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रिस्तोमे प्यारकी अनुभुती
अध्याय - १०९
कहा तो भुमी देवायतके गले लगतेही उनके होठ चुम लेती हे.. फीर दोनोही प्यार भरी बाते करते अपने फ्युचरकी प्लानींग करते वहा काफी देर तक बैठे रहे.. फीर उठकर कारकी ओर चलने लगते हे.. तब दोनोही सहेरकी ओर वापस नीकल गये.. वहा सहेरमे पहोंचतेही देवायतने अेक बडी आलीसान होटेलकी ओर कारको जाने दीया.. तब पुरे रास्ते भुमीका सीर्फ देवायतको देखती ही रही.. आज वो देवायतको अपनी आंखोमे बसालेना चाहती थी.. उसे अबभी यकीन नही हो रहाथा.. की कोइ लडका उसे इतना प्यार भी कर सकता हे....अब आगे
ओर दोनो होटेलमे आकर रुक गये.. तब भुमीकातो होटलकी ओर देखती ही रेह गइ.. ये सहेरकी बडीही सानदार ओर मंहेगी आलीसान होटेल थी.. यहा सीर्फ रइसजादे ही आते थे.. भुमीको डर लगने लगाकी कही यहा उसे कोइ पहेचान नाले.. ओर वो देवायतके पास आकर उनका हाथ बाजुसे थामकर खडी होगइ.. ओर देवायतकी ओर देखती रही तभी देवायतने उसे आंखोके इसारेसे तसली दे दी.. फीरभी भुमीने कहा..
भुमीका : देवु.. यहा..? येतो बहुत महंगी होटेल हे.. यहा हमे कोइ देखना ले.. चलोना हम कही ओर चलते हे.. येतो बडे लोगोके लीये हे..
देवायत : भुमी.. आज दुनीयाकी सबसे खुबसुरत बीवी मुजे मीली हे.. यहा तुमसे बडा कोइ नही होगा.. अब तुजे कीसीसे डरनेकी जरुरत नही हे.. तुम मेरी बीवी हो.. ओर सस्ता महेगा अब सब मुजे देखना हे.. तुजे फीकर करनेकी जरुरत नही हे.. (धीरेसे कानमे) बस देखना.. आज हमारी सुहागरातेमे मे सब वसुल करलुगा.. तुम तैयार रहेना.. हें..हें..हें..
कहातो भुमीका अेकदम सर्मसार होगइ.. ओर मुह घुमाकर सरमके मारे मुस्कुराती रही.. फीर देवायतके सीनेमे अेक कुआरी लडकीकी तराह सर छुपालेती हे.. तो देवायत उसे अपनी बाहोमे कसके भीच लेता हे.. दोनोही अंडर पार्कींगमे थे वहा कोइ नही था.. ओर देवायत भुमीको अेक दिवालके सहारे लेगया.. ओर वहा उनको दिवालके सहारे खडा करते उनके दोनो हाथ दिवालसे सटाकर पंजेसे पकड लीया..

ओर देवायतने भुमीके होठोपे अपने होंठ रख दीया.. तब भुमी आंख बंध करके मदहोस होगइ.. ओर देवायतको लीपकीस करते उनका साथ देने लगी.. दोनोही थोडा मुह खोलके अेक दुसरेके होठोके रसको पीने लगे.. भुमीकाकी चुत अेक बार फीर उतेजनाकी वजहसे हरकतमे आगइ.. तभी देवायतने अेक हाथ नीचे लेजाते भुमीकी चुतको दबोच लीया.. तो भुमीका आहे भरते उछलने लगी.. ओर जोरोसे देवायतको बाहोमे भीच लीया..
भुमीका : (लडखडाती कामुक आवाजमे हसते) आउच.. देवु.. बस.. बस.. यहा नही.. कोइ देख लेगा.. घर चलो.. अब मे आपकी बीवी हु.. आप जैसे प्यार करना चाहे कर सकते हो.. पर यहा नही.. प्लीज.. मे कंट्रोल नही करपाउगी..
देवायत : (भुमीकी आंखोमे देखते) देखना फीर मुकर मत जाना.. तुजे सुबह तक प्यार करता रहुगा.. भुमी.. तुजे हमारी सुरागरात जींदगीभर याद रहेगी.. तुजे चोद चोदके तेरी हालत बीगाड दुगा..
भुमीका : (अेकदम सर्मसार होते मुस्कुराते) छी.. कीतना गंदा बोलते हो.. पहेले घरतो चलो.. फीर देखते हे.. अबतो आपकी पत्नी हु.. मनाभी नही कर सकती.. आप बहुत गंदे हो.. चलोना कही ओर चलते हे.. वरना घर चलो मे खाना बना लुगी.. देवु.. मे घर जाना चाहती हु..
देवायत : (हसते) नही मतलब नही.. ओर ये कबसे आप आप क्या लगा रखा हे..?
भुमीका : (देवायतकी आंखोमे तीरछी नजरसे देखते) अब आप मेरे पती हो.. जबभी हम दोनो अकेले होगे मेतो आपसे आप ही हुगी.. हां सबके सामने ठीक हे.. हम बुआ भतीजे वाला व्यवहारही करेगे.. चलीये..
कहेते दोनोही अंदरकी ओर जाने लगे तब भुमीकानेभी सब सरमको त्याग दीया.. ओर वो देवायतके हाथोमे हाथ फसाकर उनके साथ अेक पत्नीकी तराह उनसे सटकर चलने लगी.. ओर दोनो होटेलके अंदर आ गये.. तब वहा म्युजीक बज रहाथा ओर कइ कपल डांस कर रहेथे.. तो कुछ काउन्टरपे खडे होकर सराब पी रहेथे तो अेक साइडमे कुछ लोग फेमीलीमे बैठकर खाना खा रहे थे.. भुमीका सब देखतेही दंग रेह गइ..
तभी अेक ब्युटीफुल लेडी दोनोके पास आगइ.. ओर दोनोको मे आइ हेल्प यु.. कहेकर बाते करने लगी.. तब देवायतने उनसे कुछ बाते करली तब वो लेडी दोनोको अेक खाली टेबलके पास लेगइ.. ओर दोनोको वही बीठा दीया फीर कुछ ओर्डर लेकर चली गइ.. खाना आता तबतक देवायत भुमीको जबरदस्ती लेकर स्टेजपे चला गया.. ओर भुमीकाकी कमरमे हाथ डालकर डांन्स करने लगा तब भुमीका बहुतही सरमाइ..

भुमीका : (देवायतके कंधेपे सर रखते डांस करते) देवु.. मे यहा पहेली बार आइ हु.. अैसा प्यार मुजे कभी नही मीला.. आप मुजे पहेले क्यु नही मीले..?
देवायत : (कमरमे हाथ डालते डांस करते) भुमी.. मेनेतो सपनेमे भी नही सोचाथा की तुम मुजे मीलोगी.. ओर हम सादी करेगे.. मुजेतो आजभी ये अेक स्वप्नकी तराह लग रहा हे.. की तुम अभी मेरी बाहोमे हो.. आइ लव यु भुमी.. मे जींदगीभर तेरा साथ नही छोडुगा आइ प्रोमीस..
भुमीका : (देवायतके कंधेपे सर रखते) देवु.. आइ लव यु टु.. सोचातो मेनेभी नही था.. पता नही.. फीरभी जबसे आपको पहेली बार देखा तबसेही मे आपकी ओर खीची चली आइ.. मेभी वादा करती हु.. मेभी आपका साथ कभी नही छोडुगी.. अबतो हम जन्मो जन्मके लीये साथ जुड गये हे..
उधर वहा दोनोने प्यारभरी बाते करते काफी वक्त साथमे डांस कीया.. तभी उनके टेबलपे खाना आगया तो देवायत भुमीकाको लेकर वापस टेबलपे आगया.. ओर दोनो खाना खाने लगे.. आज भुमीका बहुत ही खुस लग रही थी.. अैसी होटेलमेतो वो नरेशके साथ या किशनके साथ भी नही आइथी.. ओर अपने इस नये पतीको पाकर वो अपने आपको धन्य समजने लगी.. ओर दोनोने डीनर करलीया तब देवायतने सब बील पे करदीया ओर कार लेकर घरकी ओर नीकलने लगे..
तब भुमीकाके दिलकी धडकन तेज होने लगी.. आखीर वो वक्त आही गया.. जीनके लीये भुमीका कबसे इन्तजार कर रही थी.. वोतो समजतीथी की आज देवुको बुला लुगी ओर उसे अेसे रीजाउगी की वो तभी उनकी चुदाइ करले.. ओर पुरी रात देवायतसे चुदवाती रहुगी.. यही सब सोचते उन्होने बहुत प्लानींग करली थी.. लेकीन आजतो देवायतने उनकी सोचके मायने ही बदल दीये.. सच्चा प्यार क्या होता हे.. आज देवायतने भुमीको अहेसास करवा दीया.. ओर वो हमेसाके लीये देवायतको समर्पीत होगइ..
पुरे रास्ते भुमी देवायतको देखती रही.. उसे पताही नही चलाकी कब उनका घर आगया.. देवायतने कार रोककर मेइन गेइट खोल दीया.. ओर अपनी कारको अंदरकी ओर लेली फीर दोनोही कारसे उतर गये.. भुमी वही कारके पास खडी रही ओर देवायत उनके पास आगया..तब देवायत भुमीको अपनी बाहोमे भर लेता हे ओर उनके गलेमे मुह डालके चुमने लगता हे तो भुमीकाभी मदहोस होने लगी.. ओर उसने देवायतसे कहा..

भुमीका : (लडखडाती आवाजमे) ओह.. दे..वु.. यहा बहार नही.. कोइ उपरकी मंजीलसे हमे देख लेगा.. आप गेइट बंध करके अंदर आजाओ.. वही आपका इन्तजार कर रही हु..
देवायत : (हसते) यस डार्लींग.. तुम जाओ मे अभी आया.. आज तुमको छोडने वाला नही हु..
कहातो देवायत हसते हुअे भुमीसे अलग होगया तो भुमी भी डांर्लींग सुनकर सर्मसार होते मु्सकुराने लगी.. ओर अपने धरकी ओर जाने लगी.. तबतक देवायतभी गइटको बंध करने चला गया.. ओर उसने गइट बंध करके लोक भी लगा दीया.. तबतक भुमीका घरका ताला खोलकर अंदर जा चुकी थी.. ओर देवायत चलके घरके अंदरकी ओर जाने लगा.. जैसेही होलमे पहोंचातो वहा कोइ नही था..
ओर भुमीके रुमका दरवाजा हल्कासा खुलाथा.. देवायत धीरेसे होलका दरवाजा बंध करके लोक कर देता हे.. ओर भुमीके रुमकी ओर चला जाता हे.. फीर धीरेसे दरवाजेको धका मारते अंदर देखता हे तो भुमीका अपने सब मोर्डन कपडे नीकालके सीर्फ ब्रा ओर पेन्टीमे अलमारीसे नाउट गाउन नीकाल रहीथी.. ओर देवायत धीरेसे उनके पीछे चला गया.. ओर भुमीको पीछसे अपनी बाहोमे भरलीया..
तब भुमीको अपने पेटमे देवायतका हाथ महेसुस होतेही वो सब समज गइ.. उनकी दिलकी धडकन बढ गइ ओर आंख बंध करते मदहोसीमें अपना सर पीछे डालते देवायतके कंधेपे रख देती हे.. तो देवायतभी भुमीके कंधेपे सर रखते उनके गलेको चुमने लगता हे.. तब भुमीका सरीर कांपने लगा.. ओर जटसे पलटकर देवायतकी बाहोमे समा गइ.. ओर उनके सीनेमे सर छुपा लेती हे.. उनकी चुतमे फडफडाह होते खुजली होने लगी..
भुमीको अैसा लगने लगाकी देवायत उसे अभीके अभी अपनी चुतमे लंड डालके चोदकर मसल दे.. उनकी चुतसे लगातार तरल पानीका रीसाव होने लगा.. ओर वो देवायतको उतेजनाकी वजहसे कसके बाहोमे भीच लेती हे.. आज वो बीलकुल नीसब्द हो चुकी थी.. आज वो अपने आपको किशनके बाद उनके बेटे देवायतको पुर्ण समर्पीत कर चुकी थी.. आज वो कइ सालो बाद अपने रुममे अेक मर्दके साथ अकेली थी.. जो उसे बाहोमे भरके खडाथा..
देवायत दोनो हाथोसे भुमीके गालोको अपनी हथेलीमे थाम लेता हे.. ओर भुमीकी आंखोमे देखते लगता हे.. तो भुमीभी अैसेही देवायतकी आंखोमे लगातार देखती रही.. देवायतको भुमीकी आंखोमे अपने लीये बेसुमार नीर्दोस प्यार नजर आ रहाथा.. आज भुमी सचमे अेक मासुम लडकीकी तराह दीख रही थी.. आज देवायतने फीरसे भुमीको अपनी जवानीकी ओर धकेल दीया था.. देवायतसे उसे हर तरेह का प्यार मील रहाथा.. नरेश किशनके बाद आज देवायत तीसरा मर्द था जो उनका पती था..

आज भुमी अेक बार फीर तीसरी बार सादीके बंधन मे बंध चुकी थी.. जो अपनी सुहागरात मनानेके इन्तजार मे थी.. तभी अचानक देवायतने भुमीको अपनी गोदमे उठालीया.. तो भुमी खुब सरमाइ ओर देवायतके गलेमे दोनो हाथ डालते उनकी आंखोमे प्यार भरी नजरोसे देखती ही रही.. तो देवायतभी उनकी आंखोमे देखते थोडी देर भुमीको गोदमे लेकर खडा रहा.. फीर धीरेसे चलते भुमीकाको लेकर उनके बेडकी ओर चल पडा..
दोनो लगातार अबभी अेक दुसरेकी आंखोमे देख रहेथे.. ओर देवायतने भुमीको धीरेसे अपने बेडपे लीटा दीया.. तभी भुमीनेभी देवायतका हाथ पकड लीया.. ओर अपनी ओर खीचने लगी.. तो देवायत उनकी कमरके पास बैठ गया ओर भुमीके सरपे जुकने लगा.. तो भुमीने अपनी आंखे बंध करली.. उनके दोनो गुलाबी होंठ फडफडाने लगे.. ओर देवायतके होठोसे मीलनेके लीये तडपने लगे..
ये वही बेड था जहा उसने पहेले नरेशके साथ सुहागरात मनाइ थी.. फीर किशनके साथ ओर अब उनके बेटे देवायतके साथ अपनी सुहागरात मनाने जा रहीथी.. यही बेडपे राखीके तोहफे के बदलेमे अपनी गोद भरनेके लीये किशनको तीन दिन तक प्यार करनेको मजबुर कीया था.. ओर बादमे किशनके साथ कइ राते रंगीन कीथी.. जब नरेश गुजर गया तब भुमी किशनकी बीवी बनकर उनका बीस्तर गरम करती रही..
देवायत : (होंठ चुमते) भुमी डार्लींग क्या सोच रही हे..?
भुमीका : (सरमाते मुस्कराते ना मे गरदन हीलाते) कुछ नही.. देवु.. अैसा लग रहा हे मे आज पहेली बार अपनी सुहागरात मना रही हु.. आपने तो मेरे प्यारके मायने ही बदल दीये.. आपने आज मुजे अपनी कोलेज वाली जवानीका अहेसास करवा दीया..
देवायत : (गाल चुमते) नही भुमी.. अभी तुजे जवानीका अहेसास करवाना तो बाकी हे.. मुजे तुमसे पुरी रात ओर कलका पुरा दिन तुजे प्यार करना हे..
कहातो भुमी सर्मसार होकर मुस्कुराने लगी.. ओर देवायत भुमीकी कमरमे अपना पैर डालके चड गया.. तो भुमीने देवायतको कसके अपनी बाहोमे भीच लीया.. तभी देवायत उनके गलेमे मुह डालकर गलेको चुमने लगा.. ओर भुमीका आधी आंख चडाते मदहोस होने लगी.. देवायत गलेको चुमने गाल चुमने लगा.. फीर भुमीकी आंखोमे चुमते उनके सरकोभी चुमलीया.. ओर आखीर भुमीके होंठोपे अपने होठ रख दीये..

देवायत लगातार भुमीके होठ चुम रहाथा तो भुमीनेभी अपने होंठ थोडा खोलते अपनी जीभ थोडीसी नीकालते देवायतके होंठ चुमने लगी.. ओर दोनोही अेक दुसरेके साथ अपनी जीभके पेच लडाते अेक दुसरेके मुहके रसको पीने लगे.. जैसे कोइ अमृत पी रहे हो.. ओर देवातत होंठ चुमते अेक हाथसे भुकीके बुब्सको ब्राके उपरसेही मसलने लगा.. तो भुमीभी मदहोस होकर सीसकारीया करने लगी.. ओर देवायतके होंठ जोरोसे चुसने लगी..

भुमीकी चुत उतेजनाकी वजहसे फडफडाते हरकतमे आगइ.. चुतके दोनो होस्ट अंदर बहार होते पानी छोडते रहे.. तभी अचानक देवायत भुमीको बाहोमे भरते पलट जाता हे.. ओर भुमीको अपने उपर लीटा देता हे.. तबभी भुमी लगातार देवायतके होठोको चुसती रही.. तो देवायतने दोनो हाथ भुमीकी पीठमे लेजाते उनके ब्राके हुकको खोल दीया.. तब भुमीकी ब्रा ढीली होते देवायतके सीनेपे गीर गइ..
इस बातका भुमीको पताही नही चला.. ओर देवायत फीरसे भुमीको पलटते उनके उपर छा गया.. तब भुमीकी ब्रा नीकलके बेडपे गीर गइ.. तबभी भुमी मदहोस होकर देवायतको लगातार चुमची रही.. तो देवायत चुमते चुमते नीचेकी ओर सरकने लगा.. ओर आखीर भुमीके बुब्सको अपने मुहमे लेलीया.. वो भुमीके बुब्सकी नीपलको चुमने लगा.. तभी भुमीको अपने सीनेमे नंगेपनका अहेसास होगया..

ओर वो सरमाते सीसकारीया करते देवायतका सर पकडते अपने बुब्सपे दबाने लगी.. देवायत बारी बारी दोनो बुब्सको मसलते चुमता रहा.. तो बीच बीचमे बुब्सकी नीपलको अपने दातोसे खीच लेता.. तब भुमी हल्के मीठे दर्दसे सीसकारीया करने लगती.. आज वो देवायतके प्यारके समुंदरमे गोते लगाने लगी.. अब भुमीसे बरदास्त करना मुस्कील होने लगा.. उनकी आंखोमे वासनाके डोरे मंडराने लगे..
ओर वो अचानक देवायतकी आंखोमे देखते देवायतके सर्टके बटन खोलने लगी.. ओर देवायतका सर्ट नीकाल दीया तब वो देवायतके पेन्टकी क्लीप खोलनेकी कोसीस करने लगी.. तभी देवायतने उनकी मददकी ओर भुमीके उपरसे हटकर पेन्टको नीकाल दीया.. अब देवायत सीर्फ नीकरमे रेह गया.. तो भुमीभी सीर्फ अपनी पेन्टीमे रेह गइ.. ओर वो अेकदम सर्मसार होते देवातकी चडीमे उनके विसाल लंडको इमेजींग करने लगी..
भुमी वापस देवायतको अपने उपर चडनेका इन्तजार करते सरमके मारे उनसे नजरे चुराने लगी.. आज वो मासुम कलीकी तराह सरमा रहीथी.. ओर देवायतने अपनी चडीभी नीकालदी.. तब भुमीने तीरछी नजरोसे देवायतका लंड देख लीया.. ओर वो मुह फाडतेही गभरा गइ..
क्युकी देवायतका लंड उनकी समजसे कही ज्यादा लंबा ओर मोटा था.. तभी देवायतने भुमीकी चडीमे उंगलीया फसाकर चडीको नीकालने लगा तो भुमी अपनी कमरको उची करते देवायतको चडी नीकालनेमे मदद की.. ओर देवायत भुमीके पैरके बीच आगया..
भुमी : (सरमाते धीरेसे) दे..वु.. अब आजाओनां.. येतो बहुत बडा हे.. मुजे कुछ होगातो नही..?
देवायत : (हसते) अरे कुछ नही होगा.. बस आज तुजे जनतकी सैर करवाके हर तराहसे तृप्त कर दुगा..
कहेते देवायत भुमीके पैरके बीच जुक गया तो भुमीने दोनो पेर मोडकर थोडे फैला दीये.. वो समज गइकी देवायत क्या करना चाहता हे.. तभी देवायतने भुमीकी चुत सहेलाते अपना मुह चुतपे लगा दीया.. ओर भुमीकी चुतकी पंखडीयोको अपने होठोसे दबाते खीचने लगा.. तो भुमीने दोनो हाथोसे चदरको पकडलीया.. ओर वो तीलमीलाते जोरोसे सीसकारीया करते छटटाने लगी..

अैसा ओरल सेक्स आजतक उनके साथ ना कभी नरेशके कीयाथा ओर नाही किशनने.. भुमी आज सचमे अपने आपको स्वर्ग मे सैर करते महेसुस कर रहीथी.. उनके लीये ये सब ज्यादा बरदास्त करना मुस्कील होने लगा.. वो जल्दसे जल्द देवायतकी आगोसमे समा जाना चाहती थी.. ओर अचानक कांपने लगी.. ओर अपनी आधी आंख उपर चडाते मदहोसीमे अपनी कमरको जटके देते सातवे आसमानमे चली गइ..
अेक अदभुत अनुभुती करते आधी आंख चडाते आनंदकी अनुभुती करने लगी.. तब उनकी चुतसे अेक पानीका फवारा नीकल गया.. ओर थोडी देरके बाद वो सांत होगइ.. तब उसे होस आयाकी देवायत उनकी चुतमे जीभ डालके चुतके दानेसे छेडछाड कर रहा हे.. ओर वो सर्मीन्दा होने लगी.. उसने तीरछी नजरसे देवायतकी ओर देखा तो देवायत उनकी चुतको चाटते साफ कर रहाथा.. तब वो खुब सरमाइ..
भुमीका : (सरमाते धीरेसे) देवु.. ये आप क्या कर रहे हे..? वो गंदा होता हे.. अैसा मत कीजीये..
देवायत : (सामने देखते) नही भुमी.. येतो मेरी भुमीका अमृत हे.. पीनेदे मुजे.. आज तुजेभी अपना अमृत पीलाउगा.. आज तुजे हर तराह तृप्त करदुगा..
कहातो भुमी सर्मसार होगइ.. तभी देवायतने अपना वही पडे नेपकीनसे मुह पोछ लीया.. ओर भुमीके उपर आगया.. तो भुमीने सरमाते देवायतकी आंखोमे वासनाभरी नजरोसे देखते अपनी बाहोमे भीच लीया.. ओर उनके होठ चुमने लगी.. भुमीके तनमे वासना हावी हो चुकीथी.. वो अब जल्दसे जल्द देवायतसे मीलन करना चाहती थी.. ओर उसने सब सरम त्यागके होंठ चुमते अेक हाथ नीचेकी ओर लेजाते देवायतका लंड पकड लीया..
ओर मुठीमे पकडते होले होले सहेलाने लगी.. तो देवायतभी उनके होंठको चुमते नीचेकी ओर मुह लेकर भुमीके बुब्स मुहमे लेकर चुसने लगा.. ओर दुसरे बुब्सको दबाते मर्दन करने
लगा.. तब भुमीका अेकदम कामातुर होगइ.. ओर देवायतके लंडको पकडते अपनी चुतपे घीसने लगी.. तभी देवायत भुमीको बाहोमे भीचते पलट गया तो भुमी देवायतके उपर आगइ ओर सरमके मारे देवायतके गलेमे मुह छुपाते कहेने लगी..
भुमीका : (कामुक आवाजमे धीरेसे) दे..वु.. प्लीज.. अब बरदास्त नही होता.. कुछ कीजीयेनां..
देवायत : (हसते) हंम.. क्या करु..? वोही तो कर रहा हु.. क्या कुछ ओर करना हे..?
भुमीका : (सर्मसार होते) देवु.. प्लीज.. मत तडपाइओ मुजे.. जैसे आपकोतो पताही नही.. आपकीतो दो दो सादी होगइ हे.. तो समज जाइअेनां.. क्यु तंग कर रहे हे..
देवायत : (होंठ चुमते) मुजे पता हे.. फीरभी तुजे बताना पडेगा.. की तुजे कैसे प्यार करना हे.. ओर मेरी दो सादी होगइ हे..? मेनेतो सीर्फ मंजुसे सादी की हे.. आज तुमसे दुसरी सादी हुइ हे..
भुमीका : (सरमाते हसते) नही.. आपने मुजे दो कहाथा.. मेरे साथ तीसरी सादी हे.. ओर इस बारेमे हम बादमे बात करेगे.. अभी कुछ कीजीयेनां.. क्यु मुजे बेसर्म बना रहे हो..? जैसे आपको कुछ पताही नही..
देवायत : (गाल चुमते) भुमी प्यारतो कर रहा हु.. बता तुजे कीस तरेहका प्यार चाहीये..?
भुमीका : (सर्मसार होते थोडे गुस्सेमे) मुजे नही पता.. आपकी जो मरजीमे आये करो.. मेरी कहा सुनते हो..?
देवायत : (हसते होंठ चुमते) अरे मेरी रानी गुसा मत करो.. बस देखती जाओ आजतो तुजे जनतकी सेर करवाना हे.. इनसे पहेले मेरी बीवीसे थोडा प्यारतो करलु.. फीरतो सुबह ही तेरे उपरसे उतरुगा..
भुमीका : (सर्मसार होते) आप बहुत नोटी हो.. लगताहे मुजेभी बेसर्म कर दोगे.. कीस तराह प्यार करना चाहते हो..? मुजेभी तो पता चले..
देवायत : (हसते) भुमी.. चल मेरे उपर ही घुमजा.. इसे सीक्स नाइन पोजीसन कहेते हे.. तुजे मुहमे लेना हे.. ओर उसे लोलीपोपकी तराह चुसना हे.. क्या अैसा कभी कीया हे..?
भुमीका : (सरमाते हसते) छी.. कीतने गंदे हे आप.. ये कोइ मुहमे लेनेकी चीज हे..? देवु.. प्लीज आप अैसेही मेरे उपर आजाइअेना.. मुजेतो वोही प्यार चाहीये.. मे आपके लीये बहुत तडपी हु.. मेने अैसा कभी नही कीया..
देवायत : भुमी सीर्फ अेक बार ट्राइ करले.. इनमे कुछ नही होता.. तुजे बहुत मजा आयेगा.. अगर तुजे अच्छा नही लगातो हम नही करेगे.. बस सीर्फ अेक बार.. प्लीज.. मेरी खातीर..
भुमीका : (अेकदम सर्मसार होते) गंदे कहीके.. मुजे पता हे आप बहुत जीदी हो.. मानोगे नही..
कहेते भुमीका देवायतकी कमरपे बैठ गइ.. ओर प्यारसे देवायतके गालपे अेक चपत लगाते घुमते देवायतके लंडके उपर जुक गइ.. तो देवायतने भी उनकी कमरको पकडते अपने मुहकी ओर खीच दीया.. तब भुमीका सर्मसार होगइ. ओर धीरेसे अपनी जीभ नीकालते लंडको टच कराने लगी.. तो लंडके अंदरसे तरल पानी नीकल रहाथा.. जो भुमीकाको नमकीनसा लगा.. ओर उसने धीरेसे लंडको मुहमे लेलीया..

फीर आहीस्तासे लंडको अंदर बहार करने लगी.. तभी उसे अपनी चुतपे देवायतकी जीभ महेसुस हइ.. ओर वो उतेजीत होते पागल होने लगी.. ओर लंडको थोडा जोरोसे अंदर बहार करने लगी.. भुमीकाकोभी अब अच्छा लगने लगा.. वो जोरोसे पुरा लंड मुहमे लेकर अंदर बहार करने लगी.. तो देवायतभी चुतमे जीभ डालके चुतके दानेको छेडने लगा तो भुमीका ओर कामातुर होगइ.. ओर लंडको मुहमे लेकर जोरोसे चुसने लगी..
देवायतको भुमीका का मुह बहुत गरम लगने लगा उनका लंड तनके लोहेकी रोडकी माफीक सख्त होगया.. तो कुछही देरमे भुमीका सरीर कांपने लगा वो अेक बार फीर जडनेकी कगारपे थी.. ओर देवायत अपनी कमरको उछालते भुमीके मुहको जोरोसे चोदने लगा.. तब कुछही देरमे लंड ओर चुतने अपना कंट्रोल खोदीया ओर अेक दुसरेके मुहमे जडने लगे.. भुमीका अपना मुह हटाती इनसे पहेलेही देवायतके लंडसे अेक जोरोकी पीचकारी नीकलके भुमीकाके गलेमे उतर गइ.. ओर भुमीका मुहसे लंड नीकालकर खांसने लगी..
वो देवायतके उपरसे जटसे उतर गइ ओर बाथरुमकी ओर भागने लगी.. तो देवायतभी उनके पीछे चला गया.. अंदर जाते देखातो भुमीका गेन्डीमे उ.. उ.. करते उबका करने लगी.. फीर अपना मुहमे पानी लेकर बाहर थुकने लगी.. तो देवायत वही उनके पीछे खडे रहेते उनकी पीठ सहेलाते हस रहाथा.. जब भुमीने मुह साफ करलीया तो पलटके देवायतके सीनेमे मुका मारने लगी.. तो देवायतने हसते हुअे उसे बाहोमे भीच लीया..
भुमीका : आप बहुत कमीने हो.. देखा..? आपका पानी मुहमे चला गया.. कोइ अैसा करता हे..?
देवायत : (भुमीको गोदमे उठाते) डार्लींग इसे पानी नही अपने पतीका अमृत कहेते हे.. चलो अब मेरी बीवीको खुस कर देता हु.. आज तो तुजे पका पहेली बारमे ही प्रेगनेन्ट कर दुगा.. हें..हें..हें..
भुमीका : (सर्मसार होते सीनेमे मुह छुपाते हसते) क्या प्रेगनेन्ट कर दुगा..? अरे बाबा ध्यान रखना.. मे सृतीको क्या मुह दीखाउगी..? अच्छा कीया याद दीला दीया.. मेरे पासतो आइपील भी नही हे..
देवायत : (बेडपे लीटाते) अरे सृतीको मे समजादुगा.. तु उनकी फीकर मत कर.. ओर तुजे कल मेडीकलसे आइपील लाकर दे दुगा खा लेना.. लेकीन सोच.. हमारा बच्चा कैसा होगा.. उसेभी डोक्टर बनाउगा..
चुमीका : (देवायतको अपने उपर खीचते) देवु.. प्लीज अभी नही.. हम सृतीकी सादीके बाद कुछ सोचेगे..
देवायत : (हसते गाल चुमते) नही भुमी.. मेतो मजाक कर रहाथा.. मुजे तेरी इजतका खयाल रखना हे..
भुमीका : (हसते बाहोमे भीचते) ओह.. देवु.. आइ लव यु.. आइ लव यु सो मच.. आप कीतने अच्छे हो..
देवायत : (हसते होंठ चुमते) हंम.. बुच बुच.. बेबी.. आइ लव यु टु.. बस अैसेही खुस रहा कर.. चल अब तुजे जनतकी सेर करवाता हु.. तैयार होजा आज सुबह तक तुजे सोने नही दुगा..
कहातो भुमी सर्मसार होने लगी.. भुमीका आज बहुत खुस थी.. देवायतने उसे अपना लंड चुसवाकर कीतना प्यारा अहेसास करवा दीया था.. वो बहारसे गुसे होनेका नाटक कर रहीथी.. लेकीन अंदरसे मनही मन खुस होगइ थी.. उसे देवायतका पानी पीना बहुत अच्छा लगा.. ओर वो देवायतको पीठके बल लीटाते उनके पैरके बीच आगइ.. ओर फीरसे लंडको सख्त करनेके लीये धीरेसे लंडको सहेलाते देवायतके होंठ चुमने लगी.. ओर देवायतकी ओर कामुक नजरोसे देखते लंडको चाटने लगी....
कन्टीन्यु
अध्याय - १०९
कहा तो भुमी देवायतके गले लगतेही उनके होठ चुम लेती हे.. फीर दोनोही प्यार भरी बाते करते अपने फ्युचरकी प्लानींग करते वहा काफी देर तक बैठे रहे.. फीर उठकर कारकी ओर चलने लगते हे.. तब दोनोही सहेरकी ओर वापस नीकल गये.. वहा सहेरमे पहोंचतेही देवायतने अेक बडी आलीसान होटेलकी ओर कारको जाने दीया.. तब पुरे रास्ते भुमीका सीर्फ देवायतको देखती ही रही.. आज वो देवायतको अपनी आंखोमे बसालेना चाहती थी.. उसे अबभी यकीन नही हो रहाथा.. की कोइ लडका उसे इतना प्यार भी कर सकता हे....अब आगे
ओर दोनो होटेलमे आकर रुक गये.. तब भुमीकातो होटलकी ओर देखती ही रेह गइ.. ये सहेरकी बडीही सानदार ओर मंहेगी आलीसान होटेल थी.. यहा सीर्फ रइसजादे ही आते थे.. भुमीको डर लगने लगाकी कही यहा उसे कोइ पहेचान नाले.. ओर वो देवायतके पास आकर उनका हाथ बाजुसे थामकर खडी होगइ.. ओर देवायतकी ओर देखती रही तभी देवायतने उसे आंखोके इसारेसे तसली दे दी.. फीरभी भुमीने कहा..
भुमीका : देवु.. यहा..? येतो बहुत महंगी होटेल हे.. यहा हमे कोइ देखना ले.. चलोना हम कही ओर चलते हे.. येतो बडे लोगोके लीये हे..
देवायत : भुमी.. आज दुनीयाकी सबसे खुबसुरत बीवी मुजे मीली हे.. यहा तुमसे बडा कोइ नही होगा.. अब तुजे कीसीसे डरनेकी जरुरत नही हे.. तुम मेरी बीवी हो.. ओर सस्ता महेगा अब सब मुजे देखना हे.. तुजे फीकर करनेकी जरुरत नही हे.. (धीरेसे कानमे) बस देखना.. आज हमारी सुहागरातेमे मे सब वसुल करलुगा.. तुम तैयार रहेना.. हें..हें..हें..
कहातो भुमीका अेकदम सर्मसार होगइ.. ओर मुह घुमाकर सरमके मारे मुस्कुराती रही.. फीर देवायतके सीनेमे अेक कुआरी लडकीकी तराह सर छुपालेती हे.. तो देवायत उसे अपनी बाहोमे कसके भीच लेता हे.. दोनोही अंडर पार्कींगमे थे वहा कोइ नही था.. ओर देवायत भुमीको अेक दिवालके सहारे लेगया.. ओर वहा उनको दिवालके सहारे खडा करते उनके दोनो हाथ दिवालसे सटाकर पंजेसे पकड लीया..

ओर देवायतने भुमीके होठोपे अपने होंठ रख दीया.. तब भुमी आंख बंध करके मदहोस होगइ.. ओर देवायतको लीपकीस करते उनका साथ देने लगी.. दोनोही थोडा मुह खोलके अेक दुसरेके होठोके रसको पीने लगे.. भुमीकाकी चुत अेक बार फीर उतेजनाकी वजहसे हरकतमे आगइ.. तभी देवायतने अेक हाथ नीचे लेजाते भुमीकी चुतको दबोच लीया.. तो भुमीका आहे भरते उछलने लगी.. ओर जोरोसे देवायतको बाहोमे भीच लीया..
भुमीका : (लडखडाती कामुक आवाजमे हसते) आउच.. देवु.. बस.. बस.. यहा नही.. कोइ देख लेगा.. घर चलो.. अब मे आपकी बीवी हु.. आप जैसे प्यार करना चाहे कर सकते हो.. पर यहा नही.. प्लीज.. मे कंट्रोल नही करपाउगी..
देवायत : (भुमीकी आंखोमे देखते) देखना फीर मुकर मत जाना.. तुजे सुबह तक प्यार करता रहुगा.. भुमी.. तुजे हमारी सुरागरात जींदगीभर याद रहेगी.. तुजे चोद चोदके तेरी हालत बीगाड दुगा..
भुमीका : (अेकदम सर्मसार होते मुस्कुराते) छी.. कीतना गंदा बोलते हो.. पहेले घरतो चलो.. फीर देखते हे.. अबतो आपकी पत्नी हु.. मनाभी नही कर सकती.. आप बहुत गंदे हो.. चलोना कही ओर चलते हे.. वरना घर चलो मे खाना बना लुगी.. देवु.. मे घर जाना चाहती हु..
देवायत : (हसते) नही मतलब नही.. ओर ये कबसे आप आप क्या लगा रखा हे..?
भुमीका : (देवायतकी आंखोमे तीरछी नजरसे देखते) अब आप मेरे पती हो.. जबभी हम दोनो अकेले होगे मेतो आपसे आप ही हुगी.. हां सबके सामने ठीक हे.. हम बुआ भतीजे वाला व्यवहारही करेगे.. चलीये..
कहेते दोनोही अंदरकी ओर जाने लगे तब भुमीकानेभी सब सरमको त्याग दीया.. ओर वो देवायतके हाथोमे हाथ फसाकर उनके साथ अेक पत्नीकी तराह उनसे सटकर चलने लगी.. ओर दोनो होटेलके अंदर आ गये.. तब वहा म्युजीक बज रहाथा ओर कइ कपल डांस कर रहेथे.. तो कुछ काउन्टरपे खडे होकर सराब पी रहेथे तो अेक साइडमे कुछ लोग फेमीलीमे बैठकर खाना खा रहे थे.. भुमीका सब देखतेही दंग रेह गइ..
तभी अेक ब्युटीफुल लेडी दोनोके पास आगइ.. ओर दोनोको मे आइ हेल्प यु.. कहेकर बाते करने लगी.. तब देवायतने उनसे कुछ बाते करली तब वो लेडी दोनोको अेक खाली टेबलके पास लेगइ.. ओर दोनोको वही बीठा दीया फीर कुछ ओर्डर लेकर चली गइ.. खाना आता तबतक देवायत भुमीको जबरदस्ती लेकर स्टेजपे चला गया.. ओर भुमीकाकी कमरमे हाथ डालकर डांन्स करने लगा तब भुमीका बहुतही सरमाइ..

भुमीका : (देवायतके कंधेपे सर रखते डांस करते) देवु.. मे यहा पहेली बार आइ हु.. अैसा प्यार मुजे कभी नही मीला.. आप मुजे पहेले क्यु नही मीले..?
देवायत : (कमरमे हाथ डालते डांस करते) भुमी.. मेनेतो सपनेमे भी नही सोचाथा की तुम मुजे मीलोगी.. ओर हम सादी करेगे.. मुजेतो आजभी ये अेक स्वप्नकी तराह लग रहा हे.. की तुम अभी मेरी बाहोमे हो.. आइ लव यु भुमी.. मे जींदगीभर तेरा साथ नही छोडुगा आइ प्रोमीस..
भुमीका : (देवायतके कंधेपे सर रखते) देवु.. आइ लव यु टु.. सोचातो मेनेभी नही था.. पता नही.. फीरभी जबसे आपको पहेली बार देखा तबसेही मे आपकी ओर खीची चली आइ.. मेभी वादा करती हु.. मेभी आपका साथ कभी नही छोडुगी.. अबतो हम जन्मो जन्मके लीये साथ जुड गये हे..
उधर वहा दोनोने प्यारभरी बाते करते काफी वक्त साथमे डांस कीया.. तभी उनके टेबलपे खाना आगया तो देवायत भुमीकाको लेकर वापस टेबलपे आगया.. ओर दोनो खाना खाने लगे.. आज भुमीका बहुत ही खुस लग रही थी.. अैसी होटेलमेतो वो नरेशके साथ या किशनके साथ भी नही आइथी.. ओर अपने इस नये पतीको पाकर वो अपने आपको धन्य समजने लगी.. ओर दोनोने डीनर करलीया तब देवायतने सब बील पे करदीया ओर कार लेकर घरकी ओर नीकलने लगे..
तब भुमीकाके दिलकी धडकन तेज होने लगी.. आखीर वो वक्त आही गया.. जीनके लीये भुमीका कबसे इन्तजार कर रही थी.. वोतो समजतीथी की आज देवुको बुला लुगी ओर उसे अेसे रीजाउगी की वो तभी उनकी चुदाइ करले.. ओर पुरी रात देवायतसे चुदवाती रहुगी.. यही सब सोचते उन्होने बहुत प्लानींग करली थी.. लेकीन आजतो देवायतने उनकी सोचके मायने ही बदल दीये.. सच्चा प्यार क्या होता हे.. आज देवायतने भुमीको अहेसास करवा दीया.. ओर वो हमेसाके लीये देवायतको समर्पीत होगइ..
पुरे रास्ते भुमी देवायतको देखती रही.. उसे पताही नही चलाकी कब उनका घर आगया.. देवायतने कार रोककर मेइन गेइट खोल दीया.. ओर अपनी कारको अंदरकी ओर लेली फीर दोनोही कारसे उतर गये.. भुमी वही कारके पास खडी रही ओर देवायत उनके पास आगया..तब देवायत भुमीको अपनी बाहोमे भर लेता हे ओर उनके गलेमे मुह डालके चुमने लगता हे तो भुमीकाभी मदहोस होने लगी.. ओर उसने देवायतसे कहा..

भुमीका : (लडखडाती आवाजमे) ओह.. दे..वु.. यहा बहार नही.. कोइ उपरकी मंजीलसे हमे देख लेगा.. आप गेइट बंध करके अंदर आजाओ.. वही आपका इन्तजार कर रही हु..
देवायत : (हसते) यस डार्लींग.. तुम जाओ मे अभी आया.. आज तुमको छोडने वाला नही हु..
कहातो देवायत हसते हुअे भुमीसे अलग होगया तो भुमी भी डांर्लींग सुनकर सर्मसार होते मु्सकुराने लगी.. ओर अपने धरकी ओर जाने लगी.. तबतक देवायतभी गइटको बंध करने चला गया.. ओर उसने गइट बंध करके लोक भी लगा दीया.. तबतक भुमीका घरका ताला खोलकर अंदर जा चुकी थी.. ओर देवायत चलके घरके अंदरकी ओर जाने लगा.. जैसेही होलमे पहोंचातो वहा कोइ नही था..
ओर भुमीके रुमका दरवाजा हल्कासा खुलाथा.. देवायत धीरेसे होलका दरवाजा बंध करके लोक कर देता हे.. ओर भुमीके रुमकी ओर चला जाता हे.. फीर धीरेसे दरवाजेको धका मारते अंदर देखता हे तो भुमीका अपने सब मोर्डन कपडे नीकालके सीर्फ ब्रा ओर पेन्टीमे अलमारीसे नाउट गाउन नीकाल रहीथी.. ओर देवायत धीरेसे उनके पीछे चला गया.. ओर भुमीको पीछसे अपनी बाहोमे भरलीया..
तब भुमीको अपने पेटमे देवायतका हाथ महेसुस होतेही वो सब समज गइ.. उनकी दिलकी धडकन बढ गइ ओर आंख बंध करते मदहोसीमें अपना सर पीछे डालते देवायतके कंधेपे रख देती हे.. तो देवायतभी भुमीके कंधेपे सर रखते उनके गलेको चुमने लगता हे.. तब भुमीका सरीर कांपने लगा.. ओर जटसे पलटकर देवायतकी बाहोमे समा गइ.. ओर उनके सीनेमे सर छुपा लेती हे.. उनकी चुतमे फडफडाह होते खुजली होने लगी..
भुमीको अैसा लगने लगाकी देवायत उसे अभीके अभी अपनी चुतमे लंड डालके चोदकर मसल दे.. उनकी चुतसे लगातार तरल पानीका रीसाव होने लगा.. ओर वो देवायतको उतेजनाकी वजहसे कसके बाहोमे भीच लेती हे.. आज वो बीलकुल नीसब्द हो चुकी थी.. आज वो अपने आपको किशनके बाद उनके बेटे देवायतको पुर्ण समर्पीत कर चुकी थी.. आज वो कइ सालो बाद अपने रुममे अेक मर्दके साथ अकेली थी.. जो उसे बाहोमे भरके खडाथा..
देवायत दोनो हाथोसे भुमीके गालोको अपनी हथेलीमे थाम लेता हे.. ओर भुमीकी आंखोमे देखते लगता हे.. तो भुमीभी अैसेही देवायतकी आंखोमे लगातार देखती रही.. देवायतको भुमीकी आंखोमे अपने लीये बेसुमार नीर्दोस प्यार नजर आ रहाथा.. आज भुमी सचमे अेक मासुम लडकीकी तराह दीख रही थी.. आज देवायतने फीरसे भुमीको अपनी जवानीकी ओर धकेल दीया था.. देवायतसे उसे हर तरेह का प्यार मील रहाथा.. नरेश किशनके बाद आज देवायत तीसरा मर्द था जो उनका पती था..

आज भुमी अेक बार फीर तीसरी बार सादीके बंधन मे बंध चुकी थी.. जो अपनी सुहागरात मनानेके इन्तजार मे थी.. तभी अचानक देवायतने भुमीको अपनी गोदमे उठालीया.. तो भुमी खुब सरमाइ ओर देवायतके गलेमे दोनो हाथ डालते उनकी आंखोमे प्यार भरी नजरोसे देखती ही रही.. तो देवायतभी उनकी आंखोमे देखते थोडी देर भुमीको गोदमे लेकर खडा रहा.. फीर धीरेसे चलते भुमीकाको लेकर उनके बेडकी ओर चल पडा..
दोनो लगातार अबभी अेक दुसरेकी आंखोमे देख रहेथे.. ओर देवायतने भुमीको धीरेसे अपने बेडपे लीटा दीया.. तभी भुमीनेभी देवायतका हाथ पकड लीया.. ओर अपनी ओर खीचने लगी.. तो देवायत उनकी कमरके पास बैठ गया ओर भुमीके सरपे जुकने लगा.. तो भुमीने अपनी आंखे बंध करली.. उनके दोनो गुलाबी होंठ फडफडाने लगे.. ओर देवायतके होठोसे मीलनेके लीये तडपने लगे..
ये वही बेड था जहा उसने पहेले नरेशके साथ सुहागरात मनाइ थी.. फीर किशनके साथ ओर अब उनके बेटे देवायतके साथ अपनी सुहागरात मनाने जा रहीथी.. यही बेडपे राखीके तोहफे के बदलेमे अपनी गोद भरनेके लीये किशनको तीन दिन तक प्यार करनेको मजबुर कीया था.. ओर बादमे किशनके साथ कइ राते रंगीन कीथी.. जब नरेश गुजर गया तब भुमी किशनकी बीवी बनकर उनका बीस्तर गरम करती रही..
देवायत : (होंठ चुमते) भुमी डार्लींग क्या सोच रही हे..?
भुमीका : (सरमाते मुस्कराते ना मे गरदन हीलाते) कुछ नही.. देवु.. अैसा लग रहा हे मे आज पहेली बार अपनी सुहागरात मना रही हु.. आपने तो मेरे प्यारके मायने ही बदल दीये.. आपने आज मुजे अपनी कोलेज वाली जवानीका अहेसास करवा दीया..
देवायत : (गाल चुमते) नही भुमी.. अभी तुजे जवानीका अहेसास करवाना तो बाकी हे.. मुजे तुमसे पुरी रात ओर कलका पुरा दिन तुजे प्यार करना हे..
कहातो भुमी सर्मसार होकर मुस्कुराने लगी.. ओर देवायत भुमीकी कमरमे अपना पैर डालके चड गया.. तो भुमीने देवायतको कसके अपनी बाहोमे भीच लीया.. तभी देवायत उनके गलेमे मुह डालकर गलेको चुमने लगा.. ओर भुमीका आधी आंख चडाते मदहोस होने लगी.. देवायत गलेको चुमने गाल चुमने लगा.. फीर भुमीकी आंखोमे चुमते उनके सरकोभी चुमलीया.. ओर आखीर भुमीके होंठोपे अपने होठ रख दीये..

देवायत लगातार भुमीके होठ चुम रहाथा तो भुमीनेभी अपने होंठ थोडा खोलते अपनी जीभ थोडीसी नीकालते देवायतके होंठ चुमने लगी.. ओर दोनोही अेक दुसरेके साथ अपनी जीभके पेच लडाते अेक दुसरेके मुहके रसको पीने लगे.. जैसे कोइ अमृत पी रहे हो.. ओर देवातत होंठ चुमते अेक हाथसे भुकीके बुब्सको ब्राके उपरसेही मसलने लगा.. तो भुमीभी मदहोस होकर सीसकारीया करने लगी.. ओर देवायतके होंठ जोरोसे चुसने लगी..

भुमीकी चुत उतेजनाकी वजहसे फडफडाते हरकतमे आगइ.. चुतके दोनो होस्ट अंदर बहार होते पानी छोडते रहे.. तभी अचानक देवायत भुमीको बाहोमे भरते पलट जाता हे.. ओर भुमीको अपने उपर लीटा देता हे.. तबभी भुमी लगातार देवायतके होठोको चुसती रही.. तो देवायतने दोनो हाथ भुमीकी पीठमे लेजाते उनके ब्राके हुकको खोल दीया.. तब भुमीकी ब्रा ढीली होते देवायतके सीनेपे गीर गइ..
इस बातका भुमीको पताही नही चला.. ओर देवायत फीरसे भुमीको पलटते उनके उपर छा गया.. तब भुमीकी ब्रा नीकलके बेडपे गीर गइ.. तबभी भुमी मदहोस होकर देवायतको लगातार चुमची रही.. तो देवायत चुमते चुमते नीचेकी ओर सरकने लगा.. ओर आखीर भुमीके बुब्सको अपने मुहमे लेलीया.. वो भुमीके बुब्सकी नीपलको चुमने लगा.. तभी भुमीको अपने सीनेमे नंगेपनका अहेसास होगया..

ओर वो सरमाते सीसकारीया करते देवायतका सर पकडते अपने बुब्सपे दबाने लगी.. देवायत बारी बारी दोनो बुब्सको मसलते चुमता रहा.. तो बीच बीचमे बुब्सकी नीपलको अपने दातोसे खीच लेता.. तब भुमी हल्के मीठे दर्दसे सीसकारीया करने लगती.. आज वो देवायतके प्यारके समुंदरमे गोते लगाने लगी.. अब भुमीसे बरदास्त करना मुस्कील होने लगा.. उनकी आंखोमे वासनाके डोरे मंडराने लगे..
ओर वो अचानक देवायतकी आंखोमे देखते देवायतके सर्टके बटन खोलने लगी.. ओर देवायतका सर्ट नीकाल दीया तब वो देवायतके पेन्टकी क्लीप खोलनेकी कोसीस करने लगी.. तभी देवायतने उनकी मददकी ओर भुमीके उपरसे हटकर पेन्टको नीकाल दीया.. अब देवायत सीर्फ नीकरमे रेह गया.. तो भुमीभी सीर्फ अपनी पेन्टीमे रेह गइ.. ओर वो अेकदम सर्मसार होते देवातकी चडीमे उनके विसाल लंडको इमेजींग करने लगी..
भुमी वापस देवायतको अपने उपर चडनेका इन्तजार करते सरमके मारे उनसे नजरे चुराने लगी.. आज वो मासुम कलीकी तराह सरमा रहीथी.. ओर देवायतने अपनी चडीभी नीकालदी.. तब भुमीने तीरछी नजरोसे देवायतका लंड देख लीया.. ओर वो मुह फाडतेही गभरा गइ..
क्युकी देवायतका लंड उनकी समजसे कही ज्यादा लंबा ओर मोटा था.. तभी देवायतने भुमीकी चडीमे उंगलीया फसाकर चडीको नीकालने लगा तो भुमी अपनी कमरको उची करते देवायतको चडी नीकालनेमे मदद की.. ओर देवायत भुमीके पैरके बीच आगया..
भुमी : (सरमाते धीरेसे) दे..वु.. अब आजाओनां.. येतो बहुत बडा हे.. मुजे कुछ होगातो नही..?
देवायत : (हसते) अरे कुछ नही होगा.. बस आज तुजे जनतकी सैर करवाके हर तराहसे तृप्त कर दुगा..
कहेते देवायत भुमीके पैरके बीच जुक गया तो भुमीने दोनो पेर मोडकर थोडे फैला दीये.. वो समज गइकी देवायत क्या करना चाहता हे.. तभी देवायतने भुमीकी चुत सहेलाते अपना मुह चुतपे लगा दीया.. ओर भुमीकी चुतकी पंखडीयोको अपने होठोसे दबाते खीचने लगा.. तो भुमीने दोनो हाथोसे चदरको पकडलीया.. ओर वो तीलमीलाते जोरोसे सीसकारीया करते छटटाने लगी..

अैसा ओरल सेक्स आजतक उनके साथ ना कभी नरेशके कीयाथा ओर नाही किशनने.. भुमी आज सचमे अपने आपको स्वर्ग मे सैर करते महेसुस कर रहीथी.. उनके लीये ये सब ज्यादा बरदास्त करना मुस्कील होने लगा.. वो जल्दसे जल्द देवायतकी आगोसमे समा जाना चाहती थी.. ओर अचानक कांपने लगी.. ओर अपनी आधी आंख उपर चडाते मदहोसीमे अपनी कमरको जटके देते सातवे आसमानमे चली गइ..
अेक अदभुत अनुभुती करते आधी आंख चडाते आनंदकी अनुभुती करने लगी.. तब उनकी चुतसे अेक पानीका फवारा नीकल गया.. ओर थोडी देरके बाद वो सांत होगइ.. तब उसे होस आयाकी देवायत उनकी चुतमे जीभ डालके चुतके दानेसे छेडछाड कर रहा हे.. ओर वो सर्मीन्दा होने लगी.. उसने तीरछी नजरसे देवायतकी ओर देखा तो देवायत उनकी चुतको चाटते साफ कर रहाथा.. तब वो खुब सरमाइ..
भुमीका : (सरमाते धीरेसे) देवु.. ये आप क्या कर रहे हे..? वो गंदा होता हे.. अैसा मत कीजीये..
देवायत : (सामने देखते) नही भुमी.. येतो मेरी भुमीका अमृत हे.. पीनेदे मुजे.. आज तुजेभी अपना अमृत पीलाउगा.. आज तुजे हर तराह तृप्त करदुगा..
कहातो भुमी सर्मसार होगइ.. तभी देवायतने अपना वही पडे नेपकीनसे मुह पोछ लीया.. ओर भुमीके उपर आगया.. तो भुमीने सरमाते देवायतकी आंखोमे वासनाभरी नजरोसे देखते अपनी बाहोमे भीच लीया.. ओर उनके होठ चुमने लगी.. भुमीके तनमे वासना हावी हो चुकीथी.. वो अब जल्दसे जल्द देवायतसे मीलन करना चाहती थी.. ओर उसने सब सरम त्यागके होंठ चुमते अेक हाथ नीचेकी ओर लेजाते देवायतका लंड पकड लीया..
ओर मुठीमे पकडते होले होले सहेलाने लगी.. तो देवायतभी उनके होंठको चुमते नीचेकी ओर मुह लेकर भुमीके बुब्स मुहमे लेकर चुसने लगा.. ओर दुसरे बुब्सको दबाते मर्दन करने
लगा.. तब भुमीका अेकदम कामातुर होगइ.. ओर देवायतके लंडको पकडते अपनी चुतपे घीसने लगी.. तभी देवायत भुमीको बाहोमे भीचते पलट गया तो भुमी देवायतके उपर आगइ ओर सरमके मारे देवायतके गलेमे मुह छुपाते कहेने लगी..
भुमीका : (कामुक आवाजमे धीरेसे) दे..वु.. प्लीज.. अब बरदास्त नही होता.. कुछ कीजीयेनां..
देवायत : (हसते) हंम.. क्या करु..? वोही तो कर रहा हु.. क्या कुछ ओर करना हे..?
भुमीका : (सर्मसार होते) देवु.. प्लीज.. मत तडपाइओ मुजे.. जैसे आपकोतो पताही नही.. आपकीतो दो दो सादी होगइ हे.. तो समज जाइअेनां.. क्यु तंग कर रहे हे..
देवायत : (होंठ चुमते) मुजे पता हे.. फीरभी तुजे बताना पडेगा.. की तुजे कैसे प्यार करना हे.. ओर मेरी दो सादी होगइ हे..? मेनेतो सीर्फ मंजुसे सादी की हे.. आज तुमसे दुसरी सादी हुइ हे..
भुमीका : (सरमाते हसते) नही.. आपने मुजे दो कहाथा.. मेरे साथ तीसरी सादी हे.. ओर इस बारेमे हम बादमे बात करेगे.. अभी कुछ कीजीयेनां.. क्यु मुजे बेसर्म बना रहे हो..? जैसे आपको कुछ पताही नही..
देवायत : (गाल चुमते) भुमी प्यारतो कर रहा हु.. बता तुजे कीस तरेहका प्यार चाहीये..?
भुमीका : (सर्मसार होते थोडे गुस्सेमे) मुजे नही पता.. आपकी जो मरजीमे आये करो.. मेरी कहा सुनते हो..?
देवायत : (हसते होंठ चुमते) अरे मेरी रानी गुसा मत करो.. बस देखती जाओ आजतो तुजे जनतकी सेर करवाना हे.. इनसे पहेले मेरी बीवीसे थोडा प्यारतो करलु.. फीरतो सुबह ही तेरे उपरसे उतरुगा..
भुमीका : (सर्मसार होते) आप बहुत नोटी हो.. लगताहे मुजेभी बेसर्म कर दोगे.. कीस तराह प्यार करना चाहते हो..? मुजेभी तो पता चले..
देवायत : (हसते) भुमी.. चल मेरे उपर ही घुमजा.. इसे सीक्स नाइन पोजीसन कहेते हे.. तुजे मुहमे लेना हे.. ओर उसे लोलीपोपकी तराह चुसना हे.. क्या अैसा कभी कीया हे..?
भुमीका : (सरमाते हसते) छी.. कीतने गंदे हे आप.. ये कोइ मुहमे लेनेकी चीज हे..? देवु.. प्लीज आप अैसेही मेरे उपर आजाइअेना.. मुजेतो वोही प्यार चाहीये.. मे आपके लीये बहुत तडपी हु.. मेने अैसा कभी नही कीया..
देवायत : भुमी सीर्फ अेक बार ट्राइ करले.. इनमे कुछ नही होता.. तुजे बहुत मजा आयेगा.. अगर तुजे अच्छा नही लगातो हम नही करेगे.. बस सीर्फ अेक बार.. प्लीज.. मेरी खातीर..
भुमीका : (अेकदम सर्मसार होते) गंदे कहीके.. मुजे पता हे आप बहुत जीदी हो.. मानोगे नही..
कहेते भुमीका देवायतकी कमरपे बैठ गइ.. ओर प्यारसे देवायतके गालपे अेक चपत लगाते घुमते देवायतके लंडके उपर जुक गइ.. तो देवायतने भी उनकी कमरको पकडते अपने मुहकी ओर खीच दीया.. तब भुमीका सर्मसार होगइ. ओर धीरेसे अपनी जीभ नीकालते लंडको टच कराने लगी.. तो लंडके अंदरसे तरल पानी नीकल रहाथा.. जो भुमीकाको नमकीनसा लगा.. ओर उसने धीरेसे लंडको मुहमे लेलीया..

फीर आहीस्तासे लंडको अंदर बहार करने लगी.. तभी उसे अपनी चुतपे देवायतकी जीभ महेसुस हइ.. ओर वो उतेजीत होते पागल होने लगी.. ओर लंडको थोडा जोरोसे अंदर बहार करने लगी.. भुमीकाकोभी अब अच्छा लगने लगा.. वो जोरोसे पुरा लंड मुहमे लेकर अंदर बहार करने लगी.. तो देवायतभी चुतमे जीभ डालके चुतके दानेको छेडने लगा तो भुमीका ओर कामातुर होगइ.. ओर लंडको मुहमे लेकर जोरोसे चुसने लगी..
देवायतको भुमीका का मुह बहुत गरम लगने लगा उनका लंड तनके लोहेकी रोडकी माफीक सख्त होगया.. तो कुछही देरमे भुमीका सरीर कांपने लगा वो अेक बार फीर जडनेकी कगारपे थी.. ओर देवायत अपनी कमरको उछालते भुमीके मुहको जोरोसे चोदने लगा.. तब कुछही देरमे लंड ओर चुतने अपना कंट्रोल खोदीया ओर अेक दुसरेके मुहमे जडने लगे.. भुमीका अपना मुह हटाती इनसे पहेलेही देवायतके लंडसे अेक जोरोकी पीचकारी नीकलके भुमीकाके गलेमे उतर गइ.. ओर भुमीका मुहसे लंड नीकालकर खांसने लगी..
वो देवायतके उपरसे जटसे उतर गइ ओर बाथरुमकी ओर भागने लगी.. तो देवायतभी उनके पीछे चला गया.. अंदर जाते देखातो भुमीका गेन्डीमे उ.. उ.. करते उबका करने लगी.. फीर अपना मुहमे पानी लेकर बाहर थुकने लगी.. तो देवायत वही उनके पीछे खडे रहेते उनकी पीठ सहेलाते हस रहाथा.. जब भुमीने मुह साफ करलीया तो पलटके देवायतके सीनेमे मुका मारने लगी.. तो देवायतने हसते हुअे उसे बाहोमे भीच लीया..
भुमीका : आप बहुत कमीने हो.. देखा..? आपका पानी मुहमे चला गया.. कोइ अैसा करता हे..?
देवायत : (भुमीको गोदमे उठाते) डार्लींग इसे पानी नही अपने पतीका अमृत कहेते हे.. चलो अब मेरी बीवीको खुस कर देता हु.. आज तो तुजे पका पहेली बारमे ही प्रेगनेन्ट कर दुगा.. हें..हें..हें..
भुमीका : (सर्मसार होते सीनेमे मुह छुपाते हसते) क्या प्रेगनेन्ट कर दुगा..? अरे बाबा ध्यान रखना.. मे सृतीको क्या मुह दीखाउगी..? अच्छा कीया याद दीला दीया.. मेरे पासतो आइपील भी नही हे..
देवायत : (बेडपे लीटाते) अरे सृतीको मे समजादुगा.. तु उनकी फीकर मत कर.. ओर तुजे कल मेडीकलसे आइपील लाकर दे दुगा खा लेना.. लेकीन सोच.. हमारा बच्चा कैसा होगा.. उसेभी डोक्टर बनाउगा..
चुमीका : (देवायतको अपने उपर खीचते) देवु.. प्लीज अभी नही.. हम सृतीकी सादीके बाद कुछ सोचेगे..
देवायत : (हसते गाल चुमते) नही भुमी.. मेतो मजाक कर रहाथा.. मुजे तेरी इजतका खयाल रखना हे..
भुमीका : (हसते बाहोमे भीचते) ओह.. देवु.. आइ लव यु.. आइ लव यु सो मच.. आप कीतने अच्छे हो..
देवायत : (हसते होंठ चुमते) हंम.. बुच बुच.. बेबी.. आइ लव यु टु.. बस अैसेही खुस रहा कर.. चल अब तुजे जनतकी सेर करवाता हु.. तैयार होजा आज सुबह तक तुजे सोने नही दुगा..
कहातो भुमी सर्मसार होने लगी.. भुमीका आज बहुत खुस थी.. देवायतने उसे अपना लंड चुसवाकर कीतना प्यारा अहेसास करवा दीया था.. वो बहारसे गुसे होनेका नाटक कर रहीथी.. लेकीन अंदरसे मनही मन खुस होगइ थी.. उसे देवायतका पानी पीना बहुत अच्छा लगा.. ओर वो देवायतको पीठके बल लीटाते उनके पैरके बीच आगइ.. ओर फीरसे लंडको सख्त करनेके लीये धीरेसे लंडको सहेलाते देवायतके होंठ चुमने लगी.. ओर देवायतकी ओर कामुक नजरोसे देखते लंडको चाटने लगी....
कन्टीन्यु









































