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फीर उसने श्रीधरकोभी जगा दीया ओर वो तैयार होने लगी.. तब थोडीही देरमे दोनो ही कंपलीट हो गये.. ओर दोनो रुम बंध करके मेइन गेइटको ताला लगाकर बाइकपे बैठ गये..
श्रीधर : (मुस्कुराते) मोम.. कहो.. अब कीधर जाना हे.. जहा आप कहे मे उधर लेलु..
ब्रीन्दा : (सरमाकर मुस्कुराते पीछे बैठते) अरे.. मुजे थोडीना पता हे.. तु अपनी सपनोकी रानीको घुमाने लेजा रहा हे.. तो तुही डीसाइड कर.. मुजे क्या पुछता हे.. जीधर मन करे वहा लेले.. मुजेतो सीर्फ पीछे ही बेठना हे..
श्रीधर : (मनमे खुस होते हसते) देखना.. फीर वहा जाकर आप मुकर मत जाना.. हें..हें..हें..
श्रीधरने सबकुछ पहेलेसे ही तैय करके रखाथा.. उसने बाइक सीधेही अेक रेस्टोरन्टपे लेली.. वहा दोनोने चाइ नास्ता कीया.. फीर बील पे करके दोनो वहासे नीकल गये.. ओर अेक थीअेटरपे आगये.. वहा अेक बहुतही रोमांटीक फील्म चल रहीथी.. तब ब्रीन्दा सबकुछ समज गइ.. ओर दुसरी ओर मुह करके सरमाकर मुस्कुराने लगी.. दोनोही बाइक पार्क करके टीकीट वीन्डोके पास आगये..
तो श्रीधरने ब्रीन्दाको थोडी दुर खडी रखते दो कोर्नरकी टीकीट लेली.. आज ब्रीन्दा बहुत खुस हो रहीथी.. वो अपने पतीके अलावा कइ बरसोके बाद आज वो अपने बेटेके साथ फील्म देखने आइ थी.. भलेही श्रीधर उनका बेटा हो.. लेकीन थातो अेक मर्द.. जो उसे बहुत प्यार करता था.. ओर उनका जींदगीभर साथ नीभाना चाहथा था.. उनको पताथा की अंदर श्रीधर उनके साथ कोइना कोइ सरारत जरुर करेगा..
तो ब्रीन्दाभी मानसीक रुपसे श्रीधरका साथ देनेके लीये तैयार होगइ.. जब अगला सो खत्म हुआ तो श्रीधरने ब्रीन्दाका हाथ थामलीया.. ओर प्रेमीकी भांती उसे हाथ पकडकर अंदर चला गया.. तो थीअेटरमे भी काफी अंधेरा था.. तो ब्रीन्दाने खुद दुसरे हाथसे श्रीधरका हाथ थामलीया ओर उनके पीछे पीछे चली गइ.. दोनोही अंदर जाकर अपनी जगाहपे बैठ गये.. तो कोर्नरकी सीट देखतेही ब्रीन्दा बहुत कुछ समज गइ..
ओर उनके दिलकी धडकन थोडी तेज होगइ.. जैसेही सभी लाइटे बंध हुइ.. तो कुछही देरमे फील्म सुरु होगइ.. श्रीधर तो सीरीयसली फील्म देख रहाथा.. लेकीन ब्रीन्दाका मन बार बार श्रीधरकी ओर जा रहाथा.. जैसे वो श्रीधरकी सरारतके इन्तजारमे हो.. तभी अेक बहुतही रोमांटीक सीन आगया.. ओर श्रीधरने धीरेसे अपना हाथ ब्रीन्दाके हाथपे रख दीया.. तब ब्रीन्दाके के तनमे अेक बीजलीसी लहेर दोड गइ....

ओर उसने धीरेसे अपना हाथ खीचकर हटानेकी कोसीस की.. तब श्रीधरने कसके उनका हाथ उंगलीयो मे उंगलीया फसाकर थामलीया.. तब ब्रीन्दा सरसे पांव तक हील गइ.. उनके दिलकी धरडकन ओर बढ गइ.. ओर वो कोइ रीअेक्शन दीये बगैर अैसेही बैठी रही.. तो श्रीधर धीरे धीरे उंगलीयोमे कसाव बढाने लगा.. जब ब्रीन्दाने कोइ रीअेक्शन नही दीया.. तो श्रीधरने हाथ छोड दीया.. तो ब्रीन्दाने टेडी नजरोसे श्रीधरकी ओर देखलीया.. वो थोडा नीरास हो चुकाथा.. तो श्रीधरको अैसे नीराश देखकर ब्रीन्दाकोभी अच्छा नही लगा..
तभी अचानक ब्रीन्दाको पीछेसे अपने कंधेपे श्रीधरका हाथ महेसुस हुआ.. तो वो बहुतही सरमाइ.. तब कुछही देरमे श्रीधरने ब्रीन्दाको कंधेसे पकडकर अपनी ओर खीच लीया.. ओर अपने कंधेके साथ सटालीया.. तो ब्रीन्दाने भी सरम त्यागकर श्रीधरके कंधेपे सर रखदीया.. तभी श्रीधर अपना दुसरा हाथ उनके उरोजोकी ओर लेगया.. ओर उसे टच करने लगा.. तो ब्रीन्दा बहुतही सर्मसार होगइ.. ओर उसने श्रीधरकी ओर देखा.. लेकीन उनको क्या पता श्रीधर पहेलेसे ही सब तैयारीया करके बैठाथा..
जैसेही ब्रीन्दाने श्रीधरकी ओर देखा श्रीधरने सीधाही अपने होठ ब्रीन्दाके होठोपे रख दीया.. ओर चुमने लगा.. तब ब्रीन्दा कांपने लगी.. उनके तनपे अेक बीजलीसी लहेर दोड गइ.. श्रीधरकी हरकत उनको अच्छी लगने लगी.. वो मनसे चाहती थीकी श्रीधर उसे अभीके अभी पुरी तराह मसलदे.. ओर सारी मर्यादा पार करले.. लेकीन फीरभी वो श्रीधरकी मां थी.. तो उसने अेक बार श्रीधरको रोकनेकी नाकाम कोसीस की.. ओर धीरेसे कहा..
ब्रीन्दा : (धीरेसे कानमे) बेटा.. क्या कर रहा हे..? मे मां हु तेरी..
श्रीधर : (बीन्दास होठोको चुमते) नही मोम.. मेरी मां कोतो मे घरपे पापाके पास छोडकर आया हु.. अभी इस वक्त जो मेरे साथ हे वो मेरी सपनोकी रानी हे.. जो मे सारी जींदगी उनके साथ बीताने वाला हु.. तो मे उनके साथ कुछभी कर सकता हु..
ब्रीन्दा : (सरमाते मुस्कुराते) तोफीर अेक बार फीर सोचले.. इस सपनोकी रानीको तुजे जींदगीभर सम्हालना पडेगा.. इनकी हर जरुरतको तुजे पुरी करने पडेगी.. क्युकी इस रानी बहुतही महेंगी हे.. हें..हें..हें..
श्रीधर : (उनकी ओर देखते मुस्कुराकर धीरेसे गाल चुमते) मोम.. मेने सब सोच लीया हे.. मे तैयार हु.. इसीलीये तो मेने आपसे कहाथा की मे सादी नही करुगा.. क्युकी मुजे मेरी रानी मील गइ हे.. अब मुजे सादीकी जरुरत नही हे.. अगर मेरी रानी चाहेतो मे उनसे सादी कर लुगा..
ब्रीन्दा : (जोरोसे बाहोमे कसते) बीटु.. आइ लव यु.. आइ लव यु सो मच.. मेभी तुजे बहुत चाहती हु.. मुजे तेरा प्यार कबुल हे.. आजसे ये ब्रीन्दा तेरी सपनोकी रानी होगइ..
ओर आखीर ब्रीन्दाने श्रीधरका प्यार कबुल करलीया.. तो श्रीधर बहुत खुस होगया.. जैसे उनको दुनीयाकी सारी खुसीया मील गइ.. अब श्रीधरने बीना डर ब्रीन्दाके बुब्सको अपने हाथोमे थामलीया.. तो ब्रीन्दा श्रीधरकी बाहोमे चीपक गइ.. तब कुछही देरमे दोनोके होठ अेक बार फीर मील गये.. ओर आजु बाजु सबको भुलकर अेक दुसरेके मुहके रसको पीने लगे.. श्रीधर ओर ब्रीन्दा दोनोही अेक दुसरेकी जीभसे पेच लडाते मदहोस होने लगे.. वो सबकुछ भुलकर प्यारके आगोसमे चले गये..
दोनोही फील्म देखना छोडके अेक दुसरेके होठोको चुम रहेथे तो श्रीधर भी होठोको चुमते ब्रीन्दाके बुब्सको मसलते उनके साथ खेल रहाथा.. ओर खेलते खेलते अपना हाथ नीचेकी ओर लेगया.. तब ब्रीन्दा बहुतही कामातुर हो चुकीथी.. ओर श्रीधरने सीधेही उनकी चुतको सारीके उपरसेही दबोचली.. ओर सहेलाने लगा.. तो ब्रीन्दा उछल पडी.. वो बहुतही सर्मसार होगइ.. ओर अचानक खडी होकर बहारकी ओर जाने लगी..
तो श्रीधरभी खडा होगया.. ओर वोभी ब्रीन्दाके पीछे चला गया.. उनको समजमे ही नही आयाकी अचानक ब्रीन्दाको क्या होगया.. दरसल श्रीधर उनको कबसे छेड रहाथा.. तो ब्रीन्दा पीछले दो सालसे प्यासी थी.. ओर आज श्रीधरने उनके उरोजोके साथ खेलकर उसे बहुत उतेजीत करदीयाथा.. ओर श्रीधरने अचानक उनकी चुतपे हमला करदीया.. तो ब्रीन्दा बरदास्त नही करपाइ.. ओर उनकी चुतसे फवारा नीकल गया..
उनकी पुरी पेन्टी गीली होचुकी थी.. तो वो जटसे बाथरुमकी ओर चली गइ.. तो पीछे श्रीधरभी उनको आते हुअे दीखा.. ओर वो सरमाकर अंदर चली गइ.. फीर फ्रेस होकर चुतको पानीसे साफ करके पेन्टीको नीकाल देती हे.. ओर जैसेही बाथरुमसे बहार नीकलनेके लीये घुमी.. उसे सामने श्रीधर खडा नजर आया.. ओर वो दोडकर उनकी बाहोमे समा गइ.. ओर श्रीधरको पागलोकी तराह चुमने लगी..

ब्रीन्दा : (मदहोसीमे लडखडाती आवाजमे) बीटु मेरे राजा.. प्लीज.. मुजे यहासे ले चलो.. नही देखनी फील्म..
तो श्रीधरभी सबकुछ समज गया.. ओर वो ब्रीन्दाको लेकर वहासे नीकल गया.. दोनोही अेक सोपींग मोलपे चले गये.. तो वहा ब्रीन्दाने श्रीधरके लीये.. तो श्रीधरने ब्रीन्दाके लीये काफी खरीदारी करली.. दोनोही अेक दुसरेका हाथ पकडकर काफी देर प्यारकी बाते करते घुमते रहे.. फीर श्रीधरने बाइक अेक होटेलमे लेली.. वहा दोनोने डीनर कीया.. तब ब्रीन्दा श्रीधरके साथ काफी खुल चुकीथी.. ओर आखीर दोनो बंगेलेपे आगये....
कन्टीन्यु
श्रीधर : (मुस्कुराते) मोम.. कहो.. अब कीधर जाना हे.. जहा आप कहे मे उधर लेलु..
ब्रीन्दा : (सरमाकर मुस्कुराते पीछे बैठते) अरे.. मुजे थोडीना पता हे.. तु अपनी सपनोकी रानीको घुमाने लेजा रहा हे.. तो तुही डीसाइड कर.. मुजे क्या पुछता हे.. जीधर मन करे वहा लेले.. मुजेतो सीर्फ पीछे ही बेठना हे..
श्रीधर : (मनमे खुस होते हसते) देखना.. फीर वहा जाकर आप मुकर मत जाना.. हें..हें..हें..
श्रीधरने सबकुछ पहेलेसे ही तैय करके रखाथा.. उसने बाइक सीधेही अेक रेस्टोरन्टपे लेली.. वहा दोनोने चाइ नास्ता कीया.. फीर बील पे करके दोनो वहासे नीकल गये.. ओर अेक थीअेटरपे आगये.. वहा अेक बहुतही रोमांटीक फील्म चल रहीथी.. तब ब्रीन्दा सबकुछ समज गइ.. ओर दुसरी ओर मुह करके सरमाकर मुस्कुराने लगी.. दोनोही बाइक पार्क करके टीकीट वीन्डोके पास आगये..
तो श्रीधरने ब्रीन्दाको थोडी दुर खडी रखते दो कोर्नरकी टीकीट लेली.. आज ब्रीन्दा बहुत खुस हो रहीथी.. वो अपने पतीके अलावा कइ बरसोके बाद आज वो अपने बेटेके साथ फील्म देखने आइ थी.. भलेही श्रीधर उनका बेटा हो.. लेकीन थातो अेक मर्द.. जो उसे बहुत प्यार करता था.. ओर उनका जींदगीभर साथ नीभाना चाहथा था.. उनको पताथा की अंदर श्रीधर उनके साथ कोइना कोइ सरारत जरुर करेगा..
तो ब्रीन्दाभी मानसीक रुपसे श्रीधरका साथ देनेके लीये तैयार होगइ.. जब अगला सो खत्म हुआ तो श्रीधरने ब्रीन्दाका हाथ थामलीया.. ओर प्रेमीकी भांती उसे हाथ पकडकर अंदर चला गया.. तो थीअेटरमे भी काफी अंधेरा था.. तो ब्रीन्दाने खुद दुसरे हाथसे श्रीधरका हाथ थामलीया ओर उनके पीछे पीछे चली गइ.. दोनोही अंदर जाकर अपनी जगाहपे बैठ गये.. तो कोर्नरकी सीट देखतेही ब्रीन्दा बहुत कुछ समज गइ..
ओर उनके दिलकी धडकन थोडी तेज होगइ.. जैसेही सभी लाइटे बंध हुइ.. तो कुछही देरमे फील्म सुरु होगइ.. श्रीधर तो सीरीयसली फील्म देख रहाथा.. लेकीन ब्रीन्दाका मन बार बार श्रीधरकी ओर जा रहाथा.. जैसे वो श्रीधरकी सरारतके इन्तजारमे हो.. तभी अेक बहुतही रोमांटीक सीन आगया.. ओर श्रीधरने धीरेसे अपना हाथ ब्रीन्दाके हाथपे रख दीया.. तब ब्रीन्दाके के तनमे अेक बीजलीसी लहेर दोड गइ....

ओर उसने धीरेसे अपना हाथ खीचकर हटानेकी कोसीस की.. तब श्रीधरने कसके उनका हाथ उंगलीयो मे उंगलीया फसाकर थामलीया.. तब ब्रीन्दा सरसे पांव तक हील गइ.. उनके दिलकी धरडकन ओर बढ गइ.. ओर वो कोइ रीअेक्शन दीये बगैर अैसेही बैठी रही.. तो श्रीधर धीरे धीरे उंगलीयोमे कसाव बढाने लगा.. जब ब्रीन्दाने कोइ रीअेक्शन नही दीया.. तो श्रीधरने हाथ छोड दीया.. तो ब्रीन्दाने टेडी नजरोसे श्रीधरकी ओर देखलीया.. वो थोडा नीरास हो चुकाथा.. तो श्रीधरको अैसे नीराश देखकर ब्रीन्दाकोभी अच्छा नही लगा..
तभी अचानक ब्रीन्दाको पीछेसे अपने कंधेपे श्रीधरका हाथ महेसुस हुआ.. तो वो बहुतही सरमाइ.. तब कुछही देरमे श्रीधरने ब्रीन्दाको कंधेसे पकडकर अपनी ओर खीच लीया.. ओर अपने कंधेके साथ सटालीया.. तो ब्रीन्दाने भी सरम त्यागकर श्रीधरके कंधेपे सर रखदीया.. तभी श्रीधर अपना दुसरा हाथ उनके उरोजोकी ओर लेगया.. ओर उसे टच करने लगा.. तो ब्रीन्दा बहुतही सर्मसार होगइ.. ओर उसने श्रीधरकी ओर देखा.. लेकीन उनको क्या पता श्रीधर पहेलेसे ही सब तैयारीया करके बैठाथा..
जैसेही ब्रीन्दाने श्रीधरकी ओर देखा श्रीधरने सीधाही अपने होठ ब्रीन्दाके होठोपे रख दीया.. ओर चुमने लगा.. तब ब्रीन्दा कांपने लगी.. उनके तनपे अेक बीजलीसी लहेर दोड गइ.. श्रीधरकी हरकत उनको अच्छी लगने लगी.. वो मनसे चाहती थीकी श्रीधर उसे अभीके अभी पुरी तराह मसलदे.. ओर सारी मर्यादा पार करले.. लेकीन फीरभी वो श्रीधरकी मां थी.. तो उसने अेक बार श्रीधरको रोकनेकी नाकाम कोसीस की.. ओर धीरेसे कहा..
ब्रीन्दा : (धीरेसे कानमे) बेटा.. क्या कर रहा हे..? मे मां हु तेरी..
श्रीधर : (बीन्दास होठोको चुमते) नही मोम.. मेरी मां कोतो मे घरपे पापाके पास छोडकर आया हु.. अभी इस वक्त जो मेरे साथ हे वो मेरी सपनोकी रानी हे.. जो मे सारी जींदगी उनके साथ बीताने वाला हु.. तो मे उनके साथ कुछभी कर सकता हु..
ब्रीन्दा : (सरमाते मुस्कुराते) तोफीर अेक बार फीर सोचले.. इस सपनोकी रानीको तुजे जींदगीभर सम्हालना पडेगा.. इनकी हर जरुरतको तुजे पुरी करने पडेगी.. क्युकी इस रानी बहुतही महेंगी हे.. हें..हें..हें..
श्रीधर : (उनकी ओर देखते मुस्कुराकर धीरेसे गाल चुमते) मोम.. मेने सब सोच लीया हे.. मे तैयार हु.. इसीलीये तो मेने आपसे कहाथा की मे सादी नही करुगा.. क्युकी मुजे मेरी रानी मील गइ हे.. अब मुजे सादीकी जरुरत नही हे.. अगर मेरी रानी चाहेतो मे उनसे सादी कर लुगा..
ब्रीन्दा : (जोरोसे बाहोमे कसते) बीटु.. आइ लव यु.. आइ लव यु सो मच.. मेभी तुजे बहुत चाहती हु.. मुजे तेरा प्यार कबुल हे.. आजसे ये ब्रीन्दा तेरी सपनोकी रानी होगइ..
ओर आखीर ब्रीन्दाने श्रीधरका प्यार कबुल करलीया.. तो श्रीधर बहुत खुस होगया.. जैसे उनको दुनीयाकी सारी खुसीया मील गइ.. अब श्रीधरने बीना डर ब्रीन्दाके बुब्सको अपने हाथोमे थामलीया.. तो ब्रीन्दा श्रीधरकी बाहोमे चीपक गइ.. तब कुछही देरमे दोनोके होठ अेक बार फीर मील गये.. ओर आजु बाजु सबको भुलकर अेक दुसरेके मुहके रसको पीने लगे.. श्रीधर ओर ब्रीन्दा दोनोही अेक दुसरेकी जीभसे पेच लडाते मदहोस होने लगे.. वो सबकुछ भुलकर प्यारके आगोसमे चले गये..
दोनोही फील्म देखना छोडके अेक दुसरेके होठोको चुम रहेथे तो श्रीधर भी होठोको चुमते ब्रीन्दाके बुब्सको मसलते उनके साथ खेल रहाथा.. ओर खेलते खेलते अपना हाथ नीचेकी ओर लेगया.. तब ब्रीन्दा बहुतही कामातुर हो चुकीथी.. ओर श्रीधरने सीधेही उनकी चुतको सारीके उपरसेही दबोचली.. ओर सहेलाने लगा.. तो ब्रीन्दा उछल पडी.. वो बहुतही सर्मसार होगइ.. ओर अचानक खडी होकर बहारकी ओर जाने लगी..
तो श्रीधरभी खडा होगया.. ओर वोभी ब्रीन्दाके पीछे चला गया.. उनको समजमे ही नही आयाकी अचानक ब्रीन्दाको क्या होगया.. दरसल श्रीधर उनको कबसे छेड रहाथा.. तो ब्रीन्दा पीछले दो सालसे प्यासी थी.. ओर आज श्रीधरने उनके उरोजोके साथ खेलकर उसे बहुत उतेजीत करदीयाथा.. ओर श्रीधरने अचानक उनकी चुतपे हमला करदीया.. तो ब्रीन्दा बरदास्त नही करपाइ.. ओर उनकी चुतसे फवारा नीकल गया..
उनकी पुरी पेन्टी गीली होचुकी थी.. तो वो जटसे बाथरुमकी ओर चली गइ.. तो पीछे श्रीधरभी उनको आते हुअे दीखा.. ओर वो सरमाकर अंदर चली गइ.. फीर फ्रेस होकर चुतको पानीसे साफ करके पेन्टीको नीकाल देती हे.. ओर जैसेही बाथरुमसे बहार नीकलनेके लीये घुमी.. उसे सामने श्रीधर खडा नजर आया.. ओर वो दोडकर उनकी बाहोमे समा गइ.. ओर श्रीधरको पागलोकी तराह चुमने लगी..

ब्रीन्दा : (मदहोसीमे लडखडाती आवाजमे) बीटु मेरे राजा.. प्लीज.. मुजे यहासे ले चलो.. नही देखनी फील्म..
तो श्रीधरभी सबकुछ समज गया.. ओर वो ब्रीन्दाको लेकर वहासे नीकल गया.. दोनोही अेक सोपींग मोलपे चले गये.. तो वहा ब्रीन्दाने श्रीधरके लीये.. तो श्रीधरने ब्रीन्दाके लीये काफी खरीदारी करली.. दोनोही अेक दुसरेका हाथ पकडकर काफी देर प्यारकी बाते करते घुमते रहे.. फीर श्रीधरने बाइक अेक होटेलमे लेली.. वहा दोनोने डीनर कीया.. तब ब्रीन्दा श्रीधरके साथ काफी खुल चुकीथी.. ओर आखीर दोनो बंगेलेपे आगये....
कन्टीन्यु



















