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रिस्तोमे प्यारकी अनुभुती
अध्याय - ८८
फीर देवायत उन हीमाचलके राजाकी पुरी स्टोरी सुनाने लगता हे तब नीर्मला बडेही गौरसे सुन रहीथी.. जीनकी वजहसे उनकी चुतमे हलचल तेज होगइ ओर चुतके नाजुक ओस्ट फडफाने लगे.. ओर पानी छोडने लगे.. लेकीन नीर्मलाने उनपे कुछ खास ध्यान नही दीया.. ओर देवायत उनको पुरी स्टोरी सुना देता हे जीसे सुनके नीर्मला काफी अेक्साइटेड होगइ तब जाके उनको अपने नीकरमे गीलापन महेसुस हुआ....अब आगे
नीर्मला : (थोडा अनकंन्फोटेबल फील करते हसते) बडी मजेदार स्टोरी हे ये..
देवायत : नीमु.. ये सीर्फ स्टोरी या कहानी नही हे.. ये सब हकीकत हे.. इसीलीयेतो हिमाचलमे कीसीभी गांवमे आजभी कोइ विधवा या त्यक्ता नही मीलती.. सब आपसी रीस्तोमे प्यारभी करते हे ओर सादी भी करते हे.. बस.. ओर अब यही सब अब हमारे यहा होने वाला हे.. वोही राजा हमारे घर जन्म लेने वाला हे.. ओर सबकुछ होगा जो हिमाचलमे हो रहा हे.. ओर बाबाके कहेनेके मुताबीक इनकी सुराआत हमारी पीछली तीन पीढीसे सुरु होगइ हे.. देखा नही बापुने भी अपनी बहेनसे सादी करली.. सायद दादा दादीभी वोही होगे.. ओर अब मे.. हें..हें..हें..
नीर्मला : (हसते) अरे हां.. मेने तो इस बातपे कभी गौरही नही कीया.. मंजुभी तो आपकी बहेन हुइ.. हें..हें..हें.. (सरारतसे हसते) ओर देखो इनमे मेभी बाकात नही हुं.. हें..हें..हें.. ओर आपकी छोटी बहेन पुनोभी बच गइ.. हें..हें..हें..
तब नीर्मलाको क्या पताथाकी उनकी छोटी बहेन पुनोभी देवायतकी बीवी हो चुकी हे ओर उनसे प्रेगनेन्टभी हो चुकी हे.. दोनोही बाते करते काफी देरतक बैठे रहे.. तब देवायतको पुनमके बारेमे नीर्मलाको बताना उचीत नही लगा.. ओर दोनो खडे होगये.. तब नीर्मला देवायतका हाथ पकडके उनके साथ अंदरकी ओर आने लगी.. तब उनको नीचेकी ओर काफी गीलापन लगने लगा ओर वो सर्मसार होगइ..
फीर दोनो अपने रुममे आगये तो राजीव अभीभी नींदमे सो रहाथा ओर नीर्मला फटाफट बाथरुममे घुस गइ.. ओर नीकर नीकालके अपनी चुतको साफ करने लगी.. फीर अैसेही बीना नीकर सही होकर बहार आगइ ओर देवायतके पास सटकर उनके कंधेपे सर रखकर बैठ गइ.. उनको आज फीरसे देवायतसे मीलन करनेकी तडप बढने लगी.. लेकीन इन सबके लीये उनको यहाका माहोल ठीक नही लगा.. ओर अेक हाथसे देवातकी जांगोपे रखके सहेलाने लगी.. ओर हसने लगी..
देवायत : (हसते धिरेसे) नीमु ये क्या कर रही हे..? अभी ये सब यहा करना उचीत नही हे.. देख अभी पापा जाग जायेगे.. वरना मुजसे कंट्रोल नही होगा.. ओर तुजे यही पटकके.. हें..हें..हें..
नीर्मला : (सरमाते धीरेसे) नही.., देवु कीतने महीने होगये.. हम नही मीले.. क्या आपका मन नही करता..? मेतो रात रातभर आपसे मीलनके लीये तडप रहीहु.. ओर बीस्तरमे करवट बदलती रहेती हु..
देवायत : (लंडको अेडजेस्ट करते हसते) बहुत मन करता हे.. पर यहां..? हम घर जाके करेगे..
नीर्मला : (तीरछी नजरोसे हसते) देखा.. अबतो राजीवनेभी मेरा हाथ आपको सोंप दीया हे.. हें..हें..हें.. अब आपको अच्छी तराह मेरा खयाल रखना पडेगा.. केह देती हु.. हें..हें..हें..
देवायत : (हसते) हां बहुत अच्छी तराह रखुगा.. आखीर तु मेरी पहेली बीवीजो हे.. फीर देखता हु मुजसे भागती हे की नही.. हें..हें..हें..
तभी नर्स अंदर आगइ तो नीर्मला जटसे देवायतसे थोडी दुर होगइ ओर सहीसे बेठ गइ.. तब नर्सने राजीवको हीलाकर जगाया.. ओर दोनोकी ओर देखके उनको चाइ नास्ता करवानेका कहेके वो चली गइ.. ओर देवायत खडा होगया.. फीर बहार जाकर वो चाइ ओर नास्ता लेकर आगया.. ओर दोनोने राजीवको चाइ नास्ता खीलाया ओर खुदने भी चाइ नास्ता करलीया.. फीर तीनो काफी देर बाते करते रहे..
देवायतने बातोही बातोमे राजीवको उनकी ओर चंदाकी सादीके बारेमे सबकुछ बता दीया जीसे सुनकर राजीव बहुत खुस होगया.. वो जानता था देवायत अेक राजाके खानदानसे तालुक रखता हे.. तो उनके खानदानमे दुसरी तीसरी सादीका कोइ मायना नही हे.. ओर वो अपनी छोटी बहेन चंदाकी विधवा होनेसे भी चींतीत था.. जो इस बातसेभी खुस हो गयाकी देवायतने उसे सादी करके सुहागनकी जींदगी देदी.. ओर वो उस खानदानकी रानी होगइ.. तभी मौका देखके नीर्मलाने केह दीया..
नीर्मला : राजीव.. आपको खीचडी देनी हे तो मुजे घरसे बनाके लाना पडेगा.. तो मे घर जाउ..? अभी फटाफट बनाके वापस आजाउगी.. मे देवुके साथ उनकी कारमेही जल्दीसे बनाकर वापस आजाउगी..
राजीव : (हसते हांमे गरदन हीलाते) मे अब यहा ठीक हु.. तुम लोग आरामसे आना.. जल्दबाजी ठीक नही..
नीर्मला : (स्माइल करते) हंम.. चलो.. साम ढलनेसे पहेले हम आजायेगे. सीर्फ खीचडी रोटीतो बनानी हे..
देवायत : सीर्फ आप दोनोके लीये बनाना मेरा खाना घरपे बन गया हे..
राजीव : (धीरेसे) नही.. इधर हमारे साथभी थोडा खाना खालेना.. फीर आरामसे चले जाना..
तब राजीवको क्या पताथाकी उनकी बीवी कौनसी खीचडी पकाने जा रही हे.. नीर्मला मनही मन बहुत खुस होने लगी.. ओर दोनो बहार आगये.. तब नीर्मलाने नर्सको अेक घंटेमे वापस आजायेगे कहा ओर दोनो कार लेकर उनके घरकी ओर नीकल पडे तो नीर्मलाने कारमे बेठतेही देवायतका गाल चुमलीया ओर कातील नजरोसे हसने लगी.. ओर उनकी बाजुको पकडके बेठ गइ.. फीर थोडीही देरमे दोनो घरपे आगये ओर नीर्मलाने फटाफट घरका ताला खोल दीया ओर अंदर चली गइ..
तभी देवायतभी कार पार्क करके अंदर आगया ओर मेइन दरवाजा बंध करके सोफेपे बैठ गया तब नीर्मला फटाफट कुकरमे खीचडी पकानेकी तैयारीया करने लगी ओर स्टवपे कुकर रखदीया जैसेही वो पीछे मुडी तो देवायतको कीचनके पास उनको देखते हुअे खडा पाया..
ओर वो दोडके देवायतके गले लग गइ.. ओर देवायतके चहेरेको पागलोकी तराह चुमने लगी.. क्युकी घर आनेसे पहेलेही वो देवायतसे चुदवानेका मन बना चुकीथी.. फीर उनकी आंखोमे प्यारभरी नजरोसे देखती रही.. तब उनकी आंखोसे आंसु टपक गये..

नीर्मला : देवु मे कीतने महीने होगये.. आपके प्यारसे वंचीत हुं.. आज मुजे पत्नीका वो सुख देदो जो हर ओरत अपने पतीसे वो सुख पाती हे.. अब मे कभी कोइ गलती नही करुगी.. मे आपके लीये बहुत तडपी हु.. अैसी अेक रातभी नही गइ जीसमे मेने आपको याद ना कीया हो..
देवायत : (बाहोमे भीचते) बस.. बस सांत होजा.. अब तु मेरी जीम्वेवारी हे.. भुलजा सब पुरानी बाते..
नीर्मला : देवु आप मुजे पहेलेकी तराह अपनालोगेनां..? वरना मे आपके प्यारके बगैर जी नही पाउगी..
देवायत : हां नीमु तु मेरी पहेली बीवी हे.. तुजे पत्नीका वो सब अधीकार मीलेगा जो मंजुको मीलता हे.. मे तुजे आजभी इतना चाहता हु जो पहेले चाहता था.. ओर हंमेसा चाहता रहुगा.. बोल.. अब क्या कहेना हे..?
नीर्मला : (सरमाते होंठ चुमते) बस जानु इतनाही.. आइ लव यु.. आप थोडी देरके बाद मेरे रुममे दरवाजा बंध करके आजाओ हमारे पास वक्त बहुत कम हे.. आज मुजे मेरे पतीको जी भरके प्यार करना हे.. मे आज आपके अंदर समा जाना चाहती हु..
कहेतेही वो जटसे अपने रुममे चली गइ.. ओर कुछ देरके बाद देवायत नीर्मलाके रुममे चला गया तो देखताही रेह गया.. क्युकी अंदर नीर्मला बेडपे बीलकुल नंगी लेटी हुइ थी.. उनका नंगा बदन आजभी अेक कांचकी पुतलीकी तराह चमक रहाथा..
उनके दोनो उरोज आजभी अेक लडकीकी तराह कसा हुआ था..
ओर देवायत रुमका दरवाजा बंध करके उनके पास चला गया.. ओर उसनेभी अपने सब कपडे नीकाल दीये.. फीर धीरेसे नीर्मलाके पास लेट गया तब नीर्मलाने करवट लेकर देवायतको जोरोसे अपनी बाहोमे भीचलीया.. ओर उनके चहेरेको चहेरेको पागलोकी तराह चुमने लगी..
देवायत : (हसते) अरे थोडातो सबर कर.. क्या मेरा बलात्कार करेगी..? हें..हें..हें..
नीर्मला : (नसीली आंखोसे देखते) हां करुगी.. हें..हें..हें.. बाबु कल आपको देखा तबसेही मेरी मुनीयाने परेसान करके रखा हे.. ओर उपरसे आज आपने वो राजाकी कहानी सुनाइ.. तबसे मे पागल होगइ हु.. आज ओर कुछ भी नही.. बस मेरे उपर आजाओ ओर अपना मुसल हथीयार अंदर डालके मेरी प्यास बुजादो.. कीतमे महीने होगये.. मेने आपका हथीयार अंदर नही लीया.. मेतो इनकी दिवानी होगइ हु..
देवायत : (होंठ ओर गलेको चुमते) अरे बेबी इतनी आसानीसे ये थोडी मीलेगा.. पहेले मेरी बीवीको थोडा प्यारतो करलु.. कीतने महीनोके बाद हाथ लगी हे.. हें..हें..हें..
नीर्मला : (सरमाते हसते) जानु प्लीज.. ओर मत तडपाना जल्दी करना हमे जानाभी हे..
कहातो देवायत नीर्मलाके पैरके बीच चला गया तो नीर्मलाने सरमाते अपने पैर थोडे फैला दीये ओर देवायतने सीधाही चुतमे मुह डालके हमला बोल दीया.. ओर अेक हाथसे नीर्मलाके कसे हुअे बुब्सको मसलने लगा तब नीर्मला सीसकारीया करते छटपटाने लगी.. ओर आहे भरने लगी.. आज कितने महिनोके बाद फीरसे देवायतने उनकी चुतको छेडाथा.. ओर वो चुतमे अपनी जीभ घुसाके चुतके दानेको खरोदने लगा..

नीर्मला : (छटपटाते मदहोसीमे) बस बस.. उंहु.. उंहु.. न..ही.. देवु.. प्लीज.. कुछ हो रहाहे अेअे.. उइइइइ मां.. सीइइइइइ याइइइइ सीससइइइइ नही.. नही.. देवु.. अभी नीकल जायेगाइइइइइइ नही ..नही..नही.. मेंमम.. गइइ.. उइइइइ मांइइइइइइ आह..आह..आह.. सीइइइइइइइ
कहेते नीर्मला अपनी कमरको जटके देने लगी.. इतने महिनोके बाद देवायतने उनकी चुतको छेडाथा तो ज्यादा बरदास्त नही करपाइ ओर थोडीही देरमे उनकी चुतने जवाब देदीया.. ओर वो बेडपे कमर पटकके सांत होगइ.. ओर अपनी सांसे दुरस्त करने लगी.. तब देवायत नीर्मलाकी चुतको चाटकर साफ कर रहाथा.. तब नीर्मला बुरी तराह सर्मसार होने लगी.. ओर वो मुहको इधर उधर घुमाते देवायतसे नजरे चुराने लगी..
देवायत : (रुमालसे मुह साफ करते) क्यु नीमु डार्लींग मजा आया की नही..? हें..हें..हें..
नीर्मला : (सरमाते हसते) आप बहुत गंदे हो.. अैसेभी कोइ करता हे.. मेरीतो सांसे अटक गइथी.. कीतने दिनोके बाद मीले हो.. मेतो बरदास्तही नही करपाइ.. क्या मेरी मंजुके साथभी अैसा करते हो..?
देवायत : (नीर्मलाके उपर चडते) अरे अैसे केसे तेरी सांस अटकने देता.. अभीतो असली मजा बाकी हे.. ओर तेरी अंजुकीतो बातही कुछ ओर हे..
नीर्मला : (सर्मसार होते धीरेसे) देवु.. प्लीज धीरेसे करना.. आपका वो बहुत बडा लग रहा हे.. कीतने दिन होगये हम नही मीले तो.. प्लीज.. वरना चलनेमे दीकत होगी.. ओर मे आपके बगैर रेहभी तो नही सकती..
देवायत : (होंठ चुमते) मेरे बगैर की मेरे लंडके बगैर.. सच कहेना.. हें..हें..हें..
नीर्मला : (सर्मसार होते मुस्कराते) छी.. कीतना गंदा बोलते हो..? हां.. वोही.. उनके बगैर.. हें..हें..हें..
तभी देवायत उनके बुब्सपे मुह लगाते बुब्स चुसने लगता हे ओर उनकी नीपलको अपने दातोसे दबाते खीचता हे तब नीर्मला तीलमीला उठी.. ओर उनके सरके बालोको मुठीमे पकडते खीचने लगती हे ओर आंख बंध करते जोरोसे सीसकारीया करने लगती हे.. तब देवायतका लंड नीर्मलाकी चुतपे ठोकर मारते अपने बीलमे घुसनेकी कोसीस करने लगा.. तब नीर्मला दो तरफा हमलेसे कांपने लगी..
उतेजनाकी वजहसे आंधी आंख चडाके नसेकी हालतमे चली गइ.. अैसा सुख जो उसे ना किशनसे मीलाथा ओर नाही अपने भाइ राजीवसे.. देवायतके साथ जबभी संभोग करती अेक अलगही अनुभुती महहेसुस करती.. इसीलीयेतो वो देवायतकी दिवानी हो चुकीथी.. वो आम अपने भाइ राजीवकी बीवी होनेके बावजुदभी देवायतसे हर रीसतेमे जुडनेके लीये तैयार थी..
नीर्मला : (मदहोसीके नसेमे) देवुउउउ... आहहह.. बस बससस.. कितना तडपाओगे... हंममम बुचच.. बुचच.. बुचच.. बस.. अब डालभी दो.. सीइइइइ आइ... मत खीचो... दुखता.. हे.. आइइइइ..सीसससइइइइ..
नीर्मलाकी चुत लगातार पानी छोड रहीथी जीनकी वजहसे लंडभी काफी गीला हो चुकाथा.. तभी लंडने अपने बीलका रास्ता अपने आप ढुंढ लीया ओर थोडा अंदर घुसके अपना मुह छुपा लीया.. तभी देवायतने अपनी कमरपे थोडा नीचे चुतकी ओर दबाया.. तो लंड आधेसे ज्यादा नीर्मलाकी चुतमे चला गया.. ओर नीर्मला देवायतके होंठ छुडाते मुह इधर उधर करते छटपटाने लगी.. ओर दर्दसे अपना मुह बीगाडने लगी..

देवायत : (हसते) क्यु क्या हुआ..? हंम.. बोलनां..? तु मुजसे पहेली बार थोडीना चुदवा रही हे..
नीर्मला : (दर्दसे छटपटाते धीरेसे) उइइ मां.. मररर गइइइ... दे..वु.. पहेलेसे बहुत बडा.. लग रहाहेअेअे... मांइइइ.. मररर गइइइइ... उंहु.. उंहु.. उंहु.. नही.. प्लीज.. रुक जाओओ... उइइइ मां.. नही चुदवानां... देवु... बहुत दर्द हो रहा हे..
देवायत : (होंठ चुमते) बस.. बस.. अभी दर्द कम होजायेगा.. सांत होजाओ.. हंम.. बुचच.. बुचच.. बुच..
देवायत उनके होंठ ओर बुब्सको चुमता रहा.. तब थोडीही देरमे नीर्मला उनके सरको सहेलाने लगी ओर धीरे धीरे सांत होगइ.. ओर आखीर देवायतकी पीठको सहेलाते सीसकारीया करने लगी.. उनकी दर्द भरी आवाज कामुक आवजमे तबदील होने लगी.. ओर कभी कभी देवायतकी ओर नजरे चुराते कामुक नजरोसे देखने लगी.. तब देवायतको उनकी आंखोमे वासना नजर आने लगी ओर वो हाथके बल थोडा उचा होगया..
ओर नर्मलाके बुब्सको थामते मसलने लगा ओर धीरे धीरे कमर हीलाके नीर्मलाको चोदने लगा.. तब नीर्मला फीरसे दर्दके मारे मुह बीगाडते चुदवाने लगी.. आज उनको देवायतका लंड अपनी बच्चेदानीपे ठोकर मारते महेसुस हो रहाथा.. क्युकी बाबाकी कृपासे देवायतका लंड लंबा ओर मोटाभी हो गयाथा.. देवायत होले होले सोट मारते नीर्मलाको चोदने लगा.. तब हर धकेके साथ नीर्मलाकी दर्दके मारे आहे नीकलने लगी..

आज वाकइ देवायतके लंडको जेलना नीर्मलाके लीये मुस्कील लगने लगा.. फीरभी इतना दमदार लंड पाकर वो मनमे खुसभी हो रहीथी.. अबतक नीर्मला तीन तीन लंड अपनी चुतमे ले चुकीथी अेक देवायतके पीता किशन.. दुसरा उनके खुदके बडेभाइ राजीव.. ओर तीसरा खुद देवायत.. लेकीन आज देवायतके लंडको अपनी चुतमे लेकर वो अपने आपको धन्य ओर भाग्यसाली समजने लगी..
उनको नही पताथा की देवायतके लंडमे जडीबुटीकी वजहसे काफी बदलाव आ चुकाहे.. अब वो पहेलेसे ज्यादा कामी ओर आकर्सक हो चुका हे.. अब वो कीसीभी दस ओरत या लडकीको बडी आसानीसे अपनी ओर आकर्सीत करते संतुस्ट कर सकता हे.. नीर्मला दर्द होनेके बावजुद देवायतको चुदवानेमे साथ देने लगी.. ओर आखीर देवायतको अपने उपर खीचके अपने तनसे चीपकालीया..
ओर उनके होंठ लीपलोक करते देवायतको अपनी बाहोमे भीचलीया.. ओर वो कमरको जटके देने लगी.. ओर जडने लगी.. तब देवायतको अपने लंडपे काफी गरम महेसुस हुआ.. ओर अेक बार उतेजनामे उनकाभी सरीर कांप गया.. ओर हाथके बल उचा होते नीर्मलाके पैरोके बीच बैठ गया तो नीर्मलाने अपने दोनो पैर फैला दीये ओर उचा कर हाथोसे पकडलीया ओर देवायतकी ओर कामुक नजरसे देखती रही..

तब देवायत तेजीसे कमर हीलाते नीर्मलाको जोरोसे सोट मारते चोदने लगा.. तो नीर्मलासे बरदास्त करना मुस्कील होने लगा ओर वो दर्दके मारे चीखने चीलाने लगी.. नीर्मला बहुतही कामुक ओरत थी.. फीरभी आज देवायतके लंडको जेलना उनके लीये मुस्कील होने लगा.. देवायतभी नीर्मलाको बेहरेहमीसे चोद रहाथा.. फीरभी दोनोही जोसमे आके अेक दुसरेको चुदाइमे साथ देने लगे.. ओर दोनोके बीच धमासान चुदाइ होने लगी.. तभी अेक बार फीर नीर्मलाने देवायतको अपने उपर खीचलीया..
ओर देवायतके चहेरेको पागलोकी तराह चुमते उनको कसके बाहोमे भीच लीया ओर आधी आंख बंध करते कमरको फीरसे जटके मारते जडने लगी.. तब देवायत उनके बुब्सको जोरोसे चुसने लगा.. ओर अपने लंडको नर्मलाकी चुतमे जड तक घुसा दीया.. जीनकी वजहसे नीर्मलाकी जोरोसे चीख नीकल गइ.. ओर उसे अपनी बच्चेदानीपे देवायतका गरम कामरस महेसुस होने लगा.. ओर वो मदहोसीकी हालतमे चली गइ..
तब देवायत उनके सीनेपे सर रखकर ढेर होगया.. ओर नीर्मला सरमके मारे उनकी पीठ ओर सरको सहेलाती रही.. आखीर आज देवायतने उनकी जबरदस्त तरीकेसे चुदाइ करही ली.. वो अब पुरी तराह संतुस्ट हो चुकीथी.. नीर्मलाकी इतने महिनोकी ना चुदनेकी कशर देवायतने अेकही बारमे पुरी करदी थी.. वो अभीभी बेसुध जेसी हालतमे देवायतकी बाहोमे अपनी सांस दुरस्त करते उनके नीचे लेटीथी..
दोनोही पसीनेसे भीगते तरबोर हो चुके थे.. जैसे दोनो संभोग कर रहे हो ओर कीसीने बाल्टी भरके दोनोके उपर पानी डाल दीया हो.. तब देवायत धीरेसे नीर्मलाके उपरसे हट गया.. तब लंड फच.. आवाजके साथ बहार नीकल गया.. तो नीर्मला खुब सर्मसार होगइ.. ओर देवायतसे नजरे चुराने लगी.. आज देवायतने उने चोद चोदकर पुरी तराह तोडके रख दीयाथा उनके तनकी अेक अेक नब्स ढीली हो चुकी थी..

तब नीर्मलाकी चुत अभीभी कीसी डरे हुअे पंखी की तराह फडफडा रहीथी.. ओर नीर्मलाकी चुतसे दोनोका कामरस बहारकी ओर बहेने लगा.. तब जाके नीर्मलाने अपनी आंख खोलदी.. तो देवायत खडे होकर उसीको देख रहाथा तो नीर्मला सर्मसार होगइ.. ओर देवायतके सामने देखकर मुस्कराने लगी.. उसने देवायतकी ओर दोनो हाथ लंबे करदीये.. तब देवायत उनके पास आगया ओर नीर्मलाको अपनी गोदमे उठालीया.. ओर दोनो बाथरुममे चले गये..
नीर्मला : जानु आपने तो आज मुजे पुरी नीचोडली.. मेरी इतनी जबरदस्त चुदाइ आज तक नही हुइ.. मेरी तो चीखे नीकलवादी आपने.. भलेही मेरी हालत खराब करदी आपने लेकीन बहुत मजा आगया.. बस अेसेही मुजे प्यार देते रहेना.. क्युकी अब मुजे नही लगता राजीव कुछ करपायेगा.. अब आपहीको मुजे अैसेही सम्हालना हे..
देवायत : नीमु तुजेतो मे पहेलेसे ही अपना चुका हु.. तुही मेरी पहेली बीवी हे.. ओर हमेसा रहेगी.. जीतो चाहता हे तुजे ओर प्यार करता ही रहु.. लेकीन जानाभी हे.. नीमु अब तुम दोनोही हवेलीपे आजाओ.. वही हम मीलते रहेगे..
नीर्मला : नही जानु मेरे खयालसे हम यही रहेगे.. आप यहा आते जाते रहेना.. वहा कोइ दिकत नही होगी.. ओर अभी ओर नही कर सकते.. वहा राजीव अकेला होगा.. खामखा हमपे सक होजायेगा.. ओर अेक बात पुछु..? आज आपका ये बहुत बडा लग रहा था.. इनमे इतना बदलाव कैसे..?
देवायत : (मुस्कुराते) नीमु.. ये सब बाबाकी दी हुइ जडीबुटीका कमाल हे.. मुजे ये मंजुने दि हे.. बस उनका रिजन मे तुजे अभी नही बता सकता.. वरना फीरसे दुखी हो जायेगी.. हें..हें..हें..
नीर्मला : (हसते) नही.. अब कभी दुखी नही होउगी.. में आपके बारेमे काफी कुछ जान चुकी हु.. मे मंजु ओर चंदासे फोनपे बात करती रहेती हु.. उसीने आपके बारेमे मुजे बहुत कुछ बता दीया हे.. आप टेन्शन मतलो.. (सरमाते धीरेसे) चंदाभी आपसे बहुत खुस हे..
देवायत : (हसते) क्या..? चंदासे इस बारेमेभी बात करती हो..? हें..हें..हें..
नीर्मला : (हसते) हां.. उनका मेरे सीवा हेही कौन.. हम दोनो बहेने सब बाते सैर करती हे.. बस मेने उनको हमारे बारेमे नही बताया..
कहेते दोनोही नहाने लगते हे.. फीर फटाफट बहार आगये तब नीर्मला थोडा लंगडाते चल रहीथी.. ओर दोनो अपने कपडे पहेनके तैयार होगये.. तो नीर्मला किचनमे चली गइ तो खीचडी पक चुकीथी ओर नीर्मला फटाफट रोटी बनाने लगी.. तबतक देवायतभी बहार आगया.. ओर किचनमे चला गया.. तो नीर्मला रोटी बना रहीथी तो उनकी ब्लाउसकी डीझाइनमे पीठ नंगी दीख रहीथी तब देवायतको सररात सुजी..
ओर वो निर्मलाके पीछे जाकर खडा होगया.. ओर उनकी पीठमे अेक चुंबन लेलीया तो नीर्मलाके सरीरमे कंपन आगइ तबतक देवायत उनके पीछे सटकर खडा होगया.. ओर उसे अपनी बाहोमे भरलीया.. तब नीर्मला मुस्कुराते आंख बंध करते खडी रही.. तभी देवायतने उनके गाल चुमलीये.. तो नीर्मला सरमाके हसने लगी.. ओर जुठका गुसा करते हसती हुइ पीछे मुडकर देवायतको मारनेके लीये दोडी.. तो देवायत हसते हुअे बहार भाग गया ओर सोफेपे जाके बेठ गया..

नीर्मला : जानु अभी कोइ सरारत नही मुजे काम करने दो फीर जी भरके प्यार करलेना.. हें..हें..हें..
कहेते नीर्मला फीरसे कीचनमे चली गइ ओर खाना बनाने लगी तब देवायत वापस कीचनमे आकर उसे कीचनके दरवाजेपे खडा रहेते नीर्मलाको देखता रहा.. तब नीर्मला बीच बीचमे देवायतकी ओर देखते हसती रही.. तब देवायत उनको आंख मारते कुछ कामुक इसारा करदेता जीसे देखकर नीर्मला खुब सरमाती.. ओर नां मे गरदन हीलाते अपना काम करती रही.. फीर थोडी ही देरमे नीर्मलाने खाना बना लीया..
तब नीर्मला सब खाना पेक करके दोडकर देवायतकी बाहोमे समा गइ.. ओर दोनोके होंठ मील गये.. काफी देर तक अेक दुसरेके होठोके रसपान करते रहे.. तब नीर्मला देवायतसे अलग होगइ.. ओर खाना लेकर बहारकी ओर सरमाते हसती हुइ जाने लगी तब देवायतकोभी उनके पीछे जाना पडा ओर नीर्मलाने घरको ताला लगा दीया.. फीर दोनो कार लेकर होस्पीटलकी ओर नीकल गये..
तब नीर्मला कारमे देवायतकी बाजुमे बैठकर देवातकी ओर देखते हस रहीथी.. फीर धीरेसे उनकी जांगपे हाथ रखके सहेलाने लगी ओर सरारतसे मुस्कराती रही.. तब देवायतने कार चलाते अेक हाथ उनके बुब्सपे रखदीया ओर जोरोसे प्रेस करते दबा दीया.. तो नीर्मलाकी जोरोसे आउच.. करते आवाज नीकल गइ.. ओर उसने फोरन अपना हाथ हटालीया ओर देवायतकी जांगपे जोरोसे हसते हुअे अेक चपत लगादी..
नीर्मला : (तीरछी नजरसे देखते) कीतने कमीने हो.. कोइ अपनी बीवीको अैसे प्यार करता हे..
देवायत : (हसते) हां.. मे करता हु.. मेरातो प्यार करनेका यही अंदाज हे.. हें..हें..हें..
नीर्मला : (कामुक नजरोसे मुस्कराते) बडे आये अंदाज वाले.. देखना अेक दिन मेभी इनका बदला लुंगी..
दोनोही अैसी मस्तीया करते होस्पीटल पहोंच गये तब नीर्मला अेक बार फीर अपने कपडेको देखते सही करने लगी.. ओर दोनो साथ चलते राजीवके पास चले गये.. तब राजीव जाग रहाथा ओर दोनोको देखके हसने लगा.. फीर नीर्मलाने राजीवको दुध ओर खीचडी मीक्ष करके खीलादी.. ओर दोनोने भी साथमे खालीया.. फीर तीनोही काफी देर बाते करते रहे..
आज नीर्मला देवायतसे हस हसकर बाते कर रहीथी.. ओर बीच बीचमे देवायतसे हल्का मजाकभी कर लेती थी.. जीसे देखकर आज राजीव बहुतही खुस हो रहाथा.. तब उनको नही पताथाकी उनकी बीवी कहो या बहेन.. अब देवायतको अपना पती मानकर उसे पुर्ण समर्पीत हो चुकी हे..
ओर उनकी चुतपे अब देवायतके लंडकी मोहर लग चुकी हे.. बाद मे देवायत दोनोकी इजाजत लेकर वहासे नीकलने लगा.. तब नीर्मलाभी देवायतको बहार तक छोडने आगइ.. ओर दोनो बहार अेक अेकांत जगहपे चले गये.. जहा कोइ नही दीखता था.. तब मौका मीलते ही..
नीर्मला : (पास आतेही हग करते) जानु.. कल आओगेनां..? अब आपके बीना अच्छा नही लगेगा..
देवायत : नीमु.. सायद कल मे चंदासे सादी करलु.. क्या तुम खुसतो होनां..?
नीर्मला : (बाहोमे भीचते) अरे हां बाबा हां.. बहुत खुस हुं.. बस आप खयाल रखना उनको हमारे रीलेशनके बारेमे पता ना चलजाये.. आप इस बारेमे मंजुसेभी बात करलेना.. बाकी याद रखना.. आपकी अेक बीवी यहाभी आपका इन्तजार करते बेठी हे.. मुजे भुल मत जाना.. हें..हें..हें.. अब मेरे पती सीर्फ आपही हो..
देवायत : (वहा कीसीको ना देखते होंठ चुमते) मुं..हां.. चल ठीक हे तु भी कोइ भुलनेकी चीज हे..? मेने प्यार कीया हे तुमसे.. ओर मेरी जींदगीमे मेरी पहेली बीवी हो तुम.. तो कैसे भुल सकता हु.. चल कल टाइम मीलातो देरसे आजाउगा.. वरना परसो पका आजाउगा.. तबतक सायद पापाको छुटीभी मील जायेगी.. फीर कुछ सोचते हे.. आगे क्या करना हे.. ओर पापाको छुटी मील जायेतो फोन करदेनां.. ओर कहोतो मे आजाउगा..
नीर्मला : (बाहोमे खडी रहेते) नही.. वो सब मे देख लुगी.. आप अपना काम आरामसे करलो.. आगर टाइम मीलेतो आजाना.. वरना परसो सीधे घरपे आजाना.. मे आपका वहीं इन्तजार करुगी.. अब आपसे दुर रहेना बहुतही मुस्कील लग रहा हे.. देवु.. मे आपसे दुर रहेना नही चाहती.. कुछ करोनां..
देवायत : नीमु.. तुम परसो तैयार रहेना.. मे दोनोको लेने आउगा.. अब सादी तक आप दोनो हमारे साथही रहोगे.. तो पापाकोभी अच्छा लगेगा..
नीर्मला : ठीक हे मे देखती हु.. लेकीन मुजे वहाभी आपको मीलना पडेगा.. अभीसे केह देती हु.. हें..हें..हें..
अेक बार फीरसे दोनो होंठ मीलाके कीस करते हे ओर देवायत कार लेकर भानुके गांवकी ओर नीकल जाता हे तबतक नीर्मला वही खडी रहेते उनको जाते हुअे प्यारसे देखती रही.. फीर वोभी वापस राजीवके पास कमरेमे आगइ.. ओर दोनो कुछ देर बाते करते रहे.. तब नर्स राजीवको दवाइ देकर चली गइ ओर राजीव नींदकी आगोसमे चला गया.. तब नीर्मला सोफेपे लंबी होकर लेट गइ ओर देवायतके बारेमे सोचते सोनेकी तैयारी करने लगी.. तभी उनके फोनपे चंदाका फोन आता हे तो वो सोफेपे लेटकर फोन उठाती हे....
कन्टीन्यु
अध्याय - ८८
फीर देवायत उन हीमाचलके राजाकी पुरी स्टोरी सुनाने लगता हे तब नीर्मला बडेही गौरसे सुन रहीथी.. जीनकी वजहसे उनकी चुतमे हलचल तेज होगइ ओर चुतके नाजुक ओस्ट फडफाने लगे.. ओर पानी छोडने लगे.. लेकीन नीर्मलाने उनपे कुछ खास ध्यान नही दीया.. ओर देवायत उनको पुरी स्टोरी सुना देता हे जीसे सुनके नीर्मला काफी अेक्साइटेड होगइ तब जाके उनको अपने नीकरमे गीलापन महेसुस हुआ....अब आगे
नीर्मला : (थोडा अनकंन्फोटेबल फील करते हसते) बडी मजेदार स्टोरी हे ये..
देवायत : नीमु.. ये सीर्फ स्टोरी या कहानी नही हे.. ये सब हकीकत हे.. इसीलीयेतो हिमाचलमे कीसीभी गांवमे आजभी कोइ विधवा या त्यक्ता नही मीलती.. सब आपसी रीस्तोमे प्यारभी करते हे ओर सादी भी करते हे.. बस.. ओर अब यही सब अब हमारे यहा होने वाला हे.. वोही राजा हमारे घर जन्म लेने वाला हे.. ओर सबकुछ होगा जो हिमाचलमे हो रहा हे.. ओर बाबाके कहेनेके मुताबीक इनकी सुराआत हमारी पीछली तीन पीढीसे सुरु होगइ हे.. देखा नही बापुने भी अपनी बहेनसे सादी करली.. सायद दादा दादीभी वोही होगे.. ओर अब मे.. हें..हें..हें..
नीर्मला : (हसते) अरे हां.. मेने तो इस बातपे कभी गौरही नही कीया.. मंजुभी तो आपकी बहेन हुइ.. हें..हें..हें.. (सरारतसे हसते) ओर देखो इनमे मेभी बाकात नही हुं.. हें..हें..हें.. ओर आपकी छोटी बहेन पुनोभी बच गइ.. हें..हें..हें..
तब नीर्मलाको क्या पताथाकी उनकी छोटी बहेन पुनोभी देवायतकी बीवी हो चुकी हे ओर उनसे प्रेगनेन्टभी हो चुकी हे.. दोनोही बाते करते काफी देरतक बैठे रहे.. तब देवायतको पुनमके बारेमे नीर्मलाको बताना उचीत नही लगा.. ओर दोनो खडे होगये.. तब नीर्मला देवायतका हाथ पकडके उनके साथ अंदरकी ओर आने लगी.. तब उनको नीचेकी ओर काफी गीलापन लगने लगा ओर वो सर्मसार होगइ..
फीर दोनो अपने रुममे आगये तो राजीव अभीभी नींदमे सो रहाथा ओर नीर्मला फटाफट बाथरुममे घुस गइ.. ओर नीकर नीकालके अपनी चुतको साफ करने लगी.. फीर अैसेही बीना नीकर सही होकर बहार आगइ ओर देवायतके पास सटकर उनके कंधेपे सर रखकर बैठ गइ.. उनको आज फीरसे देवायतसे मीलन करनेकी तडप बढने लगी.. लेकीन इन सबके लीये उनको यहाका माहोल ठीक नही लगा.. ओर अेक हाथसे देवातकी जांगोपे रखके सहेलाने लगी.. ओर हसने लगी..
देवायत : (हसते धिरेसे) नीमु ये क्या कर रही हे..? अभी ये सब यहा करना उचीत नही हे.. देख अभी पापा जाग जायेगे.. वरना मुजसे कंट्रोल नही होगा.. ओर तुजे यही पटकके.. हें..हें..हें..
नीर्मला : (सरमाते धीरेसे) नही.., देवु कीतने महीने होगये.. हम नही मीले.. क्या आपका मन नही करता..? मेतो रात रातभर आपसे मीलनके लीये तडप रहीहु.. ओर बीस्तरमे करवट बदलती रहेती हु..
देवायत : (लंडको अेडजेस्ट करते हसते) बहुत मन करता हे.. पर यहां..? हम घर जाके करेगे..
नीर्मला : (तीरछी नजरोसे हसते) देखा.. अबतो राजीवनेभी मेरा हाथ आपको सोंप दीया हे.. हें..हें..हें.. अब आपको अच्छी तराह मेरा खयाल रखना पडेगा.. केह देती हु.. हें..हें..हें..
देवायत : (हसते) हां बहुत अच्छी तराह रखुगा.. आखीर तु मेरी पहेली बीवीजो हे.. फीर देखता हु मुजसे भागती हे की नही.. हें..हें..हें..
तभी नर्स अंदर आगइ तो नीर्मला जटसे देवायतसे थोडी दुर होगइ ओर सहीसे बेठ गइ.. तब नर्सने राजीवको हीलाकर जगाया.. ओर दोनोकी ओर देखके उनको चाइ नास्ता करवानेका कहेके वो चली गइ.. ओर देवायत खडा होगया.. फीर बहार जाकर वो चाइ ओर नास्ता लेकर आगया.. ओर दोनोने राजीवको चाइ नास्ता खीलाया ओर खुदने भी चाइ नास्ता करलीया.. फीर तीनो काफी देर बाते करते रहे..
देवायतने बातोही बातोमे राजीवको उनकी ओर चंदाकी सादीके बारेमे सबकुछ बता दीया जीसे सुनकर राजीव बहुत खुस होगया.. वो जानता था देवायत अेक राजाके खानदानसे तालुक रखता हे.. तो उनके खानदानमे दुसरी तीसरी सादीका कोइ मायना नही हे.. ओर वो अपनी छोटी बहेन चंदाकी विधवा होनेसे भी चींतीत था.. जो इस बातसेभी खुस हो गयाकी देवायतने उसे सादी करके सुहागनकी जींदगी देदी.. ओर वो उस खानदानकी रानी होगइ.. तभी मौका देखके नीर्मलाने केह दीया..
नीर्मला : राजीव.. आपको खीचडी देनी हे तो मुजे घरसे बनाके लाना पडेगा.. तो मे घर जाउ..? अभी फटाफट बनाके वापस आजाउगी.. मे देवुके साथ उनकी कारमेही जल्दीसे बनाकर वापस आजाउगी..
राजीव : (हसते हांमे गरदन हीलाते) मे अब यहा ठीक हु.. तुम लोग आरामसे आना.. जल्दबाजी ठीक नही..
नीर्मला : (स्माइल करते) हंम.. चलो.. साम ढलनेसे पहेले हम आजायेगे. सीर्फ खीचडी रोटीतो बनानी हे..
देवायत : सीर्फ आप दोनोके लीये बनाना मेरा खाना घरपे बन गया हे..
राजीव : (धीरेसे) नही.. इधर हमारे साथभी थोडा खाना खालेना.. फीर आरामसे चले जाना..
तब राजीवको क्या पताथाकी उनकी बीवी कौनसी खीचडी पकाने जा रही हे.. नीर्मला मनही मन बहुत खुस होने लगी.. ओर दोनो बहार आगये.. तब नीर्मलाने नर्सको अेक घंटेमे वापस आजायेगे कहा ओर दोनो कार लेकर उनके घरकी ओर नीकल पडे तो नीर्मलाने कारमे बेठतेही देवायतका गाल चुमलीया ओर कातील नजरोसे हसने लगी.. ओर उनकी बाजुको पकडके बेठ गइ.. फीर थोडीही देरमे दोनो घरपे आगये ओर नीर्मलाने फटाफट घरका ताला खोल दीया ओर अंदर चली गइ..
तभी देवायतभी कार पार्क करके अंदर आगया ओर मेइन दरवाजा बंध करके सोफेपे बैठ गया तब नीर्मला फटाफट कुकरमे खीचडी पकानेकी तैयारीया करने लगी ओर स्टवपे कुकर रखदीया जैसेही वो पीछे मुडी तो देवायतको कीचनके पास उनको देखते हुअे खडा पाया..
ओर वो दोडके देवायतके गले लग गइ.. ओर देवायतके चहेरेको पागलोकी तराह चुमने लगी.. क्युकी घर आनेसे पहेलेही वो देवायतसे चुदवानेका मन बना चुकीथी.. फीर उनकी आंखोमे प्यारभरी नजरोसे देखती रही.. तब उनकी आंखोसे आंसु टपक गये..

नीर्मला : देवु मे कीतने महीने होगये.. आपके प्यारसे वंचीत हुं.. आज मुजे पत्नीका वो सुख देदो जो हर ओरत अपने पतीसे वो सुख पाती हे.. अब मे कभी कोइ गलती नही करुगी.. मे आपके लीये बहुत तडपी हु.. अैसी अेक रातभी नही गइ जीसमे मेने आपको याद ना कीया हो..
देवायत : (बाहोमे भीचते) बस.. बस सांत होजा.. अब तु मेरी जीम्वेवारी हे.. भुलजा सब पुरानी बाते..
नीर्मला : देवु आप मुजे पहेलेकी तराह अपनालोगेनां..? वरना मे आपके प्यारके बगैर जी नही पाउगी..
देवायत : हां नीमु तु मेरी पहेली बीवी हे.. तुजे पत्नीका वो सब अधीकार मीलेगा जो मंजुको मीलता हे.. मे तुजे आजभी इतना चाहता हु जो पहेले चाहता था.. ओर हंमेसा चाहता रहुगा.. बोल.. अब क्या कहेना हे..?
नीर्मला : (सरमाते होंठ चुमते) बस जानु इतनाही.. आइ लव यु.. आप थोडी देरके बाद मेरे रुममे दरवाजा बंध करके आजाओ हमारे पास वक्त बहुत कम हे.. आज मुजे मेरे पतीको जी भरके प्यार करना हे.. मे आज आपके अंदर समा जाना चाहती हु..
कहेतेही वो जटसे अपने रुममे चली गइ.. ओर कुछ देरके बाद देवायत नीर्मलाके रुममे चला गया तो देखताही रेह गया.. क्युकी अंदर नीर्मला बेडपे बीलकुल नंगी लेटी हुइ थी.. उनका नंगा बदन आजभी अेक कांचकी पुतलीकी तराह चमक रहाथा..
उनके दोनो उरोज आजभी अेक लडकीकी तराह कसा हुआ था..
ओर देवायत रुमका दरवाजा बंध करके उनके पास चला गया.. ओर उसनेभी अपने सब कपडे नीकाल दीये.. फीर धीरेसे नीर्मलाके पास लेट गया तब नीर्मलाने करवट लेकर देवायतको जोरोसे अपनी बाहोमे भीचलीया.. ओर उनके चहेरेको चहेरेको पागलोकी तराह चुमने लगी..
देवायत : (हसते) अरे थोडातो सबर कर.. क्या मेरा बलात्कार करेगी..? हें..हें..हें..
नीर्मला : (नसीली आंखोसे देखते) हां करुगी.. हें..हें..हें.. बाबु कल आपको देखा तबसेही मेरी मुनीयाने परेसान करके रखा हे.. ओर उपरसे आज आपने वो राजाकी कहानी सुनाइ.. तबसे मे पागल होगइ हु.. आज ओर कुछ भी नही.. बस मेरे उपर आजाओ ओर अपना मुसल हथीयार अंदर डालके मेरी प्यास बुजादो.. कीतमे महीने होगये.. मेने आपका हथीयार अंदर नही लीया.. मेतो इनकी दिवानी होगइ हु..
देवायत : (होंठ ओर गलेको चुमते) अरे बेबी इतनी आसानीसे ये थोडी मीलेगा.. पहेले मेरी बीवीको थोडा प्यारतो करलु.. कीतने महीनोके बाद हाथ लगी हे.. हें..हें..हें..
नीर्मला : (सरमाते हसते) जानु प्लीज.. ओर मत तडपाना जल्दी करना हमे जानाभी हे..
कहातो देवायत नीर्मलाके पैरके बीच चला गया तो नीर्मलाने सरमाते अपने पैर थोडे फैला दीये ओर देवायतने सीधाही चुतमे मुह डालके हमला बोल दीया.. ओर अेक हाथसे नीर्मलाके कसे हुअे बुब्सको मसलने लगा तब नीर्मला सीसकारीया करते छटपटाने लगी.. ओर आहे भरने लगी.. आज कितने महिनोके बाद फीरसे देवायतने उनकी चुतको छेडाथा.. ओर वो चुतमे अपनी जीभ घुसाके चुतके दानेको खरोदने लगा..

नीर्मला : (छटपटाते मदहोसीमे) बस बस.. उंहु.. उंहु.. न..ही.. देवु.. प्लीज.. कुछ हो रहाहे अेअे.. उइइइइ मां.. सीइइइइइ याइइइइ सीससइइइइ नही.. नही.. देवु.. अभी नीकल जायेगाइइइइइइ नही ..नही..नही.. मेंमम.. गइइ.. उइइइइ मांइइइइइइ आह..आह..आह.. सीइइइइइइइ
कहेते नीर्मला अपनी कमरको जटके देने लगी.. इतने महिनोके बाद देवायतने उनकी चुतको छेडाथा तो ज्यादा बरदास्त नही करपाइ ओर थोडीही देरमे उनकी चुतने जवाब देदीया.. ओर वो बेडपे कमर पटकके सांत होगइ.. ओर अपनी सांसे दुरस्त करने लगी.. तब देवायत नीर्मलाकी चुतको चाटकर साफ कर रहाथा.. तब नीर्मला बुरी तराह सर्मसार होने लगी.. ओर वो मुहको इधर उधर घुमाते देवायतसे नजरे चुराने लगी..
देवायत : (रुमालसे मुह साफ करते) क्यु नीमु डार्लींग मजा आया की नही..? हें..हें..हें..
नीर्मला : (सरमाते हसते) आप बहुत गंदे हो.. अैसेभी कोइ करता हे.. मेरीतो सांसे अटक गइथी.. कीतने दिनोके बाद मीले हो.. मेतो बरदास्तही नही करपाइ.. क्या मेरी मंजुके साथभी अैसा करते हो..?
देवायत : (नीर्मलाके उपर चडते) अरे अैसे केसे तेरी सांस अटकने देता.. अभीतो असली मजा बाकी हे.. ओर तेरी अंजुकीतो बातही कुछ ओर हे..
नीर्मला : (सर्मसार होते धीरेसे) देवु.. प्लीज धीरेसे करना.. आपका वो बहुत बडा लग रहा हे.. कीतने दिन होगये हम नही मीले तो.. प्लीज.. वरना चलनेमे दीकत होगी.. ओर मे आपके बगैर रेहभी तो नही सकती..
देवायत : (होंठ चुमते) मेरे बगैर की मेरे लंडके बगैर.. सच कहेना.. हें..हें..हें..
नीर्मला : (सर्मसार होते मुस्कराते) छी.. कीतना गंदा बोलते हो..? हां.. वोही.. उनके बगैर.. हें..हें..हें..
तभी देवायत उनके बुब्सपे मुह लगाते बुब्स चुसने लगता हे ओर उनकी नीपलको अपने दातोसे दबाते खीचता हे तब नीर्मला तीलमीला उठी.. ओर उनके सरके बालोको मुठीमे पकडते खीचने लगती हे ओर आंख बंध करते जोरोसे सीसकारीया करने लगती हे.. तब देवायतका लंड नीर्मलाकी चुतपे ठोकर मारते अपने बीलमे घुसनेकी कोसीस करने लगा.. तब नीर्मला दो तरफा हमलेसे कांपने लगी..
उतेजनाकी वजहसे आंधी आंख चडाके नसेकी हालतमे चली गइ.. अैसा सुख जो उसे ना किशनसे मीलाथा ओर नाही अपने भाइ राजीवसे.. देवायतके साथ जबभी संभोग करती अेक अलगही अनुभुती महहेसुस करती.. इसीलीयेतो वो देवायतकी दिवानी हो चुकीथी.. वो आम अपने भाइ राजीवकी बीवी होनेके बावजुदभी देवायतसे हर रीसतेमे जुडनेके लीये तैयार थी..
नीर्मला : (मदहोसीके नसेमे) देवुउउउ... आहहह.. बस बससस.. कितना तडपाओगे... हंममम बुचच.. बुचच.. बुचच.. बस.. अब डालभी दो.. सीइइइइ आइ... मत खीचो... दुखता.. हे.. आइइइइ..सीसससइइइइ..
नीर्मलाकी चुत लगातार पानी छोड रहीथी जीनकी वजहसे लंडभी काफी गीला हो चुकाथा.. तभी लंडने अपने बीलका रास्ता अपने आप ढुंढ लीया ओर थोडा अंदर घुसके अपना मुह छुपा लीया.. तभी देवायतने अपनी कमरपे थोडा नीचे चुतकी ओर दबाया.. तो लंड आधेसे ज्यादा नीर्मलाकी चुतमे चला गया.. ओर नीर्मला देवायतके होंठ छुडाते मुह इधर उधर करते छटपटाने लगी.. ओर दर्दसे अपना मुह बीगाडने लगी..

देवायत : (हसते) क्यु क्या हुआ..? हंम.. बोलनां..? तु मुजसे पहेली बार थोडीना चुदवा रही हे..
नीर्मला : (दर्दसे छटपटाते धीरेसे) उइइ मां.. मररर गइइइ... दे..वु.. पहेलेसे बहुत बडा.. लग रहाहेअेअे... मांइइइ.. मररर गइइइइ... उंहु.. उंहु.. उंहु.. नही.. प्लीज.. रुक जाओओ... उइइइ मां.. नही चुदवानां... देवु... बहुत दर्द हो रहा हे..
देवायत : (होंठ चुमते) बस.. बस.. अभी दर्द कम होजायेगा.. सांत होजाओ.. हंम.. बुचच.. बुचच.. बुच..
देवायत उनके होंठ ओर बुब्सको चुमता रहा.. तब थोडीही देरमे नीर्मला उनके सरको सहेलाने लगी ओर धीरे धीरे सांत होगइ.. ओर आखीर देवायतकी पीठको सहेलाते सीसकारीया करने लगी.. उनकी दर्द भरी आवाज कामुक आवजमे तबदील होने लगी.. ओर कभी कभी देवायतकी ओर नजरे चुराते कामुक नजरोसे देखने लगी.. तब देवायतको उनकी आंखोमे वासना नजर आने लगी ओर वो हाथके बल थोडा उचा होगया..
ओर नर्मलाके बुब्सको थामते मसलने लगा ओर धीरे धीरे कमर हीलाके नीर्मलाको चोदने लगा.. तब नीर्मला फीरसे दर्दके मारे मुह बीगाडते चुदवाने लगी.. आज उनको देवायतका लंड अपनी बच्चेदानीपे ठोकर मारते महेसुस हो रहाथा.. क्युकी बाबाकी कृपासे देवायतका लंड लंबा ओर मोटाभी हो गयाथा.. देवायत होले होले सोट मारते नीर्मलाको चोदने लगा.. तब हर धकेके साथ नीर्मलाकी दर्दके मारे आहे नीकलने लगी..

आज वाकइ देवायतके लंडको जेलना नीर्मलाके लीये मुस्कील लगने लगा.. फीरभी इतना दमदार लंड पाकर वो मनमे खुसभी हो रहीथी.. अबतक नीर्मला तीन तीन लंड अपनी चुतमे ले चुकीथी अेक देवायतके पीता किशन.. दुसरा उनके खुदके बडेभाइ राजीव.. ओर तीसरा खुद देवायत.. लेकीन आज देवायतके लंडको अपनी चुतमे लेकर वो अपने आपको धन्य ओर भाग्यसाली समजने लगी..
उनको नही पताथा की देवायतके लंडमे जडीबुटीकी वजहसे काफी बदलाव आ चुकाहे.. अब वो पहेलेसे ज्यादा कामी ओर आकर्सक हो चुका हे.. अब वो कीसीभी दस ओरत या लडकीको बडी आसानीसे अपनी ओर आकर्सीत करते संतुस्ट कर सकता हे.. नीर्मला दर्द होनेके बावजुद देवायतको चुदवानेमे साथ देने लगी.. ओर आखीर देवायतको अपने उपर खीचके अपने तनसे चीपकालीया..
ओर उनके होंठ लीपलोक करते देवायतको अपनी बाहोमे भीचलीया.. ओर वो कमरको जटके देने लगी.. ओर जडने लगी.. तब देवायतको अपने लंडपे काफी गरम महेसुस हुआ.. ओर अेक बार उतेजनामे उनकाभी सरीर कांप गया.. ओर हाथके बल उचा होते नीर्मलाके पैरोके बीच बैठ गया तो नीर्मलाने अपने दोनो पैर फैला दीये ओर उचा कर हाथोसे पकडलीया ओर देवायतकी ओर कामुक नजरसे देखती रही..

तब देवायत तेजीसे कमर हीलाते नीर्मलाको जोरोसे सोट मारते चोदने लगा.. तो नीर्मलासे बरदास्त करना मुस्कील होने लगा ओर वो दर्दके मारे चीखने चीलाने लगी.. नीर्मला बहुतही कामुक ओरत थी.. फीरभी आज देवायतके लंडको जेलना उनके लीये मुस्कील होने लगा.. देवायतभी नीर्मलाको बेहरेहमीसे चोद रहाथा.. फीरभी दोनोही जोसमे आके अेक दुसरेको चुदाइमे साथ देने लगे.. ओर दोनोके बीच धमासान चुदाइ होने लगी.. तभी अेक बार फीर नीर्मलाने देवायतको अपने उपर खीचलीया..
ओर देवायतके चहेरेको पागलोकी तराह चुमते उनको कसके बाहोमे भीच लीया ओर आधी आंख बंध करते कमरको फीरसे जटके मारते जडने लगी.. तब देवायत उनके बुब्सको जोरोसे चुसने लगा.. ओर अपने लंडको नर्मलाकी चुतमे जड तक घुसा दीया.. जीनकी वजहसे नीर्मलाकी जोरोसे चीख नीकल गइ.. ओर उसे अपनी बच्चेदानीपे देवायतका गरम कामरस महेसुस होने लगा.. ओर वो मदहोसीकी हालतमे चली गइ..
तब देवायत उनके सीनेपे सर रखकर ढेर होगया.. ओर नीर्मला सरमके मारे उनकी पीठ ओर सरको सहेलाती रही.. आखीर आज देवायतने उनकी जबरदस्त तरीकेसे चुदाइ करही ली.. वो अब पुरी तराह संतुस्ट हो चुकीथी.. नीर्मलाकी इतने महिनोकी ना चुदनेकी कशर देवायतने अेकही बारमे पुरी करदी थी.. वो अभीभी बेसुध जेसी हालतमे देवायतकी बाहोमे अपनी सांस दुरस्त करते उनके नीचे लेटीथी..
दोनोही पसीनेसे भीगते तरबोर हो चुके थे.. जैसे दोनो संभोग कर रहे हो ओर कीसीने बाल्टी भरके दोनोके उपर पानी डाल दीया हो.. तब देवायत धीरेसे नीर्मलाके उपरसे हट गया.. तब लंड फच.. आवाजके साथ बहार नीकल गया.. तो नीर्मला खुब सर्मसार होगइ.. ओर देवायतसे नजरे चुराने लगी.. आज देवायतने उने चोद चोदकर पुरी तराह तोडके रख दीयाथा उनके तनकी अेक अेक नब्स ढीली हो चुकी थी..

तब नीर्मलाकी चुत अभीभी कीसी डरे हुअे पंखी की तराह फडफडा रहीथी.. ओर नीर्मलाकी चुतसे दोनोका कामरस बहारकी ओर बहेने लगा.. तब जाके नीर्मलाने अपनी आंख खोलदी.. तो देवायत खडे होकर उसीको देख रहाथा तो नीर्मला सर्मसार होगइ.. ओर देवायतके सामने देखकर मुस्कराने लगी.. उसने देवायतकी ओर दोनो हाथ लंबे करदीये.. तब देवायत उनके पास आगया ओर नीर्मलाको अपनी गोदमे उठालीया.. ओर दोनो बाथरुममे चले गये..
नीर्मला : जानु आपने तो आज मुजे पुरी नीचोडली.. मेरी इतनी जबरदस्त चुदाइ आज तक नही हुइ.. मेरी तो चीखे नीकलवादी आपने.. भलेही मेरी हालत खराब करदी आपने लेकीन बहुत मजा आगया.. बस अेसेही मुजे प्यार देते रहेना.. क्युकी अब मुजे नही लगता राजीव कुछ करपायेगा.. अब आपहीको मुजे अैसेही सम्हालना हे..
देवायत : नीमु तुजेतो मे पहेलेसे ही अपना चुका हु.. तुही मेरी पहेली बीवी हे.. ओर हमेसा रहेगी.. जीतो चाहता हे तुजे ओर प्यार करता ही रहु.. लेकीन जानाभी हे.. नीमु अब तुम दोनोही हवेलीपे आजाओ.. वही हम मीलते रहेगे..
नीर्मला : नही जानु मेरे खयालसे हम यही रहेगे.. आप यहा आते जाते रहेना.. वहा कोइ दिकत नही होगी.. ओर अभी ओर नही कर सकते.. वहा राजीव अकेला होगा.. खामखा हमपे सक होजायेगा.. ओर अेक बात पुछु..? आज आपका ये बहुत बडा लग रहा था.. इनमे इतना बदलाव कैसे..?
देवायत : (मुस्कुराते) नीमु.. ये सब बाबाकी दी हुइ जडीबुटीका कमाल हे.. मुजे ये मंजुने दि हे.. बस उनका रिजन मे तुजे अभी नही बता सकता.. वरना फीरसे दुखी हो जायेगी.. हें..हें..हें..
नीर्मला : (हसते) नही.. अब कभी दुखी नही होउगी.. में आपके बारेमे काफी कुछ जान चुकी हु.. मे मंजु ओर चंदासे फोनपे बात करती रहेती हु.. उसीने आपके बारेमे मुजे बहुत कुछ बता दीया हे.. आप टेन्शन मतलो.. (सरमाते धीरेसे) चंदाभी आपसे बहुत खुस हे..
देवायत : (हसते) क्या..? चंदासे इस बारेमेभी बात करती हो..? हें..हें..हें..
नीर्मला : (हसते) हां.. उनका मेरे सीवा हेही कौन.. हम दोनो बहेने सब बाते सैर करती हे.. बस मेने उनको हमारे बारेमे नही बताया..
कहेते दोनोही नहाने लगते हे.. फीर फटाफट बहार आगये तब नीर्मला थोडा लंगडाते चल रहीथी.. ओर दोनो अपने कपडे पहेनके तैयार होगये.. तो नीर्मला किचनमे चली गइ तो खीचडी पक चुकीथी ओर नीर्मला फटाफट रोटी बनाने लगी.. तबतक देवायतभी बहार आगया.. ओर किचनमे चला गया.. तो नीर्मला रोटी बना रहीथी तो उनकी ब्लाउसकी डीझाइनमे पीठ नंगी दीख रहीथी तब देवायतको सररात सुजी..
ओर वो निर्मलाके पीछे जाकर खडा होगया.. ओर उनकी पीठमे अेक चुंबन लेलीया तो नीर्मलाके सरीरमे कंपन आगइ तबतक देवायत उनके पीछे सटकर खडा होगया.. ओर उसे अपनी बाहोमे भरलीया.. तब नीर्मला मुस्कुराते आंख बंध करते खडी रही.. तभी देवायतने उनके गाल चुमलीये.. तो नीर्मला सरमाके हसने लगी.. ओर जुठका गुसा करते हसती हुइ पीछे मुडकर देवायतको मारनेके लीये दोडी.. तो देवायत हसते हुअे बहार भाग गया ओर सोफेपे जाके बेठ गया..

नीर्मला : जानु अभी कोइ सरारत नही मुजे काम करने दो फीर जी भरके प्यार करलेना.. हें..हें..हें..
कहेते नीर्मला फीरसे कीचनमे चली गइ ओर खाना बनाने लगी तब देवायत वापस कीचनमे आकर उसे कीचनके दरवाजेपे खडा रहेते नीर्मलाको देखता रहा.. तब नीर्मला बीच बीचमे देवायतकी ओर देखते हसती रही.. तब देवायत उनको आंख मारते कुछ कामुक इसारा करदेता जीसे देखकर नीर्मला खुब सरमाती.. ओर नां मे गरदन हीलाते अपना काम करती रही.. फीर थोडी ही देरमे नीर्मलाने खाना बना लीया..
तब नीर्मला सब खाना पेक करके दोडकर देवायतकी बाहोमे समा गइ.. ओर दोनोके होंठ मील गये.. काफी देर तक अेक दुसरेके होठोके रसपान करते रहे.. तब नीर्मला देवायतसे अलग होगइ.. ओर खाना लेकर बहारकी ओर सरमाते हसती हुइ जाने लगी तब देवायतकोभी उनके पीछे जाना पडा ओर नीर्मलाने घरको ताला लगा दीया.. फीर दोनो कार लेकर होस्पीटलकी ओर नीकल गये..
तब नीर्मला कारमे देवायतकी बाजुमे बैठकर देवातकी ओर देखते हस रहीथी.. फीर धीरेसे उनकी जांगपे हाथ रखके सहेलाने लगी ओर सरारतसे मुस्कराती रही.. तब देवायतने कार चलाते अेक हाथ उनके बुब्सपे रखदीया ओर जोरोसे प्रेस करते दबा दीया.. तो नीर्मलाकी जोरोसे आउच.. करते आवाज नीकल गइ.. ओर उसने फोरन अपना हाथ हटालीया ओर देवायतकी जांगपे जोरोसे हसते हुअे अेक चपत लगादी..
नीर्मला : (तीरछी नजरसे देखते) कीतने कमीने हो.. कोइ अपनी बीवीको अैसे प्यार करता हे..
देवायत : (हसते) हां.. मे करता हु.. मेरातो प्यार करनेका यही अंदाज हे.. हें..हें..हें..
नीर्मला : (कामुक नजरोसे मुस्कराते) बडे आये अंदाज वाले.. देखना अेक दिन मेभी इनका बदला लुंगी..
दोनोही अैसी मस्तीया करते होस्पीटल पहोंच गये तब नीर्मला अेक बार फीर अपने कपडेको देखते सही करने लगी.. ओर दोनो साथ चलते राजीवके पास चले गये.. तब राजीव जाग रहाथा ओर दोनोको देखके हसने लगा.. फीर नीर्मलाने राजीवको दुध ओर खीचडी मीक्ष करके खीलादी.. ओर दोनोने भी साथमे खालीया.. फीर तीनोही काफी देर बाते करते रहे..
आज नीर्मला देवायतसे हस हसकर बाते कर रहीथी.. ओर बीच बीचमे देवायतसे हल्का मजाकभी कर लेती थी.. जीसे देखकर आज राजीव बहुतही खुस हो रहाथा.. तब उनको नही पताथाकी उनकी बीवी कहो या बहेन.. अब देवायतको अपना पती मानकर उसे पुर्ण समर्पीत हो चुकी हे..
ओर उनकी चुतपे अब देवायतके लंडकी मोहर लग चुकी हे.. बाद मे देवायत दोनोकी इजाजत लेकर वहासे नीकलने लगा.. तब नीर्मलाभी देवायतको बहार तक छोडने आगइ.. ओर दोनो बहार अेक अेकांत जगहपे चले गये.. जहा कोइ नही दीखता था.. तब मौका मीलते ही..
नीर्मला : (पास आतेही हग करते) जानु.. कल आओगेनां..? अब आपके बीना अच्छा नही लगेगा..
देवायत : नीमु.. सायद कल मे चंदासे सादी करलु.. क्या तुम खुसतो होनां..?
नीर्मला : (बाहोमे भीचते) अरे हां बाबा हां.. बहुत खुस हुं.. बस आप खयाल रखना उनको हमारे रीलेशनके बारेमे पता ना चलजाये.. आप इस बारेमे मंजुसेभी बात करलेना.. बाकी याद रखना.. आपकी अेक बीवी यहाभी आपका इन्तजार करते बेठी हे.. मुजे भुल मत जाना.. हें..हें..हें.. अब मेरे पती सीर्फ आपही हो..
देवायत : (वहा कीसीको ना देखते होंठ चुमते) मुं..हां.. चल ठीक हे तु भी कोइ भुलनेकी चीज हे..? मेने प्यार कीया हे तुमसे.. ओर मेरी जींदगीमे मेरी पहेली बीवी हो तुम.. तो कैसे भुल सकता हु.. चल कल टाइम मीलातो देरसे आजाउगा.. वरना परसो पका आजाउगा.. तबतक सायद पापाको छुटीभी मील जायेगी.. फीर कुछ सोचते हे.. आगे क्या करना हे.. ओर पापाको छुटी मील जायेतो फोन करदेनां.. ओर कहोतो मे आजाउगा..
नीर्मला : (बाहोमे खडी रहेते) नही.. वो सब मे देख लुगी.. आप अपना काम आरामसे करलो.. आगर टाइम मीलेतो आजाना.. वरना परसो सीधे घरपे आजाना.. मे आपका वहीं इन्तजार करुगी.. अब आपसे दुर रहेना बहुतही मुस्कील लग रहा हे.. देवु.. मे आपसे दुर रहेना नही चाहती.. कुछ करोनां..
देवायत : नीमु.. तुम परसो तैयार रहेना.. मे दोनोको लेने आउगा.. अब सादी तक आप दोनो हमारे साथही रहोगे.. तो पापाकोभी अच्छा लगेगा..
नीर्मला : ठीक हे मे देखती हु.. लेकीन मुजे वहाभी आपको मीलना पडेगा.. अभीसे केह देती हु.. हें..हें..हें..
अेक बार फीरसे दोनो होंठ मीलाके कीस करते हे ओर देवायत कार लेकर भानुके गांवकी ओर नीकल जाता हे तबतक नीर्मला वही खडी रहेते उनको जाते हुअे प्यारसे देखती रही.. फीर वोभी वापस राजीवके पास कमरेमे आगइ.. ओर दोनो कुछ देर बाते करते रहे.. तब नर्स राजीवको दवाइ देकर चली गइ ओर राजीव नींदकी आगोसमे चला गया.. तब नीर्मला सोफेपे लंबी होकर लेट गइ ओर देवायतके बारेमे सोचते सोनेकी तैयारी करने लगी.. तभी उनके फोनपे चंदाका फोन आता हे तो वो सोफेपे लेटकर फोन उठाती हे....
कन्टीन्यु



















