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- Dec 5, 2013
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फीर दोनो देर रात घरकी छतपे मीलकर चुदाइ कर लेते.. जब चुदाइ खतम हो जाती सायरा जरीनाके रुमके दरवाजेका लोक खोलकर अपने रुममे जाकर सोजाती.. कादीर अबभी जरीनासे बात नही करता था.. तब जरीना बहुतही बैचेन होने लगी.. वो कीसीभी बहाने बार बार कादीरसे बात करनेकी कोसीस करने लगी.. उसे अब रातमेभी कादीरका खयाल आने लगा.. तब उनकी चुत गीली होजाती.. तब उसे अहेसास हुआकी उनको अपने बेटेसे प्यार होगया हे..
तब जरीना बहुतही सरमाती.. वो अब रातमेभी उनके पती फीरोजके बजाये कादीरको याद करते बेडपे करवटे बदलने लगी.. जब उनकी काम वासना बहुत बढ गइ.. तब अेक दिन रातमे बाथरुममे जाकर फीरोजके बजाये कादीरको इमेजींग करके अपनी चुतमे उंगली करने लगी.. तब वो जरुरतसे ज्यादा उतेजीत होगइ.. ओर कुछही देरमे उनकी चुतसे ढेर सारा कामरस नीकला तब वो बहुतही सरमाइ..
लेकीन वो कुछ करभी तो नही सकती.. क्युकी कादीर उनका सगा बेटा था.. उनको अपने मनमे तरेह तरेहका खयाल आने लगा.. कइ बारतो अकेली होती तब सोचती.. की कीसीभी तराह अेक बार कादीर आकर उनको कीसीभी तराह चोदले.. फीरभी वो उसे कुछ नही कहेगी.. लेकीन हर बार उनके बीच मां बेटेका रीस्ता आजाता.. ओर जरीना मन मारके रेह जाती.. अबतो वो कादीरने दिलवाइ ब्रा पेन्टीभी पहेनने लगी..
अैसे ही दिन बीतने लगे.. इसी दौरान सबके अेकजाम भी आगये.. तब सबाना बहुतही अच्छे परसेंन्टसे पास होगइ.. तो कादीरने भी कोलेजमे दाखला लेलीया.. सायरा अगले सालमे कोलेजमे आने वाली थी.. तो उनका स्कुल कादीरके कोलेजके पासही था.. क्युकी कादीने जान बुजकर वही दाखला लीयाथा.. ताकी सायराको मीलनेमे आसानी रहे.. कादीर ओर सायरा अब हर दिन मीलने लगे.. ओर आगे अपने फ्युचरकी की प्लानींग करते रहे..
जबभी कादीरको सायराको दिनमे चोदनेका मन होता.. तब वो सायराको स्कुल बंक करवाके कीसी होटेलमे यातो फीर अेक दोस्तके खाली फ्लेटमे सायराको लेकर चला जाता.. ओर वहा दोनो मीया बीवीकी तराह खुब चुदाइ कर लेते.. ओर चुदाइ करके वापस आजाते.. हर दिन चुदाइकी वजहसे अब सायराके तनमेभी बदलाव होने लगा.. उनके बुब्स ओर नीतंब अेक सादी सुधा ओरतकी माफीकर दीखने लगे..
तो इधर जरीनाभी कादीरके साथ बात करनेकी कोसीस करने लगी.. तब कादीर उसे सीर्फ हां या नांमेही जवाब देता.. तब जरीना परेसान होजाती.. वो चाहतीथी की कादीर उनके साथ पहेलेकी तराह खुलकर बात करे.. वो अब हर वक्त कादीरकी ओर अेक आस भरी नजरोसे देखती रहेती.. तो अब कादीरकोभी अपनी मांकी आंखोमे अपने लीये बैचेनी ओर उनके लीये बेसुमार प्यार दीखने लगा.. ओर उसने हिमत करके आगे बढनेकी ठानली..
अैसेही अेक हप्ता बीत गया.. तो बात तबकी हे.. जब फोरोजकी फेक्टरीपे दिनकी पारी चल रहीथी.. तब उनके तीनोही बच्चे सुबह स्कुल ओर कोलेज चले गयेथे.. तब जरीना घरपे अकेली सब काम नीपडाकर अपने रुममे बेडपे लेटकर कादीरके बारेमे सोचमे डुबी हुइ थी.. अभी उसे फीरोजने नही चोदा उनको छे महीने हो गये थे.. तब जरीनाकी चुदवानेकी इच्छा बहुतही बढ गइथी..
तब वो फीरोजके बजाये कपने बेटे कादीरके साथ बीताये वक्तके बारेमे सोचने लगी.. की कैसे कादीर उनका खयाल रखताथा.. उनका हाथभी पकड लेता.. वो बहार जाता.. ओर वापस आता तब उसे हग करता.. सोचते सोचते कभी उनके तनसे अपने कपडे अलग कर दीये जरीनाको पताही नही चला.. ओर वो सीर्फ ब्रा पेन्टी पहेनकर पेन्टीके उपरसेही कादीरको याद करते अपनी चुतको सहेलाती रही.. जो सहेलानेसे काफी गीली हो चुकीथी..
तो दुसरी ओर सायरा ओर सबाना दोनोही अपनी अपनी स्कुलमे पढाइ कर रहीथी.. तो आज कादीरकी कोलेजमे वो सुबह कोलेज गया तब कीसी कारण वर्स कुछ हंगामा हो रहाथा.. कुछ छात्र धरनेपे बैठ गये.. तब आधेही घंटेके बाद कोलेजमे हडताल होगइ.. तो कादीर अपने दोस्तके साथ चाइ पीकर अेकही घंटेके बाद अपने घरपे वापस आगया.. जब बाइक बहार खडी करके अंदर घरमे आया तो उसे कोइ नही दीख रहाथा..
तभी उसे जरीनाके रुमसे सीसकारीयोकी आवज सुनाइ दी.. तब कादीर सबकुछ समज गया ओर उनके चहेरेपे कातील मुस्कान आगइ.. वो धीरेसे घरके बहार नीकल गया.. ओर अपने पापाके रुमके पास अेक खुली खीडकीसे छुपकर अंदरकी ओर देखने लगा.. तब वो अंदरका नजरा देखतेही पागल होगया.. क्युकी जरीना उनकी दिलवाइ ब्रा पेन्टी पहेनकर अपनी चुतमे कादीरका नाम लेकर उंगली कर रहीथी..
जीसे देखकर कादीर खुस हो गया.. वो छुपकर अपनी मांकी सब हरकते मोबाइल नीकालकर सुट करने लगा.. जब जरीना जडनेको आइ तब मदहोसीमे आंख बंध करते जोरोसे कादीरका नाम लेती हे.. ओर उनकी चुतसे अेक फवारा नीकल गया तब वो बहुतही सरमाइ.. ओर जटसे खडी होकर टोलीया लेकर बाथरुममे नहानेके लीये घुस गइ.. तब कादीर धीरेसे आकर होलमे बैठ गया ओर अपनी मा के बारेमे सोचने लगा..
आज जीस तराह जरीनाने कादीरका नाम लीया..तो वो समज गयाकी उनकी मां क्या चाहती हे.. तब उसने हिंमत करके जरीनाको मीलनेकी ठानली.. अब जोभी परीणाम आये.. वो इस बातपे आगे बढेगा.. वरना उनके लीये उनकी बहेन सायरा तो हे ही.. वो उसे लेकर चला जायेगा. यही सोचकर वो खडा होकर जरीनाके रुमके पास चला गया ओर दरवाजेको धका मारते देखने लगाकी दरवाजा खुला हेकी नही.. ओर सद् भाग्यवस दरवाजा खुला था..
कादीर धीरेसे दरवाजा खोलकर अंदर चला गया.. ओर धीरेसे दरवाजा बंध करके लोक करदीया.. फीर बाथरुमके पास जाकर खडा होकर अपनी मां जरीनाका इन्तजार करने लगा.. तब अंदरसे पानीकी आवाज आ रहीथी तब कादीरने अपना सर्ट नीकालके वही टेबलपे रख दीया.. तभी पानीकी आवाज आनी बंध होगइ.. तो कादीर चोकना होकर दरवाजा खुलता हे वही जाकर खडा होगया..
तब कुछही देरमे जरीना अपने उरोजोपे टोलीया लपेटकर अपने बालोको जडते बहार नीकली.. ओर आयनेके पास जाने लगी.. तभी दरवाजेके पीछे कादीर नीकलकर उनके सामने आकर खडा होगया.. तो अचानक कादीरको अपने रुममे अपने सामने देखकर जरीना चौंक गइ.. ओर आंखे बडी करते कादीरकी ओर देखते दरवाजेकी ओर देखने लगी.. तभी उस्े अपने नंगेपनका खयाल आया.. ओर वो जटसे अपने उरोजो ओर चुतपे हाथ रखते अपने तनको छुपानेकी कोसीस करने लगी.. तब..
जरीना : (गभराते थोडा जोरोसे) कादीर.. यहा क्या कर रहा हे तु..? कोलेज नही गया..? जा बहार नीकल..
कादीर : (मुस्कुराते) मोम.. मुजेतो पताही नही थाकी आप मुजे इतना प्यार करती हे.. लगता हे आप काफी दिनोसे प्यासी हे.. मोम.. आप मेने दि हुइ गीफ्टमे बहुत मस्त लग रहीथी.. हें..हें..हें..
जरीना : (सकपकाते कादीरके गालपे अेक तमाचा जडते गुस्सेमे जोरोसे) स..टा..क.. क्या बक रहा हे तु..? कमीने मे मां हु तेरी.. कोइ तेरी गर्लफ्रेन्ड नही.. समजे..? तुजे इस तराह बाते करते सरम नही आइ..? जा नीकलजा बहार.. वरना मुजे तेरे पापाको सब बताना पडेगा..
कादीर : (मुस्कुराते अपना गाल सहेलाते) हां बता देना.. बता देना.. लेकीन बतानेसे पहेले अेक बार इसे देख तो लो.. फीर आरामसे बता देना.. कैसे मेरा नाम ले लेके उंगली करती हे.. हें..हें..हें..
कहेते कादीर अेक हाथ जरीनाकी कमरमे डालकर उसे खीचकर अपने तनसे चीपका लेता हे.. तो जरीना सकपकाते उनसे छुटनेकी नाकाम कोसीस करती हे.. तभी कादीर दुसरे हाथसे मोबाइल नीकालकर उन विडीयो क्लीपको चालु करदेता हे.. जीसे वो अभी अभी बहारसे सुट करके आयाथा..ओर अपने हाथमेही रखते जरीनाको दीखाने लगता हे.. तब जरीना टेडी नजरसे विडीयो क्लीप देखने लगती हे.. ओर देखतेही चोंक जाती हे..
तब जरीना बहुतही सरमाती.. वो अब रातमेभी उनके पती फीरोजके बजाये कादीरको याद करते बेडपे करवटे बदलने लगी.. जब उनकी काम वासना बहुत बढ गइ.. तब अेक दिन रातमे बाथरुममे जाकर फीरोजके बजाये कादीरको इमेजींग करके अपनी चुतमे उंगली करने लगी.. तब वो जरुरतसे ज्यादा उतेजीत होगइ.. ओर कुछही देरमे उनकी चुतसे ढेर सारा कामरस नीकला तब वो बहुतही सरमाइ..
लेकीन वो कुछ करभी तो नही सकती.. क्युकी कादीर उनका सगा बेटा था.. उनको अपने मनमे तरेह तरेहका खयाल आने लगा.. कइ बारतो अकेली होती तब सोचती.. की कीसीभी तराह अेक बार कादीर आकर उनको कीसीभी तराह चोदले.. फीरभी वो उसे कुछ नही कहेगी.. लेकीन हर बार उनके बीच मां बेटेका रीस्ता आजाता.. ओर जरीना मन मारके रेह जाती.. अबतो वो कादीरने दिलवाइ ब्रा पेन्टीभी पहेनने लगी..
अैसे ही दिन बीतने लगे.. इसी दौरान सबके अेकजाम भी आगये.. तब सबाना बहुतही अच्छे परसेंन्टसे पास होगइ.. तो कादीरने भी कोलेजमे दाखला लेलीया.. सायरा अगले सालमे कोलेजमे आने वाली थी.. तो उनका स्कुल कादीरके कोलेजके पासही था.. क्युकी कादीने जान बुजकर वही दाखला लीयाथा.. ताकी सायराको मीलनेमे आसानी रहे.. कादीर ओर सायरा अब हर दिन मीलने लगे.. ओर आगे अपने फ्युचरकी की प्लानींग करते रहे..
जबभी कादीरको सायराको दिनमे चोदनेका मन होता.. तब वो सायराको स्कुल बंक करवाके कीसी होटेलमे यातो फीर अेक दोस्तके खाली फ्लेटमे सायराको लेकर चला जाता.. ओर वहा दोनो मीया बीवीकी तराह खुब चुदाइ कर लेते.. ओर चुदाइ करके वापस आजाते.. हर दिन चुदाइकी वजहसे अब सायराके तनमेभी बदलाव होने लगा.. उनके बुब्स ओर नीतंब अेक सादी सुधा ओरतकी माफीकर दीखने लगे..
तो इधर जरीनाभी कादीरके साथ बात करनेकी कोसीस करने लगी.. तब कादीर उसे सीर्फ हां या नांमेही जवाब देता.. तब जरीना परेसान होजाती.. वो चाहतीथी की कादीर उनके साथ पहेलेकी तराह खुलकर बात करे.. वो अब हर वक्त कादीरकी ओर अेक आस भरी नजरोसे देखती रहेती.. तो अब कादीरकोभी अपनी मांकी आंखोमे अपने लीये बैचेनी ओर उनके लीये बेसुमार प्यार दीखने लगा.. ओर उसने हिमत करके आगे बढनेकी ठानली..
अैसेही अेक हप्ता बीत गया.. तो बात तबकी हे.. जब फोरोजकी फेक्टरीपे दिनकी पारी चल रहीथी.. तब उनके तीनोही बच्चे सुबह स्कुल ओर कोलेज चले गयेथे.. तब जरीना घरपे अकेली सब काम नीपडाकर अपने रुममे बेडपे लेटकर कादीरके बारेमे सोचमे डुबी हुइ थी.. अभी उसे फीरोजने नही चोदा उनको छे महीने हो गये थे.. तब जरीनाकी चुदवानेकी इच्छा बहुतही बढ गइथी..
तब वो फीरोजके बजाये कपने बेटे कादीरके साथ बीताये वक्तके बारेमे सोचने लगी.. की कैसे कादीर उनका खयाल रखताथा.. उनका हाथभी पकड लेता.. वो बहार जाता.. ओर वापस आता तब उसे हग करता.. सोचते सोचते कभी उनके तनसे अपने कपडे अलग कर दीये जरीनाको पताही नही चला.. ओर वो सीर्फ ब्रा पेन्टी पहेनकर पेन्टीके उपरसेही कादीरको याद करते अपनी चुतको सहेलाती रही.. जो सहेलानेसे काफी गीली हो चुकीथी..
तो दुसरी ओर सायरा ओर सबाना दोनोही अपनी अपनी स्कुलमे पढाइ कर रहीथी.. तो आज कादीरकी कोलेजमे वो सुबह कोलेज गया तब कीसी कारण वर्स कुछ हंगामा हो रहाथा.. कुछ छात्र धरनेपे बैठ गये.. तब आधेही घंटेके बाद कोलेजमे हडताल होगइ.. तो कादीर अपने दोस्तके साथ चाइ पीकर अेकही घंटेके बाद अपने घरपे वापस आगया.. जब बाइक बहार खडी करके अंदर घरमे आया तो उसे कोइ नही दीख रहाथा..
तभी उसे जरीनाके रुमसे सीसकारीयोकी आवज सुनाइ दी.. तब कादीर सबकुछ समज गया ओर उनके चहेरेपे कातील मुस्कान आगइ.. वो धीरेसे घरके बहार नीकल गया.. ओर अपने पापाके रुमके पास अेक खुली खीडकीसे छुपकर अंदरकी ओर देखने लगा.. तब वो अंदरका नजरा देखतेही पागल होगया.. क्युकी जरीना उनकी दिलवाइ ब्रा पेन्टी पहेनकर अपनी चुतमे कादीरका नाम लेकर उंगली कर रहीथी..
जीसे देखकर कादीर खुस हो गया.. वो छुपकर अपनी मांकी सब हरकते मोबाइल नीकालकर सुट करने लगा.. जब जरीना जडनेको आइ तब मदहोसीमे आंख बंध करते जोरोसे कादीरका नाम लेती हे.. ओर उनकी चुतसे अेक फवारा नीकल गया तब वो बहुतही सरमाइ.. ओर जटसे खडी होकर टोलीया लेकर बाथरुममे नहानेके लीये घुस गइ.. तब कादीर धीरेसे आकर होलमे बैठ गया ओर अपनी मा के बारेमे सोचने लगा..
आज जीस तराह जरीनाने कादीरका नाम लीया..तो वो समज गयाकी उनकी मां क्या चाहती हे.. तब उसने हिंमत करके जरीनाको मीलनेकी ठानली.. अब जोभी परीणाम आये.. वो इस बातपे आगे बढेगा.. वरना उनके लीये उनकी बहेन सायरा तो हे ही.. वो उसे लेकर चला जायेगा. यही सोचकर वो खडा होकर जरीनाके रुमके पास चला गया ओर दरवाजेको धका मारते देखने लगाकी दरवाजा खुला हेकी नही.. ओर सद् भाग्यवस दरवाजा खुला था..
कादीर धीरेसे दरवाजा खोलकर अंदर चला गया.. ओर धीरेसे दरवाजा बंध करके लोक करदीया.. फीर बाथरुमके पास जाकर खडा होकर अपनी मां जरीनाका इन्तजार करने लगा.. तब अंदरसे पानीकी आवाज आ रहीथी तब कादीरने अपना सर्ट नीकालके वही टेबलपे रख दीया.. तभी पानीकी आवाज आनी बंध होगइ.. तो कादीर चोकना होकर दरवाजा खुलता हे वही जाकर खडा होगया..
तब कुछही देरमे जरीना अपने उरोजोपे टोलीया लपेटकर अपने बालोको जडते बहार नीकली.. ओर आयनेके पास जाने लगी.. तभी दरवाजेके पीछे कादीर नीकलकर उनके सामने आकर खडा होगया.. तो अचानक कादीरको अपने रुममे अपने सामने देखकर जरीना चौंक गइ.. ओर आंखे बडी करते कादीरकी ओर देखते दरवाजेकी ओर देखने लगी.. तभी उस्े अपने नंगेपनका खयाल आया.. ओर वो जटसे अपने उरोजो ओर चुतपे हाथ रखते अपने तनको छुपानेकी कोसीस करने लगी.. तब..
जरीना : (गभराते थोडा जोरोसे) कादीर.. यहा क्या कर रहा हे तु..? कोलेज नही गया..? जा बहार नीकल..
कादीर : (मुस्कुराते) मोम.. मुजेतो पताही नही थाकी आप मुजे इतना प्यार करती हे.. लगता हे आप काफी दिनोसे प्यासी हे.. मोम.. आप मेने दि हुइ गीफ्टमे बहुत मस्त लग रहीथी.. हें..हें..हें..
जरीना : (सकपकाते कादीरके गालपे अेक तमाचा जडते गुस्सेमे जोरोसे) स..टा..क.. क्या बक रहा हे तु..? कमीने मे मां हु तेरी.. कोइ तेरी गर्लफ्रेन्ड नही.. समजे..? तुजे इस तराह बाते करते सरम नही आइ..? जा नीकलजा बहार.. वरना मुजे तेरे पापाको सब बताना पडेगा..
कादीर : (मुस्कुराते अपना गाल सहेलाते) हां बता देना.. बता देना.. लेकीन बतानेसे पहेले अेक बार इसे देख तो लो.. फीर आरामसे बता देना.. कैसे मेरा नाम ले लेके उंगली करती हे.. हें..हें..हें..
कहेते कादीर अेक हाथ जरीनाकी कमरमे डालकर उसे खीचकर अपने तनसे चीपका लेता हे.. तो जरीना सकपकाते उनसे छुटनेकी नाकाम कोसीस करती हे.. तभी कादीर दुसरे हाथसे मोबाइल नीकालकर उन विडीयो क्लीपको चालु करदेता हे.. जीसे वो अभी अभी बहारसे सुट करके आयाथा..ओर अपने हाथमेही रखते जरीनाको दीखाने लगता हे.. तब जरीना टेडी नजरसे विडीयो क्लीप देखने लगती हे.. ओर देखतेही चोंक जाती हे..















