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फीर साहील ओर सबाना दोनोही प्यार भरी बाते करते चल रहेथे तब उनको लखन ओर सृती मील गये.. तब चारो अेक कोफी शोपमे चले गये.. तो सृती ओर सबाना बेंगलोरके बारेमे बाते करने लगी.. तब बातो ही बातोमे सृतीने सबानाको बहुत सारी जानकारीया देदी.. ओर वहा उनके पहेचान वालेका नंबर भी दे दीया.. ओर सबानाको स्कोलशीपके बारेमे भी जानकारी देदी.. तब सबाना सभी जानकारी लेकर बहुत ही खुस होगइ..
तो कुछ ही देरके बाद वहा बंसी सांती जयश्री ओर जागृती भी फोन करके आगये.. पांचो लेडीस अेक दुसरेकी खरीदारीकी जानकारीया देने लगी.. तब सबानाने साहीलकी गीफ्टके बारेमे बात छुपाली.. तबतक बंसीने सबके लीये ठंडा ओर नास्तेका ओर्डर करदीया.. तब सब लेडीससे बाते करते हुअे भी जागृती ओर जयश्री आपसमे अेक दुसरेके कानमे घुसपुस करते बार बार लखनकी ओर देखते हस रही थी.. तो सांती सृती ओर सबाना तीनो ही अपनी बातोमे मसगुल थी..
सृती अब भी सबानाको सब बाते बता रही थी.. ओर बातो ही बातोमे सृतीने गांवमे ही अेक गायनेक डोक्टरकी नोकरीकी बाते भी करली.. जीसे सुनकर सबाना बहुत खुस होने लगी.. तब सांती दोनोकी बाते बडे ही गौरसे सुन रही थी.. तबतक सृती ने सांतीको भी बहुत कुछ पुछ लीया.. तो सांतीने सरमाते अपनी पुरी लव स्टोरी सुनादी.. ओर साथमे श्रीधर जयश्री ओर मुना बरखाकी भी बाते भी हुइ.. जीसे सुनकर सबानाके दिलमे भी हलचल बढ गइ.. ओर वो साहीलकी ओर प्यार भरी नजरोसे देखने लगी..
जब सब लोगोकी खरीदी होगइ.. ओर चाइ नास्ता करलीया.. तो सबलोग बाते करते बहार नीकल गये.. ओर अपनी अपनी कारमे सब सामान रखकर वापस फीरोजके घरकी ओर जाने लगे.. वहा सबलोग घरमे चले गये तब फीरोज अपनी नोकरीपे जा चुकाथा.. तो सबानाने अपना सब खरीदीका सामान ले लीया.. लेकीन उसने ज्वेलरी बोक्षको अपनी सलवारकी जेबमे छुपाकर रखा था..
सबाना अपने कपडे अपनी मम्मीके पास रखकर जटसे अपने रुममे चली गइ.. ओर साहीलने दिया पेन्डल चेइनका बोक्ष ओर ब्रा पेन्टीके सेटको अपनी अलमारीमे छुपाकर रख देती हे.. ओर जटसे वापस बहार आजाती हे.. तब जरीना ओर सलमा उनके सब कपडे देख रही थी.. तब सबाना सबको पानी पीलाती हे.. तो लखन बंसी ओर साहील बहार आइसक्रिम लेने चले जाते हे.. तब जरीना..
जरीना : (सबानाकी ओर देखते) सबु.. इतने सारे कपडे लेनेकी क्या जरुरत थी..? भाइको मना कर देती.. कीतना खर्चा करवाया हे तुमने..
सबाना : (सरमाते हसते) मम्मी.. मे मना कर रही थी.. लेकीन भाइजानने सब जबरदस्तीसे दीलवाया..
सलमा : (मुस्कुराते) हां तो सही तो हे.. अब हमारी सबाना वहा बडे सहेरमे पढने जा रही हे.. तो इतने कपडे तो चाहीयेनां.. साहीलने सही कीया हे..
सृती : (मुस्कुराते) हां भाभी.. साहीलभाइने सही कीया हे.. ओर अब आप सबानाकी कोइ चीन्ता मत करना मेने उसे सब समजा दीया हे.. अगर अभी जो अेक्जाम हे.. उनमे मेने कहा इतना परसंन्ट आगया तो उनको वहा स्कोलरशीप भी मीलेगी.. तो अभी साहीलभाइने जो पैसे दिये हे उन्हीमे उनकी सब पढाइ होजायेगी..
जरीना : (खुस होते) देवरानीजी.. तबतो आपके मुहमे घी सकर.. मेरी सबुका सभी सपना पुरा होजायेगा..
सृती : (मुस्कुराते) भाभी.. सीर्फ इतना ही नही.. जब सबाना पढकर वापस आयेगी तब हमारे गांवमे ही उसे होस्पीटल सम्हालनी हे.. वहा उनको सरकारी नोकरी मील जायेगी.. तब तो आप लोग भी उधर ही होगे.. हें..हें..हें..
जरीना : (मुस्कुराते) देवरानी.. आपकी सभी बाते सच हो.. आज आप सबलोग हमारे फरीस्ता बनकर आये हे.. अेक के बाद अेक खुसी देते ही जा रहे हे.. आज हम सब चेइनकी नींद सोयेगे..
सलमा : (हसते) अरी.. तु चीन्ता मत कर.. हमारा साहील हेनां.. हें..हें..हें..
सब लेडीस बाते कर रहीथी तब साहील लखन ओर बंसी सभीके लीये आइसक्रिम लाते हे.. ओर सब लोग आइसक्रिम खाते बाते करते हे.. तब आज पहेली बार जरीना साहीलकी ओर प्यार भरी नजरोसे देखती रही.. आज उसे साहील मे अपना बेटा नही.. उपना दामाद नजर आ रहा था.. जो इस बातके लीये गांवमे जाकर कभी फुरसतमे फीरोजसे बात करके उसे मनाना था.. तो लखनके पेन्टमे अब भी तंबु बना हुआ था..
तो जरीना.. सलमा.. जागृती जयश्री सांती ओर सृती सबाना.. सबकी नजर बार बार लखनकी पेन्टकी ओर चली जाती थी.. फीर सबलोग नीकलने लगते हे.. तब जरीना सबको गले मीलने लगी.. तो सबाना भी हस हसके सबको गले मीलने लगी.. जब साहीलको गले मीली तब सबाना उनकी आंखोमे प्यार भरी नजरोसे देखते मुस्कुराने लगी.. तब मुस्कुराते उनकी आंख गीली होगइ.. ओर साहीलको सीर्फ इतनाही केह पाइ.. थेन्क्स..
तो साहीलकी आंख भी गली होगइ.. ओर वो जटसे बहार नीकल गया.. तब सबाना उनको देखती ही रही.. साहील बहार नीकलकर अपनी आंखोको पोछने लगता हे.. तब भी सबाना उनकी ओर देख रही थी.. जैसे दो प्रेमी अेक दुसरेसे बीछड रहे हो.. आज पहेली बार सबानाके दिलमे साहीलके लीये बेसुमार प्यार बरस रहा था.. उनको साहीलसे बीछडनेका दुख हो रहा था.. तब चार आंखे उनकी ओर देख रही थी.. अेक थी सलमा ओर दुसरी थी जरीना.. दोनो ही अेक दुसरेके आंसु देखकर सब कुछ समज गइ..
तो कुछ ही देरके बाद वहा बंसी सांती जयश्री ओर जागृती भी फोन करके आगये.. पांचो लेडीस अेक दुसरेकी खरीदारीकी जानकारीया देने लगी.. तब सबानाने साहीलकी गीफ्टके बारेमे बात छुपाली.. तबतक बंसीने सबके लीये ठंडा ओर नास्तेका ओर्डर करदीया.. तब सब लेडीससे बाते करते हुअे भी जागृती ओर जयश्री आपसमे अेक दुसरेके कानमे घुसपुस करते बार बार लखनकी ओर देखते हस रही थी.. तो सांती सृती ओर सबाना तीनो ही अपनी बातोमे मसगुल थी..
सृती अब भी सबानाको सब बाते बता रही थी.. ओर बातो ही बातोमे सृतीने गांवमे ही अेक गायनेक डोक्टरकी नोकरीकी बाते भी करली.. जीसे सुनकर सबाना बहुत खुस होने लगी.. तब सांती दोनोकी बाते बडे ही गौरसे सुन रही थी.. तबतक सृती ने सांतीको भी बहुत कुछ पुछ लीया.. तो सांतीने सरमाते अपनी पुरी लव स्टोरी सुनादी.. ओर साथमे श्रीधर जयश्री ओर मुना बरखाकी भी बाते भी हुइ.. जीसे सुनकर सबानाके दिलमे भी हलचल बढ गइ.. ओर वो साहीलकी ओर प्यार भरी नजरोसे देखने लगी..
जब सब लोगोकी खरीदी होगइ.. ओर चाइ नास्ता करलीया.. तो सबलोग बाते करते बहार नीकल गये.. ओर अपनी अपनी कारमे सब सामान रखकर वापस फीरोजके घरकी ओर जाने लगे.. वहा सबलोग घरमे चले गये तब फीरोज अपनी नोकरीपे जा चुकाथा.. तो सबानाने अपना सब खरीदीका सामान ले लीया.. लेकीन उसने ज्वेलरी बोक्षको अपनी सलवारकी जेबमे छुपाकर रखा था..
सबाना अपने कपडे अपनी मम्मीके पास रखकर जटसे अपने रुममे चली गइ.. ओर साहीलने दिया पेन्डल चेइनका बोक्ष ओर ब्रा पेन्टीके सेटको अपनी अलमारीमे छुपाकर रख देती हे.. ओर जटसे वापस बहार आजाती हे.. तब जरीना ओर सलमा उनके सब कपडे देख रही थी.. तब सबाना सबको पानी पीलाती हे.. तो लखन बंसी ओर साहील बहार आइसक्रिम लेने चले जाते हे.. तब जरीना..
जरीना : (सबानाकी ओर देखते) सबु.. इतने सारे कपडे लेनेकी क्या जरुरत थी..? भाइको मना कर देती.. कीतना खर्चा करवाया हे तुमने..
सबाना : (सरमाते हसते) मम्मी.. मे मना कर रही थी.. लेकीन भाइजानने सब जबरदस्तीसे दीलवाया..
सलमा : (मुस्कुराते) हां तो सही तो हे.. अब हमारी सबाना वहा बडे सहेरमे पढने जा रही हे.. तो इतने कपडे तो चाहीयेनां.. साहीलने सही कीया हे..
सृती : (मुस्कुराते) हां भाभी.. साहीलभाइने सही कीया हे.. ओर अब आप सबानाकी कोइ चीन्ता मत करना मेने उसे सब समजा दीया हे.. अगर अभी जो अेक्जाम हे.. उनमे मेने कहा इतना परसंन्ट आगया तो उनको वहा स्कोलरशीप भी मीलेगी.. तो अभी साहीलभाइने जो पैसे दिये हे उन्हीमे उनकी सब पढाइ होजायेगी..
जरीना : (खुस होते) देवरानीजी.. तबतो आपके मुहमे घी सकर.. मेरी सबुका सभी सपना पुरा होजायेगा..
सृती : (मुस्कुराते) भाभी.. सीर्फ इतना ही नही.. जब सबाना पढकर वापस आयेगी तब हमारे गांवमे ही उसे होस्पीटल सम्हालनी हे.. वहा उनको सरकारी नोकरी मील जायेगी.. तब तो आप लोग भी उधर ही होगे.. हें..हें..हें..
जरीना : (मुस्कुराते) देवरानी.. आपकी सभी बाते सच हो.. आज आप सबलोग हमारे फरीस्ता बनकर आये हे.. अेक के बाद अेक खुसी देते ही जा रहे हे.. आज हम सब चेइनकी नींद सोयेगे..
सलमा : (हसते) अरी.. तु चीन्ता मत कर.. हमारा साहील हेनां.. हें..हें..हें..
सब लेडीस बाते कर रहीथी तब साहील लखन ओर बंसी सभीके लीये आइसक्रिम लाते हे.. ओर सब लोग आइसक्रिम खाते बाते करते हे.. तब आज पहेली बार जरीना साहीलकी ओर प्यार भरी नजरोसे देखती रही.. आज उसे साहील मे अपना बेटा नही.. उपना दामाद नजर आ रहा था.. जो इस बातके लीये गांवमे जाकर कभी फुरसतमे फीरोजसे बात करके उसे मनाना था.. तो लखनके पेन्टमे अब भी तंबु बना हुआ था..
तो जरीना.. सलमा.. जागृती जयश्री सांती ओर सृती सबाना.. सबकी नजर बार बार लखनकी पेन्टकी ओर चली जाती थी.. फीर सबलोग नीकलने लगते हे.. तब जरीना सबको गले मीलने लगी.. तो सबाना भी हस हसके सबको गले मीलने लगी.. जब साहीलको गले मीली तब सबाना उनकी आंखोमे प्यार भरी नजरोसे देखते मुस्कुराने लगी.. तब मुस्कुराते उनकी आंख गीली होगइ.. ओर साहीलको सीर्फ इतनाही केह पाइ.. थेन्क्स..
तो साहीलकी आंख भी गली होगइ.. ओर वो जटसे बहार नीकल गया.. तब सबाना उनको देखती ही रही.. साहील बहार नीकलकर अपनी आंखोको पोछने लगता हे.. तब भी सबाना उनकी ओर देख रही थी.. जैसे दो प्रेमी अेक दुसरेसे बीछड रहे हो.. आज पहेली बार सबानाके दिलमे साहीलके लीये बेसुमार प्यार बरस रहा था.. उनको साहीलसे बीछडनेका दुख हो रहा था.. तब चार आंखे उनकी ओर देख रही थी.. अेक थी सलमा ओर दुसरी थी जरीना.. दोनो ही अेक दुसरेके आंसु देखकर सब कुछ समज गइ..






