Incest रिस्तो मे प्यारकी अनुभुती - Page 35 - SexBaba
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Incest रिस्तो मे प्यारकी अनुभुती

मंजु देवायतको आंसु बहाते देखकर थोडी वीचलीत होगइ.. उनको पताथाकी देवायत क्यु आंसु बहा रहा हे.. वो जटसे पुनमके पास उनके रुममे चली गइ.. ओर वहीसे देवायतको थोडी जोरोसे आवाज लगाके रुममे बुलाती हे.. तो देवायत अपने आंसु पोछते पुनमके रुममे चला गया.. तब चंदा भुमीका ओर नीर्मला खुसीके मारे हस हसके बाते कर रहीथी.. जब देवायत अंदर आगया.. मंजुने धिरेसे दरवाजा बंध करलीया..

मंजुला : (थोडी चीन्तासे) जानु.. क्यु दुखी हो रहे हो..? आपको पता हेना आज क्या हुआ हे..? तो हमे आजही ये सब करना पडा..

देवायत : मंजु.. लेकीन अ‍ैसे कीसीके जजबातोसे मजाक करना.. मुजे अच्छा नही लगा.. देखो.. तीनो कीतनी खुस हे..? क्या तुजे नही लगता हम कीसीके साथ धोखा कर रहे हे..?

मंजुला : (मुस्कुराते बाहोमे समाते) हंम.. समज गइ.. मुजे पता था.. अ‍ेकना अ‍ेक दिन येतो होनेही वाला था.. लेकीन जानु.. आप समजो.. अगर थोडेसे मजाकसे पापाको खुसी मीलती हे.. तो मे अ‍ैसा मजाक बार बार करुगी.. देखो पापा कीतने खुस हे.. मे उनको जानेसे पहेले खुस देखना चाहती हु.. फीरभी आपको लगता हेकी ये गलत हे.. तो आइ अ‍ेम सोरी..

देवायत : (सर चुमते) नही मंजु तुम माफी मत मांगो.. मुजे पता हे तेरी कोइना कोइ मजबुरी या उनके पीछे कोइ वजह होगी..

मंजुला : (मुस्कुराते धीरेसे) जानु.. थेन्क्स.. मेरी क्या मजबुरीथी.. वो आपको कुछही दिनोमे पता चल जायेगा.. मेने जोभी कीया हे सोच समजके कीया हे.. आप फीकर मत करो..

पुनम : (सरमाते धीरेसे) भाइ.. भाभी ठीक केह रही हे.. बहुत कुछ जल्दी बदल रहा हे..

देवायत : (प्यारसे सर चुमते) हंम.. पता हे मुजे.. तुम दोनोको बहुत कुछ पता चल जाता हे.. हें..हें..हें..

मंजुला : (हसते) हां.. चलजाता हे.. इसीलीये तो ये सब करना पडा.. ओर येभी पता हे.. आज मेरी दो सौतने ओर आगइ हे.. जो उनमेसे अ‍ेकका उधार आज आपको करना हे.. हें..हें..हें.. देवु.. सीर्फ अ‍ेकका नही.. हो सकेतो आजही उन दोनोका सब काम तमाम करदो..

पुनम : (सरमाकर हसते) भाभी.. आप कीसकी बात कर रही हे.. सायद नीशा भाभी..?

मंजुला : (हसते) हां दीदी.. नीशातो हे ही.. लेकीन उस कमीनी भी अब हमारे साथ जुड गइ हे.. तेरी चारु भाभी.. हें..हें..हें.. पता नही ओर कीतनी ओरतोका उधार करना हे.. आज कल हमारे देवरके भी पंख लग गये हे.. हें..हें..हें.. वो कुछ ज्यादा ही उडने लगे हे..

पुनम : (सरमाते धीरेसे हसते) भाभी.. प्लीज.. आप वो थोडीसी जडीबुटी मुजे देना.. जो आपने भाइको दिथी.. बस.. उनमे से थोडीसी लखन भैयाको देनी हे.. आप समज गइनां..?

मंजुला : (मुस्कुराते) हंम.. दीदी.. मेने घरपे सम्हालके रखी हे.. मे घरपे आउगी तब आपको दे दुगी.. लेकीन उनको थोडीसी ही देना.. ओर इस बारेमे मुजे आपसे बातभी करनी हे.. हम वही घर जायेगे तब करलेगे..

देवायत : (हसते) मंजु.. तो अब मे घर चलु..?

मंजुला : (हसते) देवु.. आप बहुत कमीने हो.. इस बेचारीकी हालत इतनी खराब करनेकी क्या जरुरत थी..? थोडा प्यारसे नही कर सकते थे..? आप डीनर करके जाना.. वरना पापाको बुरा लगेगा..

देवायत : (मुस्कुराते) ठीक हे.. मंजु.. पता नही तुजे ओर पुनोको देखकर मुजे क्या होजाता हे.. मे सब कंट्रोल खो देता हु.. हें..हें..हें.. सायद इसकी वजह ये हे.. की तुम दोनो मेरी बहेने हो.. हें..हें..हें.. तो तेरे हिस्सेका प्यारभी पुनोसे वसुल करता हु.. हें..हें..हें..

मंजुला : (सरमाकर हसते) पुनोदीदी.. हमे कीतना कमीना भाइ मीला हे.. कोइ बहेनकी अ‍ैसी हालत करता हे.. हें..हें..हें.. देवु.. छोडो ये सब.. आज आप कारको इधरही रखके जाना.. सृती ओर पुनो दोनोही चला लेती हे.. आप आज पापाका स्कुटर लेकर चले जाना.. समज गयेनां..?

देवायत : (मुस्कुराते) हंम.. मंजु.. अगर तुम कहोतो मे रुक जाता हु..

मंजुला : नही देवु.. आप आरामसे जाओ.. वहाभी वो दोनो आपका इन्तजार कर रही होगी.. ओर आप यहा रुके तो सायद मम्मी.. भुमी आंटी.. सबको सक होजायेगा.. आप जाओ.. अकेले अ‍ैस करो.. हें..हें..हें..

देवायत : (मुस्कुराते) अरे अकेला कहा..? ठीक हे.. पुनो.. चलो तुम्हे मेरे साथ चलना हे.. आज हम दोनोही घरपे अ‍ेकेले हे..हें..हें..हें..

मंजुला : (दांत पीसते मुका मारते) आप बहुत ही कमीने हो.. अकेले कहा..? वहा दोदो कमीनीओ आपका इन्तजार कर रही हे..

पुनम : (धीरेसे) भाभी.. वो वंदु केह रहीथी.. आज कल चारुभाभी ओर रेमशभाइके बीच कुछ ठीक नही चल रहा..

मंजुला : (मुस्कुराते) सब पता हे दीदी.. आगे देखते जाओ.. अबतो वहा बहुत कुछ नया दिखनेको मीलेगा..

देवायत : (होंठ चुमते बुब्स दबाते) मंजु.. अ‍ेक दिन तुम दोनो बहेनोके साथ मजा करना चाहता हु.. हें..हें..हें..

कहातो पुनम ओर मंजुला बहुतही सर्मसार होगइ.. ओर मंजुने सरमाकर देवायतकी पीठमे मुका भी मार दीया.. फीर दोनोही बहार आकर सबके साथ बैठ गये.. तब भावना मीठाइआ ओर आइसक्रिम लेकर आगइ.. सबने देवायतको डीनर तक वही रोक लीया.. वहा खानेके वक्त मीठाइआ बटी.. सब अ‍ेक दुसरेका मुह मीठा करने लगे.. फीर आइसक्रिम भी खाइ.. ओर देवायत रात साडे नव बजे वहासे नीकल गया..
 
भानुके गांवभी जब लखन ओर लता चले गये तब भानु ओर सरला अपने अपने रुममे आराम करने चले गये.. तो रमा आज बहुत खुस नजर आ रहीथी.. वो गाना गुनगुनाते धरका सब काम फटाफट नीपटाने लगी.. क्युकी आज उनके साथ लखनने बात कीथी.. ओर दोनोने डबल मीनींगमे बहुत कुछ बाते करली थी.. तबही उसने मनमे ठान लीयाथा.. की अब जोभी हो.. सामको भानुके जानेके बाद वो लखनसे फोनपे बात कर लेगी..

रमा अपना सब काम नीपटाकर अपने कमरेमे आराम करने चली गइ.. तो भानु खर्राटे मारके सो रहाथा.. ओर उनके साथ भावेशभी सो रहाथा.. तो रमा भावेशके बगलमे जाकर लेट गइ.. आज उसे भावेसपे बहुत प्यार आने लगा.. ओर वो भावेसके सरको सहेलाने लगी.. तो भावेश जाग गया.. ओर रमाकी ओर करवट लेकर उनके दुधु मुहमे लेनेकी कोसीस करने लगा.. लेकीन आज रमाने उसे नही रोका..

वो भावेशकी हरकत देखकर मुस्कुराने लगी.. ओर उसने सरमाते अपने ब्लाउसके नीचेके दो बटन खोलदीया.. ओर ब्लाउसको उचा करके अपने दुधु बहार नीकलके भावेशके मुहमे दे दीया.. तो भावेशभी खुस होकर अपना हाथ पांव उछालते रमाके दुधुकी नीपलको मुहमे लेकर चुसने लगा.. ओर रमा मुस्कुराते उनके सरको सहेलाने लगी.. तभी भानुने अपनी आंख खोलदी.. ओर दोनोकी हरकते देखता रहा.. तभी..

भानु : (मुस्कुराते) रमा.. क्या ये अबभी दुध पीता हे..? क्या तेरे दुधुमे दुध आता हे..?

रमा : (सरमाते मुस्कुराते धीरेसे) नही भानु.. लेकीन इनको अ‍ैसी आदत लग चुकी हे.. तभी सोता हे.. भानु.. वो.. वो.. माजी अ‍ेक बार कहे रहीथी.. की अब हमे अ‍ेक बच्चा करलेना चाहीये..

भानु : (मुस्कुराते) हमारे तीन तीन बच्चेतो हे.. तो फीर क्या कहा तुने..?

रमा : (सरमाते हसते) क्या कहेती..? केह दीयाकी हम कोसीस कर रहे हे.. बस.. मुजेतो बहुत सरम आइ.. भानु.. क्या आपका मन नही करता..? दोतो भावना का हे.. मेरी तो सीर्फ नीलु हे.. आपको नही लगता की अब हमारा भी अ‍ेक लडका हो.. हंम..?

भानु : (हसते) हंम.. लेकीन हमने कोसीस तो करते हे.. होना चाहीये..? रमा.. मुजे लगता हे तेरी इतनी उमर होगइ हे.. इसीलीये नही हो रहा.. अबतो भावु आजायेतो कुछ बात बन सकती हे..

रमा : (थोडा गुसा होते) क्या कहेना चाहते हे आप..? तो क्या आपकी भावुही बच्चा पैदा कर सकती हे मे नही..? हां अब आपकोतो भावुही अच्छी लगेगीनां.. तो फीर क्यु की मुजसे सादी..? करलेते उनसे बच्चे..

भानु : (थोडा परेसान होते) अरे.. तु बातको कहासे कहा तक लेगइ..? मेने ये थोडीना कहाकी तुजसे बच्चे नही होगे..? हम रोज तो करते हे.. फीरभी नही हो रहा तो इसमे मेरा क्या कसुर.. जो तुम गुसा करती हो..

रमा : ठीक हे ठीक हे.. अभी मेरा मुड खराब मत करो.. क्या आपको खेतोपे नही जाना..?

भानु : (बेडसे खडा होकर) हां जाता हु.. तु आराम कर.. आज रात कोसीस करेगे.. तैयार रहीयो..

रमा : (मनमे) अब तुम क्या कोसीस करोगे..? खुदसे तो कुछ होता नही.. ओर मुजे कहेते हे तेरी उमर होगइ हे.. कमीने.. आज भी तेरा बहेनोइ लखन मेरे पीछे लटु हे.. बस मेरे अ‍ेक इसारेकी देरी हे.. फीर देख वो कैसे तेरी इस बीवीको चोद लेता हे.. कमीना हेभी मस्त.. कीतना हेन्डसम दिखता हे.. अबतो उनसे चुदवाकर तुजे मे बच्चा पैदा करके दिखाउगी.. अब जोभी करेगे तेरा बहेनोइ लखनही करेगे.. मे आजही उनसे फोनपे बात करलेती हु.. की मुजे आपका प्यार कबुल हे..

मनमे सोचते रमा आंख बंध करके लेट गइ.. तो भानु फ्रेस होकर रमाके सामने देखते घरसे बहार नीकलकर खेतोकी ओर चला गया.. तो रमा फटाफट अपना ब्लाउस सही करते बेडसे उतर गइ.. ओर वो बहार सब दरवाजा चेक करके सरलाके रुमकी ओर देखने चली गइकी सरला सो गइ हेकी नही.. उनके दिलकी धडकन बढने लगी.. सब चेक करके अपने रुममे आगइ.. ओर दरवाजा लोक करके अपना फोन लेकर बेडपे बैठ गइ....

कन्टीन्यु
 
रिस्तोमे प्यारकी अनुभुती

अध्याय - १६७

मनमे सोचते रमा आंख बंध करके लेट गइ.. तो भानु फ्रेस होकर रमाके सामने देखते घरसे बहार नीकलकर खेतोकी ओर चला गया.. तो रमा फटाफट अपना ब्लाउस सही करते बेडसे उतर गइ.. ओर वो बहार सब दरवाजा चेक करके सरलाके रुमकी ओर देखने चली गइकी सरला सो गइ हेकी नही.. उनके दिलकी धडकन बढने लगी.. सब चेक करके अपने रुममे आगइ.. ओर दरवाजा लोक करके अपना फोन लेकर बेडपे बैठ गइ....अब आगे

उधर गांवमे लखन ओर बंसी श्रीधरके घरसे नीकलकर सीधेही लखनके खेतोपे चले गये.. लखन मालतीको दो कप चाइ लानेको कहेते सीधाही बंसीके साथ गोडाउनकी ओफीसमे चला गया.. ओर वहा दोनो बैठ गये ओर अ‍ेक दुसरेके सामने देखकर हसने लगे.. दोनोको अ‍ैसा फील होने लगाकी श्रीधर ओर जयश्रीका मामला उन दोनोने सुलजा लीया हे.. लेकीन आज बंसी ओर जागृतीकी हरकतकोभी लखन देख चुकाथा..

लखन : (हसते) बंसी.. आजतो तु बडाही खुस लग रहा हे..? लगता हे.. तेरी जागृतीके साथ बात होगइ हे.. हें..हें..हें.. दोनो ही बडे नैन मटक कर रहे थे.. हें..हें..हें..

बंसी : (सरमाते हसते) भाइ.. क्या आपने सब देखलीया..? हें..हें..हें.. लेकीन नही भाइ.. अगर बात पकी होगइ होती.. तो मे सबसे पहेले आपको बता देता.. हां.. अभी श्रीधरके घरपे बात थोडी आगे बढी हे.. जब वो वहा आइ.. तो मेने उनको आंख मारी थी.. तो वो सरमाकर हसने लगी.. हें..हें..हें..

लखन : (जोरोसे हसते) तो कमीने ओर क्या चाहीये तुजे..? अगर लडकी हसी तो समजले फसी.. हें..हें..हें.. कमीने इसका मतलब वोभी तेरे साथ आगे बढना चाहती हे.. तभी तो सरमाकर तेरे सामने हस रहीथी.. मारदे हथोडा.. हें..हें..हें..

बंसी : (सरमाकर हसते) नही भाइ.. मेरी बहेन हे..तो थोडासा डर लग रहा हे.. की उनसे कैसे बात करु..

लखन : (हसते) अरे क..मी..ने.. तो वो क्या तुजे सामनेसे आकर कहेगी की चल भैया.. चडजा मेरे उपर.. ओर चोदले मुजे.. हें..हें..हें.. बात करता हे.. अबे उलुके पठे.. वो तेरे साथ रीलेशन रखनेके लीये बीलकुल रेडी हे.. जा उसे बीना डरे अपने दिलकी बात कहेदे.. वो मना नही करेगी.. ओर सुन.. अगर वो हा कहेदे तो तेरे नीचे लीटानेमे कोइ देर मत करना.. अ‍ेक बार चोद लेना.. समजे..? बस लडकी अ‍ेक बार अंदर लेलेगी.. फीर वो हमेसाके लीये तेरी हो जायेगी.. हें..हें..हें..

बंसी : (सरमाते हसते) अबे कमीने.. मुजे तेरे जीतना अ‍ेक्सीरीयन्स थोडीना हे..? हें..हें..हें.. भाइ लगता हे श्रीधरकी मम्मी आपकी ओर देखकर कुछ ज्यादाही हस रहीथी.. हें..हें..हें.. कुछ गडबडतो नही..? क्या मस्त माल दीखती हे.. पता नही कमीना श्रीधर इनमे आगे क्यु नही बढता.. हें..हें..हें..

लखन : (सरमाकर हसते धीरेसे) नही यार.. वो हमारे दोस्तकी मम्मी हे.. ये तो हमने उनकी मदद की इसीलीये हस रही होगी.. बाकी श्रीधरको देखना हे.. भला हो हमारे मुनाका.. कमीनेने हम सब दोस्तोको ना जाने कोनसी देसी दवाइ पीलाइ हे.. सबको अ‍ेक लडकीसे संतोष ही नही होता.. हें..हें..हें..

बंसी : (सरमाते धीरेसे) भाइ.. अ‍ेक बात कहु..? उस दवाइसे हमारे हथीयार थोडे बडे दीख रहे हे.. अ‍ैसा मुजे लगता हे.. अ‍ैसा लगता हे मे बुआको चोदता ही रहु.. अबतो बुआ भी मना करने लगी हे.. हें..हें..हें..

लखन : (मुस्कुरात धीरेसे) बंसी.. यार मुजेभी अ‍ैसा लगता हे.. श्रीधर ओर हमारा साहील भी यही फरीयाद कर रहे हे.. हें..हें..हें..

बंसी : (धीरेसे) भाइ.. साहीलका नाम लीया तो याद आया.. आजकल वो कुछ ज्यादाही परेसान दिख रहा हे.. बात थोडी गंभीर होगी.. वोभी आपसे अकेलेमे मीलना चाहता हे..

लखन : (मुस्कुराते) ठीक हे यार.. सामको सब इकठा होगे तब मील लुगा..

तभी मालती चाइ लेकर आगइ.. ओर लखनकी ओर कामुक स्माइल करते दोनोको चाइ देने लगी.. लेकीन लखनने आंखोके इसारोसे बंसीकी ओर इसारा कीया.. तो मालती सब समज गइ.. जब दोनोने चाइ पीली तो मालती कप लेकर चली गइ.. ओर कुछ देरके बाद बंसीभी लखनकी इजाजत लेकर अपने घरपे चला गया.. ओर लखन अकेला बैठाथा.. तभी उनके फोनकी रींग बजने लगी.. तो लखन फोन देखतेही हसने लगा..

लखन : (फोन उठाकर धीरेसे मुस्कुराते) हां भाभी.. तो आखीर आपने मुजे फोन कर ही दीया.. कहो..

रमा : (फोनपे धीरेसे) हंम.. देवरजी.. बहुत कमीने हो आप.. हें..हें..हें.. आखीर आपने अपनी बात मनवा ही ली.. कहो.. क्या कहेना चाहते थे आप..?

लखन : (हसते धीरेसे) अरे मुजे क्या कहेना हे.. अब जोभी कहेना हे आपको ही कहेना हे.. हें..हें..हें..

रमा : (सर्मसार होते मुस्कुराते) क्या..? हें..हें..हें.. मुजे क्या कहेना हे..? कहीयेनां..? ओर आप खाना खाते वक्त क्या इसारा कर रहेथे..? अगर कीसीने देख लीया होता तो..? कहीयेनां..?

लखन : (मुस्कुराते) भाभी.. आप बहुत खुबसुरत हे.. आइ लव यु.. मुजे सचमे आपसे प्यार होगया हे..

रमा : (सर्मसार होते धीरेसे) हंम.. अगर कीसीको पता चल गया तो..? समजलो आपके भाइ मुजे घरसे नीकाल देगे.. फीर मे कहा जाउगी..? कमसे कम मेरी नीलुके बारेमे तो सोचीये..





लखन : (मुस्कुराते) भाभी.. मे आपको जानता हु.. हम दोनोके बारेमे आप कीसीको पता नही चलने देगी.. बस.. हम दोनोका रीलेशन सीर्फ हम दोनोके बीच रहेगा.. ओर फीरभी आपकी तसलीके लीये कहेदु.. अब नीलुकी सब जीम्वेवारी हमारी हे.. ओर अगर आपकोभी घर छोडना पडे तो अब लखनके घरके दरवाजे आपके लीये भी हमेसा खुले हे.. आप सहेरमे मेरे पास आजाइअ‍ेगा.. मे आपको सम्हाल लुगा.. बस..?

रमा : (मनमे खुस होते) हें..हें..हें.. हंम.. मतलब आप अपनी जीद नही छोडेगे.. ठीक हे.. फीर सोचलो.. सारी जींदगी इस भाभीको जेलना पडेगा.. कही मुजे मजधार मे अकेला छोडके तो नही चले जाओगे..?

लखन : (मुस्कुराते) भाभी.. मेने आपको अ‍ैसेही प्यार नही कीया.. अभी तक आप लखनको समजही नही पाइ.. कहो.. आपको कैसे यकीन दिलवाउ..? क्या मे सादी करलु आपसे..? हंम..? चलो मे सादीके लीयेभी रेडी हु.. हें..हें..हें..

रमा : (सर्मसार होते धीरेसे) अरे नही नही.. फीर आपके भाइ कहा जायेगे..? हें..हें..हें.. आपने इतना केह दिया वोही मेरे लीये काफी हे.. ठीक हे.. मुजे आपका प्यार कबुल हे.. लेकीन याद खना.. ये प्यार सीर्फ हम दोनो अकेले होगे तबही होगा.. वरना हम दोनोकी बदनामी होजायेगी.. बाकी हम दोनोके बीच अ‍ैसेही सहेलज ननंदोइका रीस्ता होगा.. इस बातकी कीसीको कानो कान भनकभी नही लगनी चाहीये.. खास करके लता दीदीको.. बाकी सब बाते हम दोनो अकेले मीलेगे तब करेगे.. समज गयेनां..?

लखन : (मनमे खुस होते) जी भाभी.. हम बहुतही जल्द अकेले मीलेगे.. मेरा प्यार कबुल करनेके लीये थेन्क्स.. भाभी.. आइ लव यु..

रमा : (समरमाते धीरेसे) हंम.. आइ लव यु टु.. बस.. अबतो आप खुस हेनां..? हें..हें..हें.. मुजसे बातभी नही करते थे.. बहुत जीदी लडके हो आप.. हें..हें..हें..

लखन : (मुस्कुराते) अरे खुस..? भाभी आपकोतो पता ही नही आज आपने मुजे कीतनी खुसी देदी हे..

रमा : (सरमाते मुस्कुराते) हंम.. तो अब मे फोन रखदु..? हंम..?

लखन : (मुस्कुराते) नही भाभी.. थोडी देर मेरे साथ बाते कीजीयेनां.. आपसे बात करते बहुत अच्छा लगता हे..

रमा : (हसते) क्या बाते कीजीये..? मेरे सामने तो बोलते भी नही थे.. खेर छोडीये.. अभी आपके भाइ यहासे नीकले हे.. तभी तो आपको फोन कीया.. बस अब वो वहा आते ही होगे.. हम बादमे फुरसतमे बात करेगे.. मुजे आपसे ढेर सारी बाते करनी हे..

लखन : (हसते) भाभी.. अ‍ेक बात पुछु..? ये आपने अचानक इतना बडा फैसला क्यु कीया..? मुजे आज ही फोन भी कर दीया..? हें..हें..हें..

रमा : (सरमाते धीरेसे हसते) आप कीतने कमीने हो..? अ‍ेकतो मेरी रातोकी नींद हराम करके रखी थी.. ओर उपरसे मुजसे बातभी नही करते थे.. ओर पुछ रहे हो की अचानक फोन क्यु कीया..? आप इतने तो बुध्धु नही हो.. हें..हें..हें..

लखन : (स्कुटरकी आवाज सुनते) भाभी.. फोन रखता हु.. लगता हे भानु भाइ आगये.. बाय..

रमा : (सरमाते धीरेसे) सुनो.. आइ लव यु.. हें..हें..हें.. बाय..

कहेते रमाने फोन काट दीया ओर फोनको चुमकर अपने सीनेसे लगाते मुस्कुराने लगी.. जैसे कोइ कीला फतेह करलीया हो.. आखीर रमाने भी अपने प्यारका इजहार करही लीया.. गोडाउनमे भानु ओर लखन दो घंटे तक अपने खेतोके बारेमे ओर सहेरके बीजनेसके बारेमे बाते करते रहे.. फीर भानु वापस चला गया तो लखनभी अपनी बाइक लेकर हवेलीपे आगया.. तब लता ओर नीलम होलमे बैठकर बाते कर रही थी..
 
लता नीलमको अबभी धिरेनसे दुर रहेनेके लीये समजा रहीथी.. लखन आतेही सीधा उपर अपने रुममे फ्रेस होने चला गया.. तो लता सबके डीनरके लीये कीचनमे चली गइ.. तो कुछ देरके बाद नीलमभी अपने रुममे फ्रेस होने जाने लगी.. जब लखन फ्रेस होकर वापस रुमसे बहार नीकलही रहाथा.. तभी उनको सीडीयोकी ओरसे नीलम आती दीखाइ दी.. तो लखन वही रुक गया..

जैसेही नीलम उनके पास आइ लखनको दरवाजेपे खडा देखते ही सरमाके मुस्कुराने लगी.. तो लखनभी उनकी ओर कातील स्माइल करते मुस्कुराने लगा.. तो नीलमभी लखनकी नजरको पहेचानते बहुत ही सर्मसार होगइ.. ओर लखनके सामने देखते मुस्कुराते धीरेसे थेन्क्स.. कहेते अपने रुमकी ओर जाने लगी.. तो लखन समज गयाकी नीलमने उसे क्यु थेन्कस कहा.. ओर लखनने जटसे नीलमका हाथ पकडलीया..

ओर अपने रुममे खीच लीया.. तो नीलक गभराते सख्तेमे आगइ.. नीलम कुछ समजे इनसे पहेलेही लखनने नीलमको अपनी बाहोमे भरते उनके होठोको जोरोसे चुम लीया.. ओर नीलमको जटसे छोड दीया.. तब नीलम बहुतही सर्मसार होगइ.. उनको कुछ समजमे ही नही आयाकी अचानक लखनने अ‍ैसा क्यु कीया..? ओर वो लखनकी ओर देखते जटसे अपने रुमकी ओर चली गइ.. तब लखनभी नीलमकी ओर कातीलाना मुस्कुराते नीचे डाइनींगपे आगया..

तब कुछही देरके बाद नीलमभी फ्रेस होकर नीचे आगइ.. ओर आकर लखनके सामने बैठ गइ.. तो लताभी लखनके पास उनसे सटकर बैठ गइ.. तब दया ओर रजीया तीनोको खाना परोसने लगी.. तब नीलम बडीही सर्मसार होते लखनसे नजरे चुराते उनकी ओर टेडी नजरोसे देखती रही.. उनको आज लखनकी हरकतसे बडाही आस्चर्य हुआ.. क्युकी इस घरमे सीर्फ लखनही था.. जो उनको कुछ नही कहाथा.. तभी..

लता : (मुस्कुराते) दया बहेन.. आप सब खाना इधर रखके आपभी तीनोभी हमारे साथ बैठ जाइअ‍ेनां..

दया : (मुस्कुराते) नही दीदी.. आपही खा लीजीये.. हम अभी बादमे खा लेगे..

कहेते दया कीचनमे चली गइ.. तब लखन ओर लता नीलमकी स्कुलके बारेमे बाते करने लगे.. ओर तैय ये हुआ की जबतक सहेरमे रहेने रहेने नही जायेगे तबतक नीलमकी स्कुलसे छुटी.. तो नीलम मायुस होगइ.. ओर लखनकी ओर देखने लगी.. तभी उसे अपने पैरोपे कीसीका पैर महेसुस हुआ.. तो नीलम गभरा गइ.. ओर लताकी ओर नजर करके नीचेकी ओर टेडी नजरसे देखते अपने दोनो पैर पीछे खीच लेती हे..

नीलमने देखा तो वो पैर लखनके थे.. जो वोभी अपना पैर पीछे खीच रहा था.. तो देखते ही नीलम बहुतही सर्मसार होगइ.. ओर नजर जुकातेभी टेडी नजरोसे लखनकी ओर अजीब नीगाहोसे देखती रही.. तो लखन नीलमके सामने देखकर मुस्कुरा रहाथा.. लेकीन नीलम उनको अजीब नीगाहोसे देखती रही.. लेकीन उनको लगाकी लखन उनके जीजु हे तो उनके साथ मस्तीया कर रहे हे.. तो वो भी सरमाकर मुस्कुराने लगी.. तभी अचानक लताने केह दीया..

लता : लखन.. भाभी भी नीलुके लीये थोडी परेसानथी.. तो मे सोच रही हु.. जबतक हम सहेर नही जाते तबतक नीलु भलेही उनके साथ रहेती.. आप कल सुबह नीलुको भाभीके पास छोडके आजाओ.. हम जब सहर जायेगे तब इनको हमारे साथ लेकर चले जायेगे.. वरना दो पहोरको भानुभाइको कहेना वो नीलुको लेते जायेगे..

लखन : (जटसे) लता.. क्यु वहा आना जाना..? हम कल या परसो तो नीकल ही रहे हे..

लता : (मुस्कुराते) नही.. अभी मंजुभाभीका फोन आयाथा.. कहा हेकी जबतक वहा पुनम ओर सृती वापस नही आजाती तबतक तुम दोनोको इधरही रहेना हे.. ओर येभी कहा हेकी उनको आनेमे सायद दो तीन दिन लग जायेगे.. जानु.. अब पुनोदीदी वापस नही आती तबतक हमे यही रहेना हे.. आप कल भानुभाइको कहेना दो परहोरको नीलुको यहासे लेकर जाये.. या फीर आप उनको छोड देनां..

लखन : (जुठ बोलते) अरे नही नही.. मे ही कल सुबह नीलुको छोडकर आता हु.. सायद कल भानुभाइ सहेरमे खरीदी करने जायेगे.. तुम भी चलोना.. अ‍ेक दो दिन वही रहेना.. हें..हें..हें..

लता : (तीरछी नजरोसे देखकर मुस्कुराते) नही.. मे यही ठीक हु.. आप कल सुबह नीलुको छोड देना.. मुजे अब कही नही जाना.. हें..हें..हें.. अब हम डायरेक्ट सहेरही जायेगे.. कल आप इतनी सेवा करदेना.. हें..हें..हें..

लखन : (हसते) चलो ठीक हे.. मतलब कल पुरी धरवाली नही तो आधी घरवालीकी सेवा करनी हे.. हें..हें..हें..

लता : (सरमाते लखनको अ‍ेक जांगपे चपत लगाते) कीतने कमीने हो.. ये क्या बोल रहे हो..? कुछतो सरम करो.. हर वक्त मजाक सुजता हे.. ये आपकी आधी घरवाली कहासे होगइ..?

लखन : (जोरोसे हसते) अरे.. क्यु मार रही हो.. हें..हें..हें.. क्या ये मेरी साली नही हे..? अब मेरी सालीको आधी नहो तो क्या पुरी घरवाली कहु..? बात करती हे.. ये मत भुल.. नीलु मेरी अ‍ेक लोती साली हे.. हें..हें..हें..

लता : (सरमाते कातीलाना मुस्कानसे) लखन.. आप अपनी हरकतोसे बाज नही आओगे.. ठीक हे.. लेकीन नीलुकी ज्यादा मस्ती मत करना.. समजे..?

लखन : (हसते) अरे नही करुगा बाबा.. तुम बीवीया सक बहुत करती हो.. पुछ नीलुको.. अभी उपर मेने उनकी कीतनी मस्तीया कीथी.. इसीलीये तुजे केह रहाथा की तुमभी साथ चल.. कुछ दिन तुमभी इधर रहेना.. फीर हम सहेर चले जायेगे..

नीलम : (गभराते जटसे) दीदी.. वो.. वो.. जीजु..

लता : (सरमाते धीरेसे) नीलु.. अभी कुछ मत बोल.. लखन.. मुजे अब कही नही जाना.. आपही इसे छोड देना.. मुजे अब मंजुभाभीने कही जानेको मना कीया हे.. अब घरपेभी कोइ नही हे..

दोनोही बाते करते डीनर करलेते हे.. तब लखन थोडी देरके लीगे गांवमे अपने सभी दोस्तोको मीलने चला जाता हे.. तो लता नीलुको लेकर उपर चली गइ.. नीलमकोभी लगा की अभी लखनने उनके साथ जोभी हरकते की उनकी साली समजकर मस्तीया करते की.. तब दया रजीया ओर चंपाभाभी खानेके लीये बैठ गइ.. चंपाभाभी अब हमेसाके लीये वही रहेने आगइ थी.. यहा आनेके बाद उनको देवायतसे मीलनेका अ‍ेक बारभी मौका नही मीलाथा.. तो उनकी काम वासनाभी थोडी बढ गइथी..
 
इधर लखनके सभी दोस्तो मीलकर श्रीधर ओर जयश्रीकी बाते कर रहेथे.. तो आज मुना ओर बरखाने भी सादी करली थी.. तो सभी दोस्तो आज उनकी सुहागरातके बारेमे बाते करते मुनाकी टांग खीचाइ कर रहेथे.. तो मुना बहुतही सरमा रहाथा.. तभी बातोही बातोमे लखनने बंसी ओर जागृतीकी सेटींगके बारेमे बता दीया.. तो सभी दोस्तो खुस होकर बंसीको बधाइआ देने लगे.. तो बंसीभी सरमाते मुस्कुराने लगा..

श्रीधर : (हसते) अरे कमीने सरमा क्यु रहा हे.. तु अकेला थोडीना हे जो तेरी बहेनको प्यार करता हे.. हम सब करते हे.. बंसी.. तु इस मामलेमे आगे बढ.. क्युकी बहेनको चोदनेमे जो अ‍ेक अलग मजा हे.. वाह.. क्या बात कहु तुजे.. साली बहुत मजा देती हे.. तु यकीन मान.. जब तक मे जयश्रीको दो बार ना चोदलु.. कमीनी मुजे सोनेही नही देती.. यकीन ना होतो पुछलो मुनाको.. हें..हें..हें..

मुना : (सरमाते हसते) कमीने मेरा नाम क्यु लेता हे..? हें..हें..हें.. इनकी बुआभी कम नही हे.. वोभी उनकी बहेनसे बढकर हे.. हां अगर साथमे उनकी बहेनभी आजाती हे.. तो बंसी.. तेरी तो लोटरी ही लग गइ.. दो दो बीवीया मील जायेगी तुजे.. अगल बगलमे सुलाके अ‍ैस करना.. हें..हें..हें..

बंसी : (सरमाते धीरेसे) सालो.. पहेले बात तो आगे बढने दो.. ओर तुम दोनोको आज जाना नही हे..? कमीनो.. आज तुम दोनोकी सुहागरात हे.. जाओ जल्दी..

लखन : (जोरोसे हसते) ये कमीना श्रीधरतो कबसे सुहागरात ही मना रहा हे.. सालेने वहा उनकी बहेनको चोद चोदके मेरा बेड बीगाड दीया.. हें..हें..हें..

बंसी : (सरमाते धीरेसे) भाइ.. पता नही.. लेकीन मुजे लगता हे आगे जाकर मुजेभी आपके बंगलेकी जरुरत पडेगी.. अब सांतीबुआ सादीकी बहुत जीद कर रही हे.. अगर घरके लोग नही मानेतो मुजेभी उनको लेकर भाग जाना पडेगा..

लखन : (मुस्कुराते) कमीने अभी कोइ जल्दबाजी मत करना.. जबतक तेरी बहेन तेरे साथ अच्छेसे सेट नही होजाती तबतक तु कही नही जायेगा.. समजे..

बंसी : (सरमाते हसते) ठीक हे भाइ.. मे अ‍ैसाही करुगा.. लेकीन भाइ.. आज श्रीधर ओर मुनाकी सुहागरात हे.. तो आप उसे कोइ टीप्स नही दोगे..? हें..हें..हें..

लखन : (जेबसे दो गोलीया नीकालते) साला.. दोनो के दोनो अपनी बहेनको चोद चोदके मास्टर हो गये हे.. मे इसे क्या टीप्स दुगा.. मुनातो इस बारेमे बहुत कुछ जानता हे.. हां लेकीन आज इनको मेरी तरफसे ये अ‍ेक अ‍ेक गोली देता हु.. अभी दोनोही इसे खालो.. ओर फुटो यहासे.. फीर कल देखता हु दोनो अपनी बहेनको कीतनी बार चोदते हे..

कहेते लखनने मुना ओर श्रीधरको अ‍ेक अ‍ेक गोली देदी.. तो दोनोने वही पानीके साथ खाली.. फीर सभी दोस्तो गांवकी बाते करते रहे.. फीर श्रीधर ओर मुनाको सबने अपने घर भेज दीया.. तो उनके साथ उनके दो तीन ओर दोस्तभी चले गये.. तब लखन बंसी ओर उनके अ‍ेक दोस्त जो साहील नामथा.. वो तीनोही थोडी देर बैठे रहे.. आज साहील कुछ परेसान था तो बंसीने उसे लखनसे बात करनेके लीये रोक लीया..

दोस्तो आइअ‍े अ‍ेक ओर फेमीलीका परीचय करवा देता हु.. करीम ओर फीरोज दोनोही सगे भाइ थे.. इसी गांवमे जोइन्ट फेमीलीमे रहेते हे.. दोनोकी उमरमे सीर्फ दो सालका फर्क था.. करीम फीरोजसे सीर्फ दो साल बडाथा.. दोनोकी साथमे ही सादीया हुइ थी.. करीमकी सादी अपने चाचाकी लडकी सलमा से हुइ थी.. तो फीरोजकी सादी अपनी बुआकी लडकी जरीना से हुइ थी.. सादीको छे साल बीत चुकेथे..

इसी छे सालमे उनके माता पीता चल बसे.. तो फीरोजने इन छे सालोमे चार बच्चे पैदा करलीये.. बडा लडका कादीर फीर दुसरी लडकी सायरा.. तीसरी लडकी सबाना ओर फीर अ‍ेक लडका साहील हुआ.. लेकीन करीम ओर उनकी बीवी सलमाको कोइभी संतान नही हुइ.. दोनोने बहुत कोसीस की.. हकीम.. वैद.. डोक्टर.. फकीर कीसीको नही छोडा.. फीर दोनोने खुदाकी मर्जी मानकर कोसीस छोडदी..

ओर बादमे करीम ओर सलमाने उनके छोटेभाइ फीरोजके सबसे छोटे लडके साहीलको बाकायदा गोद ले लीया.. दोनो भाइ ओर दोनोकी पत्नीयोके बीच बहुत बनती थी.. दोनो परीवारके बीच पुर्खोकी बहुत सारी जमीन थी.. अभी फोरोजके हीस्सेकी जमीनभी करीम देखता था.. दोनोके पास अच्छी खासी जमीन जायदाद होनेके बावजुद भी हमारे सरपंच राघवके यहा कर्जमे डुबे हुअ‍े थे.. जीनकी वजहसे राघवने उनकी बहुत सारी जमीन अपने नाम करली थी.. अब सीर्फ अ‍ेक चोथाइ हीस्सा ही जमीन बचीथी..

जीस वजहसे उनको घर चलानेमे भी लाले पड गये थे.. इसीलीये करीमका छोटा भाइ फीरोज अपने बीवी बच्चोको लेकर सहेरमे कमाने चला गया.. ओर वहा अ‍ेक फेक्टरीमे काम करने लगा.. तो करीम यहा गांवमे अपनी बीवी साथ रहेकर अपनी बची कुची खेतीबाडी सम्हालने लगा.. करीमने साहीलको अपने पासही रखा.. जबसे साहीलको करीमने गोद लीया तबसे साहील सलमाको अम्मा.. ओर करीमको अबु कहेने लगा..

वो फीरोज ओर जरीनाको चाचा चाची करेकर बुलाता.. ओर उनकी पढाइभी गांवमे ही होने लगी.. जैसे जैसे समय बीतने लगा तो अब साहीलने १२ कक्षा खतम करके सहेरमे कोलेजमे दाखीला लेलीया था.. जब साहील कोलेजमे जाने लगा.. तब अ‍ेक दिन अचानक करीम को दिलका दैरा पडा.. फीर बीमार रहेते छे महिनेमे चल बसा.. ओर घरमे सीर्फ साहील ओर उनकी बडी अम्मा सलमा रेह गये.. तो साहीलने घरकी जीम्वेवारी लेते पढाइ बीच मे छोडदी.. ओर अपनी खेतीबाडी देखने लगा..

तब साहीलकी उमर महज १८ सालकी थी.. तो उनके बडेभाइ बहेनभी डेढ डेढ साल बडे थे.. तो सलमा ओर जरीना भी तकरीबन ३८ सालकी होगी.. क्युकी सलमा ओर जरीनाकी सादी छोटी उमरमे ही साथमे करदी गइथी जब उनकी सादी करनेकी उमर भी नहीथी.. अभी साहीलके पास उनबे पुर्खोकी जमीनका सीर्फ अ‍ेक चोथाइ हीस्साही था.. जो वो देवायतकी सलाहके अनुसार फसल उगाकर उन्हीको बेच देता.. ओर जैसे तैसे घर चलाकर कुछ पैसा अपना ओर अपने चाचाका हीस्सा बचाकर रखता..

अ‍ैसेही साहीलने चार साल महेनत करके बहुत सारे पैसे बेन्कमे जमा कर लीयेथे.. तब हालही मे देवायतने सब जमीन उनको वापस दीलवादी.. जो राघवके पास थी.. तो सबलोग बहुत खुस होगये थे.. उस दिन फीरोजभी अपने पुरे परीवारके साथ गांवमे आयाथा.. लेकीन साहील अकेले इतनी सारी जमीनको जोत नही सकता था.. तो वो जमीन अ‍ैसेही बंजर पडी थी.. इसके बारेमे साहील सोचता ही रहेता.. ओर प्लानींग करता रहेता..

फीरोज सभी जमीन साहीलको सोंपकर वापस सहेरपे चला गयाथा.. क्युकी वहा वो बहुतही बडी फेक्टरीमे कामपे लग गयाथा.. तो उनका बडा लडका कादीरभी इन्जीयर होकर जोबपे लग गयाथा.. तब सायरा भी अपनी पढाइ पुरी करके घरपेही उनकी मम्मीका हाथ बटा रहीथी.. तो सबाना कोलेज जा रही थी.. सबाना कोलेजमे गायनेक डोक्टर बननेकी तैयारीया कर रहीथी.. तब घरमे कीसीको पता नही थाकी कादीर ओर उनकी बहेन सायराके बीच जीस्मानी तालुकात थे..
 
बात तबकी हे जब फीरोज जरीनाके तीनो बच्चो जवानीके दहेलीजपे खडे थे.. उनका बडा लडका कादीर जब हाइस्कुलमे था तबही जवानीके पाठ पढने लगाथा.. दोस्तोके साथ ब्लु फीलम देखना.. लडकीओके साथ छेडखानी करना.. इनका सौक बन गयाथा.. तबही अ‍ेक दोस्तके माध्यामसे उसे अ‍ेक्स फोरमकी साइट हाथ लग गइ.. ओर उनमे भाइ बहेन मां बेटे वगैरे आपसी रीस्तोकी कहानीया पढने लगा..

तो कहानीया पढते धीरे धीरे कादीरका उनकी बडी बहेन ओर मांको देखनेका नजरीया बदलने लगा.. वो अब उनकी मां ओर बहेनको अ‍ेक औरतके रुपमे देखने लगा.. नतीजेके फल स्वरुप वो अपनी बहेन ओर मांके करीब आनेकी कोसीस करने लगा.. ओर उनकी हर जरुरतपे कुछ ज्यादाही ध्यान देने लगा.. वो अब कीसीभी तराहसे अपनी बहेनको हासील करना चाहता था.. उनको पताथा की उनकी बहेनको कैसे हासील करना हे.. वो अपनी बहेनके महेंगे सौक की कमजोरीको भली भांती जानता था..

तो दुसरी ओर फीरोजकी बडी लडकी सायराभी बहुत सजने सवरनेकी ओर घुमनेकी सौकीन थी.. उनको महिनेमे मीलने वाली पोकेट मनी हमेसा कम ही पडती.. तो कुछभी हटकंडे अपनाकर यातो कादीरसे या फीर उनकी छोटी बहेन सबानासे पैसे ले लेती.. ओर आपना सौक पुरा करती.. बस फीरोजकी छोटी लडकी सबाना सीम्पल सांत ओर अच्छे स्वभावकी थी.. उनका सीर्फ अ‍ेकही लक्ष था.. अच्छेसे पढाइ करना ओर गायनेक डोक्टर बनना..

जरीना ओर सलमाकी सादी छोटी उमरमेही करदी गइथी.. तो जाहीरसी बात हे.. अभी उनको अपने पतीके प्यारकी सख्त जरुरत महेसुस होती थी.. वोभी चुदाइकी सौकीन थी.. जबतक उनका पती फीरोज दिनमे या रातमे उसे अ‍ेक बार चोद नही लेता तबतक उनको चैइन नही मीलता.. तो दुसरी ओर जबसे सहेरमे आये तबसे फीरोज फेक्टरीपे कामपे लग गया.. जीसनकी वजहसे वो थका हारा आतेही खाना खाकर सोजाता..

थकानकी वजहसे फीरोजका चुदाइमे इन्ट्रेस कम होने लगा.. जीनकी वजसे उनकी जरीनाके साथ चुदाइ कम होने लगी.. जब नाइटमे होता तो दिनमे सोते रहेता ओर रामे कामपे चला जता.. तब जरीनाभी अपने आपको उंगलीसे सांत करने लगी.. यातो वो बीस्तरपे करवटे बदलती रहेती.. जब बाजारका काम होता तो वो अब अपने लडके कादीरके साथ बाजार चली जाती.. ओर खरीदी करके वापस आजाती..

बस.. कादीर इसी बातका फायदा उठाने लगा.. वो अपनी पोकेट मनी अपने लीये खर्च ना करते उनकी बहेन ओर उनकी मांपे खर्च करने लगा.. कादीर ओर जरीना बाजारमे खरीदी करने जाते तब कादीर उनको कुछना कुछ खीलाता.. ओर जरीनाको कोइना कोइ महेंगी चीजे दीलवाता.. तो महीनेमे अ‍ेक बार अ‍ैसेही जरीनाको घुमाने लेजाने लगा.. जीनकी वजहसे जरीनाको कादीरका साथ अच्छा लगने लगा.. ओर वो उनके जनदीक आने लगी..

तो दुसरी ओर वोही सब उनकी बहेन सायराके साथभी करने लगा.. वो सायनाको स्कुलसेही बाजार लेजाता.. ओर उनको लेटेस्ट महेंगे कपडे ओर उनके सजने सवरनेके लीये मेकअपका सामान दीलवाता.. तो सायरा बहुत खुस होजाती.. फीर उनको गोल गप्पे खीलाता.. ओर कुछ देर दोनो अ‍ेक प्रेमीकी तराह कीसी गार्डनमे बैठकर साथ बीताते.. जीनकी वजहसे सायराके दिलमे कादीरके लीये फीलींग्स बदलने लगी..

उनको अब कादीरका साथ अच्छे लगने लगा.. ओर नतीजेके फल स्वरुप सायरा अब कादीरके नजदीक आने लगी.. सायरा घरपेभी ज्गादा समय कादीरके साथ टाइम स्पेन्ट करने लगी.. जीनका फायदा कादीर उठाने लगा.. वो सायराकी मस्तीया करने लगा.. ओर कीसीभी बहाने उनको छु लेता.. तो सायरा बहुत सरमाती.. सायराको अब कादीरकी मस्तीया अच्छी लगने लगी..

जब दोनो बाजार चले जाते तब ज्यादा भीडके कारण कादीर सायराका हाथ पकड लेता तब सायरा बहुतही सरमाती.. धीरे धीरे करते दोनोके बीच दोस्ती गहेरी होगइ.. ओर भाइ बहेन ना रहेते अ‍ेक बोयफ्रेन्ड गर्लफ्रेन्डकी तराह घुमने लगे.. ओर दोनो सभी तराहकी चर्चा खुलकर करने लगे.. तब अ‍ेक दिन दोनोही बाजार धुमने गये.. तब कादीर सायराको कुछ मेकअपका सामान दीलवाता हे..

तो सायरा खुस होकर कादीरका अ‍ेक प्रेमीकी तराह हाथ पकडकर चलने लगी.. तब मौका देखकर कादीर उसे अ‍ेक अंडर गार्मेन्टकी शोपपे लेगया.. तो सायरा बहोतही सरमाने लगी.. पहेलेतो वो कादीरको हसकर मना करने लगी.. जब कादीरने जीद की.. तो सायराने कादीरको कीसीको ना कहेनेकी बात करते उनके साथ सोरुममे चली गइ.. वहा कादीरने पहेली बार जबरदस्तीसे सायराको दो सेट ब्रा नीकरका दीलवाया.. तब सायरा बहुतही सर्मसार होगइ..

बस.. उस दिनके बाद दोनो काफी खुल गये.. दोनो जब घरपे होते तब इसारोमे बाते करने लगे.. ओर बातोही बातोमे चर्चा करते कादीरने सायराको अ‍ेक्स फोरमके बारेमे बतादीया.. ओर भाइ बहेनके रीस्तोकी लीन्क सायराको भेजदी.. जब सायराने साइड खोलकर कहानी पढीतो वो हेरान रेह गइ.. वो इतनी भी नासमज नही थीकी ये लीन्क उनके भाइ कादीरने उनको क्युदी थी..? वो कादीरके दिलकी बात जान गइ.. फीर तो वो कादीरसे मीलती तब बहुतही सरमाती ओर कामुक नजरोसे देखकर मुस्कुराती..

कादीरभी अपनी बहेनकी नजर ओर मुस्कुराहट से खुस हो गया.. वोभी जान चुकाथा की उनकी बहेन सब कुछ समज गइ हे.. ओर पुरी तराह पटनेको तैयार हे ओर वोभी यही चाहती हे.. जो वो खुद चाहता हे.. बस.. अब देरथी तो दोनोको अपने दिलकी बात बतानेकी.. उस रात नाइट सीफ्टकी वजहसे फीरोज खाना खाकर कामपे चला गया.. तो बादमे सब लोग खाना खाने बैठ गये.. तब खाना खाते कादीरने आंखोके इसारेसे सायराको देरसे छतपे आनेके लीये कहा..
 
तो सायराभी सरमाकर सबकी नजर बचाते मुस्कुराते हां मे गरदन हीलाती हे.. बस यहीसे दोनोके बीच प्यारकी सुरुआत होगइ.. खाना खातेही कादीर छतपे टहेलने चला गया.. जो अक्सर जाता हे.. तो सायराभी अपनी मम्मीके साथ घरका सब काम नीपटाकर छतपे टहेलनेका बहाना बनाकर चली गइ.. तो सबाना अपनी पढाइ करने रुममे चली गइ.. तो जरीनाभी टीवी देखने लगी.. आज सायरा बहुतही सरमा रहीथी..

छतपे काफी अंधेरा था.. सायरा धीरे धीरे दबे पांव कादीरके पास आगइ.. तो कादीरने पलटकर देखातो सायरा बहुतही सरमाते अपनी नजरे जुकाये पीछे खडीथी.. तो कादीरने जटसे सायराका हाथ पकडलीया ओर उसे खीचकर पानीकी टंकीके पीछे लेगया तो सायराकी दिलकी धडकन बहुतही बढ गइ ओर वो गभराते सीडीयोकी ओर देखते कादीरके पीछे खीचती चली गइ.. ओर दोनोही टंकीके पीछे आगये..





तो कादीरने जोरोसे सायराको अपनी बाहोमे भीचलीया.. ओर उनके चहेरेको बेइम्ताह चुमने लगा.. तो अ‍ेक पलतो सायराभी गभरा गइ.. ओर कादीरकी बाहोसे छुटनेकी नाकाम कोसीस करने लगी.. तब अचानक कादीरने सायराका चहेरा अपनी हथेलीओमे थाम लीया.. ओर उनकी आंखोमे देखने लगा.. तब सायरा गभराते जोरोसे सांस ले रहीथी.. ओर वो सर्मसार होते कादीरकी ओर देखते अपनी नजरे जुका लेती हे..

सायरा : (गभराते धीरेसे इतनाही बोल पाइ) भाइ.. ये गलत हे..

कादीर : (आंखोमे देखते धीरेसे) सायरा.. कुछ गलत नही हे.. मुजे तुमसे प्यार होगया हे.. आइ लव यु.. मे तुमसे बहुत प्यार करता हु.. तुमसे सादी करना चाहता हु.. क्या मुजसे सादी करोगी..?

सायरा : (सरमाते धीरेसे) भाइ.. प्यारतो मेभी आपको करती हु.. लेकीन येतो गलत हे.. समाज हमारे रीस्तेको कभी स्वीकार नही करेगा.. क्युकी हम दोनो सगे भाइ बहेन हे..

कादीर : नही सायरा.. मुजे कोइ फर्क नही पडता.. अगर तुम मेरे चाचाकी लडकी होतीतो क्या मुजसे सादी नही करती..? वोभी तो भाइ बहेन हुअ‍े.. सायरा.. प्लीज.. मेरा प्यार कबुल करले.. मे तुजे बहुत चाहता हु.. अगर हमारे घरवाले नही मानेगे तो हम भागकर सादी करलेगे.. मे तुजे बहुत खुस रखुगा.. आइ लव यु..

सायरा : (सरमाते नजर जुकाते धीरेसे) भाइ.. वोतो जब आपने वो कहानीया मुजे पढनेके लीये दी.. तबही मे समज गइथी.. की आप क्या चाहते हे.. भाइ.. मेभी आपको चाहती हु.. लेकीन मम्मी पापाका डर लग रहा हे..

कादीर : (धीरेसे) सायरा.. तु अगर मुजसे चाहती हे तो बस.. अ‍ेक बार हा कहेदे.. बाकी मे सब देख लुगा.. मेरे दिमागमे पुरा प्लान हे.. मे तुजे बादमे बता दुगा.. मुजे सीर्फ तेरे साथ ही जींदगी बीतानी हे.. करले मुजसे सादी.. मे तुजे अपनी रानी बनाके रखुगा..

सायरा : (कादीरको जोरोसे बाहोमे भीचते) हां भाइ.. आइ लव यु.. आइ लव यु सो मच.. मेभी आपको बहोत प्यार करती हु.. लेकीन अ‍ेक डर लग रहाथा.. भाइ.. मे आपसे सादी करनेके लीये रेडी हु..

कहातो कादीरने फीरसे सायराके चहेरेको थामलीया.. तो सायराने नजरे जुकाली.. तभी सायराको अपने होठोपे कादीरके होंठ महेसुस हुअ‍े.. तो सायराने आंख बंध करली.. ओर दोनोही अ‍ेक दुसरके होठोके रसपान करने लगे.. तब कादीरने सायराके होठोको चुमते अ‍ेक हाथसे उनके उरोजको थाम लीया.. ओर हल्केसे दबाने लगा तब सायरा सरसे पांव तक कांपने लगी.. आज पहेलीबार कोइ लडका उसे कीस करते उनके बुब्सको दबाते मसल रहाथा..





तभी कुछ आहट हुइ तो दोनोही अ‍ेक दुसरेसे जटसे अलग होगये.. तब सायरा सरमाकर मुस्कुराते नीचे भागकर चली गइ.. तो कादीर बहुतही खुस होने लगा.. ओर कुछ देरके बाद वोभी नीचे चला गया.. ओर जरीनाके पास सटकर बैठ गया ओर टीवी देखने लगा.. तो जरीना कादीर सटकर बैठनेकी वजहसे उनकी ओर कातील नजरसे देखने लगी.. ओर जरीनाने सरमाकर मुस्कुराते अ‍ेक चपत कादीरकी जांगपे लगादी..

जरीना : (सरमाते धीरेसे) कमीने.. थोडी दुर नही बैठ सकता..? मे मां हु तेरी बीवी नही समजे..

कादीर : (मस्ती करते हसते धीरेसे) मोम.. कास आप मेरी बीवी होती.. हें..हें..हें.. बैठने दोना.. यहा बहुत मजा आता हे.. हें..हें..हें..

जरीना : (थोडी दुर बैठते) कमीने.. तेरे पापाको देखा हे.. अगर उनको पता चलाकी तु उनकी बीवीके साथ फ्लर्ट कर रहा हे तो मार डालेगे तुजे.. हें..हें..हें.. जा कीसी ओर लडकीको पटाकर उनसे सादी करले.. फीर उनके साथ चीपकर बैठना.. हें..हें..हें.. बीटु.. चल बहुत मजाक हुआ अब सोजा.. कल सुबह स्कुलभीतो जाना हे.. अब थोडा पढाइमेभी ध्यान दे.. अब तुम कोलेजमे जायेगा.. क्या बनना चाहता हे तु..?

कादीर : (मुस्कुराते) मोम.. मे इन्जीनीयर बनना चाहता हु.. मेने सब डीसाइड करलीया हे..

जरीना : (मुस्कुराते सर सहेलाते) हंम.. मेरा बच्चा.. चल ठीक हे.. कोइ अच्छी जोब मील जायेगी.. सायराको तो पढना हे नही.. सारा दिन सज धजके ना जाने कहा घुमती रहेती हे.. ओर अ‍ेक ये तेरी छोटी बहेन सबाना.. पता नही कहासे उनके दिमागमे डोक्टर बननेका भुत सवार हो गया हे.. कहेती हे मुजे डोक्टर बनना हे.. बेटा.. उनमे खर्चाभी तो बहुत आता हे.. पता नही तेरे पापा कहासे नीकालेगे.. तुजेतो पता हे उनकी सेलेरी कीतनी हे..

कादीर : (मुस्कुराते) मोम.. अभीसे क्यु उनकी चीन्ता करती हो.. जबतक वो कोेजेजमे आयेगी तबतकतो मेभी इन्जीनीयर होकर कही जोब करता होगा.. तो उनकी पढाइका मेही सब खर्चा करुगा.. आप उनकी फीकर मत करो.. उसे जो पढना हे पढनेदो.. कमसे कम हमारे खानदान मे कोइ डोक्टरतो होगा.. हें..हें..हें..

जरीना : (खुस होते मुस्कुराते) खुदा करे अ‍ैसाही हो.. बस.. हमे सीर्फ तुमसेही उमीद थी.. आज मुजे बहुतही खुसी हुइकी मेरा बेटा इतना समजदार बन गया हे की घरकी जीम्वेवारी उठानेको तैयार हे..

कादीर : (मुस्कुराते गाल चुमते) मोम.. आइ लव यु.. मे सीर्फ घरकी नही आप सबकी जीम्वावारी उठाउगा.. आपकी भी.. मुजे पता हे पापा अपनी नोकरीकी वजहसे आपको उतना टाइम नही दे सकते जीतना देना चाहीये.. जबसे हम गांवसे इधर आये हे इतने सालोमे मुस्कीलसे दो या तीन बारही आप उनके साथ गइ हे..

जरीना : (अपनी आंख गीली करते) बेटा.. उनपे हम सबकी जीम्वेवारी हे.. घर चलना.. तुम तीनोको पढना.. ओर यही हाल वहा गांवमे तेरे छोटे भाइ उस बेचारे हमारे साहीलका हे.. गांवमे पढाइभी कैसी होगी..? ओर उपरसे इतनी छोटी उमरमे वो वहा तेरे बडे अबाके साथ खेतीबाडी करता होगा.. मेरा वो बेटा बहुतही होनहार हे.. बस.. अब तु इन्जीनीयर होजा.. तो कुछ हो सकता हे..

कादीर : (मुस्कुराते) मोम.. आप ओर बडी अम्मा.. दोनोही पापा ओर बडे अबाकी बहेन थी.. फीरभी उन्होने आप दोनोके साथ सादी करली..?

जरीना : (मुस्कुराते) बेटा.. हमारे यहा सीर्फ सगेभाइ बहेन सादी नही कर सकते.. चाचाकी.. बुआकी बडे अबाकी मामाकी.. बाकी सब लडकीसे सादी कर सकते हे.. इसमे कोइ दिकत नही..

कादीर : (हसते) मोम.. तो फीर आपसे अ‍ेक बात पुछु..? क्या बडी अम्माने साहीलको गोद लीया हेनां..? वो मेराही छोटा सगा भाइ हे.. तो वो पापा ओर आपको चाचा चाची कहेकर बुलाता हे.. कल अगर बडी अम्मा साहीलके लीये मेरी कीसीभी बहेनका हाथ मांगले.. तो आप ओर पापा क्या करोगे..?

जरीना : (सरकपकाते थोडा परेसानीमे) चुप कर.. जोभी मुहमे आया बक देता हे.. वो भी मेरा सगा बेटा हे.. अ‍ैसा नही हो सकता.. कुछ भी पुछता हे.. ये दोनोभी तो उनकी सगी बहेने हे..

कादीर : (मुस्कुराते) नही मोम.. आप गलत हे.. बडे अबाने साहीलको बा कायदा गोद लीया हे.. हमारे बुजुर्गकी आधी प्रोपर्टीका वारीस हे.. अब साहीलपे हमारा कोइ हक नही हे.. कायदा यही कहेता हे.. तो वो इन दोनोमेसे कीसीका भी हाथ मांग सकता हे.. आप अ‍ेक बार पापाको पुछ लेना..

जरीना : (थोडी परेसान होते) हां हां पुछ लुगी.. अब तुजे सोना नही हे क्या..? जा सोजा.. मेभी चली..

जब कादीर घरकी छतपे सोने चला गया तब जरीना अपने रुममे जाकर चेन्ज करके लेट गइ.. ओर कादीरकी कही बातोपे गौरसे सोचने लगी.. क्युकी बाततो कादीर की भी सही थी.. जरीना ओर सलमाके बीच बहुतही बनती थी.. आये दिन दोनोही फोनपे अ‍ेक अ‍ेक घंटे तक बाते कीया करती थी.. तब सलमाने जरीनाको गांवमे होनेवाले बदलाव.. ओर ज्यादातर घरमे सगे भाइ बहेनके बीच सादीको लेकर बहुत बाते हुइ थी..

उस दिनके बाद तो जरीनाभी इस बारेमे कादीरके साथ खुलकर बाते करने लगी.. वो अपने बेटेको सब जानकारीया देती.. बातोही बातोमे जरीनाने कादीरको बता दीयाकी साहील तेरी कीसीभी बहेनके साथ बाकायदा सादी कर सकता हे.. बस.. कादीरको ओर क्या चाहीये..? अब वोभी अपनी मां जरीनाके साथ खुलकर सब व्यवहार करने लगा.. जबभी बहार जाता जरीनाको हग करते जाता.. ओर आते वक्तभी हग करलेता.. कादीरमे आये इस बदलावसे जरीनाकोभी अजीब लगता.. लेकीन उनको अच्छाभी लगने लगा..

क्युकी कादीर उनका अ‍ेक पतीसेभी ज्यादा खयाल रखने लगाथा.. कादीरने जीस तरीका सायराको पटानेके अपनाया था.. वोही तरीका वो अपनी मां जरीनाके साथ अपनाने लगा.. जबभी जरीना कादीरके साथ बाजार जाती तब भीडमे जातेही कादीर जरीनाका हाथ पकड लेता.. ओर कीसीभी बहाने उनके नीतंब ओर बुब्सको छुनेका अ‍ेकभी मौका हाथसे नही जाने देता.. तो जरीनाकोभी कादीरकी इस हरकत अच्छी लगने लगी....

कन्टीन्यु
 




my new story ye kesi anubhuti (Completed)रिस्तो मे प्यारकी अनुभुती (Ranning)
 
रिस्तोमे प्यारकी अनुभुती

अध्याय - १६८

क्युकी कादीर उनका अ‍ेक पतीसेभी ज्यादा खयाल रखने लगाथा.. कादीरने जीस तरीका सायराको पटानेके अपनाया था.. वोही तरीका वो अपनी मां जरीनाके साथ अपनाने लगा.. जबभी जरीना कादीरके साथ बाजार जाती तब भीडमे जातेही कादीर जरीनाका हाथ पकड लेता.. ओर कीसीभी बहाने उनके नीतंब ओर बुब्सको छुनेका अ‍ेकभी मौका हाथसे नही जाने देता.. तो जरीनाकोभी कादीरकी इस हरकत अच्छी लगने लगी....अब आगे

जरीना इतनीभी ना समज नही थी.. की कादीरके मनमे क्या हे वो जान ना सके.. फीरभी जरीना कादीरको सभी हरकते करने दे रहीथी.. क्युकी कही महीनोसे वो अ‍ैसे प्यारसे वंचीत थी.. जीनकी वजहसे उनके दिलमे कादीरके लीये चाहत बढती ही जा रहीथी.. फीरतो जरीना कादीरके साथ बाजार या कही ओर जाती तो यही समजती वो अपने पती के साथ या अपने प्रेमीके साथ जा रही हे..

फीरतो कादीर सायराकी तराह जरीनाको भी महेगे कपडे दिलवाने लगा.. कादीर जरीनाकी हर जरुरत पुरी करने लगा.. जीसकी वजहसे जरीना कादीरकी ओर नजदीक आने लगी.. अब उसे अ‍ेक पलभी कादीरसे दुर रहेना अच्छा नही लगता था.. कादीर स्कुल जाता तबभी दो तीन बार उनसे फोनपे बात करने लगी.. अब जरीनाको खुदको कादीरके लीये बैचेनी देखकर मनही मन यकीन हो गयाकी उसे कादीरसे प्यार हो गया हे..

लेकीन कादीर उनका बेटा था.. दुनीयाके लीये ये रीस्ता अवैध ओर नाजाइज रीस्ता था.. तब जरीनाने तैय करलीया.. की अभी जैसेभी चल रहा हे.. चलने दे.. तभी अ‍ेक दिन कादीर हीमंत करके जरीनाके बर्थडे पे अ‍ेक गीफ्ट पेक करवाके ले आया.. ओर जरीनाको अकेलेमे उनके रुममे जाकर बर्थडे वीस करके गीफ्ट दे दीया.. ओर स्कुल चला गया.. जब तीनो बच्चे स्कुल चले गये.. तब जरीना सभी काम नीपटाकर अपने रुममे आराम करने चली गइ..

तभी उसने कादीरकी दी हुइ गीफ्ट नजरमे आइ ओर वो मुस्कुराते गीफ्ट लेकर बेडपे बैठ गइ.. जरीना मुस्कराते कादीरकी गीफ्ट खोलकर देखती हे.. तब उनके होंस उड गये.. क्युकी कादीर गीफ्टमे उनके लीये दो सेट ब्रा ओर पेन्टीका लेकर आयाथा.. तब जरीना बहुतही सर्मसार होगइ.. उनको समजमे नही आ रहाथाकी वो क्या रीअ‍ेक्ट करे..? जरीना कादीरपे गुस्सा आने लगा.. वो कादीरके इरादेको भली भांती जान गइ..

आज उनको पका यकीन हो गयाकी कादीर क्या चाहता हे.. लेकीन अ‍ेक कादीर ही था जो वो उनका बहुत खयाल रखता था.. ओर उनकी हर जरुरत पुरा करता था.. जरीना सहेमकर रेह गइ.. वो इस बारेमे कादीरको अकेलेमे मीलकर उनसे बात करके डांटना चाहती थी.. लेकीन जरीनाको अकेलेमे मीलनेका मौका नही मील रहाथा.. कोइना कोइ साथ होता तो वो कादीरको कुछ नही केह पाइ.. ओर उनसे नजरे चुराते कादीरको इग्नोर करने लगी..

अ‍ैसेही अ‍ेक हप्ता बीत गया.. तो इस दरम्यान कादीरभी समज गयाकी उनकी मां उनसे नाराज हे.. तो कादीरने भी जरीनासे बात करना छोड दीया.. तो जरीनाकी बैचेनी और बढने लगी.. वो कादीरसे बात करना चाहती थी लेकीन अब कादीर भी उनसे दुर भागने लगाथा.. तब जरीना बहुतही परेसान होने लगी.. उसने कादीरको डांटनेका खयाल छोड दीया.. वो कादीरको अकेलेमे मीलकर उनसे बात करना चाहती थी..

अ‍ेक दो बार उसने कादीरको बाजार साथ आनेके लीये कहा.. लेकीन कादीरने हर बार बहाना बनाकर साथ आनेको टाल दीया.. कादीरभी सायराके साथ ओर ओर लडकीयोके साथ ये खेल खेलकर बडाही माहीर हो चुकाथा.. वो जरीनाको ना मीलकर ओर तडपाना चाहता था.. इसी दरम्यान कादीर सायरापे कुछ ज्यादाही ध्यान देने लगाथा.. वो अपनी मां ओर बहेनके बीच बडाही तालमेलमे प्यारका खेल खेल रहाथा..

इधर धीरे धीरे करते कादीर ओर सायरा दोनोही स्कुलके बहार मीलने लगे.. कादीर सायराको कभी कोइ गार्डनमे तो कभी बाजारमे मीलने लगा.. तो कभी स्कुलमे बंक मारके कोइ फील्म देखाने थीयेटरमेभी चला जाता.. ओर वहा दोनो खुलकर प्यार करने लगते.. अब सायराभी प्यारके मामलेमे काफी खुल चुकीथी.. बात अ‍ेक दुसरेकी मस्तीया करते अंगोके साथ छेडखानी करने तक पहोंच गइ..

दोनो इस मामलेमे काफी आगे बढ चुके थे.. सायरा अब हर वक्त कादीरके लीये सज सवरके रहेने लगी.. स्कुल जाती तबभी अ‍ेसे तैयार होकर जाती जैसे कीसीके सादीके फंक्शनमे जा रही हो.. सायरा ओर कादीर अ‍ेक दुसरेको मीलनेके लीये बैचेन होजाते तब सायरा कादीरको फील्म देखनेके लीये कहेती.. ओर कादीर सबकुछ समज जाताकी सायरा क्या चाहती हे.. वो सायराको लेकर कोइ थीयेटरमे चला जाता..

वहा दोनोही अ‍ेक दुसरेके अंगोके साथ खेलने लगते.. कादीर ओर सायरा दोनोही अ‍ेक दुसरेके होठोपे टुट पडते.. ओर कादीर सायराके बुब्सके साथ उनकी चुतकोभी सहेलाने लगता.. तब सायरा कादीरके लंडको मुठीमे पकडकर उनको सहेलाती.. तब कादीर सायराकी चुतमे उंगली डालकर उनको जडा देता.. ओर संतुस्ट करदेता.. अ‍ैसेही दोनो कइ बार अ‍ेक दुसरेके अंगोके साथ खेलते अ‍ेक दुसरेको संतुस्ट कर चुके थे..

बस.. अब अ‍ेकही काम बाकी रेह गया था.. उस दिनका कादीर ओर उनकी बहेन सायरा दोनोही बेसब्रीसे इन्तजार कर रहेथे.. ओर आखीर वो दिन भी आही गया.. जब सबानाकी स्कुलमे पढनेके लीये छुटीया चल रहीथी.. तब वो पढनेके लीये देवायतके गांव अपने बडे अबुके घरपे गइथी.. अ‍ेक दिन वो सामको पढ रहीथी.. तबही उनके बडे अबुको दिलका दौरा पडा.. तब सबानाने जल्दीसे फोन करके अपने मम्मी पापाको गांव बुला लीया..

तब सामको ही फीरोज ओर जरीना गांव जानेके लीये नीकल रहेथे.. तब जरीना कादीरको भी साथ लेजाना चाहती थी.. तो अ‍ेक्जामकी तैयारीयोका बहाना बनाकर कादीर ओर सायरा दोनोही नही गये.. तब जरीना बहुतही नीरास होगइ.. ओर भारी मनसे दोनोको घरका खयाल रखनेको कहेकर फीरोजके साथ बसमे अपने गांव चली गइ.. तब कादीर ओर सायरा दोनोही घरके दरवाजे बंध करके अ‍ेक दुरेकी बाहोमे लीपट गये..

कादीर : (होठ चुमते) दीदी.. जीस दिनका हम इन्तजार कर रहेथे वो दिन आखीर आही गया.. तुम फटाफट खाना बनालो.. फीर अच्छेसे दुल्हकी तराह तैयार होजा.. आज हम दोनोकी फस्ट नाइट हे..

सायरा : (बहुतही सर्मसार होते बाहोमे) भाइ.. मुजे कुछ होगातो नही..? हंम..? बहुत डर लग रहा हे..? देखना कही मम्मी पापाको पता ना चल जाये.. इसमे बहुतही जोखीम हे..

कादीर : (मुस्कुराते गाल चुमते) नही दीदी.. इसमे कोइ जोखीम नही.. तु खाना बना.. तबतक मे दस मीनीटमे आता हु.. हम सेफ्टीके साथ सबकुछ करेगे.. मे अभी आया.. तु रेडी होजा..

कहातो सायरा बहुतही सर्मसार होते हसती रही.. ओर कीचनमे चली गइ.. उनकी चुत अभीसे पानीका रीसाव करते गीली होने लगी.. आज वो बहुतही रोमांचीत हो रहीथी.. तब कादीर बहार मार्केट चला गया.. ओर अ‍ेक अन्जान मेडीकल स्टोरसे चार पेकेट कोन्डम.. तीन स्ट्रीप आइपीलकी गोलीया.. ओर अ‍ेक स्ट्रीप पेइन कीलरकी गोली लेकर वापस आगया.. ओर सबकुछ सायराके हाथोमे थमा दीया तब सायरा बहुतही सर्मसार होगइ..

सायराने गोलीया अपने रुममे अपनी अलमारीमे छुपाकर रखदी.. ओर कोन्डम कादीरके अलमारीमे रख दीया.. फीर आकर फटाफट खाना बनालेती हे.. जब दोनोने साथमे बैठ कर खालीया तो सायराने सब काम फटाफट नीपटा लीया.. ओर अपने रुममे जाकर अपने आपको दुल्हनके लीबासमे सजाने लगी.. तबतक कादीरभी घरके सभी दरवाजे ओर लाइट बंध करके रुममे आगया.. ओर सायराको गोदमे उठाकर उनके बेडपे बीठा देता हे..
 
सायरा बहुतही सर्मसार होगइ.. आज उनको यकीन हो गयाकी अब कुछही देरके बाद उनका भाइ उसे कली फुल बना देगा.. तब कुछही देरके बाद दोनोही नंगे हो चुकेथे ओर सीक्स नाइन पोजीसनमे दोनो अ‍ेक दुसरेके अंगोके साथ खेल रहेथे.. तब सायरा बहुतही गरम होते पुरी तराह मदहोस हो चुकीथी.. ओर वो फटाफट अपने दोनो पैर फैलाकर बेडपे लेट गइ.. ओर कादीरको बाहोमे भरके खीचकर अपने उपर चडा देती हे.. फीर कादीरके लंडको पकडकर अपनी चुतपे घीसने लगी.. तब कादीरने अपने लंडपे कोन्डम चडा दीया..





सायरा : (कामुक आवाजमे) भाइ.. अब देर मत करो.. आज मुजे कलीसे फुल बनादो.. मे अब हमेसाके लीये आपकी होजाना चाहती हु.. कलसे मे आपकी औरत कहेलाउगी.. मुजपे कोइ रहेम मत करना.. डालदो.. जटसे..

ओर सायराने लंडको पकडकर अपनी चुतके लव होलपे सेट करदीया.. तब कादीरने सायराको लीपलोक करते अ‍ेकही जटमे अपने लंडको सायराकी चुतमे घुसा दीया.. तब सायराकी जोरोकी चीख नीकल गइ.. ओर वो आंसु बहाते अपने दोनो पैर बेडपे पटकते कादीरसे छुटनेकी कोसीस करने लगी.. कादीरभी इस खेलमे माहीर था.. वो स्कुलमे दो तीन लडकीयोको चोद चुकाथा..

तब देर ना करते कादीरने अ‍ेक जटका ओर मारा ओर पुरा लंड सायराकी चुतमे उतार दीया.. तब सायराकी चुतसे खुन बहेने लगा.. सायराको उमीद नही थी.. की पहेली बारमे इतना दर्द होता हे.. सायरा दर्दके मारे छटपटाते अपना मुह इधर उधर करने लगी.. ओर अपने दोनो हाथ कादीरके सीनेपे रखते कादीरको अपने उपरसे हटानेकी कोसीस करते धका मारने लगी..

सायरा : (जोरोसे रोते) भाइ.. नीकालदो.. मुजे नही करवाना.. बहुत जलन हो रही हे.. आइ.. बस.. बस.. बस.. रुक जाओ.. मम्मी.. बचालो मुजे..

कादीर : (रुकते होठोको चुमते) सायरा क्या कर रहीहो..? अरे तुजे कुछ नही होगा.. तुजे पता तो हे.. पहेली बारमे थोडा दर्द होता हे.. ये दर्द अभी चला जायेगा.. तो फीर क्यु चीलाती हो..? चुप होजाओ..

सायरा : (सांत होते सामने देखकर) भाइ.. नीचे बहुत जलन हो रही हे.. अ‍ैसा लगता हे कीसीने गरम सरीया घुसा दीया हो.. कुछ कीजीयेनां.. बहुत दर्द हो रहा हे..

तब कादीर उनके बुब्स ओर होठोको चुमने लगा.. ओर सायराको भी उनका साथ देनेको समजाने लगा.. तो सायराभी अ‍ैसा करने लगी.. जैसा कादीर कहेता गया.. तब कुछही देरमे धीरे धीरे दर्द खतम होगया ओर सायराकी दर्द भरी आवाज सीसकारीयोमे तबदील होगइ.. तब कुछही देरके बाद कादीर जोरोसे कमर हीलाते सायराको चोद रहाथा.. तो सायराभी अपनी कमर उछाल उछालके कादीरका साथ देती रही..





दोनोके बीच धमासान चुदाइका दौर चल पडा.. अब सायराको बहुतही मजा आ रहाथा जैसे वो कीसी जनतकी सैर कर रहीहो.. इसी दौरान कादीरने उसे अ‍ेक बार जडा दीयाथा.. ओर अबभी सायराको चोद रहाथा.. ओर आखीर वो सायरासे चीपक जाता हे.. ओर उनसे लीपलोक करते कमरको जटके मारते जडने लगता हे.. तो सायराभी कांपते कादीरके साथ जडने लगी.. ओर कादीरकी पीठ सहेलाती रही.. आखीर कादीरने सायराको अ‍ेक लडकीसे औरत बनाही दीया..





इस रात कादीरने सायराको दो बार ओर चोद लीया.. दोनोही देर रात तक चुदाइ करते रहे.. सायरा चलनेकी भी स्थीतीमे नही थी.. कादीर उसे गोदमे उठाकर बाथरुममे ले गया.. वहा दोनो साथमे नहाकर बहार नीकले तब कादीरने सायराको दो गोलीया अलमारीसे नीकालकर पीलादी.. अ‍ेक पेइनकीलर तो दुसरी आइपील.. फीर दोनोही नंगे अ‍ेक दुसरेकी बाहोमे चीपककर सोने लगे.. तब..

सायरा : (तीरछी नजरसे देखकर मुस्कुराते) भाइ.. इतनी सारी गोलीया..?

कादीर : (मुस्कुराते अपने तनसे सटाते) अरे डार्लीग.. मुजे नही लगता मम्मी पापा दो तीन दिन पहेले आयेगे.. अबतो ये दो तीन दिन तुजे दिनमे भी चोदुगा.. फीर हर रात हमारी सुहागरात होगी.. दीदी अबतो हप्तेमे कमसे कम हम चार दिनतो चुदाइ करेगे.. तु देर रात सबके सोजानेके बाद उपर छतपे चली आना.. हम वही मीलते रहेगे..

सायरा : (सरमाते सीनेमे सर छुपाते) भाइ.. लेकीन हमारी सादीतो होगीनां..? फीर देखना मे आपके बीना नही रेह पाउगी.. भलेही हम दोनोको घरसे भाग जाना पडे.. मे आपके साथ भागनेके लीये तैयार हु.. लेकीन अगर हमारी सादी नही हुइ तो.. भाइ.. मे कहीकी नही रहुगी.. अब मुजे कीसी ओरसे सादी नही करनी.. आपसे केह देती हु..

कादीर : (मुस्कुराते होठ चुमते) दीदी.. तुजे कीतने साल पुरे हुअ‍े..?

सायरा : (सामने देखकर मुस्कुराते) क्यु..? उनीसतो पुरे होगये हे.. ये बीसवा चल रहा हे..

कादीर : (मुस्कुराते होठ चुमकर) दीदी.. मेराभी बाइसवा चल रहा हे.. तो क्युना हम कलही कही मौ-वीके पास जाकर नीकाह करले.. क्या कहेती हो..? तो आपको मुजपे यकीन भी होजायेगा..

सायरा : (सर्मसार होकर मुस्कुराते) भाइ.. क्या अ‍ैसा हो सकता हे..? कही मौ-वी हमारे बारमे कीसीको बतातो नही देगे..? हमे दुसरी जगाहपे जाकर ये सब करना पडेगा.. तो मे आपकी कायदेसरकी बीवी होजाउगी.. मुजे नीकाह करनेमे कोइ प्रोबलेम नही आप इन्तजाम करलो..

बाते करते दोनोही सोगये.. दोनोही सुबह देर तक सोते रहे.. जब दोनो जाग गये तब कादीर वही सायराकी चुदाइ करने लगा.. जब दोनो जड गयेतो साथमे बाथरुममे घुस गये ओर सब नीत्यक्रम ओर नहाकर बहार नीकल गये ओर तैयार हो गये.. तब सबसे पहेले सायराने बेडकी चदर नीकालकर वोसमे जानेदी.. क्युकी उनपे दोनोके कामरस ओर खुनके धब्बे थे..

फीर सायराने दोनोके लीये चाइ नास्ता बनालीया ओर साथमे बैठकर खालीया.. तब कादीर अपनी बाइक लेकर नीकल गया.. ओर कुछही देरमे सहेरसे दुर अ‍ेक म--दमे मौ-वीका इन्तजाम करके आ गया.. तो सायराने वापस दुल्हनका लीबास पहेनलीया.. तो कादीरभी सेरवानी पहेनकर तैयार होगया.. तब कादीरने अपने अ‍ेक दोस्तको तो सायरानेभी अपनी खास सहेलीको फोन करके वीटनेसके लीये बुला लीया..

जब वो दोनो आगये तो सायराने घरको ताला लगादीया ओर चारो नीकल गये.. वहा जाकर कादीरने सायराके साथ नीकाह करलीया.. फीर चारो अ‍ेक बडीयासी होेटेलमे खाना खाने चले गये.. जब खाना खालीया तो वहीसे उनके दोस्त दोनोको सादीकी सुभकामनाये देकर अपने घर चले गये.. ओर सायरा कादीर अपने घरपे आगये.. इस तीन दिन दोनोने खुब चुदाइ करली.. कादीर दिनमेभी सायराको तीन तीन बार चोदने लगता..









घरका अ‍ेक कौनाभी बाकी नही रखा.. कीचनमे खाना बनाते वक्तभी कादीर सायराकी चुदाइ करलेता.. ओर रात होतेही दोनो चुदाइमे मसगुल होजाते ओर देर रात तक चुदाइ करते.. कादीर बडेही सावधानीसे कोन्डम पहेनकर सायराकी चुदाइ करता तो सायराभी रेग्युलर आइपील लेने लगी.. जब तीन दिन बाद उनके मम्मी पापा ओर साथमे सबानाभी आगये.. तब दोनोही पहेलेकी तराह रहेने लगे..







 
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