिरेन : (जज्ञसे) अरे नही नही.. मे तो बस..
नीलम : (जुठ बोलते) तो ढीली ही लगेगीनां.. अेक तो मेरे उपर इतनी पाबंधी.. ओर गांव भी गइ थी तो तुम्हारे बीना मन ही नही लग रहा था.. तो बस.. वो.. खीरेकी आदत.. सोरीनां..

धिरेन : (जोरोसे कमर हीलाते चोदते) नी..लु.. तु कुछ उल्टा सीधा मत डाला कर.. मुजे फोन कर देती.. मे कुछ जुगाड कर लेता.. वैसे तो कोइ दीकत नही हे.. बस.. पुछ रहा था..
नीलम : (कमर उछालते) धिरेन.. मे सीर्फ तुमसे प्यार करती हु.. इसीलीये तो मेने हमारे बीचका काटा नीकाल दीया.. ताकी हम सादी कर सके.. ओर देखो.. आज हम दोनोकी सादी भी होगइ..
नीलमने बडे ही आसानीसे धिरेनको समजा दीया.. ओर धिरेन उसे जोरोसे चोदे ही जा रहा था तो नीलम बीच बीचमे चीखने चीलानेका नाटक करती ओर धिरेनको धीरेसे चोदनेके लीये मनते करती.. तो धिरेन भी खुस था.. वायग्राकी वजहसे धिरेनने नीलमको दो बार चोद लीया..

फीर नीलम बेडसे उतरके थोडा लंगडाते चलने लगी.. तो धिरेनने उसे खुस होते गोदमे उठालीया.. तो नीलमने उनके गालको चुम लीया.. फीर साम होते ही दोनोने वही खाना मंगवालीया.. दोनो वापस बेडपे आकर अपनी सुहागरात मनाने लगे..
तो इधर दीयाके रुमसे उनकी हल्कीसी चीखनेकी आवाज आ रही थी.. जो उनकी चीखे रुममे ही दब गइ.. दीयाकी आंखमे आंसु थे.. लखन दीयाके दोनो पैर अपने कंधेपे रखते दीयाको जोरोसे चोद रहा था.. दीया पहेली बार दो दो बार जड चुकी थी ओर लखन अभी भी उसे चोदे ही जा रहा था..

लखनने बीना लंड बहार नीकाले दीयाको दो बार चोद लीया.. तो लखनकी स्टेमीना देखकर दीया भी बहुत खुस होगइ.. उसने तैय कीया थाकी सादीसे पहेले वो अेक बार जरुर लखनसे चुदवायेगी.. लेकीन आज लखनकी स्टेमीना देखकर उनका मन बदल गया..
उसने उनकी सादीके बाद मोका मीलेगा तो दुसरी बार भी लखनसे मीलनेका वादा लीया.. ओर लखनको सादीमे आनेका बहुत आग्रह भी कीया.. फीर लखन घरपे आगया.. तो पुनम उनकी ओर देखते कामुक स्माइल करने लगी.. फीर सबने मीलकर डीनर कीया..

उस रात लखनने रजीया ओर राधीकाकी दो दो बार जमकर बजाइ.. फीर सृतीको लगातार तीन बार जमकर चोदलीया ओर बाथरुममे भी खडे खडे सृतीकी चुतका भुरता बनादीया.. तो सृतीकी हालत बीगड गइ.. फीर पुनमको जमकर दो बार पेला.. ओर उनसे चीपकके सो गया.. तब कीसीको पता नही थाकी लखनका लंड अब भी पुनमकी चुतमे हे.. दोनो अपने वादेके मुताबीक सो गये....
कन्टीन्यु
तो दुसरी ओर आज सारा दीन धिरेन नीलमको लेकर अपने नये घरमे ही पडा रहा.. वो कही दीनोसे नीलमको नही मीला था तो नीलमको मीलनेके लीये पागल होरहा था.. दो पहोरको खाना खाकर वो नीलमको लेकर अपने कमरेमे घुस गया.. देखा तो पुरा बेड फुलोसे सजा हुआ था..

नीलम : (सरमाते हसते) धिरेन.. लगता हे तुमने पहेलेसे ही सब तैयारीया करके रखी हे..
धिरेन : (नीलमको बाहोमे भीचते) ओर नही तो क्या..? मुजे पता था आज हमारी सादी होजायेगी.. कीतना इन्तजार करवाया हे तुमने.. चल आजा.. अब तो कल सामको ही हम रुमसे बहार नीकलेगे..
नीलम : (सरमाते धीरेसे) अभी रात तो होने दो.. आज हमारी सुहागरात हे.. मे पुरी रात यही हु..
धिरेन : (गोदमे उठाकर बेडकी ओर लेजाते) सुहागरात नही.. अब तो पहेले सुहागदीन होगा फीर हमारी सुहागरात होगी.. मेने सब तैयारीया करके रखी हे आजा..
नीलम : (मनमे हसते) कमीने मेरी सुहागरात तो कबसे हो चुकी हे.. मेरे लखनके साथ.. तुमतो बस मेरी केरीयरका अेक जरीया हे.. मे मेरे लखनसे प्यार करती हु.. ओर उनकी ही बीवी हु..
धिरेन : (बेडपे लीटाते हसते) क्या सोच रही हो..?
नीलम : (हसते) धिरेन.. सोच रही हु आखीर हमारा सपना पुरा होगया.. लखन जीजुने अपना वादा बखुबी नीभाया.. वो कीतने अच्छे हेनां..? पुनोदीके साथ इतना कुछ होनेके बावजुद भी हमारा साथ दीया..
धिरेन : हां नीलु.. भलेही हम दोनोका रीस्ता टुट गया हो.. लेकीन उसने दोस्तीका रीस्ता कभी नही तोडा.. मे इनकी बहुत इजत करता हु.. चल बातोके लीये तो पुरा दीन पडा हे.. अभी मुजे अपनी बीवीको प्यार करना हे..
फीर धिरेन लगभग नीलमके उपर टुट ही पडा.. उसने आज वायग्रा खाइ हुइ थी.. नीलमने जुठमुठका चीखने चीलानेका नाटक कीया.. क्युकी लखनके साथ चार दीन सेक्स करवाते उनकी चुत लखनके लंडके साइज हो चुकी थी.. धिरेनको भी थोडा ढीलापन महेसुस हो रहा था..

धिरेन : (थोडा डरते) नीलु.. ये थोडी ढीली लग रही हे.. कुछ डालती हो क्या..?
नीलम : (थोडा जेंपते) धिरेन.. मुजपे सक कर रहे हो क्या..?
धिरेन : (जज्ञसे) अरे नही नही.. मे तो बस..
नीलम : (जुठ बोलते) तो ढीली ही लगेगीनां.. अेक तो मेरे उपर इतनी पाबंधी.. ओर गांव भी गइ थी तो तुम्हारे बीना मन ही नही लग रहा था.. तो बस.. वो.. खीरेकी आदत.. सोरीनां..

धिरेन : (जोरोसे कमर हीलाते चोदते) नी..लु.. तु कुछ उल्टा सीधा मत डाला कर.. मुजे फोन कर देती.. मे कुछ जुगाड कर लेता.. वैसे तो कोइ दीकत नही हे.. बस.. पुछ रहा था..
नीलम : (कमर उछालते) धिरेन.. मे सीर्फ तुमसे प्यार करती हु.. इसीलीये तो मेने हमारे बीचका काटा नीकाल दीया.. ताकी हम सादी कर सके.. ओर देखो.. आज हम दोनोकी सादी भी होगइ..
नीलमने बडे ही आसानीसे धिरेनको समजा दीया.. ओर धिरेन उसे जोरोसे चोदे ही जा रहा था तो नीलम बीच बीचमे चीखने चीलानेका नाटक करती ओर धिरेनको धीरेसे चोदनेके लीये मनते करती.. तो धिरेन भी खुस था.. वायग्राकी वजहसे धिरेनने नीलमको दो बार चोद लीया..

फीर नीलम बेडसे उतरके थोडा लंगडाते चलने लगी.. तो धिरेनने उसे खुस होते गोदमे उठालीया.. तो नीलमने उनके गालको चुम लीया.. फीर साम होते ही दोनोने वही खाना मंगवालीया.. दोनो वापस बेडपे आकर अपनी सुहागरात मनाने लगे..
तो इधर दीयाके रुमसे उनकी हल्कीसी चीखनेकी आवाज आ रही थी.. जो उनकी चीखे रुममे ही दब गइ.. दीयाकी आंखमे आंसु थे.. लखन दीयाके दोनो पैर अपने कंधेपे रखते दीयाको जोरोसे चोद रहा था.. दीया पहेली बार दो दो बार जड चुकी थी ओर लखन अभी भी उसे चोदे ही जा रहा था..

लखनने बीना लंड बहार नीकाले दीयाको दो बार चोद लीया.. तो लखनकी स्टेमीना देखकर दीया भी बहुत खुस होगइ.. उसने तैय कीया थाकी सादीसे पहेले वो अेक बार जरुर लखनसे चुदवायेगी.. लेकीन आज लखनकी स्टेमीना देखकर उनका मन बदल गया..
उसने उनकी सादीके बाद मोका मीलेगा तो दुसरी बार भी लखनसे मीलनेका वादा लीया.. ओर लखनको सादीमे आनेका बहुत आग्रह भी कीया.. फीर लखन घरपे आगया.. तो पुनम उनकी ओर देखते कामुक स्माइल करने लगी.. फीर सबने मीलकर डीनर कीया..

उस रात लखनने रजीया ओर राधीकाकी दो दो बार जमकर बजाइ.. फीर सृतीको लगातार तीन बार जमकर चोदलीया ओर बाथरुममे भी खडे खडे सृतीकी चुतका भुरता बनादीया.. तो सृतीकी हालत बीगड गइ.. फीर पुनमको जमकर दो बार पेला.. ओर उनसे चीपकके सो गया.. तब कीसीको पता नही थाकी लखनका लंड अब भी पुनमकी चुतमे हे.. दोनो अपने वादेके मुताबीक सो गये....
कन्टीन्यु






