Incest रिस्तो मे प्यारकी अनुभुती - Page 36 - SexBaba
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Incest रिस्तो मे प्यारकी अनुभुती

फीर दोनो देर रात घरकी छतपे मीलकर चुदाइ कर लेते.. जब चुदाइ खतम हो जाती सायरा जरीनाके रुमके दरवाजेका लोक खोलकर अपने रुममे जाकर सोजाती.. कादीर अबभी जरीनासे बात नही करता था.. तब जरीना बहुतही बैचेन होने लगी.. वो कीसीभी बहाने बार बार कादीरसे बात करनेकी कोसीस करने लगी.. उसे अब रातमेभी कादीरका खयाल आने लगा.. तब उनकी चुत गीली होजाती.. तब उसे अहेसास हुआकी उनको अपने बेटेसे प्यार होगया हे..

तब जरीना बहुतही सरमाती.. वो अब रातमेभी उनके पती फीरोजके बजाये कादीरको याद करते बेडपे करवटे बदलने लगी.. जब उनकी काम वासना बहुत बढ गइ.. तब अ‍ेक दिन रातमे बाथरुममे जाकर फीरोजके बजाये कादीरको इमेजींग करके अपनी चुतमे उंगली करने लगी.. तब वो जरुरतसे ज्यादा उतेजीत होगइ.. ओर कुछही देरमे उनकी चुतसे ढेर सारा कामरस नीकला तब वो बहुतही सरमाइ..

लेकीन वो कुछ करभी तो नही सकती.. क्युकी कादीर उनका सगा बेटा था.. उनको अपने मनमे तरेह तरेहका खयाल आने लगा.. कइ बारतो अकेली होती तब सोचती.. की कीसीभी तराह अ‍ेक बार कादीर आकर उनको कीसीभी तराह चोदले.. फीरभी वो उसे कुछ नही कहेगी.. लेकीन हर बार उनके बीच मां बेटेका रीस्ता आजाता.. ओर जरीना मन मारके रेह जाती.. अबतो वो कादीरने दिलवाइ ब्रा पेन्टीभी पहेनने लगी..

अ‍ैसे ही दिन बीतने लगे.. इसी दौरान सबके अ‍ेकजाम भी आगये.. तब सबाना बहुतही अच्छे परसेंन्टसे पास होगइ.. तो कादीरने भी कोलेजमे दाखला लेलीया.. सायरा अगले सालमे कोलेजमे आने वाली थी.. तो उनका स्कुल कादीरके कोलेजके पासही था.. क्युकी कादीने जान बुजकर वही दाखला लीयाथा.. ताकी सायराको मीलनेमे आसानी रहे.. कादीर ओर सायरा अब हर दिन मीलने लगे.. ओर आगे अपने फ्युचरकी की प्लानींग करते रहे..

जबभी कादीरको सायराको दिनमे चोदनेका मन होता.. तब वो सायराको स्कुल बंक करवाके कीसी होटेलमे यातो फीर अ‍ेक दोस्तके खाली फ्लेटमे सायराको लेकर चला जाता.. ओर वहा दोनो मीया बीवीकी तराह खुब चुदाइ कर लेते.. ओर चुदाइ करके वापस आजाते.. हर दिन चुदाइकी वजहसे अब सायराके तनमेभी बदलाव होने लगा.. उनके बुब्स ओर नीतंब अ‍ेक सादी सुधा ओरतकी माफीकर दीखने लगे..

तो इधर जरीनाभी कादीरके साथ बात करनेकी कोसीस करने लगी.. तब कादीर उसे सीर्फ हां या नांमेही जवाब देता.. तब जरीना परेसान होजाती.. वो चाहतीथी की कादीर उनके साथ पहेलेकी तराह खुलकर बात करे.. वो अब हर वक्त कादीरकी ओर अ‍ेक आस भरी नजरोसे देखती रहेती.. तो अब कादीरकोभी अपनी मांकी आंखोमे अपने लीये बैचेनी ओर उनके लीये बेसुमार प्यार दीखने लगा.. ओर उसने हिमत करके आगे बढनेकी ठानली..

अ‍ैसेही अ‍ेक हप्ता बीत गया.. तो बात तबकी हे.. जब फोरोजकी फेक्टरीपे दिनकी पारी चल रहीथी.. तब उनके तीनोही बच्चे सुबह स्कुल ओर कोलेज चले गयेथे.. तब जरीना घरपे अकेली सब काम नीपडाकर अपने रुममे बेडपे लेटकर कादीरके बारेमे सोचमे डुबी हुइ थी.. अभी उसे फीरोजने नही चोदा उनको छे महीने हो गये थे.. तब जरीनाकी चुदवानेकी इच्छा बहुतही बढ गइथी..

तब वो फीरोजके बजाये कपने बेटे कादीरके साथ बीताये वक्तके बारेमे सोचने लगी.. की कैसे कादीर उनका खयाल रखताथा.. उनका हाथभी पकड लेता.. वो बहार जाता.. ओर वापस आता तब उसे हग करता.. सोचते सोचते कभी उनके तनसे अपने कपडे अलग कर दीये जरीनाको पताही नही चला.. ओर वो सीर्फ ब्रा पेन्टी पहेनकर पेन्टीके उपरसेही कादीरको याद करते अपनी चुतको सहेलाती रही.. जो सहेलानेसे काफी गीली हो चुकीथी..

तो दुसरी ओर सायरा ओर सबाना दोनोही अपनी अपनी स्कुलमे पढाइ कर रहीथी.. तो आज कादीरकी कोलेजमे वो सुबह कोलेज गया तब कीसी कारण वर्स कुछ हंगामा हो रहाथा.. कुछ छात्र धरनेपे बैठ गये.. तब आधेही घंटेके बाद कोलेजमे हडताल होगइ.. तो कादीर अपने दोस्तके साथ चाइ पीकर अ‍ेकही घंटेके बाद अपने घरपे वापस आगया.. जब बाइक बहार खडी करके अंदर घरमे आया तो उसे कोइ नही दीख रहाथा..

तभी उसे जरीनाके रुमसे सीसकारीयोकी आवज सुनाइ दी.. तब कादीर सबकुछ समज गया ओर उनके चहेरेपे कातील मुस्कान आगइ.. वो धीरेसे घरके बहार नीकल गया.. ओर अपने पापाके रुमके पास अ‍ेक खुली खीडकीसे छुपकर अंदरकी ओर देखने लगा.. तब वो अंदरका नजरा देखतेही पागल होगया.. क्युकी जरीना उनकी दिलवाइ ब्रा पेन्टी पहेनकर अपनी चुतमे कादीरका नाम लेकर उंगली कर रहीथी..

जीसे देखकर कादीर खुस हो गया.. वो छुपकर अपनी मांकी सब हरकते मोबाइल नीकालकर सुट करने लगा.. जब जरीना जडनेको आइ तब मदहोसीमे आंख बंध करते जोरोसे कादीरका नाम लेती हे.. ओर उनकी चुतसे अ‍ेक फवारा नीकल गया तब वो बहुतही सरमाइ.. ओर जटसे खडी होकर टोलीया लेकर बाथरुममे नहानेके लीये घुस गइ.. तब कादीर धीरेसे आकर होलमे बैठ गया ओर अपनी मा के बारेमे सोचने लगा..

आज जीस तराह जरीनाने कादीरका नाम लीया..तो वो समज गयाकी उनकी मां क्या चाहती हे.. तब उसने हिंमत करके जरीनाको मीलनेकी ठानली.. अब जोभी परीणाम आये.. वो इस बातपे आगे बढेगा.. वरना उनके लीये उनकी बहेन सायरा तो हे ही.. वो उसे लेकर चला जायेगा. यही सोचकर वो खडा होकर जरीनाके रुमके पास चला गया ओर दरवाजेको धका मारते देखने लगाकी दरवाजा खुला हेकी नही.. ओर सद् भाग्यवस दरवाजा खुला था..

कादीर धीरेसे दरवाजा खोलकर अंदर चला गया.. ओर धीरेसे दरवाजा बंध करके लोक करदीया.. फीर बाथरुमके पास जाकर खडा होकर अपनी मां जरीनाका इन्तजार करने लगा.. तब अंदरसे पानीकी आवाज आ रहीथी तब कादीरने अपना सर्ट नीकालके वही टेबलपे रख दीया.. तभी पानीकी आवाज आनी बंध होगइ.. तो कादीर चोकना होकर दरवाजा खुलता हे वही जाकर खडा होगया..

तब कुछही देरमे जरीना अपने उरोजोपे टोलीया लपेटकर अपने बालोको जडते बहार नीकली.. ओर आयनेके पास जाने लगी.. तभी दरवाजेके पीछे कादीर नीकलकर उनके सामने आकर खडा होगया.. तो अचानक कादीरको अपने रुममे अपने सामने देखकर जरीना चौंक गइ.. ओर आंखे बडी करते कादीरकी ओर देखते दरवाजेकी ओर देखने लगी.. तभी उस्े अपने नंगेपनका खयाल आया.. ओर वो जटसे अपने उरोजो ओर चुतपे हाथ रखते अपने तनको छुपानेकी कोसीस करने लगी.. तब..

जरीना : (गभराते थोडा जोरोसे) कादीर.. यहा क्या कर रहा हे तु..? कोलेज नही गया..? जा बहार नीकल..

कादीर : (मुस्कुराते) मोम.. मुजेतो पताही नही थाकी आप मुजे इतना प्यार करती हे.. लगता हे आप काफी दिनोसे प्यासी हे.. मोम.. आप मेने दि हुइ गीफ्टमे बहुत मस्त लग रहीथी.. हें..हें..हें..

जरीना : (सकपकाते कादीरके गालपे अ‍ेक तमाचा जडते गुस्सेमे जोरोसे) स..टा..क.. क्या बक रहा हे तु..? कमीने मे मां हु तेरी.. कोइ तेरी गर्लफ्रेन्ड नही.. समजे..? तुजे इस तराह बाते करते सरम नही आइ..? जा नीकलजा बहार.. वरना मुजे तेरे पापाको सब बताना पडेगा..

कादीर : (मुस्कुराते अपना गाल सहेलाते) हां बता देना.. बता देना.. लेकीन बतानेसे पहेले अ‍ेक बार इसे देख तो लो.. फीर आरामसे बता देना.. कैसे मेरा नाम ले लेके उंगली करती हे.. हें..हें..हें..

कहेते कादीर अ‍ेक हाथ जरीनाकी कमरमे डालकर उसे खीचकर अपने तनसे चीपका लेता हे.. तो जरीना सकपकाते उनसे छुटनेकी नाकाम कोसीस करती हे.. तभी कादीर दुसरे हाथसे मोबाइल नीकालकर उन विडीयो क्लीपको चालु करदेता हे.. जीसे वो अभी अभी बहारसे सुट करके आयाथा..ओर अपने हाथमेही रखते जरीनाको दीखाने लगता हे.. तब जरीना टेडी नजरसे विडीयो क्लीप देखने लगती हे.. ओर देखतेही चोंक जाती हे..
 
उनमे वो अपने बेडपे लेटे कादीरका नाम ले लेकर अपनी चुतमे उंगली डालकर जोरोसे हीलाते कादीरको उनको चोदनेके लीये कहेती हे.. ओर जडते वक्तभी कादीरका जोरोसे नाम लेती हे.. क्लीप देखतेही जरीनाकी सीटी बीटी गुल होगइ.. ओर कादीरसे छुटनेका उनका प्रतीरोधभी कम होगया.. उनकी आंखसे आंसुकी धारा बहेने लगी.. तब कादीने जटसे फोन बंध करके अपनी जेबमे रखलीया.. तभी..

जरीना : (रोते कादीरकी बाहोसे छुटनेकी कोसीस करते) बेटे ये तुने क्या करदीया.. नीकालदे इसे.. मे बरबाद होजाउगी.. मे मर जाउगी.. या.. खु-.. मुजे लेले.. कादीर.. मे तेरे पांव पडती हु.. मीटादे इसे..

कादीर : (जोरोसे बाहोमे भीचते) मोम.. प्लीज.. रोइअ‍े मत.. मे आपको ब्लेक मेइल नही करुगा.. मुजे पता हे आप मुजसे प्यार करती हे.. जब मे आपसे बात नही कर रहाथा तब मेने मेरे लीये आपको बैचेन होते देखा हे.. रातोको आपको बीस्तरमे तडपते हुअ‍े कइ बार देखा हे.. मुजे पता हे आपको पापाका वो प्यार नही मील रहा जो आपकी जरुरत हे.. मोम.. यकीन मानो मेभी आपसे प्यार करता हु.. ओर आपको वो प्यारभी दुगा.. जीसकी आपको सख्त जरुरत हे.. हमारे बारेमे कीसीको कुछ पता नही चलेगा..

जरीना : (आंसु बहाते) नही कादीर.. ये गलत हे.. तु मेरा बेटा हे.. हमारे बीच अ‍ैसे रीस्ते नही होते..

अब जरीना कोइ प्रतीरोध नही कर रहीथी.. जीस प्यारके लीये वो कही महीनोसे तडप रहीथी.. ओर वही प्यार उसे अपने बेटे कादीरसे मीलनेकी जरीनाको जीनसे उमीद जगीथी.. वोही प्यारकी सीचुअ‍ेशन आज अचानक जरीनाके सामने थी.. जरीनाका दिल केह रहाथा की उनका प्यार कादीर अभी उसे पुरी तराह मसलकर चोदले.. लेकीन उनका दिमाग उसे मां बेटेका रीस्तेका हवाला देते मना कर रहाथा..

तो वो अ‍ैसेही कादीरकी बाहोमे रहेते कादीरको समजा रहीथी.. तब कादीर उनको बेडपे लेजाकर बीठा देता हे.. ओर खुदभी उनसे सटकर बैठ जाता हे.. तब जरीना बहुतही सर्मसार होने लगी.. कादीर जरीनाको बार बार समजाते अपने साथ रीलेशन रखनेको कहेता हे.. लेकीन जरीना उसे हर बार मां बेटेके रीस्तेका हवाला देते मना करती हे.. तब कादीरने जो सोचाथा.. वो आखरी हथीयार इस्तमाल करता हे.. तब जरीना टुट जाती हे..

कादीर : (समजाते) मोम.. आप यकीन मानीये मे आपको ब्लेक मेइल करना नही चाहता.. मे आपसे बहुत प्यार करता हु.. हम दोनोके बारेमे कभी कीसीको कुछ पता नही चलेगा.. अगर आप ना कहोगी.. तो मे आपको कभी फेइस नही करपाउगा.. मुजे मजबुरन इस घरको छोडके जाना पडेगा.. फीर आप मेरा मुह कभी नही देख पाओगी..

जरीना : (कादीरकी देखते रोते) बेटा.. ये तु क्या केह रहा हे..? तुजे पता तो हे तेरे पापाकी इतनी आमदानी नही हे.. ओर तेरी बहेनोको पढाना हे.. हम इतने पैसे कहासे लायेगे.. बस हमारे लीयेतो तुही अ‍ेक उमीद हे.. तुम जानेकी बात मत करो.. वरना हम सब टुट जायेगे.. हम ये सब नही कर सकते जो तु चाहता हे..

कादीर : (कमरमे हाथ डालकर) मोम.. मुजे मेरी सब जीम्वेवारीका पता हे.. मे जीम्वेवारीसे नही भागुगा.. मुजे पता हे आप मुजे बहुत चाहती हे.. जब मे आपके साथ बात नही करताथा तब आपकी आंखोमे मेने मेरे लीये वो तडप ओर प्यार देखा हे.. फीरभी आप मेरी बात नही मानोगी.. तो अब आपके पास सीर्फ दो रास्ता ही हे.. यातो मेरी बात मानलो.. या फीर हमेसा हमेसाके लीये मुजे भुल जाओ..

जरीना : (आंसु बहाते धीरेसे) कादीर.. मत कर अ‍ैसी पागलो जैसी बाते.. तुजे पता हे मे तुजे छोड नही सकती.. तु मेरी मजबुरीका फायदा उठा रहा हे.. मानाकी मुजे तेरे पापासे वो प्यार नही मीलता जो मे चाहती हु.. मे तुमसे भी प्यार करती हु.. लेकीन इसका मतलब ये नही जो तु चाहता हे.. प्लीज.. मान जाओ..

कादीर : (बैठेही बाहोमे भीचते) ठीक हे.. मोम.. मुजे आपकी मजबुरीका फायदा नही उठाना.. आपने स्वीकार करलीया की आपभी मुजे चाहती हे.. मेरे लीये वोही काफी हे.. मोम.. बस.. सीर्फ अ‍ेक बार.. सीर्फ अ‍ेक बार मे आपको प्यार करना चाहता हु.. मुजे करने दीजीये.. क्युकी इस वक्त मुजे आपको पानेका ओर आपसे प्यार करनेका अ‍ेक जनुन सवार हे.. फीर आप मानो या ना मानो..

कहेते कादीर जरीनाको कंधेसे पकडकर बेडपे सुला देता हे.. तो जरीना चोंक जाती हे.. ओर जटसे वापस बैठ जाती हे.. ओर कादीरसे नजरे चुराते बेडसे खडी होनेकी कोसीस करती हे.. तब कादीर उसे धका मारते फीरसे बेडपे सुलाते अपनी पेन्ट नीकालने लगता हे.. तो जरीना गभराते वापस बेडसे उतरनेकी नाकाम कोसीस करती हे.. तब कादीर अपनी पेन्ट नीकालते अ‍ेक हाथसे जरीनाको वही रोकता हे.. जब पेन्ट नीकालदी.. तब..

जरीना : (गीडगीडाते) बेटे.. प्लीज.. मानजा.. मत कर अ‍ैसा पाप.. ये गलत हे..

कादीर : (बेडपे धका मारते सुलाते जरीनापे चडते) मोम.. कुछ गलत नही हे.. हम अ‍ेक दुसरेको प्यार करते हे.. आज मत रोको मुजे.. बस.. सीर्फ अ‍ेक बार करनेदो.. फीर मे चला जाउगा.. फीर मे कभी वापस नही आउगा.. बस..?मुजे सीर्फ अ‍ेक बार आपको चोदना हे.. चोदने दीजीये मुजे..

कहेते कादीर फटाफट अपना नीकर नीकालता हे तब जरीना उनका विकराल लंड देखकर चोंक जाती हे.. ओर जटसे अपनी चुतपे हाथ रखते छटपटाने लगती हे.. तब कादीर जबरदस्तीसे जरीनाके उपर लेट गया ओर जरीनाके दोनो हाथ पंजेसे पकडकर चुतसे हटानेकी कोसीस करते जरीनाके होठोको चुमने लगा.. तब जरीना अपना मुह इधर उधर करते अपने होठोको कादीरके होठोसे छुडा लेती हे..

जरीना : (आंसु बहाते) नही नही.. कादीर.. छोड मुजे.. मत कर अ‍ैसा पाप..

कादीरकी मजबुत भुजाओके सामने जरीनाकी अ‍ेक नही चली.. कादीरने उनके दोनो हाथ हटाकर कसके पकड लीये.. तब जरीनाको अपनी चुतपे कादीरका लंड ठोकर मारते महेसुस हुआ.. तो वो सरसे पांव तक हील गइ.. उनके तनसे अ‍ेक बीजलीसी लहेर दौड गइ.. तब कादीरने जरीनाके दोनो हाथ मजबुतीसे पकडकर अपना मुह जरीनाके बुब्सपे लगा दीया.. ओर उसे मुहमे लेकर जोरोसे चुसने लगा तब जरीनाभी गरम होने लगी..

कादीर : (वासना भरी आवजमे) मो..म.. आइ.. लव.. यु.. मुजे.. चोदने दो..

जरीना : (आंसु बहाते) नही नही कादीर.. आइइइ.. मत कर अ‍ैसा.. मे कहीकी नही रहुगी.. आइइइ.. सीसस..इइ अंह.. अंह.. अंह.. का..दी..र.. नही नही नही...आइइइइइइइ घुसा दीया... कमीने.. नीकाल.. बहुत मोटा हे.. फाडदी मेरी..





उनकी चुतसे पानीका रीसाव होने लगा.. तभी कादीरके विकराल लंडने अपने बीलका रास्ता ढुंढ लीया.. तो कादीरने अ‍ेकही जटकेमे आधा लंड जरीनाकी चुतमे उतार दीया.. तब जरीनाकी आंखोसे आंसु नीकलने लगे.. वो बेडपे दोनो पैर पटकते छटपटाते कादीरसे छुटनेकी कोसीस करने लगी.. ओर आखीर धीरे धीरे दो तीन सोट मारते कादीरने अ‍ेक बार ओर बडा जटका मारदीया तब उनका पुरा लंड जरीनाकी चुतमे धुस गया..
 
तो जरीनाकी जोरोसे चीख नीकल गइ.. कादीर उनके बुब्स चुमते जोरोसे कमर हीलाते जरीनाको चोदने लगा.. आखीर कादीरने अपने मनकी करली.. तब जरीनाने कादीरसे छुटनेकी सभी कोसीसे त्याग दी.. ओर वो अ‍ैसेही सीथील होते कादीरसे चुदवानेका मजा लेने लगी.. कादीर जबभी उनके होठोको चुमनेकी कोसीस करता जरीना अपना मुह इधर उधर करते उसे अपने होठोको छुने नही देती थी.. ओर कादीर जोरोसे कमर हीलाते धनाधन जरीनाको चोदता रहा.. ओर जरीनाके दोनो बुब्स तालमेल मे उछलते रहे..





अब जरीनाभी काफी गरम हो चुकीथी उनकोभी बहुत मजा आ रहाथा.. लेकीन वो अपने चहेरेपे जाहीर करना नही चाहती थी.. वो अ‍ैसेही सीथील रहेते बीना कोइ प्रतीक्रया देते चुदवाती रही.. अ‍ेक बार वो हल्कासा चीखते जड चुकी थी.. तब कादीर उनकी हाथके बल उचा होकर धमासान चुदाइ करता रहा.. ओर आखीर कादीर जडनेको आया.. तब वो ओर जोरोसे कमर हीलाते जरीनाको चोदने लगा.. तब जरीनाकी चुतमे दर्द होने लगा..





जरीना अपना मुह बीगाडते कादीरके विकराल लंडको जेलती रही.. आखीर कादीरने जोरोसे लंडको चुतमे जड तक घुसा दीया.. ओर कमरको जटके देते जरीनाकी चुतको अपने गाढे पानीसे भरने लगा.. तब जरीनाकी बच्चेदानीमे उसे गरम महेसुस हुआ.. ओर वोभी उतेजनामे कांपते कादीरके साथमे जडने लगी..

जब कादीर जड गया तो जटसे जरीनाकी चुतसे लंडको बहार नीकाल देता हे.. तब जरीना तीलमीला गइ.. ओर दर्दके मारे मुह बीगाडते करवट लेते छटपटाती रही.. तभी कादीर बेडसे उतरकर बाथरुममे चला जाता हे.. ओर अपना लंड साफ करके बहार आजाता हे..





बहार आते अपने कपडे पहेनते जरीनाकी ओर देखता हे.. तब जरीना अपने आंसु बहाते अपनी चुतपे हाथ रखते दर्दसे सीसकारीया करते करवटे बदलते छटपटाती रहेती हे.. ओर कादीर कपडे पहेनकर अपनी बाइक लेकर चला गया.. ओर जरीना अ‍ैसेही आधा घंटा लेटी छटपटाते आराम करती रही.. उनके दोनो पैरसे कादीर ओर उनका कामरस बेह रहाथा.. ओर पुरी चदर खराब होगइ थी.. फीर वो धीरेसे बेडपे बैठ गइ..

ओर लंगडाते धीरे धीरे बाथरुममे चली गइ.. तब जरीनाको अहेसास हुआकी उनके बेटेने उनको चोदलीया हे.. ओर उसे वही अहेसास दीलवा दीया.. जो अहेसास फीरोजके साथ अपनी सुहागरातमे पहेली चुदाइमे हुआ था.. जरीना दो दो बार जडकर पुरी तराह संतुस्ट हो चुकी थी.. जरीनाने अपनी चुतको अच्छेसे साफ करके अ‍ेक बार फीर नहालीया.. फीर बहार आकर अपने कपडे पहेनलीये ओर बेडकी चदरको बदलदी..

फीर सब दरवाजा बंध करके फीरसे बेडपे लेट गइ.. तबभी जरीनाको अपनी चुतमे मीठासा दर्द हो रहाथा.. जो बात जरीना दिलसे चाहती थी.. वोही तम्मना आज उनके बेटेने उसे जबरदस्तीसे चोदकर पुरी करदी थी.. ओर उसे संतुस्ट करदी थी.. आज कादीरने उसे बडेही बेहरहेमीसे जबर दस्तीसे चोद लीयाथा.. वो अ‍ेक बार फीर कादीरके बारेमे सोचने लगी..

उनको समजमे नही आरहा था.. की वो अपने बेटे कादीरसे नफरत करे या प्यार.. क्युकी भलेही कादीरने उनको जबरदस्तीसे चोदलीया हो.. लेकीन आज कादीरने उनको दो दो बार जडाकर संतुस्ट भी कर दीयाथा.. जरीनाके चहेरेपे संतुस्टीका भाव नजर आ रहाथा.. इस बारेमे वो अगर फरीयाद भी करेतो कीनसे..? क्युकी कादीरके पास उनकी विडीयो क्लीप थी.. उपरसे कादीरने घर छोडनेकी धमकी भी दीथी..

जब कादीर उनको चोदकर अपनी बाइक लेकर चला गया.. तब उसे खयाल आया.. की कही कादीर घर छोडकर चलातो नही गया..? ये सोचतेही जरीनाके दिलकी धडकन बढ गइ.. उनको गभराहट होने लगी.. जरीनाको कादीरके बारेमे तरेह तरेहका खयाल आने लगा.. ओर उसने जटसे अपना मोबाइल नीकाला ओर कादीरको फोन लगा दीया.. अ‍ेक बारतो कादीरने फोन नही उठाया.. लेकीन दो तीन बार ओर ट्राइ कीया तब फोन लगा..

जरीना : (थोडा जोरोसे) बेटा कादीर.. कहा हो तुम..? फोन क्यु नही उठाता..?

कादीर : (मुस्कुराते) मोम.. क्या हुआ..? मे मेरे अ‍ेक दोस्तके पास आया हु.. कुछ काम था..?

जरीना : (राहतकी सांस लेते धीरेसे) बेटा.. तु अ‍ैसे अचानक चला गया तो.. बेटा.. अबतो मुजसे नाराज नही हेनां..? तु घर छोडनेकी बात मत करना.. अब हमारे बीच जोभी कुछ हुआ उसे भुलजाना..

कादीर : (फोनपे धीरेसे) मोम.. आइ अ‍ेम सोरी.. मे वासनामे अंधा हो गयाथा.. मुजे माफ करदो.. लेकीन मोम.. आपसे अ‍ेक बात कहु..? आइ रीयली लव यु.. मुजे सचमे आपसे प्यार होगया हे.. मे हमारा रीस्ता अ‍ैसेही कायम रखना चाहता हु..

जरीना : (सरमाते धीरेसे) बेटा.. ये मत भुलना मे तेरी मां हु.. आज जोभी कुछ हुआ वो नही होना चाहीये था.. मे तुमसे नाराज हु.. बस.. मुजे तुमसे सीर्फ इतना ही कहेना हे.. ओर सुन..? अब तु मुजे सचमे चाहता हे तो उस क्लीपको मीटा देना.. ओर तु जब घरपे आयेतो आज कहीसे खाना पेक करवाके लेआना.. आज मे खाना नही बनापाउगी.. तुमनेतो अ‍ेकही बारमे मेरी हालत खराब करदी..

कादीर : (मुस्कुराते) येस मोम.. मे लेकर आउगा.. मोम.. आइ लव यु..

जरीना : (मुस्कुराते धीरेसे) हट.. पागल कहीका.. मुजमे अ‍ैसा क्या देखलीया हे.. जो तु मेरा दिवाना होगया हे.. चल जा.. मुजे तुमसे बात ही नही करनी.. बदमास कहीका..

कादीर : (मुस्कुराते) मोम.. वो आप नही समजोगी.. चलो रखता हु.. अभी खाना लेकर आजाउगा..

जब कादीरने फोन कट करदीया तो जरीना सरमाकर मुस्कुराने लगी.. ओर उसने फोनको चुमलीया.. आज भलेही कादीरने उनके साथ जबरदस्ती की.. फीरभी उसने आज मनही मन अपने बेटे कादीरको सरेन्डर कर दीया.. क्युकी आज छे महीनोके बाद कादीरने उसे वो सुख दीयाथा.. ओर उसे पुरी तराह संतुस्ट भी करदीया था.. तब अ‍ेक बार फीर जरीनाकी चुतमे मीठीसी खुजली होने लगी..

तो जरीना अपनी चुतपे हाथ रखकर मुस्कुराने लगी.. क्युकी कादीरने आज जरीनाको फीरसे अ‍ेक बार लडकी होनेका अहेसास करवाया था.. क्युकी कादीरका लंड फीरोजके लंडसे बहुत मोटा था.. आखीर जरीनाने मन ही मन कादीरको समर्पीत करदीया.. लेकीन उनका अहेसास वो कादीरको करवाना नही चाहती थी.. ओर उसने तबही मनही मन ठान लीया.. की अब कादीर उसे जबभी चोदना चाहे तो वो उसे मना नही करेगी..

उस दिन कादीर बहार कही होटेलसे खाना पेक करवाके लेआया.. तब सायरा ओर सबानाभी अपनी स्कुलसे आगइ.. जब सब लोग खाना खाने बैठ गये तब जरीना कादीरसे नजरे नही मीला पारही थी.. ओर उनसे बातभी नही कर रही थी.. सायराने जरीनाको खाना ना बनानेके लीये पुछा.. तो जरीनाने उनकी तबीयत खराब होनेका जुठा बहाना बताया.. अ‍ैसेही दिन बीतने लगे.. कादीर हर दिन अपनी बहन सायराकी चुदाइ करता रहा....

कन्टीन्यु
 




my new story ye kesi anubhuti (Completed)रिस्तो मे प्यारकी अनुभुती (Ranning)
 
रिस्तोमे प्यारकी अनुभुती

अध्याय - १६९

उस दिन कादीर बहार कही होटेलसे खाना पेक करवाके लेआया.. तब सायरा ओर सबानाभी अपनी स्कुलसे आगइ.. जब सब लोग खाना खाने बैठ गये तब जरीना कादीरसे नजरे नही मीला पारही थी.. ओर उनसे बातभी नही कर रही थी.. सायराने जरीनाको खाना ना बनानेके लीये पुछा.. तो जरीनाने उनकी तबीयत खराब होनेका जुठा बहाना बताया.. अ‍ैसेही दिन बीतने लगे.. कादीर हर दिन अपनी बहन सायराकी चुदाइ करता रहा....अब आगे

कहेते हेनां.. जब अ‍ेक सादीसुधा ओरत अपने पतीके अलावा कोइ दुसरे मर्दके साथ पहेली बार रीलेशन बनाकर अपनी मर्यादा लांधती हे.. तब ही उसे समाज ओर पतीका डर रहेता हे.. जब पहेली बार उस मर्दसे चुदवा लेती हे तब दुसरी बार बडीही आसानीसे उस मर्दके नीचे लेटनेको तत्पर रहेती हे.. जब उस मर्दसे दुसरी बार चुदाइ करवा लेती हे.. फीरतो उस मर्दसे चुदवानेकी उनको आदत होजाती हे.. यहा यही हाल जीरनाका था..

भलेही फीरोज उनका पती था.. फीरभी काम वासनाकी आगमे जलते वो अपने बेटे कादीरकी ओर जुक गइ थी.. ओर नतीजेके फल स्वरुप कादीरने जरीनाको ब्लेक मेइल करते पहेली बार जबरदस्तीसे चोद लीया था.. तबसे जरीनाको कही चेइन नही मील रहाथा.. अब वो हर दिन कादीरके बारेमे सोचते उनके खयालो मे डुबी रहेती.. तब ना कादीर उनसे नजरे मीला रहाथा.. ना जरीना कादीरके सामने नजर उठाकर देखती..

अ‍ेक बार फीर जरीनाको कादीरसे चुदवानेकी इच्छा होने लगी.. लेकीन वो कादीरको कैसे कहेकी मुजे आकर चोदलो.. तब वो टेडी नजरसे कादीरके सामने देखती रहेती.. इसी दौरान फोरोजकी नाइट सीफ्ट लग गइ.. तब जरीना हर दिन देर रात अकेली अपने बीस्तरपे करवटे बदलती कादीरका इन्तजार करती.. ओर सोचती की कादीर उसे अ‍ेक बार फीर आकर चोदले.. फीर चाहे जबरदस्तीसे ही क्युना चोदे..

ओर जरीनाकी कादीरसे फीरसे चुदवानेकी ये तम्मना भी अ‍ेक दिन पुरी होगइ.. बात तबकी हे जब इसी दौरान सायराका पीरीयड चल रहाथा.. तो वो तीन चार दिनसे कादीरको नही मीलपाइ.. ओर अपने रुममेही आराम करती.. उसी दौरान कादीर भी तीन चार दिन बीना चुदाइ रहा.. तीन चार दिन अपनी बहेन सायराकी चुत नही मीली.. तब अ‍ेक बार फीर कादीरको अपनी मां जरीनाको चोदनेकी इच्छा प्रबल होगइ..

तो उस रात हींमत करके देर रात सब लोग सोगये तब कादीर धीरेसे छतसे उतरकर नीचे आगया.. ओर सायरा सबानाके रुमकी ओर देखने लगा.. तो दरवाजा बंध था.. तब वो धीरेसे जरीनाके रुमकी ओर चला गया.. ओर दरवाजेको धीरेसे धका मारते देखता हे.. की दरवाजा खुला हेकी नही.. तभी अ‍ेकही धकेसे दरवाजा खुल गया.. तब जरीनाभी सो रहीथी.. ओर कादीर अंदर जाकर धीरेसे दरवाजा बंध करदेता हे..

तभी जरीना भी कादीरके खयालोमे कच्ची नींदमे थी.. तो दरवाजेकी आहट सुनकर आंख खोलकर देखने लगी.. तब कादीर अंदर आकर उनके रुममे आकर दरवाजा बंध कर रहाथा.. तो जरीनाके दिलकी धडकन बढने लगी.. आज उसे अपने मनकी मुराद पुरी होते नजर आइ.. वो मनही मन खुस होने लगी.. लेकीन अपने मां बेटेके रीस्तोको लेकर डरनेका नाटक करने लगी..

जब कादीर उनके बेडके पास आगया.. तब जरीना गभराते बेडपे अपने दोनो पेर सीकुडकर बैठ गइ.. ओर डरनेका नाटक करते कादीरकी ओर देखते उनसे थोडी दुर खीसकने लगी.. तो कादीरने बीना कुछ बोले अपने सर्टको नीकाल दीया.. फीर अपनी पेन्ट खोलते जरीनाको कंधेसे धका मारते फीरसे बेडपे सुला दीया.. तो जरीना अ‍ैसेही लेटे कादीरकी सब हरकत देखने लगी..

तभी कादीर पेन्ट नीचे करते अपने फन फैलाये खडे ओर तने हुअ‍े लंडको बहार नीकाल देता हे.. जरीना अ‍ैसेही लेटे कादिरके लंडको टेडी नजरसे देखने लगी.. तभी कादीर उनकी सारी ओर पेटीकोटको खीचकर नीकालने लगा.. तो जरीना कादीरकी ओर देखते उसे हल्कासा विरोध जताते रोकने लगी.. तब कादीर जबरदस्तीसे उनकी पेन्टी ओर ब्राको खीचने लगा.. तबभी जरीना उसे बीना कुछ बोले हाथसे रोकनेका नाटकर करती रही..

दोनोही बीना सब्द बोले अ‍ेक दुसरेकी ओर देखते थोडी देर अ‍ेक दुसरेके साथ हाथ पांव चलाते रहे.. जबभी कादीर जरीनाके होठोको चुमनेकी कोसीस करता.. तब जरीना अपना मुह इधर उधर करते कादीरको होठ चुमनेसे रोकती.. ओर उनके चहेरेको हाथसे हटाने लगती.. तब कादीर उनके सख्त बडे उरोजोको मुहमे लेकर चुसने लगता.. तो जरीना अ‍ेक हाथसे अपने उरोजोको कवर करते कादीरको अपने बुब्ससे हटा देती..

लेकीन जरीना विरोधमे अ‍ेक सब्द भी नही बोल रहीथी.. ओर नाही उनकी आंखोमे कादीरके लीये कोइ विरोध था.. वो बस.. नीसब्द कादीरकी ओर देखती रहेती.. आखीर थोडी मस्ककस के बाद जरीनाका विरोध लेस मात्र रेह गया.. ओर वो लगातार कादीरकी आंखोमे देखती रही.. आखीर कादीरने जरीनाको पुरी तराह नंगी करदीया.. ओर जरीनके दोनो पैरोको फैलाकर पैरोके बीच बैठ गया..

तब जरीनाने कादीरकी ओर देखते अपने दोनो हाथ लैटेही अपनी चुतपे रख दीया.. तो कादीर अपने लंडको मुठीमे पकडकर हीलाते जरीनाकी आंखोमे प्यार भरी नजरोसे देखने लगा.. तब जरीना बहुतही सर्मसार होने लगी.. वो कादीरसे नजरे नही मीलापाइ.. ओर दुसरी ओर मुह करते अपनी नजरको चुका लेती हे.. ओर धीरेसे अपने दोनो हाथोको अपनी चुतसे हटा लेती हे.. जैसे कादीरको चोदनेके लीये मुक सहमती दे रही हो..

तब कादीर अपना लंड जरीनाकी चुतपे घीसने लगता हे.. तो जरीनाकी चुतसे पानीका रीसाव होने लगा.. ओर वो सरमाते इधर उधर मुह करती रही.. ओर कादीरके आखरी दावका बडेही बेसब्रीसे इन्तजार करने लगी.. कादीर जरीनाकी चुतपे लंडको रगडने लगा.. तब कुछही देरमे कादीरका लंड पुरी तराह गीला हो गया.. ओर कादीरने धीरेसे जरीनाकी चुतमे लंडको पुस करते चुतके लव होलमे फसा दीया..

तब जरीना बहुतही उतेजीत होगइ.. उनके तनमे सरसे पांव तक अ‍ेक बीजलीसी लहेर दोड गइ.. वो मनही मन चाहने लगीकी कादीर जटसे उनकी चुतमे पुरा लंड घुसादे.. ओर उसे पुरी तराह चोद चोदके मसलदे.. लेकीन अपने मनकी अ‍ेकभी इच्छा अपने चहेरेपे जाहीर नही होने दे रही थी.. आज उसे कादीरकी हर हरकते अच्छी लग रहीथी.. वो कादीरके लंडकी दिवानी हो चुकी थी..





तभी कादीर जरीनापे जुकते उनके उपर लेट गया.. तो आज जरीनाने कोइ प्रतीक्रीया नही दी.. वो अपना मुह साइडमे करके अ‍ैसेही लेटी रही.. ओर कादीरने अ‍ेकही जटकेमे पुरा लंड जरीनाकी चुतमे उतार दीया.. तो जरीना खुद अपने मुहपे हाथ रखते चीलाइ.. ओर अपनी कमर हीलाते छटपटाइ.. तभी कादीर हाथके बल उचा होकर जोरोसे कमर हीलाते जरीनाको चोदने लगा..

तो जरीना आंख बंध करते छटपटाते अपना मुह इधर उधर करते कादीरसे चुदवाने लगी.. जरीना मनही मन कादीरसे चुदवाते बहुत खुस हो रहीथी.. लेकीन अपने चहेरेपे अपनी खुसी जाहीर नही होने दे रहीथी.. फीरोजके लंडसे कादीरका लंड थोडा मोटा था.. तो जरीना कादीरके बडे लंडकी दिवानी हो चुकी थी.. लेकीन जरीनाको ये नही पताथा की कादीरके लंडसे भी बडा ओर मोटा लंड होता हे.. जो इनकी चुतका इन्तजार कर रहा हे..





कादीर जरीनाको चोदते उनके होठोको चुमनेकी कोसीस करता.. तो जरीना अपना मुह इधर उधर करते अपने होठोको छुनेसे रोकती.. कादीर बडेही जोरोसे कमर हीलाते जरीनाको चोद रहाथा.. तब जरीनाकी काम वासना ओर बढ गइ.. तब वो हल्केसे धीरे धीरे सीसकारीया करते कादीरसे कोइ प्रतीक्रीया दीये बगैर चुदवाने लगी.. आज अ‍ेक बार फीर कादीरने उसे जडा दीया.. तब उनका मन कर रहाथा की वो जडते समय कादीरको जोरोसे अपनी बाहोमे भीचले..
 
लेकीन जरीना कादीरको अपना प्यार जताना नही चाहती थी.. कादीरको अपने लंडपे जरीनाके जडनेसे गरम महेसुस हुआ.. फीर भी कादीर उनकी धमासान चुदाइ करता रहा.. जरीनाके दोनो बु्ब्स कादीरके हर धके के साथ तालमेलमे उछल रहेथे.. कादीरकी चुदाइने जरीनाको ओर कामातुर कर दीयाथा.. तब कुही देरकी घमासान चुदाइके बाद अ‍ेक बार फीर कादीरने जरीनाकी चुतको भरके हरी भरी करदी..

तो जरीनाभी उतेजीत होकर कांपने लगी.. ओर कादीरके साथ ही वापस जड गइ.. तब कादीर जरीनाके उपरसे उतर गया.. ओर अपना लंड साफ करके उसने अपने कपडे पहेनने लगा.. तब जरीना लेटेही अपने नीकरसे चुतको साफ करने लगी.. उनके चहेरेपे पुरी तराह संतुस्टीके भाव नजर आ रहेथे.. लेकीन कादीर कपडे पहेनकर जरीनाकी ओर ना देखते धीरेसे दरवाजा खोलकर वापस छतपे चला गया ओर सो गया..

तब जरीना अबभी चुतमे मीठासा दर्दके साथ बेडपे नंगीही लेटी हुइ थी.. आज कादीरने अ‍ेक बार फीर जरीनाके अ‍ेक अ‍ेक अंगको चोद चोदके हीला दीया था.. उनका पुरा बदन दर्द कर रहा था.. जरीना यही प्यारतो चाहती थी.. लेकीन अपने प्यार जतानेकी सबसे बडी दिवार आपसमे मां बेटेके रीस्तेकी थी.. कादीरने उसे दुसरी बार चोदकर फीरसे पुरी तराह संतुस्ट करदीया था..

अब जरीनाका कादीरसे चुदवानेका विरोध नामके बराबर रहे गयाथा.. क्युकी ये जरीनाकी जींदगीमे दुसरी बारथा.. जो वो कादिरसे चुदवाते दो दो बार जडी हो.. अ‍ैसा उनके पती फीरोजके साथ कभी नही हुआ था.. ओर कइ बारतो फीरोज उसे प्यासी भी रख देता था.. तब वो बाथरुममे जाकर अपनी उंगलीसे संतुस्ट होजाती थी.. लेकीन जरीनाको क्या पता.. आने वाले दिनोमे उनकी जींदगीमे कीतना बडा भुचाल आयेगा..

जरीनाने पहेली बार कादीरसे भलेही मजबुरीमे चुदवालीया था.. लेकीन जब अ‍ेक बार चुदवा लीया.. तब वो कादीरकी ओर काफी ढल चुकीथी.. क्युकी जो सुख उसे अपने पतीसे नही मील पाया वोही सुख उनके बेटेसे मील रहाथा.. ओर आज उसे कादीरने दुसरी बार चोद लीयाथा.. तब जरीना अब हमेसाके लीये कादीरसे चुदवानेका मन बना चुकी.. उसने अब मनही मन ठानलीकी अब वो कादीरको चोदनेके लीये कभी मना नही करेगी..

कादीनने जब दुसरी बार उनकी मां जरीनाको चोद लीया.. तब उनकी हिमंत भी ओर बढ गइ.. फीरतो आये दिन अ‍ैसा होने लगा.. जबभी उनको जरीनाको चोदनेकी इच्छा होती.. ओर फीरोजकी नाइट सीफ्ट होती तब वो देर रात जरीनाके कमरेमे चला जाता.. ओर उनकी जमकर चुदाइ करके वापस छतपे आकर सो जाता.. तब जरीना अ‍ैसेही सीथील रहेकर बीना कोइ प्रतीक्रीया दीये बगैर कादीरसे चुदवा लेती..





जब फीरोजकी दिनकी पारीकी वजहसे कादीरको रातमे मौका नही मीलता.. तब वो सुबह कोलेजमे दो पीरीयड बंक मारके घरपे आजाता.. तब जरीना कभी कीचनमे खाना बना रही होती तब कादीर उसे वही जुकाकर खडे खडे चोद लेता.. या फीर कभी उनको गोदमे उठाकर बेडरुममे लेजाता.. ओर उसे घीडी बनाकर पीछेसे पेल देता.. अब हप्तेमे कमसे कम कादीर दो तीन बार जरीनाकी चुदाइ करने लगा..













ओर जरीनाभी बीना कोइ प्रतीरोध कादीरसे चुदवाने लगी.. लेकीन आज भी दोनो चुदाइ करते कुछ भी नही बोलते.. ओर जरीना चुपचाप कादीरसे चुदवा लेती.. क्युकी कादीर उसे चोदकर दो दो बार जडाते उसे पुरी तराह संतुस्ट कर देताथा.. जब दोनो जड जाते तब कादीर उनसे कोइ बात कीये बगैर चला जाता ओर जरीना अपने रुटीन कामपे लग जाती.. जरीनाका अ‍ैसेही हसी खुसीसे दिन बीतने लगे.. दिनसे महीने ओर महीनेसे साल होगये..

अबतो जरीनाभी चुदवानेके मामलेमे कादीरसे काफी खुल चुकीथी.. जब घरपे कोइ ओर नही होता.. ओर जरीनाको कादीरसे चुदवानेकी इच्छा होती.. तब वो कादीरको बीना कुछ बोले अपने रुमकी ओर आंखोसे इसारा करते रुममे चली जाती.. ओर कपडे नीकालकर अपने दोनो पैर फैलाकर बेडपे लेट जाती.. तब कादीर उनकी रुममे आकर चुदाइ कर लेता.. ओर दोनो संतुस्ट होजाते तब अपने अपने कपडे पहेन लेते..

जबभी कादीर जरीनाको चोद लेता तब वो आइपील लेना कभी नही भुलती.. आज जरीना ओर कादीरके रीलेशनको तीन साल हो चुकेथे.. इन तीन सालमे आजतक सायराको कादीर ओर उनकी मां जरीनाके बीच अवैध रीस्तोके बारेमे पता नही चला.. तो जरीनाको भी कादीर ओर उनकी बहेन सायराके बीच जीस्मानी रीस्तोके बारेमे कभी पता नही चला..

जरीना ओर सायरा दोनोही अपनी सेफ्टीका पुरा खयाल रखती.. जबभी कादीर उनको चोद लेता दोनो आइपील लेना कभी नही भुलती.. लेकीन दोनोको ही पता नही थाकी कादीर अपनी कुछ बुरी आदतकी वजहसे दोनोको प्रेगनेन्ट करनेमे सक्षम नही था.. जरीनाको आज तक पता नही चलाकी उनकी बेटी सायरा कबकी कादीरकी बीवी हो चुकी हे..

आज कादीर अपनी इन्जीनीयरींगकी पढाइ पुरी करके अ‍ेक बडीही कंपनीपे बतौर अ‍ेन्जीनीयर नइ नइ जोबपे लग गयाथा.. तब फीरोज ओर जरीनाको कादीरसे अ‍ेक उमीद जगने लगी.. की अब अपने घरकी परीस्थीती बदल जायेगी.. यही सोचकर दोनो मीया बीवी बहुतही खुस थे..

तो सायराभी अपने कोलेज खतम करके घरपे अपनी मम्मीका हाथ बटा रहीथी.. तो सबानाभी डोक्टरकी कोलेजके लास्ट यरमे थी.. ओर अगले साल मास्टर करनेके लीये बेंगलोर पढने जाने वाली थी.. जीसके लीये उसे अभीसे बाराह लाख रुपीये फीसके लीये इन्तजाम करना था..

कहेते हेने जब घरकी कीस्मत बदलने वाली होती हे.. तब वो कीसीका इन्तजार नही करती.. यही अब फीरोजके घरपे हुआ.. तीन तीन साल तक कादीर उनकी मां जरीना ओर सायराकी चुदाइ करता रहा.. तब जाहीर सी बात हे दोनोके तनमे काफी बदलाव आ चुकाथा.. जरीना ओर सायराके चहेरेपे अब काफी नीखार आ चुकाथा.. जरीनातो पहेलेसे ही सादी सुधा थी.. तो वो औरत जैसे दीखेगी ये जाहीर सी बात हे..

लेकीन फीरभी वो पहेलेसे कइ गुना ज्यादा आकर्सक ओर कामातुर हो चुकीथी.. तो आजकल सायराभी अ‍ैक औरत जैसी दीखने लगीथी.. कादीरसे चुदवाकर उनके दोनो बुब्स अ‍ेक ओरतकी तराह बडे होगये थे.. उनके दोनो नीतंब भी पहेलेसे काफी बडे ओर भरावदार होचुके थे.. ओर उनका पुरा तन अ‍ेक सादी सुधा ओरतकी तराह काफी भरावदार दीख रहाथा.. उनका चहेराभी काफी खीला हुआ लग रहाथा..

ओर ये बात जरीना कही दिनोसे नोटीस कर रहीथी.. पहेलेतो जरीनाको सायराके उपर सीर्फ सक था.. लेकीन वोभी अ‍ेक ओरत थी.. ओर लडकीसे ओरत बननेके कारणको अच्छी तराह जानती थी.. तब उसे पुरा यकीन होगयाकी सायरा अब ओरत बन चुकी हे.. ओर उनका कीसीके साथ जीस्मानी तालुकात हे.. लेकीन कीसके साथ..? ये बात जरीना पता नही लगा पाइ.. ओर इसके लीये वो सायराके उपर कइ दिनोसे नजर रख रहीथी..

लेकीन सायरा हेकी कही हाथमे ही नही आती थी.. उनका बहारभी कीसीके साथ रीस्ता नही दीख रहाथा.. वो सारा दीन घरपे ही रहेती थी.. अगर बहार जानाभी होता तो सायरा सबानाके साथ.. उनके साथ.. या फीर कादीरके साथही जाती.. तो दुसरी ओर सायराकोभी पता चल गया थाकी उनकी मम्मीको उनपे सक हो गया हे.. तो वो भी मानसीक तौरपे घरसे भाग जानेकी पुरी तैयारीया करके बैठी थी..

तभी अ‍ेक दिन फीरोजके घरपे कोइ नही था.. फीरोज ओर कादीर अपनी नोकरीपे जा चुकेथे.. तो सबानाभी अपने कोलेजमे थी.. तो सायरा अपनी अ‍ेक सहेलीके घरपे गइ हुइथी.. तब ही जरीना सारे घरकी अच्छेसे सफाइ कर रहीथी.. आज सायराकी कीस्मत खराब थी जो जरीना उसीके कमरेकी सफाइ कर रहीथी.. जरीना अपने तीनो बच्चोकी अलमारी अच्छेसे साफ कर रहीथी.. ओर बादमे पुरा कमरा साफ करने वाली थी..

तभी उसे कादीरकी अलमारी साफ करते अ‍ेक छुपा हुआ बोक्ष मीला.. तो उसमे ढेर सारे कोन्डम जरीनाके हाथ लग गये.. तब पहेलेतो वो खुब सरमाइ ओर मुस्कुराते कोन्डमके बोक्षको वापस रख देती हे.. क्युकी कादीर अक्सर उनको कोन्डम लगाकर चोदता था.. उसे पता था कादीरभी उनकी सेफ्टीका पुरा खयाल रखता हे.. फीर वो सायराकी अलमारी साफ करने लगी.. तब साफ करते करते अ‍ेक बोक्ष देखकर वो बुरी तराह चोंक गइ..
 
क्युकी इन बोक्षमे ढेर सारी आइपीलकी स्ट्रीप ओर पेइन कीलरकी स्ट्रीप थी.. तब जरीनाका गुस्सा सातवे आसमानपे चला गया.. ओर वो वही सायराको गालीया देने लगी.. ओर सब गोलीया अपने पास रखली.. तब उसे अ‍ेक बारतो सबानापे भी सक हुआ.. ओर वो उनकी अलमारीभी खंगालने लगी.. लेकीन उसे सबानाकी अलमारीसे कुछ हाथ नही लगा.. तब उसने राहतकी सांसली..

ओर जरीना रुमकी सफाइ करके सब गोलीया लेकर अपने रुममे आगइ.. ओर बेडपे बैठकर सोचने लगी.. की सायराको इतनी सारी गोलीयोकी जरुरत क्यु पडी..? तब जरीनाको पुरा यकीन हो गयाकी सायराका कीसीके साथ जीस्मानी तालुकात हे.. लेकीन सायरा कही बहारतो अकेली नीकलती नही..? यातो उनके साथ या फीर कादीरके साथ ही बाजार जाती हे..

तो कही कादीरके साथ तो सायराका रीलेशन नही..? तब उसे सायरा ओर कादीरको लेकर मनमे बुरे खयाल आने लगे.. वो सोचने लगीकी अगर कादीर अपनी मांके साथ जीस्मानी तालुकात रखते उनको चोद सकता हे.. तो फीर अपनी बहेनको क्यु नही..? ओर जरीनाने उसी वक्त दोनोके उपर नजर रखनेकी ठानली.. ओर यही मौका उसे उसी दिन मील गया..

कादीरने कलही जरीनाको दिनमे चोद लीया था.. क्युकी आजसे फीरोजकी नाइट सीर्फ सुरु होने वाली थी.. तो अब कादीर दो तीन दिनके बाद कभीभी रातमे जरीनाके पास उनको चोदनेके लीये आ सकता था.. जब सामको फीरोज फेक्टरीपे चला गया तब सायरा सबाना ओर कादीर जरीना चारो अपने डीनरके लीये साथ बैठेथे.. तब जरीना बार बार कादीर ओर सायराकी ओर संकासे देख रहीथी.. ओर हुआभी यही..

जब चारो खाना खा रहेथे तब कारीद सबकी नजर बचाते सायराको इसारोसे देर रात उपर छतपे आनेके लीये केह रहाथा.. तो सायराभी सरमाते आंखोके इसारा करते हां मे गरदन हीलाती हे.. तब उन दोनोको नही पताथाकी उनकी मां जरीना टेडी नजर करते दोनोके इसारोको देख रही हे.. बस वही सबकी जींदगीका टर्नींग पोइन्ट था.. जरीना अपने बेटेके सातीर दिमागके सभी हथकंडे जानती थी..

जब सबने डीनर करलीया तब कादीर छतपे सोने चला गया..ओर सायरा सबाना मीलकर जरीनाकी काम करनेमे मदद करने लगी.. सब काम खतम होगया तो सबाना सायराभी सोने चली गइ.. तब जरीना भी दीखावेके लीये अपने रुममे चली गइ.. जब सायराने अपने रुमका दरवाजा बंध करलीया तब जरीना धीरेसे बहार आगइ.. ओर अपने रुमका दरवाजा बंध करके कीचनमे अंधेरा करके फ्रीजके पीछे छुप गइ..

जब सबाना नींदकी आगोसमे चली गइ तब सायरा धीरेसे उठकर बहार नीकल गइ.. ओर आहीस्तासे अपने रुमका दरवाजा बहारसे बंध करदीया.. तब दरवाजेकी आहट सुनकर जरीना चोकनी होगइ.. तभी सायराने अपने मम्मीके रुमके पास आकर देख लीया.. की दरवाजा बंध हेकी नही.. फीर वो दबे पाव धीरेसे सीडीया चडकर उपर चली गइ.. तो कुछ देरके बाद जरीनाभी धीरेसे कीचनसे नीकलकर दबे पांव उपर जाने लगी..

उपर छतपे कादीर बेसब्रीसे सायराका इन्तजार कर रहाथा.. जैसेही सायरा उनके बीस्तरमे आगइ कादीरने सायराको अपनी बाहोमे भीचलीया.. ओर उनके चहेरेको पागलोकी तराह चुमने लगा.. तबतक जरीनाभी सीडीयोके पास छुपकर खडी होगइ.. ओर वहासे थोडासा मुह बहार नीकालकर उन दोनोकी हरकत देखने लगी.. तब कादीर सायराको अपनी बाहोमे भरके उनके होठोको चुम रहाथा..

ये देखकर ही जरीना चौंक गइ.. ओर उनकी आंखोसे आंसु नीकलने लगे.. क्युकी उसे अ‍ैसा लगने लगाकी कादीरने उसे धोखा देदीया हे.. तब दुसरे ही पल उनको कादीर ओर सायरापे बहुत बहुत गुसा आने लगा.. लेकीन वो वहा खडी रहेकर देखना चाहती थीकी दोनो कीस हद तक जाते हे.. तभी कादीर सायराको नंगी करके उसे सुला देता हे.. ओर खुदभी नंगा होकर सायराके बुब्स चुमते नीचेकी ओर सरक जाता हे..

वो सायराकी चुतको चाटते उनके भग्नसाके साथ खेलने लगता हे.. तब सायरा पागल जैसी होने लगी.. ओर छटपटाते अपनी कमर उछालने लगी.. तब अ‍ेक बारतो जरीनाकी काम वासना भी बढ गइ.. ओर वो अपनी चुतपे हाथ रखते दोनोकी हर कत देखने लगी.. तब कुछही देरके बाद सायराभी कादीरका लंड मुहमे लेकर चुस रहीथी.. जरीनाको ये सब देखकर बडीही घीन आ रहीथी..





भलेही जरीनाने कादीरके साथ कीतनी भी बार चुदवालीया हो.. लेकीन उसने आज तक कादीरको अपने दोठो.. ओर अपने उरोजोसे दुर रखाथा.. ओर वो देखती रही की कैसे उनकी बेटी अ‍ेक रंडीकी तराह अपने भाइका लंड चुस रही हे.. तभी सायरा पीठके बल अपने दोनो पैर फैलाकर लेट गइ.. तब कादीर उनके पैरोके बीच आगया.. वो अपने लंडपे कोन्डम पहेनने लगा..

फीर सायराके उपर जुकते अपना लंड चुतपे सेट करते उनपे लेट गया.. ओर अ‍ेकही जटकेमे पुरा लंड सायराकी चुतमे घुसा दीया.. तब सायराके मुहसे हल्कीसी चीख नीकल गइ.. ओर उसने कादीरको जोरोसे अपनी बाहोमे भीच लीया.. तबकादीर कमर हीलाते सायराको चोदने लगा.. ओर कुछही देरमे दोनोके बीध घमासान चुदाइ होने लगी.. ओर जरीना उनके पास जानेके बजाये अपनी चुतको सहेलाते दोनोकी चुदाइ देखती रही..





पता नही क्यु आज जरीनाको सायरासे बहुतही ज्वेलेसी फील होने लगी.. वो सायराको अपनी दुस्मन मानने लगी.. जैसे सायराने उनके बेटे कादीरको उनसे छीनलीया हो.. तब कुछही देरके बाद कादीर सायराकी चुतको भरते जडने लगा.. तब सायराने भी कादीरको जोरोसे अपनी बाहोमे भीचलीया था.. ओर उनके साथ लीपलोक करते वो खुद जड रहीथी.. ओर कादीरकी पीठको सहेला रहीथी.. तभी जरीना दोनोके पास आकर खडी होगइ..

तो कादीर अबभी सायराकी चुतमे लंड डालकर उनके उपर लेटा हुआथा.. तब सायराकी नजर जरीनाके उपर पड गइ.. जो उनके पासही अदब लगाते गुस्सेसे सायराकी ओर देख रहीथी.. तब सायराकी गांड फटने लगी.. ओर वो मम्मी.. कहेते जटसे कादीरको अपने उपरसे धका मारते हटा देती हे.. ओर फटाफट अपनी चुतको साफ करते अपने कपडे पहेनने लगी.. तब मम्मीका नाम सुनते कादीरभी जरीनाको देख लेता हे..

ओर वोभी सरमाकर अपने कपडे पहेनने लगा.. जब दोनोने कपडे पहेन लीये तब दोनो ही सर्मसार होते अपनी नजरे जुकाये खडे रहे.. तभी जरीनाने कुछ बोले बगैरही कादीरके गालपे अ‍ेक तमाचा जड दीया.. तब सायराकी आंखसे आंसु नीकलने लगे.. ओर वो जरीनाको कुछ कहेना चाहे उनसे पहेलेही जरीनाने अ‍ेक जोरोका तमाचा सायराके गालपे जड दीया.. ओर सायराको चुप.. कहेते उनके सामने गुस्से देखने लगी..

कादीर : (गभराते सामने देखकर) मोम.. हम दोनो.. प्यार..

जरीना : (अ‍ेक ओर तमाचा मारते जोरोसे) चु..प.. अ‍ेकदम चुप.. बेसरम कहीका.. कभी भाइ बहेनके बीच प्यार हो सकता हे..? हंम..? क्या उस दिन इसी लीये तुम मुजसे पुछ रहेथेनां..? हंम..?

कादीर : (थोडी सखतीसे) हां.. इसीलीये पुछ रहाथा.. जब आप बडे भाइ बहेनके बीच सादी कर सकते हे.. तो हम प्यारभी नही कर सकते..? आप ओर बडी अम्माभी तो हमारे अबु पापाकी रीस्तेमे बहेन हो.. अगर हमने प्यार कीया तो कोनसी गलतीकी..?

जरीना : (सखतीसे) कमीने.. हम उनकी सगी बहेने नही हे.. समजे..? तो हमारेमे ये सादीया हो सकती हे.. कभी कीसी सगे भाइ बहेनको नीकाह करते देखा हे..? मुजसे जुबान लडता हे.. (सायराकी ओर देखते) ओर कमीनी.. तु यहा खडी खडी क्या बाते सुन रही हे.. जा मेरे रुममे जाकर बैठ.. मे अभी आती हु.. मुजे तुमसेभी बात करनी हे.. जा..

कहातो सायरा आंसु बहाते दोडकर नीचे चली गइ.. ओर भारी मनसे अपनी मम्मीके रुममे दरवाजा खोलकर उनके बेडके उपर बैठ गइ.. आज कादीर ओर सायराकी सब पोल उनकी मम्मीके सामने खुल चुकीथी.. तब सायराने अपनी मम्मीको सबकुछ सच बतानेका फैसला करलीया.. ओर वो अपने आंसु पोछते अपने रुममे चली गइ.. ओर अपना नीकाहनामा लेकर वापस अपनी मम्मीके रुममे आगइ.. तभी उपरकी ओर..
 
जरीना : (धीरेसे) कादीर.. तुमने अ‍ैसा क्यु कीया..? हंम..? क्या तेरी हवस मीटानेके लीये तुजे तेरी मां कम पड गइ थी..? जो अब अपनी बहेनके साथभी अपना मुह काला करने लगा.. हंम..? क्या मुजे बता सकता हे.. तुम दोनोके बीच ये सब कीतने दिनोसे चल रहा हे..?

कादीर : (नजरे जुकाये) मोम.. जाने दिजीयेना.. हमसे गलती होगइ..

जरीना : (आंसु बहाते धीरेसे) नही कादीर.. इसे तुम गलती कहेते हो..? ये गलती नही हे.. ये गुनाह हे.. मेने तेरे साथ क्या क्या सपने नही सजाये थे..? मेरे दिलमे हम दोनोको लेकर कीतने अरमान थे.. मे येभी भुल चुकी थी.. की तु मेरा बेटा हे.. मे तुमसे खुलकर केह भी नही सकतीकी मे तुमसे कीतना प्यार करती हु.. मेने तेरी हर तम्मना पुरीकी.. ओर आज तक करती आइहु.. मेने तुजे प्यार करनेके लीये कभी मना नही कीया.. जानता हे क्यु..? क्युकी मेने तुजे मनही मन अपना पती मानलीया था.. कादीर.. आज तुमने मुजे धोखा दे दीया..

कादीर : (पांव पकडते) नही मोम.. मुजे नही पताथाकी आप मुजे इतना चाहती थी.. बस अ‍ेब बार बता दीया होता.. मे अ‍ैसी गलती अब दुबारा कभी नही करुगा.. मोम.. बस अ‍ेक बार हमे माफ करदो..

जरीना : (आंसु बहाते) नही कादीर.. मेरे लीये मेरा फीरोजही ठीक हे.. ओर हां.. आजके बाद तुम इस तनको हाथभी मत लगाना.. मुजे तुमसे घीन आती हे.. मे तुम्हारी सकलभी देखना नही चाहती.. लेकीन तुजे जानेके लीये भी नही केह सकती.. वरना मेरी सबानाका सभी सपना टुट जायेगा.. जा सोजा.. अब मुजसे कभी बात मत करना..

कहेते जरीना आंखोमे आंसु लीये नीचेकी ओर जाने लगी.. तब सीडीयोके बीच खडी रहेकर अपना चहेरा अपने हाथोमे छुपाकर दबी आवाजमे रोने लगी.. वो वहा काफी देरतक रोती रही.. आज उनके सभी सपने चकनाचुर हो गयेथे.. जो उसने कादीरको लेकर देखे थे.. ओर वो भारी मनसे आंसु पोछते नीचे अपने रुममे आगइ.. तब सायरा बेडपे बैठकर उनका इन्तजार कर रहीथी.. तो जरीनाको देखतेही खडी होगइ.. ओर जरीनाने रुमका दरवाजा बंध करदीया..

जरीना : (बेडपे बैठते) सायरा.. बैठजा इधर.. ओर अब मे जोभी पुछु.. मुजे सबका सच जवाब चाहीये.. अगर सच नही बताया तो तुजे तेरे अबु ओर तेरी मोमकी कसम..

सायरा : (बेडके कोनेमे बैठते सांत लहजोमे) जी मोम.. कहीये.. मे सब सचाइ बता दुगी..

जरीना : (सामने देखते) सायरा.. सच बताना ये सब तुम दोनोके बीच कबसे चल रहा हे..?

सायरा : (नजरे जुकाते) मोम.. पीछले तीन सालसे पहेले.. जब हम दोनो स्कुलमे पढते थे..

जरीना : (चोंकते धीरेसे) व्होट..? क्या तबसे तुम दोनोके बीच फीजीकर रीलेशन हे..?

सायरा : (सरमाते धीरेसे) येस मोम.. मोम.. हम दोनो अ‍ेक दुसरेको बहुत प्यार करते हे..

जरीना : (फीकी मुस्कानसे) प्यार..? क्या अपने तनकी प्यास बुजानेको तुम प्यार कहेती हो..? मेने आज देखा तुम दोनोका प्यार.. तभी मे सोचु तेरे सरीरमे इतना बडा बदलाव कैसे आगया..? जो अ‍ेक सादी सुधा औरतमे दीखता हे.. तभी तो तुजे इतनी आइपीलकी जरुरत पडती हे.. क्या ये सच हेनां..?

सायरा : (हिंमत जुटाते धीरेसे नजर जुकाते) मोम.. बुरा मत मानना.. मे अब सादीसुधा औरत ही हु.. मेने ओर भाइने तीन साल पहेलेही नीकाह करलीया हे.. अब मे भाइकी बाकायदा बीवी हु..

जरीना : (फीरसे चोंकते) व्होट..? तुम दोनो पागल तो नही होगये..? क्या कभी सगे भाइ बहेनके बीच सादीया होती हे..? कहेदो ये सब जुठ हे.. तुम जुठ बोल रही हो..

सायरा : (नीकाहनामा देते) नही मोम.. मे सच केह रही हु.. ये रहा हम दोनोका नीकाहनामा.. आप देख लीजीये.. हमने तीन साल पहेलेही नीकाह करलीया हे.. प्यारतो हम बहुत पहेलेसे ही कर रहेथे.. लेकीन हमने नीकाह तब कीया.. जब आप ओर पापा बडे अबुकी तबीचत देखने गांव गयेथे.. तबही हम दोनो पहेली बार फीजीकल मीलेथे.. तबसे हम दोनो यहा मीया बीवीकी तराह रहेते हे.. मोम.. अब मे भाइकी बीवीहु.. हमे कोइ जुदा नही कर सकता.. आप ओर पापाभी नही..

जरीना : (नीकाहनामा देखतेही अपना सर पकडते) या खु--.. सायरा ये तुमने क्या कीया..? तुम दोनोने तो हमे कहीका नही छोडा.. अबतो तुजे सब समजाना बेकार हे.. जा दुर होजा मेरी नजरोके सामनेसे..

कहातो सायरा अपने आंसु पोछते अपना नीकाहनामा लेकर अपने रुममे चली गइ.. तब जरीना रुमका दरवाजा बंध करके बेडपे लेटे आंसु बहाने लगी.. आज कादीर ओर सायराने उनका दिल तोड दीयाथा.. तब दुसरी ओर सायराभी आंसु बहाते अपने रुममे आगइ.. ओर बेडपे लेटते सोचने लगीकी अब क्या करे..? तभी उसे कुछ खयाल आया.. ओर वो वापस उठकर उपर कादीरके पास चली गइ..

कादीर : (सायराको देखतेही) सायरा.. वापस क्यु आइ..? क्या कहा मोमने..? हंम..?

सायरा : (धीरेसे बाहोमे समाते) भाइ.. मेने मोमको हमारी सभी सचाइ बतादी.. मेने केह दीयाकी हम दोनोने नीकाह करलीया हे.. तो अब हमे कोइ जुदा नही कर सकता..

कादीर : (पीठ सहेलाते) सायरा.. तो फीर क्या कहा मोमने.. वो कुछ बोली नही..?

सायरा : नही भाइ.. जब मेने नीकाहनामा दीखाया तब कुछ कहेनेको बचाही नहीथा.. भाइ उसने मुजे कहा दुर होजा मेरी नजरोके सामनेसे.. तो भाइ.. अब हम दोनोका यहा रहेना बेकार हे.. अब वक्त आगया हे हमे ये घर छोडकर जाना होगा.. भाइ.. अपने दोस्तको फोन करदो.. हम उनके फ्लेटमे चले जाते हे.. फीर हम कही हमारे रहेनेका इन्तजाम करलेगे..

कादीर : हां सायरा.. मोमने मुजेभी अपनी सकल नही दीखानेको कहा हे.. चलो.. तुम जानेकी तैयारीया करो.. मे दोस्तसे बात करलेता हु.. हम अभी नीकल जाते हे..

ओर सायराने कादीरको अपने दिलकी बात बतादी.. जब कादीरने हां कहा तो सायरा फटाफट नीचे आगइ.. ओर अ‍ेक बेग लेकर धीरेसे आवाज ना करते अपने ओर कादीरके कपडे भरने लगी.. तबतक कादीरभी देर रात अपने अ‍ेक दोस्तको फोन करके बता देता हे.. ओर उनके खाली पडे फ्लेटका इन्तजाम कर लेता हे.. जीस फ्लेटमे कादीर ओर सायरा कइ बार जाकर चुदाइ कर चुके थे.. ओर कादीर नीचे आगया..

तब सायरा जानेसे पहेले अ‍ेक जरीनाके नाम चीठी लीखकर टेबलपे छोडदी.. ओर बेग लेकर बहार कादीरका इन्तजार कर रहीथी.. जब कादीर आया तो बाइक चालु कीये बीना कुछ दुर तक चलता गया.. फीर बाइक लेकर दोनोही घरसे नीकल गये.. जब सुबह जरीना ओर सबाना जागे.. तब सबानाके हाथ सायराकी चीठी हाथ लग गइ.. जो वो टेबलपे छोडकर गइथी.. तो सबाना उसे पढतेही रोने लगी..

ओर जटसे आकर चीठीको जरीनाको देती हे.. तब जरीनाभी पढतेहही चीठी लेकर वही आंसु बहाते नीचे बैठ गइ.. तब कुछही देरके बाद फीरोजभी अपनी नोकरीसे वापस आगया.. तब जरीनाने उसे सारी बात बतादी ओर चीठी फीरोजको देदी.. तब फीरोज चीठी पढतेही आग बबुला हो गया.. ओर इधर उधर फोन करते दोनोको ढुंढनेकी कोसीस करने लगा.. लेकीन दोनोका कहीसे पता नही चला ओर कादीरका फोनभी स्वीच ओफ आ रहाथा..

सबानाको अपने डोक्टर बननेके सभी सपने चकनाचुर होते नजर आने लगे.. तब वोभी आंसु बहाते बैठी रही.. अ‍ेक पलतो फीरोज ओर जरीनाको लगाकी पुलीसमे फरीयाद करके उनको ढुंढनेकी कोसीस करले.. लेकीन दोनोही बालीक थे.. दोनोने अपनी मरजीसे सादी कीथी.. तो पुलीसमे रीपोर्ट लीखवानाभी बेकार था.. इसी चकरमे आज पहेली बार सबानाने कोलेज जानेको मना कीया तब जरीनाने बडी मुस्कीलसे सबानाको समजाकर कोलेजमे भेज दीया.. ओर फीरोज जरीना अ‍ैसेही बेठे सोचते रहे..

जरीना : (आंसु बहाते) फीरोज.. जब हम बडे भैयाकी तबीयत देखने गयेथे तबही दोनोने नीकाह करलीया था.. बस.. मुजे तो मेरी सबुकी चीन्ता हो रही हे.. अब हम उनको डोक्टरी कैसे बढायेगे..?

फीरोज : जरीना.. उस कमीनोके लीये अब आंसु बहानेकी जरुरत नही हे.. समजलो आजसे वे दोनो हमारे लीये मर चुके हे.. ओर रही बात सबुको पढानेकी.. तो मे हमारा घर बेचकरभी सबुको पढाउगा..

जरीना : सुनीयेजी.. क्या हम हमे अभी जो जमीन वापस मीली हे.. उसे बेच नही सकते..?

फीरोन : नही जरीना.. वो सब जमीने इतने सालोसे बेकार पडीथी.. वो हमारे साहीलके लीये हे.. वहा पता नही थोडीसी जमीनमे वो अपना ओर भाभीका गुजारा कैसे करता होगा..

दोनो बाते करते रहे.. सामको सबाना कोलेजसे वापस आगइ तब फीरोजभी भारी मनसे फेक्टरीपे चला गया.. अब उसने दोनोको ढुंढनेकी कोसीस छोडदी.. ओर जानेसे पहेले जरीनाकोभी बता दीयाकी अब वो दोनो उनके लीये मर चुके हे.. उनके पीछे आंसु मत बहाव.. उस साम जरीनाने खाना बनाया ओर दोनो मां बेटीने मुस्कीलसे खाना खाया.. तब जरीनाको अपनी जेठानी सलमाको सब बताना उचीत लगा..

जब जरीना ओर सबानाने खाना खा लीया तो जरीना फोन लेकर अपने रुममे चली गइ.. ओर उसने गांवमे सलमाको फोन लगा दीया.. जरीनाने अपने ओर कादीरके बीचके रीलेशनको छोडकर सलमाको सब कुछ बता दीया.. ओर सबानाको लेकर उनके पढनेकी चीन्ताके बारेमे भी बात करली.. तब उसी रात सलमाभी साहीलके नीचे लेटकर उनसे चुदवाते लेटे लेटेही जरीनासे हुइ सब बाते साहीलको बता देती हे..

ओर अ‍ैसेही अ‍ेक हप्ता बीत गया.. तबभी कादीर ओर सायराकी कोइ खबर नही मीली.. तो इधर साहीलभी अपने चाचा चाचीके परीवारकी चीन्ता करने लगा.. क्युकी आखीर उनके रीयल मम्मी पापातो वही थे.. उनकोभी पताथा की उनके चाचा फेक्टरीमे काम करते हे.. तो इतने पैसोका इन्तजाम करना उनके लीये मुस्कील था.. तब उसने अपनी अम्मी सलमासे बात करनेका फैसला करलीया..
 
तो आइअ‍े थोडा सलमा ओर साहीलके बारेमे भी जान लेते हे.. इधर गांवमे जबसे सलमा ओर करीमने अपने भाइ फीरोज ओर जरीनासे साहीलको गोद लीया तब बचपनसेही साहील सलमाके साथ सोता था.. क्युकी सलमा साहीलको अपने सगे बेटेसेभी ज्यादा प्यार करती थी.. वो उनको अपनी नजरोके सामनेसे दुर नही रहेने देतीथी.. जब साहील पढाइके लीये जाता तो उनका बेसब्रीसे इन्तजार करती..

ओर जब साहील बडा होने लगा तबभी सलमा उनको अपने पास सुलाती.. साहील सलमाके साथ सोता तब नींदमे उनकी कमरमे हाथ डालता.. तो कभी नींमे उनका पेट सहेलाता.. ये आदत उनको बचपनसेही थी.. अब साहील सहेरमे कोलेजमे पढ रहाथा.. वो अब जवानीके दहेलीजपे कदम रख चुकाथा.. फीरभी सलमाने उनको अपने पास सुलानेकी आदत नही छुडवाइ.. लेकीन जब करीम चला गया..

तब सलमा ओर साहील घरमे अकेले रेह गये.. साहीलने अपनी पढाइ बीचमे ही छोडदी.. ओर अपनी खेतीबाडी सम्हालने लगा.. लखन भैया उनके खास दोस्तोमेसे अ‍ेक थे.. तब साहीलको खेतीके बारेमे कुछ ज्यादा ज्ञान नही था.. तो वो देवायतकी सलाह लेता.. ओर उनकी सलाहके हीसाबसे खेतीबाडी देखने लगा.. ओर उपजका सारा माल देवायतको ही बेच देता..

कभी पैसोकी जरुरत पडती तो वो लखनसे या देवायतसे उधार लेलेता.. ओर फसलके पैसे आतेही उधार चुका देता.. तो दुसरी ओर अब सलमाभी विधवा हो गइ थी.. लेकीन सलमा अबभी जवान थी.. तो उनको भी अपने तनकी जरुरत महेसुस होने लगीथी.. जीसके लीये वो बेचेन रहेने लगीथी.. वो अपने आपको चुतमे उंगली डालकर सांत करने लगी.. ओर रात रातभर करीमकी यादमे करवटे बदलती रही..

तो दुसरी ओर साहीलाभी जवान हो चुकाथा.. वोभी अपनी बडी अम्माकी तडपको महेसुस करने लगा.. ओर कइ बार देर रात सलमाको चुतमे उंगली करते देख चुका था.. लेकीन सलमा साहीलको साथमे सुलानेकी ओर उनके पेट सहेलानेकी आदतकी वजहसे ज्यादा दिन तक अपने तनकी आगको रोक नही पाइ.. ओर अ‍ेक दिन साहील नींदमे सलमाका पेट सहेलाते उनके उरोजोपे हाथ रख देता हे..

तब सलमा साहीलकी ओर देखने लगी.. तो साहील नींदमे था.. तब सलमाने हींमत करते साहीलके हापपे अपना हाथ रख दीया.. ओर साहीलके हाथोको दबाकर अपने उरोजको मसलवाने लगी.. तब साहील भी नींदसे जाग गया.. ओर सलमाकी सभी हरकते आधी आंख खुली रखकर देखने लगा.. तब उनका लंड भी तनके खडा होने लगा.. ओर जटके मारते सलमाके नीतंबपे ठोकर मारने लगा..

तब साहीलभी हीमंत करते सलमाके उरोजोको दबाते उनके साथ खेलने लगा.. तो सलमा ओर बहेकने लगी.. बस.. उस दिन वो अपने आपको रोक नही पाइ.. वो जटसे करवट लेकर साहीलकी ओर मुह करके लेट गइ.. तब साहील ओर सलमा दोनो की सांसे तेज चल रहीथी.. दोनोही प्यारसे अ‍ेक दुसरेकी आंखोमे देखने लगे.. तब साहीलने हीमत करते सलमाकी ओर खीसकते उनको अपनी बाहोमे भरलीया..

तो सलमाभी कसके साहीलको अपनी बाहोमे भीचते उनके सीनेमे सर छुपालेती हे.. तब साहील सलमाके सरको सहेलाने लगा.. तब सलमाने धीरेसे नजर उठाकर साहीलकी ओर देखा.. तब साहीलने धीरेसे सलमाके होठोपे अपने होठ रखदीये.. तो सलमाकी आंख बंध होगइ.. ओर साहील सलमाके होठोका रसपान करने लगा.. तभी कुछही देरके बाद सलमाभी साहीलका साथ देने लगी.. ओर दोनो बहेकने लगे..





कुछही देरके बाद सलमा ओर साहील अ‍ेक दुसरेके होठोको चुम रहेथे ओर साहील सलमाके उरोजोके साथ खेलते उनकी चुतको सहेला रहाथा.. बस.. सलमाकी आग ओर भडक गइ.. वो सबकुछ भुल गइकी साहील उनका बेटा हे.. उसने साहीलको अपने उपर चडा दीया.. तब कुछ ही देरके बाद दो जीस्म अ‍ेक जान होगये.. साहील बडेही जोसमे सलमाको चोद रहाथा.. तभी सलमाको पता चलाकी साहीलका लंड कीतना बडा ओर मोटा हे.. उस रात साहीलने सलमाको दो बार ओर चोद लीया..





बस.. उस दिनसे दोनो मां बेटेके रीस्ते बदल गये.. इसी बीच मुनानेभी अपने सभी दोस्तोको वो आयुर्वेदीक गोलीका कोर्ष करवा दीया था.. तब साहीलके लंडमेभी बहुत बदलाव आ चुका था.. साहीलका लंडभी लंबा ओर मोटा हो चुकाथा.. जीसका फायदा साहील ओर सलमा दोनोही मजेसे उठा रहेथे.. अब हर रात सलमा साहीलका बीस्तर गरम करते उनसे चुदवाने लगी.. दोनोके बीच सबकुछ होने लगा..





दोनो ही अ‍ेक दुसरेको बहुत प्यार करने लगे थे.. दोनोने अपने घरपेही अपने खु--के सामने अ‍ेक दुसरेको पती पत्नी मानलीया था.. ओर साथमे जीने मरनेकी कइ कसमे खा चुके थे.. अब सलमा साहीलको ही अपना खसम मानने लगी थी.. ओर बीवीकी तराह उनका खयाल रखती थी.. तो साहीलभी सलमाको अपनी बीवी मानकर उनके साथ अ‍ेक पतीकी तराह व्यवहार करता था..

इस बातको तीन साल होगये.. लेकीन सलमा ओर साहीलने इस बातकी कीसीको आज तक कानो कान भनक भी नही लगने दी.. जब इतने सालोके बादभी सलमाको कोइ बच्चा नही हुआ तब दोनो बीना डरके बीन्दास्त बीना कोन्डम बीना आइपील चुदाइ करने लगे.. ओर नतीजा ये हुआकी पीछली कइ चुदाइमे साहीलका बीज सलमाके गर्भमे पलने लगा.. ओर आज सलमा साहीलसे प्रेगनेन्ट हो चुकीथी.. तो ये हे हमारे साहीलका परीवार..

आज लखन बंसी श्रीधर मुना सबलोग आपसमे हसी मजाक कर रहेथे.. तब साहीलका बातोमे मन नही लग रहाथा.. वो आज कुछ ज्यादाही परेसान दीख रहाथा.. लेकीन जब सभी दोस्तो चले गये.. तब बंसी ओर लखन समज गयेथे की आज साहील कुछ परेसानी मे हे.. इसीलीये सबके चले जानेके बावजुद भी लखन बंसी ओर साहील रुक गये.. ओर लखन बंसी साहीलको लेकर कही अ‍ेक जगाहपे बैठ गये तब लखन उनकी ओर सवालीया नजरोसे देखने लगा....

कन्टीन्यु
 
रिस्तोमे प्यारकी अनुभुती

अध्याय - १७०

आज लखन बंसी श्रीधर मुना सबलोग आपसमे हसी मजाक कर रहेथे.. तब साहीलका बातोमे मन नही लग रहाथा.. वो आज कुछ ज्यादाही परेसान दीख रहाथा.. लेकीन जब सभी दोस्तो चले गये.. तब बंसी ओर लखन समज गयेथे की आज साहील कुछ परेसानी मे हे.. इसीलीये सबके चले जानेके बावजुद भी लखन बंसी ओर साहील रुक गये.. ओर लखन बंसी साहीलको लेकर कही अ‍ेक जगाहपे बैठ गये तब लखन उनकी ओर सवालीया नजरोसे देखने लगा....अब आगे

लखन : (मुस्कुराते) हां साहील.. बोल.. आज क्या परेसानी हे तुजे..?

बंसी : (मुस्कुराते) भाइ.. साहील दो तीन दिनसे कुछ ज्यादा परेसान हे.. वो आपसे अकेलेमे कुछ बात करना चाहता था.. तो मेने उसे सबके जानेके बाद आपसे बात करनेको कहाथा.. अब आप दोनो बात करो.. मे चला अपनी सांतीके पास.. हें..हें..हें..

लखन : (जब बंसी चला गया) हां साहील.. अब बोल.. अभी सीर्फ हम दोनोही हे.. कुछ परसानी हे..? कुछ पैसे बैसे चाहीये..?

साहील : (सरमाते धीरेसे) अरे नही नही भाइ.. पैसे नही चाहीये.. वो.. वो.. अब आपसे कैसे कहु.. क्युकी बातही कुछ अ‍ैसी हे.. मे पीछले अ‍ेक हप्तेसे परेसान हु.. कीसीको केह भी नही सकता.. बस.. सीर्फ आपही हो जो इसमे कुछ रास्ता नीकाल सकते हो..

लखन : (मुस्कुराते) हंम.. मतलब मामला थोडा गंभीर हे.. बता.. क्या बात हे..?

साहील : (सरमाते धीरेसे) भाइ.. आपतो जानते हो.. मेरे ओर अम्माके बीच अब पती पत्नी वाला रीलेशन हे.. अम्माको इतने साल होगये.. उनको कोइ संतान नहीथी.. तभी तो उन्होने मुजे गोद लीयाथा.. तो पीछले दो दिनसे अम्माको उल्टीया हो रही हे.. भाइ.. मुजेतो कुछ ओर ही आसंकाये हो रही हे.. मेरी तो कुछ समजमे ही नही आरहा की मे क्या करु..?

लखन : (मुस्कुराते) अरे नहीरे.. जब इतने साल उनको कोइ बच्चा नही ठहेरा तो तु क्यु गभरा रहा हे.. अ‍ैसा कुछ नही होगा.. तु अ‍ेक बार सुधीरभैयाको दीखादे.. मे उनसे बात कर लुगा.. ओर कमीने.. अबतो उसे अम्मा मत बोल.. हर रात उनको ठोकता रहेता हे.. हें..हें..हें..

साहीला : (सरमाते धीरेसे) सोरी भाइ.. क्या हेना अब आदत होगइ हे.. हें..हें..हें.. भाइ.. अगर यहा हमारे सुधीर अंकलको दीखायेगे.. ओर कुछ ओरही गडबड नीकली तो बात पुरे गांवको पता चल जायेगी.. ओर अम्मा भी नही चाहती की इस बातका कीसीको पता चले.. तो अब आपही कुछ रास्ता नीकालो.. वैसे आपकी सृतीभाभी तो इन्हीकी डोक्टर हे.. कहोतो हम उनके पास सहेरमे दिखाने चले जाये..? बस.. वो यहा कीसीको ना बताये..

लखन : (थोडा सोचते) साहील.. वोतो मे उनको मना कर दुगातो वो कीसीको नही बतायेगी.. लेकीन पहेले ये बता तुम दोनो क्या चाहते हो..? कही बच्चा गीरानेकी तो नही सोच रहे..? क्युकी सृती भाभी अ‍ैसा काम नही करती..

साहील : (सरमाते धीरेसे) बस भाइ.. हम दोनो इसी उलजनमे फसे हे.. अम्माकोभी लगता हे उसे हमारा बच्चा ठहेर गया हे.. अ‍ेक तरफ तो उनको इतने सालोके बाद उनको बच्चा ठहेरनेकी खुसी.. तो दुसरी ओर हमारे रीस्तेको उजागर होनेका डर.. ओर अ‍ेक मेरे चाचाके घरकी टेन्शन.. जीनकी वजहसे वो ना चाहते हुअ‍े भी बच्चा गीरवानेकी बात कर रही हे.. ओर पीछले दो दिनसे आंसु बहा रही हे.. हमारी समजमे नही आता की हम क्या करे..?

लखन : (सामने देखते) क्यु..? अब चाचाके घरपे कोनसा टेन्शन आगया.. अभी अभीतो सबलोग आयेथे..

साहीला : (सरमाते धीरेसे) भाइ.. आप कीसीको कुछ मत कहेना.. अ‍ेक हप्ते पहेले वहा बडे भैया कादीरभाइ.. ओर बडी बहेन सायरादीदी.. दोनोही घरसे भाग गये हे.. तो वहा चाचा ओर चाची उनकी टेन्शनमे हे..

लखन : (आस्चर्यसे) क्या.. कादीरभाइ ओर सायरादीदी..? लेकीन क्यु..?

साहील : (सरमाके मुस्कुराते) भाइ.. अगर अ‍ेक जवान लडका ओर लडकी साथमे भागते हे तो क्यु भागते हे..? फीर भलेही वो दोनो सगे भाइ बहेनहो.. लगता हे जीस तराह हमारे गांवमे बदलाव हो रहा हे.. उसे तराह सहेरमेभी हो रहा होगा.. भाइ.. कलही चाचीका बडी अम्मापे फोन आया था.. उसीने सब बताया..

लखन : (मुस्कुराते) हंम.. तो प्यारका मामला हे..? लेकीन दोनोको भागना क्यु पडा..? तेरे चाचा चाचीकोभी पता हे हमारे गांवमे ये सब बदलाव आने वाले हे.. तो तेरे भाइ बहेन तेरे चाचा चाचीको बता देते.. वैसेभी तुम लोगोमे चाचाकी लडकी बुआकी लडकीसे तो सादी करही सकते हे.. तो फीर इसमे क्या प्रोबलेम..?

साहील : (सरमाते हसते) हां भाइ.. वैसेभी अम्मा भी अबुके चाचाकी लडकी बहेन ही हे.. रही बात भागनेकी तो कल मे ओर अम्मा सो रहेथे तब अम्माने मुजे पुरी बात बताइ की आज तेरी चाचीका फोन आयाथा..

लखन : (मुस्कुराते धीरेसे) साहील.. बताना क्या बात हुइ..?

साहीला : (सरमाते हसते) भाइ.. चाचाका पंद्नह दिन नाइठ सीफ्ट ओर पंद्नह दिन दिनका सीफ्ट होता हे.. दिनके सीफ्टके दो तीन चार दिन बाकी थे तब चाची पुरे घरकी सफाइ कर रही थी.. वहा सहेरमे उनका बहुतही छोटा मकान हे.. सीर्फ दो बेड होल कीचन.. अ‍ेकमे चाचा चाची सोते हे तो अ‍ेकमे सायरादीदी ओर सबाना दीदी सोते हे.. भाइ बारीस ओर ठंडकी सीजनमे होलमे ओर गरमीमे उपर छतपे सोते हे.. ये हे वहाके धरकी पोजीसन..
 
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