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सलमा : (सरमाते धीरेसे) जरीना.. अब तुजे सब कैसे कहु..? तुम बुरा मत मानना.. क्युकी बात अभीकी नही हे.. जब हमारी सबाना पढ लीखकर वापस आजाये तबकी हे.. मेने हमारी सबानाके लीये अेक रीस्ता ढुंढ लीया हे.. ओर अभी इस बातको सीर्फ हम दोनोके बीच ही रखना हे.. क्युकी तब पता नही सबाना डोक्टर बन जायेगी.. तब वो क्या सोचती हे.. हो सकता हे वो कीसी डोक्टरसे भी सादी करले..
जरीना : (धीरेसे सामने देखकर) नही दीदी.. मेरी सबाना अैसी नही हे.. उनको अपनी पढाइका कोइ धमंड नही हे.. मुजे भी कहेती थी मे सादी हमारी बीरादरीमे ही करुगी.. ओर वोभी वहा.. जहा आप ओर पापा तैय करोगे.. तो दीदी अगर लडका आपने ढुंढा हेतो अच्छा ही होगा.. बताइअेना कौन हे वो लडका..?
सलमा : (सरमाते मुस्कुराते धीरेसे) जरीना.. लेकीन अेक प्रोबलेम हे.. वो लडका इतना पढा लीखा नही हे..
जरीना : (फीकी मुस्कानसे) दीदी.. पढाइ लीखाइसे क्या होता हे..? संस्कार भी तो होना चाहीये.. हमने कादीर ओर सायराको भी पढाया था.. क्या नतीजा नीकला..? कमीने दोनोही हमारी इजत मीटीमे मीलाकर हमे छोडकर भाग गये.. हमारी तो छोडो मेरी बेचारी सबानाका भी सभी सपना तोडके गये.. ओर अेक ये हमारा साहील..
भले ही थोडा कम पढा लीखा हे.. लेकीन सबानाकी पढाइके लीये इसने अपनी सारी जमा पुंजी हमे देदी.. तो कौन अच्छा हुआ..? दीदी.. भले ही वो कम पढा लीखा हो.. बस.. हमारे साहीलकी तराह संस्कारी होना चाहीये.. बाकी हम जहा कहेगे हमारी सबाना वही सादी कर लेगी.. कहीये.. वो लडका कौन हे..?
सलमा : (सरमाते धीरेसे) जरीना.. बुरा मत मानना.. वो लडका खुद हमारा साहील हे.. क्या मेरे साहीलके लीये तुम मुजे सबानाका हाथ दे सकती हो..? वोभी उनकी पढाइके बाद.. ओर ये बात अभी सीर्फ हम दोनोके बीच ही रहेगी..
जरीना : (सोक्ट होते सामने देखते) दीदी.. क्या केह रही हो आप..? हमारा सा..ही..ल.. आपको भी पता हे वो ओर सबाना दोनो सगे भाइ बहेन हे.. अेक भाइ बहेन तो हमारी नाक काटकर चले गये.. इसके लीये आपके देवर कभी नही मानेगे..
सलमा : (मुस्कुराते धीरेसे) जरीना.. मेरे देवरको अभी कुछ मत कहेना.. उनको हम सबाना पढकर वापस आयेगी तब बात करेगे.. मुजे सीर्फ तेरी राय जाननी हे.. ओर साहील अब मेरा बेटा हे.. तेरा नही.. देवरजी उनके चाचा हे.. तो चाचाकी लडकीसे सादी करनेमे कोइ बुराइ नही.. अेक बार सोचले.. अगर तुम मुजे मना करोगी तो भी मुजे बुरा नही लगेगा.. बस.. मेने तो अभी मेरे मनकी बात तुजे कहेदी..
जरीना : (आंख गीली करते) दीदी.. आप भी तो इनके चाचाकी लडकी थी.. आपकी बात सही हे.. साहीलकी सादी सबानाके साथ हो सकती हे.. अगर अैसा हुआ.. तो मे ओर सबाना इस दुनीयाकी सबसे खुस नसीब ओरत होगी.. मेरे साहील जैसा लडका उनको कहा मीलेगा..? दीदी.. मुजे इस रीस्तेसे कोइ अेतराज नही.. बस.. अब आपको देवरको देखना हे.. की वो क्या कहेते हे..
सलमा : (खुसीके मारे जरीनाको गले लगाते) जरीना.. थेन्क्यु.. मुजे तुमसे यही उमीद थी.. लेकीन इस बातको हमे सबसे छुपानी हे.. खास करके साहील ओर सबानासे वरना सबानाका ध्यान पढाइके अलावा कही ओर भटक जायेगा.. ओर ये मे कतइ नही चाहती.. ओर रही बात देवरसे बात करनेकी.. तो वो हमारे बडे ठाकुरजी इनसे बात करलेगे.. वो उनकी बात कभी नही टालेगे..
जरीना : (अलग होते अपने आंसु पोछकर मुस्कुराते) दीदी.. अगर अैसा होता हे तो बहुत ही अच्छा हे.. लगता हे आज पुरा दिन खुसीयोका हे.. अेक के बाद अेक खुसीया मील रही हे.. मुजे ये रीस्ता मंजुर हे.. बस.. मेरी सबानाकी पढाइ तक रुक जाइअे..
दोनोही खाना बनाते बाते करती रही.. तब फीरोज भी मीठाइ लेकर आगया.. तो कुछ ही देरके बाद बंसीका फोन साहीलके फोनपे आगया ओर वो घरका अेड्रेस पुंछने लगा.. तब साहील फीरोजकी बाइक लेकर उनको रोडपे लेने चला गया.. ओर लखन ओर फीरोज बाते करने लगे.. तब कुछ ही देरमे साहील सबको लेकर घरपे आगया.. तो बंसी आते ही फीरोजके पांव छुकर लखन ओर साहीलको गले लग गया..
तो आज सांतीने सारी पहेनी थी.. जागृती ओर जयश्री सरमाते फीरोजको हाथ जोडकर नमस्ते करने लगी.. तो आवाज सुनकर जरीना सलमा ओर सबाना भी बहार नीकल गइ.. ओर सबको गले मीलने लगी.. तब सबाना सांती जयश्री ओर जागृतीको देखते ही उनके गले लग गइ.. फीर तीनोको लेकर अपने रुममे चली गइ.. ओर उनके साथ हस हसके बाते करने लगी.. तब सलमाने बहारसे ही जरीनाको सांती जागृती ओर जयश्रीका परीचय करवाया..
तब जरीना सांती ओर जयश्री जागृतीको मीली.. ओर उनसे हस हसके बाते करने लगी.. जयश्रीने अपनी मांगमे सींदुर लगाया था.. तब बहार बंसी भी फीरोजको पहेचानता था.. तो वोभी फीरोजके साथ गांवकी बाते करने लगा.. ओर फीरोजको वापस गांवमे आनेके लीये कहेने लगा.. जब खाना बन गया तब सबलोग अेक साथ खाना खाने बैठ गये.. तब सलमा ओर जरीना सबको खाना परोसने लगी.. ओर सबने बाते करते खाना खालीया....
कन्टीन्यु
जरीना : (धीरेसे सामने देखकर) नही दीदी.. मेरी सबाना अैसी नही हे.. उनको अपनी पढाइका कोइ धमंड नही हे.. मुजे भी कहेती थी मे सादी हमारी बीरादरीमे ही करुगी.. ओर वोभी वहा.. जहा आप ओर पापा तैय करोगे.. तो दीदी अगर लडका आपने ढुंढा हेतो अच्छा ही होगा.. बताइअेना कौन हे वो लडका..?
सलमा : (सरमाते मुस्कुराते धीरेसे) जरीना.. लेकीन अेक प्रोबलेम हे.. वो लडका इतना पढा लीखा नही हे..
जरीना : (फीकी मुस्कानसे) दीदी.. पढाइ लीखाइसे क्या होता हे..? संस्कार भी तो होना चाहीये.. हमने कादीर ओर सायराको भी पढाया था.. क्या नतीजा नीकला..? कमीने दोनोही हमारी इजत मीटीमे मीलाकर हमे छोडकर भाग गये.. हमारी तो छोडो मेरी बेचारी सबानाका भी सभी सपना तोडके गये.. ओर अेक ये हमारा साहील..
भले ही थोडा कम पढा लीखा हे.. लेकीन सबानाकी पढाइके लीये इसने अपनी सारी जमा पुंजी हमे देदी.. तो कौन अच्छा हुआ..? दीदी.. भले ही वो कम पढा लीखा हो.. बस.. हमारे साहीलकी तराह संस्कारी होना चाहीये.. बाकी हम जहा कहेगे हमारी सबाना वही सादी कर लेगी.. कहीये.. वो लडका कौन हे..?
सलमा : (सरमाते धीरेसे) जरीना.. बुरा मत मानना.. वो लडका खुद हमारा साहील हे.. क्या मेरे साहीलके लीये तुम मुजे सबानाका हाथ दे सकती हो..? वोभी उनकी पढाइके बाद.. ओर ये बात अभी सीर्फ हम दोनोके बीच ही रहेगी..
जरीना : (सोक्ट होते सामने देखते) दीदी.. क्या केह रही हो आप..? हमारा सा..ही..ल.. आपको भी पता हे वो ओर सबाना दोनो सगे भाइ बहेन हे.. अेक भाइ बहेन तो हमारी नाक काटकर चले गये.. इसके लीये आपके देवर कभी नही मानेगे..
सलमा : (मुस्कुराते धीरेसे) जरीना.. मेरे देवरको अभी कुछ मत कहेना.. उनको हम सबाना पढकर वापस आयेगी तब बात करेगे.. मुजे सीर्फ तेरी राय जाननी हे.. ओर साहील अब मेरा बेटा हे.. तेरा नही.. देवरजी उनके चाचा हे.. तो चाचाकी लडकीसे सादी करनेमे कोइ बुराइ नही.. अेक बार सोचले.. अगर तुम मुजे मना करोगी तो भी मुजे बुरा नही लगेगा.. बस.. मेने तो अभी मेरे मनकी बात तुजे कहेदी..
जरीना : (आंख गीली करते) दीदी.. आप भी तो इनके चाचाकी लडकी थी.. आपकी बात सही हे.. साहीलकी सादी सबानाके साथ हो सकती हे.. अगर अैसा हुआ.. तो मे ओर सबाना इस दुनीयाकी सबसे खुस नसीब ओरत होगी.. मेरे साहील जैसा लडका उनको कहा मीलेगा..? दीदी.. मुजे इस रीस्तेसे कोइ अेतराज नही.. बस.. अब आपको देवरको देखना हे.. की वो क्या कहेते हे..
सलमा : (खुसीके मारे जरीनाको गले लगाते) जरीना.. थेन्क्यु.. मुजे तुमसे यही उमीद थी.. लेकीन इस बातको हमे सबसे छुपानी हे.. खास करके साहील ओर सबानासे वरना सबानाका ध्यान पढाइके अलावा कही ओर भटक जायेगा.. ओर ये मे कतइ नही चाहती.. ओर रही बात देवरसे बात करनेकी.. तो वो हमारे बडे ठाकुरजी इनसे बात करलेगे.. वो उनकी बात कभी नही टालेगे..
जरीना : (अलग होते अपने आंसु पोछकर मुस्कुराते) दीदी.. अगर अैसा होता हे तो बहुत ही अच्छा हे.. लगता हे आज पुरा दिन खुसीयोका हे.. अेक के बाद अेक खुसीया मील रही हे.. मुजे ये रीस्ता मंजुर हे.. बस.. मेरी सबानाकी पढाइ तक रुक जाइअे..
दोनोही खाना बनाते बाते करती रही.. तब फीरोज भी मीठाइ लेकर आगया.. तो कुछ ही देरके बाद बंसीका फोन साहीलके फोनपे आगया ओर वो घरका अेड्रेस पुंछने लगा.. तब साहील फीरोजकी बाइक लेकर उनको रोडपे लेने चला गया.. ओर लखन ओर फीरोज बाते करने लगे.. तब कुछ ही देरमे साहील सबको लेकर घरपे आगया.. तो बंसी आते ही फीरोजके पांव छुकर लखन ओर साहीलको गले लग गया..
तो आज सांतीने सारी पहेनी थी.. जागृती ओर जयश्री सरमाते फीरोजको हाथ जोडकर नमस्ते करने लगी.. तो आवाज सुनकर जरीना सलमा ओर सबाना भी बहार नीकल गइ.. ओर सबको गले मीलने लगी.. तब सबाना सांती जयश्री ओर जागृतीको देखते ही उनके गले लग गइ.. फीर तीनोको लेकर अपने रुममे चली गइ.. ओर उनके साथ हस हसके बाते करने लगी.. तब सलमाने बहारसे ही जरीनाको सांती जागृती ओर जयश्रीका परीचय करवाया..
तब जरीना सांती ओर जयश्री जागृतीको मीली.. ओर उनसे हस हसके बाते करने लगी.. जयश्रीने अपनी मांगमे सींदुर लगाया था.. तब बहार बंसी भी फीरोजको पहेचानता था.. तो वोभी फीरोजके साथ गांवकी बाते करने लगा.. ओर फीरोजको वापस गांवमे आनेके लीये कहेने लगा.. जब खाना बन गया तब सबलोग अेक साथ खाना खाने बैठ गये.. तब सलमा ओर जरीना सबको खाना परोसने लगी.. ओर सबने बाते करते खाना खालीया....
कन्टीन्यु







