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रमा : (थोडी सीरीयस होते धीरेसे) नही तो..? दोनो बहार बैठे हे.. मे रुममे.. अकेली.. बोल..
नीलम : (मुस्कुराते धीरेसे) मोम.. अेक्चुली जीजुने दादीको जुठ बोला था.. मे ओर जीजु.. हमारे घरपे हे.. सुबह ही हम दोनो यहा आगये थे.. सीर्फ हम दोनो अकेले.. आप साज गइनां..?
रमा : (खुस होते धीरेसे) नीलु.. मंजु दीदीने बताया मुजे.. तुम दोनोके बीच कुछ हुआ हे क्या..?
नीलम : (धीरेसे सरमाते) येस मोम.. सबकुछ.. सब होगया.. जो मे चाहती थी.. मोम.. मे अब लडकी नही रही.. जीजुने मुजे ओरत बना दीया.. आज मे बहुत खुस हु..
रमा : (खुसीसे धीरेसे) सच..? तुजे कुछ हुआ तो नही..?
नीलम : (हसते) नही.. उतना ही जीतना आपको हुआ था..
रमा : (मुस्कुराते धीरेसे) मतलब.. तुम भी बेहोस होगइ थी..? नीलु.. कैसा हे हमारा लखन..?
नीलम : (मुस्कुराते लखनकी ओर आंख मारते) मोम.. अेकदम मस्त.. जैसा हमने सोचा था.. आज पता चला.. की तुम पापाको छोडकर क्यु इनसे प्यार करने लगी हो.. बात करोगी उनसे..?
रमा : (खुसीसे धीरेसे) हां.. वो हे वहा..? दे.. बात करती हु..
नीलम : (फोन देते) मोम.. आपसे बात करना चाहती हे.. लीजीये..
लखन : (फोन लेते धीरेसे) हाइ स्वीट हार्ट.. कैसी हो..? सब चेक करवा लीया..?
रमा : (सरमाते धीरेसे) हंम.. सब बराबर हे.. जानु.. थेन्क्यु वेरी मच.. मेरी नीलुका खयाल रखना.. अभी छोटी हे.. सब कुछ सीख जायेगी..
लखन : (मुस्कुराते) भाभी.. नीलु ठीक हे.. आपको बुरा तो नही लगा..? आप दोनोको बहुत खुस रखुगा..
रमा : (मुस्कुराते) पता हे हमे.. अब हम दोनोको आपहीका सहारा हे.. बस.. हमे अैसे ही प्यार देते रहेना.. मे आज मीलीथी मंजुदीदीको.. उसने मुजे माफ करदीया.. लखन.. अेक बार फीर सोरी..
लखन : यार.. तुम दोनो अब बार बार माफी मत मांगो.. अच्छा नही लगता..
रमा : (मुस्कुराते) सोरी सोरी.. सुनो.. वो.. क्या कहेते हे.. बे..सट.. हां.. बेस्ट ओफ लक.. गुड नाइट.. हें..हें..हें.. नीलुका खयाल रखना.. ओर उनको कहेना वो आइ पील लेना ना भुले.. चलो रखती हु.. आपके भाइ आ रहे हे..
मां बेटी लखनके साथ अफैर करके बहुत खुस थी.. इस रात नीलम सादीके जोडेमे थी.. दोनो रातमे फीर रुममे चले गये.. सबकुछ हुआ.. घुंघट उठाना.. गरम दुध पीलाना.. लखनने नीलमको अेक छोटासा उपहार भी दीया.. सोनेकी चेलन.. फीर दोनो ही प्यारकी आगोसमे खो गये..

लखनने नीलमको अपनी बीवी मानकर पुरी रात रगड रगडके चोदा.. अब नीलम खुलकर लखनके साथ सेक्स कर रही थी.. उसने तोहफेमे लखनको अपना पीछला छेद भी खुलवा लीया.. उस वक्त नीलमको बहुत तकलीफ हुइ.. सुबह तक नीलम चलने लायक नही रही..

लखनने उनका अेक अेक अंग तोडके रख दीया था.. लखनने नीलमको हर अेन्गलसे चोद लीया.. फीर दोनो सावर लेकर सो गये.. ओर दुसरे दिन दो पहोर तक सोते रहे.. जागनेके बाद लखनने खाना ओर्डर कर दीया.. फीर दोनोने खाना खाया ओर लोंन्ग ड्राइवपे चले गये..


लखन नीलमको बीच जंगलोमे अेक नदीके पास लेगया.. वहा अेक बार दोनोने खुले आसमानमे सेक्स कीया.. फीर मस्तीया करते नहीमे नहाने चले गये.. तो वहा भी नीलमने खडे खडे लखनसे चुदवा लीया.. साम ढलते ही दोनो वापस आने लगे..

ओर जंगलसे बहार नीकलनेसे पहेले भी अेक बार लखनने कारमे ही नीलमको चोद लीया.. ओर उनका पीछवाडा भी लाल करदीया.. नीलम पुरी तराह संतुस्ट हो चुकी थी.. वो थकके चकना चुर होगइ थी.. उनकी चुत भी लखनके लंडके हीसाबसे चोडी होगइ थी..

वो अब भी थोडा लडखडाते चल रही थी.. फीर रातका खाना दोनोने बहारही खा लीया ओर घरपे आगये.. घरपे आते ही नीलमने अेक पेइन कीलर ओर आइ पीलकी गोली खाली.. क्युकी उनकी पढाइ तक नीलमको अपनी सेफ्टीका पुरा खयाल रखना था..
नीलम : (मुस्कुराते धीरेसे) मोम.. अेक्चुली जीजुने दादीको जुठ बोला था.. मे ओर जीजु.. हमारे घरपे हे.. सुबह ही हम दोनो यहा आगये थे.. सीर्फ हम दोनो अकेले.. आप साज गइनां..?
रमा : (खुस होते धीरेसे) नीलु.. मंजु दीदीने बताया मुजे.. तुम दोनोके बीच कुछ हुआ हे क्या..?
नीलम : (धीरेसे सरमाते) येस मोम.. सबकुछ.. सब होगया.. जो मे चाहती थी.. मोम.. मे अब लडकी नही रही.. जीजुने मुजे ओरत बना दीया.. आज मे बहुत खुस हु..
रमा : (खुसीसे धीरेसे) सच..? तुजे कुछ हुआ तो नही..?
नीलम : (हसते) नही.. उतना ही जीतना आपको हुआ था..
रमा : (मुस्कुराते धीरेसे) मतलब.. तुम भी बेहोस होगइ थी..? नीलु.. कैसा हे हमारा लखन..?
नीलम : (मुस्कुराते लखनकी ओर आंख मारते) मोम.. अेकदम मस्त.. जैसा हमने सोचा था.. आज पता चला.. की तुम पापाको छोडकर क्यु इनसे प्यार करने लगी हो.. बात करोगी उनसे..?
रमा : (खुसीसे धीरेसे) हां.. वो हे वहा..? दे.. बात करती हु..
नीलम : (फोन देते) मोम.. आपसे बात करना चाहती हे.. लीजीये..
लखन : (फोन लेते धीरेसे) हाइ स्वीट हार्ट.. कैसी हो..? सब चेक करवा लीया..?
रमा : (सरमाते धीरेसे) हंम.. सब बराबर हे.. जानु.. थेन्क्यु वेरी मच.. मेरी नीलुका खयाल रखना.. अभी छोटी हे.. सब कुछ सीख जायेगी..
लखन : (मुस्कुराते) भाभी.. नीलु ठीक हे.. आपको बुरा तो नही लगा..? आप दोनोको बहुत खुस रखुगा..
रमा : (मुस्कुराते) पता हे हमे.. अब हम दोनोको आपहीका सहारा हे.. बस.. हमे अैसे ही प्यार देते रहेना.. मे आज मीलीथी मंजुदीदीको.. उसने मुजे माफ करदीया.. लखन.. अेक बार फीर सोरी..
लखन : यार.. तुम दोनो अब बार बार माफी मत मांगो.. अच्छा नही लगता..
रमा : (मुस्कुराते) सोरी सोरी.. सुनो.. वो.. क्या कहेते हे.. बे..सट.. हां.. बेस्ट ओफ लक.. गुड नाइट.. हें..हें..हें.. नीलुका खयाल रखना.. ओर उनको कहेना वो आइ पील लेना ना भुले.. चलो रखती हु.. आपके भाइ आ रहे हे..
मां बेटी लखनके साथ अफैर करके बहुत खुस थी.. इस रात नीलम सादीके जोडेमे थी.. दोनो रातमे फीर रुममे चले गये.. सबकुछ हुआ.. घुंघट उठाना.. गरम दुध पीलाना.. लखनने नीलमको अेक छोटासा उपहार भी दीया.. सोनेकी चेलन.. फीर दोनो ही प्यारकी आगोसमे खो गये..

लखनने नीलमको अपनी बीवी मानकर पुरी रात रगड रगडके चोदा.. अब नीलम खुलकर लखनके साथ सेक्स कर रही थी.. उसने तोहफेमे लखनको अपना पीछला छेद भी खुलवा लीया.. उस वक्त नीलमको बहुत तकलीफ हुइ.. सुबह तक नीलम चलने लायक नही रही..

लखनने उनका अेक अेक अंग तोडके रख दीया था.. लखनने नीलमको हर अेन्गलसे चोद लीया.. फीर दोनो सावर लेकर सो गये.. ओर दुसरे दिन दो पहोर तक सोते रहे.. जागनेके बाद लखनने खाना ओर्डर कर दीया.. फीर दोनोने खाना खाया ओर लोंन्ग ड्राइवपे चले गये..


लखन नीलमको बीच जंगलोमे अेक नदीके पास लेगया.. वहा अेक बार दोनोने खुले आसमानमे सेक्स कीया.. फीर मस्तीया करते नहीमे नहाने चले गये.. तो वहा भी नीलमने खडे खडे लखनसे चुदवा लीया.. साम ढलते ही दोनो वापस आने लगे..

ओर जंगलसे बहार नीकलनेसे पहेले भी अेक बार लखनने कारमे ही नीलमको चोद लीया.. ओर उनका पीछवाडा भी लाल करदीया.. नीलम पुरी तराह संतुस्ट हो चुकी थी.. वो थकके चकना चुर होगइ थी.. उनकी चुत भी लखनके लंडके हीसाबसे चोडी होगइ थी..

वो अब भी थोडा लडखडाते चल रही थी.. फीर रातका खाना दोनोने बहारही खा लीया ओर घरपे आगये.. घरपे आते ही नीलमने अेक पेइन कीलर ओर आइ पीलकी गोली खाली.. क्युकी उनकी पढाइ तक नीलमको अपनी सेफ्टीका पुरा खयाल रखना था..










